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यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन मिलेगी, मोदी सरकार लाने जा रही है स्कीम

नई दिल्ली केंद्र की मोदी सरकार अब देश में यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लाने की तैयारी कर रही है। यह योजना लोगों को अपनी इच्छा से योगदान करने और रिटायरमेंट के बाद पेंशन  का फायदा लेने की सुविधा देगी। बताया जा रहा है कि इस स्कीम का फायदा असंगठित सेक्टर  में काम करने वाले लोग भी उठा सकेंगे। सभी लोगों को मिलेगा लाभ! यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन मिलेगी। यह पेंशन योजना सभी नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से बनाई जा रही है, जिसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, व्यापारी, स्व-रोजगार करने वाले व्यक्ति और 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग शामिल होंगे। हालांकि यह नई पेंशन स्कीम में कंट्रिब्यूशन स्वैच्छिक आधार पर होगा, इसमें सरकार अपनी तरफ से कोई कंट्रिब्यूशन नहीं करेगी। मौजूदा योजनाओं को किया जाएगा मर्ज!   मिडिया रिपोर्ट के अनुसार, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इस प्रस्तावित समग्र योजना  पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है, जो मौजूदा पेंशन योजनाओं  को एकीकृत करने की दिशा में बढ़ेगी। वहीं सरकार प्रधान मंत्री श्रम योगी मानधन योजना, राष्ट्रीय पेंशन योजना  और अटल पेंशन योजना जैसी मौजूदा योजनाओं को इस नई योजना में मर्ज करने पर विचार कर रही है। दरअसल, इन योजनाओं में वर्तमान में 55 से 200 रुपए तक के योगदान पर 3,000 रुपए की मासिक पेंशन मिलती है, जिसमें सरकार भी योगदान करती है। सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी यह योजना विशेषज्ञों का कहना है कि आबादी का बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र में काम करता है। वह अपना कमाई का ज्यादा हिस्सी खर्च देता है और भविष्य के लिए ज्यादा बचत नहीं कर पाता। ऐसे में उम्र बढ़ने पर उसे आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह योजना लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी।

करोड़ों EPFO के सब्सक्राइबर्स को लगेगा तगड़ा झटका! इंटरेस्ट रेट पर चल सकती है कैंची

नई दिल्ली  प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों लोगों को झटका लग सकता है। ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की आज  मीटिंग होगी जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए पीएफ पर इंटरेस्ट रेट का फैसला होगा। बिजनस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीएफ के लिए ब्याज दर में कटौती की जा सकती है। इसकी वजह यह है कि स्टॉक मार्केट और बॉन्ड यील्ड से ईपीएफओ की कमाई में गिरावट आई है। साथ ही ज्यादा दावों का सेटलमेंट किया गया है। पिछली बार इसे बढ़ाकर 8.25% किया गया था। उससे पहले 2022-23 में पीएफ सब्सक्राइबर्स को 8.15% ब्याज दिया गया था। ईपीएफओ के बोर्ड की इनवेस्टमेंट कमेटी की पिछले हफ्ते बैठक हुई थी। इसमें ईपीएफओ के इनकम और एक्सपेंडीचर प्रोफाइल पर चर्चा हुई ताकि बोर्ड को ईपीएफ इंटरेस्ट रेट की सिफारिश की जा सके। बोर्ड में शामिल कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इस साल इंटरेस्ट रेट पिछले साल के मुकाबले कम हो सकता है। इसकी वजह यह है कि हाल के महीनों में बॉन्ड यील्ट में गिरावट आई है। ऐसे में अगर ज्यादा ब्याज दिया जाता है तो फिर ईपीएफओ के पास कोई सरप्लस नहीं रह जाएगा। कब मिला सबसे ज्यादा ब्याज प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों की बेसिक सैलरी पर 12% की कटौती ईपीएफ खाते के लिए की जाती है। साथ ही कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करती है। ईपीएफओ के करीब सात करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक EPFO ने 2024-25 में 5.08 करोड़ से ज्यादा क्लेम निपटाए हैं। इन क्लेम की कुल राशि ₹2.05 लाख करोड़ है। 2023-24 में 4.45 मिलियन क्लेम निपटाए गए थे, जिनकी कुल वैल्यू ₹1.82 लाख करोड़ थी। मतलब इस साल लोगों ने अपने PF अकाउंट से पैसा ज्यादा पैसा निकाला है। साथ ही स्टॉक मार्केट और बॉन्ड से ईपीएफओ को कम कमाई हुई है। 1952-53 में ईपीएफओ की ब्याज दर 3% थी। धीरे-धीरे बढ़ते हुए 1989-90 में यह 12% तक पहुंच गई। यह अब तक की सबसे ज्यादा ब्याज दर थी। साल 2000-01 तक यही ब्याज दर रही। उसके बाद 2001-02 में यह घटकर 9.5% हो गई। साल 2005-06 में यह और गिरकर 8.5% पर आ गई। फिर 2010-11 में ब्याज दर को बढ़ाकर 9.50% किया गया। लेकिन 2011-12 में इसे फिर से घटाकर 8.25% कर दिया गया। 2021-22 में यह सबसे कम 8.10% तक पहुंच गई थी।

क्रिप्टोकरेंसी की बड़ी ठगी, उत्तर कोरिया के हैकरों पर दुबई स्थित कंपनी से डेढ़ अरब चुराने का लगा आरोप: एफबीआई

