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पाकिस्तानी सेना जिन आतंकी लॉन्च पैड से ड्रोन हमले कर रहे थी, भारतीय सेना ने जमींदोज कर दिया

नई दिल्ली पाकिस्तानी सेना बीती रात से भारत के सैन्य और रिहायशी ठिकानों पर लगातार हमला कर रही है, जिसका मुंहतोड़ जवाब भारतीय सेना दे रही है. भारत के सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के आतंकी लॉन्च पैड नष्ट कर दिए हैं. पाकिस्तानी सेना जिन आतंकी लॉन्च पैड से ड्रोन हमले कर रहे थी. उन्हें भारतीय सेना ने जमींदोज कर दिया है. पाकिस्तान लगातार हमले कर रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी लॉन्च पैड को किस कदर तबाह कर पड़ोसी मुल्क की कमर तोड़ दी है. इससे पहले पाकिस्तान ने भारत की पश्चिमी सीमा पर भारत के कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया. जम्मू-कश्मीर के उधमपुर और राजौरी के साथ-साथ पंजाब के जालंधर में धमाका हुआ. पाकिस्तान की ओर से भारत के रिहायशी इलाकों पर ड्रोन हमले किए जा रहे हैं. जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और पठानकोट में सुबह-सुबह तेज धमाके सुनाई दे रहे हैं. बता दें कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर का बदला लेने के लिए 8 और 9 मई की रात भारत की पश्चिमी सीमा पर एक साथ कई हमलों की कोशिश की थी. पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और अन्य हथियारों के जरिए भारतीय सीमाओं को निशाना बनाया गया था. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर कई बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया था. सेना ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत सभी ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया और सीजफायर उल्लंघनों का मुंहतोड़ जवाब दिया गया. सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय सीमाओं की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे और किसी भी नापाक मंसूबे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बता दें कि आतंक के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान गुरुवार को जम्मू कश्मीर से लेकर जैसलमेर तक हिन्दुस्तान के करीब 15 शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन भारतीय सेना ने इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया.  

पाकिस्तान भारत के रिहायशी इलाकों पर लगातार हमला कर रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही

नई दिल्ली भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस (Operation Bunyan Ul Marsoos) शुरू कर दिया है. इस ऑपरेशन के तहत वह भारत के रिहायशी इलाकों पर बीती रात से लगातार हमला कर रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है. भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस दिया है, जिसका मतलब है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है. इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती है. इस ऑपरेशन को नाम देते हुए पाकिस्तान ने शनिवार तड़के भारत पर फतेह-1 मिसाइल सहित ड्रोन और मिसाइलें दागीं. रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, पाकिस्तान ने ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस शुरू कर दिया है. यह नाम कुरान की एक आयत से लिाय गया है, जिसका मतलब होता है मजबूत दीवार. इस ऑपरेशन के तहत भारत के कई शहरों पर हमले किए गए. लेकिन भारत ने पाकिस्तान के इस ऑपरेशन को शुरू में ही पस्त कर दिया. पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी का कहना है कि भारत ने उनके तीन सैन्यअड्डों पर हमला किया, जिसके जवाब में हमने भारत के पंजाब के सिख इलाकों में छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. उन्होंने कहा कि भारत ने जो शुरू किया है, हमारी सेना उसे खत्म करने की तैयारी कर रही है. पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि भारत के अन्य सैन्य ठिकानों पर भी हमले जारी है. पाक सेना ने कहा कि भारत के उन सभी ठिकानों, जहां से पाकिस्तानी नागरिकों और मस्जिदों पर हमले किए गए थे, उन्हें पाकिस्तान की ओर से निशाना बनाया जा रहा है. इससे पहले पाकिस्तान की ओर से देर रात पीओके और इंटरनेशनल बॉर्डर पर सीजफायर का उल्लंघन किया गया. पाकिस्तान ने रातभर में लगभग भारत के 30 से ज्यादा इलाकों में ड्रोन से हमला किया जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) की बैठक बुलाई है. यह कमेटी परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर फैसले लेती है.  

सांबा में सेना की बड़ी कार्रवाई, घुसपैठ की कोशिश कर रहे 7 आतंकियों को मार गिराया

 सांबा भारत और पाकिस्तान के बीच इन दिनों भारी तनाव देखने को मिल रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. यही कारण है कि हमले की नाकाम कोशिश कर रहा है. 8 और 9 मई 2025 की दरमियानी रात को जम्मू फ्रंटियर बीएसएफ के सांबा सेक्टर में एक बड़े आतंकवादी समूह द्वारा घुसपैठ की कोशिश की गई, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. BSF ने यहां पाकिस्तान की तरफ से भारत में घुसने की कोशिश कर रहे सात आतंकवादियों को ढेर कर दिया है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि मारे गए आतंकियों की पहचान जैश के रूप में हुई है. भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. आतंकियों ने आधी रात को घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया है. सेना ने इस पूरी घटना का एक वीडियाे भी जारी किया है, जिसमें आतंकी घुसपैठ और गोलीबारी दिखाई दे रही है. सेना की इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की ढांढर पोस्ट को भारी नुकसान पहुंचा है. घुसपैठ की इस कोशिश में अधिकारियों की मानें तो पाकिस्तान की BAT यानी बॉर्डर एक्शन टीम का हाथ हो सकता है. आतंकियों को देखते ही सेना ने चला दी गोलियां बॉर्डर पर रात में सेना की टुकड़ी गश्ती कर रही थी. इसी दौरान उनकी नजर आतंकियों पर पड़ी. रात करीब 11.30 बजे आतंकियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत के अंदर घुसने का प्रयास किया. जवानों की तरफ रोके जाने के बाद उन्होंने भागना चाहा, लेकिन जवानों ने गोलीबारी शुरू कर दी. सांबा पहले से भी घुसपैठ के मामले में काफी संवेदनशील क्षेत्र है. यही कारण है कि भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए यहां चौकसी बढ़ा दी गई है. भारत के एक्शन से बौखलाया पाकिस्तान भारत ने जब से ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की है. तभी से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. भारत लगातार आतंकी ठिकानों और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दे रहा है. इससे बौखलाए पाकिस्तान ने जम्मू एयरपोर्ट पर हमले की नाकाम कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. इस कार्रवाई में पाकिस्तान के 50 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए. यही कारण है कि पाकिस्तान बदला लेने की लगातार नाकाम कोशिश कर रहा है.

प्रदेश की साढ़े 7 लाख ट्रक सेना के लिए तैयार: ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन ने PM मोदी को लिखा पत्र, ड्राइवरों की छुट्टियां भी निरस्त

इंदौर.  भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच मध्य प्रदेश की साढ़े 7 लाख ट्रक सेना के परिवहन के लिए तैयार है. जिसे लेकर ट्रक और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इसके अलावा ड्राइवरों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी गई है. ट्रक एंड ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन ने पीएम मोदी को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बधाई देते हुए लिखा- हमारी भारतीय सेनाओं को सलाम जिन्होंने कंधार से पहलगाम तक के जख्मों को और उजड़ी मांगों के सिंदूर का बदला लिया और आतंकवादियों, पाकिस्तान सेनाओं को घर में जाकर मारा. यह हमारे लिए गर्व का पल है. एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सेना के ट्रांसपोर्ट के लिए अपने ट्रक उपलब्ध कराने की पहल की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में 8 मई को पत्र जारी किया है। संगठन के अध्यक्ष सीएल मुकाती का कहना है कि प्रदेश के साढ़े सात लाख ट्रक सेना के परिवहन के लिए तैयार हैं। हमने कारगिल युद्ध में भी सेना को तब एक हजार ट्रक उपलब्ध कराए थे। अब साढ़े 7 लाख ट्रक युद्ध में सेना के की हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने ड्राइवरों और कंडक्टरों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी हैं। एसोसिएशन का कहना है कि हम 24 घंटे आपात स्थिति के लिए तैयार हैं। पत्र में आगे लिखा- महोदय, हमारे ट्रक देश सेवा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारतीय सेनाओं के सामान को परिवहन करने के लिए तत्पर हैं और उपलब्ध कराना चाहते है. हम सब आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रत्यक्ष रूप से ट्रक लेकर खड़े हैं आप का आदेश सर आंखों पर रखकर हम आपके खड़े हैं. यह लिखा है पत्र में हमारे देश की आन-बान-शान एवं मां, बहन, बेटी के सिंदूर की लाज रखने के लिए किए गए “ऑपरेशन सिंदूर की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। साथ ही हमारी भारतीय सेनाओं की सलाम, जिन्होंने कंधार से पहलगाम तक के जख्मों का एवं उजड़ी मांगों के सिंदूर का बदला लिया और आतंकवादियों, पाकिस्तान की सेनाओं को घर में जाकर मारा। यह हमारे लिए गर्व का पल है। हमारे ट्रक देश सेवा में “ऑपरेशन सिंदूर” के लिए भारतीय सेनाओं के सामान को परिवहन करने के लिए तत्पर हैं एवं उपलब्ध कराना चाहते हैं। हम सब आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रत्यक्ष रूप से ट्रक लेकर खड़े हैं। आप का आदेश सर आंखों पर रखकर हम आपके साथ खड़े हैं। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहलगाम हमले में मारे गए इंदौर के सुशील नथानियल की पत्नी जेनिफर ने कहा, भारत ने सही समय पर बदला लिया, अब खौफ आतंकियों के चेहरे पर दिखना चाहिए। शहरवासियों ने सेना के एक्शन का समर्थन किया और कहा कि आतंकवाद को भारत से जड़ से खत्म करना चाहिए। जीत इस की खुशी में 56 दुकान पर आज मिठाइयां बांटी गई और दिनभर खाना भी फी मिलेगा। वहीं शहर के रीगल चौराहे पर संतों शंखनाद किया। पाकिस्तानी झंडे को जलाकर बोले, निर्दोषों की हत्या का बदला सेना ने लिया।

प्रदेश में ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे पूरे शहर को सचेत करने के लिए एक संकेत पर सभी सायरन बजें

भोपाल /इंदौर भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात के बीच मध्यप्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर में बिना अनुमति सभी तरह के आयोजन बैन कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार ने गुरुवार को इसका आदेश जारी किया, जो 4 जुलाई 2025 तक लागू रहेगा। भोपाल में शुक्रवार सुबह लोगों ने बड़े तालाब किनारे बोट क्लब पर खड़े सुदर्शन चक्र टैंक पर चढ़कर तिरंगा फहराया। वंदे मातरम के नारे लगाए। उन्होंने कहा- अब समय आ गया है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म किया जाए। भारत की सेना लगातार जवाब दे रही है। जल्द ही पाकिस्तान का नाम तक नहीं बचेगा। इससे पहले ग्वालियर में प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट के निर्देश के बाद कमिश्नर मनोज खत्री ने शहर के सभी 66 वार्डों की मैपिंग कर पर्याप्त सायरन लगवाने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने कहा- ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे पूरे शहर को सचेत करने के लिए एक संकेत पर सभी सायरन बजें। उधर, इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सेना के ट्रांसपोर्ट के लिए अपने ट्रक उपलब्ध कराने की पहल की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में 8 मई को पत्र जारी किया है। संगठन के अध्यक्ष सीएल मुकाती का कहना है कि प्रदेश के साढ़े सात लाख ट्रक सेना के परिवहन के लिए तैयार हैं। इंदौर पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेश इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोषकुमार सिंह ने भारतीय नागरिक संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

पाकिस्तान के तीन बड़े शहर के डिफेंस सिस्टम तबाह, सेना का काउंटर अटैक

नई दिल्ली पाकिस्तान ने देर रात जम्मू, पठानकोट और जैसलमेर समेत कई शहरों पर हमला करने की कोशिश की, हाालंकि भारत की S-400 वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान की 8 मिसाइलों को मार गिराया है. इसके साथ ही पाकिस्तान के तीन फाइटर जेट मार गिराए हैं, इसमें दो JF-17 और एक F-16 फाइटर जेट शामिल है. इतना ही नहीं, भारत की ओर से भी जवाबी हमला किया गया है. पाकिस्तान पर हमले के लिए राजस्थान से फाइटर प्लेन उड़े हैं. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन मिसाइलें दागी हैं. भारत ने AWACS को भी मार गिराया है.अंधेरे में डूबा पाकिस्तान .INS विक्रांत से पाकिस्तान पर दागी मिसाइल . पाकिस्तान ने गुरुवार रात जम्मू स्थित एयरस्ट्रिप पर रॉकेट दागा, लेकिन भारत ने इस हमले को नाकाम कर दिया है. भारत की S-400 ने 8 पाकिस्तानी मिसाइलों को मार गिराया है.इतना ही नहीं, भारत ने पाकिस्तान के दो JF-17 और एक  F-16 जेट भी मार गिराया है. हालांकि पाकिस्तान ने सांबा में भारी गोलाबारी की है. पाकिस्तानी हमले देखते हुए जम्मू के आरएसपुरा इलाके में ब्लैकआउट किया गया है, यहां लगातार सायरन बज रहे हैं. फिलहाल जम्मू शहर में मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहे हैं. सतवारी कैंप पर हमले की खबर है. उधर, कुपवाड़ा में भी भारी गोलाबारी हुई है. तंगधार में भी मोर्टार से भारी गोलाबारी हुई है. वहीं, पुंछ और राजौरी में भी भारी गोलीबारी हो रही है. भारतीय वायु रक्षा तंत्र (Air Defences) ने कई अहम जगहों के पास सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियां (High-End SAM Units) तैनात कर दी हैं और वे लगातार पाकिस्तानी हमलों का जवाब दे रही हैं. इस प्रणाली को जम्मू एय़रपोर्ट के पास, पठानकोट के पास, अखनूर सेक्टर और सांबा क्षेत्र में तैनात किया गया है. बता दें कि जम्मू एयरपोर्ट से फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी है. – भारत ने लाहौर, सियालकोट, कराची और इस्लामाबाद में गोले बरसाए हैं. – भारत ने पाकिस्तान के एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) को पंजाब प्रांत में मार गिराया है. – भारत ने लाहौर पर बड़ा हमला शुरू किया है. –  पाकिस्तान पर हमले के लिए राजस्थान से फाइटर जेट उड़ चुके हैं. – जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भारी धमाके हुए हैं – उरी सेक्टर में भारी फायरिंग हो रही है – भारत की ओऱ से 4 एंटी ड्रोन सिस्टम एक्टिव किए गए हैं. – श्रीनगर में ब्लैक आउट किया गया है. – राजौरी शहर में कई धमाकों की आवाज सुनी गई है. – चंडीगढ़ में ब्लैकआउट किया गया है. – पोकरण में दागी गई मिसाइल को सुदर्शन चक्र ने ध्वस्त किया. – धर्मशाला में IPL मैच को रोका गया है, मैदान में फ्लड लाइट्स भी बंद कर दी गई हैं. धर्मशाला में दिल्ली और पंजाब के बीच मैच खेला जा रहा था. – आर्मी एयर डिफेंस यूनिट्स ने KG टॉप के पास दुश्मन के ड्रोन मार गिराए. एक पाकिस्तानी F-16 को भी मार गिराने की खबर है. – जम्मू में S-400 वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय किए जाने के बाद बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, ताकि सिस्टम की कार्यक्षमता प्रभावित न हो. – पठानकोट एयरबेस को लेकर फैली अफवाहों पर विराम लगाते हुए DIG ने पुष्टि की है कि कोई नुकसान नहीं हुआ है. – नागौर (राजस्थान) में सुरक्षा कारणों से ब्लैकआउट किया गया और जिला कलेक्टर ने तत्काल जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाई है, सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. – BCAS (Bureau of Civil Aviation Security) ने देश के सभी एयरपोर्ट्स पर 100% सेकेंडरी लैडर पॉइंट सिक्योरिटी चेक अनिवार्य कर दिया है. जानकारी के मुताबिक राजस्थान के जैसलमेर में भी पाकिस्तान ने हमला किया है, यहां धमाके की आवाज सुनी गई है. इसके चलते जैसलमेर में भी ब्लैकआउट किया गया है. जैसलमेर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है. पाकिस्तान ने जैसलमेर एय़रपोर्ट पर हमले की कोशिश की है. जम्मू-यूनिवर्सिटी के पास 2 ड्रोन मार गिराए गए हैं.इसके साथ ही पंजाब के गुरदासपुर में भी ब्लैकआउट किया गया है. उधर, पठानकोट एयरवेज में भी सायरन बज रहे हैं. पठानकोट के हलका सुजानपुर में ड्रोन दिखा है, पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर ड्रोन से गोलीबारी रोकी गई है. बता दें कि 7-8 मई की रात को पाकिस्तान ने लुधियाना, चंडीगढ़ और अमृतसर समेत भारत के 15 शहरों पर ड्रोन और मिसाइल के जरिए हमले की कोशिश की थी. लेकिन भारत ने इस प्रयास को निष्प्रभावी कर दिया था. भारतीय सेना ने लाहौर में स्थित पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जोरदार जवाबी हमला किया है. पाकिस्तान के ड्रोन हमलों और मिसाइलों के हमले का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारतीय वायुसेना और थलसेना ने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और आतंकवादी अड्डों को निशाना बनाया है. भारत ने जवाबी सैन्य कार्रवाई के तहत पाकिस्तान के अत्याधुनिक एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान को मार गिराया है. ये कार्रवाई भारतीय वायुसेना द्वारा सीमा के पास की गई उच्च स्तरीय एयर डिफेंस ऑपरेशन का हिस्सा थी. यह विमान पाकिस्तान की निगरानी और युद्ध नियंत्रण क्षमताओं का एक अहम हिस्सा माना जाता है, जिसे मार गिराकर भारत ने दुश्मन की रणनीतिक बढ़त को गंभीर नुकसान पहुंचाया है. AWACS विमान के गिरने से पाकिस्तान की हवाई निगरानी और संचार समन्वय प्रणाली को बड़ा झटका लगा है. इस कार्रवाई के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और वायुसेना की तैयारियों को और मजबूत किया गया है, और सीमा क्षेत्रों में एयर डिफेंस को और अधिक सख्त कर दिया गया है. यह भारत की स्पष्ट सैन्य चेतावनी है कि किसी भी प्रकार की घुसपैठ या दुस्साहस का करारा जवाब दिया जाएगा. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सैन्य कार्रवाई की बौखलाहट में पाकिस्तान ने गुरुवार रात जम्मू-कश्मीर और पंजाब से लेकर गुजरात के सीमावर्ती इलाकों के 15 शहरों में सैन्य प्रतिष्ठानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले की नाकाम कोशिशें की। इन सभी पाकिस्तानी हमलों को नाकाम करने के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत ने गुरुवार दिन में लाहौर, कराची, रावलपिंडी , सियालकोट, बहावलपुर समेत पाकिस्तान के आठ शहरों के सैन्य ठिकानों और एयर डिफेंस पर दर्जन भर ड्रोन मिसाइलों से हमला किया। इस कार्रवाई में भारत ने लौहार स्थित एक एयर डिफेंस सिस्टम पर हरोप ड्रोन से सबसे तगड़ा हमला कर उसे … Read more

भारत माता की धरती पर, भारत की आन-बान-शान पर प्रहार करेगा, वो दुनिया के किसी भी कोने में छोड़ा नहीं जाएगा: जीतू पटवारी

