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सर्दी जा रही, गर्मी बढ़ रही: मध्य प्रदेश में पारा 30 डिग्री के पार, अगले सप्ताह नए मौसम सिस्टम से सीमित बदलाव

भोपाल  मध्यप्रदेश में अब सर्दी की रवानगी शुरू हो चुकी है. न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी साफ दिखाई दे रही है और दिन का पारा तेजी से चढ़ रहा है. प्रदेश के 15 से ज्यादा शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. वहीं ज्यादातर शहरों में रात का तापमान भी 10 डिग्री से ऊपर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है, लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना है. यानी अब ठंड धीरे-धीरे विदा लेने वाली है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस का सीमित असर मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. हालांकि इनका असर पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित रहेगा. मध्यप्रदेश में इसका प्रभाव बहुत कम देखने को मिलेगा. फिलहाल प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल छाए हुए हैं और कुछ जिलों में मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है, लेकिन तेज ठंड की वापसी के आसार नहीं हैं. कुछ जिलों में हल्के बदल  फिलहाल सक्रिय मौसमी हलचल के कारण प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल देखे जा रहे हैं। कुछ जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया और गुरुवार को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। ठंड का हल्का एक और दौर संभव मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों में बर्फबारी के बाद जब सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलेगी, तब तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इससे प्रदेश में हल्की ठंड की वापसी हो सकती है, हालांकि तीखी सर्दी की संभावना नहीं है। अगले दो दिन का पूर्वानुमा 14 फरवरी: कुछ जिलों में सुबह हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश के आसार नहीं हैं। दिन में बादल छा सकते हैं। 15 फरवरी: सीमित इलाकों में हल्का कोहरा रहेगा। वर्षा की संभावना नहीं। इन शहरों में 30°C पार धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी सहित 15 से अधिक शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी गई। नर्मदापुरम और सागर में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री या उससे अधिक रहा। दूसरी ओर पचमढ़ी में सबसे कम 8.2 डिग्री दर्ज हुआ। खजुराहो, मंदसौर, कटनी (करौंदी), रीवा और राजगढ़ में भी पारा 10 डिग्री के आसपास या उससे अधिक रहा। प्रदेश में अब ठंड की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है और मौसम धीरे-धीरे गर्मी की ओर रुख कर रहा है।  हल्की सर्दी का एक और दौर मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। हल्की सर्दी का एक और दौर आ सकता है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     14 फरवरी- कुछ जिलों हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छा सकते हैं।     15 फरवरी- कुछ ही जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। इन जिलों में पारा बढ़ा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री के पार रहा। वहीं, गुरुवार-शुक्रवार की रात में नर्मदापुरम और सागर में तापमान 17 डिग्री या इससे अधिक पहुंच गया। वहीं, पचमढ़ी में सबसे कम 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 8.6 डिग्री, मंदसौर में 9.7 डिग्री, कटनी के करौंदी में 10 डिग्री, रीवा में 10.2 डिग्री और राजगढ़ में तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में तापमान 10 डिग्री से ज्यादा रहा। भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है।

सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई

ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का माध्यम बनकर उभरी है। वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई इस पहल ने पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय संबल भी उपलब्ध कराया। सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही है। परंपरागत उत्पादों को मिला प्रोत्साहन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बजट सत्र 2026-27 में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को नई पहचान दी है। यह योजना परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में 2275 कारीगरों को उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई।  दोगुना से अधिक हुआ निर्यात उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से भी ओडीओपी योजना ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी एवं हस्तशिल्प उत्पादों का बताया गया है। वर्ष 2018 से अब तक इस योजना के माध्यम से 3,16,000 लोगों को रोजगार सृजित हुआ है। 200 करोड़ के बजट का प्रावधान वित्तीय प्रतिबद्धता भी इस योजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। पिछले बजट में 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिंग को मजबूती मिली है। कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा उन्होंने कहा कि ओडीओपी केवल आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अभियान है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल स्थानीय पहचान को और व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

Wall Street से Dalal Street तक कोहराम, निवेशकों के अरबों डूबे; समझिए गिरावट की बड़ी वजहें

मुंबई  अमेरिका से भारतीय शेयर बाजार तक कोहराम मचा हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह AI को लेकर चिंता अब ग्‍लोबल स्‍तर पर आ चुकी है. एआई से मार्केट में भारी गिरावट देखी जा रही है. खासकर आईटी कंपनियों के लिए तो बड़ा संकट खड़ा हो चुका है. शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भी खुलते ही तेजी से गिरा.  सेंसेक्‍स 772.19 अंक या 0.92% टूटकर 82,902.73 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 0.78 फीसदी या 200.30 अंक गिरकर  25,606.90 पर कारोबार कर रहा था. सबसे ज्‍यादा गिरावट आईटी शेयरों में देखी जा रही है. टीसीएस इंफोस‍िस, एचसीएल टेक से लेकर महिंद्रा टेक के शेयर करीब 6 फीसदी तक गिरे हैं.   BSE के टॉप 30 शेयरों में से 24 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. बाकी 6 शेयरों में तेजी है, जो मामूली तेजी पर हैं. Infosys में करीब 6 फीसदी, टीसीएस में 5 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एचसीएल टेक 4.14 फीसदी और टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 3 फीसदी की गिरावट है.   बीएसई के 3,337  शेयरों में से 847 शेयरों में तेजी और 2,327 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. 163 शेयर अनचेंज हैं. 41 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर और 106 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. वहीं 55 शेयरों में लोअर सर्किट और 79 शेयरों में अपर सर्किट है.                 अमेरिकी बाजार में 90 लाख करोड़ स्‍वाहा वहीं अमेरिका में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है. वहीं अब एशियाई मार्केट में भी गिरावट हावी है. निवेशकों को डर है कि नए AI टूल्स कई पारंपरिक बिजनेस मॉडल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है और कंपनियों के मुनाफे को कम कर सकता है. AI का सबसे ज्‍यादा असबर ट्रकिंग, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सॉफ्टवेयर से जुड़े शेयरों में देखने को मिल रहा है. रिपोर्र्ट्स का दावा है कि अमेरिकी बाजार में आई गिरावट से करीब एक ट्रिलियन डॉलर या 90 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए हैं.  अमेरिकी बाजार में कोहराम  अमेरिकी मार्केट में गुरुवार को डॉऊ जोंस 669.42 अंक या 1.34% गिरकर 49,451.98  पर क्‍लोज हुआ. नैसडैक में सबसे ज्‍यादा गिरावट रही, जो 469.32  अंक या 2.03% टूटकर 22,597.15 पर बंद हुआ. S&P 500 इंडेक्‍स 1.57% या 108.71 अंक टूटकर 6,832.76  पर क्‍लोज हुए.

बांग्लादेश में सत्ता पर BNP का कब्जा, जमात हाशिये पर; प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान की जीत को बताया ऐतिहासिक

ढाका  सत्ता के लिए 20 साल का इंतज़ार खत्म करते हुए, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) 13वें आम चुनावों में बहुमत का आंकड़ा पार करने के बाद अगली सरकार बनाने के लिए तैयार है. यह एक अहम जनादेश है, जो उथल-पुथल से जूझ रहे देश की सियासी दिशा में एक बड़ी तब्दीली की तरफ इशारा करता है.  तारिक रहमान के नेतृत्व वाली पार्टी ने आखिरी बार 2001 में चुनाव जीता था. आज पार्टी ने जीत का ऐलान कर दिया है क्योंकि गिनती के ट्रेंड्स में भारी जीत का इशारा मिल रहा था, जिससे दो दशकों के बाद सत्ता में उसकी वापसी पक्की हो गई. इस बीच, जमात-ए-इस्लामी को बड़ा झटका लगा है, जो नतीजों के धीरे-धीरे आने के बावजूद डबल-डिजिट सीटों तक ही सीमित रही. स्थानीय मीडिया ने बताया कि सुबह-सुबह हुई वोटिंग में BNP गठबंधन ने 209 सीटें जीतीं. कैसा रहा जमात-ए-इस्लामी का प्रदर्शन? BNP के प्रदर्शन ने उसे सिंपल मेजॉरिटी के लिए ज़रूरी 151 सीटों की लिमिट से आगे पहुंचा दिया, जिससे पार्टी अगली सरकार बनाने के लिए मज़बूत स्थिति में आ गई. कई चुनाव क्षेत्रों में वोटों की गिनती जारी रही, लेकिन कुल मिलाकर ट्रेंड्स से पता चला कि फ़ाइनल टैली में बड़े बदलाव की गुंजाइश कम है. सुबह करीब 4 बजे तक, जमात-ए-इस्लामी ने 56 सीटें जीत ली थीं. बांग्लादेश के रेफरेंडम के अनऑफिशियल नतीजों से जुलाई चार्टर के लिए लोगों के मज़बूत सपोर्ट का भी पता चलता है, जो 2024 के विद्रोह से बना एक सुधार डॉक्यूमेंट है जिसमें बड़े संवैधानिक बदलावों का प्रस्ताव है. The Daily Star के मुताबिक, गिने गए वोटों में से करीब 72.9 फीसदी चार्टर को अपनाने के पक्ष में थे, जबकि 27.1 परसेंट इसके खिलाफ थे.  जगह-जगह से हिंसा की खबरें लोकल मीडिया के मुताबिक, बांग्लादेश के कई हिस्सों में चुनाव के दौरान हिंसा की भी घटनाएं सामने आईं. वोटिंग से जुड़ी झड़पों में 70 से ज़्यादा लोग घायल बताए गए हैं. बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार ने कहा कि 14 अलग-अलग घटनाओं में करीब 72 लोग घायल हुए, जिनमें से कई पोलिंग स्टेशन के पास या अंदर हुए. पुलिस ने इस हंगामे के सिलसिले में कम से कम नौ लोगों को हिरासत में लिया. सबसे बुरी हिंसा नोआखली जिले के हटिया में हुई, जहां BNP और नेशनल सिटीजन पार्टी के समर्थकों के बीच हुई झड़प में 31 लोग घायल हो गए. वोटिंग सुबह 7:30 बजे शुरू हुई और नौ घंटे तक बिना रुके चलती रही. वोटरों ने दो अलग-अलग बैलेट पेपर इस्तेमाल किए- एक पार्लियामेंट्री चुनाव के लिए और दूसरा रेफरेंडम के लिए, जिन्हें देश भर के 42,659 पोलिंग स्टेशनों पर ट्रांसपेरेंट बैलेट बॉक्स में रखा गया था. देश के 300 में से 299 चुनाव क्षेत्रों में चुनाव हुए. शेरपुर-3 में एक पार्लियामेंट्री उम्मीदवार की मौत के बाद वोटिंग टाल दी गई. बांग्लादेश इलेक्शन कमीशन (EC) के मुताबिक, देश भर में 60.69 फीसदी वोटिंग हुई, जिसमें पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल 80.11 परसेंट और कुल वैलिड वोट रेट 70.25 परसेंट रहा. कई वोटरों ने कहा कि 2008 के पार्लियामेंट्री चुनावों के बाद यह पहला शांतिपूर्ण और खुशी वाला चुनाव था जो उन्होंने देखा. वोटों की गिनती के बीच, जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश के चीफ, शफीकुर रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी अपने फायदे के लिए ‘विपक्ष की राजनीति’ नहीं करेगी, जिससे गिनती जारी रहने पर चुनाव के नतीजों को मानने का संकेत मिला. उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, “हम पॉजिटिव पॉलिटिक्स करेंगे.” PM मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान को बांग्लादेश चुनावों में उनकी पार्टी की बड़ी जीत के बाद बधाई देते हुए PM मोदी का बयान दोबारा पोस्ट किया. PM मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा. मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं.” बांग्लादेश में हुए 13वें संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रचंड जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को गर्मजोशी से बधाई दी है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया (X) पर साझा किए अपने संदेश में इस जीत को बांग्लादेश की जनता का उनके नेतृत्व पर अटूट विश्वास बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “संसदीय चुनावों में बीएनपी को निर्णायक जीत दिलाने के लिए मैं तारिक रहमान को हार्दिक बधाई देता हूं. यह जीत आपके नेतृत्व में बांग्लादेशी लोगों के भरोसे को दर्शाती है.” उन्होंने आगे कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा और दोनों देशों के साझा विकास लक्ष्यों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक है. शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद यह बांग्लादेश में पहला बड़ा चुनाव था. 17 साल के वनवास के बाद तारिक रहमान की पार्टी की सत्ता में वापसी दक्षिण एशिया की राजनीति के लिए एक बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ है. भारत ने इस बधाई संदेश के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि वह नई सरकार के साथ भी मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता देगा. आपको बता दें कि बांग्लादेश में गुरुवार को आम चुनाव के लिए वोट डाले गए थे और शाम को ही मतगणना शुरू हो गई है. अभी तक जो नतीजे सामने आए हैं उसमें रहमान की पार्टी वाले गठबंधन ने 209 सीटें जीतकर 300 सदस्यों वाले जातीय संसद या देश के सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है.  बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने चुनाव में जीत का दावा करते हुए देशवासियों को बधाई दी है लेकिन समर्थकों से जश्न न मनाने की अपील की है.पार्टी ने कहा कि विजय उत्सव के बजाय कार्यकर्ता और समर्थक पूरे देश में शुक्रवार की नमाज़ अदा करें और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को याद करें.  तारिक रहमान को ऐतिहासिक जीत पर US ने दी बधाई बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत के लिए तारिक रहमान और BNP को बधाई देने वाला यूनाइटेड स्टेट्स पहला देश बन गया. बांग्लादेश में US के राजदूत ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बांग्लादेश के लोगों को सफल चुनाव के लिए और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और तारिक रहमान … Read more

बैंकिंग ग्राहकों के लिए राहत की खबर, PAN से जुड़े नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू

नई दिल्ली भारत सरकार ने 7 फरवरी को नए आयकर नियम 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है. नए आयकर नियम, 2026 में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं. अब कई कामों के लिए PAN कार्ड बताने की जरूरत की सीमा बढ़ाई जा रही है. जैसे मोटर व्हीकल खरीदना, बैंक से बड़ी रकम निकालना या जमा करना, प्रॉपर्टी खरीदना और होटल में बड़ा बिल चुकाना आदि के लिए पैन कार्ड की जरूरत नहीं होगी. नए नियमों में यह भी प्रस्ताव है कि कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं का मूल्य बढ़ा दिया जाए. साथ ही, क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए यह जरूरी होगा कि वे अपनी जानकारी आयकर विभाग के साथ साझा करें. इसके अलावा डिजिटल रुपया (CBDC) को भी अब आधिकारिक तौर पर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के एक मान्य तरीके के रूप में शामिल किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2026 की घोषणा के कुछ दिनों बाद, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने नए आयकर कानून 2025 से जुड़े ड्राफ्ट नियम और फॉर्म जारी किए हैं. इन पर आम लोग अपनी राय दे सकते हैं. नए ड्राफ्ट Income Tax Rules 2026 के मुताबिक, कई जगहों पर PAN नंबर बताना अनिवार्य कर दिया गया है. भारत सरकार ने 7 फरवरी को नए आयकर नियम 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है. नए आयकर नियम, 2026 में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं. अब कई कामों के लिए PAN कार्ड बताने की जरूरत की सीमा बढ़ाई जा रही है. जैसे मोटर व्हीकल खरीदना, बैंक से बड़ी रकम निकालना या जमा करना, प्रॉपर्टी खरीदना और होटल में बड़ा बिल चुकाना आदि के लिए पैन कार्ड की जरूरत नहीं होगी. नए नियमों में यह भी प्रस्ताव है कि कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं का मूल्य बढ़ा दिया जाए. साथ ही, क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए यह जरूरी होगा कि वे अपनी जानकारी आयकर विभाग के साथ साझा करें. इसके अलावा डिजिटल रुपया (CBDC) को भी अब आधिकारिक तौर पर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के एक मान्य तरीके के रूप में शामिल किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2026 की घोषणा के कुछ दिनों बाद, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने नए आयकर कानून 2025 से जुड़े ड्राफ्ट नियम और फॉर्म जारी किए हैं. इन पर आम लोग अपनी राय दे सकते हैं. नए ड्राफ्ट Income Tax Rules 2026 के मुताबिक, कई जगहों पर PAN नंबर बताना अनिवार्य कर दिया गया है. बैंक में कैश जमा या निकासी अब प्रस्ताव है कि अगर कोई व्यक्ति एक वित्त वर्ष में कुल 10 लाख या उससे अधिक की कैश जमा या निकासी करता है. चाहे एक खाते में या कई खातों में तो PAN बताना जरूरी होगा. वर्तमान नियमों के अनुसार, एक ही दिन में बैंक या कोऑपरेटिव बैंक में 50,000 से अधिक का कैश जमा करने पर PAN देना अनिवार्य है. मोटर वाहन खरीदने पर PAN मौजूदा नियमों में अगर खरीदी जाने वाली गाड़ी (कार या बाइक) की कीमत 5 लाख से ज्यादा होती थी, तो PAN बताना जरूरी था. दोपहिया वाहनों के लिए PAN बताने का कोई नियम नहीं था. नए ड्राफ्ट नियम में किसी भी मोटर वाहन की खरीद पर, कीमत चाहे जो भी हो, PAN बताना अनिवार्य होगा यानी दोपहिया वाहन भी अब इस दायरे में आ जाएंगे. बैंक में कैश जमा या निकासी अब प्रस्ताव है कि अगर कोई व्यक्ति एक वित्त वर्ष में कुल 10 लाख या उससे अधिक की कैश जमा या निकासी करता है. चाहे एक खाते में या कई खातों में तो PAN बताना जरूरी होगा. वर्तमान नियमों के अनुसार, एक ही दिन में बैंक या कोऑपरेटिव बैंक में 50,000 से अधिक का कैश जमा करने पर PAN देना अनिवार्य है. मोटर वाहन खरीदने पर PAN मौजूदा नियमों में अगर खरीदी जाने वाली गाड़ी (कार या बाइक) की कीमत 5 लाख से ज्यादा होती थी, तो PAN बताना जरूरी था. दोपहिया वाहनों के लिए PAN बताने का कोई नियम नहीं था. नए ड्राफ्ट नियम में किसी भी मोटर वाहन की खरीद पर, कीमत चाहे जो भी हो, PAN बताना अनिवार्य होगा यानी दोपहिया वाहन भी अब इस दायरे में आ जाएंगे.

ऑस्ट्रेलिया सावधान! जिम्बाब्वे कर सकता है बड़ा उलटफेर

कोलंबो ग्रुप बी में सबकी नजरें अब क्लासिक डेविड बनाम गोलियथ मुकाबले पर टिकी हैं, जब शुक्रवार को यहां आर. प्रेमदासा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे का मुकाबला टूर्नामेंट की फेवरेट टीम ऑस्ट्रेलिया से होगा। ऑस्ट्रेलिया इस मुकाबले में जीत की जबरदस्त संभावना और दुनिया भर में दबदबे के साथ उतर रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्बाब्वे इस एडिशन का पहला बड़ा उलटफेर कर सकता है? सिकंदर रजा की टीम ने चुपचाप मोमेंटम बना लिया है। ओमान पर उनकी आठ विकेट की बड़ी जीत ने गेंद से डिसिप्लिन और बल्ले से धैर्य दिखाया। लेकिन शुक्रवार का मुकाबला एक बिल्कुल अलग चुनौती पेश करता है – ऑस्ट्रेलियाई टीम का सामना करना जिसमें पावर-हिटर्स, अच्छे ऑलराउंडर्स और कोलंबो के हालात के हिसाब से एक मजबूत स्पिन अटैक है। जिम्बाब्वे की उम्मीदें निडर रवैये पर टिकी होंगी। ब्रायन बेनेट, जिन्होंने पिछले गेम में 48 रन बनाए, पिछले साल उनके सबसे लगातार परफॉर्मर रहे हैं और टॉप पर अहम होंगे। अगर बेनेट और तदीवानाशे मारुमानी नई गेंद को संभालकर एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार कर पाते हैं, तो ब्रेंडन टेलर, रज़ा और रयान बर्ल की अनुभवी तिकड़ी बीच के ओवरों में स्कोरिंग को आगे बढ़ा सकती है। असली मौका गेंद के साथ हो सकता है। ब्लेसिंग मुजराबानी और रिचर्ड नगारवा ने अपने पिछले मैच में छह विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था। एक ऐसी सतह पर जिससे शुरू में स्विंग और बाद में टर्न मिलने की उम्मीद है, ज़िम्बाब्वे का पेस-स्पिन कॉम्बिनेशन ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक टॉप ऑर्डर की परीक्षा ले सकता है। आयरलैंड के खिलाफ थोड़ी कमज़ोरी दिखाने वाले मिडिल ऑर्डर को बेनकाब करने के लिए शुरुआती ब्रेकथ्रू जरूरी होंगे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया अभी भी मजबूत है। कप्तान ट्रैविस हेड लीडर के तौर पर पहली जीत हासिल करने के बाद आगे से लीड करने के लिए बेताब होंगे। जोश इंग्लिस, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस और कैमरन ग्रीन की मौजूदगी पूर्व चैंपियन को ऐसी गहराई देती है जिसका मुकाबला कुछ ही टीमें कर सकती हैं। एडम जम्पा और मैथ्यू कुहनेमन की उनकी स्पिन जोड़ी भी कोलंबो की धीमी होती पिच का फ़ायदा उठा सकती है। प्रेमदासा की पिच ने हमेशा लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को फ़ायदा पहुँचाया है, पिछले दस में से आठ मैच बाद में बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। मैच के दिन बादल छाए रहने का अनुमान है, जिससे गेंदबाजों को शुरुआत में और मदद मिल सकती है, जिससे मुकाबले में एक और अप्रत्याशित बात जुड़ जाएगी। ज़िम्बाब्वे के लिए, यह सिर्फ़ ग्रुप-स्टेज का मैच नहीं है। यह सोच को बदलने और खुद को सिर्फ़ हिस्सा लेने वाले के बजाय असली दावेदार के तौर पर पेश करने का मौका है। उलटफेर टी20 वर्ल्ड कप की धड़कन रहे हैं, और सबसे छोटे फ़ॉर्मेट में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होती। कागज़ पर ऑस्ट्रेलिया शायद बहुत ज़्यादा पसंदीदा हो, लेकिन अगर ज़िम्बाब्वे खास मौकों का फ़ायदा उठाता है – खासकर पावरप्ले और डेथ ओवरों में – तो कहानी एक बड़ा मोड़ ले सकती है। मंच तैयार है। पसंदीदा टीमें पक्की हैं। लेकिन टी20 क्रिकेट में, भरोसा भी नाम जितना ही ताकतवर हो सकता है।  

50 साल की तलाश खत्म, कटनी में मिली सोने की खदान, MP में मार्च से खनन की तैयारी

कटनी  मध्यप्रदेश के कटनी जिले की धरती अब सोना-चांदी उगलेगी. दरअसल, कटनी जिले के इमलिया गांव की पहचान अब जल्द ही सुनहरी होने जा रही है, क्योंकि इस गांव में साढ़े 6 हेक्टेयर धरती में खनन कर करीब 7 लाख टन सोना-चांदी सहित मिनरल्स निकाले जाएंगे.यह काम मुंबई की निजी कंपनी प्रोस्पेक्ट रिसोर्स मिनिरल्स प्राइवेट लिमिटेड स्लीमनाबाद करेगी. इसके लिए जिला प्रशासन के साथ 50 साल के लिए करार किया गया है, जहां कटनी जिले को कंपनी से टैक्स के रूप में करीब 100 करोड रुपए से अधिक का राजस्व मिलेगा. करीब 50 साल की लंबी खोज और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद, जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के इमलिया गांव में सोने का खनन शुरू होने की तैयारी अंतिम चरण में है। अनुमान है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े से खनन का काम शुरू हो जाएगा। एक साल की तेज प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद स्वर्ण खनन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, मार्च से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है, जो मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में नया अध्याय लिखेगा, 121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली ने इमलिया को राष्ट्रीय मानचित्र पर ला खड़ा किया है। अब कटनी सिर्फ जिला नहीं, स्वर्ण नगरी बनने की दहलीज पर खड़ी है…। जिले के इतिहास में एक ऐसी उपलब्धि जुडऩे जा रही है, जो न केवल जिले बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की पहचान बदल देगी। ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इमलिया में स्वर्ण खनन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मार्च माह के दूसरे पखवाड़े से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है। यह मध्यप्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान होगी, जिससे राज्य को राष्ट्रीय खनिज मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत मुंबई की कंपनी प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड खनन कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की ऊंची बोली लगाकर इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। कंपनी और कलेक्टर आशीष मिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के साथ ही जिले में विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के नए द्वार खुल गए हैं। यह परियोजना न केवल कटनी को ‘स्वर्ण नगरी’ के रूप में एक नई पहचान देगी, बल्कि यह मध्य प्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान भी होगी। इस ऐतिहासिक कदम से राज्य का नाम देश के खनिज मानचित्र पर प्रमुखता से अंकित हो गया है। 121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली इस स्वर्ण खदान के लिए हुई ई-नीलामी प्रक्रिया में मुंबई की कंपनी ‘प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड’ ने सबसे ऊंची बोली लगाई। कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की बोली के साथ इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। इसके बाद, कंपनी और कटनी के कलेक्टर आशीष तिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे खनन का रास्ता आधिकारिक तौर पर साफ हो गया। 50 साल की खोज का अंत इमलिया में सोने की मौजूदगी की खोज पिछले पांच दशकों से चल रही थी। बीते एक साल में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई, जिसके परिणामस्वरूप यह परियोजना अब हकीकत बनने की दहलीज पर है। इस समझौते ने जिले में बड़े निवेश, विकास और रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। बदलेगी जिले की पहचान अब तक कटनी की पहचान चूना पत्थर और संगमरमर जैसे खनिजों से होती थी, लेकिन अब यह सोने की चमक से भी जाना जाएगा। इस परियोजना से न केवल राज्य सरकार को राजस्व का लाभ होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने दिया था बड़ा संकेत इस परियोजना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार सक्रियता रही। 18 सितंबर को बड़वारा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से कटनी को कनकपुरी की संज्ञा देते हुए इमलिया गांव में स्वर्ण भंडार की सार्वजनिक जानकारी दी थी। इसके बाद नवरात्रि के पहले दिन ही खनन से जुड़ा एग्रीमेंट होना, इस परियोजना की प्राथमिकता और गंभीरता को दर्शाता है। यह है सोना व उत्पादन का स्तर खनन विभाग की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार इमलिया गोल्ड ब्लॉक से प्रतिवर्ष लगभग 33,214 टन अयस्क उत्पादन का अनुमान है। यहां कुल स्वर्ण खनिज भंडार 3,57,789 टन बताया गया है, जिसमें से 3,35,059 टन खानयोग्य है। तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, प्रति टन अयस्क से औसतन 1.13 ग्राम सोना निकलने की संभावना है। इसके अलावा तांबा 2,71,632 टन, लेड-जिंक 3,88,726 टन, चांदी 3,86,468 टन का अनुमान है। रोजगार और विकास की नई उम्मीद गांव और आसपास के क्षेत्र में इस परियोजना को लेकर उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि खनन शुरू होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार, बेहतर सडक़, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। इमलिया की पहचान अब सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जानी जाएगी। अब तक देश में बड़े पैमाने पर स्वर्ण खनन कर्नाटक के कोलार और हत्ती क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन इमलिया खदान के शुरू होते ही मध्यप्रदेश भी स्वर्ण उत्पादक राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा। मार्च से शुरू होने वाला यह खनन न केवल कटनी को स्वर्ण नगरी के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई ऊंचाई देगा।

महाशिवरात्रि 2026: उज्जैन महाकाल में श्रद्धालुओं का मेला, पुलिस ने सुरक्षा कड़े की

उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाशिवरात्रि पर दर्शन व्यवस्था को लेकर बुधवार को पुलिस ओर प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई. पर्व पर 24 घंटे मंदिर खुला रहने ओर करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देख अधिकारियों ने दर्शन की रणनीति तय की. वहीं दर्शनार्थियों के आने वाले मार्ग ओर पार्किंग व्यवस्था का भी निरीक्षण किया. महाशिवरात्रि के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में इस बार 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। अनुमानित भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में एडीजी राकेश गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में डीआईजी नवनीत भसीन, एसपी प्रदीप शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मंदिर की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं तथा वीवीआईपी मूवमेंट की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई। महाशिवरात्रि पर सुरक्षा के लिए 6 एएसपी, 18 डीएसपी, 38 थाना प्रभारी, 50 एसआई, 85 एएसआई सहित कुल 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनका कंट्रोल रूम मंदिर परिसर में ही बनाया गया है। ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए इस बार एक नई पहल की गई है। नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों के साथ जिम में कसरत करने वाले युवा, आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी तथा कॉलेज छात्रों को वालंटियर के रूप में लगाया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को 40 मिनट के भीतर दर्शन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। महाकाल नगरी पूरी तरह तैयार है, अब इंतजार है श्रद्धालुओं की आस्था के सैलाब का। 24 घंटे खुला रहेगा बाबा का दरबार इस संबंध में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि नववर्ष के पहले दिन करीब 8 लाख दर्शनार्थी महाकाल मंदिर पहुंचे थे. 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर यह संख्या 10 लाख पहुंच सकती है. पर्व पर तड़के होने वाली भस्म आरती आधा घंटा पूर्व होगी और मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा. इसलिए दर्शन व्यवस्था के साथ पार्किंग ओर दर्शनार्थियों के मार्ग का निरीक्षण किया जा रहा है. यह दिए निर्देश महाशिवरात्रि पर दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए कमिश्नर सिंह ने अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर, महाकाल महालोक के आंतरिक एवं बाह्य क्षेत्रों का भ्रमण व निरीक्षण किया. उन्होंने दर्शन मार्ग,श्रद्धालुओं की आवाजाही,पार्किंग, जूता स्‍टेण्‍ड, पेयज , लड्डू प्रसाद, प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षा व्यवस्था, मूलभूत सुविधा और भीड़ प्रबंधन का अवलोकन कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. साथ ही मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेकर निर्माण एजेंसियों को कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए. 

नई आबकारी नीति पेश, मोहन सरकार का 21 हजार करोड़ रुपये का शराब राजस्व लक्ष्य

भोपाल   मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार कमाई और राजस्व बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने प्लान बनाने शुरु कर दिया है और इस दिशा में काम भी शुरु कर दिया है। दरअसल मोहन सरकार शराब से राजस्व हासिल करने की सोच रही है। जानकारी के मुताबिक सरकार शराब के जरिए 21 हजार करोड़ राजस्व हासिल करने का लक्ष्य एकत्र करने की योजना बना रही है। नई नीति में 19,000 से 21,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति का मसौदा तैयार किया है, जिसमें शराब से लगभग 19,000 से 21,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य है। नई नीति में अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने पर भी फोकस है। जिसके चलते दुकानों की नीलामी 20% अधिक दर पर की जा सकती है, इससे शराब महंगी हो सकती है। दरअसल  सरकार के आबकारी विभाग ने आबकारी नीति 2026-27 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। शासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय मंत्रिमंडल समिति ने कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रालय में नई आबकारी नीति के ड्राफ्ट पर चर्चा की है। इस बैठक में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ने शिरकत की। नई नीति में शराब दुकानों की बिक्री से राजस्व का लक्ष्य बढ़ाकर 21 हजार  करोड़ रुपये करने पर केंद्रित किया गया है। मध्यप्रदेश में बहुत जल्द ही नई आबकारी नीति आने वाली है जिसमें बहुत सारे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इशारा किया है कि अप्रैल महीने में मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति लागू होगी। आबकारी नीति 2025- 26 में कई शहरों में शराब की बिक्री प्रतिबंधित कर दी जाएगी। वहीं, कुछ और बड़े फैसले लिए जाएंगे। कब तक मिल सकती है नई नीति को मंजूरी मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग की एक बड़ी अधिकारी ने नवभारत टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि फरवरी महीने की आखिरी में या मार्च की शुरुआत में कैबिनेट नई शराब नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। इसके तहत सबसे बड़ी शुरुआत मध्य प्रदेश की आध्यात्मिक और धार्मिक राजधानी उज्जैन से होगी। यहां की करीब 20 दुकान शराब की दुकान बंद कर दी जाएंगी। उज्जैन समेत 16 धार्मिक शहरों में होगी शराबबंदी उज्जैन के अलावा मध्य प्रदेश के करीब 15 शहरों में शराब की बिक्री बंद कर दी जाएगी। यह प्रावधान आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई नीति के ड्राफ्ट में किया है। यह ड्राफ्ट मंत्री परिषद की समिति को भेजा गया था,जिस पर सरकार ने चर्चा की है। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इशारों में है बात बताई है कि जहां से है कई शहरों में शराबबंदी की जाएगी, वहां कुछ बड़े शहरों में मिनी बार के विकल्प पर मंथन किया जा रहा है। यह मिनी बार की तरह होंगे। क्यों की जा रही है शराबंदी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार चाहती है कि शराब की बिक्री को हतोत्साहित किया जाए ताकि नागरिक उसके दुष्प्रभाव से बच सकें। वहीं, नई नीति में 25 फीसदी पुरानी शराब की दुकानों के ठेके करीब 20% बढ़ोतरी के साथ रिन्यू किए जा सकते हैं। हालांकि आबकारी विभाग ने कुछ जगहों पर दुकान बंद करने तो कुछ जगहों पर नई दुकान शुरू करने का भी प्रावधान बनाया है। लेकिन कुल मिलाकर सरकार प्रदेश की अधिकांश शहरों में शराब की दुकान बंद करके शराब की बिक्री को हतोत्साहित करने की ओर बढ़ रही है। शराबबंदी को लेकर क्या बोले थे सीएम आपको बता दे कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन में बयान देकर कहा है कि सरकार धार्मिक नगरों में शराब बंदी को लेकर आगे बढ़ रही है। नई वित्तीय वर्ष में इस पर अमल किया जा सकता है। चित्रकूट, उज्जैन, ओंकारेश्वर, अमरकंटक जैसे कई शहरों में शराब की दुकान बंद कर दी जाएगी। कई शहरों की शराब दुकान हटाकर उन्हें शहर की सीमा से दूर स्थापित किया जाएगा। नई नीति में अवैध शराब निर्माण, अवैध परिवहन को रोकने के लिए कड़े प्रावधान जानकारी के मुताबिक ज्यादा राजस्व प्राप्त करने के लिए नई नीति में शराब के अवैध निर्माण के साथ ही अवैध परिवहन को रोकने के लिए कड़े बताए जा रहे हैं। सबसे पहले नवीनीकरण के जरिए दुकानें आवंटित होंगी। फिर लॉटरी के जरिए और इसके बाद ई-टेंडर के माध्यम से शराब दुकानों का ठेका दिया जाएगा। आबकारी नीति ड्राफ्ट में जरूरी संशोधन के बाद सीएम मोहन यादव के समक्ष पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक नई आबकारी नीति में मप्र आबकारी अधिनियम-1915 में संशोधन का प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार अधिनियम की वो चीजें खत्म कर दी जाएंगी जो अब अव्यावहारिक हैं और न ही राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है। अगर  दुकान नहीं बिकती है तो ई टेंडर के माध्यम से होगी नीलामी जानकारी के मुताबिक नई आबकारी नीति में न कोई शराब दुकान बंद करने का प्रस्ताव है और न ही नई शराब दुकान खोला जाना प्रस्तावित है।  मप्र में शराब दुकानों की कुल संख्या 3,558 है। वहीं प्रदेश में  जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त प्रावधान बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही  नई आबकारी नीति में शॉपिंग मॉल में महंगी शराब के काउंटर खोले जाने की जानकारी भी है।

एमपी में टाउनशिप के नियम अपडेट: डेवलपर को 80% जमीन, पंजीयन जरूरी, राज्य स्तर पर शहरों की निगरानी

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब एकीकृत टाउनशिप बनेंगी। किसान, किसानों के समूह या निजी व्यक्ति भी शहरों के आसपास लैंड पुलिंग के जरिये भूमि लेकर टाउनशिप बना सकेंगे। परियोजना के 15 प्रतिशत भू-भाग पर उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और एलआइजी श्रेणी के आवास बनाने होंगे। किफायती आवास बनाने पर अलग से अनुदान मिलेगा। विकासकर्ता को नगर तथा ग्राम निवेश में पंजीयन कराना होगा। ग्रीन बेल्ट जैसी पांबदियों से छूट मिलेगी। परियोजना के बीच सरकारी भूमि आने पर आठ हेक्टेयर तक छूट दी जा सकेगी। नियम अधिसूचित कर लागू कर दिए हैं नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने  नियम अधिसूचित कर लागू कर दिए हैं। प्रदेश में शहरीकरण को लेकर बढ़ते दबाव और बेतरतीब विकास को व्यवस्थित करने के लिए सरकार अब एकीकृत टाउनशिप को बढ़ावा देगी। इसके लिए नियम लागू कर दिए हैं, जो विकास प्राधिकरण सहित अन्य हाउसिंग एजेंसियों पर भी लागू होंगे। 10 से 20 हेक्टेयर न्यूनतम भूमि की शर्त नियमों के अनुसार पांच लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों में एकीकृत टाउनशिप के लिए न्यूनतम 10 हेक्टेयर भूमि आवश्यक होगी। पांच लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में यह सीमा 20 हेक्टेयर तय की गई है। स्थानीय निकाय सीमा या योजना क्षेत्र में 40 हेक्टेयर या अधिक क्षेत्रफल वाली परियोजनाओं के लिए कम से कम 30 मीटर चौड़ी सड़क अनिवार्य होगी। बड़े शहरों में विकास योजना सड़क की चौड़ाई 24 मीटर निर्धारित की गई है। 66 वर्गमीटर तक अफोर्डेबल आवास का प्रावधान नियमों में अफोर्डेबल हाउसिंग के तहत अधिकतम 66 वर्गमीटर तक के आवास निर्माण की अनुमति दी गई है। परियोजना स्थल एक ही स्थान पर होना चाहिए। केवल राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग या प्रमुख जिला मार्ग से विभाजित स्थिति में छूट रहेगी। डेवलपर के पंजीयन के लिए संचालक नगर एवं ग्राम निवेश को पंजीयन अधिकारी बनाया गया है। आवेदन ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। 15 दिन के भीतर आवेदन स्वीकृत या निरस्त किया जाएगा। निरस्तीकरण की स्थिति में 20 प्रतिशत कटौती के बाद शुल्क वापस होगा। पंजीयन शुल्क 50 हजार, नवीनीकरण 25 हजार पंजीयन शुल्क 50 हजार रुपए और नवीनीकरण शुल्क 25 हजार रुपए तय किया गया है। पंजीयन पूरे राज्य में मान्य रहेगा। डेवलपर को शपथ पत्र देना होगा कि वह किसी आपराधिक मामले में दोषी नहीं है। पांच लाख से अधिक जनसंख्या वाले जिलों में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। इसमें संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी सदस्य होंगे। अन्य जिलों में कलेक्टर अध्यक्ष होंगे और संबंधित स्थानीय अधिकारी सदस्य रहेंगे। बड़े जिलों में नगर एवं ग्राम निवेश संचालनालय नोडल एजेंसी होगा, जबकि अन्य में संयुक्त संचालक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। भूमि अधिग्रहण में प्रशासनिक सहयोग का प्रावधान डेवलपर को कम से कम 80 प्रतिशत भूमि स्वयं प्राप्त करनी होगी। शेष भूमि के लिए आवश्यकता होने पर प्रशासनिक सहयोग लिया जा सकेगा। पारस्परिक सहमति के माध्यम से भूमि एकत्र करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यहां नियम लागू नहीं बनक्षेत्र के नदी-ताला, तालाब, बांध आदि राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य। रक्षा संपदा क्षेत्र, छावनी बोई। अधिसूचित पर्यावरण ईको संवेदनशील क्षेत्र। खदान, एसईजेड वन्यजीव गलियारा। ऐतिहासिक पुरा स्थलों से प्रभावित स्थल। रेलवे भूमि या जिसे राज्य सरकार ने प्रतिबंधित किया। यह करना अनिवार्य     टाउनशिप डेगालपर का टीएंडसीपी में पंजीयन।     पंजीयन शुल्क 50000, नवीनीकरण शुल्क 25000 व प्रमाण-पत्र की वैधता 5 वर्ष जैसी व्यवस्थाएं लागू।     कुल क्षेत्र का 2.5%, ग्रीन कवर।     टाउनशिप में कुल क्षेत्रफल का 10%, पार्क और खुला क्षेत्र राना अनिवार्य।     15% ईडबल्यूएस-निम्न आय वर्ग के लिए रिजर्व। कोई भी व्यक्ति या किसानों का समूह टाउनशिप विकसित कर सकेगा अभी तक टाउनशिप का विकास कालोनाइजरों तक सीमित था, लेकिन अब कोई भी व्यक्ति या किसानों का समूह टाउनशिप विकसित कर सकेगा। इन पर कालोनाइजर एक्ट के प्रविधान लागू होंगे। नागरिकों को पेयजल, बिजली, सड़क, नाली सहित सभी सुविधाएं देनी होंगी। निजी भूमि का आपसी सहमति से होगा अधिग्रहण टाउनशिप विकसित करने के लिए यदि भूमि कम पड़ती है और वहां सरकारी भूमि उपलब्ध है तो वह आठ हेक्टेयर की सीमा में उपलब्ध कराई जा सकेगी। बीच में यदि निजी भूमि आती है तो विकासकर्ता सरकार से अनुरोध कर आपसी सहमति के आधार पर अधिग्रहण करा सकेंगे। टाउनशिप का विकास अधिकतम तीन चरण में करना होगा निर्धारित शुल्क चुकाकर उन्हें पंजीयन भी कराना होगा। टाउनशिप का विकास अधिकतम तीन चरण में करना होगा। प्रत्येक चरण के लिए तीन वर्ष रखे जाएंगे। दूसरे चरण का काम तभी प्रारंभ किया जा सकेगा, जब पहले चरण का काम कम से कम 50 प्रतिशत पूरा हो जाए। पांच लाख से कम आबादी क्षेत्र के लिए दस हेक्टेयर भूमि नियम में स्पष्ट किया गया है कि पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों के आसपास टाउनशिप के लिए कम से कम दस हेक्टेयर भूमि आवश्यक होगी। पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए यह 20 हेक्टेयर रहेगी। मार्ग चौड़ाई 24.0 मीटर से कम न हो। मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 30.0 मीटर रखनी होगी 40 हेक्टेयर या उससे अधिक क्षेत्र वाले टाउनशिप में मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 30.0 मीटर रखनी होगी। पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में टाउनशिप के विकास की अनुमति राज्य स्तर से लेनी होगी। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में साधिकार समिति रहेगी। बाकी के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता वाली साधिकार समिति देगी। आवेदन करने पर 60 दिन के अंदर अनुमति देनी होगी।  

रूस ने ठहराया BRICS को ताकतवर विकल्प, अमेरिका पर कटाक्ष: ‘यहां कोई हुक्म नहीं चलता’

मास्को  रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में अमेरिका और पश्चिमी देशों के समूह नाटो के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए उन पर निशाना साधा है। लावरोव ने कहा है कि ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) ज्यादातर मामलों में सर्वसम्मति के आधार पर फैसले करते हैं, जबकि नाटो के फैसले अमेरिका पर निर्भर करते हैं। लावरोव ने रूस के एक यूट्यूब चैनल एमपाशिया मनुची प्रोजेक्ट के साथ बातचीत में कहा, “ज्यादातर मामलों में अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन किया जाता है। जब बात हमारे पश्चिमी साथियों की हो तब नहीं, बल्कि जब उन प्रतिनिधियों की होती है जिन्हें हम वैश्विक बहुमत कहते हैं। ब्रिक्स, एससीओ, और सोवियत के बाद वाले सीएसटीओ, ईएईयू, और सीआईएस जैसे समूहों में आम सहमति ज़्यादातर बनी रहती है।” उन्होंने कहा, “ यहां आप नाटो की तरह आसानी से फैसले नहीं ले सकते, जहां अमेरिकी कहते हैं ‘चुप रहो’ और सबको पता है कि यह सब कैसे काम करता है।” लावरोव ने आगे कहा कि यूरोपीय संघ भी फैसलों पर असर डालता है। यूरोपीय संघ की तरह, जहां ब्रसेल्स में बिना चुने हुए नौकरशाह देश की चुनी हुई सरकारों को बताते हैं कि क्या करना है, कैसे बर्ताव करना है, किसके साथ व्यापार करना है और किसके साथ नहीं करना है। हमारे हंगरी के साथियों ने ब्रसेल्स के हाल के गलत कामों पर साफ और समझने लायक टिप्पणी की है।” बता दें कि हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने दिसंबर 2025 में कहा था कि यूरोपीय संघ यूक्रेनी संघर्ष को लंबा खींचने के लिए व्यवस्थित तरीके से कानून को रौंद रहा है। उन्होंने कहा कि यूराेपीय संघ में कानून का राज “ब्रसेल्स की तानाशाही” से बदल गया है। इससे पहले ने लावरोव ने रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाकर प्रतिस्पर्धियों को दबाने के लिए अमेरिका पर ‘अनुचित तरीकों’ का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। लावरोव ने एक इंटरव्यू में कहा, ”अमेरिका भारत और अन्य ब्रिक्स सदस्यों जैसे प्रमुख रणनीतिक साझेदारों के साथ हमारे व्यापार, निवेश सहयोग और सैन्य-तकनीकी संबंधों को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है।”

संसद में खुलासा: MP के अधिकतर गांवों में BSNL की पहुँच सीमित, निजी कंपनियों ने आधे प्रदेश में 5G पहुंचाई

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकारी और निजी टेलीकॉम सेवाओं के बीच की खाई गहरी होती जा रही है। संसद में पेश सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि जहां एक ओर प्रदेश के आधे से ज्यादा गांव अत्याधुनिक 5G नेटवर्क से जुड़ चुके हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी कंपनी बीएसएनएल (BSNL) अभी भी आधे से ज्यादा प्रदेश में अपनी पहुंच बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। BSNL का हाल: 56% गांवों तक अब भी नहीं पहुंची पहुंच संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में बीएसएनएल के नेटवर्क विस्तार की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है। मध्य प्रदेश में कुल 54,903 गांव हैं इनमें से केवल 24,394 गांवों को ही बीएसएनएल की सेलुलर सेवाओं से कवर किया जा सका है। नेटवर्क विहीन: प्रदेश के लगभग 55.5% (करीब 30,509 गांव) में आज भी बीएसएनएल का सिग्नल नहीं पहुंचता है। उत्तर प्रदेश (पूर्व) जैसे सर्कल में बीएसएनएल ने 92% गांवों को कवर कर लिया है, जबकि एमपी में यह आंकड़ा आधे से भी कम है। 4G टावरों का जाल और 5G की तैयारी संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने बताया कि बीएसएनएल वर्तमान में पूरे देश में 1 लाख स्वदेशी 4G टावर लगा रहा है । 15 जनवरी, 2026 तक 97,672 साइटें स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें से 95,511 साइटें ऑन-एयर हो चुकी हैं । खास बात यह है कि ये सभी उपकरण भविष्य में 5G में अपग्रेड किए जा सकेंगे । 5G की रफ्तार: आधा मध्य प्रदेश हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस बीएसएनएल की सुस्ती के विपरीत, देश में 5G के विस्तार ने प्रदेश में तेज रफ्तार पकड़ी है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बन गया है। मध्य प्रदेश के 27,961 गांवों में 5G नेटवर्क पहुंच चुका है. यानी प्रदेश के 51% से अधिक गांव अब सुपर-फास्ट इंटरनेट जोन में हैं। गांवों तक 5G पहुंचाने में एमपी देश में 6वें नंबर पर टावरों का जाल: प्रदेश भर में अब तक 22,182 5G बीटीएस (BTS) टावर लगाए जा चुके हैं। गांवों तक 5G पहुंचाने के मामले में मध्य प्रदेश देश के टॉप राज्यों की सूची में छठे (6th) स्थान पर है। बीटीएस (BTS) टावर: क्या है यह तकनीक? खबरों में बार-बार आने वाला शब्द ‘बीटीएस’ (Base Transceiver Station) वह मुख्य मशीन है जो मोबाइल और नेटवर्क के बीच सिग्नल का आदान-प्रदान करती है। 5G के लिए लगाए जा रहे ये नए बीटीएस पुराने टावरों की तुलना में कई गुना ज्यादा डेटा स्पीड और कम विलंबता (Latency) प्रदान करते हैं, जिससे वीडियो कॉलिंग और गेमिंग जैसे काम बिना रुके होते हैं। मप्र-छग सर्किल में किस कंपनी के पास कितने यूजर्स? मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सर्किल में कुल मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 7.98 करोड़ के पार पहुंच गई है। मार्केट शेयर के हिसाब से रिलायंस जियो का दबदबा बरकरार है। ट्राई (TRAI) द्वारा 10 फरवरी 2026 को जारी की गई रिपोर्ट (दिसंबर 2025 के आंकड़ों तक) के अनुसार, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (MP-CG) सर्किल में मोबाइल यूजर्स का डेटा और कंपनियों की स्थिति इस प्रकार है ..   टेलीकॉम कंपनी कुल यूजर्स (लगभग) मार्केट शेयर (%) स्थिति रिलायंस जियो (Jio) 4.02 करोड़ 50.4% नंबर-1 पर एयरटेल (Airtel) 1.65 करोड़ 20.6% दूसरे स्थान पर वोडाफोन-आइडिया (Vi) 1.62 करोड़ 20.3% तीसरे स्थान पर बीएसएनएल (BSNL) 69 लाख 8.7% चौथे स्थान पर

200+ का चौथा कारनामा, विश्व कप में भारत ने फिर दिखाई बल्लेबाजी की ताकत

नई दिल्ली दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारत ने रचा इतिहास, बनाया विश्व कप का अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर, चौथी बार छुआ 200+ का आंकड़ा टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ए मैच में भारत ने नामीबिया के खिलाफ रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेलते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय टीम इस विश्व कप में कितनी मजबूत स्थिति में है। इस मैच में भारत की शुरुआत और अंत दोनों ही धमाकेदार रहे। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 61 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उनके बाद मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या ने भी नामीबियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली और 52 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और भारत के 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। भारत की पारी आखिरी के दो ओवरों में लड़खड़ाती हुई नजर आई वरना यहां आंकड़े कुछ और होते और भारतीय टीम और विशाल स्कोर खड़ा करती। भारत ने पहली बार 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में 200 से अधिक रन बनाए थे। डरबन के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए उस ऐतिहासिक मैच में भारत ने 218/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया था। यह आज भी टी20 वर्ल्ड कप में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इसके बाद साल 2021 में अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का बल्ला जमकर बोला था। उस मुकाबले में भारत ने मात्र 2 विकेट खोकर 210 रन बनाए थे, जो इस सूची में दूसरे स्थान पर है। इन दोनों ही मैचों में भारतीय टीम ने विपक्षी गेंदबाजों पर पूरी तरह से दबाव बनाए रखा था और बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। तीसरी बार 200 का आंकड़ा छूने का कारनामा भारत ने पिछले 2024 के वर्ल्ड कप में किया था। ग्रॉस आइलेट में ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ भारत ने 205/5 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था। आज नामीबिया के खिलाफ 209 रन बनाकर भारत चौथी बार 200 का स्कोर बनाने का कारनामा किया है और अपने पिछले उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। अरुण जेटली स्टेडियम की सपाट पिच और छोटी बाउंड्री का भारतीय बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी ने टीम को और मजबूती प्रदान की। टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के 4 सबसे बड़े स्कोर 1. 218/4 बनाम इंग्लैंड (डरबन, 2007): यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का अब तक का उच्चतम स्कोर है। 2. 210/2 बनाम अफगानिस्तान (अबू धाबी, 2021): भारत ने इस मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 200+ का आंकड़ा छुआ था। 3. 209/9 बनाम नामीबिया (दिल्ली, 2026): आज के मैच में ईशान किशन (61) और हार्दिक पांड्या (52) के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने यह स्कोर बनाया। 4. 205/5 बनाम ऑस्ट्रेलिया (ग्रॉस आइलेट, 2024): पिछले विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने यह धमाकेदार प्रदर्शन किया थ

दूरस्थ बोड़ेगाँव तक पहुंची प्रशासन की पहल, सेवा रथ से 137 हितग्राही लाभान्वित

रायपुर. जिले के अंतिम छोर बोड़ेगाँव पहुँचा ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ सेवा रथ, 137 हितग्राहियों को मिला लाभ मोहला-मानपुर-चौकी जिले में संचालित ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ (दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सेवा रथ) बुधवार को जिले के अंतिम छोर, महाराष्ट्र सीमा से लगे दूरस्थ एवं सीमावर्ती ग्राम बोड़ेगाँव पहुँचा। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण देखा गया। पूर्व में जहां शासकीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु ग्रामीणों को दूरस्थ मुख्यालय तक जाना पड़ता था, वहीं अब सेवाएं सीधे गाँव तक पहुँच रही हैं। सेवा रथ के माध्यम से दिव्यांगजन एवं वृद्धजनों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस दौरान 48 डीएलसी भौतिक सत्यापन, 34 आधार सीडिंग, 32 वय वंदन योजना पंजीयन तथा 23 हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस प्रकार कुल 137 हितग्राही लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे दूरस्थ क्षेत्र के लिए उपयोगी एवं राहतकारी कदम बताया। 

उन्नत डेयरी मॉडल से बढ़ेगा किसानों का लाभ: विजय शर्मा और केदार कश्यप

रायपुर. उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप ने दी शुभकामनाएं, उन्नत डेयरी मॉडल अपनाने का आह्वान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने आज नया रायपुर स्थित निवास में गुजरात के बनासकांठा जिले के शैक्षणिक भ्रमण पर जा रहे बस्तर संभाग के पशुपालकों और बिहान समूह की दीदियों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद कर भ्रमण के उद्देश्य और उससे मिलने वाली संभावित सीख पर चर्चा की।         उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह भ्रमण केवल देखने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीखने और उसे अपने क्षेत्र में लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे बनासकांठा के सफल डेयरी सहकारी मॉडल, प्रबंधन प्रणाली और तकनीकी नवाचारों का गंभीर अध्ययन कर बस्तर में दुग्ध उत्पादन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें।        वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण से उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित चारा विकास, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, डेयरी उत्पाद निर्माण और विपणन व्यवस्था का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है।      उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से प्रतिभागी गुजरात में बनास डेयरी, अमूल डेयरी तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहित विभिन्न डेयरी संस्थानों का अवलोकन करेंगे। बनासकांठा अपनी उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन प्रणाली और मजबूत सहकारी ढांचे के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

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