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पुंछ सेक्टर में फिर ड्रोन अलर्ट, सेना ने नाकाम की पाकिस्तानी साजिश

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जम्मू रविवार तड़के जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर भारतीय सीमा में घुसे एक पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय सेना के जवानों ने मार गिराने के लिए फायरिंग की। हालांकि, ड्रोन कुछ देर तक दिगवार इलाके में मंडराने के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की ओर लौट गया। जानकारी के मुताबिक, यह पिछले तीन दिनों में दूसरी बार है जब सीमा पार से ड्रोन की गतिविधि का पता चलने पर सैनिकों ने फायरिंग की। सेना के जवानों ने सुबह करीब 6.10 बजे दुश्मन ड्रोन को देखा और उसे नीचे गिराने के लिए एक दर्जन से अधिक राउंड गोलियां चलाईं। इसके बावजूद, ड्रोन गोलियों से बच निकला और तुरंत पाकिस्तान की ओर लौट गया। इस घटना के बाद, सेना ने यह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है कि ड्रोन द्वारा किसी भी प्रकार के हथियार या नशीले पदार्थों की एयरड्रॉपिंग न की गई हो। 27 फरवरी को भी सैनिकों ने इसी इलाके में एक पाकिस्तानी ड्रोन पर गोलीबारी की थी।

पोखरण में आसमान में शक्ति प्रदर्शन, राफेल और तेजस ने तैयार किया हैरान कर देने वाला प्लान

जैसलमेर  भारतीय वायुसेना 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में अपनी युद्धक क्षमता का ऐतिहासिक प्रदर्शन करने जा रही है। ‘वायुशक्ति-2026’ नामक इस युद्धाभ्यास में वायुसेना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवाएगी। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दुश्मन पर त्वरित हमले, रणनीतिक बढ़त और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की स्वदेशी शक्ति का प्रदर्शन करना है। आसमान में दिखेगी ‘बाज’ जैसी पैनी नजर इस बार के अभ्यास में एक नया एयरक्राफ्ट और आधुनिक तकनीक विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे, जो आसमान में बाज की तरह मंडराकर पलक झपकते ही सटीक हमला करने में सक्षम हैं। वायुसेना इस दौरान दिन, शाम और रात के समय कठिन मिशनों को अंजाम देने की अपनी विशेषज्ञता प्रदर्शित करेगी। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन और संघर्ष क्षेत्रों से सुरक्षित निकासी (HADR) में वायुसेना की भूमिका का भी सजीव चित्रण किया जाएगा। बेड़े में शामिल होंगे ये आधुनिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर वायुशक्ति-26 में भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लगभग सभी प्रमुख विमान हिस्सा लेंगे…     लड़ाकू विमान: राफेल, तेजस (स्वदेशी), सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, जगुआर, मिग-29 और हॉक।     परिवहन विमान: C-17 ग्लोबमास्टर, C-130J सुपर हरक्यूलिस और स्वदेशी C-295।     हेलिकॉप्टर: अपाचे (अटैक), चिनूक (हैवी लिफ्ट), प्रचंड (LCH), ध्रुव (ALH MK-IV) और एमआई-17।     अटैक ड्रोन्स: रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (RPA) और लॉइटरिंग मुनिशन्स। स्वदेशी हथियार प्रणालियों का ‘अभेद्य’ प्रदर्शन ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ के मंत्र के साथ वायुसेना अपनी रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगी…     मिसाइल सिस्टम: स्वदेशी ‘आकाश’ और ‘स्पाइडर’ मिसाइल प्रणालियों से सटीक मार का प्रदर्शन।     ड्रोन रोधी तकनीक: काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (CUAS) की टेस्टिंग।     लॉइटरिंग मुनिशन्स: नई तकनीक वाले ‘कामिकेज़’ ड्रोन्स जो लक्ष्य को खोजकर नष्ट करते हैं।  

पाकिस्तान सीमा के पास अमेरिकी प्रतिनिधि की मौजूदगी से हंगामा, जानें पूरा मामला

  नई दिल्ली अमेरिका के विशेष दूत सर्जियो गोर और अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पापारो ने भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड (चंडीगढ़) का दौरा किया. यह दौरा पाकिस्तान बॉर्डर के बहुत करीब था. पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद किसी विदेशी डेलिगेशन का यह पहला ऐसा हाई-प्रोफाइल विजिट है. इसकी वजह से राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और बवाल हो गया. वेस्टर्न कमांड इतना महत्वपूर्ण क्यों?     मुख्यालय: चंडीगढ़     क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर के अखनूर से पंजाब के फाजिल्का तक पाकिस्तान बॉर्डर.     200 से ज्यादा सैन्य बेस देखता है.     पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के आतंकी कैंप और एयर बेस पर हमला करने में यह कमांड सबसे आगे था.     इसलिए इस जगह का दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं, बहुत संवेदनशील माना जा रहा है. क्या हुआ विजिट में? भारतीय सेना ने उन्हें वेस्टर्न फ्रंट (पाकिस्तान बॉर्डर) की पूरी तैयारियों, ऑपरेशन सिंदूर और क्षेत्रीय स्थिरता में भारतीय सेना की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी. एडमिरल पापारो ने पहले ही पत्रकारों से कहा था कि भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर बहुत सटीक और शानदार था. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने डेलिगेशन का स्वागत किया.  विपक्ष ने क्यों उठाए सवाल? कांग्रेस और राजयसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत अब अपनी रणनीतिक नीतियां अमेरिका के हिसाब से बना रहा है. उन्होंने ट्रंप के ‘मैंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया’ वाले बयान का जिक्र किया. कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि सरकार पाकिस्तान के ISI को भी पठानकोट एयरबेस दिखा चुकी है, अब अमेरिका को संवेदनशील जगह दिखा रही है. लेकिन सच्चाई क्या है? ऐसे विजिट बिल्कुल नई बात नहीं हैं. भारत और अमेरिका के बीच मिलिट्री-टू-मिलिट्री एक्सचेंज का पुराना कार्यक्रम है. पहले भी विदेशी राजनयिक कमांड हेडक्वार्टर विजिट कर चुके हैं. भारतीय राजनयिक भी अमेरिका के पेंटागन और CIA हेडक्वार्टर जाते रहे हैं. असली मैसेज क्या है? यह विजिट सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए नहीं थी. इसका बड़ा संदेश है…     अमेरिका भारत के साथ रक्षा संबंध और मजबूत करना चाहता है.      चीन के खिलाफ इंडो-पैसिफिक में भारत को काउंटर-बैलेंस के रूप में देखता है.     पाकिस्तान अब अमेरिका के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं रहा (ट्रंप की नई नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटजी में पाकिस्तान का नाम तक नहीं).     भारत को रूस से हथियार खरीदने से धीरे-धीरे दूर करना चाहता है (अमेरिका भारत का तीसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है, फ्रांस के बाद).     अभी हाल ही में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद संबंधों में नया रीसेट हुआ है. एडमिरल पापारो ने कहा – भारत-अमेरिका रक्षा संबंध तेजी से ऊपर जा रहे हैं.  विजिट के पीछे राजनीतिक बवाल तो है, लेकिन रणनीतिक रूप से यह भारत-अमेरिका के बढ़ते विश्वास और साझेदारी का संकेत है. भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है, लेकिन चीन जैसे बड़े खतरे के सामने मजबूत साथी ढूंढ रहा है. 

जम्मू-कश्मीर अपडेट: उधमपुर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में दो आतंकवादी मारे गए

 उधमपुर   जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बंसंतगढ़ इलाके में सुरक्षा बलों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ J&K पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान हुई। सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने जोफर रामनगर क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) शुरू किया था। तलाशी के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है, ताकि किसी अन्य आतंकी के छिपे होने की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद होने की भी सूचना है।  जम्मू और कश्मीर के उधमपुर जिले के अंतर्गत आने वाले जोफर इलाके में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो सक्रिय कमांडरों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है. सेना की व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की ज्‍वाइंट टीम ने सटीक इनपुट के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह इलाका पिछले करीब एक महीने से उनके रडार पर था और यहां हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार उनकी निगाह बनी हुई थी. यह 15 दिसंबर के बाद उधमपुर में दूसरी मुठभेड़ थी, जब सौन गांव में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। हालांकि, घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकवादी भागने में कामयाब रहे थे। जनवरी में कठुआ जिले में तीन और किश्तवाड़ के चतरू वन क्षेत्र में चार मुठभेड़ें हुईं जिनके परिणामस्वरूप कठुआ में जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकवादी उस्मान को ढेर किया गया और किश्तवाड़ में एक पैराट्रूपर शहीद हो गया। ये मुठभेड़ जम्मू क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे गहन अभियानों के बीच हुईं। उस्मान उसी गिरोह का हिस्सा था जो उधमपुर जिले में फंसा हुआ है। वह पिछले कई वर्षों से उस क्षेत्र में सक्रिय था। ‘ऑपरेशन केया’ के तहत भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया. मंगलवार को सुरक्षाबलों को आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली, जिसके बाद एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया. जैसे ही सुरक्षाबल इलाके में पहुंचे, आतंकियों ने घने जंगलों में छिपकर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. दो जैश-ए-मोहम्मद आतंकी मुठभेड़ में ढेर  सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया, जो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे. इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया और इलाके में एडिशनल फोर्स डिप्लॉइड की गई.  जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ऑपरेशन की निगरानी की. रात तक दोनों तरफ से गोलीबारी होती रही, लेकिन सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरने में आखिरकार कामयाबी हासिल की.  सुरक्षाबलों ने इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन केया’ नाम दिया, जो खुफिया सूचना पर आधारित था. इलाके में ऑपरेशन के बाद भी पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि क्षेत्र में किसी भी तरह के खतरे से निपटा जा सके.

कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, गोलीबारी के बाद दो आतंकी ढेर

किश्तवाड़ जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार सुबह से जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। यह मुठभेड़ सुबह करीब 7 बजे उस समय शुरू हुई, जब सेना की 11 राष्ट्रीय राइफल्स (11RR), 2 पैरा स्पेशल फोर्स, 7वीं असम राइफल्स और किश्तवाड़ एसओजी (विशेष अभियान दल) की संयुक्त टीम ने सिंघपोरा छत्रू के जंगलों में तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में मुठभेड़ शुरू हो गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल पर तीन से चार आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। इनमें से एक की पहचान कुख्यात आतंकी सैफुल्लाह के रूप में की गई है। मुठभेड़ अभी भी जारी है और अन्य आतंकियों को ढूंढने के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। सभी मार्गों को सील कर दिया गया है, ताकि आतंकी किसी भी तरह से भागने में सफल न हो सकें। इस मुठभेड़ से एक सप्ताह पहले ही जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके के नादिर गांव में सुरक्षाबलों ने तीन जैश-ए-मोहम्मद आतंकियों को मार गिराया था। इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई थी। ये सभी पुलवामा के ही निवासी थे। इसके अतिरिक्त, 13 अप्रैल को शोपियां के जिनपाथर केलर इलाके में एक अन्य मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया गया था, जिनमें से दो की पहचान शाहिद कुट्टे और अदनान शफी के रूप में हुई थी। 22 अप्रैल को हुए घातक पहल्गाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कई बड़े अभियान चलाए हैं। आतंकवाद के खिलाफ इस व्यापक अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आतंकियों से जुड़े लोगों की संपत्तियों को ध्वस्त करना भी शुरू कर दिया है। यह कदम आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए उठाया गया है, ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने से पहले दो बार सोचे।

सेना ने 48 घंटे में छह आतंकी किये ढेर, त्राल-शोपियां में कैसे रडार पर आए दहशतगर्द?

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद से ही सेना पूरे कश्मीर में आतंकियों का खात्मा करने में लगी हुई है. यहां सेना सर्च ऑपरेशन के साथ ही कई अन्य ऑपरेशन चला रही है. इसी के तहत सेना ने 48 घंटों के अंदर 6 आतंकियों ढेर कर दिया है. इसके अलावा कई आतंकियों तलाश की जा रही है. गुरुवार को सेना की पुलवामा जिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई, इसमें मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन आतंकवादी मारे गए. इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है. इसके पहले मंगलवार को लश्कर के मॉड्यूल के आतंकवादियों को ढेर किया गया था. 6 आतंकी ढेर 8 की तलाश श्रीनगर में आज की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में IGP कश्मीर वी.के. बिरदी ने आतंकियों के खात्मे के बारे में बताया है. उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटों में हमने दो बहुत सफल ऑपरेशन किए हैं. ये दो ऑपरेशन शोपियां और त्राल में किए गए. कुल 6 आतंकवादियों को मार गिराया गया. उन्होंने बताया कि 4 आतंकियों की लिस्ट में से 6 को ढेर कर दिया गया है इसके अलावा बचे हुए अन्य 8 आतंकियों की तलाश की जा रही है. कैसे ऑपरेशन हुआ सफल? प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से इन आतंकियों के मूवमेंट की खबर मिल रही थी. इसी को देखते हुए हम लोग सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. उसी दौरान हमें आतंकियों के बारे में जानकारी मिली. सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था. सर्च ऑपरेशन के दौरान ही आतंकियों ने जैसे ही सेना के जवानों को देखा तो तुरंत ही फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकी मारे गए. इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है. मारे गए आतंकियों के पास से हथियार और गोला बारूद भी जब्त किया गया है. मंगलवार को शोपियां में मुठभेड़ में लश्कर के तीन आतंकियों को मार गिराया गया था। आईजीपी कश्मीर वीके बिरदी ने कहा कि तीनों आतंकियों को जिंदा पकड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने हथियार नहीं डाले। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि जैश कमांडर आसिफ अहमद शेख और उसके दो साथियों आमिर नजीर वानी व यावर अहमद बट के त्राल के नादिर में एक जगह छिपे होने की सूचना मिली थी। आतंकियों पर था पांच-पांच लाख का इनाम इसके आधार पर पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर अभियान शुरू किया। आतंकियों ने मकान के साथ सटे शेड में भी शरण लेने का प्रयास किया और एक आतंकी वहीं शेड में मारा गया। आसिफ जैश का जिला कमांडर था। सात लाख का इनामी आसिफ 2022 को आतंकी बना था। आमिर और यावर अहमद बट दोनों ही पांच-पांच लाख के इनामी थे और 2024 को आतंकी बने थे। स्थानीय लोगों ने की ऑपरेशन में मदद मेजर जनरल धनंजय जोशी ने बताया कि 12 मई को हमें आतंकियों के बारे में इनपुट मिला था. हालांकि वे बहुत ऊंचाई पर थे. हमने जानकारी मिलने के बाद ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया और उनकी पहचान पता की. सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी. एक-एक घर में जाकर तलाशी ली गई. इस दौरान, हमारे सामने चुनौती नागरिक ग्रामीणों को बचाने की थी. इसके बाद, तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया. मारे गए 6 आतंकवादियों में से एक, शाहिद कुट्टे, दो बड़े हमलों में शामिल था, जिसमें एक जर्मन पर्यटक पर हमला भी शामिल था. पूरे सर्च ऑपरेशन के दौरान अच्छा लोकल सपोर्ट भी मिला था.  

सरकार ने सेना के लिए खोल दिया खजाना, अनुपूरक बजट में 50 हजार करोड़ का प्रस्ताव

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात देखने को मिले. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया. सूत्रों ने बताया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद रक्षा बजट में और बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसमें नए हथियार और गोला-बारूद के साथ-साथ तकनीक की खरीद पर खर्च किया जाएगा. अनुपूरक बजट के जरिए ₹50 हजार करोड़ के अतिरिक्त प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया है. संसद के शीतकालीन सत्र में इसे मंजूरी मिल सकती है. अतिरिक्त आवंटन से सशस्त्र बलों की जरूरतों, जरूरी खरीद और अनुसंधान एवं विकास के लिए प्रावधान किए जाने की उम्मीद है. इस साल, डिफेंस के लिए केंद्रीय बजट में रिकॉर्ड 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 9.53 फीसदी ज्यादा है. एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद से पिछले 10 साल में रक्षा बजट में करीब तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है. भारत का मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम 2014-15 में डिफेंस बजट 2.29 लाख करोड़ रुपये था. इस साल 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 13.45% है. ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान पर भारत की रक्षा क्षमताओं की श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया. पाकिस्तान के साथ तनातनी के दौरान, भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने करीब हर आने वाली मिसाइल और ड्रोन को बेअसर कर दिया. लंबी दूरी की रूसी एस-400 ‘ट्रायम्फ’ सिस्टम के अलावा, भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को फेल करने के लिए बराक-8 मध्यम दूरी की एसएएम सिस्टम और स्वदेशी आकाश प्रणाली को तैनात किया. पिकोरा, ओएसए-एके और एलएलएडी गन (लो-लेवल एयर डिफेंस गन) जैसी युद्ध-सिद्ध वायु रक्षा प्रणालियों का भी इस्तेमाल किया गया. ’21वीं सदी की जंग में…’ ऑपरेशन सिंदूर में भारत के एडवांस हथियारों की क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को अपने संबोधन में इस उपलब्धि की प्रशंसा की. नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस ऑपरेशन के दौरान, हमारे मेड-इन-इंडिया हथियारों की विश्वसनीयता मजबूती से स्थापित हुई. दुनिया अब मानती है कि 21वीं सदी की जंग में मेड-इन-इंडिया डिफेंस इक्विपमेंट का वक्त आ गया है.” पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पर्यटकों और नागरिकों पर हमला किया, जिसे 26/11 मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना गया. इस हमले ने भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को और मजबूत किया. जवाब में, भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने समन्वित रूप से पाकिस्तान और PoK में आतंकी शिविरों को नष्ट किया. इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा. पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन के बाद 7-8 मई की रात को भारत के 15 सैन्य ठिकानों जैसे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अमृतसर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि, भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना के एकीकृत प्रयासों ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया. भारतीय नौसेना ने अपनी वाहक युद्ध समूह (Carrier Battle Group) और उन्नत वायु रक्षा तंत्र का उपयोग कर पाकिस्तानी वायु तत्वों को समुद्री क्षेत्र में निष्क्रिय कर दिया.  

भारतीय सेना ने भारत-म्यांमार बॉर्डर पर 10 उग्रवादियों को किया ढेर

चंदेल भारतीय सेना ने भारत-म्यांमार बॉर्डर पर 10 उग्रवादियों को मार गिराया है। सेना की ईस्टर्न कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी है। सेना की पूर्वी कमान ने देर रात एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर बताया, “भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित चंदेल जिले के खेगजॉय तहसील के न्यू समतल गांव के पास खुफिया जानकारी के आधार पर उग्रवादियों की गतिविधियों का पता चला था। इसके बाद असम राइफल्स की यूनिट ने 14 मई 2025 को स्पीयर कॉर्प्स के तहत एक ऑपरेशन शुरू किया।” उन्होंने बताया, “ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने सैनिकों पर गोलीबारी की, जिसका जवाब देते हुए सैनिकों ने तुरंत नियंत्रित और संतुलित तरीके से जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी में 10 उग्रवादी मारे गए और बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।” यह कार्रवाई मणिपुर में जारी अशांति के बीच सुरक्षाबलों की ओर से एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। भारत के पूर्वी सीमा पर यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल केंद्र सरकार ने भारत और म्यांमार के बीच 1,610 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा बाड़ लगाने और सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी थी। सरकार ने यह फैसला मणिपुर में घुसपैठियों को रोकने के लिए लिया था। सरकार के सूत्रों की मानें तो पड़ोसी मुल्क म्यांमार से घुसपैठिए, मणिपुर में प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए अब भारत सरकार ने भारत-म्यांमार सीमा पर मुक्त आवाजाही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ने लगभग 31 हजार करोड़ रुपये की लागत से भारत-म्यांमार के बीच 1610 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने और सीमा सड़कों के निर्माण के काम को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दी है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान सेना का कबूलनामा, बताया क्या- क्या हुआ नुकसान!

नई दिल्ली अपने देश में जश्न मनाने के बाद अब पाकिस्तान ने कुबूल कर लिया है कि भारत की जवाबी कार्रवाई में उसके 11 सैनिक मारे गए है और 78 कर्मी घायल हो गए. इसके अलावा गोलाबारी में 40 नागरिक भी घायल हुए हैं. साथ ही पाकिस्तान ने ये भी स्वीकार किया है कि भारतीय मिसाइल हमलों में पाकिस्तानी एयरफोर्स को भी भारी नुकसान हुआ है. वहीं, भारतीय सेना ने अपनी जवाबी कार्रवाई के बाद दी जानकारी में स्पष्ट कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी और उसके बाद जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के 40 जवान और अधिकारी मारे गए हैं. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को भारत के साथ हाल ही में हुए टकराव के दौरान हुए सैन्य और नागरिक हताहतों का आधिकारिक ब्यौरा जारी किया है. इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, 6 और 7 मई को भारतीय कार्रवाई के जवाब में ‘ऑपरेशन बुनयान-उन-मार्सस’ के दौरान देश की रक्षा करते हुए 11 सैनिक मारे गए तथा 78 कर्मी घायल हो गए. मारे गए 6 सैन्यकर्मी और एयरफोर्स के 5 अधिकारी ISPR ने बताया कि भारतीय हमलों में मरने वाले छह सैन्यकर्मी नायक अब्दुल रहमान, नायक वकार खालिद, लांस नायक दिलावर खान, इकरामुल्लाह, सिपाही अदील अकबर और सिपाही निसार शामिल हैं. ISPR ने ये भी स्वीकार किया है कि भारतीय हमलों में पाकिस्तानी वायुसेना को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसमें एयरफोर्स के पांच अधिकारी मारे गए हैं. स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ, मुख्य तकनीशियन औरंगजेब, वरिष्ठ तकनीशियन नजीब, वरिष्ठ तकनीशियन मुबाशिर और कॉर्पोरल तकनीशियन फारूक शामिल हैं. पाकिस्तानी आर्मी के अनुसार, सैन्य हताहतों के अलावा LoC के पार भारतीय सेना की अकारण गोलाबारी में भारी नागरिक हताहत हुए. आईएसपीआर के बयान के अनुसार, सात महिलाओं और 15 बच्चों सहित 40 नागरिकों की जान चली गई, जबकि 121 अन्य – जिनमें 27 बच्चे और 10 महिलाएं शामिल हैं – घायल हो गए. भारत द्वारा हाल ही में अंजाम दिए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान की नींव हिला दी है। इस हमले में भारत ने कई रणनीतिक पाकिस्तानी एयरबेस को तबाह कर दिया। सबसे खास बात यह रही कि पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने खुद सार्वजनिक रूप से भारत के हमले और उससे हुए भारी नुकसान को स्वीकार कर लिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव ने नया मोड़ तब लिया जब भारत ने सीमापार आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस सैन्य अभियान ने पाकिस्तान के भीतर आतंक के अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान जहां पहले मीडिया प्रोपेगेंडा के ज़रिए सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा था, वहीं अब खुद पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने सामने आकर भारत के हमले में हुए गंभीर नुकसान को स्वीकार कर लिया है। भारत की इस निर्णायक कार्रवाई ने न केवल पाकिस्तान की सैन्य संरचना को झकझोर दिया, बल्कि यह एक बड़ा कूटनीतिक और सामरिक संदेश भी बनकर उभरा है। इस अभियान का उद्देश्य सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों और भारत विरोधी गतिविधियों के केंद्रों को नष्ट करना था। भारत ने स्पष्ट किया कि यह कार्यवाही आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई।भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कई पाकिस्तानी एयरबेस पर निशाना साधा, जिनमें प्रमुख थे:     रावलपिंडी का नूरखान एयरबेस      शोरकोट एयरबेस     सुक्कुर और मुजफ्फरगढ़ के ठिकाने इशाक डार ने कबूल की तबाही पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार  ने प्रेस वार्ता में स्वीकार किया कि भारत ने नूरखान एयरबेस पर हमला किया। उन्होंने शोरकोट, सुक्कुर और मुजफ्फरगढ़ जैसे ठिकानों पर हमला किया। यह बड़ी सैन्य कार्रवाई थी जिसमें पाकिस्तान का नुकसान हुआ।भारत का कोई भी पायलट उनके कब्जे में नहीं । इस बयान से पाकिस्तान की अंदरूनी स्थिति और भारत की सैन्य ताकत की पुष्टि होती है। पाकिस्तानी सेना ने भी मानी हार पाकिस्तानी सेना ने भी यह स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसका कम से कम एक लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि उन्होंने यह बताने से परहेज किया कि यह कौन सा विमान था। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भारत का कोई भी पायलट उनके कब्जे में नहीं है इससे यह साबित होता है कि भारत की कार्रवाई पूरी तरह एकतरफा और सफल रही। भारत की सख्त चेतावनी: अब सीजफायर हुआ तो… भारत के  DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद सीजफायर की पहल की थी, लेकिन फिर उसे तोड़ते हुए आतंकी घुसपैठ कराई। अब अगर सीजफायर का उल्लंघन किया गया, तो भारत और बड़ा जवाब देगा। DGMO ने यह भी जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 100 से अधिक आतंकवादियों को मारा गया। इसके अलावा, सीमा पर हुई जवाबी गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के  35-40 सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है।  मारे गए आंतकियों में  शामिल हैं:      यूसुफ अजहर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा आतंकी और मसूद अजहर का रिश्तेदार      अब्दुल मलिक रऊफ  पाकिस्तान में सक्रिय ISI समर्थित आतंकी      मुदस्सिर अहमद जम्मू-कश्मीर में कई हमलों का मास्टरमाइंड  क्यों अहम ‘ऑपरेशन सिंदूर’?      यह कार्रवाई सीमापार आतंकवाद और आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने की एक स्पष्ट नीति का हिस्सा है।      भारत ने कूटनीतिक स्तर पर यह संदेश दिया कि अब हर हमले का ठोस जवाब दिया जाएगा।      यह ऑपरेशन 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के समान ही प्रभावशाली माना जा रहा है।  ऑपरेशन सिंदूर का  असर      पाकिस्तान के कम से कम 4 एयरबेस पूरी तरह ध्वस्त      आतंकवादियों के प्रमुख शिविर नष्ट       भारतीय सैन्य शक्ति का सफल प्रदर्शन       पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी       पाकिस्तान के नेताओं द्वारा खुलकर सच स्वीकारना  

जम्‍मू-कश्‍मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में ढेर किया एक आतंकी, दो के फंसे होने की आशंका

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल एक बार फिर एक्शन में आ गए हैं। मंगलवार को आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। लगातार फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। यह एनकाउंटर शोपियां के जिनपथेर केलर इलाके में हुआ है। बताया जा रहा है कि मारा गया आतंकी लश्कर-ए-तैयबा का था। वहीं सेना के हाथ बड़ी कामयाबी भी लगी है कि दो आतंकियों को जिंदा पकड़ा गया है। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां में जम्पाथरी इलाके में कुछ आतंकी छिपे हैं। ये आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। सुरक्षाबलों ने सर्च अभियान चलाया। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों के ठिकाने को चारों तरफ से घिर लिया। आतंकियों को सरेंडर करने को कहा गया। आतंकियों ने की फायरिंग सुरक्षाबलों से घिरे आतंकियों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने भी जवाबी फायरिंग की। लगातार ताबड़तोड़ गोलीबारी होती रही। आखिरकार एक आतंकी को गोली लगी और वह गिर पड़ा। दो आतंकियों ने इसी दौरान भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान मिले सामान तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला। असलहे मिले हैं और कई गुप्त दस्तावेज भी बरामद हुए है। आतंकी लश्कर ए तैयबा संगठन से जुड़ा है। पकड़े गए दो आतंकियों से पूछताछ के बाद कुछ और खुलासे हो सकते हैं।

भारत के हमले से रहीम यार खान एयरबेस का रनवे तहस-नहस, एक सप्ताह के लिए नॉन ऑपरेशनल घोषित

लाहौर पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठान रहीम यार खान एयरबेस अब काम नहीं कर पा रहा है. भारत की ओर से किए गए जवाबी हमले ने इस एयरपोर्ट के रनवे को तहस-नहस कर दिया है. अब पाकिस्तान ने फिलहाल एक सप्ताह के लिए इस एयरबेस को एक सप्ताह के लिए नॉन ऑपरेशनल घोषित कर दिया है. पाकिस्तान ने इस बाबत नोटम (NOTAM) नोटिस टू एयरमैन जारी किया है. ये नोटिस पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शनिवार शाम को जारी किया है. ये नोटम 10 मई को पाकिस्तानी समय के अनुसार 4 बजे शाम से प्रभावी हो गए हैं और 18 मई 5 बजे तक प्रभावी रहेगा. यानी कि इतने समय तक रहीम यार खान नूर बेस काम नहीं करेगा. पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि बंद करने का कारण वर्क इन प्रोग्रेस है. लेकिन पाकिस्तान ने शातिराना चालाकी करते हुए ये नहीं बताया है कि वो जंग जैसे इतने अहम समय में अपने सैन्य हवाई अड्डे पर क्या काम कर रहा है. नोटम में कहा गया है कि फिलहाल ये एयरबेस उड़ान के लिए संचालित नहीं होगा. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के दक्षिणी भाग में इस महत्वपूर्ण एयरबेस को अस्थायी रूप से बंद करना और बंद करने का समय और इसकी टाइमिंग इस एयरबेस पर भारत की ओर से किए गए तगड़े हमले की पुष्टि करती है. रहीम यार खान एयरबेस, जिसे आधिकारिक तौर पर शेख जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Shaikh Zayed International Airport) के नाम से जाना जाता है, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहीम यार खान शहर के पास स्थित है. यह हवाई अड्डा शहर से लगभग 4.6 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है. रहीम यार खान एयरबेस पर हमले का असर रविवार शाम को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े एक ब्रीफिंग में, भारतीय वायु सेना ने उपग्रह चित्रों से पुष्टि की कि रहीम यार खान वायु सेना अड्डे के रनवे पर भारत ने स्ट्राइक किया था. इस हमले में ये हवाई अड्डा तबाह हो गया था. नोटम के लिए जारी इस मैसेज में लिखा गया है. “RWY NOT AVBL FOR FLT OPERATION WIP” अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के अनुसार, NOTAM में कोड ‘WIP’ का उपयोग प्रगति पर चल रहे कार्य को दर्शाता है. अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) के अनुसार, ‘WIP’ हवाई अड्डे की सतह पर किए जा रहे किसी भी कार्य को दर्शाता है. यह देखते हुए कि NOTAM में विशेष रूप से एयरबेस पर रनवे का उल्लेख किया गया है, यह दर्शाता है कि रनवे पर ही प्रगति पर काम चल रहा है. रहीम यार खान एयरबेस में शेख जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी है. फ्लाइटराडार24 पर उपलब्ध एयरपोर्ट डेटा के अनुसार, इसका एकमात्र रनवे- रनवे 01/19- बिटुमिनस सरफेस वाला है और इसकी लंबाई 3,000 मीटर या 9,843 फीट है. यूं तो इस एयरपोर्ट को पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी (PCAA) द्वारा संचालित किया जाता है, लेकिन इसका उपयोग पाकिस्तान वायु सेना (PAF) द्वारा भी सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है. बता दें कि 10 मई को पाकिस्तानी हमले का जवाब देते हुए भारत ने पड़ोसी मुल्क के कई सैन्य एयरपोर्ट को निशाना बनाया. भारत के मिसाइल हमले में रफीकी, मुरीद, चकलाला, सुक्कुर, रहीम खान एयरबेस, चुनियां एयरबेस, नूर खान एयरबेस, सरगोधा एयरबेस को मुख्य रूप से निशाना बनाया. भारत के हमले में रहीम खान एयरबेस को तगड़ा नुकसान पहुंचा था. और इसकी हवाई पट्टी पर बड़ा गड्ढ़ा बन गया था. अब पाकिस्तान इन मलबों को साफ कर रहा है. और गड्ढे की मरम्मत कर रहा है. एयरबेस का मुख्य रनवे जो लगभग 3,000 मीटर लंबा है, पूरी तरह से तबाह हो गया. सैटेलाइट इमेजरी और वीडियो फुटेज में रनवे पर बड़ा गड्ढा दिखाई देता है. रिपोर्ट के अनुसार भारत के हमलों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर और दो हैंगर तबाह हो गए. रडार यूनिट और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा, जिससे एयरबेस की संचालन क्षमता अस्थायी रूप से ठप हो गई है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि भारत ने इन एयरबेसों पर अपने फाइटर जेट्स से एयर-टू-सरफेस मिसाइलें दागीं. भारत ने रविवार को कहा है कि पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 100 आतंकी मारे गए हैं. जबकि 40 से 50 पाकिस्तानी जवान और अधिकारी मारे गए हैं.  

ऑपरेशन सिंदूर: दुश्मन के जहाज को पास आने का मौका नहीं दिया- DG एयर ऑपरेशन

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर पर सोमवार को तीनों सेनाओं के डीजी ऑपरेशंस की प्रेस ब्रीफिंग हुई. इस दौरान भारतीय सेना में डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि हमारा एयर डिफेंस  सिस्टम तैयार था. पाकिस्तान हमारे एयर डिफेंस ग्रिड सिस्टम को भेद नहीं पाया. उन्होंने कहा कि आतंकी घटनाओं के तौर-तरीकों में बदलाव आ रहा है. हमारी मिलिट्री के साथ-साथ हमारे मासूम नागरिक जो अपना बचाव करने में असफल थे, उन पर भी हमले हो रहे थे. 2024 में जम्मू में शिवखोरी मंदिर जाते हुए तीर्थयात्रियों पर हमले और इस साल अप्रैल में पहलगाम में मासूम पर्यटकों पर हमला इस खतरनाक ट्रेंड के विशेष उदाहरण हैं. पहलगाम तक पाप का ये घड़ा भर चुका था, उसके बाद जो हुआ, उसके बारे में हम विस्तार से बात कर चुके हैं. हमने स्ट्राइक की. हमें पूरा अंदेशा था कि पाकिस्तान का वार भी होगा इसलिए हमने अपने एयर डिफेंस की पूरी तैयारी कर ली थी. राजीव घई ने कहा कि हम तैयार थे. हमारा एयर डिफेंस सिस्टम भी तैयार था. हमारा एयर डिफेंस सिस्टम दीवार की तरह खड़ा था. हमने हमले से निपटने की तैयारी की थी. जब हौंसले बुलंद हो तो मंजिले भी कदम चूमती है. इस दौरान एयर ऑपरेशन के डीजी एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ थी. इसलिए हमने सात मई को आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया लेकिन अफसोस इस बात का है कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों का साथ देना उचित समझ और इस लड़ाई को अपनी लड़ाई बना ली.इस परिस्थिति में हमारी जवाबी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक थी, इसमें जो भी नुकसान हुआ. इसके लिए वे खुद जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि हमने सरहद पार किए बिना हमले किए. हमने पाकिस्तान की मिसाइलों को मार गिराया. वे हमारे एयर डिफेंस ग्रिड को भेद नहीं पाए. हमने आतंकियों पर सटीक हमले किए. लेफ्टिनेंट घई ने कहा कि पाकिस्तान एयरफोर्स ने हमारी एयर टीम और लॉजिस्टिक प्रतिष्ठान पर 9-10 मई की रात को हमला किया गया.  ‘हम अगले मिशन के लिए तैयार’, बोले DG एयर ऑपरेशन एके भारती भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद आज फिर सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।  ऑपरेशन सिंदूर पर तीनों सेनाओं के डीजी सामने आए और उन्होंने कई नए खुलासे किए। इससे पहले वायुसेना ने ये भी बताया कि उन्होंने कराची सैन्य अड्डे को भी निशाना बनाया था। चीन की मिसाइल मार गिराई भारतीय सेना ने कहा कि उसने चीन की मिसाइल को भी मार गिराया। सेना ने कहा कि उसने संभावित पीएल-15 एयर-टू-एयर मिसाइल का मलबा दिखाया है, जो चीन निर्मित है और जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान ने भारत पर हमले के दौरान किया था। पाक सेना ने आतंकियों का साथ दिया     एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि हमने इस बार फिर से देखा कि कैसे पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि पाक ने आतंकवादियों के लिए भारत पर हमला करना चुना, जिसके कारण हमें जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।     हमारी लड़ाई आतंकवादियों और उनके सहायक ढांचे से है, न कि पाकिस्तानी सेना से।     हमारे हथियार समय पर खरे उतरे। हमारी स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली ‘आकाश’ अच्छा काम कर रही है।    डीजीएमओ लेफ्टिनेंट राजीव घई ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आतंकवादी गतिविधियों का चरित्र बदल गया है। निर्दोष नागरिकों पर हमले हो रहे थे।   पाक के पाप का घड़ा भर चुका था डीजीएमओ लेफ्टिनेंट राजीव घई ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आतंकवादी गतिविधियों का चरित्र बदल गया है। निर्दोष नागरिकों पर हमले हो रहे थे। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हमले के बाद पाकिस्तान के पाप का घड़ा भर चुका था। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि हमने आतंकियों के अड्डे को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई बेहद जरूरी थी, जिसके लिए हमने पूरी तैयारी कर ली थी। हमारे एयरफील्ड हर प्रकार से ऑपरेशनल हैं…पाकिस्तान की नापाक हरकतों का विनाश किया गया- DG MO DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि जो दुर्दशा आपने पहले और कल पाकिस्तान एयरफील्ड की देखी और एयर मार्शल की प्रस्तुति आज देखी। हमारे एयरफील्ड हर प्रकार से ऑपरेशनल है। पाकिस्तान के ड्रोन हमारे ग्रिड के कारण नष्ट हुई। मैं यहां पर अपने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की सराहना करता हूं। जिसके कारण पाकिस्तान की नापाक हरकतों का विनाश किया गया। आतंकियों पर हमारे सटीक हमले LOC और IB को पार किए बना किए गए थे- डीजीएमओ DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की एयर डिफेंस कार्रवाई को हमें एक संदर्भ में समझने की जरूरत है। पिछले कुछ सालों में आतंकी गतिविधियों के कैरेक्टर में बदलाव आ रहा था, अब हमारी सेना के साथ-साथ निर्दोष लोगों पर भी हमला हो रहा था। 2024 में शिवखोड़ी मंदिर की ओर जाने वाले तीर्थयात्री और इस साल अप्रैल में पहलगाम में मासूम पर्यटक। पहलगाम तक उनका पाप का घड़ा भर चुका था… क्योंकि आतंकियों पर हमारे सटीक हमले LOC और IB को पार किए बना किए गए थे, हमें पूरा अंदेशा था कि पाकिस्तान का हमला भी सीमा पार से ही होगा, इसलिए हमने एयर डिफेंस की तैयारी की थी। जब 9-10 मई को पाकिस्तान की वायुसेना ने हमारे एयर फील्ड और लॉजिस्टिक इंस्टॉलेशन पर हमला किया, तो वे इस मजबूत एयर डिफेंस ग्रिड के सामने विफल हुए। कोई भी संदिग्ध और दुश्मन के हवाई जहाज को हमने अपने कैरियर बैटल ग्रुप के कई किलोमीटर दूर भी आने का मौका नहीं दिया- DG NO DG NO वाइस एडमिरल ए एन प्रसाद ने कहा कि भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के किसी भी खतरे से निपटने के लिए कई लेयर की तैयारी कर ली थी। हमने लड़ाकू और टोही विमान को काम पर लगा दिया था। हमने अत्याधुनिक रेडार का इस्तेमाल करते हुए हमारे पायलट दिन और रात दोनों ही वक्त तैयार थे। हमने सैकड़ों किलोमीटर कि निगरानी की। कोई भी संदिग्ध और दुश्मन के हवाई जहाज को कई सौ किलोमीटर तक पास आने का मौका नहीं दिया। जब हौसले बुलंद हों तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं- डीजीएमओ DG MO ने कहा कि जब हौसले बुलंद हों तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं। हमने अपने एयर … Read more

सेना के ट्रक चालकों को मुफ्त भोजन, विश्राम और आवास मिलेगा, पेट्रोल पंपों पर सैन्य कर्मियों के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे

इंदौर  देश के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और सेवा भाव का परिचय देते हुए, इंदौर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने एक अहम घोषणा की है. ट्रक और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बाद, अब पेट्रोल पंप संचालकों ने भी सेना के लिए अपना सहयोग और समर्थन व्यक्त किया है. एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि मध्य प्रदेश से युद्ध सामग्री लेकर गुजरने वाले सेना के ट्रकों के चालकों और अन्य सैन्य कर्मियों के लिए उनके सभी पेट्रोल पंपों पर मुफ्त भोजन, विश्राम और आवास की व्यवस्था की जाएगी. एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इस पहल के पीछे की भावना को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह देशभक्ति के जज्बे से प्रेरित है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पेट्रोल डीलर भी देश की सेवा में अपना योगदान देना चाहते हैं. उनकी इस घोषणा से स्पष्ट है कि समाज के हर वर्ग में देश के जवानों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना विद्यमान है. इस योजना के तहत, प्रदेश के उन सभी मार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर विशेष इंतजाम किए जाएंगे, जहाँ से सेना के ट्रकों का आवागमन संभावित है. प्रत्येक पेट्रोल पंप पर सैन्य कर्मियों के ठहरने के लिए उचित स्थान सुनिश्चित किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, उनके लिए पौष्टिक भोजन और सूखे मेवों के पैकेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उनकी यात्रा सुगम और आरामदायक बनी रहे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दिए जाने वाले खाद्य सामग्री दो से तीन दिनों तक खराब न हो, जिससे यात्रा के दौरान उन्हें सुविधा रहे. सैन्य कर्मियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए पेट्रोल पंपों पर आवश्यक जानकारी वाले बैनर और पोस्टर भी लगाए जाएंगे. इन पोस्टरों पर पेट्रोल पंप डीलर का संपर्क नंबर भी दिया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सैन्य कर्मी उनसे सीधे संपर्क कर सकें. इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति के लिए हर पेट्रोल पंप पर प्राथमिक चिकित्सा किट (फर्स्ट एड किट) भी उपलब्ध रहेगी. इंदौर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन का यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि यह अन्य व्यापारिक संगठनों और नागरिकों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है. यह दर्शाता है कि एकजुट होकर और छोटे-छोटे प्रयासों से भी देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है. इस पहल से निश्चित रूप से युद्ध सामग्री ले जा रहे सैन्य कर्मियों को राहत मिलेगी और उनका मनोबल और ऊंचा होगा, जिससे वे अपने महत्वपूर्ण कार्य को और भी अधिक समर्पण के साथ कर सकेंगे. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब देश को हर नागरिक के समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है.  

भारत ने श्रीनगर में सेना ने एक्टिव किया एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम

श्रीनगर भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. दोनों मुल्क जंग के मुहाने पर खड़े हैं और सेनाएं लामबंद हैं. बीती रात दोनों देशों की तरफ से मिसाइल हमले हुए हैं. भारत ने पाकिस्तान के चार एयरबेस को निशाना बनाया है. इसके साथ ही पाकिस्तान की तरफ से भारत के कई शहरों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान ने श्रीनगर सहित कई सरहदी इलाकों में सेना का जमावड़ा शुरू कर दिया है. वहीं, सूत्रों ने बताया है कि श्रीनगर और आस-पास के इलाकों में पाकिस्तान के साथ भारी मुठभेड़ चल रही है. सेना ने इलाके में सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम को एक्टिव कर दिया है. जम्मू में गोलीबारी से नुकसान पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं. गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं. जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तानी गोलाबारी में मकान और संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, ये गोलाबारी नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर की जा रही है. अखनूर में ब्लैकआउट पाकिस्तान की तरफ से लगातार किए जा रहे हमलों के बीच जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में रात से ही ब्लैकआउट का ऐलान किया गया है. डिफेंस सूत्रों के मुताबिक, जम्मू के पास भारतीय सेना ने पाकिस्तानी चौकियों और आतंकवादी लॉन्च पैड्स को नष्ट कर दिया है, जहां से ट्यूब लॉन्च ड्रोन भी लॉन्च किए जा रहे थे. दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 26 जगहों पर ड्रोन देखे गए हैं, इनमें संदिग्ध सशस्त्र ड्रोन शामिल हैं. इन जगहों में बारामूला, श्रीनगर, अवंतीपोरा, नगरोटा, जम्मू, फिरोजपुर, पठानकोट, फाजिल्का, लालगढ़ जट्टा, जैसलमेर, बाड़मेर, भुज, कुआरबेट और लाखी नाला शामिल हैं. एक सशस्त्र ड्रोन ने फिरोजपुर में एक रिहायशी इलाके को निशाना बनाया, जिसके बाद एक स्थानीय परिवार के सदस्य घायल हो गए. घायलों को मेडिकल सहायता दी गई है और सुरक्षा बलों द्वारा इलाके की तलाशी ली गई है. रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि भारतीय सशस्त्र बल बड़े स्तर पर सतर्कता बरत रहे हैं और ऐसे सभी हवाई खतरों को काउंटर-ड्रोन सिस्टम का उपयोग करके ट्रैक किया जा रहा है और उनसे निपटा जा रहा है. स्थिति पर कड़ी और निरंतर निगरानी रखी जा रही है और जहां भी जरूरी हो, त्वरित कार्रवाई की जा रही है. नागरिकों, विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में, को घर के अंदर रहने, जरूरी आवाजाही को सीमित करने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी जा रही है. इंडियन एयर डिफेंस यूनिट्स ने नष्ट किए पाकिस्तान के ड्रोन, इंडियन आर्मी ने बताया भारत-पाकिस्तान के बीच मची तनातनी के बीच इंडियन आर्मी ने सोशल मीडिया पोस्ट में ताजा अपडेट दिया है. भारतीय सेना ने कहा बताया कि पाकिस्तान द्वारा ड्रोन हमलों और अन्य हथियारों के साथ हमारी पश्चिमी सीमाओं पर लगातार हमले जारी हैं. ऐसी ही एक घटना में, आज सुबह करीब 5 बजे, अमृतसर के खासा कैंट के ऊपर कई दुश्मन के हथियारबंद ड्रोन उड़ते देखे गए. हमारी एयर डिफेंस यूनिट्स द्वारा दुश्मन के ड्रोन को तुरंत ही नष्ट कर दिया गया. इंडियन आर्मी ने कहा कि भारत की संप्रभुता का उल्लंघन करने और नागरिकों को खतरे में डालने का पाकिस्तान की कोशिश अस्वीकार्य है. भारतीय सेना दुश्मन के मंसूबों को नाकाम कर देगी. भारत-पाक तनाव के चले लखनऊ पुलिस की छुट्टियां रद्द भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए लखनऊ में पुलिस की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. छुट्टी पर गए पुलिस कर्मियों को तत्काल अवकाश रद्द कर ज्वाइन करने के आदेश दिए गए गए हैं. छुट्टी पर गए पुलिसकर्मियों को व्हाट्सएप पर छुट्टी रद्द करने का आदेश भेजा जा रहा है. जॉइंट सीपी लॉ एंडर ऑर्डर ने छुट्टी रद्द करने का आदेश जारी किया है. पंजाब के कई शहरों में अलर्ट, सुनी गईं सायरन की आवाजें भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का बुरा असर पंजाब में बड़े स्तर पर पड़ा है क्योंकि यह सीमावर्ती राज्य है. अमृतसर प्रशासन ने कहा कि हम रेड अलर्ट पर हैं. लोगों से घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है. फ़िरोज़पुर और बठिंडा इलाके में हवाई हमले हुए और सायरन की आवाजें भी सुनी गईं. J-K: रामबन में खोले गए चिनाब नदी पर बने बगलिहार डैम के कई गेट पाकिस्तान की ओर से बीते दो दिनों से भारत के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है. दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. शनिवार सुबह को जम्मू-कश्मीर के रामबन में चिनाब नदी पर बने बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट डैम के कई गेट खोल दिए गए हैं. PAK की गोलीबारी में राजौरी के एडीशनल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर की गई जान पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में जम्मू-कश्मीर में राजौरी के एडीशनल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर (ADDC) राज कुमार थप्पा की जान चली गई है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने थप्पा के निधन को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट किया है. मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि दुख व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. श्रीनगर में सेना ने एक्टिव की एयर डिफेंस सिस्टम पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है. इस बीच भारतीय सेना ने सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली को सक्रिय कर दिया है. यह जानकारी रक्षा सूत्रों की ओर की तरफ से आई है. भारत के हमलों से खौफजदा होकर पाकिस्तान श्रीनगर समेत सरहदी इलाकों में अपने सैनिकों की संख्या में इजाफा कर रहा है. जम्मू शहर में पाकिस्तानी गोलीबारी से नुकसान पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं. गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

पाकिस्तानी सेना जिन आतंकी लॉन्च पैड से ड्रोन हमले कर रहे थी, भारतीय सेना ने जमींदोज कर दिया

नई दिल्ली पाकिस्तानी सेना बीती रात से भारत के सैन्य और रिहायशी ठिकानों पर लगातार हमला कर रही है, जिसका मुंहतोड़ जवाब भारतीय सेना दे रही है. भारत के सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के आतंकी लॉन्च पैड नष्ट कर दिए हैं. पाकिस्तानी सेना जिन आतंकी लॉन्च पैड से ड्रोन हमले कर रहे थी. उन्हें भारतीय सेना ने जमींदोज कर दिया है. पाकिस्तान लगातार हमले कर रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी लॉन्च पैड को किस कदर तबाह कर पड़ोसी मुल्क की कमर तोड़ दी है. इससे पहले पाकिस्तान ने भारत की पश्चिमी सीमा पर भारत के कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया. जम्मू-कश्मीर के उधमपुर और राजौरी के साथ-साथ पंजाब के जालंधर में धमाका हुआ. पाकिस्तान की ओर से भारत के रिहायशी इलाकों पर ड्रोन हमले किए जा रहे हैं. जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और पठानकोट में सुबह-सुबह तेज धमाके सुनाई दे रहे हैं. बता दें कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर का बदला लेने के लिए 8 और 9 मई की रात भारत की पश्चिमी सीमा पर एक साथ कई हमलों की कोशिश की थी. पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और अन्य हथियारों के जरिए भारतीय सीमाओं को निशाना बनाया गया था. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर कई बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया था. सेना ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत सभी ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया और सीजफायर उल्लंघनों का मुंहतोड़ जवाब दिया गया. सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय सीमाओं की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे और किसी भी नापाक मंसूबे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बता दें कि आतंक के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान गुरुवार को जम्मू कश्मीर से लेकर जैसलमेर तक हिन्दुस्तान के करीब 15 शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन भारतीय सेना ने इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया.  

पाकिस्तान भारत के रिहायशी इलाकों पर लगातार हमला कर रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही

नई दिल्ली भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस (Operation Bunyan Ul Marsoos) शुरू कर दिया है. इस ऑपरेशन के तहत वह भारत के रिहायशी इलाकों पर बीती रात से लगातार हमला कर रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है. भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस दिया है, जिसका मतलब है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है. इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती है. इस ऑपरेशन को नाम देते हुए पाकिस्तान ने शनिवार तड़के भारत पर फतेह-1 मिसाइल सहित ड्रोन और मिसाइलें दागीं. रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, पाकिस्तान ने ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस शुरू कर दिया है. यह नाम कुरान की एक आयत से लिाय गया है, जिसका मतलब होता है मजबूत दीवार. इस ऑपरेशन के तहत भारत के कई शहरों पर हमले किए गए. लेकिन भारत ने पाकिस्तान के इस ऑपरेशन को शुरू में ही पस्त कर दिया. पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी का कहना है कि भारत ने उनके तीन सैन्यअड्डों पर हमला किया, जिसके जवाब में हमने भारत के पंजाब के सिख इलाकों में छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. उन्होंने कहा कि भारत ने जो शुरू किया है, हमारी सेना उसे खत्म करने की तैयारी कर रही है. पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि भारत के अन्य सैन्य ठिकानों पर भी हमले जारी है. पाक सेना ने कहा कि भारत के उन सभी ठिकानों, जहां से पाकिस्तानी नागरिकों और मस्जिदों पर हमले किए गए थे, उन्हें पाकिस्तान की ओर से निशाना बनाया जा रहा है. इससे पहले पाकिस्तान की ओर से देर रात पीओके और इंटरनेशनल बॉर्डर पर सीजफायर का उल्लंघन किया गया. पाकिस्तान ने रातभर में लगभग भारत के 30 से ज्यादा इलाकों में ड्रोन से हमला किया जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) की बैठक बुलाई है. यह कमेटी परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर फैसले लेती है.  

सांबा में सेना की बड़ी कार्रवाई, घुसपैठ की कोशिश कर रहे 7 आतंकियों को मार गिराया

 सांबा भारत और पाकिस्तान के बीच इन दिनों भारी तनाव देखने को मिल रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. यही कारण है कि हमले की नाकाम कोशिश कर रहा है. 8 और 9 मई 2025 की दरमियानी रात को जम्मू फ्रंटियर बीएसएफ के सांबा सेक्टर में एक बड़े आतंकवादी समूह द्वारा घुसपैठ की कोशिश की गई, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. BSF ने यहां पाकिस्तान की तरफ से भारत में घुसने की कोशिश कर रहे सात आतंकवादियों को ढेर कर दिया है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि मारे गए आतंकियों की पहचान जैश के रूप में हुई है. भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. आतंकियों ने आधी रात को घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया है. सेना ने इस पूरी घटना का एक वीडियाे भी जारी किया है, जिसमें आतंकी घुसपैठ और गोलीबारी दिखाई दे रही है. सेना की इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की ढांढर पोस्ट को भारी नुकसान पहुंचा है. घुसपैठ की इस कोशिश में अधिकारियों की मानें तो पाकिस्तान की BAT यानी बॉर्डर एक्शन टीम का हाथ हो सकता है. आतंकियों को देखते ही सेना ने चला दी गोलियां बॉर्डर पर रात में सेना की टुकड़ी गश्ती कर रही थी. इसी दौरान उनकी नजर आतंकियों पर पड़ी. रात करीब 11.30 बजे आतंकियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत के अंदर घुसने का प्रयास किया. जवानों की तरफ रोके जाने के बाद उन्होंने भागना चाहा, लेकिन जवानों ने गोलीबारी शुरू कर दी. सांबा पहले से भी घुसपैठ के मामले में काफी संवेदनशील क्षेत्र है. यही कारण है कि भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए यहां चौकसी बढ़ा दी गई है. भारत के एक्शन से बौखलाया पाकिस्तान भारत ने जब से ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की है. तभी से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. भारत लगातार आतंकी ठिकानों और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दे रहा है. इससे बौखलाए पाकिस्तान ने जम्मू एयरपोर्ट पर हमले की नाकाम कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. इस कार्रवाई में पाकिस्तान के 50 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए. यही कारण है कि पाकिस्तान बदला लेने की लगातार नाकाम कोशिश कर रहा है.

प्रदेश की साढ़े 7 लाख ट्रक सेना के लिए तैयार: ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन ने PM मोदी को लिखा पत्र, ड्राइवरों की छुट्टियां भी निरस्त

इंदौर.  भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच मध्य प्रदेश की साढ़े 7 लाख ट्रक सेना के परिवहन के लिए तैयार है. जिसे लेकर ट्रक और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इसके अलावा ड्राइवरों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी गई है. ट्रक एंड ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन ने पीएम मोदी को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बधाई देते हुए लिखा- हमारी भारतीय सेनाओं को सलाम जिन्होंने कंधार से पहलगाम तक के जख्मों को और उजड़ी मांगों के सिंदूर का बदला लिया और आतंकवादियों, पाकिस्तान सेनाओं को घर में जाकर मारा. यह हमारे लिए गर्व का पल है. एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सेना के ट्रांसपोर्ट के लिए अपने ट्रक उपलब्ध कराने की पहल की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में 8 मई को पत्र जारी किया है। संगठन के अध्यक्ष सीएल मुकाती का कहना है कि प्रदेश के साढ़े सात लाख ट्रक सेना के परिवहन के लिए तैयार हैं। हमने कारगिल युद्ध में भी सेना को तब एक हजार ट्रक उपलब्ध कराए थे। अब साढ़े 7 लाख ट्रक युद्ध में सेना के की हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने ड्राइवरों और कंडक्टरों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी हैं। एसोसिएशन का कहना है कि हम 24 घंटे आपात स्थिति के लिए तैयार हैं। पत्र में आगे लिखा- महोदय, हमारे ट्रक देश सेवा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारतीय सेनाओं के सामान को परिवहन करने के लिए तत्पर हैं और उपलब्ध कराना चाहते है. हम सब आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रत्यक्ष रूप से ट्रक लेकर खड़े हैं आप का आदेश सर आंखों पर रखकर हम आपके खड़े हैं. यह लिखा है पत्र में हमारे देश की आन-बान-शान एवं मां, बहन, बेटी के सिंदूर की लाज रखने के लिए किए गए “ऑपरेशन सिंदूर की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। साथ ही हमारी भारतीय सेनाओं की सलाम, जिन्होंने कंधार से पहलगाम तक के जख्मों का एवं उजड़ी मांगों के सिंदूर का बदला लिया और आतंकवादियों, पाकिस्तान की सेनाओं को घर में जाकर मारा। यह हमारे लिए गर्व का पल है। हमारे ट्रक देश सेवा में “ऑपरेशन सिंदूर” के लिए भारतीय सेनाओं के सामान को परिवहन करने के लिए तत्पर हैं एवं उपलब्ध कराना चाहते हैं। हम सब आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रत्यक्ष रूप से ट्रक लेकर खड़े हैं। आप का आदेश सर आंखों पर रखकर हम आपके साथ खड़े हैं। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहलगाम हमले में मारे गए इंदौर के सुशील नथानियल की पत्नी जेनिफर ने कहा, भारत ने सही समय पर बदला लिया, अब खौफ आतंकियों के चेहरे पर दिखना चाहिए। शहरवासियों ने सेना के एक्शन का समर्थन किया और कहा कि आतंकवाद को भारत से जड़ से खत्म करना चाहिए। जीत इस की खुशी में 56 दुकान पर आज मिठाइयां बांटी गई और दिनभर खाना भी फी मिलेगा। वहीं शहर के रीगल चौराहे पर संतों शंखनाद किया। पाकिस्तानी झंडे को जलाकर बोले, निर्दोषों की हत्या का बदला सेना ने लिया।

प्रदेश में ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे पूरे शहर को सचेत करने के लिए एक संकेत पर सभी सायरन बजें

भोपाल /इंदौर भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात के बीच मध्यप्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर में बिना अनुमति सभी तरह के आयोजन बैन कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार ने गुरुवार को इसका आदेश जारी किया, जो 4 जुलाई 2025 तक लागू रहेगा। भोपाल में शुक्रवार सुबह लोगों ने बड़े तालाब किनारे बोट क्लब पर खड़े सुदर्शन चक्र टैंक पर चढ़कर तिरंगा फहराया। वंदे मातरम के नारे लगाए। उन्होंने कहा- अब समय आ गया है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म किया जाए। भारत की सेना लगातार जवाब दे रही है। जल्द ही पाकिस्तान का नाम तक नहीं बचेगा। इससे पहले ग्वालियर में प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट के निर्देश के बाद कमिश्नर मनोज खत्री ने शहर के सभी 66 वार्डों की मैपिंग कर पर्याप्त सायरन लगवाने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने कहा- ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे पूरे शहर को सचेत करने के लिए एक संकेत पर सभी सायरन बजें। उधर, इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सेना के ट्रांसपोर्ट के लिए अपने ट्रक उपलब्ध कराने की पहल की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में 8 मई को पत्र जारी किया है। संगठन के अध्यक्ष सीएल मुकाती का कहना है कि प्रदेश के साढ़े सात लाख ट्रक सेना के परिवहन के लिए तैयार हैं। इंदौर पुलिस कमिश्नर ने जारी किया आदेश इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोषकुमार सिंह ने भारतीय नागरिक संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

पाकिस्तान के तीन बड़े शहर के डिफेंस सिस्टम तबाह, सेना का काउंटर अटैक

नई दिल्ली पाकिस्तान ने देर रात जम्मू, पठानकोट और जैसलमेर समेत कई शहरों पर हमला करने की कोशिश की, हाालंकि भारत की S-400 वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान की 8 मिसाइलों को मार गिराया है. इसके साथ ही पाकिस्तान के तीन फाइटर जेट मार गिराए हैं, इसमें दो JF-17 और एक F-16 फाइटर जेट शामिल है. इतना ही नहीं, भारत की ओर से भी जवाबी हमला किया गया है. पाकिस्तान पर हमले के लिए राजस्थान से फाइटर प्लेन उड़े हैं. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन मिसाइलें दागी हैं. भारत ने AWACS को भी मार गिराया है.अंधेरे में डूबा पाकिस्तान .INS विक्रांत से पाकिस्तान पर दागी मिसाइल . पाकिस्तान ने गुरुवार रात जम्मू स्थित एयरस्ट्रिप पर रॉकेट दागा, लेकिन भारत ने इस हमले को नाकाम कर दिया है. भारत की S-400 ने 8 पाकिस्तानी मिसाइलों को मार गिराया है.इतना ही नहीं, भारत ने पाकिस्तान के दो JF-17 और एक  F-16 जेट भी मार गिराया है. हालांकि पाकिस्तान ने सांबा में भारी गोलाबारी की है. पाकिस्तानी हमले देखते हुए जम्मू के आरएसपुरा इलाके में ब्लैकआउट किया गया है, यहां लगातार सायरन बज रहे हैं. फिलहाल जम्मू शहर में मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहे हैं. सतवारी कैंप पर हमले की खबर है. उधर, कुपवाड़ा में भी भारी गोलाबारी हुई है. तंगधार में भी मोर्टार से भारी गोलाबारी हुई है. वहीं, पुंछ और राजौरी में भी भारी गोलीबारी हो रही है. भारतीय वायु रक्षा तंत्र (Air Defences) ने कई अहम जगहों के पास सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियां (High-End SAM Units) तैनात कर दी हैं और वे लगातार पाकिस्तानी हमलों का जवाब दे रही हैं. इस प्रणाली को जम्मू एय़रपोर्ट के पास, पठानकोट के पास, अखनूर सेक्टर और सांबा क्षेत्र में तैनात किया गया है. बता दें कि जम्मू एयरपोर्ट से फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी है. – भारत ने लाहौर, सियालकोट, कराची और इस्लामाबाद में गोले बरसाए हैं. – भारत ने पाकिस्तान के एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) को पंजाब प्रांत में मार गिराया है. – भारत ने लाहौर पर बड़ा हमला शुरू किया है. –  पाकिस्तान पर हमले के लिए राजस्थान से फाइटर जेट उड़ चुके हैं. – जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भारी धमाके हुए हैं – उरी सेक्टर में भारी फायरिंग हो रही है – भारत की ओऱ से 4 एंटी ड्रोन सिस्टम एक्टिव किए गए हैं. – श्रीनगर में ब्लैक आउट किया गया है. – राजौरी शहर में कई धमाकों की आवाज सुनी गई है. – चंडीगढ़ में ब्लैकआउट किया गया है. – पोकरण में दागी गई मिसाइल को सुदर्शन चक्र ने ध्वस्त किया. – धर्मशाला में IPL मैच को रोका गया है, मैदान में फ्लड लाइट्स भी बंद कर दी गई हैं. धर्मशाला में दिल्ली और पंजाब के बीच मैच खेला जा रहा था. – आर्मी एयर डिफेंस यूनिट्स ने KG टॉप के पास दुश्मन के ड्रोन मार गिराए. एक पाकिस्तानी F-16 को भी मार गिराने की खबर है. – जम्मू में S-400 वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय किए जाने के बाद बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, ताकि सिस्टम की कार्यक्षमता प्रभावित न हो. – पठानकोट एयरबेस को लेकर फैली अफवाहों पर विराम लगाते हुए DIG ने पुष्टि की है कि कोई नुकसान नहीं हुआ है. – नागौर (राजस्थान) में सुरक्षा कारणों से ब्लैकआउट किया गया और जिला कलेक्टर ने तत्काल जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाई है, सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. – BCAS (Bureau of Civil Aviation Security) ने देश के सभी एयरपोर्ट्स पर 100% सेकेंडरी लैडर पॉइंट सिक्योरिटी चेक अनिवार्य कर दिया है. जानकारी के मुताबिक राजस्थान के जैसलमेर में भी पाकिस्तान ने हमला किया है, यहां धमाके की आवाज सुनी गई है. इसके चलते जैसलमेर में भी ब्लैकआउट किया गया है. जैसलमेर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है. पाकिस्तान ने जैसलमेर एय़रपोर्ट पर हमले की कोशिश की है. जम्मू-यूनिवर्सिटी के पास 2 ड्रोन मार गिराए गए हैं.इसके साथ ही पंजाब के गुरदासपुर में भी ब्लैकआउट किया गया है. उधर, पठानकोट एयरवेज में भी सायरन बज रहे हैं. पठानकोट के हलका सुजानपुर में ड्रोन दिखा है, पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर ड्रोन से गोलीबारी रोकी गई है. बता दें कि 7-8 मई की रात को पाकिस्तान ने लुधियाना, चंडीगढ़ और अमृतसर समेत भारत के 15 शहरों पर ड्रोन और मिसाइल के जरिए हमले की कोशिश की थी. लेकिन भारत ने इस प्रयास को निष्प्रभावी कर दिया था. भारतीय सेना ने लाहौर में स्थित पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जोरदार जवाबी हमला किया है. पाकिस्तान के ड्रोन हमलों और मिसाइलों के हमले का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारतीय वायुसेना और थलसेना ने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और आतंकवादी अड्डों को निशाना बनाया है. भारत ने जवाबी सैन्य कार्रवाई के तहत पाकिस्तान के अत्याधुनिक एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान को मार गिराया है. ये कार्रवाई भारतीय वायुसेना द्वारा सीमा के पास की गई उच्च स्तरीय एयर डिफेंस ऑपरेशन का हिस्सा थी. यह विमान पाकिस्तान की निगरानी और युद्ध नियंत्रण क्षमताओं का एक अहम हिस्सा माना जाता है, जिसे मार गिराकर भारत ने दुश्मन की रणनीतिक बढ़त को गंभीर नुकसान पहुंचाया है. AWACS विमान के गिरने से पाकिस्तान की हवाई निगरानी और संचार समन्वय प्रणाली को बड़ा झटका लगा है. इस कार्रवाई के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और वायुसेना की तैयारियों को और मजबूत किया गया है, और सीमा क्षेत्रों में एयर डिफेंस को और अधिक सख्त कर दिया गया है. यह भारत की स्पष्ट सैन्य चेतावनी है कि किसी भी प्रकार की घुसपैठ या दुस्साहस का करारा जवाब दिया जाएगा. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सैन्य कार्रवाई की बौखलाहट में पाकिस्तान ने गुरुवार रात जम्मू-कश्मीर और पंजाब से लेकर गुजरात के सीमावर्ती इलाकों के 15 शहरों में सैन्य प्रतिष्ठानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले की नाकाम कोशिशें की। इन सभी पाकिस्तानी हमलों को नाकाम करने के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत ने गुरुवार दिन में लाहौर, कराची, रावलपिंडी , सियालकोट, बहावलपुर समेत पाकिस्तान के आठ शहरों के सैन्य ठिकानों और एयर डिफेंस पर दर्जन भर ड्रोन मिसाइलों से हमला किया। इस कार्रवाई में भारत ने लौहार स्थित एक एयर डिफेंस सिस्टम पर हरोप ड्रोन से सबसे तगड़ा हमला कर उसे … Read more

भारत माता की धरती पर, भारत की आन-बान-शान पर प्रहार करेगा, वो दुनिया के किसी भी कोने में छोड़ा नहीं जाएगा: जीतू पटवारी

भोपाल मध्य प्रदेश समेत पूरे भारत में भारत के ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का जश्न मनाया जा रहा है। परिवारों में घरों में खुशियां और गर्व नजर आ रहा है। इस बीच कांग्रेस मध्य प्रदेश अध्यक्ष, जीतू पटवारी ने भी अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) और भारत की सैन्य ताकतों से आग्रह किया है। उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पूरा देश आज गर्व कर रहा है। सेना ने जो कार्रवाई की है, वह गर्व की बात है। हम सब एक जुट हैं, पूरा देश एक जुट है। ये कार्रवाई पूरे विश्व के लिए एक संदेश है। सेना की इस कार्रवाई पर गर्व है। जानें और क्या बोले जीतू? भारत ने उसे उसी की भाषा में जवाब दिया है, ये पूरे विश्व के लिए एक संदेश है… कि भारत माता की धरती पर, भारत की आन-बान-शान पर प्रहार करेगा, वो दुनिया के किसी भी कोने में छोड़ा नहीं जाएगा।पूरा देश एकजुट है, एक साथ है, सेना ने जो कार्रवाई की इससे पूरे देश में हर्ष है। पाकिस्तान की जो ये नफरत वाली नीति है, जो घृणा की नीति है, अब उसको अपने गिरेबान में झांकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जो नफरत उसने फैलाई, उससे ना उसका भला होगा, ना उसके नागरिकों का। एक तरह उसे नफरत की नीति की राजनीति से बचना चाहिए। दुनिया से और देश से माफी मांगनी चाहिए। पीएम मोदी और सेना से किया आग्रह जीतू पटवारी ने पीएम मोदी और भारत की सैन्य ताकतों से आग्रह किया है, कहीं भी आतंकवादी छिपे हों, जो भारत की धरती पर नुकसान करते हों, उन्हें नेस्तोनाबूद कर दो, ताकि भविष्य में कभी भी कोई भी भारत माता पर प्रहार की हिम्मत ना कर सकें। पहलगाम में दुर्दांत घटना हमारे नागरिकों की हत्या नहीं थी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आगे कहा कि पहलगाम की घटना केवल हमारे नागरिकों की हत्या नहीं थी, बल्कि वो भारत का मूल मर्म, प्रेम-भाईचारे, मोहब्बत के अस्तित्व पर प्रहार था।

Indian Army की मार झेलने के बाद दहशत में पाकिस्तानी, गूगल पर सर्च कर रहे- ये सिंदूर होता क्या है?

