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मुख्यमंत्री साय से आईएमए पदाधिकारियों की सौजन्य मुलाकात

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज महानदी भवन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ स्टेट के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।इस दौरान डॉक्टरों ने 7 व 8 मार्च 2026 राजधानी रायपुर में स्थित श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में “आईएमए सीजीकॉन 2026” 21 वां स्टेट कॉन्फ्रेंस का न्यौता दिया।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर आईएमए छत्तीसगढ़ राज्य शाखा अध्यक्ष एवं चेयरमेन डॉ अनूप वर्मा, अध्यक्ष हॉस्पिटल बोर्ड डॉ सुरेंद्र शुक्ला, आईएमए सचिव डॉ संजीव श्रीवास्तव, डॉ गंभीर सिंह उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय बोले – सुप्रिया से प्रेरणा लेकर युवाओं को अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए

देशसेवा का संकल्प और सफलता की उड़ान: मुंगेली की सुप्रिया सिंह बनी लेफ्टिनेंट रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय में सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथा रैंक प्राप्त करने वाली मुंगेली की सुश्री सुप्रिया को सम्मानित किया। उन्होंने सुप्रिया और उनके परिजनों को पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी और मुँह मीठा कराया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुप्रिया की सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला युवा भी असाधारण उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रिया का अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को सुप्रिया से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य पाने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिले के ग्राम टेढ़ाधौंरा की 23 वर्षीय सुप्रिया ठाकुर ने सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक प्राप्त कर मुंगेली जिला सहित राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। अपनी प्रतिभा, अनुशासन और देशसेवा के अटूट संकल्प के बल पर वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित हुई हैं। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उन्हें मुख्यमंत्री ने शुभकामनाएं दी है।            साधारण परिवेश से असाधारण उपलब्धि तक ग्राम टेढ़ाधौंरा निवासी सुप्रिया सिंह श्रीनेत एक किसान परिवार से आती हैं। उनकी माता संतोषी सिंह श्रीनेत और पिता वैदेही शरण सिंह, जो पेशे से किसान हैं, ने सदैव उन्हें शिक्षा और संस्कारों का मजबूत आधार दिया। परिवार के स्नेहिल और अनुशासित वातावरण में पली-बढ़ी सुप्रिया ने प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की। उन्होंने कक्षा 10वीं में 71 प्रतिशत और 12वीं में 58 प्रतिशत अंक अर्जित किए। इसके बाद उन्होंने बी.टेक (इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्युनिकेशन) में स्नातक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग अध्ययन के दौरान ही उन्होंने एनसीसी को अपनाया और अपने नेतृत्व कौशल के बल पर जूनियर अंडर ऑफिसर के पद तक पहुंचीं। एनसीसी के प्रशिक्षण ने उनके भीतर अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ किया। यहीं से भारतीय सेना में अधिकारी बनने का उनका संकल्प आकार लेने लगा। दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम का परिणाम वर्ष 2023 में इंजीनियरिंग पूर्ण करने के बाद सुप्रिया ने पूरी एकाग्रता के साथ सीडीएस परीक्षा की तैयारी प्रारंभ की। कठोर परिश्रम, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमिशन के अंतर्गत आयोजित एसएसबी साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की। उनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली प्रेरक कहानी है। शैक्षणिक और सैन्य उपलब्धियों के साथ-साथ सुप्रिया सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। नृत्य उनकी प्रमुख रुचि है, जो उनके व्यक्तित्व को ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है। सुप्रिया सिंह श्रीनेत की यह सफलता न केवल मुंगेली, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है जनगणना 2027: मुख्यमंत्री साय

रायपुर  भारत की जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए आयोजित राज्य एवं संभाग स्तरीय अधिकारियों के प्रशिक्षण सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है. उन्होंने प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व को पूरी गंभीरता, सटीकता और संवेदनशीलता के साथ निभाने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2027 की जनगणना स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना प्रशासन की विश्वसनीयता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है. यदि आंकड़े अधूरे या त्रुटिपूर्ण होंगे तो विकास योजनाओं का लक्ष्य प्रभावित होगा. एक भी व्यक्ति या परिवार छूटना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे विकास की प्रक्रिया अधूरी रह सकती है. उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी. मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी होगी. छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा. यह कार्य प्रदेश के 33 जिलों, 252 तहसीलों और 19,978 गाँवों में संपन्न किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-गणना की सुविधा से जनभागीदारी बढ़ेगी और जनता का विश्वास ही जनगणना की सफलता का आधार है. यह कार्य विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत-2047 की नींव रखने वाला सिद्ध होगा. प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें तथ्यों का व्यवस्थित एवं प्रमाणिक संकलन किया जाता है. उन्होंने अधिकारियों से सभी निर्धारित कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए. मुख्य सचिव ने प्रगणकों के प्रशिक्षण में सपोर्टिव सुपरविजन की तकनीक अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग मिलना चाहिए, जिससे त्रुटियों की संभावना न्यूनतम हो. उन्होंने नई भवन अनुज्ञाओं को पूर्व से ही ट्रेस करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि मकान सूचीकरण के दौरान कोई संरचना छूट न जाए. साथ ही सीमावर्ती जिलों के संदर्भ में उन्होंने वर्ष 2001 के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में चले गए व्यक्तियों की गणना में दोहराव से बचने के लिए विशेष सावधानी बरती जाए. मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना की सफलता सूक्ष्म योजना, समन्वय और सटीक क्रियान्वयन पर निर्भर करती है, इसलिए सभी अधिकारी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ इस राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन करे. इस अवसर पर भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय कार्यों में से एक है. यह हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है और नीति-निर्माण व विकास योजनाओं की दिशा तय करती है. उन्होंने बताया कि भारत में पहली संगठित जनगणना वर्ष 1872 में प्रारंभ हुई थी और आगामी जनगणना देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी. उन्होंने कहा कि 150 वर्षों की परंपरा वाली भारतीय जनगणना गाँव, कस्बा और वार्ड स्तर तक प्राथमिक आँकड़ों का सबसे बड़ा स्रोत है. इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाएँ, परिसंपत्तियाँ, जनसांख्यिकीय विवरण, धर्म, अनुसूचित जाति-जनजाति, भाषा, शिक्षा, आर्थिक गतिविधि, प्रव्रजन एवं प्रजनन से संबंधित सूक्ष्म एवं विश्वसनीय आँकड़े संकलित किए जाते हैं. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने कलेक्टरों को जनगणना-2027 से संबंधित कार्यों के बारे में विस्तार से दिशा-निर्देश दिए. राज्य स्तरीय संभागायुक्त-कलेक्टर सम्मेलन में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सभी संभागायुक्त, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री साय ने कुम्हार के चाक पर गढ़ा दीया, पारंपरिक शिल्पकारों से किया आत्मीय संवाद:

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का एक आत्मीय और सहज रूप उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने कुम्हार के चाक पर स्वयं मिट्टी का दीया और कलश गढ़कर पारंपरिक शिल्प के प्रति सम्मान और जुड़ाव का सशक्त संदेश दिया।  अवसर था सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक का, जिसमें शामिल होने वे कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे थे। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक के साथ परिसर में स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसी प्रदर्शनी में सोनहत विकासखंड निवासी शिल्पकार  देवी दयाल प्रजापति इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी से दीया और कलश बनाने का सजीव प्रदर्शन कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय उनके स्टॉल पर पहुंचे और कुछ देर तक उनकी शिल्पकला का बारीकी से अवलोकन किया। कला के प्रति उत्सुकता बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं चाक पर हाथ आजमाने की इच्छा व्यक्त की। शिल्पकार की सहमति से उन्होंने घूमते हुए चाक पर रखी गीली मिट्टी को हाथों से साधा और देखते ही देखते उसे सुंदर दीये का आकार दे दिया। मुख्यमंत्री की सहज कुशलता देखकर स्वयं शिल्पकार भी आश्चर्यचकित रह गए, वहीं उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस क्षण का स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति से उनके व्यवसाय, आय और परिवार की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं कारीगर हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक शिल्प, कारीगरों और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि स्थानीय कला और हुनर को नई पहचान और बाजार मिल सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक  भैयालाल राजवाड़े, कलेक्टर  चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक  रविकुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने झुमका जलाशय में बोटिंग और वाटर स्पोर्ट सुविधाओं का किया अवलोकन, ओपन थिएटर का किया लोकार्पण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय बोले – समाज के संगठित और जागरूक होने से विकास को मिलती है मजबूती

कोसमनारा में सामुदायिक भवन विस्तार हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा रायगढ़ महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कोसमनारा धाम में आयोजित स्थापना दिवस एवं शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि समाज जब संगठित और जागरूक होता है, तब विकास को वास्तविक मजबूती मिलती है। साहू समाज की एकजुटता, शिक्षा और समर्पण प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले 25 लाख से अधिक किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। लगभग ₹10,000 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार किसानों के परिश्रम का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री साय ने कोसमनारा स्थित श्री 108 सत्यनारायण बाबा जी एवं भक्त माता कर्मा-कृष्ण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की तथा महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 1998 से पूज्य सत्यनारायण बाबा खुले आकाश के नीचे निरंतर तपस्या में लीन हैं। तीनों ऋतुओं में 28 वर्षों से अधिक समय तक साधना करना अत्यंत अद्वितीय और प्रेरणादायक है। यह धाम सामाजिक समरसता, आस्था और भाईचारे का सशक्त प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा जी के आशीर्वाद से उन्हें चार बार सांसद रहने का अवसर मिला और आज मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ एवं बाबा सत्यनारायण से प्रदेशवासियों पर निरंतर कृपा बनाए रखने की कामना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोसमनारा स्थित कर्मा साहू सामुदायिक भवन के ऊपर अतिरिक्त निर्माण के लिए ₹50 लाख की घोषणा की। साथ ही उन्होंने रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेशवासियों को अयोध्या सहित देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर मिल रहा है। समारोह में समाज कल्याण में उत्कृष्ट योगदान के लिए त्रिभुवन साहू, भरत लाल साहू, कपिल नाथ, अरुणा साहू, मनोज साहू एवं वेदराम साहू को सम्मानित किया गया। कोरबा जिला साहू संघ की पत्रिका तथा बाबा सत्यनारायण चालीसा का विमोचन भी किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहू समाज की एकजुटता विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कोसमनारा धाम के विकास हेतु लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित जिला साहू संघ पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, कसडोल विधायक संदीप साहू, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, पूर्व सांसद लखनलाल साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेंद्र साहू, डिग्रीलाल साहू सहित बिलासपुर संभाग के सात जिलों के नव निर्वाचित पदाधिकारी, बाबा सत्यनारायण की माता हंसमती देवी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक संपन्न

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक संपन्न मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड की 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन तथा नवीन एजेंडों पर चर्चा उपरांत प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण–संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा उनकी सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्यों को ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी छेड़छाड़ के पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की बात कही।          बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (Standing Committee of State Board for Wildlife) के गठन को मंजूरी दी गई। स्थायी समिति का गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर राज्य वन्यजीव बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है। बोर्ड की बैठकों के बीच अधिक अंतराल के कारण प्रस्तावों की स्वीकृति में विलंब की स्थिति बनती है। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों के त्वरित निपटान तथा वन्यजीव प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के शीघ्र निराकरण में सहायता मिलेगी।     बैठक में उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं नवीन कार्य, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव, सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना तथा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों का अनुमोदन कर उन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु प्रेषित करने पर सहमति दी गई।               कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव  विकास शील, अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)  अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के अन्य सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राजिम झड़प मामले में सीएम साय का कड़ा रुख, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत, महादेव सट्टा एप पर भी बोले

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कोरबा और अंबिकापुर दौरे के लिए रवाना हुए। दौरे को लेकर सीएम साय ने बताया कि कोरबा और अंबिकापुर में भारतीय जनता पार्टी के नए कार्यालयों का आज भूमिपूजन किया जाएगा। राजिम में दो संप्रदायों के बीच हुए विवाद को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है। घटना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महादेव सट्टा एप मामले पर मुख्यमंत्री साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि इस मामले में कोई शासकीय कर्मचारी भी संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी। भाजपा अन्य दलों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करती : किरण देव वहीं कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के बाद अब ट्रेनिंग को लेकर चल रही चर्चाओं पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के संगठन का विषय है और इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष की है। भाजपा अन्य दलों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करती। एक सप्ताह के भीतर पूरा होगा संगठन का काम भाजपा संगठन को लेकर जानकारी देते हुए किरण देव सिंह ने कहा कि पार्टी की संरचना पूरी तरह सुव्यवस्थित है। प्रदेश स्तर की टीम बन चुकी है और जिला स्तर पर भी गठन पूरा हो चुका है। सभी संगठनात्मक कार्य भाजपा की रीति-नीति के अनुसार तेजी से प्रारंभ हुए हैं और एक सप्ताह के भीतर संगठन का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिये, न कि सड़क पर: मुख्यमंत्री साय

रायपुर  नेशनल हेराल्ड मामले में एक तरफ कांग्रेस के नेता ईडी की कार्रवाई पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा मामले में जनजागरूकता पैदा करने में जुटी है. इस कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया में पोस्ट के जरिए कांग्रेस और करप्शन को पर्यायवाची बताया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि करप्शन और कांग्रेस, ये पर्यायवाची शब्द जैसे हैं. नेशनल हेराल्ड मामले में भी जिस तरह के संस्थागत घोटाले और धोखाधड़ी किए गए, उसका सच जनता के सामने आ चुका है. मामले में ED द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उसकी संलिप्तता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के काम में बाधा डालने की कोशिश या इसके विरुद्ध सड़क पर आना यह साबित करता है कि कोर्ट में इनके पास अपनी सफाई में कहने को कुछ नहीं है. कांग्रेस को यह पता है कि आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य पुख्ता हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांधी परिवार को यह मान लेना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है. ऐसे मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिये, न कि सड़क पर. वैसे भी सबको यह पता है कि नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार फिलहाल अभी भी जमानत पर है. उन्हें कानूनी उपचार का सहारा लेना चाहिये. अनावश्यक प्रोपेगेंडा करने से कुछ हासिल होने वाला नहीं है.

मुख्यमंत्री साय ने सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज से सौजन्य मुलाकात कर उनका शाल-श्रीफल भेंटकर किया आशीर्वाद प्राप्त

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में परमपूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शाल-श्रीफल भेंटकर सद्गुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने सद्गुरु जी से सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विख्यात है। सद्गुरु ऋतेश्वर जी के मार्गदर्शन में यह परंपरा और सुदृढ़ होगी। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सद्गुरु जी के सामाजिक और आध्यात्मिक प्रयासों में हरसंभव सहयोग की बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि साधु-संतों, मनीषियों की कृपा और मार्गदर्शन से हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध है।

‘भारत रत्न अटल हम सभी के प्रेरणा स्रोत’, छत्तीसगढ़-रायपुर में मुख्यमंत्री साय ने किया पुण्य स्मरण

रायपुर। देश आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के तौर पर मना रहा है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के अवंति विहार चौक पहुंचकर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर स्मरण किया. मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी छत्तीसगढ़वासियों की भावनाओं का सम्मान करने वाले महान राजनेता थे. उनका नेतृत्व, दूरदृष्टि और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उन्होंने कहा कि उनकी नीतियों और विचारों ने भारत को एक नई दिशा दी. अटल जी के सपनों को साकार करते हुए ही छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है. अटल जी के मूल्यों को आत्मसात कर हम सभी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक सुनील सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक राजेश मूणत सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर हवाई सेवा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर आज शुभारंभ किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर विमान सेवा का शुभारंभ हमारे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार का प्रतीक है।     इस सेवा का आरंभिक किराया मात्र 999 रुपये है, जो यह सुनिश्चित करता है कि आम जनता भी हवाई यात्रा का लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में जो परिवर्तन आया है, उसका यह एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा था कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की सवारी करेगा और आज वह सपना साकार हो रहा है।     सरगुजा और बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों की एयर कनेक्टिविटी से न केवल नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि इन क्षेत्रों में टूरिज्म और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। राज्य सरकार ने 80 करोड़ की  लागत  से अंबिकापुर के एयरपोर्ट का विकास किया है l माँ महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर को थ्री सी वीएफआर श्रेणी का लाइसेंस प्राप्त हुआ है । यह एयरपोर्ट 72-सीटर एटीआर-72 विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अंबिकापुर को वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, दिल्ली और कोलकाता से जोड़ने की योजना पर भी काम जारी है।हमारे छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरें, और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं।     गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, रामगढ़ की पहाड़ियां, और एशिया का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात जैसे स्थलों तक अब देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान होगी।     इसके साथ ही, एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से निवेश का माहौल भी बेहतर होगा। हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति में होम स्टे और रिसॉर्ट्स जैसे उद्यमों को विशेष प्रोत्साहन दिया है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।     हमारी कोशिश है कि अगले चार वर्षों में छत्तीसगढ़ को विमानन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि    नया साल आने वाला है, और मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि इस नई विमान सेवा का लाभ उठाएं और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें। फ्लाई बिग चार्टर कंपनी 19-सीटर ट्विन औटर विमानों के माध्यम से इन शहरों के लिए सेवाएं देगी।      विमान टेकऑफ़ को वाटर सेल्यूट दिया गया। आज प्रारंभ हुई विमान सेवा के पहले यात्री के रूप में सांसद चिंतामणि महाराज सपत्नीक सवार हुए, जिनको मुख्यमंत्री साय ने बोर्डिंग पास देकर कहा कि आज आपने इतिहास बना दिया। आप इस रूट के पहले यात्री है, आपको शुभकामनाएं।  इस अवसर विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के सचिव बसवराजु, संचालक विमानन विभाग संजीव झा, फ्लाई बिग कंपनी के सीएमडी संजय मांडविया उपस्थित थे।

एक साल विश्वास का साल रहा है, पिछली कांग्रेस सरकार में विश्वास का संकट था: मुख्यमंत्री साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ प्रेस कॉफेंस कर रहे हैं. सीएम साय न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर के कन्वेंशन हाल से संबोधित कर रहे हैं. मुख्यमंत्री साय ने कहा सरकार के एक साल कल पूरे हो रहे है. एक साल विकास के लिए समर्पित रहा है. ये एक साल विश्वास का साल रहा है. पिछली कांग्रेस सरकार में विश्वास का संकट था. मोदी की गारंटी कांग्रेस ने वादाखिलाफी कर लोगों से धोखा किया था. 2023 के चुनाव में लोगों ने मोदी की गारंटी पर विश्वास किया, हमने एक साल में मोदी की गारंटी को पूरा किया और सुशासन लाया, भ्रष्टाचारियों को दंडित भी किया जा रहा है.  अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के सपने को साकार करने की कोशिश हम कर रहे हैं. इसी को पुराणों में रामराज्य कहा गया है. 18 लाख आवास की स्वीकृति रायपुर किसानों से किया वादा हमने पूरा किया है. किसानों को दो साल का बकाया बोनस भी दिया है. 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत 1000 रुपये प्रति महीने दे रहे हैं. वादे के मुताबिक 18 लाख आवास की स्वीकृति भी मिली और अब आवास में गृहप्रवेश भी करवा रहे है. तेंदूपत्ता का मूल्य भी बढ़ाया गया. नयी रोजगार परक शिक्षा नीति भी लाए हैं. सीजी पीएससी के दोषी भी दंडित हो रहे है. इस बार के रिज़ल्ट में पीएससी में पारदर्शिता की तारीफ करने अभिभावक मिलने आये थे.

‘विकसित करने में स्वास्थ्य सेवाओं का अहम योगदान’, छत्तीसगढ़-रायपुर के एम्स आडिटोरियम में मुख्यमंत्री ने की शुरुआत

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के एम्स आडिटोरियम में रिमोट का बटन दबाकर 100 दिनों तक चलने वाले राज्य स्तरीय निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रिमोट का बटन दबाकर निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रतिमाह दी जाने वाली 1 हजार रूपए की राशि के आनलाइन ट्रांसफर करने की भी शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को निक्षय निरामय की शपथ भी दिलाई। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के अंतर्गत अगले 100 दिनों तक राज्य में टीबी, कुष्ठ और मलेरिया के मरीजों की पहचान की जाएगी और उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। योजना में राज्य के वृद्धजनों का भी स्वास्थ्य जांच और उपचार शामिल है। इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत के साथ ही साल 2047 तक छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का अहम योगदान होगा। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर को हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा हो रहा है। बीते 12 महीनों में हमने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य और शिक्षा, ये दो ऐसे विषय हैं जो सीधे-सीधे राज्य और राष्ट्र के विकास से जुड़े हुए हैं। जब हर नागरिक का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, उन्हें अच्छी शिक्षा मिलेगी, तो वे राष्ट्र के विकास में अपना अधिकतम योगदान दे पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के साथ ही सभी चिकित्सकों ने भी प्रदेश में चलाए जा रहे स्वास्थ्य अभियानों में हमेशा तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। अनेक दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन के साधनों की कमी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अमले ने अंदरुनी गांवों तक अपनी सेवाएं पहुंचाईं हैं। हमारे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अनेक दुर्गम गांवों तक पहुंचने के लिए लंबी-लंबी पदयात्राएं कीं, नदी-नालों को भी पार किया है। उन्होंने कहा कि वास्तव में आप लोगों का यह जज्बा सेना के किसी जवान के जज्बे से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि टीबी, कुष्ठ और मलेरिया जैसी बीमारियों से मुक्ति दिलाने के लक्ष्य को हासिल करने में निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य निरामय छत्तीसगढ़ की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की शुरूआत की जा रही है, मेकाहारा जैसे बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करने के लिए नए अस्पताल भवन तैयार किए जा रहे हैं और चिकित्सकों की लगातार भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नया कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार के लिए मैदानी अमलों, विशेषकर मितानिन बहनों की प्रशंसा करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर निक्षय पोषण योजना के हितग्राहियों को आनलाइन डीबीटी के जरिए राशि प्रदान करने की शुरूआत करने के लिए धन्यवाद दिया। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने हाथों से  हितग्राहियों को पोषण आहार, हियरिंग एड, वाकर और वाकिंग स्टिक प्रदान किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर आरंग विधायक श्री खुशवंत साहेब, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, स्वास्थ्य विभाग  की विशेष सचिव सुश्री प्रियंका शुक्ला एवं एमडी एनएचएम श्री विजय दयाराम के. भी उपस्थित थे।

‘जनजातीय समाज के विकास में सरकार प्रतिबद्ध’, छत्तीसगढ़-रायपुर में सर्व आदिवासी समाज के शपथ समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री साय

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नवनिर्वाचित प्रबंधकारिणी समिति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। आदिवासी समाज को आगे बढ़ने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शपथ ले रहे सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज एक समृद्ध संगठन है। इस संगठन के सभी सदस्यों का लंबा अनुभव रहा है। मुझे विश्वास है कि आदिवासी समाज के प्रतिनिधि के रूप में वे अपनी जिम्मेदारी को बहुत कुशलता से निभाएंगे । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जनजातीय समाज के विकास के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। छत्तीसगढ़ सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों सरकारें जनजातीय समाज की चिंता करती हैं। आज हम पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी को याद करते हैं जिन्होंने आदिवासियों के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। जब मैं सांसद था तब उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया था। आज भारत के राष्ट्रपति पद पर आदिवासी समाज की महिला सुशोभित हैं और छत्तीसगढ़ में भी आदिवासी का बेटा मुख्यमंत्री है। यह बहुत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिए लगातार काम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत विगत 2 अक्टूबर को की है। इस अभियान का लाभ 5 करोड़ जनजातीय लोगों को मिलेगा। इसमें छत्तीसगढ़ के कई गांव शामिल हैं। इन गांवों में सड़क, बिजली और पानी सहित सभी बुनियादी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजातियां हैं जिनके विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत इन समूहों के लिए बुनियादी सुविधाएं और सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। आज जहां-जहां विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहट है वहां सड़क, बिजली, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित सभी सुविधाएं मिल रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब नई शिक्षा नीति भी लागू है। यह नीति रोजगारपरक है। इससे हमारे बच्चे पढ़कर रोजगार पाने के लिए सक्षम होंगे। आदिवासी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिले इसलिए छत्तीसगढ़ में प्रयास संस्था बहुत अच्छा काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने देश की राजधानी नई दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे आदिवासी समाज के बच्चों के लिए ट्राइबल यूथ होस्टल की सीटों को बढ़ाकर 200 कर दिया है। हम राजधानी रायपुर की तरह पूरे प्रदेश में नालंदा परिसर बनाने जा रहे हैं। प्रदेश के 22 जिलों में नालंदा परिसर बनाने की स्वीकृति दे दी गई है। इससे छत्तीसगढ़ के सभी इलाकों के बच्चे अपने जिले में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पाएंगे। जनजातीय समाज की बेहतरी के लिए सरगुजा विकास प्राधिकरण और बस्तर विकास प्राधिकरण कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हो रहा है। आज किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना में 1000 रुपये माताओं-बहनों को दिया जा रहा है। एक साल में सरकार ने अनेक योजनाओं के माध्यम से लोगों के कल्याण के लिए कार्य किया है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के साथ समाज के सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज का संगठन समाज के शोषित पीडितों की मदद के लिए उनकी आवाज बनकर शासन-प्रशासन तक बात पहुंचाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रांताध्यक्ष श्री शिशुपाल सोरी, विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चन्द्राकर, श्री बी एल ठाकुर, श्री बीपीएस नेताम, श्री एम आर ठाकुर, श्री फूल सिंह नेताम, श्री जे मिंज, श्री भारत सिंह , डॉ लक्ष्मी ध्रुव, सुश्री वंदना उइके, सुश्री शशि सिंह , श्री आर के राय सहित छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।

आज ही के दिन राजभाषा आयोग ने पारित किया था विधेयक, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने दी छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस की बधाई

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा है कि ‘छत्तीसगढ़ी भाखा म हमर माटी के महक आथे। छत्तीसगढ़ी भाखा हमर अभिमान ए। सब अपन भाखा ला मान देहू तभे वो आघू बढ़ही’। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के  लिए छत्तीसगढ़ी को दैनिक बोलचाल के साथ साहित्य सृजन और प्रचार-प्रसार की भाषा बनाने की आवश्यकता है। हमें अपने पारंपरिक संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ उनका परिचय नई पीढ़ी से कराना भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस हर साल 28 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को राजभाषा दिवस के रूप में मनाने की वजह यह है कि 28 नवंबर 2007 को छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग विधेयक पारित किया गया था। इस विधेयक के पास होने के बाद ही हर साल 28 नवंबर को राजभाषा दिवस मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग का गठन छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास, और राजकाज में इस्तेमाल के लिए किया गया था। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की पहली कार्यकारी बैठक 14 अगस्त, 2008 को हुई थी। इस दिन को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का ‘कार्यालय स्थापना दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के पहले सचिव पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे थे। छत्तीसगढ़ी को दक्षिण कोसली और कोसली भी कहा जाता है। आस-पास के पहाड़ी लोग छत्तीसगढ़ी को खालताही कहते हैं। ओडिशा से छत्तीसगढ़ के पड़ोसी क्षेत्रों में रहने वाले लोग छत्तीसगढ़ी को लारिया कहते हैं।

21 क्विंटल प्रति एकड़ हो रही धान की खरीदी, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने किसानों को दी ‘मोदी की गारंटी’

रायपुर. सीएम साय ने प्रदेश में जारी धान खरीदी को लेकर किसानों को स्पष्ट किया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों को दी गई “मोदी की गारंटी“ के अनुरूप ही इस वर्ष प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की जा रही है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि धान खरीदी को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम में न पड़ें. साथ ही उन्होंने भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. सीएम साय ने कहा, धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है. सीएम साय ने बताया कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केन्द्रों के माईक्रोएटीएम से 2000 रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक की राशि निकालने की सुविधा भी दी गई है. इससे किसानों को धान बेचने परिवहन के लिए किराये पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली मजदूरी का भुगतान करने में सुविधा होगी. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में अनवरत धान खरीदी का सिलसिला जारी है. 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा. खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है. इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है. इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मिट्रिक धान खरीदी अनुमानित है.

महिलाओं को मिलेगा रोजगार, छत्तीसगढ़-जशपुर में मुख्यमंत्री साय ने दी ‘बिजली सखी योजना’ की सौगात

जशपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘बिजली सखी योजना’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित इस कार्यक्रम में बगीचा विकास खंड की 21 स्व-सहायता समूह की महिलाओं को बिजली सखी के रूप में चुना गया, जिन्हें मुख्यमंत्री ने विशेष बिजली किट प्रदान किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिजली सखी योजना अभी केवल बगीचा ब्लॉक में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। बिजली सखी गांवों में मीटर रीडिंग करके वहीं उपभोक्ता को बिजली बिल देंगी। जिससे उपभोक्ता समय पर बिल पटाकर अधिक बिल बढ़ने,फिर उसे पटाने के बोझ से बचेगा।पहले समय पर बिल नहीं पहुंचने से लोग ज्यादा बिल आ जाने की शिकायत करते थे। जिसे रोकने के लिए यह प्रयोग किया जा रहा है। यह प्रयोग सफल होता है तो इसे जशपुर जिले में लागू किया जाएगा,फिर पूरे प्रदेश में बिजली सखी योजना चलेगी।उन्होंने स्व सहायता समूह से जुड़ीं सभी बिजली सखियों को लखपति दीदी बनने की शुभकामना दी। बिजली सखी योजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें रोजगार से जोड़ना है। जशपुर जिले के कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के निर्देशन में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया है, जहां बिजली सखी बनने वाली महिलाओं को मीटर रीडिंग का प्रशिक्षण दिया गया है। योजना के तहत महिलाओं को प्रत्येक घर की मीटर रीडिंग लेने पर 12 रुपये का भुगतान किया जाएगा, जिससे उन्हें नियमित आय होगी और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा, “बिजली सखी योजना महिलाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी और रोजगार के नए द्वार खोलेगी।” उन्होंने योजना के सफल क्रियान्वयन पर जिला प्रशासन और जनपद पंचायत बगीचा के प्रयासों की सराहना की। योजना के पीछे प्रमुख विचार यह है कि मीटर रीडर की कमी के कारण उपभोक्ताओं को अक्सर असमान्य बिजली बिल का सामना करना पड़ता है। अब बिजली सखी द्वारा नियमित मीटर रीडिंग से उपभोक्ताओं को समय पर बिल मिल सकेगा, जिससे उन्हें बिल के भुगतान में सहूलियत होगी और बिजली विभाग की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। बगीचा एसडीएम ओंकार यादव ने बताया कि इस योजना का लक्ष्य 300 महिलाओं को बिजली सखी बनाकर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। वर्तमान में 21 महिलाओं को इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत नियुक्त किया गया है। इस पहल से जशपुर जिले की महिलाओं को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर ‘लखपति दीदी’ के रूप में उभरेंगी। राज्य सरकार की इस नई पहल से अन्य जिलों में भी महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का बड़ा अवसर मिलेगा, जिससे राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने दिए संदेश, छत्तीसगढ़-रायपुर में 101 फीट का रावण दहन और जमकर हुई आतिशबाजी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बड़ी धूमधाम से दशहरा का पर्व मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भगवान श्रीराम के जयकारे के बीच रिमोट का बटन दबाकर रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाथ के विशालकाय पुतले का दहन किया। कार्यक्रम स्थल पर आतिशबाजी और उत्सव का माहौल रहा। उपस्थित लोगों ने रावण दहन के बाद हर्षोल्लास के साथ एक-दूसरे को विजयादशमी की बधाई दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के मैदान में दशहरा पर्व के अवसर पर हजारों की संख्या में जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह पर्व असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। हम लोग हर साल रावण का वध करते है, परंतु इस पर्व की सार्थकता तभी है, जब हम काम, क्रोध, मद, लोभ रूपी रावण, जो हमारे मन में है, उसका वध करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता कौशल्या की नगरी और भांचा श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में रावण रूपी जो भी बुराई है, उसको हम सब मिलकर दूर करने का संकल्प लेना होगा। सीएम साय ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को विजयादशमी पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीते 53 वर्षों से डब्ल्यूआरएस कालोनी में रावण वध का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। इस साल का यह कार्यक्रम हम सब लोगों के लिए विशेष है क्योंकि 500 सालों के बाद छत्तीसगढ़ के भांचा भगवान श्रीराम जो भव्य मंदिर में प्रतिष्ठित हुए है। यह हम सबके लिए गौरव और प्रसन्नता की बात है। रावण वध का कार्यक्रम पारंपरिक ढंग आयोजित हुआ। इस मौके पर भगवान राम और रावण की युद्ध गाथा का मंचन हुआ और अंत में रावण के विशालकाय पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। 

कल नहीं होगा सीएम जनदर्शन कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय लेंगे समीक्षा बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय में विभिन्न विभागों की समीक्षा करेंगे. दोपहर 2.50 से शाम 5 बजे तक चलने वाली इस बैठक में योजनाओं की समीक्षा की जाएगी. इस दौरान सीएम साय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश भी देंगे. लोगों की समस्याओं जानने और उनका समाधान करने सीएम हाउस में हर गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाता है. इस बार गुरुवार यानि 10 अक्टूबर को होने वाले जनदर्शन को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है. सिविल जज भर्ती 2023 की मुख्य लिखित परीक्षा मेंस के नतीजे मंगलवार को जारी किए गए. इसके अनुसार 151 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चयनित किया गया है. इंटरव्यू की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. संभावना जताई जा रही है कि इसी महीने से इंटरव्यू लिया जाएगा. बता दें कि कुल 49 पदों पर सिविल जज की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 25 अगस्त को परीक्षा आयोजित की थी. जिला नियमितीकरण प्राधिकारी समिति की बैठक जिला नियमितीकरण प्राधिकारी समिति की बैठक आज दोपहर 12 बजे कलेक्टोरेट परिसर में रखी गई है. इसमें नगर निगम के 10 जोन से प्राप्त 5 हजार लंबित प्रकरण विचार के लिए रखेगे. बता दें कि समिति की यह 10वीं बैठक है, जो 7 माह के अंतराल बाद हो रही है. रंग मंदिर में कोमल गांधार नाटक का होगा मंचन रायपुर. अग्रगामी नाट्य समिति की ओर से आज रंग मंदिर में कोमल गांधार नाटक का मंचन किया जाएगा. यह कार्यक्रम शाम 7 बजे से होगा. कार्यक्रम में दर्शकों का प्रवेश निशुल्क रखा गया है. यह नाटक मुख्य रूप से महाभारत पर आधारित है, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है. समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद लुनावत ने लोगों से नाटक का मंचन देखने का आग्रह किया है.

महिला सुरक्षा और सम्मान की जताई प्रतिबद्धता, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने दी नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को देवी उपासना के पर्व नवरात्रि की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने देवी दुर्गा से सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। नवरात्रि की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में सीएम साय ने कहा है कि नवरात्रि में शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की 9 दिनों तक पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कन्याओं को देवी स्वरुप मानकर उनको भोजन कराया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि देवी की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है। छत्तीसगढ़ सरकार महिला सुरक्षा, उनके मान-सम्मान की रक्षा और उन्हें आवश्यक सेवा प्रदान करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति मान-सम्मान के भाव और उनके गौरव को बनाए रखने के साथ उनके विरूद्ध हिंसा के विरोध के संकल्प से ही सच्चे अर्थों में देवी पूजा सार्थक होगी।

किसानी के मुद्दों पर होंगे फैसले, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक आज

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होगी। कैबिनेट की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में दोपहर तीन बजे से आयोजित होगी। इस बैठक में खेती-किसानी के मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं और कृषि के मुद्दों के लेकर साय सरकार कई अहम फैसले ले सकते हैं। कैबिनेट की बैठक में विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तैयारी की समीक्षा हो सकती है। प्रदेश में खरीफ फसलों के लिए खाद बीज की उपलब्धता पर चर्चा की जाएगी। किसानों, अधिकारी, कर्मचारी और स्कूली बच्चों के हित में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये जा सकते हैं। साथ ही बैठक में अन्य विभागों से संबंधित अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

गीली मिट्टी की तरह होते हैं बच्चे, छत्तीसगढ़-जशपुर में राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में बोले मुख्यमंत्री साय

जशपुर/रायपुर. बच्चे तो मन के सच्चे होते हैं और यह बिल्कुल ही गीली मिट्टी की तरह होते हैं.. आप इन्हें जिस रूप में आकार देना चाहते हैं, दे सकते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुम्हार की चाक पर हाथ चलाते हुए राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में शायद यहीं संदेश दे रहे थे। जशपुर जिले में अपने गृहग्राम बगिया में मुख्यमंत्री साय ने अपनी पत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ कार्यक्रम स्थल पर चाक पर न सिर्फ हाथ आजमाए। उन्होंने गीली मिट्टी से दीया बनाकर मौके पर उपस्थित बच्चों और अभिभावकों को अलग-अलग संदेश दिया कि गीली मिट्टी की तरह बच्चे भी कोमल होते हैं और उन्हें किसी भी रुप में ढाला जा सकता है। वहीं दीया बनाकर उन्होंने अँधेरे को दूर करने में दीये की उपयोगिता को  बताने की भी कोशिश की। इस दौरान बगिया में कार्यक्रम स्थल पर लगायें एक- एक स्टाल का मुख्यमंत्री साय ने अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार मॉडल,सामग्रियों को देखकर उनकी सराहना की और उन्हें प्रेरित भी किया। राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम स्थल पर अलग अलग विभागों की स्टाल लगाई गई थी। जिसमें स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों में वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने मॉडल, स्वास्थ्य विभाग द्वारा डायरिया के रोकथाम, आदिवासी विकास विभाग द्वारा एकलव्य आवासीय विद्यालय में अध्यापन और आदिवासी बच्चों को दी जाने वाली सुविधाएं, लाइवलीहुड कॉलेज नवगुरूकुल द्वारा आजीविका पाठ्यक्रम की जानकारी दी गई। स्टाल में पीएमश्री प्राथमिक शाला लवाकेरा के विद्यार्थियों ने बैंड से देशभक्ति धुनों की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना की। शासकीय कन्या आश्रम बगीचा, पीएमश्री विद्यालय कांसाबेल, पीएमश्री विद्यालय कडरेगा के बच्चों ने स्कूल में  तैयार की गई मॉडल, वैज्ञानिक सोच और तार्किकता को बढ़ावा देने वाले मॉडल से मुख्यमंत्री का ध्यान अपनी ओर खींचा। छात्रा कु.अनामिका ,समिस्ता टोप्पो, दीपिका सिंह,दृष्टि साय, अनुष्का टोप्पो  ने जादुई पिटारे सहित अन्य प्रस्तुत सामग्रियों के विषय में बताया। शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला पत्थलगांव के विद्यार्थियों ने हुनर के पेटी,खेल सामग्री ,जादुई पिटारा,बायो गैस मॉडल के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। शासकीय विद्यालय दोकड़ा द्वारा हेल्थकेयर सेजेस जशपुर के विद्यार्थियों द्वारा रोबोट के माध्यम से यातायात के दौरान दुर्घटना से बचाव,शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई विद्यालय जशपुर की श्रुति डहरे, सरस्वती और भूमिका डहरे ने थ्री डी प्रिंटर के माध्यम से कलात्मक प्रिंट तैयार करने, हाइट फाइंडर के माध्यम से ऊंचाई नापने की जानकारी दी। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल चराई डाँड़ के विद्यार्थियों ने ड्रिप सिंचाई, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय गम्हरिया द्वारा मशरूम उत्पादन की जानकारी दी गई। स्टाल में बाँस कला, माटी कला अंतर्गत सामग्री की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने स्टाल में मिली जानकारी को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि बच्चों की यह प्रतिभा जीवन में आगे बढ़ने के काम आएगी।

डॉ. श्यामाप्रसाद ने देश की एकता को और मजबूती दी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने दी पुष्पांजलि

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्र की अखंडता और समाज की उन्नति के लिए आजीवन कार्य करने वाले महान चिंतक  डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने  कैम्प कार्यालय बगिया में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के छायाचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। साय ने कहा कि देश की एकता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘अद्वितीय प्रयासों’ के लिए प्रत्येक भारतीय उनका ऋणी है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की प्रगति के लिए कड़ी मेहनत की और एक मजबूत तथा समृद्ध राष्ट्र का सपना देखा। हम उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डॉ. मुखर्जी ने भारतीय राजनीति और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत किया। उनके विचार और आदर्श आज भी हमें प्रेरित करते हैं। उनके आदर्शों पर चलते हुए हम एक समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण के लिए संकल्पित हैं।

छत्तीसगढ़-जशपुर में मुख्यमंत्री साय ने मां दुर्गा की पूजा कर की धान बुआई

Selling land…'Akhilesh Yadav named BJP? know name

जशपुर. जशपुर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दूसरे दिन अपने निजी निवास बगिया में पत्नी कौशल्या साय के साथ मां दुर्गा ,गुरुदेव स्वामी की पूजा करने के बाद खेत में धान की बुआई की। सीएम साय ने धरती माता से इस वर्ष भी अच्छी फसल देने की प्रार्थना की। दरअसल मुख्यमंत्री विष्णुदेव मूलतः किसान हैं और अपने पिता की मृत्यु के बाद माँ के साथ खेतों में बैलों से जुताई भी की है। सीएम के करीबी जमींदार पुरुषोत्तम सिंह ने अमर उजाला को बताया कि विष्णु बाबू को खेती किसानी की बारीकियां बखूबी पता है। वे धान, उड़द, मूंगफली, कुल्थी सभी तरह की फसलों को कब, कैसे उगाना है सब जानते हैं। आज ग्राम देवता की पूजा के बाद खेत में जाकर धान की बुआई करके यह सन्देश दिया है कि कोई आदमी कितना भी बड़ा बन जाये अपना मूल काम कभी नहीं छोड़ना चाहिए। साय ने बुआई के बाद  कहा कि  प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी फसल की कामना करता हूँ। आज वाराणसी में प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी देश के किसानों को सम्मान निधि की राशि दे रहे हैं।छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना करते हुए उन्होंने आगे कहा कि डबल इंजन की सरकार में किसान और समृद्ध होते रहेंगे।

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