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आदर्श आचार संहिता का पालन व अवकाश घोषित करेंगे कलेक्टर, राजस्थान-नगरीय निकाय उपचुनाव का 9 जनवरी को मतदान

जयपुर। प्रदेश के 9 जिलों के 9 नगरीय निकायों के रिक्त पदों पर होने वाले उपचुनावों के लिए मतदान दिवस 9 जनवरी 2025 को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए जिला कलेक्टर को अधिकृत किया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन (ग्रुप-2) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के 9 जिलों बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, दौसा, हनुमानगढ़, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर ग्रामीण, सवाई माधोपुर एवं सीकर में 9 नगरीय निकायों के रिक्त पदों पर उप चुनाव माह दिसंबर 2024 एवं जनवरी 2025 में करवाए जा रहे हैं। इन नगरीय निकायों में मतदान 9 जनवरी, 2025 गुरुवार को होगा। अतः मतदान दिवस को संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी) को अधिकृत किया गया है। साथ ही पुनर्मतदान की स्थिति में जहां पुनर्मतदान होगा उस क्षेत्र में पुन‌र्मतदान की तिथि को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए भी संबंधित जिला कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी) को अधिकृत किया गया है। आदेश के अनुसार उपचुनाव वाले क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान चुनाव से संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव समाप्ति तक माननीय मंत्री शासकीय दौरे पर नहीं जाएंगे। कानून व्यवस्था बिगड़ने या किसी आपात स्थिति के कारण मंत्री यदि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में दौरे पर रहते हैं तो उन्हें इसकी सूचना विभाग के शासन सचिव द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजनी होगी। यदि कोई मंत्री संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर हैं, तो इस दौरान वे किसी सरकारी वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे और निजी वाहन पर लाल बत्ती या सायरन आदि का प्रयोग वर्जित होगा। साथ ही क्षेत्र के विश्रामगृह, डाक बंगले या अन्य सरकारी आवासों का या इससे संलग्न परिसरों का उपयोग प्रचार कार्यालय के रूप में या चुनाव से संबंधित कोई बैठक करने की दृष्टि से नहीं कर सकेंगे। इन स्थानों को निष्पक्ष तरीके से अन्य दलों या अभ्यर्थियों को भी उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी लेकिन वे भी उनका चुनाव से संबंधित कार्य में इस्तेमाल नहीं करेंगे। वहीं सरकारी अधिकारी, मंत्रियों के दौरे के समय उनके किसी स्वागत में या प्रोटोकॉल में नहीं जाएंगे‌। यह आदर्श आचार संहिता बोर्ड/निगम के अध्यक्ष जिन्हें मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है, पर भी लागू रहेगी।

विजयपुर उपचुनाव में पुलिस कस्टडी में BJP-कांग्रेस प्रत्याशी

विजयपुर  मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर बुधवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरु हो चुका है। यहां सुबह 9 बजे तक 17.86 फीसदी वोट डाले जा चुके हैं। इसी कड़ी में भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत ने अपने गांव सुनवई में वोट डाला, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा को पुलिस कस्टडी में अपने गांव के मतदान केंद्र पर वोट डालना पड़ा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस प्रत्याशी को नजर बंद किया गया है। बता दें कि, श्योपुर पुलिस ने कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा को नजर बंद कर दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अबतक इस संबंध में कोई अधिकृत बयान सामने नहीं आया है कि आखिर कांग्रेस प्रत्याशी को पुलिस कस्टडी में क्यों रखा गया है। लूत्रों की मानें तो क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव को मद्देनजर रखते हुए ये फैसला लिया गया है। वहीं कांग्रेसियों में इससे आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि अगर स्थिति इतनी ही तनावपूर्ण है तो कांग्रेस प्रत्याशी के साथ भाजपा प्रत्याशी को भी नजरबंद किया जाना चाहिए। ये आयोग का दोहरा चरित्र दर्शाता है। वहीं, दूसरी ओर अंधूपुरा पोलिंग बूथ कुछ मतदाताओं द्वारा शिकायत भी की गई है कि उन्हें मतदान नहीं करने दिया जा रहा। रामनिवास रावत के गृह ग्राम में झड़प भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत के गृह गांव सुनवई में सुरक्षा कर्मियों और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। पोलिंग बूथ पर कुछ युवक घुसकर जबरन वोट डालने का प्रयास करने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान उनकी झड़प युवकों समेत ग्रामीणों से हो गई। इससे गांव में तनाव पैदा हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के अफसर भी पहुंचे। शाम 6 बजे तक चलेगा मतदान भाजपा व कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी विजयपुर विधानसभा सीट के लिए बुधवार सुबह 7 बजे से मतदान चल रहा है। हालांकि, शुरुआत में पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की कमी देखने को मिली, लेकिन 8 बजे के बाद से मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी। विजयपुर सीट के सभी पोलिंग बूथों पर सुबह 9 बजे तक औसत 17.86 फीसदी वोट डाले जा चुके हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं का फीसद 17.47 रहा, जबकि महिला मतदाताओं का फीसद 18.29 है। बता दें कि, शाम 6 बजे तक मतदाता वोटिंग के लिए अपने मतदान केंद्र पहुंच सकते हैं। विजयपुर में पुलिस अलर्ट  विजयपुर विधानसभा सीट के कई मतदान केंद्रों को पुलिस ने अतिसंवेदनशील घोषित किया है, क्योंकि यहां पर बूथ केप्चरिंग की आशंका जताई जा रही है. ऐसे में पुलिस यहां पूरी तरह से अलर्ट नजर आ रही है. कई पोलिंग बूथों से मतदाताओं को मतदान करने से रोकने का आरोप भी लगा है. हालांकि पुलिस ने अब तक सभी जगह आराम से मतदान होने की बात कही है. वहीं इस बीच बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी हर एक पोलिंग बूथ पर जमे हुए हैं.  विजयपुर में बीजेपी कांग्रेस में कड़ी टक्कर  दरअसल, विजयपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस में कड़ी टक्कर दिख रही है. विजयपुर विधानसभा सीट पर 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी, लेकिन कांग्रेस रामनिवास रावत कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे यहां उपचुनाव हो रहा है. रामनिवास रावत बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया है. मुकेश मल्होत्रा ने 2023 का चुनाव निर्दलीय लड़ा था, लेकिन इस बार कांग्रेस ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है. 

Vijaypur by-election: मतदान से पहले आदिवासी बस्ती में ताबड़तोड़ फायरिंग, 2 घायल, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए आरोप

विजयपुर मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव से एक दिन पहले फायरिंग हो गई। बाइक से आए 9 बदमाशों ने आदिवासियों को धमकाते हुए फायरिंग कर दी। गोलीबारी में कई लोग घायल हो गए हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने एक आरोपी को बंदूक के साथ पकड़ लिया। घटना ढोढर थाना क्षेत्र के धनाचया गांव में सोमवार रात 10 बजे हुई है। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर अराजकता गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। गाली-गलौज से रोकने पर ताबड़तोड़ फायरिंग वारदात में प्रकाश और हरविलास नाम के दो आदिवासी युवक घायल हो गए हैं। पुलिस को उन्होंने बताया कि रात में कुछ लोग बंदूकें लेकर बाइक से आए थे। बस्ती में पहुंचते ही गाली–गलौज करने लगे। मना करने पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस को सूचना दी तो एसडीओपी राजीव गुप्ता जवानों के साथ गांव पहुंचे। आचार संहिता के बीच फायरिंग, पुलिस पर सवाल विजयपुर में 13 नवंबर को वोटिंग है। इस समय चुनावी आचार संहिता लागू है। लिहाजा, निर्वाचन क्षेत्र में सभी लाइसेंसी बंदूकें पुलिस ने जब्त करा ली है। आसपास की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं। इन सबके बावजूद सरेआम गोलीबारी होना पुलिस की निगरानी पर सवाल उठाता है। पटवारी बोले-कलेक्टर-एसपी को हटाए आयोग     प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना से जुड़ा एक वीडियो शेयर कर कलेक्टर-एसपी को हटाए जाने की मांग की है। कहा, विजयपुर में आज प्रचार समाप्त हुआ और मतदाताओं पर अत्याचार शुरू हो गया। भाजपा उपचुनाव को भी लाल स्याही से रंग रही है।     जीतू पटवारी ने कहा, एक ओर आचार संहिता लागू है, और दूसरी और भाजपा प्रत्याशी के हथियारबंद गुंडे आदिवासी भाइयों पर गोली चला रहे हैं। विजयपुर कलेक्टर और भाजपा में सांठ-गांठ की बात मैं लगातार कह रहा हूं, लेकिन गंभीरता से नहीं लिया गया। अब इसके परिणाम सामने दिख रहे हैं। आरोपियों की हो तत्काल गिरफ्तारी श्योपुर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष अतुल सिंह चौहान ने कहा, भाजपा नेता अराजकता फैलाकर गुंडागर्दी की राजनीति करते हैं। गरीब आदिवासियों पर फायरिंग उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाती है। पुलिस-प्रशासन आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करें, नहीं तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। सूचना पर एसडीओपी राजीव कुमार गुप्ता पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे। अन्य आरोपियों की तलाश में टीमों को रवाना किया। श्योपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अतुल सिंह चौहान का कहना है कि भाजपा के लोग अराजकता फैलाकर गुंडागर्दी की राजनीति करना चाहते हैं। गरीब आदिवासियों पर इस तरह फायरिंग ओछी मानसिकता को दर्शाती है। प्रशासन और पुलिस आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करें, नहीं तो कांग्रेस आदिवासियों के साथ लड़ाई लड़ेगी। विजयपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले प्रशासन और पुलिस ने जिलेभर के सभी शस्त्र लाइसेंस थानों में जमा कर लिए हैं। इसके बावजूद आरोपी बंदूक लेकर गांव में पहुंचे। कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब लाइसेंस जमा हो गए थे तो फिर हथियार कहां से आए? विजयपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भले ही बीजेपी विकास और कांग्रेस गद्दार के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, मगर जातिगत समीकरण चुनाव पर हावी है। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा के समर्थन में आदिवासी और कुशवाह समाज के लोग लामबंद दिखाई दे रहे हैं। श्योपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अतुल सिंह चौहान का कहना है कि भाजपा के लोग अराजकता फैलाकर गुंडागर्दी की राजनीति करना चाहते हैं। गरीब आदिवासियों पर इस तरह फायरिंग करना उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है। प्रशासन और पुलिस को आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए, नहीं तो कांग्रेस आदिवासियों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ेगी। विजयपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले प्रशासन और पुलिस ने जिलेभर के सभी शस्त्र लाइसेंस थानों में जमा करवा लिए थे। इसके बावजूद आरोपी बंदूक लेकर गांव में कैसे पहुंचे? कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब लाइसेंस जमा हो गए थे तो हथियार कहां से आए? विजयपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा विकास के मुद्दे पर और कांग्रेस गद्दारी के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन जातिगत समीकरण चुनाव में हावी हैं। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा के समर्थन में आदिवासी और कुशवाह समाज के लोग लामबंद होते नजर आ रहे हैं। कमलनाथ ने भाजपा पर बोला हमला इधर, घटना को लेकर मप्र के पूर्व सीएम कमलनाथ का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा- श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की वोटिंग से पहले आदिवासियों पर फायरिंग की घटना अत्यंत चिंताजनक है। इस घटना में आदिवासी समुदाय के कई लोग घायल हो गए। घटना से स्पष्ट होता है कि विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी क्षेत्र का माहौल खराब करना चाहती है और मतदाताओं को डराना चाहती है। वोटिंग से ठीक पहले इस तरह की वारदात कानून व्यवस्था और चुनाव के इंतजाम पर भी बेहद गंभीर सवाल खड़े करती है। घटना से स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी खरीद फरोख्त की राजनीति से बाज नहीं आ रही। वह विधायक तो खरीद सकती है, लेकिन जनता को नहीं खरीद सकती, इसलिए मतदाताओं के ऊपर गोलियां चलाई जा रही हैं। निर्वाचन आयोग से अपील करता हूं कि घटना को अत्यंत गंभीरता से ले और विजयपुर विधानसभा में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराएं।  