रोम उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों ने दुबई की एक कंपनी को बड़ा भारी चूना लगाया है। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों पर दुबई स्थित एक कंपनी से लगभग डेढ़ अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की इथेरियम (एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी) चुराने का आरोप लगाया है। एफबीआई ने इसे वैश्विक स्तर पर क्रिप्टोकरेंसी (आभासी मुद्रा) की सार्वजनिक रूप से ज्ञात सबसे बड़ी चोरी में से एक बताया है। एजेंसी के मुताबिक, ‘ट्रेडर ट्रेटर’ और ‘लजारस ग्रुप’ समूह के हैकरों ने फरवरी की शुरुआत में बाईबिट को निशाना बनाया, जो दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में शामिल है। बाईबिट ने कहा कि हैकरों ने तथाकथित “कोल्ड” या ऑफलाइन वॉलेट के जरिये इथेरियम के नियमित हस्तांतरण में “हेरफेर” की और उसे विभिन्न ब्लॉकचेन पर मौजूद हजारों अज्ञात खातों में स्थानांतरित कर दिया। एफबीआई ने कहा कि हैकर “क्रिप्टोकरेंसी का कारोबार करने वाले एप्लिकेशन के जरिये क्रिप्टोकरेंसी की चोरी को अंजाम देते हैं, जिनमें ऐसे मालवेयर (वायरस) शामिल किए जाते हैं, जो आभासी मुद्रा की चोरी को आसान बनाते हैं। ठगी के लिए बनाया ब्लैकचेन एजेंसी ने बुधवार रात एक ऑनलाइन सार्वजनिक घोषणा में कहा कि उसका मानना है कि इस चोरी के पीछे उत्तर कोरिया समर्थित हैकरों का हाथ है। घोषणा के मुताबिक, “ट्रेडर ट्रेटर के हैकर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उन्होंने कई ब्लॉकचेन पर मौजूद हजारों अज्ञात खातों के जरिये चोरी के कुछ इथेरियम को बिटकॉइन और अन्य आभासी मुद्राओं में बदल दिया है।” ‘ब्लॉकचेन’ एक साझा डिजिटल बहीखाते को कहते हैं, जो किसी मंच पर आभासी मुद्रा के लेन-देन पर नजर रखता है और उसे रिकॉर्ड करता है। एफबीआई ने कहा, “माना जा रहा है कि इन आभासी मुद्राओं को आगे भी अन्य मुद्राओं में बदला जाएगा और अंत में वैध मुद्रा का रूप दे दिया जाएगा।” उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने फिलहाल न तो चोरी की खबर और न ही एफबीआई के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का दावा है कि उत्तर कोरिया ने पिछले पांच वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य आभासी संपत्तियों के रूप में अनुमानित 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की चोरी की है। यूएन भी कर रहा उत्तर कोरियाई हैकरों की जांच संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की एक समिति ने बताया था कि वह 2017 से 2023 के बीच कथित तौर पर उत्तर कोरिया की ओर से किए गए 58 साइबर हमलों की जांच कर रही है, जिनके जरिये “देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए” लगभग तीन अरब अमेरिकी डॉलर की चोरी की गई। बाईबिट के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बेन झाऊ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में घटना की पुष्टि की। उन्होंने पोस्ट के साथ उस वेबसाइट का लिंक साझा किया, जिसने चोरी की आभासी मुद्रा का पता लगाने और उसे अन्य एक्सजेंच द्वारा ‘फ्रीज’ कराने के बदले 14 करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की पेशकश की है।

युनूस सरकार की निकली हेकड़ी!, बांग्लादेश में छात्रों ने खुद की बनाई पार्टी, नाहिद इस्लाम संयोजक होंगे

ढाका बांग्लादेश में छात्रों के एक समूह ने एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की है। इन छात्रों के आंदोलन ने पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। नए गणतांत्रिक छात्र संसद या डेमोक्रेटिक स्टूडेंट काउंसिल में शक्तिशाली स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) समूह के प्रमुख आयोजक शामिल हैं। बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार के मुताबिक, नई पार्टी का नाम जतिया नागरिक पार्टी (National Citizen Party) रखा गया है और इसे शुक्रवार को लॉन्च किया जाएगा। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में सलाहकार रह चुके नाहिद इस्लाम को पार्टी का संयोजक और अख्तर हुसैन को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।   इन लोगों को भी मिलेगी पार्टी में जगह इसके अतिरिक्त, हसनत अब्दुल्ला को मुख्य आयोजक (दक्षिण) के रूप में नामित किया गया है, जबकि सरजिस आलम को उत्तरी क्षेत्र का मुख्य आयोजक और नसीरुद्दीन पटवारी को मुख्य समन्वयक के रूप में नामित किया गया है। ये निर्णय नागोरिक समिति और भेदभाव विरोधी छात्रों की संयुक्त बैठक के दौरान लिए गए, जो आज दोपहर राजधानी के बांग्लामोटर स्थित नागोरिक समिति के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित की गई। नाहिद ने पार्टी को लेकर क्या कहा? नाहिद इस्लाम यूनुस सरकार की कैबिनेट में सूचना सलाहकार के पद थे लेकिन बुधवार को उन्होंने नाटकीय ढंग से इस्तीफा दे दिया। नाहिद इस्लाम ने इस्तीफे के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”देश के मौजूदा हालात को देखते हुए एक नई पार्टी का उदय जरूरी हो गया है. मैंने जन विद्रोह को मजबूत करने के लिए सड़कों पर बने रहने का फैसला किया है. इसलिए कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया.” नाहिद इस्लाम ने पिछले साल जुलाई में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की अवामी लीग सरकार के खिलाफ़ ‘भेदभाव विरोधी’ छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था।

चेन्नई से कोलकाता 3 घंटे में 600 रुपये में? IIT-M स्टार्टअप की ‘ई-फ्लाइंग बोट’ का अनावरण

बेंगलुरु कल्पना कीजिए कि चेन्नई से कोलकाता तक मात्र तीन घंटे में मात्र 600 रुपये में यात्रा की जाए – जो कि एसी थ्री-टियर ट्रेन टिकट से भी सस्ता है।यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो आईआईटी-मद्रास द्वारा संचालित स्टार्टअप वाटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज, जो विंग-इन-ग्राउंड (डब्ल्यूआईजी) क्राफ्ट विकसित कर रही है, जिसे इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर के रूप में जाना जाता है, जल्द ही तटीय क्षेत्रों में यात्रियों और माल का परिवहन करेगी। बेंगलुरु में एयरो इंडिया में वाटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज ने अपना डिज़ाइन प्रदर्शित किया, जिसका प्रोटोटाइप जल्द ही आने की उम्मीद है। ये शिल्प पारंपरिक हवाई यात्रा और नौकाओं के लिए एक टिकाऊ विकल्प प्रदान करते हैं। दरअसल, IIT मद्रास के इनक्यूबेशन सेल की तरफ से समर्थित स्टार्टअप वॉटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज ने यह चौंकाने वाला दावा किया है. कंपनी के इस दावे के मुरीद मशहूर कारोबारी और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा भी हो गए हैं. आनंद महिंद्रा ने तो यह तक कह दिया कि आईआईटी मद्रास स्टार्टअप को बढ़ावा देने के मामले में सिलिकॉन वैली को टक्कर देता दिख रहा है…! हाल ही में बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2025 में वॉटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज ने भारत में एक नए ट्रांसपोर्ट मोड के डिज़ाइन को शोकेस किया है. इसे विग क्रॉफ्ट (WIG Craft) नाम दिया गया है. जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि ये विग क्राफ्ट समुद्र की सतह से 4 मीटर ऊपर चलेगा और इससे कोलकाता से चेन्नई तक की यात्रा महज 600 रुपये में की जा सकेगी. आनंद महिंद्रा ने इस इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर के डिजाइन की प्रशंसा की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि, “आईआईटी मद्रास स्टार्टअप को बढ़ावा देने के मामले में सिलिकॉन वैली को टक्कर दे रहा है…! लगभग हर हफ़्ते एक नए ‘टेकवेंचर’ की खबर आती है. इसमें मुझे जो पसंद आया वह सिर्फ़ हमारे भव्य जलमार्गों के दोहन का वादा नहीं है, बल्कि यह फैक्ट भी है कि इस क्राफ्ट का डिज़ाइन बहुत ही शानदार है!” क्या है विग क्रॉफ्ट मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, वाटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज इलेक्ट्रिक सी ग्लाइडर डेवलप कर रहा है. जिसे विंग-इन-ग्राउंड (WIG) क्राफ्ट के रूप में भी जाना जाता है. ये विग क्राफ्ट एयरोप्लेन और शिप के लिए एक बेहतर विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. कथित तौर पर इस विग क्राफ्ट को पानी की सतह से लॉन्च किया जाएगा. जो सतह से तकरीबन 4 मीटर उपर चलेगा और इफिशिएंसी बढ़ाने के लिए ग्राउंड इफ़ेक्ट का उपयोग करेगा. इसकी स्पीड 500 किमी/घंटा तक हो सकती है. मनीकंट्रोल को दिए गए एक बयान में, वॉटरफ्लाई के सीईओ और को-फाउंडर हरीश राजेश ने कहा “कोलकाता से चेन्नई तक WIG Craft के जरिए 1,600 किमी की यात्रा के लिए प्रति सीट सिर्फ 600 रुपये का खर्च आएगा. जो एसी थ्री-टियर ट्रेन टिकट की तुलना में बहुत सस्ता है, जिसकी कीमत 1,500 रुपये से अधिक है.” उन्होंने यह भी कहा कि ये क्रॉफ्ट पानी से उड़ान भरने में सक्षम होगा और चार मीटर की स्थिर ऊंचाई बनाए रखेगा. जिससे किसी तरह के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा ये क्रॉफ्ट पानी, बर्फ, रेगिस्तान या किसी भी अन्य इलाके में भी उड़ान भरने में सक्षम होगा. वाटरफ्लाई कथित तौर पर इन सीग्लाइडर्स को एयरलाइनों को बेचने की योजना बना रही है. ख़बर यह भी है कि वाटरफ्लाई 2029 तक दुबई-से-लॉस एंजिल्स  और चेन्नई-सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय मार्गों की मैपिंग भी कर रही है.

