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चित्तौड़गढ़ दुर्ग हमारी शौर्य परंपरा का प्रतीक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

चित्तौड़गढ़ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग पर आयोजित ‘जौहर श्रद्धांजलि समारोह’ को संबोधित करते हुए मेवाड़ की धरा को भारत की शक्ति और भक्ति का संगम बताया। जौहर स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि चित्तौड़ का किला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि भारतीय नारी के गौरव, अस्मिता और त्याग की अमर गाथा है। नारी सम्मान और सुरक्षा की प्रेरणा योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में महारानी पद्मिनी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि जौहर केवल सत्ता का संघर्ष नहीं था, बल्कि यह नारी गरिमा की रक्षा का श्रेष्ठतम उदाहरण था। उन्होंने जोर देकर कहा, “आज का यह कार्यक्रम इस संकल्प का प्रतीक है कि भविष्य में किसी भी बेटी को जौहर जैसे कठिन दौर से न गुजरना पड़े। हर भारतीय नारी को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की गारंटी मिलना उनका अधिकार है।” उन्होंने मेवाड़ को भारत की नई पहचान देने वाली वीर भूमि बताया, जहाँ से पूरे विश्व ने त्याग और बलिदान की परिभाषा सीखी। जातिवाद और सांस्कृतिक षड्यंत्र पर प्रहार मुख्यमंत्री योगी ने समाज को बांटने वाली राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जातिवाद की राजनीति देश की नींव को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, “बांटने वाली राजनीति हमें फिर से गुलामी की ओर धकेल रही है। जो लोग राम और कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे आज संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर देश में अविश्वास का संकट पैदा कर रहे हैं।” उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो संबोधन को याद दिलाते हुए आह्वान किया कि हमें गर्व से स्वयं को हिंदू कहना चाहिए, क्योंकि हिंदू भाव सबको जोड़ता है, तोड़ता नहीं। इतिहास का सम्मान और सांस्कृतिक पुनरुद्धार समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मेवाड़ राजपरिवार के विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों को केवल मनोरंजन या पर्यटन की दृष्टि से नहीं, बल्कि इतिहास की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। उन्होंने उदयपुर और नाथद्वारा जैसे नगरों में बढ़ते व्यावसायिकता पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग अदम्य जिजीविषा का प्रतीक है। उन्होंने घोषणा की कि दुर्ग में पर्यटकों के लिए एक ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ स्थापित करने की पहल प्रस्तावित है, ताकि यहाँ आने वाले लोग राष्ट्रप्रेम और गौरव की अनुभूति के साथ लौटें। महत्वपूर्ण गतिविधियां पुस्तक विमोचन: कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘जयमल वंश प्रकाश’’ का विमोचन किया गया। पूजा-अर्चना: मुख्यमंत्री योगी ने दुर्ग स्थित जौहर स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की, यज्ञ में आहुति दी और कालिका माता मंदिर में देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘जयमल वंश प्रकाश’’ का अतिथियों ने विमोचन किया। समारोह में उत्कृष्ट उपलब्ध्यिं के लिए प्रतिभाओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह, सहकारिता राज्यमंत्री गौतम दक, विधायक श्रीचन्द कृपलानी, अर्जुनलाल जीनगर, शिव विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी, मसूदा विधायक वीरेन्द्र सिंह कानावत, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन स्थित हेलीपेड पर पहुंचे, जहां राज्यमंत्री गौतम दक, सांसद सी.पी. जोशी, विधायक चन्द्रभान सिंह आक्यां, श्रीचन्द कृपलानी, अर्जुनलाल जीनगर, अशोक कोठारी, वीरेन्द्र सिंह कानावत, दिलीप सिंह परिहार सहित जिला कलक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने उनकी अगवानी की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी दुर्ग स्थित जौहर स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर यज्ञ में आहुति दी। उन्होंने कालिका माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की समृद्धि की कामना भी की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश

यूपी के गोरखपुर और रामपुर जिले में स्थापित हो रही ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाएं गोरखपुर में टोरेंट पॉवर का 0.5 मेगावाट ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट, 9 किलोग्राम प्रति घंटा उत्पादन क्षमता रामपुर में जीरो फ्रूटप्रिंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट, 22.5 किलोग्राम प्रति घंटा उत्पादन क्षमता लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के गोरखपुर और रामपुर जनपदों में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। यूपी नेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि गोरखपुर में टोरेंट पॉवर द्वारा 0.5 मेगावाट क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना की उत्पादन क्षमता लगभग 9 किलोग्राम प्रति घंटा होगी। यह पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक के उपयोग और उसके व्यावसायिक विस्तार की संभावनाओं को परखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी तरह रामपुर जिले में जीरो फ्रूटप्रिंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन परियोजना स्थापित की जा रही है। इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता लगभग 22.5 किलोग्राम प्रति घंटा होगी। इस परियोजना से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ ही क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य का स्वच्छ ईंधन माना जाता है। इसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पानी की इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किया जाता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य होता है। इसका उपयोग परिवहन, उद्योग और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। इन जनपदों में स्थापित हो रही ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे प्रदेश में हरित ऊर्जा निवेश बढ़ेगा और आने वाले समय में ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगरा- मथुरा दौरा आज

यथार्थ अस्पताल का उद्घाटन, विकास कार्यों और धार्मिक परियोजनाओं की करेंगे समीक्षा आगरा/ मथुरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ताजनगरी आगरा और धर्मनगरी मथुरा के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात देने के साथ-साथ ब्रज क्षेत्र के विकास कार्यों और धार्मिक परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री योगी अपने दौरे की शुरुआत आगरा से करेंगे। वह सुबह करीब 10 बजे आगरा पहुंचेंगे। फतेहाबाद रोड स्थित होटल अमर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वह राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर स्थित  यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे। 250 बेड वाला यह टर्शियरी केयर अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है। यहां हृदय रोग, न्यूरोसर्जरी, लिवर व किडनी ट्रांसप्लांट और क्रिटिकल केयर जैसी जटिल सर्जरी की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। बेहतरीन नर्सिंग और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ यह अस्पताल आगरा और आसपास के जिलों के लिए स्वास्थ्य सेवा का नया केंद्र बनेगा। मथुरा में उ.प्र. ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक आगरा के कार्यक्रम के पश्चात सीएम योगी मथुरा के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां वे यमुना एक्सप्रेस-वे के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेंगे। करीब एक घंटे चलने वाली इस बैठक में मथुरा- वृंदावन में चल रही विकास परियोजनाओं, सौंदर्यीकरण कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण करेंगे सीएम योगी विकास कार्यों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री योगी मथुरा-वृंदावन मार्ग पर जयपुर मंदिर के पास स्थित अन्नपूर्णा रसोई पहुंचेंगे। ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा निर्मित इस दो मंजिला इमारत में ‘मंगलमय परिवार न्यास’ के सहयोग से श्रद्धालुओं को निःशुल्क सात्विक भोजन और प्रसाद वितरित किया जाता है। सीएम योगी यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण करेंगे। श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में करेंगे दर्शन- पूजन दौरे के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री कृष्ण जन्मभूमि पहुंचेंगे, जहां वे गर्भगृह व केशव देव मंदिर में विधि- विधान से दर्शन- पूजन करेंगे। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात शाम करीब 5 बजे मुख्यमंत्री राजकीय हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।

रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेशः सीएम योगी

  बोले- समाज को लड़ाने के साथ ही संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे सपाई, एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के नेताओं को खूब धोया। सीएम ने विधान परिषद की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के सदस्यों से कहा कि कांग्रेस से सबक ले लीजिए। कांग्रेस विधान परिषद विहीन हो गई है। यदि सपा को भी विधानसभा व परिषद विहीन होना है तो अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों का अपमान करे। अन्यथा ऐसा आचरण न करें, जो समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करता है। सीएम ने विपक्षी दलों के सदस्यों से अनुरोध किया कि यूपी की नई पहचान को संकट में मत डालिए। प्रदेश के विकास की यात्रा के साथ बढ़ने के लिए जिम्मेदार विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे तो प्रदेश की जनता आपको सम्मानित करेगी। रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सभी सेक्टर में अच्छी सफलता प्राप्त हुई है। प्रदेश और देश में जब टीमवर्क से काम होता है, तब परिणाम आता है। आज हर तबके (गांव, गरीब, युवा, महिला, किसान, हस्तशिल्पी) के मन में विश्वास है और यह विश्वास हर सेक्टर में दिख रहा है। आज यूपी में कानून का राज, अपराधी भयभीत, गरीब को सम्मान, किसान खुशहाल, महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर, हर गांव में बिजली और हर हृदय में गर्व है। यूपी फिर से रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। सपा ने न कुछ अच्छा किया और न ही अच्छा बोल पाएगी मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश विस्तार के साथ ही सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से सशक्त, सुरक्षित व समृद्ध प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान को बनाया है। हमारा लक्ष्य प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2029-30 में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी के रूप में स्थापित करना है। हमने बजट भी उस दिशा में ही प्रस्तुत किया है। सीएम योगी ने कहा कि बजट के बारे में समाजवादी पार्टी अच्छा नहीं बोल पाई, क्योंकि अच्छा करने के लिए उनके पास समय नहीं है। उन्होंने न अच्छा किया और न ही अच्छा बोलेंगे। हमारी सरकार ने डबल इंजन सरकार का लाभ लेते हुए पूरी मजबूती के साथ प्रदेश में प्रधानमंत्री के विजन को बढ़ाया है। सीएम ने कहाकि बहुत सारे सेक्टर हैं, जिसमें यह लोग गुमराह कर रहे हैं। समाज को लड़ाने के साथ ही संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे सपाई सीएम ने संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्षी दलों के भाव की निंदा की। बोले कि समाजवादी पार्टी के नेता बयानों से जातीय संघर्षों को बढ़ावा देते हैं। समाज को आपस में लड़ाने, आस्था का अपमान, गुंडागर्दी व अराजकता को बढ़ाने के साथ संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने में नहीं चूक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश में एसआईआर की कार्यवाही चल रही है। इसमें सरकारों की कोई भूमिका नहीं होती है। आयोग की गाइडलाइन पर तंत्र उसका अनुपालन करता है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की कार्यवाही का जिक्र करते हुए सदन में मुख्यमंत्री ने बताया कि 2.88 करोड़ से अधिक लोग अनुपस्थित/मृत या शिफ्टिंग हैं। समाजवादी पार्टी इन्हें जबर्दस्ती वोट बनाकर फर्जी पोलिंग करती थी। सपा चिल्ला रही है कि फॉर्म-7 के नाम पर फर्जी काम हो रहा है। सीएम ने आयोग द्वारा बनाई गई फॉर्म-6, फॉर्म-7 व फॉर्म-8 की व्यवस्था की उपयोगिता बताई। एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता सीएम ने कहा कि सपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ और अन्य लोगों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट कर रहे हैं, यह शोभा नहीं देता। यह संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना, मजाक, अपमान है। अगर हम संविधान की शपथ लेते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं को सम्मान दें। संवैधानिक संस्थाओं की परिभाषा अपने अनुरूप तय करें, य़ह अस्वीकार्य है। यूपी में शिक्षा व स्कूलों की स्थिति हुई बेहतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के अंदर अब शिक्षा व स्कूलों की स्थिति बेहतर हुई है। बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प, श्रमिकों व निराश्रित बच्चों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अटल आवासीय विद्यालय समेत यूपी ने बहुत सारे मॉडल प्रस्तुत किए हैं। हर जनपद में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। हमारा प्रयास है कि इसकी नेटवर्किंग को न्याय पंचायत स्तर तक फैलाकर प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के बच्चों को एक कैंपस में बेहतरीन इंफ्रास्ट्राक्चर के साथ पढ़ने की सुविधा उपलब्ध हो। एडेड-गवर्नमेंट कॉलेज और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक शिक्षा को पर्याप्त मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई है। टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर 150 आईटीआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (एआई, ड्रोन, रोबोटिक) समेत इन सभी में प्रदेश ने कार्य प्रारंभ किया है। राजकीय व निजी क्षेत्र में भी लगभग 75 विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं, जो यह उच्च शिक्षा के बेहतरीन केंद्र बनकर उभरे हैं।

वर्ष 2017 के बाद यूपी ने पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी की ओर ऐतिहासिक यात्रा तय की है : मुख्यमंत्री

ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी के ट्रिपल-टी मॉडल से यूपी आज देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है : मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए उत्तर प्रदेश के निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में पिछले साढ़े आठ वर्षों में हुए बदलावों को ऐतिहासिक करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश जो वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया के लिए जाना जाता था, आज उसकी पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में होती है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न स्पष्ट औद्योगिक नीति थी और न सही नियत थी। प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल न होने के कारण अपार संभावनाओं के बावजूद निवेशक उत्तर प्रदेश आने से हिचकते थे। वही उत्तर प्रदेश आज अपने ट्रिपल-टी यानी ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्म और टाइमली डिलीवरी के मॉडल को अपनाते हुए देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की यात्रा के बारे में कहा कि औद्योगिक निवेश की पहली शर्त होती है सुरक्षा, दूसरी सुविधा और तीसरी स्पष्ट नीति। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में इन तीनों का अभाव था, जिसके चलते उद्योगों का विकास अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया। अब प्रदेश ने फियरलेस बिजनेस, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ट्रस्ट इन डूइंग बिजनेस को अपनी नई पहचान बनाया है। प्रदेश सरकार इसे ट्रिपल-एस मॉडल यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड के रूप में प्रस्तुत कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार होने के कारण प्रदेश के विकास कार्यों में गति स्वाभाविक रूप से बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी की ओर ऐतिहासिक यात्रा तय की है। उत्तर प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू की गई हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। “निवेश मित्र”, “निवेश सारथी” और “उद्यमी मित्र” जैसी डिजिटल एवं संस्थागत व्यवस्थाओं ने उद्योगों के लिए पारदर्शी और सुगम वातावरण तैयार किया है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश, 2017 के पहले 14वें स्थान पर था, जबकि अब टॉप अचीवर स्टेट के रूप में स्थापित है। सरकार का दावा है कि व्यापक सुधारों के सभी मानकों को पूर्ण रूप से क्रियान्वित करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। डीरेगुलेशन रैंकिंग में यूपी पहले स्थान पर है तो डीक्रिमिनलाइजेशन की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 13 राज्य अधिनियमों के 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर उद्योगों के लिए भयमुक्त वातावरण बनाया है। इससे प्रदेश में कारोबारी प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और अनावश्यक कानूनी बाधाएं समाप्त हुई हैं। औद्योगिक वृद्धि के आंकड़े इस परिवर्तन की कहानी कहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी से लेकर वर्ष 2017 तक 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने ही स्थापित हुए थे। वहीं 2017 के बाद से अब तक इनकी संख्या 31,000 से अधिक हो चुकी है। यह वृद्धि प्रदेश में उद्योगों के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ से साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश ने 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू प्रस्ताव किए हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू जमीन पर उतारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि यूपी में अब एमओयू और निवेश कागजों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि ग्राउंडब्रेकिंग, उत्पादन और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के रूप में परिणाम दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश आज मेक इन इंडिया अभियान को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी का बड़ा हब बनकर उभरा है। देश में होने वाले मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का लगभग 55 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण में भी प्रदेश की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के रूप में स्थापित कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ रक्षा उत्पादन और खेल उद्योग में भी यूपी में तेजी से निवेश बढ़ा है। रक्षा कॉरिडोर और खेल उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर फर्स्ट के दृष्टिकोण के कारण उत्तर प्रदेश आज वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित, स्थिर और विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार, आधारभूत संरचना का विस्तार, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विकास ने औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया है। इन पहलों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज निवेश, रोजगार और औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड के ट्रिपल-एस मॉडल के आधार पर उत्तर प्रदेश की गणना आज देश की सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में हो रही है।

मुख्यमंत्री का दावा: 9 साल में तीन गुना बजट बढ़ोतरी से यूपी बना ‘अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट’

  यूपी बना रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, ऋणग्रस्तता घटकर 23 प्रतिशत लाने का लक्ष्य स्टेट डेटा अथॉरिटी का होगा गठन, एआई मिशन, डेटा सेंटर क्लस्टर और महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा  लखनऊ आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों के दौरान अपना परसेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश ने इस दौरान पॉलिसी पैरालिसिस से उभर कर परसेप्शन को बदलकर खुद को अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया है, आज का यह बजट उन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश का यह बजट  9 वर्षों में तीन गुना से अधिक बढ़ा है। आज 9,12,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समृद्ध होते उत्तर प्रदेश पर आधारित है। प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि नई योजनाओं के लिए बजट में प्रस्तावित की गई हैं। वहीं 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आंवटित की गई है। परिसंपत्तियों के नवनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट और अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहीं से रोजगार का सृजन होता है। यह प्रदेश में पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ। पिछले 9 वर्षों में कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही यूपी में जो कर चोरी और लीकेज थे, इन सबको रोक कर कुशल वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से बीमारू राज्य से उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था का एक ब्रेकथ्रू के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। वर्ष 2017 में 30 फीसदी से अधिक राज्य में ऋणग्रस्तता थी। हम लोगों ने इसे घटाकर पिछले दो-तीन वर्षों में 27 फीसदी लाने में सफलता प्राप्त की। इस वित्तीय वर्ष में इसे 23 फीसदी तक लाने का लक्ष्य है। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार किसी भी राज्य की जो कुल जीएसडीपी होगी, उस पर 30 फीसदी से अधिक ऋण नहीं होना चाहिए। आज उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जिन्होंने अपने वित्तीय प्रबंधन को एफआरबीएम की निर्धारित सीमा के अधीन रखा है। यह हमारा कुशल वित्तीय अनुशासन है। कोई नया टैक्स लगाए बिना प्रदेश ने जन-कल्याण व इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्कीम के साथ प्रत्येक सेक्टर में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज उत्तर प्रदेश देश की टॉप तीन इकॉनमी में से एक है। स्टेट डेटा अथॉरिटी का किया जाएगा गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लोगों ने प्रदेश में अनइंप्लॉयमेंट रेट को 2.24 प्रतिशत तक नीचे लाने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2017 के पहले यह लगभग 17 से 19 फीसदी तक था। बजट में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और स्थानीय उद्यमों को विकसित करते हुए वृहद निवेश की नई योजनाओं को शुरू करने का प्रावधान किया गया है। बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की कई बड़ी घोषणाएं हुई हैं। पहले प्रदेश में अलग-अलग विभाग अलग-अलग समय में अलग-अलग डेटा प्रस्तुत करते थे। हमारी सरकार ने तय किया है कि हम एक स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन करेंगे। यह स्टेट डेटा अथॉरिटी प्रदेश में रियल टाइम डेटा और इसकी मॉनिटरिंग के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। वहीं बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना का प्रावधान किया गया है। मेडटेक और डीपटेक के लिए एआई मिशन की घोषणा की गई है, ताकि युवाओं को अधिक से अधिक जॉब उपलब्ध कराए जा सकें। इसके लिए उनकी स्किल डेवलपमेंट की प्लानिंग भी बजट में की गई है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के जरिये महिलाओं की उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और उनके उत्पादों के लिए शी-मार्ट विपणन केंद्र विकसित करने की बात भी बजट में कही गई है। इस योजना से स्थानीय महिलाओं को काफी मदद मिलेगी, जो एसएचजी के माध्यम से लोकल गांवों और शहरी क्षेत्र में अपना प्रोडक्ट बनाती हैं। आज यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग दूसरे स्थान पर, खुद को चीफ अचीवर स्टेट के रूप में किया स्थापित मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सिटी इकॉनमिक जोन, एससीआर, काशी-मीरजापुर इकॉनमिक जोन, प्रयागराज-चित्रकूट इकॉनमिक जोन, कानपुर-झांसी इकॉनमिक जोन को विकिसत करने का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2017 में यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग 13-14 पर थी। आज नंबर दो पर है। इसके बाद यूपी ने चीफ अचीवर स्टेट के रूप में खुद को स्थापित किया। प्रदेश में डिजिटल आन्त्रोप्रेन्योरशिप योजना को आगे बढ़ाने के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। इन सभी सफलता को प्राप्त करने में रूल ऑफ लॉ की बड़ी भूमिका है, यही रियल ग्रोथ है। हर व्यक्ति सुरक्षा की गारंटी चाहता है और वह गारंटी आज यूपी दे रहा है। पहले यूपी में कोई नहीं सोच सकता था कि 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आएंगे। यूपी का एमएसएमई सेक्टर जो पहले मृत हो गया था, आज उसने 3 करोड़ से अधिक नौजवानों को नौकरी दी है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उद्यमी बनाने के लिए नए प्रयास किये जा रहे हैं। विकास की यात्रा में प्रदेश का अन्नदाता भी सक्रिय साझेदार बने, इस दृष्टि से कृषि को इनकम बेस्ड और वैल्यू एडिशन मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। प्रदेश में सिंचाई की क्षमता का विस्तार किया गया है। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल का इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है। वहीं 23 लाख से अधिक डीजल से संचालित ट्यूबवेल को सोलर से जोड़ने के लिए बजट में घोषणा की गई है। इसके साथ पीएम कुसुम योजना को भी जोड़ा जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति, महिला और लघु सीमांत किसानों को 90 फीसदी अनुदान और अन्य किसानों के लिए 80 फीसदी सब्सिडी की घोषणा की गई है। बजट में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण की क्षमता विकसित करने का टारगेट   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा … Read more

ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा ढांचा डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता, विद्यालय संस्कार व कौशल विकास के केंद्र भी बनें

यमकेश्वर/पौड़ी गढ़वाल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तराखंड दौरे पर पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होता, बल्कि वह केवल आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। वास्तविक और सार्थक विकास वही है, जो अपनी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़े। शिक्षा केंद्रों को इसी सोच के साथ स्वयं को तैयार करना होगा, ताकि विद्यालय केवल पुस्तक ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि संस्कार, कौशल और जीवन निर्माण के केंद्र बनें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय के मेधावी छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा ढांचा सरकार की प्राथमिकता नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य शैक्षणिक भवन अब छात्रों व शिक्षकों को समर्पित हो चुका है। शीघ्र ही यहां आवश्यक फर्नीचर सहित सभी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। डबल इंजन की उत्तराखंड सरकार का स्पष्ट फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में भी अत्याधुनिक शिक्षा व स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर है, ताकि विद्यार्थियों को गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और वे अपने क्षेत्र में रहकर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह कालखंड केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक व आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का अवसर है। विकास एकांगी नहीं हो सकता, यदि सभ्यता और संस्कृति सुरक्षित नहीं रहेंगी, तो भौतिक प्रगति भी अर्थहीन सिद्ध होगी। प्रगति का मार्ग सकारात्मक सोच से मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गोत्र व्यवस्था, ऋषि परंपरा के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है। प्राचीन काल के गुरुकुल केवल अध्ययन के केंद्र नहीं थे, बल्कि कृषि, आयुर्वेद, कौशल व जीवन मूल्यों के प्रशिक्षण के समग्र केंद्र थे। वहां से निकला विद्यार्थी जीवन के किसी भी संघर्ष में स्वयं को असहाय नहीं पाता था। कोई कार्य उसके लिए न छोटा होता था, न कठिन। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है, जो सकारात्मक सोच के साथ अपने पुरुषार्थ व परिश्रम से आगे बढ़ता है। नकारात्मकता व्यक्ति को दुर्गति की ओर ले जाती है। मेहनत करने वालों पर बरसती है मां सरस्वती की कृपा उन्होंने कहा कि कुछ लोग विद्यालयों में मां सरस्वती की प्रार्थना पर भी सवाल उठाते हैं। मां सरस्वती किसी जाति, मत या संप्रदाय की नहीं हैं, जो मेहनत करता है और सही दिशा में सोचता है, उस पर उनकी कृपा स्वतः होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इसी सोच को आगे बढ़ाती है कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि स्किल डेवलपमेंट और समग्र व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र बनें।  आज बेहतर संपर्क व्यवस्था से जुड़ चुका है यमकेश्वर महादेव मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 1965 में जब यह इंटर कॉलेज स्थापित हुआ था, तब न बिजली थी, न सड़कें और न आधुनिक साधन। आज गांव-गांव में बिजली, पेयजल, सड़कें और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। यमकेश्वर महादेव मंदिर, जहां पहले पैदल यात्रा ही एकमात्र साधन थी, आज बेहतर संपर्क व्यवस्था से जुड़ चुका है। पहले का विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में था, आज भव्य भवन उपलब्ध है। सरकार ने सुविधाएं दी हैं, अब शिक्षकों का दायित्व है कि शिक्षा की गुणवत्ता को उसी स्तर तक पहुंचाएं और छात्रों का कर्तव्य है कि वे पूरे मनोयोग से अध्ययन करें। विद्यालय केवल शिक्षा के ही नहीं, बल्कि संस्कृति और सभ्यता के भी आधार स्तंभ होने चाहिए। गांवों को फिर से बनाना होगा आत्मनिर्भर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। यहां का युवा देश की सीमाओं की रक्षा करता है और हर क्षेत्र में अपनी प्रभावी भूमिका निभाता है। हिमालय से निकलने वाला जल पूरे उत्तर भारत की भूमि को उपजाऊ बनाता है और देश की खाद्यान्न सुरक्षा में योगदान देता है। सरकार चाहती है कि हर स्तर पर मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो, लेकिन उसका सही उपयोग समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गांवों को पलायन से बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गांव हमारी सभ्यता की जड़ हैं। जड़ जितनी मजबूत होगी, समाज उतना ही स्थिर और समृद्ध होगा। गांवों को शिक्षा, नवाचार, शोध और आत्मनिर्भरता के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। पहले गांव आत्मनिर्भर थे, सरकार पर निर्भरता न्यूनतम थी। आज जरूरत है उस आत्मनिर्भरता की भावना को फिर से जीवित करने की। प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में हो विद्यालय भवन का उपयोग मुख्यमंत्री ने आदित्य बिरला समूह के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह विद्यालय भवन समयबद्ध तरीके से बनकर तैयार हुआ। अब लक्ष्य है कि इस भवन का उपयोग प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी, विशेष कक्षाओं और कौशल विकास के लिए भी किया जाए। उन्होंने ‘अभ्युदय कोचिंग’ मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल और फिजिकल दोनों माध्यमों से गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को आईआईटी जेईई, नीट जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यालयों को पर्यटन, बागवानी, कृषि और स्थानीय संसाधनों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यमकेश्वर क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों और शुद्ध जल जैसी अमूल्य संपदा है, जिसका संरक्षण और सदुपयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी नया और सकारात्मक प्रयास होगा, वही समाज के लिए प्रेरणा बनेगा और इस प्रेरणा का केंद्र हमारे शिक्षण संस्थान होंगे। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत, विधायक मीनू बिष्ट, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजगौरव नौटियाल उपस्थित रहे।

सुव्यवस्था, स्वच्छता, जल प्रबंधन, डिजिटल मैपिंग, भीड़ प्रबंधन में दिखा प्रशासन का कौशल

प्रयागराज. संगम तट आयोजित माघ मेला 2026 ने अब तक के अपने सभी माघ मेलों के आयोजन को पीछे छोड़ दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता और सतत निगरानी के चलते इसे मिनी कुंभ जैसी पहचान ही हासिल नहीं हुई बल्कि संस्कृति,  सुशासन, सामाजिक समरसता और आत्मानुशासन की अभिव्यक्ति का यह अद्भुत समागम बन गया।   भारत की ‘संस्कृति-आधारित सुशासन’ संगम नगरी प्रयागराज में पावन त्रिवेणी के तट पर आयोजित माघ मेला 2026 भारत की संस्कृति पर आधारित गवर्नेंस का ऐसा ब्लू प्रिंट बन रहा है जिसका अन्य कहीं कोई उदाहरण देखने को नहीं मिलता। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ 3 जनवरी से शुरू हुए इस आयोजन के पांच प्रमुख स्नान पर्व सकुशल संपन्न हो जाने के बाद यहां 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती में पुण्य की डुबकी लगाकर अपना संकल्प पूरा कर चुके हैं। अभी आखिरी स्नान पर्व महा शिवरात्रि शेष है। मेला प्रशासन 15 फरवरी को इसके सकुशल समापन की तैयारी में लगा है। पूर्ण अनुशासन के साथ आस्था का जन सैलाब यहां आया और सनातन की बयार की झलक दिखाकर आगे बढ़ गया।  सामाजिक समरसता, प्रकृति संतुलन और आत्मानुशासन का पर्याय कल्पवास   कुंभ और महाकुंभ को यदि सनातन के 13 अखाड़ों के वैभव का महा आयोजन माना जाता है तो माघ मेला त्रिवेणी की रेती पर एक महीने तक प्रवास करने वाले कल्पवासियों का समागम। इस बार 5 लाख से अधिक कल्पवासियों ने यहां कल्पवास किया जिन्हें प्रशासन की तरफ से हर तरह की सहूलियत मिली। कल्पवासियों को तीर्थ पुरोहित ही अपने तंबुओं से बने शिविरों में बसाते हैं। पहली बार तीर्थ पुरोहितों के लिए अलग से प्रयागवाल नगर बसाया गया। सभी तरह के जाति,  उप-जाति का भेद भुलाकर मां गंगा के पावन जल में स्नान कर इन कल्पवासियों ने अपने संकल्प पूर्ण किए। भीड़ प्रबंधन में दिखा प्रशासन का कौशल, मेला सेवा ऐप बना सारथी माघ मेले के अब तक के इतिहास में इस बार का माघ मेला सबसे अधिक विस्तारित क्षेत्र में बसाया गया। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार माघ मेले का इस बार 800 हेक्टेयर तक विस्तार किया गया। मेला क्षेत्र में पहली बार सात सेक्टर और 9 पांटून पुल बनवाए गए। आवागमन सुगम बनाने के लिए मेला क्षेत्र में पहली बार गोल्फ कार्ट सेवा की शुरुआत हुई। बसंत पंचमी तक 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इसकी सेवा ली। इसके अलावा शहर के अलग अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र पहुंचाने के लिए बाइक टैक्सी सेवा शुरू की गई। माघ पूर्णिमा तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने इसकी सेवा ली। श्रद्धालुओं की सहूलियत की लिए पहली बार मेला सेवा ऐप का निर्माण किया गया। भीड़ प्रबंधन के लिए 42 पार्किंग बनाई गई। माघ मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 15 हजार से अधिक पुलिस कर्मी तैनात रहे, मेला क्षेत्र में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के अलावा ड्रोन के जरिए भीड़ की सतत निगरानी होती रही।

5 हजार साल से भारत की सनातन संस्कृति को ऊर्जा देने वाली यह ब्रज भूमि श्रद्धा और आस्था की धरा: सीएम योगी

मथुरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने एक दिवसीय दौरे पर मथुरा के बरसाना में ‘रंगोत्सव 2025’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि काशी और अयोध्या के कायाकल्प के बाद अब मथुरा और ब्रजभूमि के विकास का समय आ गया है। बरसाना में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने श्री लाडली जी महाराज मंदिर में दर्शन-पूजन किया और फूलों व लड्डूमार होली के जरिए रंगोत्सव की शुरुआत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 5 हजार साल से भारत की सनातन संस्कृति को ऊर्जा देने वाली यह ब्रज भूमि श्रद्धा और आस्था की धरा है। इसके कण-कण में श्री राधा और श्री कृष्ण के दर्शन होते हैं। उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि यहां काशी, अयोध्या और मथुरा, ये तीनों तीर्थ स्थल सनातन एकता के प्रतीक के रूप में मौजूद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत और विकास की नई परंपरा स्थापित हुई है, जिसका परिणाम हाल ही में संपन्न प्रयागराज महाकुंभ के भव्य आयोजन के रूप में देखने को मिला। जो जितना सनातन धर्म के खिलाफ बोलता था, अफवाह फैलाता था और तर्कहीन बातें करता था, उन्हें सनातन धर्मावलंबियों ने महाकुंभ के जरिए करारा जवाब दिया है। महाकुंभ सनातन धर्म का दुर्लभतम क्षण बन गया है। सीएम योगी ने होली को एकता का सूत्र बताते हुए कहा कि होली आपसी सद्भाव और दूरियों को मिटाने का त्योहार है। महाकुंभ ने जहां दुनिया को एकता का संदेश दिया, वहीं होली इसे और मजबूत करती है। उन्होंने बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठ्ठमार होली और लड्डूमार होली का जिक्र करते हुए सनातन धर्म की अद्भुत परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में ब्रज भूमि के विकास के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। करोड़ों की योजनाओं के साथ बरसाना को विकास से जोड़ा जा रहा है। पहली बार बरसाना में रोपवे की सुविधा शुरू हुई है। महाकुंभ सकुशल संपन्न होने के बाद अब फुर्सत मिली है। काशी, अयोध्या, प्रयागराज, मां विंध्यवासिनी धाम के विकास के उपरांत अब बारी इसी पुण्य भूमि की है। मथुरा, बरसाना, ब्रजभूमि के विकास के लिए कोई सीमा नहीं है। वह होली के अवसर पर श्री राधारानी जी के श्रीचरणों में इसी निवेदन के साथ पहुंचे हैं। उन्होंने दिल्ली में रामभक्तों की सरकार आने का जिक्र करते हुए यमुना के संरक्षण का वादा दोहराया। सीएम ने कहा कि अब यमुना मइया भी गंगा मां की तरह निर्मल और अविरल होंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संतों का सम्मान किया और देश-दुनिया से आए लोगों को होली और रंगोत्सव की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बरसाना ब्रह्मा, नंदगांव शिव और गोवर्धन विष्णु जी का प्रतीक है। यह ब्रज भूमि हर सनातन धर्मावलंबी के लिए आशीर्वाद का केंद्र है। डबल इंजन की सरकार सुरक्षा, विकास और समृद्धि की गारंटी है। होली के इस पावन अवसर पर ब्रज भूमि के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- भारत की सनातन धर्म की जो मान्यता है यह दुनिया के सबसे प्राचीन संस्कृति है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सनातन धर्म की जो मान्यता है यह दुनिया के सबसे प्राचीन संस्कृति है। इसकी तुलना किसी मत मजहब और संप्रदाय से नहीं हो सकती। हजारों वर्षों की विरासत मेरे पास है। इसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन भी उतनी ही प्रचीन है। आकाश के भी ऊंचा है सनातन की परंपरा, इसकी तुलना नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित ‘महाकुम्भ महासम्मलेन’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। महाकुम्भ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने कहा कि देवासुर संग्राम के बाद अमृत की बूंदें चार पवित्र स्थलों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिरीं। इन स्थानों पर महाकुम्भ के आयोजन भारत के ज्ञान, चिंतन और सामाजिक दिशा तय करने का अवसर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ के आयोजन के दौरान भारत के ऋषि-मुनि एकत्र होकर उस समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंतन करते थे। यह आयोजन न केवल परंपरा का सम्मान है, बल्कि इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना भी आवश्यक है। विरासत और विकास का संगम है महाकुम्भ 2025 : योगी सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि महाकुम्भ का आयोजन भारत में विरासत और विकास के अद्भुत संगम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 2019 के प्रयागराज कुम्भ में यह देखा गया कि कैसे आधुनिक तकनीक, प्रबंधन और संस्कृति का सामंजस्य किया गया। यही प्रयास आने वाले महाकुम्भ में भी होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर महाकुम्भ को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस आयोजन से न केवल देश के नागरिक, बल्कि दुनियाभर के लोग भी आकर्षित हो रहे हैं। यह भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है। महाकुम्भ राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण है सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण है। यह आयोजन जाति, पंथ और लिंग भेदभाव को समाप्त करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 10 वर्षों में जो प्रगति की है, महाकुम्भ इसका सशक्त माध्यम बनेगा। यह भारत की समृद्धि, विरासत और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रमाण है। सीएम योगी ने कहा कि विदेशी जूठन खाने वाले लोग हमें बदनाम करने में लगे हैं। देश में जातिवाद का जहर घोलकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं, लेकिन देश की जनता अब जागरूक हो चुकी है। सनातन धर्म हमेशा शिखर पर रहा है राष्ट्रीय एकता और हिंदू एकता पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म हमेशा शिखर पर रहा है। हिंदू एकता और राष्ट्रीय एकता एक-दूसरे के पूरक हैं। इतिहास गवाह है कि जब हम बंटे हैं, तो कमजोर हुए हैं, और जब एकजुट हुए हैं, तो अजेय बने हैं। इसीलिए मैंने पहले कहा था कि बंटोगे तो कटोगे और एक रहोगे तो नेक रहोगे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जाति और मजहब के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करते हैं। ये वही शक्तियां हैं जो भारत को कमजोर करने का षड्यंत्र रचती हैं। लेकिन जनता अब जागरूक हो चुकी है। आज यूपी का नागरिक पलायन नहीं कर रहा, माफिया और अपराधी कर रहे हैं। वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाने वालों से वापस लेंगे एक-एक इंच जमीन वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीन कब्जे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह समझना मुश्किल है कि वक्फ बोर्ड है या भू-माफियाओं का बोर्ड। हमारी सरकार ने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया है और एक-एक इंच जमीन की जांच करवा रही है। जिन लोगों ने वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाई है, उनसे जमीन वापस ली जाएगी और गरीबों के लिए आवास, शिक्षण संस्थान और अस्पताल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुम्भ की परंपरा वक्फ से कहीं पुरानी है। सनातन धर्म की ऊंचाई आकाश से भी ऊंची और गहराई समुद्र से भी गहरी है। इसकी तुलना किसी मत या मजहब से नहीं की जा सकती। सीएम योगी ने विपक्ष पर किया तीखा प्रहार सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि अगर भारत को समझना है, तो राम, कृष्ण और शिव की परंपरा को पढ़ो। जो नेता लोहिया जी के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्होंने इनकी बातों को कभी नहीं समझा। उन्होंने अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि हमने अयोध्या को विकास और विरासत का केंद्र बनाया। जो लोग अयोध्या के विकास का विरोध कर रहे थे, उन्हें वहां जाने का नैतिक अधिकार नहीं है। संभल में धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ संभल में धार्मिक स्थलों पर विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में श्रीहरि विष्णु का दसवां अवतार कल्कि का उल्लेख पुराणों में मिलता है। वहां धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ। हमारी सरकार ने न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई की और दंगाइयों को सख्त संदेश दिया। धर्म परिवर्तन और घर वापसी के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि अगर कोई अंतर्मन से अपने धर्म में लौटना चाहता है, तो उसका स्वागत होना चाहिए। यह धर्म और परंपरा के प्रति जागरूकता का संकेत है।  

टूरिज्म एण्ड वोकेशनल एजुकेशन में होगा फायदा, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व यामानाशी प्रीफेक्चर कम्पनी जापान में एमओयू

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष आज यहां उनकेआवास पर उत्तर प्रदेश सरकार और यामानाशी प्रीफेक्चर (जापान) के मध्यइण्डस्ट्रियल कॉपरेशन, टूरिज्म एण्ड वोकेशनल एजुकेशन के क्षेत्र में एम0ओ0यू0सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश व जापान केसाथ हुआ एम0ओ0यू0 साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर मानवता के लिएमहत्वपूर्ण क्वाड देशों के साथ मिलकर कार्य करने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जीकी प्रतिबद्धता का परिणाम है। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने जापान के यामानाशी प्रान्त के मा0 राज्यपाल श्रीकोटारो नागासाकी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमण्डल का स्वागत जापानी भाषा मेंउद्बोधन के साथ किया। प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव श्री मनोज कुमारसिंह और यामानाशी प्रान्त के गवर्नर्स पॉलिसी प्लानिंग ब्यूरो के महानिदेशक श्रीजुनीची इशिदेरा ने एम0ओ0यू0 का आदान प्रदान किया।2मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अनलिमिटेड पोटेंशियल का स्टेट है।आज इस एम0ओ0यू0 के बाद से भारत और जापान के सम्बन्धों को एक नई मजबूतीमिलेगी। अनलिमिटेड पोटेंशियल वाले इस राज्य में आपको सुखद अनुभव होगा।जापान से पधारे आप सभी को उत्तर प्रदेश के पोटेंशियल का पूरा लाभ मिलेगा।राज्य सरकार जापानी कम्पनियों के साथ सहयोग करने की इच्छुक है। यू0पी0ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के पार्टनर कन्ट्री के रूप में भी जापान का बड़ासहयोग मिला था।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत और जापान के सम्बन्ध सदियों से मैत्रीपूर्ण रहेहैं। दोनों देशों के मध्य एक सहस्त्राब्दी से अधिक समय से रणनीतिक, सांस्कृतिक ववैश्विक सहभागिता की जड़ें जुड़ीं हुई हैं। भारत और जापान बड़ी अर्थव्यवस्था वालेदेश हैं। समान सामाजिक-आर्थिक विकास की प्राथमिकताओं के साथ लोकतांत्रिक,धर्मनिरपेक्ष एवं बहुलवादी प्रणालियों के साथ-साथ विश्व स्तरीय सामरिक दृष्टिकोणभी दोनों देशों के समान हैं। आज जब दुनिया के तमाम देश युद्ध में हैं, तब प्रधानमंत्रीश्री नरेन्द्र मोदी जी, भगवान बुद्ध के संदेश के माध्यम से दुनिया को शांति-सौहार्द वएकता के सूत्र में बांध रहे हैं। प्रधानमंत्री जी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 शिंजोआबे के प्रगाढ़ सम्बन्धों ने भी भारत-जापान के राजनीतिक, आर्थिक और व्यावसायिकसम्बन्धों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत एवं जापान के मध्य आर्थिक सहयोग अत्यन्तसमृद्ध हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कार्यरत 07 प्रमुख कम्पनियों (मित्सुईटेक्नोलॉजीज, होंडा मोटर्स, यामाहा मोटर्स, डेंसो, टोयोड्रंक, निसिन ए0बी0सी0लॉजिस्टिक्स, सेकिसुई डी0एल0जे0एम0 मोल्डिंग) सहित 1,400 से अधिक जापानीकम्पनियां भारत में संचालित हैं। दोनों देशों के मध्य वित्तीय वर्ष 2023-24 में 22.854बिलियन अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ है। इस अवधि में जापान से भारतको 17.69 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया गया तथा 5.15 बिलियनअमेरिकी डॉलर का आयात किया गया।देश में सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश, आकार में भारत काचैथा सबसे बड़ा राज्य है। यहां निवासरत 25 करोड़ नागरिक इसे भारत का सबसेबड़ा श्रम एवं उपभोक्ता बाजार बनाते हैं। विगत साढ़े सात वर्षों में राज्य सरकार ने3प्रदेश में निवेश के लिए बेहतरीन माहौल तैयार किया है। रेल, रोड, एयर औरवॉटर-वे की बेहतरीन कनेक्टिविटी है। इससे उद्योगों को वैश्विक एवं घरेलू बाजारतक पहुंच बनाने में लॉजिस्टिक्स की सुलभता में वृद्धि हुई है। प्रदेश में देश का सबसेबड़ा रेलवे नेटवर्क है। यह 16,000 किमी0 से अधिक है।वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर-8.5 प्रतिशत एवं ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेटकॉरिडोर 57 प्रतिशत का अधिकांश क्षेत्र उत्तर प्रदेश में आता है। दोनों फ्रेट कॉरिडोरका जंक्शन प्रदेश के दादरी (ग्रेटर नोएडा) में है। देश के सबसे विस्तृत राष्ट्रीयराजमार्ग नेटवर्क में से एक होने के नाते, उत्तर प्रदेश ने स्वयं को 13 वर्तमान एवंआगामी एक्सप्रेस-वे के साथ ‘एक्सप्रेस-वे राज्य’ के रूप में स्थापित किया है। 1,225किलोमीटर के 06 एक्सप्रेस-वे पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 07 विकास के विभिन्न चरणोंमें हैं। ये एक्सप्रेस-वे पूरे राज्य में मैन्युफैक्चरिंग केन्द्रों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदानकर रहे हैं। एक्सप्रेस-वे प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिल रही है।गंगा एक्सप्रेस-वे बनने के बाद देश के कुल एक्सप्रेस-वे में 55 प्रतिशत भागीदारीउत्तर प्रदेश की होगी। वर्तमान में कुल 1130 किमी0 लम्बाई के 05 एक्सप्रेस-वेसंचालित हैं।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मेरठ से प्रयागराज के मध्य 594 किमी0 के गंगाएक्सप्रेस-वे सहित 720 किमी0 लम्बाई के 03 एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन हैं। अयोध्या,लखनऊ, वाराणसी एवं कुशीनगर में क्रियाशील तथा जेवर में निर्माणाधीन एशिया केसबसे बड़े अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकसित होने से उत्तर प्रदेश 05अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला देश का एकमात्र राज्य बनने जा रहा है। वर्तमान में16 घरेलू, जिसमें 04 अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यामानाशी प्रीफेक्चर और उत्तर प्रदेश दोनों में एकबड़ी साम्यता है। दोनों ही लैंडलॉक्ड स्टेट हैं, दोनों की अपनी सीमाएं हैं। उत्तर प्रदेशने अपनी इस समस्या को एक चुनौती के रूप में लिया है और अब हमने ड्राई पोर्ट्सको विकसित किया है। इनलैंड वॉटर-वे को एक्टिव किया है। प्रदेश के वाराणसी सेपश्चिम बंगाल के हल्दिया तक देश का पहला वॉटर-वे प्रारम्भ हो चुका है। वाराणसीमें 100 एकड़ में भारत का पहला ‘फ्रेट विलेज’ विकसित हो रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश4के निर्यात केंद्रों को पूर्वी भारत के बंदरगाहों से जोड़ने वाला यह गांव इनबाउण्ड औरआउटबाउण्ड कार्गो के लिए ट्रांस-शिपमेंट हब के रूप में कार्य करेगा।भारत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में से एक होने के नाते, उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीयसकल घरेलू उत्पाद में लगभग 9.2 प्रतिशत का योगदान करता है। उत्तर प्रदेश भारतके फूड-बास्केट के रूप में जाना जाता है। राज्य में कृषि एवं खाद्य-प्रसंस्करण तथाडेयरी सेक्टर में अपार सम्भावनाएं हैं। उत्तर प्रदेश भारत में खाद्यान्न, दूध तथा गन्नेका सबसे बड़ा उत्पादक है। प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन नीति प्रख्यापित की है।ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में 2.73 लाख करोड़ रुपये के 20 एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरितकिये गये हैं। अयोध्या एवं अन्य 17 नगर निगमों का सोलर सिटी के रूप में विकासकिया जा रहा है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापान और भारत के बीच शताब्दियों से गहरेसांस्कृतिक सम्बन्ध रहे हैं। भगवान गौतम बुद्ध के पिता महराज शुद्धोधन की राजधानीकपिलवस्तु, पहला उपदेश स्थल सारनाथ, सर्वाधिक चातुर्मास प्रवास स्थल श्रावस्ती,महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर सहित भगवान बुद्ध के अनेक स्मृतियां यहां संजोयीगई हैं। भगवान बुद्ध के इस स्थलों को आपस मे जोड़ते हुए हमने बौद्ध सर्किटडेवलप किया है। हमें प्रसन्नता होगी यदि आप सभी स्वयं एक बार इन स्थलों काविजिट करें।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आई0टी0/आई0टी0ई0एस0 सेक्टरमें उत्तर प्रदेश को भारत के कुल मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में लगभग 45 प्रतिशतयोगदान करने का गौरव प्राप्त है। यहां भारत के मोबाइल कम्पोनेण्ट्स के लगभग 55प्रतिशत निर्माता हैं। भारत के लगभग 26 प्रतिशत मोबाइल निर्माता उत्तर प्रदेश मेंक्रियाशील हैं … Read more

जन्म शताब्दी पर सुशासन दिवस आयोजित, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी को किया नमन

