Ministry will be run on contract in Madhya Pradesh! Jitu Patwari makes a big claim
भोपाल ! मध्य प्रदेश में धार और बैतूल में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप) मॉडल पर दो नए मेडिकल कॉलेज और खुलने जा रहे हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इसकी आधारशिला रख रहे हैं. प्रदेश के जिला अस्पतालों से संबद्ध कर मेडिकल कॉलेज खोलने का कांग्रेस ने विरोध जताया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा जिलों में खोले गए सरकारी अस्पतालों को सरकार ठेके पर दे रही है. सरकार ऐसी संस्थाओं को यह जिला अस्पताल ठेके पर दे रही है, जिसके पास कोई अनुभव ही नहीं है.
बिना अनुभव वाली संस्थान पर मेहरबानी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि “जिला अस्पतालों से निजी मेडिकल कॉलेज को संबद्ध किए जाने के लिए सरकार ने टेंडर में शर्त रखी थी कि कम से कम 5 साल का मेडिकल कॉलेज को अनुभव होने चाहिए, लेकिन सरकार ने एक ही संस्था को 4 जिला अस्पताल सौंप दिया. इनका कोई अनुभव ही नहीं है. जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ भाषण और ताली बजाने से कुछ नहीं होगा. उन्हें पूछना चाहिए कि आखिर इससे प्रदेश का क्या भला होगा.
कांग्रेस करेगी निजी मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेज खोलने के दौरान शर्त रखी गई थी कि मेडिकल कॉलेजों में 100 बेड मुफ्त चलने चाहिए. एक भी ऐसा मेडिकल कॉलेज सरकार बता दे, जहां गरीबों से एक भी पैसा नहीं लिया जाता हो और उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा हो. कांग्रेस अब अभियान शुरू करने जा रही है.
8 दिन चलने वाले अभियान के दौरान कांग्रेस एक-एक मेडिकल कॉलेज पहुंचेगी और देखेगी कि किस निजी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड पर निजी मरीजों का मुफ्त इलाज किया गया. सरकार ने इस पर कभी ध्यान ही नहीं दिया. इसके उलट अब सरकारी अस्पताल ठेके पर देकर सरकार उत्सव मना रही है.”
अभी मोहन यादव जी की सरकार को दो वर्ष पूर्ण हुए हैं।
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) December 23, 2025
लेकिन प्रदेश के विज़न और अपने वचन पत्र की अधूरी गारंटियों पर बात करने के बजाय वे यह बताने में लगे हैं कि उनके बंगले में कौन रहता है और कौन नहीं रहता है।
इसका प्रदेश की 8 करोड़ जनता से क्या लेना देना है? pic.twitter.com/ifglVU4G2L
मंत्रालय भी ठेके पर दे देगी क्या सरकार ?
जीतू पटवारी ने कहा कि “प्रदेश में करीबन 3 हजार पंचायतें ठेके पर चल रही हैं. संस्थाएं सरपंच को साल भर का पैसा देकर पूरी पंचायत ठेके पर लेकर चला रही हैं. पंचायत के बाद अब इसी तरह जिला अस्पताल ठेके पर जा रही है. ऐसा न हो कि कहीं सरकार मंत्रालय भी ठेके पर चलने लगे.
मंत्री नागर सिंह के भाई द्वारा सेल्समेन से मारपीट को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि इस घटना से यह प्रमाण मिलता है कि प्रदेश में खाद की कमी है, इसीलिए मंत्री के भाई ने मारपीट की. प्रदेश में पर्याप्त खाद के सरकार के दावे को इस घटना ने सामने ला दिया है. सरकार को कार्रवाई तो करनी ही चाहिए, लेकिन मंत्री के भाई का धन्यवाद कि उन्होंने सरकार को आइना दिखा दिया है.”









