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NEET UG 2026 Application Deadline: 8 मार्च के बाद बंद हो जाएगा रजिस्ट्रेशन

अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं और अभी तक NEET UG 2026 के लिए आवेदन नहीं किया है, तो अब बिल्कुल भी समय बर्बाद न करें। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली इस सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, आवेदन करने की अंतिम तिथि 8 मार्च 2026 है। हर साल 20 लाख से अधिक छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। ऐसे में अंतिम समय में वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक होने की वजह से सर्वर डाउन होने की समस्या हो सकती है। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना फॉर्म तुरंत भर लें। महत्वपूर्ण तिथियां एक नजर में आवेदन की अंतिम तिथि: 8 मार्च 2026 (रात 9:00 बजे तक) फीस भुगतान की अंतिम तिथि: 8 मार्च 2026 (रात 11:50 बजे तक) करेक्शन विंडो (सुधार का मौका): 10 मार्च से 12 मार्च 2026 तक परीक्षा की तिथि: 3 मई 2026 (रविवार) परीक्षा का समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक (कुल 3 घंटे 20 मिनट) आवेदन शुल्क विभिन्न श्रेणियों के लिए निर्धारित शुल्क इस प्रकार है: सामान्य वर्ग (General): 1,700 रुपये सामान्य-EWS और OBC-NCL: 1,600 रुपये SC/ST/PwBD और थर्ड जेंडर: 1,000 रुपये भारत के बाहर के उम्मीदवार: 9,500 रुपये आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं। 2. होमपेज पर ‘NEET UG 2026 Registration’ के लिंक पर क्लिक करें। 3. ‘New Registration’ पर जाकर अपनी बेसिक जानकारी (नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल) भरें। 4. रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक ‘एप्लीकेशन नंबर’ मिलेगा, उससे लॉगिन करें। 5. आवेदन फॉर्म में शैक्षणिक विवरण और अपनी पसंद के परीक्षा शहर चुनें। 6. जरूरी डॉक्यूमेंट (फोटो, सिग्नेचर, अंगूठे का निशान) अपलोड करें। 7. अपनी श्रेणी के अनुसार ऑनलाइन फीस का भुगतान करें। 8. अंत में कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट लेकर रख लें। फॉर्म भरते समय न करें ये गलतियां अक्सर छात्र जल्दबाजी में कुछ सामान्य गलतियां कर देते हैं जिससे उनका फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है: फोटो और साइन: फोटो का बैकग्राउंड सफेद होना चाहिए और उस पर छात्र का नाम व फोटो खिंचवाने की तारीख होनी चाहिए। श्रेणी (कैटेगरी): अपनी जाति श्रेणी का चुनाव बहुत सावधानी से करें, क्योंकि बाद में इसे बदलना मुश्किल हो सकता है। संपर्क डिटेल्ं: अपना मोबाइल नंबर और ईमेल वही दें जो सक्रिय हो, क्योंकि NTA सभी सूचनाएं इसी पर भेजता है। NEET के जरिए कहां मिलेगा दाखिला? इस परीक्षा को पास करने के बाद छात्र देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, BAMS, BSMS, BUMS, और BHMS जैसे कोर्सेज में एडमिशन पा सकते हैं। इसके अलावा, मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) के लिए भी यह परीक्षा अनिवार्य है। सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी खबरों से बचें और केवल आधिकारिक वेबसाइट nta.ac.in या neet.nta.nic.in पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।  

देशसेवा का सुनहरा मौका! 25,000 से अधिक पदों पर अग्निवीर भर्ती 2026, पात्रता से लेकर चयन प्रक्रिया तक जानें सब कुछ

नई दिल्ली अगर आपके सीने में भी देशभक्ति की आग जल रही है और आप भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सरहदों की हिफाजत करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहद ही शानदार और बड़ी खबर है। भारतीय सेना (Indian Army) ने साल 2026 के लिए ‘अग्निवीर’ (Agniveer) भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह उन लाखों युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है, जो सेना में जाकर अपने देश का नाम रोशन करने का सपना देखते हैं। इस साल जनरल ड्यूटी (GD), ट्रेड्समैन, क्लर्क, टेक्निकल और अन्य पदों के लिए 25,000 से ज्यादा (संभावित) पदों पर बंपर भर्तियां निकाली गई हैं। अगर आप 8वीं, 10वीं या 12वीं पास हैं, तो आप इस शानदार मौके का फायदा उठा सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए बिना किसी देरी के अपनी कमर कस लीजिए। आवेदन से जुड़ी अहम तारीखें और फीस भारतीय सेना की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 13 फरवरी 2026 से शुरू हो चुके हैं। फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल 2026 तय की गई है। इसके बाद आपका ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) 1 जून 2026 से 15 जून 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। आवेदन करने वाले सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 250 रुपये की एग्जामिनेशन फीस देनी होगी, जिसे आप ऑनलाइन माध्यम से आसानी से जमा कर सकते हैं। कौन कर सकता है अप्लाई? (शैक्षणिक योग्यता) सेना ने अलग अलग पदों के लिए अलग अलग योग्यताएं तय की हैं। 10वीं पास (मैट्रिक): अगर आप जनरल ड्यूटी (GD) के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो आपको कम से कम 45% अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी है। साथ ही हर विषय में कम से कम 33% अंक होने चाहिए। (भारतीय गोरखाओं के लिए सिर्फ 10वीं पास होना ही काफी है)। 8वीं और 12वीं पास: ट्रेड्समैन और क्लर्क/टेक्निकल जैसे पदों के लिए 8वीं और 12वीं पास युवा भी अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। अगर आपने अभी 10वीं की परीक्षा दी है और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, तो भी आप फॉर्म भर सकते हैं, लेकिन रैली के वक्त आपको अपनी ओरिजिनल मार्कशीट दिखानी होगी। उम्र की सीमा अग्निवीर बनने के लिए युवाओं की उम्र साढ़े 17 साल (17.5 years) से लेकर 21 साल के बीच होनी चाहिए। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, आपका जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ हो। हालांकि, ड्यूटी के दौरान शहीद हुए रक्षा कर्मियों की विधवाओं के लिए अधिकतम उम्र सीमा में 30 साल तक की छूट का भी प्रावधान रखा गया है। शारीरिक मापदंड और फिटनेस टेस्ट (Physical Standards) फौज में जाने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि आपका शारीरिक रूप से फौलाद होना भी जरूरी है। आपकी कम से कम लंबाई 162 सेंटीमीटर होनी चाहिए (पूर्वोत्तर राज्यों, गोरखा, गढ़वाली और आदिवासियों के लिए लंबाई में 4 सेंटीमीटर की खास छूट दी गई है)। इसके अलावा आपके सीने का फुलाव कम से कम 5 सेंटीमीटर होना चाहिए और आपका वजन आपकी लंबाई और उम्र के हिसाब से (BMI के अनुसार) बिल्कुल फिट होना चाहिए। रैली (Phase II) के दौरान आपका फिजिकल फिटनेस टेस्ट (PFT) होगा। इसमें आपको 1.6 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी। अगर आप यह दौड़ 7 मिनट 45 सेकंड में पूरी करते हैं तो आप ‘एक्सीलेंट’ ग्रुप में आएंगे। इसके साथ ही आपको 10 फीट की लंबी कूद (Long Jump) और 3 फीट की ऊंची कूद (High Jump) भी क्वालीफाई करनी होगी। कैसे होगा चयन? (Selection Process) चयन की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण (Phase I): सबसे पहले एक ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CEE) होगा। दूसरा चरण (Phase II): जो उम्मीदवार लिखित परीक्षा पास करेंगे, उन्हें उनके अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्ट करके भर्ती रैली के लिए बुलाया जाएगा। रैली वाली जगह पर ही आपका फिजिकल फिटनेस टेस्ट, शारीरिक माप तौल, मेडिकल टेस्ट और आपके सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन किया जाएगा। सेना ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से ‘निष्पक्ष और पारदर्शी’ है। यह सिर्फ आपकी मेहनत और मेरिट पर आधारित है। इसलिए किसी भी दलाल या धोखेबाज के झांसे में बिल्कुल न आएं और न ही किसी को पैसे दें। कितनी मिलेगी सैलरी? अग्निवीर के तौर पर चुने जाने वाले युवाओं को एक शानदार कस्टमाइज्ड पैकेज मिलेगा। पहले साल आपकी सैलरी 30,000 रुपये महीने होगी। दूसरे साल यह बढ़कर 33,000 रुपये, तीसरे साल 36,500 रुपये और चौथे साल 40,000 रुपये प्रति माह हो जाएगी। इसके अलावा आपको रिस्क और हार्डशिप अलाउंस, राशन, ड्रेस और ट्रैवल अलाउंस भी नियमों के मुताबिक दिए जाएंगे। आवेदन कैसे करें? (How to Apply) आवेदन करने का तरीका बेहद आसान है। सबसे पहले आपको भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाना होगा। अगर आप नए यूजर हैं, तो अपनी बेसिक जानकारी डालकर रजिस्ट्रेशन करें और अपना लॉगिन आईडी बनाएं। इसके बाद लॉगिन करके फॉर्म को ध्यान से भरें, अपनी फोटो, साइन और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। अंत में 250 रुपये की फीस भरकर फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए उसका एक प्रिंटआउट जरूर निकालकर अपने पास रख लें। रैली के वक्त आपको अपने एडमिट कार्ड, 20 पासपोर्ट साइज फोटो, एजुकेशन सर्टिफिकेट, डोमिसाइल, जाति प्रमाण पत्र, सरपंच का कैरेक्टर सर्टिफिकेट, अनमैरिड सर्टिफिकेट और पैन/आधार कार्ड जैसे सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स ओरिजिनल और उनकी फोटोकॉपी साथ ले जानी होगी। तो देर किस बात की? आज ही अपनी दौड़ और पढ़ाई की तैयारी शुरू कर दें और देश सेवा के इस सुनहरे मौके को अपने हाथ से न जाने दें।  

AI Consultant बनने का मौका: कौन-सी डिग्री चाहिए और कितनी मिलती है सैलरी?

आज की तेजी से बदलती दुनिया में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक बड़ी क्रांति बन चुका है। जैसे-जैसे कंपनियां अपने कामकाज में तकनीक को शामिल कर रही हैं, एक नए और रोमांचक करियर की मांग तेजी से बढ़ी है— AI कंसल्टेंट। अगर आप भविष्य की तकनीक में रुचि रखते हैं और एक हाई-सैलरी वाली नौकरी की तलाश में हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकता है। AI कंसल्टेंट का पद वर्तमान में जॉब मार्केट में सबसे हॉट जॉब्स में से एक है। आइए समझते हैं कि आखिर एक AI कंसल्टेंट क्या करता है और आप इस क्षेत्र में अपना करियर कैसे बना सकते हैं। कौन होता है AI कंसल्टेंट? AI कंसल्टेंट एक ऐसा एक्सपर्ट होता है जो कंपनियों को यह सलाह देता है कि वे अपने बिजनेस को बढ़ाने, खर्च कम करने और कामकाज को आसान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कैसे कर सकते हैं। वे कंपनी की समस्याओं को समझते हैं और उनके लिए सही AI टूल्स (जैसे चैटबॉट्स, डेटा एनालिसिस सॉफ्टवेयर आदि) का चुनाव और उन्हें लागू करने में मदद करते हैं। AI कंसल्टेंट कैसे बनें? इस क्षेत्र में सफल होने के लिए आपको टेक्निकल और स्ट्रैटिजिक नॉलेज का मेल चाहिए। यहां कुछ महत्वपूर्ण कदम दिए गए हैं: शैक्षणिक योग्यता: शुरुआत करने के लिए कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, गणित या स्टेटिस्टिक्स में ग्रेजुएशन (B.Tech/B.Sc) होना एक बड़ा फायदा है। कोडिंग के शौकीन अन्य छात्र भी विशेष कोर्स के जरिए यहां पहुंच सकते हैं। जरूरी स्किल्स: आपको Python और R जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए। साथ ही, मशीन लर्निंग, डेटा माइनिंग और क्लाउड कंप्यूटिंग की समझ होना अनिवार्य है। सॉफ्ट स्किल्स: चूंकि आपका काम कंपनियों को सलाह देना है, इसलिए आपकी ‘कम्युनिकेशन स्किल्स’ (बातचीत की कला) और ‘प्रॉब्लम सॉल्विंग’ क्षमता बहुत मजबूत होनी चाहिए। विशेष कोर्स और सर्टिफिकेशन: आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (जैसे Coursera, Udemy) से AI और डेटा साइंस के प्रोफेशनल सर्टिफिकेट ले सकते हैं। सैलरी और भविष्य AI कंसल्टेंट को मिलने वाला वेतन अन्य पारंपरिक नौकरियों की तुलना में काफी अधिक है। शुरुआती सैलरी: एक फ्रेशर के रूप में आप 8 लाख से 15 लाख रुपये सालाना तक का पैकेज पा सकते हैं। अनुभवी पेशेवर: 5-7 साल के अनुभव के बाद, यह पैकेज 40 लाख से 80 लाख रुपये सालाना तक जा सकता है। भविष्य में जैसे-जैसे स्वास्थ्य, फाइनेंस, ई-कॉमर्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल बढ़ेगा, इन स्पेशलिस्ट की डिंमांड कई गुना बढ़ जाएगी। टॉप रिक्रूटर वर्तमान में Google, Microsoft, Amazon, और Accenture जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के अलावा अब बैंक और रिटेल कंपनियां भी अपनी टीम में AI कंसल्टेंट्स को शामिल कर रही हैं। यदि आप तकनीक के साथ प्रयोग करना पसंद करते हैं और कंपनियों के लिए स्ट्रेटिजी बनाना चाहते हैं, तो AI कंसल्टेंट बनना आपके लिए एक सुनहरा फैसला हो सकता है। बस जरूरत है सही दिशा में मेहनत करने और खुद को अपडेट रखने की।  

भारतीय छात्रों के विदेशी डिग्री के प्रति आकर्षण में कमी, 3 साल में 31% कम हुए आवेदन; वजह जानें

नई दिल्ली: एक समय था जब भारतीय युवाओं के बीच ‘विदेशी डिग्री’ का जबरदस्त क्रेज था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. हाल के सरकारी आंकड़े और वैश्विक राजनीतिक हालात यह संकेत दे रहे हैं कि भारतीय छात्र अब विदेश जाने के बजाय देश में ही संसाधनों का सही इस्तेमाल करना बेहतर समझ रहे हैं. शिक्षा मंत्रालय द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आई है. जहां 2023 में 9.08 लाख छात्र विदेश गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर मात्र 6.26 लाख रह गई है. यह 30% से अधिक की गिरावट एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है. विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या (2023-2025) यह डेटा उन छात्रों का है जिन्होंने प्रस्थान के समय अपना उद्देश्य ‘शिक्षा/पढ़ाई’ बताया था. वर्ष           छात्रों की संख्या          स्थिति 2023      9,08,364                 उच्चतम स्तर 2024     7,70,127               15% की गिरावट 2025     6,26,606               18% की और गिरावट कुल बदलाव     2,81,758       31% की संचयी गिरावट ट्रम्प प्रशासन और विकसित देशों की सख्ती इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण प्रमुख देशों की बदलती आप्रवासन नीतियां हैं. अमेरिका अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन के आने के बाद वीजा नियमों में सख्ती और एच-1बी (H-1B) वीजा को लेकर अनिश्चितता ने छात्रों को डरा दिया है. छात्र अब लाखों रुपये खर्च करने के बाद वहां नौकरी मिलने की गारंटी पर संदेह कर रहे हैं. कनाडा और ऑस्ट्रेलिया कुछ समय पहले तक कनाडा भारतीयों की पहली पसंद था, लेकिन वहां रहने के खर्च में वृद्धि, आवास संकट और ‘स्टडी परमिट’ पर लगाई गई सीमा ने छात्रों को हतोत्साहित किया है. ऑस्ट्रेलिया ने भी हाल ही में अपने वीजा नियमों को कड़ा कर दिया है. अन्य संकट यूक्रेन युद्ध और अन्य देशों में बढ़ती अस्थिरता ने भी छात्रों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या विदेशी जमीन पर उनका भविष्य और पैसा सुरक्षित है. संसाधनों की बर्बादी और आर्थिक बोझ विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय परिवार अब इस बात का बारीकी से आकलन कर रहे हैं कि विदेशी शिक्षा पर खर्च किए गए 50 लाख से 1 करोड़ रुपये का ‘रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट’ (ROI) क्या है. कई मामलों में, विदेश से पढ़ाई करने के बाद भी छात्रों को वैसी नौकरियां नहीं मिल रही हैं जिनसे वे अपना शिक्षा ऋण चुका सकें. इसे अब ‘संसाधनों की बर्बादी’ के रूप में देखा जाने लगा है. भारत में ही ‘विदेशी शिक्षा’ का विकल्प भारत सरकार ने भी इस स्थिति को भांपते हुए देश के भीतर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा लाने की तैयारी कर ली है:     भारत में विदेशी कैंपस: यूजीसी (UGC) ने 14 विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति दी है. यानी अब भारतीय छात्र अपने देश में रहकर, कम खर्च में और बिना किसी सुरक्षा जोखिम के विदेशी डिग्री हासिल कर सकेंगे.     गिफ्ट सिटी का मॉडल: गुजरात के गिफ्ट सिटी में ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों ने काम शुरू कर दिया है, जो एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है. घरेलू संस्थानों का बढ़ता दबदबा संसद में पेश रिपोर्ट बताती है कि भारत अब खुद एक ग्लोबल हब बन रहा है. 2026 की क्यूएस रैंकिंग में भारत के 54 संस्थान शामिल हैं. स्टार्टअप कल्चर और ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत की 38वीं रैंक ने छात्रों को यह भरोसा दिलाया है कि रोजगार के सबसे अच्छे अवसर अब भारत के भीतर ही मौजूद हैं. साफ है कि बदलती वैश्विक राजनीति, वीजा की अनिश्चितता और भारी-भरकम खर्च ने भारतीय छात्रों को अपनी प्राथमिकताएं बदलने पर मजबूर कर दिया है. छात्र अब अपने संसाधनों को ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं जहाँ सुरक्षा और करियर दोनों की गारंटी हो. ‘ब्रेन ड्रेन’ (प्रतिभा पलायन) का दौर अब धीरे-धीरे ‘ब्रेन गेन’ (प्रतिभा वापसी) में बदलता दिख रहा है.

रेलवे ग्रुप D भर्ती : 21997 पदों पर भर्ती का मौका, आवेदन की अंतिम तिथि 9 मार्च तक बढ़ी

नई दिल्ली रेलवे में ग्रुप डी के 21997 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब आरआरबी ग्रुप डी भर्ती के लिए 9 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पहले एप्लाई करने की अंतिम तिथि 2 मार्च 2026 थी। वहीं फीस भुगतान की लास्ट डेट भी 4 मार्च 2026 से बढ़ाकर 11 मार्च 2026 कर दी गई है। जो अभ्यर्थी आवेदन से चूक गए हैं उन्हें एक सप्ताह की मोहलत और मिल गई है। वे जल्द से जल्द www.rrbapply.gov.in पर जाकर एप्लाई कर सकते हैं। आवेदन पत्र में करेक्शन करने की विंडो की अवधि का शेड्यूल भी बदला गया है। अब एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन 05 मार्च से 14 मार्च की बजाय 12 मार्च से 21 मार्च के बीच होगी। ध्यान रहे रेलवे जोन सेलेक्ट करने के बाद उसमें बदलाव नहीं कर सकेंगे। रेलवे की इस सबसे बड़ी भर्ती में करोड़ से भी ज्यादा आवेदन आने के आसार हैं। इस बार सर्वाधिक वैकेंसी 3537 चंडीगढ़/नई दिल्ली जोन यानी नॉर्दर्न जोन में हैं। 22000 रेलवे ग्रुप डी भर्ती की 15 बड़ी बातें 1. एक ही फॉर्म भर सकते हैं रेलवे भर्ती बोर्ड ने कहा है कि उम्मीदवार केवल एक ही रेलवे जोन (आरआरबी) के लिए आवेदन कर सकते हैं। एक से अधिक रेलवे जोन के लिए आवेदन करने पर फॉर्म रिजेक्ट कर दिया जाएगा। जिस रेलवे के लिए आप आवेदन कर रहे हैं, आप उसी रेलवे में एक से अधिक पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। पदों का प्रेफरेंस देना होगा। सेम आरआरबी में अगर आप एक से अधिक पदों के लिए आवेदन करते हैं तो आपको अलग अलग आवेदन करने की जरूरत नहीं है, ऐसा करने से फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा। एक ही ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म में कई पदों के लिए आवेदन करने की सुविधा है। एक ही फॉर्म में विभिन्न पदों के लिए आपको प्रेफरेंस देना होगा। 2. रेलवे ग्रुप डी फॉर्म भरने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स – स्कैन किया हुआ पासपोर्ट-साइज फोटो और सिग्नेचर। – शैक्षणिक योग्यता प्रूफ के लिए 10वीं सर्टिफिकेट या ITI सर्टिफिकेट। – सरकार का दिया हुआ ID प्रूफ (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वगैरह)। – कैटेगरी सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)। – डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)। 3. रेलवे ग्रुप D भर्ती 2026 के लिए अप्लाई करने के स्टेप्स – ऑफिशियल वेबसाइट http://www.rrbcdg.gov.in/ पर जाएं। – ‘न्यू रजिस्ट्रेशन’ लिंक पर क्लिक करें। – एग्जाम के लिए रजिस्टर करें और नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम, माता का नाम, आधार नंबर, SSLC/मैट्रिक रजिस्ट्रेशन नंबर, पास होने का साल, मोबाइल नंबर, ईमेल ID जैसी जरूरी डिटेल्स सबमिट करें और फिर रजिस्ट्रेशन फॉर्म सबमिट करें। – रजिस्ट्रेशन के बाद, कैंडिडेट्स को OTP के ज़रिए अपनी ईमेल ID और मोबाइल नंबर वेरिफाई करना होगा। – रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड का इस्तेमाल करके होम पेज पर लॉगिन करें। – एप्लीकेशन पेज के पार्ट I में, कैंडिडेट्स को एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, कम्युनिटी, जेंडर, धर्म, एक्स-सर्विसमैन, CCAA, माइनॉरिटी, इकोनॉमिकली बैकवर्ड क्लास एज रिलैक्सेशन और दूसरी डिटेल्स देनी है। एप्लीकेशन पेज के पार्ट II में, कैंडिडेट्स को पोस्ट के लिए अपनी प्रायोरिटी/प्रेफरेंस बतानी है। – एप्लीकेशन डिटेल्स पूरी होने पर कैंडिडेट्स को ऑनलाइन नेट बैंकिंग/क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/UPI और ऑफलाइन चालान का इस्तेमाल करके पेमेंट पेज पर रीडायरेक्ट किया जाएग। – कैंडिडेट्स को एग्जाम की भाषा चुननी होगी। – कैंडिडेट्स को एक वैलिड फोटो ID कार्ड की डिटेल्स भरनी होगी। – फीस रिफंड पाने के लिए बैंक डिटेल्स डालें। – कैंडिडेट्स को फॉर्मेट के हिसाब से अपनी फोटो और सिग्नेचर की स्कैन की हुई इमेज अपलोड करनी है और SC/ST कैंडिडेट्स को कैटेगरी सर्टिफिकेट अपलोड करने है। – कैंडिडेट्स को शर्तों से सहमत होकर एप्लीकेशन फॉर्म जमा करना है। 4. रेलवे ग्रुप डी भर्ती आवेदन की नई तिथियां – ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा करने की आखिरी तारीख और समय – 09.03.2026 (23:59 Hrs.) – जमा किए गए एप्लीकेशन के लिए एप्लीकेशन फीस पेमेंट की आखिरी तारीख- 11.03.2026 (23:59 Hrs.) – एप्लीकेशन फॉर्म में बदलाव के लिए मॉडिफिकेशन विंडो की तारीख और समय मॉडिफिकेशन फीस के पेमेंट के साथ। (कृपया ध्यान दें: ‘Create an Account’ फ़ॉर्म और ‘Chosen Railway’ में भरी गई डिटेल्स में बदलाव नहीं किया जा सकता) – 12.03.2026 से 21.03.2026 (23:59 Hrs.) – वे तारीखें जिनके दौरान योग्य स्क्राइब उम्मीदवारों को एप्लीकेशन पोर्टल में अपनी स्क्राइब डिटेल्स देनी होंगी 22.03.2026 से 26.03.2026 5. किस जोन में कितनी वैकेंसी, देखें ब्योरा नॉर्दर्न रेलवे (नई दिल्ली) में कुल 3537 पद हैं। इनमें 1437 अनारक्षित (UR), 530 अनुसूचित जाति (SC), 266 अनुसूचित जनजाति (ST), 956 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और 348 ईडब्ल्यूएस (EWS) के लिए हैं। वेस्टर्न रेलवे (मुंबई) में कुल 3148 पद घोषित किए गए हैं। इनमें 1160 UR, 407 SC, 178 ST, 698 OBC और 288 EWS शामिल हैं। सेंट्रल रेलवे (मुंबई) में 2012 पद हैं। इसमें 914 UR, 318 SC, 171 ST, 407 OBC और 202 EWS के लिए हैं। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (गुवाहाटी) को कुल 1776 पद मिले हैं। इनमें 718 UR, 266 SC, 133 ST, 480 OBC और 179 EWS पद शामिल हैं। साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (बिलासपुर) में कुल 1199 पद हैं। इसमें 516 UR, 184 SC, 76 ST, 281 OBC और 142 EWS के लिए पद निर्धारित हैं। नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (गोरखपुर) में 1196 पद रखे गए हैं। इनमें 537 UR, 178 SC, 109 ST, 271 OBC और 101 EWS शामिल हैं। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे (प्रयागराज/इलाहाबाद) में कुल 1183 पद हैं। इसमें 570 UR, 156 SC, 89 ST, 271 OBC और 97 EWS पद शामिल हैं। ईस्टर्न रेलवे/मेट्रो कोलकाता में 1180 पद घोषित किए गए हैं। इनमें 468 UR, 157 SC, 129 ST, 297 OBC और 129 EWS शामिल हैं। वेस्ट सेंट्रल रेलवे (जबलपुर) में कुल 1147 पद हैं। इसमें 581 UR, 174 SC, 89 ST, 157 OBC और 145 EWS पद शामिल हैं। सदर्न रेलवे (चेन्नई) में 1036 पद हैं। इनमें 430 UR, 155 SC, 96 ST, 247 OBC और 108 EWS के लिए पद रखे गए हैं। साउथ सेंट्रल रेलवे (सिकंदराबाद) को 1016 पद मिले हैं। इनमें 376 UR, 151 SC, 130 ST, 258 OBC और 101 EWS शामिल हैं। ईस्ट सेंट्रल रेलवे (हाजीपुर) में कुल 976 पद हैं। इसमें 405 UR, 148 SC, 59 ST, 266 OBC … Read more

ग्रुप-डी के 22,195 पदों पर आवेदन की तिथि बढ़ाई, अब 9 मार्च तक करें ऑनलाइन आवेदन

नईदिल्ली रेलवे में नौकरी करने के लिए तैयारी करने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर हैं। रेलवे भर्ती बोर्ड ने ग्रुप डी के पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया है। अब युवा आफिशियल वेबसाइट पर जाकर नौ मार्च तक आवेदन प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। ग्रुप-डी के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास आखिरी मौका है। ऐसे में सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय समय से पहले आवेद प्रक्रिया को अवश्य पूरा कर लें।  यह कर सकते हैं इस भर्ती के लिए आवेदनः ग्रुप-डी के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों ने भारत के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कक्षा 10वीं उत्तीर्ण की हो। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष व अधिकतम आयु 33 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवारों की आयु की गणना 01 जनवरी, 2026 के आधार पर की जाएगी। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कैटेगरी के आधार पर आयु-सीमा में छूट भी प्रदान की जाएगी। रजिस्ट्रेशन फीसः जो उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं। उन्हें रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करना अनिवार्य है। आवेदन करने के लिए जनरल, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 500 रुपये और एससी/एसटी उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 250 रुपये का भुगतान करना होगा। ऐसे करें खुद अप्लाईः आरआरबी की ओर से ग्रुप-डी के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को एक्सटेंड कर दिया गया है। ऐसे में उम्मीदवार यहां बताए गए स्टेप्स की मदद से ग्रुप-डी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर विजिट करें। अब वेबसाइट के होमपेज पर न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद अपना नाम, पिता का नाम, माता का नाम, मोबाइन नंबर आदि को दर्ज करके रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करें। इसके बाद जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करके रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें। फॉर्म भरने के बाद दर्ज की गई सभी जानकारी को ध्यान से दर्ज कर लें।

NCERT का नया कदम: 8वीं कक्षा में अब न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पढ़ेंगे छात्र

  नई दिल्ली नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी एनसीईआरटी ने आठवीं कक्षा के सेलेबस में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और लंबित पड़े मामलों का चैप्टर भी जोड़ा है. इस चैप्टर के बाद आठवीं कक्षा के बच्चे अब ये पड़ेंगे कि कैसे न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और अधिक संख्या में पेंडिंग केस से न्याय प्रक्रिया पर असर पड़ता है.  NCERT की ओऱ से कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान यानी सोशल साइंस की किताब में बदलाव किया है और पेंडिंग कोर्ट केस के बारे में जानकारी शामिल की है.  सिलेबस में इस बदलाव के लिए काउंसिल के सदस्यों ने प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की थी. पिछले पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव करते हुए नए पैराग्राफ़ को एड किया गया है जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार जैसे विषय को जोड़ा गया है और अदालतों में पेंडिंग मामले के बारे में भी बच्चों को पढ़ाने का फैसला किया गया है. इस किताब के ज़रिए आदमी के बच्चे न्याय व्यवस्था के सामने चुनौतियां के विषय के बारे में जानेंगे.  अब क्या है नया? नए चैप्टर “हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका” में न्यायपालिका में विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार को एक प्रमुख समस्या के रूप में बताया गया है. साथ ही, कोर्ट में पेंडिंग केस की संख्या को न्यायिक चुनौतियों की तरह लिस्ट किया गया है, जो कई कारणों से—जैसे जजों की कमी, जटिल कानूनी प्रक्रियाएँ और खराब आधारभूत संरचना—के चलते पैदा होती है.     इस पाठ में यह भी बताया गया है कि अकेले सुप्रीम कोर्ट में 81 हज़ार लंबित मामले हैं तो देश भर के हाई कोर्ट में 60, लाख से ज्यादा लंबित मामले हैं जिन पर सुनवाई यह फैसला नहीं हो पाया है. इसके अलावा निचली अदालतों में यह संख्या 4 करोड़ से भी ज्यादा है जिसमें फैसला नहीं हो पाया है.  लेकिन, नए कोर्स में कुछ बदलाव किए गए हैं जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का ज़िक्र किया गया है. नए संस्करण के इस अध्याय में ये भी बताया गया है कि कैसे सरकार द्वारा बनाए गए कुछ कानूनों को न्यायपालिका ने निरस्त कर दिया जबकि उन कानूनों को संसद की मंज़ूरी थी लेकिन उसे चुनौती दी गई थी जिसके बाद न्यायपालिका ने उन कानूनों पर रोक लगा दी थी. नए संस्करण को मंजूरी मिल चुकी है और जल्दी किताबें बाजार में आ जाएंगी. पहले क्या पढ़ाया जाता था? हालांकि पिछले सेशन में इसी पाठ में न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और उसकी संरचना के साथ साथ उनके अधिकारों के बारे में पढ़ाया जाता था, लेकिन अब न्यायपालिका के भीतर भ्रष्टाचार का भी ज़िक्र किया गया है. NCERT ने इस विषय को भी जोड़ा है कि न्यायपालिका की जवाब देही की व्यवस्था कैसे होगी और हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के जजों के कोड ऑफ़ कंडक्ट उनके ख़िलाफ़ शिकायतें और उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया के बारे में भी बढ़ाया जाएगा. पहले कार्यपालिका और न्यायपालिका वाले पाठ में सिर्फ ये पढ़ाया जाता था कि न्यायपालिका सरकार का वह महत्वपूर्ण अंग है जो देश के कानूनों की व्याख्या और उनका पालन सुनिश्चित करती है. यह संविधान की संरक्षक के रूप में कार्य करती है और देखती है कि विधायिका और कार्यपालिका अपने अधिकारों का सही उपयोग करें. अगर संसद में बनाया गया कोई कानून संविधान के विरुद्ध हो, तो न्यायपालिका उसे निरस्त कर सकती है.  अगर कार्यपालिका कानून लागू करते समय सीमा का उल्लंघन करे, तो न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है. इस प्रकार शक्तियों का विभाजन और संतुलन बना रहता है, जिससे किसी एक अंग के पास अत्यधिक शक्ति न हो और नागरिकों के मूल अधिकार सुरक्षित रहें. 

CBSE का बड़ा फैसला: मिडल ईस्ट में 10वीं–12वीं की 5–6 मार्च की परीक्षा स्थगित

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नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मध्य पूर्व के कई देशों में जारी तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए वहां कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला लिया है। सीबीएसई ने कहा है कि बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई में चल रहे मौजूदा हालातों की समीक्षा करने के बाद बोर्ड ने इन क्षेत्रों में 5 मार्च 2026 (गुरुवार) और 6 मार्च 2026 (शुक्रवार) को होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को टाल दिया है। छात्रों की सुरक्षा और वहां की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। बोर्ड परिस्थितियों की समीक्षा करने के बाद नई तिथियां जारी करेगा। बोर्ड बृह्स्पतिवार को स्थिति की समीक्षा करेगा और 7 मार्च को होने वाली परीक्षाओं के संबंध में जल्द निर्णय लेगा। इससे पहले बोर्ड ने 2 मार्च की सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं। आपको बता दें कि इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय परिवार रहते हैं और उनके बच्चे सीबीएसई स्कूलों में पढ़ते हैं। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, ”पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों – बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूदा स्थिति के कारण बोर्ड ने पांच मार्च को 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं स्थगित करने का निर्णय लिया है।” भारद्वाज ने बताया कि नयी तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी और आगे की परीक्षाओं के लिए स्थिति की समीक्षा पांच मार्च को की जाएगी। क्यों लिया गया परीक्षा टालने का फैसला मिडिल ईस्ट में हाल के दिनों में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। क्षेत्रीय तनाव में ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया है। कई स्थानों पर हवाई क्षेत्र बंद होने, उड़ानों के रद्द होने और आवाजाही बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। ऐसी स्थिति में छात्रों का परीक्षा केंद्र तक पहुंचना, पर्यवेक्षकों की उपलब्धता और परीक्षा संचालन की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। छात्रों और स्कूलों को क्या निर्देश दिए गए प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक CBSE वेबसाइट और प्रमाणित सूचना माध्यमों पर ही भरोसा करें। स्कूल प्रशासन को छात्रों के संपर्क में रहने और उन्हें तैयारी जारी रखने के लिए मार्गदर्शन देने को कहा गया है। फर्जी नोटिस से भी बढ़ी परेशानी इसी बीच सोशल मीडिया पर एक फर्जी सर्कुलर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि मिडिल ईस्ट में बाकी सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं और छात्रों को वैकल्पिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दिए जाएंगे। CBSE ने इस नोटिस को पूरी तरह झूठा बताया और कहा कि यह भ्रामक जानकारी है। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें। छात्रों में राहत भी, चिंता भी परीक्षा टलने से जहां कुछ छात्रों को अस्थायी राहत मिली है, वहीं नई तारीख को लेकर अनिश्चितता भी बढ़ गई है। कई परिवार पहले ही क्षेत्रीय तनाव से चिंतित थे और अब पढ़ाई का शेड्यूल बिगड़ने से मानसिक दबाव और बढ़ गया है। स्कूल फिलहाल छात्रों को पढ़ाई जारी रखने और संशोधित कार्यक्रम का इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं।

यूपीएससी सिविल सेवा फाइनल रिजल्ट आने को तैयार, कौन बनेगा इस साल का टॉपर?

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नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) बहुत जल्द सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी करने वाला है। नतीजे आने के बाद अभ्यर्थी अपना परिणाम यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर चेक कर सकेंगे। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के इंटरव्यू 27 फरवरी 2026 को समाप्त हो गए थे। बीते वर्षों को ट्रेंड को देखा जाए तो आमतौर पर यूपीएससी इंटरव्यू खत्म होने के एक सप्ताह के भीतर फाइनल रिजल्ट जारी कर देता है। इस लिहाज से इस सप्ताह कभी भी नतीजे जारी हो सकते हैं। मेन्स एग्जाम में प्रदर्शन के आधार पर 2,736 उम्मीदवारों को इंटरव्यू राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। यूपीएससी सीएसई 2025 इंटरव्यू 5 जनवरी से शुरू हुए थे। अभ्यर्थियों का चयन उनके मुख्य परीक्षा के मार्क्स व इंटरव्यू के प्राप्तांकों के आधार पर बनी मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के अंदर मार्क्स वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इस बार यूपीएससी सीएसई के जरिए आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, आईआरएस समेत 979 पदों पर भर्ती की जाएगी। आपको बता दें कि हर वर्ष आईएएस, आईपीएस, आईएफएस ऑफिसर बनने का ख्वाब संजोने वाले लाखों उम्मीदवार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देते हैं। इस परीक्षा को देश की सबसे चुनौतिपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा माना जाता है। यूपीएससी सिविल सेवा के जरिए इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज (आईएएस), भारतीय पुलिस सर्विसेज (आईपीएस) और भारतीय फॉरेन सर्विसेज (आईएफएस), रेलवे ग्रुप ए (इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस), इंडियन पोस्टल सर्विसेज, भारतीय डाक सेवा, इंडियन ट्रेड सर्विसेज सहित अन्य सेवाओं के लिए चयन किया जाता है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों — प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार– में आयोजित की जाती है। मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट जारी होती है। इन सर्विसेज में नियुक्ति के लिए की जाएगी सिफारिश (i) इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस; (ii) इंडियन फॉरेन सर्विस; (iii) इंडियन पुलिस सर्विस; और (iv) सेंट्रल सर्विसेज, ग्रुप A और ग्रुप B। UPSC CSE रिजल्ट 2025 लाइव अपडेट्स: फाइनल रिजल्ट कैसे चेक करें स्टेप 1: ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं स्टेप 2: होमपेज पर रिजल्ट पर क्लिक करें। स्टेप 3: UPSC CSE 2025 Final Result लिंक चेक करें स्टेप 4: पीडीएफ फाइल खुलने पर अपना नाम तलाशें। पिछले साल शक्ति दुबे ने किया था टॉप यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में प्रयागराज की शक्ति दुबे ने टॉप ( UPSC CSE 2024 Topper ) किया था। देखना होगा इस बार कौन अव्वल आता है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 के टॉपर रैंक, रोल नंबर और नाम 1 0240782 शक्ति दुबे 2 0101571 हर्षिता गोयल 3 0867282 डोंगरे अर्चित पराग 4 0108110 शाह मार्गी चिराग 5 0833621 आकाश गर्ग 6 0818290 कोमल पुनिया 7 6902167 आयुषी बंसल 8 6613295 राज कृष्ण झा 9 0849449 आदित्य विक्रम अग्रवाल 10 5400180 मयंक त्रिपाठी 11 8200949 एट्टाबॉयिना साई शिवानी 12 5809367 आशी शर्मा 13 5912548 हेमन्त 14 0818331 अभिषेक वशिष्ठ 15 1010403 बन्ना वेंकटेश 16 6907627 माधव अग्रवाल 17 0810414 संस्कृति त्रिवेदी 18 2604936 सौम्या मिश्रा 19 0833456 विभोर भारद्वाज 20 2200688 त्रिलोक सिंह 21 0859649 दिव्यांक गुप्ता 22 0865358 रिया सैनी 23 1214507 बी शिवचंद्रन 24 0334811 आर रंगमंजू 25 1202909 जी जीई ए एस 26 6618486 शिवांश सुभाष जगाड़े 27 0410502 रोमिल द्विवेदी 28 7809511 ऋषभ चौधरी 29 1203512 सुभाषकार्तिक एस 30 0109558 पंचाल स्मित हसमुखभाई 31 0510887 श्रेया त्यागी 32 1126194 उत्कर्ष यादव 33 0816777 अल्फ्रेड थॉमस 34 0413837 अभि जैन 35 0840850 श्रेयक गर्ग 36 2613856 मुस्कान श्रीवास्तव 37 0801201 शोभिका पाठक 38 6319367 अभिषेक शर्मा 39 1204543 मोनिका आर 40 3405835 इरम चौधरी 41 0815285 सचिन बसवराज गुट्टूर 42 1221566 पवित्रा पी 43 6616032 अवधिजा गुप्ता 44 0869198 मुदिता बंसल 45 1907228 मालविका जी नायर 46 8203187 रावुला जयसिम्हा रेड्डी 47 1902150 नंदना जी पी 48 0705455 रितिका रथ 49 4108641 सौरव सिन्हा 50 0823200 अंकुर त्रिपाठी  

फायर इंजीनियरिंग में भविष्य बनाएं: पढ़ाई से नौकरी तक का सफर

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आग लगने पर उसे बुझाने के लिए ऐसा आदमी या ऐसी टीम चाहिए जो आग की किस्म, आग लगने के कारण, आग बुझाने के तरीके, आग बुझाने के सामान और आग में घिरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का हुनर रखती हो। जाहिर है यह ऐसी जानकारी नहीं जिसे यूं ही पूछ कर या पढ़ कर जान लिया जाए। इसकी पढ़ाई भी होती है और इसका प्रशिक्षण भी दिया जाता है। एक गुण ऐसा है जिसके बिना यह पढ़ाई और प्रशिक्षण काम नहीं आ पाएगा-वह है साहस और सूझबूझ का सही मिश्रण। इस क्षेत्र में फायरमैन से लेकर चीफ फायर अफसर तक बन सकते हैं। जो लोग आग से उपजी चुनौतियों का सामना करते हुए करियर की बुलंदी तक पहुंचना चाहते हैं वे डिप्लोमा से लेकर बी.ई. (फायर) की डिग्री प्राप्त कर निम्न पदों तक पहुंच सकते हैं।.. फायरमैन: वह व्यक्ति जो सीधे-सीधे आग से जूझता है। फायरमैन की टीम हर फायर स्टेशन में तैनात होती है। लीडिंग फायरमैन: फायरमैन के बाद विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर लीडिंग फायरमैन बन सकते हैं। सब-अफसर: किसी भी फायर टैंडर का लीडर सब-अफसर होता है जिसकी कमान में फायरमैन और लीडिंग फायरमैन होते हैं। यह परिस्थिति का आकलन कर अपनी टीम का मार्गदर्शन करता है कि किस प्रकार से कम से कम नुक्सान सहते हुए आग को बुझाया जा सके। स्टेशन अफसर: किसी भी फायर स्टेशन का प्रमुख स्टेशन अफसर होता है जो न सिर्फ फायर स्टेशन की टीम को लीड करता है बल्कि पूरी जानकारी रखता है कि उसकी जिम्मेदारी के दायरे में आने वाले इलाके में किस तरह की इमारतें, फैक्ट्रियां या रिहायशी इलाका है जहां आग लग सकती है। असिस्टैंट डिवीजनल अफसर: पूरे राज्य को अलग-अलग डिवीजनों में बांटा जाता है और हर डिवीजन की जिम्मेदारी असिस्टैंट डिवीजनल अफसर की होती है जो कार्य और इलाके के हिसाब से कई हो सकते हैं। इलाके में बनने वाली इमारतों में आग बुझाने के इंतजाम सही हैं या नहीं, यह देखने-सुनने की जिम्मेदारी इन्हीं की होती है। डिवीजनल अफसर: डिवीजनल अफसर की जिम्मेदारी भी वही होती है जो असिस्टैंट डिवीजनल अफसर की होती है और तीन असिस्टैंट डिवीजनल अफसर पर एक डिवीजनल अफसर होता है। डिप्टी चीफ फायर अफसर: पूरे फायर डिपार्टमैंट के समन्वय, कार्य, क्षेत्र विभाजन व अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ यह सुनिश्चित करना कि पूरा फायर डिपार्टमैंट हर परिस्थिति से निपटने के लिए सक्षम है, डिप्टी चीफ फायर अफसर जैसा अधिकारी ही देखता है। चीफ फायर अफसर: चीफ फायर अफसर पूरे फायर डिपार्टमैंट का बॉस होता है जिसकी निगरानी, निर्देश, समन्वय और प्रेरणा से विभाग चलता है। पूरे राज्य में आग लगने की घटनाएं कम से कम हों और आग लगने पर उससे किस तरह पूरी तैयारी के साथ निपटना है, चीफ फायर अफसर की लीडरशिप तय करती है। बेहद चुनौतीपूर्ण है यह क्षेत्र:- जाहिर है इस क्षेत्र में करियर निखर सकता है लेकिन इस करियर को चुनने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना जरूरी है। किसी भी आपात स्थिति में बड़े ही धैर्य और सूझ-बूझ से काम करना यदि आता है तो इस ओर कदम बढ़ाया जा सकता है। यह बताना जरूरी है कि आग कितना नुक्सान कर सकती है। गत कुछ महीनों में आग लगने की ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें न सिर्फ लाखों का नुक्सान हुआ है बल्कि बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी हुई है। कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में लगी आग अभी लोगों की याद्दाश्त में बुझी नहीं जिसमें 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा नई दिल्ली एयरपोर्ट के कार्गो डिवीजन में लगी आग ने लाखों का नुक्सान कर दिया था। दिल्ली के मुनिरका के सी.एन.जी. स्टेशन में लगी आग ने 5 लोगों को मौत की नींद सुला दिया। कहने का तात्पर्य है कि करियर का चुनाव करने से पहले खुद को इस बात के लिए तैयार करना जरूरी है कि चुनौतियों की लपटें बड़ी ऊंची हैं। कार्य का स्वरूप:- फायर डिपार्टमैंट से जुड़ना एक कामयाब करियर के साथ साथ जनसेवा भी है। फायर फाइटर्स का मुख्य काम आग लगने के कारणों का पता लगाना और उसे रोकने के उपायों का विशलेषण करना होता है। फायर फाइटिंग सिविल, इलैक्ट्रीकल, एनवायरनमैंटल इंजीनिरिंग से जुड़ा क्षेत्र है। मसलन आग बुझाने के यंत्रों की तकनीकी जानकारी, स्प्रिंक्लर सिस्टम, अलार्म, पानी की बौछार का सबसे सटीक इस्तेमाल, कम से कम समय और कम से कम संसाधनों में ज्यादा से ज्यादा जान-माल की रक्षा करना उसका उद्देश्य होता है। शैक्षणिक योग्यता:- डिप्लोमा या डिग्री में दाखिले के लिए कैमिस्ट्री, फिजिक्स या गणित विषय में 50 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास होना अनिवार्य है। कुछ पदों के लिए बी.ई. (फायर) डिग्री अनिवार्य है। इसमें प्रवेश के लिए ऑल इंडिया एंट्रैंस एग्जाम होता है। शारीरिक योग्यता:- शैक्षणिक योग्यता के साथ इस फील्ड में करियर बनाने के लिए शारीरिक योग्यता भी देखी जाती है। पुरुषों के लिए न्यूनतम लंबाई 165 सैंटीमीटर, वजन 50 कि.ग्रा., वहीं महिलाएं कम से 157 सैंटीमीटर लंबी हों, वजन कम से कम 46 कि.ग्रा. हो। नजरें दोनों के लिए 6ध्6 होनी चाहिएं और उम्र 19 से 23 वर्ष के भीतर हो। कौशल:- इस फील्ड के लिए जितनी जरूरत डिग्री की है, उससे ज्यादा जरूरत कुछ व्यक्तिगत योग्यताओं की भी है। आग बारूद से भरे कारखानों में लग सकती है और कैमिकल फैक्टरी में भी, घनी आबादी वाले इलाकों व जंगलों में। ऐसे में साहस, धैर्य के साथ लीडरशिप क्वालिटी, तेजी से फैसले लेने की क्षमता जरूरी है। विभिन्न कोर्स:- डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी, पीजी. डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी, बीएससी. इन फायर इंजीनियरिंग, सर्टिफिकेट कोर्स इन फायर फाइटिंग, फायर टैक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्रीयल सेफ्टी मैनेजमैंट, इंडस्ट्रीयल सेफ्टी सुपरवाइजर, रैसक्यू एंड फायर फाइटिंग जैसे कोर्स शामिल हैं। इनकी अवधि 6 महीने से लेकर 3 वर्ष तक है। कोर्स के दौरान आग बुझाने की तकनीकी जानकारी से लेकर जान-माल के बचाव के साइंटिफिक फॉर्मूले की जानकारी दी जाती है जैसे आग पर काबू पाने, खतरों से खेलने, उपकरणों का प्रयोग कैसे किया जाए आदि के गुण सिखाए जाते हैं। अवसर:- दिल्ली इंस्टीच्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग के निदेशक वीरेंद्र गर्ग के मुताबिक इस फील्ड में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। पहले केवल महानगरों में फायर स्टेशन होते थे, आज हर जिले … Read more

CUET PG 2026 City Slip Out: एग्जाम सिटी जानने के लिए यहां करें डाउनलोड

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नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट – पोस्टग्रेजुएट (CUET PG 2026) के उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। एनटीए ने उन अभ्यर्थियों के लिए ‘एडवांस एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप’ जारी कर दी है, जिनकी परीक्षाएं 8, 9 और 10 मार्च 2026 को निर्धारित हैं। छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/CUET-PG पर जाकर अपने परीक्षा शहर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सीयूईटी पीजी परीक्षा देश भर के केंद्रीय, राज्य और अन्य भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों में पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन के लिए प्रवेश द्वार है। इस वर्ष यह परीक्षा 6 मार्च से 27 मार्च 2026 के बीच कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जा रही है। क्या है सिटी इंटिमेशन स्लिप और यह क्यों जरूरी है? अक्सर छात्र सिटी इंटिमेशन स्लिप को ही एडमिट कार्ड समझ लेते हैं, लेकिन एनटीए ने स्पष्ट किया है कि यह एडमिट कार्ड नहीं है। उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके परीक्षा शहर के बारे में पहले से सूचित करना है ताकि वे यात्रा और ठहरने की व्यवस्था समय रहते कर सकें। डिटेल्स: इस स्लिप में अभ्यर्थी का नाम, परीक्षा की तारीख, आवंटित शहर और राज्य की जानकारी होती है। हालांकि, इसमें परीक्षा केंद्र का सटीक नाम और पता नहीं दिया जाता है, जो केवल एडमिट कार्ड में ही होगा। 8 से 10 मार्च का परीक्षा कार्यक्रम एनटीए द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, 8 से 10 मार्च के बीच महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षाएं तीन शिफ्टों में आयोजित की जाएंगी: 8 मार्च: बी.एड (विभिन्न श्रेणियों में), जनरल मैनेजमेंट और जनरल पेपर। 9 मार्च: सांख्यिकी, बी.एड गणित, फ्रेंच, तेलुगु और क्रिमिनोलॉजी। 10 मार्च: डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, एम.ए. एजुकेशन, फॉरेंसिक साइंस और होम साइंस। एडमिट कार्ड कब आएगा? परीक्षा के लिए आधिकारिक एडमिट कार्ड परीक्षा की तारीख से लगभग 3-4 दिन पहले जारी किए जाते हैं। यानी 8 मार्च की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 4 या 5 मार्च तक आने की संभावना है। एडमिट कार्ड में ही छात्र को अपना रोल नंबर, परीक्षा केंद्र का नाम, रिपोर्टिंग टाइम और शिफ्ट की सटीक जानकारी मिलेगी। CUET PG 2026: सिटी स्लिप डाउनलोड करने के आसान स्टेप्स     सबसे पहले एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/CUET-PG पर जाएं। 2. होमपेज पर ‘CUET PG 2026 City Intimation Slip’ के लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें। 4. स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी पिन (कैप्चा) भरकर ‘Submit’ पर क्लिक करें। 5. आपकी सिटी इंटिमेशन स्लिप स्क्रीन पर आ जाएगी, इसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लें। मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर यदि किसी अभ्यर्थी को सिटी स्लिप डाउनलोड करने में कोई समस्या आती है, तो वे एनटीए के हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं या helpdesk-cuetpg@nta.ac.in पर ईमेल भेज सकते हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे नए अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें।  

UP Police SI Exam 2026: एडमिट कार्ड का इंतजार खत्म होने वाला, ऐसे होगा परीक्षा का पैटर्न

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लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा आयोजित की जाने वाली सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बोर्ड जल्द ही एडमिट कार्ड जारी करने वाला है। बोर्ड आगामी 14 और 15 मार्च 2026 को प्रदेश भर के विभिन्न केंद्रों पर इस लिखित परीक्षा का आयोजन करने जा रहा है। अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड का बेसब्री से इंतजार है। 1.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए एडमिट कार्ड मार्च के पहले सप्ताह में आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जारी कर दिए जाएंगे। यह परीक्षा प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 4,543 रिक्त पदों को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दो दिनों तक चलेगी परीक्षा (एग्जाम शेड्यूल) यूपी पुलिस एसआई की लिखित परीक्षा दो दिनों तक अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित की जाएगी। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को देखते हुए बोर्ड ने पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। परीक्षा की तारीख: 14 मार्च (शनिवार) और 15 मार्च (रविवार), 2026। शिफ्ट टाइमिंग: परीक्षा दो शिफ्टों (सुबह और दोपहर) में आयोजित होगी। सटीक जानकारी अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड पर उपलब्ध होगी। एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो कर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे:     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं। 2. होमपेज पर ‘Notice’ या ‘Latest News’ सेक्शन में ‘UP Police SI Admit Card 2026’ के लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि (DOB) दर्ज करें। 4. स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड को भरकर ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें। 5. आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा, इसे डाउनलोड करें और रंगीन प्रिंटआउट जरूर निकाल लें। परीक्षा केंद्र पर क्या साथ ले जाएं? परीक्षा के दिन किसी भी असुविधा से बचने के लिए उम्मीदवार ये चीजें साथ रखें: एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी। एक वैलिड फोटो आईडी कार्ड (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी)। हाल ही की दो पासपोर्ट साइज फोटो। ट्रांसपेरेंट पेन (निर्देशानुसार)। ध्यान दें: मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट परीक्षा हॉल में पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। चयन प्रक्रिया और परीक्षा का पैटर्न सब-इंस्पेक्टर पद के लिए चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से चार चरणों में पूरी होती है: लिखित परीक्षा (CBT/OMR): इसमें सामान्य हिंदी, कानून/संविधान, सामान्य ज्ञान, और रीजनिंग जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे। लिखित परीक्षा लिखित परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। यह 400 अंकों की होगी। 2 घंटे का समय होगा। कुल प्रश्न 160 होंगे। सामान्य हिंदी, मूलविधि/संविधान/सामान्य ज्ञान, संख्यात्मक व मानसिक योग्यता परीक्षा, मानसिक अभिरुचि परीक्षा/ बुद्धिलब्धि परीक्षा/ तार्किक परीक्षा से 40-40 प्रश्न आएंगे। चारों सेक्शन 100-100 नंबर के होंगे। प्रत्येक विषय में 35 फी प्रदी अंक और कुल 50 प्रतिशत अंक प्राप्त न करने वाले अभ्यर्थी भर्ती के पात्र नहीं होंगे। फिजिकल टेस्ट शारीरिक दक्षता परीक्षा के संभावित नियम इस प्रकार है- पुरुषों के लिए – 4.8 किमी की दौड़ 28 मिनट में पूरी करनी होगी। महिलाओं को 16 मिनट में 2.4 किमी दौड़ना होगा। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और PST: शारीरिक मानक परीक्षण। शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET): इसमें दौड़ शामिल होती है। मेडिकल परीक्षण: अंतिम चयन से पहले स्वास्थ्य जांच।  

CUET-PG 2026 एडमिट कार्ड जारी, एग्जाम सेंटर की जानकारी मिलेगी इस दिन

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देशभर के विश्वविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए होने वाली कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-पीजी (सीयूईटी-पीजी) 6 से 27 मार्च के बीच किया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षा के लिए 6 और 7 मार्च को निर्धारित परीक्षाओं के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए है। संबंधित विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।  इंदौर में 3 परीक्षा केंद्र बने अन्य तिथियों की परीक्षाओं के प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। इंदौर जिले में इस बार दो से तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए है। यहां करीब 15 से 20 हजार अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने का अनुमान है। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा शहर की सूचना पर्ची (एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप) परीक्षा तिथि से करीब 10 दिन पहले वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि विद्यार्थी समय रहते अपनी यात्रा और ठहरने की व्यवस्था कर सकें। विषयवार परीक्षा तिथियां अलग-अलग निर्धारित एनटीए ने परीक्षा को अलग-अलग सत्रों में आयोजित करने का कार्यक्रम तय किया है। कुल 15 दिनों में 44 सत्र आयोजित होंगे। कुछ तिथियों 14, 15, 20, 21, 22, 23 और 26 मार्च को परीक्षा नहीं रखी गई है। जिन दिनों परीक्षा होगी, उन दिनों दो से तीन शिफ्ट में पेपर लिए जाएंगे। पहले दिन योग, खेल विज्ञान, संस्कृत, उर्दू और टेक्सटाइल डिजाइन जैसे विषयों की परीक्षा से शुरुआत होगी। विषयवार परीक्षा तिथियां अलग-अलग निर्धारित की गई है। बदला हुआ परीक्षा पैटर्न इस बार परीक्षा पैटर्न में संशोधन किया गया है। प्रश्नपत्र 300 अंकों का होगा, जिसे हल करने के लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा। देशभर में करीब 4 लाख 11 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। कुल 157 विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। 41 भाषाओं में प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों को हिंदी और अंग्रेजी के साथ कुल 41 भाषाओं में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, कुछ पाठ्यक्रमों के लिए भाषा संबंधी विशेष प्रावधान किए गए हैं। एमटेक और उच्च विज्ञान विषयों के प्रश्नपत्र केवल अंग्रेजी में होंगे। आचार्य पाठ्यक्रम के प्रश्नपत्र केवल संस्कृत में उपलब्ध रहेंगे। भारतीय ज्ञान प्रणाली और बौद्ध दर्शन के प्रश्नपत्र त्रिभाषी (हिंदी. संस्कृत और अंग्रेजी) होंगे। हिंदू अध्ययन विषय के पेपर हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध रहेंगे। 

नौकरी का मौका: रेलवे में 5349 अप्रेंटिस वैकेंसी, 10वीं पास उम्मीदवार कर सकते हैं अप्लाई

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भोपाल रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर आया है। Railway Recruitment Cell (आरआरसी) ने पश्चिमी रेलवे में 5349 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। खास बात यह है कि इस भर्ती में किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन पूरी तरह 10वीं और आईटीआई अंकों के औसत के आधार पर मेरिट से किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 21 फरवरी 2026 सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 23 मार्च 2026 शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन आधिकारिक वेबसाइट RRC Western Railway (www.rrc-wr.com भर्ती से जुड़ी प्रमुख जानकारी भर्ती बोर्ड: रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (आरआरसी) पद का नाम: अप्रेंटिस कुल पद: 5349 ट्रेनिंग अवधि: एक वर्ष स्टाइपेंड: नियमानुसार चयन प्रक्रिया: मेरिट बेस शॉर्टलिस्टिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन आवेदन शुल्क: 100 रुपये (एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी/महिला उम्मीदवारों के लिए निःशुल्क) आयु सीमा और छूट उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 15 वर्ष होनी चाहिए, जबकि अधिकतम आयु 24 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट दी जाएगी—एससी/एसटी को 5 वर्ष, ओबीसी को 3 वर्ष और पीडब्ल्यूडी अभ्यर्थियों को 10 वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलेगी। शैक्षणिक योग्यता आवेदक का 10वीं (मैट्रिक) में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। साथ ही संबंधित ट्रेड—फिटर, वेल्डर, टर्नर, मशीनिस्ट, वायरमैन, पाइप फिटर, प्लंबर, स्टेनोग्राफर आदि में एनसीवीटी से मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई प्रमाणपत्र होना जरूरी है। जो अभ्यर्थी अभी 10वीं या आईटीआई के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, वे आवेदन के पात्र नहीं होंगे। इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारक भी इस भर्ती के लिए योग्य नहीं हैं। ऐसे करें आवेदन     आधिकारिक वेबसाइट www.rrc-wr.com     पर जाएं।     होमपेज पर “Apply Online” लिंक पर क्लिक करें।     “New Registration” पर जाकर आवश्यक विवरण भरें।     पंजीकरण के बाद लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म पूरा करें।     लागू होने पर शुल्क जमा करें।     फॉर्म का प्रिंटआउट सुरक्षित रखें। रखें इन बातों का ध्यान     करियर काउंसलर अभिषेक खरे के अनुसार, इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं है। मेरिट 10वीं और आईटीआई अंकों के औसत से बनेगी। फार्मूला है—(10वीं प्रतिशत + आईटीआई प्रतिशत) ÷ 2 = फाइनल मेरिट प्रतिशत।     अभ्यर्थियों को अपने अंक और दस्तावेजों की शुद्धता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आवेदन फॉर्म में नाम, जन्मतिथि और अंक प्रमाणपत्र के अनुसार ही भरें। गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त हो सकता है।     डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय मूल प्रमाणपत्र अनिवार्य होंगे। साफ फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें, क्योंकि धुंधली फोटो से आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। अंतिम तिथि से पहले आवेदन करें, क्योंकि आखिरी दिन वेबसाइट धीमी हो सकती है। मोबाइल नंबर और ईमेल सक्रिय रखें, ताकि मेरिट सूची और दस्तावेज सत्यापन की सूचना समय पर मिल सके।     रेलवे में करियर की शुरुआत करने के इच्छुक युवाओं के लिए यह मौका बेहद अहम है। समय रहते आवेदन कर अपने भविष्य को नई दिशा दें।

C-DAC फॉर्म भरने की आखिरी कॉल: कल बंद होंगे 805 पदों के आवेदन

नई दिल्ली भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संस्था, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर चल रही 805 भर्तियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कल, 20 फरवरी 2026 को समाप्त हो रही है। इच्छुक उम्मीदवार जो अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट cdac.in पर जाकर रात 11:59 बजे तक अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं। इसके बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा और किसी भी परिस्थिति में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। किन पदों पर निकली है वैकेंसी? इस मेगा भर्ती अभियान के माध्यम से सीडैक (C-DAC) देश भर में स्थित अपने विभिन्न केंद्रों के लिए योग्य पेशेवरों की तलाश कर रहा है। कुल 805 रिक्तियों में मुख्य रूप से ये पद शामिल हैं: प्रोजेक्ट इंजीनियर प्रोजेक्ट तकनीशियन सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर और तकनीकी सहायता कर्मचारी ये पद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, सॉफ्टवेयर विकास, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), एम्बेडेड सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों के लिए हैं। अधिकांश पद प्रोजेक्ट-आधारित और कॉन्ट्रैक्ट पर हैं, जिनकी अवधि शुरुआत में 1 से 3 वर्ष तक हो सकती है। योग्यता और आयु सीमा विभिन्न पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग निर्धारित की गई है: प्रोजेक्ट इंजीनियर: उम्मीदवार के पास संबंधित क्षेत्र में बी.ई. (BE), बी.टेक (B.Tech), एम.ई. (ME), एम.टेक (MTech), एमसीए (MCA) या समकक्ष डिग्री होनी चाहिए। सामान्यतः 60% अंकों की अनिवार्यता रखी गई है। प्रोजेक्ट तकनीशियन: इनके लिए संबंधित विषय में डिप्लोमा या आईटीआई (ITI) प्रमाण पत्र आवश्यक है। आयु सीमा: आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 56 वर्ष तक हो सकती है, जो पद और अनुभव पर निर्भर करती है। आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC/PwD) को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया चयन का तरीका: उम्मीदवारों का चयन केवल लिखित परीक्षा या सीधे वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन जमा करने के बाद, प्राप्त फॉर्मों की स्क्रीनिंग की जाएगी और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए ईमेल के जरिए सूचित किया जाएगा। आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट cdac.in पर जाएं और ‘Careers’ सेक्शन में ‘Current Job Opportunities’ पर क्लिक करें। 2. नोटिफिकेशन संख्या (जैसे BLK/HYD आदि) का चयन करें और अपनी पसंद के केंद्र (नोएडा, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद आदि) के लिए रजिस्टर करें। 3. अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और कार्य अनुभव भरें। 4. अपना अपडेटेड रिज्यूमे (PDF), फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। 5. आवेदन शुल्क (यदि लागू हो) का भुगतान करें और फॉर्म सबमिट करें।  

JAM 2026 Response Sheet Available: jam2026.iitb.ac.in पर कहां और कैसे देखें

नई दिल्ली देश के टॉप इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) और आईआईएससी (IISc) में पोस्ट-ग्रेजुएट साइंस कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित ‘जैम’ (JAM 2026) परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। परीक्षा के आयोजक संस्थान, आईआईटी बॉम्बे ने उम्मीदवारों की ‘रिस्पॉन्स शीट’ आधिकारिक वेबसाइट jam2026.iitb.ac.in पर जारी कर दी है। इस रिस्पॉन्स शीट के माध्यम से छात्र यह देख सकते हैं कि उन्होंने परीक्षा के दौरान किन प्रश्नों के क्या उत्तर दिए थे। यह डॉक्यूमेंट छात्रों को उनके संभावित स्कोर का अनुमान लगाने में मदद करेगा। रिस्पॉन्स शीट का महत्व और अगला कदम आईआईटी जैम (जॉइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स) एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) है। रिस्पॉन्स शीट जारी होने का अर्थ है कि अब छात्र अपने द्वारा चुने गए विकल्पों का मिलान कर सकते हैं। जल्द ही आईआईटी बॉम्बे द्वारा ‘प्रोविजनल आंसर-की’ भी जारी की जाएगी। जब आंसर-की और रिस्पॉन्स शीट दोनों उपलब्ध होंगे, तो छात्र आधिकारिक उत्तरों के साथ अपने उत्तरों का मिलान कर सकेंगे। यदि किसी छात्र को किसी प्रश्न के उत्तर पर आपत्ति होगी, तो वे निर्धारित शुल्क के साथ ऑब्जेक्शन विंडो पर अपनी आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। IIT JAM 2026: मुख्य तिथियां और परीक्षा डिटेल्स परीक्षा की तिथि: 8 फरवरी 2026 रिस्पॉन्स शीट की उपलब्धता: 19 फरवरी 2026 परिणाम (Result) की घोषणा: 18 मार्च 2026 स्कोरकार्ड डाउनलोड: 25 मार्च 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू: अप्रैल 2026 (संभावित) यह परीक्षा सात अलग-अलग विषयों (जैसे बायोटेक्नोलॉजी, केमिस्ट्री, इकोनॉमिक्स, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, मैथमैटिकल स्टैटिस्टिक्स और फिजिक्स) के लिए आयोजित की गई थी। कैसे डाउनलोड करें अपनी रिस्पॉन्स शीट? अभ्यर्थी नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपनी रिस्पॉन्स शीट देख और डाउनलोड कर सकते हैं:     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jam2026.iitb.ac.in पर जाएं। 2. होमपेज पर ‘JOAPS’ (JAM Online Application Processing System) पोर्टल के लिंक पर क्लिक करें। 3. अपनी एनरोलमेंट आईडी / ईमेल एड्रेस और पासवर्ड दर्ज करके लॉगिन करें। 4. डैशबोर्ड पर ‘View Candidate Response’ लिंक पर क्लिक करें। 5. आपकी रिस्पॉन्स शीट स्क्रीन पर दिखाई देगी। इसे पीडीएफ (PDF) के रूप में डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें। किन संस्थानों में मिलेगा दाखिला? जैम 2026 के स्कोर के आधार पर देश के 21 आईआईटी में एमएससी (M.Sc.), एमएससी-पीएचडी डुअल डिग्री, और अन्य पोस्ट-बैचलर प्रोग्राम में प्रवेश मिलेगा। इसके अतिरिक्त, आईआईएससी बेंगलुरु के साथ-साथ कई एनआईटी (NIT) और सीएफटीआई (CFTI) भी जैम स्कोर के आधार पर काउंसलिंग आयोजित करेंगे। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे रिस्पॉन्स शीट में किसी भी तकनीकी गलती के मामले में तुरंत आधिकारिक हेल्पलाइन के माध्यम से आईआईटी बॉम्बे से संपर्क करें।  

UP Job Alert 2026: 98 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती, 20+ शहरों में लगेगा रोजगार मेला; अंतिम तिथि जानें

लखनऊ उत्तर प्रदेश में फ्रेशर और अनुभवी दोनों उम्मीदवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 28 फरवरी तक राज्य के विभिन्न शहरों में 20 से अधिक रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं, जहां युवाओं को अलग-अलग सेक्टर में नौकरी पाने का अवसर मिलेगा। गोरखपुर, कानपुर, रायबरेली और प्रतापगढ़ सहित कई जिलों में 98000 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। उम्मीदवार डेट और वेन्यू के अनुसार पूरी सूची देखकर अपने नजदीकी स्थल पर पहुंच सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी पहले से ही rojgaarsangam.up.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा, मेले के स्थल पर भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी, ताकि बिना पूर्व पंजीकरण वाले उम्मीदवार भी मौके का लाभ उठा सकें। रोजगार मेले में जाने से पहले रखें ध्यान     सभी एजुकेशनल सर्टिफिकेट्स और मार्कशीट साथ लेकर जाएं।     जरूरी अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी रखें।     अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड जरूर साथ रखें।     2-3 पासपोर्ट साइज फोटो साथ रखें।     चयन होने की स्थिति में इन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी।     अधिक जानकारी के लिए रोजगार संगम की आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखें। कौन कर सकता है आवेदन? इन रोजगार मेलों में 10वीं पास, 12वीं, आईटीआई, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट सभी श्रेणी के अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। अलग-अलग कंपनियां और सेक्टर अपनी आवश्यकता के अनुसार उम्मीदवारों का चयन करेंगे। तारीख वैकेंसी जगह पता 19 फरवरी 2026 900 देवरिया NSIC लाइवलीहुड बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर, सीसी रोड, SBI के बगल में 20 फरवरी 2026 541 प्रतापगढ़ सरयू इंद्रा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, संग्रामगढ़ 21 फरवरी 2026 4034 प्रयागराज विवेकानंद निजी आईटीआई, भावापुर, शिवगढ़, सोरांव 21 फरवरी 2026 484 गोरखपुर राजकीय आईटीआई चरगावा 21 फरवरी 2026 464 गोंडा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, करनैलगंज 21 फरवरी 2026 395 चंदौली गवर्नमेंट आईटीआई रेवसा 21 फरवरी 2026 1560 कानपुर नगर डीबीएस कॉलेज, गोविंद नगर 21 फरवरी 2026 975 पीलीभीत उपाधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय 23 फरवरी 2026 346 उन्नाव चौधरी खजान सिंह कॉलेज 24-26 फरवरी 2026 11890 मेरठ आईटीआई विश्वविद्यालय, गंगानगर 24 फरवरी 2026 4223 मुरादाबाद पॉलीटेक्निक परिसर, कॉठ रोड 25 फरवरी 2026 8631 मिर्जापुर जीडी बिनानी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज 25 फरवरी 2026 500 भदौही जिला रोजगार कार्यालय, ज्ञानपुर 25 फरवरी 2026 18020 सहारनपुर क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय व सरकारी आईटीआई 25 फरवरी 2026 9442 गौतमबुद्ध नगर विश्वेश्वर्या ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा 25 फरवरी 2026 1124 महोबा वीरभूमि गवर्नमेंट पीजी कॉलेज 26 फरवरी 2026 6448 अमेठी रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय 26 फरवरी 2026 4933 झांसी बुन्देलखंड महाविद्यालय 26 फरवरी 2026 6338 अयोध्या एमबीए विभाग, आईटीआई कैंपस, डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय 26 फरवरी 2026 6341 आजमगढ़ डीएवी पीजी कॉलेज 27 फरवरी 2026 1160 उन्नाव विरेंद्र स्वरूप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, बंथर 27 फरवरी 2026 5945 रायबरेली कर्मयोगी डिग्री कॉलेज 28 फरवरी 2026 450 कानपुर नगर नारायण ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, गंगागंज पनकी 28 फरवरी 2026 50 बुलंदशहर जी एंड आर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी 28 फरवरी 2026 3231 जौनपुर जिला सेवायोजन कार्यालय 28 फरवरी 2026 50 गोरखपुर क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय ऐसे करें आवेदन     सबसे पहले रोजगार संगम की आधिकारिक वेबसाइट rojgaarsangam.up.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन विकल्प पर क्लिक करें।     यदि नए यूजर हैं तो पहले नया पंजीकरण (New Registration) करें।     अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और शैक्षणिक विवरण भरें।     जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और प्रोफाइल पूरा करें।     रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन कर जॉब फेयर/रोजगार मेला सेक्शन में जाएं।     अपनी योग्यता और जिले के अनुसार मेला चुनें।     आवेदन कन्फर्म करें और भविष्य के लिए प्रिंट या स्क्रीनशॉट अपने पास रख लें।  

झारखंड में शिक्षकों के लिए सुनहरा अवसर, लेक्चरर पदों पर भर्ती और आकर्षक सैलरी

रांची  लेक्चरर की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी के लिए झारखंड में भर्ती निकली है। जिसमें 50 हजार से अधिक वेतन मिलेगा। झारखंड लोक सेवा आयोग ने लेक्चरर के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। उम्मीदवार जेपीएससी की आफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार झारखंड आयोग की आफिशियल वेबसाइट पर जाकर 12 मार्च, 2026 कर आवेदन कर सकते हैं।इतना मिलेगा वेतनपे लेवल-9 के अंतर्गत चयनित उम्मीदवारों को 56,100 रुपये और पे लेवल-10 के अंतगर्त 57,700 रुपये छात्रों को दिए जाएंगे। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 65 वर्ष से ज्यादा निर्धारित की गई है।शैक्षणिक योग्यताआवेदन करने के लिए उम्मीदवारों ने भारत के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से बीई या बीटेक या मास्टर की डिग्री पूरी की हो। इसके साथ ही उम्मीदवारों ने यूजीसी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।ऐसे करें आवेदनजो उम्मीदवार झारखंड में लेक्चरर के पदों पर नौकरी करना चाहते हैं। वे यहां बताए गए निम्नलिखित स्टेप्स की मदद से अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट www.jpsc.gov.in पर जाकर विजिट करें। अब वेबसाइट के होमपेज पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। लिंक पर क्लिक करने के बाद मांगी गई सभी जानकारी को ध्यान से दर्ज करें। सभी जानकारी को दर्ज करने के बाद जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करें। अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी अवश्य निकाल लें। आवेदन करने से संबंधित अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार जेपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट www.jpsc.gov.in विजिट कर सकते हैं।

यूपी बोर्ड हाईस्कूल–इंटरमीडिएट परीक्षा कल से: समय, जरूरी दस्तावेज, वर्जित वस्तुएं और 10 नियम

लखनऊ यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं की परीक्षा कल 18 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रही है। पहले दिन दोनों कक्षाओं की हिन्दी की परीक्षा होगी। यूपी बोर्ड 10वीं हाईस्कूल की हिंदी एवं प्रारंभिक हिंदी की परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 को प्रथम पाली में और 12वीं इंटरमीडिएट की हिंदी एवं सामान्य हिंदी की परीक्षाएं 18 फरवरी को द्वितीय पाली में आयोजित की जाएंगी। पहली पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना चाहिए। डीआईओएस ने बताया कि सुबह 8.30 से शुरू होने वाली परीक्षा से आधे घंटे पहले केंद्र के गेट बंद हो जाएंगे। परीक्षार्थी समय से एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंच जाएं। बोर्ड ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलमुक्त कराने के लिए विशेष व्यवस्था की है और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विद्यार्थी इनका रखें खास ख्याल 1- अपने साथ एडमिट कार्ड और स्कूल का परिचय पत्र जरूर रखें। 2- परीक्षा के समय से एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचे ताकि जांच और कक्ष खोजने में दिक्कत न हो 3- अपने बैग, कपड़े और बॉक्स अच्छी तरह जांच लें कि कोई अवांछित कागज या नोट्स न रह जांए 4- परीक्षा केंद्र पर कोई भी इलेक्ट्रानिक गैजेट, मोबाइल, स्मार्ट वॉच, कैल्कुलेटर आदि न लेकर जाएं 5- सीट पर बैठने से पहले आसपास अच्छी तरह जांच लें, कागज के अवांछित टुकड़े न रहने दें 6- पेपर से पहले शुरुआती 15 मिनट कॉपी पर अपना नाम, रोल नंबर आदि भरने के साथ इसे पुन: जांच लें 7- कॉपी के पन्ने अगर फटे हों तो कक्ष निरीक्षक को सूचना देकर इसे तत्काल बदल लें 8- प्रश्नपत्र में पहले आसान और फिर बड़े उत्तर वाले प्रश्नों को हल करें, इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। पेपर की आखिरी घंटी बजने के बाद बी और सी कॉपी (यदि ली है) तो उसे सबसे पहले नत्थी जरूर कर लें। 9- बालिका परीक्षार्थियों की तलाशी किसी भी स्थिति में पुरुष कक्ष निरीक्षक या अधिकारी द्वारा नहीं ली जाएगी। 10- उत्तर पुस्तिकाओं के मुख्य पृष्ठ पर यूनिक कोड (केंद्र कोड) की मुहर लगाना अनिवार्य होगा। केंद्र व्यवस्थापक के हस्ताक्षर और पदनाम की मुहर नहीं लगाई जाएगी। 52 लाख से ज्यादा छात्रों ने कराया पंजीकरण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, कुल 52,30,297 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। कक्षा 10 कुल विद्यार्थी: 27,50,945 लड़के: 14,38,682 लड़कियां: 13,12,263 कक्षा 12 कुल विद्यार्थी: 24,79,352 लड़के: 13,03,012 लड़कियां: 11,76,340 यूपी बोर्ड 10वीं की डेटशीट बुधवार – 18 फरवरी 2026 प्रातः 8:30 – 11:45 — हिंदी, प्रारम्भिक हिंदी सांय 2:00 – 5:15 — 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — कंप्यूटर सांय 2:00 – 5:15 — सिलाई 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — सामाजिक विज्ञान सांय 2:00 – 5:15 — — 21 फरवरी 2026 (शनिवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — गृह-विज्ञान (बालिकाओं हेतु) गृह-विज्ञान (छात्र/वे छात्राएं जिन्होंने इसे अनिवार्य विषय के रूप में नहीं लिया) सांय 2:00 – 5:15 — 23 फरवरी 2026 (सोमवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — अंग्रेज़ी सांय 2:00 – 5:15 — इलेक्ट्रीशियन, हेल्थ केयर, ऑटोमोबाइल, प्लम्बर, सुरक्षा, आईटी/आईटीईएस, मोबाइल रिपेयर, आपदा प्रबंधन, रिटेल ट्रेडिंग 24 फरवरी 2026 (मंगलवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — एनसीसी सांय 2:00 – 5:15 — मानव विज्ञान 25 फरवरी 2026 (बुधवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — विज्ञान सांय 2:00 – 5:15 — 26 फरवरी 2026 (गुरुवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — गुजराती, पंजाबी, बंगला, मराठी, असमिया, उड़िया, कन्नड़, कश्मीरी, सिंधी, तमिल, तेलुगू, मलयालम, नेपाली सांय 2:00 – 5:15 — 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — सांय 2:00 – 5:15 — गणित 28 फरवरी 2026 (शनिवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — संस्कृत सांय 2:00 – 5:15 — संगीत वादन 7 मार्च 2026 (शनिवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — वाणिज्य सांय 2:00 – 5:15 — 9 मार्च 2026 (सोमवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — उर्दू 10 मार्च 2026 (मंगलवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — चित्रकला, रंजनकला 11 मार्च 2026 (बुधवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — संगीत गायन सांय 2:00 – 5:15 — पाली, अरबी, फारसी 12 मार्च 2026 (गुरुवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — कृषि सांय 2:00 – 5:15 — यूपी बोर्ड 12वीं की डेटशीट बुधवार 18 फरवरी 2026 प्रातः 8-30 बजे से 11-45 बजे —– सायं 2 बजे से 5-15 बजे तक- हिंदी सामान्य, हिन्दी बृहस्पतिवार 19 फरवरी 2026 प्रातः 8-30 बजे से 11-45 बजे तक काष्ठ शिल्य, ग्रन्थ शिल्प, सिलाई शिल्प, फल एवं खाद्य संरक्षण, पाक शास्त्र शास्त्र (कुकरी), परिधान रचना एवं सज्जा, धुलाई तथा रंगाई, बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी, टेक्सटाइल डिजाइन, बुनाई तकनीक, नर्सरी शिक्षण का प्रशिक्षण एवं शिशु प्रबन्ध, पुस्तकालय विज्ञान, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्मिक मेडिकल लेबोरेटरी तकनीक सहित, रंगीन फोटोग्राफी, रेडियो एवं रंगीन टेलीविजन, आटोमोबाइल्स, मधुमक्खी पालन, डेरी प्रौद्योगिकी, रेशम कीटपालन, बीजोत्पादन प्रौद्योगिकी, फसल सुरक्षा सेवा, पौधशाला, भूमि संरक्षण, एकाउन्टेन्सी एवं अंकेक्षण, बैंकिंग, आशुलिपि एवं टंकण, विपणन तथा विक्रय कला, सचिवीय पद्धति, बीमा, सहकारिता, टंकण हिन्दी एवं अंग्रेजी, मुद्रण,कुलाल विज्ञान, कृत्रिम अंग एवं अवयव तकनीक, इम्ब्राइडरी, हैण्ड ब्लाक प्रिंटिंग एवं वेजिटेबुल डाइंग, धातु शिल्प (मेटल क्राफ्ट), कम्प्यूटर तकनीक एवं मेन्टेनेन्स (डाटा एन्ट्री प्रासेस) घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत एवं रख-रखाव, खुदरा ध्यापार, सुरक्षा, मोबाइल रिपेयरिंग, पर्यटन एवं आतिथ्य, आई०टी० /आईटी० ई०एस०, हेल्थ केयरस्वास्थ्य देखमाल) प्रथम प्रश्नपत्र (केवल व्यावसायिक शिक्षा वर्ग आई के लिये) सायं 2 बजे से 5-15 बजे तक – नागरिक शास्त्र शुक्रवार 20 फरवरी 2026 प्रातः 8-30 बजे से 11-45 बजे- कृषि शस्य विज्ञान (एग्रोनामी)- प्रथम प्रश्नपत्र (कृषि भाग-1 के लिये) कृषि शस्य विज्ञान (एग्रोनामी -)षष्टम् प्रश्नपत्र (कृषि भाग-2 के लिये) सायं 2 बजे से 5-15 बजे तक- अंग्रेजी शनिवार 21 फरवरी 2025 प्रातः 8-30 बजे से 11-45 बजे- फल एवं खाद्य संरक्षण, पाक शास्त्र (कुकरी), परिधान रचना एवं सज्जा, धुलाई तथा रंगाई, बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी, टेक्सटाइल डिजाइन, बुनाई तकनीक, नर्सरी शिक्षण का प्रशिक्षण एवं शिशु प्रबन्ध, पुस्तकालय विज्ञान, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्मिक मेडिकल लेबोरेटरी तकनीक सहित, रंगीन फोटोग्राफी, रेडियो एवं रंगीन टेलीविजन, आटोमोबाइल्स, मधुमक्खी पालन, डेरी प्रौद्योगिकी, रेशम कीट पालन, वीजोत्पादन प्रौद्योगिकी, फसल सुरक्षा सेवा, पौधशाला, भूमि संरक्षण, एकाउन्टेन्सी एवं अंकेक्षण, बैंकिंग, आशुलिपि एवं टंकण, विपणन तथा विक्रय कला, सचिवीय पद्धति, बीमा, सहकारिता, टंकण हिन्दी एवं अंग्रेजी, मुद्रण,कुलाल विज्ञान, … Read more

बंपर RBI भर्ती: 17 शहरों में होगी पोस्टिंग, ग्रेजुएट उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन

 नई दिल्ली देश के बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Assistant के 650 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए शानदार अवसर है, जो प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान में शानदार नौकरी, अच्छी सैलरी और बेहतरीन सुविधाओं के साथ अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सैलरी के साथ मिलेंगे कई भत्ते RBI Assistant की नौकरी बैंकिंग क्षेत्र की सबसे प्रतिष्ठित एंट्री-लेवल नौकरियों में से एक मानी जाती है. इस पद पर चयनित उम्मीदवारों को न केवल आकर्षक सैलरी मिलती है, बल्कि मेडिकल सुविधा, यात्रा भत्ता, आवास भत्ता और अन्य कई सुविधाएं भी दी जाती हैं. इस भर्ती के माध्यम से देश के विभिन्न शहरों में स्थित RBI के क्षेत्रीय कार्यालयों में नियुक्तियां की जाएंगी. शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 50% अंक जरूरी हैं, जबकि SC, ST और PwBD वर्ग के उम्मीदवारों के लिए केवल पास होना पर्याप्त है. इसके अलावा, उम्मीदवार को उस राज्य की स्थानीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए, जहां से वह आवेदन कर रहा है. उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित की गई है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी. कैसे होगा सेलेक्शन RBI Assistant पद के लिए चयन तीन चरणों में होगा. पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें अंग्रेजी, रीजनिंग और गणित से प्रश्न पूछे जाएंगे. इसके बाद मुख्य परीक्षा होगी, जिसमें जनरल अवेयरनेस, कंप्यूटर नॉलेज सहित अन्य विषय शामिल होंगे. अंतिम चरण में भाषा परीक्षा (LPT) होगी, जिसमें उम्मीदवार की स्थानीय भाषा की समझ को परखा जाएगा. सैलरी और सुविधाएं RBI Assistant पद पर चयनित उम्मीदवारों को लगभग ₹29,000 बेसिक पे के साथ कुल ग्रॉस सैलरी करीब ₹58,000 प्रति माह मिलती है. कटौतियों के बाद इन-हैंड सैलरी लगभग ₹50,000 से ₹54,000 तक होती है. इसके अलावा, कर्मचारियों को आवास भत्ता, महंगाई भत्ता, मेडिकल सुविधा, यात्रा भत्ता और अन्य कई अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाती हैं. मेट्रो शहरों में यह सैलरी और अधिक हो सकती है. आवेदन प्रक्रिया इच्छुक उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Opportunities@RBI सेक्शन में Current Vacancies के तहत Assistant Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करके आवेदन कर सकते हैं. 

रेलवे ग्रुप डी आंसर-की आज जारी, अभ्यर्थी यहां करें अपने उत्तरों की जांच

 नई दिल्ली रेलवे भर्ती बोर्ड आज 17 फरवरी को शाम 5 बजे आरआरबी ग्रुप डी भर्ती परीक्षा 2024 ( विज्ञापन संख्या 08/2024) की आंसर-की जारी करेगा। परीक्षार्थी अपने अपने रीजनल आरआरबी की वेबसाइट पर जाकर या नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर आंसर-की चेक व डाउनलोड कर सकेंगे। आंसर-की के साथ साथ क्वेश्चन पेपर और रिस्पॉन्स शीट भी आई है ताकि परीक्षार्थी अपने उत्तरों का मिलान कर सकें। अगर किसी प्रश्न के उत्तर पर कोई आपत्ति है तो 23 फरवरी 2026 तक इसे ऑनलाइन मोड से दर्ज करा सकते हैं। प्रति आपत्ति के लिए 50 रुपये (प्लेस बैंक चार्ज) का भुगतान करना होगा। अगर आपत्ति सही पाई जाती है तो 50 रुपये रिफंड कर दिए जाएंगे। इस भर्ती परीक्षा का आयोजन 27 नवंबर 2025 से 10 फरवरी 2026 के बीच देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। सीबीटी में सभी वर्गों का न्यूनतम पासिंग प्रतिशत यूआर-40 फीसदी, ईडब्ल्यूएस-40 फीसदी, ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर)-30 फीसदी, एससी-30 फीसदी, एसटी-30 फीसदी। रेलवे में ग्रुप डी के 32438 पदों पर भर्ती ग्रुप डी भर्ती के जरिए रेलवे में असिस्टेंट (एस एंड टी), सहायक (वर्कशॉप), असिस्टेंट ब्रिज, असिस्टेंट कैरिज और वैगन, असिस्टेंट लोको शेड (डीजल), असिस्टेंट लोको शेड (इलेक्ट्रिकल), असिस्टेंट ऑपरेशन (इलेक्ट्रिकल), असिस्टेंट पी.वे, असिस्टेंट टीएल और एसी (वर्कशॉप), असिस्टेंट टीएल और एसी, असिस्टेंट ट्रैक मशीन, असिस्टेंट टीआरडी, पॉइंट्समैन बी ट्रैकमेंटेनर-IV के 32438 पद भरे जाएंगे। ग्रुप डी चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) के आधार पर किया जाएगा। सीबीटी में सफल उम्मीदवारों को पीईटी में बुलाया जाएगा। सीबीटी सिर्फ एक चरण में होगा। पीईटी के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल होगा। रेलवे ग्रुप डी भर्ती में परसेंटाइल से निकाली जाएगी मेरिट रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी भर्ती परीक्षा की मेरिट निकालने के लिए परसेंटाइल स्कोर का इस्तेमाल करेगा। परसेंटाइल स्कोर उन सभी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर बेस्ड होता है जो उस शिफ्ट के एग्जाम में शामिल हुए होते हैं। इसमें परीक्षार्थियों की प्रत्येक शिफ्ट के लिए प्राप्त अंकों को 100 से 0 के पैमाने में बदल दिया जाता है। रेलवे ग्रुप डी भर्ती 2025 में 21997 वैकेंसी, आवेदन प्रक्रिया जारी रेलवे में ग्रुप डी के 21997 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 31 जनवरी से जारी है। 10वीं पास युवा www.rrbapply.gov.in पर जाकर 2 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।जमा किए गए आवेदन के लिए फीस भरने की आखिरी तारीख 04 मार्च 2026 है। आवेदन पत्र में करेक्शन करने की विंडो 05 मार्च से 14 मार्च 2026 के बीच खुलेगी। ध्यान रहे रेलवे जोन सेलेक्ट करने के बाद उसमें बदलाव नहीं कर सकेंगे। ग्रुप डी भर्ती 2025 किस जोन में कितनी वैकेंसी, देखें ब्योरा नॉर्दर्न रेलवे (नई दिल्ली) में कुल 3537 पद हैं। इनमें 1437 अनारक्षित (UR), 530 अनुसूचित जाति (SC), 266 अनुसूचित जनजाति (ST), 956 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और 348 ईडब्ल्यूएस (EWS) के लिए हैं। वेस्टर्न रेलवे (मुंबई) में कुल 3148 पद घोषित किए गए हैं। इनमें 1160 UR, 407 SC, 178 ST, 698 OBC और 288 EWS शामिल हैं। सेंट्रल रेलवे (मुंबई) में 2012 पद हैं। इसमें 914 UR, 318 SC, 171 ST, 407 OBC और 202 EWS के लिए हैं। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (गुवाहाटी) को कुल 1776 पद मिले हैं। इनमें 718 UR, 266 SC, 133 ST, 480 OBC और 179 EWS पद शामिल हैं। साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (बिलासपुर) में कुल 1199 पद हैं। इसमें 516 UR, 184 SC, 76 ST, 281 OBC और 142 EWS के लिए पद निर्धारित हैं। नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (गोरखपुर) में 1196 पद रखे गए हैं। इनमें 537 UR, 178 SC, 109 ST, 271 OBC और 101 EWS शामिल हैं। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे (प्रयागराज/इलाहाबाद) में कुल 1183 पद हैं। इसमें 570 UR, 156 SC, 89 ST, 271 OBC और 97 EWS पद शामिल हैं। ईस्टर्न रेलवे/मेट्रो कोलकाता में 1180 पद घोषित किए गए हैं। इनमें 468 UR, 157 SC, 129 ST, 297 OBC और 129 EWS शामिल हैं। वेस्ट सेंट्रल रेलवे (जबलपुर) में कुल 1147 पद हैं। इसमें 581 UR, 174 SC, 89 ST, 157 OBC और 145 EWS पद शामिल हैं। सदर्न रेलवे (चेन्नई) में 1036 पद हैं। इनमें 430 UR, 155 SC, 96 ST, 247 OBC और 108 EWS के लिए पद रखे गए हैं। साउथ सेंट्रल रेलवे (सिकंदराबाद) को 1016 पद मिले हैं। इनमें 376 UR, 151 SC, 130 ST, 258 OBC और 101 EWS शामिल हैं। ईस्ट सेंट्रल रेलवे (हाजीपुर) में कुल 976 पद हैं। इसमें 405 UR, 148 SC, 59 ST, 266 OBC और 98 EWS पद शामिल हैं। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे (जयपुर) में 974 पद घोषित हुए हैं। इनमें 483 UR, 152 SC, 48 ST, 188 OBC और 104 EWS शामिल हैं। साउथ ईस्टर्न रेलवे (कोलकाता) में 955 पद हैं। इसमें 364 UR, 158 SC, 84 ST, 245 OBC और 104 EWS शामिल हैं। ईस्ट कोस्ट रेलवे (भुवनेश्वर) में कुल 803 पद हैं। इनमें 329 UR, 120 SC, 57 ST, 206 OBC और 91 EWS पद रखे गए हैं। साउथ वेस्टर्न रेलवे (हुबली) में सबसे कम 90 पद हैं। इसमें 51 UR, 14 SC, 8 ST, 14 OBC और 6 EWS के लिए हैं।  

देखभाल से रोजगार तक: जानवरों के साथ कॅरियर की राह

एक पेट ग्रूमर का काम वास्तव में उतना आसान नहीं होता, जितना देखने में लगता है। अपने काम के दौरान एक पेट ग्रूमर को तरह-तरह के जानवरों को संभालना होता है और यह तभी संभव है, जब आपके मन में उनके प्रति प्रेम हो। आज के समय में अधिकतर लोग न सिर्फ जानवरों के प्रति क्रूरता का विद्रोह करते हैं, बल्कि जानवरों को घर में पालने का भी चलन काफी बढ़ गया है। ऐसे में उनकी ग्रूमिंग की भी जरूरत पड़ती है और लोग इसके लिए प्रोफेशनल्स की मदद लेते हैं। अगर आप भी जानवरों से प्रेम करते हैं और उन्हें सजाना-संवारना आपको अच्छा लगता है तो बतौर पेट ग्रूमर आप अपना कॅरियर बना सकते हैं… क्या होता है काम एक पेट ग्रूमर का काम वास्तव में उतना आसान नहीं होता, जितना देखने में लगता है। अपने काम के दौरान एक पेट ग्रूमर को तरह-तरह के जानवरों को संभालना होता है और यह तभी संभव है, जब आपके मन में उनके प्रति प्रेम हो। एक पेट ग्रूमर पालतू जानवरों की अपीयरेंस को बेहतर बनाने के साथ-साथ उनकी हाइजीन पर भी पूरा ध्यान देता है। एक पेट ग्रूमर का काम काफी हद तक पशु चिकित्सक से मेल खाता है क्योंकि वह जानवरों को ग्लॉरिफाई करने के साथ-साथ उनकी सेहत का भी पूरा ख्याल रखते हैं। स्किल्स इस क्षेत्र में कॅरियर देखने वाले व्यक्तियों की सबसे पहली शर्त है कि आपको जानवरों से प्यार होना चाहिए और आप उनके साथ सहज महसूस करें, तभी आप अपने काम को अंजाम दे पाएंगे। अगर आपके भीतर जानवरों के प्रति प्यार व अपनेपन की भावना नहीं है तो यह क्षेत्र आपके लिए नहीं है। इसके अतिरिक्त आपमें बेहतरीन आर्गेनाइजेशन स्किल्स, हार्डवर्किंग व धैर्यवान होना भी बेहद आवश्यक है। आपकी फिजिकल फिटनेस भी बेहद जरूरी है ताकि आप हैवी जानवर को भी बेहद आसानी से उठा सकें और लंबे समय तक बिना थके या बिना किसी परेशानी के काम कर सकें।   योग्यता एक प्रोफेशनल पेट ग्रूमर बनने के लिए किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन पेट ग्रूमिंग कोर्स में सर्टिफिकेशन के जरिए आप जानवरों को संभालना व उन्हें संवारना सीख जाते हैं। ग्रूमिंग कोर्स में लोगों को पालतू जानवरों की ग्रूमिंग व हेयर डेसिंग आर्ट के बारे में सिखाया जाता है। संभावनाएं कोर्स के बाद व्यक्ति किसी पेट ग्रूमिंग संस्थान, पशु चिकित्सा अस्पताल, पेट सैलून, एनिमल शेल्टर, पेट सप्लाई स्टोर्स आदि में नौकरी कर सकता है या फिर शहर में चल रहे पेट ग्रूमिंग कैपेंन के साथ जुड़कर काम कर सकते हैं। थोड़े समय बाद जब आप जानवरों को अच्छी तरह हैंडल करना सीख जाएं तो आप पेट ग्रूमिंग का बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं। एक पेट ग्रूमर के लिए पेट सैलून या जानवरों के लिए पार्लर खोलना अच्छा रहेगा।   आमदनी पेट ग्रूमिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जहां पर पैसे से ज्यादा व्यक्ति के लिए मानसिक शांति महत्वपूर्ण है। फिर भी अगर आप किसी पेट ग्रूमिंग इंस्टीट्यूट के साथ जुड़कर काम करते हैं तो दस से बीस हजार आसानी से कमा सकते हैं। वहीं अगर आपने खुद का पेट ग्रूमिंग सेंटर खोला है तो आमदनी चालीस से पचास हजार रूपए प्रतिमाह हो सकती है। प्रमुख संस्थान… -फिजी विजी, बैंगलोर -स्कूबी स्क्रब, दिल्ली -टेलवेगर्स, मुंबई -रेड पॉज, नई दिल्ली -विस्कर एंड टेल्स फ्रेंजाइस एंड पेट ग्रूमिंग एकेडमी, मुंबई  

सरकारी जॉब अपडेट: DTU में AI और डेटा साइंटिस्ट की भर्ती, 19 तक आवेदन का मौका

नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रायोजित एक शोध परियोजना के तहत विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह परियोजना एआई आधारित ऑडिट समाधान के विकास और साइबर सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट की गुणवत्ता निगरानी से संबंधित है। इच्छुक अभ्यर्थी 19 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल आधिकारिक वेबसाइट https://dtu.ac.in/ के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे और किसी भी प्रकार की हार्ड कॉपी मान्य नहीं होगी। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), दिल्ली, भारत में डेटा साइंटिस्ट पद के लिए आवेदन आमंत्रित हैं। पदनाम/पद – डेटा साइंटिस्ट का पद दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), दिल्ली, भारत, योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से डेटा साइंटिस्ट पद के लिए आवेदन आमंत्रित करता है। परिचय-  “इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचारों में उत्कृष्टता की 75 वर्षों की परंपरा” दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (प्रारंभिक रूप से दिल्ली पॉलिटेक्निक के नाम से स्थापित) की स्थापना  वर्ष 1941  में भारतीय उद्योगों की व्यावहारिक अनुभव और ठोस सैद्धांतिक ज्ञान से युक्त प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए की गई थी। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), दिल्ली, भारत में डेटा साइंटिस्ट पद। अनुसंधान/कार्यक्षेत्र –  कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी / सूचना प्रौद्योगिकी / सॉफ्टवेयर अभियांत्रिकी / साइबर सुरक्षा / कृत्रिम बुद्धिमत्ता / इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार / गणित एवं कंप्यूटिंग या इससे संबंधित कोई अन्य विषय स्थान-  दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), दिल्ली, भारत पात्रता/योग्यता– आवश्यक योग्यता     कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी / सूचना प्रौद्योगिकी / सॉफ्टवेयर अभियांत्रिकी / साइबर सुरक्षा / कृत्रिम बुद्धिमत्ता / इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार / गणित एवं कंप्यूटिंग या इनसे संबंधित किसी विषय में पीएचडी (प्राप्त या शोध प्रबंध प्रस्तुत)।  या    कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी / सूचना प्रौद्योगिकी / सॉफ्टवेयर अभियांत्रिकी / साइबर सुरक्षा / कृत्रिम बुद्धिमत्ता / इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार / गणित एवं कंप्यूटिंग या इनसे संबंधित किसी विषय में न्यूनतम 60% अंकों या समकक्ष सीजीपीए के साथ एमई/एमटेक। वांछनीय योग्यता     पीएचडी उम्मीदवार के लिए: क. एससीआई/एससीआईई-अनुक्रमित पत्रिकाओं में एक (01) शोध पत्र प्रकाशन। एमई/एम.टेक उम्मीदवार के लिए: दो (02) वर्ष का प्रासंगिक योग्यता-पश्चात अनुभव, एससीआई/एससीआईई-अनुक्रमित पत्रिकाओं में दो (02) शोध पत्र प्रकाशन।         नोट: वांछनीय योग्यताएं अनिवार्य नहीं हैं और इनका उपयोग केवल चयन प्रक्रिया के दौरान वरीयता के लिए किया जाएगा।   आयु सीमा     40 वर्ष। यदि कोई आयु में छूट हो, तो वह भारत सरकार / डीटीयू / वित्तीय सहायता एजेंसी के मानदंडों के अनुसार लागू होगी। पसंदीदा कौशल      डीप लर्निंग/मशीन लर्निंग/नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग/टेक्स्ट समराइजेशन/लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम)/रीइन्फोर्समेंट लर्निंग/पायथन प्रोग्रामिंग/साइबर सिक्योरिटी/इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी में व्यावहारिक अनुभव। नौकरी/पद का विवरण-  नीचे दिए गए विवरण के अनुसार, “साइबर सुरक्षा ऑडिट रिपोर्टों के विश्लेषण, बेंचमार्किंग और गुणवत्ता निगरानी तथा ऑडिटिंग संगठनों के प्रदर्शन की निगरानी के लिए एआई-आधारित समाधान का विकास” नामक परियोजना के लिए डेटा साइंटिस्ट पद के लिए अत्यधिक प्रेरित और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं: पद का नाम      डेटा वैज्ञानिक प्रायोजक एजेंसी     इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) मासिक वेतन     ₹87,100/- (समेकित, सभी घटकों सहित)। कार्यकाल     यह पद 12 महीने के लिए या परियोजना की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, के लिए है। यह नियुक्ति पूरी तरह से संविदात्मक, परियोजना-आधारित पद है और संतोषजनक प्रदर्शन, परियोजना निधि की उपलब्धता और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद नवीकरणीय है। पदों की संख्या     02 (दो) भूमिका का सारांश/कार्य विवरण     साइबर सुरक्षा ऑडिट रिपोर्टों और ऑडिटिंग संगठनों के वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन और निगरानी के लिए डेटा एनालिटिक्स पाइपलाइन, बेंचमार्किंग फ्रेमवर्क, प्रदर्शन मेट्रिक्स और डैशबोर्ड विकसित और बनाए रखना। इसके अतिरिक्त, सौंपे गए कार्यों को पूरा करना और शोध परियोजना के विभिन्न चरणों में मुख्य अन्वेषक की सहायता करना। आवेदन कैसे करें-  विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र, विस्तृत सीवी, हाल ही की पासपोर्ट आकार की फोटो, शैक्षणिक योग्यताओं के प्रमाण, अनुभव प्रमाण पत्र और शोध प्रकाशनों के साथ एक ही पीडीएफ फाइल में ईमेल द्वारा pawansingh@dtu.ac.in पर भेजें और इसकी एक प्रति (सीसी) sanjay.kumar@dtu.ac.in और anurag@dtu.ac.in को भेजें। ईमेल का विषय “MeitY द्वारा प्रायोजित परियोजना के अंतर्गत डेटा साइंटिस्ट के पद के लिए आवेदन” होना चाहिए। आवेदन करने की अंतिम तिथि        19/02/2026 साक्षात्कार की तिथि     साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवारों को केवल ईमेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि – 19 फरवरी 2026

CBSE ने बदला एग्जाम पैटर्न: पहले बोर्ड एग्जाम में शामिल होना जरूरी, फिर ही री-एग्जाम का विकल्प

 नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 के छात्रों के लिए बड़ा और अहम फैसला लिया है. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि 2026 से लागू होने वाली नई दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली में पहली परीक्षा देना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा. जो छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होंगे या तीन से ज्यादा विषय छोड़ देंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा देने का मौका नहीं मिलेगा और उन्हें अगली साल फिर से बोर्ड परीक्षा देनी पड़ेगी. पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साफ कर दिया है कि 2026 से शुरू हो रही नई दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली में कक्षा 10 के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य होगा. अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो उसे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी. CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड को कुछ अनुरोध मिले थे, जिनमें कहा गया था कि कुछ छात्र किसी कारण से पहली परीक्षा नहीं दे पाएंगे और उन्हें सीधे दूसरी परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। लेकिन बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा नहीं होगा. तीन विषयों में अंक सुधारने का मौका नए नियम के अनुसार, सभी छात्रों को पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना जरूरी है. जो छात्र पहली परीक्षा में पास हो जाएंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा में अपने अंकों में सुधार (इम्प्रूवमेंट) करने का मौका मिलेगा. छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं. लेकिन अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे ज्यादा विषयों की परीक्षा नहीं देता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ऐसे छात्रों को ‘Essential Repeat’ श्रेणी में रखा जाएगा. इसका मतलब है कि उन्हें अगली साल होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा (फरवरी) में फिर से परीक्षा देनी होगी.

ग्रेजुएट्स के लिए बड़ी खुशखबरी: RBI में 650 पदों पर भर्ती शुरू

बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देशभर के विभिन्न कार्यालयों में ‘असिस्टेंट’ के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिय है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 650 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 8 मार्च 2026 तय की गई है। महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन प्रक्रिया आरबीआई असिस्टेंट भर्ती 2026 के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें। आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को आधिकारिक पोर्टल rbi.org.in पर जाकर ‘Opportunities@RBI’ सेक्शन में आवेदन लिंक मिल जाएगा। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस पद के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में न्यूनतम 50% अंकों के साथ ग्रैजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PWD) श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए केवल उत्तीर्ण होना ही पर्याप्त है। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की आयु 20 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणियों (OBC, SC, ST और अन्य) को सरकारी नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। चयन प्रक्रिया आरबीआई असिस्टेंट के पदों पर चयन तीन मुख्य चरणों के आधार पर किया जाएगा: प्रारंभिक परीक्षा : यह ऑब्जेक्टिव टाइप की होगी, जिसमें अंग्रेजी, न्यूमेरिकल एबिलिटी और रीजनिंग से सवाल पूछे जाएंगे। मुख्य परीक्षा : प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। इसमें कंप्यूटर ज्ञान और जनरल अवेयरनेस जैसे विषय भी शामिल होंगे। भाषा प्रवीणता परीक्षा (LPT): मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को संबंधित राज्य की स्थानीय भाषा का टेस्ट देना होगा। यह चरण केवल क्वालिफाइंग प्रकृति का है, लेकिन इसे पास करना अनिवार्य है। वेतन और अन्य लाभ भारतीय रिजर्व बैंक में असिस्टेंट के पद पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ-साथ कई प्रकार के भत्ते भी मिलते हैं। इसमें महंगाई भत्ता, आवास भत्ता, परिवहन भत्ता और चिकित्सा सुविधा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। आरबीआई में काम करना न केवल सम्मान की बात है, बल्कि यह भविष्य में करियर ग्रोथ के बेहतरीन अवसर भी प्रदान करता है। आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 450 रुपये+18% जीएसटी निर्धारित किया गया है, जबकि एससी/एसटी और पूर्व सैनिकों के लिए केवल सूचना शुल्क 50 रुपये+18% जीएसटी देय होगा। भुगतान नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है।

RRB ग्रुप D भर्ती 2026: 22,195 पदों के लिए आवेदन करें, 2 मार्च तक है मौका

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने आरआरबी ग्रुप डी भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस भर्ती के जरिए 22,195 लेवल-1 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. जो उम्मीदवार सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह अच्छा मौका है. आवेदन 31 जनवरी से शुरू हो चुके हैं और 2 मार्च 2026 रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन फॉर्म भरा जाएगा. उम्मीदवार rrbapply.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.   कौन कर सकता है आवेदन?        उम्मीदवार की उम्र 1 जनवरी 2026 तक 18 से 33 साल के बीच होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है. कुछ पदों के लिए आईटीआई सर्टिफिकेट भी मांगा जा सकता है. आवेदन शुल्क कितना लगेगा?        सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग: 500 रुपये एससी, एसटी, दिव्यांग और सभी महिला उम्मीदवार: 250 रुपये सेलेक्शन कैसे होगा? चयन प्रक्रिया तीन चरणों में होगी: कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) मेडिकल परीक्षा   कितना मिलेगा वेतन? चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के लेवल-1 के तहत नौकरी मिलेगी. शुरुआती मूल वेतन 18,000 रुपये प्रति माह होगा. इसके अलावा नियमों के अनुसार अलग-अलग भत्ते भी दिए जाएंगे.  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह एक बड़ा मौका है, इसलिए समय रहते आवेदन जरूर करें.