होटल-रेस्टोरेंट्स में 30 प्रतिशत तक छूट, छत्तीसगढ़-रायपुर उपचुनाव में वोटिंग पर स्पेशल ऑफर

रायपुर। मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत रायपुर दक्षिण उपचुनाव में वोट देने वाले मतदाताओं को प्रोत्साहित करने चुनाव आयोग की पहल पर आकर्षक डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है. इस पहल के तहत रायपुर शहर के प्रमुख होटल और रेस्टोरेंट्स ने मतदान करने वाले नागरिकों को खाने-पीने और रूम बुकिंग पर शानदार छूट देने की घोषणा की है. इस ऑफर का लाभ लेने के लिए मतदाताओं को मतदान के बाद अपनी उंगली पर लगी स्याही दिखानी होगी. इस पहल में शहर के प्रतिष्ठित होटल और रेस्टोरेंट्स जैसे सुखसागर रेस्तरां, मंजू-ममता रेस्तरां, मे-फेयर होटल, फेयर-वे होटल और बेबीलोन होटल ने भाग लिया है. इन जगहों पर 13 नवंबर से 19 नवंबर तक विभिन्न प्रकार के ऑफर दिए जाएंगे—– 0- सुखसागर और मंजू-ममता रेस्टॉरेंट (एमजी रोड) में 13 नवंबर से 15 नवंबर तक बिल पर 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. 0- मेय-फेयर होटल (नवा रायपुर) में 13 नवंबर से 19 नवंबर तक मेन्यू पर 30 प्रतिशत डिस्काउंट मिलेगा और तीन बुफे पर एक बुफे मुफ्त मिलेगा. 0- फेयर-वे होटल (नवा रायपुर) में 13 नवंबर से 19 नवंबर तक मेन्यू पर 30 प्रतिशत छूट और रूम बुकिंग पर 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी. 0- बेबीलोन होटल (वीआईपी रोड) ने रूम बुकिंग पर 30 प्रतिशत, मॉकटेल पर 25 प्रतिशत, मेन्यू पर 20 प्रतिशत और बुफे पर 15 प्रतिशत छूट देने के साथ ही तीन बुफे पर एक बुफे मुफ्त देने का ऑफर दिया है.

बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए भाजपा का प्रदेश नेतृत्व ही कमान संभाल रहा वही कांग्रेस बुला रही बाहरी नेता

भोपाल मध्य प्रदेश में 13 नवंबर को होने वाले बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए भाजपा का प्रदेश नेतृत्व ही कमान संभाल रहा है लेकिन कांग्रेस में इसका ठीक उल्टा हो रहा है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश के कांग्रेस नेताओं का आत्मविश्वास हिला हुआ है।आलाकमान भी उन पर पूरा भरोसा नहीं कर पा रहा इसलिए उपचुनाव में प्रचार के लिए बाहरी नेताओं को बुलाया गया है। राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने विजयपुर में सभाएं की तो भरतपुर की सांसद संजना जाटव भी आने वाली हैं। वे एससी वर्ग के मतदाताओं को साधेंगी। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित वरिष्ठ नेता भी प्रचार के लिए आ सकते हैं, ये सभी उपचुनाव में कांग्रेस के स्टार प्रचारक हैं। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस में इन दिनों बड़े नेताओं में मात्र दिग्विजय सिंह और कमल नाथ ही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का चुनाव प्रचार कार्यक्रम तो बना था लेकिन ऐन वक्त पर निरस्त भी हो गया था। अन्य नेताओं का कद और प्रभाव उतना नहीं है। यही वजह है कि कांग्रेस को बाहरी नेताओं की मदद उपचुनाव में प्रचार के लिए लेनी पड़ रही है। अब तक उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां स्थानीय नेताओं के भरोसे ही चुनाव लड़ते रहे हैं।   इनके अलावा कांग्रेस में और कोई नेता इस कद का नहीं हैं जिसका व्यापक जनाधार हो। इसके विपरीत भाजपा में प्रदेश स्तर पर सक्रिय नेताओं की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा सहित कई अन्य नेता प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा एससी वर्ग में लालसिंह आर्य, एसटी वर्ग में फग्गन सिंह कुलस्ते ऐसे नेता हैं, जो प्रदेश और बाहर भी जाने-पहचाने जाते हैं। सचिन पायलट गुर्जर समाज के बड़े नेता हैं। पूर्व सांसद ताराचंद पटेल की मूर्ति के अनावरण में आए थे तो हमने चुनाव में भी उनका कार्यक्रम बना दिया। जहां तक कमल नाथ के कार्यक्रम रद होने की बात है, तो उन्हें वायरल हो गया था इसलिए वे नहीं आए। – शैलेंद्र पटेल, बुधनी उपचुनाव प्रभारी, कांग्रेस यह दौर सोशल इंजीनियरिंग का है, उस लिहाज से हर राजनीतिक दल अपने स्टार प्रचारकों की सूची बनाकर नेताओं को आमंत्रित करता है। अन्य राज्यों के नेताओं को बुलाने की यही वजह है।- केके मिश्रा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता

‘भावनाओं को समझो, जीत जाओगे’, राजस्थान-खींवसर उपचुनाव में हनुमान-ज्योति और रेवतराम में अलग है मुकाबला

जयपुर. त्योहारी सीजन के बाद आज से राजस्थान में फिर से उपचुनावों की रंगत नजर आने लगी है। स्थानीय भाषा में इसे चुनाव मढ़ना कहा जाता है। सबसे रोचक चुनाव इस वक्त खींवसर सीट पर हो रहा है। जाट हार्टलैंड की यह सीट नेताओं की आक्रामक शैली के लिए जानी जाती है। लेकिन इस बार सभी नेता यहां रिक्वेस्टिंग मोड में हैं। वोटर कह रहे हैं कि ऐसा चुनाव यहां पहली बार देखने को मिल रहा है। खींवसर की जमीन पर अभी वे सभी नेता चुनावी दंगल में हैं, जो अपनी फायर ब्रांड शैली के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार यहां का पूरा चुनाव ही बेहद अलग अंदाज में नजर आ रहा है। आरोप-प्रत्यारोप से इतर यहां सियासी तंज और भावुक अपीलें हो रही हैं। हनुमान बेनीवाल, ज्योति मिर्धा और रिछपाल मिर्धा से लेकर रेवतराम डांगा तक सभी वोटरों की सहानुभूति मांग रहे हैं। इधर, बीजेपी ने अपने कैंपेन में सेंधमारी का तड़का भी लगा दिया है। खींवसर विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को लगा झटका देते हुए नागौर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष रह चुके सुखबीर सिंह चौधरी को भाजपा ज्वाइन करवाई। भावुक अपील से क्या किला बचा पाएंगे हनुमान खींवसर हनुमान के लिए सिर्फ विधानसभा सीट भर नहीं राजस्थान में उनके सियासी अस्तित्व के लिए यह सबसे जरूरी है। इस बार खींवसर से उनकी पत्नी कनिका बेनीवाल मैदान में हैं। हनुमान बेनीवाल ने प्रचार के दौरान कहा कि बीजेपी चुनाव जीतती है या हारती है तो इससे उस पर कोई फर्क नहीं आएगा। लेकिन इस बार अगर RLP खींवसर से चुनाव हार गई तो मेरा 20 साल का संघर्ष खत्म हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा, अगर RLP विधानसभा में नहीं रही, तो मेरा 20 साल का संघर्ष चला जाएगा। लोग कहेंगे कि हनुमान 20 साल लड़ा और अंत में खींवसर की सीट भी चली गई। इसलिए आप लोग यह सुनिश्चित कर लो कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की जीत हो और मैं चार साल राजस्थान की सड़कों पर बजरी माफियाओं के खिलाफ लड़ता रहूं’। 47 साल पुरानी विरासत हनुमान बेनीवाल राजनीतिक घराने से आते हैं और उनकी यह विरासत 47 साल पुरानी है। बेनीवाल के पिता रामदेव बेनीवाल दो बार विधायक रहे हैं। ज्योति का तंज: भाभी विधानसभा चली गई तो भतीजे… बीजेपी नेता ज्योति मिर्धा भी इस बार चुनाव में अलग अंदाज में नजर आ रही हैं। एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब मैं लोकसभा चुनाव लड़ रही थी तो हनुमान बेनीवाल ने कहा था, बाई ने फेरूं हरियाणा भेज दो म्हारा फूफोसा के फलका का फोड़ा पड़े (ज्योति मिर्धा को उनके ससुराल हरियाणा भेजने के लिए कहा कि यदि वे यहां रह गईं तो उनके पति के लिए खाना कौन बनाएगा)। ज्योति ने हनुमान के इस भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि आज बहन भी अपने भाई (हनुमान) की चिंता करती है…भाभी विधानसभा चली गई और आप लोकसभा में रह गए तो मेरे भतीजे-भतीजी का देखभाल कौन करेगा। इसलिए मैं आप लोगों से अपील करती हूं कि हनुमान तो सांसद बने हुए हैं, इसलिए विधानसभा में रेवतराम डांगा जी को भेजो। दिव्या बोलीं- मुझे हराने की बात करते थे क्या गलती थी मेरी? वहीं, कांग्रेस नेता दिव्या मदेरणा ने भी हनुमान बेनीवाल पर निशाना साध रखा है। दिव्या मदेरणा ने लोहावट में एक कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए हनुमान बेनीवाल पर बड़ा तंज कसते हुए खींवसर की जनता को बड़ा मैसेज भी दे दिया है। मदेरणा ने कहा कि मुझे हराने की बात करते थे। सवाल पूछते हुए दिव्या मदेरणा ने कहा कि क्या मैं समाज की बेटी नहीं हूं, क्या गुनाह था मेरा, क्या गलती थी मेरी? मदेरणा ने कहा कि आज क्या हालत हैं खींवसर में? सुनने में आ रहा है कि हालत टाइट है। उन्होंने कहा कि रात के चार-चार बजे घूमकर लोगों के पैर पकड़ रहे हैं।

अभ्यर्थियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बुलाया, छत्तीसगढ़-रायपुर दक्षिण के उपचुनाव में ईवीएम की कमीशनिंग कल

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कमांक 51-रायपुर नगर दक्षिण के होने वाले आगामी विधानसभा उपनिर्वाचन-2024 में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से मतदान कराये जाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है।मतदान के लिये मशीनों को तैयार करने के क्रम में मशीनों की कमीशनिंग का पांच नवंबर को सुबह दस बजे से शुरू किया जाएगा। इसकी सूचना रिटर्निंग आफिसर, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-51 जिला रायपुर की ओर से निर्वाचन लड़ने वाले सभी अभ्यर्थियों को दी जाएगी। मशीनों के कमीशनिंग का काम रायपुर में सेजबहार स्थित ई-ब्लाक शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में किया जाएगा। मतदान के लिए मशीनों को तैयार करने में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिये निर्माता कंपनी मेसर्स इलेक्ट्रानिक कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, हैदराबाद (तेलंगाना) के इंजीनियर नियत तिथि के एक दिन पहले रायपुर पहुंच जाएंगे। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के कमीशनिंग की प्रक्रिया में मेसर्स इलेक्ट्रानिक कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, हैदराबाद (तेलंगाना) के इंजीनियरों द्वारा सभी वीवीपैट मशीनों में सिंबल लोडिंग की जायेगी। सभी मशीनों में एक मत डालकर और रेंडम रूप से चुने गये पांच प्रतिशत मशीनों पर 1000 मत डालकर मॉकपोल किया जायेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-51 रायपुर नगर दक्षिण में निर्वाचन लड़ने वाले सभी अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे कमीशनिंग की प्रक्रिया के अवलोकन के लिए नियत तिथि और समय पर कमीशनिंग परिसर रायपुर सेजबहार में स्थित शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में उपस्थित रहकर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों की कार्य प्रणाली और इसकी निष्पक्षता के संबंध में पूरी तरह आश्वस्त हो।

विधानसभा उप निर्वाचन-2024 नाम निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तिथि आज 25 अक्टूबर है

छठवें दिन 9 अभ्यर्थियों ने दाखिल किये नाम-निर्देशन पत्र उपचुनाव के लिए आज नामाँकन दाखिल करने का अंतिम दिन, 18 अभ्यर्थी अपने नाम-निर्देशन पत्र जमा करा चुके   विधानसभा उप निर्वाचन-2024 नाम निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तिथि आज 25 अक्टूबर है भोपाल प्रदेश के दो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में उप निर्वाचन-2024 के लिये नाम-निर्देशन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने बताया कि नाम-निर्देशन पत्र दाखिल करने के छठवें दिन गुरुवार को श्योपुर जिले की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 02-विजयपुर में 4 अभ्यर्थियों द्वारा 7 नाम-निर्देशन पत्र तथा सीहोर जिले की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 156-बुधनी में 5 अभ्यर्थियों द्वारा 7 नाम-निर्देशन पत्र दाखिल किये गये हैं। गत 18 अक्टूबर से अब तक दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 18 अभ्यर्थी अपने नाम-निर्देशन पत्र जमा करा चुके हैं। अभ्यर्थी शुक्रवार तक ही नाम निर्देशन पत्र भर सकेंगे। उप निर्वाचन कार्यक्रम नाम-निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तारीख – 25 अक्टूबर नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा – 28 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख – 30 अक्टूबर मतदान – 13 नवम्बर को मतगणना – 23 नवम्बर को

उपचुनाव : सपा ने खैर व गाजियाबाद की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी, कांग्रेस इससे खुश नहीं

लखनऊ उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में सपा ने कांग्रेस के लिए दो सीटें छोड़ रखी है। लेकिन कांग्रेस इससे खुश नहीं है। हालांकि इस मुद्दे पर बिना बोले उसने गेंद केंद्रीय नेतृत्व के पाले में डाल दी है। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद दोनों दलों के नेता उपचुनाव में भी साथ मिलकर मैदान में उतरने की बात भले ही कहते दिख रहे हों। लेकिन उनके बीच सीटों के बंटवारे की बातें स्पष्ट नहीं दिख रही है। सपा सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है। सपा ने खैर व गाजियाबाद की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी है। इन दोनों सीटों को लेकर कांग्रेस की तरफ से अभी इन सीटों पर चुनाव लड़ने की कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। न ही इन सीटों पर अपने उम्मीदवारों को लेकर पत्ते खोले हैं। अगर 2022 के गाजियाबाद के चुनावी आंकड़ों को देखें तो कांग्रेस 11818 वोट पाकर चौथे स्थान पर थी। जबकि सपा 44 हजार 668 वोट पाकर तीसरे स्थान पर थी। यहां कांग्रेस को 4.83 वहीं सपा को 18.25 फीसद वोट मिला था। खैर में कांग्रेस की हालत बहुत खराब थी यहां पर इन्हें महज 1514 वोट मिला था। जबकि सपा ने यह सीट रालोद के साथ गठबंधन में लड़ी थी। उन्हें 41644 वोट मिले थे। यहां भी कांग्रेस चौथे नंबर थी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि उपचुनाव को लेकर बातचीत चल रही हैं। अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। जो भी निर्णय होगा वह केंद्रीय नेतृत्व लेगा। तभी सबको अवगत करा दिया जाएगा। वहीं सपा के प्रवक्ता डॉक्टर आशुतोष वर्मा ने कहा कि सपा ने सात सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। गाजियाबाद और खैर सीट कांग्रेस को दी गई है। सपा पहले ही कह चुकी है कि इंडिया गठबंधन को साथ लेकर चलेगी, तो चल रही है। जब कोई बिना बात किए कुछ भी बयान दे देता है तो उससे दिक्कत बढ़ जाती है। उस समय भी हमने कहा था कि पांच सीटों में मिलाकर भी कांग्रेस अगर 50 हजार वोट पाई होती तो उसे सीटें दे दी जाती। 2022 के आंकड़ों को देखें तो हर जगह चौथे और पांचवें नंबर की लड़ाई पर रहे हैं। पांच सीटें देने का कोई मतलब नहीं है। यूपी कांग्रेस अगर ऐसा कह रही है तो यह बेतुकी बातें है। जहां दो सीटें दी हैं वहां भी सपा का मजबूत संगठन है। कई उम्मीदवार दावेदार भी हैं। हालांकि हम लोगों के बीच कोई मनमुटाव वाली बात नहीं है। भाजपा को हराने की तैयारी की जा रही है। ज्ञात हो कि यूपी के उपचुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। वहीं 23 नवंबर को परिणाम आएंगे। नामांकन की प्रक्रिया 18 अक्टूबर से शुरू होगी। वहीं दाखिल करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर है।  

By Election: Budhni- Vijaypur विधानसभा उपचुनाव, आज से जमा होंगे उपचुनाव नामांकन फॉर्म.

भोपाल  मध्य प्रदेश की विजयपुर और बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान होने के बाद आज से यानि 18 अक्टूबर से नामांकन का दौर भी शुरू हो गया है. हालांकि बीजेपी और कांग्रेस ने अब तक दोनों ही सीटों पर अपने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है, जबकि दोनों सीटों पर फाइट इन्हीं पार्टियों के बीच होनी है. माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में प्रत्याशियों का ऐलान हो जाएगा. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने प्रचार की शुरुआत कर दी है. बता दें कि विजयपुर और बुधनी सीट पर 13 नवंबर को मतदान होना है, जबकि रिजल्ट 23 नवंबर को आएगा. 18 अक्टूबर से नामांकन शुरू दरअसल, विजयपुर और बुधनी में नामांकन 18 से 25 अक्टूबर तक होने हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि 25 अक्टूबर से पहले बीजेपी और कांग्रेस अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर सकती है. 28 अक्टूबर तक फॉर्मों की स्क्रूटनी होगी और 30 अक्टूबर तक नाम वापसी हो सकती है. इसके बाद 13 नवंबर को वोटिंग होगी और 23 नवंबर को नतीजे आएंगे. विजयपुर विधानसभा सीट श्योपुर जिले में आती है, जबकि बुधनी सीट सीहोर जिले में आती है. ऐसे में दोनों जगहों पर आदर्श आचार संहिता लागू है. नामांकन दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने के बाद दोनों ही सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक कैंडिडेट पहले दिन नामांकन खरीदने का काम करेंगे। इसलिए फार्म जमा करने के काम में सोमवार से ही तेजी आने की उम्मीद है। शुक्रवार को नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद शनिवार व रविवार का अवकाश है। इसलिए सोमवार से ही नामांकन जमा करने वाले दावेदार एक्टिव होंगे, यह तय है। विजयपुर सीट पर तो बीजेपी के कैंडिडेट का नाम रामनिवास रावत के रूप में फाइनल है जबकि बुधनी के लिए अभी नाम पर मुहर लगना बाकी है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के लिए दोनों ही सीट पर कैंडिडेट फाइनल करने का काम अंतिम दौर में होने की उम्मीद है। चुनाव आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 25 अक्टूबर तक नामांकन जमा किए जा सकेंगे और 28 अक्टूबर को नामांकन फार्म की स्क्रूटनी होगी। इसके बाद 30 अक्टूबर तक नामांकन वापसी की जा सकेगी। मतदान 13 नवम्बर और काउंटिंग 23 नवम्बर को होगी।

आज जारी कर सकती है नामों की सूची, राजस्थान उपचुनाव के उम्मीदवारों पर BJP में हो चुका मंथन

जयपुर. राजस्थान की सात सीटों पर उपचुनाव की तारीख घोषित होते ही कांग्रेस और भाजपा अपने प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने की कोशिश में लग गए हैं। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी यह प्रक्रिया पिछले 15 दिनों से कर रही थी, ऐसे भाजपा की प्रत्याशी सूची कुछ ही घंटों में जारी होने की संभावना है। दरअसल, बीते सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने आवास पर कोर कमेटी की बैठक बुलाई थी, जिसमें भाजपा के कोर कमेटी सदस्यों को प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस बैठक में तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया गया, जिसे बाद में मुख्यमंत्री और कोर कमेटी सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास लेकर गए। जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सिंगल पैनल लिस्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंप दी गई है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा केंद्रीय नेतृत्व से इस सूची को मंजूरी दी जानी है। अंतिम निर्णय प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पर छोड़ा गया है। जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें भाजपा के पास 7 में से केवल एक सीट सलूंबर है, जो विधायक अर्जुन मीणा के निधन के बाद खाली हुई थी। बाकी चार सीटें कांग्रेस के पास और दो सीटें अन्य दलों के पास हैं। जिन 7 सीटों पर उपचुनाव होना है, भाजपा  प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने उन सभी सीटों पर जाकर ग्राउंड रिपोर्ट हासिल कर ली है। उनके द्वारा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को इन सीटों का आकलन प्रस्तुत किया गया है। इन सीटों पर इनकी दावेदारी उपचुनाव के लिए दौसा से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा को टिकट दिए जाने की संभावना है। देवली उनियारा से भाजपा की राष्ट्रीय नेता अलका गुर्जर भी टिकट की मांग कर रही हैं। इस सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी भी सक्रिय हैं। खींवसर सीट से ज्योति मिर्धा को फिर से मैदान में उतारा जा सकता है, क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में वह हनुमान बेनीवाल से 2,500 वोटों से हार गई थीं। रामगढ़ सीट पर सुखवंत सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है, क्योंकि कांग्रेस विधायक जुबेर खान की मृत्यु के बाद यह सीट खाली हुई है। झुंझुनू सीट पर भाजपा किसी नए चेहरे पर दांव खेल सकती है, खासकर किसी जाट उम्मीदवार पर। सलूंबर सीट पर अर्जुन मीणा के परिवार से ही टिकट दिए जाने की संभावना है। चौरासी सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा सकता है, जिसमें भाजपा, कांग्रेस और अन्य दल शामिल हैं। भाजपा की सूची आने के बाद ही कांग्रेस अपने प्रत्याशियों का चयन करेगी। इस उपचुनाव में भाजपा के पास खोने के लिए कुछ नहीं है, जबकि कांग्रेस के बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

मप्र में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीख का हुआ एलान, 13 नवंबर को मतदान, 23 नवंबर को मतगणना

भोपाल   मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान हो गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव के शेड्यूल की जानकारी विस्तार से दी है. मध्य प्रदेश की बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होंगे और 23 नवंबर को मतगणना के बाद नतीजे सामने आ जाएंगे. मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव 2024 का शेड्यूल चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, नोटिफिकेशन जारी करने की तारीख 10 अक्टूबर 2024 होगी नामांकन भरने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर 2024 होगी नामांकन पत्रों की जांच 28 अक्टूबर 2024 को होगी नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तक होगी मतदान की तारीख 13 नवंबर 2024 होगी मतगणना 23 नवंबर 2024 को होगी इन वजहों से खाली हुईं बुधनी और विजयपुर सीटें सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट और श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं. बुधनी सीट पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक विधायक रहे. इस बार के लोकसभा चुनाव में विदिशा से सांसद चुने जाने के बाद शिवराज सिंह को केंद्रीय मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली और इसी के साथ बुधनी सीट खाली हो गई. वहीं, विजयपुर विधानसभा सीट रामनिवास रावत के कांग्रेस छोड़ने के बाद से खाली है. रामनिवास रावत अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं. ऐसे में बीजेपी उन्हें ही इस सीट से फिर चुनाव में उतार सकती है.

पांच सीटों पर दशकों से हावी रहे ‘परिवार’, राजस्थान-उपचुनाव के दावेदारों के पैनल तैयार

दौसा. राजस्थान में विधानसभा के उपचुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। बीजेपी ने सभी 7 सीटों पर 3-3 नामों का पैनल तैयार कर लिया है। कांग्रेस भी अपने नामों को लेकर पहले बैठक कर चुकी है। नवंबर में सातों सीटों पर चुनाव करवाए जा सकते हैं। रामगढ़ और सलूंबर के अलावा उपचुनाव के लिए प्रस्तावित पांच सीटों वो हैं, जहां के विधायक लोकसभा चुनाव में इंडी गठबंधन के टिकट पर सांसद बन गए हैं। इनमें खींवसर, झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा और चौरासी हैं। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी में नामों की दावेदारी शुरू हो गई है, लेकिन इन 7 सीटों में से 5 सीट ऐसी हैं जहां भाजपा या कांग्रेस से जुड़े सियासी परिवारों का दबदबा है। यहां दिखेगी विरासत की सियासत — दौसा- कांग्रेस विधायक मुरारी लाल मीणा अब सांसद है। उनके परिवार में पत्नी सविता मीणा और बेटी दावेदार हैं। सविता 2019 का लोकसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं। इधर, भाजपा के दिग्गज नेता डॉ.किरोड़ लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा भी दावेदारी में नजर आ रहे हैं। झुंझुनूं- कांग्रेस के ओला परिवार के सियासी गढ़ में विधायक चुने गए बृजेन्द्र ओला अब सांसद बन चुके हैं। पुत्र अमित ओला टिकट की कतार में हैं। फिलहाल पंचायत समिति सदस्य हैं। भाजपा से 2023 का चुनाव हारे निशित चौधरी फिर दावा कर रहे हैं। सलूंबर- दिवंगत विधायक अमृत लाल मीणा के बाद चर्चा है कि भाजपा उनके परिवार में ही टिकट देकर सहानुभूति लहर का फायदा ले सकती है। मीणा की पत्नी अभी सरपंच हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस की ओर से परंपरागत तौर पर दिग्गज नेता रघुवीर मीणा की दावेदारी है। खींवसर- सांसद हनुमान बेनीवाल की परंपरागत सीट पर फिर बेनीवाल परिवार का दावा है। भाई नारायण बेनीवाल पहले विधायक रह चुके हैं। इस बार हनुमान की पत्नी की चर्चा भी है। नागौर के दिग्गज सियासी परिवार मिर्धा फैमिली से ज्योति मिर्धा फिर एक बार दौड़ हैं। पूर्व में वह विधानसभा और लोकसभा का चुनाव हार चुकी हैं। चौरासी- चौरासी सीट पर भारतीय आदिवासी पार्टी का दबदबा है। यहां से विधानसभा चुनाव जीते बीएपी के राजकुमार रोत अब सांसद बन चुके हैं। इसलिए यह सीट चुनाव के लिए खाली हुई है। बीएपी ने इस सीट पर अपनी कैंपेनिंग शुरू भी कर दी है। राजकुमार रोत लगातार इस सीट पर दौरे कर रहे हैं। बीएपी सिर्फ यहीं नहीं बल्कि कुछ अन्य एसटी बाहुल्य सीटों पर भी अपने प्रत्याशी उतार सकती है। रामगढ़- हाल में रामगढ़ से विधायक रहे जुबेर खान का निधन हो गया था। इसके बाद यह सीट उपचुनाव के लिए खाली हो गई। बीते 3 दशक से कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों में इस सीट पर परिवारवाद हावी रहा है। कांग्रेस ने जहां 1990 से यहां जुबेर खान को ही प्रत्याशी बनाया वहीं। बीजेपी ने हर बार ज्ञानदेव आहूजा को उनके सामने उतारा। इस बार यहां कांग्रेस से इमरान टिकट के बड़े दावेदार हैं वहीं बीजेपी अपने बागी सुखविंदर पर दांव लगा सकती है।

उपचुनाव में जीत की तैयारी तेज, मुरादाबाद में मुस्लिम कैंडिडेट उतारेगी भाजपा

Rahul Gandhi told RSS's plan on caste census

मुरादाबाद. उत्तर प्रदेश में अब 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारी तेज हो गई है। ये सीटें विधायकों के निधन या फिर उनके सांसद चुने जाने के चलते खाली हुई हैं। इनमें से ही एक सीट मुरादाबाद की कुंदरकी भी है, जो जिया उर रहमान के इस्तीफे से खाली हुई है। रहमान अब संभल लोकसभा सीट से सपा के सांसद हो गए हैं। इस बीच सूत्रों का कहना है कि भाजपा इस सीट से किसी मुस्लिम नेता को उतारने पर विचार कर रही है। भाजपा सूत्रों के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल मुस्लिम नेता के नाम पर मंथन चल रहा है। राज्य नेतृत्व इस पर विचार करेगा। इसके बाद संभावित नामों का एक पैनल केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष विचार के लिए भेजा जाएगा। ऐसा हुआ तो 2019 के बाद यह पहला मौका होगा, जब यूपी में भाजपा किसी मुस्लिम नेता को टिकट देगी। इससे पहले मुख्तार अब्बास नकवी को पार्टी ने टिकट दिया था। वहीं 2024 के आम चुनाव में भाजपा ने यूपी समेत उत्तर भारत के किसी भी राज्य में मुस्लिम कैंडिडेट नहीं दिया था। हालांकि केरल की मलप्पुरम लोकसभा सीट से कालिकट यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अब्दुल सलाम को उतारा गया था, जिन्हें हार मिली है। वहीं उत्तर प्रदेश की बात करें तो भाजपा से 1998 में मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर लोकसभा सीट से जीते थे। हालांकि अगले साल फिर जब 1999 में चुनाव हुए तो उन्हें कांग्रेस की नूर बानो के आगे हार का सामना करना पड़ा। यह उपचुनाव इसलिए भी अहम है क्योंकि हाल के लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा को करारा झटका लगा है। ऐसी स्थिति में यह देखना अहम होगा कि विधानसभा उपचुनाव में जनता किसे समर्थन देती है। कुंदरकी के अलावा अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर भी उपचुनाव है। इसकी वजह यह है कि विधायक अवधेश प्रसाद अब फैजाबाद सीट से सांसद बन चुके हैं। इसके अलावा गाजियाबाद सदर की सीट पर भी उपचुनाव होना है।

गुढ़ा की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय, राजस्थान-झुंझुनू में विधानसभा उपचुनाव में भाजपा से दर्जनों दावेदार

झुंझुनू. झुंझुनू लोकसभा से चौंकाने वाले परिणामों के बाद अब यहां विधानसभा उपचुनाव होना तय हैं। वर्तमान में भाजपा और कांग्रेस का सारा फोकस इन उपचुनावों पर है, इसी के चलते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में झुंझुनू का दौरा किया और भाजपाइयों को विशेष रूप से टिकट दावेदारों को समझाने का प्रयास किया कि एक प्रत्याशी पर सहमति बने। बहरहाल किन नामों पर सहमति बनेगी यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन लोगों का कहना है कि राजेंद्र भाभू व बबलू चौधरी को तो टिकट नहीं मिलेगा। टिकट तो किसी नए चेहरे को ही मिलेगा ऐसे में यह नया प्रत्याशी कौन होगा इसे लेकर टिकट की दौड़ लगाने वाले दावेदार अपने पूरे प्रयास के साथ जयपुर-दिल्ली की यात्राएं कर रहे हैं।

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