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अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी बनेगी, साय कैबिनेट ने कर्मचारी चयन मंडल और धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को दी मंजूरी

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित उनके प्रतिकक्ष में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक को मंजूरी दी गई। बैठक में लिए गए ये फैसले – मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति व साधनों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण पर प्रभावी ढंग से रोक लगाना है। मंत्रिपरिषद द्वारा विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिए जाने के संबंध में गठित मंत्रिपरिषद की उप-समिति द्वारा अनुशंसित 13 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिए जाने का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा अपारम्परिक ऊर्जा स्त्रोतों पर आधारित संयंत्रों व परियोजनाओं के लिए अनुदान की दरों का निर्धारण किए जाने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई। क्रेडा द्वारा सोलर हाईमास्ट संयंत्र वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए 01 लाख 50 हजार रूपए का राज्य अनुदान तथा वर्ष 2026-27 एवं आगामी वर्षाें के लिए निविदा दर का 30 प्रतिशत अथवा 01 लाख 50 हजार रूपए जो भी कम हो, प्रस्तावित किया गया है। इसी तरह घरेलू बॉयो गैस संयंत्र न्यूनतम 2 से 6 घन मीटर के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 9 हजार रूपए प्रति संयंत्र तथा वर्ष 2026-27 एवं आगामी वर्षाें के लिए 9 हजार रूपए प्रति संयंत्र सभी क्षमताओं के लिए प्रस्तावित किया गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे पंजीयन पर प्रभार्य उपकर शुल्क समाप्त हो जाएगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्त पोषण के सम्पत्ति के अंतरण पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था। वर्तमान में राजीव गांधी मितान क्लब योजना संचालित नहीं है, इस कारण पंजीयन पर अतिरिक्त उपकर शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।    मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के विभिन्न कार्यालयों में तकनीकी और गैर तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के नियुक्तियों के लिए उम्मीदवाराें के चयन और परीक्षा आयोजित करने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल का गठन किया जाएगा। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को कायम करना है। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 एवं 59 में संशोधन विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया। इस भूमि पर अत्याधुनिक खेल मैदान क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा।

अफीम की करोड़ों की खेती का मामला: दुर्ग में गिरफ्तार नेता के भाई की दुकान पर प्रशासन का बुलडोजर

 दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए समोदा गांव में बुलडोजर चलाया. इस अभियान के दौरान उस दुकान को ध्वस्त कर दिया गया, जिसे अधिकारियों ने सरकारी जमीन पर बना अवैध निर्माण बताया है. यह दुकान उस व्यक्ति की थी, जिसके भाई को हाल ही में अफीम की खेती के मामले में गिरफ्तार किया गया है. प्रशासन की इस कार्रवाई ने इलाके में काफी चर्चा पैदा कर दी है. जैसे ही बुलडोजर मौके पर पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए और पूरी कार्रवाई को देखने लगे. इस पूरे मामले का संबंध भाजपा किसान मोर्चा के नेता विजय ताम्रकार से जुड़ा बताया जा रहा है, जिन्हें कुछ दिन पहले पुलिस ने अफीम की खेती के आरोप में गिरफ्तार किया था। मक्के के खेत में मिली करोड़ों की अफीम जानकारी के मुताबिक 7 मार्च को पुलिस और नारकोटिक्स से जुड़ी एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक खेत में छापा मारा था. जांच के दौरान मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे पाए गए. जांच में सामने आया कि खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही थी. अधिकारियों के अनुसार बरामद फसल की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई. इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े नेता विजय ताम्रकार को दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। भाई की दुकान पर चला बुलडोजर इसी घटनाक्रम के बीच प्रशासन ने समोदा गांव में एक और कार्रवाई की. अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार नेता के भाई बृजेश ताम्रकार गांव में करीब 32 डिसमिल सरकारी जमीन पर दुकान चलाते थे. जिला प्रशासन को लंबे समय से इस जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं. जांच के बाद पाया गया कि यह दुकान सरकारी भूमि पर बनाई गई है. इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया और मंगलवार को बुलडोजर की मदद से इस निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही. इस अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त तहसीलदार ने किया. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ही यह कदम उठाया है. अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया और कुछ ही समय में पूरी संरचना को गिरा दिया गया. अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के अभियान का हिस्सा थी और इसका उद्देश्य सरकारी जमीन को मुक्त कराना था। पहले ही जारी हो चुका था बेदखली आदेश प्रशासन के मुताबिक इस मामले में स्थानीय अदालत पहले ही बेदखली का आदेश जारी कर चुकी थी. इसके बावजूद लंबे समय तक कब्जा नहीं हटाया गया. गांव के लोगों और ग्राम प्रधान ने कई बार प्रशासन को लिखित शिकायत देकर बताया था कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है. इन शिकायतों के आधार पर जांच की गई और अंततः अदालत से बेदखली वारंट जारी होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई को अंजाम दिया। बुलडोजर कार्रवाई देखने जुटे ग्रामीण मंगलवार को जब प्रशासन की टीम समोदा गांव पहुंची, तो वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. जैसे ही बुलडोजर ने अवैध निर्माण को गिराना शुरू किया, गांव के लोग आसपास इकट्ठा होने लगे. कई लोग पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए मौके पर मौजूद रहे. हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हुई. अधिकारियों का कहना है कि जिले में सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों को लेकर प्रशासन गंभीर है. राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कई जगहों पर अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही हैं और उन्हें हटाने के लिए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मिलेगा, वहां इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष ने उठाए सवाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. विपक्षी दल कांग्रेस ने अफीम की खेती के मामले को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होना प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. उन्होंने मामले की गहन जांच की मांग भी की है. हालांकि सरकार की ओर से इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। कानून व्यवस्था पर प्रशासन का जोर प्रशासन का कहना है कि अवैध गतिविधियों और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में सरकारी भूमि की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. इसी के तहत जहां भी अवैध कब्जे की शिकायत मिलेगी, वहां जांच कर कार्रवाई की जाएगी. समोदा गांव में हुई यह कार्रवाई इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. एक तरफ अफीम की करोड़ों की खेती का खुलासा और दूसरी तरफ उससे जुड़े व्यक्ति के परिवार की अवैध दुकान पर बुलडोजर चलने की घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. प्रशासन के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित नहीं है. जिले में जहां-जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें हैं, वहां जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. इस बीच पुलिस अफीम की खेती से जुड़े मामले की भी जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

10 साल बाद रायपुर में लौटेगा IPL का रोमांच: RCB के दो मैच प्रस्तावित, मुंबई-चेन्नई से हो सकती है टक्कर

रायपुर करीब एक दशक बाद राजधानी रायपुर में एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का रोमांच देखने को मिलेगा। नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इस बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दो मुकाबले आयोजित करने की तैयारी चल रही है। फ्रेंचाइजी ने इस स्टेडियम को अपना होम ग्राउंड बनाया है, जिससे रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों को लंबे समय बाद आईपीएल का लाइव रोमांच देखने का मौका मिल सकता है। चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस से हो सकते हैं मुकाबले जानकारी के अनुसार, इन मुकाबलों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने मैच चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ आयोजित कराने की तैयारी में है। यदि ऐसा होता है तो दर्शकों को एक ही मैदान पर विराट कोहली, एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिल सकता है। वीआईपी गैलरी और स्क्रीन में होंगे बदलाव इन संभावित मुकाबलों को देखते हुए स्टेडियम में सुविधाओं को बेहतर बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि वीआईपी गैलरी को पहले से अधिक आधुनिक बनाया जाएगा। वहीं दर्शकों के अनुभव को बेहतर करने के लिए स्टेडियम में लगी बड़ी स्क्रीन में भी बदलाव किए जाने की योजना है। गोल्ड और सिल्वर सीटों को बनाया जाएगा लग्जरी इसके अलावा गोल्ड और सिल्वर श्रेणी की सीटों को भी अधिक लग्जरी बनाने का प्रस्ताव है, ताकि दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। स्टेडियम की अपर गैलरी में लगी दोनों स्क्रीन को हटाने की भी योजना है। इन स्क्रीन के हटने से करीब 1500 अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था हो सकेगी। नई जगह पर बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनसे दर्शकों को मैच के रोमांचक पलों को स्लो मोशन में देखने की सुविधा मिलेगी। प्लेटिनम बॉक्स में भी किया जाएगा बदलाव रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के विशेषज्ञों ने स्टेडियम के प्लेटिनम बॉक्स में लगे ग्लास बदलने की भी सिफारिश की है। लगभग 700 दर्शक क्षमता वाले इस बॉक्स को आमतौर पर वीवीआईपी मेहमानों के लिए आरक्षित रखा जाता है, इसलिए इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। टीमों की प्रैक्टिस के लिए बनेगी अलग पिच छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, टीमों की प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम के बाहर अलग से एक पिच भी तैयार की जाएगी। साथ ही फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही रायपुर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले सकता है। करीब 50 हजार से अधिक दर्शक क्षमता वाले इस स्टेडियम में मैचों के आयोजन को लेकर फ्रेंचाइजी ने यहां की सुविधाओं और रायपुर के स्टार होटल्स का भी सर्वे किया है। यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी हो जाती हैं तो रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों को लंबे इंतजार के बाद आईपीएल के हाई वोल्टेज मुकाबले देखने का मौका मिल सकता है।