आर्मी जॉब अलर्ट: अग्निवीर और पक्की भर्ती के लिए आवेदन शुरू, अभ्यर्थियों को 1 साल की उम्र छूट

महू भारतीय सेना में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर आया है। महू स्थित सेना भर्ती कार्यालय ने अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए बिगुल फूंक दिया है। इस बार भर्ती की खास बात यह है कि सेना ने आयु सीमा में 1 वर्ष की छूट प्रदान की है, जिससे हजारों अतिरिक्त युवाओं को आवेदन का मौका मिलेगा। भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती के तहत विभिन्न श्रेणियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। सेना भर्ती कार्यालय महू के निदेशक के अनुसार, इच्छुक उम्मीदवार 13 फरवरी से 1 अप्रैल तक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। किन पदों पर होगी भर्ती? इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से न केवल अस्थायी (अग्निवीर) बल्कि कुछ स्थायी पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी:     अग्निवीर (पुरुष): जनरल ड्यूटी (GD), क्लर्क, स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT), टेक्निकल और ट्रेड्समैन (8वीं व 10वीं पास)।     महिला सेना पुलिस: अग्निवीर योजना के तहत महिला अभ्यर्थियों के लिए अवसर।     स्थायी पद: नर्सिंग असिस्टेंट (NA), नर्सिंग असिस्टेंट (वेट) और सिपाही फार्मा। महत्वपूर्ण तिथियां और आयु सीमा सेना ने इस वर्ष आयु सीमा में 1 वर्ष की वृद्धि कर युवाओं को बड़ी सौगात दी है। पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं:     अग्निवीर पदों के लिए: उम्मीदवार का जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच होना चाहिए।     स्थायी पदों के लिए: उम्मीदवार का जन्म 1 जुलाई 2004 से 1 जुलाई 2009 के बीच होना चाहिए। कैसे करें आवेदन? भर्ती से संबंधित विस्तृत अधिसूचना और ऑनलाइन आवेदन के लिए अभ्यर्थी भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं:     वेबसाइट: www.joinindianarmy.nic.in     सहायता केंद्र: यदि अभ्यर्थियों को पंजीकरण या पात्रता को लेकर कोई संशय है, तो वे सेना भर्ती कार्यालय महू के हेल्पलाइन नंबर 7648815570 पर संपर्क कर अपनी शंकाओं का समाधान कर सकते हैं।

बिना डिग्री सरकारी काम का मौका: आधार ऑपरेटर–सुपरवाइजर भर्ती 2026, 252 पद खाली

नई दिल्ली सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया ने 252 आधार सुपरवाइजर/ऑपरेटर पदों की भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार CSC e-Governance की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 मार्च 2026 है। आवेदन के लिए जरूरी योग्यता इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के लिए उम्मीदवार के पास 12वीं (इंटरमीडिएट/सीनियर सेकेंडरी) पास, या मैट्रिक के बाद 2 वर्षीय ITI, या मैट्रिक के बाद 3 वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा होना जरूरी है। संबंधित राज्य द्वारा अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए तय की गई न्यूनतम मजदूरी भी लागू होगी। अनिवार्य प्रमाणन: इस पद के लिए उम्मीदवार के पास UIDAI द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसी से जारी आधार ऑपरेटर/सुपरवाइजर प्रमाण पत्र होना जरूरी है। इसका मतलब है कि केवल वही व्यक्ति आवेदन कर सकता है जिसने आधिकारिक प्रशिक्षण और परीक्षा पास की हो। इन राज्यों में होगा चयन     आंध्र प्रदेश     असम      बिहार     चंडीगढ़     छत्तीसगढ     गुजरात     हरयाणा     हिमाचल प्रदेश     झारखंड     कर्नाटक     केरल     लद्दाख     मध्य प्रदेश     महाराष्ट्र     मिजोरम     मेघालय     नगालैंड     ओडिशा     पुडुचेरी     पंजाब     राजस्थान     सिक्किम     तमिलनाडु     तेलंगाना     उतार प्रदेश।     उत्तराखंड     पश्चिम बंगाल कैसे करें आवेदन?     सबसे पहले आधिकारिक CSC जॉब पोर्टल पर career.csccloud.in जाएं।     अपने CSC VLE क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके लॉगिन/रजिस्टर करें, या नया खाता बनाएं।     अब “आधार सुपरवाइजर/ऑपरेटर – जिला” पोस्ट खोजें (या “आधार राजस्थान” कीवर्ड से खोजें)।     नौकरी से जुड़ी सभी विवरण, पात्रता और नियम-शर्तें ध्यानपूर्वक पढ़ें।     ऑनलाइन आवेदन पत्र को सही-सही भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।     भविष्य में संदर्भ के लिए आवेदन का प्रिंटआउट ले लें।  

यूपी बोर्ड ने जारी किए परीक्षा निर्देश: जानिए अच्छे उत्तर लिखने के टिप्स और रिपोर्टिंग टाइम

पटना उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शनिवार 14 फरवरी 2026 को कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए यूट्यूब पर एक विशेष लाइव सत्र आयोजित किया। इसमें बोर्ड के अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा और बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने न सिर्फ यह बताया कि परीक्षा को शुचितापूर्ण और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने क्या क्या इंतजाम किए हैं बल्कि यह भी बताया कि छात्र को अच्छे अंक लाने के लिए किस तरह से उत्तर देने चाहिए। यूपी बोर्ड सचिव ने बताया कि परीक्षा में 30 मिनट विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को एग्जाम सेंटर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। पहले देर से आने पर अनुमति नहीं थी। यदि प्रवेश पत्र खो जाता है, तो केंद्र व्यवस्थापक नामावली से मिलान करेंगे। सही पाए जाने पर छात्र से अंडरटेकिंग लेकर उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। बाद में छात्र को अपने विद्यालय से डुप्लीकेट एडमिट कार्ड कॉपी लाकर जमा करनी होगी। मॉक टेस्ट दें, 3 घंटे लिखने का अभ्यास करें यूपी बोर्ड अपर सचिव ने कहा कि केवल पढ़ना काफी नहीं है, उत्तर लिखने का अभ्यास करें। यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल पेपर्स के माध्यम से 3 घंटे के मॉक पेपर का अभ्यास करें। उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना चाहिए कि जो एग्जामिनर है जो बाद में आपकी कॉपी जांचेगा, वो यह देख रहा है कि आपने उत्तर पुस्तक में लिखा क्या है, वो आपके दिल और दिमाग के अंदर जाकर नहीं देख रहा है कि आपको आता कितना है। आपको यह पता होना चाहिए कि आप जो लिख रहे हैं वही पढ़ा जाएगा । मैं तो यह कहूंगा कि पहले आप एग्जाम से पहले भी उत्तर पुस्तिका लिखने का प्रैक्टिस कीजिए। बहुत से बच्चे पढ़ते हैं पर लिखने की प्रैक्टिस नहीं करते, आता बहुत कुछ है पर लिख नहीं पा रहे हैं, तो मैं तो सभी से कहूंगा कि जैसे 3 घंटे का पेपर है तो 3 घंटे के मॉक पेपर पहले से भी एक बार कीजिए। जब लिखें तो ध्यान रखें कि एग्जामिनर के पास भी टाइम की कमी होगी। कैसे लिखें सही ढंग से उत्तर, यूपी बोर्ड अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा ने दिए टिप्स हेडिंग लिखें प्वॉइंट वाइज लिखें जहां जरूरत हो वहां डायग्राम और ग्राफ बनाएं अहम बातों को अंडरलाइन करें परीक्षा से पहले 3 घंटे पेपर लिखने की प्रैक्टिस करें। परीक्षा से पहले मॉडल पेपरों से अभ्यास करें। मॉक टेस्ट दें। अपर मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव द्वारा छात्रों को तनाव मुक्त रहने, स्वास्थ्य का ध्यान रखने और समय प्रबंधन के व्यावहारिक सुझाव दिए गए हैं। यदि कोई मानसिक तनाव हो, तो टेलीमानस नंबर 14416 पर 24 घंटे साइकोलॉजिकल काउंसलर उपलब्ध हैं, लेकिन सबसे पहले अपने माता-पिता और शिक्षकों से बात करें। एग्जाम सेंटर एक दो दिन पहले ही देख आएं यूपी बोर्ड ने कहा कि परीक्षा के दिन टाइम से घर से निकलें। मार्जिन रखें, ऐसा ना हो कि लेट लतीफ पहुंचे और उसी पर ध्यान हो कि एग्जाम टाइम से पहुंच पाएंगे नहीं पहुंच पाएंगे। अपने जो साथ सामान ले जाना है एक दिन पहले ही पेन पेंसिल रबर स्केल वह सब का एक पहले से पाउच बना के रखें । उसकी पूर्व तैयारी रखें । उस दिन ऐसा ना हो कि सुबह-सुबह उनको ढूंढने में लगे हुए हैं। कौन से कपड़े पहने जाने हैं वो भी पहले से तैयार करके रखें। माता पिता मेंटल स्ट्रेस में बच्चों के साथ रहें। अभिभावक उनको मदद करेंगे तो उनको वो टेंशन लास्ट मिनट की जो हड़बड़ाहट होती है वो नहीं होगी। बात नहीं कर पाते हैं तो एक टेलीमानस नाम का नंबर है 14416 यह 24 घंटे उपलब्ध है कोई भी छात्र-छात्राएं इस नंबर को यूज कर सकती हैं। साइकोलॉजिकल काउंसलर से बात कर सकते हैं परंतु सबसे पहले अपने माता-पिता से बात कीजिए अपने शिक्षकों से बात कीजिए । परीक्षा जिंदगी का आखिरी पड़ाव नहीं है। अन्य टिप्स – उत्तर पुस्तिका को सबमिट करने से पहले 5 मिनट जरूर उसको रिवाइज कर लें। चेक कर लें कि कोई चीज छूट तो नहीं रही है। जो सवाल आपको आते हैं, उनके उत्तर पहले लिखें । ऐसा ना हो कि जिसमें आपका स्ट्रेंथ है, जो आपको सबसे अच्छा आता है, वही टाइम की वजह से छूट जाए। – उत्तर पुस्तिकाओं पर यूनिक कोड और केंद्र की मोहर होगी ताकि बाहरी कॉपियों के उपयोग को पकड़ा जा सके। कॉपियों का लेआउट भी बदलकर पोर्ट्रेट साइज और चार रंगों में किया गया है।  

मध्यप्रदेश में शिक्षा पर सवाल: एमपीएसओएस और ‘रुक जाना नहीं’ परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र फेल

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड, भोपाल के माध्यम से रुक जाना नहीं” योजना सहित विभिन्न ओपन स्कूल योजनाओं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। विद्यार्थी मप्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट www.mpsos.nic.in पर अपना परीक्षा परिणाम देख सकते हैं। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हजारों ऐसे विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिला था जो मुख्य परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण हो गए थे। माह दिसंबर 2025 में आयोजित रुक जाना नहीं योजना की परीक्षा में कक्षा 10वीं के 16 हजार 356 एवं कक्षा 12वीं के 23 हजार 847 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा 15 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक आयोजित की गई थीं। इसके साथ ही बोर्ड द्वारा रुक जाना नहीं (कक्षा 10 एवं 12), राज्य ओपन परम्परागत (कक्षा 5, 8, 10 एवं 12), आ लौट चले (कक्षा 10 एवं 12), सीबीएसई ऑन डिमांड (कक्षा 12), आईटीआई 12 समकक्ष और मदरसा बोर्ड योजनाओं के परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। इन सभी योजनाओं के अंतर्गत कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं एवं 12वीं का कुल परिणाम 51.58 प्रतिशत रहा है। जो विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे हैं, वे ओपन स्कूल की पूर्ण क्रेडिट योजना के अंतर्गत अधिकतम तीन विषयों के लिए पुनः ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं रुक जाना नहीं रिजल्ट स्टेप 1: ऑफिशियल वेबसाइट mpsos.nic.in पर जाएं। स्टेप 2: होमपेज पर, ‘MPSOS Result 2025 Class 10th or 12th’ लिंक पर क्लिक करें। स्टेप 3: रोल नंबर डालें और दिए गए फील्ड में एग्जाम चुनें। स्टेप 4: ‘Login’ बटन पर क्लिक करें। स्टेप 5: MPSOS result 2025 स्क्रीन पर दिखाई देगा। स्टेप 6: MPSOS result 2025 Class 10th and 12th को सेव और डाउनलोड करें। स्टेप 7: भविष्य के लिए mpsos.nic.In रिजल्ट का प्रिंट आउट लें। रुक जाना नहीं योजना एमपी बोर्ड से अनुतीर्ण हुए विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण वर्ष खराब नहीं हो, इस उद्देश्य से राज्य शासन की अनुमति से रुक जाना नहीं योजना का संचालन मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। इसमें माध्यमिक शिक्षा मंडल में नियमित और स्वाध्यायी (प्रायवेट) रूप से शामिल अनुतीर्ण विद्यार्थियों को उसी वर्ष परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर प्रदान किया जाता है, जिसमें वे परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पुन: मुख्य धारा से जुड़ सकें। इस योजना का लाभ लेकर कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थी अपनी-अपनी कक्षाओं में उत्तीर्ण करके उच्च अध्ययन के लिये अन्य संस्थाओं में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। “रूक जाना नहीं” योजना में ऐसे विद्यार्थी, जो माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल अथवा सीबीएसई बोर्ड में वर्तमान सत्र की परीक्षा में अनुतीर्ण हो गये हों अथवा किसी कारणवश आवेदन करने के बाद भी परीक्षा से वंचित रह गये हों, ऐसे विद्यार्थी को अनावश्यक एक वर्ष खराब होने से बचाने के लिये बोर्ड द्वारा माह जून में पुन: उन्हीं के पाठ्यक्रम एवं ब्लू प्रिंट के आधार पर परीक्षा आयोजित की जाती हैं। परीक्षा समाप्ति के अधिकतम एक माह अर्थात जुलाई माह में विद्यार्थी का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाता है, जिससे विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को निरंतर कर सके। कोई विद्यार्थी यदि इस परीक्षा में सफल नहीं हो पाता है, तो माह दिसंबर में राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा पुन: मौका दिया जाता है। संस्था ने रूक जाना नहीं योजना वर्ष 2016 से प्रारंभ की थी। यह योजना पायलेट प्रोजेक्ट योजना के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के अनुतीर्ण छात्रों के लिये थी। सफलता के आधार पर इसे सीबीएसई के लिये ऑन डिमांड के आधार पर लागू किया गया है।  

NASA के साथ काम करने का मौका, समर इंटर्नशिप के लिए खुली भर्ती; जानिए कैसे करें अप्लाई

NASA ने साल 2026 के लिए समर पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है. यह इंटर्नशिप खास तौर पर उन छात्रों के लिए है जो स्पेस, साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं. इस प्रोग्राम के जरिए छात्रों को NASA के साथ काम करने और असली प्रोजेक्ट्स पर अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा. इस इंटर्नशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इच्छुक और योग्य छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने की अंतिम तारीख 27 फरवरी 2026 तय की गई है, इसलिए छात्रों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है. इस इंटर्नशिप के लिए कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे छात्र आवेदन कर सकते हैं. खास बात यह है कि आवेदन के लिए केवल STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) बैकग्राउंड होना जरूरी नहीं है. जिन छात्रों की स्पेस, रिसर्च या इनोवेशन में रुचि है, वे भी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं. NASA की यह इंटर्नशिप पेड प्रोग्राम है, जिसमें चयनित छात्रों को स्टाइपेंड भी दिया जाएगा.इसके अलावा छात्रों को इंटरनेशनल स्तर पर काम करने का अनुभव मिलेगा, जिससे उनके करियर को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती है. इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को NASA के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ काम करने का मौका मिलेगा. उन्हें रिसर्च प्रोजेक्ट्स, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और कई अहम मिशनों से जुड़े कार्यों में शामिल किया जाएगा, जिससे उनकी स्किल्स और ज्ञान दोनों मजबूत होंगे. चयन प्रक्रिया में छात्रों का एकेडमिक रिकॉर्ड, पर्सनल स्टेटमेंट, रिसर्च या प्रोजेक्ट अनुभव और उनकी स्किल्स को ध्यान में रखा जाएगा. इसलिए आवेदन करते समय छात्रों को अपने अनुभव और उपलब्धियों को सही तरीके से प्रस्तुत करना जरूरी है. NASA की आधिकारिक इंटर्नशिप वेबसाइट पर जायें. वहां OSTEM सेक्शन में जाकर समर 2026 इंटर्नशिप चुनें अपना अपडेटेड रिज्यूमे और कवर लेटर तैयार करें. तय समय सीमा से पहले ऑनलाइन आवेदन जमा करें.

सरकारी नौकरी का मौका: UPSC IES और ISS के 44 पदों पर आवेदन आमंत्रित

संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी इंडियन इकोनॉमिक सर्विसेज / इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विसेज 2026 भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर कुल 44 वैकेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अप्लाई करने की आखिरी तारीख 3 मार्च, 2026 है। यूपीएससी आईईएस के तहत 16 और यूपीएससी आईएसएस एग्जाम से 28 पदों पर भर्ती होगी। आयु सीमा कैंडिडेट की उम्र 1 अगस्त, 2026 को 21 साल होनी चाहिए और 30 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए, यानी उसका जन्म 2 अगस्त, 1996 से पहले और 1 अगस्त, 2005 के बाद नहीं हुआ होना चाहिए। क्या है योग्यता आईईएस भारत में किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र / व्यावहारिक अर्थशास्त्र / व्यवसाय अर्थशास्त्र / अर्थमिति में स्नातकोत्तर / मास्टर डिग्री उत्तीर्ण / उपस्थित होना। आईएसएस स्टैटिस्टिक्स/मैथमेटिकल स्टैटिस्टिक्स/एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में से किसी एक सब्जेक्ट के साथ बैचलर्स डिग्री पास/कर रहे हों या स्टैटिस्टिक्स/मैथमेटिकल स्टैटिस्टिक्स/एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में मास्टर डिग्री हो। आवेदन फीस- 200 रुपये महिला/SC/ST/बेंचमार्क डिसेबिलिटी वाले लोग (PwBD) कैंडिडेट्स के लिए कोई फीस नहीं। अप्लाई कैसे करें 1. UPSC की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं। 2. होम पेज पर मौजूद UPSC IES/ ISS एग्जाम 2026 रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। 3. रजिस्ट्रेशन डिटेल्स डालें और सबमिट पर क्लिक करें। 4. हो जाने के बाद, एप्लीकेशन फॉर्म भरें। 5. एप्लीकेशन फीस का पेमेंट करें। 6. सबमिट पर क्लिक करें और पेज डाउनलोड करें। 7. आगे की जरूरत के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें। यूपीएससी खोलने जा रहा है करेक्शन विंडो, फॉर्म में सुधार के लिए मिलेंगे 3 दिन का समय संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (CSE) 2026 के उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। आयोग उन अभ्यर्थियों के लिए तीन दिनों की ‘करेक्शन विंडो’ खोलने जा रहा है, जिन्होंने आवेदन फॉर्म भरते समय अनजाने में कोई गलती कर दी थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सुधार की यह प्रक्रिया मुख्य रजिस्ट्रेशन अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद शुरू होगी। यह उन उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है जो अपनी डिटेल्स को लेकर चिंतित थे। करेक्शन विंडो का समय और महत्वपूर्ण तिथियां UPSC द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, आवेदन फॉर्म में सुधार करने के लिए पोर्टल केवल सीमित समय के लिए ही खुला रहेगा। खुलने की तिथि: आवेदन की अंतिम तिथि के अगले दिन से यह विंडो एक्टिव होगी। समय सीमा: उम्मीदवारों को सुधार के लिए कुल 3 दिनों का समय दिया जाएगा। अंतिम समय: तीसरे दिन शाम 6:00 बजे यह लिंक निष्क्रिय कर दिया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस समय सीमा के बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन में बदलाव के अनुरोध स्वीकार नहीं किए जाएंगे। क्या-क्या बदला जा सकता है? उम्मीदवारों को अपने आवेदन फॉर्म के कुछ खास डिटेल्स में संशोधन करने की अनुमति होगी: व्यक्तिगत जानकारी: उम्मीदवार अपने माता-पिता के नाम की स्पेलिंग और अन्य छोटे विवरणों में सुधार कर सकते हैं। शैक्षणिक विवरण: स्नातक के अंकों या कॉलेज के नाम से संबंधित त्रुटियों को ठीक किया जा सकता है। डॉक्यूमेंट: यदि अपलोड की गई फोटो या सिग्नेचर स्पष्ट नहीं हैं, तो उन्हें फिर से अपलोड करने का विकल्प मिल सकता है। केंद्र का चुनाव: कुछ विशेष परिस्थितियों में परीक्षा केंद्र की वरीयता को बदलने का मौका भी दिया जा सकता है। महत्वपूर्ण नोट: ओटीआर प्रोफाइल में सुधार करने के लिए उम्मीदवार को ओटीआर पोर्टल पर अलग से जाकर बदलाव करना होगा।  

12वीं पास के लिए खुशखबरी: फॉरेस्ट गार्ड भर्ती में 779 पदों पर निकली वैकेंसी

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने राज्य के युवाओं के लिए वन विभाग में सरकारी नौकरी पाने का एक शानदार अवसर प्रदान किया है। आयोग ने फॉरेस्ट गार्ड के कुल 779 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन की विंडो खुल चुकी है, और योग्य उम्मीदवार 23 फरवरी 2026 तक अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं। पदों का विवरण और आरक्षण हरियाणा फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 के तहत कुल 779 पदों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें सामान्य श्रेणी (General) के लिए सबसे अधिक 318 पद आरक्षित हैं। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस (EWS) के लिए 123 पद, बीसीए (BCA) के लिए 102 पद और एससी (SC/DSC) श्रेणी के लिए भी पदों का आवंटन किया गया है। यह भर्ती ग्रुप-सी (Group-C) सेवाओं के अंतर्गत आती है। कौन कर सकता है आवेदन? आयोग ने इस पद के लिए सरल योग्यता मानदंड रखे हैं: शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (10+2) कक्षा पास होना अनिवार्य है। साथ ही, दसवीं कक्षा तक हिंदी या संस्कृत एक विषय के रूप में पढ़ा होना चाहिए। अनिवार्य शर्त: केवल वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने हरियाणा CET 2025 (Group C) परीक्षा पास की है और जिनके पास वैलिड स्कोरकार्ड है। आयु सीमा: उम्मीदवारों की आयु 18 से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए (आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर होगी)। आरक्षित श्रेणियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। शारीरिक मापदंड और टेस्ट (PMT/PET) यह वन सुरक्षा से जुड़ा पद है, इसलिए शारीरिक फिटनेस अत्यंत महत्वपूर्ण है: ऊंचाई : पुरुष उम्मीदवारों के लिए 168 सेमी और महिलाओं के लिए 155 सेमी। छाती : पुरुषों के लिए 79 सेमी (बिना फुलाए) और 84 सेमी (फुलाने पर)। पैदल चाल टेस्ट : पुरुषों को 4 घंटे में 25 किमी और महिलाओं को 4 घंटे में 14 किमी की दूरी पैदल चलकर पूरी करनी होगी। चयन प्रक्रिया और वेतन उम्मीदवारों का चयन मल्टी-लेवल प्रक्रिया के माध्यम से होगा, जिसमें सीईटी स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, लिखित परीक्षा (OMR आधारित), शारीरिक माप और दक्षता परीक्षा (PMT/PET) तथा डॉक्यूमेंट को वेरिफिकेशन शामिल है। चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-3 के तहत 21,700 रुपये से 69,100 रुपये का वेतनमान मिलेगा। इसके साथ ही डीए (DA), एचआरए (HRA) और अन्य सरकारी भत्ते भी देय होंगे, जिससे मासिक वेतन करीब 37,000 से 39,000 रुपये के आसपास होगा। आवेदन कैसे करें? इच्छुक उम्मीदवार एचएसएससी की आधिकारिक वेबसाइट www.hssc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। आवेदन की अंतिम तिथि 23 फरवरी 2026 (रात 11:59 बजे) है।  

पॉलीमर साइंस में बनाएं भविष्य

कई बार प्रतिभाशाली होने के बावजूद छात्रों को इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाता। ऐसे छात्रों के लिए बीएससी पॉलीमर साइंस एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आज की जिंदगी में प्लास्टिक कुछ इस तरह रचा-बसा है कि उसके बिना जिंदगी की कल्पना भी नहीं की जा सकती। यदि हम आसपास नजर डालें तो कम से कम दस में से आठ चीजें प्लास्टिक निर्मित मिलेंगी। प्लास्टिक, फाइबर और रबर:- तीनों ही किसी न किसी रूप में एक ही फैमिली से हैं और इन सभी का निर्माण पॉलीमर की मदद से होता है। प्लास्टिक-पॉलीमर उत्पादों की लिस्ट काफी लंबी है। पॉलिमर कपड़े, रेडियो, टीवी, सीडी, टायर, पेंट, दरवाजे और चिपकाने वाले पदार्थ इसी उद्योग की देन हैं। अकेले ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में 75 प्रतिशत पाट्र्स इसी उद्योग की मदद से बनाए जाते हैं। इतना ही नहीं, हवाई जहाज में भी प्लास्टिक का ही परिमार्जित रूप इस्तेमाल होता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्लास्टिक की खपत के मामले में चीन के बाद भारत का दूसरा नंबर है। प्लास्टिक इंडस्ट्री में भारत का प्रतिवर्ष 4,000 करोड़ रुपए का कारोबार है। अकेले पैकेजिंग इंडस्ट्री में ही बड़ी तादाद में प्लास्टिक का उपयोग होता है। इसमें हर साल 30 प्रतिशत की दर से वृद्धि हो रही है। दुनिया में हर एक व्यक्ति औसतन साल में 30 किलोग्राम प्लास्टिक का उपयोग करता है, जबकि भारत में यह आंकड़ा फिलहाल चार किलो ग्राम प्रतिवर्ष ही है। लेकिन जिस किस्म की पैकेजिंग जागरूकता भारत में भी बढ़ रही है, आने वाले दिनों में प्रति व्यक्ति प्लास्टिक की खपत का औसत कहीं ज्यादा बढ़ जाएगा। ये है कोर्स: इसकी इसी व्यापकता को देखते हुए कई तरह के कोर्स की शुरुआत हुई है। हालांकि ये कोर्स अभी कुछ चुनिंदा संस्थानों में ही उपलब्ध हैं। कई बार प्रतिभाशाली होने के बावजूद छात्रों को इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाता। ऐसे छात्रों के लिए बीएससी पॉलीमर साइंस एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कोर्स के बाद छात्र आगे एमएससी या एमटेक कर सकते हैं। अगर नौकरी करना चाहें तो उसके लिए भी काफी बेहतर अवसर हैं यानी आप आईओसी, ओएनजीसी जैसे सरकारी संस्थानों में भी अच्छी नौकरियां पा सकते हैं। बीएससी पॉलीमर साइंस अवसरों की दृष्टि से उपयोगी कोर्स माना जा रहा है। पॉलीमर और प्लास्टिक के क्षेत्र में डिप्लोमा, बीएससी, एमएससी और इंजीनियरिंग कोर्स उपलब्ध हैं। डिप्लोमा कोर्स के लिए अपने राज्य में स्थित पॉलीटेक्निक संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं। इंजीनियरिंग कोर्स में बीई (पॉलीमर साइंस), बीटेक (प्लास्टिक एंड पॉलीमर), बीटेक (प्लास्टिक एंड रबर) हैं, जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर एमटेक के लिए प्लास्टिक-पॉलीमर कोर्स हैं। इसके अलावा, केमिकल पॉलीमर, बीएससी पॉलीमर साइंस, एमएससी पॉलीमर, केमेस्ट्री कोर्स भी देश के कुछ संस्थानों में पढ़ाए जाते हैं। बीई, बीटेक, बीएससी और बीकॉम कोर्स के लिए 102 पीसीएम विषयों में 50 प्रतिशत अंकों में पास छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसमें बीएससी को छोड़ कर तीनों कोर्स चार वर्ष की अवधि के हैं। कुछ संस्थानों में जैसे आईआईटी दिल्ली, मुंबई यूनिवर्सिटी में एम.टेक डेढ़ वर्ष की अवधि का है। इसमें केवल संबंधित ब्रांच में बीई और बीटेक पास छात्रों को ही दाखिला मिल सकता है। मद्रास यूनिवर्सिटी में पांच वर्षीय एमएससी इंटीग्रेटेड कोर्स में 102 पीसीएम छात्रों को प्रवेश मिल सकता है। एमएससी कोर्स में प्रवेश के लिए इंडस्ट्रियल, केमिकल या केमेस्ट्री ऑनर्स के अलावा वे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने बीएससी में केमेस्ट्री को एक विषय के रूप में पढ़ा है। प्रमुख संस्थान:- दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नई दिल्ली कोर्स- बीई (पॉलीमर साइंस), एमई (डेढ़ वर्ष का), पीएचडी। आईआईटी, नई दिल्ली कोर्स- एमटेक,डेढ़ वर्ष। हरकोर्ट बटलर इंस्टीट्यूट, कानपुर कोर्स- बीटेक (प्लास्टिक टेक)। बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रांची कोर्स- बीई पॉलीमर। भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ अप्लाइड साइंस, नई दिल्ली कोर्स-बीएससी ऑनर्स (पॉलीमर साइंस) डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई यूनिवर्सिटी, मुंबई कोर्स- बीकॉम (पॉलीमर), बीएससी, एमटेक (डेढ़ वर्ष)। लक्ष्मी नारायण इंडस्ट्री ऑफ टेक्नोलॉजी, नागपुर कोर्स- बीटेक। संत लोंगोवाल इंडस्ट्री ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, संगरूर, पंजाब कोर्स- बीई (पेपर एंड प्लास्टिक) तीन वर्ष। इंडस्ट्री ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कानपुर यूनिवर्सिटी, कानपुर कोर्स- बीटेक (प्लास्टिक), एमटेक (प्लास्टिक)। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी कोर्स- एमएससी (इंटीग्रेटेड), एमएससी (पॉलीमर), एससी (पॉलीमर केमिस्ट्री)।  

अब स्क्रीन पर जांची जाएंगी 12वीं की कॉपियां, CBSE ने लागू किया नया मूल्यांकन सिस्टम

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपनी परीक्षा मूल्यांकन प्रोसेस में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. साल 2026 से CBSE कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियां ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के जरिए चेक की जाएगी. इसका साफ मतलब यह है कि अब कॉपियों की जांच डिजिटल तरीके से कंप्यूटर स्क्रीन से होगी. हालांकि, बोर्ड ने साफ किया है कि कक्षा 10वीं की कॉपियां अभी भी पुराने तरीके से यानी कि फिजिकल मोड में ही चेक की जाएगी. डिजिटल माध्यम से जब कॉपियों का मूल्यांकन होगा तो, इससे गलतियां कम होंगी, जांच तेज होगी और शिक्षक अपने स्कूल से ही कॉपियां चेक कर सकेंगे.  बता दें कि हर साल CBSE 26 देशों में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन करता है. इनमें लगभग 46 लाख छात्र शामिल होते हैं. ऐसे में इतने बड़े लेवल पर कॉपियों की जांच करना आसान नहीं होता है. इसे तेज, आसान और पारदर्शी बनाने के लिए ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) लागू किया जाएगा.  इतने से शुरू होगी परीक्षा  जारी किए गए नोटिफिकेशन में इस साल CBSE की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी. कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 11 मार्च को खत्म हो जाएगी. हालांकि, कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेगी. ऐसे में डिजिटल तरह से कॉपियों की जांच एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.  क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम? ऑन-स्क्रीन मार्किंग एक डिजिटल मूल्यांकन प्रोसेस है. इसमें छात्रों की कॉपियों को स्कैन कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा. इसके बाद शिक्षक कंप्यूटर या लैपटॉप पर लॉगिन करके सीधे स्क्रीन पर ही आंसर को पढ़ेंगे और नंबर देंगे. इस तरीके से कॉपियों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय भी बचेगा. सीबीएसई की ओर से जारी सर्कुलर में बताया कि यह सिस्टम मैन्युअल जांच में होने वाली आम गलतियों और देरी को कम करने में भी मदद करेगी.  किस तरह काम करेगा ये सिस्टम? सीबीएसई ने जारी किए अपने सर्कुलर में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के फायदे भी बताए हैं. उन्होंने बता कि:-     इस सिस्टम से कॉपियां ले जाने और हाथ से तालमेल करने की जरूरत कम हो जाएगी.      शिक्षक अपने स्कूल में रहकर ही कॉपियां चेक कर सकेंगे, उन्हें जांच केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं होगी.       कॉपियों की जांच पहले से ज्यादा तेज होगी.     रिजल्ट के बाद नंबरों की दोबारा जांच (पोस्ट-रिजल्ट वेरिफिकेशन) की जरूरत कम हो जाएगी.       कुल अंक जोड़ने में होने वाली गलतियां खत्म होगी.     समय और लागत दोनों की बचत होगी.     विदेशों में मौजूद सीबीएसई से जुड़े स्कूल भी आसानी से मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे.      बोर्ड के अनुसार, यह डिजिटल तरीका पर्यावरण के लिए भी बेहतर है, क्योंकि इसमें कागज और ट्रांसपोर्ट का यूज कम होगा.      ज्यादा शिक्षक एक साथ इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे.  स्कूलों को दी गाइडलाइन  ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को सही तरह से लागू करने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों को कुछ जरूरी डिजिटल सुविधाएं तैयार रखने को कहा है. जारी हुए सर्कुलर में कहा गया है कि-      कंप्यूटर लैब जिसमें पब्लिक स्टैटिक आईपी उपलब्ध हो.      ऐसे कंप्यूटर या लैपटॉप होना चाहिए जिनमें Windows OS 8 या उससे ऊपर लेवल का वर्जन हो और कम से कम 4GB रैम और 1GB खाली स्पेस हो.      अपडेटेड इंटरनेट ब्राउजर जैसे Chrome, Edge या Firefox.      Adobe Reader सॉफ्टवेयर भी मौजूद हो.     कम से कम 2 Mbps की स्थिर इंटरनेट स्पीड होनी चाहिए.   

पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती-2025 की परीक्षा 19 अप्रैल को, अंक तय करने का प्रावधान नहीं

अजमेर  राजस्थान लोक सेवा आयोग ने पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा अधिकारी के 1100 पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षा में न्यूनतम प्राप्तांक के संबंध में उपजे भ्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उक्त परीक्षा का आयोजन 19 अप्रैल 2026 को किया जाना प्रस्तावित है। आयोग सचिव ने बताया कि राजस्थान पशुपालन सेवा नियम, 1963 के दिनांक 23 मई 2022 को संशोधित नियम ’19’, के क्रम में साक्षात्कार द्वारा सीधी भर्ती के स्थान पर भर्ती को प्रतियोगी परीक्षा से किया गया है। इस संशोधित सेवा नियम में न्यूनतम प्राप्तांक के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है। परीक्षा स्कीमः कुल प्रश्न: 150 (बहुविकल्पीय) कुल अंक: 150 समय: 2 घंटे 30 मिनट नेगेटिव मार्किंग: प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक काटा जाएगा। परीक्षा दो भागों में होगी: भाग-ए: राजस्थान का सामान्य ज्ञान (40 प्रश्न, 40 अंक) भाग-बी: संबंधित विषय (110 प्रश्न, 110 अंक) फर्जी सूचनाओं से रहें सावधानः इस संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही एक कथित अपील निर्णय क्रमांक एफ.23(163) दिनांक 15 नवंबर 2025 पूरी तरह फर्जी है। इस भ्रामक सूचना को फैलाने वालों के खिलाफ अलग से कानूनी कार्यवाही की जा रही है। अभ्यर्थी केवल आयोग द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

खुशखबरी! 17 हजार पदों पर भर्ती, वेतन में भारी बढ़ोतरी

पटना बिहार सरकार ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) के कुनबे में ऐतिहासिक विस्तार करने का निर्णय लिया है। राज्य कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद, अब सैप जवानों की संख्या में 10 गुना तक की वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में तैनात 1,717 जवानों की संख्या को बढ़ाकर अब 17,000 करने की स्वीकृति दी गई है। सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ अर्धसैनिक बलों को भी मौका इस बार बहाली की शर्तों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक सैप में केवल भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जवानों को ही अनुबंध पर रखा जाता था, लेकिन अब सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी इसमें शामिल होने का अवसर मिलेगा। विभाग के अनुसार, नए रंगरूटों के प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ड्यूटी में आ रही कमी को पूरा करने के लिए यह फैसला लिया गया है। पदों का विवरण और संरचना वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान होने वाली इस बहाली में पदों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है: पद का नाम                            प्रस्तावित संख्या जेसीओ (JCO)                         150 सैप जवान (SAP Jawans)          16,300 रसोइया (Cook)                         550 कुल पद                                   17,000 मानदेय में वृद्धि: अब मिलेगा बेहतर वेतन सरकार ने न केवल पदों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि जवानों के मानदेय  में भी आकर्षक वृद्धि की है। संशोधित दरों के अनुसार मासिक भुगतान निम्नवत होगा: JCO: ₹35,000 प्रति माह सैप जवान: ₹30,000 प्रति माह रसोइया: ₹25,000 प्रति माह विभागीय पक्ष: अधिकारियों का मानना है कि नवनियुक्त सिपाहियों के प्रशिक्षण अवधि में होने के कारण फील्ड में ‘एक्टिव वर्कफोर्स’ की कमी महसूस की जा रही थी। 17 हजार अनुभवी पूर्व सैनिकों की तैनाती से राज्य की पुलिसिंग और विशेष अभियानों को नई धार मिलेगी।

MPPSC 2026: EWS वर्ग के लिए नया नियम, अब इस उम्र तक परीक्षा में शामिल हो सकते हैं

इंदौर  मप्र लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा पात्रता परीक्षा-2026 की आवेदन प्रक्रिया के बीच सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट बेंच ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS Category) के तीन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ईडब्ल्यूएस ने याचिकाकर्ताओं को आयु सीमा (EWS Age Limit) में अंतरिम छूट देते हुए उन्हें 40 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा से आगे भी आवेदन करने की अनुमति दे दी है। तीनों याचिकाकर्ता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे, लेकिन इनकी चयन प्रक्रिया कोर्ट के आदेश के अधीन रहेगी। हालांकि अभी अन्य ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को कोई फायदा नहीं मिल सकेगा, लेकिन इस मामले में होने वाले अंतिम फैसले से उन हजारों ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कोर्ट का यह आदेश ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख वाले दिन ही आया है।  हाईकोर्ट पहुंचा मामला; विज्ञापन को बताया भेदभावपूर्ण आयोग द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापन में गैर वर्दीधारी पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 1 जनवरी 2026 को 40 वर्ष तय की थी। इस विज्ञापन में एससी/एसटी/ओबीसी, महिलाएं, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक और अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना से जुड़े अभ्यर्थी शामिल थे। इस सभी वर्ग को आयु में छूट दी थी, लेकिन ईडबल्यूएस वर्ग को आयु छूट नहीं दी गई, जिसे भेदभावपूर्ण बताया गया। अभ्यर्थी अभिषेक तिवारी ने इस पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विकास मिश्रा और अधिवक्ता धीरज तिवारी ने कोर्ट को बताया, ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थी पूरी योग्यता रखने के बावजूद सिर्फ 1 से 3 वर्ष ज्यादा आयु के कारण ऑनलाइन पोर्टल पर अयोग्य घोषित कर दिए जा रहे है। सरकार के नियमों में लगभग सभी वर्ग को आयु छूट मिलती रही है, लेकिन ईडब्ल्यूएस को जानबूझकर अलग रखा, जिससे आरक्षण सिर्फ कागजी बनकर रह जाता है। राजस्थान बना उदाहरण मामले के दौरान कोर्ट को बताया, राजस्थान में पुरुष ईडब्ल्यूएस को 5 वर्ष, महिला ईडब्ल्यूएस को 10 वर्ष की आयु छूट दी जा रही है। राजस्थान लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड ने स्पष्ट रूप से ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयु छूट देकर आवेदन आमंत्रित किए है। इससे साबित हुआ कि ईडब्ल्यूएस को आयु छूट देना न केवल संभव है, बल्कि देश में पहले से लागू व्यवस्था भी है। सभी तथ्यों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को अंतरिम संरक्षण दिया। उन्हें प्रोविजनल रूप से आवेदन करने और चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने माना कि यदि समय रहते राहत नहीं दी जाती तो भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाती और याचिका निरर्थक हो जाती, जिससे विद्यार्थियों को अपूरणीय नुकसान होता। 

PNB की भर्ती 5000 पदों के लिए, सैलरी के बारे में जानें क्या है प्रस्तावित रकम?

मुंबई   पंजाब नेशनल बैंक में 5000 से ज्यादा पदों के लिए वैकेंसी निकली है. पीएनबी की इस भर्ती में 8 फरवरी से आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है और भर्ती में इच्छुक उम्मीदवार 24 फरवरी 2026 तक इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं. ऐसे में जानते हैं कि इस भर्ती में किन पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है और सेलेक्शन होने के बाद कितनी सैलरी दी जाएगी.  किन पदों पर हो रही है भर्ती? बैंक की ओर से अप्रेंटिस पदों पर भर्ती हो रही है. ये पर्मानेंट जॉब नहीं होगी और उम्मीदवारों को सिर्फ एक साल तक ही ट्रेनिंग का मौका मिलेगा. ऐसे में जो भी भर्ती में अप्लाई कर रहे हैं, वो इस बात को ध्यान में रखकर ही अप्लाई करें. ये भर्ती देशभर में है और हर राज्य में उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी कितनी मिलेगी सैलरी? अगर सैलरी की बात करें तो इस भर्ती में शहर के आधार पर उम्मीदवारों को पैसे दिए जाएंगे. जिन उम्मीदवारों की नियुक्ति ग्रामीण, सेमी अर्बन, अर्बन इलाकों में होती है, उन्हें 12,300 रुपये दिए जाएंगे. इसके अलावा जिन उम्मीदवारों को मेट्रो सिटी के लिए चयनित किया जाएगा, उन्हें 15 हजार रुपये तक सैलरी दी जाएगी.  कितनी साल के उम्मीदवार कर पाएंगे अप्लाई? जिन उम्मीदवारो की उम्र 1 जनवरी 2026 को कम से कम 20 साल हो गई है और ज्यादा से ज्यादा 28 हो गई है, वो इस भर्ती में अप्लाई करने के लिए एलिजिबल हैं. इसके अलावा एससी-एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 5 साल, ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को 3 साल, दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 साल की छूट दी गई है.  साथ ही इसमें किसी भी वर्ग से ग्रेजुएट उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं, लेकिन परीक्षा का रिजल्ट 31 दिसंबर 2025 से पहले घोषित हो गया हो. ये ट्रेनिंग इसलिए खास है, क्योंकि इसमें 50 हफ्ते तक ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग दी जाएगी.

राजस्थान बोर्ड अपडेट: 9वीं–11वीं की नई परीक्षा तारीख घोषित

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं की तिथियों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी ताजा आदेशों के अनुसार, अब ये परीक्षाएं पहले से निर्धारित समय से पहले आयोजित की जाएंगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 को समय पर 1 अप्रैल 2026 से शुरू करना है। नया परीक्षा शेड्यूल रिवाइज्ड शेड्यूल के मुताबिक, राजस्थान बोर्ड की कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं अब 7 मार्च से 19 मार्च 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। इससे पहले ये परीक्षाएं 10 मार्च से प्रस्तावित थीं। कक्षा 9वीं: परीक्षा 7 मार्च से शुरू होकर 17 मार्च 2026 तक चलेगी। कक्षा 11वीं: परीक्षा 7 मार्च से 19 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी। रिजल्ट की घोषणा बोर्ड ने न केवल परीक्षा की तारीखें बदली हैं, बल्कि परिणाम घोषित करने की गति में भी तेजी लाने का निर्देश दिया है। कक्षा 9वीं और 11वीं के परिणाम 25 मार्च 2026 को जारी कर दिए जाएंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश और नई किताबों की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। ऑटोमैटिक प्रमोशन पॉलिसी खत्म: 5वीं और 8वीं के लिए नए नियम परीक्षा तिथियों में बदलाव के साथ ही राजस्थान शिक्षा विभाग ने एक और बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। अब राज्य में कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों के लिए ‘ऑटोमैटिक प्रमोशन’ (नॉन-डिटेंशन पॉलिसी) को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अनिवार्य पासिंग मार्क्स: अब इन कक्षाओं के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट होने के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स लाने होंगे। इम्प्रूवमेंट का मौका: यदि कोई छात्र असफल होता है, तो उसे 45 दिनों के भीतर ‘इम्प्रूवमेंट एग्जाम’ देने का एक अवसर दिया जाएगा। यदि वह इसमें भी पास नहीं होता, तो उसे उसी कक्षा में रुकना होगा। अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे टाइम टेबल के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर नियमित रूप से नजर रखें या अपने संबंधित स्कूलों से संपर्क करें।  

भविष्यवाणी का बदला तरीका, लखनऊ विश्वविद्यालय बताएगा करियर और शादी का सही रास्ता

लखनऊ  लखनऊ विश्वविद्यालय के कैंपस में स्थित ज्योतिष परामर्श केंद्र अब सिर्फ छात्रों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी कर ली है। करियर की दिशा, शादी ब्याह, सेहत, पैसा, प्रॉपर्टी और भविष्य से जुड़े सवालों के जवाब अब एक तय प्रक्रिया और निर्धारित फीस के साथ विश्वविद्यालय परिसर में मिलेंगे। विश्वविद्यालय अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का मकसद ज्योतिष को एक संरचित और नियंत्रित मंच पर लाना है, ताकि बाहर चलने वाली अनौपचारिक और बिना रिकॉर्ड वाली प्रथाओं से अलग, यहां हर परामर्श का दस्तावेज़ीकरण हो और समय भी तय रहे। कितनी लगेगी फीस इस केंद्र में हर परामर्श आमतौर पर जन्म कुंडली के आधार पर किया जाएगा और एक सत्र की न्यूनतम अवधि 15 मिनट रखी गई है। सामान्य ज्योतिषीय परामर्श की फीस 1,500 रुपये से शुरू होगी। वहीं विदेश यात्रा की संभावना, सामाजिक प्रतिष्ठा, मान सम्मान और राजनीतिक करियर से जुड़े छोटे सवालों के लिए 15 मिनट का परामर्श 500 रुपये में मिलेगा। ज्योतिष केंद्र में केवल कुंडली देखने तक ही सेवाएं सीमित नहीं होंगी। यहां होरा ज्योतिष और हस्तरेखा शास्त्र से जुड़े सत्र भी रखे जाएंगे, जिनकी अवधि 30 मिनट होगी और शुल्क 700 रुपये तय किया गया है। अंक ज्योतिष यानी न्यूमरोलॉजी आधारित परामर्श के लिए 1,700 रुपये देने होंगे। कुछ सेवाओं के अलग अलग शुल्क कुछ खास सेवाओं के लिए अलग शुल्क तय किया गया है। तंत्र मंत्र के प्रभाव से जुड़ा आकलन, शकुन अपशकुन और सपनों की व्याख्या जैसे विषयों पर 30 मिनट के सत्र के लिए 1,900 रुपये लिए जाएंगे। शादी से पहले कुंडली मिलान, जिसमें मांगलिक दोष का विश्लेषण भी शामिल होगा, उसके लिए 1,500 रुपये शुल्क रखा गया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में ज्योतिर विज्ञान की पढ़ाई कोई नई बात नहीं है। यहां 18 अक्टूबर 2001 से इस विषय में शैक्षणिक पाठ्यक्रम चल रहे हैं। स्नातक और परास्नातक स्तर की पढ़ाई हिंदी, अंग्रेज़ी और संस्कृत तीनों भाषाओं में कराई जाती है। अब इसी अकादमिक पृष्ठभूमि के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ज्योतिषीय सेवाओं को एक सार्वजनिक ढांचे में लाने जा रहा है। कब से शुरुआत ज्योतिष परामर्श केंद्र की शुरुआत अगस्त महीने में हो चुकी थी, लेकिन अभी तक इसकी सेवाएं केवल विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों तक सीमित थीं। अब इसे आम जनता के लिए खोलने की मंजूरी मिल गई है। ज्योतिर विज्ञान विभाग के समन्वयक श्यामलेश कुमार तिवारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेवाओं की रूपरेखा और शुल्क संरचना को स्वीकृति दे दी है। उनका कहना है कि औपचारिक रूप से आम लोगों के लिए परामर्श शुरू करने से पहले केंद्र का आवश्यक उन्नयन किया जाएगा, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। अपॉइंटमेंट सिस्टम, रिकॉर्ड मेंटेनेंस और भुगतान प्रक्रिया को विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा। इस केंद्र में करियर और आय की संभावनाओं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, शिक्षा, विवाह, संतान, मकान, आर्थिक स्थिति, निवेश और संपत्ति से जुड़े मामलों पर परामर्श दिया जाएगा। इसके अलावा, मांग पर कुंडली निर्माण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। छोटी कुंडली यानी तेवा तीन दिन में 500 रुपये में दी जाएगी। लग्न और चंद्र कुंडली के साथ मध्यम स्तर की कुंडली सात दिन में 1,100 रुपये में तैयार होगी। विस्तृत कुंडली विश्लेषण के लिए 15 दिन का समय लगेगा और इसकी फीस 3,100 रुपये तय की गई है। वहीं कंप्यूटराइज्ड कुंडली, जिसमें षडवर्ग विश्लेषण शामिल होगा, एक दिन में 1,100 रुपये में उपलब्ध होगी। मिलेगी वास्तु शास्त्र से जुड़ी सलाह वास्तु शास्त्र से जुड़ी सलाह भी इस केंद्र का अहम हिस्सा होगी। आवासीय भवनों के लिए वास्तु परामर्श का शुल्क 5 रुपये प्रति वर्ग फुट और व्यावसायिक भवनों के लिए 15 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किया गया है। इसके लिए दिशा स्पष्ट दर्शाने वाले साइट मैप जमा करना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय परिसर के भीतर सेवाओं को ज्यादा सुलभ बनाने के लिए छात्रों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को परामर्श शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सभी परामर्श विश्वविद्यालय के वित्तीय नियमों के तहत ही होंगे और बिना आधिकारिक रसीद के कोई सेवा नहीं दी जाएगी। अपॉइंटमेंट, भुगतान और दस्तावेज़ीकरण से जुड़े विस्तृत दिशा निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।

NEET UG 2026 तैयारी गाइड: इन चैप्टर्स को अच्छे से पढ़ा तो सफलता तय

नई दिल्ली  नीट (NEET UG) 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर है। नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने आगामी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अभ्यर्थी अधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन नीट परीक्षा 2026 में टॉप रैंक और 100% मार्क्स पाने के लिए छात्रों को नीट सिलेबस की पूरी तरह से जानकारी होनी चाहिए। 3 मई 2026 को होने वाली इस महा-परीक्षा से पहले, सिलेबस का स्पष्ट होना छात्रों के लिए अपनी स्ट्रैटिजी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। इसलिए अभी नीट परीक्षा का सिलेबस और एग्जाम पैटर्न समझ लीजिए और अपनी तैयारी को सही स्ट्रैटिजी के साथ शुरू कीजिए। NEET UG 2026 सिलेबस इस बार के सिलेबस को NCERT की नई किताबों और बदलती चिकित्सा शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। NMC ने स्पष्ट किया है कि नीट यूजी 2026 में 11वीं और 12वीं कक्षा के कोर विषयों—फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी —से प्रश्न पूछे जाएंगे। नीचे तीनों विषयों का डिटेल्ड सिलेबस दिया गया है 1. बायोलॉजी: यह विषय नीट परीक्षा का सबसे बड़ा हिस्सा होता है। सिलेबस में ‘डाइवर्सिटी इन लिविंग ऑर्गनिज्म’, ‘सेल स्ट्रक्चर’, ‘ह्यूमन फिजियोलॉजी’ और ‘प्लांट फिजियोलॉजी’ जैसे चैप्टर पर विशेष जोर दिया गया है। 12वीं के हिस्से से ‘जेनेटिक्स’, ‘इवोल्यूशन’, ‘बायोटेक्नोलॉजी’ और ‘इकोलॉजी’ जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स को शामिल किया गया है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे NCERT के हर डायग्राम और लेबलिंग को बारीकी से समझें। 2. फिजिक्स: फिजिक्स का सिलेबस कॉन्सेप्ट और न्यूमेरिकल पर आधारित है। इसमें ‘कैनेमेटिक्स’, ‘लॉ ऑफ मोशन’, ‘वर्क, एनर्जी एंड पावर’, ‘ग्रेविटेशन’ और ‘थर्मोडायनामिक्स’ जैसे प्रमुख चैप्टर शामिल हैं। 12वीं के स्तर से ‘इलेक्ट्रोस्टेटिक्स’, ‘ऑप्टिक्स’, ‘मैग्नेटिक इफेक्ट्स ऑफ करंट’ और ‘न्यूक्लियर फिजिक्स’ से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इस विषय में महारत हासिल करने के लिए फॉर्मूलों का अभ्यास अनिवार्य है। 3. केमिस्ट्री: केमिस्ट्री को तीन सेक्शन में बांटा गया है—फिजिकल, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक। फिजिकल केमिस्ट्री: मोल कॉन्सेप्ट, एटॉमिक स्ट्रक्चर और केमिकल काइनेटिक्स। इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री: पीरियोडिक टेबल, पी-ब्लॉक, डी-ब्लॉक एलिमेंट्स और केमिकल बॉन्डिंग। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री: हाइड्रोकार्बंस, एल्कोहल, फिनोल और ईथर के साथ-साथ ‘प्रैक्टिकल केमिस्ट्री’ के कुछ नए प्रयोग भी सिलेबस का हिस्सा हैं। क्या इस बार कुछ बदला है? अभिभावकों और छात्रों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सिलेबस में कटौती की गई है। NMC ने पिछले साल के पैटर्न को ही लगभग बरकरार रखा है, लेकिन कुछ ऐसे टॉपिक्स जो NCERT की नई किताबों से हटा दिए गए थे, उन्हें भी मेडिकल एंट्रेंस की गहराई को देखते हुए शामिल किया गया है।  NEET UG 2026 परीक्षा का पैटर्न परीक्षा का पैटर्न पहले जैसा ही रहेगा, कुल 200 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें से 180 का उत्तर देना होगा। प्रत्येक सही उत्तर के लिए +4 अंक मिलेंगे और गलत उत्तर के लिए -1 अंक (नेगेटिव मार्किंग) का प्रावधान है। परीक्षा कुल 720 अंकों की होगी। छात्रों के लिए तैयारी की टिप्स छात्रों को सिलेबस के अनुसार अपना ‘स्टडी प्लान’ अपडेट करना चाहिए। सबसे पहले उन चैप्टर्स को खत्म करें जिनका वेटेज ज्यादा है। पिछले 10 वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी स्पीड और सटीकता (एक्युरेसी) पर काम करें।  

करियर बनाने का बड़ा चांस: 6 दिन का रोजगार मेला, मल्टीनेशनल कंपनियों में जॉब ऑफर

रायपुर प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संभाग स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेले 12 से 17 फरवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों में आयोजित होंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार 12 एवं 13 फरवरी को बिलासपुर संभाग में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 14 और 15 फरवरी को दुर्ग संभाग में रोजगार मेले का आयोजन होगा। वहीं 16 एवं 17 फरवरी को सरगुजा और बस्तर संभाग में रोजगार मेले लगाए जाएंगे। इन रोजगार मेलों में निजी क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी। कंपनियों के प्रतिनिधि मौके पर ही अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन करेंगे, जिससे युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन और आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत उम्मीदवारों को रोजगार मेले के दौरान साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया में शामिल होने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

NEET UG 2026 रजिस्ट्रेशन लाइव, गलती करने पर रद्द हो सकता है आवेदन

नई दिल्ली  अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं, तो नीट यूजी 2026 आपके लिए सबसे बड़ा पड़ाव है। आज से नीट यूजी 2026 का रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है और हर साल की तरह इस बार भी हजारों फॉर्म सिर्फ एक छोटी-सी गलती की वजह से रिजेक्ट हो सकते हैं। खासतौर पर फोटो, सिग्नेचर और सर्टिफिकेट अपलोड करते वक्त जरा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने साफ किया है कि नीट यूजी 2026 के आवेदन में सभी दस्तावेज तय फॉर्मेट और साइज में ही अपलोड करने होंगे। एजेंसी ने आधार कार्ड और कैटेगरी सर्टिफिकेट को लेकर भी जरूरी सलाह जारी की है। जिन उम्मीदवारों का आधार अपडेट नहीं है या जिनके कैटेगरी सर्टिफिकेट नए सत्र के हिसाब से नहीं बने हैं, उन्हें तुरंत यह काम पूरा करने को कहा गया है। फोटो और सिग्नेचर को लेकर सबसे ज्यादा गड़बड़ी नीट यूजी फॉर्म रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह फोटो और सिग्नेचर का गलत साइज या गलत तरीका होता है। एनटीए ने इस बार भी बिल्कुल साफ निर्देश दिए हैं कि पासपोर्ट साइज फोटो सफेद बैकग्राउंड में होनी चाहिए, चेहरे का करीब अस्सी फीसदी हिस्सा दिखना चाहिए और दोनों कान साफ नजर आने चाहिए। पोस्टकार्ड साइज फोटो चार गुणा छह इंच की होनी चाहिए और उसका बैकग्राउंड भी सफेद ही होना जरूरी है। सिग्नेचर काले पेन से सफेद कागज पर किया हुआ होना चाहिए और ध्यान रखें कि नाम पूरे बड़े अक्षरों में न लिखा जाए। अंगूठे और उंगलियों के निशान साफ होने चाहिए, धुंधले या कटे हुए निशान मान्य नहीं होंगे। सर्टिफिकेट अपलोड करते वक्त रखें खास ध्यान नीट यूजी 2026 के फॉर्म में सभी सर्टिफिकेट मूल दस्तावेज़ से स्कैन करके ही अपलोड करने होंगे। दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र जन्मतिथि के सबूत के तौर पर जरूरी है, इसलिए इसमें कोई गलती नहीं होनी चाहिए। एससी, एसटी, ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को सत्र 2026-27 के लिए मान्य कैटेगरी सर्टिफिकेट ही देना होगा। दिव्यांग कोटे से आवेदन करने वालों के लिए पीडब्ल्यूबीडी सर्टिफिकेट जरूरी है। एनआरआई, ओसीआई और विदेशी उम्मीदवारों को नागरिकता से जुड़ा प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा। स्थायी और वर्तमान पते के प्रमाण के लिए आधार, पासपोर्ट या वोटर पहचान पत्र में से कोई एक मान्य होगा। NEET UG 2026 की जरूरी तारीखें नीट यूजी 2026 की आधिकारिक सूचना 7 फरवरी 2026 को जारी की गई है। इसी दिन से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई है और 8 मार्च 2026 तक चलेगी। मार्च के दूसरे हफ्ते में करेक्शन विंडो खोली जाएगी, जिसमें उम्मीदवार कुछ सीमित जानकारियों में सुधार कर सकेंगे। प्रवेश पत्र अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में जारी होने की संभावना है, जबकि परीक्षा तीन मई 2026 को अस्थायी रूप से तय मानी जा रही है। NEET UG 2026 रजिस्ट्रेशन ऐसे करें आवेदन के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और नया रजिस्ट्रेशन करके आवेदन संख्या बनानी होगी। इसके बाद शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी और अधिकतम चार परीक्षा शहर चुनने का विकल्प मिलेगा। दस्तावेज अपलोड करते समय फोटो, सिग्नेचर और पीडीएफ फाइल का साइज एक बार फिर जांच लेना जरूरी है। फीस जमा करने के बाद कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करना न भूलें, क्योंकि काउंसलिंग के समय यही पेज सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है। आवेदन से पहले ये बातें जरूर समझ लें नीट यूजी 2026 का फॉर्म भरते वक्त जल्दबाजी न करें। एक-एक जानकारी ध्यान से भरें और अपलोड की गई फाइलें साफ दिख रही हैं या नहीं, यह जरूर चेक करें। एक छोटी सी गलती पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर सकती है, इसलिए फॉर्म सबमिट करने से पहले हर स्टेप दोबारा देख लेना ही समझदारी है।

1.5 लाख पदों पर रेलवे में भर्ती का मौका, युवाओं के लिए जानें पूरी डिटेल

 नई दिल्ली भारतीय रेल में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया है. राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में भारतीय रेलवे की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है. उन्होंने यह भी बताया कि सभी खर्च पूरे करने के बाद भी अब रेलवे के पास साल के अंत में छोटा राजस्व अधिशेष बच भी रहा है. ये न केवल आर्थिक मजबूती लेकर आया है बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके भी लेकर आया है.  राशियों का दिया जायजा  रेल मंत्री ने बताया कि साल 2024-2025 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियों 99.22 फीसदी रहा. इसका साफ मलतब यही है कि रेलवे अपने खर्चों को अच्छी तरह से बैलेंस कर रहा है. इस बीच रेलवे की ग्रॉस ट्रैफिक रेवेन्यू 2 लाख 65 हजार करोड़ से ज्यादा रही, जिसमें से 2,660 करोड़ रुपये अधिशेष रहे.  पिछले 10 सालों में दी इतनी नौकरी  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 10 सालों में यानी 2024 से 2024 के बीच रेलवे में करीब 5 लाख से अधिक भर्ती की गई हैं. इनमें ट्रैक मेंटेनेंस, लोको पायलट, टेक्नीशियन, क्लर्क, इंजीनियर और ग्रुप-डी समेत कई पद शामिल हैं.  इस साल 1.5 लाख नौकरियों पर फोकस  उन्होंने आगे बताया कि तीसरे कार्यकाल में रेलवे में 1.5 लाख नौकरियां देने की प्रोसेस जारी है. मंत्री के मुताबिक, कई भर्तियों की परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. हालांकि, कई पदों के लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा.  इस तरह से बढ़ेगा रोजगार  पूर्वोत्तर राज्यों में रेलवे बजट को बढ़ाकर 11,486 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इससे नई लाइनें, स्टेशन और परियोजनाओं की शुरुआत होगी. इनसे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा. पंजाब, केरल, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी नई रेल परियोजनाओं से आने वाले समय में नौकरियों के मौके बढ़ने की उम्मीद है.      

एमपी एपेक्स बैंक में 2076 पदों पर भर्ती, क्लर्क से ऑफिसर तक बंपर अवसर; जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

भोपाल  सरकारी बैंक में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (MP Apex Bank) ने भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए प्रदेश के अलग-अलग जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में कुल 2076 पद भरे जाएंगे। खास बात ये है कि इसमें क्लर्क से लेकर ऑफिसर ग्रेड तक के पद शामिल हैं, यानी ग्रेजुएट युवाओं के लिए सुनहरा मौका। कितने पद और किसके लिए MP Apex Bank भर्ती 2026 में दो कैटेगरी में भर्तियां होंगी। पहली कैटेगरी में कंप्यूटर ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर (संविदा) और सोसायटी मैनेजर के कुल 1763 पद हैं। दूसरी तरफ ऑफिसर ग्रेड के 313 पद निकाले गए हैं, जिनमें ब्रांच मैनेजर, अकाउंटेंट, कंप्यूटर प्रोग्रामर और फाइनेंशियल एनालिस्ट जैसे पद शामिल हैं। पदों का आरक्षण और जिलेवार बंटवारा आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिया गया है। योग्यता क्या होनी चाहिए क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर और सोसायटी मैनेजर पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना जरूरी है। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग का ज्ञान और कंप्यूटर से जुड़ी योग्यता मांगी गई है। ऑफिसर ग्रेड के पदों के लिए पोस्ट के अनुसार B.E./B.Tech, MCA, MBA, CA, ICWA जैसी डिग्री और संबंधित अनुभव जरूरी है। सभी डिग्रियों का रिजल्ट 30 नवंबर 2025 तक घोषित होना चाहिए। उम्र सीमा और छूट सामान्य पदों के लिए उम्र 18 से 35 साल रखी गई है, जबकि संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए अधिकतम उम्र 55 साल है। मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों को नियमों के मुताबिक SC/ST, OBC, महिला और दिव्यांग वर्ग में उम्र की छूट भी मिलेगी। सैलरी कितनी मिलेगी MP Apex Bank भर्ती में सैलरी जिला बैंक के हिसाब से तय होगी। ज्यादातर बैंकों में लेवल 4 (19,500 से 62,000 रुपये) और कुछ में लेवल 7 (28,700 से 91,300 रुपये) तक वेतन मिलेगा। कुछ जिलों में 6th Pay Scale भी लागू होगी। चयन कैसे होगा चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन परीक्षा पर आधारित होगी, जिसे IBPS मुंबई द्वारा कराया जाएगा। परीक्षा में कुल 200 सवाल, 200 अंक के होंगे और नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी। मेरिट लिस्ट परीक्षा अंकों के आधार पर बनेगी। आवेदन कैसे करें इच्छुक उम्मीदवार apexbankmp.bank.in पर जाकर 06 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय फोटो, सिग्नेचर, अंगूठे का निशान और हस्तलिखित घोषणा अपलोड करना जरूरी है।

MP Police Bharti में आरक्षक भर्ती फिजिकल टेस्ट की तारीखों का ऐलान, 10 जिलों में होंगे एग्जाम

भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती से जुड़ी बड़ी अपडेट है। आरक्षक भर्ती के लिए 23 फरवरी से फिजिकल टेस्ट शुरू होने जा रहा है। प्रदेश के 10 जिलों में ये टेस्ट होगा। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम, मुरैना जिले शामिल हैं, जहां फिजिकल टेस्ट एग्जाम होना है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने आरक्षक जीडी के कुल 7500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरु करने वाली है। इसके लिए 30 अक्टूबर 2025 से 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी 2026 को जारी किया गया है। ये फिजिकल टेस्ट होंगे सफल उम्मदीवारों को अगले चरण के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा ली जाएगी। अभ्यर्थियों की 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक तथा दस्तावेजों का परीक्षण 23 फरवरी से 13 मार्च के बीच किया जाएगा, जो हर दिन सुबह 6 बजे से शुरू होगा। चयन प्रक्रिया पुलिस भर्ती में लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक दक्षता और दस्तावेज सत्यापन होगा। एग्जाम का स्तर हाई स्कूल योग्यता पर आधारित होगा। ये सैलरी मिलेगी चयनित उम्मीदवारों को पुलिस विभाग में आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर नियुक्ति मिलेगी। जिनका वेतन 19,500 से 62,000 रुपए प्रतिमाह होगा।

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग का देखें ब्योरा, 4227 पदों पर निकाली भर्ती

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने विज्ञापन संख्या 04/2026 के तहत ग्रुप सी के 4227 पदों पर भर्ती निकाली है। रिक्तियो में स्वास्थ्य कर्मचारियों (MPHW), स्टाफ नर्स, रेडियोग्राफर, डिस्पेंसर, डाइटिशियन, फॉरेस्ट गार्ड, जूनियर इंजीनियर, जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्निशियन और लीगल असिस्टेंट के पद शामिल हैं। यह भर्ती सीईटी बेस्ड है। सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) पास कर चुके उम्मीदवार 9 से 23 फरवरी 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट hssc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभिन्न विभागों में रिक्तियों का विभागवार और पदवार विवरण निम्नलिखित है: स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग स्वास्थ्य विभाग एमपीएचडब्ल्यू (F): 595 पद एमपीएचडब्ल्यू (M): 700 पद नर्स: 296 पद सिस्टर ट्यूटर: 12 पद रेडियोग्राफर: 99 पद डाइटिशियन: 22 पद ईएसआई हेल्थ केयर एमपीएचडब्ल्यू (F): 20 पद स्टाफ नर्स : 20 पद डिस्पेंसर आयुर्वेदिक : 3 पद चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान नर्स: 1475 पद रेडियोग्राफर: 32 पद जेई हॉर्टिकल्चर : 3 पद इंजीनियरिंग और तकनीकी पद (सिविल और अन्य) हाफेड : जेई सिविल के 5 पद हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL): जूनियर इंजीनियर सिविल: 23 पद टेक्निशियन (इंस्ट्रियूमेंटेशन एंड कंट्रोल): 7 पद प्लांट अटेंडेंट (इंस्ट्रियूमेंटेशन एंड कंट्रोल): 10 पद पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन जूनियर इंजीनियर सिविल: 15 पद जेई हॉर्टिकल्चर :1 पद नगर एवं ग्राम नियोजन : जेई सिविल के 6 पद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP): जेई (Horticulture) के 16 पद कानूनी और प्रशासनिक पद • एचएसआईआईडीसी (HSIIDC): असिस्टेंट मैनेजर (IA): 8 पद लीगल असिस्टेटं : 2 पद • श्रम विभाग : लीगल असिस्टेंट के 2 पद • खान एवं भूविज्ञान : लीगल असिस्टेंट के 2 पद अन्य महत्वपूर्ण विभाग • वन विभाग : Forest Guard (फॉरेस्ट गार्ड) के 779 पद • हरियाणा राज्य भंडारण निगम (HSWC): जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट के 73 पद • कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB): जेई हॉर्टिकल्चर का 1 पद

बैंक ऑफ बड़ौदा ने जारी की भर्ती, युवाओं के लिए 441 पदों पर आवेदन की आखिरी तारीख जानें

बैंक ऑफ बड़ौदा ने आईटी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी संख्या में पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के जरिए कुल 441 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिसमें स्थायी और संविदा दोनों तरह की नौकरियां शामिल हैं. आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. जो युवा बैंकिंग सेक्टर में आईटी फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह सुनहरा मौका साबित हो सकता है. बैंक ऑफ बड़ौदा की इस भर्ती में कुल 441 पद रखे गए हैं. इनमें से 418 पद स्थायी यानी रेगुलर आधार पर भरे जाएंगे. वहीं 23 पद संविदा यानी कॉन्ट्रैक्ट आधार पर होंगे. यह भर्ती बैंक के आईटी विभाग के लिए निकाली गई है ताकि डिजिटल कामकाज को और बेहतर बनाया जा सके. अलग-अलग पदों के लिए जिम्मेदारियां भी अलग होंगी, इसलिए उम्मीदवारों को अपने अनुभव और योग्यता के अनुसार आवेदन करना चाहिए. योग्यता क्या होनी चाहिए इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का आईटी या तकनीकी फील्ड से जुड़ा होना जरूरी है. उम्मीदवार के पास कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी या इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन से बीई, बीटेक, एमई, एमटेक या एमसीए की डिग्री होनी चाहिए.इस भर्ती में अनुभव को काफी महत्व दिया गया है जूनियर स्तर के पदों के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम 1 साल का काम का अनुभव होना चाहिए. वहीं सीनियर पदों के लिए लगभग 5 साल तक का अनुभव मांगा गया है. अनुभव आईटी या संबंधित तकनीकी फील्ड का होना जरूरी है. उम्र सीमा  इस भर्ती के लिए उम्र की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी. रेगुलर पदों के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 22 साल रखी गई है. वहीं अधिकतम उम्र पद के अनुसार 32 से 37 साल तक तय की गई है. संविदा पदों के लिए उम्मीदवार की उम्र 25 साल से कम और 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट भी दी जाएगी. चयन प्रक्रिया इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाएगा. सबसे पहले रेगुलर पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा हो सकती है. इस परीक्षा में उम्मीदवारों की तकनीकी जानकारी और योग्यता को परखा जाएगा. कुछ पदों के लिए उम्मीदवारों को उनके अनुभव और पढ़ाई के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जा सकता है.इसके बाद उम्मीदवारों का मनोवैज्ञानिक या मानसिक क्षमता टेस्ट भी लिया जा सकता है, जिससे यह देखा जा सके कि उम्मीदवार काम के दबाव और जिम्मेदारी को कितनी अच्छी तरह संभाल सकता है. इसके बाद शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. अंतिम चयन इंटरव्यू और अन्य प्रक्रियाओं के आधार पर किया जाएगा.इस भर्ती में एक खास शर्त भी रखी गई है. उम्मीदवार का CIBIL स्कोर 680 या उससे ज्यादा होना चाहिए. अगर किसी उम्मीदवार का स्कोर इससे कम है तो उसे जॉइनिंग में परेशानी हो सकती है. इसलिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवार को अपना क्रेडिट स्कोर जरूर चेक कर लेना चाहिए. कैसे करें आवेदन  स्टेप 1: सबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट पर जायें. स्टेप 2: वेबसाइट पर Career या Current Opportunities सेक्शन खोलें. स्टेप 3: आवेदन लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 4: अब अपना रजिस्ट्रेशन करें और वैध मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी दर्ज करें. स्टेप 5: लॉगिन करने के बाद अपनी जरूरी जानकारी सही तरीके से भरें. स्टेप 6: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें. स्टेप 7: सभी जानकारी ध्यान से जांच लें और फॉर्म सबमिट कर दें. स्टेप 8: आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर रख लें.

PSTST-2025: RCI विशेष शिक्षा कॉलम में सुधार के लिए पोर्टल फिर से सक्रिय

PSTST-2025: RCI विशेष शिक्षा कॉलम में सुधार के लिए पोर्टल फिर खुला भोपाल मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल, भोपाल द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा–2025 के आवेदन पत्र में कॉलम 7.7 (RCI विशेष शिक्षा संबंधी) को लेकर अभ्यर्थियों को सुधार का एक और मौका दिया गया है। पहले यह सुविधा 26 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक दी गई थी। अब लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश पर यह पोर्टल दोबारा 04 फरवरी 2026 से 11 फरवरी 2026 तक एमपी ऑनलाइन के माध्यम से खोला गया है। जिन अभ्यर्थियों के पास D.El.Ed Special Education (RCI) की योग्यता है, वे कॉलम 7.7 में “हाँ” का चयन करें। बाकी सभी अभ्यर्थी इसमें “नहीं” का चयन करें। मंडल ने बताया कि तय तारीख के भीतर किए गए सुधार ही मान्य होंगे और उसी के आधार पर आगे की प्रक्रिया होगी।  

MP बोर्ड अपडेट: 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं 20 फरवरी से होंगी शुरू

 भोपाल मध्यप्रदेश के सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है. राज्य शिक्षा केंद्र ने साफ किया है कि इस साल की वार्षिक परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर ही होंगी. परीक्षा का आगाज 20 फरवरी से होगा, जो 28 फरवरी तक जारी रहेगा. राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार जरूरी  सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इन परीक्षाओं में शासकीय विद्यालयों के साथ-साथ निजी स्कूलों और मदरसों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे. इस साल 1 लाख 10 हजार 615 सरकारी, प्राइवेट स्कूलों और मदरसों के करीब 24 लाख 90 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इ‍समें से 522 प्राइवेट स्कूलों के 20 हजार 736 विद्यार्थियों के लिए NCERT सिलेबस के अनुसार भाषा विषय के अलग प्रश्न पत्र तैयार किए गए हैं. अन्य विषयों के प्रश्न पत्र पाठ्यपुस्तकों के आधार पर बनाए गए हैं.  परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए विशेष आईटी पोर्टल विकसित किया गया है. इस पोर्टल से विद्यार्थियों का सत्यापन, परीक्षा केंद्रों का निर्धारण, केंद्राध्यक्षों की मैपिंग, सामग्री वितरण, रोल नंबर और प्रवेश पत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. इसके साथ ही उपस्थिति दर्ज करने, मूल्यांकन कार्य और अंकसूची जारी करने की व्यवस्था भी इसी पोर्टल से की जाएगी. हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया जाएगा. कोई विद्यार्थी यदि किसी कारणवश परीक्षा तिथि तक रजिस्टर्ड नहीं हो पाया है, तो उसे भी परीक्षा में शामिल करने के निर्देश केंद्राध्यक्षों को दिए गए हैं. ऐसे विद्यार्थियों की तकनीकी जानकारी परीक्षा के बाद दर्ज की जाएगी. परीक्षा में 86 हजार 109 सरकारी स्कूलों, 23 हजार 980 अशासकीय स्कूलों और 525 मदरसों के विद्यार्थी भाग लेंगे.

NIFT 2026 Exam: एडमिट कार्ड हुआ जारी, 8 फरवरी को एंट्रेंस टेस्ट

नई दिल्ली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) में एडमिशन की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NIFTEE 2026 (स्टेज-1) प्रवेश परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं। फैशन डिजाइनिंग और मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे छात्र अब अपना हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/niftee से डाउनलोड कर सकते हैं। यह प्रवेश परीक्षा 8 फरवरी 2026 (रविवार) को देश भर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। कैसे डाउनलोड करें अपना एडमिट कार्ड?     सबसे पहले NTA NIFT की आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/niftee पर जाएं। 2. होमपेज पर “NIFT 2026 Admit Card” वाले लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड (या जन्मतिथि) दर्ज करें। 4. कैप्चा कोड भरकर ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें। 5. आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा, इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक साफ प्रिंटआउट ले लें। परीक्षा का समय और पैटर्न NIFT 2026 की स्टेज-1 परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट (सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक): इसमें GAT होगा, जो कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। दूसरी शिफ्ट (दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00/6:30 बजे तक): इसमें CAT होगा, जो पेन-एंड-पेपर मोड (PBT) में आयोजित किया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर ले जाने वाले जरूरी डॉक्यूमेंट अभ्यर्थियों को ध्यान देना चाहिए कि बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उम्मीदवारों को अपने साथ ये चीजें ले जानी अनिवार्य हैं: एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट: एडमिट कार्ड पर लगा फोटो और सिग्नेचर स्पष्ट होना चाहिए। वैलिड फोटो आईडी कार्ड: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट (ओरिजिनल कॉपी)। फोटो: दो पासपोर्ट साइज फोटो (वही जो फॉर्म भरते समय अपलोड किए गए थे)। लेखन सामग्री: CAT परीक्षा के लिए नीले/काले बॉलपॉइंट पेन, पेंसिल, इरेजर और ड्राई कलर्स। महत्वपूर्ण निर्देश रिपोर्टिंग समय और परीक्षा केंद्र का पता आपके एडमिट कार्ड पर अंकित होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम 45-60 मिनट पहले पहुंचें। गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले बंद कर दिए जाएंगे। केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कैलकुलेटर या स्मार्टवॉच ले जाना प्रतिबंधित है।  

यूजीसी नेट रिजल्ट जारी, 1 लाख से अधिक पास उम्मीदवारों को मिलेगा पीएचडी का अवसर

नई दिल्ली  यूजीसी नेट दिसंबर सेशन 2025-26 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने UGC NET Result 2026 जारी कर दिया है. लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे कैंडिडेट्स अब अपना परिणाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. इस परीक्षा में कुल 1,17,058 उम्मीदवार केवल PhD के लिए क्वालिफाई हुए हैं. रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाना होगा. UGC NET Result 2026 ऐसे करें चेक     सबसे पहले वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं.     होमपेज पर UGC NET Result 2026 लिंक पर क्लिक करें.     अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें.     Submit पर क्लिक करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा.     रिजल्ट डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें. कैसा रहा रिजल्ट? UGC NET दिसंबर 2025 का रिजल्ट 4 फरवरी 2026 को जारी किया गया है. इस परीक्षा में कुल 7,35,614 उम्मीदवार शामिल हुए थे. इनमें से 5,108 उम्मीदवार JRF और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्य पाए गए. 54,713 उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर और PhD एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए. वहीं 1,17,058 उम्मीदवार केवल PhD के लिए योग्य घोषित किए गए. UGC NET दिसंबर 2025 की परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA द्वारा आयोजित की गई थी. यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में कराई गई थी. यह परीक्षा देशभर में कुल 85 विषयों के लिए आयोजित हुई थी. परीक्षा 6 दिनों तक चली और इसे 11 शिफ्ट में आयोजित किया गया. पूरे भारत में 663 परीक्षा केंद्रों और 283 शहरों में यह परीक्षा कराई गई थी. इस परीक्षा में कुल 9,93,702 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. अगर रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की बात करें तो इसमें सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवार थीं. कुल 5,85,400 महिलाएं परीक्षा में शामिल हुईं, जो लगभग 58.91 प्रतिशत हैं. वहीं 4,08,245 पुरुष उम्मीदवार थे, जो करीब 41.08 प्रतिशत हैं. इसके अलावा 57 उम्मीदवार थर्ड जेंडर से थे.

आज की जरूरत: सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग और बेहतर भविष्य की राह

लोगों में प्रतिभा तो होती है परंतु उसे समझने और निखारने की आवश्यकता होती है। उन्हें प्रशिक्षण मुहैया कराने के लिए कई संस्थानों में संबंधित कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इस फील्ड में पहले पाठ्यक्रम नहीं थे लेकिन अब सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षकों के लिए शिक्षण कार्य भी बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है। सॉफ्ट स्किल की क्षमता आपके करियर को नई दिशा देती है। अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग तकनीकी रूप से बड़े प्रतिभावान होते हैं। साथ ही, वे अपने क्षेत्र में निपुण भी होते हैं किंतु एक निश्चित बिंदु पर उनके करियर में ठहराव-सा आ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनमें नेतृत्व क्षमता, समूह में काम करना, सामाजिक सम्प्रेषण और संबंध निर्माण आदि कौशल का अभाव होता है। सॉफ्ट स्किल व्यापक क्षेत्र है, जिसमें सम्प्रेषण कौशल, श्रवण कौशल, टीम कौशल, नेतृत्व के गुण, सृजनात्मकता और तर्कसंगत, समस्या निवारण, कौशल और परिवर्तनशीलता आदि सम्मिलित हैं। सॉफ्ट स्किल के गुण किताबों से नहीं सीखे जाते, बल्कि इसके लिए प्रशिक्षण कारगर होते हैं। यदि आप सही अर्थों में अपने व्यक्तित्व में सॉफ्ट स्किल्स जोड़ना चाहते हैं तो आपको एक अच्छा, मेहनती और सीखने वाला बनकर उन सब बातों को, जो कुछ भी आपने व्यावहारिक रूप से ग्रहण किया है, व्यवहार में लाना होगा। कुछ ऐसे सॉफ्ट स्किल्स भी हैं जो आपकी रोजगार की संभावनाओं और व्यक्तित्व में सुधार कर स्थायी और अच्छी सैलरी पर नौकरी प्राप्त करने में सहयोग करता है।   प्रभावी सम्प्रेषण:- कौशल प्रभावी सम्प्रेषण कौशल में सार्वजनिक भाषणों, प्रस्तुतीकरण, बातचीत, संघर्ष समाधान ज्ञानिवतरण आदि के लिए मौखिक कौशल, अनुदेश मैनुअल तैयार करना, ज्ञापन, सूचनाएं लिखना, कार्यालयीन पत्र व्यवहार आदि के लिए लेखन कौशल शामिल हैं। इनमें मौखिक और गैर-मौखिक, दोनों ही शामिल है। चूंकि हमारा सम्प्रेषण का आधिकारिक माध्यम अंग्रेजी है, इसलिए इसमें कुछ हद तक अंग्रेजी में दक्षता होनी जरूरी है। सामूहिक कार्य:- कौशल अंतर्वैयक्तिक और सामूहिक कार्य कौशल उच्चतर उत्पादकता तथा बेहतर वातावरण के लिए योगदान करते हैं क्योंकि इनसे व्यक्ति संयुक्त लक्ष्य हासिल करने हेतु मिलकर कार्य करते हैं। यह सम्प्रेषण टीम सदस्यों के बीच एक गतिशील पारस्परिक क्रिया की स्थापना, फीडबैक का आमंत्रण, उसे प्रदान करना तथा संघर्ष की स्थिति को हल करना अपेक्षित होता है। ज्ञानात्मक कौशल:- अपने रोजमर्रा के जीवन में अक्सर आपको ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है जब आप सही फैसले करने में असमर्थ होते हैं। आपके सामने ऐसी स्थितियां उत्पन्न होने की ज्यादा संभावनाएं उस वक्त होती हैं जब आप किसी संगठन में कार्य करते हैं। ऐसी दबावपूर्ण स्थितियों का मुकाबला करने के लिए आपको कुछेक ऐसे कौशल विकसित करने की आवश्यकता है जो आपको निर्णय लेने, सृजनात्मक एवं अन्वेषणात्मक समाधान विकसित करने, व्यावहारिक हल ढूंढने, समस्याओं का स्वतंत्र रूप से पता लगाने, उनको हल करने और विभिन्न क्षेत्रों में समस्याओं के निदान में कार्य नीतियां लागू करने में मददगार हो सकते हैं। नौकरियां:- आजकल ज्यादातर संगठन अपने कर्मचारियों में उनके सकारात्मक, सम्प्रेषण, अंतर्वैयक्तिक और टीम कौशल, समस्या निदान, अनुकूलनशीलता और कार्य पद्धति में सुधार हेतु प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। इससे एक तरफ जहां उनके व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, वहीं दूसरी तरफ सं गठन की उत्पादकता में भी वृद्धि होती है। अतः सॉफ्ट स्किल में पाठय़क्रम पूरा करने के उपरांत कोई व्यक्ति किसी निजी या सार्वजनिक संगठन में सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षक के रूप में रोजगार प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा, आप अपना स्वयं का ट्रेनिंग सेंटर भी खोल सकते हैं। व्यक्तित्व संबंधी गुण:- समय के साथ-साथ अब फोकस एक सामान्य व्यक्ति से सुशिक्षित और परिष्कृत व्यक्तित्व की ओर हो गया है। विभिन्न संगठनों, खासकर कंपनियों को ऐसे व्यक्तियों की तलाश रहती है जो कुशाग्र और सुशिक्षित होते हैं। उनमें ऐसे सम्प्रेषण कौशल होने चाहिए कि वे सबसे आगे रहें। इसके लिए वे अपने कर्मचारियों को भर्ती के उपरांत प्रशिक्षण प्रदान करते हैं लेकिन वे उन व्यक्तियों को वरीयता देते हैं जो पहले से अपने क्षेत्र में बेहतर होते हैं। चूंकि ज्यादातर लोग प्रतिभाओं के साथ जन्म लेते हैं, परंतु उन्हें परिष्कृत और शिक्षित करने की आवश्यकता होती है। उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए बाजार में बहुत से संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। ये संस्थान काफी धन अर्जन कर रहे हैं और इस तरह सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षकों को आकर्षक रोजगार का विकल्प प्रदान कर रहे हैं। वेतन:- इस सेक्टर में काफी अच्छा वेतन है। चूंकि यह कल्चर प्राइवेट कंपनियों और वैश्वीकरण के कारण तेजी फला-फूला है, इसलिए इसकी ग्रोथ भी ज्यादा है। योग्यताएं:- पहले इस फील्ड में पाठ्यक्रम नहीं चलाए जाते थे लेकिन अब सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षकों के लिए शिक्षण कार्य भी एक अच्छे विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है क्योंकि सभी इंजीनियरिंग और प्रबंध संस्थानों में तकनीकी कौशल एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल होता है। वहां पर छात्रों को साक्षात्कार और समूह र्चचा में बेहतर प्रदर्शन के लिए अपेक्षित अन्य वैयक्तिक कौशलों के साथ-साथ प्लेसमेंट और सम्प्रेषण कौशलों के लिए प्रशिक्षित और तैयार किया जाता है।  

UPSC के नए दिशा-निर्देश: IAS-IFS के लिए सिविल एग्जाम की पुनः अनुमति नहीं, IPS को मिलेगा नया विकल्प

 नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के साल 2026 के एग्जाम के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके तहत उम्मीदवार 4 फरवरी से लेकर 24 फरवरी 2026 के बीच एप्लीकेशन फॉर्म फिल कर सकते हैं. ऐसे में जो भी उम्मीदवार UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, जल्द से जल्द आवेदन कर लें.  नोटिफिकेशन के साथ ही आयोग ने कई नए बदलाव भी किए हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में.  इतने पदों पर निकली भर्ती  इस साल कुल 933 पदों पर भर्ती निकली है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी है. नए नियमों के तहत IAS, IFS और विशेष रूप से IPS में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों को लेकर भी कई सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं.  फेस ऑथेंटिकेशन पर होगा जोर  इस साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में नए तरह से ऑथेंटिकेशन किया जाएगा. बता दें कि इस बार से परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों का फेस ऑथेंटिकेशन होगा. सुरक्षित और सही तरह से परीक्षा प्रक्रिया को करवाने के लिए सभी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से फेस ऑथेंटिकेशन करवाना होगा. योग्यता  जो भी उम्मीदवार इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) के लिए अप्लाई कर रहे हैं उनके पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होना अनिवार्य है. वहीं, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) उम्मीदवारों को एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में बैचलर डिग्री जरूरी है.  बदलावों पर दें ध्यान  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके साथ ही उन उम्मीदवारों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो पहले से इस सेवा में हैं. बता दें कि आयोग ने कहा है कि जो पहले से ही किसी सेवा में चयनित हो चुके हैं. वे CSE के जारी पदों पर आवेदन नहीं कर सकते हैं. इतना ही नहीं अगर किसी उम्मीदवार का चयन प्रीलिम्स के बाद और मेंस एग्जाम के पहले इन सेवाओं में हो जाता है, तो उसे मेंस देने की अनुमति नहीं मिलेगी. वहीं, IPS के लिए भी एक नया नियम है. अगर कोई भी उम्मीदवार पिछली परीक्षाओं के आधार पर IPS के लिए चुना जा चुका है, तो वह 2026 के रिजल्ट के आधार पर दोबारा IPS कैडर का विकल्प नहीं चुन पाएगा.  उम्मीदवारों को देना होगा ध्यान   UPSC ने उन उम्मीदवारों के लिए भी नियमों में बदलाव किए हैं, जो 2026 में ग्रुप A सेवा में चयन होने के बाद फिर से एग्जाम देना चाहते हैं. ऐसे उम्मीदवारों को तभी एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा जब, वे संबंधित विभाग से ‘ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट मिल जाए. लेकिन अगर वे ट्रेनिंग में शामिल नहीं होते हैं और छूट भी नहीं लेते, तो उनका 2026 वाला आवेदन रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही अगर वे साल 2027 में फिर से सफल होते हैं, तो उन्हें दोनों में से एक सेवा चुननी होगी और दूसरी रद्द मानी जाएगी.  वन-टाइम अपॉर्चुनिटी गौर करने वाली बात यह भी है कि जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले किसी सर्विस में आ चुके हैं, उन्हें अपने बचे हुए अटेम्पट्स को यूज करने के लिए 2026 या 2027 में एक लास्ट मौका दिया गया है (बिना इस्तीफा दिए). लेकिन अगर कोई उम्मीदवार 2028 या उसके बाद की सिविल सेवा परीक्षा में बैठना चाहता है, तो उसे अपनी वर्तमान पोस्ट से इस्तीफा देना होगा.  डिजिटल सुरक्षा और आवेदन प्रक्रिया  AI और आधार लिंक: परीक्षा केंद्रों पर पहचान की चोरी (Impersonation) रोकने के लिए AI-बेस्ड फेशियल रिकॉग्निशन और आधार-लिंक्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है. अब पुराने OTR के बजाय चार-चरणों वाला एक नया डिजिटल पोर्टल है जहां आधार वेरिफिकेशन के जरिए ही फॉर्म भरा जाएगा. 

छोटे राज्य से बड़ी उड़ान: छत्तीसगढ़ का उभरता टेक्निकल इंस्टीट्यूट, Google में प्लेसमेंट

भिलाई  आज के समय में स्टूडेंट्स सिर्फ एक नामी कॉलेज नहीं, बल्कि ऐसा इंस्टीट्यूट चाहते हैं जहां पढ़ाई के साथ-साथ सोचने, प्रयोग करने और आगे बढ़ने का मौका मिले. IIT भिलाई ठीक इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है. यह इंस्टीट्यूट पूरे देश के स्टूडेंट्स के लिए एक नया अवसर बनकर उभरा है. यहां पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज, रिसर्च और रियल-लाइफ प्रॉब्लम्स से जोड़ा जाता है. मॉडर्न कैंपस, सपोर्टिव नेचर और फ्यूचर ग्रोथ पढ़ाई के कारण IIT भिलाई आज तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है. आइए जानते हैं कि आईआईटी भिलाई में एडमिशन कैसे लें, फीस क्या है और प्लेसमेंट के क्या-क्या अवसर है. IIT Bhilai Admission: एडमिशन प्रोसेस IIT भिलाई में BTech कोर्स में एडमिशन पूरी तरह नेशनल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर होता है. बीटेक कोर्स में एडमिशन लेने के लिए JEE Advanced एग्जाम पास करना पड़ता है. जेईई एडवांस्ड में मिले रैंक के बेसिस पर JoSAA काउंसलिंग के जरिए सीट अलॉट की जाती है. GATE स्कोर के आधार पर MTech कोर्स में एडमिशन दिया जाता है. IIT Bhilai Fees: फीस स्ट्रक्चर आईआईटी भिलाई में BTech कोर्स की फीस लगभग 170270 (प्रतिवर्ष) रुपये हैं, जिसमें ट्यूशन फीस और हॉस्टल और अन्य सभी फीस शामिल है. MTech कोर्स की फीस लगभग 86420 रुपये (प्रतिवर्ष) है. फीस रिलेटेड डिटेल्स जानने के लिए स्टूडेंट्स कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट iitbhilai.ac.in चेक कर सकते हैं. IIT Bhilai Placement Details: प्लेसमेंट डिटेल्स IIT भिलाई को एक उभरता हुआ IIT माना जाता है. यहां प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छा है. CSE और DSAI जैसे टेक्निकल ब्रांच में ज्यादा हाई-पैकेज देखे जाते हैं. यहां टॉप कंपनियां जैसे Google, TCS, Infosys और Accenture कॉलेज के स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट ऑफर देने के लिए आते हैं. 2024-25 में स्टूडेंट्स का हाईएस्ट पैकेज 13.28 लाख रुपये तक का देखा गया है.

अग्निवीर भर्ती अलर्ट: भारतीय सेना ने जारी किए अहम दिशा-निर्देश, यह नियम तोड़ा तो चयन रद्द तय

नई दिल्ली इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती 2026 के रजिस्ट्रेशन शुरू होने से पहले अग्निवीर ट्रेड्मैन केटगरी के पद से जुड़ा एक बेहद अहम नियम जारी किया गया है। इंडियन आर्मी भर्ती की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर नोटिस जारी कर कहा गया है कि जो अभ्यर्थी 8वीं व 10वीं ट्रेड्मैन अग्निवीर पदों के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें अपनी पसंद के ट्रेड खुद भरने होंगे। 10वीं पास अभ्यर्थी अधिकतम 9 ट्रेड चुन सकेंगे। वहीं 8वीं पास अभ्यर्थियों के लिए 2 ट्रेड का विकल्प दिया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी ट्रेड नहीं भरता है तो मेरिट में आने के बावजूद उसका चयन नहीं हो पाएगा। इंडियन आर्मी ने नोटिस में कहा, ‘अभ्यर्थियों को अग्निवीर ट्रेड्समैन श्रेणी के अन्तर्गत उनके पसंद के ट्रेड्स का विकल्प दिया जाना आवश्यक है। अग्निवीर ट्रेड्समैन (10 वीं पास) श्रेणी के अंतर्गत कुल 09 ट्रेड तक के विकल्प तथा अग्निवीर ट्रेड्समैन (8वीं पास) श्रेणी में दो ट्रेड तक के विकल्प का चयन अभ्यर्थी अपनी प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित कर सकता है। इसके अतिरिक्त, यदि अभ्यर्थी अपनी प्राथमिकताओं के चयन में किसी विशिष्ट ट्रेड को शामिल नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में मेरिट में होने के बावजूद उसका चयन नहीं किया जाएगा तथा प्राथमिकता के आधार पर चुनी गई श्रेणी में रिक्तियों की अनुपलब्धता के कारण उसे चयन से वंचित कर दिया जाएगा।’ आवेदन के लिए 3 फरवरी की डेट वेबसाइट से हटाई वर्ष 2026 की इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 3 फरवरी 2026 से शुरू होने थे लेकिन ऐन वक्त पर ये डेट हटा ली गई। अब लिखा गया है कि अग्निवीर भर्ती के आवेदन जल्द ही शुरू होंगे। नई अग्निवीर भर्ती आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की संभावना है। उम्मीदवार joinindianarmy.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। अग्निवीर जनरल ड्यूटी (जीडी), टेक्निकल, क्लर्क व स्टोर कीपर टेक्निकल, 8वीं व 10वीं पास ट्रेडसमैन, सैनिक फार्मा, सैनिक तकनीकी नर्सिंग सहायक, वोमेन पुलिस के पदों पर भर्ती होगी। एक फार्म में दो पदों के लिए आवेदन का मौका मिलेगा। यानी इस बार दो पदों के लिए अभ्यर्थी एक साथ एप्लाई कर सकेंगे। आयु 17.5 साल से लेकर 21 साल तक के युवा आवेदन कर सकते हैं। क्या है योग्यता – अग्निवीर जनरल ड्यूटी (जीडी) 45 फीसदी अंकों के साथ में 10वीं पास होना चाहिए। हर विषय में कम से कम 33 फीसदी अंक होना जरूरी। – जिन उम्मीदवारों के पास लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस होगा, उन्हें ड्राइवर भर्ती में प्रेफरेंस भी दिया जाएगा। अग्निवीर टेक्निकल – फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और अंग्रेजी विषयों में 50 फीसदी अंकों (एग्रीगेट) के साथ में 12वीं पास जरूरी है। हर विषय में कम से कम 40 फीसदी मार्क्स जरूर हों। अग्निवीर क्लर्क/ स्टोरकीपर टेक्निकल किसी भी स्ट्रीम में कम के कम 60% अंकों के साथ 12वीं पास हो। हर विषय में 50 फीसदी मार्क्स होना जरूरी। अंग्रेजी और गणित/अकाउंट्स/ बुक कीपिंग में कम से कम 50 फीसदी अंक जरूरी। – अग्निवीर क्लर्क और स्टोरकीपर कैटेगरी के पदों के लिए टाइपिंग टेस्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है। अग्निवीर ट्रेड्समैन – 10वीं पास – कम से कम 10वीं पास। आवेदक के सभी विषयों में 33 फीसदी अंक होने चाहिए। अग्निवीर ट्रेड्समैन 8वीं पास – कम से कम 8वीं पास। आवेदक के सभी विषयों में 33 फीसदी अंक होने चाहिए। महिला मिलिट्री पुलिस योग्यता – 45 फीसदी मार्क्स के साथ 10वीं पास। हर विषय में 33 फीसदी मार्क्स होना जरूरी। कद-काठी संबंधी योग्यता अग्निवीर जीडी, अग्निवीर टेक्निकल, अग्निवीर ट्रेड्समैन 8वीं व 10वीं पास के लिए – लंबाई कम से कम 170 सेमी और छाती 77 सेमी हो। 5 सेमी फुलाव के साथ 82 सेमी हो। कुछ राज्यों में लंबाई 169 तो कुछ में 165 तो कुछ में 163 ही मांगी गई है। अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर टेक्निकल – 162 सेमी लंबाई हो । छाती 77 सेमी हो। 5 सेमी फुलाव के साथ 82 सेमी हो। फिजिकल टेस्ट ग्रुप 1 – अग्निवीरों की भर्ती के लिए होने वाले फिजिकल टेस्ट की बात करें कि ग्रुप-1 के तहत साढ़े 5 मिनट में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके लिए 60 मार्क्स दिए जाएंगे। 10 पुल अप्स लगाने होंगे जो 40 मार्क्स के होंगे। ग्रुप 2 – ग्रुप-2 के तहत 5 मिनट 45 सेकेंड में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 48 मार्क्स होंगे। 9 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 33 मार्क्स होंगे। ग्रुप 3 – ग्रुप-3 के तहत 6 मिनट में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 36 मार्क्स होंगे। 8 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 27 मार्क्स होंगे। ग्रुप 4 – ग्रुप-2 के तहत 6 मिनट 15 सेकेंड में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 24 मार्क्स होंगे। 7 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 21 मार्क्स होंगे। 6 बार पुल अप्स लगाने वाले को 16 मार्क्स मिलेंगे। उपरोक्त सभी ग्रुप में दो चीजें महज क्ववालिफाइंग होंगी – 9 फीट लंबी कूद मारनी होगी। यह केवल क्वालिफाई करना होगा। – जिग जैग बैलेंस टेस्ट महज पास करना होगा।  

JEE Main Answer Key 2026 जारी, jeemain.nta.nic.in पर करें चेक; 13 लाख अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा खत्म

नई दिल्ली JEE Main Answer Key 2026 OUT, jeemain.nta.nic.in : एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन सेशन 1 की आंसर-की जारी कर दी। परीक्षार्थी जेईई मेन आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर आंसर-की चेक व डाउनलोड कर सकते हैं। जेईई मेन की प्रोविजनल आंसर-की पर 6 फरवरी, 2026 तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। आंसर-की के साथ रिस्पॉन्स शीट भी आई है जिसे देखकर अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं। किसी प्रश्न के उत्तर पर आपत्ति होने पर उम्मीदवार प्रति सवाल 200 रुपये के हिसाब से ऑब्जेक्शन दर्ज करा सकेंगे। सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स सभी चैलेंज की जांच करेंगे और उसके आधार पर फाइनल आंसर की जारी होगी। फाइनल आंसर की के आधार पर परिणाम जारी होगा। आपको बता दें कि इस बार जेईई मेन 2026 सेशन 1 के लिए कुल 1350969 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें से 1300368 यानी 96.26 फीसदी ने एग्जाम दिया था। जेईई मेन सेशन 1 की परीक्षा 21, 22, 23, 24, 28 और 29 जनवरी, 2026 को हुई थी। पहले चार दिनों में पेपर 1 की परीक्षा दो शिफ्ट में हुई थी – पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक। पेपर 2 की परीक्षा आखिरी तारीख को एक ही शिफ्ट में हुई थी – सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक। JEE Mains 2026 Session 1 Answer Key Direct Link जेईई मेन में दो पेपर होते हैं। पेपर 1 एनआईटी, आईआईआईटी, अन्य केंद्र सरकार से फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस (CFTIs) और हिस्सा लेने वाली राज्य सरकारों द्वारा फंडेड/मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशंस/यूनिवर्सिटीज में अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम में एडमिशन के लिए होता है। जेईई मेन जेईई एडवांस्ड के लिए एलिजिबिलिटी टेस्ट भी है, जो आईआईटी में एडमिशन के लिए होता है। जेईई मेन पेपर 2 बीआर्क व बी प्लानिंग कोर्स में एडमिशन के लिए होता है। जेईई मेन 2026 सेशन 2 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 25 फरवरी तक करें आवेदन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE Main 2026 सेशन 2 (अप्रैल सत्र) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 फरवरी 2026 से शुरू कर दी है। जो छात्र इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर या प्लानिंग कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। महत्वपूर्ण तारीखें और समय अपरैल सत्र की परीक्षा उन छात्रों के लिए एक और सुनहरा मौका है जो जनवरी सत्र में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए या जो पहली बार परीक्षा में बैठ रहे हैं। रजिस्ट्रेशन शुरू: 1 फरवरी 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 (रात 9:00 बजे तक) शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 (रात 11:50 बजे तक) परीक्षा की तारीखें: 1 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 (संभावित: 2 से 9 अप्रैल) एडमिट कार्ड: परीक्षा से 3 दिन पहले जारी होंगे। सीटों का गणित इस वर्ष देशभर की आईआईटी, एनआईटी व आईआईआईटी की साढ़े 62 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग सीटों के लिए लगभग 13 लाख विद्यार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। आईआईटी में 18160, एनआईटी में 24525, ट्रिपल आईटी में 9940 और जीएफटीआई में 10228 सीटें उपलब्ध हैं। जेईई मेन से IIT तक का रास्ता जेईई मेन परीक्षाएं खत्म होने के बाद दोनों सत्रों के बेस्ट एनटीए स्कोर के आधार पर स्टूडेंट्स की रैंक जारी की जाएगी। जेईई मेन परिणाम में पहले 2,50,000 रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार जेईई एडवांस टेस्ट के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। जेईई एडवांस के जरिए आईआईटी में दाखिला मिलता है। आईआईटी एंट्रेंस जेईई एडवांस्ड भी वही दे सकेगा जिसके 12वीं में कम से कम 75 फीसदी मार्क्स होंगे। या फिर संबंधित बोर्ड एग्जाम में टॉप 20 परसेंटाइल उम्मीदवारों में से एक होंगे।

बड़ा फैसला आने वाला है! अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों में शामिल करने पर विचार

नईदिल्ली  देश की सुरक्षा में चार साल तक पसीना बहाने वाले हजारों अग्निवीरों के भविष्य को लेकर अब बड़ी उम्मीद जगी है. अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच इस साल के अंत में अपनी सेवा पूरी करने जा रहा है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि चार साल की सैन्य सेवा के बाद इन युवाओं का आगे क्या होगा. सरकार ने पहले ही साफ किया था कि चार साल बाद सिर्फ 25 फीसदी अग्निवीरों को ही सेना में स्थायी नियुक्ति मिलेगी, जबकि बाकी 75 फीसदी युवाओं को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा. अब जब रिटायरमेंट का समय नजदीक आ रहा है तो इन युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसी बीच केंद्र सरकार, खासकर गृह मंत्रालय एक ठोस और व्यापक एडजस्टमेंट नीति पर काम कर रहा है. माना जा रहा है कि इस नीति के तहत रिटायर होने वाले अग्निवीरों को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में बड़ी संख्या में मौका दिया जाएगा. अगर यह योजना लागू होती है तो यह हजारों युवाओं के लिए एक बड़ा राहत पैकेज साबित हो सकती है.  पहले बैच के करीब 46 हजार अग्निवीर होंगे रिटायर अग्निपथ योजना की शुरुआत जून 2022 में की गई थी. इसके तहत इंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में चार साल के लिए युवाओं की भर्ती हुई. पहली भर्ती प्रक्रिया सितंबर 2022 में पूरी हुई थी, जिसमें 60 हजार से ज्यादा युवा अग्निवीर बने. नियमों के अनुसार, इनमें से लगभग 75 फीसदी यानी करीब 46 हजार अग्निवीर इस साल के अंत तक अपनी चार साल की सेवा पूरी कर लेंगे. इन्हें ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, हालांकि सेवा निधि (Seva Nidhi) दी जाएगी. इसी वजह से इनके आगे के करियर को लेकर चिंता लंबे समय से बनी हुई थी.  गृह मंत्रालय ने शुरू की तैयारी, बनी आंतरिक समिति मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,रिटायर होने वाले अग्निवीरों को दोबारा रोजगार देने के लिए गृह मंत्रालय ने कमर कस ली है. मंत्रालय ने CAPF के वरिष्ठ अधिकारियों की एक आंतरिक समिति बनाने का निर्देश दिया है. यह समिति इस बात पर काम कर रही है कि अग्निवीरों को किस तरह से बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी जैसे अर्धसैनिक बलों में समायोजित किया जा सकता है. समिति अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि अग्निवीरों के सैन्य अनुभव का सही यूज हो सके.  CAPF में 50 प्रतिशत कोटा, उम्र और फिजिकल में मिल सकती है राहत सूत्रों के अनुसार, सरकार जिस एडजस्टमेंट नीति पर काम कर रही है, उसके तहत CAPF में सीधी भर्ती की 50 प्रतिशत सीटें अग्निवीरों के लिए आरक्षित की जा सकती हैं. भर्ती में ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जा सकती है. फिजिकल टेस्ट में कुछ रियायत मिल सकती है. पहले से सैन्य प्रशिक्षण होने के कारण ट्रेनिंग अवधि कम की जा सकती है. इससे अग्निवीरों को दोबारा नई शुरुआत करने में काफी आसानी होगी. केंद्र सरकार के साथ-साथ कई राज्य सरकारों ने भी पूर्व अग्निवीरों को नौकरी में प्राथमिकता देने का ऐलान किया है. कुछ राज्यों ने पुलिस, होमगार्ड और अन्य विभागों में सीटें आरक्षित करने की घोषणा की है. इससे साफ है कि अग्निवीरों को सिस्टम में बनाए रखने की कोशिशें हर स्तर पर चल रही हैं. इससे पहले भी इस तरह के संकेत सामने आ चुके हैं. जनवरी में CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा था कि नेवी से रिटायर होने वाले अग्निवीरों को बंदरगाहों और तटीय सुरक्षा से जुड़े कामों में तैनात किया जा सकता है. यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि सरकार पहले से ही इस दिशा में सोच रही है.  मार्च-अप्रैल 2026 तक हो सकता है बड़ा ऐलान माना जा रहा है कि आंतरिक समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप देगी. इसके बाद केंद्र सरकार इस पर अंतिम फैसला ले सकती है. उम्मीद है कि अग्निवीरों के पहले बैच के रिटायर होने से पहले, यानी मार्च-अप्रैल 2026 तक, इस नीति की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी. 

महिला भर्ती रैली का ऐलान: बेटियों के लिए सुनहरा मौका, तारीख और प्रक्रिया पूरी तरह से जानें

रायपुर छत्तीसगढ़ की युवतियों के लिए देश सेवा में कदम रखने का बड़ा अवसर सामने आया है। भारतीय सेना भर्ती कार्यालय, जबलपुर (मध्य प्रदेश) द्वारा महिला सेना पुलिस पद के लिए 23 फरवरी 2026 को पुलिस ग्राउंड, झिंझरी, कटनी में भव्य भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों की चयनित महिला अभ्यर्थी भाग लेंगी। कॉमन एंट्रेंस एग्जाम में सफल अभ्यर्थियों को मिलेगा मौका महिला सेना पुलिस भर्ती के लिए 30 जून 2025 से 10 जुलाई 2025 के बीच आयोजित ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) में सफल महिला उम्मीदवार ही रैली में शारीरिक दक्षता परीक्षण, दस्तावेज़ सत्यापन और अन्य चयन प्रक्रियाओं में भाग लेंगी। 24 फरवरी को होगी चिकित्सकीय जांच शारीरिक दक्षता और दस्तावेज़ सत्यापन में सफल उम्मीदवारों की चिकित्सकीय जांच 24 फरवरी 2026 को सेना अस्पताल, जबलपुर में कराई जाएगी। स्वस्थ पाए जाने पर ही अंतिम चयन सुनिश्चित होगा। साथ लाने होंगे ये दस्तावेज अभ्यर्थियों को रैली में एडमिट कार्ड, सभी मूल शैक्षणिक और पहचान दस्तावेज, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य है। प्रवेश पत्र उम्मीदवारों के पंजीकृत ई-मेल आईडी पर भेजे जा चुके हैं और यह भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in  पर भी उपलब्ध हैं।  देश सेवा, अनुशासन और सम्मान के क्षेत्र में करियर का मौका महिला सेना पुलिस भर्ती रैली छत्तीसगढ़ की युवतियों के लिए देश सेवा और सम्मान का सुनहरा अवसर है। बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों की भागीदारी से यह आयोजन राज्य स्तर पर विशेष महत्व रखता है।

मुफ्त शिक्षा का सुनहरा अवसर! UP RTE 2026 के लिए प्राइवेट स्कूलों में ऑनलाइन आवेदन आज से शुरू

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लखनऊ उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्राइवेट स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर फ्री एडमिशन की प्रक्रिया आज, 2 फरवरी 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस साल प्रवेश प्रक्रिया को चार चरणों में विभाजित किया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। क्या है RTE प्रवेश प्रक्रिया? आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत, प्राइवेट स्कूलों को अपनी कुल सीटों का 25% हिस्सा उन बच्चों के लिए आरक्षित रखना होता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय बहुत कम है या जो सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग से आते हैं। इन बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है। महत्वपूर्ण तिथियां (प्रथम चरण) अगर आप अपने बच्चे का दाखिला पहले चरण में कराना चाहते हैं, तो इन तारीखों को नोट कर लें। ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 2 फरवरी 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 दस्तावेजों का सत्यापन: 26 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक। लॉटरी निकालने की तिथि: 3 मार्च 2026। स्कूल में दाखिला: 8 मार्च 2026 तक छात्रों को आवंटित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा। जरूरी पात्रता और डॉक्यूमेंट आवेदन करने के लिए बच्चे की आयु 3 से 7 वर्ष के बीच होनी चाहिए (नर्सरी से कक्षा 1 तक के लिए)। आवेदन के लिए इन डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होगी। बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र। परिवार का आय प्रमाण पत्र (निर्धारित सीमा के भीतर)। निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर आईडी)। बच्चे की नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो। जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)। कैसे करें आवेदन? अभिभावक घर बैठे या पास के जन सुविधा केंद्र (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं-     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rte25.upsdc.gov.in पर जाएं। 2. ‘Online Application/Student Registration’ लिंक पर क्लिक करें। 3. बच्चे का विवरण और पते की जानकारी भरें। 4. पसंदीदा स्कूलों की लिस्ट का चयन करें (अभिभावक अपने वार्ड के स्कूलों को प्राथमिकता दें)। 5. डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रखें। शिक्षा विभाग की तैयारी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और बीएसए (BSA) को निर्देश दिया है कि वे पोर्टल की निगरानी करें और आवेदनों के वेरिफिकेशन में देरी न होने दें। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।  

10वीं–12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर: CBSE बोर्ड परीक्षा एडमिट कार्ड और एग्जाम डेट घोषित

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नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (cbse) द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड 2026 जल्द ही जारी किए जाने की उम्मीद है। सीबीएसई ने प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए हॉल टिकट पहले ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर अपलोड कर दिए हैं, जबकि रोगुलर छात्रों के लिए एडमिट कार्ड फरवरी के पहले सप्ताह में जारी किए जा सकते हैं। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली हैं। परीक्षा में बैठने वाले हर छात्र के लिए एडमिट कार्ड सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है, क्योंकि इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा का पूरा शेड्यूल बोर्ड द्वारा जारी रिवाइज्ड शेड्यूल के अनुसार: कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक चलेगी। इस साल से कक्षा 10 के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं का विकल्प भी शुरू किया गया है, जिसका दूसरा चरण मई-जून में होगा। कक्षा 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्कूलों में 1 जनवरी 2026 से ही शुरू हो चुकी हैं। एडमिट कार्ड कैसे प्राप्त करें? नियमित छात्रों के लिए: रेगुलर छात्रों को अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। उनके संबंधित स्कूल बोर्ड के पोर्टल से एडमिट कार्ड डाउनलोड करेंगे और प्रधानाचार्य के सिग्नेचर व स्कूल की मुहर के बाद छात्रों को वितरित करेंगे। प्राइवेट छात्रों के लिए (डाउनलोड स्टेप्स):     आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं। 2. होमपेज पर “Admit Card for Candidates 2026” लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना एप्लीकेशन नंबर, पिछला रोल नंबर या नाम दर्ज करें। 4. विवरण सबमिट करें और अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करें। 5. इसका एक स्पष्ट रंगीन प्रिंटआउट लें। एडमिट कार्ड पर इन जानकारियों को जरूर जांचें छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड मिलते ही इन विवरणों का मिलान कर लें: छात्र का नाम और रोल नंबर। परीक्षा केंद्र का नाम, पता और केंद्र कोड। विषयों के नाम और उनके सही विषय कोड। फोटो और सिग्नेचर स्पष्ट हैं या नहीं। परीक्षा के दिनों के लिए रिपोर्टिंग समय और गेट बंद होने का समय। यदि किसी भी जानकारी में कोई गलती पाई जाती है, तो छात्र तुरंत अपने स्कूल या क्षेत्रीय सीबीएसई कार्यालय से संपर्क करें।  

अब प्राइवेट स्कूलों में बिना फीस पढ़ाई, आज से शुरू हुए ऑनलाइन आवेदन

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लखनऊ उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्राइवेट स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर फ्री एडमिशन की प्रक्रिया आज, 2 फरवरी 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस साल प्रवेश प्रक्रिया को चार चरणों में विभाजित किया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। क्या है RTE प्रवेश प्रक्रिया? आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत, प्राइवेट स्कूलों को अपनी कुल सीटों का 25% हिस्सा उन बच्चों के लिए आरक्षित रखना होता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय बहुत कम है या जो सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग से आते हैं। इन बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है। महत्वपूर्ण तिथियां (प्रथम चरण) अगर आप अपने बच्चे का दाखिला पहले चरण में कराना चाहते हैं, तो इन तारीखों को नोट कर लें। ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 2 फरवरी 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 दस्तावेजों का सत्यापन: 26 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक। लॉटरी निकालने की तिथि: 3 मार्च 2026। स्कूल में दाखिला: 8 मार्च 2026 तक छात्रों को आवंटित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा। जरूरी पात्रता और डॉक्यूमेंट आवेदन करने के लिए बच्चे की आयु 3 से 7 वर्ष के बीच होनी चाहिए (नर्सरी से कक्षा 1 तक के लिए)। आवेदन के लिए इन डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होगी। बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र। परिवार का आय प्रमाण पत्र (निर्धारित सीमा के भीतर)। निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर आईडी)। बच्चे की नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो। जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)। कैसे करें आवेदन? अभिभावक घर बैठे या पास के जन सुविधा केंद्र (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं-     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rte25.upsdc.gov.in पर जाएं। 2. ‘Online Application/Student Registration’ लिंक पर क्लिक करें। 3. बच्चे का विवरण और पते की जानकारी भरें। 4. पसंदीदा स्कूलों की लिस्ट का चयन करें (अभिभावक अपने वार्ड के स्कूलों को प्राथमिकता दें)। 5. डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रखें। शिक्षा विभाग की तैयारी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और बीएसए (BSA) को निर्देश दिया है कि वे पोर्टल की निगरानी करें और आवेदनों के वेरिफिकेशन में देरी न होने दें। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

शिक्षा को बढ़ावा: बजट में छात्राओं को तोहफा, पूरे देश में बनेंगे गर्ल्स हॉस्टल

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 नई दिल्ली   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में छात्राओं को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि देश के हर जिले में हायर एजुकेशन स्टेम (STEM) संस्थानों में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि स्टेम संस्थानों में पढ़ाई और लैब वर्क के लंबे घंटे लड़कियों के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं। नए हॉस्टल इन दिक्कतों को दूर करने और एडवांस्ड स्टडीज में महिलाओं की लगातार भागीदारी को सपोर्ट करने के लिए हैं। साथ ही पूर्वोत्तर भारत में एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान भी खोला जाएगा। हायर एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में केंद्र सरकार राज्यों को समर्थन देगी ताकि मुख्य औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जा सकें। इन अकादमिक जोन में कई विश्वविद्यालय, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, स्किल सेंटर और आवासीय सुविधाएं होंगी। शिक्षा व रोजगार क्षेत्र को लेकर वित्त मंत्री के अहम ऐलान इस साल शिक्षा क्षेत्र के लिए स्कूलों को कुल 83562.26 लाख करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा विभाग को 55727.22 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।     देश के हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा     भारत में 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (All India Institute of Ayurveda) बनेंगे। साथ ही आयुष फार्मेसी बेहतर होंगी। इनके अलावा उच्च गुणवत्ता टेस्टिंग लैब का निर्माण होगा।     क्रिएटिव और डिज़ाइन शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान बनेगा एबीजीसी (Animation, Broadcasting, Gaming, and Creative) सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने मुंबई के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को समर्थन देने और 15,000 सेकेंडरी स्कूल और 500 कॉलेजों में ABGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की योजना बनाई है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी खुलेगा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी खुलेगा । National Council for Hotel Management और Catering Technology को अपग्रेड कर नए प्रशिक्षण और मानक तय किए जाएंगे। पशुपालन शिक्षा को बढ़ावा पशुपालन क्षेत्र में शिक्षा और सेवाओं को बढ़ाने के लिए 20,000 से अधिक पेशेवर जोड़े जाएंगे। इसके लिए लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम शुरू की जाएगी, जो प्राइवेट वेटरनरी और पैरावेटरनरी कॉलेज, अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब और ब्रीडिंग फैसिलिटी में काम आएगी। सरकार भारतीय और विदेशी संस्थानों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा देगी ताकि पशुपालन में बेहतर तकनीक और ज्ञान साझा किया जा सके। साथ ही, भारत की ऑरेंज इकोनॉमी को भी समर्थन मिलेगा, जिसमें एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स सेक्टर शामिल हैं। महिलाओं के लिए SHE की घोषणा वित्त मंत्री ने SHE मार्ट्स का ऐलान है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं इनका काम कप्तान के तौर पर संभालेंगी। लखपति दीदी की तर्ज पर सरकार ने महिलाओं को क्रेडिट लिंक्ट मार्ट्स का जिम्मा सौंपने का प्रस्ताव दिया है। इसके जरिए ग्रामीण महिलाएं आजीविका कमा सेकेंगी। SHE का मतलब सेल्फ हेल्प ग्रुप है। अगले 5 सालों में 100,000 एएचपी वित्त मंत्री ने अगले 5 सालों में 1 लाख एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जिसे मौजूदा प्राइवेट और सरकारी AHP ट्रेनिंग संस्थानों को अपग्रेड करके और नए संस्थान स्थापित करके हासिल किया जाएगा। FM has also proposed introducd 5 regional medical hubs. सरकार ने 5 रीजनल मेडिकल हब शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया है। एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए 4 टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं स्थापित या अपग्रेड की जाएंगी। कमिटी बनेगी विकसित भारत के मुख्य ड्राइवर के तौर पर सर्विस सेक्टर पर फोकस करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए शिक्षा से रोजगार और एंटरप्राइज स्टैंडिंग कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी ग्रोथ, रोजगार और एक्सपोर्ट के लिए पोटेंशियल को ऑप्टिमाइज करने वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी। यह एआई सहित उभरती टेक्नोलॉजी के नौकरियों और स्किल की जरूरतों पर पड़ने वाले असर का भी आकलन करेगी। एमएसएमई की मदद के लिए ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का दस्ता तैयार करेगी सरकार रकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की सहायता के लिए मझोले (श्रेणी-दो) और छोटे (श्रेणी-तीन) शहरों में ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का एक दस्ता तैयार करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए यह घोषणा की। अपने भाषण में मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ स्थायी समिति का गठन करेगी। ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का यह दस्ता एमएसएमई को किफायती लागत पर अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। सीतारमण ने कहा कि सरकार इस दस्ते को तैयार करने के लिए आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई जैसे पेशेवर संस्थानों को अल्पकालिक मॉड्यूल पाठ्यक्रम और व्यावहारिक टूल डिजाइन करने में सहयोग प्रदान करेगी। 10 हजार टूरिस्ट गाइड्स तैयार किए जाएंगे देश के विभिन्न IIMs में शॉर्ट टर्म कोर्सेस शुरू किए जाएंगे, जो हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों) में संचालित होंगे। इन कोर्सेस के जरिए टूरिस्ट गाइड्स को मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन स्किल्स, डिजिटल टूल्स और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों से बेहतर संवाद की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि भारत का पर्यटन अनुभव वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सके।  

UPPCS मेंस Exam का एडमिट कार्ड जारी, 29 जून से 2 जुलाई 2025 के बीच होगी परीक्षा

नई दिल्ली  यूपी लोकसेवा आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आयी है. आयोग ने यूपीपीसीएस मेंस परीक्षा 2024 का प्रवेश पत्र किया जारी कर दिया है. आयोग के अनुसार, 29 जून से 2 जुलाई 2025 के बीच परीक्षा आयोजित की जाएगी.  इसके लिए दो जिलों प्रयागराज और लखनऊ में बनाए गए है.  परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा होगी.  नीचे दिए गए लिंक से चेक करें एडमिट कार्ड  सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे और दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे परीक्षा होगी. प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in से अभ्यर्थी डाउनलोड कर सकते हैं. 27 मई को परीक्षा का शेड्यूल जारी किया गया था. यह परीक्षा 29 जून से 2 जुलाई के बीच आयोजित की जाएगी. इस बार पीसीएस के 947 पदों पर भर्ती की जाएगी.  यहां चेक करें एग्जाम पैटर्न आपको बता दें कि पीसीएस की मुख्य परीक्षा 1500 अंकों की होगी. जिसमें सामान्य अध्ययन और यूपी से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. सामान्य अध्ययन के 6 क्वेश्चन पेपर होंगे, जिसमें प्रत्येक क्वेश्चन पेपर 200 अंकों का होगा. हिन्दी में सामान्य हिंदी और निबंध की परीक्षा 150-150 अंकों की होगी. ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं. होमपेज पर आपको “UPPSC PCS Mains Admit Card 2025” लिंक दिखेगा, उस पर क्लिक करें. वहां मांगी गई सभी डिटेल जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ भरें. मांगी गई डिटेल भरने के बाद ‘Submit बटन पर पर क्लिक करें. आपको होम स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड दिख जाएगा.   

रेलवे भर्ती बोर्ड ने टेक्नीशियन ग्रेड-1 और ग्रेड-III के कुल 6180 पदों पर भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन किया जारी

नई दिल्ली  रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने टेक्नीशियन ग्रेड-1 और ग्रेड-III के कुल 6180 पदों पर भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आवेदन प्रक्रिया 28 जून 2025 से शुरू होगी और 28 जुलाई 2025 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। – टेक्नीशियन ग्रेड-1: 180 पद – टेक्नीशियन ग्रेड-III: 6000 पद ये पद देश के अलग-अलग रेलवे ज़ोन में भरे जाएंगे। सभी विवरण विस्तृत नोटिफिकेशन में मिलेंगे जो जल्द ही जारी होगा।   ऑनलाइन आवेदन शुरू: 28 जून 2025 अंतिम तिथि: 28 जुलाई 2025 आवेदन वेबसाइट: www.rrbapply.gov.in न्यूनतम आयु: 18 वर्ष अधिकतम आयु: 30 वर्ष आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC/PwD) को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी। शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता विवरण विस्तृत नोटिफिकेशन में दिए जाएंगे। कौन कर सकता है आवेदन? भर्ती में आवेदन के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित पद के अनुसार निम्नलिखित योग्यताओं में से कोई एक अनिवार्य है:- – 10वीं कक्षा (मान्यता प्राप्त बोर्ड से) – आईटीआई (संबंधित ट्रेड में) – बीएससी (प्रासंगिक विषय में)  – बीई/ बीटेक – 3 वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा ध्यान दें कि योग्यता पदानुसार अलग-अलग हो सकती है, जिसका विस्तृत विवरण जल्द जारी होने वाले विस्तृत नोटिफिकेशन में उपलब्ध होगा। ऑनलाइन आवेदन के साथ शुल्क जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा फॉर्म अस्वीकार कर दिया जाएगा। शुल्क विवरण निम्न प्रकार है: जनरल (UR), ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग: ₹500 SC, ST, PwD और सभी श्रेणी की महिला उम्मीदवार: ₹250 टेक्नीशियन ग्रेड-1: ₹29,200 प्रति माह (अनुमानित) टेक्नीशियन ग्रेड-III: ₹19,900 प्रति माह (अनुमानित) साथ ही, केंद्र सरकार के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी। – RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – rrbapply.gov.in – ‘Apply Online’ लिंक पर क्लिक करें – नाम, शैक्षणिक योग्यता, मोबाइल नंबर, ईमेल आदि भरें – फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें – आवेदन शुल्क जमा करें – फॉर्म सबमिट करें और उसका प्रिंट संभालकर रखें जल्द जारी होगा विस्तृत नोटिफिकेशन फिलहाल RRB ने संक्षिप्त सूचना जारी की है। जल्द ही डिटेल नोटिफिकेशन जारी होगा, जिसमें चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, सिलेबस आदि की पूरी जानकारी दी जाएगी।  

अवसरों की कोई कमी नहीं है इन्फ्रास्ट्रक्चर व रियल एस्टेट में

  देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट का क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। सुविधायुक्त शहर बनाने की बड़ी योजनाओं से कुशल लोगों के लिए बड़ी संख्या में रोजगार भी बने हैं। ऊंची-ऊंची आवासीय इमारतों व अत्याधुनिक दफ्तरों को देखकर किसी भी देश की तरक्की का सहज ही बोध होता है। यह सारा ताना-बाना इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट से जुड़ा होता है। जिस तेजी से भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है, उसी तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट सेक्टर भी कुलांचें भर रहा है। करियर के लिहाज से भी यह सेक्टर युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। बीएचयू के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अभिषेक मुद्गल कहते हैं कि यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े रोजगार प्रदाताओं में से एक है। करियर के तौर पर रियल एस्टेट को सिर्फ प्रॉपर्टी डीलर या कमीशन एजेंट्स के रूप में ही देखा जाता है। लेकिन आज इस क्षेत्र में नौकरियों की भरमार है। कई बड़े उद्योग जैसे स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स इसके साथ जुड़े हुए हैं। रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट) लागू होने के बाद लोगों का रियल एस्टेट सेक्टर के प्रति भरोसा बढ़ा है। इसमें मेहनत के हिसाब से पैसा और पद दोनों हैं। नौकरी के साथ-साथ इसमें व्यापार का भी बेहतर विकल्प मिलता है। उम्मीद जता रहे हैं आंकड़े सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स बिजनेस एंड रिसर्च (सीईबीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत विश्व का तीसरा सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। इसका असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ेगा और काम में तेजी आएगी। इस समय यह क्षेत्र 11 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ कर रहा है। माना जा रहा है कि यह विकास 2020 तक जारी रहेगा। आज 50 के करीब नामी-गिरामी रियल एस्टेट कंपनियां इंडियन स्टॉक मार्केट में दर्ज हैं और बड़े पैमाने पर नौकरी दे रही हैं। कौशल की मांग इस क्षेत्र में बने रहने के लिए नेटवर्किंग का कौशल बहुत जरूरी है। इसके लिए पेशेवरों को लोगों से लगातार अपनी जान-पहचान बढ़ाकर संपर्क सूची मजबूत करने के बारे में सोचना चाहिए। जमीन, फ्लैट, विला, व्यावसायिक भवन, मॉल आदि खरीदकर बेचने के लिए उच्च दर्जे का मार्केटिंग स्किल होना चाहिए। मार्केट व प्रॉपर्टी के दाम में उतार-चढ़ाव की नियमित जानकारी होनी चाहिए। परिश्रम, अनुशासन, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण काम को गति प्रदान करते हैं। लोगों से मेल-मिलाप के हुनर को इस पेशे के खास गुणों के रूप में देखा जाता है। बैचलर डिग्री के बाद बेशुमार मौके -विज्ञान विषय से 12वीं पास छात्र सिविल व स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में बीटेक कर सकते हैं। -अगर कला विषयों के साथ बारहवीं कर चुके हैं तो बीबीए में प्रवेश ले सकते हैं। जबकि स्नातक छात्र सेल्स, मार्केटिंग व फाइनेंस में एमबीए कर सकते हैं। बीबीए कर चुके छात्र भी एमबीए की राह चुन सकते हैं। -छात्र चाहें तो एमटेक कर अपनी प्रोफाइल और मजबूत कर सकते हैं। रियल एस्टेट ब्रोकर सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा व एडवांस डिप्लोमा स्तर के कोर्स करके नौकरी पाने की संभावना को बढ़ा सकते हैं। कई रूपों में मिलेंगी संभावनाएं इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट सेक्टर से लाखों लोगों की आजीविका चलती है। इस समय इंडस्ट्री में 40 लाख लोगों की दरकार है, जो कि 2022 तक 90 लाख की संख्या को पार कर जाएगी। सरकार का पूरा जोर शहरी विकास एवं संसाधन बढ़ाने पर है। 2022 तक सबको आवास देने की योजना पर काम हो रहा है। स्मार्ट सिटी की अवधारणा पर तेजी से काम हो रहा है। इसके चलते रियल एस्टेट में बड़े पैमाने पर लोगों की नियुक्तियां हो रही हैं। सरकारी सेवा क्षेत्र में जहां शहरी व ग्रामीण विकास मंत्रालय, सिंचाई विभाग, बैंकों के ऋण विभाग, फाइनेंस आदि में अवसर हैं तो वहीं निजी क्षेत्रों की रियल एस्टेट कंपनियों में भी असीमित अवसर हैं। इसके अलावा एन्वायरन्मेंटल, हाउसिंग व ट्रांसपोर्ट प्लानिंग में सरकारी व निजी विभागों से जुड़कर काम किया जा सकता है। दोनों ही विभागों में सिविल इंजीनियर या आर्किटेक्ट के लिए कन्स्ट्रक्शन व इन्फ्रास्ट्रक्चर इकाइयों में पर्याप्त मौके हैं। विश्वविद्यालय या महाविद्यालयों में इंजीनियरिंग या इससे जुड़े विषयों में अध्यापन के अवसर भी हैं।   पद और पैसा दोनों हैं इस क्षेत्र में आधारभूत निर्माण से संबंधित विकास में कुशल व्यक्ति की हर कदम पर जरूरत पड़ती है। सिविल इंजीनियर, टाउन प्लानर आदि की जहां आधारभूत ढांचों के निर्माण की योजनाओं में जरूरत होती है, वहीं अकाउंटेंट व फाइनेंशियल एनालिस्ट जैसे विशेषज्ञ ऐसी योजनाओं में बजट संबंधी कार्य देखते हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए इस क्षेत्र में भविष्य एवं पैसा दोनों हैं। ज्यादातर रोजगार इन रूपों में हैं मौजूद सरकारी योजनाओं का पूरा जोर शहरी विकास एवं संसाधन बढ़ाने पर है। इसके चलते सरकारी व निजी क्षेत्र में रोजगार के भरपूर मौके बन रहे हैं… प्रॉपर्टी मैनेजर ये मैनेजर किसी पेशेवर प्रॉपर्टी मैनेजमेंट कंपनी का हिस्सा होते हैं और किसी की इन्वेस्टमेंट प्रॉपर्टी की देखभाल करते हैं। प्रॉपर्टी को किराए, लीज पर लेना और ग्राहकों से संबंधित काम करना इनका कार्यक्षेत्र है। फैसिलिटीज मैनेजर फैसिलिटीज मैनेजर बड़े-बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से जुड़े होते हैं। इनका काम बड़ी-बड़ी आवास योजनाओं, मॉल्स, दफ्तर आदि की बिक्री में ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाना होता है। रिएल एस्टेट ब्रोकर इसमें रेजिडेंशियल व कमर्शियल दो तरह के रियल एस्टेट ब्रोकर होते हैं। रेजिडेंशियल ब्रोकर हाउस प्रॉपर्टी को खरीदने और बेचने का काम करता है, जबकि कमर्शियल ब्रोकर होटल, ऑफिस, कमर्शियल र्बिंल्डग को खरीदने-बेचने का काम करता है। रियल एस्टेट एनालिस्ट इन पेशेवरों का काम लोगों को निवेश के लिए बेहतर लोकेशन, जमीन या अन्य प्रॉपर्टी के बारे में सूचनाएं और जानकारियां देना होता है। सिविल इंजीनियर चाहे बिल्डिंग बनानी हो या सड़क या डैम, हर जगह सिविल इंजीनियरों की जरूरत पड़ती है। स्ट्रक्चरल इंजीनियर जहां मैटीरियल, डिजाइन व निर्माण की मजबूती पर काम करते हैं, वहीं आर्किटेक्ट उसकी सुंदरता व भव्यता पर फोकस रहते हैं। इन पेशेवरों को सरकारी व निजी क्षेत्र की कंपनियों में रोजगार मिलता है। आर्किटेक्ट सरकारी आर्किटेक्ट के रूप में सेंट्रल एवं स्टेट पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी, स्टेट हाउसिंग बोर्ड आदि में काम किया जा सकता है, जबकि बतौर प्राइवेट आर्किटेक्ट आप टीचिंग, रीयल एस्टेट, डेवलपमेंट फर्म, प्राइवेट आर्किटेक्चर फर्म में … Read more

मीडिया में करियर के हैं ये सुनहरे विकल्प, जानें डीटेल में

प्रफेशन में मीडिया का प्रेफशन काफी लोकप्रिय रहा है। मीडिया एक आकर्षक करियर है। इसमें पत्रकारिता, विज्ञापन, जनसंपर्क और फोटोग्राफी को आप शामिल कर सकते हैं। आइए आज आपको मीडिया में उपलब्ध करियर के विभिन्न विकल्पों के बारे में बताते हैं… पत्रकारिता समाज में बदलाव लाने के इच्छुक लोगों के लिए पत्रकारिता सबसे अच्छा विकल्प है। आप न सिर्फ अपने विचार को यहां अच्छे ढंग से रख सकते हैं बल्कि आप देश-दुनिया की समस्या को भी उजागर कर सकते हैं। इस तरह से आप राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र विकास में योगदान दे सकते हैं। सूचना जगत में क्रांति के साथ अब पत्रकारिता के कई माध्यम हो गए हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता के ऑप्शन आपके पास हैं। वैसे पत्रकारिता के लिए आप ग्रैजुएट या पोस्ट ग्रैजुएट लेवल पर कोई कोर्स कर सकते हैं। किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक बोर्ड से 12वीं क्लास पास करने के बाद आप 3 साल के बीजेएमसी (बैचलर ऑफ जर्नलिजम ऐंड मास कम्यूनिकेशन-बीजेएमसी) कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। पत्रकारिता में बैचलर डिग्री के बाद आप पत्रकारिता या मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री भी ले सकते हैं। पत्रकारिता और मास कम्यूनिकेशन के मैदान में आपको भाषा पर पकड़ होनी चाहिए। इसके अलावा आत्मविश्वास, उत्साह, धैर्य और संयम होना जरूरी है। सच और झूठ के बीच फर्क करने की योग्यता, दी गई समयसीमा में काम करना, टीम के साथ मिलकर काम करने में सहज महसूस करना, राजनीति, संस्कृतिक, धर्म, सामाजिक और समसामयिकी मामलों की गहरी जानकारी होनी जरूरी है। विज्ञापन मीडिया फील्ड में करियर का एक और आकर्षक विकल्प ऐडवर्टाइजिंग है। सोशल मीडिया को समय के साथ मजबूती से उभरने की वजह से ज्यादातर कंपनियों और ब्रैंड ने ऑनलाइन अपनी रेप्युटेशन बढ़ाने पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए उनको ऐडवर्टाइजमेंट प्रफेशनल दरकार होते हैं। साथ ही ई-कॉमर्स भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। मोबाइल पर शॉपिंग लोगों की पसंद बनता जा रहा है। ऐसे में ऐडवर्टाइजिंग प्रफेशनल के लिए बड़ा मार्केट तैयार हो रहा है। किसी ब्रैंड की ऐडवर्टाइजिंग के लिए अब ऐसे प्रफेशनल्स की जरूरत होती है जिसके पास नए आइडिया हों और संचार का बेहतर तरीका। इसमें आपको क्लायंट की मांग के मुताबिक काम करना होगा। पब्लिक रिलेशंस पीआर एग्जिक्यूटिव प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से किसी बिजनस हाउस, संस्थान, व्यक्ति और सरकार के कैंपेनर के तौर पर काम करते हैं। वे किसी ब्रैंड को तैयार करते हैं और उनके प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाते हैं। वे अपने क्लायंट को पब्लिक के साथ अच्छा संबंध बनाने और सकारात्मक संचार स्थापित करने में मदद करते हैं। एक पब्लिक रिलेशंस अफसर के तौर पर आपको पूरी तौर से इस बात पर जोर देना होगा कि लोगों के पास सही समय में अपने क्लायंट से जुड़ी सही जानकारी पहुंचे। पीआर के तौर पर सेवा देने के लिए आपको क्रिएटिव, भरोसेमंद, टेक सेवी होना जरूरी है और आपके पास मैनेजरों वाला कौशल होना चाहिए। इसके अलावा लिखने और बोलने का कौशल, भाषा के ऊपर मजबूत पकड़ और अच्छे आयोजन कौशल भी सफलता के लिए अहम हैं। फोटोग्राफी एक पेशेवर फोटोग्राफर न सिर्फ फोटोग्राफ क्लिक करता बल्कि आर्टिस्ट/प्रॉडक्ट्स को मैनेज भी करता है, लाइटें सेट करता है, टाइम मैनेज करता है और क्वालिटी इमेज तैयार करता है। फोटोग्राफर के तौर पर आप फूड फोटोग्राफी और फोटोजर्नलिजम से लेकर वाइल्डलाइफ, कार, इंटीरियर और फैशन फोटोग्राफी कर सकते हैं।  

इंडियन आर्मी रैली भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जारी

नई दिल्ली इंडियन आर्मी रैली भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड आज, 16 जून 2025 को जारी किए जा रहे हैं. जो उम्मीदवार भारतीय सेना में अग्निवीर बनने के लिए इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, वे अपने प्रवेश पत्र को आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in से जल्द ही डाउनलोड कर सकेंगे. अग्निवीर एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए लिंक सक्रिय होगा, जिसके लिए आपको अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की आवश्यकता होगी. भारतीय सेना में अग्निवीर जीडी के लिए प्रवेश पत्र जारी, परीक्षा में भाग लेने के लिए एडमिट कार्ड अनिवार्य है, क्योंकि इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा. अग्निवीर परीक्षा के अनुसार, ट्रेड्समैन के लिए 18 जून, अग्निवीर टेक के लिए 19 जून, अग्निवीर ट्रेड्समैन 8वीं के लिए 23 जून, और अग्निवीर जीडी महिला सैन्य पुलिस के लिए भी 23 जून को प्रवेश पत्र ऑनलाइन डाउनलोड किए जा सकेंगे. अग्निवीर का एडमिट कार्ड स्टेप बाय स्टेप कैसे डाउनलोड करें? इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट https://joinindianarmy.nic.in पर जाएं और वहां अपने लॉगइन या भर्ती फॉर्म आवेदन के सेक्शन में प्रवेश करें. जब लिंक सक्रिय हो जाए, तो Indian Army Agniveer Admit Card 2025 Download Link पर क्लिक करें. इसके बाद, अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर की जानकारी भरें, फिर पासवर्ड और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें और कैप्चा कोड डालकर सब्मिट करें. हॉल टिकट में अपने नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, परीक्षा की तिथि, परीक्षा केंद्र आदि सभी जानकारी की जांच करें और एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट निकालकर परीक्षा के लिए सुरक्षित रख लें. अगर आप अग्निवीर एडमिट कार्ड निकालने के लिए अपने लॉगइन पासवर्ड को भूल गए हैं, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करके प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं. इस प्रक्रिया में आपको एक OTP प्राप्त होगा, जिसे भरने के बाद आप नया पासवर्ड सेट कर सकते हैं. नए पासवर्ड के माध्यम से आप आसानी से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. अग्निवीर परीक्षा में शामिल होने के लिए, अपने एडमिट कार्ड के साथ एक वैध आईडी प्रूफ भी अवश्य ले जाना न भूलें.

फिजियोथेरेपी में अपना कॅरियर बनाकर कमाएं पैसा और नाम

एक फिजियोथेरेपिस्ट सिर्फ अलग-अलग तरीकों से मरीजों का इलाज ही नहीं करता, बल्कि वह पेंशेंट को यह भी यकीन दिलाता है कि वह जल्द ठीक हो सकते हैं और वह भी बिना किसी दवाई के। मरीजों में आत्मविश्वास जगाने के लिए पहले आपके भीतर आत्मविश्वास होना जरूरी है। कहते हैं कि दूसरों की सेवा करने में जो आनंद आता है, वह दुनिया की किसी चीज में नहीं हो सकता। आमतौर पर लोग दूसरों की मदद कम ही करते हैं, लेकिन अगर आप दूसरों की तकलीफ नहीं देख सकते तो अपने इस मनोभाव के जरिए ही अपना भविष्य बना सकते हैं। दरअसल, फिजियोथेरेपी एक ऐसा ही क्षेत्र है, जिसमें दूसरों की सेवा करने का आनंद तो प्राप्त होता है ही, साथ ही व्यक्ति काफी अच्छा पैसा और प्रतिष्ठा भी प्राप्त करता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में- क्या है फिजियोथेरेपी फिजियोथेरेपी वास्तव में चिकित्सा विज्ञान की ही एक शाखा है। फिजियोथेरेपी की खासियत यह है कि इसमें इलाज के दौरान किसी भी तरह की दवाई का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि एक फिजियोथेरेपिस्ट व्यायाम, इलेक्ट्रोथेरपी व मसाज जैसे तरीकों का इस्तेमाल करके व्यक्ति को उसकी स्वास्थ्य समस्या से निजात दिलाता है।   स्किल्स एक फिजियोथेरेपिस्ट सिर्फ अलग-अलग तरीकों से मरीजों का इलाज ही नहीं करता, बल्कि वह पेंशेंट को यह भी यकीन दिलाता है कि वह जल्द ठीक हो सकते हैं और वह भी बिना किसी दवाई के। मरीजों में आत्मविश्वास जगाने के लिए पहले आपके भीतर आत्मविश्वास होना जरूरी है। इतना ही नहीं, इस क्षेत्र में कम्युनिकेशन स्किल व प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल मील का पत्थर साबित होते हैं। एक फिजियोथेरेपिस्ट को अपने काम के दौरान कई तरह के मरीजों की समस्याओं को देखना, समझना व उससे निपटना होता है, इसलिए आपकी सहनशक्ति अधिक होनी चाहिए और आपके भीतर दूसरों की मदद करने का जज्बा होना चाहिए। साथ ही अपने कार्य के प्रति प्रेम होना भी उतना ही जरूरी है। योग्यता अगर आप फिजियोथेरेपिस्ट बनना चाहते हैं तो आप बीपीटी यानी बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी, एमपीटी यानी मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। आजकल गवर्नमेंट व प्राइवेट दोनों तरह के कॉलेज में फिजियोथेरेपी कोर्स संचालित किए जाते हैं। लेकिन अगर आप सरकारी कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं तो पहले आपको स्टेट या सेंट्रल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम पास करना होना। वहीं प्राइवेट कॉलेजों में डायरेक्ट और परीक्षा द्वारा दोनों ही तरह से एडमिशन लिया जाता है। संभावनाएं आजकल जिस तरह बीमारियां पैर पसार रही हैं, उसे देखते हुए फिजियोथेरेपिस्ट की मांग भी बढ़ती जा रही है। एक फिजियोथेरेपिस्ट विभिन्न अस्पतालों व क्लिनकि से लेकर, रिहैबिलिटेशन सेंटर, ओल्ड एज होम्स, हेल्थ सेंटर्स, नर्सिंग होम्स एंड डे सेंटर्स, स्पोर्ट्स क्लिनकि, क्लब, जिम सेंटर्स आदि में काम की तलाश कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ समय के अनुभव के बाद आप खुद का फिजियोथेरेपी सेंटर भी चला सकते हैं।   आमदनी इस क्षेत्र में आमदनी आपके अनुभव के साथ बढ़ती जाती है। वैसे शुरूआती दौर में आप दस से बीस हजार रूपए प्रतिमाह आसानी से कमा सकते हैं। कुछ समय बाद जब आपका अनुभव बढ़ता है और आप किसी अच्छे हॉस्पिटल या हेल्थ सेंटर के साथ जुड़कर काम करते हैं तो आप महीने के 40000 से 50000 रूपए भी आसानी से कमा सकते हैं। वहीं अगर आप अपना प्राइवेट फिजियोथेरेपी सेंटर खोलते हैं तो आप पर सिटिंग के हिसाब से चार्ज कर सकते हैं।   प्रमुख संस्थान… पं दीनदयाल उपाध्याय इंस्टिट्यूट फॉर फिजिकली हैंडिकैप्ड, नई दिल्ली के जे सौम्या कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी, मुंबई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एजूकेशन एंड रिसर्च, पटना सांचती कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी, पुणे अपोलो फिजियोथेरेपी कॉलेज, हैदराबाद निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, तेलंगाना नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ रिहेबिलिटेशन ट्रेनिंग एंड रिसर्च, उड़ीसा एसडीएम कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी, कर्नाटक जे एस एस कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी, मैसूर महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल एजुकेशन, केरल डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन, तमिलनाडु  

कर्मचारी चयन आयोग ने 3100 से ज्यादा पदों पर निकली है भर्ती, अच्छी सैलरी, 23 जून से पहलें करें आवेदन, जानें आयु सीमा- पात्रता

कर्मचारी चयन आयोग ने संयुक्त हिंदी अनुवादक परीक्षा 2025 के तहत 437 पदों पर भर्ती निकाली है।इच्छुक व योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर 26 जून तक अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन शुल्क का भुगतान करने की अंतिम तिथि 27 जून है। करेक्शन विंडो 1-2 जुलाई के लिए खुलेगी । इसके अलावा सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 के तहत 2423 पदों पर भर्ती निकाली गई है।  इच्छुक व पात्र अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर 23 जून तक आवेदन कर सकते है। आवेदन फॉर्म में 28 से 30 जून तक सुधार कर सकते हैं। लिखित परीक्षा 24 जुलाई से 4 अगस्त तक आयोजित की जा सकती है।इधर, एसएससी ने स्टेनोग्राफर ग्रेड सी डी के 261 पदों पर भर्ती निकाली है। अभ्यर्थी 26 जून रात 11 बजे तक फॉर्म भर सकते हैं। कुल पद : 2423 पदों का विवरण:     जनरल (UR): 1,169 पद     EWS: 231 पद     OBC: 561 पद     SC: 314 पद     ST: 148 पद आयु सीमा: न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। अधिकतम आयु सीमा पदानुसार भिन्न है, जिसमें अधिकतम आयु 30 वर्ष तक हो सकती है।आरक्षित श्रेणी से आने वाले उम्मीदवारों ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। आयु की गणना 1 अगस्त 2025 को ध्यान में रखकर की जाएगी। योग्यता: विभागीय पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता भिन्न-भिन्न है।कुछ पदों के लिए न्यूनतम 10वीं पास, तो कुछ के लिए 12वीं पास और कुछ पदों के लिए स्नातक की डिग्री आवश्यक है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे विस्तृत जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में जरूर देख लें। आवेदन शुल्क: Gen/OBC/EWS: 100/SC/ST/PH/महिला उम्मीदवार: शुल्क में पूरी छूट । शुल्क का भुगतान आप ऑनलाइन (डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग) या SBI ई-चालान के माध्यम से भी कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा के जरिए होगी।यह परीक्षा सीबीई यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBE) होगा। महत्वपूर्ण तारीखें     इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in के माध्यम से 23 जून, 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।     आवेदन कर चुके उम्मीदवार अपने आवेदन फॉर्म में 28 जून से 30 जून, 2025 तक सुधार कर सकते हैं.     लिखित परीक्षा 24 जुलाई से 4 अगस्त, 2025 तक आयोजित की जा सकती है। SSC JHT Recruitment 2025 कुल पद: 437 इन पदों पर होगी भर्ती भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों के लिए जूनियर हिंदी अनुवादक, जूनियर अनुवाद अधिकारी, जूनियर अनुवादक, वरिष्ठ हिंदी अनुवादक, वरिष्ठ अनुवादक और उप-निरीक्षक (हिंदी अनुवादक)। आयु सीमा: उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 30 वर्ष तक होनी चाहिए। सब इंस्पेक्टर हिंदी ट्रांसलेटर पद पर आयुसीमा की गणना 26 जून 2025 के आधार पर की जाएगी। अन्य पदों पर 1 अगस्त 2025 के मुताबिक एज लिमिट काउंट होगी। योग्यता: उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स की डिग्री हिंदी या इंग्लिश में हिंदी/ इंग्लिश कंपल्सरी सब्जेक्ट के साथ होनी चाहिए। सब इंस्पेक्टर पदों के लिए शैक्षिक योग्यता के साथ शारीरिक योग्यता भी तय की गई है। पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट 165 सेमी और महिला अभ्यर्थियों की 155 सेमी होनी चाहिए। आवेदन शुल्क: सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। एससी/एसटी/पीएच/महिला उम्मीदवारों के लिए कोई शुल्क नहीं है। एप्लीकेशन फीस नेट बैंकिंग, डेबिट, क्रेडिट कार्ड किसी भी माध्यम से भर सकते हैं। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट आदि माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। सैलरी: JTO, JHT, JT, लेवल-6 पदों पद अभ्यर्थियों को 35400-112400 रुपये प्रति माह सैलरी मिलेगी। वहीं लेवल-7 सीनियर हिंदी ट्रांसलेटर/सीनियर ट्रांसलेटर को 44900-142400/- रुपये तक प्रति माह वेतन मिलेगा। कब होगी परीक्षा: 12 अगस्त को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (पेपर 1) का आयोजन किया जाएगा। कुल पद : 261 आयु सीमा: न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र ग्रेड डी के लिए 27 वर्ष और अधिकतम 30 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि ऊपरी आयुसीमा में आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी। एज लिमिट 1 अगस्त 2025 के मुताबिक काउंट होगी। योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। ग्रुप डी के लिए ट्रांसक्रिप्शन की स्पीड इंग्लिश में 50 मिनट और हिंदी में 65 मिनट की होनी चाहिए। स्टेनोग्राफर ग्रुप सी के लिए इंग्लिश में 40 शब्द प्रति मिनट और हिंदी में 55 मिनट के मुताबिक होनी चाहिए। आवेदन शुल्क: सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 100 रुपये । एससी/एसटी/महिला उम्मीदवारों के लिए नि: शुल्क। पहली बार फॉर्म में सुधार करने पर 200 रुपये आवेदन दूसरी बार में सुधार करने पर 500 रुपये करेक्शन चार्ज देना होगा। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट आदि के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। महत्वपूर्ण तारीखें     आवेदन की आखिरी तारीख 26 जून 2025     आवेदन शुलक का भुगतान करने की आखिरी तारीख 27 जुलाई 2025     आवेदन फॉर्म में सुधार करने की डेट 01-02 जुलाई 2025     सीबीटी परीक्षा शेड्यूल 6-11 अगस्त 2025  

करियर में जरूरी है समझदारी

करियर का चयन करने या नई शुरुआत करने से पहले विचार करिए कि जिसे आप स्वीकार कर रही हैं, वह आपको खुशी और संतुष्टि देगा? निश्चित तौर पर यह तय करना आपका पहला काम है। दरअसल, जब आप अपने काम को एंज्वॉय करते हुए करती हैं तो सफलता और संतुष्टि दोनों का मिलना तय है। अन्यथा कहने के लिए भले ही आप अपने करियर के शिखर पर हों लेकिन खुद से संतुष्ट कभी नहीं हो सकतीं। इसीलिए प्राथमिकता में पैकेज नहीं, आत्मसंतुष्टि होना बेहद जरूरी है। पसंद को प्राथमिकता यह भी ध्यान रखें कि आप किस फील्ड में अच्छी हैं यह बात आप से बेहतर दूसरा कोई नहीं जानता। यदि आप यह महसूस नहीं कर पा रही हैं तो किसी काउंसलर से सलाह-मशविरा करने से पहले अपनी पर्सनॉलिटी पर ध्यान दें और अपनी स्किल्स पर फोसक करें। वो न करें जो आपको पसंद न हो, बल्कि वह करें जो आपके लिए है। जुटाएं जानकारी किसी भी काम की शुरुआत से पहले जरूरी रहता है, उसके बारे में गहनता से जानकारी जुटा लेना। इसीलिए यदि आप कोई निर्णय ले रही हैं या करियर में बदलाव चाहती हैं तो एक मेंटोर आपकी मदद कर सकता है। आपको नेक्स्ट लेवल में जाने के लिए और अच्छी सलाह दे सकता है। अगर आप किसी करियर में इंट्रेस्टेड हैं तो उसमें भी उसकी मदद ले सकती हैं। यदि आपकी जानकारी में ऐसे लोग हैं, जो आपको उस करियर से संबंधित जानकारी दे सकते हैं तो उनसे मुलाकात फायदेमंद साबित होगी। सामान्य रखें नजरिया करियर को एक प्रारंभिक प्रयास की तरह देखें। सभी योजनाएं या विचार पत्थर की लकीर नहीं होते लेकिन यह न भूलें कि प्रयास मैराथन होना चाहिए तब ही आप अपने मनपसंद मुकाम को हासिल कर पाएंगी।  

जारी हुआ नीट यूजी परिणाम , डायरेक्ट लिंक neet.nta.nic.in, नीट टॉपर्स, कटऑफ यहां करें चेक

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम एनईईटी यूजी 2025 रिजल्ट आंसर की के बाद रिजल्ट की घोषणा भी कर दी है और रिजल्ट का लिंक कुछ ही देर में वेबसाइट neet.nta.nic.in पर उपलब्ध होगा। आज 14 जून को नीट रिजल्ट जारी होने की पूरी संभावना है और इसके साथ NEET 2025 टॉपर लिस्ट, नीट यूजी स्कोरकार्ड डाउनलोड लिंक और नीट यूजी कटऑफ व पासिंग मार्क्स की हर जानकारी इस खबर में सारा दिन मिलती रहेगी। NEET Result Link सक्रिय होने तक यहां आपको ऐसी कई जानकारी मिलेगी जो आपके नीट यूजी काउंसलिंग 2025 से लेकर एमबीबीएस, बीडीएस समेत अन्य मेडिकल कोर्सेस में एडमिशन में मदद करेगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शनिवार को नीट यूजी (NEET UG 2025) परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। इंदौर के उत्कर्ष अवधिया की ऑल इंडिया रैंक सेकेंड आई है।उम्मीदवार neet.nta.nic.in पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने लॉगिन डिटेल्स (एडमिट कार्ड नंबर और जन्मतिथि) का उपयोग करना होगा।बता दें, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने याचिका दायर करने वाले 75 उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी सभी के नीट यूजी परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित करने के निर्देश दिए हैं। नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, इसमें करीब 20 लाख छात्र MBBS और BDS सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। रिजल्ट जारी होने से वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक है। ऐसे में सर्वर डाउन या वेबसाइट स्लो होने पर घबराएं नहीं। मेडिकल प्रवेश परीक्षा 4 मई को आयोजित की गई थी। देश में कुल कितनी हैं MBBS सीटें? भारत में एमबीबीएस कोर्स के लिए कुल 1,18,190 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से 1,15,250 सीटों पर शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान दाखिला हुआ, जो कि कुल सीटों का लगभग 97.5% है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) नीट यूजी 2025 के जरिए 15% AIQ (All India Quota) के तहत MBBS और BDS सीटों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित करती है।  ऐसे चेक कर सकेंगे नीट यूजी का रिजल्ट     सबसे पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाना होगा।     होमपेज पर आपको “NEET UG 2025 Result” लिंक (एक्टिव होने के बाद) पर क्लिक करना होगा।     अब अपने एडमिट कार्ड नंबर और जन्म तिथि जैसे क्रेडेंशियल्स दर्ज करें।      रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, जिसे डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं। नीट यूजी रिजल्ट जारी होने के बाद यहां कर सकेंगे चेक  नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही नीट यूजी 2025 का स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट्स पर अपलोड करेगी। नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें लगभग 20 लाख छात्र MBBS और BDS सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। रिजल्ट जारी होते समय वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक के कारण सर्वर डाउन या वेबसाइट स्लो हो सकती है। लेकिन घबराएं नहीं, छात्र नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना परिणाम आसानी से चेक कर सकेंगे:     neet.nta.nic.in     nta.ac.in     examinationservices.nic.in छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे परिणाम देखने के लिए इनमें से किसी भी वेबसाइट पर अपने एप्लिकेशन नंबर और जन्मतिथि के माध्यम से लॉग इन करें।  नीट रिजल्ट इन टॉप 10 मेडिकल कॉलेजों में ले सकते हैं एडमिशन     1: एम्स दिल्ली     2: पीजीआईएमईआर     3: क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज     4: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज, बैंगलोर     5: जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च     6: संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज     7: बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी     8: अमृता विश्व विद्यापीठम     9: कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल     10: मद्रास मेडिकल कॉलेज और गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल, चेन्नई प्रदेश में कुल MBBS की 5025 सीटें मध्यप्रदेश MP में MBBS की कुल सीटों की संख्या 5025 है। इनमें से 17 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2488 सीटें और 13 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 2450 सीटें हैं। काउंसलिंग में एमबीबीएस के साथ बीडीएस में भी दाखिला दिया जाएगा। प्रदेश में 13 निजी डेंटल कॉलेज हैं जिसमें कुल बीडीएस की कुल 1220 सीटें हैं। कोर्ट ने क्यों रोका 75 स्टूडेंट का रिजल्ट 4 मई को हुए एक्जाम के दौरान इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और परीक्षा केंद्रों में अंधेरा छा गया। 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हुई। यह पहला मौका था जब NTA ने शहर के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। यहां पावर बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। बिजली गुल होने की वजह से कई छात्रों को मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पेपर देना पड़ा। घना अंधेरा होने के कारण बहुत से छात्र प्रश्नपत्र तक ठीक से पढ़ नहीं पाए। परीक्षा के बाद कई छात्र रोते हुए बाहर निकले। प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य संकट में डाल दिया। इसके खिलाफ 75 स्टूडेंट ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बाकी स्टूडेंट्स का रिजल्ट जारी करने के आदेश दे दिए हैं। नीट यूजी एग्जाम के बाद हाईकोर्ट में ऐसे चली सुनवाई  इंदौर हाई कोर्ट में 15 मई को पहली सुनवाई हुई। इसमें 15 से ज्यादा याचिकाएं शामिल थीं। तब कोर्ट ने रिजल्ट पर रोक लगा दी थी। 19 मई को NTA की ओर से जवाब पेश किया गया। 22 मई को NTA की ओर से सॉलिसिटर तुषार मेहता वर्चुअली पेश हुए और कहा कि इंदौर से जुड़े 24 सेंटरों के स्टूडेंट्स के मामले में एक कमेटी गठित की जाए। अगली तारीख 26 मई तक याचिकाकर्ताओं की संख्या 60 हो गई। जबकि प्रभावित स्टूडेंट्स की संख्या 2 हजार से ज्यादा हो गई। कोर्ट ने अगली तारीख 29 मई को तय की लेकिन नंबर नहीं आने के कारण सुनवाई टल गई। 5 जून को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें ज्यादा बहस नहीं हो सकी। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख सोमवार 9 जून तय की … Read more

NEET UG result 2025: नीट यूजी का रिजल्ट आज जारी हो सकता है, ऐसे कर सकेंगे चेक

नई दिल्ली Neet UG Result 2025: नीट यूजी 2025 के नतीजे जल्द ही घोषित होने की उम्मीद है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) शनिवार, 14 जून 2025 को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) का रिजल्ट जारी कर सकता है. इस साल, 22.7 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने 4 मई, 2025 को भारत के 557 शहरों और 14 विदेशी शहरों में 4,750 केंद्रों पर आयोजित NEET UG परीक्षा दी. परिणाम NEET की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर घोषित किया जाएगा.  नीट यूजी रिजल्ट के साथ नीट यूजी कट-ऑफ भी जारी की जाएगी, जिसके आधार पर मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन होंगे.  NEET UG 2025 परिणाम: यहां चेक कर सकते हैं रिजल्ट परिणाम देखने के लिए NTA द्वारा प्रबंधित प्राथमिक पोर्टल-neet.nta.nic.in एनटीए की मुख्य साइट, जिस पर परिणाम भी उपलब्ध होंगे-nta.ac.in इस सरकारी ऐप के जरिए भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं-Umang App उम्मीदवार डिजिटल लॉकर के जरिए भी स्कोरकार्ड चेक कर सकते हैं.- NEET UG 2025 परिणाम: कैसे जांचें आधिकारिक NEET वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं. होम पेज पर NEET UG 2025 Result लिंक पर क्लिक करें. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्म तिथि और पिन दर्ज करें.  सभी डिटेल दर्ज करने के बाद सबमिट पर क्लिक करें. आपको आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिख जाएगा. स्कोरकार्ड को प्रिंट कर अपने पास रख लें.  

यूपी सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में 14 साल बाद होमगार्ड जवानों की होगी भर्ती, 44 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द

लखनऊ   उत्तर प्रदेश सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में है, जो प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का नया द्वार खोलेगा. 14 साल बाद होमगार्ड जवानों की भर्ती फिर से शुरू होने जा रही है. कुल 44 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है. यह भर्ती न केवल युवाओं में उत्साह जगा रही है, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगी. क्या है भर्ती प्रकिया? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल जून में इस भर्ती की घोषणा की थी. अब इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जुलाई के अंत तक आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. इस बार होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा की तरह होगी. मतलब, पहले लिखित परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार होगा. भर्ती प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर आयोजित की जाएगी ताकि पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके. महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण इस भर्ती में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कम से कम 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, जिससे महिलाओं को भी सुरक्षा सेवा में अवसर मिलेगा. भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल पास होना आवश्यक है और आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तक निर्धारित की गई है. विभाग का अनुमान है कि इस भर्ती के लिए आवेदन संख्या 15 लाख से भी अधिक हो सकती है, जो युवाओं में इस भर्ती की लोकप्रियता को दर्शाता है. 1946 में स्थापित हुई थी ये फोर्स होमगार्ड की भूमिका उत्तर प्रदेश में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. जरूरत के समय ये जवान पुलिस के साथ मिलकर कानून व्यवस्था बनाए रखते हैं. ट्रैफिक कंट्रोल, चुनाव ड्यूटी, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं में होमगार्ड जवानों की अहम भूमिका होती है. 1946 में स्थापित इस फोर्स का मकसद समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है, जो समय-समय पर साबित भी हो चुका है. इस बार भर्ती प्रक्रिया में सरकार पूरी पारदर्शिता बरतने का वादा कर रही है. पिछली बार की पुलिस भर्ती की तरह इस भर्ती में भी बिना किसी विवाद के परीक्षा संपन्न कराने पर जोर दिया जाएगा. इससे युवाओं का भरोसा और उम्मीद दोनों बढ़ेगी. विभाग ने कैबिनेट से मंजूरी लेने के बाद भर्ती विज्ञापन जारी करने का प्लान बना रखा है.

हेल्थकेयर में नौकरियां

यदि हाल के वर्षों पर गौर करें, तो भारत आने वाले मेडिकल टूरिस्ट की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, क्योंकि भारत प्राकृतिक तरीके (आयुर्वेदिक) से इलाज में भी काफी लोकप्रिय हो चुका है। वैसे, जिस तरह से भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर विकास कर रहा है, उससे इस क्षेत्र में जॉब की अच्छी संभावनाएं देखी जा रही हैं। यदि फ्यूचर प्लानिंग के तहत इस सेक्टर में आना चाहते हैं, तो आपके लिए यहां नौकरी ही अच्छी संभावनाएं हो सकती हैं। कितना सुरक्षित है यह सेक्टर देश की आबादी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है साथ ही, नई-नई बीमारियां भी। लेकिन एक अच्छी बात यह है कि लोग अब स्वास्थ्य के प्रति काफी सचेत हो गए हैं। इसलिए विपरीत आर्थिक परिस्थितियों में भी लोग कोई रिस्क लेना पसंद नहीं करते हैं। दूसरी तरफ यह सेक्टर तेजी से विकास कर रहे सेक्टर्स में से एक हैं। प्राइसवाटरहाउसकूपर्स के मुताबिक, हेल्थकेयर सेक्टर वर्ष 2012 तक 40 बिलियन डॉलर के आंकड़े को छू सकता है। वहीं प्लानिंग कमीशन की एक रिपोर्ट कहती है कि देश में लगभग 6 लाख डॉक्टर, 10 लाख नर्स और दो लाख डेंटल सर्जन की कमी है। यानी इस सेक्टर में अभी भी हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की काफी जरूरत है। इसलिए राहत की बात यह है कि जिस सेक्टर में इतनी बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स की जरूरत हो, वहां आप खुद को सुरक्षित महसूस कर ही सकते हैं। मार्केट की स्थिति हेल्थकेयर सेक्टर का विकास दर अभी भी काफी आकर्षक बना हुआ है। इस क्षेत्र में सरकार द्वारा हर वर्ष सुविधाओं के लिए बढ़ता बजट निवेश के प्रमुख कारणों में से एक हैं। हालिया अनुमान के मुताबिक, देश में करीब 12 फीसदी प्रति वर्ष की दर से बढ़ रहे हेल्थकेयर बाजार में अगले पांच वर्षों में कम से कम 60 अरब डॉलर निवेश की संभावनाएं हैं। इसके अलावा, हेल्थकेयर बीपीओ का कारोबार भी इस वर्ष के अंत तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर यह एक ऐसा एरिया है, जहां रोजगार की संभावनाएं बेहतर माने जा रही हैं, क्योंकि 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत 6 एम्म ही तरह इंस्टीट्यूट खोले जाने और मौजूदा 13 मेडिकल इंस्टीट्यूट को अपग्रेड किया जा सकता है। साथ ही, पब्लिक-प्राइवेट साझेदारी के आधार पर 60 नए मेडिकल कॉलेज और 225 नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा सकते हैं। जब इतने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा, तो रोजगार के दरवाजे खुलेंगे ही। हेल्थ इंश्योरेंस मैकिंजे-सीआईआई रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय हेल्थ इंश्योरेंस के सेक्टर में काफी क्षमता है। क्योंकि भारत में अभी भी तकरीबन 10 प्रतिशत लोगों के पास ही हेल्थ इंश्योरेंस है। लेकिन जिस तरह से लोग अब स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होते दिख रहे हैं, उससे इस क्षेत्र में बेहतरीन संभावनाएं नजर आ रही हैं। इस क्षेत्र में संभावनाओं को देखते हुए ही निजी हेल्थकेयर इंश्योरेंस कंपनियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मेडिकल टूरिज्म विदेशों में रहने वाले लोगों को भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर खूब लुभा रहा है। खासकर मेडिकल टूरिज्म का क्षेत्र काफी हॉट है, क्योंकि भारत में न केवल इलाज सस्ता है, बल्कि हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहतरीन है। वैसे, आयुर्वेदिक थेरेपी, नेचुरल थेरेपी आदि प्राकृतिक इलाज भी दूसरे देशों में रहने वाले लोगों को खूब पसंद आ रहा है। मैकिंजे-सीआईआई के अनुसार, मेडिकल टूरिज्म का मार्केट वर्ष 2012 तक 2 बिलियन डॉलर के आंकड़े को छू सकता है। वहीं एक अनुमान के मुताबिक, प्रति वर्ष लगभग एक लाख मेडिकल टूरिस्ट भारत की ओर रुख करते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में और वृद्धि हो सकता है, क्योंकि मंदी के इस दौर में सस्ते इलाज के लिए लोग भारत की ओर रुख करेंगे। टेलिमेडिसिन सर्विस आज भी देश में अधिकतर फिजिशियन स्पेशलिस्ट अर्बन व सेमी-अर्बन एरिया में है। और वहीं महज कुछ प्रतिशत फिजिशियन ही रूरल एरिया मे। यही वजह है कि रूरल एरिया में हेल्थकेयर फैसिलिटी अभी भी बेहतर नहीं है। लेकिन अब टेलिमेडिसिन के जरिए इस समस्या के समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। खासकर अब वीडियो कांफ्रेंसिंग और इंटरनेट की सहायता से रिमोट डायग्नोस्टिक, मोनिटरिंग और ट्रीटमेंट किए जाने लगे हैं। इसलिए टेलिमेडिसिन का ट्रेंड तेजी से बढ़ता जा रहा है। आज कई प्राइवेट हॉस्पिटल्स टेलिमेडिसिन की सुविधाएं दे रही हैं। इसमें एम्स, अपोलो, फोर्टिज आदि जैसे हॉस्पिटल्स शामिल हैं। इस समय देश में 100 से अधिक टेलिमेडिसिन सेंटर्स हैं। वहीं इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन द्वारा पूरे देश भर में लगभग 100 टेलिमेडिसिन सेंटर्स स्थापित करने की योजना है। जिस तरह से टेलिमेडिसिन का चलन बढ़ रहा है, उससे इस क्षेत्र में एक्सपर्ट की मांग में इजाफा होने की उम्मीद है। मैन्युफैक्चरिंग एक समय ऐसा भी था, जब भारत दवाइयों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहता था, लेकिन अब स्थिति कुछ अलग है। भारत अब सस्ती दवाई दुनिया भर में निर्यात कर रहा है। इसलिए भारत आज मेडिसिन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी हब बन कर उभर रहा है। क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रग मैन्युफैक्चरिंग मार्र्केट वर्ष 2010 तक एक बिलियन डॉलर के आंकड़े को छू सकता है। इसके अलावा, क्लिनिकल ट्रायल, फार्मा आदि जैसे क्षेत्र में भी बेहतरीन संभावनाएं देखी जा रही हैं। हेल्थकेयर कंपनी… -अलाइड मेडिकल सर्विसेज प्राइवेट लि. -बायर डाइग्नोस्टिक इंडिया -डालमिया हेल्थकेयर -डॉ. बत्रा -निकोलस पिरामल इंडिया प्राइवेट लि. -सन हेल्थकेयर -विप्रो जीई मेडिकल सिस्टम  

एमबीबीएस में दाखिला पाने वाले छात्रों को अब सिर्फ नीट यूजी पास करना ही काफी नहीं, एनएमसी लाया नए नियम

नई दिल्ली   नेशनल मेडिकल कमीशन ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी छात्र की जानकारी कॉलेज के पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है, तो वह डॉक्टर के रूप में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाएगा। यानी कि मेडिकल कॉलेज की लापरवाही के चलते एमबीबीएस की डिग्री पूरी करने लेने के बाद भी स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक सकता है। हजारों छात्रों की जानकारी अब भी पोर्टल पर नहीं एकेडमिक सेशन 2024-25 के लिए पूरे भारत में MBBS की करीब 1.18 लाख सीटें हैं, लेकिन अब तक केवल 1.15 लाख छात्रों की जानकारी ही NMC पोर्टल पर अपलोड की गई है। इसका मतलब है कि करीब 3,000 छात्रों की जानकारी अभी भी अपूर्ण या गायब है। एनएमसी ने नोटिस में क्या कहा? एनएमसी ने अपने नोटिस में कहा कि कुछ कॉलेजों ने एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों की डिटेल्स अपलोड नहीं की है और कुछ कॉलेजों ने अधूरा डेटा अपलोड किया। विभिन्न परिपत्र और सार्वजनिक नोटिस जारी करने के बावजूद, यह पाया गया है कि शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए कुल 1,15,250 छात्रों ने दाखिला लिया है और उनकी डिटेल्स एनएमसी पोर्टल पर अपलोड किया गया है। एनएमसी ने कहा कि जिन छात्रों की डिटेल्स पोर्टल पर अपलोड की गई है, वे भारत में आधुनिक चिकित्सा/एलोपैथ की प्रैक्टिस करने के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए एलिजिबल होंगे। कई मेडिकल कॉलेजों ने छात्रों की जरूरी जानकारी जैसे नाम, रोल नंबर, मेरिट नंबर, डेट ऑफ बर्थ और एडमिशन डेट जैसे डाटा अपलोड नहीं किए हैं। कुछ संस्थानों ने तो बिना योग्यता के छात्रों को भी प्रवेश दे दिया, जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ है। डेडलाइन बढ़ाने के बाद भी अपलोड नहीं की जानकारी NMC ने पहले 8 नवंबर 2024 तक डाटा अपलोड करने की आखिरी तारीख तय की थी, जिसे बढ़ाकर 23 नवंबर और फिर 10 दिसंबर 2024 कर दिया गया। इसके बावजूद कई कॉलेजों ने जरूरी जानकारी अपलोड नहीं की। अब NMC ने साफ चेतावनी दी है कि जिन छात्रों की जानकारी पोर्टल पर नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन की परमिशन ही नहीं दी जाएगी। योग्यता के नियमों में भी हो रही हैं गड़बड़ियां इतना ही नहीं जांच में तो यह भी सामने आया कि कई मेडिकल कॉलेज ऐसे हैं, जिन्होंने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में 50% से कम अंक हासिल करने वाले छात्रों को भी प्रवेश दे दिया। कई संस्थानों ने तो अप्रूव्ड सीट कैपेसिटी से ज्यादा छात्रों को दाखिला दे दिया है। MBBS छात्रों के लिए जरूरी सलाह NMC ने सभी MBBS छात्रों को सलाह दी है कि वे तुरंत अपने कॉलेज या काउंसलिंग अथॉरिटी से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि उनकी जानकारी NMC पोर्टल पर दर्ज है। अगर डाटा अपलोड नहीं हुआ है, तो जल्द से जल्द इसे सही करवाएं। ऐसे में अब मेडिकल में करियर बनाने की चाह रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए नीट यूजी क्वालिफाई कर लेना ही डॉक्टर बनने की आखिरी सीढ़ी नहीं है। छात्रों को खुद अवेयर रहना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका मेडिकल कॉलेज NMC के नियमों को फॉलो कर रहा है। वरना डिग्री होने के बाद भी आपके कॉलेज की लापरवाही आपके भविष्य को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। क्या है एमबीबीएस में दाखिले की पात्रता?     12वीं में PCB में कम से कम 50% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 40%) जरूरी।     NEET-UG पास करना अनिवार्य है।     जनरल केटैगरी के कैंडिडेट्स के लिए NEET में कम से कम 50 परसेंटाइल जरूरी है।     PwD कैंडिडेट्स के लिए 45 परसेंटाइल और SC/ST/OBC के लिए 40 परसेंटाइल मेंडेटरी है।     अन्य शैक्षणिक और आयु संबंधी योग्यता भी जरूरी है। NMC की सख्ती क्यों जरूरी है? मेडिकल सेक्टर में योग्य और प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है। अगर कॉलेज ही नियमों की अनदेखी करें, तो न केवल छात्रों का करियर खतरे में पड़ता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की क्वालिटी पर भी इसका असर देखने को मिलता है।

12वीं के बाद आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बनें? कोर्स से लेकर सैलरी तक, जानिए सबकुछ

आज के बदलते दौर में पढ़ाई के तरीकों और करियर ऑप्शन में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है. खासतौर पर मेडिकल क्षेत्र में आयुर्वेद का क्रेज तेजी से बढ़ा है. जहां पहले नीट में कम स्कोर करने वाले छात्र बीएएमएस (बीएएमएस) कोर्स में एडमिशन लेते थे, वहीं अब आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए छात्रों की रुचि बढ़ रही है. अगर आप भी आयुर्वेदिक डॉक्टर बनना चाहते हैं तो ये रहे आपके लिए कोर्स सहित सभी जानकारी. बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) एक साढ़े पांच साल का कोर्स है, जिसमें 1 साल की इंटर्नशिप भी शामिल होती है. भारत में आयुर्वेद का काफी महत्व है और इसे मेडिकल के पुराने तरीकों में से एक माना जाता है. अगर आप भी आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं, तो यहां जानें इसकी योग्यता, एडमिशन प्रक्रिया और करियर के अवसर.   क्लिनिक की शुरुआत करें बीएएमएस की डिग्री हासिल करने के बाद आप अपना क्लिनिक खोल सकते हैं और प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं. अगर आप खुद का क्लिनिक नहीं खोलना चाहते, तो अलग-अलग हेल्थ सेंटर्स में प्रोफेशनल या सुपरवाइजर के रूप में काम कर सकते हैं.   आयुर्वेद में पोस्ट-ग्रेजुएशन या डॉक्टरेट करने के बाद रिसर्च और डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम किया जा सकता है. आयुर्वेदिक प्रोडक्ट बनाने वाली फार्मास्यूटिकल और एफएमसीजी कंपनियों में भी नौकरी के बेहतरीन मौके मिलते हैं.   आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए जरूरी योग्यता 12वीं में पीसीबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी):किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं में फिजिक्स, केमेस्ट्री विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों के साथ पढ़ाई करना अनिवार्य है. मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम पास करें, बीएएमएस में एडमिशन के लिए नीट या स्टेट लेवल मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम पास करना जरूरी है. बीएएमएस की बैचलर डिग्री पूरी कर सकते हैं.  इसके बाद एमडी या एमएस करके सर्जरी या ऑर्थोपेडिक्स जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं.  

UPSC IES ISS परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड, 20 जून से एग्जाम, देखें लिंक और स्टेप्स

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ने भारतीय आर्थिक सेवा/ भारतीय संख्यायिकी सेवा परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। जिसे उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की जरूरत पड़ेगी। एडमिट कार्ड के लिए लिंक 22 जून 2025 रहेगा। इसके साथ “उम्मीदवारों को महत्वपूर्ण निर्देश” का प्रिन्ट आउट जरूर निकालें। एग्जाम हॉल में ई-एडमिट कार्ड और निर्देशों की हार्डकॉपी के बिना एंट्री नहीं मिलेगी। एडमिट कार्ड (UPSC IES ISS 2025 Admit Card) में उम्मीदवार का काम, रजिस्ट्रेशन नंबर, परीक्षा की तारीख, समय और जानकारी उपलब्ध रहेगी। यूपीएससी आईएएस/आईएसएस परीक्षा देश भर के विभिन्न शहरों में 20 जून से लेकर 22 जून के बीच आयोजित की जाएगी। इस साल किल 48 पदों पर भर्ती होने वाली है। जिसमें से भारतीय आर्थिक सेवा के लिए 18 और भारतीय संख्यायिकी सेवा के लिए 30 पद खाली हैं। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा। एग्जाम पेन एंड पेपर मोड में होगा। ऐसे डाउनलोड करें प्रवेश पत्र?  सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर इंडियन इकोनॉमिक सर्विस एग्जामिनेशन/इंडियन स्टैटिसटिक्स सर्विस एग्जामिनेशन 2025 ई-एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें। नया पेज खुलेगा जरूरी दिशानिर्देशों को पढ़ें। फिर आगे बढ़ें। अब रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि और कैप्चा कोड दर्ज करके “:सबमिट” बटन को दबाएं। स्क्रीन पर प्रवेश पत्र नजर आएगा। इसे अच्छे से चेक करें। भविष्य के संदर्भ में हॉल टिकट का प्रिंटआउट निकाल कर अपने पास जरूर रख लें। समस्या होने पर क्या करें? यदि उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करते समय की कोई परेशानी होती है वे हेल्पडेस्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। तकनीकी समस्याओं के लिए system-upsc@gov.in पर ईमेल भेजें। वहीं उम्मीदवार के डेटा से संबंधित समस्याओं के लिए uscms-upsc@nic.in पर ईमेल भेज सकते हैं। आयोग ने सभी उम्मीदवारों को सावधानी पूर्वक ई-प्रवेश पत्र की जांच करने की सलाह दी है। कोई भी विसंगति होने पर तत्काल प्रभाव ने यूपीएससी को सूचित कर सकते हैं।

एम्स नागपुर में सीनियर रेजिडेंट के पदों पर निकली कई भर्ती, एज लिमिट58 साल, सैलरी 2 लाख

नागपुर  मेडिकल की पढ़ाई के बाद एम्स में सरकारी नौकरी करने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन आप इसे हकीकत में बदल सकते हैं। जी हां, एम्स नागपुर ने प्रोफेसर, एडिशनल प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्तियां निकाली हैं। इस डायरेक्ट रीक्रूटमेंट के लिए 17 मई से ही आवेदन जारी हैं, जिसकी अब आखिरी तारीख नजदीक आ रही है। 16 जून 2025 तक अभ्यर्थी इस फैकल्टी भर्ती के लिए फॉर्म भर सकते हैं। इन पदों पर मंथली सैलरी भी दमदार है। AIIMS Lecturer Vacancy 2025: पद की डिटेल्स एम्स नागपुर ने यह नई भर्ती ग्रुप A फैकल्टी के लिए शुरू की है। जिसमें अभ्यर्थी कार्डियोलॉजी, डर्मिटोलॉजी, ईएनटी, जनरल सर्जरी, रेडियो डायग्नोसिस समेत कुल 28 विषयों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। किस पद के लिए कितनी रिक्तियां निकली हैं? यह डिटेल्स अभ्यर्थी नीचे टेबल से चेक कर सकते हैं। पद का नाम    वैकेंसी प्रोफेसर    11 एडिशनल प्रोफेसर    11 एसोसिएट प्रोफेसर    18 असिस्टेंट प्रोफेसर    18 कुल    58 योग्यता एम्स नागपुर की इस लेटेस्ट भर्ती में सभी पदों के लिए अलग-अलग योग्यता तय की गई है। प्रोफेसर के पद पर MBBS/पोस्ट ग्रेजुएशन MD या MS के साथ करीब 14 साल टीचिंग एक्सपीरियंस होना चाहिए। एडिशनल प्रोफेसर के लिए 10 साल का अनुभव, एसोसिएट प्रोफेसर के लिए 6 साल का अनुभव और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 3 साल का टीचिंग अनुभव होना चाहिए। योग्यता संबंधित डिटेल्स अभ्यर्थी विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं। योग्यता     आयुसीमा- एज लिमिट भी सभी पदों के लिए अलग-अलग है। प्रोफेसर/एडिशनल प्रोफेसर पद अभ्यर्थियों की अधिकतम उम्र 58 वर्ष से ऊपर नहीं होनी चाहिए। इसी तरह एसोसिएट प्रोफएसर/असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 50 वर्ष से ऊपर के अभ्यर्थी अयोग्य होंगे। हालांकि आरक्षित वर्गों को ऊपरी उम्र में छूट मिलेगी।     सैलरी- प्रोफेसर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को 168900-220200 रुपये, एडिशनल प्रोफेसर को 148200-211400 रुपये, एसोसिएट प्रोफेसर 138300-209200 रुपये और असिस्टेंट प्रोफेसर 101500-209200 रुपये प्रति माह सैलरी दी जाएगी। वेतन के साथ उम्मीदवारों को भत्ते और अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। कॉन्ट्रैक्चुअल प्रोफेसर कंसल्टेंट को 2,20,000/- और एडिशनल प्रोफेसर कंसल्टेंट को 2,00,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा।     आवेदन शुल्क- सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को 2000 रुपये एप्लीकेशन फीस सब्मिट करनी होगी। वहीं एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 500 रुपये है। पेमेंट का लिंक एम्स नागपुर वैकेंसी पेज पर उपलब्ध है।     रिक्रूटमेंट मोड- डायरेक्ट रिक्रूटमेंट, डेप्यूटेशन बेस, कॉन्ट्रेक्ट बेस (रिटायर्ड फैकल्टी) अभ्यर्थी वैकेंसी की उलब्धता के आधार पर किसी भी मोड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस भर्ती मेडिकल भर्ती से जुड़ी अन्य किसी भी जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को एम्स नागपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करने की सलाह दी जाती है।

12वीं के बाद सरकारी नौकरी पाने के लिए जरूर फॉलो करें ये 7 सफलता मंत्र

ज्यादातर युवाओं का सपना सरकारी नौकरी पाने का होता है। लेकिन आज के इस दौर में सरकारी नौकरी पाना आसान काम नहीं है। सरकारी नौकरी के एक पद के लिए सैकड़ों लोग लाइन में हैं। इसलिए सरकारी नौकरी के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए आपको 12वीं के बाद एक खास रणनीति बनाकर अपनी तैयारी करनी होगी, जिससे आपको सरकारी नौकरी मिल जाएं। ऐसे में आपको पता होना चाहिए की शुरुआत कहां से करनी है, क्या पढ़ना चाहिए आदि। तो चलिए आपको बताते हैं कि 12वीं के बाद सेल्फ स्टडी से प्रतियोगी परीक्षा/सरकारी नौकरी तैयारी के लिए 7 सफलता मंत्र के बारे में बताते हैं। अपने लिए सरकारी नौकरी के ऑप्शन ढूंढने से शुरुआत करें हमारे देश में सरकारी नौकरी के लिए सेंट्रल लेवल पर प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) करता है। इसके अलावा सभी राज्यों के लोक सेवा आयोग अलग से राज्य में भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन करते हैं इनमें UPPSC, BPSC, MPSC, MPPSC, OPSC, HPSC आदि शामिल हैं। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम जैसे ISRO, DRDO और अन्य बैंक अपने यहां नौकरी के लिए स्वयं परीक्षा का आयोजन कराते हैं और जॉब नोटिफिकेशन जारी करते हैं। आपको अपने लिए 2 से 3 सही परीक्षा पैटर्न को चुनना होगा। हर एक प्रकार की जॉब के लिए स्पेशल आवश्यकताओं और करियर ऑप्शन को समझने से आपको अपनी तैयारी की रणनीति बनाने में मदद मिलती है। जॉब नोटिफिकेशन पर नजर रखें हर दिन बहुत सारे विभागों में अलग-अगल पदों पर नौकरी निकाली जाती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप किसी भी जॉब में आवेदन करने से चूंक नहीं जाएं। आवेदन फॉर्म को सही से भरना, अंतिम तिथि से पहले आवेदन करना और सही से आवेदन फीस जमा करना बहुत जरूरी है, आपकी एक गलती आपके हाथों से सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका छीन सकती है। जॉब नोटिफिकेशन हमेशा उस विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देखें और आवेदन करने से पहले योग्यता जरूर चेक करें। परीक्षा पैटर्न को समझें किसी भी सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा की तैयारी करने से पहले एग्जाम पैटर्न को ध्यान से समझें। परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, कितने प्रश्न होंगे, किस टॉपिक से प्रश्न पूछे जाएंगे, परीक्षा का कुल अंक कितना है, परीक्षा के लिए कितना समय मिलेगा आदि। परीक्षा सिलेबस और पैटर्न को जानने के बाद ही आगे की स्ट्रैटिजी बनाएं। परीक्षा के लिए स्ट्रेस नहीं लें सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में ज्यादातर प्रश्न करेंट अफेयर्स से पूछे जाते हैं। ऐसे में करेंट अफेयर्स पर आपकी मजबूत पकड़ होना बहुत जरूरी है। इसलिए बहुत सारे सोर्स से पढ़ने की बजाय एक न्यूजपेपर और मैग्जीन से करेंट अफेयर्स की तैयारी करें। इसके लिए आप साप्ताहिक या मासिक करेंट अफेयर्स की किताबें भी पढ़ सकते हैं। निरंतरता से पढ़ाई करें सरकारी नौकरी पाने के लिए कड़ी मेहनत करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको 12 से 18 महीने का समय परीक्षा की तैयारी को देना होगा। आपको अपना टाइम टेबल तैयार करना चाहिए। सिलेबस के अनुसार अपना टाइम टेबल बनाएं और उसे अच्छे से फॉलो करें। रोजाना 5 से 8 घंटे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को दें। बीच में शॉर्ट ब्रेक जरूर रखें। जॉब इंटरव्यू की तैयारी भी है बहुत जरूरी पढ़ाई के साथ-साथ आपको अपनी पर्सनालिटी पर भी ध्यान देना होगा। जॉब्स इंटरव्यू के लिए हमेशा अपने अंदर आत्मविश्वास बनाए रखें। जॉब इंटरव्यू में आपसे करेंट अफेयर्स और नौकरी से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। आत्मविश्वास के साथ आप इंटरव्यू में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और प्रश्नों का सही जवाब देंगे। इंटरव्यू के समय घबराए नहीं। परीक्षा के समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें आप जिस भी सरकारी नौकरी की परीक्षा की तैयारी कर रहे हों, उस परीक्षा के पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र को जरूर सॉल्व करें। हर एक टॉपिक के शॉर्ट्स नोट्स बनाएं, जिससे रिवीजन करते समय आपको आसानी हो। मॉक टेस्ट दीजिए और अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें सुधारें। खुद पर भरोसा रखें और अपने लक्ष्य से अपना फोकस हटने मत दीजिए।  

यूपी पुलिस की नई भर्ती जल्द ! दरोगा, कांस्टेबल के लिए आने वाला है नोटिफिकेशन, देखें ताजा अपडेट

लखनऊ यूपी पुलिस भर्ती का इंतजार कर लाखों अभ्यर्थियों के लिए गुडन्यूज है। उत्तर प्रदेश पुलिस में अगले हफ्ते 23763 पदों पर नई भर्तियां निकलने वाली हैं। इन भर्तियों में सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल दोनों के पद शामिल होंगे। ऐसे में जो अभ्यर्थी यूपी पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं, वो अब इन भर्तियों के फॉर्म जल्द ही भर सकेंगे। नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर पदों पर उम्मीदवारों को एज लिमिट में 3 साल की छूट दी जाएगी। आयुसीमा की यह रियायत केवल इस बार ही मिलेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर कांस्टेबल समेत विभिन्न पदों पर भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन जून के दूसरे हफ्ते में जारी हो सकते हैं। इससे पहले भर्ती बोर्ड द्वारा कांस्टेबल के 19000+, सब इंस्पेक्टर के 4543 पदों पर भर्ती के लिए पुलिस मुख्यालय को अधियाचन भेजा जा चुका है। इनमें पीएससी सिपाही, पीएससी महिला वाहिनी, सिपाही नागरिक पुलिस, सिपाही पीएससी/सशस्त्र पुलिस, विशेष सुरक्षा बल में सिपाही, घुड़सवार, जेल वार्डर समेत अन्य पद शामिल हैं। UPPRPB ने ‘एक्स’ पर इसे लेकर जानकारी भी शेयर की थी। योग्यता पिछली भर्तियों के आधार पर योग्यता बताएं तो उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा बनने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवारों की एज लिमिट न्यूनतम 21 वर्ष होनी जरूरी है। वहीं कांस्टेबल के लिए 12वीं पास अभ्यर्थी फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट 168 सेमी होनी चाहिए और महिला अभ्यर्थियों की हाइट 152 सेमी होनी चाहिए। एज लिमिट, हाइट में आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट भी मिलेगी। यूपी पुलिस चयन प्रक्रिया की बात करें तो उम्मीदवारों को सबसे पहले लिखित परीक्षा देनी होगी। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को DV/PST और फिजिकल के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद फाइनल मेरिट तैयार होगी। यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 कांस्टेबल के 19000 से अधिक पदों पर नई भर्तियां आएंगी। इससे पहले 60244 पदों पर कांस्टेबल की भर्ती निकली थी, जिसके लिए 2023 में पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। जो अभ्यर्थी पिछली भर्ती में सेलेक्ट होने से चूक गए थे, वो इस भर्ती में पुलिस में सरकारी नौकरी का अपना सपना पूरा कर सकते हैं। लिखित परीक्षा के लिए आप अभी से तैयारी में जुट सकते हैं। लेटेस्ट अपडेट के लिए नवभारतटाइम्स.कॉम के एजुकेशन पेज से जुड़े रहें।  

12वीं में कॉमर्स के बाद कर सकते हैं ये 7 कोर्स, कुछ ही साल में जमकर बरसेंगे पैसे!

12वीं के बाद कॉमर्स और मैनेजमेंट में स्टूडेंट्स के लिए कई वैरायटी के कोर्स हैं। बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, बीबीए के अलावा कुछ पॉपुलर कोर्स हैं, जिनकी डिमांड काफी ज्यादा है और कई यूनिवर्सिटी इन्हें ऑफर करती हैं। करियर काउंसलर मयंक गुप्ता बताते हैं कि कुछ कोर्स पिछले 10 साल में तेजी से पॉपुलर हुए हैं और ग्रैजुएशन की डिग्री के बाद ही जॉब ऑप्शन स्टूडेंट्स को मिल जाते हैं, जैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी के तीन मैनेजमेंट कोर्स, जिनके लिए हजारों स्टूडेंट्स अप्लाई करते हैं। स्टूडेंट्स बीकॉम ऑनर्स, इकनॉमिक्स ऑनर्स से ज्यादा इन्हें तवज्जो दे रहे हैं, क्योंकि प्लेसमेंट भी अच्छा है। बीएमएस बिजनेस फंडे को कवर करता बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस) कोर्स मैनेजमेंट, मार्केटिंग, एचआर, फाइनेंस जैसे फील्ड को कवर करता है। मूल तौर पर यह कोर्स मैनेजमेंट के कॉन्सेप्ट्स पर है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के नौ कॉलेज, जामिया हमदर्द, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, नरसी मुंजी जैसी कई इंस्टिट्यूट इस कोर्स को ऑफर करते हैं। बीबीई इकनॉमिक्स और मैनेजमेंट के सिद्धांतों को बिजनेस की दुनिया में लागू करने के तरीके बीए ऑनर्स बिजनेस इकोनॉमिक्स (बीबीई) कोर्स का बेस है। जो स्टूडेंट्स इकनॉमिक्स में दिलचस्पी रखते हैं, उनके लिए खास है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के नौ कॉलेज, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी जैसी कई यूनिवर्सिटी में इस कोर्स की काफी ज्यादा डिमांड है। बीबीए-एफआईए बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट एनालिसिस (बीबीए-एफआईए) बतौर मैनेजमेंट प्रोफेशनल करियर बनाते वक्त ही इन्वेस्टमेंट स्किल्स को निखारने के लिए है। दिल्ली यूनिवर्सिटी, लोएला कॉलेज, मुंबई यूनिवर्सिटी जैसी कई यूनिवर्सिटी में यह पॉपुलर कोर्स है। सीएमए कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग (सीएमए) एक प्रोफेशनल सर्टिफिकेटशन कोर्स है, जो कॉस्ट मैनेजमेंट, बजटिंग, फाइनेंशल रिपोर्टिंग को कवर करता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) का सर्टिफिकेट आईसीएआई देता है और सीएस कवॉलिफाई करने के बाद आईसीएसआई मेंबरशिप सर्टिफिकेट देता है। सीए कोर्स अकाउंटिंग, ऑडिटिंग और फाइनेंस का एक्सपर्ट बनाता है। कंपनी सेक्रेटरी कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) की पढ़ाई स्टूडेंट्स को कंपनी लॉ, कॉरपोरेट गवर्नेंस और फाइनेंशल मैनेजमेंट का एक्सपर्ट बनाता है। यह एक प्रोफेशनल क्वॉलिफिकेशन है, जो इंस्टिटयूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज (आईसीएसआई) देती है। बीएचएम/बीबीए-होटल मैनेजमेंट होटल इंडस्ट्री समेत टूरिजम इंडस्ट्री और बिजनेस में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह पॉपुलर कोर्स है। तीन साल का यह कोर्स कई यूनिवर्सिटी जैसे जामिया मिल्लिया इस्लामिया, इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, जामिया हमदर्द।  

15 जून को होगी आईटीआई प्रवेश परीक्षा, एडमिट कार्ड हुआ जारी

पटना बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड (BCECEB) ने बिहार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा (ITICAT) 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वे अब आधिकारिक वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करके लॉग इन करना होगा। एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, श्रेणी, परीक्षा की तारीख, समय और परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी दी गई होती है। साथ ही उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो आईडी कार्ड भी परीक्षा केंद्र पर ले जाना अनिवार्य है। 15 जून 2025 को होगी परीक्षा बिहार आईटीआईसीएटी 2025 परीक्षा 15 जून 2025 को आयोजित की जाएगी, जो पहले 11 जून को प्रस्तावित थी। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड (OMR आधारित) में होगी। उम्मीदवारों को कुल 2 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा। प्रश्नपत्र में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें हर सही उत्तर के लिए 2 अंक दिए जाएंगे, यानी अधिकतम अंक 300 होंगे। इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं की जाएगी, जिससे उम्मीदवार बिना डर के उत्तर दे सकते हैं। प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा। क्या है बिहार आईटीआई कैट? ITICAT (Industrial Training Institute Competitive Admission Test) बिहार में विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली एक राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा है। यह परीक्षा प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है, जिसके माध्यम से उम्मीदवारों को इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर जैसे विभिन्न व्यावसायिक ट्रेडों में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स के लिए चयनित किया जाता है। Bihar ITICAT Admit Card 2025: ऐसे करें डाउनलोड     सबसे पहले BCECEB की वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर “Download Admit Card of ITICAT-2025” लिंक पर क्लिक करें।     अब “Click here for login” विकल्प पर क्लिक करें।     अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।     स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड दिखाई देगा।     एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट रखें।  

UPSC के परिक्षार्थियों के इंतजार की घड़ी जल्द समाप्त होने वाली है, जल्द जारी होगा रिजल्ट

नई दिल्ली  दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं की लिस्ट में शामिल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के परिक्षार्थियों के इंतजार की घड़ी जल्द समाप्त होने वाली है। UPSC द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 का रिजल्ट जल्द ही घोषित किया जाएगा। पिछले रुझानों के आधार पर सीएसई रिजल्ट 2025 आमतौर पर परीक्षा के लगभग दो सप्ताह बाद जारी किए जाते हैं। हालांकि आयोग द्वारा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रिजल्ट की सटीक तिथि और समय के बारे में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.   कैसे चेक कर सकते हैं रिजल्ट? UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं। होम पेज पर उपलब्ध UPSC CSE प्रीलिम्स परीक्षा परिणाम 2025 के लिंक पर क्लिक करें। लॉगिन करने के लिए अपनी पहचान संबंधी जानकारी भरें। स्क्रीन पर अपना रिजल्ट देखें। भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट डाउनलोड कर सुरक्षित रखें। 25 मई को हुआ था एग्जाम UPSC प्रीलिम्स 2025 की परीक्षा 25 मई (रविवार) को दो सत्रों में आयोजित हुई थी। इसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र थे, प्रत्येक की अवधि दो घंटे और 200 अंक थे। पिछले कुछ सालों के रुझानों के आधार पर माना जा रहा है कि इस साल भी 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा दी होगी। आमतौर पर आयोग परीक्षा के 15 दिन के भीतर परिणाम घोषित करता है। पिछले सालों की बात करें तो 2023 में परीक्षा 28 मई को हुई थी और रिजल्ट 12 जून को आया, जबकि 2024 में 16 जून को परीक्षा हुई और 1 जुलाई को रिजल्ट जारी हुआ। इसी आधार पर इस साल भी जून के दूसरे हफ्ते में परिणाम आने की प्रबल संभावना है। रिजल्द के बाद क्या होगा अलगा कदम? जो उम्मीदवार UPSC CSE प्रीलिम्स 2025 में सफल होंगे, उन्हें मुख्य परीक्षा (UPSC CSE Mains 2025) में बैठने का मौका मिलेगा। फिलहाल, उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट पर जाकर GS Paper 1 और GS Paper 2 के प्रश्न पत्र भी डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही UPSC ने हाल ही में अपना ऑनलाइन एप्लिकेशन पोर्टल भी अपडेट किया है, जहां अब चार चरणों में पंजीकरण प्रक्रिया को पहले से बेहतर और सुविधाजनक बनाया गया है। इस नए सिस्टम का लिंक https://upsconline.nic.in है।

UGC के नए नियम से छात्रों को फायदा, मान्य होंगी पहले से हासिल एक साथ दो डिग्रियां

नई दिल्ली  यूजीसी ने लाखों छात्रों को बड़ी राहत देते हुए एक समय में दो डिग्रियां प्राप्त करने की बाध्यता खत्म कर दी है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियम में संशोधन करने के बाद एक ही शैक्षणिक सत्र में प्राप्त दोनों डिग्रियां मान्य होंगी, चाहे वे रेगुलर या डिस्टेंस मोड में हों. यह नियम 2022 से पहले प्राप्त एक साथ डिग्रियों पर भी लागू होगा. यूजीसी का नया दिशानिर्देश यूजीसी ने 2025 में अपने दिशानिर्देशों में संशोधन करते हुए घोषणा की कि एक ही शैक्षणिक सत्र में ली गई दो डिग्रियां अब पूरी तरह मान्य होंगी. पहले, एक रेगुलर और एक डिस्टेंस डिग्री को एक साथ लेने की वैधता पर कन्फ्यूजन था और कई मामलों में इसे मान्यता नहीं दी जाती थी. इस फैसले से उन छात्रों को विशेष लाभ होगा, जो एक साथ दो शैक्षणिक कार्यक्रमों को पूरा करना चाहते हैं. केवल इन छात्रों को मिलेगा डुअल डिग्री का फायदा नए नियम के अनुसार, छात्र दोनों डिग्रियां रेगुलर मोड में, बशर्ते कक्षाओं का समय न टकराए या एक डिग्री रेगुलर मोड में और दूसरी ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) या ऑनलाइन मोड में या दोनों डिग्रियां डिस्टेंस या ऑनलाइन मोड में हासिल कर सकते हैं. हालांकि यह नियम डिप्लोमा, ग्रेजुएशन (UG) और पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) पर लागू है, लेकिन पीएचडी और एमफिल कार्यक्रमों पर लागू नहीं है. पहले के यूजीसी नियम पहले यूजीसी के नियम सख्त थे और एक साथ दो डिग्रियों को लेकर स्पष्टता की कमी थी. यूजीसी ने 2012 में एक समिति गठित की थी, जिसने सुझाव दिया कि एक रेगुलर डिग्री के साथ केवल एक अतिरिक्त डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स को डिस्टेंस मोड में लिया जा सकता है. दो रेगुलर डिग्रियों को एक साथ लेने की अनुमति नहीं थी, क्योंकि इससे प्रशासनिक और शैक्षणिक समस्याएं हो सकती थीं.   2020 में यूजीसी ने पहली बार अनुमति दी कि एक रेगुलर डिग्री के साथ एक डिग्री डिस्टेंस या ऑनलाइन मोड में ली जा सकती है. हालांकि, दोनों डिग्रियों को रेगुलर मोड में लेने की अनुमति नहीं थी.   फिर 2022 में यूजीसी ने NEP 2020 के तहत नियमों में ढील दी और छात्रों को दो रेगुलर डिग्रियां एक साथ लेने की अनुमति दी, बशर्ते कक्षाओं का समय न टकराए. लेकिन उस समय तक यह स्पष्ट नहीं था कि 2022 से पहले ली गई दो डिग्रियां मान्य होंगी या नहीं.   पहले की डिग्रियों को मान्यता नए दिशानिर्देशों ने पहले की एक साथ प्राप्त की दो डिग्रियों को मान्यता देने का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. अब 2022 से पहले एक रेगुलर और एक डिस्टेंस डिग्री लेने वाले छात्रों की डिग्रियां अब वैध मानी जाएंगी. यह उन लोगों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें नौकरी या आगे की पढ़ाई में मान्यता को लेकर परेशानी हो रही थी.   यूजीसी का यह नया दिशानिर्देश भारतीय उच्च शिक्षा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो छात्रों को अपनी शैक्षणिक और करियर को हासिल करने में मदद करेगा. 2022 से पहले की डिग्रियों को मान्यता देने का फैसला बहुत बड़ी राहत है. अधिक जानकारी के लिए, छात्र यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट ugc.ac.in पर जा सकते हैं.  

रोबोटिक साइंस में रोजगार की अपार संभावनाएं

तकनीक के क्षेत्र में विकास काफी तेजी से हो रहा है। यही वजह है कि आजकल रोबोट का इस्तेमाल तकरीबन हर फील्ड में होने लगा है। ज्यादातर रोबोट की संरचना मानव की तरह ही होती है। इसे बिल्कुल मानवीय अंगों के काम करने के तौर-तरीकों के आधार पर बनाया जाता है। रोबोट की बढ़ती उपयोगिता के कारण रोबोटिक्स के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं काफी तेजी से बढ़ी हैं। इस फील्ड में एंट्री कैसे होती है? रोबोटिक्स के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंप्यूटर साइंस की अच्छी नॉलेज या डिग्री जरूर होनी चाहिए। रोबोटिक एक तरह से लॉन्ग टर्म रिसर्च ओरिएंटेड कोर्स है। इस क्षेत्र से जुड़े कुछ स्पेशलाइजेशन कोर्स भी कर सकते हैं, जैसे ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडवांसड रोबोटिक्स सिस्टम। इस तरह के कोर्स कई इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफर कर रहे हैं। इसके अलावा, स्पेशलाइजेशन के लिए पोस्ट ग्रेजुएट लेवॅल कोर्स भी कर सकते हैं। आमतौर पर मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन, कम्प्यूटर साइंस से ग्रेजुएट कर चुके स्टूडेंट्स इस कोर्स के लिए बेहतर हैं। जॉब की क्या संभावनाएं हैं? इस क्षेत्र में ट्रेंड प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। भेल, बीएआरसी और सीएसआईआर फ्रेश ग्रेजुएट की नियुक्ति बतौर वैज्ञानिक करता है। आप चाहें तो पोस्टग्रेजुएशन स्तर पर स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। माइक्रोचिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए इंटेल जैसी कंपनी में बतौर रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस स्पे शलिस्टह के तौर पर नियुक्ति करती है। इसके अलावा, इसरो और नासा में भी रोबोटिक्स के स्पेलशलिस्टस की नियुक्तियां की जाती हैं। वैसे, इस फील्ड में इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल और कंप्यूटर एंड सॉफ्टवेयर फील्ड से जुड़े लोगों की जरूरत अधिक होती है। रोबोट का इस्तेमाल युद्ध क्षेत्र में रोबोट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। यूएवी (अनमैंड एरियल व्हीकल) रिमोट द्वारा नियंत्रित विमान है, जैसे अमेरिकन सेना का ड्रोन विमान अंतरिक्ष में खोज करने के लिए नासा ने कई रोबोट विकसित किए हैं। इन रोबोट को विकसित करने के पीछे नासा का मुख्य मकसद है कि मनुष्यों को अंतरिक्ष की किसी भी खतरनाक स्थिति से बचाया जा सके। ऑपरेशन करने के लिए बेहर स्किल के साथ बेहतर नियंत्रण की आवश्यकता होती है। कई यूरोपियन कंपनियां सोलर पैनल बनाने में रोबोट का इस्तेमाल कर रही हैं।    

MPPSC ने रद्द की तीन प्रमुख भर्तियां, अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन शुल्क वापस

भोपाल  मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रस्तावित जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी, संचार अधिकारी, और लोक स्वास्थ्य नर्स अधिकारी पदों की भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। आयोग ने इन पदों के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क लौटाने का निर्णय भी लिया है। शैक्षणिक योग्यता पर उठा विवाद बना रद्दीकरण का कारण इन भर्तियों के लिए निर्धारित की गई शैक्षणिक योग्यता को लेकर प्रदेशभर में अभ्यर्थियों ने विरोध जताया था। खासकर संचार अधिकारी पद के लिए केवल भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से डिप्लोमा की अनिवार्यता पर सवाल उठाए गए। इसे अन्य संस्थानों से पत्रकारिता की पढ़ाई कर चुके उम्मीदवारों के साथ अन्याय बताया गया। विवाद के चलते विभाग की सिफारिश पर आयोग ने भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया है। अब इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता की पुनर्समीक्षा की जाएगी और इसके बाद संशोधित अधिसूचना जारी की जाएगी। नर्स अधिकारी पद का विज्ञापन भी रद्द लोक स्वास्थ्य नर्स अधिकारी पद की परीक्षा का विज्ञापन भी रद्द कर दिया गया है। विभाग द्वारा भेजे गए मांगपत्र और आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता को लेकर विरोधाभास पाया गया। यह नियमानुसार नहीं था, इसलिए आयोग ने इस भर्ती को भी निरस्त कर दिया। आवेदन शुल्क वापसी की प्रक्रिया आयोग ने तीनों भर्तियों के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को शुल्क वापस करने की घोषणा की है। इसके लिए आवेदन ऑनलाइन मोड में करना होगा: जिला विस्तार एवं संचार अधिकारी पद के लिए आवेदन: 🗓 26 जून से 6 जुलाई 2025 तक लोक स्वास्थ्य नर्स अधिकारी पद के लिए आवेदन: 🗓 24 जून से 6 जुलाई 2025 तक

फिटनेस ट्रेनर बनने से पहले जरा इन बातों पर भी दें ध्यान

आप नौ-दस घंटे की सिटिंग जॉब करते हों या फास्ट फूड के शौकीन हो, व्यायाम को लेकर आलसी हो या हेल्दी डाइट के प्रति जागरूक न हो तो आप अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और शायद हर बार गलती आपकी नहीं होती। या तो आप बहुत व्यस्त होते हैं या फिर आपको उचित डाइट की जानकारी नहीं होती। अब क्या किया जाए? ऐसे में आपको आवश्यकता है एक अच्छे फिटनेस ट्रेनर की। एक अच्छा फिटनेस ट्रेनर आपको न सिर्फ आपकी सेहत की अनुसार व्यायाम की जानकारी देगा बल्कि अलग-अलग डाइट के बारे में आपकी जानकारी भी बढ़ाएगा। रोजमर्रा की भागदौड़ को भूलाने, मानसिक तनाव से जूझते और शरीर को सही आकार में रखने के लिए व्यायाम आवश्यक है। वह जमाना गया जब पर्सनल ट्रेनर सिर्फ खिलाड़ियों, एथलीट या बड़े सेलिब्रिटी के लिए ही होते थे। आज लोग फिट रहने और वहां काम करने के लिए एरोबिक्स इंस्ट्रक्टर, योगा इंस्ट्रक्टर तथा पर्सनल ट्रेनर की मांग करते हैं। कैरियर के अवसर आज फिटनेस ट्रेनर की मांग जिम, बड़े होटल, हेल्थ क्लब, फिटनेस सेंटर, स्पा, टूरिस्ट रिसॉर्ट जैसी तमाम जगहों पर है। कुछ समय का अच्छा अनुभव लेकर आप स्वयं का फिटनेस सेंटर भी शुरू कर सकते हैं। यहां तक कि बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए समय-समय पर वर्कपैलेस वेलनेस तथा फिटनेस प्रोग्राम का आयोजन करती हैं, जहां फिटनेस ट्रेनर की जबरदस्त मांग होती है। फिटनेस इंडस्ट्री आज अपनी चरम सीमा पर है। आज भारत में फिटनेस उद्योग 2, 000 करोड़ रुपए से भी अधिक पर हिस्सा रखता है। हाई टेक जिम और हेल्थ क्लब ने इसको युवाओं के बीच और अधिक प्रचलित बनाया है। कोर्स के बाद आप इसमें से किसी भी कैरियर का चुनाव कर सकते हैं: एथलीट ट्रेनर, डाइटिशियन, स्पोटर्स कोच, फिजिकल थेरेपिस्ट। कार्य का दायरा एक फिटनेस ट्रेनर के तौर पर आपको शारीरिक फिटनेस के साथ साथ एरोबिक्स, फैलेक्सीबिल्टी ट्रेनिंग, बीएमआई, पोषण तथा ट्रेनिंग से जुड़े समस्त उपकरणों आदि का ज्ञान होना अनिवार्य है। इससे लोगों को सही सलाह देने में आसानी होती है। यदि आपको ये समस्त जानकारी है, तो आप उनके शरीर के ढांचे और वजन को देखते हुए उनके लिए एक अच्छी डाइट निर्धारित कर सकते और फिट रहने के लिए उपकरणों के सही प्रयोग के बारे में ज्ञान दे सकते हैं। -एक फिटनेस ट्रेनर को फिटनेस, न्यूट्रिशन, वेट मैनेजमेंट, स्ट्रैस रिडियूशन, हेल्थ रिस्क मैनेजमेंट आदि जैसे विषयों पर ध्यान देना होता है। -एरोबिक्स इंस्ट्रक्टर के तौर पर आप वर्कआउट सत्र में एरोबिक्स, स्ट्रेचिंग तथा मसल्स एक्सरसाइस पर ध्यान देते हैं। -खेल जगत में एथलीट का स्टेमिना बढ़ाने के लिए आप जॉगिंग, वेट लिफ्टिंग, पुशअप जैसे विशेष व्यायामों पर जोर देते हैं। -यदि आप एक योग व नेचुरोपेथी एक्सपर्ट हैं तो आप प्रकाशित तौर पर व्यायाम से रोग-मुक्त रहने के गुर भी सीखते हैं। -इस कार्य में आपको अच्छी बातचीत और व्यावहारिक कला भी आनी चाहिए, क्योंकि आप कई प्रकार के लोगों के संपर्क में आते हैं। हालांकि कोर्स के तुरंत बाद मासिक आय थोड़ी कम होती है, पर अनुभव के साथ-साथ यदि आप हाइ-एंड फिटनेस सेंटर, स्पा और रिसॉर्ट से जुड़कर काफी अच्छा कमा सकते हैं। कहां से कोर्स करें? फिटनेस ट्रेनिंग के कोर्स की अगर बात की जाए तो आप नाइक एरोबिक्स कोर्स या रिबॉक इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी कर सकते हैं, जो मुंबई के तलवालकर संस्थान जैसे कई स्थानीय स्तर पर कराए जाते हैं। ये बेसिक कोर्स करीब 80 घंटे की अवधि के होते हैं, जिसमें से 30 घंटे थ्योरी से सिद्धांत पढ़ाए जाते हैं और बाकी भाग प्रैक्टिकल सैशन का होता है। -रिबॉक इंडिया वर्ष में 2 बार रिबॉक इंस्ट्रक्टर एलीयांस प्रोग्राम आयोजित करता है। -यदि आप योग तथा नेचुरोपेथी में स्नातक होना चाहते हैं तो भारत में ये कोर्स करीब साढ़े पांच साल का होता है। -सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन योग एंड नेचुरोपैथी ने इसमें 1 वर्ष डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किया है। भारत में इसके कुल 17 केंद्र हैं। फिजिकल एजुकेशन में स्नातक व स्नाकोत्तर के साथ कई अन्य कोर्स उपलब्ध कराने वाले कुछ प्रमुख संस्थान निम्नलिखित हैं: -इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोटर्स साइंस, दिल्ली। -लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन। -साई, एनएस साउथ सेंटर, यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु। -साई, एनएस ईस्टन र्सेंटर, साल्ट लेक सिटी, कोलकाता।  

MP शिक्षा अधिकारियों की खली पदों पर भर्ती शुरू, संचनालय ने जारी कर किया आदेश

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भोपाल मध्यप्रदेश में तबादलों का मौसम इस समय चरम पर है। रोज़ाना किसी न किसी विभाग से तबादला आदेश जारी हो रहा है और इसी बीच रिक्त पदों को भरने की कवायद भी तेज़ हो गई है। खासतौर पर शिक्षा विभाग ने अब ज़िला शिक्षा अधिकारियों (DEO) के खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। क्यों ज़रूरी है DEO पदों की पूर्ति प्रदेश में कई जिलों में लंबे समय से ज़िला शिक्षा अधिकारी के पद रिक्त हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इसी समस्या को सुलझाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक केके द्विवेदी ने सभी जिलों को एक महत्त्वपूर्ण पत्र जारी किया है। इस पत्र में बताया गया है कि प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए संचालनालय स्तर पर एक परीक्षण समिति का गठन किया गया है, जो योग्य लोकसेवकों का चयन करेगी। 5 जून को भोपाल बुलाए गए इच्छुक लोकसेवक जिन अधिकारियों ने DEO पद के लिए सहमति जताई है, उन्हें 5 जून 2025 को सुबह 10:00 बजे भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। संचालक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वे अपने जिले के योग्य और इच्छुक लोकसेवकों की सहमति/असहमति तत्काल संलग्न प्रारूप में भेजें। ईमेल से भेजनी होगी जानकारी एक और जरूरी अपडेट संबंधित लोकसेवकों के सहमति पत्र को ईमेल (est1-dpi@mp-gov.in) पर भेजना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, सहमति देने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध यदि कोई विभागीय जांच, लोकायुक्त प्रकरण, ईओडब्ल्यू, या अन्य आपराधिक मामला लंबित है, तो उसकी जानकारी भी भेजनी होगी। तबादलों की अंतिम तारीख 10 जून तक बढ़ी प्रदेशभर में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले जारी हैं और अब सरकार ने इसकी अंतिम तिथि 10 जून 2025 तक बढ़ा दी है। ऐसे में कई विभागों ने आंतरिक स्तर पर खाली पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज और अधिक प्रभावी हो सके। अगर आप शिक्षा विभाग में हैं और जिला शिक्षा अधिकारी पद पर पदस्थापना की इच्छा रखते हैं, तो ये आपके लिए सुनहरा मौका है। विभागीय ईमेल पर सहमति पत्र भेजें और तय तिथि पर भोपाल पहुँचें क्योंकि ये बदलाव सिर्फ स्थान का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी है।

3 अगस्त को होगा NEET PG एग्जाम, NBE से ये तीखे सवाल पूछने के बाद SC का फैसला

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नई दिल्ली NEET PG 2025 New Date: नीट पीजी एग्जाम अब 3 अगस्त 2025 को आयोजित किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) की याचिका को मंजूरी देते हुए NEET-PG 2025 परीक्षा को 15 जून से स्थगित कर 3 अगस्त 2025 को आयोजित करने की अनुमति दे दी है. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि कोर्ट ने पहले आदेश दिया था कि परीक्षा को दो पालियों के बजाय एक ही पाली में आयोजित किया जाए.   सुनवाई के दौरान NBE ने बताया कि एक पाली में परीक्षा आयोजित करने के लिए उन्हें अतिरिक्त 450 परीक्षा केंद्रों की आवश्यकता होगी, क्योंकि पहले 450 केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा हो रही थी. NBE के वकील ने कहा कि नए केंद्रों की पहचान, उनकी सुरक्षा, तकनीकी जरूरतों और कर्मचारियों की व्यवस्था में समय लगेगा. उन्होंने बताया कि उनके तकनीकी साझेदार TCS को इन तैयारियों के लिए समय चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने NBE से पूछे तीखे सवाल हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने NBE से सवाल किया कि इतने लंबे समय (3 अगस्त तक) की जरूरत क्यों है, क्योंकि TCS पहले से ही केंद्रों की जानकारी रखता है. कोर्ट ने कहा, “आप प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं. यह छात्रों के लिए अतिरिक्त दबाव बनाता है.” कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि TCS को केवल केंद्रों की उपलब्धता जांचनी है, न कि नए केंद्रों की तलाश करनी है. SC ने नीट पीजी 3 अगस्त को कराने की अनुमति दी NBE ने कहा कि वे परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहते. इस पर कोर्ट ने सहमति जताते हुए कहा कि वे भी यही चाहते हैं. अंत में, NBE द्वारा दी गई दलीलों और दस्तावेजों को देखते हुए कोर्ट ने 3 अगस्त, 2025 को परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी, लेकिन साफ कर दिया कि अब और समय नहीं दिया जाएगा. इसके साथ ही, NBE को निर्देश दिया गया कि वह छात्रों को नए परीक्षा केंद्र चुनने का मौका दे और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करे. यह फैसला 2 लाख से अधिक NEET-PG उम्मीदवारों के लिए राहत और स्पष्टता लेकर आया है, जो इस महत्वपूर्ण परीक्षा की तारीख को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ- कोर्ट- आपको अगस्त तक का समय चाहिए? इतना समय क्यों? आपको केवल पहचान करनी है और आपने अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं की है? पिछले सप्ताह आदेश दिया गया था. आप देरी कर रहे हैं! इसके लिए आपको दो महीने चाहिए? केवल केंद्र ही खोजने हैं काउंसल- केंद्र खोजने के बाद छात्रों को केंद्र चुनने का नया अवसर दिया जाना चाहिए. और भी बातें हैं… कोर्ट- हम जानते हैं कि टीसीएस कैसे काम करती है. आप जो समय मांग रहे हैं वह बहुत लंबा है. पूरी प्रक्रिया में देरी हो रही है. छात्रों पर अतिरिक्त समय की वजह से अतिरिक्त दबाव है. एनबीई के वकील– सुनिश्चित करना होगा कि केंद्र सुरक्षित हों, उनमें तकनीकी आवश्यकताएँ हों और आवश्यक जनशक्ति हो याचिकाकर्ता- टीसीएस के 60,000 केंद्र हैं. एनबीई– केंद्र खोजना मुश्किल है. कोर्ट- टीसीएस केवल चयन की पूरी प्रक्रिया में है, उन्हें सभी केंद्रों की जानकारी है. उन्हें बस यह देखना है कि केंद्र उपलब्ध हैं या नहीं. एएसजी– अब दोगुने केंद्रों की जरूरत होगी. कोर्ट– मुझे नहीं पता कि आप इतना लंबा समय क्यों चाहते हैं. एनबीई- हम नहीं चाहते कि परीक्षा में किसी भी तरह से समझौता हो. कोर्ट- हम भी ऐसा नहीं चाहते. कोर्ट ने 3 अगस्त तक का समय देने पर सहमति जताई. कोर्ट- एनबीई द्वारा अनुरोध किया गया कि 3 अगस्त उसके प्रौद्योगिकी भागीदार टीसीएस द्वारा दी गई सबसे प्रारंभिक संभावित तिथि है. संलग्न कागजातों को देखने के बाद, हम संतुष्ट हैं कि विस्तार और इसे पुनर्निर्धारित करने की प्रार्थना उचित है. हमारे पिछले आदेश द्वारा नीट परीक्षा आयोजित करने के लिए दी गई समय सीमा बढ़ा दी गई है.  अब कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा.  

यूपी पुलिस में होनी है 24 हजार पदों पर सीधी भर्ती

UP Police

लखनऊ  प्रदेश पुलिस में जल्द करीब 24 हजार पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी होगा। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। शासन की हरी झंडी मिलते ही इसका विज्ञापन जारी कर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। सूत्राें की मानें तो आगामी 15 जून तक विज्ञापन जारी हो सकता है। पहले यह अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में जारी करने की तैयारी थी। डीजीपी मुख्यालय ने भर्ती बोर्ड को सिपाही के 19,220 पदों और उप निरीक्षक के 4543 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव बीते दिनों भेजा था। इनमें सिपाही पीएसी के 9837, सिपाही पीएसी महिला वाहनी के 2282, सिपाही नागरिक पुलिस के 3245, सिपाही पीएसी/सशस्त्र पुलिस 2444, सिपाही विशेष सुरक्षा बल के 1341 और घुड़सवार पुलिस के 71 पद (कुल 19220) पद शामिल थे। इसी तरह उप निरीक्षक के 4543 पदों का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें उप निरीक्षक नागरिक पुलिस के 4242 पद, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस/प्लाटून कमांडर महिला वाहिनी बदायूं, गोरखपुर, लखनऊ के 106 पद, प्लाटून कमांडर/उप निरीक्ष सशस्त्र पुलिस के 135 पद, उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर विशेष सुरक्षा बल के 60 पद शामिल हैं। अब इन पदों पर भर्ती के लिए बोर्ड द्वारा विज्ञापन जारी करने की तैयारी है। बता दें कि मंगलवार को कैबिनेट ने उपनिरीक्षकों की भर्ती में तीन वर्ष की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 35 लाख आवेदन आने की संभावना सिपाही और उप निरीक्षक के पदों पर भर्ती के लिए करीब 35 लाख आवेदन आने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि बीते दिनों सिपाही नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर सीधी भर्ती के लिए करीब 48 लाख आवेदन आए थे। इस बाद भर्तियों में अधिकांश पद पीएसी आदि के होने की वजह से 35 लाख से अधिक आवेदन होने की संभावना जताई जा रही है।

जगदलपुर : नवीन संगीत महाविद्यालय जगदलपुर में प्रवेश हेतु 15 जून तक आवेदन पत्र आमंत्रित

जगदलपुर नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय जगदलपुर में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत बीपीए पाठ्यक्रम अंतर्गत 40 सीटों पर प्रवेश जारी है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 15 जून 2025 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। उक्त महाविद्यालय वर्तमान में बस्तर एकेडमी डांस आर्ट एवं लिटरेचर (बादल) आसना जगदलपुर में संचालित है। यहां शास्त्रीय गायन (हिन्दुस्तानी), लोकसंगीत, कथक नृत्य विषय संचालित है। विद्यार्थियों को इसमें से कोई एक मुख्य विषय एवं कोई एक सहायक विषय लेना होगा। साथ ही हिन्दी भाषा या अंग्रेजी भाषा तथा पर्यावरण विषय अनिवार्यतः लेना होगा। उक्त बीपीए पाठ्यक्रम स्नातक में चार वर्ष की डिग्री कोर्स है। यह महाविद्यालय इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से संबंद्ध है। संगीत सीखने के इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश हेतु आवेदन फार्म शासकीय दंतेश्वरी पीजी महिला महाविद्यालय जगदलपुर अथवा बस्तर एकेडमी, बादल आसना जगदलपुर से प्राप्त कर सकते हैं। प्राचार्य नवीन संगीत महाविद्यालय जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार प्रवेश के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर प्रावीण्यता सूची तैयार की जाएगी और आवश्यकता अनुसार अभिरुचि परीक्षा ली जाएगी। चयन सूची 30 जून 2025 को जारी की जाएगी और सीट रिक्त होने की स्थिति में द्वितीय सूची निकाली जाएगी।

जेनेटिक इंजीनियरिंग में करियर

        जेनेटिक इंजीनियरिंग विज्ञान का एक अत्याधुनिक ब्रांच है। जिसमें सजीव प्राणियों के डीएनए कोड में मौजूद जेनेटिक को अत्याधुनिक तकनीक केजरिए परिवर्तित किया जाता है। यह क्षेत्र बायोटेक्नोलॉजी के अंतर्गत ही आता है। जेनेटिक इंजीनियरिंग का कमाल कुछ वर्ष पहले ही दुनिया देख चुकी है, जब इयान विल्मुट और उनके सहयोगी रोसलिन ने जेनेटिक तरीके से भेड़ का बच्चा तैयार किया, जिसे डोली दिया था। यह हुबहु भेड़ का जेनेटिक कॉपी था। इन दिनों जेनेटिक इंजीनियर की डिमांड इंडिया के साथ-साथ विदेश में तेजी से बढ़ रहा है। क्या है जेनेटिक इंजीनियरिंग जेनेटिक तकनीक के जरिए जींस की सहायता से पेड़-पौधे, जानवर और इंसानों में अच्छे गुणों को विकसित किया जाता है। जेनेटिक तकनीक के द्वारा ही रोग प्रतिरोधक फसलें और सूखे में पैदा हो सकने वाली फसलों का उत्पादन किया जाता है। इसके जरिए पेड़-पौधे और जनवरों में ऐसे गुण विकसित किए जाते हैं, जिसकी मदद से इनके अंदर बीमारियों से लडने की प्रतिरोधिक क्षमता विकसित की जाती है। इस तरह के पेड़-पौधे जीएम यानी जेनेटिकली मोडिफाइड फूड के रूप में जाने-जाते हैं। बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जेनेटिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल बृहत पैमाने पर होता है, क्योंकि यह इंडस्ट्री फॉमास्युटिकल प्रोडक्ट जैसे कि इंश्युलीन और दूसरे दवाइयों के लिए एक हद तक जेनेटिक पर ही निर्भर रहती है। योग्यता और कोर्स योग्य जेनेटिक इंजीनियर उसे ही माना जा सकता है, जिनके पास जेनेटिक और इससे संबंधित फील्ड में ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो, जैसे कि बायोटेक्नोलॉजी, मोलिक्युलर बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री। इस कोर्स में एंट्री के लिए 12वीं बायोलॉजी, केमिस्ट्री और मैथ से पास होना जरूरी है। इस समय अधिकतर यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट में जेनेटिक इंजीनियरिंग के लिए अलग से कोर्स ऑफर नहीं किया जाता है, लेकिन इसकी पढ़ाई बायोटेक्नोजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री में सहायक विषय के रूप में होती है। बायोटेक्नोलॉजी के अडंर ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट में जेनेटिक इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। गेेजुटए कोर्स, बीईध्बीटेक में एंट्री प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। एमएससी इन जेनेटिक इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी हर साल 120 सीटों के लिए संयुक्त परीक्षा का आयोजन करती है। तकरीबन 20 हजार छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। उगा अंको के आधार पर 20 छात्र को जेएनयू परिसर, नई दिल्ली में एडमिशन दे दिया जाता है। जेनेटिक डिग्री कोर्स के लिए भी यहां कुछ सीटें निश्चित हैं। इसके लिए भी एंटे्रस टेस्ट में बैठना जरूरी है। रोजगार के अवसर जान-मानी करियर एक्सपर्ट परवीन मलहोत्रा कहती हैं कि जेनेटिक इंजीनियर के लिए भारत के साथ-साथ विदेश में भी जॉब के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इनके लिए मुख्यत रोजगार के अवसर मेडिकल व फार्मास्युटिकल कंपनी, एग्रीकल्चर सेक्टर, प्राइवेट और सरकारी रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर में होते हैं। टीचिंग को भी करियर ऑप्शन के रूप में आजमा जा सकता है। इसके अलावा, इनके लिए रोजगार के कई और भी रास्ते हैं। बायोटेक लेबोरेटरी में रिसर्च, एनर्जी और एंवायरनमेंट से संबंधित इंडस्ट्री, एनिमल हसबैंड्री, डेयरी फार्मिंग, मेडिसन आदि में भी रोजगार के खूब मौके हैं। कुछ ऐसे संस्थान भी हैं, जो जेनेटिक इंजीनियर को हायर करती है, जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी, नई दिल्ली, सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंट ऐंड डाइग्नोस्टिक, हैदराबाद, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग रिसर्च ऐंड प्रोसेस डेवलॅपमेंट सेंटर, चंडीगढ़, द इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक ऐंड इंटेग्रेटिव बायोलॉजी, दिल्ली आदि। सैलॅरी पैकेज जेनेटिक इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स को शुरुआती दौर में आठ से 12 हजार रुपये प्रति माह सैलॅरी मिलने लगती है। यदि आपके पास डॉक्ट्रोरल डिग्री है, तो सैलॅरी 15-25 हजार रुपये शुरुआती महीनों में हो सकती है। इंस्टीट्यूट वॉच… -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास, खडगपुर -आईआईटी गुवाहाटी -आईआईटी, दिल्ली -दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद -पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना -राजेंद्र एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, समस्तीपुर, बिहार -जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी, वाराणसी -ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली  

अगर आप भी यूएस से लेना चाहते है डिग्री, तो जाने की कितने तरह की मिलती है डिग्री

वॉशिंगटन विदेश में कॉलेज जाकर डिग्री हासिल करना आपके लिए अवसरों से नए दरवाजे खोल सकता है। डिग्री होने पर ना सिर्फ नौकरी के ऑप्शन बढ़ जाते हैं, बल्कि सैलरी में भी इजाफा होता है। अगर आपके पास अमेरिका से मिली डिग्री है, तो फिर जॉब मार्केट में आपकी वैल्यू और भी ज्यादा बढ़ जाएगी। अमेरिका का एजुकेशन सिस्टम भारत से बिल्कुल अलग है, जिस वजह से यहां पढ़ने जाने वाले छात्र यूएस की डिग्रियों को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। आइए जानते हैं कि अमेरिका में कितने तरह की डिग्रियां दी जाती हैं। एसोसिएट डिग्री: अगर आप हायर एजुकेशन की शुरुआत कर रहे हैं या फिर कुछ वर्क एक्सपीरियंस हासिल करना चाहते हैं, तो एसोसिएट डिग्री आपके लिए सही हो सकती है। एसोसिएट डिग्री को 2 साल की डिग्री के रूप में जाना जाता है और ये हाई स्कूल डिप्लोमा या उसके बराबर की एजुकेशन हासिल करने के बाद प्राप्त की जा सकने वाली पहली डिग्री है। इसका मतलब है कि ये डिग्री आपको बेसिक जानकारी देती है और आगे की पढ़ाई के लिए तैयार करती है। बैचलर्स डिग्री: बैचलर डिग्री प्रोग्राम आपको कई तरह के करियर के लिए जरूरी नॉलेज और स्किल सिखाते हैं। बैचलर डिग्री 4 साल की अंडरग्रेजुएट डिग्री है। ये डिग्री आपको किसी खास विषय में गहराई से जानकारी देती है। बैचलर डिग्री शुरू करने के लिए आपको एसोसिएट डिग्री की जरूरत नहीं है। आप सीधे 12वीं के बाद ये डिग्री कर सकते हैं। बैचलर ऑफ साइंस (BS) और बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) जैसी डिग्रियां आपको किसी खास विषय पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देती हैं। मास्टर्स डिग्री: मास्टर डिग्री हासिल करना आपके करियर में आगे बढ़ने का एक शानदार तरीका हो सकता है। मास्टर डिग्री बैचलर डिग्री के बाद ली जाती है। यह आपको किसी खास सब्जेक्ट में विशेष नॉलेज और स्किल प्रदान करती है। इसे पूरा करने में आमतौर पर 12 से 18 महीने लगते हैं। मास्टर डिग्री रिसर्च-आधारित, सिखाए गए कोर्स या दोनों का मिक्स हो सकती है। मास्टर ऑफ साइंस (MS) या मास्टर ऑफ आर्ट्स (MA) जैसी मास्टर डिग्री कई सब्जेक्ट में उपलब्ध हैं। डॉक्टोरल डिग्री: अगर आप कॉलेज में सबसे ऊंची डिग्री हासिल करना चाहते हैं, तो डॉक्टरेट डिग्री आपके लिए सही हो सकती है। इंडस्ट्री और करियर के लक्ष्यों के आधार पर कई प्रकार की डॉक्टरेट डिग्रियां हैं। डॉक्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (DBA), डॉक्टर ऑफ एजुकेशन (EdD) और डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) इनमें से ही कुछ एक हैं। डॉक्टरेट की डिग्री पूरी करने में 7 साल तक लग सकते हैं।

‘IAS’ का फॉर्म अब आधार के बिना नहीं भर सकेंगे, UPSC चेयरमैन का बड़ा बयान

चेन्नई  राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों की स्थायी समिति की बैठक शनिवार 24 मई को चेन्नई के सरकारी गेस्ट हाउस में शुरू हुई. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अजय कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में हरियाणा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्षों ने भाग लिया. यह बैठक दो दिनों तक चलेगी. पहले दिन सरकारी कर्मचारियों की चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने, आपस में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने, चयन प्रक्रियाओं में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा चयन संबंधी मामलों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई. दूसरे दिन भी परीक्षा से संबंधित आनेवाली परेशानियों पर चर्चा की जाएगी.     मीडिया को संबोधित करते हुए संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा, “यूपीएससी देशभर में परीक्षाएं आयोजित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. राज्य स्तर की परीक्षाएं भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. हम लगातार सलाह देते रहे हैं कि ऐसी परीक्षाएं पारदर्शी होनी चाहिए. आने वाले समय में हम यूपीएससी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय आधार को अनिवार्य बनाने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं.” संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि दो दिवसीय स्थायी समिति की इस बैठक में सरकारी सेवा परीक्षाओं के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विभिन्न चर्चाएं होंगी. तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (टीएनपीएससी) के अध्यक्ष एस के प्रभाकर ने कहा, “इस बैठक में हम परीक्षा आयोजित करने के तरीकों, इसमें आने वाली कठिनाइयों, सुधार पद्धति और पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित करने की पद्धति सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे.” टीएनपीएससी के अध्यक्ष ने कहा, इसके अलावा परीक्षाओं में ओएमआर शीट को बेहतर बनाने, ओएमआर शीट में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने, सुरक्षा सुविधाएं जोड़ने और उत्तर पुस्तिकाओं को सही करने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं. दूसरे राज्यों में परीक्षा देते समय तमिलनाडु के छात्रों को होने वाली कठिनाइयों पर भी चर्चा की जाएगी.

मध्यप्रदेश असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के 2197 पदों पर भर्ती, डॉक्टर्स के 718 पदों के लिए प्रक्रिया पूरी, जल्द होगा परीक्षा की तारीख का ऐलान

भोपाल प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग में प्राध्यापकों के 2197 पदों पर जून और जुलाई माह में भर्ती परीक्षाएं होंगी। इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग के 718 पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लोक सेवा आयोग ने साल 2025 के लिए प्री एग्जाम करा लिए हैं। लेकिन जून में होने वाली मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने वाले पदों के लिए 2025 के अंत तक ही अंतिम परिणाम घोषित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिसम्बर 2024 में एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी बुलाई। ये ब्योरा पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल को भेजकर भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। इसमें लोक सेवा आयोग इंदौर ने 30 दिसम्बर 2024 से अब तक 64 विज्ञापन निकाले हैं। 3151 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा प्रक्रिया शुरू की है। दैनिक भास्कर ने पीएससी द्वारा निकाले गए विज्ञापन के आधार पर परीक्षा तिथियों और रिक्त पदों की जानकारी जुटाई तो पता चला कि जिस अनुपात में सरकार ने रिक्त पदों की भर्ती का दावा किया था, उस अनुपात में पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी नहीं हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री की बैठकें जारी, एग्जाम डेट पर निर्णय बाकी डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र कुमार शुक्ल पीएससी के माध्यम से होने वाली चिकित्सकों की भर्ती को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। वे इसको लेकर मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ मीटिंग करने के अलावा पीएससी के अफसरों के साथ भी बैठक कर चुके हैं लेकिन अब तक की जो स्थिति है, उसके अनुसार विभाग के रिक्त पदों को इस साल चिकित्सक स्टाफ मिल पाने की उम्मीद कम ही है।

MP बोर्ड द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन की नई तारीखें, अब 25 और 31 मई तक भर सकेंगे फॉर्म

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2024-25 की 10वीं-12वीं द्वितीय परीक्षा के लिये आवेदन की तारीख बढ़ा दी है।हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2025 में पास हुए छात्र अंक सुधार और फेल हुए छात्र उत्तीर्ण विषयों के अंक सुधार के लिये अब 25 मई तक आवेदन कर सकते है। वहीं मुख्य परीक्षा में केवल फेल विषयों की द्वितीय परीक्षा के लिए 31 मई 2025 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक होगी परीक्षा, यहां करें आवेदन एमपी हाईस्कूल-हायर सेकेंडरी द्वितीय परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। असफल विद्यार्थी 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक दूसरी परीक्षा दे सकेंगे। इसके लिए 21 मई तक परीक्षा फॉर्म भरे जा सकते हैं। इसके लिए स्टूडेंट्स को www.mponline.gov.in पोर्टल पर जाना होगा और उसमें परीक्षा फॉर्म सबमिट कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत लिया गया फैसला अगर कोई अपना रिजल्ट का इंप्रूवमेंट करना चाहता है तो वह भी परीक्षा में बैठ सकेगा। देश में मध्य प्रदेश यह प्रयोग करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। ये फैसला नई शिक्षा नीति-2020 (NEP2020) के तहत लिया गया है। परीक्षा का कार्यक्रम     हाई स्कूल (कक्षा 10वीं) की द्वितीय परीक्षा – 17 जून से 26 जून 2025 तक आयोजित की जाएगी।     हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की द्वितीय परीक्षा – 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक आयोजित होगी। एमपी बोर्ड एग्जाम में इतने प्रतिशत छात्र हुए पास आपको बता दें कि 6 मई को बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी हुआ था। इस साल बोर्ड परीक्षा में 15 सालों का रिकॉर्ड टूटा गया। हर साल की तरह इस साल भी लड़कियों ने बाजी मारी है। 10वीं में सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल और 12वीं में सतना की रहने वाली प्रियल ने टॉप किया। इस वर्ष 10वीं में 76.42 फीसदी, जबकि 12वीं में 74.48 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए।

IIT इंदौर का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, 1 करोड़ का हाईएस्ट पैकेज, 85% से ज्यादा छात्रों को नौकरी, टॉप कंपनियों की लगी कतार

 इंदौर  IIT इंदौर ने इस बार अपने प्लेसमेंट सीजन में नया कीर्तिमान रच दिया है। 1 दिसंबर 2024 से शुरू हुए इस प्लेसमेंट सीजन में अब तक करीब 400 जॉब ऑफर मिल चुके हैं। जिनमें 85% से अधिक बी.टेक छात्रों को शानदार नौकरियां मिल चुकी हैं। खास बात यह रही कि इस बार सैलरी पैकेज और कंपनियों की भागीदारी दोनों ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे। औसतन वेतन में 13 प्रतिशत वृद्धि संस्थान के अनुसार इस वर्ष औसतन वार्षिक वेतन पैकेज 27.30 लाख रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष 25.45 लाख रुपये था। यह 13 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। अब तक 343 बीटेक छात्रों ने विभिन्न कंपनियों से प्राप्त प्रस्तावों को स्वीकार किया है। प्लेसमेंट प्रक्रिया दिसंबर 2024 से प्रारंभ हुई थी और यह जुलाई 2025 तक जारी रहेगी, ताकि अभी तक चयन से वंचित 52 से अधिक छात्रों को भी अवसर मिल सके। एक से अधिक ऑफर पाने वाले छात्र भी शामिल कुल 395 बीटेक छात्रों में से 343 को 800 से अधिक नौकरियों के प्रस्ताव मिले, जिसमें कई छात्रों को एक से अधिक कंपनियों से ऑफर प्राप्त हुए। 130 कंपनियां प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुईं, जिनमें गूगल, डाटाब्रिक्स, क्वाडआई, गोल्डमैन सैक्स, डीई शा, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, एनालॉग डिवाइसेज, बीपीसीएल, एचपीसीएल, सी-डॉट, एलएंडटी, डेलॉइट, एक्सेंचर, आइसीआइसीआइ बैंक, बीएनवाई मेलॉन जैसी प्रमुख नाम शामिल हैं। कई क्षेत्रों से आए प्रस्ताव इस वर्ष प्लेसमेंट में आईटी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा व पर्यावरण, कंसल्टेंसी, फिनटेक, बैंकिंग, सेमीकंडक्टर और कंस्ट्रक्शन जैसे विविध क्षेत्रों की कंपनियों ने भाग लिया और अच्छे पैकेज के प्रस्ताव दिए। अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 50 अधिक कंपनियों ने प्लेसमेंट प्रक्रिया में भाग लिया। प्लेसमेंट सीजन जुलाई तक जारी रहेगा आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने बताया कि प्लेसमेंट जुलाई तक चलेगा और शीर्ष दस कंपनियों ने संस्थान में आने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि एक छात्र को 1 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है, जबकि 85 प्रतिशत विद्यार्थियों को जॉब ऑफर मिल चुके हैं। 1 करोड़ का हाईएस्ट पैकेज, 13% की औसत बढ़त इस बार IIT इंदौर में प्लेसमेंट के दौरान ऑफर किया गया सर्वोच्च पैकेज पहली बार 1 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। वहीं औसत सैलरी भी 13% की छलांग लगाते हुए 27 लाख रुपये प्रति वर्ष तक जा पहुंची। यह न केवल संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है, बल्कि इंडस्ट्री द्वारा छात्रों की काबिलियत को दिए जा रहे महत्व को भी रेखांकित करता है। 130+ कंपनियों ने किया कैंपस विज़िट, कोर सेक्टर्स की वापसी प्लेसमेंट प्रक्रिया में इस बार 130 से ज्यादा कंपनियों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि टेक कंपनियों के साथ-साथ कोर इंजीनियरिंग फर्मों की भी वापसी देखने को मिली — जिससे छात्रों को विभिन्न सेक्टर्स में अवसर मिले। आईटी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, फिनटेक, सेमीकंडक्टर, बैंकिंग, कंस्ट्रक्शन और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में छात्रों को जॉब ऑफर मिले। गूगल से लेकर बीपीसीएल तक टॉप ब्रांड्स की लंबी लिस्ट गूगल, डाटाब्रिक्स, क्वाडआई, गोल्डमैन सॅक्स, डीई शॉ, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, एनालॉग डिवाइसेज, बीपीसीएल, एचपीसीएल, बीईएल, सी-डॉट, एल एंड टी, जिंदल स्टेनलेस, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सेंचर, डेलॉइट, सैमसंग, पेटीएम, ब्लैकरॉक जैसे दिग्गजों ने IIT इंदौर के छात्रों को जॉब ऑफर दिए। इससे साफ है कि इंडस्ट्री में इस संस्थान के टैलेंट की डिमांड लगातार बढ़ रही है। नौकरी ही नहीं, रिसर्च और स्टार्टअप की राह भी चुनी कुछ छात्रों ने शानदार प्लेसमेंट ऑफर के बावजूद उच्च शिक्षा और स्टार्टअप की राह चुनी है। कई छात्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज़ में मास्टर्स या पीएचडी के लिए जा रहे हैं, जबकि कुछ ने अपने खुद के उद्यम की शुरुआत की है।

सिविल जज जूनियर डिविजन के पद के लिए उम्मीदवार को तीन साल कम से कम बतौर वकील प्रैक्टिस करना जरूरी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को एक अहम फैसले में कहा कि सिविल जज जूनियर डिविजन के पद के लिए उम्मीदवार को तीन साल कम से कम बतौर वकील प्रैक्टिस करना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रैक्टिस की अवधि प्रोविजनल नामांकन की तारीख से मानी जा सकती है, सर्वोच्च अदालत ने साफ किया कि यह शर्त आज से पहले उच्च न्यायालयों द्वारा शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया पर लागू नहीं होगी, यह शर्त केवल भविष्य की भर्तियों पर लागू होगी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एजी मसीह और जस्टिस के विनोद चंद्रन की तीन सदस्यीय पीठ ने अपने फैसले में कहा कि देखा गया है कि जो नए लॉ ग्रेजुएट न्यायपालिका में नियुक्त होते हैं, उनके कारण कई समस्याएं हुई हैं। ऐसे में सभी उम्मीदवारों को न्यायपालिका में दाखिल होने के लिए कम से कम तीन साल बतौर वकील प्रैक्टिस करना जरूरी होगा। दिखाना होगा ऐसा सर्टिफिकेट सुप्रीम कोर्ट ने कहा शर्त पूरी करने के लिए उम्मीदवार को 10 साल तक प्रैक्टिस कर चुके वरिष्ठ वकील या तय न्यायिक अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट को दिखाना होगा। कोर्ट ने ये भी कहा कि यदि  कोई वकील सुप्रीम कोर्ट या उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहा है तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में 10 साल तक प्रैक्टिस कर चुके वकील या तय न्यायिक अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट दिखाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रैक्टिस की अवधि नामांकन की तारीख से मानी जा सकती है। अदालत ने साफ किया कि यह आदेश उच्च न्यायालयों में हो चुकी नियुक्तियों पर लागू नहीं होगा यह शर्त केवल भविष्य की भर्तियों पर लागू होगी। और क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने? CJI ने कहा कि सभी राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करने के लिए नियमों में संशोधन करेंगी कि सिविल जज जूनियर डिवीजन के लिए उपस्थित होने वाले किसी भी उम्मीदवार के पास न्यूनतम 3 साल का अभ्यास होना चाहिए, इसे बार में 10 वर्ष का अनुभव वाले वकील द्वारा प्रमाणित और समर्थित किया जाना चाहिए, कोर्ट ने एक सुविधा देते हुए कहा कि जजों के विधि लिपिक के रूप में अनुभव को भी इस संबंध में गिना जाएगा।

मैरिट में आएं हैं तो ऐसे करें सेलिब्रेट, फेल हुए हैं तो यूं करें रिकवरी

परीक्षाओं के परीणाम आना शुरू हो गए हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि जो स्टूडेंट्स मैरिट में आए हैं तो वे कैसे इसको सेलिब्रेट कर सकते हैं और जो फेल हुए हैं वे फिर से कैसे रिकवर कर सकते हैं। अगर आप मैरिट में आए हैं तो अपने अनुभव और सफलता के सूत्र उन्हें बताएं जो कि अच्छी रैंक नहीं बना पाए हैं। सफलता के सूत्र ओरों को बताकर आप अपनी खुशी को ओर बढ़ा सकते हैं। वहीं जो स्टूडेंट्स फेल हुए हैं या अच्छे न बर नहीं ला पाए उनके लिए यहां जो टिप्स दिए जा रहे हैं उन्हें फोलो कर वे भी आगे तैयारी कर अच्छे नम्बर ला सकते हैं। फेल होने से निराश न हों और इन टिप्स को फोलो करें। 1-जब आप एग्जाम की तैयारी कर रहे हों तब तक सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सएप या अन्य सभी को भूल जाएं। पढ़ाई के दौरान मोबाइल से जितना दूर रहेंगे उतना ज्यादा फायदा होगा। 2-एग्जाम मुश्किल नहीं होता है। जिस सब्जेक्ट में आपकी कमजोरी है उसमें ईमानदारी के साथ रूचि लेनी होगी। 3-पढ़ाई के दौरान सेल्फ स्टडी सबसे ज्यादा जरूरी है। एग्जाम पास करने के लिए स्कूल और कोचिंग के बाद भी सेल्फ स्टडी करना होगी। 4-पढ़ाई के लिए एक अच्छा टाइमटेबल बनाएं और उसे रेगुलर फॉलो करें। एग्जाम क्लियर करने के लिए डेली सिस्टमैटिक स्टडी बेहद जरूरी है। 5-एग्जाम वाले दिन उस सब्जेक्ट पर ज्यादा फोकस करें जिसमें मुश्किल होती है। हो सके तो एग्जाम वाले दिन सभी सब्जेक्ट के रिविजन का टाइम पहले से ही तय कर लें। 6-एग्जाम पास करने के लिए कितने घंटे पढ़ाई कर रहे हैं, इससे ज्यादा जरूरी ये है कि हमारी तैयारी कितने घंटे में हो रही है। जो भी सब्जेक्ट पढ़ें उसमें एकाग्रता बहुत जरूरी है। 7-पढ़ाई के दौरान ब्रेक जरूर लें। दो से तीन घंटे लगातार पढने के बाद स्टूडेंट्स को अपना पसंदीदा गेम्स खेलना चाहिए। ब्रेक के दौरान टीवी देखने या इनडोर गेम्स की जगह आउटडोर गेम्स खेलें। इससे सेहत और दिमाग अच्छे होते हैं। 8-एग्जाम के नजदीक आते ही अपने दोस्तों से भी दूरियां बढ़ा लें। यदि कोई दोस्त आपके साथ एग्जाम दे रहा है तो उससे तैयारी और सब्जेक्ट पर चर्चा कर सकते हैं। 9-तैयारी के दौरान किसी को अपना मेंटर भी बनाएं, जो आपको लगातार प्रोत्साहित करे। मेंटर आपका दोस्त, रिश्तेदार और परिवार के सदस्य में से भी कोई हो सकता है। हौसला बढने से तैयारी बेहतर तरीके से होती है। 10-एग्जाम के दौरान समय बरबाद करने से बचें और अपने नियमित टाइम टेबल के अनुसार ही तैयारी में लगे रहें।  

लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई-अक्टूबर के लिए लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के आवेदन 31 मई तक आमंत्रित

रायपुर, संचालक कोष, लेखा एवं पेंशन छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदत्त अनुमति के अनुसार प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला रायपुर द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र  जुलाई-अक्टूबर 2025 के लिए आवेदन पत्र 31 मई 2025 तक आमंत्रित किए गए हैं। संबंधित कार्यालय प्रमुख द्वारा तीन वर्ष की नियमित सेवा पूरा कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के निर्धारित प्रपत्र में प्रेषित आवेदन पत्र शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला, नगर घड़ी चौक रायपुर को 31 मई 2025 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए।     इस संबंध में शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला के प्राचार्य द्वारा स्पष्ट किया गया है कि लिपिकीय वर्गीय कर्मचारी से आशय ऐसे कर्मचारी से है, जिनकी पदस्थापना लिपिकीय संवर्ग के पद पर हुई है न कि किसी तकनीकी संवर्गीय पद पर है। इस तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन पत्र के साथ नोटराइज्ड शपथ-पत्र संलग्न होना अनिवार्य है। विज्ञप्ति के साथ संलग्न (छायाप्रति स्वीकार्य) मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिए ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

एमपी उच्च शिक्षा विभाग ने प्रवेश मार्गदर्शिका की जारी, प्रवेश निरस्त होने पर 60 दिन में खाते में पहुंचेगी राशि

जबलपुर कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्र को यदि किसी कारण से प्रवेश निरस्त करना पड़ता है, तो उसका भुगतान किया गया शुल्क वापस होगा। कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया निरस्त करने के लिए विद्यार्थी को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। पंजीकृत मोबाइल पर छात्र के मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसके आधार पर प्रवेश निरस्त होगा। सिर्फ यही नहीं इसकी ऑनलाइन पावती भी आएगी। छात्र का शुल्क प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के 60 दिवस के बाद खाते में पहुंच जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रवेश मार्गदर्शिका में यह साफ किया है। 25 से कम संख्या तो नहीं दें प्रवेश     कॉलेज चलो अभियान के नोडल डॉ. अरुण शुक्ल ने कहा कि प्रवेश और प्रवेश निरस्तीकरण को लेकर मार्गदर्शिका में सारी जानकारी स्पष्ट है। कक्षा 12वीं की परीक्षा में पूरक विद्यार्थियों के लिए सीएलसी राउंड में खाली सीटों में प्रवेश दिया जाएगा। फिलहाल उन्हें इंतजार करना होगा। स्व वित्तीय मद से संचालित होने वाले स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने साफ किया है उन्होंने अकादमिक सत्र 2024-25 में प्रथम वर्ष में यदि विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या 25 या इससे अधिक है, तभी नए सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए है। विभाग ने साफ किया है कि इससे कम संख्या होने पर आगामी सत्र में प्रवेश न दिया जाए। इसी तरह स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए विभाग ने न्यूनतम प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या 10 रखी है। यदि इससे कम छात्र प्रवेश लेते हैं तो नए सत्र में उस विषय में भी विद्यार्थियों को प्रवेश देने पर पाबंदी लगाई गई है। निःशुल्क काउंसलिंग की सुविधा प्रो. अरुण शुक्ल ने बताया कि महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना द्वारा विद्यार्थियों हेतु निःशुल्क काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसमें विद्यार्थी को विषय चयन एवं करियर से संबंधित मार्गदर्शन विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किया जाता है। इस हेतु इच्छुक विद्यार्थी महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद प्रकोष्ठ (हिंदी विभाग) में दोपहर एक बजे से चार बजे तक उपस्थित हो सकता है। कॉलेज तब देंगे शुल्क विद्यार्थी यदि चरणवार प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से शुल्क जमा कर देता है, तो उसका प्रवेश निरस्त होने पर कॉलेज की जवाबदारी होगी कि विद्यार्थी द्वारा जमा की गई शुल्क की राशि काे वापस करे।

सेरामिक इंजीनियरिंग में बनाएं करियर

साधारण-सी मिट्टी से अत्याधुनिक उपयोग की वस्तुएं बनाने की तकनीक ही सेरामिक इंजीनियरिंग के नाम से जानी जाती है। पुरानी दुनिया के कच्ची मिट्टी के बर्तनों की अगली पीढ़ी के रूप में आए थे सेरामिक वेयर। चिकनी मिट्टी के बर्तनों परग्लेजिंग की परत चढ़ाने से शुरू हुई परंपरा सिलिका और जिरकोनिया जैसी अधातुओं के अत्याधुनिक उपयोग तक आ पहुंची है। सुबह की चाय की प्याली के साथ शुरू होता है सेरामिक के साथ हमारा सफर। आज सेरामिक वस्तुएं हमारी चाय-कॉफी की प्याली से आगे बढ़कर ऑटोमोबाइल और स्पेस से लेकर मेडिकल इप्लाइंट तक में छा गई हैं। सेरामिक इंजीनियरिंग के तहत औद्योगिक इस्तेमाल के लिए नए-नए सेरामिक मेटीरियल्स का विकास किया जाता है। किचन वेयर, कंक्रीट तथा टाइल्स जैसे ट्रेडिशनल सेरामिक उपयोग अब पुराने पड़ चुके हैं। सूचना क्रांति के इस दौर में गोल्फ के मैदान से लेकर अंतरिक्ष तक सेरामिक वस्तुओं का उपयोग हो रहा है। फाइबर ऑप्टिस, बायोसेरामिस, तापरोधी टाइल्स और इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक्स आज के दौर में सेरामिक इंडस्ट्री का नया चेहरा हैं। वर्तमान में सेरामिक इंजीनियर का काम उन्नत प्रोसेसिंग तकनीक की सहायता से असाधारण मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, मैग्नेटिक और ऑप्टिकल क्षमताओं से भरपूर मेटीरियल्स डेवलप करना है। सेरामिक इंजीनियरिंग से संबंधित कोर्स:- साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास करने के बाद इस कोर्स को किया जा सकता है। सेरामिक की पढ़ाई में दिलचस्पी रखने वाले स्टूरडेंट 4 वर्षीय बीटेक यी बीई कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। आईआईटी जैसे प्रसिद्ध संस्थानों में भी एंट्रेंस एग्जाम के मदद से इस कोर्स में दाखिला लिया जा सकता है। इस क्षेत्र में एमटेक की भी डिग्री हासिल की जा सकती है। इसमें डिप्लोमा कोर्स भी चलाए जाते हैं। कहां मिलेगी नौकरी:- सेरामिक इंजीनियरिंग में कोर्स करने के बाद इलेक्ट्रिकल, इंजीनियरिंग और सेरामिक पदार्थों का उत्पामदन करने वाली कंपनियों में जॉब मिल सकती है। क्या बनेंगे आप… -प्रोजेक्ट सुपरवाइजर -टेक्निकल कंसल्टेंट -सेल्स और मार्केटिंग इंजीनयर -सेरामिक एक्सपर्ट -सेरामिक शिक्षक कहां से करें पढ़ाई… -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सेरामिक्स, कोलकाता -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, राउरकेला -बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी -गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड सेरामिक टेक्नोलॉजी, कोलकाता    

NEET UG के रिजल्ट पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लगाई रोक, NTA को दिए ये निर्देश

इंदौर NEET-UG 2025 परीक्षा के दिन मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के करीब 11 परीक्षा केंद्रों पर बिजली गुल हो गई थी। इस समस्या ने न सिर्फ परीक्षार्थियों को प्रभावित किया, बल्कि परीक्षा केंद्रों की गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर दिया। नीट अभ्यर्थियों को अंधेरे में परीक्षा देना पड़ा। ऐसे में कई कैंडिडेट्स को दिक्कत हुई। इस मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगले आदेश तक रिजल्ट न घोषित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अगले आदेश तक लगाई रिजल्ट पर रोक     गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें परीक्षा के दौरान अव्यवस्था और उम्मीदवारों के साथ अन्याय का मुद्दा उठाया गया था। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की जिम्मेदारी है कि वह परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। अब हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक परीक्षा के परिणामों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक परिणाम घोषित नहीं किए जाएं। यह फैसला उन छात्रों के लिए राहत भरा है जिन्होंने परीक्षा में अव्यवस्था का सामना किया था। NTA को HC का निर्देश हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह माना कि जिन केंद्रों पर परीक्षा के समय बिजली नहीं थी, वहां छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। परीक्षा में बिजली गुल हो जाना केवल एक तकनीकी चूक नहीं बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डालने वाला मसला है। कोर्ट ने NTA से यह भी पूछा कि ऐसी स्थिति में उसकी क्या तैयारी थी और कौन जिम्मेदार है? इंदौर खंडपीठ का रुख सख्त MP हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, NEET UG 2025 का रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को आशा की किरण मिली है, जिनका परीक्षा अनुभव तकनीकी कारणों से प्रभावित हुआ। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की अव्यवस्था ने एक बार फिर भारत के परीक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली जैसे मूलभूत संसाधन की अनुपलब्धता दर्शाती है कि परीक्षा केंद्रों की तैयारियों में भारी खामी रही। 11 केंद्रों की बिजली चली गई, अंधेरा छा गया इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और परीक्षा केंद्रों में अंधेरा छा गया। पेपर तक नहीं पढ़ पा रहे थे, मोमबत्ती जलाई बिजली गुल होने की वजह से कई छात्रों को मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पेपर देना पड़ा। घना अंधेरा होने के कारण बहुत से छात्र प्रश्नपत्र तक ठीक से पढ़ नहीं पाए। परीक्षा के बाद कई छात्र रोते हुए बाहर निकले। प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना है कि, उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य संकट में डाल दिया। जानकारी के मुताबिक इंदौर के जिन 11 सेंटरों में बिजली गुल हुई, वहां करीब 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हुई। यह पहला मौका था जब NTA ने शहर के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। यहां पावर बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। कुछ केंद्रों पर हो चुकी दो बार परीक्षा एक्सपर्ट का कहना है कि ओडिशा में चक्रवात के दौरान 2016 में एनटीए ने प्रभावित बच्चों के लिए दोबारा एग्जाम कराया था। नियमों की गफलत से 2022 में होशंगाबाद सहित कुछ अन्य केंद्रों पर भी ऐसा हो चुका है।

फायर इंजीनियरिंग में है शानदार करियर

हाल के दिनों में आगजनी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। चलती कारों में आग लग जाती है, तो बड़े-बड़े मॉल्स, काफी हद तक सुरक्षित मानी जानी वाली ऊंची-ऊंची इमारत भी पूरी तरप सुरक्षित नहीं है। यदि आग अनियंत्रित हो जाए, तो जान-माल का भी काफी नुकसान होता है। ऐसी स्थिति में फायर इंजीनियरिंग से जुड़े लोगों की जरूरत होती है, जो आग पर काबू करना अच्छी तरह जानते हैं। क्या है फायर इंजीनियरिंग:- फायर इंजीनियरिंग में पब्लिक के बीच रहकर ही काम करना होता है। सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, एनवॉयर्नमेंटल इंजीनियरिंग जैसे विषयों से तो इसका सीधा जुडाव होता ही है, आग लगने पर पब्लिक का कैसा व्यवहार हो, पब्लिक के साथ इन लाइफ गार्ड्स का क्या व्यवहार हो, इन सब पर भी जोर दिया जाता है। इसके अलावा ढेर सारी तकनीकी बातें होती हैं, जो इसे बाकी क्षेत्रों से अलग करती हैं, मसलन-आग बुझाने के यंत्रों की तकनीकी जानकारी, स्प्रिंक्लर सिस्टम, अलार्म, पानी की बौछार का सबसे सटीक इस्तेमाल और कम से कम समय और संसाधनों में ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान और माल के बचाव के साइंटिफिक फॉर्मूले। सबसे बडी बात है क्राइसिस मैनेजमेंट। इस करियर में आप इसे भी सीखते हैं। बडे-बडे मॉल्स या मेले तो आग के मामले इतने खतरनाक होते हैं कि एक साथ सैकडों की जान जाती है। जैसा कि कुछ समय पहले मेरठ के मेले में हुआ था। इस वजह से आज फायर इंजीनियरों की मांग काफी बढ गई है। फायर इंजीनियरों की मांग को पूरा करने के लिए आज कई सरकारी व निजी संस्थान खुल गए हैं। साथ ही, देश के कई विश्वविद्यालयों ने इस कोर्स को अपने पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया है। चुनौतियों तमाम:- कार्य के दौरान फायर इंजीनियर का सामना कई तरह की चुनौतियों से भरा होता है। इसके लिए साहस के साथ-साथ समाज के प्रति प्रतिबद्धता होनी भी जरूरी है। फायर इंजीनियर का कार्य इंजीनियरिंग डिजाइन, ऑपरेशन व प्रबंधन से संबंधित होता है। फायर इंजीनियर की प्रमुख जिम्मेदारी दुर्घटना के समय आग के प्रभाव को सीमित करना होता है। इसके लिए वे अग्निसुरक्षा के विभिन्न तरीकों को इस्तेमाल करते हैं। इसके अतिरिक्त अग्निशमन के आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल व उसके रख-रखाव की तकनीक में सुधार करना भी इनकी जिम्मेदारी होती है। कोर्स और पाठ्यक्रम:- कुशल फायर इंजीनियर बनने के लिए बेचलर इन फायर इंजीनियरिंग की डिग्री या उप-फायर-अधिकारी या सर्टिफिकेट कोर्स इन फायर टेक्नोलॉजी एंड सेफ्टी, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फायर प्रोटेक्शन इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी, डिप्लोमा इन फायर इंजीनियरिंग कोर्स के अलावा फायर इंजीनियरिंग में अन्य छोटे-छोटे कोर्स भी उपलब्ध हैं। योग्यता:- विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए योग्यताएं भी अलग-अलग होती हैं। फायर इंजीनियरिंग में अधिकांश कोर्स ग्रेजुएट स्तर पर उपलब्ध हैं, जिसके लिए साइंस विषयों में बारहवीं पास होना जरूरी है। इसके अलावा इन कोर्सो में प्रवेश के लिए कई संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार आदि भी आयोजित करते हैं। बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग के अलावा आप इस क्षेत्र में स्नातकोत्तर स्तर पर मास्टर और डॉक्टरेट की पढ़ाई भी कर सकते हैं। शारीरिक योग्यता:- इन पाठ्यक्रमों में फिजिकल फिटनेस के अंक भी जोड़े जाते हैं। पुरूष के लिए 50 किलो के वजन के साथ 165 सेमी लंबाई और आईसाइट 6/6, सीना सामान्य रूप से 81 सेमी और फुलाने के बाद 5 सेमी फैलाव होना जरूरी है। महिला का वजन 46 किलो और लंबाई 157 सेमी और आईसाइट 6/6 होनी चाहिए। प्रशिक्षण:- इस पाठ्यक्रम के तहत आग बुझाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी जाती है। इसमें बिल्डिंग निर्माण के बारे में भी जानकारी दी जाती है। ताकि, आग लगने की स्थिति में उसे बुझाने में ज्यादा परेशानी न हो। उन्हें आग लगने के कारणों और उसे बुझाने के उपायों के बारे में भी विस्तार से बताया जाता है। संभावनाएं:- इस संबंध में दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग के चेयरमैन वीरेन्द्र गर्ग कहते हैं कि इसमें रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। पहले जहां अवसर केवल सरकारी फायर बिग्रेड में ही होते थे, वहीं बदलते दौर के साथ फायर इंजीनियरिंग कोर्स करने वालों के लिए ढेरों नए विकल्प भी सामने आ गए हैं। इनमें प्रमुख इस प्रकार हैं… कंसल्टेंसी:- जब से हर बडी इमारत के साथ आग से जुडे खतरों के लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है, इस फील्ड में कंसल्टेंट्स की मांग बढ गई है। कंसल्टेंसी की कंपनियां धीरे-धीरे बिल्डर्स का भरोसा जीत रही हैं और उनकी संख्या बढ रही है। रिसर्च:- फायर प्रोक्टेशन के फील्ड में रिसर्च पहले भारत में नहीं होता था, लेकिन अब यहां भी होने लगा है। हालांकि, ऐसा अभी बहुत कम कंपनियों ने किया है, लेकिन बडे कैंपस वाली कंपनियां अब फायर प्रोटेक्शन इंजीनियरिंग की स्थाई भर्ती करने लगी हैं। इंश्योरेंस:- जैसे-जैसे आग लगने के मामले बढ रहे हैं, वैसे-वैसे आग से जुडी बीमा पॉलिसियों की भी मांग बढ गई है। इसके साथ ही ऐसे लोगों की जरूरत भी बढ गई है, जो आग से होने वाले नुकसान का ठीक-ठीक अनुमान लगा सकें। मैन्युफैक्चरिंग अब हर बडे निर्माण में आग बुझाने के उपकरणों को रखना भी अनिवार्य कर दिया गया है। इससे उपकरणों का उत्पादन भी बढ गया है। उनके उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक के फील्ड में फायर इंजीनियर्स की मांग बढ गई है। अब सारे सिटी प्लानर भी फायर इंजीनियर्स को साथ रखकर ही टाउन प्लानिंग करते हैं। सैलरी पैकेज:- सरकारी अथवा गैर सरकारी संगठनों में फायरकर्मियों के वेतन का आधार अलग-अलग होता है। दोनों में पर्याप्त भिन्नाता देखने को मिलती है। सरकारी संस्थानों में जहां एक फायरमैन की तनख्वाह दस हजार रुपये प्रतिमाह होती है। वहीं, फायर इंजीनियर को बीस हजार रुपये और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को इससे अधिक वेतन मिलता है। इसकी तुलना में प्राइवेट संस्थाएं अपने यहां कार्यरत फायरमैन को 12000 से 14000, फायर इंजीनियर को 20000 तथा अग्निशमन अधिकारी को 25000 से 30000 रुपये प्रतिमाह तक का सैलरी पैकेज देती हैं। प्राइवेट संस्थान अपने यहां कुछ वर्ष का अनुभव रखने वाले लोगों को ही वरीयता देते हैं। वैसे निजी संस्थाओं में वेतन का आधार स्वयं की काबिलियत और अनुभव रखता है। अलग-अलग कंपनियां अपनी क्षमता के अनुसार वेतन तय करती हैं। इंस्टीट्यूट वॉच… -दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग, नई दिल्ली -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर -राष्ट्रीय … Read more

Indian Army में निकलीं भर्तियां, फटाफट करें अप्लाई, सैलरी 1.2 लाख महीना

नई दिल्ली अगर आप देश सेवा करना चाहते हैं तो आपके पास अच्छा मौका है. इंडियन आर्मी ने कई पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. भारतीय सेना की तरफ से टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (TGC 142) – जनवरी 2026 के लिए आवेदन मांगे गए हैं. इस भर्ती के लिए कैंडिडेट्स 30 अप्रैल 2025 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. आवेदन करने की आखिरी तारीख  29 मई 2025 को दोपहर 3:00 बजे तक हैं. इस भर्ती में अप्लाई करने के लिए उम्मीदवारों को इंडियन आर्मी की वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा. टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (TGC-142) 2026 के लिए आवेदन शुरू आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को अविवाहित पुरुष होना चाहिए और उनके पास B.E./B.Tech की डिग्री होनी चाहिए, या वे इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र होने चाहिए. आयु सीमा 20 से 27 वर्ष के बीच रखी गई है (2 जनवरी 1999 से 1 जनवरी 2006 के बीच जन्मे). इस भर्ती में सीधा SSB इंटरव्यू होगा और कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी. सफल उम्मीदवारों को भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में प्रशिक्षण प्राप्त होगा और बाद में उन्हें स्थायी कमीशन मिलेगा. यह अवसर उन इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए है जो भारतीय सेना का हिस्सा बनकर गर्व से देश की सेवा करना चाहते हैं. देहरादून में होगी ट्रेनिंग टीजीटी-142 के माध्यम से भारतीय सेना में चयन होने पर, उम्मीदवारों को विभिन्न प्रमुख कॉर्प्स में कमीशन मिलेगा. इसमें इंजीनियर्स कॉर्प्स, सिग्नल कॉर्प्स, और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स जैसी प्रतिष्ठित शाखाएं शामिल हैं. चयनित उम्मीदवारों को भारतीय सेना के एक प्रशिक्षित अधिकारी के रूप में आईएमए देहरादून में 12 महीने का प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा. इसके बाद उन्हें लेफ्टिनेंट के पद पर परमानेंट कमीशन मिलेगा, जिससे उन्हें एक स्थायी अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में सेवा करने का अवसर मिलेगा. इतनी मिलेगी सैलरी सैलरी और भत्ते की बात करें तो, आईएमए देहरादून में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें 56400 रुपये का मासिक स्टाइपेंड मिलेगा, जो उनके जीवन यापन में सहायक होगा. प्रशिक्षण पूरी होने और कमीशन मिलने के बाद, एक लेफ्टिनेंट के तौर पर उनकी वार्षिक सैलरी लगभग 17-18 लाख रुपये तक हो सकती है. इसके अलावा, उन्हें मुफ्त चिकित्सा कवर, होम टाउन यात्रा पर मुफ्त यात्रा सुविधा, CSD कैंटीन का लाभ, और आवास जैसी कई अन्य आकर्षक सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी. ये सभी भत्ते और सुविधाएं एक सेना अधिकारी को उनके कार्यकाल के दौरान पूरी तरह से सक्षम और संतुष्ट रखने के लिए प्रदान की जाती हैं.

मध्यप्रदेश में कर्मचारी चयन मंडल ने MPESB की पहली शिफ्ट की परीक्षा की कैंसिल, छात्रों में आक्रोश

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है। जहां गुरुवार को मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की पहली शिफ्ट की परीक्षा कैंसिल हो गई है। सुबह 9 बजे से लेकर 12 बजे तक परीक्षा होनी थी। मगर, अचानक से परीक्षा कैंसिल कर दी गई। सुबह 9 बजे लेकर 12 बजे तक होनी थी। जिसमें छात्रों की एंट्री 8 बजे की करा ली गई थी। छात्रों के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लेकर प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई, लेकिन ढाई घंटे बाद परीक्षर्थियों को जानकारी दी गई कि उनका एग्जाम कैंसिल हो गया है। यह सिर्फ एक सेंटर में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में हुआ है। पत्रिका से बातचीत में परीक्षार्थी अमर राज ने बताया कि 197 पदों पर भर्ती निकाली गई थी और 28 पद बाद में कैंसिल कर दिए गए थे। सुबह की शिफ्ट में 9 बजे से लेकर 12 बजे तक पेपर होना था। गेट क्लोजिंग टाइम 8 बजे था। हम लोगों को 8 बजे से लेकर 11 बजे तक सेंटर के अंदर बैठाया गया। ढाई घंटे बैठने के बावजूद जब आधे घंटे का समय बचा था। तब वहां से हमें कहा गया कि आप लोगों का पेपर रद्द हो चुका है। ये पेपर एमपीईएसबी के द्वारा बाद में कराया जाएगा। साथ ही हमें बताया कि एमपीईएसबी के प्रदेश में सारी पहली शिफ्ट की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।

योगी सरकार ने प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती का लिया फैसला

लखनऊ योगी सरकार ने प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में संविदा पर बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती का फैसला लिया है। प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती होगी। सरकार का यह कदम प्रदेश के युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले चरण में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती  की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। जिसकी मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस फैसले के बाद कक्षा 9 से 12 तक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि तकरीबन 2 साल पहले भी इसी तरह का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसमें तीन बिंदुओं को लेकर आपत्ति जताई गई थी और सुधार करने के निर्देश दिए थे। बताया जा रहा है कि विभाग ने इस बार सरकार क मंशा अनुरूप फिर से नया प्रस्ताव भेजा है।

MPPSC 14 विषयों में सहायक प्राध्यापक परीक्षा का पहला चरण 1 जून को

 इंदौर  मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2024 का पहला चरण 1 जून को रखा है। इसमें 14 विषयों सहित खेल अधिकारी और ग्रंथपाल के पदों के लिए भी परीक्षा करवाई जाएगी। प्रदेश के 10 प्रमुख शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। आयोग के अनुसार जिन उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, उन्हें अगले सप्ताह से प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएंगे। परीक्षा से जुड़ी गाइडलाइन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि सभी उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। इससे पहले सभी की चेकिंग की जाएगी, ताकि परीक्षा में कोई बाधा न आए। इस बार परीक्षा दो चरणों में करवाई जा रही है। पहला चरण 1 जून को होगा और दूसरा चरण 27 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में मुख्य रूप से रसायन शास्त्र, भौतिकी, गणित, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, हिंदी, अंग्रेज़ी, भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, वाणिज्य जैसे विषयों की परीक्षा ली जाएगी। 1930 पदों के लिए होगी भर्ती     प्रदेश के सरकारी कालेजों में शिक्षकों की कमी के चलते इस बार कुल 1930 पदों पर भर्ती की जा रही है।     इन पदों के लिए 70 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।     सबसे अधिक पद रसायन शास्त्र (199), वनस्पति विज्ञान (190), प्राणी विज्ञान (187), भौतिकी (186) और गणित (177) में हैं।     परीक्षा के माध्यम से 187 खेल अधिकारी और 87 ग्रंथपाल के पदों पर भी भर्ती की जाएगी।     यह पद भी पहले चरण की परीक्षा में शामिल किए गए हैं।     भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सागर, शहडोल, नर्मदापुरम और चंबल में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।     अधिकारियों के अनुसार उम्मीदवार अगले सप्ताह से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।     साथ ही सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।     जुलाई में 12 विषयों के लिए परीक्षा दूसरा चरण 27 जुलाई को होगा जिसमें मराठी, उर्दू, संस्कृत साहित्य, सांख्यिकी, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, संगीत, वेद, ज्योतिष और योगिक विज्ञान जैसे विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी।     इन विषयों में कुल 108 पदों के लिए परीक्षा होगी। परीक्षा में प्रश्न पत्र दो भागों में होगा।     पहला भाग सामान्य ज्ञान का होगा जबकि दूसरा भाग संबंधित विषय से जुड़ा होगा।  

CBSE Board 10th रिजल्ट घोषित, 93.66% स्टूडेंट्स पास, ऐसे देख सकते हैं अपनी मार्कशीट

नई दिल्ली CBSE 10वीं कक्षा का परिणाम आज घोषित कर दिया गया है, जिसमें छात्रों का कुल 93.66% रिजल्ट रहा है। इसके साथ ही छात्रों का इंतजार खत्म हो चुका है। सभी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ऑफिशल वेबसाइट www.cbse.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इस साल फिर लड़कियों ने बारहवीं में अच्छा प्रदर्शन किया है। लड़कों की तुलना में 5.94% से अधिक अंकों से बाजी मारी है। इसके अलावा, भोपाल के कुल 92.71% छात्र पास हुए हैं। 13 मई यानी आज सुबह 11:00 बजे सीबीएसई बोर्ड कक्षा 12वीं का परिणाम भी घोषित किया जा चुका है। जिसमें छात्रों का बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। इस बार पास होने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं में इस साल लड़कियों ने बाजी मारी है. लड़कियों का पास प्रतिशत 95% और लड़कों का पास प्रतिशत 92.63% रहा है. वहीं, ट्रांसजेंडर का रिजल्ट 95 प्रतिशत रहा है. CBSE बोर्ड कक्षा 10वीं के रिजल्ट में इस साल 23 लाख 85 हजार 79 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें से 23 लाख 71 हजार 939 स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया और 22 लाख 21 हजार 636 स्टूडेंट्स पास हुए हैं. इस साल का कुल पास प्रतिशत 93.66 रहा है. इस साल परिणाम पिछले साल से 0.66 प्रतिशत बेहतर रहा है. बोर्ड ने आधिकारिक वेबसाइट पर 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिंक तो एक्टिवेट कर दिए हैं और बताया जा रहा है कि कुछ ही देर में 10वीं परीक्षा के लिंक भी एक्टिव कर दिए जाएंगे. यहां करें चेक     cbse.gov.in     cbse.nic.in     cbseresults.nic.in     results.cbse.nic.in     digilocker.gov.in     results.gov.in ऐसे करें चेक और डाउनलोड     सबसे पहले सीबीएसई की ऑफिशल वेबसाइट पर जाएं।     यहां CBSE Board 10th Result 2025 लिंक पर क्लिक करें।     जिसके बाद एक नया पेज खुलकर आ जाएगा।     अब यहां आपको अपना रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ दर्ज करना है।     इसके बाद सबमिट बटन दबाते ही स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिख जाएगा।     आप नीचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करके अपनी मार्कशीट ले सकते हैं। इतने छात्रों ने दिया था एग्जाम बता दें कि इस साल दसवीं कक्षा के 23 लाख 85 हजार 79 स्टूडेंट्स ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 23 लाख 71 हजार 939 छात्रों ने एग्जाम दिया। वहीं, 22 लाख 21 हजार 636 स्टूडेंट दसवीं कक्षा में पास हुए हैं। बता दें कि सबसे ज्यादा त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा के छात्रों का पासिंग मार्क्स रहा, जो कि 99.79% है। जवाहर नवोदय विद्यालय का 99.49% रिजल्ट रहा, जबकि केवी का 99.45% परीक्षा परिणाम रहा। कुल मिलाकर 95% लड़कियां और 92.63% लड़के पास हुए है।

ट्रांसलेटर-इंटरप्रेटर: लैंग्वेज के साथ बढ़े आगे

इंटरनेट ने जिस तरह से पूरी दुनिया को एक वैश्विक गांव में तब्दील कर दिया है, उसे देखते हुए आज बहुत से ऑर्गेनाइजेशंस और कंपनीज घरेलू के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार पर फोकस कर रही हैं। विदेशी बाजार से संपर्क स्थापित करने के लिए कंपनीज को लैंग्वेज एक्सपर्ट्स की जरूरत होती है। इसी वजह से फॉरेन लैंग्वेज ट्रांसलेटर्स की मांग में इन दिनों काफी तेजी आई है। दूसरी ओर, जापान, चीन, जर्मनी जैसे देशों के विकास से भी आने वाले वर्षो में ट्रांसलेशन या फिर एंटरप्रेटेशन मल्टी बिलियन डॉलर इंडस्ट्री के रूप में डेवलप होने की उम्मीद है। स्किल्स ऐंड क्वालिफिकेशन ट्रांसलेटर या एंटरप्रेटर बनने के लिए ट्रांसलेशन में डिप्लोमा होना जरूरी है। अगर आप ग्रेजुएट हैं, लिखने का पैशन है और कंप्यूटर की नॉलेज है, तो दूसरों से बेहतर कमाई कर सकते हैं। एक ट्रांसलेटर या एंटरप्रेटर को कम से कम दो लैंग्वेज (सोर्स लैंग्वेज ऐंड टारगेट लैंग्वेज) पर कमांड होना चाहिए। सोर्स लैंग्वेज वह होता है, जिसका आपको ट्रांसलेशन या एंटरप्रेटेशन करना होता है। वहीं, टारगेट लैंग्वेज का मतलब वह लैंग्वेज है, जिसमें आप ट्रांसलेट करते हैं, फिर वह मौखिक हो या लिखित। भारत में कई इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज में लैंग्वेज कोर्सेज चलाए जाते हैं, जिन्हें करके आप इस फील्ड में अपनी जगह बना सकते हैं। मार्केट में बनाएं पहचान अगर आप ट्रांसलेटर के रूप में सक्सेस हासिल करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने एरिया में स्थित ट्रांसलेशन एजेंसीज के बारे में जानकारी इकज्ञ करनी होगी। फिर उसी के मुताबिक अपनी सीवी को कस्टमाइज करना होगा। अगर आप सीवी में अपना स्पेशलाइजेशन बताएंगे, तो उससे फायदा होगा। इसके अलावा, मार्केट के कॉम्पिटिशन को भी ध्यान में रखना होगा, क्योंकि बाजार में अकेले आप नहीं होंगे। इसलिए शुरू में कम सैलरी पर काम करने के लिए तैयार रहना होगा। इस फील्ड में वही लोग सक्सेसफुल हैं, जो इनके अलावा संबंधित लैंग्वेज में हो रहे डेवलपमेंट्स की जानकारी रखते हैं और जिनके पास स्ट्रॉन्ग वोकेबुलरी हो। मौकों की कमी नहीं एंटरप्रेटर या ट्रांसलेटर के लिए अपॉच्र्युनिटीज की कमी नहीं है। वे इसमें पार्टटाइम से लेकर फुलटाइम करियर बना सकते हैं। इसमें भी जिनकी चाइनीज, अरेबिक, रशियन, जैपनीज, फ्रेंच आदि लैंग्वेज पर कमांड है, उनके लिए आगे बढ़ने के तमाम मौके हैं। वे यूनिवर्सिटीज, मल्टीनेशनल कंपनीज के अलावा, मार्केट सर्वे में संलग्न कंपनीज के साथ काम कर सकते हैं। सैलरी 10 हजार रुपये से शुरू होकर एक लाख रुपये महीने तक हो सकती है।  

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में पीजी की परीक्षाएं कल से, सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी, 40 हजार विद्यार्थी देंगे परीक्षा

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भोपाल राजधानी भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में पीजी की दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं कल से शुरू होगी। एमए, एमएससी, एमकॉम, एमए इतिहास, एमएससी होम साइंस और एमए, एमएससी मैथ्स के द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं 13 और 14 मई से शुरू होकर 23 और 30 मई तक चलेंगी। दोनों परीक्षाओं में नियमित और स्वाध्यायी के करीब 40 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। यह परीक्षाएं एक ही पाली में पूरी होंगी। परीक्षाओं को नकल रोकने पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नकल पकड़े जाने पर निरस्त होगा परीक्षा केंद्र बीयू ने सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। बीयू ने सभी परीक्षा केंद्रों को निर्देशित किया है कि वे सीसीटीवी की फुटेज को एक साल तक सुरक्षित रखेंगे,ताकि गड़बड़ी होने पर उसका परीक्षण किया जा सके। कोई भी गड़बड़ी होने पर यदि उनके पास सीसीटीवी की फुटेज नहीं मिलती है, तो उनके परीक्षा केंद्रों को निरस्त किया जा सकता है। आठ जिलों में 57 परीक्षा केंद्र बनाए विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए 8 जिलों में 57 केंद्र तैयार किए हैं। बीयू की परीक्षाओं में 40 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें नियमित विद्यार्थी 35 हजार और करीब 5 हजार विद्यार्थी स्वाध्यायी के रूप में शामिल होंगे। उक्त दोनों सेमेस्टर के विद्यार्थी सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक की एकल पाली में परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए भोपाल जिले में 9 केंद्र बनाए गए हैं। यहां दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं 13 से 30 मई तक चलेंगी। चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं 23 मई तक चलेंगी।  4 उड़नदस्ते करेंगे औचक निरीक्षण पूर्व में हुई प्रथम और तीसरे सेमेस्टर परीक्षाओं में उड़नदस्तों ने काफी नकल प्रकरण बने थे, इसलिए दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए चार उड़नदस्ते तैयार करेगा, ताकि निगरानी बढ़ाई जा सके और परीक्षाओं में नकल प्रकरण को रोका जा सके।  

MPPSC और सीए की बड़ी परीक्षाएं शुरू, जानें पूरी टाइमलाइन और कोर्ट अपडेट

इंदौर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की कई अहम परीक्षाएं भले ही अदालतों में अटकी हुई हैं, लेकिन 18 मई से एक बार फिर से परीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत होने जा रही है। राज्य सेवा परीक्षा-2025 सहित अन्य कई चयन सूचियां फिलहाल रुकी हुई हैं, फिर भी आयोग द्वारा तय किए गए शेड्यूल के अनुसार परीक्षाएं संचालित होंगी। पहली परीक्षा 18 मई को सहायक संचालक-पशु चिकित्सा और सहायक शल्यज्ञ-2024 के लिए आयोजित की जाएगी। इसके बाद 1 जून को असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2024 होगी, जिसमें 16 विषयों की परीक्षा शामिल है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा कोर्ट की अनुमति पर निर्भर राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025, 9 से 14 जून के बीच प्रस्तावित है, लेकिन इसकी अंतिम पुष्टि अदालत की अनुमति पर निर्भर है, क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर अभी रोक लगी हुई है। मामले में अलग से सुनवाई जारी है। अगस्त से दिसंबर तक भरपूर परीक्षा कार्यक्रम 27 जुलाई को 12 अन्य विषयों के लिए सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा होगी। अगस्त में कई बड़ी परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें 24 अगस्त को सहायक संचालक संस्कृति-2024 और स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस परीक्षा शामिल है। 21 सितंबर को सहायक संचालक तकनीकी परीक्षा-2024 होगी। अक्टूबर में सबसे ज्यादा परीक्षाएं होंगी। 12 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी-2024, दंत चिकित्सा परीक्षा-2024 (श्रम विभाग) और सहायक अनुसंधान अधिकारी परीक्षा-2024 आयोजित की जाएंगी। नवंबर और दिसंबर में होंगी प्रमुख परीक्षाएं 23 नवंबर को सहायक प्रबंधक परीक्षा-2024 और आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी परीक्षा-2024 एक ही दिन आयोजित की जाएगी। दिसंबर में भी दो प्रमुख परीक्षाएं होंगी। 7 दिसंबर को सहायक पंजीयक परीक्षा-2024 और 14 दिसंबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं रसायनज्ञ परीक्षा-2024 का आयोजन किया जाएगा। सीए परीक्षा की तिथियों में हुआ बदलाव सीए फाइनल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं अब 9 से 14 मई के बजाय 16 से 24 मई के बीच होंगी। फाइनल ग्रुप 2 का पांचवां पेपर 10 मई के स्थान पर अब 16 मई को, और छठा पेपर 13 मई के स्थान पर 18 मई को होगा। इंटरमीडिएट ग्रुप 2 का चौथा पेपर 9 मई की जगह 20 मई को, पांचवां 11 के बजाय 22 मई को और छठा 14 मई के स्थान पर 24 मई को लिया जाएगा। सीए फाउंडेशन परीक्षा मई 2025 में 15, 17, 19 और 21 तारीख को निर्धारित की गई है। सभी परीक्षाएं पूर्व में तय परीक्षा केंद्रों पर ही आयोजित होंगी। स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस में केवल 23 पद राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा-2024 में सिर्फ 23 पद ही उपलब्ध रहेंगे। लंबे समय से अतिरिक्त पदों की प्रतीक्षा के बावजूद कोई वृद्धि नहीं की गई है, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी है। अभ्यर्थी कम से कम 100 पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यह परीक्षा 24 अगस्त को इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में ओएमआर शीट पर आधारित होगी। चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू भी शामिल होगा। परीक्षा में पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन (150 अंक, 50 प्रश्न) का होगा और दूसरा प्रश्नपत्र संबंधित विषय (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल 300 अंक, 100 प्रश्न) का होगा। कुल 450 अंकों की लिखित परीक्षा के बाद 50 अंकों का इंटरव्यू होगा। सीयूईटी-यूजी और जेईई एडवांस्ड: प्रवेश परीक्षाएं भी जारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सीयूईटी-यूजी 2025 के लिए 13 से 16 मई के पेपरों के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। परीक्षा 3 जून तक चलेगी। वहीं जेईई एडवांस्ड के एडमिट कार्ड, जो पहले 11 मई को जारी होने थे, अब 12 मई को जारी होंगे। पहला पेपर 18 मई को सुबह 9 से 12 बजे और दूसरा दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक होगा। इस परीक्षा का परिणाम 2 जून को घोषित किया जाएगा।  

18 साल से ऊपर के इच्छुक युवा बन सकते हैं सिविल डिफेंस वॉलंटियर

 पटना भारत और पाकिस्तान में चल रहे तनाव के बीच बिहार में आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है। आने वाले दिनों में पूरे राज्य में शहर से लेकर गांवों तक मॉक ड्रिल कर लोगों को जागरुक किया जाएगा। इसमें सिविल डिफेंस वॉलंटियर यानी नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों को लगाया जाएगा। राज्य सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। ऐसे में आप भी सिविल डिफेंस वॉलंटियर कर देश सेवा कर सकते हैं। खास बात यह है कि इन वॉलंटियर को सरकार की ओर से 750 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी दिया जाएगा। बिहार के विकास आयुक्त एवं आपदा प्रबंधन विभाग के एसीएस प्रत्यय अमृत ने कहा कि नागरिक सुरक्षा निदेशालय के कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। भारत और नेपाल की सीमा से सटे पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज में वॉलंटियर की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, भारत सरकार द्वारा चार नागरिक सुरक्षा जिलों पटना, पूर्णिया, कटिहार और बेगूसराय के अलावा विदेशी पर्यटकों के आवागमन को देखते हुए गया जिले में भी नागरिक सुरक्षा वॉलंटियर की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा इन सभी जिलों में सिविल डिफेंस वॉलंटियर को जोड़कर उन्हें ट्रेनिंग देकर आपात स्थिति के लिए तैयार करेगी। ये वॉलंटियर आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन के साथ मिलकर तेज गति से सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्य करने के साथ ही जन-जागरुकता बढ़ाने का भी काम करेंगे। सिविल डिफेंस वॉलंटियर का मानदेय बढ़ाया गया भारत-पाक तनाव के बीच बिहार सरकार ने सिविल डिफेंस वॉलंटियर का मानदेय भी बढ़ा दिया है। पहले इन्हें 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाता था। अब इसकी राशि बढ़ाकर 750 रुपये कर दी गई है। यानी कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की सेवा लेने पर सरकार उन्हें 750 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करेगी। सिविल डिफेंस वॉलंटियर कैसे बनें, कहां आवेदन करें? अगर आप सिविल डिफेंस वॉलंटियर बनकर देश सेवा करना चाहते हैं तो अपन क्षेत्र के संबंधित नागरिक सुरक्षा कार्यालय, जिला पदाधिकारी, एसडीओ, बीडीओ कार्यालय में संपर्क करें। वॉलंटियर में उन युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी उम्र 18 साल से ऊपर है। इसके अलावा आपदा मित्र, यूनिवर्सिटी एवं कॉलेज से संबद्ध राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट एवं गाइड के इच्छुक युवाओं को भी प्रशासन की ओर से प्रशिक्षण देकर सुरक्षा एवं जागरुकता कार्य में लगाया जाएगा।

बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी

पटना गृह विभाग के निर्देश पर केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने बिहार पुलिस का परिणाम घोषित कर दिया है। रिजल्ट देखने के लिए https://csbc.bihar.gov.in पर क्लिक करना होगा। बिहार पुलिस में सिपाही पद की 21,391 रिक्तियों के विरूद्ध अंतिम रूप से चयन हेतु अनुशंसित अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन किया गया है। केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा बिहार राज्य में वर्ष 2023 में सिपाही पद की 21,391 रिक्तियों के लिए दिनांक 09.06.2023 को विज्ञापन संख्या 01/2023 पर्षद के वेबसाइट एवं राज्य के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया था। रिजल्ट और पोस्टिंग देखने के लिए यहां क्लिक करें।  केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की लिखित परीक्षा अगस्त महीने में 07, 11, 18, 21, 25 और 28 अगस्त.2024 को एक-एक पाली में आयोजित की गयी।शारीरिक दक्षता परीक्षा 09 दिसम्बर, 2024 से 10 मार्च, 2025 तक शहीद राजेन्द्र प्रसाद सिंह राजकीय उच्च्च विद्यालय (पटना हाई स्कूल), गर्दनीबाग, पटना में  आयोजित किया गया। शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए कुल 86,539 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जिसमें से 40,112 अभ्यर्थी दौड़ में सफल हुए। इनमें से 7,623 अभ्यर्थी दौड़ के बाद हुए अन्य शारीरिक परीक्षणों तथा दस्तावेज संवीक्षा में अन्यान्य कारणों से असफल हो गये। शारीरिक दक्षता परीक्षा के बाद शैक्षणिक योग्यता, आयु तथा आरक्षण कोटि आदि अर्हता रखने वाले 32,489 अभ्यर्थी सफल हुए, जो चयन में योग्य पाये गये, जिसमें 17059 महिला, 15422 पुरुष एवं 08 ट्रांसजेन्डर अभ्यर्थी हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के आधार पर सफल अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची/परीक्षाफल प्रकाशित गया। उक्त 32,489 सफल अभ्यर्थियों में से मेधा क्रमानुसार तथा रिक्ति के अनुसार आरक्षण कोटि वार अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 21,391 है। शारीरिक दक्षता परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर 21 हजार 391 अभ्यर्थियों का चयन अंतिम रूप से किया गया। इसमें 10 हजार 205 पुरुष, 11 हजार 178 महिला और 8 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल हैं। इसमें 30 बिहार राज्य में नामांकित एवं प्रशिक्षित गृहरक्षक और 68 स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित शामिल हैं। कोटिवार आरक्षण के आधार पर गैर आरक्षित वर्ग के 8 हजार 556, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 2 हजार 140, पिछड़ा वर्ग के 2 हजार 570, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 3 हजार 842, अनुसूचित जाति के 3 हजार 400, अनुसूचित जनजाति के 228 और पिछड़े वर्ग की महिला कोटि के 655 अभ्यर्थी शामिल हैं।

प्रवर्तन कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 11 मई को, UPSSSC ने जारी किया एडमिट कार्ड

लखनऊ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रवर्तन कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 11 मई को आयोजित होगी। एनफोर्समेंट कांस्टेबल भर्ती मुख्य परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा होगी। जिसके लिए परिवहन विभाग ने सारी तैयारियां पूरी कर ली है। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी UPSSSC की अधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाए और अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर ले। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों के पास अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि और वेरिफिकेशन को रखना अनिवार्य है। (UPSSSC Enforcement Constable 2023) तीनों में से कोई एक चीज आपके पास नहीं है तो आप एडमिट कार्ड नहीं निकाल पाएंगे। ऐसे में एक भी गलती अभ्यर्थियों के सारी मेहनत में पानी फेर सकती है। 477 पदों पर होगी भर्ती बता दें कि UPSSSC ने प्रवर्तन कांस्टेबल पद (UPSSSC Enforcement Constable 2023) के लिए कुल 477 पदों पर वैकेंसी निकाली है। जिसके तहत सामान्य वर्ग के लिए 225 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 99 पद, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 13 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए 47 पद निकाले गए है। इस परीक्षा में उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, फिजिकल परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षण के माध्यम से की जाएगी। इन सभी चरण को पार करने के बाद दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। फिर आपकी नियुक्ति की जाएगी।

सहोद्रा राय शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरु, 1 जून तक होंगे रजिस्ट्रेशन

सागर सहोद्रा राय शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरु हो गई है। प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 1 जून है। वर्तमान में महाविद्यालय में तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम के अंतर्गत पांच संकायों में कोर्स संचालित हैं। सभी संकायों- आर्किटेक्चर एंड इंटीरियर डिडाइन, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, फैशन टेक्नोलॉजी एवं मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट में प्रवेश प्राप्त करने के लिए न्यूनतम अर्हता मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं उत्तीर्ण होना है। प्रवेश के लिए मेरिट सूची 10 वीं के अंको के आधार पर तैयार की जाएगी। महाविद्यालय में संचालित चार संकाय कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, फैशन टेक्नोलॉजी एवं मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट में लेटरल एंट्री के माध्यम से सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश प्राप्त किया जा सकता है।

मोटी सैलरी, शानदार करियर चाहिए तो करें कंपनी सेक्रटरी कोर्स

अभी जिन जॉब की मार्केट में काफी डिमांड है, उनमें से एक कंपनी सेक्रटरी (सीएस) की जॉब है। भारत में मौजूदा समय में करीब 7,000 कंपनी सेक्रटरीज की जरूरत है। हर साल इंस्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) से 3,000 से 4,000 सीएस प्रफेशनल पास आउट होते हैं। हर साल जितने कंपनी सेक्रटरी पास होते हैं, उनकी संख्या से ज्यादा संख्या में हर साल कंपनियों की स्थापना हो रही हैं। जिन कंपनियों को सीएस की जरूरत नहीं होती है, उन कंपनियों ने भी कानून की जटिलताओं को देखते हुए कंपनी सेक्रटरीज को हायर करना शुरू कर दिया है। ऐसे में यह एक बेहतर करियर हो सकता है। कैसे करें, कहां से करें, क्या है अवसर, कितनी मिलेगी सैलरी, इस तरह की जानकारी के लिए आगे की स्लाइडों को देखें… काम क्या करना होता है? कंपनी सेक्रटरीज इन हाउस लॉयर्स की तरह होते हैं जो किसी संगठन में कॉर्पोरेट सेक्रटेरियल डिपार्टमेंट की हर दिन की गतिविधियों और कार्य की देख रेख करते हैं। वे प्रफेशनल होते हैं जो कंपनी में गवर्नेंस से संबंधित मामलों की देखभाल करते हैं और कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री, स्टॉक एक्सचेंज एवं सिक्यॉरिटीज ऐंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) समेत रेग्युलेटरों को भेजने जाने वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हैं। वे बोर्ड मीटिंगों का आयोजन करने, अजेंडा तैयार करने, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को नोटिस जारी करने और संगठन के कानूनी अनुपालन के मामले को हैंडल करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। कंपनी लॉ के अलावा कई ऐसे लॉ हैं जो कंपनियों पर लागू होते हैं। उनको इन कानूनों के मुताबिक किसी मामले से निपटना होता है। लिस्टेड कंपनियों पर लागू होने वाले सेबी के रेग्युलेशन का कंपनी द्वारा पालन सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी होती है। कैसे, कहां से करें कोर्स? इंस्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) एक अग्रणी नैशल प्रफेशनल बॉडी है जो भारत में कंपनी सेक्रटरीज के पेशे को विकसित और रेग्युलट करती है। सीएस कोर्स ऐच्छिक ऑरल कोचिंग के विकल्प के साथ पत्राचार/डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से ऑफर किया जाता है। छात्रों के लिए आईसीएसआई द्वारा एक ई-लर्निंग पोर्टल लॉन्च किया गया है। इसके लिए साल भर ऐडमिशन होते रहते हैं। 12वीं (आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स) के बाद जो छात्र यह कोर्स करना चाहते हैं उनको कंपनी सेक्रटरीज के कोर्स के लिए तीन चरणों से गुजरना होता है। उनको (1) फाउंडेशन प्रोग्राम (चार पेपर्स) (2) एग्जिक्युटिव प्रोग्राम (छह पेपर्स) और (3) प्रफेशनल प्रोग्राम (आठ पेपर्स) करने होते हैं। ग्रैजुएशन के बाद छात्रों को सीएस प्रोग्राम के दो चरण यानी एग्जिक्युटिव प्रोग्राम और प्रफेशनल प्रोग्राम करना होता है। उनको प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से भी गुजरना पड़ता है। दाखिला प्रक्रिया आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम से 12वीं पास करने वाले छात्र (फाइन आर्ट्स समेत) फाउंडेशन प्रोग्राम में दाखिला लेने के पात्र हैं। फाउंडेशन प्रोग्राम या आर्ट्स, साइसें और कॉमर्स ग्रैजुएट्स (फाइन आर्ट्स को छोड़कर) सीएस एग्जिक्युटिव प्रोग्राम में दाखिला लेने के पात्र हैं। छात्रों की आयु 17 साल से कम नहीं होनी चाहिए। छात्रों को अनिवार्य रूप से कंप्यूटर प्रशिक्षण पूरा करना होगा या सीएस एग्जिक्युटिव प्रोग्राम लिखने से पहले उनको बाहर कर दिया जाएगा। प्रफेशनल प्रोग्राम में तभी दाखिला मिलता है जब एग्जाम शुरू होने वाले महीने से कम से कम नौ महीने पहले प्रफेशनल प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया होता है। एग्जिक्युटिव प्रोग्राम एग्जिक्युटिव प्रोग्राम फाइन आर्ट्स स्ट्रीम को छोड़कर किसी भी स्ट्रीम के ग्रैजुएट कर सकते हैं। सीएस कोर्स के एग्जिक्युटिव प्रोग्राम को क्लियर करने के बाद ही प्रफेशनल प्रोग्राम कर सकते हैं। इसके अलावा छात्र को एग्जिक्युटिव प्रोग्राम या प्रफेशनल प्रोग्राम पास करने के बाद 15 महीने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेनी होगी। प्रफेशनल प्रोग्राम पास करने और सभी तरह की जरूरी ट्रेनिंग पूरा करने के बाद 15 दिनों का सेक्रटेरियल मॉड्यूल ट्रेनिंग प्रोग्राम (एसएमटीपी) करना पड़ता है। सीएस प्रफेशनल प्रोग्राम पास करने के बाद छात्र प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने तक अपने विकल्प में आईसीएसआई में पंजीकरण करा सकते हैं। प्रफेशनल एग्जाम क्वॉलिफाई करने और ट्रेनिंग के सफल समापन पर कैंडिडेट को आईसीएसआई के असोसिएट सदस्य के रूप में दाखिला दे दिया जाता है। एक साल में दो बार जून और दिसंबर में परीक्षा होती है। आईसीएसआई का एनएलएस बेंगलुरु, नलसार, हैदराबाद, आईसीडब्ल्यूएआई और आईसीएआई, आईसीएसए लंदन एवं अन्यों से समझौता ज्ञापन है। सैलरी कंपनी सेक्रटरीज ऐसा कोर्स है जिसमें न सिर्फ जॉब के अवसर बहुत हैं बल्कि सैलरी भी काफी आकर्षक है। एक सीएस प्रफेशनल आराम से 25-30 लाख रुपये सालाना कमा सकता है। अवसर कुल 10 लाख कंपनियां हैं जिनमें से करीब एक लाख प्राइवेट लिमिटेड कंपनी हैं और 7,000 स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध हैं। इन 7,000 कंपनियों से करीब 1,000 बहुत ही बड़ी कंपनी हैं और उनको ऐसे कई प्रफेशनल्स की जरूरत हैं। यानी इस सेक्टर में अवसर की कमी नहीं है।  

8 मई से नहीं होंगे CUET UG एग्जाम? ये है नई डेट, जानिए पूरा मामला

अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2025 परीक्षा स्थगित हो सकती है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और यूजीसी आज CUET UG 2025 की नई तारीखों का ऐलान कर सकता है. नेशनल लेवल का यह एंट्रेंस एग्जाम 8 मई 2025 से आयोजित किया जाना था, लेकिन माना जा रहा है कि परीक्षा अब 13 मई 2025 से शुरू हो सकती है. लाखों उम्मीदवारों को सीयूईटी यूजी पर लेटेस्ट अपडेट का इंतजार है. दरअसल, सामने आया है कि एनटीए को सीयूईटी यूजी एग्जाम की तैयारी के लिए थोड़ा और समय चाहिए. इसे लेकर एनटीए और यूजीसी की आज अहम बैठक होने वाली है. इस बैठक में सीयूईटी यूजी एग्जाम शेड्यूल पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है. परीक्षा से संबंधित जरूरी जानकारी एनटीए सीयूईटी यूजी की आधिकारिक वेबसाइट https://cuet.nta.nic.in/ पर जारी की जाएगी. क्यों स्थगित हो सकता है CUET UG एग्जाम? रिपोर्ट्स की माने तो NTA ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को पहले से घोषित शेड्यूल के अनुसार परीक्षा आयोजित करने में अपनी असमर्थता के बारे में सूचित कर दिया है. नए परीक्षा कार्यक्रम पर निर्णय लेने के लिए आज NTA और UGC के बीच बैठक होगी, जिसके बाद नई परीक्षा तिथियों की औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है. CUET की तैयारी में देरी, जिसका एक बड़ा कारण पिछले रविवार को आयोजित NEET-UG प्रवेश परीक्षा के आयोजन पर फोकस करना है. बता दें कि सीयूईटी यूजी एग्जाम पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित प्रारूप में आयोजित किया जाएगा. इसमें 37 विषय होंगे, प्रत्येक पेपर 60 मिनट का होगा और इसमें 50 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे. केंद्र की उपलब्धता के आधार पर प्रतिदिन शिफ्ट की संख्या अलग-अलग हो सकती है, लेकिन दो से तीन शिफ्ट होने की उम्मीद है.परीक्षा 13 भारतीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी. इनमें अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु और अन्य शामिल हैं. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें.  

बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति ने स्वास्थ्य अधिकारी के 4500 पदों पर निकली भर्ती

पटना बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति (SHS) ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) भर्ती 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 5 मई 2025 से 26 मई 2025 की शाम 6 बजे तक आधिकारिक वेबसाइट shs.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। रिक्ति विवरण आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस भर्ती अभियान के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के 4500 पदों को भरा जाएगा। जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 979 पद,  ईडब्ल्यूएस के लिए 245,  एससी के लिए 1243 पद, एसटी के लिए 55 पद, ईबीसी के लिए 1170 पद, बीसी के लिए 640 पद और डब्ल्यूबीसी के लिए 168 पद शामिल हैं। इसमें 35% महिला, 4% दिव्यांग एवं 2% स्वतंत्रता सेनानी के पोता/पोती/नाती / नतीनी के लिए आरक्षित है। शैक्षणिक योग्यता इन पदों के लिए आवेदन रहे उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से बीएससी नर्सिंग/पोस्ट बेसिक नर्सिंग की डीग्री होनी चाहिए। आयु सीमा इन पदों के लिए आवेदन कर रहे उम्मीदवारों की आयु 21 वर्ष से 42 वर्ष बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट दी जाएगी। वेतन इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को 40,000 रुपये महीने का वेतन दिया जाएगा। इसमें से 32,000 रुपये प्रति माह निश्चित पारिश्रमिक के रूप में स्वीकार्य हैं और शेष 8,000 रुपये प्रदर्शन से जुड़े भुगतान के रूप में भुगतान किए जाने हैं। चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों को उनके आवेदन के आधार पर साक्षात्कार और आगे की प्रक्रियाओं के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। एक बार शॉर्टलिस्ट होने के बाद, उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया के माध्यम से अपने दावों की वैधता साबित करनी होगी। आवेदन शुल्क सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों को 500 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं एससी/एसटी/पीएच और सभी श्रेणी की महिला उम्मीदवारों को 125 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा। कैसे करें आवेदन?     सबसे पहले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट shs.bihar.gov.in पर जाएं।     इसके बाद बिहार सीएचओ के एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करें।     अब रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें।     फिर आवेदन के लिए मांगी गई जानकारी दर्ज करें।     सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके सबमिट कर दें।     अंत में फॉर्म जमा कर दें।     आगे की आवश्यकता के लिए आवेदन पत्र की एक कॉपी अपने पास रख लें।  

मध्य प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया 15 मई से शुरू, ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर से छात्रों को मदद मिलेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 12वीं के रिजल्ट 10 मई से पहले घोषित होने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश भर के कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया 15 मई से शुरू की जाएगी। इस बार एमपी आनलाइन के बदले दूसरे पोर्टल से पंजीयन होंगे। विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश दिलाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेज चलो अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके लिए इस बार सभी जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। विभाग ने उठाया महत्वपूर्ण कदम आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 में मध्य प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संबंध में विभाग ने आदेश जारी किए हैं। हर जिले में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो प्रवेश से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए उच्च शिक्षा संचालनालय से समन्वय स्थापित करेंगे। इन नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे कॉलेज चलो अभियान के अंतर्गत जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराएं और प्रतिदिन प्रवेश से संबंधित रिपोर्ट अतिरिक्त संचालक को भेजें। इसके अलावा अतिरिक्त संचालक संभाग स्तर पर निगरानी कर आयुक्त को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। हेल्पलाइन नंबर भी जारी वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन काउंसलिंग की व्यवस्था की है, जहां विद्यार्थी ऑनलाइन पंजीयन कर प्रवेश प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। प्रवेश से संबंधित सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 18008908399 और हेल्पलाइन नंबर 8000063632 भी जारी किए गए हैं। स्कूल से ही होगा एडमिशन दरअसल इस बार छात्रों को कॉलेज में एडमिशन के लिए अलग से भागदौड़ नहीं करनी होगी. 12वीं का परिणाम आते ही वे अपने स्कूल से ही एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे, और इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. जहां पहले एमपी ऑनलाइन प्रति छात्र ₹70 शुल्क लेता था, वहीं नई आउटसोर्सिंग एजेंसी ₹39.60 प्रति छात्र में वही सेवाएं देगी. सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से टोल फ्री नंबर और कॉल सेंटर की शुरुआत की जा रही है, जो एडमिशन शुरू होने से दो महीने पहले और अंतिम तारीख के दो महीने बाद तक सक्रिय रहेगा. प्रवेश की जिम्मेदारी अब बेंगलुरू की कंपनी को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से राज्य के प्रत्येक कॉलेज कैंपस और हायर सेकंडरी स्कूलों में रजिस्ट्रेशन डेस्क या कियोस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां छात्र सीधे रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. इस बार प्रवेश प्रक्रिया का संचालन बैंगलुरू की एसआरआईटी कंपनी को सौंपा गया है. पहले यह कार्य एमपी ऑनलाइन के माध्यम से किया जाता था, लेकिन अब बेहतर सेवा और तेज प्रोसेस के लिए यह बदलाव किया गया है. इस दिन से शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया बता दें कि मध्यप्रदेश में कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया 15 मई 2025 से शुरू होगी. उच्च शिक्षा विभाग ने पूरी तरह से ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. राज्य के 1300 से अधिक सरकारी और निजी कॉलेजों में एडमिशन होंगे. 12वीं के परिणाम मई के पहले सप्ताह में आने की संभावना है, जिसके बाद एडमिशन गतिविधियां तेज हो जाएंगी.

एमबीए के जरिए कैरियर को दें उडान

डाॅ. रघुराम राजन, अजय बंगा, इंदिरा नुई, चंदा कोचर और प्रसून जोशी में क्या समानता है? इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में शीर्ष कामयाबियां हासिल की है और ये सभी राश्ट्रीय अथवा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आइकन बन चुके हैं। इनमें एक और समानता यह है कि इन सभी ने किसी न किसी बिजनेस स्कूल से एमबीए की पढ़ाई की है। आप भी अपनी मेहनत की बदौलत यह मुकाम हासिल कर सकते हैं। मौजूदा समय में किसी अच्छे बिजनेस स्कूल से एमबीए की डिग्री किसी भी क्षेत्र में कामयाबी की गारंटी मानी जाती है यही कारण है कि हर साल लाखों इच्छुक छात्र उच्च स्तरीय एमबीए संस्थानों में प्रवेष लेने के लिए कैट, सैट, मैट और केमैट जैसी परीक्षाएं देते हैं। शीर्ष बिजनेस स्कूलों में प्रवेश के लिए कैट, मैट एवं सैट जैसी अत्यंत कठिन परीक्षाओं में अच्छे नम्बर लाने जरूरी है और काफी प्रतिभाशाली और मेहनती छात्र किसी न किसी कारण से कैट, मैट एवं सैट जैसी परीक्षाएं देने से या तो चूक जाते हैं या इनमें अच्छे नम्बर नहीं ला पाते हैं। ऐसे में आपको निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि अच्छे संस्थान से एमबीएम करने के लिऐ केमैट (कर्नाटक मैनेजमेंट अप्टीच्युड टेस्ट) के रूप में आपके पास एक और विकल्प होता है। दरअसलं केमैट किसी शैक्षणिक वर्ष में बिजनेस स्कूलों में एमबीए पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने का अंतिम विकल्प भी है जिसके जरिए आप भारत की सिलिकन वैली के रूप में मशहूर बेंगलूर तथा कर्नाटक के 150 प्रमुख बिजनेस स्कूलों में एमबीए पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकते हैं। इस साल से केमैट-कर्नाटक की परीक्षा पहली बार नई दिल्ली, नौएडा, लखनउ, इलाहाबाद, कोलकाता, पटना, रांची, इंदौर जैसे 10 से अधिक शहरों में हो रही है। इसके लिए पंजीकरण 10 मई तक चलेगा तथा 29 मई को प्रवेश परीक्षा होगी। आईआईएम, अहमदाबाद के छात्र रह चुके फ्यूचर ब्रांड के सीईओ संतोष देसाई का कहना है कि एमबीए के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि एमबीए करने के बाद आप केवल मैनेजर नहीं रहते बल्कि एक निर्माता बन जाते हैं। मेरे विचार से आपके लिए जो सबसे महत्वपूर्ण भावी चुनौती है वह यह है कि आप किस तरह से प्रबंधक के काम को अंजाम देते हैं। मैनेजमेंट के संस्थान में आपको सोचने की आजादी होती है और आप चुनौतियांे का सामना करने में सक्षम बनते हैं। हालांकि आपमें सारी खूबिंयां होती है लेकिन अगर आप अच्छे संस्थान से एमबीए की पढ़ाई करते हैं तो आप स्वतंत्र होकर सोचने में सक्षम बन जायेंगे, जो भावी चुनौतियों का सामना करने में मददगार साबित हो सकता है। एमबीए के लिए आपको वैसे ज्ञान और कौशल की जरूरत है जो आपके जीवन के न केवल प्रोफेशनल जीवन में बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी जरूरी है। एमबीएम पाठ्यक्रमों में छात्रों को अपनी निजी एवं संगठनात्मक उत्पादकता को अधिक से अधिक बनाने की क्षमता एवं कौशल को सीखना होता है। प्रबंधन शिक्षा विशेषज्ञ तथा एमबीएयूनिवर्स डाॅट काॅम के अमित अग्निहोत्री के अनुसार दुनिया भर में नौकरियों एवं रोजगार के क्षेत्र में आर्थिक मंदी छाई है इसके बावजूद अच्छे बिजनेस स्कूल से एमबीए करने वाले छात्रों के लिए बेहतरनी प्लेसमेंट तथा अच्छी खास सैलरी पैकेज में कोई कमी नहीं आई हे। एशियाई विकास बैंक के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था चीन की अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, जबकि चीन की अर्थव्यवस्था के बढ़ने की दर 6.5 प्रतिशत है। मेक इन इंडिया तथा स्टार्ट अप इंडिया के लिए भी अधिक कुशल एवं प्रबंधकीय क्षमताओं वाले प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। एमबीए शिक्षा विशेषज्ञ एसके अग्रवाल बताते हैं कि जिन छात्रों ने वाणिज्य, मानविकी, कला, कम्प्यूटर अनुप्रयोगों एवं अन्य विशयों में सामान्य स्नातक किया है उनके लिए डाक्टर, इंजीनियर एवं वैज्ञानिक आदि बनना संभव नहीं है लेकिन अगर आप एमबीए की डिग्री हासिल कर लेते हैं तो आप उच्च वेतन वाले प्रबंधक बन सकते हैं। कुछ संस्थानों में एमबीए होना या कोई एडवांस डिग्री होना कुछ खास पद पर नियुक्त होने के लिए जरूरी होती है। बिना अच्छी डिग्री के आगे बढ़ने में दिक्कत होती है, भले ही आप कितने ही अधिक प्रतिभाशाली क्यों न हो। चूंकि मंदी के कारण रोजगार पर भी प्रभाव पड़ा है इसलिए कई कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी भी करती हैं लेकिन अगर आपके पास अच्छे संस्थान से एमबीए की डिग्री है तो आपको अतिरिक्त लाभ मिलता है। अमित अग्निहोत्री का कहना है कि आईआईएम, एफएमएस, एमआईएमएस बेगलूर, आईएफआईएम बेंगलूर, आईआईएफटी, एसपीजेआईएमआर, एमडीआई, एआईटीआईई, एमएमआईएमएस, एलायंस यूनिवर्सिटी, आईएफआईएम बिजनेस स्कूल, एमपी बिरला इंस्टीच्यूट, एमएस रमैया, माउंट कार्मेल, पीईएसआईटी जैसे देश के विभिन्न शहरों में स्थित प्रमुख काॅलेजों में प्लेसमेंट में 10 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सात लाख रुपये से लेकर 70 लाख रुपये तक का पैकेज मिलने लगा है। दरअसल एमबीए के अलावा दो साल की अवधि वाला ऐसा कोई स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम नहीं हैं जिसके पूरा होने से पहले ही अच्छी सैलरी वाली नौकरी की शुरूआत हो जाए।  

एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 5 मई तक? मार्कशीट के लिए ये 3 वेबसाइटदेखें

भोपाल एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं परीक्षा में शामिल हुए 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स सरकारी रिजल्ट पर लेटेस्ट अपडेट का इंतजार कर रहे हैं. एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 इसी महीने जारी किया जाएगा. एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 से जुड़े सभी अपडेट्स मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की ऑफिशियल वेबसाइट mpresults.nic.in और mpbse.nic.in पर चेक किया जा सकेगा. मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल किसी भी वक्त रिजल्ट डेट का ऐलान कर सकता है. अप्रैल में मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 10 मई से पहले एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 जारी करने का निर्देश दिया था. ऐसे में एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं रिजल्ट 2025 के जल्द जारी होने की उम्मीद की जा रही है. एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 चेक करने के लिए रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ जैसी डिटेल्स की जरूरत पड़ेगी. MP Board Result 2025 Date: खत्म होने वाला है इंतजार मध्य प्रदेश बोर्ड रिजल्ट 2025 जारी करने से पहले नोटिफिकेशन जारी करेगा. इस साल भी एमपी बोर्ड रिजल्ट प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही रिलीज किया जाएगा. इस साल मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 16,60,252 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था. इनमें से 9,53,777 स्टूडेंट्स ने 10वीं की और 7,06,475 स्टूडेंट्स ने 12वीं की परीक्षा दी थी. अब सभी एमपी बोर्ड रिजल्ट 2025 घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं, जोकि अगले कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा.  एमपी बोर्ड रिजल्ट कैसे चेक करें? एमपी बोर्ड रिजल्ट कई तरीकों से चेक किया जा सकता है. आप एमपी बोर्ड रिजल्ट की ऑफिशियल वेबसाइट mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर विजिट करके अपने मार्क्स चेक कर सकते हैं. इसके अलावा 56263 पर रोल नंबर भेजकर एसएमएस के जरिए भी रिजल्ट चेक किया जा सकता है. अगर किसी भी वजह से ये दोनों तरीके काम न करें तो स्टूडेंट्स डिजिलॉकर की वेबसाइट और ऐप पर भी सरकारी रिजल्ट चेक कर सकते हैं.  एमपी बोर्ड रिजल्ट चेक करने के से पहले तैयार रखें ये डिटेल्स मध्य प्रदेश कक्षा 10वीं 12वीं का रिजल्ट जारी होने से पहले स्टूडेंट्स ये डिटेल्स निकालकर रख सकते हैं. इनके बिना एमपी सरकारी रिजल्ट चेक नहीं कर पाएंगे: रोल नंबर डेट ऑफ बर्थ स्कूल कोड स्कूल का नाम एमपी बोर्ड की परीक्षा कब से कब तक हुई? मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कक्षा 10वीं परीक्षा का आयोजन 27 फरवरी से 21 मार्च 2025 के बीच हुआ था। इसके अलावा 12वीं एग्जाम 4 अप्रैल तक हुए थे।  एमपपी बोर्ड कक्षा 10वीं का बीते साल का रिजल्ट फर्स्ट डिवीजन पास करने वाले छात्र: 3,05,067 सेकेंड डिवीजन पाने वाले छात्र: 1,69,863 थर्ड डिवीजन से पास होने वाले छात्र: 2,145  एमपी बोर्ड की मार्कशीट में होंगी ये डिटेल्स     छात्र का नाम     उसकी तस्वीर     स्कूल नंबर     रोल नंबर     रजिस्ट्रेशन नंबर     एग्जाम सेंटर नंबर     हर विषय में मिले अंक     प्रैक्टिकल में हासिल अंक     कुल अंक     डिवीजन  एमपी बोर्ड रिजल्ट चेक करने के 3 तरीके     ऑफिशियल वेबसाइट्स – mpbse.nic.in 2025 या mpresults.nic.in 2025 या mpbse.mponline.gov.in     SMS पर चेक करें।     MP बोर्ड के ऐप पर चेक करें। क्या एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट एक साथ आएगा? जी हां, पिछले सालों की तरह, इस वर्ष भी एमपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2025 और एमपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2025 एक साथ जारी करेगा। एमपीबीएसई परिणाम जारी करने की सटीक तारीख और समय की घोषणा जल्द कर सकता है। पिछले 5 साल में एमपी बोर्ड का पास प्रतिशत 2020: कक्षा 12 – 68.81% 2021: कोविड-19 के कारण सभी छात्रों को प्रमोट किया गया 2022: कक्षा 12वीं – 72.72% 2023: कक्षा 12वीं – 55.28% 2024: कक्षा 12वीं – 64.48% 02:45 PM, May 02 2025  मध्यप्रदेश बोर्ड रिजल्ट की वेबसाइट्स     mpbse.nic.in 2025     mpresults.nic.in 2025     mpbse.mponline.gov.in2025  पिछले साल की एमपी बोर्ड रिजल्ट डेट साल 2024 में एमपी बोर्ड ने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के परिणामों की घोषणा 24 अप्रैल को की गई थी। इस साल परिणाम घोषित करने में थोड़ा समय लग रहा है हालांकि इसकी घोषणा जल्द किए जाने की संभावना है।  एमपी बोर्ड के ऐप से कैसे चेक करें रिजल्ट?     सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से MPBSE मोबाइल ऐप या MP मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।     इसके बाद अपने स्मार्टफोन पर ऐप खोलें।     ‘Know your Result’ विकल्प पर क्लिक करें।     अपना रोल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें।     ‘सबमिट’ बटन को क्लिक करने पर आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा।  क्या एमपी बोर्ड ने की डेट्स की घोषणा? अभी तक, मध्य प्रदेश बोर्ड (MPBSE) ने आधिकारिक तौर पर MP बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2025 की तारीख और समय की कोई भी पुष्टि नहीं की है। रिपोर्टों के अनुसार, मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और परिणाम जल्द ही, संभवतः मई के पहले सप्ताह के खत्म होने तक जारी किया जा सकता है।  पिछले साल का 10वीं पास परसेंटेज पिछले साल एमपी बोर्ड में कक्षा 10वीं रिजल्ट में 58.10% छात्र पास हुए थे। इस साल इसमें कुछ सुधार होने की उम्मीद है। एसएमएस पर एमपी बोर्ड का रिजल्ट कैसे चेक करें? ऑफिशियल वेबसाइट पर परिणाम ना देख पाने या वेबसाइट के स्लो चलने पर कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं रिजल्ट SMS पर देख सकते हैं। कक्षा 10वीं के लिए: टाइप करें MPBSE10 और स्पेस देकर अपना रोल नंबर लिखें। कक्षा 12वीं के लिए: टाइप करें MPBSE12 और स्पेस देकर अपना रोल नंबर लिखें। इसके बाद मैसेज को 56263 पर भेज दें। एमपी बोर्ड का रिजल्ट कब आएगा? मध्य प्रदेश बोर्ड मई के पहले सप्ताह में जल्द ही एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं परिणाम 2025 की घोषणा कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार एमपी बोर्ड का रिजल्ट ड्राफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छात्रों को लेटेस्ट अपडेट और आधिकारिक परिणाम घोषणा के लिए नियमित रूप से आधिकारिक एमपीबीएसई वेबसाइट या इस पेज पर बने रहने की सलाह दी जाती है।  एमपी बोर्ड परीक्षा कब से कब तक हुई थी? कक्षा 10वीं एमपी बोर्ड की परीक्षा कब से कब तक हुई – 27 फरवरी से 19 मार्च, 2025 एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं परीक्षा कब से कब तक हुई – 25 फरवरी से 25 मार्च, 2025

हवा में उड़ने के शौकीन एविएशन में बनाए करियर

करियर बनाने के लिए आजकल युवा ऐसे ऑप्शकन तलाश रहे हैं, जिनमें पैसे के साथ-साथ ग्लैउमर भी हो। एयरहोस्टेड़स स्टी वर्ड बनकर आप ये दोनों ही चीजें बड़ी आसानी से हासिल कर सकते हैं। आइए लेते हैं एविएशन इंडस्ट्री  का एक जायजा। एविएशन में करियर बनाने की संभावनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। जहां पहले एविएशन का क्षेत्र सरकारी हवाई सेवाओं तक ही सीमित था, वहीं अब निजी क्षेत्र भी एविएशन की दौड़ में शामिल हो गए हैं। देश के आर्थिक विकास को तेजी देने वाले इस क्षेत्र में संभावनाओं का एक अनंत आसमान युवाओं को अपनी ओर खींच रहा है। यह क्षेत्र जितना रोमांचक है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। दूसरे क्षेत्रों की तुलना में शानदार जीवनशैली, सुविधाओं और उम्दो वेतन ने इसे करियर का हॉट ऑप्शरन बना दिया है। एविएशन के क्षेत्र में जिस तेजी से विकास हो रहा है, उसके अनुसार भारत इस क्षेत्र में सन 2025 तक नंबर वन पर होगा। वर्तमान में देखा जाए, तो विश्वै का केवल दो प्रतिशत एविएशन बिजनेस भारत में होता है। एयर होस्टेिस एकेडमी की सपना गुप्ता2 का मानना है कि इस क्षेत्र में नौकरियों की कोई कमी नहीं है, बशर्ते कोर्स करने के लिए आपने एक सही संस्थापन का चयन किया हो। एविएशन के क्षेत्र में करियर बनाने को लेकर जिन लोगों के मन में कोई भ्रम है या जो लोग इस क्षेत्र की बारीकियों को समझना चाहते हैं उनके लिए सपना गुप्तात ने एक किताब भी लिखी है। विनिंग स्ट्रैनटेजी: सर्विंग विद अ स्मा इल नाम की यह किताब एविएशन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी है। वर्ष 1994 से पहले तक निजी ऑपरेटर्स को डोमेस्टिक एयरलाइंस और एविएशन की सुविधा नहीं थी, लेकिन 1994 में एयर कॉर्पोरेशन एक्टउ में सुधार किया गया और निजी ऑपरेटर्स को भी डोमेस्टिक एयरलाइंस ऑपरेट करने की सुविधा दे दी गई। इसके बाद जेट एयरवेज, एयर सहारा, किंगफिशर, स्पा इस जेट आदि कंपनियां इस क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने लगीं। आने वाले समय में छह नई एयरलाइंस अपनी सेवाएं शुरू करने जा रही हैं। ग्लोइबलिसिस लिमिटेड ने भारतीय एविएशन मार्केट का अध्यमयन करके यह निष्किर्ष निकाला है कि यह विश्वी के सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में से एक है। योग्य्ता एयरहोटसस फ्लाइट स्टी वर्ड से संबंधित कोर्स को करने के लिए कैंडिडेट को बारहवीं पांस होना चाहिए। यह क्षेत्र जितना ग्लैफमरस है उतना ही हार्ड वर्क भी मांगता है, साथ ही जिसमें सेवा करने की भावना होगी, वही इस क्षेत्र में सफल हो सकता है। एजुकेशन क्वा लिफिकेशन के साथ कम्युैनिकेशन स्क्लिस और ग्रूमिंग को भी इस क्षेत्र में महत्वि दिया जाता है। एविएशन का क्षेत्र काफी विस्तृकत है, एयरहोस्टेास, पायलट के अलावा सेल्सी रिजर्वेशन, टिकटिंग, सिक्योसरिटी, कार्गो, एचआर, मार्केटिंग, इंजीनियरिंग व केटरिंग प्रमुख हैं। आमतौर पर पायलट और एयरहोस्टेिस के लिए ही जाने जाने वाले इस क्षेत्र में टेक्निकल और नॉन टेक्निकल दोनों ही क्षेत्रों में नौकरियां उपलब्धष कराई जाती हैं। मनी मैटर्स एविएशन के क्षेत्र के अलग-अलग कर्मचारियों और अधिकारियों को यात्रा, चिकित्साह, सुविधा और आवास के साथ बीस हजार से लेकर पांच लाख तक वेतन मिलता है। यह सब आपके पद और क्षेत्र पर निर्भर करता है। संस्थासन… एयरहोस्टेड़स एकेडमी नई दिल्ली राजस्थाटन स्टेएट फद्यलाइंग स्कूल, जयपुर सहारा एविएशन एकेडमी दिल्ली्  

जेनेटिक इंजीनियरिंग में करियर

    जेनेटिक इंजीनियरिंग विज्ञान का एक अत्याधुनिक ब्रांच है। जिसमें सजीव प्राणियों के डीएनए कोड में मौजूद जेनेटिक को अत्याधुनिक तकनीक केजरिए परिवर्तित किया जाता है। यह क्षेत्र बायोटेक्नोलॉजी के अंतर्गत ही आता है। जेनेटिक इंजीनियरिंग का कमाल कुछ वर्ष पहले ही दुनिया देख चुकी है, जब इयान विल्मुट और उनके सहयोगी रोसलिन ने जेनेटिक तरीके से भेड़ का बच्चा तैयार किया, जिसे डोली दिया था। यह हुबहु भेड़ का जेनेटिक कॉपी था। इन दिनों जेनेटिक इंजीनियर की डिमांड इंडिया के साथ-साथ विदेश में तेजी से बढ़ रहा है। क्या है जेनेटिक इंजीनियरिंग जेनेटिक तकनीक के जरिए जींस की सहायता से पेड़-पौधे, जानवर और इंसानों में अच्छे गुणों को विकसित किया जाता है। जेनेटिक तकनीक के द्वारा ही रोग प्रतिरोधक फसलें और सूखे में पैदा हो सकने वाली फसलों का उत्पादन किया जाता है। इसके जरिए पेड़-पौधे और जनवरों में ऐसे गुण विकसित किए जाते हैं, जिसकी मदद से इनके अंदर बीमारियों से लडने की प्रतिरोधिक क्षमता विकसित की जाती है। इस तरह के पेड़-पौधे जीएम यानी जेनेटिकली मोडिफाइड फूड के रूप में जाने-जाते हैं। बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जेनेटिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल बृहत पैमाने पर होता है, क्योंकि यह इंडस्ट्री फॉमास्युटिकल प्रोडक्ट जैसे कि इंश्युलीन और दूसरे दवाइयों के लिए एक हद तक जेनेटिक पर ही निर्भर रहती है। योग्यता और कोर्स योग्य जेनेटिक इंजीनियर उसे ही माना जा सकता है, जिनके पास जेनेटिक और इससे संबंधित फील्ड में ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो, जैसे कि बायोटेक्नोलॉजी, मोलिक्युलर बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री। इस कोर्स में एंट्री के लिए 12वीं बायोलॉजी, केमिस्ट्री और मैथ से पास होना जरूरी है। इस समय अधिकतर यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट में जेनेटिक इंजीनियरिंग के लिए अलग से कोर्स ऑफर नहीं किया जाता है, लेकिन इसकी पढ़ाई बायोटेक्नोजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री में सहायक विषय के रूप में होती है। बायोटेक्नोलॉजी के अडंर ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट में जेनेटिक इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। गेेजुटए कोर्स, बीईध्बीटेक में एंट्री प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। एमएससी इन जेनेटिक इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी हर साल 120 सीटों के लिए संयुक्त परीक्षा का आयोजन करती है। तकरीबन 20 हजार छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। उगा अंको के आधार पर 20 छात्र को जेएनयू परिसर, नई दिल्ली में एडमिशन दे दिया जाता है। जेनेटिक डिग्री कोर्स के लिए भी यहां कुछ सीटें निश्चित हैं। इसके लिए भी एंटे्रस टेस्ट में बैठना जरूरी है। रोजगार के अवसर जान-मानी करियर एक्सपर्ट परवीन मलहोत्रा कहती हैं कि जेनेटिक इंजीनियर के लिए भारत के साथ-साथ विदेश में भी जॉब के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इनके लिए मुख्यत रोजगार के अवसर मेडिकल व फार्मास्युटिकल कंपनी, एग्रीकल्चर सेक्टर, प्राइवेट और सरकारी रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर में होते हैं। टीचिंग को भी करियर ऑप्शन के रूप में आजमा जा सकता है। इसके अलावा, इनके लिए रोजगार के कई और भी रास्ते हैं। बायोटेक लेबोरेटरी में रिसर्च, एनर्जी और एंवायरनमेंट से संबंधित इंडस्ट्री, एनिमल हसबैंड्री, डेयरी फार्मिंग, मेडिसन आदि में भी रोजगार के खूब मौके हैं। कुछ ऐसे संस्थान भी हैं, जो जेनेटिक इंजीनियर को हायर करती है, जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी, नई दिल्ली, सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंट ऐंड डाइग्नोस्टिक, हैदराबाद, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग रिसर्च ऐंड प्रोसेस डेवलॅपमेंट सेंटर, चंडीगढ़, द इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक ऐंड इंटेग्रेटिव बायोलॉजी, दिल्ली आदि। सैलॅरी पैकेज जेनेटिक इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स को शुरुआती दौर में आठ से 12 हजार रुपये प्रति माह सैलॅरी मिलने लगती है। यदि आपके पास डॉक्ट्रोरल डिग्री है, तो सैलॅरी 15-25 हजार रुपये शुरुआती महीनों में हो सकती है। इंस्टीट्यूट वॉच… -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास, खडगपुर -आईआईटी गुवाहाटी -आईआईटी, दिल्ली -दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद -पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना -राजेंद्र एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, समस्तीपुर, बिहार -जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी, वाराणसी -ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली    

जबलपुर का रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय 15 विषयों का कांबिनेशन कोर्स शुरू करेगा

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जबलपुर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में वर्तमान सत्र 2025-26 से एनईपी 2020 के अंतर्गत स्नातक स्तर पर विज्ञान विषय में 15 कांबिनेशन कोर्स शुरू किए जाएंगे।हुई प्रवेश समिति की बैठक में विज्ञान विषय के 11 नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों एवं विगत सत्र से संचालित चार पाठ्यक्रमों कुल मिलाकर 15 पाठ्यक्रमों का संयोजन (कोर्स कांबिनेशन) प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित किया है। इसमें बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, जूलाजी, बाटनी, फार्मास्युटिकल कैमिस्ट्री, कैमिस्ट्री, फारेंसिक साइंस, इलेक्ट्रानिक्स, फिजिक्स, कम्प्यूटर साइंस, इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी एवं गणित विषय के साथ आरंभ किया जाना प्रस्तावित है। रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे कोर्स विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी में हुई बैठक में कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि सभी विषय महाकौशल क्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश एवं देश के विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे। इन सभी विषयों में व्यापक स्तर पर शोध कार्य का मार्ग प्रशस्त होगा। प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेषज्ञों को पाठ्यक्रम एवं करियर के संबंध में मार्गदर्शन हेतु समय-समय पर आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में प्रवेश समिति के संयोजक प्रो. सुरेन्द्र सिंह, प्रो. राकेश बाजपेई, प्रो. धीरेन्द्र पाठक, प्रो. ममता राव, प्रो. पीके खरे, डॉ. अजय गुप्ता, डॉ. विनय तिवारी, डॉ. निधि सक्सेना, डॉ. दिव्या सिंह, डॉ. पल्लवी शुक्ला, डॉ. धीरेन्द्र मौर्य, कामता मिश्रा, नरेश सौंधिया सहित अतिथि विद्वान उपस्थित रहे। डीएमएलटी कोर्स शुरू होगा जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय प्रशासन ने पैरामेडिकल पाठयक्रम को शुरू करने का निर्णय लिया है। यह पाठयक्रम स्वास्थ्य चिकित्सा से जुडे लैब टैक्नीशियन बनने में मददगार होंगे। डिप्लोमा और डिग्री आधारित डीएमएलटी एवं बीएमएलटी पाठयक्रम दो वर्षीय एवं तीन वर्षीय होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल जमा कर दी गई है। प्रायोगिक आदि की सुविधाएं शासकीय एल्गिन अस्पताल के माध्यम से संचालित की जाएंगी जिसके साथ पहले से ही विश्वविद्यालय का अनुबंध संचालित है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने डिप्लोमा इन लेब टैक्नीशियन एवं बैचलर आफ लैब टैक्नीशियन के लिए 50-50 सीटों का निर्धारण किया है। यदि एप्रूवल मिल जाता है तो इसी सत्र से इसकी शुरुआत कर दी जाएगी।

सीयूईटी यूजी परीक्षा 8 मई से शुरू होंगे एग्जाम, डेटशीट जल्द होगी जारी

इंदौर कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) यूजी की शुरुआत आठ मई से हो रही है, जो एक जून तक चलेगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) देशभर में यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित करेगी। जैसे-जैसे परीक्षा की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छात्रों की तैयारी भी तेज हो गई है। एजेंसी ने एडमिट कार्ड जारी करना शुरू कर दिया है, जिसमें परीक्षा केंद्र की जानकारी भी दी गई है। इस वर्ष करीब 14 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इंदौर जिले से इस परीक्षा में 45 हजार विद्यार्थी बैठेंगे। इनमें से अधिकतर ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की इच्छा जताई है। इंदौर में तीन से चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस बार डीएवीवी ने सीयूईटी यूजी में कुछ नए पाठ्यक्रमों को जोड़ा है। इनमें बीए भूगोल, साइकोलॉजी, दर्शन और बीबीए एविएशन आदि शामिल हैं। पहले इन कोर्सों में नान-सीयूईटी के आधार पर दाखिला मिलता था, लेकिन इस बार छात्रों की रुचि को देखते हुए इन्हें भी परीक्षा में शामिल किया गया है। 28 कोर्स चल रहे हैं डीएवीवी अब कुल 28 एकीकृत और स्नातक पाठ्यक्रमों का संचालन कर रही है। इनमें बीए अर्थशास्त्र, बीकाम कराधान, बीकाम ऑनर्स, बीफार्मा, बीसीए, बीएएलएलबी, एमसीए, एमटेक आदि शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों में कुल 1470 सीटों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। जुलाई में काउंसिलिंग, अगस्त से प्रवेश प्रक्रिया परीक्षा एक जून को समाप्त होगी। इसके बाद एक महीने के भीतर एनटीए परिणाम घोषित करेगा। इसके लगभग दस दिन बाद विश्वविद्यालयों को छात्रों का डाटा मिलेगा। इस आधार पर प्रावीण्य सूची और रैंक तैयार की जाएगी। डीएवीवी की काउंसिलिंग प्रक्रिया 15 जुलाई तक शुरू होने की संभावना है, जिसका पहला चरण अगस्त में आयोजित होगा। परीक्षा केंद्र नहीं बदल सकते कुछ विद्यार्थियों को इंदौर के बाहर परीक्षा केंद्र मिला है, जिससे वे परेशान हैं। वे केंद्र बदलने के लिए एनटीए को ईमेल भेज रहे हैं। सीयूईटी समन्वयक डॉ. कन्हैया आहूजा ने कहा कि परीक्षा केंद्र में बदलाव संभव नहीं है। एनटीए ने पहले ही अपनी अधिसूचना में इस बारे में दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। डेटशीट का अता-पता नहीं, NTA क्या चाहता है? ऐसा पहली बार हो रहा है कि इतने कम दिन बचे होने के बाद भी छात्रों को अपने एग्जाम की डेटशीट तक नहीं पता है। छात्र असमंजस में है और एनटीए से भी लगातार पूछ रहे हैं। वहीं कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में एडमिशन शुरू हो गए हैं, जो सीयूईटी स्कोर के आधार पर एडमिशन नहीं करती हैं। कुछ समय पहले ऐसी खबरें भी आई थीं कि नीट की वजह से सीयूईटी एग्जाम आगे टल सकता है। ऐसे में छात्र अब दूसरे विकल्पों की ओर जाने को मजबूर हो रहे हैं। करियर काउंसलर आलोक बंसल कहते हैं कि ऐसी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की कमी नहीं है, जो सीयूईटी स्कोर के बिना एडमिशन करती हैं। उनका कहना है कि अगर छात्र को ये ही नहीं पता है कि उसका अगला कदम क्या होगा तो वह कैसे अपना प्लान बनाएगा? आपको क्या लगता है, सीयूईटी 2025 में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होना कितना फायदेमंद है?     बहुत फायदेमंद     कुछ हद तक फायदेमंद     कम फायदेमंद     बिल्कुल नहीं अभी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सीयूईटी का शेड्यूल ही जारी नहीं किया है और जब डेटशीट तक नहीं पता है तो एग्जाम कब से होंगे, इस बारे में असमंजस है। उसके बाद रिजल्ट कब आएगा, यह भी एक सवाल रहेगा। खास बात यह है कि इस बार सीयूईटी-2025 में कई तरह के बदलाव हुए हैं और हर पेपर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा, जबकि पिछले वर्ष 2024 में यह एग्जाम हाईब्रिड मोड में हुआ था। पिछले वर्ष 15 मई से एग्जाम शुरू हुआ था और करीब 25 दिन पहले 20 अप्रैल 2024 को डेटशीट जारी हो गई थी। इस बार 8 मई से 1 जून तक एग्जाम होना है और 28 अप्रैल तक भी डेटशीट नहीं आई है। सिटी स्लिप कैसे कर सकते हैं डाउनलोड?     सबसे पहले सीयूईटी की आधिकारिक वेबसाइट exam.nta.ac.in/CUET-UG पर जाएं.     फिर होमपेज पर CUET UG 2025 परीक्षा सिटी स्लिप लिंक का चयन करें.     उसके बाद नए पेज पर पहुंचने के बाद जरूरी डिटेल्स दर्ज करें और सबमिट बटन दबाएं.     अब स्क्रीन पर सीयूईटी यूजी परीक्षा की सिटी स्लिप दिखाई देगी.     आगे की जरूरत के लिए उसकी एक कॉपी सेव करके रख लें और उसे प्रिंट भी करा लें. CUET UG 2025 Exam Pattern: परीक्षा पैटर्न क्या है? सीयूईटी यूजी परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू सहित 13 भारतीय भाषाओं में कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी. उम्मीदवारों को प्रत्येक पेपर पूरा करने के लिए 60 मिनट का समय मिलेगा. विशेष जरूरत वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए, PwBD (बेंचमार्क विकलांग व्यक्ति) उम्मीदवारों को परीक्षा के प्रत्येक घंटे के लिए अतिरिक्त 20 मिनट का समय दिया जाएगा. इस परीक्षा के लिए प्रत्येक टेस्ट पेपर में 50 ऑब्जेक्टिव टाइप के बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) होंगे और सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे. प्रत्येक सही उत्तर के लिए उम्मीदवारों को पांच अंक दिए जाएंगे. हालांकि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग भी होती है, जिसमें प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक अंक काटा जाता है.

यूपीएससी सीएमएस एग्जाम , भारतीय आर्थिक और सांख्यिकी सेवा परीक्षा का कार्यक्रम भी हुआ जारी

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आगामी 2025 की भारतीय आर्थिक सेवा (IES), भारतीय सांख्यिकी सेवा (ISS) और संयुक्त चिकित्सा सेवा (CMS) परीक्षा के लिए समय सारणी की घोषणा कर दी है। उम्मीदवार अब UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर इन परीक्षाओं का शेड्यूल और विषयवार समय देख सकते हैं। यूपीएससी आईईएस और आईएसएस परीक्षा में विभिन्न विषयों के लिए अलग-अलग समय स्लॉट निर्धारित किए गए हैं। वहीं, यूपीएससी सीएमएस परीक्षा के लिए पेपर I और पेपर II में सामान्य चिकित्सा, बाल रोग, सर्जरी, स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान और निवारक चिकित्सा जैसे विषय होंगे। तीन दिन चलेगी आईईएस और आईएसएस परीक्षा यूपीएससी आईईएस और आईएसएस परीक्षा 20, 21 और 22 जून 2025 को आयोजित की जाएगी, जबकि यूपीएससी सीएमएस परीक्षा 20 जुलाई 2025 को होगी। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विस्तृत शेड्यूल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। UPSC IES और ISS 2025 परीक्षा का विषयवार शेड्यूल तारीख समय विषय 20 जून 2025 9:00 AM – 12:00 PM सामान्य अंग्रेजी   2:30 PM – 5:30 PM सामान्य अध्ययन 21 जून 2025 9:00 AM – 12:00 PM सामान्य अर्थशास्त्र – I   9:00 AM – 11:00 AM सांख्यिकी – I   2:30 PM – 5:30 PM सामान्य अर्थशास्त्र – II   2:30 PM – 4:30 PM सांख्यिकी – II 22 जून 2025 9:00 AM – 12:00 PM सामान्य अर्थशास्त्र – III   9:00 AM – 12:00 PM सांख्यिकी – III   2:30 PM – 5:30 PM भारतीय अर्थशास्त्र   2:30 PM – 5:30 PM सांख्यिकी – IV   UPSC CMS 2025 परीक्षा का शेड्यूल तारीख दिन समय पेपर विषय 20 जुलाई 2025 रविवार 9:30 AM – 11:30 AM पेपर I (कोड नंबर 1) सामान्य चिकित्सा और बाल रोग     2:00 PM – 4:00 PM पेपर II (कोड नंबर 2) (a) सर्जरी(b) स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान(c) निवारक एवं सामाजिक चिकित्सा  

MPPSC exam में हुआ बड़ा बदलाव, आयोग ने जारी की विज्ञप्ति

इंदौर एमपीपीएससी की एक अहम परीक्षा में बड़ा बदलाव हुआ है। लोकसेवा आयोग ने विज्ञप्ति जारी कर परीक्षा निरस्त करने की जानकारी दी है। एमपीपीएससी की खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती की परीक्षा निरस्त की गई है। बताया जा रहा है कि परीक्षा के लिए शैक्षणिक योग्यता में किए गए बदलाव के लिए आयोग ने यह फैसला लिया है। MPPSC द्वारा निरस्त की गई परीक्षा की फीस भी वापस की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी चयन परीक्षा 2024 को निरस्त कर दिया गया है। इस संबंध में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर द्वारा एक विज्ञप्ति जारी की गई है। आयोग द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए जिन उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था उनकी फीस लौटा दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता में बदलाव के कारण लिया फैसला मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा इस संबंध में जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी पद की शैक्षणिक योग्यता में भारत सरकार द्वारा संशोधन किया गया है। केंद्र सरकार की इस संबंध में 28 मार्च 2025 को अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना के आधार पर एमपीपीएससी द्वारा ली जानेवाली खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा निरस्त की गई है। मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग हेतु खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer) के पदों की पूर्ति के लिए आयोग की वेबसाइट पर विज्ञापन क्रमांक 57/2024, दिनांक 31.12.2024 को प्रकाशित किया गया था। कार्यालय आयुक्त, खाद्य लागू सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पत्र क्रमांक एक/स्था. 1/41-8/2022/2602, दिनांक 25.04.2025 में उल्लेख किया गया है कि उक्त पद की शैक्षणिक अर्हता में भारत सरकार द्वारा अधिसूचना, दिनांक 28.03.2025 के माध्यम से संशोधन किए जाने के कारण उक्त विज्ञापन निरस्त करने का अनुरोध किया गया है। अतः विभाग के अनुरोध पर उक्त विज्ञापन निरस्त किया जाता है। उपरोक्त विज्ञापन अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर चुके अभ्यर्थियों को उनके द्वारा भुगतान किए गए शुल्क की वापसी संबंधित कार्यवाही ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। इसके लिए आवेदक आयोग की वेबसाइट पर दिनांक 15.05.2025 से दिनांक 30.05.2025 तक उपलब्ध लिंक पर शुल्क वापसी के लिए आवेदन कर सकेंगे।

NEET (UG) पेपर: लीक रोकने के लिए NTA ने बनाया फुल प्रूफ प्लान!

