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एमवाय, सीएआर-टी थैरेपी से ब्ल्ड कैंसर का उपचार करने वाला देश का पहला अस्पताल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार राज्य में उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ कराने के लिए सतत प्रयासरत है। इम्यूनोथेरैपी जैसी उन्नत तकनीक का एमवाय अस्पताल में शुभारंभ इस दिशा में एक मील का पत्थर है। यह पहल उन मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जिनके इलाज में पारंपरिक पद्धतियाँ कारगर नहीं रही हैं। यह कदम चिकित्सा के क्षेत्र में न केवल इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश की पहचान को एक नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार का यह प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिकतम चिकित्सकीय तकनीकों और सेवाओं से युक्त कर मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख चिकित्सा हब बनाया जाये। मध्यप्रदेश का एमवायएच (महाराजा यशवंतराव अस्पताल) इन्दौर देश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए उन्नत सीएआर-टी थेरेपी शुरू की गई है। यह सुविधा राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने और उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। सीएआर-टी कोशिकाएं ट्यूमर कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से करती हैं समाप्त एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर्स (सीएआर) नामक तकनीक बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद भी लाभ नहीं मिलने वाले मरीजों के लिए कारगर साबित हो सकती है। सीएआर-टी थेरेपी की प्रक्रिया के लिए पहले मरीज का रक्त सैंपल ले लिया गया है। इसके तहत बी-सेल एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (ALL) से पीड़ित मरीज की श्वेत रक्त कोशिकाओं को एफरेसिस मशीन द्वारा एकत्रित किया जाता है। इसके बाद, इन कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से संशोधित किया जाएगा ताकि ये विशेष काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर्स (सीएआर) ला सकें, जो कैंसर कोशिकाओं की पहचान कर उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। संशोधित सीएआर-टी कोशिकाओं को मरीज में प्रत्यारोपित करने के बाद, ये ट्यूमर कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से समाप्त करती हैं। एमवायएच में इस सुविधा की शुरुआत के साथ ही देश में शासकीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध कराने वाला एमवायएच पहला अस्पताल बन गया है। यहां पर इम्यूनोथेरैपी का खर्च लगभग 30 लाख रुपये है, जो कि अमेरिका में इसी तकनीक के लिए लगने वाले लगभग 4 करोड़ रुपये की तुलना में बेहद कम है। इस अत्याधुनिक चिकित्सा प्रक्रिया को संयुक्त रूप से आईआईटी मुंबई और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल द्वारा विकसित किया गया है। भारत में यह तकनीक नई है। अभी तक इसके तहत लगभग 150 मरीजों का इलाज हुआ है। इंदौर के इस अस्पताल में 20 नवंबर को इस प्रक्रिया के माध्यम से पहले मरीज का इलाज किया जाएगा। इसके पहले, कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए इंदौर में कीमोथेरैपी, रेडिएशन थेरैपी, सर्जरी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं। अब इम्यूनोथेरैपी के जुड़ जाने से इन मरीजों के लिए उपचार के विकल्प और विस्तृत हो गए हैं। इम्यूनोथेरैपी (सीएआर टी सेल) कैसे करती है कार्य इस तकनीक में मुख्यतः टी कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से संशोधित किया जाता है, जिससे ये कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर नष्ट कर सकें। सामान्यतः श्वेत रक्त कोशिकाओं के दो प्रकार होते हैं: बी और टी कोशिकाएं। इम्यूनोथेरैपी में टी कोशिकाओं को श्वेत रक्त कोशिकाओं से अलग करके, आनुवंशिक संशोधन किया जाता है। इसके लिए वायरल वैक्टर की मदद ली जाती है ताकि टी-कोशिकाएं अपनी सतह पर काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर्स (सीएआर) स्थापित कर सकें। इन रिसेप्टर्स की विशेषता होती है कि वे कैंसर कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित विशेष प्रोटीन को पहचान सकते हैं और उन पर हमला कर सकते हैं। थेरैपी के बाद मरीज को एक से दो सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है ताकि उसकी स्थिति पर पूरी तरह से निगरानी रखी जा सके।

बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के विंध्य की प्रतिभाओं के सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री शुक्ल हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने बघेली भाषा में कहा कि “लोगन का सम्मानित करब विंध्य कै गौरवशाली परम्परा आय। सम्मान समाज मा या संदेश देत है कि समाज कै नज़र पारखी है। औरन का प्रेरित करत है मेहनत करै का, संघर्ष करिके सफल होंय का। सफलता का कौनों शॉर्टकट नहीं होय। दूरदृष्टि और पक्का इरादा से कौनों लक्ष्य प्राप्त कीन जा सकत है।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग और राज्य सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विंध्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी सम्मानित अधिकारियों को प्रेरित किया कि अपने कार्यक्षेत्र में पूरे मनोयोग से कार्य कर विंध्य क्षेत्र का प्रदेश का और राष्ट्र का नाम रोशन करें। उन्होंने आह्वान किया कि स्वयं के विकास के साथ अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली व्यक्ति प्रदेश में देश और समूची दुनिया कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, यह क्षेत्र के लिये गौरव का विषय है। देश के सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी दोनों रीवा की पावन धरा के है। कई विभूतियों ने विंध्य का नाम रोशन किया है। क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने सदैव प्रदान किया है सहयोग उप मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने चाहे वह कहीं भी रहे हों सदैव सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि जहाँ चाह होती है वहाँ राह बन ही जाती है। असफलता का कारण समझकर सही दिशा में प्रयास करें तो निःसंदेह सफलता कदम चूमेगी। विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, रफ्तार बनी रहे इसके लिए एकजुट होकर करें प्रयास उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज देश में अनुकूल परिस्थितियाँ हैं, बजट की कोई कमी नहीं है। आज भारत विश्व की 5 वीं अर्थव्यवस्था है। शीघ्र ही भारत विश्वगुरु बनेगा। यह तभी संभव है जब सभी आगे बढ़ें। इसके लिये सभी को स्वयं के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के लिये कार्य करना होगा। उन्होंने कहा संस्कार विहीन शिक्षा बिना सुगन्ध के पुष्प के समान है। सभी को सुगंधित पुष्प बनना है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, यह रफ्तार बनी रहे, इसमें और तेजी आये इसके लिये सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी चयनित अधिकारियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है: पूर्व नेता प्रतिपक्ष सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष, विधायक एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र के नागरिकों को एकजुट करने का, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे विंध्यवासियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को प्रेरित करने के लिये यह आयोजन किया गया है। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है। विन्ध्य की प्रतिभाओं ने साझा किये सफलता के मंत्र कार्यक्रम में विंध्य क्षेत्र के सम्मानित अधिकारियों ने अपनी सफलता की कहानी और सफलता के मंत्र साझा किये। आईपीएस सुकाजल सिंह ने कहा कि सपनों को पूरा करने की चाहत मेहनत को अपना बना ही लेती है। सफलता के लिये इंटर्नल मोटिवेशन अहम है। उन्होंने कहा कि हम सबका यह प्रयास होना चाहिये कि हम टैलेंट को पहचाने और उन्हें अवसर प्रदान करने में सहयोग करें। डिप्टी कमांडेट होमगार्ड के पद पर चयनित आशीष कुशवाहा ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की और कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित अंबिकेश प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार पद पर चयनित सुआंचल अग्रवाल, वेटनरी डॉक्टर पद पर चयनित डॉ रागिनी मिश्रा ने अपने विचार साझा किये। कार्यक्रम में आईपीएस सुकाजल सिंह, आईएफएस अक्षत पाण्डेय, वीरेन्द्र कुमार पटेल, सुऋषिका सिंह, आईआरटीएस रोहित सिंह, डिप्टी कलेक्टर अंबिकेश प्रताप सिंह, सुअर्चना मिश्रा, नंदन तिवारी, देवेंद्र द्विवेदी, सुप्रिया पाठक, सौरभ मिश्रा, अमित सोनी, उमेश द्विवेदी, डीएसपी हेमंत पांडे, डिप्टी कमांडेंट होमगार्ड आशीष कुशवाहा, वेटनरी डॉक्टर डॉ रागिनी मिश्रा, एटीओ प्रकाश द्विवेदी, एडी शिक्षा सुकविता त्रिपाठी, सीईओ जनपद सुज्योति पटेल, नायब तहसीलदार कमलेश मिश्रा, आशीष