संघर्ष से सफलता तक: सरकारी योजनाओं ने बदली शशि केशरवानी की जिंदगी

रायपुर सरकारी योजनाओं ने बदली शशि केशरवानी की तकदीर, छोटे व्यवसाय से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड की निवासी शशि केशरवानी आज उन महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को नई दिशा दी है। कभी छोटे स्तर पर व्यवसाय करने वाली शशि आज आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। शशि केशरवानी बिहान योजना के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। प्रारंभिक दिनों में उनका व्यवसाय बहुत छोटे स्तर पर चलता था, जिससे परिवार की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता था। व्यवसाय को आगे बढ़ाने की इच्छा तो थी, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई थी। समूह से मिला आर्थिक सहयोग, बढ़ा व्यवसाय      स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद शशि केसरवानी को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से समय-समय पर ऋण लेकर अपने छोटे व्यवसाय को विस्तार देना शुरू किया। शुरुआत में लिया गया छोटा लोन उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने अपने व्यवसाय को बढ़ाते हुए कई बार समूह से ऋण लिया। अब तक वे लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये तक का ऋण प्राप्त कर चुकी हैं। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय को मजबूत करने, सामग्री खरीदने और काम का दायरा बढ़ाने में किया। निरंतर मेहनत और सही दिशा में निवेश के कारण उनका व्यवसाय धीरे-धीरे स्थिर और मजबूत होता गया। महतारी वंदन योजना बनी सहारा      शशि केसरवानी को महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी काफी सहायक सिद्ध हो रही है। इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ-साथ घर की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इस अतिरिक्त सहयोग से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा और आर्थिक रूप से भी उन्हें मजबूती मिली। आज उनका व्यवसाय पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और बेहतर स्थिति में पहुंच चुका है। अब हर महीने हो रही 7-8 हजार रुपये की आय      लगातार मेहनत, समूह का सहयोग और सरकारी योजनाओं के लाभ से आज शशि केसरवानी की मासिक आय लगभग 7 से 8 हजार रुपये तक पहुंच गई है। अपने व्यवसाय के माध्यम से वे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश कर रही हैं। सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी      शशि केशरवानी का कहना है कि यदि उन्हें स्वयं सहायता समूह और सरकारी योजनाओं का सहयोग नहीं मिलता, तो शायद वे अपने व्यवसाय को इस स्तर तक नहीं पहुंच पातीं। इन योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया। वे इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। आज शशि केसरवानी की कहानी यह बताती है कि यदि इच्छाशक्ति, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो सरकारी योजनाएं वास्तव में आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