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से 4 मई को होने वाला मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट- NEET (UG) में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए इस बार राज्यों के साथ मिलकर प्लान बनाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों के डीएम और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ कई स्तर की बैठकें की हैं। इस बार क्वेश्चन पेपर और OMR शीट सेंटरों तक पहुंचाने में पुलिस की भी मदद ली जाएगी। इसके अलावा कोचिंग सेंटरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी कड़ी निगरानी करने को कहा गया है। 2024 के एग्जाम में नीट का पेपर लीक होने की शिकायतें सामने आने के बाद एनटीए की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आई थी। अब सभी राज्यों में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्लान पर काम किया जा रहा है। इस बार देश भर में नीट एग्जाम के लिए जो 5500 सेंटर बनाए गए हैं, उन सभी का निरीक्षण तो किया ही जा रहा है, साथ ही एग्जाम वाले दिन वहां पर एनटीए अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस बंदोबस्त भी रहेगा। जिला स्तर पर बनाई गई कमिटी अपने-अपने दायरे में आने वाले हर सेंटर को देखेगी, पुलिस भी सेंटरों पर नजर रखेगी। सेंटरों पर परीक्षा से जुड़ी गोपनीय दस्तावेज पहुंचाने में भी पुलिस की मदद ली जाएगी। डीएम और एसपी करेंगे सेंटर पर विजिट: अगर पुलिस, जिला स्तरीय कमिटी को कोई भी संदेह होता है तो फिर उस जगह का औचक निरीक्षण किया जाएगा। एग्जाम सेंटरों पर ड्यूटी मैजिस्ट्रेट भी निरीक्षण के लिए जाएंगे। सेंटरों पर तैयारियों की समीक्षा के लिए डीएम और एसपी विजिट करेंगे। एनटीए के सूत्रों का कहना है कि 2024 में जो भी शिकायतें सामने आई थीं, उनका आकलन करने के बाद यह प्लान बनाया गया है। इस बार ज्यादातर सेंटर सरकारी स्कूलों और संस्थानों में बनाए गए हैं। संदिग्ध दावों की रिपोर्टिंग के लिए एनटीए ने खास ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया है।

जेनेटिक इंजीनियरिंग में करियर

        जेनेटिक इंजीनियरिंग विज्ञान का एक अत्याधुनिक ब्रांच है। जिसमें सजीव प्राणियों के डीएनए कोड में मौजूद जेनेटिक को अत्याधुनिक तकनीक केजरिए परिवर्तित किया जाता है। यह क्षेत्र बायोटेक्नोलॉजी के अंतर्गत ही आता है। जेनेटिक इंजीनियरिंग का कमाल कुछ वर्ष पहले ही दुनिया देख चुकी है, जब इयान विल्मुट और उनके सहयोगी रोसलिन ने जेनेटिक तरीके से भेड़ का बच्चा तैयार किया, जिसे डोली दिया था। यह हुबहु भेड़ का जेनेटिक कॉपी था। इन दिनों जेनेटिक इंजीनियर की डिमांड इंडिया के साथ-साथ विदेश में तेजी से बढ़ रहा है। क्या है जेनेटिक इंजीनियरिंग जेनेटिक तकनीक के जरिए जींस की सहायता से पेड़-पौधे, जानवर और इंसानों में अच्छे गुणों को विकसित किया जाता है। जेनेटिक तकनीक के द्वारा ही रोग प्रतिरोधक फसलें और सूखे में पैदा हो सकने वाली फसलों का उत्पादन किया जाता है। इसके जरिए पेड़-पौधे और जनवरों में ऐसे गुण विकसित किए जाते हैं, जिसकी मदद से इनके अंदर बीमारियों से लडने की प्रतिरोधिक क्षमता विकसित की जाती है। इस तरह के पेड़-पौधे जीएम यानी जेनेटिकली मोडिफाइड फूड के रूप में जाने-जाते हैं। बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जेनेटिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल बृहत पैमाने पर होता है, क्योंकि यह इंडस्ट्री फॉमास्युटिकल प्रोडक्ट जैसे कि इंश्युलीन और दूसरे दवाइयों के लिए एक हद तक जेनेटिक पर ही निर्भर रहती है। योग्यता और कोर्स योग्य जेनेटिक इंजीनियर उसे ही माना जा सकता है, जिनके पास जेनेटिक और इससे संबंधित फील्ड में ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो, जैसे कि बायोटेक्नोलॉजी, मोलिक्युलर बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री। इस कोर्स में एंट्री के लिए 12वीं बायोलॉजी, केमिस्ट्री और मैथ से पास होना जरूरी है। इस समय अधिकतर यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट में जेनेटिक इंजीनियरिंग के लिए अलग से कोर्स ऑफर नहीं किया जाता है, लेकिन इसकी पढ़ाई बायोटेक्नोजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री में सहायक विषय के रूप में होती है। बायोटेक्नोलॉजी के अडंर ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट में जेनेटिक इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। गेेजुटए कोर्स, बीईध्बीटेक में एंट्री प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। एमएससी इन जेनेटिक इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी हर साल 120 सीटों के लिए संयुक्त परीक्षा का आयोजन करती है। तकरीबन 20 हजार छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। उगा अंको के आधार पर 20 छात्र को जेएनयू परिसर, नई दिल्ली में एडमिशन दे दिया जाता है। जेनेटिक डिग्री कोर्स के लिए भी यहां कुछ सीटें निश्चित हैं। इसके लिए भी एंटे्रस टेस्ट में बैठना जरूरी है। रोजगार के अवसर जान-मानी करियर एक्सपर्ट परवीन मलहोत्रा कहती हैं कि जेनेटिक इंजीनियर के लिए भारत के साथ-साथ विदेश में भी जॉब के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इनके लिए मुख्यत रोजगार के अवसर मेडिकल व फार्मास्युटिकल कंपनी, एग्रीकल्चर सेक्टर, प्राइवेट और सरकारी रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर में होते हैं। टीचिंग को भी करियर ऑप्शन के रूप में आजमा जा सकता है। इसके अलावा, इनके लिए रोजगार के कई और भी रास्ते हैं। बायोटेक लेबोरेटरी में रिसर्च, एनर्जी और एंवायरनमेंट से संबंधित इंडस्ट्री, एनिमल हसबैंड्री, डेयरी फार्मिंग, मेडिसन आदि में भी रोजगार के खूब मौके हैं। कुछ ऐसे संस्थान भी हैं, जो जेनेटिक इंजीनियर को हायर करती है, जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी, नई दिल्ली, सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंट ऐंड डाइग्नोस्टिक, हैदराबाद, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग रिसर्च ऐंड प्रोसेस डेवलॅपमेंट सेंटर, चंडीगढ़, द इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक ऐंड इंटेग्रेटिव बायोलॉजी, दिल्ली आदि। सैलॅरी पैकेज जेनेटिक इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स को शुरुआती दौर में आठ से 12 हजार रुपये प्रति माह सैलॅरी मिलने लगती है। यदि आपके पास डॉक्ट्रोरल डिग्री है, तो सैलॅरी 15-25 हजार रुपये शुरुआती महीनों में हो सकती है। इंस्टीट्यूट वॉच… -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास, खडगपुर -आईआईटी गुवाहाटी -आईआईटी, दिल्ली -दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद -पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना -राजेंद्र एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, समस्तीपुर, बिहार -जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी, वाराणसी -ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली    

युवाओं को लुभा रहा है ब्रांड मैनेजमेंट

किसी खास उत्पाद, उत्पाद लाइन या ब्रांड में मार्केटिंग तकनीकों के अनुप्रयोग को ब्रांड मैनेजमेंट कहते हैं। इसका उपयोग उत्पाद की उपभोक्ताओं में प्रचलित वेल्यू को बढ़ाने के लिए किया जाता है, जिससे ब्रांड फ्रेंचाइज के साथ-साथ ब्रांड इक्विटी भी बढ़ती है। सामान्यतः बाजारों में मार्केट्स द्वारा किसी भी ब्रांड को एक ऐसे आश्वासन के रूप में माना जाता है, जिसकी गुणवत्ता के स्तर की ग्राहकों को अपेक्षा होती है। इसी गुण के आधार पर ब्रांड वेल्यू तय होती है, जो भविष्य की खरीदी में निर्णायक भूमिका निभाती है। इसके द्वारा प्रतिस्पर्धी उत्पादों से अपने उत्पाद की तुलना कर विक्रय बढ़ाया जाता है। जैसे कि मेरी शर्ट से इसकी शर्ट सफेद क्यों? ब्रांड वेल्यू के आधार पर ही निर्माता अपने उत्पाद की अधिक कीमत वसूल करता है। ब्रांड की वेल्यू का निर्धारण निर्माता के लिए निर्मित लाभ की राशि के आधार पर किया जाता है। इसे विक्रय में वृद्धि तथा कीमत में वृद्धि कर हासिल किया जा सकता है अथवा बेचे जाने वाले उत्पाद की लागत घटाकर भी प्राप्त किया जा सकता है। अधिक प्रभावी मार्केटिंग निवेश से भी यह प्राप्त होता है। इन सभी कयासों से किसी ब्रांड की लाभप्रदता बढ़ाई जा सकती है और इस तरह ब्रांड मैनेजर किसी भी ब्रांड की लाभ-हानि के जिम्मेदार होते हैं। इस संदर्भ में ब्रांड मैनेजमेंट की रणनीतियुक्त भूमिका मार्केटिंग से अधिक व्यापक होती है। ब्रांडनेम की विशेषताएं… -किसी भी ब्रांडनेम में निम्नलिखित विशेषताएं होना चाहिए -उसे ट्रेडमार्क कानून के तहत संरक्षित किया जाना चाहिए या वह कम से कम ऐसा होना चाहिए कि जिसे संरक्षित रखा जा सके। -ब्रांडनेम उच्चारण करने में आसान होना चाहिए। -ब्रांडनेम आसानी से याद रखने लायक होना चाहिए। -ब्रांडनेम आसानी से पहचाना जा सकने जैसा होना चाहिए। -ब्रांडनेम बाजारों में जहां ब्रांड का उपयोग किया जाएगा, वह सभी भाषाओं में अनुवादित करने लायक होना चाहिए। – ब्रांडनेम से कंपनी या उत्पाद का अनुमान लग जाना चाहिए। -ब्रांडनेम आकर्षक होना चाहिए। ब्रांडों की किस्में:- बाजार में कई किस्मों के ब्रांड उपलब्ध हैं। आमतौर पर प्रीमियम ब्रांड की कीमत उसी श्रेणी के अन्य ब्रांडों से ज्यादा होती है, जबकि इकॉनॉमी ब्रांड बाजार के आम ग्राहकों को लक्षित होता है। फाइटिंग ब्रांड को विशेष रूप से प्रतिस्पर्धात्मक खतरों का सामना करने के लिए बनाया जाता है। जब किसी कंपनी का नाम उत्पाद के ब्रांड नाम के रूप में उपयोग में लाया जाता है, उसे फैमेली ब्रांडिंग कहा जाता है। जब कंपनी के सभी उत्पादों को अलग-अलग ब्रांडनेम दिए जाते हैं, उसे इनडिविजुअल अथवा वैयक्तिक ब्रांड कहकर पुकारा जाता है। जब कोई कंपनी नए ब्रांड को प्रस्तुत करने के लिए मौजूदा ब्रांड के साथ ब्रांड इक्विटी का उपयोग करती है, उसे ब्रांड लिवेरेजिंग कहा जाता है। जब कोई बड़ा रिटेलर किसी निर्माता से थोक मात्रा में कोई उत्पाद खरीदकर उन पर अपना ब्रांडनेम डाल देता है, उसे प्राइवेट ब्रांडिंग, स्टोर ब्रांड, व्हाइट लेबलिंग, प्राइवेट लेबल या ओन ब्रांड (यूके) कहा जाता है। प्राइवेट ब्रांडों को निर्माता के ब्रांडों से अलग किया जा सकता है। जब दो या अधिक ब्रांड अपने उत्पाद को मार्केट करने के लिए एकसाथ काम करते हैं, इसे को-ब्रांडिंग कहा जाता है। कोई भी एम्प्लायमेंट ब्रांड तब निर्मित होता है, जब कोई कंपनी संभावित प्रत्याशियों के साथ जागरूकता निर्मित करना चाहती है। कई मामलों में यह ब्रांड उनके ग्राहकों के लिए एक अटूट विस्तार बन जाता है। क्या होता है ब्रांड आर्किटेक्चर:- किसी कंपनी के स्वामित्व वाले अलग-अलग किस्म के ब्रांड ब्रांड आर्किटेक्चर के माध्यम से एक-दूसरे से संबंधित होते हैं। प्रॉडक्ट ब्रांड आर्किटेक्चर में कंपनी कई अलग-अलग उत्पादों को सहायता प्रदान करती है, जिसमें प्रत्येक उत्पाद का अपना एक अलग नाम तथा उसे अभिव्यक्त करने की शैली जुदा होती है, लेकिन ग्राहकों को कंपनी कहीं भी दिखाई नहीं देती है। कई लोगों का मानना है कि प्रॉक्टर एंड गैम्बल उत्पाद ब्रांडिंग का निर्माण करती है, जबकि टाइड, पैम्पर्स, आइवोरी तथा पेंटिन जैसे कई कंजूमर ब्रांडों का आपस में कोई संबंध नहीं है। कंपनी कुछ ब्रांडों के साथ अपना नाम इसलिए भी जोड़ देती है, ताकि उन्हें मदर ब्रांड का फायदा मिल सके और कंपनी का मार्केटिंग खर्च बच सके। तीसरे मॉडल में सारे उत्पादों के साथ ब्रांड नेम का ही उपयोग किया जाता है और सारे विज्ञापन एक स्वर में इसके गुणगान करते हैं। ब्रांड आर्किटेक्चर का एक अच्छा उदाहरण है यूके स्थित सम्पिण्डित वर्जिन। वर्जिन द्वारा अपने सारे उत्पादों के साथ वर्जिन का उपयोग किया जाता है जैसे कि वर्जिन मेगास्टोर, वर्जिन एटलांटिक, वर्जिन ब्राइडस आदि। इन सारे उत्पादों के साथ एक ही स्टाइल में वर्जिन को प्रदर्शित किया जाता है, ताकि दूर से भी देखने वाला इसे पहचान सके। ब्रांड तकनीक:- कभी-कभी कंपनियां उनके द्वारा मार्केट करने वाले ब्रांडों की संख्या घटाना चाहती है। इस प्रक्रिया को ब्रांड राशनेलाइजेशन कहा जाता है। कुछ कंपनियों की प्रवृत्ति ब्रांड के अंदर ही ज्यादा ब्रांड तथा उत्पाद अंतर निर्मित करने की होती है। कभी-कभी वह लक्षित प्रत्येक बाजारों के लिए कतिपय विशिष्ट सेवा अथवा उत्पाद ब्रांड का निर्माण करेंगी। प्रॉडक्ट ब्रांडिंग के मामले में इसका उद्देश्य खुदरा विक्रेताओं को लाभान्वित करना है। चुनौतियां ब्रांड मैनेजरों की:– ब्रांड मैनेजरों के सामने ये चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं कि ब्रांड के संदेश को ताजा तथा प्रासंगिक बनाए रखते हुए एकसंगत ब्रांड का निर्माण करें। पुराने ब्रांड की पहचान परिष्कृत बाजारों के साथ जोड़ने से गड़बड़ी हो सकती है। इसके लिए उसे दोबारा विजन स्टेटमेंट तथा मिशन स्टेटमेंट आरंभ करने की आवश्यकता होगी। इससे जनसांख्यिकीय विकास से उनके लक्षित बाजार में ब्रांड पहचान गुम हो सकती है। इसके लिए ब्रांड को दोबारा स्था पित करने की आवश्येकता होती है। इस प्रक्रिया को रिब्रांडिंग कहा जाता है। क्याय करता है ब्रांड मैनेजर:- ब्रांड मैनेजर का सबसे पहला काम अपने उत्पारद को इस तरह से निर्मित करना है कि वह उपभोक्ताहओं के बीच आसानी से लोकप्रिय हो जाए तथा उत्पातद की पहचान बन जाए। कभी-कभार ब्रांड मैनेजर अपना कार्य सीमित कर वित्तीय और बाजार के निष्पाएदन लक्ष्यों  पर ज्यानदा ध्याबन देते हैं। अधिकांश ब्रांड मैनेजर अल्प कालीन लक्ष्यर निर्धारित करते हैं, क्योंिकि उपनका कंपनसेशन पैकेज अल्प कालीन व्यपवहार के लिए ही उपयुक्त होता है। अल्पलकालीन लक्ष्यों  को दीर्घकालीन लक्ष्यों  की दिशा में मील के पत्थवर के रूप में देखा जाता … Read more

प्रयागराज की बिटिया शक्ति दूबे बनीं UPSC टॉपर, IAS बनकर करेंगी देश की सेवा

 नईदिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आज, 22 अप्रैल को बहुप्रतीक्षित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2024 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं. जो उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब अपना परिणाम UPSC की आधिकारिक वेबसाइट [upsc.gov.in] पर देख सकते हैं. इस बार सीएसई परीक्षा में पहला स्थान प्रयागराज की रहने वाली शक्ति दुबे ने हासिल किया है. वहीं, दूसरे स्थान पर हर्षिता गोयल रही हैं. तीसरे स्थान पर Donre Archit Parag, चौथे स्थान पर Shah Margi Chirag रहे हैं. पांचवें स्थान पर आकाश गर्ग, छठे स्थान पर कोमल पूनिया, सातवां स्थान आयूषी बंसल का है. आप नीचे देख सकते हैं कि इस बार कौन-कौन टॉपर्स रहे हैं… UPSC ने यह फाइनल रिजल्ट पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया है, जिसमें उन उम्मीदवारों के नाम और रोल नंबर शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित सेवाओं में नियुक्ति के लिए चुना गया है. यह सूची आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है. कुल 1009 कैंडिडेट्स ने पास किया UPSC संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2024 में कुल 1,009 उम्मीदवारों को नियुक्ति के लिए चुना गया है. इन उम्मीदवारों की नियुक्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं (ग्रुप A और B) के पदों पर की जाएगी. चयनित उम्मीदवारों में विभिन्न वर्गों के अभ्यर्थी शामिल हैं, जिनमें 335 सामान्य वर्ग, 109 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), 318 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), 160 अनुसूचित जाति (SC) और 87 अनुसूचित जनजाति (ST) से हैं. दिव्यांग श्रेणी से 45 उम्मीदवारों का चयन इस बार दिव्यांग श्रेणी (PwBD) के तहत भी कुल 45 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिनमें 12 PwBD-1 (दृष्टिबाधित), 8 PwBD-2 (श्रवण बाधित), 16 PwBD-3 (चलने-फिरने में असमर्थता) और 9 PwBD-5 (अन्य दिव्यांगता) के अंतर्गत आते हैं. UPSC की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में भाग लेते हैं, लेकिन चयन कुछ हजारों का ही होता है.   यह परीक्षा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय राजस्व सेवा (IRS) और अन्य ग्रुप A और B सेवाओं में चयन के लिए आयोजित की जाती है.    प्रयागराज की बिटिया शक्ति दुबे की UPSC टॉपर बनने की कहानी प्रयागराज की रहने वालीं शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया टॉप किया है। दूसरे नंबर पर हर्षिता गोयल हैं। तीसरा स्‍थान डोंगरे अर्चित पराग का है। यूपीएससी की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में हर साल देश भर से लाखों अभ्‍यर्थी हिस्‍सा लेते हैं। मुख्‍य परीक्षा में सफल होने वाले लगभग 2845 उम्‍मीदवारों को इंटरव्‍यू के लिए बुलाया गया था। शक्ति दुबे ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से बायोकैमेस्‍ट्री में एमएससी की है। 2018 में पोस्‍ट ग्रेजुएट होने के बाद शक्ति दुबे ने सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। सात सालों की ‘तपस्‍या’ के बाद उन्‍होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली है। उनकी सफलता पर घरवालों की खुशी का ठिकाना नहीं है। शक्ति दुबे ने अपनी सफलता का श्रेय घरवालों को दिया है। शक्ति दुबे ने वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के साथ परीक्षा पास की है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में बीएससी किया है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में इस तरह करें आवेदन, रहना- खाना सब मिलेगा फ्री

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी वर्ल्ड की नंबर वन यूनिवर्सिटी में शुमार है। इस विश्वविद्यालय से पढ़ने या रिसर्च करने का सपना दुनिया भर के छात्र-छात्राएं देखते हैं। ऐसे में अगर, आपने भी यह ड्रीम देखा है, तो आपके लिए सुनहरा मौका है। यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट फाॅर कंटिन्यूइंग डिपार्टमेंट ने 2025-26 और 2026-27 शैक्षणिक वर्षों के लिए अपनी प्रतिष्ठित विजिटिंग फ़ेलोशिप स्कीम के लिए आवेदन फॉर्म मांगे गए हैं। इस स्कीम के तहत, स्कॉलर और प्रोफेशल्स को ऑक्सफ़ोर्ड की एकेडमिक कल्चर से जुड़ने, वहां के प्रोफेसरों से सीखने और उनके साथ मिलकर काम करने और सीखने का शानदार मौका देती है। कौन कर सकता है अप्लाई इस फैलोशिप प्रोग्राम के लिए ऐसे कैंडिडेट्स अप्लाई कर सकते हैं, जो ऑक्सफ़ोर्ड के intellectual माहौल से सीखना चाहते हैं और उसमें अपना योगदान देना चाहते हैं। साथ ही सेलेक्ट किए गए उम्मीदवार न केवल अपने नए आइडियाज और अनुभव शेयर करेंगे, बल्कि अपने संस्थान और ऑक्सफ़ोर्ड के बीच बेहतर सहयोग बनाने में भी मदद करेंगे। इस फेलोशिप के लिए मांगी गई निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अन्य नियम व शर्तों के लिए वेबसाइट पर मौजूद नोटिफिकेशन की जांच कर सकते हैं। किस तारीख तक कर सकते हैं अप्लाई इस फेलोशिप के लिए जो अभ्यर्थी आवेदन करना चाहते हैं, वे अपने दस्तावेज़ों के साथ अपना आवेदन फॉर्म HR@conted.ox.ac.uk पर ईमेल कर सकते हैं। ईमेल का विषय– “OUDCE विजिटिंग फेलोशिप के लिए आवेदन होना चाहिए। कैंडिडेट्स इस बात का ध्यान रखें कि 2025-26 शैक्षणिक वर्ष के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 6 अप्रैल 2025 होगी। निर्धारित तिथि बीतने के बाद, कोई भी आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। फ्री में रहने की मिलेगी सुविधा यूनिवर्सिटी की ओर से विजिटिंग फेलो को निःशुल्क आवास और नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, विश्वविद्यालय कुछ मामलों में ऑक्सफोर्ड से आने-जाने के लिए लगने वाले ट्रैवल कॉस्ट भी दे सकता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि अपना आवेदन जमा करते समय इस संबंध में बारे में पूछताछ करें। हालांकि, चयनित फेलो को इस पद के लिए कोई वजीफा नहीं मिलेगा। इस संबंध में ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

फाइन आर्ट्स में हुनर दिखाकर यूं कमा सकते हैं नाम और पैसा

नदी, झरने हों या फिर पहाड़, जंगल आदि के प्राकृतिक खूबसूरत दृश्य, एक कलाकार अपनी कूची से इन्हें जीवंत बना देता है। अक्सर इन कलाकृतियों को देखकर हर किसी का चेहरा खिल जाता है। लोग चकित होकर इन्हें करीब से निहारते हैं और कलाकारों को उनकी हुनरमंदी की दाद देते हैं। दरअसल, यह सब फाइन आर्ट्स का कमाल है। फाइन आर्ट्स की विभिन्न विधाओं, जैसे ड्रॉइंग, पेंटिंग, डिजाइनिंग, स्कल्पटिंग, इंस्टॉलेशन, एनिमेशन, गेमिंग आदि में लोग अपना हुनर दिखाकर दौलत और शोहरत दोनों कमा रहे हैं। फाइन आर्ट्स सेक्टर में अपनी पहचान बनाने की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कहां है मांग? फाइन आर्ट्स ग्रेजुएट की देश में आजकल सबसे ज्यादा मांग सॉफ्टवेयर कंपनीज, डिजाइन फर्म्स, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, एडवरटाइजिंग कंपनीज, डिजिटल मीडिया, पब्लिशिंग हाउसेज और आर्ट स्टूडियो में है। अगर हम फील्ड की बात करें, तो फाइन आर्ट्स का कोर्स करने के बाद आप ऐड डिपार्टमेंट, अखबार या पत्रिका में इलस्ट्रेटर, कार्टूनिस्ट, एनिमेटर आदि के तौर पर अपना करियर बना सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टेलीविजन, फिल्मध् थिएटर प्रोडक्शन, प्रोडक्ट डिजाइन, एनिमेशन स्टूडियो, टेक्सटाइल डिजाइनिंग आदि में भी ऐसे लोगों के लिए तमाम अवसर हैं। आप विजुअल आर्टिस्ट, एनिमेटर या ग्राफिक डिजाइनर जैसे पदों पर भी अपनी सेवाएं दे सकते हैं। शिक्षण संस्थानों में आपके सामने आर्ट टीचर बनने का अवसर है। आप चाहें, तो फ्रीलांस भी कर सकते हैं। ऐसे प्रोफेशनल कला समीक्षक, आर्ट स्पेशलिस्ट, आर्ट डीलर, आर्ट थैरेपिस्ट, पेंटर आदि के रूप में फुल-टाइम और पार्ट-टाइम सेवाएं दे सकते हैं। अगर आप अपनी क्रिएटिविटी डिजाइनिंग में दिखाना चाहते हैं, तो प्रोडक्ट डिजाइनिंग, ऑटोमोबाइल डिजाइनिंग या फिर इसी तरह के अन्य क्षेत्रों में हुनर दिखाकर नाम और पैसा कमा सकते हैं। जॉब प्रोफाइल फाइन आर्ट्स कोर्स और स्पेशलाइजेशन के बाद ऐसे प्रोफेशनल विभिन्न कंपनियों में इलस्ट्रेटर, एनिमेटर, ग्राफिक डिजाइनर, विजुअल डिजाइनर, डिजिटल डिजाइनर, क्रिएटिव मार्केटिंग प्रोफेशनल, फ्लैश प्रोग्रामर, 2डीध् 3डी आर्टिस्ट, वेब डेवलपर, क्राफ्ट आर्टिस्ट, लेक्चरार, आर्ट टीचर, कार्टूनिस्ट, आर्ट म्यूजियम टेक्निशियन, आर्ट कंजर्वेटर, आर्ट डायरेक्टर, क्रिएटिव डायरेक्टर, एडवरटाइजिंग एग्जीक्यूटिवध् सुपरवाइजरध् हैड, प्रोजेक्ट ऑफिसर आदि जैसे पदों पर काम कर सकते हैं। पर्सनल स्किल फाइन आर्ट्स की पढ़ाई किसी दूसरे विषय से पूरी तरह अलग है। इस तरह का कोर्स करने के लिए आपमें क्रिएटिव टैलेंट और स्किल होनी जरूरी है। इसलिए इस फील्ड में कलात्मक और सृजनात्मक प्रतिभा रखने वाले युवाओं को ही आना चाहिए क्योंकि फाइन आर्ट्स का फोकस एरिया मुख्य रूप से अप्लाइड आर्ट, ग्राफिक डिजाइन, पेंटिंग और स्कल्पचरिंग के इर्द-गिर्द ही होता है। यदि पेंटिंग के बजाए मॉडर्न डिजाइनिंग में नाम करना चाहते हैं, तो आपको बदलते वक्त के अनुसार प्रोडक्ट की डिजाइन को विजुअलाइज करना होगा। कोर्स व क्वॉलिफिकेशन देश के अधकितर विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में फाइन आर्ट्स में अंडरग्रेजुएट और पीजी कोर्स संचालित हो रहे हैं। ऐसे में अगर आप आर्टिस्ट, आर्ट टीचर या लेक्चरार बनना चाहते हैं, तो 12वीं के बाद बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (बीएफए) कोर्स कर सकते हैं। किसी भी स्ट्रीम के युवा इस तरह के कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। अगर आप चाहें, तो इसी में आगे मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स भी कर सकते हैं। फाइन आर्ट्स में एमफिल और पीएचडी भी की जा सकती है। चूंकि फाइन आर्ट्स में विजुअल और परफॉर्मिंग दोनों आयाम शामिल हैं, इसलिए इस तरह के पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को पेंटिंग, स्कल्पटिंग, अप्लाइड आर्ट्स, ग्राफिक डिजाइन, इंटीरियर डिजाइन, ड्रामा, म्यूजिक, पॉटरी जैसे कई विषयों की जानकारी दी जाती है। फाइन आर्ट्स के प्रति युवाओं का आकर्षण बीते कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है। देश और समाज में ऐसे हुनरमंद आर्टिस्ट्स की स्वीकार्यता भी बढ़ी है। यही कारण है कि आजकल तमाम सरकारी और निजी संस्थान अलग-अलग तरह के कई कोर्स ऑफर कर रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं: -दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली -कॉलेज ऑफ आर्ट, दिल्ली -जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ -टीजीसी एनिमेशन एंड मल्टीमीडिया, दिल्ली -सर जेजे इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड आर्ट्स, मुंबई -इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, मोदीनगर (उप्र)  

रेलवे में युवाओं के लिए निकाली है बंपर भर्तियां, 10वीं पास भी कर सकते है अप्लाई, आकर्षक सैलरी, जानें पूरी डिटेल्स

नई दिल्ली  रेलवे में नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अपरेंटिस के 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती निकाली है. आवेदन की प्रक्रिया 5 अप्रैल से जारी है, इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या अपरेंटिस इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट apprenticeshipindia.gov.in पर जाकर 4 मई तक आवेदन कर सकते हैं। रेलवे ने सहायक लोको पायलट (एएलपी) के 9970 पदों पर भी भर्ती निकाली है। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट indianrailways.gov.in पर जाकर 9 मई 2025 तक अप्लाई कर सकते हैं। चयन लिखित परीक्षा, साइक्लॉजिकल टेस्ट और दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। आरआरबी एएलपी आवेदन शुल्क 2025 श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है। कुल पद : 1007 पदों का विवरण     नागपुर डिवीजन के लिए कुल 919 पद     मोतीबाग वर्कशॉप के लिए 88 पद आयु सीमा :निर्धारित आयु सीमा कम से कम 15 साल और अधिकतम 24 वर्ष है। नियमों के तहत आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। योग्यता: उम्मीदवारों का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 50% अंकों के साथ दसवीं पास होना अनिवार्य है। इसके अलावा उनके पास संबंधित क्षेत्र में आईटीआई सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। किसी प्रकार के जॉब एक्सपीरियंस की जरूरत नहीं पड़ेगी। चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन 10वीं और आईटीआई में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। टाई होने पर अधिक आयु वाले उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी। अंत में मेडिकल फिटनेस और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके बाद ही फाइनल सिलेक्शन होगा। सैलरी: 2 वर्षीय आईटीआई कोर्स वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति के बाद 8050 रुपये और एक वर्षीय आईटीआई कोर्स वाले उम्मीदवारों को 7700 रुपये स्टाइपेन्ड दिया जाएगा। ट्रेनिंग की अवधि 1 साल होगी। कुल पद: 9970 पदों का विवरण     सेंट्रल रेलवे 376     ईस्ट सेंट्रल रेलवे 700     ईस्ट कोस्ट रेलवे 1461     ईस्टर्न रेलवे 768     नॉर्थ सेंट्रल रेलवे 508     नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे 100     नॉर्थइस्ट फ्रंटियर रेलवे 125     नॉर्थर्न रेलवे 521     नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे 679     साउथ सेंट्रल रेलवे 989     साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे 796     साउथर्न रेलवे 510     वेस्ट सेंट्रल रेलवे 759     वेस्टर्न रेलवे 885     मेट्रो रेलवे कोलकाता 225 आयु सीमा: उम्मीदवारों की आयु 18 से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए।रिजर्व कैटेगरी को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी योग्यता : 10वीं पास के साथ संबंधित विषय में आईटीआई डिप्लोमा अनिवार्य है। आवेदन शुल्क : सामान्य/ओबीसी उम्मीदवारों को 500 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि एससी/एसटी, पीडब्ल्यूबीडी, महिला और भूतपूर्व सैनिक उम्मीदवारों को 250 रुपये जमा करना होगा। भुगतान करने के लिए उम्मीदवार डेबिट/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। चयन प्रकिया :रिटन एग्जाम, साइकोलॉजिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी: लेवल 2 के अनुसार 19900 रुपए प्रतिमाह जरूरी डॉक्यूमेंट्स :     10वीं-12वीं की मार्कशीट     आईटीआई, डिप्लोमा या डिग्री     उम्मीदवार का फोटो और सिग्नेचर     जाति प्रमाण पत्र     उम्मीदवार का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी     आधार कार्ड

रेलवे से लेकर इसरो तक 10000+ पदों पर नौकरी पाने का सुनहरा मौका

आपके पास सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। देशभर के अलग-अगल विभागों में 10,435 पदों पर युवाओं के लिए सरकारी पदों पर नौकरी निकली है। कुछ की अंतिम तिथि बहुत नजदीक है, तो कुछ के लिए आवेदन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। इसलिए जल्द से जल्द अप्लाई करें। रेलवे असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती 2025 रेलवे भर्ती बोर्ड असिस्टेंट लोको पायलट (एएलपी) के पदों पर बंपर भर्ती निकालने जा रहा है। इस बार आरआरबी एएलपी के 9970 पदों पर भर्ती निकालने जा रहा है। एएलपी की नई भर्ती के आवेदन 10 अप्रैल 2025 से शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 9 मई 2025 तय की गई है। BSSC Recruitment 2025: बिहार फील्ड असिस्टेंट भर्ती 2025 बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने कृषि निदेशालय के कृषि प्रक्षेत्र के लिए फील्ड असिस्टेंट (क्षेत्र सहायक) के 201 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए योग्य युवा bssc.bihar.gov.in पर जाकर 25 अप्रैल से 23 मई 2025 तक आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन शुल्क 21 मई तक जमा किया जा सकता है। रिक्तियों में 35 फीसदी पद यानी 67 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। कोटिवार आरक्षण की बात करें तो 79 पद अनारक्षित हैं। 35 पद एससी, 02 एसटी, 37 एमबीसी, 21 बीसी, 07 पिछड़े वर्गों की महिलाएं, 20 ईबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। MPPSC Food Safety Officer Recruitment 2025: मध्य प्रदेश खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती 2025 मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी पदों पर उम्मीदवारों के आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए आवेदन करने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in पर जाना होगा। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 28 मार्च 2025 से शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2025 रात 12 बजे तक निर्धारित की गई है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 120 पदों पर फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति की जाएगी। CPCB Recruitment 2025: सीपीसीबी भर्ती 2025 सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने विभिन्न पदों पर उम्मीदवारों के आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट cpcb.nic.in पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 अप्रैल 2025 निर्धारित की गई है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 69 पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। ISRO Apprentice Recruitment 2025: इसरो अप्रेंटिस ट्रेनी भर्ती 2025 इसरो में नौकरी पाने का गोल्डन चांस आ गया है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने अप्रेंटिस ट्रेनी पदों पर नौकरी निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि कल 21 अप्रैल 2025 तय की गई है। आवेदन करने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को सबसे पहले अपना nats.education.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद अपना आवेदन फॉर्म ऑफलाइन माध्यम से अपने क्षेत्र के संबंधित इसरो सेंटर पर भेजना होगा। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 75 ग्रेजुएट, डिप्लोमा और ट्रेड अप्रेंटिस पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी।

12वीं के बाद यूपी की टॉप यूनिवर्सिटी में लीजिए एडमिशन

आप भी यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं रिजल्ट 2025 का इंतजार कर रहे हैं लेकिन क्या आप ने अपने लिए 12वीं के बाद कॉलेज चुन लिया है। अच्छी जॉब्स और बेहतरीन सैलरी के लिए 12वीं के बाद बेस्ट कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना बहुत जरूरी है, इसलिए आइए आपको NIRF रैंकिंग 2024 के अनुसार उत्तर प्रदेश के टॉप यूनिवर्सिटी के बारे में बताते हैं। जहां से आप अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर सकते हैं। अपने लिए सही फैसला कीजिए और बेस्ट यूनिवर्सिटी चुनिए। यूपी की टॉप 9 यूनिवर्सिटी की लिस्ट- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) को NIRF रैंकिंग 2024 में टॉप 5 स्थान प्राप्त हुआ है। इसे 66.05 स्कोर दिया गया है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) को इस लिस्ट में 8वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसे 65.57 स्कोर मिला है। इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर एमिटी यूनिवर्सिटी है। इसे NIRF रैंकिंग 2024 में 32वीं रैंक हासिल हुई है। इसे 56.14 स्कोर प्राप्त हुआ है। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी को NIRF रैंकिंग 2024 में 33वीं रैंक हासिल हुई है। इसे 56.03 स्कोर दिया गया है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ को इस लिस्ट में पांचवां स्थान मिला है । इसे NIRF रैंकिंग 2024 में 53वीं रैंक हासिल हुई है। इसे 51.10 स्कोर मिला है। शिव नादर यूनिवर्सिटी, गौतम बुद्ध नगर को NIRF रैंकिंग 2024 में 62वीं रैंक दी गई है। इसे 49.80 स्कोर दिया गया है। शारदा यूनिवर्सिटी, नोएडा को NIRF रैंकिंग 2024 में 46.88 स्कोर के साथ 86वीं रैंक दी गई है। मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी को NIRF रैंकिंग 2024 में 94वें रैंक दी गई है। इसे 46.33 स्कोर मिला है। लखनऊ यूनिवर्सिटी को NIRF रैंकिंग 2024 में 97 रैंक दी गई है। इसे 45.89 स्कोर दिया गया है। NIRF की रैंकिंग कुल 16 कैटेगरी में जारी की जाती है, जिसमें ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, मेडिकल, डेंटल, लॉ, आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, एग्रीकल्चर एंड अलायड सेक्टर, स्टेट पब्लिक इंस्टीट्यूशन, स्किल यूनिवर्सिटी और ओपन यूनिवर्सिटी और इन्नोवेशन शामिल हैं।

विवाह को नया रूप देते हैं वेडिंग प्लानर

भारतीय संस्कृबति में यह कहावत है कि जोड़ियां ऊपर ही बनती हैं। हो सकता है यह बात सच भी हो, लेकिन इन दिनों जोड़ियों को सजाने और बिना किसी झंझट और बेहतर ढंग से शादी कराने का काम वेडिंग प्लानर बखूबी कर रहे हैं। शादी समारोह जैसे प्रमुख आयोजन में शादी का हॉल बुक करने से लेकर बारात आने तक की तैयारी करना कोई आसान काम नहीं, यही कारण है कि इसके बहुत ही प्रोफेशनल वेडिंग प्लानर की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में शादी के तमाम कामों और रस्मों को पूरा करने के लिए वेडिंग प्लानर बेहतर मदद करते हैं। यही कारण है कि इवेंट मैनेजमेंट के अंतर्गत आने वाले वेडिंग प्लानर का स्कोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसलिए जो स्टूडेंट्स चैलेंजिंग कोर्स करना चाहते हैं, उनके लिए वेडिंग प्लानर का करियर एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। आज अच्छे वेडिंग प्लानर की डिमांड चारों ओर है। विवाह समारोह अब स्टेटस सिंबल बन गए हैं लिहाजा इनमें भव्यता और चमक-दमक बढ़ गई है। ये ज्यादा बेहतर ढंग से आयोजित होने लगे हैं। ऐसी स्थिति में विवाह समारोह में वेडिंग प्लानर की जरूरत व भूमिका समय के हिसाब से बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। प्लानर बनाते हैं हर रस्म को यादगार वर्तमान में लोगों के पास समय की भारी कमी है, लेकिन शादी जैसे आयोजनों में महत्वाकाक्षाएं कहीं ज्यादा होती हैं। आज हर कोई बिना तनाव के बेहतरीन व्यवस्था करना चाहता है और इसके लिए व्यावसायिक लोगों की सेवाएं लेना पसंद करता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि वेडिंग प्लानर न सिर्फ विवाह समारोह के आयोजन की पूरी योजना बनाता है बल्कि शादी की हर रस्म अदायगी को भी यादगार बनाता है जिसमें सगाई समारोह, महिला संगीत, बारात, स्वागत, वरमाला, प्रीतिभोज, बिदाई आदि रीति-रिवाजों के साथ अनेक छोटे-बड़े कार्यक्रमों की व्यवस्थाएं वेडिंग प्लानर को करना होती है। शादी-समारोह को हर तरह के बजट और मूड के मुताबिक मैनेज करने की पूरी जिम्मेदारी वेडिंग प्लानर पर ही होती है। सफल वेडिंग प्लानर बनने के गुर वेडिंग प्लानर राखी जैन कहती हैं कि अच्छे वेडिंग प्लानर को सभी समुदायों की वेडिंग प्लानिंग के बारे में जानकारी होना चाहिए। शादी में रस्मों में किस तरह की साम्रगी चाहिए, इसकी पूरी लिस्ट प्लानर के टिप्स पर होना चाहिए। कार्यक्रम की तैयारी की बीच-बीच में जानकारी अपनी टीम से लेना चाहिए। फोटोग्राफ, वीडियो शूटिंग, कोरियोग्राफी का सही प्रबंधन करना आना चाहिए। खास शाही शादियों में किए गए नए-नए प्रयोगों को देखना चाहिए। हर बार नया प्रेजेटेंशन ही वेडिंग प्लानर को इस क्षेत्र में सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण होता है। चैलेंजिंग और नया करियर है वेडिंग प्लानिंग भारत में इस इंडस्ट्री को शुरुआती अवस्था में ही माना जा सकता है, लेकिन इसका आकार इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में विदेश में रहने वाले एनआरआई और विदेशी लोगों को अब भारतीय संस्कृति और रीति-रिवाज, शादियां खूब लुभा रहे हैं। इसलिए इस तरह के समारोह की तैयारी करने के लिए वेडिंग प्लानर्स की जरूरत कुछ ज्यादा ही होने लगी है। कई बड़ी इवेंट कंपनियों में इस तरह के प्रोफेशनल की मांग भी बढ़ने लगी है। वेडिंग प्लानर की ट्रेनिंग भी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद इवेंट मैनेजमेंट के डिप्लोमा कोर्स में किया जा सकता है। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए बैचलर डिग्री आवश्यक है। देश के प्रमुख संस्थानों में इवेंट मैनेजमेंट संबंधित प्रमुख कोर्स जैसे डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट व इवेंट मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट कोर्स होते हैं। इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े लोग प्लानिंग से लेकर अंत तक सभी चीजों को मैनेज करते हैं। इसलिए इस कोर्स के अंतर्गत इवेंट प्लानिंग, बजट, रिस्क कवरेज, पब्लिक रिलेशन, कम्युनिकेशन स्किल आदि के बारे में पढ़ाया जाता है। सेकंड सेमेस्टर में प्रैक्टिकल नॉलेज पर अधिक फोकस करते हैं। इसलिए इंस्टीट्यूट स्टूडेंट्स को इवेंट मैनेजमेंट में एक्सपीरियंस और एक्सपोजर देने के लिए कंपनियों में ट्रेनिंग लिए भेजते हैं। वेडिंग प्लानर बनने के कुछ टिप्स… -इंटरनेशनल व पारंपरिक फैशन ट्रेंड की जानकारी। -हर धर्म के रीति-रिवाजों से अवगत होना जरूरी। -किसी भी परिस्थिति में सही बातचीत का हुनर हो। -इनोवेटिव और हर समय कुछ नया करने की इच्छा हो। -समाज के हर वर्ग के साथ अच्छे संबंध हों। -हर काम को समय पर पूरा करने का प्रबंधन। -देश के साथ प्रदेश का भी पूरा नॉलेज हो। प्रमुख संस्थान… -इवेंट मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, मुंबई -इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, मुंबई -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, दिल्ली -यूनिवर्सिटी ऑफ पुणे, पुणे -नेशनल स्कूल ऑफ इवेंट, इंदौर  

JEE मेन्स का रिजल्ट जारी, 100 प्रतिशत पाने वालों में प्रदेश से कोई नहीं, देशभर से ऐसे 24 टॉपर्स

भोपाल देश में इंजीनियरिंग के सबसे प्रतिष्ठित एंट्रेंस एग्जाम JEE Main 2025 का रिजल्ट जारी हो गया है। इस बार 100 पर्सेंटाइल स्कोर करने वाले 24 अभ्यर्थियों ने ऑल इंडिया टॉप किया है, हालांकि इस सूची में मध्यप्रदेश का एक भी छात्र शामिल नहीं है। जबकि इसमें 7 राजस्थान, 3-3 महाराष्ट्र, तेलंगाना और यूपी, 2-2 प. बंगाल, गुजरात और दिल्ली के हैं। इसके साथ ही एक-एक कर्नाटक और आंध्रप्रदेश से हैं। इन राज्यों के छात्रों ने इस बार भी अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शुक्रवार रात 12:30 बजे JEE Main 2025 सेशन 2 का रिजल्ट जारी किया। इसके साथ ही एग्जाम की फाइनल आंसर की और JEE Advanced के लिए कट-ऑफ भी जारी किए गए हैं। 100 पर्सेंटाइल पाने वालों में सामान्य वर्ग के 21 अभ्यर्थी हैं। वहीं EWS, OBC (नॉन-क्रीमीलेयर), SC वर्ग के एक-एक अभ्यर्थी को 100 पर्सेंटाइल मिला है। पहले सेशन में 14 स्टूडेंट्स को 100 पर्सेंटाइल मिला था। JEE Advanced के लिए कैटेगरी वाइस कट-ऑफ जारी NTA ने टॉप 2.5 लाख कैंडिडेट्स को JEE Advanced के लिए क्‍वालिफाई किया है। जनरल, OBC और EWS के छात्रों के लिए कटऑफ में पिछले साल की तुलना में मामूली गिरावट आई है जबकि SC व ST श्रेणी के छात्रों के लिए कटऑफ पिछले साल से करीब एक-एक फीसदी से ज्यादा है। कैटेगरी वाइस कट-ऑॅफ इस तरह है- ओमप्रकाश बेहरा ने हासिल की ऑल इंडिया रैंक-1 रिजल्ट में कोटा कोचिंग के क्लासरूम स्टूडेंट ओमप्रकाश बेहरा ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है।इस उपलब्धि के बाद ओमप्रकाश ने कहा कि कोटा में कंटेंट और कॉम्पिटिशन दोनों बेस्ट हैं।ओमप्रकाश ने जनवरी सेशन में भी परफेक्ट स्कोर 300 में से 300 अंक हासिल किए थे।

दो मई से होंगी 10वीं-12वीं विशेष-कंपार्टमेंटल परीक्षा, जारी हुआ शेड्यूल

पटना BSEB 10th 12th Compartment Exam Date 2025: बिहार बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कंपार्टमेंट आने वाले छात्रों के लिए जरूरी खबर है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने हाई स्कूल (मैट्रिक) और इंटरमीडिएट (12वीं) की विशेष व कंपार्टमेंटल परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। छात्र अपना पूरा टाइम टेबल BSEB की आधिकारिक वेबसाइट secondary.biharboardonline.com पर जाकर चेक कर सकते हैं। 2 से 13 मई तक चलेंगी कंपार्टमेंट और विशेष परीक्षाएं बिहार बोर्ड की 10वीं (मैट्रिक) विशेष एवं कंपार्टमेंट परीक्षा 2 मई से शुरू होकर 7 मई 2025 तक चलेगी, जबकि 12वीं (इंटरमीडिएट) की विशेष एवं कंपार्टमेंट परीक्षा 2 मई से शुरू होकर 13 मई 2025 को समाप्त होगी। बोर्ड ने सभी छात्रों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपना एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें और परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सके। जारी डेटशीट के मुताबिक कंपार्टमेंट परीक्षाएं 2 मई से शुरू होकर 13 मई 2025 को समाप्त हो रही हैं। जबकि 10वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा 2 मई से शुरू होकर 7 मई को समाप्त होगी। दो पालियों में होगी कंपार्टमेंट परीक्षाएं बीएसईबी की ओर से जारी डेटशीट के मुताबिक हाईस्कूल और इंटर की कंपार्टमेंट परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जाएंगी। पहला पाली की परीक्षा सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर 12:45 तक होगी। जबकि दूसरी पाली की परीक्षाएं दोपहर 2 बजे से शुरू होकर 5:15 तक होगी।  

सरकार ने लिया बड़ा फैसला- हरियाणा में हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार का औद्योगिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। 10 जिलों में इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने से न केवल उद्योगों को बेहतरीन कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में विकास भी होगा। खासतौर पर तीन प्रमुख राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के किनारे इन टाउनशिप को स्थापित करना उद्योगों के लिए सहूलियत का काम करेगा, क्योंकि इससे माल की ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन में काफी आसानी होगी। इस परियोजना से, इन जिलों में औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, जिससे नए कारखाने, फैक्ट्रियाँ और बिजनेस सेंटर खुलेंगे, और इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को एक महीने का समय दिया है, ताकि इस परियोजना का ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सके।   इन 10 जिलों में ये टाउनशिप बनेंगी गुरुग्राम, हिसार (हिसार एयरपोर्ट के पास), सिरसा, भिवानी, नारनौल, फरीदाबाद, जींद,     अंबाला, कैथल  

हरियाणा में निकली ये भर्ती, भर्ती के लिए उम्मीदवारों को 25 अप्रैल 2025 तक आवेदन करना होगा

हरियाणा हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। पंडित बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (UHSR), रोहतक ने पीजीआईएमएस और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (PGIDS) में 175 सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर्स की भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को 25 अप्रैल 2025 तक आवेदन करना होगा। आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जरूरी दस्तावेज और जानकारी जमा करनी होगी। बताया जा रहा है कि इस भर्ती में 56 विषयों में 175 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। सबसे ज्यादा खाली पद एनेस्थिसियोलॉजी विभाग में हैं, जहां 21 पद खाली हैं। इसके बाद जनरल सर्जरी में 17 और कार्डियोलॉजी में 7 पदों पर भर्ती होगी। आपातकालीन चिकित्सा, बाल चिकित्सा पल्मोनोलॉजी, और गहन देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विभागों में 6-6 पद उपलब्ध हैं। कार्डियक सर्जरी, नियोनेटोलॉजी, और प्रसूति व स्त्री रोग विभाग में 5-5 पदों पर नियुक्तियां होंगी। इसके अलावा कई विभागों में भी 4-4 रिक्तियां हैं। यह भर्ती कई चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञों की कमी को पूरा करने के लिए की जा रही है।

दुनिया में सबसे कठिन डिग्रिया, इन्हें पाने में छूट जाते हैं अच्छे-अच्छों के पसीने!

दुनिया में सबसे कठिन डिग्रियों की बात होती है, तो उसमें मेडिसिन से जुड़े कोर्सेज, मैथ्स और फिजिक्स की डिग्री को सबसे मुश्किल माना जाता है। लेकिन इन कोर्सेज के अलावा भी कई ऐसे कोर्स हैं, जिन्हें पढ़कर डिग्री हासिल करने में पसीने छूट जाते हैं। आमतौर पर किसी डिग्री को कितना कठिन माना जाएगा, ये दो बातों पर निर्भर करता है, जिसमें पहला कोर्स की डिमांड है, यानी डिग्री पाने के लिए क्या अलग करना पड़ता है। दूसरा कंटेंट है, यानी जो चीज आप पढ़ेंगे वो कितना कठिन है। इस आधार पर स्टडी इंटरनेशनल ने दुनिया की 10 सबसे कठिन या कहें मुश्किल डिग्रियों के बारे में बताया है। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग इस कोर्स में आपको मैथ्स के कई नियम सीखने होंगे। जैसे कि कैलकुलस, ट्रिग्नोमैट्री और अल्जेबरा। ये सब एयरोस्पेस इंजीनियर बनने के लिए जरूरी हैं। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग पढ़ने के लिए आपको मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री की जानकारी होनी चाहिए। इस कोर्स का कंटेट सबसे कठिन माना जाता है। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग के तरीके इस्तेमाल करके ऐसी चीजें बनाते हैं, जो इंसानों को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। जैसे कि पेसमेकर, इंसुलिन पंप और 3D प्रिंटेड ऑर्गन। इसमें आपको बायोलॉजी, केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, फिजिक्स, मैथ्स और मेडिकल साइंस जैसे विषय पढ़ने होते हैं। लॉ (कानून) एलएलबी जैसे कोर्सेज में संवैधानिक कानून से लेकर आपराधिक कानून तक, लॉ के छात्रों को कई कानूनी नियम समझने होते हैं। खासकर अगर आपको अंग्रेजी पढ़ने की आदत नहीं है तो ये और भी मुश्किल हो जाता है। वकील बनने के लिए बार परीक्षा पास करना भी जरूरी होता है। चार्टेड अकाउंटेंसी लॉ की तरह ही चार्टेड अकाउंटेंसी पढ़ने वाले छात्रों को भी अतिरिक्त ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। आमतौर पर अकाउंटिंग डिग्री हासिल करने में तीन साल लगते हैं। हालांकि, कुछ छात्रों के लिए ये समय और भी ज्यादा लंबा हो सकता है। इस दौरान उन्हें कई तरह के मॉड्यूल की पढ़ाई करनी पड़ती है। आर्किटेक्चर आर्किटेक्चर सिर्फ डिजाइन बनाना नहीं है। आर्किटेक्ट बनने के लिए, आपको मैथ्स, जियोमेट्री, ट्रिग्नोमेट्री और अल्जेबरा की अच्छी समझ होनी चाहिए। ताकि आप इमारतों की सही माप तय कर सकें। आर्किटेक्चर के छात्रों को कई तरह के फॉर्मूला याद रखने पड़ते हैं। कई देशों के लाइसेंस एग्जाम भी देना पड़ता है। मेडिकल कोर्स डॉक्टर बनने के लिए आपको MBBS की पढ़ाई करनी पड़ेगी। इसके अलावा छात्र आगे रेजिडेंसी प्रोग्राम का हिस्सा भी बनते हैं, जहां उन्हें स्पेशलाइजेशन करवाया जाता है। इन कोर्सेज में छात्रों को क्लिनिकल ट्रेनिंग लेनी पड़ती है और कई तरह के शरीर के अंदरूनी हिस्सों के नाम याद रखने पड़ते हैं। नर्सिंग नर्सिंग की डिग्री में आपको नर्सिंग की प्रैक्टिकल स्किल और जानकारी दोनों सीखने होते हैं। नर्सिंग के लिए बायोसाइंस की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए और उसे नर्सिंग में इस्तेमाल करना होगा। इस कोर्स का मुश्किल हिस्सा है लोगों के साथ अच्छे से काम करना। डेंटिस्ट्री डेंटिस्ट्री की डिग्री में आपको मुंह की बीमारियों को रोकने, पता लगाने और उनका इलाज करने के बारे में सिखाया जाता है। इसमें आप डेंटिस्ट्री के सिद्धांतों के बारे में सीखते हैं। जैसे कि एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, मानव रोग, पैथोलॉजी और एपिडेमियोलॉजी। साइकोलॉजी अगर आपको लगता है कि इंसानी दिमाग के बारे में पढ़ना आसान है, तो आप गलत हैं। इस डिग्री में आपको मनोविज्ञान के वैज्ञानिक और सामाजिक दोनों पहलुओं में कुशल बनाया जाता है। इसमें बायोलॉजी और विकास, सामाजिक मानव विज्ञान, राजनीति, दर्शन और समाजशास्त्र शामिल हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ChatGPT जैसे चैटबॉट के आने के बाद, यूनिवर्सिटी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कोर्स शुरू किए हैं। यहां आप सीखेंगे कि AI सिस्टम को कैसे डिजाइन, डेवलप और इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा करने के लिए, आपको न्यूरोसाइंस, कॉग्निटिव साइंस, लैंग्वेज साइंस और मैथ्स की अच्छी समझ होनी चाहिए।

MPPSC Assistant Professor परीक्षा में 70 हजार से अधिक आवेदन, 1930 पदों के लिए दो चरणों में परीक्षा

 इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2024 के लिए पंजीयन प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। कुल 26 विषयों में 1930 रिक्त पदों के लिए 80 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इसमें खेल अधिकारी और ग्रंथपाल पदों के लिए भी पंजीयन कराए गए हैं। आयोग अब इन परीक्षाओं को दो चरणों में आयोजित करने की तैयारी में जुटा है। परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इसके मुताबिक पहला चरण जून में और दूसरा चरण जुलाई में आयोजित किया जाएगा। सहायक प्राध्यापकों के सबसे ज्यादा पद खाली प्रदेश के 580 सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिनमें सर्वाधिक पद सहायक प्राध्यापकों के रिक्त हैं। अकेले रसायन शास्त्र (केमिस्ट्री) विषय में 199 पदों पर भर्ती होनी है। इसके अलावा वनस्पति विज्ञान (190), प्राणी विज्ञान (187), भौतिकी (186) और गणित (177) पद रिक्त हैं। अन्य विषयों में इतिहास (97), अर्थशास्त्र (130), राजनीति विज्ञान (124), हिंदी (113), वाणिज्य (111), अंग्रेज़ी व भूगोल (96-96) पदों पर भर्ती की जाएगी। वहीं मराठी, उर्दू, संस्कृत साहित्य और संगीत जैसे विषयों में भी पद उपलब्ध हैं। इसके अलावा 187 खेल अधिकारी और 87 ग्रंथपाल के पद भी शामिल हैं। पहले चरण की परीक्षा एक जून को आयोजित होगी, जिसमें 16 विषयों की परीक्षा होगी। दूसरे चरण की परीक्षा 27 जुलाई को होगी, जिसमें 12 विषयों की परीक्षा कराई जाएगी। आवेदन के लिए अधिक समय मिला सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा की अधिसूचना 30 दिसंबर 2024 को जारी की गई थी। प्रारंभिक आवेदन प्रक्रिया 27 फरवरी से 26 मार्च तक निर्धारित थी, लेकिन न्यायालय के निर्देशानुसार आयोग ने पंजीयन के लिए 12 दिन का अतिरिक्त समय प्रदान किया। इस विस्तार के कारण अब तक 1930 पदों के लिए 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। सितंबर से प्रारंभ होंगे साक्षात्कार एमपीपीएससी का प्रयास है कि भर्ती प्रक्रिया में कोई देरी न हो। वर्ष 2022 की भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है, जिसके जुलाई-अगस्त तक पूर्ण होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2024 की भर्ती के साक्षात्कार सितंबर से प्रारंभ होंगे और चार से पांच महीनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।

कॉन्फिडेंस बूस्ट करने के 10 कारगर उपाय, हर जगह मारेंगे बाजी

सेल्फ कॉन्फिडेंस यानी कि आत्मविश्वास एक ऐसी हथियार है जिससे कोई भी अपने निर्धारित किये लक्ष्य तक आसानी से पहुंच सकता है, बस इसके लिए आपको ईमानदारी से मेहनत करनी है। कॉन्फिडेंस की आवश्यकता छात्र से लेकर नौकरी की तैयारी कर रहे या जॉब कर रहे सभी लोगों के लिए आवश्यक है। अगर आपका कॉन्फिडेंस हाई होगा तो आप अवश्य ही चीजों को बेहतर ढंग से मैनेज कर पाएंगे और भविष्य में अवश्य ही उच्च मुकाम हासिल कर पाएंगे। अगर आपको लगता है कि आपमें किसी कारणवश कॉन्फिडेंस की कमी है तो इस पेज पर कॉन्फिडेंस बूस्ट करने के 10 कारगर उपाय बताये जा रहे हैं। इनको आप अपने जीवनशैली में शामिल करके अवश्य ही सुधार कर सकते हैं। रियलस्टिक गोल्स को चुनें कॉन्फिडेंस बूस्ट करने का सबसे पहला तरीका है अपने गोल्स को सेट करें। लेकिन ध्यान रखें कि गोल्स को ऐसा बनायें जो पूरे किये जा सकते हैं। ऐसे गोल्स नहीं सेट किये जाने चाहिए जिनका ओर-छोर भी पता न हो। खुद पर रखें विश्वास रियलिस्टिक गोल सेट करने के बाद उसे पूरा करने के लिए खुद पर विश्वास रखें और पूरी लगन से उस पर कार्य करें। अवश्य ही आप सफलता प्राप्त करेंगे। प्रोग्रेस को करें मॉनिटर आप जिस टास्क पर काम कर रहे हैं उस पर लगातार नजर बनाये रखें और उसको मॉनिटर करते रहें। इससे आपको पता चलता रहेगा कि आप जिस काम को कर रहे हैं वो सही दिशा में है या नहीं। काम पर पूरी तरह से करें फोकस चाहते छात्र बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हों या भर्ती या प्रवेश परीक्षा की, पूरी तरह से उस पर फोकस करें। किसी भी चीज से अगर डिस्ट्रैक्शन हो रहा है तो उसे तुरंत ही बाहर कर दें। फिजिकल एक्टिविटी पर भी रखें ध्यान कॉन्फिडेंस बूस्ट करने में फिजिकल एक्टिविटी बहुत ही महत्वपूर्ण है। आप रेगुलर रूप से फिजिकल फिटनेस पर ध्यान दें और योग, जिम, रनिंग जो भी संभव हो वो करें। शारीरिक रूप से फिट होने पर आप मेंटली रूप से स्ट्रॉग महसूस करेंगे। बहादुरी दिखाएं अगर आप किसी काम को टाइम पर नहीं कर पा रहे हैं और आपको असफलता भी हाथ लग रही है तो उस समय बहादुरी दिखाएं। असफलतों से पीछे नहीं हटें और डटकर उनका सामना करें और दोबारा से पूर्ण तैयारी से उस पर जुट जाएं। दूसरों के बहकावों में न आएं कभी भी लोगों की बातों में न आएं। खुद के बनाये हुए गोल्स पर फोकस रहकर आगे बढ़ें। अगर जरूरत महसूस हो तो अपने माता पिता, बड़े भाई बहन या टीचर्स की मदद लें, ऐसे ही किसी भी विश्वास न करें। कमिटमेंट को पूरा करने में जी-तोड़ करें मेहनत अगर अपने किसी काम को पूरा करने का लक्ष्य बनाया है तो उस पर पूरी तरह से कमिटमेंट दिखाएं और तय समय पर उस कार्य को पूरा करें। इससे आप दूसरों की नजरों में ऊपर आएंगे और आपको तारीफ मिलेगी। इससे आपका आत्मविश्वाश मिलेगा। फ्यूचर गोल्स पर भी रखें ध्यान आपको अन्य लोगों की तरह सिर्फ एक कदम आगे का नहीं सोचना है। आप अभी से लॉन्ग टर्म को दिमाग में रखकर अपने गोल्स सेट करें और उस पर लगातार बने रहें। छोटी खुशियों में रहें खुश अगर आप कोई छोटा सा भी कार्य पूरा करते हैं तो उस पर खुश रहना सीखें। छोटी छोटी खुशियां आपको बूस्ट करेंगे और आप बड़े कार्य को भी कॉन्फिडेंस के साथ पूरा कर पाएंगे।  

एनसीटीई ने दे मंजूरी, एमएड ही नहीं बल्कि एमएई की पढ़ाई करने वाले भी बन सकेंगे शिक्षक

मुजफ्फरपुर मास्टर ऑफ आर्ट्स इन एजुकेशन (एमएई) की पढ़ाई करनेवाले भी अब बीएड कॉलेजों में शिक्षक बन सकेंगे। एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) ने इसकी मंजूरी दे दी है। एमएई करनेवाले अभ्यर्थी बीएड कॉलेजों में फाउंडेशन कोर्स में आवेदन कर सकेंगे। एमडीडीएम कॉलेज में बीएड की पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में जेएसपीएम विवि पुणे में प्राध्यापक डॉ. मौसमी चौधरी ने बताया कि एनसीटीई के इस नये बदलाव से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन एजुकेशन करनेवाले छात्रों को काफी फायदा होगा। अबतक बीएड कॉलेजों में सिर्फ एमएड करने वाले छात्र ही शिक्षक पद के लिए आवेदन कर सकते थे, लेकिन अब एमएई वाले भी ओवदन कर सकेंगे। एनसीटीई ने पिछले दिनों बीएड कॉलेजों में बदलाव पर देशभर से फीडबैक मांगे थे। फीडबैक में विश्वविद्यालयों और बीएड कॉलेजों ने सुझाव दिया कि फाउंडेशन कोर्स में एमएड के साथ एमएई वाले भी आवेदन कर सकें, ऐसा प्रावधान बनाया जाए। एनसीटीई ने अपनी सालाना बैठक में इसपर मंजूरी दे दी। 55 प्रतिशत नंबर की है अनिवार्यता: मास्टर ऑफ आर्ट्स इन एजुकेशन के छात्रों को बीएड कॉलेज में शिक्षक बनने के लिए 55 प्रतिशत नंबर की अनिवार्यता रहेगी। इसके अलावा नेट या पीएचडी अभ्यर्थियों को रहनी चाहिए। डॉ. मौसमी चौधरी ने बताया कि बीएड कॉलेजों में एमएई वाले अभ्यर्थियों की बहाली से शिक्षकों की संख्या में वृद्धि होगी। एनसीटीई ने नई शिक्षा नीति के तहत यह परिवर्तन किया है। एमएड कॉलेजों में 50 छात्र तक ही ले सकेंगे दाखिला, नैक मूल्यांकन भी अनिवार्य एनसीटीई के अनुसार एमएड कॉलेजों में 50 छात्र तक ही दाखिला ले सकेंगे। एमएड कॉलेज को नैक भी कराना होगा। एमएड में विवि और कॉलेज स्थानीय स्तर के अनुसार 30 प्रतिशत तक सिलेबस में बदलाव कर सकेंगे। बीआरएबीयू में एमएड के तीन कॉलेज हैं। इन तीनों कॉलेजों में 150 सीटों पर छात्रों का दाखिला होता है। एमएड कॉलेज में एक प्रोफेसर, दो एसो़ प्रोफेसर और चार सहायक प्राध्यापक को रखना अनिवार्य है। बीएड की तर्ज पर एमएड में भी सामान्य परास्नातक के कोर्स का प्रस्ताव एनसीटीई ने बीएड के साथ एमएड कॉलेजों को भी मल्टी डिसिस्प्लनरी कोर्स के तहत चलाने का निर्देश दिया है। नई शिक्षा नीति के तहत अब बीएड कॉलेजों में बीएड के साथ साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स के भी कोर्स चलाने होंगे। बीएड की तर्ज पर एमएड में भी सामान्य परास्नातक के कोर्स चलाने के लिए एनसीटीई ने प्रस्ताव तैयार किया है। जल्द ही इसे गजट के तौर पर जारी किया जायेगा।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में निकली नौकरी

बैंक की बढ़िया सरकारी नौकरी करना चाहते हैं, तो आपके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में फॉर्म निकले हुए हैं। यहां चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर समेत विभिन्न पदों पर आवेदन लिए जा रहे हैं, जो अभ्यर्थी अप्लाई करना चाहते हैं, वे फटाफट आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें। लास्ट डेट 18 अप्रैल 2025 है। जिसके बाद बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट www.ippbonline.com पर एक्टिव लिंक बंद हो जाएगा। सैलरी और योग्यता समेत पूरी डिटेल्स पद की डिटेल्स इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक लिमिटेड में ऑफिसर लेवल की शानदार नौकरी पाने का यह बढ़िया चांस हैं। किस पद के लिए कितनी रिक्तियां निकली हैं? इसकी डिटेल्स उम्मीदवार नीचे टेबल से देख सकते हैं। योग्यता आईपीपीबी में चीफ कंप्लायंस ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना जरूरी है। सीए/सीएस/एमबीए फाइनेंस/पोस्ट ग्रेजुएट या समकक्ष योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को प्रेफरेंस दी जाएगी। इसके अलावा अभ्यर्थियों के पास न्यूनतम 18 साल काम का अनुभव होना भी जरूरी है। चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के लिए भी ग्रेजुएट और 18 वर्ष का अनुभव मांगा गया है। वहीं इंटरनल ओम्बड्समैन की पोस्ट पर ग्रेजुएट लेकिन शेड्यूल कमर्शियल बैंक/फाइनेंशनयल सेक्टर रेगुलरेट्री संस्थान से रिटायर्ड या डिप्टी जनरल मैनेजर के समकक्ष पद पर कार्यरत अभ्यर्थी आवेदन के योग्य हैं। योग्यता से जुड़ी अन्य डिटेल्स अभ्यर्थी विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं। डाउनलोड करें- IPPB Recruitment 2025 Official Notification Download PDF एज लिमिट आयुसीमा- चीफ कंप्लायंस ऑफिसर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के पदों पर अभ्यर्थियों की उम्र 38 से 55 वर्ष होनी चाहिए। वहीं इंटरनल ऑम्बड्समैन के लिए 65 वर्ष से अधिक आयु नहीं न। आयुसीमा/ योग्यता की गणना 1 मार्च 2025 के आधार पर की जाएगी। चयन प्रक्रिया- इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन, ऑलाइन टेस्ट आदि चरणों के आधार पर सेलेक्शन आधारित होगा। आवेदन शुल्क- एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने के दौरान 150 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं अन्य पदों के लिए यह शुल्क 750 रुपये है। काम की अवधि- इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक यह पद कॉन्ट्रेक्चुअल बेस पर भर रहा है। चीफ कम्प्लायंस ऑफिसर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के काम की अवधि 3 साल तक होगी। जो 2 साल के लिए आगे बढ़ाई जा सकती है। वहीं इंटरनल ओम्बड्समैन तीन सालों के लिए अप्वाइंट किए जाएंगे।

कर्नाटक में 85 फीसदी से ज्यादा होगा आरक्षण, BC को 51% आरक्षण देने की तैयारी

कर्नाटक कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार की जाति जनगणना रिपोर्ट चर्चा में है। सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक सर्वे रिपोर्ट अब मंत्रिमंडल के सामने है और 17 अप्रैल को इस पर चर्चा होनी है। उसी दिन सिफारिशों पर फैसला होगा। रिपोर्ट और उसकी सिफारिशें अभी पब्लिक डोमेन में नहीं हैं। मगर, सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए शैक्षणिक संस्थानों में मौजूदा आरक्षण 32 से 51 फीसदी तक किए जाने का प्रस्ताव है। बीजेपी और जेडीएस जैसे विपक्षी दल इस रिपोर्ट का विरोध कर रहे हैं। सूबे की राजनीति पर असर रखने वाले दो प्रमुख समुदाय लिंगायत और वोक्कालिगा बीते कई सालों में जाति आधारित जनगणना के प्रभावों पर चर्चा करते रहे हैं। OBC जनसंख्या सूबे की कुल आबादी का 70 फीसदी है। अगर इन सिफारिशों पर अमल किया जाता है तो राज्य में आरक्षण का कोटा 85 फीसदी से ज्यादा होने की संभावना है। राज्य में आर्थिक तौर पर कमजोर वर्गों के लिए 10 फीसदी और SC-ST के लिए पहले से ही 24 फीसदी आरक्षण तय है। कांग्रेस के अहमदाबाद अधिवेशन के बाद सिद्धारमैया सरकार ने जिस तरह रिपोर्ट को स्वीकार करने में तेजी दिखाई है, उससे माना जा रहा है कि आलाकमान की ओर से हरी झंडी मिल गई है। राहुल गांधी ने गुजरात में कहा था कि पार्टी शिक्षा और सरकारी नौकरियों में SC-ST और OBC के लिए कोटा पर लगी 50 प्रतिशत की सीमा को हटा देगी। राहुल ने कहा था, ‘हम हर उस दीवार को गिरा देंगे, जो SC-ST और OBC आरक्षण को 50 फीसदी तक सीमित कर रही है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बीते दिनों रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे वैज्ञानिक तरीके से नहीं तैयार किया गया। उन्होंने सीएम सिद्धारमैया पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने ये रिपोर्ट तैयार की, उन्होंने ये डेटा घर-घर जाकर नहीं लिया। हालांकि, फरवरी महीने में ही सिद्धारमैया ने रिपोर्ट के वैज्ञानिक ना होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि रिपोर्ट पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके से तैयार हुई है। उनकी सरकार इसकी सिफारिशों को मानेगी। अपने पहले कार्यकाल में सिद्धारमैया ने कर्नाटक कमिटी ने सर्वे किया जिसकी रिपोर्ट 2016 में तैयार हो गई थी। मगर, रिपोर्ट ठंडे बस्ते में चली गई। उसके बाद की सरकारों ने भी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया। साल 2020 में बीजेपी की सरकार ने जयप्रकाश हेगड़े को जाति जनगणना आयोग का प्रमुख बनाया। हेगड़े ने पिछले साल फरवरी में रिपोर्ट सीएम सिद्धारमैया को सौंप दी थी।

​कृषि विभाग में निकली बंपर भर्ती, 25 अप्रैल से शुरू होगी आवेदन प्रकिया

 बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने कृषि निदेशालय के अधीन आने वाले फील्ड असिस्टेंट के 201 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट bssc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। विभाग का नाम: बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन पद का नाम: फील्ड असिस्टेंट पदों की संख्या: 201 पदों का विवरण: अनारक्षित : 79 पद अनुसूचित जाति : 35 पद अनुसूचित जनजाति: 2 पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग: 37 पद पिछड़ा वर्ग: 21 पद आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग: 20 पद योग्यता : मान्यता प्राप्त संस्थान से आईएससी या एग्रीकल्चर में डिप्लोमा आयु सीमा : न्यूनतम 18 और अधिकतम 42 वर्ष चयन प्रकिया : प्रीलिम्स एग्जाम मेन्स एग्जाम वेतन : 20,200 रुपए प्रतिमाह आवेदन शुल्क : सामान्य : 540 रुपए अन्य : राज्य से बाहर सभी उम्मीदवार : 540 रुपए

MP Board की 10वीं व 12वीं परीक्षा का रिजल्ट आएगा मई के पहले सप्ताह

भोपाल. मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं परीक्षा का परिणाम मई के प्रथम सप्ताह में जारी कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को परीक्षा परिणाम मई के पहले सप्ताह में जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) परिणाम तैयार करने में जोर-शोर से लगा हुआ है। अभी बोर्ड परीक्षा की 80 प्रतिशत उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने बदला था परीक्षा के परिणामों का समय मंडल ने मई के दूसरे सप्ताह में परिणाम घोषित करने की तैयारी की थी, लेकिन हाल में मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में 10वीं व 12वी का परिणाम मई के पहले सप्ताह में जारी करने के आदेश दिए। परिणाम बनाने में लगेगा 10 दिन का समय बता दें, इस वर्ष मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं दोनों कक्षाओं के 17 लाख विद्यार्थियों की करीब 90 लाख उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। मंडल ने मूल्यांकन कार्य खत्म करने का लक्ष्य 25 अप्रैल तय किया है। उसके बाद मंडल को परिणाम बनाने में करीब 10 दिन का समय लगेगा। कुछ जिले उमरिया, सिंगरौली, आगर-मालवा, शहडोल, देवास, डिंडौरी, श्योपुर में 10वीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 60 फीसद तक भी नहीं हो पाया है। इसी तरह 12वीं में डिंडौरी, उमरिया व मंडला, भोपाल में 70 प्रतिशत मूल्यांकन हुआ है। वहीं छिंदवाड़ा, धार, रीवा, सिवनी, आलीराजपुर में मूल्यांकन कार्य अंतिम चरण में है। 80 प्रतिशत तक पूरा हुआ मूल्यांकन का काम केडी त्रिपाठी, सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल ने कहा कि कक्षा 10वीं व 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन काम 80 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। जिन जिलों में मूल्यांकन की रफ्तार धीमी है, उन्हें कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं, जिससे मई के प्रथम सप्ताह में परिणाम घोषित किया जा सकें।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही 10वीं-12वीं के बोर्ड रिजल्ट जारी कर सकती है, आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं

नई दिल्ली अगर आप CBSE 10वीं या 12वीं के छात्र हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है! केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आने वाले हफ्तों में 2025 की बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित करने जा रहा है। हालाँकि, बोर्ड ने अब तक रिजल्ट की सटीक तारीख और समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि रिजल्ट मई के मध्य से अंत तक जारी हो सकते हैं। पिछली सालों की तारीखें क्या कहती हैं? 2024 में: रिजल्ट 13 मई को आए थे। 2023 में: परिणाम 12 मई को जारी किए गए थे।   ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र नीचे दी गई वेबसाइट्स पर जाकर अपना स्कोर कार्ड देख सकते हैं: रिजल्ट देखने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: सबसे पहले आधिकारिक रिजल्ट वेबसाइट पर जाएं। ‘Class 10’ या ‘Class 12 Result’ लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर, जन्म तिथि, और सिक्योरिटी पिन भरें। सबमिट करते ही आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर दिखेगी। मोबाइल ऐप से भी देखें रिजल्ट छात्र अपने रिजल्ट और डिजिटल सर्टिफिकेट देखने के लिए ये ऐप्स इस्तेमाल कर सकते हैं: -DigiLocker App (Android और iOS पर उपलब्ध)  -UMANG App (सरकारी सेवाओं की एक छत के नीचे सुविधा) इन ऐप्स के ज़रिए न सिर्फ आप अपना रिजल्ट देख सकते हैं, बल्कि डिजिटल मार्कशीट और पास सर्टिफिकेट भी डाउनलोड कर सकते हैं।  2024 में क्या रहा था प्रदर्शन? कुल रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स: 22.51 लाख परीक्षा में शामिल हुए: 22.38 लाख सफल छात्र: 20.95 लाख पास प्रतिशत: 93.60% 2023 की तुलना में 2024 में पास प्रतिशत 0.48% बढ़ा था, जो कि सकारात्मक संकेत है।  रिजल्ट की घोषणा होते ही भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट्स स्लो हो सकती हैं, ऐसे में आप DigiLocker या UMANG ऐप का भी सहारा ले सकते हैं।

कुदरत बचाओ, कैरियर बनाओ

पर्यावरण सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कुदरत को बचाने की इस मुहिम के परिणामस्वरूप ग्रीन जॉब्स का एक बड़ा मार्केट खड़ा हो रहा है, जहां पे-पैकेज भी अच्छा है। क्या हैं ग्रीन जॉब्स और कैसे पा सकते हैं आप यहां एंट्री, बता रही हैं, शाश्वती। एक जमाना था जब छात्रों की प्राथमिकता की सूची में सबसे अंत में आता था पर्यावरण विज्ञान यानी इनवायर्नमेंटल साइंस। लेकिन अब इस सूची में यह ऊपर की ओर कदम बढ़ा रहा है। जलवायु परिवर्तन और उससे होने वाले खतरों के विषय में लगातार बढ़ रही जागरूकता और पार्यावरण को बचाने के लिए विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आंदोलनों के कारण अब छात्रों के बीच विषय के रूप में पर्यावरण विज्ञान की लोकप्रियता बढने लगी है। पर्यावरण विज्ञान के प्रति छात्रों की बढ़ रही रुचि का एक कारण यह भी है कि अब पर्यावरण से जुड़े फील्ड में नौकरी की संभावना भी काफी तेजी से बढ़ रही है। पर्यावरण के क्षेत्र से जुड़ी इन नौकरियों को ग्रीन जॉब्स का नाम दिया गया है। ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र में प्रशिक्षित लोगों की मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर, 2009 में दिल्ली में देश के पहले ग्रीन जॉब्स फेयर का आयोजन किया गया था। इस नौकरी मेले में देश-विदेश की 25 से ज्यादा कंपनियों ने भाग लिया था। क्या है ग्रीन जॉब्स पर, आखिर ग्रीन जॉब्स हैं क्या और ग्रीन जॉब्स की श्रेणी में कौन-सी नौकरियों को रखा गया है? पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली मुंबई स्थिति एनजीओ दी क्लाइमेट प्रोजेक्ट इंडिया के डायरेक्टर गौरव गुप्ता के अनुसार, ग्रीन जॉब्स, कार्य की ऐसी विधियां हैं, जहां पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए वस्तुओं का उत्पादन और उसका उपयोग किया जाता है। बिजली की बचत और सौर तथा पवन ऊर्जा आदि अधिक-से अधिक इस्तेमाल करने वाली बिल्डिंग का निर्माण करने वाला आर्किटेक्ट, वॉटर रीसाइकल सिस्टम लगाने वाला प्लंबर, विभिन्न कंपनियों में पर्यावरण के संरक्षण से संबंधित शोध कार्य और सलाह देने वाले लोग, ऊर्जा की खपत कम करने की दिशा में काम करने वाले विशेषज्ञ, पारिस्थितिकी तंत्र व जैव विविधता को कायम करने के गुर सिखाने वाले विशेषज्ञ, प्रदूषण की मात्रा और ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के तरीके बताने वाले एक्सपर्ट आदि के काम ग्रीन जॉब्स की श्रेणी में आते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले वक्त में हर नौकरी में यह क्षमता होगी कि वह ग्रीन जॉब में तब्दील हो सके। इस सेक्टर में धीरे-धीरे विस्तार हो रहा है और साथ ही साथ नौकरी की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। यह सेक्टर प्रशिक्षित लोगों की मांग करता है और बदले में अच्छी सैलरी देता है। कई विशेषज्ञों की यह भी राय है कि जिस तरह सूचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक जमाने में भारी उछाल आया था, वैसा ही आने वाले वक्त में ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र में होगा। भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। हमारे यहां नए भवनों का निर्माण हो रहा है और ऊर्जा की मांग भी बढ़ रही है। आनेवाले समय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नियम-कायदे और भी स्पष्टड्ढ व कड़े होंगे और पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ विकास के फॉर्मूले को हर जगह मान्यता मिलेगी। अन्य क्षेत्रों के अलावा कृषि के क्षेत्र में भी भारतीय और विदेशी कंपनियां भारत में रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना कर रही हैं। कृषि उत्पादन बढ़ाने और पारिस्थितिकी तंत्र को कम-से-कम नुकसान पहुंचाने की दिशा में लगातार शोध कार्य और निवेश हो रहे हैं। हर साल सिर्फ इन मांगों को पूरा करने के लिए 5000 प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होगी। आनेवाले समय में देश के सभी छह लाख गांवों को पानी और कचरा प्रबंधक की जरूरत होगी और इस जरूरत को पूरा करने के लिए 1.2 करोड़ प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होगी। आप अगर ग्रीन जॉब्स कर रहे हैं, तो इसका मतलब यह है कि आप नौकरी के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कैसे करें शुरुआत सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश के आधार पर यूजीसी ने ग्रेजुएशन के स्तर पर इनवायर्नमेंटल स्टडीज को अनिवार्य बना दिया है। स्कूल और टेक्निकल पाठ्यक्रमों के स्तर पर यह जिम्मेदारी क्रमशः एनसीईआरटी और एआईसीटीई को सौंपी गई है। पर्यावरण विज्ञान बेसिक साइंस और सोशल साइंस दोनों का मिश्रित रूप है। रिसोर्स मैनेजमेंट और रिसोर्स टेक्नोलॉजी भी पर्यावरण विज्ञान का एक महत्वपूर्ण अंग है। पर्यावरण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में अपना कैरियर बनाने के लिए पढ़ाई बारहवीं के बाद शुरू की जा सकती है, पर इस स्तर पर संस्थानों की संख्या कम है। ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र में बेहतर कैरियर बनाने के लिए पर्यावरण विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त करना आपके भविष्य के लिए अच्छा होगा। पर्यावरण से संबंधित नीतियों के निर्माण दिलचस्पी रखने वाले साधारण ग्रेजुएट के लिए भी यहां मौके हैं। जीव विज्ञान के साथ बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र ग्रेजुएशन के स्तर पर इनवायर्नमेंटल साइंस की पढ़ाई कर सकते हैं। फिजिकल साइंस, लाइफ साइंस, इंजीनियङ्क्षरग या मेडिकल साइंस आदि विज्ञान विषयों से ग्रेजुएशन करने के बाद इनवायर्नमेंटल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन करना बेहतर होगा। इनवायर्नमेंटल साइंस में बीटेक का कोर्स भी कई संस्थानों में उपलब्ध है। सेंटर फॉर साइंस ऐंड इनवायर्नमेंट, दिल्ली में पर्यावरण विज्ञान से जुड़े विषयों में इंटर्नशिप और सर्टिफिकेट कोर्स करवाया जाता है। देश में पर्यावरण विज्ञान को समर्पित दिल्ली स्थित एकमात्र संस्थान दी एनर्जी ऐंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट यानी टेरी में इनवायर्नमेंटल साइंस से संबंधित विषयों में पोस्ट-ग्रेजुएट और डॉक्टेरल स्तर के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होती है। टेरी पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में स्कॉलरशिप भी देती है। इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स, धनबाद में इनवायर्नमेंटल इंजीनियङ्क्षरग में बी-टेक की पढ़ाई होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम ऐंड एनर्जी स्टडीज, देहरादून में इनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में बीई का कोर्स उपलब्ध है। इग्नू में इनवायर्नमेंटल स्टडीज में छह माह का सर्टीफिकेट कोर्स उपलब्ध है। इसके अलावा कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ट्रेनिंग दे रही हैं। इनमें अल्मोड़ा स्थित गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान, देहरादून स्थित इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च ऐंड एजूकेशन, इलाहाबाद स्थित सेंटर फॉर सोशियल फॉरेस्ट्री ऐंड … Read more

NTPC ग्रीन एनर्जी में नौकरी का सुनहरा मौका, जानें कौन कर सकता है अप्लाई

NTPC ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ngel.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : संबंधित क्षेत्र में बीई, बीटेक की डिग्री, पीजी डिग्री, मैनेजमेंट में डिप्लोमा, सीए, सीएमए, वर्क एक्सपीरियंस, एमबीए की डिग्री एज लिमिट : अधिकतम 30 साल सिलेक्शन प्रोसेस : पद के अनुसार स्क्रीनिंग टेस्ट, रिटन टेस्ट या इंटरव्यू के बेसिस पर सिलेक्शन किया जाएगा। सैलरी : जारी नहीं फीस :     जनरल, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी : 500 रुपए     एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी,एक्स सर्विसमैन : नि:शुल्क ऐसे करें आवेदन :     ऑफिशियल वेबसाइट ngel.in पर जाएं।     करिअर सेक्शन पर क्लिक करें।     NGEL Recruitment 2025 – Advt. No. 01/25 पर क्लिक करें।     जरूरी डिटेल्स दर्ज करें।     डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके सब्मिट पर क्लिक करें।     फॉर्म डाउनलोड करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें

MP 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं ओपन स्कूल की डेटशीट जारी, जून में होंगी रुक जाना नहीं परीक्षाएं

भोपाल मध्य प्रदेश 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं ओपन स्कूल की परीक्षाएं जून 2025 में आयोजित की जाएंगी. मध्य प्रदेश स्टेट ओपन स्कूल (MPSOS) ने “रुक जाना नहीं” (आरजेएन) और “आ लौट चले” (एएलसी) योजनाओं के तहत एग्जाम शेड्यूल भी जारी कर दिया है. जून 2025 में होने वाली परीक्षाओं का एग्जाम का टाइम टेबल (MPSOS June Exam 2025 Timetable) ओपन स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट mpsos.nic.in पर उपलब्ध है. मध्य प्रदेश ओपन स्कूल कक्षा 10 और कक्षा 12 दोनों की परीक्षाएं 2 जून 2025 से 20 जून 2025 तक निर्धारित है. एमपीएसओएस की 10वीं और 12वीं की समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 10 की परीक्षाएं 2 जून, 2025 से 14 जून, 2025 (दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक) तक होंगी, जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 2 जून, 2025 से 20 जून, 2025 (सुबह 8 बजे से 11 बजे तक) तक होंगी. छात्रों को परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले तक एग्जाम सेंटर पर पहुंचना होगा. इसके बाद एंट्री नहीं दी जाएगी. कक्षा 10 की पहली परीक्षा 2 जून 2025 को सामाजिक विज्ञान की होगी, जबकि अंतिम परीक्षा शनिवार, 14 जून 2025 को उर्दू (206) की होगी. कक्षा 12 की पहली परीक्षा सोमवार, 2 जून 2025 को हिंदी (301) की होगी, जबकि अंतिम परीक्षा शुक्रवार, 20 जून 2025 को कटिंग टेलरिंग और ड्रेस मटीरियल (605), स्टेनोग्राफी (324), कंप्यूटर हार्डवेयर असेंबली और रखरखाव (616), खाद्य अनुभूति (358) की होगी. MPSOS रुक जाना नहीं (RJN) और आ लौट चले (ALC) परीक्षाएं आरजेएन और एएलसी 10वीं और 12वीं के लिए एमपीएसओएस समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 10 की परीक्षाएं 2 जून 2025 से 14 जून 2025 (दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक) तक होंगी, जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 2 जून से 20 जून 2025 तक (सुबह 8 बजे से 11 बजे तक) तक आयोजित की जाएंगी. एमपी 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं कक्षा 5 और कक्षा 8 की परीक्षाएं 3 जून से शुरू होकर 10 जून, 2025 तक चलेंगी. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अपडेट या शेड्यूल में बदलाव के लिए नियमित रूप से एमपीएसओएस वेबसाइट देखें.

गूगल ने जनवरी में इसी यूनिट के कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दिया था, अब की छंटनी

नई दिल्ली टेक दिग्गज गूगल ने अपने प्लेटफॉर्म और डिवाइस डिवीजन से सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह टीम एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर, पिक्सल फोन और क्रोम ब्राउजर के लिए काम करती थी। यह छंटनी ऐसे समय में की गई है, जब गूगल ने इस साल जनवरी में इसी यूनिट के कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, गूगल के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि पिछले साल अपने प्लेटफॉर्म और डिवाइस टीमों के विलय के बाद, कंपनी अधिक कुशलता और तेजी से काम कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है, “इस प्रयास के तहत, इसने पहले की पेशकश की गई स्वैच्छिक निकास कार्यक्रम के अलावा कुछ नौकरियों में कटौती भी की है।” कंपनी ने कहा, “हालांकि, प्रभावित भूमिकाओं की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन यह कदम संचालन को सुव्यवस्थित करने और खर्चों को कम करने की गूगल की व्यापक रणनीति को दर्शाता है।” कई दूसरे टेक दिग्गजों की तरह, कंपनी बदलती व्यावसायिक जरूरतों और बाजार की स्थितियों को देखते हुए अपनी टीम संरचनाओं की समीक्षा कर रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच अमेजन, इंटेल और गोल्डमैन सैक्स सहित कई वैश्विक कंपनियां भी नौकरियों में कटौती कर रही हैं। पहले आई रिपोर्टों के अनुसार, अमेजन सालाना 3 बिलियन डॉलर बचाने के लिए लगभग 14,000 प्रबंधकीय पदों में कटौती करने की योजना बना रहा है, जबकि इंटेल 2024 में महत्वपूर्ण वित्तीय नुकसान के बाद बड़े पुनर्गठन की तैयारी कर रहा है। एआई अपनाने में तेजी से वृद्धि के साथ, कंपनियां तेजी से लागत अनुकूलन और स्वचालन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों में कटौती हो रही है। पहले आई एक रिपोर्ट ने संकेत दिया कि गोल्डमैन सैक्स भी नौकरियों में कटौती की तैयारी कर रहा है, जिसमें वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा के बाद अपने कर्मचारियों की संख्या में 3-5 प्रतिशत की कटौती करने की योजना है। बैंक ऑफ अमेरिका ने हाल ही में लगभग 150 जूनियर बैंकर पदों को समाप्त कर दिया है, हालांकि अधिकांश प्रभावित कर्मचारियों को निवेश बैंकिंग के बाहर की भूमिकाएं दी गई हैं। वैश्विक आर्थिक स्थितियों के बारे में अनिश्चितता के साथ, आने वाले महीनों में और भी फर्म ऐसा कर सकती हैं।

25 अप्रैल तक बढ़ाई अग्निवीर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख, क्लर्क-ट्रेडमैन के साथ धार्मिक शिक्षक-नर्सिंग सहयोगी की भी पोस्ट

रायपुर इंडियन आर्मी जॉइन करने की चाहत रखने वाले युवाओं को एक और मौका मिलने जा रहा है। गुरुवार 10 अप्रैल तक ही अग्निवीर भर्ती के आवेदन की आखिरी तारीख थी। अब इसे बढ़ा दिया गया है। अब युवा 25 अप्रैल तक आवेदन कर सकेंगे। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार अग्निवीरों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है, जो भारतीय सेना की वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर मौजूद है। इसी वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। अग्निवीर की भर्ती जनरल, तकनीकी, क्लर्क, ट्रेडमेन (8वीं और 10वीं), महिला सैन्य पुलिस और रेगुलर कैडर भर्ती, धर्म गुरू, नर्सिंग सहयोगी और सिपाही फार्मा के पदों के लिए जारी की गई है। कैंडिडेट अग्निवीर के 2 पदों के लिए अपनी योग्यता अनुसार आवेदन कर सकते हैं। अग्निवीर क्लर्क के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन परीक्षा में टाइपिंग टेस्ट भी देना होगा। ऑनलाइन परीक्षा जून 2025 में होने की संभावना है। किसी भी अन्य जानकारी और समस्या के लिए कैंडिडेट सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलिफोन नंबर 0771-2965212/0771-2965214 पर संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा कहां होगी, फिजिकल टेस्ट किस शहर में होगा इसकी जानकारी अलग से जारी की जाएगी, सैन्य अफसरों ने बताया कि फिलहाल ये तय नहीं है। क्या होनी चाहिए योग्यता आईटी/साइबर हवलदार के पद पर बैचलर/मास्टर्स BCA/MCA/B.Tech/B.Sc/M.Sc (IT/AI/ML/Data Analytics/Data Science/Information Security) में न्यूनतम 50% अंक होने चाहिए। वहीं इंफॉर्मेशन ऑपरेशंस के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर विज्ञान, मास कम्युनिकेशन, पत्रकारिता, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, सार्वजनिक प्रशासन, राजनीतिक विज्ञान, सैन्य अध्ययन या रक्षा प्रबंधन में स्नातक/स्नातकोत्तर योग्यता मांगी गई है। जेसीओ कैटरिंग के लिए 12वीं पास अभ्यर्थी फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं। उनके पास कुकरी में सर्टिफिकेट/होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग टेक्नोलॉजी में पद से संबंधित डिप्लोमा होना चाहिए। जेसीओ धर्म गुरु, पंडित गोरखा, मौलवी पदों पर पद संबंधित विषय की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी फॉर्म भर सकते हैं। अग्निवीर सामान्य,ड्यूटी, तकनीकी सहायक, स्टोर कीपर, ट्रेड्समैन के लिए पद के अनुसार अभ्यर्थियों का 8वीं, 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। योग्यता संबंधित अन्य डिटेल्स अभ्यर्थी आधिकारिक नोटिफिकेशन से चेक कर सकते हैं। अन्य नोटिफिकेशन अभ्यर्थी आर्मी की ऑफिशियल वेबसाइट से चेक कर सकते हैं। फिजिकल फिटनेस-     अग्निवीर ऑफिस असिस्टेंट/स्टोर कीपर के लिए हाइट 162 सेमी होनी चाहिए। जीडी टेक्निकल/ट्रेडमैन के लिए 169 सेमी।     जीडी महिला पदों के लिए हाइट 162 सेमी। अन्य पदों के लिए भी लंबाई अलग-अलग रखी गई है।     इस बार 1600 मीटर दौड़ के लिए चार कैटेगरी रखी गई है। अभ्यर्थियों को आधे मिनट का समय ज्यादा मिलेगा।     इस भर्ती में आवेदन करने के लिए सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को 250 रुपए आवेदन शुल्क देना होगा।     लंबाई- 170 सेमी (सिर्फ अग्निवीर क्लर्क/ स्टोर कीपर के लिए यह 162 सेमी है)     वजन- आपकी लंबाई के मुताबिक मेडिकल पॉलिसी के अनुसार (स्टैंडर्ड BMI यानी बॉडी मास इंडेक्स के तहत)     सीना- 77 सेमी (+5 सेमी)     आर्मी स्टाफ, पूर्व कर्मचारी, युद्ध में विधवा हुईं या पूर्व कर्मियों की विधवा के बेटों, वॉर विडो, गोद लिए बेटे या दामाद (अगर अपना कोई बेटा नहीं है) इन्हें हाइट में 2 सेमी, चेस्ट में 1 सेमी और वजन में 2 केजी की छूट मिलेगी।     नेशनल, स्टेट, डिस्ट्रिक्ट, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी लेवल पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को लंबाई में 2 सेमी, चेस्ट में 3 सेमी और वजन में 5 किलो की छूट मिलेगी।     गोरखा, लद्दाख, ट्राइबल क्षेत्रों, अंडमान निकोबार, गार्ड ब्रिगेड, मिलिट्री पुलिस कॉर्प्स समेत अन्य कैटेगरी में अभ्यर्थी की लंबाई 155 सेमी से 173 के बीच अलग-अलग है। डिटेल नोटिफिकेशन में देखें।

छत्तीसगढ़ में अधिकारी बनने का मौका, ADEO के पदों पर आवेदन का लिंक खुला, देख लें योग्यता समेत पूरी डिटेल्स

रायपुर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) ने सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ADEO) के पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए 7 अप्रैल से आवेदन का लिंक आधिकारिक वेबसाइट vyapamcg.cgstate.gov.in पर एक्टिव हो गया है। जिसमें अभ्यर्थियों से अंतिम तिथि 2 मई 2025 तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। खबर में दिए गए लिंक की मदद से आप सीधे इस वैकेंसी के फॉर्म तक पहुंच सकते हैं। CG Vyapam Vacancy 2025: पद की डिटेल्स सहायक विकास विस्तार अधिकारी की यह रिक्तियां पंचायत एंव ग्रामीण विकास विभाग, विकास आयुक्त कार्यालय के लिए हैं। इसमें बैकलॉग वैकेंसी भी शामिल हैं। डिटेल्स अभ्यर्थी नीचे टेबल से देख सकते हैं। पद का नाम                                                  पद सहायक विकास विस्तार अधिकारी                193 बैकलॉग वैकेंसी                                           07 कुल                                                         200 CG ADEO Eligibility: योग्यता इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि होनी चाहिए। वहीं ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर उपाधि/स्नातकोत्तर पत्रोपाधि धारित करने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। मेरिट लिस्ट, प्रतियोगी परीक्षा में प्राप्त अंकों का 85 प्रतिशत देते हुए तैयार की जाएगी। वहीं 15 प्रतिशत अंक उन अभ्यर्थियों को मिलेंगे जो ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर उपाधि/स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की हो। योग्यता संबंधित जानकारी अभ्यर्थी विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी देख सकते हैं। डाउनलोड करें-     एज लिमिट- न्यूनतम 20 साल और अधिकतम उम्र 30 साल निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को एज लिमिट में नियमानुसार छूट मिलेगी।     सैलरी– लेवल-6 के मुताबिक ग्रेड वेतन 2400 छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय-समय पर प्रसारित आदेशों के अनुसार मंहगाई भत्ते एंव अन्य भत्ते भी मिलेंगे।     चयन प्रक्रिया– लिखित परीक्षा और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के जरिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।     आवेदन शुल्क- निशुल्क इस सरकारी नौकरी भर्ती की लिखित परीक्षा 100 प्रश्नों की होगी। जिसमें सामान्य अध्ययन, छत्तीसगढ़ का सामान्य अध्ययन, ग्रामीण विकास की योजनाएं एंव पंचायती राज, सामान्य हिंदी से प्रश्न आएंगे। इस भर्ती से जुड़ी अन्य किसी भी जानकारी के लिए अभ्यर्थी सीजी व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट विजिट कर सकते हैं।

​हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स में निकली बंपर भर्ती, जल्द करें आवेदन

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने डिप्लोमा टेक्नीशियन, ऑपरेटर और अप्रेंटिस के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के योग्य व इच्छुक उम्मीदवार विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट hal-india.co.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। विभाग का नाम: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड पद का नाम: टेक्नीशियन, ऑपरेटर और अप्रेंटिस पदों की संख्या: 306 आवेदन की अंतिम तिथि: 18 अप्रैल 2025 योग्यता : इंजीनियरिंग में डिप्लोमा Hindustan Aeronauticsआयु सीमा : 28 साल वेतन : 47,868 रुपए प्रतिमाह चयन प्रकिया : रिटन टेस्ट मेरिट लिस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन आवेदन प्रक्रिया: ऑफिशियल वेबसाइट hal-india.co.in/home पर जाकर आवेदन करें।

राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए यह भर्ती निकाली गई, 8 अप्रैल से करें आवेदन

नई दिल्ली बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकाली है। बीपीएससी की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए यह भर्ती निकाली गई है। कुल 1711 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस 08 अप्रैल, 2025 से शुरू होगा। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन फॉर्म भर सकेंगे। बिहार लोक सेवा आयोग ने जारी आधिकारिक सूचना में कहा है कि अभ्यर्थी एक बात का ध्यान रखें कि आवेदन पत्र एवं सबंधित दस्तावेजों की हॉर्ड कॉपी आयोग के कार्यालय में भेजने की जरूरत नहीं है। कैंडिडेट्स द्धारा खुूद हार्ड कॉपी में आवेदन या फिर कोई पूरक डॉक्यूमेंटब् आदि अगर दिया जाता है तो वह कॉपी/ दस्तावेज और उसके आधार पर किया गया कोई भी दावा मान्य नहीं होगा। इन विभागों में की जाएंगी नियुक्तियां एनाटॉमी, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट, स्त्री रोग एवं प्रसव, दंत रोग, नेत्र रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, मनोरोग, नाक, कान एवं गला, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, चर्म एवं रति रोग और जेरियाट्रिक्स। ये हैं भर्ती से जुड़ी अहम तिथियां कैटेगरी प्रमाण पत्र (अगर लागू हो) और पहचान पत्र की जरूरत होगी। कैंडिडेट्स बतौर फोटोआईडी आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य कोई भी डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करना पड़ सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अभी से दस्तावेजों को अभी तैयार करके रख लें।   बिहार असिस्टेंट भर्ती के लिए ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन सबसे पहले बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए सबसे पहले उम्मीदवारों को BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर https://bpsconline.bihar.gov.in जाना होगा।  होमपेज पर “BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2025” लिंक पर क्लिक करें। अब यहां मांगी गई जरूरी जानकारी भरें। आवेदन फॉर्म को सबमिट करें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन की एक प्रति डाउनलोड कर लें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट अपने पास रखें।

सीयूईटी के लिए CBSE की जरूरी घोषणा, 17 अप्रैल को आयोजित होगा कार्यक्रम

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से सीयूईटी के लिए एक जरूरी घोषणा की गई है। CBSE स्कूलों के प्रिंसिपलों और काउंसलरों के लिए एक खास प्रोग्राम शुरू कर रहा है। यह प्रोग्राम ऑफलाइन मोड में 17 अप्रैल, 2025 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चलेगा। इसका मकसद है कि स्कूल के लीडर्स CUET (सीयूईटी) परीक्षा के बारे में अच्छे से जान लें। इससे वे बच्चों को यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के लिए बेहतर तरीके से गाइड कर पाएंगे। सीयूईटी से जुड़े इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य है कि CUET परीक्षा का पैटर्न और एडमिशन का तरीका सबको समझ में आ जाए। CBSE से जुड़े स्कूलों के प्रिंसिपल और काउंसलर इसमें भाग ले सकते हैं। इससे स्कूल के टीचर्स बच्चों को अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेने में मदद कर पाएंगे। CUET 2025 ओरिएंटेशन क्यों है जरूरी? CUET, यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) की ओर से शुरू की गई एक परीक्षा है। यह भारत की यूनिवर्सिटीज में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स में एडमिशन के लिए होती है। CBSE के अनुसार CUET यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए बहुत जरूरी है, इसलिए स्कूलों को इसके हिसाब से तैयार रहना चाहिए और इसी काम को अच्छी तरह से करने लिए सीबीएसई की ओर से इस प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है।

बीएसईबी बिहार बोर्ड 10वीं कंपार्टमेंट परीक्षा 2025 पंजीकरण प्रक्रिया शुरू

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पटना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कक्षा 10 की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, बिहार बोर्ड मैट्रिक कंपार्टमेंट परीक्षा 2025 और बीएसईबी 10वीं विशेष परीक्षा 2025 के लिए पंजीकरण आज, 4 अप्रैल से शुरू कर देगा। जो छात्र एक या एक से अधिक विषयों में अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे बिहार बोर्ड मैट्रिक परिणाम 2025 की स्कूटनी के लिए आधिकारिक वेबसाइट (matricbsebscrutiny.com) पर 120 रुपये प्रति विषय का भुगतान करके आवेदन कर सकते हैं। कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 10वीं कंपार्टमेंट परीक्षा 2025 और मैट्रिक विशेष परीक्षा 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक छात्र इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए अपने स्कूल प्रमुखों से संपर्क कर सकते हैं और आधिकारिक वेबसाइट (secondary.biharboardonline.com या biharboardonline.com) के माध्यम से आवेदन करने के लिए कह सकते हैं।   बीएसईबी 10वीं कंपार्टमेंट और विशेष परीक्षा 2025 में शामिल होने के लिए आवेदन करते समय सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 1,010 रुपये का शुल्क देना होगा, जबकि एससी, एसटी और ईबीसी वर्ग के छात्रों के लिए यह शुल्क 895 रुपये निर्धारित किया गया है।   फीस भुगतान में ना करें ये गलती ऑनलाइन भुगतान के बाद, छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे 24 घंटे के भीतर यह जांच लें कि उनके बैंक खाते से राशि डेबिट हुई है या नहीं। यदि राशि डेबिट हो जाती है, लेकिन समिति के खाते में जमा नहीं होती है, तो ऐसे में आवेदन को अपूर्ण माना जाएगा और वह स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए भुगतान की स्थिति की पुष्टि करना आवश्यक है। आवेदन कैसे करें? बिहार बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी के लिए आवेदन प्रक्रिया के निम्नलिखित चरण जारी किए हैं, जिनका पालन करके छात्र आवेदन कर सकते हैं:     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट matric.bsebscrutiny.com पर जाएं।     “स्क्रूटनी के लिए आवेदन करें (वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2025)” लिंक पर क्लिक करें।     अब रोल कोड, रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें और रजिस्ट्रेशन के लिए पासवर्ड बनाएं।     यह पासवर्ड भविष्य में उपयोग के लिए सुरक्षित कर लें।     लॉग इन करने के बाद स्कूटनी के लिए आवेदन पत्र स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, जिसमें छात्र का विवरण और विषय अंकित होंगे।     जिस विषय में स्कूटनी करानी है, उस विषय के आगे दिए गए चेकबॉक्स को चिह्नित करें और आवेदन पूरा करें।  

आज जारी होगा सकता है राजस्थान पशु परिचर भर्ती परीक्षा के नतीजे

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जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) जल्द ही पशु परिचर भर्ती के नतीजे जारी करेगा। उम्मीद की जा रही है कि आज, 3 अप्रैल 2025 को इस परीक्षा का परिणाम जारी किया जा सकता है। बोर्ड के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि रिजल्ट जारी करने की योजना 3 अप्रैल को है। इस वजह से लाखों उम्मीदवार बेसब्री से अपने नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in पर जाकर देख सकेंगे। यह भर्ती परीक्षा 1 से 3 दिसंबर 2024 के बीच राजस्थान के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए 17 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से करीब 10 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। इस परीक्षा के माध्यम से कुल 6433 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें पहले 5934 पद थे, लेकिन बाद में 499 अतिरिक्त पद जोड़े गए। मेरिट लिस्ट और कट-ऑफ अंक जो उम्मीदवार कट-ऑफ अंक से अधिक अंक प्राप्त करते हैं, उन्हें दस्तावेज़ सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा। इन प्रक्रियाओं की तिथियां और स्थान की जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। क्या होगा अगला चरण परिणाम के साथ-साथ, बोर्ड ने मेरिट लिस्ट और कट-ऑफ अंक भी जारी किए हैं। उम्मीदवार इन सूचियों में अपने रोल नंबर की जांच कर सकते हैं ताकि यह पता चल सके कि वे अगले चरण के लिए चयनित हुए हैं या नहीं। कैसे करें अपना रिजल्ट चेक     सबसे पहले RSMSSB की आधिकारिक वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर ‘Results’ सेक्शन पर क्लिक करें।     अब ‘Animal Attendant Result 2025’ के लिंक पर क्लिक करें।     अपना रोल नंबर और जन्म तिथि जैसी आवश्यक जानकारी दर्ज करें।     सबमिट करने के बाद, आपका परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।     इसे डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंट आउट लें।  

उत्तर बस्तर कांकेर : भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन 10 अप्रैल तक आमंत्रित

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उत्तर बस्तर कांकेर भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती 2025 हेतु वेबसाईट www.joinindionarmy.nic.in  पर ऑनलाईन आवेदन 10 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अग्निवीर की भर्ती जनरल तकनीकी क्लर्क, ट्रेड्समैन आठवीं, दसवीं पास, महिला सैन्य पुलिस और रेगुलर कैडर भर्ती धर्मगुरू नर्सिंग सहयोगी और सिपाही फार्मा के पदों के लिए जारी किया गया है। अभ्यर्थी इस बार अग्निवीर के दो पदों के लिए अपनी योग्यता अनुसार आवेदन कर सकते हैं। अग्निवीर क्लर्क के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन परीक्षा (सीईई) के समय टायपिंग टेस्ट भी देना होगा तथा परीक्षा आगामी जून में होने की संभावना है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212, 0771-2965214 पर संपर्क किया जा सकता है।  

राजस्थान में 12वीं पास युवाओं के लिया 13,252 पदों पर भर्ती, 1 मई तक करें आवेदन

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राजस्थान में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। राज्य सरकार ने नेशनल हेल्थ मिशन और राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी के तहत 13,252 पदों पर भर्ती निकाली है। इन भर्तियों के लिए 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट उम्मीदवार राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर 1 मई तक आवेदन कर सकते हैं। भर्ती परीक्षा और रिजल्ट की तिथि इन भर्तियों के लिए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) का आयोजन जून में होगा। परीक्षा 2 से 12 जून तक अलग-अलग कैटेगरी में आयोजित की जाएगी। इसके बाद आंसर-की जून-जुलाई में जारी होगी, और अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। फाइनल रिजल्ट 13 नवंबर तक जारी किया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया और चयन – परीक्षा कंप्यूटर या टैबलेट आधारित होगी। – परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों में से दोगुना उम्मीदवार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाए जाएंगे। – चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शामिल है। परीक्षा पैटर्न – परीक्षा 200 अंकों की होगी और 2 घंटे की अवधि की होगी। – प्रश्न सामान्य हिंदी, अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान और गणित से पूछे जाएंगे। आयु सीमा और आवेदन शुल्क – उम्मीदवार की आयु 18 से 40 वर्ष होनी चाहिए। – आरक्षित श्रेणी को नियमानुसार उम्र में छूट मिलेगी। – आवेदन शुल्क: – सामान्य और क्रीमीलेयर OBC – 600 रुपये – नॉन-क्रीमीलेयर OBC और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग – 400 रुपये – SC/ST उम्मीदवार – 400 रुपये आवेदन प्रक्रिया 1. rsmssb.rajasthan.gov.in पर जाएं। rsmssb.rajasthan.gov.in 2. नोटिफिकेशन के लिंक पर क्लिक करें। 3. अधिसूचना पढ़ें और नियमों के अनुसार आवेदन करें।  

Indian Navy में 12वीं पास के लिए निकली भर्ती, जल्द करें अप्लाई

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भारतीय नौसेना ने SSR की मेडिकल ब्रांच में सेलर्स के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 10 अप्रैल तक विभाग की वेबसाइट sailornavy.cdac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। विभाग का नाम: भारतीय नौसेना पद का नाम: सेलर्स पदों की संख्या: आवेदन की तिथि: 10 अप्रैल 2025 योग्यता : मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास। वेतन : 69,100 रुपए आयु सीमा : 19 साल चयन प्रकिया : एंट्रेंस टेस्ट फिजिकल टेस्ट, रिटन एग्जाम और मेडिकल टेस्ट आवेदन प्रकिया: ऑफिशियल वेबसाइट sailornavy.cdac.in पर जाकर आवेदन करें।

KVS क्लास 2 से 10वीं एवं बाल वाटिका 2 के लिए आवेदन आज से, 11 अप्रैल है फॉर्म भरने की लास्ट डेट

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देशभर के केंद्रीय विद्यालय में बाल वाटिका 2 के साथ ही कक्षा 2 से 10वीं तक एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 2 अप्रैल से शुरू हो रही है। जो भी माता-पिता अपने बच्चों को केवीएस में एडमिशन दिलवाना चाहते हैं वे आज से ही ऑनलाइन माध्यम से केवीएस की ऑफिशियल वेबसाइट kvsangathan.nic.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भर सकेंगे। एप्लीकेशन फॉर्म भरने की लास्ट डेट 11 अप्रैल 2025 निर्धारित है। ध्यान रखें कि फॉर्म केवल ऑनलाइन ही भरा जा सकेगा, अन्य किसी भी प्रकार से फॉर्म स्वीकार नहीं होंगे। आवेदन करने का तरीका केवीएस एडमिशन के लिए आवेदन अभिभावक स्वयं से ही मोबाइल के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अलावा आप फॉर्म भरने के लिए कैफे की मदद भी ले सकते हैं। आपकी सहूलियत के लिए आवेदन की स्टेप्स यहां दी जा रही हैं जिनको फॉलो कर आसानी से फॉर्म भरा जा सकता है।     केवीएस एडमिशन के लिए अभिभावकों को पहले ऑफिशियल वेबसाइट kvsonlineadmission.kvs.gov.in पर जाना होगा।     इसके बाद आपको जिस कक्षा के लिए आवेदन करना है उसे चुनना होगा।     इसके बाद पहले Registration (sign-up) of first-time user पर क्लिक करके मांगी गई डिटेल भरकर पंजीकरण करना होगा।     रजिस्ट्रेशन होने के बाद Login (sign-in) to the Admission application portal पर क्लिक करके अन्य डिटेल भरनी होगी।     अब डॉक्युमेंट डिटेल, पेरेंट्स डिटेल, स्कूल च्वाइस, डॉक्युमेंट जमा करने के बाद फॉर्म को सबमिट कर देना है और उसका प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लेना है। निशुल्क किया जा सकता है आवेदन सभी माता-पिता एवं छात्रों को बता दें कि केवीएस की ओर से एडमिशन के लिए फॉर्म भरने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में सभी पेरेंट्स निशुल्क रूप से आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। आवेदन के लिए कक्षा के अनुसार आयु सीमा बाल बाटिका 2: 4 से 5 वर्ष के बीच कक्षा 2: 7 से 9 वर्ष के बीच कक्षा 3: 8 से 10 वर्ष के बीच कक्षा 4: 9 से 10 वर्ष के बीच कक्षा 5: 9 से 11 वर्ष के बीच कक्षा 6: 10 से 12 वर्ष के बीच कक्षा 7: 11 से 13 वर्ष के बीच कक्षा 8: 12 से 14 वर्ष के बीच कक्षा 9: 13 से 15 वर्ष के बीच कक्षा 10: 14 से 16 वर्ष के बीच

9वीं, 10वीं, 11वीं, 12वीं कक्षा का सिलेब्स चेंज, CBSE की आधिकारिक वेबसाइट से करे डाउनलोड?

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नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 9 से 12 तक के लिए नया सिलेबस जारी कर दिया है। यह सूचना CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर प्रकाशित की गई है। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को नए सिलेबस के अनुसार शिक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है, जिसमें प्रोजेक्ट-बेस्ड, इंक्वायरी-ड्रिवन और टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड शिक्षा पर जोर दिया गया है। इस सिलेबस में 12वीं के फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और गणित के पाठ्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। इस सत्र के लिए सिलेबस शैक्षणिक सत्र 2024-25 जैसा ही रखा गया है। इसके तहत होने वाली पढ़ाई और परीक्षा इसी सिलेबस पर आधारित होगी, जैसा कि CBSE की एकेडमिक डायरेक्टर, डॉ. प्रज्ञा एम सिंह ने बताया। कैसे करें CBSE सिलेबस डाउनलोड? यदि आप CBSE कक्षा 9 से 12 तक के सिलेबस को डाउनलोड करना चाहते हैं, तो इन आसान कदमों का पालन करें: सबसे पहले CBSE की आधिकारिक वेबसाइट www.cbseacademic.nic.in पर जाएं। “एकेडमिक” टैब पर क्लिक करें और “सेकेंडरी करिकुलम/सीनियर सेकेंडरी सिलेबस” लिंक पर जाएं। अब एक नया पेज खुलेगा, जिसमें आप अपनी कक्षा और विषय के अनुसार सिलेबस डाउनलोड कर सकते हैं। यह सिलेबस आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए उपयोगी होगा और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न इसी पर आधारित होंगे।

छत्तीसगढ़ में अब एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला शुरू, व्यापमं ने इन परीक्षाओं की तारीखें पहले ही की घोषित

रायपुर छत्तीसगढ़ में स्कूल और यूनिवर्सिटी के एग्जाम के बाद अब एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला शुरू होने वाला है। व्यापमं ने इन परीक्षाओं की तारीखें पहले ही घोषित कर दी हैं। PAT, PET, PPT, P-MCA, प्री बीएड-डीएड और भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को इन एग्जाम में शामिल होने के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने होंगे। कैंडिडेट्स के लिए राहत की बात यह है कि सभी इन परीक्षाओं के आवेदन निशुल्क होंगे। सभी इच्छुक उम्मीदवार व्यापमं की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन पत्र भर सकते हैं और प्रवेश परीक्षा के लिए अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यहां करना होगा आवेदन इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए व्यापमं की ऑफिशियल वेबसाइट vyapam.cgstate.gov.in पर जाएं। इन परीक्षाओं के जरिए छत्तीसगढ़ के छात्रों को अपने पसंदीदा कोर्स और भर्ती परीक्षा में शामिल होकर लॉगिन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान-     जब आप ऑनलाइन एग्जाम फॉर्म भर रहे हों, तो कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखें।     सबसे पहले, अपनी जानकारी सही से भरें, जैसे नाम, जन्मतिथि, और शैक्षिक योग्यता, क्योंकि गलती से फॉर्म रद्द हो सकता है।     फॉर्म भरने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज (जैसे 10वीं/12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, फोटो) तैयार रखें।     यह सुनिश्चित करें कि फोटो और सिग्नेचर सही साइज में हो। फॉर्म भरने से पहले निर्देश अच्छे से पढ़ लें और अगर फीस भरनी हो तो उसे सही से भरें।     अगर त्रुटि सुधार का समय मिले, तो फॉर्म चेक करके सुधारें।     फॉर्म सबमिट करने से पहले एक बार फिर से सारी जानकारी चेक करें, ताकि कोई गलती न हो। परीक्षा केंद्र का चयन भी सही से करें।

आईबीपीएस क्लर्क मुख्य परीक्षा का जारी हुए रिजल्ट, ऐसे डाउनलोड करें स्कोरकार्ड

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 नई दिल्ली      इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सेलेक्शन (IBPS) ने IBPS क्लर्क मेन्स रिजल्ट 2025 की घोषणा कर दी है. जो उम्मीदवार कस्टमर सर्विस एसोसिएट्स (CSA) मेन्स परीक्षा के लिए उपस्थित हुए थे, वे अपना परिणाम आधिकारिक IBPS वेबसाइट – https://www.ibps.in पर ऑनलाइन देख सकते हैं. आईबीपीएस क्लर्क मेन्स 2025 आईबीपीएस क्लर्क मुख्य परीक्षा पिछले साल अक्टूबर में आयोजित की गई थी. यहां जाने मार्क्स पैटर्न सामान्य/वित्तीय जागरूकता: 50 प्रश्न -50 अंक – 35 मिनट की अवधि सामान्य अंग्रेजी: 40 प्रश्न – 40 अंक -35 मिनट की अवधि तर्क क्षमता एवं कंप्यूटर योग्यता PART 1: 10 प्रश्न (प्रत्येक 2 अंक) PART 2: 40 प्रश्न (प्रत्येक 1 अंक) कुल अवधि: 45 मिनट कैसे चेक करें IBPS Clerk Mains Result 2025     आधिकारिक रूप से जारी होने पर अपना परिणाम देखने के लिए इन सरल चरणों का पालन करें:     आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट https://www.ibps.in पर जाएं.     होमपेज पर ‘सीआरपी – सीएसए-XIV के लिए ऑनलाइन मुख्य परीक्षा का परिणाम’ लिंक पर क्लिक करें.     अपना लॉगिन क्रेडेंशियल (जैसे कि आपका पंजीकरण नंबर और पासवर्ड) दर्ज करें.     कैप्चा दर्ज करें.     अपना परिणाम देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें  

भारतीय नौसेना में भर्ती का सुनहरा मौका, अग्निवीर SSR और MR के लिए आज से आवेदन शुरू

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नई दिल्ली भारतीय नौसेना में शामिल होने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है. नौसेना ने अग्निवीर एसएसआर (SSR) और अग्निवीर एमआर (MR) भर्ती 02/2025 और 02/2026 बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट joinindiannavy.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की लास्ट डेट 10 अप्रैल 2025 तय की गई है. उम्मीदवार यहां दिए गए स्टेप्स के जरिए आवेदन कर सकते हैं. जरूरी योग्यता अग्निवीर एमआर पदों के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से हाई स्कूल (10वीं) पास होना आवश्यक है. वहीं, एसएसआर पदों के लिए 12वीं में गणित और भौतिकी अनिवार्य विषयों के साथ कंप्यूटर साइंस/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान में से कोई एक विषय होना जरूरी है. उम्र सीमा आयु सीमा की बात करें तो अग्निवीर 02/2025 बैच के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का जन्म 1 सितंबर 2004 से 29 फरवरी 2008 के बीच होना चाहिए. वहीं, 01/2026 बैच के लिए 1 फरवरी 2005 से 31 जुलाई 2008 के बीच और 02/2026 बैच के लिए 1 जुलाई 2005 से 31 दिसंबर 2008 के बीच जन्म हुआ होना चाहिए. इतना देना होगा आवेदन शुल्क सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में 550 रुपये जमा करने होंगे. शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग के माध्यम से किया जा सकता है. ध्यान रहे, बिना शुल्क भुगतान के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. कैसे करें आवेदन स्टेप 1: उम्मीदवार आवेदन करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट joinindiannavy.gov.in पर जाएं. स्टेप 2: फिर उम्मीदवार होम पेज पर “Agniveer Applications Open. Click here to Apply” लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 3: अब नया पंजीकरण करने के लिए “Register” पर क्लिक करें और जरूरी जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें. स्टेप 4: इसके बाद लॉग इन करके मांगी गई अन्य जानकारी भरें और सभी दस्तावेज अपलोड करें. स्टेप 5: फिर उम्मीदवार तय आवेदन शुल्क जमा करें और फॉर्म को सबमिट कर दें. स्टेप 6: अब उम्मीदवार आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट लेकर आगे के लिए सेव रख लें.  

BHU में ग्रुप C जूनियर क्लर्क के 199 पदों पर भर्ती, ऐसे करें आवेदन

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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की तरफ से बंपर पदों पर भर्ती निकाली गई है. जिनके लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शानदार मौका है. विश्वविद्यालय ने ग्रुप C जूनियर क्लर्क के 199 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी BHU की आधिकारिक वेबसाइट bhu.ac.in पर जाकर 22 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. कुल 199 पदों में जनरल के लिए 80, EWS के लिए 20, OBC के लिए 50, SC के लिए 28, ST के लिए 13 और दिव्यांग श्रेणी के लिए 8 पद आरक्षित हैं. आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को सेकंड डिवीजन से ग्रेजुएशन पास होना जरूरी है और कंप्यूटर में कम से कम 6 महीने का प्रशिक्षण या AICTE से मान्यता प्राप्त डिप्लोमा होना चाहिए. नोटिफिकेशन के अनुसार आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष है. जबकि OBC को 3 साल और SC/ST को 5 साल की छूट मिलेगी. आवेदन शुल्क जनरल, EWS और OBC के लिए 500 है जबकि SC/ST, दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों के लिए निशुल्क है. फीस का भुगतान इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या UPI से किया जा सकता है. चयन लिखित परीक्षा के आधार पर होगा और सफल उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. ​​आवेदन पत्र डाउनलोड करने के बाद उसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्रार, भर्ती एवं मूल्यांकन प्रकोष्ठ, होलकर हाउस, बीएचयू, वाराणसी – 221005 (यूपी) के पते पर भेजना होगा.​ अधिक जानकारी के लिए BHU की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें.

करियर के लिए प्लानिंग जरूरी

अपने लिए सही करियर चुनने का मौका हर युवा को मिलता है, परंतु इसके लिए आप में अपनी पर्सनैलिटी के हिसाब से सही फैसला लेना बेहद जरूरी है। वास्तव में इसकी तैयारी हम अपने शैक्षणिक काल में विषयों के चुनाव से ही आरंभ कर देते हैं। कभी-कभी इसमें लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को प्रभावित करता है… अवसर को पहचानना सीखें:- कई बार जिंदगी हमें गलत फैसलों को भी ठीक करने का मौका देती है, जो हमारे जीवन की दिशा बदल सकता है। यदि आप सावधान हैं तो मिल रहे उन अवसरों को लपक सकते हैं। सवाल यह उठता है कि अब उस अवसर को पहचाना कैसे जाए। इसमें करियर काऊंसलर आप की मदद कर सकते हैं। समझें मनोविज्ञान:- हम में से अधिकांश ऐसा करते हैं कि दोस्तों ने जो विषय लिए हैं वही लेने हैं और कई वर्ष बाद जा कर महसूस होता है कि यह लाइन हमारे लिए नहीं थी। यदि हमने अपने लिए कोई ड्रैस भी खरीदनी है, तो उसके लिए कई बार सोचते हैं, कई दुकानें घूमते हैं, जबकि उस ड्रैस को हम मात्र 10-20 बार ही पहनते हैं। फिर करियर की जिस राह ने वर्षों तक हमारा हाथ थामना है, उसे हम दूसरों की नकल कर अपना लेते हैं, जबकि करियर ही तो हमें हमारे सपनों की राह तक ले जाता है। करें विश्लेषण:– अपनी स्ट्रैंथ, हॉबी एवं पैशन का विश्लेषण करें और समाज में एक खास शख्सियत के रूप में अपना नाम बनाएं। यदि समाज की बुराइयां आपको व्यथित करती हैं तो रिर्पाेटिंग में जाएं और यदि पुरानी चीजों को समझना और गहराई से चिंतन करना भाता है तो पुरातत्व विभाग में जाएं। यदि आपको लोगों से मिलना और उन्हें मोटीवेट करना पसंद है, तो एच.आर. मैनेजर, मार्कीटिंग मैनेजर, शिक्षक, काऊंसलर या टूर गाइड जैसे करियर में किस्मत आजमाएं। यदि आपकी दिलचस्पी भवनों और स्थापत्य कला में है तो सिविल इंजीनियर के रूप में अपना करियर चुनें। चाह सफलता और दौलत की:- आज युवा वह करियर चुनना चहते हैं, जिसमें ढेर सारा पैसा और सफलता के अवसर भी हों। सिनेमा की फंतासी उनके इस ख्वाब को अधिक हवा देती है परंतु सफलता का पैमाना तो पत्रकारों, लेखकों, शैफ या काऊंसलर्स की लाइफ में भी होता है। सिर्फ डॉक्टर, वकील या इंजीनियर ही सफल व्यक्तित्व वाले नहीं माने जा सकते। जरूरत तो इस बात की है जो भी करियर आप चुनें, उससे शिद्दत से जुड़ें और सफलता के नए आयाम तलाशें।  

High-Paid Medical Course: दसवीं के बाद किन मेडिकल कोर्स में होती है बंपर कमाई

दसवीं पास करने के बाद अगर आप मेडिकल फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं, तो कई ऐसे कोर्स हैं जो अच्छी कमाई दे सकते हैं. ये कोर्स आपको हेल्थकेयर सेक्टर में एक मजबूत शुरुआत दे सकते हैं. चलिए, ऐसे ही कुछ हाई-पेड कोर्स के बारे में जानते हैं. डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (MLT) MLT एक 2 साल का कोर्स है, जिसमें आप लैब टेक्नीशियन बनना सीखते हैं. इसमें ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट जैसे काम सिखाए जाते हैं. इसकी शुरुआती सैलरी 3-6 लाख रुपये सालाना हो सकती है, और अनुभव के साथ 10 लाख तक जा सकती है. डिप्लोमा इन नर्सिंग नर्सिंग का डिप्लोमा कोर्स 2-3 साल का होता है, जिसमें आप मरीजों की देखभाल करना सीखते हैं. सरकारी अस्पतालों में नर्स की सैलरी 4-8 लाख सालाना होती है, और प्राइवेट में 3-6 लाख से शुरू हो सकती है. डिप्लोमा इन रेडियोलॉजी रेडियोलॉजी में आप X-रे, MRI जैसे टेस्ट करना सीखते हैं. ये 2 साल का कोर्स है, और इसमें शुरुआती सैलरी 3-7 लाख रुपये सालाना हो सकती है. अनुभव के साथ ये 12 लाख तक जा सकती है. डिप्लोमा इन डेंटल हाइजीन इस कोर्स में आप दांतों की देखभाल और सफाई करना सीखते हैं. 2 साल के इस कोर्स के बाद डेंटल हाइजीनिस्ट बनकर 3-5 लाख सालाना कमा सकते हैं. बड़े शहरों में ये 8 लाख तक जा सकती है. डिप्लोमा इन फार्मेसी फार्मेसी का डिप्लोमा 2 साल का होता है, जिसमें दवाइयों की जानकारी दी जाती है. फार्मासिस्ट बनकर आप 3-6 लाख सालाना कमा सकते हैं. दवा कंपनियों में ये सैलरी 10 लाख तक पहुंच सकती है. डिप्लोमा इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी इस कोर्स में आप सर्जरी के दौरान डॉक्टर की मदद करना सीखते हैं. 2 साल के इस कोर्स के बाद OT टेक्नीशियन की सैलरी 3-6 लाख सालाना होती है, जो बाद में 8-10 लाख तक जा सकती है. डिप्लोमा इन फिजियोथेरेपी फिजियोथेरेपी में आप मरीजों को व्यायाम और थेरेपी से ठीक करना सीखते हैं. 2 साल के कोर्स के बाद शुरुआती सैलरी 3-5 लाख सालाना होती है, और अनुभव के साथ 10 लाख तक जा सकती है. डिप्लोमा इन मेडिकल रिकॉर्ड टेक्नोलॉजी इस कोर्स में मरीजों के रिकॉर्ड मैनेज करना सिखाया जाता है. 1-2 साल के कोर्स के बाद मेडिकल रिकॉर्ड टेक्नीशियन की सैलरी 2.5-5 लाख सालाना होती है, जो बाद में बढ़ती है.

सुकून के साथ कॅरियर की उड़ान भरे मानवअधिकारों में

भारत में सांविधिक सरकारी निकाय एवं निगम जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग (महिला, बाल, मानवाधिकार, मजदूर, कल्याण, अल्पसंख्यक समुदाय, अजा एवं अजजा आयोग), सैन्य, अर्ध-सैन्य तथा पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्था, स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान निकाय और उत्कृष्टता केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी तथा जिला शहरी विकास एजेंसी, वकीलों तथा विधिक विशेषज्ञों द्वारा चलाए जाने वाले मानवाधिकार परामर्शदाता संगठन कुछ अन्य ऐसे स्थान हैं जहां कॅरिअर के अवसर तलाश सकते हैं, बाल-अपराध एवं बाल-दुव्र्यवहार जैसी सुधार संस्थाओं और महिला सुधार केन्द्रों, कारागार एवं बेघर गृहों में भी कार्य किया जा सकता है। मानव अधिकार एक चिर-परिचित क्षेत्र है। परन्तु, यह जानना व समझना सचमुच महत्वपूर्ण है कि मानव अधिकारों की पकड़ व समझ आपको बेहतर भविष्य के साथ-साथ मानवता के कल्याण का सहभागी भी बना सकती है। राजगार विशेषज्ञ मनु सिंह बताते हैं कि मानवाधिकार राष्ट्रीयता, निवास-स्थान, लिंग, राष्ट्रीय या नैतिक स्रोत, रंग, धर्म, भाषा या किसी अन्य स्थिति से परे सभी व्यक्तियों में निहित अधिकार हैं। हम सभी, बिना किसी भेदभाव के अपने मानवाधिकार के समान रूप से हकदार हैं। ये अधिकार परस्पर संबंधी, एक-दूसरे पर आश्रित होते हैं। सार्वभौमिक मानवाधिकारों को प्रायः समझौतों, प्रचलित अंतर्राष्ट्रीय विधि, सामान्य सिद्धांतों तथा अंतर्राष्ट्रीय विधि के अन्य स्रोतों के रूप में विधि द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है तथा इनका आश्वासन दिया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि व्यक्तियों या समूहों के मानवाधिकारों तथा मूलभूत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने के लिए कई रूपों में कार्य करने एवं कई कृत्यों से दूर रहने के दायित्व निर्धारित करते हैं। आखिर मानव अधिकार क्या हैं? सबसे पहले यह जान लें कि मानवाधिकार संविधान में निम्नलिखित बातें शामिल हैंः-सुरक्षा अधिकार-जो व्यक्तियों की, हत्या, जनसंहार, उत्पीड़न तथा बलात्कार जैसे अपराधों से रक्षा करते हैं। स्वतंत्रता अधिकार-जो विश्वास एवं धर्म, संगठनों, जन-समुदायों तथा आंदोलन जैसे क्षेत्रों में स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। राजनीतिक अधिकार-जो स्वयं को अभिव्यक्ति, विरोध, वोट देकर तथा सार्वजनिक कार्यालयों में सेवा द्वारा राजनीति में भाग लेने की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। उपयुक्त कार्यवाही अधिकार-जो मुकदमे के बिना कैद करने, गुप्त मुकदमे चलाने तथा अधिक सजा देने जैसी विधिक प्रणाली के दुरूपयोग से रक्षा करते हैं। समानता अधिकार-जो समान नागरिकता, विधि के समक्ष समानता एवं पक्षपात रहित होने का आश्वासन देते हैं। कल्याण अधिकार (ये आर्थिक तथा सामाजिक अधिकारों के रूप में जाने जाते हैं)। जिनमें शिक्षा का तथा अत्यंत निर्धनता और भुखमरी से रक्षा का प्रावधान है। सामूहिक अधिकार-जो विजाति-संहार के विरुद्ध एवं देशों द्वारा उनके राष्ट्रीय क्षेत्रों तथा संसाधनों के स्वामित्व के लिए समूहों को रक्षा प्रदान करते हैं। पारस्परिक निर्भरता व निष्पक्षता सभी मानवाधिकार अविभाज्य हैं, भले ही वे नागरिक या राजनीतिक अधिकार हों, ऐसे ही अधिकार विधि के समक्ष जीवन, समानता के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार, आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक अधिकार, कार्य करने, सामाजिक सुरक्षा तथा शिक्षा के अधिकार और इसी तरह विकास एवं स्व-निर्धारण के अधिकार अहरणीय, परस्पर एक दूसरे पर निर्भर और परस्पर जुड़े हुए हैं। एक अधिकार में सुधार लाने से अन्य अधिकारों के विकास में सहयता मिलती है। इसी तरह एक अधिकार के हरण से अन्य अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। निष्पक्षता अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि में एक मजबूत सिद्धांत है। यह सिद्धांत सभी बड़े मानवाधिकार समझौते में व्याप्त है और कुछ अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सम्मेलनों जैसे कि सभी प्रकार के जातीय भेदभावों के उन्मूलन से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभावों ने उन्मूलन से जुड़े सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य को प्रस्तुत करता है। यह सिद्धांत सभी मानवाधिकारों तथा स्वतंत्रता के संबंध में सभी पर लागू होता है और यह सिद्धांत, लिंग, जाति, रंग तथा ऐसे अन्य वर्गों की सूची के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है। समानता का सिद्धांत निष्पक्षता के सिद्धांत का पूरक है। यह सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणा में उल्लिखितय इस अनुच्छेद-1 में उल्लिखित इस तथ्य से भी प्रकट होता है कि सभी मनुष्य जन्म से ही स्वतंत्र होते हैं तथा मान-सम्मान तथा अधिकारों में भी समान होते हैं। अधिकार और जिम्मेदारी भी मानवाधिकार अधिकारों तथा दायित्वों-दोनों को अपरिहार्य बनाते हैं। राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत दायित्वों तथा कार्यों को, मानवाधिकारों को आदर देने, उनकी रक्षा करने तथा उन्हें पूरा करने वाला मानते हैं। आदर देने के दायित्व का अर्थ है कि राष्ट्रों को मानवाधिकारों के प्रयोग में हस्तक्षेप करने से अथवा उसके प्रयोग को घटाने से बचना चाहिए। रक्षा के दायित्वों के संबंध में राष्ट्रों को, मानवाधिकारों के दुरूपयोगों से व्यक्तियों या समूहों की रक्षा करनी चाहिए। पूरा करने के दायित्व का अर्थ है कि राष्ट्रों को मूल मानवाधिकारों के प्रयोगों के कारगर बनाने के लिए सकारात्मक रूख अपनाना चाहिए। व्यक्तिगत स्तर पर, जब कि हम अपने मानवाधिकारों के हकदार हैं, हमें अन्यों के मानवाधिकारों का भी सम्मान करना चाहिए। मानवाधिकार संगठन भारत में मानवाधिकार अभी भी अपने विकास चरण में है। फिर भी इस क्षेत्र में विशेषज्ञता कर रहे छात्रों के लिए अनेक अवसर खुले हुए हैं। विकलांगों, अनाथ, दीन-हीन, शरणार्थियों, मानसिक विकलांगों तथा नशीले पदार्थ सेवियों के साथ कार्य करने वाले समाजसेवी संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों में करियर के अवसर उपलब्ध हैं। मानवाधिकार व्यवसायी सामान्यतः मानवाधिकार एवं नागरिक स्वतंत्रता के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्थापित गैर-सरकारी संगठनों में भी कार्य कर सकते हैं। ये गैर-सरकारी संगठन मानवाधिकार सक्रियतावाद, आपदा एवं आपातकालीन राहत, मानवीय सहायता बाल एवं बंधुआ मजदूरों, विस्थापित व्यक्तियों, संघर्ष समाधान तथा अन्यों में सार्वजनिक हित के मुकदमेबाजी के क्षेत्र में भी कार्य करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों को, मानवाधिकार में विशेषज्ञता करने वाले व्यक्तियों की निररंतर तलाश रहती है। इसमें संयुक्त राष्ट्र संगठन भी शामिल हैं। भारत में सांविधिक सरकारी निकाय एवं निगम जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग (महिला, बाल, मानवाधिकार, मजदूर, कल्याण, अल्पसंख्यक समुदाय, अजा एवं अजजा आयोग), सैन्य, अर्ध-सैन्य तथा पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्था, स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान निकाय और उत्कृष्टता केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी तथा जिला शहरी विकास एजेंसी, वकीलों तथा विधिक विशेषज्ञों द्वारा चलाए जाने वाले मानवाधिकार परामर्शदाता संगठन कुछ अन्य ऐसे स्थान हैं जहां कॅरिअर के अवसर तलाश सकते हैं, बाल-अपराध एवं बाल-दुव्र्यवहार जैसी सुधार संस्थाओं और महिला सुधार केन्द्रों, कारागार एवं बेघर गृहों में भी कार्य किया जा सकता है। मानवाधिकार विशेषज्ञों की मांग शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ने की संभावना है। पाठ्यक्रम अवधि … Read more

सैनिक स्कूल में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका, 50000 मिलेगी सैलरी

सैनिक स्कूल में नौकरी (Sarkari Naukri) पाने का मन बना रहे युवाओं के लिए बढ़िया मौका है. इसके लिए सैनिक स्कूल नालंदा, बिहार ने काउंसलर, नर्सिंग सिस्टर और अन्य पदों के वैकेंसी निकाली है. उम्मीदवार जो कोई भी इन पदों के लिए आवेदन करने की सोच रहे हैं, वे सैनिक स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट sainikschoolnalanda.edu.in के जरिए अप्लाई कर सकते हैं. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. सैनिक स्कूल भर्ती 2025 के इन पदों के लिए जो कोई भी आवेदन करने की सोच रहे हैं, वे 2 अप्रैल तक या उससे पहले अप्लाई कर सकते हैं. इस भर्ती के माध्यम से कई अलग-अलग पदों पर बहाली की जाने वाली है. अगर आप भी इन पदों के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो नीचे दिए गए बातों को ध्यान से पढ़ें. सैनिक स्कूल में भरे जाने वाले पद काउंसलर- 1 पद आर्ट मास्टर- 1 पद नर्सिंग सिस्टर- 1 पद पीईएम/पीटीआई और मैट्रन- 1 पद सैनिक स्कूल में नौकरी पाने की आयु सीमा काउंसलर: 21 वर्ष से 35 वर्ष आर्ट मास्टर: 21 वर्ष से 35 वर्ष नर्सिंग सिस्टर: 18 वर्ष से 50 वर्ष पीईएम/पीटीआई और मैट्रन: 18 वर्ष से 50 वर्ष सैनिक स्कूल में फॉर्म भरने की योग्यता काउंसलर- उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता विश्वविद्यालय या संस्थान से ग्रेजुएशन/पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. आर्ट मास्टर: 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, मास्टर डिग्री वाले इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. नर्सिंग सिस्टर: डिप्लोमा होल्डर इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. पीईएम/पीटीआई और मैट्रन: किसी भी मान्यता बोर्ड या संस्थान से कक्षा 10वीं पास होना चाहिए. सैनिक स्कूल में अप्लाई करने का शुल्क एससी/एसटी उम्मीदवार के लिए आवेदन शुल्क: 300 रुपये अन्य सभी उम्मीदवार के लिए आवेदन शुल्क: 500 रुपये यहां देखें नोटिफिकेशन और आवेदन लिंक Sainik School Recruitment 2025 नोटिफिकेशन Sainik School Recruitment 2025 के लिए अप्लाई करने का लिंक सैनिक स्कूल में चयन होने पर मिलेगी सैलरी काउंसलर- 50,000 रुपये आर्ट मास्टर- 50,000 रुपये नर्सिंग सिस्टर- 25,000 रुपये पीईएम/पीटीआई और मैट्रन- 25,000 रुपये

आर्मी अग्निवीर भर्ती के लिए 10 अप्रैल तक कर सकते है रजिस्ट्रेशन

मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए जरूरी खबर है। सेना में भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है। आर्मी रैली भर्ती (अग्निवीर) के तहत कई पदों पर भर्ती निकाली है। इसके लिए 8वीं और 10वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते है। इन पदों पर होगी भर्ती सेना भर्ती कार्यालय के मुताबिक, अग्निवीर जनरल ड्यूटी, क्लर्क, महिला पुलिस, कीपर, ट्रेडमैन, सैनिक फार्मा, शिक्षक समेत अन्य पदों पर भर्ती होगी। इसके लिए 14 मार्च से प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 8वीं-10वीं पास अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते है। भोपाल, विदिशा, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़, रायसेन, सीहोर, गुना, अशोकनगर, पना, दमोह और नरसिंहपुर के उम्मीदवारों के लिए सेना में भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रकिया 10 अप्रैल 2025 तक जारी रहेगी।     आवदेन प्रारंभ- 14 मार्च 2025     आवेदन की अंतिम तारीख – 10 अप्रैल 2025 आयु सीमा     एमपी आर्मी रैली भर्ती आवेदन के लिए आयु सीमा 17.5 से 34 वर्ष के बीच होना चाहिए, जो पद के अनुसार है।     अग्निवीर जीडी / तकनीकी / सहायक / ट्रेड्समैन के लिए-17.5 से 21 वर्ष     सैनिक तकनीकी के लिए – 17.5 से 23 वर्ष     सिपाही फार्मा के लिए – 19 से 25 वर्ष     जेसीओ धार्मिक शिक्षक के लिए – 25 से 34 वर्ष     जेसीओ कैटरिंग – 21 से 27 वर्ष     हवलदार – 20 से 25 वर्ष योग्यता     मध्यप्रदेश आर्मी रैली के लिए शैक्षणिक योग्यता पद के मुताबिक अलग-अलग निर्धारित है।     हवलदार (IT/Cyber, Information Operations, Linguist) – BCA/MCA/B.Tech/B.Sc (IT/AI/ML/Data Science) या संबंधित क्षेत्र में न्यूनतम 50% अंक।     हवलदार सर्वेयर ऑटोमेटेड कार्टोग्राफर – BA/B.Sc गणित के साथ या BE/B.Tech (Civil/Electronics/Mechanical/Computer Science)।     JCO कैटरिंग – 10+2 और कुकरी/होटल प्रबंधन में डिप्लोमा।     JCO धार्मिक शिक्षक – संबंधित धार्मिक विषय में शास्त्री/स्नातक।     अग्निवीर (जनरल ड्यूटी, तकनीकी, सहायक, स्टोर कीपर, ट्रेड्समैन) – 8वीं, 10वीं या 12वीं पास।     अग्निवीर महिला सैन्य पुलिस-10वीं पास, न्यूनतम 45% अंक।     सैन्य तकनीकी नर्सिंग सहायक-10+2 (विज्ञान) में न्यूनतम 50% अंक।     सिपाही फार्मा – 10+2 (D.Pharma/B.Pharma)। शारीरिक योग्यता अभ्यर्थियों की ऊंची-162 से 170 जो पद और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग निर्धारित है, इस भर्ती से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए नोटिफिकेशन देखें।

BSEB Inter Compartment Exam 2025: कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए के लिए तारीखों का ऐलान, ऐसे करें आवेदन

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 25 मार्च 2025 को कक्षा 12वीं इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस वर्ष का कुल पास प्रतिशत 86.56% रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है। साथ ही, बोर्ड ने टॉपर्स की सूची, लड़कों और लड़कियों का पास प्रतिशत, स्ट्रीम-वाइज परिणाम और पुनर्मूल्यांकन तथा कंपार्टमेंट परीक्षा से जुड़ी जानकारी भी साझा की है। स्ट्रीम-वाइज पास प्रतिशत की बात करें तो आर्ट्स में 82.75%, कॉमर्स में 94.77% और साइंस में 89.66% छात्र सफल हुए हैं। BSEB Inter Compartment Exam: पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया और कंपार्टमेंट परीक्षा 2025 जो छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे 1 अप्रैल से 8 अप्रैल 2025 के बीच पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत, छात्र एक या सभी विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करा सकते हैं। साथ ही जो छात्र एक या दो विषयों में असफल हुए हैं, उनके लिए बिहार बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन करेगा। यह परीक्षा उन्हें अपने अंक सुधारने का अवसर देगी। बिहार बोर्ड पुनर्मूल्यांकन और कंपार्टमेंट परीक्षा का परिणाम 31 मई 2025 को जारी किया जाएगा। कंपार्टमेंट परीक्षा अप्रैल महीने के अंत में लिया जा सकता है। BSEB Inter Compartment Exam 2025: ऐसे कर सकते हैं आवेदन सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर जाएं। वेबसाइट के होमपेज पर ‘BSEB स्क्रूटनी 2025’ लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद नए पेज पर जाकर परीक्षा का प्रकार और अपना जिला चुनें। इसके बाद लॉगिन कर आवश्यक जानकारी भरें। आवेदन शुल्क का भुगतान कर फॉर्म सबमिट करें। भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट लें। Bihar Board 12th Result: इतने प्रतिशत छात्रों ने किया पास इस बार के बिहार बोर्ड 12वीं रिजल्ट में तीनों स्ट्रीम की बात करें तो साइंस स्ट्रीम का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा है। बिहार बोर्ड 12वीं साइंस टॉपर प्रिया जायसवाल ने 484 मार्क्स (96.8 फीसदी) बिहार बोर्ड 12वीं आर्ट्स टॉपर अंकिता कुमारी ने 473 मार्क्स (94.6 फीसदी) हासिल किए हैं और बिहार बोर्ड 12वीं कॉमर्स टॉपर रौशनी कुमारी ने 475 मार्क्स (95 फीसदी) हासिल किया है।

सीबीएसई का नया सर्कुलर: उपस्थिति इतनी कम हुई तो 10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम नहीं दे पाएंगे छात्र

नई दिल्ली  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक बार फिर उन छात्रों को चेतावनी दी है, जो रेगुलर क्लासेस नहीं ले रहे. ऐसे छात्रों को सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में बैठने की परमिशन नहीं दी जाएगी. साथ ही जो स्कूल डमी स्कूल प्रणाली को बढ़ावा देंगे या गैर-हाजिर छात्रों को बोर्ड परीक्षा के लिए नामांकित करेंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. सीबीएसई के नियमित स्कूलों में न पढ़ने वाले छात्रों को कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा देने से रोका जाएगा. अधिकारी ने बताया कि “डमी स्कूलों” में दाखिला लेने की जिम्मेदारी छात्रों और उनके माता-पिता की होगी. बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाएंगे स्कूल से ‘गायब’ छात्र दरअसल, सीबीएसई अपनी परीक्षा नियमावली में संशोधन करने पर विचार कर रहा है. नए नियमों के अनुसार, डमी स्कूलों के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी. ऐसे छात्रों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की परीक्षा देनी होगी. सीबीएसई के एक सीनियर ऑफिसर ने पीटीआई को बताया कि, अगर जांच के दौरान कोई छात्र स्कूल से अनुपस्थित पाया जाता है या नियमित कक्षाओं में नहीं जाता है, तो उसे बोर्ड परीक्षा देने से रोका जा सकता है.” बोर्ड परीक्षा के लिए 75% हाजिरी अनिवार्य सीबीएसई गवर्निंग बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रों के लिए कम से कम 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी. एक सीबीएसई अधिकारी ने कहा, “सीबीएसई नियमों के अनुसार, केवल रजिस्ट्रेशन कर लेने से कोई छात्र बोर्ड परीक्षा के लिए योग्य नहीं होगा. उसे कम से कम 75% हाजिरी पूरी करनी होगी.” सिर्फ इन छात्रों को अटेंडेंस में 25% की छूट जो छात्र सीबीएसई की उपस्थिति नीति के अनुसार योग्य नहीं होंगे, वे NIOS परीक्षा के जरिए बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे. केवल चिकित्सा आपातकाल, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भागीदारी, या अन्य गंभीर परिस्थितियों में 25% उपस्थिति की छूट दी जाएगी. डमी स्कूलों में दाखिला क्यों लेते हैं छात्र? इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र डमी स्कूलों में दाखिला लेते हैं ताकि वे पूरी तरह से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें. इसके अलावा, कुछ छात्र राज्य कोटा लाभ पाने के लिए भी डमी स्कूलों में नामांकन कराते हैं. उदाहरण के लिए, दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों में दिल्ली राज्य कोटा पाने के लिए कई छात्र दिल्ली के डमी स्कूलों में नामांकन कराते हैं. डमी स्कूलों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन रही है क्योंकि ये छात्र नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं होते और केवल बोर्ड परीक्षा के लिए स्कूल आते हैं. सीबीएसई जल्द ही NIOS के साथ मिलकर इस पर नए दिशा-निर्देश तैयार कर सकता है, जिन्हें अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा.  

जाॅब के दौरान आत्मविश्वास जरुरी…

आत्मविश्वास सिर्फ इंटरव्यू में ही नहीं, बल्कि आगे जॉब करने के दौरान आपको हर जगह दिखाना होता है। इस पर आपकी तरक्की भी निर्भर करती है। अगर आप करियर की राह में सफल होना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह स्किल सीखना होगा कि खुद को कैसे कॉन्फिडेंट बनाएं… किसी इंटरव्यू के दौरान सबसे पहले इस बात का आकलन किया जाता है कि कैंडिडेट कॉन्फिडेंट है या नहीं। नियोक्ता किसी कर्मचारी में जिन जरूरी स्किल की तलाश करता है, उसमें कॉन्फिडेंस यानी आत्म-विश्वास सबसे प्रमुख होता है। कई बार ऐसा भी देखा जाता है कि अच्छे कैंडिडेट्स का भी जॉब के लिए सलेक्शन नहीं होता है, क्योंकि इंटरव्यू के दौरान वह काफी नर्वस था या उसके कॉन्फिडेंस की कमी इंटरव्यू लेने वालों को खल रही थी। आत्म-विश्वास सिर्फ इंटरव्यू में ही नहीं, बल्कि जॉब करने के दौरान आपको हर जगह दिखाना होता है। इस पर आपकी तरक्की भी निर्भर करती है। अगर आप करियर की राह में सफल होना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह स्किल सीखना होगा कि अपने को कॉन्फिडेंट कैसे बनाएं। यह कैसे हो सकता है, आइए इसका तरीका जानते हैं… प्रोफेशनल दिखें जब ऑप किसी जॉब के लिए अप्लाई करते हैं, तो एप्लीकेशन या अपने रिज्यूमे में ही अपने बारे में बेहतर से बेहतर तस्वीर दिखाने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन इंटरव्यू के द्वारा संभावित एम्प्लायर यह पता लगा लेता है कि आपका वास्तविक फस्र्ट इम्प्रेशन कैसा है, इसलिए आपको उस हिसाब से अपना बिहेवियर भी दिखाना होगा। इंटरव्यू या जॉब के दौरान आपको पूरी तरह से प्रोफेशनल दिखना चाहिए। अपनी क्षमता पर भरोसा करें सबसे पहले तो आपको खुद की क्षमता पर भरोसा करना होगा। आपने अपने रिज्यूमे में खुद अपनी काबिलियत की तारीफ की है, तो उस पर भरोसा भी करें। यह मान लें कि आपके अंदर क्षमता है और आप किसी इंटरव्यू को अच्छी तरह से फेस कर सकते हैं या कोई नया चैलेंजिग जॉब मिलने पर उसे कर सकते हैं। नेटवर्किंग की कला सीखें नेटवर्किंग से आपके अंदर की घबराहट कम होती है और सीनियर लोगों से मिलने-जुलने, उनके अनुभव जानने से आपको मार्ग-दर्शन मिलता है। इससे आपको यह सीख मिलती है कि इंटरव्यू के दौरान या किसी जॉब के दौरान किस तरह से पेश आना चाहिए। अति आत्म-विश्वास से बचें ज्यादातर लोग इसके शिकार हो जाते हैं। लोगों का अतिशय आत्म-विश्वास ईगो का रूप ले लेता है। कम योग्यता होते हुए भी कई बार लोग यह सोचते हैं कि उनसे बेहतर कोई नहीं और किसी जॉब के लिए उनका सलेक्शन तो तय है। इस बात का ध्यान रखें कि जब आप रिज्यूमे या कवर लेटर बनाएं तो वह विज्ञापन जैसा न हो। दिखाएं आत्म-विश्वास यदि आपको डराने वाला टास्क मिल गया, तो भी हर दिन ऐसे काम जरूर करें, जिसमें आप बेहतर हों। जैसे आप अच्छा लिखते हों, तो हर दिन कुछ लिखने का प्रयास करें। अपने को हमेशा यह याद दिलाते रहें कि आप सक्षम और कीमती हैं। सही सवाल करें ऐसे समय में कैंडिडेट्स सबसे मुश्किल में दिखता है, जब इंटरव्यूअर उससे पूछता है, क्या आप हमसे कोई सवाल करना चाहते हैं? आपके सामने ऐसी परिस्थित आती है और अगर आप कोई सवाल करना चाहते हैं, तो इस बात का ध्यान रहे कि सही तरीके का सवाल हो। आप चाहें, तो जॉब में संभावित चुनौतियों के बारे में सवाल पूछकर अपनी रुचि या कहें कि आत्म-विश्वास दर्शा सकते हैं या इंटरव्यू लेने वालों से यह सवाल भी कर सकते हैं कि उनके लिए सफलता का मतलब क्या है। अपनी नॉलेज बढ़ाएं अपनी ताकत और कमजोरियों के बारे अच्छी जानकारी से आत्म-विश्वास बनाए रखना आसान होता है। बिना किसी आत्म मुग्धता के ऐसा तरीका निकालें कि ताकत वाले गुण कैसे बढ़ें और कमजोरियों को कम कैसे किया जा सके।  

Bihar Homeguard Vacancy 2025: बिहार होमगार्ड भर्ती के लिए ये डाक्यूमेंट्स है जरुरी

बिहार में होमगार्ड के 15,000 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च 2025 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट www.onlinebhg.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती केवल बिहार के निवासियों के लिए है और जिला स्तर पर आयोजित की जाएगी। आवेदक केवल अपने स्थायी निवास जिले की वैकेंसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि कोई उम्मीदवार एक से अधिक जिलों के लिए आवेदन करता है, तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। Bihar Home Guard Bharti Documents List: आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेज पासपोर्ट साइज फोटो हस्ताक्षर स्थायी निवास प्रमाण पत्र जन्मतिथि प्रमाण पत्र (मैट्रिक या समकक्ष) इंटरमीडिएट (12वीं) पास का प्रमाण पत्र आरक्षण के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) Bihar Homeguard Vacancy 2025: ऑनलाइन होगा आवेदन आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना होगा। फीस जमा करने के बाद उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जो भविष्य में किसी भी जानकारी के लिए आवश्यक होगा। यह नंबर ईमेल और एसएमएस के माध्यम से भी भेजा जाएगा। उम्मीदवार आवेदन की अंतिम तिथि से पहले गलत जानकारी को सुधार सकते हैं, लेकिन नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, फोटो और आवेदन किए गए जिले में कोई बदलाव संभव नहीं होगा। Bihar Home Guard Bharti: इतने पदों पर होनी है भर्ती इस भर्ती में कुल 15,000 पद उपलब्ध हैं, जिनमें से महिलाओं के लिए 5,094 पद आरक्षित हैं। इसके अलावा अनारक्षित वर्ग के 6,006 पद, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 1,495 पद, अनुसूचित जाति (SC) के 2,399 पद, अनुसूचित जनजाति (ST) के159 पद, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के 2,694 पद और पिछड़ा वर्ग (BC) के1,800 पद शामिल हैं। Bihar Homeguard Notification: बिना लिखित परीक्षा के होगा चयन इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी, बल्कि फिजिकल टेस्ट के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। फिजिकल टेस्ट में प्रदर्शन के अनुसार मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके अलावा शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवारों को 12वीं पास होना चाहिए। यह योग्यता 1 जनवरी 2025 तक पूरी होनी चाहिए। वहीं आयु सीमा, न्यूनतम आयु 19 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2025 से होगी।

गाेवा बोर्ड 12वीं रिजल्ट gbshse.in पर जारी, यहां से डाउनलोड करें मार्कशीट

नई दिल्ली गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन ने बारहवीं कक्षा के रिजल्ट जारी कर दिया गया है। HSSC परिणाम आज यानी कि 27 मार्च, 2025 की शाम 5 बजे जारी किए गए हैं। GBSHSE तीनों स्ट्रीम यानी कि कॉमर्स, साइंस और आर्ट्स संकाय के नतीजे एक साथ जारी किए गए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राएं आधिकारिक वेबसाइट gbshse.in पर चेक कर सकते हैं। साथ ही चाहें तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके भी परिणाम देख ते हैं।   Goa Board HSSC Result 2025: गोाव बोर्ड 12वीं रिजल्ट चेक करने का ये है आसान तरीका     गोवा बोर्ड 12वीं रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर “हाल ही की घोषणाएं” सेक्शन में जाएं।     गोवा बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2025’ के लिंक पर क्लिक करें।     अपना सीट नंबर या रोल नंबर दर्ज करें और कैप्चा कोड एंटर करें।     सबमिट बटन पर क्लिक करें, इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।     अपने रिजल्ट के सभी विवरणों को ध्यानपूर्वक जांचें और मार्कशीट डाउनलोड करें।     भविष्य में जरूरत के लिए प्रिंटआउट लेकर सुरक्षित रख लें। यहां की जाएगी नतीजों की घोषणा नतीजों की रिजल्ट की घोषणा गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन, Porvorim के सेकंड फ्लोर पर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में की जाएगी। बता दें कि इस साल कुल 17,686 रेग्यूलर छात्र-छात्राएं कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे, इनमें 8,462 लड़के और 9,224 लड़कियां शामिल हैं। इसके अलावा, राज्य में 138 प्राइवेट उम्मीदवार (फ्रेश) और 24 निजी उम्मीदवार (exempted) भी परीक्षा में शामिल हुए हैं। 29 मार्च, 2025 से अभ्यर्थी स्कूल लॉगिन से consolidated परिणाम पत्रक डाउनलोड कर सकेंगे। साथ ही, बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट के साथ ही रिजल्ट बुकलेट भी उपलब्ध रहेगी।   गोवा बोर्ड 12वीं परीक्षा पास करने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक प्राप्त करने होंगे। अगर वे आवश्यक अंक हासिल नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें सप्लीमेंट्री परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इस विषय में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए परीक्षार्थियों को आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा।

मध्यप्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसरों के हजारों पद खाली, MP PSC फिर शुरू करेगा भर्ती!

 युवाओं को रोजगार में सहायता के लिए प्रदेश के विश्वविद्यालयें में दर्जनों मॉडर्न कोर्स शुरू किए गए। लेकिन इन कोर्स से भी युवाओं का मोह भंग हो रहा है। संगीत, भौतिकी तो दूर व्यक्तित्व विकास, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ), वेब एंड ग्राफिक्स डिजाइन और बी-वॉक रिन्यूएबल एनर्जी जैसे कोर्स में भी दाखिला नहीं लेना चाह रहे स्टूडेंट्स।  आलम यह है कि कई विवि में चल रहे ऐसे कोर्स में 5 से भी कम विद्यार्थी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विवि में असिस्टेंट प्रोफेसरों की कमी और प्लेसमेंट न होने से विद्यार्थी प्रवेश नहीं ले रहे हैं। आंकड़े बताते हैं, 17 विवि में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 1946 स्वीकृत पद हैं, पर 316 पर ही तैनाती है। गुरु की कमी से कई कोर्स में पढ़ाई ही नहीं हो पा रही है। खास यह है कि 5 नए विवि रानी अवंती बाई लोधी में 140, राजा शंकर शाह में 175, छत्रसाल बुंदेलखंड में 140, टंट्या भील में 140, तात्या टोपे विवि में 140 असिस्टेंट प्रोफसरों के पद स्वीकृत हैं, पर यहां नियुक्ति बाकी है। कॉलेजों में भी शिक्षकों की भारी कमी विश्वविद्यालय ही नहीं, इनसे संबद्ध कॉलेजों में भी प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसरों की संख्या बेहद कम है। उच्च शिक्षा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सहायक प्रोफेसरों के 11 हजार पद खाली हैं। हालांकि 27 फरवरी से एमपी-पीएससी ने 2117 पदों पर सहायक प्रोफेसरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए बुधवार दोपहर तक आवेदन लिए गए। जानकारों की मानें तो इस भर्ती के बाद कॉलेजों को कुछ प्रोफेसर तो मिलेंगे, लेकिन सभी कोर्स की जरूरतें नहीं पूरी हो सकेंगी। पीजी डिप्लोमा सीट प्रवेश डिप्लोमा इन वेब एंड ग्राफिक्स डिजाइन, पीजी डिप्लोमा इन एआइ एंड मशीन लर्निंग, पीजी डिप्लोमा इन बिग डाटा एनालिटिक्स, पीजी डिप्लोमा इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, बी-वॉक रिन्यूएबल एनर्जी, पीजी डिप्लोमा इन रूरल डेवलपमेंट, पीजी डिप्लोमा इन ईको टूरिज्म। पं. शंभूनाथ विश्वविद्यालय… न कोई सीखना चाहता है कंटेंट राइटिंग पीजी – डिप्लोमा – सीट – प्रवेश 1.इंग्लिश-कंटेंट राइटिंग – 60 – 01 2.एआइ एंड मशीन लर्निंग – 60 – 02 3.बायोइन्फॉर्मेटिक – 60 – 00 4.साइबर सिक्योरिटी 60 – 02 यूनिवर्सिटी स्वीकृत पद भरे खाली यूनिवर्सिटी – स्वीकृत पद – भरे गए – खाली बरकतउल्ला- 105 – 37 – 68 भोज ओपन – 54 – 04 – 50 अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी यूनिवर्सिटी- 27 – 13 – 14 जीवाजी ग्वालियर – 104 – 25 – 79 देवी अहिल्या, इंदौर – 154 – 86 – 68 एपीएस, रीवा 72 – 30 – 42 रानी दुर्गावती जबलपुर – 160 – 30 – 130 विक्रम, उज्जैन – 161 – 49 – 112 महात्मा गांधी 119 51 68 ग्रामोदय, चित्रकूट पं. एसएन शुक्ल, शहडोल – 121 – 24 – 97 पाणिनी, उज्जैन – 30 – 08 – 22 डॉ. आंबेडकर, महू – 107 – 07 – 100

MP बोर्ड 10वीं व 12वीं की दूसरी परीक्षा के दौरान फीस को लेकर विद्यार्थी असमंजस में हैं

भोपाल इस साल से मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षा दो बार आयोजित की जाएगी। पहली परीक्षा मंगलवार को समाप्त हुई। अब दूसरी परीक्षा जुलाई में आयोजित होगी। इस संंबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है, लेकिन इसमें फीस के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। फीस को लेकर विद्यार्थी असमंजस में हैं। मंडल के अधिकारियों का कहना है कि अभी तो दूसरी परीक्षा कराने की गाइडलाइन तय की गई है। फीस के संबंध में परीक्षा समिति के साथ बैठक कर तय किया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि अप्रैल तक बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया जाएगा।   जून में भरे जाएंगे फार्म दूसरी परीक्षा में उन्हीं विद्यार्थियों को मौका मिलेगा, जो पहली परीक्षा में शामिल हुए हैं। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए एक विषय का 250 रुपये शुल्क लगेगा। इसके लिए जून में आवेदन कराए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि रिणाम घोषित होने के बाद अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर दूसरी परीक्षा की तैयारी शुरू की जाएगी। अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका तैयार कराए जाएंगे। इसके बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी। केडी त्रिपाठी, सचिव, माशिमं ने बताया दूसरी परीक्षा जुलाई में आयोजित होगी। फीस के संबंध में परीक्षा समिति की बैठक में तय किया जाएगा।  

प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पदों पर बंपर भर्ती, 1,14,800 तक मिलेगी सैलरी, यहां देखें पूरी डिटेल

भोपाल मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer) के पदों पर भर्ती निकाली है। इसके लिए आवदेन की प्रक्रिया 28 मार्च से शुरू होगी। इस भर्ती के लिए योग्य और इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते है। एमपीपीएससी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 120 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए योग्य और इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि 28 मार्च 2025 से अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2025 तक निर्धारित की गई है। शैक्षणिक योग्यता अभ्यर्थी की शैक्षणिक की योग्यता किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय व संस्थान से निम्नलिखित अध्ययन के विषयों में स्नातक या स्नातकोत्तर या डॉक्टरेट की उपाधि होनी चाहिए। विषयों की सूची नोटिफिकेशन में दी गई है। एक बार जरूर पढ़ लें। आयु सीमा उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष तक होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जनवरी 2025 के अनुसार की जाएगी। वहीं उम्र में छूट के लिए नोटिफिकेशन का अवलोकन करें। सामान्य वर्ग और अन्य राज्य के उम्मीदवार के लिए 500 रुपये, वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार जो मध्य प्रदेश में रहते हैं उन सभी को 250 का भुगतान करना होगा। इसके अलावा अभ्यर्थी को 50 रुपये का भुगतान फार्म त्रुटि सुधार के लिए करना होगा और एमपी पोर्टल चार्ज के लिए 40 रुपये का भुगतान करना होगा। चयन प्रक्रिया उम्मीदवार का सिलेक्शन अंतिम चरण परिणाम परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के कुल योग के गुणानुक्रम के आधार पर किया जाएगा। सैलरी फूड सेफ्टी ऑफिसर के पद पर सिलेक्शन हो जाने के बाद 36200 से 114800 रुपये तक सैलरी मिलेगी।

बिहार में15000 होमगार्ड पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 10वीं पास करें आवेदन

15000 होमगार्ड पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 27 मार्च से ऑफिशियल वेबसाइट onlinebhg.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर करते है। विभाग का नाम: बिहार गृह रक्षा वाहिनी पदों की संख्या: 1500 पद का नाम: होमगार्ड पदों का विवरण : नालन्दा: 812 पद भोजपुर: 511 पद रोहतास: 559 पद बक्सर: 312 पद कैमूर/भभुआ: 241 पद गया: 909 पद पटना: 1479 पद नवादा: 361 पद जहानाबाज: 317 पद औरंगाबाद: 217 पद मोतिहारी: 474 पद बेतिया: 311 पद दरभंगा: 741 पद समस्तीपुर: 731 पद मुजफ्फरनगर: 296 पद सीतामढी: 439 पद शिवहरी: 78 पद छपरा: 690 पद सिवान: 231 पद गोपालगंज: 395 पद मधुबनी: 607 पद पूर्णियां: 280 पद कटिहार: 484 पद अररिया: 122 पद किशनगंज: 280 पद सहरसा: 74 पद सुपौल: 144 पद लखीसराय: 123 पद शेखपुरा: 192 पद खगड़िया: 111 पद बेगूसराय: 422 पद मधेपुरा: 193 पद भागलपुर: 666 पद बांका: 294 मुंगेर: 171 पद जमुई: 257 पद योगयता : मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं या 12वीं पास एज लिमिट : 18 से 25 साल चयन प्रकिया : लिखित परीक्षा पीईटी/पीएसटी डॉक्यूमेंट वेरिफिकिशन मेडिकल टेस्ट वेतन : विभाग के नियमों के अनुसार आवेदन प्रकिया : ऑफिशियल वेबसाइट onlinebhg.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन करें।

बिलासपुर : उत्कर्ष योजना के तहत लिखित चयन परीक्षा 30 मार्च को

जिले के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के लिए पं. जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में निजी विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए लिखित चयन परीक्षा 30 मार्च को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लिखित चयन परीक्षा आयोजित की जाएगी।     जिले के विकासखण्ड बिल्हा, कोटा, मस्तूरी एवं तखतपुर के परीक्षार्थियों के लिए डेल्टा पब्लिक स्कूल पुराना हाई कोर्ट के सामने गुम्बर कॉम्पलेक्स गांधी चौक को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। परीक्षार्थी अपने रोल नंबर, प्रवेश पत्र एवं परीक्षा केन्द्र संबंधी जानकारी के लिए संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय एवं सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बिलासपुर के कार्यालय में संपर्क कर सकते है।

एथलेटिक थेरेपिस्ट बन बनाएं ब्राइट करियर

इंडिया में अगर इंजीनियरिंग, मेडिकल, आइएएस, एंटरप्रेन्योरशिप में करियर बनाने का क्रेज है, तो स्पोट्र्स का पैशन रखने वाले और उसे प्रोफेशन के रूप में अपनाने वाले भी कम नहीं हैं। खिलाड़ी के रूप में नाम कमाने के अलावा स्पोट्र्स गुड्स इंडस्ट्री से जुड़कर भी लाखों युवा अपना भविष्य संवार रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार, इस इंडस्ट्री में पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इंटरनेशनल मार्केट में इंडियन स्पोट्र्स गुड्स की विश्वसनीयता बढऩे से एक्सपोर्ट मार्केट में इंडस्ट्री की धाक है। इधर, स्पोर्टिंग इवेंट्स में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है। वे अपनी ट्रेनिंग और फिटनेस पर पूरा फोकस कर रहे हैं, जिससे एथलेटिक थेरेपी एक नए विकल्प के तौर पर सामने आया है। क्या है एथलेटिक थेरेपी? एथलेटिक थेरेपी को स्पोट्र्स मेडिसिन भी कहते हैं। इसमें किसी भी खिलाड़ी की परफॉर्मेंस में सुधार लाने के लिए मेडिकल साइंस का इस्तेमाल किया जाता है। इसके तहत खिलाडिय़ों को ट्रेनिंग देनेे की साइंटिफिक तकनीक बताई जाती है, जिससे वे चोटिल होने पर भी दोबारा जल्द वापसी कर सकते हैं या फिर चोटिल हुए बिना अपनी परफॉर्मेंस को बेहतर कर सकते हैं। एक एथलेटिक थेरेपिस्ट का काम किसी भी घायल खिलाड़ी को तुरंत राहत और सपोर्ट उपलब्ध कराना होता है। इसके अलावा, दूसरे हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, फिजिकल थेरेपी, फिजियोथेरेपी, ऑर्थोपेडिक एक्सपट्र्स की मदद से खिलाडिय़ों का रीहैबिलेशन किया जाता है। उन्हें चोट से बचाव के उपाय बताए जाते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन एथलेटिक थेरेपिस्ट बनने के लिए आपके पास स्पोट्र्स मेडिसिन (एमबीबीएस), स्पोट्र्स फिजिकल थेरेपी में मास्टर्स डिग्री होनी चाहिए। साथ ही, एक्सरसाइज फिजियोलॉजी और एथलेटिक ट्रेनिंग में अतिरिक्त सर्टिफिकेट होने से फायदा मिलेगा। स्टूडेंट्स के पास फस्र्ट-एड और लाइफ सपोर्ट में सर्टिफिकट होना आवश्यक है। आप फिजियोथेरेपी में डिग्री कोर्स करके भी इस सेक्टर में आ सकते हैं। इंडिया में कई इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज फिजियोथेरेपी में मास्टर्स कोर्स संचालित करती हैं। बेसिक स्किल्स एथलेटिक थेरेपिस्ट के लिए खेल के प्रति लगाव, मोटिवेशन और दृढ़निश्चय का होना सबसे पहली जरूरत है। इसके साथ ही गंभीर मेडिकल अवस्था की जांच के लिए क्लीनिकल एक्सपीरियंस होना चाहिए। इसके अलावा, बेसिक साइकोलॉजिकल स्किल्स होना भी जरूरी है, ताकि मरीजों से इंटरैक्शन में कोई दिक्कत न हो। जो लोग करियर में ऊंची छलांग लगाना चाहते हैं, उन्हें स्पोट्र्स मेडिसिन में हो रहे लेटेस्ट डेवलपमेंट्स की जानकारी रखनी चाहिए। संभावनाएं इन दिनों जिस तरह से खिलाड़ी इंजरी मैनेजमेंट से लेकर अपने खेल को उन्नत बनाने के लिए साइंटिफिक अप्रोच के साथ काम कर रहे हैं, उसे देखते हुए जॉब मार्केट में एथलेटिक या स्पोट्र्स थेरेपिस्ट की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है। जिम और स्पोट्र्स कल्चर के बढऩे से भी यह एक आकर्षक विकल्प के रूप में चुना जा रहा है। मल्टीनेशनल स्पोट्र्स कंपनीज एथलेटिक थेरेपिस्ट्स को हायर करती हैं। वैसे, इंजरी प्रिवेंशन या मैनेजमेंट, मस्क्यूलोस्केलेटल रिहैबिलिटेशन में ट्रेन्ड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, चाहें तो इस सेक्टर में मनचाहा मुकाम हासिल कर सकते हैं। सैलरी एक एथलेटिक थेरेपिस्ट करियर की शुरुआत में 40 हजार रुपये आसानी से कमा सकता है। अनुभव बढऩे के साथ ही सैलरी 75 हजार रुपये से तीन लाख रुपये महीने तक हो सकती है। प्रमुख इंस्टीट्यूट्स -जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली -मणिपाल यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु -इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली -एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा -गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर -डी.वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी, पुणे  

बढ़ई-प्लंबर को परमानेंट रेजिडेंसी क्यों दे रहा कनाडा

कनाडा कनाडा में परमानेंट रेजिडेंसी (PR) को लेकर नए-नए प्रतिबंधों का ऐलान किया गया। इस वजह से भारतीयों समेत विदेशी वर्कर्स के लिए उत्तर अमेरिका के इस देश में बसना मुश्किल हो चुका है। भारतीयों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि वे बड़ी संख्या में कनाडा में काम करने जाते हैं। हालांकि, हर समस्या का कोई न कोई समाधान होता है और PR की परेशानी का हल भी खुद कनाडा ही लेकर आया है। कनाडा के नए परमानेंट रेजिडेंसी प्रोग्राम का ऐलान किया है। कनाडाई सरकार की तरफ से जिस PR प्रोग्राम का ऐलान हुआ है, वह आसानी से भारतीय वर्कर्स को देश में बसने की इजाजत देगा। सबसे अच्छी बात ये है कि इस प्रोग्राम इसलिए लाया गया है, क्योंकि एक सेक्टर में वर्कर्स की कमी हो गई है। आमतौर पर कनाडा में सेक्टर वाइज PR प्रोग्राम तभी लाए जाते हैं, जब वर्कर्स की कमी हो। आइए इस परमानेंट रेजिडेंसी प्रोग्राम के बारे में जानते हैं और समझते हैं किस तरह से इससे भारतीय आवेदकों को फायदा होने वाला है। क्या है PR देने वाला कनाडा का नया प्रोग्राम? दरअसल, कनाडा की सरकार कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को परमानेंट रेजिडेंसी प्रोग्राम लेकर आई है। इस प्रोग्राम के जरिए स्किल कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को देश में बुलाकर घरों के संकट को दूर करने का प्लान है। सरकार इस प्रोग्राम के जरिए कनाडा में मौजूद लगभग 6000 अवैध रूप से रहने वाले कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को PR देगी, जबकि 14000 विदेशी वर्कर्स को परमानेंट रेजिडेंसी दी जाएगी। टेंपरेरी फॉरेन वर्कर्स (TFW) को बिना स्टडी परमिट अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम में दाखिला लेने की भी इजाजत दी जाएगी। अभी तक बहुत से विदेशी वर्कर कंस्ट्रक्शन, हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स में बिना स्टडी परमिट अप्रेंटिसशिप नहीं कर पाते थे। आसान भाषा में कहें तो इस प्रोग्राम से कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को सीधे कनाडा में PR मिलेगा, फिर वो देश में हों या फिर विदेश से काम करने आएं। बहुत से विदेशी छात्र कंस्ट्रक्शन सेक्टर में जॉब भी कर रहे हैं, जबकि उनका वर्क परमिट एक्सपायर हो चुका है या फिर होने वाला है। इन छात्रों के पास भी इस नए प्रोग्राम के जरिए कनाडा में PR पाने का ऑप्शन होगा। कनाडा को नया प्रोग्राम क्यों लाना पड़ा? कनाडा इस वक्त घरों की किल्लत से जूझ रहा है। लोगों के रहने के लिए पर्याप्त घर नहीं हैं। ऐसे में सरकार ने 2030 तक 10 लाख नए घर बनाने का टारगेट सेट किया है। हालांकि, कनाडा को स्किल लेबर की कमी से भी जूझना पड़ रहा है, खासतौर पर कंस्ट्रक्श सेक्टर में। ऐसे में सरकार के लिए घरों के टारगेट को पूरा करना मुमकिन नहीं है। यही वजह है कि अभी सरकार को डॉक्टर्स-इंजीनियर्स की नहीं, बल्कि बढ़ई-प्लंबर की जरूरत है। वर्तमान में कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में काम कर रहे 23% वर्कर्स विदेशी हैं। इनमें से बहुत से छात्र हैं, जबकि ऐसे लोगों की संख्या भी अधिक है, जो अवैध रूप से देश में हैं। इस नए PR देने वाले प्रोग्राम को लाने का मकसद ही लेबर शॉर्टेज को कम करना है और स्किल वर्कर्स को देश में लाना है। PR प्रोग्राम से विदेशी वर्कर्स वैलिड तरीके से देश में दाखिल हो पाएंगे। TFW को कंस्ट्रक्शन सेक्टर में अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम करने की इजाजत देकर सरकार ने विदेशी वर्कर्स के लिए ट्रेनिंग और एक्सपीरियंस हासिल करने का रास्ता खोल दिया है। इस तरह वे ना सिर्फ कंस्ट्रक्शन सेक्टर में बेहतर ढंग से योगदान दे पाएंगे, बल्कि आसानी से परमानेंट रेजिडेंसी भी पा सकेंगे। भारतीयों को कैसे होगा फायदा? भारतीय छात्र जो पहले से ही कनाडा के कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम कर रहे हैं, उन्हें कुछ निश्चित मानदंडों को पूरा करना होगा। ऐसे करने पर वे नए प्रोग्राम के तहत परमानेंट रेजिडेंसी के लिए आवेदन के योग्य होंगे। भारतीय छात्र सिविल इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी, कंस्ट्रक्शन एस्टिमेशन, बढ़ईगीरी, ईंट बिछाने, प्लंबिंग, छत निर्माण, शीट मेटल जैसे काम कर रहे हैं। इन छात्रों के पास ऑप्शन होगा कि वे अब PR हासिल कर पाएं। कनाडा का फोकस मुख्यतौर पर स्किल वर्कर्स पर है, जिसका मतलब है कि अप्रेंटिसशिप के जरिए फॉर्मल ट्रेनिंग हासिल करने वाले छात्रों को एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम, प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) या कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के लिए नए PR प्रोग्राम जैसे कार्यक्रमों के जरिए परमानेंट रेजिडेंसी के लिए आवेदन करते समय बढ़त मिलेगी। कनाडा में स्किल वर्कर्स की वैसे भी सबसे ज्यादा डिमांड है, खासतौर पर कंस्ट्रक्शन सेक्टर में।

राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी के 53,749 पदों पर शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया, 10वीं पास करें आवेदन

जयपुर राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी के 53,749 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि 19 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद फॉर्म करेक्शन का वक्त दिया जाएगा। विभाग का नाम: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड पद का नाम: चतुर्थ श्रेणी पदों की संख्या: 53749 इस भर्ती परीक्षा का टेस्ट कंप्यूटर आधारित होगा। दोगुना अभ्यर्थियों को डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :10वीं पास आयु सीमा : 18 से 40 वर्ष आवेदन शुल्क : सामान्य : 600 रुपए अन्य: 400 रुपए वेतन : पे मैट्रिक्स लेवल – 1 के अनुसार चयन प्रकिया : लिखित परीक्षा डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन एग्जाम पैटर्न : परीक्षा दो घंटे की होगी। सामान्य हिंदी, अंग्रेजी, जनरल नॉलेज और मैथ्स से होंगे। परीक्षा 200 अंकों की होगी। आवेदन प्रकिया: ऑफिशियल वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in पर जाकर आवेदन करें।

राजस्थान ग्रुप-डी में 10वीं पास के लिए 53 हजार से अधिक पदों पर

जयपुर राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 53,749 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 मार्च 2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी rssb.rajasthan.gov.in और sso.rajasthan.gov.in पर जाकर 19 अप्रैल 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। अगर किसी अभ्यर्थी ने ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) शुल्क जमा नहीं किया है, तो उसे पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन पत्र भरते समय एक माह से अधिक पुरानी न होने वाली नवीनतम फोटो अपलोड करनी होगी। इसके अलावा, फॉर्म में विजिबल मार्क (पहचान चिन्ह) भरना अनिवार्य है। राजस्थान ग्रुप-डी भर्ती: वैकेंसी में बढ़ोतरी अब इस भर्ती अभियान के तहत 52,453 की बजाय 53,749 पदों पर भर्ती की जाएगी, यानी कुल 668 पदों का इजाफा किया गया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने संशोधित विज्ञप्ति जारी कर दी है। पहले राजस्थान क्लास-IV भर्ती 2024-2025 में 46,931 पद नॉन-टीएसपी और 5,522 पद टीएसपी के लिए आरक्षित थे। अब इसे बढ़ाकर 48,199 नॉन-टीएसपी और 5,550 टीएसपी कर दिया गया है। इस बदलाव के तहत नॉन-टीएसपी के 640 और टीएसपी के 28 पद बढ़ाए गए हैं। आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता आयु सीमा इस भर्ती के लिए 18 से 40 वर्ष की आयु वाले 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। आरक्षित वर्गों को आयु में छूट राजस्थान सरकार के नियमों के अनुसार, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (OBC), अति पिछड़ा वर्ग (MBC), और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के पुरुष उम्मीदवारों को 5 साल की छूट मिलेगी। इन्हीं वर्गों की महिला अभ्यर्थियों को 10 साल की छूट दी जाएगी। सामान्य (अनारक्षित) वर्ग की महिला अभ्यर्थियों को 5 साल की छूट दी जाएगी। राजस्थान ग्रुप-डी भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं (सेकेंडरी) पास होना अनिवार्य है। जो अभ्यर्थी 10वीं कक्षा के अंतिम वर्ष की परीक्षा में शामिल हो चुके हैं, वे भी इस सीधी भर्ती के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। हालांकि, चयन के समय उन्हें उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग और ओबीसी/अति पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर) के अभ्यर्थियों को 600 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं सभी आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपये रखा गया है। इस दिन होगी परीक्षा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, इस भर्ती की परीक्षा 18 से 21 सितंबर 2025 तक आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है।

Bank of India में 400 पदों पर निकली है भर्ती, अब 28 मार्च तक करें आवेदन

 बैंक ऑफ़ इंडिया में नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। बैंक ऑफ इंडिया ने अप्रेंटिस के 400 पदों पर भर्ती निकाली है। पहले आवेदन की आखिरी तारीख 15 मार्च थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 28 मार्च कर दिया गया है। योग्य व इच्छुक उम्मीदवार अब 28 मार्च तक ऑफिशियल वेबसाइट https://nats.education.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कुल पद: 400 पदों का विवरण: जनरल के लिए 195, ईडब्ल्यूएस के लिए 32, ओबीसी के लिए 81, एससी के लिए 52 और एसटी के लिए 40 पद रिजर्व किए गए हैं। आयु सीमा: उम्मीदवार की उम्र न्यूनतम 20 वर्ष और अधिकतम 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी। योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्था से किसी भी क्षेत्र में ग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि उनकी ग्रेजुएशन की डिग्री एक अप्रैल 2021 से लेकर 1 जनवरी 2025 के बीच होनी चाहिए। आवेदन शुल्क: इस भर्ती के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है। दिव्यांग उम्मीदवारों को 400 रुपये+ जीएसटी देना होगा। वहीं अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और सभी महिला उम्मीदवारों को 600 रुपये + जीएसटी, जबकि अन्य सभी उम्मीदवारों के लिए 800 रुपये + जीएसटी आवेदन शुल्क रखा गया है। इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करना होगा। चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। लिखित परीक्षा में जनरल नॉलेज, रीजनिंग, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और इंग्लिश से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। वेतनमान: चयनित उम्मीदवारों को 12,000 रुपये स्टाइपेंड प्रतिमाह प्रदान किया जाएगा। अतिरिक्त जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना देखने की सलाह दी जाती है। किन राज्यों में होगी भर्ती: उम्मीदवारों की नियुक्ति बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल कुल 15 राज्यों में होगी। ऐसे करें आवेदन :     सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट Bankofindia.co.in पर जाएं।     होमपेज पर करियर टैब पर क्लिक करें।     अप्लाई ऑनलाइन के लिए आवेदन लिंक पर क्लिक करें।     रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म भरें।     फीस का भुगतान करके फॉर्म सब्मिट कर दें।     आगे की जरूरत के लिए प्रिंटआउट लेकर रखें।

कॉफी क्वालिटी मैनेजमेंट में ऐसे बनाएं ब्राइट करियर

चाहे कोई फंक्शन हो या सेलिब्रेशन, मैन्यू में कॉफी का होना बेहद जरूरी है। इतना ही नहीं, बहुत से व्यक्तियों के दिन की शुरुआत भी कॉफी से ही होती है। लोगों के कॉफी के प्रति बढ़ते आकर्षण के चलते ही भारत में बहुत सी विदेशी और इंडियन कंपनियों ने कॉफी शॉप्स खोले हैं। लेकिन इन कॉफी शॉप्स की सबसे बड़ी चुनौती होती है, ग्राहकों को उनके टेस्ट के अनुसार उम्दा कॉफी सर्व करना। ऐसे में कॉफी के टेस्ट को बरकरार रखने का जिम्मा होता है कॉफी क्वालिटी मैनेजर का। अगर आप भी इस क्षेत्र में रुचि रखते हैं तो कॉफी मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपना सुनहरा भविष्य संवार सकते हैं। कैसी हैं पॉसिबिलिटीज एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में जिस प्रकार कॉफी की खपत बढ़ रही है। उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इसकी डिमांड कभी कम नहीं होने वाली। इसी कारण यह मार्केट तकरीबन 25 पर्सेंट सालाना की दर से आगे बढ़ रही है।   पर्सनल स्किल्स ग्राहकों को अपनी ओर खींचने में न सिर्फ कॉफी का टेस्ट बल्कि उसका रंग, स्मेल व प्रेजेंटेशन आदि का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। इसलिए एक कॉफी क्वालिटी मैनेजर को इन सब बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। चूंकि आजकल मार्केट में बहुत से कॉफी शॉप खुल गए हैं, इसलिए एक कॉफी क्वालिटी मैनेजर को अन्य शॉप्स की क्वालिटी को जानकर कुछ नया व अलग करने की ललक होनी चाहिए। साथ ही, उसमें हर एज ग्रुप के लोगों के टेस्ट को समझने की क्षमता भी होनी चाहिए।   एलिजिबिलिटीज भारतीय कॉफी बोर्ड द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कॉफी क्वालिटी मैनेजमेंट कोर्स संचालित किया जाता है। एक वर्षीय कोर्स में दाखिले के लिए प्रत्याशियों के पास बॉटनी, जूलॉजी, केमिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, फूड साइंस, एन्वॉयरमेंट साइंस, एग्रीकल्चर साइंस आदि में बैचलर डिग्री होनी आवश्यक है। हालांकि कॉफी प्लान्टेशन कंपनियों या संबंधित क्षेत्रों से जुड़ी एक्सपोर्ट कंपनियों के द्वारा प्रायोजित प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी जाती है। जॉब ऑप्शन बतौर कॉफी क्वालिटी मैनेजर आप किसी भी बड़े या फेमस इंडियन या मल्टीनेशनल कंपनी या उनकी कॉफी शॉप में जॉब कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बड़े होटल्स में भी इनके लिए ढेरों ऑप्शंस मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त आप चाहें तो किसी कॉफी शॉप की फ्रेंचाइजी लेकर भी काम कर सकते हैं। कुछ समय के अनुभव के बाद आप खुद का कॉफी शॉप भी खोल सकते हैं। सुकून के कुछ पल बिताने के लिए ही नहीं बल्कि छोटे फंक्शन के लिए भी लोग कॉफी शॉप का सहारा लेते हैं। ऐसे में खुद का कॉफी शॉप खोलना भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। आप चाहें तो कॉफी प्लांटेशन कंपनियों व एक्सपोर्ट कंपनियों के साथ जुड़कर भी काम कर सकते हैं। सैलरी इस क्षेत्र में आपकी इनकम इस बात पर निर्भर करती है कि आप किसी कंपनी के साथ जुड़कर कार्य करते हैं या फिर स्वयं की कॉफी शॉप खोलते हैं। वैसे, शुरुआती तौर पर आप 20 से 25 हजार रुपए प्रतिमाह आसानी से कमा सकते हैं। थोड़े अनुभव के बाद आपकी सैलरी में इजाफा हो सकता है। चूंकि कॉफी क्वालिटी मैनेजरों की विदेशों में भी काफी डिमांड होती है, इसलिए आप चाहें तो विदेश जाकर भी जॉब कर सकते हैं।  

रायपुर : अग्निवीर भर्ती के परिणाम 22 मार्च को

रायपुर छत्तीसगढ़ में अग्निवीर भर्ती के परिणाम कल 22 मार्च 2025 को घोषित किए जाएंगे। परीक्षा में सफल अभ्यर्थी  किं इस साल भारतीय सेना में अग्निवीर बनकर देश की सेवा करेंगे। अभ्यर्थी परिणाम देखने के लिए जॉइन इंडियन आर्मी के साइट https://www.joinindianarmy.nic.in/   का अवलोकन कर सकते हैं।  परिणाम  सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के नोटिस बोर्ड पर भी प्रदर्शित किए जाएंगे। सभी सफल अभ्यर्थियों को 24 मार्च को सुबह 06:30 बजे सेना भर्ती कार्यालय रायपुर शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय किकेट स्टेडियम, नया रायपुर में प्रारंभिक ब्रीफिंग और डिस्पैच प्रलेखन के लिए उपस्थित होना आवश्यक है। इन सभी सफल अभ्यार्थियों की ट्रेनिंग 01 मई 2025 से अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटर में शुरू जाएगी। किसी भी अन्य जानकारी और समस्या के समाधान के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलिफोन नंबर 0771-2965212,0771-2965214 पर संपर्क किया जा सकता है।

बिहार में सुपर 50 फ्री कोचिंग की सुविधा, मेडिकल-इंजीनियरिंग के लिए मुफ्त पढ़ाई

बिहार बिहार सरकार ने 23 अगस्त, 2023 को आईआईटी जेईई और नीट के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान करके होनहार छात्रों की मदद करने के लिए सुपर 50 पहल शुरू की थी। हाल ही में सुपर 50 को लेकर बिहार विद्यालय शिक्षा समिति की ओर से एक अपडेट आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल X पर साझा किया है, जिसमें छात्रों के लिए सुपर 50 फ्री कोचिंग की सुविधा के लिए आवेदन करने की लास्ट डेट बढ़ा दी गई है। BSEB सुपर 50 पटना में संचालित एक गैर आवासीय (रहने की सुविधा के साथ) नि:शुल्क कोचिंग है। जबकि यह राज्य के 9 प्रमण्डलीय जिलों पटना, मुजफ्फरपुर, छपरा, दरभंगा, सहरसा, पूर्णियां, गया, भागलपुर और मुंगेर में गैर आवासीय (रहने की सुविधा उपलब्ध नहीं) अनुशिक्षक प्रदान करती है। इसमें छात्रों को नए नामांकन के लिए 26 मार्च 2025 की लास्ट डेट से पहले आवेदन करना होगा। लास्ट डेट को हाल में आगे बढ़ाया गया है। सुपर 50 कोचिंग में मिलने वाली सुविधाएं:     देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में पढ़ा चुके अच्छे टीचर्स की ओर से NEET और JEE की कोचिंग दी जाएगी।     हर महीने दो बार OMR और CBT टेस्ट की व्यवस्था होगी।     AC क्लासरूम में डिजिटल बोर्ड की मदद से पढ़ाई कराई जाएगी।     अच्छी क्वालिटी का स्टडी मटेरियल NEET और JEE के स्टूडेंट्स को उपलब्ध कराया जाएगा। Super 50 आवेदन वेबसाइट: बिहार बोर्ड के ऐसे छात्र जो इस साल 10वीं की परीक्षा दे रहे हैं उनके लिए दो साल का कार्यक्रम उपलब्ध है जबकि जो ग्यारहवीं की पढ़ाई करके परीक्षा देने वाले हैं उनके लिए एक साल का कार्यक्रम सुपर 50 के साथ दिया जा रहा है। सभी इच्छुक छात्रों को coaching.biharboardonline.com पर आवेदन करना होगा।

नवोदय विद्यालय समिति की ओर से कक्षा 6 JNVST 2025 के लिए प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए निर्देश जारी

नई दिल्ली नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की ओर से कक्षा 6 JNVST 2025 (विंटर बाउंड) के लिए प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए जारी कर दिए गये हैं। जिन भी छात्रों ने इस प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन किया था वे तुरंत ही एनवीएस की ऑफिशियल वेबसाइट navodaya.gov.in पर जाकर या इस पेज पर दिए गये डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करके एडमिट कार्ड (JNVST Class 6 Admit Card 2025) डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर एवं डेट ऑफ बर्थ दर्ज करना होगा। एक शिफ्ट में आयोजित होगी परीक्षा एनवीएस की ओर से क्लास 6th विंटर बाउंड परीक्षा का आयोजन 12 अप्रैल 2025 को निर्धारित परीक्षा सेंटर्स पर एक शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए टाइमिंग सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 तक रहेगी। एग्जाम में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में बच्चों के माता-पिता नीचे दी जा रही स्टेप्स को फॉलो कर या दिए गए सीधे लिंक पर क्लिक करके मांगी गई डिटेल भरकर प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें। इन स्टेप्स को फॉलो कर डाउनलोड करें एडमिट कार्ड JNVST Admit Card 2025 Class 6 डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in पर विजिट करें। वेबसाइट के होम पेज पर आपको पॉप में “Click here to download the admit cards for class VI JNVST 2025 (Winter Bound).” पर क्लिक करना है। अब आपको अगले पेज पर फिर से एडमिट कार्ड से संबंधित लिंक पर क्लिक करके आगे बढ़ना है। नए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नंबर, डेट ऑफ बर्थ एवं दिया गया कोड भरकर साइन इन बटन पर क्लिक करना है। अब छात्र का एडमिट कार्ड स्क्रीन पर ओपन हो जायेगा जहां से आप इसे डाउनलोड करके इसका प्रिंटआउट निकाल लें।   परीक्षा पैटर्न विंटर बाउंड परीक्षा में छात्रों से कुल 80 प्रश्न पूछे जायेंगे जिसके लिए कुल पूर्णांक 100 रहेगा। प्रश्न पत्र में सभी सवाल बहुविकल्पीय प्रकार के पूछे जाएंगे। प्रश्न पत्र में मेन्टल एबिलिटी टेस्ट से 40 सवाल, अर्थमेटिक टेस्ट से 20 सवाल और लैंग्वेज टेस्ट से 20 सवाल पूछे जाएंगे।

भारतीय थल सेना : अग्निवीर भर्ती के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर ने अधिसूचना की जारी

रायपुर भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा अधिसूचना जारी की गई है, जो भारतीय सेना की वेबसाइट ज्वाइन इंडियन आर्मी डॉट एनआईसी डॉट इन पर उपलब्ध है। इस वेबसाइट में भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रकिया 12 मार्च से प्रारंभ की गई है जो 10 अप्रैल तक खुली रहेगी। इन युवाओं की सुनहरा मौका कक्षा आठवीं और दसवीं (हाईस्कूल) परीक्षा उत्तीर्ण योग्य युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। अग्निवीर की भर्ती जनरल ड्यूटी, तकनीकी स्टॉफ, क्लर्क, ट्रेडमेन, महिला सैन्य पुलिस और रेगुलर कैडर भर्ती, धर्मगुरू, नर्सिंग, सहयोगी, सिपाही, फार्मासिस्ट आदि श्रेणी में की जाएगी। अग्निवीर क्लर्क के उमीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा (सीईई) के समय टाइपिंग टेस्ट भी देना होगा। ऑनलाइन परीक्षा (सीईई) जून 2025 के बाद होने की संभावना हैं। अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी और समस्या के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर में संपर्क कर सकते हैं। इस बार भर्ती वर्ष 2025-26 से ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा और रैली के आयोजन में कुछ बदलाव किए गए हैं। ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा 13 भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, उड़िया, बंगाली, उर्दू, गुजराती, मराठी और असमिया में आयोजित की जाएगी। Agniveer Recruitment 2025: यहां देख सकते हैं पूरी जानकारी सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के मुताबिक अग्निवीरों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इंडियन आर्मी की वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर उपलब्ध है। भर्ती के लिए 17 से 21 साल के अभ्यर्थी अग्निवीर के दो पदों के लिए अपनी योग्यता अनुसार आवेदन कर सकते है।

केंद्रीय स्कूलों में अभिभावक बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए 21 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे

 सागर  केंद्रीय स्कूलों में दाखिला की प्रक्रिया 7 मार्च हो गई है। बाल वाटिका और कक्षा-एक में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन पहले शुरू हो जाएंगे। अभिभावक इन कक्षाओं में बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए 21 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। शहर में 5 केंद्रीय विद्यालय हैं, लेकिन बाल वाटिका केवल केंद्रीय स्कूल 3 में संचालित हैं। बाल वाटिका में प्रवेश के लिए केवी स्कूल क्रं 3 में विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाना होगा। वहीं अन्य कक्षाओं के लिए सभी केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। अन्य कक्षाओं के लिए दाखिले की प्रक्रिया अप्रेल में शुरू होगी। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने सभी श्रेणियों के छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म नि:शुल्क रखा है। पहली कक्षा की प्रोविजनल लिस्ट 25 मार्च को जारी होगी। बाल वाटिका की पहली प्रोविजनल लिस्ट 26 मार्च को जारी की जाएगी। बाल वाटिका-2, कक्षा दूसरी और अन्य कक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन 2 से 11 अप्रेल तक चलेगा। प्रवेश के लिए आयु सीमा भी तय की गई है। बाल वाटिका -1 में तीन से चार वर्ष, बाल वाटिका-2 में चार से पांच वर्ष और बाल वाटिका-3 में पांच से छह वर्ष के बच्चों को प्रवेश मिलेगा। कक्षा पहली में प्रवेश के लिए बच्चों की उम्र छह से आठ साल के बीच होनी चाहिए। वहीं कक्षा 2 और उससे ऊपर (क्लास 11 को छोडक़र) की कक्षाओं में सीट खाली होने पर ही एडमिशन लिए जाएंगे। ऑफलाइन होंगे एडमिशन कक्षा 2 से कक्षा 12 (कक्षा 11 को छोडक़र) में एडमिशन की प्रक्रिया 2 अप्रेल से शुरू होगी। यह 11 अप्रेल तक चलेगी। इन कक्षाओं में जगह खाली होने पर ही एडमिशन होगा। इनमें एडमिशन के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इनमें प्रवेश के लिए जानकारी विद्यालय को वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। आवेदन के लिए यह है जरूरी     सिम कार्ड वाला एक मान्य मोबाइल नंबर होना चाहिए।     एक वैध ईमेल पता होना चाहिए।     प्रवेश के इच्छुक बच्चे का एक डिजिटल फोटोग्राफ या फोटो का स्कैन होना चाहिए।     बच्चे केजन्म प्रमाण पत्र का स्कैन होना चाहिए।     आप आर्थिक रूप से कमजोर/गरीबी रेखा के नीचे (ईडब्ल्यूएस/बीपीएल) वर्ग के अंतर्गत आवेदन कर रहे हैं, तो सरकार द्वारा जारी ईडबल्यूएस/बीपीएल प्रमाण पत्र का विवरण दें।     माता/पिता के स्थानांतरण का विवरण देना होगा और सेवा श्रेणी (यदि लागू है) का आवेदन पत्र में उपयोग किया जाना है।  

डॉ. हरिसिंह गौर विवि में प्रवेश लिए दाखिला शुरू, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के लिए 22 मार्च तक लिए जाएंगे आवेदन

सागर  देशभर के 46 केंद्रीय विवि सहित डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में शुरू हुई यूजी में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। एन्थ्रोपोलॉजी, बिजनेस मैनेजमेंट, केमिस्ट्री, कंप्यूटर एप्लिकेशंस, इकोनॉमिक्स और अन्य विषयों में कोर्सेज में छात्र-छात्राओं को दाखिला मिलेगा। भविष्य में तकनीकी और आधुनिक जीवन में एआई के बढ़ते दखल की वजह से बीसीए में एआई विषय को जोड़ गया है। वहीं इसके साथ बीए एलएलबी, बेचलर ऑफ आट्र्स (जर्नलिज्म मॉस कम्यूनिकेशन), बेचलर ऑफ परफॉर्मनिंग आट्र्स (तबला परक्यूसन), हिंदुस्तानी वोकल म्यूजिक और बेचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नालॉजी जैसे कोर्स में भी छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सकते हैं। पारंपरिक कोर्स के साथ कई नए कोर्स जोड़े गए हैं। जिससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के बाद आसानी से रोजगार मिल सकेगा।  22 मार्च तक लिए जाएंगे आवेदन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन करती है। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 22 मार्च तक तक होंगे। इसके बाद 23 मार्च तक ऑनलाइन एप्लीकेशन की फीस जमा कर सकेंगे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा की टेंटेटिव तारीख भी नोटिफिकेशन में बताई है। जिसके आधार पर 8 मई से 1 जून के बीच यह परीक्षा आयोजित होगी। इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नोटिफिकेशन में बताया है कि यह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड पर ही आयोजित होगी। 13 भाषाओं में होगी परीक्षा सीयूईटी यूजी की परीक्षा इस बार भी मल्टीप्ल शिफ्ट व 13 भाषाओं में होगी। इसके अलावा कैंडिडेट 37 विषयों में से चुन सकेगा। जिनमें 13 भाषा, 23 डोमेन सब्जेक्ट व 1 जनरल टेस्ट होगा। जिनमें कैंडिडेट केवल 5 विषयों का ही चुनाव कर सकते हैं। पेपर पैटर्न में भी बदलाव किया गया है। सभी सब्जेक्ट में 50 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें करना अनिवार्य है। प्रत्येक पेपर को करने के लिए 1 घंटे का समय मिलेगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यूजी के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं। विवि की वेबसाइड पर विद्यार्थियों के लिए समस्त कोर्स की जानकारी दी गई है। विवेक जयसवाल, मीडिया प्रभारी डॉ. हरिसिंह गौर विवि

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की परीक्षाएं एक अप्रैल से, स्मार्ट वाॅच-ब्लूटूथ मिला तो रद्द होगी परीक्षा

भोपाल  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) की यूजी की प्रथम से तीसरे वर्ष की परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रायोगिक परीक्षाएं 13 मार्च से शुरू कर दी गई हैं। बीयू के बीए, बीएससी, बीकाम, बीएससी (होम साइंस), बीए मैनेजमेंट, बीबीए, बीसीए, बीपीईएस के प्रथम वर्ष और तीसरे वर्ष की सैद्धांतिक परीक्षाएं एक अप्रैल से शुरू होंगी। वहीं पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं मई में आयोजित होंगी।     इन परीक्षाओं में करीब 1.80 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रदेश के आठ जिलों में संबद्ध कालेजों के लिए इस बार परीक्षाओं के दौरान नकल पर रोक के लिए बीयू ने कड़े आदेश जारी किए हैं।     अगर कोई विद्यार्थी नकल करते पकड़ाया या किसी के पास स्मार्ट फोन, स्मार्ट वाॅच, ब्लूटूथ जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरण पाए गए तो उत्तरपुस्तिका जब्त कर विवि को भेजी जाएगी और परीक्षा निरस्त होगी।     इसके अलावा अगर परीक्षा शुरू होने के बाद कोई विद्यार्थी आधे घंटे बाद परीक्षा कक्ष से बाहर जाता है तो उसे दूसरी उत्तरपुस्तिका दी जाएगी। विवि ने परीक्षा के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। परीक्षार्थी की तलाशी ली जाएगी     बीयू ने सभी कॉलेजों के प्राचार्य व केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा केंद्र पर हर परीक्षार्थी की तलाशी ली जाए।     प्रतिबंधित सामग्री जैसे पुस्तकें, गाइड,मोबाइल, हस्तलिखी सामग्री,स्मार्ट वाॅच, इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि को बाहर ही जमा करा ली जाए। इसे आलमारी में बंद किया जाएगा।     यदि परीक्षा कक्ष में विद्यार्थी के पास नकल सामग्री प्राप्त होती है तो अनुचित साधन प्रतिवेदन फार्म पर जानकारी भरकर विद्यार्थी से हस्ताक्षर कराना है।     अनुचित साधन फार्म पर वीक्षक या केंद्रध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षर कराकर उत्तरपुस्तिका को पैकेट में बंद कर भेजे जाएं। केंद्र कम बनाए जाएंगे ताकि निगरानी सख्ती से हो     बीयू इस बार नकल प्रकरण पर रोक के लिए उड़नदस्तों की टीम को तैनात किया है और विवि में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।इसके माध्यम से परीक्षार्थियों की निगरानी की जाएगी।     साथ ही अधिक निगरानी के लिए इस बार केंद्रों की संख्या कम की जाएगी। इससे सख्ती से निगरानी की जा सके। वहीं जिन केंद्रों पर सिर्फ 50 या 60 विद्यार्थी शामिल होते थे।     उन केंद्रों को बंद किया जाएगा।विवि प्रबंधन इस बार परीक्षा केंद्रों को दिए जाने वाले खर्च को कम करेगा।  

ऑयल एंड गैस मैनेजमैंट: कॅरियर की एक नई उंचाई

यह कोर्स छात्रों में रणनीति एवं प्रबंधन कौशल का विकास करने के अलावा उन्हें एनर्जी मैनेजमैंट की गहरी समझ प्रदान करता है। इस क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं तकनीकी महत्व के साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय रणनीतियों पर इसके असर का ज्ञान भी उन्हें प्रदान किया जाता है। रोजगार की सम्भावनाएं: पैट्रोलियम इंडस्ट्री में कामगारों की औसत आवश्यकता अन्य इंडस्ट्रीज की तुलना में काफी अधिक है। इस वजह से निकट भविष्य में इस क्षेत्र में काफी अधिक नियुक्तियां की जाएंगी। विकास की सम्भावनाएं: पूरी दुनिया तेल एवं गैस पर निर्भर है। ये दुनिया भर की ऊर्जा जरूरतों का प्रमुख स्रोत हैं और अत्यधिक दोहन की वजह से तेजी से खत्म भी हो रहे हैं। इन स्रोतों का प्रबंधन महत्वपूर्ण हो गया है जो हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है। ऑयल एंड गैस मैनेजमैंट में कोर्स तेल एवं गैस इंडस्ट्री के लॉजिस्टिक्स तथा प्रबंधन के मुद्दों पर रोशनी डालता है। इंडस्ट्री तेल एवं गैस के नए स्रोतों का पता लगाने तथा उसे हासिल करने के लिए नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है।   मुख्य नियोक्ता: असैंचर, अदानी, बी.पी.सी.एल., ब्रिटिश गैस, क्रिसिल, डिलोइटे, एस्सार ऑयल, गेल, गल्फ ऑयल, एच.पी.सी.एल., इंडियन ऑयल, इंफोसिस, जिंदल ग्रुप, एल.एंड टी.। शुरूआती तनख्वाह: 20 हजार रुपए प्रतिमाह प्रमख संस्थान: इंटरनैशनल इंस्टीच्यूट ऑफ इंफार्मेशन टैक्रोलॉजी, पुणे, महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ पैट्रोलियम एंड एनर्जी स्ट्डीज, देहरादून, उत्तराखंड पंडित दीनदयाल पैट्रोलियम यूनिवर्सिटी, गांधीनगर, गुजरात  

MPPSC :असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में एमसीए डिग्री धारकों को कंप्यूटर साइंस विषय के लिए अयोग्य घोषित किया

इंदौर  मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में एमसीए (मास्टर्स ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) डिग्री धारकों को कंप्यूटर साइंस विषय के लिए अयोग्य करार दिया गया है। इस फैसले से सैकड़ों अभ्यर्थियों में नाराजगी है, क्योंकि राजस्थान, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में एमसीए को एमएससी कंप्यूटर साइंस के समकक्ष माना जाता है।  अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) और यूजीसी नेट में कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन एक ही विषय के रूप में शामिल है। इन परीक्षाओं में एमसीए और एमएससी, दोनों डिग्रीधारी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन एमपीपीएससी की भर्ती में एमसीए को अयोग्य ठहराया गया है। उच्च शिक्षा विभाग की अन्य भर्तियों में सह विषय की सुविधा दी गई है, जिससे संबंधित डिग्री धारक भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन कंप्यूटर साइंस में ऐसी कोई सुविधा नहीं दी गई, जिससे एमसीए अभ्यर्थियों के लिए नौकरी के अवसर सीमित हो गए हैं। … फिर भी भर्ती में रोक वर्तमान में शासकीय और निजी कॉलेजों में एमसीए डिग्रीधारी अतिथि विद्वान के रूप में पढ़ा रहे हैं। एमएससी आइटी और एमएससी कंप्यूटर साइंस वाले भी पढ़ाने की अनुमति रखते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब कॉलेजों में एमसीए डिग्रीधारी को पढ़ाने की अनुमति है तो असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में उन्हें अयोग्य क्यों ठहराया गया? एमसीए को एमएससी कंप्यूटर साइंस के समकक्ष मानें अभ्यर्थियों का कहना है कि एमसीए को एमएससी कंप्यूटर साइंस के समकक्ष माना जाए और भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। यदि एमसीए को भर्ती में पात्रता नहीं दी गई तो वे न्याय के लिए आगे कदम उठाने को मजबूर होंगे। वर्तमान में भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जून में परीक्षा प्रस्तावित है। ऐसे में जल्द से जल्द निर्णय लिया जाना जरूरी है।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : केंद्रीय विद्यालय में बालवाटिका और कक्षा 1 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 मार्च

सारंगढ़ बिलाईगढ़ देश भर के केंद्रीय विद्यालय में बालवाटिका और  केवीएस कक्षा 1 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 मार्च 2025 है। कक्षा 1 में प्रवेश के लिए केवीएस ऑनलाइन एडमिशन डॉट जीओवी डॉट इन https://kvsonlineadmission.kvs.gov.in/index.html में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसी प्रकार बालवाटिका में भर्ती के लिए बालवाटिका डॉट केवीएस डॉट जीओवी डॉट इन balvatika.kvs.gov.in में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बालवाटिका कार्यक्रम प्री-केजी, एलकेजी और यूकेजी शैक्षणिक वर्ष 2025-2026 के लिए अभी खुले हैं। 3 से 4 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए बालवाटिका-1, 4 से 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए बालवाटिका-2 और 5 से 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए बालवाटिका-3। बालवाटिका-1 और बालवाटिका-3 के लिए प्रवेश चयनित केंद्रीय विद्यालयों में ऑफ़लाइन आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 50 स्कूल बालवाटिका-1 और 445 स्कूल बालवाटिका-3 प्रदान करेंगे। बालवाटिका-2 के लिए, पंजीकरण केवल तभी स्वीकार किया जाएगा जब 50 चयनित स्कूलों में रिक्तियां उपलब्ध हों। अपने बच्चे को नामांकित करने के लिए, केवल अनुरोध किए जाने पर ही प्रिंसिपल या एडमिशन चार्ज से संपर्क किया जा सकता है। 21 मार्च तक के समय स्लॉट का पालन करें।  केंद्रीय विद्यालय बालवाटिका प्रवेश 2025 पर नवीनतम अपडेट प्राप्त करने के लिए बालवाटिका डॉट केवीएस डॉट जीओवी डॉट इन https://balvatika.kvs.gov.in/ बालवाटिका पोर्टल पर जाएँ। कक्षा और आयु बालवाटिका-1     में 3 वर्ष किन्तु 4 वर्ष से कम आयु। बालवाटिका-2     में 4 वर्ष किन्तु 5 वर्ष से कम आयु। बालवाटिका-3     में 5 वर्ष किन्तु 6 वर्ष से कम आयु। कक्षा 1    में 6 वर्ष किन्तु 08 वर्ष से कम आयु। कक्षा 2 में    7 वर्ष किन्तु 09 वर्ष से कम आयु। कक्षा 3 में 7 वर्ष किन्तु 09 वर्ष से कम आयु। कक्षा 4     में 8 वर्ष किन्तु 10 वर्ष से कम आयु। कक्षा 5 में    9 वर्ष किन्तु 11 वर्ष से कम आयु। कक्षा 6 में 10 वर्ष किन्तु 12 वर्ष से कम आयु। कक्षा सात में 11 वर्ष किन्तु 13 वर्ष से कम आयु। कक्षा आठ    में 12 वर्ष किन्तु 14 वर्ष से कम आयु। कक्षा 9 में 13 वर्ष किन्तु 15 वर्ष से कम आयु। कक्षा दस    में 14 वर्ष किन्तु 16 वर्ष से कम आयु। आवश्यक दस्तावेज़ आवश्यक दस्तावेज में पासपोर्ट आकार का फोटो, आधार कार्ड या कोई अन्य फोटो पहचान पत्र, जन्म तिथि प्रमाण पत्र, स्थानांतरण प्रमाणपत्र, अधिवास प्रमाण पत्र, माइग्रेशन सर्टिफिकेट (बोर्ड बदलने पर) पिछले वर्ष की मार्कशीट, विकलांगता प्रमाण पत्र (यदि कोई हो) शामिल है। पंजीकरण ऑनलाइन केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) की वेबसाइट केवीसंगठन डॉट एनआईसी डॉट इन https://kvsangathan.nic.in/ पर जाएं। ‘नया पंजीकरण’ बटन पर क्लिक करें। दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। घोषणा से सहमत होने के लिए चेकबॉक्स को सक्षम करें, फिर ‘आगे बढ़ें’ पर क्लिक करें। पंजीकरण विंडो स्क्रीन पर दिखाई देगी। बच्चे का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण सहित आवश्यक फ़ील्ड भरें। आरक्षण केवीएस आरक्षण के लिए सरकारी मानदंडों का पालन करता है। एससी/एसटी/ओबीसी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और दिव्यांग श्रेणियों के लिए सीट आवंटन के बारे में विवरण आधिकारिक वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in/ पर उपलब्ध है। केन्द्रीय विद्यालय स्कूल प्रवेश में  आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) 25%, अन्य पिछड़ा वर्ग / गैर-क्रीमी लेयर (ओबीसी/एनसीएल)    27%, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस)    25%, अनुसूचित जाति (एससी)    15%, अनुसूचित जनजाति (एसटी)     7.5%, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (सीडब्लूएसएन)     3% आरक्षण प्रतिशत है। चयन प्रक्रिया कक्षा 1 (प्रथम) के लिए प्रवेश ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है, जिसके बाद लॉटरी प्रणाली अपनाई जाती है। कक्षा 2 से 8 के लिए प्रवेश प्राथमिकता श्रेणी प्रणाली के आधार पर दिए जाते हैं। प्रवेश केवल तभी दिए जाते हैं जब प्राथमिकता श्रेणियों पर विचार करने के बाद वांछित कक्षा में सीटें उपलब्ध हों। कक्षा 9वीं में प्रवेश प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। एक मेरिट सूची तैयार की जाती है, और छात्रों को मेरिट और प्राथमिकता श्रेणियों के अनुसार प्रवेश दिया जाता है। कक्षा ग्यारहवीं के लिए प्रवेश योग्यता आधारित होते हैं और कक्षा दसवीं के अंकों पर निर्भर करते हैं।

होली गिफ्ट: 15 मार्च को नहीं दे सकते बोर्ड एग्जाम तो कोई बात नहीं, मिलेगी ये सुविधा!

 नई दिल्ली  सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को होली का गिफ्ट दिया है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने उन छात्रों के लिए बाद में स्पेशल एग्जाम आयोजित कराने की घोषणा की है जो होली पर्व के चलते 15 मार्च को होने वाली परीक्षा की चिंता कर रहे थे. दरअसल, 15 मार्च को सीबीएसई 12वीं बोर्ड हिंदी (कोर और ऐच्छिक) परीक्षा निर्धारित है. हालांकि, इस तारीख को लेकर कुछ छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं सामने आई हैं क्योंकि देश के कुछ हिस्सों में होली का त्योहार 14 मार्च को मनाया जाएगा, जबकि कुछ क्षेत्रों में 15 मार्च तक यह उत्सव जारी रहेगा. छात्रों की इस चिंता को ध्यान में रखते हुए, CBSE ने एक खास फैसला लिया है. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा अपनी तय तिथि, यानी 15 मार्च 2025 को ही होगी, लेकिन जिन छात्रों को होली के कारण इसमें शामिल होने में कठिनाई होगी, उन्हें एक और मौका दिया जाएगा. ऐसे छात्र बाद में विशेष परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. बोर्ड की नीति के अनुसार, राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों के लिए हर साल एक विशेष परीक्षा आयोजित की जाती है. अब इसी विशेष परीक्षा में वे छात्र भी शामिल हो सकेंगे, जो होली के कारण 15 मार्च को परीक्षा नहीं दे पाएंगे. CBSE ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इस फैसले की जानकारी 12वीं कक्षा के छात्रों तक पहुंचाएं, ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार निर्णय ले सकें. छात्रों और अभिभावकों को राहत इस फैसले से उन छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी, जो होली के त्योहार और परीक्षा के बीच असमंजस में थे. वे होली के दौरान परीक्षा तैयारी कैसे करेंगे. अभिभावकों को भी सीबीएसई के इस फैसले से राहत मिली होगी. कई पेरेंट्स को यह चिंता थी कि परीक्षा की वजह से उनके बच्चों का ध्यान पढ़ाई और त्योहार के बीच बंट सकता है. अब उनके पास यह विकल्प है कि अगर जरूरी लगे तो वे अपने बच्चों को मुख्य परीक्षा के बजाय विशेष परीक्षा में बैठा सकते हैं. छात्रों को सलाह दी जाती है कि बोर्ड परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें.  

जेईई मेन्स सेशन -2 की परीक्षाएं 02 अप्रैल 2025 से होंगी शुरू, जाने शेड्यूल

नई दिल्ली जेईई मेन्स सेशन -2 की परीक्षाएं 01 अप्रैल 2025 से शुरू होंगी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (IIT JEE) मेन्स सेशन-2 का शेड्यूल जारी कर दिया है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एनटीए जेईई मेन्स की आधिकारिक वेबसाइट jeemains.nta.nic.in पर जाकर शिफ्ट और सब्जेक्ट वाइड एग्जाम डेट्स चेक कर सकते हैं. जेईई मेन्स सेशन-2 के आवेदन 01 फरवरी से शुरू हुए थे और 25 फरवरी 2025 तक चले थे. जेईई मेन्स दूसरे चरण की परीक्षाएं देश के विभिन्न और देश के बाहर 15 शहरों में अलग-अलग शिफ्ट्स में आयोजित की जाएंगी. एनटीए ने जेईई मेन्स सेशन-2 की सब्जेक्ट और शिफ्ट वाइज एग्जाम डेट्स जारी की हैं. 2 अप्रैल से शुरू होंगी परीक्षाएं 2, 3, 4 और 7 अप्रैल 2025 को पेपर-1 (बीई/बीटेक) की परीक्षा होगी. परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी. पहली शिफ्ट का पेपर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा, जबकि दूसरी शिफ्ट का पेपर दोपहर 3 हजे से शाम 6 बजे तक चलेगा. 8 अप्रैल को पेपर-1 (बीई/बीटेक) सिंगल शिफ्ट में दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जबकि 9 अप्रैल 2025 को पेपर-2 (बी. आर्किटेक्ट), पेपर 2B (बी. प्लानिंग) और पेपर 2A व B (बी. आर्किटेक्ट और बी. प्लानिंग दोनों) की परीक्षा होगी. 9 अप्रैल को जेईई मेन्स की परीक्षा सिंगल शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेगी. अधिक जानकारी नोटिफिकेशन में देख सकते हैं. जेईई मेन्स सेशन-2 का एडमिट कार्ड कब मिलेगा? जानकारी के अनुसार, जेईई मेन सत्र 2 एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप 2025 मार्च के दूसरे सप्ताह में जारी हो सकती है, जबकि जेईई मेन एडमिट कार्ड (JEE Mains Admit Card) जेईई मेन्स 2025 शुरू होने से तीन दिन पहले जारी होने की उम्मीद है. एनटीए ने हाल ही में 27 फरवरी से 28 फरवरी 2025 तक जेईई मेन्स सेशन-2 की करेक्शन विंडो ओपन की थी. बता दें कि एनटीए ने जेईई मेन 2025 सत्र 1 के परिणाम 11 फरवरी को घोषित किए थे. इस साल, 14 छात्रों ने जेईई मेन सत्र-1 में 100 पर्सेंटाइल एनटीए स्कोर हासिल किया है. राजस्थान राज्य से पांच टॉपरों के साथ इस सूची में सबसे आगे रहे. वहीं जेईई मेन्स पेपर 2A (BArch) का रिजल्ट 23 फरवरी 2025 को जारी किया गया था, जिसमें महाराष्ट्र के पाटणे नील संदेश और पेपर 2B (B.Planing) में मध्य प्रदेश की सुनिधि सिंह ने 100 एनटीए स्कोर के साथ टॉप किया है. इस परीक्षा में कुल 63,481 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 44,144 उपस्थित हुए.

SSC CGL और MTS भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित, कट-ऑफ भी जारी, ऐसे चेक करें स्कोर

 कर्मचारी चयन आयोग ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा 2024 और एसएससी एमटीएस परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। कैटेगरी-वाइज़ कट-ऑफ भी जारी हो चुका है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर परिणाम और योग्यता अंक चेक कर सकते हैं। बता दें एसएससी एमटीएस भर्ती परीक्षा का आयोजन 30 सितंबर से लेकर 4 नवंबर के बीच किया देशभर के विभिन्न शहरों में आयोजित किया गया था। वहीं एसएससी सीजीएल टियर-1 भर्ती परीक्षा देशभर के विभिन्न शहरों में 5 दिसंबर 2024 को आयोजित हुई थी। टियर-2 एग्जाम 18, 19, 20 और 31 जनवरी को हुई थी।  कितने उम्मीदवारों का हुआ चयन? एसएससी सीजीएल परीक्षा में कुल 18, 174 उम्मीदवार सफल हुए हैं। विभिन्न कारणों को लेकर 1267 उम्मीदवारों के रिजल्ट को रोका गया है। टायर 2 में शामिल 253 उम्मीदवारों के रिजल्ट को रिजेक्ट कर दिया गया है। एसएससी एमटीएस भर्ती परीक्षा में कुल 3428 उम्मीदवार सफल हुए हैं। जिसमें से 500 उम्मीदवारों का रिजल्ट कैंसिल कर दिया गया है। कदाचार के लिए 179 उम्मीदवारों के रिजल्ट पर रोक लगाई गई है। वहीं 198 उम्मीदवार डिसेबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करने में विफल  रहे। बता दें 5 से 12 फरवरी के बीच सीबीआईसी द्वारा फिजिकल टेस्ट का आयोजन किया गया था।   एनटीएस और हवलदार पदों के लिए आयोजित पीईटी/पीएसटी में 20,959 उम्मीदवारों का चयन हुआ था। ऐसे चेक करें रिजल्ट     सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर “Result” के टैब पर क्लिक करें।     अब एसएससी एमटीएस/एसएससी सीजीएल 2024 फाइनल रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।     स्क्रीन पर पीडीएफ़ पेज खुलेगा। इसमें अपना रोल नंबर चेक करें।     भविष्य के संदर्भ में उम्मीदवार रिजल्ट को डाउनलोड या प्रिन्ट करके अपने पास रख सकते हैं।

दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी शुरू करेगी अच्छे पैरेंट्स बनने ट्रेनिंग

 नई दिल्ली एक बच्चे की परवरिश करना आसान नहीं होता है। प्यार-दुलार के साथ, उन्हें एक बेहतर इंसान बनने के लिए पैरेंट्स को सही गलत-फर्क में समझाना होता है। साथ ही, दुनिया की चुनौतियों से सामना करने के लिए भी तैयार करना होता है और इस दौरान कई बार अभिभावकों को चैलेंज का सामना करना भी सिखाना होता है। कई, बार सिचुएशन यह भी बन जाती है कि, कप्लस फ्रस्ट्रेट हो जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों की इसी मुश्किल को सॉल्व करने के लिए अब दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी की ओर से अच्छे पैरेंट्स बनने की बकायदा ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रशिक्षण में अभिभावकों को सिखाया जाएगा कि, वे बच्चों की मानसिक स्थिति को कैसे समझें। विपरीत परिस्थितियों में कैसे किड्स के साथ कैसे बिहेव करें और कैसे उन्हें अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित करें। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी (डीटीयू) के कुलपति प्रोफेसर प्रो. धनंजय जोशी ने बताया कि, यह एक डिप्लोमा कोर्स होगा। इसका नाम फेमिली वैल्यूज एंड पैरेंटिंग होगा, जिसे ट्रेंड टीचर्स पढ़ाएंगे। इस पाठ्यक्रम की अवधि 6 महीने की होगी। यह इसी सत्र से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा, योग, ध्यान सहित अन्य कई कोर्सेज भी शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, इसमें कब से एडमिशन दिए जाएंगे। साथ ही इसमें प्रवेश लेने के लिए योग्यता और अन्य पात्रता शर्तें क्या होंगी, फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इच्छुक कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि, वे डीटीयू की ऑफिशियल वेबसाइट्स पर विजिट करते रहें, जिससे उन्हें इस बारे में सही अपडेट मिल सके। इसके साथ ही, यहां संचालित होने वाले अन्य कोर्सेज की जानकारी भी मिल सकेगी। पैरेंटिंग स्किल्स को निखारने के लिए ऑनलाइन कई क्लासेज उपलब्ध हैं, जो देश और दुनिया में संचालित की जाती है। इनमें से कुछ में तो फ्री हैं, जिन पर रजिस्टर करके अभिभावक अपनी समस्या के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, बच्चों से जुड़ी प्रॉब्लम पर भी सॉल्यूशन पा सकते हैं। इन वेबसाइट्स पर वेबिनार और वीडियोज के रूप में पैरेंटिंग से संबंधित जानकारी मौजूद है। इसके अलावा, कई ऑनलाइन वीडियोज भी मौजूद हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 60 हजार कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, देखें क्या रही कटऑफ

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 60 हजार कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट uppbpb.gov.in पर जारी कर दिया है। परिणाम जारी कर यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने होली पर युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। भर्ती बोर्ड ने सभी चयनित 60244 अभ्यर्थियों के नाम, रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर की लिस्ट जारी की है। इससे पहले लिखित परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थियों को डीवी, पीएसटी और पीईटी राउंड के लिए बुलाया गया था। भर्ती में अनारक्षित वर्ग की 24102 वैकेंसी के लिए 24102, ईडब्ल्यूएस वर्ग के 6024 पदों के लिए 6024, ओबीसी के 16264 पदों के लिए 16264, एससी के 12650 पदों के लिए 12650 और एससी के 1204 पदों के लिए 1204 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। यहां देखें कटऑफ क्या रही अनारक्षित वर्ग – 225.75926 उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने रिजल्ट की छह लिस्ट जारी की है। पहली लिस्ट में सभी वर्गों के चयनित अभ्यर्थियों के नामों की लिस्ट है यानी यह ओवरऑल लिस्ट है। इसमें सभी सफल अभ्यर्थियों के नाम हैं। दूसरी लिस्ट में ओपन कैटेगरी में सफल हुआ सभी सफल हुए अभ्यर्थियों के नाम हैं। तीसरी लिस्ट ईडब्ल्यूएस वर्ग, चौथी ओबीसी, पांचवीं एससी और छठी एसटी वर्ग के सफल अभ्यर्थियों की है। यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस के 60244 पदों पर सीधी भर्ती-2023 के अन्तर्गत दिनांक 23, 24, 25, 30 व 31 अगस्त 2024 को सम्पन्न लिखित परीक्षा के उपरान्त अभिलेखों की संवीक्षा एवं शारीरिक मानक परीक्षण तथा शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल पाये गये अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा में प्राप्त प्रसामान्यीकृत अंको (Normalized Score) के श्रेष्ठताक्रम एवं आरक्षण के लम्बवत एवं क्षैतिज नियमों के अनुसार, विज्ञापित रिक्तियों के सापेक्ष चयनित 60,244 अभ्यर्थियों की समेकित एवं श्रेणीवार चयन सूचियां एवं तत्संबंधी विज्ञप्ति बोर्ड की वेबसाइट https://uppbpb.gov.in पर जारी कर दी गई है ।’ यूपी पुलिस कांस्टेबल पीईटी राउंड में सफल अभ्यर्थियों में से बोर्ड लिखित परीक्षा में प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा प्राप्त नॉर्मलाइज्ड अंकों के क्रम के अनुसार प्रत्येक कैटेगरी के अभ्यर्थियों की एक चयन सूची आरक्षण नीति को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। यूपी पुलिस 60,244 सिपाहियों की भर्ती में सफल अभ्यर्थियों की 9 महीने तक एक साथ ट्रेनिंग होगी। अभ्यर्थियों की एक महीने की प्रारम्भिक ट्रेनिंग (जेटीसी) सभी 75 जिलों में होगी। इसके बाद नौ महीने की आधारभूत ट्रेनिंग अन्य सेन्टरों पर कराई जाएगी। रिजल्ट व मेरिट के नियम – लिखित परीक्षा में प्राप्तांक के आधार पर बनी मेरिट। फिजिकल टेस्ट महज क्वालिफाइंग। लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों को नॉर्मलाइज्ड किया गया है। – यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने कोई वेटिंग लिस्ट तैयार नहीं की है। – यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कहा है कि दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों के अंक समान आने पर ऐसे अभ्यर्थियों को वरीयता दी गई है जिनके पास एनसीसी का बी सर्टिफिकेट या डोएक ओ लेवल सर्टिफिकेट होगा या प्रादेशिक सेना में दो साल का अनुभव है। अगर बराबर मार्क्स वाले अभ्यर्थियों के पास इनमें से कुछ नहीं है तो फिर मेरिट में उन्हें ऊपर रखा जाएगा जिनकी आयु अधिक है। – इसके बाद भी अगर दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों के अंक एक समान है तो अभ्यर्थियों के नाम की स्पेलिंग ( 10वीं के सर्टिफिकेट के मुताबिक) देखी गई है। अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में जिसका नाम पहले आएगा वो मेरिट में ऊपर रखा गया है। अब नई 30 हजार वैकेंसी की प्रक्रिया शुरू होगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कुछ दिन पहले ऐलान किया था कि यूपी पुलिस में जल्द ही 30 हजार पदों नई भर्ती निकलेगी। उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश पुलिस बल में वर्ष 2017 से अब तक 1.56 लाख विभिन्न पदों पर हम भर्ती संपन्न कर चुके हैं। इस समय 60,200 पुलिसकार्मिकों की भर्ती हो रही है, जो अगले एक महीने के अंदर ट्रेनिंग के लिए जाएंगे, इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 30 हजार अन्य नई भर्तियां भी जल्द शुरू होंगी। यूपी पुलिस में कांस्टेबल की नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने पर आप uppbpb.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे।

MP में शिक्षकों की 10758 भर्ती के लिए आवेदन का एक और मौका, परीक्षा 20 मार्च से

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भोपाल मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) की ओर से निकाली गई तृतीय वर्ग के शिक्षकों की 10758 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की विंडो एक बार फिर से खोल दी गई है। अभ्यर्थी इस भर्ती के लिए 10 मार्च से 17 मार्च 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। माननीय न्यायालय के आदेश के बाद चयन मंडल ने आवेदन की विंडो फिर से खोली है। इससे पहले इस भर्ती के लिए 28 जनवरी से 11 फरवरी 2025 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। इस भर्ती के लिए परीक्षा 20 मार्च 2025 से होगी। एग्जाम दो शिफ्टों में होगा। पहली शिफ्ट सुबह 9 से 11 बजे तक होगी जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी स्कूल शिक्षा विभाग के तहत माध्यमिक शिक्षक (विषय, खेल एवं संगीत गायन वादन) और प्राथमिक शिक्षक (खेल संगीत गायन-वादन व नृत्य) और जनजातीय विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक (विषय) और प्राथमिक शिक्षक (खेल, संगीत, गायन वादन , नृत्य) चयन परीक्षा 2024 से टीचरों के 10758 पदों पर भर्ती की जाएगी। रिक्तियों में 7929 पद माध्यमिक शिक्षक विषयों के लिए हैं जिसके लिए एमपीटीईटी पास बीएड या डीएलएड डिग्रीधारक/ डिप्लोमाधारक आवेदन कर सकते हैं। पदों का ब्योरा माध्यमिक शिक्षक (विषय) तृतीय श्रेणी – अकादमिक, पद संख्या – 7929 (स्कूल शिक्षा विभाग 7082 + जनजातीय कार्य विभाग 847)- MPTET 2018 व MPTET 2023 पास करने वाले इसमें बैठ सकेंगे। माध्यमिक शिक्षक खेल – तृतीय श्रेणी – 338 वैकेंसी एमपी खेल पात्रता परीक्षा 2023 में पास हुए युवा इसमें आवेदन कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षक संगीत – गायन वादन तृतीय श्रेणी – पद संख्या – 392 माध्यमिक शिक्षक संगीत गायन वादन पात्रता परीक्षा 2023 में पास इसमें आवेदन कर सकेंगे। तृतीय श्रेणी – पद संख्या – 1377 (स्कूल शिक्षा विभाग 724 + जनजातीय कार्य विभाग 653) प्राथमिक शिक्षक संगीत – गायन वादन पद संख्या – 452 (स्कूल शिक्षा विभाग 422 + जनजातीय कार्य विभाग 30) शिक्षक भर्ती परीक्षा राज्य के 13 शहरों में होगी। इनमें बालाघाट, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच,रीवा रतलाम, सागर, सीधी और उज्जैन शामिल हैं ।

SSC CHT भर्ती का नोटिस जारी, पेपर-2 परीक्षा की तारीख घोषित, आयोग ने उम्मीदवारों को दी ये सलाह

कर्मचारी चयन आयोग ने कम्बाइन्ड हिन्दी ट्रांसलेटर भर्ती (SSC CHT 2025) को लेकर अहम नोटिस जारी किया है। पेपर-2 परीक्षा की तारीख घोषित हो चुकी है। देशभर के विभिन्न शहरों में एग्जाम 29 मार्च 2025 को आयोजित होगा। यह डिस्क्रिपटिव पेपर होगा। पेपर-1 परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवार इसमें शामिल हो सकते हैं। परीक्षा से 3-4 दिन से पहले एडमिट कार्ड जारी होंगे। जिसे उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि अब तक आयोग ने प्रवेश पत्र के लिए कोई भो तारीख आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की है। आयोग ने अपडेट्स के लिए उम्मीदवारों को नियमित तौर पर ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in विजिट करते रहने की सलाह दी है। 312 पदों पर होगी भर्ती एसएससी सीएचटी पेपर-1 परीक्षा का आयोजन 9 दिसंबर को हुआ था। 12 दिसंबर को उत्तर कुंजी जारी हुई थी। आयोग ने 14 फरवरी को परिणाम घोषित किए थे। कुल 312 पदों पर भर्ती होने वाली है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति जूनियर हिन्दी ट्रांसलेटर और सीनियर हिन्दी ट्रांसलेटर पदों पर होगी। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड     सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर “Admit Card” टैब पर क्लिक करें।     अब एसएससी सीएचटी पेपर 2 एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें।     जरूरी जानकारी दर्ज करके लॉग इन करें।     स्क्रीन पर प्रवेश पत्र दिखेगा। इसे अच्छे से चेक करें और डाउनलोड करें।     भविष्य के संदर्भ में एडमिट कार्ड का प्रिन्ट आउट निकाल कर अपने पास रख लें। एसएससी स्टेनोग्राफर भर्ती पर भी अपडेट कर्मचारी चयन आयोग ने एसएससी स्टेनो ग्राफर ग्रेड सी और डी भर्ती अभियान के लिए संभावित वैकेंसी घोषित कर दी है। ग्रेड डी स्टेनोग्राफर के लिए कुल 1687 पदों पर होगी। वहीं ग्रेड सी स्टेनोग्राफर के लिए 239 पदों पर भर्ती होने वाली है।  

असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर यूपीएससी ने निकाली भर्ती, आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 मार्च

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकाली है। आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इस वैकेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अप्लाई करने के इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट https://upsc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 मार्च, 2025 है। यूपीएससी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, हिंदी, इतिहास, केमिस्ट्री, कॉमर्स, कंप्यूटर साइंस, इंग्लिश, ज्योग्राफी, फिजिक्स, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र सहित अन्य विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को भरने के लिए यह नियुक्ति निकाली गई है। इन पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे पहले एक बार नोटिफिकेशन को अच्छी तरह से पढ़ लें और फिर अप्लाई करें, क्योंकि आवेदन पत्र में गड़बड़ी पकड़ में आने पर फॉर्म रिजेक्ट कर दिया जाएगा। एजुकेशन क्वालिफिकेशन और एज लिमिट इस वैकेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स को संबंधित विषय में 55 फीसदी अंकों के साथ पीजी डिग्री होनी चाहिए। साथ ही, अभ्यर्थियों को संबंधित विषय में नेट एग्जाम पास होना चाहिए। शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को नोटिफिकेशन की जांच करनी चाहिए। इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले जनरल वर्ग के अभ्यर्थियों की आयु 35 साल होनी चाहिए। हालांकि, आरक्षित वर्ग के कैंडिडेट्स को नियमानुसार एज लिमिट में छूट दी जाएगी। यूपीएससी ने असिस्टेंट प्रोफेसर के अलावा, Dangerous गुड्स इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती निकाली है। इस वैकेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी आज से ही शुरू हो रही है। वैकेंसी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएट होना चाहिए। अप्लाई करने वाले सामान्य अभ्यर्थियों की आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। इस वैकेंसी से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए आवेदकों को आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना चाहिए।

RSSB का नया कैलेंडर जारी, पटवारी, स्टेनोग्राफर, DEO समेत 44 भर्तियों की परीक्षा तारीखें बदलीं

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने साल 2025 से 2027 फरवरी तक होने वाली भर्ती परीक्षाओं का संशोधित कैलेंडर (RSSB Exam Calendar 2025) जारी कर दिया है. एग्जाम कैलेंडर में स्टेनोग्राफर/निजी सहायक ग्रेड-II, जेल प्रहरी, पटवारी, जूनियर टेक्निशियन असिस्टेंट, ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर (BPO) समेत 44 भर्तियों की नई एग्जाम डेट दी गई है. सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे उम्मीदवार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://rssb.rajasthan.gov.in पर जाकर रिवाइज्ड एग्जाम कैलेंडर चेक कर सकते हैं. आरएसएसबी द्वारा जारी रिवाइज्ड एग्जाम (संभावित परीक्षा तारीख) कैलेंडर के अनुसार, स्टेनोग्राफर/निजी सहायक ग्रेड II संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा 2024 (टाइपिंग टेस्ट) 19-20 मार्च को होगी. जेल प्रहरी सीधी भर्ती परीक्षा 12 अप्रैल को, पटवारी परीक्षा 11 मई को, जूनियर तकनीकी सहायक (संविदा) भर्ती परीक्षा 2024 18 मई 2025 को होगी. इसके अलावा डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) की भर्ती परीक्षा 4 जून 2025, फार्मा असिस्टेंट और महिला हेल्थ वर्कर की भर्ती परीक्षा 5 जून 2025 को होगी.   How to download RSSB Exam Calendar 2025: यहां देखें तरीका स्टेप 1: सबसे पहले आरएसएसबी की आधिकारिक वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in पर जाएं. स्टेप 2: होमपेज पर, ‘RSSB Exam Calendar 2025’ लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 3: नया पीडीएफ खुल जाएगा, इसमें एग्जाम डेट चेक करें. स्टेप 4: आगे के लिए एग्जाम कैलेंडर डाउनलोड करके प्रिंटआउट लेकर रख लें. RSSB का रिवाइज्ड एग्जाम कैलेंडर यहां देखें- ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी (संविदा) भर्ती परीक्षा, सामाजिक कार्यकर्ता (संविदा) भर्ती परीक्षा, अस्पताल प्रशासक (संविदा) भर्ती परीक्षा, वरिष्ठ परामर्शदाता (संविदा) भर्ती परीक्षा, डाटा एंट्री ऑपरेटर (संविदा) भर्ती परीक्षा, फार्मा सहायक (संविदा) भर्ती परीक्षा, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (संविदा) भर्ती परीक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) (संविदा) भर्ती परीक्षा के साथ-साथ आरएसएसबी द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं की परीक्षा तिथियां भी जारी कर दी गई हैं. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें.

नगर निगम कमिश्नर के आदेशों पर प्रॉपर्टी टैक्स विभाग द्वारा अभियान शुरू कर दिया, प्रॉपर्टी टैक्स विभाग की बड़ी कार्रवाई

अमृतसर नगर निगम कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख के आदेशों पर प्रॉपर्टी टैक्स विभाग द्वारा अभियान शुरू कर दिया गया है। वर्ष 2024 -25 के वित्त वर्ष को पूरा होने में मात्र 25 दिन शेष रह गए हैं। नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स विभाग का इस वित्त वर्ष में प्रॉपर्टी टैक्स एकत्रित करने का निर्धारित लक्ष्य 50 करोड़ रुपए है। प्रॉपर्टी टैक्स विभाग ने आज तक 34.14 करोड़ रुपए ही एकत्रित किए है। निगम कमिश्नर के आदेशों पर प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के अधिकारियों द्वारा डिफॉल्टर पार्टियों के विरुद्ध शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आज ईस्ट जोन के अधिकारियों द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स न अदा करने पर एक होटल, एक रेस्टोरेंट, एक डेयरी और एक वाइन शॉप को सील कर दिया है। कुछ पार्टियों ने मौके पर किया भुगतान ईस्ट जोन के सुपरिंटेंडेंट प्रदीप राजपूत ने बताया कि डिफॉल्टर पार्टियों के विरुद्ध लगातार अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम द्वारा चार जगह पर सीलिंग की गई है। उन्होंने बताया कि कुछ पार्टियों ने सीलिंग से बचने के लिए मौके पर ही भुगतान कर दिया है। उन्होंने बताया की सील किए गए दी सीक्रेट गार्डन रेस्टोरेंट, एक वाइन शॉप दोनों बटाला रोड, एक होटल ओम रेजिडेंसी बस स्टैंड के निकट और एक गुरिंदर डेयरी शामिल है। उन्होंने बताया कि बटाला रोड पर स्थित टिप टॉप, सुंदर नगर स्थित तीन दुकानदारों ने भी मौके पर भुगतान करके अपनी प्रॉपर्टी सील होने से बचा ली है। सुपरिटेंडेंट प्रदीप राजपूत ने बताया कि सीलिंग टीम में सतेंद्र सिंह इंस्पेक्टर, सुखदेव इंस्पैक्टर, अजीत सिंह क्लर्क, गौतम, बैजनाथ और पुलिस स्टाफ शामिल था।

चमक रहा इवेंट मैनेजमेंट, उभर रहे नए रोजगार

उदारीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों ने हमारी आर्थिक और सामाजिक ढांचे को ही बदल दिया है। यही वजह है कि आज लोगों में बच्चों के बर्थ डे कार्यक्रम से लेकर शादी−विवाह तक के समारोहों में बड़े पैमाने पर मनाने की होड़ लग गई है। यही वजह है कि आज स्टेटस सिंबल बन चुके सामाजिक रस्मों−रिवाजों को पूरा करने की जिम्मेदारी इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को सौंपी जानी लगी है। ये कंपनियां मोटी रकम लेकर संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन करती हैं। फिलहाल इस व्यवसाय का देश भर में 600 हजार करोड़ रुपए का कारोबार है। इसमें हर साल 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी भी हो रही है। लिहाजा इस क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं उभर कर सामने आई हैं। इवेंट मैनेजमेंट का मतलब कार्यक्रम प्रबंधन है। जिसके तहत शादी, पार्टियां, बर्थ डे पार्टियां, सौन्दर्य प्रतियोगिता, खेल आयोजन, उद्योग जगत के विभिन्न कार्यक्रमों जैसे नए उत्पादों की लांचिंग, प्रेस कांफ्रेंस, सेमिनार, प्रशिक्षण और ब्रांड शो जैसे कार्यक्रम हैं। इवेंट मैनेजमेंट के तहत इन कार्यक्रमों से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक समूह कार्यक्रम कराने वालों की स्थिति का अध्ययन करता है। जिसके आधार पर ही इवेंट मैनेजर कार्यक्रमों की तैयारी करते हैं। आयोजक की जिम्मेदारी सिर्फ पैसे चुकाने तक ही होती है। इवेंट मैनेजमेंट के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यों का संपादन किया जाता है। लिहाजा इसके लिए किसी विशेष पाठ्यक्रम की व्यवस्था नहीं है। यह व्यवसाय पूरी तरह से व्यवहार कुशलता और संचालन व्यवस्था पर आधारित है। इसलिए आमतौर पर एमबीए और जनसंचार से संबंधित डिग्रियां एक कुशल इवेंट मैनेजर बनने के लिए सहायक होती हैं। लेकिन व्यवहारिक रूप से कोई भी ग्रेजुएट युवक जो बहिमुखी प्रतिभा का धनी है और अपनी बातों को प्रभावी ढंग से दूसरे के समक्ष रखने में सक्षम है तथा उसमें प्रबंधन की क्षमता हो वह इसे कॅरियर के तौर पर अपना सकता है। एक इवेंट मैनेजर में टीम भावना होना बहुत जरूरी है। क्योंकि यह इस व्यवसाय का मेरू दंड है। इस कारोबार में उतरने से पहले अभ्र्यथी को किसी इवेंट कंपनी में बतौर प्रशिक्षु काम करना आवश्यक है। इसके अलावा उसे पार्टियों के आयोजन में हो रहे बदलाव से अवगत होना भी जरूरी है। साथ ही समाज के धनी तबके के बीच पैठ एक इवेंट मैंनेजर की सफलता के सूत्र हैं। इच्छुक अभ्यर्थी इन संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं… -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, 7 एवन आरकेड, डीजे रो विल पार्ले मुंबई। -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, जेएनयू कैम्पस, नई दिल्ली। -मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, शोला अहमदाबाद। -सेंट जेविर्यस कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन, धोबी तालाब रोड़, लाइंस मुंबई। -केजे सोमाया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, विले पार्ले मुंबई। -यूनिवर्सिटी ऑफ पुणे, गणेश खिंड, पुणे।  

मध्य प्रदेश विद्युत कंपनियों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 2,573 पदों पर भर्ती ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन

भोपाल मध्य प्रदेश विद्युत कंपनियों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त 2,573 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन 20 मार्च से 30 मार्च तक किया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 1,25,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। सभी आवेदकों को प्रवेश पत्र जारी किए जा चुके हैं। इस परीक्षा का उद्देश्य राज्य की विद्युत कंपनियों में आवश्यक कर्मियों की नियुक्ति करना है, और यह परीक्षा मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और सागर में आयोजित की जाएगी। परीक्षा की तिथियां और शेड्यूल भर्ती परीक्षा के लिए निर्धारित तिथियों और समय के अनुसार कई श्रेणियों के पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। 20 मार्च से प्रारंभ होकर 30 मार्च तक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक दिन तीन सत्रों में परीक्षा होगी, जो पदों के अनुसार निर्धारित समय पर आयोजित की जाएगी। मुख्य परीक्षा शेड्यूल:     20 मार्च: असिस्टेंट, स्टोर असिस्टेंट, जूनियर स्टेनोग्राफर, सिक्योरिटी गार्ड आदि पदों के लिए।     21 मार्च: आफिस असिस्टेंट, जूनियर इंजीनियर सिविल, प्लांट असिस्टेंट इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल आदि पदों के लिए।     22 मार्च: असिस्टेंट मैनेजर एचआर, सिक्योरिटी सब इंस्पेक्टर, आईटी पदों के लिए।     23 मार्च: ईसीजी टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, पब्लिसिटी ऑफिसर आदि के लिए।     24 मार्च: एएनएम, स्टाफ नर्स, प्रोग्रामर, वेलफेयर असिस्टेंट आदि के लिए।     26 से 29 मार्च: लाइन अटेंडेंट के लिए परीक्षा होगी।     30 मार्च: जूनियर इंजीनियर डिस्ट्रिब्यूशन, ट्रांसमिशन, इलेक्ट्रिकल आदि के लिए परीक्षा। परीक्षा स्थल और प्रवेश पत्र: परीक्षाएं इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और सागर में आयोजित की जाएंगी। उम्मीदवारों को अपने परीक्षा केंद्र का विवरण प्रवेश पत्र में मिलेगा। उम्मीदवारों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए समय पर उपस्थित होने की सलाह दी गई है। आवेदन की स्थिति: मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है और लगभग सवा लाख उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया है। इस भर्ती से विद्युत कंपनियों में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जो राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने में सहायक साबित होंगी।

पंजाब पुलिस भर्ती 1700 से ज्यादा पदों पर निकली , अच्छी सैलरी, जानें आयु पात्रता और लास्ट डेट

 पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। पंजाब पुलिस ने  1764 कांस्टेबल के पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन की आखिरी तारीख 13 मार्च है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार punjabpolice.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बिहार पुलिस सब ऑर्डिनेट कमीशन (Bihar Police Sub-Ordinate Service Commission, BPSC) ने एक्‍साइज सब इंस्‍पेक्‍टर के पदों पर भर्तियां निकाली हैं।बीपीएससी के माध्‍यम से होने वाली ये भर्तियां मध निषेध, उत्‍पाद व निबंधन विभाग में सब इंस्‍पेक्‍टर (Sub-Inspector Prohibition) के पदों पर होनी हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार bpssc.bih.nic.in पर जाकर 27 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। कुल पद : 1,746 वैकेंसी वैकेंसी डिटेल:     जिला पुलिस कैडर: 1,261     सशस्त्र पुलिस कैडर: 485 आयु सीमा: उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा की न्यूनतम सीमा 18 वर्ष और अधिकतम सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें आयु की गणना 1 जनवरी 2025 से की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी।शारीरिक मानकों के अनुसार, पुरुष उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 5 फुट 7 इंच (170.2 से.मी.) और महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 5 फुट 2 इंच (157.5 से.मी.) होनी चाहिए। पात्रता मानदंड: कांस्टेबल (जिला और सशस्त्र पुलिस कैडर): उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड/ विश्वविद्यालय से 10+2 या इसके समकक्ष होना चाहिए।भूतपूर्व सैनिकों के मामले में, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिकुलेशन होगी। सैलरी: कांस्टेबल पदों के लिए फाइनली सेलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स को 19,900/- रुपये पे स्केल और सेवा में शामिल होने की तारीख से तीन साल के लिए 19,900/- रुपये प्रति महीने की न्यूनतम सैलरी मिलेगी। आवेदन शुल्क : सामान्य श्रेणी के लिए 1,200 रुपये।केवल पंजाब राज्य के भूतपूर्व सैनिक (ईएसएम)/ईएसएम के वंशज के लिए 500 रुपये।सभी राज्यों के एससी/एसटी उम्मीदवार और केवल पंजाब राज्य के पिछड़े वर्ग के लिए 700 रुपये। ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) उम्मीदवार के लिए 500 रुपये। चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), शारीरिक दक्षता परीक्षण (PST) और शारीरिक मापन परीक्षण (PMT) के माध्यम से किया जाएगा। कांस्टेबल के पदों पर उम्मीदवारों का कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट लिया जाएगा। पहला पेपर 100 और दूसरा 50 अंक का होगा। आवेदन की आखिरी तारीख: 13 मार्च 2025 कुल पद : 28 वैकेंसी डिटेल:     अनारक्षित 12     ईडब्ल्यूएस 03     ईबीसी 05     बीसी 03     बीसी महिला 01     एससी 04 आयु सीमा: उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष और अधिकतम उम्र 37 वर्ष पुरुषों के लिए तय की गई है। वहीं महिलाओं के लिए ऊपरी आयुसीमा 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आयुसीमा की गणना 1 अगस्त 2024 के आधार पर की जाएगी। वहीं ऊपरी आयुसीमा में आरक्षित वर्गों को छूट मिलेगी। योग्यता: उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना चाहिए या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उसके समकक्ष परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य और ओबीसी पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट 165 CMS होनी चाहिए। अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए 160 CMS तय की गई है। वहीं सभी वर्ग की महिला अभ्यर्थियों की हाइट 155 CMS तय की गई है।पुरुषों के लिए 1.6 किमी की दौड़ 6 मिनट 30 सेकेंड और महिलाओं को 1 किमी की दौड़ 6 मिनट में लगानी होगी। इसके अलावा अभ्यर्थियों से हाइ जंप, लॉन्ग जंप और गोला फेंक भी फिकवाया जाएगा। सैलरी: चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-06 के मुताबिक प्रति माह वेतन मिलेगा। आवेदन शुल्क : सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस और अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान 700 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं राज्य के एससी/एसटी/महिला अभ्यर्थियों के लिए 400 आवेदन शुल्क तय किया गया है। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा (प्रारंभिक और मुख्य), फिजिकल, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, मेडिकल एग्जामिनेशन आदि चरणों के जरिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।  

एमपीपीएससी लाइब्रेरियन भर्ती 2025 के तहत कुल 80 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने लाइब्रेरियन पदों पर भर्ती के लिए नौकरी का शानदार अवसर निकाला है। यदि आप लाइब्रेरियन के पद के लिए आवेदन करने के इच्छुक हैं तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है। एमपीपीएससी लाइब्रेरियन भर्ती 2025 के तहत कुल 80 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 26 मार्च 2025 तक आवेदन किया जा सकता है। इच्छुक उम्मीदवारों को mppsc.mp.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। महत्वपूर्ण तारीखें     ऑनलाइन आवेदन की प्रारंभ तिथि: 27 फरवरी 2025       ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 26 मार्च 2025       ऑनलाइन आवेदन में त्रुटि सुधार की तिथि: 4 मार्च 2025       आवेदन सुधार की अंतिम तिथि: 28 मार्च 2025       प्रवेश पत्र उपलब्धता तिथि: 23 मई 2025       लिखित परीक्षा तिथि: 1 जून 2025 वैकेंसी विवरण इस भर्ती के माध्यम से 80 लाइब्रेरियन पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के लिए पदों का वितरण इस प्रकार है:     जनरल (General): 21 पद     ओबीसी (OBC): 22 पद     एससी (SC): 13 पद     एसटी (ST): 16 पद     ईडब्ल्यूएस (EWS): 8 पद योग्यता इस पद के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित योग्यताओं की आवश्यकता होगी:     किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कला, वाणिज्य, सामाजिक विज्ञान, भाषा, कानून आदि में 55 फीसदी अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना अनिवार्य हैं।     साथ ही यूजीसी नेट, सीएसआईआर नेट, एमपी सेट/स्लेट परीक्षा पास की होनी चाहिए।     पीएचडी (PhD) डिग्री धारक उम्मीदवारों को नेट/सेट/स्लेट की आवश्यकता नहीं है।     उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग को आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क आवेदन शुल्क के तहत जनरल और अन्य राज्य के उम्मीदवारों को 500 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा। जबकि एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। सैलरी चयनित उम्मीदवारों को 57,700 रुपये मासिक वेतन के रूप में मिलेगा, साथ ही अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे। कैसे करें आवेदन?     उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in पर जाना होगा।     आवेदन लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन फॉर्म भरें।     सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन शुल्क का भुगतान करें।     आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन की प्रिंट आउट लेकर सुरक्षित रखें।  

RSSB ने ड्राइवर के 2,756 पदों पर निकली भर्ती, 10वीं पास के लिए शानदार मौका

राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड (RSSB) ने ड्राइवर (चालक) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुल 2,756 पदों के लिए आवेदन किया जा सकता है। इच्छुक उम्मीदवार अब RSSB की आधिकारिक वेबसाइट या SSO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 27 फरवरी 2025 से शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 28 मार्च 2025 है। रिक्ति विवरण कुल पोस्ट – 2,756 – सामान्य वर्ग के लिए: 2,602 पद – विशेष वर्ग (अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति) के लिए: 154 पद शैक्षिक योग्यता एवं आवश्यकताएँ शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का 10वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है। अनुभव: ड्राइविंग लाइसेंस के साथ कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। आयु सीमा उम्मीदवार की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु में छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क जनरल/ओबीसी (क्रीमी लेयर)/ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए: 600 रुपए एससी, एसटी, ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) के लिए: 400 रुपए चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन 3 चरणों में होगा:- – लिखित परीक्षा – ड्राइविंग टेस्ट – इंटरव्यू महत्वपूर्ण तिथियां ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: 27 फरवरी 2025 आवेदन की अंतिम तिथि: 28 मार्च 2025 परीक्षा तिथि: 22 और 23 नवंबर 2025 आवेदन कैसे करें इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट या SSO पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार को आधिकारिक विज्ञापन को ध्यान से पढ़ना चाहिए। उम्मीदवार QR कोड स्कैन करके भी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।  

नीट यूजी परीक्षा फॉर्म भरने के इच्छुक कैंडिडेट्स के पास आगामी 7 मार्च को अंतिम दिन जल्द भरें परीक्षा फॉर्म

नई दिल्ली नीट यूजी परीक्षा फॉर्म भरने के इच्छुक कैंडिडेट्स को जल्द ही अपना एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा कर लेना चाहिए। इसके पीछे कारण यह है कि, आगामी शुक्रवार (07 मार्च, 2025) को इस एग्जाम के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि है। ऐसे में लास्ट समय पर अप्लाई करने से कई बार सर्वर पर लोड बढ़ता और आवेदन करने में टेक्निकल प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी समस्या से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना आवेदन पत्र भरकर सबमिट कर देना चाहिए। अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट्स को आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर लॉगइन करना होगा। एनटीए की ओर से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर अंडरग्रेजुएट परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन 07 फरवरी, 2025 को जारी किया गया था। सूचना जारी होने के बाद ही, आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। अब आगामी 07 मार्च, 2025 को आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने वाली है। बता दें कि इस परीक्षा के माध्यम से देश भर के सरकारी मेडिकल काॅलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस समेत अन्य प्रोगाम में दाखिलाा मिलता है। नीट यूजी परीक्षा के लिए देनी होगी ये एप्लीकेशन फीस   नीट यूजी प्रवेश परीक्षा फॉर्म भरने वाले जनरल वर्ग के आवेदकों को 1,700 रुपये फीस देनी होगी। वहीं, सामान्य- ईडब्ल्यूएस और ओबीसी-एनसीएल के लिए 1,600 रुपये देने होंगे। इसके अलावा, एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी और थर्ड जेंडर के अभ्यर्थियों 1,000 रुपये फीस देनी होगी। कब होगी नीट यूजी परीक्षा नीट यूजी परीक्षा 2025 का आयोजन 4 मई को किया जाएगा। यह परीक्षा पेन और पेपर मोड में कराई जाएगी। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक 3 घंटे के लिए आयोजित की जाएगी। एग्जाम सिटी स्लिप 26 अप्रैल, 2025 तक जारी की जाएंगी। नीट यूजी परीक्षा 2025 के लिए प्रवेश पत्र 1 मई तक जारी किए जाएंगे। नीट यूजी परीक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी नीट यूजी परीक्षा के संबंध में एनटीए ने से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। इसके मुताबिक, कैंडिडेट्स 011-40759000/011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं या फिर neetug2025@nta.ac.in पर ईमेल कर सकते हैं। इसके अलावा, ज्यादा जानकारी के लिए कैंडिडेट्स पोर्टल् पर विजिट कर सकते हैं।

10वीं पास के लिए आवेदन का आखिरी मौका, रेलवे में भरी जाएंगी 32438 वैकेंसी

अगर आप 10वीं पास हैं और सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो आपके पास भारतीय रेलवे में नौकरी पाने का शानदार अवसर है। दरअसल, रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से ग्रुप-डी के 32438 पदों पर भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। गौरतलब है कि इस भर्ती के लिए पंजीकरण करने की आज, 01 मार्च 2025 अंतिम तिथि है, लिहाजा इच्छुक उम्मीदवारों को तुरंत आवेदन करने की सलाह दी जाती है। Trending Videos RRB Group D Last Date: आज है आवेदन करने की अंतिम तिथि आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in. पर जाकर ग्रुप-डी भर्ती के लिए पंजीकरण कर सकते हैं और अपना आवेदन पत्र भरकर जमा कर सकते हैं। गौरतलब है कि आवेदन पत्र जमा करने की आज अंतिम तिथि है। इसलिए अपना आवेदन पत्र भरकर आज ही जमा कर दें। ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि के बाद आवेदन शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 3 मार्च, 2025 है। संशोधन विंडो 4 मार्च को खुलेगी और 13 मार्च, 2025 को बंद होगी। यहां आरआरबी ग्रुप डी भर्ती के ऑनलाइन आवेदन से संबंधित तिथियों की तालिका दी गई है:   घटना                                                                    तिथि ऑनलाइन आवेदन अधिसूचना जारी होने की तिथि     22 जनवरी, 2025 ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि     23 जनवरी, 2025 ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि     1 मार्च, 2025 आवेदन फॉर्म में संशोधन शुरू होने की तिथि     4 मार्च, 2025 आवेदन फॉर्म में संशोधन करने की अंतिम तिथि     13 मार्च, 2025 आवेदन कहां करें?     rrbapply.gov.in. विज्ञापन RRB Group D Selection Process: चयन प्रक्रिया के चरण इस भर्ती अभियान से संगठन में 32438 पद भरे जाएंगे। चयन प्रक्रिया में चार चरण शामिल हैं- कंप्यूटर आधारित टेस्ट, शारीरिक दक्षता परीक्षण, दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा परीक्षा। लिखित परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे और परीक्षा की अवधि 90 मिनट होगी। इसमें नेगेटिव मार्किंग होगी और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाएंगे। विभिन्न समुदायों में शॉर्टलिस्टिंग के लिए अंकों का न्यूनतम प्रतिशत निम्न प्रकार है:   श्रेणी     न्यूनतम योग्यता प्रतिशत अनारक्षित (UR)     40% आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)     40% अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC – नॉन क्रीमी लेयर)     30% अनुसूचित जाति (SC)     30% अनुसूचित जनजाति (ST)     30% RRB Group D Application Fee: आवेदन शुल्क     सभी अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क 500 रुपये है। इस फीस में से 400 की राशि सीबीटी में उपस्थित होने पर लागू बैंक शुल्क काटकर यथासमय वापस कर दी जाएगी।     पीडब्ल्यूबीडी/महिला/ट्रांसजेंडर/भूतपूर्व सैनिक उम्मीदवारों और एससी/एसटी/ अल्पसंख्यक समुदाय/आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईबीसी) से संबंधित उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क 250 रुपये है। सीबीटी में उपस्थित होने पर लागू बैंक शुल्क में कटौती के बाद यह शुल्क नियत समय में वापस कर दिया जाएगा।     शुल्क का भुगतान इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई, आदि के माध्यम से किया जाना चाहिए। RRB Group D Eligibility: कौन कर सकता है आवेदन आरआरबी ग्रुप डी रिक्तियों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निम्नलिखित शैक्षणिक योग्यताएं पूरी करनी होंगी:     किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास, या एनसीवीटी/एससीवीटी-मान्यता प्राप्त संस्थानों से आईटीआई प्रमाणन।     आरआरबी ग्रुप डी पात्रता मानदंड 2025 के अनुसार, 18 और 36 वर्ष की आयु के उम्मीदवार पात्र हैं। RRB Group D Salary: कितनी मिलेगी सैलरी? चयनित अभ्यर्थियों के वेतन का निर्धारण सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल 1 के अनुसार होगा। इस भर्ती में पीबी-1 के तहत चयनित अभ्यर्थियों को प्रति महीने 18000 रुपये का बेसिक वेतनमान दिए जाएगा। साथ ही अन्य कई तरह की सुविधाओं का भी लाभ मिलता है। इस नौकरी में महंगाई भत्ता, दैनिक भत्ता, परिवहन भत्ता, मकान किराया भत्ता, नाइट ड्यूटी भत्ता तथा ओवरटाइम भत्ता जैसे भत्तों का लाभ मिलता है। भारतीय रेलवे द्वारा आरआरबी ग्रुप- डी कर्मचारियों को दिए जाने वाले भत्तों और लाभ की सूची कुछ इस प्रकार है।     डीए (महंगाई भत्ता): 28%     एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस)।     दैनिक भत्ता।     परिवहन के लिए भत्ता।     नाइट ड्यूटी भत्ता के लिए।     छुट्टियों के लिए मुआवजा।     केवल रेलवे डॉक्टरों के लिए वाहन भत्ता।     ओवरटाइम के लिए भत्ता RRB Group D Application: ऐसे करें आवेदन जो उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं।     आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।     होम पेज पर उपलब्ध आरआरबी लेवल 1 भर्ती 2025 डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करें।     एक नया पेज खुलेगा जहां अभ्यर्थियों को पंजीकरण विवरण दर्ज करना होगा।     एक बार यह हो जाने पर, खाते में लॉगिन करें।     आवेदन पत्र भरें।     आवेदन शुल्क का भुगतान करें।     सबमिट पर क्लिक करें और पेज डाउनलोड करें।     आगे की जरूरत के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।  

सीवी रमन साइंस में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले एशिया के पहले वैज्ञानिक

देश भर में आज, 28 फरवरी, 2025 को नेशनल साइंस डे के रूप में मनाया जा रहा है। इस दिवस को मनाने की शुरुआत साल 1928 में हुई थी। इस वर्ष, महान वैज्ञानिक और नोबेल पुरुस्कार विजेता सी वी रमन ने ‘रमन इफेक्‍ट’ की खोज की घोषणा की थी। वैज्ञानिक की इस खोज ने फिजिक्स की दुनिया में एक नए आयाम स्थापित किए। साथ ही, उनके इस अविष्कार को सम्मान देने के उद्देश्य से हर साल विज्ञान दिवस आज के दिन मनाया जाता है। इस दिन पर देश भर के स्कूल, कॉलेजों और अन्य इंस्ट्टीयूटस में साइंस के प्रति स्टूडेंट्स की रुचि बढ़ाने के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। इसी क्रम में आज, हम आपको महान वैज्ञानिक के जिंदगी से जुड़े कुछ अहम पहलूओं के बारे में बताने जा रहे हैं। महान वैज्ञानिक सीवी रमन का जन्म और एजुकेशन भौतिक वैज्ञानिक सीवी रमन का पूरा नाम चंद्रशेखर वेंकट रमन था। उनका जन्म 7 नवंबर 1888 में तमिलनाडु के तिरुचिलापल्ली में हुआ था। रमन की शुरुआती शिक्षा भी यहीं हुई थी। सी.वी. रमन के घर में पढ़ाई- लिखाई का माहौल शुरू से ही रहा था। उनके पिता फिजिक्स और भौतिकी के लेक्वरर थे। एजुकेशनल बैकग्राउंड होने के चलते सीवी रमन भी पढ़ाई में बेहद अच्छे रहे। उन्होंने मद्रास के प्रेसीडेंसी कॉलेज से साल 1907 में एमएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद, यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास में उन्हें फिजिक्स में गोल्ड मेडल मिला। 1907 से 1933 के बीच उन्होंने कोलकाता में इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस में भी काम किया था। साथ से हो गया था मतभेद रमन इफेक्ट की खोज के दौरान उन्होंने अपने साथी केएस कृष्णनन के साथ काम किया था। हालांकि, इस खोज को नोबेल पुरुस्कार मिलने की घोषणा हुई तो कृष्णनन ने रमन के साथ कुछ प्रोफेशनल्स मतभेदों के कारण इसे साथ शेयर करने से मना कर दिया था। इसके बावजूद, रमन ने अपने नोबेल स्वीकृति भाषण में ने अपने साथी को न केवल याद रखा, बल्कि कृष्णनन के योगदान का जिक्र भी किया था। साल 1970 में हो गया था निधन फिजिक्स के महान वैज्ञानिक सीवी रमन ने बेंगुलुरु में रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट की भी स्थापन की थी। साल 1947 में वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस ( IISc ) के डायरेक्टर बन गए थे। 21 नवंबर, साल 1970 को बेंगलुरु, कर्नाटक में उनका निधन हो गया था।

मप्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित, 1.21 लाख उमीदवारों ने किया था आवेदन

इंदौर मप्र लोक सेवा आयोग ने राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) 2024 के पांच विषयों – अंग्रेजी, भूगोल, गृह विज्ञान, विधि और लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस के परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिए हैं। परिणाम को दो भागों में विभाजित किया है, जिसमें 87 फीसदी मुख्य सूची जारी की है, जबकि 13 फीसदी परिणाम रोका है। उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थी अब सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2024 में आवेदन के योग्य हैं। चयनित उमीदवारों के रोल नंबर आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। 1.21 लाख उमीदवारों ने किया था आवेदन राज्य पात्रता परीक्षा 2024(MPPSC Exam 2024 Results Declared) का आयोजन 15 दिसंबर को प्रदेशभर में किया था। 1,21 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन परीक्षा में 94 हजार ने भाग लिया। परीक्षा के मूल्यांकन की प्रक्रिया एक महीने में कर ली गई। अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में बाकी विषयों के परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। आयोग के ओएसडी रवींद्र पंचभाई ने जानकारी दी कि चयनित उमीदवार 26 मार्च तक सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2024 के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आईडीबीआई बैंक ने जूनियर असिस्टेंट मैनेजर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए, एक मार्च से करें आवेदन

नई दिल्ली   आईडीबीआई बैंक ने पीजीडीबीएफ के माध्यम से जूनियर असिस्टेंट मैनेजर की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के लिए पात्र उम्मीदवार 1 मार्च से आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (IDBI) ने जूनियर असिस्टेंट मैनेजर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती में शामिल होने के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आईडीबीआई बैंक की आधिकारिक वेबसाइट (idbibank.in) के जरिए 1 मार्च से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आईडीबीआई बैंक बैंकिंग और वित्त में 1 वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए युवा, गतिशील स्नातकों से आवेदन आमंत्रित करता है, जिसमें संबंधित परिसर में 6 महीने का क्लासरूम अध्ययन, 2 महीने की इंटर्नशिप और आईडीबीआई बैंक की शाखाओं/कार्यालयों/केंद्रों में 4 महीने का ऑन जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) शामिल है।   पात्रता मानदंड जो उम्मीदवार इस पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु सीमा 20 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए, यानी उम्मीदवार का जन्म 01.03.2000 से पहले और 01.03.2005 के बाद नहीं हुआ होना चाहिए। चयन प्रक्रिया इस भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन टेस्ट के बाद ऑनलाइन टेस्ट में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों का व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल होगा। ऑनलाइन परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकृति की होगी। प्रत्येक प्रश्न के लिए जिसका गलत उत्तर उम्मीदवार द्वारा दिया गया है, उस प्रश्न के लिए निर्धारित अंकों में से एक चौथाई या 0.25 अंक दंड के रूप में काट लिए जाएंगे ताकि सही अंक प्राप्त किए जा सकें। आवेदन शुल्क अन्य सभी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1050 रुपये निर्धारित है और एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये तय है। भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, आईएमपीएस, कैश कार्ड/मोबाइल वॉलेट का उपयोग करके किया जा सकता है।  

GATE 2025 की Answer Key हुई जारी, यहां जानें कैसे करें डाउनलोड और कब आएगा रिजल्ट

GATE 2025 की आंसर की का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। दरअसल, IIT रुड़की द्वारा GATE 2025 की आधिकारिक Answer Key 27 फरवरी यानी आज जारी की गई है। इसके लिए IIT रुड़की द्वारा PDF जारी किया गया है, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए आपको GATE की आधिकारिक वेबसाइट gate2025.iitr.ac.in पर जाना होगा। बता दें कि जिन छात्रों ने 1, 2, 15 और 16 फरवरी को GATE 2025 परीक्षा में भाग लिया था, वे अब GOAPS पोर्टल पर जाकर आंसर की डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं, जिन उम्मीदवारों को आंसर की पर आपत्ति जतानी है, वे 1 मार्च 2025 तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। ऐसे डाउनलोड करें Answer Key यदि आप GATE 2025 की आधिकारिक आंसर की का PDF डाउनलोड करना चाहते हैं, तो सबसे पहले GATE की आधिकारिक वेबसाइट gate2025.iitr.ac.in पर जाएं। इसके बाद वेबसाइट पर दिखाई दे रही GATE Answer Key की लिंक पर क्लिक करें। यहां से आप अपनी Application ID और Password के जरिए लॉग इन कर सकेंगे। याद रखें कि आंसर की का PDF डाउनलोड कर सुरक्षित रखें, क्योंकि यह भविष्य में आपके काम आ सकता है। कब जारी किया जाएगा GATE 2025 रिजल्ट? अगर आपको आंसर की में कोई गलती नजर आती है और आप आपत्ति दर्ज कराना चाहते हैं, तो ₹500 प्रति प्रश्न शुल्क देकर GATE प्रोविजनल आंसर की के खिलाफ आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए आपको GOAPS पोर्टल के माध्यम से आपत्ति दर्ज करनी होगी। बता दें कि IIT रुड़की 19 मार्च 2025 को GATE परीक्षा के परिणाम जारी करेगा। आप अपने परिणाम Enrollment ID और Password के जरिए देख सकेंगे। वहीं, स्कोरकार्ड 28 मार्च से 31 मई 2025 तक डाउनलोड किया जा सकेगा। हालांकि, इसके बाद भी आप ₹500 प्रति टेस्ट पेपर शुल्क देकर स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

CBSE का बड़ा बदलाव​, 2026 से साल में दो बार होंगे ​क्लास 10th Board Exam

नई दिल्ली सीबीएसई 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है। बोर्ड ने इस संबंध में एक मसौदा नीति को तैयार कर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। बोर्ड ने शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों सहित तमाम हितधारकों से इस पर प्रतिक्रिया मांगी है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर देने की सिफारिश की है। https://x.com/DDNewslive/status/1894411333711663172 उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें 10वीं कक्षा में 2025-26 से दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने को लेकर चर्चा की गई। इसके लिए एक मसौदा नीति विकसित करने और सभी हितधारकों जैसे स्कूलों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और आम जनता से प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने के लिए सीबीएसई वेबसाइट पर होस्ट की जाए। भारद्वाज ने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद मसौदा नीति विकसित की गई है और उसे सीबीएसई की बेवसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। हितधारक 9 मार्च तक मसौदा नीति पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। प्रतिक्रियाओं की जांच की जाएगी और नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं की दो बार होने वाली परीक्षाओं का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। 2026 में होने वाली 10वीं की परीक्षा का पहला राउंड 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 6 मार्च 2026 तक चलेगा। दूसरे राउंड की बोर्ड परीक्षा 5 मई 2026 से 20 मई 2026 तक चलेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय मीटिंग में सीबीएसई को दो बार बोर्ड एग्जाम की स्कीम तैयार करने को कहा था। सीबीएसई ने मंगलवार को ड्राफ्ट पॉलिसी जारी कर दी है, जिस पर 9 मार्च तक सुझाव मांगे गए हैं। खत्म होगी सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा सुझावों के आधार पर पॉलिसी में जरूरी बदलाव भी हो सकते हैं और उसके बाद फाइनल पॉलिसी जारी हो जाएगी। कंपार्टमेंट की परीक्षा अब नहीं होगी। जो छात्र पहले राउंड (सभी पेपर या कुछ पेपर) को क्लियर नहीं कर पाएंगे, उनके लिए मई में दूसरे बोर्ड एग्जाम में अपीयर होने का मौका रहेगा। CBSE Exams: 34 दिन में पूरे होंगे दोनों राउंड 2026 में जब दसवीं की बोर्ड परीक्षा दो बार होगी, तो दोनों राउंड केवल 34 दिनों में पूरे हो जाएंगे। एनबीटी ने अपनी पहले की रिपोर्ट में बताया भी था कि फरवरी और मई 2026 में होने वाली परीक्षा कम दिनों में पूरी की जाएगी। 2025 के मौजूदा सत्र में 10वीं की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च तक चलेगी। यानी एक ही परीक्षा में 32 दिनों की समय-सीमा रखी गई है। अब 2026 में पहले राउंड की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 18 दिनों में 6 मार्च तक खत्म हो जाएगी। जबकि दूसरे राउंड की परीक्षा 5 मई से शुरू होकर 16 दिनों में 20 मई को खत्म होगी। इस तरह से दोनों राउंड की परीक्षा केवल 34 दिनों में पूरी हो जाएगी और जल्दी रिजल्ट भी आ जाएगा। दसवीं में सीबीएसई कुल 84 विषयों की परीक्षा आयोजित करेगा और करीब 1,72,90,000 आंसर शीट्स जांची जाएंगी। 2026 की दसवीं की परीक्षा में 26.60 लाख छात्रों की भागीदारी होगी। प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट एक ही बार होंगे सीबीएसई दसवीं में छात्र लिखित परीक्षा तो दो बार दे सकेंगे, लेकिन प्रैक्टिकल व इंटरनल असेसमेंट एक ही बार होगा। अलग-अलग विषयों में होने वाले प्रैक्टिकल व इंटरनल असेसमेंट के जो नंबर मिल जाएंगे, उसे लिखित परीक्षा के बेस्ट स्कोर में जोड़कर रिजल्ट जारी किया जाएगा। कब, कहां मिलेगी सीबीएसई मार्कशीट? पहले राउंड की परीक्षा के बाद कोई पासिंग डॉक्युमेंट जारी नहीं होगा। पहली परीक्षा की परफॉर्मेंस डिजिलॉकर में उपलब्ध होगी, जिसका उपयोग 11वीं में एडमिशन के लिए किया जा सकेगा। अगर स्टूडेंट दूसरे राउंड की परीक्षा नहीं देना चाहेगा, तो वह डिजिलॉकर के स्कोर के जरिए एडमिशन ले सकेगा। सेकंड राउंड के बाद जो फाइनल रिजल्ट तैयार होगा, उसके बाद ही पासिंग डॉक्युमेंट जारी किए जाएंगे। दोनों राउंड की परीक्षा के बाद ही मेरिट सर्टिफिकेट जारी होगा। पास नहीं होने पर भी 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन पहले राउंड में सीबीएसई क्लास 10 में जो छात्र पांचों विषयों में क्वालीफाई होंगे, उन्हें भी पास घोषित किया जाएगा। इस स्थिति में भी छात्र को 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन मिल सकेगा। जब छात्र दूसरे सत्र की परीक्षा देगा और क्वालीफाई हो जाता है, तो उस स्थिति में ही उसका एडमिशन कंफर्म माना जाएगा। जो छात्र पहले एग्जाम में क्वालीफाई नहीं होते हैं, उन्हें इंप्रूवमेंट कैटिगरी में रखा जाएगा और वे दूसरे राउंड की परीक्षा के लिए एलिजिबिल होंगे। सीबीएसई ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में कोई स्पेशल एग्जामिनेशन यानी कंपार्टमेंट परीक्षा नहीं होगी। अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में सफल नहीं होता है या कुछ विषयों में सफल नहीं होता है, तो अभी तक उसे जुलाई में कंपार्टमेंट की परीक्षा देने का मौका मिलता था। लेकिन अब मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में उसे बैठने का विकल्प दिया जा रहा है। CBSE 2 Exams: दोनों बार विषय नहीं बदलेंगे ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक छात्र ने जिन विषयों में पहली परीक्षा दी होगी, दूसरे राउंड में भी उन्हीं विषयों की परीक्षा देने का विकल्प मौजूद रहेगा। दूसरे राउंड की परीक्षा के दौरान सब्जेक्ट चेंज करने की इजाजत नहीं होगी। लेकिन यहां पर छात्रों के लिए एक उम्मीद की किरण यह है कि अगर किसी स्टूडेंट ने पहले राउंड की परीक्षा के लिए आईटी सब्जेक्ट चुना है और वह इसे बदलना चाहता है, तो अगर वह पहले राउंड में आईटी की परीक्षा नहीं देता तो सेकंड राउंड में वह आईटी के बदले दूसरा विषय चुन सकता है। लेकिन अगर पहले राउंड में आईटी का पेपर दे दिया तो फिर वह सेकंड राउंड में इस विषय को चेंज नहीं कर सकता। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में यह सिफारिश की गई है कि छात्रों को बोर्ड परीक्षा में अपना प्रदर्शन सुधारने का अवसर दिया जाएगा। जिसके बाद यह ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की गई है।  

NEET PG 2024 की फिर बदली कटऑफ, अब इतने कम परसेंटाइल पर भी मिलेगा एडमिशन!

नईदिल्ली मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने एक बार फिर से नीट पीजी 2024 के लिए मिनिमम क्वालिफाइंग कटऑफ पर्सेंटाइल में कटौती की है। एमसीसी ने कहा है कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार नीट पीजी काउंसेलिंग 2024 के लिए क्वालिफाइंग कटऑफ पर्सेंटाइल को फिर से कम कर दिया गया है। फैसले के मुताबिक क्वालिफाइंग कटऑफ पर्सेंटाइल को 15 से घटाकर 5 पर्सेंटाइल कर दिया गया है। अब सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग के उम्मीदवार, जो 5 पर्सेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त करते हैं, वे नीट पीजी 2024 काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होंगे। यह फैसला स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एनएमसी) के परामर्श से किया गया। गौरतलब है कि पिछले साल भी सभी श्रेणियों में नीट पीजी क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल को घटाकर शून्य कर दिया गया था। 2022 में, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ को 50वें पर्सेंटाइल से घटाकर 35वें पर्सेंटाइल कर दिया गया। अनारक्षित दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए, कट-ऑफ को 45वें पर्सेंटाइल से घटाकर 20वें पर्सेंटाइल कर दिया गया। इस बीच, एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों (इन श्रेणियों के दिव्यांग उम्मीदवारों सहित) के छात्रों के लिए कट-ऑफ को 40 पर्सेंटाइल से घटाकर 20 पर्सेंटाइल कर दिया गया। सामान्य/ ईडब्ल्यूएस, यूआर-पीडब्ल्यूडी और एससी/ एसटी/ ओबीसी (एससी/ एसटी/ ओबीसी के पीडब्ल्यूडी सहित) उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता परसेंटाइल 5वां परसेंटाइल है. हालांकि, NBEMS ने कहा कि 23 अगस्त, 2024 को प्रकाशित नीट-पीजी 2024 रैंक और परसेंटाइल स्कोर में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इस साल की शुरुआत में, MNC ने सभी कैटेगरी के लिए कट-ऑफ को कम कर दिया था. 15 परसेंटाइल और उससे ज्यादा मार्क्स प्राप्त करने वाले सामान्य और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के छात्र काउंसलिंग में हिस्सा लेने के लिए पात्र हो गए. जनवरी में घोषित नीट पीजी काउंसलिंग के लिए पात्र होने के लिए रिवाइज्ड कट-ऑफ एससी, एसटी, ओबीसी और पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के स्टूडेंट्स के लिए 10 परसेंटाइल और उससे ज्यादा हो गया.  नीट पीजी कट-ऑफ परसेंटाइल अनरिजर्व कैटेगरी के लिए 50वां, पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के लिए 45वां और रिजर्व कैटेगरी के छात्रों के लिए 40वां था. पिछले साल, नीट पीजी योग्यता परसेंटाइल को सभी कैटेगरी में शून्य तक कम कर दिया गया था. 2022 में जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए नीट पीजी कट-ऑफ 50वें परसेंटाइल से घटाकर 35वां कर दिया गया था. अनरिजर्व पीडब्ल्यूडी कैंडिडेट्स के लिए कट-ऑफ 45वें परसेंटाइल से घटाकर 20वां परसेंटाइल कर दिया गया था और एससी, एसटी और ओबीसी (एससी, एसटी, ओबीसी के पीडब्ल्यूडी सहित) के छात्रों के लिए, कट-ऑफ 40वें परसेंटाइल से घटाकर 20वां परसेंटाइल कर दिया गया था. बीते सप्ताह एमसीसी ने नीट पीजी स्ट्रे राउंड का रिजल्ट जारी किया गया था। खाली रह गईं 2331 सीटें अलॉट की गई थीं। संभवत: सीटें खाली रहने पर कटऑफ कटौती का यह फैसला लिया गया है। कोई सीट खाली न रह जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए कटऑफ एक बार फिर से घटाई गई है।

क्लाउड कंप्यूटिंग: सुरक्षा और भरोसे में बनाएं करियर

कंप्यूटर से लैपटॉप और अब मोबाइल तक में इंटरनेट के विविध प्रकार के प्रयोगों ने मानो एक नई क्रान्ति-सी ला दी है। अगर विश्व की कंप्यूटर क्षेत्र से सम्बद्ध जानी-मानी आईबीएम कम्पनी द्वारा जारी आंकड़ों की बात करें तो पता चलता है कि दुनिया भर में विकसित किये जाने वाले 85 प्रतिशत से अधिक कंप्यूटर/मोबाइल एप्लिकेशंस क्लाउड कंप्यूटिंग पर आधारित हैं। इसी प्रकार नास्डेक के अध्ययनों में बताया गया है कि इस वर्ष के अंत तक 40 मिलियन डॉलर से अधिक निवेश सिर्फ क्लाउड कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी पर किया जाना है। क्या है क्लाउड कंप्यूटिंग: यह एक वास्तविकता है कि रोजमर्रा के जीवन से लेकर ऑफिस तक के कार्यकलापों में हम इंटरनेट पर पूरी तरह से आश्रित हो गए हैं। कंप्यूटर के बढ़ते इस्तेमाल और डिजिटाइजेशन की दिशा में बढ़ने के कारण विविध प्रकार के डाटा का भी वृहद् पैमाने पर सृजन हो रहा है। वैश्विक तौर पर ये डाटा ईमेल, टेक्स्ट या ऑडियो-विजुअल फॉर्मेट में अत्यंत तेज गति से सृजित हो रहे हैं। इस विशाल डाटा का भंडारण और रखरखाव इतना आसान नहीं है। किसी एक व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि कंपनियों तक के लिए यह बहुत ही जटिल और खर्चीला मामला हो जाता है। इसी समस्या का समाधान ढूंढ़ने के प्रयास में क्लाउड कंप्यूटिंग की एक नई विधा अस्तित्व में आई है। बुनियादी तौर पर यह स्टेट ऑफ द आर्ट या अत्यंत उन्नत तकनीक है। मोटे तौर पर कहा जाए तो क्लाउड कंप्यूटिंग बड़े पैमाने पर वर्चुअल स्टोरेज की सुविधा प्रदान करती है, जिसे दुनिया के किसी भी कोने से एक्सेस किया जा सकता है।. कैसा एप्टिट्यूड है जरूरी इस प्रोफेशन में जाने वाले युवाओं के लिए आवश्यक है कि उनमें किसी भी तरह की समस्या का समाधान ढूंढ़ने का जुनून हो। टीम के अन्य सदस्यों के साथ वे न सिर्फ सम्मानजनक बर्ताव करें, बल्कि उनकी कम्युनिकेशन स्किल भी अच्छी होनी चाहिए। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की क्षमता तथा हमेशा लीक से हटकर, कुछ नया सोचने और कर दिखाने का जज्बा भी इस तरह के करियर में काफी मायने रखता है।. शैक्षिक योग्यता क्लाउड कंप्यूटिंग का प्रशिक्षण लेने के लिए सूचना तकनीक (आईटी) या कंप्यूटर साइंस का बैकग्राउंड होना आवश्यक है, ताकि प्रत्याशी के पास कंप्यूटर और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के बारे में प्रारम्भिक जानकारी हो। इस क्षेत्र में काम का अनुभव है तो फिर सोने पर सुहागा वाली बात होगी। ऐसी पृष्ठभूमि होने से सीखने में काफी आसानी हो जाती है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए पायथन और जावा कंप्यूटर लैंग्वेज की काफी उपयोगिता है। प्रशिक्षण देश-विदेश में बड़ी संख्या में निजी संस्थानों द्वारा क्लाउड कंप्यूटिंग पर आधारित कम अवधि और दीर्घ अवधि के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इनमें माइक्रोसॉफ्ट द्वारा संचालित ‘माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड प्लेटफॉर्म एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर’, ‘सिस्को सर्टिफाइड नेटवर्क एसोसिएट क्लाउड’, ‘गूगल सर्टिफाइड प्रोफेशनल आर्किटेक्ट’ आदि का खासतौर पर जिक्र किया जा सकता है। आईबीएम और आईआईटी, बेंगलुरु द्वारा भी ऐसे कुछ पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। कुछ निजी विश्वविद्यालयों द्वारा मास्टर डिग्री स्तर के पाठ्यक्रम भी आयोजित किये जा रहे हैं। यही नहीं, इस क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग वर्कशॉप भी आयोजित की जाती हैं। इनकी फीस देकर ऐसी वर्कशॉप का भी लाभ उठाया जा सकता है। इस तरह की सूचनाएं और जानकारियां आमतौर पर इंटरनेट और सम्बंधित वेबसाइट के माध्यम से मिल सकती हैं। यहां यह उल्लेख करना भी प्रासंगिक होगा कि अमूमन इस क्षेत्र की कंपनियां अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए भी अपने खर्च पर भेजती हैं। रोजगार के अवसर देश में क्लाउड सर्विस प्रदान करने वाली कंपनियों की कमी नहीं है। इनमें कई प्रकार की नौकरी के विकल्प मिल सकते हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग की विधा में माहिर युवाओं को विविधतापूर्ण रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। इनमें क्लाउड कंप्यूटिंग इंजीनियर, क्लाउड आर्किटेक्ट, क्लाउड सपोर्ट इंजीनियर, क्लाउड सॉल्यूशन इंजीनियर, क्लाउड एडमिनिस्ट्रेटर, क्लाउड मैनेजमेंट प्रोफेशनल, आईटी सिस्टम्स एंड यूजर्स सपोर्ट, एप्लिकेशन डेवलपमेंट, बिजनेस एनालिसिस, नेटवर्क, सिक्योरिटी एंड वेब डेवलपमेंट आदि का जिक्र प्रमुख रूप से किया जा सकता है। इस विधा में काम का अनुभव रखने वाले लोगों को भारतीय कंपनियों के अलावा मल्टीनेशनल कंपनियों में भी नौकरियों के पर्याप्त अवसर मिल सकते हैं। डिजिटल इंडिया सरकारी तौर पर यह पहले ही एलान किया जा चुका है कि डिजिटल इंडिया के लिए 4.5 लाख करोड़ रुपए की धनराशि का प्रावधान किया गया है और इसके तहत 17 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित किये जायेंगे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत देश को डिजिटल रूप से सशक्त अर्थव्यवस्था के तौर पर रूपांतरित किया जाएगा। 2.5 लाख से अधिक गांवों को ब्रॉडबैंड के अंतर्गत लाया जाएगा। इसके अतिरिक्त इस योजना में देश के 100 से अधिक शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का भी प्रस्ताव है। क्लाउड कंप्यूटिंग की डिजिटल इंडिया के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। क्लाउड कंप्यूटिंग की टेक्नोलॉजी द्वारा सबसे अधिक लाभ देश के लघु उद्योगों को मिलने की उम्मीद है। इसका प्रभाव औद्योगिक विकास और नए रोजगार के सृजन में देखने को मिल सकता है। कम्प्यूटर और आईटी के क्षेत्र में काफी नई उथल-पुथल देखने को मिली है। इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल को इस शृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर चिह्नित किया जा सकता है। और क्लाउड कम्प्यूटिंग एक उभरता हुआ करियर है। करियर के बारे में विस्तार से बता रहे हैं काउंसलर अशोक सिंह. कुछ प्रमुख पाठ्यक्रम ईएमसी क्लाउड आर्किटेक्ट, आईबीएम सर्टिफाइड सॉल्यूशन आर्किटेक्ट, एचपी एक्सपर्ट वन क्लाउड सर्टिफिकेशन, सर्टिफिकेट ऑफ क्लाउड सिक्योरिटी नॉलेज, वीएम वेयर क्लाउड सर्टिफिकेशन, ईएमसी क्लाउड इन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज सर्टिफिकेशन प्रमुख संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली. (देश में कई जगह शाखाएं मौजूद). एनआईआईटी (देश में कई जगह शाखाएं मौजूद) बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी  

बिलासपुर एम्स में निकली कई पदों पर भर्ती, बिना एग्जाम सिलेक्शन, 3 मार्च तक करें अप्लाई

बिलासपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है।एम्स बिलासपुर ने प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III / प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II और डेटा एंट्री ऑपरेटर के विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन की प्रक्रिया जारी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों को एम्स की आधिकारिक वेबसाइट aiimsbilaspur.edu.in पर जाकर 3 मार्च तक आवेदन कर सकते है। एम्स बिलासपुर की तरफ से जारी की गई भर्ती में प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III / प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II के 02 पद और डेटा एंट्री ऑपरेटर का 01 पद भरा जाएगा। यह भर्ती अभियान उम्मीदवारों की योग्यता और संबंधित क्षेत्र में अनुभव के आधार पर किया जाएगा। पदों का विवरण     प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III/प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II- 02 पद     डेटा एंट्री ऑपरेटर- 01 पद आयु सीमा: प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III / प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II पदों के लिए उम्मीदवारों की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष तक निर्धारित की गई है। वहीं, डेटा एंट्री ऑपरेटर पद के लिए आयु सीमा 18 से 28 वर्ष तक रखी गई है। योग्यता और अनुभव: अलग अलग पदों के लिए अलग अलग योग्यता निर्धारित की गई है।     प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III / प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II: साइंस में 12वीं पास।संबंधित क्षेत्र में डिप्लोमा (एमएलटी/डीएमएलटी) या जनरल नर्सिंग और मिडवाइफरी (GNM) का कोर्स ।संबंधित क्षेत्र में 5 साल का अनुभव या 3 वर्षीय GNM कोर्स ।     डेटा एंट्री ऑपरेटर: साइंस में 12वीं पास । DOEACC ‘A’ लेवल का सर्टिफिकेट । सरकारी, ऑटोनॉमस, पीएसयू या किसी मान्यता प्राप्त संगठन में 2 साल का अनुभव । चयन प्रक्रिया : चयनित उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा। शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को चयन समिति द्वारा ईमेल के माध्यम से और आधिकारिक वेबसाइट पर सूचना दी जाएगी। उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के लिए तय तिथि और स्थान की जानकारी दी जाएगी। सैलरी: प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III / प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II को 20,000 रुपये + HRA (स्वीकृत दर के अनुसार) और डेटा एंट्री ऑपरेटर को 18,000 रुपये। कैसे करें आवेदन     सबसे पहले AIIMS बिलासपुर की आधिकारिक वेबसाइट     http://aiimsbilaspur.edu.in पर जाएं।     वेबसाइट के होम पेज पर दिए गए भर्ती सेक्शन पर क्लिक करें।     संबंधित पदों के लिए आवेदन लिंक पर क्लिक करें और अपनी जानकारी भरें।     आवेदन पत्र को सही ढंग से भरने के बाद उसे सबमिट करें।

CBSE Board 10वीं और 12वीं की परीक्षा शुरू

नई दिल्ली  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आज यानी शनिवार से शुरू हो जाएंगी. परीक्षा सुबह 10.30 बजे से शुरू होगी. आपको बता दें कि 10वीं की परीक्षा 15 फरवरी से 18 मार्च के बीच और 12वीं की 15 फरवरी से 4 अप्रैल 2025 तक होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल लगभग 44 लाख छात्र-छात्राओं के सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. पहले दिन 10वीं कक्षा के छात्रों की इंग्लिश कम्युनिकेटिव, लैंग्वेज एंड लिटरेचर की और 12वीं के छात्रों की एंटरप्रेन्योरशिप विषय की परीक्षा होगी. दिल्ली मेट्रो ने किए खास इंतजाम दिल्ली मेट्रो ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 को लेकर एक विशेष घोषणा की है. परीक्षा देने जाने वाले छात्र-छात्राओं को मेट्रो स्टेशन पर टिकट लेने और प्रवेश के दौरान फ्रिक्सिंग में प्राथमिकता दी जाएगी. यानी इन दोनों काम में कम समय लिया जाएगा.  15 फरवरी से 4 अप्रैल 2025 तक सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा चलेगी. इस दौरान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों के लिए  सुगम और परेशानी मुक्त यात्रा को लेकर कुछ सुविधाओं की घोषणा की है. लगभग 3.30 लाख छात्र-छात्राएं और हजारों स्कूल कर्मचारी शहर भर में आवागमन करेंगे. इसलिए DMRC  CISF के साथ साझेदारी कर परीक्षा के दिनों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर विशेष सुविधा उपाय लागू कर रहा है. मेट्रो स्टेशनों पर परीक्षार्थियों को जो सुविधाएं मिलेंगी     अपना सीबीएसई एडमिट कार्ड दिखाने पर छात्रों को मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच के दौरान प्राथमिकता दी जाएगी.     टिकट ऑफिस मशीन (TOM) और कस्टमर केयर (CC) केंद्रों पर टिकट खरीदते समय अपने एडमिट कार्ड दिखाने वाले छात्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी.     डीएमआरसी स्टाफ ने स्कूलों का दौरा किया. प्रिंसिपलों से बातचीत की और उन्हें नजदीकी मेट्रो स्टेशनों और छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी.     डीएमआरसी ने स्कूलों से अनुरोध किया है कि वे छात्रों को अपनी यात्रा की प्लानिंग में सहायता करने के लिए आसान टिकट बुकिंग के लिए क्यूआर कोड के साथ-साथ नजदीकी मेट्रो स्टेशन का विवरण प्रदान करने वाले पोस्टर लगाएं.     मेट्रो स्टेशनों पर परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए  विशेष केंद्रीकृत घोषणाएं की जाएंगी.     परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्रों के निकटतम मेट्रो स्टेशनों की एक विस्तृत सूची भी डीएमआरसी वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन पर अपलोड की गई है. डीएमआरसी की वेबसाइट पर जाकर जानकारी ले सकते हैं परीक्षार्थी डीएमआरसी छात्रों से अपनी यात्रा की प्लानिंग पहले से बनाने का आग्रह किया है. साथ  ही सभी उम्मीदवारों को उनकी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दी है. अधिक अपडेट के लिए, उम्मीदवार डीएमआरसी की आधिकारिक वेबसाइट (www.delhimetrorail.com) और डीएमआरसी मोमेंटम दिल्ली सारथी 2.0 मोबाइल ऐप पर जा सकते हैं. सीबीएसई ने जारी की गाइडलाइन सीबीएसई ने सब्जेक्ट स्पेसिफिक गाइडलाइन जारी की हैं, जिसमें सब्जेक्ट कोड, क्लास स्पेसिफिकेशन, थ्योरी और प्रैक्टिकल के लिए अधिकतम अंक, प्रोजेक्ट वर्क, इंटरनल असेसमेंट और आंसर शीट के फॉर्मेट जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है. परीक्षाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने  के लिए स्कूलों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है. छात्र यहां देख सकते हैं सैंपल क्वेश्चन पेपर्स छात्र सीबीएसई एकेडमिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर 10वीं और 12वीं के लिए सैंपल क्वेश्चन पेपर्स देख सकते हैं. ये छात्रों को लेटेस्ट क्वेश्चन फॉर्मेट, मार्किंग और परीक्षा पैटर्न से परिचित कराने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, ताकि वे अपनी बोर्ड अपनी बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी कर सकें. सीबीएसई मार्कशीट में जारी रहेंगे ये बदलाव सीबीएसई डिस्टिंक्शन न देने या टॉपर्स की घोषणा न करने की अपनी नीति जारी रखेगा. 2024 की तरह, 2025 की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को समग्र डिवीजन, डिस्टिंक्शन या कुल अंकों का का प्रतिशत नहीं मिलेगा.

आज सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षा होगी शुरू, दिल्ली मेट्रो ने की बड़ी घोषणा, छात्रों को मिलेगी मदद

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा आज से 4 अप्रैल, 2025 तक संचालित होंगी। इसको देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए सुगम और बिना किसी परेशानी की यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं। डीएमआरसी के मुताबिक लगभग 3.30 लाख छात्र और हजारों स्कूल कर्मचारी इस दरम्यान मेट्रो से यात्रा करेंगे। डीएमआरसी ने सीआईएसएफ के साथ मिलकर परीक्षा के दिनों में बढ़ती भीड़ को प्रबंधित करने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर विशेष सुविधा उपाय लागू करने जा रही है। मेट्रो स्टेशनों पर बोर्ड के परीक्षार्थियों के किए गए उपाय • मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच के दौरान सीबीएसई प्रवेश पत्र ले जाने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। • टिकट ऑफिस मशीन (टीओएम) और कस्टमर केयर (सीसी) सेंटर पर टिकट खरीदते समय अपने प्रवेश पत्र दिखाने वाले छात्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। • डीएमआरसी स्टाफ ने स्कूलों का दौरा किया, प्रिंसिपलों के साथ बातचीत की और उन्हें निकटतम मेट्रो स्टेशनों और छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी। • डीएमआरसी ने स्कूलों से छात्रों को उनकी यात्रा की योजना बनाने में सहायता के लिए आसान टिकट बुकिंग के लिए क्यूआर कोड के साथ निकटतम मेट्रो स्टेशन का विवरण प्रदान करने वाले पोस्टर लगाने का अनुरोध किया है। • मेट्रो स्टेशनों पर विशेष केंद्रीकृत घोषणाएं की जाएंगी। • सुगम यात्रा के लिए परीक्षा केंद्रों के निकटतम मेट्रो स्टेशनों की एक विस्तृत सूची डीएमआरसी वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन पर भी अपलोड की गई है। डीएमआरसी ऐप पर अधिक जानकारी मिल सकेगी डीएमआरसी ने बताया कि छात्रों से अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने का आग्रह किया गया है और सभी उम्मीदवारों को उनकी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं भी देता है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी डीएमआरसी की आधिकारिक वेबसाइट (www.delhimetrorail.com) और डीएमआरसी मोमेंटम दिल्ली सारथी 2.0 मोबाइल ऐप पर जा सकते हैं।

हरियाणा में ग्रुप सी और डी भर्ती के कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के लिए जल्द रजिस्ट्रेशन शुरू

हरियाणा हरियाणा में ग्रुप सी और डी भर्ती के कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2025 के लिए जल्द रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। इसको लेकर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) ने फॉर्म भरने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट की लिस्ट जारी की है। HSSC के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इसकी सूचना दी है। HSSC के चेयरमैन हिम्मत सिंह युवाओं से अपील की है कि वह अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स, सर्टिफिकेट्स तैयार रखें ताकि रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

कनाडा में वर्क परमिट एक्सपायर होने क्या करें भारतीय छात्र

कनाडा कनाडा में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या चार लाख से ज्यादा है। भारतीयों के बीच कनाडा पढ़ाई के लिए इसलिए पॉपुलर है, क्योंकि यहां पर कोर्स खत्म होने के बाद छात्रों को वर्क परमिट भी दिया जाता है। इसे पोस्ट-ग्रेजुएट वर्क परमिट (PGWP) के तौर पर जाना जाता है, जो आठ महीने से लेकर तीन साल तक वैलिड रहता है। PGWP का एक बड़ा फायदा ये होता है कि छात्र नौकरी तो कर ही पाते हैं, साथ ही उनके लिए परमानेंट रेजिडेंसी (PR) का भी रास्ता खुल जाता है। हालांकि, कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं, जिनका PGWP एक्सपायर होने वाला होता है और उन्हें समझ नहीं आ रहा होता है कि वे अब क्या करें। वैसे तो कनाडा में वर्क परमिट समाप्त होने पर देश छोड़कर जाना पड़ता है। यही बात PGWP पर नौकरी करने वाले छात्रों पर भी लागू होती है। मगर कुछ ऐसे रास्ते भी हैं, जिनके जरिए वे कनाडा में रह सकते हैं। कनाडा में पढ़ने जाने वाले छात्र अक्सर ही उन रास्तों के बारे में जानना चाहते हैं, जिनके जरिए वे PGWP एक्सपायर होने के बाद भी देश में रह पाएं। PGWP एक्सपायर होने वाला है, फिर छात्रों के पास क्या ऑप्शन हैं? इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने उन रास्तों के बारे में बताया है, जिनके जरिए PGWP एक्सपायर होने का इंतजार कर रहे छात्रों को काफी मदद मिल सकती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि PGWP एक्सपायर होने के बाद कानूनी तौर पर कनाडा में रहने के लिए छात्रों को फिर से स्टडी परमिट के लिए आवेदन करना चाहिए, ताकि वे किसी दूसरी फील्ड की पढ़ाई कर सकें। स्टडी परमिट के जरिए छात्र कनाडा में वैध तौर पर रह पाएंगे और अतिरिक्त क्वालिफिकेशन भी हासिल कर पाएंगे। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर कोई छात्र ऐसा करता है, तो उसकी अच्छी नौकरी मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी। छात्रों को ‘लेबर मार्केट इंपैक्ट असेसमेंट’ (LMIA) वाली जॉब हासिल करनी चाहिए। LMIA एक ऐसा डॉक्यूमेंट होता है, जो ये साबित करता है कि कंपनी के पास नौकरी के लिए एक भी कनाडाई नागरिक या परमानेंट रेजिडेंट नहीं है, जिस वजह से वह अब विदेशी नागरिक को जॉब दे रहा है। LMIA जॉब ऑफर होने आपको आसानी से वर्क परमिट मिलेगा और आपके लिए PR के रास्ते खुल जाएंगे।

ईएसबी ने प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा के आवेदन की तारीख 20 फरवरी तक बढ़ाई

भोपाल  मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की ओर से प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लिए आवेदन करने की तारीख में 10 दिन की बढ़ोतरी की गई है। अब अभ्यर्थी 20 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। अभी आवेदन करने की अंतिम तिथि मंगलवार को समाप्त हो रही थी। वहीं, आवेदन पत्र में संशोधन करने की तिथि 16 से बढ़ाकर 25 फरवरी की गई है। अभ्यर्थियों ने आवेदन की तारीख बढ़ाने की मांग की थी।     खासतौर पर अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और ईएसबी के अधिकारियों को पत्र लिखकर तारीख बढ़ाने की मांग की थी।     अतिथि शिक्षकों का कहना था कि इस बार आवेदन करते समय ही अनुभव प्रमाण पत्र मांगे गए हैं।     कई के अनुभव प्रमाण पत्र बन नहीं पाए हैं, ऐसे में वे आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।     वहीं कुछ अभ्यर्थी प्रोफाइल पंजीयन आईडी का मैप नहीं होने से आवेदन नहीं कर पा रहे थे। अब तक 1.43 लाख आवेदन आ चुके हैं। दो पारियों में होगी परीक्षा यह चयन परीक्षा 20 मार्च से शुरू होकर दो पारियों में आयोजित की जाएगी। पहली पारी की परीक्षा सुबह नौ से 11 बजे तक और दूसरी पारी में दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक आयोजित होगी। दोनों पारियों में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर एक घंटा पहले पहुंचना होगा।

JEE Main 2025 में राजस्थान से सबसे ज्यादा टॉपर्स, दिल्ली-UP के भी छात्रों ने लहराया परचम

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई-मेन जनवरी सेशन का परिणाम जारी कर दिया। अभी तक देखे गए परिणामों में एनटीए की ओर से 14 स्टूडेंट्स को 100 एनटीए स्कोर घोषित किया गया है, इसमें से 5 स्टूडेंट्स राजस्थान से हैं। डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट ओमप्रकाश बेहरा, रजित गुप्ता, सक्षम जिंदल और अरनव सिंह के साथ ऑनलाइन टेस्ट सीरीज के हर्ष झा ने 100 एनटीए स्कोर हासिल किया है। एनटीए आंसर-की और रिकॉर्डेड रेस्पोंस के अनुसार ओमप्रकाश बेहरा ने 300 में से 300 अंक प्राप्त किए हैं। इसके साथ ही 44 स्टेट टॉपर्स की लिस्ट जारी की गई। इसमें अरनव सिंह, रजित गुप्ता, सक्षम जिंदल, ओमप्रकाश (राजस्थान), शौर्य अग्रवाल (छत्तीसगढ़), अभिमन्यू टिबरेवाल (झारखंड), पाणिनी (बिहार), नवनीत प्रियदर्शी (ओडिशा), धैर्य शर्मा (हिमाचल प्रदेश), कृष्णा चक्रबर्ती (असम), ई कुमारन (पुड्डूचेरी), हर्ष झा (दिल्ली) और निशिता (मेघालय) से स्टेट टॉपर है। कुल 10 शिफ्टों में हुई परीक्षा में 14 स्टूडेंट्स ने 100 एनटीए स्कोर प्राप्त किया है, जिसमें राजस्थान के सर्वाधिक 5 विद्यार्थियों में से 4 कोटा से हैं। दिल्ली के 2, उत्तर प्रदेश के 2, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक एवं तेलंगाना के 1-1 विद्यार्थी शामिल है। इस वर्ष राजस्थान से सर्वाधिक विद्यार्थियों का 100 एनटीए स्कोर बना है। जारी किए रिजल्ट में 44 स्टेट टॉपर्स की सूची भी जारी की गई है। जेईई-मेन जनवरी सेशन बीई-बीटेक के लिए 22 से 29 जनवरी के मध्य 5 दिन में 10 शिफ्टों में हुई थी। फाइनल आंसर की 10 फरवरी को जारी की गई थी। परीक्षा के लिए 13 लाख 11 हजार 544 स्टूडेंट्स ने आवेदन किया था तथा 12 लाख 58 हजार 136 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। राजस्थान से 5 छात्रों ने किया टॉप, मप्र का एक भी नहीं: एनटीए 100 स्कोर हासिल करने वाले छात्रों में राजस्थान से 5, दिल्ली व यूपी से 2-2, कर्नाटक, आंध्र, गुजरात, तेलंगाना और इनमें एक ही छात्रा है। 100 एनटीए स्कोर वाले छात्र आयुष सिंघल (राजस्थान), कुशाग्र गुप्ता (कर्नाटक), दक्ष (दिल्ली-एनसीटी), हर्ष झा (दिल्ली-एनसीटी), राजित गुप्ता (राजस्थान), श्रेयस लोहिया (उत्तर प्रदेश), सक्षम जिंदल (राजस्थान), सौरव (उत्तर प्रदेश), विशद जैन (महाराष्ट्र), अर्णव सिंह (राजस्थान), शिवेन तोषनीवाल (गुजरात), साई मनोग्ना गुथकोंडा (आंध्र प्रदेश), ओम प्रकाश बेहेरा (राजस्थान) और बानी ब्रता माजी (तेलंगाना) शामिल हैं। पेपर-पैटर्न बदलने से संख्या कम हुई एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के मुताबिक पेपर के पार्ट बी में विकल्पों की सुविधा समाप्त करने का असर स्कोर कार्ड पर आया है। जेईई मेन-2024 जनवरी सेशन में देश में 23 विद्यार्थियों ने 100 एनटीए स्कोर प्राप्त किया था। इस बार सिर्फ 14 स्टूडेंट्स हैं।

जेईई के नतीजे घोषित, राजस्थान के सक्षम समेत 14 ने हासिल किए 100 पर्सेंटाइल

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जॉइंट एट्रेंस परीक्षा सेशन परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं. इस बार परीक्षा में 14 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं. परीक्षा में राजस्थान के रहने आयुष सिंघल, कर्नाटक के कुशाग्र गुप्ता, दिल्ली के दक्ष का नाम शामिल है. इनके अलावा दिल्ली के हर्ष झा, राजस्थान के रजीत गुप्ता, उत्तर प्रदेश के श्रेयस लोहिया, राजस्थान के सक्षम जिंदल ने भी 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं.  आप परीक्षा में 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट नीचे देख सकते हैं. जेईई के नतीजे घोषित इसके अलावा 24 उम्मीदवार ऐसे हैं, उन्होंने 99 से लेकर 100 पर्सेंटाइल तक स्कोर किया है. वहीं इसके बाद 3 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने 98 से 99 पर्सेंटाइल के बीच स्कोर किया है और करीब 96, 95, 90 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले एक-एक उम्मीदवार हैं.  एनटीए की ओर से जारी की गई टॉपर्स लिस्ट में एक उम्मीदवार आउटसाइड इंडिया से भी है, जिनका नाम सब्यसाची चौधरी है. सब्यसाची चौधरी ने 99 पर्सेंटाइल स्कोर किया है. बता दें कि परीक्षा में 13,11,544 उम्मीदवारों ने रजिस्टर किया था और उसमें से 12,58, 136 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था. एनटीए की ओर से परीक्षा का आयोजन 22, 23, 24, 28 और 29 को दो शिफ्ट में करवाया गया था. एक पारी में सुबह 9 से 12 बजे और एक शिफ्ट 3 बजे से शाम 6 बजे तक परीक्षा का आयोजन किया गया था. जेईई मेन परीक्षा को 13 भाषाओं (असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू) में आयोजित किया गया था. इनके अलावा परीक्षा भारत से बाहर 15 शहरों मनामा, दोहा सिटी, दुबई, मस्कट, रियाद, शारजाह, सिंगापुर, कुवैत, कुआलालंपुर, काठमांडू, अबू धाबी, पश्चिम जावा, वाशिंगटन, लागोस और म्यूनिख में भी आयोजित की गई थी.

MPPSCभर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते

इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने इतिहास के असिस्टेंट प्रोफेसर पद लिए एडमिट कार्ड की घोषणा कर दी है। योग्य उम्मीदवार जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया था, वे आधिकारिक वेबसाइट (mppsc.mp.gov.in) के माध्यम से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।  इस भर्ती अभियान का लक्ष्य इतिहास में असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 77 पदों को भरना है, जिसमें अनारक्षित के लिए 32, एससी के लिए 8, एसटी के लिए 15, ओबीसी के लिए 17 और ईडब्लूएस के लिए 5 रिक्तियां है।   श्रेणी रिक्तियां अनारक्षित (UR) 32 अनुसूचित जाति (SC) 8 अनुसूचित जनजाति (ST) 15 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) 17 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) 5 कुल पद (असिस्टेंट प्रोफेसर – इतिहास) 77

राष्ट्रीय ग्रामीण मनोरंजन मिशन सोसाइटी ने बिहार में एक महत्वपूर्ण भर्ती अभियान शुरू किया, 8000 पदों पर निकली भर्ती

पटना बिहार में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सुनहरी मौका है। दरअसल, राष्ट्रीय ग्रामीण मनोरंजन मिशन सोसाइटी ने बिहार में एक महत्वपूर्ण भर्ती अभियान शुरू किया है, जिसके तहत कुल 7,989 पदों पर भर्ती की जाएगी। 12वीं पास से लेकर स्नातकोत्तर तक की योग्यता वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट nrrmsvacancy.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की आखिरी तिथि 20 फरवरी 2025 है। इस भर्ती अभियान के तहत जिला परियोजना अधिकारी, लेखा अधिकारी, तकनीकी सहायक, ब्लॉक डेटा प्रबंधक, संचार अधिकारी, ब्लॉक फील्ड अधिकारी, एमटीएस, कंप्यूटर सहायक, समन्वयक और सुविधाकर्ता जैसे पदों पर भर्ती होगी। अधिकांश पदों के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया- लिखित परीक्षा कंप्यूटर दक्षता परीक्षण साक्षात्कार दस्तावेज़ सत्यापन चिकित्सा परीक्षण केवल लिखित परीक्षा के लिए रिक्तियों की संख्या से पांच गुना उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया- ऑनलाइन आवेदन करने के लिए: nrrmsvacancy.in पर जाएं और ‘ऑनलाइन आवेदन करें’ लिंक पर क्लिक करें। शैक्षणिक और अनुभव संबंधी जानकारी के साथ-साथ व्यक्तिगत विवरण भरें। फ़ॉर्म जमा करने से पहले फ़ोटो और हस्ताक्षर जैसे आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें। अंत में, अपने रिकॉर्ड के लिए प्रिंट आउट लें।

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए शिक्षकों और प्रशिक्षकों की संविदा भर्ती निकली

नई दिल्ली नोएडा के सेक्टर 24 स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए शिक्षकों और प्रशिक्षकों की संविदा पर भर्ती की जा रही है। इच्छुक उम्मीदवारों के लिए 18 फरवरी को लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद, साक्षात्कार के माध्यम से चयन प्रक्रिया पूरी होगी। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी), प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी), कंप्यूटर प्रशिक्षक, खेल प्रशिक्षक, योग शिक्षक, नर्स, परामर्शदाता, कला और शिल्प शिक्षक सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। पदों और विषयों की जानकारी पीजीटी (स्नातकोत्तर शिक्षक) के लिए निम्नलिखित विषयों के चाहिए शिक्षक अंग्रेजी, हिंदी, गणित, रसायन विज्ञान, भौतिकी, वाणिज्य, कंप्यूटर विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, जीव विज्ञान, भूगोल और राजनीति विज्ञान। टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) के लिए इन विषयों में चाहिए शिक्षक अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, गणित और विज्ञान। इसके अलावा, निम्नलिखित पदों पर भी भर्ती की जाएगी: कंप्यूटर प्रशिक्षक खेल-कूद प्रशिक्षक योग शिक्षक नर्स कला और शिल्प शिक्षक विशेष शिक्षक परामर्शदाता संगीत शिक्षक डॉक्टर आत्मरक्षा प्रशिक्षक (लड़कियों के लिए) कैसे करें आवेदन? इच्छुक उम्मीदवार केंद्रीय विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट noidashift2.kvs.ac.in पर जाकर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, उम्मीदवार केंद्रीय विद्यालय संगठन की वेबसाइट kvsangathan.nic.in पर भी पात्रता मानदंड और अन्य विवरण देख सकते हैं। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के दिन दो पासपोर्ट साइज फोटो, सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी छायाप्रतियां लेकर आनी होंगी। ध्यान रखें कि इस भर्ती प्रक्रिया में कोई भी आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट पर होगी नियुक्ति यह भर्ती पूरी तरह से संविदा आधारित होगी, और इसमें स्थायी नियुक्ति की कोई संभावना नहीं है। चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों को पहले लिखित परीक्षा में बैठना होगा, फिर साक्षात्कार के माध्यम से उनका चयन होगा। उम्मीदवारों के लिए शानदार अवसर केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह एक बेहतरीन अवसर है। अगर आप योग्य हैं और शिक्षण के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो इस मौके का लाभ उठाएं और जल्द से जल्द आवेदन करें।  

NEET UG में टाई ब्रेकिंग क्राइटेरिया में फिर बदलाव, नहीं पूछे जाएंगे ऑप्शनल सवाल

नई दिल्ली देश में MBBSकी सीटें केवल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) से मिलती हैं. रैंक समान अंकों पर टाई-ब्रेकिंग क्राइटेरिया से निर्धारित किया जाता है. टाई ब्रेकिंग क्राइटेरिया नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को समान अंकों पर रैंक देता है. इस बार भी टाई ब्रेकिंग क्राइटेरिया बदल गया है. इसके तहत, एक्सपर्ट कमेटी ने रेंडम प्रक्रिया के माध्यम से ऑल इंडिया रैंक देने का निर्णय लिया है. NTA NEET UG 2025 का 7 फरवरी से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. NEET UG का इंफोर्मेशन बुलेटिन, सिलेबस और एग्जाम पैटर्न NTA की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर डाउनलोड किए गए हैं. NEET UG 2025 परीक्षा के भाग B में अब ऑप्शनल प्रश्न नहीं होंगे. दरअसल, कोरोनावायरस महामारी के दौरान ऑप्शनल प्रश्नों और अतिरिक्त समय कैंडिडेट्स को भेजा जाना शुरू हो गया था. 2024 तक, उम्मीदवारों को खुद का चुनाव करना था. लेकिन यह इस साल नहीं होगा. अब कैंडिडेट्स सभी 180 प्रश्नों को कंपल्सरी करेंगे. Biochemistry में 90 प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि Physics and Chemistry में 45 और 45 प्रश्न पूछे जाएंगे. NEET UG 2025 की परीक्षा एकमात्र शिफ्ट में होगी और पेन-पेपर मोड में होगी. टाई-ब्रेकिंग क्राइटेरिया में भी बदलाव अब तक, दो विद्यार्थियों के बराबर मार्क्स आने पर एप्लिकेशन नंबर और कैंडिडेट्स की उम्र को टाइ ब्रेकर के रूप में प्रयोग किया जाता था. इस साल से, एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय लेगी. विज्ञान में अधिक मार्क्स या पर्सेंटाइल, केमिस्ट्री में अधिक मार्क्स या पर्सेंटाइल, फिजिक्स में अधिक मार्क्स या पर्सेंटाइल, अगर ये बराबर हो तो    जिस कैंडिडेट के बायोलॉजी में अटेम्प्ट किए गए सवाल कम गलत हैं, अगर ये बराबर हो तो    जिस कैंडिडेट के केमिस्ट्री और फिजिक्स के सवाल कम गलत हैंऔर अगर ये बराबर हैं. अगर ऊपर दिए गए सभी क्राइटेरिया फेल होते हैं तो इंडीपेंडेंट एक्सपर्ट कमेटी एक रैंडम प्रोसेस से फैसला लेगी. दूर के सेंटर नहीं चुन सकेंगे कैंडिडेट्स NEET UG 2025 का आवेदन फॉर्म भरते समय विद्यार्थी अपनी पसंद से तीन शहर चुन सकते हैं जहां परीक्षा होगी. इसके लिए प्रायोरिटी वाइज सेंटर भरने की जरूरत है. इस बार कैंडिडेट्स अपने पर्मानेंट या निवास स्थान के आस-पास के तीन सेंटर ही चुन सकते हैं; वे अपने शहर या पड़ोसी शहर से चुन नहीं पाएंगे. 3 घंटे पहले आना होगा एग्जाम सेंटर NEET UG 2025 की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी. परीक्षा स्थानों पर 3 घंटे पहले प्रवेश होगा. 1.30 बजे तक सभी कैंडिडेट्स को परीक्षा स्थल पर पहुंचना होगा. कैंडिडेट्स को इसके बाद एंट्री नहीं दी जाएगी.

पंचायती राज विभाग की नई भर्ती, 2400 से अधिक पदों पर निकाली भर्ती

बिहार में नई भर्ती के फॉर्म निकल गए हैं। बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने न्याय मित्र ग्राम कचहरी सचिव के 2400 से अधिक पदों पर भर्ती निकाल दी है। इस भर्ती के लिए 1 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिसमें इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 15 फरवरी 2025 तक आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। इस दौरान उम्मीदवारों को पंचायती राज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट gp.bihar.gov.in पर जाना होगा। लास्ट डेट नजदीक है, ऐसे में अभ्यर्थी बिना देरी के तुरंत आवेदन फॉर्म भर दें। बिहार ग्राम कचहरी न्यायमित्र सरकारी नौकरी की यह भर्ती विभिन्न ग्राम कचहरियों और उसकी न्यायपीठ को सहायता देने के लिए है। वैकेंसी डिटेल्स के साथ भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन लिंक अभ्यर्थी नीचे टेबल से प्राप्त कर सकते हैं। पद का नाम                     वैकेंसी        नोटिफिकेशन ग्राम कचहरी न्याय मित्र      2436        Bihar Nyaya Mitra Recruitment 2025 Notification PDF योग्यता बिहार न्याय मित्र की इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से विधि यानी लॉ (LLB) की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही उम्मीदवारों का बिहार राज्य के संबंधित जिले का निवासी होना भी जरूरी है। उम्मीदवारों की उम्र की बात करें तो अभ्यर्थियों की न्यूनतम उम्र 25 वर्ष और अधिकतम उम्र 65 वर्ष होनी चाहिए। आवेदकों की उम्र की गणना 1 जनवरी 2025 के आधार पर की जाएगी। आवेदन शुल्क     सैलरी- इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह 7000 रुपये वेतन मिलेगा।     चयन प्रक्रिया- यह भर्ती संविदा के आधार पर की जा रही है। जिसमें उम्मीदवारों का चयन मेधा अंकों के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट एलएलबी के अंकों के आधार पर बनाई जाएगी।     आवेदन शुल्क- पंचायती राज विभाग की इस भर्ती में आवेदन के लिए उम्मीदवारों को किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना होगा। यानी अभ्यर्थी इसमें निशुल्क फॉर्म भर सकते हैं। अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान यह आश्वस्त होना जरूरी है कि जिस पंचायत से वह आवेदन कर रहे हैं, उस पंचायत में रिक्ति है या नहीं। इस भर्ती से संबंधित अन्य किसी जानकारी के लिए उम्मीदवारों को पंचायती राज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट विजिट करने की सलाह दी जाती है।

IBPS SO मेन्स का रिजल्ट जारी, इस Link पर करें चेक, जानें आगे क्या?

  नई दिल्ली आईबीपीएस एसओ मेन्स का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. जो उम्मीदवार बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान स्पेशलिस्ट ऑफिसर (IBPS SO Result) मुख्य भर्ती परीक्षा में उपस्थित हुए थे, वे अब IBPS की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं. आईबीपीएस एसओ मेन्स का रिजल्ट 7 फरवरी से 14 फरवरी, 2025 तक आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा. रिजल्ट चेक करने के लिए उम्मीदवार नीचे बताए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं. IBPS SO Mains Result 2024: ऐसे चेक करें रिजल्ट स्टेप 1: IBPS की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाएं. स्टेप 2: होम पेज पर उपलब्ध IBPS SO मेन्स रिजल्ट 2024 लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 3: एक नया पेज खुलेगा जहां उम्मीदवारों को लॉगिन विवरण दर्ज करना होगा. स्टेप 4: सबमिट पर क्लिक करें और आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा. स्टेप 5: रिजल्ट चेक करें और पेज डाउनलोड करें. स्टेप 6: आगे की जरूरत के लिए इसकी हार्ड कॉपी अपने पास रख लें. अभी रिजल्ट चेक करने के लिए यहां क्लिक करें- दिसंबर में हुआ था आईबीपीएस एसओ मन्स एग्जाम दरअसल, आईबीपीएस एसओ ऑनलाइन मुख्य परीक्षा दिसंबर 2024 में आयोजित की गई थी. सीआरपी एसपीएल-XIV के लिए ऑनलाइन मुख्य परीक्षा में शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को बाद में भाग लेने वाले बैंकों द्वारा आयोजित और आईबीपीएस की मदद से प्रत्येक राज्य/यूटी/क्षेत्र में नोडल बैंकों द्वारा समन्वित किए जाने वाले साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा. जल्द जारी होगा इंटरव्यू शेड्यूल साक्षात्कार के लिए आवंटित कुल अंक 100 हैं. साक्षात्कार में न्यूनतम योग्यता अंक 40% (एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए 35%) से कम नहीं होंगे. उम्मीदवारों का संयुक्त अंतिम स्कोर सीआरपी-एसपीएल-XIV की ऑनलाइन मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त कुल अंकों के आधार पर निकाला जाएगा. अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं.  

सीयूईटी पीजी परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आगामी 08 फरवरी को खत्म होने वाली है, जल्द भरें सीयूईटी परीक्षा फॉर्म

नई दिल्ली सीयूईटी पीजी परीक्षा के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए अहम सूचना है। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आगामी 08 फरवरी, 2025 को खत्म होने वाली है। चूंकि रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट समाप्त होने में अब सिर्फ एक दिन का ही समय बचा है, इसलिए परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे बिना देरी करे फटाफट एप्लीकेशन फॉर्म भर दें। अंतिम तिथि बीतने के बाद कोई आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। अप्लाई करने के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट https://exams.ntaonline.in/CUET-PG/ पर जाकर आवेदन करना होगा। परीक्षार्थी चाहें तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके भी आवेदन कर सकते हैं। सबसे पहले कैंडिडेट्स को आधिकारिक वेबसाइट, Exams.nta.ac.in/CUET-PG पर जाना होगा। अब, होमपेज पर, CUET PG 2025 लिंक पर क्लिक करें। यहां, ‘नया पंजीकरण’ चुनें। सटीक व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी के साथ आवेदन पत्र पूरा करें। लेटेस्ट पासपोर्ट आकार की तस्वीर और हस्ताक्षर सहित आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें। फॉर्म जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए एक प्रति सहेज कर रख लें। इस तारीख तक कर पाएंगे करेक्शन कैंडिडेट्स ध्यान दें कि परीक्षा के लिए फीस जमा करने की अंतिम तिथि 09 फरवरी, 2025 है। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद कैंडिडेट्स को दो दिनों के लिए एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन का मौका दिया जाएगा। इसके तहत, अभ्यर्थियों को 10 से 12 फरवरी,2025 तक अपने आवेदन पत्र में सुधार करने का अवसर दिया जाएगा। इस दौरान कैंडिडेट्स, निर्धारित सेक्शन में बदलाव कर सकते हैं। जनवरी से शुरू हुई थी आवेदन की प्रक्रिया सीयूईटी पीजी परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया 02 जनवरी, 2025 को शुरू हुई थी। परीक्षार्थियों को 1 फरवरी, 2025 तक अप्लाई करने का मौका दिया गया था। हाल ही में एनटीए ने अंतिम तिथि में विस्तार करने की घोषणा की थी। इसके बाद, आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाकर 08 फरवरी 2025 कर दिया गया था। हालांकि, अब यह तिथि भी जल्द समाप्त होने वाली है। परीक्षा का आयोजन मार्च में 13 से 31 के बीच आयोजित की जाएगी।  परीक्षा के सफल संचालन के बाद आंसर-की रिलीज की जाएगी। यह भी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी हाेगी।

उत्तराखंड के सरकारी कॉलेज में नौकरी का मौका, 250+ पदों पर टीचिंग-नॉन टीचिंग की वैकेंसी

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उत्तराखंड टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों पर सरकारी नौकरी ढूंढ रहे उम्मीदवारों के लिए नई वैकेंसी का अपडेट आ गया है। उत्तराखंड के गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी (GBPUAT) में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, असिस्टेंट लाइब्रेरियन समेत अन्य पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए यूनिवर्सिटी ने योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। फॉर्म भरने की लास्ट डेट 28 फरवरी 2025 है। इस दौरान अभ्यर्थी कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट www.gbpuat.ac.in की मदद से आवेदन पत्र भर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी ने किस पद के लिए कितनी रिक्तियों के लिए फॉर्म निकाले हैं? इसकी जानकारी अभ्यर्थी नीचे विस्तार से देख सकते हैं। योग्यता इस भर्ती में फॉर्म अप्लाई करने के लिए पदानुसार अलग-अलग योग्यता निर्धारित की गई है। प्रोफेसर के पद के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय से पीएचडी और 10 साल का टीचिंग/रिसर्च का अनुभव होना जरूरी है। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर के लिए पीएचडी के साथ 8 साल का टीचिंग/रिसर्च अनुभव एंड रिसर्च पब्लिकेशन का अनुभव होना चाहिए। असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए मास्टर्स की डिग्री NET/Ph.D, असिस्टेंट लाइब्रेरियन के लिए लाइब्रेरी साइंस में मास्टर्स डिग्री, असिस्टेंट डायरेक्टर (PE) के लिए फिजिकल एजुकेशन और स्पोर्ट्स के साथ NET/Ph.D की डिग्री होनी जरूरी है। योग्यता से जुड़ी अन्य डिटेल्स अभ्यर्थी नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं। डाउनलोड करें- GBPUAT Recruitment 2025 Official Notification Download PDF     आयुसीमा- एज लिमिट नियमानुसार तय की गई है। जिसकी स्थिति फिल्हाल जारी नहीं की गई है।     सैलरी- इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की सैलरी पदानुसार 57,000-1,44,200 रुपये तक मिलेगी।     चयन प्रक्रिया- अभ्यर्थियों का चयन शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू या लिखित परीक्षा के जरिए किया जाएगा।     आवेदन शुल्क- फॉर्म अप्लाई करते समय सामान्य, ओबीसी अभ्यर्थियों को 1500 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। वहीं ईडब्ल्यूएस को 1000 रुपये और एससी/एसटी अभ्यर्थियों को 750 रुपये एप्लिकेशन फीस सब्मिट करनी होगी। इस भर्ती में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा। सभी जानकारी भरने के बाद जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ स्पीड/रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए निर्धारित पते पर भेजना होगा। पता है- “चीफ पर्सनल ऑफिसर (रिक्रूटमेंट सेक्शन), जीबीपीयूएटी, पंतनगर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड (263145)।” इस भर्ती से संबंधित अन्य किसी भी जानकारी के लिए अभ्यर्थी कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट विजिट कर सकते हैं।

SSC GD परीक्षा 4 फरवरी से शुरू, एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड, देखें लिंक और स्टेप्स

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एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा (SSC GD Exam 2025) की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। कर्मचारी चयन आयोग ने एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। कैंडीडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट https://ssc.gov.in/ पर जाकर हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग ने उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र की अतिरिक्त कॉपी प्रिन्ट करके रखने की सलाह दी है। एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, अभिभावकों का नाम, कैरेगरी, फोटोग्राफ, एप्लीकेशन नंबर, विषय और बारकोड जैसी जानकारी उपलब्ध होती है। इसके अलावा एग्जाम से संबंधित गाइडलाइंस भी मौजूद होती है। परीक्षा केंद्र पर दिशानिर्देशों का अनुपालन जरूरी होता है। कब होगी परीक्षा? एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा 4, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13, 17, 18, 19, 21 और 25 फरवरी को देशभर के विभिन्न शहरों में आयोजित होगी। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक एग्जाम से 4 दिन पहले प्रवेश पत्र जारी होंगे। वहीं सिटी स्लिप 10 दिन पहले जारी होंगे। कुल 39,481 पदों पर भर्ती होगी।  परीक्षा का पैटर्न एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक सही उत्तर पर 2 अंक मिलते हैं। इसमें 4 सेक्शन शामिल होंगे हैं। 0.25 अंक की कटौती होगी। एग्जाम कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में आयोजित होगा। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://ssc.gov.in/ पर जाएं।     होमपेज पर Log in/Register के टैब पर क्लिक करें।     लॉग इन मॉड्यूल खुलेगा। रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।     होमपेज पर एडमिट कार्ड दिखेगा। इसे अच्छे से चेक करें और डाउनलोड करें।     भविष्य के संदर्भ में उम्मीदवार एडमिट कार्ड का प्रिन्ट आउट निकाल कर अपने पास रख लें।

बनें साइबर सुरक्षा के मास्टर

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पिछले एक दशक में देश में कंप्यूटर का चलन तेजी से बढ़ा है। बड़ी से बड़ी कंपनी और छोटे से छोटे ऑफिस तक की सारी गोपनीय जानकारियां कंप्यूटर में रखी जा रही हैं। सुरक्षा को ध्यान में रख कर कंप्यूटर पर पासवर्ड सेट किये जा रहे हैं। पासवर्ड ज्यादा सुरक्षित हों, इसके भी तरीके उजागर किये जा रहे हैं। साइबर सुरक्षा के तमाम उपाय करते हुए भी उनकी जानकारियां पलक झपकते ही सात समंदर पार बैठे लोगों तक आसानी से पहुंच जा रही हैं। यह काम कंप्यूटर के जानकारों द्वारा ही किया जाता है। इन्हें रोकने का जिम्मा एथिकल हैकर का होता है और इस पूरी प्रक्रिया को एथिकल हैकिंग का नाम दिया गया है। हालिया कुछ वर्षो में इमेल हैकिंग, गोपनीय दस्तावेज लीक होने, आतंकी हमले आदि की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इससे व्यक्ति विशेष, संस्थान के अलावा पूरे देश की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होने की संभावना भी बढ़ी है। क्यों पड़ी इसकी जरूरत:- नासकॉम की एक रिपोर्ट की मानें, तो देश में 77 हजार एथिकल हैकरों की प्रतिवर्ष आवश्यकता है, जबकि सिर्फ 25-30 हजार प्रोफेशनल्स प्रतिवर्ष सामने आ रहे हैं। यानी इसकी जरूरत से काफी कम लोग हर साल यह कोर्स कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एथिकल हैकर की मांग आनेवाले समय में और अधिक बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि हर क्षेत्र में कंप्यूटर का दखल बढ़ता जा रहा है और लोग अपनी सारी गोपनीय जानकारियां कंप्यूटर में ही रखना चाह रहे हैं। कब करें यह कोर्स:- एथिकल हैकिंग से संबंधित बैचलर, मास्टर, पीजी डिप्लोमा और डिप्लोमा कई तरह के कोर्स मौजूद हैं। कुछ कोर्स ऐसे भी हैं, जिनमें एथिकल हैकिंग एक विषय के रूप में पढ़ाया जाता है। बैचलर कोर्स में दाखिला 12वीं के बाद, मास्टर व पीजी में प्रवेश ग्रेजुएशन के बाद और डिप्लोमा में बारहवीं के बाद प्रवेश ले सकते हैं। इन योग्यताओं के साथ-साथ इसमें कंप्यूटर की जानकारी को सर्वोपरि रखा जाता है। बैचलर व मास्टर कोर्स कंप्यूटर एप्लीकेशन से संबंधित होते हैं। बैचलर कोर्स में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा पास करना जरूरी है। अंकित फाड़िया सर्टिफाइड एथिकल हैकर कोर्स भी प्रचलन में है। कोर्स से जुड़ी जानकारी:- कोर्स के दौरान छात्रों को कंप्यूटर सिक्योरिटी से जुड़ी पूरी जानकारी प्रदान की जाती है। क्लास में प्रेजेंटेशन टेस्ट, गैजेट्स की जानकारी, हैकिंग, पासवर्ड क्रैकिंग, मालवेयर एनालिसिस, पोर्ट स्कैनिंग, बफर ओवरफ्लो आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है। कोर्स के दौरान ही छात्र सिक्योरिटी से संबंधित समस्याओं की रिपोर्ट करने, नियम के दायरे में रह कर काम करने, बायोमेट्रिक्स सिस्टम पर प्रोजेक्ट तैयार करने और हालिया घटित हैकिंग के नये मामलों पर चर्चा करते हैं। इसमें संभावनाएं हैं अपार:- कोर्स समाप्त होने के बाद प्रोफेशनल्स को किसी कंपनी में सिक्योरिटी एनालिस्ट, चीफ इन्फार्मेशन ऑफिसर, प्रेजेंटेशन टेस्टर व नेटवर्किग स्पेशलिस्ट के रूप में काम करने का अवसर मिलता है। प्रेजेंटेशन टेस्टर के रूप में प्रोफेशनल्स फायरवाल की जांच करते हैं, जिससे कि गैरजरूरी चीजों का प्रवेश रोका जा सके। जबकि नेटवर्किग स्पेशलिस्ट के अंतर्गत संस्थान के कंप्यूटर नेटवर्क की सुरक्षा, सॉफ्टवेयर आदि की सुरक्षा का जिम्मा होता है। साइबर विशेषज्ञ पवन दुग्गल के अनुसार इस क्षेत्र में शुरुआती दौर में 40 से 60 हजार रुपये प्रतिमाह की सैलरी आसानी से मिलती है। यदि प्रोफेशनल्स के अंदर स्किल्स हैं, तो वे 80 से 90 हजार प्रतिमाह का भी पैकेज पा सकते हैं। कहां मिलते हैं रोजगार:- एथिकल हैकिंग का कोर्स करने के बाद उम्मीदवार बैंक,  एयरलाइंस, होटल्स, टेलीकॉम कंपनी, आउटसोर्सिग यूनिट्स, आइटी सर्विस कंपनी, रिटेल चेन, इंटरनेट फम्र्स आदि में काम कर सकते हैं। कंप्यूटर नेटवर्किग नॉलेज है जरूरी:- इस प्रोफेशन में सबसे जरूरी है कंप्यूटर नेटवर्किग नॉलेज। बिना इसके लंबी रेस का घोड़ा नहीं बना जा सकता। इसके अलावा प्रोफेशनल्स को जावा, यूनिक्स व सी$$ में भी दक्ष होना जरूरी है। साथ ही उसे अपना दिमाग हमेशा खुला रखना होगा और नेटवर्किग से जुड़ी हर जानकारी को आत्मसात करना होगा। प्रॉब्लम सॉल्विंग, एनालिटिकल स्किल्स, सिक्योरिटी सिस्टम और कंप्यूटर का गहरा ज्ञान भी काफी ऊंचाई तक ले जा सकता है। मुख्य संस्थान:- आइआइआइटी, इलाहाबाद और हैदराबाद इनोबुज नॉलेज सॉल्यूशन, नयी दिल्ली इंडियन सेंटर ऑफ इसी काउंसिल सर्टिफाइड एथिकल हैकर, हैदराबाद अंकित फाड़िया सर्टिफाइड एथिकल हैकर  

रूल्स फॉर कॅरियर ग्रोथ

कॅरियर में आगे बढ़ने के लिए यूं तो सभी मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोग ही ऐसे होते हैं, जो वास्तव में आगे बढ़ पाते हैं। दरअसल, वे लोग आगे बढ़ने के लिए दूसरों से हटकर कुछ नया करने का प्रयास करते हैं, इसीलिए वे आगे बढ़ पाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ नियमों के बारे में जो आपको आगे ले जा सकते हैं। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के इस दौर में प्रतिस्पर्धा भी एक नया रूप ले रही है। शायद ही कोई ऐसा सेक्टर हो, जहां दूसरों से आगे निकलने के लिए कड़ी चुनौती का सामना न करना पड़ रहा हो। हालांकि आगे निकलने की इस दौड़ में सक्सेस सभी को नहीं मिल पाती। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ बातें जो आपको दूसरों से आगे कर सक्सेस दिला सकती हैं। काम में रहें अव्वल:- आप को जो भी जिम्मेदारी दी जाती है आप उसे पूरी ईमानदारी व मेहनत के साथ निभाएं। आप जिस प्रोसेस में काम करते हैं, उसकी आपको पूरी-पूरी जानकारी होनी चाहिए। आगे बढ़ने के लिए भी जरूरी है कि आप अपने काम में पूरी तरह से पारंगत हों। साथ ही अगर कोई नई चीज सीखने का मौका मिलता है, तो उससे पीछे न हटें। यह चीज आपको दूसरों से आगे ले जा सकती है। अवसर की तलाश:- यदि आपको कोई एक्स्ट्रा असाइनमेंट मिलता है, तो इसे एक अवसर की तरह लें। इस तरह के मौकों को खोना नहीं चाहिए, क्योंकि ये आपको एक अच्छा एक्सपोजर दिला सकते हैं। इस तरह के असाइनमेंट को लेने से आपकी लीडरशिप, मैनेजमेंट व इंटरपर्सनल स्किल भी डेवलॅप होगी। आप मैनेजमेंट की नजरों में भी आएंगे। समस्याएं हल करें:- किसी भी कंपनी में समस्याएं खोजना आसान है। लेकिन इसके विपरीत आप किसी भी समस्या का समाधान खोजने वाले बनें। इसके लिए आप सबसे पहले परिस्थिति का विश्लेषण करें और इसके बाद समस्या का समाधान करने की पहल करें। इन समस्याओं को संबंधित पक्ष के साथ बातचीत कर आसानी के साथ सुलझाया जा सकता है। परिवर्तन को रहें तैयार:- कंपनी में कई काम और डिपार्टमेंट होते हैं। ऐसे में कंपनी की जरूरत के हिसाब से अगर आपको किसी दूसरे डिपार्टमेंट में शिफ्ट किया जाता है, तो आपको भी उसके अनुरूप अपने वर्क स्टाइल में परिवर्तन लाना चाहिए। कंपनी की जरूरत जानें:- जब आप किसी कंपनी को ज्वाइन करें, तो कुछ समय यह जानने में लगाएं कि कंपनी का लक्ष्य क्या है? यदि कंपनी किसी समस्या से जूझ रही है और आप समस्या के हल के बारे में बता सकते हैं, तो मान लें कि आप ने सफलता हुए। नेटवर्किग गु्रप से जुड़ें:- आजकल लगभग सभी कंपनियां ट्रेनिंग व कॅरियर प्रोग्राम्स संचालित करती हैं। अपने कॅरियर ग्रॉफ को आगे ले जाने के लिए इनमें जरूर हिस्सा लें। इससे मैनेजमेंट को भी मालूम होगा कि आप कुछ अलग करने की चाहत रखते हैं। इस तरह मैनेजमेंट आपके स्किल्स देखते हुए महत्वपूर्ण असाइनमेंट का हिस्सा भी बना सकता है। यह सब चीजें ही आपके कॅरियर ग्रॉफ को आगे ले जाती हैं।  

अविभावक अपने बच्चों को सैनिक स्कूल में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश दिलवाना चाहते हैं वे 13 जनवरी तक आवेदन करे

नई दिल्ली ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम (AISSEE 2025) के लिए आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 13 जनवरी 2025 निर्धारित है। ऐसे में जो छात्र या अविभावक अपने बच्चों को सैनिक स्कूल में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश दिलवाना चाहते हैं वे अंतिम दिनों में वेबसाइट पर होने वाली परेशानियों से बचने के लिए तुरंत ही आवेदन कर लें। एप्लीकेशन फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.ac.in/aissee पर जाकर भरा जा सकता है। आपकी सहूलियत के लिए इस पेज पर भी आवेदन का डायरेक्ट लिंक उपलब्ध करवा दिया गया है। आवेदन के लिए योग्यता यहां से करें चेक सैनिक स्कूल कक्षा 6 में प्रवेश के लिए छात्र का 5वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के साथ ही आयु 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा कक्षा 9 में प्रवेश के लिए छात्र का 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है और साथ ही उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना 31 मार्च 2025 को ध्यान में रखकर की जाएगी। एप्लीकेशन प्रॉसेस ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम 2025 आवेदन पत्र भरने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट aissee2025.ntaonline.in पर विजिट करें। वेबसाइट के होम पेज पर न्यू कैंडिडेट रजिस्टर हियर लिंक पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी भरें और पंजीकरण कर लें। इसके बाद फॉर्म में मांगी गई अन्य डिटेल भरकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें। इसके बाद निर्धारित शुल्क जमा करें और पूर्ण रूप से भरे हुए फॉर्म को सबमिट कर दें। अंत में फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें। आवेदन शुल्क आवेदन पत्र भरने के साथ अविभावक निर्धारित शुल्क अवश्य जमा करें। एप्लीकेशन फीस कैटेगरी के अनुसार अलग अलग तय की गई है। जनरल, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को शुल्क के रूप में 800 रुपये का भुगतान करना होगा वहीं एससी/ एसटी के लिए एप्लीकेशन फीस 650 तय की गई है। आवेदन शुल्क डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड एवं नेट बैंकिंग के माध्यम से जमा किया जा सकता है। ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम (AISSEE 2025) से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए स्टूडेंट्स या माता पिता ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने निकाली असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती, 25 प्रतिशत सीट गेस्ट लेक्चरर के लिए रिजर्व

 भोपाल  मध्य प्रदेश के 562 सरकारी कॉलेजों में प्राध्यापकों के आधे से अधिक पद खाली है। मप्र लोक सेवा आयोग(एमपीपीएससी) ने सरकारी कॉलेजों में रिक्त सहायक प्राध्यापक पदों पर भर्तियां निकाली हैं। इसमें अतिथि विद्वानों के लिए 25 फीसद पद आरक्षित किए गए हैं। साथ ही इन्हें आयु सीमा में भी एक से 10 वर्ष तक छूट दी गई है, लेकिन इसके लिए उन्होंने एक शैक्षणिक सत्र में अध्यापन कराया या चार अंक अर्जित किए हों। अतिथि विद्वानों को इस आरक्षण का लाभ अगली तीन भर्तियों तक ही मिलेगा। 1923 पदों के लिए होगी परीक्षा इनमें से दो परीक्षाएं इसी साल (मई-अक्टूबर 2025) में होगी। ये परीक्षा 1923 पदों के लिए होगी। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश शैक्षणिक सेवा(महाविद्यालयीन शाखा) सेवा भर्ती नियम 1990 में संशोधन किया है। बता दें, कि वहीं प्रदेश के कालेजों में करीब 4500 अतिथि विद्वान पढ़ा रहे हैं। इनमें से करीब 500 अतिथि विद्वानों के लिए सीटें आरक्षित होंगी। बता दें, कि प्रदेश में प्राध्यापक के 457 और सहायक प्राध्यापक के 3675 पद रिक्त हैं। इन विषयों के लिए होगी परीक्षा इसमें सहायक प्राध्यापक(क्रीड़ा अधिकारी, प्राणी शास्त्र, भौतिक शास्त्र, राजनीति शास्त्र, गणित, हिंदी, भूगोल, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, भौतिक रसायन, वाणिज्य रसायन शास्त्र, इतिहास, समाज शास्त्र, कम्प्यूटर विज्ञान विषय) के लिए मई में परीक्षा आयोजित होगी। वहीं अक्टूबर में यौगिक विज्ञान केंद्र, उर्दू, सांख्यिकी, संस्कृत, व्याकरण, संस्कृत साहित्य, संस्कृत प्राच्य, संस्कृत ज्योतिष, संगीत, कंप्यूटर एप्लीकेशन, मराठी, भूगर्भ शास्त्र की परीक्षा होगी। 1100 से अधिक अतिथि विद्वान होंगे पात्र अतिथि विद्वान प्रदेश में संघ के अध्यक्ष डॉ. देवराज सिंह ने बताया कि 4500 अतिथि विद्वान कार्यरत हैं।इनमें 25 प्रतिशत आरक्षण मिलने से 1100 से अधिक अतिथि विद्वानों को ही लाभ मिल पाएगा, क्योंकि सैकड़ों अतिथि विद्वान उम्र की सीमा को पार कर चुके हैं। उन्हें भी मौका मिलना चाहिए, इसलिए उम्र की सीमा में और छूट मिलनी चाहिए। इससे पहले 2017 में परीक्षा कराई गई थी। इतने सालों बाद परीक्षा कराई जाएगी तो अतिथि विद्वान ओवर एज हो जाएंगे और वे कभी नियमित नहीं हो पाएंगे।

मध्य प्रदेश में साल 2025 में 15 हजार प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती होगी, 28 जनवरी से कर सकेंगे अप्लाई

भोपाल सरकारी स्कूलों में इस साल करीब 15 हजार प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती होगी। इसके लिए कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने वर्ष 2025 में आयोजित होने वाली प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लिए समय-सारिणी जारी कर दिया है। साथ ही दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इसके तहत स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक (विषय, खेल एवं संगीत गायन वादन) और प्राथमिक शिक्षक (खेल, संगीत गायन- वादन एवं नृत्य) और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक (विषय) और प्राथमिक शिक्षक (खेल, संगीत गायन-वादन एवं एवं नृत्य) चयन परीक्षा-2024 के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। परीक्षा शुरू होने की संभावित तारीख 20 मार्च से इसके तहत संबंधित अभ्यर्थी 28 जनवरी से 11 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। यह परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। आवेदन पत्र में संशोधन 28 जनवरी से 16 फरवरी तक होंगे। परीक्षा शुरू होने की संभावित तारीख 20 मार्च से है। इस परीक्षा के लिए नियम पुस्तिका जनवरी में ईएसबी की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। अनारक्षित वर्ग को 500 रुपये शुल्क लगेंगे इस परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क 500 रुपये प्रति प्रश्नपत्र और एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 250 रुपये प्रति प्रश्न पत्र रहेगा। इस परीक्षण नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा। 13 शहरों में होगी परीक्षा यह परीक्षा प्रदेश के 13 शहरों में आयोजित होगी। इनमें भोपाल,बालाघाट, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी और उज्जैन है। दो पालियों में होगी परीक्षा यह परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह नौ से 11 बजे और दूसरी पाली दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक होगी। पहली पाली के लिए अभ्यर्थियों का रिपोर्टिंग का समय सुबह सात से आठ बजे तक रहेगा, जबकि दूसरी पाली के लिए रिपोर्टिंग टाइम दोपहर एक से दो बजे तक होगा।

मध्यप्रदेश में शिक्षक पद के लिए बंपर भर्ती निकली, आवेदन की प्रक्रिया 28 जनवरी, 2025 से शुरू होगी

भोपाल शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की सोच रहे युवाओं के लिए शानदार मौका आया है। दरअसल, मध्यप्रदेश में इन दिनों शिक्षक पद के लिए बंपर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 28 जनवरी, 2025 से शुरू होगी। अप्लाई करने के इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आधिकारि वेबसाइट https://esb.mp.gov.in/e_default.html पर एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू होने के बाद आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के जरिए की जाएगी।  जारी भर्ती अधिसूचना के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग के तहत माध्यमिक शिक्षक (विषय, खेल एवं संगीत गायन वादन) और प्राथमिक शिक्षक (खेल संगीत गायन-वादन व नृत्य) और जनजातीय विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक (विषय) और प्राथमिक शिक्षक (खेल, संगीत, गायन वादन , नृत्य) की भर्ती की जाएगी। इस भर्ती के लिए 28 जनवरी से 11 फरवरी 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। 28 जनवरी से 16 फरवरी तक आवेदन में संशोधन कर सकेंगे। परीक्षा 20 मार्च से शुरू होगी। एग्जाम दो शिफ्टों में होगा। पहली शिफ्ट सुबह 9 से 11 बजे तक होगी जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। बता दें कि मध्यप्रदेश में शिक्षकों की भर्ती में अतिथि शिक्षकों को अब 50% आरक्षण मिलेगा। इसके लिए वहीं अतिथि शिक्षक पात्र होंगे, जिन्होंने 3 शैक्षणिक सत्रों में 200 दिन सरकारी स्कूलों में पढ़ाया हो। इसका लाभ अतिथि शिक्षकों को हाल ही में होने वाली शिक्षकों की भर्ती में मिलेगा। राज्य कर्मचारी चयन मंडल ने 10 हजार शिक्षकों की भर्ती का कार्यक्रम घोषित किया है।

रेलवे रिक्रूटमेंट सेल की ओर से जल्द ही ग्रुप डी के 32 हजार पदों पर नीकाली भर्ती

नई दिल्ली रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (RRC) की ओर से जल्द ही ग्रुप डी के 32 हजार पदों पर भर्ती नीकाली जानी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस भर्ती के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जनवरी/ फरवरी माह में शुरू की जा सकती है। ऐसे में जो भी रेलवे में सरकारी नौकरी पाने की चाह रखते हैं वे तय तिथियों में इंडियन रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकेंगे। भर्ती में शामिल होने के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन ही किया जा सकेगा। पात्रता एवं मापदंड इस भर्ती में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित योग्यता हासिल करना अनिवार्य होगा। ग्रुप डी पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थियों का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड/ संस्थान से ग्रेजुएट होना आवश्यक होगा। इसके साथ ही अभ्यर्थी ने आईटीआई (NCVT/ SCVT) सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया हो। अभ्यर्थी की आयु निर्धारित कटऑफ डेट से न्यूनतम 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए वहीं अधिकतम आयु 33 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी से आने वाले उम्मीदवारों को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी। कैसे होगा ग्रुप डी पदों पर चयन आरआरसी ग्रुप डी भर्ती में चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT-1) से होकर गुजरना होगा। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करेंगे वे भर्ती के अगले चरण की परीक्षा CBT 2 में भाग ले पाएंगे। सीबीटी 2 के बाद क्वालीफाई अभ्यर्थियों को डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन एवं मेडिकल एग्जामिनेशन के लिए आमंत्रित किया जायेगा। अंत में सभी चरणों के अनुसार उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट तैयार की जाएगी और सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की जाएगी। एप्लीकेशन प्रॉसेस आपको बता दें कि रिपोर्ट्स के मुताबिक इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया का जिम्मा प्रयागराज डिवीजन को दिया जा सकता है। आवेदन शुरू होते ही अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन पत्र भर सकेंगे। आवेदन के लिए आपको पहले मांगी गई डिटेल दर्ज करके पंजीकरण करना होगा। रजिस्ट्रेशन होने के बाद अभ्यर्थी अन्य डिटेल भरकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर पाएंगे। एप्लीकेशन फीस आवेदन पत्र भरने के साथ अभ्यर्थियों को निर्धारित शुल्क का भुगतान अनिवार्य रूप से करना होगा। बिना शुल्क जमा किये आपके फॉर्म स्वीकार नहीं किये जाएंगे। जनरल, ओबीसी वर्ग के लिए एप्लीकेशन फीस 500 रुपये तय की गई है वहीं एससी, एसटी एवं महिला उम्मीदवारों को आवेदन के साथ 250 रुपये का भुगतान करना होगा। शुल्क के भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि माध्यमों के किया जा सकता है। ध्यान रखें कि यह शुल्क पिछली भर्ती के मुताबिक है, नई नोटिफिकेशन जारी होने के बाद इसमें किसी प्रकार का बदलाव होने पर फीस को अपडेट कर दिया जायेगा।

ये है बेहतर करियर ऑप्शन, मिलेगा बढ़िया जॉब और शानदार पैकेज

अगर आप बेहतर करियर ऑप्शन की तलाश में हैं तो आज हम आपको कुछ ऐसे ही विकल्पों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। यह ऑप्शन न केवल आने वाले वक्त में बेहद डिमांड में रहेंगे, बल्कि बढ़िया पैकेज भी दिलाएंगे तो आइए डालते हैं इन पर एक नजर। डेटा साइंस डेटा साइंस आज के वक्त का सबसे ज्यादा डिमांडिंग करियर ऑप्शन है। इस बात की जानकारी समय-समय पर वाले रिसर्च से साबित हो रही है। हाल ही में एक रिपोर्ट के अनुसार, लिंक्डइन ने कहा है कि डेटा साइंस 37% वार्षिक वृद्धि दर के साथ सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। साथ ही एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, ब्यूरो ऑफ लेबर Statistics (BLS) के अनुसार, साल 2026 तक डाटा साइंटिस्ट की मांग 27.9% बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में यह फील्ड आने वाले समय में ढेरों मौके हैं। दरअसल, तमाम बड़े- बड़े आर्गनाइजेशन से लेकर एमएनसीज कंपनीज आज बड़ी संख्या में डेटा जेनरेट करती हैं और फिर उसे कलेक्ट करते हैं, जिसे वे कस्टमर की दिलचस्पी को पहचान सके। साथ ही ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बना सके। इसी वजह से, ऐसे प्रोफेशनल्स की तत्काल आवश्यकता पैदा हो रही है, जो इस Data को प्रभावी ढंग से एनालाइज करके इसका यूज कर सके। बता दें कि आने वाले दिनों में एग्रीकल्चर, हेल्थकेयर, एविएशन सहित अन्य सेक्टर में भी इनकी मांग बढ़ेगी, क्‍योंकि इन फील्ड में डाटा को एनलाइज करके इनसाइट्स तैयार किए जाएंगे। साइबर सिक्योरिटी कोविड काल के बाद से, जितनी तेजी से देश डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ा है, उतनी ही तेजी से साइबर फ्रॉड भी हो रहे हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें 21 साइबर अपराधियों को पकड़ा गया है, जिन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों से 16,788 लोगों को करोड़ो का चूना लगा दिया है। यह कोई पहला केस नहीं है, आज कल साइबर अपराध की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके चलते इन अपराधियों को पकड़ने के लिए इनके प्रोफेशनल्स की आवश्यकता भी तेजी से बढ़ रही है। अगर रिसर्च पर गौर करें तो साइबर सिक्योरिटी जॉब मार्केट के 2029 तक 31% बढ़ने की उम्मीद है, जिससे यह सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक बन जाएगा। इसके अलावा, साथ ही, बड़ी-बड़ी कंपनीज भी अपने डेटा और सिस्टम की सिक्योरिटी के लिए साइबर सुरक्षा में तेजी से इनवेस्ट कर रही हैं। इसलिए इस क्षेत्र में भी करियर बनाना एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है।

AIIMS में बिना written exam के नौकरी पाने का मौका, 39000 से अधिक है सैलरी

लखनऊ  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में नौकरी (Sarkari Naukri) पाने का एक सुनहरा अवसर है. जिस किसी के भी पास इन पदों से संबंधित योग्यता है, वे एम्स की आधिकारिक वेबसाइट aiimskalyani.edu.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए एम्स कल्याणी ने विभिन्न विभागों में सीनियर रेजिडेंट (गैर-शैक्षणिक) के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. एम्स के इस भर्ती के जरिए कुल 45 पदों पर बहाली की जाने वाली है. जो कोई भी एम्स में नौकरी करने की सोच रहे हैं, वे 21 जनवरी 2025 तक या उससे पहले आवेदन कर सकते हैं. इन पदों पर अप्लाई करने से पहले नीचे दिए गए बातों को गौर से पढ़ें. एम्स में नौकरी पाने की क्या है योग्यता उम्मीदवार जो कोई भी एम्स के इस भर्ती के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनके पास आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिए गए संबंधित योग्यता होनी चाहिए. फॉर्म भरने के लिए आयुसीमा जो कोई भी उम्मीदवार एम्स कल्याणी में इन पदों के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनकी अधिकतम आयुसीमा 45 वर्ष होनी चाहिए. एम्स में चयन होने पर मिलेगी सैलरी एम्स में जिस किसी भी उम्मीदवार का चयन इस पद के लिए होता है, तो उन्हें सैलरी के तौर पर 15,600 रुपये से 39,100 रुपये + ग्रेड पे 6,600 रुपये दिया जाएगा. एम्स में फॉर्म भरने के लिए देना होगा आवेदन शुल्क अनारक्षित/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क: 1000 रुपये एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क: कोई शुल्क नहीं. अन्य जानकारी इंटरव्यू का तरीका: ऑनलाइन और ऑफलाइन (हाइब्रिड मोड) तिथि: 21 जनवरी 2025 से 22 जनवरी 2025 समय: प्रातः 9:30 बजे से स्थान: प्रशासनिक भवन, प्रथम तल, समिति कक्ष, एम्स कल्याणी, पिन कोड – 741245 यहां देखें नोटिफिकेशन और आवेदन लिंक   महत्वपूर्ण सूचना भर्ती से संबंधित सभी अन्य जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें. इच्छुक उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे सभी योग्यता मानदंडों को पूरा करते हैं. आवेदन से पहले संपूर्ण जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.

