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नल-जल योजना ने दी बड़ी राहत, छत्तीसगढ़ के ग्राम कोरई में अब हर घर में नल से मिलेगा जल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन और संवेदनशील सरकार के प्रयासों से, ग्राम कोरई में जल जीवन मिशन और क्रेडा के माध्यम से सोलर ड्यूल पंप की स्थापना की गई है। इस पहल के अंतर्गत 65 वर्षीय वृद्धा गणेशों बाई सहित गाँव के कई निवासियों को अब पानी की समस्याओं से निजात मिल गई है। वृद्धा गणेशों बाई को पहले बरसात और गर्मियों में पानी की कमी के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बरसात में गंदे नाले के पानी से काम चलाना पड़ता और गर्मियों में सूखते जल स्तर के कारण दूर-दूर तक पानी की तलाश में भटकना पड़ता था। बरसात के दिनों में पत्थरों की फिसलन और पानी भरने के जोखिम भरे काम के कारण उनका जीवन और कठिन हो जाता था। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में, जल जीवन मिशन और क्रेडा के तहत गाँव में सोलर ड्यूल पंप स्थापित किया गया और घरों तक पाइपलाइन बिछाई गई। इस पहल से अब गणेशों बाई और अन्य ग्रामीणों को साफ और सुरक्षित पानी घर पर ही उपलब्ध हो रहा है। गणेशों बाई कहती हैं, ‘इस नल ने हमारी बहुत बड़ी समस्या को दूर कर दिया है। बरसात के दिनों में साफ पानी के लिए बहुत तरसना पड़ता था। अब नल का साफ पानी घर पर ही मिल जाता है और किसी तरह का जोखिम भी नहीं उठाना पड़ता है। इस उम्र में इससे बड़ा सहारा और क्या हो सकता है।’ग्राम कोरई में पानी की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार के संवेदनशील दृष्टिकोण और प्रभावी योजनाओं ने ग्रामीणों के जीवन में महत्वपूर्ण सुधार किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन की सरकार ने ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे ग्रामवासियों को पानी की समस्या से निजात मिल सकी है और उनके जीवन में खुशियों की बरसात होने लगी है।

राजधानी दिल्ली में बड़ा सियासी पालाबदल, AAP के विधायक, पार्षद और पूर्व मंत्री राजकुमार आनंद समेत कई नेता BJP में शामिल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता और मंत्री राजकुमार आनंद ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और बीएसपी में शामिल हुए थे. अब वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. उनके साथ ही AAP सिटिंग एमएलए करतार सिंह तंवर, रत्नेश गुप्ता, सचिन राय, पूर्व विधायक वीना आनंद और AAP पार्षद उमेद सिंह फोगाट भी बीजेपी में शामिल हुए हैं. इन नेताओं ने दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की उपस्थिति में पार्टी ज्वाइन की. पिछले दिनों अप्रैल में राजकुमार आनंद ने भ्रष्टाचार पर पार्टी की नीति पर असंतोष जताते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. उनका इस्तीफा सीधे तौर पर शराब नीति मामले से जुड़ा था, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार किया गया था. लोकसभा चुनाव में करारी हार बता दें कि राजकुमार आनंद ने हाल में हुए लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे. चुनावी रण में उन्हें सिर्फ 5629 वोट मिले थे. इस सीट से बीजेपी की बांसुरी स्वराज ने 78370 वोटों से जीत दर्ज की. उन्हें 453185 वोट मिले. दूसरे पायदान पर 374815 वोटों के आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती रहे. पटेल नगर से पूर्व विधायक राज कुमार आनंद, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली कैबिनेट में समाज कल्याण और एससी/एसटी मंत्री थे. आनंद ने कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह अपना नाम चल रहे ‘भ्रष्टाचार’ से नहीं जोड़ सकते थे. आनंद ने बसपा की टिकट पर लड़ा था लोकसभा चुनाव वह बसपा में शामिल होकर लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन पराजय का सामना करना पड़ा। बुधवार को वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उनका पार्टी में स्वागत किया। छतरपुर के विधायक करतार सिंह भी बीजेपी में हुए शामिल छतरपुर के आम आदमी पार्टी विधायक करतार सिंह तंवर ने भी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। पटेल नगर से पूर्व विधायक वीणा आनंद, छतरपुर से पार्षद उमेश सिंह फोगाट हिमाचल प्रदेश के आप प्रभारी रतनेश गुप्ता और सह प्रभारी सचिन राय भी भाजपा में शामिल हुए। यह राजकुमार आनंद वहीं हैं, जो दिल्ली सरकार में सामाजिक कल्याण मंत्री थे। जब केजरीवाल जेल में थे, तब इन्होंने आप पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर पार्टी से बाहर आ गए थे और बीएसपी ज्वाइन कर ली थी। इसके बाद बीएसपी ने इन्हें नई दिल्ली सीट से लोकसभा का टिकट दिया। हालांकि बीएसपी का दिल्ली में जनाधार नहीं हैं। इस तरह वह मुकाबले से पहले ही बाहर हो गए।  

मोहन सरकार राज्य के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में छात्रों के लिए समान यूनिफॉर्म कोड लागू करने की तैयारी में

भोपाल मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में छात्रों के लिए समान यूनिफॉर्म या ड्रेस कोड लागू करने की तैयारी कर रही है. राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों को अपने छात्रों के लिए एक समान ड्रेस कोड लागू करने का निर्देश दिया है. राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मंगलवार को कहा कि ड्रेस कोड लागू होने के बाद अन्य किसी भी तरह की ड्रेस पर प्रतिबंध रहेगा. पिछले साल कर्नाटक समते कई राज्यों में ‘हिजाब विवाद’ पर विवाद के बाद एमपी सरकार ने यह फैसला लिया है. ‘हिजाब विवाद’ के बाद एक ड्रेस कोड लागू करने का फैसला इस कदम के पीछे के तर्क को समझाते हुए, एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि “बुर्का, हिजाब और साड़ी” जैसे कपड़े छात्रों के बीच “मतभेद” पैदा करते हैं. मध्य प्रदेश में, केवल 50% कॉलेजों में ड्रेस कोड है. बुर्का, हिजाब और साड़ी जैसे कपड़े छात्रों के बीच मतभेद पैदा कर रहे थे, इसलिए मुख्यमंत्री मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने सभी कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने का फैसला किया.” समाज के सभी वर्ग के लिए एक ड्रेस कोड राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि नया यूनिफॉर्म कोड इस महीने के अंत में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगा. उन्होंने कहा, “हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है. सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हम एक आदर्श ड्रेस कोड लागू करेंगे. किसी वर्ग को आपत्ति नहीं होगी. हम समाज के सभी वर्ग के साथ कॉलेज में सकारात्मक को समझाते हुए और ड्रेस कोड के महत्व को बताते हुए हम ड्रेस कोड का उपयोग करेंगे. सकारात्मक परिणाम आएगा. कॉलेज में कोई बाहर से न आए इसे देखते हुए ड्रेस कोड बना रहे हैं.” छात्रों के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा परमार का कहना है कि कॉलेज के छात्रों के बीच एकरूपता लाने की कोशिश कर रहे हैं. ड्रेस कोड के माध्यम से, वे अनुशासन सीखेंगे और समान व्यवहार प्राप्त करेंगे. क्योंकि वे एक जैसी ड्रेस पहनेंगे, इसलिए सभी छात्र एक जैसे दिखेंगे और छात्रों के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा. विपक्ष ने साधा निशाना वहीं विपक्ष ने कहा कि सरकार का ध्यान राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर होना चाहिए. कांग्रेस प्रवक्ता कुणाल चौधरी ने कहा, “बीजेपी सरकार ने कर्नाटक से कुछ नहीं सीखा है, जहां उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले हिजाब पर प्रतिबंध को एक बड़ा मुद्दा बनाया और चुनाव हार गए. अब, वे ड्रेस कोड जैसे मुद्दे लाकर छात्रों को शिक्षा और रोजगार की मांग से भटका रहे हैं.” मध्य प्रदेश में कांग्रेस सासंद आरिफ मसूद का कहना है कि कर्नाटक में भी हिजाब विवाद बेवजह था. सरकार हिजाब और बुर्खा को लेकर छींटाकशी करना चाहती है. इसे मध्यप्रदेश में पसंद नहीं किया जाएगा. लड़कियां अगर हिजाब पहन रही हैं तो इसमें बुराई क्या है. प्रतिबंध नहीं होना चाहिए, लड़की चुने कि हिजाब पहनना है या नहीं. कॉलेज तय करेंगे अपना ड्रेस कोड एक अन्य सरकारी अधिकारी ने राज्य के सभी कॉलेजों को जारी किए गए सरकारी आदेश का हवाला देते हुए कहा, “हमने यह तय करने का काम अलग-अलग कॉलेजों पर छोड़ दिया है कि वे अपने छात्रों के लिए किस तरह की यूनिफॉर्म चाहते हैं. हमारे आदेश में यह साफ है कि ड्रेस में एकरूपता होनी चाहिए.” हिजाब विवाद क्या है? कर्नाटक में तत्कालीन बीजेपी सरकार ने कक्षाओं में हिजाब पहनने वाली छात्राओं की एंट्री पर प्रतिबंध लगाने के बाद एक राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. 1 जनवरी 2022 को कर्नाटक के उडुपी में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कॉलेज में क्लास रूम में बैठने से रोक दिया गया था. कॉलेज मैनेजमेंट ने नई यूनिफॉर्म पॉलिसी को इसकी वजह बताया था. इसके बाद इन लड़कियों ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. लड़कियों का तर्क था कि हिजाब पहनने की इजाजत न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है. कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित तीन जजों की फुल बेंच ने यह फैसला दिया था कि कर्नाटक के स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने की इजाजत नहीं मिलेगी. इस फैसले के खिलाफ ही सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं. अक्टूबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट में 2 जजों की बेंच ने बंटा हुआ फैसला सुनाया था. दोनों जजों की राय अलग होने के बाद मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया गया था. तब से तीन जजों की बेंच का गठन नहीं किया गया है.  

स्कूल कैलेंडर में रामलला का प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव शामिल, राजस्थान की भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला

जयपुर. राजस्थान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अयोध्या में जिस दिन रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, उसे स्कूल कैलेंडर में त्योहार के तौर पर शामिल किया गया है। इसकी सूचना शिक्षा विभाग ने दी है। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अयोध्या में जिस दिन रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, उसे स्कूल कैलेंडर में त्योहार के तौर पर शामिल किया गया है। इसकी सूचना स्कूल शिक्षा विभाग ने दी है। अभिभावकों के लिए जारी किए गए इस कैलेंडर में उन विषयों की रूपरेखा दी गई है, जिन पर उन्हें छात्रों के साथ चर्चा करके उनकी ग्रोथ (विकास) पर नजर रखनी चाहिए। इसमें पूरे साल के दौरान महीनेवार त्योहारों की भी जानकारी दी गई है। स्कूल कैलेंडर में 22 जनवरी (रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन) को त्योहार के रूप में चिह्नित किया गया है, लेकिन कैलेंडर में यह नहीं बताया गया है कि स्कूल इस दिन को कैसे मनाएंगे या छात्रों से किस तरह की गतिविधियों में हिस्सा लेने की उम्मीद की जाती है। जबकि कैलेंडर, अन्य त्योहारों या महत्वपूर्ण दिनों को कैसे मनाया जाए, इसके बारे में सामान्य निर्देश देता है। वर्तमान एकेडमिक इयर को कवर करते हुए, पंचांग में त्योहारों, राष्ट्रीय छुट्टियों और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दिवसों की लिस्ट दी गई है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिवालर ने कहा, ‘प्रतिष्ठा दिवस को कैलेंडर में शामिल किया गया है क्योंकि यह एक ऐतिहासिक दिन है। हम इस बात पर विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं कि स्कूलों में इस दिन को कैसे मनाया जा सकता है। 22 जनवरी को कोई छुट्टी नहीं होगी और इसे सभी कक्षाओं के छात्र मनाएंगे।’

भारत और ऑस्ट्रिया का साझा घोषणापत्र हुआ जारी, दोनों देशों में राजनयिक और सांस्कृतिक संबंध

वियना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया।अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर के साथ बातचीत करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 1983 के बाद पहली ऑस्ट्रिया यात्रा है.मोदी से पहले इंदिरा गांधी ने 1983 में प्रधानमंत्री के रूप में ऑस्ट्रिया गई थीं.इसके बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर फ्रेड सिनोवाट्ज 1984 में भारत आए थे.पीएम मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देश संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे.पीएम मोदी का ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन और चांसलर कार्ल नेहमर से बातचीत का कार्यक्रम है. भारत और ऑस्ट्रिया के सांस्कृतिक संबंध भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक समृद्ध इतिहास है.वियना विश्वविद्यालय में संस्कृत की पढ़ाई 1845 में ही शुरू हो गई थी.वहीं रवींद्रनाथ टैगोर ने 1920 के दशक में वियना की यात्रा की थी. उनकी इस यात्रा ने दोनों देशों में सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.ऑस्ट्रिया यूरोपीय संघ का सदस्य तो है, लेकिन नैटो का हिस्सा नहीं है. उसकी तटस्थता की यह नीति द्विपक्षीय संबंधों में एक दिलचस्प आयाम जोड़ती है. भारत ने 1953 में ऑस्ट्रिया की सोवियत संघ के साथ समझौता वार्ता कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसी के बाद 1955 में ऑस्ट्रिया को आजादी मिली थी.भारत और ऑस्ट्रिया में राजनयिक संबंध 10 नवंबर 1949 को स्थापित हुए थे.इस तरह 2024 में दोनों देश राजनयिक संबंधों की 75वीं सालगिरह मना रहे हैं. भारत-ऑस्ट्रिया के राजनयिक संबंध भारत और ऑस्ट्रिया में राजनयिक संपर्क का एक लंबा इतिहास रहा है. भारत-ऑस्ट्रिया ने 1983 में संयुक्त आर्थिक आयोग की स्थापना की थी. इस आयोग ने इस्पात, निर्माण प्रौद्योगिकी, रेलवे और धातुकर्म जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग और संयुक्त उद्यम स्थापित करने में सहयोग किया है.भारत ऑस्ट्रिया को इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़ा, जूते और मशीनरी जैसे चीजों का निर्यात करता है. वहीं ऑस्ट्रिया मशीनरी, रेलवे पार्ट्स और स्टील का आयात भारत से करता है.दोनों देशों के बीच 2023 में 2.93 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार हुआ था.दोनों देशों ने फरवरी 2024 में भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज की शुरुआत की थी. यह पहल दोनों देशों के बीच नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए की गई थी. भारत ने 2013 में पीएसएलवी-सी20 के जरिए ऑस्ट्रिया के पहले दो उपग्रहों TUGSAT-1/BRITE और UniBRITE का प्रक्षेपण किया था.यह दोनों देशों का अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत थी. ऑस्ट्रिया में 30 हजार से अधिक भारतीय रहते हैं.ये भारतीय वहां की स्वास्थ्य सेवाओं में काम करते हैं या व्यापार करते हैं या वहां पढ़ने गए हैं.  इनमें से अधिकांश पंजाब और केरल के रहने वाले हैं. ये भारतीय दोनों देशों में सास्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ी भूमिका निभाते हैं. भारतीय नेताओं का ऑस्ट्रिया दौरा पीएम मोदी की यात्रा से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिसंबर 2022 में ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी. उनकी यह यात्रा प्रधानमंत्री की यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में थी. अपनी यात्रा में जयशंकर ने ऑस्ट्रिया के प्रमुख नेताओं से बात की थी. उनकी यात्रा के दौरान पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे.नवंबर 1999 में तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी. वहीं तत्कालीन ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति हेंज फिशर ने फरवरी 2005 में भारत की यात्रा पर आए थे. तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील अक्टूबर, 2011 में चार दिन की यात्रा पर ऑस्ट्रिया गई थीं.पीएम नरेंद्र मोदी पहली बार ऑस्ट्रिया जा रहे हैं, लेकिन वह वहां जाने से पहले ऑस्ट्रिया के नेताओं से मुलाकातें कर चुके हैं. पीएम मोदी अपने पहले कार्यकाल में जून, 2017 में इंटरनेशनल इकोनामिक फोरम में हिस्सा लेने के लिए सेंट पीटर्सबर्ग गए थे.वहां उन्होंने तत्कालीन ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन केर्न के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी. अपने दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी अक्टूबर, 2021 में स्काटलैंड के ग्लासगो में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP-26) में भाग लेने गए थे.इससे इतर उन्होंने तत्कालीन ऑस्ट्रियाई चांसलर अलेक्जेंडर शालेनबर्ग से मुलाकात की थी.पीएम मोदी ने 26 मई, 2020 को ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन से टेलीफोन पर बातचीत की थी.ऑस्ट्रिया यात्रा से पहले पीएम मोदी ने लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन के साझा मूल्यों पर प्रकाश डाला था, जो भारत- ऑस्ट्रिया के बीच संबंधों को रेखांकित करते हैं. उन्होंने कहा,”मैं हमारे देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर हमारी चर्चा को लेकर उत्सुक हूं.” राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ पीएम मोदी का स्वागत एयरपोर्ट से निकलने के बाद पीएम मोदी सीधे ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के होटल रिट्ज कार्लटन पहुंचे, जहां प्रवासी भारतीयों ने उनका अभिवादन किया। साथ ही ऑस्ट्रियाई कलाकारों ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में वंदे मातरम भी गाया। पोस्ट की मोदी के संग सेल्फी ऑस्ट्रिया चांसलर कार्ल नेहमर ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की। उन्होंने पीएम मोदी के साथ सेल्फी पोस्ट करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वियना में आपका स्वागत है। ऑस्ट्रिया में आपका स्वागत करना खुशी और सम्मान की बात है। ऑस्ट्रिया और भारत मित्र और साझेदार हैं। मैं आपकी यात्रा के दौरान हमारी राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं की प्रतीक्षा कर रहा हूं!’ पीएम मोदी से पहली बार मिले नेहमर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेजबानी ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने की। यह दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात है। द्विपक्षीय साझेदारी के संबंध में चर्चा होगी।’’ एक तस्वीर में मोदी नेहमर को गले लगाते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में ऑस्ट्रियाई चांसलर प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। नेहमर ने भी मोदी के साथ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वियना में आपका स्वागत है! ऑस्ट्रिया में आपका स्वागत करना हमारे लिए खुशी और सम्मान की बात है। ऑस्ट्रिया और भारत मित्र और साझेदार हैं। आपकी यात्रा के दौरान राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं को लेकर उत्सुक हूं।’’ प्रधानमंत्री ने ‘‘गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए’’ ऑस्ट्रियाई चांसलर का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह ‘‘कल हमारे बीच होने वाली वार्ताओं को लेकर उत्सुक हैं। हमारे देश पूरी दुनिया की भलाई के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।’’ मोदी ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में … Read more

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी; 8 लाख रु की इनामी महिला नक्सली ढेर, 4 माओवादी गिरफ्तार

कांकेर छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर तैनात सुरक्षाबलों को  दोहरी सफलता मिली। एक तरफ उन्होंने 8 लाख रुपए की इनामी नक्सली को मार गिराया, तो वहीं दूसरी तरफ 4 नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में आठ लाख रुपए की इनामी महिला नक्सली को मार गिराया। कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया कि छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिनागुंडा गांव के करीब जंगल में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में महिला नक्सली रीता मड़ियाम (30) को मार गिराया। एलेसेला ने बताया कि छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में जिला रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के संयुक्त दल को गश्त के लिए रवाना किया गया था तथा दल जब बीनागुंडा गांव के जंगल में था तब नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जब घटनास्थल की तलाशी ली तब वहां एक महिला नक्सली का शव, एक .303 की राइफल, एक .315 बोर की राइफल और भारी मात्रा में हथियार तथा नक्सली सामान बरामद किया। एलेसेला ने बताया कि महिला नक्सली की पहचान PLGA मिलिट्री कंपनी नंबर पांच की सदस्य रीता मड़ियाम के रूप में हुई है और उसके सिर पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। उधर सुकमा जिले में पुलिस को मंगलवार को चार नक्सलियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली। बताया जा रहा है कि DRG और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन पर निकली थी। उसी समय इन नक्सलियों को पकड़ने में सफलता मिली हैं। गिरफ्तार सभी नक्सली चिंतलनार थाना क्षेत्र के निवासी हैं। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि इस वर्ष अब तक नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने बस्तर क्षेत्र में 137 नक्सलियों को मार गिराया है तथा इस दौरान 498 चरमपंथी गिरफ्तार किए गए हैं और 461 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। नक्सलियों ने शुरू की थी गोलीबारी एलेसेला ने बताया कि छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संयुक्त दल को गश्त के लिए रवाना किया गया था। दल जब बीनागुंडा गांव के जंगल में था तब नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। सर्चिंग को दौरान मिली लाश उन्होंने बताया कि इसके बाद सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जब घटनास्थल की तलाशी ली तब वहां एक महिला नक्सली का शव बरामद हुआ। हथियार भी बरामद एलेसेला ने बताया कि महिला नक्सली की पहचान पीएलजीए मिलिट्री कंपनी नंबर पांच की सदस्य रीता मड़ियाम के रूप में हुई है और उसके सिर पर आठ लाख रुपये का इनाम था। महिला नक्सली के पास एक .303 की राइफल, एक .315 बोर की राइफल और भारी मात्रा में हथियार तथा नक्सली सामान बरामद किया। अब तक 137 का एनकाउंटर बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि इस वर्ष अब तक नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने बस्तर क्षेत्र में 137 नक्सलियों को मार गिराया है तथा इस दौरान 498 चरमपंथी गिरफ्तार किए गए हैं और 461 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

राष्ट्रपति पुतिन के साथ पीएम मोदी की मजबूत दोस्ती, चाहे तो ख़त्म करवा सकते है युद्ध : अमेरिका

वाशिंगटन पीएम मोदी के रूस दौरे पर अमेरिका टकटकी लगाए बैठा रहा। अमेरिका ने यह तक कह दिया कि अगर कोई देश रूस से मिलता है तो उसे यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना होगा। इन सब के बाद अब अमेरिका का एक और रिएक्शन सामने आया है। वाइट हाउस ने अपने एक बयान में मंगलवार को कहा है कि रूस के साथ भारत के संबंध अच्छी स्थिति में है जिसका भारत को फायदा उठाना चाहिए। अमेरिका ने कहा है कि भारत चाहे तो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन में संघर्ष खत्म करने के लिए कह सकता है। यह बयान तब आया है जब पीएम मोदी ने पुतिन से मुलाकात के दौरान इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन युद्ध का समाधान बातचीत में है, युद्ध के मैदान में नहीं। एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करिन जीन-पियरे ने भारत को अमेरिका का रणनीतिक साझेदार कहा है जिसके साथ वे स्पष्ट बातचीत करते हैं। पुतिन के साथ पीएम मोदी की बैठक के बारे में पूछे जाने पर जीन-पियरे ने कहा, “भारत एक रणनीतिक साझेदार है जिसके साथ हम पूर्ण और स्पष्ट बातचीत करते हैं, जिसमें रूस के साथ उनके संबंध भी शामिल हैं और हमने इस बारे में पहले भी बात की है। इसलिए हमें लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत सहित सभी देश यूक्रेन के मामले में शांति स्थापित करने की कोशिशों का समर्थन करें।” उन्होंने आगे कहा कि भारत चाहे तो यूक्रेन में युद्ध भी रुकवा सकता है। उन्होंने कहा, “हम यह भी मानते हैं कि रूस के साथ भारत के अच्छे संबंध उसे राष्ट्रपति पुतिन से अनुरोध करने की क्षमता देते हैं कि वे यूक्रेन में बिना कारण शुरू किए गए युद्ध को खत्म करें। इसे खत्म करना राष्ट्रपति पुतिन पर निर्भर है। राष्ट्रपति पुतिन ने युद्ध शुरू किया, और वे युद्ध को समाप्त कर सकते हैं।” PM ने उठाया था युद्ध के दौरान बच्चों की हत्या का मुद्दा वाइट हाऊस ने यह बयान तब दिया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी द्विपक्षीय वार्ता के दौरान युद्ध के दौरान बच्चों की हत्या का मुद्दा उठाया था। प्रधानमंत्री ने कहा है कि मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति तब दुखी होता है जब जान जाती है। यह बयान हाल ही में कीव में बच्चों के अस्पताल पर मिसाइल हमले के बाद आया है, जिसमें 37 बच्चे मारे गए थे। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “चाहे युद्ध हो, संघर्ष हो, आतंकी हमले हों – मानवता में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को जान जाने पर दुख होता है। लेकिन जब मासूम बच्चों की हत्या होती है, जब हम मासूम बच्चों को मरते हुए देखते हैं, तो यह दिल दहला देने वाला होता है। यह दर्द बहुत बड़ा है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युद्ध के मैदान में कोई समाधान नहीं निकलता है और उन्होंने कहा कि बम, बंदूक और गोलियों के बीच शांति की बातचीत नहीं हो सकती है। ज़ेलेंस्की ने PM की यात्रा को बताया शांति प्रयासों के लिए झटका 2022 में मॉस्को और कीव के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से यह पीएम मोदी की पहली रूस यात्रा थी। इससे पहले मंगलवार को, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा पर निराशा व्यक्त की थी और उन्होंने इसे शांति प्रयासों के लिए झटका करार दिया था। पीएम मोदी 8-9 जुलाई को रूस की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थे। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने मॉस्को में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया।  

देश के कई राज्यों में टमाटर की कीमतें 90 रुपये के आसपास, बिगड़ा किचन का बजट

नईदिल्ली बारिश का मौसम शुरू होते ही सब्जियों के दाम में रिकॉर्ड उछाल आई है. खासकर टमाटर के दाम ने किचन का बजट बिगाड़ दिया है. दिल्‍ली एनसीआर (Delhi NCR) में टमाटर के दाम (Tomato Price) 100 रुपये किलो पहुंच चुके हैं, जबकि ज्‍यादातर शहरों में इसकी कीमत 90 रुपये के आसापास है. आने वाले समय में इसमें और उछाल आने की संभावना जताई जा रही है. क्‍यों बढ़ टमाटर के दाम? इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, टमाटर की कीमत दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे महानगरों सहित कई शहरों में 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है. इसके बढ़ने के कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में भीषण गर्मी की वजह से टमाटर की आपूर्ति और उत्पादन में रुकावट आई है. सप्‍लाई में भारी कमी CRISIL की रिपोर्ट के मुताबिक, हाई टेम्‍परेचर के कारण कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में टमाटर के आवक में 35 प्रतिशत की कमी आई है. इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण रोड डैमेज हुए हैं, जिससे सप्‍लाई बाधित हुई है. 1 महीने में इतना बढ़ा दाम उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 7 जुलाई तक टमाटर का औसत खुदरा मूल्य 59.87 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो एक महीने पहले 35 रुपये था यानी 70% से ज्‍यादा की उछाल आई है. अमेजन फ्रेश, स्विगी और जेप्टो जैसी लोकप्रिय डिजिटल सेवाओं पर, देश के कई हिस्सों में टमाटर की कीमतें 80-90 रुपये के आसपास हैं. सेंटर फॉर इकनोमिक डेटा एंड एनालिसिस (CEDA) के अनुसार, 5 जुलाई तक पूरे भारत में टमाटर की औसत कीमतें 59.88 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थीं. उत्तर भारत में टमाटर 50 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बिक ​​रहा है, जबकि उत्तर पूर्व, पश्चिम और दक्षिण में कीमतें 71 रुपये तक है. पिछले साल 350 रुपये तक पहुंच गया था दाम मानसून के दौरान अक्‍सर सब्जियों की कीमतें बढ़ जाती हैं, क्‍योंकि बारिश की वजह से कटाई, पैकेजिंग और सप्‍लाई पर असर पड़ता है. पिछले साल भारी बारिश के कारण आलम ऐसा रहा कि टमाटर के दाम 350 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए. क्रिसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण जून में शाकाहारी थाली की कीमत में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.  

मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में ई-विधानसभा के प्रोजेक्ट को मंजूरी,छात्रों की छात्रवृत्ति, नई सिंचाई परियोजनाओं के साथ कई अहम प्रस्ताव मंजूर

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के बाद आज बुधवार को राजधानी भोपाल में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में ई-विधानसभा के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है।इसके लिए छात्रों की छात्रवृत्ति, नई सिंचाई परियोजनाओं के साथ कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल के द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को इंदौर में वृहद वृक्षारोपण किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। एक साथ एक स्थान पर 11 लाख पौधे लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएंगे। इन प्रस्तावों को लग सकती है मुहर     कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा के ई-विधान प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। इसके तहत विधानसभा को हाईटेक और पेपरलेस किया जाएगा, जिसमें 23 करोड़ खर्च होंगे। इसके तहत 60 प्रतिशत केन्द्र सरकार और 40 फीसदी राज्य सरकार राशि खर्च करेगी। डिजिटल इंडिया, ग्रीन गवर्नेंस की ओर कदम बढ़ाया गया है।     इसमें एनआईसी द्वारा सॉफ्टवेयर तैयार किया जाएगा और विधायकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।इसके तहत विधानसभा में सभी काम ऑनलाइन होंगे। सदस्यों को सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्न भी आनलाइन स्क्रीन पर दिखाई देंगे। सभी सदस्यों के टेबल पर स्क्रीन लगाई जाएगी। इसको लेकर संसदीय कार्य मंत्रालय, विधानसभा सचिवालय और संसदीय कार्य विभाग के बीच अनुबंध भी हो चुका है।     प्रदेश में 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खुलेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इंदौर से इसका शुभारंभ करेंगे।     मध्य प्रदेश सरकार अपना स्वयं का विमान खरीदेगी। अभी फिलहाल किराए पर विमान लिया जा रहा है। सरकार एक्सपर्ट की राय के बाद कनाडा की बमबार्डियर कंपनी से जेट विमान खरीदेगी। जिसकी कीमत 233 करोड़ रुपये होगी।     नर्मदाजल के अधिकतम उपयोग में तेजी से कदम, अधिकतम उपयोग के लिए योजनाओं को मंजूरी दी गई है।     सांवेर जेल का निर्माण हाउसिंग बोर्ड के बजाय पीडब्ल्यूडी करेगा। 217 करोड रुपए की स्वीकृति दी गई है। सीमा से ज्यादा कैदी होने की वजह से जेल बनाई जा रही है। इंदौर की जेल सांवेर में शिफ्ट हो जाएगी।     घुमंतू विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति विभाग के जरिए कम छात्रवृत्ति मिलती थी लेकिन अब घुमंतू और अर्ध घुमंतु छात्रों को भी बराबर छात्रवृत्ति मिलेगी।राशि बढ़ाने का फैसला।     7 बड़ी सिंचाई परियोजनाओं की कैबिनेट में स्वीकृति दी गई है। ये कुल 9271 करोड़ की योजनाएं हैं।     सीधी में बोकारो सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति मिली है। 46 करोड़ की परियोजना है।11 गांव के 10 लाख से अधिक कृषकों को लाभ मिलेगा   मोहन सरकार खरीदेगी बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर के चैलेंजर 3500 विमान को खरीदने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश सरकार के पास 2021 से कोई विमान नहीं था। तब से ही नया विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। दो कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए थे। इसमें से चैलेंजर 3500 का प्रस्ताव एल-1 कैटेगरी में चुना गया है।    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में  हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। मध्य प्रदेश सरकार ने कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर इंक के चैलेंजर 3500 मॉडल को 233 करोड़ रुपये में खरीदने का फैसला किया है। दरअसल, छह मई 2021 को ग्वालियर मैं लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। कंपनी ने उस विमान को ‘बियॉन्ड रिपेयर’ करार दिया। यानी उसकी मरम्मत नहीं हो सकती थी। उसके बाद से राज्य सरकार के पास कोई विमान नहीं था और नया विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इस दौरान कनाडा की कंपनी की बोली सबसे कम रही। साथ ही निविदा शर्तों में जो आवश्यकताएं बताई गई हैं, उसे चैलेंजर 3500 पूरी करता है। 20 माह में आएगा नया विमान नया चैलेंजर 3500 विमान 20 माह में मिलेगा। सरकार की आवश्यकता के अनुसार कंपनी इस विमान को आठ सीटर बना रही है। इसकी कीमत 233 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसका मतलब यह है कि डॉ. मोहन यादव को अगले 20 माह किराये के विमान में ही उड़ान भरनी होगी। चैलेंजर 3500 के बारे में चैलेंजर 3500 अपनी श्रेणी में सबसे अधिक एडवांस तकनीक से बना है। इसमें इंडस्ट्री का पहला वॉयस-कंट्रोल्ड केबिन और नए जमाने की सीटें लगी हैं। चैलेंजर 3500 विमान स्थिरता, प्रदर्शन और विश्वसनीयता का बेहतरीन मिश्रण प्रदान करता है, जिसके सहारे आप किसी भी मौसम में लंबी उड़ान भर सकते हैं।   बेहतरीन केबिन अनुभव चैलेंजर 3500 बेहतरीन केबिन अनुभव प्रदान करता है। इसे 2022 रेड डॉट के बेस्ट ऑफ बेस्ट प्रोडक्ट डिजाइन से भी पुरस्कृत किया जा चुका है। यह विमान के इंटरनेशनल लेवल पर बेहतरीन होने की पुष्टि करता है। 4,850 फीट से 41 हजार फीट तक जमीन का अहसास इस विमान की खासियत यह है कि 4,850 की कम से कम ऊंचाई और 41 हजार फीट की अधिकतम ऊंचाई पर भी यह जमीन पर होने का अहसास देता है। एयर सर्कुलेशन की तकनीक ऐसी है कि सिर्फ दो मिनट में यह ताजा हवा से केबिन को भर देता है। इससे यात्रियों के लिए ताजगी भरा अहसास बना रहता है। इसके बाद भी केबिन में कोई शोर सुनाई नहीं देगा। इसे इस सेग्मेंट में उपलब्ध सभी विमानों में सबसे स्मार्ट केबिन कहा गया है, जहां वायरलेस चार्जिंग से लेकर अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।  

अमेरिका रिपोर्ट में बताया की भारत में घटिया तेल खाने से हर 1,000 बच्चों में से हो रही 27 की मौत

वाशिंगटन भारत में भोजन पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले घटिया ईंधन के संपर्क में आने के कारण हर 1,000 शिशुओं और बच्चों में से 27 की मौत हो जाती है। अमेरिका के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। कोर्नेल विश्वविद्यालय में ‘चार्ल्स एच. डायसन स्कूल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक्स एंड मैनेजमेंट’ में प्रोफेसर अर्नब बसु समेत अन्य लेखकों ने ‘भोजन पकाने के ईंधन के विकल्प और भारत में बाल मृत्यु दर’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में 1992 से 2016 तक बड़े पैमाने पर घरों के सर्वेक्षण के आंकड़ों का इस्तेमाल किया है। आंकड़ों का इस्तेमाल यह पता लगाने के लिए किया गया कि प्रदूषण फैलाने वाले इन ईंधन का मनुष्य की सेहत पर क्या असर पड़ता है। इसमें पाया गया कि इसका सबसे ज्यादा असर एक माह की आयु तक के शिशुओं पर पड़ा है। बसु ने कहा कि यह ऐसा आयु वर्ग है जिसके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं होते हैं और शिशु सबसे ज्यादा अपनी मां की गोद में रहते हैं जो अक्सर घर में खाना पकाने वाली मुख्य सदस्य होती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में खाना पकाने के घटिया ईंधन के संपर्क में आने के कारण हर 1,000 शिशु और बच्चों में से 27 की मौत हो जाती है। बासु ने बताया कि भारतीय घरों में इसके कारण लड़कों के बजाय लड़कियों की मौत ज्यादा होती हैं। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह नहीं है कि लड़कियां अधिक नाजुक या प्रदूषण से जुड़ी श्वसन संबंध बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं बल्कि इसकी वजह यह है कि भारत में बेटों को ज्यादा तरजीह दी जाती है और जब कोई बेटी बीमार पड़ती है या उसे खांसी शुरू होती है तो परिवार उसका इलाज कराने पर समुचित ध्यान नहीं देते हैं। बसु ने विश्वविद्यालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करने से न केवल बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा बल्कि बेटियों की उपेक्षा भी कम होगी।” विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया की करीब एक तिहाई आबादी चूल्हे या स्टोव पर खाना पकाती हैं जिसमें ईंधन के तौर पर लकड़ी, उपले या फसलों के अपशिष्ट का इस्तेमाल किया जाता है जिससे दुनियाभर में हर साल 32 लाख लोगों की मौत होती है। बसु ने कहा कि बदलाव लाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, ‘‘ज्यादातर ध्यान बाहरी वायु प्रदूषण और फसलों के अपशिष्ट को जलाने के तरीकों पर केंद्रित रहता है। सरकारें पराली जलाने के खिलाफ कानून बना सकती हैं और किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते अग्रिम भुगतान कर सकती हैं।” रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि घर के अंदर के प्रदूषण पर भी ध्यान देना उतना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें अन्य कारकों के अलावा क्षेत्रीय कृषि भूमि स्वामित्व और वन क्षेत्र, घरेलू विशेषताएं और पारिवारिक संरचना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 

महाराष्ट्र के हिंगोली में 4.5 तीव्रता का भूकंप, नांदेड़-परभणी में महसूस किए गए भूकंप के झटके

अमरावती  महाराष्ट्र के हिंगोली, परभणी और नांदेड़ में बुधवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि इस भूकंप से किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन दहशत के मारे लोग अपने घरों से बाहर जरूर निकल आए। मौसम विभाग के विज्ञान केंद्र के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, सुबह करीब 7.14 बजे क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था। बता दें कि इसी साल मार्च महीने में भी हिंगोली में भूकंप आया था। भूकंप के यह झटके लगातार दो बार लगे थे। दूसरी बार आया झटका बेहद तेज था और काफी देर तक जमीन हिलती रही। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप की तीव्रता 4.5 रही थी। वहीं दूसरा भूकंप का झटका पहले झटके के 10 मिनट बाद 6 बजकर 19 मिनट पर लगा। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 थी। जिस समय भूकंप के झटके महसूस किए गए अधिकांश लोग सो रहे थे। वहीं इसी दिन अरुणाचल प्रदेश में भी दो बार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप क्यों आता है?धरती के अंदर कई तरह के प्लेट्स मौजूद हैं। पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स होते हैं। ये धरती के नीचे लगातार घूमती रहती है। जब ये आपस में टकराते हैं या इसमें हलचल होती है तो भूकंप आता है 6 साल में कई बार महसूस किए गए भूकंप के झटके कहा जा रहा है कि बीते 6 साल के कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए है। इसी साल 21 मार्च की सुबह 6.08 बजे भूकंप आया था, इस दौरान जमीन के अंदर से तेज आवाज आई थी। इसके बाद आज सुबह 7.15 बजे 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप के झटके नांदेड़ औक परभणी में भी महसूस किए गए। प्रशासन ने की लोगों से सतर्क रहने की अपील तहसील प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। तहसीलदार शारदा दलवी ने कहा कि आज सुबह भूकंप आया,प्रशासन नागरिकों की मदद कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बिना घबराए प्रशासन का सहयोग करें। भूकंप का पहला झटका तो तेज था जिससे सो रहे लोग भी जाग गए थे और अपने घरों से बाहर निकल आए थे. इस दौरान किसी जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ. क्यों आता है भूकंप? बता दें कि पृथ्वी पर 4 प्रमुख परतें हैं, जिनको आउटर कोर, इनर कोर, क्रस्ट और मेंटल कहते हैं. पृथ्वी के नीचे ये प्लेट्स घूमती रहती हैं. इनके आपस में टकराने से पृथ्वी के नीचे कंपन होती है और जब ये प्लेट्स खिसकती है तो भूकंप के झटके महसूस होते है. इसी जगह पर भूकंप का ज्यादा असर रहता है और अगर भूकंप की तीव्रता ज्यादा होती है तो भूकंप के झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं. ऐसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता? रिक्टर स्केल के जरिए भूकंप की तीव्रता का पता लगाया जाता है. रिक्टर स्केल पर 1 से 9 तक भूकंप के झटकों को मापते हैं. भूकंप के दौरान पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे निकलती है जिसे रिक्टर स्केल के जरिए मापते हैं. इसी से पता चलता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहा था.

आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा, तेज रफ्तार डबल डेकर स्लीपर बस और कंटेनर भिड़े…18 की मौत व 37 घायल

उन्नाव उत्तर प्रदेश के उन्नाव में भीषण सड़क हादसा हुआ है. यहां लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर टैंकर और डबल डेकर बस की टक्कर हो गई, जिसके बाद बस कई बार पलट गई. इस हादसे में 18 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 19 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं.   जानकारी के मुताबिक, डबल डेकर बस (UP95 T 4720) बिहार के मोतिहारी से दिल्ली आ रही थी. जब बस सुबह करीब 5.15 बजे उन्नाव के बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव के सामने पहुंची तभी पीछे से तेज रफ्तार दूध से भरे टैंकर ने ओवरटेक किया और इसी दौरान बस से टक्कर हो गई. यह हादसा इतना भीषण था कि डबल डेकर बस के परखच्चे उड़ गए. जहां हादसा हुआ, उस जगह लाशों का अंबार लग गया. तड़के हुए इस हादसे ने इलाके में हड़कंप मचा दिया. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया. उन्नाव के डीएम गौरंग राठी ने बताया, “यह हादसा सुबह करीब 5.15 बजे हुआ था. बिहार के मोतिहारी से आने वाली एक प्राइवेट बस की दूध से भरे टैंकर से टक्कर हो गई. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 यात्री घायल हैं. शुरुआती जांच से पता चलता है कि बस ओवर स्पीड में थी. सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है.”   मृतकों में 14 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल इस हादसे की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी थी. सूचना मिलते ही बांगरमऊ के इंस्पेक्टर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ पहुंचाया. यहां डॉक्टरों ने 18 लोगों को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल यात्रियों को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर पर रेफर किया है. मरने वालों में 14 पुरुष, तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं. दिल्ली से बिहार जा रही बस का यूपी के अमेठी में एक्सीडेंट, 5 यात्रियों की मौत, 11 घायल हादसे में जान गंवाने वालों का विवरण- 1. दिलशाद (22) पुत्र अशफाक निवासी थाना मोदीपुरम, मेरठ    2. बीटू (9) पुत्र राजेन्द्र निवासी थाना भादूर, शिवहर, बिहार 3. रजनीश पुत्र रामविलास निवासी जनपद सिवान, बिहार   4. लालबाबू दास पुत्र रामसूरज दास निवासी थाना हिरागा जनपद शिवहर, बिहार   5. रामप्रवेश कुमार निवासी थाना हिरागा जनपद शिवहर, बिहार   6. भरत भूषण कुमार पुत्र लाल बहादुर दास निवासी थाना हिरागा जनपद शिवहर, बिहार   7. बाबू दास पुत्र रामसूरज दास निवासी थाना हिरागा जनपद शिवहर, बिहार   8. मो. सद्दाम पुत्र पुत्र मो. बशीर निवासी गमरोली थाना शिवहर, बिहार   9. नगमा पुत्री मो. शहजाद निवासी भजनपुरा, दिल्ली 10. शबाना पत्नी मो. शहजाद निवासी भजनपुरा, दिल्ली 11. चांदनी पत्नी मो. शमशाद निवासी शिवोली, मुलहारी 12. मो. शफीक पुत्र अब्दुल बसीर निवासी शिवोली, मुलहारी 13. मुन्नी खातून पत्नी अब्दुल बसीक निवासी शिवोली, मुलहारी 14. तौफीक आलम पुत्र अब्दुल बसीर निवासी शिवोली, मुलहारी और अन्य 04 अज्ञात उन्नाव हादसे पर सीएम योगी ने जताया दुख इस हादसे पर सीएम योगी ने दुख जताया है और अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने ‘X’ पर लिखा, “जनपद उन्नाव में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं. जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.” यूपी के परिवहन मंत्री ने भी जताया शोक यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी इस हादसे पर शोक जताया है. उन्होंने कहा, “जनपद उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है. मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं. जिला प्रशासन व परिवहन विभाग के अधिकारियों को सभी घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दे दिए गए हैं. ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं.”  

भारत को रूस से 6 और परमाणु ऊर्जा संयंत्र मिलेंगे, पीएम मोदी और पुतिन ने लोकेशन और डिजाइन पर की चर्चा

नईदिल्ली अब इस मौके पर फैसले को लेकर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉस्को की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनके आधिकारिक निवास स्थान क्रेमलिन में मुलाकात की थी। यहां दोनों नेताओं ने यहां चाय पर चर्चा की और बाद में द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया, जिसमें रूसी सरकार के स्वामित्व वाले रोसाटॉम ने 6 नए न्यूक्लियर पावर प्लांट्स बनाने भारत की मदद करने की पेशकश की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय रूस यात्रा के दौरान, नई दिल्ली और मॉस्को ने व्यापार, ऊर्जा, जलवायु और अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में 9 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई बड़ी परियोजनाओं को लेकर सहमति बनी, जिसमें रूस के सहयोग से भारत में 6 नए न्यूक्लियर पावर प्लांट्स बनाने पर भी बातचीत हुई. रूस की परमाणु ऊर्जा एजेंसी रोसाटॉम (Rosatom) इन न्यूक्लियर पावर प्लांट्स को बनाने में भारत की मदद करेगी. बता दें कि रूसी एजेंसी पहले भी कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (KKNPP) को स्थापित करने में भारत की मदद कर चुकी है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉस्को की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनके आधिकारिक निवास स्थान क्रेमलिन में मुलाकात की थी. दोनों नेताओं ने यहां चाय पर चर्चा की और बाद में द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया, जिसमें रूसी सरकार के स्वामित्व वाले रोसाटॉम ने 6 नए न्यूक्लियर पावर प्लांट्स बनाने भारत की मदद करने की पेशकश की. इसके अलावा रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (Russian Direct Investment Fund) ने फार्मा, जहाज निर्माण और शिक्षा क्षेत्र में भारत के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए.  रूस के दूसरे सबसे बड़े बैंक ने दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने पर पेमेंट फ्लो को आसान बनाने के प्रयासों पर भारत के साथ बात की. रोसाटॉम ने एक बयान में कहा कि भारत के साथ सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की जा रही है- एक नई साइट पर रूसी डिजाइन की 6 और हाई-पावर न्यूक्लियर यूनिट्स का निर्माण और कुछ छोटे परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने में भारत का सहयोग करने पर हमारी बातचीत हुई है. इसी साल मई महीने में रोसाटॉम ने भारत को फ्लोटिंग परमाणु ऊर्जा संयंत्र (FNPP) के निर्माण और संचालन की तकनीक ऑफर की थी. रूस के पास है फ्लोटिंग न्यूक्लियर पावर प्लांट वर्तमान में रूस ही दुनिया का एकमात्र देश है जिसके पास पानी पर तैरता हुआ परमाणु ऊर्जा संयंत्र है. इस परमाणु संयंत्र को एकेडेमिक लोमोनोसोव जहाज (Akademik Lomonosov) पर असेंबल किया गया है. रूस के पेवेक में बिजली सप्लाई इसी फ्लोटिंग न्यूक्लियर पावर प्लांट से हो रही है. पेवेक नॉर्थ आर्कटिक में स्थित रूस का एक बंदरगाह शहर है. रूस के अलावा अन्य कोई देश अब तक फ्लोटिंग न्यूक्लियर पावर प्लांट की तकनीक विकसित नहीं कर सका है. इस तरह के संयंत्र से दूरदराज के क्षेत्रों या समुद्र में स्थित द्वीपों तक भी निर्बाध बिजली सप्लाई की जा सकती है. ​रोसाटॉम और भारत उत्तरी समुद्री मार्ग (Northern Sea Route) की ट्रांजिट क्षमता को विकसित करने पर भी चर्चा कर रहे हैं. यह समुद्री मार्ग नॉर्वे के साथ रूस की सीमा के पास मरमंस्क से पूर्व की ओर अलास्का के पास बेरिंग जलडमरूमध्य तक फैला है. इस सी रूट का विशेष रूप से रूसी तेल, कोयला और लिक्विड नेचुरल गैस की आपूर्ति के लिहाज से काफी  महत्व है. रूस को उम्मीद है कि एनएसआर के जरिए वह 2030 तक 150 मिलियन मीट्रिक टन का परिवहन कर सकेगा, जो इस वर्ष  80 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक रहा है. रूस के सहयोग से बना है कुडनकुलम संयंत्र  कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Kudankulam NPP or KKNPP) भारत का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर स्टेशन है, जो दक्षिणी भारतीय राज्य तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के कुडनकुलम में स्थित है. भारत और रूस के बीच हुए समझौते के तहत लगभग दो दशक पहले (31 मार्च, 2002) इस संयंत्र की पहली दो इकाइयों का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन स्थानीय मछुआरों के विरोध के कारण इसे देरी का सामना करना पड़ा. इस न्यूक्लियर पावर प्लांट में रूसी द्वारा डिजाइन  किए गए VVER-1000 रिएक्टरों का उपयोग होता है.  कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र से 6,000 मेगावाट बिजली पैदा करने की योजना है. इस संयंत्र में रूस की सरकारी कंपनी एटमस्ट्रॉयएक्सपोर्ट (Atomstroyexport) और न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) के सहयोग से छह VVER-1000 रिएक्टर बनाए जाने हैं, जिनमें से दो रिएक्टरों का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है और उनसे बिजली उत्पादन भी हो रहा है. यूनिट 1 को 22 अक्टूबर 2013 को दक्षिणी पावर ग्रिड के साथ सिंक्रनाइज किया गया था और तब से यह, 1000 मेगावाट की अपनी निर्धारित क्षमता के साथ बिजली पैदा कर रहा है. यूनिट 2 का काम 10 जुलाई 2016 को पूरा हुआ था और इसी साल 29 अगस्त को इसे पावर ग्रिड के साथ सिंक्रनाइज किया गया. यूनिट 3 और 4 के निर्माण के लिए ग्राउंड-ब्रेकिंग सेरेमनी 17 फरवरी 2016 को किया गया था और ये दोनों रिएक्टर निर्माणाधीन है. यह भारत में सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा उत्पादन संयंत्र है जो अपने सभी 6 रिएक्टरों के चालू हो जाने के बाद 6 गीगावाट (1 गीगावाट = 1000 मेगावाट) इलेक्ट्रिसिटी का प्रोडक्शन करता है. कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की दोनों इकाइयां वाटर-कूल, वाटर-मॉडरेटेड रिएक्टर हैं. स्थानीय लोग 1979 में प्रस्तावित होने के बाद से ही इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे थे. कुडनकुलम परमाणु संयंत्र का हुआ था विरोध विरोध के कारण इस परियोजना को रोक दिया गया था. हालांकि, वर्ष 2000 में इस पर दोबारा काम शुरू हुआ और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निर्माण शुरू हुआ. 2011 में, जापान के फुकुशिमा दाइची परमाणु दुर्घटना के बाद कुडुकुलम संयंत्र के आसपास के हजारों लोगों ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने तमिलनाडु में भी फुकुशिमा जैसी परमाणु आपदा की आशंका जतायी. हालांकि, 2012 में, भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के प्रमुख डॉ. श्रीकुमार बनर्जी ने इस संयंत्र को दुनिया के सबसे सुरक्षित न्यूक्लियर प्लांट में से एक बताया था. वर्ष 2011 में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी जिसमें सुरक्षा चिंताओं का मूल्यांकन होने तक  कुडुकुलम संयंत्र में नए रिएक्टरों के निर्माण और पहले से स्थापित रिएक्टर से बिजली उत्पादन रोकने की मांग की … Read more

अमरवाड़ा उपचुनाव में दांव पर लगी कमल नाथ की साख, 9 बजे तक 17% मतदान

अमरवाड़ा छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग सुबह 7 बजे से जारी है। मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। 9 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला बीजेपी के कमलेश शाह, कांग्रेस के धीरन शाह और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के देवरावेन भलावी के बीच है। अमरवाड़ा के स्कूल में बनाए गए पोलिंग बूथ के बाहर मतदान के दौरान हंगामा हो गया। एक मतदाता की डॉक्यूमेंट्स को लेकर सुरक्षाकर्मियों से बहस हो गई। गोंगपा प्रत्याशी भी मतदान केंद्र पर पहुंच गए। बातचीत के बाद हंगामा शांत हो गया। कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह ने आंचलकुंड मतदान केंद्र के बूथ में वोट डाला। उपचुनाव में मतदाता छल को भी मुद्दा बनाकर वोट डाल रहे हैं। मतदाता स्वय जैन का कहना है, ‘हमने अपने नेता चुना था, वो दूसरी पार्टी में चले गए, जनता से छल किया, इसी मुद्दे पर वोट किया है।’ व्यापारी मंडल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेश जैन का कहना है, ‘स्थानीय मुद्दे बहुत ज्यादा हैं। वर्तमान में सरकार के पक्ष में ही मतदान होना चाहिए।’ 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर अमरवाड़ा से कमलेश शाह जीते थे। लोकसभा चुनाव से पहले वे बीजेपी में शामिल हो गए। इस वजह से यहां उपचुनाव हो रहा है। हर्रई विकास खंड में वोट का बहिष्कार अमरवाड़ा विधानसभा के अंतर्गत आने वाले विकासखंड हर्रई की ग्राम पंचायत सलैया बुलाकी के ग्राम डावरी झील के लोगों ने वोट का बहिष्कार किया। साथ ही ये लोग मतदान स्थल पर रोड नहीं तो वोट नहीं लिखी हुई दफ्ती लेकर पहुंच गए। इन दस्तावेजों के आधार पर डाल सकेंगे वोट मतदाता पर्ची के साथ 13 फोटो युक्त दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज मतदान के लिए जरूरी है। मतदाता जब मतदान करने जाएं तो मतदाता सूचना पर्ची के साथ फोटो युक्त दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज जरूर लेकर जाएं। क्यूआर कोड युक्त मतदाता सूचना पर्ची से मतदाता अपने मतदान केन्द्र का नाम, पता, क्रमांक, निर्वाचक नामावली में मतदाता क्रमांक राज्य और जिले का हेल्पलाइन नम्बर जैसी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। लेकिन मतदान के लिए एक फोटो युक्त दस्तावेज जरूरी होगा। यदि किसी मतदाता के पास मतदाता सूचना पर्ची नहीं है और उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, तो 13 फोटो युक्त वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज दिखाकर मतदाता अपना मतदान कर सकेंगे। यह हैं 13 वैकल्पिक दस्तावेज फोटो युक्त वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, दिव्यांग यूनिक आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन दस्तावेज (फोटो सहित), पासपोर्ट, पासबुक (फोटो सहित बैंक/डाकघर द्वारा जारी), फोटोयुक्त सर्विस पहचान पत्र (केन्द्र/राज्य सरकार/सार्वजनिक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी), सांसद, विधायक  को जारी आधिकारिक पहचान पत्र, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड (श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी) में से कोई भी एक दस्तावेज दिखाकर मतदान कर सकते हैं। दांव पर कमल नाथ की साख आदिवासी विधायकों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया। यह चुनाव कमल नाथ के लिए भी काफी महत्वपूर्ण हैं। इसके परिणाम यदि पार्टी के अनुकूल रहते हैं तो फिर यह माना जाएगा कि क्षेत्र में उनकी पकड़ है। यही कारण है कि प्रत्याशी चयन से लेकर मैदानी जमावट उनकी सहमति से ही की गई। उधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि सभी केंद्रों के लिए मतदान दल रवाना किए जा चुके हैं। सुबह साढ़े पांच बजे माकपोल के बाद सात बजे से मतदान प्रारंभ हो जाएगा जो शाम छह बजे तक चलेगा। मतगणना 13 जुलाई को सुबह आठ बजे से होगी।

बुढ़ापा कटेगा आराम से, अब हर महीने मिलेंगे 10,000 रुपये पेंशन, APY की रकम बढ़ाने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली  केंद्र सरकार अटल पेंशन योजना ( Atal Pension Yojana ) में न्यूनतम भुगतान को दोगुना कर सकती है ! माना जा रहा है कि सरकार बजट में इस बारे में घोषणा कर सकती है ! अगर ऐसा होता है तो इस अटल पेंशन योजना ( APY Pension Scheme ) में रजिस्ट्रेशन कराने वालों को दोगुनी पेंशन का लाभ मिलेगा ! Atal Pension Yojana , न्यूनतम राशि बढ़ाने पर विचार आपको बता दें कि फिलहाल अटल पेंशन योजना ( Atal Pension Yojana ) के तहत हर महीने 5000 रुपये दिए जाते हैं, जिसे दोगुना करके 10000 रुपये प्रति महीने करने पर विचार किया जा रहा है ! पिछले महीने पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन दीपक मोहंती ने कहा था कि 2023-24 में अटल पेंशन योजना ( APY Pension Scheme ) के तहत नामांकन योजना शुरू होने के बाद से सबसे अधिक रहा है ! आपको बता दें कि इस सामाजिक सुरक्षा योजना को वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था ! वित्त मंत्री ने कही थी ये बात गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अटल पेंशन योजना ( Atal Pension Yojana ) को गारंटीड पेंशन राशि वाली किफायती योजना के तौर पर डिजाइन किया गया है ! सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस अटल पेंशन योजना ( APY Pension Scheme ) ने अपनी शुरुआत से अब तक 9.1% रिटर्न दिया है और यह अन्य बचत योजनाओं की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी है ! मैच्योरिटी के आधार पर मिलती है पेंशन इस अटल पेंशन योजना ( APY Pension Scheme ) के तहत खाता खोलने पर लोगों को मैच्योरिटी पर 1 हजार से 5 हजार रुपये तक मासिक पेंशन मिलती है ! यह अटल पेंशन योजना ( Atal Pension Yojana ) में निवेश की गई राशि पर निर्भर करता है !  सरकार अपनी प्रमुख सोशल सिक्योरिटी स्कीम अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) के तहत न्यूनतम गारंटीड राशि को दोगुना कर 10,000 रुपये कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक 23 जुलाई को पेश होने वाले बजट में इसकी घोषणा की जा सकती है। उन्होंने बताया कि सरकार इसके राजकोषीय प्रभाव का आकलन कर रही है तथा बजट से पहले इस पर निर्णय लिया जाएगा। सरकार देश में सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना चाहती है क्योंकि वह सामाजिक सुरक्षा पर लेबर कोड लागू करने के लिए आधार तैयार कर रही है। 20 जून तक के आंकड़ों के मुताबिक अटल पेंशन योजना में कुल 6.62 करोड़ लोगों ने खाते खोले थे। साल 2023-24 में 1.22 करोड़ नए खाते खोले जाएंगे। एक अधिकारी ने बताया कि अटल पेंशन योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कुछ प्रस्ताव रखे गए हैं। इनमें गारंटीड राशि बढ़ाना भी शामिल है। इन पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में, सरकार द्वारा गारंटीकृत लाभ के साथ, अंशदान के आधार पर 1,000-5,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन की गारंटी है। पिछले महीने पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक मोहंती ने कहा था कि 2023-24 में अटल पेंशन योजना के तहत एनरॉलमेंट 2015 में योजना के शुभारंभ के बाद से सबसे अधिक था। किसे नहीं मिलता है फायदा पेंशन रेगुलेटर ने पेंशन राशि में बढ़ोतरी की वकालत की है। उसका कहना है कि मौजूदा राशि समय के साथ अपनी वैल्यू बरकरार नहीं रख पाएगी। इस साल की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अटल पेंशन योजना को एक किफायती योजना के रूप में डिजाइन किया गया है जिसमें पेंशन राशि की गारंटी है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस योजना ने शुरुआत से ही 9.1% रिटर्न दिया है और यह अन्य बचत योजनाओं की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी है। वित्त मंत्री ने कहा कि अटल पेंशन योजना गरीबों और निम्न मध्यम वर्ग के लिए एक सब्सिडी वाली योजना है और यह स्पष्ट है कि अधिकांश पेंशन खाते निचले स्लैब में हैं। साल 2015-16 में शुरू की गई अटल पेंशन योजना को नेशनल पेंशन स्कीम के माध्यम से PFRDA द्वारा प्रशासित किया जाता है। इस योजना में मृत्यु या लाइलाज बीमारी के मामलों को छोड़कर 60 वर्ष की आयु में पेंशन फंड के 100% एन्युटी के साथ योजना से बाहर निकलने की अनुमति है। बाहर निकलने पर ग्राहक को पेंशन उपलब्ध होती है। इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले लोग इस योजना में शामिल होने के पात्र नहीं हैं।  

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