How are liquor shops operating within 500 meters radius from the National Highway “High Court”
जनहित याचिका में होना है सुनवाई। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर नोटिस जारी कर मांगा था जवाब।

सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर की परिधि में शराब दुकानें किस नियम के तहत संचालित हो रही हैं।
कोर्ट ने शासन से यह सवाल उस जनहित याचिका में मांगा है जिसमें इन शराब दुकानों के संचालन को चुनौती दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 में आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में कोई शराब दुकान संचालित नहीं की जा सकती है।
इंदौर। शासन को बुधवार को मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष बताना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर की परिधि में शराब दुकानें किस नियम के तहत संचालित हो रही हैं। इनका संचालन रोकने के लिए शासन क्या कर रहा है। कोर्ट ने शासन से यह सवाल उस जनहित याचिका में मांगा है जिसमें इन शराब दुकानों के संचालन को चुनौती दी गई है।
हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका राजेंद्र गुप्ता ने दायर की है। वे स्वयं ही इसमें पैरवी भी कर रहे हैं। याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 में आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में कोई शराब दुकान संचालित नहीं की जा सकती है। कोर्ट के निर्देश के बाद 500 मीटर की परिधि से बाहर संचालित होने वाली शराब दुकानों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए थे।

आबकारी विभाग में की थी शिकायत
याचिका में कहा है कि इंदौर-देवास राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में नौ शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। याचिकाकर्ता ने आबकारी विभाग में इसकी शिकायत की थी लेकिन शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। ये दुकानें आज भी संचालित हो रही हैं। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
याचिकाकर्ता ने याचिका में यह भी कहा है कि उन्होंने दुकानों के संबंध में आबकारी विभाग में शिकायत की तो वहां से जवाब दिया गया कि ये शराब दुकानें परंपरागत हैं। याचिका के समर्थन में इन शराब दुकानों के फोटोग्राफ और अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। बुधवार को शासन को जवाब देना है।






