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कैबिनेट बैठक: भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में पैट्रियोटिक डिपार्टमेंट प्रारंभ करने की स्वीकृति

भोपाल किसानों को सशक्त बनाने के लिए मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार उनकी आय बढ़ाने के रास्ते खोज रही है। पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। फसल बीमा योजना का लाभ शत-प्रतिशत किसानों को दिलाने के साथ सिंचाई क्षमता में वृद्धि के लिए सरकार ने कार्य योजना बनाई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में अन्नदाता मिशन को दी गई स्वीकृति। किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए गए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनाई जाएगी उच्च स्तरीय समिति। जिला स्तर पर भी बनेगी कमेटी। किसानों को खेती के शासक पशुपालन, उद्यानिकी आदि क्षेत्र में भी किया जाएगा प्रोत्साहित। खाद्य प्रसंस्करण को भी दिया जाएगा बढ़ावा। भोपाल के गांधी मेडिकल कालेज में पैट्रियोटिक डिपार्टमेंट प्रारंभ करने की स्वीकृति। सतना में अस्पताल बनेगा‌। लाडली बहन योजना बंद नहीं होगी। अब प्रतिमाह 10 से 15 तारीख के बीच होगा राशि का अंतरण। 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री मंडला में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों के खातों में राशि करेंगे अंतरित। किसानों से वसूली जा रही ऋण की राशि इस बीच, हरदा से खबर है कि शासकीय खरीदी में उपज बिक्री के बाद किसानों से सहकारी समिति ऋण वसूल रही है। ऋण की राशि वसूली करने से किसान परेशान हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों में उपज बिक्री के बाद शासन द्वारा राशि खातों में डाली जाती है। किसान अपना केसीसी ऋण चुकता करते हैं, लेकिन राशि समय पर न मिलने से किसानों को अतिरिक्त ब्याज भरना पड़ता है। किसान सुरेश पटेल ने बताया कि किसानों के खाते में पूरी राशि आना चाहिए। इस संबंध में समिति के सहायक प्रबंधक अखिलेश पाटिल ने बताया कि चने की राशि में थोड़ा समय लगता है। जल्द ही किसानों के खातों में राशि जमा कराई जाएगी।

नए साल में मोदी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने विभिन्न योजनाओं को मंजूरी

