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गजब मध्य प्रदेश : आपस में भिड़े अध्यापक, महिला शिक्षक और मास्साब में चली चप्पलें ?

Amazing Madhya Pradesh: Teachers, female teachers clashed with

Amazing Madhya Pradesh: Teachers, female teachers clashed with each other and the mass of the students used slippers and licked them. ग्वालियर ! जिले में सरकारी स्कूल में टीचर और लेडी टीचर के बीच जमकर चप्पलें चलीं। एक-दूसरे को चांटे मारे। टीचर ने लेडी टीचर को धक्का मारा। वह सीढ़ियों से गिरने से बच गईं। लेडी टीचर का आरोप है कि वॉशरूम जाते समय उनका वीडियो बनाते हैं। लेडी टीचर ने शिकायत की है जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार का कहना है कि वीडियो के आधार पर दोनों टीचर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामला अडूपुरा स्थित मिडिल स्कूल का है। यहां एक ही परिसर में प्राइमरी और मिडिल स्कूल संचालित है। इसमें विद्या रतूड़ी प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं, जबकि शिशुपाल सिंह जादौन मिडिल स्कूल में पढ़ाते हैं। दोनों के बीच किसी बात को लेकर पिछले कई दिन से विवाद चल रहा है। दरअसल पेरेंट्स को पता चला था कि स्कूल में टीचर्स लेट आते हैं। इसी सिलसिले में एक बच्चे के पेरेंट्स स्कूल आए थे। आते ही स्कूल में टीचर्स की मौजूदगी देखने के लिए उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान प्राइमरी स्कूल की टीचर विद्या रतूड़ी क्लास के अंदर गईं। वहां मौजूद शाला प्रभारी राजीव गौतम को लगा कि विद्या रतूड़ी ने पेरेंट्स को बुलाया है। इसी बात को लेकर अन्य शिक्षक शिशुपाल जादौन भी नाराज हो गए। उन्होंने गैलरी से लेडी टीचर को धक्का दे दिया। वे गिरते-गिरते बचीं। विरोध करने पर चप्पल से पीटने लगे और चांटे भी मारे…मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव भी किया। इसके बाद विद्या रतूड़ी ने भी सैंडल उतार कर शिशुपाल को मारना शुरू कर दिया। गिरेबां पकड़कर चांटे भी मारे। वहां मौजूद अभिभावक ने इसका वीडियो बनाते हुए सोशल मीडिया पर लाइव चला दिया। लेडी टीचर विद्या रतूड़ी का कहना है मुझे स्कूल में परेशान किया जा रहा है। हमें कुछ छात्रों ने बताया है कि जब हम वॉशरूम में जाते हैं, तो बाहर से पुरुष टीचर वीडियो बनाते हैं। स्कूल आने में देर हो जाए, तो नाराजगी जताते हैं। छोटी-छोटी बातों पर बच्चों के सामने अपमान करते हैं। लगातार कुछ मैडम को टारगेट किया जा रहा है। वहीं सिरोल थाना प्रभारी आलोक सिंह भदौरिया का कहना है कि दोनों पक्षों ने शिकायत की है। पुरुष टीचर ने आरोप लगाया है कि महिला टीचर लेट आती हैं। मामला शिक्षा विभाग का था। दोनों पक्ष पहले संकुल केन्द्र पर भी शिकायत कर चुके हैं। आगे की जांच के लिए शिक्षा विभाग को सौंप दिया है।

मिड-डे मील में खाना खाने बैठे ऊर्जा मंत्री, सब्जी में ढूंढते रह गए आलू

Energy Minister sat down to eat mid-day meal, kept looking for potatoes among vegetables

Energy Minister sat down to eat mid-day meal, kept looking for potatoes among vegetables ग्वालियर ! ग्वालियर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने शासकीय स्कूलों में परोसे जाने वाले मध्यान भोजन की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए? इस बार खुद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अचानक एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंच गए. वहां पर केंद्रीय मंत्री स्कूली बच्चों के साथ खाना खाने बैठ गए. जब बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन उन्हें परोसा गया तो वह खुद सब्जी की बाल्टी में आलू ढूंढते रह गए. मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर फिर से सवाल उठने शुरू हो गए. हालांकि इस दौरान प्रद्युम्न सिंह ने बच्चों के साथ खाना खाया और गुणवत्ता को सही करने की हिदायत दी. इसके बाद उन्होंने बच्चों के साथ खाना खाया. बच्चे भी उनके साथ काफी खुश दिखाई दिए. निरीक्षण करने पहुंचे स्कूलस्वच्छता पखवाड़े के तहत प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपनी विधानसभा में कई जगहों पर जाकर निरीक्षण कर रहे हैं. इस दौरान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने डीआरपी लाइन स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बच्चों के मध्यान भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया. प्रद्युम्न खुद बच्चों के साथ खाना खाने बैठ गए. ढूंढते रह गए आलूजब ऊर्जा मंत्री को मध्यान भोजन का खाना परोसा गया वह पूरी तरह से ठंडा था. बच्चों के साथ बैठे ऊर्जा मंत्री को जो आलू की सब्जी परोसी गई थी वह भी गुणवत्ता युक्त नहीं थी. ऐसे में खुद ऊर्जा मंत्री ने सब्जी की बाल्टी में चमचा घुमा-घुमा कर देखा लेकिन उन्हें एक भी आलू नसीब नहीं हुआ. प्रद्युम्न सिंह ने उनके साथ मौजूद मौजूद अधिकारियों से भोजन की गुणवत्ता सही रखने की सख्ती से हिदायत दी. मंत्री को साथ खाना खाते हुए देखकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आ गई. ऊर्जा मंत्री ने भी बड़े ही स्वाद से मध्यान भोजन का आनंद भी लिया.

ट्रामा सेंटर के ICU में लगी आग, दम घुटने से एक की मौत, 7 की हालत गंभीर

Fire breaks out in ICU of Trauma Center, one dead due to suffocation, condition of 7 critical

Fire breaks out in ICU of Trauma Center, one dead due to suffocation, condition of 7 critical ग्वालियर ! जयरोग्य अस्पताल ट्रामा सेंटर के आईसीयू (इंटेसिव केयर यूनिट) में आग लग गई. घटना के बाद तुरंत बाद स्टाफ आग पर काबू पाया और आनन फानन में भर्ती मरीजों को अन्य कमरे में शिफ्ट किया. हालांकि इस दौरान दम घुटने की वजह से एक की मौत हो गई. बता दें आज (मंगलवार) सुबह 7 बजे आईसीयू में एससी का कम्प्रेशर पाइप फटने की वजह से आगजनी की घटना घटित हुई. आईसीयू में 10 मरीज भर्ती थे, जिनमें से 7 की हालत गंभीर थी. शिवपुरी निवासी मरीज आजाद खान आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट थे, जबकि 9 अन्य मरीजों को न्यूरोलॉजी के चलते आईसूयी में शिफ्ट किया गया. स्टाफ ने पाया काबूआगजनी की घटना घटित होते ही स्टाफ अलर्ट हुआ और फायर एस्टिंग्विश (अग्निशमन यंत्र) से आग पर काबू पाया. हालांकि तब तक फॉल्स सीलिंग और एक बेड आग पकड़ चुका था, जिससे पूरे आईसीयू में धुआं भर गया. घटना के तुरंत बाद सभी मरीजों को अन्य कमरे में शिफ्ट यिका गया. वेंटिलेटर हटते ही तोड़ा दमइस आगजनी की घटना से एक मरीज की मौत हो गई है. दरअसल आजाद खान को सडक़ हादसे में घायल होने पर आईसीयू में भर्ती किया गया था. वह वेंटिलेटर पर थे, जैसे ही उन्हें अलग कमरे में शिफ्ट करने के लिए वेटिंलेटर हटाया तो उन्होंने दम तोड़ दिया. आईसीयू में उत्तर प्रदेश निवासी राजकुमार सिंह, ग्वालियर के राहुल कुशवाह, भिंड की प्रीति गौड़, मुरैना की रजनी राठौर, झांसी के बृजेन्द्र कुमार, ग्वालियर के शैलेन्द्र चौहान सहित 10 मरीज भर्ती थे, जिन्हें आगजनी की घटना के बाद अलग कमरे में शिफ्ट किया है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पृष्ठभूमि तैयार, उद्योगों के विकास के लिए बन रहा बेहतर माहौल

Under the guidance of Chief Minister Dr. Mohan Yadav, the background is ready

Under the guidance of Chief Minister Dr. Mohan Yadav, the background is ready, a better environment is being created for the development of industries. ग्वालियर। मार्च में उज्जैन और जुलाई में जबलपुर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ मुंबई कोयम्बटूर और बंगलौर में हुई कॉन्क्लेव मध्य प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच बनी ग्वालियर में 28 अगस्त को हो रही रीजनल कॉन्क्लेव लघु उद्योगों के विकास का सशक्त माध्यम बनेगी। ग्वालियर में खाद्य प्र-संस्करण, टेक्सटाइल एवं गारमेंट उद्योग के साथ ही फुटवेयर एवं लैदर सेक्टर में निवेश प्राप्ति की संभावनाएं फिलहाल 73 औद्योगिक इकाईयों को भूमि आवंटन 345 करोड़ रूपए के निवेश से लगभग तीन हजार लोगों को रोजगार। ग्वालियर कॉन्क्लेव में विभिन्न 27 औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और भूमिपूजन भी सम्पन्न होंगे। करीब 1420.39 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव क्रियान्वित होंगे और 3451 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। कॉन्क्लेव में एमएसएमई के साथ ही पर्यटन, आई.टी., स्टार्टअप, हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, फुटवेयर, कौशल विकास एवं उच्च शिक्षा से संबंधित-सत्र होंगे। ग्वालियर रीजन में सूचना प्रौदयोगिकी जनित सेवाओं के विस्तार का पुख्ता प्लान मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आईटी सेक्टर पर फोकसग्वालियर रीजन में सूचना प्रौदयोगिकी के साथ इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और मैन्यूफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिये निवेश के लिये प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में 28 अगस्त रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में आई टी सेक्टर में निवेश बढ़ाने पी प्रमुख कंपनियों से चर्चा करेंगे। मध्यप्रदेश की जीडीपी में आईटी सेक्टर का योगदान पांच बिलियन डॉलर है। फिलहाल प्रदेश में 15 आईटी पार्क के साथ ग्वालियर में 75 एकड़ में आईटी पार्क है। आईटी बिल्डिंग 73 हजार वर्ग फीट में है और इसमें 20 हजार 400 वर्ग फीट स्थान खाली है। कॉन्क्लेव के माध्यम से निवेशकों को गवालियर-चंबल क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं और अवसरों की जानकारी दी जाएगी। कॉन्क्लेव में नीदरलैण्ड, घाना, कनाडा एवं मैक्सिकों सहित अन्य कई देशो के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे ।

TI के आलीशान होटल को बुलडोजर ने किया ध्वस्त, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

TI's luxurious hotel demolished by bulldozer, major action taken by forest department

TI’s luxurious hotel demolished by bulldozer, major action taken by forest department ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस की दबंगई और राजनीतिक रसूख के चलते टीआई ने एक जमीन पर कब्जा कर लिया था। जिसके बाद उसने अपनी पत्नी के नाम पर करवाकर यहां पर आलिशान होटल बनवा दिया था। मामला सामने आने के बाद आखिरकार वन विभाग की टीम के डीएफओ अंकित पांडेय के नेतृत्व में इसे नेस्तनाबूद कर दिया गया। पुलिसगिरी के दम पर टीआई ने जमीन पर किया कब्जा दरअसल ग्वालियर के कई थानों में पदस्थ रहे दबंग टीआई विनय शर्मा ने अपनी पुलिसगिरी के दम पर फॉरेस्ट की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया था। इसके बाद स्थानीय प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों से मिलकर वन भूमि की जमीन का रजिस्ट्री और डायवर्सन के साथ नामांतरण भी करवा‌ लिया था। फिलहाल वन विभाग की टीम ने पूरी जमीन को मुक्त कराया है। भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलकर डायवर्सन और नामांतरण भी कराया ग्वालियर घाटीगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत हाईवे किनारे वन विभाग की भूमि पर अवैध रूप से होटल का निर्माण ग्वालियर में कई थानों में पदस्थ रहे टीआई विनय शर्मा की पत्नी प्रियंका शर्मा ने कर लिया था। इतना ही नही स्थानीय प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारी के साथ मिलकर वन विभाग की भूमि की रजिस्ट्री और डायवर्सन के साथ नामांतरण भी करा लिया था। लेकिन जब इसकी जानकारी वन विभाग को‌ लगी तो मामला कोर्ट में गया। काफी सालों तक केस चलने‌ के बाद टीआई विनय शर्मा की पत्नी का दावा खारिज हो‌ गया और वन अमले ने अवैध रूप से बने होटल को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया। रौब झाड़ने DFO को लगाया कॉल पर नहीं आया काम मौके पर‌ पहुंचे कब्जाधारी टीआई विनय शर्मा ने भी अपना पुलिसिया रौब झाड़ने में कसर नहीं छोड़ी। वहीं सूत्रों के मुताबिक टीआई ने राजनीतिक दबाव बनाने का भी प्रयास किया। उन्होंने डीएफओ को फोन भी लगाया लेकिन मामला भोपाल स्तर का‌ था तो कार्रवाई बदस्तूर जारी रही। वन विभाग और पुलिस की टीम को स्थानीय लोगों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा। जिसके बाद उन्हें समझाइश देकर शांत कराया गया।

शहर में दिनदहाड़े शूटआउट, महिला के गले से छीनी चेन और मार दी गोली, बेटे पर था निशाना लेकिन मां की मौत

Shootout in broad daylight in the city, chain snatched from woman's neck and shot, son was targeted but mother died

Shootout in broad daylight in the city, chain snatched from woman’s neck and shot, son was targeted but mother died ग्वालियर ! शहर में दिनदहाड़े एक गंभीर अपराध का मामला सामने आया है, जहां 55 साल की बुजुर्ग महिला को दो नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी। घटना प्रीतम विहार कॉलोनी के माधौगंज थाना क्षेत्र में हुई। बदमाशों ने घर के बाहर इस घटना को अंजाम दिया और फिर फरार हो गए। महिला की हत्या का मुख्य निशाना उसका छोटा बेटा था, लेकिन गोली उसकी मां को लग गई। परिजनों ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैसे हुई घटना बुजुर्ग महिला अनीता गुप्ता अपने छोटे बेटे जय गुप्ता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही थीं। जैसे ही वे घर के बाहर पहुंची, नकाबपोश बाइक सवार दो बदमाश उनके पास आकर खड़े हो गए। बदमाशों ने जय गुप्ता पर बंदूक तानकर चैन देने की बात कही। जब जय ने इसका विरोध किया, तो बदमाशों ने उसे धमकाया और गोली चला दी। गोली जय गुप्ता को न लगकर उसकी मां को जा लगी। गोली लगने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। हत्या की वजह घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि वारदात के पीछे चेन लूट और पुरानी रंजिश की बातें सामने आई हैं। मृतक के दामाद रोहित गुप्ता का कहना है कि बदमाशों ने चेन लूटने का बहाना बनाकर और पुरानी रंजिश के चलते गोली चलाई है। उनके साले सत्यम गुप्ता का सत्यम ट्रैवल्स के नाम से बसों का व्यवसाय है, जिससे पुरानी दुश्मनी हो सकती है। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान चेन लूट और पुरानी रंजिश से संबंधित सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात नकाबपोश बदमाशों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। अशोक सिंह जादौन, CSP ग्वालियर, ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तेजी से कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

एसपी ऑफिस के सामने कार में डिप्टी कमिश्नर की लाश मिलने से हड़कंप

Panic after the dead body of Deputy Commissioner was found in the car in front of SP office

Panic after the dead body of Deputy Commissioner was found in the car in front of SP office ग्वालियर ! एसपी ऑफिस के सामने कार में लाश मिलने से सनसनी फैल गई। कार में जो लाश मिली है वो स्टेट जीएसटी डिप्टी कमिश्नर की है। जैसे ही कार में डिप्टी कमिश्नर की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली तो हड़कंप मच गया। तुरंत पुलिसकर्मियों ने सीपीआर दिया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। एसपी ऑफिस के सामने कार में मिली लाशग्वालियर में एसपी ऑफिस के ठीक सामने कार में स्टेट टैक्स जीएसटी डिप्टी कमिश्नर रोहित गिरवाल की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। संदिग्ध परिस्थितियों में कार में जैसे ही पुलिसकर्मियों ने डिप्टी कमिश्नर को देखा तो तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने सीपीआर देने की कोशिश भी की लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डिप्टी कमिश्नर की लाश मिलने की सूचना मिलते ही परिजन व जीएसटी विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और उन्हें हॉस्पिटल ले गए जहां डॉक्टरों ने डिप्टी कमिश्नर रोहित गिरवाल को मृत घोषित कर दिया। आखिर कैसे हुई मौत ?जीएसटी डिप्टी कमिश्नर रोहित गिरवाल की मौत कैसे हुई है फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है। क्या उसकी हत्या हुई या फिर मौत की वजह कुछ और है इन सभी सवालों के जवाब पुलिस तलाश करने में जुट गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकता है।

राजस्व मंडल में नहीं हुई अध्यक्ष व सदस्यों कि नियुक्तियां हजारों मामले लंबित

Appointments of Chairman and members not made in Revenue Board, thousands of cases pending

Appointments of Chairman and members not made in Revenue Board, thousands of cases pending मध्य प्रदेश के राजस्व मंडल (Revenue Board) में अजब गजब हाल है. दस्तावेज में भले ही नाम चले, लेकिन हकीकत में राजस्व मंडल ग्वालियर ठप पड़ा हुआ है. पिछले 2021 से यहां न कोई केस सुना गया, न ही निराकरण हुआ. यहां दूर-दूर से लोग अपनी जमीन के प्रकरण के निपटारे के लिए आ रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लग रही है. क्योंकि राजस्व मंडल में कोरम पूरा न होने के कारण सुनवाई नहीं हो रही है. भोपाल । मध्य प्रदेश का राजस्व मंडल बेकाम साबित हो रहा है। यहां पर बीते डेढ़ माह से सुनवाई के नाम पर लोगों को सिर्फ तारीख पर तारीख दी जा रही है। दरअसल विभाग में न अध्यक्ष है और न ही सदस्य, ऐसे में सुनवाई के लिए जरुरी कोरम ही पूरा नहीं हो पा रहा है। प्रदेश सुशासन ऐसा है कि शासन भी इस अपने संस्थान में नए अध्यक्ष व सदस्य की नियुक्ति में रुचि नहीं ले रहा है। ऐसे में लोगों का समय और पैसा दोनों ही बर्बाद हो रहे हैं। ऐसे में किसान परेशान होकर वापस लौटने का मजबूर बने हुए हैं। मंडल के अध्यक्ष आईएएस अश्विनी राय 31 मई को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी जगह किसी नए अफसर की पदस्थापना नहीं की गई है। इसकी वजह से तभी से सुनवाई का काम ठप पड़ा हुआ है। दरअसल नियमानुसार अध्यक्ष के अलावा कम से कम दो सदस्यों के रहते सुनवाई की जा सकती है। इसी तरह से एक सदस्य पूर्व एडीजे वीआर पाटिल का भी मंगलवार को कार्यकाल पूरा हो चुका है। इस वजह से अब मंडल में बतौर सदस्य आईएएस उमाकांत उमराव ही बचे हैं। मंडल में सचिव सपना निगम, अवर सचिव अंशु सोनी व रजिस्ट्रार प्रदीप शर्मा हैं। उनके अलावा अन्य कक्षों में ताले लटके रहते हैं। काम नहीं होने की वजह से स्टेनोग्राफर कक्ष में पीए और अन्य कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे आराम करते रहते हैं। सुनवाई नहीं होने की वजह से सदस्य उमाकांत उमराव एवं सचिव सपना निगम के कक्ष भी अधिकांश समय बंद ही रहते हैं। अभिभाषक भी परेशान राजस्व के प्रकरणों में अपने हितग्राहियों की तरफ से पक्ष रखने के लिए जरुर बड़ी संख्या अभिभाषकों का आना जाना लगा रहता है, लेकिन वे भी तारीख बढ़ने की वजह से अधिकांश समय खाली ही रहते हैं। यहां पर मौजूद एक वरिष्ठ अभिभाषक का कहना है कि अश्विनी राय की सेवानिवृत्ति के बाद से सुनवाई बंद है। इससे सबसे ज्यादा किसान परेशान हैं, क्योंकि वह न्यायालय जाने के लिए सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि वैसे भी सरकार ने वर्ष 2018 में नियमों में संशोधन कर राजस्व मंडल को अधिकार विहीन कर दिया है, क्योंकि अब यहां आयुक्त के खिलाफ पुनरीक्षण वर्जित किया जा चुका है। एसडीएम के बाद न्यायालय जाना पड़ता है। इसी तरह एक अन्य वकील भी नई व्यवस्था से खुश नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी की वजह से बीते डेढ़ माह से सुनवाई बंद है। अश्विनी राय ने करीब 500 प्रकरणों में सुनवाई तो की, लेकिन वे इन मामलों में निर्णय नहीं द गए, जिसकी वजह से यह मामले भी अटके हुए हैं। मंडल का कोरम अधूरा तो नहीं होता कोई कार्य अध्यक्ष और सदस्यों का कोरम पूरा नहीं होने पर राजस्व मंडल कार्य नहीं करता है। पिछले डेढ़ माह से यही स्थिति है। यहां आने वाले मामलों में लिपिक तारीख बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इसलिए न्याय के लिए उम्मीद लगाए बैठे मुवक्किल परेशान हैं। इस सिलसिले में विधानसभा में भी सवाल उठ चुके, लेकिन फिर भी कोरम पूरा करने के लिए नियुक्ति नहीं की गई है। अध्यक्ष का पद अतिरिक्त मुख्य सचिव और सदस्य प्रमुख सचिव स्तर का होता है। ऐसा नही है कि यहां पर पहली बार इस तरह की स्थिति बनी है, बल्कि पूर्व में भी ऐसा ही हाल कई बार रह चुका है। अश्विनी कुमार राय के समय मनु श्रीवास्तव सदस्य थे, लेकिन एक सदस्य की कमी के कारण कोरम अधूरा रहने पर सुनवाई नहीं हो सकी। इसी तरह से दिसंबर 2021 तक राजेश बहुगुणा सदस्य पद पर थे उनके बाद से यह पद खाली रहा। जिससे द्वितीय अपील में आने वाले बंटवारे नामांतरण के प्रकरणों पर सुनवाई नहीं हुई और तारीख आगे बढ़ती रही। गठन का उद्देश्य ही नहीं हो पा रहा पूरा मध्य भारत राजस्व मंडल अध्यादेश 1948 के अधीन राजस्व मंडल का गठन किया गया था। मंडल का गठन मप्र भू राजस्व संहिता 1959 के अन्तर्गत किया गया है। राजस्व मंडल प्रदेश में भू-राजस्व संहिता के अन्तर्गत राजस्व प्रकरणों की अपीलें-निगरानी सुनने की उच्चतम संस्था है। राज्य शासन द्वारा ग्वालियर को मंडल का प्रधान स्थान नियत किया गया है। राजस्व मंडल में द्वितीय अपील आती है। वर्ष 2018 में राज्य शासन ने राजस्व मंडल की समीक्षा करने की शक्ति को खत्म कर दिया था, इसलिए रिवीजन के पुराने मामले ही चल रहे हैं। अब राजस्व मंडल बंटवारे-नामांतरण की द्वितीय अपील सुनता है। सीमांकन तक के मामले यहां नहीं आते हैं, वे सीधे एसडीएम के बाद न्यायालय में ले जाना पड़ते हैं।

नारी के सम्मान से बढ़ता है समाज का मान

Respect for women increases the respect of the society थिंक एंड सपोर्ट फाउंडेशन ने विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिलाओं को प्रवीणा पाण्डेय नारी शक्ति सम्मान से किया सम्मानित संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। थिंक एंड सपोर्ट फाउंडेशन के तत्वावधान में महिला दिवस के उपलक्ष में इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मीडिया एक्सीलेंस (आईकॉम) पर श्रीमती प्रवीणा पाण्डेय की स्मृति में महिला सम्मान समारोह आयोजित किया गया।मुख्य अतिथि ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर किरण भदौरिया थीं। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रमुख समाज सेवी डॉ. केशव पाण्डेय ने की।समारोह में शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज-सेवा, खेल, पत्रकारिता, इंजीनियरिंग, फैशन, कला,संगीत एवं नृत्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में शहर का मान बढ़ाने वाली बेटियों एवं महिलाओं को प्रवीणा पाण्डेय नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया।मुख्यअतिथि श्रीमती भदौरिया ने कहा कि जिस परिवार और समाज में नारी का सम्मान होता है, वहां साक्षात देवी का वास होता है। नारी के सम्मान से ही समाज का मान बढ़ता है। ऐसे में जरूरी है कि हम सभी को नारी का सम्मान कर उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन भूपेंद्र कांत ने तथा अनिल कांत ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान अनिलकांत, स्मृति सिंह, शैलेन्द्री ठाकुर, डॉ. आदित्य भदौरिया, हर्ष बंसल, चित्रा कुशवाह, राधे कुशवाह, राजेश कुशवाह, सुकन्या शर्मा, विजय पाण्डेय, राजेन्द्र मुदगल, प्रमोद पचौरी, अविनाश भटनागर एवं मनीष मौर्य प्रमुख रूप से मौजूद थे।इनका हुआ सम्मान डॉ गुंजन श्रीवास्तव चिकित्सा, सुनीता पाण्डेय बालिका शिक्षा, मीनाक्षी माथुर फैशन, रूपाली ठाकुर पत्रकारिता, अंजली बत्रा समाजसेवा, अंजना झा कथक नृत्य, वर्षा शर्मा योगा, हेमा राजनगांवकर क्रिकेट, आशा कुमार आर्मरेसलिंग, भारती बाथम हैण्डबॉल, चन्द्राणि कोटिया खेल, पायल शेखावत फुटबॉल, बरखा नामदेव योगा, अपूर्णा गोड़ हॉकी, आश्रिका जतिन शाह ताइक्वांडो, सिद्धी सुरी रूबरू मिस जूनियर इण्डिया, योग्यिता चिलवान कराटे, मान्या जैन शिक्षा, तनुष्का जैन व तनिष्का को सम्मानित किया गया।

समृद्धि के नये द्वार खोलेगा अष्ट महालक्ष्मी मंदिर

Ashta Mahalaxmi Temple will open new doors of prosperity  समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी सुख, संपत्ति और वैभव प्रदान करती हैं। माँ लक्ष्मी को धन, वैभव, संपत्ति, यश और कीर्ति की देवी कहा जाता है। धर्म ग्रंथों एवं पुराणों में माँ लक्ष्मी के आठ स्वरूपों का वर्णन है, जिन्हें अष्ट महालक्ष्मी कहा जाता है। माँ के ये अष्ट स्वरूप अपने नाम और रूप के अनुसार समस्त दुःखों का नाश कर  सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं। मान्यता है कि माँ लक्ष्मी की कृपा के बिना जीवन में समृद्धि और संपन्नता संभव नहीं है।  डॉ. केशव पाण्डेय सात मार्च गुरुवार का दिन आध्यात्मिक, धार्मिक एवं ग्रह-नक्षत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा और भविष्य के लिए सुखद संकेत देने वाला रहेगा। कारण इस दिन प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद श्री अष्ट महालक्ष्मी मंदिर के पट आमजन के लिए खुल जाएंगे। आम हो या खास सभी वैभव की देवी महालक्ष्मी के द्वार धन और समृद्धि की मनौती मांग सकेंगे। ग्वालियर जिले की डबरा तहसील के जौरासी में करीब 15 करोड़ की लागत से भव्य एवं विशाल श्री अष्ट महालक्ष्मी मंदिर का निर्माण किया गया है। ट्रस्ट हनुमान मंदिर जौरासी द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया है। जिसका उद्देश्य शनि और सूर्य की युति के चलते शहर में उत्पन्न हो रहे वास्तुदोष को दूर करना है।  श्री अष्ट महालक्ष्मी के अष्ट रूप यानी यह  आठ प्रकार के धन सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। प्रत्येक व्यक्ति में यह आठ धन अधिक या कम मात्रा में होते हैं। हम उन्हें कितना सम्मान करते हैं, उनका कैसे उपयोग करते हैं, हमारे ऊपर निर्भर है। इन आठ लक्ष्मी की अनुपस्थिति को-अष्ट दरीद्रता कहा जाता है। चाहे लक्ष्मी है या नहीं, नारायण को अभी भी अनुकूलित किया जा सकता है। नारायण दोनों के हैं – लक्ष्मी नारायण और दरिद्र नारायण! दरिद्र नारायण परोसा जाता है और लक्ष्मी नारायण की पूजा की जाती है। पूरे जीवन का प्रवाह दरिद्र नारायण से लक्ष्मी नारायण तक, दुख से समृद्धि तक, जीवन में सूखेपन से दैवीय अमृत तक जा रहा है।  आदि, धन, धान्य, गज, संतान, वीर, जय और विद्या ये महालक्ष्मी के अष्ट रूप हैं। पहले इनके प्रत्येक रूप की महिमा को वर्णन करते हैं।    आदि लक्ष्मी = श्रीमद्भागवत पुराण में माँ लक्ष्मी का पहला स्वरूप कहा गया है। इन्हें मूल लक्ष्मी या महालक्ष्मी भी कहा गया है। मान्यता है कि आदि लक्ष्मी माँ ने ही सृष्टि की उत्पत्ति की है। भगवान विष्णु के साथ जगत का संचालन करती हैं। आदि लक्ष्मी की साधना से भक्त को जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य मोक्ष की प्राप्ति होती है।  धन लक्ष्मी = माँ लक्ष्मी का दूसरा स्वरूप है। इनके एक हाथ में धन से भरा कलश है तो दूसरे में कमल का फूल है। धन लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होता है। कर्ज से मुक्ति मिलती है। पुराणों के अनुसार माँ लक्ष्मी ने ये रूप भगवान विष्णु को कुबेर के कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिया था।  धान्य लक्ष्मी = यह माँ का तीसरा रूप है। संसार में धान्य या अनाज के रूप में वास करती हैं। धान्य लक्ष्मी को माँ अन्नपूर्णा का ही एक रूप माना जाता है।   गज लक्ष्मी = चतुर्थ रूप में गज लक्ष्मी हाथी के ऊपर कमल के आसन पर विराजमान हैं। माँ गज लक्ष्मी को कृषि और उर्वरता की देवी के रूप में पूजा जाता है। इनकी आराधना से संतान की प्राप्ति होती है। राजा को समृद्धि प्रदान करने के कारण इन्हें “राज लक्ष्मी“ भी कहा जाता है।  संतान लक्ष्मी = माँ के पंचम रूप को स्कंदमाता के रूप में भी जाना जाता है। इनके चार हाथ हैं तथा अपनी गोद में कुमार स्कंद को बालक रूप में लेकर बैठी हुई हैं। माना जाता है कि संतान लक्ष्मी भक्तों की रक्षा अपनी संतान के रूप में करती हैं।  वीर लक्ष्मी = माँं लक्ष्मी का यह छठवां रूप भक्तों को वीरता, ओज और साहस प्रदान करता है। वीर लक्ष्मी माँ युद्ध में विजय दिलाती है। अपने हाथों में तलवार और ढाल जैसे अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं।  जय लक्ष्मी =  माँ के इस रूप को विजय लक्ष्मी के नाम से भी जाना जाता है। इनकी साधना से भक्तों के जीवन के हर क्षेत्र में जय-विजय की प्राप्ति होती है। जय लक्ष्मी माँ यश, कीर्ति तथा सम्मान प्रदान करती हैं।  विद्या लक्ष्मी माँ लक्ष्मी का यह आठवां रूप विद्या लक्ष्मी है। इनका रूप ब्रह्मचारिणी देवी के जैसा है। इनकी साधना से शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। विश्व विख्यात श्री विद्या साधक एवं जन्म कुंडली विशेषज्ञ श्रीजी रमण योगी महाराज “साइंटिस्ट बाबा” के मुताबिक नारायण लक्ष्य है और लक्ष्मी जी उन तक पहुँचने का एक साधन। उन्होंने आठ प्रकार के धन या अष्ट लक्ष्मी के बारे में विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि माता महालक्ष्मी की नजर जिस तरफ पड़ेगी उस क्षेत्र का विकास होगा। महालक्ष्मी देवी का आभा मंडल आस-पास के इलाकों में अपना प्रभाव छोड़ेगा। अष्टभुजाओं का प्रकाश टेकनपुर और डबरा में तीव्र गति से विकास कराकर समृद्धि के द्वार खोलेगा। कारोबार के  साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा। आय बढ़ने से जीवन स्तर में बदलाव आएगा और सुखद होगा।  पंडितों एवं त्योतिषाचार्यां की मानें तो ग्वालियर से 15 किलोमीटर दूर ऐंती पर्वत पर त्रेता युगीय शनि देव मंदिर है। कहा जाता है कि भगवान शनि देव उल्का पिंड के रूप में ऐंती पर्वत पर आए। जबकि गोला का मंदिर इलाके में सूर्य मंदिर स्थित है।  शनि-सूर्य की युति एक साथ होने से लोगों के जीवन पर खासा प्रभाव होता है। दोनों ही जीवन को पूर्णतः संघर्षमय बनाते हैं। जब यह युति लग्न, पंचम, नवम या दशम भाव की स्थिति में हो या फिर  दोनों में से कोई भी एक ग्रह इन भावों का कारक भी हो तो यह योग जीवन में विलंब लाता है। बेहद मेहनत के बाद समय बीत जाने पर सफलता मिलती है। क्योंकि सूर्य और शनि दोनों पिता-पुत्र होने पर भी परस्पर शत्रुता रखते हैं। वेसे भी प्रकृति की मान्यता है कि ज्ञान और अंधकार साथ मिलने पर शुभ प्रभाव अनुभूत नहीं होते हैं। ऐसे में ग्वालियर शहर में तो यह युति एक लंबे समय से बनती चली आ रही है। इस वजह से … Read more

भोपाल में ग्वालियर के आर्म रेलसरों की धमक, जीते 37 पदक

Gwalior’s arm wrestlers shine in Bhopal win 37 medals. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में ग्वालियर के आर्म रेसलरों (पंजा कुश्ती पहलवानों) ने अपनी छाप छोड़ी। पहलवानों ने 37 पदकों पर कब्जा कर अपना दबदबा कायम रखा। विजयी प्रतियोगियों को ग्वालियर आर्म रेसलिंग अकेडमी के अध्यक्ष डॉ.केशव पाण्डेय ने एक समारोह में प्रमाण-पत्र प्रदान कर बधाई दी।वर्ल्ड चैंपियन एवं हैड कोच मनीष कुमार ने बताया कि भोपाल में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। जिसमें भाग लेने के लिए ग्वालियर जिला आर्म रेसलिंग अकेडमी के 51 महिला-पुरुष पहलवान भाग लेने गए थे। इन पहलवानों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 37 पदक जीत कर कीर्तिमान रच दिया। इनमें 22 स्वर्ण, 11 रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं।पदक जीतने वाले सभी पहलवानों का चयन नागपुर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। गौरतलब है कि पंजा कुश्ती के क्षेत्र में ग्वालियर के पहलवान देश-विदेश में श्शहर का नाम रोशन कर रहे हैं। मशहूर फिल्म अभिनेत्री एवं प्रो-पंजा लीग की फाउंडर प्रीति झंगियानी एवं परवीन डबास इन पहलवानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

सद्भावना और सहिष्णुता के “महात्मा“ थे गॉधी

Gandhi was the “Mahatma” of goodwill and tolerance. राष्ट्रपिता की 76वीं पुण्यतिथि पर विशेष शहीद दिवस डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) महात्मा गॉधी ने अपने जीवन में अहिंसा का पालन कर यह सिखाया कि सत्य और अहिंसा ही सबसे बड़े शक्तिशाली युद्ध हैं। उनका यह उपदेश हमें आत्म-नियंत्रण, सद्भावना और सहिष्णुता की ओर प्रवृत्त करता है। उनके सिद्धांतों ने हमें बताया कि समस्त मानव जाति को एक परिवार की भावना के साथ जीना चाहिए। सभी को समानता और न्याय का अधिकार है। शहीद दिवस पर करते हैं महात्मा गॉधी का पुण्य स्मरण। 30 जनवरी को महात्मा गॉंधी की 76वीं पुण्यतिथि है। पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाकर पूरा देश आज बापू का पुण्य स्मरण कर रहा है। भारत सदियों से वीरों की भूमि रहा है। देश में अनेक वीर-सपूतों ने जन्म लिया और अपनी शहादत से वतन की मिट्टी को पावन कर दिया। वीर-शहीदों की याद में ही हर वर्ष शहीद दिवस मनाया जाता है। हालांकि भारत में विभिन्न तिथियों में शहीद दिवस मनाने की परंपरा है। जनवरी, मार्च और नवंबर महीने में शहीद दिवस की तारीख अलग-अलग हो सकती हैं लेकिन इन दिवसों की भावना एक ही है। हम जांबाज क्रांतिकारियों को याद कर उनके प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करने यह दिवस मनाते हैं। आज का शहीद दिवस गांधी जी की अहिंसात्मक सोच और उनके बलिदान के स्मरण का प्रतीक है। 1948 को इस दिन ही नाथूराम गोडसे ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। महात्मा गॉधी, जिन्हें कोई बापू कहता है तो कोई देश का राष्ट्रपिता। दोनों का अर्थ एक ही है। वे एक ऐसे महान आत्मा थे जो अपने आदर्शों और अनूठी विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। बापू ने अहिंसा के मार्ग पर चलकर आजादी की जंग लड़ी और देशवासियों का भी मार्गदर्शन किया।अहिंसा परमो धर्मः…. धर्म हिंसा तथैव चः … अर्थात अहिंसा ही मनुष्य का परम धर्म है और जब धर्म पर संकट आए तो उसकी रक्षा करने के लिए की गई हिंसा उससे भी बड़ा धर्म है। बावजूद इसके अहिंसा को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने वाले गॉधी ने इसे अपने आचार, विचार और व्यवहार में उतारा। अहिंसा परमो धर्मः को ही जीवन में अपनाया। हालांकि भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और महात्मा गाँधी की अंहिसा की धारणाएं अलग-अलग थीं फिर भी वेद, महावीर और बु़द्ध की अहिंसा से महात्मा गाँधी प्रेरित थे।महात्मा गाँधी ने अपने जीवन को भारतीय समाज के लिए समर्पित किया और अपने आदर्शों का पालन करते हुए आजादी के लिए संघर्ष किया। महात्मा गाँधी की शहादत ने यह सिखाने का मौका दिया कि हमें अपने मौलिक सिद्धांतों के लिए खड़ा होना चाहिए, चाहे जैसी भी परिस्थिति हो। उनका संदेश था कि सत्य, अहिंसा और ईमानदारी का पालन करते हुए हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करके एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। महात्मा गॉधी का मानना था कि एक मात्र वस्तु जो हमें पशु से भिन्न करती है वह है अहिंसा। व्यक्ति हिंसक है तो वह पशुवत है। मानव होने या बनने के लिए अहिंसा का भाव होना आवश्यक है। गॉधी जी की सोच थी कि हमारा समाजवाद अथवा साम्यवाद अहिंसा पर आधारित होना चाहिए। जिसमें मालिक, मजदूर एवं जमींदार, किसान के मध्य परस्पर सद्भाव पूर्ण सहयोग हो। निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी। सच्ची अहिंसा मृत्यु शैया पर भी मुस्कराती रहेगी। बहादुरी, निर्भिकता, स्पष्टता, सत्यनिष्ठा इस हद तक बढ़ा लेना कि तीर-तलवार उसके आगे तुच्छ जान पड़ें। यह अहिंसा की साधना है। शरीर की नश्वरता को समझते हुए उसके न रहने का अवसर आने पर विचलित न होना अहिंसा है। उनकी इसी सोच ने महात्मा गॉधी को देश का सबसे ज्यादा प्रभावशाली नेता बना दिया।जिन्होंने अहिंसा और सत्याग्रहों को एक मात्र हथियार बनाकर स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी। सामाजिक और राजनीतिक सुधार में उनकी सार्वजनिक भूमिका का परिणाम ऐसा था कि उनके विचारों और आंदोलनों पर अमेरिकी और यूरोपीय समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और रेडियों पर चर्चा होने लगी थी। उनके काम को दुनियाभर के शीर्ष राजनेताओं द्वारा उत्सुकता से अनुसरण किया जाने लगा। जबकि अहिंसा या अहिंसा का दर्शन गॉधी का पर्याय बन गया था। अहिंसा का उनका अभ्यास अन्य धर्मां के प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना का विस्तार था। सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें शांति का वैश्विक प्रतीक और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना दिया। अहिंसक विरोध आज गॉधीवादी विरासत की प्राथमिक अभिव्यक्ति है। गॉधी जी के अनुसार अहिंसा केवल एक दर्शन ही नहीं बल्कि कार्य करने की एक बेहतर पद्धति है। मानव के हृदय परिवर्तन का एक साधन है। यही वजह थी कि उन्होंने कभी भी अहिंसा को व्यक्तिक आचरण तक ही सीमित न रखकर उसे मानव जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में लागू किया। उनका मानना था कि सत्य सर्वोच्च कानून है। तो अहिंसा सर्वोच्च कर्तव्य है। आत्म-समर्पण और सत्य के माध्यम से ही हम अद्वितीय भारत की ऊँचाइयों को छू सकते हैं। महात्मा गांधी ने दिखाया कि एक व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अपने मौलिक आदर्शों पर कैसे कड़ाई से अड़े रह सकता है और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।उनकी महानता को समझने का यह एक अद्वितीय अवसर है, जो हमें एक सशक्त और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में प्रेरित कर सकता है। क्योंकि सत्य की तरह ही अहिंसा की शक्ति भी कम नहीं है। वह भी असीम है। इसी सोच ने उन्हें सत्य और अहिंसा का पुजारी बना दिया। वे देश ही नहीं दुनिया में अहिंसा परमो धर्मः के साथ ही सद्भावना और सहिष्णुता के “महात्मा“ बन गए। सत्य, प्रेम और अहिंसा के ऐसे महात्मा को हमारा शत्-शत् नमन्।

आर्म रेसलर सचिन गोयल बने 2024 के चैम्पीयन ऑफ चैम्पीयन

Arm wrestler Sachin Goyal became the Champion of Champions of 2024. विषेश संवादाता ग्वालियर । ग्वालियर आर्म रेसलिंग चैम्पियनशिप 2024 का आयोजन 22 जनवरी को बाल भवन मे किया गया। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप में आर्म रेसलिंग वेल्फेयर एसोसिएशन के सचिव डॉ आदित्य भदौरिया व डॉ विशाल यादव तथा हरेन्द्र निगम, रामकिशोर सिंह जिला क्रीडा अधिकारी, गुरमीत सिंह राणा विशिष्ट अतिथि के रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्था के सचिव डॉ भदौरिया ने कहा कि ग्वालियर आर्म रेसलिंग अपनी धाक देश एवं विदेश में जमाता जा रहा है, देश व विदेश में आयोजित आर्म रेसलिग प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ीयों का प्रशिक्षण बिड़ला नगर स्थित आर्म रेसलिंग एकेडमी मे वर्ल्ड चैम्पियन मनीष कुमार द्वारा दिया जा रहा है। साथ ही डॉ यादव ने सभी विजेता खिलाड़ीयो को बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई दी। प्रतियोगिता में लगभग 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में चैम्पियन ऑफ चैम्पियन सब जूनियर वर्ग मे अभिषेक मौर्य, दिव्यांग वर्ग में अरविन्द रजक, महिला वर्ग में भावना गोस्वामी, युवा वर्ग में गुलशन मॉझी तथा जूनियर वर्ग में आयुष कौशल विजेता रहे। मध्य प्रदेश आर्म रेसलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ केशव पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई दी।कार्यक्रम के अंत मे दीपक जामोर ने पधारें हुए अतिथियों व प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों का आभार प्रकट किया।

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