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CBSE की चूक: गणित के पेपर कम होने के कारण छात्रों को तीन शिफ्ट में परीक्षा देनी पड़ी

विश्रामपुर मंगलवार को 10वीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। डीएवी पब्लिक स्कूल तिलसिवां परीक्षा केंद्र में गणित (बेसिक) के प्रश्नपत्र कम पहुंचने के कारण अफरातफरी की स्थिति बन गई, जिससे परीक्षा तीन चरणों में करानी पड़ी। इस केंद्र पर डीएवी पब्लिक स्कूल विश्रामपुर के 132 और साधुराम विद्या मंदिर, सूरजपुर के 51 परीक्षार्थियों की परीक्षा निर्धारित थी। परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तय था। पैकेट खोलते ही सामने आई गड़बड़ी जानकारी के अनुसार, बैंक से प्राप्त सीलबंद बंडल खोलने पर पाया गया कि गणित (बेसिक) कोर्स के पैकेट में अधिकांश प्रश्नपत्र स्टैंडर्ड कोर्स के थे। स्थिति गंभीर होने पर केंद्र प्रभारी विधु शर्मा ने बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों और सिटी कोऑर्डिनेटर से संपर्क किया। निर्देश मिलने के बाद अन्य परीक्षा केंद्रों से प्रश्नपत्र मंगाने की व्यवस्था की गई। इस पूरी प्रक्रिया में देरी होने से परीक्षार्थियों को कक्ष में इंतजार करना पड़ा। तीन अलग-अलग चरणों में परीक्षा अंततः प्रश्नपत्र उपलब्ध होने के बाद परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की गई। पहला चरण सुबह 10:30 बजे, दूसरा 11:15 बजे और तीसरा 12:35 बजे शुरू हुआ। प्रबंधन का कहना है कि परिस्थितियों के बावजूद परीक्षा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। हालांकि, परीक्षा के पहले दिन हुई इस चूक ने बोर्ड की तैयारी और समन्वय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

CBSE ने बदला एग्जाम पैटर्न: पहले बोर्ड एग्जाम में शामिल होना जरूरी, फिर ही री-एग्जाम का विकल्प

 नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 के छात्रों के लिए बड़ा और अहम फैसला लिया है. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि 2026 से लागू होने वाली नई दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली में पहली परीक्षा देना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा. जो छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होंगे या तीन से ज्यादा विषय छोड़ देंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा देने का मौका नहीं मिलेगा और उन्हें अगली साल फिर से बोर्ड परीक्षा देनी पड़ेगी. पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साफ कर दिया है कि 2026 से शुरू हो रही नई दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली में कक्षा 10 के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य होगा. अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो उसे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी. CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड को कुछ अनुरोध मिले थे, जिनमें कहा गया था कि कुछ छात्र किसी कारण से पहली परीक्षा नहीं दे पाएंगे और उन्हें सीधे दूसरी परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। लेकिन बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा नहीं होगा. तीन विषयों में अंक सुधारने का मौका नए नियम के अनुसार, सभी छात्रों को पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना जरूरी है. जो छात्र पहली परीक्षा में पास हो जाएंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा में अपने अंकों में सुधार (इम्प्रूवमेंट) करने का मौका मिलेगा. छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं. लेकिन अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे ज्यादा विषयों की परीक्षा नहीं देता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ऐसे छात्रों को ‘Essential Repeat’ श्रेणी में रखा जाएगा. इसका मतलब है कि उन्हें अगली साल होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा (फरवरी) में फिर से परीक्षा देनी होगी.

तैयारी के लिए 20 तक युवा करें आवेदन, प्रतियोगी परीक्षाओ का निशुल्क प्रशिक्षण

जशपुर. नवसंकल्प जशपुर में प्रतियोगी परीक्षाओ जैसे CGPSC 2027, छग सहायक शिक्षक भर्ती , छग व्यापम एवम द्वारा आयोजित एवम अन्य भर्ती परीक्षाओ (जैसे सब इंस्पेक्टर , मंडी उपनिरीक्षक ,फायरमैन , परिवहन आरक्षक , वन रक्षक ) की तैयारी के लिए निःशुल्क (आवासीय + डे-स्कॉलर ) प्रशिक्षण दिया जाना है. 3 नए बैच प्रारंभ किया जाना है. 3 नए बैच के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 10 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक है, जिसके लिए प्रवेश परीक्षा 23 फ़रवरी 2026 को लिया जायेगा , प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 25 फ़रवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक लिया. प्रवेश परीक्षा एवम इंटरव्यू के आधार पर 50 ( 24 छात्र + 26 छात्राओ) को हॉस्टल में प्रवेश दिया जायेगा व अन्य छात्र डे स्कॉलर निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. नीचे लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरें https://forms.gle/sBuLT2UVyqGPa1LG9

राजस्थान बोर्ड परीक्षाएं 12 फरवरी से, शिक्षा विभाग ने बनाई सुचारू संचालन की योजना

जयपुर,  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान ने सत्र 2025–26 के लिए माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व्यावसायिक एवं राज्य स्तरीय समान परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार प्रदेशभर में लाखों विद्यार्थियों की परीक्षाएं विभिन्न चरणों में आयोजित की जाएंगी। जारी शेड्यूल के अनुसार 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड के अनुसार कक्षा 8वीं की परीक्षा 19 फरवरी से और 5वीं की परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जाएगी। वहीं राज्य स्तरीय समान परीक्षा के अंतर्गत कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होंगी, जबकि कक्षा 3 से 7 (सीबीए) तक की परीक्षाएं 14 मार्च से प्रारंभ की जाएंगी। कक्षा वार परीक्षा तिथियां — (प्रात: 8:30 से 11:45 बजे तक) – कक्षा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा – 12 फरवरी से (दोपहर 1:30 से 4:00 बजे तक) – कक्षा 8वीं परीक्षा – 19 फरवरी से – कक्षा 5वीं परीक्षा – 20 फरवरी से (प्रथम पारी: 8:30 से 11:45 तक, द्वितीय पारी: अपराह् 1:00 से सायं 4:15 बजे तक) – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 9 व 11) 7 मार्च से – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 3 से 7) 14 मार्च से परीक्षाओं के सफल संचालन की सभी तैयारियां पूर्ण: बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करें। इन परीक्षाओं के लिए सभी केंद्रों पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। परीक्षाओं हेतु आवश्यक वीक्षकों की नियुक्ति कर ली गई है। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा से भी वीक्षक लगाए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।

खरगोन के प्राइवेट स्कूल में बड़ी चूक: 12वीं के 13 छात्र नहीं दे पाए अंग्रेजी का पेपर

खरगोन  खरगोन जिले के गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल की घोर लापरवाही के कारण 12वीं कक्षा के 13 छात्र अंग्रेजी की बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके. स्कूल प्रबंधन ने छात्रों से परीक्षा फॉर्म तो भरवा लिए, लेकिन उनकी फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल को समय पर नहीं भेजी. इस कारण इन छात्रों के प्रवेश पत्र जनरेट नहीं हुए. जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव में गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल प्रबंधन ने 10वीं और 12वीं के नियमित 23 बच्चों के फॉर्म तो भरवाए, लेकिन उनकी परीक्षा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) भोपाल को नहीं भेजी गई.  लापरवाही की हद तो तब हो गई जब स्कूल प्रबंधन परीक्षा के 2 दिन पहले तक भी नहीं जागा. मंगलवार  यानी 10 फरवरी को आयोजित 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा के लिए जब बच्चों को सोमवार के दिन तक प्रवेश पत्र नहीं मिले तो उन्होंने स्कूल से संपर्क किया तब यह पता चला कि बच्चों की फीस ही जमा नहीं की गई है. धीरे-धीरे सभी पालकों को पता चला तो गुस्साए पालक स्कूल पहुंच गए, यहां जमकर हंगामा हुआ.  इसके बाद सैकड़ों लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ खंडवा वडोदरा स्टेट हाईवे पर गांधी प्रतिमा के सामने चक्काजाम कर दिया. चक्का जाम आधी रात तक जारी रहा. थाना इंचार्ज और बीईओ दिनेश पटेल ने गुस्साए लोगों को समझने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं माना. स्कूल प्रबंधन ने ताबड़तोड़ माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के अकाउंट में 3 लाख 73 हजार जमा किए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, क्योंकि मंगलवार को ही 12वीं के 13 बच्चों को अंग्रेजी के पेपर में शामिल होना था. कलेक्टर और शिक्षा विभाग ने भी प्रयास किए, लेकिन पोर्टल बंद होने और समय की कमी के चलते मंगलवार सुबह होने वाले पेपर के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिल सके. मामले को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश पटेल का कहना है, छात्रों के फॉर्म तो भरवा गए, लेकिन उनकी फीस जमा नहीं की गई. इससे बच्चे परीक्षा से वंचित हुए हैं. इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को अवगत कराया गया है. स्कूल प्रबंधन के खिलाफ वे ही कार्रवाई करेंगे. 

MP बोर्ड परीक्षा आज से, 16 लाख छात्रों के लिए 3800 सेंटरों पर होगी कड़ी सुरक्षा, शिफ्ट रहेगी सुबह 9 से 12 बजे

भोपाल  मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का दौरआज से  शुरू होने जा रहा है। 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में इस बार 16 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। राज्यभर में बनाए गए 3856 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी, जहां नकल रोकने के लिए तकनीक और प्रशासन दोनों का कड़ा पहरा रहेगा।इस बार बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और अनुशासित बनाने पर जोर दिया गया है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही शिफ्ट में आयोजित होंगी। परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी, फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा तक हर स्तर पर सख्ती की गई है।  10 फरवरी से 12वीं, 13 फरवरी से 10वीं की परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के अनुसार 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आज 10 फरवरी से शुरू हो रही , जबकि 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। इस बार करीब 9.07 लाख छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा देंगे। हर जिले में उड़नदस्ते, संवेदनशील केंद्रों पर तीसरी आंख प्रदेश के हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए गए हैं, जो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यहां CCTV कैमरों के जरिए भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी मॉनिटरिंग होगी। इसके अलावा थानों से प्रश्नपत्र निकालने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र देंगे बोर्ड परीक्षा इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। 3856 परीक्षा केंद्र, हर जिले में सख्त निगरानी बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां 10वीं के 30 हजार 746 और 12वीं के 26 हजार 627 छात्र परीक्षा देंगे। इन छात्रों के लिए भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे और तीनों पुलिस या प्रशासनिक स्तर के अधिकारी होंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके। संवेदनशील केंद्रों पर ‘तीसरी आंख’ का पहरा नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, थानों से प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान भी वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की गई है। इसका मकसद है कि परीक्षा प्रक्रिया की हर कड़ी पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे। स्कूलों को सख्त निर्देश… एक भी छात्र न छूटे माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संशोधित टाइमटेबल की जानकारी हर हाल में छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचे। स्कूलों को कहा गया है कि नोटिस बोर्ड, मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए यह सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रह जाए। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के सख्त नियम जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिले में सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी हालत में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए निर्धारित दूरी के बाद प्रवेश निषेध रहेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। चयनित केंद्रों पर भोपाल से सीधी मॉनिटरिंग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदेश के हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना गया है। इन केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी लगातार सक्रिय रहेंगे, जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। अब बात बच्चों की सेहत की परीक्षाओं की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छात्रों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ता जा रहा है। 10 फरवरी से 12वीं और 13 फरवरी से 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में छात्र घंटों एक ही जगह बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। कम समय में ज्यादा सिलेबस पूरा करने की दौड़ में बच्चे अपनी सेहत को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसका असर अब उनके शरीर पर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी भोपाल में 104 परीक्षा केंद्र भोपाल में 10वीं के 30,746 और 12वीं के 26,627 छात्र परीक्षा देंगे। इसके लिए शहर में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां भी हर केंद्र पर सख्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी।बोर्ड ने पहले ही संशोधित टाइम टेबल जारी कर दिया है। किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यह टाइम टेबल हर छात्र और अभिभावक तक अनिवार्य रूप से पहुंचे। इसके लिए नोटिस बोर्ड, असेंबली और व्हाट्सएप ग्रुप जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। एग्जाम के दौरान सख्त नियम परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य होगा। इसके बाद प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ और अनावश्यक गतिविधियों पर रोक रहेगी। फिजियोथेरेपी सेंटरों में बढ़ी बच्चों की संख्या फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल बच्चों में फिजिकल एक्टिविटी लगभग खत्म हो गई है। लगातार 3 से 4 घंटे बिना ब्रेक पढ़ने से गर्दन और कंधों में दर्द, हाथों में झुन्नझुनी, सुन्नपन और कभी-कभी उल्टी जैसा मन होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। फिजियोथेरेपी सेंटर्स में 13 से 17 साल की उम्र के बच्चों की संख्या करीब 30 प्रतिशत … Read more

माशिमं का बड़ा फैसला: 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा फीस बढ़ाई, 5 साल बाद 800 रुपए तय

