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अमित शाह ने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर एक संदेश साझा किया, एनएसजी राइजिंग डे पर दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) राइजिंग डे के अवसर पर बुधवार को अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर एक संदेश साझा किया है, जिसमें उन्होंने एनएसजी के सभी कर्मियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी। अमित शाह ने कहा कि एनएसजी ने ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ के अपने आदर्श वाक्य को पूरा करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में अद्वितीय विशेषज्ञता दिखाई है। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एनएसजी के स्थापना दिवस पर, मैं हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड कर्मियों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ के आदर्श वाक्य पर चलते हुए, एनएसजी ने त्वरित प्रतिक्रिया, सामरिक आश्चर्य, गुप्त संचालन और त्रुटिहीन सटीकता में उल्लेखनीय विशेषज्ञता के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को लगातार मजबूत किया है।” अमित शाह ने एनएसजी के वीरों को भी सलाम किया, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने लिखा, “एनएसजी के उन बहादुर जवानों को सलाम, जिन्होंने कर्तव्य की राह में अपने प्राणों की बलिदान दिया।” राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड को विशेष रूप से आतंकवाद, मुठभेड़ और अन्य सुरक्षा खतरों के खिलाफ त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जाना जाता है। यह भारत का एक प्रमुख केंद्रीय अर्धसैनिक बल है, जिसकी स्थापना 1984 में हुई थी। यह विशेष रूप से आतंकवाद और सामरिक चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षित है। एनएसजी के कर्मियों को कठिन परिस्थितियों में भी काम करने के लिए तैयार किया जाता है, जिससे वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया कर सके। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के काम की अगर हम बात करें तो इसमें आतंकवादियों का मुकाबला करना, हाईजैकिंग की घटनाओं को निपटना, और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा शामिल है। इसके अलावा, एनएसजी विशेष अभियानों के लिए भी प्रशिक्षित है, जहां उन्हें छिपे हुए या सटीक लक्ष्यों को लक्षित करना होता है।  

देश के नक्सल प्रभावित राज्यों को छत्तीसगढ़ में हाल में हुए सफल ऑपरेशन की रणनीति अपनाने की अपील की: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को देश के नक्सल प्रभावित राज्यों को छत्तीसगढ़ में हाल में हुए सफल ऑपरेशन की रणनीति अपनाने की अपील की। श्री शाह ने देश के नक्सल प्रभावित राज्यों में जारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक अहम बैठक में यह बात कही।उन्होंने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी। इस बैठक की अध्यक्षता श्री शाह ने की, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़ का हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ नक्सल विरोधी ऑपरेशन था, जिसमें राज्य की पुलिस ने 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस की कुशल रणनीति और राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता पर विशेष चर्चा की गई। श्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों ने लगभग 194 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराए हैं। वहीं 801 नक्सली गिरफ्तार हुए एवं 742 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। उन्होंने कहा आज भी जो युवा नक्सलवाद में लिप्त है उनसे आग्रह है कि हथियार छोड़ कर मुख्य धारा से जुड़े। सभी राज्यों ने आपके पुनर्वास के लिए बेहतर योजनाएं बनाई हैं उसका फायदा लीजिए। श्री शाह ने छत्तीसगढ़ में हुए सफल ऑपरेशन की तारीफ करते हुए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी। श्री साय ने बैठक में नक्सल ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने महीनों की मेहनत और प्लानिंग के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन में करीब 1000 जवान शामिल थे, जिन्होंने 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित गवाड़ी पहाड़ को घेरकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में कई बड़े नक्सली नेता मारे गए, जिनमें 16 पर कुल 1 करोड़ 30 लाख का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में 18 पुरुष और 13 महिला नक्सली मारे गए।श्री साय ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि कैसे राज्य की पुलिस फोर्स ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में केवल ऑपरेशन की सफलता पर ही नहीं, बल्कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा,“नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाई गई है। हम निरंतर गाँवों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुंचा रहे हैं, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लगातार मिल रहे मार्गदर्शन में हमने माओवादियों के कोर को तोड़ा। ऐसे एरिया में हमने 32 नये कैम्प स्थापित किये हैं, जिसे वो अपनी राजधानी तक कहते थे। उनकी बटालियन के कमांडर हिड़मा के गाँव में भी हमने कैंप स्थापित किया और उसकी माँ को भी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई। श्री साय ने छत्तीसगढ़ सरकार की आगे की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य नक्सलियों के बचे हुए गढ़ों को समाप्त करना और इन इलाकों में स्थाई शांति और विकास सुनिश्चित करना है। निकट भविष्य में, दक्षिण बस्तर में 29 नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जाएगी, ताकि नक्सलियों के प्रभाव को खत्म किया जा सके। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय तथा छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।  

अमित शाह से 6 राज्यों के सीएम करेंगे सीक्रेट मीटिंग, छत्तीसगढ़-सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली दौरे पर

रायपुर/दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय रविवार को दिल्ली दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में हिस्सा लेंगे। अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा की है। ऐसे में शाह नक्सलवाद के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। अमित शाह 6 राज्यों के सीएम के साथ चर्चा करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- “जब से हम लोग सरकार में आए हैं नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ रहे हैं। कल एक बैठक गृह मंत्री अमित शाह के साथ है। जितने भी नक्सल से प्रभावित राज्य हैं वहां के मुख्यमंत्री और DGP के साथ बैठक होने वाली है।” अमित शाह ने सीएम से की थी चर्चा बता दें कि शुक्रवार को अमित शाह ने सीएम विष्णुदेव साय से बात की थी। अमित शाह ने दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले के बॉर्डर पर हुए मुठभेड़ की जानकारी ली थी और आगे की कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए थे। बता दें कि आमित शाह अगस्त महीने में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने नक्सल प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने कहा था कि अब नक्सलियों के खिलाफ रणनीति बनाकर अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है। शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा। दंतेवाड़ा में हुआ था बड़ा एनकाउंटर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में सीमा पर जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ में अभी तक का यह सबसे बड़ा नक्सली ऑपरेशन था। मारे गए नक्सलियों में 18 पुरुष और 13 नक्सली थे। मारे गए नक्सलियों में से 16 की पहचान हो गई थी। जिसने ऊपर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों के शव के पास से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बरामद हुए थे।

अमित शाह नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ नई दिल्ली में जल करेंगे बैठक, बड़े ऑपरेशन की तैयारी में मोदी सरकार

नई दिल्ली मोदी सरकार में हुए लगातार प्रहार से सिमटते जा रहे नक्सलवाद पर अब अंतिम प्रहार की तैयारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ नई दिल्ली में बैठक करने जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं में तेजी लाकर इन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास के साथ ही सरकार 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने के लिए बड़े ऑपरेशन की रूपरेखा बना सकती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के विरुद्ध अभी हुई बड़ी कार्रवाई के बीच नक्सली भागकर अन्य राज्यों में शरण न ले सकें, इसे लेकर भी राज्यों को सतर्क और सक्रिय करने की रणनीति अपनाई जा सकती है। अभी ताजा घटनाक्रम है कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने 32 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। इस साल मारे गए 193 नक्सली राज्य में इस वर्ष लगभग 193 नक्सली मारे जा चुके हैं। सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, सभी प्रभावित राज्यों में लगातार हुई नक्सलरोधी कार्रवाई का ही परिणाम है कि मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड जैसे राज्यों में नक्सली गतिविधियों पर लगभग विराम लग चुका है। बाकी के राज्यों छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध प्रदेश, तेलंगाना आदि में भी यह खात्मे की कगार पर हैं। उल्लेखनीय है कि अगस्त में रायपुर में हुई बैठक में गृह मंत्री शाह ने 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने का संकल्प दोहराते हुए कहा था कि अब नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार की रणनीति बनाने की आवश्यकता है। साथ ही कहा था कि नक्सलियों के पास अभी बहुत कम समय बचा है, वह चाहें तो आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौट सकते हैं। डीजीपी और मुख्य सचिवों को सौंपा जाएगा जिम्मा सूत्रों के अनुसार, सोमवार को गृह मंत्री द्वारा की जा रही बैठक इसी अंतिम रणनीति को अमल में लाने की तैयारी के लिए है। इसमें नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बताया गया है कि इन सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया जाएगा कि वह राजनीतिक पहलू को किनारे कर पूरी इच्छाशक्ति के साथ नक्सलवाद के खात्मे में लगें। सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की नियमित निगरानी का जिम्मा राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को सौंपा जा सकता है, जबकि मुख्य सचिवों से अपेक्षा रहेगी कि वह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने के प्रयास में जुटें, ताकि इन क्षेत्रों के निवासियों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिले और वहां नक्लियों को फिर से पैर पसाने का अवसर न मिले। राज्यों को किया जा सकता है सतर्क महत्वपूर्ण यह भी है कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने गत दिवस ही नक्सलियों पर कड़ी कार्रवाई की है। भय के कारण यह नक्सली अन्य राज्यों में शरण न पा सकें, इसलिए भी अन्य राज्यों को सतर्क किया जा सकता है। गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों से कहा जा सकता है कि अब अंतिम प्रहार के रूप में सभी राज्य मिलकर बड़ा ऑपरेशन शुरू करें, ताकि देश को इस बड़ी और पुरानी समस्या से निजात दिलाई जा सके।

अमित शाह ने अहमदाबाद में कहा- देश के लिए मरने की नहीं, जीने और काम करने की जरूरत है

अहमदाबाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के लिए मरने की नहीं बल्कि जीने की जरूरत है। उन्होंने गुजरात के विकास में भूमिका निभाने के लिए कड़वा पाटीदार समुदाय की सराहना की। केंद्रीय गृह मंत्री शाह रविवार को अहमदाबाद में छात्रों के लिए एक छात्रावास परिसर का उद्घाटन करने के बाद एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी  मौजूद थे। शाह ने शहर में एक अस्पताल का भी उद्घाटन किया। शाह ने कहा कि आज देश के लिए मरने की नहीं बल्कि देश के लिए जीने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “आप एक अच्छे आईएएस, आईपीएस, सीए, डॉक्टर, अच्छे नागरिक या गृहिणी हो सकते हैं, लेकिन आपको देश के लिए काम करने की जरूरत है।” वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि कड़वा पाटीदार समुदाय ने गुजरात के विकास में बहुत योगदान दिया है। गुजरात और पाटीदार समुदाय का विकास समानांतर है। अपनी कड़ी मेहनत से कड़वा पाटीदार समुदाय ने अपने विकास के साथ-साथ राज्य और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शाह ने कहा कि आज उत्तरी गुजरात के कड़वा पाटीदार समुदाय के कई संस्थानों में पढ़कर लोग देश की सेवा कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि दो दशक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘शाला प्रवेशोत्सव’ (स्कूल नामांकन) और ‘कन्या केलावणी महोत्सव’ के कारण राज्य में शिक्षा क्षेत्र में बहुत विकास देखा गया है। सीएम ने कहा कि बच्चों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बहुत जरूरी है। शिक्षा विकास की नींव है। सरकार देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं, छात्रावास के अधिकारियों ने कहा कि अमीन पीजेकेपी विद्यार्थी भवन कड़वा पाटीदार समुदाय द्वारा बनाया गया है। इस छात्रावास में सभी सामाजिक समूहों के छात्रों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने अहमदाबाद में नवनिर्मित मल्टी-स्पेशियलिटी एसएलआईएमएस अस्पताल का भी उद्घाटन किया। 30 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 8 मंजिला अस्पताल में ओपीडी सुविधाओं के साथ-साथ रोबोटिक सर्जरी और कार्डियक केयर सेंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। शाह ने ट्वीट किया, ”मुझे विश्वास है कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह अस्पताल क्षेत्र की चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।”  

शाह ले रहे डोभाल-मनोज सिन्हा की मौजूदगी में जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा स्थिति का जायजा

State gets new tiger reserve, approval to make Ratapani 8th Wildlife Century Tiger

दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय में एक बैठक कर रहे हैं। बैठक में एनएसए अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गृह सचिव, सेना प्रमुख मनोज पांडे और सेना प्रमुख के पद के लिए मनोनीत लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, आईबी के निदेशक तपन डेका, सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल, बीएसएफ के महानिदेशक नितिन अग्रवाल तथा गृह मंत्रालय और केंद्र शासित प्रदेश के अन्य अधिकारी शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू कश्मीर को लेकर इसी तरह की बैठक आयोजित करने के तीन दिन बाद शाह ने भी उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हमले सहित कई आतंकवादी घटनाओं के बाद आतंकवाद विरोधी क्षमताओं का पूरा स्पेक्ट्रम तैनात करने के निर्देश दिए थे। सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर अधिकारी गृह मंत्री को जानकारी देंगे सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति, अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर बलों की तैनाती, घुसपैठ के प्रयासों, चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों की स्थिति और केंद्र शासित प्रदेश में सक्रिय आतंकवादियों के बारे में अधिकारी जानकारी दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अमित शाह प्रधानमंत्री के निर्देश के अनुरूप ही सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के बारे में व्यापक दिशानिर्देश देंगे। जम्मू-कश्मीर में चार दिनों में चार आतंकी हमले आतंकवादियों ने चार दिनों में जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर हमले किए हैं। जिसमें नौ तीर्थ यात्रियों और एक सीआरपीएफ जवान की मौत हो गई और सात सुरक्षाकर्मी सहित कई अन्य लोग घायल हो गए।

16 जून को बुलाई हाई लेवल मीटिंग, जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकी हमलों के बाद एक्शन में अमित शाह

जम्‍मू केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों की सुरक्षा स्थित की समीक्षा की। रियासी में तीर्थयात्रियों की बस पर हमले सहित कई आतंकी हमलों के बारे में चर्चा की। शाह ने 16 जून को बुलाई बैठक शाह ने 16 जून को एक हाई-लेवल की बैठक भी बुलाई। इस मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना और सीआरपीएफ के शीर्ष अधिकारी और अन्य शामिल होंगे। चार स्‍थानों पर हुआ आतंकी हमला जानकारी के मुताबिक गृह मंत्री को जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति और आतंकी घटनाओं के बाद उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी गई। पिछले चार दिनों में जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर आतंकवादियों ने हमला किया। इन हमलों में नौ तीर्थयात्रियों और एक सीआरपीएफ जवान की मौत हो गई और सात सुरक्षाकर्मी और कई अन्य घायल हो गए। कठुआ जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए। साथ ही उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।

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