भोपाल मध्य प्रदेश समेत पूरे भारत में भारत के ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का जश्न मनाया जा रहा है। परिवारों में घरों में खुशियां और गर्व नजर आ रहा है। इस बीच कांग्रेस मध्य प्रदेश अध्यक्ष, जीतू पटवारी ने भी अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) और भारत की सैन्य ताकतों से आग्रह किया है। उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पूरा देश आज गर्व कर रहा है। सेना ने जो कार्रवाई की है, वह गर्व की बात है। हम सब एक जुट हैं, पूरा देश एक जुट है। ये कार्रवाई पूरे विश्व के लिए एक संदेश है। सेना की इस कार्रवाई पर गर्व है। जानें और क्या बोले जीतू? भारत ने उसे उसी की भाषा में जवाब दिया है, ये पूरे विश्व के लिए एक संदेश है… कि भारत माता की धरती पर, भारत की आन-बान-शान पर प्रहार करेगा, वो दुनिया के किसी भी कोने में छोड़ा नहीं जाएगा।पूरा देश एकजुट है, एक साथ है, सेना ने जो कार्रवाई की इससे पूरे देश में हर्ष है। पाकिस्तान की जो ये नफरत वाली नीति है, जो घृणा की नीति है, अब उसको अपने गिरेबान में झांकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जो नफरत उसने फैलाई, उससे ना उसका भला होगा, ना उसके नागरिकों का। एक तरह उसे नफरत की नीति की राजनीति से बचना चाहिए। दुनिया से और देश से माफी मांगनी चाहिए। पीएम मोदी और सेना से किया आग्रह जीतू पटवारी ने पीएम मोदी और भारत की सैन्य ताकतों से आग्रह किया है, कहीं भी आतंकवादी छिपे हों, जो भारत की धरती पर नुकसान करते हों, उन्हें नेस्तोनाबूद कर दो, ताकि भविष्य में कभी भी कोई भी भारत माता पर प्रहार की हिम्मत ना कर सकें। पहलगाम में दुर्दांत घटना हमारे नागरिकों की हत्या नहीं थी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आगे कहा कि पहलगाम की घटना केवल हमारे नागरिकों की हत्या नहीं थी, बल्कि वो भारत का मूल मर्म, प्रेम-भाईचारे, मोहब्बत के अस्तित्व पर प्रहार था।

Indian Army की मार झेलने के बाद दहशत में पाकिस्तानी, गूगल पर सर्च कर रहे- ये सिंदूर होता क्या है?

 25 मिनट में 9 कैंप तबाह… कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने बताई ऑपरेशन सिंदूर की एक-एक डिटेल गृह मंत्रालय अलर्ट, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द; भारत-पाक में चरम पर तनाव Indian Army की मार झेलने के बाद दहशत में पाकिस्तानी, गूगल पर सर्च कर रहे- ये सिंदूर होता क्या है? नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में इंडियन आर्मी ने आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. भारत की तीनों सेनाओं ने जॉइंट ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करते हुए कार्रवाई की है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में करीब 90 आतंकियों को मारा गया है. भारत ने इस कार्रवाई को ‘सिंदूर ऑपरेशन’ कहा है. भारत सरकार ने अपने बयान में कहा है, ”इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया है, जहां से भारत पर आतंकी हमलों का प्लान बनाया गया था.” वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक को ‘कायराना’ बताया है. पीड़ितों और परिजनों को न्याय दिलाने के लिए किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’: कर्नल सोफिया कुरैशी कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस ब्रीफिंग में एयरस्ट्राइक की जानकारी दी. भारतीय सेना की प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरेशी ने कहा, “मासूम पर्यटकों और उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया. पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेटर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और PoK दोनों में फैले हैं.” कर्नल सोफिया ने कहा, “9 आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया और ध्वस्त किया गया. पिछले तीन दशकों से पाकिस्तान ने व्यवस्थित तरीके से आतंकी ढांचे का निर्माण किया, जो आतंकी कैंपों और लॉन्चपैड्स के लिए पनाहगाह रहा है. उत्तर में सवाई नाला और दक्षिण में बहावलपुर में स्थित मशहूर प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया.” भारत का एक्शन नपा-तुला, जिम्मेदारी भरा और गैर-उकसावे वाला है: विक्रम मिसरी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, “भारत ने सीमा पार हमलों का जवाब देने, रोकने और प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है. भारत का एक्शन नपातुला, जिम्मेदारी भरा और गैर-उकसावे वाला है. आयोजकों और फाइनेंसरों को जवाबदेह ठहराने का प्रयास था. भारत की कार्रवाई को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए.”  विंग कमांडर व्योमिका सिंह   18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन हुईं विंग कमांडर व्योमिका सिंह को मौजूदा वक्त की सबसे बेहतरीन विंग कमांडर में से एक माना जाता है. जिनके पास लड़ाकू हेलिकॉप्टर्स उड़ाने का एक बेहतरीन अनुभव है और चीता, चेतक जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्टर उड़ाने में महारथ भी हासिल है. व्योमिका सिंह को वायुसेना में शामिल होने के 13 साल बाद विंग कमांडर का पद मिला और 18 दिसंबर 2017 में जाकर वो विंग कमांडर बनीं.   विंग कमांडर व्योमिका सिंह के पास इस समय हज़ारों घंटे फ्लाइंग ऑवर्स का अनुभव है, जो उन्हें सबसे सक्षम बनाता है. व्योमिका सिंह ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया है कि जब वो क्लास 6 में थीं, तभी उनके मन में ख़याल आ गया था कि वो एयरफोर्स का हिस्सा बनेंगी, क्यूंकि इसके पीछे एक कहानी है और वो उनके नाम से जुड़ी हुई है. व्योमिका सिंह ने बताया कि हमारी क्लास में एक बहस चल रही थी, जो नाम पर थी. जब मैंने अपना नाम बताया, जिसका मतलब ये था कि जो आसमान को मुट्ठी में रखे. तभी मैंने सोच लिया कि अब आसमां मेरा होगा.     विंग कमांडर व्योमिका सिंह के मुताबिक, जब उनकी पढ़ाई पूरी हुई उस दौर तक महिलाएं काफी कम एयरफोर्स में आती थीं, जब मेरी पढ़ाई पूरी हुई और मैंने यूएपएससी के जरिए एयरफोर्स में एंट्री ली और फिर हेलिकॉप्टर पायलट बन गईं. व्योमिका सिंह ने बताया कि हेलिकॉप्टर पायलट होने के नाते आपको कई मुश्किल और कठिन फैसले लेने पड़ते हैं, और इन्हीं फैसलों ने हमें मज़बूती दी है. बता दें कि विंग कमांडर व्योमिका सिंह ना सिर्फ लड़ाकू हेलिकॉप्टर को चलाने में सक्षम हैं, बल्कि साल 2021 में वायुसेना की जिस महिला विंग ने माउंट मणिरंग की चढ़ाई की थी, वो उसका भी हिस्सा रह चुकी हैं और इतिहास में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं. # कर्नल सोफिया कुरैशी   प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिन्दी में पूरी जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दीं और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों की एक-एक जानकारी दुनिया के सामने रखी. सोफिया कुरैशी कॉर्प्स ऑफ सिग्नल से जुड़ी हुई अधिकारी हैं. 35 साल की सोफिया कुरैशी इस वक्त पहली महिला ऑफिसर हैं, जिन्होंने इंडियन आर्मी के पूरे कॉन्टिजेंट को एक कई देशों की सैन्य एक्सरसाइज़ में लीड किया है.   साल 2016 में वो एक्सरसाइज़ फोर्स 18 मिलिट्री ड्रिल का हिस्सा बन चुकी हैं और उसे लीड भी कर चुकी हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, गुजरात से आने वाली सोफिया कुरैशी सैन्य परिवार से ही आती हैं और बायोकेमेस्ट्री में डिग्री भी रखती हैं. करीब 6 साल के लिए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में भारत की तरफ से योगदान दिया है और कोंगो में मिशन को पूरा किया है. गृह मंत्रालय अलर्ट, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की सटीक और जबरदस्त स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव और बढ़ गया है। इसी बीच गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। गृह मंत्रालय ने आदेश दिया है कि BSF, CRPF, ITBP, SSB और CISF जैसे सभी प्रमुख अर्धसैनिक बलों के जवान पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी पर मौजूद रहें। सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त तैनाती की जा रही है और इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में बौखलाहट भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में बौखलाहट है और वह जवाबी हमले की गीदड़भभकी दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय किसी भी जवाबी कार्रवाई या आतंकी साजिश को रोकने के लिए लिया गया है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान बॉर्डर पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। … Read more

पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर का उल्लंघन, LoC पर फिर की फायरिंग; सेना ने दिया माकूल जवाब

श्रीनगर पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रही है। आज पाकिस्तान ने लगातार 10वें दिन एलओसी के पास फायरिंग कर सीजफायर का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान की कई पोस्ट्स से भारत की तरफ बिना किसी उकसावे के फायरिंग की गई। हालांकि भारत की सेना ने भी पाकिस्तान की इस हरकत का माकूल जवाब दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की सेना की लगभग 32 चौकियां सक्रिय हो गई हैं, जहां से फायरिंग की गई है। छोटे हथियारों से की फायरिंग ताजा जानकारी के मुताबिक 03-04 मई 2025 की रात को, पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में फायरिंग की। इसमें कुपवाड़ा, बारामुल्ला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर के आसपास के इलाकों में नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई। भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान की ओर से की गई इस फायरिंग का तुरंत और आनुपातिक रूप से जवाब दिया। पाकिस्तान की 32 चौकियां सक्रिय बता दें कि 03-04 मई की दरमियानी रात पाकिस्तानी सेना की लगभग 32 चौकियां सक्रिय हो गईं। उन्होंने भारतीय सेना के अग्रिम ठिकानों पर गोलीबारी की।वहीं भारतीय सेना का अनुमान है कि पाकिस्तान ने घात लगाकर हमला करने की कोशिश की है। इन हमलों के जरिए पाकिस्तानी सेना अपने आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही है। पाकिस्तान सीमा पार या सर्जिकल स्ट्राइक से डर रहा है और यही वजह से लगातार इस तरह की हरकतें कर रहा है। वहीं पाकिस्तान की इस हरकत से कश्मीर और जम्मू क्षेत्र की नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ गया है। आतंकियों ने पांच गुटों में बनाए कैंप जानकारी के मुताबिक, ताजा संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान पाक सेना ने पांच समूहों में अलग-अलग स्तर के शिविर बनाए हैं। ये अलग-अलग पोस्ट मानसेरा, मुजफ्फराबाद, कोटली, मुरीदके और बहावलपुर में बनाए गए हैं। इन पोस्ट की बात करें तो मानशेरा में बालाकोट, गढ़ी हबीबुल्लाह, बतरासी; मुजफ्फराबाद में चेलाबंदी, सवाईनाला, मुस्कराअक्सा, अब्दुल्ला बिन मसूद, दुलई नाला; कोटली में गुलपुर, सेंसा, बराली, डुंगी; बहावलपुर में बरनाला और मुरीदके में कालीघाटी हजीरा हैं। अल्फा 3 मुख्य नियंत्रण कक्ष से ये आतंकी कश्मीर में घुसपैठ के लिए योजना बना रहे हैं और आतंकवादियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। आतंकियों के तीन प्रमुख लॉन्चिंग पैड वहीं जांच के दायरे में पाकिस्तान के तीन मुख्य आतंकी कैंप सामने आए हैं। इसमें कोटा हलान नॉर्थ, पीओजेके; तशराजी कैंप, कोटा बाजार, पीओजेके और हलान नॉर्थ, पीओजेके हैं। फॉरवर्ड कोटा हलान नॉर्थ में हिजबुल मुजाहिदीन का लॉन्चिंग पैड है। इस लॉन्चिंग पैड पर सभी संगठनों के मुजाहिदीन की कुल संख्या 15 से 20 है। कमांडर सैफुल्लाह खालिद बटूर इसका लॉन्चिंग कमांडर है। लश्कर-ए-फॉरवर्ड का दूसरा लॉन्चिंग पैड तशराजी कैंप के नाम से है, जो फॉरवर्ड कोटा बाजार में है। इस लॉन्चिंग पैड पर फिलहाल लश्कर का कमांडर अजमतुल्लाह खान है। इस लॉन्चिंग पैड पर 15 से 12 मुजाहिदीन हैं, जो सभी संगठनों से जुड़े हुए हैं। वहीं तीसरा लॉन्चिंग पैड हलान नॉर्थ में है, जो जैश-ए-मोहम्मदी संगठन से जुड़ा हुआ है। इस लॉन्चिंग पैड पर केवल चार मुजाहिद्दीन हैं जो इस पैड की देखभाल कर रहे हैं और बाकी लॉन्चिंग पैड को ज्यादातर बंद रखा गया है। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव दरअसल, एक तरफ पाकिस्तान के नेता आरोप लगा रहे हैं कि भारत उनपर हमला करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान की सेना खुद ही लगातार जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा यानी LoC पर सीजफायर का उल्लंघन कर रही है। पाकिस्तान की तरफ से बीते 10 दिनों से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। भारतीय सेना भी पाकिस्तान की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दे रही है।

भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान में खौफ, पाक सेना ने रडार सिस्टम को सियालकोट पर तैनात किया

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले को सात दिन हो गए हैं. इस हमले के बाद भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान खौफ में है. ऐसे में पाकिस्तानी सेना भारत के किसी भी तरह के संभावित हमले से बचने के लिए कई कदम उठा रहा है. जानकारी के मुताबिक, इंडियन एयरस्ट्राइक को डिटेक्ट करने के लिए पाकिस्तानी सेना अपने रडार सिस्टम को सियालकोट सेक्टर में फॉरवर्ड लोकेशन पर तैनात कर रही है. फिरोजपुर से सटे हुए इलाकों में भारत की मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी फौज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर को भी फॉरवर्ड लोकेशंस पर तैनात कर रहा है. हाल ही में पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 58 किलोमीटर की दूरी पर चोर कंटोनमेंट में TPS-77 रडार को तैनात किया था. वहीं, पाकिस्तान ने लगातार पांचवें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया और एलओसी पर फायरिंग की. पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के कुपवाड़ा, बारामूला और अखनूर सेक्टर्स में फायरिंग शुरू की. भारतीय सेना ने पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दिया. बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी जबकि 17 घायल हुए थे. यह हमला पहलगाम की बैसारन घाटी में किया गया था, जिसमें आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया गया था. पहलगाम अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह पहली बार है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बड़ी जंग हो चुकी है लेकिन पहले कभी भी इस संधि को स्थगित नहीं किया गया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया था कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता.  

भारतीय सेना की कार्रवाई से बचने पाकिस्तान ने आतंकवादियों को आर्मी के बंकर में शिफ्ट होने के लिए कहा

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों को लॉन्च पैड से निकालकर आर्मी शेल्टर्स में शिफ्ट किया जा रहा है. पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों से कहा है कि वे या तो आर्मी शेल्टर या फिर बंकरों में चले जाएं. पीओके स्थित सभी लॉन्च पैड को खाली करने को कहा गया है. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि, पीओके में स्थित लॉन्च पैड से गाइड के जरिए आतंकी जम्मू-कश्मीर की सीमा में दाखिल होते हैं. हाल फिलहाल में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ लॉन्च पैड की पहचान की थी, जिनमें से इन लॉन्च पैड से आतंकियों को शिफ्ट किया जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि केल, सारडी, दुधनियाल, अथमुकम, जुरा, लीपा, पछिबन, फॉरवर्ड कहुटा, कोटली, खुइरत्ता, मंधार, निकैल, चमनकोट और जानकोटे में कुछ लॉन्च पैड हैं, जहां हमेश आतंकी मौजूद होते हैं. एलओसी के पास अपनी सुरक्षा बढ़ा रहे कश्मीरी सीमा पर तनाव के बीच कश्मीर में एलओसी के पास रहने वाले लोग भी अपनी सुरक्षा के इंतजाम करने लगे हैं. मसलन,कुछ वर्षों की सामान्य स्थिति और शांति के बाद, एलओसी के पास रहने वाले लोगों के लिए तनाव और अनिश्चितता फिर से वापस आ गई है. खासतौर से पीओके में भारतीय सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के बाद स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ी है. नियंत्रण रेखा, कुपवाड़ा के केरन, माछिल, तंगधार क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है, क्योंकि पहलगाम हमले के बाद गोलीबारी की घटनाएं फिर से आम हो गई हैं. अपनी सुरक्षा के लिए लोग अब बम शेल्टर खोल रहे हैं और उनकी सफाई कर रहे हैं, ताकि हालात बिगड़ने पर लोग अपनी जान बचा सकें. पाकिस्तान की तरफ से किया जा रहा सीजफायर का उल्लंघन पाकिस्तान पिछले कुछ हफ्तों से जम्मू-कश्मीर में सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, और पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से ये उल्लंघन आम हो गए हैं. अप्रैल 2025 तक दर्ज की गई घटनाओं को एलओसी के साथ जम्मू-कश्मीर में कई क्षेत्रों में पाकिस्तान द्वारा उकसावे के रूप में देखा जा रहा है. भारतीय सेना ने प्रत्येक घटना का तेजी से और प्रभावी ढंग से जवाब दिया है, नागरिकों पर इसका कम से कम प्रभाव हुआ है.  

घाटी में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई आतंकियों के घर किये ध्वस्त, दो सहयोगी गिरफ्तार

पुलवामा जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है. पुलवामा में सक्रिय आतंकवादी के घरों को भारतीय सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया है. नई कार्रवाई में घाटी के अंदर सक्रिय आतंकियों के दो और घरों को ध्वस्त कर दिया गया है. जून 2023 से लश्कर के सक्रिय कैडर एहसान अहमद शेख के दो मंजिला घर को सुरक्षा बलों ने आईईडी का उपयोग करके उड़ा दिया है. वह पुलवामा के मुर्रान का रहने वाला है. ऐसी ही एक अन्य कार्रवाई में 2 साल पहले लश्कर में शामिल हुए शाहिद अहमद के घर को शोपियां के चोटीपोरा इलाके में विस्फोट कर उड़ा दिया गया है. पहलगाम हमले के बाद पिछले 48 घंटे में कुल 6 आतंकियों के घरों को ध्वस्त किया जा चुका है. आतंकियों के 5 घर ध्वस्त इसके अलावा, कल रात कुलगाम के क्विमोह में ज़ाकिर गनी के तीसरे घर को सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया, वह 2023 में लश्कर में शामिल हो गया था. पहलगाम आतंकी हमले के बाद से सक्रिय लश्कर कैडर के आतंकियों के कुल 5 घरों को उड़ा दिया गया है. जिसकाभारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दिया। इसी बीच खबर मिली है कि कुलगाम जिले के कैमोह इलाके में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, कुलगाम के थोकरपोरा में पुलिस ने दो आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया। जवनोपन का कहना है कि, ये लोग हमले में आतंकवादियों के मददगार है। पहलगाम हमले के बाद सेना और पुलिस आतंकियों की कमर तोड़ने में लगी है। कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के घरों को ध्वस्त किया जा रहा है। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी एहसान अहमद शेख का दो मंजिला घर पुलवामा के मुर्रान में IED से उड़ा दिया गया। वह जून 2023 से सक्रिय था। वहीं, शाहिद अहमद का घर शोपियां के चोटीपोरा में विस्फोट से ढहा दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक पांच आतंकियों के घर तोड़े जा चुके हैं। LoC पर तनाव और भारत की जवाबी कार्रवाई 25-26 अप्रैल 2025 की रात को पाकिस्तानी सेना ने LoC पर बिना उकसावे के कई जगहों पर फायरिंग की। यह सीजफायर उल्लंघन 2021 के बाद से कम देखा गया था, लेकिन पहलगाम हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा, “हमारे सैनिकों ने छोटे हथियारों से उचित जवाब दिया। भारतीय पक्ष से कोई हताहत नहीं हुआ।” सेना ने संयम बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की। गौरतलब है कि, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन मीडो में हुए हमले में 26 लोग मारे गए। शुरुआती जांच में पता चला कि 5-7 आतंकी शामिल थे, जिन्हें पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी। दो स्थानीय आतंकियों ने उनकी मदद की। हमले की जिम्मेदारी रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली, जो लश्कर-ए-तैयबा का हिस्सा है। जांच में पाकिस्तान से लिंक की पुष्टि हुई है।     आदिल गोजरी (बिजबेहरा)     आसिफ शेख (त्राल)     अहसान शेख (पुलवामा)       शाहिद कुट्टे (शोपियां)     जाकिर गनी (कुलगाम)     हारिस अहमद (पुलवामा) शुक्रवार की रात सुरक्षा बलों ने कुलगाम के क्विमोह में जाकिर गनी के घर को उड़ा दिया, वह 2023 में लश्कर में शामिल हुआ था. इसके साथ ही सुरक्षा बलों ने बिजबेहरा में सुरक्षा बलों ने आदिल थोकर के घर को उड़ा दिया. वहीं, त्राल में कल सुरक्षा बलों ने आसिफ शेख के घर को उड़ा दिया. पुलवामा में आतंकी का घर ध्वस्त करने से पहले पहलगाम हमले में शामिल स्थानीय आतंकी आदिल हुसैन थोकर के अनंतनाग जिले के बिजबेहरा के गोरी इलाके में स्थित घर को सुरक्षा बलों ने बम से उड़ा दिया था. आदिल थोकर उर्फ ​​आदिल गुरी के रूप में पहचाने जाने वाले इस आतंकी पर पहलगाम की ​बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में पाकिस्तानी आतंकवादियों की मदद करने का आरोप है. वहीं, इस हमले में शामिल दूसरे स्थानीय आतंकी आसिफ शेख के त्राल स्थित घर को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया. सैन्य सूत्रों ने बताया कि स्टील टिप वाली गोलियों, एके-47 राइफलों और बॉडी कैमरा पहने हुए लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के चार आतंकवादियों के एक समूह ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों के बीच हिंदुओं को निशाना बनाया और उन पर गोलियों की बौछार कर दी. इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे और भारत के अलग-अलग राज्यों से जम्मू-कश्मीर घूमने पहुंचे थे. आतंकवादियों में दो स्थानीय भी शामिल थे. सूत्रों ने बताया कि दोनों स्थानीय आतंकियों की पहचान बिजबेहरा निवासी आदिल हुसैन थोकर और त्राल निवासी आसिफ शेख के रूप में हुई है. टेरर कैंप में ली थी ट्रेनिंग सैन्य सूत्रों के मुताबिक, आदिल ने साल 2018 में अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए वैध तरीके से पाकिस्तान की यात्रा की थी. अपने पाकिस्तान प्रवास के दौरान उसने टेरर कैम्प में ट्रेनिंग ली थी और पिछले साल जम्मू-कश्मीर लौटा था. पहलगाम हमले के कुछ चश्मदीदों ने बताया​ कि कुछ आतंकी आपस में पश्तून भाषा में बातचीत कर रहे थे. सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया कि हमले में शामिल सभी आतंकवादी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हैं. हालांकि द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने भी इस हमले की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने कहा कि टीआरएफ लश्कर-ए-तैयबा का एक मुखौटा आतंकी संगठन है, जिसका इस्तेमाल हमले को एक स्वदेशी समूह के काम के रूप में दिखाने के लिए किया गया.  

किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ सेना का बड़ा ऑपरेशन, आर्मी का एक जवान शहीद, जैश कमांडर समेत तीन दहशतगर्द ढेर

किश्तवाड़  जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में कम से कम तीन आतंकियों के मारे जाने की खबर है। चातरी के नैदगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जैश कमांडर सैफुल्लाह, फरमान और बाशा को मार गिराया है। मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। वहीं, अभी भी सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। जम्मू के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना का एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) शहीद हो गया। जानकारी के अनुसार, यह जवान बीती रात आतंकियों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तुरंत इलाज के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षाबलों ने उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान सूचना मिली कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। लेकिन, तब सुरक्षाबलों के हाथ सफलता नहीं लगी थी। इसके बाद तीनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। पता चला कि जैश-ए-मोहम्‍मद के कमांडर सैफुल्‍लाह समेत अन्‍य आतंकवादियों के किश्‍तवाड़ जिले के छत्रू जंगल में छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना ने पुलिस के साथ मिलकर ज्‍वाइंट सर्च ऑपरेशन चलाया और आतंकी सैफुल्‍लाह को उसके दो अन्‍य साथियों के साथ ढेर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात दो आतंकवादी मारे गए थे। वहीं शनिवार सुबह एक आतंकवादी मारा गया। इस आपरेशन में आर्मी और पारा कमांडो, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस शामिल थी। एक आतंकवादी की अभी भी तलाश जारी है। घने जंगलों का फायदा उठाकर आतंकी अकसर घुसपैठ और हमले की कोशिश करते हैं। इसलिए यह अभियान घने जंगलों में ही चलाया गया था। सेना ने आतंकियों का पता लगाने के लिए हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी उतारे थे। इलाके में हाई अलर्ट घोषित सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर्प्स ने बयान जारी कर बताया कि खराब और प्रतिकूल मौसम के बावजूद ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। मुठभेड़ के दौरान एक एके-47 और एक एम4 राइफल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल किश्तवाड़ में ऑपरेशन जारी है और इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सेना और अन्य सुरक्षाबलों की टीमें पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि किसी भी अन्य आतंकी को पकड़ा जा सके या मार गिराया जा सके। सेना की इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाया है। खुफिया जानकारी से पता चला है कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। सुरक्षाबलों को पता चला कि उधमपुर के बसंतगढ़ तीन आतंकवादी एक ग्रामीण के घर में घुस गए और जबरन उसके घर से खाने का सामान, मोबाइल फैन, बैग, जूते और छाता लेकर भाग गए। वहीं 3 अप्रैल को भी मजालता ब्लॉक में आतंकवादियों ने एक परिवार को बंधक बना लिा और फिर उनका मोबाइल फोन लेकर भाग गए। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इसी बीच आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। वहीं शुक्रवार देर रात को आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। अधिकारियों के मुताबिक, सतर्क जवानों ने शुक्रवार देर रात केरी भट्टल क्षेत्र में अग्रिम वन क्षेत्र में एक नाले के पास भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह को देखा और उन्हें चुनौती दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई जो काफी देर तक जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में एक जेसीओ घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है तथा अंतिम रिपोर्ट मिलने तक तलाश अभियान जारी था। इसी क्षेत्र में 11 फरवरी को आतंकवादियों द्वारा किए गए एक विस्फोट में एक कैप्टन सहित दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे तथा एक अन्य घायल हो गया था। यह ताजा घटना भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू- कश्मीर के पुंछ जिले में सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के दो दिन बाद हुई है। सीमा पार से गोलीबारी की लगभग एक दर्जन घटनाओं और एक आईईडी हमले के बाद तनाव कम करने के प्रयास में यह फरवरी के बाद से दूसरी ऐसी बैठक थी। भारतीय सेना ने सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों और संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर अपने समकक्षों के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

देश में पूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त पेंशन और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने उचित कदम उठाए

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने देश में पूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त पेंशन और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए हैं। भूतपूर्व सैनिकों की मांग के आधार पर सरकारी संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, कॉर्पोरेट घरानों, निजी क्षेत्र, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों आदि में भूतपूर्व सैनिकों को नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न पुनर्वास एवं कौशल विकास प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, रोजगार और स्वरोजगार योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना का उद्देश्य समान सेवा अवधि के साथ समान रैंक से सेवानिवृत्त होने वाले वर्तमान और पूर्व पेंशनभोगियों की पेंशन दरों के बीच के अंतर को पाटना है। यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लोकसभा में देवेश शाक्य को एक लिखित उत्तर में दी। पूर्व सैनिकों की जनगणना आंकड़े, 31 दिसंबर 2023 तक देश के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कुल 2.78 करोड़ पूर्व सैनिकों को दर्शाते हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए ग्रुप ‘सी’ में 14.5% रिक्तियां और ग्रुप ‘डी’ में 24.5% रिक्तियां आरक्षित हैं। केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण में विकलांग भूतपूर्व सैनिकों और युद्ध में शहीद हुए सैन्यकर्मियों के आश्रितों के लिए 4.5% रिक्तियां शामिल हैं। वहीं, भारतीय सेना के अधिकारी चयन में भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं और युद्ध में हताहत हुए लोगों के बच्चों के लिए रिक्तियां आरक्षित हैं। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन में 5% रिक्तियां उन रक्षा कर्मियों की विधवाओं को प्रदान की जाती हैं, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई है। वहीं, विधवा और पूर्व सैनिकों के बच्चों को संबंधित रेजिमेंटल केंद्रों द्वारा नामांकित किया जा रहा है। साथ ही उन्हें अग्निपथ योजना और नियमित कैडर के तहत भर्ती के लिए ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा में बोनस अंक दिए जाते हैं। सैन्य सेवा के कारण सेवा में मारे गए सैनिकों के मामले में, विशेष पारिवारिक पेंशन या उदारीकृत पारिवारिक पेंशन स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, अनुग्रह राशि/ग्रेच्युटी भी स्वीकृत की गई है।  

बांग्लादेश की सेना ने राजधानी ढाका में बड़ी संख्या में बख्तरबंद वाहनों और बड़ी संख्या में सैनिकों को बुलाया

ढाका  बांग्लादेश की सेना ने राजधानी ढाका में बड़ी संख्या में बख्तरबंद वाहनों और बड़ी संख्या में सैनिकों को बुलाया है। रिपोर्ट के अनुसार, सेना की हर ब्रिगेड से 100 सैनिकों को ढाका में इकठ्ठा होने को कहा गया है। ये घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब बांग्लादेश की सेना और हसीना विरोधी आंदोलन की अगुवाई करने वाले संगठन स्टूडेंट अगेंस्ट्र डिस्क्रिमिनेशन के बीच संबंधों में दरार की खबरें आई है। नॉर्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि सावर स्थित सबसे महत्वपूर्ण 9वीं डिवीजन के सैनिकों ने क्रमिक तरीके से ढाका में प्रवेश करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट में बांग्लादेश के सुरक्षा प्रतिष्ठान के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से कहा है कि सेना देश को देश पर अपनी पकड़ मजबूत करने में कुछ और दिन लगेंगे। बांग्लादेश की सेना के पास डिवीजन आकार की 10 क्षेत्रीय कमान है, जिनमें ब्रिगेड की कोई निश्चित संख्या नहीं है। 9वीं इंन्फैंट्री डिवीजन सावर में स्थित है, जबकि एक अन्य महत्वपूर्ण 19वीं इन्फैंट्री डिवीजन घाटैल में तैनात है। सेना प्रमुख को लेकर छात्र नेताओं का खुलासा बांग्लादेश सेना की सक्रियता छात्र नेता और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारिता मंत्रालय के सलाहकार आसिफ महमूद शाजिब भुइयां के खुलासे के बाद हुई है। भुइयां ने एक वीडियो में दावा किया था कि सेना प्रमुख जनरल वकार उज-जमान ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार नियुक्त करने पर अनिच्छा से सहमति जताई थी। पहले से रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो को शुक्रवार को जारी किया गया था। इससे पहले एक अन्य प्रभावशाली छात्र नेता हसनत अब्दुल्ला ने 11 मार्च को जनरल जमान के साथ एक गुप्त बैठक के बाद सेना प्रतिष्ठान के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की धमकी थी। कहा गया था कि जनरल जमान ने सुझाव दिया था कि बांग्लादेश में चुनाव होने पर शेख हसीना की अवामी लीग राजनीति में वापस आ सकती है और चुनाव भी लड़ सकती है। सेना के खिलाफ आंदोलन की धमकी हालांकि, अब्दुल्ला और भुइयां ने यह नहीं बताया कि उन्होंने जनरल जमान के साथ बातचीत को सार्वजनिक करने के लिए दो सप्ताह से अधिक समय का इंतजार क्यों किया, लेकिन अब्दुल्ला ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की वापसी का रास्ता खोलने के लिए सेना के अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की धमकी दी। भुइयां के खुलासे और अब्दुल्ला की फेसबुक पोस्ट के तुरंत बाद बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने एक वर्चुअल बैठक की, जिसका उद्येश्य निकट भविष्य में छात्रों के एक और विद्रोह की आशंका में कदम उठाना था। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सेना मजबूत कदम उठाएगी या नहीं। इस बीच 26 मार्च से मोहम्मद यूनुस तीन दिनों की चीन यात्रा पर जाने वाले हैं। सेना प्रमुख को बदनाम करने की कोशिश छात्र प्रतिनिधियों और जनरल वकार के बीच 11 मार्च की बैठक के विवरण को सार्वजनिक किए जाने ने बांग्लादेश में अधिकांश लोगों को हैरान कर दिया है। इसे सेना प्रमुख की छवि को खराब करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, यूनुस को यह महसूस होने लगा है कि पिछले साल 8 अगस्त को मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यभार संभालने के बाद उनकी स्थिति काफी कमजोर हो गई है। यही वजह है कि उन्होंने नई दिल्ली के सामने शांति का प्रस्ताव रखा है और बिम्सटेक सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की मांग की है। हालांकि, यह मुलाकात संभव नहीं है क्योंकि यूनुस सरकार में शामिल अधिकारियों ने लगातार भारत के खिलाफ उकसाऊ बयानबाजी की है। इसके अलावा भारतीय प्रतिष्ठान जल्द ही एक लोकतांत्रिक-चुनावी प्रक्रिया देखना चाहता है, जिससे एक वैध राजनीतिक दल सत्ता में आए, जिसके साथ वह आगे बढ़ सके। इस बीच जनरल जमान के नेतृत्व में सेना बांग्लादेश में अहम आधार बनी हुई है।

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