 25 मिनट में 9 कैंप तबाह… कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने बताई ऑपरेशन सिंदूर की एक-एक डिटेल गृह मंत्रालय अलर्ट, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द; भारत-पाक में चरम पर तनाव Indian Army की मार झेलने के बाद दहशत में पाकिस्तानी, गूगल पर सर्च कर रहे- ये सिंदूर होता क्या है? नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में इंडियन आर्मी ने आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. भारत की तीनों सेनाओं ने जॉइंट ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करते हुए कार्रवाई की है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में करीब 90 आतंकियों को मारा गया है. भारत ने इस कार्रवाई को ‘सिंदूर ऑपरेशन’ कहा है. भारत सरकार ने अपने बयान में कहा है, ”इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया है, जहां से भारत पर आतंकी हमलों का प्लान बनाया गया था.” वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक को ‘कायराना’ बताया है. पीड़ितों और परिजनों को न्याय दिलाने के लिए किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’: कर्नल सोफिया कुरैशी कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस ब्रीफिंग में एयरस्ट्राइक की जानकारी दी. भारतीय सेना की प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरेशी ने कहा, “मासूम पर्यटकों और उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया. पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेटर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और PoK दोनों में फैले हैं.” कर्नल सोफिया ने कहा, “9 आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया और ध्वस्त किया गया. पिछले तीन दशकों से पाकिस्तान ने व्यवस्थित तरीके से आतंकी ढांचे का निर्माण किया, जो आतंकी कैंपों और लॉन्चपैड्स के लिए पनाहगाह रहा है. उत्तर में सवाई नाला और दक्षिण में बहावलपुर में स्थित मशहूर प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया.” भारत का एक्शन नपा-तुला, जिम्मेदारी भरा और गैर-उकसावे वाला है: विक्रम मिसरी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, “भारत ने सीमा पार हमलों का जवाब देने, रोकने और प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है. भारत का एक्शन नपातुला, जिम्मेदारी भरा और गैर-उकसावे वाला है. आयोजकों और फाइनेंसरों को जवाबदेह ठहराने का प्रयास था. भारत की कार्रवाई को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए.”  विंग कमांडर व्योमिका सिंह   18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन हुईं विंग कमांडर व्योमिका सिंह को मौजूदा वक्त की सबसे बेहतरीन विंग कमांडर में से एक माना जाता है. जिनके पास लड़ाकू हेलिकॉप्टर्स उड़ाने का एक बेहतरीन अनुभव है और चीता, चेतक जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्टर उड़ाने में महारथ भी हासिल है. व्योमिका सिंह को वायुसेना में शामिल होने के 13 साल बाद विंग कमांडर का पद मिला और 18 दिसंबर 2017 में जाकर वो विंग कमांडर बनीं.   विंग कमांडर व्योमिका सिंह के पास इस समय हज़ारों घंटे फ्लाइंग ऑवर्स का अनुभव है, जो उन्हें सबसे सक्षम बनाता है. व्योमिका सिंह ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया है कि जब वो क्लास 6 में थीं, तभी उनके मन में ख़याल आ गया था कि वो एयरफोर्स का हिस्सा बनेंगी, क्यूंकि इसके पीछे एक कहानी है और वो उनके नाम से जुड़ी हुई है. व्योमिका सिंह ने बताया कि हमारी क्लास में एक बहस चल रही थी, जो नाम पर थी. जब मैंने अपना नाम बताया, जिसका मतलब ये था कि जो आसमान को मुट्ठी में रखे. तभी मैंने सोच लिया कि अब आसमां मेरा होगा.     विंग कमांडर व्योमिका सिंह के मुताबिक, जब उनकी पढ़ाई पूरी हुई उस दौर तक महिलाएं काफी कम एयरफोर्स में आती थीं, जब मेरी पढ़ाई पूरी हुई और मैंने यूएपएससी के जरिए एयरफोर्स में एंट्री ली और फिर हेलिकॉप्टर पायलट बन गईं. व्योमिका सिंह ने बताया कि हेलिकॉप्टर पायलट होने के नाते आपको कई मुश्किल और कठिन फैसले लेने पड़ते हैं, और इन्हीं फैसलों ने हमें मज़बूती दी है. बता दें कि विंग कमांडर व्योमिका सिंह ना सिर्फ लड़ाकू हेलिकॉप्टर को चलाने में सक्षम हैं, बल्कि साल 2021 में वायुसेना की जिस महिला विंग ने माउंट मणिरंग की चढ़ाई की थी, वो उसका भी हिस्सा रह चुकी हैं और इतिहास में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं. # कर्नल सोफिया कुरैशी   प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिन्दी में पूरी जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दीं और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों की एक-एक जानकारी दुनिया के सामने रखी. सोफिया कुरैशी कॉर्प्स ऑफ सिग्नल से जुड़ी हुई अधिकारी हैं. 35 साल की सोफिया कुरैशी इस वक्त पहली महिला ऑफिसर हैं, जिन्होंने इंडियन आर्मी के पूरे कॉन्टिजेंट को एक कई देशों की सैन्य एक्सरसाइज़ में लीड किया है.   साल 2016 में वो एक्सरसाइज़ फोर्स 18 मिलिट्री ड्रिल का हिस्सा बन चुकी हैं और उसे लीड भी कर चुकी हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, गुजरात से आने वाली सोफिया कुरैशी सैन्य परिवार से ही आती हैं और बायोकेमेस्ट्री में डिग्री भी रखती हैं. करीब 6 साल के लिए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में भारत की तरफ से योगदान दिया है और कोंगो में मिशन को पूरा किया है. गृह मंत्रालय अलर्ट, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की सटीक और जबरदस्त स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव और बढ़ गया है। इसी बीच गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। गृह मंत्रालय ने आदेश दिया है कि BSF, CRPF, ITBP, SSB और CISF जैसे सभी प्रमुख अर्धसैनिक बलों के जवान पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी पर मौजूद रहें। सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त तैनाती की जा रही है और इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में बौखलाहट भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में बौखलाहट है और वह जवाबी हमले की गीदड़भभकी दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय किसी भी जवाबी कार्रवाई या आतंकी साजिश को रोकने के लिए लिया गया है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान बॉर्डर पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। … Read more

पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर का उल्लंघन, LoC पर फिर की फायरिंग; सेना ने दिया माकूल जवाब

श्रीनगर पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रही है। आज पाकिस्तान ने लगातार 10वें दिन एलओसी के पास फायरिंग कर सीजफायर का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान की कई पोस्ट्स से भारत की तरफ बिना किसी उकसावे के फायरिंग की गई। हालांकि भारत की सेना ने भी पाकिस्तान की इस हरकत का माकूल जवाब दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की सेना की लगभग 32 चौकियां सक्रिय हो गई हैं, जहां से फायरिंग की गई है। छोटे हथियारों से की फायरिंग ताजा जानकारी के मुताबिक 03-04 मई 2025 की रात को, पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में फायरिंग की। इसमें कुपवाड़ा, बारामुल्ला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर के आसपास के इलाकों में नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई। भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान की ओर से की गई इस फायरिंग का तुरंत और आनुपातिक रूप से जवाब दिया। पाकिस्तान की 32 चौकियां सक्रिय बता दें कि 03-04 मई की दरमियानी रात पाकिस्तानी सेना की लगभग 32 चौकियां सक्रिय हो गईं। उन्होंने भारतीय सेना के अग्रिम ठिकानों पर गोलीबारी की।वहीं भारतीय सेना का अनुमान है कि पाकिस्तान ने घात लगाकर हमला करने की कोशिश की है। इन हमलों के जरिए पाकिस्तानी सेना अपने आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही है। पाकिस्तान सीमा पार या सर्जिकल स्ट्राइक से डर रहा है और यही वजह से लगातार इस तरह की हरकतें कर रहा है। वहीं पाकिस्तान की इस हरकत से कश्मीर और जम्मू क्षेत्र की नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ गया है। आतंकियों ने पांच गुटों में बनाए कैंप जानकारी के मुताबिक, ताजा संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान पाक सेना ने पांच समूहों में अलग-अलग स्तर के शिविर बनाए हैं। ये अलग-अलग पोस्ट मानसेरा, मुजफ्फराबाद, कोटली, मुरीदके और बहावलपुर में बनाए गए हैं। इन पोस्ट की बात करें तो मानशेरा में बालाकोट, गढ़ी हबीबुल्लाह, बतरासी; मुजफ्फराबाद में चेलाबंदी, सवाईनाला, मुस्कराअक्सा, अब्दुल्ला बिन मसूद, दुलई नाला; कोटली में गुलपुर, सेंसा, बराली, डुंगी; बहावलपुर में बरनाला और मुरीदके में कालीघाटी हजीरा हैं। अल्फा 3 मुख्य नियंत्रण कक्ष से ये आतंकी कश्मीर में घुसपैठ के लिए योजना बना रहे हैं और आतंकवादियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। आतंकियों के तीन प्रमुख लॉन्चिंग पैड वहीं जांच के दायरे में पाकिस्तान के तीन मुख्य आतंकी कैंप सामने आए हैं। इसमें कोटा हलान नॉर्थ, पीओजेके; तशराजी कैंप, कोटा बाजार, पीओजेके और हलान नॉर्थ, पीओजेके हैं। फॉरवर्ड कोटा हलान नॉर्थ में हिजबुल मुजाहिदीन का लॉन्चिंग पैड है। इस लॉन्चिंग पैड पर सभी संगठनों के मुजाहिदीन की कुल संख्या 15 से 20 है। कमांडर सैफुल्लाह खालिद बटूर इसका लॉन्चिंग कमांडर है। लश्कर-ए-फॉरवर्ड का दूसरा लॉन्चिंग पैड तशराजी कैंप के नाम से है, जो फॉरवर्ड कोटा बाजार में है। इस लॉन्चिंग पैड पर फिलहाल लश्कर का कमांडर अजमतुल्लाह खान है। इस लॉन्चिंग पैड पर 15 से 12 मुजाहिदीन हैं, जो सभी संगठनों से जुड़े हुए हैं। वहीं तीसरा लॉन्चिंग पैड हलान नॉर्थ में है, जो जैश-ए-मोहम्मदी संगठन से जुड़ा हुआ है। इस लॉन्चिंग पैड पर केवल चार मुजाहिद्दीन हैं जो इस पैड की देखभाल कर रहे हैं और बाकी लॉन्चिंग पैड को ज्यादातर बंद रखा गया है। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव दरअसल, एक तरफ पाकिस्तान के नेता आरोप लगा रहे हैं कि भारत उनपर हमला करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान की सेना खुद ही लगातार जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा यानी LoC पर सीजफायर का उल्लंघन कर रही है। पाकिस्तान की तरफ से बीते 10 दिनों से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। भारतीय सेना भी पाकिस्तान की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दे रही है।

भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान में खौफ, पाक सेना ने रडार सिस्टम को सियालकोट पर तैनात किया

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले को सात दिन हो गए हैं. इस हमले के बाद भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान खौफ में है. ऐसे में पाकिस्तानी सेना भारत के किसी भी तरह के संभावित हमले से बचने के लिए कई कदम उठा रहा है. जानकारी के मुताबिक, इंडियन एयरस्ट्राइक को डिटेक्ट करने के लिए पाकिस्तानी सेना अपने रडार सिस्टम को सियालकोट सेक्टर में फॉरवर्ड लोकेशन पर तैनात कर रही है. फिरोजपुर से सटे हुए इलाकों में भारत की मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी फौज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर को भी फॉरवर्ड लोकेशंस पर तैनात कर रहा है. हाल ही में पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 58 किलोमीटर की दूरी पर चोर कंटोनमेंट में TPS-77 रडार को तैनात किया था. वहीं, पाकिस्तान ने लगातार पांचवें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया और एलओसी पर फायरिंग की. पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के कुपवाड़ा, बारामूला और अखनूर सेक्टर्स में फायरिंग शुरू की. भारतीय सेना ने पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दिया. बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी जबकि 17 घायल हुए थे. यह हमला पहलगाम की बैसारन घाटी में किया गया था, जिसमें आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया गया था. पहलगाम अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह पहली बार है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बड़ी जंग हो चुकी है लेकिन पहले कभी भी इस संधि को स्थगित नहीं किया गया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया था कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता.  

भारतीय सेना की कार्रवाई से बचने पाकिस्तान ने आतंकवादियों को आर्मी के बंकर में शिफ्ट होने के लिए कहा

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों को लॉन्च पैड से निकालकर आर्मी शेल्टर्स में शिफ्ट किया जा रहा है. पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों से कहा है कि वे या तो आर्मी शेल्टर या फिर बंकरों में चले जाएं. पीओके स्थित सभी लॉन्च पैड को खाली करने को कहा गया है. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि, पीओके में स्थित लॉन्च पैड से गाइड के जरिए आतंकी जम्मू-कश्मीर की सीमा में दाखिल होते हैं. हाल फिलहाल में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ लॉन्च पैड की पहचान की थी, जिनमें से इन लॉन्च पैड से आतंकियों को शिफ्ट किया जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि केल, सारडी, दुधनियाल, अथमुकम, जुरा, लीपा, पछिबन, फॉरवर्ड कहुटा, कोटली, खुइरत्ता, मंधार, निकैल, चमनकोट और जानकोटे में कुछ लॉन्च पैड हैं, जहां हमेश आतंकी मौजूद होते हैं. एलओसी के पास अपनी सुरक्षा बढ़ा रहे कश्मीरी सीमा पर तनाव के बीच कश्मीर में एलओसी के पास रहने वाले लोग भी अपनी सुरक्षा के इंतजाम करने लगे हैं. मसलन,कुछ वर्षों की सामान्य स्थिति और शांति के बाद, एलओसी के पास रहने वाले लोगों के लिए तनाव और अनिश्चितता फिर से वापस आ गई है. खासतौर से पीओके में भारतीय सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के बाद स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ी है. नियंत्रण रेखा, कुपवाड़ा के केरन, माछिल, तंगधार क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है, क्योंकि पहलगाम हमले के बाद गोलीबारी की घटनाएं फिर से आम हो गई हैं. अपनी सुरक्षा के लिए लोग अब बम शेल्टर खोल रहे हैं और उनकी सफाई कर रहे हैं, ताकि हालात बिगड़ने पर लोग अपनी जान बचा सकें. पाकिस्तान की तरफ से किया जा रहा सीजफायर का उल्लंघन पाकिस्तान पिछले कुछ हफ्तों से जम्मू-कश्मीर में सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, और पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से ये उल्लंघन आम हो गए हैं. अप्रैल 2025 तक दर्ज की गई घटनाओं को एलओसी के साथ जम्मू-कश्मीर में कई क्षेत्रों में पाकिस्तान द्वारा उकसावे के रूप में देखा जा रहा है. भारतीय सेना ने प्रत्येक घटना का तेजी से और प्रभावी ढंग से जवाब दिया है, नागरिकों पर इसका कम से कम प्रभाव हुआ है.  

घाटी में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई आतंकियों के घर किये ध्वस्त, दो सहयोगी गिरफ्तार

पुलवामा जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है. पुलवामा में सक्रिय आतंकवादी के घरों को भारतीय सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया है. नई कार्रवाई में घाटी के अंदर सक्रिय आतंकियों के दो और घरों को ध्वस्त कर दिया गया है. जून 2023 से लश्कर के सक्रिय कैडर एहसान अहमद शेख के दो मंजिला घर को सुरक्षा बलों ने आईईडी का उपयोग करके उड़ा दिया है. वह पुलवामा के मुर्रान का रहने वाला है. ऐसी ही एक अन्य कार्रवाई में 2 साल पहले लश्कर में शामिल हुए शाहिद अहमद के घर को शोपियां के चोटीपोरा इलाके में विस्फोट कर उड़ा दिया गया है. पहलगाम हमले के बाद पिछले 48 घंटे में कुल 6 आतंकियों के घरों को ध्वस्त किया जा चुका है. आतंकियों के 5 घर ध्वस्त इसके अलावा, कल रात कुलगाम के क्विमोह में ज़ाकिर गनी के तीसरे घर को सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया, वह 2023 में लश्कर में शामिल हो गया था. पहलगाम आतंकी हमले के बाद से सक्रिय लश्कर कैडर के आतंकियों के कुल 5 घरों को उड़ा दिया गया है. जिसकाभारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दिया। इसी बीच खबर मिली है कि कुलगाम जिले के कैमोह इलाके में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, कुलगाम के थोकरपोरा में पुलिस ने दो आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया। जवनोपन का कहना है कि, ये लोग हमले में आतंकवादियों के मददगार है। पहलगाम हमले के बाद सेना और पुलिस आतंकियों की कमर तोड़ने में लगी है। कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के घरों को ध्वस्त किया जा रहा है। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी एहसान अहमद शेख का दो मंजिला घर पुलवामा के मुर्रान में IED से उड़ा दिया गया। वह जून 2023 से सक्रिय था। वहीं, शाहिद अहमद का घर शोपियां के चोटीपोरा में विस्फोट से ढहा दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक पांच आतंकियों के घर तोड़े जा चुके हैं। LoC पर तनाव और भारत की जवाबी कार्रवाई 25-26 अप्रैल 2025 की रात को पाकिस्तानी सेना ने LoC पर बिना उकसावे के कई जगहों पर फायरिंग की। यह सीजफायर उल्लंघन 2021 के बाद से कम देखा गया था, लेकिन पहलगाम हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा, “हमारे सैनिकों ने छोटे हथियारों से उचित जवाब दिया। भारतीय पक्ष से कोई हताहत नहीं हुआ।” सेना ने संयम बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की। गौरतलब है कि, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन मीडो में हुए हमले में 26 लोग मारे गए। शुरुआती जांच में पता चला कि 5-7 आतंकी शामिल थे, जिन्हें पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी। दो स्थानीय आतंकियों ने उनकी मदद की। हमले की जिम्मेदारी रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली, जो लश्कर-ए-तैयबा का हिस्सा है। जांच में पाकिस्तान से लिंक की पुष्टि हुई है।     आदिल गोजरी (बिजबेहरा)     आसिफ शेख (त्राल)     अहसान शेख (पुलवामा)       शाहिद कुट्टे (शोपियां)     जाकिर गनी (कुलगाम)     हारिस अहमद (पुलवामा) शुक्रवार की रात सुरक्षा बलों ने कुलगाम के क्विमोह में जाकिर गनी के घर को उड़ा दिया, वह 2023 में लश्कर में शामिल हुआ था. इसके साथ ही सुरक्षा बलों ने बिजबेहरा में सुरक्षा बलों ने आदिल थोकर के घर को उड़ा दिया. वहीं, त्राल में कल सुरक्षा बलों ने आसिफ शेख के घर को उड़ा दिया. पुलवामा में आतंकी का घर ध्वस्त करने से पहले पहलगाम हमले में शामिल स्थानीय आतंकी आदिल हुसैन थोकर के अनंतनाग जिले के बिजबेहरा के गोरी इलाके में स्थित घर को सुरक्षा बलों ने बम से उड़ा दिया था. आदिल थोकर उर्फ ​​आदिल गुरी के रूप में पहचाने जाने वाले इस आतंकी पर पहलगाम की ​बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में पाकिस्तानी आतंकवादियों की मदद करने का आरोप है. वहीं, इस हमले में शामिल दूसरे स्थानीय आतंकी आसिफ शेख के त्राल स्थित घर को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया. सैन्य सूत्रों ने बताया कि स्टील टिप वाली गोलियों, एके-47 राइफलों और बॉडी कैमरा पहने हुए लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के चार आतंकवादियों के एक समूह ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों के बीच हिंदुओं को निशाना बनाया और उन पर गोलियों की बौछार कर दी. इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे और भारत के अलग-अलग राज्यों से जम्मू-कश्मीर घूमने पहुंचे थे. आतंकवादियों में दो स्थानीय भी शामिल थे. सूत्रों ने बताया कि दोनों स्थानीय आतंकियों की पहचान बिजबेहरा निवासी आदिल हुसैन थोकर और त्राल निवासी आसिफ शेख के रूप में हुई है. टेरर कैंप में ली थी ट्रेनिंग सैन्य सूत्रों के मुताबिक, आदिल ने साल 2018 में अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए वैध तरीके से पाकिस्तान की यात्रा की थी. अपने पाकिस्तान प्रवास के दौरान उसने टेरर कैम्प में ट्रेनिंग ली थी और पिछले साल जम्मू-कश्मीर लौटा था. पहलगाम हमले के कुछ चश्मदीदों ने बताया​ कि कुछ आतंकी आपस में पश्तून भाषा में बातचीत कर रहे थे. सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया कि हमले में शामिल सभी आतंकवादी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हैं. हालांकि द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने भी इस हमले की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने कहा कि टीआरएफ लश्कर-ए-तैयबा का एक मुखौटा आतंकी संगठन है, जिसका इस्तेमाल हमले को एक स्वदेशी समूह के काम के रूप में दिखाने के लिए किया गया.  

किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ सेना का बड़ा ऑपरेशन, आर्मी का एक जवान शहीद, जैश कमांडर समेत तीन दहशतगर्द ढेर

किश्तवाड़  जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में कम से कम तीन आतंकियों के मारे जाने की खबर है। चातरी के नैदगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जैश कमांडर सैफुल्लाह, फरमान और बाशा को मार गिराया है। मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। वहीं, अभी भी सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। जम्मू के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना का एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) शहीद हो गया। जानकारी के अनुसार, यह जवान बीती रात आतंकियों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तुरंत इलाज के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षाबलों ने उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान सूचना मिली कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। लेकिन, तब सुरक्षाबलों के हाथ सफलता नहीं लगी थी। इसके बाद तीनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। पता चला कि जैश-ए-मोहम्‍मद के कमांडर सैफुल्‍लाह समेत अन्‍य आतंकवादियों के किश्‍तवाड़ जिले के छत्रू जंगल में छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना ने पुलिस के साथ मिलकर ज्‍वाइंट सर्च ऑपरेशन चलाया और आतंकी सैफुल्‍लाह को उसके दो अन्‍य साथियों के साथ ढेर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात दो आतंकवादी मारे गए थे। वहीं शनिवार सुबह एक आतंकवादी मारा गया। इस आपरेशन में आर्मी और पारा कमांडो, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस शामिल थी। एक आतंकवादी की अभी भी तलाश जारी है। घने जंगलों का फायदा उठाकर आतंकी अकसर घुसपैठ और हमले की कोशिश करते हैं। इसलिए यह अभियान घने जंगलों में ही चलाया गया था। सेना ने आतंकियों का पता लगाने के लिए हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी उतारे थे। इलाके में हाई अलर्ट घोषित सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर्प्स ने बयान जारी कर बताया कि खराब और प्रतिकूल मौसम के बावजूद ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। मुठभेड़ के दौरान एक एके-47 और एक एम4 राइफल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल किश्तवाड़ में ऑपरेशन जारी है और इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सेना और अन्य सुरक्षाबलों की टीमें पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि किसी भी अन्य आतंकी को पकड़ा जा सके या मार गिराया जा सके। सेना की इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुठभेड़ वाली जगहों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाया है। खुफिया जानकारी से पता चला है कि सीमा पार से आए आतंकवादी इन इलाकों में छिपे हुए हैं। सुरक्षाबलों को पता चला कि उधमपुर के बसंतगढ़ तीन आतंकवादी एक ग्रामीण के घर में घुस गए और जबरन उसके घर से खाने का सामान, मोबाइल फैन, बैग, जूते और छाता लेकर भाग गए। वहीं 3 अप्रैल को भी मजालता ब्लॉक में आतंकवादियों ने एक परिवार को बंधक बना लिा और फिर उनका मोबाइल फोन लेकर भाग गए। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इसी बीच आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। 23 मार्च को पहली बार आतंकवादी हीरानगर के सानियाल में देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके की तलाशी शुरू कर दी। 27 मार्च को सूफैन के जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मार गिराए गए। वहीं चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। वहीं शुक्रवार देर रात को आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने अखनूर में सीजफायर का उल्लंघन किया। जवानों ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं गोलीबारी में एक जेसीओ बुरी तरह घायल हो गया। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। अधिकारियों के मुताबिक, सतर्क जवानों ने शुक्रवार देर रात केरी भट्टल क्षेत्र में अग्रिम वन क्षेत्र में एक नाले के पास भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह को देखा और उन्हें चुनौती दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई जो काफी देर तक जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में एक जेसीओ घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है तथा अंतिम रिपोर्ट मिलने तक तलाश अभियान जारी था। इसी क्षेत्र में 11 फरवरी को आतंकवादियों द्वारा किए गए एक विस्फोट में एक कैप्टन सहित दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे तथा एक अन्य घायल हो गया था। यह ताजा घटना भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू- कश्मीर के पुंछ जिले में सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के दो दिन बाद हुई है। सीमा पार से गोलीबारी की लगभग एक दर्जन घटनाओं और एक आईईडी हमले के बाद तनाव कम करने के प्रयास में यह फरवरी के बाद से दूसरी ऐसी बैठक थी। भारतीय सेना ने सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों और संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर अपने समकक्षों के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

देश में पूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त पेंशन और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने उचित कदम उठाए

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने देश में पूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त पेंशन और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए हैं। भूतपूर्व सैनिकों की मांग के आधार पर सरकारी संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, कॉर्पोरेट घरानों, निजी क्षेत्र, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों आदि में भूतपूर्व सैनिकों को नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न पुनर्वास एवं कौशल विकास प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, रोजगार और स्वरोजगार योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना का उद्देश्य समान सेवा अवधि के साथ समान रैंक से सेवानिवृत्त होने वाले वर्तमान और पूर्व पेंशनभोगियों की पेंशन दरों के बीच के अंतर को पाटना है। यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लोकसभा में देवेश शाक्य को एक लिखित उत्तर में दी। पूर्व सैनिकों की जनगणना आंकड़े, 31 दिसंबर 2023 तक देश के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कुल 2.78 करोड़ पूर्व सैनिकों को दर्शाते हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए ग्रुप ‘सी’ में 14.5% रिक्तियां और ग्रुप ‘डी’ में 24.5% रिक्तियां आरक्षित हैं। केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण में विकलांग भूतपूर्व सैनिकों और युद्ध में शहीद हुए सैन्यकर्मियों के आश्रितों के लिए 4.5% रिक्तियां शामिल हैं। वहीं, भारतीय सेना के अधिकारी चयन में भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं और युद्ध में हताहत हुए लोगों के बच्चों के लिए रिक्तियां आरक्षित हैं। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन में 5% रिक्तियां उन रक्षा कर्मियों की विधवाओं को प्रदान की जाती हैं, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई है। वहीं, विधवा और पूर्व सैनिकों के बच्चों को संबंधित रेजिमेंटल केंद्रों द्वारा नामांकित किया जा रहा है। साथ ही उन्हें अग्निपथ योजना और नियमित कैडर के तहत भर्ती के लिए ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा में बोनस अंक दिए जाते हैं। सैन्य सेवा के कारण सेवा में मारे गए सैनिकों के मामले में, विशेष पारिवारिक पेंशन या उदारीकृत पारिवारिक पेंशन स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, अनुग्रह राशि/ग्रेच्युटी भी स्वीकृत की गई है।  

बांग्लादेश की सेना ने राजधानी ढाका में बड़ी संख्या में बख्तरबंद वाहनों और बड़ी संख्या में सैनिकों को बुलाया

ढाका  बांग्लादेश की सेना ने राजधानी ढाका में बड़ी संख्या में बख्तरबंद वाहनों और बड़ी संख्या में सैनिकों को बुलाया है। रिपोर्ट के अनुसार, सेना की हर ब्रिगेड से 100 सैनिकों को ढाका में इकठ्ठा होने को कहा गया है। ये घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब बांग्लादेश की सेना और हसीना विरोधी आंदोलन की अगुवाई करने वाले संगठन स्टूडेंट अगेंस्ट्र डिस्क्रिमिनेशन के बीच संबंधों में दरार की खबरें आई है। नॉर्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि सावर स्थित सबसे महत्वपूर्ण 9वीं डिवीजन के सैनिकों ने क्रमिक तरीके से ढाका में प्रवेश करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट में बांग्लादेश के सुरक्षा प्रतिष्ठान के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से कहा है कि सेना देश को देश पर अपनी पकड़ मजबूत करने में कुछ और दिन लगेंगे। बांग्लादेश की सेना के पास डिवीजन आकार की 10 क्षेत्रीय कमान है, जिनमें ब्रिगेड की कोई निश्चित संख्या नहीं है। 9वीं इंन्फैंट्री डिवीजन सावर में स्थित है, जबकि एक अन्य महत्वपूर्ण 19वीं इन्फैंट्री डिवीजन घाटैल में तैनात है। सेना प्रमुख को लेकर छात्र नेताओं का खुलासा बांग्लादेश सेना की सक्रियता छात्र नेता और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास और सहकारिता मंत्रालय के सलाहकार आसिफ महमूद शाजिब भुइयां के खुलासे के बाद हुई है। भुइयां ने एक वीडियो में दावा किया था कि सेना प्रमुख जनरल वकार उज-जमान ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार नियुक्त करने पर अनिच्छा से सहमति जताई थी। पहले से रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो को शुक्रवार को जारी किया गया था। इससे पहले एक अन्य प्रभावशाली छात्र नेता हसनत अब्दुल्ला ने 11 मार्च को जनरल जमान के साथ एक गुप्त बैठक के बाद सेना प्रतिष्ठान के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की धमकी थी। कहा गया था कि जनरल जमान ने सुझाव दिया था कि बांग्लादेश में चुनाव होने पर शेख हसीना की अवामी लीग राजनीति में वापस आ सकती है और चुनाव भी लड़ सकती है। सेना के खिलाफ आंदोलन की धमकी हालांकि, अब्दुल्ला और भुइयां ने यह नहीं बताया कि उन्होंने जनरल जमान के साथ बातचीत को सार्वजनिक करने के लिए दो सप्ताह से अधिक समय का इंतजार क्यों किया, लेकिन अब्दुल्ला ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की वापसी का रास्ता खोलने के लिए सेना के अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की धमकी दी। भुइयां के खुलासे और अब्दुल्ला की फेसबुक पोस्ट के तुरंत बाद बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने एक वर्चुअल बैठक की, जिसका उद्येश्य निकट भविष्य में छात्रों के एक और विद्रोह की आशंका में कदम उठाना था। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सेना मजबूत कदम उठाएगी या नहीं। इस बीच 26 मार्च से मोहम्मद यूनुस तीन दिनों की चीन यात्रा पर जाने वाले हैं। सेना प्रमुख को बदनाम करने की कोशिश छात्र प्रतिनिधियों और जनरल वकार के बीच 11 मार्च की बैठक के विवरण को सार्वजनिक किए जाने ने बांग्लादेश में अधिकांश लोगों को हैरान कर दिया है। इसे सेना प्रमुख की छवि को खराब करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, यूनुस को यह महसूस होने लगा है कि पिछले साल 8 अगस्त को मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यभार संभालने के बाद उनकी स्थिति काफी कमजोर हो गई है। यही वजह है कि उन्होंने नई दिल्ली के सामने शांति का प्रस्ताव रखा है और बिम्सटेक सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की मांग की है। हालांकि, यह मुलाकात संभव नहीं है क्योंकि यूनुस सरकार में शामिल अधिकारियों ने लगातार भारत के खिलाफ उकसाऊ बयानबाजी की है। इसके अलावा भारतीय प्रतिष्ठान जल्द ही एक लोकतांत्रिक-चुनावी प्रक्रिया देखना चाहता है, जिससे एक वैध राजनीतिक दल सत्ता में आए, जिसके साथ वह आगे बढ़ सके। इस बीच जनरल जमान के नेतृत्व में सेना बांग्लादेश में अहम आधार बनी हुई है।

मथुरा सहित 12 जिलों में भारतीय सेना में अग्निवीरों की भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ, 10 अप्रैल तक पंजीकरण

मथुरा मथुरा सहित 12 जिलों में भारतीय सेना में अग्निवीरों की भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ हो गए हैं। आवेदक 10 अप्रैल तक पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण कराने के बाद ही ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) में बैठ सकते हैं। सेना से मिली जानकारी के अनुसार आगरा स्थित सेना भर्ती कार्यालय के अंतर्गत अलीगढ़, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, हाथरस, जालौन, झांसी, कासगंज, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा और आगरा के अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी। सामान्य ड्यूटी के साथ तकनीकी, क्लर्क, स्टोर कीपर व अग्निवीर ट्रेड्समैन के लिए 10वीं और 8वीं पास युवा आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) पहला कदम है। इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की ही सेना भर्ती रैली आयोजित होगी। क्या है आयु सीमा? साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष की आयु के अभ्यर्थी पंजीकरण के पात्र हैं। अग्निवीर तकनीकी ट्रेड में प्रवेश के लिए पालिटेक्निक व आइटीआइ डिप्लोमा होना चाहिए। ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, उड़िया, बंगाली, उर्दू, गुजराती, मराठी और असमिया भाषा में आयोजित की जाएगी। वर्ष के अंत में सेना भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। joinindianarmy.nic.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थी पात्रता के आधार पर दो अग्निवीर श्रेणियों में आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए दो श्रेणियों के फार्म अलग-अलग भरने होंगे। अब अग्निवीर के लिए होगा अनुकूलनशीलता परीक्षण इस वर्ष से शारीरिक फिटनेस टेस्ट व शारीरिक माप परीक्षण उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को अनुकूलनशीलता परीक्षण (अडाप्टेबिलिटी टेस्ट) भी पास करना होगा। इसमें परखा जाएगा कि अभ्यर्थी सैन्य जीवन की चुनौतियों के अनुकूल हैं या नहीं। आवेदक इस परीक्षा के बाद ही मेडिकल परीक्षा और आगे की भर्ती प्रक्रिया के लिए पात्र होंगे। स्वरोजगार के लिए 11 बैंकों ने दिया 8़ 50 करोड़ का ऋण वहीं उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत स्वरोजगार के लिए 170 युवाओं को ऋण दिया गया है। इनमें से हर युवा को बैंकों से पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है। सबसे ज्यादा ऋण ग्रामीण आर्यावर्त बैंक ने 44 आवेदकों को वितरित किए हैं। इस योजना के तहत 1000 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक कुल 1502 आवेदन हुए हैं। शासन ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना प्रारंभ की गई है। इसका उद्देश्य शिक्षित व प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना है। इस योजना के अंतर्गत अधिकतम पांच लाख रुपये तक का चार वर्ष के लिए ब्याज मुक्त ऋण जिले की बैंक शाखाओं के माध्यम से दिया जा रहा है। लेकिन बैंक इस योजना को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं। इस योजना में अब तक 1502 कुल आवेदन आए हैं। इनमें स्वीकृत 350 आवेदन हुए हैं, जबकि ऋण वितरण 170 को हुआ है। जबकि 416 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं। अभी तक 719 आवेदन लंबित हैं। इस प्रकार 8़ 50 करोड़ रुपये का ऋण आवेदकों को दिया गया है। सबसे ज्यादा 44 युवाओं को ग्रामीण आर्यावर्त बैंक ने वितरित किए हैं।

ट्रेन हाइजैक करने वाले बलूच विद्रोहियों ने कर दिया बड़ा ऐलान, सभी 214 बंधकों को मार डाला

इस्लामाबाद पाकिस्तानी यात्री ट्रेन का अपहरण करने वाले बलूच विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सभी 214 सैन्य बंधकों को मार डाला है, क्योंकि बलूच राजनीतिक कैदियों को रिहा करने के लिए सौदे के लिए उनकी 48 घंटे की समय सीमा समाप्त हो गई थी. बलूच लिबरेशन आर्मी, जिसने पाकिस्तानी सेना के इस दावे को खारिज कर दिया कि बंधकों को रिहा करवा लिया गया है.  बीएलए ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार की “जिद” ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया. विद्रोहियों ने सरकार को बलूच राजनीतिक कैदियों और कार्यकर्ताओं को रिहा करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. बलूच विद्रोहियों ने अगवा कर ली थी ट्रेन दरअसल बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करने वाले अलगाववादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी ने मंगलवार को रेलवे ट्रैक को उड़ाने के बाद पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था. जिस समय ट्रेन को हाइजैक किया गया उस समय ट्रेन में 400 से ज्यादा लोग मौजूद थे. ट्रेन को कब्जे में लेने के बाद बीएलए के विद्रोहियों ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को जाने दिया था. बीएलए ने एक बयान में कहा, “पाकिस्तान ने अपनी पारंपरिक जिद और सैन्य अहंकार का प्रदर्शन करते हुए न केवल गंभीर वार्ता से परहेज किया, बल्कि जमीनी हकीकत से भी आंखें मूंद लीं. इस जिद की वजह से सभी 214 बंधकों को मार दिया गया.” ट्रेन में 400 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकतर सुरक्षाकर्मी थे. बंधकों को छुड़ाने के लिए अभियान चलाने वाली पाकिस्तानी सेना ने कहा कि 30 घंटे के अभियान के बाद बुधवार को घेराबंदी समाप्त हो गई, जिसमें सभी 33 विद्रोही मारे गए. सेना ने दावा किया कि हमले में 23 सैनिक, तीन रेलवे कर्मचारी और पांच यात्री मारे गए. UNSC में जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले की निंदा यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल यानि UNSC में पाकिस्तान को बड़ी कामयाबी मिली है। UNSC में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले की निंदा की गई है। सबसे खास बात ये है कि पाकिस्तान को डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का भी साथ मिला है, जिसने अपने पहले कार्यकाल के दौरान बीएलए के हमलों की निंदा करने से परहेज किया था। द न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने जाफर एक्सप्रेस पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) की तरफ से किए गए “घृणित और कायरतापूर्ण” हमले की कड़ी निंदा की है। यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल, जिसमें 15 स्थाई और अस्थाई सदस्य होते हैं, उसकी अध्यक्ष डेनमार्क की क्रिस्टीना मार्कस लासेन की तरफ से जारी बयान में दोषियों को इंसाफ के कटघरे में लाने का आह्वान किया गया है। इसके अलावा उन्होंने आतंकी हमले में मारे गये जवानों और नागरिकों के प्रति “गहरी सहानुभूति और संवेदना” जताई है। वहीं उन्होंने सभी देशों से इस संबंध में इस्लामाबाद के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करने का आग्रह किया है। UNSC में जाफर एक्सप्रेस हमले की निंदा आपको बता दें कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान के पहाड़ी इलाके बोलन में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के स्वतंत्रता सेनानियों ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था। इस दौरान पाकिस्तानी सेना का दावा है कि इस हमले में 440 यात्रियों को बंधक बना लिया गया था, जिन्हें अब रिहा करवा लिया गया है। इस दौरान पाकिस्तान सेना के भी कई दवानों की मौत हो गई है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पटरी को उड़ा दिया था। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि हमला करने वाले 33 हमलावरों को मार दिया गया है। लेकिन ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही 26 यात्रियों को मार दिया गया था, जबकि ऑपरेशन के दौरान चार सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। हालांकि बीएलए का दावा है कि अभी भी उसके कब्जे में 150 से ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवान और आम नागरिक हैं। पाकिस्तानी सेना इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा है कि 26 शहीद ट्रेन यात्रियों में सेना और एफसी के 18 सुरक्षाकर्मी, पाकिस्तान रेलवे और अन्य विभागों के तीन अधिकारी और पांच नागरिक शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि 354 यात्रियों में से 37 गंभीर घायल हुए हैं। इस बीच, हमले पर विस्तार से बात करते हुए UNSC ने कहा कि आतंकवाद के इस निंदनीय कृत्य के परिणामस्वरूप कई पाकिस्तानी नागरिकों की गंभीर क्षति हुई। UNSC की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि “सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने इस बात की पुष्टि की कि आतंकवाद अपने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।” बयान में आगे कहा गया है कि आतंकवाद का कोई भी कृत्य आपराधिक और अनुचित है, चाहे उसका मकसद कुछ भी हो, चाहे वह कहीं भी, कभी भी और किसी के द्वारा भी किया गया हो। बलूच विद्रोहियों का दावा हालांकि, बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तान के दावे का खंडन करते हुए कहा कि भीषण लड़ाई जारी है और सुरक्षा बलों को “भारी नुकसान” उठाना पड़ रहा है. अपने ताजा बयान में, बीएलए ने दावा किया कि दर्रा-ए-बोलन नामक ऑपरेशन में उसके 12 कर्मी मारे गए. बीएलए के बयान में आगे कहा गया है, “फ़िदायीन ने कुछ बंधक सैन्य कर्मियों को विशेष बोगियों में बंद कर दिया और अपनी स्थिति संभाल ली, जबकि अन्य बीएलए सैनिक शेष बंधकों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में कामयाब रहे. जब पाकिस्तानी कमांडो पहुंचे, तो फ़िदायीन ने उन्हें घेर लिया और उन पर भीषण हमला किया. कमांडो को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जबकि बंधकों को भी मार दिया गया.” झूठ बोल रही पाक सरकार- बीएलए पाकिस्तान की सरकार ने बुधवार को ही दावा कर दिया था कि संकट खत्म हो गया है और सभी विद्रोही लड़ाके मारे गए हैं। यह भी दावा किया गया था कि सभी बंधकों को छुड़ा लिया गया है। हालांकि पाकिस्तान की सरकार की तरफ से इसका कोई भी सबूत नहीं जारी किया गया था। अब बीएलए का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार केवल झूठ बोल रही है। बीएलए ने कहा कि पाक सरकार को अपने जवानों की फिक्र ही नहीं है। वह बात करने को तैयार नहीं है। बीएलए ने कहा था … Read more

सेना ने कारगिल में सी-17 ग्लोबमास्टर विमान को उतारकर बड़ा दांव चल दिया

 कारगिल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कभी एकदम से खत्म नहीं हो पाया। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर पाकिस्तान और चीन सदाबहार दोस्त बने रहते हैं। ऐसे में भारत की चुनौती और भी बढ़ जाती है। बुधवार को सेना ने कारगिल में सी-17 ग्लोबमास्टर विमान को उतारकर बड़ा दांव चल दिया है। यह कदम बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। दरअसल सीमा को सुरक्षित रखने के लिए कनेक्टिविटी बहुत जरूरी होती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में अकसर कनेक्टिविटी खत्म हो जाती है। पाकिस्तान 1999 में करगिल पर कब्जा करने की कोशिश कर भी चुका है। ऐसे में भारतीय सेना ने भी अपनी तैयारियों तेज कर दी हैं। जल्द ही लद्दाख को जोड़ने वाली ऑल वेदर सड़क और जोजिला टनल भी शुरू हो जाएगा। क्या हैं सी-17 लैंड करने के मायने कारगिल में सी-17 ग्लोबमास्टर की लैंडिंग के मायने बहुत बड़े हैं। दरअसल इससे सेना का मूवमेंट बढ़ जाएगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक सपोर्ट की क्षमता भी चार गुना बढ़ेगी। इस एयरफील्ड से अब तक सी-130 जे सुपर हल्क्युलिस और एएन-32 का संचालन किया जाता था। इनकी अधिकतम क्षणता 6 से सात टन ही थी। वहीं सी-17ग्लोबमास्टर अकेले ही 60 से 70 टन का भार उठा सकता है। इसके अलावा इसकी मदद से 150 से ज्यादा सैनिक हथियारों और उपकरणों के साथ तुरंत फ्रंट पर तैनात हो सकते हैं। पाकिस्तान और चीन दोनों से जंग की स्थिति में कारगिल तक यह पहुंच काम आएगी। कारगिल में सेना को उतारकर जल्दी चीन की सीमा पर भी भेजा जा सकता है। पाकिस्तान इस एयरफील्ड से भी इतना चिढ़ा रहता है कि 1999 के युद्ध के दौरान उसने इसे निशाना बनाया था। यह एयरफील्ड एलओसी से बेहद करीब है। सी-17 ग्लोबमास्टर ऊंचाई वाले इलाकों में और कम तापमान वाले इलाकों के हिसाब से भी तैयार रहता है। सूत्रों का कहना है कि वायुसेना को लगता था कि लेह और श्रीनगर के बीच एक गैप है। अगर कारगिल में ग्लोबमास्टर की लैंडिंग होती है तो यह खाली स्थान भर जाएगा और सेना को सप्लाई और तैनाती दोनों में मदद मिलेगा। कारगिल में कोई पार्किंग बे नहीं है। ऐसे में एक समय में एक ही सी-17 का संचालन हो सकता है।

कुलगाम में पूर्व सैनिक की हत्या का मामला, पुलिस ने 500 लोगों को हिरासत में लिया, पीओके के आतंकी संगठनों पर है संदेह

 कुलगाम जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकी हमले में पूर्व सैनिक की हत्या के मामले में सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आ गई हैं। सेवानिवृत्त सैनिक की हत्या करने वाले बंदूकधारियों की तलाश को जहां सर्च ऑपरेशन चल रहा है तो वहीं पुलिस जम्मू कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों में 500 से ज्यादा लोगों को डिटेन किया है। इनमें ज्यादातर वे लोग हैं। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मौजूद कश्मीरी आतंकवादियों के रिश्तेदार हैं। पूर्व सैनिक के परिवार पर हमला कश्मीर के दक्षिणी हिस्से में आने वाले कुलगाम में संदिग्ध आतंकवादियों ने हमले में एक सेवानिवृत्त सैनिक की हत्या कर दी थी। इस हमले में पूर्व सैनिक की पत्नी और भतीजी को घायल हुए थे। हमले की घटना के बाद अब जम्मू-कश्मीर पुलिस अब सख्त एक्शन के मूड में है। यह पहला मामला है जब सुरक्षाबलों की तरफ से इतनी बड़ी संख्या में लोगों को डिटेन किया गया है। सोमवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम के बेहिबाग गांव में अज्ञात बंदूकधारियों ने सेवानिवृत्त सैनिक मंजूर अहमद वागे, उनकी पत्नी और उनकी भतीजी पर गोलियां चलाईं थीं। इस हमले में वागे (45) की मौत हो गई, जिसके पेट में गोली लगी, जबकि दो महिलाओं के पैर में गोली लगी और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी आतंकी हमले के बाद इतने बड़े पैमाने पर लोगों को कभी हिरासत में नहीं लिया गया। इस लिहाज से देखें तो यह अब तक का सबसे बड़ा ऐक्शन है। इन लोगों को इसलिए हिरासत में लिया गया है ताकि संदेश दिया जा सके कि अब आतंकी हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे सीमा के इधर की बात हो या फिर उस पार का मसला, कहीं भी आतंकवाद को स्वीकार नहीं करेंगे। अज्ञात हमलावरों ने रिटायर्ड सैनिक मंजूर अहमद वागे और उनकी पत्नी पर गोलीबारी की थी। यह हमला दक्षिण कश्मीर के कुलगाम के बेहीबाग गांव में हुआ था। इस हमले में मंजूर अहमद की भतीजी भी घायल हुई थी। हमले में मंजूर अहमद मारे गए, जबकि पत्नी और भतीजी का इलाज चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। अमित शाह की मीटिंग में पता चली पीओके और पाकिस्तान पर एक बात पुलिस अधिकारी ने कहा कि आतंकियों के खिलाफ बड़े अभियान की वजह यह भी है कि इन लोगों ने रेड लाइन ही पार कर दी। अब तक ये लोग सैनिकों पर हमले करते थे, लेकिन अब उनके परिवार को भी निशाना बनाया है। इसके चलते सुरक्षा बलों में गुस्सा है। इस बीच होम मिनिस्टर अमित शाह ने भी बुधवार को सुरक्षा का जायजा लिया। इस दौरान जानकारी मिली कि पीओके और पाकिस्तान में बड़ी संख्या में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी जुटे हुए हैं। इसके चलते कश्मीर में अलर्ट घोषित किया गया है। दरअसल बीते कुछ सालों में ऐसे लोगों पर भी सख्त ऐक्शन हुआ है, जो सीधे तौर पर आतंकवाद में शामिल नहीं हैं, लेकिन ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर काम करते रहे हैं। जांच में जुटी पुलिस की विशेष टीम पुलिस की तरफ से इस घटना के हमलावरों को पकड़ने के लिए डिटेन किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। अभी तक कुलगाम में पूर्व सैनिक के घर पर हमले की घटना की जिम्मेदारी किसी भी आतंकी समूह ने नहीं ली है। वागे 2021 में सेवानिवृत्त हुए थे। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए सीनियर ऑफिसर की टीम भी बनाई है। पुलिस ने एक बयान में कहा कि संदिग्ध आतंकियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। टीमें इस पर काम कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैश, लश्कर के साथ हिजबुल मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।    

कश्मीर में बर्फीले तूफान के कारण पर्यटक फंसे, सेना ने 68 लोगों को बचाया

 जम्मू भारतीय सेना ने गुलमर्ग जाते वक्त रास्ते में फंसे कई पर्यटकों को बचाया है। भारतीय सेना की चिनार कोर ने इस मिशन को अंजाम दिया है। चिनार वॉरियर्स को सिविल प्रशासन से पर्यटकों के फंसे होने की जानकारी मिली थी। इसके मुताबिक पर्यटक गुलमर्ग और तानमार्ग जा रहे थे। इसी दौरान भारी बर्फबारी के चलते पर्यटक यहां पर फंस गए थे। चिनार कोर के मुताबिक इस दौरान कुल 68 लोगों को बचाया गया। इनमें 30 महिलाएं, 30 पुरुष और 8 बच्चे शामिल हैं। इसके बाद सभी 137 पर्यटकों को गर्म खाना, शेल्टर और दवाएं भी मुहैया कराई गईं। चिनार वॉरियर ने इसको लेकर ट्वीट में जानकारी दी है। इसमें बताया है कि चिनार कोर को सिविल एडमिनिस्ट्रेशन से कॉल मिली थी। इसके बाद इस बचाव कार्य को अंजाम दिया गया। इसके मुताबिक चिनार वॉरियर्स ने कुलगाम के मुनाद गांव से एक गर्भवती महिला को निकालने के लिए एक आपातकालीन संकट कॉल का जवाब दिया। भारी बर्फबारी के बीच बचाव दल समय पर घटनास्थल पर पहुंच गया। तत्काल जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और रोगी को यारीपोरा के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। गौरतलब है कि चिनार कोर का नाम यहां के चिनार वृक्ष के नाम पर रखा गया है। सेना का यह दल जम्मू कश्मीर के पूर्वी और उत्तरी इलाकों में सुरक्षा इंतजाम देखती है। बता दें कि जम्मू कश्मीर में मौसम खराब है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग स्थित काजीगुंड कस्बे में बर्फबारी में करीब 2000 वाहन फंस गए हैं। सीएम ने बताया कि उन्होंने अनंतनाग के डिप्टी कमिश्नर से बात की है। उन्होंने लिखा कि डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि भारी वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है और बाकी फंसे हुए वाहनों को निकालने के प्रयास जारी हैं। सीएम ने आगे लिखा कि बर्फीले मौसम के कारण यातायात का बैक अप लेना पड़ा है। फंसे हुए वाहन, दोनों दिशाओं में, धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं और जहां आवश्यक हो, सहायता की जा रही है।

पूर्व सैनिक की मौत की जानकारी रेजिमेंट को लगी, तो कमांडिंग ऑफिसर ने पांच सेना के जवानों को बेटी की शादी का जिम्मा उठाने गांव में भेजा

 मथुरा यूपी के मथुरा में एक पूर्व सैनिक की सड़क हादसे में मौत हो गई. इस घटना के दो दिन बाद ही मृतक की बेटी की शादी होनी थी. ऐसे में खुशियों वाले घर में मातम पसर गया. बेटी शादी को टालना चाहती थी. उधर, पिता के गुजर जाने के बाद परिजनों को बेटी के कन्यादान की चिंता सताने लगी. लेकिन इस बीच कुछ ऐसा हुआ जिसने लोगों को इमोशनल कर दिया. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पूर्व सैनिक की मौत की जानकारी जब उसके रेजिमेंट को लगी, तो कमांडिंग ऑफिसर ने पांच सेना के जवानों को बेटी की शादी का जिम्मा उठाने गांव में भेजा. मृतक के फौजी साथियों ने उसकी बेटी की शादी का ना सिर्फ पूरा जिम्मा उठाया बल्कि उन्होंने बेटी का कन्यादान भी किया. फौजियों ने रिश्तेदारों-मेहमानों की भी देखभाल की, जिसे देख उनके आंसू छलक पड़े. मथुरा के मांट थाने के एसएचओ के अनुसार, पूर्व सैनिक देवेंद्र सिंह (48) की बेटी की शनिवार को शादी होनी थी. लेकिन, शादी से ठीक दो दिन पहले मांट-राया रोड पर सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई. जैसे ही इसकी खबर परिवार तक पहुंची शादी का जश्न मातम में बदल गया. पिता की मौत से दुखी दुल्हन ने कथित तौर पर शादी करने से इनकार कर दिया. मृतक देवेंद्र सिंह के रिश्तेदार नरेंद्र ने बताया कि शादी समारोह बीच में ही रुक गया क्योंकि परिवार को कन्यादान समारोह को लेकर चिंता थी, जो दुल्हन के पिता द्वारा किया जाता है. पिता की याद में रो-रोकर बेटी का बुरा हाल हो गया. वहीं, मैरिज होम में चल रही शादी की तैयारी धरी-धरी की रह गई. परिवार के सदस्यों ने बताया कि जब यह सूचना देवेंद्र सिंह के कमांडिंग ऑफिसर तक पहुंची, तो उन्होंने पांच जवानों को गांव भेजा और शादी की रस्में पूरी कराईं. सूबेदार सोनवीर सिंह, सूबेदार मुकेश कुमार, हवलदार प्रेमवीर, विनोद और बेताल सिंह मृतक के गांव पहुंचे और कन्यादान कर पिता का कर्तव्य निभाया और जोड़े को आशीर्वाद दिया. ये सब देखकर लोगों की आंखे नम हो गईं और उन्होंने जमकर सेना के कार्य की प्रशंसा की. गौरतलब हो कि इससे पहले हरियाणा के जींद के एक छोटे में भी CRPF के जवानों ने शहीद की बेटी का कन्यादान किया था.  

भारत और चीन के सैनिक पूर्वी लद्दाख के डेपसांग में गश्त के बारे में बनी आम सहमति का पालन कर रहे हैं : सेना

नई दिल्ली सेना ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत और चीन के सैनिक पूर्वी लद्दाख के डेपसांग में गश्त के बारे में बनी आम सहमति का पालन कर रहे हैं और किसी भी पक्ष की ओर से इसमें बाधा उत्पन्न नहीं की जा रही है। सेना ने एक अंग्रेजी दैनिक में ‘ डेपसांग में गश्त बहाल करने पर बातचीत बाधित हुई’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि गत 21 अक्टूबर को बनी सर्वसम्मति के आधार पर, दोनों पक्षों ने प्रभावी ढंग से सैनिकों को पीछे हटाया है । भारतीय पक्ष ने अपने पारंपरिक गश्त वाले क्षेत्रों में गश्त फिर से शुरू कर दी है। दोनों पक्ष आम सहमति का पालन कर रहे हैं और किसी भी पक्ष द्वारा कोई बाधा उत्पन्न नहीं की गई है। सेना ने कहा है कि यह स्पष्ट किया जाता है कि इस अंग्रेजी दैनिक में बुधवार को प्रकाशित लेख काल्पनिक और तथ्यों से परे है। सेना ने मीडिया से अनुरोध किया है कि वह ऐसे संवेदनशील लेख प्रकाशित करने से पहले तथ्यों को सत्यापित कर लें। उल्लेखनीय है की अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित खबर में कहा गया है कि गश्त के तौर तरीकों को लेकर भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत में गतिरोध उत्पन्न हो गया है। उल्लेखनीय है कि भारत और चीन के बीच करीब साढ़े चार वर्षों के गतिरोध के बाद 21 अक्टूबर को गश्त व्यवस्था को लेकर आम सहमति बनी थी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाया था और डेपसांग तथा डेमचोक दोनों क्षेत्रों में अगस्त शुरू हो गई थी।  

उमर अब्दुल्ला सरकार के आते ही आतंकी वारदातों में इजाफा, 15 दिन में 19 का कत्ल

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर को 10 साल बाद चुनी हुई सरकार मिली है और उमर अब्दुल्ला अब मुख्यमंत्री बन गए हैं। इसके बाद भी केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी हमले थमने की बजाय और बढ़ गए हैं। बीते 15 दिनों में ही अलग-अलग आतंकी हमलों में अब तक 19 लोग मारे जा चुके हैं। 24 अक्टूबर की शाम को कश्मीर के गुलमर्ग में फिर एक आतकी हमला हुआ, जिसमें दो आर्मी पोर्टर और दो जवान शहीद हो गए। यह हमला भी टूरिस्ट हॉटस्पॉट वाले इलाके में हुआ। यही नहीं यहां सेना की बड़ी संख्या में तैनाती रहती है। उसके बाद भी आतंकियों के सेना तक पहुंचने और उनको निशाना बनाने से सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले 20 अक्टूबर को गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में एक सुरंग के निर्माण की साइट पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 6 बाहरी मजदूरों और एक स्थानीय डॉक्टर का कत्ल कर दिया गया। इन लोगों पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और ज्यादातर लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इससे पूर्व 18 तारीख को भी शोपियां में बिहार के एक मजदूर का कत्ल कर दिया गया था। इन घटनाओं के बीच एलजी मनोज सिन्हा ने सुरक्षा बलों को सख्ती बरतने और पुलिस एवं सेना को साथ मिलकर अभियान चलाने का आदेश दिया है। फिर भी अब तक कोई नियंत्रण नहीं दिख रहा है। बीती रात को सेना और आतंकियों के बीच छिड़े संघर्ष ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है। बारामूला, पुंछ, शोपियां, गांदरबल और कश्मीर समेत ज्यादातर इलाकों में सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल ज्यादातर जगहों पर सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और कई जगहों पर कैंपिंग बढ़ा दी गई है। 9 अक्टूबर को भी एक लापता सैनिक का गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था। खबर थी कि सैनिक को अनंतनाग से आतकियों ने अगवा कर लिया है। अंत में उनका शव ही बरामद किया गया। जवान की पहचान हिलाल अहमद भट के तौर पर हुई है। इस बीच गुरुवार को सीएम उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली में राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग की। वहीं भाजपा के एक नेता ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तब तक नहीं मिल सकता, जब तक सुरक्षा के हालात सुधर नहीं जाते। उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार के आते ही आतंकी वारदातों में इजाफे की ओर भी इशारा किया। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में शांति पूर्ण चुनाव और सरकार गठन से पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन बौखला गए हैं और वे लोगों पर हमले कर रहे हैं। इसी के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। बारामूला आतंकी हमले पर क्या बोले फारूक अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बारामूला आतंकी हमले पर उन्होंने कहा, ‘इस रियासत में ऐसा होता रहेगा। जब तक इस समस्या से निकलने का रास्ता नहीं निकलेगा, तब तक यह नहीं रुकेगा। मैं 30 साल से देख रहा हूं कि निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं।’ फारूक ने कहा कि हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनने वाले हैं, तो वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? हमारा भविष्य बर्बाद करने के लिए? उन्हें अपने देश को देखना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं उनसे फिर अपील करता हूं कि वे इसे रोकें और दोस्ती का रास्ता खोजें। अगर दोस्ती नहीं की गई तो भविष्य बहुत मुश्किल होगा। मैं इस घटना में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं।’ जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में गुरुवार को किए गए आतंकवादी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 2 जवानों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस हमले में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। सैन्य बल के साथ काम करने वाले 2 कुलियों की कल मौत हो गई थी। तीन सैनिकों सहित चार लोग घायल हुए थे जिनमें से दो सैनिकों ने बाद में दम तोड़ दिया। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में गुलमर्ग से छह किलोमीटर दूर आतंकवादियों ने सेना के एक वाहन पर हमला दिया। बूटापथरी इलाके में सेना के वाहन पर तब गोलीबारी की जब वह अफरावत रेंज में नागिन चौकी की ओर जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि यह क्षेत्र पूरी तरह से सेना के कब्जे में है। उमर अब्दुल्ला बोले- हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘उत्तरी कश्मीर के बूटापथरी क्षेत्र में सेना के वाहनों पर हमले की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण खबर है, जिसमें कुछ लोग हताहत हुए हैं। कश्मीर में हालिया हमले गंभीर चिंता का विषय हैं।’ अब्दुल्ला ने कहा कि मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं और जान गंवाने वाले लोगों के प्रियजन के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं यह भी प्रार्थना करता हूं कि घायल पूरी तरह और शीघ्र स्वस्थ हों। पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘बारामूला में सेना के काफिले पर आतंकवादी हमले से स्तब्ध और दुखी हूं। इसकी स्पष्ट रूप से निंदा करती हूं और घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करती हूं।’

सेना ने आतंकियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम किया, एक को मार गिराया, गोला-बारूद और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

 बारामुला जम्मू कश्मीर के बारामुला में सेना की एक संयुक्त टीम ने हथियारों से लैस आतंकी को मार गिराया। इसके साथ ही सेना ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। इस दौरान यहां पर गोला-बारूद और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। सेना के बयान में कहा गया है कि इस जखीरे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी युद्ध की तैयारी के लिए सामान जुटाया जा रहा है। मारे गए आतंकी के पास एक एके 47 राइफल, दो एके मैगजीन, 57 एके राउंड, दो पिस्टल मैगजीन के अलावा कई अन्य खतरनाक हथियार थे। इससे पहले आर्मी के चिनार कोर ने बताया कि घुसपैठ के खिलाफ इलाके में संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया था। बयान के मुताबिक घुसपैठ को लेकर मिली खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस ने एलओसी के करीब स्थित उरी और बारामुला में यह अभियान चलाया। संदिग्ध गतिविधि नजर आने के बाद सेना की चौकन्नी टुकड़ी ने चुनौती दी। इसके बाद सामने से फायरिंग होने लगे। जवाब में जवानों ने भी गोलियां बरसाईं। इससे पहले गांदरबल इलाके में आतंकी हमले में दो मजदूरों की हत्या कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक यह घटना रविवार शाम को हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन हमलों की निंदा की है और इन्हें कायराना कृत्य बताया है। उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा कि गैर-स्थानीय मजदूरों पर सोनमर्ग इलाके के गगनगीर इलाके में कायराना हमला हुआ है। यह लोग इलाके में एक बेहद अहम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। आतंकी हमले में दो की हत्या की गई है, दो-तीन घायल हैं। अब्दुल्ला ने लिखा कि मैं इस हमले की निंदा करता हूं और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रेषित करता हूं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में रविवार शाम को हुए आतंकी हमले में एक स्थानीय डॉक्टर सहित सात लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर गगनगीर के पास एक शिविर में हुआ जहां स्थानीय और गैर-स्थानीय मजदूर 6.5 किलोमीटर लंबी जेड-मोड़ सुरंग परियोजना के निर्माण पर काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार दो आतंकवादियों ने मजदूरों पर अंधाधुंध गोलीबारी की जिसके कारण दो गैर-स्थानीय मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में एक स्थानीय डॉक्टर सहित नौ अन्य घायल हो गए। डॉक्टर सहित पांच घायलों ने बाद में दम तोड़ दिया।

अनंतनाग में आतंकियों की कायराना करतूत, सेना के जवान की अपहरण के बाद की हत्या, जंगल में गोलियों से छलनी शव मिला

 श्रीनगर दक्षिण कश्मीर के जिला अनंतनाग के शांगस और कोकरनाग में आतंकियों ने कथित तौर पर जंगल में गश्त कर रहे टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े दो जवानों को अगवा कर लिया। इनमें से एक जवान किसी तरह जख्मी हालत में आतंकियों की चंगुल से बच पाने में सफल हो सका। वहीं एक अन्य जवान की आतंकियों ने हत्या कर दी। अधिकारियों ने बताया कि प्रादेशिक सेना के जवान हिलाल अहमद भट का शव अनंतनाग के उत्रासू इलाके में सांगलान वन क्षेत्र से बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि शव को चिकित्सीय औपचारिकताओं के लिए अस्पताल ले जाया गया है। जवान की पहचान हिलाल अहमद के तौर पर की गई है. पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि जवान को कई गोलियां मारी गई हैं. शरीर पर चाकू से कटने के कोई निशान नहीं है. इससे पहले सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि अनंतनाग में सेना के एक जवान को आतंकियों ने अगवा कर लिया है. टेरिटोरियल आर्मी की 161 यूनिट के एक जवान को आतंकियों ने अगवा कर लिया था. बता दें कि शुरुआत में दो जवानों के अपहरण की खबर थी. खबर थी कि अनंतनाग के वनक्षेत्र से दो जवानों को अगवा किया गया है. हालांकि, एक जवान को गोली लगी थी लेकिन इसके बावजूद वह आतंकियों के चंगुल से बचकर भागने में सफल रहा था. इससे पहले भारतीय सेना के श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि खुफिया जानकारी के आधार पर सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने कोरनाग में अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर आठ अक्टूबर को संयुक्त आतंकवाद रोधी ऑपरेशन शुरू किया था. यह ऑपरेशन रातभर चला, जिसमें सेना का एक जवान लापता था. इन जवानों को अनंतनाग के कोनरनाग में सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के एक ज्वॉइंट एंटी टेरर ऑपरेशन के दौरान अगवा किया गया था. अधिकारी का कहना है कि घायल जवान को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर है. बता दें लापता सैनिकों को ढूंढने के लिए इलाके में भारी तलाशी अभियान चलाया गया था. यह घटना जम्मू कश्मीर में आठ अक्तूबर को हुई काउंटिंग के दिन हुआ था. इससे पहले अगस्त महीने में अनंतनाग में ही आतंकियों के साथ मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए थे जबकि तीन घायल हुए थे.  

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिश विफल, दो आतंकी को सुरक्षाबलों ने मार गिराया, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

 कुपवाड़ा जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में शुक्रवार की रात सुरक्षाबलों ने आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया। फिलहाल सुरक्षाबल पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रहे हैं। सुरक्षाबलों को यहां पर और भी कई आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। बता दें कि नार्थ कश्मीर के कुपवाड़ा के गुगलधारा जंगल में सुरक्षाबलों ने यह सर्च ऑपरेशन चलाया। सेना ने कहा कि आतंकियों के कश्मीर घाटी में घुसपैठ की कोशिश करने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया। सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान जॉइंट टीम ने इलाके में कुछ हलचल देखी। इसके बाद आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जॉइंट टीम ने भी करारा जवाब दिया। इसमें उन्होंने दो आतंकियों को मार गिराया। सेना की चिनार कोर ने दी जानकारी घाटी में मौजूद सेना की चिनार कोर ने एक्स पर पोस्ट किया, “4 अक्टूबर 2024 को घुसपैठ की कोशिश की खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुगलधार, कुपवाड़ा में एक संयुक्त अभियान शुरू किया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दी, जिसके बाद आतंकवादियों के साथ गोलीबारी हुई। सतर्क सैनिकों ने प्रभावी गोलीबारी की।” इसके बाद सेना ने एक पोस्ट में बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। चिनार कोर ने पोस्ट किया, “चल रहे ऑपरेशन गुगलधर में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। युद्ध जैसे सामान बरामद किए गए हैं।” सेना ने कहा कि क्षेत्र में घेराबंदी एवं तलाशी अभियान जारी है।

आतंकियों ने कठुआ हमले से पहले बंदूक दिखाकर ग्रामीणों से जबरन खाना बनवाया था

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सेना के काफिले पर हमला करने वाले आतंकवादियों ने घात लगाने से पहले कई ग्रामीणों को बंदूक की नोक पर खाना पकाने के लिए मजबूर किया था। आतंकवादियों ने हमले के दौरान बॉडी कैमरा पहना हुआ था और वे सेना के जवानों के हथियार छीनना चाहते थे। सैनिकों ने साहस और बहादुरी का परिचय दिया और घायल होने के बावजूद हथियार छीनने की उनकी योजना को विफल कर दिया। इंडिया टुडे ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। सूत्रों ने कहा है कि आतंकवादी उन इलाकों में हमला कर रहे थे जो सुरक्षा बलों के कैंप से बहुत दूर हैं। वहां सड़कों की स्थिति भी काफी खराब है। सुरक्षा बलों को अतिरिक्त बल भेजने में समय लगा। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने पूछताछ के लिए 20 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने हमले की जांच तेज कर दी है। आपको बता दें कि सोमवार को कठुआ जिले के बदनोटा गांव के पास माचेडी-किंडली-मल्हार पहाड़ी सड़क पर गश्त कर रहे एक दल पर आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में एक जेसीओ सहित सेना के पांच जवान शहीद हो गए।  कई अन्य घायल हो गए। एक महीने के भीतर जम्मू क्षेत्र में यह पांचवां आतंकी हमला था। ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैन्यकर्मियों की पहचान जेसीओ अनंत सिंह, हेड कांस्टेबल कमल रावत, सिपाही अनुज नेगी, राइफलमैन आदर्श नेगी और एनके कुमार के रूप में हुई है। इससे पहले सूत्रों ने कहा था कि कठुआ में हमला पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किया गया था। उन्होंने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था। सूत्रों ने कहा था कि आतंकवादियों ने स्थानीय समर्थकों की मदद से इलाके की टोह ली थी। सूत्रों के अनुसार, आतंकवादियों ने एम4 कार्बाइन राइफलों और विस्फोटक उपकरणों का हमले के लिए इस्तेमाल किया था। हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य कर्मियों की मौत पर शोक व्यक्त किया और जोर देकर कहा कि सैनिक क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ हैं।  

पहाड़ी पर ट्रक ने सेना के काफिले को ओवरटेक किया, वाहन स्लो हुए तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू

कठुआ जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में सेना के वाहनों पर अटैक मामले में सुरक्षा एजेंसियां हमलावर आतंकवादियों की तलाश में जुटी हैं. इस बीच, जांच में पता चला है कि हमले से ठीक पहले पहाड़ी पर एक ट्रक ने सेना के काफिले की गाड़ियों को ओवरटेक किया था. जैसे ही सेना के वाहन स्लो हुए तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और हमले में 5 जवान शहीद हो गए. 5 अन्य घायल हो गए. घटना 7 जुलाई की है. सुरक्षा एजेंसियों को शुरुआत से ही बड़ी साजिश की आशंका है. इसलिए मामले में 51 संदिग्धों से पूछताछ हो रही है. अधिकारियों का कहना था कि आतंकवादियों की तलाश की जा रही है. एक ट्रक चालक और 50 अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. गोलीबारी होते ही स्लो हो गया था ट्रक अधिकारियों के अनुसार, माचेडी-किंडली-मल्हार पहाड़ी सड़क पर सेना के वाहनों के पीछे एक ट्रक चल रहा था. लेकिन, लोहाई मल्हार में बदनोटा गांव के पास जब आतंकवादियों ने सेना के वाहनों पर दो अलग-अलग दिशाओं से गोलीबारी शुरू की तो यह ट्रक स्लो हो गया. जानबूझकर तो नहीं पास मांग रहा था ट्रक? ट्रक चालक पर संदेह जताया जा रहा है. अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस ट्रक ड्राइवर ने पुलिया पर ओवरटेक मांगकर जानबूझकर सैन्य काफिले को निकलने में देरी करवाई है? माना जा रहा है कि ट्रक चालक ने जानबूझकर पुलिया पर पास (ओवरटेक) मांगा था. एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा, आमतौर पर इन क्षेत्रों में सेना के वाहनों को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन ट्रक ने फिर भी पास मांगा, जिससे दोनों वाहनों की स्पीड धीमी हो गई. आतंकियों को मार गिराने के लिए सर्च ऑपरेशन फिलहाल, चार जिलों के घने जंगलों में भारी बारिश के बीच सेना और पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. कठुआ, उधमपुर और भद्रवाह से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है. हमले के संबंध में पूछताछ के लिए 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है. जंगल में छिपे आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें मार गिराने के प्रयास किए जा रहे हैं. सेना की टीमें  डोडा जिले के ऊंचे इलाकों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं. उधमपुर, सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों के विभिन्न हिस्सों में घने जंगलों में सेना और पुलिस के जवान तैनात हैं. सुबह कई इलाकों में फिर तलाशी शुरू की गई. ग्राम रक्षा समूह स्थापित करने की मांग बदनोटा गांव और आसपास के लोगों ने हमले के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए ग्राम रक्षा समूहों की स्थापना की मांग की है. स्थानीय निवासियों ने सरकार से हथियार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का आग्रह किया है ताकि वे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों का समर्थन कर सकें. हेलिकॉप्टर और यूएवी की मदद ली जा रही है. सर्च टीमें डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टरों की सहायता से जंगल खंगाल रही हैं.. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच में पुलिस की सहायता कर रही है. जबकि विशेष बल यूनिट सर्जिकल ऑपरेशन कर रही हैं. एक अधिकारी ने कहा, स्थानीय लोग आतंकवाद के खिलाफ हैं और शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ एकजुट हैं. वे इलाके से आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों की सहायता के लिए तैयार हैं. हथियार और प्रशिक्षण दे सरकार स्थानीय निवासी जगदीश राज ने कहा, सरकार को हमें हथियार और प्रशिक्षण देना चाहिए. हम आतंकवादियों के खिलाफ अपनी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने के लिए तैयार हैं. 20 वर्षीय छात्र पंकज ने कहा कि आतंकवादियों ने स्थानीय लोगों में डर पैदा कर दिया है, लेकिन जब आपके हाथों में हथियार होते हैं तो स्थिति पूरी तरह से बदल जाती है. उन्होंने क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान की मांग की और कहा, हम तेजी से जंगलों में जा सकते हैं और आतंकवाद के खतरे से निपटने में मदद कर सकते हैं. शाहिद अहमद ने कहा कि इलाके के मुसलमान और हिंदू शांति चाहते हैं और आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों की मदद करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, अपने सैनिकों को खोने पर हमारी आंखें भर आईं. दो दशक पहले आतंकवाद के चरम के दौरान भी (यहां) ऐसा हमला कभी नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि सरकार को लड़ने के लिए हथियार और प्रशिक्षण मुहैया कराना चाहिए. अहमद ने कहा कि ग्रामीण अपने पशुओं के साथ ऊपरी इलाकों में चले गए हैं. उन्होंने कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम अपनी सेनाओं के साथ हैं.  

घाटी में धारा 370 हटाने के बाद काफी समय तक यहां शांति रही, लेकिन हाल के महीनों में मामला अलग हुआ

जम्मू पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के अलग-अलग इलाकों में आतंकवादी हमले हो रहे हैं. सोमवार को कठुआ में हुए आतंकी हमले में सेना के 5 जवानों के शहीद हुए हैं. अब सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि जम्मू में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए जैश गुट OGW (ओवर ग्राउंड वर्कर्स) प्लान के तहत काम कर रहा है. इस प्लान के तहत लोकल सपोर्ट लेकर भारतीय सुरक्षा बलों पर ‘सरप्राइज अटैक’ किया जा रहा है. खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी में सामने आया है कि जैश ने सुरक्षा बलों के मूवमेंट की जानकारी, हथियारों और बाकी लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए मुखबिरों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स को एक्टिव करने का फरमान दिया था. कहां-कहां एक्टिव हैं जैश के आतंकी? साउथ पीर पंजाल जम्मू का इलाका है, जहां जैश के आतंकी सबसे ज्यादा है एक्टिव हैं. इंटरनेशनल बॉर्डर के उस पार “मसरूर बड़ा भाई” है, जो जैश का सबसे बड़ा लॉन्च पैड है. कुछ महीने पहले इस इलाके से घुसपैठ हुई थी. आतंकी कठुआ, सांबा और हीरानगर के इलाके में मौजूद ‘चोर गली’ का इस्तेमाल इनफिल्ट्रेशन के लिए करते हैं. ‘चोर गली’ इंटरनेशल बॉर्डर पर मौजूद एक जगह है, जो जंगलों और नदी-नालों से घिरी हुई है. इस इलाके में ISI और पाक रेंजर्स की शह पर आतंकियों की घुसपैट होती है. सूत्रों के मुताबिक कठुआ, सांबा, आरएसपुरा, अरनिया और अब्दुलिया सेक्टर के सामने पाकिस्तान की सीमा के उस पार जैश का सबसे बड़ा लॉंचिंग पैड ‘मसरूर बड़ा भाई’ मौजूद है. इसके अलावा ‘सुकमल’, ‘चपराल’ और लूनी में मौजूद लॉन्चिंग पैड के आस-पास सीमा पार आतंकियों का मूवमेंट पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा बलों ने नोटिस किया गया था. नेशनल हाइवे से भाग निकलते हैं आतंकी सुरक्षा महकमे के सूत्रों के मुताबिक, ये सारे घुसपैठ के अड्डे इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) के काफी नजदीक हैं. आतंकी इस इलाके से घुसपैठ करने की कोशिश इसलिए करते हैं क्योंकि यहां से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद नेशनल हाइवे का इस्तेमाल करके कहीं भी भाग सकते हैं. इसके साथ ही इन रास्तों के इस्तेमाल करके सरप्राइज अटैक करने के बाद जंगलों छिपा जा सकता है. कहां है ‘मसरूर बड़ा भाई’ ? यह जगह सांबा रीजन के कठुआ-हीरानगर सेक्टर में पहारपुर के पास बीएसएफ की बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) के दूसरी तरफ स्थित है. इस इलाके में लंबे वक्त से आतंकी घुसपैठ हो रही है. यह जगह इंटरनेशनल बॉर्डर से सिर्फ 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. जम्मू-कश्मीर में कई चीजें बदलती दिख रही हैं. धारा 370 हटाने के बाद काफी समय तक यहां शांति रही, लेकिन हाल के महीनों में मामला अलग हुआ. कश्मीर तो फिर भी शांत है, लेकिन जम्मू दहशतगर्दों का नया ठौर बनता दिख रहा है. वे नागरिकों, तीर्थयात्रियों समेत सेना पर भी घात लगाकर हमले कर रहे हैं. ताजा हमला कठुआ में हुआ. ये वही इलाका है, जो कश्मीर के सबसे अस्थिर दौर में आतंकियों की पनाहगाह बना हुआ था. लेकिन ऐसा क्या हुआ है, जो आतंकी एक बार फिर जम्मू की तरफ मुड़ रहे हैं. हमले को लेकर कई चौंकानेवाली बातें आ रही हैं. माना जा रहा है कि आतंकियों को लोकल शख्स ने ही गाइड किया होगा, वरना घटनास्थल से बचकर निकल सकना आसान नहीं. अटैक की जिम्मेदारी आतंकी संगठन कश्मीर टाइगर्स ने ली है. ये शैडो संगठन है, जो जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करता है. ये उन्हीं 7 आतंकियों का ग्रुप बताया जा रहा है जिनमें से 3 को डोडा में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था. कठुआ क्यों बन रहा टारगेट नब्बे के दौरान कठुआ आतंकियों का बड़ा ठिकाना हुआ करता था, जहां से वे पूरे जम्मू-कश्मीर पर निशाना साधते. अब एक बार फिर ऐसा दिख रहा है. दरअसल इस जिले की बनावट ऐसी है कि यहां छिपना-छिपाना आसान है. जंगलों से सटे क्षेत्र में हमले के बाद आतंकी गायब हो सकते हैं, जैसा ताजा केस में दिख रहा है. लेकिन एक बड़ी वजह और भी है, जो है इसकी जिओग्राफी. जिले के एक तरफ पाकिस्तान की सीमा सटती है, तो दूसरी तरफ हिमाचल और पंजाब हैं. कठुआ उधमपुर, सांबा और डोडा जिलों से भी लगा हुआ है. नब्बे के दशक में यहां सुरक्षा बलों का बेस भी हुआ करता था ताकि आतंक पर रोक लगाई जा सके. क्या-क्या हो चुका जिले में सोमवार को हुआ हमला कठुआ में दूसरा बड़ा अटैक है. 11 जून को हीरानगर के एक गांव में एक सुरक्षाकर्मी समेत दो आतंकी मारे गए थे. वहीं महीनेभर के भीतर जम्मू में यह सातवां अटैक है. इसकी शुरुआत 9 जून को हुई, जब टैररिस्ट्स ने रियासी में श्रद्धालुओं की बस को टारगेट किया था. दो दिनों के हीरानगर में हमला हुआ. 12 जून को डोडा में दो अटैक हुए थे. इसके बाद 26 जून को घटना दोहराई गई. पिछले साल जम्मू में 40 से ज्यादा हमले साफ दिख रहा है कि कश्मीर में तो शांति है, लेकिन आतंकवादी जम्मू को घेर रहे हैं. इसके पीछे एक बड़ी वजह ये है कि धारा 370 हटने के बाद से घाटी में सुरक्षाबल भारी संख्या में बना हुआ है. वहां सेंध लगाना बेहद मुश्किल है. शायद इसी वजह से पाकिस्तान स्थित आतंकी जम्मू को निशाना बनाने की कोशिश में हैं. बता दें कि साल 2023 में भी ऐसी कोशिश हुई थी, जब जम्मू में 43 टैरर अटैक दर्ज किए गए. मॉनसून में बढ़ जाती है आतंकी गतिविधि! बरसात में मामला और संवेदनशील हो जाता है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेज बारिश के दौरान मॉनिटरिंग सिस्टम पर असर होता है, जैसे फेंसिंग और इंफ्रारेड लाइट्स कमजोर या खराब हो जाती हैं. इसका फायदा आतंकी उठाते हैं और सीमा पार से आकर आतंक मचा जाते हैं. आबादी भी हो सकती है एक वजह कश्मीर की तुलना में जम्मू की डेमोग्राफी अलग है. यहां हिंदू-मुस्लिम प्रतिशत 60:40 का मान सकते हैं. ऐसे में टैररिस्ट जानकर जिले को निशाना बना रहे हैं ताकि सांप्रदायिक भावनाएं उकसाकर दंगों जैसे हालात पैदा कर सकें. इससे उनकी आवाजाही और आसान हो जाएगी. होने वाले हैं विधानसभा चुनाव आर्टिकल 370 हटने के बाद से पहली बार यहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. जल्द ही इनकी तारीख फाइनल हो जाएगी. आतंकवादी गुट इसलिए भी क्षेत्र … Read more

आतंकवादीयों ने पहले फेंका ग्रेनेड, फिर 12 मिनट तक अंधाधुंध फायरिंग… शहीद हुए 5 जवान, जानें हुआ क्या?

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के कठुआ में हुए आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हुए हैं जबकि पांच जवान घायल हुए हैं. आतंकियों की खोजबीन के लिए सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है. इस बीच सूत्रों के हवाले से पता चला है कि आतंकियों ने इस हमले को अंजाम देने से पहले इलाके की रेकी की थी. यह हमला ऐसे समय पर किया गया, जब सुरक्षाबल कठुआ के बडनोटा में तलाशी अभियान चला रहे थे. तभी आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया. सूत्रों का कहना है कि बडनोटा गांव में रोड कनेक्टिविटी सही नहीं है. यहां वाहन दस से पंद्रह किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक की रफ्तार पर वाहन नहीं चला सकते. लोकल गाइड ने आतंकियों को दिया खाना और छिपने में की मदद सूत्रों का कहना है कि कच्ची सड़क होने की वजह से सेना के वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं. दो से तीन आतंकी और कुछ स्थानीय गाइड पहाड़ियों के ऊपर हैं. आंतकियों ने पहले सेना के वाहनों पर ग्रेनेड फेंके और फिर फायरिंग की. यहां पहले हुए हमलों की तरह ड्राइवर को भी निशाना बनाया गया. सूत्रों का कहना है कि इलाके में रेकी के लिए स्थानीय गाइड ने आतंकियों की मदद की थी. इन गाइडों ने आतंकियों को खाना भी मुहैया कराया था और उन्हें पनाह दी थी. हमले को अंजाम देने के बाद इन स्थानीय गाइड ने आतंकियों को छिपने में भी मदद की थी. हमले में पाकिस्तानी आतंकी थे शामिल सूत्रों का कहना है कि इस हमले में पाकिस्तानी आतंकी शामिल थे. इन आतंकियों के पास अमेरिका में बने M4 कार्बाइन राइफल, एक्सप्लोसिव डिवाइस और अन्य हथियार हैं. ऐसा भी लग रहा है कि आतंकी हमले के बाद बचकल भाग निकलने में कामयाब रहे. हमले में 2-3 आतंकी हो सकते हैं शामिल देर रात तक सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को कोई सफलता नहीं मिल सकी. सर्च ऑपरेशन जारी है. जंगल के अंदर आतंकी हमले की सटीक जगह का पता लगाया जा चुका है. सूत्रों के मुताबिक हमले में 2 से 3 आतंकी शामिल हो सकते हैं. उम्मीद है कि आतंकियों के साथ उनके स्थानीय समर्थक भी थे, जिन्होंने उन्हें रास्ता बताने में मदद की. आतंकियों का मकसद ज्यादा से ज्यादा जवानों को हताहत करने का था. वह अपने साथ अत्याधुनिक हथियार लेकर आए थे. पैरा कमांडो चला रहे सर्च ऑपरेशन तैनात सेना के पैरा कमांडो (एसपीएल फोर्स) को कठुआ के दूरदराज के माचिन्डी-मल्हार क्षेत्र में हवाई मार्ग से उतारा गया है. उन्हें काउंटर ऑपरेशन में तैनात किया गया है. ताकि उन आतंकवादियों के खिलाफ समय पर प्रभावी काउंटर ऑपरेशन सुनिश्चित किया जा सके. जो आतंकवादी भाग रहे हैं और क्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं. उनपर शिकंजा कसने की तैयारी है. राजौरी में सेना के शिविर पर आतंकी हमला जम्मू कश्मीर के राजौरी में दो दिन पहले ही भारतीय सेना के शिविर पर आतंकवादी हमले का मामला सामने आया था. इस अटैक में आर्मी का एक जवान घायल हो गया था. आतंकवादियों ने सेना के शिविर पर गोलीबारी की थी. इस दौरान सतर्क सुरक्षा चौकी पर तैनात जवान भी ने आतंकवादियों पर गोलीबारी की थी. घटना के वक्त सेना का जवान घायल हो गया था. आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे थे. दूसरी ओर इस हमले के कुछ घंटों बाद ही चिनिगाम गांव में गोलीबारी की एक और घटना हुई थी. सेना को लश्कर ग्रुप के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा बल उस क्षेत्र में पहुंच गए थे. दोनों तरफ से गोलीबारी हुई थी.  सेना को कुलगाम के इलाके में आतंकियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया इनपुट मिला था. इसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इस दौरान सेना के जवानों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई थी. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। रविंद्र शर्मा ने कहा कि, यह एक दुखद घटना है कि कठुआ के इलाके में हमारे चार जवान शहीद हो गए और 6 के घायल होने की जानकारी है। इस तरह की स्थिति जम्मू सूबे के हर जिले में है। सरकार आतंकवाद खत्म करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन डोडा, राजौरी, कठुआ जैसे इलाके भी आतंकवाद से ग्रस्त होते जा रहे हैं। यह एक दुखद घटना है, सरकार को गंभीरता से देखना होगा। चुनाव के बाद अचानक इस तरह की स्थिति बनना चिंता का विषय है। सरकार को कठोर कदम उठाने होंगे और बताना होगा कि इस तरह के गंभीर हालत क्यों हो रहे हैं। इस घटना पर डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के चेयरमैन और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी ट्वीट करते हुए कहा, कठुआ में सेना के वाहन पर हुए आतंकी हमले में चार जवानों की शहादत और छह जवानों के घायल होने की खबर बेहद दुखद और निंदनीय है। जम्मू प्रांत में आतंकवाद का बढ़ना बेहद चिंताजनक है। हमारी संवेदनाएं घायल जवानों और उनके परिवारों के साथ हैं। सरकार को आतंकवाद से निपटने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। फिलहाल इलाके में सुरक्षाबलों की तरफ से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बीते दो माह में सेना के वाहन पर यह दूसरा आतंकी हमला है। अधिकारियों ने कहा कि आतंकियों ने सेना की गाड़ी पर ग्रेनेड फेंके और इसके बाद फायरिंग शुरू कर दी। सेना के जवान रूटीन पेट्रोलिंग पर थे। इसी दौरान आतंकियों ने सेना की गाड़ी पर दोपहर करीब 3.30 बजे हमला कर दिया।  

लिफ्ट ली फिर AK-47 लेकर भागा युवक…,’ जम्मू के डोडा में पुलिस अफसर की लापरवाही

The Secretary and Deputy Sarpanch were overbearing and made the female Sarpanch sit on the floor during the Gram Sabha meeting and themselves sat on the chair

 डोडा जम्मू-कश्मीर के डोडा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ऐसे शख्स की तलाश की जा रही है, जो एक पुलिस अधिकारी की एके-47 लेकर लापता हो गया है. जगह-जगह घेराबंदी की जा रही है और शख्स को ट्रेस किया जा रहा है. उसके परिचितों के बारे में भी जानकारी की जा रही है. पुलिस मामले में शामिल संभावित आतंकी पहलू की भी जांच कर रही है.  जानकारी के मुताबिक, शख्स का नाम मोहम्मद रफी है. ये पुलिस की ऑटोमैटिक राइफल के साथ डोडा के टाउन इलाके से गायब हुआ है. इस घटना के बाद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए. सुरक्षा का खतरा भी बढ़ गया है. यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी संबंधित घटनाएं देखी जा रही हैं और सेनाएं पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं. अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने उस शख्स का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है.  कैसे AK-47 लेकर गायब हो गया युवक? घटना डोडा की है. सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ पोस्ट चिराला से एसपीओ सफदर हुसैन वाहन (जेके 06ए 3268) से जा रहे थे. रास्ते में मोहम्मद रफी पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद इकबाल मिल गया. उसने कार में लिफ्ट ली. मोहम्मद रफी डोडा जिले के ट्रॉन इलाके का रहने वाला है. सफदर का कहना था कि कार में वो सरकारी राइफल (एके-47) भी रखे थे. जब वो पुल डोडा के पास एक दुकान से पानी लेने के लिए उतरे तो उन्होंने अपनी राइफल कार में ही छोड़ दी. इसी दौरान मोहम्मद रफी कार समेत राइफल लेकर भाग गया. खोजबीन की गई तो कार भल्ला इलाके में जगोटा के पास मिली है. ⁠मोहम्मद रफी AK-47 समेत गायब है. ऊपरी इलाके में आतंकवादियों के मूवमेंट की आशंका बताते चलें कि हाल के हमलों में शामिल आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में सुरक्षाकर्मियों से लेकर पुलिस तक जानकारी करने में जुटी है. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार को सुरक्षाकर्मियों ने पूछताछ के लिए एक दंपति समेत तीन लोगों को उठाया था. उनसे पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का कहना ​​है कि तीन से चार आतंकवादियों का एक समूह डोडा जिले के ऊंचे इलाकों में मौजूद है. इन आतंकियों के मददगारों की जानकारी की जा रही है. सुरक्षाकर्मियों पर हमले कर रहे हैं आतंकवादी इससे पहले 11 जून की रात आतंकवादियों ने भद्रवाह-पठानकोट मार्ग पर चटरगल्ला के ऊपरी इलाके में स्थित एक संयुक्त जांच चौकी पर हमला कर दिया था. घटना में राष्ट्रीय राइफल्स के पांच जवान और एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गए थे. बुधवार शाम को भी तलाशी दल जब डोडा जिले के गंदोह क्षेत्र के कोटा टॉप गांव पहुंचा तो वहां आतंकवादियों ने गोलीबारी की. इसमें एक पुलिस अधिकारी समेत सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे.  आतंकवादियों से मिलीभगत के शक में पूछताछ सुरक्षाकर्मियों ने डोडा जिले के जय इलाके से जिन तीन लोगों को हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, इन संदेहियों पर आतंकवादियों को भोजन मुहैया कराने की आशंका है. इन तीनों में दंपति और एक किशोर शामिल हैं. तीनों लोगों से पूछताछ की जा रही है। सीडीएस ने किया जम्मू का दौरा वहीं, सोमवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने जम्मू और उधमपुर इलाकों में सुरक्षा स्थिति और क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैयारियों की समीक्षा की थी. उन्होंने उत्तरी कमान में ऑपरेशनों में सेना और वायु सेना के प्रयासों की सराहना की थी. रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की थी. इस हाईलेवल बैठक के दूसरे दिन सीडीएस चौहान ने जम्मू का दौरा किया था. जनरल चौहान नगरोटा में 16 कोर मुख्यालय और बाद में उधमपुर में उत्तरी कमान पहुंचे थे. उन्हें उत्तरी सेना कमांडर और जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) सहित सेना के शीर्ष कमांडरों ने जानकारी दी. पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति की समीक्षा की इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात की समीक्षा की थी. बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य अधिकारी शामिल हुए थे. अफसरों ने गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की और सुरक्षा बलों की तैनाती और आतंकवाद विरोधी अभियानों पर चर्चा की थी. पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी बात की थी और केंद्र शासित प्रदेश की स्थिति के बारे में जानकारी ली थी. बैठक में प्रधानमंत्री को सुरक्षा संबंधी स्थिति की पूरी जानकारी दी गई और आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन से भी अवगत कराया था. चार जगहों पर हुए आतंकी हमले पिछले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार जगहों पर आतंकवादियों ने हमला किया. जांच के सिलसिले में 50 लोगों को हिरासत में लिया गया. एक सीआरपीएफ और दो आतंकवादियों समेत 10 लोग मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए. कठुआ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए थे. उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ था. रियासी में बस पर हुआ था हमला हाल ही में आतंकवादियों ने तीर्थयात्रियों से भरी बस पर उस समय गोलीबारी की थी, जब वो शिव खोरी मंदिर से कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे. इस बस में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत अन्य जगहों के 53 तीर्थयात्री सवार थे. गोलीबारी में ड्राइवर का संतुलन बिगड़ा और बस गहरी खाई में गिर गई थी. जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी और 41 अन्य घायल हो गए थे.  

रक्षा मंत्रालय 2025 के बाद 371 रक्षा सामग्री की स्वदेशी खरीद को अनिवार्य बना सकता

Varnwal changed the order of Consotiya in the forest land issue of Jhinna mine of Katni.

