LATEST NEWS

लिफ्ट ली फिर AK-47 लेकर भागा युवक…,’ जम्मू के डोडा में पुलिस अफसर की लापरवाही

The Secretary and Deputy Sarpanch were overbearing and made the female Sarpanch sit on the floor during the Gram Sabha meeting and themselves sat on the chair

 डोडा जम्मू-कश्मीर के डोडा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ऐसे शख्स की तलाश की जा रही है, जो एक पुलिस अधिकारी की एके-47 लेकर लापता हो गया है. जगह-जगह घेराबंदी की जा रही है और शख्स को ट्रेस किया जा रहा है. उसके परिचितों के बारे में भी जानकारी की जा रही है. पुलिस मामले में शामिल संभावित आतंकी पहलू की भी जांच कर रही है.  जानकारी के मुताबिक, शख्स का नाम मोहम्मद रफी है. ये पुलिस की ऑटोमैटिक राइफल के साथ डोडा के टाउन इलाके से गायब हुआ है. इस घटना के बाद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए. सुरक्षा का खतरा भी बढ़ गया है. यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी संबंधित घटनाएं देखी जा रही हैं और सेनाएं पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं. अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने उस शख्स का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है.  कैसे AK-47 लेकर गायब हो गया युवक? घटना डोडा की है. सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ पोस्ट चिराला से एसपीओ सफदर हुसैन वाहन (जेके 06ए 3268) से जा रहे थे. रास्ते में मोहम्मद रफी पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद इकबाल मिल गया. उसने कार में लिफ्ट ली. मोहम्मद रफी डोडा जिले के ट्रॉन इलाके का रहने वाला है. सफदर का कहना था कि कार में वो सरकारी राइफल (एके-47) भी रखे थे. जब वो पुल डोडा के पास एक दुकान से पानी लेने के लिए उतरे तो उन्होंने अपनी राइफल कार में ही छोड़ दी. इसी दौरान मोहम्मद रफी कार समेत राइफल लेकर भाग गया. खोजबीन की गई तो कार भल्ला इलाके में जगोटा के पास मिली है. ⁠मोहम्मद रफी AK-47 समेत गायब है. ऊपरी इलाके में आतंकवादियों के मूवमेंट की आशंका बताते चलें कि हाल के हमलों में शामिल आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में सुरक्षाकर्मियों से लेकर पुलिस तक जानकारी करने में जुटी है. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार को सुरक्षाकर्मियों ने पूछताछ के लिए एक दंपति समेत तीन लोगों को उठाया था. उनसे पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का कहना ​​है कि तीन से चार आतंकवादियों का एक समूह डोडा जिले के ऊंचे इलाकों में मौजूद है. इन आतंकियों के मददगारों की जानकारी की जा रही है. सुरक्षाकर्मियों पर हमले कर रहे हैं आतंकवादी इससे पहले 11 जून की रात आतंकवादियों ने भद्रवाह-पठानकोट मार्ग पर चटरगल्ला के ऊपरी इलाके में स्थित एक संयुक्त जांच चौकी पर हमला कर दिया था. घटना में राष्ट्रीय राइफल्स के पांच जवान और एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गए थे. बुधवार शाम को भी तलाशी दल जब डोडा जिले के गंदोह क्षेत्र के कोटा टॉप गांव पहुंचा तो वहां आतंकवादियों ने गोलीबारी की. इसमें एक पुलिस अधिकारी समेत सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे.  आतंकवादियों से मिलीभगत के शक में पूछताछ सुरक्षाकर्मियों ने डोडा जिले के जय इलाके से जिन तीन लोगों को हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, इन संदेहियों पर आतंकवादियों को भोजन मुहैया कराने की आशंका है. इन तीनों में दंपति और एक किशोर शामिल हैं. तीनों लोगों से पूछताछ की जा रही है। सीडीएस ने किया जम्मू का दौरा वहीं, सोमवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने जम्मू और उधमपुर इलाकों में सुरक्षा स्थिति और क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैयारियों की समीक्षा की थी. उन्होंने उत्तरी कमान में ऑपरेशनों में सेना और वायु सेना के प्रयासों की सराहना की थी. रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की थी. इस हाईलेवल बैठक के दूसरे दिन सीडीएस चौहान ने जम्मू का दौरा किया था. जनरल चौहान नगरोटा में 16 कोर मुख्यालय और बाद में उधमपुर में उत्तरी कमान पहुंचे थे. उन्हें उत्तरी सेना कमांडर और जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) सहित सेना के शीर्ष कमांडरों ने जानकारी दी. पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति की समीक्षा की इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात की समीक्षा की थी. बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य अधिकारी शामिल हुए थे. अफसरों ने गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की और सुरक्षा बलों की तैनाती और आतंकवाद विरोधी अभियानों पर चर्चा की थी. पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी बात की थी और केंद्र शासित प्रदेश की स्थिति के बारे में जानकारी ली थी. बैठक में प्रधानमंत्री को सुरक्षा संबंधी स्थिति की पूरी जानकारी दी गई और आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन से भी अवगत कराया था. चार जगहों पर हुए आतंकी हमले पिछले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार जगहों पर आतंकवादियों ने हमला किया. जांच के सिलसिले में 50 लोगों को हिरासत में लिया गया. एक सीआरपीएफ और दो आतंकवादियों समेत 10 लोग मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए. कठुआ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए थे. उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ था. रियासी में बस पर हुआ था हमला हाल ही में आतंकवादियों ने तीर्थयात्रियों से भरी बस पर उस समय गोलीबारी की थी, जब वो शिव खोरी मंदिर से कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे. इस बस में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत अन्य जगहों के 53 तीर्थयात्री सवार थे. गोलीबारी में ड्राइवर का संतुलन बिगड़ा और बस गहरी खाई में गिर गई थी. जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी और 41 अन्य घायल हो गए थे.  

रक्षा मंत्रालय 2025 के बाद 371 रक्षा सामग्री की स्वदेशी खरीद को अनिवार्य बना सकता

Varnwal changed the order of Consotiya in the forest land issue of Jhinna mine of Katni.

नई दिल्ली रक्षा मंत्रालय दिसंबर 2025 के बाद तकरीबन 371 रक्षा सामग्री की स्वदेशी खरीद को अनिवार्य बना सकता है। इन सामग्रियों का निर्माण देश में किया जा रहा है तथा कोशिश यह हो रही है कि उपरोक्त तिथि के बाद इनके आयात को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश में रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता लाने के लिए दिसंबर 2025 से पहले इन 371 रक्षा सामानों को देश में ही बनाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय डीआरडीओ, रक्षा उत्पादन विभाग और उद्योग जगत से परामर्श के बाद लिया गया। दरअसल, ये सभी सामान अभी विदेशों से आयात होकर आ रहे थे। जबकि उद्योग जगत और सार्वजनिक रक्षा उपक्रम इनका देश में निर्माण करने में सक्षम थे। इनमें गोला, बारूद, विभिन्न प्रकार की बंदूकें, राइफलें, राडार, मानव रहित विमान, रक्षा प्लेटफार्म, वायुसान, जंगी पोत, पनडुब्बियां आदि शामिल हैं। दूसरे चरण में दिसंबर 2026 के बाद 66 और रक्षा सामग्री के आयात को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसी प्रकार दिसंबर 2027 तक 29, 2028 तक 25, 2030 तक 14 और 2032 तक चार और रक्षा सामग्री का देश में ही निर्माण होगा तथा उनका विदेश से आयात बंद हो जाएगा। देश में बनीं इन रक्षा सामग्रियों के परीक्षण में सफल रहने के बाद सेनाओं पर इनकी खरीद की बाध्यता होगी। मौजूदा समय में सेनाएं वैश्विक निविदा के जरिये रक्षा साजो सामान की खरीद करती हैं तथा उसमें देश की कंपनियां भी आवेदन कर सकती हैं। भविष्य में ग्लोबल टेंडर की जरूरत नहीं होगी। बल्कि टेंडर सिर्फ देशी कंपनियों के लिए ही निकाले जाएंगे। सूत्रों ने कहा कि सूची में शामिल कई रक्षा सामान देश में बनने भी शुरू हो चुके हैं। लेकिन उनका इस्तेमाल सेनाओं में नहीं हो रहा है। इससे एक नुकसान यह हो रहा है कि उनका निर्यात नहीं हो पा रहा है। कई देश रक्षा सामान की खरीद में यह देखते हैं कि जिस देश से वह खरीद रहे हैं, उस देश की सेना में उनका इस्तेमाल हो रहा है या नहीं। इसलिए जहां स्वदेशी खरीद से विदेशी मुद्रा की बचत होगी, वहीं विदेशों को निर्यात में भी बढ़ोत्तरी होगी। विदेशों से रक्षा सामग्री की खरीद (2022-22) : 40839 करोड़ विदेशों को रक्षा सामग्री का निर्यात (2023-24) : 21083 करोड़ निर्यात लक्ष्य (2028-29 : 50000 करोड़ रुपये स्वदेशी खरीद के लिए बजट: 70 फीसदी (कुल खरीद का)  

गांव पहुंचा शहीद कबीरदास उइके का पार्थिव शरीर, हुआ अंतिम संस्कार, सीआरपीएफ जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

छिंदवाड़ा जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए जवान कबीर दास उईके की पार्थिव देह आज छिंदवाड़ा लाई गई। पैतृक गांव पुलपुलडोह में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ जवानों ने सलामी दी। कबीर की अंतिम यात्रा के दर्शन करने के लिए लोग घरों से निकले। शहीद की पार्थिव देह पहले हवाई मार्ग से गुरुवार सुबह नागपुर लाई गई। यहां से सड़क मार्ग से पुलपुलडोह (मरजातपुर) लाई लाई गई। अंतिम संस्कार के समय सीआरपीएफ के आईजी सुखबीर सिंह सोढी और डीआईजी नीतू सिंह भी मौजूद रहीं। वही, छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसपी मनीष खत्री भी मौजूद थे। मंगलवार रात 8 बजे जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ था। सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास गोली लगने से घायल हो गए थे। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली थी। शहीद की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब पहले शहीद का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग के जरिए नागपुर लाया गया। इसके बाद यहां से सड़क मार्ग से पैतृक गांव पुलपुलडोह लाया गया। शहीद कबीर दास उईके की अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर फूल बरसा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। चौरई के पूर्व विधायक पंडित रमेश दुबे ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वहीं, मध्य प्रदेश की पीएचई मंत्री संपतिया उइके शहीद के घर पहुंचीं। अंतिम संस्कार के समय CRPF के IG सुखबीर सिंह सोढी और DIG नीतू सिंह, छिंदवाडा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह, SP मनीष खत्री मौजूद रहे।मंगलवार (11 जून) रात 8 बजे कठुआ के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में हुए आतंकी हमले में CRPF के कॉन्स्टेबल कबीर दास उईके गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसके बाद बुधवार (12 जून) सुबह इलाज के दौरान कबीर का निधन हो गया। 2011 में जॉइन की थी सीआरपीएफ छिंदवाड़ा की बिछुआ तहसील के पुलपुलडोह के रहने वाले 35 साल के कबीर दास उईके ने 2011 में सीआरपीएफ जॉइन की थी। साल 2021 में उनकी शादी हुई थी। परिवार में मां इंदरवति उईके, पत्नी ममता उईके और छोटा भाई है। पिता का निधन हो चुका है और दो बहनों की शादी हो चुकी है। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को पैतृक गांव पुलपुलडोह में होगा। विशेष वाहन से शव नागपुर से गांव लाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, 8 दिन पहले ही 20 दिन की छुट्‌टी के बाद वे ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी पोस्टिंग भोपाल में होने वाली थी। परिवार से मिलने पहुंचे सांसद-महापौर छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और महापौर विक्रम अहाके शहीद के घर पहुंचे। परिवार को ढांढस बंधाया। कठुआ और डोडो में आतंकी हमले जम्मू-कश्मीर के डोडा और कठुआ जिले में आतंकवादी विरोधी अभियानों में सेना के पांच जवान और राज्य पुलिस का एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गए, जबकि एक अलग मुठभेड़ में घायल हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान शहीद हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चत्तरगला इलाके या डोडा जिले में मंगलवार देर रात आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी हुई। उन्होंने कहा, रात करीब पौने दो बजे सेना और पुलिस डोडा जिले के भद्रवाह के चत्तरगला इलाके में आतंकवादियों से मुठभेड़ हो गई। गोलीबारी में सेना के पांच जवान और एक एसपीओ गोली लगने से घायल हो गए, उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच कठुआ जिले के कूटा मोड़ पर सैदा सुखल गांव में चल रहे एक अन्य अभियान में सीआरपीएफ के जवान को गोली लग गई और बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। शहीद सीआरपीएफ कर्मियों की पहचान कांस्टेबल जी डी कबीर दास के रूप में की गई। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, हीरानगर के सोहल गांव के 45 वर्षीय नागरिक ओंकार को भी आतंकवादियों द्वारा गोली चलाने से बाएं हाथ में चोट लग गई। उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज, कठुआ में भर्ती कराया गया। फिलहाल एक आतंकवादी को मारा गया है जबकि दूसरे आतंकवादी को पकड़ने के लिए क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार आतंकवादियों की संख्या दो थी। 9 जून को बस पर की थी फायरिंग इससे पहले, रविवार 9 जून की शाम सवा 6 बजे रियासी में आतंकियों ने श्रद्धालुओं को लेकर वैष्णोदेवी जा रही बस पर हमला कर दिया था। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 41 लोग घायल हो गए थे। बस शिव खोड़ी से कटरा जा रही थी। उसी दौरान कंदा इलाके में बस के मोड़ पर आते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमले में ड्राइवर घायल हो गया और बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। बस के खाई में गिरने से पहले आतंकियों ने 25 से 30 गोलियां चलाई थीं। आतंकी हमले में गंभीर रूप से हो गए थे घायल दरअसल मंगलवार को हुए एक आंतकी ‘हमले’ में सीआरपीएफ कांस्टेबल कबीरदास उइघे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जिसके बाद बुधवार की सुबह उनके शहीद होने की खबर सामने आई थी. शहीद सीआरपीएफ जवान उइघे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के रहने वाले थे.   करीब 8 दिन पहले आए थे छिंदवाड़ा जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान कबीरदास उइके की मां ने एनडीटीवी को बताया कि शहीद उइघे करीब 8 दिन पहले ही छिंदवाड़ा आए थे और जल्द ही उनका ट्रांसफर भोपाल होने वाला था. बता दें, कठुआ जिले में एक मुठभेड़ में 1 आतंकी भी मारा गया और उसके पास से भारी गोला-बारूद बरामद किया गया.  

