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महाकाल की नगरी में पहली बार होगा वन मेले का आयोजन

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में बुधवार को शाम 4 बजे दशहरा मैदान, सेठी नगर उज्जैन में वन मेले का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित प्राकृतिक “होली रंग गुलाल” एवं “महाकाल स्मृति उपहार” का विमोचन करेंगे। साथ ही वन विभाग की एक नवीन पहल “महाकाल वन प्रसादम” का भी शुभारंभ करेंगे। महाकाल वन मेला “समृद्ध वन, खुशहालजन” थीम पर आधारित होगा, जो 11 से 16 फरवरी 2026 तक चलेगा। महाकाल की नगरी उज्जैन में वन मेले का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन विभाग की प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे। साथ ही वन मंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, जिला यूनियन दक्षिण पन्ना एवं वन रक्षक, जिला यूनियन दक्षिण पन्ना को प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में वन, पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन एवं प्रशासक, मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ  अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही.एन. अंबाडे और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा उपस्थित रहेंगे। मेले में प्रदेश के वनवासियों द्वारा एकत्र की जाने वाली अकाष्ठीय वनोपज के प्रदर्शन, संरक्षण, संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेले का आयोजन किया जा रहा है। वन मेला प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता के वैभव को प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। अकाष्ठीय वनोपज संग्राहक, वन धन केन्द्रों, प्राथमिक लघु वनोपज समितियाँ, व्यापारीगण, हर्बल और आयुर्वेदिक उद्योग के प्रतिनिधि इस आयोजन में भाग लेंगे और अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। वनों में उपलब्ध अकाष्ठीय वनोपज व्यापक तौर पर ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश में अकाष्ठीय वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। वन मेले में लगभग 250 भव्य एवं आकर्षक स्टॉल्स लगाये जा रहे हैं, जिसमें 16 स्टॉल्स विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी के लिये, 76 स्टॉल्स प्राथमिक लघु वनोपज समितियों एवं वन धन केन्द्रों के लिये, एक भव्य स्टॉल विंध्य हर्बल्स के लिये, 5 स्टॉल्स लघु वनोपज के जीवंत प्रदर्शन के लिये, ओपीडी (नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श) के लिये 50 स्टॉल्स आरक्षित रखे गये हैं। इसके अलावा 76 स्टॉल्स निजी क्षेत्र के स्टॉल धारकों के लिये और 16 स्टॉल्स फूड जेन के लिये रखे गये हैं। मेले में किड्स जोन, व्हील चेयर्स, गोल्फ कार्ट, सिटिंग एरिया, वॉटर पाइंट, सेल्फी पाइंट की सुविधाएँ भी आगंतुकों को उपलब्ध रहेंगी। मेले में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, आयुर्वेर्दिक डॉक्टर्स एवं परम्परागत वैद्यों द्वारा नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श, ज्ञानवर्धक सांस्कृतिक कार्यक्रम और परम्परागत भोज्य पदार्थों की उपलब्धता रहेगी। वन मेले में चीता परिवार एवं डायनासोर का विशाल स्कल्पचर, वरिष्ठ नागरिकों के लिये व्हील-चेयर एवं गोल्फ कॉर्ट की सुविधा, ओपीडी में उपचार कराने वाले लोगों के लिये पृथक से बैठक व्यवस्था, महाकाल मंदिर से मेला परिसर तक नि:शुल्क बस सुविधा, बच्चों के लिये आकर्षक एवं मजेदार किड्स जोन की सुविधा, फूड जोन में बाँधवगढ़ का गोंडी व्यंजन, छिंदवाड़ा का वन भोज रसोई और अलीराजपुर का दाल पानिया आकर्षण का विशेष केन्द्र रहेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के सभी किसानों और मछुआरों की आर्थिक समृद्धि के लिए संकल्प के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है, इसके साथ हमें मत्स्य उत्पादन में भी सक्रियता से कार्य कर आने वाले वर्षों में इसे दोगुना करने की दिशा में काम करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मत्स्य पालकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रदेश में मछली पालन के साथ ही एक्वाकल्चर के क्षेत्र में भी कार्य किया जाए। प्रदेश में ऐसा इको सिस्टम तैयार किया जाए, जिससे मछुआरों का आर्थिक सशक्तिकरण हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषक कल्याण को समर्पित करते हुए यह वर्ष मना रही है। मध्यप्रदेश को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाने के लिए कार्य योजना तैयार करें। मछुआ सम्मेलन आयोजित कर मत्स्य पालन में बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। सीड प्रोडक्शन बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। प्रदेश में संचालित मत्स्य महासंघ के सुव्यवस्थित उपयोग के लिए भी कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि कम भू-जल स्तर वाले जिलों में फॉर्म पॉन्ड मॉडल के माध्यम से मत्स्य उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए एक जिले को मॉडल के रूप में तैयार किया जाए, जिसमें मत्स्य उत्पादन के साथ ही सिंघाड़ा, कमल गट्टा, मखाना सहित अन्य एक्वाकल्चर आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में मध्यप्रदेश केज कल्चर नीति पर कार्य किया जा रहा है। इसमें 10 हजार केज हितग्राही मूलक योजना में और 90 हजार केज उद्यमी मॉडल के अंतर्गत तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों के विषय में भी अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। बैठक में भोपाल में प्रस्तावित विशेष प्रोजेक्ट इंटीग्रेडेट एक्वा पार्क एंड रिसर्च सेंटर की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संभाग स्तर पर मछली घर तैयार करने की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के विभागीय योजनाओं की प्रगति, किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत विशेष प्रोजेक्ट, केज कल्चर इंदिरा सागर जलाशय, टेक्नोलॉजी डिफ्यूशन सेंटर, रिजर्वायर कलस्टर आधारित मत्स्य पालन और समन्वित मछली घर एवं अनुसंधान केंद्र का बैठक में रिव्यू किया। इस अवसर पर मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई एवं अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

आप देश का भविष्य हैं, अपने कौशल और प्रदर्शन में सुधार करें, खुद को निखारें

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं। देश की बागडोर आगे चलकर इन्हें ही संभालनी है। इसलिए सभी विद्यार्थी अपने कौशल, ज्ञान और प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर खुद को निखारें। परीक्षा की तैयारी पूरी मेहनत और लगन से करें, तनाव बिलकुल भी न लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा हमारे जीवन का एक पड़ाव मात्र है, अंतिम लक्ष्य नहीं। मेहनत करना आपकी आदत में होना चाहिए, लेकिन तनाव को खुद पर हावी न होने दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए परीक्षा के वक्त आत्मविश्वास, अनुशासन और संतुलित दिनचर्या ही सफलता की अंतिम कुंजी है। स्वयं पर सदैव विश्वास बनाए रखें, किसी बात से डरकर नहीं, डटकर आगे बढ़िए और अपने सभी सपनों को साकार कीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं से पहले “परीक्षा पर संवाद – 2026” कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी के लिये मार्गदर्शन भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों से परीक्षा के समय खुद को तनाव से दूर रखते हुए निरंतर भरपूर मेहनत करने और जितना भी हो सके, अच्छे अंक लाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और किसी भी हालात में खुद पर विश्वास बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने की बजाए उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही एक सशक्त व्यक्तित्व की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ अपना भविष्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की समझाइश दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा के समय सभी विद्यार्थी पर्याप्त नींद लें। पढ़ाई का एक शेड्यूल निर्धारित करें। किसी विषय के अध्ययन के बाद उस पर चिंतन-मनन की आदत डालें। केवल अक्षर ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपने मित्रों और शिक्षकों के साथ पाठ्यक्रम के विषयों पर चर्चा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रा लक्ष्मी तिवारी के प्रश्न पर कहा कि माता-पिता और बच्चों के बीच परस्पर संवाद होते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से पूछा कि परीक्षा से कौन-कौन डरते हैं या किसको डर नहीं लगता है? इस पर छात्र आदित्य ने कहा कि रेगुलर तैयारी करेंगे तो परीक्षा से बिल्कुल भी डर नहीं लगेगा। सिलेबस को डिवाइड कर रिवीजन करना चाहिए। छात्रा सरस्वती ने कहा कि हमें परीक्षा देते समय खुद पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा है कि परीक्षा एक उत्सव की तरह है। छात्रा तान्या दुबे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि वे हमेशा आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से पूछा कि परीक्षा के समय में पेपर में आए प्रश्नों का उत्तर देने में चयन कैसे करते हैं? इस पर छात्र हिमांशु ने कहा कि वह सबसे पहले अच्छी तरह से आने वाले प्रश्नों को हल करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर विद्यार्थियों में भारी उमंग और उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीधे संवाद का अवसर पाकर विद्यार्थियों ने बेहिचक सवाल किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी एक गुरू, एक शिक्षक, एक अभिभावक और एक मनोविज्ञान विशेषज्ञ की भांति पहले विद्यार्थियों के मन का भाव जाना, उनसे खुलकर बात की, फिर पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए। विद्यार्थियों ने अपनी परीक्षा की तैयारियों और इस दौरान आई कठिनाईयां भी शेयर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ इस आत्मीय संवाद से सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले मानसिक संबल और हर परिस्थिति में पॉजीटिव रहने की नई ऊर्जा मिली। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा हर वर्ष एक चुनौती की तरह होती है। विद्यार्थियों को समुचित समय नियोजन करते हुए अपनी तैयारियों पर ध्यान देना चाहिए और तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतत रूप से विद्यार्थियों के साथ परस्पर संवाद करते हैं एवं उनकी कठिनाईयों को समझकर निराकरण करने का हरसंभव प्रयास करते हैं। वे लीडर विथ लेटेस्ट नॉलेज हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरंभ में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विद्यार्थियों से संवाद की शुरूआत की। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता सहित सुभाष स्कूल के प्राचार्य, सभी शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की शहडोल सिंचाई काम्प्लेक्स की घोषणा

2300 करोड़ रुपए की योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का बढ़ेगा रकबा और लाभान्वित होंगे 122 गांव जैतपुर बनेगी नगर पंचायत शहडोल को गीता भवन, मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि और नए महाविद्यालय की मिली सौगात मिनी ओलंपिक मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल का शहडोल के धनपुरी में हुआ शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर पार्क लोकार्पण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सच्चा वादा-पक्का काम ही राज्य सरकार की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास में जुटी है। जनजातीय भाई-बहनों का राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को माता शबरी जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निष्कपट भक्ति, समर्पण और साधना की सर्वोच्च प्रतीक शबरी मैया ने सारा जीवन रघुवर की प्रतीक्षा की। प्रेम में समर्पित इस प्रतीक्षा का फल केवल माता शबरी को ही नहीं मिला बल्कि स्वयं भगवान राम को भी मिला। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम ही सनातन संस्कृति की विशेषता है। भगवान श्रीराम और माता शबरी का प्रेम बताता है कि हमारे समाज में जातिवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहडोल जिले के धनपुरी में नगर पालिका द्वारा 20 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए वॉटर पार्क के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा तथा गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इसके बन जाने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और कोचिंग जैसी शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल सिंचाई काम्पलेक्स निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत सोन नदी पर 4 माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। लगभग 2300 करोड़ रुपए की इस योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, जिससे 122 गांव को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैतपुर को नगर पंचायत बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि के संबंध में विभाग से प्रस्ताव प्राप्त होने पर सीट वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल जिले में 160 करोड रुपए लागत से 45 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा जैतपुर महाविद्यालय में कला और विज्ञान संकाय के भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन महाविद्यालय आरंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने 3 किलोमीटर लंबे मॉडल रोड निर्माण पर भी सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता बहनों के कल्याण के लिए पूरी सरकार समर्पित है इसीलिए लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लखपति दीदी योजना, लखपति ड्रोन दीदी योजना, रजिस्ट्री में माता-बहनों को 2 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। लोकसभा-विधानसभा में भी बहनों को आरक्षण मिलने वाला है। आने वाला समय माता-बहनों का है, हमारी संस्कृति बहनों के आधार पर ही पुष्पित पल्लवित होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान लगातार बढ़ रहा है। भारत वैश्विक मंच पर प्रमुख आर्थिक शक्ति बन कर उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरीका से हुए समझौते में किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा है। केंद्र हो या राज्य सरकार युवा,गरीब, किसान और महिलाओं का कल्याण सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि हो या उद्योग सभी क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ है। युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती को लाभप्रद बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 30 लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। दुग्ध उत्पादन, दलहन उत्पादन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इन सब गतिविधियों से परिवारों के पोषण की स्थिति में भी सुधार होगा। सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व में देश-प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। इसी का परिणाम है कि धनपुरी को मिनी ओलंपिक के मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल की सौगात मिली है। विधायक जय सिंह मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा क्षेत्र को दी जा रही सौगात के लिए उनका आभार माना। मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्यों और जन अपेक्षाओं से अवगत कराया। नगर पालिका धनपुरी की अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर छाबड़ा ने स्वागत भाषण दिया तथा नगर पालिका द्वारा निर्मित वॉटर पार्क और अन्य संचालित गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर नगरीय निकाय तथा पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।  

दलहन उत्पादन बढ़ाकर आत्मनिर्भरता हासिल करना हमारा लक्ष्य: केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की उपजाऊ धरती, समृद्ध जल संसाधन और अनुकूल जलवायु हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। इकार्डा जैसे अंतर्राष्ट्री य अनुसंधान संस्थान का सशक्त होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। भारत में अन्न केवल उत्पादन नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और संस्कार का आधार है “अन्न देवो भव:” हमारी कृषि परंपरा का मूल मंत्र है। मध्यप्रदेश ‘कृषक कल्याण वर्ष’ मना रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘बीज से बाजार तक’ किसान के साथ खड़ी सरकार ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की है। इसका लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक दलहन उत्पादन को 350 लाख टन तक पहुंचाना, आयात निर्भरता कम करना और किसानों की आय बढ़ाना है। इस मिशन किसानों को बेहतर बीज, आधुनिक भंडारण और सुनिश्चित विपणन की सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दाल उत्पादक एवं उपभोक्ता देश है। दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जिससे इस मिशन का सर्वाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सीहोर जिले के अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय शुष्क क्षेत्र कृषि अनुसंधान केंद्र (ICARDA) सीहोर के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण केंद्र तथा अत्याधुनिक प्लांट टिशु कल्चर प्रयोगशाला का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इकार्डा का यह नवीन भवन प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए नई आशाओं और संभावनाओं का द्वार खोलेगा। यह केंद्र वैज्ञानिक खेती, उन्नत तकनीक और वैश्विक कृषि अनुभव को किसानों से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंचाई विस्तार और जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इकार्डा द्वारा विकसित वैज्ञानिक मॉडल प्रदेश की योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय और इकार्डा का यह संयुक्त प्रयास मध्यप्रदेश को टिकाऊ और समृद्ध कृषि का राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक मॉडल बना सकता है। उन्होंने कहा कि सीहोर का यह राष्ट्रीय सम्मेलन दलहन क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों, मूल संवेदनाओं और भविष्य की संभावनाओं पर गहन विमर्श का सशक्त मंच बनेगा और नीति निर्धारण व अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं इकार्डा की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह अनुसंधान केंद्र प्रदेश की कृषि को नई दिशा देगा और किसानों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत का फूड बॉस्केट है। भारतीय संस्कृति में अन्न देवता के माध्यम से समाज पल्लवित होता है। प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के विकास और कल्याण के लिए 4 श्रेणियां गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण बताई हैं। हमारी भारतीय सभ्यता में कृषि आधारित जीवन शैली विकसित हुई। आधुनिक समय में खेती में कई प्रकार के विकार आ गए। खेती में रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से हमारी जीवन शैली में बदलाव आया। प्रधानमंत्री  मोदी ने हमेशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा। अमेरिका जैसे देश ने भारत की बात मानी। उन्होंने कहा कि दाल हर भारतीय परिवार की प्रतिदिन की थाली का अभिन्न हिस्सा और हर मौसम में भारतीय परिवारों की जरूरत है। इसका उत्पादन और खपत बताता है कि दलहन क्षेत्र में हमें और अधिक काम करने की जरूरत है। इसलिए अब मध्यप्रदेश में दलहन फसलों का उत्पादन तेजी से बढ़ायेंगे। इसके लिए हम केन्द्र सरकार के साथ हम-कदम होकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार दालों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार के हर मिशन, हर संकल्प की पूर्ति में हर जरूरी सहयोग देगी। हम देश में दाल समृद्धि का संकल्प मिल-जुलकर पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना से सोयाबीन की उपज की 1500 करोड़ रूपये से अधिक राशि किसानों के खातों में पहुंची है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, लेकिन उपयुक्त प्रबंधन के अभाव में प्रदेश का बड़ा भू-भाग सिंचाई से वंचित था। हमारी सरकार आने के बाद प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर बढ़ा है। देश की पहली केन-बेतवा राष्ट्रीय लिंक नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना से प्रदेश में सिंचाई का रकबा और तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमने आने वाले सालों में प्रदेश का सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा है। दलहन उत्पादन में अग्रणी है मध्यप्रदेश : केन्द्रीय मंत्री  चौहान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  चौहान ने कहा कि अमेरिका और यूरोप के 27 देशों से हमारा समझौता हुआ है। उन्होंने अमेरिका के साथ कृषि समझौते में किसानों के हितों की रक्षा की गई है। सीहोर का शरबती गेहूं दुनिया में धूम मचाएगा। देश के बासमती चावल और मसालों को 18 प्रतिशत टैरिफ से लाभ मिलेगा। टेक्सटाइल निर्यात बढ़ने से कपास उत्पादक किसानों को फायदा होगा। देश को दलहन में आत्मनिर्भर बनाना है। देश में मूंग को छोड़कर अन्य दालों का उत्पादन घट गया। दाल हमें विदेश से आयात करना पड़े यह देश के हित में नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार को बधाई देते हुए कहा कि हमारा मध्यप्रदेश आज भी दलहन उत्पादन में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल गेहूं, सोयाबीन और धान ही नहीं उगाना चाहिए, बल्कि फसल चक्रण पर ध्यान देना चाहिए। देश में चना, मसूर और उड़द का उत्पादन बढ़ाना है। इकार्डा के माध्यम से दलहन फसलों के उन्नत बीज तैयार किए जाएंगे। केन्द्रीय कृषि मंत्री  चौहान ने कहा कि देश का कृषि मंत्रालय अब दिल्ली से नहीं, गांव और खेतों से चल रहा है। हमारे कृषि वैज्ञानिक प्लांट टिशू कल्चर के माध्यम से मसूर सहित अन्य दलहन फसलों की नई और उन्नत किस्में तैयार हो रही हैं। किसानों को ज्यादा उत्पादन वाले और रोग रहित बीच उपलब्ध कराना है। दलहन आत्म निर्भरता मिशन के अंगर्तग दालों के कलस्टर बनाए जाएंगे। इकार्डा के सहयोग से बीज ग्राम और बीज हब बनाए जाएंगे। प्रगतिशील और आदर्श किसानों को एक हैक्टेयर में दलहन उत्पादन के लिए 10 … Read more

उज्जैन का ईको टूरिज्म पार्क वन्य जीव केन्द्र का ही होगा हिस्सा

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है‍ कि मध्यप्रदेश में पर्यटन विशेषकर वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। प्रदेश में उज्जैन और जबलपुर में वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर निर्मित किए जा रहे हैं। दोनों ही शहरों में इन सेंटर्स के निर्माण के लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त कर दिए गए हैं। बहुत जल्द प्रदेश में 2 नए वन्य जीव केन्द्र बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उज्जैन में वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर के निर्माण के संबंध में नियुक्त कन्सल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में वन्य जीव केन्द्र के लिए निुयक्त कंसल्टेंट फर्म से कहा कि वे उज्जैन में वनतारा की तर्ज पर इस तरह का जंगल चिड़ियाघर सफारी (वाईल्ड लाईफ सेंटर कम इंडियन जू कम रेस्क्यू सेंटर) तैयार करें, जो यहां आने वाले विजिटर्स को पूरी दुनिया के अलग-अलग जंगलों का एक ही जगह पर फुल एक्सपीरियंस दे। उन्होंने कहा कि इस वाईल्ड लाईफ सेंटर को करीब 500 हैक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया जाए। उज्जैन में 50 हैक्टेयर रकबे में पहले से तैयार ईको टूरिज्म पार्क भी इसी वन्य जीव केन्द्र में शामिल कर लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंसल्टेंट से कहा कि यह एक अनोखा वन्य जीव केन्द्र होना चाहिए, जिसमें वन और वन्य प्राणियों की विविधता दूसरे वन्य जीव केन्द्रों से भिन्न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 में इस वन्य जीव केन्द्र के फेज-1 का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाए और जितनी जल्दी हो सके, वन्य जीव केन्द्र तैयार हो जाए, जिससे उज्जैन को एक बेहतरीन फॉरेस्ट टूरिज्म स्पॉट (सफारी एक्सपीरियंस के साथ) के रूप में ख्याति मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के वन्य जीव केन्द्र में देशी और विदेशी सभी प्रजाति के वन्य प्राणी हों। यह केन्द्र इस तरह तैयार किया जाए कि इसमें दिन और रात दोनों वक्त विजिटर्स इसका आनंद ले सकें। बैठक में उज्जैन में इस केन्द्र की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति व्यक्त कर निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं और सेंटर के डिजाइन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य जीव केन्द्र को टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक भव्य केन्द्र के रूप में तैयार किया जाए। बैठक में वन्य जीव केन्द्र निर्माण के लिए नियुक्त की गई कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों ने पॉवर पाईंट प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि करीब 500 हैक्टेयर रकबे में विजिटर्स को देश-दुनिया के 11 जंगलों का अनुभव कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में सेंटर फॉरमेशन का पहला चरण प्रारंभ करेंगे। वर्ष 2027 के अंत तक पहला चरण पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वन्य जीव केन्द्र का निर्माण कुल 6 चरणों में किया जाएगा। वन्य जीव केन्द्र में दिखाई नहीं देने वाली बाड़ का खुला जंगल होगा, जिसमें विजिटर्स पैदल, बग्घी, सफारी और सेवा वाहन का उपयोग कर सेंटर का विजिट कर सकेंगे। उन्होंने बताया‍ कि इस केन्द्र में 300 से अधिक देशी-विदेशी प्रजाति के जंगली जानवर होंगे। देशी और विदेशी जानवरों का अनुपात क्रमश: 75 एवं 25 प्रतिशत होगा। केन्द्र में एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया‍ कि विश्व में पहली बार विजिटर्स को असली जंगल चिड़ियाघर सफारी का अनुभव उज्जैन के वन्य जीव केन्द्र में कराया जाएगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, पीसीसीएफ वाईल्ड लाईफ  शुभरंजन सेन, सीसीएफ  कृष्णमूर्ति सहित गुजरात के वनतारा जू से आए अधिकारी और कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। 

भारत माता मंदिर समाज और राष्ट्र में ऊर्जा का कर रहा है संचार

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति को नए आयाम तक पहुंचाने में आदि शंकराचार्य का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य जी का विशेष संबंध रहा है। वैचारिक स्तर पर भारत को हिंदुत्व पर गर्व है, हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है। सनातन की धारा शाश्वत रूप से बहती रहे, इस उद्देश्य से संतवृंद और सरकार समन्वित रूप से प्रयासरत है। हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा स्थापित भारत माता मंदिर समाज और राष्ट्र में ऊर्जा का संचार कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरुदेव समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना समारोह के अंतर्गत संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। संत महात्माओं को दिया सिंहस्थ-2028 का निमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि शंकराचार्य जी की परंपरा के संवाहक, वैदिक सनातन संस्कृति के उन्नायक, देश के प्रथम भारत माता मंदिर के संस्थापक पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भव्य और दिव्य सिंहस्थ के आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं और विकास कार्यों पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संत महात्माओं को सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन पधारने के लिए निमंत्रण दिया। जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि संतवृंद के आशीर्वाद से देश में पिछले वर्षों में हुआ बदलाव अद्भुत है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गया है और तेजी से एक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, वॉटरवेज, हाई स्पीड रेल, हाईवेज से देश की युवा शक्ति और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है। देश की बहनें, किसान, युवा सभी समावेशी विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। सांस्कृतिक समृद्धि, विरासत संरक्षण और धार्मिक पर्यटन में भी पूरे राष्ट्र में एक नई चेतना जागृत हुई है। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संसार के दुखों का शमन केवल सत्संग से ही संभव है। हमारे प्राचीन ग्रंथ और संतों का साथ व्यक्ति को नया जीवन और दृष्टि देने में सक्षम है। संतगण वे आत्माएं हैं जिनके चरित्र शांत और उदार हैं। दूसरों का भला करने के उद्देश्य से ही संतगण की सभी गतिविधियों का संचालन होता है। भारत की पहचान सनातन से है, भारतीय संस्कृति ने मानवता का दिव्यकरण और दिव्यता का मानवीयकरण किया है। उन्होंने आदि शंकराचार्य के दर्शन पर भी अपने विचार रखें। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत, महात्मा और धर्मगुरु सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने संतवृंद का उत्तराखंड की भूमि पर स्वागत करते हुए कहा कि संत स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने देश की एकता और सांस्कृतिक समृद्धता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके विचार नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का आधार बनेंगे। मंचीय कार्यक्रम राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गान के साथ का सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगगुरू स्वामी रामदेव जी के साथ किया योगाभ्यास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग आज भारत की प्राचीन परंपरा से निकलकर वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है। हम सभी योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ, संतुलित व ऊर्जावान जीवन की ओर कदम बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पतंजलि योगपीठ के वातावरण से प्रभावित होकर कहा कि योगपीठ का संस्कार, साधना और आत्मबल से परिपूर्ण वातावरण मन को अपार शांति प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ हरिद्वार में भारत माता मंदिर में दर्शन, पूजन और यज्ञ में शामिल होकर सभी के मंगल एवं कल्याण की कामना की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव से की सौजन्य भेंट

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से संसद भवन में बुधवार को सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मध्यप्रदेश में रेल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित एवं प्रगतिरत रेलवे परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।  

राज्य सरकार सरसों को भावांतर योजना में शामिल करने पर कर रही है विचार

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जहां-जहां भी ओला-पाला से फसलें प्रभावित हुई हैं, उन जिलों के कलेक्टर्स, सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि किसानों को उपलब्ध कराएं। किसानों के सभी प्रकार के हित सुनिश्चित करने और उनकी आय दोगुना करने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषक कल्याण कृषि वर्ष में मालवा, निमाड़, चंबल और विंध्य अंचलों में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी। कृषि के साथ उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां अपनाने के लिए कृषकों को प्रेरित किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश में पहली बार राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव आयोजित किया गया। पुष्प उत्पादन और देश-विदेश में फूलों की बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश में नरवाई प्रबंधन और पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। भावांतर योजना में सरसों और अन्य तिलहन फसलों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। मूंग के स्थान पर उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जा रही है। इसके लिए किसानों को प्रेरित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रि-परिषद सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेश में राज्य स्तरीय एमपी यूथ गेम्स-2026 के भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजनों में देशज खेलों को भी शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा मेडिकल कॉलेज में 750 बेड की क्षमता वृद्धि की गई है। प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीपशुपतिनाथ लोक में विकसित की गई सुविधाओं और प्रतिमा के क्षरण को रोकने के लिए किए गए उपाय को अनुकरणीय बताया। उन्होंने बताया कि मंदसौर के मल्हारगढ़ में आयोजित “अन्नदाता सम्मान समारोह” में भावांतर योजना में सोयाबीन उत्पादक एक लाख 17 हजार किसानों के खातें में 200 करोड़ रुपए की भावांतर राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रस्तुत केंद्रीय बजट विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। राजनैतिक विषयों के स्थान पर वित्त आयोग के सुझावों को महत्व देना बजट की विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने मंत्रि-परिषद सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रीय बजट की विशेषताओं से जनसामान्य को अवगत कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कच्छ में आयोजित ‘रण उत्सव’ में टेंट सिटी के माध्यम से की गई ईको-सेंसेटिव आवास व्यवस्था और रोजगार के अवसर सृजित करने के नवाचार सराहनीय हैं। उन्होंने गिर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी और रेस्क्यू सेंटर में सिंहों को देखने के लिए किए गए प्रयोगों से प्रेरणा लेते हुए उन्हें प्रदेश में लागू करने की दिशा में गतिविधियां संचालित करने की आवश्यकता बताई। 

गुजरात की धरा ने दिया है, मानव कल्याण और सनातन का संदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जन्म उत्सव में एक साथ श्लोक पाठ का बना नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव वडोदरा में महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में हुए शामिल मध्यप्रदेश से जुड़ी हैं स्वामी जी की जीवन यात्रा की जड़ें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात की धरती भारत सहित अनेक राष्ट्रों में धर्म, आध्यात्म, सनातनी परम्परा, मानव कल्याण और सेवा मूल्यों को चेतना से जोड़ने का कार्य कर रही है। इस धरा से कभी महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसी विभूतियों ने राष्ट्र को योगदान दिया, वहीं अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह इस परम्परा को आगे बढ़ा रहे हैं। आज सऊदी अरब सहित अबूधाबी और अमेरिका में स्वामी नारायण अक्षर धाम के पारम्परिक हिन्दू मंदिर और विश्व के अनेक देशों में 600 से अधिक मंदिरों का निर्माण उल्लेखनीय है। सत्संगदीक्षा जैसे शास्त्रसम्मत ग्रंथ की रचना और हजारों सेवाभावी नवयुवान संतों का निर्माण सनातन की परम्परा को ऊंचाइयां दे रहा है। यह गर्व की बात है कि महंत स्वामी महाराज की जीवन यात्रा की जड़ें मध्यप्रदेश से भी जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को गुजरात के वडोदरा में पूज्य महंत स्वामी महाराज की 92वीं जन्म वर्षगांठ पर उनके दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त कर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी को जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके शतायु होने की कामना की और आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में स्वामी जी का जन्म शताब्दी समारोह अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वडोदरा एक नगर नहीं बल्कि उस सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है जहां भक्ति के साथ सेवा की सुदीर्घ परम्परा है। इस धरती से गुरू के उस संदेश का प्रसार हो रहा है, जो भगवान स्वामी नारायण से लेकर पूज्य महंत स्वामीजी के जीवन में अभिव्यक्त होता है। अमृत बरसाने वाली यह धारा निरंतर प्रवाहित रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत वृंद ईश्वर के रूप में विराजमान रहते हैं। उनकी सामूहिक उपस्थिति बगिया में अनेक पुष्पों के एक साथ खिलने की तरह होती है। अपनी शिक्षाओं से वे बच्चों को आलोकित करते हैं। निश्चित ही यह बच्चे भारतीय संस्कृति को जीवंत करने का कार्य करेंगे। दीक्षित हो रहे बच्चे भी वंदन अभिनंदन के पात्र हैं। संस्कृत श्लोकों के सामूहिक पाठ का बना नया रिकार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में 15 हजार 666 बच्चों को एक साथ स्वामी जी द्वारा रचित ‘सत्संग दीक्षा’ ग्रंथ के 315 श्लोकों का पाठ किए जाने को एक उपलब्धि बताया। इस गतिविधि का नया गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड भी बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने महंत स्वामी महाराज से जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी ने दोनों मुख्यमंत्रियों का पुष्पमाला से अभिनंदन किया। कार्यक्रम में श्री गुणातितानंद स्वामी की अद्भुत महिमा एवं जीवन पर केंद्रित नाटक का मंचन किया गया। इसमें गौंड साम्राज्य के राजा श्री भगवत सिंह के चरित्र के माध्यम से गुणातितानंद स्वामी के सामाजिक और धार्मिक कार्यों की जानकारी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वडोदरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने आत्मीय स्वागत किया।

किसान समृद्ध होंगे तो प्रदेश होगा मजबूत : सीएम डॉ. यादव का बड़ा बयान

कृषि वर्ष आयोजन के लिए सरकार ने तय की रूपरेखा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आय में हर तरीके से वृद्धि करना ही हमारा मूल लक्ष्य है और यह उनकी फसल का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने से ही संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों के हित में ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ के समावेशी मॉडल/थीम पर हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष (कृषि वर्ष) के रूप में मना रहे हैं। इस दौरान कृषि उत्पादों का मजबूत विपणन तंत्र स्थापित किया जाएगा, साथ ही खाद्य प्रसंस्करण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उच्च उत्पादकता वाली फसल किस्मों/बीजों का वितरण, डिजिटलीकृत एवं नवीन कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन, कृषि स्टार्टअप एवं एफपीओ जैसी कृषि आधारित रोजगार श्रृंखला को बढ़ावा, कृषि से संबद्ध सभी क्षेत्रों को एकीकृत करते हुए जिला-आधारित क्लस्टर्स का विकास तथा खेती-किसानी में फसल चक्र में बदलाव (विविधीकरण) को प्रोत्साहन देना कृषि वर्ष के प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस किसान कल्याण वर्ष-2026 के आयोजन की रूपरेखा के संबंध में हुई बैठक में यह जानकारी दी। कृषि केबिनेट की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों का कल्याण हमारे लिए एक मिशन है। इनके समग्रहित में इसके लिए कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कृषि केबिनेट भी की जाएगी। कृषि केबिनेट की शुरूआत निमाड़ अंचल से की जाएगी। किसान हित के सभी जरूरी निर्णय फील्ड में होने वाली कृषि केबिनेट में ही लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि खेती-किसानी से पर्यावरण में भी व्यापक सुधार आता है। उन्होंने कहा कि निमाड़ क्षेत्र में खेती-किसानी से बढ़ते लाभ और दिनों-दिन सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से दूसरे किसान भी खेती की तरफ बढ़े हैं। इससे निमाड़ अंचल में चारों तरफ हरियाली ही हरियाली है और इस हरियाली का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि पूरे निमाड़ अंचल का तापमान पहले से चार डिग्री कम हो गया है। यह उपलब्धि हमें किसानों की बेहतरी के लिए और अधिक प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करती है। कृषि में तकनीक के उपयोग पर रहेगा जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के किसानों के लिए कृषि तकनीक के उपयोग पर विशेष फोकस किया जाएगा। यह तय किया जाएगा कि किसानों को उनके सभी प्रकार के हितलाभ एग्री स्टैक के जरिए ही दिए जाएं। इसके लिए किसानों के बैंक खातों को समग्र आई.डी. के साथ जोड़ दिया जाएगा। साथ ही मोबाईल एवं क्यू.आर कोड आधारित तकनीक के उपयोग से कृषि आदानों की उपलब्धता (ट्रेसबिलिटी) भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्नत पशुपालन तकनीक सीखने के लिए ब्राजील जाएंगे मप्र के पशुपालक कृषि वर्ष के दौरान सरकार का एक लक्ष्य दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर इसे वर्तमान से दुगना करना भी है। इसके लिए प्रदेश के पशुपालकों को उन्नत पशुपालन की नई-नई तकनीकें सीखने के लिए ब्राजील भेजा जाएगा। राज्य के पशुपालक उन्नत तकनीक से पशुपालन करेंगे तथा नई विधियों और पद्धतियों से उन्नत नस्लों के पशुओं से दुग्ध उत्पादन के लिए तैयार करेंगे। नई तकनीक से पशुपालकों के दुग्ध उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी। पैक्स समितियों के जरिए किसानों को दिलाएंगे अधिकतम सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान किसानों को अधिकतम सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्ष के दौरान राजस्व विभाग द्वारा ऐसे किसान, जो किसी वजह से अबतक केसीसी धारक नहीं हैं, उनकी सूची निकटतम प्राथमिक सहकारी साख समितियों (पैक्स) को उपलब्ध कराई जाएगी। पैक्स समितियां किसानों से सम्पर्क कर पात्र किसानों से तय प्रारूप में आवेदन लेंगी और बैंक स्तर पर केसीसी मंजूर कराने की कार्यवाही भी करेंगी। मंजूरी वाले प्रकरणों को एकत्रित कर कैम्प लगाकर किसानों को केसीसी वितरित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश में 4500 से अधिक पैक्स समितियां कार्यरत हैं और करीब 23 लाख से अधिक किसान इन पैक्स समितियों से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। भोपाल में होगा ‘आम महोत्सव’ किसान कल्याण वर्ष आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के संबंध में हुई इस बैठक में बताया गया कि आगामी मई माह में भोपाल में आम महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में आम उत्पादकों, व्यापारियों, निर्यातकों और विशेषज्ञों की सहभागिता होगी। महोत्सव के दौरान आम की खेती से संबंधित नई तकनीक पर मार्गदर्शन और प्रेजेन्टेशन दिया जाएगा। साथ ही आम की सभी किस्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। राज्यस्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का होगा लोकार्पण मध्यप्रदेश सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा भोपाल में तैयार की जा रही राज्यस्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का लोकार्पण भी कृषि वर्ष के दौरान किया जाएगा। लगभग 12.65 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित हो रही इस बड़ी प्रयोगशाला की सुविधा मिल जाने से पेस्टीसाइड, रसायन, भारी खनिज, वेजीटेबल आइल, शर्करा तथा दुग्ध उत्पादों और दूध में मिलावट की गहन जांच अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी। इससे दीर्घ अवधि में मिलावटी दूध एवं दूध से बने उत्पादों पर अंकुश लगेगा। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन मिलने से उपभोक्ताओं में सांची ब्रांड से बने उत्पादों की साख भी बढ़ेगी। सितम्बर में बालाघाट में होगा ‘सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव’ किसान कल्याण वर्ष में सितम्बर के संभवत: पहले सप्ताह में बालाघाट जिले में ‘सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में सिंघाड़ा उत्पादकों, व्यापारियों, निर्यातकों एवं फसल विशेषज्ञों द्वारा सहभागिता की जाएगी। सिंघाड़ा और मखाना कैश क्राप की तरह हैं। इनका सेवन स्वाथ्यवर्धक होता है। यह महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।

रण उत्सव की तर्ज पर सिंहस्थ 2028 में उज्जैन में विकसित होगी टेंट सिटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में कच्छ का रण उत्सव बना भारत की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता का वैश्विक प्रतीक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रण उत्सव में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ गुजरात में रण ऑफ कच्छ का ‘रण उत्सव’ आज भारत की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भव्य ‘रण उत्सव’ में सहभागिता कर विश्व स्तरीय टेंट सिटी की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बाद कहा कि जहां कभी बंजर भूमि थी, वहां आज किसानों की सहभागिता से पर्यटन, आजीविका और विकास का मॉडल खड़ा हुआ है, जिसे दुनिया देख रही है। लोक कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियां और गुजरात की समृद्ध संस्कृति, इस उत्सव को विशिष्ट पहचान देती हैं। यह प्रेरक उदाहरण है। उज्जैन में वर्ष-2028 में आयोजित होने वाले ‘सिंहस्थ’ में ‘रण उत्सव’ की तर्ज पर टेंट सिटी विकसित की जाएगी। साथ ही, मध्यप्रदेश में जहां पर्यटकों की संख्या अधिक है, वहां भी टेंट सिटी की योजना पर कार्य किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा और किसान भी लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भुज में स्थित ‘स्मृति वन’, जो भूकंप पीड़ितों की स्मृतियों को सहेजता है, वह संवेदना और संकल्प का प्रतीक है। इसी भावना के साथ भोपाल में भी यूनियन कार्बाइड त्रासदी के पीड़ितों की स्मृति में एक समर्पित संग्रहालय विकसित करने की भी योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी का विजन ही नए भारत की सशक्त पहचान है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर दी प्रतिक्रिया

विकास को मिलेगी और अधिक गति गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलओं पर विशेष फोकस शहरी विकास, तीर्थ स्थल सुधार, महिला छात्रावास निर्माण, अस्पतालों के अपग्रेडेशन और टेक्सटाईल्स क्षेत्र की सौगातों से प्रदेश को मिलेगा विशेष लाभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में प्रभावी कदम है। बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। यह बजट विकास को और अधिक गति देगा तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक अर्थव्यवस्था में उच्च स्थान दिलवाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आर्थिक प्रगति को बढ़ाना, जन सामान्य की उम्मीदों को पूरा करना और सबका साथ सबका विकास बजट की मुख्य विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड़ रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डेली कॉलेज इंदौर में केंद्रीय बजट पर विषय-विशेषज्ञों से संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के बाद केन्द्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट की सभी क्षेत्रों में सराहना हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री  मोदी ने मध्यप्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टैक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है। इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। केंद्र सरकार की वस्त्र उद्योग सेक्टर की दूरगामी नीतियों से संपूर्ण राष्ट्र के साथ मध्यप्रदेश को भी विशेष लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट में इनकम टैक्स में छोटे करदाताओं के लिए प्रक्रिया आसान करने की व्यवस्था है। राजकोषीय घाटे का 4.3% का लक्ष्य रखा गया है। राज्यों के लिए एक लाख 40 हजार करोड़ रुपए का अनुदान रखा गया है, जिससे मध्यप्रदेश को भी लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत को बायोफार्मा हब बनाया जाएगा। क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का भी विकास होगा। केंद्रीय बजट में केयर इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे बुजुर्गों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी। गंभीर बीमारियों की दवाएँ भी सस्ती होंगी, जिससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में विनिर्माण क्षेत्रों का रणनीतिक विकास करने को प्राथमिकता दी गई है, इससे भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और ए.आई. के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त गाइड उपलब्ध कराने की व्यवस्था से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। पुरातत्व की दृष्टि से संरक्षित स्थलों को खोलने के निर्णय से देश-विदेश के लोग हमारी समृद्ध प्राचीन विरासत से परिचित और प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों को टैक्स में दी गई राहत से वैश्विक स्तर पर पर्यटन के क्षेत्र में भारत का महत्व बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोदी सरकार 3.0 का तीसरा बजट सबका साथ- सबका विकास की भावना के अनुरूप है।  

संतों की वाणी आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कर रही है कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में संत रविदास जयंती के कार्यक्रम में हुए शामिल स्वच्छता दीदीयों का किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संतों की वाणी आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर प्रवास के दौरान संत रविदास जयंती के अवसर पर नगर निगम के झोन कार्यालय क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर उन्होंने संत रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता अभियान से जुड़ी ‘स्वच्छता दीदियों’ का पुष्पहार से स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना करते हुए अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता पहचान पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है और इसमें स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से संत रविदास के विचारों को आत्मसात करते हुए स्वच्छ, समरस और जागरूक समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, श्री सुमित मिश्रा आदि भी विशेष रूप से मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सामाजिक विकास के लिए मिलकर करें काम

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और चार प्रतिष्ठित गैर शासकीय संगठनों अंतरा फाउंडेशन, प्रदान, पीएचआईए फाउंडेशन और यूएनविमेन के मध्य समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू से प्रदेश के सुनियोजित, समावेशी, सकल और सतत् विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर सभी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सामाजिक विकास के सभी मानकों में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी और सबको विकास का लाभ देने के लिए सरकार गैर शासकीय संगठनों के अनुभवों का भी लाभ उठायेगी। उन्होंने कहा कि म.प्र. राज्य नीति आयोग प्रदेश में संचालित सभी जनहितैषी योजनाओं के लोकव्यापीकरण के जरिए मानवीय और सामाजिक विकास के सभी मानकों में सुधार और बढ़ोतरी के लिए ऐसे एनजीओ के साथ मिलकर काम करे, जिन्हें विषयगत विशेषज्ञता हासिल हो। उन्होंने कहा कि फील्ड में रह कर काम करने वाले एनजीओ से मिले सुझावों पर भी गंभीरता से अमल का प्रयास किया जाये। नीति आयोग, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन आपसी समन्वय और सामंजस्य से जनता के हित में काम करें। उल्लेखनीय है कि म.प्र. राज्य नीति आयोग राज्य के सतत् विकास लक्ष्यों के अनुश्रवण और मध्यप्रदेश के दृष्टि पत्र-2047 की तैयारी में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन साझेदारियों के माध्यम से राज्य में नीति नवाचार, डाटा आधारित सुशासन तथा बहु-क्षेत्रीय विकास को और अधिक सशक्तता एवं व्यापकता के साथ अमल में लाया जायेगा। नीति आयोग द्वारा जिन चार गैर शासकीय संगठनों के साथ एमओयू किया गया, उनमें अंतरा फाउंडेशन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण सुधार पर कार्य में सरकार की मदद करेगा। प्रदान संगठन ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने में सहयोग करेगा। पीएचआईए फाउंडेशन जलवायु-लचीले विकास और समावेशी एवं सतत् विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सरकार का नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागी बनेगा। इसी प्रकार यूएनविमेन प्रदेश में जेंडर उत्तरदायी शासन को आगे बढ़ाने में सरकार की मदद करेगा। मंगलवार को हुए समझौता ज्ञापन के तहत इन आपसी साझेदारियों से गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका विकास, स्वास्थ्य और कल्याण, लैंगिक समानता, सभी को स्वच्छ जल, असमानता कम करने, जल सुरक्षा सहित वॉटरशेड संरचनाओं पर काम और जलवायु विकास आधारित कार्रवाई जैसे वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी। ये समझौते समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प और विजन 2047 के क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम हैं, जो शासन, नीति और नागरिक सेवाओं के सहज और सरल वितरण में नवाचार एवं सहभागिता को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री संजय कुमार शुक्ला, म.प्र. राज्य नीति आयोग के सीईओ श्री ऋषि गर्ग सहित गैर शासकीय संगठन अंतरा फाउंडेशन से सुश्री चंद्रिका, प्रदान से सुश्री अर्चना सिंह, पीएचआईए फाउंडेशन से श्री अनिरुद्ध और यूएनविमेन से सुश्री जॉयट्री सहित अधिकारी मौजूद रहे।  

उज्जैन में वेलनेस निवेश को मिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रोत्साहन

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट में वेलनेस क्षेत्र के निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए खुले दिल से आमंत्रित किया और राज्य की अनुकूल निवेश नीतियों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। सभी निवेशकों ने मध्यप्रदेश की निवेश अनुकूल और प्रगतिशील नीतियों की सराहना की और प्रदेश में निवेश के लिए संकल्प लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से अरबिंदो हॉस्पिटल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी, लीजर होटल्स ग्रुप के डायरेक्टर मुकुंद प्रसाद, शतायु आयुर्वेद के सीईओ और एमडी डॉ. मृत्युंजय स्वामी, मेफ़ेयर ट्रैवल्स के एमडी शरद थडानी, लाभम ग्रुप के डायरेक्टर युगांश सोनी, शांतिगिरी आश्रम के जोनल हेड स्वामी चितासुधन ज्ञान तपस्वी, रॉयल ऑर्किड होटल के डायरेक्टर सुदीप रॉय, एरा हॉस्पिटैलिटी के संस्थापक शिवंदर सिंह, सीएचएल हॉस्पिटल ग्रुप के डायरेक्टर राजुल भार्गव, लेटेन्ट डेवकॉन के डायरेक्टर देवांग कपाडिया, जिंदल नेचरक्योर इंस्टीट्यूट के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सुधीर एम.वी., ट्रैवलपैक के चेयरमैन अशोक पटेल, हार्टफुलनेस इंटरफेथ प्रोग्राम्स एंड इवेंट के डायरेक्टर त्रिलोचन चावला और सनसेट डेजर्ट कैंप के सीईओ और एमडी हितेश्वर सिंह सिसौदिया ने वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में, मध्यप्रदेश वेलनेस और आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेशकों के इस उत्साहजनक प्रतिसाद से प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे मध्यप्रदेश को वैश्विक वेलनेस मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीदों को श्रध्दांजली अर्पित कर घोड़े पर सवार होकर तिरंगा यात्रा की शुरूआत की

भोपाल भोपाल भारतीय सेना द्वारा आतंकियों के विरूद्ध ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय सेना के शौर्य एवं पराक्रम के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए शुक्रवार को उज्जैन में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहीद पार्क से प्रारंभ हुई भव्य तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद पार्क स्थित जय स्तम्भ पर शहीदों को श्रध्दांजली अर्पित कर घोड़े पर सवार होकर तिरंगा यात्रा की शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व  में भारत की सेना ने पाकिस्तान में दाखिल होकर दुश्मनों से बदला लिया। भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस पर संपूर्ण देश को गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया के सामने हमारी सेनाओं ने अदम्य साहस और शौर्य का प्रमाण दिया हैं। हमने एकजुट होकर विश्व को यह संदेश दिया कि दुश्मन कितना ही चालाक क्यों न हो हम अपनी एकता को अक्षुण्ण रखेंगे। राष्ट्रीय एकता सर्वोपरी है, इसे यदि शत्रु ने हानि पहुचाने की कोशिश की तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उज्जैन भगवान श्री महाकालेश्वर की नगरी है, यह सम्राट विकमादित्य के पराक्रम की नगरी है। लगभग 2000 हजार साल पहले सम्राट विकमादित्य ने विदेशी आक्रमणकारियों को पराजित कर देश से खदेड दिया था, आज फिर से हमारी सेना ने वही शौर्य और पराक्रम दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्र की वेदी पर अपने चिराग न्योछावर करने वाले शहीदों के परिजनों को प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारे देश कि आन, बान और शान है इसकी मर्यादा का सदैव ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तिरंगा यात्राओं के माध्यम से पूरी दुनिया में संदेश जा रहा है कि हम सभी भारतीय एक जुट हो कर समय आने पर देश कि रक्षा के लिए सर्वस्व बलिदान कर सकते है । भव्य तिरंगा यात्रा में शहिदों के परिजन पूर्व सैनिक, राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक श्री अनिल जैन कालुहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सत्यनारयण जटिया, शहरकाजी खलीकुर्रहमान, श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी, श्री जगदीश पांचाल, श्री मुकेश यादव, श्री अनिल शिंदे, श्री दिनेश जाटवा, श्री कल्याण शिवहरे, श्री सुहास वैद्य, श्री इकबाल सिंह गांधी शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिकों ने भी बढ़-चढ़ कर सहभागिता की।  भव्य तिरंगा यात्रा शहीद पार्क से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों चामुण्डा माता चौराहा, देवास गेट चौराहा, मालीपुरा,दौलतगंज चौराहा से होती हुई फव्वारा चौक पर समाप्त हुई। यात्रा में शहीदों के परिजन बग्गियों पर सवार होकर शामिल हुए। यात्रा में पुलिस बैण्ड, बोहरा समाज के बैण्ड और अन्य बैण्ड शामिल हुए। यात्रा के दौरान देश भक्ति के गीतों की भावविभोर प्रस्तुतियां दी गई। सभी धर्म और समाज के लोगों ने देश भक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत होकर उत्साह पूर्ण माहौल में यात्रा में सहभागिता की। विभिन्न स्थानों पर बनाएं गये स्वागत मंच के द्वारा यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। यह यात्रा उन जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए भी निकाली गई जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। मुख्यमंत्री ने फ्रीगंज स्थित श्री अखंड ज्योति हनुमान मंदिर में दर्शन कर देश-प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के फ्रीगंज स्थित श्री अखंड ज्योति हनुमान मंदिर पर दर्शन कर पूजन अर्चन किया और देश-प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजन कर कहा कि देश प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर विकास की नित नई ऊंचाइयां छू रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सभी लाड़ली लक्ष्मियों को शुभकामनाएं दीं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की सभी बेटियों, बहनों और माताओं के कल्याण के लिए हमारी सरकार हमेशा आगे रही है। बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन देने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए हमारी तत्कालीन सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना तैयार कर 1 अप्रैल 2007 से लागू की थी। यह योजना बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन देने और प्रदेश के जेंडर रेश्यो में उत्तरोत्तर सुधार के लिए विश्व की एक अद्भुत योजना है। इसमें बेटियों के जन्म से लेकर उनकी पढ़ाई और उनका विवाह होने तक भी सरकार द्वारा अभिभावकों को आर्थिक सहायता दी जाती हैं। ताकि बेटियों को कोई भी माता-पिता खुद पर बोझ न माने, बेटियों की पढ़ाई-लिखाई की चिंता से मुक्त रहें और सिर्फ उनके सुनहरे भविष्य के निर्माण में ही अग्रसर रहें। इस योजना को आशातीत प्रतिसाद मिलने से प्रदेश में जेंडर रेश्यो में बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को लाड़ली लक्ष्मी योजना दिवस (2 मई) के अवसर पर स्टेट हैंगर परिसर में पौध-रोपण के पश्चात लाड़ली लक्ष्मियों को संबोधित कर रहे थे। बेटियां ही हैं हमारी महालक्ष्मी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के तहत भोपाल जिले की 25 से अधिक लाड़ली लक्ष्मियों के साथ आम, आंवला, संतरे और नींबू के पौधे लगाए। उन्होंने कहा कि बेटियां ही हमारी महालक्ष्मी हैं, अष्टलक्ष्मी हैं और हमारी भारतीय संस्कृति में लक्ष्मी को सदैव ही पूजा जाता है। बेटियों से ही हमारे घरों में रौनक है। यह अभियान हमें अपनी बच्चियों का भविष्य संवारने के लिए संकल्पित होने की प्रेरणा देता है। प्रदेश के हर माता-पिता को अपनी बेटियों के नाम एक-एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उस पौधे का अपनी संतान की तरह ही पालन पोषण करना चाहिए। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रारंभ से अब तक 50 लाख 45 हजार से अधिक लाडली लक्ष्मियों का पंजीयन किया जा चुका है। कार्यक्रम में आईं सभी लाड़ली लक्ष्मियों ने फूल देकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और उनके साथ पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली लक्ष्मियों को दुलार किया, मेहनत से पढ़ाई करने की मनुहार की और बच्चियों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाये। बेटियां खूब पढ़ें-लिखें, आगे बढ़ें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सभी बेटियों को लाड़ली लक्ष्मी उत्सव की शुभकामनाएं देते कहा कि वे जितना अधिक हो सके, खूब पढ़-लिखकर अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़ें। उनके भविष्य की चिंता हमारी सरकार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों को हर कदम पर जरूरी मार्गदर्शन और मदद मुहैया कराई जाएगी। नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच लिंग अनुपात में सुधार बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार तथा उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से लाड़ली लक्ष्मी योजना अप्रैल 2007 से मध्यप्रदेश में लागू की गई थी। प्रदेश की बालिकाओं को मिलने वाले लाभ को स्थायी बनाने के लिए सरकार द्वारा मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी (बालिका प्रोत्साहन) अधिनियम 2018 लागू किया गया, जो प्रत्येक बालिका को मिलने वाली राशि की गारन्टी प्रदान करता है। पहले से संचालित मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार करते हुए लाडली बालिकाओं को उच्च शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 की स्वीकृति दी गई। इसके अनुसार मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना दिवस का उत्सव हर साल 02 मई को आयोजित किया जाता है। बालिकाओं को मिलने वाले लाभ लाड़ली लक्ष्मी प्रकरण की स्वीकृति के उपरांत 1 लाख 43 हजार रूपये का आश्वासन प्रमाण पत्र दिया जाता है। योजनान्तर्गत बालिकाओं को कक्षा 6वीं में प्रवेश लेने पर 2000 रूपये, कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने पर 4000 रूपए, कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने पर 6000 रूपये एवं कक्षा 12वीं में प्रवेश लेने पर 6000 रूपए छात्रवृत्ति की राशि ई-पेंमेंट के माध्यम से दी जाती है। लाड़ली बालिकाओं को कक्षा 12 वीं के पश्चात् स्नातक अथवा व्यावसायिक पाठ्यक्रम में (पाठयक्रम अवधि न्यूनतम दो वर्ष) प्रवेश लेने पर 25000 रूपए की प्रोत्साहन राशि 2 समान किश्तों में पाठ्यक्रम अवधि के प्रथम एवं अंतिम वर्ष में दी जाती है। योजना के अंतर्गत एक लाख रूपए का भुगतान 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर संबंधित लाड़ली लक्ष्मी को किया जाएगा, बशर्ते हितग्राही बालिका कक्षा 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित हो चुकी हो और उसकी शादी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 में उल्लेखित न्यूनतम विहित आयु पूरी करने के बाद ही हुई हो। अब तक 12.85 लाख बालिकाओं को मिली छात्रवृत्ति मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रारंभ से अब तक प्रदेश में 50.45 लाख से अधिक बालिकाओं का पंजीयन किया जा चुका है। इनमें से 12.85 लाख बालिकाओं को छात्रवृत्ति के रूप में 648.63 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। वर्तमान में यूनि-पे के माध्यम से बालिकाओं को सुरक्षित तरीके से भुगतान किया जा रहा है। प्रदेश में मनाया गया लाड़ली लक्ष्मी उत्सव मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत 2 मई को लाड़ली लक्ष्मी दिवस को एक उत्सव के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में सहभागिता करते हुए आज बेटियों के साथ ही पौध-रोपण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 मई को लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का आयोजन करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। 

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का हैं सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे सनातन धर्म में सभी की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की गई है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। विवाह में सिर्फ वर-वधु का विवाह नहीं, बल्कि दो परिवारों और कुटुम्बों का मिलन भी होता है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उसकी बेटी का, उन्होंने जितने अच्छे से लालन-पालन किया उससे अच्छा लालन-पालन और प्यार उसे ससुराल में मिलेगा। इस विश्वास के साथ ही बेटी के माता-पिता उसे वर को सौंपते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर जिले के गढ़ाकोटा में 23वें वृहद सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में 3 हजार 219 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। समारोह में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मंत्री लखन पटैल, सांसद सागर संसदीय क्षेत्र श्रीमती लता वानखेडे, दमोह सांसद राहुल सिंह, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री एवं विधायक जयंत मलैया, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक ब्रज बिहारी पटैरिया, पूर्व विधायक श्रीमती पारुल साहू, पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व मंत्री श्रीमती ललिता यादव, श्री108 किशोरदास जी महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला अध्यक्ष श्रीमती रानी पटैल, अभिषेक दीपू भार्गव, डॉ. अनिल तिवारी, शैलेश केसरवानी ने भी नव दंपत्तियों को वैवाहिक जीवन के शुभारंभ पर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे विश्वास है कि वर पक्ष के परिवार बहु को बेटी के समान ही प्यार और सम्मान देंगे। उन्होंने कहा कि गढ़ाकोटा में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में निकाह के साथ पुनर्विवाह भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल्याणियों का पुनर्विवाह एक अच्छी पहल है। यह पवित्र कार्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों और समाजसेवियों से अपील करते हुए कहा कि वे कल्याणियों के पुनर्विवाह में उनका सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार कल्याणियों के पुनर्विवाह, निःशक्तजन के विवाह और सामाजिक समरसता स्थापित करने, अंतर्जातीय विवाह को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड वीरों की भूमि है, बुन्देलखंड के वीरों का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुन्देलखंड की पवित्र भूमि में सामूहिक कन्या विवाह के भव्य समारोह के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। सामाजिक समरसता का महाकुंभ है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह : विधायक पूर्व एवं मंत्री भार्गव रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कन्यादान महादान है, कन्यादान करने से मोक्ष प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि 23 वर्ष पहले प्रारंभ किया गया यह कार्यक्रम जीवन के अंतिम क्षण तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका रहली की जनता के साथ पीढ़ियों का रिश्ता है। विधायक भार्गव ने कहा कि धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक महाकुंभ में आज 3 हजार 219 से अधिक नवदंपत्तियों ने सात फेरे लिए हैं। मुझे अब तक 28 हजार से अधिक बेटियों के कन्यादान का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन की अंतिम सांस तक बेटियों का कन्यादान करने का सिलसिला चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि कन्यादान विवाह समारोह समाज से भेदभाव मिटाने का कार्य भी कर रहा है। विधायक भार्गव ने कहा कि मैंने अपने इकलौते बेटे अभिषेक दीपू भार्गव का विवाह भी इसी महाकुंभ में सभी वर्गों एवं विभिन्न जातियों के जोड़ों के साथ कराया था। इसी प्रकार मैंने अपनी बेटी का विवाह भी सामूहिक विवाह समारोह में किया था। उन्होंने कहा कि सौभाग्य की बात है कि समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मिलित होकर नव दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी नव दंपत्तियों के लिये शुभकामना संदेश भेजा है। बुंदेली व्यंजनों से किया गया नव दंपत्तियों का स्वागत 23वें कन्यादान विवाह निकाह समारोह में 3 हजार से अधिक नव-दंपत्तियों के साथ घराती-बरातियों का बुंदेली व्यंजनों के साथ स्वागत किया गया। कन्यादान कार्यक्रम में सभी बुंदेली व्यंजनों के साथ आम का पना, फ्रूटी, आइसक्रीम, कढ़ी-चावल, बिजोरा, रोटी, खीर, पुरी, पापड़, चटनी, अचार, सलाद सहित अन्य बुंदेली व्यंजन परोसे गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद में वन समितियों एवं जनजातीय सम्मेलन में दीं अनेक सौगातें

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय वर्ग को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुरूप जनजातीय भाई-बहनों के समग्र कल्याण के लिए पेसा नियमों को ध्यान में रखते हुए जनजातीय क्षेत्रों के विकास को और अधिक गति दी जा रही है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में बसे जनजातीय परिवारों को भी केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं जैसे पक्का मकान, नि:शुल्क राशन और आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि हर गरीब और जरूरतमंद के बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए हमारी सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। राज्य सरकार तेंदुपत्ता संग्राहकों को बोनस देकर प्रोत्साहित कर रही है। तेंदूपत्ता के शासकीय मूल्य में 1000 रुपए प्रति मानक बोरा की वृद्धि कर इसे 4000 रुपए प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अभी 15 हजार वन समितियां हैं। जनजातीय समुदाय को स्व-रोजगार से जोड़ने में लघु वनोपज समितियां निरापद रूप से सर्वाधिक सक्षम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को खंडवा जिले के हरसूद में तेंदूपत्‍ता, वन समितियों और जनजातीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। हरसूद को नए अस्पताल, स्कूल और सिंचाई परियोजना की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय बुजुर्गों को टार्च और एफएम जैसी आधुनिक तकनीक से लैस छड़ी (स्टिक) का वितरण किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पात्रतानुसार हितलाभ के चेक, ई-रिक्शा प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल, अस्पताल जैसे विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद में जल संरक्षण के लिये सरकार द्वारा चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर वर्षा जल की बूंद-बूंद सहेजने के उद्देश्य विषय पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरसूद को विकास कार्यों की सौगात दी, जिनमें 20 करोड़ की लागत की नया अस्पताल, सांदिपनि आदर्श विद्यालय, 45 करोड़ की लागत से नई सिंचाई परियोजना शामिल है। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक नारायण पटेल, विधायक श्रीमती छाया पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित थे। प्रदेश में बुजुर्गों को सहारा और सम्मान देने वाली सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बुजुर्गों को आधुनिक जादू की छड़ी मिली है। प्रदेश में बुजुर्गों को सहारा और सम्मान देने वाली सरकार है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार समृद्ध, सशक्त और विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है। प्रदेश में खेतों को सिंचित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सिंचाई का रकबा बढ़ने से सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन मूल्य 2600 रुपए है, जो देशभर में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में शुरू हुई 2 राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं के संदर्भ में कहा कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ सभी लंबित मुद्दों को सुलझा रही है। राजस्थान के बाद अब महाराष्ट्र के साथ नदी जल समझौतों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता भवनों का निर्माण कार्य हो रहा है। राज्य सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक आदर्श ग्राम और एक वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया है। नई औद्योगिक क्रांति से संवरेगा प्रदेश के युवाओं का भविष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यहां सबसे ज्यादा टाइगर हैं। देश में चीता भी सिर्फ मध्यप्रदेश में ही हैं। सरकार वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित कर पर्यटन रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)- 2025 प्रदेश में औद्योगीकरण की नई शुरुआत है, जिसमें 30 लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हमारी नई औद्योगिक नीतियों से प्रदेश के युवाओं का भविष्य संवरेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य में गरीबों का समग्र कल्याण, युवाओं को रोजगार, अन्नदाता (किसानों) की समृद्धि और प्रदेश की सभी बहनों के सशक्तिकरण के लिए हमने 4 मिशन शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग और सद्प्रयासों से हम यह मिशन पूरा करेंगे। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में जुटी मध्यप्रदेश सरकार : केंद्रीय राज्यमंत्री उइके केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि मध्यप्रदेश में 70 आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में जुटी है। प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व से मध्यप्रदेश अब स्वर्णिम राज्य बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश में जनजातीय समाज के विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कई विकास योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। बेसहारों का सहारा बन रही है हमारी सरकार : जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रदेश की मेधावी बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने स्कूटी वितरण योजना शुरू की है। खंडवा जिले की बेटियों को भी इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बुजुर्गों को छड़ी वितरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी सरकार किसी को भी बेसहारा नहीं रहने देगी। बेसहारों का सहारा बनकर सरकार इनके समग्र कल्याण की चिंता कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जर्मनी के इनएविया एविएशन के मैनेजिंग पार्टनर माइकल हॉवेल ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जर्मनी के इनएविया एविएशन के मैनेजिंग पार्टनर श्री माइकल हॉवेल ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रदेश में विमानन क्षेत्र में अत्याधुनिक एमआरओ (मेंटेनेंस रिपेयर एंड ऑपरेशंस) सुविधा की शुरुआत करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा की। इनएविया एविएशन समूह, सेवा मुक्त विमानों को रिसाइकल करके उन्हें इच्छुक एयरलाइंस को प्रदान करने के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रदेश में आरंभिक रूप से 500 करोड रुपए के निवेश का इच्छुक है। चरणबद्ध रूप से 2000 करोड़ रुपए तक का निवेश किया जाएगा। एमआरओ के अंतर्गत कंपोनेंट निर्माण, सीएनडी चैक और इंजन मरम्मत भी शामिल होंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखिल भारतीय वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के 7वें अधिवेशन के शुभारंभ सत्र में सम्बोधित करते हुए कहा कि मजदूर भाई-बहनों की सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए भोपाल में विभागों से समन्वय कर काम किया जाएगा। वनवासी भाई-बहनों तथा सभी वर्ग की बेहतरी के लिए कार्य करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सरकार ने इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4800 मजदूर भाई-बहनों के 224 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान करवा दिया है। रतलाम की सज्जन मिल के मजदूरों का बकाया भुगतान भी शीघ्र करवा दिया जाएगा। सरकार की ओर से औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर तलाशने के लिए औद्योगिक निवेश के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर उद्योगपतियों के साथ अनुबंध किए गये हैं। भोपाल में 9वीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गयी। इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में प्रदेश में उद्योगों को बढावा देने और रोजगार के अवसर तलाशने के कार्य किए गए हैं। प्रदेश में रोजगारमूलक उद्यम स्थापित करने वाले उद्योगपतियों को जमीन आवंटन, विद्युत बिल में छूट देते हुए 70 प्रतिशत तक सरकार द्वारा सबसिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा है। सरकार की ओर से देशहित में काम करने वाले मजदूरों को उनका पूरा हक दिया जाएगा। वस्त्र उद्योग में कार्य करने वाले श्रमिकों को प्रति मजदूर 5 हजार रुपए प्रति माह अनुग्रह राशि देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर क्षेत्र के मजदूर भाई-बहन काम की तलाश में गुजरात राज्य की सूरत स्थित हीरा फैक्ट्री में कार्य पर जाते हैं, इसके लिए अब अलीराजपुर में ही हीरा फैक्ट्री के माध्यम से रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। गंभीर बीमारी के समय गरीबों/मजदूरों के उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से अन्यत्र भेजने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। गरीबों के उपचार के लिये प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में निजी चिकित्सालयों में भी उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार और झाबुआ जिले में भी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे वनवासी जिलों में पढ़ाई एवं उपचार की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सके। सरकार द्वारा गरीब महिला, किसान, युवा सभी वर्गों के लिए प्राथमिकता से काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल उन्नयन योजना अन्तर्गत शिल्पकार, मिस्त्री, बढ़ई सभी वर्गों को रोजगार स्थापित करने में सरकार द्वारा प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मजदूर भाई-बहनों के कल्याण के लिए संबल योजना संचालित है। संबल योजना अन्तर्गत सभी मजदूर भाई-बहन अपना पंजीयन अनिवार्य रुप से करवाएं। योजना में स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास आदि योजनाओं में लाभान्वित किया जा रहा है। परिवार के सदस्य की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के संबल के लिए अनुग्रह राशि दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। संबल योजना में रतलाम जिले के 4 लाख 92 हजार मजदूरों का पंजीयन किया जा चुका है। योजना में पुनः सर्वे कराया जाकर वंचित रहे शेष पात्र हितग्राहियों को पक्के मकान प्रदान किए जाएंगे। बच्चों को स्कूल में सायकल, पाठ्य सामग्री, गणवेश तथा फीस की सुविधा सरकार द्वारा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की स्थिति बेहतर करने के लिए हर किसान के खेत पर पानी पहुंचाना, बिजली के संसाधन पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को मोटा अनाज (श्री अन्न) उत्पादन के लिए प्रेरित करने के लिये रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना अन्तर्गत कोदो, कुटकी, मक्का तथा मोटे अनाज उत्पादन करने वाले कृषको को एक हजार रुपए प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा। डॉ. अम्बेडकर जयन्ती के अवसर से सरकार द्वारा गोपालकों से सहकारिता समितियों के माध्यम से दूध खरीदने की व्यवस्था के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारम्भ की जा रही है। पशुपालन अन्तर्गत दुग्ध उत्पादन के लिए सहकारिता आधारित कार्य किया जा रहा है। योजना अन्तर्गत 25 से ज्यादा गाय-भैंस पालने वाले गौपालक को अनुदान दिया जाएगा। कार्यक्रम में रतलाम महापौर श्री प्रहलाद पटेल ने स्वागत् उद्बोधन दिया। अखिल भारतीय मजदूर महासंघ के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रसिंह ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के संस्थापक श्री अरविन्द मोघे का अंग वस्त्रम तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया। विधायक सभागृह रतलाम में आयोजित अधिवेशन में सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, विधायक श्री मथुरालाल डामर, विधायक श्री चिन्तामण मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई शंभूलाल चन्द्रवंशी, पूर्व मंत्री श्री हिम्मत कोठारी, श्री भूरालाल डामर, श्री पवन पंत, श्री राघवसिंह भाभर, श्री बेगाजी, श्री संजयसिंह, श्री कुलदीप गुर्जर, श्री कैलाश निनामा, श्री प्रमोद जैन, श्री भरत पाटीदार, श्री अर्जुन राम, श्री मानसिंह मईडा, श्री भेरुलाल खदेडा, श्री कृष्णकुमार मईडा, श्री बालमुकुन्द पाटीदार, श्री राजू खराडी, पूर्व विधायक श्री दिलीप मकवाना, श्री विप्लव जैन, पूर्व महापौर श्री शैलेन्द्र डागा, श्री बजरंग पुरोहित, श्री अशोक पोरवाल, श्री कन्हैयालाल मौर्य, उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में गौ-संरक्षण और संवर्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा तेजी से संकल्पबद्ध होकर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए गौ-शालाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध रूप से प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ-शालाओं के माध्यम से गौ-सेवा की नई इबारत लिखी जाएगी और प्रदेश में नई दुग्ध क्रांति लाई जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ ही दुग्ध उत्पादकों की आमदनी में भी वृद्धि की जाएगी। हमारा प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। इस दिशा में हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर जिले के महू-मण्डलेश्वर मार्ग पर स्थित आशापुरा में प्रदेश में हाईटेक कामधेनु गौ-शाला के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस गौ-शाला में 10 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था रहेगी। यह गौ-शाला लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाई जा रही है। इस गौ-शाला का निर्माण इंदौर नगर निगम द्वारा किया जायेगा। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी नगर निगम ही संभालेंगी। गौ-शाला के संचालन में संत समाज का सहयोग भी लिया जायेगा। गौ-शाला के संचालन में समाजसेवी नि:स्वार्थ भाव से गौ-सेवा के कार्यों में जुड़ सकेंगे। गायों के पालन और संरक्षण के लिये सभी जरूरी सुविधाएं गौ-शाला में रहेंगी। गौ-शाला क्षेत्र में सघन पौध-रोपण भी किया जायेगा। कार्यक्रम में महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, राज्यसभा सदस्य सुश्री कविता पाटीदार, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, श्री निरंजन सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि और स्वामी श्री अच्युतानंद जी महाराज विशेष रूप से मौजूद रहे। दुग्ध उत्पादकों को मिलें बेहतर दाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी वर्ग की बेहतरी के लिए राज्य सरकार द्वारा संकल्पबद्ध होकर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। कृषि क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। हमारी सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के भी निरंतर प्रयास कर रही है। साथ ही हमारे प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। अभी देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत उत्पादन मध्यप्रदेश में है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गौ-वंश की समस्याओं का समाधान गौ-शालाओं के माध्यम से किया जा रहा है। प्रदेश के सभी बड़े नगरों में हजारों गौ-वंश क्षमता की गौ-शालाएँ स्थापित कर उनका बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इंदौर में भी अब 10 हजार गौ-वंश क्षमता की अत्याधनिक सुविधाओं से युक्त गौ-शाला बनायी जा रही है। यह कामधेनु गौ-शाला अद्भुत होगी। उन्होंने कहा कि गौ-शालाओं के विकास में शासन के साथ समाज की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने आहवान किया की समर्पण और सेवा भाव के साथ समाज का हर वर्ग गौ-शाला के संचालन में सहयोग के लिये भागीदार बने। राज्य शासन द्वारा गौ-शालाओं के विकास और विस्तार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जायेगी। गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की सेवा हमारी संस्कृति एवं संस्कारों का अहम हिस्सा है। गौ-माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है, जो हमारे लिये पूजनीय है। उन्होंने कहा कि गौ-वंश के संरक्षण और संवर्धन के लिये राज्य शासन ‍निरंतर प्रयासरत है। हमने यह वर्ष गौ-माता की सेवा को समर्पित किया है। गौ-वंश को बढ़ावा देने के लिये डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम से योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना में गौ-वंश पालकों को अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के लिये मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025 बनायी गयी है। निराश्रित गौ-वंश की समस्या का समाधान गौ-शालाओं की स्थापना से किया जा रहा है। गौ-सेवा कर, बछिया को दुलारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के प्रारंभ में गौमाता का पूजन कर गौ-ग्रास भी खिलाया। मुख्यमंत्री ने बछिया को गोद में लेकर स्नेह से दुलार किया। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने अपने सम्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास की नयी इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गौ-वंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये कृत संकल्पित होकर कार्य किये जा रहे हैं। हातोद स्थित गौ-शाला का कायाकल्प किया गया। इसे उच्च सुविधाओं से युक्त किया गया है। इससे गायों की संख्या बढ़कर 650 से 2 हजार हो गयी। इंदौर देश की एकमात्र ऐसी नगर निगम होगी जहाँ गौ-सेवा के लिये सवा सौ बीघा भूमि पर गौ-शालाये होंगी। स्वामी श्री अच्चुतानंदजी महाराज ने कहा कि गौ-रक्षा की दिशा में यह सबसे बड़ा प्रकल्प है। यह गौ-शाला देश की अन्य गौ-शालाओं के लिये उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। गौ-वंश का संरक्षण एवं संवर्धन अब जन-आंदोलन बन गया है। सर्वसुविधा युक्त होगी कामधेनु गौ-शाला आशापुरा (महू) नगर निगम इंदौर द्वारा महू तहसील के आशापुरा ग्राम में कामधेनु गौ-शाला का निर्माण प्रारंभ किया गया है। इस गौ-शाला के लिए कलेक्टर इंदौर द्वारा लगभग 25 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर गौ-वंश के संवर्धन हेतु नगर निगम इन्दौर के अधिपत्य में दी गयी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों, नगर निगमों, परिषद और पंचायतों के हितग्राहियों को वर्चुअली किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के अलावा भी ऐसी जरूरतें होती हैं, जिनके लिए धनराशि जरूरी होती है। प्रसूति, बीमारी, दिव्यांगता और किसी अपने को खो देने जैसे मुश्किल समय में कई बार हम स्वयं को असहाय महसूस करते हैं। संबल योजना ऐसे ही मुश्किल वक्त में जरूरतमंद के आंसू पोछती है और उनको सहारा प्रदान करती है। राज्य सरकार प्रदेश के गरीब और श्रमिक वर्ग के कल्याण तथा उनका भाग्य बदलने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भावना के अनुरूप अंत्योदय के कल्याण के संकल्प को प्रदेश में क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत प्रदेश के 23 हजार 162 श्रमिक परिवारों के खातों में 505 करोड़ रूपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करने के बाद परिवारों को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद कर उनके परिजन के निधन पर संवेदनाएं प्रकट की। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल वर्चुअली शामिल हुए। प्रदेश के सभी जिलों, नगर निगमों, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों के हितग्राही और जनप्रतिनिधि भी वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के श्रमिक परिवारों का अभिवादन करते हुए कहा कि परिश्रम से अपने और अपने परिवार का जीवन चलाने वाले श्रमिक ही प्रदेश के विकास की नींव हैं। परिश्रम से ही प्रतिभा निखरती है और आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य का मार्ग भी बनता है। राज्य सरकार ने जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप देकर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर हो। हर परिवार आनंद और वैभव के साथ सभी जीवन व्यतीत करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शुचिता- पारदर्शिता और दक्षता के साथ जनकल्याण और विकास के लिए कार्य कर रही है। संबल योजना का बैकलॉग भी समाप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि संबल योजना में अब तक 6 लाख 58 हजार से अधिक परिवारों को 5 हजार 927 करोड़ रूपए से अधिक के हितलाभ दिए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक मानते हुए 01 मार्च 2024 से उन्हें संबल योजना में उन्हें शामिल करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में शामिल किया गया है। श्रमिक बहनों को गर्भावस्था के समय काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण भी मिलता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने ऐसी बहनों को 16 हजार रूपए देने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में श्रीमती अंजली रैकवार के पति के निधन पर 4 लाख रूपए तथा शेष चार हितग्राहियों को 2-2 रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्चुअली संवाद में मंदसौर की श्रीमती अंजली रैकवार ने बताया कि इस सहायता से उन्हें पर्याप्त सहारा मिला और वे अब ब्यूटी पार्लर का कार्य सीख रही हैं। शहडोल की श्रीमती मन्नू ढीमर ने बताया कि वे छोटी किराना दुकान संचालित कर रही हैं। दतिया की श्रीमती कल्लन वाल्मीक, सीहोर की श्रीमती शिव कुमारी और खरगोन की श्रीमती प्रेमलता कर्मा ने बताया कि संबल योजना में मिली सहायता से परिवार के लालन-पालन और बच्चों की पढ़ाई में मदद मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जुड़े सभी हितग्राहियों से लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान योजना, खाद्यान्न पर्ची, उज्जवला योजना जैसी सभी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का आहवान किया। जरूरत के समय मदद करती है संबल योजना : मंत्री श्री पटेल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई थी। सरकार की यह योजना जरूरतमंदों की मदद करने वाली योजना है। योजना के प्रारंभ से अब तक 5 हजार 927 करोड़ रुपए का लाभ हितग्राहियों को मिल चुका है। उन्होंने कहा कि योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए की राशि, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपए की राशि दी जाती है। स्थाई अपंगता पर 2 लाख रुपए एवं आंशिक स्थाई अपंगता पर 1 लाख रुपए की राशि श्रमिक परिवारों को दी जाती है। आज के कार्यक्रम में कई जिले ऐसे हैं जहां हितग्राहियों को 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि औसतन प्रति माह 3.5 हजार प्रकरणों का निराकरण संबल योजना के तहत किया जाता है।  

सहकारिता आंदोलन को आगामी 4 वर्ष में नए मुकाम पर पहुंचाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में पंचायत से लेकर मंत्रालय तक पारदर्शितापूर्ण कार्य शैली के कारण अन्य क्षेत्रों के साथ सहकारी क्षेत्र में समृद्ध हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिये बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के भाव के अनुसार कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में निश्चित ही नए दौर की नई कहानी लिखेगा। गुजरात में दूध पर बोनस की जिस तरह व्यवस्था है, मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन के लिए काफी बड़ा क्षेत्र है और हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योग क्षेत्र के साथ सहकारिता ने कार्य करने की पहल की है। मध्यप्रदेश में सहकारिता आंदोलन को गति दी जा रही है। अब सहकारिता क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी पारदर्शी हैं और मध्यप्रदेश में सहकारिता के विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाएगा। आने वाले चार वर्ष में सहकारिता आंदोलन को नए मुकाम पर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधारे प्रदेश भर के प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सहकारिता विभाग में नवनियुक्त सहकारी निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। भारत में प्रचलित व्यवस्थाओं से सीखते हैं अन्य देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में सहकारिता का इतिहास पुराना है। भारत में वर्षों पूर्व अश्वमेघ यज्ञ की परंपरा रही थी। लेकिन भारत ने किसी राष्ट्र पर कब्जा नहीं किया। छोटे-छोटे राज्यों की स्वायत्तता को खत्म नहीं होने दिया बल्कि उन्हें साथ लेकर कार्य किया और उनके स्वावलंबन को भी जीवंत रखा। सच्चे अर्थों में संयुक्त राष्ट्र संघ की भावना का पालन करने वाला कोई राष्ट्र है तो वह भारत है। जब यह कहा जाता है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ….तो इसका अर्थ है सभी को परस्पर जोड़ना और अपने लाभ में उन्हें सहभागी बनाना। यह वसुधैव कुटुम्बकम जैसे वेद वाक्य का लघु रूप है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्व में भारत की गरिमा बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सहकारिता के मूल भाव के अनुरूप बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कल्पना की। इसे साकार करने के लिए सहकारिता का दायित्व केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह को दिया गया। केंद्र सरकार ने सहकारिता में सभी के कल्याण का ध्यान रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर कार्य हो रहा है। सहकारिता अधिनियम में परिवर्तन के फलस्वरूप सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य 30 दिन में संभव होगा। पूर्व में यह अवधि 90 दिवस थी। पूर्व की व्यवस्था में अनेक कठिनाईयों को सामना करना होता था। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पहल हुई। सहकारिता को उन्होंने बहुउद्देश्यीय और बहुआयामी बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा औद्योगीकरण में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, सहकारिता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मध्यप्रदेश किसानों, गौ पालकों और मत्स्य पालकों को सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ दिलवाकर इस क्षेत्र में शिखर पर पहुंचेगा। सहकारी ध्वजारोहण कर कैलेण्डर, मैन्युअल और परिपत्र पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरूआत में सहकारी ध्वजारोहण कर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर, पैक्स कार्य मैन्युअल और सहकारिता में सहकार, पैक्स पुनर्गठन और व्यवसाय संवर्धन के महत्वपूर्ण परिपत्रों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माइक्रो एटीएम पखवाड़े का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालक सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इन संस्थाओं में विदिशा, इंदौर और खरगोन की संस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम को सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता से समृद्धि का मंत्र दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। हाल ही में जीआईएस-भोपाल में नया अध्याय जोड़ा गया जब सीपीपीपी अर्थात को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का विषय सामने आया। सहकारिता विभाग में कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन श्री डी.पी. आहूजा, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महा प्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती एवं बड़ी संख्या में प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक, अपेक्स बैंक, पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों के साथ ही सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक प्रीतम लोधी एवं पार्षद श्री सांखला के निवास पर पहुँचकर व्यक्त की शोक संवेदनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर के ग्राम जलालपुर पहुँचकर पिछोर विधायक श्री प्रीतम लोधी के छोटे भाई वीरन सिंह के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने स्व. वीरन सिंह चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादवदौलतगंज में वरिष्ठ पार्षद श्री अनिल सांखला के निवास परभी पहुँचे। उन्होंनेश्री सांखला के बड़े भाई श्रीसुभाष सांखला के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त कर श्रृद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलादसिंह पटेल, नगर निगम सभापति श्री मनोज तोमर, श्री जयप्रकाश राजौरिया और श्री प्रेम सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी श्रृद्धांजलिदी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- आयोग ने कहा मध्यप्रदेश का भविष्य है सुरक्षित हाथों में

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्यों के सशक्तिकरण में ही राष्ट्र का सशक्तिकरण है, इसलिए केन्द्रीय करों और राजस्व प्राप्तियों में राज्यों की हिस्सेदारी अर्थात् अनुदान बढ़ाया जाना चाहिए। राज्य अपनी क्षमता और सीमित संसाधनों से ही अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए काम करते हैं। केन्द्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान मिलने से राज्य अपने दीर्घकालीन लक्ष्यों को अल्पकाल में ही प्राप्त कर सकेंगे। विकसित भारत का निर्माण, विकसित मध्यप्रदेश के बिना नहीं हो सकता, इसलिए केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 प्रतिशत तक की जाए। इससे राज्य सशक्त होंगे और राष्ट्र को विकास की ले जाने में सहायक होंगे। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़ा राज्य है, इसलिए इसकी जरूरतें भी बड़ी हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना ही केन्द्र और राज्य सरकारों का लक्ष्य है। केन्द्र और राज्यों के बेहतर तालमेल और आपसी सामंजस्य से यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयोग के राज्य के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता का जिक्र कर वित्त आयोग से प्रदेश की अपेक्षाओं से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक प्रगतिशील राज्य है। प्रदेश कृषि, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, नगरीय विकास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में और अधिक विकास के लिए केन्द्र सरकार से और अधिक वित्तीय सहयोग/अनुदान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में मध्यप्रदेश को भी योगदान देना है। हम विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी हमारा बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रूपए है। अगले पांच सालों में हम इस बजट को बढ़ाकर दोगुना कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग से कहा कि हम नदियों को जोड़कर जल बंटवारे के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना में हमने राजस्थान के साथ मिलकर किया जा रहा हैं। केन्द्र सरकार ने इस राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए 90 हजार करोड़ रूपए आवंटित किए। इसी तरह केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों राष्ट्रीय परियोजना का भूमि-पूजन कर मध्यप्रदेश को गौरव प्रदान किया है। अब महाराष्ट्र सरकार के साथ ताप्ती नदी परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से 20 साल पहले तक प्रदेश में केवल 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिचिंत थी, आज प्रदेश की 48 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को हम सिंचित कर चुके हैं। प्रदेश में नदी जोड़ो के लिए एक अभियान चला रहे हैं। किसानों के साथ हमारा आत्मीय संबंध है और खेतों तक पानी पहुंचाना हमारा पहला कर्तव्य है। हमारी नीतियों के कारण किसानों का जैविक खेती की ओर तेजी से रूझान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी 18 नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेशक भी जुड़ रहे हैं। आरआईसी और जीआईएस-भोपाल के जरिए प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह निवेशकों का मध्यप्रदेश पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हम प्रदेश के हर जिला कलेक्ट्रेट में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहे हैं, इससे किसी निवेशकों की जिला स्तर पर भी कठिनाई हल की जा सकेंगी। हम प्रदेश में व्यापार और व्यवसाय को सुगम बना रहे हैं। इसमें सभी का सहयोग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश में हरसंभव तरीके से दूध उत्पादन को बढ़ावा देंगे। हमारी कोशिश है कि देश का 20 प्रतिशत से अधिक दूध मध्यप्रदेश में उत्पादित हो, इससे हमारे किसान और पशुपालक दोनों सम्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति की ऊर्जा का भरपूर उपयोग भी हम कर रहे हैं। पंचशील सिद्धांतों का पालन करते हुए जन, जल, जंगल, जमीन और जैविक विविधता का संरक्षण हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जंगल बचेंगे, तो जल बचेगा और जल बचेगा, तो जन-जीवन बचेगा। हम जैविक संपदा को संरक्षित रखने के लिए भी हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले तीन सालों में 30 लाख किसानों को सोलर पम्प दिये जायेंगे। इससे हमारे किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को मात्र पांच रूपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन देने जा रही है, इससे हमारे किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए कहीं भी भटकना नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग को मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष में किए गए नवाचारों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इससे बीते एक साल में कई गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया। हमारी इस सेवा को बेहद अच्छा प्रतिसाद मिला है।

छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिला अन्तर्गत तीन वनमंडलों को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा केन्द्र प्रवर्तित सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना अन्तर्गत “पोषण भी- पढ़ाई भी” प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं भारत सरकार के मापदंडों अनुसार इसके आयोजन के लिए 30 करोड़ 56 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसका उद्देश्य बाल्यावस्था के प्रथम एक हजार दिवस में प्रांरभिक उद्दीपन, 3 से 6 वर्ष के आयु वर्ग के लिए ईसीसीई (देखभाल व शिक्षा) को बढ़ावा देना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ईसीसीई एवं शैक्षिणक दृष्टिकोण की बुनियादी समझ विकसित करना, खेल आधारित उच्च गुणवत्ता प्रदान करना है। इसका लक्ष्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का क्षमता संवर्धन एवं परियोजना में एक बाल विकास परियोजना अधिकारी 3 पर्यवेक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाना हैं। गेहूं का उपार्जन रूपये 2,600 प्रति क्विंटल पर मंत्रि-परिषद द्वारा रबी विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों को गेहूं उपार्जन पर बोनस भुगतान एवं सरप्लस गेंहू के निस्तारण के संबंध में गेंहू उपार्जन पर बोनस राशि रुपये 125/- प्रति क्विंटल के स्थान पर राशि में वृद्धि करते हुए राशि रूपये 175/- प्रति क्विंटल किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निर्णय अनुसार गेहूं का उपार्जन रूपये 2,600 प्रति क्विंटल पर किया जायेगा। उपार्जन कार्य 15 मार्च से प्रारंभ हो जायेगा। गेंहू की एमएसपी दर रूपये 2,425 प्रति क्विंटल पर उपार्जन पर रूपये 175 प्रति क्विंटल बोनस दिया जायेगा। 80 लाख मीट्रिक टन गेंहू के उपार्जन पर 1,400 करोड़ रूपये राज्य के कोष से व्यय किया जायेगा। धान उपार्जन पर किसानों को 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर की मिलेगी प्रोत्साहन राशि धान उपार्जन अंतर्गत खरीफ मार्केटिंग सीजन 2024 में धान का विक्रय करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4000 राशि के मान से 6.70 लाख किसानों को 12.20 लाख हेक्टेयर में पैदा की गई धान पर राज्य सरकार 480 करोड़ रूपये की राशि व्यय करेगी। प्रदेश में राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए 138 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार के डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम के तहत प्रदेश में राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए प्राक्कलित कुल राशि 138 करोड़ 41 लाख रूपये (कर सहित) की स्वीकृति प्रदान की गई। डिजिटाइजेशन के कार्य को म.प्र. भू-अभिलेख प्रबंधन समिति (एमपीएलआरएस) द्वारा खुली निविदा के माध्यम से क्रियान्वित किया जायेगा। छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिला अन्तर्गत तीन वनमंडलों को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा वर्तमान में छिंदवाड़ा वन वृत्त (छिंदवाड़ा जिला एवं नवगठित पांढुर्णा जिला) अंतर्गत तीन वनमंडलों पूर्व/पश्चिम/दक्षिण छिंदवाडा को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निर्णय अनुसार दक्षिण छिंदवाड़ा वनमंडल के 662.742 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र को नवगठित पांढुर्णा वनमंडल में तथा शेष 293.944 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र को पूर्व व पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडलों में शामिल किया जायेगा एवं वनमंडल दक्षिण छिंडवाड़ा को समाप्त किया जायेगा। दक्षिण छिन्दवाड़ा वनमण्डल से पुनर्गठित पांढुर्णा तथा पूर्व व पश्चिम छिंडवाड़ा वनमण्डलों में पदों का पुर्न आवंटन किया जायेगा।  

भोपाल के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेश का बनेगा रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में निवेश के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को माइनिंग के क्षेत्र में सबसे बड़ी ताकत मिलेगी। उन्होंने कहा कि माइनिंग सेक्टर में निवेश की असीमित संभावनाएँ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के माइनिंग सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जहाँ पत्थर उठाओ तो हीरा मिलता है। उन्होंने कहा कि खनिज राजस्व में 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेश का रिकॉर्ड बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज के अकूत भण्डार हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हीरे के साथ लाइम स्टोन, डोलोमाइट, सीमेंट, कॉपर, मैग्नीज और रॉक फास्फेट जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी विभागों के समन्वय से खनन की सरल एवं लचीली नीति बनायी गयी है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों से निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश करने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेशकों को नीति से हटकर भी कोई सहयोग की आवश्यकता होगी, तो उसे भी पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिये नीतियों के बलबूते माइनिंग सेक्टर में बड़ी बढ़त देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हम रॉ-मटेरियल देने के साथ प्रदेश को निर्माण का केन्द्र भी बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश संभावनाओं का प्रदेश है। यहाँ बसने वाले लोग बहुत ही सरल है। खनन के क्षेत्र में कार्य करने वाले निवेशकों को पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार के माध्यम से भी खनन के क्षेत्र में पॉलिसी बनाकर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश में खनिज के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश के भू-गर्भ में छिपे खजाने को बाहर लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जीआईएस के बाद माइनिंग के लिये पृथक से भी समिट आयोजित की जायेगी। सचिव, खान मंत्रालय श्री बी.एल. कांताराव ने कहा कि भोपाल का ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट अभी तक का सबसे बेहतरीन आयोजन है। उन्होंने कहा कि इस बार की समिट में माइनिंग में बड़े उद्योगपतियों ने सहभागिता की है। इससे मध्यप्रदेश में खनिज में निवेश की संभावनाएँ बढ़ी हैं। केन्द्रीय सचिव, श्री कांताराव ने कहा कि केन्द्र सरकार के खनिज में 4 विभाग हैं, जिनमें कोल, एटॉमिक, पेट्रोलियम, नेचुरल रिसोर्स और मिनिस्ट्री ऑफ माइंस हैं। इन सभी मिनरल्स की मध्यप्रदेश में बहुतायत है। श्री कांताराव ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा माइन्स मध्यप्रदेश में हैं। उन्होंने कहा कि हर 4 माइन्स में से एक माइन्स प्रदेश में है। उन्होंने कहा कि खनिज का सबसे ज्यादा ऑक्शन करने वाला राज्य मध्यप्रदेश है। उन्होंने कहा कि देश की जियो लॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया कम्पनी 175 वर्ष पुरानी है, जिसने माइनिंग सेक्टर में अपार डेटा इकट्ठा किया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि डेटा स्टडी कर खनिज के क्षेत्र में कार्य करें। केन्द्रीय सचिव श्री कांताराव ने कहा कि माइनिंग के क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन के लिये सरकार 100 प्रतिशत आर्थिक सहायता देगी। इसके साथ ही सरकार नई नीति के अंतर्गत एक्सप्लोरेशन कम्पनी को लागत का 50 प्रतिशत रिस्क कवर करेगी। केन्द्रीय सचिव श्री कांताराव ने कहा कि ओवर डम्प और रिसाइकिलिंग के लिये विशेष प्रावधान किये जा रहे हैं। इससे कम्पनियों को सहायता मिलेगी और निवेश मिलेगा। प्रमुख सचिव, खनिज श्री उमाकांत उमराव ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज क्षेत्र में असीमित संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे खनिज हैं, जो मध्यप्रदेश में ही पाये जाते हैं। सभी क्षेत्रों में खनिजों के अपार भण्डार हैं। इसके समुचित उपयोग के लिये प्रदेश में एक बेहतरीन ईको सिस्टम भी है। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने निवेशकों से कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी, हवाई कनेक्टिविटी बहुत बेहतर है और यहाँ पर क्रिटिकल मिनरल्स भी बड़ी मात्रा में पाये जाते हैं। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने कहा कि मध्यप्रदेश खनिज सम्पदा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। खनन एवं खनिज आधारित उद्योगों के लिये अत्यधिक संभावनाएँ प्रदान करता है। मध्यप्रदेश में विविधतापूर्ण खनिज पूरे राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य का देश में कॉपर, मैंग्नीज और हीरा उत्पादन में पहला, रॉक फास्फेट के उत्पादन में दूसरा, लाइम स्टोन के उत्पादन में तीसरा और कोयला उत्पादन में चौथा स्थान है। उन्होंने कहा कि राज्य में देश के कुल भण्डारण का 36 प्रतिशत कोल बेण्ड मीथेन के उत्पादन में राज्य का देश में दूसरा स्थान है। उन्होंने कहा कि खनिजों का पता लगाने का कार्य लगातार जारी है। वर्ष 2024-25 में अब तक 73 में से 62 ब्लॉक की नीलामी की जा चुकी है। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने कहा कि राज्य में खनिज उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये कई नीतिगत पहल की हैं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश करने का उचित समय है। उन्होंने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये प्रेरित किया।  

व्यापार-व्यवसाय में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापार-व्यवसाय में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। दुग्ध क्षेत्र, पर्यटन, एमएसएमई सहित हर क्षेत्र में सहकारिता का अलग ही महत्व है। सहकारिता के बिना कुछ भी संभव नहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस के दूसरे दिन थीमेटिक सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दिया कि जिस क्षेत्र में भी इन्वेस्टर काम करना चाहते हैं, म.प्र. सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में 19 एमओयू होना क्रांतिकारी पहल है। यह सहकारिता और अर्थव्यवस्था को नया आयाम देने के लिये उपयोगी साबित होंगे। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट-पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल की घोषणा कर सहकारिता क्षेत्र में सीपीपीपी के तहत कुल राशि 2305 करोड़ रूपये की राशि में 19 एमओयू किये गये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश का सीपीपीपी मॉडल देश की सहकारिता को बदलने का काम करेगा। बिना सहकार के रोजमर्रा की जिंदगी नहीं जी सकते। सहकारिता क्षेत्र में बड़े-बड़े उद्योगपतियों को भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र का नेटवर्क बहुत बड़ा है। हर व्यक्ति तक पहुंच बनाने के लिए सहकारिता बड़ा माध्यम है।   प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के सपने को पूरा करने के लिये सहकारिता को मूल बनाया तो उस ध्येय तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सहकार से ही समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। मंत्री श्री सारंग ने सहकारिता विभाग में निवेश विंग की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निवेश विंग डे-टू-डे काम करेगी। वो स्वयं इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। उन्होंने जुड रहे निवेशकों का धन्यवाद दिया और नये इन्वेस्टर से जुडने का आग्रह किया कि सभी देश और प्रदेश की इकॉनॉमी ग्रोथ में अपना योगदान दें। केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सिद्धार्थ ने कहा कि सहकारिता हमारा संस्कार है। पुराने समय से ही सहकारिता का अपना अलग महत्व है। उन्होंने बताया कि एक लाख पैक्स देशभर में है और 30 करोड़ की आबादी सहकारिता से जुड़ी हुई हैं। इस अमृतकाल में यही वह क्षेत्र है जो बहुत ज्यादा आगे बढ़ सकता है। सहकारिता में पैक्स को कम्प्यूटराईजेशन का काम चल रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं विश्वास करें अगले दो वर्ष में यह समृद्धि के नये कीर्तिमान रचेगी। म.प्र. का नया सीपीपीपी मॉडल को भारत सरकार की ओर से पूरा सहयोग कर आगे बढ़ाया जायेगा। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि जीआईएस में पहली बार सहकारिता क्षेत्र को जोड़ा गया है। हर क्षेत्र में सहकारिता की समितियां है। उन्होंने बातया कि मध्यप्रदेश में एक करोड़ 9 लाख सदस्य है और 16 हजार आउटलेट का नेटवर्क है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि म.प्र. में पैक्स हर जरूरत पूरी करेगी। यह किसानों के लिये भी लाभदायक होगा। कार्यक्रम में बुलढाणा अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री राधेश्याम चांडक, रिलायंस के श्री कुमार अभिषेक, प्रतिभा सिन्टेक्स के श्री श्रेयसकर चौधरी, एग्रीविस्टा के श्री राजीव सिंह, वैधनाथ के श्री अनिरूद्ध गौर, भारतीय बीज के श्री जे.पी. सिंह, मेजेस्टिक बासमती के श्री विज्ञान लोधा, आरएम ग्रुप के श्री अनिमेष जैन, मशरूम वर्ल्ड के श्री समीर सागर, वी विन के श्री अभिषेक गुप्ता, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति के श्री प्रदीप द्विवेदी, सावीर बॉयोटेक के श्री संदीप सुदन आदि ने अपने विचार साझा किये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई जन अभियान परिषद कार्यकारिणी सभा की 15वीं बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन-अभियान परिषद से जुड़े स्वयंसेवी संगठन, प्रस्फुटन समितियां और नवांकुर संस्थाएं कृषकों को ऊर्जा में आत्म-निर्भर बनाने के लिए सोलर पंप लगवाने के लिए प्रेरित करें। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गौपालन को भी प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में दोनों गतिविधियों को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र कैंसर जैसे घातक रोगों से निरंतर प्रभावित हो रहे हैं। अत: रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बल पर ली जा रही उपज के खतरों से किसानों को अवगत करवाना आवश्यक है। परिषद, किसानों को प्राकृतिक और अक्षय कृषि के लिए प्रोत्साहित करें। जन अभियान परिषद इन क्षेत्रों में कार्य कर ऊर्जा, जल और पर्यावरण संरक्षण, बेहतर स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में योगदान दे सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में म.प्र. जन अभियान परिषद की कार्यकारिणी सभा की 15वीं बैठक मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संपन्न हुई। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री मोहम्मद सुलेमान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा अभियान को जन-जन का अभियान बनाना जरूरी है। इसमें जन अभियान परिषद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर परिषद ग्राम स्तर तक वातावरण निर्माण में सक्रियता से योगदान दें। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप श्रीअन्न की उपज लेने और तिलहन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित और प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। बैठक में नवांकुर संस्थाओं के प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम तथा विकास गतिविधियों एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए संचालित गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। साथ ही परिषद के अन्य प्रशासनिक और प्रबंधकीय विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जन अभियान परिषद द्वारा महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के सहयोग से मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के लिए समाज कार्य स्नातक पाठ्यक्रम के अंतर्गत व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जन अभियान परिषद के संभागीय समीक्षा प्रतिवेदन 2024-25 तथा स्वैच्छिक संगठनों का संसार पुस्तिका का भी विमोचन किया। प्रदेश में सर्पदंश से हो रही मृत्यु की रोकथाम और बचाव की दृष्टि से सर्प पकड़ने और प्राथमिक उपचार के लिए होमगार्डस, युवाओं, इच्छुक व्यक्तियों के प्रशिक्षण के लिए सर्प अनुसंधान संगठन उज्जैन के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। इससे प्रदेश के प्रत्येक थाने में एक प्रशिक्षित व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में दिये निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों की विभागीय कार्ययोजना एवं उससे जुड़े वित्तीय प्रावधानों के संदर्भ में समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय कार्य योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष में विभागों को जारी किए गए बजट में वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए शत-प्रतिशत बजट का उपयोग सुनिश्चित करें। नये वित्तीय वर्ष के बजट में योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं। सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूरा करें, जिससे विकास कार्यों को सुचारू रूप से सम्पन्न कराया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए कि वे आयुष्मान निरामयम योजना की नियमित रूप से मानीटरिंग करें। सभी जरूरतमंद व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के प्रकरणों में तत्परता और सजगता से कार्रवाई की जाये। सभी पात्र व्यक्तियों के तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाये जायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी की जाए। जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे, इसके लिए विभागों को बेहतर तालमेल और उच्च कोटि का समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूंजीगत परियोजनाओं की स्वीकृति समय पर हो तथा इनका क्रियान्वयन भी समय सीमा में ही पूरा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के आर्थिक संसाधनों के न्यायसंगत वितरण पर जोर दिया और कहा कि वित्तीय नियमावली का पालन करते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों से रिजल्ट ओरिएंटेड कार्यशैली अपनाने और योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को राज्य के समग्र और तीव्र विकास के लिए नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया में और तेजी लाने तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी व अधिकतम उपयोग पर बल दिया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अपनी विभागीय कार्य योजनाओं की जानकारी दी और आगामी वित्त वर्ष के लिए तय किये गये लक्ष्यों की रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डा. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा व नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव तथा स्कूल शिक्षा व तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के सचिव उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल घाटी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश को स्वतंत्रता मिलने के बाद राजनैतिक दलों की दिशा और विचार प्रक्रिया निर्धारित की। साम्यवाद और पूंजीवाद के संघर्ष के उस दौर में उन्होंने एकात्म मानववाद का दर्शन दिया और अंत्योदय की अवधारणा के माध्यम से यह स्थापित किया कि गरीब की भलाई ही सत्ता की सर्वोच्च प्राथमिकता हो। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस विचार का अनुसरण करते हुए गरीबों को नि:शुल्क अन्न, पक्के मकान, बच्चों की बेहतर शिक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को अस्पतालों में 5 लाख रूपए तक नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की। राज्य सरकार पं.दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य है। प्रदेश में आरंभ की गई पीएमश्री एयर एंबुलेंस सुविधा का लक्ष्य हर गरीब और जरूरतमंद को आवश्यक इलाज उपलब्ध कराना है। यही पं.दीनदयाल उपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य-तिथि पर भोपाल में लाल घाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिमा स्थल पर नगर निगम भोपाल द्वारा लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रही नमो वन वाटिका का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 417 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, जिसमें अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत 400 करोड़ रूपए लागत की सीवरेज परियोजना, तीन करोड़ रूपए की लागत से क्रय चार सीवर कम जैटिंग मशीनों और बस स्टाप के रूप में परिवर्तित की गईं पुरानी बसों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य-तिथि पर समर्पण दिवस के अंतर्गत समर्पण निधि में योगदान भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के माध्यम से प्रदेश औद्योगिकरण की दिशा में नई उड़ान के लिए पूरी तरह से तैयार है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से प्रदेश की आय बढ़ेगी, जिसका लाभ गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं को होगा। भोपाल के लिए पहला अवसर है जब यहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। यह सौभाग्य का विषय है कि इस महत्वपूर्ण आयोजन का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय खेलों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के लिए खेल विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि खेलों में उपलब्धि से प्रदेश का गौरव बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषकों की आय बढ़ाने के लिए गौपालन और दुग्ध उत्पादन की विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। पशुपालन और कृषि क्षेत्र में युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण आरंभ किया जा रहा है। मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को समर्पित पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर क्रियान्वित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रही है। महापौर श्रीमती मालती राय ने नमो वन वाटिका के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यहां सौर ऊर्जा के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ.यादव की मंशा के अनुरूप भोपाल नगर में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर द्वार विकसित किए जाएंगे, इसकी शुरूआत शीघ्र ही इंदौर रोड से होगी। कार्यक्रम में सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, सर्वश्री राहुल कोठारी, रवीन्द्र यती, सुमित पचौरी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। समग्र मनोरंजन, सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक सम्पर्कों का केंद्र बनेगी नमो वन वाटिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा नमो वन वाटिका के रूप में भोपाल को दी जा रही सौगात को एक जीवंत, बहुउद्देश्यीय मनोरंजन स्थल के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो सभी आयु वर्ग और रुचियों के लोगों के लिए उपयोगी है। विस्तृत क्षेत्र में फैला यह पार्क प्रकृति, फिटनेस और मनोरंजन का आदर्श मिश्रण प्रदान करेगा। सुव्यवस्थित रूप से डिजाइन किए गए इस पार्क में एम्फीथिएटर, बुजुर्गों के लिए विश्राम क्षेत्र, योग व्यायाम स्थल, जॉगिंग ट्रैक, महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण मैदान, फूड कोर्ट, कार पार्किंग क्षेत्र, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, जल निकाय, बत्तखों के लिए विशेष तालाब, बैडमिंटन कोर्ट, टेनिस कोर्ट और एक क्रिकेट पिच शामिल होगी।वाटिका में व्हीलचेयर की सुविधा सहित दिव्यांग आगंतुकों की आसान आवाजाही के लिए रैंप और पक्के मार्ग बनाए जाएंगे। कैमरे और सुरक्षा कर्मी आगंतुकों की सुरक्षा सुनिक्षित करेंगे। यह शहर स्तरीय पार्क सभी आयु समूहों के लिए एक समग्र मनोरंजन और कल्याण स्थल के रूप में डिजाइन किया गया है। यह प्रकृति, फिटनेस, संस्कृति और सुरक्षा के तत्वों को एकीकृत करके शहरी निवासियों के जीवन की गुणवता को बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। यह सामुदायिक सहभागिता सामाजिक संपर्क और कल्याण के लिए प्रमुख गंतव्य के रूप में भी कार्य करेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों को दी बधाई, 21 स्वर्ण, 13 रजत और 18 कांस्य पदक किए अर्जित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। खेलों में भी मध्यप्रदेश इससे अछूता नहीं है। उत्तराखंड में चल रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने 51 पदक जीत कर देशभर में चौथा स्थान हासिल किया है। यह मध्यप्रदेश के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब राष्ट्रीय खेलों में सिर्फ 5 दिन शेष हैं। हाल ही में नीलू यादव ने अपने बलबूते पर स्वर्ण पदक जीता है। इसे मिलाकर अब हमारे पास 21 गोल्ड हो गए। राष्ट्रीय खेलों का समापन 14 फरवरी को हल्द्वानी में होगा। गत 28 जनवरी से अब तक कई प्रतियोगिताओं के निर्णय हो चुके हैं और अभी कई खेल प्रतियोगिताएं जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रीय खेल खत्म होते-होते अभी और भी पदक मध्यप्रदेश की झोली में आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने वाली नीतियों और खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अब तक 21 स्वर्ण, 13 रजत और 18 कांस्य समेत कुल 51 पदक हासिल कर लिए हैं। अकेले वुशु गेम में ही प्रदेश को 9 पदक मिले हैं, जिनमें 6 स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल हैं। हॉकी में प्रदेश की बहन-बेटियों ने पश्चिम बंगाल जैसी सशक्त टीम को हराकर इतिहास रच दिया। भोपाल की अकादमी में प्रशिक्षित दीक्षा ने 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक अपने नाम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की 9 करोड़ जनता की ओर से सभी पदक विजेताओं को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।  

सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय धरोहर के बीच विशाल आकार लेगा औद्योगिक निवेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 24-25 फरवरी को पहली बार राजधानी भोपाल में आयोजित हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट केवल निवेश और व्यापार के अवसरों का मंच ही नहीं, बल्कि यह आयोजन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का एक ऐतिहासिक अवसर है। इस समिट का राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजन इसका महत्व एवं प्रभाव को और अधिक बढ़ाता है। जीआईएस का आयोजन स्थल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। जब दुनिया भर के उद्योगपति, नीति-निर्माता और निवेशक इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे, तो वे मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं के साथ यहां की सांस्कृतिक आत्मा को भी महसूस कर सकेंगे। निवेशकों के लिये सजीव उदाहरण बनेगा मानव संग्रहालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां विकास की संभावनाएं और पारंपरिक धरोहर समान रूप से फल-फूल रही हैं। पहली बार भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस बात का प्रमाण है कि मध्यपप्रदेश निवेशकों के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। राष्ट्रीय मानव संग्रहालय इस सोच का सजीव उदाहरण है कि कैसे मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित रखते हुए औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि एक जीवंत मंच है, जहां जनजातीय समुदाय स्वयं अपनी परंपराओं को प्रस्तुत करते हैं, उनके जीवन के पहलुओं को दर्शाया जाता है, और उनके इतिहास को संरक्षित किया जाता है। यहाँ 35 से अधिक जनजातीय समुदायों की प्रामाणिक झोपड़ियां, पारंपरिक शिल्प और जीवनशैली इस संग्रहालय को विश्वस्तरीय पहचान देते हैं। पर्यटन और हस्तशिल्प में भी निवेश को प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक निवेश के साथ जोड़कर एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। इस समिट के दौरान निवेशकों को न केवल प्रदेश की औद्योगिक नीति और अधोसंरचना विकास की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे देखेंगे कि किस प्रकार मध्यप्रदेश अपनी पारंपरिक संपदा को आर्थिक संभावनाओं से जोड़ रहा है। वैश्विक निवेशक अब केवल उद्योगों में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में भी निवेश के लिए मध्यप्रदेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। निवेशक कर सकेंगे ऐतिहासिक परंपराओं का अनुभव भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को राष्ट्रीय मानव संग्रहालय जैसे विशेष स्थल पर आयोजित करना यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश केवल उद्योगों और व्यापार के लिए नहीं, बल्कि सांस्कृतिक नवाचार और पर्यटन के लिए भी वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यह आयोजन निवेशकों को न केवल नए व्यापारिक अवसरों से परिचित कराएगा, बल्कि उन्हें प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं का अनुभव भी कराएगा। सतत विकास के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब निवेशक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के परिवेश में इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे, तो वे देखेंगे कि किस तरह प्रदेश ने अपनी ऐतिहासिक धरोहर को जीवंत रखा है और उसे आधुनिक विकास से जोड़ा है। मध्यप्रदेश की यह सोच इसे अन्य राज्यों से अलग बनाती है, जहां निवेश केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सतत विकास का माध्यम भी है। औद्योगिक निवेश के सांस्कृतिक और पर्यटन में खुलेंगे नये अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में आयोजित यह समिट मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगी। यह आयोजन न केवल औद्योगिक निवेश को गति देगा, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्रों में भी नए अवसर खोलेगा, जिससे मध्यप्रदेश का बहुआयामी विकास सुनिश्चित होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन से प्रदेश की वैश्विक पहचान और अधिक सशक्त होगी, जिससे न केवल उद्योग बल्कि सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में भी नए अवसर सृजित होंगे।  

मुझे प्रसन्नता है कि मप्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस की सेवा जीवन भर जवान रखने वाली सेवा है। पुलिस के सामने सदैव चुनौतियां रहती हैं, मुझे प्रसन्नता है कि म.प्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है। बड़ी बात है कि हमारी पुलिस 24 घंटे सेवा में तत्पर रहकर प्रदेश और समाज की सुरक्षा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि हमें आंतरिक एकात्मकता को और अधिक उभारने की जरूरत है। इस संदर्भ में सर्विस मीट बेहद लाभकारी और प्रासंगिक है। इस तरह के सेवा समागम से अधिकारियों को एक दूसरे के अनुभव सुनने, साझा करने और उन पर अमल करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भारतीय पुलिस सेवा समागम (आईपीएस मीट) का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस महानिदेशक से कहा कि वे कार्य प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश के थानों की जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर ग्रेडेशन करें और अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत भी करें। इससे जनता के बीच प्रदेश और पुलिस की साख बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारी पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है। हम सभी को जीवन के अच्छे गुणों का विकास कर पुलिस को उनके काम में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हम जिस अपराध मुक्त, भय मुक्त और सकारात्मक माहौल में जी रहे हैं। यह सब पुलिस की सेवा समर्पण अनुशासन और उनकी कर्मठता से ही संभव है। सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण के प्रति बेहद संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। आईपीएस सर्विस मीट सिर्फ एक समागम न होकर एक प्रशिक्षण कार्यशाला के रूप में ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हमें सेवा का अवसर दिया है, तो इसे ईश्वर का आशीष मानकर हमें अपनी क्षमताओं का शत-प्रतिशत उपयोग समाज की भलाई, सेवा, सुरक्षा और समाज को एक सुसंस्कृत समाज बनाने की दिशा में करना चाहिए, यही कर्म साधना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब सारी सीमाएं बंद हो जाती हैं, तभी कोई व्यक्ति पुलिस के पास जाता है। इस संदर्भ में पुलिस उम्मीद की अंतिम किरण होती है। पुलिस को जनता की यह विश्वास बहाली हमेशा बनाए रखना चाहिए। एक दूसरे से संवाद, समागम, शिक्षण-प्रशिक्षण के जरिए अपनी योग्यताओं को और बेहतर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सर्विस मीट सिर्फ मीट ना होकर, आपकी सोच का मीत मिलने की जगह बननी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस बल के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश के थानों में अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मचारी को भी पुरस्कृत करने की परंपरा प्रारंभ की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें पुलिस की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस बल को सर्व-संसाधनयुक्त कर अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। टीकमगढ़ जिले के बम्होरीकलां थाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ और थाना प्रभारी बम्होरीकलां सुश्री रश्मि जैन को इसके लिए सम्मानित किया। जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर : डीजीपी श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर है। हमने नये आपराधिक कानून का बेहतरीन क्रियान्वयन किया है। इस मामले में मध्यप्रदेश पुलिस को केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय गृह सचिव से भी सराहना मिली है। हम पुलिस बल के आधुनिकीकरण और उनके प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रहे हैं। हमारी पुलिस ने अतीत में बेहतरीन काम किए हैं। पुलिस ने समाज के साथ साझा प्रयासों से प्रदेश से डकैत समस्या का उन्मूलन किया है। नक्सल समस्या के उन्मूलन के तरफ भी हम तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारी चुनौतियां बढ़ रही हैं, साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, नशा मुक्ति और यातायात सुरक्षा हमारे लिए बड़ी चुनौतियां हैं। इस दिशा में हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। बीते माहों में हमने पूरे प्रदेश में साइबर सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अभियान चलाया। अब तक 10 लाख से अधिक स्टूडेंट और इतने ही नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए जागरूक किया है। इस काम में हमें अभूतपूर्व सफलता मिली है। आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रवि कुमार गुप्ता ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सबके कल्याण की चिंता करने वाले मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज हमारे बीच है। हमारी पुलिस प्रदेश के हर व्यक्ति की सुरक्षा में तत्पर है। हम अपनी जिम्मेदारियां से कभी पीछे नहीं हटते। उन्होंने समिट में आकर पुलिस का उत्साहवर्धन करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार ज्ञपित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आईपीएस ऑफीसर्स के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाकर सबका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उपस्थित थे।  

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सेमीकंडक्टर-मैन्यूफैक्चरिंग रहेगा निवेशकों का प्रमुख आकर्षण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में सेमीकंडक्टर एक महत्वपूर्ण सेक्टर रहेगा। इसकी महत्वता को देखते हुए राज्य मंत्रि-परिषद ने “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025” को मंजूरी दी है। इस नीति के लागू होने से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाएं बढ़ गई हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने वाले निवेशकों के बीच इस सेक्टर को लेकर उत्साह और रुचि देखी जा रही है, जिससे राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस पॉलिसी से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंड्क्टर विनिर्माण केन्द्र के रूप में विकसित एक स्थायी ईको-सिस्टम स्थापित किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजन भारत को सेमीकंडक्टर डिज़ाइन निर्माण और तकनीकी विकास के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिये प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री का मानना है कि भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र एक क्रांति की कगार पर है। उनका लक्ष्य है कि इलेक्ट्रॉनिक और सेमीकंडक्टर्स का शत-प्रतिशत निर्माण भारत में ही किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि सेमीकंडक्टर पॉलिसी से प्रधानमंत्री श्री मोदी के लक्ष्य की प्राप्ति में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह पालिसी राज्य को सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद करेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नेतृत्व करने के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सेमीकंडक्टर पॉलिसी के अंतर्गत निवेशकों के लिए पूंजी निवेश अनुदान (कुल निवेश का 25% अथवा भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई सब्सिडी का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो) दिया जाएगा। राज्य सरकार गैर-सरकारी अनुमोदित परियोजनाओं के लिए कंपनियों को 40 प्रतिशत (अधिकतम 150 करोड़ रुपए) तक पूंजी निवेश अनुदान देगी। यह अनुदान ब्याज 6 प्रतिशत अथवा लागू ब्याज दर (जो भी कम हो) इकाई स्थापना के बाद 5 वर्षों तक (अधिकतम 10 करोड़ रुपए) दिया जाएगा। सेमीकंडक्टर पॉलिसी के अंतर्गत कंपनियों को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, पहले 10 वर्षों के लिए 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली टैरिफ सब्सिडी भी दी जाएगी। इससे संचालन लागत कम होगी और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। पॉलिसी में 400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं के लिए इन्फ्रास्ट्रक्टर के लिए सहयोग, कर में छूट और कुछ अतिरिक्त वित्तीय सहायताएं भी दी जाएंगीं। पांच वर्षों में 2700 करोड़ रुपए का निवेश और 14,400 रोजगार सेमीकंडक्टर पॉलिसी से प्रदेश में अगले पांच वर्षों में 2700 करोड़ रुपए का निवेश आने की आशा है। इससे 3,782 करोड़ रुपए निर्यात और 1,702 करोड़ रुपए स्टेट जीएसटी राजस्व से प्राप्त होंगे। साथ ही बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा। पॉलिसी में पीपीपी मोड को बढ़ावा मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे सरकारी निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ेगा, साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसके फलस्वरूप वैश्विक विशेषज्ञता और तकनीक को मध्यप्रदेश में लाया जा सकेगा। निवेशकों को अनुसंधान और विकास के लिए प्रोत्साहन फंड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सेमी कंडक्टर पॉलिसी में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) और तकनीकी नवाचार में निवेश के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। सेमीकंडक्टर तकनीक में अनुसंधान के लिए विशेष फंड के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार पॉलिसी में नई परियोजनाओं के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए सरलीकृत नियामक तंत्र का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार, प्रावधान प्रक्रिया में विलंब को न्यूनतम करने और कंपनियों को इकाई स्थापना एवं विस्तार में सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  

सभी पात्र मेधावी विद्यार्थियों को जल्द ही मिलेंगे लैपटॉप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी पात्र मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी देने का निर्णय लिया है। शासकीय विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाले बच्चों को उनकी पसंद के अनुसार इलेक्ट्रिक या पेट्रोल वाली स्कूटी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि टेंडर निकालकर स्कूटी दी जाएगी, यह पूर्णत: निराधार है। जो पात्र हैं उन्हें स्कूटी अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही हमारी सरकार पात्र मेधावी विद्यार्थियों को भी जल्द ही लैपटॉप भी वितरित करेगी। उन्होंने कहा है कि मेधावी छात्र-छात्राएं स्कूटी और लैपटॉप मिलने के बाद अपना भविष्य बनाने और उच्च शिक्षा पाने के लिए और अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना कर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही।

समाज के विकास में हर संभव सहयोग देने और सहभागिता बढ़ाने की दी सीख: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र प्रेम की सीख देने की जीवंत इकाई है। इसके नाम से ही सेवा का भाव उत्पन्न होता है। यह संगठन विद्यार्थियों के गुणों का संवर्धन कर उन्हें समुदाय विकास की मूल भावना से ओत-प्रोत कर देश के विकास में सहयोग देता है। यह बेहद प्रशंसनीय है कि आज हमारे विद्यार्थी एनएसएस को एक विषय के रूप में पढ़ रहे हैं। युवा ही देश का भविष्य हैं और इनमें सेवा भावना के विकास से देश का विकास और अधिक तीव्र गति से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में गणतंत्र दिवस परेड-2025 नई दिल्ली में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विद्यार्थियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनएसएस के समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए परेड में शामिल हुए विद्यार्थियों और उनके समन्वयकों को मैडल देकर सम्मानित किया और शुभाशीष भी दिया। इन एनएसएस विद्यार्थियों ने कर्तव्यपथ, नई दिल्ली में 26 जनवरी 2025 को हुई गणतंत्र दिवस परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश का नाम रौशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में समाजसेवा, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और साहचर्य की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों ने इस परेड में बेहतरीन प्रदर्शन कर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को आगे भी समाजसेवा में हरसंभव सहयोग देने और राष्ट्रीय जागरूकता से जुड़े कार्यों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। युवा ऊर्जा को सही दिशा देकर हम सभी युवाओं की प्रतिभाओं को तराशकर प्रदेश के विकास में उनका सहयोग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा देश और प्रदेश के विकास की धुरी हैं। सभी को अपना कॅरियर बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। देश के विकास के लिए युवाओं को राजनीति में भी आना चाहिए। राजनैतिक विकास से ही देश के सामाजिक विकास को बल मिलेगा। युवा सिर्फ रोजगार के पीछे न रहें। वे रोजगार मांगने वाले नहीं, वरन् रोजगार देने वाले बनें। हमारा राष्ट्र वसुधैव कुटुम्बकम की वैश्विक भावना से दुनिया में अच्छाईयां बांटने के लिए जाना जाता है। अच्छाईयां बांटना हमारी संस्कृति है, हमारी जीवनशैली है। इसलिए युवा अपने जीवन के बाकी गुणों के विकास के साथ-साथ सेवा भावना को भी अपनाएं और जीवन में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनएसएस द्वारा स्वच्छता, शुचिता, रक्तदान, जनजागरूकता कार्यक्रमों में सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन हमें सह अस्तित्व भाव से जीवन पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। एनएसएस से जुड़े हैं 1.60 लाख से अधिक विद्यार्थी अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग श्री अनुपम राजन ने कहा कि एनएसएस शिक्षा द्वारा समाज सेवा और समाज सेवा द्वारा शिक्षा की मूल भावना से कार्य करने वाला राष्ट्रीय संगठन है। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के करीब एक लाख 60 हजार से अधिक विद्यार्थी इस संगठन से जुड़े हैं। जिन महाविद्यालयों में एनएसएस नहीं है, वहां भी एनएसएस यूनिट तैयार करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड-2025 में शामिल हुए मध्यप्रदेश के एनएसएस दल के सभी स्वयंसेवकों को बधाई दी और कहा कि राष्ट्र सेवा से जुड़कर सभी विद्यार्थी एक जिम्मेदार नागरिक बनें। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एनएसएस बैच लगाकर स्वागत किया तथा प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री ओमप्रकाश सखलेचा, उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक और भोपाल के विभिन्न महाविद्यालयों के एनएसएस स्वयंसेवक भी उपस्थित थे। आभार आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत वरवड़े ने माना। मध्यप्रदेश एनएसएस दल ने दिखाया अनुशासन और सेवा भावना मध्यप्रदेश से चयनित एनएसएस विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड में अनुशासन और समर्पण का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। मध्यप्रदेश का दल पूरे देश से चुने गए एनएसएस के विद्यार्थियों के बीच अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहा। कार्यक्रम में सम्मानित विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा करते हुए अपने अनुभव साझा किए और इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने पर हर्ष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनएसएस के विद्यार्थियों के साथ समूह चित्र खिंचवाकर उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी।  

कवि प्रदीप के देशभक्ति गीत नव ऊर्जा का संचार करने वाले हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के रत्न, कवि एवं गीतकार प्रदीप की जयंती पर उनका स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कवि प्रदीप के देशभक्ति गीत नव ऊर्जा का संचार करने वाले हैं। उनकी कृतियों का हर शब्द राष्ट्र सेवा की प्रेरणा और समर्पण को जीवंत कर आज भी सर्वस्व न्यौछावर करने की प्रेरणा देता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश का नया केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश

भोपाल सूचना प्रौद्योगिकी अब केवल एक सेक्टर नहीं, बल्कि हर उद्योग की आधारभूत आवश्यकता बन चुका है। स्वास्थ्य से लेकर कृषि, शिक्षा, उद्योग सहित हर क्षेत्र में आईटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश इस बदलाव का केंद्र बन रहा है, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्ट-अप्स और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी मिलकर नए अवसरों को जन्म दे रहे हैं। राज्य सरकार की आईटी और ईएसडीएम नीति, डेटा सेंटर पार्क, आईटी पार्क्स और इनक्यूबेटर्स के विकास ने मध्यप्रदेश को तकनीकी निवेश के लिए आकर्षक स्थान बनाया है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आईटी कंपनियों के नए केंद्र बन रहे हैं। टीसीएस, इनफोसिस, यश टेक्नॉलोजीज, इंपीट्स जैसी कंपनियाँ यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 24-25 फरवरी को भोपाल में होने वाली जीआईएस में आईटी, आईटीइएस और ईर्एसडीएम सेक्टर की बड़ी कम्पनियां शामिल होंगी। जिससे मध्यप्रदेश इस सेक्टर में भी नई ऊँचाईयों को प्राप्त करेगा। डिजिटल इंडिया मिशन के साथ कदम मिलाकर मध्यप्रदेश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, ब्लॉक-चेन और साइबर सिक्योरिटी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज आईटी सेक्टर ही नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और एग्रीटेक सेक्टर में भी तकनीकी नवाचार हो रहे हैं। राज्य में 15 आईटी पार्क और 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन पहले से कार्यरत हैं और आने वाले वर्षों में इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क-3 और 4, 50 एकड़ में डेटा सेंटर पार्क, जबलपुर में 1 लाख वर्गफुट का आईटी टॉवर और कई अन्य परियोजनाएँ डिजिटल विकास को नई गति देंगी। मध्यप्रदेश केवल आईटी निवेश के लिए नहीं, बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस, किफायती ऑपरेशनल लागत और सरकारी सहयोग के कारण भी स्टार्ट-अप्स और आईटी कंपनियों के लिए एक आदर्श स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक स्थान, निवेश-अनुकूल नीतियों और अत्याधुनिक अवसंरचना के कारण तेजी से आईटी, आईटीईएस (इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी इनेबल्ड सर्विसेज) और ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) के लिए एक प्रमुख हब बन रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) में इस क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे पूरे देश के बाजारों तक सीधा और सुगम संपर्क प्रदान करती है। राज्य में 6 प्रमुख हवाई अड्डे और 6 इनलैंड कंटेनर डिपो मौजूद हैं, जिससे वैश्विक व्यापार को गति मिलती है। प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा यह राज्य लॉजिस्टिक्स और परिवहन के लिए भी अनुकूल है। वर्तमान में 1 मिलियन वर्गफुट आईटी स्पेस उपलब्ध है, और 5 लाख वर्गफुट का नया आईटी अवसंरचना निर्माण कार्य जारी है। राज्य में डेटा सेंटर पार्क (50 एकड़) विकसित किया जा रहा है, जिससे एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क 3 और 4 विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नई आईटी कंपनियों के लिए बेहतरीन अवसर खुलेंगे। एलटीआई माइंड ट्री इंदौर में ₹800 करोड़ रूपये का निवेश कर रहा है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) रक्षा अनुसंधान एवं विकास के लिए उभरती तकनीकों का एक केंद्र स्थापित कर रहा है। राज्य की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 निवेशकों को विभिन्न प्रकार की रियायतें और सुविधाएँ प्रदान करती है। आईटी और आईटीईएस कंपनियों को ₹30 करोड़ रूपये तक की पूंजीगत सहायता, ईएसडीएम सेक्टर के लिए ₹150 करोड़ रूपये तक की प्रोत्साहन राशि और डेटा सेंटर निवेशकों को 125 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध है। भूमि शुल्क में 75 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जबकि स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पूरी तरह से माफ किया गया है। राज्य सरकार द्वारा ₹10 करोड़ तक की मार्केटिंग सहायता और ₹15 करोड़ तक की रोजगार सहायता प्रदान की जा रही है। छोटे एवं मध्यम उद्यमों को विशेष अनुदान और टैक्स छूट के अतिरिक्त बिजली शुल्क प्रतिपूर्ति ₹2 प्रति यूनिट तक और 100 प्रतिशत बिजली शुल्क की छूट दी जा रही है। भोपाल तेजी से आईटी और ईएसडीएम के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहाँ आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और कई स्टार्ट-अप्स इनक्यूबेटर्स उपलब्ध हैं। रोजगार के बेहतरीन अवसर, जीवन की उच्च गुणवत्ता और निम्न लागत पर व्यवसाय संचालन की सुविधा इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। जबलपुर, जो अपनी डिफेंस पीएसयू कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रसिद्ध है, तकनीकी निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र है। यहाँ 60 एकड़ का आईटी पार्क और 40 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर मौजूद है। इसके अतिरिक्त 1 लाख वर्गफुट का नया आईटी टॉवर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश को और बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश न केवल अपनी रणनीतिक अवस्थिति, निवेश-अनुकूल नीतियों और तकनीकी अवसंरचना के कारण, बल्कि अपने स्थिर प्रशासन, कुशल मानव संसाधन और सशक्त डिजिटल इको-सिस्टम के कारण भी आईटी और ईएसडीएम उद्योगों के लिए भारत में सबसे आकर्षक निवेश स्थानों में से एक बनता जा रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले जीआईएस-2025 में आईटी और टेक्नोलॉजी निवेशकों को प्रदेश की व्यापक संभावनाओं से परिचित होने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- बच्चों में भगवान का वास है, इन्हें खुश रखना ईश्वर को प्रसन्न रखने के समान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में सर्वजन हिताय:-सर्वजन सुखाय: और सर्वे भवन्तु सुखिन:-सर्वे संतु निरामय: का विचार जन-जन में व्याप्त है। बच्चों में भगवान का वास है, इन्हें खुश रखना ईश्वर को प्रसन्न रखने के समान है। समाज की मुख्य धारा से पीछे रह जाने वाले बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने, उनका हौंसला बढ़ाने के लिए व्यक्ति और संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयास निश्चित ही अनुकरणीय हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नन्ही खुशियां कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में यह विचार व्यक्त किए। सामाजिक सरोकारों के क्रम में नन्हीं खुशियां कार्यक्रम पिछले वर्षों से 11किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर हर्षिनी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के बच्चों से संवाद के अंतर्गत उनके शालेय अनुभव तथा अन्य रूचियों के संबंध में बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों के वाहनों के काफिले को झंडी दिखाकर भोपाल भ्रमण के लिए रवाना किया। बच्चों की दिनभर की गतिविधियों के अंतर्गत विधानसभा भ्रमण, पलाश होटल और ताज होटल की विजिट, फिल्म देखना, हाई-टी और पलाश होटल में दिन का भोजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक श्री रामेश्वर शर्मा उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुआ पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी और एनटीपीसी में बिजली क्रय करने का अनुबंध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा मांग की आपूर्ति के लिये एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी ने एनटीपीसी के साथ बिजली क्रय करने के लिये अनुबंध किया। इस दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई भी उपस्थित थे। अनुबंध पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी के एमडी श्री अविनाश लवानिया और एनटीपीसी के जनरल मैनेजर श्री शंकर सरण के बीच हुआ। एनटीपीसी के पश्चिम क्षेत्र के रीजनल एक्सक्यूटिव डायरेक्टर श्री पीके मिश्रा ने बताया कि एनटीपीसी द्वारा नरसिंहपुर में गाडरवाडा में स्टेज-2 के अंतर्गत 800-800 मेगावॉट की दो यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 800 मेगावॉट बिजली केन्द्रीय नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर मध्यप्रदेश को मिलेगी। इनमें उत्पादन 2030-31 शुरू करने का लक्ष्य है। एनटीपीसी द्वारा गाडरवाडा में स्टेज-1 में 800-800 मेगावॉट की दो यूनिट वर्तमान में स्‍थापित है। इनमें भी 800 मेगावॉट बिजली मध्यप्रदेश को मिल रही है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास में एनटीपीसी के योगदान का स्वागत है। उन्होंने एनटीपीसी के अधिकारियों से नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी कार्य करने के संबंध में चर्चा की। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने भोपाल में होने वाली आगामी ग्लोबल इंस्वेटर्स समिट में शामिल होने और ऊर्जा के क्षेत्र में विभिन्न कार्यों के लिये अनुबंध करने के संबंध में बात की। एनटीपीसी के अधिकारियों ने न्यूक्लियर एनर्जी, पम्प स्टोरेज, नवकरणीय ऊर्जा और पॉवर ट्रेडिंग के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्रों से मध्यप्रदेश को मिलेगा लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सशक्त करते हुए केंद्रीय बजट 2025 में कौशल विकास और रोजगार को केंद्र में रखा गया है। मध्यप्रदेश इस अवसर का लाभ उठाते हुए प्रदेश को ‘कौशल शक्ति प्रदेश’ के रूप में विकसित करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हम एक ऐसा वातावरण तैयार कर रहे हैं, जहां हर युवा को नवीनतम औद्योगिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण मिलेगा। इससे प्रदेश की प्रतिभा न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट-2025 में घोषित 5 राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना से मध्यप्रदेश को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। इन केंद्रों के माध्यम से “मेक फॉर इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड” अभियान को मजबूती मिलेगी, जिससे राज्य में प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण, प्रमाणन प्रणाली और उद्योग से जुड़े पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल को राज्य के युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कौशल विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। स्टार्ट-अप्स और उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्टार्ट-अप्स के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स की घोषणा से मध्यप्रदेश के नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार इस कोष का अधिकतम लाभ उठाने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार कर रही है, जिससे स्थानीय स्टार्ट-अप्स को पूंजी और संरचनात्मक सहायता मिल सके। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि “यह बजट केवल कौशल विकास की बात नहीं करता, बल्कि इसे रोजगार से जोड़कर समग्र विकास का एक मॉडल प्रस्तुत करता है। हम मध्यप्रदेश में डिजिटल लर्निंग, AI आधारित शिक्षा और नए उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता देंगे। यह युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के द्वार खोलेगा।” उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में घोषित योजनाओं को राज्य स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा व्यापक रणनीति बनाई जा रही है। रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण और नए अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) फ्रेमवर्क पर जोर दिया गया है, जिससे मध्यप्रदेश को टियर-2 शहरों में वैश्विक कंपनियों के कौशल केंद्रों को स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को वैश्विक बाजार के अनुरूप तैयार किया जाएगा। पर्यटन और आतिथ्य उद्योग में मुद्रा लोन का प्रावधान किया गया है। सरकार होम-स्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अनुसूचित जाति और जनजाति महिलाओं एवं वंचित समुदायों के उद्यमियों के लिए सरकार पहली बार 5 लाख युवाओं को ऑनलाइन क्षमता निर्माण और उद्यमिता प्रशिक्षण से जोड़ने जा रही है। स्किल हब’ बनने की दिशा में अग्रसर मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बजट मध्यप्रदेश को कौशल और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। राज्य में नए स्किलिंग हब, GCC केंद्र और स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग से रोजगार के असंख्य अवसर उत्पन्न होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्म-निर्भर भारत विजन को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश “स्किल हब ऑफ इंडिया” बनने की ओर अग्रसर है। मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि राज्य सरकार आगामी वर्षों में कौशल विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने के लिए नई रणनीति तैयार करेगी, जिससे हर युवा को उसकी क्षमता के अनुरूप अवसर मिल सके। यह बजट केवल वित्तीय आवंटन का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है जहां कौशल ही विकसित समाज, विकसित प्रदेश और विकसित देश की नीव बनेगा।

भारतीय तटरक्षक बल के जवानों का साहस, त्याग और समर्पण है वंदनीय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय तटरक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सामुदायिक तटों और महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों को सुरक्षा प्रदान कर भारतीय तट रक्षक देश की समृद्धि में अद्वितीय योगदान दे रहे हैं। “वयम् रक्षाम:” के ध्येय वाक्य को आत्मसात कर देश की तटीय सीमाओं की रक्षा के लिए समर्पित भारतीय तटरक्षक बल (इंडिया कोस्ट गार्ड) के जवानों का साहस, त्याग और समर्पण वंदनीय है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांतिकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कल्याणकारी, सर्व-स्पर्शी और समावेशी बजट देश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के समग्र विकास के साथ स्टार्ट-अप्स, इनोवेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों को समाहित करते हुए, अंत्योदय की भावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि से परिपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में 2025-26 में 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय को कर मुक्त करने का निर्णय अभिनंदनीय है। बीते एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने समृद्धि के जो नए आयाम स्थापित किए हैं, उनमें देश के मध्यम वर्ग का परिश्रम और सामर्थ्य सम्मिलित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय मध्यम वर्ग की आशाओं और आकांक्षाओं को उड़ान देने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देशवासियों के कल्याण और भारत को आत्मनिर्भर बनाने और मध्यम वर्ग को आयकर में राहत देने वाले क्रांतिकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार माना।

खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत और लगन से बढ़ाया प्रदेश का गौरव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा अर्जित उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत और लगन से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 81 कि.ग्रा. पुरूष वर्ग में वेटलिफ्टिंग में वल्लूरी अजय बाबू, एक्वेटिक खेल के हाई बोर्ड प्लेटफार्म डाइविंग इवेंट में पलक शर्मा और डुएथलॉन महिला कैटेगरी में आध्या सिंह को स्वर्ण पदक अर्जित करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक्वेटिक खेल के 3 मीटर स्प्रिंग बोर्ड इवेंट में पलक शर्मा, 1500 मीटर फ्री स्टाइल मेन्स इवेंट में अद्वैत पागे, दाओशु इवेंट में रोहित जाधव और वुशु के क्विंगशु महिला इवेंट में भूरक्षा दुबे को रजत पदक प्राप्त करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारोत्तोलन के 45 कि.ग्रा. भार वर्ग में रानी नायक, एक्वेटिक के 400 मीटर इवेंट में अद्वैत पागे तथा वुशु के शानशू इवेंट में संयोगिता सिंह को कांस्य पदक प्राप्त करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों को सफलता के पथ पर निरंतर अग्रसर होने और नित नए कीर्तिमान रचने के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की कि प्रदेश के खिलाड़ी अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण से मध्यप्रदेश को खेल जगत में नव शिखर पर प्रतिष्ठित करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज हमारा देश विश्व में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले स्थान पर और मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। देश के दुग्ध उत्पादन में 57.62% की वृद्धि हुई है और यह विश्व रिकॉर्ड है। डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन का औसत 673 ग्राम है, जबकि राष्ट्रीय औसत 471 ग्राम से अधिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुसार ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) किया गया है। इसे मंत्रि-परिषद ने भी मंजूरी दे दी है। अनुबंध की अवधि 5 वर्ष होगी, जिसका आपसी सहमति से विस्तार किया जा सकेगा। डॉ. यादव ने बताया कि अनुबंध के तहत मुख्य रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे, दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी तथा दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जायेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाताई कि इस सबके परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादकों की कुल वार्षिक आय 1700 करोड़ रूपये से बढ़कर दोगुनी से भी अधिक (3500 करोड़ रूपये) हो जाएगी। मध्यप्रदेश देश का डेयरी कैपिटल बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं डेयरी किसानों को दूध की सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में डेयरी सहकारी समिति एवं कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत ढाई हजार करोड़ के निवेश से प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट एवं चिलिंग सेंटर की संख्या में वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संकल्पों को पूरा करने में एनडीडीबी के साथ हुआ अनुबंध महत्वपूर्ण साबित होगा। यह राज्य के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार है, जिसे बढ़ाकर 9 हजार किया जाएगा। एक दुग्ध समिति लगभग 1 से 3 गांव में दुग्ध संकलन करती है, 9 हजार दुग्ध समितियां के माध्यम से लगभग 18 हजार ग्रामों को कवर किया जा सकेगा। दुग्ध संकलन भी 10.50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 20 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो जाएगा। इसके अतिरिक्त एनडीडीबी द्वारा दुग्ध उत्पादक संस्थाओं (एमपीओ) के माध्यम से कवर किए गए गांव की संख्या 1390 से बढ़ाकर 2590 की जाएगी तथा दूध की खरीद को 1.3 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 3.7 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी। वर्तमान में डेयरी प्लांट की क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 30 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। सांची ब्रांड होगा और मजबूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा। व्यापक प्रचार-प्रसार से इसे राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जायेगा। ब्रांड के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। दुग्ध संघ के प्रबंधन एवं संचालन के लिए प्रबंधन शुल्क और नए प्रसंस्करण प्लांट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कोई परामर्श शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आवश्यकता अनुसार तकनीकी एवं प्रबंधन विशेषज्ञों को सरकार के पे-रोल पर दुग्ध संघ में पदस्थ किया जाएगा तथा कार्यरत अमले का हित संरक्षण भी किया जाएगा। दुग्ध सहकारी समितियां से संबद्ध डेयरी किसानों की शिकायतों के निराकरण के लिए शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी। दुग्ध उत्पादकों की समृद्धि के लिए समर्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विगत चैत्र माह से प्रारंभ हुए नव वर्ष से आने वाली गुड़ी-पड़वा तक गौ-वंश रक्षा वर्ष मनाया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गाँव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने दुधारू पशु पालने पर अनुदान तथा दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पशुपालकों एवं गौसंवर्धन के लिए पूरी तरह समर्पित है।

स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने है कि स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक कोने तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे, हर ज़िले में मेडिकल कॉलेज हों, अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हों और पर्याप्त स्वास्थ्य अमला हो। उन्होंने कहा कि 46 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य अमले की भर्ती के लिये स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सशक्त स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा से कोई भी क्षेत्र विकास की छलांग लगाने के लिये तैयार होता है। सशक्त और विकसित प्रदेश के लिये इन क्षेत्रों का सशक्त होना ज़रूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन से ‘पीएम जनमन अभियान’ के तहत 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सहज और सुलभ उपलब्धता का कार्य करेगी। संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स दुर्गम और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में पहुँचकर आमजन को ओपीडी, रोग निदान, उपचार और दवाइयों जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी। प्रत्येक यूनिट में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से प्रदेश के स्वास्थ्य मानकों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिये संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी। मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिये हम संकल्पबद्ध हैं। 87 विकासखण्डों के 1268 ग्रामों में पहुँचेगी यूनिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) से 21 जिलों के 87 विकासखंडों में 1268 ग्रामों के लगभग 3,12,246 लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना में चिन्हित जिले अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, छिन्दवाड़ा, दतिया, डिंडौरी, गुना, गवालियर, कटनी, मंडला, मुरैना, नरसिंहपुर, सतना, शहडोल, श्योपुर, सीधी, शिवपुरी, जबलपुर, रायसेन, उमरिया और विदिशा शामिल हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा प्रदाय में लायेंगी क्रांतिकारी बदलाव उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘पीएम जनमन अभियान’ के तहत प्रदेश के 21 जिलों के 87 विकासखंडों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वे क्षेत्र जो स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़े और दुर्गम हैं, वहाँ विशेष प्रयासों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच उत्कृष्ट समन्वय और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त नेतृत्व और प्रगतिशील सोच से सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना विकास और औद्योगिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश में नए मानक स्थापित हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य विभाग के पूरे अमले के समर्पण और निष्ठापूर्ण प्रयासों से मध्यप्रदेश निश्चित रूप से स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों में अग्रणी राज्य बनने में सफल होगा। मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के लाभ प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में प्रशिक्षित मानव संसाधन, जिसमें एक डॉक्टर, नर्स, एएनएम/एमपीडब्ल्यू, लैब टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट और ड्राइवर शामिल हैं, सेवाएँ प्रदान करेंगे। प्रत्येक यूनिट में 14 प्रकार की जांच सुविधाएँ, 65 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ और 29 प्रकार की स्वास्थ्य सामग्रियाँ उपलब्ध रहेंगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से लोगों को संचारी रोगों और मूलभूत ओपीडी सेवाएँ, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, फाइलेरिया जैसी बीमारियों की पहचान और उपचार, प्रसवपूर्व एवं प्रसव उपरान्त देखभाल, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और गुर्दा रोगों की पहचान, नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृतियों की जाँच एवं उपचार, परिवार नियोजन सेवाएँ, मानसिक स्वास्थ्य और पोषण परामर्श, वृद्धजनों की देखभाल और आकस्मिक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाएंगी। इन यूनिट्स को जीपीएस प्रणाली से लैस किया गया है, जिससे उनकी निगरानी और संचालन में पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट एक माह में 24 दिन तक सेवाएँ प्रदान करेगी और प्रतिदिन 2 गांवों में लगभग 50 मरीजों का इलाज करेगी। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप कुमार यादव और एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

खेल गतिविधियां जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार करती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेल गतिविधियां जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार करती हैं। भारतीय संस्कृति में खेलों की समृद्ध और उत्कृष्ट परम्परा रही है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से खेल के आधार पर डिग्री प्राप्त करने और स्पोर्टस टीचर को असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर वाइस चांसलर तक बनने की व्यवस्था स्थापित की गई है। खेल, व्यक्ति की दक्षता, क्षमता और योग्यता के प्रकटीकरण के प्रभावी माध्यम हैं। राज्य शासन प्रत्येक स्तर पर खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में सभी खेलों को प्रोत्साहित कर प्रतिभाओं को निखारने के लिए आवश्यक व्यवस्था स्थापित की है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसके परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। भोपाल में बेहतर क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के खेल पत्रकार संघ द्वारा आयोजित 30 वें इंटर प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओल्ड केम्पियन ग्राउंड पर बल्लेबाजी कर टूर्नामेंट की शुरूआत की। इस अवसर पर खेल मंत्री श्री विश्वास सारंग, पूर्व विधायक श्री ध्रुव नारायण सिंह, खेल पत्रकार संघ के संरक्षण श्री मृगेंद्र सिंह सहित संघ के पदाधिकारी, मीडिया कर्मी एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।  

हमारी गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को अपना रहे हैं विकसित देश, हमें 21वीं सदी की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना है विद्यार्थी: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने वाला गुरु ही होता है। गुरु अपने विद्यार्थी में निहित अनंत संभावनाओं को पहचान कर इसका चारित्रिक एवं शैक्षणिक विकास करते हैं। हमारी पुरातन गुरुकुल परम्परा आज भी प्रासंगिक है। आज कई विकसित देश हमारी पुरानी गुरुकुल परम्परा को अपनाकर अपने बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। हमें भी पुन: उसी गुरुकुल परम्परा से जुड़ना होगा, तभी हमारा देश फिर से विश्व गुरु बन सकेगा। हम प्रदेश में क्लास के अंदर और क्लास के बाहर भी विद्यार्थियों को जीवन एवं नैतिक मूल्य तथा व्यावहारिक शिक्षा देकर उनके समग्र विकास की ओर बढ़ रहे हैं। मजबूत इरादों और शैक्षणिक गुणवत्ता में आमूल-चूल सुधार लाकर हम प्रदेश को शिक्षा के मामले में देश का एक मॉडल एजुकेशन स्टेट बनायेंगे। इसमें शिक्षकों की बड़ी अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को कलेक्टर कार्यालय, उज्जैन के एनआईसी से वर्चुअली जुड़कर स्टार्स प्रोजेक्ट के तहत अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण के लिए सिंगापुर जाने वाले चयनित शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक हमारे लिए सदैव पूजनीय हैं, हम विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में उनकी अनंत क्षमताओं और सुदीर्घ अनुभवों का प्रदेश के शैक्षणिक विकास एवं विस्तार में अधिकतम सदुपयोग करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शैक्षणिक परिदृश्य में हमारा इतिहास समृद्ध रहा है। नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला विश्वविद्यालयों एवं उज्जैन के सांदीपनी आश्रम सहित अन्य विश्वविख्यात शैक्षणिक संस्थाओं ने तत्कालीन समय में उच्चकोटि की शिक्षा देकर राष्ट्र को उपकृत किया। तत्समय गुरुओं में अपने विद्यार्थियों के कला-कौशल को पहचनाने की। एक दृष्टि होती थी, यही कारण था कि भगवान श्रीराम-लक्ष्मण और श्रीकृष्ण ने भी अपने गुरुओं से ही शिक्षा-दीक्षा ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आज के शिक्षकों में भी गुरु की वही दृष्टि विकसित करना चाहते हैं। सिंगापुर भ्रमण के लिए चयनित शिक्षक इस अवसर को भलीभांति समझें, पढ़ाने की नई-नई तकनीकें सीखें और लौटकर प्रदेश के विद्यार्थियों को उन तकनीकों का लाभ दिलाएं, जिससे वे अपने शैक्षणिक एवं चारित्रिक प्रदर्शन में अव्वल आएं। उन्होंने कहा कि चयनित शिक्षक विदेशी अध्ययन कराने की अच्छाइयों को सीखे, साथ ही अपने देश की अच्छाइयों को भी विश्व में बांटे, ताकि विविध शैक्षणिक संस्कृतियों एवं नवाचारों का आदान-प्रदान हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से ही विश्व, देश और प्रदेश की पहचान बनेगी। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण (सिंगापुर जाने) के लिए चयनित प्रदेश के सभी शिक्षकों को अपनी ओर से सफल एवं सुखद शैक्षणिक यात्रा की स्नेहिल शुभकामनाएं देकर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा की शुभकामनाओं के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदयप्रताप सिंह ने सुभाष उत्कृष्ट उ.मा.वि. भोपाल परिसर से शिक्षकों की विदेश यात्रा दल बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के शैक्षणिक विकास के लिए कई नवाचार किए हैं। हम शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए बेहद संवेदनशील होकर प्रयासरत हैं। शिक्षकगण हमारी शिक्षा प्रणाली की धुरी हैं। इनके अध्यापन कौशल और आचरण से ही समाज को प्रेरणा मिलती है। विदेश अध्ययन के लिए चयनित सभी शिक्षक हमारे प्रदेश के मास्टर ट्रेनर्स बनेंगे। हम इनकी विशेषज्ञताओं और विशेषताओं दोनों का भरपूर इस्तेमाल राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य के विकास में करेंगे। उन्होंने चयनित शिक्षकों और अधिकारियों से कहा कि वे इस एतिहासिक अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। कम समय में ज्यादा सीखने का प्रयास करें, क्योंकि प्रदेश के विद्यार्थियों का भविष्य शिक्षकों के हाथों में ही है। शिक्षक जो भी नई विधाएं, नए कौशल सीखेंगे, हम उसका अधिकतम लाभ विद्यार्थियों को दिलायेंगे। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने प्रतिभागियों को उनकी शैक्षणिक यात्रा के उद्देश्यों और महत्व के बारे में बताकर इस परियोजना के लक्ष्यों को रेखांकित किया। कार्यक्रम में प्रभारी आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती मनीषा सेंतिया, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह सहित स्कूल शिक्षा विभाग एवं राज्य शिक्षा केन्द्र के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। क्या है स्टार्स परियोजना स्टार्स परियोजना (स्ट्रेंथनिंग टीचिंग-लर्निंग एण्ड रिजल्टस फॉर स्टेट्स प्रोजेक्ट) भारत सरकार की विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित परियोजना है। इस परियोजना के संचालन के लिए देश के कुल 6 राज्यों का चयन किया गया है। इन 6 राज्यों में मध्यप्रदेश को भी चुना गया है। स्टार्स परियोजना के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के चयनित लोकसेवकों एवं शिक्षकों को वैश्विक शिक्षा प्रणाली, शिक्षा की गुणवत्ता और तकनीकी उन्नति के अवलोकन के लिए प्रिंसिपल्स एकेडमी, सिंगापुर में शैक्षणिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह एकेडमी सिंगापुर सरकार के इकॉनामिक डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा स्थापित विश्वविख्यात संस्थान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्थिबाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित की, दिव्यांगजन की सेवा से प्राप्त अनुभव और अनुभूति अलौकिक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन की सेवा और कल्याण आंतरिक सुख का विषय है। उनकी सेवा से प्राप्त अनुभव और अनुभूति अलौकिक है। दिव्यांगजन के साथ समरसता के व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए समाज में उनके प्रति विद्यमान दृष्टिदोष को दूर करना आवश्यक है। प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा अवश्य होती है, उसे चिन्हित कर निखारने और प्रोत्साहित करने से दिव्यांगजन की ऊर्जा का उपयोग समाज हित में किया जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप ही विकलांग जैसे कटु अनुभूति देने वाले शब्द को बदलकर दिव्यांग का सम्मानजनक संबोधन प्रदान किया गया। दिव्यांगता का सामना कर रहे व्यक्ति वास्तव में चुनौतियों को स्वीकार करने वाले सच्चे वीर हैं। उनकी सामर्थ्य को स्वीकारना और सम्मान देना समाज का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अस्थि बाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल “सक्षम” की पहल पर भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के सहयोग से संचालनालय सामाजिक न्याय विभाग के सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में ई-साइकिल वितरित की। विश्व ब्रेल दिवस पर किया लुइस ब्रेल का स्मरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विश्व ब्रेल दिवस (4 जनवरी) के अवसर पर ब्रेल लिपि विकसित करने वाले लुइस ब्रेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया। इस अवसर पर दृष्टिबाधित बालिका कुमारी तान्या शर्मा ने सक्षम गान की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमारी तान्या का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज-कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों पर ब्रेल लिपि में विकसित पुस्तक का विमोचन किया और समाजसेवियों का शॉल, श्रीफल तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर की कुमारी अनामिका सोलंकी, खंडवा की श्रीमती रजनी दशोरे, झाबुआ की सुश्री उषा गढ़वा सहित श्री ओम तिवारी, श्री सुखदेव आदि को प्रतीक स्वरूप ई-साइकिल वितरित की। प्रदेश के कुल 47 अस्थि बाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित की। घर में व्हील चेयर और बाहर ट्राई साइकिल के रूप में उपयोग में आएगी ई-साइकिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ब्रेल लिपि दृष्टि बाधित दिव्यांगजन के लिए यह बड़ी सौगात है। साथ ही कई देशों की सेनाओं द्वारा ब्रेल लिपि का उपयोग रात्रि में संदेशों के आदान-प्रदान के लिए भी किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर वितरित की जा रही ई-साइकिल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन साइकिलों का उपयोग घर में व्हीलचेयर के रूप में करने के साथ ही घर के बाहर आने-जाने के लिए ट्राई साइकिल के रूप में भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता से प्रभावित होने के बाद भी व्यक्तियों ने अपनी क्षमता और सामर्थ्य का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। पौराणिक संदर्भ में अष्टावक्र, महान संगीतज्ञ स्व. रविंद्र जैन तथा धर्म आध्यात्म के क्षेत्र में स्वामी रामभद्राचार्य जी का उदाहरण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। दिव्यांगजन के लिए समाज में समरसता पूर्ण वातावरण निर्मित करने को समर्पित है संस्था सक्षम कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि “सक्षम”- समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल, दिव्यांगजन के सशक्तिकरण को समर्पित संस्था है, जिसकी स्थापना 2008 में नागपुर में हुई। दिव्यांग युवाओं-महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, उनके अधिकारों की रक्षा, खेल गतिविधियों में प्रोत्साहन, शोध तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार एवं परिचर्चा के माध्यम से दिव्यांगजन के लिए समाज में समरसता पूर्ण वातावरण निर्मित करना सक्षम संस्था का उद्देश्य है।  

मुख्यमंत्री ने लटेरी, विदिशा में किया 132 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सर्वश्रेष्ठ देश बनने की ओर अग्रसर है। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। युवा, गरीब, किसान और महिलाएं हमारी विशेष प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश तेज गति से देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने के लिए निरन्तर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को लटेरी (विदिशा) में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में विशाल जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने क्षेत्र के लिए 132 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण/ शिलान्यास किया। इनमें 80 करोड़ 16 लाख रुपए के 54 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 51 करोड़ 96 लाख रुपए के 198 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित लाभ भी वितरित किए। कार्यक्रम में विदिशा जिले में 505 हेक्टेयर चरनोई की भूमि को अतिक्रमण मुक्त किए जाने पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक युग के भगीरथ हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाओं से प्रदेश को दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं मिली है। इससे न केवल बुंदेलखंड अपितु मालवा और चंबल क्षेत्र में भी बड़े क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल सुविधा मिलेगी। इस क्षेत्र के भी 360 गांव को जल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य है हर किसान के खेत में पानी पहुंचाना। हर खेत में पानी आने से किसान की जिंदगानी बदलेगी। कृषि उत्पादन में हम पंजाब, हरियाणा को भी पीछे छोड़ने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार आदि सभी क्षेत्रों में प्रदेश में तेज गति से विकास हो रहा है। हर गरीब को पक्का मकान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी संकल्पित हैं। आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त है। उद्योग और रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उज्जैन, सागर, रीवा, जबलपुर और ग्वालियर में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में करोड़ों के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। युवा वर्ग के लिए सरकार शीघ्र ही एक लाख सरकारी और निजी क्षेत्र में लगभग 3 लाख पदों पर भर्ती करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा की महत्ता को हमेशा याद रखें। बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, शिक्षा की सारी व्यवस्था सरकार कर रही है। प्रदेश के 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस स्कूल खोले जा रहे हैं। गरीबों को परिवहन की अच्छी सुविधा देने के लिए सरकार मध्यप्रदेश राज्य परिवहन को दोबारा प्रारंभ करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन को भी सरकार बढ़ावा दे रही है। जो गाय पाले, वही गोपाल है तथा जहाँ गाय का कुल हो, वही गोकुल है। सरकार दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने वाली है तथा 10 से अधिक गाय पालने पर अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश में बड़ी संख्या में गौ-शालाएं बनाई जा रही हैं। प्रदेश की धरती पर जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण पधारे थे, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उज्जैन में संदीपनी आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की, जानापाव में उन्हें सुदर्शन चक्र मिला। कृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता वही है जब मित्र बगैर सामने आये मित्र की सहायता करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र में रेलवे लाइन के लिए विशेष प्रयास करने को आश्वस्त किया। उन्होंने आनंदपुर में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा भी की। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से प्रदेश में देश की दो नदी जोड़ो परियोजनाएं प्रारंभ हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के मसीहा बनकर कार्य कर रहे हैं। हमारा संकल्प पूरे प्रदेश को सिंचित करना है। सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने भी सभा को संबोधित किया। विधायक श्री उमाकांत शर्मा ने क्षेत्र के विकास के लिए कई मांगे रखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विधायक श्री मुकेश टंडन, श्री हरि सिंह सप्रे, श्री हरि सिंह रघुवंशी, श्री सूर्य प्रकाश मीणा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में जन समुदाय उपस्थित था।  

जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा कचरे का विनिष्टीकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। कचरे का निष्पादन जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनता के सरोकार प्राथमिकता में सबसे ऊपर है, कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई सतत् निगरानी में की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हादसे के 40 वर्ष बीतने के बाद भोपाल में रखा लगभग 337 मीट्रिक टन कचरे का हानिकारक प्रभाव खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि बचे हुए शेष कचरे में 60 प्रतिशत से अधिक केवल स्थानीय मिट्टी, 40 प्रतिशत में 7-नेपथॉल, रिएक्टर रेसिड्यूज और सेमी प्रोसेस्ड पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। इसमें मौजूद 7-नेपथॉल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका विषैला प्रभाव 25 साल में लगभग समाप्त हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में मीडिया से चर्चा में ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया का केन्द्र सरकार की विभिन्न संस्थाओं जैसे- नीरी (नेशनल इन्वॉयरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट), नागपुर, NGRI (नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीटयूट) हैदराबाद, IICT (इंडीयन इंस्टीट्यूट ऑफ केमीकल टेक्नोलॉजी) तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा समय-समय पर गहन परीक्षण किया गया है। उनके अध्ययन तथा सर्वोच्च न्यायालय को प्रस्तुत प्रतिवेदनों के आधार पर भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय को मार्च, 2013 में दिये गये निर्देशानुसार केरल कोच्चि स्थित हिंदुस्तान इनसेक्टीसाइड लिमिटेड के 10 टन यूनियन कार्बाइड के समान कचरे का परिवहन कर पीथमपुर स्थित TSDF में ट्रायल रन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में किया गया। सफल ट्रायल रन का प्रतिवेदन सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ट्रायल रन के निष्कर्षों के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने अप्रैल, 2014 में यूसीआईएल के 10 मीट्रिक टन कचरे का एक और ट्रायल रन भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली की निगरानी में टीएसडीएफ पीथमपुर मे किये जाने के निर्देश दिये। सर्वोच्च न्यायालन ने इस ट्रायल रन की वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये थे। निर्देशानुसार अगस्त, 2015 में ट्रायल रन के बाद केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रायोगिक निपटान की समस्त रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार के कचरे के निपटान से वातावरण को कोई नुकसान नही हुआ है। उच्चतम न्यायालय ने सभी रिपोर्ट के गहन परीक्षण के पश्चात ही यूसीआईएल के कचरे के निपटान की कार्यवाही को आगे बढ़ाने एवं उन्हें नष्ट करने का निर्देश जारी किया। मुख्य सचिव ने 3 बिन्दुओं पर कराई जांच कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई के संबंध में समय-समय पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये जा रहे निर्देशों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव ने विस्तृत रूप से तीन बिंदुओं को आधार बनाकर पृथक से जांच कराई। जांच के बिंदु :- आसपास के गांवों में स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण, फसल की उत्पादकता पर प्रभाव और क्षेत्रीय जल स्त्रोतों की गुणवत्ता का परीक्षण थे। तीनों बिंदुओं के परीक्षण में यह पाया गया कि यूसीआईएल कचरे के निष्पादन से किसी भी प्रकार के नकारात्मक परिणाम परिलक्षित नहीं हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया को लेकर शासन पूरी तरह से संवेदनशील हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मध्यप्रदेश प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही सभी संबंधित टीमों की सतत् निगरानी में विनिष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी।  

किसानों को बिना कठिनाई के हो भुगतान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल देश के कुल सोयाबीन उत्पादन का लगभग आधा उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है। मध्यप्रदेश सम्पूर्ण देश में सोयाबीन उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। किसानों के परिश्रम और किसानों के हित में शासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं से मध्यप्रदेश इस उपलब्धि को प्राप्त कर सका है। कृषि अर्थव्यवस्था को व्यापक पैदावार से महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। खरीफ की फसलों में सर्वाधिक बोई जाने वाली फसल सोयाबीन ही है। प्रदेश में सोयाबीन का रकबा और उत्पादन बढ़ रहा है। गत वर्ष की तुलना में प्रदेश के सोयाबीन के रकबे में लगभग 2 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वर्तमान में प्रदेश का सोयाबीन का रकबा 66 लाख हैक्टयर से अधिक है। प्रदेश में 31 दिसम्बर तक लगभग 6.5 से 7 लाख मीट्रिक टन तक सोयाबीन का उपार्जन पूर्ण हो जाने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश ने महाराष्ट्र और राजस्थान को पीछे छोड़कर सोयाबीन के सबसे बड़े उत्पादक राज्य बनने में सफलता प्राप्त की है। मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को सोयाबीन के लिए 4 हजार 892 रुपए की राशि प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में देने की व्यवस्था की है। प्रदेश में सोयाबीन उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि को देखते हुए उपार्जन की आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों से उपार्जित सोयाबीन के लिए राशि का भुगतान बिना कठिनाई के किया जा रहा है। सोयाबीन के भण्डारण और उपार्जित सोयाबीन की सुरक्षा के प्रबंध भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश हैं कि किसानों को उपार्जन की आधुनिक व्यवस्थाओं का लाभ दिलवाया जाए। प्रदेश में पहली बार सोयाबीन का समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जा रहा है। ई-उपार्जन पोर्टल का उपयोग भी किया जा रहा है। किसानों को ऑन लाइन राशि के भुगतान की व्यवस्था की गई है। भुगतान के मामले में ये हैं टॉप 10 जिले प्रदेश में लगभग दो लाख किसानों को 1957.1 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान उपार्जन के रूप में अब तक किया जा चुका है। प्रदेश में भुगतान का प्रतिशत 70.41 है। राशि के भुगतान में नीमच जिला अग्रणी है, जहां शत-प्रतिशत किसानों को राशि दी जा चुकी है। नीमच सहित विदिशा,राजगढ़, नर्मदापुरम, आगर मालवा, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, उमरिया और खरगौन ऐसे दस शीर्ष जिलों में शामिल हैं, जहां 75 प्रतिशत से अधिक किसानों को राशि का भुगतान किया जा चुका है। सोयाबीन के परिवहन का कार्य भी प्रदेश में 95 प्रतिशत हो चुका है। प्रदेश में मालवा अंचल में सर्वाधिक सोयाबीन उत्पादन होता है। किसानों के पंजीयन से लेकर, आवश्यक बारदाने की व्यवस्था, परिवहन,भण्डारण और राशि के भुगतान के कार्यों की राजधानी से लेकर जिलों तक नियमित समीक्षा भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा -भारत की सनातन परम्परा की रक्षा के लिए गुरू गोविंद सिंह ने अपने साहिबजादों को बलिदान कर दिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की सनातन परम्परा की रक्षा के लिए गुरू गोविंद सिंह ने अपने साहिबजादों को बलिदान कर दिया, परंतु वे झुके नहीं। साहिबजादों द्वारा देश और धर्म के लिए बलिदान हो जाना उनके अवतारी स्वरूप से हमें अवगत कराता है। मुगलों द्वारा क्रूरता की पराकाष्ठा करते हुए अल्पायु बालकों को शहीद कर देना सदियों बाद भी हमें झकझोर देता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमर बलिदानियों की पुण्य-स्मृतियों को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की परम्परा वर्ष 2022 से आरंभ की। वीर बलिदानियों की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए राज्य शासन द्वारा भी जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। कीर्तन से हुआ शौर्य, वीरता, बलिदान और करूणा का प्रकटीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत भवन में वीर बाल दिवस पर आयोजित साहिबजादों की शहादत गाथा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कीर्तन जत्थे द्वारा साहिबजादों की शहादत गाथा प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कीर्तन के माध्यम से अभिव्यक्त शौर्य, वीरता, बलिदान और करूणा की भावनाओं के संवेदनशील और प्रभावशाली प्रस्तुती की सराहना की। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, श्री हितानंद शर्मा, श्री राहुल कोठारी, सुश्री नेहा बग्गा सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। मात्र 6 और 9 वर्ष की आयु में साहिबजादों ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए किए प्राण न्यौछावर उल्लेखनीय है कि गुरू गोविंद सिंह जी के वीर पुत्रों के अद्वितीय बलिदान और साहस के प्रति सम्मान प्रकट करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 26 दिसम्बर वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन गुरू जी के छोटे साहिबजादे जोरावर सिंह और साहिबजादे फतेह सिंह के बलिदान को समर्पित है। दोनों ही साहिबजादों को दीवार में जीवित चुनवा दिया गया था। धर्म और मानवता की रक्षा के लिए जब उन्होंने अपने प्राण न्यौछावर किए तब साहिबजादे जोरावर सिंह की आयु मात्र 9 वर्ष और साहिबजादे फतेह सिंह की आयु सिर्फ 6 वर्ष थी।  

रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और जीवन स्तर में सुधार, हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर गरीब को रोजगार देने के साथ उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण का ध्यान रखते हुए जीवन स्तर में सुधार लाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देश अनुसार इस लक्ष्य को समय-सीमा में प्राप्त करने के लिए युवा शक्ति, गरीब कल्याण, नारी सशक्तिकरण और किसान कल्याण पर केन्द्रित गतिविधियों का संचालन विभिन्न विभागों के समन्वय से करने के उद्देश्य से मिशन मोड में कार्य किया जाएं। नगरीय और ग्राम स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर सृजित करने के लिए स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार गतिविधियां संचालित हों। रेडीमेड गारमेंट जैसे अधिक रोजगार देने में सक्षम उद्योगों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए। उद्योगों की आवश्यकतानुसार युवाओं के कौशल उन्नयन और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती और गौपालन को प्रोत्साहित करने से परिवारों की आय बढ़ने के साथ पोषक सामग्री भी स्वत: उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में शासकीय एवं निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंथन शिविर के प्रथम सत्र में सहभागिता कर संबोधित कर रहे थे। प्रदेश में युवा शक्ति, गरीब कल्याण, नारी सशक्तिकरण और किसान कल्याण पर केन्द्रित मिशनों के क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर पर हुए विचार-विमर्श के प्रेजेंटेशन और उन पर मंत्रीगण तथा अधिकारियों के मार्गदर्शन और सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंथन शिविर आयोजित किया गया। मंथन शिविर में नई दिल्ली में हुए चौथे राष्ट्रीय मुख्य सचिवों के सम्मलेन के निष्कर्षों पर प्रेजेंटेशन दिये गये। साथ ही नवकरणीय ऊर्जा, हरित अर्थव्यवस्था में अवसर, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, विकसित भारत के लिए सीमांत (फ्रंटियर) तकनीक, टियर 2 एवं टियर 3 शहरों में सेवा क्षेत्र के लिए अनुकूल माहौल बनाने, एम.एस.एम.ई और अनौपचारिक क्षेत्र में रोजगार, आर्थिक विकास केन्द्रों के रूप में शहरों के विकास, टियर 2 और टियर 3 शहरों पर केन्द्रित मैन्युफैक्चरिंग, ग्रामीण क्षेत्र में गैर कृषि गतिविधियों और सेवाओं के विस्तार तथा निवेश के लिए आर्थिक सुधार पर प्रेजेंटेशन और विचार-विमर्श भी मंथन शिविर का भाग हैं। युवाओं को समाज हित में सामाजिक पहल का हिस्सा बनाना आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आरंभ हुए मंथन शिविर के प्रथम-सत्र में स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन पर प्रेजेंटेशन हुए। प्रत्येक व्यक्ति की आय और शिक्षा के स्तर को बढ़ाना एवं प्रत्येक युवा को समाज के हित में सामाजिक पहल का हिस्सा बनाना मिशन का लक्ष्य है। मिशन के लक्ष्य समूह में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 15 से 29 वर्ष के युवा शामिल हैं। साथ ही महिलाओं, दिव्यांग युवा, किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मिशन, संवाद-सामर्थ्य-समृद्धि के ध्येय वाक्य के साथ संचालित होगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उद्यमिता/रोजगार के लिए क्षमता-संवर्धन और सामाजिक पहल मिशन के प्रमुख स्तंभ होंगे। गरीब कल्याण के लिए लागू होगी त्रिस्तरीय रणनीति गरीब कल्याण मिशन के प्रेजेंटेशन में बताया गया कि बहुआयामी गरीबी इंडेक्स आधारित गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के लिए 12 विशिष्ट सूचकांकों में सुधार का लक्ष्य रखा गया है। समाज के सभी कमजोर वर्गों विशेषकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण पर फोकस होगा। लक्ष्य प्राप्ति के लिए चिन्हित योजनाओं में सेचुरेशन, आजीविका संवर्धन और संगठनात्मक ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर आधारित त्रिस्तरीय रणनीति क्रियान्वित की जाएगी। सशक्त नारी : सशक्त प्रदेश “सशक्त नारी : सशक्त प्रदेश” के ध्येय वाक्य के साथ नारी सशक्तिकरण पर हुए प्रेजेंटेशन में बताया गया कि महिला केन्द्रित विकास पर फोकस करते हुए महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास और सुरक्षा उपलब्ध काराना मिशन का उद्देश्य होगा। महिलाओं व बालिकाओं तक विभिन्न सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना, महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन एवं समाज में उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास होंगे। समाज में महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सकारात्मक व्यवहार के लिए पुरूष संवेदनशीलता बढ़ाना और जागरूकता फैलाना भी मिशन के उद्देश्य होंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर भोजन वितरण वाहनों को रवाना किया, स्कूली बच्चों को प्रतीक स्वरूप मध्यान्ह भोजन वितरित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का स्त्रोत आहार ही है। आहार की शुद्धता इसकी महत्ता को कई गुना बढ़ा देती है। आहार की शुद्धता का महत्व बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद् गीता में कहा है कि शुद्ध आहार से ही विचार की शुद्धता संभव है। अक्षय पात्र फाउंडेशन इस दृष्टि से स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन के माध्यम से नवजीवन परोस रही है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शिक्षा के लिए भरपूर भोजन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर भोजन वितरण वाहनों को रवाना किया तथा 10 स्कूली बच्चों को प्रतीक स्वरूप मध्यान्ह भोजन वितरित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीकृत किचन में पहुंचकर भोजन बनाने की स्वचालित प्रक्रिया का अवलोकन किया। वे दाल-रोटी बनाने की प्रक्रिया में सहभागी भी हुए। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र की शासकीय शालाओं को इस बेस किचन से ही मध्यान्ह मध्यान भोजन सप्लाई होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा 76 कर्मचारियों की टीम और 38 वाहनों के माध्यम से भोपाल के 645 स्कूलों को शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील उपलब्ध कराया जा रहा है। एक साथ 40 हजार रोटियां तैयार करना, दाल और सब्जी बनाने में भी मशीनीकृत प्रक्रियाएं अपनाना अभिभूत करने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतवृंद के माध्यम से भोजन बनाने की इस प्रक्रिया से पवित्र भाव का संचार भी होता है। अक्षय पात्र फाउंडेशन का यह संकल्प आने वाले समय में बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता वाले समाज के निर्माण में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचइजी लिमिटेड के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि झुनझुनवाला, अक्षय पात्र फाउंडेशन के संस्थापक और चेयरमेन पद्मश्री मधु पंडित दासा और भोपाल कलस्टर के अध्यक्ष आचार्य रतन दासा सहित फाउंडेशन के सभी सहयोगियों और कर्मचारियों का इस पुनीत सेवा के लिए अभिवादन किया। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री ने किया संबोधित पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शालाओं में विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वादिष्ट आहार उपलब्ध करा रहा है। फाउंडेशन द्वारा बच्चों की रूचि अनुसार भोजन से बच्चों को शालाओं से जोड़े रखने में भी मदद मिल रही है।

अनुपालक बीड़ी निर्माताओं को प्रोत्साहित करने संबंधी विषयों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधि मंडल की चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मध्यप्रदेश बीड़ी उद्योग संघ के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट कर बीड़ी उद्योग में रोजगार के अवसरों और अनुपालक बीड़ी निर्माताओं को प्रोत्साहित करने संबंधी विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में बीड़ी उद्योग संघ के सचिव अर्जुन खन्ना के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि बीड़ी निर्माण एक ऐसा पूर्णत: श्रम आधारित कुटीर ग्रामोद्योग है, जिसमें न्यूनतम पूंजी या बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। संघ ने प्रदेश के उच्च गुणवत्ता और श्रेणी के तेंदूपत्ते से बीड़ी उत्पादन की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने संबंधी सुझाव रखते हुए प्रति मानक बोरी तेंदूपत्ता पर सब्सिड़ी बढ़ाने का अनुरोध किया। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन के माध्यम से प्रदेश को संगठित और विनियमित बीड़ी उत्पादन के केन्द्र के रूप में सुदृढ़ किया जा सकता है। इससे रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश बीड़ी उद्योग संघ के सुझावों को क्रियान्वित करने का हरसंभव प्रयास करेगी।  

मुख्यमंत्री ने दी 352 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, जनकल्याण पर्व में घर-घर सर्वे कर पात्र हितग्राहियों को करेंगे लाभान्वित

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों की शहादत को नमन करते हुए शासकीय महाविद्यालय बाणसागर ब्यौहारी का नामकरण शहीद गोविन्द प्रसाद मिश्रा के नाम पर करने की घोषणा की। साथ ही उनकी धर्मपत्नी को शासकीय नौकरी देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को जनकल्याण पर्व अन्तर्गत शहडोल जिले के ब्यौहारी में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में 31.68 करोड़ रूपये लागत के 22 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 320.7 करोड़ रूपये लागत के 40 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। साथ ही विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं में हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का परचम पूरे विश्व में लहरा रहा है। देश आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहा है। इंग्लैंड को पीछे छोड़ भारत देश आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द द्वारा कहा गया था कि 21वीं सदी भारत की होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इसे चरितार्थ करके दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री श्री मोदी के “हर हाथ को काम, हर खेत को पानी, जल ही जीवन” के मूल मंत्र से जोड़ा जाएगा। हमारे लिए यह हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री 17 दिसंबर को पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना और 25 दिसम्बर को बुंदेलखंड क्षेत्र में केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना की सौगात देंगे। इन परियोजनाओं से मालवा और बुंदेलखंड के हर खेत तक पानी पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा से “मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान” चलाया जा रहा है। 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में घर-घर सर्वे कर शासकीय योजनाओं से वंचित रहे पात्र नागरिकों को चिन्हित कर उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनकल्याण पर्व में प्रत्येक दिन प्रदेशवासियों को विकास कार्यों की सौगातें मिल रही हैं। इन सभी विकास कार्यों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने उपस्थित जन-प्रतिनिधियों को संकल्प दिलाया कि अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में सहभागिता करें, जिससे कोई भी पात्र हितग्राही योजना के हितलाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरसी आईलैण्ड की विशेषताओं की सराहना करते हुए कहा कि शहडोल जिले का सरसी आईलैण्ड प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है, यह अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह से कम नहीं है। शहडोल जिला जल, वन, खनिज संपदा एवं वन्य जीव से समृद्ध एवं परिपूर्ण है। इसके माध्यम से क्षेत्र में पर्यटन का विस्तार होगा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही माता शबरी की फोटो भेंट की गई। कार्यक्रम में विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक जैतपुर श्री जयसिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, सदस्य जिला योजना समिति श्री कमल प्रताप सिंह, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय दल के अभूतपूर्व प्रदर्शन पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुआलालम्पुर में 10 वें एशिया-पैसिफिक डेफ गेम्स 2024 में भारतीय दल के अभूतपूर्व प्रदर्शन और 55 पदक प्राप्त करने के लिए टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। यह स्पर्धा 1 से 8 दिसम्बर की अवधि में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने कुल 55 पदक हासिल किए हैं, जो एशिया पैसिफिक डेफ गेम्स में सर्व श्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय दल की सफलता का क्रम अविराम जारी रखने की कामना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत श्री सियाराम बाबा जी के अवसान पर किया शोक व्यक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त, निमाड़ के दिव्य संत पूज्य श्री सियाराम बाबा जी के अवसान पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि यह संत समाज सहित सम्पूर्ण प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। धर्म साधना और मां नर्मदा की सेवा में समर्पित पूज्य सियाराम बाबा ने असंख्य श्रद्धालुओं के जीवन को दिशा प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा उनके असंख्य अनुयायियों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री ने कहा- भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ “गीता” की शिक्षा से प्रदेशवासियों के जीवन को आलोकित करने और सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए गीता जयंती पर बड़े स्तर पर गीता पाठ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से धन्य भूमि मध्यप्रदेश में गीता जयंती के पावन पर्व के अवसर पर “गीता पाठ का गिनीज विश्व रिकॉर्ड” बनाए जाने का अनूठा पावन प्रयास किया जा रहा हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव अंतर्गत 11 दिसंबर को लाल परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहली बार 5 हजार से अधिक आचार्यों द्वारा गीता के तृतीय अध्याय “कर्म योग” का सस्वर पाठ कर विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की दावेदारी जताएंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान श्रीमदभगवद पुराण और गौ एवं गोपाल चित्र प्रदर्शनी का संयोजन किया जायेगा। साथ ही साधो बैंड मुंबई के द्वारा भक्तिमय गीतों की सुरमई प्रस्तुति दी जाएगी। विशेष रूप से मध्यप्रदेश में आ रहे पर्यटकों और आगंतुकों को गीता की महिमा से अवगत कराने के लिए प्रदेश के होटलों में श्रीमद्भगवद्गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस की एक-एक प्रति रखने की पहल भी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन गीता जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस तिथि पर मोक्षदा एकादशी व्रत भी किया जाता है। पंचांग के अनुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा 5 हजार वर्ष पहले कौरव-पांडवों के युद्ध के बीच अर्जुन को कर्मवाद की शिक्षा प्रदान करने से धर्मग्रंथ “गीता” की रचना हुई।    

मुख्यमंत्री ने की जन-कल्याण अभियान और पर्व की तैयारियों की समीक्षा, 11 दिसम्बर से शुरू होगा पर्व

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा, नारी, किसान और गरीब के कल्याण एवं विकास के लिये प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी, 2025 तक मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान चलाया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की शत-प्रतिशत सैचुरेशन की चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाओं और लक्ष्य प्रदान की गयी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक प्रदेश में जन-कल्याण पर्व भी मनाया जायेगा, इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों की गतिविधियों और विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी होगा। साथ ही राज्य शासन की एक वर्ष की उपलब्धियों को प्रदर्शित भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान और जन-कल्याण पर्व में होने वाली गतिविधियों की कार्य-योजना पर चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-कल्याण अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के युवा, नारी, किसान तथा गरीब वर्ग के कल्याण एवं विकास के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य करना है एवं उनके हितार्थ चलाई जा रही योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करना है। इसमें 34 हितग्राही मूलक, 11 लक्ष्य आधारित और 63 अन्य सेवाओं को आम नागरिकों तक सहज रूप से पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों की सीएम हेल्पलाइन डेशबोर्ड पर मॉनीटरिंग की जायेगी, जिसे मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं विभाग के अधिकारी भी देख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण के लिये संचालित राजस्व महाअभियान-3 की अवधि 26 जनवरी, 2025 तक के लिये बढ़ाई जाये। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगेंगे शिविर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान अवधि में शहरी और ग्रामीण अंचलों में शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं का निराकरण और पात्र हितग्राहियों को चिन्हांकित कर योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। आयुष्मान योजना में 70 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के नागरिकों के कार्ड बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजित शिविरों का माहौल और उनमें दी जाने वाली सुविधाओं को इस प्रकार से प्रचारित करें कि नागरिक स्वयं अपनी इच्छा से शिविर में आयें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-कल्याण अभियान के लिये समय-सीमा में अधिकारी-कर्मचारियों के सम्पर्क दल के गठन और योजनाओं के लाभ से वंचित नागरिकों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिये। अभियान अंतर्गत लगने वाले शिविरों का निर्धारण जिले के प्रभारी मंत्री के मार्गदर्शन में जिला कलेक्टर द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के समस्त वार्डों में लगने वाले शिविरों के स्थान और तिथि का रोस्टर बनाकर प्रचारित-प्रसारित भी किया जाये। शिविरों की मॉनीटरिंग के लिये नगरीय क्षेत्रों में जोन स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पंचायत क्लस्टर पर एक सेक्टर अधिकारी की नियुक्ति की जाये। जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक मनाये जाने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विकास गतिविधियाँ होंगी। पर्व का शुभारंभ 11 दिसम्बर को भोपाल में लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण से किया जायेगा। साथ गीता जयंती पर वृहद गीता का पाठ होगा। पर्व अवधि में अलीराजपुर की सांडवा माईक्रो सिंचाई योजना का भूमि-पूजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा राज्य सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी, भोपाल, सीहोर एवं रायसेन से युवाओं की रातापानी अभयारण्य के निकट बाइक रैली, अक्षयपात्र कार्यक्रम अंतर्गत बच्चों को पोषण आहार किट का वितरण, ग्वालियर में तानसेन समारोह अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम, कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण और महाराजा जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण होगा। जबलपुर में सरदार बल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण, उमरिया गाँव में गौशाला का भूमि-पूजन, वृहद युवा संवाद (स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित कार्यक्रम), पुलिस बैण्ड द्वारा प्रस्तुतिकरण, वन मेले का शुभारंभ, पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना का शुभारंभ, साधु-संतों के साथ संवाद, पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों का सम्मेलन, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी इंदौर में दीक्षांत समारोह, खण्डवा-ओंकारेश्वर में सोलर पार्क का लोकार्पण, उज्जैन में आईटी पार्क का भूमि-पूजन, भोपाल में खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम, विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाीा का वितरण, सागर में तालाब सौंदर्यीकरण का लोकार्पण, चिंतन शिविर का आयोजन, नर्मदापुरम (पचमढ़ी) में राजा भभूत सिंह स्मृति में केबिनेट बैठक और भोपाल (रविन्द्र भवन) में छात्र-छात्राओं से संवाद कार्यक्रम होगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि 11 दिसम्बर से 26 जनवरी 2025 तक 47 दिन चलने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान में प्रत्येक जिले में अंतरविभागीय अधिकारी और कर्मचारियों के दल गठित किये जायेंगे। यह दल हितग्राहियों को चिन्हित कर उनके आवेदन प्राप्त कर शिविर का आयोजन किया जायेगा। शिविर की मॉनीटरिंग के लिये प्रत्येक पंचायत स्तर पर एक सेक्टर अधिकारी नियुक्त किया जायेगा। शिविर के बाद 26 जनवरी 2025 तक शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा। हितग्राहियों को हित लाभ का वितरण शिविर के दौरान एवं गणतंत्र दिवस पर ग्राम सभाओं में किया जायेग-

हमारे लिए अच्छी संस्कृति, जीवन मूल्य और परंपराएं सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र गीता में समाहित है और गीता सदैव हमारी प्रेरणा रही है, यही कारण है कि आज दुनिया की लाखों सभ्यताएं नष्ट भ्रष्ट हो गई परंतु हमारी हस्ती आज भी कायम है। हमने हमेशा आध्यात्म को सर माथे रखा। हमारे लिए अच्छी संस्कृति, जीवन मूल्य और परंपराएं सर्वोपरि हैं। प्रदेश में जिन स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े उन्हें मथुरा, वृंदावन की तरह ही विकसित किया जाएगा। प्रदेश भर में आज से 12 तारीख तक गीता उत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें गीता के माहात्म्य और शिक्षाओं को घर-घर पहुंचाया जाएगा। गीता, गंगा और गौ माता हमारी भाग्य विधाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शाजापुर में नवीन बस स्टैंड के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 22 करोड़ 43 लाख 37 हजार रूपये लागत के 13 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 27 करोड़ 58 लाख 64 हजार रूपये लागत के 11 कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित रचना पाठ में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन एक आदर्श साहित्यकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और राजनेता थे। उनके ही कारण शाजापुर में रेलवे लाइन आई। मैं उनकी दृण इच्छा शक्ति और रचनाधर्मिता को नमन करता हूं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी भी महान कवि थे। कवियों और साहित्यकारों का समाज के उत्थान में बहुमूल्य योगदान है। यदि महर्षि वाल्मीकि नहीं होते तो भगवान श्रीराम के और यदि वेदव्यास न होते तो भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को जन-जन तक कौन पहुंचाता। मैं मालवा के महान कवि महाकवि कालिदास और घटखर्पर को भी नमन करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता हमारे लिए अत्यंत पूजनीय है। पूरे प्रदेश में गौशालाएं बनाई जा रही हैं और जनता को घर-घर गाय पालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिस घर में गए पलती है वह घर गोकुल ही तो है। किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी और बिजली के साथ ही दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, सरकार दुग्ध खरीदी पर बोनस देगी। वर्तमान में प्रदेश में पूरे देश का 9% दुग्ध उत्पादन होता है, सरकार इसे 20% तक पहुंचाने के लिए प्रयत्नशील है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को आधुनिक भारत का भगीरथ बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का देश की नदियों को जोड़ने का स्वप्न अब साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1 लाख करोड़ रुपए की लागत की केन-बेतवा लिंक परियोजना को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मंजूरी दी है। इसी माह लगभग 70 हजार करोड़ की लागत की पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस परियोजना से मालवा क्षेत्र की पुरानी कहावत “मालव देश गहन गंभीर, डगडग रोटी, पग पग नीर” फिर से चरितार्थ होने वाली है। शाजापुर में मेडिकल और शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज भी खुलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे, अब 30 मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं, 8 निर्माण अधीन है तथा 14 के टेंडर होने वाले हैं। इनमें शाजापुर का मेडिकल कॉलेज भी है। उन्होंने शुजालपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शाजापुर में आलू-प्याज मंडी बनाई जाएगी तथा पुरानी बाईपास को फोरलेन करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। मक्सी को तहसील बनाने की घोषणा पर भी कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 7 करोड रुपए की लागत के बस स्टैंड का आज शाजापुर में लोकार्पण किया गया है, यहां निजी बसों के अलावा भविष्य में राज्य परिवहन निगम की बसें भी आएगी। दो सरपंचों को पंचायत का प्रगति पत्रक सौंपा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले की ग्राम पंचायत खोरियाएमा सरपंच श्रीमती अनिता पाटीदार एवं सुन्दरसी सरपंच श्री देवीसिंह छावड़ी को ग्राम पंचायत का प्रगति पत्रक सौंपा। उल्लेखनीय है कि शाजापुर कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की पहल पर ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, कृषि एवं उद्यानिकी, राजस्व, स्कूल शिक्षा के संबंध में हुए कार्यों की जानकारी का संकलन किया गया है। यह पंचायत प्रगति पत्रक ग्राम पंचायतों में महत्वपूर्ण योजनाओं के लक्ष्य एवं प्रगति की संख्यात्मक जानकारी को प्रदर्शित करता है, इससे योजनाओं के मूल्यांकन में आसानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस स्टैंड के लोकार्पण समारोह में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया। इस अवसर पर सांसद श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी और विधायक श्री अरूण भीमावद ने संबोधित किया। साहित्य अकादमी के निदेशक श्री विकास दुबे ने बालकृष्ण शर्मा नवीन का जीवन परिचय दिया। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण एवं शाजापुर जिले के प्रभारी श्री नारायण सिंह कुशवाह, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार सहित विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री नई दिल्ली में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ सम्बन्धी त्रिपक्षीय बैठक में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्षा जल को संग्रहित कर भूगर्भ में जल भंडारण क्षमता के विकास के लिए चलाई जा रही ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ योजना एक अभिनव पहल है। इस योजना में गुजरात में रहकर व्यापार करने वाले अन्य प्रदेशों के व्यापारियों द्वारा स्वयं के संसाधनों से अपने राज्यों में बोर लगवाने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के सतना जिले में इस योजनान्तर्गत कार्य आरम्भ हो गया है। प्रसन्नता की बात है कि योजना में पूरे प्रदेश में 15 हजार बोर लगाने का लक्ष्य है। शासकीय संसाधनों के बिना गुजरात व्यापार करने वाले व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा बूंद-बूंद जल बचाने का यह अभियान प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के साथ ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर त्रिपक्षीय बैठक की। योजना के क्रियान्वयन के लिये बैठक में जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से योजना को पूरा करने और इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जलसंचय संकल्प को जन-आंदोलन बनाने के क्रम में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार के व्यवसायी अपनी जन्म भूमि में जल संचय के उद्देश्य से बोर की व्यवस्था कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसमें राजस्थान में एक लाख 60 हजार और मध्यप्रदेश में 15 हजार बोर बनवाए जाने है। बिहार राज्य के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोर बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने राज्यों के सहयोग से इस योजना के सफल क्रियान्वयन की आशा व्यक्त की। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजस्थान राज्य में वाटर रिचार्ज में सहयोग के लिए यह योजना वरदान साबित होगी।  

उपग्रहों का प्रक्षेपण गौरवपूर्ण उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इसरो की नई उपलब्धि भारतीयों का गर्व बढ़ा रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ईएसए के साथ मिलकर पीएसएलवी-सी 59 के माध्यम से पीआरओबीए-3 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए इसरो की पूरी टीम और समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आनंद की बात है कि यह मिशन सूर्य के बाहरी वातावरण का अध्ययन करने के लिए लॉन्च किया गया है, जिसकी सफलता से सूर्य के कई रहस्यों पर से पर्दा उठेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अंतरिक्ष के क्षेत्र में नित नये इतिहास रच रहा है। प्रधानमंत्री के सक्षम नेतृत्व और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उनके दृष्टिकोण का देशवासी अभिनंदन करते हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को मुम्बई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री फडणवीस द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लिए जाने के बाद उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने पर श्री एकनाथ शिंदे तथा श्री अजीत पवार को भी आत्मीय बधाई और शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में विशेष रूप से उपस्थित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की और उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और महाराष्ट्र में श्री फडणवीस के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने से राज्य में समग्र विकास एवं लोक-कल्याण के नए प्रतिमान स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का स्वरूप विकसित भारत – विकसित महाराष्ट्र के संकल्प को साकार करने में भी सहायक होगा।

मुख्यमंत्री बालाघाट में स्वदेशी मेले में हुए शामिल, कहा- उद्यमशीलता के संवर्धन का सशक्त माध्यम हैं मेले

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी स्टार्ट-अप, मेक-इन-इंडिया और वोकल-फॉर-लोकल के प्रेरणादायक आह्वान ने देश में उद्यमिता के पुनर्जागरण की अलख जगाई है। भारत आज इंग्लैंड को पीछे छोड़कर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मंगलवार को बालाघाट में स्वदेशी मेले को संबोधित कर रहे थे। डॉ. यादव ने मेले में शासकीय विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। साथ ही युवाओं को ऑफर लेटर और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्रदान किए और उपस्थित युवाओं से संवाद किया। स्वदेशी विचारक श्री भैया जी जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मेले में आने के लिए श्री भैयाजी जोशी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेला का अर्थ मेल-जोल है और इसमें व्यापार के साथ ही सांस्कृतिक मेलजोल को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी मेले का प्रारंभ वर्ष 1999 से निरंतर विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है। मुम्बई से प्रारंभ स्वदेशी मेले में स्वदेशी उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय से छोटे-बड़े उद्योगों को बल मिला है। यह केवल मेला ही नहीं स्वदेशी मेले के रूप में मिनी इंडिया का स्वरूप देखने को मिल रहा है। यहाँ अलग-अलग प्रांतों की लोककला और कारीगरी को एक स्थान और एक मंच पर देखने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले हमारा देश सोने की चिड़िया हुआ करता था, हम दुनिया की शीर्षस्थ अर्थव्यवस्था थे और हमारे उद्योग, धंधे, मसाले, रेशम और मलमल जैसे चमत्कारी वस्त्र दुनिया भर में मशहूर थे। कहा जाता है कि ढाका का बना मलमल अंगूठी के छल्ले से निकल जाता था। अंग्रेजों ने हमारी इसी स्वदेशी ताकत को कमजोर बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन और प्रेरणा से देश के साथ ही प्रदेश के युवा ने भी नौकरी मांगने नहीं, देने वाले बनने के गंभीर और दूरदर्शी संदेश को समझा। आज हमारे यहां 37 हजार से भी अधिक स्वदेशी स्टार्ट-अप सक्रिय हैं। हमारा युवा उद्यमशील होकर नौकरी देने वाला बन रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से आगे बढ़ रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के कंसेप्ट को आगे बढ़ाने में हमें प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन भी मिला है। हमारे प्रयास सफल रहे, हमने सागर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी सफलतापूर्वक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया और अब जल्द ही नर्मदापुरम में भी करने जा रहे हैं। नर्मदापुरम में इंडस्ट्री के लिए पूर्व में आरक्षित 250 हेक्टेयर भूमि को बढ़ाकर 500 हेक्टेयर कर दिया गया है। इसे हम 750 हेक्टेयर तक बढ़ायेंगे। इसमें नवकरणीय ऊर्जा पार्क और अन्य दूसरे उद्योगों की स्थापना के प्रस्ताव भी मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अब तक हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से 2.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए और इनसे 2 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि  हम उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी को इंडस्ट्री-फ्रेंडली बनाने के लिये हर स्तर पर जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हम उद्योगों को पारिश्रमिक के रूप में प्रति कर्मचारी 5 हजार रुपए की प्रारंभिक सहायता भी दे रहे हैं। प्रदेश में हुए 17 मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर के नागरिक के लिए भी अच्छे स्वास्थ्य और उसे चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पबद्ध है।  प्रदेश में वर्ष 2003-04 में 5 मेडिकल कॉलेज थे, जिन्हें बढ़ाकर हमने 17 कर दिया है। इतना ही नहीं प्रदेश में निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या भी 13 हो गई है। आने वाले वर्ष में 12 और सरकारी कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज भी खोले जाएंगे, इनमें से एक बालाघाट में भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेले की सराहना करते हुए कहा कि इसमें आयुर्वेदिक औषधियों को बिक्री के लिए प्रदर्शित किया जाना अच्छी पहल है। कोविड त्रासदी के दौर में हमारी स्वदेशी आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली की जीवन-रक्षक शक्ति की महत्ता पूरे देश ने जानी समझी। आयुर्वेद में असीम संभावनाएं हैं, इसलिए प्रदेश सरकार इसे बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश का बजट 3.25 लाख करोड़ से बढ़कर 3.5 लाख करोड़ हो चुका है। हमारा लक्ष्य इसे 7 लाख करोड़ रुपए तक ले जाना है, जिससे हम प्रधानमंत्री श्री मोदी के देश को 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। मेला हमारे जीवन का अभिन्न अंग बालाघाट में आयोजित स्वदेशी मेले के शुभारंभ में स्वदेशी विचारक श्री भैयाजी जोशी ने कहा कि मेले हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं और इनमें स्वदेशी के समावेश से हम आर्थिक रूप से शक्तिशाली बन रहे हैं। श्री जोशी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से भारत सभी क्षेत्रों में विश्व में अग्रणी बन रहा है। चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हमने इतना विकास किया है कि आज विदेशी भी इलाज के लिये भारत आते हैं। स्वदेशी मेले में आयोजक पूर्व मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, आयोजक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। इसमें जनजातीय कलाकारों ने आकर्षक लोकनृत्य की प्रस्तुति दी।  

विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश में राज्य के युवाओं के लिए निवेश के नए अवसरों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा “यात्रा का उद्देश्य राज्य के युवाओं के रोजगार, औद्योगिकीकरण और मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना था। हमने पूरे समय का सदुपयोग किया। जर्मनी और यूके की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूँ कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रायोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किए गए प्रयासों से उन्हें न केवल सफलता मिली बल्कि समझने और सीखने का भी अवसर मिला। उन्होंने यात्रा के दौरान हर पल और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी टीम के सदस्यों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब हम एकजुट होकर अच्छी योजना बनाते हैं, तो परिणाम भी अच्छा होता है और हमें जर्मनी से यही मिल रहा है। जर्मनी और आगे बढ़ रहा है। मैं महसूस करता हूँ कि वहां एक आंतरिक उत्साह है जो उन्हें अपनी चुनौतियों से निपटने में मदद कर रहा है। जर्मनी अपनी तकनीक को अन्य देशों के साथ साझा करने और भविष्य की यात्रा में उसका विश्वास बनाने की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी से उन्हें कई ऐसे प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे मध्यप्रदेश को इस विश्वास के साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है कि राज्य अपनी पारंपरिक क्षमताओं के साथ नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी बात है कि कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्वास्थ्य, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग क्षेत्रों में जर्मनी से हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। उन्होंने आशा जताई कि राज्य के लिए यह यात्रा कई नए उद्योगों, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने सशक्त औद्योगिक ताकत के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिपल-प्रति मिनिट हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना है। हमारे बौद्धिक संपन्न युवा ही नहीं बल्कि प्रदेश के हर वर्ग के युवा को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। वर्क फोर्स बनकर करेंगे काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी और यूके आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं, उन्हें आवश्यकता है तो मेन पॉवर की। हमारे पास मेन पॉवर उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा है, दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में वर्क-फोर्स बनकर काम करेंगे। ग्लोबल लीडर हैं प्रधानमंत्री श्री मोदी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ग्लोबल लीडर हैं और उनके विजन से देश आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में मध्यप्रदेश विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी हमारा मित्र देश है। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के मध्य बेहतर समन्वय का हमें भी लाभ मिला है। जर्मन बढ़ते भारत और आगे बढ़ते मध्यप्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी, भारत का सदैव प्रशंसक रहा है। हमारी साझा विरासत गौरवशाली रही है। सौहार्दपूर्ण संबंधों का मिला लाभ, निवेश के मिले कई प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी के साथ हिन्दुस्तान के सौहार्द्रपूर्ण संबंधों की बात करें तो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के समय को याद कर सकते हैं। जर्मन, मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को समझते हैं। जर्मनी से मध्यप्रदेश में निवेश के प्रस्ताव अनेक औद्योगिक सेक्टर्स के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआई, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मनी के माध्यम से वेदों का दुनिया को कराया परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वेदों को दुनिया से सबसे पहले परिचित कराने वाला कोई देश है, तो वह जर्मनी ही है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद कर जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। जर्मनी के साथ हमारे अतीत के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि जर्मन ही एक ऐसी भाषा है जो संस्कृत के सबसे ज्यादा नजदीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा से मध्यप्रदेश को न केवल व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से फायदा होने की उम्मीद है, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास में भी अहम योगदान देने वाली साबित होगी।  

जर्मनी डोरे पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसएफसी एनर्जी का किया भ्रमण

भोपाल जर्मनी के म्यूनिख शहर में गुरुवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतवंशियों एवं प्रवासी समुदाय “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के साथ एक अनूठा संवाद किया। भाषणों और औपचारिकताओं को पीछे छोड़ते हुए, उन्होंने सहज, दोस्ताना और सारगर्भित चर्चा कर उन्होंने सभी को भारत की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा। भारतीय संस्कृति के अनुरूप प्रारंभ हुए कार्यक्रम में प्रत्येक भारतवंशी को देशभक्ति और देशप्रेम से सराबोर कर दिया। संस्कृति और संवाद: भारतीयता का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता उसका समावेशी और सकारात्मक दृष्टिकोण है। उन्होंने इसे इस तरह परिभाषित किया कि भारत में “परेशानी में आनंद ढूंढने की कला” और “सभी को साथ लेकर चलने की परंपरा” है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी को भारत का करीबी बताते हुए कहा कि जर्मनी भी सत्य, संस्कृति और ज्ञान का सारथी है। यही कारण है कि दोनों देशों के विचार और मूल्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” का भारतीय रंग कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की तस्वीर पर माल्यार्पण और राष्ट्रगान के साथ हुई। तिरंगे झंडे के सम्मान और दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुए कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की झलक हर कोने में दिखाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 लाख से अधिक भारतवंशियों और 35 हजार से अधिक भारतीय छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व जताया, जो जर्मनी में शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में उत्कृष्टता की मिसाल कायम कर रहे हैं। रात्रि भोज पर संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतवंशियों के साथ रात्रि भोज के दौरान खुलकर संवाद किया। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए भारतीय समुदाय को प्रोत्साहित किया कि वे जर्मनी में रहते हुए भी अपनी जड़ों से जुड़े रहें। यह आयोजन भारतीयता के गौरव, परंपरा और आधुनिकता के समन्वय का प्रतीक बना। डॉ. यादव के इस विशेष प्रयास ने “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के मंच को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक आत्मीय और प्रेरक अनुभव में बदल दिया, जहां भारतीय प्रवासियों को अपनी संस्कृति और मूल्यों से फिर से जुड़ने का अवसर मिला। एसएफसी एनर्जी के साथ हरित ऊर्जा की नई साझेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गये इन्वेस्ट मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने वहां की शीर्ष कंपनियों से साझेदारी के लिए बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म्यूनिख के समीप ब्रुन्थल स्थित एसएफसी एनर्जी कंपनी का दौरा कर उसकी विशेषताओं को जाना। यह कम्पनी डायरेक्ट मेथेनॉल और हाइड्रोजन फ्यूल सेल निर्माण में अग्रणी कंपनी है। एसएफसी एनर्जी के सीईओ डॉ. पीटर पोडेसर ने कंपनी की प्रमुख तकनीक पर विस्तार से जानकारी दी और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के क्षेत्र में उनके नवाचारों से अवगत कराया। इस दौरान, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को मध्यप्रदेश में लागू करने और नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बर्लोकर समूह के साथ एक औपचारिक बैठक भी की। बर्लोकर, जो प्लास्टिक एडिटिव्स के क्षेत्र में अग्रणी जर्मन कंपनी है, वर्ष 2001 से मध्यप्रदेश के देवास में अपनी इकाई संचालित कर रही है। इस कंपनी ने प्रदेश में अब तक 400 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश किया है और 300 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है। बैठक में बर्लोकर के विस्तार की संभावनाओं, नवीन तकनीकों के उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर विचार-विमर्श हुआ। यह सहयोग न केवल मध्यप्रदेश के प्लास्टिक उद्योग को उच्च गुणवत्ता वाले एडिटिव्स से समृद्ध करेगा, बल्कि रोजगार के अवसरों और औद्योगिक विकास को भी गति देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरे को प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जर्मनी के साथ साझेदारी से मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा और नवीनतम तकनीकों के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। यह दौरा प्रदेश में ‘उद्योग वर्ष 2025’ के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।  

भारतीय टेक्नोलॉजी और जर्मन एक्सपर्ट्स के समन्वय से होगा औद्योगिक विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को जर्मनी दौरे पर बवेरिया राज्य के चांसलरी प्रमुख और संघीय एवं यूरोपीय मामलों के साथ मीडिया विभाग के मंत्री डॉ. फ्लोरियन हैरमेन से मुलाकात की। इस मुलाकात में राज्य स्तर पर सहयोग के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई। चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं डॉ. हैरमेन ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होते रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य स्तर पर भी साझेदारी बढ़ाने पर रजामंदी दिखाई। दोनों नेताओं ने तकनीकी नवाचार, सुपरकंप्यूटिंग, ऑटोमोटिव सेक्टर, एरोनॉटिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मन प्रतिनिधिमंडल के टाइम मैनेजमेंट से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, “जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है।” उन्होंने जर्मनी की आर्थिक सुदृढ़ता और परिवर्तन को प्रेरणादायक बताते हुए इसे राष्ट्रीय विकास और रणनीतिक प्रगति का एक आदर्श मॉडल निरूपित किया। दोनों पक्षों ने इस मुलाकात को मध्यप्रदेश और बवेरिया के बीच दीर्घकालिक और आपसी लाभकारी संबंधों का शुभारंभ बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और बवेरिया के बीच जलवायु नीति से जुड़े संकटों का समाधान, तकनीकी नवाचारों, उच्च शिक्षा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और मध्यप्रदेश के नागरिकों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित करने की दिशा में मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के मंडीदीप और पीथमपुर में पहले से मौजूद जर्मन निवेशों के सुगम समन्वय के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में एक विशेष राज्य सरकारी संपर्क कार्यालय स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा की। उम्मीदों से बेहतर रही जर्मनी में हमारी औद्योगिक शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी और मध्यप्रदेश का आपसी सहयोग औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जर्मनी की बवेरिया स्टेट के चांसलर डॉ. हैरमेन के साथ विस्तार से बात हुई है। मध्यप्रदेश में जर्मन एक्सपर्ट्स आयेंगे, साथ ही टेक्नोलॉजी भी उपलब्ध करवायेंगे। दोनों देश आपसी समन्वय से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी का हमारे देश से पुराना संबंध रहा है। दुनिया में यह सभ्यता अलग ढंग से जानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं औद्योगिक प्रतिनिधि मंडल का जर्मनी के म्यूनिख पहुंचने पर भारत के कौंसलेट जनरल श्री शत्रुघ्न सिन्हा और भारतीय संघ के अध्यक्ष श्री राणा हरगोविंद सिंह एवं अन्य भारतवंशियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जर्मन भाषा के लिए खोलेंगे “लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म्यूनिख स्थित बवेरिया स्टेट चांसलरी सरकार राजनैतिक नेतृत्व के साथ संवाद किया। जर्मनी और मध्यप्रदेश सरकार के समन्वय से रोजगार के नए आयाम स्थापित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 8.50 करोड़ की जनसंख्या वाला देश जर्मनी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तकनीकी दक्षता के साथ जिस रूप में दुनिया के सामने उभरा वह आदर्श है। उन्होंने कहा कि जर्मनी में काम के अनेक अवसर तो हैं, परंतु भाषाई चुनौती भी है। इसको दूर करने के लिए हम मध्यप्रदेश में “लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट” खोलने की योजना बना रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसरों के लिए भाषा चुनौती नहीं बनें और मध्यप्रदेश तथा जर्मनी के अधिकारियों के मध्य समन्वय के साथ भाषाई सहजता से काम हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी पांचवीं वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में आज दुनिया के सामने है। यह अपने आप में प्रमाण है कि जर्मनी से सीखने के लिए बहुत कुछ है। हिन्दुस्तान के जर्मनी के साथ अतीत से मधुर संबंध है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद करके जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। अतीत के संबंध से इनकी अच्छाइयों और टेक्नोलॉजी को सीखते हुए मध्यप्रदेश और बवेरिया स्टेट समन्वयपूर्वक आगे बढ़ेंगे। औद्योगिक विकास के लिए जर्मन टेक्नोलॉजी का सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी के टेक्नीकल स्टाफ के माध्यम से इंजीनियरिंग, पॉलेटेक्निक, आईटीआई जैसे टेक्निकल क्षेत्र में हमारे उद्योगपति लाभ ले सकेंगे। खासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में जर्मन टेक्नोलॉजी उन्नत स्तर की है। हम जानते हैं इसमें कई चुनौतियां भी सामने आयेंगी, एक दूसरे के तकनीकी अनुभवों को साझा करते हुए हम आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस विदेशी दौरे के बाद भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। इसमें हमने जर्मनी के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को भी आमंत्रित किया है। दोनों राज्यों में अधिकारियों को एक दूसरे राज्य में भेजने में प्रशासनिक लेवल पर जो कठिनाईयां आती हैं, उनको दूर किया जाएगा। इससे व्यापार और व्यवसाय की राह में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री यादव ने उम्मीद जताई कि इस वार्ता से सहयोगात्मक विकास, तकनीकी उन्नति और आर्थिक समृद्धि की दिशा में अंतर्राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सहयोग का एक नया अध्याय प्रारंभ होगा।  

मुख्यमंत्री ने कहा- मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोल आधारित विद्युत उत्पादन के लिए कोल आवंटन के लिए स्वीकृतिप्रदान की है। इससे 4100 मेगावॉट विद्युत उत्पादन के लिए थर्मल पॉवर स्टेशन की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने सभी विभागों को प्रगति के अवसर दिये हैं। वे जानते हैं कि बिजली के बिनाविकास की कल्पना संभव नहीं है। यह एक बड़ा अवसर है, जिससे हम प्रदेश में ही स्वयं के पॉवर प्लांट लगा सकते हैं। कोल आवंटन करेगा संजीवनी का काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में हम आज भी सरप्लस की स्थिति में हैं, परंतु औद्योगिक विकास के लिए नए उद्योगों की स्थापना के परिणामस्वरूप बिजली की खपत में भी निरंतर वृद्धि होती जा रही है। भविष्य की दृष्टि से भी हमें नए थर्मल पॉवर स्टेशन की आवश्यकता होगी। यह कोल आवंटन उसमें संजीवनी की तरह काम करेगा। हम थर्मल पॉवर के नए स्टेशन की स्थापना के लिए उद्यमियों को प्रेरित करेंगे। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि साथ ही राज्य नवकरणीय ऊर्जा की ओर भी समान रूप से आगे बढ़ रहा है। 25 हजार करोड़ रूपये का प्राप्त होगा निवेश उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की आगामी लंबी अवधि की विद्युत मांग के आंकलन के आधार पर 27 नवम्बर को भारत सरकार की उच्च स्तरीय अंतर्विभागीय समिति द्वारा प्रदेश के ऊर्जा विभाग के प्रस्तुतिकरण के आधार पर कुल 4100 मेगावॉट के नए थर्मल पॉवर प्लांट लगाने के लिये कोयला आवंटन स्वीकृत किया गया है। इस संबंध में संयंत्र लगाने के लिये प्रदेश के ऊर्जा विभाग द्वारा निविदा जारी की जायेगी। इससे लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त होगा। साथ ही हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश उद्योग, घरेलू एवं कृषि सिंचाई के लिये सस्ती और गुणवत्तापूर्ण ऊर्जा प्रदाय करेगा और ऊर्जा उत्पादन में आत्म-निर्भर बना रहेगा।  

यूके और जर्मनी ही नहीं अन्य देशों में भी करेंगे निवेश के लिए यात्रा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यूके में प्रवास के दौरान ब्रिटिश संसद परिसर का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संसद परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भ्रमण के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में वे सभी संभावनाएं हैं जिसके बल पर वह पूरे देश और दुनिया में बड़े पैमाने पर निवेशकों को आमंत्रित कर सके। मुझे इस बात का संतोष है कि आज ब्रिटेन में आए हैं, यहां से जर्मनी जाएंगे। समय मिला तो अन्य देशों में भी जाएंगे। मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसमें सफलता भी मिल रही है। सभी तरह के निवेशकों को करेंगे आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद हमने औद्योगीकरण ही नहीं पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य प्रत्येक सेक्टर में बड़े पैमाने पर संभावनाओं का अध्ययन किया है। इसलिए मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक क्षेत्र में प्रगति के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जनसुविधाओं के लिए पर्याप्त धन राशि के साथ राज्य में इन व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करना है तो हमें सभी तरह के निवेशकों को आमंत्रित करना होगा। स्वाभाविक रूप से मध्यप्रदेश में संभागीय स्तर पर जो रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव किए गए उनमें अच्छी सफलता प्राप्त हुई है। इस नाते देश में और दुनिया में विशेष रूप से यूके और जर्मनी जैसे कई देश हैं जिनके यहां कई प्रकार के निवेशक हैं, उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करना आवश्यक है। अन्य देशों निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश करने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसा प्रयास किया जाएगा कि नई टेक्नॉलाजी और विभिन्न प्रकार के अलग-अलग सेक्टर में इसका लाभ किस तरह मिल सकता है। ऐसे में सभी निवेशकों को बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने के लिए जब हम भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कर रहे हैं, तो हमारा फर्ज बनता है कि हर जगह हम अपनी बात रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज ब्रिटिश संसद परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आजादी के संघर्ष में एक ऐसे अद्वितीय पराक्रम का प्रदर्शन किया था जिसके आधार पर पूरा देश आज भी गौरवान्वित है। अहिंसा के हथियार से दुनिया की बड़ी ताकत माने जाने वाली अंग्रेज सरकार को झुकाकर देश की आजादी की लड़ाई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अतुलनीय महत्व रहा है। ऐसे में हम उनको विनम्रता से स्मरण भी कर रहे हैं और उनके बताए अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने में हम सक्षम हों ऐसी प्रार्थना परमात्मा से करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- युवा शक्ति मिशन से सशक्त होगा युवा नेतृत्व, लिखेगा मध्यप्रदेश के स्वर्णिम विकास की इबारत

भोपाल मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल का स्वर्णिम एक वर्ष 13 दिसंबर 2024 को पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं विजनरी नेतृत्व में सरकार का फोकस पूरी तरह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मंत्र GYAN पर ध्यान (ग़रीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के सशक्तिकरण पर रहा है। आने वाला नव वर्ष 2025 पर प्रदेश सरकार युवाओं के लिए सशक्तिकरण की सौगात लेकर आ रही है। प्रदेश के युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उनके कौशल उन्नयन के लिये ‘युवा शक्ति मिशन’ का शुभारंभ नववर्ष 1 जनवरी, 2025 से किया जायेगा। इस मिशन का उद्देश्य़ मध्यप्रदेश के विकास में युवाओं की व्यापक क्षमताओं का उपयोग करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि सशक्त युवा नेतृत्व से ही मध्यप्रदेश के विकास का स्वर्णिम अध्याय रचा जा सकेगा। मिशन से मिटेगी शिक्षा, कौशल और रोज़गार के बीच की खाई युवा शक्ति मिशन की परिकल्पना ‘युवाओं’ में शिक्षा, कौशल विकास, और सामुदायिक सेवा जैसे प्रमुख नेतृत्व गुणों को विकसित कर उन्हें सक्षम बनाना है, जिससे वे प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। ‘युवा शक्ति मिशन’ के केंद्र में युवा है और वह राष्ट्र की प्रगति के केंद्र में भी वही है। इसलिए युवाओं को नेतृत्व सक्षम बनाने के लिये आवश्यक संसाधन और अवसर प्रदान करना ही इस मिशन का मुख्य उद्देश्य है। साथ ही प्रदेश के युवाओं को सुशिक्षित करना ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक रूप से कुशल बनाना है। इस मिशन में युवाओं में व्यावसायिक कौशल को आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए इस तरह उन्नत बनाया जाएगा जिससे वे न सिर्फ अच्छे वेतन वाले रोज़गार प्राप्त कर सकें, अपितु सफल उद्यमी बन राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास में भी अपना योगदान दे सकें। मिशन के अंतर्गत सरकार ने उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों के साथ सहयोग करते हुए मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोज़गार के विभिन्न रास्ते बनाए हैं। साथ ही युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन देकर उन्हें स्व-रोज़गार के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। ‘युवा शक्ति मिशन’ के परिणाम स्वरूप प्रदेश के युवा नौकरी की तलाश में जुटी भीड़ में शामिल होने के स्थान पर नौकरी देने वाले उद्यमी बनेंगे। मिशन से युवा शक्ति में विकसित होगी सक्षम नेतृत्व क्षमता मुख्यमंत्री डॉ.यादव के रणनीतिक नेतृत्व में ‘युवा शक्ति मिशन’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा सशक्तिकरण के विजन को कार्यान्वित करने में जुटा हुआ है। मिशन के क्रियान्वयन का प्रमुख पहलू युवाओं में नेतृत्व-विकास है। इसके लिए युवाओं को शासन और सामुदायिक सेवा में शामिल करके उनमें सक्षम तथा कुशल नेतृत्व के गुण विकसित किये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि स्थानीय विकास परियोजनाओं में युवाओं की भागीदारी उनके कौशल को निखारती है, साथ ही उन्हें जिम्मेदार नागरिक भी बनाती है। तकनीक के प्रभावी उपयोग से होगा युवा सशक्तिकरण ‘युवा शक्ति मिशन’ के सफल क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कौशल विकास के पाठ्यक्रम युवाओं को सहजता से उपलब्ध हो सकें और वह उन्हें आसानी से समझ सकें, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किए हैं। इसका लाभ यह भी है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को इसकी सुविधाएं समान रूप से सुलभ होंगी। मिशन की सफलता के लिए सरकार ने सोशल-मीडिया के माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग करने की रणनीत बनाई है, जिससे युवाओं को मिशन से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सके। इससे युवाओं में मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन से विकसित युवा मिशन प्रधानमंत्री मोदी के ‘GYAN पर ध्यान’ के मंत्र में शामिल युवा शक्ति के सशक्तिकरण का प्रभावी तंत्र बन कर उभरेगा।  

मन की बात कार्यक्रम में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के लिए इन्दौर की हुई प्रशंसा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में मध्यप्रदेशवासियों द्वारा सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण-संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की है। यह निश्चित रूप से सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम से सदैव कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम के 116 वां संस्करण सुनने के बाद यह विचार व्यक्त किए। इंदौर की रेवती हिल्स इलाके में हुए पौधरोपण का हुआ उल्लेख रविवार 24 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान अंतर्गत इंदौर में पेड़ लगाने के बने रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के इंदौर में अभियान अंतर्गत 24 घंटे में 12 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए गए। अभियान में हुई जन-सहभागिता से इंदौर की रेवती हिल्स का बंजर इलाका अब ग्रीन जोन में बदल जाएगा। डिजिटल अरेस्ट नाम का सरकार में कोई भी प्रावधान नहीं प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डिजिटल क्रांति में बुजुर्गों को भागीदार बनाने के लिए युवाओं द्वारा की जा रही पहल के अंतर्गत भोपाल के महेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने मोहल्ले के कई बुजुर्गों को मोबाइल के माध्यम से पेमेंट करना सिखाया है। इन बुजुर्गों के पास स्मार्टफोन तो था, लेकिन उसका सही उपयोग बताने वाला कोई नहीं था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आहवान किया कि बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट के खतरे से बचाने के लिए भी युवा आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें बार-बार लोगों को समझना होगा कि डिजिटल अरेस्ट नाम का सरकार में कोई भी प्रावधान नहीं है। यह सरासर झूठ है, लोगों को फसाने का एक षड्यंत्र है। यह प्रसन्नता का विषय है कि देश के युवा जागरूकता के इस काम में पूरी संवेदनशीलता से हिस्सा ले रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। 11-12 जनवरी को दिल्ली में होगा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के सामूहिक प्रयासों,  उपलब्धियों, जन-जन के सामर्थ्य,  युवा सपनों और देश के नागरिकों की आकांक्षाओं की बात है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में एनसीसी से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी भी कैरियर के लिए व्यक्तित्व निर्माण में सहायक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि 11-12 जनवरी को दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आय़ोजन हो रहा है। इसमें गांव, ब्लॉक, जिलों, राज्यों से लगभग दो हजार युवा भाग लेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि समाज को सशक्त बनाने में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं को भी किताबों से दोस्ती करने के लिए पहल करना चाहिए। उन्होंने ओरल हिस्ट्री प्रोजेक्ट के संबंध में भी चर्चा की। पर्यावरण-संरक्षण और स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता जरूरी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील होने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बायोडायवरसिटी बनाए रखने में गौरेया (स्पेरो) पक्षी का विशेष महत्व है। इस पक्षी की वापसी के लिए विभिन्न राज्यों में अनोखे प्रयास हो रहे हैं। अपने आसपास और सभी के ऐसे प्रयास करने से गौरेया फिर से हमारे जीवन का हिस्सा बन सकती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सरकारी दफ्तरों में पुरानी फाइलों और स्क्रेप को हटाने के लिए चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियान का उल्लेख भी किया तथा प्लास्टिक वेस्ट और अनुपयोगी समझीं जाने वाली चीजों को री-साईकल कर कचरे से कंचन बनाने के विचार को अमल में लाने की अपील भी की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गौ-माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है। जो भी गोवंश का पालन करे वही गोपाल है, जिसके घर में गाय का कुल वह घर गोकुल है। अतः प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को घर में गोपालन के लिए पहल करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिना धर्म, भाषा, जाति और क्षेत्र के भेदभाव के हमें गौ-पालन को प्रोत्साहित करना है। परंपरागत रूप से भी भारत में सभी धर्म और जाति के लोग गौ-पालन करते हैं और यही हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के ग्राम बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि भोपाल जिले के बरखेड़ी डोब ग्राम में 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से गौ-शाला का निर्माण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाईटेक गौ-शाला भूमि-पूजन स्थल पहुंचने पर सर्वप्रथम गौ-माता को दुलार कर नमन किया तथा उन्हें आहार सामग्री अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश में गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए संचालित गतिविधियों पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नौरंग सिंह गुर्जर सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। बदलती जीवनशैली में निरंतर बढ़ रहा है गौ-शालाओं का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व के अधिकांश देशों में दुग्ध की आपूर्ति गौ-माता ही करती हैं। सनातन संस्कृति में गौ-माता का महत्व इससे स्पष्ट हो जाता है कि मानव जीवन की पूर्णता के लिये गौ-दान आवश्यक बताया गया है। बदलती जीवनशैली में गौ-शालाओं का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य शासन द्वारा विशाला गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य किया जा रहा है, वर्तमान वर्ष में अब तक 300 गौ-शालाओं का पंजीयन हुआ है। विभिन्न सामाजिक संगठन भी गौ-शाला संचालन में पहल कर रहे हैं। गौ-पालन परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ परिवार को पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में भी सहायक है। अत: घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की व्यवस्था कर रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश, देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9 प्रतिशत का योगदान देता है। इसे अगले पाँच वर्ष में 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय विद्यालय सूखी सेवनिया को सीएम राइज विद्यालय बनाने और सूखी सेवनिया रोड को विभागीय मद अनुसार फोरलेन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बरखेड़ी डोब क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के माध्यम से गौ-माता से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा कोर्स आरंभ किया जाएगा। स्वामी श्री अच्युतानंद जी महाराज ने गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार गठन के बाद अभी तक के अल्प समय में प्रदेश में लगभग 50 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की है और प्रदेश की लाखों गायों की देखभाल का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मना रही है। आज यहां गोलोक धाम की स्थापना इसी कड़ी में एक सार्थक प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस प्रयास के लिए सभी महात्मा, सभी ऋषिगण उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद और आशीर्वाद देते हैं। गौ-माता का पालन-पोषण हम सभी सनातनियों का दायित्व है। हमें इस प्रकार के प्रयास करने चाहिएं कि हर घर में एक गाय रहे। गौ-माता के बिना घर सूना होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाइटैक गौ-शाला का भूमि-पूजन करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बरखेड़ी डोब, भोपाल में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाइटैक गौ-शाला का भूमि-पूजन आज प्रात: 10 बजे करेंगे। इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्तमान वर्ष (चैत्र माह से फाल्गुन माह तक) गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल के बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गौ-शाला के निर्माण की योजना है। गौ-शाला लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में बनाई जा रही है। इसमें गायों के आधुनिक तरीके से रख-रखाव के साथ ही उनके उपचार के लिए सभी संसाधनों से युक्त चिकित्सा वार्ड का भी निर्माण किया जाएगा। गौ-शाला में सीसी टीवी के माध्यम से निरंतर मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहेगी। लगभग 15 करोड रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा, वहीं नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्तपोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। गौ-शाला का निर्माण तीन चरणों में होगा, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 2000 पशु क्षमता का निर्माण किया जाएगा। इस अत्याधुनिक गौ-शाला में गायों को भूसा, हरा घास, पशु आहार आदि कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। गौ-शाला में गायों के गोबर एवं मूत्र आदि से विभिन्न सामग्री तैयार की जाएगी और जैविक खाद निर्माण के लिए संयंत्र भी लगाया जाएगा। गौ-शाला में रहने वाले पशुओं एवं सड़कों पर घायल एवं बीमार होने वाले पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सा वार्ड भी बनाया जा रहा है।

उज्जैन पधार कर आचार्य सांदीपनि जी से शिक्षा प्राप्त करना सनातन संस्कृति की अद्वितीय घटना है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश की धरती उज्जैन पधार कर आचार्य सांदीपनि जी से शिक्षा प्राप्त करना सनातन संस्कृति की अद्वितीय घटना है। महाभारत जैसे भीषण युद्ध के बीच शास्त्र सम्मत मार्ग दिखाते हुए कर्मवाद की शिक्षा देने का उनका प्रयास और विश्व को श्रीमद् भगवद गीता की देन अद्वितीय है। शास्त्र के रूप में स्थापित भगवद गीता विद्वतजन, ऋषि मुनि से लेकर जन-सामान्य तक के मन में जिज्ञासा भी उत्पन्न करती है और समाधान भी प्रदान करती है। गीता को आचरण और व्यवहार में धारण कर मानव, अपने जीवन को कर्मवाद से जोड़कर सद्मार्ग का अनुसरण करते हुए सफलताएं प्राप्त कर सकता है। इस वर्ष गीता जयंती पर इस्कॉन के साथ मिलकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भगवद गीता पर केंद्रित प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया गया है। गीता के श्लोकों का वाचन, अध्ययन-मनन और भगवद गीता में लोगों की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से यह अकादमिक अभियान चलाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इस प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की। स्कूल शिक्षा विभाग और विक्रमादित्य शोध पीठ द्वारा इस्कॉन के सहयोग से होगी प्रतियोगिता उल्लेखनीय है कि भगवद गीता आधारित मूल्य शिक्षा प्रतियोगिता, स्कूल शिक्षा विभाग और संस्कृति विभाग के विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा इस्कॉन के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य छात्रों में स्थायी नैतिक मूल्यों का संचार करना, चरित्र निर्माण को प्रेरित करना और आज के युवाओं में व्याप्त विभिन्न व्यसनों के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना है। जिला स्तर पर 26 से 29 नवंबर तक होंगी प्रतियोगिताएं जिला स्तरीय प्रतियोगिता के अंतर्गत कक्षा-9 से 12 तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन क्विज-प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रत्येक कक्षा की प्रतियोगिता के लिये पृथक-पृथक दिवस निर्धारित किये गये हैं, जिसमें 26 नवंबर को कक्षा -9वीं, 27 नवंबर को कक्षा-10वीं, 28 नवंबर को कक्षा-11वीं और 29 नवंबर को कक्षा-12वीं के छात्रों के लिये क्विज प्रतियोगिता होगी। सभी परीक्षाएं स्कूल में दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक आयोजित की जाएंगी। भागीदारी के लिये लिंक 19 नवंबर तक उपलब्ध करवाई जायेगी। प्रत्येक जिले में कक्षा के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्र राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 10 दिसंबर 2024 को उज्जैन में गीता महोत्सव के दौरान शामिल होंगे। राज्य स्तरीय विजेताओं को मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। यह मूल्य शिक्षा प्रतियोगिता छात्रों के शैक्षिक पाठ्यक्रम को आवश्यक नैतिक मूल्यों जैसे सत्यनिष्ठा, सहानुभूति, सम्मान और उत्तरदायित्व से समृद्ध बनाने के लिए डिजाइन की गई है। साथ ही उन्हें व्यसनों के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करना और जिम्मेदार एवं नैतिक रूप से जागरूक भविष्य के नागरिकों के रूप में उनके व्यक्तित्व के विकास का प्रयास भी इस पहल का लक्ष्य है।  

पं. धीरेंद्र शास्त्री को पदयात्रा के माध्यम से क्षेत्र में जन-जन को उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होगा- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की आध्यात्मिक पदयात्रा के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पष्टवादिता पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की विशेषता है। वे सनातन संस्कृति के उत्थान के उद्देश्य से यात्रा पर निकले हैं। प्रसन्नता का विषय है कि पदयात्रा के माध्यम से क्षेत्र में जन-जन को उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होगा। उल्लेखनीय है कि बागेश्वर धाम के प्रमुख पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 21 नवंबर से सनातन के जागरण के लिए बागेश्वर धाम से पद यात्रा आरंभ कर रहे हैं। यह यात्रा 160 किमी की होगी जो 29 नवंबर को ओरछा धाम पहुंचेगी। सनातन का जागरण और जातीय भेदभाव, छुआछूत एवं अगड़े-पिछड़े का भेद मिटाना और सामाजिक एकता को प्रोत्साहित करना पदयात्रा का उद्देश्य है।  

प्रदेश में 17 हजार 871 बहनों को पोर्टल के माध्यम से मिलेगी नियुक्ति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले राजधानी में सरकारी मकानों के आवंटन से संबंधित नए पोर्टल का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृह विभाग को इस पहल के लिए बधाई दी। उल्लेखनीय है कि अब तक इस तरह के पोर्टल का निर्माण नहीं हुआ था। भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के प्रावधानों के अनुसार संपूर्ण आवास आवंटन प्रक्रिया का संचालन अब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। पोर्टल www.sampada.mp.gov.in के माध्यम से आवंटिती अर्थात शासकीय सेवक को ऑनलाइन आवास आवंटन की सूचना पंजीकृत मोबाइल नंबर पर गृह विभाग की ओर से एसएमएस गेटवे MPHOME के माध्यम से रियल टाईम बेसिस पर प्रेषित की जाएगी। शासकीय सेवक के हित में वरीयता क्रम से आवासों के आवंटन का कार्य पोर्टल के माध्यम से जनरेट किया जाएगा। इससे मानवीय हस्तक्षेप और पक्षपात के मामले शून्य हो जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को न्यू मार्केट के पास निर्मित साऊथ टी.टी. नगर के बहुमंजिला आवास गृहों का आवंटन भी किया। इन नवनिर्मित आवास गृहों में “जी” और “एच” श्रेणी के कुल 1210 आवास शामिल हैं। पोर्टल के माध्यम से शासकीय आवास का आधिपत्य प्राप्त करने की सूचना दी जा सकेगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती होगी ऑनलाइन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती के लिए विकसित व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह पारदर्शी प्रक्रिया त्वरित और सुगमता पूर्वक नियुक्ति की कार्यवाही में मददगार होगी। इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या न्यून हो जाएगी। नई व्यवस्था में आवेदक एमपी ऑनलाइन कियोस्क अथवा स्वयं के मोबाइल पर एप्लीकेशन डाउनलोड कर समस्त दस्तावेजों को आवेदन के साथ अपलोड कर आवेदन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑनलाइन मॉड्यूल https://chayan.mponline.gov.in/ की कार्यप्रणाली को उपयोगी बताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को इस शुरूआत के लिए बधाई दी। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले 20 जिलों में 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र मंजूर किए हैं। वर्तमान के 5201 पदों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाना है। इसके अलावा अन्य नव सृजित 12 हजार 670 पद मिलाकर कुल 17 हजार 871 पदों की पूर्ति की जाएगी। इस तरह बड़ी संख्या में बहनों को ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार प्राप्त होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 13 हजार एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 6500 मासिक मानदेय प्राप्त होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों और संपदा से संपन्न राज्य है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों और संपदा से संपन्न राज्य है। प्रदेश की हर काल और युग में विशेष सांस्कृतिक पहचान रही है। आधुनिक काल में औद्योगिक समृद्धि के आधार पर देश का नंबर वन राज्य बनाने के संकल्प के साथ प्रदेश में रोजगारपरक उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश की समृद्ध प्राचीन संस्कृति और कलात्मक धरोहर को संजोए रखते हुए जन-कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार कर प्रदेश में व्यापार, उद्योग और सेवा क्षेत्रों का वृहद विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग स्थित है। यह नदियों का मायका है, जहां पावन नर्मदा और शिप्रा नदियां बहती हैं। प्रदेश वन्य-जीव से संपन्न एकमात्र टाइगर स्टेट, तेंदुआ स्टेट और चीता स्टेट राज्य है। प्रदेश में खनिज संपदा भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और यह एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है। इसके अलावा प्रदेश की सदियों से कला, संस्कृति और सभ्यता की विशेष पहचान रही है। इसका 5 हजार साल पुराना समृद्ध इतिहास रहा है और यह भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम की कर्मभूमि और तपोभूमि रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐतिहासिक काल से ही प्रदेश की व्यापार और व्यावसायिक समृद्धि की भी विशेष पहचान रही है। इसी क्रम में वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और औद्योगिक केंद्रों में रोड-शो कर प्रदेश में उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित कर रहा है। प्रदेश में ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूह को भी प्रोत्साहित किया जा रही है। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के साथ भारी उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश को सबसे तेज गति से बढ़ने वाला राज्य बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद को अगले 5 साल में दोगुना करने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि विकसित भारत की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तत्परता के परिणामस्वरुप मध्यप्रदेश औद्योगीकीकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की परिकल्पना से रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के आयोजन के माध्यम से हर जिले में युवा उद्यमी आगे बढ़ रहे है। प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेश यात्रा पर भी जाने वाले हैं। विकसित मध्यप्रदेश बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले में मध्यप्रदेश मंडप का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश मंडप में लगे विभिन्न स्टॉल का अवलोकन भी किया और शिल्पकारों का मनोबल बढ़ाया। मंडप को ‘विकसित भारत@2047’ की थीम पर विकसित किया गया है, जिसमें प्रदेश की धरोहर के साथ स्टार्ट-अप्स और उद्यमों का कलात्मक प्रदर्शन किया गया है। मंडप में युवा, गरीब, नारी और किसान कल्याण के मिशन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार भी वितरित किए। मध्यप्रदेश मंडप में बेस्ट स्टॉल डिस्प्ले के लिए पर्यटन विभाग और हस्तकला के लिए मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड को पुरस्कृत किया गया। मंडप में सर्वश्रेष्ठ सजीव कला प्रदर्शन के लिए श्री मोहम्मद यूसुफ खत्री को सम्मानित किया गया। साथ ही मध्यप्रदेश मंडप के अन्य प्रतिभागियों को भी श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश दिवस समारोह में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम की झलक देखने को मिली। डॉ. शिप्रा सुल्लेरे के संगीत निर्देशन और श्री दविंदर सिंह ग्रोवर के संयोजन में जबलपुर के श्री जानकी बैंड की प्रस्तुति दी गई। सुश्री पूजा श्रीवास्तव के निर्देशन में बुंदेलखंड के अखाड़ा लोक नृत्य की भी मनमोहक प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी और मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक श्री दिलीप कुमार भी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है और भारत प्राचीनकाल से ही वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का मुख्य केन्द्र रहा। कई देशों के विद्यार्थियों, राजकुमारों ने तक्षशिला, नालंदा जैसे भारत के विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन ऐतिहासकि रूप से हमें ऐसा कोई उल्लेख प्राप्त नहीं होता, जिसमें भारत में शिक्षा ग्रहण किए किसी व्यक्ति अथवा सत्ताधीश ने अन्य राज्य पर आक्रमण किया हो। यह तथ्य प्राचीन काल से चली आ रही हमारी शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ जीवन मूल्यों और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को होटल ताज में एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतीत से वर्तमान की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के कारण हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य” विषय पर आयोजित यह सम्मेलन सम-सामयिक महत्व का है। अतीत से लेकर वर्तमान तक की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के परिणाम स्वरूप ही घटित हुईं। रामायण काल में रावण हो या महाभारत काल में कौरव, योग्यता और क्षमता में कोई भी कम नहीं था, लेकिन उनके जीवन मूल्य और नैतिक मूल्य उचित नहीं थे, इसी कारण उन्हें कभी सम्मान नहीं मिला और वे समाज में तथा इतिहास में सदैव नकारे गए। कर्ण की योग्यता अद्भुत थी, लेकिन उनकी दृष्टि, प्रतिशोध, जिद और नकारात्मक भाव ने उन्हें पतन की ओर अग्रसर किया। इसी प्रकार के उदाहरण हमें सोने की लंका बनाने वाले रावण के भी प्राप्त होते हैं। सभी प्रकार के वैभव और सामर्थ्य होने के बाद भी वे कभी स्वीकारे नहीं गए और नैतिक मूल्यों के आधार पर ही वनवासी श्रीराम ने उन्हें परास्त किया। अर्थात् यह नैतिक मूल्यों और जीवन मूल्यों की ही विजय थी। नई शिक्षा नीति के माध्यम से लागू किए जा रहे हैं कई नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे आदर्शों और जीवन मूल्यों का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इन संघर्षों में भी शांति के लिए प्रयास करते दिखाई देते हैं। यह भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2020 से लागू नई शिक्षा नीति के माध्यम से पढ़ने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक लचीला, सरल और रूचिपूर्ण बनाते हुए विद्यिार्थियों को विभिन्न संकायों के विषयों के अध्ययन की सुविधा प्रदान की गई है। अध्ययन प्रक्रिया को आयु के बंधन से मुक्त करते हुए क्रेडिट प्रदान करने जैसे नवाचार भी प्रदेश में किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक को मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि 35 देशों में फैले एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक का सम्मेलन भारत में पहली बार हो रहा है। एसोसिएशन मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केन्द्रित वैश्विक संस्थाओं की स्थापना कर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, शिक्षाविद श्री अनूप स्वरूप और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और व्यापक बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और व्यापक बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव स्वस्थ नागरिकों से ही सुदृढ़ होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के विचार को साकार करने के लिए राज्य सरकार हर नागरिक को सुलभ और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस दिशा में 21 नवंबर को एक और इतिहास रचने की ओर प्रदेश अग्रसर है जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करेंगे, जो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नए आयाम प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से पूर्ण किया जायेगा। इससे उज्जैन और आसपास के जिलों के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 17 हो चुके हैं। प्रदेश में एम.बी.बी.एस. सीटें भी 720 से बढ़कर 2,575 हो गई हैं। श्योपुर, सिंगरौली, मंडला और राजगढ़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ छतरपुर, दमोह और बुधनी में स्ववित्तीय अनुदान से मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही 12 अन्य जिलों में सार्वजनिक जनभागीदारी नीति के तहत मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से एम.बी.बी.एस. सीटों में 2,000 से अधिक की वृद्धि होगी। भोपाल और ग्वालियर में अस्पताल की बेड कैपेसिटी को 2,500 तक बढ़ाने के साथ-साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जबलपुर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन और इंदौर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई जैसी योजनाएं प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 14 मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। वर्तमान में 24 शासकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जो जल्द ही 37 हो जाएंगे। प्रदेश में 250 पैरामेडिकल कॉलेजों में लगभग 25,000 छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि ये जिला अस्पतालों के समान उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। इसके साथ ही इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप 30,000 से अधिक चिकित्सकीय और सहायक चिकित्सकीय पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिकों से ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण संभव है। 592 करोड़ रुपये की लागत से होगा मेडिकल कॉलेज का निर्माण उज्जैन मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ भूमि पर निर्मित किया जाएगा। निर्माण क्षेत्र 1 लाख 42 हज़ार 34 वर्ग मीटर प्रावधानित है। इसकी कुल लागत 592.3 करोड़ रुपए है। इसमें फायर सेफ्टी के लिए आधुनिक तकनीकों, ऊर्जा दक्षता के लिए एलईडी लाइटिंग, सौर ऊर्जा और ऊर्जा-कुशल एचवीएसी सिस्टम का उपयोग किया गया है। वर्षा जल संग्रहण और अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग के साथ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी प्रावधान किया गया है। मेडिकल कॉलेज में फुट ओवर ब्रिज, ग्रंथालय भवन, सर्विस ब्लॉक, एमजीपीएस ब्लॉक और ईएसएस ब्लॉक की सुविधा शामिल हैं। 550 बिस्तरों वाला आधुनिक शिक्षण अस्पताल उज्जैन मेडिकल कॉलेज शिक्षण अस्पताल की क्षमता 550 बेड की है। अस्पताल में 24×7 आपातकालीन सेवाओं, फार्मेसी, रेडियोलॉजी (CT, MRI, X-RAY, फ्लोरोस्कोपी, अल्ट्रासाउंड), जनरल एवं सुपर स्पेशलिटी ओपीडी जैसी सेवाओं से सुसज्जित है। अस्पताल में 550 आई.पी.डी. बिस्तर, ICU और CCU के लिए 70 बिस्तर, 11 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 1 कैथ लैब और 2 एंडोस्कोपी यूनिट उपलब्ध हैं। इसके अलावा, परमाणु चिकित्सा विभाग और 2 रेडियोथेरेपी बंकर (ब्रैकीथेरेपी और सीटी सिम्युलेटर) जैसी उन्नत सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं। डॉक्टरों, स्टाफ और जनता के लिए कैफेटेरिया की व्यवस्था भी है। निर्माण कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा किया जायेगा। 100 एम.बी.बी.एस. सीट की प्रवेश क्षमता उज्जैन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों की प्रवेश क्षमता 100 प्रावधानित है। मेडिकल कॉलेज में 4 अत्याधुनिक लेक्चर थियेटर (प्रत्येक की क्षमता 180) और 2 परीक्षा हॉल (प्रत्येक की क्षमता 250) रहेगी। सेंट्रल लाइब्रेरी, शिक्षण और फैकल्टी क्षेत्र, प्रयोगशाला और कौशल प्रशिक्षण केंद्र के साथ प्रशासनिक भवन, सामान्य कक्ष और मनोरंजन सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। 380 नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधा का प्रावधान है। इसमें स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र, डायनिंग हॉल और किचन की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यूजी और इंटर्न छात्र एवं छात्राओं के लिए छात्रावास उज्जैन मेडिकल कॉलेज में छात्रों के लिए 329 यूजी और 70 इंटर्न तथा छात्राओं के लिए 286 अंडरग्रेजुएट और 58 इंटर्न की क्षमता वाला छात्रावास रहेगा। इनमें स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र और डायनिंग सुविधाएं रहेंगी। 145 विद्यार्थियों की क्षमता वाला आरडीएच छात्रावास जिम, डायनिंग हॉल और स्टिल्ट पार्किंग जैसी सुविधाओं से युक्त रहेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली से वर्चुअली देवास में किया सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक का भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना का निरंतर विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस दिशा में जिस प्रकार कार्य जारी है, उससे प्रदेश के खिलाड़ी विक्रम अवार्ड प्राप्त करने के साथ-साथ एशियाड और ओलंपिक में अवार्ड प्राप्त करने की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं। देवास में कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम और श्रीमंत तुकोजीराव पवार स्टेडियम से कई प्रतिभावान खिलाड़ी प्रदेश व देश को मिले हैं। श्रीमंत तुकोजीराव पवार की जयंती पर देवास को मिल रही सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक की सौगात से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। देवास में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम देवास में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के भूमि पूजन कार्यक्रम को नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। विविध विशेषताओं से समृद्ध है मालवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवास, उज्जैन धार और इंदौर को जोड़ते हुए क्षेत्र को वृहद महानगर के रूप में विकसित किया जा रहा है। औद्योगीकरण की दिशा में राज्य सरकार तेज गति से कार्य कर रही है। बदलते दौर में इस क्षेत्र की देश में विशिष्ट पहचान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवास में मां तुलजा भवानी और चामुंडा माता दो देवियों का वास है साथ ही क्षेत्र को कैला देवी का भी आशीर्वाद प्राप्त है। अपनी विविध विशेषताओं से समृद्ध मालवा, छत्रपति महाराज शिवाजी के बाद होलकर-पवार-सिंधिया और बाजीराव जी महाराज के माध्यम से हिंदवी सेना द्वारा साम्राज्य पुनर्स्थापित करने के समय से ही स्वाधीन हो गया था। इससे मालवा क्षेत्र के देव-स्थानों की आभा भी बढ़ी। पं. कुमार गंधर्व की उपस्थिति और बैंक नोट प्रेस ने देवास को विशेष महत्व प्रदान किया है। प्रदेश में 114 खेल अधोसंरचना निर्मित, 30 निर्माणाधीन उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा 114 खेल अधोसंरचना (स्टेडियम/खेल परिसर/इंडोर हॉल) निर्मित किये गये है, 30 खेल अधोसंरचना निर्माणाधीन है। प्रदेश मंव कुल 8 सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक निर्मित किये गये है। देवास में 9वॉ सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम में स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा 3 और एथेलेटिक ट्रैक – इंदौर, रतलाम और छतरपुर में भी स्वीकृत किये गये है। प्रदेश में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा 12 सिंथेटिक हॉकी टर्फ की स्थापना की गई है तथा 6 सिंथेटिक हॉकी टर्फ निर्माणाधीन है। राज्य सरकार द्वारा “वन डिस्ट्रिक्ट-वन स्पोर्टस काम्पलेक्स” अन्तर्गत सभी जिलों में खेल स्टेडियम का निर्माण किया जावेगा और मुख्यमंत्री खेल अधोसंरचना योजना के तहत सभी विकासखंडो में खेल स्टेडियम बनाने की योजना है। देवास में 9 करोड़ 18 लाख की लागत बनेगा सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक देवास का कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम 10.00 एकड़ भूमि में स्थित है। स्टेडियम में बैडमिंटन के 4 सिंथेटिक कोर्ट, बास्केटबॉल के 2 कोर्ट, 25 मीटर स्वीमिंग पुल, ओपन जिम, साफ्टबॉल और शतरंग खेल के अतिरिक्त महिला आत्मरक्षा के लिए कराते प्रशिक्षण संचालित है। स्टेडियम में एथेलेटिक खिलाड़ियों के लिए खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक की स्थापना 9 करोड़ 18 लाख रुपए की लागत से की जा रही है, जिसमें 400 मीटर सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रेक 8 लेन की सुविधा उपलब्ध रहेंगी। खिलाड़ियों के फिटनेस के लिए 26 लाख रुपए के जिम उपकरण भी उपलब्ध कराये जायेंगे। कार्यक्रम से उप मुख्यमंत्री तथा देवास जिले के प्रभारी श्री जगदीश देवड़ा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग वर्चुअली जुड़े। देवास में हुए कार्यक्रम में देवास सांसद श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पवार, महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिरसा मुण्डा जयंती पर धार में 334 करोड़ रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की दी गई सौगातें

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिये किये जा रहे प्रयासों के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से प्रारंभ हुए जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से हमारी आजादी में जनजातीय नायक-नायिकाओं के योगदान से देश-दुनिया को परिचित कराने में मदद मिली है। अंग्रेजों से वीरता पूर्वक युद्ध करने वाले, जन-समुदाय द्वारा भगवान के रूप में पूजे जाने वाले, मुण्डा क्रांति के जनक बिरसा मुण्डा थे। उन्होंने सशस्त्र छापामार संघर्ष में बलिदानी रायन्ना, संथाल विद्रोह या हूल आंदोलन में तीर-कमान के साथ शामिल होने वाले शहीद सिद्धो संथाल, कान्हू संथाल, उनके छोटे भाई चाँद और भैरव के योगदान का भी उल्लेख किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की संवेदनाएं जनजाति वर्ग के प्रति विशेष रूप से है। जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिये उन्होंने बजट में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि की है। पीएम जन मन योजना के माध्यम से जनजातीय वर्ग के कल्याण को नई दिशा दी जा रही है। बेगा, सहरिया सहित अन्य पिछड़े जनजातीय वर्ग के जीवन में सुधार के लिये भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को धार में भगवान बिरसा मुण्डा जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के विशाल समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से समाज को मुक्त कराने का लक्ष्य रखा है। इस प्रयास में समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस बीमारी के उन्मूलन के संबंध में जागरूकता के लिये विशेष प्रयास करें। समय पर जाँच होने से इस बीमारी का इलाज संभव है। आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं है। आज के दिन हमारे समाज के गौरव भगवान बिरसा मुण्डा ने जन्म लिया था। यह दिन हमारे लिये गौरव के साथ गर्व का दिन भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरूआत की है। बिरसा मुण्डा ने जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिये संघर्ष किया। उन्होंने भारत माँ की रक्षा के लिये भी अपनी जीवटता और वीरता से अनेक उल्लेखनीय कार्य किये और समाज को नई दिशा दी। धर्मांतरण के विरोध में आवाज उठाते हुए वे आगे आये। मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि संस्कृति बचेगी तो हम बचेंगे। संस्कृति की रक्षा के लिये बिरसा मुण्डा का भारत के इतिहास में एक बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा के नाम से विश्वविद्यालय बनाया गया है। रेलवे स्टेशन का नाम भी टंट्या मामा के नाम पर किया गया है। हमारी सरकार जनजाति समाज के समग्र कल्याण के लिये कृत संकल्पित होकर लगातार काम कर रही हैं, जो अनवरत जारी रहेंगे। विकास के साथ होंगे रोजगार के अवसर सृजित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संवर्धन के माध्यम से विकास को नये आयाम दिये जा रहे हैं। धार जिले में 334 करोड़ रूपये लागत के 57 विकास कार्यों की सौगात क्षेत्र को प्रगति के पथ पर तेज गति प्रदान करेगी। इससे क्षेत्र में विकास के साथ रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेसा कानून की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल आदि मूलभूत सुविधाओं के विकास के प्लान तैयार किये जायें और उन्हें कार्यरूप में परिणित भी करें। उन्होंने बताया कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित किया जा रहा है। शासन की प्रत्येक योजना का लाभ हर पात्रताधारी व्यक्ति को मिले, इसके लिये मैदानी स्तर पर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल बीमारी समाज के लिये घातक है। इस बीमारी के उन्मूलन के लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। मैदानी स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के लिये  विशेष प्रयास लगातार जारी हैं। गरीब वर्ग के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा जनजाति वर्ग के भाई-बहनों को आगे लाने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीमार को त्वरित चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता तथा उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाने के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है। प्रदेश सरकार हर व्यक्ति को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिये लगातार प्रयास कर रही है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित नहीं रहे। उन्होंने जनजाति समाज के बच्चों से बेहतर शिक्षण के लिये आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा जनजाति समाज के बच्चों को उच्च शिक्षण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इन कोचिंग पर होने वाला खर्च शासन द्वारा उठाया जायेगा। गौ-संवर्धन के लिये खुलेंगी बड़ी गौ-शालाएँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में गौ-माता की रक्षा और उनके संवर्धन के लिये बड़ी-बड़ी गौशालाएं खोली जाएंगी। ग्रामीणों को दुग्ध उत्पादन के लिये प्रोत्साहित करने के साथ इस पर बोनस भी दिया जायेगा। प्रदेश में राज्य परिवहन निगम जैसी सेवा पुन: प्रारंभ की जायेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के बेहतर साधन एवं सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि

भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज को किया खड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद जनजातीय वर्ग के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके लिये वे हकदार थे। जनजातीय समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान बनाया। भारत की संस्कृति और आजादी के रक्षा के लिये सैकड़ो वर्षों की लड़ाई का नेतृत्व दिया। आजादी के बाद के दशकों में जनजातीय वर्ग के अनमोल योगदान को मिटाने की कोशिश की गई। इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिहार जिले के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर 6 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसमें जनजातीय वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने वाले स्कूल और हॉस्टल, जनजातीय वर्ग की महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुविधा, जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सैकड़ों किलोमीटर की सड़कें, जनजातीय वर्ग की संस्कृति को समर्पित संग्रहालय एवं जनजातीय वर्ग के डेढ़ लाख परिवारों को पक्के घर के स्वीकृति पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही आज देव दीपावली के दिन 11 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को अपने घर में प्रवेश कराया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा के श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वंतत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का वर्चुअली लोकापर्ण किया। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय पर आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण श्री रामलाल रोतेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत जनजातीय परंपरा अनुसार किया गया। जनजातीय कल्याण के लिये राज्य सरकार कर रही है बेहतरीन कार्य : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जनजातीय कल्याण के अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जन मन योजना और सिकल सैल उन्मूलन मिशन, जनजाति कल्याण का महाभियान है। इस महाभियान में राज्य सरकार द्वारा जनजाति कल्याण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। अनेक विभागों के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के कारगर प्रयास लगातार जारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल उन्मूलन मिशन का संकल्प मध्यप्रदेश की धरती से लिया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सिकल सैल उन्मूलन की दिशा में जाँच और जागरूकता के कार्य सघन स्तर पर किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 82 लाख लोगों की सिकलसेल स्क्रीनिंग पूर्ण हो गई है। राज्यपाल श्री पटेल ने शहडोल ज़िले के सिकल सैल जाँच कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सिकल सैल कार्ड वितरण का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय, इस रोग के प्रति जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व लड़का-लड़की सिकल सैल कार्ड का मिलान ज़रूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भधारण के दौरान और जन्म के बाद भी बच्चे के सिकल सैल की जाँच ज़रूर कराएं। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी से आह्वान किया कि सिकल सैल की जाँच और जागरूकता हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर उनका नमन किया और प्रदेश एवं देश के महान क्रांतिकारी, जनजातीय सपूतों का पुण्य स्मरण भी किया। उन्होंने जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा जबलपुर और छिंदवाड़ा के जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण के प्रति आभार ज्ञापित किया।  

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को भव्य स्वरूप में मनाया जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य के रूप में जीते जी जिन्हें भगवान का दर्जा मिला, ऐसे भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती प्रति वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अतीत में इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण बिहार, झारखंड की धरती से उन्होंने अंग्रेजों का प्रबल प्रतिरोध स्थापित किया, जहां से आदिवासी अंचल में दो स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का राज्य स्तरीय कार्यक्रम शहडोल और धार में आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों से स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा के उन पक्षों को भी सामने रखा जायेगा, जिससे स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती मिली।

राष्ट्र रक्षा के लिये भगवान बिरसा मुंडा द्वारा किये गये बलिदान का प्रकटीकरण हो और इससे समाज अवगत हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “अबुआ दिशोम-अबुआ राज”… अपना देश और अपनी माटी के महत्व का उद्घोष करने वाले और उलगुलान क्रांति से स्वत्व, स्वाभिमान और स्वराज की चेतना जगाने वाले भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज हम सब उनको सादर नमन करते है। भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय संस्कृति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लंबा संघर्ष किया और जनजातीय गौरव का प्रतीक बन गये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके अभूतपूर्व योगदान को स्मरण करने के लिए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर पर प्रति वर्ष “जनजातीय गौरव दिवस” के आयोजन की परंपरा आरंभ की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल, जंगल, जमीन के रक्षक बिरसा मुंडा ने वर्ष 1893-94 में अंग्रेजों द्वारा वन अधिनियम बनाकर जंगलों पर कब्जा करने का विरोध किया, शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और स्वतंत्रता के लिये उलगुलान क्रांति शुरू की। उन्होंने जनजातियों के स्वाभिमान को जगाया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि यह हमारी धरती है और हम ही इसके रक्षक हैं। अपनी धरती और माटी की रक्षा के लिये जनजातियों ने बिरसा मुंडा के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला। यह क्रांति इतनी प्रभावी थी कि आखिरकार अंग्रेजों ने छोटा नागपुर टेनेंसी कानून पारित किया और जनजातियों को उनका अधिकार प्राप्त हुआ। गौरवमयी अतीत का प्रकटीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज का गौरवमयी अतीत समाज के सामने लाना और उनकी संस्कृति तथा परंपराओं का संरक्षण है। राष्ट्र रक्षा के लिये उनके द्वारा किये गये बलिदान का प्रकटीकरण हो और इससे समाज अवगत हो, वे अपनी संस्कृति और परंपराओं का महत्व समझें तथा उनमें स्वत्व का बोध हो। समाज, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज शहडोल और धार जिले में राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। मुझे प्रसन्नता है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़कर हमारा मार्गदर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन की शुरुआत के साथ जनजातियों के गौरव की पुनर्स्थापना की नींव रखी है। उनका लक्ष्य है अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का विकास करना तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना। जनजातीय समाज के कल्याण के लिये संकल्पित प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प की सिद्धि के लिये मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। जनजातीय वर्ग का समग्र विकास ध्येय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर जनजाति न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना और उनका शैक्षणिक, आर्थिक, स्वस्थ और सामाजिक विकास करना है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश की विशेष उपलब्धि रही है। पीएम जन-मन योजना में प्रदेश के 24 जिलों के 118 गांवों में निवासरत बैगा, भारिया एवं सहरिया विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के 11 लाख 35 हजार से अधिक भाई-बहनों को सहायता, रोज़गार और कौशल प्रशिक्षण देकर इन्हें विकास की नई राह से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसमें 7 हजार 300 करोड़ रुपये की लागत से नये स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, बहुउद्देशीय केंद्र, सड़क, पुल और आवास सहित अन्य निर्माण कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम जन-मन योजना में सिवनी जिले का झिंजरई गांव एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित हो चुका है। इस गांव में राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन शत-प्रतिशत हुआ। यही नहीं, छिंदवाड़ा और डिंडौरी जिले में 7 और कटनी में 6 विशेष पिछ़ड़े जनजातीय बहुल गांव आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। शौर्य और पराक्रम जनजातियों का मौलिक स्वभाव है। उनकी इस विशेषता को देखते हुए प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के लिये शौर्य संकल्प योजना के अंतर्गत पीवीटीजी बटालियन गठित की जायेगी। जनजातीय विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य निर्माण के लिये उन्हें प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक, विदेश अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना और परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण का लाभ दिया जा रहा है। बजट वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग के समग्र विकास और कल्याण के लिये हमने इस वित्त वर्ष में 40 हजार 804 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले बजट की तुलना में 23.4 प्रतिशत अधिक है। तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 3 हजार रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रुपये किया गया। इससे 35 लाख संग्राहक लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश में जनजातीय विकास की अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिये विशेष तकनीकी समूह तैयार करने का निर्णय लिया गया। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में अधिकतम 3900 रुपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता राशि स्वीकृत की गई। प्रदेश में जनजातियों को जल, जंगल, जमीन और श्रमिकों के अधिकारों की जानकारी तथा इनके संरक्षण और सांस्कृतिक परंपराओं की सुरक्षा के लिये पेसा अधिनियम लागू किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के समग्र विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में विशेष पहल करते हुए 2 अक्टूबर, 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आरंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में जनजातीय आबादी के लिए समान अवसरों का सृजन, सामाजिक-आर्थिक स्तर का विकास, बुनियादी ढांचे का सुधार और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आजीविका के क्षेत्र में ठोस प्रगति करना है। हमारा लक्ष्य प्रदेश के 267 विकासखंडों में स्थित 11 हजार 377 जनजातीय बहुल गांव का सर्वांगीण विकास करना है। यही नहीं, इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 100 जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार तैयार करने की योजना है। प्रदेश के 19 जिलों में जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इसमें जनजातियों की पुरातन कला, संस्कृति के प्रतीक, शिल्पकारी, चित्रकारी, खिलौने, मिट्टी व बांस से तैयार उत्पाद आदि का प्रदर्शन किया जायेगा। इससे पारंपरिक कला संस्कृति समृद्ध होने के साथ जनजातीय वर्ग का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण होगा। मध्यप्रदेश, मोदी जी के संकल्प को करेगा साकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे इस बात से संतोष है कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज के स्वाभिमान और उत्थान के लिये जो स्वप्न देखा था, वह आज प्रधानमंत्री … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोटा में विद्यार्थियों के साथ साझा किए अपने अनुभव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों को अपना जुनून हमेशा कायम रखना चाहिए। इच्छाशक्ति जितनी दृढ़ होगी, लक्ष्य उतना ही आसान होगा। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी पद पर पहुंचे, मित्रता का प्रेमभाव हमेशा बनाए रखना। इसका सबसे अच्छा उदाहरण श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती का है। उनकी दोस्ती 11 वर्ष की उम्र में हुई थी और जब वे द्वारका के राजा बने तब भी उनकी दोस्ती ने दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्थान के कोटा जिले में एलन शिक्षण संस्थान के समउन्नत भवन में विद्यार्थियों से चर्चा कर रहे थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विद्यार्थियों ने गजहार पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति का इससे अच्छा उदाहरण दूसरा नहीं हो सकता कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात में पहली बार विधायक बनने के साथ ही मुख्यमंत्री बने और लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री के बाद वे पहली बार सांसद बनें और पहली बार में ही देश के प्रधानमंत्री बनें। इसके बाद लगातार सांसद बने और प्रधानमंत्री भी। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में हैट्रिक भी बनाई। आर्थिक दृष्टि से गुजरात देश के अन्य राज्यों की तुलना में अग्रणी है। समाज सेवा के लिए छोड़ी डॉक्टरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैंने अपने शैक्षणिक काल से ही अपना लक्ष्य समाज सेवा के रूप में निर्धारित किया था। वर्ष 1982 में मेरा चयन मेडिकल कॉलेज के लिए हो गया था, परंतु समाज सेवा के अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मैंने मेडिकल में प्रवेश न लेते हुए, बीएससी की उपाधि प्राप्त की। मैं यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट रहते हुए राजनीति में सक्रिय रह सका। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के तीन मूल मंत्र हैं, जिन्हें विद्यार्थियों को आत्मसात करना चाहिए। पर्याप्त नींद लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और प्राणायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बताया‍कि अपने लक्ष्य पर शुरू से ही ध्यान केन्द्रित रखना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण 11 वर्ष की आयु में मथुरा से राजस्थान होते हुए मध्यप्रदेश के उज्जैन पधारे थे। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी यात्रा के दौरान प्रदेश में जहां-जहां विश्राम किया या ठहरे उन स्थानों को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक महत्व के तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शिक्षा काल में जिन ग्रंथों का अध्ययन किया, उन ग्रंथों का सार गीता में समाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी निराशा को अपने आप पर हावी न होने दें। जब निराश हो जाए तो राजनेताओं की तरफ देखें, वे बार-बार चुनाव लड़ते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। कई बार विद्यार्थी लक्ष्य प्राप्ति की दौड़ में पीछे रह जाते हैं तो उन्हें निराश नहीं होना चाहिए, जबकि दोगनी ऊर्जा के साथ फिर प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलन शिक्षण संस्थान मध्यप्रदेश के उज्जैन में अपने संस्थान प्रारंभ करें, जिससे मध्यप्रदेश के छात्रों को भी स्थानीय स्तर पर लाभ प्राप्त हो सकेगा।  

दिव्यांगों को लेपटॉप, मोटोराइज्ड ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण भी करेंगे वितरित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 नवम्बर को इंदौर के नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना, गैस रीफिल एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 2 करोड़ 10 लाख हितग्राहियों के खातें में 1961 करोड़ रूपये अंतरित करेंगे। इसमें 1 करोड़ 29 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1573 करोड़ रूपये, 26 लाख बहनों के खातों में सिलेंडर रीफिल की राशि 55 करोड़ रूपये और 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों के खातों में 333 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जायेगी। नेहरु स्टेडियम में  5  हजार से अधिक बालिकाओं के द्वारा तलवार चलाने के वर्ल्ड रेकार्ड बनाने का कार्यक्रम भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के ढ़क्कन वाला कुँआ स्थित ग्रामीण हाट बाजार में आयोजित कार्यक्रम में इंदौर के 450 से अधिक दिव्यांगजनों को लेपटॉप, मोट्रेट ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री आईटीसी के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। उनके द्वारा इंदौर जिले के  155  दिव्यांगजनों को मोटोराइज्ड ट्रॉयसाइकल, निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 81 छात्र/छात्राओं को लेपटॉप, 6 दम्पतियों को मुख्यमंत्री निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता, 130 दिव्यांग वृद्धजनों को डिजीटल श्रवण यंत्र, 99 दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, सी.पी. चेयर, बैशाखी और  कैलीपर्स प्रदान की जायेगी। साथ ही कलेक्टर श्री आशीष सिंह की पहल पर तैयार किये गये दिव्यांगजनों को सशक्त पोर्टल के माध्यम से निजी क्षेत्र की कम्पनियों में चयनित 5 दिव्यांगजनों को नियुक्ति-पत्र भी सौंपेंगे। इस कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिला एवं संभागीय अधिकारी वर्चुअल शामिल होंगे।

सशक्त आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नींव है स्वस्थ नागरिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और विस्तृत बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव स्वस्थ नागरिकों से बनती है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक, चाहे वह शहर में हो या दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में, उन्नत चिकित्सा सेवाओं तक आसानी से पहुंच सके। इसी उद्देश्य से राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे ये केंद्र जिला अस्पतालों के समान उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी नागरिकों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वस्थ नागरिकों से ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण संभव है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और हर क्षेत्र में लोग पूरी ऊर्जा से समाज और देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें। चिकित्सा शिक्षा का विस्तार और मैनपॉवर की बढ़ोतरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के “स्वस्थ भारत सशक्त भारत” के दृष्टिकोण के तहत चिकित्सा शिक्षा का भी तेजी से विस्तार कर रही है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में 17 सरकारी और स्वशासी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जारी है। हाल ही में सिवनी, नीमच, और मंदसौर में नए मेडिकल कॉलेजों का संचालन शुरू हुआ है और 8 अन्य मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 12 और मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई है, जिससे प्रदेश में चिकित्सा विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलेगा। 30 हज़ार से अधिक चिकित्सकीय, सहायक चिकित्सकीय पदों पर होगी भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप राज्य में शीघ्र ही 30 हजार से अधिक चिकित्सकीय और सहायक चिकित्सकीय मैनपॉवर की भर्ती की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाय में और सुधार होगा। आधुनिक तकनीक और सेवाओं का समावेश मध्यप्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में MRI, CT स्कैन, और PET CT जैसी आधुनिक उपकरणों की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए 42 प्रकार की एंटी-कैंसर दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके। राज्य के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में अब 132 प्रकार की जांच सेवाएं उपलब्ध हैं, जबकि सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 80 प्रकार की जांच की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में 324 हब और 1,610 स्पोक स्थापित किए गए हैं, जहाँ प्रतिदिन 35 हजार से अधिक जांचें जिला स्तर पर और 32 हजार से अधिक जांचें हब और स्पोक पर हो रही हैं। इसी तरह सभी जिला अस्पतालों में अब डायलिसिस, CT स्कैन और डिजिटल एक्स-रे की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश का एमवाय (महाराजा यशवंतराव) अस्पताल इन्दौर देश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए उन्नत सीएआर-टी थेरेपी शुरू की गई है। यह सुविधा राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने और उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुफ्त दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के शासकीय अस्पतालों में मुफ्त दवाओं की उपलब्धता में भी बड़ी वृद्धि की गई है। जिला अस्पतालों में 295 से बढ़ाकर 530 प्रकार की दवाएँ, सिविल अस्पतालों में 448, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 373 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 299 प्रकार की दवाएँ मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार मध्यप्रदेश सरकार मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठा रही है। राज्य में विशेष नवजात देखभाल इकाइयाँ (SNCU) और बाल गहन चिकित्सा इकाइयाँ (PICU) स्थापित की गई हैं, ताकि माताओं और नवजात शिशुओं को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल प्राप्त हो सके। हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों की समय पर पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही सुरक्षित प्रसव के लिए बर्थ वेटिंग रूम का संचालन और किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को आयरन फॉलिक एसिड सप्लीमेंट की सुविधा प्रदान की जा रही है।

धार्मिक संस्थाएं, अस्पताल-स्कूल और कॉलेज निर्माण के लिए आगे आएं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार्मिक संस्थाएं, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल और धर्मशाला आदि के निर्माण में आगे आएं, राज्य शासन की ओर से उन्हें हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। देश के 7 पवित्रतम नगरों में से उज्जैन एक है, यहां सभी समाजों के लिए धर्मशाला, मठ, मंदिर आदि के निर्माण को राज्य शासन की ओर से प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में सिंहस्थ क्षेत्र में स्थाई निर्माण को प्रोत्साहन देने की नीति बनाई गई है, जिसके अंतर्गत महर्षि श्रृंग समाज उत्थान संस्थान ने उज्जैन में मंदिर और आश्रम निर्माण का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में बनने जा रहे महर्षि श्रृंगी महाराज और माता शांता मंदिर और आश्रम के भूमि-पूजन कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उज्जैन में हुए कार्यक्रम में हैदराबाद से पधारे परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 प्रभु दास जी महाराज, पुष्कर राजस्थान के श्री तेजमल पंडया, नई दिल्ली के श्री विक्रांत पांडे सहित वरिष्ठ समाजसेवी तथा नागरिक उपस्थित थे।  

क्षिप्रा शुद्धीकरण के साथ सम्पूर्ण उज्जैन का विकास सर्वोच्य प्राथमिकता में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये विशेष व्यवस्थाऍ करने राज्य सरकार की टीम ने एकजुट होकर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य स्तर पर टास्क फोर्स का गठन भी किया जा चुका है। सिंहस्थ- 2028 की व्यवस्थाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मांक्षिप्रा के शुद्धीकरण के लिए 599 करोड़ रूपये लागत की कान्ह-क्लोज डक्ट परियोजना का कार्य प्रगतिरत है। साथ ही उज्जैन में आवागमन के लिये चौतरफा सड़क, ब्रिज बनाकर फोर-लेन मार्ग भी बनाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ आवागमन और सौन्दर्यीकरण से संबंधित अनेक अधोसंरचनात्मक किसान के कार्य प्रगतिरत हैं। उज्जैन पहुँचने वाले श्रद्धालु, विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिये ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिससे वे कम समय में सहजता से क्षिप्रा के घाटों और श्रद्धा स्थलों तक पहुँच सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में साधु-संतों के लिये इस बार विशेष पहल कर हरिद्वार की तरह स्थायी धार्मिक नगरी और आश्रम बनाये जायेंगे। इसके लिये सभी 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर, संत-महंतों के लिये आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जायेगी। इन प्रयासों से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के माध्यम से उज्जैन को विश्व पटल पर प्रमुखधार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में पहचान दिलाने के समग्र प्रयास किये जा रहे है। आगामी सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने के लिये सदावल में हेलीपेड का निर्माण भी किया जायेगा। साथ ही उज्जैन की हवाई पट्टी को एयरपोर्ट बनाने की पहल भी की जा रही है। उज्जैन को जोड़ने वाले चारों ओर के मार्गों को फोरलेन किया जायेगा, जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्र मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे। सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही उज्जैन शहर और उज्जैन ग्रामीण के बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये स्थाई प्रकृति के 62 करोड़ के कार्यों को मंजूरी दी गई है। इसमें आधुनिक बिजली ग्रिड, नवीन विद्युत लाइन, इंटर कनेक्शन और नवीन उपकेन्द्र बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य से उज्जैन में 658 करोड़ से अधिक के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन हो चुका है। इनमें प्रमुख रूप से हरिफाटक-लालपुल-मुल्लापुरा फोरलेन मार्ग शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेड़ी, 2 नग 2 लेन आरओबी और क्षिप्रा पर 2-लेन ब्रिज सहित फोरलेन मार्ग, उज्जैन बड़नगर बाईपास टू-लेन मार्ग निर्माण कार्य, बडावदा-कलसी-नागदा से दोत्रु मार्ग का निर्माण, नागदा गिद्धगढ़ विदखेड़ा मोकड़ी मार्ग, तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग, रालामंडल-कांकरिया-चिराखान-लेकोडा़-झिरोलिया-बारोदा-हमीरखेड़ी-उमरिया मार्ग, लालपुर से चिंतामन गणेश मंदिर, बड़ापुल-रणजीत-हनुमान-मोजमखेड़ी मार्ग, वाकंणकर पुल से दाऊद खेड़ी, करोहन-नाईखेड़ी-पंचक्रोशी मार्ग, खाचरोद-बड़नगर-बायपास, सेदरी से बड़ावदा, मुरानाबाद से बेड़ावन्या, रतलाम खाचरोद का शेष भाग का मजबूतीकरण, सदावल हेलीपैड निर्माण, जहांगीरपुर से चामुंडा माता मार्ग, रूदाहेड़ा से गुनई-महिदपुर से काचरिया एवं महिदपुर से नागेश्वर तीर्थ, सुतारखेड़ा एप्रोच रोड-मीन रोड से सुतारखेड़ा एवं रूदाहेड़ा एप्रोच रोड और मक्सी-तराना-रूपाखेड़ी एवं कानीपुरा-तराना मार्ग, मास्टर माईंड स्कूल तराना से लिम्बादित मेन रोड का काम प्रारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक विकसित होने के बाद उज्जैन वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुका है। यहाँ आने वाले श्रृद्धालुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इसके दृष्टिगत वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिये अभी से कार्य प्रारंभ कर दिये है, जिससे यहाँ आने वाले श्रृद्धालु और नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, नवीन मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापकों की भर्ती की आयु सीमा की गई 50 वर्ष

  भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम, 1997 में मुख्यमंत्री के आदेश दिनांक 13.09.2023 एवं इसके परिपालन में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना 3 अक्टूबर, 2023 का अनुसमर्थन किया गया। इस निर्णय से महिला आरक्षण 35 प्रतिशत होगा। 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2024-25 में (खरीफ एवं रबी सीजन में) 254 नए उर्वरक विक्रय केन्द्र स्थापित करने पर मानव संसाधन पर होने वाली संभावित व्यय की वास्तविक राशि अधिकतम 1 करोड़ 72 लाख रूपये की सीमा तक की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया। 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की स्थापना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप वि‌द्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 (410) मेगावाट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 (420 मेगावाट) में स्थापित इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 में स्थित इकाई क्रमांक 6 एवं 7 (200 + 210 मेगावॉट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 में स्थित इकाई क्रमांक 8 एवं 9 (2X210 मेगावॉट) द्वारा रूपांकित आयु पूर्ण कर ली गई हैं। ये इकाइयों लगभग 39 से 44 वर्षों से संचालन में हैं। इन इकाइयों की स्थिति एवं प्रदर्शन के दृष्टिगत म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा इन इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की चाही गई अनुमति मंत्रि-परिषद ने प्रदान की है। निर्णय अनुसार सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 एवं 3 में स्थित इकाई क्रमांक 6 से 9 (कुल क्षमता 830 मेगावॉट) को 30 सितम्बर, 2024 से रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की अनुमति प्रदान की गई। रिटायर (डी-कमीशन) इकाइयों का डिस्पोजल ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जायेगा। इन इकाईयों के स्थान पर 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई (इकाई क्रमांक 13) की स्थापना के लिए म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी करायी जायेगी। आयु-सीमा में वृद्धि का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महावि‌द्यालयों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। सह चिकित्सीय पाठ्क्रमों की मान्यता म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही को लंबित रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2023-24 एवं आगामी सत्रों की मान्यता प्रक्रिया, साथ ही सह-चिकित्सीय पाठ्यक्रम उत्तीर्ण कर्मियों के पंजीयन एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं का आयोजन पूर्व में प्रचलित म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 अंतर्गत् प्रचलित नियमों के अनुसार, पूर्व में विघटित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद को पुनर्जीवित करते हुए, पूर्ण किये जाने तथा राष्ट्रीय आयोग द्वारा अधिनियम अंतर्गत प्रावधानित विनियम (रेगुलेशन) जारी होने के उपरांत विनियम के अनुरुप मध्यप्रदेश अलाइड एण्ड हेल्थ केयर कौंसिल ‌द्वारा स्वशासी बोर्ड्स के गठन होने पर पुनर्जीवित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद स्वतः समाप्त हो जायेगी एवं मंत्रि-परिषद् के पूर्व में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही की जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की गई केन्द्र प्रवर्तित परियोजना “Strengthening of Cooperatives through IT Interventions” अन्तर्गत प्रदेश के पंजीयक सहकारी संस्थाएँ कार्यालय के कम्प्यूटराईजेशन के लिए परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। इस पर 3 करोड़ 68 लाख रूपये व्यय आयेगा, जिसकी 60 प्रतिशत राशि केन्द्र एवं 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जायेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय गोवर्धन पूजा समारोह को किया संबोधित, कहा- गायों की देखभाल गौ-शालाओं में होंगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में गौ-पालन को बढ़ावा देकर किसानों और गौ-पालकों की आर्थिक सशक्तिकरण का कार्य किया जा रहा है। शहरों में कांजी हाऊस के स्थान पर गौ-वंश की देशभाल के लिए गौशालाएं प्रारंभ की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 51 हजार से अधिक ग्रामों में दूध का उत्पादन बढ़ाते हुए इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश को पूरे देश में प्रथम स्थान पर लाने का प्रयास है। इसके साथ ही अगली पशुगणना में प्रदेश पहले तीसरे स्थान से पहले स्थान पर लाने के के समस्त प्रयास भी किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गौ-वंश पालन पर क्रेडिट कार्ड देने की पहल की गई है। हमारे किसान भाई और पशुपालक दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा करते हैं। प्रदेश में पहली बार शासन स्तर पर गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य हमारी हजारों वर्ष पुरानी संस्कृति और गौ-माता के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को रवींद्र भवन परिसर भोपाल में राज्य स्तरीय गोवर्धन पूजा समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित नागरिकों को गोवर्धन पूजा की बधाई दी। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवींद्र बहिरंग मंच पर गोवर्धन पूजा समारोह का दीप जलाकर शुभारंभ किया। दुग्ध सहकारिता क्षेत्र में लौह पुरूष सरदार पटेल के योगदान का किया स्मरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड से अनुबंध कर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई है। लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल ने दुग्ध सहकारिता आंदोलन को गति दी थी। आज “अमूल” के उत्पाद देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। मध्यप्रदेश में गुजरात पैटर्न पर दुग्ध सहकारिता क्षेत्र में किसानों और पशुपालकों की सहायता के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध, घी और मक्खन के साथ गौ-काष्ठ का भी उपयोग हो रहा है। गोबर से खिलौने और कलाकृतियां तैयार की जा रही हैं। प्रदेश सरकार गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए गौ-शाला को प्रति गाय 20 रुपये के स्थान पर 40 रुपये के अनुदान का निर्णय ले चुकी है। जो पशुपालक 10 या उससे अधिक गायों का पालन करेंगे उन्हें भी विशेष अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में वर्तमान में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत उत्पादन हो रहा है, जिसे 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। सभी गाँव में दुग्ध संघ के माध्यम से गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी। प्रारंभ में 11 हजार गाँव में दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि का प्रयास है। प्रदेश में इस वर्ष गौ-वंश रक्षा पर्व मनाया जा रहा है। गौ-वध के दोषी को मिलेगा 7 वर्ष का सख्त कारावास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-वंश से समृद्ध प्रदेश में गौ-माता के संरक्षण के लिये समुचित प्रावधान किये जा रहे है। गौ-वध को रोकने के लिये समुचित व्यवस्था की गई है। गौ-वध का दोषी पाये जाने पर 7 वर्ष की सख्त सजा देने का कानूनी प्रावधान है। प्रदेश है गौ-वंश में समृद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश गौ-वंश में समृद्ध है। प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 39 लाख गायें हैं। वर्ष 2019 की पशु गणना के अनुसार मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है। हम अगली पशुगणना में देश में प्रथम स्थान पर आने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-पालकों को प्रोत्साहन, गौ-वंश संरक्षण के सरकार के प्रयासों और योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पशु चिकित्सा के लिये गौ-एंबुलेंस का संचालन भी किया जा रहा है। शहरों और ग्रामों में अर्थव्यवस्था में भी सहयोगी है गौ-पालन मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश गौ-वंश संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। भारत विश्व में 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। शीघ्र ही भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। ग्रामों में कृषि कार्य के साथ पशुपालन एवं गौ-पालन किसान की आर्थिक समृद्धि में सहयोगी है। शहरों में भी गौपालन से पशुपालक अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मध्य प्रदेश इस क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। पशुधन संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य स्तर पर गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारी संस्कृति की प्रतीक भी है, जिससे विश्व में भारत की पहचान है। मानवता का संरक्षण करती है गाय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा को समर्पित इस पर्व से संबंधित यह मान्यता भी है कि भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन क्षेत्र के नागरिकों को आपदाओं से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था। यह घटना भगवान द्वारा उन भक्तों को सुरक्षा देने का भी प्रतीक है, जो उनकी शरण में आते हैं। गोवर्धन पूजा में अन्न का पर्वत बनाया जाता है, इसे अन्नकूट कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के गायों के प्रति प्रेम से ही उनका नाम गोपाल हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व के हर देश में गौपालन देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में मालवी गाय विशिष्ट है। गाय माँ के समान है, वह सृष्टि की जननी भी मानी गई है। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना के बाद सर्वप्रथम गाय को ही पृथ्वी पर भेजा था। गाय माँ लक्ष्मी का भी स्वरूप है और इसे कामधेनु भी माना जाता है। गाय के दूध में जो पोषक तत्व हैं, वह अन्य दुधारू पशुओं के दूध में नहीं है। इस तरह गाय कई रूपों में मानवता का संरक्षण करती है। शहरों में प्रारंभ होंगी बड़ी गौ-शालाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौपालन एवं गौ संरक्षण के कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर जैसे शहरों में जहाँ हजारों की संख्या में गौ-वंश है, बड़ी गौशालाएँ प्रारंभ की जायेगी। शहरों की गौशालाओं में 5 हजार से लेकर 10 हजार तक गौवंश को रखने की व्यवस्था होगी। राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 में पशुधन संरक्षण और पशुपालन गतिविधियों के लिए 590 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान किया … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- समग्र विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन की पहचान साधु-संतों से है। उज्जैन में हरिद्वार के तर्ज पर साधु-संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि को स्थायी आश्रम बनाने की अनुमति दी जाएगी। प्रत्येक 12 वर्षों में एक बार होने वाला सिहंस्थ का आयोजन वर्ष 2028 में किया जाएगा। साधु-संतों को उज्जैन में आने, ठहरने, कथा, भागवत इत्यादि अन्य आयोजन के लिए पर्याप्त रूप से भूमि-भूखंड की आवश्यकता पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा साधु-संतों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी आश्रम बनाए जाने की योजना बनाई गई हैं। निजी होटल्स में साधु-संतों और श्रद्धालुओं को इस प्रकार के आयोजनों के लिए चुनौतियां आती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मेला कार्यालय, उज्जैन के ऑडिटोरियम में सिंहस्थ के संबंध में पत्रकारों से संवाद कर रहे थे। सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, आईजी श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, एसपी श्री प्रदीप शर्मा सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु-संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार उज्जैन में भी साधु-संतों के स्थायी आश्रम बनवाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से योजना को आकार दिया जाएगा। सिंहस्थ के दृष्टिगत सड़क, बिजली, पेयजल, जल-निकासी इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के लिए भी स्थायी अधोसंरचना का निर्माण भी होगा, जिससे अस्थायी निर्माण से होने वाली समस्याएं निर्मित न हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरिद्वार की तरह उज्जैन को धार्मिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी जन-प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्य-योजना तैयार की गई है। सुगम यातायात के दृष्टिगत फोर-लेन, सिक्स-लेन और ब्रिज जैसे स्थायी अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु-संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से होंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है। समग्र विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे। सभी देव-स्थानों के आसपास हमारे धर्माचार्य आ जाए यह हमारी प्राथमिकता हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर को ही आश्रम निर्माण के लिए अनुमति इस प्रकार दी जाएगी कि एक हेक्टेयर के भूखंड पर 25 प्रतिशत पर ही भवन का निर्माण किया जा सकेगा। शेष 75 प्रतिशत भूखंड खुला रहेगा, जिसमें पार्किंग आदि व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त खुला स्थान रहे। आवासीय और कमर्शियल उपयोग के लिए इस प्रकार की अनुमति नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल महालोक बनने के बाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आते हैं। निरंतर धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहता है, जो कि इसी को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन-इंदौर सिक्स-लेन कार्य की टेंडर प्रक्रिया हो गई है। वहीं उज्जैन- जावरा ग्रीन फील्ड फोर-लेन मार्ग का शीघ्र भूमि-पूजन किया जाएगा। इस वृहद् योजना में इंदौर, उज्जैन, धार, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर आदि को विकसित किया जाएगा। उज्जैन के धार्मिक मूल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी गई है। इसी के साथ उज्जैन, देवास, फतेहाबाद, इंदौर को जोड़ते हुए सर्किल वंदे मेट्रो ट्रेन का भी संचालन किया जाएगा। इसकी गति मेट्रो ट्रेन की तुलना में अधिक होगी। रेल रूट के साथ उज्जैन के सभी मार्गों का भी सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। उज्जैन से निकलने वाले सभी मार्ग फोर-लेन किए जाएंगे। वर्तमान एयर-स्ट्रिप का भी उन्नयन कर टेक्निकल रूप से एयरपोर्ट बनाया जायेगा, जिससे 12 महीने हवाई यातायात सुविधा भी उज्जैन को मिल सके।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उड़ान के 8 वर्ष पूर्ण होने पर दी नागरिकों को बधाई

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत की विकास यात्रा में “उड़ान” (उड़े देश के आम नागरिक) योजना के अभूतपूर्व 8 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन करते हुए नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृतव में भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है। केंद्र सरकार की इस पहल में 2.8 लाख उड़ानें, 1.5 करोड़ यात्री, किफायती हवाई यात्रा एवं विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को समृद्ध किया है। विमानन क्षेत्र की ये उपलब्धियां वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाती हैं।  

मुख्यमंत्री ने कहा- 23 अक्टूबर को रीवा में होगी अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, विकास को एक नई दिशा मिलेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 23 अक्टूबर को रीवा में होने वाली प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव राज्य के साथ विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मंच से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे राज्य एवं विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक उन्नति और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो राज्य के समग्र आर्थिक विकास को सशक्त और सुदृढ़ करेगा। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहाँ 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। व्यापारिक सुगमता और औद्योगिक विकास पर ध्यान कॉन्क्लेव में एमपी इंडस्ट्रियल डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन की प्रमुख भूमिका रहेगी, जो “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” के तहत व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाकर निवेशकों को व्यापार स्थापित करने में सहयोगी की भूमिका निभाएगा। एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन राज्य के आईटी एवं ईएसडीएम उद्योग में विकास और निवेश के अवसरों को साझा करेगा। एमएसएमई विभाग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे इन उद्यमों का राज्य के औद्योगिक ढाँचे में और भी मजबूत योगदान हो सके। निर्यात और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निर्यात को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने के उद्देश्य से डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड निर्यात के अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि कस्टम विभाग आयात-निर्यात प्रक्रियाओं और नियमों पर जानकारी देगा। इस दिशा में ईसीजीसी द्वारा निर्यातकों के लिए क्रेडिट बीमा और वित्तीय सेवाओं पर भी व्यापक जानकारी दी जाएगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग में निवेश के अवसर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों और उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, हस्तशिल्प विकास निगम राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने उत्पादों को बाजार में लाने के नए तरीकों पर जानकारी देगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सुनहरे अवसर कृषि और प्र-संस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसरों की जानकारी दी जाएगी, जो राज्य के कृषि उद्योग के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच को और अधिक सुगम बनायेगा। यह कॉनक्लेव कृषि और खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र के उद्यमियों को वैश्विक निर्यात का हिस्सा बनने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का समर्थन बिजनेस और उद्योग को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए यूनियन बैंक एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) बैंकिंग और वित्तपोषण से संबंधित सेवाओं की जानकारी देंगे। साथ ही इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (EEPC India) द्वारा इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात और संबंधित सहायता कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में किया उद्योगपतियों से संवाद, उद्योगपति अपने लिए ही नहीं प्रदेश और देश के लिए चला रहे हैं उद्योग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विन्ध्य में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। इन्हें गति देने के लिए 23 अक्टूबर को रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। उद्योगों के विकास की सभी बाधाएं दूर की जाएंगी। सभी उद्योगपति अपनी कठिनाइयों को उद्योग विभाग अवगत कराएं। हर जिले में निवेश संवर्धन केन्द्र खोल दिये गये है। इसके माध्यम से भी सरकार तक अपनी बात पहुंचाएं। उद्योगपतियों की स्थानीय कठिनाइयों को दूर करने की जिम्मेदारी कमिश्नर और कलेक्टर की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य के उद्योगपतियों को उत्पादों के निर्यात के लिए कंटेनर की सुविधा मिलेगी। अब रेल के साथ मालवाहक हवाई जहाजों से भी परिवहन होगा। उद्योगपति केवल अपने लिए उद्योग नहीं चलाते हैं। उनके द्वारा संचालित उद्योग से प्रदेश और देश का विकास भी होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में 23 अक्टूबर को होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के संदर्भ में स्थानीय उद्योगपतियों के साथ चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हर माह संभागीय मुख्यालयों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। जब कुँआ खुद प्यासे के पास जा रहा है तब उद्योगों को भला कौन सी कठिनाई होगी। उद्योगपतियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की मिलिंग के संबंध में जो कठिनाईयाँ हैं उन्हें दूर करने के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। मिलिंग नीति में राइस मिलर्स के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उद्योगों के लिये वर्ष 2022-23 के अनुदान की राशि जारी कर दी गई है। अब अनुदान की राशि सीधे उद्योगपति के खाते में जारी की जाएगी। विन्ध्य क्षेत्र के विकास की हर बाधा दूर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं रीवा का दामाद हूँ, रीवा के विकास में कोई कोर कसर नहीं रखूंगा।  उद्योगों पर नहीं होगा दोहरा कराधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित रीवा तथा मऊगंज के उद्योगपतियों से चर्चा की और सिंगरौली, सीधी, मैहर तथा सतना के उद्योगपतियों से वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों पर दोहरा कराधान नहीं होगा। आगामी 23 अक्टूबर को रीवा में पूरे विन्ध्य के औद्योगिक विकास के लिए विचार-मंथन के लिए कॉन्क्लेव होगा। इसमें शामिल होने के लिए 50 बड़े उद्योगपतियों के साथ 3 हजार से अधिक उद्योगपतियों ने पंजीयन किया है। इसी दिन औद्योगिक केन्द्र चोरहटा में विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण तथा रीवा में आईटी पार्क के निर्माण का भूमि-पूजन भी किया जायेगा। विन्ध्य में कई बड़े उद्योगों की स्थापना के प्रस्ताव रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिलेंगे। बैठक में उद्योगपतियों ने औद्योगिक विकास के अनुसार जिलों के श्रेणीकरण, रीवा को विशेष औद्योगिक जोन का दर्जा देने, धान मिलिंग तथा बारदाने की राशि के भुगतान, छोटे शहरों के औद्योगीकरण को प्राथमिकता देने, सिंगरौली में उद्योगों के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता, पॉवर, एल्युमिनियम और सीमेंट प्लांट सहित विभिन्न सुझाव दिए। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की रूपरेखा प्रस्तुत की। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद रीवा श्री जनार्दन मिश्र, सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी, विधायक मनगवाँ श्री नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. नीता कोल, प्रबंध संचालक औद्योगिक विकास निगम श्री चन्द्रमोली शुक्ला, कमिश्नर रीवा श्री बी.एस. जामोद और कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल उपस्थित रहीं। बैठक में उद्योग संघ रीवा के अध्यक्ष श्री राजीव खन्ना, श्री जी.एस. साहनी, श्री दिलीप सिंह, श्री आर.के. रोघटा, श्री आदित्य प्रताप सिंह, श्रीमती विभा व्रिकांत द्विवेदी सहित अन्य उद्योगपति शामिल हुए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 3 ईएमई सेंटर में भूतपूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम को किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा है। सेना को नवीन तकनीक के नवीनतम हथियार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विदेशी हथियारों पर भारतीय सेना की निर्भरता कम करते हुए स्वदेशी लड़ाकू विमान और हथियार निर्माण पर विशेष ध्यान दिया है। अब हम सिर्फ युद्ध का जवाब ही नहीं देते बल्कि घर में घुसकर मारते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 ईएमई सेंटर भोपाल में भूतपूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों की देश भक्ति और समर्पण में वर्तमान सेना की नींव रखी है। जब भी मौका पड़ा आप सभी ने वीरता और शौर्य का परिचय देकर भारतीय लोकतंत्र की रक्षा की है। भारत के साथ और भी देश आजाद हुए थे। लेकिन वर्तमान समय में विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र यदि जीवित है तो यह भारतीय सेना के कारण ही संभव हुआ है। सेना ने देश की सीमाओं की रक्षा कर लोकतंत्र को जीवित रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिकों के अविस्मरणीय योगदान के लिए प्रदेश की जनता की ओर से अभिनंदन किया। मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण में सदैव अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण में सदैव अग्रणी रहा है। यहाँ सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैनिकों के लिये विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सफल संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेना और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि युद्ध एवं सैनिक कार्रवाई में शहीद होने वाले सेना/केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के शहीदों के आश्रितों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि और एक आश्रित को शासकीय सेवा में विशेष नियुक्ति दी जाएगी। सहायता राशि का आधा अंश शहीद की पत्नी को और आधा अंश आश्रित माता-पिता को दिया जाएगा। शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली मासिक अनुदान की राशि बढ़ाकर 10 हजार रूपये और शहीदों की पुत्रियों एवं बहनों के विवाह पर आशीर्वाद राशि भी बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई है। प्रदेश में निवासरत द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों एवं उनकी पत्नियों की पेंशन 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है, जो देश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष की गई है। राज्य शासन द्वारा विभिन्न शौर्य एवं विशिष्ट सेवा अलंकरणों से सम्मानित सैनिकों एवं उनके आश्रितों को सर्वाधिक सम्मान राशि दी जाती है। भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं, विकलांग सैनिकों एवं आश्रितों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक सहायता तथा छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। भूतपूर्व सैनिकों को शासकीय नौकरियों में आरक्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा किप्रदेश में पूर्व सैनिकों के बच्चों को मेडिकल, इंजीनियरिंग, टेक्निकल एजुकेशन, लॉ सहित विभिन्न कोर्सेस में आरक्षण दिया जाता है। सभी सरकारी विभागों के ग्रुप सी एवं डी पदों पर भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षण के साथ जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में सहायक ग्रेड-3 स्तर पर कर्मचारियों के पदों में वृद्धि करने कानिर्णय लिया गया है। शासन की योजनाओं के अंतर्गत जमीन के लिए सैनिकों को आरक्षण दिया जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- युवाओं को समाज सुधार, विकास और जन-कल्याण के लिए आगे आना होगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन अभियान परिषद जन-जन के कल्याण के लिए समर्पित है। स्वैच्छिक, सामूहिक और सामुदायिक सहभागिता से स्वावलंबन के दृष्टिकोण से पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अनिल माधव दवे ने प्रत्येक प्रदेशवासी को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से परिषद के गठन की प्रेरणा दी थी। सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर समाज भी चले इस उद्देश्य से जन अभियान परिषद को एक कड़ी के रूप में विकसित किया गया। शासकीय योजनाओं को जन-जन तक ले जाने में जन अभियान परिषद उत्प्रेरक की भूमिका निभा रही है। परिषद भू-जल भण्डारण सहित समाज कल्याण और विकास गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समन्वय भवन में समृद्धि योजना अंतर्गत “समग्र ग्राम विकास के विभिन्न आयाम” विषय पर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा राज्य, संभाग और जिला स्तरीय समन्वयकों के उन्मुखीकरण सह-प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला उपस्थित थे। भगवान श्रीकृष्ण ने संस्कृति में आ रही विकृतियों से संघर्ष के लिए समाज को संगठित करने का दिया संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने संस्कृति में आ रही विकृतियों से संघर्ष के कई प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किए। साथ ही कंस रूपी बुराई से संघर्ष के लिए स्त्री-पुरूषों के साथ बच्चों को भी संगठित कर समाज की संगठन क्षमता और जन-कल्याण के लिए उसके सार्थक उपयोग का संदेश दिया। यह दर्शाता है कि संगठन की शक्ति से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गांव और सामान्य जन से प्रेम का संदेश दिया। भारत का मूल स्वरूप गावों में ही विद्यमान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का मूल स्वरूप गावों में ही विद्यमान है। ग्राम स्तर पर व्यवस्थाओं को सशक्त करने की आवश्यकता है और इस दिशा में जन अभियान परिषद द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्राम स्तर पर जल संरक्षण, नवकरणीय ऊर्जा, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन, ग्रामीणों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण का उदाहरण देते हुए कहा कि युवाओं को समाज सुधार, विकास और जन-कल्याण के लिए आगे आना होगा। कार्यशाला में संभाग, जिला और विकासखंड स्तर के समन्वयक हुए शामिल परिषद के उपाध्यक्ष श्री नागर ने कहा कि भारत की आत्मा ग्रामों में बसती है। ग्रामों और उनकी आत्मा का स्वरूप प्रभावित न हो इस उद्देश्य के लिए जन अभियान परिषद समर्पित है। समाज को समरस सामुदायिक और संगठित नेतृत्व प्रदान करने के लिए जन अभियान परिषद प्रतिबद्ध है। गांव-गांव में नेतृत्व विकास के लिए परिषद द्वारा सघन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम के आरंभ में वंदे-मातरम गान के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ तथा शॉल, श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया। प्रशिक्षण सह-कार्यशाला, जन अभियान परिषद के संभाग, जिला और विकासखंड स्तर के समन्वयकों के उन्मुखीकरण पर केंद्रित है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री श्री गड़करी करेंगे दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी शनिवार को रवीन्द्र भवन भोपाल में “सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में उभरती नवीनतम प्रवृत्तियों और तकनीकों’’ पर दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ करेंगे। सेमिनार में सड़क और पुल निर्माण की नवीनतम तकनीकों, सामग्रियों और अनुबंध निष्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। सेमिनार का आयोजन भारतीय सड़क कांग्रेस और मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग के सहयोग से हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दो दिवसीय सेमिनार से मध्यप्रदेश के अवसंरचना विकास को नई ऊर्जा मिलेगी और यह आयोजन राज्य की निर्माण परियोजनाओं में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। सेमिनार में विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंध निष्पादन की चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे। सेमिनार के पहले दिन 19 अक्टूबर को प्रमुख चर्चाओं में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई तकनीकों का कार्यान्वयन, पुल निर्माण में नई मशीनरी का उपयोग और सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली नई सामग्रियों पर फोकस रहेगा। सड़क सुरक्षा, परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए आईटी तकनीकों का उपयोग, और सीमांत सामग्रियों के उपयोग पर भी गहन मंथन किया जाएगा। दूसरे दिन 20 अक्टूबर को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंधों की संरचना शेड्यूलिंग, अनुबंध निष्पादन में ठेकेदारों की भूमिका और सहायक अभियंताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें अनुबंधों से जुड़े विवादों और चुनौतियों के समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। समापन सत्र में विभिन्न विशेषज्ञ और प्रतिनिधि पैनल चर्चा के माध्यम से सड़क और पुल निर्माण में नई तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाने और नवीनतम तकनीकों से समयबद्ध और टिकाऊ अवसंरचना का विकास सुनिश्चित करना है। सरकारी और निजी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर अनुभवों और नवाचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। इससे प्रदेश की अवसंरचना परियोजनाओं को नई दिशा और मजबूती मिल सकेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- अयोध्या में रामलला के मंदिर में उपयोग में लाए गए मध्यप्रदेश के मंडला के पत्थर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। खनन क्षेत्र के उद्यमियों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन करते हुए उत्पाद भी प्रदेश में ही हो, ऐसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सम्पन्न कॉन्क्लेव में विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19,650 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित “संयुक्त उद्यम समझौता” हस्ताक्षरित भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कॉन्क्लेव को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि प्रदेश के खनिज राजस्व में भी 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य आने वाले समय में प्राप्त किया जाएगा। उद्यमियों के साथ भू-गर्भ शास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी कॉन्क्लेव में शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति विश्व में सबसे अलग है। जहां अन्य देश राष्ट्र को पिता मानते हैं, हमारे देश में हम भारत माता की जय का उद्घोष करते हैं। मातृ प्रधान व्यवस्था को प्राचीन काल से प्रश्रय मिला। हम देश को भी मातृ संस्था मानते हैं। शरीर की रचना भी ब्रम्हांड की तरह होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि इस वसुंधरा की नदियां मनुष्य के रक्त प्रवाह के समान हैं। पृथ्वी में भी प्राण होते हैं और वनस्पति में भी प्राण होते हैं, यह हमारी मान्यता अन्य देशों से काफी पुरानी हैं। प्रकृति के दोहन और शोषण के अंतर को समझने की आवश्यकता है। खनिज संपदा की दृष्ट से ईश्वर की कृपा मध्यप्रदेश पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्‍व में जेट की गति से बढ़ रहा देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश जेट की गति से आगे बढ़ रहा है। खनिज के क्षेत्र में प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुसार भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश भी विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जहां कृषि के साथ ही पशुपालन और अन्य क्षेत्रों में नए प्रकल्प आ रहे हैं, वहीं खनिज क्षेत्र में मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करेगा। भारत सरकार द्वारा खनिजों की नीलामी में पुरस्कृत मध्यप्रदेश विविध प्रकार की खनिज संपदा के समुचित दोहन के लिए संकल्पबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार खनिज क्षेत्र में निवेश को भरपूर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में उद्यमियों को सरकार का पूरा साथ मिलेगा। खनिज क्षेत्र मध्यप्रदेश को प्रगति के नए आयामों को छूने में सहयोगी बनेगा। हर महीने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं। इस वर्ष अब तक हुई 4 कॉन्क्लेव के फलस्वरूप लगभग 2500 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आने वाली 23 अक्टूबर को रीवा में “रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव” उद्योग के विभिन्न सेक्टर्स में नए निवेश लाने में सहयोगी होगी। एक ही दिन में दो बड़े आयोजनों में भागीदारी का सौभाग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक प्रगति को अग्रसर रखने एवं युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की पूरी क्षमता को विकसित करने हमने पर्यटन की भी कॉन्क्लेव की। आज मैं दो कॉन्क्लेव में शामिल हुआ। सुबह पेट्रोकेमिकल एवं फार्मा इंडिया केम मुंबई में शामिल हुआ और अभी माइनिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुआ हूँ। विभागवार कॉन्क्लेव की श्रंखला जारी रहेगी। अगले वर्ष फरवरी में जीआईएस का आयोजन करेंगे। मध्यप्रदेश में चहुँमुंखी औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे। अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचा मध्यप्रदेश का पत्थर, हीरे के बाद सोना भी निकालेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह गर्व का विषय है कि गोंडवाना अंचल के मंडला जिले में खनन से प्राप्त पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भ गृह में लगाने का सौभाग्य मध्यप्रदेश को मिला। निश्चित ही यह पत्थर गुणवत्ता की दृष्टि से इस योग्य पाया गया कि उसे गर्भगृह में स्थान मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्री अनुपम चतुर्वेदी और श्री किशोर ने इस पत्थर का नमूना भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही मध्यप्रदेश खनिजों के मामले में भी अद्वितीय है। भारत की वसुंधरा में मध्यप्रदेश हृदय प्रदेश होने के साथ रत्न-गर्भा भी है। पन्ना में हीरों का भंडार प्रदेश को अलग पहचान देता है। अब हीरों के साथ सोना भी प्रदेश की धरती से निकलेगा। अन्य खनिजों के खनन के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनन तकनीक में प्रयुक्त हो रहे नवीनतम उपकरणों की भी जानकारी ली। नई खनन मशीन के लोकार्पण के साथ ही खनन उपकरणों की कार्य प्रणाली की भी जानकारी प्राप्त की।

भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का हुआ शुभारंभ, देश-विदेश के निवेशक हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए की जा रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने आईएटीओ का अधिवेशन हुआ। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में प्रदेश की खनिज संपदा की विस्तार से जानकारी दी जाकर उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि प्रदेश में खनिज की प्रचुर मात्रा होने और राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेशकों को आकर्षित कर रही है। निवेश के मुख्य आकर्षण आगामी 200 वर्ष के लिए कोयल का रिजर्व भंडार सरप्लस बिजली और पानी वाला राज्य बेहतर कनेक्टीविटी के लिए सड़कों का जाल ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में अग्रणी श्रम कानून इंडस्ट्रीज फ्रेंडली प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता निवेशकों के लिए सिंगल विन्डो सिस्टम उद्योगों में नो मैन डे लॉस ट्रांसपेरेंट ऑक्शन रिजीम लोक सेवाओं की गारंटी के लिए अधिनियम लागू मैगनीज एवं कॉपर अयस्क उत्पादन में देश में प्रथम रॉक फॉस्फेट में देश में दूसरे स्थान पर चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर देश के मध्य में होने से यहाँ पहुँचना आसान भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में गुरूवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने किया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का तेजी से विकसित होता राज्य है। प्रदेश मिनरल रिसोर्सेस में तो नम्बर वन है ही, यहां पानी, कोयला एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भी प्रचुरता है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में हमारी सरकार निवेशक को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराती है। एक फार्म में जानकारी भरने पर वह सभी संबंधित विभागों तक को चली जाती है और आसानी से उद्योग की अनुमति प्राप्त हो जाती है। मध्यप्रदेश में निवेश करें और प्रदेश एवं देश की विकास यात्रा में सहभागी बनें। कन्वेंशन परिसर में प्रदेश की खनिज सम्पदा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी मुख्य सचिव ने किया। इस अवसर पर माईनिंग कार्पोरेशन के एमडी श्री अनुराग चौधरी, विभिन्न हितधारकों, उद्योग के नेताओं, शिक्षाविदों एवं प्रमुख खनिज कम्पनियों के प्रतिनिधि और खनिज विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी है। प्रदेश माईनिंग के क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में बिजली उपलब्धता के क्षेत्र में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश नम्बर दो पर है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2007 से निरंतर इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है परंतु इस बार मध्यप्रदेश में पहली बार पृथक से माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। यह कॉन्क्लेव निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश एक समावेशी राज्य है। यहां के लोग बहुत सरल और सहज है। मध्यप्रदेश में जो भी आकर बसता है, वह मध्यप्रदेश का हो जाता है। मध्यप्रदेश वह राज्य है जहां उद्योगों में “नो मेन डे लॉस” है। यहां के श्रम कानून इंडस्ट्रीज फ्रेंडली हैं। मध्यप्रदेश के सहज प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं की सोच सकरात्मक एवं सहयोगी है। यहां पर देश में सबसे पहले लोकसेवाओं के प्रदाय की गारंटी के लिए अधिनियम लागू किया गया, जिसे बाद में अन्य राज्यों ने भी अपनाया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज की अपार संपदा है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां हीरे का उत्पादन होता है। मध्यप्रदेश मैंगनीज और कॉपर अयस्क उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर, रॉक फॉस्फेट में दूसरे, चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में आगामी 200 वर्ष के लिये कोयले का रिजर्व भण्डार है। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि इस बार देश में सर्वाधिक कोल-ब्लॉक्स मध्यप्रदेश में नीलाम हुए। मध्यप्रदेश में ट्रांसपेरेंट ऑक्शन रिजीम है। अगले कुछ वर्षों में कोयला उत्पादन में मध्यप्रदेश काफी आगे होगा। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि प्रदेश में जल की प्रचुरता है। यहाँ पर नर्मदा नदी है जिसको प्रदेश की जीवनदायिनी कहते है। ऋगवेद में कहा गया है कि यमुना नदी में 7 बार स्नान करने से, गंगा नदी में एक बार स्नान करने से और नर्मदा नदी के केवल दर्शन मात्र से ही पाप नष्ट हो जाते है। नर्मदा नदी में वर्ष भर पर्याप्त जल रहता है। मध्यप्रदेश नवाचारों में अग्रणी है। रीवा में स्थापित अल्ट्रा सोलर प्लांट अद्भुत है। यहाँ अन्य राज्यों से कम कीमत पर बिजली बनती है। मध्यप्रदेश एनर्जी सरप्लस स्टेट है। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के बारे में प्रेजेंटेशन दिया। श्री सिंह ने मध्यप्रदेश की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश वन सम्पदा में भरपूर है और भारत में इसका 8वां नम्बर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कृषि क्षेत्र में भी अग्रणी है। प्रदेश 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से सम्मानित हो चुका है। स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश का इंदौर शहर देश में सबसे स्वच्छतम शहर है। श्री सिंह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा मध्यप्रदेश को विकास पथ की अमूल सौंगात देने पर उनका आभार माना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यपेदश सरकार बढ़ती रोड कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास का नया अध्याय लिख रही है। भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के 4-लेन में अपग्रेडेशन से इस क्षेत्र के आर्थिकक विकास को गति मिलेगी, यातायात सुगमता के साथ ही सड़क दुर्घटना में भी कमी आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को मिली इस सौंगात के लिये प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री और केन्द्रीय मंत्री का आभार माना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा मध्यप्रदेश में भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए भोपाल से विदिशा, विदिशा से ग्यारसपुर, सताईघाट से चौका और चौका से कैमाहा पैकेजों के लिए 3589.4 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस अपग्रेडेशन से क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसी के साथ मंडला-नैनपुर मार्ग के लिए भी 592 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश सरकार ने अपने संकल्प पत्र के तहत बुंदेलखंड विकास पथ की घोषणा की थी, जो राज्य की राजधानी भोपाल को बुंदेलखंड के सागर और छतरपुर जिलों से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण 4-लेन सड़क परियोजना है। इस परियोजना का उद्देश्य भोपाल से सागर होते हुए छतरपुर और उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और यातायात सुगमता में वृद्धि होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा इस मार्ग को 4-लेन में विस्तारित करने की प्रक्रिया पहले से जारी थी, लेकिन कुछ हिस्सों के लिए मंजूरी लंबित थी। आज नई दिल्ली में आयोजित बैठक में भोपाल से सागर और छतरपुर से उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक इस मार्ग को 4-लेन में अपग्रेड करने की अनुमति दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत 3589.4 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। इस स्वीकृति से बुंदेलखंड विकास पथ के निर्माण में तेजी आएगी और सरकार के संकल्प को सिद्धि की ओर ले जायेगी। यह पथ न केवल कनेक्टिविटी को सुधारने में सहायक होगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। इसी के साथ मंडला से नैनपुर तक 46 किलोमीटर लंबे मार्ग को अपग्रेड करने के लिए भी 592 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस मार्ग के अपग्रेड होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और कुशल बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही परियोजनाओं के पूरे होने पर न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई ऊंचाई मिलेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- प्रदेश सौर ऊर्जा में लंग्स ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया के विज़न पर अग्रसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अपनी विशेष पहचान बना रहा है। सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिये मध्यप्रदेश उद्योगपतियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि गाँधी नगर में आयोजित चौथे ग्लोबल मीट रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर मीट में उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में अपने प्रोजेक्ट लगाने में रुचि दिखाई। मध्यप्रदेश में संचालित होने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स की बदौलत “हॉर्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया’’ नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम करते हुए “लंग्स ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया’’ बनने के विज़न की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। ओंकारेश्वर में विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। रीवा का 1590 हेक्टेयर में स्थापित सोलर प्रोजेक्ट विश्व के सबसे बड़े सिंगल साइड सोलर प्लांट में से एक है। अब प्रदेश ने एक और नई पहल की है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में पीपीपी मोड में 8 हजार मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेशन के ज्वाइंट एडवेंचर संबंधी परियोजना पर सहमति बन गई है। इसमें मुरैना, शिवपुरी, सागर और धार में सोलर प्रोजेक्ट लगेंगे, जिनसे जनरेट होने वाली बिजली का उपयोग दोनों राज्यों में सिंचाई के लिये किया जा सकेगा। मध्यप्रदेश में आज 7 हजार मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेट की जा रही है। कुल ऊर्जा क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत हो गई है। वर्ष 2012 में मात्र 500 मेगावॉट सोलर एनर्जी की क्षमता थी। प्रदेश ने मात्र 12 वर्ष की अवधि में सोलर एनर्जी के क्षेत्र में 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावॉट के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। गाँधी नगर में हुई चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उद्योगपतियों ने वन-टू-वन चर्चा की। अवाडा ग्रुप ने प्रदेश में 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश संबंधी प्रस्ताव दिये। रिन्यू पॉवर ने भी प्रदेश में 6 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की रुचि दिखाई। वन-टू-वन चर्चा में विण्ड पॉवर एसोसिएशन, हीरो फ्यूचर एनर्जी, टोरेंट पॉवर, शक्ति पम्प्स, सिंगापुर की सेम्बकॉर्प, वारी एनर्जी, सेरेंटिका, शेल ग्रुप सुजलान, वेलस्पन, वेना एनर्जी, ब्ल्यू लीफ बोरोसिल ग्रुप, स्टेट क्रॉफ्ट के मुखियाओं ने मध्यप्रदेश में रुचि दर्शाई है।  

केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे आगे मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की जो गंगा प्रवाहित हो रही है उससे मध्यप्रदेश भी विकास की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का मध्यप्रदेश को भरपूर लाभ भी मिल रहा है। केन्द्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने में मध्यप्रदेश, देश में लगातार अग्रणी बना हुआ है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश को कई पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार की जिन योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है उसमें पीएम स्व-निधि योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम आवास योजना, कृषि अवसंरचना निधि, प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना, पीएम स्वामित्व योजना, नशामुक्त भारत अभियान, आयुष्मान भारत योजना, मछुआ क्रेडिट कार्ड योजना, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन और स्वच्छ भारत मिशन शामिल हैं। केंद्र की योजनाओं में म.प्र की प्रगति और उपलब्धियाँ     प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 8 लाख 40 हजार 940 आवास निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध 8 लाख 20 हजार 575 आवास बनाये जा चुके हैं। योजना में उपलब्धि 97.58 प्रतिशत है।     प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 37 लाख 98 हजार 709 आवास निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध 36 लाख 25 हजार 20 आवास बनाये जा चुके हैं। योजना में उपलब्धि 95.43 प्रतिशत है।     जल जीवन मिशन में 83 लाख 27 हजार 582 के लक्ष्य के विरूद्ध 72 लाख 89 हजार 228 नल कनेक्शन (हर घर-नल से जल) प्रदाय कर 87.53 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की जा चुकी है।     आयुष्मान भारत योजना में 4 करोड़ 70 लाख 96 हजार 914 आयुष्मान कार्ड जारी करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 4 करोड़ 2 लाख 22 893 आयुष्मान कार्ड जारी किये जा चुके हैं। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 85.83 है।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 72 हजार 994 किलामीटर ग्रामीण सड़क बनाने के लक्ष्य के विरूद्ध 72 हजार 965 किलामीटर सड़क निर्माण किया जा चुका है। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 99.98 है।     पी.एम. किसान सम्मान निधि में लक्षित 83 लाख 83 हजार 208 किसानों को नियमित रूप से शत-प्रतिशत पात्र कृषक हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 99.98 है।     पी.एम. जीवन ज्योति बीमा योजना में पंजीकृत 93 लाख हितग्राहियों का लाभ मिल रहा है। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 100 है।     स्वामित्व योजना में 29 लाख 99 हजार 23 स्वामित्व कार्ड जारी करने के लक्ष्य के विरूद्ध 23 लाख 50 हजार कार्ड जारी किये जा चुके हैं। साथ ही 43 हजार 130 ग्रामों का ड्रोन सर्वे कर शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई है।     भारत नेट योजना में 20 हजार 422 ग्राम पंचायतों में आप्टीकल फाईबर केबल स्थापित कर 100 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई।     स्वाइल हेल्थ कार्ड योजना में 7 लाख 79 हजार 651 स्वॉइल हेल्थ कार्ड वितरित कर 77.96 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई।     किसान क्रेडिट कार्ड योजना में 65 लाख 83 हजार 726 किसानों के क्रेडिट कार्ड तैयार कर निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई है।     किसान क्रेडिट कार्ड (पशु पालन) योजना में 6 लाख 4 हजार 441 किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण कर 78.84 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई।     किसान क्रेडिट कार्ड (मछली पालन) योजना में किसान क्रेडिट के निर्धारित लक्ष्य एक लाख 77 हजार 390 के विरूद्ध एक लाख 35 हजार 646 कार्ड वितरित कर 76 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई।     अटल पेंशन योजना में निर्धारित लक्ष्य 26 लाख 15 हजार के विरूद्ध शत-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।     पीएम स्व-निधि योजना में निर्धारित लक्ष्य 7 लाख 46 हजार 600 के विरूद्ध 11 लाख 74 हजार 96 हितग्राहियों को लाभान्वित कर मध्यप्रदेश, देश में नंबर-वन राज्य बन गया है। योजना में लक्ष्य के विरूद्ध 157.25 प्रतिशत की उपलब्धि अर्जित की गई है।     अमृत सरोवर योजना में निर्धारित 3900 सरोवर निर्माण के विरूद्ध 5839 सरोवर निर्माण कर देश में अग्रणी बना है।  

महिला सशक्तिकरण नीति के अंतर्गत प्रतिभा सिंटेक्स में 70% से अधिक महिला कर्मचारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग तथा निवेश के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस दिशा में लगातार भ्रमण तथा उद्योगपतियों से संवाद के प्रतिफल में एक समृद्ध औद्योगिक परिवेश प्रदेश में नजर आ रहा है। निनोरा में स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई उक्त प्रयासों की ही एक कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन के समीप ग्राम निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश वाली प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ किया। इस औद्योगिक इकाई में वृहद स्तर पर गारमेंट निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। विशेष रूप से राज्य शासन की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत इस औद्योगिक इकाई में 70% से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी श्री उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला, प्रबंध निदेशक औद्योगिक विकास निगम श्री चंद्रमौली शुक्ला, प्रतिभा स्वराज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन श्री शिवकुमार चौधरी, प्रबंध निदेशक श्री श्रेष्ठ चौधरी आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निनोरा में प्रतिभा स्वराज द्वारा स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई से जहां हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं आसपास की खेती समृद्ध होगी। किसानो की आय में भी वृद्धि होगी। निनोरा में स्थापित औद्योगिक इकाई के प्रथम चरण में लगभग 100 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसमें आगे चलकर 355 करोड़ रुपए का निवेश होगा। डॉ. यादव ने उद्योग समूह द्वारा लगभग डेढ़ लाख एकड़ में की जाने वाली जैविक खेती की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नवीन सकारात्मक औद्योगिक नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक संभाग में शासन द्वारा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती तथा पशुपालन में उत्पादन और आय को दोगुना करने का सशक्त प्रयास किया जा रहा है। अभी प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9% हिस्सा है, जिसे बढ़ाकर 20% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अग्नि वीर एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से दूरदृष्टि के साथ प्रधानमंत्री द्वारा देश की सैन्य क्षमता में वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री द्वारा संतुलन की दृष्टि से अग्नि वीर योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष दशहरे पर रावण दहन के साथ शस्त्र-पूजन पर कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर से प्रेरणा लेते हुए इस वर्ष उत्साह एवं उमंग के साथ प्रदेश में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उज्जयिनी का महत्व जताते हुए कहा कि प्रत्येक काल में उज्जयिनी अवंतिका नगरी का अस्तित्व रहता आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फीता काटकर औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कर मशीनों का पूजन भी किया। साथ ही यहाँ कार्यरत महिला कर्मचारियों से चर्चा कर उनके जॉब, सैलरी, कार्यस्थल पर वातावरण तथा अन्य बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक इकाई में वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया का अवलोकन किया, जिसमें मुख्यमंत्री के चित्र को भी मुद्रित किया गया है। प्रारम्भ में प्रतिभा स्वराज प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक श्री श्रेष्ठ चौधरी ने स्वागत उद्बोधन दिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से देश का एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश स्थल बनने जा रहा है। हमारी निवेशक-अनुकूल नीतियों, विशाल औद्योगिक बुनियादी ढांचे और विभिन्न राज्यों से सम्पर्क की स्थिति से देश-विदेश के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिये तैयार हुए हैं। राज्य सरकार की सक्रिय पहल, औद्योगिक विकास को गति देने वाली योजनाएँ और निवेशकों को आकर्षित करने सिंगल-विंडो सिस्टम जैसी सुविधाओं से प्रदेश को एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की पहल हुई है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास कर देश के महानगरों में रोड-शो और प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की जा रही हैं। इनमें उद्योगपतियों से हो रहे निरन्तर सम्पर्क से प्रदेश में निवेश का माहौल बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसमें प्रमुख रूप से माह फरवरी 2025 में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में होने जा रही है। इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम, निवेशकों के लिए अनंत संभावनाएं मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास सरकार की दूरदर्शी योजनाओं और नवीन बुनियादी ढांचे के विस्तार का परिणाम है। राज्य का 1.25 लाख एकड़ में फैला विशाल औद्योगिक भूमि बैंक, 112 विकसित औद्योगिक क्षेत्र और 14 नए ग्रीनफील्ड औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्ताव ने निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहाँ टेक्सटाइल, फार्मा, खाद्य प्र-संस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे बहु-क्षेत्रीय औद्योगिक क्लस्टर्स ने राज्य को निवेश के लिए एक समृद्ध स्थान बना दिया है। साथ ही राज्य के 7 स्मार्ट शहरों की परियोजना ने इसे डिजिटल और औद्योगिक प्रगति के मामले में और भी आकर्षक बना दिया है। प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए आवश्यक इकोसिस्टम उपलब्ध है। उद्योगों के लिए राज्य में पर्याप्त लैंड बैंक की उपलब्धता है और औद्योगिक प्रयोजन के लिए प्रदेश में 1.25 लाख एकड़ से भी अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। राज्य शासन द्वारा सेक्टर-फोकस्ड औद्योगिक क्षेत्र भी बनाये गए हैं। भोपाल एवं इंदौर में महिला उद्यमियों के लिए डेडिकेटेड पार्क स्थापित किये गए हैं। राज्य में तकनीकी, प्रबंधन एवं चिकित्सा क्षेत्र एवं स्किल डेवलपमेंट के लिये कई उत्कृष्ट कॉलेज हैं, जिसके कारण सभी क्षेत्रों के उद्योगों के लिए पर्याप्त संख्या में स्किल्ड वर्क फोर्स की उपलब्धता है। पिछले दो दशकों में राज्य में उद्योगों के माध्यम से 41 लाख नवीन रोज़गार के अवसर उत्पन्न हुए हैं एवं राज्य का अनएम्प्लॉयमेंट रेट काफी कम है। राज्य शासन द्वारा बुनियादी ढाँचे का निर्माण जैसे औद्योगिक क्षेत्र, सड़क, जल आपूर्ति, सिंचाई और 24X7 बिजली आपूर्ति इत्यादि जरूरतों पर खासा ध्यान दिया गया है। राज्य शासन द्वारा पिछले दशक के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने के लिये करीब 1.10 लाख करोड़ रूपये खर्च किये गये है। इसके फलस्वरूप पिछले दशक के दौरान मध्यप्रदेश में आर्थिक एवं सामाजिक विकास के रूप में सकारात्मक परिवर्तन देखा गया है। कनेक्टिविटी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर औद्योगिक विकास के लिये महत्वपूर्ण पैमाना है। इसको ध्यान में रखते हुये राज्य शासन अटल प्रगति पथ (चंबल प्रोग्रेस-वे) पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है, जिसके लिये भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है। साथ ही नर्मदा एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिये भूमि का चिन्हांकन एवं लैण्ड ट्रांसफर प्रक्रियाधीन है। राज्य में विभिन सेक्टरों की 350 से अधिक वृहद् इकाइयां एवं 26 लाख से अधिक MSME इकाइयां स्थापित हैं एवं पिछले दशक में इसमें काफी तेज़ी आई है। राज्य में 314 से अधिक इंडस्ट्रियल एरियाज हैं। इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा क्षेत्र विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्र भी बनाये गए हैं। राज्य में 10 फूड पार्क, 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन, 2 स्पाइस पार्क, 2 प्लास्टिक पार्क, एक मेडिकल डिवाइस पार्क है, एक पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन है। राज्य शासन द्वारा EV पार्क, फार्मा पार्क, टेक्सटाइल पार्क, गारमेंट यूनिट्स के लिए प्लग एंड प्ले जोन, सेमीकंडक्टर पार्क एवं नवीन आईटी पार्क स्थापित किये जा रहे हैं। राज्य में मेगा इकाइयों को कस्टमाइस्ड इंसेंटिव पैकेज की सुविधा भी दी जाती है।  

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दशहरा मिलन उत्सव में 658 करोड़ की 16 सड़क परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश को रोजगारपरक प्रदेश बनाने के साथ ही विकास के हर आयाम को तय कर रही है। प्रदेश की भौतिक सम्पदाओं का सदुपयोग कर आर्थिक रूप से सम्पन्न मध्यप्रदेश बनायेंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में 350 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिभा स्वराज इकाई का आज शुभारम्भ किया गया है, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उज्जैन के बेस्ट इंटरप्राइजेस और प्रतिभा स्वराज की इकाइयों से लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी प्रकार उज्जैन में अन्य औद्योगिक इकाई के माध्यम से 50 हजार बेरोजगार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव आज उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउण्ड में दशहरा मिलन उत्सव एवं 658 करोड़ की 16 सड़क परियोजनाओं के भूमि-पूजन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, उज्जैन के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी, श्री उमेशनाथ जी महाराज, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, श्री तेजबहादुर सिंह चौहान, श्री जितेन्द्र पंड्या, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला, श्री विवेक जोशी सहित जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जन-समुदाय उपस्थित रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन धर्म की सभी सन्यासी परम्पराओं के सभी वैष्णव और शैव संत 12 साल में सिंहस्थ में आते हैं और भविष्य में सनातन धर्म की दिशा, आचरण, स्वरूप तय करते है। मानवता की स्थापना के लिये सर्वोच्च सिंहस्थ मेला आयोजित किया जायेगा। सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। इसकी समुचित तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के मामले में मध्यप्रदेश को देश का नम्बर वन राज्य बनायेंगे। इसके लिये अधोसंरचना विकास के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। प्रदेश को माइनिंग सेक्टर में भी दुनिया में नम्बर वन बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश हर सेक्टर में तेजी से तरक्की कर रहा है। प्रदेश में निवेशकों को लाने एवं निवेश बढ़ाने के लिये 16 अक्टूबर को हैदराबाद जाकर निवेशकों को आमंत्रित करेंगे। उज्जैन संभाग से प्रारम्भ हुई रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रंखला में अब 23 अक्टूबर को रीवा में कॉन्क्लेव होने वाली है। इसके बाद शहडोल, नर्मदापुरम संभाग में भी रीजनल इण्डस्ट्रीज कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी। आगामी वर्ष के फरवरी माह में प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा, जिसमें विश्वभर से निवेशक आमंत्रित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत शक्ति-सम्पन्न एवं सामर्थ्यशाली देश बनने के साथ ही विकास के समुच्चय में सर्वोच्च स्थान भी हासिल कर रहा है। हमारी सनातन परम्परा में देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों ने शास्त्र एवं शस्त्र के साथ दुनिया का मार्ग प्रशस्त किया है। हमारा देश शान्तिपूर्ण देश है, पर जरूरत पड़ने पर शास्त्र के साथ ही शस्त्र उठाना भी बखूबी जानता है। थल सेना, वायु सेना एवं नौसेना को शक्ति सम्पन्न बनाते हुए सम्पूर्ण विश्व के मोर्चे पर आज प्रधानमंत्री श्री मोदी प्रभावशाली भूमिका अदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के माध्यम से उज्जैन विश्व पटल पर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केन्द्र के रूप में पहचाना जायेगा। आगामी सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने के लिये सदावल में हेलीपेड का निर्माण भी किया जायेगा। इसी प्रकार सोमवारिया से लेकर सिंहस्थ बायपास तक नया फोरलेन बनाया जायेगा, जिसकी टेण्डर प्रक्रिया प्रारम्भ है। केडी गेट से लेकर बीमा हॉस्पिटल के आगे तक फोरलेन निर्माण की भी मंजूरी दी गई है। उज्जैन-इन्दौर सिक्सलेन का कार्य प्रारम्भ हो गया है। तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग का भी आज भूमि-पूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन को जोड़ने वाले चारों तरफ के मार्गों को फोरलेन किया जायेगा, जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्र मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे। विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में लोक निर्माण विभाग “लोक निर्माण से लोक कल्याण’’ के ध्येय वाक्य के साथ विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा हैं। विकास कार्यों से उज्जैन बेहतर सड़कों के साथ सामाजिक और आर्थिक ऊंचाइयों पर भी पहुंचेगा। विकास का ‘मोहन मॉडल’ प्रदेश की उन्नति के साथ जन-कल्याण के मार्ग भी खोल रहा हैं। प्रदेश में विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन धार्मिक नगरी के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा लोकपथ एप का संचालन किया जा रहा है, जिसमें अब सड़कों के क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्राप्त शिकायतों का 7 दिन के अंदर संबंधित क्षेत्र के विभागीय अधिकारी द्वारा निराकरण किया जाएगा। मुझे बताते हुए खुशी है कि 3 से 4 महीने के अंदर अभी तक प्राप्त शिकायतों में से 95% से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। कार्यक्रम में विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन को 658 करोड़ से अधिक की राशि की सौगातें आज दी गई है, जो उज्जैन के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य से 658 करोड़ के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्तिक मेला ग्राउंड उज्जैन में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य  से उज्जैन में 658 करोड़ से अधिक के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। इनमें प्रमुख रूप से 225.96 करोड़ की लागत से हरीफाटक-लालपुल-मुल्लापूरा फोरलेन मार्ग शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेड़ी, 2 नग 2 लेन आरओबी और शिप्रा पर 2 लेन ब्रिज सहित फोरलेन मार्ग, 67.69 करोड़ की लागत से उज्जैन बड़नगर बाईपास टू-लेन मार्ग निर्माण कार्य (एनएच 148 का छूटा हुआ भाग), 22.61 करोड़ की लागत से बडावदा कलसी नागदा से दोत्रु मार्ग का निर्माण, 31.88 करोड़ की लागत से नागदा गिद्धगढ़ विदखेड़ा मोकड़ी मार्ग, 35.65 करोड़ की लागत से तपोभूमि से … Read more

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत करेगा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनकल्याण और राष्ट्र सेवा में समर्पित अपने 23 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री के रूप में श्री मोदी ने विकास के अनूठे प्रकल्प संचालित किए और बहु-आयामी उपलब्धियां हासिल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रत्येक वर्ग के उत्थान और कल्याण की इस यात्रा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित होने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विकास की अविरल यात्रा से 2047 तक भारत विकसित देशों की पंक्ति में विश्व का प्रतिनिधित्व करेगा। महिला सशक्तिकरण में अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं सबल बनाने की अभिनव पहल की गई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का मत है कि “बेटा-बेटी एक समान’’ के मूलमंत्र को प्राथमिकता देना चाहिए। कन्या का जन्म, उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने गोद लिए गांव जयापुर के नागरिकों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत 22 जरवरी 2015 में पानीपत हरियाणा में की थी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लागू होने से बेटा-बेटी लिंगानुपात की विसंगति को रोकने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। उद्यमियों के बुलंद हौसले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय साख से देश के उद्योग जगत में एक नये उत्साह का संचार हुआ। भारत में उद्यमशील ऊर्जा की कमी नहीं है, युवा उत्साहित और ऊर्जावान, परंतु उन्हें प्रोत्साहित और पल्लवित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने चाहा कि भारतीय, नौकरी चाहने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की “मेक इन इंडिया की पहल’’, भारत में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए 4 स्तंभों पर आधारित है, न सिर्फ मेन्यूफेक्चरिंग में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी। इसी का परिणाम है कि औद्योगिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार हुई तेज प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सर्वाधिक तेज़ी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। ये भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक समय है। केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार से विकास के पथ पर ले आई। भारत की विकास दर ने देश को दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों की पंक्ति में ला खड़ा किया है। खुशहाल भारत के लिए मजबूत किसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कृषि को तेजी से बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। किसान हमेशा से हमारे देश के विकास का आधार रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाकर देश के इस आधार को और सशक्त बनाने प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सिंचाई की सुविधाएं सुनिश्चित कर उपज को बढ़ाएगी। इस योजना का विजन यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक खेत को सिंचाई के साधन उपलब्ध कराए जाएं। किसानों को सिंचाई के आधुनिक तरीकों और तकनीकों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है ताकि पानी की ‘प्रत्येक बूंद के बदले अधिक पैदावार’ मिले। प्रधानमंत्री का मानना है कि किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की महान शक्तियों में से एक होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा भूषण अखिल भारतीय सम्मान समारोह को किया संबोधित, शिक्षा, मानव मन व इन्द्रियों की स्वामिनी है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरुकुल परंपरा हमारे देश की शिक्षा का आधार रही है। शिक्षक हमेशा पूज्य थे और पूज्य रहेंगे। भारत विश्व गुरु के रूप में उस शिक्षक परंपरा को स्थापित करना चाहता है, जो गुरुकुल परंपरा चाणक्य से चंद्रगुप्त तक और चंद्रगुप्त से विक्रमादित्य तक हर जगह, हर समय, हर काल में कायम रही है। मुख्यमंत्री रविवार को रवीन्द्र भवन सभागार में शिक्षा भूषण अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सरस्वती वंदना के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्री सुरेश सोनी, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, राज्यसभा सदस्य स्वामी उमेश नाथ जी महाराज कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा भूषण अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान -2024 से डॉ. रामचंद्रन आर., प्रोफेसर के.के. अग्रवाल और प्रोफेसर कुसुमलता केडिया को सम्मानित किया। गुरु और गुरुकुल परंपरा में गुरु का विशेष महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र के हित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक और शिक्षक के हित में समाज के उद्देश्य से आयोजित शिक्षक समारोह के आयोजन में शैक्षिक फाउंडेशन और अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत की गुरु और गुरुकुल परंपरा में गुरु का बड़ा महत्व है। इतिहास में जब भी कोई प्रश्न खड़े हुए तो गुरु की भूमिका सामने आई। यदि भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को गुरु वशिष्ठ वनवास के लिए नहीं ले जाते तो रामायण में राम का चरित्र अधूरा रहता। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा में गुरु सांदीपनि का उज्ज्वल चरित्र शिष्यों के लिए अनुकरणीय और चुनौतियों में प्रेरणा का स्रोत रहा है। शिक्षा न तो सत्ता की दासी है और न ही कानून की किन्करी अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्री सुरेश सोनी ने कहा कि वास्तव में विकास तभी हो सकता जब हमारे आसपास के परिवेश और जीवन मूल्यों का विकास हो। उन्होंने 1928 में गुजरात विद्यापीठ में दिए गए काका कालेलकर के संबोधन को उद्घृत करते हुए कहा कि शिक्षा ने अपने स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि शिक्षा न तो सत्ता की दासी है और न ही कानून की किन्करी है, न ही यह विज्ञान की सखी है औप न ही कला की प्रतिहारी यह अर्थशास्त्र की बांदी, शिक्षा तो धर्म का पुनर्रागमन है, यह मानव के हृदय, मन और इन्द्रियों की स्वामिनी है। मानव शास्त्र और समाज शास्त्र, इनके दो चरण हैं, तर्क और निरीक्षण शिक्षा की दो आँखें हैं, विज्ञान मस्तिष्क, इतिहास कान और धर्म शिक्षा के हृदय है। श्री सोनी ने बताया कि काका कालेलकर ने अपने संबोधन में कहा था कि उत्साह और उद्यम शिक्षा के फेफड़े हैं। शिक्षा ऐसी जगत जननी जगदम्बा है, जिसका उपासक कभी किसी का मोहताज नहीं होगा, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।” काका कालेलकर के चिंतन के अनुरूप देश में शिक्षा का वातावरण बनाना जरूरी श्री सोनी ने कहा कि मूल्य परक शिक्षा-भारत केंद्रित शिक्षा, शिक्षकों के सामाजिक सम्मान और संस्कारों पर जोर देने वाली शिक्षा के लिए सामूहिक रूप से विचार करते हुए काका कालेलकर द्वारा दिए गए चिंतन के अनुरूप देश में शिक्षा का वातावरण बनाने के लिए प्रयास करने होंगे। इसी से 2047 तक विश्व के रंग मंच पर भारत, प्रमुख नेतृत्व कर्ता के रूप में स्थापित होगा। कार्यक्रम में पुरुस्कृत डॉ. रामचंद्रन आर., प्रोफेसर के.के. अग्रवाल और प्रोफेसर कुसुमलता केडिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।  

सेवा भारती द्वारा गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में आयोजित किया गया कार्यक्रम, कन्या-पूजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवरात्रि पर होने वाला कन्या-पूजन मातृशक्ति की आराधना का प्रतीक है। साथ ही नवरात्रि, जीवन में ऋतु परिवर्तन की महत्ता को भी स्थापित करती है। सनातन परंपरा में विद्यमान उपवास की अवधारणा और उसके लाभ को आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था भी स्वीकार करती है। भारतीय संस्कृति मातृसत्ता की महत्ता को नमन करती है। हमारी संस्कृति में मां सरस्वती को ज्ञान की देवी और मां लक्ष्मी को धन संपदा की देवी के रूप में पूजा जाता है। भारतीय संस्कृति भोजन और भाव दोनों को महत्व देती है यह स्व से संपूर्ण ब्रह्मांड को एकाकार करने के विचार पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा भारती महावीर मंडल भोपाल द्वारा गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में आयोजित विशाल कन्या-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प वर्षा कर कन्याओं का स्वागत और विधि-विधान से उनका पूजन भी किया। नवदुर्गा शक्ति संचय का पर्व है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति जीव मात्र से प्रेम और शांति का संदेश देती है। यह हमारे सांस्कृतिक मूल्यों और देश का सामर्थ्य ही है, जिसके परिणामस्वरूप विश्व, शांति के लिए भारत की ओर देखता है। रूस-यूक्रेन युद्ध हो या ईरान-इजराइल के बीच संघर्ष, शांति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ओर सभी देश आशा से देख रहे हैं। यह हम सबके लिए गौरव का विषय है। नवदुर्गा शक्ति संचय का पर्व है, देश भी शक्ति सम्पन्न हो तथा अधिक से अधिक शक्ति संचय की ओर हम अग्रसर हों, इसी उद्देश्य से सेवा भारती संस्था समाज के सभी वर्गों के कल्याण और हित संवर्धन के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि, दशहरा और दीपावली की सभी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सेवा भारती के श्री रवि सेठी, श्री विमल त्यागी, गोविंदपुरा क्षेत्र के उद्योगपति, जन-प्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर की घटना पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के निर्माणाधीन आईटीसी होटल के किचन में गैस पाइप लाइन टेस्टिंग के दौरान आग लगने की घटना में एक महिला की असामयिक मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना में मृतक महिला के शोकाकुल परिजन के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घायलों को बेहतर उपचार देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, इसके लिए जिला प्रशासन जबलपुर को समुचित इलाज की व्यवस्था के लिए निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से मृतक के परिवार को 4 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासन से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा होटल संचालकों से सुरक्षा के निर्धारित मापदंडों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश भी दिए हैं।  

81 लाख किसानों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया आभार

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्राप्त राशि से प्रदेश के 81 लाख किसानों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए चलाई गई किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 20 हजार करोड़ की राशि मध्यप्रदेश के किसानों के खाते अंतरित की गई। डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार मानते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।  

रानी दुर्गावती जयंती अद्वितीय मनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल वीरांगना रानी दुर्गावती की  500वीं जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के जबेरा तहसील स्थित सिंगौरगढ़ के किले के हाथी दरवाजा का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती के इतिहास पर केन्द्रित पुरातत्व विभाग की प्रदर्शनी का फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रीगणों के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन कर रानी दुर्गावती के इतिहास और शौर्य से रू-ब-रू हुए। मुख्यमंत्री ने हाथी दरवाजा पर विजिटर पंजी में लिखा कि अद्भुत दृश्य, ऐतिहासिक किला, रानी दुर्गावती  और अन्य पुरातत्व महत्व के स्थानों पर आकर खासकर मंत्रीगणों के साथ आना अत्यंत आनंददायक रहा। इतिहास बना। रानी दुर्गावती जयंती अद्वितीय मनी। मंत्रीगणों द्वारा भी शुभकामनाएं लिखी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती की जयंती एक ऐतिहासिक दिन है। कई योजनाएं भी रानी दुर्गावती के नाम पर संचालित होगी। उन्होंने कहा कि इस स्थल पर प्रदेश और देश से लोग आएं तथा रानी दुर्गावती के गौरवान्वित करने वाले इतिहास से अवगत हो। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रीगणों को बधाई दी और कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इस स्थल को नए केलेवर में विकसित किया जाएगा। किले की उम्र कई सौ साल होने के बाद भी उसकी दीवारें आज भी मजबूती से खड़ी हैं। रानी महल, हाथी दरवाजे, स्नान के लिए किले के अंदर बने जलाशय और किले की पहाड़ियों में बने गुप्त रास्तों का रहस्य आज भी पहेली लगता है। किले के मुख्य हाथी दरवाजे से कुछ दूरी पर सिंगौरगढ़ जलाशय है यहां आज भी बारह महीने पानी रहता है। रानी दुर्गावती की वीरता के किस्से और प्रसिद्धि अब भी चहुंओर फैली है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंग्रामपुर कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया, निवेश बढ़ाने के लिए हैदराबाद में 16 अक्टूबर को रोड-शो

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विशेष सशस्त्र पुलिस बल (SAF) की 35वीं बटालियन, मण्डला का नामकरण वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर किया जाएगा। वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती के अवसर पर सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक का हिस्सा बनना सभी सदस्यों का सौभाग्य हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती का जन्म दुर्गा अष्टमी के दिन ही हुआ था। जैसा उनका नाम था वैसा ही उन्होंने अपने जीवन काल में 23 हजार से अधिक गांवों के साम्राज्य पर कुशलता, पराक्रम और शौर्य से शासन किया। उन्होंने 51 लड़ाइयों में दुश्मनों का वीरता से सामना कर विजय प्राप्त करने के साथ जनता के लिए कल्याणकारी कार्य करते हुए अपने “दुर्गा” नाम को सार्थक किया। दुर्भाग्यवश 52वीं लड़ाई में आसफ खान से युद्ध लड़ते हुए वीरांगना रानी दुर्गावती वीरगति को प्राप्त हुई। रानी दुर्गावती का यह बलिदान प्रदेश में सदैव स्मरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक के पूर्व मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। रानी दुर्गावती के अभूतपूर्व योगदान के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम् गान के साथ शुरू हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती के शासन सूत्र, जन-कल्याणकारी नीतियां और शासन अविस्मरणीय है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा प्रदेश के प्राणपुर, साबरवानी और लाड़पुरा खास को देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के लिये प्रदत्त सम्मान का प्रशस्ति-पत्र भेंट किया। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के मौके पर प्राणपुर को पारंपरिक चन्देरी क्रॉफ्ट श्रेणी और साबरवानी व लाड़पुरा खास को रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म श्रेणी में चुना गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना रानी दुर्गावती के सिंगौरगढ़ दुर्ग के इतिहास, महत्व, वास्तुकला और अन्य विशेषताओं पर निर्मित ब्रोशर का विमोचन किया। मंत्रि-परिषद की बैठक के दौरान वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन, संघर्ष और कल्याणकारी कार्यों के महत्व को प्रदर्शित करता रानी दुर्गावती स्मारक एवं उद्यान परियोजना पर केन्द्रित वीडियो का भी प्रदर्शन किया गया। स्मारक एवं उद्यान, जबलपुर में मदन महल पहाड़ी के 24 एकड़ भूमि पर 100 करोड़ रूपये की लागत से तैयार किया जाएगा। स्मारक में संग्रहालय, ओपन एयर थिएटर, जल संरक्षण संरचनाएं, फूड जोन, रानी दुर्गावती की कांस्य प्रतिमा आदि निर्मित किए जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा किए गए ग्रामीण पर्यटन और पर्यटन के विकास और प्रचार-प्रसार के कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त की। विजयादशमी को शस्त्र पूजन कार्यक्रम लोकमाता देवी अहिल्या बाई के नाम पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण की प्रतीक थी। लगभग 300 वर्ष पहले महिला सशक्तिकरण के लिए उनके द्वारा अपने शासनकाल में अनेक कार्य कराए गए। इस वर्ष विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन कार्यक्रम लोकमाता देवी अहिल्या बाई के नाम पर किया जाएगा। देवी अहिल्याबाई के शासन स्थल महेश्वर में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम में वे स्वयं हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों से अपने विधानसभा क्षेत्र और जिले के शस्त्र-पूजन कार्यक्रमों में शामिल होने का आग्रह किया। ‘शक्ति अभिनंदन अभियान” अंतर्गत 5 अक्टूबर से महिला सशक्तिकरण और जागरूकता पर होंगे विशेष कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्पूर्ण प्रदेश में 2 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक ‘शक्ति अभिनंदन अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान में जिला, विकासखण्ड एवं ग्राम स्तर पर महिला सशक्तिकरण और जागरूकता पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। अब 5 अक्टूबर से संवाद कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य संवेदी कार्यक्रम, सोशल मीडिया कैंपेन और शक्ति संवाद जैसे कार्यक्रम संचालित किए जायेंगे। संवाद कार्यक्रम के अन्तर्गत बदलाव की कहानियाँ, रोजगार, व्यवसाय एवं उद्यमिता में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ महिला एवं बुजुर्गों का सम्मान किया जाएगा। बालिकाओं के प्रशिक्षण के लिए सशक्त वाहिनी पंजीयन, सेफ्टी वॉक का आयोजन किया जाएगा। मानसिक स्वास्थ्य संवेदी कार्यक्रम और विकास में महिला भागीदारी पर परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा। बालिकाओं द्वारा मार्शल आर्ट का प्रदर्शन, सकारात्मक पुरूष भागीदारी पर चर्चा और महिला सुरक्षा वातावरण निर्माण के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके साथ सायबर सिक्योरिटी/सोशल मीडिया सिक्योरिटी पर प्रशिक्षण, ‘मैं निडर हूँ : बालिकाओं का दृष्टिकोण” के लिए सोशल मीडिया कैम्पेन चलाया जाएगा। ”शक्ति संवाद” कार्यक्रम अंतर्गत प्रदेश के समस्त थानों पर महिला सुरक्षा के लिए संवाद किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा महिला नेतृत्व पर आधारित विकास, महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केन्द्रित विभिन्न गतिविधियों, कार्यक्रमों का निरन्तर क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों और विधायकों से अपने विधानसभा क्षेत्र और जिले के कार्यक्रमों में शामिल होने का आग्रह किया। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए हैदराबाद में 16 अक्टूबर को रोड-शो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। आगामी 16 अक्टूबर को हैदराबाद में रोड-शो किया जाएगा। भोपाल में 17 और 18 अक्टूबर को माइनिंग कॉन्क्लेव और 23 अक्टूबर को रीवा रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को बताया कि सागर में हुए इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव से लगभग 23 हजार 181 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें हजारों लोगों के लिये रोजगार सृजन संभावित है। इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव में 10 राज्यों से आए 3500 से अधिक निवेशकों और प्रतिभागियों ने सहभागिता की। रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव सागर में 96 इकाइयों के आशय-पत्र जारी किये गये, जिनमें 240 एकड़ भूमि आवंटित की गई। मध्यप्रदेश की बेरोजगारी दर सबसे कम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की बेरोजगारी दर देश के औसत तथा अन्य राज्यों में सबसे कम है। भारत सरकार के सांख्यिकीय एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के द्वारा वर्ष 2024 में Periodic Labour Force Survey के द्वारा बेरोजगारी से संबंधित आंकडे जारी किए गए हैं। सर्वे के अनुसार पूरे देश की बेरोजगारी दर 10.2% है। मध्यप्रदेश की बेरोजगारी दर पूरे देश में सबसे कम 2.6% है। राज्यों में सबसे अधिक बेरोजगारी दर केरल (29.9%) में है। विकास के लिए विभागों का विज़न डॉक्यूमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। प्रत्येक विभाग के विजन और विगत एक वर्ष में किए गए मुख्य कार्यों की समीक्षा कर विज़न डॉक्यूमेंट तैयार करें। उन्होंने मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों … Read more

सड़कों के रख-रखाव में लापरवाही के लिए 21 अधिकारियों और 173 ठेकेदारों को नोटिस जारी, 9 ठेकेदारों को किया ब्लैक लिस्ट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सतपुड़ा-विंध्याचल भवन क्षेत्र सहित संपूर्ण अरेरा हिल्स क्षेत्र में कार्यालयों के लिए वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप भवनों के निर्माण के उद्देश्य से समग्रता में प्लानिंग की जाए। क्षेत्र में मेट्रो की सुविधा भी उपलब्ध होने जा रही है, साथ ही रोड नेटवर्क भी बेहतर हो रहा है। अत: कर्मचारियों व आम नागरिक की सुविधा को ध्यान में रख, कार्य स्थलों तक वॉक टू वर्क की सुविधा सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र की अधोसंरचना विकसित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं के संबंध में मंत्रालय में बैठक ले रहे थे। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में इंदौर की ईस्टर्न बायपास परियोजना और गड्ढा मुक्त सड़क अभियान पर भी चर्चा हुई। लोक-पथ एप से हुईं 3 हजार 652 शिकायतें निराकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में ईस्टर्न बायपास परियोजना का क्रियान्वयन किसानों तथा क्षेत्र के निवासियों को विश्वास में लेकर किया जाए। क्षेत्र के विकास में स्थानीय लोगों के लाभ व हित सुनिश्चित करते हुए योजना लागू की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़कों रख-रखाव में अद्यतन तकनीक अपनाते हुए कार्य किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि 07 अगस्त से 06 सितम्बर तक प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए चलाये गये विशेष अभियान में प्रमुख अभियंता, सड़क एवं सेतु द्वारा 35 हजार 995 किलोमीटर सड़कों पर मरम्मत की गई। आम नागरिकों द्वारा सड़कों में गड्ढों की शिकायत के लिए संचालित लोक-पथ एप में 46 हजार 516 किलोमीटर सड़कें रजिस्टर्ड हैं। गत 2 माह में एप में 3 हजार 721 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 3 हजार 652 शिकायतें निराकृत की जा चुकी हैं। सड़कों की स्थिति के संबंध में 15 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र और 156 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए तथा 9 ठेकेदारों की 73 लाख 30 हजार रूपए की राशि राजसात कर उनका पंजीयन ब्लैक लिस्ट किया गया है। अभियान में म.प्र. सड़क विकास निगम ने ओ.एम.टी योजना के तीन मार्गों पर निवेशकर्ताओं से टोल अधिकार वापस लिए। ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्यवाही कर एक करोड़ 30 लाख रूपए से अधिक का दंड अधिरोपित किया गया। सड़क विकास निगम ने 17 ठेकेदारों और 6 अधिकारियों को मार्ग के उचित रखरखाव न करने के कारण शो-कॉज नोटिस भी जारी किए। व्हाईट टॉपिंग से होगा सड़कों का सुधार बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 21 जिलों में चयनित 41 डामरीकृत सड़कों पर व्हाईट टॉपिंग कार्य का पायलेट प्रोजेक्ट लिया जा रहा है। व्हाईट टॉपिंग के अंतर्गत डामरीकृत सड़कों पर क्रांकीट की 6 से 8 इंच मोटाई का कार्य किया जाता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में संपन्न बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों और योजनाओं की आज समीक्षा हुई। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए। हुनरमंद लाड़ली बहनों को चिन्हित कर लघु उद्योगों से जोड़ा जाएगा तो उनके आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्त होगा। हितग्राही बहनों को यह लाभ दिलवाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य में सीएसआर फंड का उपयोग किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए प्राप्त जन सहयोग सराहनीय है। बैठक में जनजातीय बहुल क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में भी चर्चा हुई। प्रदेश में 97 हजार 339 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इनसे 81 लाख महिलाएं और बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य सहित विभिन्न कार्यक्रम की सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मन), शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि, आंगनवाड़ी सेवाओं के सुचारू संचालन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर शक्ति अभिनंदन अभियान के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि महिलाओं के लिए प्रदेश में शक्ति सदन और सखी निवास संचालित हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश अग्रणी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है । वर्ष 2024 -25 में प्रदेश में 2 लाख 46 हजार 185 हितग्राही पंजीकृत हैं। योजना शुरू होने से अब तक 1191 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान हितग्राहियों को किया गया है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षति पूर्ति के रूप में प्रोत्साहन राशि प्रदान करना और दूसरे प्रसव पर बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना शामिल है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम प्रावधान के अनुक्रम में एक जनवरी 2017 से प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य के तहत फोस्टर केयर की मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री कार्यालय और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

देश की युवा शक्ति भविष्य के भारत के ध्वजवाहक है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश आत्मविश्वास के साथ निरंतर बढ़ रहा आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश की युवा शक्ति भविष्य के भारत के ध्वजवाहक है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी का 5वां वार्षिक दीक्षांत समारोह सम्पन्न भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। मात्र पाठ्यक्रम तक सीमित रहने वालों को शिक्षक कहा जा सकता है, परंतु जो विद्यार्थी के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देते हैं, उन्हें सम्मानपूर्वक गुरु का संबोधन प्राप्त होता है। विश्वविद्यालय, विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक वातावरण, सुविधा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराते हैं, इसलिये प्रदेश के विश्वविद्यालय के कुलपति को कुलगुरु का संबोधन प्रदान किया गया है, जो भारतीय परंपरा के अनुकूल है। शैक्षणिक संस्थाओं का उत्साह से भरपूर वातावरण और दीक्षांत समारोह की गरिमा विद्यार्थियों में आत्म-विश्वास का संचार करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोठरीकलां जिला सीहोर में वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी के 5वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में महिला छात्रावास ब्लॉक-2 एवं पुरूष छात्रावास ब्लॉक-6 का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में से एक है। यहां प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का प्लेसमेंट सुनिश्चित है। यहाँ भोपाल सहित अमरावती, वेल्लोर, तमिलनाडु के विश्वविद्यालय भारतीय युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता के अनुरूप है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश आत्मविश्वास के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के जननायक प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व में भारत की साख को स्थापित किया है। उनका स्वयं का नीर क्षीर जीवन देश को समर्पित है, वे एक-एक पल देश के विकास और जन-कल्याण के लिए सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी, अद्यतन तकनीक का उपयोग करते हुए देश की युवा पीढ़ी को वैश्विक मानकों के अनुरूप कदम से कदम मिलाकर चलने में सक्षम बनाने के लक्ष्य को समर्पित हैं। उनकी मंशा और भावना के अनुरूप वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विदेशी विद्यार्थी भी हमारी शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन के लिए आ रहे हैं। देश की युवा शक्ति भविष्य के भारत की ध्वज वाहक है। भारत में वैज्ञानिक सोच और ज्ञान परंपरा प्राचीन काल से ही पर्याप्त संपन्न रही है, इसके पर्याप्त उदाहरण हमारे प्राचीन ग्रंथो में मिलते हैं। कोविड काल की कठिन परिस्थितियों से संघर्ष में भारत ने अपनी सामर्थ्य और बौद्धिक क्षमता से संपूर्ण विश्व को परिचित कराया। जी-20, आसियान आदि सभी मंचों पर भारत ने अपनी क्षमता का परिचय दिया है। भारतीय अर्थव्यवस्था 2014 में विश्व में 11वें स्थान पर थी, जो अब चौथे स्थान पर है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अगले 5 साल में भारत विश्व की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों का आहृवान करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ ही दीक्षा अर्थात सबको जोड़कर चलते हुए, अपने परिवार-समाज और देश के लिए समर्पित भाव से कार्य करते हुए आगे बढ़े। यह सौभाग्य की बात है कि संस्थान में अध्यनरत देश के अलग-अलग भागों के विद्यार्थियों का मध्यप्रदेश से संबंध जुड़ा है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए आशीष और शुभकामनाएं दी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंग वस्त्रम पहना कर स्वागत किया गया। उन्होंने एक पौधा भी लगाया। दीक्षांत समारोह के प्रारंभ में वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी की स्थापना, संचालित अकादमी गतिविधियों , विद्यार्थियों की उपलब्धियों और विस्तार योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक सुदेश राय, विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, वीआईटी. समूह के संस्थापक सह चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन तथा रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के प्रेसिडेंट डॉ. रवि पी गांधी सहित वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री पिथोडे की पुस्तक का किया विमोचन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, के निदेशक श्री तरुण कुमार पिथोडे की पुस्तक ‘मास्टर योर डेस्टिनी-लैसंस फ्रॉम लोहानी’ का नई दिल्ली में विमोचन किया। इस अवसर पर भारतीय रेलवे सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री अश्वनी लोहानी भी उपस्थित थे, जिनके सार्वजनिक प्रशासन और प्रबंधन में उल्लेखनीय कैरियर और जीवन से यह पुस्तक प्रेरित है। ‘मास्टर योर डेस्टिनी-लेसंस फ्रॉम लोहानी’ श्री पिथोड़े द्वारा लिखी हुई 6ठी पुस्तक है। यह पुस्तक प्रबंधन के विविध पहलुओं को अनोखे ढंग से प्रस्तुत करती है। पुस्तक में श्री लोहानी द्वारा विभिन्न स्तरों पर आई चुनौतियों का बखूबी सामना करने के जिक्र के साथ-साथ उनके वरिष्ठों, मित्रों, सहकर्मियों और कनिष्ठों के अनुभवों और फीडबैक पर प्रकाश डाला गया है। उनके द्वारा विभिन्न संगठनों को सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए अपनाई गई रणनीतियों का भी वर्णन इस पुस्तक में है। श्री पिथोडे द्वारा लिखी गई यह पुस्तक पूर्व अधिकारी श्री लोहानी के सुदीर्घ अनुभवों को समेटे हुए यह पुस्तक भावी अधिकारियों और कॉर्पोरेट जगत को बेहतर प्रबंधन की विशिष्ट सीख देती है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फैसले को बताया ऐतिहासिक, गैर-बासमती चावल के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाया, किसानों को मिलेगा लाभ

भोपाल केंद्र सरकार के गैर-बासमती चावल के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने का निर्णय देश के चावल उत्पादकों को भरपूर राहत देने वाला साबित होगा। मध्यप्रदेश के चावल उत्पादक किसानों को लाभ होगा। पिछले 10 सालों में 2015 से वर्ष 2024 तक 12,706 करोड़ रूपये का चावल निर्यात हुआ है। सबसे ज्यादा 3634 करोड़ का चावल निर्यात इसी साल हुआ है। उल्लेखनीय है कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत विदेश व्यापार महानिदेशालय की 28 सितंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात के लिए 490 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, पारबॉइल्ड और ब्राउन चावल पर निर्यात शुल्क को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया। इससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में और ज्यादा लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में कृषि निर्यात में सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो देश और मध्यप्रदेश के किसानों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान स्थापित करने में मदद करेगा। केन्द्र सरकार के इस फैसले का लाभ मध्यप्रदेश के चावल उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को होगा। राज्य के प्रमुख चावल उत्पादन क्षेत्रों में जबलपुर, मंडला, बालाघाट और सिवनी शामिल हैं। ये अपनी उच्च गुणवत्ता वाले जैविक और सुगंधित चावल के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें मंडला और डिंडोरी के जनजातीय क्षेत्रों का सुगंधित चावल और बालाघाट के चिन्नौर चावल को जीआई टैग प्राप्त है। इस पहचान के कारण यहां के चावल को अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में लोकप्रियता मिली है। मध्यप्रदेश से चावल के प्रमुख निर्यात बाजारों में चीन, अमेरिका, यूएई और यूरोप के कई देश शामिल हैं। इस निर्णय से न केवल राज्य के चावल उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के उत्पादों को भी वैश्विक पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश के चावल उद्योग ने पिछले कुछ वर्षों में अत्यधिक वृद्धि देखी है। इन सालों में 200 से अधिक नई चावल मिलों की स्थापना हुई है। इस फैसले से प्रदेश के किसानों और निर्यातकों को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। अब वे अपने चावल को न्यूनतम निर्यात मूल्य से अधिक दरों पर अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बेच सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- खिलाड़ी करें पदक की तैयारी, आप की चिन्ता होगी हमारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेरिस ओलम्पिक और पैरालम्पिक खिलाड़ियों से कहा कि खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय पदक जीतने की तैयारी करें, आगे की चिन्ता हम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को टी.टी. नगर स्टेडियम में पेरिस ओलम्पिक एवं पैरालम्पिक-2024 के चैम्पियन खिलाड़ियों को सम्मान राशि एवं शासकीय सेवा में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ओलम्पिक में भारतीय हॉकी का गौरव लौटने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारे लिये गर्व की बात है कि हॉकी टीम में मध्यप्रदेश के गौरव विवेक सागर ने अपना अहम योगदान दिया और हमें गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 3 खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ और 3 खिलाड़ियों को 10-10 लाख रूपए, एक खिलाड़ी को तीन लाख रूपए और एक खिलाड़ी को दो लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि के चैक प्रदान किये। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, अपर मुख्य सचिव खेल श्रीमती स्मिता भारद्वाज एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी और उनके अभिभावक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की खिलाड़ी भावना इस बात से स्पष्ट होता है कि वे पदक विजेता खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं और पदक से वंचित खिलाड़ियों को अधिक उत्साह के साथ अगली प्रतियोगिता की तैयारी के लिए प्रोत्साहित कर उनका मनोबल बढ़ाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी कारण से ओलम्पिक में जब हमारी बहन कुश्ती में पदक हासिल नहीं कर सकी तब भी प्रधानमंत्री श्री मोदी उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी असफलता पर सिफ खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि उच्च लक्ष्यों की प्राप्ति में असफलता पर वैज्ञानिकों के प्रयासों का अभिनंदन करते हैं। पदक विजेता खिलाड़ी बने करोड़पति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओलम्पिक पदक हासिल करने वाले हॉकी खिलाड़ी श्री विवेक प्रसाद सागर, पैरालम्पिक पदक प्राप्त जूडो खिलाड़ी श्री कपिल परमार और शूटिंग खिलाड़ी सुश्री रूबीना फ्रांसिस को राज्य सरकार की ओर से एक-एक करोड़ रुपये की राशि का चैक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने ओलम्पिक प्रतिभागी श्री ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, पैरालम्पिक प्रतिभागी सुश्री प्राची यादव और सुश्री पूजा ओझा को 10-10 लाख रुपये, विश्व 6-रेड स्नूकर वर्ल्ड चैम्पियनशिप के विजेता श्री कमल चावला को 3 लाख और डेफ शूटिंग चैम्पियनशिप के विजेता श्री चेतन हेमंत सप्कल को 2 लाख रूपये का चैक भेंट कर सम्मानित किया। विक्रम अवॉर्डी को दिए गए नियुक्ति-पत्र कार्यक्रम में मंत्री श्री सारंग ने वर्ष 2017 से वर्ष 2022 तक विक्रम पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट खिलाड़ियों को जल संसाधन, लोक निर्माण, नगरीय विकास, ऊर्जा, चिकित्सा शिक्षा एवं वन विभाग में नियुक्ति-पत्र प्रदान किये। थ्रो-बॉल खिलाड़ी श्री चन्द्रकांत हरडे, वुशू खिलाड़ी सुश्री भूरक्षा दुबे, शूटिंग खिलाड़ी सुश्री प्रगति दुबे, खो-खो खिलाड़ी सुश्री नैन्सी जैन, मलखम्ब खिलाड़ी श्री राजवीर सिंह और जूडो खिलाड़ी सुश्री पूनम शर्मा को जल संसाधन विभाग में नियुक्ति के पत्र दिये गये। पैरा-केनो खिलाड़ी सुश्री प्राची यादव और कराते खिलाड़ी सुश्री निधि नन्हेट को लोक निर्माण विभाग में नियुक्ति पत्र, सॉफ्ट बॉल खिलाड़ी सुश्री पूजा पारखे, सुश्री रागिनी चौहान तथा योगा के श्री रोहित वाजपेई को नगरीय विकास एवं आवास विभाग का नियुक्ति-पत्र प्रदान किया गया। सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी श्री जय मीणा और साहसिक खेल के श्री भगवान सिंह कुशवाह को ऊर्जा विभाग में, कबड्डी खिलाड़ी सुश्री कंचन ज्योति, सॉफ्ट बॉल खिलाड़ी श्री सुबोध चौरसिया और सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी श्री आदित्य दुबे को चिकित्सा शिक्षा, शूटिंग खिलाड़ी सुश्री चिंकी यादव को वन और सुश्री आध्या तिवारी को आयकर विभाग में नियुक्ति-पत्र सौंपा गया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी किस स्तर का खिलाड़ी बनेगा, यह नहीं कहा जा सकता परंतु यह सुनिश्चित है कि खेलों से जुड़ने वाला हर खिलाड़ी एक सभ्य, अनुशासित नागरिक जरूर बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने गांधी जी के स्वच्छता संदेश को मूर्त रूप देने का काम किया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में चलाए गए स्वच्छता पखवाड़े पर केन्द्रित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।  

गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण में वैश्विक मानकों के अनुरूप हो गांवों का विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा 2 अक्टूबर गांधी जयंती से देश की सभी पंचायतों में आरंभ किए जा रहे “सबकी योजना-सबका विकास” अभियान में ग्रामवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सक्रियता के साथ भाग लेने का आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जारी संदेश में कहा कि पंचायतें हमारे लोकतंत्र की व्यवस्था की जमीनी और सशक्त इकाई हैं। ग्राम स्वराज की अवधारणा को जमीन पर उतरने और गांव के सुनिश्चित विकास में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर आरंभ “सबकी योजना-सबका विकास” राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य हर गांव-हर पंचायत को विकास की मुख्य धारा में लाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के हर गांव को इस अभियान के माध्यम से समग्र विकास के अवसर मिलने वाले हैं। अभियान में हर पंचायत को जन-भागीदारी के साथ अपनी ग्राम पंचायत की विकास योजना तैयार करना है। यह योजना गांव में समावेशी विकास का मॉडल बनेगी। उन्होंने कहा कि पंचायती राज मंत्रालय ने इस अभियान को सतत विकास लक्ष्य के साथ जोड़ा है, जिससे हमारे गांवों का विकास वैश्विक मानकों के अनुरूप हो। अभियान में गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास में प्रदेशवासियों की सक्रिय भागीदारी, विकसित मध्यप्रदेश का आधार बनेगी और यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में प्रदेश की आहुति होगी। अतः अभियान में ग्रामवासी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर “सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास” के मंत्र को साकार करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पंचायतें हमारे लोकतंत्र की व्यवस्था की जमीनी और सशक्त इकाई हैं। ग्राम स्वराज की अवधारणा को जमीन पर उतारने और गांव के सुनिश्चित विकास में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य हर गांव-हर पंचायत को विकास की मुख्य धारा में लाना है। मध्य प्रदेश के हर गांव को इस अभियान के माध्यम से समग्र विकास के अवसर मिलने वाले हैं। अभियान अंतर्गत हर पंचायत को जन- भागीदारी के साथ अपनी ग्राम पंचायत की विकास योजना तैयार करना है। यह योजना गांव में समावेशी विकास का मॉडल बनेगी। पंचायती राज मंत्रालय ने इस अभियान को सतत विकास लक्ष्य के साथ जोड़ा है, ताकि हमारे गांवों का विकास वैश्विक मानकों के अनुरूप हो। अभियान में गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी ग्रामवासियों से इस अभियान के लिए होने वाली ग्राम सभा में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास में प्रदेशवासियों की सक्रिय भागीदारी विकसित मध्यप्रदेश का आधार बनेगी और यह प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में प्रदेश की आहुति होगी। अतः ‘सबकी योजना-सबका विकास’ अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास के मंत्र को साकार करें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर निगम के 43.39 करोड़ रुपए के उपकरणों एवं विकास कार्यों का लोकार्पण किया

भोपाल 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर आज स्वच्छ भारत एवं अमृत योजना में प्रदेश में 685 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण हुआ है। राजधानी भोपाल में स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सुबह 10 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। स्वच्छता दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चलाए गए स्वच्छता पखवाड़े में जिस जूनून से प्रदेशवासियों ने सहभागिता की, वह सराहनीय हैं। उज्जैन के सफाई मित्रों को सौगात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में नगर पालिक निगम उज्जैन को थ्री स्टार रेटिंग प्राप्त करने पर उज्जैन के 2314 सफाई मित्रों को सिंगल क्लिक से 69 लाख 42 हजार रुपए ट्रांसफर किए। इस योजना में हर सफाई मित्र के खाते में 3 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छता ही सेवा अभियान-2024 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सम्मानित किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर निगम के 43.39 करोड़ रुपए के उपकरणों एवं विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इन परियोजना का भी भूमि पूजन और लोकार्पण -इन योजनाओं का हुआ भूमिपूजन सागर निकाय की 299.20 करोड़ रुपए की सीवरेज योजना का लोकार्पण, सिवनी-मालवा निकाय की 61.17 करोड़ रुपए की जल प्रदाय योजना और छिंदवाड़ा निकाय की 75.34 करोड़ रुपए की जल प्रदाय योजना का वर्चुअली भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री प्रदेश की 19 नगरीय निकायों में सीवरेज और जल प्रदाय परियोजना का भूमि पूजन किया। -इन परियोजनाओं की भी सौगात इनमें विदिशा की 19.90 करोड़ रुपए की सीवरेज परियोजना, शाजापुर की 15.75 करोड़ रुपएकी, शाहपुर की 12.40 करोड़ रुपए की, शाहगढ़ की 13.05 करोड़ रुपए की, रौन की 11.91 करोड़ रुपए की, पीथमपुर की 24.58 करोड़ रुपए की, महू कैंट की 40.30 करोड़ रुपए की, डोला की 10.67 करोड़ रुपए की, दमोह की 12.52 करोड़ रुपए की, बरगवां (अमलाई) की 22.55 करोड़ रुपए की और बंडा की 10.16 करोड़ रुपए की सौगात दी। -ये सौगातें भी दी गईं वहीं, बिस्टान की 31.71 करोड़ रुपए की, सतवास की 3.09 करोड़ रुपए की, नामली की 3.10 करोड़ रुपए की, सुवासरा की 3.15 करोड़ रुपए की, बड़ौद की 3.20 करोड़ रुपए की, रतनगढ़ की 3.22 करोड़ रुपए की, पिपलोदा की 3.92 करोड़ रुपए की और कन्नौद की 3.97 करोड़ रुपए की जलप्रदाय योजना का वर्चुअली भूमिपूजन किया। इस मौके पर गौवंश के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों और स्वच्छता ही सेवा अभियान -2024 पर केंद्रित फिल्मों का प्रदर्शन भी हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुणे में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्थान की राष्ट्रीय चर्चा में किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर ने सच्चे अर्थों में सनातन संस्कृति की ध्वजा को लहराने का कार्य किया। अठाहरवीं शताब्दी में लगभग 28 वर्ष के उनके शासन में प्रशासनिक कुशलता, जन-कल्याण, सुशासन के अनेक दृष्टांत प्रस्तुत किए। लोकमाता अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। आज गौरवशाली इतिहास वाले पुणे में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था के राष्ट्रीय चर्चा कार्यक्रम में आकर पुणे नगरी को प्रणाम करते हुए यहाँ शिवाजी महाराज, लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक की स्मृति को नमन है, जिनके कारण पुणे महानगर का स्पंदन पूरा राष्ट्र महसूस करता है। पुणे महानगर प्रकारांतर से इंदौर और उज्जैन की तरह प्रतीत होता है। राष्ट्रीय चर्चा में राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े भी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्य वक्ता पद्मश्री सुश्री निवेदता ताई भिड़े उपाध्यक्ष स्वामी विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी के अलावा श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी, महिला विद्यापीठ मुंबई की कुलगुरू डॉ. उज्जवला चक्रदेव, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्थान के पदाधिकारी श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को पुणे के जानकी देवी बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऑडिटोरियम में “पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होलकर और उनके जन कल्याणकारी सुशासन” विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुणे में शिवाजी महाराज की सरिता की धारा के अलग-अलग तट के हिस्से दिखाई देते हैं। इसके साथ ही सिंधिया, होलकर वंश के शासकों सहित लोक माता के कार्यों का स्मरण सहज ही हो जाता है। पेशवा बाजीराव जी और सिंधिया जी का सहयोग वर्तमान के महाकाल मंदिर उज्जैन के कायम रहने का आधार बना। हमारे शासकों ने उस दौर में महाकाल मंदिर का निर्माण किया, जब बाहरी आक्रामक विभिन्न नगरों को ध्वस्त करने के लिए तैयार बैठे थे। छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस और लोकमाता अहिल्या देवी के लोक कल्याणकारी कार्यों का स्मरण आज पूरा राष्ट्र कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में भगवान विश्वनाथ जी के देवस्थान में जाने का अवसर मिलता है तो हम उनके दर्शन से अभिभूत होते हैं। यह सुअवसर भी लोकमाता अहिल्या बाई ने दिया, यह मंदिर उनकी ही देन है। लोकमाता अहिल्या बाई ने द्वारका, सोमनाथ और कई अन्य स्थानों पर ऐसे प्रकल्प संचालित किए। वे प्रशासनिक कुशलता, युक्ति एवं बुद्धिमत्ता से कार्य करती थीं। उनके साथ सहकर्मी सेनापतियों ने भी आर्थिक लाभ के लिए छल किए, लेकिन लोकमाता समाधान का मार्ग निकालने में पीछे नहीं रहीं। उन्होंने अनेक इलाकों में सकारात्मक परिवर्तन के लिए कुंओं के निर्माण, उद्यानों के निर्माण, प्याऊ प्रारंभ करने, सड़कों के निर्माण और सुधार कार्य, अन्न क्षेत्र प्रारंभ करने, मंदिरों में विद्वानों की निुयक्ति और खेती-बाड़ी के कार्यों से लोगों को जोड़कर सम्पूर्ण समाज को बदलने का कार्य किया। वे एक माँ का प्रतिरूप थीं। अनेक दुखों को सहते हुए उन्होंने शासन के ऐसे सूत्र संचालित किए, जो सर्व कल्याण के भाव का उदाहरण है। उनके राज्य में दो तरह की धन राशि का प्रावधान था। व्यक्तिगत उपयोग के साथ ही राशि का परिवार के लिए उपयोग करने का संदेश धनगर और यादव समाज ने दिया है, जिसमें परिवार की महिला को आय का एक चौथाई हिस्सा प्रदान किया जाता है। होलकर वंश में खासगी परम्परा कहा गया। उस दौर में 18 करोड़ की राशि जिसका वर्तमान मूल्य दो हजार करोड़ से ही अधिक होगा, उसके माध्यम से अनेक प्रकल्पों का संचालन किया गया। राज्य की सुरक्षा के लिए लोकमाता ने कूटनीति और युद्ध कौशल के अनेक दृष्टांत प्रस्तुत किए। नारी होकर भी वे पुरूषार्थ का प्रतीक थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर ने वर्ष 1767 में अपनी राजधानी महेश्वर से इंदौर करने का निर्णय लिया था। महेश्वरी साड़ी के लिए महेश्वर विश्व में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर को राजधानी बनाने के बाद यह शहर एक महत्वपूर्ण केन्द्र बना। इंदौर ने व्यापार, संस्कृति और कला के क्षेत्र में विकास किया। इंदौर में अनेक स्मारकों का निर्माण करवाया गया है, जिनमें से अनेक आज भी मौजूद हैं। महेश्वर के साथ ही ओंकोरश्वर में भी नर्मदा जी के किनारे भी सुविधाजनक घाट निर्मित करवाया, जो महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बना। तीर्थयात्रियों के लिए अनेक सुविधाएं विकसित की गईं। भगवान शिव, लोकमाता अहिल्या बाई के प्रमुख आराध्य थे। देश के अनेक स्थानों पर उन्होंने शिव मंदिरों का निर्माण करवाया। महेश्वर हस्तशिल्प का महत्वपूर्ण केन्द्र हैं जो आत्म-निर्भरता का भी प्रतीक है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर की विशेषताएं बताते हुए कहा कि महेश्वर आज हस्तशिल्प का प्रमुख केन्द्र हैं। यह नगर आत्मनिर्भरता का संदेश देता है। हस्तशिल्प का हुनर हजारों व्यक्तियों को आत्म-निर्भर बनाकर आर्थिक उन्नति का माध्यम बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में होने जा रहे कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को अम्बेगांव (पुणे) में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का अवलोकन किया। महाराजा शिव-छत्रपति प्रतिष्ठा न्यास संस्थान द्वारा संचालित ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके संघर्ष को जीवंत करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुणे में संस्थान की गतिविधियों की प्रशंसा की। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके योगदान से परिचित करवाने वाला ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क 21 एकड़ भूमि में स्थित है। इसकी अनुमानित लागत 438 करोड़ रुपये है। अब तक इस मेगा प्रोजेक्ट के दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में सरकारवाड़ा के अंतर्गत महाराष्ट्र के किलों की प्रदर्शनी, छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से बच निकलने की कहानी, रायगढ़ का 5-डी शो, शस्त्रों की प्रदर्शनी और शिवाजी महाराज के जीवन पर केन्द्रित अन्य इंटरैक्टिव अनुभव शामिल हैं। दूसरे चरण में रोटेशनल प्लेटफार्म पर ‘स्वराज्य स्वधर्म, स्व-भाषा’ शो विकसित किया गया है, जिसे एक बार में लगभग 100 दर्शक  देख सकते हैं। थीम पार्क के तीसरे चरण में प्रवेश द्वार (रंग मंडल), राजसभा का निर्माण, डार्क राइड, तटबंध, लैंड-स्केप और ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूरा किया जा रहा है। इस थीम पार्क को ‘मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट’ का दर्जा … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “अग्रदूत पोर्टल” लांच किया

Chief Minister Dr. Yadav launched “Agradoot Portal”

Chief Minister Dr. Yadav launched “Agradoot Portal” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार पारदर्शिता के साथ नागरिकों तक पहुंच बनाने एवं लाभार्थियों को योजनाओं संबंधी जानकारी भेजने के लिए संचार क्रांति का बेहतर उपयोग कर रही है। आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किए “अग्रदूत पोर्टल” को लाँच किया है। “सूचना ही शक्ति है” के मंत्र को सार्थक करने वाला अग्रदूत पोर्टल अपने आप में अद्भूत पहल है। किसी भी राज्य के जनसंपर्क विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा एवं त्वरित सूचनाओं के लिए इस तरह की अभिनव पहल पहली बार की गई है। लांचिग के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहला मैसेज लाडली बहनों को भेजा। यह मैसेज सावन में रक्षाबंधन के शगुन स्वरूप 1 अगस्त को लाडली बहनों के खातों में ₹250 अंतरित करने संबंधी है । क्या है अग्रदूत पोर्टल मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किया गया अग्रदूत पोर्टल सूचना ही शक्ति है की पहल पर काम करेगा। यह लक्षित समूह तक सिंगल क्लिक में सूचनाएं प्रसारित करने के लिए जनसंपर्क विभाग की अभिनव पहल है। अग्रदूत पोर्टल द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के टारगेट ऑडियंस तक सूचनाएं पहुंचाई जा सकेंगी। पोर्टल के माध्यम से त्रि-स्तरीय रिव्यू के बाद संदेश लोकप्रिय मोबाइल मैसेजिंग एप – व्हाट्सअप पर शेयर किया जाएगा एवं इसके माध्यम से एक साथ मल्टी मीडिया मैसेज ( ग्राफिक्स, टैक्स्ट, लिंक, वीडियो) भी शेयर किए जा सकेंगे। इसके माध्यम से नागरिकों तक आसानी से सूचनाएं पहुंचाई जा सकेंगी। अग्रदूत पोर्टल की विशेषताएँ अग्रदूत पोर्टल सूचना क्रांति के क्षेत्र में अभिनव पहल है। इससे कम समय में लक्षित नागरिकों तक पहुँच बनाई जा सकेगी। सूचना प्रसार, व्यापक संचार, समग्र डेटाबेस का उपयोग, WhatsApp के माध्यम से सूचना का प्रसार, सिंगल क्लिक आधारित, यूजर फ्रेंडली, त्रि-स्तरीय अनुमोदन प्रक्रिया कम समय में संपन्न होगी। श्रेणी अनुसार कर सकेंगे जानकारियाँ अलग-अलग अग्रदूत पोर्टल से प्रदेश के नागरिकों द्वारा चाही गई जानकारियाँ फ़िल्टर की जा सकती हैं। उन्हें श्रेणी अनुसार विभाजित कर मैसेज या सूचनाएं भेजी जा सकेंगी, जैसे उम्र, लिंग, जाति, धर्म, व्यवसाय, विकलांगता, जिला/ स्थानीय निकाय/ क्षेत्र के अनुरूप चयनित कर जानकारी भेज सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले कॉग्निजेंट और हेक्सावेयर आईटी संस्थानों के पदाधिकारी

Officials of Cognizant and Hexaware IT institutes met Chief Minister Dr. Yadav

Officials of Cognizant and Hexaware IT institutes met Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन्स कार्पोरेशन और वैश्विक स्तर पर आईटी कंसल्टिंग और डिजिटल समाधान प्रदाता हेक्सावेयर के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री निवास में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उपाध्यक्ष श्री गौरव हजारा ने कार्पोरेशन की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्पोरेशन द्वारा इंदौर में कॉग्निजेंट डेवलपमेंट सेंटर तैयार किया गया है। इसी तरह हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी द्वारा भी भोपाल में केन्द्र तैयार किया गया है। हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी के पदाधिकारी श्री डेनी दिवाकरन द्वारा संस्थान के कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी गई। दोनों संस्थानों ने एक-एक हजार कर्मचारियों को रोजगार देने की पहल की है।

गंभीरता के साथ हो राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Revenue matters should be resolved with seriousness and within the time limit: Chief Minister Dr. Yadav

Revenue matters should be resolved with seriousness and within the time limit: Chief Minister Dr. Yadavभोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की सुविधा और लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के लिये 18 जुलाई से 31 अगस्त तक राजस्व महा अभियान – 2.0 संचालित किया जा रहा है। किसानों और आमजन की सहुलियत के लिये पटवारी और मैदानी अमला मुख्यालय पर रह कर दायित्वों का निर्वहन करेंगे। अभियान्तर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों का गंभीरता के साथ समय-सीमा में निराकरण किया जाये। राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि अभियान में अविवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण 30 दिन में, विवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण 150 दिन में किया जायेगा। बंटवारा प्रकरणों के निराकरण की समय-सीमा 90 दिन है और सीमांकन प्रकरणों को 45 दिन में निराकृत करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही नक्शे में तरमीम का कार्य सतत् जारी रहेगा। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा है कि राजस्व महा अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। राजस्व महा अभियान 2.0 में 30 जून 2024 की स्थिति में लंबित नामांतरण, बँटवारा, अभिलेख दुरूस्ती और सीमांकन के प्रकरणों में निराकरण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें नामांतरण के 75 हजार 964, बंटवारा के 9 हजार 897, अभिलेख दुरूस्ती के 9 हजार 889 और सीमांकन के 25 हजार 423 प्रकरण शामिल हैं‍। इसके साथ ही 30 जून 2024 की स्थिति में एक करोड़ 95 लाख 45 हजार नक्शे पर तरमीम के लंबित मामलों को भी दर्ज किया जाएगा। अभियान में होगा डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण राजस्व महा अभियान में एक अगस्त से 15 सितंबर 2024 तक फसलों का डिजिटल (क्रॉप) सर्वेक्षण किया जायेगा। किसानों के खेत पर जाकर फसल का फोटो खीचकर जानकारी अद्यतन करने के लिये युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को 25 जुलाई तक प्रशिक्षित किया जायेगा। राजस्व महा अभियान में आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरण दर्ज करने और पूर्व आदेशों के अनुसार खसरों और नक्शे में अमल सुनिश्चित किया जाएगा। राजस्व महा अभियान में नि:शुल्क समग्र ई-केवायसी और समग्र से खसरे की लिंकेज की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही स्वामित्व योजना में आबादी भूमि के सर्वेक्षण की कार्रवाई पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। वरिष्ठ राजस्व अधिकारी करेंगे मैदानी क्षेत्र का दौरा राजस्व महा अभियान में संभागायुक्त, कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार मैदानी क्षेत्र का भ्रमण करेंगे और राजस्व महा अभियान में की जा रही कार्रवाई की मॉनीटरिंग करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायल बाघ शावकों की जीवन रक्षा के प्रयास की सराहना की

Chief Minister Dr. Yadav appreciated the efforts to save the lives of the injured tiger cubs.

Chief Minister Dr. Yadav appreciated the efforts to save the lives of the injured tiger cubs. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाघिन के घायल शावकों की जीवन रक्षा के लिए सीहोर जिला प्रशासन और भोपाल रेल मंडल द्वारा तत्परतापूर्वक की गई कार्यवाही की सराहना की है। भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोमवार की सुबह सीहोर जिले में बुधनी के पास मिडघाट में बाघिन के तीन शावक रेल्वे ट्रैक दुर्घटना के शिकार हो गये थे। दुर्घटना में एक शावक की मृत्यु हो गई लेकिन शेष दो घायल शावकों का रेस्क्यू किया जाकर उपचार के लिये भोपाल के वन्य प्राणी चिकित्सालय लाने के लिए एक डिब्बे की विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सराहना करते हुए कहा कि सीहोर जिला प्रशासन एवं रेल मंडल द्वारा मनुष्य के साथ ही पशु-पक्षियों के जीवन के प्रति संवेदनशील होकर दायित्व निभाने का यह श्रेष्ठ उदाहरण है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वंदे मातरम् गान के साथ आरंभ हुई मंत्रि-परिषद की बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रसन्नता का विषय है कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह आगामी 14 जुलाई को प्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का एक साथ शुभारंभ कर रहे हैं। एक्सीलेंस कॉलेजों की विशेषता है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप इनमें सभी कोर्स उपलब्ध होंगे तथा ये कॉलेज सभी संसाधनों से युक्त होंगे। युवा पीढ़ी को इन कॉलेजों का लाभ मिलेगा। सभी मंत्रीगण अपने-अपने क्षेत्र में कॉलेजों के शुभारंभ कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में यह बात कही। बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम् गान के साथ आरंभ हुई। बजट के प्रमुख बिन्दुओं पर जिलों में हों संवाद कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बजट की सभी ओर सराहना हो रही है। बजट के जन-कल्याण एवं विकास से संबंधित प्रमुख बिंदुओं पर सभी जिलों में संवाद कार्यक्रम किए जाएं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों को राजधानी से सीधे जोड़ने के लिए बनने वाले एक्सप्रेस-वे तथा सभी विभागों को उपलब्ध कराई गई पर्याप्त राशि से प्रदेश के विकास पर होने वाले प्रभाव के संबंध में जिलों में चर्चा हो। प्रदेश के सभी जिलों में औद्योगिक गतिविधियों का हो विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 20 जुलाई को जबलपुर में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हो रहा है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए सभी जिलों में सहयोग व मार्गदर्शन कार्यक्रम संचालित किए जाएं। प्रदेश के स्थानीय औद्योगिक इकाई संचालकों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें अपनी गतिविधियों का विस्तार करने एवं निवेश को बढ़ाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हुए प्रोत्साहित किया जाए। पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वित गतिविधियों का होगा विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पड़ौसी राज्यों के साथ विभिन्न गतिविधियों में समन्वय और सहयोग बढ़ाया जाएगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के धार्मिक महत्व के स्थलों में बेहतर नेटवर्क विकसित करने में रुचि दिखाई है। दोनों राज्यों के बीच ‘नदी जोड़ों अभियान’ पर भी गतिविधियां चल रही हैं। इसी प्रकार महाराष्ट्र के साथ भी नदी जोड़ों अभियान की संभावनाओं पर चर्चा हुई है। नवाचार से छिंदवाड़ा सहित अन्य जिलों में पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। जिला स्तर पर लक्ष्य तय कर सभी विभागों के समन्वय से किया जाए पौध-रोपण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पौध-रोपण अभियान के अंतर्गत साढे 5 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इंदौर एवं भोपाल में जारी पौध-रोपण गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी जिले पौध-रोपण का लक्ष्य तय करें एवं सभी विभागों में समन्वय करते हुए इसे अंजाम दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान में लगाए गए पौधों के रख-रखाव के लिए लोगों को प्रेरित भी किया जाए।  

योजना के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में बैठक में सिंहस्थ : 2028 के लिए प्रस्तावित कार्य योजना के अंतर्गत क्षिप्रा नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने की योजना के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में कान्ह नदी के व्यपवर्तन, कान्ह नदी पर 11 बैराजों के निर्माण, सिंहस्थ के लिए क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह योजना और क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित 18 बैराजों के निर्माण और क्षिप्रा नदी पर स्नान आदि के बेहतर प्रबंध के लिए घाटों के निर्माण तथा विकास के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। यह भी ध्यान रखा जाए कि निर्माण कार्य चलने से स्थानीय निवासियों को कोई असुविधा न हो। बैठक में पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से कार्यों की प्रगति का विवरण दिया गया। इसके अंतर्गत क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित संरचनाओं, प्रस्तावित बैराजों के निर्माण तथा आवश्यक घाटों के निर्माण से संबंधित जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घाटों के निर्माण में ऐसे पत्थर एवं सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए जो दीर्घकाल तक उपयोगी हों। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास विभाग डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला उपस्थित थे।  

किसानों के हित में खरीफ : 2024 से लागू करें डिजिटल क्रॉप सर्वे परियोजना: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खरीफ-2024 से कृषक हित में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण परियोजना का क्रियान्वयन पूरे प्रदेश में किया जाए। इस परियोजना में किसान बंधु नवीन तकनीक से अपनी गिरदावरी को देख सकेंगे। यही नहीं फसल नुकसान की दशा में किसानों को बीमा राशि भी अविलंब प्राप्त हो जाएगी। परियोजना में सैटेलाइट इमेज द्वारा संभावित फसल की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। इससे किसानों को उपार्जन में सहायता मिलेगी साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड भी तत्काल स्वीकृत करने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार रात्रि को मुख्यमंत्री निवास में हुई एक बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण परियोजना के संबंध में चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा एवं प्रमुख सचिव राजस्व श्री निकुंज श्रीवास्तव से परियोजना के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने परियोजना की सराहना करते हुए इसके क्रियान्वयन से जुड़ी प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण परियोजना : एक नजर में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण परियोजना द्वारा ग्राम में उपलब्धि स्थानीय युवा के माध्यम से नवीन तकनीक (जियो फेंस) का उपयोग कर कराया जाएगा। खेत में जाकर फसल का फोटो खींचने की प्रक्रिया आसानी से पूर्ण हो जाएगी। सर्वेयर द्वारा खींची गयी फ़ोटो की जियो टैगिंग भी होगी, अतः अनिवार्य रूप से खेत में जाकर क्रॉप सर्वे करना होगा और साक्ष्य के रूप में फसल की फ़ोटो भी उपलब्ध रहेगी। इससे कृषक भी अपनी गिरदावरी को देख सकेंगे और आपत्ति भी दर्ज कर सकेंगे। इस प्रकार नवीन तकनीक का उपयोग कर ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके साथ ही सैटेलाईट इमेज से भी संभावित फसल की जानकारी प्राप्त कर उसका तुलनात्माक अध्यगयन किया जाएगा एवं विसंगति पाई जाने पर जांच की कार्यवाही शासकीय सेवकों द्वारा की जा सकेगी। इस प्रकार फसल की सटीक जानकारी प्राप्त कर फसल के संबंध में बेहतर पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। परियोजना के क्रियान्वयन से प्रदेश के किसानों को उपार्जन कार्य में भी सहायता मिल सकेगी और उन्हें शीघ्र के.सी.सी. स्वीकृत हो सकेंगे। किसानों को फसल नुक़सान की स्थिति में बीमा राशि भी तत्काल मिल सकेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीआईपी मार्ग पर काफिला रुकवा कर किया आचार्य विनम्र सागर जी का स्वागत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज वीआईपी मार्ग भोपाल में जैन मुनि श्री विनम्र सागर जी के भोपाल आगमन पर उनका स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य जैन मुनियों से भी आशीर्वाद प्राप्त किया। छिंदवाड़ा प्रवास से लौटते हुए राजकीय विमानतल से मुख्यमंत्री निवास जाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नजर वीआईपी मार्ग से पैदल यात्रा कर जा रहे जैन मुनियों के दल पर पड़ी और उन्होंने वाहनों का काफिला रुकवा कर सभी का स्वागत किया। आचार्य जी ललितपुर (उत्तर प्रदेश) से जैन मुनियों के दल के साथ पधारे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल आगमन पर जैन मुनि और उनके सहयोगियों का स्वागत किया।  

आने वाले दिनों में ग्वालियर में 50 हजार दर्शक क्षमता का स्टेडियम भी बनाया जायेगा – केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 210 करोड़ रूपए की लागत से 20 हजार दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत स्व्. माधवराव सिंधिया के नाम किया है। यह स्टेडियम न केवल ग्वालियर, प्रदेश व देश में भी अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को ग्वालियर में नवनिर्मित स्टेडियम के लोकार्पण एवं एमपीएल-2024 मध्यप्रदेश लीग – सिंधिया कप के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, क्षेत्रीय सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, देश के पूर्व क्रिकेट कप्तान श्री कपिल देव, बीसीसीआई के अध्यक्ष श्री जय शाह, मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अभिलाष खाण्डेकर, उपाध्यक्ष श्री महाआर्यमान सिंधिया सहित जीडीसीए के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि क्रिकेट आज हर युवा के दिल में बसता है। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा ग्वालियर सहित मध्यप्रदेश में क्रिकेट के उत्थान एवं स्टेडियमों के निर्माण के लिए जो भी सहयोग चाहेगा, मध्यप्रदेश सरकार उसे पूरा करेगी। केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल में खेलों के लिये असीम प्यार है। वे खेलों को बढ़ावा देने के लिये हर संभव सहयोग कर रहे हैं। ग्वालियर के लिये ऐतिहासिक दिन है। आज मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 210 करोड़ रूपए की लागत से 20 हजार दर्शक क्षमता वाला स्टेडियम लोकार्पित किया जा रहा है। यह स्टेडियम मेरे पूज्य पिताजी स्व. माधवराव सिंधिया के नाम से किया गया है। उनका सपना था कि ग्वालियर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बने। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन देश का पहला ऐसा एसोसिएशन है जिसके ग्वालियर शहर में दो स्टेडियम हैं। ग्वालियर में आने वाले दिनों में हम सभी के सहयोग से 50 हजार क्षमता वाला एक अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण भी करेंगे। इसमें मध्यप्रदेश शासन का सहयोग अपेक्षित है। ग्वालियर में पहली बार मध्यप्रदेश लीग – सिंधिया कप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रदेश की पाँच टीमें अपनी खेल क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगीं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ी आने वाले दिनों में देश की टीम में शामिल होकर सम्पूर्ण देश का नाम भी गौरवान्वित करेंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में जीडीसीए के अध्यक्ष श्री अभिलाष खाण्डेकर एवं उपाध्यक्ष श्री महाआर्यमान सिंधिया ने भी अपने विचार रखे। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर आतिशबाजी का भी प्रदर्शन किया गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वल्पाहार कर कहा कि उज्जैन को मिलेगा विभिन्न व्यंजनों का स्वाद

Encroachment removed from 100 hectares of forest land and still 2000 hectares of forest land is in the possession of encroachers.

भोपाल प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में पुलिस कंट्रोल रूम के समीप लगभग ढाई हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में बनाए गए इंडियन कॉफी हाउस रेस्टोरेंट का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित करने के बाद वहां पर बैठकर स्वल्पाहार किया और भोजन के गुणवत्ता की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि इस इंडियन कॉफ़ी हाउस में पुलिस विभाग के लिए विशेष 30 प्रतिशत का डिस्काउंट प्रदान किया जाएगा। शुभारंभ के पश्चात आमजन के लिए यह प्रारंभ हो जाएगा। इंडियन कॉफी हाउस की पहली शाखा प्रदेश के जबलपुर में प्रारंभ की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की जनता एवं पुलिस प्रशासन कि सुविधा के लिए इंडियन कॉफी हाउस प्रारंभ हुआ है। इसके माध्यम से सभी को उच्च गुणवत्ता वाला भोजन मिलेगा। इसी के साथ इंडियन कॉफ़ी हाउस भारत कि विविधता को एकरूपता प्रदान करने वाले विभिन्न प्रकार के व्यंजन जनता को उपलब्ध करवाएगा। शुभारंभ के दौरान सांसद संत श्री उमेश नाथ महाराज, विधायक श्री महेंद्र कालूखेड़ा, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, आईजी श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह एवं अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

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