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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम मोदी को सौंपा बस्तर के विकास का रोडमैप, विकास कार्यों और नक्सल उन्मूलन पर हुई चर्चा

रायपुर   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर राज्य के विकास संबंधी विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर विकास के मास्टर प्लान का खाका प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने बस्तर विकास का मास्टर प्लान प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा शामिल थी। प्रधानमंत्री ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। सीएम ने कहा, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंचा मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति व जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और अनुकूल नीतियों को लागू किया है, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि बस्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर महिलाओं को न केवल आजीविका के साधन मिल रहे हैं, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने की पहल की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें। नक्सल मुद्दों पर हुई अहम चर्चा मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति एवं जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। आगे सीएम साय ने कहा- सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। नई औद्योगिक नीति पर हुई विस्तृत चर्चा मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तृत चर्चा की। सीएम ने बताया कि, निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और अनुकूल नीतियों को लागू किया है, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं। वहीं महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि, स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। महिलाओं को बनाया जा रहा सशक्त- सीएम साय सीएम साय ने पीएम मोदी को बताया कि, बस्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर महिलाओं को न केवल आजीविका के साधन मिल रहे हैं, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने की पहल की जा रही है। 30 मार्च को छत्तीसगढ़ आयेंगे पीएम मोदी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा, बड़े विकास कार्यों का होगा शुभारंभ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। छत्तीसगढ़ में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर मिली बधाई इस दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें नगर निकाय चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह जीत भाजपा की नीतियों, सुशासन और जनता के भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने इस जीत को स्थानीय विकास, बेहतर प्रशासन और स्थायी शांति की दिशा में बढ़ते जनविश्वास का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत की रणनीति और सरकार के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनता के बीच जाकर विश्वास अर्जित … Read more

पीएम जन-मन योजना से मिले चार नये हॉस्टल, छत्तीसगढ़-गरियाबंद को सीएम साय ने दी 338 करोड़ के कार्यों की सौगात

गरियाबंद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के जीवन में विकास का उजियारा लाने की बड़ी पहल की है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। गरियाबंद  विशाल वन क्षेत्र और प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध जिला है। यहां बड़ी संख्या में विशेष पिछड़ी जनजातियां रहती हैं, जिनकी विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार मोदी की गारंटी के हर वायदे को पूरा कर रही है। ये बातें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित आमसभा में कहीं। इस दौरान सीएम ने गरियाबंद को 338 करोड़ रुपए के 193 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। इनमें 119 करोड़ रुपए के 44 कार्यों का लोकार्पण और 219 करोड़ रुपए के 149 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने इस मौके पर जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र देवभोग-झाखरपारा के 36 गांवों के लोगों की सुविधा के लिए बेलाट नाले पर पुल निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में 99 हितग्राहियों को कृषि पंप, मछली जाल सहित एक करोड़ 27 लाख रूपये विभिन्न सामग्रियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में पात्र लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरा साय ने कहा कि पीएम जनमन योजना अंतर्गत 2 हजार 528 से अधिक आवास गरियाबंद में हमारे कमार जनजाति के लोगों के लिए स्वीकृत किये गये हैं। गरियाबंद जिले में ही इस योजना के माध्यम से 58 करोड़ रुपए की लागत से 49 सड़कें बन रही हैं। सड़कों के पूर्ण होने से कमार जनजाति की बसाहटें अब मुख्यधारा से जुड़ जाएगी, कमार जनजाति के बच्चे अब आसानी से उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। कमार बसाहटों तक आसानी से जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस पहुंच पाएगी। उन्होंने कहा कि जब हमने कुंभ मेले का आयोजन राजिम में आरंभ कराया था तब त्रिवेणी संगम की इस नगरी में पूरे देश से संतों का समागम हुआ। राजिम का यश और बढ़ा। दुर्भाग्य से पूर्ववर्ती सरकार ने इसकी गरिमा कम कर दी। हमारी सरकार ने इसे फिर से उसी भव्य रूप में आरंभ किया है। अगले महीने राजिम कुंभ का आयोजन पुनः होगा। इस बार भी पूरी भव्यता से इस सुंदर समारोह का आयोजन हम करेंगे। राजिम में संत-समागम होगा और हम सब इस सत्संग का लाभ प्राप्त करेंगे। सिकासार कोडार लिंक परियोजना के सर्वे का कार्य तेजी से हो रहा है। 112 किमी अंडर ग्राउंड नहर लाइनिंग का कार्य पूरा होने पर गरियाबंद जिले के हजारों किसान लाभान्वित होंगे। सुपेबेड़ा के किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस सुविधा के लिए जिला मुख्यालय एवं देवभोग में डायलिसिस सेंटर आरंभ किये गये हैं। इस समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग को अनुसंधान के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने गरियाबंद प्रवास के दौरान केन्द्र सरकार की विशेष योजना ‘पीएम जनमन’ के तहत 4 नये छात्रावास भवनों का शिलान्यास किया। ये छात्रावास धवलपुर, जिडार, जुगाड़ और पीपरछेड़ी में बनाए जाएंगे। इन छात्रावासों को पूर्ण करने के लिए 10 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। वनांचल गरियाबंद जिले में कमार विशेष पिछड़ी जनजाति निवास करती है। इन वर्गों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए पीएम जनमन योजना के तहत इन छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है।