छिंदवाड़ा के कबीर दास शहीद का पैतृक गांव में आज होगा अंतिम संस्कार, नागपुर से लाई जा रही पार्थिव देह

 छिंदवाड़ा जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए जवान कबीर दास उईके की पार्थिव देह आज छिंदवाड़ा लाई जा रही है। पैतृक गांव पुलपुलडोह में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मंगलवार रात 8 बजे जम्मू – कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ था। सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास गोली लगने से घायल हो गए थे। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली थी। शहीद की पार्थिव देह हवाई मार्ग से गुरुवार सुबह नागपुर लाई गई। यहां से सड़क मार्ग से पुलपुलडोह (मरजातपुर) लाई जा रही है। स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उईके अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। गोली लगने से घायल हुए थे कबीर बता दें कि मंगलवार रात 8 बजे जम्मू-कश्मीर के कठुआ के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ था। सीआरपीएफ के  Constable कबीर दास गोली लगने से घायल हुए थे। बुधवार सुबह इलाज के दौरान कबीर ने अंतिम सांस ली थी। बता दें कि शहीद हुए कबीर चार भाई-बहन में सबसे बड़े थे। कबीर के शहीद होने की खबर सुनकर सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। 2011 में जॉइन की थी सीआरपीएफ जानकारी के मुताबिक, 35 साल के कबीर दास उईके छिंदवाड़ा की बिछुआ तहसील के पुलपुलडोह के रहने वाले थे। 2011 में उन्होंने सीआरपीएफ जॉइन की थी। 4 साल पहले उनकी शादी हुई थी। परिवार में मां इंदरवति उईके, पत्नी ममता उईके और दो भाई हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है। पिता का निधन हो चुका है। 8 दिन पहले ही 20 दिन की छुट्टी के बाद वे ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी पोस्टिंग भोपाल में होने वाली थी। कबीर की सैलरी पर पूरा परिवार आश्रित रहता था। मोहन यादव, नकुलनाथ ने अर्पित की श्रद्धांजलि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुए आतंकवादी हमले में शहीद छिंदवाड़ा के जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने शोक व्यक्त करे हुए एक्स पर Tweet किया कि देशसेवा में आपके सर्वोच्च बलिदान का देश सदैव ऋणी रहेगा। छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और महापौर विक्रम अहाके शहीद के घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया। 2020 में हुई थी शहीद कबीर दास की शादी कबीर दास की 4 साल पहले 2020 में शादी हुई थी. शहीद के परिवार में पत्नी, एक छोटा भाई, मां और दो शादीशुदा बहने हैं. शहीद की अभी कोई संतान नहीं है. वो 10 दिन पहले ही छुट्टी से ड्यूटी पर लौटे थे.  

जम्मू में आतंकियों पर करारा प्रहार! कठुआ में आतंकी का खात्मा, डोडा में भी एनकाउंटर20 संदिग्धों को हिरासत में

नई दिल्ली  जम्मू के रियासी में श्रद्धालुओं से भरी बस पर आतंकवादियों के हमला करने के बाद अब 29 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा पर खतरा मंडराने लगा है। बाबा बफार्नी के दर्शन के लिए यात्रा 19 अगस्त तक चलेगी। इसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरे राज्य के लिए सिक्योरिटी रिव्यू भी किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस-किस पॉइंट पर कितना खतरा है और वहां किस स्तर की सिक्योरिटी की जरूरत है। रियासी बस अटैक मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को 20 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जम्मू कश्मीर में रियासी और कठुआ के बाद अब आतंकियों ने डोडा पर भी हमला किया है. ये तीन दिन में इस तरह का तीसरा हमला है. इस बार आतंकियों ने डोडा जिले में सेना के अस्थाई ऑपरेटिंग बेस पर गोलीबारी की, जिसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. इन हमलों के मद्देनजर इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है. इस हमले के बाद डोडा के छत्रकला में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी में सेना के पांच जवान घायल बताए जा रहे हैं. घायलों में एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) भी शामिल हैं. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. कश्मीर टाइगर नाम के आतंकी ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. अधिकारियों का कहना है कि बुधवार तड़के लगभग 1.45 बजे छत्रकला में सेना और पुलिस की संयुक्त मुहिम के तहत आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. इससे पहले जम्मू के एडीजीपी आनंद जैन ने बताया था कि गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया है और एक नागरिक घायल हुआ है, लेकिन अब इलाका खतरे से बाहर है. ऑपरेशन अब भी जारी है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं. शक है कि आतंकवादियों की मदद के लिए कोई ना कोई स्थानीय शख्स भी इस हमले में शामिल था, जो बैक हैंड से आतंकवादियों को सपोर्ट कर रहा था। इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त जवानों की 11 टीमें जंगलों और पहाड़ों में फरार आतंकियों की तलाश कर रही हैं। इसके लिए हेलीकॉप्टर, ड्रोन और खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। 32 साल के अबू हमजा पर शक मामले में यह भी आशंका जताई जा रही है कि पुंछ जिले के सुरनकोट में 4 मई को एयरफोर्स काफिले पर आतंकियों द्वारा किए गए हमले में जो आतंकवादी शामिल थे। संभवत: वही आतंकवादी रियासी हमले में भी हो सकते हैं। शक लश्कर-ए-तैबा के टॉप कमांडर अबू हमजा, पाकिस्तानी सेना में कमांडो रह चुके फौजी और आदून नाम के एक अन्य आतंकी पर भी जताया जा रहा है, जिन्होंने हमला किया या फिर हमला करने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए। इनमें 32 साल का अबू हमजा पर 10 लाख का इनाम भी घोषित है। रियासी में आतंकी हमले पर उठ रहे सवाल जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस मामले में अभी तक कोई आतंकी गिरफ्तार नहीं है। हां, 20 संदिग्ध लोगों से पूछताछ जरूर की जा रही है। मामले में बस के पीछे चल रही एक ईको कार के लापता होने और एक जीप के पीछे चलने की बात सामने आई थी। जिसे आतंकियों से जोड़कर देखा जा रहा था। इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि ईको कार को ढूंढ लिया गया है। उसमें कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। सर्च ऑपरेशन जारी है। कुछ इनपुट मिले हैं। जिनके आधार पर काम किया जा रहा है। कामयाबी मिलने की उम्मीद है। कई हथियारों से चलाई गई थी गोलियां आतंकवादियों द्वारा बस में जो गोलियां बरसाई गई। वह कई तरह की मिली हैं। जिससे लग रहा है कि आतंकवादियों ने एक से अधिक टाइप के हथियार इस्तेमाल किए। इनमें अमेरिकी एम-4 कार्बाइन के साथ अन्य राइफलों के इस्तेमाल करने का शक है। जैसा की एनबीटी ने 10 जून को ही लिखा था कि अगर बस खाई में ना गिरती तो आतंकी बस में सवार सभी लोगों को मार डालते। बस में सवार घायलों का भी यही कहना है।

घाटी में आतंकी हमले में छिंदवाड़ा का जवान शहीद, कल आएगी पार्थिव देह

छिंदवाड़ा जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में छिंदवाड़ा के जवान कबीर दास उईके शहीद हो गए। मंगलवार रात 8 बजे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ। हमले में सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास उईके गोली लगने से घायल हो गए थे। बुधवार सुबह वे शह 35 साल के कबीर दास उईके छिंदवाड़ा की बिछुआ तहसील के पुलपुलडोह के रहने वाले थे। 2011 में उन्होंने सीआरपीएफ जॉइन की थी। 4 साल पहले उनकी शादी हुई थी। परिवार में मां इंदरवति उईके, पत्नी ममता उईके और छोटा भाई है। दो बहनों की शादी हो चुकी है। पिता का निधन हो चुका है। सीआरपीएफ कॉन्स्टेबल कबीर का अंतिम संस्कार गुरुवार को पैतृक गांव पुलपुलडोह में होगा। शव विशेष वाहन से नागपुर से गांव लाया जाएगा। मां ने बताया कि 8 दिन पहले ही 20 दिन की छुट्‌टी के बाद वे ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी पोस्टिंग भोपाल में होने वाली थी। कठुआ में आतंकी से मुठभेड़ में सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास को गोली लगी थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। कठुआ में आतंकी से मुठभेड़ में सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास को गोली लगी थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। चार भाई – बहन में सबसे बड़े थे, सांसद-महापौर मिलने पहुंचे शहीद हुए कबीर चार भाई – बहन में सबसे बड़े थे। उनसे छोटे भाई खेती करते हैं। अभी शादी नहीं हुई है। मुख्य तौर पर कबीर की सैलरी पर पूरा परिवार आश्रित रहता था। परिवार के पास करीब 6 एकड़ ही खेती है। जवान के शहीद होने की खबर पर परिवार में शोक छा गया। छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और महापौर विक्रम अहाके शहीद के घर पहुंचे। परिवार को ढांढस बंधाया। नकुलनाथ ने शोक जताया छिंदवाड़ा से पूर्व सांसद नकुलनाथ ने शोक व्यक्त करे हुए ट्वीट किया, ‘देशसेवा में आपके द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान का देश सदैव ऋणी रहेगा। समस्त छिंदवाड़ा वासियों को आप पर गर्व है।​​​​​’

सूरज ढलते समय हमले का पैटर्न… बस पर हमला करने वाले आतंकियों की ऐसे हो रही तलाश

रियासी जम्मू कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकवादी हमला करने वाले गुनहगारों की तलाश तेज हो गई है. सेना और CRPF की 11 टीमें ऊपरी पहाड़ी इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन चला रही हैं. पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को खत्म करने के लिए मिशन मोड में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है. हमले के बाद आतंकी जंगल की तरफ भागे थे. ऐसे में रियासी के जंगल को घेर लिया गया है. वहां कमांडो और ड्रोन भी उतारे गए हैं. रविवार को जम्मू कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकवादी हमला हुआ था, इसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी. करीब 41 लोग हमले में घायल हो गए थे. ये हमला जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में हुआ. तीर्थयात्रियों की बस शिव खोड़ी मंदिर से माता वैष्णो देवी मंदिर के बेस कैंप कटरा की ओर लौट रही थी. जंगल में छिपे आतंकवादियों ने बस पर घात लगाकर हमला किया. आतंकियों ने पहले बस के ड्राइवर को गोली मारी, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और बस खाई में जा गिरी. उसके बाद काफी देर तक फायरिंग की. हमले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर दोनों की मौत हो गई. हमले में किसी तरह बच गए यात्रियों ने बताया कि बस के खाई में गिरने के बाद भी आतंकवादी गोली बरसाते रहे. ये बस उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली से तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही थी. फौजी वर्दी में थे आतंकी रविवार शाम 6:10 पर बस पर आतंकी हमला हुआ। इस हमले में स्थानीय राजबाग पौनी के रहने वाले बस ड्राइवर विजय कुमार और कटरा निवासी कंडक्टर अर्जुन की भी मौत हो गई। बस में सवार कुछ यात्रियों ने मीडिया को बताया कि जब बस ढलान पर थी तो एक आतंकी फौजी वर्दी में सड़क के बीचों-बीच बैठा था। बस की रफ्तार धीमी होते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। फिर और तरफ से भी बस पर फायरिंग होने लगी। उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हुआ। ड्राइवर को भी गोली लगी और उनका बस से नियंत्रण खो गया। बस खाई में गिर गई। तब भी आतंकी बस पर गोलियां बरसाते रहे। जॉइंट सर्च ऑपरेशन के बीच NIA भी पहुंची फरार आतंकियों की तलाश में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना ने साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पहाड़ी इलाके में आतंकियों के छिपे होने की आशंका को देखते हुए ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। मौके पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के DGP आर. आर. स्वैन और रियासी की SSP मोहिता शर्मा समेत अन्य तमाम अफसर पहुंचे। इस बीच घटनास्थल पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम भी पहुंची। फरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल इकट्ठा किए हैं। लगातार बस पर गोली बरसाते रहे आतंकी इस गोलीबारी के बाद भी यात्री चुपचाप लेटे रहे, ताकि आतंकवादियों को ऐसा लगे कि वो सभी मर चुके हैं. मरने वाले यात्रियों में से 4 राजस्थान से थे, जिनमें एक 3 साल का बच्चा भी शामिल था. ये चारों लोग एक ही परिवार के थे. इसके अलावा, मरने वालों में 3 लोग उत्तर प्रदेश के थे. ड्राइवर और कंडक्टर रियासी के ही रहने वाले थे. हमले में जान गंवाने वालों में एक 3 साल का बच्चा भी शामिल था. उसकी मां की मौत भी हो गई है. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रात सवा 8 बजे तक सभी यात्रियों को बाहर निकाला और अस्पताल में पहुंचाया. हमले की जांच NIA को सौंपी गई घटनास्थल पर पुलिस, भारतीय सेना और CRPF का अस्थाई जॉइंट ऑपरेशन हेड क्वार्टर बनाया गया. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन The Resistance Front ने ली है. TRF को साल 2023 में भारत सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया था. इसका गठन अनुच्छेद 370 हटने के बाद साल 2019 में हुआ था. ये कई आतंकवादी हमले में शामिल रहा है. सूत्रों के मुताबिक इस हमले में 2 से 3 आतंकवादी शामिल थे. ये आतंकवादी पाकिस्तानी हैं, और उसी ग्रुप का हिस्सा हैं जो पिछले दिनों राजौरी और पुंछ में हुए हमलों में शामिल था. ये ग्रुप पिछले दो वर्षों से पीर-पंजाल इलाके में सक्रिय है. इन आतंकवादियों की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है. आतंकवादियों की तलाश के लिए ड्रोन की मदद भी ली जा रही है. इस हमले की जांच NIA को सौंप दी गई है. जंगलों में छिपे हुए हैं आतंकवादी सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हमला करने वाले आतंकवादी जंगल में छिपे हुए हैं. सुरक्षा बलों को संदेह है कि आतंकवादी राजौरी और रियासी के पहाड़ी इलाकों में छिपे हुए हैं. क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया है. अधिकारियों का कहना था कि हमले के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा के तीनों आतंकवादियों की बड़े पैमाने पर तलाश की जा रही है. उन्होंने घटनास्थल पर चौथे आतंकी के मौजूद होने की संभावना से इनकार नहीं किया है.  सेना को मिले सुराग, तलाशी में आई तेजी उधमपुर-रियासी रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक रईस मोहम्मद भट ने कहा, हमें कुछ सुराग मिले हैं. पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की 11 टीमें तलाशी अभियान में लगी हैं. आतंकवादियों को ढेर करने के लिए अलग-अलग मोर्चों पर संयुक्त रूप से काम किया जा रहा है. कॉम्बिंग ऑपरेशन में पुलिस, सेना, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को शामिल किया गया है. कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे डीआइजी ने कहा,  हमारी कार्रवाई लगातार जारी है. हम अलग-अलग इनपुट के आधार पर काम कर रहे हैं. दो अलग-अलग मोर्चों पर काम करने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं. जबकि जांच भी साथ में तेजी से चल रही है. पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, इस मामले पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन हमें कुछ सुराग मिले हैं और हम आतंकवादियों का पता लगाने के लिए सुराग जुटा रहे हैं. घने जंगल बने ऑपरेशन में परेशानी उन्होंने कहा, चूंकि इस क्षेत्र में घने जंगल हैं. जल स्रोतों की कमी है. जंगल में आग का भी खतरा है. खड़ी ढलानों और प्राकृतिक छिपने की जगह हैं. सर्चिंग ऑपरेशन में सुरक्षा बलों के लिए यह बड़ी चुनौती है. सर्चिंग टीमें सावधानी से आगे बढ़ रही हैं. … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet