How did the bodies of the cubs get mutilated, the forest is not able to find the answer even after 36 hours
- प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर चूक के लिए जवाब देही किसकी?
उदित नारायण
भोपाल। कूनो नेशनल पार्क से जन्मे दोनों शावकों की मौत पर प्रबंधन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि शावकों के शव क्षत-विक्षत कैसे हुए..? क्या बाड़े में कोई और वन्य प्राणी पहुंचे थे या फिर मां स्वयं ही अपने शावकों पर हमला करके उन्हें मौत के घाट उतार दिया..? मौत के चार दिन बाद भी वन विभाग द्वारा अधिकृत जवाब नहीं आया है। सबसे बड़ा सवाल लिया है कि प्रधानमंत्री की ड्रीम प्रोजेक्ट में इतनी बड़ी लापरवाही के लिए कौन अफसर जवाबदेह है।
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के वंश वृद्धि की कड़ी में 22 नवंबर को चीता निर्वा ने शावकों को जन्म दिया था। जन्म के 2 दिन बाद यानि 25 को दोनों शावकों की मौत हो गई। डीएफओ कुनो के अधिकृत प्रेस नोट में दोनों मृत शावकों के शव को क्षति-विक्षिप्त बताया। अर्थात शावकों की मौत किन जानवरों के हमले से हुई? इस सवाल का उत्तर खोजा जा रहा है। हालांकि सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा ने आशंका व्यक्त की है कि निर्वा पहली बार मां बनी है, इसलिए वहीं हमले कर सकती है। बिल्ली प्रजाति के एनिमल का यह स्वभाव भी होता है। इसके बावजूद भी आखिरकार कुनो पार्क के प्रबंधन पर सवाल उठना लाजमी है। 24 घंटे की मॉनिटरिंग कैसे की जा रही थी? सभी चीता को कॉलर आईडी से मीनिंग हो रही है तो फिर निर्वा के मूवमेंट पर नजर क्यों नहीं रखी गई..? यदि निर्वाह पर नजर रखी जाती तो उसके हमले से शावकों को बचाया जा सकता था।