नई दिल्ली रक्षा मंत्रालय दिसंबर 2025 के बाद तकरीबन 371 रक्षा सामग्री की स्वदेशी खरीद को अनिवार्य बना सकता है। इन सामग्रियों का निर्माण देश में किया जा रहा है तथा कोशिश यह हो रही है कि उपरोक्त तिथि के बाद इनके आयात को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश में रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता लाने के लिए दिसंबर 2025 से पहले इन 371 रक्षा सामानों को देश में ही बनाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय डीआरडीओ, रक्षा उत्पादन विभाग और उद्योग जगत से परामर्श के बाद लिया गया। दरअसल, ये सभी सामान अभी विदेशों से आयात होकर आ रहे थे। जबकि उद्योग जगत और सार्वजनिक रक्षा उपक्रम इनका देश में निर्माण करने में सक्षम थे। इनमें गोला, बारूद, विभिन्न प्रकार की बंदूकें, राइफलें, राडार, मानव रहित विमान, रक्षा प्लेटफार्म, वायुसान, जंगी पोत, पनडुब्बियां आदि शामिल हैं। दूसरे चरण में दिसंबर 2026 के बाद 66 और रक्षा सामग्री के आयात को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसी प्रकार दिसंबर 2027 तक 29, 2028 तक 25, 2030 तक 14 और 2032 तक चार और रक्षा सामग्री का देश में ही निर्माण होगा तथा उनका विदेश से आयात बंद हो जाएगा। देश में बनीं इन रक्षा सामग्रियों के परीक्षण में सफल रहने के बाद सेनाओं पर इनकी खरीद की बाध्यता होगी। मौजूदा समय में सेनाएं वैश्विक निविदा के जरिये रक्षा साजो सामान की खरीद करती हैं तथा उसमें देश की कंपनियां भी आवेदन कर सकती हैं। भविष्य में ग्लोबल टेंडर की जरूरत नहीं होगी। बल्कि टेंडर सिर्फ देशी कंपनियों के लिए ही निकाले जाएंगे। सूत्रों ने कहा कि सूची में शामिल कई रक्षा सामान देश में बनने भी शुरू हो चुके हैं। लेकिन उनका इस्तेमाल सेनाओं में नहीं हो रहा है। इससे एक नुकसान यह हो रहा है कि उनका निर्यात नहीं हो पा रहा है। कई देश रक्षा सामान की खरीद में यह देखते हैं कि जिस देश से वह खरीद रहे हैं, उस देश की सेना में उनका इस्तेमाल हो रहा है या नहीं। इसलिए जहां स्वदेशी खरीद से विदेशी मुद्रा की बचत होगी, वहीं विदेशों को निर्यात में भी बढ़ोत्तरी होगी। विदेशों से रक्षा सामग्री की खरीद (2022-22) : 40839 करोड़ विदेशों को रक्षा सामग्री का निर्यात (2023-24) : 21083 करोड़ निर्यात लक्ष्य (2028-29 : 50000 करोड़ रुपये स्वदेशी खरीद के लिए बजट: 70 फीसदी (कुल खरीद का)  

गांव पहुंचा शहीद कबीरदास उइके का पार्थिव शरीर, हुआ अंतिम संस्कार, सीआरपीएफ जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

छिंदवाड़ा जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए जवान कबीर दास उईके की पार्थिव देह आज छिंदवाड़ा लाई गई। पैतृक गांव पुलपुलडोह में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ जवानों ने सलामी दी। कबीर की अंतिम यात्रा के दर्शन करने के लिए लोग घरों से निकले। शहीद की पार्थिव देह पहले हवाई मार्ग से गुरुवार सुबह नागपुर लाई गई। यहां से सड़क मार्ग से पुलपुलडोह (मरजातपुर) लाई लाई गई। अंतिम संस्कार के समय सीआरपीएफ के आईजी सुखबीर सिंह सोढी और डीआईजी नीतू सिंह भी मौजूद रहीं। वही, छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसपी मनीष खत्री भी मौजूद थे। मंगलवार रात 8 बजे जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ था। सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास गोली लगने से घायल हो गए थे। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली थी। शहीद की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब पहले शहीद का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग के जरिए नागपुर लाया गया। इसके बाद यहां से सड़क मार्ग से पैतृक गांव पुलपुलडोह लाया गया। शहीद कबीर दास उईके की अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर फूल बरसा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। चौरई के पूर्व विधायक पंडित रमेश दुबे ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वहीं, मध्य प्रदेश की पीएचई मंत्री संपतिया उइके शहीद के घर पहुंचीं। अंतिम संस्कार के समय CRPF के IG सुखबीर सिंह सोढी और DIG नीतू सिंह, छिंदवाडा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह, SP मनीष खत्री मौजूद रहे।मंगलवार (11 जून) रात 8 बजे कठुआ के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में हुए आतंकी हमले में CRPF के कॉन्स्टेबल कबीर दास उईके गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसके बाद बुधवार (12 जून) सुबह इलाज के दौरान कबीर का निधन हो गया। 2011 में जॉइन की थी सीआरपीएफ छिंदवाड़ा की बिछुआ तहसील के पुलपुलडोह के रहने वाले 35 साल के कबीर दास उईके ने 2011 में सीआरपीएफ जॉइन की थी। साल 2021 में उनकी शादी हुई थी। परिवार में मां इंदरवति उईके, पत्नी ममता उईके और छोटा भाई है। पिता का निधन हो चुका है और दो बहनों की शादी हो चुकी है। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को पैतृक गांव पुलपुलडोह में होगा। विशेष वाहन से शव नागपुर से गांव लाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, 8 दिन पहले ही 20 दिन की छुट्‌टी के बाद वे ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी पोस्टिंग भोपाल में होने वाली थी। परिवार से मिलने पहुंचे सांसद-महापौर छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और महापौर विक्रम अहाके शहीद के घर पहुंचे। परिवार को ढांढस बंधाया। कठुआ और डोडो में आतंकी हमले जम्मू-कश्मीर के डोडा और कठुआ जिले में आतंकवादी विरोधी अभियानों में सेना के पांच जवान और राज्य पुलिस का एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गए, जबकि एक अलग मुठभेड़ में घायल हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान शहीद हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चत्तरगला इलाके या डोडा जिले में मंगलवार देर रात आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी हुई। उन्होंने कहा, रात करीब पौने दो बजे सेना और पुलिस डोडा जिले के भद्रवाह के चत्तरगला इलाके में आतंकवादियों से मुठभेड़ हो गई। गोलीबारी में सेना के पांच जवान और एक एसपीओ गोली लगने से घायल हो गए, उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच कठुआ जिले के कूटा मोड़ पर सैदा सुखल गांव में चल रहे एक अन्य अभियान में सीआरपीएफ के जवान को गोली लग गई और बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। शहीद सीआरपीएफ कर्मियों की पहचान कांस्टेबल जी डी कबीर दास के रूप में की गई। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, हीरानगर के सोहल गांव के 45 वर्षीय नागरिक ओंकार को भी आतंकवादियों द्वारा गोली चलाने से बाएं हाथ में चोट लग गई। उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज, कठुआ में भर्ती कराया गया। फिलहाल एक आतंकवादी को मारा गया है जबकि दूसरे आतंकवादी को पकड़ने के लिए क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार आतंकवादियों की संख्या दो थी। 9 जून को बस पर की थी फायरिंग इससे पहले, रविवार 9 जून की शाम सवा 6 बजे रियासी में आतंकियों ने श्रद्धालुओं को लेकर वैष्णोदेवी जा रही बस पर हमला कर दिया था। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 41 लोग घायल हो गए थे। बस शिव खोड़ी से कटरा जा रही थी। उसी दौरान कंदा इलाके में बस के मोड़ पर आते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमले में ड्राइवर घायल हो गया और बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। बस के खाई में गिरने से पहले आतंकियों ने 25 से 30 गोलियां चलाई थीं। आतंकी हमले में गंभीर रूप से हो गए थे घायल दरअसल मंगलवार को हुए एक आंतकी ‘हमले’ में सीआरपीएफ कांस्टेबल कबीरदास उइघे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जिसके बाद बुधवार की सुबह उनके शहीद होने की खबर सामने आई थी. शहीद सीआरपीएफ जवान उइघे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के रहने वाले थे.   करीब 8 दिन पहले आए थे छिंदवाड़ा जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान कबीरदास उइके की मां ने एनडीटीवी को बताया कि शहीद उइघे करीब 8 दिन पहले ही छिंदवाड़ा आए थे और जल्द ही उनका ट्रांसफर भोपाल होने वाला था. बता दें, कठुआ जिले में एक मुठभेड़ में 1 आतंकी भी मारा गया और उसके पास से भारी गोला-बारूद बरामद किया गया.  

छिंदवाड़ा के कबीर दास शहीद का पैतृक गांव में आज होगा अंतिम संस्कार, नागपुर से लाई जा रही पार्थिव देह

 छिंदवाड़ा जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए जवान कबीर दास उईके की पार्थिव देह आज छिंदवाड़ा लाई जा रही है। पैतृक गांव पुलपुलडोह में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मंगलवार रात 8 बजे जम्मू – कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ था। सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास गोली लगने से घायल हो गए थे। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली थी। शहीद की पार्थिव देह हवाई मार्ग से गुरुवार सुबह नागपुर लाई गई। यहां से सड़क मार्ग से पुलपुलडोह (मरजातपुर) लाई जा रही है। स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उईके अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। गोली लगने से घायल हुए थे कबीर बता दें कि मंगलवार रात 8 बजे जम्मू-कश्मीर के कठुआ के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ था। सीआरपीएफ के  Constable कबीर दास गोली लगने से घायल हुए थे। बुधवार सुबह इलाज के दौरान कबीर ने अंतिम सांस ली थी। बता दें कि शहीद हुए कबीर चार भाई-बहन में सबसे बड़े थे। कबीर के शहीद होने की खबर सुनकर सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। 2011 में जॉइन की थी सीआरपीएफ जानकारी के मुताबिक, 35 साल के कबीर दास उईके छिंदवाड़ा की बिछुआ तहसील के पुलपुलडोह के रहने वाले थे। 2011 में उन्होंने सीआरपीएफ जॉइन की थी। 4 साल पहले उनकी शादी हुई थी। परिवार में मां इंदरवति उईके, पत्नी ममता उईके और दो भाई हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है। पिता का निधन हो चुका है। 8 दिन पहले ही 20 दिन की छुट्टी के बाद वे ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी पोस्टिंग भोपाल में होने वाली थी। कबीर की सैलरी पर पूरा परिवार आश्रित रहता था। मोहन यादव, नकुलनाथ ने अर्पित की श्रद्धांजलि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुए आतंकवादी हमले में शहीद छिंदवाड़ा के जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने शोक व्यक्त करे हुए एक्स पर Tweet किया कि देशसेवा में आपके सर्वोच्च बलिदान का देश सदैव ऋणी रहेगा। छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और महापौर विक्रम अहाके शहीद के घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया। 2020 में हुई थी शहीद कबीर दास की शादी कबीर दास की 4 साल पहले 2020 में शादी हुई थी. शहीद के परिवार में पत्नी, एक छोटा भाई, मां और दो शादीशुदा बहने हैं. शहीद की अभी कोई संतान नहीं है. वो 10 दिन पहले ही छुट्टी से ड्यूटी पर लौटे थे.  

जम्मू में आतंकियों पर करारा प्रहार! कठुआ में आतंकी का खात्मा, डोडा में भी एनकाउंटर20 संदिग्धों को हिरासत में

नई दिल्ली  जम्मू के रियासी में श्रद्धालुओं से भरी बस पर आतंकवादियों के हमला करने के बाद अब 29 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा पर खतरा मंडराने लगा है। बाबा बफार्नी के दर्शन के लिए यात्रा 19 अगस्त तक चलेगी। इसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरे राज्य के लिए सिक्योरिटी रिव्यू भी किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस-किस पॉइंट पर कितना खतरा है और वहां किस स्तर की सिक्योरिटी की जरूरत है। रियासी बस अटैक मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को 20 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जम्मू कश्मीर में रियासी और कठुआ के बाद अब आतंकियों ने डोडा पर भी हमला किया है. ये तीन दिन में इस तरह का तीसरा हमला है. इस बार आतंकियों ने डोडा जिले में सेना के अस्थाई ऑपरेटिंग बेस पर गोलीबारी की, जिसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. इन हमलों के मद्देनजर इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है. इस हमले के बाद डोडा के छत्रकला में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी में सेना के पांच जवान घायल बताए जा रहे हैं. घायलों में एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) भी शामिल हैं. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. कश्मीर टाइगर नाम के आतंकी ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. अधिकारियों का कहना है कि बुधवार तड़के लगभग 1.45 बजे छत्रकला में सेना और पुलिस की संयुक्त मुहिम के तहत आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. इससे पहले जम्मू के एडीजीपी आनंद जैन ने बताया था कि गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया है और एक नागरिक घायल हुआ है, लेकिन अब इलाका खतरे से बाहर है. ऑपरेशन अब भी जारी है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं. शक है कि आतंकवादियों की मदद के लिए कोई ना कोई स्थानीय शख्स भी इस हमले में शामिल था, जो बैक हैंड से आतंकवादियों को सपोर्ट कर रहा था। इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त जवानों की 11 टीमें जंगलों और पहाड़ों में फरार आतंकियों की तलाश कर रही हैं। इसके लिए हेलीकॉप्टर, ड्रोन और खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। 32 साल के अबू हमजा पर शक मामले में यह भी आशंका जताई जा रही है कि पुंछ जिले के सुरनकोट में 4 मई को एयरफोर्स काफिले पर आतंकियों द्वारा किए गए हमले में जो आतंकवादी शामिल थे। संभवत: वही आतंकवादी रियासी हमले में भी हो सकते हैं। शक लश्कर-ए-तैबा के टॉप कमांडर अबू हमजा, पाकिस्तानी सेना में कमांडो रह चुके फौजी और आदून नाम के एक अन्य आतंकी पर भी जताया जा रहा है, जिन्होंने हमला किया या फिर हमला करने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए। इनमें 32 साल का अबू हमजा पर 10 लाख का इनाम भी घोषित है। रियासी में आतंकी हमले पर उठ रहे सवाल जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस मामले में अभी तक कोई आतंकी गिरफ्तार नहीं है। हां, 20 संदिग्ध लोगों से पूछताछ जरूर की जा रही है। मामले में बस के पीछे चल रही एक ईको कार के लापता होने और एक जीप के पीछे चलने की बात सामने आई थी। जिसे आतंकियों से जोड़कर देखा जा रहा था। इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि ईको कार को ढूंढ लिया गया है। उसमें कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। सर्च ऑपरेशन जारी है। कुछ इनपुट मिले हैं। जिनके आधार पर काम किया जा रहा है। कामयाबी मिलने की उम्मीद है। कई हथियारों से चलाई गई थी गोलियां आतंकवादियों द्वारा बस में जो गोलियां बरसाई गई। वह कई तरह की मिली हैं। जिससे लग रहा है कि आतंकवादियों ने एक से अधिक टाइप के हथियार इस्तेमाल किए। इनमें अमेरिकी एम-4 कार्बाइन के साथ अन्य राइफलों के इस्तेमाल करने का शक है। जैसा की एनबीटी ने 10 जून को ही लिखा था कि अगर बस खाई में ना गिरती तो आतंकी बस में सवार सभी लोगों को मार डालते। बस में सवार घायलों का भी यही कहना है।

घाटी में आतंकी हमले में छिंदवाड़ा का जवान शहीद, कल आएगी पार्थिव देह

छिंदवाड़ा जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में छिंदवाड़ा के जवान कबीर दास उईके शहीद हो गए। मंगलवार रात 8 बजे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ। हमले में सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास उईके गोली लगने से घायल हो गए थे। बुधवार सुबह वे शह 35 साल के कबीर दास उईके छिंदवाड़ा की बिछुआ तहसील के पुलपुलडोह के रहने वाले थे। 2011 में उन्होंने सीआरपीएफ जॉइन की थी। 4 साल पहले उनकी शादी हुई थी। परिवार में मां इंदरवति उईके, पत्नी ममता उईके और छोटा भाई है। दो बहनों की शादी हो चुकी है। पिता का निधन हो चुका है। सीआरपीएफ कॉन्स्टेबल कबीर का अंतिम संस्कार गुरुवार को पैतृक गांव पुलपुलडोह में होगा। शव विशेष वाहन से नागपुर से गांव लाया जाएगा। मां ने बताया कि 8 दिन पहले ही 20 दिन की छुट्‌टी के बाद वे ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी पोस्टिंग भोपाल में होने वाली थी। कठुआ में आतंकी से मुठभेड़ में सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास को गोली लगी थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। कठुआ में आतंकी से मुठभेड़ में सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास को गोली लगी थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। चार भाई – बहन में सबसे बड़े थे, सांसद-महापौर मिलने पहुंचे शहीद हुए कबीर चार भाई – बहन में सबसे बड़े थे। उनसे छोटे भाई खेती करते हैं। अभी शादी नहीं हुई है। मुख्य तौर पर कबीर की सैलरी पर पूरा परिवार आश्रित रहता था। परिवार के पास करीब 6 एकड़ ही खेती है। जवान के शहीद होने की खबर पर परिवार में शोक छा गया। छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और महापौर विक्रम अहाके शहीद के घर पहुंचे। परिवार को ढांढस बंधाया। नकुलनाथ ने शोक जताया छिंदवाड़ा से पूर्व सांसद नकुलनाथ ने शोक व्यक्त करे हुए ट्वीट किया, ‘देशसेवा में आपके द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान का देश सदैव ऋणी रहेगा। समस्त छिंदवाड़ा वासियों को आप पर गर्व है।​​​​​’

सूरज ढलते समय हमले का पैटर्न… बस पर हमला करने वाले आतंकियों की ऐसे हो रही तलाश

रियासी जम्मू कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकवादी हमला करने वाले गुनहगारों की तलाश तेज हो गई है. सेना और CRPF की 11 टीमें ऊपरी पहाड़ी इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन चला रही हैं. पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को खत्म करने के लिए मिशन मोड में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है. हमले के बाद आतंकी जंगल की तरफ भागे थे. ऐसे में रियासी के जंगल को घेर लिया गया है. वहां कमांडो और ड्रोन भी उतारे गए हैं. रविवार को जम्मू कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकवादी हमला हुआ था, इसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी. करीब 41 लोग हमले में घायल हो गए थे. ये हमला जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में हुआ. तीर्थयात्रियों की बस शिव खोड़ी मंदिर से माता वैष्णो देवी मंदिर के बेस कैंप कटरा की ओर लौट रही थी. जंगल में छिपे आतंकवादियों ने बस पर घात लगाकर हमला किया. आतंकियों ने पहले बस के ड्राइवर को गोली मारी, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और बस खाई में जा गिरी. उसके बाद काफी देर तक फायरिंग की. हमले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर दोनों की मौत हो गई. हमले में किसी तरह बच गए यात्रियों ने बताया कि बस के खाई में गिरने के बाद भी आतंकवादी गोली बरसाते रहे. ये बस उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली से तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही थी. फौजी वर्दी में थे आतंकी रविवार शाम 6:10 पर बस पर आतंकी हमला हुआ। इस हमले में स्थानीय राजबाग पौनी के रहने वाले बस ड्राइवर विजय कुमार और कटरा निवासी कंडक्टर अर्जुन की भी मौत हो गई। बस में सवार कुछ यात्रियों ने मीडिया को बताया कि जब बस ढलान पर थी तो एक आतंकी फौजी वर्दी में सड़क के बीचों-बीच बैठा था। बस की रफ्तार धीमी होते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। फिर और तरफ से भी बस पर फायरिंग होने लगी। उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हुआ। ड्राइवर को भी गोली लगी और उनका बस से नियंत्रण खो गया। बस खाई में गिर गई। तब भी आतंकी बस पर गोलियां बरसाते रहे। जॉइंट सर्च ऑपरेशन के बीच NIA भी पहुंची फरार आतंकियों की तलाश में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना ने साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पहाड़ी इलाके में आतंकियों के छिपे होने की आशंका को देखते हुए ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। मौके पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के DGP आर. आर. स्वैन और रियासी की SSP मोहिता शर्मा समेत अन्य तमाम अफसर पहुंचे। इस बीच घटनास्थल पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम भी पहुंची। फरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल इकट्ठा किए हैं। लगातार बस पर गोली बरसाते रहे आतंकी इस गोलीबारी के बाद भी यात्री चुपचाप लेटे रहे, ताकि आतंकवादियों को ऐसा लगे कि वो सभी मर चुके हैं. मरने वाले यात्रियों में से 4 राजस्थान से थे, जिनमें एक 3 साल का बच्चा भी शामिल था. ये चारों लोग एक ही परिवार के थे. इसके अलावा, मरने वालों में 3 लोग उत्तर प्रदेश के थे. ड्राइवर और कंडक्टर रियासी के ही रहने वाले थे. हमले में जान गंवाने वालों में एक 3 साल का बच्चा भी शामिल था. उसकी मां की मौत भी हो गई है. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रात सवा 8 बजे तक सभी यात्रियों को बाहर निकाला और अस्पताल में पहुंचाया. हमले की जांच NIA को सौंपी गई घटनास्थल पर पुलिस, भारतीय सेना और CRPF का अस्थाई जॉइंट ऑपरेशन हेड क्वार्टर बनाया गया. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन The Resistance Front ने ली है. TRF को साल 2023 में भारत सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया था. इसका गठन अनुच्छेद 370 हटने के बाद साल 2019 में हुआ था. ये कई आतंकवादी हमले में शामिल रहा है. सूत्रों के मुताबिक इस हमले में 2 से 3 आतंकवादी शामिल थे. ये आतंकवादी पाकिस्तानी हैं, और उसी ग्रुप का हिस्सा हैं जो पिछले दिनों राजौरी और पुंछ में हुए हमलों में शामिल था. ये ग्रुप पिछले दो वर्षों से पीर-पंजाल इलाके में सक्रिय है. इन आतंकवादियों की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है. आतंकवादियों की तलाश के लिए ड्रोन की मदद भी ली जा रही है. इस हमले की जांच NIA को सौंप दी गई है. जंगलों में छिपे हुए हैं आतंकवादी सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हमला करने वाले आतंकवादी जंगल में छिपे हुए हैं. सुरक्षा बलों को संदेह है कि आतंकवादी राजौरी और रियासी के पहाड़ी इलाकों में छिपे हुए हैं. क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया है. अधिकारियों का कहना था कि हमले के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा के तीनों आतंकवादियों की बड़े पैमाने पर तलाश की जा रही है. उन्होंने घटनास्थल पर चौथे आतंकी के मौजूद होने की संभावना से इनकार नहीं किया है.  सेना को मिले सुराग, तलाशी में आई तेजी उधमपुर-रियासी रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक रईस मोहम्मद भट ने कहा, हमें कुछ सुराग मिले हैं. पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की 11 टीमें तलाशी अभियान में लगी हैं. आतंकवादियों को ढेर करने के लिए अलग-अलग मोर्चों पर संयुक्त रूप से काम किया जा रहा है. कॉम्बिंग ऑपरेशन में पुलिस, सेना, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को शामिल किया गया है. कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे डीआइजी ने कहा,  हमारी कार्रवाई लगातार जारी है. हम अलग-अलग इनपुट के आधार पर काम कर रहे हैं. दो अलग-अलग मोर्चों पर काम करने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं. जबकि जांच भी साथ में तेजी से चल रही है. पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, इस मामले पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन हमें कुछ सुराग मिले हैं और हम आतंकवादियों का पता लगाने के लिए सुराग जुटा रहे हैं. घने जंगल बने ऑपरेशन में परेशानी उन्होंने कहा, चूंकि इस क्षेत्र में घने जंगल हैं. जल स्रोतों की कमी है. जंगल में आग का भी खतरा है. खड़ी ढलानों और प्राकृतिक छिपने की जगह हैं. सर्चिंग ऑपरेशन में सुरक्षा बलों के लिए यह बड़ी चुनौती है. सर्चिंग टीमें सावधानी से आगे बढ़ रही हैं. … Read more

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