209 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की दी सौगात, छत्तीसगढ़-बेमेतरा पहुंचे सीएम विष्णुदेव साय

बेमेतरा। आज सीएम विष्णुदेव साय बेमेतरा जिले के नवागढ़ में पहुंचे हुए थे। उन्होंने नवागढ़ में आयोजित संत शिरोमणि गुरु घासीदास की जयंती समारोह व राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य कार्यक्रम में शिरकत की। साथ ही 209 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न पंथी नर्तक दल के शानदार, मनोरम पंथी नृत्य का आनंद लिया व पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास के संदेश आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने मनखे-मनखे एक समान, समरसता का संदेश दिया। हमारी सरकार उनके बताए रास्ते पर चलते हुए सभी वर्ग के विकास के लिए कार्य कर रही है। इसी माह हमारी सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में जनादेश परब मनाया गया। राज्य सरकार ने पीएम नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है। हमारी सरकार बनते ही पहली कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवास की स्वीकृति दी गई। धान के दो साल के बकाया बोनस की राशि किसानों के खाते में अंतरित की गई। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए की राशि दी जा रही हैं। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह, नवागढ़ विधायक व प्रदेश के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, टंकराम वर्मा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव समेत अन्य लोग उपस्थित थे। भूमिपूजन व लोकार्पण सीएम विष्णुदेव साय ने यहां 209 करोड़ 12 लाख 57 हजार रुपए के 74 विभिन्न विकास कार्य का भूमिपूजन व लोकार्पण किया है। इनमें 47 करोड़ 44 लाख 81 हजार रुपए के 24 कार्य का भूमिपूजन व 161 करोड़ 67 लाख 76 हजार रुपए के 49 कार्य का लोकार्पण किया। इनमें पीएम ग्राम सड़क योजना की 5 करोड़ 52 लाख 10 हजार रुपए की चार सड़क, जलसंसाधन के 33 करोड़ 81 लाख 12 हजार रुपए के 12 कार्य, चिकित्सा व स्वास्थ्य के 15 करोड़ 5 लाख 25 हजार रुपए के 3 कार्य का भूमि पूजन समेत अन्य कार्य शामिल है। कार्यक्रम के दौरान नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी किया है।

इन्वेस्टर समिट में निवेशकों से करेंगे चर्चा, छत्तीसगढ़-सीएम विष्णुदेव साय आज दिल्ली दौरे पर

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय कल यानी 22 दिसंबर को दिल्ली प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वो केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। 23 दिसंबर को वे इन्वेस्टर मीट समिट में हिस्सा लेंगे और निवेशकों से बातचीत करेंगे। राज्य सरकार बस्तर में पर्यटन की संभावनाओं को लेकर चर्चा करेगी। ये कार्यक्रम राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। ये हैं सीएम साय का शेड्यूल सीएम सचिवालय से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, मुख्यमंत्री दोपहर 2.15 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल माना रायपुर से नियमित विमान से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 4.40 बजे छत्तीसगढ़ सदन पहुंचेंगे। वहीं पर रात्रि विश्राम करेंगे। परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में हुए थे शामिल बीते महीने दिल्ली में वे एनएच की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में शामिल हुए थे। बैठक के बाद छत्तीसगढ़ को 11 हजार करोड़ के विकास कार्यों की मंजूरी मिली थी। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ डिप्टी सीएम अरुण साव भी शामिल हुए थे।

जम्मू-कश्मीर में फिर आतंकवाद लाना चाह रही कांग्रेस, छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय का निशाना

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर लाना चाहती है। जम्मू- कश्मीर विधानसभा में धारा 370 और 35A को फिर से लाने के नेशनल कांफ्रेंस के प्रस्ताव का समर्थन कर कांग्रेस ने देश को तोड़ने का कुचक्र फिर से चल दिया है। उन्होंने कहा कि कल विधानसभा में जो भी कुछ हुआ, वह पाकिस्तान और देश विरोधी लोगों को खुश करने के लिए किया गया, जम्मू-कश्मीर की जनता को गुमराह करने के लिए किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जो देश की एकता के लिए खड़े हैं, जम्मू-कश्मीर वे विकास और शांति के पक्ष में खड़े हैं, उन्हें मार्शल के जरिये बेरहमी से जम्मू-कश्मीर विधानसभा से बाहर निकाला जा रहा है। कांग्रेस-एनसी, पीडीपी – ये सब जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकवाद को लाना चाहते हैं। यह कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस का राष्ट्रविरोधी एजेंडा है। शेख अब्दुल्ला से लेकर उमर अब्दुल्ला तक, भावनात्मक ब्लैकमेल करना नेशनल कॉन्फ्रेंस की दिनचर्या है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर धारा 370 तथा 35A के काले साए से कब का निकल चुकी है। वह विकास के रास्ते पर चल पड़ी है, लेकिन कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी ये सब कश्मीर घाटी में आई शांति से परेशान हैं। ये जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद व अलगाववाद के काले दौर को वापस लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने वादा किया था कि जम्मू-कश्मीर को विधानसभा देंगे, चुनाव करायेंगे, केवल 5 साल के अंदर मोदी सरकार ने चुनाव कराये और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल किया। हम आगे भी जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए काम करेंगे। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस फिर से धारा 370 बहाल करके की बात करके यह बताना चाहती है कि हम वाल्मीकियों, गोरखा समाज, पश्चिमी पाकिस्तान शरणार्थी, पहाड़ी और गुर्जर के खिलाफ हैं। कांग्रेस ने नेशनल कांफ्रेंस के घोषणापत्र का समर्थन कर जम्मू-कश्मीर में आरक्षण को ख़त्म करने का समर्थन किया था। वैसे भी राहुल गांधी अमेरिका जाकर आरक्षण को ख़त्म करने की बात कर चुके हैं। सीएम साय ने बताया कि धारा 370 के हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है। नागरिकों की मृत्यु में भी लगभग 80% की कमी आई है। विदेशी नागरिकों के पर्यटन में 300 प्रतिशत का उछाल आया है। जम्मू-कश्मीर का बजट 17 प्रतिशत बढ़ा है। पत्थरबाजी की घटना बिलकुल बंद हो गई। आतंकवादी घटनाएं दो-तीन जिलों में ही सिमट कर रह गई। जहाँ पहले 5-7 प्रतिशत मतदान होता था, वहां भी 50 प्रतिशत मतदान होने लगा। जो पहले अलगाववाद और आतंकवाद की वकालत कर रहे थे, वे भी अब हिंदुस्तान के संविधान में लोकतंत्र को मजबूती देते हुए वोट मांगते दिखाई दिए। जी-20 की बैठक जम्मू-कश्मीर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जम्मू-कश्मीर को 80 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिला, 56 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया। आजादी से लेकर धारा 370 के हटने तक जम्मू-कश्मीर में जितना निवेश आया, उसकी तुलना में तीन गुना निवेश पिछले 4 सालों में जम्मू-कश्मीर में हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को इसका जवाब देना होगा। इनके इरादे ठीक नहीं है। कांग्रेस नेता फिर से 90 के दशक वाला जैसा माहौल जम्मू-कश्मीर में बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस विधायक दल के नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को कम करने और विभाजन के खिलाफ लोगों की नाराजगी का समर्थन किया था और किया है। गुलाम अहमद मीर ने एक तरह से प्रस्ताव का समर्थन किया, कांग्रेस विधानसभा में इस प्रस्ताव के समर्थन में खड़ी नजर आई। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी अनुच्छेद 370 को हटाने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। कांग्रेस के एक और पुराने नेता सैफुद्दीन सोज ने प्रेस रिलीज करके इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जो प्रस्ताव पास किया गया है, भले ही उसमें से चालाकी से धारा 370 और 35A का जिक्र नहीं किया गया है लेकिन उस प्रस्ताव में जो मांग की गई है, वह धारा 370 और 35A के जैसा ही है। जब विधानसभा में यह प्रस्ताव पारित हो रहा था, तो भाजपा सदस्य इसका विरोध कर रहे थे जबकि कांग्रेस के सदस्य इसका मौन समर्थन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मीडिया से आई जानकारी में पता चला है कि स्पीकर ने स्वयं ही मंगलवार (5 नवंबर) को मंत्रियों की बैठक बुलाई थी और खुद ही प्रस्ताव तैयार किया। ये सरासर असंवैधानिक है। ये प्रस्ताव लाना पहले से सदन की कार्यवाही में लिस्टेड भी नहीं था। जब विधानसभा में एलजी के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी तो प्रस्ताव कैसे लाया गया? इस प्रस्ताव को बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया क्योंकि स्पीकर ने शोरगुल के बीच इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। इतने बड़े विषय पर चर्चा नहीं होने दी गई। ये कैसा लोकतंत्र है? साय ने कहा कि इस प्रस्ताव की कोई कानूनी वैधता नहीं है क्योंकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा संसद या सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है। कोई भी विधानसभा अनुच्छेद 370 और 35A को वापस नहीं ला सकती। धारा 370 और 35A इतिहास बन चुकी है, इस इतिहास को अब कोई बदल नहीं सकता। नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर के लोगों को गुमराह कर रही है। जो लोग पहले धारा 370, 35A, स्वायत्तता और जमात-ए-इस्लामी के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने की राजनीति करते थे, वे अब 5 अगस्त 2019 के बाद से स्थापित शांति से परेशान हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस राज्य के दर्जे पर बातचीत शुरू करके गरीब लोगों को फिर से सड़क पर लाना चाहती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अभी जब घाटी में आतंकी हमले हुए और उसमें पाकिस्तान के हाथ होने का मामला सामने आया, तब भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान का जिक्र तक नहीं किया।

अमित शाह से 6 राज्यों के सीएम करेंगे सीक्रेट मीटिंग, छत्तीसगढ़-सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली दौरे पर

रायपुर/दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय रविवार को दिल्ली दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में हिस्सा लेंगे। अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा की है। ऐसे में शाह नक्सलवाद के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। अमित शाह 6 राज्यों के सीएम के साथ चर्चा करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- “जब से हम लोग सरकार में आए हैं नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ रहे हैं। कल एक बैठक गृह मंत्री अमित शाह के साथ है। जितने भी नक्सल से प्रभावित राज्य हैं वहां के मुख्यमंत्री और DGP के साथ बैठक होने वाली है।” अमित शाह ने सीएम से की थी चर्चा बता दें कि शुक्रवार को अमित शाह ने सीएम विष्णुदेव साय से बात की थी। अमित शाह ने दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले के बॉर्डर पर हुए मुठभेड़ की जानकारी ली थी और आगे की कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए थे। बता दें कि आमित शाह अगस्त महीने में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने नक्सल प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने कहा था कि अब नक्सलियों के खिलाफ रणनीति बनाकर अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है। शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा। दंतेवाड़ा में हुआ था बड़ा एनकाउंटर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में सीमा पर जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ में अभी तक का यह सबसे बड़ा नक्सली ऑपरेशन था। मारे गए नक्सलियों में 18 पुरुष और 13 नक्सली थे। मारे गए नक्सलियों में से 16 की पहचान हो गई थी। जिसने ऊपर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों के शव के पास से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बरामद हुए थे।

जनदर्शन में होगा समाधान, छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री निवास पर सीएम विष्णुदेव साय सुनेंगे लोगों की समस्याएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री निवास में प्रत्येक गुरुवार को जनदर्शन लगेगा। आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दूसरा जनदर्शन कार्यक्रम है। इस दौरान सीएम विष्णुदेव साय जनता की समस्या सुनेंगे। समस्याओं का निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश देंगे। पहली जनदर्शन कार्यक्रम में काशी ठाकुर अपनी बेटी की आंख के इलाज के लिए सहायता मांगने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से एक सप्ताह के भीतर पांच वर्षीय नूतन की आंख का इलाज हुआ। पांच वर्षीय नूतन ठाकुर की आंख का इलाज एक सप्ताह के भीतर हो गया है। नूतन की आंख में खेल-खेल में चोट लग गई थी, जिससे रेटिना खराब हो गया था। उसके पिता काशी ठाकुर मुख्यमंत्री निवास में 27 जून को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के पास पहुंचे और उनसे नूतन की आंख का इलाज करने के लिए सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को नूतन का बेहतर से बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। काशी ठाकुर आज अपनी बेटी को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने नूतन को  दुलार, नाम पूछा और नूतन को अपना आशीर्वाद प्रदान किए। उन्होंने नूतन से कहा अच्छे से पढ़ाई करना। नूतन ने मुख्यमंत्री को बाल सुलभ सहजता के साथ गुलाब का फूल भेंट किया। काशी ठाकुर भी बेटी के इलाज के लिए मिली त्वरित सहायता के लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देते नहीं थकते। नूतन के पिता दुर्ग के बोरसीभाटा में रहते हैं, वे माली का काम करते हैं। नूतन का इलाज दुर्गा के शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में चल रहा था । आंख की स्थिति देखकर डॉक्टरों ने बताया की आंख में कोई इंप्लांट नहीं हो सकता, इसलिए नकली आंख लगानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर सरकारी खर्च पर नूतन की दाई आंख में पत्थर की आंख लगाइए गई है। नूतन के इलाज के लिए दुर्ग सीएमएचओ द्वारा 25 हजार रुपए की राशि रायपुर के जीईरोड स्थित आर्ट आई सेंटर को उपलब्ध कराई गई। यह प्रोस्थेटिक सेंटर है, जहां कृत्रिम अंग बनाए जाते हैं। यहां नूतन की दाईं आंख में पत्थर की आंख लगाई गई है।

छत्तीसगढ़-दुर्ग में परिणय सूत्र में बंधे 250 दिव्यांग जोड़ों को सीएम विष्णुदेव साय ने दिया आशीर्वाद

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दुर्ग. प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय आज अखिल भारतीय निर्धन दिव्यांग सामूहिक आदर्श विवाह समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दुर्ग के बाफना टोल प्लाजा के पास स्थित अग्रसेन भवन में समाजसेवी संस्था आस्था बहुउद्देशीय कल्याण संस्थान द्वारा आयोजित इस सामूहिक आदर्श विवाह में सभी समाज के 250 दिव्यांग जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस दिव्यांग विवाह समारोह में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड के अलावा अन्य राज्यों के भी दिव्यांगजन शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने परिणय सूत्र में बंधे दिव्यांग नव दंपत्तियों को उनके सुखमय दाम्पत्य जीवन के लिए आशीर्वाद दिया। इस मौके पर दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, विधायक  ललित चंद्राकर और नगर निगम दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल समेत अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि आस्था बहुउद्देशीय कल्याण संस्थान का यह आयोजन पुण्य का कार्य है। संस्था लगातार जनकल्याण का कार्य कर रही है। चाहे वह लावारिश लाशों को सद्गति देने का कार्य हो, रक्तदान कार्य हो या दिव्यांगजनों का वैवाहिक कार्यक्रम हो। संस्था से जुड़े सभी पदाधिकारी पुण्य के कार्य में सहभागी हैं। उन्होंने आदर्श विवाह में सम्मिलित होने पहुंचे हुए नवदम्पत्तियों के परिजनों को भी बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सीएम ने अपने करकमलों से आस्था बहुउद्देशीय कल्याण संस्थान के विकास में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। आस्था बहुउद्देशीय कल्याण संस्थान के संरक्षक दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कहा कि यह संस्था विगत 19 वर्ष से दिव्यांगजनों आदर्श विवाह करते आ रही हैं। अब तक 1890 दिव्यांग जोड़े का विवाह संपन्न करायी जा चुकी है। आज यहां पर लगभग 250 से अधिक जोड़ों का विवाह कार्यक्रम संपन्न हुआ है। उन्होंने बताया कि यह संस्था अब तक 1789 लावारिश लाशों को सद्गति प्रदान कर चुकी हैं। इस सामूहिक विवाह में राजनांदगांव, कोरबा, जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा जिलों से आए युवक-युवतियों ने संस्था द्वारा कराए जा रहे आदर्श सामूहिक विवाह को सराहा। सामूहिक विवाह में युवतियों को संस्था द्वारा गृहस्थी का सामान थाली, चम्मच, गिलास, पानी टंकी, लोटा, कटोरी उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। साथ ही मंगलसूत्र, पायल, बिछिया, साड़ी आदि उपहार के रूप भेट किए गए।

छत्तीसगढ़-बलौदा बाजार मामले में सीएम विष्णुदेव साय ने सतनामी समाज प्रमुखों की ली बैठक

बलौदा बाजार. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने बलौदाबाजार जिले की घटना को लेकर सतनामी समाज के प्रमुखों की बैठक ली। इसमें उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास का संदेश समाज में शांति और सद्भाव का रहा है। आप सबकी भी जिम्मेदारी है कि समाज भ्रमित न हो और शांति स्थापित करने की दिशा में साथ मिलकर आगे बढ़ें। सतनामी समाज प्रमुखों ने कहा कि समाज के सभी लोग घटना से आहत हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की कार्रवाई की है, वो असामाजिक तत्व थे और हमारे प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं थे। शांति और सौहार्द्र स्थापित करने के लिए हम सब दृढ़संकल्पित हैं। सतनामी समाज के राज्यभर से आए प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री  साय से  उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की। बलौदाबाजार जिले में हुई घटना के संबंध में शांति और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण चर्चा की और एक बार फिर शांति स्थापित करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया। ‘असमाजिक तत्वों ने किया जैतखाम का अपमान’ इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सतनामी समाज गुरु बाबा घासीदास के अनुयायी है। बाबा ने दुनिया को सत्य और अहिंसा का रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों असमाजिक तत्वों ने जैतखाम का अपमान किया है। शासन ने इसका संज्ञान लेते हुए न्यायिक जांच की घोषणा भी की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा शांति के टापू छत्तीसगढ़ में इस घटना का होना बेहद निंदनीय है। मुख्यमंत्री ने सतनामी समाज के प्रमुखों से कहा कि आप सभी प्रदेश के विभिन्न इलाकों से आए हैं। आप सबकी भी जिम्मेदारी है कि भ्रम की स्थिति न निर्मित हो और शांति स्थापित करने की दिशा में सब साथ मिलकर आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों से कहा कि किसी भी निर्दाेष को सजा नहीं होगी। आप सभी ने शासन को धन्यवाद ज्ञापित करने के उद्देश्य से यह शांतिपूर्ण आयोजन किया था, जिसमें कुछ असामाजिक तत्वों के हस्तक्षेप से यह घटना घटी। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने दी अब तक की कार्यवाही की जानकारी चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने पवित्र अमरगुफा में जैतखाम को क्षति पहुंचाने की घटना के संबंध में शासन की ओर से अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी दी। इस दौरान प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद भतपहरी ने कहा कि हमारा समाज  बाबा घासीदास जी का अनुयायी है। हम सत्य, अहिंसा और सद्भाव को मानने वाले लोग हैं। हम मनखे-मनखे एक समान को  मानते हैं। बलौदाबाजार जिले की इस घटना ने हम सभी को आहत किया है। हम सब चाहते हैं कि समाज में शांति स्थापित हो और हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए शासन के साथ मिलकर इस दिशा में काम करने के उत्सुक हैं। बैठक में ये रहे मौजूद इस दौरान उपमुख्यमंत्री अरूण साव, कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, दयाल दास बघेल, टंकराम वर्मा, विधायक अजय चंद्राकर, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के उपाध्यक्ष सरजु प्रसाद धृतलहरे, संरक्षक  विनोद भारती, सतनामी कल्याण समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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