एनआईए ने अदालत में अर्जी दाखिल कर तलब की फाइल्स, अब दिल्ली में चलेगा तहव्वुर राणा पर केस

नई दिल्ली 2008 में हुए मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा पर दिल्ली में केस चलाया जा सकता है। इस संभावना को बल इस वजह से मिल रहा है, क्योंकि दिल्ली की पटिलाया हाउस कोर्ट में मौजूद एनआईए अदालत ने मुंबई के ट्रायल कोर्ट से केस रिकॉर्ड तलब किया है। 26/11 हमले को लेकर दिल्ली और मुंबई में केस के रिकॉर्ड मौजूद थे, जिन्हें पहले मुंबई भेजा गया था। क्योंकि दोनों शहरों में इस पर सुनवाई हो रही थी। लेकिन हाल ही में एनआईए ने अदालत में अर्जी दाखिल कर मुंबई की निचली अदालत से केस रिकॉर्ड यहां तलब करने की अपील की थी। ट्रंप ने किया था प्रत्यर्पण का एलान डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद पीएम मोदी दो दिवसीय अमेरिका दौरे पर गए थे। इस दौरान दोनों की मुलाकात के बीच तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर चर्चा हुई थी और तब ट्रंप ने एलान किया था कि प्रशासन ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जिसे 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है। वह पाकिस्तानी सेना में बतौर डॉक्टर काम कर चुका है। 2009 में एफबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। जनवरी 2025 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसके प्रत्यर्पण की इजाजत दे दी थी। हेडली ने किया था खुलासा 26/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली ने खुलासा किया था कि उसने 2007 और 2008 के बीच पांच बार भारत की यात्रा की थी और हमलों के लिए मुंबई में संभावित लक्ष्यों की रेकी की थी।     राणा के खिलाफ गवाही देते हुए, हेडली ने कहा था कि उसने पांच साल के वीजा का उपयोग करके भारत का दौरा किया था, जिसे प्राप्त करने में उसके सह-साजिशकर्ता ने उसकी मदद की थी। हेडली ने यह भी खुलासा किया था कि राणा ने पहचान छिपाने के लिए एक इमीग्रेशन कंपनी स्थापित करने में उसकी सहायता की थी।     डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद राणा ने अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पेटीशन फाइल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। बताया जा रहा है कि उसने मानवीय आधार पर अंतिम अपील दायर की है, जिससे उसके प्रत्यर्पण में कुछ सप्ताह की देरी हो सकती है।  

अमेरिका के नये नागरिकता कानून को लेकर दुनिया भर में मचा हड़कंप, भारतीय लोगों के लिए मिली खास छूट, ट्रंप ने स्वयं बताया

वाशिंगटन अमेरिका के नये नागरिकता कानून को लेकर दुनिया भर में हड़कंप मचा है। नये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी प्रवासियों के लिए जन्मजात नागरिकता के अधिकार को भी खत्म कर दिया है। मगर भारतीय लोगों के लिए एक खास छूट दी है, जिसे ट्रंप ने स्वयं बयां किया है। ट्रंप का कहना है कि प्रस्तावित ‘गोल्ड कार्ड’ पहल से अमेरिकी कंपनियों को हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे शीर्ष अमेरिकी विश्वविद्यालयों से भारतीय स्नातकों को नियुक्त करने की अनुमति मिलेगी। ट्रंप ने बुधवार को धनी विदेशियों के लिए ‘गोल्ड कार्ड’ पहल की शुरुआत की, जिसके तहत 50 लाख अमेरिकी डॉलर के शुल्क के बदले उन्हें अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार दिया जाएगा तथा नागरिकता की पेशकश की जाएगी। ‘सीएनएन’ की खबर के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, ‘‘हम ‘गोल्ड कार्ड’ की बिक्री करने जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपके पास ‘ग्रीन कार्ड’ है। यह एक ‘गोल्ड कार्ड’ है। हम इस कार्ड की कीमत लगभग 50 लाख अमेरिकी डॉलर रखने जा रहे हैं और इससे आपको ग्रीन कार्ड के विशेषाधिकार मिलेंगे, साथ ही यह अमेरिकी नागरिकता पाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। इस कार्ड के जरिये अमीर लोग अमेरिका का रुख करेंगे।’’ ट्रंप ने बताया नागरिकता का नया प्लान ट्रंप ने कहा कि मौजूदा आव्रजन प्रणाली ने शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं, खासकर भारतीय को, अमेरिका में रहने और काम करने से रोक दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘कोई व्यक्ति भारत, चीन, जापान और अन्य देशों से आता है, हार्वर्ड या व्हार्टन स्कूल ऑफ फाइनेंस में पढ़ाई करता है। उन्हें नौकरी के अवसर मिलते हैं, लेकिन यह अवसर प्रभावित होते हैं क्योंकि इस बारे में कोई निश्चितता नहीं होती कि वह व्यक्ति देश में रह सकता है या नहीं।’’ ट्रंप ने कहा कि इसकी वजह से कई प्रतिभाशाली स्नातक, जिन्हें अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, अपने देश में सफल उद्यमी बन गए। उन्होंने कहा, ‘‘वे भारत या अपने देश लौटते हैं, व्यवसाय शुरू करते हैं और अरबपति बन जाते हैं, हजारों लोगों को रोजगार देते हैं।’’ ट्रंप ने कहा कि कोई कंपनी ‘गोल्ड कार्ड’ खरीद सकती है और इसका इस्तेमाल इस तरह के स्नातकों की भर्ती में कर सकती है।

पीड़ित लड़कियों ने अपने पिता के खिलाफ बलात्कार की नालासोपारा थाने में शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने किया अरेस्ट

नालासोपारा महाराष्ट्र में पुलिस ने एक व्यक्ति को अपनी तीन बेटियों के साथ बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित लड़कियों ने नालासोपारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिश्ते को कलंकित करने वाली इस घटना से शहर में आक्रोश फैल गया। आरोपी पिता पर रंगदारी, फायरिंग और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के भी आरोप हैं। नालासोपारा पुलिस ने लड़कियों के बयान दर्ज कर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित लड़कियां बहनें हैं। वे मूल रूप से कोंकण के एक क्षेत्र में रहती हैं। लड़कियों का 56 वर्षीय पिता एक कुख्यात अपराधी है। उसकी चार बेटियां हैं। वह कोंकण में अपने गांव में रहने के दौरान इन लड़कियों के साथ जबरन बलात्कार करता था। पुलिस ने बताया कि इनमें से एक लड़की का चार बार गर्भपात भी कराया गया था। आखिरकार पिता की प्रताड़ना से तंग आकर मां अपनी बेटियों को लेकर नालासोपारा में अपने एक रिश्तेदार के यहां रहने चली गई। तीनों बेटियों में सबसे बड़ी बेटी 21 साल की है और बाकी दो नाबालिग हैं। उन्होंने हिम्मत करके पिता के अत्याचार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने का फैसला किया। इस संबंध में सबसे बड़ी बेटी ने शिकायत दर्ज कराई है। लड़कियों ने पुलिस को बताया कि वे अपने पिता के डर से अब तक चुप थीं। लड़कियों की शिकायत के आधार पर नालासोपारा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। नालासोपारा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विशाल वलवी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जोन 3 के पुलिस उपायुक्त जयंत बजबले ने बताया कि अब तक की जांच में पता चला है कि उसने तीन लड़कियों का यौन शोषण किया है। ज्ञात हो कि अभी कुछ दिन पहले ही विरार में एक व्यक्ति ने तीन नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार किया था। इनमें से एक लड़की 17 साल की थी और बाकी दो 13 साल की थीं। इस घटना से शहर में हड़कंप मच गया था।

हम सभी लोगों को योगी का दिल से धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने इस तरह का आयोजन करवाया: एकनाथ शिंदे

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को महाकुंभ नहीं जाने वाले नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये लोग खुद को हिंदुत्ववादी कहते हैं, लेकिन कुंभ नहाने नहीं गए। 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने कुंभ में स्नान किया। लेकिन, ये लोग कुंभ नहीं गए। यह काफी हैरान करने वाली बात है। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन को अद्भुत बताया। कहा कि 144 बाद इस तरह का आयोजन हुआ, जो अपने आप में हम सभी लोगों के लिए हर्ष की बात है, जो कोई भी वहां जाता है, उसका जन्म लेना सार्थक हो जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल से धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने इस तरह का आयोजन करवाया। इसके साथ ही हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करना चाहिए, क्योंकि उनके मार्गदर्शन में पूरा आयोजन बहुत अच्‍छे से संपन्न हुआ। उन्हीं के प्रयासों की वजह से लोगों को महाकुंभ में स्नान करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि कुंभ के सफल आयोजन के लिए हमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद करना चाहिए। उनके मार्गदर्शन में सुरक्षा के मोर्चे पर सराहनीय काम किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा ना हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। कुंभ के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि क‍िसी को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। इस दिशा में प्रशासन मुस्तैद रहा। श्रद्धालुओं की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया। प्रशासन ने इस दिशा में सराहनीय पहल की। उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इस बार कुंभ नहीं गए, हमें उनसे पूछना चाहिए कि आखिर आप क्यों नहीं गए।

अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि अग्रिम जमानत का प्रावधान जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होता है। यानी, अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने पिछले साल 16 मई को इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुनाते हुए, सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि अग्रिम जमानत से जुड़े दंड प्रक्रिया संहिता और नए कानून ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के प्रावधान, जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होंगे। इस फैसले के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को जीएसटी या कस्टम कानून के तहत गिरफ्तारी का डर है, तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है, भले ही एफआईआर दर्ज न हुई हो।  इस मामले में विस्तृत फैसला आना अभी बाकी है। यह याचिका 2018 में राधिका अग्रवाल नाम की महिला तरफ से दायर की गई थी।

पीएम मोदी ने महाकुंभ पर लिखा ब्लॉग में कहा- ‘हे मां गंगा अगर सेवा में कुछ कमी रह गई हो तो माफ करना’

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विशाल महाकुंभ समागम की तुलना गुलामी की मानसिकता की बेड़ियों को तोड़कर स्वतंत्र रूप से सांस लेने वाले राष्ट्र की नई जागृत चेतना से की। महाकुंभ के समापन के एक दिन बाद उन्होंने एक ब्लॉग में लिखा, “महाकुंभ समाप्त हो गया है। एकता का ‘महायज्ञ’ संपन्न हो गया है।” उन्होंने कहा कि देश को अब ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास और एकता की इसी भावना के साथ आगे बढ़ना है। मोदी ने कहा कि संगम में जितनी उम्मीद थी, उससे कहीं अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि भारत अब नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है और यह युग परिवर्तन की ओर इशारा करता है जो भारत के लिए एक नया भविष्य लिखेगा। प्रधानमंत्री ने सेवाओं में कमी के लिए क्षमा मांगी प्रधानमंत्री ने “माँ गंगा, माँ यमुना, माँ सरस्वती” के साथ-साथ लोगों से, जिन्हें उन्होंने भगवान का रूप बताया, सेवाओं में किसी भी कमी के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था करना आसान नहीं था। महाकुंभ में भगदड़ के दौरान कम से कम 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जिसमें देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि 13 जनवरी को महाकुंभ शुरू होने के बाद से प्रयागराज में 65 करोड़ से अधिक लोग पवित्र स्थल पर आए हैं। पीएम मोदी ने ब्लॉग में सीएम योगी की प्रशंसा की अपने ब्लॉग में मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सांसद के रूप में वह गर्व से कह सकते हैं कि आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार, प्रशासन और लोगों ने सामूहिक रूप से इस “एकता के महाकुंभ” को सफल बनाया। उन्होंने प्रयागराज के निवासियों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी, पुलिस कर्मी, नाविक, ड्राइवर और रसोइया सभी ने भक्ति और सेवा की भावना के साथ अथक परिश्रम करके इसे सफल बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले कुछ दशकों में जो कभी नहीं हुआ, वह इस बार हुआ। उन्होंने कहा, “इसने आने वाली कई शताब्दियों की नींव रखी है।” मोदी ने कहा कि महाकुंभ का आयोजन प्रबंधन पेशेवरों, योजना और नीति विशेषज्ञों के लिए एक अध्ययन का विषय बन गया है, क्योंकि दुनिया में इस तरह के विशाल आयोजन का कोई दूसरा उदाहरण नहीं है। उन्होंने कहा, “जब किसी राष्ट्र की चेतना जागृत होती है, जब वह सैकड़ों वर्षों की गुलामी की सभी बेड़ियों को तोड़कर एक नई चेतना के साथ सांस लेती है, तो ऐसा नजारा सामने आता है, जैसा हमने 13 जनवरी के बाद प्रयागराज में एकता के महाकुंभ में देखा।” मोदी ने कहा कि महाकुंभ की परंपरा हजारों वर्षों से भारत की राष्ट्रीय चेतना को पुनर्जीवित करती रही है, देश और समाज को नए रास्ते सुझाती रही है। महाकुंभ ने भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय का संदेश दिया उन्होंने कहा, “इस बार इस तरह का महाकुंभ 144 वर्षों के बाद आया है और इसने भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय का संदेश दिया है। यह संदेश ‘विकसित भारत’ का है।” उन्होंने कहा कि महाकुंभ में विदेश सहित हर क्षेत्र, जाति और विचारधारा के लोग एक थे, उन्होंने लोगों से ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए इसी तरह एक साथ आने का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि एक समय में 140 करोड़ देशवासियों की आस्था इस पर्व से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या ने निश्चित रूप से एक रिकॉर्ड बनाया है क्योंकि अमेरिका की आबादी से लगभग दोगुने लोगों ने इस पवित्र स्नान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पिछले कुंभों के अनुभव के आधार पर अपना अनुमान लगाया था। उन्होंने कहा कि वास्तविक संख्या अनुमान से कहीं अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा श्रद्धालुओं को पवित्र समागम में शामिल होते देखना उनके लिए बहुत सुखद अनुभव था। उन्होंने कहा, “इससे यह विश्वास बढ़ता है कि भारत की युवा पीढ़ी हमारे मूल्यों और संस्कृति की वाहक है और इसे आगे बढ़ाने में अपनी जिम्मेदारी समझती है। वे इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयागराज की यह तीर्थयात्रा एकता और सद्भाव का संदेश देती है। उन्होंने महाकाव्य रामायण की एक घटना का जिक्र किया जिसमें नाविक राजा निषाद राज ने उत्तर प्रदेश के शहर के आसपास के एक स्थान पर भगवान राम से मुलाकात की थी। आनंदित लोगों के दृश्य को कभी नहीं भूल सकते प्रधानमंत्री ने कहा कि करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु बिना किसी आमंत्रण के पवित्र संगम पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह वहां स्नान करने के बाद आनंदित लोगों के दृश्य को कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि महिलाएं हों, बुजुर्ग हों या दिव्यांग, हर कोई अपने साधन से यहां आया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से श्रद्धालुओं का उनके घर लौटने पर श्रद्धा के साथ स्वागत किया गया, वह भी यादगार है। मोदी ने कहा कि इस बड़े आयोजन ने नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के उनके संकल्प को मजबूत किया है, चाहे वह बड़ी हो या छोटी। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना या किसी भी अन्य नदी की पवित्रता लोगों की जीवन यात्रा से जुड़ी है।  

कर्नाटक के होटलों में इडली को लेकर बड़ा खुलासा, हो रहा प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल,52 पर हुई कार्रवाई

बेंगलुरु आमतौर पर लोग दक्षिण भारतीय व्यंजन इडली को बेहद चाव से खाते हैं लेकिन इसको लेकर कर्नाटक में एक बड़ा खुलासा हुआ है जिसके बाद  राज्य सरकार ने 52 होटलों पर कार्रवाई की है. कर्नाटक खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में 52 होटलों में इडली बनाने के लिए पॉलीथीन शीट के अवैध इस्तेमाल का खुलासा किया है जिससे लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है. इसको लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने गुरुवार को जानकारी दी. प्लास्टिक शीट से इडली बनाने पर सख्ती स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इडली बनाने में विशेष रूप से पतली पॉलीथीन शीट का उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि यह कैंसरकारी (कार्सिनोजेनिक) होती है. सरकार इस तरह की हानिकारक चीजों के इस्तेमाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. दरअसल खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कर्नाटक के 250 स्थानों से इडली के नमूने एकत्र किए थे. स्वास्थ्य मंत्री राव ने कहा, ‘पहले पारंपरिक रूप से इडली पकाने के लिए कपड़े का उपयोग किया जाता था, लेकिन हमें कुछ होटलों में प्लास्टिक शीट का उपयोग किए जाने की शिकायत मिली थी. इसी आधार पर हमने जांच की और 52 होटलों में प्लास्टिक का अवैध उपयोग पाया.’ प्लास्टिक से सेहत को गंभीर खतरा जांच के दौरान मिले चौंकाने वाले नतीजों से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है. मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ‘गर्म होने पर प्लास्टिक के हानिकारक तत्व इडली में मिल सकते हैं, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती है.’ सरकार की सख्त कार्रवाई मंत्री ने कहा कि दोषी होटलों पर पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है, और सरकार खाद्य व्यंजनों में प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाएगी. उन्होंने जनता से अपील की कि यदि वो किसी होटल या रेस्टोरेंट में प्लास्टिक का उपयोग होता देखें तो तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दें. रंगीन फूड कलर पर भी प्रतिबंध स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि 2024 में कर्नाटक सरकार ने रॉडामिन-बी नामक खतरनाक खाद्य रंग पर प्रतिबंध लगाया था, जिसका व्यापक रूप से गोभी मंचूरियन और कॉटन कैंडी जैसे खाद्य पदार्थों में उपयोग किया जाता था. राव ने कहा, ‘हमने गोभी मंचूरियन की जांच के दौरान पाया कि इसमें खतरनाक रॉडामिन-बी रंग का उपयोग किया जा रहा था. यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है, इसलिए हमने इसे प्रतिबंधित कर दिया है. यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसे सात साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है, और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा.’  

संजय राउत ने महायुति सरकार पर साधा निशाना, पुणे में बस में दुष्कर्म के आरोपी को बख्शेंगे नहीं

मुंबई पुणे में स्वारगेट बस अड्डे पर खड़ी बस में 26 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। शिवसेना (उबाटा) के नेता संजय राउत ने घटना को 2012 में दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म जैसा करार दिया है। पुणे की कानून व्यवस्था को लेकर जिले के संरक्षक मंत्री अजित पवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध में काफी तेजी से इजाफा हुआ है।   पुणे में स्वारगेट बस अड्डे पर खड़ी बस में 26 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। शिवसेना (उबाटा) के नेता संजय राउत ने घटना को 2012 में दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म जैसा करार दिया है। साथ ही पुणे की कानून व्यवस्था को लेकर जिले के संरक्षक मंत्री अजित पवार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध में काफी तेजी से इजाफा हुआ है। संजय राउत ने कहा कि अगर राज्य में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी की सरकार के समय यह घटना हुई होती तो अब तक भाजपा की महिला कार्यकर्ता मंत्रालय के बाहर हंगामा कर रहीं होतीं। उन्होंने कहा कि क्या भाजपा नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने लाडकी बहिन योजना के तहत 1500 रुपये देकर महिलाओं का आत्म सम्मान खरीद लिया है? मुख्यमंत्री फडणवीस को इस मामले में डिप्टी सीएम और पुणे के संरक्षक मंत्री अजित पवार से जवाब मांगना चाहिए। संजय राउत ने कहा कि यह घटना दिल्ली के निर्भया कांड जैसी है। सौभाग्य से इस मामले में महिला बच गई। पुणे में गैंगस्टरों को कानून का कोई डर नहीं है। गृह मंत्रालय राजनीतिक उद्देश्यों और राजनीतिक विरोधियों पर शिकंजा कस रहा है। अगर गृह मंत्रालय राज्य की महिला और लड़कियों की सुरक्षा के लिए काम करे तो यह बड़ा उपकार होगा। आरोपी फरार है, बख्शेंगे नहीं: शिंदे घटना को उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी फरार है, लेकिन उसे बख्शा नहीं जाएगा। मैंने पुणे के पुलिस आयुक्त से बात की है। उनको आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार आरोपी को मौत की सजा देने की मांग करेगी। उन्होंने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से भी बात की। उनको खराब खड़ी बसों को नीलाम करने के लिए कहा है। शिंदे ने कहा कि परिवहन मंत्री के निर्देश पर तीन सुरक्षा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।  एमएसआरटीसी आरोपी को बख्शेगी नहीं। सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

अमेरिकी संघीय अदालत में दायर दस्तावेजों के अनुसार पन्नू ने याचिका की प्रति अजीत डोभाल को सौंपी

अमेरिका सिख कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश से जुड़े मामले में एक नया खुलासा हुआ है। अमेरिकी संघीय अदालत में दायर दस्तावेजों के अनुसार, पन्नू ने अपनी याचिका की प्रति भारत के शीर्ष खुफिया अधिकारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को सौंप दी है। पन्नू की याचिका में आरोप लगाया गया है कि भारत सरकार, अजीत डोभाल और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने निखिल गुप्ता को पन्नू की हत्या के लिए हायर किया था। यह साजिश उस वक्त विफल हो गई जब गुप्ता द्वारा हायर किया गया शूटर असल में एक अंडरकवर अमेरिकी एजेंट निकला। याचिका में यह भी कहा गया कि यह “मर्डर फॉर हायर” साजिश भारत सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा थी, जिसमें सिख कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। इनमें वे लोग शामिल हैं जो पंजाब में सिखों के आत्मनिर्णय के अधिकार की मांग कर रहे हैं, धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित उत्पीड़न की आलोचना कर रहे हैं और भारत में मानवाधिकार हनन के मामलों को उजागर कर रहे हैं। डोभाल को समन देने के लिए निजी जांचकर्ताओं की मदद अदालत में पेश किए गए नए दस्तावेजों के मुताबिक, पन्नू ने दो कानूनी एजेंसियों और एक निजी जांचकर्ता की मदद से अमेरिका में डोभाल के दौरे के दौरान उन्हें समन सौंपने की व्यवस्था की। अमेरिकी अदालत में दायर घोषणाओं के अनुसार, अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने समन स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, हालांकि इसे उस स्थान पर भी भिजवाया गया जहां डोभाल ठहरे हुए थे। इसके बावजूद, अमेरिकी अदालत के 12 फरवरी 2025 के आदेश के तहत, डोभाल को वैकल्पिक माध्यमों से समन जारी किया गया। दस्तावेजों में कहा गया है, “पन्नू सम्मानपूर्वक अदालत को सूचित करते हैं कि प्रतिवादी (डोभाल) को समन देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।”   डोभाल को 21 दिनों के भीतर देना होगा जवाब अगर समन देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो अजीत डोभाल को 21 दिनों के भीतर अमेरिकी अदालत में पन्नू के मुकदमे का जवाब देना होगा। पन्नू ने आरोप लगाया, “प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर, डोभाल और उनके सहयोगियों ने अमेरिकी संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची, सिर्फ इसलिए कि उसने अपने राजनीतिक विचार व्यक्त किए।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे अमेरिकी न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और मुझे यकीन है कि सीमा-पार दमन (ट्रांसनेशनल रेप्रेशन) में शामिल अपराधियों को आपराधिक और दीवानी अदालत में न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।” पन्नू के वकील का बयान पन्नू के वकील मैथ्यू बोर्डन (BraunHagey & Borden, LLP) ने कहा, “हमने अजीत डोभाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वह इस मामले में एक प्रमुख प्रतिवादी हैं और अब अपनी संलिप्तता को छिपा नहीं सकते। हम उनसे सबूत जुटाने और अपने मुवक्किल के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं।”  

अब हम हिंदी को तमिलनाडु पर थोपने का विरोध करेंगे, अवधी, बुंदेली और ब्रज समेत 25 भाषाओं को खत्म किया: स्टालिन

चेन्नै तमिलनाडु में हिंदी बनाम तमिल की जंग छेड़ने वाले सीएम एमके स्टालिन लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। अब उन्होंने फिर से दोहराया है कि हम हिंदी को तमिलनाडु पर थोपने का विरोध करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी के चलते उत्तर भारत की 25 से ज्यादा भाषाओं को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु हिंदी भाषा को ‘थोपने’ की इजाजत नहीं देगा और उन्होंने तमिलों एवं इसकी संस्कृति की रक्षा करने का संकल्प जताया। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित एक पत्र में उन्होंने कहा, ‘हम हिंदी थोपने का विरोध करेंगे। हिंदी मुखौटा है, संस्कृत छिपा हुआ चेहरा है।’ डीएमके ने आरोप लगाया है कि केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में तीन-भाषा फार्मूले के माध्यम से हिंदी को थोपने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस आरोप का खंडन किया है। पत्र में स्टालिन ने दावा किया कि बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बोली जाने वाली मैथिली, ब्रजभाषा, बुंदेलखंडी और अवधी जैसी कई उत्तर भारतीय भाषाओं को ‘आधिपत्यवादी हिंदी ने नष्ट कर दिया है।’ सत्तारूढ़ डीएमके के प्रमुख ने कहा, ‘आधिपत्यवादी हिंदी-संस्कृत भाषाओं के हस्तक्षेप से 25 से अधिक उत्तर भारतीय मूल भाषाएं नष्ट हो गई हैं। जागरुकता के कारण सदियों पुराने द्रविड़ आंदोलन और विभिन्न आंदोलनों ने तमिलों और उनकी संस्कृति की रक्षा की।’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु एनईपी का विरोध कर रहा है क्योंकि केंद्र शिक्षा नीति के माध्यम से हिंदी और संस्कृत को थोपने की कोशिश कर रहा है। एनईपी के अनुसार तीसरी भाषा विदेशी भी हो सकती है। भाजपा के इस दावे का जवाब देते हुए स्टालिन ने दावा किया कि त्रिभाषा नीति कार्यक्रम के अनुसार,‘‘कई राज्यों में केवल संस्कृत को बढ़ावा दिया जा रहा है।’ उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित राजस्थान उर्दू प्रशिक्षकों के बजाय संस्कृत शिक्षकों की नियुक्ति कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘अगर तमिलनाडु त्रिभाषा नीति को स्वीकार करता है, तो मातृभाषा को नजरअंदाज कर दिया जाएगा और भविष्य में संस्कृतीकरण होगा।’ उन्होंने दावा किया कि एनईपी प्रावधानों में कहा गया है कि ‘संस्कृत के अलावा’ अन्य भारतीय भाषाओं को स्कूलों में पढ़ाया जाएगा और तमिल जैसी अन्य भाषाओं को ऑनलाइन पढ़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र ने तमिल जैसी भाषाओं को खत्म करने और संस्कृत को थोपने की योजना बनाई है।’ स्टालिन ने कहा कि द्रविड़ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई ने दशकों पहले राज्य में द्विभाषा नीति लागू की थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ‘हिंदी-संस्कृत के माध्यम से आर्य संस्कृति को थोपने और तमिल संस्कृति को नष्ट करने के लिए कोई जगह नहीं है।’

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