Guggal worth Rs 930 per kg bought for Rs 1700 per kg, fraud worth more than Rs 30 lakh
उदित नारायण
सीनियर आईएफ एस के संरक्षण के चलते प्रभारी उत्पादन प्रबंधन की मनमानी जारी
भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभास ठाकुर ने एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में रॉ मटेरियल खरीदी में गड़बड़झाला पर कार्यवाई करने की जगह उसे दबा दिया हैं। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ने टेंडर की दर से न खरीदकर आर्यन फार्मेसी से ₹1700 किलो की दर से खरीदी की है। यही मौजूदा सीइओ अर्चना पटेल एमएसपी पार्क के उत्पादन प्रबंधक की मनमानी नहीं रोक पा रहीं है।
सूत्रों ने बताया कि एमएसपी पार्क के प्रबंधक ने गूग्गल सहित प्रष्टपर्णी, काली मिर्च, हींग, पुनर्नवा आदि रॉ मैटेरियल की खरीदी के लिए टेंडर किया था। टेंडर में गुग्गल के लिए हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार का रेट 930 रूपये प्रति किलोग्राम था। एसपी पार्क के कर्ताधर्ता ने हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार से खरीदी न करके आर्यन फार्मेसी से ₹1700 की कीमत पर 4000 किलो खरीदी की। हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार फर्म से न तो वर्क आर्डर दिया गया और न किसी प्रकार का पत्राचार किया गया। आर्यन से खरीदी से संघ को 30 लाख 80000 रुपए का अधिक भुगतान करना पड़ा है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक सुनीता अहीरवार के कार्यकाल में 6 करोड़ों की govt सप्लाई में 3 करोड़ से अधिक की रॉ -मटेरियल ख़रीदी के भुगतान किये गये है, जिसमें 2 करोड़ के बिल तो आर्यन फ़ार्मेसी के थे। इसके अलावा 30-35 लाख के मरम्मत के भुगतान किये जा चुके है।
लघु वनोपज प्रसंस्करण केंद्र बरखेड़ा पठानी के सीईओ पीएल फुलझले हटने के बाद से ही प्रभारी एसडीओ सुनीता अहीरवार मनमानी बढ़ गई है। यहां तक कि फुलझले की जगह प्रमोट आईएफएस अर्चना पटेल को डमी के रूप में सीईओ बनाया गया है। पार्क के अधिकारी और कर्मचारी इसकी मुख्य वजह भी एसीएस से मिल रहे हैं संरक्षण को बताया जा रहा है।
एमडी के आदेश का ही नहीं हो रहा पालन
लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने भंडारण की जांच के लिए एसीएफ मणि शंकर मिश्र को 7 दिन में जांच का रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे किंतु अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। चिंताजनक पहलू यह है कि एसीएफ मिश्रा जांच के भंडारण से संबंधित दस्तावेज मांगने के लिए एमडी ठाकुर से लगातार चिट्ठीयां लिखना शुरू किया तो उन्हें ही वहां से हटा दिया गया। मिश्रा ने दस्तावेज मांगने के लिए हटाए jaane के पूर्व तक करीब चार रिमाइंडर सुनीता अहिरवार को भेज चुके थे और इतने ही पत्र एमडी ठाकुर को स्मरण पत्र लिखा था। मिश्रा के हटाने से यह चर्चा है कि एमडी ठाकुर उत्पादन प्रबंधक सुनीता अहिरवार के खिलाफ कार्यवाई नहीं करना चाहते हैं। इसके बाद से उत्पादन प्रबंधक की मनमानी बढ़ गई है। उनकी मनमानी से दुखी सीइओ अर्चना पटेल ने उनके खिलाफ अनुशासनहीनता का नोटिस दिया हुआ है। यही नहीं, विद्या निनारे को भंडार में रा मटेरियल जाँच करने के मौखिक निर्देश प्रबंध संचालक और सीईओ ने मीटिंग में सबके सामने दिये थे। उस मीटिंग में सुनीता अहीरवार भी मौजूद थी फिर भी अपने भ्रष्टाचार को छुपाने और एसीएस वन से जान-पहचान की धुन में नियमों को भी धता बता रही है।






