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ताजा पोस्ट से भड़की सरकार और बढ़ा तनाव, कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाने पर तुले ट्रंप

वाशिंगटन। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाथ धोकर कनाडा के पीछे पड़ गए हैं। ट्रंप, कनाडा को आर्थिक ताकत के बल पर अमेरिका का हिस्सा बनाने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं। अब एक ताजा सोशल मीडिया पोस्ट में कनाडा और अमेरिका का साझा नक्शा पोस्ट किया और उसे संयुक्त राज्य अमेरिका लिखा। ट्रंप के इस पोस्ट पर कई कनाडाई नेताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। गौरतलब है कि ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने आवास में मीडिया से बात करते हुए कनाडा को अमेरिका में मिलाने और उसे अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की इच्छा व्यक्त की थी। कनाडा के पीएम ने जताई नाराजगी अब कनाडा और अमेरिका का साझा नक्शा पोस्ट कर उसे संयुक्त राज्य अमेरिका बताने वाली ट्रंप की पोस्ट पर कनाडा के नेताओं ने नाराजगी जताई। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्रंप के बयान पर कहा कि कनाडा के अमेरिका का हिस्सा बनने की कोई संभावना नहीं है। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जॉली ने कहा कि ट्रंप का बयान ‘कनाडा को एक मजबूत देश बनाने वाली चीजों के बारे में समझ की कमी को दिखाती है। हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है। हमारे लोग मजबूत हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम खतरों के सामने कभी पीछे नहीं हटेंगे।’ ट्रंप के बयानों से बढ़ा तनाव उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने पनामा नहर और ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल की संभावना से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने दोनों पर अमेरिका के नियंत्रण को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। ट्रंप ने कहा कि पनामा नहर हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण है। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के लिए ग्रीनलैंड की भी जरूरत है।’ गौरतलब है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है, जो लंबे समय से अमेरिका का सहयोगी और नाटो का संस्थापक सदस्य है। ट्रम्प ने डेनमार्क पर टैरिफ लगाने का भी प्रस्ताव दिया है कि अगर डेनमार्क, ग्रीनलैंड को खरीदने के उनके प्रस्ताव को अस्वीकार करता है तो वे डेनमार्क पर टैरिफ लगा सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर पनामा और डेनमार्क ने दी प्रतिक्रिया पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा ने ट्रम्प की धमकी को दृढ़ता से खारिज करते हुए कहा, ‘नहर पनामा के नियंत्रण में है, और यह हमारे ही नियंत्रण में रहेगी।’ वहीं डेनमार्क ने भी दृढ़ता से कहा कि ग्रीनलैंड ‘बिक्री के लिए नहीं है।’ डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने मंगलवार रात कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि जब हम करीबी सहयोगी और साझेदार हैं, तो वित्तीय मुद्दों पर एक दूसरे पर टकराना अच्छी बात नहीं है।’

सेना और एनडीआरएफ ने निकाला एक शव, असम की कोयला खदान धसने से आठ श्रमिक दबे

दिशपुर/नई दिल्ली। असम के पास दीमा हसाओ जिले में सोमवार को कोयला खदान में पानी भरने के बाद नौ श्रमिक फंस गए थे। बुधवार सुबह सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान के दौरान खदान से एक शव बरामद किया। खदान में अभी भी आठ श्रमिक फंसे हुए हैं। इसके बाद सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो के तीन किलो क्षेत्र में कोयला खदान में सोमवार को 300 फीट गहरे खदान में अचानक पानी भर गया था। इस खदान में नौ श्रमिक फंस गए थे। इसके बाद भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी तरीके से बचाव अभियान की शुरुआत की। मंगलवार शाम को बचाव अभियान को रोक दिया गया था। बुधवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। इसके बाद बचाव टीमों ने खदान से एक शव बरामद किया। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि 21 पैरा गोताखोरों ने खदान से एक शव बरामद किया है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। वहीं एनडीआरएफ के कमांडेंट एन तिवारी ने बताया कि श्रमिकों को निकालने के लिए 24 घंटे काम चल रहा है। जल्द ही हम श्रमिकों तक पहुंच जाएंगे। अभी सेना की टीम यहां काम कर रही है। जल्द ही नौसैनिक भी यहां पहुंच जाएंगे। वहीं खदान में काम करने वाले एक श्रमिक ने बताया कि मेरा भाई खदान में फंसा है। खदान में अचानक लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पानी भर रहा है। 30-35 लोग बाहर आ गए और 15-16 लोग फंस गए। एक युवक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज मामले में असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) के साथ धारा 3(5)/105 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह एक अवैध खदान लगती है। मामले के संबंध में पुनीश नुनिसा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मैंने माननीय केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डर से भी बात की। उनसे उमरंगसू में बचाव अभियान के लिए सहायता मांगी है। उन्होंने तुरंत कोल इंडिया मुख्यालय को निर्देश जारी किए हैं। इस मिशन में असम सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए मैं उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। वाटरिंग पंप मंगाया जा रहा खदान में भरे पानी को निकालने के लिए डी वाटरिंग पंप मंगाया गया है। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि बचाव अभियान जोरों पर है। सेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान में उतर चुके हैं। नौसेना के जवान मौके पर हैं और उनके बाद गोता लगाने की अंतिम तैयारियां कर रहे हैं। इस बीच एसडीआरएफ के डी-वाटरिंग पंप उमरंगशु से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ओएनजीसी के डी-वाटरिंग पंप को कुंभीग्राम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर पर लोड किया गया है।     21 Para divers have just recovered a lifeless body from the bottom of the well. Our thoughts and prayers are with the grieving family.     — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 8, 2025

अमेरिका में रैबिट फीवर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी, जाने रैबिट फीवर के कारण, लक्षण, और बचाव के तरीके

वाशिंगटन अमेरिका में रैबिट फीवर (Rabbit Fever) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सीडीसी के मुताबिक, पिछले एक दशक में इस बीमारी के मामलों में 50% से ज्यादा का उछाल देखा गया है। रैबिट फीवर, जिसे टुलारेमिया भी कहा जाता है, एक जूनोटिक बीमारी है जो खरगोशों और अन्य जानवरों से इंसानों में फैलती है। यह बीमारी गंभीर हो सकती है और बुखार, थकान और त्वचा पर घाव जैसे लक्षण पैदा कर सकती है। ऐसे में, आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं रैबिट फीवर के कारण, लक्षण, और बचाव के तरीके। रैबिट फीवर क्या होता है? टुलारेमिया, जिसे आम भाषा में रैबिट फीवर कहा जाता है, एक गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन है जो फ्रांसीसेल्ला टुलारेन्सिस बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया मुख्य रूप से खरगोश, चूहे और अन्य छोटे स्तनधारियों में पाया जाता है। मनुष्य में यह संक्रमण संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने, उनके काटने, संक्रमित मांस का सेवन करने या संक्रमित मिट्टी या पानी के संपर्क में आने से हो सकता है। किन लोगों को है ज्यादा खतरा? टुलारेमिया एक गंभीर संक्रमण हो सकता है जो हल्के लक्षणों से लेकर जानलेवा स्थिति तक ले जा सकता है। अगर इसका सही इलाज न किया जाए, तो रैबिट फीवर 60% मामलों में मौत की वजह बन सकता है। यह बीमारी आमतौर पर 5 से 9 साल के बच्चों, बुजुर्गों और आदिवासी समुदायों में देखी जाती है। रैबिट फीवर के लक्षण     बुखार: यह सबसे आम लक्षण है। बुखार अचानक और तीव्र रूप से बढ़ सकता है, जो 104°F (40°C) तक पहुंच सकता है।     ठंड लगना: बुखार के साथ अक्सर ठंड लगना भी होता है।     फ्लू जैसे लक्षण: थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, भूख न लगना आदि लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।     सूजन वाले लिम्फ नोड्स: संक्रमण वाली जगह के पास लिम्फ नोड्स सूज जाते हैं और दर्दनाक हो सकते हैं।     त्वचा के घाव: अगर संक्रमण त्वचा के जरिए होता है, तो घाव लाल, सूजा हुआ और दर्दनाक हो सकता है।     गले में खराश: गले में खराश, सूजन और दर्द भी हो सकता है।     आंखों की समस्याएं: आंखों में जलन, सूजन, और लालपन भी हो सकता है।     सांस लेने में तकलीफ: गंभीर मामलों में, सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।     दस्त और उल्टी: कुछ मामलों में, दस्त और उल्टी भी हो सकती है। रैबिट फीवर के कारण रैबिट फीवर का कारण Francisella Tularensis नामक एक बैक्टीरिया है। यह बैक्टीरिया विभिन्न प्रकार के जानवरों, जैसे खरगोश, गिलहरी, चूहे, और टिक्स में पाया जाता है। संक्रमण आमतौर पर संक्रमित जानवर को काटने, संक्रमित जानवर के मांस को खाने, या संक्रमित जानवर के मल या मूत्र के संपर्क में आने से होता है। रैबिट फीवर का इलाज रैबिट फीवर का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। एंटीबायोटिक दवाओं का चुनाव संक्रमण की गंभीरता और रोगी की स्थिति पर निर्भर करता है। रैबिट फीवर से बचाव     संक्रमित जानवरों से संपर्क से बचें।     जंगली जानवरों को न छुएं या न खिलाएं।     खरगोशों या अन्य छोटे जानवरों को पालते समय सावधानी बरतें।     मृत जानवरों को न छुएं।     जंगल में जाते समय लंबे कपड़े और दस्ताने पहनें।     कीटों से बचाव के लिए कीटनाशक का इस्तेमाल करें।     संक्रमित क्षेत्रों में जाने से बचें। रैबिट फीवर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसका समय पर इलाज किया जाए तो इससे बचा जा सकता है। अगर आपको रैबिट फीवर के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नई दिल्ली सहित दिल्ली के अन्य बड़े स्टेशनों पर पार्किंग शुल्क में हुई कटौती, अब काम देना होंगे पैसे: रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली नई दिल्ली सहित दिल्ली के अन्य बड़े स्टेशनों पर कैब और आटो पार्किंग के शुल्क में कमी कर दी गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर आटो व कैब चालकों और कुलियों से मुलाकात करने के बाद इसकी घोषणा की। कैब चालक को अब 12 सौ रुपये प्रति माह की जगह चार सौ और ऑटो चालकों को सात सौ की जगह मात्र दो सौ रुपये पार्किंग देना होगा। कुलियों की समस्या भी हल करने का आश्वासन दिया। मंत्री ने मौके पर ही पार्किंग शुल्क में कमी की घोषणा की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। कैब व आटो चालकों और कुलियों के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। मंत्री ने मौके पर ही पार्किंग शुल्क में कमी की घोषणा कर दी। कुलियों ने प्रत्येक स्टेशन पर आराम घर बनाने, परिवार को 20 लाख रुपये तक की बीमा व उपचार की सुविधा देने, बच्चों की पढ़ाई की सुविधा देने और वर्दी की समस्या हल करने की मांग की। रेल मंत्री ने कहा, 50 से अधिक कुली जिस स्टेशन पर होंगे उन्हें आराम घर मिलेगा।   कुलियों की समस्याओं का समाधान करने का भी दिया आश्वासन आयुष्मान योजना के अंतर्गत उनका व उनके स्वजनों का उपचार, रेलवे स्कूल में बच्चों को पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। वर्दी की समस्या हल होगी। उन्होंने कुलियों को यात्रियों से अच्छे व्यवहार की सलाह दी। कहा, ऐसा कोई काम नहीं होने चाहिए जिससे कि उन्हें व रेलवे को लेकर यात्रियों के मन में गलत धारना बने। इस मौके पर ऑटो रिक्शा संघ के महामंत्री राजेंद्र सोनी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

पीएमओ ने कहा- इन आउटलेट्स के जरिए दवाइयों की खरीद करने से नागरिकों को 5,020 करोड़ की बचत हुई, नवंबर तक बिकी 1,255 करोड़

नई दिल्ली जन औषधि केंद्रों से नवंबर 2024 के अंत तक 1,255 करोड़ रुपये से अधिक की सस्ती दवाइयों की बिक्री हुई है। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा दी गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएमओ ने कहा कि इन आउटलेट्स के जरिए दवाइयों की खरीद करने से नागरिकों को 5,020 करोड़ रुपये की बचत हुई है। जन औषधि केंद्र विशेष केंद्र हैं जो आम जनता को किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराते हैं। इसकी स्थापना प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत की गई थी, जो नवंबर 2008 में शुरू की गई एक जन कल्याणकारी योजना है। इस योजना को फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इससे पहले रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने बताया कि नवंबर 2024 तक देशभर में 14,320 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। 2023-24 में फार्मास्यूटिकल्स विभाग के तहत पीएमबीआई ने 1,470 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की थी, जिससे नागरिकों को लगभग 7,350 करोड़ रुपये की बचत हुई थी।पिछले 10 वर्षों में इस परियोजना के तहत लगभग 30,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। 2024 में पीएमबीजेपी ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और असम राइफल्स (सीएपीएफ, एनएसजी और एआर) के साथ कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे सीएपीएफ, एनएसजी और एआर (एमएचए) अस्पतालों में जन औषधि दवाएं उपलब्ध करा कर स्वास्थ्य सेवा पहुंच को बढ़ाया जा सके। इसके अलावा मॉरीशस में पहला विदेशी जन औषधि केंद्र खोला जा चुका है। मंत्रालय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने भी चालू वित्त वर्ष के दौरान 500 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ फार्मास्युटिकल उद्योग को मजबूत करने के लिए एक योजना लागू की है। इस योजना का उद्देश्य देश भर में मौजूदा फार्मा क्लस्टरों और एमएसएमई को उनकी उत्पादकता, गुणवत्ता और एमएसएमई क्लस्टरों में सुधार करने के लिए सहायता प्रदान करना है।

आज आंध्र प्रदेश में कई परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

अमरावती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज विशाखापत्तनम में कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे तथा कुछ अन्य का उद्घाटन करेंगे। वर्ष 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री का राज्य का पहला दौरा होगा। आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना के गठबंधन ने केंद्र में सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्य लोगों के साथ मोदी विशाखापत्तनम में रेलवे जोन की नींव रखेंगे। इसी तरह, वह अनकापल्ली जिले के नक्कापल्ली मंडल के पुदिमदका में राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) के एकीकृत हरित हाइड्रोजन केंद्र की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनी तीन चरणों में 65,370 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। प्रधानमंत्री डिजिटल माध्यम से कृष्णापत्तनम औद्योगिक केंद्र का आरंभ करेंगे, जो पहले चरण में 2,500 एकड़ भूमि पर बनने वाली 1,518 करोड़ रुपये की परियोजना है। इससे 50,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसी तरह, मोदी डिजिटल माध्यम से नक्कापल्ली में 1,877 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘‘बल्क ड्रग पार्क’ की भी आधारशिला रखेंगे। देश को दवा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘बल्क ड्रग पार्क’ की स्थापना की जाएगी। करीब 11,542 करोड़ रुपये के निवेश से 2,002 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस ‘बल्क ड्रग पार्क’ से 54,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। विशाखापत्तनम में आंध्र विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में प्रधानमंत्री की जनसभा में 1.5 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। शिलान्यास और उद्घाटन समारोह के अलावा मोदी संपत विनायक मंदिर से आंध्र विश्वविद्यालय में बैठक स्थल तक रोड शो भी करेंगे। राज्य सरकार मोदी की यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रबंध कर रही है, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने हाल में तैयारियों की समीक्षा के लिए विशाखापत्तनम का दौरा किया था।  

HMP वायरस के इलाज में एंटीबायोटिक्स की कोई भूमिका नहीं, यह अपने आप ठीक हो जाता है: AIIMS डॉ. रणदीप गुलेरिया

नई दिल्ली देशभर में मानव मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के मामलों में इजाफा हो रहा है। मगर स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। इस बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने मंगलवार को कहा कि ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के इलाज में एंटीबायोटिक्स की कोई भूमिका नहीं है। यह श्वसन से जुड़ी बीमारी है। उन्होंने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी है। काफी पुराना है HMPV उन्होंने कहा कि यह वायरस नया नहीं है। यह काफी पहले से ही मौजूद है। इसमें केवल हल्का संक्रमण होता है। मगर शिशुओं, बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में यह निमोनिया का कारण बन जाता है। इस वजह से सांस लेने में दिक्कत आती है। अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ सकता है। डॉ. रणदीप गुलेरिया के मुताबिक यह वायरस आमतौर पर अपने आप ही ठीक हो जाता है। अगर बुखार आ रहा है तो दवा लें, पानी पीते रहें और अच्छा पोषण वाला खाना लें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि संक्रमण होने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। इससे संक्रमण का फैलाव नहीं होगा। वायरस का इलाज सिर्फ लक्षणात्मक है। बुखार और शरीर के दर्द को कम करने के लिए अच्छी मात्रा में पानी पियें। अगर खांसी और जुकाम जैसे लक्षण हैं तो एंटी-एलर्जिक दवा ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसकी कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवा नहीं है। यह एक वायरल संक्रमण है। इस वजह से इसमें एंटीबायोटिक्स लेने की कोई अहम भूमिका नहीं है। सर्दी होने पर बच्चों को घर पर ही रखें डॉ. गुलेरिया ने कहा कि अगर बच्चे को बुखार, सर्दी और खांसी है तो उन्हें कम से कम 5 से 7 दिनों तक घर पर रहना चाहिए, ताकि बच्चा स्कूल में दूसरों में संक्रमण न फैलाए। उन्होंने लोगों को नियमित हाथ होने और मास्क पहनने की सलाह दी है, ताकि फ्लू जैसी सांस की बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से जो सबक हमने सीखा है, उसका सभी को पालन करना चाहिए। यह न केवल एचएमपीवी से बल्कि कोविड समेत अन्य इन्फ्लूएंजा संबंधी वायरस से भी बचाएगा। देशभर में कुल सात मामले देशभर में HMPV के कुल सात मामले सामने आ चुके हैं। कर्नाटक और तमिलनाडु में दो-दो और गुजरात में एक मामला रिपोर्ट किया गया है। यह सभी मामले 3 महीने से 13 वर्ष तक के बच्चों के हैं। स्थिति पर बारीकी से नजर: जेपी नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि एचएमपीवी कोई नया वायरस नहीं है। इसकी पहली बार 2001 में पहचान की गई थी। यह कई वर्षों से पूरी दुनिया में फैल रहा है। यह श्वसन के जरिए हवा के माध्यम से फैलता है। खास बात यह है कि यह वायरस हर उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। मगर सर्दियों में यह अधिक फैलता है। जेपी नड्डा ने कहा कि चिंता की कोई वजह नहीं है। स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

सऊदी अरब में भारी बारिश के चलते लोगो को हो रही परेशानी, ट्रैफिक जाम में फंसे, मक्का और मदीना में सड़कें पानी से लबालब

रियाद सऊदी अरब के जेद्दा शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों सहित मक्का और मदीना के अधिकांश इलाकों में  भारी बारिश, तूफान और ओलावृष्टि हुई। पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय के अनुसार, बदर प्रांत के अल-शफ़ियाह में सबसे ज़्यादा 49.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, उसके बाद जेद्दा के अल-बसातीन में 38 मिमी बारिश दर्ज की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मदीना में पैगंबर की मस्जिद के केंद्रीय हरम क्षेत्र में 36.1 मिमी और क्यूबा मस्जिद के पास 28.4 मिमी बारिश शामिल है। सड़कें और चौराहे बारिश के पानी से भर गए, जिससे मक्का, जेद्दा और मदीना शहरों में राजमार्गों और सड़कों पर यातायात बाधित हुआ। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (एनसीएम) ने जनता से अधिकारियों की ओर से जारी की गई सलाह और चेतावनियों का सख्ती से पालन करने की अपील ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। जेद्दा में किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने पैसेंजर से एयरपोर्ट पर जाने से पहले अपने संबंधित एयर कैरियर से संपर्क करने और उड़ान कार्यक्रम अपडेट की जांच करने की अपील की। एनसीएम के प्रवक्ता हुसैन अल-कहतानी ने कहा कि जेद्दा प्रांत में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य भर के क्षेत्रों में बारिश की स्थिति अभी भी जारी है।

