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भोपाल में शुरू हुआ पहला राष्ट्रीय मनोरोग सम्मेलन: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 में विकसित भारत के लिये जो विजन तैयार किया है, उसे प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ रखकर ही पूरा किया जा सकता है। इसके लिये हमें विभिन्न रोगों के साथ-साथ मनोरोग से भी छुटकारा पाना होगा। इस कार्य में मनोचिकित्सकों की अहम भूमिका रहेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल आज भोपाल में मध्य भारत के पहले राष्ट्रीय मनोरोग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भोपाल में हो रहे 2 दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 45 प्रमुख वक्ता शामिल हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जीवन का पहला सुख निरोगी काया को माना गया है। आज के वैश्विक दौर में युवाओं में मानसिक तनाव मुख्य रूप से देखने को मिल रहा है। इसकी प्रमुख वजहव्यावहारिक जीवन में भारी चिंता, असीमित प्रतिस्पर्धा, असफल होने का डर और अत्यधिक मोबाइल समेत अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना प्रमुख है। ऐसे माहौल में मनोचिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि दुनिया में हर वर्ष करीब 10 लाख लोगों की आत्महत्या के प्रकरण चिंता का विषय हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि इन सब का उपाय भारत की प्राचीन परांपरा में समाहित है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अनेक संस्थाएँ ध्यान और योग की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। इन सबके और विस्तार की संभावनाएँ है। मनोरोग के उपचार में राज्य सरकार के प्रयास उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक जिला अस्पताल में मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के उपचार और सलाह के लिये विशेष कक्ष में सेवाएँ शुरू की है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के साथ-साथ मनोरोगी के साथ लगातार संवाद भी जरूरी है। समाज में फोबिया, युवाओं में मानसिक बीमारियाँ, चिंता रोग, सिजोफ्रेनिया और ऑब्सेसिव-कम्पल्सिव डिसऑर्डर के रोगी सामने आ रहे है। इन सबसे निपटने में मनोचिकित्सक समर्पण भाव को प्रदर्शित करे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में मानसिक रोग के उपचार को विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि मनोरोगी के उपचार के पहले उसके परिवेश को समझा जाये तो समस्या का बेहतर तरीके से निदान किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टेली-मानस हेल्पलाइन पर 24X7 पर नि:शुल्क परामर्श दिये जाने की व्यवस्था की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि इस हेल्पलाइन पर 3 लाख कॉल पर परामर्श दिया गया। कार्यक्रम को भोपाल गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह, इंडिया एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट साइकियाट्री (आईएपीपी) के पदाधिकारी डॉ. आर.एन. साहू, डॉ. मृगेश वैष्णव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. समीक्षा साहू ने किया। रैली का आयोजन राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरूआत में गांधी मेडिकल कॉलेज से इकबाल मैदान तक रैली निकाल कर मनोरोग के प्रति जन-जागरूकता और इससे सावधान रहने का संदेश दिया गया। रैली में मनो चिकित्सक और गांधी मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी शामिल थे।  

नवकार महामंत्र विश्व में सद्भाव और शांति की स्थापना का प्रभावी सूत्र भी है:उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि नवकार महामंत्र जैन धर्म का सबसे पावन एवं शक्तिशाली मंत्र है, जो विनम्रता, अहिंसा, भाईचारे और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। यह मंत्र न केवल मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन का माध्यम है, बल्कि विश्व में सद्भाव और शांति की स्थापना का प्रभावी सूत्र भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व नवकार महामन्त्र दिवस पर रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुनिआचार्य प्रमाण सागर जी महाराज एवं अन्य आचार्य गण से आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने किया श्रवण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज आध्यात्मिक पुनरुत्थान और सांस्कृतिक जागरण की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। भारत की आत्मा उसकी अध्यात्म-समृद्ध परंपरा में निहित है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम उस आत्मा को पुनः जाग्रत करने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘नवकार महामंत्र दिवस’ कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का सजीव प्रसारण सभी उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने श्रवण एवं दर्शन किया। जब आत्मा स्वयं को पहचानती है, तब वह महावीर बनती है: मुनिआचार्य प्रमाण सागर मुनिआचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नवकार महामंत्र की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब विश्व आतंक, हिंसा और युद्ध के भयावह दौर से गुजर रहा है, तब नवकार महामंत्र शांति, सह-अस्तित्व और आत्मबोध की ओर मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि महावीर का जन्म नहीं, निर्माण होता है — जब आत्मा स्वयं को पहचानती है, तब वह महावीर बनती है। आचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा कि सच्चा वंदन केवल बाह्य अर्चना नहीं बल्कि अपने अस्तित्व के प्रति जागरूकता है। जब हम अपने अंदर के महावीर को पहचानते हैं और उसका वंदन करते हैं, तभी हम सम्पूर्ण विश्व का वंदन कर रहे होते हैं। नवकार मंत्र की आराधना सम्पूर्ण विश्व की शांति के लिए है। उन्होंने कहा कि धर्म का आश्रय, अर्थात् सत्य, तप, अनुशासन और धैर्य को जीवन में अपनाना आवश्यक है। धर्म को अपने स्वभाव और प्रवृत्ति में लाने से ही समाज और राष्ट्र का कल्याण संभव है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री जयंत मलैया, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जैन संत समाज के पूज्य संतगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ भारत आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भारत वर्तमान में विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। आने वाला समय भारत का है। हम फिर से सोने की चिड़िया बनने की राह पर हैं और इस सपने को पूरा करने के लिए अच्छा स्वास्थ्य अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, सबसे पहला सुख निरोगी काया है। विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ भारत आवश्यक है। इसके लिए नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना होगा, स्वस्थ जीवन शैली अपनानी होगी और नियमित जाँच करवानी होगी, ताकि रोगों का समय पर निदान हो सके और प्रसार को रोका जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ज्ञान विज्ञान भवन, बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल में भोजपाल मित्र परिषद द्वारा आयोजित कैंसर जाँच एवं जागरूकता शिविर का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिये सतत प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि शासकीय प्रयासों के साथ निजी सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्ष 2003 में प्रदेश में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 17 हो चुके हैं। आगामी 2 वर्षों में 8 नवीन शासकीय मेडिकल कॉलेज खोले जाने की योजना है। इसके अलावा, 12 जिलों में पीपीपी मोड से मेडिकल कॉलेज स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं। ‘राइट टू हेल्थ’ के साथ ‘राइट टू स्क्रीनिंग’ भी ज़रूरी उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने भोजपाल मित्र परिषद द्वारा कैंसर जागरूकता एवं जाँच शिविर की पहल की सराहना करते हुए कहा कि कैंसर की सही समय पर जाँच निदान को सरल बनाती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ‘राइट-टू-हेल्थ’ के साथ ‘राइट-टू-स्क्रीनिंग’ भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूरे देश में 30 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों की जाँच के लिए 20 फरवरी से 31 मार्च तक निःशुल्क निरोगी काया अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें बीपी, सुगर, फैटी लीवर और कैंसर की जाँच की जा रही है। उन्होंने उपस्थित युवाओं और प्रबुद्ध जनों से आह्वान किया कि इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। इससे अधिक से अधिक नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। निरोगी काया अभियान में की जा रही है निःशुल्क जाँच उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तहत असंचारी रोगों की स्क्रीनिंग के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों पर जाँच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। रोगों की पहचान होने पर त्वरित रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सिविल अस्पतालों अथवा जिला चिकित्सालयों में उपचार प्रारंभ किया जा रहा है। नए मरीजों की पहचान के लिए आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा की जा रही है। प्राप्त जानकारी के आधार पर असंचारी रोग स्क्रीनिंग एवं पंजीयन का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए विभिन्न बीमारियों के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी भी दी जा रही है। हर संभागीय मुख्यालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रयास उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि कैंसर के इलाज के लिए शीघ्र ही प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में ‘सेंटर-ऑफ-एक्सीलेंस’ स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में अत्याधुनिक उपकरण जैसे ब्रेकी थेरेपी, पेट स्कैन, लीनियर एक्सीलरेटर आदि की सुविधा होगी तथा पर्याप्त मैनपॉवर की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क और सजग रहना भी आवश्यक है, ताकि जीवनशैली में सुधार कर स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान दिया जा सके। आयुर्वेद स्वस्थ जीवन शैली का प्रशस्त करता है मार्ग सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण और उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि आयुर्वेद स्वस्थ जीवन शैली का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने योग और प्राणायाम को जीवन में अपनाने पर बल दिया। आरोग्य भारती के श्री अशोक वाष्णेय ने संतुलित आहार, स्वस्थ दिनचर्या और सकारात्मक सोच को स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन का मूल बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र और मौसम के अनुरूप भोजन करना और नियमित व्यायाम को जीवनशैली में शामिल करना आवश्यक है। नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, श्री हरिओम जटिया, पीपल्स ग्रुप के डायरेक्टर श्री रोहित पंडित, डॉ. अनिकेश गोयनका, भोजपाल मित्र परिषद के श्री आशीष पांडेय, श्री आशीष जनक सहित अन्य पदाधिकारी, चिकित्सक और चिकित्सा छात्र उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विन्ध्य क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विन्ध्य क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ है। अल्प समय में ही इस अस्पताल की अपनी पहचान बन गई है। यहाँ पदस्थ चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों का बेहतर इलाज किया है। इसे और बेहतर बनाने की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायेंगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों सहित सहयोगी स्टाफ के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया सतत जारी रखी जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि वॉकइन माध्यम से पदों की पूर्ति की कार्यवाही कराएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बाईपास सर्जरी के संबंध में डॉक्टर्स व सहयोगी स्टाफ की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में नियमित बाईपास किए जाएं। इसके लिए यदि बाहर से एनेस्थेटिक विशेषज्ञ व अन्य सहयोगी स्टाफ को बुलाया जाए तो उनकी सुविधाओं का ख्याल रखा जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में डीएम व एमसीएच के पाठ्यक्रम शीघ्र ही प्रारंभ होंगे जिससे यहाँ अध्ययन करने वाले चिकित्सकों की सुविधाएं भी अस्पताल को मिलने लगेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों के पदोन्नति के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के लिए आवासीय परिसर का निर्माण चल रहा है। इसे और गति देते हुए निश्चित समय सीमा में पूर्ण करा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कैंसर यूनिट की स्थापना विन्ध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इसका निर्माण कार्य भी प्रगति में है। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एमआरआई एवं नवीन कैथलैब शीघ्र स्थापित कर दी जाएगी। कमिश्नर बीएस जामोद, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, डीन डॉ. सुनील अग्रवाल, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल डॉ अक्षय श्रीवास्तव, अधीक्षक संजय गांधी अस्पताल डॉ राहुल मिश्रा सहित चिकित्सक तथा निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार भवन के निर्माण कार्य का किया अवलोकन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार भवन के निर्माण कार्य का अवलोकन किया तथा आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का भी निरीक्षण किया। गंभीर हृदय रोग पीड़ित मरीज के जटिल ऑपरेशन की सफलता पर चिकित्सकीय टीम को दी बधाई आयुष्मान योजना की सहायता से सिरमौर क्षेत्र के रहने वाले 39 वर्षीय दिनेश साहू का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रीवा में मिट्रल वाल प्रत्यारोपण का जटिल सफल आपरेशन किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अस्पताल पहुंच कर मरीज का हाल-चाल जाना और उपस्थित चिकित्सकों से मरीज की स्थिति जानी तथा सफल आपरेशन के लिये चिकित्सकों व स्टाफ को बधाई दी।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सहयोग कर प्रदेश को फाईलेरिया मुक्त बनायें

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्वालियर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन अभियान (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश के सभी संबंधित जिलों के अधिकारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं अन्य विभागों के मैदानी कर्मचारियों को अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि फाईलेरिया उन्मूलन के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। प्रदेश में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक 9 जिलों के 23 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के द्वारा फाईलेरिया रोधी दवा का सेवन निःशुल्क कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आमजन से अपील की है कि वे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के निर्देशानुसार डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन दवाओं का सेवन अवश्य करें और अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। शत प्रतिशत लक्षित जनसमुदाय का दवा सेवन करें सुनिश्चित उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया और पूर्ण मनोयोग एवं समर्पण से अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी विभागों के समन्वित प्रयास से ही यह सफल हो सकता है। उन्होंने विभिन्न विभागों के मैदानी कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया कि वे समर्पण के साथ कार्य करें और शत प्रतिशत लक्षित जनसमुदाय द्वारा दवा सेवन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि फाईलेरिया उन्मूलन के इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं, ताकि वर्ष-2030 तक प्रदेश को फायलेरिया से मुक्त बनायें। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 9 जिलों – मउगंज, पन्ना, छतरपुर, उमरिया, दतिया, कटनी, टीकमगढ़, निवाड़ी एवं शहडोल के 23 विकासखंडों में दिनांक 10 फरवरी से 25 फरवरी तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान का संचालन किया जाएगा। एमडीए अभियान के अंतर्गत 23 चिन्हित ब्लॉकों की 58,08,577 की आबादी में से 52,85,805 लाभार्थियों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान 10 फरवरी एवं 14 फरवरी को बूथ-डे गतिविधि आयोजित की जाएगी, जहां लक्षित जनसमुदाय को दवा सेवन कराया जाएगा। 15 फरवरी से 21 फरवरी तक स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा वितरित करेंगे और समक्ष में दवा सेवन कराएंगे। जो व्यक्ति इन तिथियों में दवा सेवन नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 22 फरवरी से 25 फरवरी तक मॉप-अप राउंड का संचालन होगा। अभियान के तहत 2 वर्ष से अधिक आयु के सभी बच्चों एवं वयस्कों को डीईसी 100 मिग्रा. (उम्र अनुसार 1 से 3 टैबलेट) एवं एल्बेंडाजोल 400 मिग्रा. (1 टैबलेट) की दवा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा समक्ष में सेवन कराई जाएगी। मउगंज, पन्ना, छतरपुर, उमरिया, कटनी और टीकमगढ़ जिलों में लक्षित जनसमुदाय को ऊंचाई के अनुसार आइवरमेक्टिन दवा भी दी जाएगी। 90 सेमी से अधिक ऊंचाई वाले व्यक्तियों को 1 से 4 टैबलेट दी जाएंगी। 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों एवं धात्री माताओं (जिनका हाल ही में प्रसव हुआ है) को दवा का सेवन नहीं कराया जाएगा। अभियान के सुचारु क्रियान्वयन के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जनजागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सहायता से लोगों को फायलेरिया रोग के लक्षण एवं रोकथाम की जानकारी दी जाएगी।  

समन्वित प्रयासों व आमजनों में जागरूकता से कैंसर का होगा निदान: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान समुचित उपचार के लिये महत्वपूर्ण है। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा कैंसर उपचार के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं। शासकीय अस्पतालों के साथ ही निजी चिकित्सालय में इस बीमारी के विरूद्ध लड़ाई में सहभागी बन रहे हैं। सभी के समन्वित प्रयासों व आमजनों में जागरूकता से ही कैंसर मुक्त देश का मार्ग प्रशस्त होगा। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में वॉकाथन रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। नेशनल हास्पिटल रीवा के संयोजन में आयोजित रैली कलेक्ट्रेट परिसर में आरंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई अटल पार्क में समाप्त हुई। रैली में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, चिकित्सक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।  

आईएमआर, एमएमआर में सुधार के लिये फोकस्ड एप्रोच से करें कार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने मंत्रालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने चिकित्सकीय स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचनात्मक विकास कार्य, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और प्रदेश के स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत समीक्षा कर दिशा निर्देश दिये। 50 प्रतिशत सीएचसी का एफआरयू में किया जायेगा उन्नयन उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सक एवं सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ की भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अगले वर्ष तक प्रदेश के 50 प्रतिशत सीएचसी को एफआरयू में उन्नयन किया जाना है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की करें रियल-टाइम मॉनिटरिंग उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए विशेष निगरानी तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन जिलों में स्वास्थ्य मानकों की स्थिति ठीक नहीं है, वहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने के लिए कारकों का गहन विश्लेषण किया जाए और विशेष प्रयास किए जाएं। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 9 और 25 तारीख़ को आयोजित होने वाले एएनसी जांच दिवस के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार किया जाए जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं इसका लाभ उठा सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की गर्भ-धारण से प्रसव पूर्व तक सभी अनिवार्य जांचों को सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि समय पर सभी आवश्यक जांचें न केवल सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करेंगी बल्कि शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का समय पर चिन्हांकन कर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष निगरानी प्रणाली लागू की जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए फोकस्ड एप्रोच अपनाएं। स्वास्थ्य मानको की स्थिति जिन जिलों में ठीक नहीं है वहाँ कारकों को चिन्हांकित करके विशेष प्रयास किये जायें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन जिलों में नियमित दौरा कर जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी, संचालक श्री प्रवीण सिंह अढ़ायच, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक श्री दिनेश श्रीवास्तव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- जैव विविधता संरक्षण एवं पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने गोविंदगढ़, रीवा में प्रस्तावित व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को मिली मंजूरी पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के विजन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना न केवल बाघों की संख्या को बढ़ाने में सहायक होगी बल्कि पर्यटन को भी प्रोत्साहन देगी। यह पहल बाघ संरक्षण और प्रकृति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार जैव विविधता के संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यटन के विकास के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गोविंदगढ़, रीवा में प्रस्तावित व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को मिली मंजूरी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मध्यप्रदेश वन्य-जीव संरक्षण के क्षेत्र में आदर्श राज्य बने। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के कारण न केवल “टाइगर स्टेट” बल्कि “लेपर्ड स्टेट” और “चीता स्टेट” के रूप में भी प्रतिष्ठित है। राज्य में देश की सबसे अधिक तेंदुआ आबादी दर्ज की गई है, जो यहां के समृद्ध वन्य आवासों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश ने चीता पुनर्वास परियोजना के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का सफल पुनर्स्थापन करके “चीता स्टेट” का गौरव भी प्राप्त किया है। कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़, सतपुड़ा और पन्ना टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में वन्य-जीव संरक्षण के लिए अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वन्य-जीव विशेषज्ञों ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि वन्य-जीव संरक्षण के लिए राज्य की प्रतिबद्धता देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। बाघ संरक्षण में ऐतिहासिक पहल उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गोविंदगढ़ में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना से व्हाइट टाइगर की सुरक्षा और संख्या में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। केन्द्र राज्य में वन्य-जीव पर्यटन को भी नई दिशा देगा। मध्यप्रदेश बाघों की संख्या में भी अग्रणी है और इस पहल से राज्य की इस प्रतिष्ठा को और मजबूती मिलेगी। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित कर रीवा और सतना क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी। रीवा में सेटेलाइट फैसिलिटी के रूप में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की होगी स्थापना महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी और चिड़ियाघर, मुकुंदपुर, सतना के संशोधित मास्टर (ले-आउट) प्लान के तहत गोविंदगढ़, रीवा में सेटेलाइट फैसिलिटी के रूप में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना के प्रस्ताव को केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की विशेषज्ञ समिति द्वारा तकनीकी समिति की अनुशंसा पर स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति 9 एवं 17 दिसंबर, 2024 को आयोजित विशेषज्ञ समिति की 114वीं बैठक और 19 दिसंबर, 2024 को तकनीकी समिति की 112वीं बैठक के निर्णय के अनुक्रम में प्रदान की गई है।  

प्रशासनिक निर्णयों में न हो देरी, सभी औपचारिकताएं समय से करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से जारी भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशासनिक निर्णयों में किसी प्रकार की देरी न हो और सभी औपचारिकताएं समय पर पूर्ण की जाएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आईपीएचएस मानकों के अनुरूप नवीन स्वीकृत पदों, नवीन स्वास्थ्य संस्थाओं और उन्नत स्वास्थ्य संस्थाओं में रिक्तियों की पूर्ति की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नर्सिंग भर्ती और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त किया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया और पैरामेडिकल कॉउंसिल की गतिविधियों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सीधी भर्ती के साथ पदोन्नति के पदों की रिक्तियों पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानव संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पैरामेडिकल संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की और नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने वर्ष 2022-23 के पैरामेडिकल विद्यार्थियों की परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और उनके परिणाम भी जारी कर दिए गए हैं। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य श्री तरुण राठी, संचालक स्वास्थ्य श्री दिनेश श्रीवास्तव, संचालक स्थापना श्रीमती मल्लिका नागर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

स्वस्थ किशोरी ही, आगे चलकर बनती है स्वस्थ माँ : उप मुख्यमन्त्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमन्त्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि एमएमआर और आईएमआर की स्थिति में सुधार के लिये किशोरियों के स्वास्थ्य की जाँच और सुधार के प्रयास, गर्भावस्था के पूर्व और गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की नियमित जाँच के साथ प्रसव पश्चात निगरानी अहम है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ किशोरी आगे चलकर स्वस्थ माँ बनती है। इसके लिये विभागीय प्रयासों के साथ सामाजिक संगठनों, आमजनों का सहयोग अपेक्षित है, जिससे गर्भवती महिलायें और किशोरियाँ अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। परिवारजन उन्हें सहयोग प्रदान करें। शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिये जन-जागरूकता ज़रूरी है। उप मुख्यमन्त्री श्री शुक्ल ने यूनिसेफ भोपाल कार्यालय में भ्रमण कर मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में यूनिसेफ द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने यूनिसेफ के अधिकारी-कर्मचारियों को संचालित गतिविधियों में सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि एकीकृत प्रयासों से हम मिलकर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त करेंगे। मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों में देश का अग्रणी राज्य बनायेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में एमएमआर और आईएमआर मानकों में सुधार के लिये सतत प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के साथ देश-विदेश के स्वास्थ्य विशेषज्ञों से हम सतत संपर्क में हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि संसाधनों की कमी नहीं है। स्वास्थ्य अधोसंरचना में सतत विस्तार किया जा रहा है। चिकित्सकीय सहायक और चिकित्सकीय मैनपॉवर की उपलब्धता के लिए चिकित्सकीय शैक्षणिक संस्थानों में विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 33 हज़ार से अधिक पदों पर नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के साथ सामाजिक जागरूकता भी ज़रूरी है, जिससे हाई रिस्क प्रेगनेंसी का समय से चिन्हांकन कर अपेक्षित निदान की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने प्रदेश में आईएमआर और एमएमआर में सुधार के लिये संगठित प्रयासों के सुझाव प्राप्त किये। ऑफिस इंचार्ज यूनिसेफ भोपाल डॉ. अनिल गुलाटी ने यूनिसेफ द्वारा मध्यप्रदेश में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। हेल्थ स्पेशलिस्ट यूनिसेफ डॉ. प्रशांत कुमार सहित यूनिसेफ भोपाल के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।

देश की क्षमता के सदुपयोग के लिये सही दिशा में प्रयास आवश्यक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वैभवशाली नेतृत्व में आज भारत में अपार संभावनाएं हैं। देश की क्षमता के सदुपयोग के लिये सही दिशा में प्रयास आवश्यक है। इसके लिए आवश्यक है कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रोफेशनल्स पूरी निष्ठा के साथ देश के निर्माण में अपना योगदान दें। सभी अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि युवा शक्ति और वरिष्ठों के सतत मार्गदर्शन में भारत 2047 तक विश्वगुरु बनेगा।उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल होटल जहांनुमा पैलेस भोपाल में आईसीएसआई (इंस्टिट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेटरीज़ ऑफ़ इंडिया) की एमपी  स्टेट कॉन्फ्रेंस-2025 “संकल्प” में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि देश में तेज गति से विकास हो रहा है। औद्योगीकरण को गति मिली है। विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्ट-अप, कंपनियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। आज देश में प्रदेश में सकारात्मक वातावरण है। पूरा विश्व भारत को आशा की नज़रों से देख रहा है। कंपनियों का संचालन नियम अनुसार हो और वे सहजता से देश के विकास में सहभागी बनें इसके लिए कंपनी सेक्रेटरीज की भूमिका अहम है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कॉन्फ्रेंस की सफलता की शुभकामना दी। महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, संचालक ऐग्पा श्री राजेश गुप्ता, आईसीएसई के वाईस प्रेसिडेंट श्री धनंजय शुक्ला सहित आईसीएसआई के पदाधिकारी और कंपनी सेक्रेटरीज़ उपस्थित रहे।  

विद्यार्थियों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि वर्ष 2024-25 के लिए उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार सभी पात्र नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता एवं प्रवेश प्रक्रिया को 15 जनवरी तक पूर्ण किया जाए। जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया को समयावधि में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निवास कार्यालय में मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन एवं काउंसिल की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की और कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि कि 31 दिसंबर 2024 से काउंसलिंग की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जो 14 जनवरी 2025 को संपन्न की जाएगी। सभी शासकीय एवं अशासकीय नर्सिंग कॉलेजों के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की व्यवस्था लागू की गयी है। संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (नर्सिंग एवं पैरामेडिकल) श्री मनोज सरियाम, रजिस्ट्रार मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउसिंग श्री के.के. रावत सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इजरायल के अनुभव, प्रयासों और सुझावों से रीवा नगर निगम क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन किया जायेगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जल वितरण प्रणाली को लीकेज प्रूफ बनाने के साथ रीवा के हर घर में शुद्ध जल सप्लाई सुनिश्चित करना है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल भविष्य आधारित, पर्यावरण अनुसंगत योजना का करें निर्माण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल इजरायल के अनुभव, प्रयासों और सुझावों से रीवा नगर निगम क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन किया जायेगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल इजराइल का प्रतिनिधि मंडल करेगा सहयोग भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि जल प्रबंधन के लिये इजरायल का नाम विश्व में विख्यात है। उनके अनुभव, प्रयासों और सुझावों से रीवा नगर निगम क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि योजना का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं और मांग को ध्यान में रखकर किया जाये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा शहर में जल वितरण प्रणाली को लीकेज प्रूफ बनाने के साथ हर घर में शुद्ध जल पहुँचना सुनिश्चित करना है। जल संग्रहण के साथ जल का संवर्धन भी भविष्य की मांग को पूरा करने के लिये आवश्यक है। जल को उपचारित कर पुनः प्रयोग करना समय की मांग है और पर्यावरण अनुसंगत है। इसे ध्यान में रखते हुए योजना का निर्माण किया जाये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चार इमली स्थित निवास कार्यालय में नगर निगम रीवा में वाटर सप्लाई सुविधा के विस्तार, प्रबंधन और सशक्तीकरण के लिये इजराइल के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा की। जल प्रबंधन और वितरण नेटवर्क सुदृढ़ीकरण पर इज़राइल के प्रतिनिधि मंडल ने अनुभव किये साझा इजरायल प्रतिनिधि मंडल ने बेहतर जल प्रबंधन और वितरण नेटवर्क सुदृढ़ीकरण पर अपने अनुभव को साझा किया। जल संसाधन प्रबंधन के लिये कृत्रिम और प्राकृतिक सोर्स का चिन्हांकन किया जाना महत्वपूर्ण है। कृत्रिम स्तंभों में अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग शामिल है। प्राकृतिक स्तंभों में वर्षा जल संग्रहण, भूजल पुनर्भरण, झील व भूजल निगरानी, और बाढ़ जल संग्रहण शामिल हैं। प्रभावी प्रबंधन के लिए संरक्षण और पुनःप्राप्ति सुनिश्चित कर जल संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है। इजराइल प्रतिनिधि मंडल में वॉटर अटैशे श्रीमती नोआ अमसालेम, वरिष्ठ जल संसाधन विशेषज्ञ नीरज गहलावत शामिल थे। भारत में इज़राइल वॉटर अटैशे दोनों देशों के बीच जल संसाधन प्रबंधन, तकनीकी सहयोग और अनुसंधान में साझेदारी को मजबूत करने का कार्य करते हैं। जल संरक्षण, पुनर्चक्रण और कुशल सिंचाई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, जल सुरक्षा, जल प्रदूषण नियंत्रण और नीति निर्माण में सहयोग प्रदान करते हैं। वॉटर अटैशे शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के बीच संयुक्त परियोजनाओं को प्रोत्साहित करते हैं और जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान विकसित करने में मदद करते हैं। आगामी 2 वर्ष में रीवा शहर में 15 हज़ार नल कनेक्शन, 450 किमी वितरण नेटवर्क होगा तैयार नगर निगम रीवा में तकनीकी सलाहकार यूएडीडी सतीश कुमार राव ने रीवा में अब तक किये गये कार्य, प्रस्तावित योजना की जानकारी दी। रीवा शहर में वर्तमान में 550 किमी वितरण नेटवर्क से 45 हजार परिवारों को नल कनेक्शन दिये गये हैं। 23 मिलियन किली की भंडारण क्षमता है। 58 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट किया जा रहा है। अमृत 2.0 परियोजना में 2026 तक 37 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 18.7 मिलियन किली भंडारण क्षमता 450 किमी वितरण नेटवर्क और 15 हज़ार नये जल कनेक्शन दिया जाना प्रस्तावित है। साथ ही पुरानी नेटवर्क प्रणाली को रिपेयर करना कार्ययोजना का प्रमुख अंग है। रीवा में 24×7 वॉटर सप्लाई सुनिश्चित करने के लक्ष्य पर योजना का निर्माण किया जा रहा है, इसके लिये जल के ज़िम्मेदारी पूर्ण उपयोग के लिये जन-जागरूकता अभियान को भी प्रस्ताव में शामिल किया जायेगा।  

अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा स्वच्छ और पौष्टिक भोजन विद्यार्थियों तक पहुँचाने का पुनीत कार्य किया जा रहा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा स्वच्छ और पौष्टिक भोजन विद्यार्थियों तक पहुँचाने का पुनीत कार्य किया जा रहा है। यहाँ जिस साफ़-सफ़ाई से और पोषक तत्वों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर भोजन बनाने का कार्य किया जा रहा है, वह अनुकरणीय है। उन्होंने संस्था में कार्यरत सभी कर्मचारियों के समर्पण और सेवा-भाव की सराहना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भोपाल में अक्षय पात्र फाउंडेशन की केंद्रीयकृत रसोई का अवलोकन किया। राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन का यह प्रयास न केवल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संस्था के समर्पित कर्मचारियों और प्रबंधन टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में यह संस्था और अधिक बच्चों तक अपनी सेवाएं पहुंचाएगी और अन्य संस्थानों को भी प्रेरित करेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संस्था की स्वचालित प्रक्रिया, सुव्यवस्थित संचालन और योजनाबद्ध कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन न केवल बच्चों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है, बल्कि यह कार्य अत्यंत प्रभावशाली और अनुकरणीय तरीके से किया जा रहा है। संस्था का सुव्यवस्थित संचालन इसके योजनाबद्ध दृष्टिकोण को दर्शाता है। भोजन वितरण के लिए विशेष वाहनों का उपयोग, समय प्रबंधन का सख्त पालन, पोषण गुणवत्ता की नियमित जाँच और प्रबंधन टीम के बीच उत्कृष्ट समन्वय इसे और अधिक प्रभावी बनाते हैं। शासकीय और निजी क्षेत्र के बीच मजबूत साझेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने राष्ट्रीय स्तर पर अक्षय पात्र फाउंडेशन के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मॉडल शासकीय और निजी क्षेत्र के बीच मजबूत साझेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह संस्था पूरे भारत में 16 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 23 हज़ार से अधिक विद्यालयों में लगभग 22 लाख 50 हज़ार बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान कर रही है। उल्लेखनीय है कि अक्षय पात्र फाउंडेशन के भोपाल स्थित किचन से मध्यान्ह भोजन के तहत 645 विद्यालयों के लगभग 35 हज़ार बच्चों को भोजन प्रदाय किया जा रहा है। अक्षय पात्र फाउंडेशन के भोपाल क्लस्टर के अध्यक्ष आचार्य रत्न दासा उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल रीवा में सफल दोहरे किडनी प्रत्यारोपण के लिए संपूर्ण चिकित्सा टीम को बधाई दी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल रीवा में सफल दोहरे किडनी प्रत्यारोपण के लिए संपूर्ण चिकित्सा टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक सशक्त और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता राज्य के हर हिस्से में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं को विस्तार देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। रीवा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का कार्य करेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार अंग प्रत्यारोपण जैसे जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक संसाधनों और विशेषज्ञता को हर मेडिकल संस्थान में सुलभ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने इस उपलब्धि को रीवा और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए टीम की मेहनत और समर्पण की सराहना की। सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल, रीवा में ट्रांसप्लांट फिजिशियन और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. रोहन द्विवेदी और ट्रांसप्लांट सर्जन व यूरोलॉजिस्ट डॉ. पुष्पेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में एक ही दिन में दो मरीजों का सफलतापूर्वक किडनी प्रत्यारोपण किया गया। इनमें से एक महिला मरीज को उनकी माता द्वारा और एक पुरुष मरीज को उनके बड़े भाई द्वारा किडनी दान की गई। दोनों मरीज स्वस्थ हैं और 17 दिसंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए हैं। यूरोलॉजी विभाग के डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. आशीष घनघोरिया, डॉ. बृजेश तिवारी और डॉ. विजय शुक्ला, निश्चेतना विभाग के डॉ. आलोक प्रताप सिंह, डॉ. सुभाष अग्रवाल, डॉ. राजीव द्विवेदी, डॉ. रवि प्रकाश सिंह, और डॉ. एल. पी. सिंह सहित ओटी और केटीयू स्टाफ ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया।  

यह सुनिश्चित किया जाये कि सेवाएं समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के हर क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अधोसंरचना के विस्तार और अत्याधुनिक उपकरणों की खरीदी के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाये कि सेवाएं समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों और कैंसर अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही खरीदी प्रक्रिया की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि अधोसंरचना विकास के साथ-साथ आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रक्रिया की सतत मॉनीटरिंग कर समयसीमा के भीतर उपकरण खरीदी का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने सीटी स्कैन, एमआरआई, कैथ लैब, पेट-स्कैन, लाईनैक, और ब्रेकी-थेरेपी जैसे उन्नत उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के चिकित्सकीय संस्थानों में औषधि एवं कंज्यूमेबल की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उक्त सामग्री आवश्यकतानुसार संस्थानों में उपलब्ध हों, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने ट्रांसफर पोर्टल की तैयारी की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल सुविधाजनक और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। उन्होंने विभागीय स्तर पर पोर्टल को और अधिक दुरुस्त करने के निर्देश दिये ताकि ट्रांसफर प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सफल विदेश यात्रा पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी बधाई

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की और उनके सफल ब्रिटेन एवं जर्मनी दौरे के लिए बधाई दी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह दौरा प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भूमि, बिजली और कर संबंधी सुविधाएं दी हैं। मेडिकल डिवाइस पार्क, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और उद्योग हब विकसित किए हैं। हर क्षेत्र के विकास के लिए वहां की विशेषताओं और क्षमता का पूरा उपयोग करने की रणनीति बनाई है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह यात्रा मध्यप्रदेश में निवेश का नया युग शुरू करेगी। यह प्रदेश की अद्वितीय विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश समग्र विकास के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है। प्रदेश में क्षेत्रीय क्षमताओं और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए ठोस योजनाएं बनाई जा रही हैं। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने उद्योग-अनुकूल नीतियां लागू की हैं और व्यापार सुगमता (ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस) को प्राथमिकता दी है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश आज निवेश के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है। हमने न केवल निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाया है, बल्कि प्रत्येक निवेश प्रस्ताव को रोजगार के नए अवसरों में तब्दील करने का लक्ष्य रखा है। यह प्रदेश की प्रगति को नया आयाम देगा और युवाओं के लिए नए रोजगार सृजित करेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा के दौरान ब्रिटेन और जर्मनी के विभिन्न निवेशकों और औद्योगिक संगठनों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। निवेशकों ने मध्यप्रदेश की प्रगतिशील नीतियों, सुदृढ़ बुनियादी ढांचे और उद्योगों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शुरूआत में पहले यात्रियों को सौपें बोर्डिंग पास

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा एयरपोर्ट से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी विंध्य क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह सेवा क्षेत्र के नागरिकों के लिए समय की बचत के साथ-साथ सुविधाजनक यात्रा का माध्यम बनेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र को प्रगति और विकास से जोड़ने के लिए सतत प्रयासरत है। विंध्य क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह हवाई सेवा रीवा को राज्य और देश के अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण कड़ी होगी। इससे व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही यह क्षेत्र के सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य को देश और विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने में भी सहायक होगी। उप मुख्यमंत्री ने भोपाल के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर “फ्लाई बिग” कंपनी के टिकट काउंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने भोपाल से रीवा एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट सेवा की शुरुआत करते हुए यात्रियों को बोर्डिंग पास सौंपे गए। भोपाल सांसद आलोक शर्मा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण भोपाल के निदेशक रामजी अवस्थी, “फ्लाई बिग” कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनते हुए यात्रियों ने अपनी खुशी और उत्साह व्यक्त किया। रीवा और भोपाल के बीच “फ्लाई बिग” कंपनी की उड़ान सेवा सप्ताह में 4 दिन रहेगी उपलब्ध एयरपोर्ट निदेशक अवस्थी ने बताया कि रीवा और भोपाल के बीच निर्धारित उड़ान सेवाएं (शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस) मंगलवार से शुरू हो गई हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई दिशा प्रदान करेंगी। कुछ सीटें 999 रुपये में उड़ान योजना अन्तर्गत आरक्षित हैं, जबकि शेष सीटों की कीमतें डायनेमिक प्रॉइसिंग मॉडल के तहत तय की जाएंगी। यह पहल अधिकतम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक हवाई यात्रा का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। हमें विश्वास है कि यह सेवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। रीवा और भोपाल के बीच “फ्लाई बिग” कंपनी की उड़ान सेवा सप्ताह में 4 दिन उपलब्ध रहेगी। भोपाल से रीवा की उड़ान (फ्लाइट नंबर S9-514) मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, और शुक्रवार को उपलब्ध होगी। भोपाल एयरपोर्ट से फ्लाइट सुबह 8:15 बजे प्रस्थान करेगी और रीवा एयरपोर्ट पर सुबह 10:20 बजे पहुंचेगी। रीवा से भोपाल की उड़ान (फ्लाइट नंबर S9-515) सोमवार, मंगलवार, बुधवार, और गुरुवार को संचालित होगी। रीवा एयरपोर्ट से यह फ्लाइट दोपहर 1:40 बजे प्रस्थान करेगी और भोपाल एयरपोर्ट पर 3:45 बजे पहुंचेगी। भोपाल से रीवा के लिए फ्लाइट शुरू हो गई है। सप्ताह में 4 दिन फ्लाइट उड़ेगी। प्रत्येक मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को सुबह 8.15 बजे भोपाल से फ्लाइट टेक ऑफ यानी, उड़ान भरेगी, जबकि 2 घंटे में सुबह 10.20 बजे रीवा लैंड करेगी। भी पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा के तहत सप्ताह में 6 दिन उड़ान जरूर भरी जा रही है, लेकिन प्लेन सिर्फ छह सीटर है। वहीं, किराया भी अधिक है। इसलिए पूरे यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। अब नियमित फ्लाइट शुरू की गई है। मंगलवार सुबह डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल से रीवा एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट सेवा की शुरुआत करते हुए यात्रियों को बोर्डिंग पास सौंपे। व्यापार, पर्यटन-उद्योग को ऊंचाई तक ले जाएगा डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि, रीवा एयरपोर्ट से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी विंध्य क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह सेवा क्षेत्र के नागरिकों के लिए समय की बचत के साथ-साथ सुविधाजनक यात्रा का माध्यम बनेगी। शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस शुरू एयरपोर्ट डायरेक्टर अवस्थी ने बताया, रीवा और भोपाल के बीच निर्धारित उड़ान सेवाएं (शेड्यूअल्ड फ्लाइट सर्विस) आज से शुरू हो गई हैं, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई दिशा प्रदान करेंगी। कुछ सीटें 999 रुपए में उड़ान योजना अंतर्गत आरक्षित हैं, जबकि शेष सीटों की कीमतें डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल के तहत तय की जाएंगी। यह पहल अधिकतम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक हवाई यात्रा का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। यह सेवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।  

अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण आवेदन में मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जाए: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि शासकीय सेवकों की स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाए। अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण आवेदन में मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जाए। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रविधानों के अनुसार स्थानांतरण प्रक्रिया में विभिन्न कारणों यथा पति-पत्नी शासकीय सेवक हैं और एक ही कार्यस्थल में पदस्थापना चाहते हैं, स्वयं की गंभीर बीमारी, परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य समस्याओं या अन्य बड़े कारणों के लिए प्राथमिकता दी जाए। पोर्टल पर समय पर उपलब्ध कराएं जानकारी उन्होंने कहा, ई-एचआरएमआइएस में ऐसे प्रविधान किए जाएं कि स्थानांतरण में मानवीय हस्तक्षेप कम से कम हो। पोर्टल में शासकीय सेवकों की आवश्यकताओं और प्रविधानों के अनुरूप सभी जरूरी सुधार किए जाएं। रिक्तियों की अद्यतन जानकारी पोर्टल पर समय पर उपलब्ध कराई जाए। एक सप्ताह में तैयारियां करने को कहा उप मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए ई-एचआरएमआइएस पोर्टल के प्रविधानों की समीक्षा की। उन्होंने पोर्टल में सभी तैयारियां एक सप्ताह में करने के लिए कहा है। एमपीएसईडीसी के प्रतिनिधियों ने पोर्टल के प्रविधानों पर प्रस्तुतीकरण दिया। बता दें कि ई-एचआरएमआइएस से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में स्थानांतरण के लिए पहली बार आनलाइन सुविधा प्रारंभ की जा रही है। 1700 हेक्टेयर वन भूमि पर होंगे विकास कार्य, भारत सरकार ने दी स्वीकृति मप्र की 1700 हेक्टेयर वन भूमि पर विकास कार्य किए जाएंगे। इसके लिए भारत सरकार ने स्वीकृति दे दी है। वर्ष 2024 में भारत सरकार ने मध्य प्रदेश के वन क्षेत्र में कुल एक हजार 709.45 हेक्टेयर भूमि 37 परियोजनाओं के लिए मंजूर की है। इसके बदले में अन्यत्र राजस्व भूमि एवं वर्तमान दर पर ली गई है।इन परियोजनाओं में जल संसाधन विभाग से संबंधित सात प्रकरणों में 1310.08 हेक्टेयर, विद्युत प्रोजेक्ट के 13 प्रकरणों में 220.36 हेक्टेयर, रेलवे के एक प्रकरण में 12.97 हेक्टेयर, खनन के दो प्रकरणों में 56.63 हेक्टेयर, सड़क के चार प्रकरणों में 35.42 हेक्टेयर और 10 अन्य प्रकरणों में 73.95 हेक्टेयर वन भूमि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा 48 प्रकरणों में 998.27 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्सन की सैद्धांतिक सहमति भी भारत सरकार ने दी है।

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँ: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अंतर्विभागीय समन्वय आवश्यक है। ताकि तेज गति से स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तारित किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों और अंतर्विभागीय समन्वय विषयों की समीक्षा की। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग संजय दुबे, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव और आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संजीवनी क्लीनिक में रिक्त पदों पर जल्द से जल्द नियुक्तियाँ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं को सशक्त करने के लिए प्रक्रिया को तेज गति से पूर्ण किया जाए। नवीन गठित ज़िलों में जिला चिकित्सालयों के लिए चिकित्सकीय और पैरामेडिकल पदों की पूर्ति की प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की । उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रस्ताव मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को शीघ्र भेजे जाएँ, ताकि रिक्त पद जल्द भरे जा सकें और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो। शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन के विषय पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आईपीएचएस मानक अनुसार रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति के लिए विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।  

दीनदयाल शोध संस्थान का यह प्रकल्प शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव प्रयोग है, विज्ञान के मॉडल व प्रयोग रहे विशेष आकर्षण के केन्द्र

चित्रकूट उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि श्रद्धेय नाना जी देशमुख के द्वारा रोपित सुरेन्द्रपाल ग्रामोदय विद्यालय चित्रकूट आज विशालकाय वट वृक्ष बनकर अपनी छाया कई छात्रों को प्रदान कर रहा है। दीनदयाल शोध संस्थान का यह प्रकल्प शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव प्रयोग है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्रामोदय विद्यालय चित्रकूट में बाल दिवस के अवसर पर दीप प्रज्जवलन कर बाल मेले का उद्घाटन किया। चित्रकूट मंडल के कमिश्नर बालकृष्ण तिवारी, गायत्री शक्तिपीठ के प्रबंधक रामनारायण त्रिपाठी, महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलगुरु प्रोफेसर भरत मिश्रा, चित्रकूट जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। बालक-बालिकाओं की अन्तर्निहित शक्तियों के समुचित विकास के लिए दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित सुरेन्द्रपाल ग्रामोदय विद्यालय में बाल मेला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रेरक व आकर्षक झाँकियाँ, विज्ञान प्रयोग व मॉडल, बौद्धिक गेमशो, रुचिकर खाद्य स्टालों सहित अनेक मनोरंजक, ज्ञानवर्धक व शैक्षिक कार्यक्रमों का समावेश छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि सुरेंद्रपाल ग्रामोदय विद्यालय नौनिहालों के सर्वांगीण विकास के ध्येय से विगत 25 वर्षों से अधिक समय से चित्रकूट में अपनी सेवाएं दे रहा है। बाल दिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय में बाल विज्ञान मेला आयोजित किया गया जिसमें विज्ञान के अनेकानेक प्रयोग, मॉडल, प्रोजेक्ट, झांकियां, ज्ञानवर्धक गेम शो, मनोरंजन मैजिक शो का भव्य प्रदर्शन किया गया। मेले का सर्वाधिक आकर्षण वहां पर लगाए गए विज्ञान के अभिनव मॉडल और प्रोजेक्ट रहे। दीनदयाल शोध संस्थान के अन्य प्रकल्प रामनाथ आश्रम शाला तथा कृष्णादेवी बनवासी बालिका विद्यालय मझगवां के छात्र भी प्रयोग और मॉडल प्रदर्शित किये। साथ ही छात्र-छात्राओं ने खाद्य स्टॉल भी मेले में लगाये।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के पहले “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर प्रीनेटल डायग्नोसिस ऑफ़ हीमोग्लोबिनोपैथीज़” का किया लोकार्पण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि जनजातीय समुदाय को सिकल सेल एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती, जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर संजय गांधी स्मारक चिकित्सालय, रीवा में प्रदेश के पहले शासकीय “सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर प्रीनेटल डायग्नोसिस ऑफ़ हीमोग्लोबिनोपैथीज़” का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण केंद्र विंध्य क्षेत्र के नागरिकों, विशेषकर जनजातीय समूह के नागरिकों में रक्तजनित वंशानुगत विकारों के शोध, जांच एवं नैदानिक चिकित्सकीय परीक्षण के लिए समर्पित रहेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्र की स्थापना प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को एक नए आयाम पर ले जाने का प्रयास है, जिससे रक्तजनित विकारों से प्रभावित विशेष समूहों को सटीक और समर्पित चिकित्सा सेवा प्रदान की जा सके। विंध्य क्षेत्र के नागरिकों, विशेषकर जनजातीय समुदायों में इन विकारों की व्यापकता को देखते हुए इस केन्द्र की आवश्यकता थी। यह केन्द्र रक्तजनित वंशानुगत विकारों का गहन अध्ययन करेगा और रोग की समय पर पहचान कर चिकित्सा सेवा प्रदान करेगा। कार्यक्रम में गांधी स्मारक चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश शीर्ष पर मध्यप्रदेश में सिकिल सेल एनीमिया नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयास किए गये हैं। अब तक 80 लाख 67 हजार 135 लोगों की स्क्रीनिंग कर मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के प्रथम चरण में 46 लाख से अधिक लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड वितरित किए गए हैं, जिसमें भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। मध्यप्रदेश में सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण के सफल पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर पूरे देश में “सिकिल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047” की शुरुआत की गई है, जिसमें 17 राज्य शामिल हैं।  

रीवा कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के तौर पर विकसित कर ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

कृषि उपज मंडी रीवा को ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा – उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 15 करोड़ 64 लाख रुपये के कार्यों का किया भूमिपूजन रीवा कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के तौर पर विकसित कर ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा  – उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के तौर पर विकसित कर ए-ग्रेड मंडी बनाया जायेगा। किसानों की सुविधाओं के लिए सभी अधोसंरचना विकास के कार्य कराकर इसे सुव्यवस्थित व सर्वसुविधायुक्त बनाया जायेगा। उप मुख्यमंत्री ने आदर्श मंडी के रूप में विकसित करने के लिए प्रथम चरण के तहत 15 करोड़ 64 लाख रूपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा जिले में खेती का उत्पादन बढ़ रहा है। जिले में आगामी वर्षों में 9 लाख एकड़ क्षेत्र में सिचाई की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं जिससे उत्पादन और बढ़ेगा और मंडी में खाद्यान्न की आवक अधिक होने से यह ए-ग्रेड मंडी बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रयासों से रीवा की मंडी को आदर्श मंडी बनाये जाने की घोषणा की गयी थी उसी अनुक्रम में प्रथम चरण में विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। यह सभी कार्य एक वर्ष में पूर्ण कर लिये जायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नवीन सब्जी मंडी बन जाने से किसानों को सुविधाएं मिली साथ ही व्यापारियों का समय भी बचने लगा और उनका व्यापार तीन गुना बढ़ गया। उप मुख्यमंत्री ने मंडी में कराये जा रहे विकास कार्यों के अतिरिक्त अन्य आवश्यक कार्य भी प्राथमिकता से कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उल्लेखनीय है कि रीवा कृषि उपज मंडी में प्रथम चरण में हाई राइज शेड, जल निकासी व्यवस्था, वाहन पार्किंग, कंक्रीट सड़क निर्माण, मुख्य गेट का सौन्दर्यीकरण एवं कैटल प्रोटेक्टर का निर्माण, मुख्य मार्ग पर डिवाइडर एवं गार्डन, 2 हजार मे. टन गोदाम निर्माण, हम्माल तुलावटी के लिए रेस्टहाउस, कार्यालय भवन की मरम्मत, ए व बी ब्लाक दुकानों के पीछे शेड निर्माण, मंडी प्रांगण में दो स्थानों पर वाच टावर का निर्माण कराये जाने के साथ ही जनरेटर शेड स्थापित किया जायेगा साथ ही सीसीटीव्ही कैमरे भी लगाये जायेंगे। अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी सहित विभागीय अधिकारी, किसान एवं व्यापारी उपस्थित रहे।  

परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले के किसानों की तकदीर और खेती की तस्वीर बदल जाएगी। इस परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने परियोजना का निर्माण कार्य समय पर शुरू करने के लिए राजस्व, वन तथा जल संसाधन विभाग को समन्वित प्रयास कर आवश्यक स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विन्ध्य की महत्वकांक्षी सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिये शासन द्वारा 4 हज़ार 167 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, साथ ही निर्माण एजेंसी से 3 हज़ार 700 करोड़ का अनुबंध हो गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना में बनने वाला बांध सीधी जिले में अमिलिया के पास सोन नदी पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। यह क्षेत्र सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में स्थित है। निर्माण कार्यों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, वन्यजीव संरक्षण संबंधी स्वीकृति तथा अन्य स्वीकृति आवश्यक होंगी। इसके लिए जल संसाधन विभाग ऑनलाइन आवेदन कर दे। वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग से जल संसाधन विभाग परियोजना की मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लें। इसके लिए विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं। इस सिंचाई परियोजना से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। घड़ियाल के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बांध का निर्माण कराएं, जिससे विकास के कार्यों के साथ वन्य जीवों के संरक्षण में भी किसी तरह का प्रभाव न पड़े। बहुती सिंचाई परियोजना का शेष निर्माण कार्य 1 माह के अंदर करें पूर्ण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना के शेष निर्माण कार्य को पूरा करके किसानों को दिसम्बर 2024 माह तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएं। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य एक माह में पूर्ण कराएं। अधूरे निर्माण कार्य 30 नवम्बर 2024 तक पूरा कराकर दिसम्बर माह में नईगढ़ी एक परियोजना में 7 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएं। मुख्य अभियंता जल संसाधन ने बताया कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना में सोन नदी पर 268.90 एमसीएम क्षमता का बांध बनाया जाएगा। इससे सोन घड़ियाल के बेसिन में 2 हज़ार हेक्टेयर जमीन, 1 हज़ार 290 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 15 हेक्टेयर वन भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। बांध से रीवा जिले के 11 गांवों में 3 हज़ार हेक्टेयर, मऊगंज में 399 गांवों में 62 हज़ार 500 हे., सीधी जिले में 140 गांवों में 26 हज़ार 500 हे. तथा सिंगरौली जिले के 103 गांवों में 28 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

एमवाय, सीएआर-टी थैरेपी से ब्ल्ड कैंसर का उपचार करने वाला देश का पहला अस्पताल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार राज्य में उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ कराने के लिए सतत प्रयासरत है। इम्यूनोथेरैपी जैसी उन्नत तकनीक का एमवाय अस्पताल में शुभारंभ इस दिशा में एक मील का पत्थर है। यह पहल उन मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जिनके इलाज में पारंपरिक पद्धतियाँ कारगर नहीं रही हैं। यह कदम चिकित्सा के क्षेत्र में न केवल इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश की पहचान को एक नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार का यह प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिकतम चिकित्सकीय तकनीकों और सेवाओं से युक्त कर मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख चिकित्सा हब बनाया जाये। मध्यप्रदेश का एमवायएच (महाराजा यशवंतराव अस्पताल) इन्दौर देश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए उन्नत सीएआर-टी थेरेपी शुरू की गई है। यह सुविधा राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने और उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। सीएआर-टी कोशिकाएं ट्यूमर कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से करती हैं समाप्त एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर्स (सीएआर) नामक तकनीक बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद भी लाभ नहीं मिलने वाले मरीजों के लिए कारगर साबित हो सकती है। सीएआर-टी थेरेपी की प्रक्रिया के लिए पहले मरीज का रक्त सैंपल ले लिया गया है। इसके तहत बी-सेल एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (ALL) से पीड़ित मरीज की श्वेत रक्त कोशिकाओं को एफरेसिस मशीन द्वारा एकत्रित किया जाता है। इसके बाद, इन कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से संशोधित किया जाएगा ताकि ये विशेष काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर्स (सीएआर) ला सकें, जो कैंसर कोशिकाओं की पहचान कर उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। संशोधित सीएआर-टी कोशिकाओं को मरीज में प्रत्यारोपित करने के बाद, ये ट्यूमर कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से समाप्त करती हैं। एमवायएच में इस सुविधा की शुरुआत के साथ ही देश में शासकीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध कराने वाला एमवायएच पहला अस्पताल बन गया है। यहां पर इम्यूनोथेरैपी का खर्च लगभग 30 लाख रुपये है, जो कि अमेरिका में इसी तकनीक के लिए लगने वाले लगभग 4 करोड़ रुपये की तुलना में बेहद कम है। इस अत्याधुनिक चिकित्सा प्रक्रिया को संयुक्त रूप से आईआईटी मुंबई और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल द्वारा विकसित किया गया है। भारत में यह तकनीक नई है। अभी तक इसके तहत लगभग 150 मरीजों का इलाज हुआ है। इंदौर के इस अस्पताल में 20 नवंबर को इस प्रक्रिया के माध्यम से पहले मरीज का इलाज किया जाएगा। इसके पहले, कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए इंदौर में कीमोथेरैपी, रेडिएशन थेरैपी, सर्जरी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं। अब इम्यूनोथेरैपी के जुड़ जाने से इन मरीजों के लिए उपचार के विकल्प और विस्तृत हो गए हैं। इम्यूनोथेरैपी (सीएआर टी सेल) कैसे करती है कार्य इस तकनीक में मुख्यतः टी कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से संशोधित किया जाता है, जिससे ये कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर नष्ट कर सकें। सामान्यतः श्वेत रक्त कोशिकाओं के दो प्रकार होते हैं: बी और टी कोशिकाएं। इम्यूनोथेरैपी में टी कोशिकाओं को श्वेत रक्त कोशिकाओं से अलग करके, आनुवंशिक संशोधन किया जाता है। इसके लिए वायरल वैक्टर की मदद ली जाती है ताकि टी-कोशिकाएं अपनी सतह पर काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर्स (सीएआर) स्थापित कर सकें। इन रिसेप्टर्स की विशेषता होती है कि वे कैंसर कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित विशेष प्रोटीन को पहचान सकते हैं और उन पर हमला कर सकते हैं। थेरैपी के बाद मरीज को एक से दो सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है ताकि उसकी स्थिति पर पूरी तरह से निगरानी रखी जा सके।

बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के विंध्य की प्रतिभाओं के सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री शुक्ल हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने बघेली भाषा में कहा कि “लोगन का सम्मानित करब विंध्य कै गौरवशाली परम्परा आय। सम्मान समाज मा या संदेश देत है कि समाज कै नज़र पारखी है। औरन का प्रेरित करत है मेहनत करै का, संघर्ष करिके सफल होंय का। सफलता का कौनों शॉर्टकट नहीं होय। दूरदृष्टि और पक्का इरादा से कौनों लक्ष्य प्राप्त कीन जा सकत है।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग और राज्य सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विंध्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी सम्मानित अधिकारियों को प्रेरित किया कि अपने कार्यक्षेत्र में पूरे मनोयोग से कार्य कर विंध्य क्षेत्र का प्रदेश का और राष्ट्र का नाम रोशन करें। उन्होंने आह्वान किया कि स्वयं के विकास के साथ अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली व्यक्ति प्रदेश में देश और समूची दुनिया कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, यह क्षेत्र के लिये गौरव का विषय है। देश के सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी दोनों रीवा की पावन धरा के है। कई विभूतियों ने विंध्य का नाम रोशन किया है। क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने सदैव प्रदान किया है सहयोग उप मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने चाहे वह कहीं भी रहे हों सदैव सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि जहाँ चाह होती है वहाँ राह बन ही जाती है। असफलता का कारण समझकर सही दिशा में प्रयास करें तो निःसंदेह सफलता कदम चूमेगी। विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, रफ्तार बनी रहे इसके लिए एकजुट होकर करें प्रयास उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज देश में अनुकूल परिस्थितियाँ हैं, बजट की कोई कमी नहीं है। आज भारत विश्व की 5 वीं अर्थव्यवस्था है। शीघ्र ही भारत विश्वगुरु बनेगा। यह तभी संभव है जब सभी आगे बढ़ें। इसके लिये सभी को स्वयं के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के लिये कार्य करना होगा। उन्होंने कहा संस्कार विहीन शिक्षा बिना सुगन्ध के पुष्प के समान है। सभी को सुगंधित पुष्प बनना है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, यह रफ्तार बनी रहे, इसमें और तेजी आये इसके लिये सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी चयनित अधिकारियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है: पूर्व नेता प्रतिपक्ष सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष, विधायक एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र के नागरिकों को एकजुट करने का, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे विंध्यवासियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को प्रेरित करने के लिये यह आयोजन किया गया है। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है। विन्ध्य की प्रतिभाओं ने साझा किये सफलता के मंत्र कार्यक्रम में विंध्य क्षेत्र के सम्मानित अधिकारियों ने अपनी सफलता की कहानी और सफलता के मंत्र साझा किये। आईपीएस सुकाजल सिंह ने कहा कि सपनों को पूरा करने की चाहत मेहनत को अपना बना ही लेती है। सफलता के लिये इंटर्नल मोटिवेशन अहम है। उन्होंने कहा कि हम सबका यह प्रयास होना चाहिये कि हम टैलेंट को पहचाने और उन्हें अवसर प्रदान करने में सहयोग करें। डिप्टी कमांडेट होमगार्ड के पद पर चयनित आशीष कुशवाहा ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की और कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित अंबिकेश प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार पद पर चयनित सुआंचल अग्रवाल, वेटनरी डॉक्टर पद पर चयनित डॉ रागिनी मिश्रा ने अपने विचार साझा किये। कार्यक्रम में आईपीएस सुकाजल सिंह, आईएफएस अक्षत पाण्डेय, वीरेन्द्र कुमार पटेल, सुऋषिका सिंह, आईआरटीएस रोहित सिंह, डिप्टी कलेक्टर अंबिकेश प्रताप सिंह, सुअर्चना मिश्रा, नंदन तिवारी, देवेंद्र द्विवेदी, सुप्रिया पाठक, सौरभ मिश्रा, अमित सोनी, उमेश द्विवेदी, डीएसपी हेमंत पांडे, डिप्टी कमांडेंट होमगार्ड आशीष कुशवाहा, वेटनरी डॉक्टर डॉ रागिनी मिश्रा, एटीओ प्रकाश द्विवेदी, एडी शिक्षा सुकविता त्रिपाठी, सीईओ जनपद सुज्योति पटेल, नायब तहसीलदार कमलेश मिश्रा, आशीष मिश्रा, प्रकाश उपाध्याय, सुबिंदु तिवारी, सुरूपा पाठक, सुआंचल अग्रवाल, सुप्रज्ञा दुबे, सुप्रतीक्षा सिंह, सुअंकिता पांडे, सुएकता शुक्ला, शिव कुमार गौतम, सुमित तिवारी और सौम्य कुमार द्विवेदी को सम्मानित किया गया। बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का लिया आनंद विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईश्वर पाण्डेय को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में डीजी आरसीवीपी नारोन्हा प्रशासनिक अकादमी जे. एन. कंसोटिया, पूर्व डीजीपी स्वराज पुरी, मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के महासचिव कमलाकर सिंह सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम उपरांत सभी उपस्थितों ने पारंपरिक बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का आनंद लिया।  

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजनरी नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास को मिल रही है नई दिशा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं और इसे साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) जैसे आयोजन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं, क्योंकि यह क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत कर औद्योगिक विकास में संतुलन लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में यह पहल प्रदेश के समग्र विकास को एक नई दिशा प्रदान कर रही है। इसका पाँचवां संस्करण 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में सफलतापूर्वक कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। विन्ध्य क्षेत्र निवेशकों के लिए आदर्श गंतव्य उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए आधुनिक और सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया है। क्षेत्र में सीमेंट, खनिज और सरप्लस पॉवर जैसी प्राकृतिक संपदाओं की प्रचुरता इसे औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं। 4 हज़ार से अधिक निवेशक करा चुके हैं पंजीयन उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस”, “सिंगल विंडो क्लीयरेंस” और औद्योगिक सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। इसी सकारात्मक माहौल के चलते अब तक 4,000 से अधिक निवेशकों ने रीवा में होने वाले इस कॉन्क्लेव के लिए पंजीकरण कराया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है। इस कॉन्क्लेव में आईटी, पर्यटन, माइनिंग, एमएसएमई, कुटीर उद्योग, और कृषि क्षेत्र में निवेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विन्ध्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, जिनका विकास प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा

ग्रामीण चिकित्सकीय सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये  उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा सीएचसी के सुदृढ़ीकरण के दिये निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा की और नियमों के अनुसार प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के गुणवत्तापूर्ण प्रदाय के लिए चिकित्सकीय मैनपॉवर का मनोबल और उत्साहवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियोलॉजिस्ट सेवा प्रदाय की करें व्यवस्था उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आईपीएचएस मानकों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिये। प्रशासनिक औपचारिकताओं की पूर्ति में कमी से प्रक्रिया में व्यवधान नहीं आये यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने और मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में सुधार के उद्देश्य से सोनोलॉजिस्ट की उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोनोलॉजिस्ट (रेडियोग्राफर) की सेवा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए तकनीकी समस्याओं का निदान कर प्रक्रिया पूर्ण की जाये। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का करें उपयोग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने डिजिटल हस्तक्षेपों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के कुशल प्रबंधन के लिए एचआरएमएस और एचएमआईएस के त्वरित क्रियान्वयन के लिये आवश्यक कार्यवाही करने को भी कहा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एम्बुलेंस सेवा और जाँच सेवा प्रदाय की समीक्षा की

हाई रिस्क प्रेगनेंसी का पूर्व चिन्हांकन कर उचित चिकित्सकीय संस्थान भेजें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल रिस्पांस टाइम कम करने, उचित प्रबंधन और ट्रांसपैरेंसी के लिए आधुनिक तकनीकी का करें उपयोग : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एम्बुलेंस सेवा और जाँच सेवा प्रदाय की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिये हैं कि हाई रिस्क प्रैग्नेसी का पूर्व चिन्हांकन करें, इससे उचित चिकित्सकीय संस्थान एक बार में भेजा जाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हों और रेफरल लोड भी कम होगा। रिस्पांस टाइम को कम करने, संसाधनों के उचित प्रबंधन और ट्रांसपैरेंसी के लिए आधुनिक तकनीकी का उपयोग करें जिससे एम्बुलेंस सेवा का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। चिकित्सकीय जांच सेवाएं सुविधाजनक रूप से नागरिकों को उपलब्ध हों इसके लिये वेट लीज मॉडल और हब एंड स्पोक मॉडल पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सशक्त मॉनीटरिंग करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में एम्बुलेंस सेवा, जननी एक्सप्रेस सेवा और डायग्नोस्टिक सेवा प्रदाय की व्यवस्था की समीक्षा की। 6 माह में 16 लाख से अधिक लाभान्वित मिशन संचालक एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास ने बताया कि प्रदेश में 1059 जननी एक्सप्रेस, 1002 संजीवनी ज़िनमें से 167 एडवांस लाइफ सपोर्ट और 835 बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा है। विगत 6 माह में जननी और संजीवनी एम्बुलेंस सेवा द्वारा 16 लाख 20 हज़ार 582 मरीजों/गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गयी है। अप्रैल-24 से सितंबर-24 की अवधि में संजीवनी एक्सप्रेस का लाभ 6 लाख 95 हज़ार 223 मरीजों ने लिया है। वहीं जननी एक्सप्रेस सेवा से 9 लाख 25 हज़ार 359 गर्भवती महिलायें/ माताएँ लाभान्वित हुई हैं। वेट लीज मॉडल से जून-2020 से अब तक 1 करोड़ 15 लाख से अधिक नागरिकों की 4 करोड़ 53 लाख 19 हज़ार 488 जाँच की गयी हैं। प्रतिदिन लगभग 28 हज़ार जाँचें की जाती हैं। इस मॉडल के तहत प्रदेश में 85 जाँच सेवा केंद्र क्रियाशील हैं। जिनमें 134 प्रकार की जाँच की जाती है। संचालक एनएचएम के.के. रावत सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों में भर्ती की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूर्ण की जाये : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमन्त्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिये हैं कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों में भर्ती की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूर्ण की जाये। संबंधित विभागीय अधिकारी चयन संस्थानों से नियमित संपर्क में रहें। औपचारिकताओं की पूर्ति में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में लोक सेवा आयोग एवं कर्मचारी चयन मंडल द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग में की जाने वाली चयन प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। आयुक्त लोक स्वास्थ्य तरुण राठी, सचिव चिकित्सा शिक्षा श्रीमती सुरभि गुप्ता और संचालक श्रीमती मल्लिका नागर उपस्थित रहीं। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 33 हज़ार 118 पदों में भर्ती प्रक्रियाधीन है। इनमें 3 हज़ार 341 विज्ञप्त श्रेणी, 3 हज़ार 620 नर्सिंग श्रेणी के और 5 हज़ार 732 अविज्ञप्त श्रेणी के पद हैं। इनमें आईपीएचएस मानक के लिये स्वीकृत 18 हज़ार 653 पद, 263 उन्नयन संस्थाओं के लिये 5 हज़ार 664 पद, कैलाशनाथ काटजू सिविल हॉस्पिटल के 195 पद, 454 उन्नयन संस्थाओं के लिये 7 हज़ार 977 पद, 9 शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय के लिए 414 पद सहित 10 अन्य संस्थानों के 215 पद शामिल है। विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, सिविल सर्जन, प्रशासकीय अधिकारी, अस्पताल अधीक्षक, सहायक प्रबंधक, प्रबंधक, हॉस्पिटल असिस्टेंट, नर्सिंग ऑफिसर, मेट्रन, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर सहित अन्य चिकित्सकीय सहायक चिकित्सकीय पदों पर चयन की कार्यवाही लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल द्वारा की जा रही है।  

नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना अत्यंत आवश्यक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारे दैनिक जीवन, विचारधारा और दिनचर्या से होता है नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है- उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर) के अवसर पर प्रदेशवासियों को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारे दैनिक जीवन, विचारधारा और दिनचर्या से होता है। स्वस्थ मानसिक स्थिति के लिए योग, प्राणायाम, और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है। शुद्ध और पौष्टिक आहार रखता है मन को शांत और स्थिर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वैदिक जीवनशैली और आहार संबंधी आदतों पर जोर देते हुए कहा कि संतुलित आहार और सात्विक जीवन-शैली हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। शुद्ध और पौष्टिक आहार का सेवन हमारे मन को शांत और स्थिर रखता है। ताजा भोजन और नियमित दिनचर्या का पालन कर हम मानसिक तनाव और अवसाद से बच सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य को समझें, सहायता लेने में न हिचकिचाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद और अन्य भावनात्मक समस्याएं किसी भी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। इन लक्षणों को पहचानना और सही समय पर डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सहायता लेना बेहद जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर इलाज कराने में संकोच न करें। सही मार्गदर्शन और उपचार से आप स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। 30 अक्टूबर तक मनाया जाएगा मानसिक स्वास्थ्य माह शिविरों में की जाएगी स्क्रीनिंग , उपचार एवं परामर्श सेवाएं विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 10 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक विकारों से ग्रस्त लोगों को सहायता प्रदान करना है। इस वर्ष की थीम ‘मानसिक स्वास्थ्य को कार्यस्थल पर बढ़ावा देने’ से संबंधित है, जो कि कार्यस्थल में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर केंद्रित है। प्रदेश में 10 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य माह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। शिविरों में स्क्रीनिंग, उपचार एवं परामर्श सेवाएं दी जाएगी। मानसिक समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों के देखभालकर्ताओं हेतु जागरूकता सेमिनार आयोजित उपलब्ध रहेंगी। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर आयोजित होंगे। कार्य स्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के विषय पर उन्मुखीकरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1 लाख 20 हज़ार से अधिक का उपचार विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, विश्व की लगभग 10% जनसंख्या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश में विभिन्न स्तरों पर अंतःक्षेप किये जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3,27,790 लोगों की स्क्रीनिंग और 2,17,559 मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। अप्रैल 2024 से सितंबर 2024 तक 1,82,898 लोगों की स्क्रीनिग एवं 1,23,226 मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। मानसिक समस्या ग्रस्त व्यक्तियों के लिये प्रत्येक जिला अस्पताल में “मनकक्ष” प्रत्येक जिला अस्पताल के “मनकक्ष” में मानसिक समस्या ग्रस्त व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, उपचार और काउंसिलिंग की जाती है। गंभीर मानसिक रोगियों को इंदौर, ग्वालियर या मेडिकल कॉलेजों के मानसिक रोग विभाग में रेफर किया जाता है। टेली-मानस हेल्पलाइन (14416 अथवा 1800- 891-4416) पर 24X7 निःशुल्क परामर्श उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए स्कूल, कॉलेज, ओल्ड एज होम, जैसे विभिन्न संस्थानों में सेमिनार आयोजित किए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष शिविरों में मानसिक रोगियों की स्क्रीनिंग और काउंसलिंग की जाती है। इंदौर और ग्वालियर में टेलीमानस केंद्र स्थापित किए गए हैं। टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर (14416 अथवा 1800- 891-4416) पर 24X7 कॉल कर निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 42,012 कॉल के माध्यम से परामर्श सेवायें प्रदान की गई। अप्रैल 2024 से सितंबर 2024 तक 27,951 कॉल के माध्यम से परामर्श सेवायें प्रदान की गई। “मनहित” ऐप से मिल रही है मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर जागरूकता लाने के लिए “मनहित” ऐप लांच किया गया है। “मनहित” ऐप के तीन खंड़ मानसिक स्वास्थ्य स्व-मूल्यांकन, जागरूकता सामग्री, और संपर्क सुविधा है। 18 वर्ष से कम और अधिक आयु के व्यक्ति या उनके अभिभावक व्यवहार संबंधी समस्याओं की जांच कर सकते हैं। स्व-मूल्यांकन के आधार पर ऐप, तनाव, चिंता, अवसाद, मादक द्रव्यों के सेवन आदि के लिए मार्गदर्शन और जागरूकता सामग्री प्रदान करता है। यह उपयोगकर्ताओं को टेली-मानस, मनकक्ष, और अन्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ता है।

जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर होंगे आयोजित

आंखों की सुरक्षा के लिये स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना है ज़रूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल 10 अक्टूबर को “चिल्ड्रन लव योर आईज” थीम पर मनाया जाएगा विश्व दृष्टि दिवस जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर होंगे आयोजित भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्व दृष्टि दिवस पर कहा है कि आंखों की सुरक्षा केवल बाहरी कारकों से नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि हम सभी नेत्र स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और अपने बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन दें। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, खट्टे फल और विटामिन ए, सी, और ई से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए, जो नेत्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से आंखों का व्यायाम, पर्याप्त नींद और आंखों को आराम देना भी जरूरी है। स्क्रीन टाइम करें कम, बच्चों को बाहर खेलने के लिये करें प्रेरित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कई अनुसंधानों से यह तथ्य सामने आए हैं कि आज के समय में स्क्रीन टाइम के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बच्चों को दिन में कुछ समय बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि प्राकृतिक रोशनी का आंखों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। डिजिटल उपकरणों का उपयोग सीमित करें और हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए आंखों को आराम देने की आदत डालें। सही समय पर बच्चों की आंखों की जांच कराई जाए ताकि गंभीर नेत्र रोगों से बचाव किया जा सके। नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। नेत्रदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नेत्रदान महादान है। नेत्रदान से किसी व्यक्ति के जीवन का प्रकाशमय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक नेत्रदान के प्रति जागरूक हों और इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं। उल्लेखनीय है कि विश्व दृष्टि दिवस प्रतिवर्ष अक्टूबर माह के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस ” चिल्ड्रन, लव योर आईज” की थीम पर मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेत्रदान के लिए भी लोगों को जागरूक एवं प्रोत्साहित कर पंजीयन करवाया जा रहा है। नेत्रदान के इच्छुक लोग राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800114770 से विस्तृत जानकारी लेकर स्वैच्छिक पंजीयन करवा सकते हैं। विश्व दृष्टि दिवस (10 अक्टूबर) में आंखों की देखभाल के प्रति जागरूकता, आंखों की सुरक्षा और दृष्टि संरक्षण के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर आयोजित होंगे, जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञों और नेत्र सहायकों द्वारा आंखों की जांच एवं नेत्र देखभाल की सलाह दी जाएगी। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आंखों की देखभाल के लिए परामर्श कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा । अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 7 लाख से अधिक नागरिक हो चुके हैं मोतियाबिंद मुक्त नेत्र रोगों के उपचार एवं देखभाल के लिए राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत विगत वर्षों में प्रदेश में मोतियाबिंद के कुल 7,70,866 ऑपरेशन कर नागरिकों को रोग मुक्त बनाया गया। 4 हजार अंधत्व से ग्रसित नागरिकों को कॉर्निया प्रत्यारोपण कर उन्हें रोशनी प्रदान की गई है। वर्ष 2023-24 में 10 जिलो में अत्याधुनिक फेको इमुल्सिफिकेशन मशीने प्रदाय की गयी, जिससे उच्च तकनीकी से मोतियाबिंद ऑपरेशन किये जायेंगे। वर्ष 2023-24 में कुल 15,98,081 विद्यार्थियों का नेत्र परीक्षण किया गया। 65,937 विद्यार्थियों एवं 1,23,013 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्में वितरित किए गये। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक मोतियाबिंद के 1,63,600 ऑपरेशन, 2 हज़ार 232 नेत्र परीक्षण शिविर, 32,627 वृद्धजन एवं 5,313 विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मे का वितरण और 625 केराटोप्लास्टी की गयी हैं। वर्तमान वर्ष में 840 व्यक्तियों ने नेत्रदान किया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में चिकित्सकीय दल द्वारा आंखों की जांच की जाती है। कार्यक्रम के तहत जन्मजात दृष्टिदोष जैसे मोतियाबिंद , भेंगापन का उपचार निशुल्क किया जाता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत विगत वित्तीय वर्ष में 173 आनुवांशिक मोतियाबिंद, 24 रेटिनोपैथी और विज़न इम्पेयरमेंट के 7457 बालकों को लाभान्वित किया गया है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश पर आयुष्मान भारत “निरामयम्” योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों की प्रदर्शित करने के आदेश जारी किए

सभी चिकित्सकीय प्रक्रियाओं की जानकारी अस्पतालों के बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल आयुष्मान योजना में निःशुल्क उपचार की जानकारी दिखेगी बोर्ड पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश पर आयुष्मान भारत “निरामयम्” योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों की प्रदर्शित करने के आदेश जारी किए भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के निर्देश पर आयुष्मान भारत “निरामयम्” योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार की जानकारी प्रदर्शित करने के आदेश जारी किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के सभी नागरिकों को योजना का पूरा लाभ मिले, इसके लिए यह आवश्यक है कि सूचीबद्ध चिकित्सालयों में प्रवेश द्वार के समीप बड़े अक्षरों में यह जानकारी प्रदर्शित की जाये कि किन चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के लिए वह चिकित्सालय सूचीबद्ध है। इसके साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाये कि आयुष्मान योजना के तहत हितग्राहियों को निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल, डॉ. प्रभाकर तिवारी ने भोपाल जिले के सभी अस्पताल/ नर्सिंग होम संचालकों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना की जानकारी को नागरिकों के लिए सुलभ और सरल बनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि हितग्राही बिना किसी कठिनाई के इस योजना का लाभ उठा सकें।  

विकास से समाज कल्याण के लिए सद्मूल्यों को करना होगा विकसित : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल Good values ​​will have to be developed for social welfare through development: Deputy Chief Minister Shukla भोपाल ! उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से विकास की तेज राह में विश्व आगे बढ़ रहा है, इसे सही दिशा देकर मानव कल्याण से जोड़ने के लिए समाज में सद्मूल्यों को विकसित करना होगा। विकास को वरदान बनाना है तो समाज में प्रेम, दया, करुणा, परोपकार और शांति की भावना को जागृत करना होगा। ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों द्वारा जन-चेतना के लिए किये जा रहे कार्य सशक्त और समृद्ध भारत तथा वैश्विक खुशहाली के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल राजस्थान के माउंट आबू में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित “आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि 4 से 7 अक्टूबर तक आयोजित शिखर सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में (4 अक्टूबर) राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शामिल हुई थीं। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में सपनों के भारत के निर्माण का चल रहा है महायज्ञ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है आज भारत विश्व की 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आगामी 5 वर्षों में हम तीसरी और वर्ष 2047 तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। व्यापक स्तर पर तेज गति से विकास हो रहा है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने विकास के द्वार खोले हैं। नागरिकों को सक्षम बनाने के लिये उच्चस्तरीय शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। विकास की राह के हर पड़ाव में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपनों के भारत के निर्माण का महायज्ञ चल रहा है। इस विकास को स्थायी बनाने के लिये मानव जाति का जागृत होना आवश्यक है। इसके लिये भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और आध्यमिकता का पुनरुत्थान करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे 21 वीं सदी भारत की होगी। भारत विश्वगुरु होगा। वर्तमान वैश्विक पारिस्थितियों में भारत का नेतृत्व नितांत आवश्यक है। आर्थिक विकास के साथ आध्यात्मिक विकास पर भी कार्य करना होगा। विकसित, समृद्ध और खुशहाल विश्व के निर्माण के लिये भारत की “वसुधैव कुटुंबकम्” की सोच पर सभी को चलना होगा। वैश्विक कल्याण के इस अहम दायित्व के निर्वहन के लिये आवश्यक है कि भारत का हर नागरिक सकारात्मक भूमिका निभाकर लोक-कल्याणकारी पुनीत यज्ञ में सहभागी बने। अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं, समाज और विश्व का कल्याण किया जा सकता है सुनिश्चित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी कहते थे “आज मानव ने आकाश में पक्षी की तरह उड़ना सीख लिया है, मछली की तरह समुद्र में तैरना सीख लिया है लेकिन इंसान की तरह जमीन पर चलना नहीं सीख पाया।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वैश्विक कल्याण के लिये मानव मूल्यों को जागृत करना होगा। समाज को तोड़ने वाली शक्तियाँ कार्य कर रही हैं, परंतु ख़ुशी की बात है कि समाज को जोड़ने वाली, चिंतन करने वाली, वैश्विक कल्याण के भाव वाली संस्थाएँ और विचारक सतत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों को आशा भरी नज़रों से देख रहा है। यह वर्तमान पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है आगामी पीढ़ी को भारत की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ने की दिशा में प्रयास करे। एक अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं का, समाज का और विश्व का कल्याणकारी भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल को ब्रह्मकुमारी संस्थान के प्रतिनिधियों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। ब्रह्मकुमारी के राजयोगी बृजमोहन, राजयोगिनी सुश्री चन्द्रिका दीदी सहित 20 हजार से अधिक प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल थे।

सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण के साथ ही रेलमार्ग तथा हवाईमार्ग से रीवा जिले को अन्य शहरों से जोड़ने के कार्य किये जा रहे – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा जिले का चौतरफा विकास हमारी प्राथमिकता है। सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण के साथ ही रेलमार्ग तथा हवाईमार्ग से रीवा जिले को अन्य शहरों से जोड़ने के कार्य किये जा रहे हैं। रीवा-ब्यौहारी मार्ग में नहर में इस पुल के बनने से सड़क का घुमाव समाप्त हो जाएगा तथा होने वाली दुर्घटना की संभावनाएं भी पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 4 करोड़ रुपए की लागत से अमिलकी में नहर पर बनने वाले लघु पुल का भूमि-पूजन किया तथा शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। रीवा से शहडोल मार्ग के विकास कार्य में पुल का निर्माण शामिल नहीं था। इसकी अतिरिक्त स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराया गया है, जो दिसंबर माह तक पूरा किया जायेगा। ग्रामवासियों ने समवेत स्वर में पुल के निर्माण की जरूरत बताई तथा उप मुख्यमंत्री शुक्ल को इस कार्य के लिए साधुवाद दिया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा-शहडोल मार्ग की छुहिया घाटी में सड़क मार्ग में सुरंग बनाने का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। शीघ्र ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से स्वीकृति के लिए अनुरोध करेंगे। विधायक गुढ़ नागेंद्र सिंह ने कहा कि रीवा का कायाकल्प उप मुख्यमंत्री शुक्ल के मार्गदर्शन में हो रहा है। गत दिवस रीवा को अटल पार्क के तौर पर बड़ी सौगात मिली है, जिससे रीवावासियों का महानगर की तर्ज पर बड़े पार्क का सपना साकार हुआ है। स्थानीय जन-प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।  

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