Congress sought information about scams from the public, Umang Singhar released the number
मध्यप्रदेश में शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस ने जनता से प्रदेश में हो रहे भ्रष्टाचारों की जानकारी मांगी है। साथ ही कहा है कि जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
मध्यप्रदेश में एक जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र से पहले कांग्रेस काफी आक्रामक दिख रही है। जहां एक तरफ का कांग्रेस के नेता मध्यप्रदेश सरकार को घेरने के लिए सभी विभागों के भ्रष्टाचार की लिस्ट तैयार कर रहे हैं। वहीं, अब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक अलग पहल करते हुए जनता से प्रदेश के भ्रष्टाचारों की जानकारी मांगी है। उन्होंने अपने सोशल साइट एक्स पर लिखा है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश में चल रहे घोटालों को उजागर करें। घोटाले से संबंधित जानकारी फोटो या अन्य जानकारी भेजें। जानकारी देने वाली की पहचान गुप्त रखी जाएगी। जानकारी मंगाने के लिए नंबर जारी किया है।
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश में चल रहें घोटालों को उजागर करें
— Umang Singhar (@UmangSinghar) June 27, 2024
आपके पास घोटालों से संबंधित जो भी #जानकारी, #दस्तावेज, #PHOTO, #VIDEO, #CALL_RECORDING और अन्य कोई भी संबंधित #जानकारी हो तो हमें भेजिए
संपर्क : 8269889419
Email: umangsinghar.mp@gmail.com… pic.twitter.com/SlfaN1LFTl
मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के आदेश पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के आदेश के बाद साफ हो गया कि प्रदेश के चेक पोस्ट पर वसूली हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या टोलों पर अवैध वसूली हो रही है। विधानसभा सत्र में घोटालों को कांग्रेस उजागर करेगी। उमंग सिंगार ने ट्वीट कर जनता से घोटाले की जानकारी मांगी है। उन्होंने लिखा की मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश में चल रहे घोटालों को उजागर करें।
अपर परिवहन आयुक्त का जताया आभार
परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद कांग्रेस के कई नेता सरकार पर सीधा हमला बोल रहे हैं। मामले को लेकर प्रदेश अध्यक्ष के सलाहकार केके मिश्रा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि आभार, अपर परिवहन आयुक्त उमेश जोगा (आईपीएस) आपने यह तो स्वीकार किया कि प्रदेश की परिवहन चौकियों पर व्यापक भ्रष्टाचार है। इस सच्चाई को पूर्व में उजागर करने का दंश मैं अभी तक झेल रहा हूं। ख़ैर कृपा कर इसे भी परिभाषित कर दीजिए कि यहां अवैध रूप से कार्यरत “कटर” क्या बीमारी है?