अमेरिकी संसद में ‘सनातन की गूंज’, अमेरिकी संसद में कांग्रेस सदस्य सुभाष सुब्रमण्यम ने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली

वाशिंगटन अमेरिकी संसद में कांग्रेस सदस्य सुभाष सुब्रमण्यम ने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली। उनके शपथ लेने के दौरान उनकी मां भी मौजूद थीं। वह इकलौते भारती-अमेरिकी सांसद रहे जिन्होंने पवित्र हिन्दू ग्रंथ पर हाथ रखकर शपथ ली। सुब्रमण्यम ने रविवार को एक्स पर लिखा, “कल, मैंने भगवद गीता पर हाथ रखकर वर्जीनिया से पहले भारतीय अमेरिकी और दक्षिण एशियाई कांग्रेसमैन के रूप में शपथ ली। मेरी मां, जो भारत से डलेस पहुंची थीं, ने शायद इसकी कल्पना नहीं की होगी, लेकिन यही अमेरिका का वादा है। वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान।’ तुलसी गबार्ड पहली सदस्य थीं जिन्होंने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी। उन्होंने पहली बार 3 जनवरी, 2013 को हवाई के दूसरे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में शपथ ली थी। गबार्ड अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली पहली हिंदू अमेरिकी हैं। किशोरावस्था में हिंदू धर्म अपनाने वाली गबार्ड अब राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के शक्तिशाली पद के लिए नामांकित हैं। बता दें इस बार 6 भारतीय अमेरिकी संसद पहुंचे हैं। कांग्रेस के निचले सदन के लिए यह भारतीय अमेरिकियों का अब तक सबसे बड़ा शपथ ग्रहण था। शपथ लेने वालों में कांग्रेस सदस्य डॉ. अमी बेरा सबसे वरिष्ठ हैं। उन्होंने कैलिफोर्निया के सातवें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट के प्रतिनिधि के रूप में लगातार सातवीं बार शपथ ली। मिशिगन के 13वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेसी थानेदार, कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले रो खन्ना और इलिनोइस के आठवें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले राजा कृष्णमूर्ति ने भी शपथ ली। वाशिंगटन राज्य के सातवें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमिला जयपाल प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय अमेरिकी महिला हैं। सभी छह भारतीय अमेरिकी सांसद डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं और उन्होंने सदन के स्पीकर पद के लिए चुनाव में सदन के अल्पसंख्यक नेता हकीम जेफ्रीज को वोट दिया। हालांकि रिपब्लिकन माइक जॉनसन को सदन का अध्यक्ष चुना गया। दलीप सिंह सौंद 1957 में प्रतिनिधि सभा के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय अमेरिकी और सिख थे। वह डेमोक्रेटिक पार्टी से थे और लगातार तीन कार्यकाल के लिए चुने गए थे। दूसरे भारतीय अमेरिकी को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में प्रवेश करने में लगभग पांच दशक लग गए। बॉबी जिंदल ने 2005 से 2008 तक लुइसियाना के पहले कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व किया। बाद में वे लुइसियाना के दो-कार्यकाल वाले गवर्नर बने, जिससे वे किसी अमेरिकी राज्य के गवर्नर के रूप में चुने जाने वाले पहले भारतीय अमेरिकी बन गए। जिंदल रिपब्लिकन टिकट पर सदन में चुने जाने वाले एकमात्र भारतीय अमेरिकी रहे हैं।

मुख्यमंत्री सावंत ने कहा- ‘स्वयंपूर्ण गोवा’ पहल से तीन लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए, गांव और शहर होंगे आत्मनिर्भर

पणजी मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि राज्य के प्रत्येक गांव और शहर को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से शुरू की गई ‘स्वयंपूर्ण गोवा’ पहल से तीन लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सोमवार को सभी तालुका नोडल अधिकारियों और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रमुखों के साथ एक समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें ‘स्वयंपूर्ण गोवा’ कार्यक्रम की प्रगति और तटीय राज्य में जारी विशेष अभियानों की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री के हवाले से बताया कि राज्य में लगभग 3.14 लाख लोग इस कार्यक्रम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सावंत ने स्वयंपूर्ण मित्रों और तालुका नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने ग्राम पंचायतों में किए गए अच्छे कार्यों की सराहना की। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने ‘विजन फॉर ऑल’ पहल का विशेष उल्लेख किया, जिसके तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पहली कक्षा 10वीं कक्षा तक के दो लाख से अधिक छात्रों की आंखों की जांच की गई। उन्होंने कहा, ‘इस पहल के तहत 3,439 छात्रों को निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए गए।’ मुख्यमंत्री ने राज्य के पांच प्रमुख विभागों द्वारा संचालित विशेष अभियानों की प्रगति की भी समीक्षा की।  

23 वर्षीय कंडुला की 23 जनवरी, 2023 को सड़क पार करते समय मौत हो गई थी, इस मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारी बर्खास्त

सिएटल/नई दिल्ली सिएटल में पुलिस वाहन दुर्घटना में भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की मौत के लगभग एक वर्ष बाद, जिम्मेदार अधिकारी केविन डेव को पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया है। आंध्र प्रदेश की मूल निवासी 23 वर्षीय कंडुला की 23 जनवरी, 2023 को सड़क पार करते समय मौत हो गई थी। डेव 74 मील प्रति घंटे (लगभग 119 किमी/घंटा) की गति से गाड़ी चला रहा था, जब उसके गश्ती वाहन ने कंडुला को टक्कर मार दी, जिससे वह 100 फीट दूर जा गिरी। डेव ड्रग ओवरडोज की एक कॉल आने के बाद गाड़ी चला रहा था। अंतरिम सिएटल पुलिस प्रमुख सू राहर ने डेव को बर्खास्त करने के फैसले की घोषणा की। सिएटल पुलिस जवाबदेही कार्यालय ने निर्धारित किया था कि डेव ने चार विभागीय नीतियों का उल्लंघन किया। राहर ने आपात स्थिति में मदद करने के डेव के इरादे को स्वीकार किया, लेकिन परिणाम की गंभीरता पर जोर दिया। सिएटल टाइम्स ने राहर के हवाले से बताया, “मेरा मानना है कि अधिकारी का उस रात किसी को चोट पहुंचाने का इरादा नहीं था और वह जल्द से जल्द ओवरडोज के संभावित शिकार तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, मैं उसके खतरनाक ड्राइविंग के दुखद परिणामों को स्वीकार नहीं कर सकती। उसका सकारात्मक इरादा उस खराब फैसले को कम नहीं करता है जिसके कारण मानव जीवन की हानि हुई और सिएटल पुलिस विभाग की बदनामी हुई।” यह घटनाक्रम सिएटल के एक अन्य अधिकारी, डैनियल ऑडरर को बर्खास्त किए जाने के बाद हुआ। कंडुला की मौत के बाद बॉडीकैम फुटेज में कैद हुई उसकी असंवेदनशील टिप्पणियाों और हंसी के लिए उसे बर्खास्त किया गया था। वीडियो में, ऑडरर को दुर्घटना के बारे में हंसते हुए सुना गया। उसे यह कहते हुए सुना गया, “उह, मुझे लगता है कि वह हुड पर चढ़ गई, विंडशील्ड से टकराई, और फिर जब उसने ब्रेक मारा, तो कार से उड़ गई…लेकिन वह मर चुकी है।” इसके बाद लंबे समय तक वह हंसता रहा। ऑडरर ने आगे टिप्पणी की, “हां, बस एक चेक लिखो। बस, 11,000 डॉलर। वह वैसे भी वह 26 वर्ष की थी। उसका मूल्य सीमित था।” पुलिस जवाबदेही कार्यालय के साथ एक इंटरव्यू के दौरान ऑडरर ने दावा किया कि उसकी टिप्पणी शहर के वकीलों का मजाक उड़ाने के लिए थी जो संभावित गलत मौत के मुकदमे को संभाल सकते हैं। चीफ राहर ने ऑडरर के व्यवहार पर गहरा खेद व्यक्त किया और एक आंतरिक ईमेल में कहा कि उनके शब्दों ने कंडुला के परिवार को पीड़ा पहुंचाई, पुलिस विभाग की प्रतिष्ठा को धूमिल किया। उन्होंने कहा, “इस पुलिस अधिकारी के कार्यों ने सिएटल पुलिस विभाग और हमारे पूरे पेशे को शर्मसार कर दिया है, जिससे हर पुलिस अधिकारी का काम और भी मुश्किल हो गया है।” घटना की गंभीरता के बावजूद, किंग काउंटी अभियोक्ता कार्यालय ने अधिकारी डेव के खिलाफ आपराधिक आरोप दायर नहीं करने का फैसला किया। इसके बजाय, सिएटल सिटी अटॉर्नी ने उस पर $5,000 का यातायात उल्लंघन लगाया। सिएटल में भारतीय महावाणिज्य दूतावास इस मामले में सक्रिय रूप से शामिल रहा है, और कंडुला के परिवार और प्रतिनिधियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा है। वाणिज्य दूतावास ने मामले की प्रगति की निगरानी करते हुए कंडुला और उसके परिवार के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए निरंतर समर्थन का वचन दिया। इस त्रासदी और उसके बाद की घटनाओं ने व्यापक आक्रोश को जन्म दिया, जिससे पुलिस की जवाबदेही और आचरण के साथ-साथ मानव जीवन के मूल्य पर सवाल उठ रहे हैं, जिन्हें इसकी रक्षा करने का जिम्मा सौंपा गया है।  

‘भारतपोल’ पोर्टल के लॉन्च पर अमित शाह ने कहा- यह हमारे देश की अंतरराष्ट्रीय जांच को एक नए युग में ले जाने वाली शुरुआत है

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा विकसित ‘भारतपोल’ पोर्टल को लॉन्च किया। इस अवसर पर अमित शाह ने सीबीआई अधिकारियों और कर्मचारियों को पुलिस पदक भी प्रदान किया। ‘भारतपोल’ पोर्टल के लॉन्च पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “आज ‘भारतपोल’ के शुभारंभ के लिए हम यहां एकत्रित हुए हैं। यह हमारे देश की अंतरराष्ट्रीय जांच को एक नए युग में ले जाने वाली शुरुआत है। ‘भारतपोल’ की संरचना से भारत की हर एजेंसी, हर राज्य की पुलिस खुदको इसकी मदद से बहुत सरलता से इंटरपोल के साथ जोड़ पाएगी और जांच को गति दे पाएगी।” अमित शाह ने आगे कहा कि हम सब जानते हैं कि हम अमृत काल में जी रहे हैं। आज़ादी के 75 साल से आजादी के 100 साल के कालखंड को ना केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत काल के रूप में वर्णित किया है, बल्कि अब देश की 140 करोड़ की जनता ने इस काल खंड को अमृत काल के रूप में स्वीकार भी किया है। भाजपा नेता ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता ने संकल्प लिया है कि 2047 में जब देश को आजादी के 100 साल होंगे, तब भारत हर क्षेत्र में विश्व में पहले स्थान पर होगा और हम हर क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहे होंगे। अगर ये संकल्प हमें सिद्ध करना है तो इसके कई पड़ाव हैं। हमने तय किया है कि 2027 तक भारत को विश्व की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनाएंगे। वहीं, से पहला कदम शुरू होगा। 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनने के लिए हमारे पास 25 साल हैं और एक प्रकार से भारत के लिए स्वर्णिम अवसर होगा। बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा विकसित इस ‘भारतपोल पोर्टल’ का उद्देश्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर और वित्तीय अपराधों में अंतरराष्ट्रीय पुलिस की सहायता करना है, जो वास्तविक समय में सूचनाओं का आदान-प्रदान करेगा। दरअसल, भारतपोल पोर्टल इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहायता के लिए सभी अनुरोधों के प्रसंस्करण को सुव्यवस्थित करेगा, जिसमें रेड नोटिस और अन्य रंग-कोडित इंटरपोल नोटिस जारी करना शामिल है। साइबर अपराध, वित्तीय अपराध, ऑनलाइन कट्टरता, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी सहित अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर लगाम लगाने के लिए भारतपोल पोर्टल काफी कारगर साबित हो सकता है।  

शहजाद पूनावाला ने कहा- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राहुल गांधी की पोल खोल दी

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा को लेकर दिए बयान पर तंज कसा है। शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हरीश रावत का एक वीडियो शेयर किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने वीडियो बयान को भी शेयर किया। शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राहुल गांधी की पोल खोल दी। हमने पहले ही कहा था कि राहुल गांधी के लिए एलओपी मतलब ‘लीडर ऑफ अपोजिशन’ नहीं लीडर ऑफ पर्यटन और लीडर ऑफ पार्टी है। उन्होंने आगे कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह के लिए देश शोक मना रहा था, तब राहुल गांधी वियतनाम ‘विश्राम’ करने गए थे। हरीश रावत ने कह दिया कि राहुल गांधी वियतनाम ‘विश्राम’ करने गए थे, लेकिन उन्होंने तुरंत कहा कि नहीं-नहीं ‘विश्राम’ करने नहीं ‘वियतनाम के आर्थिक मॉडल’ का अध्ययन करने के लिए गए थे। भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने खुद अपने सात दिन के कार्यक्रम रद्द किए थे। तो क्या राहुल गांधी के लिए ‘वियतनाम के आर्थिक मॉडल’ का अध्ययन करना कांग्रेस के कार्यक्रमों से ज्यादा जरूरी था। क्या राजकीय शोक से ज्यादा जरूरी था? भाजपा और भाजपा शासित राज्यों ने भी अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। क्योंकि हम सम्मान करते हैं। राहुल गांधी और उनके परिवार ने सम्मान पर सियासत की। कांग्रेस नेता डॉ. मनमोहन सिंह के अस्थि विसर्जन में भी शामिल नहीं हुए। राहुल गांधी ना ही अखंड पाठ में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जीते जी डॉ. मनमोहन सिंह बहुत अपमान किया। डॉ. मनमोहन सिंह को इतना परेशान कर दिया था कि वो इस्तीफा देने की ताक पर आ गए थे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. मनमोहन सिंह को भारत रत्न से वंचित रखा, लेकिन अपने परिवार के लोगों को जीते जी दे दिया। कांग्रेस ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और नरसिम्हा राव को कभी सम्मान देने का काम नहीं किया। शहजाद पूनावाला ने एक्स पर हरीश रावत का जो वीडियो शेयर किया है उसमें वो कह रहे हैं कि यदि राहुल गांधी वियतनाम ‘विश्राम’ करने चले गए, मैं समझता हूं कि वह ‘विश्राम’ करने नहीं गए, ‘वियतनाम के आर्थिक मॉडल’ का अध्ययन करने के लिए गए थे।  

नागपुर में दो एचएमपीवी मामले, दोनों बच्चे हैं और उनकी हालत स्थिर है, महाराष्ट्र सरकार ने बनाई टास्क फोर्स

मुंबई महाराष्ट्र के नागपुर में मंगलवार को ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के दो मामले सामने आए। इन मामलों को लेकर अधिकारियों ने कहा कि दोनों बच्चे हैं और उनकी हालत स्थिर है। 13 और 7 साल की दो लड़कियों में यह लक्षण दिखाई दिए थे। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, दो दिन तक लगातार बुखार रहने के बाद इन लड़कियों ने एक निजी लैब में जांच कराई और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनका घर पर ही इलाज किया गया और इनकी हालत स्थिर है। गंभीरता से संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने जेजे अस्पताल की डीन डॉ. पल्लवी सैपले की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करेगी। सूत्रों ने बताया, ”इन दोनों बच्चियों को खांसी और बुखार था। इनके सैंपल एनआईवी को भेजे गए हैं क्योंकि इनके लक्षण थोड़े अलग थे। दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी और दोनों मरीज ठीक हो गए हैं।” नागपुर के सरकारी मेडिकल और अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे ने कहा, “माता-पिता को चिंता करने की जरूरत नहीं है, यह वायरस कोरोना जैसा खतरनाक नहीं है।” हालांकि उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को मास्क पहनना चाहिए। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अंबाडेकर ने एचएमपीवी वायरस को लेकर विभाग की एक आपात बैठक बुलाई है। खबर है कि इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद रहेंगे। मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त राजीव निवतकर ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डीन के साथ वर्चुअल बैठक कर एचएमपीवी रोगियों से निपटने की उनकी तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी दी। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) अलर्ट मोड में आ गया है और एचएमपीवी रोगियों के इलाज के लिए विशेष वार्ड स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा, “एचएमपीवी वायरस से डरने की कोई बात नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वायरस नया नहीं है, यह वायरस पहले भी प्रचलित था। ऐसा लगता है कि यह वायरस एक बार फिर से वापसी कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को सूचित करने का निर्णय लिया है जिसमें कहा गया है कि इस संबंध में किसी भी तरह की काल्पनिक जानकारी न दें, जो आधिकारिक जानकारी है, केवल वही दी जाए। एचएमपीवी वायरस से डरने की कोई वजह नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वायरस नया नहीं है, यह वायरस पहले भी मौजूद था। ऐसा लगता है कि यह वायरस एक बार फिर से वापसी कर रहा है। इस संबंध में नियमों की घोषणा की जाएगी। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर जिला प्रशासन को सर्दी-खांसी के मरीजों की निगरानी बढ़ाने के साथ ही उन पर कड़ी नजर रखने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. नितिन अंबाडेकर ने बताया, ‘ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) श्वसन संक्रमण का कारण बनता है। इस वायरस का पहली बार 2001 में नीदरलैंड में पता चला था। यह एक सामान्य श्वसन वायरस है, जो ऊपरी श्वसन पथ में संक्रमण का कारण बनता है। यह मौसमी महामारी है और फ्लू की तरह सर्दियों और गर्मियों की शुरुआत में होती है।” उन्हाहेंने आगे कहा, ”एचएमपीवी के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में श्वसन संक्रमण के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। दिसंबर 2024 में राज्य में श्वसन संक्रमण में 2023 की तुलना में कोई वृद्धि नहीं हुई है।” उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर नागरिकों को श्वसन संक्रमण से खुद को बचाने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।  

देश में एचएमपीवी की स्थिति की समीक्षा की और निगरानी तथा सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिये: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्ली केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को देश में मानव मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) की स्थिति की समीक्षा की और राज्यों को निगरानी तथा सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिये। मंत्रालय ने यहां बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एचएमपीवी की स्थिति की समीक्षा बैठक की और सभी स्तर पर निगरानी और सतर्कता बढाने को कहा। बैठक में डीएचआर सचिव डॉ. राजीव बहल, डीजीएचएस के महानिदेशक डॉ. (प्रो) अतुल गोयल, राज्यों के स्वास्थ्य सचिव और अधिकारी, एनसीडीसी, आईडीएसपी, आईसीएमआर, एनआईवी और आईडीएसपी की राज्य निगरानी इकाइयों के विशेषज्ञ शामिल हुए। राज्यों को सलाह दी गई है कि वायरस के संक्रमण की रोकथाम के बारे में लोगों में जागरूकता और सूचना को बढ़ायी जानी चाहिए। इसके लिए साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोना, बिना धुले हाथों से अपनी आँखें, नाक या मुँह को छूने से बचना, खाँसते और छींकते समय मुँह और नाक को ढँकना जैसे सरल उपाय शामिल हैं। बैठक के दौरान के यह पाया गया है कि आईडीएसपी से देश में कहीं भी श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं दिख रही है। श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि एचएमपीवी से लोगों को कोई चिंता नहीं है। उन्होंने राज्यों को आईएलआई और एसएआरआई निगरानी को मजबूत करने और उसकी समीक्षा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर सर्दियों के महीनों में श्वसन संबंधी बीमारियों में वृद्धि देखी जाती है। उन्होंने कहा कि देश श्वसन संबंधी बीमारी के मामलों में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। एचएमपीवी कई श्वसन वायरस में से एक है जो सभी उम्र के लोगों में विशेष रूप से सर्दियों और शुरुआती वसंत के महीनों में संक्रमण का कारण बन सकता है। वायरस का संक्रमण आमतौर पर हल्का होता है और अधिकांश मामलों में पीडित अपने आप ठीक हो जाते हैं। देश में अभी तक एचएमपीवी के पांच मामले सामने आ चुके हैं जिनमें कर्नाटक और तमिलनाडु में दो – दो और गुजरात में एक हैं। इनमें कुछ को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है और कुछ की हालत में सुधार है।  

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