मिश्रा, प्रकाश उपाध्याय, सुबिंदु तिवारी, सुरूपा पाठक, सुआंचल अग्रवाल, सुप्रज्ञा दुबे, सुप्रतीक्षा सिंह, सुअंकिता पांडे, सुएकता शुक्ला, शिव कुमार गौतम, सुमित तिवारी और सौम्य कुमार द्विवेदी को सम्मानित किया गया। बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का लिया आनंद विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईश्वर पाण्डेय को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में डीजी आरसीवीपी नारोन्हा प्रशासनिक अकादमी जे. एन. कंसोटिया, पूर्व डीजीपी स्वराज पुरी, मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के महासचिव कमलाकर सिंह सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम उपरांत सभी उपस्थितों ने पारंपरिक बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का आनंद लिया।  

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजनरी नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास को मिल रही है नई दिशा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं और इसे साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) जैसे आयोजन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं, क्योंकि यह क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत कर औद्योगिक विकास में संतुलन लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में यह पहल प्रदेश के समग्र विकास को एक नई दिशा प्रदान कर रही है। इसका पाँचवां संस्करण 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में सफलतापूर्वक कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। विन्ध्य क्षेत्र निवेशकों के लिए आदर्श गंतव्य उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए आधुनिक और सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया है। क्षेत्र में सीमेंट, खनिज और सरप्लस पॉवर जैसी प्राकृतिक संपदाओं की प्रचुरता इसे औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं। 4 हज़ार से अधिक निवेशक करा चुके हैं पंजीयन उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस”, “सिंगल विंडो क्लीयरेंस” और औद्योगिक सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। इसी सकारात्मक माहौल के चलते अब तक 4,000 से अधिक निवेशकों ने रीवा में होने वाले इस कॉन्क्लेव के लिए पंजीकरण कराया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है। इस कॉन्क्लेव में आईटी, पर्यटन, माइनिंग, एमएसएमई, कुटीर उद्योग, और कृषि क्षेत्र में निवेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विन्ध्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, जिनका विकास प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा

ग्रामीण चिकित्सकीय सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये  उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा सीएचसी के सुदृढ़ीकरण के दिये निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण कर फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में पदोन्नति की प्रक्रिया की समीक्षा की और नियमों के अनुसार प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के गुणवत्तापूर्ण प्रदाय के लिए चिकित्सकीय मैनपॉवर का मनोबल और उत्साहवर्धन अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिये। ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियोलॉजिस्ट सेवा प्रदाय की करें व्यवस्था उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आईपीएचएस मानकों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिये। प्रशासनिक औपचारिकताओं की पूर्ति में कमी से प्रक्रिया में व्यवधान नहीं आये यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने और मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में सुधार के उद्देश्य से सोनोलॉजिस्ट की उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सोनोलॉजिस्ट (रेडियोग्राफर) की सेवा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए तकनीकी समस्याओं का निदान कर प्रक्रिया पूर्ण की जाये। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का करें उपयोग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रदाय और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने डिजिटल हस्तक्षेपों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के कुशल प्रबंधन के लिए एचआरएमएस और एचएमआईएस के त्वरित क्रियान्वयन के लिये आवश्यक कार्यवाही करने को भी कहा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एम्बुलेंस सेवा और जाँच सेवा प्रदाय की समीक्षा की

हाई रिस्क प्रेगनेंसी का पूर्व चिन्हांकन कर उचित चिकित्सकीय संस्थान भेजें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल रिस्पांस टाइम कम करने, उचित प्रबंधन और ट्रांसपैरेंसी के लिए आधुनिक तकनीकी का करें उपयोग : उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एम्बुलेंस सेवा और जाँच सेवा प्रदाय की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिये हैं कि हाई रिस्क प्रैग्नेसी का पूर्व चिन्हांकन करें, इससे उचित चिकित्सकीय संस्थान एक बार में भेजा जाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हों और रेफरल लोड भी कम होगा। रिस्पांस टाइम को कम करने, संसाधनों के उचित प्रबंधन और ट्रांसपैरेंसी के लिए आधुनिक तकनीकी का उपयोग करें जिससे एम्बुलेंस सेवा का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। चिकित्सकीय जांच सेवाएं सुविधाजनक रूप से नागरिकों को उपलब्ध हों इसके लिये वेट लीज मॉडल और हब एंड स्पोक मॉडल पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सशक्त मॉनीटरिंग करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में एम्बुलेंस सेवा, जननी एक्सप्रेस सेवा और डायग्नोस्टिक सेवा प्रदाय की व्यवस्था की समीक्षा की। 6 माह में 16 लाख से अधिक लाभान्वित मिशन संचालक एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास ने बताया कि प्रदेश में 1059 जननी एक्सप्रेस, 1002 संजीवनी ज़िनमें से 167 एडवांस लाइफ सपोर्ट और 835 बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा है। विगत 6 माह में जननी और संजीवनी एम्बुलेंस सेवा द्वारा 16 लाख 20 हज़ार 582 मरीजों/गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गयी है। अप्रैल-24 से सितंबर-24 की अवधि में संजीवनी एक्सप्रेस का लाभ 6 लाख 95 हज़ार 223 मरीजों ने लिया है। वहीं जननी एक्सप्रेस सेवा से 9 लाख 25 हज़ार 359 गर्भवती महिलायें/ माताएँ लाभान्वित हुई हैं। वेट लीज मॉडल से जून-2020 से अब तक 1 करोड़ 15 लाख से अधिक नागरिकों की 4 करोड़ 53 लाख 19 हज़ार 488 जाँच की गयी हैं। प्रतिदिन लगभग 28 हज़ार जाँचें की जाती हैं। इस मॉडल के तहत प्रदेश में 85 जाँच सेवा केंद्र क्रियाशील हैं। जिनमें 134 प्रकार की जाँच की जाती है। संचालक एनएचएम के.के. रावत सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों में भर्ती की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूर्ण की जाये : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमन्त्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिये हैं कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों में भर्ती की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूर्ण की जाये। संबंधित विभागीय अधिकारी चयन संस्थानों से नियमित संपर्क में रहें। औपचारिकताओं की पूर्ति में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में लोक सेवा आयोग एवं कर्मचारी चयन मंडल द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग में की जाने वाली चयन प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। आयुक्त लोक स्वास्थ्य तरुण राठी, सचिव चिकित्सा शिक्षा श्रीमती सुरभि गुप्ता और संचालक श्रीमती मल्लिका नागर उपस्थित रहीं। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 33 हज़ार 118 पदों में भर्ती प्रक्रियाधीन है। इनमें 3 हज़ार 341 विज्ञप्त श्रेणी, 3 हज़ार 620 नर्सिंग श्रेणी के और 5 हज़ार 732 अविज्ञप्त श्रेणी के पद हैं। इनमें आईपीएचएस मानक के लिये स्वीकृत 18 हज़ार 653 पद, 263 उन्नयन संस्थाओं के लिये 5 हज़ार 664 पद, कैलाशनाथ काटजू सिविल हॉस्पिटल के 195 पद, 454 उन्नयन संस्थाओं के लिये 7 हज़ार 977 पद, 9 शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय के लिए 414 पद सहित 10 अन्य संस्थानों के 215 पद शामिल है। विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, सिविल सर्जन, प्रशासकीय अधिकारी, अस्पताल अधीक्षक, सहायक प्रबंधक, प्रबंधक, हॉस्पिटल असिस्टेंट, नर्सिंग ऑफिसर, मेट्रन, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर सहित अन्य चिकित्सकीय सहायक चिकित्सकीय पदों पर चयन की कार्यवाही लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल द्वारा की जा रही है।  

नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना अत्यंत आवश्यक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारे दैनिक जीवन, विचारधारा और दिनचर्या से होता है नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है- उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर) के अवसर पर प्रदेशवासियों को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारे दैनिक जीवन, विचारधारा और दिनचर्या से होता है। स्वस्थ मानसिक स्थिति के लिए योग, प्राणायाम, और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है। शुद्ध और पौष्टिक आहार रखता है मन को शांत और स्थिर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वैदिक जीवनशैली और आहार संबंधी आदतों पर जोर देते हुए कहा कि संतुलित आहार और सात्विक जीवन-शैली हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। शुद्ध और पौष्टिक आहार का सेवन हमारे मन को शांत और स्थिर रखता है। ताजा भोजन और नियमित दिनचर्या का पालन कर हम मानसिक तनाव और अवसाद से बच सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य को समझें, सहायता लेने में न हिचकिचाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद और अन्य भावनात्मक समस्याएं किसी भी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। इन लक्षणों को पहचानना और सही समय पर डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सहायता लेना बेहद जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर इलाज कराने में संकोच न करें। सही मार्गदर्शन और उपचार से आप स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। 30 अक्टूबर तक मनाया जाएगा मानसिक स्वास्थ्य माह शिविरों में की जाएगी स्क्रीनिंग , उपचार एवं परामर्श सेवाएं विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 10 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक विकारों से ग्रस्त लोगों को सहायता प्रदान करना है। इस वर्ष की थीम ‘मानसिक स्वास्थ्य को कार्यस्थल पर बढ़ावा देने’ से संबंधित है, जो कि कार्यस्थल में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर केंद्रित है। प्रदेश में 10 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य माह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। शिविरों में स्क्रीनिंग, उपचार एवं परामर्श सेवाएं दी जाएगी। मानसिक समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों के देखभालकर्ताओं हेतु जागरूकता सेमिनार आयोजित उपलब्ध रहेंगी। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर आयोजित होंगे। कार्य स्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के विषय पर उन्मुखीकरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1 लाख 20 हज़ार से अधिक का उपचार विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, विश्व की लगभग 10% जनसंख्या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश में विभिन्न स्तरों पर अंतःक्षेप किये जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3,27,790 लोगों की स्क्रीनिंग और 2,17,559 मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। अप्रैल 2024 से सितंबर 2024 तक 1,82,898 लोगों की स्क्रीनिग एवं 1,23,226 मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। मानसिक समस्या ग्रस्त व्यक्तियों के लिये प्रत्येक जिला अस्पताल में “मनकक्ष” प्रत्येक जिला अस्पताल के “मनकक्ष” में मानसिक समस्या ग्रस्त व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, उपचार और काउंसिलिंग की जाती है। गंभीर मानसिक रोगियों को इंदौर, ग्वालियर या मेडिकल कॉलेजों के मानसिक रोग विभाग में रेफर किया जाता है। टेली-मानस हेल्पलाइन (14416 अथवा 1800- 891-4416) पर 24X7 निःशुल्क परामर्श उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए स्कूल, कॉलेज, ओल्ड एज होम, जैसे विभिन्न संस्थानों में सेमिनार आयोजित किए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष शिविरों में मानसिक रोगियों की स्क्रीनिंग और काउंसलिंग की जाती है। इंदौर और ग्वालियर में टेलीमानस केंद्र स्थापित किए गए हैं। टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर (14416 अथवा 1800- 891-4416) पर 24X7 कॉल कर निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 42,012 कॉल के माध्यम से परामर्श सेवायें प्रदान की गई। अप्रैल 2024 से सितंबर 2024 तक 27,951 कॉल के माध्यम से परामर्श सेवायें प्रदान की गई। “मनहित” ऐप से मिल रही है मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर जागरूकता लाने के लिए “मनहित” ऐप लांच किया गया है। “मनहित” ऐप के तीन खंड़ मानसिक स्वास्थ्य स्व-मूल्यांकन, जागरूकता सामग्री, और संपर्क सुविधा है। 18 वर्ष से कम और अधिक आयु के व्यक्ति या उनके अभिभावक व्यवहार संबंधी समस्याओं की जांच कर सकते हैं। स्व-मूल्यांकन के आधार पर ऐप, तनाव, चिंता, अवसाद, मादक द्रव्यों के सेवन आदि के लिए मार्गदर्शन और जागरूकता सामग्री प्रदान करता है। यह उपयोगकर्ताओं को टेली-मानस, मनकक्ष, और अन्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ता है।

जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर होंगे आयोजित

आंखों की सुरक्षा के लिये स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना है ज़रूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल 10 अक्टूबर को “चिल्ड्रन लव योर आईज” थीम पर मनाया जाएगा विश्व दृष्टि दिवस जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर होंगे आयोजित भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्व दृष्टि दिवस पर कहा है कि आंखों की सुरक्षा केवल बाहरी कारकों से नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि हम सभी नेत्र स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और अपने बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन दें। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, खट्टे फल और विटामिन ए, सी, और ई से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए, जो नेत्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से आंखों का व्यायाम, पर्याप्त नींद और आंखों को आराम देना भी जरूरी है। स्क्रीन टाइम करें कम, बच्चों को बाहर खेलने के लिये करें प्रेरित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कई अनुसंधानों से यह तथ्य सामने आए हैं कि आज के समय में स्क्रीन टाइम के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बच्चों को दिन में कुछ समय बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि प्राकृतिक रोशनी का आंखों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। डिजिटल उपकरणों का उपयोग सीमित करें और हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए आंखों को आराम देने की आदत डालें। सही समय पर बच्चों की आंखों की जांच कराई जाए ताकि गंभीर नेत्र रोगों से बचाव किया जा सके। नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। नेत्रदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नेत्रदान महादान है। नेत्रदान से किसी व्यक्ति के जीवन का प्रकाशमय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक नेत्रदान के प्रति जागरूक हों और इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं। उल्लेखनीय है कि विश्व दृष्टि दिवस प्रतिवर्ष अक्टूबर माह के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस ” चिल्ड्रन, लव योर आईज” की थीम पर मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेत्रदान के लिए भी लोगों को जागरूक एवं प्रोत्साहित कर पंजीयन करवाया जा रहा है। नेत्रदान के इच्छुक लोग राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800114770 से विस्तृत जानकारी लेकर स्वैच्छिक पंजीयन करवा सकते हैं। विश्व दृष्टि दिवस (10 अक्टूबर) में आंखों की देखभाल के प्रति जागरूकता, आंखों की सुरक्षा और दृष्टि संरक्षण के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर आयोजित होंगे, जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञों और नेत्र सहायकों द्वारा आंखों की जांच एवं नेत्र देखभाल की सलाह दी जाएगी। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आंखों की देखभाल के लिए परामर्श कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा । अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 7 लाख से अधिक नागरिक हो चुके हैं मोतियाबिंद मुक्त नेत्र रोगों के उपचार एवं देखभाल के लिए राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत विगत वर्षों में प्रदेश में मोतियाबिंद के कुल 7,70,866 ऑपरेशन कर नागरिकों को रोग मुक्त बनाया गया। 4 हजार अंधत्व से ग्रसित नागरिकों को कॉर्निया प्रत्यारोपण कर उन्हें रोशनी प्रदान की गई है। वर्ष 2023-24 में 10 जिलो में अत्याधुनिक फेको इमुल्सिफिकेशन मशीने प्रदाय की गयी, जिससे उच्च तकनीकी से मोतियाबिंद ऑपरेशन किये जायेंगे। वर्ष 2023-24 में कुल 15,98,081 विद्यार्थियों का नेत्र परीक्षण किया गया। 65,937 विद्यार्थियों एवं 1,23,013 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्में वितरित किए गये। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक मोतियाबिंद के 1,63,600 ऑपरेशन, 2 हज़ार 232 नेत्र परीक्षण शिविर, 32,627 वृद्धजन एवं 5,313 विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मे का वितरण और 625 केराटोप्लास्टी की गयी हैं। वर्तमान वर्ष में 840 व्यक्तियों ने नेत्रदान किया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में चिकित्सकीय दल द्वारा आंखों की जांच की जाती है। कार्यक्रम के तहत जन्मजात दृष्टिदोष जैसे मोतियाबिंद , भेंगापन का उपचार निशुल्क किया जाता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत विगत वित्तीय वर्ष में 173 आनुवांशिक मोतियाबिंद, 24 रेटिनोपैथी और विज़न इम्पेयरमेंट के 7457 बालकों को लाभान्वित किया गया है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश पर आयुष्मान भारत “निरामयम्” योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों की प्रदर्शित करने के आदेश जारी किए

सभी चिकित्सकीय प्रक्रियाओं की जानकारी अस्पतालों के बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल आयुष्मान योजना में निःशुल्क उपचार की जानकारी दिखेगी बोर्ड पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश पर आयुष्मान भारत “निरामयम्” योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों की प्रदर्शित करने के आदेश जारी किए भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के निर्देश पर आयुष्मान भारत “निरामयम्” योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार की जानकारी प्रदर्शित करने के आदेश जारी किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के सभी नागरिकों को योजना का पूरा लाभ मिले, इसके लिए यह आवश्यक है कि सूचीबद्ध चिकित्सालयों में प्रवेश द्वार के समीप बड़े अक्षरों में यह जानकारी प्रदर्शित की जाये कि किन चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के लिए वह चिकित्सालय सूचीबद्ध है। इसके साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाये कि आयुष्मान योजना के तहत हितग्राहियों को निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल, डॉ. प्रभाकर तिवारी ने भोपाल जिले के सभी अस्पताल/ नर्सिंग होम संचालकों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना की जानकारी को नागरिकों के लिए सुलभ और सरल बनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि हितग्राही बिना किसी कठिनाई के इस योजना का लाभ उठा सकें।  

विकास से समाज कल्याण के लिए सद्मूल्यों को करना होगा विकसित : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल Good values ​​will have to be developed for social welfare through development: Deputy Chief Minister Shukla भोपाल ! उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से विकास की तेज राह में विश्व आगे बढ़ रहा है, इसे सही दिशा देकर मानव कल्याण से जोड़ने के लिए समाज में सद्मूल्यों को विकसित करना होगा। विकास को वरदान बनाना है तो समाज में प्रेम, दया, करुणा, परोपकार और शांति की भावना को जागृत करना होगा। ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों द्वारा जन-चेतना के लिए किये जा रहे कार्य सशक्त और समृद्ध भारत तथा वैश्विक खुशहाली के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल राजस्थान के माउंट आबू में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित “आध्यात्मिकता द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण” वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि 4 से 7 अक्टूबर तक आयोजित शिखर सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में (4 अक्टूबर) राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शामिल हुई थीं। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में सपनों के भारत के निर्माण का चल रहा है महायज्ञ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है आज भारत विश्व की 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। आगामी 5 वर्षों में हम तीसरी और वर्ष 2047 तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। व्यापक स्तर पर तेज गति से विकास हो रहा है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने विकास के द्वार खोले हैं। नागरिकों को सक्षम बनाने के लिये उच्चस्तरीय शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। विकास की राह के हर पड़ाव में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपनों के भारत के निर्माण का महायज्ञ चल रहा है। इस विकास को स्थायी बनाने के लिये मानव जाति का जागृत होना आवश्यक है। इसके लिये भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और आध्यमिकता का पुनरुत्थान करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे 21 वीं सदी भारत की होगी। भारत विश्वगुरु होगा। वर्तमान वैश्विक पारिस्थितियों में भारत का नेतृत्व नितांत आवश्यक है। आर्थिक विकास के साथ आध्यात्मिक विकास पर भी कार्य करना होगा। विकसित, समृद्ध और खुशहाल विश्व के निर्माण के लिये भारत की “वसुधैव कुटुंबकम्” की सोच पर सभी को चलना होगा। वैश्विक कल्याण के इस अहम दायित्व के निर्वहन के लिये आवश्यक है कि भारत का हर नागरिक सकारात्मक भूमिका निभाकर लोक-कल्याणकारी पुनीत यज्ञ में सहभागी बने। अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं, समाज और विश्व का कल्याण किया जा सकता है सुनिश्चित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी कहते थे “आज मानव ने आकाश में पक्षी की तरह उड़ना सीख लिया है, मछली की तरह समुद्र में तैरना सीख लिया है लेकिन इंसान की तरह जमीन पर चलना नहीं सीख पाया।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वैश्विक कल्याण के लिये मानव मूल्यों को जागृत करना होगा। समाज को तोड़ने वाली शक्तियाँ कार्य कर रही हैं, परंतु ख़ुशी की बात है कि समाज को जोड़ने वाली, चिंतन करने वाली, वैश्विक कल्याण के भाव वाली संस्थाएँ और विचारक सतत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थानों को आशा भरी नज़रों से देख रहा है। यह वर्तमान पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है आगामी पीढ़ी को भारत की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्म से जोड़ने की दिशा में प्रयास करे। एक अच्छा मनुष्य बनकर ही स्वयं का, समाज का और विश्व का कल्याणकारी भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल को ब्रह्मकुमारी संस्थान के प्रतिनिधियों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। ब्रह्मकुमारी के राजयोगी बृजमोहन, राजयोगिनी सुश्री चन्द्रिका दीदी सहित 20 हजार से अधिक प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल थे।

सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण के साथ ही रेलमार्ग तथा हवाईमार्ग से रीवा जिले को अन्य शहरों से जोड़ने के कार्य किये जा रहे – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा जिले का चौतरफा विकास हमारी प्राथमिकता है। सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण के साथ ही रेलमार्ग तथा हवाईमार्ग से रीवा जिले को अन्य शहरों से जोड़ने के कार्य किये जा रहे हैं। रीवा-ब्यौहारी मार्ग में नहर में इस पुल के बनने से सड़क का घुमाव समाप्त हो जाएगा तथा होने वाली दुर्घटना की संभावनाएं भी पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 4 करोड़ रुपए की लागत से अमिलकी में नहर पर बनने वाले लघु पुल का भूमि-पूजन किया तथा शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। रीवा से शहडोल मार्ग के विकास कार्य में पुल का निर्माण शामिल नहीं था। इसकी अतिरिक्त स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराया गया है, जो दिसंबर माह तक पूरा किया जायेगा। ग्रामवासियों ने समवेत स्वर में पुल के निर्माण की जरूरत बताई तथा उप मुख्यमंत्री शुक्ल को इस कार्य के लिए साधुवाद दिया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा-शहडोल मार्ग की छुहिया घाटी में सड़क मार्ग में सुरंग बनाने का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। शीघ्र ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से स्वीकृति के लिए अनुरोध करेंगे। विधायक गुढ़ नागेंद्र सिंह ने कहा कि रीवा का कायाकल्प उप मुख्यमंत्री शुक्ल के मार्गदर्शन में हो रहा है। गत दिवस रीवा को अटल पार्क के तौर पर बड़ी सौगात मिली है, जिससे रीवावासियों का महानगर की तर्ज पर बड़े पार्क का सपना साकार हुआ है। स्थानीय जन-प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।  

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