LATEST NEWS

PLA में उथल-पुथल की आहट, शी जिनपिंग के एंटी-करप्शन अभियान से हिली चीनी सेना: रिपोर्ट

बीजिंग चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को 2026 में गंभीर अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। यह मुख्य रूप से फरवरी 26, 2026 को हुए एक बड़े पर्ज (शुद्धिकरण) से जुड़ा है, जिसमें 10 पीएलए अधिकारियों को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के डिप्टी के रूप में उनके पदों से हटा दिया गया। एक रिपोर्ट ऐसा दावा करती है। इसमें आगे कहा गया है कि 26 फरवरी को हुए इस सफाई अभियान (पर्ज) के नतीजे में पांच पुराने शीर्ष अधिकारियों को निकाल दिया गया, जो कभी पीएलए सेना, नौसेना, वायु सेना और एक अन्य यूनिट का नेतृत्व करते थे। इसके अलावा, चीन के फुजियान प्रांत में तैनात 73वें ग्रुप आर्मी से जुड़े दो ऑपरेशनल यूनिट चीनी कमांडर (ताइवान मामले को देख रहे थे) और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी)-स्तर के संगठनों में काम कर रहे तीन जनरलों को उनके पदों से हटा दिया गया। एक जानी-मानी अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘द डिप्लोमैट’ की एक रिपोर्ट में बताया गया, “26 फरवरी को, जरूरी सालाना टू सेशंस मीटिंग से पहले, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 10 अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पदों से हटा दिया। चीनी राजनीतिक नियमों के तहत, यह घटनाक्रम आमतौर पर इसमें शामिल लोगों के लिए गंभीर परेशानी का संकेत देता है।” रिपोर्ट में कहा गया, “हालांकि एनपीसी ने उन्हें हटाने की कोई वजह नहीं बताई, लेकिन इन अधिकारियों के बैकग्राउंड के विश्लेषण से पता चलता है कि उन्हें पद से हटाए गए पूर्व जनरलों से कनेक्शन की वजह से हटाया गया था। दूसरे शब्दों में, पूर्व अधिकारियों ने पीएलए के अंदर एक डोमिनो इफेक्ट शुरू कर दिया, जिससे एक्टिव और रिटायर्ड दोनों तरह के अधिकारियों को हटाया जा रहा है।” रिपोर्ट के मुताबिक, जांच का तेजी से बढ़ना पीएलए की ऑपरेशनल तैयारी को कमजोर कर सकता है और ऑफिसर कोर के अंदर चिंता बढ़ा सकता है; आने वाले महीनों में 26 फरवरी के मामलों के सिलसिले में और अधिकारियों के फंसने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है, “रिटायर्ड एडमिरल शेन जिनलोंग, जिन्होंने 2017 से 2021 तक पीएलए नेवी (पीएलएएन) के कमांडर के तौर पर काम किया था, उन्हें एडमिरल किन शेंगजियांग के साथ एनपीसी पद से हटा दिया गया था। शेन एक करियर नेवल ऑफिसर थे जिन्होंने एक स्क्वाड लीडर के तौर पर शुरुआत की थी और रैंक में ऊपर उठने के साथ-साथ उन्होंने काफी ऑपरेशनल अनुभव हासिल किया था।” इसमें कहा गया, “इसके उलट, किन ने अपने करियर का ज्यादातर समय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) में काम करते हुए बिताया और बाद में 2017 में उन्हें पीएलएएन पॉलिटिकल महासचिव पद से हटाया गया। शेन और किन के लीडरशिप में, चीनी नेवी ने बेड़े का आकार बढ़ाने और दक्षता दोनों में बड़ा विस्तार किया। हालांकि, उनके करियर के दौरान झांग यौक्सिया सीएमसी के उपाध्यक्ष बने, और जनवरी के आखिर में झांग को अचानक हटा दिया गया। इन व्यावसायिक रिश्तों और निजी संबंधों ने शायद शेन और किन को हटाने में मदद की।” रिपोर्ट में बताया गया कि पहले के पर्ज, खासकर 2025 और जनवरी 2026 में हुए पर्ज, पीएलए के अंदर एक लहर जैसा असर डाल रहे हैं। साथ ही, अधिकारियों के बीच बढ़ती असुरक्षा यह इशारा करती है कि और भी सैन्य नेतृत्व, चाहे वे एक्टिव हों या रिटायर्ड, “इस पर्ज में घसीटे जाएंगे।” इसमें कहा गया, “यह बढ़ता हुआ बवंडर फ्रंटलाइन यूनिट्स, जैसे कि ताइवान के दूसरी तरफ 73वीं ग्रुप आर्मी में, मनोबल और नेतृत्व कौशल पर बुरा असर डालेगा।” फरवरी 26, 2026 को, चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने 10 पीएलए अधिकारियों को एनपीसी डिप्टी पद से हटा दिया। यह कदम पीएलए में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी जांचों का हिस्सा है, जो 2022 से शुरू हुई हैं। इनमें से कई अधिकारी रिटायर्ड थे, लेकिन उनके हटाए जाने से यह संकेत मिलता है कि जांचें सेवाओं और यूनिट्स तक फैल रही हैं। यह घटना जनवरी 2026 में दो शीर्ष जनरलों—झांग यौक्सिया और लियू झेनली—के जांच के बाद हुई, जो सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के सदस्य थे।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ट्रंप का फैसला, अमेरिकी हथियारों का उत्पादन होगा चार गुना

वॉशिंगटन ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की तानातनी जारी है। दोनों तरफ से लगातार आठ दिनों से हमले हो रहे हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका अपने हथियारों का उत्पादन चार गुना करने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ’ पर पोस्ट कर लिखा, “हमने अभी-अभी अमेरिका की सबसे बड़ी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ एक बहुत अच्छी मीटिंग खत्म की है, जहां हमने प्रोडक्शन और प्रोडक्शन शेड्यूल पर चर्चा की। वे “एक्सक्विजिट क्लास (उत्तम श्रेणी के हथियार)” हथियारों का प्रोडक्शन चार गुना करने पर सहमत हुए हैं। हम जितनी जल्दी हो सके, क्वांटिटी के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंचना चाहते हैं।” ट्रंप ने आगे लिखा, “मीटिंग से तीन महीने पहले एक्सपेंशन शुरू हो गया था और इनमें से कई हथियारों के प्लांट और प्रोडक्शन पहले से ही चल रहे हैं। हमारे पास मीडियम और अपर-मीडियम ग्रेड म्यूनिशन्स की लगभग अनलिमिटेड सप्लाई है, जिसका इस्तेमाल हम, उदाहरण के लिए, ईरान में कर रहे हैं, और हाल ही में वेनेजुएला में किया है। फिर भी, हमने इन स्तरों पर आर्डरों को भी बढ़ाया है।” उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों ने रिप्रेजेंट किया, उनमें बीएई सिस्टम्स, बोइंग, हनीवेल एयरोस्पेस, एल3हैरिस मिसाइल सॉल्यूशंस, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन और रेथियॉन के सीईओ शामिल थे। देश भर के राज्य इन नए प्लांट्स के लिए बिड लगा रहे हैं। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दावा किया कि अमेरिका की यह इच्छा है कि वो तेहरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करे, लेकिन सपना उसके मरते दम तक पूरा नहीं होगा। ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा कि अमेरिका का बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा सपना है जिसे उन्हें अपने साथ कब्र में ले जाना चाहिए। दरअसल, ट्रंप ने ईरान को शुक्रवार को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि आत्मसमर्पण के बाद ही कोई समझौता हो पाएगा। इसके साथ ही पेजेशकियान ने खाड़ी देशों पर हमले को लेकर भी बड़ा बयान दिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ने बताया कि देश के अंतरिम नेतृत्व परिषद ने इस फैसले को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान इन देशों के साथ तनाव बढ़ाना नहीं चाहता और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने का प्रयास करेगा। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के आठवें दिन पेजेशकियान का यह बयान सामने आया। 28 फरवरी को संघर्ष की शुरुआत से अब तक ईरान इजरायल समेत मध्य पूर्व के 10 से ज्यादा देशों को निशाना बना चुका है।

प्रधानमंत्री मोदी ने की ओम बिरला की प्रशंसा, कहा— दलगत राजनीति से ऊपर उठकर निभा रहे जिम्मेदारी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कार्यशैली और व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा स्पीकर भी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ओम बिरला को संविधान के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि उनमें संसदीय परंपराओं व प्रणालियों के प्रति स्पष्ट रूप से निष्ठा दिखाई देती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकसभा स्पीकर के रूप में ओम बिरला किसी एक पक्ष के सदस्य नहीं रहते, बल्कि वे पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों से ऊपर उठकर सदन का संचालन करते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वे सदन में ओम बिरला को देखते हैं तो उन्हें यह एहसास होता है कि यह शायद शिक्षा की नगरी से आने का प्रभाव है कि वे इतनी संतुलित और संयमित भूमिका निभाते हैं। लोकसभा स्पीकर के तौर पर ओम बिरला सदन के एक ऐसे मुखिया की तरह काम करते हैं जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। सदन में मौजूद सभी सांसदों को वे अच्छे से संभालते हैं और उनकी भावनाओं तथा आग्रहों का पूरा सम्मान करते हैं। मोदी ने कहा कि बिरला का स्वभाव ऐसा है कि वे सांसदों का सबसे अधिक सम्मान करने वाले स्पीकरों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि कई बार सदन में कुछ ऐसे सदस्य भी आ जाते हैं जो बड़े घरानों से आते हैं और अहंकारी या उत्पाती व्यवहार कर बैठते हैं, लेकिन तब भी ओम बिरला एक जिम्मेदार मुखिया की तरह पूरे सदन को संयम के साथ संभाल लेते हैं। वे किसी को भी अपमानित नहीं करते और सभी की तीखी व कड़वी बातें भी धैर्यपूर्वक सुनते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि ओम बिरला की एक खास बात यह भी है कि वे हर समय मुस्कुराते रहते हैं। उनके चेहरे पर हमेशा एक मीठी मुस्कान रहती है, जो उनके व्यक्तित्व को और भी सहज बनाती है। शायद यही कारण है कि सदन में वे सभी सांसदों के बीच बेहद प्रिय हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकसभा स्पीकर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और ओम बिरला इस जिम्मेदारी को पूरी गरिमा, संयम और संतुलन के साथ निभा रहे हैं।

एलपीजी दाम बढ़ने पर सड़कों पर उतरेगी TMC, ममता बनर्जी ने कोलकाता में मार्च का किया ऐलान

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध जताया और कोलकाता में रविवार को बड़े पैमाने पर विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है। सीएम ममता बनर्जी ने लोगों से अपील की है कि वे रसोई के बर्तन और घरेलू सामान लेकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। उन्होंने कहा कि बढ़ती गैस कीमतों का सबसे अधिक असर आम परिवारों, खासकर महिलाओं पर पड़ रहा है, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माताओं और बहनों को सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराना चाहिए। कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में धरने पर बैठीं सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी आम जनता के लिए बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार मध्य रात्रि से घरेलू उपयोग वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। तीन दिन पहले ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 49 रुपए का इजाफा किया गया था। उन्होंने कहा कि बड़े सिलेंडर की कीमत करीब 2,100 रुपए तक पहुंच गई है, जबकि छोटे सिलेंडर की कीमत लगभग 1,000 रुपए हो गई है। मुख्यमंत्री ने गैस बुकिंग से जुड़े नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अब एलपीजी सिलेंडर 21 दिन पहले बुक करना होगा। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अगर किसी घर में गैस खत्म हो जाए तो क्या वह परिवार 21 दिन तक बिना खाना बनाए रह सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियां बनाते समय सरकार को यह भी सोचना चाहिए कि आम लोग क्या खाएंगे और उनकी रोजमर्रा की जरूरतें कैसे पूरी होंगी। धरने के मंच से सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि रविवार को निकाले जाने वाले जुलूस में लोग बर्तन, कटोरी, चम्मच और रसोई के अन्य सामान लेकर आएं, ताकि यह दिखाया जा सके कि गैस के बिना घरों में खाना बनाना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर संभव हो तो गैस स्टोव भी साथ लेकर आएं और टोकरी में कच्चा अनाज लेकर विरोध जताएं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़े तो महिलाएं काली साड़ी पहनकर भी इस विरोध में शामिल हो सकती हैं। मुख्यमंत्री ने इसे मानवता की रक्षा का आंदोलन बताते हुए महिलाओं से बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। इस बीच, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के खतरे के बीच, केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया है। सरकार ने भारतीय रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि अतिरिक्त खरीदी गई एलपीजी मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को ही उपलब्ध कराई जाए। केंद्र सरकार के फैसले के तहत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद पहले 879 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर अब 939 रुपए में मिलेगा। नई कीमतें शनिवार से लागू हो गई हैं। वहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में भी प्रति सिलेंडर 50 रुपए का इजाफा किया गया है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर लगभग 1,990 रुपए तक पहुंच गई है। गैस की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर रेस्तरां और होटल उद्योग पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे बाहर खाना खाने का खर्च बढ़ सकता है। इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकार की नई योजना ‘बांग्लार युवा साथी’ को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को शनिवार से ही वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। योजना के तहत राज्य के ऐसे छात्र जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा पास कर ली है, लेकिन अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है, उन्हें प्रति माह 1,500 रुपए का भत्ता दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस योजना की राशि 1 अप्रैल से देने की बात कही गई थी, लेकिन अब इसे पहले ही लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाला अनुदान फरवरी से ही दिया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा, “हम जो कहते हैं, वो करते हैं।”

दुबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन आंशिक रूप से बहाल, कई उड़ानें अब भी प्रभावित

दुबई एमिरेट्स एयरलाइंस के बाद दुबई एयरपोर्ट ने आंशिक तौर पर हवाई सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई। एमिरेट्स के ऑपरेशन फिर से शुरू करने के बयान के बाद, दुबई एयरपोर्ट ने ये घोषणा की। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “हमने शनिवार, 7 मार्च से आंशिक ऑपरेशन फिर से शुरू कर दिया है, जिसमें कुछ फ्लाइट्स डीएक्सबी (मुख्य एयरपोर्ट) और डीडब्ल्यूसी (साउथ-वेस्ट में अल मकतूम एयरपोर्ट, इसे दुबई वर्ल्ड सेंट्रल भी कहा जाता है) से ऑपरेट हो रही हैं।” इसके साथ ही एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरलाइन से संपर्क कर, अपनी फ्लाइट की पूरी जानकारी लेकर ही हवाईअड्डे पहुंचे, ऐसा इसलिए भी क्योंकि अंत समय में शेड्यूल में बदलाव संभव है। इससे पहले अमीरात एयरलाइन ने परिचालन शुरू करने की बात कही थी। बताया कि एमिरेट्स उड़ान सेवा शनिवार से शुरू कर रही है। एमिरेट्स ने बयान जारी कर कहा कि दुबई आने-जाने वाली फ्लाइट्स को कुछ समय के लिए रोकने की घोषणा के बाद अपना ऑपरेशन फिर से शुरू करेगी। हालांकि, इससे पहले कंपनी ने सभी फ्लाइट्स निलंबित करने की सूचना दी थी, एक बयान जारी कर कहा कि उनके लिए यात्री और क्रू की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शनिवार को दुबई में दो धमाके और बहरीन की राजधानी मनामा में एक धमाका सुना गया, जिसके साथ ही इलाकों में सायरन बजने लगे थे। बहरीन के गृह मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में कहा कि नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और सबसे पास की सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की जाती है। दुबई के अधिकारियों ने दावा किया कि इंटरसेप्शन के बाद मलबा गिरने से एक “छोटी घटना” हुई थी, जिसे तुरंत काबू में कर लिया गया। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का शनिवार को एक इंटरव्यू प्रसारित किया गया। स्टेट टीवी पर प्रसारित साक्षात्कार में ईरानी राष्ट्रपति कहते सुने गए कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए।

रूस से तेल खरीद पर दबाव! 30 दिन की छूट देने वाले अमेरिका को भारत का कड़ा संदेश

नई दिल्ली भारत को रूस से तेल आयात करने की छूट देने वाले अमेरिकी दावे पर भारत ने कड़ा पलटवार किया है। शनिवार को भारत सरकार ने साफ कहा है कि रूसी तेल खरीदने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है। भारत ने कहा कि वह रूस से तेल का आयात जारी रखेगा। ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली हमलों ने दुनिया के एनर्जी सेक्टर को उलट-पुलट कर रख दिया है। इससे दुनियाभर में तेल की कीमतों में तेजी आई है। ईरान के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों को न निकलने देने की धमकी के बाद कच्चे तेल पर असर पड़ा है। भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि नई दिल्ली ऐसी खरीद के लिए शॉर्ट-टर्म छूट पर निर्भर नहीं है। बयान में कहा गया, “भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी भी किसी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं रहा है।” बयान में आगे कहा गया, ”भारत फरवरी 2026 में भी रूसी तेल इंपोर्ट कर रहा है, और रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर है।” वॉशिंगटन ने फरवरी में एक अंतरिम ट्रेड डील के तहत भारतीय एक्सपोर्ट पर 25 फीसदी ड्यूटी वापस ले ली थी, जिसे उसने रूसी तेल खरीदना बंद करने के नई दिल्ली के ‘कमिटमेंट’ के तौर पर बताया था। बयान में कहा गया है कि भारत के पास शॉर्ट टर्म रुकावटों से निपटने के लिए 250 मिलियन बैरल से ज्यादा क्रूड और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का अच्छा स्टॉक है। हालांकि, भारत ने शनिवार को खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले घरेलू लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ा दी। इसके साथ ही, कमर्शियल सिलेंडरों के दाम में भी इजाफा हुआ है। दुनिया भर में, शुक्रवार को क्रूड 8.5 फीसदी बढ़ गया और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि सिर्फ ईरान का बिना शर्त सरेंडर ही मिडिल ईस्ट युद्ध को खत्म करेगा, इस हफ्ते यह लगभग 30 परसेंट बढ़ गया। वहीं, रूस ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत को किए जाने वाले कच्चे तेल निर्यात के आंकड़े सार्वजनिक नहीं करेगा और इसे ‘बहुत से बुरा चाहने वालों’ से छिपाकर रखेगा। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने यह टिप्पणी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद की जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट देने की बात कही गई है। पेसकोव ने भारत को दिए गए तेल के बारे में पूछे जाने पर कहा, ”नहीं, हम साफ वजहों से मात्रा का कोई आंकड़ा नहीं देने जा रहे हैं। यह पहली बात है। बुरा चाहने वाले बहुत लोग हैं।”  

ईरानी युद्धपोत की मदद पर विवाद: क्या अमेरिका ने बनाया दबाव? श्रीलंकाई मंत्री ने तोड़ी चुप्पी

कोलंबो श्रीलंका ईरान के नाविकों के साथ अंतराष्ट्रीय कानून के तहत व्यवहार करेगा। अमेरिकी हमले के शिकार हुए ईरानी जहाज पर सवार यह नाविक फिलहाल श्रीलंका में रुके हुए हैं। श्रीलंका के एक मंत्री शनिवार को यह जानकारी दी। ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिका, श्रीलंका पर दबाव डाल रहा है कि इन ईरानी नाविकों को उनके देश वापस न लौटने दे। हालांकि जब श्रीलंकाई मंत्री से अमेरिकी दबाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया। बता दें कि ईरानी जहाज आइरिस डेना को अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबो दिया था। इस हमले में कुछ नाविक मारे गए थे और कुछ घायल भी हुए थे। दूसरे युद्धपोत को भी सुरक्षा विदेश मंत्री विजिथा हिराथ ने नई दिल्ली में एक सम्मेलन को बताया कि श्रीलंका ईरानी फ्रिगेट आइरिस डेना के 32 नाविकों का कोलंबो की अंतरराष्ट्रीय संधि के तहत ख्याल रख रहा है। उन्होंने कहाकि हमने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार सभी कदम उठाए हैं। श्रीलंका ने एक दूसरे ईरानी युद्धपोत, आइरिस बुशेहर, को भी सुरक्षित आश्रय प्रदान किया। डेना पर हमले के एक दिन बाद इसके 219 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इंजन समस्याओं से जुड़ी रिपोर्ट के बाद जहाज को श्रीलंका के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित त्रिनकोमाली ले जाया गया। इस बीच, भारत ने शनिवार को कहा कि उसने तीसरे ईरानी युद्धपोत, आइरिस लावान, को भी अपने किसी बंदरगाह पर मानवीय आधार पर ठहरने की अनुमति दी थी, क्योंकि उसने भी परिचालन समस्याओं की सूचना दी थी। तीन जहाज भारत द्वारा मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने से पहले आयोजित की गई एक बहु-राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू का हिस्सा थे। भारतीय प्रधानमंत्री एस जयशंकर ने कहाकि मुझे लगता है कि यह मानवीय काम था और हम इसके तहत ही काम कर रहे थे।  

गरीबी नहीं बनी बाधा, ट्रक चालक की बेटी ने UPSC में मारी बाजी

हरिद्वार  फातिमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और फिलहाल वह दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर काम कर रही हैं। वे रग्बी खेलने की शौकीन हैं। पिता चलाते हैं ट्रक, इकलौती बेटी ने UPSC में लहराया परचम; हासिल की इतनी रैंक यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम 2025 में उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की फैरुज फातिमा ने भी परचम लहराया है। फातिमा ने एग्जाम में ऑल इंडिया 708वीं रैंक हासिल की है। 27 वर्षीय फातिमा ने तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की है। परिवार में खुशी की लहर है और बधाईयों का ताता लगा हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में गर्व और खुशी का माहौल है। रुड़की के पिरान कलियर की रहने वाली फातिमा के पिता इकबाल अहदम (52) पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं जबकि मां हाउस वाइफ हैं। फातिमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और फिलहाल वह दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर काम कर रही हैं। वे रग्बी खेलने की शौकीन हैं। फातिमा ने ये साबित कर दिया है कि हालात कैसे भी हों मेहनत करने वालों से सफलता कोई नहीं छिन सकता। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है। माता-पिता की मेहनत ने ही फातिमा को हौसला दिया। 8 साल से तैयारी कर रही थीं फातिमा सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने फातिमा को पढ़ाई में हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बेटी ने भी माता-पिता की ख्वाहिशों को ध्यान रखा और सफलता की सीढ़ी चढ़ती गईं। वे करीब 8 साल से तैयारी कर रही थीं और पिछले दो एग्जाम में असफल होने के बावजूद हार नहीं मानी। इन उम्मीदवारों ने भी हासिल की सफलता टिहरी की मीनल नेगी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 66वीं रैंक हासिल की है। मीनल के पिता स्कूल टीचर हैं और उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में एग्जाम पास किया है। वहीं चंपावत के बाराकोट ब्लॉक के छुलापे गांव के अनुज पंत ने 69वीं रैंक हासिल की है। पिथौरागढ़ के राई क्षेत्र के आदित्य पाठक ने 189वीं रैंक हासिल की। बनाल पट्टी के गुलाडी गांव के होनहार युवा आशुतोष नौटियाल ने 398वीं रैंक हासिल की है हालांकि उनका चयन इंडियन पुलिस सर्विस में हुआ है। वहीं उत्तरकाशी के पुरोला स्थित सुनाली गांव के ऋषभ नौटियाल ने 552वीं रैंक हासिल की है और उनका चयन इंडियन सिविल सर्विस के लिए हुआ है।

तनाव के बीच ईरान का बयान: राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए हमले रोकने का ऐलान

तेहरान पेजेशकियन ने कहा कि सैन्य बलों को एक आदेश दिया गया है। अब से, पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न करें जब तक कि उन पर पहले हमला न हो। जो लोग इस मौके का फायदा उठाकर ईरान पर हमला करने की सोच रहे हैं, उन्हें साम्राज्यवाद की कठपुतली नहीं बनना चाहिए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा है कि अब ईरान उन देशों पर हमला नहीं करेगा। पेजेशकियान ने ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में कहा, “मुझे लगता है कि उन पड़ोसी देशों से माफी मांगना जरूरी है जिन पर हमला हुआ है।” उन्होंने कहा, “हमारा पड़ोसी देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। हम शांति और सुकून कायम करने के लिए इलाके में सहयोग की अपील करते हैं।” पेजेशकियन ने कहा, “सैन्य बलों को एक आदेश दिया गया है। अब से, पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न करें जब तक कि उन पर पहले हमला न हो।” उन्होंने कहा, “जो लोग इस मौके का फायदा उठाकर ईरान पर हमला करने की सोच रहे हैं, उन्हें साम्राज्यवाद की कठपुतली नहीं बनना चाहिए।” उन्होंने कहा कि इजरायल या अमेरिका का समर्थन करना इज्जत और आजादी का रास्ता नहीं है। सऊदी अरब ने दी थी ईरान को चेतावनी इससे पहले, सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने देश के सैन्य ठिकानों और तेल केंद्रों पर हुए सिलसिलेवार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद ईरान को ‘गलतफहमी और गलत आकलन’ से बचने की कड़ी चेतावनी दी थी। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौजूदगी वाले एक एयर बेस और एक प्रमुख तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किये गये हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजधानी रियाद के दक्षिण-पूर्व स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गयी एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया गया। सऊदी प्रेस एजेंसी ने मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से पुष्टि की है कि इसी एयर बेस पर एक और मिसाइल हमला हुआ, जिसे भी विफल कर दिया गया। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात की सीमा के पास स्थित शयबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए कई ड्रोन हमलों और रियाद के पूर्व में एक अन्य ड्रोन हमले को भी सेना ने नाकाम कर दिया है।  

CM रेड्डी की मौजूदगी में 130 नक्सलियों ने छोड़ी बंदूक, तेलंगाना में बड़ा सरेंडर

हैदराबाद तेलंगाना में माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सामने 31 मार्च, 2026 से पहले बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने शुक्रवार आत्मसर्पण कर दिया. अलग-अलग स्तर के कुल 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें संगठन के 3 स्टेट कमेटी मेंबर, 1 रीजनल कमेटी मेंबर, 10 डिवीजनल/डीवाईसीएम स्तर के कैडर, 40 एरिया कमेटी मेंबर और करीब 70 पार्टी मेंबर शामिल बताए जा रहे हैं. बस्तर मूल के कई माओवादी शामिल आत्म समर्पण में बड़ी संख्या में बस्तर मूल के माओवादी शामिल हैं. PLGA बटालियन में सक्रिय 42, तेलंगाना स्टेट कमेटी में सक्रिय 30, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 32, 2nd सीआरसी के 16 और केंद्रीय समिति सदस्य देवजी की टीम से जुड़े 10 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है. 130 माओवादियों पर 4.18 करोड़ रुपए का था इनाम इन माओवादियों के ऊपर 4 करोड़ 18 लाख 20 हजार रुपए का ईनाम घोषित है. आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने भारी मात्रा में हथियार और युद्ध सामग्री भी सौंप दी. बरामद हथियारों में 1 इंसास एलएमजी, 21 AK-47, 21 इंसास रायफल, 20 एसएलआर, 18 .303 रायफल, 1 नौ एमएम कार्बाइन, 2 नौ एमएम पिस्टल, 2 आठ एमएम बोल्ट-एक्शन रायफल, 18 कंट्री मेड गन और 2 बीजीएल शामिल हैं. सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते माओवादी कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. बड़ी संख्या में हुए इस सामूहिक समर्पण को सुरक्षा एजेंसियां माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका मान रही हैं. सरकार का कहना है कि जो भी उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास और नई शुरुआत के सभी रास्ते खुले हैं.

रेलवे का क्रिकेट प्रेमियों को तोहफा, दिल्ली से साबरमती के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन

अहमदाबाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को होने वाले हाई-वोल्टेज टी-20 फाइनल मुकाबले को लेकर देशभर में क्रिकेट का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। प्रशंसकों के इसी जबरदस्त उत्साह और अहमदाबाद जाने वाली उड़ानों के आसमान छूते किरायों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा राहतकारी फैसला लिया है। उत्तर रेलवे ने दिल्ली और एनसीआर के प्रशंसकों के लिए ‘साबरमती टी-20 स्पेशल’ ट्रेन चलाने की घोषणा की है। महंगी फ्लाइट और वेटिंग टिकटों से मिलेगी निजात फाइनल मैच के कारण दिल्ली से अहमदाबाद जाने वाली नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और हवाई टिकटों की कीमतों में तीन से चार गुना बढ़ोतरी देखी जा रही थी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे ने नई दिल्ली से साबरमती के बीच विशेष ट्रेन (संख्या 04062) के संचालन का निर्णय लिया है।      इस बड़े खेल आयोजन के मद्देनजर नियमित ट्रेनों और फ्लाइट्स पर भारी दबाव था। यह स्पेशल ट्रेन उन प्रशंसकों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प साबित होगी जो स्टेडियम में बैठकर फाइनल का आनंद लेना चाहते हैं।- हिमांशु शेखर उपाध्याय, CPRO, उत्तर रेलवे ट्रेन का शेड्यूल और स्टॉपेज क्रिकेट प्रशंसकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन का समय इस प्रकार निर्धारित किया गया है कि यात्री मैच शुरू होने से पहले आराम से साबरमती पहुंच सकें।     प्रस्थान (नई दिल्ली): शनिवार रात 11:45 बजे।     आगमन (साबरमती): रविवार दोपहर 2:30 बजे।     प्रमुख स्टॉपेज: दिल्ली कैंट, गुरुग्राम, रेवाड़ी और जयपुर। 19 कोचों वाली ‘क्रिकेट स्पेशल’ की खासियत रेलवे ने इस विशेष ट्रेन में कुल 19 कोच लगाए हैं। यात्रियों की आरामदायक यात्रा के लिए इसमें सेकेंड एसी (2AC) और थर्ड एसी (3AC) श्रेणी के डिब्बे शामिल किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीटों की संख्या पर्याप्त रखी गई है ताकि अधिक से अधिक क्रिकेट प्रेमी इस सुविधा का लाभ उठाकर रविवार शाम को होने वाले महामुकाबले का गवाह बन सकें। यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए तत्काल प्रभाव से अपनी टिकट बुक करा लें। यह ट्रेन न केवल दिल्ली बल्कि गुरुग्राम और जयपुर के प्रशंसकों के लिए भी अहमदाबाद पहुंचने का सबसे सुलभ जरिया बनेगी। इस पहल से उन हजारों युवाओं और प्रशंसकों के चेहरे खिल गए हैं जो बजट के कारण अपनी यात्रा को लेकर असमंजस में थे। अब ‘साबरमती स्पेशल’ के जरिए दिल्ली का जोश सीधे अहमदाबाद के मैदान पर नजर आएगा।  

सफल चुनाव के बाद नेपाल को Narendra Modi का संदेश, लोकतांत्रिक प्रक्रिया की तारीफ

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल को सफलतापूर्वक चुनाव कराने के लिए बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत करीबी दोस्त और पड़ोसी नेपाल के साथ काम करने को तैयार है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने नेपाल की जनता और सरकार को बधाई दी। उन्होंने लिखा, “मैं नेपाल के लोगों और सरकार को चुनावों के सफल और शांतिपूर्ण तरीके से होने पर दिल से बधाई देना चाहता हूं। अपने नेपाली भाइयों और बहनों को अपने डेमोक्रेटिक अधिकारों का इतने जोश के साथ इस्तेमाल करते देखना बहुत अच्छा लग रहा है।” उन्होंने ‘इस ऐतिहासिक कामयाबी को नेपाल की डेमोक्रेटिक यात्रा में गर्व का पल बताया।’ पीएम मोदी ने आगे लिखा, “करीबी दोस्त और पड़ोसी होने के नाते, भारत नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर शांति, तरक्की और खुशहाली की नई ऊंचाइयों को हासिल करने लिए काम करने को तैयार है।” नेपाल में आम चुनाव की काउंटिंग जारी है। 165 सीटों पर रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आरएसपी ने शाम छह बजे तक 60 सीटें जीत ली हैं। यह एक ऐसी पार्टी है जो सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी। देश के बड़े नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली झापा सीट पर 43 हजार मतों से पीछे चल रहे थे। उनका हारना और यहीं से बालेन शाह का जीतना लगभग तय माना जा रहा है। ओली ने झापा-5 सीट से दो बार विजय हासिल की है। एक 2017 में और दूसरी 2022 में बड़ी जीत हासिल की थी। नेपाल में बाकी 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर तय होती हैं। इसमें वोटर किसी प्रत्याशी को नहीं बल्कि पार्टी को वोट देते हैं। पूरे देश में दल को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीट मिलती है।

नहर में पूजा सामग्री प्रवाहित करते वक्त बड़ी चूक, 2 लाख रुपये भी बहा दिए

गुजरात  सूरत के पूना रोड इलाके के एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने पूजा के प्रसाद के साथ 2 लाख रुपए की रकम गलती से नहर में बहा दी। गामीमत रही कि जैसे ही घटना का पता चला तो तुरंत डुंभाल फायर स्टेशन को सूचित किया गया। फायर स्टेशन की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद नहर में गोता लगाकर 2 लाख रुपए की रकम को बरामद किया और परिवार को सुरक्षित वापस लौटा दिया। इस तलाशी अभियान के दौरान दो फायर ब्रिगेड कर्मी घायल हो गए। पूजा समग्री के साथ नहर में बहाए 2 लाख रुपए पूनागाम रोड पर निजानंद सोसाइटी में रहने वाले लिम्बा परिवार ने कुछ पहले अपने घर पर धार्मिक अनुष्ठान किया था। पूजा के बाद अनुष्ठान का सामान और फूल तिजोरी के पास एक अलमारी में रखे थे। परिवार के सदस्यों ने पूजा के बाद का सामान एक थैली में रखा और उसे पूना रोड पर नहर में विसर्जित कर दिया। घर पर तिजोरी की जांच करने पर पता चला यह पता चलने पर परिवार परेशान हो गया और तुरंत फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। अलर्ट मिलने के बाद डुंभाल फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के दो जवान हुए घायल फायर अधिकारी, सुनील चौधरी ने बताया कि फायर ब्रिगेड के मार्शलों ने नहर में पानी में उतरकर तलाशी शुरू कर दी थी। पानी के बहाव के बीच भी टीम ने धैर्य के साथ सर्च ऑपरेशन जारी रखा। थोड़ी कोशिश के बाद उन्हें 500 रुपये के नोटों के चार बंडल मिले, जिनकी कुल कीमत 2 लाख रुपये थी। फायर ब्रिगेड की टीम ने बरामद यह कैश लिम्बा परिवार को सुरक्षित लौटा दिया। हालांकि, इस तलाशी के दौरान कांच लगने से फायर ब्रिगेड के दो जवान घायल हो गए। परिवार के सदस्यों ने इस मुश्किल समय में मदद के लिए डुंभाल फायर ब्रिगेड स्टाफ का आभार जताया और उनके काम की तारीफ की।  

घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख, अमित शाह बोले— पूरे देश में एक-एक घुसपैठिए को बाहर करेंगे

हरिद्वार. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम से लेकर कन्याकुमारी तक, एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर भारत से बाहर किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तराखंड सरकार के 4 साल पूरे होने पर हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, “उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने लगभग 10 हजार से अधिक अतिक्रमण उखाड़कर फेंक दिए हैं। यह सिर्फ अतिक्रमण की बात नहीं है। मैं प्रदेशवासियों से कहना चाहता हूं कि पूरे देश में जहां-जहां घुसपैठिए हैं, केदारनाथ धाम से लेकर कन्याकुमारी तक, एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर हम भारत के बाहर निकालने का काम करेंगे।” इस दौरान शाह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची से कटना चाहिए। भाजपा चुनाव आयोग की प्रक्रिया का पूरा समर्थन कर रही है, क्योंकि जिस देश में लोकतंत्र को संभालने वाली इकाई, यानी मतदाता सूची शुद्ध न हो, उस देश का लोकतंत्र कभी सलामत नहीं रह सकता है। राहुल गांधी को जितना विरोध करना है, उतना कर लें। वे एसआईआर का भी विरोध करते हैं। उन्हें हर चीज में नकारात्मकता दिखाई देती है।” धामी सरकार के 4 साल पूरे होने पर उन्होंने कहा, “आज पुष्कर सिंह धामी सरकार के 4 साल पूरे होने का अवसर है, लेकिन इसके साथ ही आज भाजपा सरकार के 9 साल पूरे होने का भी मौका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड आए थे। यहां राज्य के 25 साल पूरे होने का महोत्सव शुरू करके गए। मैं कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखंड की जनता को बताना चाहता हूं कि एक जमाना था जब उत्तराखंड की भूमि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही थी। उत्तराखंड की संस्कृति बचाने के लिए यहां के युवा मैदान में उतरे थे। उस समय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सहन न करने वाला दमन हमारे युवाओं पर किया था।” अमित शाह ने कहा, “अनेक युवाओं को गोली लगी। उन्होंने बलिदान दिया। रामपुर तिराहा की घटना आज भी उत्तराखंड वासी भूले नहीं हैं। उस वक्त भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड की रचना की थी। कांग्रेस के शो कॉल्ड विद्वान कर रहे थे कि छोटे राज्य कैसे टिकेंगे और अर्थव्यवस्थाएं कैसे चलेंगी। अटल जी ने 3 छोटे राज्य बनाए थे जिनमें उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड शामिल हैं। ये तीनों राज्यों विकास के रास्ते पर आगे बढ़ गए हैं। जब हमारी सरकार के 9 साल पूरे हो रहे हैं।” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “जब त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब पहले कार्यक्रम में मैंने हिस्सा लिया था। तब मैंने कहा था कि ‘अटल जी ने बनाया है, पीएम नरेंद्र मोदी संवारने का काम करेंगे। ये 9 साल उत्तराखंड के विकास के थे। पिछले 4 साल के अंदर पुष्कर सिंह धामी ने एक-एक समस्या को चुन-चुनकर समाप्त करने का संकल्प लिया है। इसके कारण उत्तराखंड विकास के रास्ते पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि आज 1132 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन हो रहा है। यहां पर नई न्याय संहिताओं की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन हो रहा है। राज्य के वकील मित्रों को आग्रह है कि वे ये प्रदर्शनी जरूर देखें। पीएम मोदी के नेतृत्व में अंग्रेजों की ओर से बनाए गए 150 साल पुराने कानून समाप्त करके नागरिकों की सुरक्षा के लिए न्याय संहिताएं बनाई गई हैं। अमित शाह ने कहा कि नए कानूनों को 2028 में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। उसके बाद कोई भी नागरिक पुलिस थाने में जाकर एफआईआर कराएगा तो तीन साल में सुप्रीम कोर्ट तक पूरी न्याय प्रणाली समाप्त हो जाएगी। अब समय पर न्याय मिलेगा। ये दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय संहिताएं हैं। इसी बीच, केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2026 में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में एनडीए की सरकार बनने जा रही है। 2027 का उद्घाटन उत्तराखंड की जनता को करना है। यहां फिर से पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार बनानी है।

ईरानी जहाज को शरण देने के फैसले पर जयशंकर का जवाब, बोले— हमने सही कदम उठाया

नई दिल्ली.  भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रायसीना संवाद 2026 में मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच ईरानी नौसैनिक पोत को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति देने के फैसले का बचाव किया है। जयशंकर ने ईरानी जहाजों से जुड़ी घटनाओं को लेकर कहा कि भारत ने यह कदम कानूनी जटिलताओं से ऊपर उठकर विशुद्ध रूप से मानवीय आधार पर उठाया है। दरअसल, भारत की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब 4 मार्च को श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दागे गए टॉरपीडो ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिससे हिंद महासागर में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की ओर से मिला संदेश विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “हमें ईरान की तरफ से संदेश मिला कि एक जहाज, जो संभवतः उस समय हमारी सीमा के सबसे करीब था, हमारे बंदरगाह में आना चाहता था। उन्होंने बताया कि उन्हें कुछ समस्याएं आ रही हैं। 1 मार्च को हमने उन्हें अंदर आने की अनुमति दे दी, लेकिन उन्हें आने में कुछ दिन लग गए और फिर वे कोच्चि में रुके। उनमें कई युवा कैडेट थे। जब जहाज रवाना हुए थे और जब वे यहां पहुंचे, तब स्थिति बिल्कुल अलग थी। वे अपने बेड़े की समीक्षा के लिए आ रहे थे, और फिर वे किसी तरह से घटनाओं के गलत पक्ष में फंस गए।” ईरानी जहाजों को लेकर टिप्पणी बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर की ये टिप्पणियां तीन ईरानी नौसैनिक जहाजों के संदर्भ में आई हैं, जिनमें मार्च के पहले सप्ताह में ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध के केंद्र में आ गए थे। ये जहाज- आईरिस डेना, आईरिस लवन और आईरिस बुशहर- हिंद महासागर में परिचालन कर रहे थे और फरवरी में विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा और मिलान 2026 अभ्यासों में भाग ले चुके थे। मैनें जो किया वो सही… विदेश मंत्री जयशंकर इस बात पर जोर दिया कि भारत का दृष्टिकोण मानवीय विचारों से प्रेरित है। जयशंकर ने कहा, “श्रीलंका में भी ऐसी ही स्थिति थी, उन्होंने वही फैसला लिया जो उन्होंने लिया और दुर्भाग्य से उनमें से एक की जान नहीं बच पाई… हमने कानूनी मुद्दों से परे मानवता के नजरिए से इस स्थिति का सामना किया और मुझे लगता है कि हमने सही काम किया।” बताते चले के कि बीते 4 मार्च को, श्रीलंका के दक्षिणी तट से लगभग 40 समुद्री मील दूर गाले के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में संयुक्त राज्य अमेरिका की पनडुब्बी से दागे गए एक टॉरपीडो से ईरानी फ्रिगेट आईआरआईआईएस डेना को निशाना बनाया गया था। इस हमले के कारण जहाज डूब गया। श्रीलंकाई अधिकारियों ने 87 शव बरामद किए, जबकि 32 नाविकों को जीवित बचा लिया गया और उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए गाले ले जाया गया।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet