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MP : भाजयुमो नेता ने किया रेप, वीडियो बनाया, 10 लाख रुपए के लिए करता रहा ब्लैकमेल

जबलपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के खिलाफ एक महिला से रेप करने और 10 लाख रुपए के लिए ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोपी का पीड़ित महिला के घर आना जाना था। पति की गैर मौजूदगी में उसने महिला को नशीला शरबत पिलाकर रेप किया और वीडियो बना लिया। महिला थाने में पीड़िता की शिकायत पर रेप व ब्लैकमेलिंग का प्रकरण दर्ज हुआ है। जानकारी के अनुसार भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष राजेश उर्फ सोनू का अपने ही वार्ड निवासी एक महिला के घर आना-जाना था। महिला का पति सरकारी नौकरी में बाहर है। वर्ष 2019 में महिला घर में अकेली थी, तभी आरोपी पहुंचा। उसने शरबत पीने बनाने के लिए कहा। महिला शरबत लेकर आई तो उसे फिर पानी लाने भेज दिया। इसके बाद महिला के गिलास में नशीला पदार्थ मिला दिया। अर्द्धबेहोशी हालत में महिला से किया रेप अर्द्धबेहोशी हालत में महिला के साथ रेप किया और उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। फिर ब्लैकमेल कर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। महिला आरोपी की हरकतों से तंग आ गई। परेशान होकर सितंबर 2020 में वह पति के पास रहने चली गई। आरोपी की हरकत इसके बाद भी नहीं रुकी। वह महिला को सोशल काॅल कर ब्लैकमेल करने लगा। ब्लैकमेल कर मांग रहा था 10 लाख रुपए उसे धमकी देकर 10 लाख रुपए मांगने लगा। वह महिला पर वापस आने का भी दबाव बनाने लगा। महिला द्वारा मना करने पर आरोपी ने उसके पति के पास महिला की आपत्तिजनक फोटो और बातचीत के अंश मैसेज कर दिए। पति ने पीड़िता से सच्चाई पूछी तो उसने सारा हाल कह सुनाया। इसके बाद पीड़िता को लेकर उसका पति जबलपुर आया और महिला थाने में आरोपी राजेश श्रीवास्तव के खिलाफ रेप, ब्लैकमेलिंग व धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया है। सीएसपी कोतवाली दीपक मिश्रा के मुताबिक आरोपी फरार चल रहा है। उसकी तलाश की जा रही है।

MP : हम सोते रह गए वो लाखों के गहने, कैश समेटकर प्रेमी के साथ भाग गई

भिंड.  एक धोखेबाज पत्नी  अपने दो मासूम बच्चों, पति, ननद, सास-ससुर सहित 10 लोगों को खाने में नींद की हैवी डोज देने के बाद महिला प्रेमी के साथ भाग गई। रेशमा, घर की अलमारी से करीब 15 तौला सोना, 3 लाख रुपए नकद भी ले गई है। परिवार के 10 सदस्य ग्वालियर के JAH में इलाज करा रहे हैं। घटना से सबसे ज्यादा आहत रेशमा के दो बच्चे और पति है। पति जावेद का कहना है कि उसने इतने प्यार से कभी खाना नहीं खिलाया जितना शनिवार रात को खिला रही थी। पूरी-सब्जी में नींद की हैवी डोज मिलाई थी। खाना खाने के बाद किसी को होश नहीं था। वो हमें मौत की नींद सुलाना चाहती थी। महिला की दो शादी हो चुकी है। जिसके साथ वह भागी है उसका नंबर तीसरा है। रिश्ते में वह उसका ननदोई लगता है। यह है पूरी घटना शनिवार रात 8 बजे भिंड के बरासों निवासी 60 वर्षीय मुंशी खान के घर में बहू रेशमा पत्नी छोटू उर्फ जावेद खान ने पूरी सब्जी बनाई थी। बिना त्योहार के हलवा व पूरी सब्जी पर सभी को हैरत तो हुई थी, लेकिन बहू ने बनाई और प्यार से परोसी तो सभी ने खूब पेट भरकर खाई। रविवार सुबह जब पड़ोसी में रहने वाला चचेरा भाई नूर मोहम्मद खान अपने मुंशी के घर पहुंचा तो अंदर का नजारा दिल दहला देने वाला था। अंदर घर में चाचा मुंशी खान, चाची मेहमूदन बेगम सहित 10 लोग बेहोश पड़े थे। बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था। घर की बहू रेशमा उसका छोटा बेटा जीशान गायब थे। तत्काल नूर मोहम्मद से अन्य रिश्तेदारों को बुलाया और उनको अस्पताल पहुंचाया। वहां जहर खुरानी का पता लगा। हालत गंभीर थी तो तत्काल सभी 10 सदस्यों को ग्वालियर रैफर कर दिया गया। ग्वालियर के JAH में उनका इलाज चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर है। घर की छानबीन की तो रेशमा 15 तौला सोना, 3 लाख रुपए नकद भी ले गई है। वह अपने प्रेमी ननदोई लोहकन खान निवासी अहरोली थाना अटेर के साथ भागी है। प्यार में बने रोडा, तो रास्ते से हटाने की रच दी साजिश 35 वर्षीय रेशमा का अपने ननदोई लोहकन खान से काफी मेल जोल था। यह मेल मिलाप उस समय बढ़ा जब रेशमा के पहले पति की 4 साल पहले मौत हुई। उस समय लोहकन का घर आना जाना शुरू हुआ तो दोनों के बीच एक अनजाना रिश्ता पनप गया। रेशमा के मायके और ससुराल पक्ष ने उसकी शादी पति के ही छोटे भाई छोटू उर्फ जावेद खान से कर दी। सोचा रेशमा के दो बच्चों का पालन पोषण चाचा पिता बनकर करेगा। रेशमा ने उस समय तो शादी कर ली, लेकिन उसके मंसूबे कुछ और थे। जब उसके ननदोई से प्रेम का राज खुला तो घर वालों ने उसके बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी। जब पूरा परिवार प्यार में रोड़ा बना तो उसने शनिवार की रात सभी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। ज्यादातर समय देखती थी क्राइम इंवेस्टीगेशन सीरियल रेशमा के बारे में पता लगा है कि वह अक्सर TV पर आने वाले क्राइम इंवेस्टीगेशन सीरियल देखती रहती थी। उसकी कहानी भी किसी सीरियल से कम नहीं थी। हो सकता है जिस तरह उसने सबको खाने में नींद की दवा मिलाकर भागने का कारनामा किया है वह किसी सीरियल की कहानी से ही सीखा हो। पूरी सब्जी खाने से इनकी जान पर बन आई रेशमा के हाथ का खाना खाने के बाद उसके ससुर मुंशी खान, सास मेहमूदन बेगम, चचिया सास गुड्‌डी, देवर इलियास, देवरानी निशा, बेटा कामिल, बेटी आफरीन, पति जावेद उर्फ छोटू, देवर रियाजउद्दीन, ननद अहाना की जान पर बन आई थी। यदि कुछ देर और इलाज नहीं मिलता तो इनमें से कुछ की जान जाना पक्का था। छोटे बेटे को साथ ले गई रेशमा घर से नकदी और गहने समेटकर भागने से पहले छोटे बेटे जीशान काे साथ ले गई है। जीशान अभी 3 साल का है। यह उसकी जावेद से दूसरी शादी के बाद हुआ था। जीशान को वह काफी चाहती थी। दो बच्चों कामिल और आफरीन जो मां-मां कहते नहीं थकते थे, उनका ख्याल नहीं किया।

MP : सूदखोरों ने सराफा कारोबारी के बेटे को अगवा किया, पीटकर हत्या, शव सड़क किनारे फेंका

इंदौर। इंदौर में सराफा कारोबारी के बेटे की एक सूदखोर ने जान ले ली। सूदखोर ने कारोबारी के बेटे को दिनदहाड़े अपने चार दोस्तों की मदद से कार में किडनैप कर लिया था। शहर की सड़कों पर घूमाते रहे और पीट-पीट कर हत्या कर दी। हत्या के पीछे लेन-देन की बात सामने आई है। युवक के भाई की माने तो सूदखोर ने किसी तीसरे व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपए दिए थे, जिसकी गारंटी उसके भाई ने दी थी। बस उसी रुपए के लिए उसने भाई का किडनैप किया था। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि मौत के बाद आरोपी उसे कार में लेकर रात भर घूमते रहे। सुबह सड़क किनारे लाश फेंक कर भाग निकले। व्यंकटेश नगर निवासी अरविंद सोनी पुत्र दिनेश सोनी (39) पहले तेजाजी नगर बायपास पर ढाबा चलाता था। लेकिन लॉकडाउन में आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर वह अभी कालानी नगर में औषधि भंडार पर काम करता था। उसके भाई अभिषेक और पिता दिनेश का सराफा में कामकाज हैं। साथ ही पिता प्रॉपर्टी ब्रोकर भी हैं। भाई ने ही एरोड्रम थाने पर शुक्रवार शाम को अरविंद की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। उसने पल्हर नगर में रहने वाले ब्याज का काम करने वाले कृष्णा मालवीय पर आशंका जताई थी। अगले दिन सनावदिया के पास अरविंद का शव मिला है। उसके शरीर पर मारपीट के काफी निशान थे। काफी खून भी निकला था। जेब में सिम मिली तो दूसरे फोन में सिम डाल किया काॅल खुडै़ल पुलिस के एएसआई विक्रम सिंह सोलंकी के अनुसार शनिवार सुबह 9.30 बजे तक को घटनास्थल पर कोई नहीं था। सड़क किनारे तो आवाजाही थी, लेकिन 10 बजे बाद सूचना आई कि कोई शव पड़ा है। देखते ही समझ आ गया कि किसी ने उसकी हत्या की है। उसे बेरहमी से पीटा गया है। ऐसा लग रहा है कि उसे रस्सी से भी बांधकर घसीटा और फिर फेंकने में भी उसे चोट लगी है। उसके प्राइवेट पार्ट पर भी वार किया था, इसलिए कपड़े पर खून भी लगा था। उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी, तभी उसकी जेब से एक सिम मिली। उसे एक मोबाइल में लगाया और कुछ नंबर मिले। इसी में से अरविंद के भाई का नंबर मिला। उसे कॉल किया और फिर अरविंद की तस्वीर भेजी। वह पहचान गया। माना जा रहा है कि उसकी रात में ही पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या की गई है और उसके बाद रातभर शव को लेकर घूमते रहे। फिर सुबह उसे फेंक दिया है। रिश्तेदारों का कहना है कि अरविंद ने तेजाजी नगर में ढाबा डाला था। वह भी किराए पर था। यदि कृष्णा से पैसे लिए भी होंगे तो 2-3 लाख से ज्यादा तो नहीं लिए होंगे। फिर वह इतना दबाव क्यों डाल रहा था। अऱविंद के परिजन को इसकी जानकारी थी कि कृष्णा को पैसे देना है, लेकिन यह नहीं पता था कि वह हत्या कर देगा। कृष्णा के साथ और भी आरोपी हैं, उन्हें भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उधर, भाई अभिषेक का कहना है कि कृष्णा से उधार नहीं लिए थे। अरविंद के किसी दोस्त ने पैसे लिए थे, जिसकी गारंटी ली गई थी। वह तो भाग गया और कृष्णा अरविंद के पीछे लग गया। पता चला है कि मृतक का एक 13 साल का बेटा है।

जिससे शादी के लिए युवती ने धर्म तक बदला, उसी पति ने गला घोंटकर मार डाला

छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 20 साल के पति ने पत्नी की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि उसने बाहर घुमाने की जिद की थी। हत्या के बाद शातिर पति उसका शव लेकर अस्पताल गया और बीमारी का बहाना बनाकर डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत बता दिया। साथ ही पुलिस को सूचना देकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। 30 दिन बाद जब युवती की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आई , जिसमें पता चला कि महिला की गला घोंट कर हत्या की गई है। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो पति ने हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि दमुआ नंबर आठ निवासी सिद्धार्थ उर्फ बिट्टू हलदार (20) ने दूसरे धर्म की रिजवाना (20) से एक साल पहले लव मैरिज की थी। विवाह के बाद रिजवाना का नाम सीमा हलदार रखा गया था। सीमा ने किसी काम के लिए 15 सौ रुपए मांगे थे और बाहर घुमाने की जिद करने लगी थी। इसी बात को लेकर 25 फरवरी को दोनों में विवाद हुआ। इसी दौरान सिद्धार्थ ने उसकी चुनरी से गला घोंटकर हत्या कर दी। परिजनों के साथ मिलकर पुलिस को धोखा देने के लिए अस्पताल पहुंच गया। PM रिपोर्ट से खुलासा पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपी और उसके परिजनों ने बीमारी की बात कही। पुलिस भी PM रिपोर्ट का इंतजार करने लगी। आरोपी को लगा कि वे बच गए हैं, लेकिन 25 मार्च को पुलिस के पास पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पहुंची, तो पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस पति सिद्धार्थ को थाने ले आई और पूछताछ शुरू की। वह पुरानी बात ही बताता रहा। पुलिस ने जब सख्ती की और PM रिपोर्ट उसके सामने रखी तो वह टूट गया। उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके उसे कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया। बेरोजगार है, एक साल पहले की थी लव मैरिज आरोपी सिद्धार्थ बेरोजगार है। सिद्धार्थ परिवार के साथ ही रहता था। बेरोजगार होने की वजह से सीमा से अकसर उसका विवाद होने लगा था।

MP : अपनी ही सरकार पर फूटा BJP विधायक का गुस्सा, बोले – मेरे 3 लड़के हैं, तीनों ही बेरोजगार

सतनाः मध्य प्रदेश में मैहर से BJP विधायक अक्सर अपनी बयानबाजी के चलते सुर्खियों में रहते हैं. इस बार फिर वे बयान की वजह से चर्चा में आ गए. सतना जिले के रामस्थान में आयोजित एक सभा के दौरान उन्होंने कहा कि मैहर में 25 मार्च को विंध्य प्रदेश बनाने के लिए एक आयोजन होना है. उसी से डर कर प्रदेश सरकार लोगों को कोरोना का भय दिखा रही है. सरकार को खुलेआम ललकारा सतना जिले के रामस्थान में विंध्य प्रदेश बनाने के लिए एक जनसभा आयोजित की गई. जिसमें मैहर से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी भी पहुंचे. इस सभा में प्रदेश की शिवराज सरकार के खिलाफ बगावती अंदाज में भाषण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अगले चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल से टिकट मिलने की चिंता नहीं है. उन्हें यहां की जनता ने चुनाव जिताया है, किसी पार्टी ने नहीं. सब कोई समझा रहा, सत्ता के सुख भोगें बगावत न करें विधायक ने भाषण के दौरान कहा कि मध्य प्रदेश से अलग होकर विंध्य प्रदेश बनाने की मांग वे पिछले कई सालों से कर रहे हैं. लेकिन अब लोग कह रहे हैं कि अभी सत्ता में दो ही साल हुए, आराम से सत्ता का सुख भोगें, बगावत न करें. विधायक ने कहा कि उनके पास कोई धंधा, व्यापार नहीं है, 3 लड़के हैं, तीनों ही बेरोजगार, उन्हें पता ही नहीं सरकार के सुख क्या होते हैं. मैहर की जनता ने उन्हें चार बार चुना बीजेपी विधायक ने कहा कि जब वे कोई ट्रक नहीं चलाते, कोई धंधा नहीं करते तो सरकार उनका कुछ कर भी नहीं सकती. वह बोले, “हमारा विंध्य प्रदेश हमें नहीं देना न दें, लेकिन हम तुम्हारा भी खेल खत्म कर देंगे.” उन्होंने कहा कि यहां कोरोना की नाटक नौटंकी नहीं चलने वाली. मैहर की जनता ने उन्हें चार बार अलग-अलग दल से विधायक बनाया. इसलिए उन्हें किसी भी दल की चिंता नहीं कि वे उन्हें अगले चुनाव में टिकट देंगे या नहीं. 25 की मार्च की सभा को रोकना है, इसीलिए बढ़ा कोरोना सतना के BTI ग्राउंड पर 25 मार्च को विंध्य प्रदेश बनाने के लिए जनसभा होना है. सभा से सरकार हिल रही है, सरकार घबराने लगी है, उनकी ओर से कहा जा रहा है कि बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी. इस सभा को रोकने के लिए ही अब सतना में कोरोना के मरीज बढ़ने लगे हैं. सरकार पूरी ताकत लगाकर 25 मार्च की सभा को रोकने के प्रयास कर रही है. काम आते ही कोरोना आ जाता है विधायक ने बगावती अंदाज जारी रखते हुए कहा कि सरकार कब तक कोरोना का डर बताकर लोगों का खून चूसते रहेगी. ये कब तक बचेंगे? इन्हें जहां कोई काम करना होता है, वहीं कोरोना आ जाता है. कोरोना का भय दिखाकर आंदोलन को कुचलने के प्रयास किए जा रहे हैं. सरकार अब लोगों को डराकर उन्हें घर में रखना चाह रही है. लेकिन मैहर की जनता उनके साथ है, सरकार को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा.

MP : दमोह उपचुनाव: मलैया फैमिली का सरेंडर, बीजेपी ने ली राहत की सांस

दमोह. दमोह विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने राहुल सिंह लोधी को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है. बीजेपी की ओर से राहुल लोधी का नाम पहले से ही तय था. हालांकि अधिकृत तौर पर भी उनके नाम का ऐलान कर दिया गया है. कांग्रेस ने दमोह विधानसभा उपचुनाव के लिए अजय टंडन को अपना प्रत्याशी घोषित किया है. राहुल का नाम बीजेपी की ओर से घोषित होने से पहले मलैया फैमिली का दमोह में सरेंडर हो गया. पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ ने दमोह में मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि वह विधानसभा का उपचुनाव नहीं लड़ेंगे और बीजेपी प्रत्याशी राहुल लोधी के समर्थन में प्रचार करेंगे. सिद्धार्थ मलैया ने साफ किया कि उन्होंने यह फैसला उनके पिता के आदेश के बाद लिया है. हालांकि इससे पहले लगातार यह अटकलें चल रही थी कि अगर उपचुनाव में मलैया फैमिली के सदस्य को टिकट नहीं मिलता है तो फिर वह बागी होकर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं. प्रदेश संगठन की समझाइश के बाद ऐसी संभावना खारिज हो गई. दमोह में राहुल लोधी का मुकाबला अब अजय टंडन से होगा.  

भोपाल में कोविड वॉर्ड के बाथरूम में 24 घंटे तक पड़ा रहा होमगार्ड जवान का शव

भोपाल. भोपाल के ज़िला अस्पताल जेपी हॉस्पिटल में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां कोविड वॉर्ड (Covid 19 ) में भर्ती कराए गए एक होमगार्ड जवान का शव (Deadbody) 24 घंटे तक बाथरूम में पड़ा रहा और अस्पताल स्टाफ ने देखा तक नहीं. परिवार के लोग अपने बेटे को तलाशते हुए पुलिस तक पहुंच गए. मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बना दी गयी है. साथ ही स्टाफ नर्स सहित तीन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया गया है. आबकारी विभाग में पदस्थ होमगार्ड जवान पुष्पराज गौतम को भोपाल के जे पी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कोविड वैक्सीन लगने के दो दिन बाद उनकी तबियत बिगड़ गयी थी. पेट फूलने और दर्द होने पर परिवार ने उन्हें शनिवार को यहां भर्ती कराया था. लेकिन रविवार रात 8 बजे के बाद परिवार से उनका संपर्क नहीं हो पाया. वो अचानक लापता हो गए. दिनभर खोजने के बाद पिता ने सोमवार शाम हबीबगंज थाने में पुष्पराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. और अब 24 घंटे बाद मंगलवार शाम बाथरूम में उनकी लाश मिली. गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद तलाश रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की तो मंगलवार शाम पुष्पराज की लाश वार्ड के बाथरूम में पड़ी मिली. इससे पूरे अस्पताल में सनसनी फैल गई. जवान की मौत कैसे हुई, फ‍िलहाल इसका खुलासा नहीं हो सका है. पुष्पराज के परिवार वाले लगातार दावा कर रहे थे कि उनका बेटा अस्पताल से बाहर नहीं गया है. इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में ढूंढ़ने की कोशिश नहीं की. पुलिस का बयान पुलिस के मुताबिक पुष्पराज सिंह गौतम होमगार्ड में जवान थे. उन्‍हें कुछ दिन पहले ही कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया गया था. इसके दो दिन बाद उन्‍होंने स्वास्थ्य खराब होने की शिकायत की थी. शनिवार को उन्हें जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. भर्ती के दौरान उनकी कोरोना की रैपिड एंटिजन जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी. उसके बाद उन्हें कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती कर आरटी-पीसीआर तकनीक से जांच के लिए सैंपल लिए गए थे. लेकिन इसकी रिपोर्ट आने के पहले ही रविवार रात आठ बजे के करीब वह गायब हो गए. परिवार ने खोजबीन करने के बाद सोमवार शाम को हबीबगंज थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस के मुताबिक पुष्पराज कमला नगर में रहते थे. रविवार रात में करीब साढ़े आठ बजे के बाद से वह जेपी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से अचानक गायब हो गए थे. उनका मोबाइल भी बिस्तर पर ही था. स्टाफ पर कार्रवाई इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने एक्शन लिया है. लापरवाही करने पर सिस्टर इंचार्ज शामली वर्गीस, स्टाफ नर्स शीला श्रीवास्तव और मेट्रन सरोज मीना श्रीवास पर कार्रवाई की गयी है. इस मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बना दी गयी है. इसमें डॉक्टर वी के दुबे, एम एस खान और डॉ यूडी सक्सेना को शामिल किया गया है.

IAS अफसर से ब्लैकमेलिंग, महिला के खिलाफ ठाणे पहुंचे, महिला ने किया पत्नी होने दावा

भोपाल। शहर के लसूड़िया थाने में एक IAS अफसर संजीव वर्मा ने एक महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया है। शिकायत में कहा है कि महिला ब्लैकमेल कर रही है। उसने दस्तावेज में पति के रूप में मेरा नाम दर्ज कराया है। पासपोर्ट और मतदाता परिचय पत्र भी मेरा नाम लिखवा लिया है। उधर, महिला ने नंवबर 2016 अफसर पर शादी के बाद धोखा देने का आरोप लगाया था। वह थाने में इसकी शिकायत भी कर चुकी है। संतोष वर्मा वर्तमान में नगर प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल में अपर आयुक्त के पद पर पदस्थ हैं। लसूड़िया टीआई इंद्रमणि पटेल के अनुसार संतोष वर्मा पिता रुमाल सिंह वर्मा की शिकायत पर आरोपी हर्षिता अग्रवाल निवासी ओमेक्स सिटी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपी हर्षिता अग्रवाल एलआईसी एजेंट है। IAS अफसर संतोष वर्मा ने पुलिस को बताया कि महिला उनसे एलआईसी एजेंट के रूप में ही मिली थी। उनके एलआईसी के नाम पर दस्तावेज ले लिए थे। महिला ने बाद में धोखाधड़ी करते हुए दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और वोटर आईडी में मेरा नाम अपने पति के रूप में दर्ज करवा दिया। पुुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। महिला ने शिकायत में कहा था- साथ रखकर ज्यादती की नवंबर में युवती ने इसी थाने में शिकायत की थी। शिकायत में उसने कहा था कि उज्जैन के अपर कलेक्टर संतोष वर्मा ने शादी का झांसा देकर उन्हें साथ रखा और ज्यादती की। उसने संतोष के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी। इसी दौरान दोस्ती हुई, जो प्रेम में बदल गई। दोनों ने विवाह कर लिया था। जब वह हरदा में पदस्थ थे तब वे पत्नी की तरह सरकारी क्वार्टर में साथ रही थी। उसके बाद उनका उज्जैन ट्रांसफर हो गया तो युवती को टाउनशिप में घर दिलवाया था। वह घर संतोष वर्मा की मां के नाम पर है। अपर कलेक्टर का पहले ही विवाह हो चुका था, लेकिन उन्होंने छुपाया। बाद में शादी से इनकार कर दिया। उन्होंने इसकी शिकायत कई जगह की थी।

सराफा एसोसिएशन के चुनाव से पहले लगे बार बालाओं के ठुमके

सागर। मध्य प्रदेश के सागर में गुरुवार को फिल्मी गानों पर बार बालाओं ने जमकर ठुमके लगाए। सागर में सराफा एसोसिएशन के लिए पहली बार हो रहे चुनाव से पहले कारीगरों के सम्मान समारोह में इन बार बालाओं के साथ आयोजकों और वहां मौजूद लोगों ने भी खूब ठुमके लगाए। इधर, कार्यक्रम को बुंदेली संस्कृति का अपमान बताते हुए शिवसेना के अलावा कई सामाजिक संगठन भी विरोध में उतर आए हैं। सागर का सराफा बाजार प्रदेश के प्रतिष्ठित सराफा बाजारों में शुमार है। सराफा एसोसिएशन के चुनाव 23 मार्च को होने हैं। यह पहली बार है जब यहां मतदान के आधार पर चुनाव हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक चुनाव में समर्थन हासिल करने के लिए गुरुवार को बड़ा बाजार में श्रीमंत धर्मशाला में कारीगरों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसी समारोह में बार बालाओं को बुलाया गया था। कार्यक्रम में राई नृत्य के नाम पर बार-बार बेशर्मी की हदें पार हुईं। राई नृत्य की आड़ में लोक गीत की जगह फिल्मी गानों पर डांस हुआ। नाचती हुई बार बालाओं पर पैसे लुटाए गए। कई बार तो आयोजक और वहां मौजूद लोग भी स्टेज पर आकर उनके साथ डांस करते नजर आए। सराफा एसोसिएशन में वर्षों से एक विशेष गुट का दबदबा है। इस बार मतदान के जरिये चुनाव कराए जाने से इस गुट को अपने एकाधिकार पर खतरा मंडराता दिख रहा है। मतदाताओं को रिझाने के लिए यह गुट हर तिकड़म अपना रहा है। बार बालाओं का कार्यक्रम भी इसी का हिस्सा था, लेकिन शहर के सामाजिक-राजनीतिक संगठन इसके विरोध में उतर आए हैं। शिवसेना के राज्य उप प्रमुख पप्पू तिवारी ने कहा है कि सराफा एसोसिएशन समाज का एक प्रतिष्ठित वर्ग है, लेकिन इस कार्यक्रम ने बुंदेली संस्कृति को शर्मसार किया है।

MP : मानदेय कटौती के विरोध में 8 कॉलेजों के अतिथि विद्वान हुए लामबंद

सागर। जिले के 8 सरकारी कॉलेजों के करीब 50 से अधिक अतिथि विद्वानों का मानदेय काट लिया गया। जिसके विरोध में शुक्रवार को अतिथि विद्वान एकत्रित होकर उच्च शिक्षा विभाग के एडिशनल डायरेक्टर के पास पहुंच गए। अतिथि विद्वानों ने मानदेय काटे जाने का जोरदार विरोध किया और जमकर बहस भी हुई। अतिथि विद्वानों का कहना है कि नवम्बर माह में प्राचार्य ने पहले दिपावली का 6 दिन का अवकाश स्वीकृत कर दिया और फिर दिसम्बर माह में मानदेय की रिकवरी कर ली गई। प्रत्येक अतिथि विद्वान के मानदेय से 4500 रुपए काटे गए हैं। अतिथि विद्वान शिक्षक डॉ. स्वदीप श्रीवास्तव ने बताया कि नवम्बर माह में 23 कार्य दिवस सिर्फ ग्रंथपाल अतिथि विद्वान के ही होते हैं। अन्य अतिथि विद्वानों के कार्य दिवस 17 ही होते हैं। मप्र के अधिकांश कॉलेजों में अतिथि विद्वानों को 30 हजार रुपए मानदेय दिया गया। डॉ. उमाकांत स्वर्णकार ने बताया कि जिले में भी सिर्फ आठ सरकारी कॉलेज, मकरोनिया, शाहगढ़, केसली, बांदरी, खिमलासा, मालथौन, नरयावली और ढाना को छोड़कर शेष सभी कॉलेजों में पूरा मानदेय दिया गया है। इन अाठ कॉलेजों में ही यह कटौती की गई है। अतिथि विद्वान डॉ. अशोक पन्या ने बताया कि नवम्बर माह में तो पूरा मानदेय दिया और फिर दिसम्बर माह में 4 हजार 500 रुपए की रिकवरी कर ली गई। जो कि गलत है। अतिथि विद्वानों ने एडिशनल डायरेक्टर डॉ. एलएल कोरी को ज्ञापन देकर मांग करते हुए कहा कि यदि सात दिन के अंदर यह विसंगति दूर नहीं की गई और पूरा मानदेय नहीं मिला तो सभी अतिथि विद्वान उच्च न्यायालय से न्याय की मांग करेंगे। एडिशनल डायरेक्टर डॉ. एलएल कोरी का कहना है कि आठों कॉलेजों के प्राचार्यों से इस संबंध में जवाब मांगा जाएगा कि वेतन की कटौती किस आधार पर की है? अतिथि विद्वानों की काट ली वृत्तिकर की राशि शहर के शासकीय गर्ल्स डिग्री कॉलेज में अतिथि विद्वानों सैलरी से वृत्तिकर की राशि काट ली गई है। अतिथि विद्वानों ने बताया कि वृत्तिकर के नाम पर प्रत्येक अतिथि विद्वान के मानदेय में से दो से ढाई हजार रुपए काटे गए हैं। जो कि नियम के मुताबिक गलत है।

MP : मंत्री बंगलों की सजावट पर 10 महीने में खर्च हुई ‌4.58 करोड़ की राशि

भोपाल। मंत्रियों के बंगले सजाने में 10 महीने में 4.58 करोड़ से ज्यादा खर्च किए गए हैं। सबसे ज्यादा एक करोड़ रुपए सीएम हाउस पर खर्च हुए हैं। इसके बाद सबसे अधिक 56 लाख रुपए पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव के बंगले की साज-सज्जा में लगे हैं। यह जानकारी विस में पांचीलाल मेड़ा के एक प्रश्न के उत्तर में सामने आई है। पीडब्ल्यूडी मंत्री भार्गव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों के बंगलों में 1 अप्रैल 2020 से 31 जनवरी 2021 तक साज-सज्जा में किए गए खर्च का ब्यौरा दिया। सीएम हाउस में बिजली के काम में 81 लाख से ज्यादा खर्च किए गए। वहां 18.52 लाख का सिविल वर्क हुआ है। मुख्यमंत्री के 74 बंगला स्थित एक अन्य बंगले बी-8 में 13.41 लाख का काम हुआ है। केवल सिविल वर्क देखा जाए तो मुख्यमंत्री निवास से ज्यादा काम गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी, सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के बंगले पर हुआ है। इस दौरान सबसे कम मात्र 1495 रुपए का व्यय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया व पूर्व मंत्री इमरती देवी के बंगलों पर हुआ।

MP : कोरोना के इलाज पर 724 करोड़ रुपए खर्च:173 करोड़ प्राइवेट अस्पतालों को दिए

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना के इलाज पर 724 करोड़ रुपए खर्च हुए, जिसमें 173 करोड़ रुपए की राशि 8 प्राइवेट अस्पतालों में बंटी। इसमें खास यह है कि निजी अस्पतालों में बंटी राशि का 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा (125 करोड़ रुपए) भोपाल और इंदौर के दो अस्पतालों को मिला। इसमें भोपाल के चिरायु चैरिटेबल फाउंडेशन को 70 करोड़ रुपए और इंदौर के सर अरविन्दो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस को 55 करोड़ रुपए दिए। बकाया बची 53 करोड़ रुपए की राशि इंडेक्स, अमलतास, RD गार्डी, LN मेडिकल काॅलेज, पीपुल्स मेडिकल काॅलेज में बंटी। यह जानकारी बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने दी है। प्रदेश के आठ निजी अस्पतालों को 173 करोड़ रुपए की राशि 28964 कोरोना मरीजों के इलाज के एवज में दी गई। इलाज के दौरान इन अस्पतालों में 956 लोगों की मौत हो गई। काढ़े की पैंकिंग में ही लग गए 8 करोड़ रुपए सरकार द्वारा दी गई खर्च की जानकारी से यह भी साफ हो गया कि प्रत्येक मरीज के इलाज पर करीब 61 हजार रुपए का खर्चा आया। इधर, 30 करोड़ रुपए के त्रिकटू काढ़े की पैकिंग पर 8 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी सामने आई। कोरोना इलाज में खर्च हुई राशि के बारे में कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी, जीतू पटवारी, मनोज चावला और हर्ष गहलोत ने सवाल पूछे थे। जनता इलाज के लिए भटकती रही, सरकार ने चहेतों को रेवड़िया बांटी कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना जैसी आपदा में भी अवसर तलाशने में पीछे नहीं रही। व्यापमं कांड के दो कर्ताधर्ताओं चिरायु और अरविंदो को 70% से ज्यादा राशि बांट दी गई। जब जनता इलाज के लिए भटक रही थी तब सरकार चहेतों को रेवड़ियां बांटने में लगी थी। पैसा मरीजों के इलाज पर खर्च हुआ जरूरत हुई तो आगे भी जारी रखेंगे संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दे है नहीं, इसलिए बेवजह आरोप लगाती रहती है। कोरोना के मरीजों को इलाज की जरूरत थी तब क्या सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती। हमने मरीजों के इलाज में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। मरीजों के इलाज पर खर्च हुआ है। आगे भी जारी रहेगा। कांग्रेस की सरकार तो जैकलीन के ठुमकों और फोटोशूट में व्यस्त थी चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश में जब कोरोना पैर पसार रहा था, तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार तो जैकलीन के ठुमकों में व्यस्त थी। कमलनाथ, सलमान खान और जैकलीन के साथ फोटो सूट में व्यस्त थे। भाजपा की सरकार बनते ही हमने कोरोना के मरीजों के इलाज की व्यवस्था की।

उमा भारती बोलीं- राजस्व गया भाड़ में, शराबी भले ही भूखे मर जाएं लेकिन MP में शराबबंदी हो

ग्वालियर. मध्‍य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने फिर दोहराया है कि वो शराबबंदी नशामुक्ति अभियान चलाएंगी. यह मेरा सपना है जो जल्द पूरा भी होगा. वो यहां तक कह गयीं कि शराबी भले ही भूखा मर जाए लेकिन शराब बंद होना चाहिए. ग्वालियर आयी उमा भारती बोलीं, ‘मैंने कहा था यह आंदोलन नहीं अभियान है. मैंने कभी नहीं कहा कि 8 मार्च से अभियान शुरू करेंगे. बल्कि मैंने कहा था कि 8 मार्च को छोटी बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी.’ उन्होंने कहा कि शराबबंदी में स्वचेतना का जागरण होना चाहिए. मैं शिवराज और वीडी शर्मा से सहमत हूं और वह मुझसे सहमत हैं. अवैध शराब बंद हो प्रदेश में शराबबंदी ही नहीं नशाबंदी होनी चाहिए जो जागरण अभियान से भी अच्छा है. उमा ने सलाह देते हुए कहा कि सरकार को यह करना है नियम विरुद्ध दुकानें न खोली जाएं. आबकारी नियमों का पालन किया जाए, क्योंकि दो नम्बर की जो शराब बनती है वही अधिकतर जहरीली होती है. वह पूरी तरह से बंद हो. शराब से सख्त नफरत- भले ही शराबी भूखा मर जाए उमा भारती यहां तक कह गयीं कि मैंने शिवराजजी से कहा है जैसे ही राजस्व का रास्ता निकल आये आप शराबबंदी और नशाबंदी दोनों की तरफ आइए.मुझे शराब से इतनी नफरत है कि मेरा बस चले तो लोग भूखों मरते हैं तो मर जाएं राजस्व गया भाड़ में बस शराब बंद करो. उमा भारती ने दलील दी कि कोरोना में साबित हो गया शराब नहीं पीने से एक भी आदमी नहीं मरा.जैसे ही दुकानें खुलीं लोग मरना शुरू हो गए. इसका मतलब है कि शराब मृत्यु की कारक है शराब बंद करना मृत्यु का कारण नहीं है. शराब बंदी मेरी आस्था का विषय ये सपना जल्द पूरा होगा उमा भारती ने कहा मैं यह अभियान जरूर चलाऊंगी. यह मेरी आस्था है कि शराबबंदी हो. राममंदिर निर्माण में भी मेरी आस्था थी, हालांकि उसमें 30 साल लग गए थे. लेकिम शराब बंदी में सभी का समर्थन है और कम समय लगेगा. उमा का मानना है शराबखोरी से महिलाएं ज्यादा पीड़ित होती हैं.शराब पीकर मारपीट-अत्याचार और ज़ुल्म उन्हीं पर ढाए जाते हैं.दूसरी विचारणीय बात ये है कि गरीब वर्ग के लोग ही दो नंबर यानि अवैध शराब पीते हैं.अवैध शराब से राजस्व भी नहीं मिलता. राजस्व सिर्फ एक नंबर की शराब से मिलता है. उमा भारती ने कहा-वो शराबबंदी के बारे में इसलिए बोल पा रही हैं क्योंकि सीएम शिवराज और VD शर्मा संस्कारशील और संस्कृतिवान व्यक्ति हैं.दोनों ही बहुत अनुशासित व्यक्ति हैं.

इंदौर में पार्टी करके लौट रहे 6 दोस्तों की मौत, तेज रफ्तार कार खड़े टैंकर में घुसी

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में सड़क हादसे में छह दोस्तों की मौत हो गई। वे पार्टी करके लौट रहे थे। उनकी कार खड़े टैंकर में पीछे से भिड़ गई। टक्कर इतनी तेज थी कि डंपर की स्टेपनी टूट गई और कार का अगला हिस्सा पिछली सीट से जा मिला। हादसा सोमवार रात करीब एक बजे निरंजनपुर चौराहे के पास हुआ। दो दोस्त सीट से उछलकर बोनट पर आ गिरे। उनमें से किसी का हाथ तो किसी का सिर धड़ से अलग हो चुका था। वे देवास की तरफ से आ रहे थे। हालांकि, अभी यह नहीं पता चला है कि वे पार्टी करने कहां गए थे और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। जान गंवाने वाले सभी दोस्तों की उम्र 19 से 30 साल थी। यह पता नहीं चला कि ये पार्टी करने कहां गए थे। हादसे की वजह भी अभी पता नहीं चल सकी है। जान गंवाने वाले सभी दोस्तों की उम्र 19 से 30 साल थी। यह पता नहीं चला कि ये पार्टी करने कहां गए थे। हादसे की वजह भी अभी पता नहीं चल सकी है। 4 की मौके पर ही मौत, 2 दोस्तों ने अस्पताल में दम तोड़ा लसूड़िया पुलिस के एसआई नरसिंह पाल ने बताया कि कार बुरी तरह डैमेज हो चुकी थी। इसे गैस कटर से काटकर शवों को बाहर निकालना पड़ा। इसमें कुल छह लोग ही सवार थे। चार की मौके पर ही मौत हो गई। दो दोस्तों की सांसें चल रही थीं, लेकिन एमवाय अस्पताल में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। जान गंवाने वाले सभी दोस्त इंदौर के ऋषि (19), 129 भाग्यश्री कॉलोनी, गोलू उर्फ सूरज (25), मालवीय नगर छोटू उर्फ चंद्रभान रघुवंशी (23), मालवीय नगर सोनू जाट (23), आदर्श मेघदूत नगर सुमित (30), भाग्यश्री कॉलोनी देव (28), 384/3 मालवीय नगर

3 दिन में 11 फिल्मों की रिलीज डेट होगा 1500 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन

कोरेाना वायरस और लॉकडाउन के चलते सिनेमाघरों को 11 महीनों लंबा वनवास झेलना पड़ा, जो कि पिछले तीन-चार दिनों में टूट चुका है। यशराज, टीसीरीज, जैकी भगनानी, दिनेश विजान, धर्मा प्रोडक्शंस, रि‍लायंस एंटरटेनमेंट और आनंद एल राय ने 11 ‘संदीप और पिंकी फरार’, ‘बंटी और बबली2’, ‘शमशेरा’,’जयेशभाई जोरदार’, ‘पृथ्‍वीराज’, ‘झुंड’, ‘चंडीगढ़ करे आशि‍की’, ‘बेल बॉटम’, ’83’, ‘अतरंगी रे और ‘शेरशाह’ हैं। ट्रेड विश्लेषकों के मुताबिक, इन फिल्‍मों से बॉक्‍स ऑफिस पर करीब 1500 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन होने की प्रबल संभावना है। सलमान-यशराज की अगुवाई का असर ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श के शब्‍दों में, “सिनेमाघरों में फिल्‍में रिलीज करने के सिलसिले का आगाज सलमान खान और यशराज स्‍टूडियोज के चलते हुआ। असल आगाज एग्‍जीबिशन सेक्‍टर द्वारा सलमान को चिट्ठी लिखने से हुआ, जिसके बाद सलमान ने ओटीटी के लुभावने ऑफर को ठुकराया। साफ कहा कि ‘राधे’ ईद पर ही सिनेमाघरों में ही आएगी। दूसरा बड़ा धमाका यशराज फिल्म्स की तरफ से हुआ। उन्‍होंने गुरुवार को पांच फिल्मों की रिलीज डेट का ऐलान कर दिया। इससे बाकी प्रोड्यूसर्स बिरादरी को हौसला मिला। शुक्रवार को 6 और शनविार की सुबह तक एक और फिल्‍म की रिलीज डेट आ गई।” बॉक्‍स ऑफिस की दीवाली तरन आगे कहते हैं, “कोरोनावायरस और लॉकडाउन ने बॉक्‍स ऑफि‍स का दिवाला निकाल दिया था। लेकिन अब उनकी दीवाली लौटती नजर आ रही है। केवल इन 11 फिल्‍मों से 1500 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस मुमकिन है। यह रकम भी छोटी पड़ जाएगी, क्‍योंकि सभी फिल्‍में मेजर हैं। सबमें बड़ी कास्‍ट एंड क्रू है। स्‍टार पावर दर्शकों को सिनेमाघरों में खींच कर ले आएगा।” अक्षय की दो फिल्‍मों का मेजर क्‍लैश ट्रेड पंडितों ने आगे बताया, “अक्षय कुमार की 4 फिल्‍में इस साल आ रही हैं। ये हैं ‘सूर्यवंशी’, ‘बेल बॉटम’, ‘पृथ्‍वीराज’ और ‘अतरंगी रे’। ‘बच्‍चन पांडे’ अगले साल आएगी। ‘बेल बॉटम’ और ‘पृथ्‍वीराज’ का दूसरी फिल्मों से बड़ा क्लैश तय है। ‘बेल बॉटम’ हॉलीवुड की ‘फास्‍ट एंड फ्यूरियस 9’ से और ‘पृथ्‍वीराज’ की शाहिद कपूर की ‘जर्सी’ से टकराएगी।” रिलीज डेट आने का सिलसिला अभी थमा नहीं है। अगले सप्ताह आधा दर्जन बड़ी फिल्मों की तारीखों का ऐलान संभव है।

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