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अमरनाथ यात्रा के लिए इस वर्ष नहीं उड़ेंगे हेलीकॉप्टर, सुरक्षा कारणों से नो-फ्लाइंग जोन घोषित

भोपाल  बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) 3 जुलाई से शुरू हो रही है, यह अगस्त तक चलेगी। इस बार यह यात्रा 38 दिनों तक चलेगी। अमरनाथ यात्रा के पूरे मार्ग को श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड ने एक जुलाई से 10 अगस्त तक नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। ऐसे में पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर यात्रियों के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।  तीर्थयात्रियों को पवित्र गुफा तक या तो पैदल जाना होगा या फिर टट्टू या पालकी से पहुंचना होगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, लेकिन इससे तीर्थयात्रियों की संख्या पर असर पड़ सकता है। बड़ी संख्या में यात्री हेलिकॉप्टर से पवित्र गुफा तक जाते हैं। इनमें बीमार, बुजुर्ग, दिव्यांग भी शामिल होते हैं। ग्वालियर में भी बड़ी संख्या में ऐसे यात्री हैं, जो हेलिकॉप्टर सेवा के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। बता दें कि 3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में हेलिकॉप्टर सेवाएं बंद करने के पीछे आधिकारिक तौर पर कोई कारण नहीं बताया गया है. लेकिन सुरक्षा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकी हेलिकॉप्टरों को निशाना बना सकते थे. इसलिए सरकार को यह फैसला लेना पड़ा हैं. वैसे कारण चाहे जो भी हों, इस निर्णय का असर व्यापक और गहरा पड़ा है. इसने कश्मीर को एक बार फिर डर के साये में जीने को मजबूर कर दिया हैं. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे पूरे देश में कश्मीर की नकारात्मक छवि बनेगी. उन्होंने दुख प्रकट करते हुए कहा कि बैसरन हमले के बाद कश्मीरियों ने दो महीने तक कड़ी मेहनत कर हालात सामान्य किए थे. लेकिन एक फैसले ने सब पर पानी फेर दिया. श्राइन बोर्ड के इस फैसले से उन हजारों श्रद्धालुओं में भी रोष है जो हेलिकॉप्टर से यात्रा करने की योजना बना रहे थे. खासकर ऐसे श्रद्धालु जो उबड़-खाबड़ और पहाड़ी रास्तों में चल पाने में असमर्थ हैं . कई यात्रियों को अब यह संदेह सताने लगा है कि क्या सचमुच में अमरनाथ यात्रा करना पूरी तरह सुरक्षित होगा. इस बार जिस तरह सुरक्षा प्रबंधों को लेकर शोर मचा हुआ है. उससे यह आभास होता है कि कोई बड़ा खतरा वाकई यात्रा पर मंडरा रहा है. ऐसे में यात्रा करने से तो डर तो मन मे बना ही रहेगा. बताते चलें कि बाबा अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरु हो रही है जो 38 दिन की होगी और रक्षा बंधन वाले दिन 9 अगस्त को संपन्न होगी। पहलगाम व बालटाल रूट से हेलीकॉप्टर सेवा हर साल से चलती आ रही थी। दोनों तरफ के रूट के लिए आनलाइन बुकिंग होती थी और अलग अलग किराया निर्धारित होता था। नो फ्लाइंग जोन घोषित होने से हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं करवाने का फैसला किया गया है।

अमरनाथ यात्रा रूट ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित, चेहरा पहचान करने वाली प्रणाली तैनात

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को अमरनाथ यात्रा मार्ग को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया। इसमें पहलगाम और बालटाल दोनों मार्ग शामिल हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आदेश पर जम्मू-कश्मीर गृह विभाग द्वारा जारी घोषणा में कहा गया है कि 1 जुलाई से 10 अगस्त तक यूएवी, ड्रोन, गुब्बारे सहित किसी भी तरह के विमान की उड़ान पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा बलों द्वारा निगरानी के मामलों में प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। 1 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित आदेश में कहा गया है कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथजी यात्रा के मद्देनजर यात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। आदेश में कहा गया है कि सभी हितधारकों ने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की है और अतिरिक्त रसद प्रावधानों का प्रस्ताव दिया है। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि श्री अमरनाथजी यात्रा के पूरे मार्ग को 1 जुलाई से 10 अगस्त तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया जा सकता है।  पहलगाम आतंकी हमले ने बढ़ाई चिंता, खुफिया एजेंसियां अलर्ट हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और अधिक बढ़ गई है. खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों की ओर से यात्रा के दौरान किसी बड़े हमले की योजना बनाए जाने की आशंका जताई गई है. इस इनपुट के बाद, यात्रा मार्ग पर सुरक्षा का घेरा और कड़ा कर दिया गया है. 29 जून से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा बता दें कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होकर 19 अगस्त तक चलेगी. हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगे. यात्रा के दो पारंपरिक रूट- पहलगाम और बालटाल हैं. प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित करना है. यात्रियों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं, राशन और पेयजल की व्यवस्था, मोबाइल टॉयलेट, साइन बोर्ड, इंटरनेट कनेक्टिविटी और हेल्पलाइन सेवाएं भी तेजी से तैयार की जा रही हैं. चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली तैनात 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए श्रीनगर बालटाल और पहलगाम मार्ग पर चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली (एफआरएस) तैनात की है।  एफआरएस निगरानी कैमरे के फीड से चेहरे की विशेषताओं का विश्लेषण करके और उन्हें एक केंद्रीकृत डेटाबेस से मिलान करके सक्रिय आतंकवादियों और संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्करों सहित ब्लैक लिस्टेड व्यक्तियों की पहचान करता है। जब किसी चिह्नित व्यक्ति का पता चलता है, तो एक हूटर अलर्ट ट्रिगर करता है। यह सुरक्षा कर्मियों को तत्काल कार्रवाई करने और वास्तविक समय में खतरे को बेअसर करने में सक्षम बनाता है। अमरनाथ यात्रा के हर रूट पर हजारों सीसीटीवी   इसके इलावा अमरनाथ यात्रा के हर रूट पर हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है। ये सभी बड़े बदलाव पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आतंक पर पूरी तारा से नकली कसने के लिए उठाए जा रहे हैं है।

अमर नाथ यात्रा में लगेगा इंदौर का लंगर, 100 क्विंटल खाद्य सामग्री रवाना

इंदौर  अपने स्वाद के लिए मशहूर इंदौर अब अमरनाथ यात्रा मार्ग पर अपना जायका परोसने जा रहा है. अमरनाथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को मालवा की फेमस डिशेज भंडारे और लंगर में परोसी जाएंगी. इसमें इंदौरी पोहा, जलेबी से लेकर मुंह में पानी ला देने वाली दाल बाटी भी शामिल होगी. दरअसल, अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने पहली बार मध्य प्रदेश के मनकामेश्वर मंदिर समिति को यात्रा मार्ग में लंगर चलाने की अनुमति दी है. अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से होने जा रही है और इसका समापन 9 अगस्त तक होगा, लिहाजा 1 महीने तक चलने वाली यात्रा के दौरान अमरनाथ यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं को तरह-तरह के इंदौरी व्यंजन परोसे जाएंगे. बालटाल क्षेत्र से मिलेगा इंदौरी जायका अमरनाथ श्राइन बोर्ड से मिली अनुमति के मुताबिक इंदौर की मनकामेश्वर मंदिर समिति द्वारा अमरनाथ यात्रा मार्ग पर बालटाल क्षेत्र से लंगर परोसा जा सकेगा. अमरनाथ यात्रियों को इंदौरी जायके से रूबरू कराने के लिए इंदौर में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. शहर के मनकामेश्वर कांटा फोड़ शिव मंदिर से जितने भी व्यवसायी और श्रद्धालु जुड़े हुए हैं, वे अपने-अपने स्तर पर योगदान कर तैयारियों में जुड़ गए हैं. बालटाल में इंदौर का लंगर चलाया जा सके, इसके लिए 20 हलवाई की टीम तैयार की गई है. इसके अलावा मुख्य हलवाई के साथ सहयोगी अलग होंगे. 70 लोगों का जत्था पहुंचेगा बालटाल मनकामेश्वर मंदिर समिति से जुड़े 70 लोगों को लंगर चलाने की जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट की ओर से दी गई है. इसके तहत 8 जुलाई को 70 सदस्य तमाम व्यवस्थाओं के लिए बालटाल रवाना होंगे. उनके टिकट और यात्रा की तैयारी हो गई है. समिति से जुड़े लोग बारी-बारी से लंगर में अपनी सेवाएं देंगे. 20 साल से इस तरह दे रहे थे सेवा मनकामेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य परमानंद वालरेचा के मुताबिक, ” अमरनाथ यात्रा के दौरान यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं को चाय नाश्ता और अन्य सामग्री परोसने का काम अब तक मंदिर समिति लुधियाना के लंगर के साथ करती थी. 2 दशकों के भरोसे और स्वादिष्ट भोजन प्रसादी उपलब्ध कराने के अनुभव के बाद अमरनाथ यात्रा साइन बोर्ड ने इंदौर के मनकामेश्वर मंदिर समिति को अपना लंगर खुद चलाने की लिखित अनुमति भेज दी है.” यहां लगेंगे लंगर अमरनाथ बर्फानी सेवा दल के सहयोग से बालटाल और पंचतरणी दोनों स्थानों पर लंगर सेवा के साथ ही मालवांचल एवं इंदौर से जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए तीन दिनों तक आवास एवं भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी. व्यापारी कर रहे सहयोग कांटाफोड़ मंदिर की भक्त मंडली के सदस्यों की ओर से छावनी क्षेत्र में व्यापारियों के सहयोग से अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भक्तों के लिए राशन सामग्री का संग्रहण किया जा रहा है. इस पुनीत कार्य में क्षेत्र के व्यापारी तन, मन, धन से सहयोग कर रहे हैं, यही कारण है कि इस साल भी बड़ी मात्रा खाद्य सामग्री एकत्रित की गई है. यह सामान किया रवाना मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विष्णु बिंदल ने बताया कि टीकमचंद गर्ग, संयोजक बीके सहित अन्य लोगों को मदद से जो सामग्री पहुंचाई गई है. उसमें शुद्ध घी के 15 डिब्बे, 75 डिब्बे खाद्य तेल, 4 क्विंटल मिल्क पावडर, 25 बोरी आटा, 30 क्विंटल सभी तरह की दाल, 5 क्विंटल मैदा, रवा और सूजी, 15 किलो मसाले, 30 बोरी पोहा, 10 क्विंटल इडली सांभर का आटा, 2 क्विंटल पापड़ की कतरन, 2 क्विंटल टॉफी-बिस्किट, एक मा क्विटंल चायपत्ती एवं 25 क्विंटल मे शकर आदि खाद्य सामग्री शामिल है.

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले सेवा प्रदाताओं और टट्टुओं के पंजीकरण में तेजी

जम्मू/श्रीनगर   वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा-2025 के निर्बाध और शांतिपूर्ण संचालन के लिए उन्नत ढांचा स्थापित करने के लिए मंडलायुक्त कश्मीर विजय कुमार बिधूड़ी ने अधिकारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें आधार शिविरों और पवित्र गुफा के रास्ते में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों को आवश्यक विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से निष्पादित करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर उन्हें पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने मौसम संबंधी आपात स्थितियों का सामना करने के लिए आधार शिविरों की क्षमता बढ़ाने का भी आह्वान किया। साथ ही, मंडलायुक्त ने श्रम और पशुपालन विभागों से यात्रा शुरू होने से पहले लक्ष्य को पूरा करने के लिए सेवा प्रदाताओं और टट्टुओं के पंजीकरण में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने यात्रियों को सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी देने के लिए प्रमुख स्थानों पर साइनेज लगाने के लिए भी कहा। विभिन्न स्थानों पर यात्रियों के पंजीकरण के संबंध में मंडलायुक्त ने अन्य स्थानों के अलावा नौगाम और अनंतनाग रेलवे स्टेशनों पर आर.एफ.आई.डी. काऊंटर स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बी.आर.ओ. को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पवित्र गुफा तक जाने वाले मार्ग गड्ढों से मुक्त हों। बैठक के दौरान श्रीनगर, अनंतनाग, बड़गाम, गांदरबल और बांदीपोरा के उपायुक्तों के अलावा के.पी.डी.सी.एल., एफ.सी.एस. एंड सी.ए., पी.एच.ई., आर. एंड बी., एस.एम.सी., स्वास्थ्य, पर्यटन, सोनमर्ग विकास प्राधिकरण, पहलगाम विकास प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने श्री अमरनाथ जी यात्रा-2025 के तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए चल रहे कार्यों और योजनाओं के बारे में बैठक में जानकारी दी।