लखनऊ. भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी आज यहां लोक भवन मंे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म2शताब्दी के उपलक्ष्य में सुशासन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर परउन्होंने सुशासन विषय पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं, स्वच्छसचिवालय अभियान के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अनुभाग अधिकारी, उत्तम औरस्वच्छ भवन के लिए व्यवस्था अधिकारी लोक भवन, शिकायत एवं सर्विस डिलीवरी आवेदनों केशत्-प्रतिशत निस्तारण हेतु प्रमुख सचिव कृषि विभाग व विशेष सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवंइलेक्ट्राॅनिक्स विभाग को सम्मानित किया। इसके पूर्व, उन्होंने लोक भवन प्रांगण में स्थापित श्रद्धेयअटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा के सम्मुख स्थित उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलिदी।रक्षा मंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज सम्पूर्ण देश में पूर्व प्रधानमंत्रीभारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशताब्दी मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी जी ने वर्ष 2014 में अटल जी के जन्मदिन को प्रतिवर्ष ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाने कानिर्णय लिया था। तभी से प्रतिवर्ष लगातार उनके जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जारहा है। आज श्रद्धेय पं0 मदन मोहन मालवीय जी की भी जयन्ती है। उनका देश की आजादी तथाबनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थानों को स्थापित करने में अहम योगदान रहा है। उनकीविश्वविद्यालय स्थापना की संकल्पना से अनुमान लगाया जा सकता है कि वह किस प्रकार के भारतको देखना चाहते थे।रक्षा मंत्री ने कहा कि सुशासन का तात्पर्य प्रत्येक व्यक्ति में अच्छे शासन के कारण अनुकूलसंवेदना का उत्पन्न होना है। व्यक्ति स्वयं को भय मुक्त महसूस करे। उसके जीवन की न्यूनतमआवश्यकताएं पूरी हो सकें, वह जो कुछ करना चाहता है, उसे करने का अवसर प्राप्त हो। यहीसुशासन होता है। श्रद्धेय अटल जी द्वारा देश को प्रदान की गई गवर्नेंस की सराहना देश केसाथ-साथ दुनिया के अन्य देशों में भी होती है। उस समय पहली बार स्वतंत्र भारत में देश कीविकास दर 8.4 प्रतिशत पर पहुंची थी। सुशासन के लक्ष्य को कैसे प्राप्त किया जा सकता है, यहअटल जी ने करके दिखाया। प्रधानमंत्री जी ने इसीलिए उनके जन्म दिन को सुशासन दिवस के रूपमें मनाने का निर्णय लिया।रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के भारत में वर्तमान राजदूतश्री एरिक गारसेट्टी ने अभी हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि ‘इफ यू वाॅन्ट टू सी द फ्यूचरकम टू इंडिया, इफ यू वाॅन्ट टू फील द फ्यूचर कम टू इंडिया, इफ यू वाॅन्ट टू वर्क आॅन फ्यूचर कमटू इंडिया’। यह सुशासन के कारण सम्भव हुआ है। हर व्यक्ति को सुख और आनन्द की अनुभूतिहो। वह भय मुक्त वातावरण में काम कर सके।रक्षा मंत्री ने कहा कि हम लोग एक दार्शनिक अवधारणा को लेकर चलने वाले व्यक्ति हैं। वहदार्शनिक अवधारणा हमें पं0 दीनदयाल उपाध्याय के माध्यम से प्राप्त हुई। उनका कहना था किप्रत्येक मनुष्य तन, मन, बुद्धि तथा आत्मा से मिलकर बना है। इन चारों आवश्यकताओं की पूर्ति परमनुष्य को सुख, आनन्द तथा परमानन्द की प्राप्ति होती है। तन की आवश्यकताओं को पूर्ण करने केलिए धन की आवश्यकता होती है। सुख की प्राप्ति के लिए मन की आवश्यकताओं को पूर्ण करना3आवश्यक है। बुद्धि के सुख की प्राप्ति के लिए ज्ञान की आवश्यकता होती है। व्यक्ति आत्मिक दृष्टिसे जितना बड़ा होता जाता है, उसके सुख तथा आनन्द की अनुभूति उसी प्रकार बढ़ती जाती है।इसीलिए अटल जी ने कहा था कि ‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं हो सकता, टूटे मन से कोईखड़ा नहीं हो सकता’। तन, मन, बुद्धि तथा आत्मा की आवश्यकताओं की पूर्ति करना ही गुड गवर्नेंसहै। व्यक्ति को अपनी शांति के लिए अपनी धार्मिक विधाओं को करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रत्येक व्यक्ति के धार्मिक क्रिया-कलापों को निर्विघ्नसम्पादित करने का वातावरण निर्मित किया गया है।रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु देश के 80 करोड़लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया है। योग्यता व क्षमता के आधार पर लोगों को रोजगार केअनेक अवसर प्रदान किये जा रहे हैं। विगत 08 वर्षों में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से उबरेहैं। यदि लोगों की न्यूनतम तथा वित्तीय आवश्यकताएं पूर्ण नहीं हुईं, तो यह सब कैसे सम्भव हुआ।इसे ही गुड गवर्नेंस कहते हैं। हम शत्-प्रतिशत सैचुरेशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।रक्षा मंत्री ने कहा कि मन के सुख के लिए मान तथा सम्मान आवश्यक होता है। कोई किसीको अपमानित न करे। कोई दहशत न फैलाए। प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को भय मुक्त महसूस करे। यदिसमाज भय मुक्त होगा, तो प्रत्येक व्यक्ति सुख तथा आनन्द की प्राप्ति करेगा। कानून-व्यवस्था राज्यका विषय होता है। मुख्यमंत्री जी इस दायित्व का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सरकार सभी को शिक्षाप्रदान करने के लिए कृत संकल्पित है। शिक्षा की दिशा में अनेक नवाचार किये जा रहे हैं। वर्ष2014 से पूर्व देश में स्थापित एम्स, विश्वविद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थानों की संख्या में वर्तमान मेंदो से ढाई गुना वृद्धि हुई है। यह सभी प्रयत्न इसलिए किए गए ताकि लोगों को अच्छी शिक्षा तथाज्ञान प्राप्त हो सके। इसके दृष्टिगत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अनेक सुधार किए हैं।रक्षा मंत्री ने कहा की आत्मा के सुख के लिए भगवान या परमानन्द की आवश्यकता होती है।यदि थोड़ी देर के लिए मान लिया जाए कि आत्मा एक सर्कल है। जैसे-जैसे आप इस सर्कल कोबड़ा करते जाएंगे, मेग्नीट्यूड आॅफ सुख, मेग्नीट्यूड आॅफ आनन्द उसी अनुपात में बढ़ता जाएगा।एक ऐसा क्षण आएगा, जब परमानन्द की प्राप्त होगी। यदि इसे गणितीय भाषा में कहें, तोसरकमफेरेंस आॅफ मन इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू मेग्नीट्यूड आॅफ सुख एण्ड आनन्द। परमानंदका कोई मेग्नीट्यूड नहीं होता, वह अनन्त तथा असीम है। जो सरकार इन चारों आवश्यकताओं कीपूर्ति करे, वही सुशासन के पथ पर चलने वाली सरकार होती है। जब रोते हुए छोटे मासूम बच्चे कोउसकी मां जमीन से उठाकर अपने सीने से लगाती है, तो उस समय मन को जिस सुख कीअनुभूति होती है, वही आत्मा का सुख होता है।रक्षा मंत्री ने कहा कि अटल जी ने सन् 1999 में देश में गोल्डन क्वॉड्रिलैटरल तथा नॉर्थ,साउथ, ईस्ट व वेस्ट कॉरिडोर की योजना प्रारम्भ की थी। अटल जी का रोड कनेक्टिविटी कासंकल्प केवल बड़े शहरों को जोड़ने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने देश के गांवों को भी … Read more

सौर ऊर्जा से जगमग हो रहा उत्तर प्रदेश, तेजी से लगाए जा रहे सोलर रूफटॉप पैनल: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ को यूपी में नए आयाम मिल रहे हैं। केंद्र की योजनाओं को प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए योगी सरकार ने यूपी को सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में शीर्ष राज्यों में ला खड़ा किया है। बिजली बचत, आय वृद्धि और हरित ऊर्जा के लक्ष्य को पूरा करने वाली इस योजना से प्रदेश के लाखों घर लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार की सक्रियता का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश, सोलर रूफ टॉप इंस्टालेशन के मामले में गुजरात और महाराष्ट्र के बाद देशभर में तीसरे स्थान पर है। अब तक प्रदेश में 53 हजार से अधिक सोलर रूफ टॉप पैनल लगाए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 25 लाख सोलर रूफ टॉप पैनल लगाने का है। योजना को जनता तक पहुंचाने में मिली सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 18 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जिनमें से 32 हजार से अधिक घरों में पैनल का इंस्टालेशन भी पूरा कर लिया गया है। ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत सरकार सोलर रूफटॉप लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी प्रदान कर रही है। 1 किलोवॉट क्षमता के पैनल के लिए केंद्र सरकार 30 हजार रुपए और प्रदेश सरकार 15 हजार रुपए की सहायता देती है, यानी कुल 45 हजार रुपए की सब्सिडी। इसी तरह, 2 किलोवॉट के पैनल के लिए केंद्र सरकार द्वारा 60 हजार और योगी सरकार द्वारा 30 हजार, कुल 90 हजार रुपए की सहायता लाभार्थियों को दी जा रही है। वहीं, 3 किलोवॉट या उससे ऊपर के पैनल के लिए केंद्र की ओर से 78 हजार रुपए और राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपए की सब्सिडी मिलाकर 1 लाख 8 हजार रुपए तक की सहायता दी जा रही है। इस योजना का सीधा फायदा उन घरों को मिल रहा है जो बिजली बिल के बोझ से राहत पाना चाहते हैं। सोलर पैनल लगवाने से न केवल बिजली के बिलों में भारी कमी आ रही है, बल्कि लोग अतिरिक्त ऊर्जा का उपयोग करके आय में वृद्धि भी कर रहे हैं। खास बात यह है कि सौर ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण को भी स्वच्छ और हरित बनाया जा रहा है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में 25 लाख सोलर रूफटॉप पैनल लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए प्रदेश के सातों डिस्कॉम और हर जिले के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आरईसी, डिस्कॉम्स और वेंडर्स के साथ समन्वय स्थापित कर इस योजना में आने वाली हर चुनौती का समाधान किया जा रहा है। यह योजना न केवल बिजली के संकट को दूर करने में सहायक है, बल्कि इससे प्रदेश को आत्मनिर्भर और हरित ऊर्जा से संपन्न राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत न केवल बिजली बचत की दिशा में सफलता मिल रही है, बल्कि यह योजना रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है। सोलर पैनल इंस्टालेशन से तकनीकी विशेषज्ञों, श्रमिकों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए रोजगार के द्वार खुले हैं। इसके अलावा, सौर ऊर्जा के उपयोग से प्रदेश में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिल रही है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। जनता को राहत, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के इस अद्भुत संगम से यूपी आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले – एक भारत-श्रेष्ठ भारत और सुरक्षित भारत की पृष्ठभूमि में सरदार पटेल की सोच, प्रयास व परिश्रम

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल वर्तमान भारत के शिल्पी थे। उनका पूरा जीवन राष्ट्र व भारत मां के चरणों में समर्पित था। 1946 में देश के संविधान सभा का गठन हुआ। उसके प्रमुख सदस्य और स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने न केवल देश के एकीकरण के वर्तमान अभियान को नई ऊंचाइयां प्रदान की, बल्कि 563 से अधिक रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। आज जो भारत देख रहे हैं, यह सरदार पटेल की सूझबूझ का परिणाम है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत, सुरक्षित भारत की पृष्ठभूमि में सरदार पटेल की सोच, प्रयास व परिश्रम है। मुख्यमंत्री ने रविवार को भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लिया। उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर देश की आजादी के आंदोलन को नई दिशा देने के लिए तत्कालीन नेतृत्व के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया। गुजरात के आणंद के पास छोटे गांव में सामान्य किसान परिवार में उनका जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा भी मां के सानिध्य में घर पर संपन्न हुई। इंग्लैंड से लॉ की शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे भारत आए। सरदार पटेल का देहावसान 15 दिसंबर 1950 को हो गया। उनके नेतृत्व में भारत नई ऊंचाइयों को छूता। उनकी संकल्पनाओं को मूर्त रूप देने के लिए जो अभियान चल रहा है, वह एक भारत-श्रेष्ठ भारत की पीएम मोदी की परिकल्पना को साकार करेगा। सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल ने चंपारण आंदोलन, नमक सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन समेत आजादी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण आंदोलनों में भाग लिया। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्हें जेल की यातना भी झेलनी पड़ी थी। सरदार पटेल ने अन्नदाता किसानों की समृद्धि व उत्थान के लिए जनजागरण के अनेक अभियान भी चलाए। गुजरात में सहकारिता के मजबूत आंदोलन की पृष्ठभूमि में भी सरदार पटेल का विजन है। उन्होंने हर अन्नदाता किसान को समृद्धि की नई ऊंचाई तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत मां के इस महान सपूत ने देश के एकीकरण के लिए अभियान को आगे बढ़ाया तो दूसरी तरफ गुलामी के कालखंड में जिन मान बिंदुओं का अपमान हुआ था, उनकी पुनर्स्थापना का भी कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न कराया। सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार को हाथों में लेकर सांस्कृतिक भारत की स्थापना का जो अभियान चलाया था, उसी का परिणाम है कि सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में नया भारत पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल होते तो कश्मीर में धारा-370 कभी लागू नहीं हो पाती। छद्म रूप से जिन लोगों ने धारा-370 को डालकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के मार्ग में बैरियर खड़ा किया, उसे पीएम मोदी ने 5 अगस्त 2019 को हटाकर आतंकवाद की नींव को समाप्त कर दिया। अयोध्या में राम मंदिर भी नए सांस्कृतिक भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिसका शुभारंभ 1948 में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर से किया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झारखंड के लोगों को राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर बधाई दी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आदिवासी महापुरुष और क्रांतिकारी बिरसा मुंडा को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने झारखंड के लोगों को राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर बधाई भी दी। वहीं, सीएम योगी ने ‘जनजातीय गौरव दिवस’ की प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”स्वाधीनता संग्राम के अमर महानायक, अरण्य संस्कृति और जनजातीय अस्मिता के उन्नायक, मातृभूमि और ‘जल-जंगल-जमीन’ की रक्षा हेतु संघर्ष की सीख देने वाले महान क्रांतिवीर ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन ! माँ भारती की सेवा, सम्मान और रक्षा हेतु समर्पित महान जनजातीय विभूतियों के पावन स्मरण दिवस ‘जनजातीय गौरव दिवस’ की प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं ! जय जोहार…।” लोगों को शुभकामनाएं देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण भगवान बिरसा मुंडा की महान तपोभूमि, वीर बलिदानियों की पावन धरा एवं आध्यात्मिक व ऐतिहासिक धरोहरों की अतुल्य वसुधा झारखण्ड राज्य के स्थापना दिवस की झारखंड वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! जय जोहार…।” प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण भगवान बिरसा मुंडा की महान तपोभूमि, वीर बलिदानियों की पावन धरा एवं आध्यात्मिक व ऐतिहासिक धरोहरों की अतुल्य वसुधा झारखण्ड राज्य के स्थापना दिवस की झारखण्ड वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!

सीएम योगी ने कहा- हर जिले में, गांव हो या नगरीय क्षेत्र, सड़कें अच्छी होनी चाहिए, धन की कोई कमी नहीं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि हर जिले में, गांव हो या नगरीय क्षेत्र, सड़कें अच्छी होनी चाहिए, इसके लिए सांसदों और विधायकों को भी प्रयास करना होगा। दरअसल, हर ग्राम पंचायत, कस्बे, टाउन एरिया, नगर और महानगर में बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन मोड में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों से अपने क्षेत्र में नई सड़क, बाईपास, अथवा पुल-पुलिया के निर्माण और पुराने की मरम्मत के लिए 15 दिन में प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधि अपने जिले के प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में कोर कमेटी के साथ बातचीत कर जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रस्ताव तैयार करें। सीएम योगी ने कहा कि जहां कहीं भी नई सड़क की जरूरत हो, पुरानी की मरम्मत करानी हो, सेतु निर्माण, रिंग रोड/बाईपास, प्रमुख/अन्य जिला मार्ग अथवा सर्विस लेन आदि की आवश्यकता हो, जनप्रतिनिधिगण प्रस्ताव भेजें, शासन स्तर से तत्काल निर्णय होगा। अगर किसी मजरे में कम से कम 250 लोगों की आबादी है, तो भी वहां पक्की सड़क की सुविधा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में बाईपास मार्ग नहीं है, वहां के जनप्रतिनिधि आवश्यकतानुसार प्रस्ताव तैयार करें। धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक अथवा पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भी पर्याप्त बजट रखा गया है। पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए ऐसे क्षेत्रों की सड़कों का चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क/चीनी मिल परिक्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी आवश्यक है। इसी तरह, यदि कहीं भी तहसील और ब्लॉक मुख्यालय दो लेन सड़क से नहीं जुड़ें हैं, तो तत्काल सूचना देनी चाहिए। इंटरस्टेट अथवा इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए कार्य जारी है। सीमा पर ‘मैत्री द्वार’ भी तैयार कराए जाने हैं। जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में भी अपने प्रस्ताव देने चाहिए। बैठक में, मुख्यमंत्री ने वर्तमान में जारी सड़कों की मरम्मत, गड्ढामुक्ति के प्रदेशव्यापी अभियान को पहले चरण में 10 अक्टूबर तक सम्पन्न करने के भी निर्देश दिए। भारी वाहनों की ओवरलोडिंग के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री ने ‘जीरो पॉइंट’ पर एक्टिव रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर सामान्य आवागमन बाधित कर जांच करने की बजाय, जहां से वाहन चलना प्रारंभ किया है, वहीं कार्रवाई करें। बैठक में सभी ज़ोन, मंडलों, रेंज, जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।  

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