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3 बजे तक 49.20% मतदान, पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक हुई वोटिंग

49.20% polling till 3 pm, highest voting in West Bengal लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण में 8 राज्यों की 58 सीटों पर शुक्रवार को मतदान हो रहा है। इसके बाद 1 जून को आखिरी चरण के साथ ही वोटिंग का क्रम सम्पन्न हो जाएगा। इसके बाद देश को 4 जून को इंतजार रहेगा, जब मतगणना होगी।लोकसभा चुनाव का यह छठा चरण भाजपा के लिए अहम है। 2019 में इस 58 सीटों में से कांग्रेस एक पर भी जीत दर्ज नहीं कर पाई थी, जबकि भाजपा ने 40 सीट जीती थी। इस रिकॉर्ड को बनाए रखना भाजपा के लिए चुनौती होगी। इस चरण में दिल्ली और हरियाणा की सभी सीटों पर मतदान सम्पन्न हो जाएगा। छठे चरण में 3 बजे तक पश्चिम बंगाल में 70.19% हुआ मतदान, यूपी में कम हो रही वोटिंग यूपी: 43.95% ओडिशा: 48.44% जम्मू कश्मीर: 44.41% झारखंड: 54.34% पश्चिम बंगाल: 70.19% बिहार: 45.21% दिल्ली एनसीआर: 44.58% हरियाणा: 46.26%

भीषण गर्मी के बीच छठे चरण में 58 सीटों पर वोटिंग आज 

Voting for 58 seats in the sixth phase today amid scorching heat लोकसभा चुनाव 6 फेस में 11.13 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान   इस चरण में 11.13 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 5.84 करोड़ पुरुष, 5.29 करोड़ महिला और 5,120 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।  नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण में 8 राज्यों की 58 सीटों पर शुक्रवार को मतदान हो रहा है। इसके बाद 1 जून को आखिरी चरण के साथ ही वोटिंग का क्रम सम्पन्न हो जाएगा। इसके बाद देश को 4 जून को इंतजार रहेगा, जब मतगणना होगी। लोकसभा चुनाव का यह छठा चरण भाजपा के लिए अहम है। 2019 में इस 58 सीटों में से कांग्रेस एक पर भी जीत दर्ज नहीं कर पाई थी, जबकि भाजपा ने 40 सीट जीती थी। इस रिकॉर्ड को बनाए रखना भाजपा के लिए चुनौती होगी। इस चरण में दिल्ली और हरियाणा की सभी सीटों पर मतदान सम्पन्न हो जाएगा।  किन-किन राज्यों में मतदान  इस चरण में दिल्ली और हरियाणा की सभी सीटों पर चुनाव होगा। उत्तर प्रदेश की 14, बिहार की आठ, झारंखड की चार, ओडिशा की छह, बंगाल की आठ और जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग-राजौरी सीट पर भी वोट डाले जाएंगे है। 

भारत में इलाज कराने आए बांग्लादेश के सांसद लापता 

Bangladesh MP who came to India for treatment missing पुलिस ने दर्ज की गुमशुदगी की शिकायत कोलकाता । भारत में इलाज कराने के लिए आए बांग्लादेश के एक सांसद अनवरुल अजीम लापता हो गए हैं। बताया गया है कि वे 11 मई को इलाज कराने पश्चिम बंगाल पहुंचे थे। इसके बाद वे अचानक ही गायब हो गए। उनकी आखिरी ज्ञात लोकेशन कोलकाता के राजरहाट में स्थित संजीवा गार्डन्स थी। पुलिस ने इस मामले में शिकायत मिलने के बाद गुमशुदगी का केस दर्ज कर लिया है।

300 से ज्यादा लोग संक्रमित ,भारत में पैर पसार रहा कोरोना का नया वेरिएंट

More than 300 people infected, new variant of Corona is spreading in India भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकॉग) 30 दिसंबर 2020 को भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया था, जो जीनोम सीक्वेंसिंग प्रयोगशालाओं का एक राष्ट्रीय बहु-एजेंसी कंसोर्टियम है। नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के एक नए वेरिएंट ने फिर पैर पसारना शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी है कि कोविड-19 के सब वैरिएंट KP.2 से 290 लोग संक्रमित हुए हैं, वहीं दूसरी ओर KP.1 वेरिएंट के कारण 34 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। आपको बता दें कि बीते दिनों इन दोनों वेरिएंट के कारण ही सिंगापुर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई थी और अब इस वेरिएंट के मामले भारत में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना वायरस के ये दोनों ही वेरिएंट JN-1 वेरिएंट के सब वेरिएंट हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, इन दोनों वेरिएंट से संक्रमित लोगों में ज्यादा गंभीर लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, इसलिए चिंतित होने का कोई कारण नहीं है। मिली जानकारी के मुताबिक, केपी.1 के कुल 34 मामले 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में देखने को मिले हैं। सबसे ज्यादा 23 संक्रमित बंगाल में दर्ज किए गए। इसके अलावा गोवा में 1, गुजरात में 2, हरियाणा में 1, महाराष्ट्र में 4, राजस्थान में 2 और उत्तराखंड में 1 मामला सामने आया है। केपी.2 सब वेरिएंट से 290 लोग संक्रमित हुए हैं, जिनमें सबसे अधिक 148 मामले सिर्फ महाराष्ट्र में ही मिले हैं। इस वेरिएंट के दिल्ली में 1, गोवा में 12, गुजरात में 23, हरियाणा में 3, कर्नाटक में 4, मध्य प्रदेश में 1, ओडिशा में 17, राजस्थान में 21, उत्तर प्रदेश में 8, उत्तराखंड में 16 और बंगाल में 36 लोग संक्रमित हुए। इंसाकॉग ने कहा है कि इस नए वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है। हम हर परिस्थिति और चुनौती से लड़ने के लिए सक्षम हैं। आपको बता दें कि भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकॉग) 30 दिसंबर 2020 को भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया था, जो जीनोम सीक्वेंसिंग प्रयोगशालाओं का एक राष्ट्रीय बहु-एजेंसी कंसोर्टियम है। शुरुआत में इस कंसोर्टियम में 10 प्रयोगशालाएं जुड़ी थी, लेकिन अब इसके तहत 28 प्रयोगशालाएं हैं, जो सार्स-कोव-2 में हुई जीनोमिक विविधताओं पर निगाह रखती है। सिंगापुर में इस वेरिएंट की चली थी लहर गौरतलब है कि हाल ही के दिनों में कोविड-19 के इस वेरिएंट की लहर सिंगापुर में देखने को मिली थी। 5 से 11 मई के बीच केपी.1 और केपी.2 सब वेरिएंट से संक्रमण के 25,900 मामले सिंगापुर में दर्ज किए गए थे।

हरियाणा में BJP कि बड़ी मुश्किलें सरकार से ,तीन निर्दलीय विधायकों ने वापस लिया समर्थन

BJP faces big problems in Haryana, three independent MLAs withdraw support from the government हरियाणा में नायब सिंह सैनी सरकार से तीन निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया है। सरकार के सामने बहुमत साबित करने का संकट आ गया है। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार अल्पमत में आ चुकी हैं। चंडीगढ़ । हरियाणा में भाजपा सरकार संकट में आ गई है। राज्य में नायब सिंह सैनी की सरकार से 3 निर्दलीय विधायकों से सरकार ने समर्थन वापस ले लिया है। विधायक रणधीर गोलन, धर्मपाल गोंदर व सोमवीर सांगवान ने कांग्रेस को समर्थन दे दिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस्तीफा मांग लिया है। कुछ (निर्दलीय) विधायकों का हरियाणा सरकार से समर्थन वापस लेने और कांग्रेस को समर्थन देने की खबरों के बारे में हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुझे यह जानकारी मिली है। शायद कांग्रेस कुछ लोगों की इच्छाओं को पूरा करने में लगी हुई है। अब कांग्रेस को जनता की इच्छाओं से कोई लेना-देना नहीं है।

कांग्रेस की चौथी लिस्ट जारी, 45 नामः दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से उतरा मैदान में

Congress’s fourth list released, 45 names: Digvijay Singh fielded from Rajgarh अब तक 184 उम्मीदवारों का ऐलानलोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार देर रात चौथी लिस्ट जारी की। इसमें 12 राज्यों के 45 नाम हैं। मध्यप्रदेश से 12, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र 4, तमिलनाडु से 7, मणिपुर 2, मिजोरम से एक, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से 2-2, छत्तीसगढ़, अंडमान निकोबार और असम से एक-एक उम्मीदवार का ऐलान किया। अब तक पार्टी 183 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह को राजगढ़ से टिकट दी गई है। वहीं वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ अजय राय को उतारा गया है।

CM अरविंद केजरीवाल जेल में रहकर चलाएंगे सरकार, डरे हुए तानाशाह का “कायराना” कृत्य , जीतू पटवारी

CM Arvind Kejriwal will run the government while in jail संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो घंटे से अधिक समय तक चली तलाशी और पूछताछ के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। यह पहला ऐसा मामला है जब कोई मुख्यमंत्री, पद पर रहते हुए गिरफ्तार हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब दिल्ली में आम आमदी पार्टी की सरकार का क्या होगा। यानी कौन सरकार चलाएगा। इसको लेकर आम आमदी पार्टी का स्पष्ट स्टैंड है कि अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। यानी वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार देर शाम ईडी की टीम भारी फोर्स के साथ केजरीवाल के घर पहुंची थी। यहां तलाशी और पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। यह पहला ऐसा मामला है जब कोई मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए गिरफ्तार हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब दिल्ली में आम आमदी पार्टी की सरकार का क्या होगा। यानी कौन सरकार चलाएगा। इसको लेकर आम आमदी पार्टी का स्पष्ट स्टैंड है कि अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। यानी वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे।दरअसल, 2 नवंबर से 21 मार्च के बीच ईडी ने अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए 9 समन भेजे थे। लेकिन केजरीवाल कोई ना कोई बहाना बनाकर ईडी के सामने पेश नहीं हो रहे थे। वहीं जब उन्हें 9वां समन मिला तो वह इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे थे। उनके द्वारा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की गई थी कि अगर वह पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश होते हैं तो उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा दी जाए। हालांकि हाईकोर्ट से केजरीवाल को राहत नहीं मिली। गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।अब इस सवाल पर आते हैं कि क्या गिरफ्तारी के बाद अब अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चला सकते हैं? और क्या वो अब भी मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं? देश में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो किसी पार्टी और मुख्यमंत्री को जेल से सरकार चलाने से रोकता हो। भारत के संविधान में भी इस पर स्थिति को स्पष्ट नहीं किया गया है। कानून में ये बताया गया है कि दोषी साबित होने से पहले कोई भी नेता जेल में रहते हुए मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक बने रह सकता है और जेल से सरकार को भी चला सकता है। इस हिसाब से अभी अरविंद केजरीवाल को जेल से दिल्ली की सरकार चलाने में कानूनी रूप से कोई परेशानी नहीं होगी।

चुनावी बॉन्ड की पूरी जानकारी का खुलासा करें, सुप्रीम कोर्ट ने SBI को खूब सुनाया

Supreme Court tells SBI to disclose complete details of electoral bonds नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तीसरी बार SBI को फटकार लगाई। उसे चुनिंदा रवैया न अपनाने और 21 मार्च तक चुनावी बॉन्ड स्कीम से जुड़ी सभी जानकारियों का पूरी तरह खुलासा करने को कहा। इसके मुताबिक, SBI को यूनिक बॉन्ड नंबर्स बताने होंगे, जिससे खरीदार और उसे भुनाने वाले राजनीतिक दल के बीच संबंध का खुलासा होगा। चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि SBI को सभी जानकारियों का पूरी तरह खुलासा करना होगा। निर्वाचन आयोग को ये जानकारियां तुरंत अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होंगी। 21 मार्च तक सारी जानकारी देंकोर्ट ने कहा, ‘आदेश को पूरी तरह से प्रभावी बनाने और भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए SBI के चेयरमैन और MD 21 मार्च को शाम 5 बजे से पहले एक हलफनामा दाखिल कर ये बताएं कि बॉन्ड की सभी जानकारियों का खुलासा कर दिया है और कोई भी जानकारी छिपाई नहीं है।’ SBI की ओर से पेश हुए वकील हरीश साल्वे ने कहा कि बैंक को उसके पास मौजूद सभी जानकारियों का खुलासा करने में कोई आपत्ति नहीं है। सोशल मीडिया पर हम पर भी कमेंट होते हैं: CJIसुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम पर भी सोशल मीडिया और प्रेस में कमेंट किए जाते हैं। एक बार जब अदालत फैसला सुना देती है, तो यह देश की प्रॉपर्टी बन जाता है और बहस के लिए खुला होता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र ओर से कहा, ‘बेबुनियादी बयानबाजी शुरू हो गई हैं। कोर्ट में पेश लोगों ने प्रेस को इंटरव्यू देना, कोर्ट को जानबूझकर शर्मिंदा करना शुरू कर दिया है।’ इस पर CJI ने कहा, ‘जज होने के नाते हम संविधान के मुताबिक फैसला करते हैं। हम कानून के मुताबिक काम करते हैं। हम पर भी सोशल मीडिया और प्रेस में कमेंट किए जाते हैं। एक संस्था के तौर पर हमारे कंधे मजबूत हैं। हमारी अदालत को उस राजनीति में एक संस्थागत भूमिका निभानी है, जो संविधान और कानून के शासन द्वारा शासित होती है। यही एकमात्र काम है।’

 7 चरणों में होगा लोकसभा चुनाव, 4 जून को आएंगे नतीजे

Lok Sabha elections will be held in 7 phases, results will come on June 4 नई दिल्ली। केंद्रीय चुनाव आयोग (EC) ने शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान की तारीखों का एलान कर दिया। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रेस वार्ता में घोषणा के साथ ही देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 12 राज्यों में महिला मतदाताओं का अनुपात पुरुष मतदाताओं से अधिक है। यहां देखिए लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा हर अपडेट

वन नेशन-वन इलेक्शन पर कोविंद कमेटी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी रिपोर्ट

Kovind Committee submits report to President Draupadi Murmu on One Nation-One Election यह रिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। इसमें रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत आठ सदस्य हैं। वन नेशन-वन इलेक्शन यानी एक देश, एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी है। कमेटी के सदस्यों ने राष्ट्रपति भवन जाकर रिपोर्ट सौंपी। वन नेशन वन इलेक्शन पर कमेटी ने 18 हजार 626 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में 2029 में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की गई है। कोविंद की अगुवाई में सितंबर 2023 में बनी थी कमेटीरिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। 23 सितंबर 2023 को पहली बैठक दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक हुई थी। इसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी के स्पेशल मेंबर बनाए गए हैं। क्या है पैनल के सुझाव? 2029 में एकसाथ चुनाव कराने की सिफारिशरिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विधि आयोग के प्रस्ताव पर सभी दल सहमत हुए तो यह 2029 से ही लागू होगा। साथ ही इसके लिए दिसंबर 2026 तक 25 राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने होंगे। मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम विधानसभाओं का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाकर जून 2029 तक किया जाए। उसके बाद सभी राज्यों में एक साथ विधानसभा-लोकसभा चुनाव हो सकेंगे।

85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता घर से ही डाल सकेंगे वोट, जानें ,निर्वाचन आयोग

Voters above 85 years of age will be able to vote from home लोकसभा चुनाव 2024 : मध्य प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या सात लाख से अधिक है। लोकसभा चुनाव 2024 । कोरोनाकाल में निर्वाचन आयोग ने बुजुर्ग मतदाताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था बनाई थी कि वे घर से ही मतदान कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें आवदेन करने पर मत पत्र जारी किए गए थे। इसके बाद उनके घर पर मतदान दल जाता है। मतदान की गोपनीयता के लिए कार्ड बोर्ड का बूथ भी बनाया जाता और मतदान करवाया जाता। मतदान में पारदर्शिता रहे, इसके लिए इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। इस व्यवस्था से उत्साहित निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। 80 वर्ष से अधिक आयु और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं को घर से मतदान की अनुमति दी गई। आयोग ने अब यह व्यवस्था कर दी है कि 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता घर से ही मतदान कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें आवेदन करना होगा। एक सप्ताह पहले घर पहुंचेगा दल मतदान के दिनांक से एक सप्ताह पहले मतदान दल संबंधित मतदाता के घर पहुंचेगा। इसके पूर्व संबंधित क्षेत्र के उम्मीदवारों को भी जानकारी दी जाएगी ताकि वे मतदान के समय चाहें तो अपना प्रतिनिधि वहां भेज सकते हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इस व्यवस्था से बुजुर्गों को मतदान केंद्र तक आने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती और उनका मतदान भी सुनिश्चित हो जाता है। बता दें, प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या सात लाख से अधिक है। अब 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की सूची तैयार कर संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को दी जाएगी।

हमारी सरकार बनने पर पास करेंगे भूमि अधिग्रहण बिल ,राहुल गांधी

Rahul Gandhi will pass land acquisition bill if our government is formed कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन के लिए अपनी जमीन अधिग्रहित करवा रहे किसान भी मिले। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार बनी तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करेंगे। उज्जैन। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को इंगोरिया से अपना रोड शो प्रारंभ करने के पहले कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उनसे बुधनी-इंदौर रेलवे लाइन के लिए अपनी जमीन अधिग्रहित करवा रहे किसान भी मिले। मुआवजे संबंधी समस्या बताई। इस पर राहुल ने मौजूद कार्यकर्ताओं से कहा कि किसानों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ न्याय योद्धा बनें। हमारी सरकार बनी तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार जबरदस्ती फसलों पर बुलडोजर चलवा रही है। 3 घंटे देरी से प्रारंभ हुआ रोड शोराहुल गांधी का रोड शो तय कार्यक्रम से करीब तीन घंटे देरी से प्रारंभ हुआ। 11 बजकर 50 मिनट पर राहुल गांधी के काफिले से पहले डोम से बाहर उनके साथ चल रहे चार बड़े कंटेनर निकले। इसके बाद बड़नगर की ओर रवाना हुए।

इस साल कब है होली? जानिए होलिका दहन का मुहूर्त और पूजा विधि

When is Holi this year? Know the auspicious time and worship method of Holika Dahan होली एक सांस्कृतिक, धार्मिक और पारंपरिक त्योहार है। पूरे भारत में इसका अलग ही जश्न और उत्साह देखने को मिलता है। होली भाईचारे, आपसी प्रेम और सद्भावना का त्योहार है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंगों में सराबोर करते हैं। होली हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है। बसंत का महीना लगने के बाद से ही इसका इंतजार शुरू हो जाता है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा की रात होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन होली मनाई जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। होली एक सांस्कृतिक, धार्मिक और पारंपरिक त्योहार है। पूरे भारत में इसका अलग ही जश्न और उत्साह देखने को मिलता है। होली भाईचारे, आपसी प्रेम और सद्भावना का त्योहार है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंगों में सराबोर करते हैं। घरों में गुझिया और पकवान बनते हैं। लोग एक दूसरे के घर जाकर रंग-गुलाल लगाते हैं और होली की शुभकामनाएं देते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल होली की सही तारीख और शुभ मुहूर्त क्या है… पूर्णिमा तिथिफाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन और इसके अगले दिन होली मनाई जाती है। इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 24 मार्च को सुबह 09 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 25 मार्च को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर होगा। होलिका दहन 202424 मार्च को होलिका दहन है। इस दिन होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त देर रात 11 बजकर 13 मिनट से लेकर 12 बजकर 27 मिनट तक है। ऐसे में होलिका दहन के लिए आपको कुल 1 घंटे 14 मिनट का समय मिलेगा। कब है होली 2024?होलिका के अगले दिन होली मनाई जाती है, इसलिए इस साल 25 मार्च को होली है। इस दिन देशभर में धूमधाम से होली मनाई जाएगी। होलिका दहन पूजा की विधिहोलिका दहन की पूजा करने के लिए सबसे पहले स्नान करना जरूरी है।स्नान के बाद होलिका की पूजा वाले स्थान पर उत्तर या पूरब दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं।पूजा करने के लिए गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा बनाएं।वहीं पूजा की सामग्री के लिए रोली, फूल, फूलों की माला, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी,.मूंग, बताशे, गुलाल नारियल, 5 से 7 तरह के अनाज और एक लोटे में पानी रख लें।इसके बाद इन सभी पूजन सामग्री के साथ पूरे विधि-विधान से पूजा करें। मिठाइयां और फल चढ़ाएं।होलिका की पूजा के साथ ही भगवान नरसिंह की भी विधि-विधान से पूजा करें और फिर होलिका के चारों ओर सात बार परिक्रमा करें।

टीम इंडिया ने 5 विकेट से जीता रांची टेस्ट, सीरीज पर भी कब्जा

Team India won Ranchi Test by 5 wickets, also captured the series रांची ! रांची टेस्ट में पांच विकेट से जीत के साथ ही टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-1 से अजेय बढ़त हासिल कर ली है। चौथे टेस्ट के चौथे दिन टीम इंडिया को 192 रन का टारगेट मिला था, जिसे पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। एक वक्त लग रहा था कि भारतीय टीम मुश्किल में आ सकती है, लेकिन शुभमन गिल (नाबाद 52 रन) और ध्रुव जुरेल (नाबाद 39 रन) ने धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी कर जीत दिला दी। पूरा स्कोर कार्ड देखने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें।इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था और जो रूट की बदौलत पहली पारी 353 रन पर खत्म हुई थी। जवाब में भारत ने 307 रन बनाए। वहीं इंग्लैंड दूसरी पारी में कुछ खास नहीं कर पाया और 145 रन पर ढेर हो गया। जवाब में भारत ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक बिना किसी नुकसान के 40 रन बना लिए थे। भारत को चौथे दिन जीत के लिए 152 रनों की ओर दरकार है।

संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती विशेष प्रकाशन

Sant Shiromani Guru Ravidas Jayanti Special Publication Ravidas Jayanti 2024: गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ ? संत गुरु रविदास जी को प्रेम और करुणा की शिक्षाओं और समाज से जाति के भेदभाव को दूर करने के लिए जाना जाता है. हर साल माघ पूर्णिमा को रविदास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है.भारत के प्रसिद्ध संत रविदास को रैदास के नाम से भी जाना जाता है. रविदास ऐसे संत और कवि थे, जिनका भक्ति आंदोलन में अहम योगदान रहा. समाज विभाजन को दूर करने पर इन्होंने जोर दिया और व्यक्तिगत आध्यात्मिक आंदोलन के लिए एकता को बढ़ावा दिया. रविदास जी के जन्मदिन को ही हर साल रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है, जोकि आज शनिवार, 24 फरवरी 2024 को है. संत रविदास ईश्वर को पाने का केवल एक रास्ता जानते थे और वो है ‘भक्ति’. इसलिए उनका एक मुहावरा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ वर्तमान में काफी प्रसिद्ध है. संत रविदास जी ने अपना सारा जीवन समाज सुधार कार्य, समाज कल्याण और समाज से जाति भेदभाव को दूर करने के कार्यों में समर्पित कर दिया. आइये जानते हैं गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ था? कब और कहां हुआ संत रविदास का जन्म संत गुरु रविदास एक महान कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक थे. संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में माघ पूर्णिमा को 1377 में हुआ था. इसलिए हर साल माघ पूर्णिमा के दिन रविदास जयंती मनाई जाती है. लेकिन इनके जन्म को लेकर विद्वानों के बीच अलग-अलग मत हैं. इनकी माता का नाम कर्मा देवी और पिताजी का नाम संतोष दास था. संत रविदास का जन्म एक मोची परिवार में हुआ था और इनके पिता जूते बनाने का काम किया करते थे. रविदास जी बचपन से बहादुर और ईश्वर के भक्त थे. पंडित शारदानंद गुरु से इन्होंने शिक्षा प्राप्त की. जैसे-जैसे रविदास जी की उम्र बढ़ने लगी भक्ति के प्रति इनकी रुचि भी बढ़ गई. आजीविका के लिए रविदास जी ने पैतृक काम को करते हुए भगवान की भक्ति में भी लीन रहे. चर्मकार कुल के होने के कारण वे जूते बनाया करते थे और अपने पैतृक कार्य में उन्हें आनंद भी मिलता था. वे अपना काम ईमानदारी, परिश्रम और पूरे लगन से करते थे. साथ ही लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा भी दिया करते थे. संत शिरोमणि गुरु रविदास कौन थे, समाज के लिए क्या है इनका योगदान भारत में कई संतों ने लोगों को आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा जमुनी तहजीब सिखाई. इन्हीं में एक थे संत रविदास, जिनका भक्ति आंदोलन और समाज सुधार में विशेष योगदान रहा. संत गुरु रविदास भारत के महान संतों में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन समाज सुधार कार्य के लिए समर्पित कर दिया. समाज से जाति विभेद को दूर करने में रविदास जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. वो ईश्वर को पाने का एक ही मार्ग जानते थे और वो है ‘भक्ति’, इसलिए तो उनका एक मुहावरा आज भी बहुत प्रसिद्ध है कि, ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’. रविदास जी का जन्म रविदास जी के जन्म को लेकर कई मत हैं. लेकिन रविदास जी के जन्म पर एक दोहा खूब प्रचलित है- चौदस सो तैंसीस कि माघ सुदी पन्दरास. दुखियों के कल्याण हित प्रगटे श्री गुरु रविदास. इस पंक्ति के अनुसार गुरु रविदास का जन्म माघ मास की पूर्णिमा को रविवार के दिन 1433 को हुआ था. इसलिए हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है जोकि इस वर्ष 24 फरवरी 2024 को है. रविदास जी का जन्म 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मोची परिवार में हुआ. उनके पिताजी जाति के अनुसार जूते बनाने का पारंपरिक पेशा करते थे, जोकि उस काल में निम्न जाति का माना जाता था. लेकिन अपनी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद भी रविदास जी भक्ति आंदोलन, हिंदू धर्म में भक्ति और समतावादी आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उजागर हुए. 15 वीं शताब्दी में रविदास जी द्वारा चलाया गया भक्ति आंदोलन उस समय का एक बड़ा आध्यात्मिक आंदोलन था. समाज के लिए गुरु रविदास का योगदान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी एक महान संत और समाज सुधारक थे. भक्ति, सामाजिक सुधार, मानवता के योगदान में उनका जीवन समर्पित रहा. आइये जानते हैं गुरु रविदास के महत्वपूर्ण योगदानों के बारे में- धार्मिक योगदान: भक्ति और ध्यान में गुरु रविदास का जीवन समर्पित रहा. उन्होंने भक्ति के भाव से कई गीत, दोहे और भजनों की रचना की, आत्मनिर्भरता, सहिष्णुता और एकता उनके मुख्य धार्मिक संदेश थे. हिंदू धर्म के साथ ही सिख धर्म के अनुयायी भी गुरु रविदास के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं. रविदास जी की 41 कविताओं को सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव ने पवित्र ग्रंथ आदिग्रंथ या गुरुग्रंथ साहिब में शामिल कराया था.सामाजिक योगदान: समाज सुधार में भी गुरु रविदास जी का विशेष योगदान रहा. इन्होंने समाज से जातिवाद, भेदभाव और समाजिक असमानता के खिलाफ होकर समाज को समानता और न्याय के प्रति प्रेरित किया.शिक्षा और सेवा: गुरु रविदास जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपने शिष्यों को उच्चतम शिक्षा पाने के लिए प्रेरित किया. अपने शिष्यों को शिक्षत कर उन्होंने शिष्यों को समाज की सेवा में समर्थ बनाने के लिए प्रेरित किया. मध्यकाल की प्रसिद्ध संत मीराबाई भी रविदास जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि SAHARA SAMACHaar.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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