संघर्ष से सफलता तक: मेहनत ने बदली जिंदगी की दिशा

रायपुर सब्जी उत्पादन से आरती की सालाना आय पहुँची 1.13 लाख मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनपद पंचायत भरतपुर के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुवांरी की निवासी  आरती सिंह ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया और आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। स्वयं सहायता समूह से मिला आगे बढ़ने का अवसर आरती सिंह मां महामाया स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया और इस राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन शुरू करने में किया। शुरुआत में छोटे स्तर पर शुरू किया गया यह प्रयास आज एक सफल आजीविका में बदल चुका है। विभिन्न सब्जियों की खेती से बढ़ी आय     आरती अपने खेत में गोभी, टमाटर, आलू, प्याज, बैंगन, लहसुन और मटर जैसी विभिन्न सब्जियों का उत्पादन करती हैं। इसके साथ ही वे गेहूं की खेती भी करती हैं। मौसम के अनुसार फसल परिवर्तन और मेहनत के कारण उनकी सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर रहती है, जिससे गांव के साथ-साथ आसपास के बाजारों में भी उनकी सब्जियों की अच्छी मांग बनी रहती है। आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा लगातार परिश्रम और खेती की बेहतर योजना के कारण आज सब्जी उत्पादन और कृषि से उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख 13 हजार 10 रुपये तक पहुंच गई है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन में आत्मविश्वास व सम्मान भी बढ़ा है। अब वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ-साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी प्रयासरत हैं। अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा    आरती की यह सफलता कहानी केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी सफलता को देखकर कई महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं। इससे गांव में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिल रही है।

बिहान से बदली ममता की जिंदगी सब्जी की खेती से ममता बनी आत्मनिर्भर

रायपुर महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने परिश्रम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं और समाज में एक नई पहचान बना सकती हैं। सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत सिलफिली की निवासी ममता विश्वास आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों से जूझने वाली ममता ने अपनी मेहनत, लगन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान‘ से मिली सहायता के बल पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। ममता विश्वास एकता महिला स्वंय सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत और स्वावलंबन के महत्व को समझा तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का संकल्प लिया। बिहान योजना के अंतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से उन्हें 30,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग करते हुए ममता ने अपने खेत में सब्जी की खेती शुरू की। आज ममता विश्वास सब्जी उत्पादन और बिक्री से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख से 3 लाख 50 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे अपने बच्चों की शिक्षा और घर की जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं। ममता का कहना है कि ‘बिहान योजना और समूह से मिली सहायता ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा किया है। अगर महिलाएं समूह से जुड़कर मेहनत करें तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।‘ आज ममता विश्वास की सफलता से प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्व-रोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

इंजीनियरिंग सुधार और जन-जागरूकता से थमेंगे सड़क हादसे : प्रदीप कुमार लाल

रायपुर सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए आज ‘सड़क सुरक्षा प्रबंधन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी  प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोड इंजीनियरिंग में सुधार, नियमों का कड़ाई से पालन और जन-जागरूकता का समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने पर जोर दिया।  कार्यशाला के तकनीकी सत्र में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ  विक्रम तुशिर ने जंक्शन सुधार, ब्लैक-स्पॉट की पहचान, ट्रैफिक साइन, रोड मार्किंग और सेफ्टी ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि केवल बेहतर इंजीनियरिंग और सही साइनेज  के माध्यम से ही सड़क दुर्घटनाओं को 80 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। ब्लैक-स्पॉट्स की वैज्ञानिक तरीके से पहचान करना और वहां समयबद्ध सुधारात्मक उपाय लागू करना सबसे प्रभावी रणनीति है। उन्होंने बताया कि सड़क डिजाइन में छोटे-छोटे तकनीकी सुधार भी बड़े हादसों को रोकने में सक्षम हैं, जिससे राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को नया आयाम दिया जा सकता है। कार्यशाला में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ईई  रणबीर यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। एनएचएआई की विभिन्न परियोजना कार्यान्वयन इकाईयों के परियोजना निदेशक सर्व डीडी पार्लावर (कोरबा), मुकेश कुमार (बिलासपुर), शमशेर सिंह (अभनपुर) और दिग्विजय सिंह (रायपुर) सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यशाला में मौजूद थे।  

नारी शक्ति से औद्योगिक प्रगतिः पूनम जायसवाल ने 20 महिलाओं को दिया रोजगार, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज उन महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियां सामने आ रही हैं, जिन्होंने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। अम्बिकापुर की  पूनम जायसवाल ऐसी ही एक प्रेरणापुंज हैं, जिन्होंने न केवल अपनी पारिवारिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि आज 20 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर ’नारी सशक्तिकरण’ के संकल्प को धरातल पर उतारा है। संघर्ष से सफलता तकः निजी संसाधनों से रखी नींव  पूनम जायसवाल ने बताया कि उनके उद्यमिता के सफर की शुरुआत वर्ष 2000 में एक छोटे से किराये के भवन और सीमित निजी संसाधनों से हुई थी। आर्थिक चुनौतियां बड़ी थीं, लेकिन हौसला कम नहीं हुआ। वर्ष 2013-14 में छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों के फलस्वरूप उन्हें 99 वर्ष की लीज पर औद्योगिक भूमि प्राप्त हुई। बैंक से ऋण लेकर उन्होंने अपने कार्य को गति दी और आज उनका यह लघु उद्योग एक सफल इकाई के रूप में स्थापित हो चुका है। 20 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार  पूनम का उद्देश्य केवल स्वयं का विकास नहीं, बल्कि समाज की जरूरतमंद महिलाओं को साथ लेकर चलना रहा है। उन्होंने बताया कि, मेरे उद्योग में आज 20-22 बहनें कार्य कर रही हैं, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से कर पा रही हैं।“ अब उनका लक्ष्य अपने इस उद्यम को ’प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी के रूप में विकसित करना है, ताकि अधिक से अधिक महिला उद्यमियों को जोड़ा जा सके। अपनी सफलता का श्रेय छत्तीसगढ़ शासन और जिला उद्योग केंद्र को देते हुए  जायसवाल ने कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई भूमि और समय-समय पर मिले मार्गदर्शन ने उनके मार्ग को प्रशस्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की ’नई उद्योग नीति’ की सराहना करते हुए कहा कि लागत पूँजी पर मिलने वाले प्रोत्साहन और सब्सिडी के कारण महिलाओं के लिए उद्यमिता के द्वार खुले हैं। आधी आबादी की शक्ति से बढ़ेगा देश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि, “देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या महिलाओं की है। जब महिलाएँ आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनेंगी, तभी देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के ’विकसित भारत’ के विजन और छत्तीसगढ़ शासन के ’रोजगार प्रोत्साहन’ कार्यक्रमों को महिला सशक्तिकरण का मुख्य आधार बताया।  पूनम अन्य महिलाओं से अपील की कि वे शासन की योजनाओं, सब्सिडी और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाकर स्वयं उद्यमी बनें।  

अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, जिला प्रशासन ने की कार्रवाई

रायपुर ग्राम समोदा में हटाया गया अवैध कब्जा दुर्ग जिले के जनपद पंचायत दुर्ग के अतंर्गत ग्राम समोदा में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई है। जेसीबी चला कर शासकीय भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई है।    कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदारमती क्षमा यदु द्वारा राजस्व अमले और पुलिस विभाग के सहयोग से ग्राम समोदा राजस्व निरीक्षक मंडल जेवरा सिरसा तहसील व जिला दुर्ग के अतंर्गत शासकीय घास भूमि खसरा नम्बर 778 रकबा 0.13 हेक्टेयर भूमि पर किये गये अवैध पक्का दुकान निर्माण, टीन सेड लगाकर दुकान निर्माण को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। इसी प्रकार सीमेंट पोल लगाकर किया गया तार घेरा को हटाने की कार्रवाई कर अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। ग्राम के ही ब्रजेश ताम्रकार पिता गिरजाशंकर ताम्रकार द्वारा उक्त शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया गया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व निरीक्षक रेखा शुक्ला, पटवारी चन्द्रिका प्रसाद खरें, शत्रुहन मिश्रा, अनिता साहू, संदीप देशमुख और पुलिस विभाग के अधिकारी तथा पंचायत जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीणजन मौजूद थे। 

सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चेक किया गया वितरित

रायपुर श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन, विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को मिल रही आर्थिक सहायता -स्कूल शिक्षा मंत्री  यादव स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव के मुख्य आतिथ्य में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक सम्मेलन का आयोजन आज महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में किया गया। सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 9 हजार 556 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 10 करोड़ 42 लाख 7 हजार 343 रूपए की राशि अंतरित की गई। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  यादव ने छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए। इनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना और मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना शामिल हैं। श्रमिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मजदूरों द्वारा विभिन्न प्रकार के काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। ऐसे में यदि किसी श्रमिक के साथ कोई दुर्घटना हो जाती थी तो उसके परिवार को जीवन भर आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल का गठन किया गया। मंडल के माध्यम से प्रदेश के मजदूर भाई-बहनों का श्रम विभाग में पंजीयन शुरू किया गया और श्रमिक कार्ड बनाए गए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही महिला श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराई गई, जिससे वे घर बैठे काम कर सकें। राज्य में गरीबों के लिए दो रुपये किलो चावल की योजना भी शुरू की गई थी। पहले यह सुविधा केवल गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाले परिवारों को मिलती थी, लेकिन बाद में श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक कार्ड धारकों को भी इसका लाभ मिलने लगा। इस तरह श्रमिकों को राशन कार्ड और श्रम कार्ड के माध्यम से खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई। वर्तमान में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दिया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मंत्री  यादव ने श्रमिकों से अपील की है कि वे श्रम विभाग में पंजीयन कराकर इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने भी मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष  सरस्वती बंजारे ने भी संक्षिप्त उद्बोधन दिया। इस अवसर पर तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष  जितेन्द्र साहू,  भोजराम सिन्हा,  तुलसी साहू,  ललेश्वरी साहू, पार्षद  मनीष कोठारी, पार्षद  गुलराम साहू, अध्यक्ष महिला मोर्चा  स्वीटी कौशिक, अध्यक्ष जनपद पंचायत पाटन  कीर्ति नायक, श्रम अधिकारी  विकास सरोडे, श्रम निरीक्षक  बसंत वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।

महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आत्मनिर्भरता का आधार, लाभान्वित महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को कहा धन्यवाद

रायपुर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को बस्तर में आयोजित वृहद महतारी वंदन कार्यक्रम के दौरान  अनीता साहू और  मिथलेश चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से वर्चुअल संवाद कर महतारी वंदन योजना से अपने जीवन में आए बदलाव के बारे में बताया और इसके लिए उनका आभार व्यक्त किया। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखण्ड के ग्राम खोडरी की  अनीता साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई कार्य शुरू किया। पहले उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, क्योंकि उनके पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी उन्हें ही उठानी पड़ती थी। अब खेती, मजदूरी और सिलाई कार्य से आय के साथ उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने “अनीता सिलाई सेंटर” के नाम से उद्यम पंजीयन भी कराया है और महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण भी प्राप्त किया है। इसी तरह मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले की  मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के सहयोग से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया। अब वे आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। दोनों महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक संबल देने के साथ आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

प्रदेशभर की स्वच्छता दीदियां, महिला हितग्राही एवं स्वसहायता समूहों की महिलाएं जोश और उत्साह से हुईं शामिल

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव महिलाएं ईश्वर की अनुपम कृति हैं। ईश्वर ने उन्हें विशेष शक्तियां और क्षमताएं दी हैं। महिलाओं ने अपनी लगन, मेहनत और काबिलियत से हर क्षेत्र में अपना स्थान बनाया है। हर क्षेत्र में उपलब्धियां और ऊंचाईयां हासिल की हैं। माताओं व बहनों का सम्मान एवं विशेष स्थान प्राचीन काल से हमारी संस्कृति और परंपरा में है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नारी शक्ति सम्मान समारोह में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आज रायपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में स्वच्छता, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छता दीदियों, महिला हितग्राहियों एवं स्वसहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री साव ने समारोह में नगरीय निकायों में हर महीने स्वच्छता के आंकलन के लिए छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता दीदियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए 15 दिनों के विशेष शिविर आयोजित करने की घोषणा की। ये शिविर आगामी 14 मार्च से लगाए जाएंगे। नारी शक्ति सम्मान समारोह में प्रदेशभर की स्वच्छता दीदियां, महिला हितग्राही एवं स्वसहायता समूहों की महिलाएं जोश और उत्साह से शामिल हुईं। वे इस दौरान प्रसिद्ध लोक गायिका सुश्री गरिमा दिवाकर और स्वर्णा दिवाकर द्वारा प्रस्तुत फाग गीत पर जमकर झूमीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नारी शक्ति सम्मान समारोह में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कभी निराश होने की जरूरत नहीं है। महिलाएं संघर्ष और करूणा की प्रतिमूर्ति हैं। आप में जो क्षमता और ताकत है, वो किसी और में नहीं है। देश में ऐसी अनेक घटनाएं और प्रसंग हैं जहां नारी शक्ति ने अपनी ममता, तपस्या, त्याग और बलिदान की अनूठी मिसालें पेश की हैं। साव ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं शुरू हुई हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय बनाए गए हैं, उज्जवला योजना से रसोई गैस दिए गए हैं, जल जीवन मिशन ने महिलाओं की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘वीमेन फॉर ट्री’ जैसी योजनाओं ने महिलाओं की प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ाया है।  श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ के शहरों में स्वीकृत दो लाख 44 हजार प्रधानमंत्री आवासों में से एक लाख 77 हजार आवास महिलाओं के नाम से स्वीकृत हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से यह संभव हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के पास खुद के नाम पर पक्का घर है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत राज्य के 70 हजार महिला स्ट्रीट वेंडर्स को 88 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण बैंकों के माध्यम से दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि माता बच्चे की प्रथम शिक्षक होती है। इस नाते भावी पीढ़ी को अच्छे संस्कार, अच्छी शिक्षा, अच्छी सोच और अच्छी दिशा देने की महती जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर है। रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर हमारे राज्य को और हमारे शहरों को जो प्रतिष्ठा मिलती है, वह आप लोगों के कार्यों की वजह से मिलती है। उन्होंने समारोह के आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र के बीच इसका आयोजन किया गया है। तमाम व्यस्तताओं के बावजूद आप लोगों का हौसला बढ़ाने और सम्मानित करने उप मुख्यमंत्री यहां मौजूद हैं। चौबे ने कहा कि आप लोगों की प्रेरणा और सहयोग से हम आगे बढ़ते हैं। आपकी सहभागिता से योजनाओं को हम धरातल पर उतारते हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में कहा कि विभाग के कार्यों में महिलाएं महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। स्वच्छता दीदियों और स्वसहायता समूहों के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में वे बड़ी भूमिका निभा रही हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय, रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर, संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी, राजस्व विभाग के अध्यक्ष अवतार भारती बागल और पार्षद स्वप्निल मिश्रा सहित नगरीय प्रशासन एवं सूडा के अनेक अधिकारी भी समारोह में मौजूद थे। इनका किया गया सम्मान, चेक भी सौंपे गए समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों के स्वच्छता दीदियों के प्रतिनिधि के रूप में बिलासपुर की रामेश्वरी सागर, कुम्हारी की मंजू देवांगन, बिल्हा की संपति यादव, अंबिकापुर की संगीता गुप्ता, विश्रामपुर की भारती गुप्ता और पाटन की लता मंडलेश को सम्मानित किया गया। विपरीत परिस्थितियों के बीच नगर निगम के सहयोग से प्रधानमंत्री आवास का निर्माण करने वाली रायपुर की मांडवी कौशिक, बीरगांव की बिमला साहू, कुम्हारी की त्रिवेणी साहू, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित बगीचा की महिला हितग्राही सुमन तिर्की तथा वीमेन फॉर ट्री में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बिलासपुर की पल्लवी विजय क्षत्री, लोरमी की दुर्गा राजपूत और बगीचा की प्रभा यादव का भी सम्मान किया गया।  उप मुख्यमंत्री साव ने निर्धारित समयावधि में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूर्ण कर मुख्यमंत्री गृहप्रवेश सम्मान का हकदार बनीं रायपुर की रजनी ध्रुव, कुम्हारी की गीता पाल और बीरगांव की पलक देवांगन को (प्रत्येक को) 32 हजार 850 रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत रायपुर नगर निगम की तीन स्ट्रीट वेंडर्स लक्ष्मी साहू, रत्ना दीप और बी. लावण्या को 50-50 हजार रुपए के चेक सौंपे।     

आदि परब ‘परम्परा से पहचान तक’ का भव्य आयोजन 13 मार्च से

रायपुर नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में 13 और 14 मार्च को आदि परब ‘परम्परा से पहचान तक’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आदिम जाति विभाग द्वारा किया जाएगा। आदिम जाति विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि जनजातीय समाज की रचनात्मकता, जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करने के उद्देश्य  से राज्य सरकार द्वारा जनजातीय कला, संस्कृति एवं परम्पराओं को समर्पित आदि परब 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में आदि रंग के माध्यम से जनजातीय चित्रकारों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी, आदि परिधान में जनजातीय वेशभूषा पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां, आदि आख्यान के अंतर्गत जनजातीय विषयों पर सेमीनार तथा आदि हाट में जनजातीय शिल्पकारों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं पारम्परिक उत्पादों को प्रस्तुत की जाएगी। वहीं जनजातीय संस्कृति एवं परम्पराओं पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमांे का आयोजन भी किया जावेगा।  

गांवों के विकास में सरपंच सबसे बड़ी ताकत: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री से जशपुर जिले के सरपंचों ने की मुलाकात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री साय ने बड़ी आत्मीयता से सरपंचों से भेंट कर उनके क्षेत्र की स्थिति तथा विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पंच के रूप में जनसेवा का कार्य प्रारंभ किया था। पंच रहने के बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि समर्पित नेतृत्व और योजना के सही क्रियान्वयन  से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है। उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा तथा धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का अवलोकन भी करेगा। इस अवसर पर विधायकमती गोमती साय,मती रायमुनि भगत सहित जशपुर जिले से आए सरपंचगण उपस्थित थे।

महिला स्वावलंबन को बढ़ावा: महिला कोष योजनाओं के विस्तार की जरूरत—मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए महिला कोष की योजनाओं का विस्तार जरूरी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं और महिला कोष की योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि वे इसका लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन सकें। मंत्री  राजवाड़े अटल नगर, नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में छत्तीसगढ़ महिला कोष के शासी बोर्ड एवं आमसभा की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में महिला कोष की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 में ऋण योजना के तहत 1500 महिला स्व-सहायता समूहों को 30 करोड़ रुपये तथा सक्षम योजना के तहत 1000 पात्र महिलाओं को 14 करोड़ रुपये के ऋण वितरण की साख योजना के कार्योत्तर अनुमोदन एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। साथ ही सक्षम योजना, ऋण योजना और स्वावलंबन योजना के लक्ष्यों एवं उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई। बैठक में यह जानकारी दी गई कि महिला स्व-सहायता समूहों को वर्तमान में द्वितीय बार अधिकतम 6 लाख रुपये तक ऋण दिए जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार सक्षम योजना के अंतर्गत महिलाओं को अधिकतम 2 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इन प्रावधानों में आवश्यकता अनुसार संशोधन किए जाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। सितंबर 2025 की स्थिति में जिलों में कुल 8 लाख 2 हजार 843 रुपये की राशि ब्याज के रूप में जमा होने की जानकारी दी गई, जिसका उपयोग महिला कोष के सॉफ्टवेयर निर्माण के लिए किए जाने पर विचार किया गया। बैठक में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भी पात्रता के आधार पर सक्षम योजना से लाभान्वित करने तथा योजना में महिलाओं की आयु सीमा 25 से 50 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक  शम्मी आबिदी ने बताया कि महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ महिला कोष का गठन किया गया है। इसके तहत महिलाओं को मात्र 3 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय प्रारंभ कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। बैठक में महिला एवं बाल विकास, वाणिज्य एवं उद्योग, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, समाज कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ग्रामोद्योग, कृषि, नगरीय प्रशासन, वन तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों के साथ ही नेहरू युवा केन्द्र, नाबार्ड, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक तथा यूनिसेफ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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