पहलगाम हमले के बाद भी नहीं टूटी हिम्मत, लोगों में उत्साह, सरकार से हथियार देने की कर रहे मांग

भोपाल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बावजूद, भोपाल के लोग अमरनाथ यात्रा के लिए उत्साहित हैं। वे बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। युवाओं में यात्रा को लेकर खास उत्साह है। कुछ युवा सरकार से हथियार देने की मांग कर रहे हैं ताकि वे अपनी सुरक्षा कर सकें। वहीं, कुछ का कहना है कि उन्हें सरकार और सेना पर भरोसा है। उन्हें विश्वास है कि बाबा महादेव की कृपा से सब ठीक रहेगा।ई गम और गुस्से का माहौल देश में गम और गुस्से का माहौल है। लेकिन भोपाल के लोगों का हौसला अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए अभी भी बुलंद है। भोपाल से जम्मू तक रजिस्ट्रेशन सेंटरों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। रजिस्ट्रेशन कराने वाले श्रद्धालु कह रहे हैं कि आतंकियों ने निर्दोष लोगों पर हमला किया लेकिन इससे डरने की कोई बात नहीं है। वे कहते हैं कि जैसे हर साल यात्रा होती है, वैसे ही इस साल भी होगी। उन्हें भारतीय सेना, PM मोदी और सरकार पर पूरा भरोसा है। सरकार से हथियार देने की मांग कुछ श्रद्धालु बहुत उत्साहित दिख रहे हैं। उनका कहना है कि वे निहत्थे यात्रा पर नहीं जाना चाहते। वे चाहते हैं कि उन्हें हथियार दिए जाएं। ताकि जरूरत पड़ने पर वे सेना का साथ दे सकें। उनका मानना है कि अगर वे सशस्त्र रहेंगे तो कोई उन पर हमला करने की हिम्मत नहीं करेगा। एक श्रद्धालु ने कहा, ‘हमें सरकार हथियार दे दे ताकि अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकेंगे।’ एक और श्रद्धालु ने कहा, ‘उन्हें सरकार और सेना पर भरोसा है और बाबा महादेव की कृपा से सब कुशल रहेगा।’ इस हमले के बाद इतना परिवर्तन     अब लोग जत्थों में यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं। इसके साथ बाबा बर्फानी समिति व अमरनाथ सेवा समिति के पदाधिकारियों का दावा है कि उनका भंडारा निश्चित समय पर निर्धारित स्थान पर लगेगा।     श्रद्धालु अब और उत्साह के साथ खाद्य सामग्री का दान कर रहे हैं। मोहना निवासी विवेक शर्मा का कहना है कि पहली बार अमरनाथ यात्रा पर जाने की प्लानिंग की थी। पहले परिवार के एक-दो लोग भी साथ जा रहे थे।     पहलगाम हुए आतंकी हमले के बाद अब उनका विचार अकेले ही जाने का है। कोशिश है कि अब किसी जत्थे के साथ यात्रा के लिए जायें। क्योंकि पूर्व यात्रा कर चुके श्रद्धालु को भौगोलिक स्थिति के साथ सुरक्षा इंतजामों की जानकारी होती है।     प्रोफेसर डॉ. संजय पांडे ने बताया कि हमले के बाद से युवा यात्रा के लिए अधिक जानकारी ले रहे हैं और बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए उत्साह दिखा रहे हैं। पहली बार यात्रा पर जाने वाले उनसे जरूर सवाल कर रहे हैं कि.यात्रा के दौरान किस तरीके की सुरक्षा व्यवस्था होती है।     जो पूर्व में यात्रा कर चुके हैं, उन्हें पता है कि हर यात्री पर सेना के जवान की नजर होती है और सुरक्षा मापदंड अपनाते हुए यात्रा कराई जाती है। उन्होंने बताया कि 500 से अधिक यात्रियों का जत्था ले जाने की योजना थी। अब तक 150 लोगों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।     उनका जत्था दो जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना होना हैं, अगर रजिस्ट्रेशन में कोई परेशानी आई, तो एक-दो दिन कार्यक्रम आगे पीछे हो सकता है। भंडारे की तैयारियां शुरू कर दी है शुक्रवार से दानदाताओं ने खाद्य सामग्री देने का सिलसिला शुरू कर दिया है। लोगों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। नया बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किये जा रहे हैं। गुरुवार को 170 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बैंक कर्मचारी पप्पू वर्मा ने बताया कि आतंकी हमले के बाद लोग पहलगाम से यात्रा शुरू करने के लिए अधिक रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, क्योंकि यहां से यात्रा ज्यादा सुगम है। हर दिन हो रहे 200 तक रजिस्ट्रेशन भोपाल में जम्मू-कश्मीर बैंक में अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन हो रहा है। यह केंद्र सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक खुला रहता है। यहां हर दिन लगभग 100 से 200 लोग रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। इससे पता चलता है कि आतंक के डर के बावजूद लोगों की श्रद्धा और साहस कम नहीं हुआ है।

3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ की यात्रा, श्रद्धालुओं को ऐसे कराना होगा पंजीयन

श्रीनगर अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 9 अगस्त तक चलेगी। इस बार 5 से 8 चरणों में जत्था जाएगा। इसके लिए पंजीयन की 14 अप्रैल से शुरू हो गई है, जो 31 मई तक चलेगी। पंजीयन हर दिन सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बैंकों में की जा रही है। बैंकों को प्रतिदिन 19 सीट के कोटे के हिसाब से रजिस्ट्रेशन स्लॉट दिया गया है। वहीं पंजीयन कराने वालों की संख्या तीन गुना पहुंच रही है। प्रत्येक सदस्य का रजिस्ट्रेशन शुल्क 150 रुपए है। इस बार 38 दिन की है यात्रा इस बार यात्रा की अवधि 38 दिन की है। दुर्ग-भिलाई से प्रतिवर्ष 5 हजार से ज्यादा भक्त अमरनाथ यात्रा के लिए जाते हैं। इस बार भी उनमें खासा उत्साह है, लेकिन पंजीयन के लिए बैंक की सुविधा दुर्ग-भिलाई में नहीं होने से उनमें निराशा है। इस बार रायपुर में तीन और राजनांदगांव में एक बैंक अधिकृत किया गया है। रायपुर के तीन बैंकों में पीएनबी कटोरा तालाब, जम्मू एंड कश्मीर बैंक जीई रोड, एसबीआई जय स्तंभ चौक शामिल है। राजनांदगांव में पीएनबी का रामदीन मार्ग शामिल है। वेबसाइट से करते हैं आवेदन फार्म डाउनलोड, 31 मई तक रजिस्ट्रेशन नियमित रूप से अमरनाथ यात्रा करने वाले ज्ञानेश्वर ताम्रकार ने बताया कि वेबसाइट से फार्म डाउनलोड किया जाता है। उसमें मापदंड के अनुसार मेडिकल टेस्ट भी कराना होगा। इसके बाद आधार कार्ड की कॉपी लेकर फॉर्म जमा कराने बैंक जाना होगा है। यहां पर बायोमैट्रिक फिंगर से रजिस्ट्रेशन हो रहा है। अमरनाथ शाइन बोर्ड ने ग्रुप रजिस्ट्रेशन भी शुरू किए हैं, जो कि 31 मई तक होंगे। समूह में प्रति व्यक्ति रजिस्ट्रेशन शुल्क 250 रुपए है। ग्रुप में रजिस्ट्रेशन में 5 से 30 व्यक्तियों का समूह हो सकता है। अमरनाथ में पहलगांव और बालटाल में आवास, भोजन की निःशुल्क व्यवस्था है। अमरनाथ यात्रा के लिए दुर्ग से पहला जत्था 30 जून और 1 जुलाई को निकलेगा। क्या है रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस? इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2025 से 9 अगस्त 2025 तक चलेगी. यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अप्रैल 2025 से शुरू हो चुके हैं. तीर्थयात्री श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से ऑफलाइन और ऑनलाइल रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के पूरे भारत में 540 से ज्यादा बैंक ब्रांच हैं जहां से आप रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाइए और वहां ‘ऑनलाइन सर्विसेज’ पर क्लिक करें. उसके बाद ड्रॉपडाउन मेन्यू में ‘यात्रा पर्मिट रजिस्ट्रेशन’ पर क्लिक करें. सभी दिशा-निर्देशों का ध्यान से पढ़ें, शर्तों से सहमत रहें और रजिस्ट्रेशन के लिए आगे बढ़ें. अपनी निजी जानकारी जैसे नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और अपनी यात्रा की तारीख लिखें. अपनी एक पासपोर्ट साइज फोटो और हेल्थ सर्टिफिकेट की स्कैन कॉपी अपलोड करें. उसके बाद, आपके रजिस्टर्ड नंबर पर आए ओटीपी को बताकर अपना मोबाइल वेरिफाई करवाएं. फिर, 220 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस भरें. पेमेंट हो जाने के बाद आप पोर्टल से अपना यात्रा रजिस्ट्रेशन पर्मिट डाउनलोड कर सकते हैं. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस अगर तीर्थयात्री ऑफलाइन रजिस्टर करना चाहते हैं तो वो रजिस्ट्रेशन सेंटर या फिर बैंक ब्रांच पर जा सकते हैं. आमतौर पर यात्रा के चुने गए दिन से तीन दिन पहले वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन हॉल जैसे स्थानों पर टोकन पर्चियां बांटी जाती हैं. तीर्थयात्री अगले दिन ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन और मेडिकल जांच के लिए सरस्वती धाम जाएं. तीर्थयात्रियों को जम्मू में विशिष्ट स्थानों से अपने आरएफआईडी कार्ड लेने होंगे. बाबा बर्फानी का महत्व बाबा बर्फानी की महिमा अपरंपार है. बाबा बर्फानी को अमरनाथ और अमरेश्वर भी कहा जाता है. अमरनाथ जी के शरणागत साधकों को शिव लोक में स्थान मिलता है. साथ ही पृथ्वी लोक पर सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है. हर साल बड़ी संख्या में लाखों श्रद्धालु देश और विदेश से मनोकामना पूर्ति के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन हेतु अमरनाथ यात्रा करते हैं. बाबा बर्फानी, जो अमरनाथ गुफा में विराजमान हैं, एक प्रमुख धार्मिक स्थल हैं. हिंदू धर्म में इसे विशेष महत्व दिया जाता है और एक पवित्र यात्रा माना जाता है. अमरनाथ गुफा में एक प्राकृतिक शिवलिंग है, जो बर्फ से बनता है और चंद्रमा के चरणों के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है. पौराणिक मान्यतानुसार, भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरता की कथा इसी गुफा में सुनाई थी, जिससे यह गुफा और भी पवित्र हो गई. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा बर्फानी के दर्शन करने और अमरनाथ यात्रा करने से भक्तों के पाप नष्ट होते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है. भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन करके अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की आशा रखते हैं. सनातन शास्त्रों में कहा गया है कि अमरनाथ यात्रा करने से अश्वमेघ यज्ञ करने जितना पुण्य मिलता है. यह भी कहा जाता है कि अमरनाथ की यात्रा करने से व्यक्ति को 23 तीर्थों के दर्शन करने जितना पुण्य प्राप्त होता है.

अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन के पहले दिन PNB की नया बाजार शाखा पर श्रद्धालुओं की उमड़ पड़ी भीड़

ग्वालियर अमरनाथ यात्रा के ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के पहले दिन मंगलवार को पंजाब नैशनल बैंक की नया बाजार शाखा पर श्रद्धालुओं की उमड़ पड़ी। बैंक प्रबंधन द्वारा रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू नहीं करने से आक्रोशित श्रद्धालुओं ने हंगामा कर दिया, बैंक में घुसकर कुर्सियां तोड़ दीं। हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू नहीं होने का कारण बैंक अधिकारियों ने सर्वर डाउन होना बताया है। 1000 लोग रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे     पहले दिन एक हजार से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे, लेकिन सुबह 11 बजे से साढ़े चार बजे तक केवल 80 लोगों के ही रजिस्ट्रेशन हुए। श्रद्धालुओं का आरोप था कि बैंक प्रबंधन ने भीड़ को देखते हुए अलग से काउंटर की व्यवस्था नहीं की।     इसके अलावा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की लिंक ओपन नहीं हो रही थी। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अप्रैल से शुरू होने थे, लेकिन सोमवार को अंबेडकर जयंती का अवकाश था, इसलिए आफलाइन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हुई।     बैंक खुलने से पहले लोग मेडिकल, पहचान पत्र और फॉर्म लेकर पहुंच गए थे, लेकिन बैंक में दोपहर 12 बजे तक रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं होने के कारण आक्रोशित श्रद्धालुओं ने हंगामा कर नारेबाजी शुरू कर दी। पांच-पांच लोगों को दिया प्रवेश पुलिस ने पहुंचकर व्यवस्था को संभाला और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कराई। पांच-पांच श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अंदर भेजा। कुछ लोग बैंक में प्रवेश करने के लिए पासबुक लेकर आ गए। रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे महेंद्र शर्मा ने बताया कि बैंक ने दोपहर 12 बजे तक यात्रियों के रजिस्ट्रेशन की कोई व्यवस्था नहीं की थी। हंगामा होने पर पुलिस बुला ली। पुलिस ने महिलाओं के साथ भी अभद्रता की। भीषण गर्मी में बैंक प्रबंधन द्वारा पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। पहले सप्ताह में रजिस्ट्रेशन का प्रयास श्रद्धालु सुनील सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भी अमरनाथ यात्रा पर गए थे, लेकिन बाबा बर्फानी के यात्रा शुरू होने के दो दिन में अंतर्ध्यान होने से दर्शन नहीं हो पाए थे। उनकी कोशिश है कि चार-पांच जुलाई को यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन हो जाए, ताकि बाबा के दर्शन हो सकें।

38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, सुरक्षा के भी व्यापक इंतेजाम किए गए

जम्मू 38 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण पूरे देश में उत्साह के साथ शुरू हो गया है। जम्मू में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की रिहाड़ी चुंगी शाखा समेत कई नामित बैंक शाखाओं में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। यह तीर्थ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। हर बार की तरह इस साल भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के भी व्यापक इंतेजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 5 मार्च को राजभवन में हुई श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की 48वीं बैठक के दौरान इस बार की तिथियों का ऐलान किया था। इस बार भी यात्रा अनंतनाग जिले के पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होगी। यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए बोर्ड ने इस वर्ष व्यवस्थाएं और सुविधाएं और बेहतर बनाने के प्रस्ताव दिए हैं। यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं ई-केवाईसी, आरएफआईडी कार्ड जारी करने और स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा अब जम्मू, श्रीनगर, नौगाम और कटरा रेलवे स्टेशनों सहित कई स्थानों पर उपलब्ध होगी। बालटाल, पहलगाम, नुनवान और पंथाचौक श्रीनगर में भी लोगों के लिए सुविधा केंद्र बढ़ाए जाएंगे। श्रद्धालुओं में उत्साह रिहाड़ी चुंगी शाखा पर पंजीकरण कराने पहुंचीं सुनंदा शर्मा (37) ने बताया, “यह मेरी दूसरी यात्रा होगी और मैं बाबा अमरनाथ के दर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हूं।” वहीं राजेश कुमार (41) ने कहा, “मैं पिछले सात वर्षों से लगातार बाबा के दर्शन कर रहा हूं और जब तक शरीर साथ देगा, तब तक जाता रहूंगा।” इन्हें यात्रा की परमिशन नहीं 13 से 70 वर्ष की आयु वाले श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। गर्भवती महिलाएं, जिनकी गर्भावस्था 6 सप्ताह या उससे अधिक की है, उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं है। यात्रियों के उत्साह और सरकार की तैयारियों को देखते हुए, इस बार की अमरनाथ यात्रा और भी भव्य और सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अमरनाथ की यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ होकर अगस्त तक चलेगी, पंजीयन प्रक्रिया 14 अप्रैल से प्रारंभ होगी

भोपाल अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इस वर्ष अमरनाथ यात्रा की तिथियों की घोषणा कर दी है। इस बार बाबा अमरनाथ की यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ होकर अगस्त तक चलेगी। अमरनाथ यात्रा पर जाने के इच्छुक दर्शनार्थियों के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य होगा, जिसकी प्रक्रिया 14 अप्रैल से प्रारंभ होगी। साथ ही, जिला अस्पताल में हेल्थ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया भी आगामी दिनों में शुरू कर दी जाएगी। देवास के शिवशक्ति सेवा मंडल के विनोद जैन एवं महेश कारपेंटर ने बताया कि हर वर्ष जम्मू-कश्मीर स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए जिले से हजारों श्रद्धालु जाते हैं। अमरनाथ यात्रा के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य है और केवल वर्तमान तिथि का प्रमाणपत्र ही मान्य होगा। श्राइन बोर्ड द्वारा अधिकृत डॉक्टरों की सूची जारी होने के बाद जिला चिकित्सालय में हेल्थ चेकअप प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जरूरी दिशा-निर्देश इच्छुक यात्री पंजीयन फॉर्म एवं हेल्थ सर्टिफिकेट लेकर स्वास्थ्य परीक्षण करवा सकते हैं। चेकअप के दौरान हीमोग्लोबिन, ईसीजी, ब्लड ग्रुप, हार्ट चेकअप, ब्लड प्रेशर सहित अन्य महत्वपूर्ण जांचें की जाएंगी। पहले से कराया गया मेडिकल परीक्षण मान्य नहीं होगा। केवल श्राइन बोर्ड द्वारा नामित सरकारी डॉक्टरों द्वारा किया गया चेकअप ही स्वीकार किया जाएगा। यात्रा पंजीयन श्राइन बोर्ड द्वारा निर्धारित बैंकों में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यात्री ऑनलाइन भी पंजीयन करा सकेंगे। दो मार्गों से होती है अमरनाथ यात्रा अमरनाथ यात्रा के लिए दो मार्ग निर्धारित हैं—पहलगाम और बालटाल।     पहलगाम मार्ग: इस मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों को 32 किमी से अधिक पैदल चलना पड़ता है।     बालटाल मार्ग: इस मार्ग से यात्रा करने पर श्रद्धालुओं को 16 किमी पैदल चलकर बाबा अमरनाथ के दर्शन करने होते हैं। फ्री फॉर्म वितरण केंद्र श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु शिवशक्ति सेवा मंडल नि:शुल्क पंजीयन फॉर्म उपलब्ध करा रहा है। यात्री निम्नलिखित स्थानों से फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं: 1.मां चामुंडा स्पोर्ट्स पाइंट, शुक्रवारिया हाट (संपर्क: संजय पारखे, प्रजोत पारखे – 9826040033)     सयाजी द्वार के सामने गोवर्धन पहलवान की पान दुकान     देवास बस स्टैंड – श्रीराम भोजनालय     कोतवाली के सामने – बागलीकर एडवर्टाइजिंग, अमित बागलीकर (संपर्क: 9039900559)     भौंरासा में महेश कारपेंटर     हाटपीपल्या में मनोज जोशी इन लोगों को यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं श्राइन बोर्ड द्वारा जारी आदेशानुसार, 13 वर्ष से कम और 75 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को भी यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य परीक्षण की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए सभी इच्छुक यात्रियों को समय रहते हेल्थ सर्टिफिकेट बनवाने की सलाह दी जाती है।  

श्रीनगर : 25 जून से शुरू हो जाएगी अमरनाथ यात्रा, 9 अगस्त तक होगी यात्रा अवधि….

श्रीनगर  इस साल अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। श्री अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए तारीख सामने आ गई है। श्रद्धालुओं के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई शुरू होगी और 9 अगस्त तक चलेगी। 39 दिनों तक चलने वाली यात्रा के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। श्री अमरनाथ यात्रा का शेड्यूल जारी हो गया। इसे लेकर श्रद्धालु 3 जुलाई से 9 अगस्त तक बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। अमरनाथ यात्रा 39 दिनों तक चलेगी। जानकारी के मुताबिक श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (Shri Amarnath Ji Shrine Board) जल्द ही एडवांस पंजीकरण के लिए अधिकृत किए जाने वाले बैंकों की शाखाओं की विस्तार से जानकारी उपलब्ध करवाएगा। चूंकि पंजीकरण के लिए स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जरूरी है। इसलिए देश भर के राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनने वाले अस्पतालों व डॉक्टरों की टीमों की सूची जारी की जाएगी। आम तौर पर पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक और जम्मू कश्मीर बैंकों की करीब साढ़े पांच सौ शाखाओं से पंजीकरण करने की व्यवस्था होती है। बोर्ड जल्द ही ग्रुप पंजीकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगा। साथ ही ऑनलाइन पंजीकरण को भी खोला जाएगा। कितनी ऊंचाई पर हैं अमरनाथ गुफा? यात्रा स्कंद षष्ठी के शुभ अवसर पर शुरू होती है और श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर समाप्त होती है। वर्ष के इस समय के दौरान, तीर्थयात्रियों के लिए मौसम काफी सुखद रहता है। यह क्षेत्र वर्ष के बाकी समय बर्फ से ढका रहता है, इसलिए उन महीनों के दौरान यहां नहीं जाया जा सकता है। अमरनाथ की यात्रा श्रीनगर और पहलगाम से शुरू होती है और अमरनाथ गुफा तक जाती है जो 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इन मार्गों से होती है अमरनाथ यात्रा 38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा दो रास्तों से होती है। एक एास्ता अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग का है जबकि दूसरा रास्ता गांदेरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबा बालटाल से होते हुए है। श्रीनगर से 141 किलोमीटर दूर और समुद्र तल से 12,756 फीट की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ यात्रा करने के लिए हर साल लाखों की तादाद में भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंचते हैं। अमरनाथ यात्रा के लिए कहां से करें रजिस्ट्रेशनबाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। ऐसे में भक्त श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट https://jksasb.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा अमरनाथ श्राइन बोर्ड की मोबाइल एप्लिकेशन से भी अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। यात्रा का मार्ग      मंद‍िर तक पहुंचने वाले मार्ग पर बेहद ही कठ‍िनाई होती है। लिहाजा इसल‍िए अमरनाथ यात्रा मार्ग को जुलाई-अगस्त के आसपास श्रावण के महीने में ही जनता के लिए खोला जाता है। सड़क के रास्ते अमरनाथ पहुंचने के लिए पहले जम्मू तक जाना होगा फिर जम्मू से श्रीनगर तक का सफर करना होता है। श्रीनगर से तीर्थयात्री पहलगाम या बालटाल पहुँचते हैं। पहलगाम या बालटाल तक आप किसी भी वाहन से पहुंच सकते हैं लेकिन इससे आगे का सफर आपको पैदल ही करना होता है। क्योंकि पहलगाम और बालटाल से ही श्री अमरनाथ यात्रा की शुरुआत होती है और पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए यहाँ से दो रास्ते निकलते हैं। पहलगाम से अमरनाथ की पवित्र गुफा की दूरी जहाँ करीब 48 किलोमीटर है वहीं बालटाल से गुफा की दूरी 14 किलोमीटर है। यहाँ से तीर्थयात्रियों को पैदल मार्ग से ही गुफा तक यात्रा करनी होती है।   चूँकि बालटाल से अमरनाथ गुफा तक की दूरी कम है और यह छोटा रूट है लिहाजा तीर्थयात्री कम समय में गुफा तक पहुंच सकते हैं। लेकिन यह रास्ता काफी कठिन और सीधी चढ़ाई वाला है इसलिए इस रूट से ज्यादा बुजुर्ग और बीमार नहीं जाते हैं। जबकि बात करें पहलगाम रूट की तो यह अमरनाथ यात्रा का सबसे पुराना और ऐतिहासिक रूट है। इस रूट से गुफा तक पहुंचने में करीब 3 दिन लगते हैं। लेकिन यह ज्यादा कठिन नहीं है। पहलगाम से पहला पड़ाव चंदनवाड़ी का आता है जो पहलगाम बेस कैंप से करीब 16 किलोमीटर दूर है यहां तक रास्ता लगभग सपाट होता है इसके बाद चढ़ाई शुरू होती है। इससे अगला स्टॉप 3 किलोमीटर आगे पिस्सू टॉप है। तीसरा पड़ाव शेषनाग है जो पिस्सू टॉप से करीब 9 किलोमीटर दूर है। शेषनाग के बाद अगला पड़ाव पंचतरणी का आता है जो शेषनाग से 14 किलोमीटर दूर है। पंचतरणी से पवित्र गुफा केवल 6 किलोमीटर दूर रह जाती है। पिछले साल 29 जून से शुरू हुई थी यात्रा पिछले साल अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था 29 जून को रवाना हुआ था. यह यात्रा रक्षाबंधन के दिन यानी 19 अगस्त तक चली थी. पिछले साल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा विंग ने जम्मू में अमरनाथ बेस कैंप के आसपास के इलाके में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए थे.

अबतक150000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के किए दर्शन, सावन से पहले ही अदृश्य हुए बाबा बर्फानी

श्रीनगर कश्मीर में अमरनाथ मंदिर में पिछले सात दिनों में 1.50 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। वहीं 5 हजार 871 यात्रियों का एक और जत्था शनिवार को कश्मीर के लिए रवाना हुआ।श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया कि सात दिनों में अब तक 1.50 लाख से अधिक तीर्थयात्री यात्रा कर चुके हैं। एसएएसबी के अधिकारियों ने बताया, “आज 5,871 यात्रियों का एक और जत्था दो सुरक्षा काफिलों के साथ जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से घाटी के लिए रवाना हुआ। इनमें से 2,112 यात्रियों का पहला जत्था 110 वाहनों में सवार होकर सुबह 2:50 बजे उत्तरी कश्मीर के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ, जबकि 3,759 यात्रियों को लेकर 134 वाहनों का दूसरा काफिला सुबह 3:50 बजे दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।” अधिकारियों ने कहा, “यात्रा 29 जून को शुरू होने के बाद से बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चल रही है।” श्रद्धालु या तो 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम गुफा मंदिर मार्ग से यात्रा करते हैं या फिर 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले लोग गुफा मंदिर के अंदर ‘दर्शन’ करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौट आते हैं। दोनों मार्गों पर और पारगमन शिविरों ताथ गुफा मंदिर में 124 से अधिक लंगर (सामुदायिक रसोई) बनाये गए हैं। इस साल की यात्रा के दौरान 7 हजार से ज्यादा सेवादार यात्रियों की सेवा कर रहे हैं। दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं। पहली बार सातवें दिन ही अदृश्य हुए बाबा बर्फानी अमरनाथ गुफा मंदिर  में यात्रा शुरू होने के सातवें ही दिन बाबा बर्फानी अदृश्य हो गए हैं। इससे पहले भी बाबा बर्फानी अदृश्य हो चुके हैं। सावन के महीने में शिवलिंग पिघल जाती है। हालांकि, इस बार सावन का महीना शुरू होने के 16 दिन पहले ही बाबा बर्फानी अदृश्य हो गए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि 7 दिनों में ही बाबा बर्फानी गायब हो गए हैं। अब अमरनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा के ही दर्शन होंगे। क्या रहा कारण? अमरनाथ गुफा मंदिर  में शिवलिंग पिघलने की वजह अधिकारियों ने गर्मी बताई है। रोकी गई अमरनाथ यात्रा अमरनाथ में एक तरफ बाबा बर्फानी के गायब होने की वजह से श्रद्धालु नाराज है, तो वहीं दूसरी तरफ बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। बता दें कि जम्मी-कश्मीर में भारी बारिश हो रही है। बारिश की वजह से अमरनाथ यात्रा को अस्‍थायी रूप से रोक दिया गया है। 29 जून को शुरू हुई थी यात्रा इस साल 29 जून 2024 से अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2024) की शुरुआत हुई थी। इस बार श्रद्धालु भारी संख्या में वहां पहुंचे हैं। बीते 6 दिनों में बाबा बर्फानी के दर्शन करने आए भक्तों का आंकड़ा 1 लाख को पार कर चुका है। श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा की शुरुआत के बाद से अब तक छह दिनों में 1 लाख 30 हजार 189 लोगों ने पवित्र गुफा बैठे बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आई भक्तों की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है। पिछले 6 दिनों में 1 लाख से ज्यादा भक्तों ने अपनी यात्रा को पूरा कर लिया है। 7वें दिन कितने श्रद्धालु पहुंचे अमरनाथ? अमरनाथ गुफा मंदिर  में 7वें दिन 6 हजार से ज्यादा यात्री जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से अमरनाथ पवित्र गुफा की ओर रवाना हुए। एक अधिकारी के मुताबिक, गुरुवार को 259 वाहनों में सवार 6919 तीर्थयात्री जम्मू से कश्मीर घाटी की पहलगाम और बालटाल पहुंचे थे। 19 अगस्त को समाप्त होगी यात्रा इस बार 29 जून को अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हुई थी, जो कि 19 अगस्त को समाप्त होगी। पहले भी अदृश्य हो चुके हैं बाबा अमरनाथ गुफा मंदिर (Amarnath Yatra 2024) में पिछले साल बाबा बर्फानी 14 दिन में अदृश्य हो गए थे। वहीं,  साल 2016 में 13 दिन बाद अदृश्य हुए थे। क्या है शिवलिंग पिघलने की वजह? अमरनाथ गुफा मंदिर (Amarnath Yatra 2024) में पिछले कई सालों से पवित्र हिम शिवलिंग पिघलकर गायब हो चुकी है। बीते कई सालों से शिवलिंग लगातार समय से पहले ही पिघल रही है। ये सिलसिला 2006 से जारी है। इसके पीछे की वजह ग्लोबल वार्मिंग बताई गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक अमरनाथ गुफा में समय से पहले शिवलिंग के पिघलने का कारण ग्लोबल वार्मिंग माना है। ऐसे होता है शिवलिंग का निर्माण बता दें कि अमरनाथ में ये पवित्र गुफा 90 फीट लंबी और 150 फीट ऊंची है। ऐसा माना जाता है कि गुफा में जल की बूंद टपकती है, उस वजह से ही शिवलिंग बनता है। उसके बाद चंद्रमा के घटने बढ़ने के साथ बर्फ से बने शिवलिंग के आकार में परिवर्तन होता है और अमावस्या तक शिवलिंग धीरे-धीरे छोटा होता जाता है।

6 दिनों में हिम शिवलिंग के दर्शन करने वालों की संख्या सवा लाख पार, उत्साहित हैं यात्री

श्रीनगर अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भोले बाबा के भक्तों का उत्साह चरम पर है। भारी बारिश के बीच भी यात्रियों के कदम नहीं रुक रहे। वीरवार को 5600 यात्री पवित्र गुफा की ओर बढ़े और पूर्व में गए 24978 यात्रियों ने हिम शिवलिंग के दर्शन किए। बुधवार को एक दिन में सर्वाधिक 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका था। यात्रा के सात दिनों में दर्शन करने वालों का आंकड़ा सवा लाख पार कर चुका है। जानकारी के अनुसार जम्मू से सातवें जत्थे में 4487 पुरुष, 1011 महिलाएं, 10 बच्चे और 188 साधु बालटाल और पहलगाम रूट के लिए रवाना हुए। कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 219 वाहनों के माध्यम से सुबह 3 बजे के बाद जत्था रवाना हुआ। इसमें 3668 यात्री पहलगाम और 2028 बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए। 52 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 29 जून को कश्मीर के दोनों आधार शिविरों से शुरू हुई थी और 19 अगस्त को समाप्त होगी। वर्ष 2023 में 4.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। शुक्रवार को यात्रा का आठवां जत्था जम्मू से रवाना होना है। इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने आज और कल भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में यात्रा बाधित हो सकती है लेकिन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इसके लिए किसी तरह की सूचना नहीं दी है।  

अमरनाथ यात्रा के पहले पांच दिनों में रिकॉर्ड तोड़ एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए

जम्मू, वार्षिक अमरनाथ यात्रा के पहले पांच दिनों में रिकॉर्ड तोड़ एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए।5,696 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ। यात्रा का प्रबंधन करने वाले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया कि 29 जून को यात्रा शुरू होने के बाद से एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ”आज 5696 यात्रियों का एक और जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। इनमें से 2028 यात्री 97 वाहनों के सुरक्षा काफिले में सुबह 3.13 बजे उत्तरी कश्मीर के बालटाल बेस कैंप के लिए निकले। वहीं 3,668 यात्री 122 वाहनों के सुरक्षा काफिले में सुबह 3.40 बजे दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुए।” बता दें कि पिछले वर्ष यात्रा के पहले पांच दिनों में लगभग 50,000 तीर्थ यात्री मंदिर पहुंचे थे। मौसम विभाग ने दोनों यात्रा मार्गों पर आमतौर पर बादल छाए रहने और दिन में हल्की बारिश/गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान जताया है। अमरनाथ यात्रा में यात्री या तो 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा करते हैं या फिर 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग से जाने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले लोग दर्शन करने के बाद उसी दिन बेस कैंप में लौट आते हैं। इस वर्ष लगभग 300 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग में दोनों यात्रा मार्गों पर दो बेस कैंप और पवित्र गुफा मंदिर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि बिना किसी दुर्घटना के यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके। दोनों मार्गों पर तथा पारगमन शिविरों और गुफा मंदिर के पास 124 से अधिक लंगर (सामुदायिक रसोई) स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष की यात्रा के दौरान 7,000 से अधिक ‘सेवादार’ (स्वयंसेवक) यात्रियों की सेवा कर रहे हैं। इसके अलावा दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं।  

मसीहा बनके आए सेना के जवान अमरनाथ यात्रा से लौट रही बस के अचानक ब्रेक हुआ फेल, सबकी जान हलक में अटकी

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP?

होशियारपुर सुरक्षा बलों की सूझबूझ ने अमरनाथ यात्रा से लौट रही बस के साथ बड़े हादसे को टाल दिया। इस बस में करीब 40 लोग सवार थे। यह बस अमरनाथ से होशियारपुर के रास्ते पर थी। इसी दौरान नेशनल हाईवे 44 पर बस ने रामबन के पास कंट्रोल खो दिया। इसकी वजह थी कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे और ड्राइवर इसे रोक नहीं पा रहा था। हालात ऐसे बन गए थे कि बस खाई में जाकर गिरने वाली थी। इसी डर से यात्री चलती बस से ही छलांग लगाने लगे थे ताकि जान बचाई जा सके। इसी बीच हाईवे पर तैनात सुरक्षाबलों की नजर पड़ी तो वे हादसे को टालने के लिए सक्रिय हो गए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में दिखता है कि लोग चिल्ला रहे हैं कि बस के ब्रेक फेल हो गए हैं। इसके साथ ही हाईवे पर पेट्रोलिंग में तैनात सैनिक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान सक्रिय हो जाते हैं। आगे की टीम को अलर्ट किया जाता है और पीछे से भी कुछ सैनिक मदद के लिए भागते हैं। बस के रास्ते में पत्थर लगा दिए जाते हैं ताकि वह रुक जाए और सड़क से नीचे फिसलकर खाई में न गिर जाए। सौभाग्य रहा कि सैनिकों की मेहनत रंग लाई और बस को हादसे से बचा लिया गया। बस में सभी सवार यात्री पंजाब के होशियारपुर जिले के रहने वाले थे। सोशल मीडिया पर जो वीडियो दिख रहा है, उसमें कई यात्री खिड़की और दरवाजे से कूदते दिख रहे हैं। इस हादसे में 10 लोग जख्मी हुए हैं, जो चलती बस से कूदे थे। इसके अलावा अन्य सभी 30 यात्री पूरी तरह से सुरक्षित हैं। यात्रियों ने बताया कि बनिहाल के पास नचलाना में बस के ब्रेक फेल हो गए और ड्राइवर उसे रोक नहीं पाता है। इस घटना में घायल लोगों में 6 पुरुष, 3 महिला और एक बच्चा शामिल हैं। सैनिकों और पुलिसकर्मियों ने इस घटना को देखते हुए तुरंत ही ऐक्शन लिया और बस के रास्ते में पत्थर लगा दिए।  

अमरनाथ यात्रा में चार दिन में 74 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किये बाबा बर्फानी के दर्शन

जम्मू  कश्मीर में अमरनाथ मंदिर में पिछले चार दिनों में 74 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। वहीं 5 हजार 725 यात्रियों का एक और जत्था बुधवार को कश्मीर के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया,  सुबह भगवती नगर यात्री निवास से 5,725 यात्रियों का एक और जत्था घाटी के लिए दो सुरक्षा काफिलों में रवाना हुआ। इनमें से 2,514 यात्री 118 वाहनों के सुरक्षा काफिले में उत्तरी कश्मीर के बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए, जबकि 3,211 यात्री 120 वाहनों में सुरक्षा बलों की सुरक्षा में दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुए। मौसम विभाग ने दोनों यात्रा मार्गों पर आमतौर पर बादल छाए रहने और सुबह के समय गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। श्रद्धालु या तो 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम गुफा मंदिर मार्ग से यात्रा करते हैं या फिर 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले लोग गुफा मंदिर के अंदर ‘दर्शन’ करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौट आते हैं। इस साल की यात्रा के दौरान सात हजार से ज्यादा ‘सेवादार’ (स्वयंसेवक) यात्रियों की सेवा कर रहे हैं। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने तीन जुलाई से अतिरिक्त ट्रेनें जोड़ने का फैसला किया है। दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

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