नई दिल्ली 1 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में किसानों के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस बैठक में सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं और पैकेजों को मंजूरी दी। इन फैसलों से किसानों को राहत मिल सकती है, खासकर उर्वरकों और फसल बीमा से जुड़े मामलों में। डीएपी उर्वरक कंपनियों के लिए स्पेशल पैकेज केंद्र सरकार ने डीएपी (डायअमोनियम फास्फेट) उर्वरक बनाने वाली कंपनियों के लिए एक स्पेशल पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज के तहत कंपनियों को मिलने वाली सब्सिडी के अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। डीएपी उर्वरक की मांग भारत में बहुत अधिक है, लेकिन इसके अधिकतर कच्चे माल का आयात किया जाता है, खासकर चीन, सऊदी अरब और मोरक्को जैसे देशों से। वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण डीएपी की लागत बढ़ी है, जिससे किसानों के लिए उर्वरक की कीमतें भी बढ़ी हैं। सरकार ने इन कंपनियों को वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया है ताकि उर्वरक की कीमतों को स्थिर रखा जा सके और किसानों को राहत मिले। यह पैकेज 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा, जिससे अगले कुछ वर्षों तक किसानों को महंगे उर्वरकों से राहत मिलेगी और उनकी उत्पादन लागत में कमी आएगी। फसल बीमा योजना में किए सुधार केंद्र सरकार ने किसानों के लिए फसल बीमा योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई अहम फैसले किए हैं। फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी या अन्य कारणों से फसल को हुए नुकसान के लिए किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। अब, सरकार ने इस योजना के नियमों को संशोधित करने का निर्णय लिया है, ताकि यह किसानों के लिए और अधिक सुलभ हो। सरकार के मुताबिक, फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम की दर को कम किया जाएगा और बीमा प्राप्त करना किसानों के लिए आसान बनाया जाएगा। पहले जहां किसानों को बीमा लेने के लिए जटिल प्रक्रिया का सामना करना पड़ता था, वहीं अब इसे सरल बनाया जाएगा। इसके अलावा, सरकार इस योजना में कवरेज की सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, ताकि किसानों को और अधिक सहायता मिल सके। इस कदम से छोटे और मझले किसानों को फायदा होने की संभावना है, क्योंकि उन्हें कम खर्च में अधिक बीमा कवर मिलेगा और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्राप्त होगी। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) का सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से किया मना इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के साथ बातचीत करने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने एसकेएम को 3 जनवरी 2025 को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था, लेकिन एसकेएम ने इसे ठुकरा दिया। एसकेएम का कहना है कि वे किसी भी न्यायालयिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करते क्योंकि उनकी लड़ाई केंद्र सरकार के साथ नीतिगत मुद्दों पर है, और इसमें न्यायालय की कोई भूमिका नहीं हो सकती। एसकेएम ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने संघर्ष को न्यायालय से बाहर, सीधे तौर पर सरकार से करेंगे। एसकेएम के नेताओं का कहना है कि वे सरकार से किसानों के लिए ज्यादा राहत देने और उनके मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत करेंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के साथ कोई भी बैठक नहीं करेंगे। खनौरी बॉर्डर पर महापंचायत की घोषणा संयुक्त किसान मोर्चा ने 4 जनवरी 2025 को खनौरी बॉर्डर पर एक महापंचायत बुलाने की घोषणा की है। इस महापंचायत में पंजाब और आसपास के राज्यों के किसानों को आमंत्रित किया गया है। किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने इस महापंचायत का आयोजन किया है, और उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में किसानों को महत्वपूर्ण संदेश दिए जाएंगे। किसान नेताओं का कहना है कि इस महापंचायत में आगामी आंदोलन की रणनीतियों और किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, किसान नेताओं का कहना है कि महापंचायत के माध्यम से वे सरकार को यह संदेश देंगे कि किसानों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और उनके हितों के खिलाफ किसी भी नीतिगत फैसले को मंजूरी नहीं दी जाएगी। किसानों के संघर्ष की निरंतरता किसान आंदोलन ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण मोड़ लिए हैं, और अब यह आंदोलन कृषि नीतियों के विरोध में केंद्र सरकार से सीधे संवाद की ओर बढ़ रहा है। जबकि सरकार ने अब तक कई फैसले किसानों के पक्ष में लिए हैं, एसकेएम और अन्य किसान संगठन चाहते हैं कि सरकार उनके द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों पर पूरी तरह से ध्यान दे और ठोस कदम उठाए। इस महापंचायत में किसानों को आगामी फैसलों और रणनीतियों पर बातचीत करने का अवसर मिलेगा। एसकेएम के नेता इसे किसानों की आवाज को और अधिक मजबूत करने के एक मौके के रूप में देख रहे हैं। सरकार के फैसलों का असर सरकार द्वारा लिए गए इन फैसलों का असर किसानों पर पड़ेगा, क्योंकि ये न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का प्रयास कर रहे हैं, बल्कि उन्हें कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए आवश्यक संसाधन और सहायता भी प्रदान कर रहे हैं। विशेषकर डीएपी की सब्सिडी और फसल बीमा में सुधार से किसानों को सीधी राहत मिल सकती है, जो उनकी आय को स्थिर रखने में मदद करेगा। सरकार का यह कदम कृषि क्षेत्र के सुधारों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है, जो किसानों की जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

निकाय चुनाव सहित योजनाओं पर मंत्रियों से करेंगे चर्चा, छत्तीसगढ़-विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक आज