मप्र लोक सेवा आयोग इसी माह खाली पदाें पर अधिसूचना जारी करेगा, 1459 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर निकलेगी वैकेंसी

इंदौर मध्यप्रदेश के शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग (MPPSC) इसी माह अधिसूचना जारी करने वाला है। इस बार कुल 1459 पदों के लिए भर्ती की जाएगी, जिसमें सबसे ज्यादा 158 पद केमेस्ट्री विषय के हैं। पिछली बार दिसंबर 2022 में आई वैकेंसी में सबसे अधिक 200 पद अंग्रेजी विषय के थे, जबकि इस बार अंग्रेजी में 96 पद उपलब्ध हैं। छह विषयों में केवल एक-एक पद होगा, और कुछ विषयों जैसे लॉ में एक भी पद नहीं है। पिछली बार 1669 पदों के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, जबकि इस बार संख्या कम है। अंतिम समय में 150 पद और जोड़े जाने की संभावना है। अंतिम समय में बढ़ सकते हैं पद इस बार लाइब्रेरियन के लिए कोई पद नहीं है, जबकि पिछली बार 255 पद थे। कुल 35 विषयों के लिए पिछली अधिसूचना आई थी, जबकि इस बार 26 विषयों के लिए जारी होगी। स्पोर्ट्स ऑफिसर के 128 पद उपलब्ध हैं, जबकि बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषय अभी अधिसूचना में शामिल नहीं हैं, लेकिन अंतिम समय में इन पदों को जोड़ा जा सकता है। प्रोफेसरों के रिटायरमेंट के कारण खाली पदों की संख्या में वृद्धि उच्च शिक्षा विभाग में कुल 12,389 स्वीकृत पद हैं, जिनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्पोर्ट्स ऑफिसर और लाइब्रेरियन शामिल हैं। वर्तमान में लगभग 6,823 पदों पर फैकल्टी कार्यरत हैं, जबकि 5,566 पद खाली हैं। इनमें से 2,053 पदों की परीक्षा हो चुकी है और आगामी दिनों में 1,542 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बावजूद लगभग 2,000 पद खाली रह जाएंगे। प्रोफेसरों के रिटायरमेंट के कारण खाली पदों की संख्या में वृद्धि हो रही है। कॉलेजाें में 5566 पद खाली, भर्ती के बाद भी 2 हजार खाली रहेंगे उच्च शिक्षा विभाग के 12 हजार 389 पोस्ट स्वीकृत हैं। इनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्पोर्ट्स ऑफिसर, लाइब्रेरियन पद शामिल हैं। वर्तमान में करीब 6823 पद फैकल्टी कार्यरत हैं। करीब 5566 पद खाली हैं। इनमें से 2053 पदों के लिए परीक्षा कराई जा चुकी है। आने वाले दिनों में 1542 पदों के लिए भर्ती आएगी। इसके बाद भी करीब 2 हजार पद खाली रह जाएंगे। प्रोफेसर्स के रिटायरमेंट से पद भी लगातार खाली हो रहे हैं।

सुकून के साथ करियर की उड़ान भरे मानव अधिकारों में

भारत में सांविधिक सरकारी निकाय एवं निगम जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग (महिला, बाल, मानवाधिकार, मजदूर, कल्याण, अल्पसंख्यक समुदाय, अजा एवं अजजा आयोग), सैन्य, अर्ध-सैन्य तथा पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्था, स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान निकाय और उत्कृष्टता केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी तथा जिला शहरी विकास एजेंसी, वकीलों तथा विधिक विशेषज्ञों द्वारा चलाए जाने वाले मानवाधिकार परामर्शदाता संगठन कुछ अन्य ऐसे स्थान हैं जहां करियर के अवसर तलाश सकते हैं, बाल-अपराध एवं बाल-दुव्र्यवहार जैसी सुधार संस्थाओं और महिला सुधार केन्द्रों, कारागार एवं बेघर गृहों में भी कार्य किया जा सकता है। मानव अधिकार एक चिर-परिचित क्षेत्र है। परन्तु, यह जानना व समझना सचमुच महत्वपूर्ण है कि मानव अधिकारों की पकड़ व समझ आपको बेहतर भविष्य के साथ-साथ मानवता के कल्याण का सहभागी भी बना सकती है। राजगार विशेषज्ञ मनु सिंह बताते हैं कि मानवाधिकार राष्ट्रीयता, निवास-स्थान, लिंग, राष्ट्रीय या नैतिक स्रोत, रंग, धर्म, भाषा या किसी अन्य स्थिति से परे सभी व्यक्तियों में निहित अधिकार हैं। हम सभी, बिना किसी भेदभाव के अपने मानवाधिकार के समान रूप से हकदार हैं। ये अधिकार परस्पर संबंधी, एक-दूसरे पर आश्रित होते हैं। सार्वभौमिक मानवाधिकारों को प्रायः समझौतों, प्रचलित अंतर्राष्ट्रीय विधि, सामान्य सिद्धांतों तथा अंतर्राष्ट्रीय विधि के अन्य स्रोतों के रूप में विधि द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है तथा इनका आश्वासन दिया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि व्यक्तियों या समूहों के मानवाधिकारों तथा मूलभूत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने के लिए कई रूपों में कार्य करने एवं कई कृत्यों से दूर रहने के दायित्व निर्धारित करते हैं। आखिर मानव अधिकार क्या हैं? सबसे पहले यह जान लें कि मानवाधिकार संविधान में निम्नलिखित बातें शामिल हैंः-सुरक्षा अधिकार-जो व्यक्तियों की, हत्या, जनसंहार, उत्पीड़न तथा बलात्कार जैसे अपराधों से रक्षा करते हैं। स्वतंत्रता अधिकार-जो विश्वास एवं धर्म, संगठनों, जन-समुदायों तथा आंदोलन जैसे क्षेत्रों में स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। राजनीतिक अधिकार-जो स्वयं को अभिव्यक्ति, विरोध, वोट देकर तथा सार्वजनिक कार्यालयों में सेवा द्वारा राजनीति में भाग लेने की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। उपयुक्त कार्यवाही अधिकार-जो मुकदमे के बिना कैद करने, गुप्त मुकदमे चलाने तथा अधिक सजा देने जैसी विधिक प्रणाली के दुरूपयोग से रक्षा करते हैं। समानता अधिकार-जो समान नागरिकता, विधि के समक्ष समानता एवं पक्षपात रहित होने का आश्वासन देते हैं। कल्याण अधिकार (ये आर्थिक तथा सामाजिक अधिकारों के रूप में जाने जाते हैं)। जिनमें शिक्षा का तथा अत्यंत निर्धनता और भुखमरी से रक्षा का प्रावधान है। सामूहिक अधिकार-जो विजाति-संहार के विरुद्ध एवं देशों द्वारा उनके राष्ट्रीय क्षेत्रों तथा संसाधनों के स्वामित्व के लिए समूहों को रक्षा प्रदान करते हैं। पारस्परिक निर्भरता व निष्पक्षता सभी मानवाधिकार अविभाज्य हैं, भले ही वे नागरिक या राजनीतिक अधिकार हों, ऐसे ही अधिकार विधि के समक्ष जीवन, समानता के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार, आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक अधिकार, कार्य करने, सामाजिक सुरक्षा तथा शिक्षा के अधिकार और इसी तरह विकास एवं स्व-निर्धारण के अधिकार अहरणीय, परस्पर एक दूसरे पर निर्भर और परस्पर जुड़े हुए हैं। एक अधिकार में सुधार लाने से अन्य अधिकारों के विकास में सहयता मिलती है। इसी तरह एक अधिकार के हरण से अन्य अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। निष्पक्षता अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार विधि में एक मजबूत सिद्धांत है। यह सिद्धांत सभी बड़े मानवाधिकार समझौते में व्याप्त है और कुछ अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सम्मेलनों जैसे कि सभी प्रकार के जातीय भेदभावों के उन्मूलन से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभावों ने उन्मूलन से जुड़े सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य को प्रस्तुत करता है। यह सिद्धांत सभी मानवाधिकारों तथा स्वतंत्रता के संबंध में सभी पर लागू होता है और यह सिद्धांत, लिंग, जाति, रंग तथा ऐसे अन्य वर्गों की सूची के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है। समानता का सिद्धांत निष्पक्षता के सिद्धांत का पूरक है। यह सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणा में उल्लिखितय इस अनुच्छेद-1 में उल्लिखित इस तथ्य से भी प्रकट होता है कि सभी मनुष्य जन्म से ही स्वतंत्र होते हैं तथा मान-सम्मान तथा अधिकारों में भी समान होते हैं। अधिकार और जिम्मेदारी भी मानवाधिकार अधिकारों तथा दायित्वों-दोनों को अपरिहार्य बनाते हैं। राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत दायित्वों तथा कार्यों को, मानवाधिकारों को आदर देने, उनकी रक्षा करने तथा उन्हें पूरा करने वाला मानते हैं। आदर देने के दायित्व का अर्थ है कि राष्ट्रों को मानवाधिकारों के प्रयोग में हस्तक्षेप करने से अथवा उसके प्रयोग को घटाने से बचना चाहिए। रक्षा के दायित्वों के संबंध में राष्ट्रों को, मानवाधिकारों के दुरूपयोगों से व्यक्तियों या समूहों की रक्षा करनी चाहिए। पूरा करने के दायित्व का अर्थ है कि राष्ट्रों को मूल मानवाधिकारों के प्रयोगों के कारगर बनाने के लिए सकारात्मक रूख अपनाना चाहिए। व्यक्तिगत स्तर पर, जब कि हम अपने मानवाधिकारों के हकदार हैं, हमें अन्यों के मानवाधिकारों का भी सम्मान करना चाहिए। मानवाधिकार संगठन भारत में मानवाधिकार अभी भी अपने विकास चरण में है। फिर भी इस क्षेत्र में विशेषज्ञता कर रहे छात्रों के लिए अनेक अवसर खुले हुए हैं। विकलांगों, अनाथ, दीन-हीन, शरणार्थियों, मानसिक विकलांगों तथा नशीले पदार्थ सेवियों के साथ कार्य करने वाले समाजसेवी संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों में करियर के अवसर उपलब्ध हैं। मानवाधिकार व्यवसायी सामान्यतः मानवाधिकार एवं नागरिक स्वतंत्रता के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्थापित गैर-सरकारी संगठनों में भी कार्य कर सकते हैं। ये गैर-सरकारी संगठन मानवाधिकार सक्रियतावाद, आपदा एवं आपातकालीन राहत, मानवीय सहायता बाल एवं बंधुआ मजदूरों, विस्थापित व्यक्तियों, संघर्ष समाधान तथा अन्यों में सार्वजनिक हित के मुकदमेबाजी के क्षेत्र में भी कार्य करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों तथा गैर-सरकारी संगठनों को, मानवाधिकार में विशेषज्ञता करने वाले व्यक्तियों की निररंतर तलाश रहती है। इसमें संयुक्त राष्ट्र संगठन भी शामिल हैं। भारत में सांविधिक सरकारी निकाय एवं निगम जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग (महिला, बाल, मानवाधिकार, मजदूर, कल्याण, अल्पसंख्यक समुदाय, अजा एवं अजजा आयोग), सैन्य, अर्ध-सैन्य तथा पुलिस विभाग, पंचायती राज संस्था, स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान निकाय और उत्कृष्टता केन्द्र, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी तथा जिला शहरी विकास एजेंसी, वकीलों तथा विधिक विशेषज्ञों द्वारा चलाए जाने वाले मानवाधिकार परामर्शदाता संगठन कुछ अन्य ऐसे स्थान हैं जहां करियर के अवसर तलाश सकते हैं, बाल-अपराध एवं बाल-दुव्र्यवहार जैसी सुधार संस्थाओं और महिला सुधार केन्द्रों, कारागार एवं बेघर गृहों में भी कार्य किया जा सकता है। मानवाधिकार विशेषज्ञों की मांग शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ने की संभावना है। पाठ्यक्रम अवधि … Read more

4 जनवरी में होगा BPSC 70वीं परीक्षा का री-एग्जाम, 13 दिसंबर को बापू सेंटर में रद्द हुई थी परीक्षा

 पटना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा पटना के बापू सेंटर पर रद्द की गई 70वीं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन अब 4 जनवरी 2025 को किया जाएगा. इस परीक्षा के लिए उन सभी अभ्यर्थियों को नया एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा जिन्होंने पहले परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होकर परीक्षा दी थी. बीपीएससी ने री-एग्जाम के लिए प्रवेश पत्र जारी करने की तिथि भी घोषित कर दी है. यह हॉल टिकट 27 दिसंबर 2024 को जारी होगी, जिन्हें अभ्यर्थी अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि के माध्यम से डाउनलोड कर सकेंगे. ए़डमिट कार्ड डाउनलोड कैसे करें: Step 1- सबसे पहले उम्मीदवार (bpsc.bih.nic.in) पर जाएं. Step 2- होमपेज उपलब्ध एडमिट कार्ड का लिंक दिखाई देगा, उसपर क्लिक करें. Step 3- अपना यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करें. Step 4- सबमिट पर क्लिक करें. Step 5- अब स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड आ जाएगा, उसे चेक करने के बाद डाउनलोड कर लें. परीक्षा का पैर्टन बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा अधिकतम 150 अंकों की होगी. प्रत्येक सही उत्तर पर 1 अंक दिया जाएगा। 70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ होगी और निगेटिव मार्किंग होगी, प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक तिहाई (1/3) अंक काटा जाएगा. जारी है अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बिहार में परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का धरना लगातार जारी है. प्रदर्शनकारियों का कहना है, कि जब तक आयोग पूरी परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करने की घोषणा नहीं करता, उनका आंदोलन जारी रहेगा. हालांकि, बीपीएससी अध्यक्ष ने 13 दिसंबर की परीक्षा रद्द करने से इनकार किया है. साथ ही 34 अभ्यर्थियों भेजा कारण बताओ का नोटिस जारी किया.  

नाबार्ड की ओर से स्पेशलिस्ट पदों पर भर्ती निकाली गई, 5 जनवरी तक कर सकते हैं अप्लाई, जाने डिटेल

नई दिल्ली सरकारी नौकरी की तलाश में लगे युवाओं के लिए खुशखबरी है। नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट की ओर से स्पेशलिस्ट पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रॉसेस 21 दिसंबर से शुरू कर दी गई है जो निर्धारित अंतिम तिथि 5 जनवरी 2025 तक जारी रहेगी। जो भी अभ्यर्थी इस भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं वे बिना देरी करते हुए तुरंत ही ऑफिशियल वेबसाइट www.nabard.org पर जाकर या इस पेज पर दिए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन से पहले अभ्यर्थी पात्रता की जांच अवश्य कर लें। कौन ले सकता है भर्ती में भाग इस भर्ती में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी का पदानुसार ग्रेजुएट/ बीई/ बीटेक/ एमटेक/ एमसीए/ एमएसडब्ल्यू आदि किया हो। इसके साथ ही अभ्यर्थी न्यूनतम उम्र 24 वर्ष से कम और अधिकतम आयु 55 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। कैसे होगा चयन इस भर्ती में चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को इंटरव्यू प्रक्रिया में भाग लेना होगा। इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों को एक्सपीरियंस, शैक्षिक योग्यता आदि के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जायेगा। भर्ती विवरण इस भर्ती के माध्यम से कुल 10 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें से ETL डेवलपर के लिए 01 पद,डाटा साइंटिस्ट के लिए 02 पद, सीनियर बिजनेस एनालिस्ट के लिए 01 पद, बिजनेस एनालिस्ट के लिए 01 पद, UI/UX डेवलपर के लिए 01 पद, स्पेशलिस्ट डाटा मैनेजमेंट के लिए 01 पद, प्रोजेक्ट मैनेजर- एप्लीकेशन मैनेजमेंट के लिए 01 पद, सीनियर एनालिस्ट- नेटवर्क / SDWAN Operations के लिए 01 पद, सीनियर एनालिस्ट- साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन के लिए 01 पद आरक्षित है। कैसे करें आवेदन     इस भर्ती में आवेदन करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट www.nabard.org पर विजिट करें।     वेबसाइट के होम पेज पर करियर बटन पर क्लिक करके अगले पेज पर भर्ती से सम्बंधित अप्लाई लिंक पर क्लिक करें।     अब आप Click here for New Registration पर क्लिक करके पंजीकरण कर लें।     इसके बाद अन्य जानकारी के साथ हस्ताक्षर एवं फोटोग्राफ अपलोड करें।     अंत में निर्धारित आवेदन शल्क जमा करें और पूर्ण रूप से भरे हुए फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।  

मध्य प्रदेश में 12वीं पास के लिए बिजली कंपनी में नौकरी का मौका, फटाफट कर दें अप्‍लाई

भोपाल मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत बोर्ड में नौकरी का सुनहरा मौका है. अगर आप भी निर्धारित मापदंड पूरा करते हैं, तो ऑफ‍िस असिस्‍टेंट समेत अन्‍य पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इन पदों पर आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है. इस वैकेंसी के बारे में पूरी डिटेल्‍स mponline.gov.in पर देखी जा सकती है. इस बात का ध्‍यान रखें कि 23 जनवरी 2025 से पहले इन पदों के लिए अप्‍लाई कर दें.  कितने पदों पर वैकेंसी मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत बोर्ड ने कुल 2573 पदों पर भर्तियां निकाली हैं. इसमें कुछ वैकेंसी जनरेशन कंपनी ट्रांसमिशन कंपनी और पॉवर मैनेजमेंट कंपनी आदि के लिए है. कई रिपोर्ट में बताया गया है कि इन कंपनियों में ग्रुप सी और ग्रुप डी की भर्तियां निकली हैं. इसके तहत कार्यालय सहायक श्रेणी 3, लाइन परिचालक, सुरक्षा उप निरीक्षक, सीनियर इंजीनियर मैकेनिकल, सीनियर इंजीनियर सिविल आदि के पदों पर नियुक्‍तियां होनी हैं. इसके अलावा टेक्‍निशियन, रेडियोग्राफर, ईजीसी टेक्‍निशियन, अग्निशमक आदि पदों पर भी नौकरियां हैं.  कौन कर सकता है अप्‍लाई मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत बोर्ड में निकली इन भर्तियों के लिए सामान्‍य योग्‍यता 12वीं पास रखी गई है मतलब इंटरमीडिएट परीक्षा पास अभ्‍यर्थी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. लेकिन कुछ पदों के लिए उससे संबंधित योग्‍यता मांगी गई है. अगर आपके पास संबंधित विषय में डिग्री डिप्‍लोमा है, तो ही आवेदन कर सकते हैं. अलावा अभ्‍यर्थी की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए. आवेदन mponline.gov.in के माध्‍यम से की जा सकती है.  सेलेक्‍शन और सैलेरी मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत बोर्ड इन पदों के लिए ऑनलाइन टेस्‍ट कराएगा. इसके बाद फ‍िजिकल टेस्‍ट भी होगा, जिसके आधार पर फाइनल सेलेक्‍शन होगा. सेलेक्‍ट होने वाले उम्‍मीदवारों को 19500 से लेकर 42700 तक की सैलेरी मिलेगी.

यह बातें होंगी कैरियर के लिए फायदेमंद…

यह ऑफिस है, न की आपका घर। यह छोटा-सा जुमला हमें अकसर सुनने को मिलता है। इस बात के एक नहीं कई संदर्भ हो सकते है। आज वक्त की मांग ऐसी है कि हर इंसान कार्यस्थल पर खुद को अच्छा प्रोफेशनल साबित करना चाहता है और इसके लिए वह जी जानसे मेहनत भी करता है। लेकिन इसके लिए केवल मेहनत की काफी नहीं है, बल्कि कैरियर में सफल होने के लिए अपनी भावनाओं को सही ढंग से अभिव्यक्ति और उन पर नियंत्रण भी बहुत जरूरी हैसही तरीके से जीवन को जीने के लिए पैसे की अहम भूमिका होती है और पैसा तभी आएगा जब आप अपनी पूरी ईमानदारी से काम करेंगी। इसलिए आप भी कुछ ऐसा करें जिससे आपका कैरियर भी संवर जाए और आपके जीवन जीने का स्टाइल भी। आप खुद को अपडेट करती रहें इस प्रतियोगिता के दौर में हमेशाा कुछ न कुछ नया सीखना जरूरी है। काम में सुस्ती न लाएं कैरियर सुस्ती मतलब बे्रक हो जाना। जो कि ठीक नहीं होता। महिलाओ बेहतर इसलिए नहीं मिल पाता क्योंकि वे लोगों के संपर्क में कम रहती है आप किसी भी तरीके से लोगों के साथ रहें चाहे तो ई-मेल से जुडी रखें और उनका जवाब तुरंत दें।   ऑफिस में सहकर्मियों के साथ तालमेल बैठा कर काम करें। अपनी टीम वर्क के महत्व को समझें और अपने कार्य में ज्यादा पारदर्शिता लाएं। ऑफिस में लडाई-झगडे के चलते आप मानसिक तौर कमजोर बन रहे हैं तो अब तय कर लें कि अबसे आप को ऑफिस की राजनीति से दूर रह कर अपना काम पूरी ईमानदारी से करना है इन सबसे आपको कोई मतलब नहीं।  

Railways ने निकाली बंपर भर्ती, 32 हजार से अधिक पद रिक्त, 23 जनवरी से आवेदन शुरू, जानें पात्रता, वेतन और फीस

 सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने ग्रुप डी लेवल-1 भर्ती की घोषणा कर दी है। इस संबंध में शॉर्ट नोटिस जारी किया गया है। ऑफिशियल पर जल्द ही डिटेल नोटिफिकेशन उपलब्ध हो सकता है। अपडेट्स के लिए उम्मीदवारों को आरआरबी के क्षेत्रीय ऑफिशियल वेबसाइट को विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है। शॉर्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक रिक्त पदों की संख्या 32,438 है। उम्मीदवारों की नियुक्ति ट्रैफिक, इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और एस एंड टी विभागों में की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया प्रक्रिया 23 जनवरी 2025 से शुरू होगी। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 22 फरवरी 2025 रात 12:00 बजे से पहले फॉर्म भर पाएंगे। कौन कर सकता है आवेदन? किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान या बोर्ड से दसवीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। उनके पास एनसीवीटी द्वारा प्राप्त नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट होना चाहिए। निर्धारित आयु सीमा 1 जुलाई 2025 तक न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 36 वर्ष होनी चाहिए। सरकारी नियमों के तहत आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। चयन प्रक्रिया और वेतन उम्मीदवारों का चयन  कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट, फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट, मेडिकल या दस्तावेज सत्यापन के आधार पर होगा। लिखित परीक्षा परीक्षा में जनरल साइंस, मैथमेटिक्स, जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग,  जनरल अवेयरनेस और करंट अफेयर्स से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्नों की संख्या 100 और कुल अंक 100 होंगे। परीक्षा की अवधि 90 मिनट होगी। नियुक्ति के बाद 7 सीपीसी पे मैट्रिक्स के लेवल 1  तहत 18000 रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। आवेदन फीस और प्रोसेस पीडबल्यूडी, महिला, ट्रांसजेंडर, एक्स सर्विसमैन, एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और ईबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को 250 रुपए शुल्क का भुगतान करना होगा। वहीं अन्य उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये है। सबसे पहले आरआरबी के क्षेत्रीय ऑफिशियल  वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर सीईएन 8 /2024 के लिंक पर क्लिक करें।  ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करें। उसके बाद आवेदन पत्र को भरें। सारी जानकारी सही-सही दर्ज करें। सही साइज और फॉर्मेट में दस्तावेज, हस्ताक्षर  और फोटोग्राफ अपलोड करें। शुल्क का भुगतान करें और आवेदन पत्र जमा करें। भविष्य के संदर्भ में एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंट आउट निकालकर उम्मीदवार अपने पास रख सकते हैं।

UPMSP ने जारी किया साल 2025 की प्रैक्टिकल परीक्षा का शेड्यूल

आगरा  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की ओर से साल 2025 की कक्षा 12वीं का प्रैक्टिकल परीक्षा का शेड्यूल जारी हो गया है। इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षाएं दो स्टेज में होने वाली हैं। आधिकारिक नोटिफिकेशन में लिखा है, ‘उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज, वर्ष 2025 की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षाएं दो स्टेज में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संबंधित मंडलों के अंतर्गत जिलों में आयोजित की जाएंगी।’ यानी आधिकारिक टाइम टेबल के अनुसार, पहला चरण 23 जनवरी से 31 जनवरी, 2025 तक चलेगा। पहले चरण की प्रैक्टिकल परीक्षाओं में झांसी, चित्रकूट, आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, अयोध्या, आजमगढ़, देवीपाटन और बस्ती मंडल शामिल हैं। दूसरा चरण में 1 फरवरी से 8 फरवरी, 2025 के बीच कानपुर, प्रयागराज, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, मिर्जापुर, वाराणसी और गोरखपुर मंडल में प्रैक्टिकल एग्जाम आयोजित होंगे। यूपी बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षा टाइम टेबल प्रैक्टिकल एग्जाम डेट्स 2025 कक्षा 12वीं प्री बोर्ड प्रैक्टिकल परीक्षा 4 जनवरी से 10 जनवरी 2025 कक्षा 12वीं प्रैक्टिकल एग्जाम (फेज-1) 23 जनवरी से 31 जनवरी 2025 कक्षा 12वीं प्रैक्टिकल एग्जाम (फेज-2) 1 फरवरी से 8 फरवरी 2025 कक्षा 9वीं से 11वीं वार्षिक परीक्षाएं 11 जनवरी से 21 जनवरी 2025 कक्षा 10वीं से 12वीं प्री–बोर्ड लिखित परीक्षाएं 11 जनवरी से 21 जनवरी 2025 अंक अपलोड होने की शुरुआती डेट 10 जनवरी 2025 इंटरमीडिएट प्री-बोर्ड प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्कूल स्तर पर प्रधानाचार्यों की निगरानी में आयोजित होंगी जोकि 4 जनवरी से 10 जनवरी, 2025 तक चलेंगी। UPMSP ने कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड लिखित परीक्षा डेट्स घोषित कर दी है। याद रखें, ये परीक्षाएं आपके स्कूल में ही होंगी। ये परीक्षाएं 11 जनवरी से 21 जनवरी, 2025 तक चलेंगी और ये भी आपके स्कूल की ओर से ही आयोजित होंगी। हाई स्कूल की प्रैक्टिकल परीक्षाएं बीते सालों की तरह इंटरनल असेसमेंट मॉडल पर आधारित होंगी, जिसमें प्रोजेक्ट वर्क भी शामिल होगा। यूपी बोर्ड स्कूल के प्रधानाचार्य इन अंकों को UPMSP की वेबसाइट upmsp.edu.in पर 10 जनवरी, 2025 से अपलोड कर सकेंगे। यूपी बोर्ड की ओर से निर्देश दिया गया है कि UPMSP से जुड़े सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाएं CCTV निगरानी में आयोजित करें।

एग्जाम में पूछे जा सकते हैं ब्रेन रोट, माओरी हाका और डिजिटल अरेस्ट जैसे शब्दों से जुड़े सवाल

नई दिल्ली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने कैंडिडेट्स के लिए जनरल अवेयरनेस का सेक्शन बेहद अहम रहता है। ऐसे में इस भाग की तैयारी के लिए आज, हम आपको कुछ ऐसे शब्दों और टॉपिक के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में आगामी परीक्षा में पूछा जा सकता है। इसलिए एसएससी, बैंकिंग या फिर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे ध्यान से इन टॉपिक्स के बारे में पढ़ लें और तैयारी कर लें। ब्रेन रोट ब्रेन रोट शब्द को ऑक्सफोर्ड ने साल 2024 का वर्ल्ड ऑफ द ईयर घोषित किया है। इस शब्द को ऐसे लोगों के लिए यूज किया जाता है, जो सोशल मीडिया पर घंटो-घंटो रील्स या शार्ट वीडियोज देखते रहते हैं। इन वीडियोज को सही मायने में कोई मतलब नहीं होता है लेकिन फिर भी लोग बस आदतन घंटो रील्स को स्क्रॉल करते रहते हैं। इसी आदत को ब्रेन रोट कहा गया है। साथ ही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने इसे इस साल का वर्ल्ड ऑफ द ईयर चुना है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आज से करीब 170 साल पहले भी इस शब्द का इस्तेमाल किया गया था। इसके तहत, साल 1854 में लिखी हेनरी डेविड की किताब वाल्डेन में इस शब्द का जिक्र किया गया था। माओरी हाका माओरी हाका एक पारंपरिक युद्ध नृत्य है। न्यूजीलैंड की युवा सांसद हाना मैपी-क्लार्क ने पिछले महीने संसद में एक विधेयक के खिलाफ अपना विरोध जताते इस बिल की कॉपी फाड़ फेंक दी थी। साथ ही संसद में पारंपरिक हाका नृत्य करना शुरू कर दिया था। सदन में अन्य नेताओं ने भी उनका साथ दिया था। इसके बाद स्पीकर ने सत्र रोक दिया था। साथ ही युवा सांसद के खिलाफ एक्शन लेते हुए निलंबित कर दिया था। ऑक्सफोर्ड की ओर से ब्रेन रोट को वर्ल्ड ऑफ द ईयर चुनने के बाद डिक्शनरी डॉट कॉम ने साल 2024 के लिए Demure को यह खिताब दिया था। इस शब्द का इस्तेमाल अमेरिकी इन्फ्लुएंसर जूल्स लेब्रोन द्वारा एक वीडियो में किया गया था। इसके बाद से यह शब्द वायरल हो गया था। आपरेशन सद्भाव भारत ने यागी तूफान से जूझ रहे वियतनाम, लाओस और म्यांमार को सहायता और तत्काल आपूर्ति प्रदान करने के लिए ऑपरेशन “सद्भाव” की शुरुआत की थी। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने म्यांमार को राशन, कपड़े और दवाओं सहित अन्य जरूरी सामान भेजा गया था।

रेलवे मिनिस्टीरियल आइसोलेटेड भर्ती का नोटिफिकेशन हुआ जारी, आयु में 3 साल की छूट

नई दिल्ली. रेलवे भर्ती बोर्ड ने मिनिस्टीयल एवं आइसोलेटेड कैटेगरी भर्ती 2024 का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत टीजीटी व पीजीटी शिक्षकों, चीफ लॉ असिस्टेंट, पब्लिक प्रोसीक्यूटर, प्राइमरी रेलवे टीचर, लैब असिस्टेंट, म्यूजिक टीचर समेत 1036 पदों पर वैकेंसी निकाली गई हैं। इस भर्ती (विज्ञापन संख्या 07/2024) के लिए ऑनलाइन आवेदन 07 जनवरी 2025 से शरू होंगे। एप्लाई करने की अंतिम तिथि 06 फरवरी 2025 तय की गई है। अभ्यर्थी जल्द ही अपने अपने आरआरबी की रीजनल वेबसाइट्स पर इस भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन देख सकेंगे। आयु सीमा में 3 साल छूट रेलवे भर्ती बोर्ड ने कोरोना महामरी के चलते सभी पदों की अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट दी है। आरआरबी ने कहा है कि एक बार के लिए यह छूट दी गई है। उपरोक्त अधिकतम आयु सीमा तीन साल की छूट लगाकर दी गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2025 से होगी। किन किन पदों पर निकली हैं वैकेंसी स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी शिक्षक) – 187 साइंटिफिक सुपरवाइजर (एर्गोनॉमिक्स एंड ट्रेनिंग)- 3 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी शिक्षक) – 338 पीटीआई (इंग्लिश मीडियम)- 18 साइंटिफिक असिस्टेंट / ट्रेनिंग- 2 जूनियर अनुवादक हिंदी – 130 सीनियर पब्लिसिटी इंस्पेक्टर – 03 स्टाफ एंड वेलफेयर इंस्पेक्टर – 59 म्यूजिक शिक्षिका महिला – 03 प्राइमरी रेलवे शिक्षक – 188 सहायक शिक्षिका महिला जूनियर स्कूल – 02 लैब असिस्टेंट / स्कूल – 07 लैब असिस्टेंट ग्रेड III (केमिस्ट व मेटालर्जिकल ) – 12 शिक्षकों के पद के लिए बीएड व डीएलएड डिग्री डिप्लोमा धारियों को आवेदन का अच्छा मौका मिलेगा। एनसीटीई नियमों के मुताबिक पात्रता नियम तय होंगे। इससे पहले रेलवे इस वर्ष असिस्टेंट लोको पायलट, टेक्नीशियन, जेई, एनटीपीसी ग्रेजुएट और अंडर ग्रेजुएट लेवल, आरपीएफ कांस्टेबल और आरपीएफ सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती निकाल चुका है। देश के लाखों अभ्यर्थियों को अब ग्रुप डी भर्ती का इंतजार है। लाखों युवा इसमें आवेदन करते हैं।

Transport department में कांस्टेबल की कितनी होती है सैलरी, कैसे मिलती है इसमें नौकरी?

भोपाल मध्य प्रदेश परिवहन विभाग में कांस्टेबल की नौकरी (Sarkari Naukri) पाने का सपना हर 12वीं पास देखता है. अगर आप भी इन पदों पर नौकरी पाने का मन बना रहे हैं, तो व्यापम के जरिए आयोजित परीक्षा को पास करना होता है. परिवहन विभाग में कांस्टेबल की सैलरी 1900 ग्रेड के अनुसार हो सकती है. लेकिन लोकायुक्त पुलिस के छापे में भोपाल में परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा के ठिकानों से तीन करोड़ रूपये से ज्यादा नगदी मिली है. तो आइए जानते हैं कि परिवहन विभाग में कांस्टेबल की कितनी सैलरी होती है और नौकरी पाने की क्या एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया होती है. परिवहन विभाग कांस्टेबल की कैसे मिलती है नौकरी उम्मीदवार जो भी परिवाहन विभाग में नौकरी पाना चाहते हैं, तो उनके पास मान्यता प्राप्त बोर्ड से हायर सेकेंडरी (10+2) पास या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए. साथ ही दोपहिया, हल्के, या भारी वाहन का वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य होना चाहिए. परिवहन विभाग कांस्टेबल में कितनी होनी चाहिए हाइट सामान्य/ओबीसी उम्मीदवारों की हाइट: न्यूनतम 1.68 मीटर एससी/एसटी: न्यूनतम उम्मीदवारों की हाइट- 1.60 मीटर छाती (अनफैली हुई/फैली हुई) सामान्य/ओबीसी: 81 सेमी/86 सेमी एससी/एसटी: 76 सेमी/81 सेमी विजन: दोनों आंखों का विजन 6/9 या एक आंख की न्यूनतम विजन 6/12 होनी चाहिए. कलर डिसऑर्डर नहीं होनी चाहिए. क्या होती है आयुसीमा परिवहन विभाग में कांस्टेबल बनने की ख्वाहिश रखने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट है. परिवहन विभाग में कांस्टेबल को मिलने वाली सैलरी सैलरी: 5200 रुपये से 20200 रुपये ग्रेड पे: 1900 रुपये परिवहन विभाग में कांस्टेबल के फॉर्म भरने के लिए देना होता है आवेदन शुल्क सामान्य/ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क: 500 रुपये एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क: 250 रुपये भुगतान विकल्प: क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, या एमपी ऑनलाइन के माध्यम से किया जाता है.

एचआर करे नौकरी देने में आनाकानी तो अपनाएं ये स्ट्रैटजी

अगर जॉब के लिए क्वॉलिफिकेशन पूरी न हो, तो परेशान होना लाजमी है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि आपकी क्वॉलिफिकेशन ज्यादा हो जाती है और आप एचआर मैनेजर की आंखों में खटकने लगते हैं। दरअसल, एचआर मैनेजर जहां कम क्वॉलिफिकेशन वाले कैंडिडेट्स को रिजेक्ट कर देते हैं, वहीं ओवर क्वॉलिफिकेशन वाले कैंडिडेट्स से भी परहेज करते हैं। जॉब नहीं दे सकते अमूमन कम पढ़े लोगों को ही जॉब मिलने में परेशानी होती है। पर स्थिति तब अजीब हो जाती है जब रिक्रूटर आपसे यह कह दे कि आपने कुछ अधिक ही पढ़ाई कर ली है। हम आपको जॉब नहीं दे सकते। सैलरी ज्यादा देने में दिक्कत एचआर मैनेजर का यह भी मानना होता है कि अगर वे ओवर क्वॉलिफाइड एंप्लाई को रिक्रूट करते हैं तो उन्हें उसको ज्यादा सैलरी देनी पड़ेगी। जब कर दें रिजेक्ट जब एचआर मैनेजर आपको ओवर क्वॉलिफाइड कहकर रिजेक्ट कर दे, तो आपको समझना होगा। बेहतर होगा कि उससे पूछें कि वह आपको रिजेक्ट क्यों कर रहे हैं? पॉजिटिविटी पर करें फोकस आपको बताना होगा कि आप बेहतर क्वॉलिफिकेशन होने की वजह से जॉब को बेहतर तरीके से हैंडल कर पाएंगे। और हां सैलरी पॉइंट को डिसकस करना न भूलें।  

सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, MP लोक सेवा आयोग ने जारी किया अगले साल होने वाली भर्ती परीक्षाओं का शेड्यूल

इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने अगले साल होने वाली परीक्षा को लेकर शेड्यूल (कार्यक्रम) जारी किया है। फरवरी में राज्य सेवा व वन सेवा परीक्षा और मई में मुख्य परीक्षा होगी। सहायक प्राध्यापक की परीक्षा दो चरणों में करवाई जाएगी। आयोग के मुताबिक अगले कुछ दिन में परीक्षा की तारीखें तय की जाएंगी। ये रहेगा परीक्षा कार्यक्रम राज्य व वन सेवा प्री-2025 16 फरवरी सहायक संचालक उद्यान-2023 मार्च सहायक संचालक संस्कृति-2023 अप्रैल असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2024 (15 विषय) मई राज्य सेवा मुख्य-2025 जून (प्रथम सप्ताह) खाद्य सुरक्षा अधिकारी-2024 जून तृतीय सप्ताह सहायक यंत्री-2024 जुलाई पुरालेख अधिकारी-संस्कृति विभाग-2024 जुलाई मुद्राशास्त्री-2024 जुलाईपुरालेखवेत्ता-2024 जुलाई पुरातत्वीय अधिकारी जुलाई सहायक संचालक मत्स्योद्योग अगस्त सहायक अनुसंधान अधिकारी-जनजातीय कार्य सितंबर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2024(12 विषय) अक्टूबर सहायक नियंत्रक (नापतौल) 2024 अक्टूबर एसएससी जीडी फाइनल रिजल्ट पर बड़ा अपडेट एसएससी जीडी फाइनल रिजल्ट 2024 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ गया है। कर्मचारी चयन आयोग ने फाइनल रिजल्ट 2024 को जारी कर दिया गया है। इस रिजल्ट में कुल 39375 पुरुष और 4891 महिलाओं का चयन किया गया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं। इस रिजल्ट में 845 उम्मीदवारों का रिजल्ट रोका गया है। रिजल्ट जारी होने के बाद कई और प्रोसेस हैं, जिन्हें चयनित उम्मीदवारों को फालो करना है।आगे का यह होगा प्रोसेसएसएससी जीडी फाइनल रिजल्ट में उन सभी उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है, जो लिखित परीक्षा पीईटी, पीएसटी, डीवी, मेडिकल एग्जामिनेशन जैसे चरणों को पास किया है। अब इसके बाद कुछ प्रोसेस और हैं, जिन्हें छात्रों को फालो करके जाइनिंग दी जाएगी। इनमें डाक्युमेंट वेरिफिकेशन शामिल है। उसके बाद चयनित उम्मीदवारों को जाइनिंग दी जाएगी। जाइनिंग के बाद ट्रेनिंग दी जाएगी। डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन होगा अगला चरण फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद अब चयनित उम्मीदवारों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। जाइनिंग से पहले यह अंतिम चरण होगा, जिससे उम्मीदवारों को फालो करना है। इस प्रोसेस में शैक्षणिक डिग्रियों की जांच की जाएगी। सफलता पूर्वक इस प्रोसेस को पास करने वाले उम्मीदवार ड्यूटी ज्वाइन करेंगे, जिसके बाद उन्हें नौकरी के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।

अब आरआरबी की ओर से आरपीएफ एसआई भर्ती परीक्षा के लिए आंसर की जारी, 22 दिसंबर तक आपत्ति दर्ज करने का मौका

नई दिल्ली रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) की ओर से आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा का आयोजन 2, 3, 9, 12 और 13 दिसंबर को 2024 को देशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर करवाया गया था। एग्जाम संपन्न होने के बाद अब आरआरबी की ओर से प्रोविजनल आंसर की डाउनलोड के लिए उपलब्ध करवा दी गई है। परीक्षार्थी तुरंत ही ऑफिशियल वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जाकर या इस पेज पर दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करके उत्तर कुंजी डाउनलोड कर सकते हैं। आंसर की डाउनलोड करने के लिए आपको लॉग इन डिटेल दर्ज करनी होगी। 22 दिसंबर तक ऑब्जेक्शन दर्ज करने का मौका आंसर की द्वारा अभ्यर्थी अपने सभी प्रश्न उत्तरों का मिलान अच्छे से कर लें। इस दौरान अगर वे इसमें दिए किसी उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं तो वे 22 दिसंबर 2024 रात्रि 12 बजे तक उस पर ऑब्जेक्शन दर्ज कर सकते हैं। अभ्यर्थी ध्यान रखें कि ऑब्जेक्शन दर्ज करने के लिए आपको 50 रुपये प्रति प्रश्न का भुगतान करना होगा। कैसे डाउनलोड करें आंसर की आरपीएफ एसआई एग्जाम सिटी स्लिप डाउनलोड करने के लिए आपको पहले आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज पर एसआई CEN RPF 01/2024 पर क्लिक करें। अब अभ्यर्थी आंसर की के लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद मांगी गई डिटेल दर्ज करके सबमिट करें। अब आप आंसर की डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ ही आप यहीं से आपत्ति भी दर्ज कर सकते हैं।  

वायु प्रदूषण के चलते एयर क्वालिटी मैनेजमेंट में बढ़े करियर विकल्प

अगर आप एक हाइली क्वालिफाइड जॉब सीकर हैं और एनवायरनमेंट पॉल्यूशन से आप अपने शहर को बचाना चाहते हैं या आप हायर एजुकेशनल डिग्रीज़ हासिल करने के लिए अपना विचार बना रहे हैं तो ग्रीन सेक्टर अर्थात इको-फ्रेंडली एनवायरनमेंट के क्षेत्र में हमारे देश में आपके लिए काफी आशाजनक संभावनाएं हैं. भारत में आप एनवायरनमेंट की रक्षा और संरक्षण के लिए कई बेहतरीन डिग्री/डिप्लोमा कोर्सेज कर सकते हैं.    कंजरवेशनिस्ट ये पेशेवर मुख्य रूप से वाटर/सोल/फ़ॉरेस्ट कंजर्वेशन और प्रिजर्वेशन के कार्य करते हैं और एनवायरनमेंट को सुरक्षित रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. व्हीकल एनर्जी एनालिस्ट ये पेशेवर व्हीकल एनर्जी एनालिसिस के माध्यम से एयर पॉल्यूशन को कम करने के लिए स्मार्ट चार्जिंग जैसे ऑप्शन्स के लाभ बताते हैं. इलेक्ट्रिक व्हीकल सॉफ्टवेयर डेवलपर ये पेशेवर ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए इलेक्ट्रिकल व्हीकल सॉफ्टवेयर डिज़ाइन और डेवलप करते हैं ताकि व्हीकल्स के इन नए डिज़ाइन्स से व्हीकल पॉल्यूशन को कम किया जा सके. एनवायरनमेंट इंजीनियर ये पेशेवर एनवायरनमेंट को सुरक्षित रखने के लिए और प्रदूषण की समस्या के स्थाई समाधान के लिए इको-फ्रेंडली टेक्नीक्स विकसित करते हैं. एनर्जी एंड सस्टेनेबिलिटी इंजीनियर/मैनेजर ये पेशेवर एनर्जी के नॉन-कन्वेंशनल तरीकों जैसेकि सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी, बायो फ्यूल्स को बढ़ावा देने के लिए नई टेक्नोलॉजी को विकसित करने और इस्तेमाल करने से संबंधित कामकाज देखते हैं. रिस्क मैनेजमेंट एक्सपर्ट ये पेशेवर विभिन्न कंपनियों और दफ्तरों में रोज़ाना होने वाले काम-काज और प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े रिस्क या खतरों से कंपनी और कर्मचारियों की रक्षा करते हैं. प्रोडक्शन मैनेजर इन पेशेवरों का प्रमुख काम विभिन्न उद्योगों में होने वाले प्रोडक्शन को इको-फ्रेंडली बनाना है ताकि हमारा एनवायरनमेंट सुरक्षित रहे. भारत में स्टूडेंट्स के लिए ग्रीन सेक्टर या एनवायरनमेंट की फील्ड से संबंधित विभिन्न एजुकेशनल कोर्सेज और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया निम्नलिखित हैं: बीएससी/बीई/बीटेक– एनवायरनमेंटल साइंस -स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास साइंस स्ट्रीम में पास की हो. इन कोर्सेज की अवधि 3 वर्ष है. इसी तरह, इस फील्ड में सर्टिफिकेट कोर्सेज की अवधि 6 महीने से 1 वर्ष तक हो सकती है. बीई/बीटेक– एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग -स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास साइंस स्ट्रीम में पास की हो. इन कोर्सेज की अवधि 4 वर्ष है. एमएससी/एमई/एमटेक– एनवायरनमेंटल साइंस – स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से साइंस स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की हो. इन कोर्सेज की अवधि 2 वर्ष है. एमई/एमटेक– एनवायरनमेंटल -स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से साइंस स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की हो. इन कोर्सेज की अवधि 2 वर्ष है. एमफिल– एनवायरनमेंटल साइंस –स्टूडेंट्स के पास किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज से साइंस की स्ट्रीम में पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री हो. इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष है. पीएचडी– एनवायरनमेंटल साइंस –स्टूडेंट्स के पास एमफिल की डिग्री हो और इस कोर्स की अवधि 3 – 5 वर्ष है. भारत के ये टॉप एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स करवाते हैं विभिन्न कोर्सेज आप निम्नलिखित एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स से एनवायरनमेंट की फील्ड से संबंधित विभिन्न डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज कर सकते हैं: -दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली -इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -टेरी स्कूल ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज़, नई दिल्ली -चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ -इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंसेज, बैंगलोर -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मुंबई/खड़गपुर -वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया, उत्तरांचल -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, लखनऊ/मुंबई/खड़गपुर/दिल्ली/रुड़की/कलकत्ता/बैंगलोर  

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में बिना लिखित परीक्षा नौकरी पाने का अवसर, 75000 मिलेगी मंथली सैलरी

CRPF Recruitment 2024: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में नौकरी (Sarkari Naukri) की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक सुनहरा मौका है. इसके लिए सीआरपीएफ ने वेटरनरी के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है. जिन उम्मीदवारों के पास इन पदों से संबंधित योग्यता है और यहां आवेदन करने के लिए इच्छुक हैं, वे सीआरपीएफ की आधिकारिक वेबसाइट crpf.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सीआरपीएफ के इस भर्ती के लिए जो कोई भी आवेदन करने का मन बना रहे हैं, वे 6 जनवरी तक या उससे पहले अप्लाई कर सकते हैं. यह भर्ती 5वीं और 10वीं एनडीआरएफ बटालियनों के लिए की जा रही है. अगर आपका भी मन इन पदों पर नौकरी पाने का है, तो आवेदन करने से पहले नीचे दिए गए बातों को ध्यान से पढ़ें. सीआरपीएफ में नौकरी पाने की आयु सीमा सीआरपीएफ के इन पदों के लिए जो कोई भी उम्मीदवार आवेदन करने पर विचार कर रहे हैं, उनकी अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष होनी चाहिए. सीआरपीएफ में नौकरी पाने की क्या है शैक्षणिक योग्यता इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से वेटरनरी साइंस और लाइवस्टॉक में ग्रेजुएट की डिग्री होनी चाहिए. साथ ही भारतीय वेटरनरी परिषद से पंजीकरण होना अनिवार्य है. सीआरपीएफ में चयन होने पर मिलेगी सैलरी जिस किसी भी उम्मीदवार का चयन इन पदों के लिए होता है, उन्हें सैलरी के तौर पर 75,000 रुपये महीने का भुगतान किया जाएगा. इसके अतिरिक्त भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, चिकित्सा सुविधाएं, सीनियरिटी लाभ और पदोन्नति के अवसर है. सीआरपीएफ में ऐसे होगा चयन जो कोई भी सीआरपीएफ के इन पदों के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनका चयन वॉक-इन-इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. इंटरव्यू के बाद उम्मीदवारों की मेडिकल जांच भी होगी. वॉक-इन-इंटरव्यू का विवरण: तारीख और समय स्थान 06 जनवरी 2025, सुबह 9 बजे कम्पोजिट अस्पताल, सीआरपीएफ, जीसी कैंपस, तालेगांव, पुणे, महाराष्ट्र – 410507 06 जनवरी 2025, सुबह 9 बजे कम्पोजिट अस्पताल, सीआरपीएफ, हैदराबाद, तेलंगाना – 500005   ऐसे करें आवेदन इच्छुक उम्मीदवार अपने सभी आवश्यक डॉक्यूमेंट्स (शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण, अनुभव प्रमाण पत्र) की मूल और फोटोकॉपी के साथ वॉक-इन-इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं. साथ में: एक साधारण कागज पर आवेदन फॉर्म तीन पासपोर्ट साइज फोटो उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट के बाद इंटरव्यू में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी.

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत बोर्ड ने 60244 यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के डीवी व पीएसटी की डेट जारी

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत बोर्ड ने 60244 यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन व फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (डीवी / पीएसटी ) की तिथि घोषित कर दी है। यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने कहा है कि कांस्टेबल भर्ती के डीवी पीएसटी 26 दिसंबर से शुरू होंगे। डीवी पीएसटी राउंड के एडमिट कार्ड 16 दिसंबर 2024 से डाउनलोड कर सकेंगे। लिखित परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर डीवी व पीएसटी राउंड के लिए 174316 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। नोटिस में बोर्ड ने कहा, ‘आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की दिनांक 23, 24, 25 30 व 31 अगस्त 2024 को सम्पन्न लिखित परीक्षा में अभिलेखों की संवीक्षा तथा शारीरिक मानक परीक्षण (DV / PST) हेतु अर्ह पाए गए अभ्यार्थियों की DV/ PST दिनांक 26 दिसंबर 2024 से आरम्भ की जाएगी। इस प्रक्रिया में सम्मिलित होने हेतु अर्ह अभ्यर्थियों के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड किए जाने हेतु वेब लिंक दिनांक 16/12/2024 को बोर्ड की वेबसाईट पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।’ बोर्ड ने कहा है कि अगर किसी अभ्यर्थी को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में दिक्कत होती है तो वह हेल्पलाइन नंबर 8867786192 पर संपर्क कर सकता है। एडमिट कार्ड का लिंक uppbpb.gov.in पर जारी होगा। अभ्यर्थी एडमिट कार्ड में दिए गए परीक्षा केंद्र पर तय तिथि व समय पर प्रवेश पत्र में दिए गए संबंधित डॉक्यूमेंट्स व ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स की एक सेल्फ अटेस्टेड कॉपी के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे। यूपी पुलिस कांस्टेबल के पीएसटी में पास होने के लिए कद काठी के नियम यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए जनरल, ओबीसी और एससी वर्ग की न्यूनतम लंबाई 168 सेमी होनी चाहिए। इसके साथ उम्मीदवार का सीना बिना फुलाए 79 सेमी और फुलाकर 84 सेमी होना चाहिए। एससी वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 160 सेमी निर्धारित है। इसके साथ सीना बिना फुलाए 77 सेमी एवं फुलाकर 82 सेमी होना चाहिए। महिला वर्ग की बात करें तो सेलेक्ट होने वाली कैंडिडेट्स के लिए न्यूनतम लंबाई 152 सेमी तय की गई है। वहीं एसटी वर्ग से आने वाली महिला उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई 147 सेमी निर्धारित है। महिलाओं का न्यूनतम वजन 40 किलो होना चाहिए। यदि कोई अभ्यर्थी जो अपनी पीएसटी से संतुष्ट न हो तो ठीक परीक्षण के बाद उसी दिन अपील कर सकता है। यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में करीब 48 लाख पंजीकृत थे जिसमें से लगभग 32 लाख ने एग्जाम दिया। यूपी पुलिस कांस्टेबल री-एग्जाम का आयोजन 23, 24, 25, 30 व 31 अगस्त 2024 को कुल 10 पालियों में कराया गया था। पीएसटी डीवी में सफल होने के बाद होगा पीईटी फिजिकल टेस्ट सफल होने के लिए पुरुष उम्मीदवारों को 25 मिनट में 4.8 किमी की दौड़ पूरी करनी होगी वहीं महिला उम्मीदवारों को 14 मिनट में 2.4 किमी की दौड़ पूरी करना अनिवार्य होगा।

​27 फरवरी को होगी REET की परीक्षा, 16 दिसंबर से आवेदन शुरू, लास्ट डेट 15 जनवरी

जयपुर राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा का इंतजार खत्म हो गया है और 27 फरवरी 2025 को परीक्षा आयोजित होगी। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बुधवार को परीक्षा की डेट का ऐलान करते हुए बताया कि 16 दिसंबर से आवेदन प्रकिया शुरू होगी और लास्ट डेट 15 जनवरी 2025 है। बोर्ड सचिव ने बताया- परीक्षा की वैलिडिटी पहले की तरह ही लाइफटाइम रहेगी। इस बार ओएमआर शीट में 5 ऑप्शन मिलेंगे और हर सवाल का जवाब देना जरूरी। खाली छोड़ने पर नंबर कटेंगे। आवेदशन शुल्क-रीट लेवल वन और टू के लिए अलग-अलग अप्लाई करना होगा। एक के लिए 550 रुपए शुल्क दोनों के लिए 750 रुपए शुल्क लगेगा। 43 दिन बाद होगा एग्जाम 16 दिसंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 15 जनवरी अंतिम तिथि है। आवेदन करने की लास्ट डेट से एग्जाम डेट में 43 दिन का समय है इस बार तैयारी के लिए सबसे कम समय दिया गया है। चार की जगह पांच ऑप्शन इस बार चार की जगह ओएमआर शीट में पांच ऑप्शन है। हर सवाल का जवाब देना जरूरी है नहीं तो नंबर काटे जा सकते है। 10 फीसदी से अधिक सवालों के जवाब में 5 विकल्प में से एक भी नहीं चुना तो अयोग्य घोषित किया जाएगा। 2 पारी में एग्जाम दो लेवल के लिए अलग-अलग पारी में एग्जाम होगा। पहली पारी में सुबह 10 से दोपहर 12:30 बजे तक, दूसरी पारी में दोपहर ढाई से शाम 5 बजे तक।

फोटोनिक्स भी हैं फिजिक्स पसंद करने वालों के लिए अच्छा विकल्प

सभी करियर कोर्सेस में सफलता के अवसर उपलब्ध होते हैं। पर कुछ ऐसे कोर्सेस भी होते हैं जिनके बारे में अधिक जानकारी नही होती हैं। ऐसे ही कोर्सेस में से 1 कोर्स हैं फोटॉनिक्स। इस फील्ड में स्पेशलाइज्ड कैंडिडेट्स की कमी हैं। यह आज के समय की हाई टेक इंडस्ट्रीज में से एक हैं। यह उन युवाओ के लिए सफल करियर साबित हो सकती हैं जिनकी रूचि फिजिक्स विषय में हैं। फोटॉनिक्स:- फिजिक्स का ही एक पार्ट होता है फोटॉनिक्स जिसके तहत फोटॉन्स की स्टडी, प्राइमरी पार्टिकल ऑफ लाइट, इंफॉर्मेशन को कन्वे और ऑब्टेन करने के प्रॉसेस की स्टडी की जाती हैं। वैसे तो फोटोनिक्स साइंस की ही टेक्नीक है जिससे आप लाइट के एमिशन, डिटेक्श्न, ट्रांसमिशन और मॉड्यूलेशन की टेक्नीक्स को मास्टर करने का तरीका सीखते हैं। करियर:- इस फील्ड में ग्रेजुएशन करने के लिए आपको फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमैटिक्स विषयो के साथ 12वीं 55 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण होना जरूरी हैं। इस फील्ड में क्वॉलिफाइड प्रोफेशनल्स की मांग दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही हैं जिसकी वजह से इस क्षेत्र में करियर के अपर अवसर उपलब्ध हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज:- ऐसे स्टूडेंट्स जो की फोटॉनिक्स, अप्लाइड फिजिक्स और मैथमैटिक्स या अप्लाइड फिजिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स में ग्रेजुएशन कर चुके हैं उनके लिए फोटॉनिक्स या ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स में एमएससी के लिए इलिजिबल होंगे। इसके अलावा फोटॉनिक्स में एमटेक कोर्स भी उपलब्ध होता हैं। जॉब:- इस फील्ड में करियर के कई अवसर हैं। इसमें आप एनर्जी जनरेशन, मैन्यूफैक्चरिंग, हेल्थ केयर और इंफॉर्मेशन प्रॉसेसिंग, टेलीकम्यूनिकेशन कंपनीज, रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंपनीज में भी जॉब पा सकते हैं। फोटॉनिक्स में करियर बनाने के लिए जरूरी स्किल्स -साइंस से रिलेटेड नई चीजे सर्च करने में इन्ट्रेस्ट -किसी भी डीटेल को स्टडी कर पाने की एबिलिटी -साइंस-सेंटर्ड क्वेश्चंस को सॉल्व करने में एबल -फिजिक्स और मैथमैटिक्स का अच्छा नॉलेज -ब्रॉड थिंकिंग  

PNB में बिना Exam नौकरी पाने का मौका, बस पूरी करी होगी ये शर्तें, 100000 है मंथली सैलरी

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में नौकरी (Sarkari Naukri) की चाहत रखने वालों के लिए अच्छी खबर है. इसके लिए पंजाब नेशनल बैंक ने साइकोलॉजिस्ट और महिला साइकोलॉजिस्ट के पदों पर भर्ती के लिए भर्तियां निकाली है. जिन उम्मीदवारों के पास इन पदों से संबंधित योग्यता है, वे पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) की आधिकारिक वेबसाइट pnbindia.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पंजाब नेशनल बैंक भर्ती 2024 के जरिए जो कोई भी इन पदों के लिए आवेदन करने का मन बना रहे हैं, वे 16 दिसंबर तक या उससे पहले अप्लाई कर सकते हैं. अगर आप भी बैंक में काम करने के इच्छुक हैं, तो आवेदन करने से पहले नीचे दिए गए बातों को ध्यान से पढ़ें. पंजाब नेशनल बैंक में नौकरी पाने की क्या है आयु सीमा पंजाब नेशनल बैंक के इस भर्ती के माध्यम से जो कोई भी आवेदन कर रहे हैं, उनकी अधिकतम आयु 69 वर्ष होनी चाहिए. क्योंकि पैनल में शामिल साइकोलॉजिस्ट की अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष निर्धारित की गई है. पंजाब नेशनल बैंक में नौकरी पाने की शैक्षणिक योग्यता बैंक में नौकरी पाने की ख्वाहिश रखने वाले उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से साइकोलॉजिस्ट में पोस्ट ग्रेजुएट (M.A.) की डिग्री होनी चाहिए. पीएचडी या एम.फिल धारकों को वरीयता दी जाएगी. काउंसलिंग थेरेपी, विशेष रूप से CBT (कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी) में सर्टिफिकेशन रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी. साथ ही संबंधित क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव भी होना चाहिए. पंजाब नेशनल बैंक में चयन होने पर मिलेगी सैलरी जिस किसी भी उम्मीदवार का चयन पंजाब नेशनल बैंक के इस भर्ती के लिए होता है, उन्हें सैलरी के तौर पर 100,000 रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा. यह एक समेकित वेतन होगा और इसमें किसी प्रकार के अतिरिक्त भत्ते/सुविधाएं शामिल नहीं होंगी. पंजाब नेशनल बैंक में ऐसे होगा चयन पंजाब नेशनल बैंक के इन पदों के लिए अप्लाई करने वाले उम्मीदवारों चयन आवेदन की शॉर्टलिस्टिंग और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा

सीयूईटी यूजी 2025 प्रवेश परीक्षा बड़े बदलावों के साथ होगी, किसी भी विषय से दें सीयूईटी, 12वीं में पढ़ा होना जरूरी नहीं

नई दिल्ली सीयूईटी यूजी 2025 प्रवेश परीक्षा बड़े बदलावों के साथ होगी। अब छात्र किसी भी विषय में सीयूईटी यूजी परीक्षा दे सकेंगे चाहे उन्होंने 12वीं में वह विषय पढ़ा हो या नहीं। इसके अलावा सीयूईटी यूजी केवल कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड (सीबीटी) में आयोजित की जाएगी। यूजीसी के चेयरमैन जगदीश कुमार ने मंगलवार को इन बदलावों की घोषण की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ पैनल ने परीक्षा की समीक्षा कर कई बदलावों की सिफारिश की थी। कुमार ने कहा, ‘पिछले साल हाइब्रिड मोड के उलट 2025 से परीक्षा केवल सीबीटी मोड में आयोजित की जाएगी। हमने विषयों की संख्या भी 63 से घटाकर 37 कर दी है और हटाए गए विषयों के लिए प्रवेश सामान्य योग्यता परीक्षा (जीएटी – जनरल एप्टीट्यूट टेस्ट) के अंकों के आधार पर आयोजित किए जाएंगे।’ आपको बता दें कि सीयूईटी यूजी स्कोर से डीयू, बीएचयू, जामिया, जेएनयू समेत देश के 250 से भी ज्यादा विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलता है। बातचीत में उन्होंने कहा, ‘उम्मीदवारों को सीयूईटी-यूजी में उन विषयों को चुनने की भी अनुमति दी जाएगी, जिन्हें उन्होंने कक्षा 12 में नहीं पढ़ा है, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा में कठोर अनुशासनात्मक सीमाओं को पार करने की अनुमति मिल सके।’ इसका मतलब है कि स्टूडेंट अंडर ग्रेजुएशन में किसी भी कोर्स में दाखिला ले सकता है चाहे उसने वह विषय 12वीं में पढ़ा हो या न पढ़ा हो, बस उसे एक सीयूईटी प्रवेश परीक्षा पास कर एडमिशन के जरूरी कटऑफ पर खरा उतरना होगा। 12वीं की स्ट्रीम कोई मायने नहीं रखेगी। छात्र अब अपने पिछले विषयों की परवाह किए बिना किसी भी फील्ड में यूजी कार्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं। सीयूईटी यूजी में फेरबदल 1- किसी भी विषय से दें सीयूईटी, 12वीं की स्ट्रीम या विषय मायने नहीं रखेंगे 2- सभी सीयूईटी यूजी परीक्षाओं के लिए 60 मिनट की समान अवधि होगी 3- वैकल्पिक प्रश्नों का सिस्टम खत्म होगा। सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे। 4- सीयूईटी यूजी में विषयों की संख्या भी 63 से घटाकर 37 होगी। 5- पूरी सीयूईटी सीबीटी मोड में होगा। पिछले साल सीयूईटी हाईब्रिड मोड (पेन पेपर और कंप्यूटर बेस्ड दोनों) में हुआ था। 6- अब 6 की बजाय अधिकतम 5 विषयों में उपस्थित हो सकेंगे। सीयूईटी 2025 में बदलावों पर बोलते हुए कुमार ने कहा कि छात्र सीयूईटी यूजी के लिए अधिकतम 5 विषयों में उपस्थित हो सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा 6 थी। इसी तरह परीक्षा की अवधि जो विषय के आधार पर 45 मिनट से 60 मिनट तक होती थी, अब सब विषयों की एक ही 60 मिनट होगी। परीक्षा में अब ऑप्शनल प्रश्न हटाए जाएंगे। अब सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे। 2022 में आया था सीयूईटी सीयूईटी को पूरे भारत में विश्वविद्यालय एडमिशन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 2022 में शुरू किया गया था लेकिन इसको लागू करना का चुनौतियों से भरा रहा है। पहले साल में परीक्षा केंद्रों में अचानक परिवर्तन, तकनीकी गड़बड़ियां और काफी पेपरों का रद्द होना सहित लॉजिस्टिक विफलताएं देखी गईं, जिससे सितंबर तक परिणामों की घोषणा में देरी हुई। कई शिफ्टों में एग्जाम होने के चलते आए नॉर्मलाइजेशन ने असंतोष को और बढ़ा दिया। 2023 में आंसर-की में काफी गड़बड़िया देखने को मिली। सुधार के लिए 200 रुपये का शुल्क तक देना पड़ा। 2024 में नीट यूजी पेपर लीक के आरोपों ने सीयूईटी के परिणामों में और देरी की। लॉजिस्टिक कारणों दिल्ली में पहले हाइब्रिड-मोड टेस्ट को अचानक रद्द कर दिया गया जिसकी व्यापक आलोचना हुई।

उत्तर प्रदेश में शुरू होगी होमगार्ड की बंपर भर्ती, भरे जाएंगे 44 हजार पद, जल्द आएगा नोटिफिकेशन

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में होमगार्ड बनने का सोच रहे उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी है. यूपी में होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती के लिए नियमावली को अंतिम रूप दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 44 हजार होमगार्डों की भर्ती की घोषणा की थी, जिसके बाद नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा. यह भर्ती दो चरणों में होगी. 42 हजार पदों पर भर्ती का निर्देश, 44 हजार भरने का प्लान प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के 1.18 लाख पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 76 हजार कार्यरत हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते जून माह में होमगार्ड स्वयंसेवकों के बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त होने के दृष्टिगत 42 हजार भर्तियां करने का निर्देश दिया था. नियमावली में भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का प्रावधान करने और दौड़ को दो किमी से बढ़ाकर ढाई किमी करने की तैयारी है. इसके लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नियमों का भी गहनता से अध्ययन हो रहा है. नियमावली में अलग भर्ती बोर्ड गठित करने की जा सकती है. स्वतंत्र भर्ती बोर्ड का हो सकता है गठन भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र भर्ती बोर्ड का गठन किया जा सकता है. यह बोर्ड भर्ती प्रक्रिया को संचालित करेगा और उम्मीदवारों की योग्यता और पात्रता का मूल्यांकन करेगा. इसके अलावा, भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जा सकता है. यह सुनिश्चित करेगा कि भर्ती प्रक्रिया में सभी वर्गों को समान अवसर मिले. भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम तैयार किया जाएगा. यह कार्यक्रम भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को पूरा करने के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित करेगा. इसके अलावा, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक ऑनलाइन आवेदन प्रणाली का उपयोग किया जा सकता है. यह प्रणाली उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करने और अपने आवेदन की स्थिति की जांच करने की अनुमति देगी.  

राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 16 फरवरी में आयोजित, आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी

इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 के लिए परीक्षा की तारीख और सिलेबस जारी कर दिया है, लेकिन अभी तक पदों की संख्या को लेकर संशय बरकरार है। इससे उम्मीदवारों में असमंजस और नाराजगी बढ़ रही है। उम्मीदवार पूछ रहे हैं कि पदों की संख्या घोषित करने में देरी क्यों हो रही है? क्या इस बार भी 110 जैसे सीमित पदों पर ही भर्ती होगी? परीक्षा 16 फरवरी को होना है। आयोग ने एक वर्ष पहले लगभग 110 पदों पर विज्ञापन जारी किया गया था। उम्मीदवारों ने उस समय भी पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई थी, मगर आयोग ने इस बात की सुनवाई नहीं की। नतीजतन परीक्षा भी इन्हीं 110 पदों पर हुई। अब 2025 परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों को उम्मीद है कि आयोग अधिक पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकालेगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा करने का मौका मिल सकेगा। जल्द जारी होगी पदों की संख्या उम्मीदवारों ने कहा कि पदों की संख्या पहले से तय न होने से अभ्यर्थियों के मन में अनिश्चितता बढ़ रही है, जिससे उनकी तैयारी पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि विभागों से रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हो गई है। इसी के आधार पर संख्या तय की जाएगी। जल्द ही परीक्षा के लिए पदों की संख्या जारी की जाएगी। परीक्षा का पैटर्न राज्य सेवा परीक्षा एग्जाम के पैटर्न में फिलहाल कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। उम्मीदवारों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा। प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होंगे, जिनमें प्रत्येक में 100 प्रश्न होंगे। हर प्रश्न पत्र के लिए दो घंटे का समय निर्धारित है। हर प्रश्न वस्तुनिष्ठ होगा और प्रत्येक प्रश्न के लिए दो अंक दिए जाएंगे। 2025 की राज्य सेवा परीक्षा के सिलेबस व प्लान में कोई बदलाव नहीं किया है। इस बार भी इंटरव्यू 185 अंक का होगा। कुल 1650 अंकों में से मेरिट लिस्ट तैयार होगी।

बिहार बोर्ड ने आज मैट्रिक व इंटर एग्जाम समेत वर्ष 2025 की विभिन्न परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया

पटना बिहार बोर्ड ने शनिवार को मैट्रिक व इंटर एग्जाम समेत वर्ष 2025 की विभिन्न परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) अध्यक्ष आनंद किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा तिथियों की भी घोषणा की। बिहार बोर्ड की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक इंटरमीडिएट यानी 12वीं की परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी तक और मैट्रिक यानी 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक होगी। बिहार बोर्ड मैट्रिक व इंटर का रिजल्ट मार्च-अप्रैल में जारी होगा। इसके बाद सप्लीमेंट्री और विशेष परीक्षा आयोजित होगी। मई-जून में सप्लीमेंट्री परीक्षा का भी रिजल्ट जारी किया जाएगा। बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा के लिए 1289601 विद्यार्थी और मैट्रिक परीक्षा के लिए 158189 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। बिहार बोर्ड मैट्रिक, इंटर परीक्षा 2025 का आयोजन दो शिफ्टों में किया जाएगा। पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे शुरू होगी और दोपहर 12:45 बजे समाप्त होगी, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक होगी। बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा डेटशीट 2025 ( Bihar Board Matric Datesheet 2025) 17 फरवरी पहली शिफ्ट- मातृभाषा (101 हिंदी, 102 बांग्ला, 103 उर्दू, 104 मैथिली) दूसरी शिफ्ट- मातृभाषा (201 हिंदी, 202 बांग्ला, 203 उर्दू, 204 मैथिली) 18 फरवरी पहली शिफ्ट- 110 गणित 19 फरवरी पहली शिफ्ट- द्वितीय भारतीय भाषा (हिन्दी भाषियों के लिए 105-संस्कृत, 107-अरबी, 108-फारसी एवं 109-भोजपुरी में से कोई एक भाषा तथा अहिन्दी भाषियों के लिए राष्ट्रभाषा 106-हिन्दी) दूसरी शिफ्ट-द्वितीय भारतीय भाषा (हिन्दी भाषियों के लिए 205-संस्कृत, 207-अरबी, 208-फारसी एवं 209-भोजपुरी में से कोई एक भाषा तथा अहिन्दी भाषियों के लिए राष्ट्रभाषा 206-हिन्दी) 20 फरवरी पहली शिफ्ट – 111 सामाजिक विज्ञान दूसरी शिफ्ट – 211 सामाजिक विज्ञान 21 फरवरी पहली शिफ्ट – 112 विज्ञान दूसरी शिफ्ट – 212 विज्ञान 22 फरवरी पहली शिफ्ट – 113 अंग्रेजी (सामान्य) दूसरी शिफ्ट – 213 अंग्रेजी (सामान्य) (114-उच्च गणित, 115-वाणिज्य, 116-अर्थशास्त्र, 121-फारसी, 122-संस्कृत, 123-अरबी एवं 124-मैथिली) (पूर्वाह्न 09:30 बजे से अपराह्न 12:45 बजे तक) (114-उच्च गणित, 115-वाणिज्य, 116-अर्थशास्त्र, 121-फारसी, 122-संस्कृत, 123-अरबी एवं 124-मैथिली) (पूर्वाह्न 09:30 बजे से अपराह्न 12:15 बजे तक) (214-उच्च गणित, 215-वाणिज्य, 216-अर्थशास्त्र, 221-फारसी, 222-संस्कृत, 223-अरबी एवं 224-मैथिली) (अपराह्न 02:00 बजे से अपराह्न 05:15 बजे तक) (217-ललित कला, 218-गृह विज्ञान, 219-नृत्य एवं 220-संगीत) (अपराह्न 02:00 बजे से अपराह्न 04:45 बजे तक) 25 फरवरी – व्यावसायिक ऐच्छिक विषय पहली शिफ्ट – व्यावसायिक ऐच्छिक विषय 127-सुरक्षा, 128-ब्यूटिशियन, 129-टूरिज्म, 130-रिटेल मैनेजमेंट, 131-ऑटोमोबाईल, 132-इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड हार्डवेयर, 133-ब्यूटी एंड वेलनेस, 134-टेलीकॉम एवं 135-आई०टी०/आई०टीज० ट्रेड बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा डेटशीट 2025 ( Bihar Board Inter Datesheet 2025) 1 फरवरी, 2025 पहली शिफ्ट – 119 – जीवविज्ञान (आई.एस.सी.), दर्शनशास्त्र (आई.ए.) दूसरी शिफ्ट- 326 – अर्थशास्त्र (आईए), 219 – अर्थशास्त्र (आई.कॉम) 4 फरवरी पहली शिफ्ट – 121 – गणित (आई.एस.सी.), 327 – गणित (आईए) दूसरी शिफ्ट- 322 – राजनीति विज्ञान (आईए), 402 – फाउंडेशन कोर्स (वोकेश्नल), 5 फरवरी, 2025 पहली शिफ्ट – 117 – भौतिकी (आई.एससी) दूसरी शिफ्ट- – 323 – भूगोल (आईए), 217 – बिजनेस स्टडीज (आई.कॉम) 6 फरवरी, 2025 पहली शिफ्ट – 105/124 – अंग्रेजी (आई.एससी) दूसरी शिफ्ट- 205/223 – अंग्रेजी (आई.कॉम), 306/331 – हिंदी (आईए), 401 – हिंदी (वोकेश्नल) 7 फरवरी, 2025 पहली शिफ्ट- 118 – रसायन विज्ञान (आई.एससी) दूसरी शिफ्ट- 305/330 – अंग्रेजी (आईए), 403 – अंग्रेजी (वोकेश्नल) 8 फरवरी, 2025 पहली शिफ्ट- 106/125 – हिंदी (आई.एस.सी.), 206/224 हिंदी (आई.कॉम), दूसरी शिफ्ट- 321 इतिहास (आईए), 120 – कृषि (आई.एस.सी.), इलेक्टिव विषय ट्रेड पेपर – I (वोकेश्वनल) 10 फरवरी, 2025 पहली शिफ्ट- इंटर साइंस 107- उर्दू, 108- मैथिली, 109- संस्कृत, 110- प्राकृत, 111- मगही, 112- भोजपुरी, 113- अरबी, 114- फ़ारसी, 115-पाली, 116-बांग्ला 207- उर्दू, 208- मैथिली,209- संस्कृत, 210- प्राकृत, 211- मगही, 212- भोजपुरी, 213- अरबी, 214- फ़ारसी, 215-पाली, 216-बंगला 307- उर्दू, 308- मैथिली, 309- संस्कृत, 310- प्राकृत, 311- मगही, 312- भोजपुरी, 313- अरबी, 314- फ़ारसी, 315- पाली , 316- बांग्ला वोकेश्नल – 503- उर्दू, 504- मैथिली, 505- संस्कृत, 506- प्राकृत, 507- मगही, 508- भोजपुरी, 509- अरबी, 510- फ़ारसी, 511- पाली, 512- बांग्ला दूसरी शिफ्ट- 324 – मनोविज्ञान (आईए), 218 – उद्यमिता (आई.कॉम) 11 फरवरी, 2025 पहली शिफ्ट- 318 – संगीत (आईए) दूसरी शिफ्ट- 319 – गृह विज्ञान (आईए), इलेक्टिव विषय ट्रेड पेपर – II [विषय कोड 431 से 457 तक] (वोकेश्नल) कैलेंडर में इन्टरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, वार्षिक माध्यमिक परीक्षा, डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा, डीएलएड प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की परीक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण उच्च माध्यमिक स्तरीय भाषा (हिन्दी एवं अंग्रेजी) परीक्षा, डीपीएड परीक्षा एवं सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई के वर्ग-6 में नामांकन हेतु प्रवेश परीक्षाओं की तिथियां शामिल है। – डीएलएड एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा 27 फरवरी 2025 को होगी। – आईटीआई भाषा विषय की परीक्षा 25 और 26 अप्रैल को होगी। – सिमुलतला आवासीय विद्यालय के लिए कक्षा 11 की परीक्षा 25 जून को ली जाएगी। -सिमुलतला कक्षा 6 के लिए परीक्षा 17 अक्टूबर 2025 और मुख्य परीक्षा 20 दिसंबर 2025 को होगा। टॉपर्स की पुरस्कार राशि दोगुनी की गई बिहार बोर्ड ने टॉपरों की पुरस्कार राशि दोगुनी करने की घोषण की है। मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के टॉपर को 2 लाख रुपए मिलेंगे। सेकंड टॉपर को डेढ़ लाख और तीसरे स्थान पर रहने वाले को 1 लाख रुपये मिलेंगे। इंटरमीडिएट में चौथे और पांचवे स्थान के लिए 30 हजार, मैट्रिक में चौथे से 10वीं रैंक के लिए 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। साथ ही सभी को लैपटॉप भी मिलेगा जैसा कि वर्तमान में दिया जाता है। छात्रवृत्ति राशि में भी इजाफा इंटरमीडिएट और मैट्रिक के टॉपर के लिए छात्रवृत्ति योजना में भी 2025 से वृद्धि की जाएगी। मैट्रिक में टॉप 10 में रहने वाले को स्टूडेंट्स को अगले 2 साल के लिए प्रति माह 2000 रुपये दिए जाएंगे। इंटरमीडिएट के टॉप 5 के लिए भी छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाई गई है, उन्हें प्रति माह 2500 रुपये की राशि दी जाएगी। बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2025 के सेकेंड डमी एडमिट कार्ड जारी कर चुका है। इसमें जरूरी करेक्शन करवाने के लिए छात्रों से कहा गया है। इसके साथ ही बिहार बोर्ड 10वीं और 12वीं के सभी विषयों के मॉडल पेपर भी जारी कर चुका है।

मोबाइल फोन्स में हैं इंटरेस्ट तो अपनाएं ये करियर कोर्सेस

मोबाइल फोन जरूरत के साथ ही दिन पर दिन हर पीढ़ी की पसंद बनता ही जा रहा हैं।हर किसी के पास आपको बेहतर से बेहतर मोबाइल फोन देखने को मिलते हैं। यह सब संभव हुआ हैं मोबाइल-वैल्यू एडेड सर्विस वैस की हाई स्पीड के डेवेलपमेंट से। जिसके कालिंग के अलावा भी गेमिंग, एम-कॉमर्स, इंटरनेट सफिंग, चेटिंग, वीडियो उपयोग, एसएमएस, एमएमएस आदि भी अच्छे से उपयोग किये जा सकते हैं। इसका विकास एम-वी, एटी प्रोफेशनल ही करते हैं। मिली रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में कम से कम 1-1.5 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत इस क्षेत्र में पड़ेगी। जिससे नौकरी के अवसरो में भी इजाफा होगा। ऐसे उम्मीदवार जो मोबाइल फोन से जुड़ा करियर कोर्स करना चाहते हैं वे इन कोर्सेज को भी चुन सकते हैं… कंटेंट डेवलपर:- कंटेंट डेवलपर का काम होता हैं क्रिएटिविटी का. कंटेंट डेवलपर को अपनी इमेजिनेशन के अनुसार सॉफ्टवेयर का निर्माण करना होता हैं जिससे की कंपनी के कॉपीराइट अधिकार सुरक्षित रहे.कार्य के अनुभव से आप कंटेंट एग्जिक्यूटिव, कंटेंट मैनेजर तथा जीएम तक के पदों तक जा सकते हैं। टेक्नोलोजी प्लेटफॉर्म डेवलपर:- टेक्नोलोजी प्लेटफॉर्म डेवलपर का काम होता हैं टेलीकॉम कंपनियों और मोबाइल वैल्यू एडेड सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच सम्बन्ध स्थापित करना और उसे मैनेज करना. इसके अलावा सॉफ्टवेयर का इंस्टॉलेशन और नेटवकिंग के उपयोग से रिलेटेड काम भी टेक्नोलोजी प्लेटफॉर्म डेवलपर को करने होते हैं। सॉफ्टवेयर डेवलपर:- सॉफ्टवेयर डेवलपर का काम होता हैं नई टेक्नोलॉजी को विकसित करना. किसी भी कंपनी में इनकी नियुक्ति सॉफ्टवेयर डेवलपर, मोबाइल गेम्स एप्लिकेशन टेस्टर्स/डेवलपर आईफोन, एंड्रॉयड एप्लिकेशन प्रोग्रामर के रूप में की जाती हैं। ट्रेनिंगः- आप मोबाइल सेवाओं जैसे जीएसएम, सीडीएमए, डब्ल्यूसीबीएमए आदि की जानकारी के साथ नेटवर्क के विभिन्न तत्वों वॉयस, डेटा और ब्रॉडबेंड की जानकरी के लिए आप ट्रेनिंग ले सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल वैल्यू एडेड सर्विस की डिजाइनिंग करने की ट्रेनिंग, ओरेकल, माइक्रोसॉफ्ट तथा यूनिक्स एडमिंस्ट्रेशन का एक्सपीरियंस और सी, सी प्लस प्सल और जावा का बेसिक नॉलेज, गेमिंग सॉफ्टवेयर की जानकारी और एनिमेशन और ग्राफिक्स में ट्रेंड हो सकते हैं।  

भारत में नर्स के पेशे का करियर स्कोप और संभावनाएं

भारत में नर्सिंग महिलाओं के बीच काफी पसंदीदा पेशा है. आप नर्सिंग के पेशे के बिना हेल्थ केयर सेक्टर की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. नर्सिंग एक ऐसा मेडिकल प्रोफेशन है जिसमें मेडिकल साइंस और हेल्थकेयर साइंस की मदद से पेशेंट्स की पूरी देखभाल की जाती है. अपने पेशेंट्स की देख-भाल करते हुए नर्सों को अपने पेशे में काफी चुनातियों का सामना भी करना पड़ता है. आपको यह जानकार ख़ुशी होगी कि हर साल भारत में तकरीबन 22 हजार नर्सों के लिए सरकारी वेकेंसी निकलती है. एक अनुमान के मुताबिक, देश से हर साल करीब 15-20 हजार नर्सें नौकरी के लिए विदेश जाती हैं और मौजूदा समय में भारत में तकरीबन 4 लाख नर्सों की कमी है. हमारे देश में राजस्थान और केरल राज्य से सबसे ज्यादा लोग नर्स का पेशा अपनाते हैं. एक लेटेस्ट सर्वे के मुताबिक इस समय हमारे देश में लगभग 10 लाख से कुछ अधिक नर्सों के नाम नर्सिंग काउंसिल ऑफ़ इंडिया के पास रजिस्टर्ड हैं और इनमें से केवल 4 लाख नर्सें ही इस समय अपने पेशे में सक्रिय हैं. हमारे देश नर्सिंग के क्षेत्र में अब बहुत कुछ नया हो रहा है. भारत सरकार की 130 जरनल नर्सिंग मिडवाइफरी और 130 ऑक्सिलिअरी नर्सिंग मिडवाइफरी स्कूल खोलने की योजना है. इसी तरह, भारत के सभी राज्यों में स्टेट नर्सिंग काउंसिल और नर्सिंग सेल को मजबूत बनाये जाने की कोशिश की जा रही है. यहां यह गौरतलब है कि नर्सिंग की फ़ील्ड में अब महिलाओं के साथ- साथ पुरूष भी बड़ी संख्या में अपना करियर बना रहे हैं. यहां हम आपको यह भी बताना चाहते हैं कि, वैसे तो नर्स का पेशा आमतौर पर महिला-प्रधान पेशा है लेकिन फिर भी, अब इस पेशे में एवरेज फीमेल-मेल रेश्यो 90:10 है. भारत में हेल्थ सर्विसेज को ज्यादा बेहतर बनाने और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार कई कदम उठा रही है. हाल ही में नर्सों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने बड़ी संख्या में नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषण की है. “आयुष्मान भारत” योजना के विषय में बोलते समय हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि, “पीएमजेएवाई से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों और डॉक्टरों, नर्सों, हेल्थ प्रोवाइडर्स, आशा, एएनएम आदि के समर्पण के माध्यम से यह योजना सफल होगी.” इस बात से ही विभिन्न हेल्थ सर्विसेज के लिए नर्सों के पेशे के महत्व का पता चलता है. भारत में नर्स के पेशे से संबंधित एलिजिबिलिटी और एजुकेशनल क्वालिफिकेशन हमारे देश में किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से साइंस स्ट्रीम के साथ अपनी 10वीं (डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेने के लिए) और 12वीं क्लास कम से कम 45% मार्क्स के साथ पास करने वाले स्टूडेंट्स निम्नलिखित एजुकेशनल कोर्सेज करके इस करियर को अपना सकते हैं: डिप्लोमा लेवल के कोर्सेज और इन कोर्सेज की ड्यूरेशन  ऑक्सिलिअरी नर्सिंग एंड मिडवाइफ-18 महीने  जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ-3-5 वर्ष अंडरग्रेजुएट लेवल के डिग्री कोर्सेज और इन कोर्सेज की ड्यूरेशन  बीएससी-नर्सिंग (बेसिक)-4 वर्ष  बीएससी-नर्सिंग (पोस्ट बेसिक)-2 वर्ष  बीएससी-नर्सिंग (डिस्टेंस)-3 वर्ष पोस्टग्रेजुएट लेवल का डिग्री कोर्स और इस कोर्स की अवधि  एमएससी-नर्सिंग-2 वर्ष डॉक्टोरल लेवल के कोर्सेज और इन कोर्सेज की अवधि  एमफिल-नर्सिंग-1 वर्ष (फुल टाइम कोर्स)  एमफिल-नर्सिंग-2 वर्ष (पार्ट टाइम कोर्स)  पीएचडी-नर्सिंग-3-5 वर्ष नर्सिंग की फील्ड के कुछ प्रमुख स्पेशलाइजेशन्स मेडिकल साइंस, पेशेंट कंडीशन और हेल्थ एवं बीमारियों से जुड़े विभिन्न स्पेशलाइजेशन कोर्सेज करके आप नर्सिंग की फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं. कुछ प्रमुख स्पेशलाइजेशन कोर्सेज हैं-नर्सिंग-टीबी, कैंसर, क्रिटिकल केयर, नियोनेटल, एमरजेंसी एंड डिजास्टर, ऑपरेशन रुम, पेडियेट्रिक, नेफ्रोलॉजी, कार्डियो-लॉजी, ओर्थोपेडिक, साइकाइट्री, लेप्रसी, ओप्थेल्मिक, न्यूरोलॉजी, न्यूरो-सर्जरी, ऑन्कोलॉजी और मिडवाइफरी. भारत में विभिन्न नर्सिंग कोर्सेज कराने वाले प्रमुख इंस्टीट्यूशंस  ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली  दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली  नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एजुकेशन, चंडीगढ़  बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय, वाराणसी, उत्तर प्रदेश  आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी ऐंड रिसर्च, लखनऊ, उत्तर प्रदेश  धनवंतरि कॉलेज ऑफ नर्सिंग, तमिलनाडु  श्री गंगा राम हॉस्पिटल, राजेन्द्र नगर, बिहार  वीएमएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, बटाला, पंजाब  भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पुणे, महाराष्ट्र  श्री शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, भिलाई, छत्तीसगढ़  केएमसीएच कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कोयंबटूर, तमिलनाडु  केएमसीटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, केरल  अपोलो स्कूल ऑफ नर्सिंग, चेन्नई नर्स के पेशे के लिए कुछ जरुरी क्वालिटीज़ इस पेशे के लिए महीला और पुरुष कैंडिडेट्स के पास सूटेबल एजुकेशनल क्वालिफिकेशन होने के साथ-साथ कुछ अन्य जरुरी गुण भी होने चाहिए जैसेकि:  व्यक्ति के स्वाभाव में दया और दूसरे लोगों की हमेशा मदद करने की आदत शामिल हो.  व्यक्ति का बातचीत करने का तरीका काफी बढ़िया होना चाहिए ताकि वे पेटेंट्स की बात समझ सकें और अपनी बात उन्हें समझा सकें.  टीम वर्क का गुण भी है जरुरी क्योंकि इन्हें डॉक्टर्स और अन्य नर्सों के साथ मिलकर काम करना होता है.  लॉन्ग शिफ्ट्स और प्रेशर में काम करने का स्टेमिना हो.  शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक तौर पर पूरी तरह हेल्दी हो.  गंभीर रूप से बीमार या मानसिक तौर पर परेशान पेशेंट्स से निपटने में कुशल हों.  अपने पेशे के प्रति निष्ठावान हो और पेशे की मोरल वैल्यूज़ और एथिक्स को फ़ॉलो करे. भारत में नर्स के पेशे से संबंधित प्रमुख जॉब प्रोफाइल्स  नर्स  स्टाफ नर्स  चीफ नर्स  असिस्टेंट नर्स  सोशल हेल्थ केयर वर्कर  असिस्टेंट नर्सिंग सुपरीटेंडेंट  डिपार्टमेंट सुपरवाइज़र  डिप्टी नर्सिंग सुपरीटेंडेंट  नर्सिंग सुपरवाइज़र/ वार्ड सिस्टर  डायरेक्टर-नर्सिंग  नर्सिंग सुपरीटेंडेंट  टीचर-नर्सिंग  कम्युनिटी हेल्थ केयर नर्स  मिलिट्री नर्स  इंडस्ट्रियल नर्स  नर्सिंग सर्विस एडमिनिस्ट्रेटिव  नर्सिंग सर्विस-ओवरसीज़   भारत में नर्स के पेशे से संबंधित प्रमुख रूटीन वर्क वैसे तो नर्सेस को हॉस्पिटल या किसी हेल्थ केयर यूनिट में अपने पेशेंट्स की देखभाल से संबंधित सारे काम करने पड़ते हैं लेकिन, फिर भी उनके रूटीन वर्क में निम्नलिखित कामकाज को शामिल किया जा सकता है:  पेशेंट्स के इलाज में डॉक्टर्स को असिस्ट करना और पेशेंट्स को समय पर दवाई देना, इंजेक्शन लगाना, मरहम-पट्टी करना, उनका ब्लड प्रेशर, शुगर और टेम्परेचर चेक करना, पेशेंट्स को खाना खिलाना आदि.  पेशेंट्स के इलाज और देखभाल में 24×7 तत्पर रहना.  पेशेंट्स की हेल्थ-कंडीशन पर नजर रखना.  पेशेंट्स और उनके रिश्तेदारों को सारी जरुरी जानकारी देना.  पेशेंट्स की मेडिसिन के साथ-साथ खान-पान या परहेज का पूरा ध्यान रखना.  पेशेंट्स की शारीरिक सफाई और आस-पास या पेशेंट्स के कमरे की साफ़-सफाई का पूरा ध्यान रखना. भारत में नर्सों को जॉब उपलब्ध करवाने वाले प्रमुख इंस्टीट्यूशन्स … Read more

BPSC परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, 13 दिसंबर को इन जिलों में होगी परीक्षा

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा (BPSC 70th Exam Schedule) का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस संबंध में आयोग के सचिव सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि परीक्षा 13 दिसंबर को एक ही शिफ्ट में दोपहर 12:00 से 2:00 बजे तक राज्य के अधिकांश जिलों में बनाए गए केंद्रों पर होगी। अभ्यर्थी शुक्रवार से यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग कर डैशबोर्ड से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। एक ही शिफ्ट में होगी परीक्षा उन्होंने बताया कि यह परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की जा रही है. पहले की तरह इस बार भी रिजल्ट तैयार किया जाएगा. कुछ असामाजिक तत्व नॉर्मलाइजेशन को लेकर अफवाह फैला रहे हैं. नॉर्मलाइजेशन से रिजल्ट तैयार नहीं होगा. परीक्षा में शामिल होने के लिए चार लाख 83 हजार अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं. वहीं, आयोग ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 6 दिसंबर को डैशबोर्ड पर डाउनलोड एडमिट कार्ड बटन पर क्लिक करने पर ई-एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं. इसे आवंटित परीक्षा केंद्र कोड के रूप में दर्ज किया जाएगा, जिसमें केंद्र कोड और जिले का नाम अंकित होगा। परीक्षा केंद्र कोड 10 दिसंबर से डैशबोर्ड पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर लाना होगा एडमिटकार्ड इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कहा गया है कि सभी अभ्यर्थी अनिवार्य रूप से परीक्षा केंद्र पर अपने साथ ई-एडमिट कार्ड की एक अतिरिक्त प्रति लेकर आएंगे। परीक्षा अवधि के दौरान पर्यवेक्षक के समक्ष इस पर हस्ताक्षर करना होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए वे बीपीएससी की वेबसाइट के संपर्क में रहें। 11 बजे को बाद परीक्षा केंद्र पर नो एंट्री इधर, सचिव सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि परीक्षा दोपहर 12:00 बजे शुरू होगी। इससे एक घंटा पहले यानी 11:00 बजे तक अभ्यर्थियों को ई-एडमिट कार्ड आदि की जांच के बाद केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। किसी भी स्थिति में अभ्यर्थी को 11:00 बजे के बाद केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी सुबह साढ़े नौ बजे से आवंटित केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक काटे जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 13 दिसंबर को होने वाली परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार किए गए हैं। सभी केंद्रों पर इन्हीं में से एक सेट से परीक्षा ली जाएगी। कई स्तरों पर लॉक किए जाएंगे प्रश्नपत्र परीक्षा के लिए कौन सा सेट इस्तेमाल किया जाएगा, इसका निर्णय परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले लिया जाएगा। प्रश्नपत्र वाला बॉक्स अभ्यर्थियों के सामने उनके कमरे में खोला जाएगा। प्रश्नपत्र वाले बॉक्स को रंगीन चिपकने वाली शीट से कई स्तरों पर सील किया जाएगा। रंगीन शीट को बॉक्स के चारों ओर लपेटा जाएगा। लॉक भी कई स्तरों पर सील किए जाएंगे। छेड़छाड़ की स्थिति में पहले की तरह ऐसा नहीं किया जा सकेगा।  

​संस्कृत शिक्षा विभाग में निकली 3 हजार पदों पर भर्ती, जल्द शुरू होगी आवेदन प्रकिया

जयपुर राजस्थान संस्कृत शिक्षा विभाग में 3 हजार से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती करने की प्रकिया शुरू कर दी है। इसके लिए संस्कृत शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना जारी कर दी है। ऐसे में अब बोर्ड जल्द ही भर्ती की विज्ञप्ति जारी करेगी। शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा कि शिक्षा विभाग में लंबे वक्त से पद रिक्त है। ऐसे में सरकार द्वारा कुल तीन हजार तीन पदों पर भर्ती करने का फैसला किया है। विभाग ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेज दी है। अध्यापक लेवल – 1 और अध्यापक लेवल – 2 के कुल 2759 पद, लाइब्रेरियन के 48 पद और प्रयोगशाला सहायक के 17 पदों पर भर्ती की जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया- विभाग द्वारा अर्थना भेजी गई है। इसकी लीगल जांच होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को पूरा करवाया जाएगा।

CBSE स्पोर्ट्स और ओलंपियाड में भाग लेने वाले छात्रों के लिए करेगा स्पेशल परीक्षा का आयोजन, अहम नोटिस जारी

नई दिल्ली ओलंपियाड और स्पोर्ट्स कार्यक्रम में भाग लेने वाले 10वीं और 12वीं के छात्रों के केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अहम नोटिस जारी किया है। जिसमें स्पेशल एग्जाम से संबंधित जानकारी साझा की गई है। बता दें कि सीबीएसई खेल में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल कर चुका है। ऐसे छात्रों को कई सुविधाएं भी प्रदान कर रहा है। विशेष परीक्षा का अवसर भी प्रदान कर रहा है। मार्च 2018 से सीबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाले ऐसे छात्र जो राष्ट्रीय/इंटरनेशनल स्पोर्ट्स भाग लेते हैं, उन्हें बोर्ड एग्जाम के बाद भी स्पेशल परीक्षा का अवसर प्रदान करता है। ताकि छात्रों का शैक्षणिक क्षेत्र में कोई भी नुकसान ना हो। इसके अलावा यदि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त आयोजनों के लिए यात्रा की तारीख को सहित राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की तारीखों से टकराती है, उन्हें भी एक खास अवसर दिया जाता है। वहीं वर्ष 2020 से बोर्ड ऐसी ही सुविधा इंटरनेशनल ओलंपियाड में भाग लेने वाले छात्रों को भी मिलता है। सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए सीबीएसई ने कुछ नियम और समय सीमा भी निर्धारित की है। गतिविधियों को पूरा करने की डेडलाइन (CBSE Provision For Sports Participation) स्पेशल एग्जाम के खास अवसर का लाभ उठाने के लिए छात्रों को आवेदन जमा करना होगा। स्कूल एसएआई/बीसीसीआई/एचबीएससीई द्वारा मान्यता प्राप्त कार्यक्रमों में पार्टिसिपेशन के लिए सर्टिफिकेट इश्यू करने के लिए रिक्वेस्ट भेजना होगा। इसके अलावा स्कूलों को इन सर्टिफिकेटों के लिए रिकमेंडेशन भी सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय में भेजना होगा। इन सभी कार्यों को पूरा करने के लिए बोर्ड ने 31 दिसंबर 2024 तक का समय तय दिया है। 15 जनवरी 2025 तक क्षेत्रीय कार्यालय को अप्रूवल के लिए संबंधित स्कूलों को स्कूलों से संपर्क करना होगा। बोर्ड परीक्षा के आयोजन के बाद 15 दिनों के भीतर विशेष परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। कौन उठा सकता है इस सुविधा का लाभ? (CBSE Board Exam 2025) केवल एसएआई/ बीसीसीआई द्वारा मान्यता प्राप्त स्पोर्ट्स और एचबीसीएसई द्वारा मान्यता प्राप्त ओलंपियाड के लिए है यह सुविधा लागू होती है। पूरक परीक्षाओं के लिए छात्रों को यह अवसर उपलब्ध नहीं करवाया जाता। इसके अलावा प्रैक्टिकल परीक्षा, प्रोजेक्ट और  आंतरिक मूल्यांकन के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। ट्रेनिंग और  सिलेक्शन कैंप में भाग लेने वाले छात्रों को भी यह अवसर प्रदान नहीं किया जाता। अतिरिक्त जानकारी के लिए छात्रों को सीबीएसई द्वारा जारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन चेक करने की सलाह दी जाती है।

कैसे बनें सफल ऑनलाइन फिटनेस ट्रेनर, तरीके ये अपनाएं और लाखों कमाएं

यह डिजिटलाइजेशन का युग है और इसने अलग-अलग सेक्टरर्स के लिए कई ऑपरट्यूनिटीज खोल दी हैं। फूड ऑर्डर करना हो या फिर और कोई सर्विस, ऐसी चीजें अब स्माईर्टफोन पर सिर्फ एक टैप दूर हैं। इस गैलरी के जरिए हम आपको बता रहे हैं कि कैसे फिटनेस ट्रेनर के करियर पर डिजिटलाइजेशन का असर हुआ है और आप भी किस तरह से एक सफल ऑनलाइन पर्सनल ट्रेनर बन सकते हैं… हेल्थत और फिटनेस को लेकर लोग सजग पिछले 5 वर्षों में इंडियन फिटनेस इंडस्ट्रीऑ में काफी ग्रोथ हुई है। एक समय था जब इस प्रफेशन को आकर्षक या लाभप्रद नहीं माना जाता था। उस वक्त  ट्रेनर्स भी उतने क्वाीलिफाइड नहीं होते थे और जिम के लिए ऐसा माना जाता था कि ये सिर्फ बॉडीबिल्ड्र्स के लिए हैं। अब 2019 में चीजें बदल गई हैं। लोग हेल्थन और फिटनेस को लेकर काफी सजग हो गए हैं, फिर वे चाहे बच्चेर हों, महिलाएं हों, बुजुर्ग हों या फिर पुरुष। ऐसे में अब क्वा लिफाइड और एजुकेटेड पर्सनल ट्रेनर्स की डिमांड भी बढ़ गई है। सोशल मीडिया प्लैबटफॉर्म्स  की ताकत डिजिटलाइजेशन की वजह से करियर के कई ऑप्शषन खुल गए हैं जिनमें से एक ऑनलाइन फिटनेस ट्रेनर भी है। अब ट्रेनर्स इंस्टा्ग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लैनटफॉर्म्स् पर अपने काम का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। वे रियल लाइफ फिल्टरर्ड ऑडियंस से कनेक्टल होते हैं। ऑनलाइन पर्सनल ट्रेनर होने का फायदा यह भी है कि आप स्का।इप, वॉट्सऐप और ईमेल्से की मदद से एक समय पर कई लोगों को कोच कर सकते हैं। कैसे बनें ऑनलाइन फिटनेस ट्रेनर इसके लिए जिन स्किफल्सर की जरूरत है, उनमें आपका केयरिंग और हेल्पिंसग नेचर का होना बेहद जरूरी है। इसके अलावा आपकी कम्युकनिकेशन स्कि ल्सन बेहतर हो और एक्सर्साइज व न्यूरट्रिशन के लिए आपका पैशन हो। क्याआ होनी चाहिए प्रफेशनल क्वािलिफिकेशन फिटनेस कोच होने के लिए फॉर्मल एजुकेशन होना जरूरी है। ऐसे कई इंस्टिट्यूट्स हैं जो पर्सनल ट्रेनिंग कोर्स में सर्टिफिकेट देते हैं/डिप्लोसमा देते हैं। कोर्स के लिए के11 इंस्टिट्यूट ऑफ फिटनेस ऐंड साइंस, टीम अमिंदर फिटनेस अकैडमी, क्लालसिक फिटनेस अकैडमी, गोल्ड  इंस्ट्यिू ट, कुछ पॉप्युजलर इंडियन इंस्टिसट्यूट्स हैं। आईएसएसए, एसीई, एसीएसएम, एनएएसएम और जेपीएस कुछ जानी-मानी इंटरनैशनल अकैडमीज हैं जो पर्सनल ट्रेनर्स और स्पॉ,र्ट्स न्यूलट्रिशन के ऑनलाइन कोर्स ऑफर करती हैं। कोर्स की फीस 40 हजार से 2 लाख तक (अकैडमी के अनुसार) है और कोर्स का ड्यूरेशन 2 महीने से 1 साल तक (अकैडमी के अनुसार) हो सकता है। कितनी हो सकती है कमाई शुरुआत में आप 30 से 50 हजार तक की कमाई कर सकते हैं। ऐसे कोच जिनके पास एक्सऔपीरियंस है, उनके लिए कोई लिमिट नहीं है। एक बार ट्रेनर के पास अच्छी  संख्याक में अच्छेर और पॉजिटिव क्लाआइंट हो गए, सोशल मीडिया पर अच्छीर रीच हो गई, अच्छीा इंटरनेट प्रेजेंस हो गई तो आप लाखों में कमा सकते हैं। काम के घंटे और स्ट्रे स लेवल इस करियर में काम के घंटे और स्ट्रे स लेवल को लेकर चीजें फिक्सग नहीं हैं। आपके जितने ज्यानदा क्लारइंट होंगे, आपको उतना ही ज्यालदा समय देना होगा। इस करियर में क्लाजइंट की प्रोग्रेस के लिए डेडिकेशन की सबसे ज्याेदा जरूरत होती है। क्ला‍इंट की प्रोफाइल, मेडिकल हिस्ट्रीं और फिर उनके प्लाकन को कस्टजमाइज करना महत्वहपूर्ण है।  

शिक्षा मंत्रालय की ओर साथी पोर्टल पर निशुल्क करे इंजीनियरिंग, मेडिकल सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी

नई दिल्ली इंजीनियरिंग, मेडिकल, ICAR की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए बेहतरीन खबर है। भारत सरकार के अंतर्गत एजुकेशन मिनिस्ट्री की ओर से साथी (SATHE) पोर्टल चलाया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से आप इन सभी परीक्षाओं की तैयारी निशुल्क कर सकते हैं। परीक्षा की तैयारी IIT Professors/ Subject Experts से करवाई जाएगी। इसके साथ ही आपके लिए इस पोर्टल पर लाइव क्लासेज, एनसीईआरटी वीडियो सॉल्यूशन, एआई बेस्ड असेसमेंट प्लैटफॉर्म, प्रोफेसर के रेकॉर्डेड वीडियो आदि भी उपलब्ध हैं जिससे आप अपनी तैयारियों को बेहतर बना सकते हैं। भर्ती परीक्षाओं को भी किया गया शामिल स्टूडेंट्स के लिए प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के साथ ही अब साथी पोर्टल पर भर्तियों को भी जोड़ा जा रहा है। आप यहां बैंकिंग से जुड़ी भर्तियों की तैयारी निशुल्क कर सकते हैं। इसके अलावा इस पोर्टल पर SSC की तैयारी भी फ्री में करवाई जाती है। आप इसमें से किसी की भी तैयारी के लिए साथी पोर्टल पर जाकर निशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और अपनी तैयारियों को पूरा कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक आगे चलकर इस पोर्टल पर CUET, कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) आदि को भी जोड़ा जायेगा जिससे इस क्षेत्र के स्टूडेंट्स भी फ्री में तैयारी का लाभ पा सकते हैं। कैसे करें रजिस्ट्रेशन     साथी पोर्टल पर एनरोल करने के लिए आपको सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट sathee.prutor.ai पर जाना होगा।     वेबसाइट के होम पेज पर आपको जिसकी भी तैयारी करनी है उसके आगे Start Learning पर क्लिक करें।     अब कोर्स/ भर्ती चुनकर एनरोल नाउ लिंक पर क्लिक करें मांगी गई डिटेल भरकर पंजीकरण कर लें।  

सरकारी नौकरी पाने का एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया में अप्रेंटिस पदों पर मौका, जल्द करें अप्लाई

नई दिल्ली. आईटीआई, डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त कर चुके ऐसे अभ्यर्थी जो सरकारी नौकरी की तलाश में हैं उनके लिए बड़ी खबर है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से आईटीआई अप्रेंटिस, ग्रेजुएट अप्रेंटिस एवं डिप्लोमा अप्रेंटिस के 197 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती में शामिल होने के लिए आवेदन की लास्ट डेट 25 दिसंबर 2024 निर्धारित है। ऐसे में ग्रेजुएट/ डिप्लोमा अप्रेंटिस पदों पर अभ्यर्थी NATS पोर्टल nats.education.gov.in पर जाकर एवं ITI अप्रेंटिस पदों पर apprenticeshipindia.org पर जाकर एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं। पात्रता एवं मापदंड AAI अप्रेंटिसशिप भर्ती में ग्रेजुएट एवं डिप्लोमा पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी संबंधित क्षेत्र में 4 वर्षीय फुल टाइम डिग्री या तीन वर्षीय इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल किया हो। आईटीआई अप्रेंटिस पदों पर आवेदन के लिए संबंधित ट्रेड में आईटीआई/ NCVT सर्टिफिकेट प्राप्त किया हो। आयु सीमा इस भर्ती में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी की अधिकतम आयु 26 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। एससी, एसटी, ओबीसी एवं पीडब्ल्यूबीडी वर्ग के अभ्यर्थियों को ऊपरी आयु में नियमानुसार छूट दी जाएगी। उम्र की गणना 31 जुलाई 2024 को ध्यान में रखकर की जाएगी। इस भर्ती में ग्रेजुएट अप्रेंटिस पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 15 हजार रुपये प्रति माह एवं डिप्लोमा अप्रेंटिस पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 12 हजार रुपये प्रति माह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आईटीआई अप्रेंटिस पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 9000 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। भर्ती विवरण एवं चयन प्रक्रिया इस भर्ती के माध्यम से माध्यम से कुल 197 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। भर्ती में चयन योग्यता के अनुसार शॉर्टलिस्ट करके इंटरव्यू/ डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए आमंत्रित किया जायेगा। इसके बाद प्राप्त वेटेज के आधार पर अभ्यर्थियों की फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार होगी। इंटरव्यू/ दस्तावेज सत्यापन के लिए उम्मीदवारों को रजिस्टर्ड ई-मेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा। जिन भी उम्मीदवारों का नाम फाइनल मेरिट लिस्ट में दर्ज होगा उनको रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। भर्ती से जुड़ी विस्तृत डिटेल के लिए अभ्यर्थी एक बार ऑफिशियल नोटिफिकेशन का अवलोकन अवश्य कर लें।

अच्छी आवाज के धनी लोगो के लिए डबिंग आर्टिस्ट है अच्छा करियर विकल्प

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डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए किसी खास योग्यता की जरूरी नही होती हैं. यदि आप दिलकश आवाज और शानदार भासः के धनी हैं तो आप आसानी से डबिंग आर्टिस्ट बन सकते हैं. डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए हाल ही में कुछ कोर्सेज भी शुरू किये गए हैं हैं जिनके लिए शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 10 वी पास रहेगी. योग्येता:- डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज हैं आवाज. आपकी आवाज ब्राडकास्टिंग क्वालिटी की होनी चाहिए इससे आप भले ही किसी भी फिल्म या विज्ञापन में अपनी आवाज दे आपकी आवाज आपकी गुणवत्ता को दर्शाएगी. इसके अलावा आपकी भाषा में अच्छी पकड़ भी होनी चाहिए क्यूंकि भाषायी कौशल भी इसके लिए बेहद जरूरी हैं. आपका सही उच्चारण, आपको अलग अलग तरह से बोल पाने की योग्यता, लोगो के हाव भाव को समझ पाने का कौशल भी आपके अंदर होना जरूरी हैं. आपको डबिंग स्टार के रूप में लोगो के हाव भाव को भी समझ कर अपनाना होता हैं. अच्छे डबिंग स्टार के तोर पर आपको लोगो से कनेक्शन बना पाने की योग्यता भी आनी चाहिए. अवसर:- डबिंग आर्टिस्ट के तोर पर करियर के कई अवसर उपलब्ध होते हैं. डबिंग स्टार के लिए रेडियो तथा टीवी चैनलों, प्रोडक्शन हाउसेज, विज्ञापन उद्योग, डॉक्यूमेंटरी फिल्म्स, एनिमेशन जगत, ऑनलाइन एजुकेशन (ऑडियो बुक डबिंग) में करियर के अवसर उपलब्ध हैं.. इस क्षेत्र में काफी स्ट्रगल भी हैं पर एक बार आपका करियर शुरू हो जाता हैं तो आगे बढ़ने के कई अवसर आपको मिलेंगे. कोर्स:- इस क्षेत्र में डिग्री कोर्स या डिप्लोमा कोर्स नही होते हैं.पर कुछ संस्थाए ऐसी भी हैं जो सर्टिफिकेट कोर्स भी करवाती हैं.जिनकी अवधि एक महीने की होती हैं.  

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