LATEST NEWS

केमिकल पीलिंग के जरिए चमका सकते हैं चेहरा

अमेरिकन सोसायटी ऑफ प्लास्टिक सर्जन के अनुसार, केमिकल पीलिंग एक लोकप्रिय तरीका है, जिसे सुंदर दिखने के लिए लोग बड़ी संख्या में अपना रहे हैं। साल 2019 में मात्र एक साल के अंदर 1.4 मिलियन लोगों ने इसका लाभ उठाया और दमकता हुआ रूप पाया। क्या है केमिकल पीलिंग? केमिकल पीलिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कुछ खास केमिकल्स के उपयोग से आपकी त्वचा की ऊपरी परत को हटा दिया जाता है। इससे त्वचा की अलग-अलग रंगत होना, फाइन लाइन्स और रिंकल्स की समस्या पूरी तरह दूर हो जाती है। यह प्रक्रिया बहुत ही आसान होती है और इसमें किसी तरह का दर्द आपको सहन नहीं करना पड़ता है। ऐसी ही एक प्रक्रिया है डर्मेब्रेशन इसमें एक टूल की मदद से आपकी त्वचा की ऊपर परत को क्लीन किया जाता है। इससे डार्क सर्कल, पुरान निशान और त्वचा की असमान रंगत जैसी समस्याएं दूर होती हैं। मिलता है एकदम क्लियर फेस जिन लोगों को पिंपल और ऐक्ने की समस्या होती है या जिनके चेहरे पर पुराने और गहरे निशान होते हैं, उन लोगों को भी केमिकल पीलिंग का बहुत लाभ होता है। ऐसे लोगों को एकदम क्लीयर स्किन मिलती है। जिससे उनका चेहरा और भी अधिक आकर्षक लगता है। कितना समय लगता है इसमें? अगर आपको लग रहा है कि केमिकल पीलिंग में आपको पूरा दिन या कई सिटिंग्स की जरूरत पड़ेगी तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। बल्कि यह प्रक्रिया 15 से 20 मिनट मे भी पूरी हो सकती है। अगर इसके दौरान त्वचा की अंदरूनी लेयर को टच करने की जरूरत ना हो तो। इस पूरी प्रक्रिया में मात्र 1 घंटा लगता है। ऐसा नहीं है कि केमिकल पीलिंग सिर्फ बड़ी उम्र के लोगों के लिए ही है। बल्कि इसे 20 के युवा भी करा सकते हैं। ताकि पिंपल्स के निशान, एक्ने या डार्क सर्कल की समस्या से छुटकारा पाया जा सके। घर पर ना करें यह प्रक्रिया ऑनलाइन प्रॉडक्ट मंगाकर या बाजार से खरीदकर आप केमिकल पीलिंग का उपयोग ना करें। क्योंकि ब्यूटी क्लीनिक्स में यह ट्रीटमेंट आपकी त्वचा की जरूरत और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर किया जाता है। जबकि इस प्रक्रिया को घर पर करने के दौरान आप स्किन एलर्जी या रिऐक्शंस का शिकार हो सकते हैं। अगर कभी घर पर यह प्रक्रिया करनी ही पड़े तो स्किन स्पेशलिस्ट यानी डर्मा एक्सपर्ट से बात करें और अपनी त्वचा से जुड़ी समस्याओं की पूरी मेडिकल हिस्ट्री दें। कई बॉडी पार्ट्स पर करा सकते हैं ऐसा नहीं है कि केमिकल पीलिंग सिर्फ आपके फेस या फेस और नेक पर ही की जा सकती है। बल्कि आप सीने, पीठ और हाथों पर भी करा सकते हैं। केमिकल पीलिंग आमतौर पर सूरज की किरणों से क्षतिग्रस्त हुई त्वचा पर की जाती है। पीलिंग के दौरान उपयोग में लाया जानेवाला केमिकल पूरी तरह स्किन फ्रेंडली होता है। लेकिन सुरक्षा के तहत इसका उपयोग आंखों और होंठो की त्वचा पर नहीं किया जाता है। डीप केमिकल पील से अलग है यह केमिकल पीलिंग डीप केमिकल पील से अलग होती है। डीप केमिकल पील प्रक्रिया में लंबे ट्रीटमेंट की जरूरत होती है और फिर समय-समय पर डर्मा एक्सपर्ट्स से चेकअप भी कराना होता है। जबकि केमिकल पीलिंग कुछ ही देर में पूरी होनेवाली प्रक्रिया होती है और इसके लिए आपको बार-बार ब्यूटी क्लीनिक के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।

सेहत के लिए फायदेमंद है गन्ने का जूस पर जान ले पीने का राइट टाइम

गर्मी में ठंडक पाने के लिए ज्यादातर लोग ठंडी कोल्डड्रिंक पीना पसंद करते हैं। लेकिन ये सभी ड्रिंक सेहत के लिए हानिकारक होती हैं। हालांकि, इस मौसम में नेचुरल ड्रिंक्स पीने की सलाह दी जाती है। गन्ने का रस उनमें से एक है। ये एक नैचुरल ड्रिंक है। इसमें थोड़ा फैट, फाइबर और प्रोटीन की मात्रा होती है। गन्ने के रस में सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसी पोषक पाए जाते हैं। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति इसे गलत समय पर पीता है तो नुकसान हो सकता है। क्या हाइड्रेशन  में मददगार? गर्मियों में गन्ने का रस पीना अच्छा माना जाता है। यह शरीर में गर्मी को कम करता है। इसके अलावा यह कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन, मैंगनीज का एक अच्छा स्रोत है। इसे पीने से शरीर में खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को बहाल करने में मदद मिलती है। इसमें चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जिसकी वजह से तुरंत एनर्जी मिलती है। डायबिटीज पेशेंट करें अवॉइड यह डायबिटीज जैसे हाई ग्लूकोज लेवल के लिए सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यह आपके ब्लड शुगर के लेवल को तेजी से बढ़ा सकता है। ऐसे में डायबिटीज पेशेंट को इसे अवॉइड करना चाहिए। किस समय पीएं गन्ने का रस दिन के समय में गन्ने का रस पीना सबसे अच्छा है। इसके अलावा फ्रेश गन्ने का रस ही पीएं। पैकेजिंग से बचें एक दिन में कितने ग्लास पीएं किसी भी चीज को बहुत ज्यादा खाना या पीना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में एक दिन में एक गिलास गन्ने के जूस तक सीमित रहें। इससे ज्यादा जूस नुकसानदायक हो सकता है। 

Vivo Y58 की लॉन्च डेट और फीचर्स: जानें क्यों है यह स्मार्टफोन खास

वीवो का नया स्मार्टफोन Vivo Y58 लॉन्चिंग को तैयार है। फोन को आज यानी 20 जून 2024 को भारत में लॉन्च किया जाएगा। लॉन्च से पहले फोन की कीमत और फीचर्स लीक हो गए हैं। रिपोर्ट की मानें, तो फोन में 6000mAh बैटरी दी जाएगी। साथ ही एक 6.72 इंच का बड़ा डिस्प्ले दिया जाएगा। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से.. प्रोसेसर अगर प्रोसेसर की बात की जाएं, तो फोन में स्नैपड्रैगन 4 जेन 2 प्रोसेसर सपोर्ट दिया जाएगा। साथ ही फोन 8GB रैम सपोर्ट के साथ आएगा। कुल मिलाकर यह एक पावरफुल स्मार्टफोन होगा। बैटरी लाइफ फोन में आपको 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जाएगा। फोन में 6000mAh की बैटरी दी जाएगी। कीमत हुई लीक Vivo Y58 स्मार्टफोन के 8GB जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 19,499 रुपये हो सकती है। फोन को स्लीक सुंदरबन ग्रीन कलर ऑप्शन में पेश किया जाएगा। स्टोरेज Vivo Y58 स्मार्टफोन में 8 जीबी वर्चुअल रैम सपोर्ट दिया जाएगा। इस तरह फोन कुल 16 जीबी रैम सपोर्ट के साथ आएगा। Vivo Y58 5G डिस्प्ले Vivo Y58 स्मार्टफोन में 6.72 इंच फुल एचडी प्लस डिस्प्ले दिया जा सकता है। यह एक LCD डिस्प्ले वाला स्मार्टफोन है। फोन 1024 nits पीक ब्राइटनेस के साथ आएगा। संभावित स्पेसिफिकेशन्स Vivo Y58 5G स्मार्टफोन में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप दिया जा सकता है। फोन 50MP प्राइमरी सेंसर के साथ आएगा। इसके अलावा 2MP सेकेंडरी कैमरा सेंसर दिया जाएगा। सेल्फी के लिए 8MP फ्रंट कैमरा दिया जाएगा। फोन में ड्यूल स्पीकर और अनलॉकिंग के लिए साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया जाएगा।

योगासन से किडनी स्टोन निकालने का सबसे तेज़ तरीका: जानें कौन से आसन हैं प्रभावी

उष्ट्रासन यह आसन रीढ़ की हड्डी और पेट की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे मूत्र प्रवाह में सुधार होता है और पथरी को बाहर निकलने में मदद मिलती है. भुजंगासन यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और पाचन में सुधार करता है, जिससे पथरी बनने की संभावना कम होती है. विपरीत करणी यह आसन रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और गुर्दे पर दबाव कम करता है, जिससे पथरी से होने वाले दर्द से राहत मिलती है. पवनमुक्तासन यह आसन पेट की मसाज करता है और गैस को बाहर निकालता है, जिससे पथरी बनने की संभावना कम होती है. धनुरासन यह आसन रीढ़ की हड्डी और पेट की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे मूत्र प्रवाह में सुधार होता है और पथरी को बाहर निकलने में मदद मिलती है. ध्यान रखें इन योगासनों का अभ्यास करने से पहले किसी योग प्रशिक्षक की सलाह जरूर लें. यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है तो इन योगासनों का अभ्यास न करें. पथरी से पीड़ित होने पर, तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. साथ ही इन योगासनों के नियमित अभ्यास के साथ-साथ, पथरी से बचाव के लिए भरपूर पानी पीना, स्वस्थ आहार लेना और नियमित व्यायाम करना भी महत्वपूर्ण है.

ओट्स और खजूर की कॉफी: वजन घटाने के लिए परफेक्ट ड्रिंक

Construction of Jharkhand's largest and grandest puja pandal in Ranchi.

आजकल सेलिब्रिटीज के ओट्स, डेट्स और दालचीन वाली कॉफी ज्यादा ट्रेंड में है। कृति सेनन की ये फेवरेट कॉफी है। यह कॉफी लो फैट होने के साथ, एक हाई एनर्जी ड्रिंक है और वेट लॉस के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है। यह कॉफी बिना दूध और चीनी की बनी होती है। इसलिए इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। वेट लॉस कर रहे लोगों के अलावा यह डायबिटीज के मरीज भी या भी आराम से पी सकते हैं। ओट्स का सेवन वेट लॉस के लिए वैसे भी बहुत अच्छा मानते हैं। इसमें हाई प्रोटीन और फाइबर दोनों पाया जाता है। खजूर में नेचुरल शुगर होती है और यह एनर्जी देता है और इस कॉफी में मौजूद दालचीनी और कॉफी का कॉम्बिनेशन फैट कटर का काम करता है। इस कॉफी के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, जिनमें से कुछ की चर्चा यहां है। एनर्जी बूस्टर ओट्स और डेट्स से बनी कॉफी आपको एनर्जी देती है। डेट्स नेचुरल शुगर के साथ एनर्जी का भी हाई सोर्स है। ओट्स में मौजूद प्रोटीन भी आपको एनर्जी बूस्टर का काम करता है। हाई फाइबर ओट्स में फाइबर की मात्रा से भरपूर होता है, जिससे लंबे समय तक आपका पेट भरा हुआ महसूस होता है और आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं। डेट्स में मौजूद नेचुरल शुगर आपकी क्रेविंग को कंट्रोल करती है। पोषण तत्व ओट्स में प्रोटीन, फाइबर और विटामिन होते हैं, जो आपको जरूरी पोषण प्रदान करता है। डेट्स में आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। डाइजेस्टिव हेल्थ ओट्स और डेट्स दोनों ही फाइबर से भरपूर होते हैं, जो आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इससे कब्ज की प्रॉब्लम भी दूर होती है। मेटाबॉलिज्म बूस्टर ओट्स और डेट्स दोनों ही एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं। इसमें मौजूद दालचीनी फास्ट मेटाबॉलिज्म के लिए अच्छी मानी जाती है। बनाने की विधि ओट्स, डेट्स और दालचीनी की कॉफी के लिए एक ब्लेंडर जार में 2 बड़े चम्मच ओट्स, 2 से 3 डेट्स, बीज निकाल कर, 1 चम्मच दालचीनी पाउड

आज लॉन्च हो रहा है Realme GT 6: जानें इसके फीचर्स और कीमत

Lobin Hembram joined BJP, said- there is no power in bow and arrow now

Realme GT 6 स्मार्टफोन को आज यानी 20 जून 2024 को भारत में लॉन्च किया जाएगा। यह लॉन्च इवेंट आज दोपहर 1.30 बजे होगा। फोन लॉन्च इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग कंपनी के ऑफिशिय यूट्यूब चैनल पर होगी। यह एक मिड-बजट सेगमेंट स्मार्टफोन है। फोन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल दिए जाएंगे। साथ ही विजन कैमरा मोड दिए जाएंगे। इसके अलावा इमेज एडिटर समेत कई अन्य फीचर्स को दिया जाएगा। Realme GT 6 स्मार्टफोन में कैमरा, प्रोसेसर समेत कई तरह की डिटेल दी जाएगी। Realme GT 6 के एआई फीचर्स कंपनी ने कंफर्म किया है कि Realme GT6 स्मार्टफोन में AI पावर्ड टूल दिए जाएंगे। इसमें एआई इनेबल्ड कैमरा, मीडिया एडिटिंग टूल दिए जाएंगे। फोन एआई नाइट विजन मोड के साथ आएगा। इसमें लो लाइट मोड रिकॉर्डिंग और एआई रिमूवल फीचर्स दिए जाएंगे, जो ऑटोमेटिकली इमेज को एडिट करेंगे। Realme GT 6 के स्पेसिफिकेशन्स Realme GT6 स्मार्टफोन में क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 8s Gen 3 चिपसेट दिया जाएगा। फोन में 16GB LPDDR5X रैम सपोर्ट दिया जाएगा। साथ ही 512GB UFS 4.0 स्टोरेज दिया जाएगा। फोन ड्यूल वेपर चैंबर कूलिंग टेक्नोलॉजी के साथ आएगा। फोन में 5500mAh बैटरी दी जाएगी। साथ ही 120W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया जाएगा। Realme GT6 स्मार्टफोन में एक 50MP Sony LYT-808 प्राइमरी कैमरा सेंसर दिया जाएगा। साथ ही ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) सपोर्ट दिया जाएगा। फोन टेलीफोटो लेंस और 2x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट के साथ आएगा। कितनी होगी कीमत Realme GT 6 स्मार्टफोन की कीमत करीब 30 से 35 हजार रुपये होगी। हालांकि फोन को कई वेरिएंट में लॉन्च किया जाएगा। ऐसे में ऐसे में अलग-अलग वेरिएंट की कीमत अलग होगी।

ब्यूटी पार्लर जा रही हैं? सुरक्षित रहें, इस खतरनाक सिंड्रोम से बचने के लिए जानिए उपाय

बीते साल नवंबर में हैदराबाद में एक महिला हेयर वॉश करते हुए ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम का शिकार हो गई। उसको चक्कर, सर दर्द और धुंधला दिखाई देने लगा। स्थिति बिगड़ने पर उसको तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ऐसे की एक दूसरे मामले में दिल्ली के ग्रीन पार्क में फेशियल मसाज करवाते हुए उंगलियों के गलत प्रेशर से महिला की गर्दन की नस दब गई। असहनीय दर्द होने पर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचकर फिजियोथेरेपी दी गई। कर्नाटक में तो शादी ऐन वक्त पर इसलिए रोक दी गई क्योंकि पार्लर की वजह से दुल्हन का चेहरा खराब हो गया, नौबत ऐसी हो गई कि दुल्हन को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। ऐसा ही एक मामला आया था मुंबई के अंधेरी इलाके से, जहां फेशियल मसाज के लिए बहुत बड़ी रकम चुकाने के बाद महिला की स्किन बुरी तरह जल गई। परमानेंट डैमेज के बाद महिला ने सैलून के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। इसी तरह नीदरलैंड में एक 43 वर्षीय महिला की डेथ केवल इसलिए हो गई क्योंकि उनका पेडीक्योर करवाते हुए प्यूमिक स्टोन से कट लग गया था, जिससे इन्फेक्शन फैल गया। अक्सर इस तरह के मामले सुनने में आते हैं, जब पार्लर में ट्रीटमेंट करवाने के दौरान महिला सिंड्रोम का शिकार हो गई या किसी वजह से एलर्जी हो गई या ट्रीटमेंट गलत होने से स्किन डैमेज हो गई वगैरह। ब्यूटी पार्लर सिंड्रोम किसे कहते हैं? ब्यूटी पार्लर सिंड्रोम शब्द का जिक्र पहली बार 1993 में अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में किया गया था। इस शब्द का उपयोग उन पांच महिलाओं का अध्ययन करने के बाद किया, जिनमें हेयर सैलून में शैम्पू सेशन के बाद स्ट्रोक जैसे न्यूरोलॉजिकल सिम्टम्स देखने को मिले थे। उन महिलाओं ने चक्कर आना, बैलेंस का खोना और चेहरा सुन्न होने की शिकायत की थी। उनकी आई रिपोर्ट में पांच में से चार महिलाओं को स्ट्रोक हुआ था। नस दबने से हुई हैदराबाद के पार्लर में महिला की मौत बीते साल के नवंबर महीने में हैदराबाद का ब्यूटी पार्लर वाला मामला भी पार्लर सिंड्रोम से जुड़ा हुआ था जब सिंक में गलत पॉजिशन लेने से हेयर वॉश करवाते हुए महिला इसकी चपेट में आ गई। नस दबने से रुक जाती है ब्‍लड सप्‍लाई फिजिशियन डॉक्टर अनूप भटनागर बताते हैं कि ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम आने की खास वजह होती है किसी नस का दबना। हैदराबाद वाले मामले में महिला के बीमार होने की वजह बाल वॉश करने के दौरान गर्दन पर खिंचाव और सिंक पर सही तरह से गर्दन को सपोर्ट न मिलना है। दरअसल, नस कहीं की भी हो, जब दबती है तो तब ब्रेन तक ब्लड की सप्लाई सही तरह से नहीं हो पाती है और यही स्ट्रोक की वजह बनता है। चक्कर आना, तेज सिर दर्द होना, धुंधला दिखाई देना, शरीर का कोई हिस्सा सुन्न होना जैसे लक्षण अगर दिखाई दें, तो तुरंत हॉस्पिटल ले जाना जरूरी है। डॉक्टर अनूप कहते हैं कि पार्लर में अक्सर लोग मसाज कराते हैं। अगर तरीका गलत होगा, तो आपकी हड्डी के लिए पीड़ादायक हो सकती है। पार्लर के जरिए घर तक पहुंच सकता है इंफेक्‍शन कई रिसर्च में भी सामने आ चुका है कि ब्यूटी सैलून के टूल्स और प्रोडक्ट्स से होने वाले इंफेक्शन सेहत के लिए गंभीर समस्याओं की वजह बनते हैं। एक सर्वे के मुताबिक, वार्ट्स, एक्ने, रैशेज, ड्राईनेस, मोलस्कम इंफेक्शन वगैरह कुछ कॉमन इन्फेक्शन है, जो पार्लर के जरिए घर तक आते हैं। फेशियल, वैक्सिंग, थ्रेडिंग और मसाज के बाद मुंहासे निकलना आम बात है। यह एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है। स्टीम, फेशियल पैक या ब्लीच का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल स्किन से नमी कम करता है, जो फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह बनता है। फिजिशियन डॉ. अनूप भटनागर बताते हैं कि सैलून में सिर धोने या मालिश के दौरान गर्दन में अचानक और अत्यधिक छेड़छाड़ से बचें। सिर धोते समय हमेशा गुनगुना पानी डालें। अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो आपको अधिक सावधान रहने की जरूरत है। डेफोनिल ब्यूटी पार्लर की ओनर पारुल अग्रवाल कहती हैं कि ब्यूटी सर्विस देते हुए बहुत छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। कुछ लोगों की स्किन हो या हेयर, काफी ड्राई होते हैं तो कुछ के ऑयली। ऐसे में जरूरी होता है सबसे पहले तो स्किन के बारे में समझना। वैक्सीन को ही लें, तो कई पार्लर बिना स्किन टाइप देखे वैक्सीन देते हैं, जिसके चलते स्किन जल जाती है या फिर एलर्जी हो जाती है। हमारे पास ऐसी दिक्कतों के साथ दूसरे जगहों से बहुत सारी महिलाएं आती हैं। कोई भी ब्यूटी ट्रीटमेंट लेने से पहले पार्लर की जानकारी लेना जरूरी है। साथ ही, पार्लर चुनते हुए सुविधाएं, हाइजीन, स्टाफ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स के बारे में जानकारी लेना जरूरी है।