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय आज सोमवार को कैबिनेट की बैठक लेंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 30 दिसंबर को दोपहर साढ़े तीन बजे से नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई है। इसमें छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव 2025 समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही सीएम साय अपने मंत्रियों के साथ कई अहम मुद्दों और भावी योजनाओं पर चर्चा करेंगे। इससे पूर्व पिछली कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के नगर पालिक निगमों के महापौर एवं नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बैठक में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (संशोधन) अध्यादेश, 2024 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश 2024 (प्रत्यक्ष निर्वाचन एवं आरक्षण संबंधित प्रावधान) की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने के संबंध में अध्यादेश 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। पिछली कैबिनेट बैठक के अहम फैसले- अविभाजित मध्य प्रदेश राज्य में 1999 के पूर्व नगर पालिक निगमों में महापौर तथा नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से होता था। भूपेश सरकार ने नगरीय निकायों के महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन को अप्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया था, जिसकी अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में 12 दिसम्बर 2019 को किया गया था। छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक विभाग द्वारा मंत्रालय की ओर से त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण के संबंध में स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की संख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण के प्रावधान की स्वीकृति   पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रतिवेदन में प्राप्त अनुशंसा के अनुसार दी गई है।  1. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाने के लिये विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। 2.  मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिये नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन, छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राज्य के सभी अनुसूचित विकासखण्डों एवं मॉडा पैकेट क्षेत्र में निवासरत अंत्योदय तथा प्राथमिकता वाले राशन कार्डधारियों को प्रतिमाह 5 रूपए किलो की दर से 2 किलो चना प्रदाय किया जाता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चना वितरण योजना के तहत 30 लाख 22 हजार परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य को चना वितरण के लिए प्रति माह 6046 टन तथा प्रति वर्ष 72 हजार 52 टन चना की जरूरत होती है। चना का उपार्जन नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किया जाता रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की चना वितरण योजना के माध्यम से हितग्राहियों को उच्च क्वालिटी का चना प्रदाय किया जा सके, इसके लिए मंत्रिपरिषद ने नागरिक आपूर्ति निगम को छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी गई। 3. पर्यटन को उद्योग का दर्जा – बैठक में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा  और  योजनाबद्ध विकास के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत पर्यटन, मनोरंजन एवं अन्य सामाजिक सेवा सेक्टर में शामिल के अलावा भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2020 में पर्यटन परियोजनाओं हेतु निर्धारित न्यूनतम स्थायी पूंजी निवेश किए जाने पर सामान्य उद्योगों की भांति अनुदान/छूट/रियायत का प्रावधान किया गया है। 4. पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से प्रदेश में साहसिक, जल पर्यटन, मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म, पर्यटन की इकाईयों, लैंड बैंक में निजी निवेश को आकर्षित एवं प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इससे स्टेक होल्डर प्रोत्साहित होंगे। पर्यटन संबंधी अधोसंरचना का विकास होगा। पर्यटन से संबंधित पूंजी निवेश बढ़ेगा। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के अनुकूल सुख-सुविधाओं का विकास होगा। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।

