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रेशम उत्पादन : रेशम कीड़े को देखने बच्चे दिखा रहे विशेष रूचि

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्योत्सव-2024 में ग्रामोद्योग विकास विभाग द्वारा शिल्पग्राम में लगाए गए स्टॉल में रेशम उत्पादन की प्रक्रिया समझने और रेशम की खेती के लिए किसानों और आमनागरिक बड़ी संख्या में ठहर रहे| विभागीय स्टॉल में प्राकृतिक स्वरुप में रेशम के कीड़ों को देखने के लिए हर वर्ग के लोगों में विशेषकर बच्चे विशेष रूचि दिखा रहे| इस अवसर पर स्टॉल में तरह-तरह के रेशम बीजों का भी प्रदर्शन किया गया है, जिनमें विशेष रूप से मलबरी सफेद कोया, मलबरी रंगीन कोया, मलबरी पीला मैसूर, मलबरी सफेद रिल्ड, टसर स्पन धागा, टसर बाना धागा, डाबा पालित कोसा एवं रैली साबू बीजों को प्रदर्शित किया गया है| जिनसे कोसा सिल्क, मलबरी सिल्क, बनारसी, कांजीवरम की साड़ियां बनाई जाती हैं| विभागीय स्टाल में आए किसानों और आमजनों ने ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारियां ली| गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ कोसा उत्पादन एवं कोसा वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वन आधारित ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के संकल्प को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ टसर उत्पादन के क्षेत्र में परम्परागत रूप से विशिष्ट स्थान रखता है। रेशम प्रभाग के योजनाओं के जरिए ग्रामीण अंचल में निवासरत जरूरतमंद परिवारों को रोजगार, स्व-रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं। टसर रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम, पालित डाबा टसर ककून उत्पादन योजना, नैसर्गिक बीज प्रगुणन एवं कोसा उत्पादन योजना, टसर धागाकरण जैसी योजनाओं का संचालन कर मलबरी रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम लघु निर्माण अंतर्गत रेशम एवं टसर केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का  विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर स्टॉल में आए लोगों ने निजी क्षेत्र में एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन को बढ़ावा देने के लिए संचालित नवीन शहतूत रेशम बाड़ी योजना के बारे में भी जाना। प्रदेश में शहतूत रेशम को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण क्षेत्र में रेशम पालन के जरिए स्थायी रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन के लिए नवीन योजना शहतूत रेशम बाड़ी योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत शहतूत का पौधरोपण एवं संधारण, कीटपालन भवन एवं उपकरण और सिंचाई सुविधा के अंतर्गत उपकरण के लिए सहायता राशि प्रदान किया जाएगा, जिससे कृषक शहतूती रेशम उद्योग की स्थापना कर एवं अपने जीविकोपार्जन के लिए स्थायी रोजगार कर सके। इस योजना से जुड़े कृषकों को उनके निजी भूमि में पौधरोपण के उपरांत उन्हें पौधरोपण एवं रेशम कीटपालन से संबंधित सभी तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस योजना में प्रवधानित राशि लगभग 5 लाख रुपए है, जिन्हें मदवार प्रदान किया जाता है। इस तरह से छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं सुदूर वनांचल से शहरी क्षेत्रों तक आम जनजीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और उन्हें आर्थिक और सामाजिक स्तर पर मजबूत बना रहे हैं|

हाईकोर्ट ने अरपा नदी में हो रहे अवैध उत्खनन पर जाहिर की कड़ी नाराजगी

बिलासपुर हाईकोर्ट ने बिलासपुर में अवैध रेत उत्खनन के मामले को गंभीर माना है. कोर्ट ने अरपा नदी में हो रहे अवैध उत्खनन पर कड़ी नाराजगी भी जाहिर की है. रेत के अवैध उत्खनन को लेकर लगी याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डबल बैंच में बुधवार को सुनवाई हुई. इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कैसे पर्यावरण का संरक्षण हो पाएगा जब पर्यावरण की धज्जियां उड़ाई जा रही है. उन्होंने कहा की विभाग आंखें बंद कर बैठा हुआ है. वहीं इस मामले में खनिज विभाग के सचिव से शपथपत्र में जवाब भी तलब किया है. उन्होंने बेहद स्पष्ट और सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि शपथ पत्र में यह स्पष्ट करें कि अवैध उत्खनन से व्यक्तिगत कार्रवाई और संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना की क्या कार्रवाई की गई है? दरअसल, अरपा अर्पण महा अभियान समिति और अन्य याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है. अरपा अर्पण महाअभियान के वकील अंकित पांडे ने 1 जनवरी 2024 से लेकर 7 सितंबर 2024 तक की खबर का कवरिंग मेमो डीबी के सामने पेश किया. वहीं चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने भी लोखंडी में अवैध उत्खनन की खबर पर संज्ञान लिया. इस मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी.

राज्योत्सव 2024 में अनोखी पहल : किसानों और आमजनों ने ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारियां

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्योत्सव-2024 में ग्रामोद्योग विकास विभाग द्वारा शिल्पग्राम में लगाए गए स्टॉल में रेशम उत्पादन की प्रक्रिया समझने और रेशम की खेती के लिए किसानों और आमनागरिक बड़ी संख्या में ठहर रहे। विभागीय स्टॉल में प्राकृतिक स्वरुप में रेशम के कीड़ों को देखने के लिए हर वर्ग के लोगों में विशेषकर बच्चे विशेष रूचि दिखा रहे| इस अवसर पर स्टॉल में तरह-तरह के रेशम बीजों का भी प्रदर्शन किया गया है, जिनमें विशेष रूप से मलबरी सफेद कोया, मलबरी रंगीन कोया, मलबरी पीला मैसूर, मलबरी सफेद रिल्ड, टसर स्पन धागा, टसर बाना धागा, डाबा पालित कोसा एवं रैली साबू बीजों को प्रदर्शित किया गया है| जिनसे कोसा सिल्क, मलबरी सिल्क, बनारसी, कांजीवरम की साड़ियां बनाई जाती हैं। विभागीय स्टाल में आए किसानों और आमजनों ने ग्रामोद्योग विकास विभाग की योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारियां ली| गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ कोसा उत्पादन एवं कोसा वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वन आधारित ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के संकल्प को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ टसर उत्पादन के क्षेत्र में परम्परागत रूप से विशिष्ट स्थान रखता है। रेशम प्रभाग के योजनाओं के जरिए ग्रामीण अंचल में निवासरत जरूरतमंद परिवारों को रोजगार, स्व-रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं। टसर रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम, पालित डाबा टसर ककून उत्पादन योजना, नैसर्गिक बीज प्रगुणन एवं कोसा उत्पादन योजना, टसर धागाकरण जैसी योजनाओं का संचालन कर मलबरी रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम लघु निर्माण अंतर्गत रेशम एवं टसर केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर स्टॉल में आए लोगों ने निजी क्षेत्र में एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन को बढ़ावा देने के लिए संचालित नवीन शहतूत रेशम बाड़ी योजना के बारे में भी जाना। प्रदेश में शहतूत रेशम को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण क्षेत्र में रेशम पालन के जरिए स्थायी रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए एक एकड़ शहतूत पौधरोपण एवं कीटपालन के लिए नवीन योजना शहतूत रेशम बाड़ी योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत शहतूत का पौधरोपण एवं संधारण, कीटपालन भवन एवं उपकरण और सिंचाई सुविधा के अंतर्गत उपकरण के लिए सहायता राशि प्रदान किया जाएगा, जिससे कृषक शहतूती रेशम उद्योग की स्थापना कर एवं अपने जीविकोपार्जन के लिए स्थायी रोजगार कर सके। इस योजना से जुड़े कृषकों को उनके निजी भूमि में पौधरोपण के उपरांत उन्हें पौधरोपण एवं रेशम कीटपालन से संबंधित सभी तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक माह का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस योजना में प्रवधानित राशि लगभग 5 लाख रुपए है, जिन्हें मदवार प्रदान किया जाता है। इस तरह से छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं सुदूर वनांचल से शहरी क्षेत्रों तक आम जनजीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और उन्हें आर्थिक और सामाजिक स्तर पर मजबूत बना रहे हैं।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी के भाषण को सुना

रायपुर,  नवा रायपुर में 4 से 6 नवंबर तक आयोजित विकास प्रदर्शनी में जनसंपर्क विभाग द्वारा भी स्टाल लगाया गया। इस प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी के छत्तीसगढ़ से जुड़े संस्मरणों के साथ ही 14 अक्टूबर 1977 को संयुक्त राष्ट्र संघ में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का ऑडियो भी आम  जनता के लिए सुलभ कराया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कल राज्योत्सव के विभिन्न स्टालों के अवलोकन के दौरान जनसम्पर्क विभाग के स्टॉल में स्वर्गीय श्री बाजपेयी के ऐतिहासिक भाषण का ऑडियो उपलब्ध होने की जानकारी दी गई, तो उन्होंने उस ऐतिहासिक भाषण को हेडफोन लगाकर पूरे मनोयोग से सुना। भाषण को सुनने के दौरान मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उनकी भावुकता उनके आंखो में भी दिखी। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय बाजपेयी के भाषण का ऑडियो आम जनता के लिए सुलभ कराने के लिए जनसंपर्क विभाग की प्रशंसा की। जनसम्पर्क विभाग की प्रदर्शनी में ‘कैसा हो मेरे सपनों का छत्तीसगढ़‘ पर आंगतुकों द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नाम पर पोस्ट कार्ड भी लिखे गए। स्टॉल के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री को पोस्ट कार्ड का अवलोकन कराया गया।

छत्तीसगढ़ देश के लिए एक मिसाल, यहां विकास के नये कीर्तिमान बन रहे : उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़

  रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के समापन तथा राज्य अलंकरण समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए सबकी भागीदारी की जरूरत है। इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान बढ़चढ़कर होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के लिए एक मिसाल, यहां मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास के नये कीर्तिमान बन रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने राज्य अलंकरण से सम्मानित सभी विभूतियों कोे बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 36 सम्मान, जिन्हें देखकर मुझे ऊर्जा मिली है। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि जब शताब्दी ने पलटी खाई तो छत्तीसगढ़ का उदय हुआ, ये यात्रा यहां तक आ गई है। इसके लिए बहुत शुभकामनाएं देता हूँ, छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, पुरानी कहावत है आज भी कानों में गूंजती है। आप सभी इस कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। इस समारोह में आकर मेरा मन गौरव से भर गया है। छत्तीसगढ़ की पावन धरती समृद्ध सांस्कृतिक जीवन का दस्तावेज है। राष्ट्र के प्रति समर्पण और भारतीयता हमारी पहचान है। वर्ष 2000 में इस राज्य को विशिष्ट पहचान मिली। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को इस अवसर पर याद न करें तो बड़ी चूक होगी। उनकी याद सदैव आती है। राष्ट्रहित पर वे हमेशा अटल और मानवीय भावनाएं के विषय में बहुत कोमल थे। राजनीति में उन्होंने ऐसी सर्जरी की कि किसी को पीड़ा नहीं हुई और तीन राज्य बनाए, मैं उन्हें नमन करता हूँ। आपने पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री को बुलाकर एक बड़ा मापदंड हासिल किया, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बधाई के पात्र हैं। अटल जी ने जो कारीगरी की, उसमें कोई दर्द नहीं था। भाई चारा था। अगले साल छत्तीसगढ़ अपने स्वर्ण युग में प्रवेश करेगा इसका सुखद समन्वय भारत के अमृत काल के साथ हो रहा है। हमें अपनी गौरवमयी विरासत को नहीं भूलना चाहिए। यह मौका है हमारे महापुरुषों को याद करने का। आज जब हम अमृतकाल मना रहे हैं। मुझे और आपको गर्व है कि जिन लोगों ने अपना बलिदान किया, उन्हें दूर दूर जाकर हम उन्हें नमन कर रहे हैं। उनके समक्ष नतमस्तक हो रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीरनारायण सिंह जैसे लोगों  ने विषम हालात में स्वतंत्रता की ज्योति को जलाये रखा, हम उन्हें हमेशा स्मरण करते हैं और इसके लिए जनजातीय दिवस मना रहे हैं। इन महापुरुषों ने निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा की। इस मौके पर आपको मैं चिंतन और मंथन के लिए भी आग्रह करूंगा। सेवा निःस्वार्थ होना चाहिए, इसमें कोई स्वार्थ नहीं होना चाहिए। निःस्वार्थ सेवा के नाम पर या आड़ पर हमारी श्रद्धा को परिवर्तन करने का प्रयास किया जा रहा है। हमारी संस्कृति हजारों साल पुरानी है उस पर प्रहार किया जा रहा है। इस पर हमें सजग होना चाहिए। यह धनबल के आधार पर हो रहा है। भोलेपन के आधार पर हो रहा है। भारत की आत्मा को जीवंत रखने के लिए ऐसी ताकतों को कुचलने की आवश्यकता है। आपसे आग्रह है कि इनसे सचेत रहिये। इन प्रयत्नों में खासतौर पर हमारे आदिवासियों भाइयों को निशाना बनाया जाता है। हमारे भारत की संस्कृति सबको समेटने वाली संस्कृति है। इस विशेषता को बरकरार रखना है। इस राज्य के युवाओं के लिए एक और चिंता का कारण है जिस पर यह सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने नक्सलवाद से लड़ने का काम किया है। सरकार की सकारात्मक नीतियों की वजह से युवाओं को अनेक अवसर मिल रहे हैं। राज्य की गति और देश की प्रगति में बड़ा जुड़ाव है। राज्य की प्रगति और देश की प्रगति एक दूसरे की पूरक है। भारत की विकास यात्रा ने दुनिया को चमत्कृत कर दिया है। दुनिया हमारी तकनीकी प्रगति को देखकर दांतों तले  उंगली दबा रही है। मेरे मन में शंका नहीं है कि छत्तीसगढ़ का देश की प्रगति में बड़ा योगदान रहेगा। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा बेहद समृद्ध है। इस राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। इस ओर ध्यान दिया जा रहा है। नतीजे भी अच्छे आ रहे हैं। यहां की खनिज संपदा जैसे बस्तर का लौह अयस्क, कोरबा का कोयला भारत के औद्योगिक विकास की प्राणवायु है। इस भूमि को धान का कटोरा कहा जाता है। यह राष्ट्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। एक बात मैं जरूर ध्यान दूंगा और आपसे भी आग्रह करूंगा कि राज्य का हित राष्ट्रीय दृष्टिकोण से देखना होगा, राज्य का हित राष्ट्र के हित से अलग नहीं है। प्रदेश के निरंतर विकास के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बधाई देना चाहता हूँ। संविधान दिवस ज्यादा समय दूर नहीं है। आज के नवयुवकों को याद दिलाना चाहूंगा। संविधान हमारी महत्वपूर्ण आधारशिला है इस पर हमारा भविष्य टिका है। संविधान दिवस हर वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है। हर नागरिक को संविधान की अहमियत का एहसास होना चाहिए। इसके आदर्शों का पालन हमारी जिम्मेदारी है। संविधान से खिलवाड़ के हर प्रयास को कुंठित करना चाहिए। आपातकाल देश का काला क्षण था। 21 महीनों तक अधिकारों पर विराम लग गया। हालात इतने भयावह थे कि प्रजातांत्रिक मूल्य नजर तक नहीं आ रहे थे। लाखों लोगों को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया था। इस भयावह कालखंड की जानकारी आज की पीढ़ी को होनी चाहिए। इस राज्य में आईआईटी है। आईआईएम है। जिस पेशे से मैं जुड़ा हूँ उससे भी जुड़ा  हुआ विश्वविद्यालय है जो बहुत प्रतिष्ठित है। राज्य का युवा, महिला एवं हर वर्ग अपना योगदान दे सके, अपना उज्ज्वल भविष्य बना सके, ऐसी नीतियां छत्तीसगढ़ में तैयार हो रही है। यहां प्रशासनिक पारदर्शिता आई है। समाज के हर वर्ग को सशक्त करने का प्रयास हुआ है। राज्य ने हाल ही में एक उद्योग नीति बनाई है इससे नवयुवकों की आशाएं फलीभूत होंगी। केंद्र और राज्य ने युवाओं के लिए इतनी योजनाएं  शुरू की हैं कि युवा अपने उद्यम से अन्य लोगों को भी लाभ दे सकते हैं। इस मौके पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि मैं असम प्रदेश से आता हूं। यह हरा-भरा प्रदेश है। छत्तीसगढ़ और असम राज्य में कई समानताएं … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खनिज विभाग की प्रदर्शनी का किया अवलोकन

रायपुर, छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण और सामरिक महत्व के खनिजों की आकर्षक प्रदर्शनी नवा रायपुर अटल स्थित राज्योत्सव मेला ग्राउंड में लगाई गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 5 नवंबर को प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में सामरिक महत्व के खनिजों की प्रदर्शनी के साथ ही इसके महत्व और उपयोग की जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद और खनिज विभाग के संचालक श्री सुनील जैन भी उनके साथ थे। खनिज विभाग के स्टॉल में आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में, छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपलब्ध महत्वपूर्ण एवं सामरिक महत्व के खनिजों के योगदान को दर्शाया गया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन मिनरल्स में लिथियम, टाईटेनियम, निकल ग्रेफाईट, ग्लुकोनाईट, टिन आदि शामिल है, इन मिनरल्स का उपयोग रक्षा, उर्जा, संचार, अतरिक्ष और परमाणु उद्योगों में किया जाता है। जो देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण है। खनिज विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 में 39 मुख्य खनिज ब्लॉकों का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन की योजना है। देश में महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉको का ई-नीलामी के माध्यम से सफलतापूर्वक आबंटन हेतु खनिज विभाग द्वारा किये गये प्रयास एवं उत्कृष्ट उपलब्धियों को भारत सरकार द्वारा 02 राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है। खनिज विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के किटिकल एवं स्ट्रेटजिक मिनरल्स के 07 ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ राज्य देश का प्रथम राज्य है, जहाँ लिथियम मिनरल्स का जिला कोरबा स्थित कटघोरा लिथियम ब्लॉक की ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन किया गया। है। इन मिनरल्स की खनम् और प्रसस्करण का छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहेगा और देश की प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में छत्तसगढ़ एक महत्वपूर्ण राज्य होगा। वर्ष 2015 में भारत सरकार द्वारा खनिज अधिनियमों एवं नियमों में किये गये व्यापक बदलाव के फलस्वरूप खनिज ब्लॉकों का ईनीलामी के माध्यम से आबंटन का मार्ग प्रशस्त हुआ है जिसके फलस्वरूप अब तक राज्य में कुल 37 मुख्य खनिज ब्लाकों को सफलतापूर्वक नीलाम किया गया है। सफलतापूर्वक आबंटित इन ब्लॉकों में से लौह अयस्क, चूनापत्थर एवं बाक्साईट जैसे बल्क खनिजों के अलावा क्रिटिकल, स्ट्रेटजिक एवं डीपसीटेड मिनरल्स जैसे ग्रेफाईट, ग्लूकोनाईट, निकल क्रोमियम पीजीई एवं गोल्ड के 09 खनिज ब्लॉक्स का सफलतापूर्वक आबंटन किया गया है। छत्तीसगढ़, देश में पहला राज्य है जहां सर्वप्रथम चूनापत्थर खनिज ब्लॉक का आबंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया गया एवं इसी प्रकार देश में पहला लीथियम ब्लॉक का आबंटन भी छत्तीसगढ़ में हुआ है। प्रदेश में नीलामी के माध्यम से अब तक आबंटित 37 मुख्य खनिज ब्लॉकों से राज्य को रायल्टी, डीएमएफ एवं एनएमईटी के अतिरिक्त, खदान अवधि में, लगभग एक लाख 25 हजार करोड़ से अधिक की राशि बतौर ऑक्शन प्रीमियम प्राप्त होगा।  

छत्तीसगढ़ के 36 अलंकरण से विभूतियों एवं संस्थाओं को उप राष्ट्रपति धनखड़ ने किया सम्मानित

रायपुर उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड ने आज छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ के 36 अलंकरण से विभिन्न क्षेत्रों से उत्कृष्ट योगदान देने वाले 37 विभूतियों एवं 4 संस्थाओं को सम्मानित किया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने समारोह की अध्यक्षता की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहे।    राजधानी नवा रायपुर में राज्योत्सव के तीसरे दिन राज्य की महान विभूतियों के नाम से अलंकरण प्रदान करने समारोह का आयोजन किया गया। राज्य अलंकरण समारोह में उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासी पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार श्री बुटलू राम माथरा को प्रदान किया। इसी प्रकार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिया जाने वाला अहिंसा एवं गौ-रक्षा के क्षेत्र में यति यतनलाल सम्मान मनोहर गौशाला खैरागढ़, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गुण्डाधूर सम्मान सुश्री छोटी मेहरा, खेल (तीरंदाजी) के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान श्री विकास कुमार को प्रदान किया गया। इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला उत्थान के क्षेत्र में मिनीमाता सम्मान के लिए सतनामी महिला समिति कोहका जिला दुर्ग को, महिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस तथा आत्मबल को सशक्त बनाने के लिए वीरांगना रानी अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार श्रीमती अदिती कश्यप और महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थान के लिए माता बहादुर कलारिन सम्मान कुमारी चित्ररेखा सिन्हा, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक चेतना और दलित उत्थान के क्षेत्र में गुरू घासीदास सम्मान श्री राजेन्द्र रंगीला (गिलहरे), सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में ठाकुर प्यारेलाल सम्मान श्री शशिकांत द्विवेदी को प्रदान किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम जशपुरनगर, जिला जशपुर, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान डॉ. सत्यभामा आडिल, संस्कृति विभाग द्वारा संगीत एवं कला के क्षेत्र में चक्रधर सम्मान पं. श्री सुधाकर रामभाऊ शेवलीकर को प्रदान उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने प्रदान किया। संस्कृति विभाग द्वारा लोककला एवं शिल्प के क्षेत्र में दिया जाने वाला दाऊ मंदराजी सम्मान श्री पंडीराम मंडावी को प्रदान किया गया। संस्कृति विभाग द्वारा ही छत्तीसगढ़ी लोकगीत के लिए लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान श्रीमती निर्मला ठाकुर (बेलचंदन) और छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के लिए खुमान साव सम्मान श्री दुष्यंत कुमार हरमुख, कृषि विभाग द्वारा कृषि के क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान संयुक्त रूप से श्री शिवकुमार चंद्रवंशी और श्री खेमराज पटेल को प्रदान किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए महाराजा अग्रसेन सम्मान श्री सियाराम अग्रवाल, समाज कल्याण विभाग द्वारा दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के क्षेत्र में दानवीर भामाशाह सम्मान श्री सुभाष चंद अग्रवाल, मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्रीमती बिलासाबाई केंवटीन मत्स्य विकास पुरस्कार श्री विनोद दास को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदान किया।   आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासियों की सेवा और उत्थान के क्षेत्र में दिया जाने वाला भंवर सिंह पोर्ते सम्मान छत्तीसगढ़ आदिवासी कल्याण संस्थान अनुपम नगर रायपुर को प्रदान किया गया। श्रम विभाग द्वारा श्रम के क्षेत्र में महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव पुरस्कार संयुक्त रूप से सुरेन्द्र कुमार राठौर, श्री शोभा सिंह एवं श्री ललित कुमार नायक को प्रदान किया गया। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा अपराध अनुसंधान क्षेत्र में पंडित लखन लाल मिश्र सम्मान श्री रामनरेयश यादव, ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर क्षेत्र में बिसाहूदास महंत पुरस्कार संयुक्त रूप से श्री पन्नालाल देवांगन और श्री बहोरी लाल देवांगन को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदाय किया। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर के क्षेत्र में राजराजेश्वरी करूणामाता हाथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार संयुक्त रूप से श्री सत्यनारायण देवांगन एवं श्री अरूण मेहर को प्रदान किया गया। संस्कृति विभाग द्वारा प्रदर्शनकारी लोककला क्षेत्र में देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार श्री भगत गुलेरी, संस्कृति विभाग द्वारा लोक शैली पंथी नृत्य प्रदर्शनकारी कला क्षेत्र में देवदास स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार श्री साधे लाल रात्रे, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा, निर्माण के क्षेत्र में किशोर साहू सम्मान श्री प्रकाश अवस्थी, संस्कृति विभाग द्वारा ही हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के लिए दिया जाने वाला किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण श्री सतीश जैन को प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए धनवन्तरि सम्मान डॉ. मनोहर लाल लहेजा को प्रदान किया गया। विधि एवं विधायी विभाग द्वारा विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान संयुक्त रूप से श्री सुरेन्द्र तिवारी और श्री प्रकाश चंद्र पंत को, संस्कृति विभाग द्वारा देश के बाहर सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास, कला, साहित्य अथवा आर्थिक योगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान श्री आनंद कुमार पांडे, संस्कृति विभाग द्वारा साहित्य, आंचलिक साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार डॉ. पीसी लाल यादव को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदान किया। जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकरिता प्रिंट मीडिया हिन्दी के क्षेत्र में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार श्री भोलाराम सिन्हा, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) के क्षेत्र में श्री मोहन तिवारी, प्रिंट मीडिया (अंग्रेजी) के क्षेत्र में मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार श्री मुकेश एस. सिंह, रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा क्षेत्र में प्रदाय किए जाने वाले पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान श्री अतुल जैन को प्रदान किया गया।

छठ पूजा का पर्व सूर्य देवता की उपासना और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का महान अवसर: मंत्री देवांगन

रायपुर नगर विधायक व वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने जिले व प्रदेशवासियों को छठ पूजा की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान भास्कर व छठी मइया सबकी मनोकामना पूर्ण करें। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि छठ पूजा का पर्व सूर्य देवता की उपासना और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का महान अवसर है। यह पर्व प्रकृति और मानव के बीच के प्रेम को दशार्ता है। सूर्य देवता की आराधना से हम जीवन के हर पहलू में सकारात्मकता और नई ऊर्जा का अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि छठ पूजा का महत्व सिर्फ धार्मिक आस्था में नहीं, बल्कि हमारे समाज की सांस्कृतिक, एकता और सौहार्द्र में भी निहित है। यह पर्व हमें एकजुट कर हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने की प्रेरणा देता है। इसके साथ ही मंत्री श्री देवांगन ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन से छठ पूजा के दौरान सभी प्रमुख छठ घाटें में पर्याप्त लाइट, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रायपुर पहुँचे उपराष्ट्रपति धनखड़, राज्य अलंकरण से विभूषित होंगी विभूतियां

रायपुर, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज शाम स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचे। राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एयरपोर्ट पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साहू, गुरु खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा ने भी उपराष्ट्रपति का पुष्प गुच्छ भेंटकर  स्वागत किया। गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य अतिथ्य में आज 6 नवंबर को संध्या 6 बजे से नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव राज्य अलंकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का समापन समारोह होना है। राज्य अलंकरण समारोह में   उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ के करकमलों से विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभूतियों एवं संस्थाओं को राज्य अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस राज्योत्सव-2024 का आयोजन 4 नवंबर से किया जा रहा है। राज्योत्सव का भव्य शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा किया गया था। तीन दिवसीय राज्योत्सव में शासन के सभी विभागों द्वारा भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जा रहा है।

बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर ट्रेन रवाना, मंत्री देवांगन ने दिखाई हरी झंडी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा शुरू की गई श्रीरामलला दर्शन योजना को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर आज विशेष ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस विशेष ट्रेन को श्रम और उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सिंह चौहान ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। अयोध्या धाम यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का स्टेशन में भव्य स्वागत किया गया। गाजे बाजे और पारंपरिक नृत्य से उनका स्वागत हुआ। ये श्रद्धालु काशी विश्वनाथ का भी दर्शन करेंगे। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर भजन गाते हुए विशेष ट्रेन में सवार होकर यात्री रवाना हुए। सभी श्रद्धालुओं की रामलला के दर्शन की अभिलाषा पूरी होने जा रही है। ये श्रद्धालु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति दिल से आभार व्यक्त कर रहे थे। श्रद्धालुओं का कहना था कि मुख्यमंत्री ने अपना वादा निभाया है और सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना से अयोध्या जाने की उनकी इच्छा पूरी हो रही है। यह उनका सौभाग्य है। कोरबा जिले के श्री हरि प्रसाद मैत्री, श्री मनमोहन साहू, श्री बनवारी पटेल, बिलासपुर जिले की श्रीमती उषा वाजपेयी भी अयोध्या श्री रामलला दर्शन के लिए जा रहे है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गो को तीर्थ यात्रा कराकर सरकार पुण्य का काम कर रही है। उम्र के इस पड़ाव में सभी को तीर्थ यात्रा की इच्छा रहती है लेकिन आर्थिक कठिनाईयों के चलते संभव नहीं हो पाता है। हम सरकार के आभारी है कि उन्होंने हमारी ये इच्छा पूरी की। अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई इस विशेष ट्रेन में बिलासपुर जिले के 225 यात्री भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलेगा जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां ठहरने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहेगी। इस ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सकों का दल भी मौजूद रहेगा। इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री आरपी चौहान, एसडीएम श्री पीयूष तिवारी, श्री रामदेव कुमावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ का राज्योत्सव : एक्स पर देशभर में दूसरे नंबर पर कर रहा ट्रेंड

    एक्स पर छाया रहा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव- 2024 रायपुर,  सोशल मीडिया एप एक्स पर आज छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2024 देशभर में दूसरे नंबर पर ट्रेंड करता रहा है। तीन दिवसीय इस राज्योत्सव का भव्य आयोजन 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक राज्योत्सव स्थल, नया रायपुर अटल नगर में किया गया, जहां देश के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने छत्तीसगढ़ आकर अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनकड़, राज्यपाल श्री रमेन डेका,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की मौजूदगी में समापन अवसर पर राज्य अलंकरण पुरस्कार भी दिए गए । राज्योत्सव में हुई सभी प्रस्तुतियों की लाइव स्ट्रीमिंग देश-विदेश के लोगों ने देखा और बढ़-चढ़कर राज्योसव के सभी कार्यक्रमों का हिस्सा भी बने। आज देशभर में दिन भर सोशल मीडिया एप एक्स पर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2024 ट्रेंड करता रहा। गौरतलब है कि आज राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव के समापन अवसर पर उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ बतौर मुख्य आतिथ्य शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं राज्य स्थापना दिवस का उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था।

मंत्री राजवाड़े बोली – हर क्षेत्र में नई बुलंदियों को छू रहा है छत्तीसगढ़

रायपुर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलरामपुर के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग व जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं। इस दौरान करमा नृत्य से उनका भव्य स्वागत किया गया। तत्पश्चात् मुख्य मंच पर मंत्री ने सरस्वती माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महिला बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने उपस्थित जनसमुदाय को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। राज्य बने हुए 24 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में विकास देखने को मिल रहा है। शिक्षा हो या स्वास्थ्य हर क्षेत्र में राज्य नई बुलंदियां छू रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में निरंतर विकास की पथ पर अग्रसर हो रहा है। डबल इंजन की सरकार सारे वादों को पूर्ण कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर वर्ग के लिए कार्य कर रही है। प्राथमिकता से किसान, महिलाएं हर जरूरतमंद परिवार को लाभान्वित किया जा रहा है। युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि महतारी वन्दन योजना के द्वारा 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 179 महतारी सदन निर्माण के लिए 52 करोड़ 20 लाख की स्वीकृति दे दी गई है। साथ ही छत्तीसगढ़ में 08 लाख 46 हजार 931 आवासों के निर्माण की स्वीकृति भी दे दी है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 07 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वनवास काल के दौरान भगवान श्री राम ने जिन स्थानों पर प्रवास किया, उन्हें हमारी सरकार पर्यटन तीर्थ के रूप में संवार रही है। आने वाले समय में हमारी सरकार प्रदेश में पर्यटन का और विकास करेगी। पर्यटन के माध्यम से रोजगार के अवसरों का सृजन किया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ होगा और उनका जीवन स्तर ऊँचा उठेगा। सामरी विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव पर बधाई देते हुए मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य बनने के संदर्भ में संक्षिप्त जानकारी दी। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े को कलेक्टर ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।

श्रीवास्तव बोले – कांग्रेस द्वारा पूज्य बागेश्वर धाम की यात्रा का विरोध निंदनीय

रायपुर धर्मांतरण के खिलाफ बाबा बागेश्वर धाम सरकार की पदयात्रा को लेकर कांग्रेस के पेट में उठ रहे मरोड़ पर करारा कटाक्ष करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि बाबा बागेश्वर धाम सरकार की धर्मांतरण के खिलाफ यात्रा से कांग्रेस घबराई हुई है क्योंकि कांग्रेस हमेशा साम्प्रदायिक तुष्टीकरण और धर्मांतरण की पक्षधर रही है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा प्रलोभन देकर या जबरिया धर्मांतरण के खिलाफ है और हम इस यात्रा का स्वागत करते है। कांग्रेस संतों को सलाह देने की राजनीतिक धृष्टता से बाज आए। श्रीवास्तव ने कहा कि धर्मांतरण की समर्थक कांग्रेस और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को जरूर यह खराब लग रहा होगा कि धर्मांतरण के खिलाफ बागेश्वर धाम सरकार पदयात्रा कर रहे हैं। इससे कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। बागेश्वर धाम को सलाह देनी वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को आड़े हाथों लेते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिन कानूनों पर कांग्रेस को विश्वास नहीं है, जिस कानून का उल्लंघन कांग्रेस के नेता करते हैं, प्रदेश कांग्रेस के नेता करते हैं, उनके मुँह से कानून की बात कतई शोभा नहीं देती। इसका ताजा उदाहरण बलरामपुर, सूरजपुर, बलौदाबाजार और अभी हाल ही दामाखेड़ा के आश्रम पर हमले की घटनाएँ इस बात को चिह्नित करती हैं। केवल, और केवल तुष्टीकरण करके अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने और सनातन संस्कृति के खिलाफ धर्मांतरण का एजेंडा चलाने वाली कांग्रेस अब नैतिक और राजनीतिक, दोनों ही स्तर पर इस देश के संतों को किसी भी प्रकार की सलाह देने का अधिकार खो चुकी है। श्रीवास्तव ने कहा कि कानून से ज्यादा मजबूत इस देश के नागरिक हैं, जो सब इस बात को समझते हैं कि देशहित में धर्मांतरण ठीक नहीं है। लोक-लुभावन प्रलोभन, पैसे का लालच देकर धर्मांतरण करवाना, यह कांग्रेस की सत्ता-पिपासा का एजेंडा हो सकता है, लेकिन यह देश के नागरिकों के लिए उचित नहीं है। भाजपा बागेश्वर धाम सरकार की इस पदयात्रा का स्वागत करती है। इस देश में, इस प्रदेश के अंदर में धर्मांतरण का न तो कोई स्थान है और न ही कोई औचित्य है। हम सब धर्मांतरण का विरोध करते हैं। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि धर्मांतरण को पोषित करना दीपक बैज और कांग्रेस की मजबूरी हो सकती है और इसलिए वह वोट बैंक की खातिर धर्मांतरण का सहारा ले रही है।

छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए भारतीय रेल द्वारा इस वर्ष चलाई 7,724 विशेष गाडियाँ

रायपुर दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए भारतीय रेल द्वारा इस वर्ष 7,724 विशेष गाडियाँ चलाई जा रही हैं, जबकि पिछले साल 4,500 विशेष गाडियाँ चलाई गई थीं। इसके साथ ही स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष प्रबंध किए हैं, जिसमें कतारबद्ध तरीके से ट्रेन में प्रवेश की व्यवस्था के साथ भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मचारी और रेल सुरक्षा बल के जवान शामिल है। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से अनेक पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। सनतनगर-रायपुर-सनतनगर के मध्य, दुर्ग-अमृतसर-दुर्ग एवं बिलासपुर-हडपसर-बिलासपुर के लिए दीपावली एवं छठ पूजा स्पेशल ट्रेन की सुविधा दी जा रही है। सनतनगर-रायपुर-सनतनगर के मध्य 2 फेरे के लिए दीपावली एवं छठ पूजा स्पेशल ट्रेन की सुविधा दी जा रही है। यह ट्रेन सनतनगर से रायपुर के लिए 07023 नंबर के साथ 7 एवं 14 नवंबर, को रवाना होगी। इसी प्रकार रायपुर से सनतनगर के लिए 07024 नंबर के साथ 8 एवं 15 नवंबर को चलेगी। इस ट्रेन में 02 एसएलआर/एसएलआरडी, 02 सामान्य, 11शयनयान, 07 एसीथ्री, 02 एसीटू- सहित 24 कोच रहेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08795/08796 दुर्ग-अमृतसर-दुर्ग, फेस्टिवल स्पेशल, दुर्ग से 7 एवं 10 नवंबर को तथा अमृतसर से 9 एवं 12  को दो फेरे के लिए चलेगी। यह गाड़ी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर, उसलापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर एवं शहडोल स्टेशनों में ठहरेगी। 08795 दुर्ग-अमृतसर फेस्टिवल स्पेशल दुर्ग से 11.10 बजे रवाना होगी तथा रायपुर 11.45 बजे, उस्लापुर 14.05 बजे, पेंड्रारोड 15.42 बजे, अनूपपुर 16.25 बजे, शहडोल 17.12 बजे, कटनी मुड़वारा 21.05 बजे, दमोह 22.45 बजे, सागर 23.45 बजे, दूसरे दिन बीना मालखेड़ी 01.08 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई 05.05 बजे, ग्वालियर 07.28 बजे, आगरा केंट 09.38 बजे, दिल्ली सफदरगंज 14.25 बजे, अंबाला केंट 18.05 बजे, ढंडारी कला 19.42 बजे, जालंधर 22.00 बजे होते हुए 00.05 बजे अमृतसर स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार 08796 अमृतसर-दुर्ग फेस्टिवल स्पेशल अमृतसर से 01.50 बजे रवाना होगी तथा जालंधर 02.55 बजे, ढंडारी कला 04.15 बजे, अंबाला केंट 05.55 बजे, दिल्ली सफदरगंज 10.18 बजे, आगरा केंट 14.58 बजे, ग्वालियर 17.28 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई 20.35 बजे, दूसरे दिन बीना मालखेड़ी 00.08 बजे, सागर 01.15 बजे, दमोह 02.20 बजे, कटनी मुड़वारा 04.05 बजे, शहडोल 06.40 बजे, अनूपपुर 07.25 बजे, पेंड्रारोड 08.10 बजे, उस्लापुर 10.35 बजे, रायपुर 12.55 बजे होते हुए 14.05 बजे दुर्ग स्टेशन पहुंचेगी। बिलासपुर से हड़पसर (पुणे) स्टेशन के लिए स्पेशल ट्रेन 08295/08296 बिलासपुर-हडपसर-बिलासपुर त्योहार स्पेशल एक फेरे के लिए चलाई जा रही। यह गाड़ी 08295 नंबर के साथ बिलासपुर से हडपसर के लिए 8 नवंबर को एवं 08296 नंबर के साथ हडपसर से बिलासपुर के लिए 9 नवंबर 2024 को रवाना होगी।

स्वदेशी मेला का आयोजन 15 से, संयोजक ललित माखीजा द्वारा भूमि पूजन

बिलासपुर स्वदेशी मेला 2024 साइंस कॉलेज मैदान सरकंडा बिलासपुर  में 15 नवंबर से 21 नवम्बर 2024 तक आयोजित है।मेला स्थल पर आज सुबह 10 बजे भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के सदस्य व मेला संयोजक समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे। इस वर्ष मेला संयोजक डॉ ललित मखीजा, युगल शर्मा को सह संयोजक सर्वसम्मती से बनाया गया। भूमि पूजन कार्यक्रम में  सीबीएमडी  प्रबंधक सुब्रत चाकी डॉ सुशील श्रीवास्तव, अरुणा दीक्षित, गोपाल शर्मा, गुलशन ऋषि,रामदेव कुमावत, डॉ नीता श्रीवास्तव, नारायण गिरी गोस्वामी, सौमित्र गुप्ता, लक्की बंजारे, शोभा कश्यप, चंदना गोस्वामी, अशोक श्रीवास्तव, कमल छाबड़ा, सुशांत द्विवेदी, जी आर जगत, जयेश पांचाल, तुषार पांसे, अभिजीत मित्रा,  भृगु अवस्थी, बबिता ताम्रकार, चानी ऐरी सहित स्वदेशी मेला 2024  के सदस्य उपस्थित थे । 9 नवम्बर को मेला प्रांगण में हनुमान पाठ का आयोजन किया जाएगा।

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