LATEST NEWS

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वंदे मातरम् गान के साथ आरंभ हुई मंत्रि-परिषद की बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रसन्नता का विषय है कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह आगामी 14 जुलाई को प्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का एक साथ शुभारंभ कर रहे हैं। एक्सीलेंस कॉलेजों की विशेषता है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप इनमें सभी कोर्स उपलब्ध होंगे तथा ये कॉलेज सभी संसाधनों से युक्त होंगे। युवा पीढ़ी को इन कॉलेजों का लाभ मिलेगा। सभी मंत्रीगण अपने-अपने क्षेत्र में कॉलेजों के शुभारंभ कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में यह बात कही। बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम् गान के साथ आरंभ हुई। बजट के प्रमुख बिन्दुओं पर जिलों में हों संवाद कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बजट की सभी ओर सराहना हो रही है। बजट के जन-कल्याण एवं विकास से संबंधित प्रमुख बिंदुओं पर सभी जिलों में संवाद कार्यक्रम किए जाएं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों को राजधानी से सीधे जोड़ने के लिए बनने वाले एक्सप्रेस-वे तथा सभी विभागों को उपलब्ध कराई गई पर्याप्त राशि से प्रदेश के विकास पर होने वाले प्रभाव के संबंध में जिलों में चर्चा हो। प्रदेश के सभी जिलों में औद्योगिक गतिविधियों का हो विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 20 जुलाई को जबलपुर में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हो रहा है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए सभी जिलों में सहयोग व मार्गदर्शन कार्यक्रम संचालित किए जाएं। प्रदेश के स्थानीय औद्योगिक इकाई संचालकों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें अपनी गतिविधियों का विस्तार करने एवं निवेश को बढ़ाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हुए प्रोत्साहित किया जाए। पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वित गतिविधियों का होगा विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पड़ौसी राज्यों के साथ विभिन्न गतिविधियों में समन्वय और सहयोग बढ़ाया जाएगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के धार्मिक महत्व के स्थलों में बेहतर नेटवर्क विकसित करने में रुचि दिखाई है। दोनों राज्यों के बीच ‘नदी जोड़ों अभियान’ पर भी गतिविधियां चल रही हैं। इसी प्रकार महाराष्ट्र के साथ भी नदी जोड़ों अभियान की संभावनाओं पर चर्चा हुई है। नवाचार से छिंदवाड़ा सहित अन्य जिलों में पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। जिला स्तर पर लक्ष्य तय कर सभी विभागों के समन्वय से किया जाए पौध-रोपण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पौध-रोपण अभियान के अंतर्गत साढे 5 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इंदौर एवं भोपाल में जारी पौध-रोपण गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी जिले पौध-रोपण का लक्ष्य तय करें एवं सभी विभागों में समन्वय करते हुए इसे अंजाम दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान में लगाए गए पौधों के रख-रखाव के लिए लोगों को प्रेरित भी किया जाए।  

चीन ने CPEC के जरिए पाकिस्तान को पूरी तरह से चीन के कंट्रोल में, दुनिया में बीजिंग से नजदीकी बढ़ाने वाले देशों के लिए एक सबक

इस्लामाबाद  चीन के बुने कर्ज के जाल में पाकिस्तान इस कदर जकड़ गया है कि अब चाहकर भी उसके लिए निकल पाना संभव नहीं है। चीन पाकिस्तान ऑर्थिक कॉरिडोर (CPEC) के जरिए आज पाकिस्तान पूरी तरह से चीन के कंट्रोल में है, जो पूरी दुनिया में बीजिंग से नजदीकी बढ़ाने वाले देशों के लिए एक सबक है। पाकिस्तान के एक्सपर्ट का ऐसा मानना है। उनके मुताबिक, पाकिस्तान की हालत ये है कि उसने सीपीईसी के तहत जो कर्ज लिया है, उसे चुका पाने की क्षमता नहीं है। बेहद चालाकी से बिछाए गए कर्ज के जाल में पाकिस्तान फंस गया है और अब उसका भविष्य चीन के हाथ में है। पाकिस्तानी पत्रकार और एक्सपर्ट कामरान खान ने अपने शो में कहा कि सीपीईसी पाकिस्तान के कर्ज के जाल का क्लासिक उदाहरण है। चीन पहले कर्ज देकर अपने जाल में फंसाता है और जब कर्जदार देश अपने भुगतान को पूरा करने में असमर्थ हो जात है, तो खुद ही आर्थिक या राजनीतिक रियायतें निकालने के इरादे से कर्जदार देश को और ज्यादा कर्ज देकर अपना गुलाम बना लेता है। सबसे खास बात ये है कि इस दौरान कर्ज की शर्तों को अक्सर छिपा लिया जाता है। 17 प्रतिशत का ब्याज वसूल रहा चीन पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने बताया कि चीन पाकिस्तान को दिए गए कर्ज पर 17 प्रतिशत का ब्याज लगाया हुआ है। ये ब्याज डॉलर के आधार पर तय किया गया है, जिसका मतलब है कि अगर डॉलर मजबूत होता है तो पाकिस्तान के ऊपर ज्यादा बोझ पड़ेगा। इसके पहले चीन ने नेपाल के साथ ही ऐसा ही किया है, जिसके चलते 3 प्रतिशत के ब्याज का रिटर्न की जगह काठमांडू को 36 फीसदी अदा करना पड़ रहा है। पाकिस्तान के लिए राष्ट्रीय संकट कामरान खान ने माना कि पाकिस्तान इस समय चीन का कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं है और उसने हाथ खड़े कर दिए हैं। शो में ये भी खुलासा हुआ कि पाकिस्तान ने चीन के सामने कर्ज की अदायगी पर ब्याज को कम करने के लिए चीन से बात भी की थी। इस दौरान उसने अदा करने के लिए 10 साल की जगह 20 साल की समय सीमा करने की मांग की थी, लेकिन चीन ने इसे इनकार कर दिया। पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने कहा कि सीपीईसी का कर्ज जाल अब पाकिस्तान के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा संकट में बदल गया है और इससे बाहर निकलने की कुंजी केवल चीन के ही पास है। पाकिस्तान की वरिष्ठ पत्रकार मारियाना बाबर ने भी चीन के कर्ज को पाकिस्तान के लिए खतरा बताया है। उन्होंने एक्स पर कामरान खान की पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि अमेरिका ने बहुत पहले पाकिस्तान को चेतावनी दी थी। अमेरिका ने अफ्रीकी देशों का उदाहरण दिया था, जहां चीन ने धोखाधड़ी की थी। बाबर ने आगे बताया कि सीपीईसी में कभी कोई पारदर्शिता नहीं थी, केवल बहुत प्रचार किया गया। चीन एक बहुत जरूरी सहयोगी है, लेकिन इस कीमत पर नहीं।  

नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रण की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में निवासरत विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा निर्धारित शिष्यवृत्ति दरों के अनुरूप युक्त-युक्तीकरण की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार बालकों को वर्तमान में प्रतिमाह देय शिष्यवृत्ति 1230 रुपए में वृद्धि कर 1550 रूपये एवं बालिकाओं को 1270 रूपये में वृद्धि कर  1590 रूपये प्रतिमाह दी जाएगी। साथ ही अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा मूल्य सूचकांक के आधार पर आगामी शिष्यवृत्ति की दर में वृद्धि, विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग के लिए भी मान्य किए जाने का निर्णय लिया गया है। “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) के क्रियान्वयन का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) को मध्यप्रदेश विधान सभा में क्रियान्वित करने के लिए 23 करोड़ 87 लाख रूपये की परियोजना का अनुमोदन दिया हैं। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में देश की समस्त विधान सभाओं को पेपर लेस करने एवं उन्हें एक प्लेटफार्म पर लाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) लांच की गई है।  लागत की 60 प्रतिशत राशि भारत सरकार तथा 40 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रण  की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी विकास विभाग की 9,271 करोड़ 96 लाख रूपये की लागत की 7 परियोजनाओं के निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की है। सोण्डवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, निवाली उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, सेंधवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, महेश्वर जानापाव उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, धार माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना, बड़ादेव संयुक्त माईक्रो सिंचाई परियोजना एवं माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की गई है। बोकारो माइक्रो इरीगेशन की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बोकरो माइक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 46 करोड़ रूपये, सैंच्य क्षेत्र 3310 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना से तहसील रामपुरा नैकिन के 11 ग्रामों के कृषकों को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। इंदौर में केन्द्रीय जेल के शेष रहे कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने इंदौर में सांवेर रोड़ पर निर्माणाधीन केन्द्रीय जेल के शेष रहे निर्माण कार्यों के लिए 217 करोड़ 73 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। राज्य शासन के लिए विमान खरीदने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के लिए विमान खरीदने का अनुमोदन दिया गया है। राज्य शासन के लिये अति विशिष्ट व्यक्तियों की उड़ान के लिए “मध्यप्रदेश शासन के लिये विमान/हेलीकाप्टर क्रय-विक्रय नियम, 2019” के अंतर्गत बुलाए गए टेण्डर में निम्नतम (L1) निविदाकार संस्था से विमान मॉडल Challenger 3500 जेट विमान क्रय किये जाने के निर्णय का अनुमोदन दिया गया।

चीन के सबसे बड़े निवेशकों में से एक टेमासेक में भारत की हिस्सेदारी सात फीसदी

नई दिल्ली  सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक (Temasek) कई साल से चीन के सबसे बड़ी संस्थागत निवेशकों में से एक है। लेकिन अब उसने चीन में अपना निवेश कम करना शुरू कर दिया है। करीब एक दशक में पहली बार कंपनी के पोर्टफोलियो में अमेरिका चीन से आगे निकल गया है। टेमासेक अमेरिका के साथ-साथ भारत पर भी बड़ा दांव खेल रही है। कंपनी का कहना है कि चीन के कैपिटल मार्केट्स में सुस्ती से देश में उसकी एसेट्स की वैल्यू में गिरावट आई है। लेकिन दूसरे बाजारों से उसे अच्छा रिटर्न मिल रहा है। इससे कंपनी के पोर्टफोलियो की नेट वैल्यू 389 अरब डॉलर पहुंच गई है जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में 382 अरब डॉलर थी। टेमासेक लंबे समय से चीन के सबसे बड़े संस्थागत निवेशकों में शामिल रहा है। 2020 में कंपनी के पोर्टफोलियो में चीन की हिस्सेदारी 29 फीसदी थी। लेकिन चार साल बाद यह घटकर 19 फीसदी रह गई है। मार्च में कंपनी के पोर्टफोलियो में अमेरिका की हिस्सेदारी 22 फीसदी हो गई है। सिंगापुर 27 फीसदी के साथ टेमासेक के पोर्टफोलियो में सबसे ऊपर है। कंपनी भारत में इनवेस्टमेंट तेजी से बढ़ा रही है। अभी उसके पोर्टफोलियो में भारत की हिस्सेदारी सात फीसदी है। करीब एक दशक में यह पहला मौका है जब कंपनी के पोर्टफोलियो में अमेरिका की हिस्सेदारी चीन से अधिक हुई है। चीन की स्थिति पिछले साल चीन के शेयर मार्केट का प्रदर्शन काफी खराब रहा था। यह दुनिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शेयर बाजारों में शामिल था। देश का रियल एस्टेट सेक्टर गहरे संकट में है और कंज्यूमर स्पेंडिंग सुस्त पड़ी है। लोग पैसे खर्च करने के बजाय बचत में लगे हैं। इसकी वजह यह है कि वे इकॉनमी को लेकर निश्चिंत नहीं हैं। रियल एस्टेट संकट के कारण पूरी इकॉनमी के डूबने का खतरा पैदा हो गया है। देश की जीडीपी में इस सेक्टर की करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी है। टेमासेक के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका कंपनी का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन बना रहेगा क्योंकि चीन को लेकर संदेह बना हुआ है। अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं।

त्रिपुरा के युवा नशे की गिरफ्त में, 828 छात्र हुए HIV पॉजिटिव, 47 की एड्स से मौत

अगरतला  करीब 35 लाख की आबादी वाला त्रिपुरा के युवा नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं। नशे के कारण नॉर्थ-ईस्ट के राज्य त्रिपुरा में एचआईवी भी तेजी से पैर पसार रहा है। चिंताजनक हाल यह है कि इसकी चपेट में स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले युवा आ रहे हैं। त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (टीएसएसीएस) के आंकड़ों के अनुसार, अभी तक राज्य में 828 छात्र एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि 47 छात्रों की मौत हो चुकी है। एचआईवी ग्रस्त 572 छात्र अभी भी जिंदा है और इनमें से कई हायर एजुकेशन के लिए त्रिपुरा से बाहर चले गए हैं। टीएसएसीएस का एक खुलासा और भी चौंकाने वाला है। सोसायटी के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक राज्य के 220 स्कूल और 24 ऐसे कॉलेजों की पहचान की गई है, जहां छात्र नशीली दवा लेते हैं। इतने एचआईवी केस, डराने वाला है आंकड़ा त्रिपुरा में एचआईवी के आंकड़े डराने वाले हैं। राज्य के नौजवान न सिर्फ ड्रग्स ले रहे हैं बल्कि नशे की चाहत में एचआईवी ग्रस्त हो रहे हैं। त्रिपुरा पत्रकार संघ और वेब मीडिया फोरम के एक कार्यक्रम में त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (टीएसएसीएस) के संयुक्त निदेशक ने बताया कि त्रिपुरा में रोजाना एचआईवी के पांच-सात मामले सामने आ रहे हैं। अभी तक 47 छात्रों की एड्स से मौत हो चुकी है। मई 2024 तक एआरटी (एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी) सेंटरों पर इलाज के लिए 8,729 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। एचआईवी से पीड़ित कुल लोगों की संख्या 5,674 है, इनमें 4,570 पुरुष और 1,103 महिलाएं हैं। हैरान करने वाला फैक्ट यह है कि एचआईवी की चपेट में आने वाले अधिकतर युवा है। उनमें 828 स्कूल और कॉलेज के छात्र हैं। अधिकारी ने बताया कि चौंकाने वाला यह आंकड़ा राज्य भर के 164 हेल्थ सर्विस सेंटर से लिया गया है। अमीर परिवार के बच्चे आ रहे चपेट में अभी तक आए मामलों से पता चला कि जो छात्र एचआईवी की चपेट में आए, उनमें से अधिकतर अमीर परिवारों से हैं। उनके माता और पिता नौकरी करते हैं। ऐसे छात्रों को ड्रग्स खरीदने के लिए पैसे की कमी नहीं होती है। बता दें कि कुछ दिन पहले त्रिपुरा हाई कोर्ट ने भी ऐसे एक मामले की सुनवाई करते हुए एनडीपीएस अधिनियम के तहत पकड़े गए आरोपियों के माता-पिता घरवालों को सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया था। साथ ही उनसे गांव में एक महीने तक नशा विरोधी अभियान चलाने को कहा था।

घोस्टराइडर AC-130J आसमान में उड़ान भरते हुए घरों की खिड़की के अंदर तक नजर रख सकता

वॉशिंगटन अमेरिका की वायु सेना ने अपने सबसे आधुनिक विमान की ताकत का नजारा पेश किया है, जो ऊंचे आसमान में उड़ान भरते हुए घरों की खिड़की के अंदर तक नजर रख सकता है। घोस्टराइडर कहे जाने वाले AC-130J ने दक्षिण कोरिया में हुए सैन्य अभ्यास में अपनी ताकत दुनिया के सामने दिखाई है। दक्षिण कोरिया में ऊंचे अपार्टमेंट ब्लॉक के ऊपर जब इसने उड़ान भरी तो इसके शक्तिशाली कैमरे घरों की खिड़कियों के अंदर सब कुछ साफ देख पा रहे थे। लेकिन इसकी खासियत का ये सिर्फ इसका एक हिस्सा भर है। इसकी पूरी क्षमता हैरान करने वाली है। 50000 फीट से लगा सकता है निशाना चार इंजन वाला ये विमान 50000 फीट (लगभग 10 मील) की ऊंचाई से अपने लक्ष्य को पहचान सकता है, जो इस विमान पर लगी अब तक की सबसे बड़ी बंदूक के लिए संभावित लक्ष्य हैं। दक्षिण कोरिया में एक लाइव-फायर अभ्यास के दौरान 105 मिलीमीटर हॉवित्जर ने सियोल के पूर्व में 43 पाउंड के गोले दागे। फायरिंग इतनी शक्तिशाली थी कि 80 टन वजन का पिछला हिस्सा 6 फीट दाईं ओर चला गया। इसके 10 सेकंड बाद विमान के अंदर लगी स्क्रीन पर रेंज में गोले गिरने की तस्वीर उभरती है। इस अभ्यास में जमीन पर दो टैंकों को निशाना बनाया गया। गाइडेड मिसाइल और बम कर सकता है लॉन्च 105 मिलीमीटर की हॉवित्जर के अलावा इस विमान में 30 मिलीमीटर की तोप भी लगी हुई है। इसके साथ ही यह गाइडेड मिसाइल और बमों को लॉन्च कर सकता है। इसे पैदल सेना का सबसे अच्छा दोस्त भी कहा जाता है, क्योंकि यह सैनिकों के सामने कुछ ही दूरी पर दुश्मन पर ठिकानों पर फायर कर सकता है। हवा में ईंधन भरने के साथ यह सैद्धांतिक रूप से जमीनी बलों का समर्थन करते हुए तब तक स्टेशन पर रह सकता है, जब तक चालक दल और गोला-बारूद चल सकता है। विमान के पायलट कैप्टन जॉन इकेनबेरी ने CNN को बताया कि इस अभ्यास के जरिए उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को सीधा संदेश दिया है, कि हम तैयार हैं। अमेरिकी सेना के हरक्यूलिस गनशिप का नवीनतम संस्करण AC-130J लगातार दूसरे साल कोरिया में अपनी क्षमता का परीक्षण कर रहा है। वियतनाम युद्ध में पहली बार हुआ था इस्तेमाल अमेरिकी वायु सेना ने पहली बार गनशिप का इस्तेमाल वियतनाम युद्ध से जमीन पर किया था, जब C-47 परिवहन विमान के एक तरफ फायर करने के लिए 7.62 मिमी की बंदूकें स्थापित की थीं। उस क्षमता के साथ विमान एक लक्ष्य के चारों ओर चक्कर लगा सकता था और उस पर निरंतर गोलाबारी कर सकता था। अमेरिकी वायुसेना की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी तोपें एक मिनट में 6000 राउंड फायर कर सकती थीं। समय के साथ युद्ध की भूमिका बदलीं, वायु सेना ने गनशिप की भूमिका के लिए एक भारी विमान की तलाश की और इस तरह C-130 हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट की तरफ रुख किया। सी-130 को पहली बार 1967 में दक्षिण पूर्व एशिया में इस्तेमाल किया गया था।

केंद्र सरकार EPF में योगदान के लिए न्यूनतम मूल वेतन सीमा में बढ़ोतरी कर सकती है

नई दिल्ली  केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में योगदान के लिए न्यूनतम मूल वेतन सीमा यानी बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी कर सकती है। इसे 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये किया जा सकता है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि 23 जुलाई को पेश होने वाले बजट में इसका ऐलान किया जा सकता है। 10 साल बाद नियमों में संशोधन की तैयारी बताया जा रहा है कि कर्मचारियों का सामाजिक सुरक्षा दायरा बढ़ाने के लिए मंत्रालय 10 साल बाद नियमों में संशोधन की तैयारी कर रहा है। इससे पहले 01 सितंबर 2014 को वेतन सीमा 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये की गई थी। हालांकि, इससे उलट कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में वेतन की सीमा इससे ज्यादा है। वहां साल 2017 से ही ₹21,000 की उच्च वेतन सीमा है और सरकार के भीतर इस बात पर सहमति है कि दो सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत वेतन सीमा को एक जैसा किया जाना चाहिए। अभी कितना योगदान मौजूदा नियमों के तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों ईपीएफ खाते में मूल वेतन, महंगाई भत्ता और प्रतिधारण भत्ता (अगर कोई हो) का 12-12 फीसद का समान योगदान करते हैं। जहां कर्मचारी का पूरा योगदान भविष्य निधि खाते में जमा किया जाता है, वहीं नियोक्ता के योगदान का 8.33 फीसदी कर्मचारी पेंशन योजना में जाता है और शेष 3.67 फीसदी पीएफ खाते में जमा किया जाता है। पेंशन फंड में बढ़ जाएगा योगदान वर्तमान में बेसिक पे लिमिट 15,000 रुपये होने पर कर्मचारी और नियोक्ता का प्रत्येक योगदान 1800 रुपये है। नियोक्ता के योगदान में से कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में 1,250 रुपये जाते हैं। बाकी 750 रुपये पीएफ खाते में जाते हैं। मूल वेतन सीमा 25,000 होने पर प्रत्येक का योगदान 3000 रुपये हो जाएगा। तब नियोक्ता के योगदान में से 2082.5 रुपये पेंशन कोष और 917.5 रुपये पीएफ खाते में जाएंगे।

उज्जैन-भोपाल-उज्जैन के मध्य ट्रेन 09313, 09314 स्पेशल ट्रेन प्रतिदिन चलाने का निर्णय लिया गया, रेलवे का फैसला

भोपाल भोपाल में अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लियर करने एवं यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। उज्जैन-भोपाल-उज्जैन के मध्य ट्रेन 09313, 09314 स्पेशल ट्रेन प्रतिदिन चलाने का निर्णय लिया गया है। ट्रेन 09313 उज्जैन-भोपाल स्पेशल 11 जुलाई से 31 अगस्त तक उज्जैन से प्रतिदिन नौ बजे चलकर मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए अगले दिन 12:40 बजे संत हिरदाराम नगर और एक बजे भोपाल पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन 09314 भोपाल-उज्जैन स्पेशल 12 जुलाई से एक सितंबर तक भोपाल से प्रतिदिन 02:10 बजे चलकर, 02.35 बजे संत हिरदाराम नगर और मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए 07:20 बजे उज्जैन पहुंचेगी। यहां होगा ट्रेन का स्‍टापेज ट्रेन रास्ते में दोनों दिशाओं में तराना रोड, मक्सी, काली सिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालीपीपल, सीहोर, संत हिरदाराम नगर स्टेशनों पर रुकेगी। निजामुद्दीन से सिंगरौली एवं सिंगरौली से भोपाल ट्रेनें रहेगी निरस्त नान इंटरलाकिंग कार्य के चलते हजरत निजामुद्दीन से सिंगरौली एवं सिंगरौली से भोपाल एक्सप्रेस ट्रेनें पूर्व सूचना के अनुसार निरस्त चल रही थी। इसके चलते रेल प्रशासन ने एक-एक ट्रिप और निरस्त करने का निर्णय लिया है। 11 जुलाई को अपने प्रारंभिक स्टेशन निजामुद्दीन से चलने वाली ट्रेन 22168 निजामुद्दीन – सिंगरौली एक्सप्रेस ट्रेन को निरस्त किया है। इसी प्रकार 12 जुलाई को अपने प्रारंभिक स्टेशन सिंगरौली से चलने वाली ट्रेन 22166 सिंगरौली – भोपाल एक्सप्रेस ट्रेन को निरस्त किया है। ये दोनों ट्रेन पश्चिम मध्य रेल से होकर गुजरती है।

नीट में डॉक्टर के बेटे की जगह दी थी परीक्षा, राजस्थान-जोधपुर एम्स का स्टूडेंट सस्पेंड

जयपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर में फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाले एमबीबीएस के स्टूडेंट हुक्माराम को जोधपुर एम्स प्रबंधन ने सस्पेंड कर दिया है। एम्स के रजिस्ट्रार ने इसके आदेश निकाले हैं। हुक्माराम मुजफ्फरपुर के मालीघाट स्थित डीएवी सेंटर पर 5 मई को हुई नीट परीक्षा में राज पांडे की जगह परीक्षा देने गया था, लेकिन बायोमेट्रिक जांच में पकड़ा गया था। हुक्माराम ने परीक्षा देने के बदले चार लाख में सौदा किया था। बिहार पुलिस ने एम्स को उसके खिलाफ कानूनी मामला होने की जानकारी दी थी। जिसमें बताया कि हुक्माराम के खिलाफ 420, 467,468, 120बी, बिहार कंडेक्ट ऑफ एग्जाम के सेक्शन 10 में मामला प्रक्रियाधीन है, जिसके चलते उसे एम्स प्रबंधन ने सस्पेंड किया है। हुकमाराम के फर्जी परीक्षार्थी के रूप में पकड़े जाने की सूचना तो केंद्र ने पुलिस को दे दी लेकिन किसी तरह की शिकायत नहीं दी थी। इतना ही नहीं उसे पूरी परीक्षा भी दिला दी। यही कारण था कि बिहार पुलिस ने खुद अपने स्तर पर एफआईआर दर्ज की।  पुलिस को परीक्षा सेंटर की भूमिका भी संदिग्ध लगी, क्योंकि एग्जाम के बाद अभ्यर्थी को पुलिस को सौंपने की बजाय सेंटर के बाहर इंतजार करने के लिए कहा, इसका फायदा उठाकर वह भाग गया था जिसका आज तक पता नहीं चला। परीक्षा केंद्र प्रभारी ने जब हुकमाराम को बायोमेट्रिक फर्जीवाड़ा में पकड़ लिया तो हुकमाराम ने खुद लिख कर दिया कि वह राज पांडे की जगह परीक्षा देने आया था। राज पांडे से वह कोटा में मिला था। इस परीक्षा के बदले उसे 4 लाख रुपए मिलने थे। सेंटर प्रभारी ने हुक्माराम का लिखित कबूलनामा पुलिस को दिया था।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक, नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रण की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में निवासरत विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा निर्धारित शिष्यवृत्ति दरों के अनुरूप युक्त-युक्तीकरण की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार बालकों को वर्तमान में प्रतिमाह देय शिष्यवृत्ति 1230 रुपए में वृद्धि कर 1550 रूपये एवं बालिकाओं को 1270 रूपये में वृद्धि कर  1590 रूपये प्रतिमाह दी जाएगी। साथ ही अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा मूल्य सूचकांक के आधार पर आगामी शिष्यवृत्ति की दर में वृद्धि, विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग के लिए भी मान्य किए जाने का निर्णय लिया गया है। “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) के क्रियान्वयन का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) को मध्यप्रदेश विधान सभा में क्रियान्वित करने के लिए 23 करोड़ 87 लाख रूपये की परियोजना का अनुमोदन दिया हैं। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में देश की समस्त विधान सभाओं को पेपर लेस करने एवं उन्हें एक प्लेटफार्म पर लाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना “नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन” (नेवा) लांच की गई है।  लागत की 60 प्रतिशत राशि भारत सरकार तथा 40 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए निविदा आमंत्रण  की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी विकास विभाग की 9,271 करोड़ 96 लाख रूपये की लागत की 7 परियोजनाओं के निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की है। सोण्डवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, निवाली उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, सेंधवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, महेश्वर जानापाव उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, धार माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना, बड़ादेव संयुक्त माईक्रो सिंचाई परियोजना एवं माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की गई है। बोकारो माइक्रो इरीगेशन की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा बोकरो माइक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 46 करोड़ रूपये, सैंच्य क्षेत्र 3310 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना से तहसील रामपुरा नैकिन के 11 ग्रामों के कृषकों को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। इंदौर में केन्द्रीय जेल के शेष रहे कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने इंदौर में सांवेर रोड़ पर निर्माणाधीन केन्द्रीय जेल के शेष रहे निर्माण कार्यों के लिए 217 करोड़ 73 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। राज्य शासन के लिए विमान खरीदने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के लिए विमान खरीदने का अनुमोदन दिया गया है। राज्य शासन के लिये अति विशिष्ट व्यक्तियों की उड़ान के लिए “मध्यप्रदेश शासन के लिये विमान/हेलीकाप्टर क्रय-विक्रय नियम, 2019” के अंतर्गत बुलाए गए टेण्डर में निम्नतम (L1) निविदाकार संस्था से विमान मॉडल Challenger 3500 जेट विमान क्रय किये जाने के निर्णय का अनुमोदन दिया गया।  

भारत ने उनके देश को एक संप्रभु राष्ट्र बनने में मदद की, भारत और ऑस्ट्रिया के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं: चांसलर कार्ल नेहमर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ऐतिहासिक ऑस्ट्रिया दौरे पर हैं। उन्होंने बुधवार को ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर से मुलाकात की और द्विपक्षीय साझेदारी पर चर्चा की। बैठक से पहले मोदी ने कहा कि भारत-ऑस्ट्रिया दोस्ती मजबूत है और आने वाले समय में यह और मजबूत होगी। मोदी दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार शाम मास्को से यहां पहुंचे। यह 40 से अधिक वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ऑस्ट्रिया की पहली यात्रा है। वर्ष 1983 में इंदिरा गांधी ने ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी। पीएम मोदी के साथ चर्चा के दौरान ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर ने एक बेहद पुरानी बात को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे भारत ने उनके देश को एक संप्रभु राष्ट्र बनने में मदद की। उन्होंने कहा, “भारत और ऑस्ट्रिया के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। यह विश्वास का रिश्ता है जो 1950 के दशक में शुरू हुआ था। जब बात शांति समझौते की होती है, तो भारत और ऑस्ट्रिया बहुत महत्वपूर्ण और सपोर्टिव पार्टनर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “भारत ने ऑस्ट्रिया की मदद की और 1955 में ऑस्ट्रियाई राज्य संधि के साथ वार्ता सकारात्मक निष्कर्ष पर पहुंची। भारत और ऑस्ट्रिया के बीच जो बात खास है वह यह कि हम भू-राजनीतिक स्थिति के घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं।” ऑस्ट्रिया की ‘आजादी’ में भारत का बड़ा हाथ, नेहरू ने ऐसे की थी मदद 1955 में भारत ने ऑस्ट्रिया की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह वह समय था जब द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऑस्ट्रिया पर चार सहयोगी शक्तियों (अमेरिका, सोवियत संघ, यूनाइटेड किंगडम, और फ्रांस) का कब्जा था। भारत ने ऑस्ट्रिया की आजादी और तटस्थता की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ऑस्ट्रिया के समर्थन में जोर दिया। भारत ने यह प्रस्ताव रखा कि ऑस्ट्रिया को एक स्वतंत्र और तटस्थ देश के रूप में स्थापित किया जाए, ताकि वह दोनों विश्व युद्धों के दौरान हुए संघर्षों से बाहर रह सके। क्या निकला नतीजा? इसका नतीजा ये निकला कि 1955 में ऑस्ट्रियाई राज्य संधि पर हस्ताक्षर किए गए, जिसने ऑस्ट्रिया की स्वतंत्रता और तटस्थता की स्थापना की। इस संधि ने ऑस्ट्रिया को चारों शक्तियों के नियंत्रण से मुक्त कर दिया और उसे एक संप्रभु राज्य बना दिया। भारत की इस पहल और समर्थन के कारण ऑस्ट्रिया ने स्वतंत्रता प्राप्त की और भारत की तरह ही शांति और तटस्थता की नीति अपनाई। क्या है ऑस्ट्रियन राज्य संधि? ऑस्ट्रियन राज्य संधि (Austrian State Treaty) एक महत्वपूर्ण संधि थी जिस पर 15 मई 1955 को वियना में हस्ताक्षर हुए थे। इस संधि ने ऑस्ट्रिया को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद चार सहयोगी शक्तियों (संयुक्त राज्य अमेरिका, सोवियत संघ, यूनाइटेड किंगडम, और फ्रांस) के नियंत्रण से मुक्त करा दिया और उसे एक स्वतंत्र, संप्रभु और तटस्थ राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। इससे ऑस्ट्रिया को पूर्ण स्वतंत्रता और संप्रभुता प्राप्त हुई, और सभी विदेशी सेनाओं को ऑस्ट्रियाई क्षेत्र से हटने का आदेश दिया गया। ऑस्ट्रिया ने अपनी स्थायी तटस्थता की घोषणा की, जिसका अर्थ है कि वह किसी भी सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा और किसी भी सैन्य संघर्ष में भाग नहीं लेगा। ऑस्ट्रिया पर लगाए गए सभी प्रतिबंध और नियंत्रण हटा दिए गए, जिससे ऑस्ट्रियाई सरकार को अपने मामलों का स्वायत्त रूप से संचालन करने की अनुमति मिली। ऑस्ट्रिया ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए कुछ आर्थिक जिम्मेदारियों को स्वीकार किया और पुनर्निर्माण की दिशा में कदम उठाए। यह संधि ऑस्ट्रिया की स्वतंत्रता और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण थी और उसने देश को शांति और तटस्थता की नीति अपनाने में मदद की। ऑस्ट्रियन राज्य संधि के कारण, ऑस्ट्रिया एक तटस्थ राष्ट्र के रूप में विकसित हुआ और उसने अपने स्वतंत्रता और संप्रभुता को सुनिश्चित किया। अमेरिका, सोवियत संघ, यूनाइटेड किंगडम, और फ्रांस का ऑस्ट्रिया पर कब्जा क्यों था? संयुक्त राज्य अमेरिका, सोवियत संघ, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऑस्ट्रिया पर कब्जा किया था। इसका मुख्य कारण था कि ऑस्ट्रिया, नाजी जर्मनी का हिस्सा बन चुका था जब 1938 में एडोल्फ हिटलर ने ऑस्ट्रिया का एन्स्क्लुस (Anschluss) किया था। यहां एन्स्क्लुस का मतलब 1938 में ऑस्ट्रिया के विलय से है। यानी हिटलर ने ऑस्ट्रिया पर खुद का शासन स्थापित कर दिया था। द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में, मित्र राष्ट्रों (Allied Powers) ने नाजी जर्मनी यानी हिटलर को हराया और यूरोप के पुनर्निर्माण की योजना बनाई। इस प्रक्रिया में, उन्होंने जर्मनी और उसके अधीनस्थ क्षेत्रों को विभाजित किया ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की नाजी सत्ता का पुनरुत्थान न हो सके और स्थिरता बनी रहे। इस विभाजन के हिस्से के रूप में, ऑस्ट्रिया को चार क्षेत्रों में विभाजित किया गया और इन क्षेत्रों का नियंत्रण संयुक्त राज्य अमेरिका, सोवियत संघ, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस को सौंपा गया। यह कब्जा अस्थायी था और इसका उद्देश्य ऑस्ट्रिया को नाजी शासन से मुक्त करना और देश में स्थायी शांति और लोकतंत्र की स्थापना करना था। इस प्रकार, इन चार सहयोगी शक्तियों ने मिलकर ऑस्ट्रिया के प्रशासन और पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी संभाली, ताकि देश को स्वतंत्र और तटस्थ राज्य के रूप में पुनः स्थापित किया जा सके।  

सात सिंचाई परियोजनाओं और पेपरलेस विधानसभा पर मोहन सरकार की मंजूरी

भोपाल मध्य प्रदेश की विधानसभा पेपरलेस बनने जा रही है। इस योजना में 60 प्रतिशत लागत का वहन केंद्र सरकार करेगी और राज्य सरकार 40 प्रतिशत खर्च करेगी। इस योजना पर राज्य सरकार के 24 करोड़ रुपये खर्च होना प्रस्तावित है। यह योजना एक साल में पूरी तरह क्रियान्वित हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि राज्य सरकार ने संसदीय कार्य विभाग के मध्य प्रदेश विधानसभा को पेपरलेस बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस पर 24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एक साल में प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा। देश की सभी विधानसभाओं को पेपरलेस बनाने और उन्हें एक प्लेटफॉर्म पर लाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन लॉन्च किया है। मध्य प्रदेश की विधानसभा देश की 13वीं विधानसभा होगी, जो पेपरलेस होने जा रही है। आदिवासी क्षेत्रों में सात सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी राज्य सरकार ने नर्मदा घाटी विकास विभाग की सात सिंचाई परियोजनाओं के टेंडर निकालने की अनुमति दी है। नौ हजार 271 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं में सेण्डवा माइक्रो सिंचाई परियोजना, निवाली माइक्रो सिंचाई परियोजना, सेंधवा माइक्रो सिंचाई परियोजना, महेश्वर-जानापाव माइक्रो सिंचाई परियोजना, धार माइक्रो सिंचाई परियोजना शामिल है। यह सभी परियोजनाएं आदिवासी इलाकों में है, जिससे वहां के किसानों को लाभ मिलेगा। इसी तरह कैबिनेट ने सीधी में नई बोकरो माइक्रो सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। इस पर 46 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना से 3310 हैक्टेयर की जमीन की सिंचाई हो सकेगी। इसका लाभरामपुरा नेकिन तहसील के 11 गांवों को मिलेगा। छात्रवृत्ति में वृद्धि विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्वघुमन्तु कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों और सामुदायिक केंद्रों में रह रहे छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति बढ़ाई गई है। अब विभाग के छात्र-छात्राओं को अनुसूचित जाति कल्याण जनजातीय कार्य विभाग से निर्धारित छात्रवृत्ति की दरों में वृद्वि दी जाएगी। बालकों को 1,230 की जगह 1,550 रुपये मिलेंगे। बालिकाओं को 1,270 की जगह अब 1,590 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। सांवेर जेल के लिए 217 करोड़ रुपये मंजूर कैबिनेट ने इंदौर में सांवेर रोड पर निर्माणाधीन केंद्रीय जेल के शेष निर्माण कार्यों के लिए 217 करोड़ रुपये की राशि के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

मायर्स की तूफानी पारी बेकार, भारत ने जीता तीसरा टी20, सीरीज में बनाई बढ़त

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को तीसरे टी20 मैच में 23 रन से हराकर 5 मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है. भारत की ओर से रखे गए 183 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की पूरी टीम 6 विकेट पर 159 रन बनाकर पवेलियन लौट गई. हरारे स्पोर्ट्स क्लब पर खेले गए इस मैच में भारत की ओर से कप्तान शुभमन गिल ने सर्वाधिक 66 रन बनाए जबकि ऋतुराज गायकवाड़ एक रन से अपना अर्धशतक चूक गए. ओपनर यशस्वी जायसवाल ने 36 रन के साथ वापसी की. भारतीय टीम इस मैच में एक या दो नहीं बल्कि पूरे चार ओपनर्स के साथ उतरी थी. यशस्वी, गिल, अभिषेक और ऋतुराज इस मैच में एक साथ उतरे थे. सीरीज का चौथा टी20 मैच 13 जुलाई को को इसी वेन्यू पर खेला जाएगा. लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही. मेजबान टीम ने 39 के स्कोर पर अपने 5 विकेट गंवा दिए. ओपनर वेस्ले मधवेरे एक रन बनाकर आउट हुए वहीं मारुमानी 13 रन बनाकर पवेलियन लौटे. ब्रायन बेनेट ने 4 रन का योगदान दिया. कप्तान सिकंदर रजा 15 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटे वहीं जोनाथन कैम्बेल ने एक रन बनाए. भारत को पहली सफलता आवेश खान ने दिलाई वहीं मारुमानी को शिवम दुबे के हाथों कैच कराकर खलील ने जिम्बाब्वे को दूसरा झटका दिया. विकेटकीपर क्लाइव मडांडे 37 रन बनाकर आउट हुए. वही डियोन मायर्स ने सबसे  ज्यादा नाबाद 65 रन बनाए वहीं मासाकाद्जा 18 रन बनाकर नाबाद लौटे.  भारत के लिए वॉशिंगटन सुंदर ने 3 विकेट चटकाए जबकि आवेश खान ने 2 विकेट लिए. गिल ने 66 रन की पारी खेली कप्तान शुभमन गिल के अर्धशतक से भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए 4 विकेट पर 182 रन बनाए. सलामी बल्लेबाज गिल ने 49 गेंद में सात चौकों और तीन छक्कों से 66 रन की पारी खेलने के अलावा यशस्वी जायसवाल (36) के साथ पहले विकेट के लिए 67 जबकि ऋतुराज गायकवाड़ (49) के साथ तीसरे विकेट के लिए 62 रन की साझेदारी करके टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. रजा-मुजरबानी ने 2-2 विकेट चटकाए जिम्बाब्वे की ओर से कप्तान सिकंदर रजा ने 24 जबकि ब्लेसिंग मुजरबानी ने 25 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए. गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और जायसवाल के साथ पावर प्ले में बिना विकेट खोए 55 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई. जायसवाल ने ऑफ स्पिनर ब्रायन बेनेट के पहले ही ओवर में दो चौके और एक छक्का मारा जबकि गिल ने अगले ओवर में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रिचर्ड नगारवा पर दो चौके और एक छक्का जड़ा. जायसवाल को 29 के स्कोर पर मिला जीवनदान जायसवाल ने तेज गेंदबाज तेंडई चतारा की लगातार गेंदों पर भी चौका और छक्का मारा. जायसवाल को 29 रन के निजी स्कोर पर चतारा की गेंद पर स्वीपर कवर पर ताडिवनाशे मरुमानी ने जीवनदान दिया. वह हालांकि इसका फायदा नहीं उठा पाए और अगले ओवर में रजा की गेंद पर बैकवर्ड प्वाइंट पर बेनेट को कैच दे बैठे. उन्होंने 27 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और दो छक्के मारे.

ईडी ने चार्जशीट में आम आदमी पार्टी पर कई बड़े आरोप लगाए हैं और उसे आरोपी नंबर 38 बनाया

नई दिल्ली कथित शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट का कोर्ट ने संज्ञान लिया है और अरविंद केजरीवाल समेत कई आरोपियों को 12 जुलाई को कोर्ट में तलब किया गया है। ईडी ने चार्जशीट में आम आदमी पार्टी पर कई बड़े आरोप लगाए हैं और उसे आरोपी नंबर 38 बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चार्जशीट में ईडी ने कहा है कि आम आदमी पार्टी को शराब घोटाले से मिली 100 करोड़ की रिश्वत में से 45 करोड़ रुपए प्रत्यक्ष रूप से आम आदमी पार्टी को मिले और हवाला चैनल्स के जरिए इस रकम को गोवा विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल के लिए भेजा गया। ईडी ने चार्जशीट में दावा किया है कि मनी लॉन्ड्रिंग अपराध में आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भूमिका पूरी तरह स्पष्ट है। राउज ऐवेन्यू स्थित ट्रायल कोर्ट ने ईडी की चार्जशीट का संज्ञान लिया है जिसे पिछले महीने दायर किया गया था। कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल समेत अन्य कई आरोपियों के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करते हुए 12 जुलाई को अदालत में मौजूद रहने को कहा है। चार्जशीट में आम आदमी पार्टी को आरोपी नंबर 38 बताया गया है। इस बीच केजरीवाल ने अदालत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने चार्जशीट में कहा, ‘आम आदमी पार्टी को अपराध से अर्जित आय में 45 करोड़ रुपए मिले और इसे हवाला के जरिए गोवा भेजा गया। इसका इस्तेमाल चुनाव प्रचार में किया गया। इस तरह आम आदमी पार्टी, जिसके मुखिया अरविंद केजरीवाल हैं, 45 करोड़ रुपये की अपराध आय को प्राप्त करने, उपयोग और छिपाने जैसी गतिविधियों में शामिल है।’ यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक दल को मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बनाया गया है। ईडी का दावा है कि वित्त वर्ष 2021-22 की शराब नीति में शराब कारोबारियों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया गया और बदले में उनसे रिश्वत ली गई। हालांकि, आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार आरोपों से इनकार करती रही है।  

लोकसभा चुनाव के बाद राज्यसभा में कैसे पलट गया सीटों का गणित? कांग्रेस का नुकसान

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव के बाद उच्च सदन राज्यसभा का नंबरगेम भी बदल गया है. उच्च सदन के कुछ सदस्यों ने लोकसभा चुनाव में जीत के बाद राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इनमें कांग्रेस के भी दो सांसद हैं. पार्टी के राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल और दीपेंद्र सिंह हुड्डा लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. केसी वेणुगोपाल राजस्थान और दीपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा से राज्यसभा सदस्य थे. इन दोनों नेताओं के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवारों की जीत संभव नजर नहीं है. ऐसे में पार्टी को दो सीटों का नुकसान होना तय माना जा रहा है. लोकसभा चुनाव तक उच्च सदन में कांग्रेस का संख्याबल 28 सदस्यों का था. अब दो सदस्यों के इस्तीफे के बाद पार्टी उच्च सदन के नंबरगेम में 26 सीट पर आ गई है. कांग्रेस राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बाद दूसरे नंबर की पार्टी है. बीजेपी के राज्यसभा में 90 सदस्य हैं. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 63 सीटों का नुकसान हुआ था और पार्टी 2019 की 303 के मुकाबले इस बार 240 सीटें जीत सकी लेकिन राज्यसभा में उसे दो सीट का फायदा होना तय माना जा रहा है. लोकसभा चुनाव में 99 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस का गेम राज्यसभा में कैसे खराब हो रहा है, बीजेपी को कैसे फायदा हो रहा है? बीजेपी को होगा 2 सीट का लाभ बीजेपी को राज्यसभा उपचुनाव में दो सीट का लाभ होगा और पार्टी संख्याबल के लिहाज से 92 सीटों के साथ नंबर वन पोजिशन को और मजबूत कर लेगी. दरअसल, राज्यसभा चुनाव या उपचुनाव में मतदान के लिए प्लस वन फॉर्मूले का उपयोग होता है. हरियाणा विधानसभा की स्ट्रेंथ के लिहाज से देखें तो दीपेंद्र हुड्डा के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए किसी भी दल को 46 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोट चाहिए होंगे. बीजेपी के 41 विधायक हैं और एक निर्दलीय विधायक, हरियाणा लोकहित पार्टी के गोपाल कांडा को मिलाकर सरकार के पास कुल 43 विधायकों का समर्थन है जो 46 से तीन कम है. हरियाणा में बीजेपी अकेले दम सीट जीतने की स्थिति में नहीं है फिर भी कांग्रेस या कोई और पार्टी उसके खिलाफ उम्मीदवार उतारने में हिचक रही है. इसके पीछे बीजेपी की ओर से जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के चार विधायकों के समर्थन का दावा है. बीजेपी ने जब जेजेपी से गठबंधन तोड़ लिया था, जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने दिल्ली स्थित अपने फॉर्महाउस पर विधायकों की बैठक बुलाई थी जिसमें चार विधायक नहीं पहुंचे थे. सरकार ने जिस दिन सदन में बहुमत साबित किया, जेजेपी प्रमुख रैली कर रहे थे और सभी विधायकों से इस रैली में पहुंचने के लिए कहा गया था लेकिन पार्टी के कुछ विधायक विधानसभा में मौजूद थे. राजस्थान में क्या है गणित? राजस्थान में भी तस्वीर बदल चुकी है. सूबे में अब बीजेपी की सरकार है. राजस्थान विधानसभा की स्ट्रेंथ 200 सदस्यों की है. सूबे के कोटे की एक सीट जीतने के लिए 101 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोट चाहिए होंगे. 199 सीटों के लिए हुए चुनाव में ही बीजेपी को 115 सीटों पर जीत मिली थी जो जीत के लिए जरूरी 101 विधायकों से कहीं अधिक है. क्या खतरे में आई खड़गे की कुर्सी? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं. राज्यसभा में कांग्रेस के 26 सीटों पर आने से उनकी विपक्ष के नेता की कुर्सी पर भी संकट की बात होने लगी थी. राज्यसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा पाने या बनाए रखने के लिए सदन की कुल स्ट्रेंथ का 10 फीसदी संख्याबल चाहिए होता है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता के लिए यह नंबर 25 है. कांग्रेस के 26 सदस्य ही रह गए जो जरूरी संख्याबल से दो ही अधिक है. ऐसे में अगर पार्टी के दो सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो जाए या अपरिहार्य कारणों से उच्च सदन के सदस्य नहीं रहते हैं तो कांग्रेस की स्ट्रेंथ 25 से कम हो सकती है. ऐसे में खड़गे का नेता प्रतिपक्ष पद पर बने रहना मुश्किल होता. तेलंगाना से होगी नुकसान की भरपाई? राजस्थान और हरियाणा से हो रहे दो सीटों के नुकसान की भरपाई के लिए कांग्रेस की नजर तेलंगाना जैसे राज्य पर है. तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है और सूबे की सीटों पर राज्यसभा चुनाव हुए तो पार्टी के जीतने की संभावनाएं मजबूत हैं. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के राज्यसभा सांसद केशव राव के इस्तीफे को भी कांग्रेस की इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. केशव राव के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार की जीत तय है. ऐसे में कांग्रेस की स्ट्रेंथ भी उच्च सदन में 26 से बढ़कर 27 पहुंच जाएगी.  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet