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MP हाईकोर्ट का फैसला: अपात्र नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी: हाईकोर्ट

जबलपुर नर्सिंग फर्जीवाड़े के मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीबीआइ जांच में जिन कॉलेजों में छात्रों का प्रवेश नहीं पाया गया था, उन कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं होगी। हाईकोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल की स्पेशल बेंच ने अपात्र कॉलेजों के छात्रों को पात्र कॉलेजों में 30 दिन के भीतर ट्रांसफर करने के आदेश दिए। सीबीआई जांच में जिन कॉलेजों में नहीं पाए गए प्रवेशित छात्र लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की जनहित याचिका में हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के पालन में आज अपात्र संस्थाओं की मान्यता और संबद्धता की ओरिजनल फाइलें सरकार की ओर से पेश की गई। जिस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेश दिए हैं कि सभी फाइलों का अवलोकन कर अपनी रिपोर्ट सौंपे। जिसमें तुलनात्मक रूप से यह बताना होगा कि जो कॉलेज सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए उन्हें आखिर किन परिस्थितियों में और किन- किन कमियों के होते हुए भी निरीक्षणकर्ता अधिकारियों द्वारा अनुमतियां दी गई।  बैक डेट पर प्रवेश का आरोप याचिकाकर्ता ने आवेदन पेश कर हाईकोर्ट को बताया कि कई कॉलेजों में सीबीआइ जांच के दौरान प्रवेश नहीं पाया गया। लेकिन भविष्य को देखते हुए जैसे ही छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई, बिना प्रवेश वाले कॉलेजों में बैक डेट से प्रवेश दिखाकर परीक्षा में बैठाने की कोशिश की जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआइ जांच के दौरान जिन कॉलेजों में छात्रों के नामांकन मिले थे, उन्हें ही परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी। छात्रों के नामांकन उसी रिपोर्ट पर किए जाएंगे और आवश्यकता पडऩे पर सरकार परीक्षा की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा।

छत्तीसगढ़ में अब एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला शुरू, व्यापमं ने इन परीक्षाओं की तारीखें पहले ही की घोषित

रायपुर छत्तीसगढ़ में स्कूल और यूनिवर्सिटी के एग्जाम के बाद अब एंट्रेंस और भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला शुरू होने वाला है। व्यापमं ने इन परीक्षाओं की तारीखें पहले ही घोषित कर दी हैं। PAT, PET, PPT, P-MCA, प्री बीएड-डीएड और भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को इन एग्जाम में शामिल होने के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने होंगे। कैंडिडेट्स के लिए राहत की बात यह है कि सभी इन परीक्षाओं के आवेदन निशुल्क होंगे। सभी इच्छुक उम्मीदवार व्यापमं की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन पत्र भर सकते हैं और प्रवेश परीक्षा के लिए अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यहां करना होगा आवेदन इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए व्यापमं की ऑफिशियल वेबसाइट vyapam.cgstate.gov.in पर जाएं। इन परीक्षाओं के जरिए छत्तीसगढ़ के छात्रों को अपने पसंदीदा कोर्स और भर्ती परीक्षा में शामिल होकर लॉगिन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान-     जब आप ऑनलाइन एग्जाम फॉर्म भर रहे हों, तो कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखें।     सबसे पहले, अपनी जानकारी सही से भरें, जैसे नाम, जन्मतिथि, और शैक्षिक योग्यता, क्योंकि गलती से फॉर्म रद्द हो सकता है।     फॉर्म भरने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज (जैसे 10वीं/12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, फोटो) तैयार रखें।     यह सुनिश्चित करें कि फोटो और सिग्नेचर सही साइज में हो। फॉर्म भरने से पहले निर्देश अच्छे से पढ़ लें और अगर फीस भरनी हो तो उसे सही से भरें।     अगर त्रुटि सुधार का समय मिले, तो फॉर्म चेक करके सुधारें।     फॉर्म सबमिट करने से पहले एक बार फिर से सारी जानकारी चेक करें, ताकि कोई गलती न हो। परीक्षा केंद्र का चयन भी सही से करें।

5वीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम अप्रैल के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना

 भोपाल  प्रदेश के पांचवीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम अप्रैल के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। प्रदेश भर के सरकारी व निजी स्कूलों के करीब 25 लाख विद्यार्थी परिणाम के इंतजार में है। यह परिणाम 30 मार्च को आना था, लेकिन अब तक 80 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य पूरा हुआ है। मूल्यांकन कार्य 24 मार्च तक समाप्त करना था। अब तीन दिन शेष है। ऐसे में मूल्यांकन कार्य पूरा होना संभव नहीं है। कॉपी जांचने में क्यों हो रहे देरी     वहीं शिक्षक मूल्यांकन केंद्र नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने का काम नहीं पूरा हो पा रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र ने जो समय-सारिणी तय किया था। उसके हिसाब से मार्च के अंत तक पांचवीं व आठवीं का परिणाम आना था, लेकिन अब तक 20 फीसद उत्तरपुस्तिकाओं को जांचना बाकी है।     निजी स्कूलों के अंग्रेजी माध्यम के चार लाख विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने के लिए सरकारी स्कूल में शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। इस कारण निजी स्कूलों के शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में लगाया गया है।     राजधानी के चार मूल्यांकन केंद्रों पर 834 शिक्षकों को साढ़े तीन लाख उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने के लिए लगाया गया है। इसमें पांचवीं की एक लाख 26 हजार और आठवीं की दो लाख पांच हजार उत्तरपुस्तिकाएं हैं। जिनके मूल्यांकन का कार्य चल रहा है। नेटवर्क की समस्या के कारण देरी शिक्षकों का कहना है कि मूल्यांकन के बाद अंकों को ऑनलाइन प्रविष्टि करने के कारण रिजल्ट तैयार करने में देरी होगी। शिक्षकों को एक-एक बच्चे का अंक ऑनलाइन भरना पड़ रहा है। नेटवर्क की समस्या के कारण टैबलेट से अंकों को ऑनलाइन भरने में परेशानी हो रही है। मूल्यांकन केंद्र ही नहीं पहुंचे 12 शिक्षक जिले के जहांगीराबाद स्थित शासकीय कन्या उमावि, प्रोफेसर कॉलोनी स्थित विद्या विहार स्कूल, सरोजिनी नायडू कन्या स्कूल और फंदा ग्रामीण के 25वीं बटालियन स्कूल में मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इसमें करीब 12 शिक्षक मूल्यांकन के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। इन्हें जिला परियोजना समन्वयक ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

मध्य प्रदेश में नर्सिंग की परीक्षा एक बार फिर टल गई, मार्च की जगह अब अप्रैल-मई में परीक्षाएं होंगी

भोपाल  मध्य प्रदेश में नर्सिंग की परीक्षा एक बार फिर टल गई है. मार्च की जगह अब अप्रैल-मई में परीक्षाएं होंगी. बीएससी, एमएससी और पीबीबीएससी की होने वाली परीक्षाओं की तारीफ बढ़ दी गई है. 2020-21 और 2021-22 के बैच की परीक्षा 4 साल देरी से हो रही है. 2019-20 बैच के बीएससी नर्सिंग चौथे साल के छात्रों की अब तक परीक्षाएं नहीं हुई है. परीक्षा में देरी होने से नौकरी और इंटर्नशिप पर खतरा मंडरा रहा है नर्सिंग छात्रों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। 2019-20 बैच के बीएससी नर्सिंग चौथे वर्ष की परीक्षाएं अब तक नहीं हुईं। 2020-21 और 2021-22 बैच की परीक्षाएं भी चार साल की देरी से चल रही हैं। छात्रों का कहना है कि समय पर परीक्षा न होने से रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी है, फिर भी परीक्षाएं लगातार टल रही हैं। छात्रों का आरोप है कि मेडिकल यूनिवर्सिटी ने परीक्षा और अगले सत्र की फीस तो ले ली, लेकिन समय पर परीक्षा नहीं कराई। इससे उनका करियर अटक गया है। इंटरर्नशिप और जॉब के मौके भी हाथ से निकल रहे हैं। बता दें कि 4 बार परीक्षाओं की तारीखें बदली गई है। जो परीक्षाएं हो चुकी उसमें से भी आधे अभ्यर्थियों का ही रिजल्ट जारी किया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दे रहा

भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रत्येक बिंदु को ठोस तरीके से लागू किये जाने के प्रयास किये जा रहे है। नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में तेजी से बढ़ती हुई विश्व की अर्थव्यवस्था में भारतीयों का किस प्रकार से योगदान हो उसकी चिंता की गई है। बढ़ती हुए आबादी के साथ जनता के लिये उनकी शिक्षा, कौशल और आकांक्षाओं के अनुरूप रोजगार का सृजन एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दे रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नये शैक्षणिक सत्र में 700 नये उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नये ट्रेड एवं जॉब रोल्स शुरू करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के शिक्षा विभाग को भेजा है। यह ट्रेड 21वीं सदी के नवीन कौशल उन्नयन पर आधारित है। वर्तमान में 2383 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के कोर्स चल रहे है। इन्हें मिलाकर प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले स्कूलों की संख्या 3 हजार से अधिक हो जायेगी। इन कोर्स में उन्नत कृषि को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। डेयरी विकास से जुड़े कोर्स कन्स्ट्रशन ट्रेड अंतर्गत मेशन सहायक, कंस्ट्रशन पेन्टर, असिस्टेंट डिजाइनर, फैशन, हाउसकीपिंग, ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन एण्ड मैनेजमेंट के जॉब रोल्स भी प्रारंभ किये जायेंगे। वर्तमान में संचालित कोर्स में कक्षा 9 और 10 में डाटाएंट्री ऑपरेटर, जूनियर फील्ड टेकनिशियन, असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, रिटेलस्टोर, ऑपरेशन असिस्टेंट, प्रायवेट सिक्योरिटी गॉर्ड, फूड एण्ड बेवरीज, सर्विस असिस्टेंट, माइक्रो फ़ाइनेंस एग्ज़ीक्यूटिव, असिस्टेंट प्लम्बर, सिलाई मशीन ऑपरेटर, फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्विस असिस्टेंट और फिजिकल एजूकेशन असिस्टेंट विषय प्रमुख है, कक्षा 11 और 12 में जिन कोर्स को प्राथमिकता दी गई है। उनमें जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर, सौलर पैनल टेक्नीशियन, ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन, सीसीटीबी, फुटेज ऑपरेटर, फ्लोरीकल्चर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर प्रमुख है। 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश में वर्तमान में 2383 विद्यालयों में 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। व्यावसायिक शिक्षा देने के लिये 4 हजार 700 से अधिक शिक्षकों को विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश में संचालित व्यावसायिक शिक्षा के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये है।  

बोर्ड परीक्षाओं में आधे विषयों के पर्चे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक महज सात नकल प्रकरण ही बने

 ग्वालियर  बोर्ड परीक्षा हो और ग्वालियर चंबल में नकल न हो, ऐसा हो नहीं सकता। पिछले कई सालों से ग्वालियर चंबल क्षेत्र परीक्षाओं में नकल के लिए काफी बदनाम रहा है। इस बार बोर्ड परीक्षाओं में 10वीं व 12वीं में आधे विषयों के पर्चे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक महज सात नकल प्रकरण ही बने हैं और एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया है। पिछले सालों में यह संख्या दो से तीन गुना अधिक हुआ करती थी। संभवत: नकल रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ऐसा मैकेनिज्म बनाया और जिला प्रशासन सहित शिक्षा विभाग ने उसे फालो किया, जिसकी वजह से इस बार अंचल में नकल पर नकेल लगी हुई है। अभी तक न तो सामूहिक नकल के प्रकरण सामने आए हैं और न ही प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं ही सामने आई हैं। नकल रोकने के लिए यह अपनाया तरीका फर्जी परीक्षार्थी रोकने क्यूआर कोड ग्वालियर चंबल के भिंड, मुरैना में हर साल फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाते थे। लेकिन इस बार दतिया में एक प्रकरण को छोड़कर कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके पीछे प्रवेशपत्र में क्यूआर कोड होना बताया जा रहा है। इस वजह से नकल माफिया परीक्षाओं में साल्वर नहीं बैठा पाया। पेपर लीक मामला हर बार परीक्षा से पहले रात व सुबह प्रश्नपत्र लीक होकर इंटरनेट मीडिया पर आ जाता था और छात्र उसे खरीदते थे। इस बार बोर्ड ने थाने से लेकर केंद्र में पेपर पहुंचने तक व छात्रों तक बंटने तक को एप से ट्रैक किया। ऐसे में पेपर लीक होने की अफवाह तक सामने नहीं आई। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर ग्वालियर चंबल अंचल के जितने भी परीक्षा केंद्र संवदेनशील व अति संवेदनशील थे, उन पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। ऐसे में छात्र भी नकल नहीं ले जा पाए और माफिया भी मनमानी नहीं कर पाए। कलेक्टर प्रतिनिधि की नियुक्ति हर परीक्षा केंद्र पर एक कलेक्टर प्रतिनिधि नियुक्त किया गया। यह प्रतिनिधि थाने से प्रश्नपत्र लेकर लाने से लेकर परीक्षा समय तक केंद्र पर रहता है और व्यवस्थाओं को देखता है। इससे भी परीक्षा केंद्रों से सामूहिक नकल जैसी स्थिति सामने नहीं आई। टीमों का नियमित निरीक्षण शिक्षा विभाग सहित जिला प्रशासन की टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। ऐसे में परीक्षार्थियों सहित पर्यवेक्षकों में डर बना रहा। नहीं चली संगठित नकल माफिया की अंचल की बोर्ड परीक्षाओं में नकल संगठित माफिया कराता था। यह न केवल फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा में बैठाता था, बल्कि केंद्रों पर सामूहिक नकल भी कराता था। लेकिन इस बार बोर्ड व प्रशासन ने अपने परीक्षा मैकेनिज्म को बदल दिया और नई तरीके सामने लाए। ऐसे में माफिया इस बार अपनी कारगुजारी में सफल नहीं हो पाया। कहां पर कितने बने प्रकरण     ग्वालियर में 1     भिंड में 1     शिवपुरी में 1     मुरैना में 4 प्रवेश पत्र में क्यूआर कोड भी     बोर्ड परीक्षाओं के लिए इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ऐसे प्रावधान व नियम किए हैं, जिनकी वजह से परीक्षा के हर कदम पर उसकी नजर है। चाहे प्रश्नपत्र को थाने से केंद्र तक ले जाने की ट्रैकिंग हो या परीक्षा केंद्र पर नजर रखने वाली बात, सभी जगहों पर बोर्ड की नजर है। साथ ही फर्जी परीक्षार्थी की पहचान के लिए प्रवेश पत्र में क्यूआर कोड भी दिया गया। साथ ही जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग की टीमें भी सतत निगरानी कर रही हैं। इसलिए इस बार नकल पर अंकुश लगा हुआ है। – दीपक पांडेय, संयुक्त संचालक शिक्षा, ग्वालियर  

10वीं बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू, 9.53 लाख छात्र होंगे शामिल, नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम, भोपाल में बने हैं 103 एग्जाम सेंटर

भोपाल मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा शुरू हो रही है. परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय के पेपर से होगी. परीक्षा तय गाइडलाइन के अनुसार आयोजित की जा रही है. परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है. पूरे प्रदेश में 9 लाख 53 हजार छात्र शामिल होंगे. वहीं नकल रोकने के लिए इस बार सख्त नियम भी बनाए गए हैं. वहीं परीक्षा को लेकर एमपी बोर्ड की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. एक ही शिफ्ट में होगी एमपी बोर्ड परीक्षा परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी. एग्जाम सुबह 09 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा. बता दें कि छात्रों को परीक्षा पुस्तिकाएं सुबह 8:50 बजे दी जाएंगी, जबकि प्रश्नपत्र 8:55 बजे दिए जाएंगे. वहीं स्टूडेंट्स से दोपहर 12 बजे हल किए हुए अंसर सीट ले लिए जाएंगे. 10वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए जरूरी गाइडलाइंस छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंचना महत्वपूर्ण है. स्टूडेंट्स परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर जरूर पहुंच जाएं. इसके बाद छात्र परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, क्योंकि केंद्र के गेट सुबह 8:45 बजे बंद कर दिए जाएंगे. परीक्षा सेंटर पर जरूर ले जाएं एडमिट कार्ड बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एडमिट कार्ड बेहद जरूरी है. बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा सेंटर में प्रवेश नहीं मिलेगा. इसलिए सभी छात्रों को परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड साथ लेकर जाना चाहिए. इसके साथ ही छात्रों को स्कूल आईडी कार्ड भी साथ अपने साथ रखना अनिवार्य होगा. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर रोक छात्र-छात्राएं मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को अपने परीक्षा हॉल में न जाएं. दरअसल, एमपी बोर्ड की ओर से इनकी अनुमति नहीं है. बता दें कि बोर्ड परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा. नकल रोकने के लिए बनाए गए सख्त नियम इस बार नकल रोकने के लिए सख्त नियम भी बनाए गए हैं. इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ नामक अनोखी पहल की गई है. मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे. 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में होंगे शामिल कक्षा 10वीं में लगभग 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इसके लिए कुल 3,887 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं.  यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. 16 लाख से अधिक विद्यार्थी दे रहे परीक्षा इस साल हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में 9 लाख 53 हजार 777 छात्र एवं हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा में 7 लाख 6 हजार 475 छात्र शामिल हो रहे हैं। कुल परीक्षार्थियों की संख्या 16 लाख 60 हजार 252 है। बोर्ड परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3,887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ईमानदारी की पेटी रखी जाएगी परीक्षा केंद्रों पर इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ नामक अनोखी पहल की गई है। मंडल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे। इस पेटी पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि “यह पेटी स्वेच्छा से नकल सामग्री परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले जमा करने के उद्देश्य से रखी गई है।” यदि कोई छात्र परीक्षा कक्ष में नकल सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ परीक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

CBSE का बड़ा बदलाव​, 2026 से साल में दो बार होंगे ​क्लास 10th Board Exam

नई दिल्ली सीबीएसई 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है। बोर्ड ने इस संबंध में एक मसौदा नीति को तैयार कर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। बोर्ड ने शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों सहित तमाम हितधारकों से इस पर प्रतिक्रिया मांगी है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर देने की सिफारिश की है। https://x.com/DDNewslive/status/1894411333711663172 उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें 10वीं कक्षा में 2025-26 से दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने को लेकर चर्चा की गई। इसके लिए एक मसौदा नीति विकसित करने और सभी हितधारकों जैसे स्कूलों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और आम जनता से प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने के लिए सीबीएसई वेबसाइट पर होस्ट की जाए। भारद्वाज ने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद मसौदा नीति विकसित की गई है और उसे सीबीएसई की बेवसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। हितधारक 9 मार्च तक मसौदा नीति पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। प्रतिक्रियाओं की जांच की जाएगी और नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं की दो बार होने वाली परीक्षाओं का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। 2026 में होने वाली 10वीं की परीक्षा का पहला राउंड 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 6 मार्च 2026 तक चलेगा। दूसरे राउंड की बोर्ड परीक्षा 5 मई 2026 से 20 मई 2026 तक चलेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय मीटिंग में सीबीएसई को दो बार बोर्ड एग्जाम की स्कीम तैयार करने को कहा था। सीबीएसई ने मंगलवार को ड्राफ्ट पॉलिसी जारी कर दी है, जिस पर 9 मार्च तक सुझाव मांगे गए हैं। खत्म होगी सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा सुझावों के आधार पर पॉलिसी में जरूरी बदलाव भी हो सकते हैं और उसके बाद फाइनल पॉलिसी जारी हो जाएगी। कंपार्टमेंट की परीक्षा अब नहीं होगी। जो छात्र पहले राउंड (सभी पेपर या कुछ पेपर) को क्लियर नहीं कर पाएंगे, उनके लिए मई में दूसरे बोर्ड एग्जाम में अपीयर होने का मौका रहेगा। CBSE Exams: 34 दिन में पूरे होंगे दोनों राउंड 2026 में जब दसवीं की बोर्ड परीक्षा दो बार होगी, तो दोनों राउंड केवल 34 दिनों में पूरे हो जाएंगे। एनबीटी ने अपनी पहले की रिपोर्ट में बताया भी था कि फरवरी और मई 2026 में होने वाली परीक्षा कम दिनों में पूरी की जाएगी। 2025 के मौजूदा सत्र में 10वीं की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च तक चलेगी। यानी एक ही परीक्षा में 32 दिनों की समय-सीमा रखी गई है। अब 2026 में पहले राउंड की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 18 दिनों में 6 मार्च तक खत्म हो जाएगी। जबकि दूसरे राउंड की परीक्षा 5 मई से शुरू होकर 16 दिनों में 20 मई को खत्म होगी। इस तरह से दोनों राउंड की परीक्षा केवल 34 दिनों में पूरी हो जाएगी और जल्दी रिजल्ट भी आ जाएगा। दसवीं में सीबीएसई कुल 84 विषयों की परीक्षा आयोजित करेगा और करीब 1,72,90,000 आंसर शीट्स जांची जाएंगी। 2026 की दसवीं की परीक्षा में 26.60 लाख छात्रों की भागीदारी होगी। प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट एक ही बार होंगे सीबीएसई दसवीं में छात्र लिखित परीक्षा तो दो बार दे सकेंगे, लेकिन प्रैक्टिकल व इंटरनल असेसमेंट एक ही बार होगा। अलग-अलग विषयों में होने वाले प्रैक्टिकल व इंटरनल असेसमेंट के जो नंबर मिल जाएंगे, उसे लिखित परीक्षा के बेस्ट स्कोर में जोड़कर रिजल्ट जारी किया जाएगा। कब, कहां मिलेगी सीबीएसई मार्कशीट? पहले राउंड की परीक्षा के बाद कोई पासिंग डॉक्युमेंट जारी नहीं होगा। पहली परीक्षा की परफॉर्मेंस डिजिलॉकर में उपलब्ध होगी, जिसका उपयोग 11वीं में एडमिशन के लिए किया जा सकेगा। अगर स्टूडेंट दूसरे राउंड की परीक्षा नहीं देना चाहेगा, तो वह डिजिलॉकर के स्कोर के जरिए एडमिशन ले सकेगा। सेकंड राउंड के बाद जो फाइनल रिजल्ट तैयार होगा, उसके बाद ही पासिंग डॉक्युमेंट जारी किए जाएंगे। दोनों राउंड की परीक्षा के बाद ही मेरिट सर्टिफिकेट जारी होगा। पास नहीं होने पर भी 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन पहले राउंड में सीबीएसई क्लास 10 में जो छात्र पांचों विषयों में क्वालीफाई होंगे, उन्हें भी पास घोषित किया जाएगा। इस स्थिति में भी छात्र को 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन मिल सकेगा। जब छात्र दूसरे सत्र की परीक्षा देगा और क्वालीफाई हो जाता है, तो उस स्थिति में ही उसका एडमिशन कंफर्म माना जाएगा। जो छात्र पहले एग्जाम में क्वालीफाई नहीं होते हैं, उन्हें इंप्रूवमेंट कैटिगरी में रखा जाएगा और वे दूसरे राउंड की परीक्षा के लिए एलिजिबिल होंगे। सीबीएसई ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में कोई स्पेशल एग्जामिनेशन यानी कंपार्टमेंट परीक्षा नहीं होगी। अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में सफल नहीं होता है या कुछ विषयों में सफल नहीं होता है, तो अभी तक उसे जुलाई में कंपार्टमेंट की परीक्षा देने का मौका मिलता था। लेकिन अब मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में उसे बैठने का विकल्प दिया जा रहा है। CBSE 2 Exams: दोनों बार विषय नहीं बदलेंगे ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक छात्र ने जिन विषयों में पहली परीक्षा दी होगी, दूसरे राउंड में भी उन्हीं विषयों की परीक्षा देने का विकल्प मौजूद रहेगा। दूसरे राउंड की परीक्षा के दौरान सब्जेक्ट चेंज करने की इजाजत नहीं होगी। लेकिन यहां पर छात्रों के लिए एक उम्मीद की किरण यह है कि अगर किसी स्टूडेंट ने पहले राउंड की परीक्षा के लिए आईटी सब्जेक्ट चुना है और वह इसे बदलना चाहता है, तो अगर वह पहले राउंड में आईटी की परीक्षा नहीं देता तो सेकंड राउंड में वह आईटी के बदले दूसरा विषय चुन सकता है। लेकिन अगर पहले राउंड में आईटी का पेपर दे दिया तो फिर वह सेकंड राउंड में इस विषय को चेंज नहीं कर सकता। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में यह सिफारिश की गई है कि छात्रों को बोर्ड परीक्षा में अपना प्रदर्शन सुधारने का अवसर दिया जाएगा। जिसके बाद यह ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की गई है।  

आज से साढ़े 17 लाख विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा शुरू, परीक्षा सेंटर पर रखी गई ‘ईमानदारी की पेटी’

  भोपाल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 12वीं के छात्रों की बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैंं, जो 25 मार्च तक चलेंगी. पहला पेपर हिंदी का है. इस बार 12वीं बोर्ड के लिए 7 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे. तय कार्यक्रम के मुताबिक, बोर्ड परीक्षा का समय सुबह 9 से 11.30 बजे तक रहेगा. सभी छात्रों को 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा. सुबह 8:45 पर परीक्षा केंद्र का गेट बंद कर दिया जाएगा और प्रश्न पत्र सुबह 8:55 पर वितरित किए जाएंगे. हिंदी के प्रश्न पत्र से हो रही शुरुआत मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंडरी की बोर्ड की परीक्षा का पहला पेपर हिंदी का है. यह परीक्षा सुबह 9:00 बजे शुरू होगी जो कि 11:30 बजे तक आयोजित की जाएगी. हाई स्कूल की 27 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा में भी पहला प्रश्न पत्र हिंदी का ही रखा गया है. हायर सेकेंडरी की परीक्षा में 7 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल होंगे जबकि हाई स्कूल की परीक्षा में 10 लाख के आसपास विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं. परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ बोर्ड की परीक्षा में नकल रोकने के लिए उड़न दस्ते बनाए गए हैं. इसके बावजूद, परीक्षा केंद्रों पर ईमानदारी की पेटी रखी जाएगी. इस ईमानदारी की पेटी में विद्यार्थी अपने साथ लाई नकल सामग्री को फेंक सकेंगे. परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी केंद्र से भी निगरानी रखी जा रही है इसके अलावा पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. कैसी है तैयारी – 12वीं बोर्ड में कुल 7 लाख 06 हज़ार 475 छात्र शामिल होंगे – इस साल प्रदेश में 3887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं – ⁠परीक्षा में नकल रोकने के लिए प्रदेश के 11 जिलों के 222 संवेदनशील और 340अति संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगेंगे – ⁠इसमें 562 केंद्र .संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र होंगे. इसमें ग्वालियर,भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और मुरैना के संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्र में शामिल हैं – ⁠यदि कोई छात्र परीक्षा शुरू होने से 20 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचता है, तो केंद्राध्यक्ष उचित कारण पूछने के बाद उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकेंगे. – ⁠यदि छात्र 8.40 के बाद परीक्षा केंद्र पर पहुंचते हैं, तो उन्हें एंट्री नहीं दी जाएगी. – ⁠परीक्षा के दौरान माशिमं की उड़नदस्ता टीमों के अलावा, संयुक्त संचालक (जेडी) और डीईओ की टीमें निरीक्षण करेंगी. – ⁠अगर छात्र नकल सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी. – ⁠परीक्षा के दौरान कोई भी शिक्षक और केन्द्राध्यक्ष केन्द्र के अंदर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे, केंद्र के अंदर मोबाइल ले जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा. – ⁠सरकारी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. मोबाइल के साथ-साथ सभी इलेक्ट्रानिक डिवाइस प्रतिबंधित होंगे. – ⁠इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सप्लीमेंट्री कॉपी की व्यवस्था खत्म की है यानी छात्रों को सप्लीमेंट्री कॉपी नहीं मिलेगी. – ⁠मुख्य उत्तर पुस्तिका में ही क्वेश्चन पेपर सॉल्व करना होगा. यह उत्तर पुस्तिका 32 पेज की होगी.

CBSE Board 10वीं और 12वीं की परीक्षा शुरू

नई दिल्ली  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आज यानी शनिवार से शुरू हो जाएंगी. परीक्षा सुबह 10.30 बजे से शुरू होगी. आपको बता दें कि 10वीं की परीक्षा 15 फरवरी से 18 मार्च के बीच और 12वीं की 15 फरवरी से 4 अप्रैल 2025 तक होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल लगभग 44 लाख छात्र-छात्राओं के सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. पहले दिन 10वीं कक्षा के छात्रों की इंग्लिश कम्युनिकेटिव, लैंग्वेज एंड लिटरेचर की और 12वीं के छात्रों की एंटरप्रेन्योरशिप विषय की परीक्षा होगी. दिल्ली मेट्रो ने किए खास इंतजाम दिल्ली मेट्रो ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 को लेकर एक विशेष घोषणा की है. परीक्षा देने जाने वाले छात्र-छात्राओं को मेट्रो स्टेशन पर टिकट लेने और प्रवेश के दौरान फ्रिक्सिंग में प्राथमिकता दी जाएगी. यानी इन दोनों काम में कम समय लिया जाएगा.  15 फरवरी से 4 अप्रैल 2025 तक सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा चलेगी. इस दौरान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों के लिए  सुगम और परेशानी मुक्त यात्रा को लेकर कुछ सुविधाओं की घोषणा की है. लगभग 3.30 लाख छात्र-छात्राएं और हजारों स्कूल कर्मचारी शहर भर में आवागमन करेंगे. इसलिए DMRC  CISF के साथ साझेदारी कर परीक्षा के दिनों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर विशेष सुविधा उपाय लागू कर रहा है. मेट्रो स्टेशनों पर परीक्षार्थियों को जो सुविधाएं मिलेंगी     अपना सीबीएसई एडमिट कार्ड दिखाने पर छात्रों को मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच के दौरान प्राथमिकता दी जाएगी.     टिकट ऑफिस मशीन (TOM) और कस्टमर केयर (CC) केंद्रों पर टिकट खरीदते समय अपने एडमिट कार्ड दिखाने वाले छात्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी.     डीएमआरसी स्टाफ ने स्कूलों का दौरा किया. प्रिंसिपलों से बातचीत की और उन्हें नजदीकी मेट्रो स्टेशनों और छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी.     डीएमआरसी ने स्कूलों से अनुरोध किया है कि वे छात्रों को अपनी यात्रा की प्लानिंग में सहायता करने के लिए आसान टिकट बुकिंग के लिए क्यूआर कोड के साथ-साथ नजदीकी मेट्रो स्टेशन का विवरण प्रदान करने वाले पोस्टर लगाएं.     मेट्रो स्टेशनों पर परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए  विशेष केंद्रीकृत घोषणाएं की जाएंगी.     परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्रों के निकटतम मेट्रो स्टेशनों की एक विस्तृत सूची भी डीएमआरसी वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन पर अपलोड की गई है. डीएमआरसी की वेबसाइट पर जाकर जानकारी ले सकते हैं परीक्षार्थी डीएमआरसी छात्रों से अपनी यात्रा की प्लानिंग पहले से बनाने का आग्रह किया है. साथ  ही सभी उम्मीदवारों को उनकी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दी है. अधिक अपडेट के लिए, उम्मीदवार डीएमआरसी की आधिकारिक वेबसाइट (www.delhimetrorail.com) और डीएमआरसी मोमेंटम दिल्ली सारथी 2.0 मोबाइल ऐप पर जा सकते हैं. सीबीएसई ने जारी की गाइडलाइन सीबीएसई ने सब्जेक्ट स्पेसिफिक गाइडलाइन जारी की हैं, जिसमें सब्जेक्ट कोड, क्लास स्पेसिफिकेशन, थ्योरी और प्रैक्टिकल के लिए अधिकतम अंक, प्रोजेक्ट वर्क, इंटरनल असेसमेंट और आंसर शीट के फॉर्मेट जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है. परीक्षाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने  के लिए स्कूलों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है. छात्र यहां देख सकते हैं सैंपल क्वेश्चन पेपर्स छात्र सीबीएसई एकेडमिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर 10वीं और 12वीं के लिए सैंपल क्वेश्चन पेपर्स देख सकते हैं. ये छात्रों को लेटेस्ट क्वेश्चन फॉर्मेट, मार्किंग और परीक्षा पैटर्न से परिचित कराने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, ताकि वे अपनी बोर्ड अपनी बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी कर सकें. सीबीएसई मार्कशीट में जारी रहेंगे ये बदलाव सीबीएसई डिस्टिंक्शन न देने या टॉपर्स की घोषणा न करने की अपनी नीति जारी रखेगा. 2024 की तरह, 2025 की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को समग्र डिवीजन, डिस्टिंक्शन या कुल अंकों का का प्रतिशत नहीं मिलेगा.

पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा में 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे, नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षा होगी निरस्त

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पांचवीं-आठवीं की बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से आयोजित हो रही है। इस बार हर जनशिक्षा केंद्र के तहत पांच केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षा केंद्र स्कूल से तीन किमी के अंदर ही होंगे और एक केंद्र पर 250 से अधिक विद्यार्थी शामिल नहीं होंगे। विशेष परिस्थितियों में राज्य शिक्षा केंद्र को सूचित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अनुमति से परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। इस बार परीक्षा के लिए राज्य व जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी बनाया जाएगा। परीक्षा से संबंधित कोई भी शिकायत यहां दर्ज कराई जा सकती है। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें निर्देशित किया गया है कि इस बार डिटेंशन पॉलिसी भी लागू होगी। बता दें कि इस बार परीक्षा में सरकारी व निजी स्कूलों के करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। डिटेंशन पॉलिसी लागू होगी कक्षा 5वीं व 8वीं की परीक्षा में निर्धारित अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने वाले विद्यार्थियों को पुन: परीक्षा का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए दो माह बाद पुन: परीक्षा आयोजित होगी। पुन: परीक्षा में भी अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को उसी कक्षा में रोके जाने (डिटेंशन पालिसी) का प्रविधान होगा। प्रत्येक विषय में लिखित परीक्षा 60 अंक का होगा, जिसमें 33 प्रतिशत यानी 20 अंक लाने होंगे। उससे कम अंक लाने वाले बच्चों को पुन: परीक्षा देनी होगी। इसके बाद भी कोई फेल हो जाता है तो उसे उसी कक्षा में रोक लिया जाएगा। नियमितता व कर्तव्यनिष्ठा पर भी मिलेगी ग्रेड स्कूलों में आयोजित गतिविधियों में विद्यार्थी की उपलब्धि पर स्कूल से ग्रेड दी जाएगी। यह कक्षा शिक्षक देंगे। इसमें नियमितता, समयबद्धता, सहयोग की भावना, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी का आकलन भी होगा। इसके अलावा साहित्यिक, सांस्कृतिक, विज्ञान, सृजनात्मक, खेलकूद पर भी ग्रेडिंग की जाएगी। स्कूलों को ग्रेड व अंक 15 फरवरी तक आनलाइन भरकर राज्य शिक्षा केंद्र को भेजने होंगे। वहीं पांचवीं के परीक्षार्थियों के लिए अतिरिक्त भाषा वैकल्पिक है। इस कारण अतिरिक्त भाषा के प्राप्तांकों को वार्षिक परिणाम में नहीं जोड़ा जाएगा। नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षा होगी निरस्त अगर कोई विद्यार्थी नकल करते या अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़ा जाएगा तो उसकी परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी। उसकी उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। एक घंटे के अंदर उत्तरपुस्तिकाओं को जमा करना होगा यह भी निर्देशित किया गया है कि परीक्षा के दिन जनशिक्षा केंद्र से 45 मिनट पहले केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष की उपस्थिति में प्रश्नपत्रों का बंडल वितरित किया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी केंद्रों से एक घंटे के अंदर उत्तरपुस्तिकाओं को जनशिक्षा केंद्र पर जमा कराना होगा।

परीक्षाओं में इस साल दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या होगी कम, वस्तुनिष्ठ और अति लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या पहले से बढ़ेगी

भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल की पांचवी और आठवीं की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों की रूपरेखा और अंक योजना जारी हो गई है। इस परीक्षा में परीक्षार्थियों को प्रश्नों के छोटे-छोटे उत्तर अधिक देने होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ, रिक्त स्थान भरो और अति लघु उत्तरीय प्रश्न अधिक पूछे जाएंगे। वहीं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या बेहद कम होगी।     मंडल की यह वार्षिक परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर पांच मार्च तक चलेगी।     इस परीक्षा के लिए प्रदेश में 12 हजार केंद्र बनाए गए हैं।     दोनों कक्षाओं के करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।     इस सबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।     परीक्षा परिणाम के लिए अधिभार अंक भी निर्धारित कर दिया गया है।     इसके मुताबिक अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए अधिभार अंक 20, वार्षिक परीक्षा लिखित अधिभार अंक 60 और वार्षिक परीक्षा प्रोजेक्ट कार्य के लिए अधिभार अंक 20 निर्धारित किए गए हैं।     प्रत्येक विषय में दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या चार होगी। वहीं पांच बहु विकल्पीय प्रश्न, पांच रिक्त स्थान भरो और छह अति लघुउत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।     लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या भी छह होगी। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न-पत्र तैयार होंगे।     सरकारी स्कूलों के लिए प्रश्न-पत्र राज्य स्तर से तैयार कराए जाएंगे, जबकि निजी स्कूल निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न-पत्रों को स्वयं तैयार कराएंगे।     सरकारी स्कूलों में भाषा विषय (हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत) की राज्य स्तर के एससीईआरटी पाठ्यपुस्तक से और निजी स्कूलों में एनसीईआरटी से प्रश्न पूछे जाएंगे। अन्य विषयों के प्रश्नपत्र एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक से पूछे जाएंगे। भोपाल जिले के 68 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे भोपाल जिले में दोनों कक्षाओं की परीक्षा में करीब 68 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें पांचवीं के 34,213 और आठवीं के 34,773 विद्यार्थी होंगे। जिले में करीब 250 केंद्र बनाए गए हैं। 33 प्रतिशत से कम अंक लाने पर होंगे फेल प्रत्येक विषय की लिखित परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक विषय के बाह्य एवं आंतरिक मूल्यांकन में न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने वाले परीक्षार्थी को फिर से परीक्षा देनी होगी। उसमें भी पास नहीं हुए तो उसी कक्षा में दोबारा पढ़ना होगा। परीक्षा अंक की योजना     छमाही परीक्षा-अधिभार 20 अंक     वार्षिक परीक्षा(लिखित) – 60 अंक     आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) -20 अंक लिखित परीक्षा के प्रश्नों का पैटर्न ऐसा होगा     बहु विकल्पीय प्रश्न-पांच अंक (पांच प्रश्न)     रिक्त स्थान की पूर्ति वाले प्रश्न-पांच अंक (पांच प्रश्न)     अति लघुउत्तरीय प्रश्न -12 अंक (छह प्रश्न)     लघु उत्तरीय प्रश्न -18 अंक (छह प्रश्न)     दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-20 अंक (चार प्रश्न)  

SSC GD परीक्षा 4 फरवरी से शुरू, एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड, देखें लिंक और स्टेप्स

एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा (SSC GD Exam 2025) की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। कर्मचारी चयन आयोग ने एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। कैंडीडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट https://ssc.gov.in/ पर जाकर हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग ने उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र की अतिरिक्त कॉपी प्रिन्ट करके रखने की सलाह दी है। एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, अभिभावकों का नाम, कैरेगरी, फोटोग्राफ, एप्लीकेशन नंबर, विषय और बारकोड जैसी जानकारी उपलब्ध होती है। इसके अलावा एग्जाम से संबंधित गाइडलाइंस भी मौजूद होती है। परीक्षा केंद्र पर दिशानिर्देशों का अनुपालन जरूरी होता है। कब होगी परीक्षा? एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा 4, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13, 17, 18, 19, 21 और 25 फरवरी को देशभर के विभिन्न शहरों में आयोजित होगी। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक एग्जाम से 4 दिन पहले प्रवेश पत्र जारी होंगे। वहीं सिटी स्लिप 10 दिन पहले जारी होंगे। कुल 39,481 पदों पर भर्ती होगी।  परीक्षा का पैटर्न एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक सही उत्तर पर 2 अंक मिलते हैं। इसमें 4 सेक्शन शामिल होंगे हैं। 0.25 अंक की कटौती होगी। एग्जाम कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में आयोजित होगा। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://ssc.gov.in/ पर जाएं।     होमपेज पर Log in/Register के टैब पर क्लिक करें।     लॉग इन मॉड्यूल खुलेगा। रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।     होमपेज पर एडमिट कार्ड दिखेगा। इसे अच्छे से चेक करें और डाउनलोड करें।     भविष्य के संदर्भ में उम्मीदवार एडमिट कार्ड का प्रिन्ट आउट निकाल कर अपने पास रख लें।

​संस्कृत शिक्षा विभाग में निकली 3 हजार पदों पर भर्ती, जल्द शुरू होगी आवेदन प्रकिया

जयपुर राजस्थान संस्कृत शिक्षा विभाग में 3 हजार से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती करने की प्रकिया शुरू कर दी है। इसके लिए संस्कृत शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना जारी कर दी है। ऐसे में अब बोर्ड जल्द ही भर्ती की विज्ञप्ति जारी करेगी। शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा कि शिक्षा विभाग में लंबे वक्त से पद रिक्त है। ऐसे में सरकार द्वारा कुल तीन हजार तीन पदों पर भर्ती करने का फैसला किया है। विभाग ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेज दी है। अध्यापक लेवल – 1 और अध्यापक लेवल – 2 के कुल 2759 पद, लाइब्रेरियन के 48 पद और प्रयोगशाला सहायक के 17 पदों पर भर्ती की जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया- विभाग द्वारा अर्थना भेजी गई है। इसकी लीगल जांच होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को पूरा करवाया जाएगा।

हरियाणा बोर्ड परीक्षा की तारीखों का ऐलान, इन टिप्स संग करें जमकर तैयारी

चण्डीगढ़ हरियाणा। हरियाणा बोर्ड की तरफ से परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। मैट्रिक और इंटमीडिएट परीक्षाओं 2025 की तारीख से जुड़ा एक आधिकारिक नोटिस वेबसाइट पर जारी किया गया है। साथ ही ये कहा गया है कि सेकेंडरी कक्षा की परीक्षा का आयोजन 27 फरवरी 2025 से शुरू होने वाला है। ऐसे में आपको परीक्षा के लिए खुद को कैसे तैयार करना है ताकि आप बेहतर मार्क्स पा सकें तो आइए जानते हैं उसके बारे में यहां। सेकेंडरी वार्षिक परीक्षा 2025 का आयोजन 27 फरवरी से लेकर 15 मार्च 2025 तक किया गया है। वहीं, सीनियर सेकेंडरी परीक्षाओं का आयोजन 26 फरवरी से 28 मार्च तक है। इन परीक्षार्थी से जुड़े नोटिस को आप आधिकारिक वेबसाइट https://bseh.org.in/home पर जाकर आराम से देख सकते हैं। ऐसे में अब परीक्षा में ज्यादा वक्त नहीं रहा है तो उससे पहले आपको कई जरूरी चीजों का ध्यान रखना होगा, ताकि आपके एग्जाम अच्छे से जा सकें। परीक्षा देने से पहले जरूरी बातें – परीक्षा से पहले आप लिखने की प्रैक्टिस करेंगे तो ये आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। इसके जरिए आप तय वक्त में परीक्षा पूरी कर पाएंगे और आपको कई भी प्रश्न नहीं छूट पाएगा। – इसके अलावा आपको अपना टाइम टेबल भी सेट करना होगा। ताकि सभी सब्जेक्ट को आप अच्छे से कवर कर पाएं। ताकि कमजोर सबजेक्ट को कवर करने का टाइम मिल सकें। – परीक्षा के लिए आपको रोजना पढ़ाई करनी होगी। साथ ही रिवीजन करें ताकि अच्छे से हर सबजेक्ट आपके माइंड में क्लियर हो जाए। – सिलेब्स का अच्छे से विश्लेषण करें ले। इससे आपको ये समझ में आ जाएगा कि कौन विषय ज्यादा मार्क्स का आने वाला है और कौन सा कम। – सही से पढ़ाई करने के लिए आपको अच्छा टाइम टेबल बनाना होगा। दिन के हिसाब से आपको किसी एक सबजेक्ट पर पढ़ाई करने होगी ताकि आपका सिलेब्स अच्छे से कवर हो सकें।

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