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मल्लिकर्जुन खड़गे का मोदी सरकार पर हमला: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना पर दोहरा रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें।

19 उपचुनाव सीटों की तारीखों की घोषणा: ECI आज 3:30 बजे कर सकता है

Announcement of dates of 19 by-election seats: ECI may announce today at 3:30 pm यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश की 19 सीटों के उपचुनाव की तारीखों का ऐलान आज हो सकता है. इसमें यूपी से 10, राजस्थान से सात और एमपी की 2 सीटें हैं. निर्वाचन आयोग (ईसी) मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों की तारीखों के साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान की कुल 19 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान भी कर सकता है. निर्वाचन आयोग चुनाव संबंधी विस्तृत जानकारी की घोषणा के लिए दिल्ली में दोपहर साढ़े तीन बजे संवाददाता सम्मेलन का आयोजन करने वाला है. यूपी में करहल, मिल्कीपुर, सीसामऊ, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर और मीरापुर समेत प्रदेश की कुल 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. वहीं राजस्थान में खींवसर, झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा और चौरासी, रामगढ़ और सलूंबर सीटें खाली हैं. इसके अलावा एमपी में बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होने हैं. इन 19 सीटों के अलावा निर्वाचन आयोग तीन लोकसभा और कम से कम अन्य 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की भी घोषणा कर सकता है, जो विभिन्न कारणों से रिक्त हैं. लोकसभा की जो तीन सीटें रिक्त हैं उनमें केरल में वायनाड, महाराष्ट्र में नांदेड़ और पश्चिम बंगाल में बशीरहाट सीट शामिल है. बात महाराष्ट्र विधानसभा की करें तो उसका कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को समाप्त होने वाला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में वायनाड और रायबरेली सीट से जीत दर्ज की थी. गांधी ने वायनाड सीट खाली कर दी थी और रायबरेली सीट को बरकरार रखा था. नांदेड़ सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद वसंत चव्हाण और बशीरहाट सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नुरुल इस्लाम के हाल में निधन के बाद इन सीट पर चुनाव कराना आवश्यक हो गया है. दोपहर 3:30 बजे विज्ञान भवन में प्रेस वार्तामहाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग मंगलवार को चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान करेगा.भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बताया कि आज दोपहर 3:30 बजे विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में आयोजित की जाएगी.

महिला टी20 विश्व कप: पाकिस्तान ने कम स्कोर वाले मैच में श्रीलंका को 31 रनों से हराया

Women’s T20 World Cup: Pakistan beats Sri Lanka by 31 runs in a low-scoring match भोपाल ! पाकिस्तान ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को शारजाह में कम स्कोर वाले मैच में एशिया कप विजेता श्रीलंका को 31 रनों से हराया। पाकिस्तान ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को शारजाह में अपने एशियाई प्रतिद्वंद्वी श्रीलंका को 31 रनों से हराया। कम स्कोर वाले मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 116 रनों पर आउट हो गई। एशिया कप विजेता श्रीलंका के लिए 117 रनों का लक्ष्य आसान लग रहा था, लेकिन पाकिस्तान के गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और श्रीलंका को 20 ओवर में 85/9 पर रोक दिया। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को 20 गेंदों में 30 रनों की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापथु ने 3/19 का शानदार स्पेल किया। अथापथु की टीम की साथी सुगंदिका कुमारी और उदेशिका प्रबोधनी। हालांकि, तीनों की गेंदबाजी की कोशिशें बेकार गईं। छोटे स्कोर का बचाव करते हुए, बाएं हाथ की स्पिनर सादिया इकबाल ने चार ओवर में 3/17 के शानदार आंकड़े के साथ पाकिस्तान की अगुआई की, जबकि ओमैमा सोहेल (2/17), नशरा संधू (2/15) और कप्तान सना (2/10) ने दो-दो विकेट लिए। टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही और छठे ओवर में उसने 32 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। श्रीलंका मैच में शीर्ष पर था, लेकिन 10वें ओवर में ओमैमा सोहेल (19 गेंदों पर 18 रन) के रूप में अपना चौथा विकेट गिरने के साथ ही पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो गई। अपनी पारी के आधे चरण में, पाकिस्तान चार विकेट के नुकसान पर 57 रन के सामान्य स्कोर के साथ मुश्किल में था। बाएं हाथ की स्पिनर सुगंधिका कुमारी ने पाकिस्तान की पारी के शुरुआती दौर में सबसे ज़्यादा विध्वंसक भूमिका निभाई, इस अनुभवी खिलाड़ी ने सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली (14 गेंदों पर 11 रन) और गुल फ़िरोज़ा (4 गेंदों पर 2 रन) के विकेट लिए। हालांकि, अंत में पाकिस्तान ने जीत दर्ज की। संक्षिप्त स्कोर: पाकिस्तान: — 20 ओवर में (फ़ातिमा सना 30; चमारी अथापथु 3/18, सुगंधिका कुमारी 3/19, उदेशिका प्रबोधनी 3/20) श्रीलंका: 20 ओवर में 85/9 (नीलक्षी डी सिल्वा 22; सादिया इक़बाल 3/17)।

रामनाथ कोविन्द : प्रसाद के प्रति शंका पैदा करती है तिरुपति तिरुमाला जैसी घटनाएं

Ramnath Kovind: Incidents like Tirupati Tirumala raise doubts about Prasad

Ramnath Kovind: Incidents like Tirupati Tirumala raise doubts about Prasad नई दिल्ली। बीएचयू के आयुर्वेद विभाग की राष्ट्रीय संगोष्ठी में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने कहा कि इस समय तिरुपति तिरुमाला प्रसादम की खबर आ रही है। लोगों के मन में प्रसाद के प्रति श्रद्धा होती है, लेकिन ऐसे मामले शंका उत्पन्न करते हैं। उन्‍होंने कहा, ”इस बार मुझे बाबा विश्वनाथ के दर्शन का सौभाग्य नहीं प्राप्त हो सका, लेकिन मेरे कुछ सहयोगी मंदिर गए थे। वह प्रसाद लेकर आए तो उस समय मेरे मन में तिरुमाला प्रसादम की बात खटकी। हर मंदिर और तीर्थस्थल की कहानी हो सकती है। मिलावटपन को हिंदू शास्त्रों में पाप कहा गया है।” खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट दुर्भाग्यपूर्णरामनाथ कोविन्द शनिवार को शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में भारतीय गाय, जैविक खेती व पंचगव्य चिकित्सा विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट को दुर्भाग्यपूर्ण बताया!उन्‍होंने कहा क‍ि कहा कि किसान भी सोचता है कि अगर उसके पास सौ बीघा खेत है तो वह 10 बीघा खेती रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल के बगैर करना चाहता है। जो अन्न उन्हें या उनके परिवार को उपभोग करना है, इतना हिस्सा वह गौ आधारित खेती कर रहे, लेकिन वह किसान भूल जाता है कि गेहूं व धान की खेती तो ऐसे कर सकता है। मसाला और बाकी अन्न की खेती के लिए बाजार पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। वह आइसोलेट होकर कैसे सोच सकते हैं। ऐसे में गोवंश के विज्ञानी देश को समाधान बताएं।

बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, BJP शासित राज्यों को लगा झटका

Supreme Court bans bulldozer action, BJP ruled states get a shock

Supreme Court bans bulldozer action, BJP ruled states get a shock सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि हमारी अनुमति के बिना कोई कार्रवाई नहीं हो। शीर्ष न्यायलय का यह आदेश उत्तर प्रदेश समेत सभी बीजेपी शासित राज्यों के लिए झटका है। यह रोक एक अक्टूबर तक के लिए लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुन कर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर देश भर में लागू होने वाले दिशा निर्देश बनाएगा। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बुलडोजर से ध्वस्तीकरण कार्रवाई के खिलाफ दाखिल जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया है। जस्टिस बीआर गवई ने साफ किया कि सड़क, फुटपाथ या रेलवे लाइन को रोककर किए गए अवैध निर्माण पर यह निर्देश लागू नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुन कर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर देश भर में लागू होने वाले दिशा निर्देश बनाएगा।

गणेश चतुर्थी पर चढ़ाएं नारियल की बर्फी, ये रही फटाफट बनने वाली रेसिपी

Offer coconut barfi on Ganesh Chaturthi, here is the quick recipe

Offer coconut barfi on Ganesh Chaturthi, here is the quick recipe गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों में ढोल नगाड़ों के साथ बप्पा का स्वागत करते हैं और फिर उनकी पूजा में कई तरह के व्यंजन अर्पित करते हैं. मोदक के अलावा मोतीचूर के लड्डू, बेसन के लड्डू, और नारियल की बर्फी आदि मिठाइयां भगवान गणेश की पसंदीदा मानी गई हैं. गणेश चतुर्थी पर मोदक का भोग तो लगाया ही जाता है, इसके साथ ही आप बप्पा को प्रसन्न करने के लिए नारियल की बर्फी अर्पित कर सकते हैं. इसे बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता है. इस बार गणेश चतुर्थी 6 सितंबर को है और यह उत्सव पूरे दस दिनों तक चलेगा जिसके बाद 17 सितंबर को गणपति विसर्जन किया जाएगा. इस दौरान लोग हर दिन बप्पा को अलग-अलग व्यंजनों के भोग लगाते हैं. फिलहाल जान लेते हैं नारियल की बर्फी की रेसिपी. नारियल की बर्फी बनाने के लिए इनग्रेडिएंट्सनारियल की बर्फी बनाने के लिए आप सूखा गोला या फिर एक नारियल ले सकते हैं. इसके साथ ही आपको चाहिए होगा कम से कम दो से तीन चम्मच देसी घी, दो से तीन हरी इलायची का पाउडर, गार्निश करने के लिए पिस्ता, बादाम, काजू जैसे नट्स ले सकते हैं. चाशनी के लिए चीनी, करीब एक से डेढ़ कप पानी, बर्फी जमाने के लिए एक प्लेट. बर्फी बनाने का पहला स्टेपसबसे पहले नारियल का छिलका हटाकर इसे कद्दूकस कर लें और फिर एक पैन में घी डालकर नारियल को हल्का भून लें, बस ध्यान रखें कि ये क्रिस्प न हो और न ही जलने पाए. इसके बाद खोया को भी सुनहरा भून लें और ठंडा होने के लिए रख दें. इस तरह तैयार करें चाशनीएक मोटे तले के पैन में नारियल और खोया के हिसाब से कम से कम एक या डेढ़ कप पानी लें और फिर उसमें चीनी डालें. चीनी जब पूरी तरह से घुल जाए और चाशनी चिपचिपी लगने लगे तो इसे पानी में या फिर थाली में एक बूंद डालकर देंखें, अगर चाशनी सही से सेट हो रही है तो इसमें खोया और नारियल डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें, साथ में चुटकीभर इलायची पाउडर भी डाल दें. बर्फी तैयार करने का फाइनल स्टेपमिश्रण तेजी से सेट होता है, इसलिए इसे गर्म रहते हुए ही घी लगी हुई प्लेट में मोटी लेयर में फैला दें. इसके बाद पिस्ता, बादाम और काजू जैसे नट्स से सजा लें या फिर ताजे नारियल को महीन काटकर ऊपर से फैला दें. 15 से 20 मिनट में बर्फी अच्छी तरह से सेट हो जाएगी फिर इसे चाकू से काट लें.

राम माधव की वापसी: भाजपा के लिए जम्मू-कश्मीर चुनाव में नए समीकरण

Ram Madhav's return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections

Ram Madhav’s return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections ” राजीव रंजन झा ” जम्मू-कश्मीर में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए विशेष महत्व का है। अनुच्छेद 370 और 35 ए हटने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है। ऐसे में भाजपा के लिए यह चुनाव एक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इस चुनाव की तैयारी को और भी गंभीरता से लेने के लिए भाजपा ने अपने पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव को संघ से वापस बुलाकर जम्मू-कश्मीर की कमान सौंपी है। राम माधव का राजनीतिक सफरराम माधव, जो पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से आते हैं। वह आरएसएस के पहले प्रवक्ता बने थे और उनका जम्मू-कश्मीर की राजनीति में गहरा हस्तक्षेप रहा है। जब अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब राम माधव राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में जम्मू-कश्मीर के प्रभारी थे। 2020 में जब जगत प्रकाश नड्डा भाजपा के अध्यक्ष बने, तो राम माधव को नई टीम में शामिल नहीं किया गया, जिसके बाद वह संघ में वापस लौट गए थे। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राम माधव की भूमिकाराम माधव को जम्मू-कश्मीर की राजनीति में दो बड़े मामलों का श्रेय दिया जाता है। पहला, उन्होंने पीडीपी के साथ गठबंधन कर भाजपा को जम्मू-कश्मीर में पहली बार सत्ता में आने में मदद की। हालांकि, यह सरकार 2018 में गिर गई। दूसरा, उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ भी गठबंधन बनाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बैकआउट कर लिया। इसके बावजूद, राम माधव की वापसी को भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भाजपा के लिए वर्तमान चुनौतियाँ2020 में पार्टी से हटाए जाने के बाद राम माधव ने संघ में वापसी की, लेकिन अब उन्हें फिर से भाजपा में लाया गया है। उनके वापसी को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं, खासकर यह कि उन्हें पहले क्यों हटाया गया और अब क्यों वापस बुलाया गया। लेकिन ऐसी खबरें हैं कि राम माधव स्वयं पार्टी में लौटने के इच्छुक थे और संघ से उन्हें अनुमति मिल गई। हालांकि, संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अबकी बार भाजपा में जाने के बाद उनकी संघ में वापसी नहीं हो सकेगी। राम माधव की वापसी को लेकर पार्टी के भीतर भी कई चर्चाएँ हो रही हैं। भाजपा के कुछ नेताओं का मानना है कि राम माधव का अनुभव और संगठनात्मक क्षमता पार्टी के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, खासकर जम्मू-कश्मीर के आगामी विधानसभा चुनाव में। लेकिन यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह चुनाव के बाद भी पार्टी में सक्रिय रहेंगे या नहीं। भाजपा के संगठन में कमियां और सुधार की आवश्यकता2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी, जिसका कारण बूथ स्तर की कमेटियों का निष्क्रिय होना माना जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी संगठन में एक अजीब तरह की बेचैनी, बिखराव और कर्तव्यबोध की कमी दिखाई दे रही है। भाजपा के संगठन में राम माधव की वापसी को पार्टी के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि उन्हें कितनी स्वतंत्रता और समय दिया जाएगा ताकि वह अपने अनुभव और क्षमता का पूरा उपयोग कर सकें। भविष्य की चुनौतियाँ और संभावनाएँराम माधव की वापसी के बाद यह देखना होगा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर चुनाव में कितनी सफलता प्राप्त कर पाती है और क्या राम माधव की वापसी से पार्टी में नई ऊर्जा का संचार होता है। भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सुधार की आवश्यकता को समझते हुए, राम माधव की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। चुनावी नतीजे ही यह तय करेंगे कि राम माधव की वापसी भाजपा के लिए कितनी फायदेमंद साबित होती है और क्या उनकी नियुक्ति से पार्टी को वह बढ़त मिल पाती है जिसकी उसे आवश्यकता है।

2 अक्टूबर को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, पढ़ें पूरी डिटेल्स

Second solar eclipse of the year on October 2, read complete details

Second solar eclipse of the year on October 2, read complete detailsसाल का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर को लगेगा। इससे पहले 8 अप्रैल को सूर्यग्रहण लगा था, जो अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, अटलांटिक, इंग्लैंड के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र और आयरलैंड में देखा गया था। भारत में ग्रहण प्रभावी नहीं था। 2 अक्टूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार ग्रहण होगा। इस दौरान रिंग ऑफ फायर नजर आएगा, जो सात मिनट 25 सेकंड तक दिखाई देगा। कहां दिखाई देगा 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण2 अक्टूबर 2024 का सूर्य ग्रहण की शुरुआत उत्तरी प्रशांत महासागर में हवाई के दक्षिण से होगी। यह दक्षिणी अटलांटिक महासागर में दक्षिण जॉर्जिया में खत्म होगा। सूर्य ग्रहण जिस इलाके से शुरू होगा और खत्म होगा। वह यात्रा 14 हजार 163 किमी की होगी। रिंग ऑफ फायर की घटना साउथ अमेरिका में चिली और अर्जेंटीना के दक्षिण एरिया में दिखाई देगी। स्पेस डॉटकॉम के अनुसा, रिंग ऑफ फायर का सबसे अच्छा नजारा रापा नुई नाम के सुदूर वोल्केनो द्वीप से दिखेगा। क्या भारत में दिखेगा साल 2024 का दूसरा सूर्यग्रहण?अप्रैल में लगा पहला सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आया था। अब दूसरा ग्रहण भी दिखाई नहीं देगा, क्योंकि जिस वक्त सूर्य ग्रहण शुरू होगा, तब भारत में रात होगी। अमेरिकी अंतरिक्ष स्पेस एजेंसी नासा के यूट्यूब चैनल पर इस ग्रहण को लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। सूर्य ग्रहण के सूतक काल का समयसूतक काल उस अवधि को कहा जाता है जब सूर्य ग्रहण लगता है। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में एक आतंकी ढेर, सुरक्षाबलों और दहशतगर्दों के बीच मुठभेड़ जारी

One terrorist killed in Sopore, Jammu and Kashmir, encounter continues between security forces and terrorists

One terrorist killed in Sopore, Jammu and Kashmir, encounter continues between security forces and terrorists जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों से मुठभेड़ में एक दहशतगर्द को मार गिराया है। जानकारी के मुताबिक सोपोर को राफियाबाद में सोपोर पुलिस और 32 राष्ट्रीय राइफल की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन चलाया हुआ है। फिलहाल सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और सर्च ऑपरेशन चलाया है। सूत्रों के मुताबिक अभी कुछ आतंकी छिपे हो सकते हैं।

कीव में प्रधानमंत्री पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत ,भारत माता की जय के नारे

Prime Minister PM Modi received grand welcome in Kiev, slogans of Bharat Mata ki Jai

Prime Minister PM Modi received grand welcome in Kiev, slogans of Bharat Mata ki Jai पीएम मोदी का यह यूक्रेन दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरे में पीएम मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे।

रक्षाबंधन पर प्रियंका ने शेयर की बचपन की तस्वीर, राहुल गांधी के लिए लिखा प्यारभरा संदेश

Priyanka shared childhood picture on Rakshabandhan, wrote a loving message for Rahul Gandhi

Priyanka shared childhood picture on Rakshabandhan, wrote a loving message for Rahul Gandhi नई दिल्ली ! कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने रक्षाबंधन के मौके पर अपने भाई और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश के साथ, उन्होंने तस्वीरों का एक कोलाज पोस्ट किया, जिसमें उनके बचपन की तस्वीरें शामिल हैं, जिनमें से एक उनके पिता और पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी के साथ है। कोलाज में राहुल और प्रियंका की एक साथ एक छोटी खिलौना कार में खेलने की तस्वीर भी शामिल है। फुलवारी है भाई-बहन का रिश्ताअपनी पोस्ट में, प्रियंका ने भाई-बहन के रिश्ते की तुलना एक रंग-बिरंगे फूलों की क्यारी से की, जहां प्यारी यादें, साझा अनुभव और एक बढ़ती हुई दोस्ती फलती है, जो परस्पर सम्मान, प्यार और समझ पर आधारित है। प्रियंका ने लिखा कि भाई-बहन का रिश्ता उस फुलवारी की तरह होता है जिसमें सम्मान, प्रेम और आपसी समझदारी की बुनियाद पर अलग-अलग रंगों वाली यादें, संग के किस्से-कहानियां व दोस्ती को और गहरा करने का संकल्प फलता-फूलता है। भाई-बहन संघर्ष के साथी होते हैं, स्मृतियों के हमराही भी और संगवारी के खेवैया भी। आप सभी को राखी की हार्दिक शुभकामनाएं। रिश्ते को मजबूती से जोड़े रक्षा सूत्रइस बीच राहुल गांधी ने भी राखी के त्योहार पर देशवासियों को भी शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने भाई-बहन के बीच के अटूट प्यार और स्नेह के बंधन पर जोर दिया। उन्होंने इस मौके पर अपने और प्रियंका की एक तस्वीर साझा की। राहुल ने अपने संदेश में लिखा भाई-बहन के अटूट प्रेम एवं स्नेह के पर्व, रक्षाबंधन की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। रक्षा का यह सूत्र आपके इस पावन रिश्ते को सदैव मजबूती के साथ जोड़े रहे।

भारत दर्शन: मां वैष्णो देवी घूमने से पहले जाने कहां कहां घूमे सम्पूर्ण यात्रा विडियो के माध्यम से

Bharat Darshan: Before visiting Maa Vaishno Devi, know where to visit through complete journey video.

Bharat Darshan: Before visiting Maa Vaishno Devi, know where to visit through complete journey video. क्या आप अपने व्यस्त दैनिक जीवन से आराम करने के लिए अद्भुत यात्रा अनुभवों की तलाश करते हैं? उसके बाद वैष्णो देवी की यात्रा की योजना बनाएं। यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों में से एक है। यह आपको अस्थायी रूप से अपनी सभी चिंताओं और कठिनाइयों को एक तरफ रखने की अनुमति देता है और आपको माता वैष्णो देवी के पवित्र मंदिर की शांति में डुबो देता है। वैष्णो देवी के पास घूमने के लिए कई तरह की जगहें हैं। जम्मू-कश्मीर में यह क्षेत्र त्रिकुटा पर्वत की तलहटी में स्थित है। यदि आप इस स्थान की यात्रा करने का निर्णय लेते हैं तो नीचे वैष्णो देवी के पास घूमने के स्थानों की जाँच करें। आप अपने यात्रा कार्यक्रम की योजना बना सकते हैं और उसके आधार पर एक शानदार यात्रा कर सकते हैं। आप वैष्णो देवी पहुँच सकते हैं: ट्रेन से: वैष्णो देवी तक पहुँचने के कई रास्ते हैं। श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन वैष्णो देवी का मुख्य रेलवे स्टेशन है, और त्रिची और इसके आसपास के क्षेत्रों में कार्य करता है। यह वैष्णो देवी से 16.5 किमी दूर स्थित है। हवाई मार्ग से: यदि आप हवाई मार्ग से वैष्णो देवी पहुंचना चाहते हैं, तो आप जम्मू हवाई अड्डे के लिए उड़ान भर सकते हैं। यह हवाई अड्डा शहर से 50 किमी दूर स्थित है। सड़क मार्ग से : यदि आप जम्मू और कश्मीर में रहते हैं, तो आप कार या सार्वजनिक परिवहन द्वारा वैष्णो देवी पहुँच सकते हैं। दुनिया में सबसे प्रसिद्ध तीर्थ मार्गों में से एक वैष्णो देवी यात्रा है, जो यात्रा करती है कटरा से वैष्णो देवी मंदिर। 13 किमी यात्रा का प्रारंभिक स्थान बाणगंगा है, जो कटरा के प्रमुख शहर से लगभग 2 किमी दूर है। माता वैष्णो देवी के दर्शन के साथ, यह पवित्र गुफा का समापन करता है। कटरा से वैष्णो देवी पहुंचने के लिए आप पालकी, पिठू, पोनी या पैदल भी जा सकते हैं। यदि आप पैसा खर्च करना चाहते हैं, तो आप नियमित रूप से निर्धारित रोपवे या हेलीकॉप्टर सेवा ले सकते हैं। रोपवे और हेलीकॉप्टर प्रस्थान समय की जाँच के बाद अपनी यात्रा की योजना बनाएं। आपको किसी भी चीज़ की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि रोपवे टिकट भवन में आसानी से उपलब्ध हैं। भले ही वैष्णो देवी जाने के लिए कभी भी बुरा समय न हो, लेकिन उत्सव के समय जाना सबसे अच्छा है। यह आपको देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने और शहर को एक अलग दृष्टिकोण से देखने में सक्षम बनाता है। आप वैष्णो देवी यात्रा पर एक स्थान ऑनलाइन आरक्षित कर सकते हैं क्योंकि यात्रा में भाग लेने से पहले पंजीकरण आवश्यक है। घूमने का समय: सारा दिन दूरी: वैष्णो देवी से 13 किमी माता वैष्णो देवी की यात्रा में सबसे पहले बस स्टैंड के पास स्थित कार्यालय से रजिस्ट्रेशन करवा कर आरएफआईडी प्राप्त कर ले। पैदल चलने के लिए लाठी या डंडा खरीदकर पैदल चलते हुए बाणगंगा के मुख्य द्वार पर पहुंच जाएं। बाणगंगा द्वार से ही यात्रा की शुरुआत होती है। गेट पर चेक करने के बाद पैदल चलते हुए आगे बढ़ाते जाना है। आगे जानें पर दो रास्ते विभाजित हो जाते हैं जो माता के दरबार तक जाते हैं। एक रास्ता है अर्धकुवारी से जो KM लंबा है और दूसरा रास्ता हिमकोटी मार्ग का है जो 5.5 किमी लंबा है। अधिकतर भक्त अर्धकुवारी के रास्ते हाथीमाता मार्ग से होकर जाते हैं। हाथीमाता मार्ग के रास्ते में बहुत ही लुभावने दृश्य देखने को मिलते हैं। बाणगंगा से पैदल रास्ता 12 किमी का है। रास्ते में अनेकों होटल, खानें पीने की अनेकों दुकानें देखने को मिलती हैं। वैष्णो देवी यात्रा करने का सबसे अच्छा मौसम | Vaishno Devi Kab Jaye वैष्णो माता की यात्रा करने का सबसे अच्छा मौसम मार्च से जून तक माना जाता है। मार्च से जून के बीच दर्शन करने के लिए मौसम अनुकूल रहता। सर्दियों के मौसम में यहां बहुत ठंडी पड़ती है और बर्फबारी होती रहती है। जिस कारण सर्दियों के मौसम में यहां का तापमान माइनस में पहुंच जाता है और ठंडी के कारण यात्रियों के आवागमन की संख्या कम हो जाती है। माता वैष्णो देवी के द्वार भक्तो के लिए हमेशा खुले रहते हैं। भक्त साल में किसी भी मौसम में घूमने जा सकते है।

‘लड़ते-लड़ते…’, विनेश फोगाट के संन्यास पर शशि थरूर की पोस्ट ने जीता दिल, जानें

'Fighting-fighting…', Shashi Tharoor's post on Vinesh Phogat's retirement won hearts, know

‘Fighting-fighting…’, Shashi Tharoor’s post on Vinesh Phogat’s retirement won hearts, know Shashi Tharoor reaction on Vinesh Phogat retirement: भारत की स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने संन्यास का ऐलान कर दिया है. उनके रिटायरमेंट पर अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सिस्टम से पक गई लड़की’. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विनेश फोगाट की फोटो को भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है. बता दें कि पेरिस ओलंपिक में फाइनल मुकाबले से कुछ घंटे पहले विनेश फोगाट को वजन ज्यादा होने के चलते अयोग्य घोषित कर दिया था. शशि थरूर ने कही ये बात विनेश फोगाट ने संन्यास लेने के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इस सिस्टम से पक गई है ये लड़की लड़ते-लड़ते थक गई है ये लड़की.’

Tirupati Balaji : जाने का बना रहे हैं मन, तो जाने से पहले मंदिर के बारे में जान लें कुछ खास बातें

If you are planning to visit Tirupati Balaji then know some special things about the temple before

If you are planning to visit Tirupati Balaji then know some special things about the temple before going तिरुपति बालाजी मंदिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है, जहां हर दिन हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु आकर माथा टेकते हैं। यह भारत में सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह पवित्र मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के पहाड़ी शहर तिरुमाला में स्थित है, जो भगवान विष्णु के अवतार वेंकटेश्वर को समर्पित है। कहा जाता है कि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान वेंकटेश्वर मानवता को ‘कलियुग’ की कठिनाइयों और क्लेशों से मुक्ति दिलाने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। इस अवधारणा के अनुसार, इस क्षेत्र को कलियुग वैकुंठम के रूप में जाना जाता है, और भगवान को कलियुग प्रत्यक्ष दैवम के रूप में जाना जाता है। आइये जानते हैं तिरुपति मंदिर के बारे में कुछ रोचक तथ्य। तिरुपति मंदिर के कुछ रोचक तथ्य भगवान तिरुपति बालाजी की जो मूर्ति रखी गई है वह गर्भगृह के मध्य में खड़ी हुई प्रतीत हो सकती है, लेकिन यह मूर्ति वास्तव में गरबा गुड़ी के दाहिने कोने की ओर थोड़ी सी है। तिरुपति बालाजी मंदिर का नाम भारत के सबसे अमीर मंदिरों में आता है और यहां करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिससे इसने टूरिस्ट रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। तिरुपति बालाजी मंदिर के गर्भगृह में देवता की मूर्ति के सामने रखे गए मिट्टी के दीपक भी बुझते नहीं हैं। ये दीपक कब जलाए गए और किसने जलाए, इसके बारे में कोई विश्वसनीय रिकॉर्ड नहीं है। जब आप मुख्य मूर्ति की पीठ पर अपना कान लगाते हैं, तो आपको एक गरजते हुए समुद्र की आवाज सुनाई देती है। पहाड़ियों के बारे में एक तथ्य यह है कि,इनमें में से एक पर स्वामी का चेहरा है। देखने पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह सो रहें हैं और आप वास्तव में उनका चेहरा देख सकते हैं। कहा जाता है कि यह मूर्ति इतनी मजबूत है कि कभी क्षतिग्रस्त नहीं हो सकती है। जब सिनामोमम कैम्फोरा पेड़ से प्राप्त कच्चा कपूर या हरा कपूर किसी पत्थर पर लगाया जाता है, तो इससे वस्तु पर दरारें पड़ जाती हैं। लेकिन, श्री तिरुपति बालाजी की मूर्ति पर कपूर की अस्थिर रासायनिक प्रतिक्रियाओं को कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। भगवान वेंकटेश्वर का अभिषेक करने के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुएं केवल जंगल से एकत्र की जाती हैं। हिंदू मंदिरों में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए पैसों में करोड़ों की विदेशी मुद्रा होती है, RBI उस पैसे को बदलने में TTD बोर्ड की मदद करता है। तिरुपति बालाजी- दर्शन नियम तिरूपति बालाजी मंदिर के सामान्य तौर पर दर्शन सुबह 6.30 बजे से शुरु हो जाते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि जब आप तिरुपति दर्शन करने जाते हैं तो, यहां दर्शन करने के भी कुछ नियम भी हैं। नियम के अनुसार दर्शन करने से पहले आपको कपिल तीर्थ पर स्नान करके , कपिलेश्वर के दर्शन करने होते हैं। इसके बाद ही वेंकटाचल पर्वत पर जाकर बालाजी के दर्शन करने चाहिए। वहीं इसके पश्चात देवी पद्मावती के दर्शन करें। यहां ये भी जान लें कि पद्मावती देवी का मंदिर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पत्नी पद्मावती लक्ष्मी जी को समर्पित है। माना जाता है कि जब तक भक्त इस मंदिर के दर्शन नहीं करते, तब तक आपकी तिरुमला की यात्रा पूरी नहीं होती।

Rupee-Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, महंगाई का लगेगा झटका

Rupee-Dollar: Historical fall in rupee against dollar, inflation will be shocked

Rupee-Dollar: Historical fall in rupee against dollar, inflation will be shocked Rupee-Dollar Update: डॉलर के मुकाबले रुपया ऑलटाइम लो पर जा लुढ़का है. करेंसी मार्केट में एक डॉलर के मुकाबले रुपया 83.96 के निचले लेवल तक जा फिसला है. इस गिरावट के बाद एक डॉलर के मुकाबले रुपया 84 के लेवल तक जाता दिख रहा है. पिछले सेशन में रुपया 83.86 के लेवल पर क्लोज हुआ था. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की शेयर बाजार में बिकवाली के बाद डॉलर की डिमांड बढ़ने के चलते रुपये में ये कमजोरी आई है. डॉलर के मुकाबले रुपये में सबसे बड़ी गिरावटमंगलवार के कारोबारी सत्र में फॉरेक्स मार्केट के खुलने पर एक डॉलर के मुकाबले रुपया 83.84 रुपये पर खुला लेकिन विदेशी बैंकों की ओर से डॉलर की भारी डिमांड के चलते रुपया 83.96 के लेवल तक नीचे जा फिसला जो कि एक डॉलर के मुकाबले रुपये में सबसे बड़ी गिरावट है. फिलहाल एक डॉलर के मुकाबले रुपया 83.94 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है. डॉलर की मांग में बढ़ोतरी आई है तो दो दिन के कारोबारी सत्र में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 13,400 करोड़ रुपये के स्टॉक्स बेच डाले जिसमें केवल सोमवार 5 अगस्त, 2024 को 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के स्टॉक्स बेचे हैं. सस्ते कच्चे तेल के फायदे पर फिरेगा पानीडॉलर के मुकाबले रुपये में आई ये कमजोरी भारत के लिए बुरी खबर है. भारत के लिए इंपोर्ट महंगा हो सकता है. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दामों में गिरावट आई है और ये 76 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है जो भारत के अच्छी खबर साबित हो सकती थी. लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी कच्चे तेल में गिरावट के फायदे पर पानी फेर सकता है. भारत अपने ईंधन खपत को पूरा करने के लिए 80 फीसदी आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है. ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी के बाद डॉलर में भुगतान कर कच्चा तेल आयात करने के लिए भारतीय तेल कंपनियों को ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ेंगे. दाल-खाने का तेल होगा महंगाभारत में दाल की कीमतें वैसे ही आसमान छू रही है. देश में दाल की खपत को पूरा करने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर दाल इंपोर्ट करना पड़ रहा है. ऐसे में रुपये में कमजोरी और डॉलर की मजबूती के चलते दालों का आयात महंगा हो जाएगा जिसका असर घरेलू कीमतों पर पड़ सकता है. भारत खाने के तेल की खपत को पूरा करने के लिए भी आयात पर निर्भर है. सोने की ज्वेलरी होगी महंगीदेश में इस महीने में रक्षा बंधन के साथ त्योहारी सीजन की शुरुआत हो रही है जिसमें सोने की ज्वेलरी की डिमांड बढ़ जाती है. रुपये में कमजोरी का असर सोने की कीमतों पर भी पड़ सकता है क्योंकि भारत अपने खपत के लिए आयातित सोने पर निर्भर है. 23 जुलाई, 2024 को पेश हुए बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी में कमी के बाद सोने के दामों में तेज गिरावट आ गई और सोना 5000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया. लेकिन रुपये में कमजोरी के चलते सोने के दामों में गिरावट से होने वाले फायदे पर पानी फिर सकता है. महंगे आयातित सोने के चलते सोने की ज्वेलरी महंगी हो सकती है. महंगी हो सकती है कारें-गैजेट्स !भारत बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से लेकर ऑटोमोबाइल पोर्ट्स का इंपोर्ट करता है. एक तो देश में मानसून सीजन के चलते ऑटोमोबाइल सेल्स में गिरावट देखी जा रही है. रुपये में कमजोरी के बाद ऑटो पार्ट्स का इंपोर्ट महंगा हो जाएगा. इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स का आयात भी डॉलर में मजबूती से महंगा होगा. जिससे त्योहारी सीजन में कारें या गैजेट्स खरीदने के लिए ज्यादा पैसा चुकाने होंगे. विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावटविदेशी मुद्दा भंडार 671 बिलियन डॉलर के ऑलटाइन हाई को छूने के बाद नीचे आ गया है. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ओर डॉलर की डिमांड बढ़ने से रुपये में कमजोरी आ रही है. डॉलर के मुकाबले रुपये को और ज्यादा गिरने से बचाने के लिए आरबीआई अपने रिजर्व से डॉलर बेच सकता है. ऐसे में विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आ सकती है.

पानी पर रेल चलाने वाले पहला देश बना भारत : लोगों ने रेल मंत्री को दिया धन्यवाद महोदय

India became the first country to run a train on water

India became the first country to run a train on water: People thanked the Railway Minister, Sir. रेल मंत्री की मेहनत को सलाम

भारतीय बैडमिंटन स्टार : पेरिस में हार के बाद पीवी सिंधु ने लिया संन्यास?

Indian badminton star: PV Sindhu retires after defeat in Paris?

Indian badminton star: PV Sindhu retires after defeat in Paris? PV Sindhu Retirement Update: पीवी सिंधु (PV Sindhu) के लिए पेरिस ओलंपिक किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. भारतीय स्टार शटलर को बैडमिंटन के वुमेंस सिंगल के प्री क्वार्टर फाइनल यानी राउंड 16 से बाहर होना पड़ा. राउंड 16 में सिंधु को चीन की बिंग जियाओ के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी. हार के बाद सिंधु ने अपने संन्यास को लेकर बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने 2028 में खेले जाने वाले ओलंपिक को लेकर बात की. बता दें कि राउंड 16 में पीवी सिंधु को चीन की बिंग जियाओ के खिलाफ 21-19, 21-14 से हार झेलनी पड़ी थी. इस हार के साथ सिंधु का लगातार तीसरे ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना चूर हो गया. हार के साथ सिंधु का अभियान खत्म हो गया. हार के बाद सिंधु से 2028 के लॉस एंजिल्स के ओलंपिक के बारे में पूछा गया. सिंधु ने जवाब देते हुए कहा, “अभी अगले ओलंपिक में चार हैं. मैं वापस जाकर थोड़ा आराम करूंगी. ब्रेक लेने के बाद देखूंगी कि क्या है. चार साल बहुत लंबा वक़्त है. फिलहाल वापस जाने का वक़्त है. मैं वो नतीजा नहीं दे पाई, जिसकी मुझे उम्मीद थी. यह दुखद है, लेकिन यह एक सफर है.” इसके अलावा भारतीय स्टार ने मुकाबले को लेकर बात की. उन्होंने बताया कि कैसे वह खुद पर काबू नहीं रख सकीं. भारतीय शटलर ने कहा, “मुझे लगता है कि मुझे अपनी गलतियों पर काबू रखना चाहिए, खासकर दूसरे मैच में. यह दुखद है कि मैं इसे जीत में नहीं बदल पाई. पहले मैच में स्कोर एक वक़्त पर 19-19 था. मैं हर प्वाइंट के लिए लड़ती रहीं. हम दोनों ही लड़ रहे थे. आप आसान खेल या आसान अंक की उम्मीद नहीं कर सकते. मुझे डिफेंसिव छोर पर गलतियों पर काबू रखना चाहिए. पिछले दो ओलंपिक में जीते थे मेडल गौरतलब है कि पीवी सिंधु ने पिछले दोनों ओलंपिक में मेडल जीते थे. 2016 के रियो ओलंपिक में भारतीय शटलर ने सिल्वर मेडल जीता था. इसके अलावा 2020 को टोक्यो ओलंपिक में सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्ज़ा किया था. इस बार पेरिस ओलंपिक में उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद की जा रही थी. हालांकि इस ओलंपिक में उनके हाथ कोई भी मेडल नहीं लग सका.

केरल: वायनाड में जहां भूस्खलन ने मचाई थी तबाही, वहां पहुंचे राहुल-प्रियंका

Kerala: Rahul-Priyanka reached the place where landslide caused devastation in Wayanad.

Kerala: Rahul-Priyanka reached the place where landslide caused devastation in Wayanad. केरल के वायनाड में अब तक 167 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से ज्यादा लोग लापता हैं. 8000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है. हताहतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. गुरुवार को सीएम विजयन ने रिव्यू मीटिंग की. सीएम ने कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए नदी में बचाव अभियान जारी रहेगा. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड के चूरलमाला में भूस्खलन स्थल पर पहुंचे हैं, जहां 30 जुलाई को भूस्खलन हुआ था. राहुल और प्रियंका वायनाड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात भी करेंगे. बाढ़-बारिश और लैंडस्लाइड की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 167 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से ज्यादा लोग लापता हैं. वहीं, 8000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि सुबह 7 बजे तक कुल 256 पोस्टमॉर्टम किए गए हैं, जिनमें शवों के हिस्से भी शामिल हैं. इस प्रकार ये पूरे 256 शव नहीं हैं बल्कि कुछ शवों के अंग भी इसमें शामिल हैं. हमने 154 शव जिला प्रशासन को सौंप दिए हैं. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. सेना लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है. मुंडक्कई और चूरलमाला सबसे ज्यादा प्रभावितमुंडक्कई और चूरलमाला सबसे ज्यादा प्रभावित वाला इलाका है. यहां काफी नुकसान हुआ है. दोनों क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 190 फुट लंबा ‘बेली ब्रिज’ बनाया गया है. मुंडक्कई शहर में लगभग 450 से 500 घर थे मगर मुंडक्कई अब वायनाड के नक्शे से मिट चुका है. यहां कुछ भी नहीं बचा. कीचड़ और पत्थरों के अलावा कुछ भी नहीं है. बेली ब्रिज का निर्माण पूरा- CM विजयनवायनाड भूस्खलन पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को कहा कि आज एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. उसके बाद राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक भी हुई. बैठक में विपक्षी नेताओं ने भी हिस्सा लिया. मैं सेना के जवानों के प्रयासों की सराहना करता हूं. उन्होंने हमें बताया है कि फंसे हुए ज्यादातर लोगों को बचा लिया गया है. मिट्टी के नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए मशीनरी लाना मुश्किल था और पुल बनाने से यह काम आसान हो गया. बेली ब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. सीएम बोले- रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगासीएम विजयन ने आगे कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए नदी में बचाव अभियान जारी रहेगा. बचाए गए लोगों को अस्थायी रूप से शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया है. पुनर्वास कार्य जल्द से जल्द किया जाएगा, जैसा कि हमने पहले की स्थितियों में भी किया है. मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि वे लोगों से मिलने और शिविरों के अंदर शूटिंग करने से बचें. आप उनसे शिविरों के बाहर बात कर सकते हैं, व्यक्तियों की गोपनीयता की रक्षा करना महत्वपूर्ण है. लोकसभा में भी उठा मुद्दावायनाड लैंडस्लाइड का मुद्दा लोकसभा में भी बुधवार को उठाया गया था. इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहा कि यह समय केरल के वायनाड की जनता के साथ चट्टान की तरह खड़े रहने का है. इसके लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है. राहत, बचाव एवं पुनर्वास के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे. शाह ने सदन को यह भी बताया कि वह आपदा प्रबंधन पर इसी सत्र में एक विधेयक भी लाएंगे. मंत्री ने कहा कि सरकार केरल की जनता को आश्वस्त करना चाहती है कि वह उनको किसी भी मुसीबत में अकेला नहीं छोड़ेगी.

नई संसद की छत से टपक रहा पानी, अखिलेश यादव ने Video शेयर कर कहा,,,,,

Water dripping from the roof of the new Parliament, Akhilesh Yadav shared the video and said,,,,

Water dripping from the roof of the new Parliament, Akhilesh Yadav shared the video and said,,,, दिल्ली-एनसीआर में बुधवार की शाम भारी बारिश हुई. इससे कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई. शाम को ऑफिस से घर जाने वालों को भारी जाम का सामना करना पड़ा. भारी बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया था. वहीं नई संसद भवन की छत से बारिश के दौरान पानी टपने लगा था. इसका वीडियो समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शेयर किया है. अखिलेश यादव ने यह वीडियो शेयर करते हुए अपने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इस नई संसद से अच्छी तो वो पुरानी संसद थी, जहाँ पुराने सांसद भी आकर मिल सकते थे. क्यों न फिर से पुरानी संसद चलें, कम-से-कम तब तक के लिए, जब तक अरबों रुपयों से बनी संसद में पानी टपकने का कार्यक्रम चल रहा है.’ उन्होंने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए आगे लिखा, ‘जनता पूछ रही है कि भाजपा सरकार में बनी हर नई छत से पानी टपकना, उनकी सोच-समझकर बनायी गयी डिज़ाइन का हिस्सा होता है या फिर…’ दरअसल, भारी बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव से संसद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

केरल : भूस्खलन ने मचाई तबाही, 24 लोगों की मौत, नदी में तैरते शव, सड़कें-ब्रिज टूटे, 200 घर तबाह…

Kerala: Landslide caused devastation, 24 people died

Kerala: Landslide caused devastation, 24 people died, bodies floating in the river, roads and bridges broken, 200 houses destroyed… Wayanad Landslides: नदी में तैरते शव, टूटी हुईं सड़के और ब्रिज… ये तबाही भरा नजारा केरल के वायनाड का है. यहां भीषण लैंडस्लाइड की चपेट में करीब 200 घर आ गए. अब तक 23 लोगों की मौत की खबर है. सैकड़ों लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है. सेना मलबे में फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट करने की योजना बना रही है. इसके लिए सेना के हेलिकॉप्टर वायनाड के लिए रवाना हो गए हैं. उधर, इस हादसे पर पीएम मोदी और वायनाड से सांसद रहे राहुल गांधी ने दुख जताया है. पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख की आर्थिक मदद का ऐलान भी किया है. केरल के वायनाड में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते मंगलवार को तड़के 4 घंटे में 3 बड़े लैंडस्लाइड हुए. भूस्खलन की चपेट मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टमाला और नूलपुझा आ गए. इन गांवों के सैकड़ों घर भूस्खलन के चलते मलबे में दब कर तबाह हो गए. अकेले चूरलमाला में 200 घरों को नुकसान पहुंचा है. नदी में बहते मिले 6 शव मनोरमा न्यूज के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बताया कि अट्टामाला में ग्रामीणों को नदी में बहते हुए 6 शव मिले हैं. वहीं, सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं. भूस्खलन से सबसे ज्यादा प्रभावित चूरलमाला हुआ है. यहां घरों के बाहर खड़े वाहन, दुकानें और घर भूस्खलन की चपेट में आ गए. केरल स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी KSDMA ने बताया कि फायर फोर्स और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है. इसके अलावा एनडीआरएफ की और टीमें भी वायनाड पहुंच रही हैं. इसके अलावा रेस्क्यू में मदद के लिए कन्नूर डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स को भी वायनाड जाने का आदेश दिया गया है. हालांकि, भारी बारिश के चलते रेस्क्यू अभियान भी ठीक से नहीं चल पा रहा है. ‘स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है PMO’ केंद्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय (पीएमओ) ने दक्षिण भारत में भारतीय वायु सेना, नौसेना और सेना स्टेशनों को वायनाड में बचाव और राहत कार्यों में मदद करने का आदेश दिया. उन्होंने बताया कि पीएमओ ने स्थिति पर करीब से नजर रखी है और वह राज्य सरकार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा, केंद्र और राज्य दोनों सरकारें वायनाड के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मिलकर काम कर रही है.

कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु चक्रव्यूह में फँस गया और मारा गया- उसी प्रकार आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा : राहुल गांधी 

similarly, today the lotus-shaped Chakravyuh of the 21st century is trapping India: Rahul Gandhi

Abhimanyu got trapped in the Chakravyuh in Kurukshetra and was killed – similarly, today the lotus-shaped Chakravyuh of the 21st century is trapping India: Rahul Gandhi नई दिल्ली। कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु चक्रव्यूह में फँस गया और मारा गया – एक ऐसा चक्रव्यूह जिसे छह लोग नियंत्रित करते थे, और जिसे कमल के आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा है। आज 21वीं सदी का कमल के आकार का चक्रव्यूह भारत को फँसा रहा है और इसे मोदी, शाह, अडानी, अंबानी, डोभाल और भागवत नियंत्रित कर रहे हैं। इस आधुनिक चक्रव्यूह ने हमारे – युवाओं को बेरोज़गारी और पेपर लीक के चक्रव्यूह में फँसा दिया है – किसानों को कर्ज के चक्रव्यूह में – मध्यम वर्ग को टैक्स के चक्रव्यूह में – एमएसएमई को टैक्स आतंकवाद के चक्रव्यूह में – जवानों को अग्निपथ के चक्रव्यूह में – एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यकों को अन्याय के चक्रव्यूह में उदाहरण के लिए, 2.5% पर शिक्षा बजट 20 वर्षों में सबसे कम है। और वित्त मंत्री ने पेपर लीक के बारे में बात तक नहीं की।  भारत ब्लॉक ने इस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए पहला कदम उठाया है और तब तक लड़ता रहेगा जब तक कि भय के इस माहौल की जगह शिव जी की बारात नहीं आ जाती, जहाँ समान अवसर, न्याय और स्वतंत्रता हो। भाजपा को युवाओं को अभिमन्यु समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। वे अर्जुन हैं और इस चक्रव्यूह से मुक्त हो जाएंगे।

बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कही ऐसी बात, निर्मला सीतारमण ने पकड़ लिया माथा

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget

Rahul Gandhi said such a thing during the discussion on the budget, Nirmala Sitharaman held her head लोकसभा में आम बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर जमकर हंगामा हुआ. सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी के कई बयानों पर आपत्ति जताई. इस दौरान स्पीकर ओम बिड़ला ने भी नेता प्रतिपक्ष से सदन के नियमों का पालन करने की बात कही. अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर कई आरोप लगाए. इस दौरान बजट की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार ओबीसी की भागीदारी का सवाल उठा दिया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट बनाने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक या ओबीसी समुदाय से हैं. उनके इस बयान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक मिनट से झेंप गई. उन्होंने आपना माथा पकड़ लिया. राहुल गांधी ने भाषण के दौरान स्पीकर से बजट के बाद हलवा समारोह की तस्वीर दिखाने की अनुमति मांगी लेकिन स्पीकर ने अनुरोध अस्वीकार कर दिया. राहुल ने फिर तस्वीर के बारे में बताते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2024 तैयार करने वाले 20 अधिकारियों में से केवल दो अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. उन्होंने कहा कि वे तस्वीर में मौजूद भी नहीं हैं. सदन में हंगामाकेंद्रीय बजट पर राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में हंगामा हो गया. गांधी पर निशाना साधते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि आप सदन के नियम नहीं जानते, आप सदन के अध्यक्ष को चुनौती देते हैं. राहुल गांधी ने बजट भाषण में पेपर लीक मुद्दे का जिक्र न करने के लिए निर्मला सीतारमण पर हमला बोला. इस मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में देश में पेपर लीक के 70 मामले सामने आए हैं. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 99% युवा केंद्रीय बजट 2024 में पेश किए गए इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि आपने युवाओं के लिए क्या किया? इस दौरान राहुल गांधी के एक बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी खड़े हो गए. उन्होंने कहा कि अग्निवीर को लेकर नेता प्रतिपक्ष देश को गुमराह कर रहे हैं.

अतंरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर विशेषः इस साल अब तक 61 बाघों की मौत, 29 तो मध्य प्रदेश में ही मारे गए

International Tiger Day

Special on International Tiger Day: 61 tigers have died so far this year, 29 were killed in Madhya Pradesh alone. देश में टाइगर स्टेट के नाम से अपनी प्रतिष्ठा को कायम करने के बाद अब मध्य प्रदेश में बाघ संरक्षण के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। देशभर में इस साल अब तक 61 बाघों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें अकेले मध्य प्रदेश में ही 25 बाघ मारे गए हैं। ज्यादातर बाघों की मौत टाइगर रिजर्व में हुई है, जो चिंता का सबब बन गया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 13, कान्हा टाइगर रिजर्व में आठ और पन्ना टाइगर रिजर्व में चार बाघ मारे गए हैं। 2023 में मध्य प्रदेश में 41 बाघों की मौत हुई थी, जो आंकड़ा इस बार बढ़ सकता है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक देश में 2012 से अब तक सबसे ज्यादा बाघों की मौतें मध्य प्रदेश में हुई है। इन 12 वर्षों में मध्य प्रदेश में ही 340 बाघों की मौत हुई है। इसके कारणों में बाघों के बीच क्षेत्र पर कब्जे की लड़ाई, शिकार और बीमारी शामिल है। जून में शिकारियों ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में घुसकर बाघ का शिकार किया था। उसका सिर काटकर साथ ले गए थे। इसके बाद बाघों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने अलर्ट जारी किया था। जुलाई में रायसेन जिले की आशापुरी बीट में एक बाघ का कंकाल मिला था। इसका गोली मारकर शिकार करने की आशंका व्यक्त की गई थी। स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स नहीं बनीवाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे का कहना है कि बाघों की मौत का सबसे बड़ा कारण उनकी सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारों की उदासीनता है। केंद्र ने बाघों की सुरक्षा के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स बनाने को कहा था, लेकिन अब तक राज्य सरकार ने इस पर काम नहीं किया। जब बाघों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी हथियार लेकर जंगल में उतरेंगे तो बाघों की सुरक्षा तो होगी ही, जंगल की अवैध कटाई और अवैध खनन पर भी अंकुश लगेगा। टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत शिकार की आशंका को ताकत दे रही है। शिकार नहीं रुकने का कारण यह है कि अधिकारियों की जिम्मेदारी ही तय नहीं है। जिन मामलों में बाघों के शिकार की पुष्टि हुई है, उनमें भी शिकारियों को सजा का प्रतिशत बहुत कम है। केस दर्ज होता है। जांच होती है। लेकिन कितने लोगों को सजा दी गई, इसकी कोई जानकारी नहीं है।

‘कोचिंग बिजनेस हो गए, छात्रों की मौत पर भड़के उप राष्ट्रपति धनखड़

Vice President Dhankhar angry over the death of students

‘Coaching has become a business, Vice President Dhankhar angry over the death of students दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर स्थित राव आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से शनिवार को तीन छात्रों की मौत हो गई थी. राज्यसभा सभापति धनखड़ इस मामले पर सदन में चर्चा के लिए तैयार हो गए हैं. दिल्ली ! उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने दिल्ली की कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से 3 UPSC छात्रों की मौत पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि कोचिंग आजकल बिजनेस बन गए हैं. हम अखबार पढ़ते हैं, उनमें पहले एक या दो पन्नों में कोचिंग के विज्ञापन होते हैं. दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर में राव आईएएस कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी. दरअसल, शनिवार को दिल्ली में हुई बारिश के दौरान इस बेसमेंट में पानी भर गया था. बेसमेंट में कोचिंग की लाइब्रेरी चल रही थी. ऐसे में घटना के वक्त बेसमेंट में करीब 30 छात्र मौजूद थे. तभी बेसमेंट में करीब 10-12 फीट पानी भर गया. इसके चलते कई छात्र इसमें फंस गए थे. इनमें से कुछ छात्रों को रस्सी डालकर निकाल लिया या था. जबकि तीन छात्रों की मौत डूबने से हो गई थी. राज्यसभा में 3 छात्रों की मौत पर होगी चर्चा राज्यसभा में 3 यूपीएससी छात्रों की मौत पर चर्चा होगी. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा, मुझे नियम 267 के तहत नोटिस मिला है. इसमें सदस्यों ने अधिकारियों की लापरवाही के चलते दिल्ली में यूपीएससी उम्मीदवारों की दुखद मौत पर चर्चा की मांग की है. मुझे लगता है कि युवा जनसांख्यिकीय को देश में आगे बढ़ाना है. मैंने पाया कि कोचिंग व्यापार बन गया है. जब भी हम अखबार पढ़ते हैं, उनके पहले एक या दो पन्नों में कोचिंग के विज्ञापन होते हैं. कोचिंग में 3 छात्रों की मौत के मामले में चर्चा के लिए राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने नोटिस दिया है. लोकसभा में भी उठा मुद्दा इससे पहले ये मुद्दा सोमवार को लोकसभा में भी उठा. लोकसभा में बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा. उन्होंने इस मामले में जांच की भी मांग की.

IND Vs SL 1st T20I: आज से भारत के टी20 क्रिकेट का नया युग, श्रीलंका के खिलाफ पहला मैच

IND Vs SL 1st T20I: New era of India's T20 cricket from today

IND Vs SL 1st T20I: New era of India’s T20 cricket from today, first match against Sri Lanka नई दिल्ली। Sri Lanka vs India,1st T20I: शनिवार से भारत के टी20 क्रिकेट का नया युग शुरू होगा। भारतीय टीम नए हेड कोच गौतम गंभीर और नए कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज का पहला मैच खेलेगी। मैच का प्रसारण शाम 7 बजे सेमैच शाम 7 बजे से सोनी नेटवर्क पर टेलीकास्ट होगा। गौतम गंभीर बतौर खिलाड़ी दो बार के वर्ल्ड कप विजेता हैं, जबकि सूर्या इस छोटे फॉर्मेट के नंबर 1 बल्लेबाज हैं। गौतम IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाकर अपनी कोचिंग की ताकत दिखा चुके हैं। हालांकि उनके लिए भारतीय टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी आसान नहीं रहेगी। सूर्या के हाथों में भारत की कमानराहुल द्रविड़ की कोचिंग में टीम इंडिया पिछले सभी आईसीसी इवेंट के फाइनल में पहुंची थी और टी20 विश्व कप चैंपियन 2024 बनी। कप्तन के रूप में हार्दिक पंड्या की जगह सूर्याकुमार यादव को मौका दिया गया है, जबकि उनके पास कप्तानी का अनुभव कम है। श्रीलंकाई टीम नई कप्तान के नेतृत्व में खेलेगीअगले टी20 विश्व कप 2026 में भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होगा। टीम बनाने के लिए सलेक्टर्स के पास काफी समय है। शुभमन गिल को श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में उपकप्तान बनाया गया है। चरिथ असलांका श्रीलंका टीम का नेतृत्व करने को तैयार हैं। ऐसे में सीरीज के धमाकेदार होने की पूरी संभावना है। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच पिच रिपोर्ट (IND Vs SL 1st T20I Pitch Report)पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों के अनुकूल है। डेथ ओवरों में गेंदबाजी काफी अहम हो जाती है। इस पिच पर स्पिनरों से ज्यादा पेसर की मदद मिलती है। हालांकि यहां बल्लेबाजों का खुलकर हाथ खोलने का मौका मिलता है। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच वेदर रिपोर्ट (IND Vs SL 1st T20I Weather Report)एक्यूवेदर के अनुसार, दांबुला में बारिश की 88% संभावना है और 99% बादल छाए रहेंगे। इसके अलावा गरज के साथ बरसात की 53% संभावना है। तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच संभावित प्लेइंग 11 (IND Vs SL 1st T20I Probable Playing XI)भारत की संभावित प्लेइंग 11शुभमन गिल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई/वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज। श्रीलंका की संभावित प्लेइंग 11पथुम निसांका, अविष्का फर्नांडो, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), चरिथ असलांका (कप्तान), दासुन शनाका, कामिंडु मेंडिस, वानिंदु हसरंगा, महेश थीक्षाना, दिलशान मदुशंका, मथीशा पथिराना, बिनुरा फर्नांडो। भारत बनाम श्रीलंका पहला टी20 मैच ड्रीम11 (IND Vs SL 1st T20I Dream11 Predication)विकेटकीपर- ऋषभ पंत बल्लेबाज- कुसल मेंडिस, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), चरिथ असलांका, यशस्वी जायसवाल ऑलराउंडर- हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, दासुन शनाका, वानिंदु हसरंगा गेंदबाज- अर्शदीप सिंह (उपकप्तान), मथीशा पथिराना

बजट में भेदभाव का आरोप… संसद के अंदर और बाहर विपक्ष का हंगामा

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament नई दिल्ली (Parliament Monsoon Session 2024)। देश का विपक्ष लोकसभा में पेश आम बजट 2024-24 (Union Budget 2024-25) से खुश नहीं है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार ने गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोपों से इनकार किया है। इस बीच, इस मुद्दे पर बुधवार को विपक्ष ने संसद के बाहर और अंदर प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के नेताओं ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव समेत तमाम बडे़ नेता शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘कई राज्यों को बजट में न्याय नहीं मिला है। हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं।’ वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘हम सभी मांग कर रहे थे कि किसानों को एमएसपी मिलना चाहिए, लेकिन समर्थन मूल्य किसानों के बजाय उन गठबंधन सहयोगियों को दिया जाता है जो अपनी सरकार बचा रहे हैं। सरकार महंगाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी है। उत्तर प्रदेश को कुछ नहीं मिला।’ लोकसभा में हंगामा, स्पीकर ने लगाई फटकारवहीं, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। प्रश्नकाल नहीं चलने दिया। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने फटकार लगाई। इससे पहले बजट पेश होने के बाद मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्ष दलो के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई थी। बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी, लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई, राकांपा प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक-ओ-ब्रायन और कल्याण बनर्जी, द्रमुक के टीआर बालू, जेएमएम की महुआ माझी, आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और संजय सिंह समेत अन्य नेता शामिल हुए थे। बजट से खुश नहीं विपक्ष, बनाई विरोध की रणनीतिबैठक में तय हुआ है कि सरकार के भेदभाव के खिलाफ विरोध जताया जाएगा।सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी नेता संसद भवन का बाहर जुटेंगे।प्रमुख विपक्षी नेता संसद भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।कांग्रेस शासित राज्यों के CM 27 जुलाई को नीति आयोग की बैठक में नहीं जाएंगे।

‘बेरोजगारी-महंगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्द गायब : बजट पर बोले अखिलेश यादव

'The issue of unemployment-inflation, farmers-women-youth is missing: Akhilesh Yadav said on the budget

‘The issue of unemployment-inflation, farmers-women-youth is missing: Akhilesh Yadav said on the budget Union Budget 2024 News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 का पहला बजट मंगलवार (23 जुलाई) को पेश किया है. मोदी सरकार के पहले बजट को लेकर बीजेपी और उसके सहयोगी दल के नेता जमकर तारीफ कर रही हैं. तो वहीं विपक्ष के नेता मोदी सरकार पर हमला बोल रही हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव मोदी 3.0 के पहले बजट पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर लिखा है, ”ग्यारहवें बजट में बेरोज़गारी-महँगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्दा नौ दो ग्यारह हो गया है.” अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी सरकार के ग्यारहवें बजट में बेरोजगारी के मुद्दे गायब हो गए हैं. तो वहीं किसान, देश में बढ़ती महंगाई और महिला-युवा का मुद्दा भी गायब हो गया है.

किसान विरोधी एवं मोदी का सिंहासन बचाने वाला बजट: मल्लिकार्जुन खड़गे

Budget that is anti-farmer and will save Modi's throne: Mallikarjun Kharge

Budget that is anti-farmer and will save Modi’s throne: Mallikarjun Khargeये बहुत ही निराशाजनक बजट है, जो नरेंद्र मोदी का सिंहासन बचाने के लिए पेश किया गया है।इस बजट में किसानों के लिए MSP की गारंटी या खाद में सब्सिडी जैसा कुछ नहीं है। वहीं रेलवे में इतनी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन रेलवे सुरक्षा, रेलवे भर्ती जैसी जरूरी चीजों की बात नहीं की गई। मोदी सरकार ने रेलवे का बजट बहुत कमजोर बनाया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा

Budget 2024: Announcement of investment of Rs 10 lakh crore under Pradhan Mantri Awas Yojana

Budget 2024: Announcement of investment of Rs 10 lakh crore under Pradhan Mantri Awas Yojana नई दिल्ली। सरकार अपने आम बजट में अर्बन हाउसिंग को लेकर खास प्लानिंग की है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किया है कि पीएम आवास योजना के तहत शहरी आवास के विकास के लिए 10 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। शहरी आवास योजना 2.0 के तहत सरकार 1 करोड़ लोगों को आवास देगी। इसके अलावा वित्तमंत्री कहा है कि रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने पर भी काम किया जाएगा। इसके लिए रेगुलेशन के लिए बनाएं नियम जाएंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि जो राज्य स्टाम्प ड्यूटी कम करते हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा सस्ते दर पर कर्ज के लिए ब्याज सब्सिडी योजना लाई जाएगी। इसके अलावा वित्तमंत्री कहा है कि रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने पर भी काम किया जाएगा। इसके लिए रेगुलेशन के लिए बनाएं नियम जाएंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि जो राज्य स्टाम्प ड्यूटी कम करते हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा सस्ते दर पर कर्ज के लिए ब्याज सब्सिडी योजना लाई जाएगी। बजट को पेश करते दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि अगले पांच सालों में शहरी आवास के लिए 2.2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता पेश की जाएगी। रेंटल हाउसिंग को लेकर सरकार बेहतर उपलब्धता पर ध्यान दे ऱही है। इसके लिए कुशल और ट्रांसपेरेंट किराया का उपाय किया जाएगा। अब शहरी इलाकों में जमीन का ब्योरा डिजिटली कलेक्ट किया जाएगा। शहरी विकास के खास प्वॉइट क्या है पीएम आवास योजना किसको मिलता है लाभलोगों के अपना घर होने के सपने को पूरा करने के लिए भारत सरकार पीएम आवास योजना को पेश किया है। इस योजना के तहत लाखों लोगों के अपने घर का सपना पूरा हुआ है।सरकार उन लोगों को आर्थिक सहायता देती है, जो पक्का घर बनाने की इच्छा रखते है।इस योजना का हिस्सा बनने के लिए आपको कुछ शर्तों को पूरा करना होगा। इसके लिए अगर आप इस योजना के लिए आवेदन करना चाहते है तो आपके पास खुद का कोई मकान नहीं होना चाहिए।अगर परिवार में किसी भी परिवार के सदस्य की सरकारी नौकरी है तो वे भी योजना का लाभ नहीं ले सकते है।आर्थिक रुप से कमजोर और कम इनकम ग्रुप के कैटेगरी में शामिल परिवार की महिला मुखिया को योजना का लाभ मिलेगा।EWS से जुड़े लोगों की सालाना इनकम 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

Sensex:सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर संभला, निफ्टी 24,400 अंक से नीचे

Sensex: Sensex recovers after falling 1000 points, Nifty below 24,400 points

Sensex: Sensex recovers after falling 1000 points, Nifty below 24,400 points केंद्रीय बजट से पहले घरेलू शेयर बाजार में हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इससे पहले घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सकारात्मक ढंग से कारोबार करते दिख रहे हैं। सुबह नौ बजकर 36 मिनट पर सेंसेक्स 28.52 (0.03%) अंकों की बढ़त के साथ 80,555.17 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, निफ्टी में 17.41 (0.07%) अंकों की मजबूती के साथ 24,526.65 के स्तर पर कारोबार होता दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 200 अंकों की बढ़त दिखी जबकि निफ्टी 22550 के पार पहुंच गया पर ऊपरी स्तरों से बाजार में बिकवाली दिखी। वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंक लुढ़का, जबकि निफ्टी 24,150 अंक से नीचे रहा। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर संभल गया और 400 अंक पर पहुंचा। वहीं निफ्टी 24,400 अंक से नीचे रहा। भाषण शुरू होते ही बाजार लाल निशान में फिसलावित्त मंत्री के बजट भाषण के शुरू होने साथ ही बाजार लाल निशान में फिसले। उनका बजट भाषण इस समय भी जारी है। बजट भाषण शुरू होते है बाजार में फिसलन शुरू हो गई। फिलहाल, बीएसई का सेंसेक्स 127 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। जबकि निफ्टी में 53 अंकों की गिरावट नजर आई। वहीं बैंक निफ्टी में करीब 90 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। कृषि से जुड़े स्टॉक में उछालकृषि क्षेत्र को 1.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की घोषणा के बाद कृषि से जुड़े स्टॉकों में 10 फीसदी उछाल देखा। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा झींगा पालन की योजना की घोषणा के बाद एपेक्स फ्रोजन फूड्स, अवंती फीड्स, वॉटरबेस शेयर में आठ फीसदी तक उछाल आया। बजट के दिन सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल निफ्टी के सबसे मजबूत और सबसे कमजोर शेयर

4.1 करोड़ युवाओं के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा, रोजगार के लिए 1.48 लाख करोड़ का प्रावधान

Prime Minister's package announced for 4.1 crore youth, provision of Rs 1.48 lakh crore for employment

Prime Minister’s package announced for 4.1 crore youth, provision of Rs 1.48 lakh crore for employment मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट आज यानी 23 जुलाई को पेश कर दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस दौरान देश के युवाओं की नाराजगी को दूर करने के लिए कई अहम कदमों का एलान किया। नीट-यूजी, नेट जैसी परीक्षाओं में धांधली और रोजगार की समस्या को लेकर केवल विपक्ष ही सरकार पर हमलावर नहीं है, बल्कि देश के युवाओं में भी रोष है। ऐसे में आइए जानते हैं कि सरकार ने अंतरिम बजट में छात्रों-युवाओं के लिए क्या एलान किया और इससे पहले अंतरिम बजट में उनके लिए क्या-क्या घोषणाएं की गईं थीं। प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मुझे 2 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय परिव्यय के साथ 5 वर्षों में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा के लिए पांच योजनाओं और पहलों के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इस वर्ष हमने शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।’ रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजनावित्त मंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन योजना के तहत तीन योजनाओं पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संस्था (ईपीएफओ) पर आधारित होगी। इसके अलावा इस योजना के तहत पहली बार नौकरी कर रहे कर्मचारियों और नियोक्ताओं का ध्यान रखा जाएगा।’ योजना अ: पहली बार वालों के लिएयह योजना के तहत सभी क्षेत्रों में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को एक महीने की दिहाड़ी दी जाएगी। पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को तीन किस्तों में पहला वेतन दिया जाएगा। ईपीएफओ में पंजीकृत होने के साथ ही यह न्यूनतम राशि 15 हजार रूपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा। योजना ख: विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियां बढ़ानाइस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियां बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इस योजना से विनिर्माण क्षेत्र में पहली बार नौकरी कर रहे अतिरिक्त कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना में एक निर्दिष्ट पैमाने के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस योजना से विनिर्माण क्षेत्र में आने वाले 30 लाख युवाओं और उनके नियोक्ताओं को मदद मिलेगी। योजना ग: नियाक्ताओं की मदद करनायह योजना सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार के लिए नियोक्ताओं पर केंद्रित की गई है। एक लाख रुपये वेतन वाले सभी कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा,’केंद्र सरकार नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के ईपीएफओ योगदान के लिए दो साल तक प्रति माह 3000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति करेगी। यह योजना 50 लाख लोगों के अतिरिक्त रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्वीकृत है।’ ‘रोजगार से महिलाओं को जोड़ने की योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘हम रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योंगो के साथ मिलकर ‘महिला हॉस्टल’ और ‘बालगृहों’ की स्थापना करेंगे। यह योजना महिला कौशल कार्यक्रम को प्रोत्साहित करेगी।’‘कौशल योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘कौशल योजना में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 20 लाख युवाओं को कुशल बनाया जाएगा।’ ‘कौशल ऋण योजना’वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा ‘7.5 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा के लिए मॉडल कौशल ऋण योजना को संशोधित किया जाएगा। इससे हर वर्ष 25 हजार छात्रों को मदद मिलेगी।’ ‘शैक्षणिक ऋण योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘वे युवा, जो हमारी सरकार की योजनाओं से जुड़ने के लिए पात्र नहीं हैं। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ऐसे युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ऋण देने में हम मदद करेंगे। घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए ऐसे युवाओं को शैक्षणिक ऋण दिया जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर वर्ष एक लाख युवाओं को ‘ई वाउचर्स’ दिए जाएंगे। वार्षिक ब्याज सहायता के लिए सरकार की तरफ से कुल ऋण राशि का तीन प्रतिशत दिया जाएगा।’ अब जानते हैं अंतरिम बजट में क्या एलान किया गया थावित्त मंत्री ने एक फरवरी को पेश किए गए अंतरिम बजट भाषण में बताया था कि स्किल इंडिया मिशन के तहत देश में 1.4 करोड़ युवाओं को ट्रेंड किया गया है। साथ ही 54 लाख को अपस्किल या रि-स्किल किया गया है। पीएम मुद्रा योजना के तहत युवा उद्यमियों को 43 करोड़ के मुद्रा योजना लोन दिए गए। देश में 3000 नए आईटीआई बनाए गए हैं। साथ ही देश में सात आईआईटी, 16 आईआईआईटी, सात आईआईएम, 15 एम्स और 390 यूनिवर्सिटीज का निर्माण किया गया है। हालांकि, विपक्षी दलों ने सरकार पर हमेशा ही युवा वर्ग की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों के अनुसार सरकार युवा वर्ग में बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या को लगातार नजरअंदाज कर रही है। इसके साथ ही सेना में अग्निवीर जैसी योजनाएं लाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। पिछले बजट में युवाओं के लिए हुए थे ये एलान युवाओं के लिए नौकरी के लिए बजट 2023 में सरकार ने 740 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों के लिए 38,800 अध्यापकों और सहयोगी स्टाफ की भर्ती करने का एलान किया था।प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 लॉन्च की गई थी। जिसके तहत लाखों युवाओं को कोडिंग, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन तकनीक आदि की ट्रेनिंग दी जा रही है।30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर विभिन्न राज्यों में बनाने का एलान किया गया था।एमएसएमई सेक्टर के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत नौ हजार करोड़ रुपये का फंड बनाने का एलान हुआ था।देश में साल 2014 तक बने 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने का एलान किया गया। इस बार के बजट में युवाओं को सरकार से क्या अपेक्षा है?मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट से बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा वर्गा को भी कई अपेक्षाएं हैं। वर्तमान में देश में युवा वर्ग के सामने सबसे बड़ी समस्या रोज-रोटी सुनिश्चित करने की है। युवा वर्ग की ओर से लगातार सरकार से इस दिशा में मजबूत कदम उठाने की अपील की जा रही है। मोदी सरकार के पहले … Read more

मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान खुद को छोड़कर सभी को दोषी ठहराते हैं. मुझे नहीं लगता यहां जो कुछ हो रहा है, वह उसके मूल सिद्धांतों को भी समझते हैं? लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं और आपके पास पैसा है, तो आप भारतीय परीक्षा प्रणाली खरीद सकते हैं और विपक्ष भी यही सोचता है.

नेम प्लेट आदेश पर कोर्ट जाएगा जमीयत उलेमा ए हिंद! दिल्ली में बुलाई बड़ी बैठक

Jamiat Ulema-e-Hind will go to court on name plate order! Big meeting called in Delhi

Jamiat Ulema-e-Hind will go to court on name plate order! Big meeting called in Delhi Kanwar Yatra Nameplate Row: सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेम प्लेट वाले आदेश पर हर गुजरते दिन के साथ विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस कड़ी में अब जमीयत उलेमा ए हिंद ने फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है. जमीयत उलेमा ए हिंद ने कहा कि इस फरमान को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी क्योंकि धर्म की आड़ में नफरत की राजनीति की जा रही है. कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) से जुड़े इस आदेश को भेदभावपूर्ण और सांप्रद्रायिक बताते हुए सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने की बात भी कही गई है. रविवार (21 जुलाई) को जमीयत उलेमा ए हिंद ने इस संबंध में अहम बैठक बुलाई है. जमीयत का यह भी कहना है कि उसकी कानूनी टीम इस आदेश के कानूनी पहलुओं पर विचार करने में जुटी है. ‘मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा’ प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद (Jamiat Ulema e Hind) ने उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के मार्ग में दुकानदारों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश की आलोचना करते हुए शनिवार (20 जुलाई) को कहा कि यह ‘भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक’ फैसला है तथा इससे संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का हनन होता है. बता दें कि मुजफ्फरनगर जिले में 240 किलोमीटर लंबे कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी होटलों, ढाबों और ठेलों सहित भोजनालयों को अपने मालिकों या इन दुकानों पर काम करने वालों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश के कुछ दिन बाद शुक्रवार (19 जुलाई) को उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य के लिए ऐसा ही आदेश जारी करने का फैसला किया. क्या बोले मौलाना अरशद मदनी? जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने एक बयान में कहा, ‘यह एक भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक फैसला है. इस फैसले से देश विरोधी तत्वों को लाभ उठाने का अवसर मिलेगा और इस नए आदेश के कारण सांप्रदायिक सौहार्द को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है.’ मदनी ने यह भी कहा, ‘देश के सभी नागरिकों को संविधान में इस बात की पूरी आजादी दी गई है कि वे जो चाहें पहनें, जो चाहें खाएं, उनकी व्यक्तिगत पसंद में कोई बाधा नहीं डालेगा, क्योंकि यह नागरिकों के मौलिक अधिकार के विषय हैं.’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा संबधी आदेश मौलिक अधिकारों का हनन करने वाला है. मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग एक तरफ जहां नेम प्लेट विवाद गहराता जा रहा है वहीं दूसरी ओर इस आदेश को मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी ऐसा कदम उठाया जाना चाहिए. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग पर फल विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर नाम लिखने के लिए कहे जाने में उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगता है.

Inflation: छह महीने में कितने महंगे हुए आलू-प्याज और टमाटर, आसमान छूती कीमतें?

Inflation: How much have potatoes, onions and tomatoes become expensive in six months

Inflation: How much have potatoes, onions and tomatoes become expensive in six months, prices touching the sky? इस खबर को आप पढ़ना शुरू करें उससे पहले ऊपर दिए गए चित्र को एक बार फिर से देख लीजिए। चित्र में आलू, प्याज, टमाटर की जुलाई की कीमतें लिखी हैं। आप कहेंगे कि ये तो हमारे इलाके में मिल रही है कीमतों से बहुत कम है। तो हम आपको आंकड़ों के इस अंतर के बारे में पहले बता देते हैं। ये कीमतें जुलाई महीने में देशभर में ये सब्जियां जिस दाम पर बिक रही हैं उसका औसत है। उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक 16 जुलाई को देश में टमाटर सबसे महंगा जहां बिका वहां इसकी कीमत 127 रुपये किलो रही। इसी तरह जहां यह सबसे सस्ता है वहां ये 24 रुपये किलो बिका। पूरे देश का औसत लें तो 16 जुलाई को टमाटर औसतन 69.86 रुपये/किलो बिका। ऐसे ही जुलाई महीने की औसत कीमत लें तो यह 61.66 रुपये/किलो है। इसलिए आपको ऊपर के चित्र में जो आंकड़े दिख रहे हैं वो आपके इलाके में मिल रहे टमाटर की कीमत से अलग हो सकते हैं। ऐसे ही बाकी सब्जियों का हाल है। अब खबर पर आ जाते हैं। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। टमाटर के दाम कई राज्यों में शतक लगा चुके हैं तो प्याज भी कई जगह 80 के आंकड़े को छू रही है। आलू के दाम में भी एक महीने में दोगुने से ज्यादा का इजाफा हुआ है। दामों के इस इजाफे के चलते जून में थोक महंगाई दर 16 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। कीमतों में इस इजाफे के लिए मौसम को दोष दिया जा रहा है। मई में कीमतों में इजाफा शुरू हुआ तो कहा गया ज्यादा गर्मी के कारण फसल खराब हो रही इसलिए ऐसा महंगाई है। जून में कहा गया कि ज्यादा बरसात होने की वजह से फसल खराब हो रही इसलिए ऐसा हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि हिन्दुस्तान में हर साल मई जून में मौसम कुछ इसी तरह का रहता है तो क्या हर साल मई-जून में आलू, प्याज टमाटर के दाम इसी तरह बढ़ते हैं? देश के कई हिस्सों में जनवरी-फरवरी में भीषण ठंड भी पड़ती है उस वक्त कीमतें कैसी रहती हैं? बीते तीन साल में जनवरी से जुलाई के दौरान आलू, प्याज टमाटर की कीमतों के इजाफे का क्या ट्रेंड रहा है? इस दौरान मौसम कैसा रहा है? एक मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दाल 100 रुपये से कम में मिल रही है, क्या देश के आकंड़े भी ऐसा ही कहते हैं? आइये समझते हैं…

मौसम: राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राज्य जलभराव से बेहाल

Weather: Alert of heavy rain in the states, states suffering from waterlogging

Weather: Alert of heavy rain in the states, states suffering from waterlogging मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत अधिकांश जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया था, लेकिन बृहस्पतिवार को प्रदेश के अधिकतर इलाकों में धूप खिली रही। उधर, केरल के कई जिलों और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन बाधित हो गया। जगह-जगह लोग जलभराव की समस्या से जूझते रहे। वहीं, राजस्थान के कई जिलों में भी झमाझम मानसूनी बारिश होती रही। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 24 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी कर रखा है। 21 जुलाई के लिए बिलासपुर, कांगड़ा, चंबा और मंडी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, लेकिन बृहस्पतिवार को ज्यादातर इलाकों में धूप के कारण उमस काफी ज्यादा बढ़ गई। हालांकि, कांगड़ा, ऊना, चंबा, बिलासपुर और मंडी जिले के कुछ क्षेत्रों में छिटपुट बारिश भी हुई। उत्तरी केरल के वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में पेड़ उखड़ने, संपत्ति को नुकसान पहुंचने और सड़कें टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। पलक्कड़ में एक स्कूल बस नहर में पलट गई। हालांकि, सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया। मौसम विभाग ने वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए तीन दिन बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए इन तीनों जिलों के प्रशासन ने 19 जुलाई को शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। 18 राज्यों में भारी बारिश होने का अनुमानमौसम विभाग ने 19 जुलाई को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात में तेज हवा के साथ बिजली कड़कने का अनुमान है। पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने से आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पंजाब के 17 जिलों में 21 से दो दिन अलर्टमौसम विभाग ने पंजाब के 17 जिलों में 21 जुलाई से दो दिनों का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर शामिल। इस दौरान तेज आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब में न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बीते 24 घंटों में पठानकोट में 63.2 एमएम की भारी बारिश दर्ज की गई।

जोमैटो से अब 10 मिनट में ‘चखने’ के साथ होगी शराब की भी होम डिलीवरी

Now home delivery of liquor along with 'tasting' will be available from Zomato in 10 minutes

Now home delivery of liquor along with ‘tasting’ will be available from Zomato in 10 minutes Liquor Home Delivery: ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी के बढ़ते क्रेज के साथ उसका दायरा भी बढ़ता जा रहा है. अब स्विगी, जोमैटो और बिग बास्केट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आप सिर्फ फल-सब्जी या ग्रॉसरी का ऑर्डर नहीं कर सकेंगे बल्कि अब आप घर बैठे शराब भी मंगवा सकेंगे. अब 10 मिनट में आपके घर तक शराब की होम डिलीवरी होगी. अल्कोहल की होम डिलीवरी को लेकर फिलहाल विचार किया जा रहा है. माना जा रहा है कि अधिकारी इसके नफा-नुकसान का आंकलन कर रहे हैं. शराब की होम डिलीवरी जोमैटो, बिग बास्केट जैसे ऑनलाइन ऐप आपके घर पर शराब की डिलीवरी करेंगे. फिलहाल इसे कुछ चुनिंदा शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया जाएगा. धीरे-धीरे इसका विस्तार देश के दूसरे शहरों में किया जाएगा. हालांकि शराब की ऑनलाइन डिलीवरी इतनी भी आसान नहीं है. अगर इसे लागू किया जाता है तो इसके लिए व्यवस्था बनानी होगी. केवाईसी , लिमिट, नियम आदि तय करने होंगे और उनका सख्ती से पालन भी करना होगा. किन शहरों में ऑनलाइन मंगवा सकते हैं शराब अगर आप दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, तमिलनाडु, गोवा और केरल जैसे राज्यों में रहते हैं तो आपके घर पर शराब की होम डिलीवरी होगी. स्विगी, बिग बास्केट, जोमैटो जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफार्म के जरिए शराब की होम डिलीवरी करवाने पर विचार किया जा रहा है. इन राज्यों में शराब की होम डिलीवरी की अनुमति देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट का खाका खींच रहे हैं. शुरुआती दौर में बीयर, वाइन और लिकर जैसे कम अल्कोहल वाले ड्रिंक की होम डिलीवरी होगी. हालांकि बता दें कि इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. फायदे-नुकसान का आकंलन शराब की होम डिलीवरी को लेकर फिलहाल नफा-नुकसान का आंकलन किया जा रहा है. इसके लिए ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म, शराब कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब शराब की होम डिलीवरी की जा रही है. इससे पहले पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में पहले से ई कॉमर्स कंपनियां अल्कोहल की होम डिलीवरी करती है. दरअसल बड़े शहरों में लोगों के बदलते लाइफस्टाइल, बढ़ती आबादी और उकी जरूरतों को देखते हुए अल्कोहल की होम डिलीवरी पर विचार किया जा रहा है. जहां होम डिलीवरी, वहां बढ़ी सेल ओडिशा, पश्चिम बंगाल में शराब की होम डिलीवरी होती है. ऑनलाइन तरीके से इन राज्यों में शराब की बिक्री और डिलीवरी हो रही है. देखा गया कि ऑनलाइन बिक्री के बाद से इन राज्यों में अल्कोहल के सेल्स में 20 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है. खासकर प्रीमियम ब्रांड्स की सेल बढ़ी है.

‘नीतीश कुमार से बेहतर PM कौन हो सकता है’, JDU एमएलसी खालिद अनवर का बयान

'Who can be a better PM than Nitish Kuma

‘Who can be a better PM than Nitish Kumar’, JDU MLC Khalid Anwar’s statement चुनाव नतीजों के बीच जेडीयू के एमएलसी खालिद अनवर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से बेहतर पीएम कौन हो सकता है. जेडीयू बिहार में बीजेपी की सहयोगी है.

मानसून अलर्ट : भारी बारिश के कारण ढह गई खदान, दस की मौत; सीएम लालडुहोमा ने बुलाई बैठक

Monsoon Alert: Mine collapsed due to heavy rain, ten killed; CM Lalduhoma called a meeting मिजोरम की राजधानी आइजोल के बाहरी इलाके में भारी बारिश के कारण एक खदान ढह गई। इस हादसे में अबतक दस लोगों की जान चली गई। पुलिसकर्मी बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। भारी बारिश के कारण नदियों का स्तर भी बढ़ चुका है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ रहा है। राज्य की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री लालडुहोमा ने बैठक बुलाई। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में हुआ भूस्खलनयह घटना सुबह के छह बजे आइजोल शहर के दक्षिणी बाहरी इलाके में मेल्थम और ह्लिमेन के बीच घटी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनिल शुक्ला ने कहा कि अबतक मलबे से दस शव को बाहर निकाला गया है, जबकि कई लोग अभी भी इसमें दबे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में सात स्थानीय, जबकि तीन दूसरे राज्य के थे। उन्होंने आगे कहा, “मलबे में अभी भी दस से ज्यादा के फंसे होने की संभावना है।” भारी बारिश के कारण अलग-अलग इलाकों में भूस्खलन की घटना सामने आई है। हुनथर में राष्ट्रीय राजमार्ग-6 पर भूस्खलन के कारण आइजोल देश के बाकी हिस्सों से कट गया। बारिश के कारण मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। सीएम लालडुहोमा ने बुलाई बैठकचक्रवात रेमल के प्रभाव से भारी बारिश के कारण राज्य के विभिन्न इलाकों में भूस्खलन हुआ, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि आइजोल के सेलम वेंग में भूस्खलन से एक इमारत ढह गई, इस हादसे में तीन लोग लापता हो गए। फिलहाल उनकी तलाश जारी है। भूस्खलन के कारण कई अंतर्राज्य राजमार्ग भी बाधित हो गए। मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री लालडुहोमा ने गृह मंत्री के. सपडंगा, मुख्य सचिव रेनू शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी के साथ एक बैठक की।

मानसून अलर्ट: बंगाल तट से आज टकराएगा चक्रवाती तूफान 

Monsoon alert: Cyclone will hit Bengal coast today उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों बालासोर, भद्रक और केंद्रपाड़ा में आज और कल भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, 27 मई को मयूरभंज में भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही 26 मई को मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण मणिपुर में ज्यादातर स्थानों पर हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात रेमल प. बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपुपाड़ा के बीच रविवार रात टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने शनिवार को बताया कि चक्रवाती तूफान 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तट से टकरा सकता है। इस दौरान समुद्र में 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिससे तटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के निचले इलाके डूब सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को 27 मई की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में न जाने को कहा है। वहीं, रेमल के प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मिजोरम से लेकर बिहार तक बारिश होने की संभावना है। 21 घंटे ठप रहेगा कोलकाता एयरपोर्ट   चक्रवात रेमल के चलते कोलकाता एयरपोर्ट से रविवार दोपहर 12 बजे से सोमवार सुबह 9 बजे तक 21 घंटे के लिए उड़ानों का संचालन निलंबित रहेगा। भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र में नौ आपदा राहत टीमें तैनात की हैं। इसके अलावा बंगाल में एनडीआरएफ की 12 टीमें भी तैनात की गई हैं।  पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों में तेज हवाएं चलने का अनुमान मौसम विभाग ने कहा, उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों बालासोर, भद्रक और केंद्रपाड़ा में आज और कल भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, 27 मई को मयूरभंज में भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही 26 मई को मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण मणिपुर में ज्यादातर स्थानों पर हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 और 28 मई को असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा में हल्की बारिश होने का अनुमान है। बिहार के कुछ स्थानों पर भी बारिश हो सकती है। चक्रवात रेमल के चलते बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर रविवार शाम छह बजे से 12 घंटे के लिए सभी कार्गो और कंटेनर हैंडलिंग कार्यों को बंद करने का फैसला लिया गया है। मौसम विभाग ने 26-27 मई को दक्षिण 24 परगना में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और उत्तर 24 परगना में 90 से 100 किमी प्रति घंटे से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी है। विभाग ने कोलकाता, हावड़ा, नादिया और पूर्व मेदिनीपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

3 बजे तक 49.20% मतदान, पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक हुई वोटिंग

49.20% polling till 3 pm, highest voting in West Bengal लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण में 8 राज्यों की 58 सीटों पर शुक्रवार को मतदान हो रहा है। इसके बाद 1 जून को आखिरी चरण के साथ ही वोटिंग का क्रम सम्पन्न हो जाएगा। इसके बाद देश को 4 जून को इंतजार रहेगा, जब मतगणना होगी।लोकसभा चुनाव का यह छठा चरण भाजपा के लिए अहम है। 2019 में इस 58 सीटों में से कांग्रेस एक पर भी जीत दर्ज नहीं कर पाई थी, जबकि भाजपा ने 40 सीट जीती थी। इस रिकॉर्ड को बनाए रखना भाजपा के लिए चुनौती होगी। इस चरण में दिल्ली और हरियाणा की सभी सीटों पर मतदान सम्पन्न हो जाएगा। छठे चरण में 3 बजे तक पश्चिम बंगाल में 70.19% हुआ मतदान, यूपी में कम हो रही वोटिंग यूपी: 43.95% ओडिशा: 48.44% जम्मू कश्मीर: 44.41% झारखंड: 54.34% पश्चिम बंगाल: 70.19% बिहार: 45.21% दिल्ली एनसीआर: 44.58% हरियाणा: 46.26%

भीषण गर्मी के बीच छठे चरण में 58 सीटों पर वोटिंग आज 

Voting for 58 seats in the sixth phase today amid scorching heat लोकसभा चुनाव 6 फेस में 11.13 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान   इस चरण में 11.13 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 5.84 करोड़ पुरुष, 5.29 करोड़ महिला और 5,120 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।  नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण में 8 राज्यों की 58 सीटों पर शुक्रवार को मतदान हो रहा है। इसके बाद 1 जून को आखिरी चरण के साथ ही वोटिंग का क्रम सम्पन्न हो जाएगा। इसके बाद देश को 4 जून को इंतजार रहेगा, जब मतगणना होगी। लोकसभा चुनाव का यह छठा चरण भाजपा के लिए अहम है। 2019 में इस 58 सीटों में से कांग्रेस एक पर भी जीत दर्ज नहीं कर पाई थी, जबकि भाजपा ने 40 सीट जीती थी। इस रिकॉर्ड को बनाए रखना भाजपा के लिए चुनौती होगी। इस चरण में दिल्ली और हरियाणा की सभी सीटों पर मतदान सम्पन्न हो जाएगा।  किन-किन राज्यों में मतदान  इस चरण में दिल्ली और हरियाणा की सभी सीटों पर चुनाव होगा। उत्तर प्रदेश की 14, बिहार की आठ, झारंखड की चार, ओडिशा की छह, बंगाल की आठ और जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग-राजौरी सीट पर भी वोट डाले जाएंगे है। 

भारत में इलाज कराने आए बांग्लादेश के सांसद लापता 

Bangladesh MP who came to India for treatment missing पुलिस ने दर्ज की गुमशुदगी की शिकायत कोलकाता । भारत में इलाज कराने के लिए आए बांग्लादेश के एक सांसद अनवरुल अजीम लापता हो गए हैं। बताया गया है कि वे 11 मई को इलाज कराने पश्चिम बंगाल पहुंचे थे। इसके बाद वे अचानक ही गायब हो गए। उनकी आखिरी ज्ञात लोकेशन कोलकाता के राजरहाट में स्थित संजीवा गार्डन्स थी। पुलिस ने इस मामले में शिकायत मिलने के बाद गुमशुदगी का केस दर्ज कर लिया है।

300 से ज्यादा लोग संक्रमित ,भारत में पैर पसार रहा कोरोना का नया वेरिएंट

More than 300 people infected, new variant of Corona is spreading in India भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकॉग) 30 दिसंबर 2020 को भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया था, जो जीनोम सीक्वेंसिंग प्रयोगशालाओं का एक राष्ट्रीय बहु-एजेंसी कंसोर्टियम है। नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के एक नए वेरिएंट ने फिर पैर पसारना शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी है कि कोविड-19 के सब वैरिएंट KP.2 से 290 लोग संक्रमित हुए हैं, वहीं दूसरी ओर KP.1 वेरिएंट के कारण 34 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। आपको बता दें कि बीते दिनों इन दोनों वेरिएंट के कारण ही सिंगापुर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई थी और अब इस वेरिएंट के मामले भारत में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना वायरस के ये दोनों ही वेरिएंट JN-1 वेरिएंट के सब वेरिएंट हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, इन दोनों वेरिएंट से संक्रमित लोगों में ज्यादा गंभीर लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, इसलिए चिंतित होने का कोई कारण नहीं है। मिली जानकारी के मुताबिक, केपी.1 के कुल 34 मामले 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में देखने को मिले हैं। सबसे ज्यादा 23 संक्रमित बंगाल में दर्ज किए गए। इसके अलावा गोवा में 1, गुजरात में 2, हरियाणा में 1, महाराष्ट्र में 4, राजस्थान में 2 और उत्तराखंड में 1 मामला सामने आया है। केपी.2 सब वेरिएंट से 290 लोग संक्रमित हुए हैं, जिनमें सबसे अधिक 148 मामले सिर्फ महाराष्ट्र में ही मिले हैं। इस वेरिएंट के दिल्ली में 1, गोवा में 12, गुजरात में 23, हरियाणा में 3, कर्नाटक में 4, मध्य प्रदेश में 1, ओडिशा में 17, राजस्थान में 21, उत्तर प्रदेश में 8, उत्तराखंड में 16 और बंगाल में 36 लोग संक्रमित हुए। इंसाकॉग ने कहा है कि इस नए वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है। हम हर परिस्थिति और चुनौती से लड़ने के लिए सक्षम हैं। आपको बता दें कि भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकॉग) 30 दिसंबर 2020 को भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया था, जो जीनोम सीक्वेंसिंग प्रयोगशालाओं का एक राष्ट्रीय बहु-एजेंसी कंसोर्टियम है। शुरुआत में इस कंसोर्टियम में 10 प्रयोगशालाएं जुड़ी थी, लेकिन अब इसके तहत 28 प्रयोगशालाएं हैं, जो सार्स-कोव-2 में हुई जीनोमिक विविधताओं पर निगाह रखती है। सिंगापुर में इस वेरिएंट की चली थी लहर गौरतलब है कि हाल ही के दिनों में कोविड-19 के इस वेरिएंट की लहर सिंगापुर में देखने को मिली थी। 5 से 11 मई के बीच केपी.1 और केपी.2 सब वेरिएंट से संक्रमण के 25,900 मामले सिंगापुर में दर्ज किए गए थे।

हरियाणा में BJP कि बड़ी मुश्किलें सरकार से ,तीन निर्दलीय विधायकों ने वापस लिया समर्थन

BJP faces big problems in Haryana, three independent MLAs withdraw support from the government हरियाणा में नायब सिंह सैनी सरकार से तीन निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया है। सरकार के सामने बहुमत साबित करने का संकट आ गया है। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार अल्पमत में आ चुकी हैं। चंडीगढ़ । हरियाणा में भाजपा सरकार संकट में आ गई है। राज्य में नायब सिंह सैनी की सरकार से 3 निर्दलीय विधायकों से सरकार ने समर्थन वापस ले लिया है। विधायक रणधीर गोलन, धर्मपाल गोंदर व सोमवीर सांगवान ने कांग्रेस को समर्थन दे दिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस्तीफा मांग लिया है। कुछ (निर्दलीय) विधायकों का हरियाणा सरकार से समर्थन वापस लेने और कांग्रेस को समर्थन देने की खबरों के बारे में हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुझे यह जानकारी मिली है। शायद कांग्रेस कुछ लोगों की इच्छाओं को पूरा करने में लगी हुई है। अब कांग्रेस को जनता की इच्छाओं से कोई लेना-देना नहीं है।

कांग्रेस की चौथी लिस्ट जारी, 45 नामः दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से उतरा मैदान में

Congress’s fourth list released, 45 names: Digvijay Singh fielded from Rajgarh अब तक 184 उम्मीदवारों का ऐलानलोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार देर रात चौथी लिस्ट जारी की। इसमें 12 राज्यों के 45 नाम हैं। मध्यप्रदेश से 12, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र 4, तमिलनाडु से 7, मणिपुर 2, मिजोरम से एक, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से 2-2, छत्तीसगढ़, अंडमान निकोबार और असम से एक-एक उम्मीदवार का ऐलान किया। अब तक पार्टी 183 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से टिकट दी गई है। वहीं वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ अजय राय को उतारा गया है।

CM अरविंद केजरीवाल जेल में रहकर चलाएंगे सरकार, डरे हुए तानाशाह का “कायराना” कृत्य , जीतू पटवारी

CM Arvind Kejriwal will run the government while in jail संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो घंटे से अधिक समय तक चली तलाशी और पूछताछ के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। यह पहला ऐसा मामला है जब कोई मुख्यमंत्री, पद पर रहते हुए गिरफ्तार हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब दिल्ली में आम आमदी पार्टी की सरकार का क्या होगा। यानी कौन सरकार चलाएगा। इसको लेकर आम आमदी पार्टी का स्पष्ट स्टैंड है कि अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। यानी वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार देर शाम ईडी की टीम भारी फोर्स के साथ केजरीवाल के घर पहुंची थी। यहां तलाशी और पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। यह पहला ऐसा मामला है जब कोई मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए गिरफ्तार हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब दिल्ली में आम आमदी पार्टी की सरकार का क्या होगा। यानी कौन सरकार चलाएगा। इसको लेकर आम आमदी पार्टी का स्पष्ट स्टैंड है कि अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। यानी वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे।दरअसल, 2 नवंबर से 21 मार्च के बीच ईडी ने अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए 9 समन भेजे थे। लेकिन केजरीवाल कोई ना कोई बहाना बनाकर ईडी के सामने पेश नहीं हो रहे थे। वहीं जब उन्हें 9वां समन मिला तो वह इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे थे। उनके द्वारा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की गई थी कि अगर वह पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश होते हैं तो उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा दी जाए। हालांकि हाईकोर्ट से केजरीवाल को राहत नहीं मिली। गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।अब इस सवाल पर आते हैं कि क्या गिरफ्तारी के बाद अब अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चला सकते हैं? और क्या वो अब भी मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं? देश में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो किसी पार्टी और मुख्यमंत्री को जेल से सरकार चलाने से रोकता हो। भारत के संविधान में भी इस पर स्थिति को स्पष्ट नहीं किया गया है। कानून में ये बताया गया है कि दोषी साबित होने से पहले कोई भी नेता जेल में रहते हुए मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक बने रह सकता है और जेल से सरकार को भी चला सकता है। इस हिसाब से अभी अरविंद केजरीवाल को जेल से दिल्ली की सरकार चलाने में कानूनी रूप से कोई परेशानी नहीं होगी।

चुनावी बॉन्ड की पूरी जानकारी का खुलासा करें, सुप्रीम कोर्ट ने SBI को खूब सुनाया

Supreme Court tells SBI to disclose complete details of electoral bonds नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तीसरी बार SBI को फटकार लगाई। उसे चुनिंदा रवैया न अपनाने और 21 मार्च तक चुनावी बॉन्ड स्कीम से जुड़ी सभी जानकारियों का पूरी तरह खुलासा करने को कहा। इसके मुताबिक, SBI को यूनिक बॉन्ड नंबर्स बताने होंगे, जिससे खरीदार और उसे भुनाने वाले राजनीतिक दल के बीच संबंध का खुलासा होगा। चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि SBI को सभी जानकारियों का पूरी तरह खुलासा करना होगा। निर्वाचन आयोग को ये जानकारियां तुरंत अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होंगी। 21 मार्च तक सारी जानकारी देंकोर्ट ने कहा, ‘आदेश को पूरी तरह से प्रभावी बनाने और भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए SBI के चेयरमैन और MD 21 मार्च को शाम 5 बजे से पहले एक हलफनामा दाखिल कर ये बताएं कि बॉन्ड की सभी जानकारियों का खुलासा कर दिया है और कोई भी जानकारी छिपाई नहीं है।’ SBI की ओर से पेश हुए वकील हरीश साल्वे ने कहा कि बैंक को उसके पास मौजूद सभी जानकारियों का खुलासा करने में कोई आपत्ति नहीं है। सोशल मीडिया पर हम पर भी कमेंट होते हैं: CJIसुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम पर भी सोशल मीडिया और प्रेस में कमेंट किए जाते हैं। एक बार जब अदालत फैसला सुना देती है, तो यह देश की प्रॉपर्टी बन जाता है और बहस के लिए खुला होता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र ओर से कहा, ‘बेबुनियादी बयानबाजी शुरू हो गई हैं। कोर्ट में पेश लोगों ने प्रेस को इंटरव्यू देना, कोर्ट को जानबूझकर शर्मिंदा करना शुरू कर दिया है।’ इस पर CJI ने कहा, ‘जज होने के नाते हम संविधान के मुताबिक फैसला करते हैं। हम कानून के मुताबिक काम करते हैं। हम पर भी सोशल मीडिया और प्रेस में कमेंट किए जाते हैं। एक संस्था के तौर पर हमारे कंधे मजबूत हैं। हमारी अदालत को उस राजनीति में एक संस्थागत भूमिका निभानी है, जो संविधान और कानून के शासन द्वारा शासित होती है। यही एकमात्र काम है।’

 7 चरणों में होगा लोकसभा चुनाव, 4 जून को आएंगे नतीजे

Lok Sabha elections will be held in 7 phases, results will come on June 4 नई दिल्ली। केंद्रीय चुनाव आयोग (EC) ने शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान की तारीखों का एलान कर दिया। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रेस वार्ता में घोषणा के साथ ही देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 12 राज्यों में महिला मतदाताओं का अनुपात पुरुष मतदाताओं से अधिक है। यहां देखिए लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा हर अपडेट

वन नेशन-वन इलेक्शन पर कोविंद कमेटी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी रिपोर्ट

Kovind Committee submits report to President Draupadi Murmu on One Nation-One Election यह रिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। इसमें रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत आठ सदस्य हैं। वन नेशन-वन इलेक्शन यानी एक देश, एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी है। कमेटी के सदस्यों ने राष्ट्रपति भवन जाकर रिपोर्ट सौंपी। वन नेशन वन इलेक्शन पर कमेटी ने 18 हजार 626 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में 2029 में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की गई है। कोविंद की अगुवाई में सितंबर 2023 में बनी थी कमेटीरिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। 23 सितंबर 2023 को पहली बैठक दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक हुई थी। इसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी के स्पेशल मेंबर बनाए गए हैं। क्या है पैनल के सुझाव? 2029 में एकसाथ चुनाव कराने की सिफारिशरिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विधि आयोग के प्रस्ताव पर सभी दल सहमत हुए तो यह 2029 से ही लागू होगा। साथ ही इसके लिए दिसंबर 2026 तक 25 राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने होंगे। मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम विधानसभाओं का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाकर जून 2029 तक किया जाए। उसके बाद सभी राज्यों में एक साथ विधानसभा-लोकसभा चुनाव हो सकेंगे।

85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता घर से ही डाल सकेंगे वोट, जानें ,निर्वाचन आयोग

Voters above 85 years of age will be able to vote from home लोकसभा चुनाव 2024 : मध्य प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या सात लाख से अधिक है। लोकसभा चुनाव 2024 । कोरोनाकाल में निर्वाचन आयोग ने बुजुर्ग मतदाताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था बनाई थी कि वे घर से ही मतदान कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें आवदेन करने पर मत पत्र जारी किए गए थे। इसके बाद उनके घर पर मतदान दल जाता है। मतदान की गोपनीयता के लिए कार्ड बोर्ड का बूथ भी बनाया जाता और मतदान करवाया जाता। मतदान में पारदर्शिता रहे, इसके लिए इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। इस व्यवस्था से उत्साहित निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। 80 वर्ष से अधिक आयु और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं को घर से मतदान की अनुमति दी गई। आयोग ने अब यह व्यवस्था कर दी है कि 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता घर से ही मतदान कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें आवेदन करना होगा। एक सप्ताह पहले घर पहुंचेगा दल मतदान के दिनांक से एक सप्ताह पहले मतदान दल संबंधित मतदाता के घर पहुंचेगा। इसके पूर्व संबंधित क्षेत्र के उम्मीदवारों को भी जानकारी दी जाएगी ताकि वे मतदान के समय चाहें तो अपना प्रतिनिधि वहां भेज सकते हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इस व्यवस्था से बुजुर्गों को मतदान केंद्र तक आने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती और उनका मतदान भी सुनिश्चित हो जाता है। बता दें, प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या सात लाख से अधिक है। अब 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की सूची तैयार कर संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को दी जाएगी।

हमारी सरकार बनने पर पास करेंगे भूमि अधिग्रहण बिल ,राहुल गांधी

Rahul Gandhi will pass land acquisition bill if our government is formed कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन के लिए अपनी जमीन अधिग्रहित करवा रहे किसान भी मिले। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार बनी तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करेंगे। उज्जैन। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को इंगोरिया से अपना रोड शो प्रारंभ करने के पहले कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उनसे बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन के लिए अपनी जमीन अधिग्रहित करवा रहे किसान भी मिले। मुआवजे संबंधी समस्या बताई। इस पर राहुल ने मौजूद कार्यकर्ताओं से कहा कि किसानों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ न्याय योद्धा बनें। हमारी सरकार बनी तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार जबरदस्ती फसलों पर बुलडोजर चलवा रही है। 3 घंटे देरी से प्रारंभ हुआ रोड शोराहुल गांधी का रोड शो तय कार्यक्रम से करीब तीन घंटे देरी से प्रारंभ हुआ। 11 बजकर 50 मिनट पर राहुल गांधी के काफिले से पहले डोम से बाहर उनके साथ चल रहे चार बड़े कंटेनर निकले। इसके बाद बड़नगर की ओर रवाना हुए।

इस साल कब है होली? जानिए होलिका दहन का मुहूर्त और पूजा विधि

When is Holi this year? Know the auspicious time and worship method of Holika Dahan होली एक सांस्कृतिक, धार्मिक और पारंपरिक त्योहार है। पूरे भारत में इसका अलग ही जश्न और उत्साह देखने को मिलता है। होली भाईचारे, आपसी प्रेम और सद्भावना का त्योहार है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंगों में सराबोर करते हैं। होली हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है। बसंत का महीना लगने के बाद से ही इसका इंतजार शुरू हो जाता है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा की रात होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन होली मनाई जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। होली एक सांस्कृतिक, धार्मिक और पारंपरिक त्योहार है। पूरे भारत में इसका अलग ही जश्न और उत्साह देखने को मिलता है। होली भाईचारे, आपसी प्रेम और सद्भावना का त्योहार है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंगों में सराबोर करते हैं। घरों में गुझिया और पकवान बनते हैं। लोग एक दूसरे के घर जाकर रंग-गुलाल लगाते हैं और होली की शुभकामनाएं देते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल होली की सही तारीख और शुभ मुहूर्त क्या है… पूर्णिमा तिथिफाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन और इसके अगले दिन होली मनाई जाती है। इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 24 मार्च को सुबह 09 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 25 मार्च को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर होगा। होलिका दहन 202424 मार्च को होलिका दहन है। इस दिन होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त देर रात 11 बजकर 13 मिनट से लेकर 12 बजकर 27 मिनट तक है। ऐसे में होलिका दहन के लिए आपको कुल 1 घंटे 14 मिनट का समय मिलेगा। कब है होली 2024?होलिका के अगले दिन होली मनाई जाती है, इसलिए इस साल 25 मार्च को होली है। इस दिन देशभर में धूमधाम से होली मनाई जाएगी। होलिका दहन पूजा की विधिहोलिका दहन की पूजा करने के लिए सबसे पहले स्नान करना जरूरी है।स्नान के बाद होलिका की पूजा वाले स्थान पर उत्तर या पूरब दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं।पूजा करने के लिए गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा बनाएं।वहीं पूजा की सामग्री के लिए रोली, फूल, फूलों की माला, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी,.मूंग, बताशे, गुलाल नारियल, 5 से 7 तरह के अनाज और एक लोटे में पानी रख लें।इसके बाद इन सभी पूजन सामग्री के साथ पूरे विधि-विधान से पूजा करें। मिठाइयां और फल चढ़ाएं।होलिका की पूजा के साथ ही भगवान नरसिंह की भी विधि-विधान से पूजा करें और फिर होलिका के चारों ओर सात बार परिक्रमा करें।

टीम इंडिया ने 5 विकेट से जीता रांची टेस्ट, सीरीज पर भी कब्जा

Team India won Ranchi Test by 5 wickets, also captured the series रांची ! रांची टेस्ट में पांच विकेट से जीत के साथ ही टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-1 से अजेय बढ़त हासिल कर ली है। चौथे टेस्ट के चौथे दिन टीम इंडिया को 192 रन का टारगेट मिला था, जिसे पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। एक वक्त लग रहा था कि भारतीय टीम मुश्किल में आ सकती है, लेकिन शुभमन गिल (नाबाद 52 रन) और ध्रुव जुरेल (नाबाद 39 रन) ने धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी कर जीत दिला दी। पूरा स्कोर कार्ड देखने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें।इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था और जो रूट की बदौलत पहली पारी 353 रन पर खत्म हुई थी। जवाब में भारत ने 307 रन बनाए। वहीं इंग्लैंड दूसरी पारी में कुछ खास नहीं कर पाया और 145 रन पर ढेर हो गया। जवाब में भारत ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक बिना किसी नुकसान के 40 रन बना लिए थे। भारत को चौथे दिन जीत के लिए 152 रनों की ओर दरकार है।

संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती विशेष प्रकाशन

Sant Shiromani Guru Ravidas Jayanti Special Publication Ravidas Jayanti 2024: गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ ? संत गुरु रविदास जी को प्रेम और करुणा की शिक्षाओं और समाज से जाति के भेदभाव को दूर करने के लिए जाना जाता है. हर साल माघ पूर्णिमा को रविदास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है.भारत के प्रसिद्ध संत रविदास को रैदास के नाम से भी जाना जाता है. रविदास ऐसे संत और कवि थे, जिनका भक्ति आंदोलन में अहम योगदान रहा. समाज विभाजन को दूर करने पर इन्होंने जोर दिया और व्यक्तिगत आध्यात्मिक आंदोलन के लिए एकता को बढ़ावा दिया. रविदास जी के जन्मदिन को ही हर साल रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है, जोकि आज शनिवार, 24 फरवरी 2024 को है. संत रविदास ईश्वर को पाने का केवल एक रास्ता जानते थे और वो है ‘भक्ति’. इसलिए उनका एक मुहावरा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ वर्तमान में काफी प्रसिद्ध है. संत रविदास जी ने अपना सारा जीवन समाज सुधार कार्य, समाज कल्याण और समाज से जाति भेदभाव को दूर करने के कार्यों में समर्पित कर दिया. आइये जानते हैं गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ था? कब और कहां हुआ संत रविदास का जन्म संत गुरु रविदास एक महान कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक थे. संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में माघ पूर्णिमा को 1377 में हुआ था. इसलिए हर साल माघ पूर्णिमा के दिन रविदास जयंती मनाई जाती है. लेकिन इनके जन्म को लेकर विद्वानों के बीच अलग-अलग मत हैं. इनकी माता का नाम कर्मा देवी और पिताजी का नाम संतोष दास था. संत रविदास का जन्म एक मोची परिवार में हुआ था और इनके पिता जूते बनाने का काम किया करते थे. रविदास जी बचपन से बहादुर और ईश्वर के भक्त थे. पंडित शारदानंद गुरु से इन्होंने शिक्षा प्राप्त की. जैसे-जैसे रविदास जी की उम्र बढ़ने लगी भक्ति के प्रति इनकी रुचि भी बढ़ गई. आजीविका के लिए रविदास जी ने पैतृक काम को करते हुए भगवान की भक्ति में भी लीन रहे. चर्मकार कुल के होने के कारण वे जूते बनाया करते थे और अपने पैतृक कार्य में उन्हें आनंद भी मिलता था. वे अपना काम ईमानदारी, परिश्रम और पूरे लगन से करते थे. साथ ही लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा भी दिया करते थे. संत शिरोमणि गुरु रविदास कौन थे, समाज के लिए क्या है इनका योगदान भारत में कई संतों ने लोगों को आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा जमुनी तहजीब सिखाई. इन्हीं में एक थे संत रविदास, जिनका भक्ति आंदोलन और समाज सुधार में विशेष योगदान रहा. संत गुरु रविदास भारत के महान संतों में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन समाज सुधार कार्य के लिए समर्पित कर दिया. समाज से जाति विभेद को दूर करने में रविदास जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. वो ईश्वर को पाने का एक ही मार्ग जानते थे और वो है ‘भक्ति’, इसलिए तो उनका एक मुहावरा आज भी बहुत प्रसिद्ध है कि, ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’. रविदास जी का जन्म रविदास जी के जन्म को लेकर कई मत हैं. लेकिन रविदास जी के जन्म पर एक दोहा खूब प्रचलित है- चौदस सो तैंसीस कि माघ सुदी पन्दरास. दुखियों के कल्याण हित प्रगटे श्री गुरु रविदास. इस पंक्ति के अनुसार गुरु रविदास का जन्म माघ मास की पूर्णिमा को रविवार के दिन 1433 को हुआ था. इसलिए हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है जोकि इस वर्ष 24 फरवरी 2024 को है. रविदास जी का जन्म 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मोची परिवार में हुआ. उनके पिताजी जाति के अनुसार जूते बनाने का पारंपरिक पेशा करते थे, जोकि उस काल में निम्न जाति का माना जाता था. लेकिन अपनी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद भी रविदास जी भक्ति आंदोलन, हिंदू धर्म में भक्ति और समतावादी आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उजागर हुए. 15 वीं शताब्दी में रविदास जी द्वारा चलाया गया भक्ति आंदोलन उस समय का एक बड़ा आध्यात्मिक आंदोलन था. समाज के लिए गुरु रविदास का योगदान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी एक महान संत और समाज सुधारक थे. भक्ति, सामाजिक सुधार, मानवता के योगदान में उनका जीवन समर्पित रहा. आइये जानते हैं गुरु रविदास के महत्वपूर्ण योगदानों के बारे में- धार्मिक योगदान: भक्ति और ध्यान में गुरु रविदास का जीवन समर्पित रहा. उन्होंने भक्ति के भाव से कई गीत, दोहे और भजनों की रचना की, आत्मनिर्भरता, सहिष्णुता और एकता उनके मुख्य धार्मिक संदेश थे. हिंदू धर्म के साथ ही सिख धर्म के अनुयायी भी गुरु रविदास के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं. रविदास जी की 41 कविताओं को सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव ने पवित्र ग्रंथ आदिग्रंथ या गुरुग्रंथ साहिब में शामिल कराया था.सामाजिक योगदान: समाज सुधार में भी गुरु रविदास जी का विशेष योगदान रहा. इन्होंने समाज से जातिवाद, भेदभाव और समाजिक असमानता के खिलाफ होकर समाज को समानता और न्याय के प्रति प्रेरित किया.शिक्षा और सेवा: गुरु रविदास जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपने शिष्यों को उच्चतम शिक्षा पाने के लिए प्रेरित किया. अपने शिष्यों को शिक्षत कर उन्होंने शिष्यों को समाज की सेवा में समर्थ बनाने के लिए प्रेरित किया. मध्यकाल की प्रसिद्ध संत मीराबाई भी रविदास जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि SAHARA SAMACHaar.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

बसंत के मौसम में घूमने जाएं भारत की ये 6 जगहें, लगती हैं अधिक खूबसूरत

Visit these 6 places of India in spring season, they look more beautiful. सर्दियां खत्म होने वाली हैं तो क्यों न बसंत मौसम की छुट्टियों में कहीं घूमने जाया जाए? अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो भारत की कुछ जगह घूमने के लिए बेस्ट हैं. भारत के अधिकांश जगहों पर सर्दी धीरे-धीरे खत्म होने लगी है और बसंत का मौसम लगभग आने ही वाला है. भारत में सर्दी और गर्मी के बीच के मौसम को बसंत ऋतु कहा जाता है. ऐसे में अक्सर लोग गर्मी का मौसम आने से पहले ही घूमने का प्लान बना लेते हैं क्योंकि बसंत का मौसम अधिक समय तक नहीं रहता.अगर आप भी बसंत के मौसम में घूमने जाना चाहते हैं तो हम आपको कुछ ऐसी जगहें बता रहे हैं जो आपके लिए बेस्ट रहेंगी. इन जगहों में से आप अपने मुताबिक स्थान चुनें कि आप मौसम का लुत्फ उठाने जाना चाहते हैं या फिर खिलते हुए फूलों को देखने जाना चाहते हैं. कश्मीर धरती के स्वर्ग के रूप में फेमस कश्मीर का मौसम बसंत (मार्च से मई की शुरुआत तक) के मौसम में काफी अच्छा रहता है. इस दौरान आप कश्मीर के साथ-साथ श्रीनगर के इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन में खिलते हुए ट्यूलिप आपका दिल जीत लेंगे. मुन्नार (केरल) अपने चाय बागानों और हरी-भरी हरियाली के लिए फेमस, मुन्नार बसंत मौसम के दौरान स्वर्ग में बदल जाता है. इस मौसम में यहां का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. आप यहां पहाड़ों के साथ-साथ हरियाली का मजा ले सकते हैं. शिलांग (मेघालय)  ईस्ट स्कॉटलैंड के रूप में जाना जाने वाला शिलांग बसंत ऋतु में काफी अच्छा रहकता है. जब यहां पर रोडोडेंड्रोन और ऑर्किड फूल खिलते हैं पूरा शहर काफी सुंदर दिखने लगता है. कूर्ग (कर्नाटक)  भारत का स्कॉटलैंड कहा जाने वाला कूर्ग अपने कॉफी बागानों और धुंध भरी पहाड़ियों के लिए फेमस है. बसंत के दौरान यहां की पहाड़ियां कॉफी के फूलों की सुगंध और कॉफी की झाड़ियों को ढंकने वाले सफेद फूलों से काफी अच्छी लगती है. गुलमर्ग (कश्मीर) गुलमर्ग में अप्रैल से जून के आसपास आना चाहिए. यह वो मौसम होता है जब यात्रियों को हरे-भरे घास के मैदान और बर्फ से ढकी हुई पहाड़ियां देखने मिलती हैं. बसंत ऋतु में बर्फ पिघलना शुरू हो जाती है जिससे रंग-बिरंगे फूलों का कालीन बिछा हुआ नजर आता है. ऊटी (तमिलनाडु)  नीलगिरि पहाड़ियों में बसा, ऊटी एक फेमस हिल स्टेशन है जो अपने अच्छे मौसम और राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. बसंत ऋतु में यहां के वनस्पति उद्यानों में रंग भरती है जिसमें रोडोडेंड्रोन, ऑर्किड और गुलाब जैसे फूल पूरी तरह खिल जाते हैं

सरकार की उपलब्धियों से लेकर विकसित भारत के रोडमैप तक, पढ़ें वित्त मंत्री के संबोधन की बड़ी बातें

From the achievements of the government to the roadmap of developed India, read the important points of the Finance Minister’s address. नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में अंतरिम बजट पेश किया। इस दौरान बजट भाषण के दौरान उन्होंने बीते 10 वर्षों की सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विकसित भारत के लिए सरकार का रोडमैप भी बताया। आइए जानते हैं उनके भाषण की अहम बातें.. जन कल्याणकारी योजनाएं और विकास के बूते हम लोगों तक पहुंचे उन्होंने कहा कि 10 वर्ष में अर्थव्यवस्था में काफी विकास हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसने तरक्की की है। जब वे प्रधानमंत्री बने, तब कई चुनौतियां मौजूद थीं। सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ सरकार ने इन चुनौतियों का सामना किया। जन कल्याणकारी योजनाएं और विकास के बूते हम लोगों तक पहुंचे। देश को नया उद्देश्य और नई आशा मिली। जनता ने सरकार को फिर बड़े जनादेश के साथ चुना। हमने दोगुनी चुनौतियों को स्वीकार किया और सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र के साथ काम किया। हमने सामाजिक और भौगोलिक समावेश के साथ काम किया। ‘सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ हमने कोरोना के दौर का सामना किया और अमृतकाल में प्रवेश किया। इसके नतीजतन हमारा युवा देश के पास अब बड़ी आकांक्षाएं, उम्मीदें हैं।80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गयासीतारमण ने कहा कि पिछले 10 साल में हमने सबके लिए आवास, हर घर जल, सबके लिए बैंक खाते जैसे कामों को रिकॉर्ड समय में पूरा किया। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गया। अन्नदाताओं की उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया। पारदर्शिता के साथ संसाधनों का वितरण किया गया है। हम असमानता दूर करने का प्रयास किया है, ताकि सामाजिक परिवर्तन लाया जा सके। प्रधानमंत्री के मुताबिक गरीब, महिलाएं, युवा और अन्नदाता, ये ही चार जातियां हैं, जिन पर हमारा फोकस है। उनकी जरूरतें, उनकी आकांक्षाएं हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। 25 करोड़ लोगों को विविध तरह की गरीबी से बाहर निकाला उन्होंने कहा कि गरीब का कल्याण, देश का कल्याण, हम इस मंत्र के साथ काम कर रहे हैं। ‘सबका साथ’ के उद्देश्य के साथ हमने 25 करोड़ लोगों को विविध तरह की गरीबी से बाहर निकाला है। भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लिए काम कर रहे हैं।बड़ी योजनाओं की प्रभावी तरीके से और स समय पूरा किया जा रहा वित्त मंत्री ने कहा कि लोग अच्छे से रह रहे हैं और अच्छी आमदनी कर रहे हैं। बड़ी योजनाओं की प्रभावी तरीके से और ससमय पूरा किया जा रहा है। जीएसटी ने एक देश, एक मार्केट और एक टैक्स की धारणा को मजबूत किया है। गिफ्टी आईएफएससी ने वैश्विक वित्तीय निवेश का रास्ता खोला है। अमृतकाल अमृतकाल के लिए सरकार ऐसी आर्थिक नीतियों को अपनाएं जो टिकाऊ विकास, सभी के लिए अवसरों, क्षमता विकास पर केंद्रित रहेंगी। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के साथ हम सुधारों का अगला चरण शुरू करेंगे। समय पर आर्थिक मदद, प्रासंगिक प्रौद्योगिकी, MSME को सशक्त बनाने जैसे पहुलओं पर नई नीतियों के जरिए काम होगा। हम ऊर्जा सुरक्षा पर भी काम करेंगे। तकनीक नई तकनीकों से कारोबार को मदद मिल रही है। लालबहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। अटलजी ने जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का नारा दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे और विस्तार देते हुए जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान का नारा दिया है। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह स्वर्णिम दौर है। एक लाख करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त या कम ब्याज दर पर कोष वितरित किया जाएगा। इससे दीर्घकालिक वित्तीय मदद दी जाएगी। इससे निजी क्षेत्र को मदद मिलेगी। रेलवे तीन रेलवे कॉरिडोर ऊर्जा, खनिज और सीमेंट के लिए बनाए जाएंगे। पीएम गति शक्ति के तहत इनकी पहचान की गई है। इससे लागत कम होगी और सामान की आवाजाही सुगम होगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से विकास दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। 40 हजार सामान्य बोगियों को वंदे भारत के पैमानों के अनुरूप विकसित किया जाएगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत को बढ़ाया जा सके। विमानन अब देश में 149 विमानतल हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों को ‘उड़ान’ के तहत विस्तार दिया जा रहा है। देश की विमानन कंपनियां एक हजार नए विमान खरीद रही हैं।

बेटियों का जहां सम्मान, वह घर स्वर्ग समान

Where daughters are respected, that home is like heaven. डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) हिंदू परिवार में जब किसी कन्या का जन्म होता है तो अक्सर कहा जाता है, बधाई हो! आपके घर में लक्ष्मी आई है। शास्त्रों में तो यह भी कहा गया है कि बेटी का जन्म पुण्यवान के घर ही होता है। कन्या को न सिर्फ देवी कहा जाता है बल्कि देवी की तरह पूजा भी जाता। लेकिन समाज में ऐसे दानव मौजूद हैं जिनके कारण देवियों के रूप में पूजी जाने वाली बेटियां असुरक्षित हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जानते हैं बालिकाओं की वास्तविक स्थिति और हालात के साथ उनके प्रति होने वाले अपराधों की वास्तविकता। 24 जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। महिला बाल विकास मंत्रालय ने पहली बार 2008 में इस दिवस को मनाने की शुरूआत की थी। इस बार 17वां दिवस है। सवाल उठता है कि आखिर 24 जनवरी को ही यह दिवस क्यों मनाया जाता है? तो इसकी एक खास वजह है। इस दिन का नाता देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा है। इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। देश की बेटी के सर्वोच्च पद तक पहुंचने की उपलब्धि को प्रतिवर्ष याद करने के साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाने और जागरूकता लाने के उद्देश्य से 24 जनवरी का दिन महत्वपूर्ण माना गया। बालिकाओं व महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से उन्हें बचाने और उनके सामने आने वाली चुनौतियों व अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक करना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।कारण स्पष्ट है कि हर साल 60 हजार सें अधिक बच्चे गायब हो जाते हैं, जिनमें बालिकाओं का प्रतिशत अधिक होता है। देश में बालिकाओं के कुछ जोखिम, उल्लंघन और कमजोरियां हैं। जिनका सामना उन्हें केवल इसलिए करना पड़ता है, क्योंकि वे लड़की हैं।यही वजह है कि बालिकाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भी 19 दिसम्बर 2011 को प्रति वर्ष 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की घोषणा की। यह न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित वातावरण के उनके अधिकारों को सुनिश्चित करता है।देश में दो-दो बालिका दिवस मनाए जाने और भारत सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी व्यापक प्रचारित योजना के बावजूद भारत में अन्तरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संकल्पों का लक्ष्य करीब नहीं आ पा रहा है।आज भी इंदिरा गॉधी जैसी कुछ भारतीय महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर शक्तिशाली आवाज उठा रही हैं। भारत ने विश्व को कल्पना चावला जैसी अंतरिक्ष यात्री दी हैं। आज भारत की बेटियां न केवल फाइटर प्लेन चला रही हैं बल्कि युद्ध के मोर्चे पर भी तैनात हैं। चन्द्रयान-3 की सफलता में भी भारत की बेटियों का महत्वपूर्ण योगदान है। बावजूद इसके भारतीय समाज में पितृ सत्तात्मक विचारों, मानदंडों, परंपराओं और संरचनाओं के कारण ज्यादातर बालिकाएं अपने कई अधिकारों का पूरी तरह से उपभोग नहीं कर पा रही हैं। लैंगिक भेदभाव, सामाजिक मानदंडों और प्रथाओं के प्रचलन के कारण, बालिकाओं को बाल विवाह, किशोर गर्भावस्था, घरेलू काम, खराब शिक्षा और स्वास्थ्य, यौन शोषण और हिंसा की संभावनाओं का सामना करना पड़ता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार भारत का कुल लिंगानुपात बढ़कर 1020 कन्या हो गया है। लेकिन यह लैंगिक तरक्की सुविधाभोगी और कथित पढ़े-लिखे जागरूक शहरियों के घरों में नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में हुई है। शहरों में आज भी प्रति हजार बालकों पर बालिकाओं की संख्या 985 ही है। मतलब यह कि शहरों में जहां गर्भावस्था में भ्रूण परीक्षण की सुविधाएं हैं, वहां बालिका भ्रूण अब भी सुरक्षित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में लिंगानुपात संतोषजनक है तो वहां चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। यही वजह है नवजात से लेकर पॉंच साल से कम बच्चों की मृत्यु दर अधिक है। इनमें बालिकाओं का प्रतिशत सर्वाधिक है। इसी सर्वेक्षण के मुताबिक अब भी 18 साल से पहले 23 प्रतिशत किशोरों का विवाह हो जाता है जिनमें बालिकाएं ही अधिक होती हैं। बाल विवाह के कारण 15 से लेकर 19 साल उम्र की 6.8 प्रतिशत बेटियां गर्भवती या माताएं पाईं गईं।अपराध की बात करें तो नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार वर्ष 2022 में कुल 83,350 बच्चे गुम हुए। जिनमें 62,946 बालिकाएं थीं। इन गुमशुदा बालिकाओं में 1,665 का कहीं पता नहीं चला। ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2022 में बच्चों के खिलाफ अपराध के कुल 1 लाख 62 हजार 449 मामले दर्ज हुए । जबकि 2021 में 1,49,404 मामले दर्ज हुए थे। एक साल के अंदर यह वृद्धि 8.7 प्रतिशत थी। पॉस्को एक्ट के तहत यौन अपराध के 39.7 प्रतिशत मामले दर्ज हुए। सबसे ज्यादा 20 हजार 762 मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए। राज्य बाल शोषण के मामले में मध्य प्रदेश में 20 हजार 415 अपराध दर्ज हैं, इनका देश में तीसरा नंबर है। महिलाओं के प्रति अपराध में प्रदेश के हालात ठीक नहीं हैं। सन् 2021 में बालिकाओं से बलात्कार के 37 हजार 511 मामले दर्ज हुये थे। जो 2022 में बढ़कर 38 हजार 30 हो गये। यौन हमलों की संख्या में 3.1 प्रतिशत तथा यौन उत्पीड़न में दशमल शून्य 4 की वृद्धि दर्ज की गयी। महिला पहलवानों द्वारा गत वर्ष लगाया गया यौन उत्पीड़न का मामला लोग भूले नहीं होंगे। पहलवानों ने सरकार पर व्यभिचारी को बचाने का आरोप लगाया था। लड़कियों के खिलाफ अत्याचार करने वालों को राजनीतिक आधार पर माफ करना या उनको बचाना घोर सामाजिक अपराध भी है।इस तरह के आरोप देश के लिए श्राप के समान हैं। हमारा देश तब तक पूरी तरह से विकसित नहीं होगा जब तक कि बालक और बालिकाओं दोनों को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचने के लिए समान रूप से अवसर नहीं दिये जाते। प्रत्येक बच्चा अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का हकदार है, लेकिन उनके जीवन में और उनकी देखभाल करने वालों के जीवन में लैंगिक असमानताएं इस वास्तविकता में बाधा डालती हैं। शिक्षा, जीवन कौशल, खेल और बहुत कुछ के साथ निवेश करके और उन्हें सशक्त बनाकर लड़कियों के महत्व को बढ़ाना महत्वपूर्ण है।लड़कियों के महत्व में वृद्धि करके हम सामूहिक रूप से विशिष्ट परिणामों की उपलब्धि में योगदान दे सकते हैं, कुछ अल्पकालिक व अन्य मध्यम अवधि जैसे बाल विवाह को समाप्त करना … Read more

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह पूर्व रोशनी से जगमगा उठी अयोध्या नगरी

Ayodhya city illuminated with lights before Ram Mandir consecration ceremony अयोध्या में दिवाली जैसा माहौल… प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले रोशनी से नहाए राज सदन, पुराने मंदिर अयोध्या ! अयोध्या के पूर्व राजा का भव्य आवास राज सदन, विभिन्न मंदिर और यहां अन्य इमारतें राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर रोशनी से जगमगा उठी है, जिससे इस मंदिर नगरी में दिवाली उत्सव जैसा माहौल बन गया है। प्राचीन ‘अयोध्या नगरी’ को आकर्षक ढंग से सजाया गया है खासतौर से राम पथ और धर्म पथ की साज-सज्जा देखने लायक है। अयोध्या की गलियों में ‘राम आएंगे’ और ‘अवध में राम आए हैं” जैसी गीतों की गूंज सुनायी दे रही है और मंदिर शहर की इमारतें भगवा ध्वज से पटी पड़ी हैं।‘प्राण प्रतिष्ठा’ के दिन शहर में चकाचौंध रहने की उम्मीद है क्योंकि कई मकान, मंदिर और अन्य इमारतें रोशनी से नहायी हैं। अयोध्या के शाही परिवार का घर रहा राज सदन रोशनी से जगमग है। सैकड़ों लोग, स्थानीय निवासी और दर्शक शनिवार देर रात तक इसके सुशोभित द्वार ‘लक्ष्मीद्वार’ के सामने तस्वीरें या सेल्फी लेने के लिए उमड़ पड़े। प्रवेश द्वार के शीर्ष पर भगवान राम की धनुष और बाण लिए तस्वीर लगायी गयी है और ‘जय श्री राम’ के नारे गूंज रहे। प्रवेश द्वार के मेहराब के नीचे एक झूमर लगाया गया है। यह साज-सज्जा नजदीकी राम पथ से गुजरने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। अयोध्या में 22 जनवरी को दिवाली उत्सव या संभवतः उससे बड़े पैमाने पर उत्सव मनाएँ जाने की उम्मीद है। बेगमपुरा इलाके में कई महीनों पहले खुला लॉज प्रभाराज पैलेस शुक्रवार रात को रोशनी से जगमग हो उठा। अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे।

संस्कृति, सभ्यता और शिल्प का प्रतिमान “ममेत्रि“ 

Model of culture, civilization and craft “Mametri” मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा का स्थापना दिवस आज भारत के संघीय इतिहास में 21 जनवरी की तारीख का खास महत्व है। 1972 में इसी दिन मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के रूप में तीन नये राज्यों का उदय हुआ। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा  यानी “ममेत्रि“ को अस्तित्व में आए पांच दशक हो गए हैं। इन तीनों प्रदेशों की संस्कृति, सभ्यता, रहन, सहन, तीज-त्योहार और  शिल्प लोगों को खासा आकर्षित करता है। गीत-नृत्य और संगीत की तो बात ही निराली है। तीनों राज्यों के स्थापना दिवस पर करते हैं वहां की संस्कृति,सभ्यता और प्रकृति के दर्शन।  डॉ. केशव पाण्डेय अतिथि संपादक ममेत्रि में सबसे पहले बात करते हैं मणिपुर की, छोटा सा अनोखा और अलौलिक राज्य मणिपुर रंगों से जीवंत है और प्राचीन परंपराओं और समृद्ध संस्कृतिक प्रतिमानों का मिश्रण है। राज्य का इतिहास और रीति-रिवाज दुनिया के  लोगों को आकर्षित करती है। आस्था और अंधविश्वास हमेशा विदेशियों को मंत्रमुग्ध करते रहे हैं। कला और संस्कृति के क्षेत्र में, राज्य का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व इसके शास्त्रीय और लोक नृत्य रूपों द्वारा किया जाता है। रासलीला- मणिपुरी शास्त्रीय नृत्य का प्रतीक, राधा-कृष्ण के दिव्य और शाश्वत प्रेम के माध्यम से बुना गया है। यह सुंदर नृत्य कृष्ण और राधा के उदात्त और पारलौकिक प्रेम और भगवान कृष्ण के प्रति गोपी की भक्ति को प्रकट करता है।  त्योहारों की बात करें तो मन में मिठास घुल जाती है। लाई हराओबा एक वासंतिक त्योहार है, जो शांति और समृद्धि के तौर पर पारंपरिक और प्रतीकात्मक नृत्य का प्रतीक है। विविध और रंगीन आदिवासी लोक नृत्य आदिवासी जीवन शैली की प्रकृति, सृजन और सौंदर्यवाद की अभिव्यक्ति हैं। लुई-नगाई-नी जैसे आदिवासी त्योहारों में रंगीन वेशभूषा, नृत्य चाल और अद्वितीय अनुष्ठान बेहद राजसी और आकर्षक होते हैं जो आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेते हैं।  मणिपुर के डोल जात्रा, रथ जात्रा, लाई-हरोबा, रामजन आईडी, कुट, गैंग-नगाई, चुम्फा, चेइराओबा, हेइक्रू हिडोंगबा, लुई-नगाई-नी और क्वाक जात्रा प्रमुख त्यौहार हैं। इन्नाफी और फानेक महिलाओं के लिए सबसे आम मणिपुरी पारंपरिक पोशाक हैं। मीताई महिलाएं एक कपड़ा सिलती हैं जिसे कनाप फानेक कहा जाता है। जिस पर अनेक सुंदर डिज़ाइन होते हैं। ’लाई-फी’ और ’चिन-फी’ अन्य मणिपुरी पारंपरिक पोशाक हैं। सफेद पगड़ी पुरुषों की पसंद है। खमेन चत्पा उच्च वर्ग के पुरुषों द्वारा पहना जाता है। मणिपुर में नृत्य संस्कृति का एक अभिन्न अंग है, और दर्शकों के लिए, यह अपनी गीतात्मक सुंदरता और लय के कारण एक आनंद की अनुभूति है। कहा जाता है कि राजा खुयोई तोमपोक कला और संस्कृति के बहुत बड़े प्रेमी थे और उन्होंने दूसरी शताब्दी ईस्वी में मणिपुरी नृत्य का विकास किया था। 15वीं शताब्दी में वैष्णववाद की शुरुआत के बाद, नृत्य शैली परिचित और बहुत आम होने लगी। रास लीला और राधा-कृष्ण की प्रेम की कहानी सबसे प्रसिद्ध नृत्य शैली है। नुपा पाला यानी कार्तल चोलोम या झांझ नृत्य के नाम से भी जाना जाता है। पंगु चोलोम देवताओं को बुलाने के आव्हान के लिए किया जाता है। यह मणिपुरी सांकृतना संस्कृति की आत्मा है। इशेई गीत का दूसरा रूप है जो पेना नामक संगीत वाद्ययंत्र की मदद से बजाया जाता है। मेघालय : प्राकृतिक सुंदरता का खजाना   प्राकृतिक रूप से मनोरम मेघालय में अनेक गुफ़ाएँ, पर्वत शिखर, बाग़, झील-रिज़ॉर्ट स्थल, ख़ूबसूरत दृश्यावलियाँ, गर्म पानी के सोते और जलप्रपात हैं। प्रमुख पर्यटक स्थल हैं-शिलांग, उमियाम, चेरापूँजी, मॉसिनराम, जाक्रीयम, माईरांग, जोवाई, नार्तियांग, थदलाशीन, तुरा, सीजू और बलपाक्रम राष्ट्रीय उद्यान। मेघालय में ‘का पांबलांग-नोंगक्रेम’ खासियों का एक प्रमुख धार्मिक त्योहार है। पांच दिवसीय यह त्योहार शिलांग से लगभग 11 किमी की दूरी पर स्थित ’स्मित’ नामक गांव में मनाया जाता है। ’शाद सुक मिनसीम’ खासियों का महत्वपूर्ण त्योहार है। जबकि ’बेहदीनखलम जयंतिया’ आदिवासियों का महत्वपूर्ण त्योहार है। गारो आदिवासी सलजोंग (सूर्य देवता) नामक देवता के सम्मान में अक्टूबर-नवंबर में ’वांगला’ नामक त्योहार मनाते हैं। मेघालय के लोग मेहमान नवाज़, खुशमिजाज़ और मिलनसार माने जाते हैं। परंपरागत रूप से, खासी मानते हैं कि उनका धर्म ईश्वर प्रदत्त है और एक सर्वोच्च ईश्वर, निर्माता ’यू ब्लेईनोंगथॉ’ के विश्वास पर आधारित है। खासी धार्मिक प्रवृति के लोग हैं जिन्हें अपने जीवन से असीम प्रेम है। मौजूदा परिवेश में तीनों राज्य वक्त के साथ कदमताल कर रहे हैं और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। त्रिपुरा : लोक संस्कृति की समृद्ध विरासत   भारत का तीसरा सबसे छोटा राज्य है त्रिपुरा। अगरतला इसकी राजधानी है। त्रिपुरा में बंगाली और मणिपुरी समुदायों के साथ-साथ 19 आदिवासी समुदाय हैं। जो त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में योगदान करते हैं। यहां की संस्कृति उस संस्कृति और परंपरा का मिश्रण है जिसका ये समुदाय पालन करते हैं। अपनी संस्कृति और परंपरा में समृद्ध है यह राज्य। प्रत्येक जनजाति की अपनी सांस्कृतिक गतिविधियाँ हैं। उनके पास अपना विशिष्ट नृत्य और संगीत है, जो मुख्य रूप से लोक प्रकृति का है। लोक गीत और नृत्य शादियों, धार्मिक और अन्य त्योहारों जैसे अवसरों पर किए जाते हैं। बिज़ू नृत्य, लेबांग बूमनी नृत्य, गरिया नृत्य, हाई हक नृत्य, झूम नृत्य आदि त्रिपुरा के कुछ महत्वपूर्ण नृत्य और गीत रूप हैं। यह अनेक मेलों और त्योहारों की भूमि भी है। आदिवासी समुदाय साल भर अलग-अलग त्योहार मनाता है। बुइसू या बिसु, गरिया और गजन महोत्सव, होजागिरी, खारची त्यौहार, केर त्यौहार जैसे त्यौहार त्रिपुरा के आदिवासियों द्वारा मनाए जाते हैं। उसी के अनुरूप अन्य गैर आदिवासी समुदाय दुर्गा पूजा, दिवाली, होली और कई अन्य त्योहारों को बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। त्रिपुरा का खान-पान आदिवासी भोजन का प्रतिनिधित्व करता है। व्यंजनों का सबसे महत्वपूर्ण घटक बेरमा है। यह मूल रूप से किण्वित सूखी पुथी मछली है। त्रिपुरा का खाना मुख्यतः बिना तेल के बनाया जाता है। त्रिपुरा अपने बांस और बेंत उत्पादों, हथकरघा और आभूषण उत्पादों के लिए जाना जाता है। त्रिपुरा के लोगों में शिल्पकला का विशेष कौशल है। यहां कई लघु कुटीर उद्योग हैं और अधिकांश लोग विभिन्न प्रकार के हथकरघा और हस्तशिल्प निर्माण में लगे हुए हैं। बांस और बेंत के उत्पाद, पारंपरिक वस्त्र और आभूषण, और अन्य प्रकार के शिल्प निर्माण कला और शिल्प उद्योग की कुछ गतिविधियाँ हैं जिनमें त्रिपुरा के लोग शामिल हैं। 19वीं सदी के मध्य में ईसाईयत के आगमन और उसके साथ जुड़ी नैतिकता ने अनेक जनजातीय और सामुदायिक संस्थाओं … Read more

देश की तकदीर और तस्वीर बदलते युवा ,राष्ट्रीय युवा दिवस आज

Youth changing the fate and image of the countryNational Youth Day today युवा शक्ति की प्रतिभा का दुनिया लोहा मान रही है। डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) भारत की पावन धरा से निकले युवाओं ने विश्व में अपना परचम लहराया है। भारतवर्ष की धरती के कण-कण में देश प्रेम भरा है। देश की गौरवशाली परंपरा, प्रेम, सद्भाव, एकता और सहयोग का विश्व में डंका बज रहा है। युवा शक्ति की प्रतिभा का दुनिया लोहा मान रही है। भविष्य में भारत ही विश्व को दिशा प्रदान करने वाला देश होगा और यह सब संभव होगा युवा शक्ति की सोच और उसके दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर। क्योंकि सदियों से ही देश के युवाओं ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता को विश्व में स्थापित करने का काम किया है। राष्ट्रीय युवा दिवस पर मौजूदा परिवेश में समझिये स्वामी विवेकानंद का जीवन मूल्य। 12 जनवरी को युग प्रवर्तक, ओजस्वी विचारक और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत “स्वामी विवेकानंद” की पावन जयंती को प्रति वर्ष “राष्ट्रीय युवा दिवस” के रूप में मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति को विश्व में स्थापित करने वाले महान आध्यात्मिक गुरु, समाज सुधारक और युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानंदजी की जयंती देश में अपना महत्व रखती है। विवेकानंद जी ने कहा था कि देश का भविष्य पूर्णतः उस देश के युवाओं के सुविचारों और सुदृढ़ कंधो पर निर्भर करता है। उन्हीं से होकर ही किसी देश का विकास क्रम आगे बढ़ता है। देश के युवा जिस आचरण के होंगे, देश भी उसी का अनुगमन करेगा। अतः समयानुसार देश के युवाओं का सही मार्गदर्शन जरूरी है। उन्हीं के आचरण को युवाओं के जीवन में उतारने के लिए 1984 में भारत सरकार द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। 1985 से हर साल इसे मनाया जा रहा है। इस बार 40वां उत्सव है। इस युवा दिवस का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचार और आदर्शों के महत्व को बढ़ावा देना है। हर वर्ष यह दिवस एक विशेष थीम पर मनाया जाता है। युवा दिवस राष्ट्र के ऐसे युवाओं को समर्पित है, जो भारत को बेहतर भविष्य देने की क्षमता रखते हैं और इसके लिए कार्य करते हैं। वर्ष 2024 में राष्ट्रीय युवा दिवस की थीम “इट्स ऑल इन द माइंड“ यानी सब कुछ आपके दिमाग में है रखी गई है। सरल भाषा में कहा जाए तो यदि किसी युवा ने कुछ करने की ठान ली है तो फिर पूरा करने से उसे कोई रोक नहीं सकता।12 जनवरी 1863 में कलकत्ता में जन्में नरेंद्र दत्त 25 साल की उम्र में ही सांसारिक मोह माया को त्याग कर सन्यास धारण कर स्वामी विवेकानंद बने। वे वेदांत के विख्यात और प्रभावी आध्यात्मिक गुरु थे।स्वामी विवेकानंद के विचार, दर्शन और अध्यापन भारत की महान सांस्कृतिक और पारंपरिक संपत्ति हैं। उनका दर्शन, जीवन, कार्य एवं उनके आदर्श भारतीय युवकों के लिए प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। स्वामीजी एक महान इंसान ही नहीं, वरन एक युग पुरूष थे, जिन्होंने हमेशा देश की ऐतिहासिक परंपरा को सुदृढ़ बनाने और सही नेतृत्व करने के लिए युवा शक्ति पर विश्वास किया।उनका मानना था कि भारत को विकासित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं की अनन्त ऊर्जा को जागृत कर उन्हे विभिन्न कार्य क्षेत्रों में प्रयोग कर सफलता प्राप्त करने के लिए एक निश्चित चुनौती का पीछा करना अनिवार्य है। जो उन्हें निरंतर सफलता के मार्ग की ओर अग्रसर करती रहेगी। क्योंकि युवाओं का देश कहे जाने वाले भारत में युवा शब्द से ही उत्साह, स्फूर्ति और सक्रियता जैसे गुणों का बोध होता है। उन्हांने शारीरिक बल नहीं बल्कि मानसिक बल को युवा शक्ति का केन्द्र माना। उनका मानना था कि युवा होने की परिपूर्णता उसमें है, जिसमें बिना रुके और बिना थके संघर्ष करने का जज्बा हो। उन्होंने युवाओं के दिल में अपने कार्य करने के लिए जो आग फूंकी वो आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।हिंदू धर्म की विचारधाराओं को पुनर्जीवित करने के साथ ही औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन के दौरान देश में राष्ट्रवादी उत्साह पैदा किया। इससे वे दुनिया भर में लोकप्रिय हुए।स्वामी विवेकानंद को धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान और साहित्य का ज्ञाता कहा जाता है। शिक्षा के साथ ही वे भारतीय शास्त्रीय संगीत का भी ज्ञान रखते थे। उनके विचार और कार्य आज के समय में भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने युवाओं को खुद पर विश्वास करना सिखाया। क्योंकि जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।11 सितंबर 1893 में अमेरिका में आयेजित धर्म संसद में विवेकानंद ने भाषण देते हुए हिंदी में कहा अमेरिका के भाइयों और बहनों… उनके यह कहते ही आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो में पूरे दो मिनट तक तालियां बजती रहीं। इसे भारत के इतिहास में गर्व और सम्मान की घटना के तौर पर जाना जाता है। देश का हर युवा स्वामी विवेकानंद के दार्शनिक विचारों व भाषणों को सुनने के बाद प्रभावित हुए बगैर नहीं रह सकता है। उन्होंने भारत को विश्व मंच से अपने भाषणों के द्वारा गौरान्वित किया था। आध्यात्म चिंतन, देशप्रेम को सही अर्थों में समझाया। उन्होंने कहा था कि भारत युवाओं का देश है और इस देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत स्वामी जी के अलावा और कोई नहीं हो सकता है।युवा वह है, जो देश का भविष्य बदलने की क्षमता रखता है। जिसके अंदर नेतृत्व करने की क्षमता हो, लोगों को सही मार्ग पर लाने का काम करने वाला ही युवा कहलाता है। स्वामी जी कहते थे युवा वो होता है, जो बिना अतीत की चिंता किए अपने भविष्य के लक्ष्यों की दिशा में काम करता है। हर इंसान को कभी न कभी अकेले ही शुरूआत करनी होती है, इसलिए किसी भी काम को करने से घबराना नहीं चाहिए। अगर आपकी नीयत साफ, इरादे स्पष्ट और हांसले बुलंद हैं, तो आपके साथ अपने आप ही लोग जुड़ने लगते हैं। युवा जब ठान लेता है, तो कुछ भी कर सकता है। ऊर्जा से भरा युवा देश के हर कोने में मौजूद है। कोई पहाड़ों से निकलने वाले छोटे झरनों से बिजली बना रहा है, कोई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दुनिया का सबसे ऊॅचा रेलवे पुल बनाकर इतिहास रच रहा है। अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करके लोगों का भला … Read more

विमान नए नियम आने के बाद पायलट भरेंगे खुशी की उड़ान

विमान नए नियम आने के बाद पायलट भरेंगे खुशी की उड़ान डीजीसीए ने उड़ान ड्यूटी अवधि को 13 घंटे से घटाकर 10 घंटे किया भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता विमानन बाजार  बेंगलुरु। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने फ्लाइट क्रू दल के लिए अनिवार्य साप्ताहिक आराम की अवधि को 36 घंटों से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया है। इस बारे में पायलट की थकान को लेकर मंत्रालय को काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं। दरअसल, पायलट के बीच थकान को लेकर बढ़ती चिंताओं को देखते हुए डीजीसीए ने नवंबर 2023 में उनके लिए आराम के अधिक समय सहित फ्लाइट क्रू दल के ड्यूटी समय को नियंत्रित करने वाले मानदंडों में विभिन्न बदलावों का प्रस्ताव रखा था।  डीजीसीए ने रात में काम करने वाले पायलटों के लिए अधिकतम उड़ान ड्यूटी अवधि को 13 घंटे से घटाकर 10 घंटे कर दिया है। साथ ही रात के संचालन के दौरान उड़ानों लैंडिंग की संख्या छह से घटाकर दो तक सीमित कर दी। नए नियम अमेरिका-यूरोपीय के नियमों से मेल खाते हैंनागरिक उड्डयन महानिदेशालय के संशोधित नियम अमेरिका और यूरोपीय संघ के नियमों से मेल खाते हैं। वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ये परिवर्तन अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के मुताबिक हैं, यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत के पास आवश्यक शस्त्रागार हो, क्योंकि यह भविष्य में सबसे बड़े घरेलू विमानन बाजार का खिताब हासिल करने के लिए तैयार है।

22 जनवरी को होगा राम मंदिर का उद्घाटन, इससे पहले गर्भ गृह की फोटो आई सामने.

The inauguration of the Ram Temple will take place on January 22, and before this, a photo of the sanctum sanctorum has been revealed. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य जोरों पर है। जिसका उद्घाटन आने वाले नए साल यानी साल 2024 में 22 जनवरी को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। The construction work of the Ram Temple in Ayodhya is in full swing. Its inauguration is set to take place on January 22, 2024, by the Prime Minister of the country, Narendra Modi, in the upcoming new year.” इसके प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी भी तेज हो चुकी है। मंदिर के लोकार्पण को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है। जगह-जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं, आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था की जा रही है। इसी बीच मंदिर के गर्भगृह की पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई है। बता दें कि इन तस्वीरों को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और महासचिव चंपत राय ने अपने ऑफिशियल पेज एक्स (ट्वीटर पहले) पर शेयर किया है। महासचिव ने लिखी ये बातेंदरअसल, राम मंदिर ट्रस्च के महासचिव चंपत राय ने फोटोज शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “भगवान श्री रामलला का गर्भ गृह स्थान लगभग तैयार हो चुका है। हाल ही में लाइटिंग और फिटिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। जिसकी कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूं।” इस तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दीवार और गुंबद पर शानदार नकाशी की गई है जो भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। कितना प्रतिशत कार्य हो चुका है पूरा?मंदिर के निर्माण कार्य को लेकर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि 95% कार्य पूरा कर लिया गया है और बाकी के कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। बता दें कि 22 जनवरी को मंदिर परिसर समेत पूरे शहर में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी। जिसका सीधा लाइव प्रसारण किया जाएगा। इस दौरान भजन, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का भी प्रसारण होगा। इस भव्य समारोह के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएगी ताकि भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। वहीं, मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पुजारी को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। राम भक्त इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्वभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे।

भ्रष्टाचार दुःख का कारण, दंड ही इसका निवारण.

Corruption is the cause of sorrow; punishment is the solution to its elimination. काटनी होगीं भ्रष्टाचार की मजबूत होती जडेमहिला असिस्टेंट इंजीनियर करोड़ों के भ्रष्टाचार में फंसी…नगर निगम का अफसर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा …महिला सब इंस्पेक्टर का रिश्वत लेने का वीडियो वायरल…बाबू ने मांगी रिश्वत… रिश्वत लेने और भ्रष्टचार से जुड़े अनेक मामलों की ऐसी खबरें आए दिन समाचार-पत्रों की प्रमुख हेडलाइंस होती हैं। जिन्हें पढ़कर और सुनकर लगता है कि मानों आज भ्रष्ट आचरण वाले अधिकारी और कर्मचारी नियम विरुद्ध कार्य कर बनाई व्यवस्था को ध्वस्त कर तंत्र को दीमक की तरह चाट रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस पर पढ़िए मौजूदा परिवेश में जड़ जमाते भ्रष्टाचार की हकीकत को दर्शाती खास रिपोर्ट। डॉ. केशव पाण्डेय अंतराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस आज भ्रष्टाचार@भ्रष्ट+आचार : भ्रष्ट यानी बुरा या बिगड़ा हुअ…आचार का मतलब आचरण… अर्थात भ्रष्टचार का शाब्दिक अर्थ है वह आचरण जो किसी भी प्रकार से अनैतिक और अनुचित हो। जब कोई न्याय व्यवस्था के मान्य नियमों के विरुद्ध जाकर अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए गलत आचरण करने लगता है तो वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है।मौजूदा दौर में भ्रष्टाचार एक जटिल सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समस्या है, जो सभी देशों को प्रभावित करती है। भ्रष्टाचार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर आर्थिक विकास को धीमा करता है और सरकारी अस्थिरता में योगदान देता है।भ्रष्टाचार वर्तमान में एक नासूर बनकर समाज को खोखला करता जा रहा है। धर्म का नाम लेकर लोग अधर्म को बढ़ावा दे रहे हैं। दोषी व अपराधी धन के प्रभाव में स्वच्छंद घूम रहे हैं। धन-बल का प्रदर्शन, लूट-पाट, तस्करी आदि आम बात हो गई है। भ्रष्टाचार का समाज और राष्ट्र में व्यापक असर हो रहा है।भ्रष्टाचार ऐसा अनैतिक आचरण है, जिसमें व्यक्ति खुद की छोटी इच्छाओं की पूर्ति हेतु देश को संकट में डालने से परहेज नहीं करता है। देश के भ्रष्ट नेताओं द्वारा किया गया घोटाला ही भ्रष्टाचार नहीं है अपितु एक ग्वाले द्वारा दूध में पानी मिलाना भी भ्रष्टाचार का स्वरूप है।सोने की चिड़िया कहे जाने वाले देश में आज भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत होती जा रही हैं। दुनियाभर में पीढ़ियों के सामने भ्रष्टाचार एक सबसे बड़ी चुनौती है। यही चुनौती दुनिया भर के लोगों की समृद्धि और स्थिरता को खतरे में डाल रही है। क्योंकि आज अधिकांश लोग अवैध तरीकों से धन अर्जित करने की चाह में भ्रष्टाचार कर रहे हैं और निजी लाभ के लिए देश की संपत्ति का शोषण। यह देश की उन्नति के पथ पर सबसे बड़ा बाधक तत्व है। व्यक्ति के व्यक्तित्व में दोष निहित होने पर देश में भ्रष्टाचार की मात्रा बढ़ रही है।यही वजह है कि भ्रष्टाचार का समाज के हर पहलू पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और यह संघर्ष और अस्थिरता के साथ गहराई से जुड़ रहा है। जो सामाजिक और आर्थिक विकास को खतरे में डालकर लोकतांत्रिक संस्थानों और कानून के शासन को कमजोर कर रहा है।भ्रष्टाचार न केवल संघर्ष का कारण बनता है, बल्कि अक्सर इसके मूल कारणों में से एक है। यह कानून के शासन को कमजोर करके, गरीबी को बदतर बनाकर, संसाधनों के अवैध उपयोग को सुविधाजनक बनाकर और सशस्त्र संघर्ष के लिए वित्तपोषण प्रदान करके संघर्ष को बढ़ावा देता है और शांति प्रक्रियाओं को रोकता है।हैरान करने वाली बात यह है कि देश का दिल कहे जाने वाला मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार के मामले में चौथे नंबर पर है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 2022 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 294 मामले पंजीबद्ध हुए थे।प्रदेश में रिश्वत लेने के मामले सबसे ज्यादा हैं। इनमें लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू के पास 257 मामले आए। ट्रेप के मामले में भी प्रदेश तीसरे पायदान पर है। अनुपातहीन संपत्ति के मामले में भी पिछले वर्ष 2022 में 17 मामले दर्ज हुए थे। इस मामले में प्रदेश का पांचवा नंबर है।भ्रष्टाचार के बढ़ते संकट को दृष्टिगत रखते हुए संयुक्त राष्ट्र भ्रष्टाचार विरोधी और शांति, सुरक्षा और विकास के बीच महत्वपूर्ण संबंध को उजागर करना चाहता है। इसके मूल में यह धारणा है कि इस अपराध से निपटना हर किसी का अधिकार और जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति और संस्था के सहयोग और भागीदारी से ही हम इस अपराध के नकारात्मक प्रभाव पर काबू पा सकते हैं। राज्य, सरकारी अधिकारी, सिविल सेवक, कानून प्रवर्तन अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज, शिक्षाविद, जनता और युवा सभी को समान रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ दुनिया को एकजुट करने में भूमिका निभानी होगी।क्योंकि भ्रष्टाचार वह दीमक है जो अंदर ही अंदर देश को खोखला कर रहा है। यह व्यक्ति के व्यक्तित्व का आईना है जो यह दिखाता है व्यक्ति लोभ, असंतुष्टि, आदत और मनसा जैसे विकारों के वजह से कैसे मौके का फायदा उठा सकता है।भ्रष्टाचार होने का प्रमुख कारण देश का लचीला कानून है। पैसे के दम पर ज्यादातर भ्रष्टाचारी बाइज्जत बरी हो जाते हैं, अपराधी को दण्ड का भय नहीं होता है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि भ्रष्टाचारियों को कठोर से कठोर दंड मिले।यदि सतत विकास लक्ष्यों में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करना है तो भ्रष्टाचार को रोकना, पारदर्शिता को बढ़ावा देना और संस्थानों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है। कह सकते हैं कि समाज व राष्ट्र की उन्नति और लोगों की तरक्की के लिए भ्रष्टाचार की मजबूत होती जड़ों को समूल काटना होगा।

चाइना के यूरिया से भारत बनेगा आत्मानिर्भर ,जानिए पूरी कहानी.

India will become self-reliant in urea production with China’s assistance – learn the entire story. नई दिल्ली: चाइना से आया यूरिया, बोरी पे लिखा आत्मानिर्भर भारत, जानिए पूरी कहानी – यूरिया की एक बोरी की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह बोरी का फोटो दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी कंपनी इफको (इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड) का है। इस फोटो में यूरिया की बोरी पर एक ओर लिखा है ‘सशक्त किसान-आत्मनिर्भर भारत’ और वही दूसरी ओर इस खाद का उद्गम स्थल चाइना को बताया गया है। इसी भ्रम को लेकर इस बोरी की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसी बीच इफको के एमडी डॉ. यूएस अवस्थी ने इस वायरल फोटो पर टिप्पणी की हैं। डॉ. अवस्थी ने इस वायरल की जा रही फोटो को भ्रामक बताते हुए कहा कि ऐसा करने वाले लोगो के पास समझ का अभाव हैं। वैसे आजकल एआई के समय में तकनीकी तौर पर देखा जाए तो बहुत हद तक डॉ. अवस्थी की बात सही भी हैं। भारत में 30 मिलियन टन यूरिया उत्पादन की क्षमता है, जिसमें से 90% उत्पादन क्षमता का उपयोग किया जाता है। यूरिया की बाकि जरूरतो के लिए उर्वरक कंपनियां दूसरे देशों से आयात करती हैं। ये जानना जरूरी हैं कि भारत अभी तक आत्मनिर्भर नहीं हैं लेकिन भारत सरकार 2025-26 तक य़ूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर होने की कोशिश कर रहा हैं। आत्मनिर्भर भारत-सशक्त किसान‘ का नाराआत्मनिर्भर भारत-सशक्त किसान’ का नारा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक विकास योजनाओं के लिए इस नारे का इस्तेमाल किया और इसे लोकप्रिय बनाया। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की प्रमुख कड़ी है आत्मनिर्भर किसान। श्री नरेंद्र मोदी ने ‘सशक्त और समृद्ध किसान, आत्मनिर्भर भारत’ की पहचान बताई है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत, देश के कृषि क्षेत्र को मज़बूत करने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। इन प्रयासों से देश के किसान लाभान्वित हो रहे हैं और सशक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं। दरअसल, भारत लंबे समय से खेती-किसानी में अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए रासायिन‍क उर्वरकों का दूसरे देशों से आयात कर रहे हैं। जिसमें यूरिया का आयात सबसे अधिक है। भारत आजादी के 75 साल बाद भी हम उर्वरकों के उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर नहीं हो सका हैं. लेकिन, अब उस रास्ते पर चल रहे हैं जिसमें आयात को कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। काफी हद तक इसमें सफलता भी मिली है। सरकार कृषि क्षेत्र की मांग को पूरा करने के लिए साल दर साल मजबूरी में खाद का आयात कर रही है।

सीएम के सलाहकार और पूर्व आईएएस केसरी अडानी की कंपनी में बने एडवाइजर.

Advisors to the Chief Minister and former IAS officer Kesari Adani are appointed as advisors in Adani’s company. भोपाल। मप्र के सीनियर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आईसीपी केशरी ने अडानी ग्रुप ज्वाइन कर लिया है। वह ग्रुप के एनर्जी सेक्टर को देखेंगे और वहां एडवाइजर की भूमिका में रहेंगे। केशरी ने ग्रुप ज्वाइन कर लिया है। केशरी का शासकीय अधिकारी के तौर पर एनर्जी सेक्टर में करीब दस साल का अनुभव रहा है और वह इस विभाग में प्रमुख सचिव, एसीएस स्तर के अधिकारी रहे हैं। केंद्र में भी उन्होंने इस सेक्टर में काम किया है। केशरी के रिटायरमेंट के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें दिसंबर 2022 में मीडिया सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया था। करीब एक साल इस पद पर काम करने के बाद उन्होंने हाल ही में आचार संहिता लगने के पहले 30 नवंबर को यह पद त्याग दिया था और इसके बाद ग्रुप में ज्वाइनिंग की उनकी प्रक्रिया शुरू हो गई थी। केशरी 1988 बैच के अधिकारी है और एनर्जी सेक्टर में उनके काम का लंबा अनुभव रहा है। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान करीब साढ़े पांच साल तक वह ऊर्जा मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी (थर्मल) रहे। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और मप्र भवन, नई दिल्ली के आवासीय आयुक्त रहे आईसीपी केशरी बाद में मुख्य सचिव के वेतनमान पर पदोन्नत के बाद अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा भी रहे।केशरी आईएएस एमपी के साथ मप्र, छग और केंद्र में ग्रासरूट एंड पॉलिसी लेवल का अनुभवी अधिकारी बताया है। खासकर इन्फ्रा-पॉवर, रोड, एरिगेसन सेक्टर में। साथ ही लिखा है ज्वाइन्ड एनर्जी ग्रुप।

भारतीय नौसेना दिवस आज, जानें इस दिन का इतिहास

Indian Navy Day 2023: आज के समय में दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में भारतीय सेना का नाम लिया जाता है। इसके पीछे की वजह है कि, भारत की तीनों सेनाएं थल, वायु और जल सेना हर तरफ से देश की सुरक्षा में तत्पर है। अगर इतिहास के पन्नों को उठा कर देखें तो भारत की सेनाओं ने हर जगह दुश्मनों को पस्त किया है। यही वजह है कि दुश्मन की सेना, भारतीय सेना के नाम से थर-थर कांपती है। जिस तरह से जमीन और हवा में भारतीय सेना के सैनिक मुस्तैद रहते हैं, ठीक उसी तरह से देश की सुरक्षा में जल सेना का भी बड़ा हाथ है। भारतीय नौसेना के जवान, जिन्हें हम जल प्रहरी कह सकते हैं, वह जल मार्ग की सुरक्षा में मुस्तैद रहते हैं। ऐसे में उनके इसी योगदान को सलाम करने के लिए हम 4 दिसंबर के दिन नौसेना दिवस मनाते हैं। इस दिन को मनाने की शुरुआत तब से हुई थी, जब 1971 में भारत पाक के युद्ध में भारतीय जल सेना ने देश को जीत दिलाई। इसी एतिहासिक दिन हर साल नोसेना दिवस मनाया जाता है। दुनिया की टॉप 10 नौसेना में से एक है भारतीय नौसेना भारतीय नौसेना दुनिया की टॉप 10 नौसेना में से एक है और इसका स्थान सातवें नंबर पर आता है. यह दक्षिण एशिया की सबसे शक्तिशाली नौसेना है. भारतीय शस्त्र सेना में तीन प्रभाग होते हैं- भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना. भारतीय थल सेना हमारी धरती की रक्षा करती है. नौसेना पानी में रक्षा करती है और वायुसेना आकाश में हमारी रक्षा करती है. आधुनिक भारतीय नौसेना की नींव 17वीं शताब्दी में रखी है. ईस्ट इंडिया कंपनी ने समुद्री सेना के रूप में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना की और 1934 में रॉयल इंडियन नेवी की स्थापना हुई. न झुकने दिया तिरंगे को, न युद्ध कभी ये हारे हैं,भारत माता तेरे वीरों ने दुश्मन चुन-चुन के मारे हैं।

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