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UPPCS मेंस Exam का एडमिट कार्ड जारी, 29 जून से 2 जुलाई 2025 के बीच होगी परीक्षा

नई दिल्ली  यूपी लोकसेवा आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आयी है. आयोग ने यूपीपीसीएस मेंस परीक्षा 2024 का प्रवेश पत्र किया जारी कर दिया है. आयोग के अनुसार, 29 जून से 2 जुलाई 2025 के बीच परीक्षा आयोजित की जाएगी.  इसके लिए दो जिलों प्रयागराज और लखनऊ में बनाए गए है.  परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा होगी.  नीचे दिए गए लिंक से चेक करें एडमिट कार्ड  सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे और दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे परीक्षा होगी. प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in से अभ्यर्थी डाउनलोड कर सकते हैं. 27 मई को परीक्षा का शेड्यूल जारी किया गया था. यह परीक्षा 29 जून से 2 जुलाई के बीच आयोजित की जाएगी. इस बार पीसीएस के 947 पदों पर भर्ती की जाएगी.  यहां चेक करें एग्जाम पैटर्न आपको बता दें कि पीसीएस की मुख्य परीक्षा 1500 अंकों की होगी. जिसमें सामान्य अध्ययन और यूपी से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. सामान्य अध्ययन के 6 क्वेश्चन पेपर होंगे, जिसमें प्रत्येक क्वेश्चन पेपर 200 अंकों का होगा. हिन्दी में सामान्य हिंदी और निबंध की परीक्षा 150-150 अंकों की होगी. ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं. होमपेज पर आपको “UPPSC PCS Mains Admit Card 2025” लिंक दिखेगा, उस पर क्लिक करें. वहां मांगी गई सभी डिटेल जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ भरें. मांगी गई डिटेल भरने के बाद ‘Submit बटन पर पर क्लिक करें. आपको होम स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड दिख जाएगा.   

रेलवे भर्ती बोर्ड ने टेक्नीशियन ग्रेड-1 और ग्रेड-III के कुल 6180 पदों पर भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन किया जारी

नई दिल्ली  रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने टेक्नीशियन ग्रेड-1 और ग्रेड-III के कुल 6180 पदों पर भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आवेदन प्रक्रिया 28 जून 2025 से शुरू होगी और 28 जुलाई 2025 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। – टेक्नीशियन ग्रेड-1: 180 पद – टेक्नीशियन ग्रेड-III: 6000 पद ये पद देश के अलग-अलग रेलवे ज़ोन में भरे जाएंगे। सभी विवरण विस्तृत नोटिफिकेशन में मिलेंगे जो जल्द ही जारी होगा।   ऑनलाइन आवेदन शुरू: 28 जून 2025 अंतिम तिथि: 28 जुलाई 2025 आवेदन वेबसाइट: www.rrbapply.gov.in न्यूनतम आयु: 18 वर्ष अधिकतम आयु: 30 वर्ष आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC/PwD) को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी। शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता विवरण विस्तृत नोटिफिकेशन में दिए जाएंगे। कौन कर सकता है आवेदन? भर्ती में आवेदन के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित पद के अनुसार निम्नलिखित योग्यताओं में से कोई एक अनिवार्य है:- – 10वीं कक्षा (मान्यता प्राप्त बोर्ड से) – आईटीआई (संबंधित ट्रेड में) – बीएससी (प्रासंगिक विषय में)  – बीई/ बीटेक – 3 वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा ध्यान दें कि योग्यता पदानुसार अलग-अलग हो सकती है, जिसका विस्तृत विवरण जल्द जारी होने वाले विस्तृत नोटिफिकेशन में उपलब्ध होगा। ऑनलाइन आवेदन के साथ शुल्क जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा फॉर्म अस्वीकार कर दिया जाएगा। शुल्क विवरण निम्न प्रकार है: जनरल (UR), ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग: ₹500 SC, ST, PwD और सभी श्रेणी की महिला उम्मीदवार: ₹250 टेक्नीशियन ग्रेड-1: ₹29,200 प्रति माह (अनुमानित) टेक्नीशियन ग्रेड-III: ₹19,900 प्रति माह (अनुमानित) साथ ही, केंद्र सरकार के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी। – RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – rrbapply.gov.in – ‘Apply Online’ लिंक पर क्लिक करें – नाम, शैक्षणिक योग्यता, मोबाइल नंबर, ईमेल आदि भरें – फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें – आवेदन शुल्क जमा करें – फॉर्म सबमिट करें और उसका प्रिंट संभालकर रखें जल्द जारी होगा विस्तृत नोटिफिकेशन फिलहाल RRB ने संक्षिप्त सूचना जारी की है। जल्द ही डिटेल नोटिफिकेशन जारी होगा, जिसमें चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, सिलेबस आदि की पूरी जानकारी दी जाएगी।  

अवसरों की कोई कमी नहीं है इन्फ्रास्ट्रक्चर व रियल एस्टेट में

  देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट का क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। सुविधायुक्त शहर बनाने की बड़ी योजनाओं से कुशल लोगों के लिए बड़ी संख्या में रोजगार भी बने हैं। ऊंची-ऊंची आवासीय इमारतों व अत्याधुनिक दफ्तरों को देखकर किसी भी देश की तरक्की का सहज ही बोध होता है। यह सारा ताना-बाना इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट से जुड़ा होता है। जिस तेजी से भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है, उसी तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट सेक्टर भी कुलांचें भर रहा है। करियर के लिहाज से भी यह सेक्टर युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। बीएचयू के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अभिषेक मुद्गल कहते हैं कि यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े रोजगार प्रदाताओं में से एक है। करियर के तौर पर रियल एस्टेट को सिर्फ प्रॉपर्टी डीलर या कमीशन एजेंट्स के रूप में ही देखा जाता है। लेकिन आज इस क्षेत्र में नौकरियों की भरमार है। कई बड़े उद्योग जैसे स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स इसके साथ जुड़े हुए हैं। रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट) लागू होने के बाद लोगों का रियल एस्टेट सेक्टर के प्रति भरोसा बढ़ा है। इसमें मेहनत के हिसाब से पैसा और पद दोनों हैं। नौकरी के साथ-साथ इसमें व्यापार का भी बेहतर विकल्प मिलता है। उम्मीद जता रहे हैं आंकड़े सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स बिजनेस एंड रिसर्च (सीईबीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत विश्व का तीसरा सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। इसका असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ेगा और काम में तेजी आएगी। इस समय यह क्षेत्र 11 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ कर रहा है। माना जा रहा है कि यह विकास 2020 तक जारी रहेगा। आज 50 के करीब नामी-गिरामी रियल एस्टेट कंपनियां इंडियन स्टॉक मार्केट में दर्ज हैं और बड़े पैमाने पर नौकरी दे रही हैं। कौशल की मांग इस क्षेत्र में बने रहने के लिए नेटवर्किंग का कौशल बहुत जरूरी है। इसके लिए पेशेवरों को लोगों से लगातार अपनी जान-पहचान बढ़ाकर संपर्क सूची मजबूत करने के बारे में सोचना चाहिए। जमीन, फ्लैट, विला, व्यावसायिक भवन, मॉल आदि खरीदकर बेचने के लिए उच्च दर्जे का मार्केटिंग स्किल होना चाहिए। मार्केट व प्रॉपर्टी के दाम में उतार-चढ़ाव की नियमित जानकारी होनी चाहिए। परिश्रम, अनुशासन, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण काम को गति प्रदान करते हैं। लोगों से मेल-मिलाप के हुनर को इस पेशे के खास गुणों के रूप में देखा जाता है। बैचलर डिग्री के बाद बेशुमार मौके -विज्ञान विषय से 12वीं पास छात्र सिविल व स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में बीटेक कर सकते हैं। -अगर कला विषयों के साथ बारहवीं कर चुके हैं तो बीबीए में प्रवेश ले सकते हैं। जबकि स्नातक छात्र सेल्स, मार्केटिंग व फाइनेंस में एमबीए कर सकते हैं। बीबीए कर चुके छात्र भी एमबीए की राह चुन सकते हैं। -छात्र चाहें तो एमटेक कर अपनी प्रोफाइल और मजबूत कर सकते हैं। रियल एस्टेट ब्रोकर सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा व एडवांस डिप्लोमा स्तर के कोर्स करके नौकरी पाने की संभावना को बढ़ा सकते हैं। कई रूपों में मिलेंगी संभावनाएं इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट सेक्टर से लाखों लोगों की आजीविका चलती है। इस समय इंडस्ट्री में 40 लाख लोगों की दरकार है, जो कि 2022 तक 90 लाख की संख्या को पार कर जाएगी। सरकार का पूरा जोर शहरी विकास एवं संसाधन बढ़ाने पर है। 2022 तक सबको आवास देने की योजना पर काम हो रहा है। स्मार्ट सिटी की अवधारणा पर तेजी से काम हो रहा है। इसके चलते रियल एस्टेट में बड़े पैमाने पर लोगों की नियुक्तियां हो रही हैं। सरकारी सेवा क्षेत्र में जहां शहरी व ग्रामीण विकास मंत्रालय, सिंचाई विभाग, बैंकों के ऋण विभाग, फाइनेंस आदि में अवसर हैं तो वहीं निजी क्षेत्रों की रियल एस्टेट कंपनियों में भी असीमित अवसर हैं। इसके अलावा एन्वायरन्मेंटल, हाउसिंग व ट्रांसपोर्ट प्लानिंग में सरकारी व निजी विभागों से जुड़कर काम किया जा सकता है। दोनों ही विभागों में सिविल इंजीनियर या आर्किटेक्ट के लिए कन्स्ट्रक्शन व इन्फ्रास्ट्रक्चर इकाइयों में पर्याप्त मौके हैं। विश्वविद्यालय या महाविद्यालयों में इंजीनियरिंग या इससे जुड़े विषयों में अध्यापन के अवसर भी हैं।   पद और पैसा दोनों हैं इस क्षेत्र में आधारभूत निर्माण से संबंधित विकास में कुशल व्यक्ति की हर कदम पर जरूरत पड़ती है। सिविल इंजीनियर, टाउन प्लानर आदि की जहां आधारभूत ढांचों के निर्माण की योजनाओं में जरूरत होती है, वहीं अकाउंटेंट व फाइनेंशियल एनालिस्ट जैसे विशेषज्ञ ऐसी योजनाओं में बजट संबंधी कार्य देखते हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए इस क्षेत्र में भविष्य एवं पैसा दोनों हैं। ज्यादातर रोजगार इन रूपों में हैं मौजूद सरकारी योजनाओं का पूरा जोर शहरी विकास एवं संसाधन बढ़ाने पर है। इसके चलते सरकारी व निजी क्षेत्र में रोजगार के भरपूर मौके बन रहे हैं… प्रॉपर्टी मैनेजर ये मैनेजर किसी पेशेवर प्रॉपर्टी मैनेजमेंट कंपनी का हिस्सा होते हैं और किसी की इन्वेस्टमेंट प्रॉपर्टी की देखभाल करते हैं। प्रॉपर्टी को किराए, लीज पर लेना और ग्राहकों से संबंधित काम करना इनका कार्यक्षेत्र है। फैसिलिटीज मैनेजर फैसिलिटीज मैनेजर बड़े-बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से जुड़े होते हैं। इनका काम बड़ी-बड़ी आवास योजनाओं, मॉल्स, दफ्तर आदि की बिक्री में ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाना होता है। रिएल एस्टेट ब्रोकर इसमें रेजिडेंशियल व कमर्शियल दो तरह के रियल एस्टेट ब्रोकर होते हैं। रेजिडेंशियल ब्रोकर हाउस प्रॉपर्टी को खरीदने और बेचने का काम करता है, जबकि कमर्शियल ब्रोकर होटल, ऑफिस, कमर्शियल र्बिंल्डग को खरीदने-बेचने का काम करता है। रियल एस्टेट एनालिस्ट इन पेशेवरों का काम लोगों को निवेश के लिए बेहतर लोकेशन, जमीन या अन्य प्रॉपर्टी के बारे में सूचनाएं और जानकारियां देना होता है। सिविल इंजीनियर चाहे बिल्डिंग बनानी हो या सड़क या डैम, हर जगह सिविल इंजीनियरों की जरूरत पड़ती है। स्ट्रक्चरल इंजीनियर जहां मैटीरियल, डिजाइन व निर्माण की मजबूती पर काम करते हैं, वहीं आर्किटेक्ट उसकी सुंदरता व भव्यता पर फोकस रहते हैं। इन पेशेवरों को सरकारी व निजी क्षेत्र की कंपनियों में रोजगार मिलता है। आर्किटेक्ट सरकारी आर्किटेक्ट के रूप में सेंट्रल एवं स्टेट पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी, स्टेट हाउसिंग बोर्ड आदि में काम किया जा सकता है, जबकि बतौर प्राइवेट आर्किटेक्ट आप टीचिंग, रीयल एस्टेट, डेवलपमेंट फर्म, प्राइवेट आर्किटेक्चर फर्म में … Read more

मीडिया में करियर के हैं ये सुनहरे विकल्प, जानें डीटेल में

प्रफेशन में मीडिया का प्रेफशन काफी लोकप्रिय रहा है। मीडिया एक आकर्षक करियर है। इसमें पत्रकारिता, विज्ञापन, जनसंपर्क और फोटोग्राफी को आप शामिल कर सकते हैं। आइए आज आपको मीडिया में उपलब्ध करियर के विभिन्न विकल्पों के बारे में बताते हैं… पत्रकारिता समाज में बदलाव लाने के इच्छुक लोगों के लिए पत्रकारिता सबसे अच्छा विकल्प है। आप न सिर्फ अपने विचार को यहां अच्छे ढंग से रख सकते हैं बल्कि आप देश-दुनिया की समस्या को भी उजागर कर सकते हैं। इस तरह से आप राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र विकास में योगदान दे सकते हैं। सूचना जगत में क्रांति के साथ अब पत्रकारिता के कई माध्यम हो गए हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता के ऑप्शन आपके पास हैं। वैसे पत्रकारिता के लिए आप ग्रैजुएट या पोस्ट ग्रैजुएट लेवल पर कोई कोर्स कर सकते हैं। किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक बोर्ड से 12वीं क्लास पास करने के बाद आप 3 साल के बीजेएमसी (बैचलर ऑफ जर्नलिजम ऐंड मास कम्यूनिकेशन-बीजेएमसी) कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। पत्रकारिता में बैचलर डिग्री के बाद आप पत्रकारिता या मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री भी ले सकते हैं। पत्रकारिता और मास कम्यूनिकेशन के मैदान में आपको भाषा पर पकड़ होनी चाहिए। इसके अलावा आत्मविश्वास, उत्साह, धैर्य और संयम होना जरूरी है। सच और झूठ के बीच फर्क करने की योग्यता, दी गई समयसीमा में काम करना, टीम के साथ मिलकर काम करने में सहज महसूस करना, राजनीति, संस्कृतिक, धर्म, सामाजिक और समसामयिकी मामलों की गहरी जानकारी होनी जरूरी है। विज्ञापन मीडिया फील्ड में करियर का एक और आकर्षक विकल्प ऐडवर्टाइजिंग है। सोशल मीडिया को समय के साथ मजबूती से उभरने की वजह से ज्यादातर कंपनियों और ब्रैंड ने ऑनलाइन अपनी रेप्युटेशन बढ़ाने पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए उनको ऐडवर्टाइजमेंट प्रफेशनल दरकार होते हैं। साथ ही ई-कॉमर्स भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। मोबाइल पर शॉपिंग लोगों की पसंद बनता जा रहा है। ऐसे में ऐडवर्टाइजिंग प्रफेशनल के लिए बड़ा मार्केट तैयार हो रहा है। किसी ब्रैंड की ऐडवर्टाइजिंग के लिए अब ऐसे प्रफेशनल्स की जरूरत होती है जिसके पास नए आइडिया हों और संचार का बेहतर तरीका। इसमें आपको क्लायंट की मांग के मुताबिक काम करना होगा। पब्लिक रिलेशंस पीआर एग्जिक्यूटिव प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से किसी बिजनस हाउस, संस्थान, व्यक्ति और सरकार के कैंपेनर के तौर पर काम करते हैं। वे किसी ब्रैंड को तैयार करते हैं और उनके प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाते हैं। वे अपने क्लायंट को पब्लिक के साथ अच्छा संबंध बनाने और सकारात्मक संचार स्थापित करने में मदद करते हैं। एक पब्लिक रिलेशंस अफसर के तौर पर आपको पूरी तौर से इस बात पर जोर देना होगा कि लोगों के पास सही समय में अपने क्लायंट से जुड़ी सही जानकारी पहुंचे। पीआर के तौर पर सेवा देने के लिए आपको क्रिएटिव, भरोसेमंद, टेक सेवी होना जरूरी है और आपके पास मैनेजरों वाला कौशल होना चाहिए। इसके अलावा लिखने और बोलने का कौशल, भाषा के ऊपर मजबूत पकड़ और अच्छे आयोजन कौशल भी सफलता के लिए अहम हैं। फोटोग्राफी एक पेशेवर फोटोग्राफर न सिर्फ फोटोग्राफ क्लिक करता बल्कि आर्टिस्ट/प्रॉडक्ट्स को मैनेज भी करता है, लाइटें सेट करता है, टाइम मैनेज करता है और क्वालिटी इमेज तैयार करता है। फोटोग्राफर के तौर पर आप फूड फोटोग्राफी और फोटोजर्नलिजम से लेकर वाइल्डलाइफ, कार, इंटीरियर और फैशन फोटोग्राफी कर सकते हैं।  

इंडियन आर्मी रैली भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जारी

नई दिल्ली इंडियन आर्मी रैली भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड आज, 16 जून 2025 को जारी किए जा रहे हैं. जो उम्मीदवार भारतीय सेना में अग्निवीर बनने के लिए इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, वे अपने प्रवेश पत्र को आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in से जल्द ही डाउनलोड कर सकेंगे. अग्निवीर एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए लिंक सक्रिय होगा, जिसके लिए आपको अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की आवश्यकता होगी. भारतीय सेना में अग्निवीर जीडी के लिए प्रवेश पत्र जारी, परीक्षा में भाग लेने के लिए एडमिट कार्ड अनिवार्य है, क्योंकि इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा. अग्निवीर परीक्षा के अनुसार, ट्रेड्समैन के लिए 18 जून, अग्निवीर टेक के लिए 19 जून, अग्निवीर ट्रेड्समैन 8वीं के लिए 23 जून, और अग्निवीर जीडी महिला सैन्य पुलिस के लिए भी 23 जून को प्रवेश पत्र ऑनलाइन डाउनलोड किए जा सकेंगे. अग्निवीर का एडमिट कार्ड स्टेप बाय स्टेप कैसे डाउनलोड करें? इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट https://joinindianarmy.nic.in पर जाएं और वहां अपने लॉगइन या भर्ती फॉर्म आवेदन के सेक्शन में प्रवेश करें. जब लिंक सक्रिय हो जाए, तो Indian Army Agniveer Admit Card 2025 Download Link पर क्लिक करें. इसके बाद, अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर की जानकारी भरें, फिर पासवर्ड और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें और कैप्चा कोड डालकर सब्मिट करें. हॉल टिकट में अपने नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, परीक्षा की तिथि, परीक्षा केंद्र आदि सभी जानकारी की जांच करें और एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट निकालकर परीक्षा के लिए सुरक्षित रख लें. अगर आप अग्निवीर एडमिट कार्ड निकालने के लिए अपने लॉगइन पासवर्ड को भूल गए हैं, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करके प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं. इस प्रक्रिया में आपको एक OTP प्राप्त होगा, जिसे भरने के बाद आप नया पासवर्ड सेट कर सकते हैं. नए पासवर्ड के माध्यम से आप आसानी से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. अग्निवीर परीक्षा में शामिल होने के लिए, अपने एडमिट कार्ड के साथ एक वैध आईडी प्रूफ भी अवश्य ले जाना न भूलें.

फिजियोथेरेपी में अपना कॅरियर बनाकर कमाएं पैसा और नाम

एक फिजियोथेरेपिस्ट सिर्फ अलग-अलग तरीकों से मरीजों का इलाज ही नहीं करता, बल्कि वह पेंशेंट को यह भी यकीन दिलाता है कि वह जल्द ठीक हो सकते हैं और वह भी बिना किसी दवाई के। मरीजों में आत्मविश्वास जगाने के लिए पहले आपके भीतर आत्मविश्वास होना जरूरी है। कहते हैं कि दूसरों की सेवा करने में जो आनंद आता है, वह दुनिया की किसी चीज में नहीं हो सकता। आमतौर पर लोग दूसरों की मदद कम ही करते हैं, लेकिन अगर आप दूसरों की तकलीफ नहीं देख सकते तो अपने इस मनोभाव के जरिए ही अपना भविष्य बना सकते हैं। दरअसल, फिजियोथेरेपी एक ऐसा ही क्षेत्र है, जिसमें दूसरों की सेवा करने का आनंद तो प्राप्त होता है ही, साथ ही व्यक्ति काफी अच्छा पैसा और प्रतिष्ठा भी प्राप्त करता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में- क्या है फिजियोथेरेपी फिजियोथेरेपी वास्तव में चिकित्सा विज्ञान की ही एक शाखा है। फिजियोथेरेपी की खासियत यह है कि इसमें इलाज के दौरान किसी भी तरह की दवाई का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि एक फिजियोथेरेपिस्ट व्यायाम, इलेक्ट्रोथेरपी व मसाज जैसे तरीकों का इस्तेमाल करके व्यक्ति को उसकी स्वास्थ्य समस्या से निजात दिलाता है।   स्किल्स एक फिजियोथेरेपिस्ट सिर्फ अलग-अलग तरीकों से मरीजों का इलाज ही नहीं करता, बल्कि वह पेंशेंट को यह भी यकीन दिलाता है कि वह जल्द ठीक हो सकते हैं और वह भी बिना किसी दवाई के। मरीजों में आत्मविश्वास जगाने के लिए पहले आपके भीतर आत्मविश्वास होना जरूरी है। इतना ही नहीं, इस क्षेत्र में कम्युनिकेशन स्किल व प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल मील का पत्थर साबित होते हैं। एक फिजियोथेरेपिस्ट को अपने काम के दौरान कई तरह के मरीजों की समस्याओं को देखना, समझना व उससे निपटना होता है, इसलिए आपकी सहनशक्ति अधिक होनी चाहिए और आपके भीतर दूसरों की मदद करने का जज्बा होना चाहिए। साथ ही अपने कार्य के प्रति प्रेम होना भी उतना ही जरूरी है। योग्यता अगर आप फिजियोथेरेपिस्ट बनना चाहते हैं तो आप बीपीटी यानी बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी, एमपीटी यानी मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। आजकल गवर्नमेंट व प्राइवेट दोनों तरह के कॉलेज में फिजियोथेरेपी कोर्स संचालित किए जाते हैं। लेकिन अगर आप सरकारी कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं तो पहले आपको स्टेट या सेंट्रल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम पास करना होना। वहीं प्राइवेट कॉलेजों में डायरेक्ट और परीक्षा द्वारा दोनों ही तरह से एडमिशन लिया जाता है। संभावनाएं आजकल जिस तरह बीमारियां पैर पसार रही हैं, उसे देखते हुए फिजियोथेरेपिस्ट की मांग भी बढ़ती जा रही है। एक फिजियोथेरेपिस्ट विभिन्न अस्पतालों व क्लिनकि से लेकर, रिहैबिलिटेशन सेंटर, ओल्ड एज होम्स, हेल्थ सेंटर्स, नर्सिंग होम्स एंड डे सेंटर्स, स्पोर्ट्स क्लिनकि, क्लब, जिम सेंटर्स आदि में काम की तलाश कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ समय के अनुभव के बाद आप खुद का फिजियोथेरेपी सेंटर भी चला सकते हैं।   आमदनी इस क्षेत्र में आमदनी आपके अनुभव के साथ बढ़ती जाती है। वैसे शुरूआती दौर में आप दस से बीस हजार रूपए प्रतिमाह आसानी से कमा सकते हैं। कुछ समय बाद जब आपका अनुभव बढ़ता है और आप किसी अच्छे हॉस्पिटल या हेल्थ सेंटर के साथ जुड़कर काम करते हैं तो आप महीने के 40000 से 50000 रूपए भी आसानी से कमा सकते हैं। वहीं अगर आप अपना प्राइवेट फिजियोथेरेपी सेंटर खोलते हैं तो आप पर सिटिंग के हिसाब से चार्ज कर सकते हैं।   प्रमुख संस्थान… पं दीनदयाल उपाध्याय इंस्टिट्यूट फॉर फिजिकली हैंडिकैप्ड, नई दिल्ली के जे सौम्या कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी, मुंबई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एजूकेशन एंड रिसर्च, पटना सांचती कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी, पुणे अपोलो फिजियोथेरेपी कॉलेज, हैदराबाद निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, तेलंगाना नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ रिहेबिलिटेशन ट्रेनिंग एंड रिसर्च, उड़ीसा एसडीएम कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी, कर्नाटक जे एस एस कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी, मैसूर महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल एजुकेशन, केरल डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन, तमिलनाडु  

कर्मचारी चयन आयोग ने 3100 से ज्यादा पदों पर निकली है भर्ती, अच्छी सैलरी, 23 जून से पहलें करें आवेदन, जानें आयु सीमा- पात्रता

कर्मचारी चयन आयोग ने संयुक्त हिंदी अनुवादक परीक्षा 2025 के तहत 437 पदों पर भर्ती निकाली है।इच्छुक व योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर 26 जून तक अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन शुल्क का भुगतान करने की अंतिम तिथि 27 जून है। करेक्शन विंडो 1-2 जुलाई के लिए खुलेगी । इसके अलावा सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 के तहत 2423 पदों पर भर्ती निकाली गई है।  इच्छुक व पात्र अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर 23 जून तक आवेदन कर सकते है। आवेदन फॉर्म में 28 से 30 जून तक सुधार कर सकते हैं। लिखित परीक्षा 24 जुलाई से 4 अगस्त तक आयोजित की जा सकती है।इधर, एसएससी ने स्टेनोग्राफर ग्रेड सी डी के 261 पदों पर भर्ती निकाली है। अभ्यर्थी 26 जून रात 11 बजे तक फॉर्म भर सकते हैं। कुल पद : 2423 पदों का विवरण:     जनरल (UR): 1,169 पद     EWS: 231 पद     OBC: 561 पद     SC: 314 पद     ST: 148 पद आयु सीमा: न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। अधिकतम आयु सीमा पदानुसार भिन्न है, जिसमें अधिकतम आयु 30 वर्ष तक हो सकती है।आरक्षित श्रेणी से आने वाले उम्मीदवारों ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। आयु की गणना 1 अगस्त 2025 को ध्यान में रखकर की जाएगी। योग्यता: विभागीय पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता भिन्न-भिन्न है।कुछ पदों के लिए न्यूनतम 10वीं पास, तो कुछ के लिए 12वीं पास और कुछ पदों के लिए स्नातक की डिग्री आवश्यक है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे विस्तृत जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में जरूर देख लें। आवेदन शुल्क: Gen/OBC/EWS: 100/SC/ST/PH/महिला उम्मीदवार: शुल्क में पूरी छूट । शुल्क का भुगतान आप ऑनलाइन (डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग) या SBI ई-चालान के माध्यम से भी कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा के जरिए होगी।यह परीक्षा सीबीई यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBE) होगा। महत्वपूर्ण तारीखें     इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in के माध्यम से 23 जून, 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।     आवेदन कर चुके उम्मीदवार अपने आवेदन फॉर्म में 28 जून से 30 जून, 2025 तक सुधार कर सकते हैं.     लिखित परीक्षा 24 जुलाई से 4 अगस्त, 2025 तक आयोजित की जा सकती है। SSC JHT Recruitment 2025 कुल पद: 437 इन पदों पर होगी भर्ती भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों के लिए जूनियर हिंदी अनुवादक, जूनियर अनुवाद अधिकारी, जूनियर अनुवादक, वरिष्ठ हिंदी अनुवादक, वरिष्ठ अनुवादक और उप-निरीक्षक (हिंदी अनुवादक)। आयु सीमा: उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 30 वर्ष तक होनी चाहिए। सब इंस्पेक्टर हिंदी ट्रांसलेटर पद पर आयुसीमा की गणना 26 जून 2025 के आधार पर की जाएगी। अन्य पदों पर 1 अगस्त 2025 के मुताबिक एज लिमिट काउंट होगी। योग्यता: उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स की डिग्री हिंदी या इंग्लिश में हिंदी/ इंग्लिश कंपल्सरी सब्जेक्ट के साथ होनी चाहिए। सब इंस्पेक्टर पदों के लिए शैक्षिक योग्यता के साथ शारीरिक योग्यता भी तय की गई है। पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट 165 सेमी और महिला अभ्यर्थियों की 155 सेमी होनी चाहिए। आवेदन शुल्क: सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। एससी/एसटी/पीएच/महिला उम्मीदवारों के लिए कोई शुल्क नहीं है। एप्लीकेशन फीस नेट बैंकिंग, डेबिट, क्रेडिट कार्ड किसी भी माध्यम से भर सकते हैं। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट आदि माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। सैलरी: JTO, JHT, JT, लेवल-6 पदों पद अभ्यर्थियों को 35400-112400 रुपये प्रति माह सैलरी मिलेगी। वहीं लेवल-7 सीनियर हिंदी ट्रांसलेटर/सीनियर ट्रांसलेटर को 44900-142400/- रुपये तक प्रति माह वेतन मिलेगा। कब होगी परीक्षा: 12 अगस्त को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (पेपर 1) का आयोजन किया जाएगा। कुल पद : 261 आयु सीमा: न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र ग्रेड डी के लिए 27 वर्ष और अधिकतम 30 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि ऊपरी आयुसीमा में आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी। एज लिमिट 1 अगस्त 2025 के मुताबिक काउंट होगी। योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। ग्रुप डी के लिए ट्रांसक्रिप्शन की स्पीड इंग्लिश में 50 मिनट और हिंदी में 65 मिनट की होनी चाहिए। स्टेनोग्राफर ग्रुप सी के लिए इंग्लिश में 40 शब्द प्रति मिनट और हिंदी में 55 मिनट के मुताबिक होनी चाहिए। आवेदन शुल्क: सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 100 रुपये । एससी/एसटी/महिला उम्मीदवारों के लिए नि: शुल्क। पहली बार फॉर्म में सुधार करने पर 200 रुपये आवेदन दूसरी बार में सुधार करने पर 500 रुपये करेक्शन चार्ज देना होगा। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट आदि के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। महत्वपूर्ण तारीखें     आवेदन की आखिरी तारीख 26 जून 2025     आवेदन शुलक का भुगतान करने की आखिरी तारीख 27 जुलाई 2025     आवेदन फॉर्म में सुधार करने की डेट 01-02 जुलाई 2025     सीबीटी परीक्षा शेड्यूल 6-11 अगस्त 2025  

करियर में जरूरी है समझदारी

करियर का चयन करने या नई शुरुआत करने से पहले विचार करिए कि जिसे आप स्वीकार कर रही हैं, वह आपको खुशी और संतुष्टि देगा? निश्चित तौर पर यह तय करना आपका पहला काम है। दरअसल, जब आप अपने काम को एंज्वॉय करते हुए करती हैं तो सफलता और संतुष्टि दोनों का मिलना तय है। अन्यथा कहने के लिए भले ही आप अपने करियर के शिखर पर हों लेकिन खुद से संतुष्ट कभी नहीं हो सकतीं। इसीलिए प्राथमिकता में पैकेज नहीं, आत्मसंतुष्टि होना बेहद जरूरी है। पसंद को प्राथमिकता यह भी ध्यान रखें कि आप किस फील्ड में अच्छी हैं यह बात आप से बेहतर दूसरा कोई नहीं जानता। यदि आप यह महसूस नहीं कर पा रही हैं तो किसी काउंसलर से सलाह-मशविरा करने से पहले अपनी पर्सनॉलिटी पर ध्यान दें और अपनी स्किल्स पर फोसक करें। वो न करें जो आपको पसंद न हो, बल्कि वह करें जो आपके लिए है। जुटाएं जानकारी किसी भी काम की शुरुआत से पहले जरूरी रहता है, उसके बारे में गहनता से जानकारी जुटा लेना। इसीलिए यदि आप कोई निर्णय ले रही हैं या करियर में बदलाव चाहती हैं तो एक मेंटोर आपकी मदद कर सकता है। आपको नेक्स्ट लेवल में जाने के लिए और अच्छी सलाह दे सकता है। अगर आप किसी करियर में इंट्रेस्टेड हैं तो उसमें भी उसकी मदद ले सकती हैं। यदि आपकी जानकारी में ऐसे लोग हैं, जो आपको उस करियर से संबंधित जानकारी दे सकते हैं तो उनसे मुलाकात फायदेमंद साबित होगी। सामान्य रखें नजरिया करियर को एक प्रारंभिक प्रयास की तरह देखें। सभी योजनाएं या विचार पत्थर की लकीर नहीं होते लेकिन यह न भूलें कि प्रयास मैराथन होना चाहिए तब ही आप अपने मनपसंद मुकाम को हासिल कर पाएंगी।  

जारी हुआ नीट यूजी परिणाम , डायरेक्ट लिंक neet.nta.nic.in, नीट टॉपर्स, कटऑफ यहां करें चेक

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम एनईईटी यूजी 2025 रिजल्ट आंसर की के बाद रिजल्ट की घोषणा भी कर दी है और रिजल्ट का लिंक कुछ ही देर में वेबसाइट neet.nta.nic.in पर उपलब्ध होगा। आज 14 जून को नीट रिजल्ट जारी होने की पूरी संभावना है और इसके साथ NEET 2025 टॉपर लिस्ट, नीट यूजी स्कोरकार्ड डाउनलोड लिंक और नीट यूजी कटऑफ व पासिंग मार्क्स की हर जानकारी इस खबर में सारा दिन मिलती रहेगी। NEET Result Link सक्रिय होने तक यहां आपको ऐसी कई जानकारी मिलेगी जो आपके नीट यूजी काउंसलिंग 2025 से लेकर एमबीबीएस, बीडीएस समेत अन्य मेडिकल कोर्सेस में एडमिशन में मदद करेगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शनिवार को नीट यूजी (NEET UG 2025) परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। इंदौर के उत्कर्ष अवधिया की ऑल इंडिया रैंक सेकेंड आई है।उम्मीदवार neet.nta.nic.in पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने लॉगिन डिटेल्स (एडमिट कार्ड नंबर और जन्मतिथि) का उपयोग करना होगा।बता दें, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने याचिका दायर करने वाले 75 उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी सभी के नीट यूजी परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित करने के निर्देश दिए हैं। नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, इसमें करीब 20 लाख छात्र MBBS और BDS सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। रिजल्ट जारी होने से वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक है। ऐसे में सर्वर डाउन या वेबसाइट स्लो होने पर घबराएं नहीं। मेडिकल प्रवेश परीक्षा 4 मई को आयोजित की गई थी। देश में कुल कितनी हैं MBBS सीटें? भारत में एमबीबीएस कोर्स के लिए कुल 1,18,190 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से 1,15,250 सीटों पर शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान दाखिला हुआ, जो कि कुल सीटों का लगभग 97.5% है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) नीट यूजी 2025 के जरिए 15% AIQ (All India Quota) के तहत MBBS और BDS सीटों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित करती है।  ऐसे चेक कर सकेंगे नीट यूजी का रिजल्ट     सबसे पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाना होगा।     होमपेज पर आपको “NEET UG 2025 Result” लिंक (एक्टिव होने के बाद) पर क्लिक करना होगा।     अब अपने एडमिट कार्ड नंबर और जन्म तिथि जैसे क्रेडेंशियल्स दर्ज करें।      रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, जिसे डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं। नीट यूजी रिजल्ट जारी होने के बाद यहां कर सकेंगे चेक  नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही नीट यूजी 2025 का स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट्स पर अपलोड करेगी। नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें लगभग 20 लाख छात्र MBBS और BDS सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। रिजल्ट जारी होते समय वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक के कारण सर्वर डाउन या वेबसाइट स्लो हो सकती है। लेकिन घबराएं नहीं, छात्र नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना परिणाम आसानी से चेक कर सकेंगे:     neet.nta.nic.in     nta.ac.in     examinationservices.nic.in छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे परिणाम देखने के लिए इनमें से किसी भी वेबसाइट पर अपने एप्लिकेशन नंबर और जन्मतिथि के माध्यम से लॉग इन करें।  नीट रिजल्ट इन टॉप 10 मेडिकल कॉलेजों में ले सकते हैं एडमिशन     1: एम्स दिल्ली     2: पीजीआईएमईआर     3: क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज     4: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज, बैंगलोर     5: जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च     6: संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज     7: बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी     8: अमृता विश्व विद्यापीठम     9: कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल     10: मद्रास मेडिकल कॉलेज और गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल, चेन्नई प्रदेश में कुल MBBS की 5025 सीटें मध्यप्रदेश MP में MBBS की कुल सीटों की संख्या 5025 है। इनमें से 17 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2488 सीटें और 13 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 2450 सीटें हैं। काउंसलिंग में एमबीबीएस के साथ बीडीएस में भी दाखिला दिया जाएगा। प्रदेश में 13 निजी डेंटल कॉलेज हैं जिसमें कुल बीडीएस की कुल 1220 सीटें हैं। कोर्ट ने क्यों रोका 75 स्टूडेंट का रिजल्ट 4 मई को हुए एक्जाम के दौरान इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और परीक्षा केंद्रों में अंधेरा छा गया। 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हुई। यह पहला मौका था जब NTA ने शहर के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। यहां पावर बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। बिजली गुल होने की वजह से कई छात्रों को मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पेपर देना पड़ा। घना अंधेरा होने के कारण बहुत से छात्र प्रश्नपत्र तक ठीक से पढ़ नहीं पाए। परीक्षा के बाद कई छात्र रोते हुए बाहर निकले। प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य संकट में डाल दिया। इसके खिलाफ 75 स्टूडेंट ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बाकी स्टूडेंट्स का रिजल्ट जारी करने के आदेश दे दिए हैं। नीट यूजी एग्जाम के बाद हाईकोर्ट में ऐसे चली सुनवाई  इंदौर हाई कोर्ट में 15 मई को पहली सुनवाई हुई। इसमें 15 से ज्यादा याचिकाएं शामिल थीं। तब कोर्ट ने रिजल्ट पर रोक लगा दी थी। 19 मई को NTA की ओर से जवाब पेश किया गया। 22 मई को NTA की ओर से सॉलिसिटर तुषार मेहता वर्चुअली पेश हुए और कहा कि इंदौर से जुड़े 24 सेंटरों के स्टूडेंट्स के मामले में एक कमेटी गठित की जाए। अगली तारीख 26 मई तक याचिकाकर्ताओं की संख्या 60 हो गई। जबकि प्रभावित स्टूडेंट्स की संख्या 2 हजार से ज्यादा हो गई। कोर्ट ने अगली तारीख 29 मई को तय की लेकिन नंबर नहीं आने के कारण सुनवाई टल गई। 5 जून को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें ज्यादा बहस नहीं हो सकी। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख सोमवार 9 जून तय की … Read more

NEET UG result 2025: नीट यूजी का रिजल्ट आज जारी हो सकता है, ऐसे कर सकेंगे चेक

नई दिल्ली Neet UG Result 2025: नीट यूजी 2025 के नतीजे जल्द ही घोषित होने की उम्मीद है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) शनिवार, 14 जून 2025 को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) का रिजल्ट जारी कर सकता है. इस साल, 22.7 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने 4 मई, 2025 को भारत के 557 शहरों और 14 विदेशी शहरों में 4,750 केंद्रों पर आयोजित NEET UG परीक्षा दी. परिणाम NEET की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर घोषित किया जाएगा.  नीट यूजी रिजल्ट के साथ नीट यूजी कट-ऑफ भी जारी की जाएगी, जिसके आधार पर मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन होंगे.  NEET UG 2025 परिणाम: यहां चेक कर सकते हैं रिजल्ट परिणाम देखने के लिए NTA द्वारा प्रबंधित प्राथमिक पोर्टल-neet.nta.nic.in एनटीए की मुख्य साइट, जिस पर परिणाम भी उपलब्ध होंगे-nta.ac.in इस सरकारी ऐप के जरिए भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं-Umang App उम्मीदवार डिजिटल लॉकर के जरिए भी स्कोरकार्ड चेक कर सकते हैं.- NEET UG 2025 परिणाम: कैसे जांचें आधिकारिक NEET वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं. होम पेज पर NEET UG 2025 Result लिंक पर क्लिक करें. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्म तिथि और पिन दर्ज करें.  सभी डिटेल दर्ज करने के बाद सबमिट पर क्लिक करें. आपको आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिख जाएगा. स्कोरकार्ड को प्रिंट कर अपने पास रख लें.  

यूपी सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में 14 साल बाद होमगार्ड जवानों की होगी भर्ती, 44 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द

लखनऊ   उत्तर प्रदेश सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में है, जो प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का नया द्वार खोलेगा. 14 साल बाद होमगार्ड जवानों की भर्ती फिर से शुरू होने जा रही है. कुल 44 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है. यह भर्ती न केवल युवाओं में उत्साह जगा रही है, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगी. क्या है भर्ती प्रकिया? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल जून में इस भर्ती की घोषणा की थी. अब इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जुलाई के अंत तक आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. इस बार होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा की तरह होगी. मतलब, पहले लिखित परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार होगा. भर्ती प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर आयोजित की जाएगी ताकि पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके. महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण इस भर्ती में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कम से कम 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, जिससे महिलाओं को भी सुरक्षा सेवा में अवसर मिलेगा. भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल पास होना आवश्यक है और आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तक निर्धारित की गई है. विभाग का अनुमान है कि इस भर्ती के लिए आवेदन संख्या 15 लाख से भी अधिक हो सकती है, जो युवाओं में इस भर्ती की लोकप्रियता को दर्शाता है. 1946 में स्थापित हुई थी ये फोर्स होमगार्ड की भूमिका उत्तर प्रदेश में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. जरूरत के समय ये जवान पुलिस के साथ मिलकर कानून व्यवस्था बनाए रखते हैं. ट्रैफिक कंट्रोल, चुनाव ड्यूटी, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं में होमगार्ड जवानों की अहम भूमिका होती है. 1946 में स्थापित इस फोर्स का मकसद समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है, जो समय-समय पर साबित भी हो चुका है. इस बार भर्ती प्रक्रिया में सरकार पूरी पारदर्शिता बरतने का वादा कर रही है. पिछली बार की पुलिस भर्ती की तरह इस भर्ती में भी बिना किसी विवाद के परीक्षा संपन्न कराने पर जोर दिया जाएगा. इससे युवाओं का भरोसा और उम्मीद दोनों बढ़ेगी. विभाग ने कैबिनेट से मंजूरी लेने के बाद भर्ती विज्ञापन जारी करने का प्लान बना रखा है.

हेल्थकेयर में नौकरियां

यदि हाल के वर्षों पर गौर करें, तो भारत आने वाले मेडिकल टूरिस्ट की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, क्योंकि भारत प्राकृतिक तरीके (आयुर्वेदिक) से इलाज में भी काफी लोकप्रिय हो चुका है। वैसे, जिस तरह से भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर विकास कर रहा है, उससे इस क्षेत्र में जॉब की अच्छी संभावनाएं देखी जा रही हैं। यदि फ्यूचर प्लानिंग के तहत इस सेक्टर में आना चाहते हैं, तो आपके लिए यहां नौकरी ही अच्छी संभावनाएं हो सकती हैं। कितना सुरक्षित है यह सेक्टर देश की आबादी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है साथ ही, नई-नई बीमारियां भी। लेकिन एक अच्छी बात यह है कि लोग अब स्वास्थ्य के प्रति काफी सचेत हो गए हैं। इसलिए विपरीत आर्थिक परिस्थितियों में भी लोग कोई रिस्क लेना पसंद नहीं करते हैं। दूसरी तरफ यह सेक्टर तेजी से विकास कर रहे सेक्टर्स में से एक हैं। प्राइसवाटरहाउसकूपर्स के मुताबिक, हेल्थकेयर सेक्टर वर्ष 2012 तक 40 बिलियन डॉलर के आंकड़े को छू सकता है। वहीं प्लानिंग कमीशन की एक रिपोर्ट कहती है कि देश में लगभग 6 लाख डॉक्टर, 10 लाख नर्स और दो लाख डेंटल सर्जन की कमी है। यानी इस सेक्टर में अभी भी हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की काफी जरूरत है। इसलिए राहत की बात यह है कि जिस सेक्टर में इतनी बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स की जरूरत हो, वहां आप खुद को सुरक्षित महसूस कर ही सकते हैं। मार्केट की स्थिति हेल्थकेयर सेक्टर का विकास दर अभी भी काफी आकर्षक बना हुआ है। इस क्षेत्र में सरकार द्वारा हर वर्ष सुविधाओं के लिए बढ़ता बजट निवेश के प्रमुख कारणों में से एक हैं। हालिया अनुमान के मुताबिक, देश में करीब 12 फीसदी प्रति वर्ष की दर से बढ़ रहे हेल्थकेयर बाजार में अगले पांच वर्षों में कम से कम 60 अरब डॉलर निवेश की संभावनाएं हैं। इसके अलावा, हेल्थकेयर बीपीओ का कारोबार भी इस वर्ष के अंत तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर यह एक ऐसा एरिया है, जहां रोजगार की संभावनाएं बेहतर माने जा रही हैं, क्योंकि 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत 6 एम्म ही तरह इंस्टीट्यूट खोले जाने और मौजूदा 13 मेडिकल इंस्टीट्यूट को अपग्रेड किया जा सकता है। साथ ही, पब्लिक-प्राइवेट साझेदारी के आधार पर 60 नए मेडिकल कॉलेज और 225 नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा सकते हैं। जब इतने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा, तो रोजगार के दरवाजे खुलेंगे ही। हेल्थ इंश्योरेंस मैकिंजे-सीआईआई रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय हेल्थ इंश्योरेंस के सेक्टर में काफी क्षमता है। क्योंकि भारत में अभी भी तकरीबन 10 प्रतिशत लोगों के पास ही हेल्थ इंश्योरेंस है। लेकिन जिस तरह से लोग अब स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होते दिख रहे हैं, उससे इस क्षेत्र में बेहतरीन संभावनाएं नजर आ रही हैं। इस क्षेत्र में संभावनाओं को देखते हुए ही निजी हेल्थकेयर इंश्योरेंस कंपनियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मेडिकल टूरिज्म विदेशों में रहने वाले लोगों को भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर खूब लुभा रहा है। खासकर मेडिकल टूरिज्म का क्षेत्र काफी हॉट है, क्योंकि भारत में न केवल इलाज सस्ता है, बल्कि हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहतरीन है। वैसे, आयुर्वेदिक थेरेपी, नेचुरल थेरेपी आदि प्राकृतिक इलाज भी दूसरे देशों में रहने वाले लोगों को खूब पसंद आ रहा है। मैकिंजे-सीआईआई के अनुसार, मेडिकल टूरिज्म का मार्केट वर्ष 2012 तक 2 बिलियन डॉलर के आंकड़े को छू सकता है। वहीं एक अनुमान के मुताबिक, प्रति वर्ष लगभग एक लाख मेडिकल टूरिस्ट भारत की ओर रुख करते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में और वृद्धि हो सकता है, क्योंकि मंदी के इस दौर में सस्ते इलाज के लिए लोग भारत की ओर रुख करेंगे। टेलिमेडिसिन सर्विस आज भी देश में अधिकतर फिजिशियन स्पेशलिस्ट अर्बन व सेमी-अर्बन एरिया में है। और वहीं महज कुछ प्रतिशत फिजिशियन ही रूरल एरिया मे। यही वजह है कि रूरल एरिया में हेल्थकेयर फैसिलिटी अभी भी बेहतर नहीं है। लेकिन अब टेलिमेडिसिन के जरिए इस समस्या के समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। खासकर अब वीडियो कांफ्रेंसिंग और इंटरनेट की सहायता से रिमोट डायग्नोस्टिक, मोनिटरिंग और ट्रीटमेंट किए जाने लगे हैं। इसलिए टेलिमेडिसिन का ट्रेंड तेजी से बढ़ता जा रहा है। आज कई प्राइवेट हॉस्पिटल्स टेलिमेडिसिन की सुविधाएं दे रही हैं। इसमें एम्स, अपोलो, फोर्टिज आदि जैसे हॉस्पिटल्स शामिल हैं। इस समय देश में 100 से अधिक टेलिमेडिसिन सेंटर्स हैं। वहीं इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन द्वारा पूरे देश भर में लगभग 100 टेलिमेडिसिन सेंटर्स स्थापित करने की योजना है। जिस तरह से टेलिमेडिसिन का चलन बढ़ रहा है, उससे इस क्षेत्र में एक्सपर्ट की मांग में इजाफा होने की उम्मीद है। मैन्युफैक्चरिंग एक समय ऐसा भी था, जब भारत दवाइयों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहता था, लेकिन अब स्थिति कुछ अलग है। भारत अब सस्ती दवाई दुनिया भर में निर्यात कर रहा है। इसलिए भारत आज मेडिसिन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी हब बन कर उभर रहा है। क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रग मैन्युफैक्चरिंग मार्र्केट वर्ष 2010 तक एक बिलियन डॉलर के आंकड़े को छू सकता है। इसके अलावा, क्लिनिकल ट्रायल, फार्मा आदि जैसे क्षेत्र में भी बेहतरीन संभावनाएं देखी जा रही हैं। हेल्थकेयर कंपनी… -अलाइड मेडिकल सर्विसेज प्राइवेट लि. -बायर डाइग्नोस्टिक इंडिया -डालमिया हेल्थकेयर -डॉ. बत्रा -निकोलस पिरामल इंडिया प्राइवेट लि. -सन हेल्थकेयर -विप्रो जीई मेडिकल सिस्टम  

एमबीबीएस में दाखिला पाने वाले छात्रों को अब सिर्फ नीट यूजी पास करना ही काफी नहीं, एनएमसी लाया नए नियम

नई दिल्ली   नेशनल मेडिकल कमीशन ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी छात्र की जानकारी कॉलेज के पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है, तो वह डॉक्टर के रूप में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाएगा। यानी कि मेडिकल कॉलेज की लापरवाही के चलते एमबीबीएस की डिग्री पूरी करने लेने के बाद भी स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक सकता है। हजारों छात्रों की जानकारी अब भी पोर्टल पर नहीं एकेडमिक सेशन 2024-25 के लिए पूरे भारत में MBBS की करीब 1.18 लाख सीटें हैं, लेकिन अब तक केवल 1.15 लाख छात्रों की जानकारी ही NMC पोर्टल पर अपलोड की गई है। इसका मतलब है कि करीब 3,000 छात्रों की जानकारी अभी भी अपूर्ण या गायब है। एनएमसी ने नोटिस में क्या कहा? एनएमसी ने अपने नोटिस में कहा कि कुछ कॉलेजों ने एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों की डिटेल्स अपलोड नहीं की है और कुछ कॉलेजों ने अधूरा डेटा अपलोड किया। विभिन्न परिपत्र और सार्वजनिक नोटिस जारी करने के बावजूद, यह पाया गया है कि शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए कुल 1,15,250 छात्रों ने दाखिला लिया है और उनकी डिटेल्स एनएमसी पोर्टल पर अपलोड किया गया है। एनएमसी ने कहा कि जिन छात्रों की डिटेल्स पोर्टल पर अपलोड की गई है, वे भारत में आधुनिक चिकित्सा/एलोपैथ की प्रैक्टिस करने के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए एलिजिबल होंगे। कई मेडिकल कॉलेजों ने छात्रों की जरूरी जानकारी जैसे नाम, रोल नंबर, मेरिट नंबर, डेट ऑफ बर्थ और एडमिशन डेट जैसे डाटा अपलोड नहीं किए हैं। कुछ संस्थानों ने तो बिना योग्यता के छात्रों को भी प्रवेश दे दिया, जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ है। डेडलाइन बढ़ाने के बाद भी अपलोड नहीं की जानकारी NMC ने पहले 8 नवंबर 2024 तक डाटा अपलोड करने की आखिरी तारीख तय की थी, जिसे बढ़ाकर 23 नवंबर और फिर 10 दिसंबर 2024 कर दिया गया। इसके बावजूद कई कॉलेजों ने जरूरी जानकारी अपलोड नहीं की। अब NMC ने साफ चेतावनी दी है कि जिन छात्रों की जानकारी पोर्टल पर नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन की परमिशन ही नहीं दी जाएगी। योग्यता के नियमों में भी हो रही हैं गड़बड़ियां इतना ही नहीं जांच में तो यह भी सामने आया कि कई मेडिकल कॉलेज ऐसे हैं, जिन्होंने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में 50% से कम अंक हासिल करने वाले छात्रों को भी प्रवेश दे दिया। कई संस्थानों ने तो अप्रूव्ड सीट कैपेसिटी से ज्यादा छात्रों को दाखिला दे दिया है। MBBS छात्रों के लिए जरूरी सलाह NMC ने सभी MBBS छात्रों को सलाह दी है कि वे तुरंत अपने कॉलेज या काउंसलिंग अथॉरिटी से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि उनकी जानकारी NMC पोर्टल पर दर्ज है। अगर डाटा अपलोड नहीं हुआ है, तो जल्द से जल्द इसे सही करवाएं। ऐसे में अब मेडिकल में करियर बनाने की चाह रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए नीट यूजी क्वालिफाई कर लेना ही डॉक्टर बनने की आखिरी सीढ़ी नहीं है। छात्रों को खुद अवेयर रहना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका मेडिकल कॉलेज NMC के नियमों को फॉलो कर रहा है। वरना डिग्री होने के बाद भी आपके कॉलेज की लापरवाही आपके भविष्य को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। क्या है एमबीबीएस में दाखिले की पात्रता?     12वीं में PCB में कम से कम 50% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 40%) जरूरी।     NEET-UG पास करना अनिवार्य है।     जनरल केटैगरी के कैंडिडेट्स के लिए NEET में कम से कम 50 परसेंटाइल जरूरी है।     PwD कैंडिडेट्स के लिए 45 परसेंटाइल और SC/ST/OBC के लिए 40 परसेंटाइल मेंडेटरी है।     अन्य शैक्षणिक और आयु संबंधी योग्यता भी जरूरी है। NMC की सख्ती क्यों जरूरी है? मेडिकल सेक्टर में योग्य और प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है। अगर कॉलेज ही नियमों की अनदेखी करें, तो न केवल छात्रों का करियर खतरे में पड़ता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की क्वालिटी पर भी इसका असर देखने को मिलता है।

12वीं के बाद आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बनें? कोर्स से लेकर सैलरी तक, जानिए सबकुछ

आज के बदलते दौर में पढ़ाई के तरीकों और करियर ऑप्शन में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है. खासतौर पर मेडिकल क्षेत्र में आयुर्वेद का क्रेज तेजी से बढ़ा है. जहां पहले नीट में कम स्कोर करने वाले छात्र बीएएमएस (बीएएमएस) कोर्स में एडमिशन लेते थे, वहीं अब आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए छात्रों की रुचि बढ़ रही है. अगर आप भी आयुर्वेदिक डॉक्टर बनना चाहते हैं तो ये रहे आपके लिए कोर्स सहित सभी जानकारी. बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) एक साढ़े पांच साल का कोर्स है, जिसमें 1 साल की इंटर्नशिप भी शामिल होती है. भारत में आयुर्वेद का काफी महत्व है और इसे मेडिकल के पुराने तरीकों में से एक माना जाता है. अगर आप भी आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं, तो यहां जानें इसकी योग्यता, एडमिशन प्रक्रिया और करियर के अवसर.   क्लिनिक की शुरुआत करें बीएएमएस की डिग्री हासिल करने के बाद आप अपना क्लिनिक खोल सकते हैं और प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं. अगर आप खुद का क्लिनिक नहीं खोलना चाहते, तो अलग-अलग हेल्थ सेंटर्स में प्रोफेशनल या सुपरवाइजर के रूप में काम कर सकते हैं.   आयुर्वेद में पोस्ट-ग्रेजुएशन या डॉक्टरेट करने के बाद रिसर्च और डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम किया जा सकता है. आयुर्वेदिक प्रोडक्ट बनाने वाली फार्मास्यूटिकल और एफएमसीजी कंपनियों में भी नौकरी के बेहतरीन मौके मिलते हैं.   आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए जरूरी योग्यता 12वीं में पीसीबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी):किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं में फिजिक्स, केमेस्ट्री विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों के साथ पढ़ाई करना अनिवार्य है. मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम पास करें, बीएएमएस में एडमिशन के लिए नीट या स्टेट लेवल मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम पास करना जरूरी है. बीएएमएस की बैचलर डिग्री पूरी कर सकते हैं.  इसके बाद एमडी या एमएस करके सर्जरी या ऑर्थोपेडिक्स जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं.  

UPSC IES ISS परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड, 20 जून से एग्जाम, देखें लिंक और स्टेप्स

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ने भारतीय आर्थिक सेवा/ भारतीय संख्यायिकी सेवा परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। जिसे उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की जरूरत पड़ेगी। एडमिट कार्ड के लिए लिंक 22 जून 2025 रहेगा। इसके साथ “उम्मीदवारों को महत्वपूर्ण निर्देश” का प्रिन्ट आउट जरूर निकालें। एग्जाम हॉल में ई-एडमिट कार्ड और निर्देशों की हार्डकॉपी के बिना एंट्री नहीं मिलेगी। एडमिट कार्ड (UPSC IES ISS 2025 Admit Card) में उम्मीदवार का काम, रजिस्ट्रेशन नंबर, परीक्षा की तारीख, समय और जानकारी उपलब्ध रहेगी। यूपीएससी आईएएस/आईएसएस परीक्षा देश भर के विभिन्न शहरों में 20 जून से लेकर 22 जून के बीच आयोजित की जाएगी। इस साल किल 48 पदों पर भर्ती होने वाली है। जिसमें से भारतीय आर्थिक सेवा के लिए 18 और भारतीय संख्यायिकी सेवा के लिए 30 पद खाली हैं। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा। एग्जाम पेन एंड पेपर मोड में होगा। ऐसे डाउनलोड करें प्रवेश पत्र?  सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर इंडियन इकोनॉमिक सर्विस एग्जामिनेशन/इंडियन स्टैटिसटिक्स सर्विस एग्जामिनेशन 2025 ई-एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें। नया पेज खुलेगा जरूरी दिशानिर्देशों को पढ़ें। फिर आगे बढ़ें। अब रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि और कैप्चा कोड दर्ज करके “:सबमिट” बटन को दबाएं। स्क्रीन पर प्रवेश पत्र नजर आएगा। इसे अच्छे से चेक करें। भविष्य के संदर्भ में हॉल टिकट का प्रिंटआउट निकाल कर अपने पास जरूर रख लें। समस्या होने पर क्या करें? यदि उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करते समय की कोई परेशानी होती है वे हेल्पडेस्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। तकनीकी समस्याओं के लिए system-upsc@gov.in पर ईमेल भेजें। वहीं उम्मीदवार के डेटा से संबंधित समस्याओं के लिए uscms-upsc@nic.in पर ईमेल भेज सकते हैं। आयोग ने सभी उम्मीदवारों को सावधानी पूर्वक ई-प्रवेश पत्र की जांच करने की सलाह दी है। कोई भी विसंगति होने पर तत्काल प्रभाव ने यूपीएससी को सूचित कर सकते हैं।

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