जानें क्या है Bird Poop Facial

Special meeting program on Raksha Bandhan festival in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail

खूबसूरती पाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते! एक ऐसा ही अनोखा फेशियल है जो जापान से आता है और इसे ‘उगुशु नो फुन’ (Uguisu no Fun) कहते हैं, जिसका मतलब है चिड़िया की पॉटी. यह परंपरा सदियों पुरानी है. माना जाता है कि जापानी अपनी त्वचा को चमकदार और साफ रखने के लिए इस फेशियल को करते थें. इस फेशियल में चेहरे पर विशेष रूप से उपचारित चिड़िया की बीट का इस्तेमाल किया जाता है. हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज भी यह फेशियल करवा चुके हैं. तो चलिए फिर इस फेशियल के फायदों के बारे में जान ही लेते हैं- कैसे तैयार किया जाता है बर्ड पूप फेशियल बर्ड पूप फेशियल में सबसे पहले बुलबुल की बीट को इकट्ठा किया जाता है. फिर इसे सुरक्षित और साफ करने के लिए (UV) किरणों के संपर्क में लाया जाता है. इसके बाद, इसे बारीक पीसकर पाउडर बना लिया जाता है. इस पाउडर को फिर चावल के भूसे और अन्य नेचुलर सामग्री के साथ मिलाकर एक फेस मास्क तैयार किया जाता है. इस मास्क को चेहरे पर लगाया जाता है और कुछ देर बाद धो दिया जाता है. तो इसमें क्या खास है? चीड़िया की बीट में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिनके त्वचा के लिए फायदेमंद होने का दावा किया जाता है. इनमें शामिल हैं: गुआनिन- यह एक एमिनो एसिड है जो त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है. यूरिया- यह एक ऐसा पदार्थ है जो प्राकृतिक रूप से त्वचा में मौजूद होता है और नमी बनाए रखने में मदद करता है. क्या वाकई फायदेमंद है? बर्ड पूप फेशियल के समर्थक दावा करते हैं कि यह मुंहासे के दाग, झुर्रियों और रूखी त्वचा को कम करने में मदद करता है. साथ ही यह त्वचा को चमकदार और कोमल बनाता है. हालांकि, इन दावों के समर्थन में अभी तक पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं. क्या आपको ट्राई करना चाहिए? यह फेशियल काफी महंगा होता है और इसकी गंध भी बहुत सुखद नहीं होती. साथ ही, इसमें बैक्टीरिया का खतरा भी रहता है, भले ही बीट को उपचारित किया जाता है. लेकिन यह तय करना आप पर निर्भर करता है कि आप इसे आजमाना चाहते हैं या नहीं. अगर आप किसी नए फेशियल का ट्राई करना चाहती हैं, तो किसी भी उपचार को करवाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

सही मुद्रा में बैठने के फायदे: जानें कैसे करें स्वास्थ्य में सुधार

बैठने का सही तरीका आजकल दर्द, अकड़न, मांसपेशी असंतुलन की समस्या बढ़ गई है। जिसके पीछे शरीर का गलत पोस्चर जिम्मेदार हो सकता है। लोगों ने बैठने का तरीका भी बदल दिया है। पहले के जमाने में लोग जमीन पर पालथी मारकर बैठते थे। यह पोस्चर सुधारने के साथ कई सारी बीमारियों से भी छुटकारा दिलाता है। आइए इसके फायदों के बारे में जानते हैं। योगासन है पालथी मारकर बैठना बैठने के जिस तरीके को पालथी मारना कहते हैं। दरअसल वो एक योगासन है। इसका नाम सुखासन है, जिसे पैर क्रॉस करके बैठना भी कहते हैं। यह गंदे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल ​इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑर्थोपेडिक साइंस पर छपे शोध में सुखासन का प्रभाव देखा। इसके मुताबिक सुखासन में मेडिटेशन करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। दिल की बीमारी इस पोस्चर में बैठने से कार्डियो मेटाबॉलिक फंक्शन सुधरता है। यह ब्लड प्रेशर को मैनेज रखने में भी मदद करता है। जिससे आप दिल की बीमारियों से बचने लगते हैं। बेली फैट यह फायदा काफी दिलचस्प है। पालथी मारकर बैठकर अगर आप खाना खाते हैं तो यह आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ा सकता है। इससे फैट जल्दी बर्न होता है और मोटापा कम होता है। टेंशन टेंशन व स्ट्रेस कई सारी मेंटल प्रॉब्लम्स के लिए जिम्मेदार हैं। अगर आप सुखासन में बैठकर डीप ब्रीदिंग करते हैं तो दिमाग में ऑक्सीजन का लेवल आराम से सुधरता है। इससे ब्रेन फंक्शन को सुधारने में मदद मिलती है। कमर दर्द सुखासन से निचली कमर दर्द से बचा जा सकता है। यह पीठ और कमर की मसल्स को सपोर्ट देता है। इन्हें मजबूत बनाने में भी मदद करता है। शरीर में बेहतर ब्लड सर्कुलेशन होता है। जिससे मसल्स को पूरा पोषण मिलता है।

लैपटॉप क्लीनिंग में ये गलतियां न करें, वरना पड़ेगा महंगा

लैपटॉप को साफ़ करना बेहद ही जरूरी है, ऐसा ना किया जाए तो गंदगी लैपटॉप के इंटरनल पार्ट्स को खराब कर सकती है. ऐसे में अगर आप थोड़े समय पर लैपटॉप को साफ़ करते हैं तो आपको सावधानी बरतने की जरूरत पड़ती है. दरअसल लैपटॉप क्लीनिंग के दौरान अगर आप गलती करते हैं तो आपको तगड़ी चपत लग सकती है. इससे बचने के लिए हम आपको जरूरी टिप्स देने के जा रहे हैं. तो चलिए जानते हैं लैपटॉप की सफाई करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए: 1. गलत कपड़े का इस्तेमाल कभी भी रफ या खुरदरे कपड़े का इस्तेमाल न करें. इससे लैपटॉप की स्क्रीन और बॉडी पर स्क्रैच आ सकते हैं. मुलायम माइक्रोफाइबर कपड़ा या लेंस क्लीनिंग कपड़ा इस्तेमाल करें. 2. ज़्यादा पानी का इस्तेमाल: लैपटॉप को सीधे पानी में न डुबोएं. थोड़ा सा पानी या स्क्रीन क्लीनर माइक्रोफाइबर कपड़े पर लगाकर स्क्रीन को साफ करें. पानी की बूंदों को तुरंत सूखे कपड़े से पोंछ लें. 3. गलत सफाई एजेंट: कभी भी घरेलू सफाई एजेंट, जैसे कि डिटर्जेंट या साबुन, का इस्तेमाल न करें. इनसे लैपटॉप की स्क्रीन और कीबोर्ड खराब हो सकते हैं. खासतौर पर लैपटॉप के लिए बने सफाई एजेंट का ही इस्तेमाल करें. 4. कीबोर्ड में झाड़ू या ब्रश: कीबोर्ड में झाड़ू या ब्रश फंसाकर साफ करने से चाबियां खराब हो सकती हैं. इसके बजाय, कंप्रेस्ड हवा का इस्तेमाल करके धूल हटाएं, या फिर रुई के फाहे से सफाई करें. 5. लैपटॉप चालू रहते हुए सफाई: लैपटॉप को हमेशा बंद करके ही साफ करें. इससे बिजली का झटका लगने का खतरा कम होता है. 6. पोर्ट और वेंट्स में सफाई: पोर्ट और वेंट्स में कभी भी कपड़ा या कोई अन्य चीज न डालें. इससे अंदर धूल जमा हो सकती है और लैपटॉप गर्म हो सकता है. कंप्रेस्ड हवा का इस्तेमाल करके धूल हटाएं. इन सावधानियों का पालन करके आप अपने लैपटॉप को सुरक्षित और चमकदार बनाए रख सकते हैं. अतिरिक्त टिप्स: लैपटॉप को धूल से बचाने के लिए कवर का इस्तेमाल करें. खाने-पीने की चीजों को लैपटॉप से दूर रखें. अपने हाथों को साफ करके ही लैपटॉप को छुएं. नियमित रूप से लैपटॉप का बैकअप लें.

टैनिंग और त्वचा कैंसर का संबंध: विशेषज्ञ की महत्वपूर्ण जानकारी

वैसे तो त्वचा और उसके रंग का रिश्ता बहुत ही पुराना है। अंग्रेजों से लेकर तमाम शोषक वर्गों ने इसे हथियार बनाया है। इतना ही नहीं, शादियों के इश्तिहार में भी मांग उनकी ही ज्यादा होती है जिनका रंग साफ यानी की फेयर होता है। गोरे रंग पर लोग भले ही आज भी गुमान करते हो, लेकिन ये भी सच है कि जिनका रंग जितना साफ होता है, उन पर धूप का असर उतना ही ज्यादा पड़ता है। जी हां, गर्मी और बरसात के मौसम में त्वचा से जुड़ी कुछ परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। इससे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वो कौन-सी परेशानियां हैं और उनके निदान क्या हैं? इस बारे में देश के बेहतरीन एक्सपर्ट्स से जानकारी लेकर बता रहे हैं लोकेश के. भारती। क्या बताया एक्सपर्ट ने? हमारे शरीर का सबसे बाहरी भाग स्किन होता है। ये त्वचा ही है जो सबसे पहले धूप, बारिश, सर्दी के संपर्क में आती है। इसलिए हमारे शरीर में इन चीजों से सबसे पहले त्वचा ही प्रभावित होती है। स्किन का रंग भी हमारी ज्योग्राफिकल स्थिति पर काफी हद तक निर्भर करता है। मसलन, आपने देखा होगा कि पहाड़ों पर रहने वाले लोग अमूमन गोरी त्वचा वाले होते हैं। वहीं मैदानी इलाकों में रहने वाले मिक्स्ड या सांवले रंग के होते हैं। जब टेंशन में आ गए स्वरूप स्वरूप 32 साल के हैं। वो एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। जॉब की वजह से उन्हें हर मौसम में शहरभर में घूमना पड़ता है। धूप में ज्यादा चक्कर लगाने की वजह से उनकी त्वचा का रंग (बांह के नीचे का हिस्सा) हल्का काला होने लगा। चूंकि वो गोरे रंग के हैं, इसलिए त्वचा का यह बदलाव साफ-साफ दिख रहा था। इस पर उन्हें किसी जानने वाले ने कह दिया कि इस तरह की टैनिंग से कैंसर भी हो सकता है। इसलिए इस पर जरूर ध्यान देना। अपने जानकार की बात सुनकर वो डर गए। स्वरूप ने फटाफट डर्मेटोलॉजिस्ट से मुलाकात करने की सोची। वो डॉक्टर के पास पहुंच गए। क्या कहा डॉक्टर ने? स्वरूप ने डॉक्टर को टैन वाला हिस्सा दिखाया। डॉक्टर ने कहा कि इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है। आप धूप में ज्यादा घूमते हैं, इसलिए यो डार्क हुआ है। इसमें स्किन कैंसर वाली कोई भी बात नहीं है और न ही आप में स्किन कैंसर के कोई लक्षण हैं। भले ही आप फेयर हैं, लेकिन यूरोपीय लोगों की तुलना में काफी कम हैं। विदेश (यूरोप, अमेरिका आदि देशों) में स्किन कैंसर के मामले ज्यादा हैं क्योंकि वहां के लोग बहुत ज्यादा गोरे यानी वाइट होते हैं। अपने देश में धूप (UV रेज) की वजह से स्किन कैंसर के मामले बहुत ही कम होते हैं। हां, टैनिंग, सनबर्न जैसी परेशानियां ज़रूर हैं। डॉक्टर ने स्वरूप को सुझाव दिया कि आप कोई अच्छी सनस्क्रीन लगाकर निकला करें या फिर बाजुओं को किसी कपड़े से कवर करके। ये धीरे-धीरे कम हो जाएगा। इन बातों को सुनकर स्वरूप का डर कम हुआ। उसने सनस्क्रीन लगाना शुरू किया। यूवी रेज के भी होते हैं प्रकार सूरज की किरणों में 3 तरह की अल्ट्रावायलेट (UV) रेज निकलती हैं 1. UV A- ये सबसे ज्यादा खतरनाक किरणें हैं, जो स्किन के बहुत अंदर तक पहुंच जाती हैं और झुर्रियां पैदा करने में अहम भूमिका निभाती हैं। 2. UV B- ये UV A की तुलना में कम खतरनाक हैं। UV A और UV B से ही बचने के लिए सनस्क्रीन की जरूरत होती हैं। 3. UV C- ये किरणें हम तक नहीं पहुंच पातीं। ये पहले ही धरती पर आने से पहले ओजोन लेयर द्वारा रिफ्लेक्ट कर दी जाती हैं यानी वापस भेज दी जाती हैं। शरीर की भी अपनी सनस्क्रीन हमारी स्किन में मेलेनिन नाम का पिग्मेंट होता है, जिसे नेचुरल सनस्क्रीन कहा जा सकता है। जैसे ही हमारे शरीर पर ज्यादा मात्रा में यूवी रेज यानी तेज धूप पड़ती है तो मेलेनिन पिग्मेंट त्वचा की ऊपरी सतह की ओर आने लगता है। इस वजह से यूवी त्वचा के अंदर तक नहीं पहुंच पाती और नुकसान भी नहीं पहुंचाती हैं। हमें सनस्क्रीन की जरूरत अमूमन तब होती है जब ज्यादा मात्रा में मेलेनिन निकलने की वजह से स्किन का कलर ज्यादा डार्क होने लगे या फिर स्किन में मेलेनिन की कमी की वजह से सनबर्न की स्थिति बने।

Voltas Split AC पर धमाकेदार ऑफर: अभी खरीदें और पाएं बंपर छूट

Children of Gurunanak School celebrated Independence Day with patriotic fervor

Voltas split ac discount: गर्मियों का मौसम चरम पर है, ऐसे में अगर आपने अभी तक एयर कंडीशनर नहीं खरीदा है, लेकिन अब आपको इसकी जरूरत महसूस हो रही है तो, अब आप किफायती कीमत पर एक जोरदार AC खरीद सकते हैं. आज हम आपको एक ऐसे एयर कंडीशनर के बारे में बताने जा रहे हैं जो फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है और अपनी कीमत से तकरीबन आधे दाम पर खरीदा जा सकता है. दरअसल ये Voltas का 1.5 टन का स्प्लिट एसी है. चलिए जानते हैं इसकी खरीद पर कितनी बचत की जा सकती है. सबसे पहले की कीमत की बात कर लेते हैं. Voltas 1.5 Ton Split AC को आप ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से ऑर्डर कर सकते हैं. फ्लिपकार्ट पर यह स्प्लिट एसी किफायती दाम में मिल रहा है. इस एसी की कीमत 64,990 रुपये लेकिन इस पर 48% की भारी छूट मिल रही है. डिस्काउंट में बाद आप इस एसी को 33,490 रुपये में खरीद सकते हैं. साथ ही बैंक ऑफर्स का इस्तेमाल करके आप इस एसी को और सस्ते में खरीद सकते हैं Voltas 1.5 Ton Split AC के फीचर्स वोल्टास के इस एसी के साथ एक साल की प्रोडक्ट वारंटी और दस साल की कंप्रेसर वारंटी मिलती है. यह स्प्लिट एसी 5 स्टार रेटिंग के साथ आता है और बिजली भी कम खर्च करता है. इसमें ऑटो रिस्टार्ट, स्लीप मोड समेत कई बेहतरीन फीचर्स मिलते हैं. इसका मेंटेनेंस भी काफी आसान है. ये एयर कंडीशनर खरीदना आपके बजट में फिट हो सकता है और आपकी काफी बचत करवा सकता है. ये ऑफर लिमिटेड पीरियड के लिए है. एयर कंडीशनर में ग्राहकों को Sleep Mode मिल जाता है जो अपने आप ही ये डिसाइड कर सकता है कि किस समय ट्रेम्प्रेचर क्या होना चाहिए. टेम्प्रेचर ऑटो एडजस्ट फीचर बेहद जोरदार है और आपकी काफी बचत करवा सकता है

त्वचा के लिये भी रामबाण का काम करता हैं टमाटर

BJP councilor's husband beats young man brutally, drags him on the road

    टमाटर देखने में जितना सुंदर होता है, खाने में उतना ही मजेदार। इसकी गिनती फल और सब्जी दोनों में होती है, इसी तरह ये भी सेहत और सौंदर्य में इजाफा करता है। इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा खिल उठती है और इसके कई कॉस्मेटिक फायदे हैं, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। आइए आज हम आपको टमाटर खाने और लगाने, दोनों के फायदे बताते हैं… प्राकृतिक रूप से टैनिंग हटाए टमाटर त्वचा पर सनस्क्रीन का काम करता है। यह सूर्य की अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से स्किन को बचाता है. इसे रोजाना चेहरे पर घिसने से सनटैनिंग चली जाती है। टमाटर एक सिट्रस (Citrus) फ्रूट है। इसमें विटामिन C, विटामिन A, विटामिन E और विटामिन K प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। हम सभी जानते हैं कि विटामिन-C त्वचा के लिए कितना लाभकारी है। यह सनबर्न से बचाने में काफी मददगार साबित होता है। टमाटर इतना प्राभावी होता कि यदि त्वचा पर लगातार उपयोग किया जाए तो आपको महंगी सनस्क्रीन क्रीम लगाने तक की आवश्यकता नही पड़ेगी। यह पूरी तरह नैचरल है और इसका कोई साइड इफेक्ट नही है। ड्राई स्किन वाले इसे प्रयोग में लाने के बाद चेहरे को मॉइश्चराइज जरूर करें। ऑयली स्किन के लिए फायदेमंद टमाटर ऑयली स्किन वालों के लिए औषधि का काम करता है. दरअसल टमाटर की खटास ही इसका सबसे बड़ा गुण है। वहीं इसे लाल रंग देने वाला लायकोपिन त्वचा पर एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है। त्वचा को धूल- मिट्टी से होने वाले नुकसानों से बचस्त है। विटामिन-C और विटामिन-E होने के कारण यह त्वचा से अतिरिक्त सीबम के उत्पादन को नियंत्रित करता है। बढ़ती उम्र का असर रोकता है टमाटर टमाटर समय से पहले चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों को रोकने में मददगार है। इसमें पाया जाने वाला लायकोपिन, केरिटीनॉइड्स क्रीम (carotenoids) की तरह काम करता है। यह त्वचा की सेल्स को डैमेज होने से बचाता है। यह धीरे-धीरे आपके चेहरे को ग्लोइंग बनाता है। साथ ही उसमें कसावट लाने का काम भी करता है। मगर टमाटर को चेहरे पर लगाने के तुरंत बाद सनलाइट में न जाएं, आपको रिएक्शन होने की संभावना है। ब्लैकहेड्स हटाए यह त्वचा के बंद पोर्स खोलकर ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की प्रॉब्लम को कम करता है। टमाटर चेहरे पर एस्ट्रिंजेंट का काम करता है, टमाटर में मौजूद एसिडिक प्रॉपर्टीज कील- मुंहासे और काले दाग-धब्बों की समस्या को कम करती हैं। साथ ही स्किन को ग्लोइंग बनाती हैं। त्वचा पर टमाटर लगाकर डेड स्किन सेल्स के आसानी से हटाया जा सकता है। टमाटर डेड स्किन निकालकर त्वचा को साफ रखता है और त्वचा में नैचरल शाइन लाता है। पाचन सही कर सुंदरता बढ़ाए टमाटर को सलाद आदि में खाएं। यह हाजमा ठीक रखता। पेट साफ रहेगा तो त्वचा संबंधी समस्याएं भी नही होंगी। टमाटर का सेवन करने से आंखों की चमक और सुंदरता भी बढ़ती है। क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन-A आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक होता है और आंखों की मसल्स को मजबूती देता है। टमाटर शरीर से टॉक्सिन हटाने का काम करता है, जो कि त्वचा को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं। इस तरह टमाटर त्वचा क्लीन रखने में भी सहायता करता है। माना जाता है कि यदि टमाटर खाने से पहले इसका ऊपरी छिलका और बीज निकाल दिए जाएं तो यह और अधिक प्रभावी होता है। हालांकि इस बारे में पुख्ता रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। टमाटर त्वचा पर लगाने का सही तरीका टमाटर के रस को खीरे के रस के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं। अब 15 मिनट बाद इसे धो लें। इससे ऑयली स्किन की प्रॉब्लम काम होती है। सनबर्न हटाने के लिए टमाटर की स्लाइस लेकर उसे चेहरे पर रगड़ें। इसे कम-से-कम 15 मिनट तक चेहरे पर सर्कुलर मोशन में रब करें, इसके लगातार इस्तेमाल से पिगमेंटेशन और डार्क स्पॉट्स काम हो जाएंगे। -यदि आपकी डेड स्किन है तो उसे हटाने के लिए चीनी के साथ टमाटर मिलाकर लगाएं। इससे डेड स्किन की प्रॉब्लम तो ठीक होगी ही, स्किन भी ग्लो करने लगेगी। -टमाटर की प्यूरी को बेसन और चुटकीभर हल्दी के साथ मिलाकर लगाएं, इससे सनटैनिंग खत्म होती है। मगर इसके बाद चेहरे को मॉइश्चराइज करना ना भूलें। -यदि आपको चेहरे पर खूब सारे मस्से हैं तो टमाटर को एवोकैडो के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं। आपको लाभ होगा। -गर्मी के मौसम में स्किन ऑयल बैलंस करने के लिए टमाटर को मसाज क्रीम के साथ मिक्स करके लगाएं। आपको त्वचा पर अधिक क्लीनिंग और ग्लो का अनुभव होगा।

कोलेजन: जोड़ों और हृदय के स्वास्थ्य के लिए इसके प्रमुख लाभ

कोलेजन को अक्सर लोग ब्यूटी फूड की नजर से देखते हैं, लेकिन कोलेजन केवल त्वचा के लिए ही नहीं बल्कि मजबूत हड्डियों और हार्ट हेल्थ के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है। यह एक महत्वपूर्ण प्रोटीन है, जो शरीर में विभिन्न प्रकार के ऊतकों को मजबूत बनाने में मदद करती है। नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ हेल्थ के अनुसार 30 की उम्र के बाद से शरीर में कोलेजन का उत्पादन कम होने लगता है। जिसके कारण त्वचा ढीली और हड्डियों में दर्द जैसी समस्या शुरू होने लगती है। कोलेजन की कमी प्रभाव दिल की कार्यक्षमता पर भी पड़ता है। कोलेजेन, विटामिन सी से प्राप्त होता है, जो कि एक हाई एंटीऑक्सीडेंट है, इससे कई और भी बीमारियों का खतरा कम होता है। अपनी डाइट में कोलेजन के लिए इन फूड्स को शामिल करें। हड्डियों को मजबूत बनाता है कोलेजन हड्डियों को मजबूती और फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करता है। कोलेजन का सेवन बोन डेंसिटी को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का जोखिम कम होता है। कोलेजन जोड़ों के कार्टिलेज का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में भी मदद करता है। हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी है कोलेजन आर्टीज वॉल को मजबूत और लचीला बनाए रखने में मदद करता है। इससे ब्लड फ्लो बेहतर बनता है और हार्ट हेल्थ में सुधार आता है। कोलेजन ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। हार्ट की पंपिंग क्षमता बढ़ता है कोलेजन हार्ट के ऊतकों को मजबूत बनाता है, जिससे हार्ट की पंपिंग क्षमता बढ़ती है और हार्ट अटैक का जोखिम कम होता है। कोलेजन के लिए प्रोटीन डाइट लें कोलेजन एक प्रोटीन है, इसे प्राप्त करने के लिए आप अपनी डाइट में मछली, चिकन, अंडे, डेयरी प्रोडक्ट और नट्स शामिल करें। इसमें प्रोटीन की हाई मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में कोलेजन के उत्पादन में मदद करती है। विटामिन युक्त डाइट मददगार कोलेजन को बूस्ट करने के लिए अपनी डाइट में विटामिन सी का सोर्स बढ़ाएं। इसके लिए आप संतरा, नींबू, गाजर, लाल शिमला मिर्च, स्ट्रॉबेरी और ब्रोकोली जैसे खाद्य पदार्थ को अपनी डाइट में शामिल करें।

माउथवॉश का नियमित उपयोग कर सकता है कैंसर का खतरा बढ़ा: जानें विशेषज्ञों की राय

Now along with wheat, jowar, millet and ragi will also be available at ration shops.

माउथवॉश इस्तेमाल करने वाले ध्यान दें. एक नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जर्नल ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि रोजाना माउथवॉश को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है. अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि माउथवॉश से मुंह में पाए जाने वाले कुछ बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ जाती है. ये बैक्टीरिया पहले से ही मसूड़ों की बीमारी, ग्रासनली के कैंसर, पेट के कैंसर और शरीर की अन्य बीमारियों से जुड़े हुए माने जाते हैं. कैंसर का खतरा शोधकर्ताओं के मुताबिक, मसूड़े की बीमारी और शरीर की अन्य बीमारियों के अलावा, माउथवॉश से ग्रासनली के कैंसर और पेट के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. मुंह की सेहत का सीधा संबंध शरीर में कैंसर, खासकर मुंह और शरीर के अंदर होने वाले कैंसर के खतरा से होता है. अच्छी मुंह की सफाई न करने से मुंह में संक्रमण और मसूड़ों की बीमारी हो सकते हैं, जिससे मुंह में लगातार सूजन की समस्या रहती है. यह सूजन कैंसर का एक जाना-माना रिस्क फैक्टर है. शरीर में सूजन की प्रक्रिया सेल्स में बदलाव और म्युटेशन ला सकती है, जिससे अंततः कैंसर हो सकता है. किस तरह के कैंसर का खतरा मसूड़ों की बीमारी में मसूड़ों में सूजन और संक्रमण होता है. इसे मुंह के कैंसर, ग्रासनली के कैंसर, अग्नाशय के कैंसर और पेट के कैंसर के बढ़ते रिसक से जोड़ा गया है. मसूड़ों की बीमारी के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया, फ्यूसोबैक्टीरियम न्यूक्लियेटम, खून में प्रवेश करके शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकता है और संभावित रूप से शरीर में सूजन और कैंसर पैदा करने में योगदान दे सकता है. स्टडी में क्या पाया गया? अध्ययन में पाया गया कि माउथवॉश के बाद फ्यूसोबैक्टीरियम न्यूक्लियेटम और स्ट्रेप्टोकोकस एंगिनोसस की मात्रा काफी बढ़ गई थी. फ्यूसोबैक्टीरियम न्यूक्लियेटम और स्ट्रेप्टोकोकस एंगिनोसरिस विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से जुड़े महत्वपूर्ण बैक्टीरिया हैं. फ्यूसोबैक्टीयम न्यूक्लियेटम मसूड़ों की बीमारी में अहम भूमिका निभाता है और सूजन और ट्यूमर के विकास को बढ़ावा देने के कारण इसे पेट के कैंसर से भी जोड़ा गया है. यह टिशू पर आक्रमण कर सकता है और शरीर के अंदरूनी सेहत को प्रभावित कर सकता है. स्ट्रेप्टोकोकस एंगिनोसस, स्ट्रेप्टोकोकस एंगिनोसस ग्रुप (एसएजी) का हिस्सा है, जो आमतौर पर मुंह और पाचन तंत्र में पाया जाता है. यह विशेष रूप से इम्यून सिस्टम को कमजोर लोगों में फोड़े और गंभीर संक्रमण पैदा करने के लिए जाना जाता है. ये दोनों बैक्टीरिया मुंह की सेहत और शरीर की अन्य बीमारियों के बीच महत्वपूर्ण संबंध को दर्शाते हैं, जो अच्छी मुंह की सफाई बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करता है. अच्छी मुंह की सफाई न करना अक्सर धूम्रपान और ज्यादा शराब के सेवन जैसी अन्य रिस्क भरी आदतों से भी जुड़ा होता है. ये दोनों ही मुंह, गले और ग्रासनली के कैंसर सहित विभिन्न कैंसर के लिए जाने-माने रिस्क फैक्टर हैं. ये पदार्थ म्यूकोसल परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं और डीएनए म्युटेशन को जन्म दे सकते हैं, जिससे कैंसर हो जाता है. रोजाना ब्रश करना, फ्लॉसिंग और दांतों की जांच के माध्यम से अच्छी ओरल हेल्थ बनाए रखने से सूजन और बैक्टीरिया के भार को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे संभावित रूप से कैंसर का खतरा कम हो सकता है. ओरल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान करना और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना कैंसर की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम हैं.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet