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ब्रिटेन की अदालत से नीरव मोदी को लगा झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

Nirav Modi got a shock from the British court, the court rejected the bail plea. पंजाब नेशनल बैंक से करोड़ों रुपये का घोटाला कर फरार हुए भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी ब्रिटेन की कोर्ट से झटका लगा। नीरव ने मंगलवार को ब्रिटेन में एक नई जमानत याचिका दायर की जिसे न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। नीरव पांच साल से अधिक समय से लंदन की जेल में है। भारत ने पीएनबी घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग की है। ब्रिटेन की अदालत ने खारिज नीरव मोदी की जमानत याचिका नीरव पांच साल से अधिक समय से लंदन की जेल में हैपीटीआई, लंदन। पंजाब नेशनल बैंक से करोड़ों रुपये का घोटाला कर फरार हुए भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी ब्रिटेन की कोर्ट से झटका लगा। नीरव ने मंगलवार को ब्रिटेन में एक नई जमानत याचिका दायर की, जिसे न्यायाधीश ने खारिज कर दिया। नीरव पांच साल से अधिक समय से लंदन की जेल में है। भारत ने की है नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांगभारत ने पीएनबी घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग की है। इस मामले में नीरव प्रत्यर्पण का मुकदमा हार चुका है। लंदन में वेस्टमिंस्टर कोर्ट के जज जान जानी ने अपने फैसले में कहा कि जमानत के खिलाफ पर्याप्त आधार हैं। इस बात की आशंका बनी हुई है कि नीरव गवाहों को प्रभावित कर सकता है या संभव है कि वह मुकदमे की सुनवाई के लिए अदालत में पेश न हो। नहीं दी जा सकती जमानतः अदालतअदालत ने कहा कि इस मामले में धोखाधड़ी का आरोप शामिल है। जमानत नहीं दी जा सकती है और आवेदन अस्वीकार कर दिया जाता है। हालांकि, अदालत ने स्वीकार किया कि साढ़े तीन साल पहले आखिरी जमानत याचिका के बाद से परिस्थितियों में बदलाव आया है।

भारत में तेजी से बंद हो रहे हैं छोटे शॉपिंग मॉल. मुख्य वजह महंगाई

Small shopping malls are closing down rapidly in India. The main reason is unemployment एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि भारत में शॉपिंग मॉल बुरे दौर से गुजर रहे हैं.मुख्य वजह महंगाई, पिछले दो साल में बहुत से छोटे शॉपिंग माल बंद हो गए. मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में छोटे शॉपिंग मॉल तेजी… एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि भारत में शॉपिंग मॉल बुरे दौर से गुजर रहे हैं. मुख्य वजह महंगाई ,पिछले दो साल में बहुत से छोटे शॉपिंग माल बंद हो गए. मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में छोटे शॉपिंग मॉल तेजी से बंद हो रहे हैं क्योंकि ग्राहक अब या तो ऑनलाइन खरीददारी कर रहे हैं या फिर बड़े मॉल जाना पसंद करते हैं. रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट एंड फ्रैंकलिन ने यह रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया कि मॉल के अंदर दुकानों के खाली होने की संख्या तेजी से बढ़ रही है. जब किसी मॉल में 40 फीसदी से ज्यादा दुकानें खाली हो जाती हैं तो उसे ‘ घोस्ट मॉल’ यानी नाकाम करार कर दिया जाता है. रिपोर्ट बताती है कि 2023 में भारत में ग्रॉस लीजेबल एरिया यानी किराये के लिए तैयार दुकानों की संख्या 238 फीसदी बढ़ी है लेकिन 2022 में घोस्ट मॉल 57 से बढ़कर 64 हो गए. विशेषज्ञों का कहना है कि यह ग्राहकों में मांग की कमी का संकेत है जो बड़े पैमाने पर बेरोजगारी का कारण बन सकती है. इसका असर छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है. भारत के जीडीपी में निजी उपभोग की हिस्सेदारी 60 फीसदी है. लेकिन इसमें ज्यादा वृद्धि नहीं हुई है. 2023 की आखिरी तिमाही में अर्थव्यवस्था 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी लेकिन निजी उपभोग में सिर्फ 3.5 फीसदी की वृद्धि हुई. 132 मॉल बंद होने के कगार पर 29 शहरों के सर्वे पर आधारित नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट ‘ थिंक इंडिया थिंक रीटेल 2024′ शीर्षक से जारी की गई है. फर्म के निदेशक गुलाम जिया ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, “बहुत सारे छोटे शॉपिंग मॉल बंद होने के कगार पर हैं.” एक लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले 132 शॉपिंग मॉल नाकाम होने के कगार पर हैं. 2022 में इनमें खाली पड़ी दुकानों की संख्या 33.5 फीसदी थी जो 2023 में बढ़कर 36.2 फीसदी हो गई. रिपोर्ट में बताया गया है कि कमर्शल रीटेल प्रॉपर्टी का विस्तार बहुत ज्यादा हुआ है लेकिन उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है. 2023 में 133 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल की दुकानें खाली पड़ी थीं जिस कारण डिवेलपर्स को 67 अरब रुपये का नुकसान हुआ. जिया कहते हैं कि छोटे शॉपिंग मॉल इसलिए नाकाम हो रहे हैं क्योंकि वे बड़े शॉपिंग सेंटरों जैसी सुविधाएं नहीं दे पा रहे हैं. इस कारण उनके मालिक गिरावट झेल रहे हैं. बड़े शहरों में ज्यादा विफलता बड़े शॉपिंग मॉल, यानी ऐसे बाजार जिनका क्षेत्रफल पांच लाख वर्ग फुट से ज्यादा है, ज्यादा परेशानी में नहीं दिखाई देते. वहां खाली दुकानों की संख्या पांच फीसदी पर ही बनी हुई है. मध्यम आकार वाले शॉपिंग मॉल में यह दर 15.5 फीसदी है. 2023 में भारत में 12.5 करोड़ वर्गफुट में फैले मॉल ‘घोस्ट मॉल’ की श्रेणी में थे. इनमें से 75 फीसदी आठ सबसे बड़े शहरों में थे. दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु समेत देश के आठ सबसे बड़े शहरों में 2023 में कुल शॉपिंग मॉल घटकर 263 रह गए. हालांकि इन शहरों में आठ नए सेंटर खुले लेकिन 16 बंद हो गए. बंद होने वाले मॉल सबसे ज्यादा दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में थे, 53 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली दुकानें बंद हुईं जो 2022 के मुकाबले 58 फीसदी ज्यादा था. मुंबई में 21 लाख वर्गफुट और बेंगलुरु में 20 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में मॉल बंद हुए. लेकिन 2022 के मुकाबले इन शहरों में बंद हुए मॉल की यह दर क्रमशः 86 फीसदी और 46 फीसदी थी. हैदराबाद में 19 फीसदी कम क्षेत्रफल में दुकानें बंद हुईं. यानी वहां दुकानें बंद होने की संख्या घटी है. वीके/एए (रॉयटर्स).

जिन नेताओं पर पीएम मोदी लगाते थे दाग, बीजेपी की वॉशिंग मशीन में धुलते ही हो गए बेदाग

The leaders on whom PM Modi used to put allegations, became spotless as soon as they were washed in BJP’s washing machine! विषेश संवाददाता भोपाल। देश में लोकसभा चुनाव को लेकर हलचल काफी तेज है। चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया हुआ है। दरअसल शराब घोटाले के आरोप में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल में बंद है। विपक्षी दलों का आरोप है कि बीजेपी विपक्षी दलों के नेताओं को चुन-चुनकर टारगेट कर रही है। बीजेपी में शामिल होने के बाद नेताओं से भ्रष्टाचार के आरोप हटा लिए जा रहे है। है कि 2014 के बाद से कथित भ्रष्टाचार के लिए विपक्ष के 25 नेता जो केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे ये, बीजेपी में शामिल हुए और उनमें से 2.3 को राहत मिल गई। उनके खिलाफ जांच या तो बंद हो गई या ठंडे बस्ते में चली गई। 2014 के बाद जिन प्रमुख राजनेताओं का जिक्र किया जा राय है, वे विपक्षी दलों से बीजेपी में शामिल हो गए थे। इनमें से 10 कांग्रेस से हैं. एनसीपी और शिवसेना से चार-चार, टीएमसी से तीन, टीडीपी से वो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी से एक-एक नेता शामिल है। 2014 के बाद से भ्रष्टाचार की जांच का सामना कर रहे 25 विपक्षी नेता बीजेपी में शामिल हो गए, उनमें से 23 को राहत मिली 3 मामले बंद, 20 रुके ,भाजपा में शामिल होने के बाद जांच एजेंसियों से राहत पाने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस के 10, राकांपा और शिवसेना के चार-चार, तृणमूल कांग्रेस के तीन, टीडीपी के दो और समाजवादी पार्टी और वाईएसआरसीपी के एक- एक नेता शामिल हैं बीजेपी से हाथ मिलाते ही अजीत पवार की फाइल क्लोज रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 और 2023 की राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान केंद्रीय कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र पर केंद्रित था। 2022 में एकनाथ शिंदे गुट ने शिवसेना से अलग होकर बीजेपी के साथ नई सरकार बना ली। एक साल बाद अजित पवार गुट एनसीपी से अलग हो गया और सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन में शामिल हो गया। अजीत पवार और प्रफुल पटेल के मामले भी बंद हो गए है। कुल मिलाकर महाराष्ट्र के 12 प्रमुख राजनेता 25 की सूची में है, जिनमें से 11 नेता 2022 या उसके बाद बीजेपी में चले गए, जिनमें एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के चार-चार शामिल है। इनमें से कुछ मामले गंभीर हैं। किन दो मामलों में कार्रवाई जारी है 25 मामलों में से केवल दो में कार्रवाई नहीं रुकी। इनमें पूर्व कांग्रेस सांसद ज्योति मिर्धा और पूर्व टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी का है। दोनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी ईडी द्वारा ढील दिए जाने का कोई सबूत नहीं है। कम से कम अभी तक तो कोई सबूत नहीं मिला। सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग से इस बारे में कमेंट मांगने पर द इंडियन एक्सप्रेस का कहना है कि उनके सवालों का जवाब नहीं दिया। हालांकि, सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी की सभी जांच सबूतों पर आधारित हैं। जब भी सबूत मिलते हैं उचित कार्रवाई की जाती है। उन मामलों के बारे में पूछे जाने पर जहां आरोपी के पक्ष बदलने के बाद एजेंसी ने अपना रास्ता बदल लिया है, अधिकारी ने कहा, ‘कुछ मामलों में विभिन्न कारणों से कार्रवाई में देरी होती है। लेकिन वे खुले हैं।’ ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि उसके मामले अन्य एजेंसियों की एफआईआर पर आधारित है। अगर अन्य एजेंसियां अपना मामला बंद कर देती हैं, तो ईडी के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। फिर भी, हमने ऐसे कई मामलों में आरोपपत्र दायर किए हैं। जिन मामलों में जांच चल रही है, जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। सूची में कुछ प्रमुख नाम पवारः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए प्रफुल्ल पटेलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए हिमेत बिस्वा सरमाः 2015 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए संजय सेठः 2019 में सपा से बीजेपी में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारीः 2020 में टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए छगन भुजबलः 2023 में एनसीपी से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुएअशोक चव्हाणः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएनवीन जिंदलः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुएगीता कोड़ाः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुईबाबा सिद्दीकीः 2024 में कांग्रेस से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी को शारदा घोटाले में क्लीन चिट शुभेदु अधिकारी इस समय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष हैं। ममता सरकार में मंत्री रहे शुभेदु से सीबीआई ने शारदा घोटाला मामले में पूछताछ की थी। टीएमसी आरोप लगाती रही है कि जब अधिकारी टीएमसी में थे तो जांच एजेंसियां उन्हें परेशान करती थी लेकिन, बीजेपी में जाते ही उन्हें क्लीन चिट मिल गई। विपक्ष को अकेले दोष नहीं देना चाहिए, खासकर तब जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने दिखाया है कि उसे खराब रिकॉर्ड वाले राजनेताओं को गले लगाने में कोई आपत्ति नहीं है। दाग धोना ऐसा प्रतीत होता है कि वॉशिंग मशीन अब एक सौम्य घरेलू उपकरण नहीं रह गई है। एक तरह से कहें तो यह राजनीतिक क्षेत्र में एक उपयोगितावादी उपकरण बन गया है। भारत का विपक्ष अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों को हथियार बनाने की भारतीय जनता पार्टी की प्रवृत्ति के चारे में काफी मुखर रहा है। आरोप निराधार नहीं है. 2022 में, एक अखबार की जांच से पता चला कि आश्चर्यजनक रूप से 95% राजनेता जी 2014 से प्रवर्तन निदेशालय या केंद्रीय जांच ब्यूरो के रडार पर थे, विपक्ष के थे। लेकिन, जाहिर है, उनकी दुर्दशा से बाहर निकलने का एक रास्ता है। अब उसी अखबार के नए आंकड़ों से पता चलता है कि जिन 25 विपक्षी नेताओं ने एजेंसियों की सख्ती का सामना करने के बाद भाजपा में शामिल होने का फैसला किया, उनमें से 23 राहत पाने में कामयाब रहे है। तीन मामले बंद कर दिए गए हैं, जबकि 20 अन्य में कार्यवाही प्रभावी रूप से ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। भाजपा की शक्तिशाली वॉशिंग मशीन पर विपक्ष का तंज, जो भगवा पार्टी में शामिल होते ही भ्रष्टाचार के आरोपी नेताओं के दाग … Read more

मदर्स डे पर इन प्यारे मैसेज और कोट्स के साथ अपनी मां को करें विश

Wish your mother with these lovely messages and quotes on Mother’s Day. इस मदर्स डे पर, क्यों न हम उन्हें कुछ खास संदेशों और कोट्स के जरिए विश करें जो सीधे दिल से निकले हों? मदर्स डे का अवसर हम सभी के लिए खास होता है क्योंकि इस दिन हम अपनी मां के प्रति अपने प्यार और सम्मान को व्यक्त करने का एक खास मौका पाते हैं. मां हमारे जीवन में अद्वितीय स्थान रखती हैं, उन्होंने हमें जन्म दिया, हमारा पालन-पोषण किया और हमेशा हमारी खुशियों की कामना की. यहां कुछ कोट्स दिए गए हैं हर एक कोट्स उनके दिल को छू लेगा.

साल 2024 : रोंगटे खड़े कर देगी बाबा वेंगा की ये खतरनाक भविष्यवाणी

Year 2024: This dangerous prediction of Baba Venga will give goosebumps Baba Vanga Predictions: बाबा वेंगा ने साल 2024 के लिए कई भविष्यवाणियां की हैं. अगर यह सारी भविष्यवाणियां सच साबित हुईं तो धरती पर तबाही मच जायेगी. जानें उनकी भविष्यवाणियों के बारे में. Baba Vanga Predictions: बाबा वेंगा दुनिया के मशहूर भविष्यवक्ताओं में से एक थीं जो बुल्गारिया में रहती थीं. उनका जन्म साल 1911 में हुआ था. सिर्फ 12 साल की उम्र में ही बाबा वेंगा की दोनों आंखों की रोशनी चली गई थी. बाबा वेंगा की मृत्यु अगस्त 1996 में हो गई थी. अपनी मौत से पहले उन्होंने वर्ष 5079 तक की भविष्यवाणी कर दी थीं. बाबा वेंगा की कई भविष्यवाणियां अब तक सच साबित हो चुकी हैं. बाबा ने अमेरिका में हुए 9/11 के आतंकी हमले, प्रिंसेस डायना की मौत और ब्रेग्जिट जैसी कई भविष्यवाणियां पहले ही कर दी थीं. बाबा वेंगा ने साल 2024 के लिए भी कई ऐसी भविष्यवाणियां की हैं जो रोंगटे खड़ी करने वाली हैं. जानते हैं बाबा वेंगा की इन खतरनाक भविष्यवाणियों के बारे में. साल 2024 के लिए बाबा वेंगी की भविष्यवाणी

कोविशील्ड विवाद के बाद वैक्सीन सर्टिफिकेट से हटाई गई PM मोदी की तस्वीर?

PM Modi’s photo removed from vaccine certificate after Covishield controversy? Covishield: कोविशील्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के तौर पर थ्रोम्बोसिस के साथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (टीटीएस) की चर्चा के बाद लोग कोविन ऐप पर अपने टीकाकरण का स्टेटस चेक कर रहे हैं भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 वैक्सीन के सर्टिफिकेट में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने कोविन सर्टिफिकेट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटा दी है। इससे पहले उनकी तस्वीर को प्रमुखता से जगह दी गई थी और लिखा गया था- ‘साथ मिलकर, भारत कोरोना को हरा देगा।’ एक तरह से सरकार ने टीकाकरण के श्रेय पीएम मोदी को दिया था। कुछ लोगों का दावा है कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा यूके की अदालत में इसके साइड इफेक्ट्स की बात कबूल करने के बाद यह कदम उठाया गया है। कोविशील्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के तौर पर थ्रोम्बोसिस के साथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (टीटीएस) की चर्चा के बाद लोग कोविन ऐप पर अपने टीकाकरण का स्टेटस चेक कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें वहां पीएम मोदी की तस्वीर देखने को नहीं मिली।

एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने संभाला 26वें नेवी चीफ का प्रभार, पैर छू लिया मां का आशीर्वाद

Admiral Dinesh Kumar Tripathi took charge as the 26th Navy Chief, touched the feet and got the blessings of his mother; एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ हैं. वह नौसेना के 26वें नौसेना प्रमुख हैं और इससे पहले वह नेवी में उप-प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे. वॉर एक्सपर्ट एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार (30 अप्रैल, 2024) को देश के 26वें नेवी चीफ का प्रभार संभाला. वह आर हरि कुमार के रिटायर (चार दशकों के शानदार करियर के बाद) होने पर नए नौसेना प्रमुख बने हैं. एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी इससे पहले भारतीय नौसेना के उप-प्रमुख का पद संभाल रहे थे. पदभार संभालने से पहले नौसेना प्रमुख पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की. उन्हें दिल्ली के साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का जन्म 15 मई 1964 को हुआ था. वह मध्य प्रदेश में रीवा के सैनिक स्कूल से पढ़े हैं. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडकवासला के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने गोवा के नेवल वॉर कॉलेज और अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज में भी कोर्स किया है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एक जुलाई 1985 में वह भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे. कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉर एक्सपर्ट वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का करीब 30 साल का लंबा और विशिष्ट करियर रहा है. उन्होंने भारतीय नौसेना के जहाज विनाश, किर्च और त्रिशूल की कमान भी संभाली है. नौसेना के उप प्रमुख का पद संभालने से पहले वह पश्चिमी नौसैन्य कमान के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं. रियर एडमिरल के तौर पर वह ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं. वह भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला के कमांडेंट भी रह चुके हैं. उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और नौसेना पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है. दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मां से यूं लिया आशीर्वाद

धधकते जंगल… सुलगते पहाड़ और सांसों पर संकट, अब भयावह आग पर काबू पाने का ये है प्लान

Blazing forests, smoldering mountains and breathing problems, now this is the plan to control the horrific fire. उत्तराखंड के जंगलों में फैली आग का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नैनीताल के पास भवाली दुगई स्टेट से सटे जंगल से बर्मा टोप के जंगलों तक पहुंच गई है। इसके अलावा आग की लपटें नैनीताल में हाईकोर्ट कॉलोनी के पास भी पहुंच गई हैं। नैनीताल में लड़ियाकांटा इलाके के जंगल में भी आग फैली हुई है। तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। यहां फैल रही आग पर काबू पाने के लिए सेना की मदद ली जा सकती है।जानकारी के अनुसार, नैनीताल के लड़ियाकाटा एयर फोर्स, पाइंस, गेठिया, बलदियाखान, एरीज, बारा पत्थर के पास जंगल क्षेत्र में आग लगी हुई है। जिसको काबू करने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर दमकल विभाग और वन विभाग है। कुमाऊं के जंगल में 26 जगह लगी आगकुमाऊं में जंगल धधक रहे है। आग की घटनाएं लगातार जारी हैं। बीते 24 घंटे में एक-दो नहीं बल्कि कुमाऊं के जंगलों में 26 जगहों पर आग लगी है। प्रदेश के 31 जगहों पर आग लगने की घटना हुई है, इसमें सर्वाधिक आग लगने की घटना कुमाऊं में 26 स्थानों पर हुई। गढ़वाल मंडल में कोई भी घटना नहीं हुआ है, जबकि वन्यजीव क्षेत्र में पांच स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में करीब 34 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनसंपदा को नुकसान पहुंचा है। ऐसा पाया जा रहा है आग पर काबूनैनीताल के आसपास के जंगल के क्षेत्र में लगी आग पर अब हेलीकॉप्टर की मदद से पानी डाला जा रहा है। नैनीझील और भीमताल की झील से पानी निकालकर वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से आग पर पानी बरसाया जा रहा है। जिसके चलते झील में नौकायन भी बंद है। शुक्रवार को सेना के जवानों ने हेलीकाप्टर से झील की रेकी भी की थी। ईओ प्रशिक्षु आईएएस राहुल आनंद ने बताया कि जिलाधिकारी वंदना सिंह के आदेश पर प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी अलर्ट हैं। विविध माध्यमों से सामंजस्य बनाकर वनाग्नि पर काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वायुसेना के अधिकारियों से भी बातचीत की गई।

मणिपुर हिंसा अपडेट : कुकी उग्रवादियों के हमले में सीआरपीएफ के दो जवानों की जान गई

Manipur violence update: Two CRPF soldiers killed in attack by Kuki militants मणिपुर में जारी हिंसा अभी थमती नहीं दिख रही है। लोकसभा चुनाव के एक दिन बाद ही यहां कुकी उग्रवादियों ने नारानसेना इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर हमला किया है। इस हमले में दो जवानों की मौत की भी खबर है। मणिपुर पुलिस ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कुकी उग्रवादियों ने आधी रात 12.30 बजे सीआरपीएफ के कैंप पर हमला किया और यह 2.15 बजे तक जारी रहा। हमले में मारे गए जवान राज्य के बिष्णुपुर जिले के नारानसेना इलाके में तैनात सीआरपीएफ की 128वीं बटालियन के हैं। मणिपुर पुलिस के मुताबिक, इस घटना में दो और लोग घायल भी हुए हैं। बताया गया है कि उग्रवादियों ने मोइरांग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नरनसेना में इंडियन रिजर्व बटालियन के कैंप को निशाना बनाया। इस दौरान उग्रवादियों ने पहाड़ की चोटियों से अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस दौरान हमलावरों ने कैंप पर कई बम भी फेंके, जिनमें से एक सीआरपीएफ के आउटपोस्ट के बाहर ही फट गया। हमले में मारे गए मृतकों की पहचान कर ली गई है। इनमें एक सीआरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर एन. सरकार हैं। इसके अलावा कॉन्स्टेबल अरूप सैनी की भी जान गई है। वहीं, घायलों में इंस्पेक्टर जादव दास और कांस्टेबल अफताब दास शामिल हैं। उन्हें गोलियों के छर्रे लगे हैं। इस घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की खोज शुरू कर दी है। मणिपुर में लगातार जारी है हिंसा का दौरपिछले साल तीन मई को मणिपुर में हिंसा का दौर शुरू हुआ था। अभी तक वहां पर 200 से ज्यादा लोगों की जान गई है। सुरक्षाबलों से जुड़े लोगों को भी वहां की हिंसा का शिकार होना पड़ा है। भारी संख्या में लूटे गए हथियारों की पूर्ण वापसी अभी तक नहीं हो सकी है। ज्यादातर लोगों को मणिपुर पुलिस पर भरोसा नहीं है, तो वहीं असम राइफल को लेकर भी समुदाय विशेष के लोगों में रोष देखा गया है। उपद्रवियों द्वारा आईईडी का डर दिखाकर सुरक्षा बलों के वाहनों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाता था। स्थानीय पुलिस पर पक्षपात करने जैसे आरोप लग चुके हैं।

महाराष्ट्र में मतदान प्रतिशत कम, इस राज्य में हो रही सबसे ज्यादा वोटिंग

Voting percentage is low in Maharashtra, maximum voting is happening in this state दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक महोत्सव की शुरुआत 19 अप्रैल को हो गई थी। आज इस महोत्सव का दूसरा चरण है। दूसरे चरण में 13 राज्यों के मतदाता 88 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। जिन 88 सीटों पर इस चरण में मतदान हो रहा है, उनमें आधी से अधिक सीटें यानी 52 भाजपा के पास हैं, वहीं कांग्रेस के पास 22 सीटें हैं। ‘मतदान आम आदमी की शक्ति का प्रतीक’पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने केरल के तिरुवनंतपुरम में मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा, ‘मतदान आम आदमी की शक्ति का प्रतीक है। मतदान करके हम लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं, सबको अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए ताकि वे देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।’ इसरो चीफ ने किया मतदानकेरल में ISRO प्रमुख एस.सोमनाथ ने मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने कहा, ‘मुझे मतदान करके बहुत खुशी हो रही है… मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे आकर मतदान करें। जिन लोगों ने अब तक मतदान नहीं किया उनसे मैं कहना चाहूंगा कि संकोच न करें, आएं और मतदान करें।’ कर्नाटक सीएम ने डाला वोटकर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मतदान किया। सीएम ने चामराजनगर के वरुणा में एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की वीवीपैट और बैलेट पेपर से जुड़ीं याचिकाएं

Supreme Court rejected petitions related to VVPAT and ballot paper यमूर्ति संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने मामले में दो फैसले सुनाए। फैसला सुनाते हुए जस्टिस खन्ना ने कहा कि कोर्ट ने वीवीपैट से जुड़ीं सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग वाली याचिकाएं भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोटों की वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) पर्चियों से 100 फीसदी सत्यापन की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने बैलेट पेपर से मतदान कराने वाली याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने दिए दो बड़े निर्देशसुप्रीम कोर्ट ने दो निर्देश दिए हैं- पहला यह है कि सिंबल लोडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिंबल लोडिंग यूनिट (एसएलयू) को सील कर दिया जाना चाहिए और उन्हें कम से कम 45 दिनों के लिए सहेज कर रखा जाना चाहिए। इसके अलावा दूसरा निर्देश यह है कि उम्मीदवारों के पास परिणामों के एलान के बाद इंजीनियरों की एक टीम की ओर से जांचे जाने वाले ईवीएम के माइक्रोकंट्रोलर प्रोग्राम को पाने का विकल्प होगा। इसके लिए उम्मीदवार को नतीजों के एलान के सात दिनों के अंदर आवेदन करना होगा। इसका खर्च भी उम्मीदवार को खुद को उठाना होगा। इससे पहले दो दिन की लगातार सुनवाई के बाद पीठ ने 18 अप्रैल को याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, बुधवार को शीर्ष कोर्ट ने इस मामले को फिर से सूचीबद्ध किया था। तब शीर्ष कोर्ट ने अदालत से चुनाव आयोग से कुछ बातों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुरक्षित रखते हुए शीर्ष कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह चुनाव को नियंत्रित नहीं कर सकता, न ही एक सांविधानिक निकाय के लिए नियंत्रक अथॉरिटी के रूप में कार्य कर सकता है। गलत काम करने वाले के खिलाफ कानून के तहत नतीजे भुगतने के प्रावधान हैं।

सट्टा बाजार के चक्कर में कंगाल होते युवा

Youths are becoming poor because of the betting market युवाओं को इस खेल की लत लगी, वित्तीय जोखिम बना मानसिक बीमारी का कारण देखा देखी में एक नहीं कई टीमें लगाकर करोड़पति बनने की फिराक में रहते, कमलेश अहिरवार my11circle व dream11 यह बहुत ही खतरनाक बीमारी के तौर पर उभर रही है। इस खेल पर समय रहते रोक लगानी होगी या फिर कोई और स्थाई समाधान ढूंढना होगा। अन्यथा वित्तीय जोखिम के साथ साथ मानसिक बीमारी के जन्म का कारण बनने लगा है। चूंकि my11circle व dream11 एक ऐसा खेल है जो 39 व 59 रुपए में युवाओं को रातों रात करोड़पति बनने का सपना दिखा रहा है। कभी जीतने पर 1 करोड़ तो कभी दो करोड़ और आजकल 4 करोड़ की राशि जीतने पर दी जा रही है। इस चक्कर में लाखों युवाओं को इस खेल की लत लगी हुई है और अपनी वर्षों की मेहनत की कमाई को यूं ही बर्बाद करने में लगे हुए हैं। सरकारी क्षेत्र में तैनात कर्मचारी भी इसका शिकार बनते जा रहे है। आखिर बने भी क्यों न दिन में कोई चैनल खोलें तो my11circle व dream11 का विज्ञापन पल पल आपके आंखों के सामने चलता रहेगा। बड़े-बड़े सितारे इस खेल का प्रचार करते देखे जाते हैं और विज्ञापन के अंत में यह जरूर बोलते है कि इसमें वित्तीय जोखिम है और इसकी लत लग सकती है। जब आस पड़ोस में कोई आदगी करोड़पति बनता है तो दिमाग का कीड़ा और जाग जाता है कि जब यह जीत सकता है तो मैं क्यों नहीं। अव तो देखा देखी में एक नहीं 15-20 टीमें लगाकर करोड़पति बनने की फिराक में रहते है। लालच आता ही है। लेकिन यह लालच न आए उसके दृढ़ शक्ति बहुत कमजोर होती है। ऐसे भी कई लोग है जो ड्रीम 11 पर इसका शिकार हो रहें है। 59 रुपए लगा कर करोड़पति बनने का सपना जब टूट जाए तो कहते है 59 रुपए ही तो गए लेकिन 59 भी तो मुफ्त में गए क्योंकि सामने वाले तो पहले ही बोला था वित्तीय जोखिम है लेकिन आपने नहीं सुनी। करोड़ पति बनने के लिए एक नहीं कई कई टीमें लगाकर इंतजार में बैठे रहते है और बाद में वो पैसे भी डूब रहें है। इस बर्बादी में युवा पीढ़ी ही नहीं कई बुद्धिजीवी भी प्रतिदिन हजारों रुपए इस खेल में लगा रहे इस खेल में प्रतिदिन पैसे की वर्वादी देख गानसिक तनाव से पीड़ित हो रहें है। वहीं छोटी- छोटी बातों पर परिजनों से नोक झोंक भी हो जाती। युवाओं में तनाव व चिड़चिड़ापन देखा जा रहा है, ये खेल नशे की भाति युवाओं के मानसिक संतुलन को खोखला कर रहा है। समाज का एक बड़ा इस खेल को सही मानता है और एक घड़े ने इसे आधुनिक जुए की संज्ञा दी है। अब युवाओं और बुद्धिजीवियों को खुद तय करना है कि इस खेल में भाग लेना है या दुरी बनाना है। my11circle व dream11 एक ऐसी ऐप है, जिसपर लोग किसी भी मैच से पहले अपनी क्रिकेट टीम बनाते हैं यानी दोनों टीमों की खिलाड़यिों से अपने मन के हिसाब से खिलाड़ी चुनते हैं और फिर पॉइंट्स के आधार पर उन्हें पैसे मिलते हैं. इस ऐप की शुरुआत साल 2016 में हुई थी और माना जाता है कि इस तरह के के गेम के लिए यह ऐप सेफ है, साथ ही जितने भी लोग इसमें टीम बनाते हैं, उनके पॉइंट्स की रैंक के आधार पर उन्हें पैसे मिलते हैं. इसके माध्यम से आप क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के मैच में भी टीम बनाते हैं, जिनका पॉइंट सिस्टम अलग अलग है।

30 अप्रैल को SC में फिर पेश होंगे बाबा रामदेव

Baba Ramdev will appear again in SC on April 30 अदालत ने पतंजलि के माफीनामे पर कही ये बात सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी रामदेव से दो दिन के भीतर अखबारों में प्रकाशित माफी को रिकॉर्ड पर पेश करने का आदेश दिया है। वहीं अदालत ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण को 30 अप्रैल को फिर से पेश होने का आदेश दिया है। हालांकि कोर्ट में बाबा रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी हमने कल कई अखबारों में माफीनामा छपवाया है। नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद, बाबा रामदेव और बालकृष्ण के खिलाफ अवमानना ​​मामले में आज सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण खुद अदालत में मौजूद थे। कोर्ट ने कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी रामदेव से दो दिन के भीतर अखबारों में प्रकाशित माफी को रिकॉर्ड पर पेश करने का आदेश दिया है। वहीं, अदालत ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण को 30 अप्रैल को फिर से पेश होने का आदेश दिया है। माफीनामे पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवालहालांकि, कोर्ट में बाबा रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी, हमने कल कई अखबारों में माफीनामा छपवाया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आखिर माफीनामा कल ही क्यों प्रकाशित किया गया। इसके अलावा बेंच ने ये भी सवाल उठाया कि आखिर माफीनामा उतना ही बड़ा छपा है, जितना बड़ा पतंजलि का विज्ञापन छपता है। केंद्र सरकार पर भी कोर्ट सख्तसुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि सह-प्रतिवादी के रूप में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय से सवाल पूछ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि देश भर के राज्य लाइसेंसिंग अधिकारियों को भी पार्टियों के रूप में जोड़ा जाएगा और उन्हें भी कुछ सवालों के जवाब देने होंगे।

जानिए बजरंगबली ने क्यों अपना हृदय चीरा और कैसे पड़ा हनुमान नाम ?

Know why Bajrangbali tore his heart and how he got the name Hanuman? देशभर में आज बड़े ही धूम-धाम के साथ भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। सुबह से ही मंदिरों में भारी भीड़ है। उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के बाद महाकाल का हनुमान जी के स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भगवान शंकर से हनुमानजी को मिला वरदानहनुमान से शंकरजी के अवतार हैं और भोलेनाथ से हनुमान जी को वरदान मिला है कि हनुमान जी को किसी भी अस्त्र से नहीं मारा जा सकता। हनुमान जी क्यों रखते हैं अपने पास गदाहनुमान जी दुष्टों को संहार और भक्तों की समस्याओं का निदान गदा से करते हैं। हनुमान जी हाथ में हमेशा गदा होती है। क्या आपको ये मालूम है हनुमान जी को गदा कैसे प्राप्त हुई है। दरअसल बजरंगबली को गदा कुबेर देव मिली थी और साथ में ये भी आशीर्वाद दिया कि हनुमान को कभी भी किसी युद्ध में परास्त नहीं किया जा सकता है। भगवान हनुमान को यमराज से मिला वरदानभूत पिशाच निकट नहि आवै, महावीर जब नाम सुनावै…भगवान हनुमान का नाम लेते ही सभी तरह की नकारात्मक शक्तियां फौरन ही भाग जाती हैं। धर्मराज यमराज से भी हनुमान जी को वरदान मिला हुआ है, उन्हें कभी भी यमराज का शिकार नहीं होने का वरदान प्राप्त है। सूर्यदेव से मिला हनुमान जी को तेजधार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान हनुमान को अमरता का वरदान मिला है। हनुमानजी कलयुग में साक्षात और जाग्रत देवता हैं। यह भक्तों की पूजा से जल्दी प्रसन्न होकर हर तरह की मनोकामनाओं का पूरा करते हैं। हनुमान जी भगवान शिव के ग्याहरवें अवतार हैं और उन्हें कई तरह की शक्तियां मिली है। मान्यता है कि सूर्यदेव से हनुमान जी को तेज प्राप्त है। सूर्य देव ने उन्हें अपने तेज का सौवां अंश दिया है इसी कारण हनुमान जी के सामने कोई नहीं टिक पाता। जब हनुमानजी ने अपना सीना चीर दिया…हनुमानजी आज भी इस धरती पर विचरण करते हैं। हनुमान जी कलयुग के देवता हैं। कलयुग में हनुमान जी की आराधना अत्यंत लाभकारी होती है। नकारात्मक ऊर्जा एवं बुरी शक्तियां हनुमानजी की आराधना करने से भाग जाती हैं। हनुमानजी ने भगवान राम के दिल में ऐसी जगह बनाई कि दुनिया उन्हें प्रभु राम का सबसे बड़ा भक्त मानती है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान राम के राज्याभिषेक के बाद दरबार में उपस्थित सभी लोगों को उपहार दिए जा रहे थे। इसी दौरान माता सीता ने रत्न जड़ित एक बेश कीमती माला अपने प्रिय हनुमान को दी। प्रसन्न चित्त से उस माला को लेकर हनुमान जी थोड़ी दूरी पर गए और उसे अपने दांतों से तोड़ते हुए बड़ी गौर से माला के मोती को देखने लगे। उसके बाद उदास होकर एक-एक कर उन्होंने सारे मोती तोड़-तोड़ कर फेंक दिए। यह सब दरबार में उपस्थित लोगों ने देखा तो सब के सब आश्चर्य में पड़ गए। जब हनुमान जी मोती तो तोड़ कर फेंक रहे थे तब लक्ष्मणजी को उनके इस कार्य पर बहुत क्रोध आया,इस बात को उन्होंने श्री राम का अपमान समझा। उन्होंने प्रभु राम से कहा कि ‘हे भगवन, हनुमान को माता सीता ने बेशकीमती रत्नों और मनकों की माला दी और इन्होंने उस माला को तोड़कर फेंक दिया। जिसके बाद भगवान राम बोले, ‘हे अनुज तुम मुझे मेरे जीवन से भी अधिक प्रिय हो, जिस कारण से हनुमान ने उन रत्नों को तोड़ा है यह उन्हें ही मालूम है। इसलिए इस जिज्ञासा का उत्तर हनुमान से ही मिलेगा। तब राम भक्त हनुमान ने कहा ‘मेरे लिए हर वो वस्तु व्यर्थ है जिसमें मेरे प्रभु राम का नाम ना हो। मैंने यह हार अमूल्य समझ कर लिया था, लेकिन जब मैंने इसे देखा तो पाया कि इसमें कहीं भी राम-नाम नहीं है। उन्होंने कहा मेरी समझ से कोई भी वस्तु श्री राम के नाम के बिना अमूल्य हो ही नहीं सकती। अतः मेरे हिसाब से उसे त्याग देना चाहिए। यह बात सुनकर भ्राता लक्ष्मण बोले कि आपके शरीर पर भी तो राम का नाम नहीं है तो इस शरीर को क्यों रखा है? हनुमान तुम इस शरीर को भी त्याग दो। लक्ष्मण की बात सुनकर हनुमान ने अपना वक्षस्थल नाखूनों से चीर दिया और उसे लक्ष्मणजी सहित सभी को दिखाया, जिसमें श्रीराम और माता सीता की सुंदर छवि दिखाई दे रही थी। यह घटना देख कर लक्ष्मण जी से आश्चर्यचकित रह गए,और अपनी गलती के लिए उन्होंने हनुमानजी से क्षमा मांगी । आज यानी 23 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस दिन हनुमान जन्मोत्सव पर भगवान हनुमान की विशेष रूप से पूजा आराधना की जाती है। ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी के बचपन का नाम मारुति था। उन्हें उनके पिता पवन देव और माता अंजनी के पुत्र के रूप में जाना जाता है। एक दिन पवन पुत्र अपनी निद्रा से जागे तो उन्हें तीव्र भूख लगी। उन्होंने पास के एक वृक्ष पर लाल पका फल देखा, जिसे खाने के लिए वे निकल पड़े। दरअसल मारुती जिसे लाल पका फल समझ रहे थे वे सूर्यदेव थे। उस दिन अमावस्या का दिन था और राहु सूर्य पर ग्रहण लगाने वाला था, लेकिन जब तक सूर्य को ग्रहण लग पाता, उससे पहले ही हनुमान जी ने सूर्य को निगल लिया। सारे संसार में अन्धकार व्याप्त हो गया। मनुष्य से लेकर सभी देवता तक बड़े व्याकुल हो गए और हनुमानजी को मनाने के लिए आ गए लेकिन, मारुति हठ करके बैठ गए। सभी देवताओं ने देवराज इंद्र से सहायता मांगी। इंद्रदेव के बार-बार आग्रह करने पर जब हनुमान जी ने सूर्यदेव को मुक्त नहीं किया तो, इंद्र ने विवश होकर अपने वज्र से मारुति के हनु यानी ठोड़ी पर प्रहार किया, जिससे सूर्यदेव मुक्त हुए। वहीं वज्र के प्रहार से पवन पुत्र मूर्छित होकर पृथ्वी पर आ गिरे और उनकी ठुड्डी टेढ़ी हो गई। जब पवन देवता को इस बात की जानकारी हुई तो वे बहुत क्रोधित हुए। उन्होंने अपनी शक्ति से पूरे संसार में वायु के प्रवाह को रोक दिया, जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर जीवों में त्राहि-त्राहि मच उठी। इस विनाश को रोकने के लिए सारे देवगण पवनदेव से आग्रह करने पहुंचे कि वे अपने क्रोध को त्याग पृथ्वी पर प्राणवायु का प्रवाह करें। सभी देवताओं … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका ,जेल जाएंगी राखी सावंत

Supreme Court gave a blow, Rakhi Sawant will go to jail नई दिल्ली ! बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है. सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री राखी सावंत को बड़ा झटका दिया है और उनकी अग्रीम जमानत की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने राखी सावंत को निचली अदालत में चार सप्ताह के भीतर सरेंडर करने को कहा है. बता दें कि अभिनेत्री राखी सावंत पर अपने पूर्व पति आदिल दुर्रानी का कथित अश्लील वीडियो लीक करने का आरोप है. बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसलेल को राखी सावंत ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने राखी सावंत की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी. पूर्व पति आदिल दुर्रानी ने अश्लील वीडियो लीक करने के मामले मे राखी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. इसी मामले में अब राखी सावंत पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है. अब दोनों अलग रहते हैं. क्या है मामलायह मामला सावंत से अलग रह रहे उनके पति आदिल दुर्रानी की शिकायत के आधार पर उपनगरीय अंबोली थाने में सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था. दुर्रानी ने सावंत पर उन्हें बदनाम करने के लिए कई ऑनलाइन मंचों पर उन दोनों के निजी वीडियो पोस्ट करने का आरोप लगाया है. राखी सावंत ने क्या कहा है?गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी में राखी सावंत ने कहा कि उन्हें परेशान करने, उन पर दबाव डालने, झूठे एवं फर्जी मामले में उन्हें फंसाने की एकमात्र मंशा से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. राखी सावंत ने कहा कि यह प्राथमिकी कुछ नहीं बल्कि कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इसमें कोई दम नहीं है. उन्होंने अपने वकील के मार्फत जमानत याचिका दायर की थी. निचली अदालत ने कहा क्या कहा था?अदालत ने कहा था कि अभिनेत्री राखी द्वारा कथित रूप से ‘प्रसारित या प्रकाशित’ सामग्री न केवल ‘अश्लील है बल्कि पूरी तरह यौन सामग्री है’. इसने कहा, ‘तथ्यों, आरोपों और घटना से जुड़ी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद (अदालत इस राय पर पहुंची है कि) यह अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं है.’

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