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अचानक बिगड़ी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तबीयत, दिल्ली एम्स में भर्ती

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, वह पीठ दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हुए हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एम्स अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती है। आज सुबह तीन बजे बैक पेन की शिकायत के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर है।

हरदीप सिंह पुरी बोले -ईएंडपी 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के अवसर प्रदान करता है

नई दिल्ली, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बृहस्पतिवार को आयात पर भारत की निर्भरता कम करने और किफायती तथा टिकाऊ तरीके से ईंधन उपलब्ध कराने के लिए तेल एवं गैस की खोज तेज करने का आह्वान किया। ‘ऊर्जा वार्ता सम्मेलन’ में उन्होंने कहा कि अन्वेषण तथा उत्पादन (ईएंडपी) क्षेत्र ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अभिन्न अंग है, जो सतत आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘‘ईएंडपी 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के अवसर प्रदान करता है।’’ पुरी ने कहा कि भारत की अन्वेषण तथा उत्पादन क्षमता का अब भी पूरी तरह दोहन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह अजीब लगता है कि भारत प्रचुर भूवैज्ञानिक संसाधनों के बावजूद तेल आयात पर इतना अधिक निर्भर है।’’ उन्होंने कहा कि भारतीय तलछटी बेसिन में करीब 65.18 करोड़ टन कच्चा तेल और 1138.6 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस मौजूद है। पुरी ने कहा, ‘‘हमारे तलछटी बेसिन क्षेत्र के केवल 10 प्रतिशत पर ही अन्वेषण का काम किया जा रहा है, जो वर्तमान बोली समाप्त होने के बाद 2024 के अंत तक बढ़कर 16 प्रतिशत हो जाएगा।’’ उन्होंने कहा,‘‘ हमारे अन्वेषण प्रयासों का ध्यान अभी तक न खोजे गए संसाधनों की खोज पर केंद्रित होना चाहिए।’’ भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक आयात से पूरा करता है। रिफाइनरियों में कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदला जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ईएंडपी में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अपनी भूमिका निभा रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने व्यापक सुधार लागू किए हैं, जिससे हितधारकों को हमारे देश की प्रगति में योगदान करने के लिए सशक्त बनाया जा रहा है।’’ पुरी ने कहा, ‘‘हमारा इरादा 2030 तक भारत के अन्वेषण क्षेत्र को 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक बढ़ाने का है।’’  

भारत सरकार के सभी संलग्न, अधीनस्थ कार्यालयाें और स्वायत निकायाें में ई-आफिस लागू किया जाएगा

नई दिल्ली  केंद्रीय सचिवालय की 37 लाख में से 95 प्रतिशत फाइलाें काे ई-फाइलों के रूप और 95 प्रतिशत रसीदाें काे ई-रसीदाें के रूप में संभाल लिया गया है। यह कार्य वर्ष 2019 -2024 के दाैरान संपन्न हुए। कार्मिक, लाेक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी बयान के मुताबिक केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रशासनिक सुधार और लाेक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के 100 दिवसीय एजेंडे के हिस्से के रूप में भारत सरकार के सभी संलग्न, अधीनस्थ कार्यालयाें और स्वायत निकायाें में ई-आफिस लागू किया जाएगा। मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक सफल कार्यान्वयन के लिए 133 संलग्न, अधीनस्थ कार्यालयाें और स्वायत्त निकायाें में ई आफिस अपनाने के लिए प्रशासनिक सुधार और लाेक शिकायत विभाग ने 24 जून काे दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। मंत्रालय के मुताबिक (डीएआरपीजी) के सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में अंतर मंत्रालयी बैठक में आन बाेर्डिंग राेडमैप और तकनीकी ताैर तरीकाें पर चर्चा की गई। इसमें सभी मंत्रालयाें व विभागाें के अधिकारियाें व वरिष्ठ अधिकारियाें ने भाग लिया। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनईसी) की उप महानिदेशक रचना श्रीवास्तव ने ई आफिस के कार्यान्यवन के लिए प्रक्रियात्मक तकनीकी प्रस्तुत की। इसमें निर्णय लिया गया कि सभी मंत्रालय व विभाग अपने संबद्ध, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों के साथ समन्वय करेंगे। नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करेंगे। डेटा केंद्र स्थापित करेंगे और ई-ऑफिस की समयबद्ध ऑन-बोर्डिंग के लिए उपयोगकर्ताओं व लाइसेंस की संख्या पर एनआईसी को मांग प्रस्तुत करेंगे।  

जम्मू से 4,800 से अधिक तीर्थयात्रियों का जत्था अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए रवाना

जम्मू  अमरनाथ यात्रा के 12वें दिन 19 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। गुरुवार को 4,885 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ। बारिश के बावजूद और ‘बम बम भोले’ के नारे लगाते हुए 19,631 श्रद्धालुओं ने बुधवार को कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित पवित्र गुफा मंदिर के अंदर बाबा बर्फानी दर्शन किए। श्रद्धालुओं के समूह में दक्षिण कश्मीर नुनवान (पहलगाम) आधार शिविर और उत्तर कश्मीर बालटाल आधार शिविर के तीर्थयात्री शामिल थे। स्थानीय लोग यात्रियों की मदद कर रहे हैं। वे कुछ बुजुर्ग यात्रियों को अपनी पीठ पर उठाकर खतरनाक पहाड़ी रास्ते से ले जा रहे हैं। यह रास्ता बारिश के दौरान ज्यादा फिसलन भरा हो जाता है। अधिकारियों ने 48 किमी लंबे पहलगाम और 14 किमी लंबे बालटाल-गुफा तीर्थ स्थल दोनों पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। दोनों मार्गों पर और पारगमन शिविरों ताथ गुफा मंदिर में 124 से अधिक लंगर (सामुदायिक रसोई) बनाये गए हैं। इस साल की यात्रा के दौरान 7 हजार से ज्यादा सेवादार यात्रियों की सेवा कर रहे हैं। दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं। यात्रा शुरू होने के बाद से 12 दिनों में 2.50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु अमरनाथ की यात्रा कर चुके हैं। गुरुवार को कश्मीर के लिए रवाना हुए 4,885 तीर्थयात्रियों में से 1,894 तीर्थयात्री 86 वाहनों में सवार होकर सुबह 3:05 बजे रवाना हुए, जबकि 2,991 तीर्थयात्रियों को लेकर दूसरा सुरक्षा काफिला 105 वाहनों में सवार होकर सुबह 3.52 बजे रवाना हुआ। पहला काफिला बालटाल बेस कैंप जा रहा है, जबकि दूसरा काफिला नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप जा रहा है। तीर्थयात्री घाटी तक पहुंचने के लिए लगभग 300 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग का उपयोग करते हैं। सुरक्षा के व्यापक प्रबंधों के कारण बिना किसी बाधा के मार्ग उपलब्ध कराए जाने के कारण, दोनों तीर्थयात्री काफिले प्रत्येक दिन दोपहर तक घाटी पहुंच जाते हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर दिन शाम 5 बजे के बाद पारगमन शिविरों से दोनों आधार शिविरों की ओर तीर्थयात्रियों के आवागमन की इजाजत नहीं है। 29 जून को शुरू होने के बाद से अमरनाथ यात्रा सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही है। 52 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 29 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहार के साथ समाप्त होगी। जम्मू से 4,800 से अधिक तीर्थयात्रियों का जत्था अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए रवाना  वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए बृहस्पतिवार को तड़के जम्मू शहर से कड़ी सुरक्षा के बीच 4,800 से अधिक तीर्थयात्रियों का जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सुरक्षा में तड़के तीन बजकर छह मिनट पर दो आधार शिविर बालटाल और पहलगाम से 4,885 तीर्थयात्रियों का 14वां जत्था रवाना हुआ। आतंकवादी हमले और उसके बाद जारी अभियान के बाद भगवती नगर आधार शिविर में और उसके आसपास तथा यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गयी है। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं के जत्थे में 2,366 पुरुष, 1,086 महिलाएं, 32 बच्चे और 163 ‘साधू’ व ‘साध्वी’ शामिल हैं जो बसों तथा हल्के वाहनों के काफिले में भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुए। उन्होंने बताया कि 2,991 तीर्थयात्रियों ने यात्रा के लिए 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक पहलगाम मार्ग चुना है जबकि 1,894 तीर्थयात्री अपेक्षाकृत छोटे (14 किलोमीटर के) लेकिन कठिन बालटाल मार्ग से गुफा मंदिर जाएंगे। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 28 जून को अमरनाथ तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई थी। तब से अब तक कुल 77,210 तीर्थयात्री जम्मू आधार शिविर से घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं। कश्मीर के दो आधार शिविर से 52 दिवसीय यात्रा औपचारिक रूप से 29 जून को शुरू हुई थी और इसका समापन 19 अगस्त को होगा। पिछले साल 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। अधिकारियों ने बताया कि खतरे का आकलन करने के बाद जम्मू में आधार शिविर, ‘लॉज’, लखनपुर में आगमन केंद्र तथा राजमार्ग पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। उन्होंने बताया कि यात्रा स्थलों के आसपास वाहनों की तलाशी और लोगों की जांच तेज कर दी गई है।    

संकाय का बंधन न हो : विद्यार्थी अपनी रूचि व प्राथमिकता से चुनें विषय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी कक्षाओं में कृषि, हॉर्टिकल्चर, मत्स्य पालन, डेयरी, पशुपालन आदि विषयों की पढ़ाई आरंभ की जाए। प्रदेश की शालाओं में अध्यनरत विद्यार्थी अधिकांशत: खेती बाड़ी की पृष्ठभूमि वाले परिवारों से आते हैं। अतः इन विषयों पर पढ़ाई आरंभ करने से विद्यार्थियों का शालाओं से अधिक जुड़ाव होगा और अध्ययन-अध्यापन परिवार के लिए अधिक उपयोगी बन सकेगा। सी.एम. राइज स्कूलों में इन विषयों की पढ़ाई प्राथमिकता पर आरंभ की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कक्षाओं में संकाय व्यवस्था के स्थान पर विद्यार्थियों को अपनी रूचि व प्राथमिकता के आधार पर विषय चुनने की व्यवस्था भी की जाए। यह व्यवस्था उच्च शिक्षा में लागू हो चुकी है, शाला स्तर पर यह व्यवस्था क्रियान्वित करने के लिए शिक्षाविदो, शिक्षको, स्वयंसेवी संस्था तथा विषय-विशेषज्ञों की टास्क फोर्स गठित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में सी.एम. राइज स्कूलों के संचालन की बैठक में यह निर्देश दिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा सहित अधिकारी उपस्थित थे। प्रत्येक विकासखंड में स्थापित हो एक आई.टी.आई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों तथा ग्रामीण अंचल में प्राथमिकता के आधार पर सी.एम. राइज स्कूल आरंभ किए जाएं तथा इन शालाओं में शिक्षकों व स्टाफ के लिए आवास की व्यवस्था आवश्यक रूप से सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में भारत सरकार से भी सहायता प्राप्त करने की दिशा में प्रयास करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से प्रत्येक विकासखंड में एक आई.टी.आई. स्थापित करने की दिशा में प्रयास हों, जिन विकासखंडों में आई.टी.आई. नहीं है, वहां निजी क्षेत्र की पहल से सुविधा उपलब्ध कराने की रणनीति बनाई जाए। आगामी इण्डस्ट्रियल समिट में भी इस दिशा में इच्छुक निवेशकों से चर्चा की जाए। सी.एम. राइज स्कूलों की परिवहन व्यवस्था में ई-व्हीकल्स का उपयोग करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सी.एम. राइज स्कूलों की परिवहन व्यवस्था में ई-व्हीकल्स का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। नगरीयनिकायों में बने सी.एम. राइज स्कूलों के विद्यार्थियों के आवागमन के लिए नगरीय निकाय की नगर वाहन सेवा के अंतर्गत चल रहे वाहनों का भी उपयोग किया जाए। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और सुविधाजनक विद्यालय आवागमन के लिए वाहनों के रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवीन विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भूमि के चिन्हांकन का कार्य परस्पर विभागीय समन्वय से समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। जिन प्रकरणों में विलंब हो रहा है, उसका निराकरण राज्य स्तर से कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि शालाओं के आसपास कोई अतिक्रमण न हो। अगस्त माह तक पूर्ण होंगे 21 विद्यालयों के भवन जानकारी दी गई कि प्रथम चरण में बनने वाले 274 सी.एम. राइज स्कूलों में 21 विद्यालयों का भवन निर्माण अगस्त माह तक पूर्ण होगा। एक विद्यालय का कार्य पूर्ण हो चुका है और 249 में कार्य प्रगति पर है। बैठक में नि:शुल्क परिवहन सेवा, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति, अधो-संरचना विकास, शैक्षणिक गतिविधियों, व्यावसायिक शिक्षा आदि के सबंध में प्रस्तुतिकरण दिया गया।  

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गिनाई प्राथमिकताएं, केंद्रीय वित्त आयोग की बैठक आरंभ

रायपुर. केंद्रीय वित्त आयोग की बैठक आरंभ, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्रिमण्डल के सहयोगी तथा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया सहित आयोग के सदस्य तथा अधिकारीगण बैठक में हैं मौजूद। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य की वित्तीय स्थिति एवं राज्य की आवश्यकताओं के संबंध में आयोग के समक्ष रखी अपनी बात। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन राज्य के संबंध में प्रजेंटेशन दे रहे। केंद्रीय वित्त आयोग की बैठक में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के चलते अधोसंरचना में अतिरिक्त व्यय भार आता है। माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहे। माओवाद पर अंकुश लगाने की दिशा में प्रदेश में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय वित्त आयोग से राज्य को अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त हो तो निश्चित ही लोकहित कार्यों को बड़े पैमाने पर बढ़ाया जा सकता है। विकसित भारत के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ तैयार करने के लिए हम काम कर रहे हैं। देश तेजी से आर्थिक महाशक्ति बन रहा है और इसके लिए छत्तीसगढ़ भी पूरी मेहनत से काम कर रहा है। हमारी अपेक्षा है केंद्रीय वित्त आयोग छत्तीसगढ़ के हमारे विजन को बढ़ने में अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करें। तेजी से प्रगति कर रहा छत्तीसगढ़: डॉ. पनगढ़िया- केंद्रीय वित्त आयोग की बैठक में अपने संबोधन में आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविन्द पनगढ़िया ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति की रफ्तार की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश में तेजी से प्रगति हो रही हैै। नवा रायपुर को बहुत सुन्दर और व्यवस्थित तरीके से बसाया गया है। छत्तीसगढ़ बहुत ही सुन्दर राज्य है।  विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स पर जोर देना होगा यहां छत्तीसगढ़ पहुंचकर मुझे बहुत अच्छा लगा है। आत्मीय स्वागत से मन प्रसन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिलकर मुझे बड़ी प्रसन्नता हुई।

प्रदेश में शासकीय और संविदा कर्मचारियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना का लाभ मिलेगा

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार सरकार ने बड़ा एलान किया है. इसके तहत प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आशा कार्यकर्ता, उषा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, कोटवार और संविदा कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ देने का आदेश दिया है. इस आदेश के बाद इन सभी शासकीय और संविदा कर्मचारियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना का लाभ मिलेगा. जिसके तहत वह साल में पांच लाख रुपये का निशुल्क स्वास्थ्य उपचार करवा सकेंगे. लाभ देने का आदेश जारी मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने आदेश जारी करते हुए बताया कि अभी तक आंगनवाड़ी और पंचायत से जुड़े संविदा कर्मचारियों को आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था. इस संबंध में सरकार की ओर से निर्णय लिया गया है कि इस योजना का लाभ सभी संविदा कर्मचारियों को भी दिया जाएगा. इसको लेकर साल 2023 से इन कर्मचारियों को लाभ देने को लेकर काम किया जा रहा था. अब आदेश को अमल में लाने के लिए निर्देश जारी किया गया है. इस संबंध में महिला बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं. कर्मचारियों के जरिये लगातार आंदोलन करते हुए इसकी मांग कर रहे थे. इन परिवारों को नहीं मिलेगा लाभ सरकार की ओर से एक नियमावली भी जारी की गई है, जिसमें अगर परिवार का कोई सदस्य गत तीन सालों में किसी भी वर्ष में आयकर दाता होगा तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इसके अलावा परिवार का कोई अन्य सदस्य द्वारा शासकीय योजना के तहत निशुल्क स्वास्थ्य व्यवस्था का लाभ लेने पर भी कर्मचारी पात्र नहीं होगा. इसके अलावा यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि परिवार का कोई भी सदस्य शासकीय कर्मचारी होकर इस योजना का लाभ ले रहा है तो फिर दूसरे कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा.

भगवान श्रीकृष्ण के प्रदेश में जहां-जहां चरण पड़े हैं, उन स्थानों को संवारेगी सरकार

उज्जैन  ब्रज भूमि की के बाद मध्य प्रदेश श्रीकृष्ण भक्तों के लिए नया तीर्थ बनने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय के रूप में इसकी शुरुआत कर दी है। भगवान श्रीकृष्ण प्रदेश में जिन शहरों से होकर गुजरे वहां प्राचीन मंदिर व तीर्थ मौजूद हैं। नए स्थानों पर इस्कान प्रबंधन द्वारा मंदिर बनाए जाएंगे। श्रीकृष्ण भक्ति के प्रचार प्रसार के लिए इस्कान प्रबंधन द्वारा 17 स्थानों से रथ यात्रा निकाली जा रही है। इस्कान मंदिर के पीआरओ राघव पंडित दास प्रभु ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन के सांदीपनि आश्रम, ग्राम नारायणा, धार के अमझेरा और बदनावर भी आए थे। भगवान के जहां-जहां चरण पड़े हैं, उन स्थानों को श्रीकृष्ण पाथेय योजना के तहत राज्य सरकार संवारेगी। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव की घोषणा के बाद इन स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस्कान मंदिर प्रबंधन भी श्रीकृष्ण गमन पथ के रूप में चिह्नित प्रदेश के प्रमुख शहरों में मंदिर निर्माण की योजना बना रहा है। बदनावर में मंदिर निर्माण शुरू हो चुका है। जल्द ही सागर व बीना में मंदिर निर्माण शुरू होगा। प्रदेश में कृष्ण भक्ति के प्रचार-प्रसार के लिए इस वर्ष 17 स्थानों से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी। परम पूज्य भक्त प्रेम स्वामीजी महाराज के मार्गदर्शन में निकाली जा रही इन यात्रा की शुरुआत सात जुलाई को उज्जैन से हुई है। आठ जुलाई को बदनावर व बीना, नौ जुलाई को टीकमगढ़, 10 जुलाई को छिंदवाड़ा में यात्रा निकल चुकी है। किन शहरों में कब निकलेगी यात्रा 11 जुलाई     अशोक नगर, बालाघाट तथा बड़वानी 12 जुलाई     सिवनी व तराना 13 जुलाई     नागदा व मंदसौर 14 जुलाई     नीमच, गुना व आष्टा 15 जुलाई     उज्जैन में वापसी रथ यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से दशमी तक निकलती है यात्रा जगन्नाथपुरी देव स्थान ट्रस्ट ने आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से दशमी तक भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकलने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रखी है। इसके अनुसार इस्कान मंदिर प्रबंधन द्वारा प्रदेश में द्वितीया से दशमी तिथि तक यात्रा निकाली जा रही है। भगवान के लिए विशेष रथों का इंतजाम भी प्रबंधन कर रहा है।

मोहन सरकार अब उड़ेगी बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान से, जाने यान की खासियत

भोपाल  राज्य सरकार 233 करोड़ रुपए की लागत से नया विमान (जेट विमान मॉडल- बांबार्डियर चैलेंजर 3500) खरीदने जा रही है। करीब चार साल पहले तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने करीब 90 करोड़ रुपए की लागत से नया विमान खरीदा था, यह विमान ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बाद में इसे करीब 33 करोड़ रुपए में कबाड़ में बेच दिया गया। तभी से मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्री किराए के विमान से काम चला रहे थे। अब कैबिनेट ने नया विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जल्दी ही विमानन विभाग के पास नया विमान आ जाएगा। मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में करीब आधा दर्जन प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट ने  विमान खरीदने का अनुमोदन कर दिया। राज्य शासन के लिए अति विशिष्ट व्यक्तियों की उड़ान के लिए मप्र शासन के लिए विमान, हेलीकाप्टर क्रय-विक्रय नियम, 2019 के तहत बुलाए गए टेंडर में निम्नतम (एल-1 ) निविदाकार संस्था से विमान मॉडल चैलेंजर 3500 जेट विमान खरीदने के निर्णय का अनुमोदन दिया गया। मध्य प्रदेश सरकार के बेड़े में शामिल होगा नया जेट मंत्री विजयवर्गीय के अनुसार राज्य सरकार ने कनाडा की कंपनी से 233 करोड़ रुपये में जेट विमान खरीदने का फैसला किया है. विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट के बाद बेड़े में नया जेट विमान शामिल होगा. जेट विमान की खरीदारी टेंडर के जरिये होगी. मोहन कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों पर भी मुहर लगायी. जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को देखते हुए राज्य सरकार ने नई जेल निर्माण करने का फैसला लिया है. सीधी जिले में बोकारो नदी पर सिंचाई योजना शुरू की जायेगी. 5 धांसू एडवांस फीचर्स …234 करोड़ के ‘जेट विमान में बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 (Bombardier Challenger 3500) के एडवांस फीचर्स -नया जेट विमान ‘बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500’ एडवांस तकनीक से बना है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि 4,850 की कम से कम ऊंचाई और 41 हजार फीट की अधिकतम ऊंचाई पर भी यह जमीन पर होने का अहसास देता है। -इस विमान में एयर सर्कुलेशन की तकनीक ऐसी है कि सिर्फ दो मिनट में यह ताजा हवा से केबिन को भर देता है। इससे यात्रियों के लिए ताजगी भरा अहसास बना रहता है। -इस विमान के केबिन में कोई शोर सुनाई नहीं देगा। इसे इस सेग्मेंट में उपलब्ध सभी विमानों में सबसे स्मार्ट केबिन कहा गया है, जहां वायरलेस चार्जिंग से लेकर अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। Bombardier Challenger 3500 -‘बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500’ में इंडस्ट्री का पहला वॉयस-कंट्रोल्ड केबिन और नए जमाने की सीटें लगी हैं। चैलेंजर 3500 विमान स्थिरता, प्रदर्शन और विश्वसनीयता का बेहतरीन मिश्रण प्रदान करता है, जिसके सहारे आप किसी भी मौसम में लंबी उड़ान भर सकते हैं। -इसमें चैलेंजर 3500 बेहतरीन केबिन अनुभव प्रदान करता है। इसे 2022 रेड डॉट के बेस्ट ऑफ बेस्ट प्रोडक्ट डिजाइन से भी पुरस्कृत किया जा चुका है। यह विमान के इंटरनेशनल लेवल पर बेहतरीन होने की पुष्टि करता है।

ईरान में कट्टरपंथ हारा, सुधारवादियों की जीत,ब्रिटेन चुनाव में उदारवादियों को मिली जीत

नई दिल्ली 1789 की सुबह फ्रांस की राजधानी पेरिस में अराजकता का माहौल पैदा हो गया। लोग महल के सामने ही बड़ी संख्या में जमा होने लग गए थे। सम्राट ने सेना को शहर में घुसने का आदेश दे दिया था। अफवाह थी कि वह सेना को नागरिकों पर गोलियां चलाने का आदेश देने वाला है। करीब 7000 आदमी और औरतें महल के टाउनहॉल में जमा हुए। सभी ने मिलकर राजशाही के प्रतीक बैस्तील के किले की एक दीवार को गिरा दिया। दरअसल, साल 1774 में फ्रांस में बूर्बो राजवंश का लुई 16वां राजगद्दी पर बैठा। उस वक्त उसकी उम्र महज 20 साल थी। उसकी शादी ऑस्ट्रिया की राजकुमारी मैरी अंत्वानेत से हुआ था। उस वक्त फ्रांस के महल का खर्च उठाने के लिए आम आदमी से भारी टैक्स वसूले जाते थे। पूरा महल ऐशो-आराम में डूबा रहता और जनता भूखों मरने लगी थी। बैस्तील की दीवार गिराने के साथ ही फ्रांस की महान क्रांति की नींव पड़ी, जिसने दुनिया में लोकतंत्र, स्वतंत्रता और समानता की राह दिखाई। आज 235 साल बाद इसी फ्रांस में हुए आम चुनाव में वामपंथी दलों के गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट यानी एनएफपी को सबसे ज्यादा सीटों पर जीत मिली है। फ्रांस के चुनाव से एक महीने पहले तक इस गठबंधन का कोई वजूद नहीं था। चुनाव के ऐलान के बाद सबको चौंकाते हुए कई दलों ने साथ आकर न्यू पॉपुलर फ्रंट के एलायंस ने फ्रांस की संसद में सबसे ज्यादा सीटें जीत लीं। फ्रांस में क्या नफरत की राजनीति के चलते हार गया दक्षिणपंथ फ्रांस के चुनाव में शुरुआत में दक्षिणपंथी नेशनल रैली को बड़ी जीत मिलती नजर आ रही थी। मगर,वह दूसरे चरण में आते-आते हार गई। दरअसल, नेशनल रैली के कई सदस्य जर्मन तानाशाह हिटलर का समर्थन करते हैं। कुछ ने चुनाव प्रचार के दौरान मुस्लिमों और यहूदियों के खिलाफ नफरत भरे भाषण भी दिए। इसी को देखते हुए वामपंथी और मध्यम मार्गी पार्टियों ने दक्षिणपंथ को हराने के लिए खास स्ट्रैटेजी अपनाई। चुनाव रैलियों में वामपंथी नेताओं ने कहा कि नेशनल रैली लोगों में नफरत फैला रही है, जो फ्रांसीसी क्रांति और संविधान के समानता के सिद्धांत के खिलाफ है। दक्षिणपंथ को रोकने के लिए एकजुट हो गईं पार्टियां चुनाव प्रचार के दौरान मध्यम मार्गी गठबंधन के एक प्रमुख नेता और देश के प्रधानमंत्री गैब्रियल अटाल ने कहा, हमें नेशनल रैली को बहुमत तक पहुंचने से रोकने की जरूरत है, क्योंकि अगर ऐसा होता है तो मैं ये कह सकता हूं कि यह हमारे देश के लिए एक त्रासदी होगी। इसी तरह धुर-वामपंथी दल LFI के एक प्रमुख नेता फ्रांसोइस रुफिन ने कहा, आज हमारा नेशनल रैली को पूर्ण बहुमत से रोकना ही मकसद है। वहीं, सिविल सोसाइटी ने भी कहा कि नेशनल रैली प्रवासियों के खिलाफ नफरत फैलाती है। इसके नेता मुसलमानों और यहूदियों के खिलाफ हेट स्पीच देते हैं, नस्लीय भाषण देते हैं। आगे बढ़ने से पहले जरा नीचे दिए ग्राफिक पर नजर मार लेते हैं, जो बहुदलीय व्यवस्था के फायदों के बारे में बात करता है। भारत के लोकसभा चुनाव में हिंदू-मुस्लिम मुद्दा हारा हाल ही में भारत के लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी हिंदू बनाम मुस्लिम का मुद्दा खूब उछला। मगर,भारतीय वोटरों ने इस मुद्दे को नकार दिया। इसने सत्ता पक्ष को जहां बहुमत से पहुंचने से दूर कर दिया। वहीं, विपक्ष को भी बहुमत हासिल नहीं करने दिया। इस चुनाव में विपक्ष की बेरोजगारी, महंगाई का मुद्दा भी छाया रहा। दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और राजनीतिक विश्लेषक डॉ. राजीव रंजन गिरि कहते हैं कि भारत हो या दुनिया का कोई और देश, हमेशा नफरत की राजनीति नहीं चल सकती है। इस बार देखा जा सकता है कि राममंदिर का मुद्दा भी नहीं चला और न ही मुस्लिमों के खिलाफ हेट स्पीच। किसी भी प्रगतिशील देश में आम आदमी या आम वोटर्स ऐसे मुद्दों को नकार देते हैं। कांग्रेस की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन ने नरेंद्र मोदी की भाजपा के खिलाफ तमाम पार्टियों को एकजुट किया और उन्हें सत्ता में पूर्ण बहुमत लाने से रोक दिया। जबकि पूरे चुनाव में भाजपा 400 पार के नारे के साथ प्रचार कर रही थी। नेपाल की राजनीति में कम्युनिस्ट पार्टियों का दखल नेपाल की राजनीति में माओवादी नेता और प्रधानमंत्री पुष्प दहाल कमल प्रचंड की पार्टी माओवादी सेंटर ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली की पार्टी एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (यूएमएल) के साथ हाथ मिला लिया है। इसके साथ ही नेपाल की राजनीति में एक बार फिर कम्युनिस्ट पार्टियां एक साथ आ गई हैं। इसके पहले बीते साल फरवरी में प्रचंड और ओली की पार्टी ने गठबंधन तोड़ लिया था। ईरान में कट्टरपंथ हारा, सुधारवादियों की जीत हाल ही में ईरान की बागडोर कट्टरपंथी और पश्चिम विरोधी राष्ट्रपति से एक सुधारवादी राष्ट्रपति के हाथ में आ गई है। पिछले 50 साल से कम वक्त में यह बदलाव हुआ है। मसूद पेजेश्कियान ईरान के राष्ट्रपति चुन लिए गए। मसूद 19 साल पहले के सुधारवादी राष्ट्रपति के शासन में स्वास्थ्य मंत्री थे। इसके बाद के राष्ट्रपति चुनावों की दौड़ में सुधारवादियों को लगातार पाबंदियों का सामना करना पड़ा था। ब्रिटेन चुनाव में भी उदारवादियों को मिली जीत ब्रिटेन के चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी को बड़ा झटका लगा है। भारतीय मूल के ऋषि सुनक चुनाव हार गए। हालांकि, चुनावों के दौरान वह ब्रिटेन में बसे भारतीय वोटरों को लुभाने की कोशिश करते दिखे। यहां तक कि वह खुद को हिंदू कहने लगे थे, इसके बाद भी भारतीयों ने उन्हें नकार दिया। दरअसल, सुनक की शानो-शौकत की लाइफ और अनाप-शनाप बयानों ने उन्हें ब्रिटिश चुनाव में हरा दिया। कट्टरपंथ या सुधारवाद के बीच झूल रही है दुनिया दक्षिण एशियाई यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली में प्रोफेसर देवनाथ पाठक कहते हैं कि समाज अंततः समन्वय चाहता है। इस विचार की पुष्टि 18वीं सदी में फ्रांस की ही जमीन पर हुई थी। फ्रांसीसी क्रांति के बाद समाज में जबरदस्त उथल-पुथल हुआ था। उस युग के दार्शनिकों और राजनैतिक विचारकों को भी लगा कि समाज में व्यवस्था बनाने के लिए समन्यवपूर्ण संरचना जरूरी है। कितने आधुनिक समाज वैज्ञानिकों ने फ्रांसीसी क्रांति के बाद एक नए समाज विज्ञान का निर्माण किया, जिसका मकसद था समन्वयपूर्ण सामाज निर्माण। सिर्फ वैचारिक क्रांति नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, सौहार्द और शांति की आवश्यकता … Read more

भारत के छोटे शहरों में 65 प्रतिशत लेन-देन अब डिजिटल, शहरों में यूपीआई भुगतान में 30% का उछाल

नई दिल्ली भारत के छोटे शहरों में अब 65 प्रतिशत लेनदेन डिजिटल से किया जा रहा है। किर्नी इंडिया और अमेजन पे  इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल भुगतान क्रांति का नेतृत्व भारत के सहस्राब्दी (25-43 वर्ष की आयु) और जेन एक्स (44-59 वर्ष की आयु) द्वारा किया जा रहा है। बूमर्स (60 वर्ष और उससे अधिक) के पास युवा समूहों की तुलना में अधिक कार्ड और ई-वॉलेट का उपयोग किया जाता है। भारत के छोटे शहरों में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है। इसको लेकर अमेजन पे ने एक रिपोर्ट पेश की है जिससे  पता चला कि भारत के छोटे शहरों में उपभोक्ताओं द्वारा लगभग 65 प्रतिशत लेनदेन अब डिजिटल हो रहा है, जबकि बड़े शहरों में यह अनुपात लगभग 75 प्रतिशत है। किर्नी इंडिया और अमेजन पे इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल भुगतान में क्रांती आई है, जिसका नेतृत्व भारत के सहस्राब्दी (25-43 वर्ष की आयु) और जेन एक्स (44-59 वर्ष की आयु) द्वारा किया जा रहा है। पार्टनर, फाइनेंशियल सर्विसेस लीड, किर्नी इंडिया की शाश्वत शर्मा, ने कहा, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों लेनदेन में युवा डिजिटल भुगतान को व्यापक रूप से अपनाने से लेकर बीएनपीएल (अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें) जैसी उभरती भुगतान ट्रेंड को लेकर भारत में भुगतान का परिदृश्य बदल रहा है। लेन-देन हुआ आसान उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट 120 शहरों, 6,000 से अधिक उपभोक्ताओं और 1,000 व्यापारियों के सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार, नकद लेनदेन कम होने के कारण यूपीआई, डिजिटल वॉलेट और कार्ड का व्यापक आकर्षण बढ़ रहा है, जिसमें 69 प्रतिशत व्यापारिक लेनदेन डिजिटल मोड से हो रहे हैं। अमेजॉन पे इंडिया के सीईओ विकास बंसल ने कहा, भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति क्षेत्रों में हो रही है, जो उपभोक्ताओं और व्यापारियों द्वारा समान रूप से प्रेरित है। सड़क विक्रेताओं और छोटे शहरों में भी डिजिटल लेनदेन के प्रवेश के साथ, हम अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। अमेजन पे इस बदलाव में सबसे आगे रहने और सभी क्षेत्रों में भारतीयों को यह सुविधा देना चाहता है। यूपीआई भुगतान में 30% का उछाल भारत में डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) का दायरा बढ़ता जा रहा है. छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े-बड़े शोरूम में भी यूपीआई (UPI) के माध्यम से भुगतान बढ़ता जा रहा है. भारत सरकार (Indian Government) भी डिजिटल भुगतान (Digital Payment) को बढ़ावा देने के कई प्रयास कर रही है. शहरी और ग्रामीण इलाकों में यूपीआई (UPI Payment) के माध्यम से होने वाली संख्या में वृद्धि हो रही है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने हाल ही में सर्वे के आंकड़े जारी किये हैं. जिसमें बताया कि ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन पेमेंट (Online Payment) करने या भुगतान करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल 2022-23 के बीच 13.5 प्रतिशत बढ़ गया. पहले यह 7.7 प्रतिशत था. शहरी इलाकों में ऑनलाइन भुगतान का प्रतिशत पहले 21.6 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 30.2 प्रतिशत हो गया है. शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में यूपीआई पेमेंट संयुक्त रूप से 7.2 प्रतिशत बढ़ा. लोगों की पसंद बनता जा रहा डिजिटल भुगतान देश में डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) के लिए कई प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जा रहा है. असंगठित क्षेत्र में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहा है. सर्वे में यह भी बताया गया है कि ग्रॉस वैल्यू एडिशन में 9.83 प्रतिशत, कर्मचारियों की संख्या में 7.84 प्रतिशत, असंगठित क्षेत्र में अनुमानित प्रतिष्ठानों की संख्या में 5.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई. आई के उपयोग में भी इजाफा हुआ है. पूंजीगत निवेश में भी वृद्धि हुई है. साल 2022-23 में बकाया लोन बढ़कर 50,138 रुपये हो गया. जो 2021-22 में 37,408 रुपये प्रति इकाई था. जमीनी स्तर पर महिला केन्द्रित योजनाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है. इसके अलावा लगभग 54 फीसदी असंगठित क्षेत्र की इकाइयों का स्वामित्व महिला उद्यमियों के पास है. गैर-कृषि असंगठित क्षेत्र की इकाइयों की औसत फिक्स्ड एसेट्स वैल्यू पहले 2.81 लाख रुपये थी. जो साल 2022-23 में 3.18 लाख रुपये तक पहुंच गई. जिसे देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस सेक्टर में पूंजीगत निवेश में वृद्धि हुई है.  

NEET UG केस में सीलबंद लिफाफे में SC के समक्ष रिपोर्ट, अगली सुनवाई 18 जुलाई को

नई दिल्ली नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अहम सुनवाई होनी थी, जिसे अब अगले गुरुवार तक के लिए टाल दिया गया है. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच 18 जुलाई को परीक्षा में अनियमितता और री-एग्जाम की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एफिडेविट के बाद आज केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दायर कर दी है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नीट पेपर लीक केवल एग्जाम सेंटर्स तक ही सीमित है, यह सोशल मीडिया पर लीक नहीं हुआ. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 8 जुलाई को सुनवाई के दौरान सीजेआई ने केंद्र से कई सवालों के जवाब मांगे थे. उन्होंने कहा था, ‘यह मानते हुए कि हम परीक्षा रद्द नहीं करने जा रहे हैं, तो धोखाधड़ी के लाभार्थियों की पहचान करने के लिए हम आज क्या करने जा रहे हैं? उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थियों की पहचान करने के लिए सरकार ने अब तक क्या किया है?’ सीजेआई ने कहा, ‘ऐसी स्थिति में जहां उल्लंघन से पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है और लाभार्थियों को अन्य लोगों से अलग करना संभव नहीं होता, वहां री-एग्जाम का आदेश देना आवश्यक हो सकता है.’ सीजीआई ने कहा था कि NEET-UG 2024 की अखंडता से समझौता हुआ है तो परीक्षा रद्द होनी चाहिए. CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पेपर लीक की घटना स्थानीय तौर पर हुई है. परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट नहीं हुआ है. केंद्र ने दाखिल किया हलफनामा केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. केंद्र ने हलफनामे में कहा कि भारत सरकार उन छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए बाध्य है जिन्होंने नीट परीक्षा 2024 दी है. हलफनामे में कहा गया, सरकार समाधान खोजने के लिए चौतरफा प्रयास कर रही है, साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी दोषी उम्मीदवार को कोई लाभ न मिले. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 23 लाख छात्रों पर सिर्फ आशंकाओं के चलते एक नई परीक्षा का बोझ न डाला जाए. अगर परीक्षा रद्द नहीं करते हैं तो… CJI ने केंद्र से कही ये बात सुप्रीम कोर्ट सीजेआई ने कहा, ‘यह मानते हुए कि हम परीक्षा रद्द नहीं करने जा रहे हैं, तो धोखाधड़ी के लाभार्थियों की पहचान करने के लिए हम आज क्या करने जा रहे हैं? उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थियों की पहचान करने के लिए सरकार ने अब तक क्या किया है?’ सीजेआई ने कहा, ‘ऐसी स्थिति में जहां उल्लंघन से पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है और लाभार्थियों को अन्य लोगों से अलग करना संभव नहीं होता, वहां री-एग्जाम का आदेश देना आवश्यक हो सकता है.’

आज प्रदेश के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, रीवा से लेकर इंदौर तक चेतावनी, जानिए मौसम का हाल

भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से रीवा-सीधी में आज भारी बारिश होने का अनुमान है। अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है। मौसम विभाग ने मऊगंज, सतना, मैहर, सिंगरौली, निवाड़ी, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से सिस्टम एक्टिव है। ये सिस्टम प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश करा रहे हैं। अगले 4-5 दिन बरसात का सिलसिला जारी रहेगा। छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में बुधवार दोपहर को हल्की बारिश हुई। आज MP में ऐसा रहेगा मौसम भारी बारिश का अलर्ट मऊगंज, सतना, मैहर, सिंगरौली, निवाड़ी, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना में तेज बारिश हो सकती है। हल्की बारिश का अलर्ट भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत अन्य जिलों में भी मौसम बदला रहेगा। हल्की बारिश भी हो सकती है। इस बार एमपी में ऐसे पहुंचा मानसून 21 जून को प्रदेश के 6 जिले- मंडला, डिंडोरी पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर में सबसे पहले मानसून पहुंचा। 23 जून को प्रदेश के 26 जिले- , बड़वानी, धार, खरगोन, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, अलीराजपुर बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, जबलपुर, सागर, दमोह, कटनी, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर,उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली में मानसून एंटर हुआ। 25 जून को प्रदेश के 17 जिले- , आगर, शाजापुर, राजगढ़, झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर ,गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज में मानसून पहुंचा। 27 जून को 6 जिले- ग्वालियर, श्योपुरकलां, भिंड, मुरैना, दतिया और निवाड़ी में मानसून आया। दमोह में सवा, भोपाल में आधा इंच से ज्यादा बारिश बुधवार को दमोह, भोपाल, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, पचमढ़ी और शिवपुरी में बारिश हुई। शाम तक दमोह में सवा इंच और भोपाल में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। ग्वालियर, पचमढ़ी और शिवपुरी में भी बारिश का आंकड़ा आधा से पौन इंच तक रहा। कई जिलों में तेज धूप भी खिली। इस कारण पारे में 4.8 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई। रीवा और दमोह में पारा 37 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। सतना, टीकमगढ़, खजुराहो और नौगांव में तापमान 36 डिग्री या इससे ज्यादा दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 33.6 डिग्री, इंदौर में 30.8 डिग्री, ग्वालियर में 36.3 डिग्री, जबलपुर में 34.6 डिग्री और उज्जैन में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पहाड़ी पर ट्रक ने सेना के काफिले को ओवरटेक किया, वाहन स्लो हुए तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू

कठुआ जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में सेना के वाहनों पर अटैक मामले में सुरक्षा एजेंसियां हमलावर आतंकवादियों की तलाश में जुटी हैं. इस बीच, जांच में पता चला है कि हमले से ठीक पहले पहाड़ी पर एक ट्रक ने सेना के काफिले की गाड़ियों को ओवरटेक किया था. जैसे ही सेना के वाहन स्लो हुए तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और हमले में 5 जवान शहीद हो गए. 5 अन्य घायल हो गए. घटना 7 जुलाई की है. सुरक्षा एजेंसियों को शुरुआत से ही बड़ी साजिश की आशंका है. इसलिए मामले में 51 संदिग्धों से पूछताछ हो रही है. अधिकारियों का कहना था कि आतंकवादियों की तलाश की जा रही है. एक ट्रक चालक और 50 अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. गोलीबारी होते ही स्लो हो गया था ट्रक अधिकारियों के अनुसार, माचेडी-किंडली-मल्हार पहाड़ी सड़क पर सेना के वाहनों के पीछे एक ट्रक चल रहा था. लेकिन, लोहाई मल्हार में बदनोटा गांव के पास जब आतंकवादियों ने सेना के वाहनों पर दो अलग-अलग दिशाओं से गोलीबारी शुरू की तो यह ट्रक स्लो हो गया. जानबूझकर तो नहीं पास मांग रहा था ट्रक? ट्रक चालक पर संदेह जताया जा रहा है. अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस ट्रक ड्राइवर ने पुलिया पर ओवरटेक मांगकर जानबूझकर सैन्य काफिले को निकलने में देरी करवाई है? माना जा रहा है कि ट्रक चालक ने जानबूझकर पुलिया पर पास (ओवरटेक) मांगा था. एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा, आमतौर पर इन क्षेत्रों में सेना के वाहनों को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन ट्रक ने फिर भी पास मांगा, जिससे दोनों वाहनों की स्पीड धीमी हो गई. आतंकियों को मार गिराने के लिए सर्च ऑपरेशन फिलहाल, चार जिलों के घने जंगलों में भारी बारिश के बीच सेना और पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. कठुआ, उधमपुर और भद्रवाह से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है. हमले के संबंध में पूछताछ के लिए 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है. जंगल में छिपे आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें मार गिराने के प्रयास किए जा रहे हैं. सेना की टीमें  डोडा जिले के ऊंचे इलाकों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं. उधमपुर, सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों के विभिन्न हिस्सों में घने जंगलों में सेना और पुलिस के जवान तैनात हैं. सुबह कई इलाकों में फिर तलाशी शुरू की गई. ग्राम रक्षा समूह स्थापित करने की मांग बदनोटा गांव और आसपास के लोगों ने हमले के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए ग्राम रक्षा समूहों की स्थापना की मांग की है. स्थानीय निवासियों ने सरकार से हथियार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का आग्रह किया है ताकि वे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों का समर्थन कर सकें. हेलिकॉप्टर और यूएवी की मदद ली जा रही है. सर्च टीमें डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टरों की सहायता से जंगल खंगाल रही हैं.. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच में पुलिस की सहायता कर रही है. जबकि विशेष बल यूनिट सर्जिकल ऑपरेशन कर रही हैं. एक अधिकारी ने कहा, स्थानीय लोग आतंकवाद के खिलाफ हैं और शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ एकजुट हैं. वे इलाके से आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों की सहायता के लिए तैयार हैं. हथियार और प्रशिक्षण दे सरकार स्थानीय निवासी जगदीश राज ने कहा, सरकार को हमें हथियार और प्रशिक्षण देना चाहिए. हम आतंकवादियों के खिलाफ अपनी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने के लिए तैयार हैं. 20 वर्षीय छात्र पंकज ने कहा कि आतंकवादियों ने स्थानीय लोगों में डर पैदा कर दिया है, लेकिन जब आपके हाथों में हथियार होते हैं तो स्थिति पूरी तरह से बदल जाती है. उन्होंने क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान की मांग की और कहा, हम तेजी से जंगलों में जा सकते हैं और आतंकवाद के खतरे से निपटने में मदद कर सकते हैं. शाहिद अहमद ने कहा कि इलाके के मुसलमान और हिंदू शांति चाहते हैं और आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों की मदद करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, अपने सैनिकों को खोने पर हमारी आंखें भर आईं. दो दशक पहले आतंकवाद के चरम के दौरान भी (यहां) ऐसा हमला कभी नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि सरकार को लड़ने के लिए हथियार और प्रशिक्षण मुहैया कराना चाहिए. अहमद ने कहा कि ग्रामीण अपने पशुओं के साथ ऊपरी इलाकों में चले गए हैं. उन्होंने कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम अपनी सेनाओं के साथ हैं.  

बंद लिफाफे में CBI ने पेश की रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा बड़ी सुनवाई, क्या फिर से होंगे NEET-UG एग्जाम?

नई दिल्ली  नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अहम सुनवाई करने वाला है. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली  बेंच आज (11 जुलाई) परीक्षा में अनियमितता और री-एग्जाम की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एफिडेविट के बाद बंद लिफाफे में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दायर कर दी है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नीट पेपर लीक केवल एग्जाम सेंटर्स तक ही सीमित है, यह सोशल मीडिया पर लीक नहीं हुआ. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 8 जुलाई को सुनवाई के दौरान कहा था कि NEET-UG 2024 की अखंडता से समझौता हुआ है तो परीक्षा रद्द होनी चाहिए. CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पेपर लीक की घटना स्थानीय तौर पर हुई है. परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट नहीं हुआ है. थोड़ी ही देर में कोर्ट मामले में की सुनवाई शुरू करने वाला है. ‘ऑनलाइन लीक नहीं हुआ पेपर’, सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता 8 जुलाई को हुई सुनवाई में सीजेआई ने ऑनलाइन नीट पेपर लीक की आशंका को लेकर चिंता जताई थी. सुनवाई के दौरान कहा गया था कि अगर इलेक्ट्रॉनिक यानी ऑनलाइन माध्यम से पेपर लीक हुआ है तो ये जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है. सीबीआई द्वारा कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा है कि पेपर ऑनलाइन लीक नहीं हुआ था, केवल स्थानीय लेवल पर लीक हुआ था. NEET के अलावा UGC NET पेपर लीक पर भी एक्शन में CBI नीट पेपर लीक के अलावा सीबीआई यूजीसी नेट पेपर लीक भी जांच कर रही है. सीबीआई जल्द ही उस शख्स के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर सकती है, जिसने कथित तौर पर टेलीग्राम पर यूजीसी-नेट पेपर का ‘छेड़छाड़’ स्क्रीनशॉट शेयर किया था, जिसके कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय से संभावित ‘उल्लंघन’ के बारे में अलर्ट मिलने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी. CBI ने पेपर लीक को बताया स्थानीय सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि नीट पेपर लीक की घटना स्थानीय स्तर पर हुई है, सोशल मीडिया पर नीट का पेपर सर्कुलेट नहीं हुआ है. केंद्र ने दाखिल किया हलफनामा केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. केंद्र ने हलफनामे में कहा कि भारत सरकार उन छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए बाध्य है जिन्होंने नीट परीक्षा 2024 दी है. हलफनामे में कहा गया, सरकार समाधान खोजने के लिए चौतरफा प्रयास कर रही है, साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी दोषी उम्मीदवार को कोई लाभ न मिले. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 23 लाख छात्रों पर सिर्फ आशंकाओं के चलते एक नई परीक्षा का बोझ न डाला जाए. CJI का कहना कि यदि परीक्षा की पवित्रता खत्म हो जाती है तो दोबारा परीक्षा का आदेश देना होगा, यदि दागी और बेदाग को अलग करना संभव नहीं है तो दोबारा परीक्षा का ही विकल्प है। यदि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पेपर लीक हुआ है तो ये जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है। केंद्र सरकार और NTA ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा-     सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा, गड़बड़ी में शामिल लोगों की पड़ताल डेटा एनालिसिस के जरिए करने के लिए मद्रास IIT से अनुरोध किया गया है। जिनको ज्यादा नंबर आए हैं उनका डाटा विश्लेषण बताता है कि बड़ी अनियमितता नहीं हुई है, क्योंकि ग्राफ ऊपर उठने के साथ ही जल्दी ही नीचे गिर जाता है। यानी घंटी के आकार का ग्राफ है।     केंद्र सरकार ने कहा है कि जांच के साथ ही एहतियातन NEET काउंसिलिंग भी जुलाई के तीसरे हफ्ते में कराने का निर्णय लिया गया है। काउंसलिंग चार चरणों में होगी, ताकि किसी भी किस्म की गड़बड़ी का फायदा उठाकर आने वाले छात्र की पहचान और पड़ताल इन चार चरणों में हो ही जाए। जहां पता चला, वहीं उसे बाहर कर दिया जाएगा।     केंद्र सरकार ने पहले भी कोर्ट को बताया है कि वो NEET की परीक्षा दोबारा कराने के समर्थन में नहीं है। केंद्र ने कहा है कि वो यह सुनिश्चित कर रहा है कि 23 लाख अभ्यर्थियों पर ‘अप्रमाणित आशंकाओं’ के आधार पर दोबारा परीक्षा का बोझ ना डाला जाए। केंद्र सरकार ने कहा है कि वो ये सुनिश्चित कर रहा है कि गलत तरीके से फायदा उठाने के दोषी किसी भी अभ्यर्थी को कोई लाभ ना मिले।     सरकार ने कहा है कि शिक्षा मंत्रालय ने IIT मद्रास से आग्रह किया था कि वो नीट परीक्षा 2024 के उम्मीदवारों का डेटा एनालिसिस करने में मदद करें। आईआईटी मद्रास ने शहरवार और केंद्रवार 2 सालों (2023 और 2024) का विश्लेषण किया। यह विश्लेषण शीर्ष 1.4 लाख रैंक के लिए किया गया है।     IIT मद्रास के विश्लेषण से पता चलता है कि ना तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का कोई संकेत है और ना ही किसी खास सेंटर के उम्मीदवारों को मदद मिली जिसके चलते उन्होंने असामान्य स्कोर मिला हो। IIT मद्रास की स्टडी के मुताबिक छात्रों को मिले अंकों में समग्र वृद्धि हुई है। खासतौर से 550 से 720 अंकों के बीच। अंकों में ये बढ़ोतरी लगभग सभी शहरों और केंद्रों में देखी गई है. इसकी वजह सिलेबस में 25% की कटौती है।     जिन छात्रों ने ज्यादा अंक हासिल किए हैं, वो अलग-अलग शहरों और अलग-अलग सेंटर के है जो बड़े पैमाने पर किसी गड़बड़ी की संभावना को खारिज करता है।     सरकार ने यह भी कहा कि काउंसलिंग जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर चार चरणों में आयोजित की जाएगी। यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का शिकार पाया जाता है तो उसकी उम्मीदवारी काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद भी किसी भी स्तर पर रद्द कर दी जाएगी।     NTA ने कहा, पटना/ हजारीबाग मामले में कोई प्रश्न पत्र गायब नहीं पाया गया है। प्रत्येक प्रश्न पत्र में एक अद्वितीय क्रमांक होता है और उसे एक विशेष उम्मीदवार को सौंपा जाता है। कोई भी ताला टूटा हुआ नहीं मिला। एनटीए पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में कुछ … Read more

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