सीएम नवा रायपुर में लेंगे मीटिंग, छत्तीसगढ़-साय कैबिनेट की अहम बैठक आज

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार कैबिनेट की बैठक बुधवार को बुलाई गई है। सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 11 दिसंबर को नवा रायपुर के महानदी भवन मंत्रालय में बैठक होगी। इससे पूर्व पिछली कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के नगर पालिक निगमों के महापौर एवं नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बैठक में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (संशोधन) अध्यादेश, 2024 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश 2024 (प्रत्यक्ष निर्वाचन एवं आरक्षण संबंधित प्रावधान) की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने के संबंध में अध्यादेश 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। यहां जानें पिछली कैबिनेट बैठक के अहम फैसले- अविभाजित मध्य प्रदेश राज्य में 1999 के पूर्व नगर पालिक निगमों में महापौर तथा नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से होता था। भूपेश सरकार ने नगरीय निकायों के महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन को अप्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया था, जिसकी अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में 12 दिसम्बर 2019 को किया गया था। छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक विभाग द्वारा मंत्रालय की ओर से त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण के संबंध में स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की संख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण के प्रावधान की स्वीकृति   पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रतिवेदन में प्राप्त अनुशंसा के अनुसार दी गई है।  1. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाने के लिये विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। 2.  मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिये नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन, छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राज्य के सभी अनुसूचित विकासखण्डों एवं मॉडा पैकेट क्षेत्र में निवासरत अंत्योदय तथा प्राथमिकता वाले राशन कार्डधारियों को प्रतिमाह 5 रूपए किलो की दर से 2 किलो चना प्रदाय किया जाता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चना वितरण योजना के तहत 30 लाख 22 हजार परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य को चना वितरण के लिए प्रति माह 6046 टन तथा प्रति वर्ष 72 हजार 52 टन चना की जरूरत होती है। चना का उपार्जन नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किया जाता रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की चना वितरण योजना के माध्यम से हितग्राहियों को उच्च क्वालिटी का चना प्रदाय किया जा सके, इसके लिए मंत्रिपरिषद ने नागरिक आपूर्ति निगम को छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी गई। 3. पर्यटन को उद्योग का दर्जा – बैठक में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा  और  योजनाबद्ध विकास के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत पर्यटन, मनोरंजन एवं अन्य सामाजिक सेवा सेक्टर में शामिल के अलावा भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2020 में पर्यटन परियोजनाओं हेतु निर्धारित न्यूनतम स्थायी पूंजी निवेश किए जाने पर सामान्य उद्योगों की भांति अनुदान/छूट/रियायत का प्रावधान किया गया है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से प्रदेश में साहसिक, जल पर्यटन, मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म, पर्यटन की इकाईयों, लैंड बैंक में निजी निवेश को आकर्षित एवं प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इससे स्टेक होल्डर प्रोत्साहित होंगे। पर्यटन संबंधी अधोसंरचना का विकास होगा। पर्यटन से संबंधित पूंजी निवेश बढ़ेगा। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के अनुकूल सुख-सुविधाओं का विकास होगा। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कई प्रस्तावों को मिलेगी हरी झंडी, छत्तीसगढ़-रायपुर में कैबिनेट बैठक आज

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 26 नवंबर को कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई है। मुख्यमंत्री साय 26 नवंबर को यानि आज सुबह 9.30 बजे राजधानी रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में आयोजित संविधान दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज से अम्बेडकर चौक तक आयोजित पदयात्रा में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय पूर्वान्ह 11.50 बजे मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे मंत्रिपरिषद की बैठक में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय 26 नवंबर को यानि आज सुबह 9.30 बजे राजधानी रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में आयोजित संविधान दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कैबिनेट बैठक :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के भारत की तर्ज पर 2047 का मध्य प्रदेश का विजन बनाया जाएगा

भोपाल मप्र सरकार की मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में सीएम डॉ. यादव ने मंत्रियों से कहा कि वे जिलों के अधिक से अधिक दौरे करें और गुड गवर्नेंस के लिए काम करें। आम आदमी तक सरकार की पहुंच हो, इसके लिए सभी फोकस करें। एमपी स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 2047 में विकसित भारत बनाने की कल्पना को साकार करने के लिए मध्य प्रदेश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में एक कदम आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश 2047 में कैसा होगा, इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाकर पूरी तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि विजन डॉक्यूमेंट को पीएम नरेन्द्र मोदी की मंशा के मुताबिक तैयार किया जाए। कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि कैबिनेट में विकसित भारत 2047 को लेकर चर्चा हुई है। एमपी सरकार पीएम नरेंद्र मोदी के सपने पर काम सरकार कर रही है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है, जो विजन डॉक्यूमेंट बनाने का काम करेगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि नवाचार और आधुनिक तकनीकी के इस्तेमाल में एमपी आगे बढ़े, इसके लिए सबको मिलकर काम करना है। विजन डॉक्यूमेंट की समीक्षा मंत्री करें। जब कैबिनेट में आए तो समग्र बातें शामिल हों। सीएम यादव ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट में पीएम मोदी के सपनों का मध्यप्रदेश दिखाई देना चाहिए। मोहन कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले     प्रदेश में 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाएगा। इसके आधार पर ही उनकी पेंशन का निर्धारण भी होगा।     नर्मदापुरम के बाबई मोहासा में नवकरणीय ऊर्जा के लिए भूमि की आवंटित करने का निर्णय लिया गया।बाबई में पहले से एमपी सरकार सोलर पावर के लिए काम कर रही है, लगभग 214 एकड़ भूमि सरकार पहले भी दे चुकी थी, लेकिन मांग को देखते हुए सरकार ने 311.44 एकड़ भूमी और देने का प्रस्‍ताव कैबिनेट में पास किया है।       मुरैना में बनेगा सोलर एनर्जी स्टोरेज का प्लांट।     भोपाल के भंवरी में अतिरिक्त भूमि की आवंटित।     15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे।     भौरी में नवकरणीय ऊर्जा के लिए 21.4 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है।     आवास योजना के तहत सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 1.5 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों में 2.5 लाख रुपये का लाभ हितग्राहियों को प्रदान किया जाए।     सीएम डॉ यादव ने मंत्रियों से कहा कि गुड गवर्नेंस के लिए सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि सभी लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए, जिससे आवास योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचे। वे जिलों के अधिक से अधिक दौरे करें और गुड गवर्नेंस के लिए काम करें।     मुरैना में सोलर पावर स्टोरेज कैपेसिटी डेवलप की जाएगी।     नर्मदापुरम जिले के बाबई मे सोलर एनर्जी के लिए 214 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है।     अब और 311.44 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है।     इसके अलावा भोपाल जिले के भौंरी में भी सोलर एनर्जी के लिए 21.494 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है।     रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के पहले यह तैयारी की गई है। इसका भूमि पूजन सात दिसंबर को हो सकता है। पीएम आवास को मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने देश में तीन करोड़ नए आवास बनाने का फैसला किया है। इसमें एमपी को भी टारगेट मिला है। मंत्री उदय प्रताप ने बताया कि आज की कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा हुई है। एमपी में आने वाले समय में पीएम आवास योजना के अंतर्गत शहरी व ग्रामीण इलाकों में समान काम किया जाएगा। इसमें स्वयं की भूमि पर मकान बनाने वालों को शहरी इलाकों में करीब ढाई लाख रुपए और ग्रामीण इलाकों में डेढ़ लाख रुपए सरकार की ओर से दिए जाएंगे। गांवों में 3.50 लाख आवास बनेंगे पीएम आवास योजना 2.0 में एमपी के लिए ग्रामीण इलाकों में शुरुआती दौर में 3.50 लाख आवास बनाने का टारगेट दिया गया है। इसे कैबिनेट में मंजूरी मिली है। हालांकि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अफसरों का कहना है कि एमपी के गांवों में 15 लाख ग्रामीणों को आवास चाहिए। पहले चरण में जो मंजूरी मिली है, उसके बाद अब आगामी स्टेज के लिए और टारगेट भेजे जाएंगे।

महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में शिंदे सरकार ने लिए छह बड़े फैसले

Shinde government took six big decisions in Maharashtra cabinet meeting

Shinde government took six big decisions in Maharashtra cabinet meeting Maharashtra Cabinet Meeting Decisions: महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. शिंदे-फडणवीस-पवार सरकार की इस बैठक में कुल छह अहम फैसले लिए गए. यह बैठक आज मंत्रालय में आयोजित की गई, जिसमें राज्य के कई मुद्दों पर चर्चा हुई. आशा स्वयंसेवकों के लिए खुशखबरीABP माझा के अनुसार, बैठक में आशा स्वयंसेवकों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर आशा स्वयंसेवकों को 10 लाख रुपये और स्थायी विकलांगता की स्थिति में 5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी. यह योजना 5 अप्रैल 2024 से लागू की गई है. राज्य में कुल 75,568 आशा स्वयंसेवक कार्यरत हैं. चरवाहों के लिए बड़ा एलानइसके अलावा, चरवाहों के लिए राजे यशवंतराव होलकर महामेश योजना को जारी रखने का फैसला लिया गया है. इस योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में सीधे राशि जमा की जाएगी. इस योजना को वर्ष 2017 में धनगर समुदाय के पिछड़ेपन को दूर करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. अधिक लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए योजना में कुछ संशोधन किए गए हैं. इस वर्ष के लिए 29 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और यह योजना हर साल बजट प्रावधानों के अनुसार जारी रखी जाएगी. पशुधन की खरीद के मामले में, सब्सिडी राशि का 75 प्रतिशत लाभार्थियों को 7 दिनों के भीतर प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रक्रिया के माध्यम से वितरित किया जाएगा. चारा बीज और बारहमासी घास प्रजातियों की कलमों और बीजों पर सब्सिडी को छोड़कर, अन्य सभी लाभ डीबीटी के माध्यम से दिए जाएंगे. प्रमोशन में आरक्षणदिव्यांग कर्मचारियों के लिए प्रमोशन में आरक्षण 30 जून 2016 से लागू करने का निर्णय भी लिया गया. ग्रुप डी से ग्रुप ए पदों के बीच प्रमोशन में 4 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. यह लाभ समूह ए के निचले स्तर तक विस्तारित होगा. 30 जून 2016 से, जिस तिथि से कोई विकलांग अधिकारी या कर्मचारी पदोन्नति के लिए पात्र हो जाएगा, उन्हें आरक्षण का लाभ मिलेगा. पदोन्नति का वास्तविक वित्तीय लाभ वास्तविक कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से लागू होगा. किसानों के लिए बड़ा एलानकृषि फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द से जल्द एक अद्यतन प्रणाली विकसित करने का निर्णय लिया गया, ताकि मुआवजे का भुगतान अधिक पारदर्शी और सटीक तरीके से किया जा सके. जब तक यह व्यवस्था लागू नहीं हो जाती, तब तक प्रचलित तरीके से ही मुआवजा दिया जाएगा. 1 जुलाई, 2024 को हुई कैबिनेट उप-समिति की बैठक में कृषि विभाग द्वारा सामान्यीकृत अंतर वनस्पति सूचकांक (एनडीवीआई) मानदंड के लिए पूरी तरह से अद्यतन प्रणाली तैयार होने तक प्रचलित नीतियों के अनुसार कृषि फसलों को मुआवजा देने का निर्णय लिया गया. ग्रेटर मुंबई में न्यायिक अधिकारियों के लिए किराये के आधार पर 51 फ्लैटों के प्रावधान को मंजूरी दी गई. एक फ्लैट का अधिकतम मासिक किराया 1 लाख 20 हजार रुपये होगा और इस तरह 51 फ्लैटों के लिए एक साल के लिए 51 करोड़ 34 लाख 40 हजार रुपये की मंजूरी दी गई. अंत में, नासिक जिले के एमओयू अंबाद में विस्तार के लिए एमआईडीसी को 16 हेक्टेयर सरकारी जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया. इस जमीन की कीमत 24 करोड़ 2 लाख 40 हजार रुपये है और इसे एमआईडीसी को मुफ्त में सौंपा जाएगा.

किसानी के मुद्दों पर होंगे फैसले, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक आज

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होगी। कैबिनेट की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में दोपहर तीन बजे से आयोजित होगी। इस बैठक में खेती-किसानी के मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं और कृषि के मुद्दों के लेकर साय सरकार कई अहम फैसले ले सकते हैं। कैबिनेट की बैठक में विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तैयारी की समीक्षा हो सकती है। प्रदेश में खरीफ फसलों के लिए खाद बीज की उपलब्धता पर चर्चा की जाएगी। किसानों, अधिकारी, कर्मचारी और स्कूली बच्चों के हित में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये जा सकते हैं। साथ ही बैठक में अन्य विभागों से संबंधित अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

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