रायपुर  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने करीब 5 साल बाद 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की है। यह बढ़ा हुआ शुल्क शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा। नए प्रावधान के तहत नियमित परीक्षार्थियों को अब बोर्ड परीक्षा, अंकसूची और प्रति विषय प्रैक्टिकल शुल्क मिलाकर 800 रुपए चुकाने होंगे, जबकि पहले इसके लिए 460 रुपए देने पड़ते थे। बोर्ड परीक्षा के आवेदन फॉर्म के शुल्क में भी 70 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां आवेदन शुल्क 80 रुपए था, अब इसे बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है। हालांकि, प्रवेश पत्र की द्वितीय प्रति के शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके लिए पहले की तरह 80 रुपए ही देने होंगे। कार्यपालिका समिति की बैठक में लिया गया फैसला 10वीं और 12वीं परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी का निर्णय माशिमं की कार्यपालिका समिति की बैठक में लिया गया। समिति ने करीब 22 मदों के शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दी है। इनमें नामांकन शुल्क, अतिरिक्त विषय, एक विषय या दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा), स्वाध्यायी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क समेत अन्य मद शामिल हैं। स्वाध्यायी छात्रों पर भी पड़ेगा असर प्रदेश के स्वाध्यायी एससी/एसटी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क में भी लगभग डेढ़ गुना वृद्धि की गई है। पहले जहां इसके लिए 560 रुपए देने होते थे, अब 800 रुपए चुकाने होंगे। वहीं, राज्य के नए छात्रों और राज्य से बाहर के छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले यह शुल्क 1,540 रुपए था, जिसे अब बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है। विषयवार परीक्षा शुल्क में इजाफा एक विषय की परीक्षा: 280 → 400 रुपए दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा): 340 → 600 रुपए 2021 में हुई थी पिछली बढ़ोतरी गौरतलब है कि, माशिमं ने इससे पहले साल 2021 में बोर्ड परीक्षा और उससे जुड़े विभिन्न शुल्कों में वृद्धि की थी। पांच साल बाद एक बार फिर परीक्षा शुल्क बढ़ने से छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है।

छोटे बच्चों और अभिभावकों के लिए समस्या: 5वीं-8वीं के परीक्षा केंद्र 5 किमी दूर भेजे गए

भोपाल  प्रदेश में 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इस परीक्षा में करीब 25 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे, जिनके लिए प्रदेश भर में लगभग 12 हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ये परीक्षा केंद्र मूल विद्यालय से पांच किलोमीटर दूर के विद्यालयों में बनाए जाने से परीक्षार्थी और अभिभावकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। परीक्षा 20 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की जाएगी और इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के नियमों के अनुसार छोटे विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र स्कूल से कम दूरी पर बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो। राज्य शिक्षा केंद्र ने एक से तीन किमी के अंदर तक केंद्र बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई जगहों पर केंद्र चार से पांच किलोमीटर दूरी पर बनाए जाने की शिकायत सामने आ रही हैं। 5वीं व 8वीं की यह परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के पैटर्न पर आयोजित की जा रही है। इसमें सरकारी, निजी स्कूलों तथा मदरसों के विद्यार्थी शामिल होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि वहां परिवहन की सुविधा सीमित रहती है। छोटे बच्चों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए अधिक समय और संसाधनों की जरूरत पड़ेगी। अभिभावकों का कहना है कि अधिक दूरी होने से बच्चों की सुरक्षा और समय पर पहुंचने की चिंता बढ़ जाती है। निजी स्कूलों को अधिक बनाए गए केंद्र भोपाल जिले में 201 केंद्रों पर करीब 78 हजार बच्चे शामिल होंगे। इसमें पुराने शहर में जनशिक्षा केंद्र प्रभारी एवं जनशिक्षक के प्रस्ताव को नजरअंदाज कर विकासखंड स्रोत समन्वयकों ने सरकारी के बदले निजी स्कूलों को केंद्र बना दिया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि केंद्र विद्यार्थियों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं।  

परीक्षा के समय समाज और परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी

परीक्षा के समय समाज और परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी  वाराणसी परीक्षा केवल प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका के बीच घटित होने वाली एक शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं है। यह एक ऐसा समय होता है जब किसी विद्यार्थी का मन, उसका आत्मविश्वास, उसका पारिवारिक परिवेश और पूरा सामाजिक वातावरण—सब मिलकर उसके भविष्य की दिशा तय करते हैं। परीक्षा के दिनों में बच्चे अकेले परीक्षार्थी नहीं होते; सच तो यह है कि उस अवधि में पूरा परिवार और समाज, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, परीक्षार्थी बन जाता है। आज जब बोर्ड परीक्षाएँ समीप आती हैं, तो समाज में अचानक एक विशेष प्रकार की हलचल दिखाई देने लगती है। जगह-जगह मोटिवेशनल भाषण, लंबे-चौड़े वक्तव्य, सोशल मीडिया पर उपदेशात्मक संदेश, सफलता के किस्से और असफलता से डराने वाले उदाहरण—सब कुछ एक साथ बच्चों पर बरसने लगता है। मंशा भले ही अच्छी हो, पर प्रश्न यह है कि क्या यही वह सहयोग है जिसकी एक परीक्षार्थी को सबसे अधिक आवश्यकता होती है? परीक्षार्थी को इस समय सबसे अधिक आवश्यकता होती है—शांति, स्थिरता और अनुकूलता की। विषयवस्तु की तैयारी जितनी महत्त्वपूर्ण है, उतना ही महत्त्वपूर्ण वह मानसिक और भावनात्मक परिवेश है जिसमें वह तैयारी की जा रही है। ज्ञान तभी फलित होता है जब मन शांत हो, जब वातावरण सहयोगी हो और जब परीक्षार्थी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे। अक्सर यह देखा जाता है कि परीक्षा के समय घर का वातावरण अनजाने में ही तनावपूर्ण बना दिया जाता है। छोटी-छोटी बातों पर चर्चा, पारिवारिक समस्याओं का अनावश्यक विस्तार, रिश्तों के तनाव, भविष्य को लेकर आशंकाएँ—ये सब बातें उस मन पर अतिरिक्त बोझ डाल देती हैं, जो पहले ही परीक्षा की जिम्मेदारी से भरा होता है। बच्चे इन बातों को व्यक्त नहीं कर पाते, पर भीतर ही भीतर उनका मन विचलित होता चला जाता है। यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी से अधिक अपेक्षा नहीं, बल्कि अधिक समझ की आवश्यकता होती है। उसे बार-बार यह याद दिलाना कि यह परीक्षा जीवन का निर्णायक मोड़ है, उसे और अधिक दबाव में डाल देता है। वास्तव में, परीक्षार्थी स्वयं इस तथ्य से परिचित होता है; उसे इसकी पुनरावृत्ति नहीं, बल्कि भरोसे की ज़रूरत होती है। परीक्षा के समय समाज और परिवार को कुछ समय के लिए स्वयं परीक्षार्थी बनने की आवश्यकता होती है। इसका अर्थ यह नहीं कि वे किताबें खोलकर पढ़ने लगें, बल्कि यह कि वे परीक्षार्थी की संवेदनाओं को पढ़ें। वे यह समझने का प्रयास करें कि इस समय कौन-सी बात उसे सशक्त बनाएगी और कौन-सी उसे कमजोर कर देगी। एक सकारात्मक परीक्षा-परिवेश वही होता है जहाँ अनावश्यक हस्तक्षेप न हो। जहाँ बच्चे को अपनी दिनचर्या तय करने की स्वतंत्रता मिले। जहाँ उसकी नींद, भोजन और एकांत का सम्मान किया जाए। जहाँ उससे यह अपेक्षा न की जाए कि वह हर समय प्रसन्न दिखाई दे या हर प्रश्न का उत्तर दे। कई बार परीक्षार्थी को परीक्षा देने के लिए रिश्तेदारों या परिचितों के यहाँ जाना पड़ता है। ऐसे में वहाँ उपस्थित लोगों का व्यवहार अत्यंत संवेदनशील होना चाहिए। जिज्ञासावश पूछे गए प्रश्न—“तैयारी कैसी है?”, “इस बार कितने प्रतिशत आएँगे?”—अक्सर मन पर अनावश्यक दबाव बना देते हैं। उस समय सबसे बड़ा सहयोग यह होता है कि परीक्षार्थी को सामान्य, सहज और स्वाभाविक वातावरण दिया जाए। यह भी देखा गया है कि कई अत्यंत प्रतिभाशाली विद्यार्थी केवल इसलिए अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते क्योंकि परीक्षा के दौरान उनका पारिवारिक या सामाजिक परिवेश असंतुलित रहा। विषय की समझ और परिश्रम के बावजूद, मन की अस्थिरता उनकी क्षमता को सीमित कर देती है। यह एक गंभीर सामाजिक प्रश्न है, जिस पर सामूहिक चिंतन आवश्यक है। परीक्षा के समय जीवन की अन्य समस्याओं को परीक्षार्थी से यथासंभव दूर रखना चाहिए। जीवन में समस्याएँ हमेशा रहेंगी—यह जीवन का स्वभाव है। पर परीक्षा के कुछ सप्ताह ऐसे होते हैं, जब समाज और परिवार को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वे उन समस्याओं का भार परीक्षार्थी के कंधों पर न डालें। एक संतुलित परिवार वही है जो परीक्षा के समय विवादों को स्थगित करना जानता है। जहाँ यह समझ हो कि अभी प्राथमिकता क्या है। जहाँ सहयोग शब्दों से नहीं, व्यवहार से दिखाई दे। समाज की भूमिका भी कम महत्त्वपूर्ण नहीं है। शिक्षक, पड़ोसी, रिश्तेदार, मित्र—सभी को यह समझना चाहिए कि उनका एक छोटा सा वाक्य भी परीक्षार्थी के मन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। सकारात्मक ऊर्जा वही नहीं होती जो ऊँचे स्वर में प्रेरणा देती है, बल्कि वह भी होती है जो मौन में सुरक्षा का एहसास कराती है। परीक्षा के दौरान समाज को एक सामूहिक सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना चाहिए—जहाँ तुलना न हो, उपहास न हो, डर न हो। जहाँ सफलता को सम्मान मिले और असफलता को स्वीकार्यता। यह भी आवश्यक है कि परीक्षार्थी को यह महसूस कराया जाए कि उसका मूल्य केवल परीक्षा परिणाम से निर्धारित नहीं होता। परीक्षा जीवन का एक चरण है, सम्पूर्ण जीवन नहीं। यह भाव यदि ईमानदारी से व्यवहार में उतारा जाए, तो परीक्षार्थी का आत्मविश्वास स्वतः सुदृढ़ होता है। परीक्षा के समय परिवार और समाज का दायित्व केवल समर्थन देना नहीं, बल्कि सही समय पर चुप रहना भी है। यह मौन कई बार सबसे बड़ा सहयोग बन जाता है। यदि हम वास्तव में चाहते हैं कि हमारे बच्चे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, तो हमें उनके लिए एक ऐसा वातावरण बनाना होगा जहाँ वे स्वयं को बोझ नहीं, बल्कि भरोसे से घिरा हुआ महसूस करें। अंततः परीक्षा एक व्यक्तिगत प्रयास है, पर उसकी सफलता सामूहिक संवेदनशीलता पर निर्भर करती है। जिस दिन समाज और परिवार यह समझ लेंगे कि परीक्षा के समय उन्हें भी परीक्षार्थी बनना है—उस दिन न केवल परिणाम बेहतर होंगे, बल्कि हमारी शिक्षा व्यवस्था अधिक मानवीय और संवेदनशील बन सकेगी। लेखक  डॉ० सदानन्द गुप्ता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वाराणसी

एमपी बोर्ड द्वितीय परीक्षा 10वीं 12वीं प्रवेश हुए जारी, ऐसी रहेगी पूरी व्यवस्था, ये रहेंगे नियम

भोपाल  मध्य प्रदेश में बोर्ड की 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बोर्ड ने प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। MPBSE ने प्रवेश पत्र mpbse.mponline.gov.in वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। द्वितीय परीक्षा में केवल 65 प्रतिशत छात्रों ने ही आवेदन किया है। परीक्षा 17 जून से 5 जुलाई तक सुबह 9 से 12 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। 3.31 लाख विद्यार्थियों ने किया आवेदन किया एमपी बोर्ड 10वीं व 12वीं की द्वितीय परीक्षा के लिए 3.31 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है,जबकि दोनों कक्षाओं में 5.10 लाख विद्यार्थी फेल हुए हैं। यानी द्वितीय परीक्षा में 65 प्रतिशत विद्यार्थी ही शामिल होंगे।  बता दें कि इस साल पहली बार मप्र बोर्ड की पूरक परीक्षा के बदले द्वितीय परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।10वीं की 17 जून से 26 जून तक एवं 12वीं की परीक्षा 17 जून से 05 जुलाई तक सुबह नौ से 12 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। परीक्षा के मुख्य बिंदु 1- प्रदेश भर में 1306 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें राजधानी में करीब 50 केंद्र बनाए गए हैं। 2- इस बार भी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम रहेंगे। 3- दोनों परीक्षा का समय सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। 4- विद्यार्थियों को केंद्र पर एक घंटा पहले यानी सुबह 8 बजे तक पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 15 मिनट पहले तक विद्यार्थी को प्रवेश दिया जाएगा। 5- प्रायोगिक परीक्षाएं विद्यार्थियों को आवंटित परीक्षा केंद्र पर 17 जून से 25 जून के बीच संचालित की जाएगी। इसकी तारीख संबंधित स्कूलों से विद्यार्थियों को मिलेगी परीक्षा कार्यक्रम और समय 10वीं कक्षा की परीक्षा: 17 जून से 26 जून तक 12वीं कक्षा की परीक्षा: 17 जून से 5 जुलाई तक प्रायोगिक परीक्षाएं: 17 जून से 26 जून के बीच परीक्षा समय: सुबह 9  बजे से दोपहर 12 बजे तक इन विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ – इस विशेष परीक्षा में वे छात्र भी भाग ले सकेंगे जो— – मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहे – किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गए – देर से पहुंचे और परीक्षा नहीं दे सके – श्रेणी सुधार के इच्छुक हैं  

MP बोर्ड द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन की नई तारीखें, अब 25 और 31 मई तक भर सकेंगे फॉर्म

भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2024-25 की 10वीं-12वीं द्वितीय परीक्षा के लिये आवेदन की तारीख बढ़ा दी है।हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2025 में पास हुए छात्र अंक सुधार और फेल हुए छात्र उत्तीर्ण विषयों के अंक सुधार के लिये अब 25 मई तक आवेदन कर सकते है। वहीं मुख्य परीक्षा में केवल फेल विषयों की द्वितीय परीक्षा के लिए 31 मई 2025 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक होगी परीक्षा, यहां करें आवेदन एमपी हाईस्कूल-हायर सेकेंडरी द्वितीय परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। असफल विद्यार्थी 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक दूसरी परीक्षा दे सकेंगे। इसके लिए 21 मई तक परीक्षा फॉर्म भरे जा सकते हैं। इसके लिए स्टूडेंट्स को www.mponline.gov.in पोर्टल पर जाना होगा और उसमें परीक्षा फॉर्म सबमिट कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत लिया गया फैसला अगर कोई अपना रिजल्ट का इंप्रूवमेंट करना चाहता है तो वह भी परीक्षा में बैठ सकेगा। देश में मध्य प्रदेश यह प्रयोग करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। ये फैसला नई शिक्षा नीति-2020 (NEP2020) के तहत लिया गया है। परीक्षा का कार्यक्रम     हाई स्कूल (कक्षा 10वीं) की द्वितीय परीक्षा – 17 जून से 26 जून 2025 तक आयोजित की जाएगी।     हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की द्वितीय परीक्षा – 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक आयोजित होगी। एमपी बोर्ड एग्जाम में इतने प्रतिशत छात्र हुए पास आपको बता दें कि 6 मई को बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी हुआ था। इस साल बोर्ड परीक्षा में 15 सालों का रिकॉर्ड टूटा गया। हर साल की तरह इस साल भी लड़कियों ने बाजी मारी है। 10वीं में सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल और 12वीं में सतना की रहने वाली प्रियल ने टॉप किया। इस वर्ष 10वीं में 76.42 फीसदी, जबकि 12वीं में 74.48 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए।

17 जून से शुरू होगी परीक्षा, जिले में 17 हजार से ज्यादा विद्यार्थी मुख्य परीक्षा में हुए थे फेल

 सागर  मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने जून में होने वाली बोर्ड की दूसरी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें वही छात्र शामिल हो सकेंगे जो पहली परीक्षा में रजिस्टर्ड थे। इन छात्रों को उसी स्कूल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिससे उन्होंने पहली परीक्षा के लिए आवेदन किया था। फेल स्टूडेंट इस परीक्षा में शामिल होकर इसमें सफल हो सकते हैं। जिससे उनका साल बर्बाद नहीं होगा। जिले से एमपी बोर्ड की मुख्य परीक्षा में 17 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं फेल हुए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, 10वीं-12वीं कक्षा की पुन: परीक्षा में जो विद्यार्थी शामिल होंगे, उन्हें मुख्य परीक्षा की अंकसूची प्रदान नहीं की जाएगी। पुन: परीक्षा का परिणाम आने के बाद ऐसे छात्रों को फाइनल मार्कशीट दी जाएगी। यह परीक्षा प्रदेशभर में 17 जून से शुरु होगी, जबकि बुधवार से पुन: परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरु हो गए हैं। एक या अधिक विषयों में फेल या अनुपस्थित रहे, वे दूसरी परीक्षा में बैठ सकेंगे। जो छात्रपास हो चुके हैं, वे भी किसी विषय में अंक सुधार के लिए परीक्षा दे सकेंगे। विद्यार्थी अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन में जाकर पुन: परीक्षा का फार्म भर सकते है। परीक्षा फीस और आवेदन तिथि एक विषय – 500 रुपए दो विषय – एक हजार रुपए तीन/चार विषय – 1500 चार विषय से अधिक-2000 हाईस्कूल में फेल विद्यार्थी – 10380 हॉयरसेकेंडरी में फेल विद्यार्थी – 7994  

अम्बिकापुर : आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में परीक्षा पर्व 7.0 का सफल आयोजन, शिक्षक एवं अभिभावक रहे उपस्थित

अम्बिकापुर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वावधान में परीक्षा पर्व 7.0 का आयोजन जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के पीएम श्री विद्यालय सेजस में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना एवं तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना था।  कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री विलास भोसकर एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय अग्रवाल के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली पीएमओ कार्यालय द्वारा तैयार प्रस्तुति का विद्यालय के प्राचार्य श्री ऋषि पांडे द्वारा प्रभावी रूप से प्रस्तुतिकरण किया गया।  प्रस्तुति में मुख्य रूप से यह संदेश दिया गया कि परीक्षाओं को पर्व के रूप में मनाया जाए एवं विद्यार्थियों के बीच सामाजिक प्रतिस्पर्धा के बजाय आत्म-प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर विकासखंड के लगभग 200 शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।  कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सावित्री दिनेश साहू, उपाध्यक्ष नेहा सनी बंसल, SMDC   सदस्य रवि अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ श्री वेद प्रकाश पांडे, शिक्षा विभाग से श्री रविशंकर पांडे,  ABEO  मनोज तिवारी,  BRC  दीपेश पांडे सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।  कार्यक्रम का संचालन श्री रवि शंकर पांडे द्वारा किया गया। एबीपी फेलो शुभिता शुक्ला की उपस्थिति भी विशेष रही।  कार्यक्रम ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को परीक्षा के तनाव से मुक्त कर उसे उत्सव के रूप में अपनाने की दिशा में प्रेरित किया।

MP हाईकोर्ट का फैसला: अपात्र नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी: हाईकोर्ट

जबलपुर नर्सिंग फर्जीवाड़े के मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीबीआइ जांच में जिन कॉलेजों में छात्रों का प्रवेश नहीं पाया गया था, उन कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी। हाईकोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल की स्पेशल बेंच ने अपात्र कॉलेजों के छात्रों को पात्र कॉलेजों में 30 दिन के भीतर ट्रांसफर करने के आदेश दिए। सीबीआई जांच में जिन कॉलेजों में नहीं पाए गए प्रवेशित छात्र लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की जनहित याचिका में हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के पालन में आज अपात्र संस्थाओं की मान्यता और संबद्धता की ओरिजनल फाइलें सरकार की ओर से पेश की गई। जिस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेश दिए हैं कि सभी फाइलों का अवलोकन कर अपनी रिपोर्ट सौंपे। जिसमें तुलनात्मक रूप से यह बताना होगा कि जो कॉलेज सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए उन्हें आखिर किन परिस्थितियों में और किन- किन कमियों के होते हुए भी निरीक्षणकर्ता अधिकारियों द्वारा अनुमतियां दी गई।  बैक डेट पर प्रवेश का आरोप याचिकाकर्ता ने आवेदन पेश कर हाईकोर्ट को बताया कि कई कॉलेजों में सीबीआइ जांच के दौरान प्रवेश नहीं पाया गया। लेकिन भविष्य को देखते हुए जैसे ही छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई, बिना प्रवेश वाले कॉलेजों में बैक डेट से प्रवेश दिखाकर परीक्षा में बैठाने की कोशिश की जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआइ जांच के दौरान जिन कॉलेजों में छात्रों के नामांकन मिले थे, उन्हें ही परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी। छात्रों के नामांकन उसी रिपोर्ट पर किए जाएंगे और आवश्यकता पडऩे पर सरकार परीक्षा की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा।

छत्तीसगढ़ में अब एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला शुरू, व्यापमं ने इन परीक्षाओं की तारीखें पहले ही की घोषित

रायपुर छत्तीसगढ़ में स्कूल और यूनिवर्सिटी के एग्जाम के बाद अब एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला शुरू होने वाला है। व्यापमं ने इन परीक्षाओं की तारीखें पहले ही घोषित कर दी हैं। PAT, PET, PPT, P-MCA, प्री बीएड-डीएड और भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को इन एग्जाम में शामिल होने के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने होंगे। कैंडिडेट्स के लिए राहत की बात यह है कि सभी इन परीक्षाओं के आवेदन निशुल्क होंगे। सभी इच्छुक उम्मीदवार व्यापमं की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन पत्र भर सकते हैं और प्रवेश परीक्षा के लिए अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यहां करना होगा आवेदन इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए व्यापमं की ऑफिशियल वेबसाइट vyapam.cgstate.gov.in पर जाएं। इन परीक्षाओं के जरिए छत्तीसगढ़ के छात्रों को अपने पसंदीदा कोर्स और भर्ती परीक्षा में शामिल होकर लॉगिन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान-     जब आप ऑनलाइन एग्जाम फॉर्म भर रहे हों, तो कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखें।     सबसे पहले, अपनी जानकारी सही से भरें, जैसे नाम, जन्मतिथि, और शैक्षिक योग्यता, क्योंकि गलती से फॉर्म रद्द हो सकता है।     फॉर्म भरने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज (जैसे 10वीं/12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, फोटो) तैयार रखें।     यह सुनिश्चित करें कि फोटो और सिग्नेचर सही साइज में हो। फॉर्म भरने से पहले निर्देश अच्छे से पढ़ लें और अगर फीस भरनी हो तो उसे सही से भरें।     अगर त्रुटि सुधार का समय मिले, तो फॉर्म चेक करके सुधारें।     फॉर्म सबमिट करने से पहले एक बार फिर से सारी जानकारी चेक करें, ताकि कोई गलती न हो। परीक्षा केंद्र का चयन भी सही से करें।

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