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कब्रिस्तान बताई गई जीवाजी यूनिवर्सिटी की जमीन, प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मचा हंगामा

Jiwaji University land declared a graveyard, sparking commotion during administrative action ग्वालियर। सिटी सेंटर स्थित अल्कापुरी के सामने जीवाजी यूनिवर्सिटी को आवंटित 15 बिस्वा जमीन का कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासन की टीम के साथ विवाद हो गया। यहां जेयू के अधिकारी व प्रशासन की टीम जब पहुंची तो कुछ युवक आ गए। इसमें शामिल मुस्लिम युवक ने कहा कि यह कब्रिस्तान की जमीन है, जिसके बाद प्रशासन ने दस्तावेज दिखाने को कहा तो नहीं दिखा पाए। मौके पर और युवकों को बुलवा लिया गया और विवाद बढ़ने लगा। यह देख प्रशासनिक अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी थाना पुलिस का फोर्स बुलवा लिया जिसके बाद उत्पात मचाने वालो के तेवर ढ़ीले पड़ गए। विवाद करने वालों पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कराने की तैयारी की गई लेकिन विरोध करने वाले फिर पीछे हट गए। इसके बाद कब्जा दिलाने की कार्रवाई पूरी की गई। सिटी सेंटर वृत्त के नायब तहसीलदार शिवदत्त कटारे ने बताया कि जीवाजी यूनिवर्सिटी की ओर से प्रबंधन को आवंटित जमीन का कब्जा दिलाने के लिए आवेदन आया था। यह जमीन पूर्व में आवंटित की गई और सीमांकन भी हो चुका है। यह जीवाजी यूनिवर्सिटी का विवेकानंद परिसर कहा जाता है। जेयू के कुल सचिव डॉ राजीव मिश्रा सहित अधिकारी कब्जा लेने के लिए मौके पर आए। इसी दौरान शाहरूख खान नाम का युवक कुछ साथियों के साथ आ गया जो जमीन को कब्रिस्तान की बताने लगा। मौके पर पुराने रिकॉर्ड भी दिखाए गए और बताया कि यह जमीन जीवाजी यूनिवर्सिटी को आवंटित है। उल्लेखनीय है कि जीवाजी विश्वविद्यालय को पीएम-उषा योजना के अंतर्गत दो शैक्षणिक विभागों और एक छात्रावास के विस्तार के लिए अनुदान प्राप्त हुआ है। इसी के तहत इंजीनियरिंग अध्ययनशाला के विस्तार का कार्य प्रस्तावित है। बीते कुछ दिनों से अतिक्रमण की आशंका के चलते निर्माण कार्य में लगातार व्यवधान उत्पन्न हो रहा था। मौके पर विवाद खत्म होने के बाद निर्माण शुरू कराया गया। मुआवजा भी मांग रहे थे युवक मौके पर आए युवक कुछ कागजात दिखाते हुए यह भी कह रहे थे कि इस जमीन का हमें मुआवजा नहीं मिला है। जब अधिकारियों ने कहा कि जमीन आपकी है इसके दस्तावेज दिखाएं फिर मुआवजा की बात होगी। इस दौरान प्रशासन ने वीडियो रिकार्डिंग भी की। जेयू को आवंटित जमीन का कब्जा दिलाने के दौरान कुछ लोग इसे कब्रिस्तान की जगह बता रहे थे लेकिन उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। पुलिस के सहयोग से कार्रवाई पूरी कर कब्जा दिलाया गया। शिवदत्त कटारे, नायब तहसीलदार

25 करोड़ के दावों पर सवाल: सरकार की नाक के नीचे सबसे बड़ी गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा

ग्वालियर। Madhya Pradesh Largest Gaushala: मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला का तमगा पाने वाली लाल टिपारा स्थित आदर्श गौशाला आज खुद सवालों के घेरे में है। जिस गौशाला को सरकार और नगर निगम अपनी उपलब्धि बताकर पेश करते रहे, वहीं अब गोवंश की बदहाल तस्वीर ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। गौशाला परिसर में करीब 15 गोवंशों के शवों का ढेर मिलना न केवल संवेदनहीनता को उजागर करता है, बल्कि करोड़ों रुपए के खर्च पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। हैरानी की बात यह है कि इस गौशाला के संचालन पर हर साल करीब 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। नगर निगम द्वारा संचालित इस गौशाला में 10 हजार से अधिक गोवंश रखे गए हैं। इसके बावजूद गोवंशों की मौत और शवों की ऐसी दुर्दशा साफ इशारा करती है कि जमीनी हकीकत कागजी दावों से बिल्कुल अलग है। मामला उजागर होने के बाद नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने जांच के आदेश तो दे दिए, लेकिन सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर लापरवाही आखिर कब से चल रही थी और जिम्मेदार अधिकारी अब तक क्या कर रहे थे? क्या 25 करोड़ का बजट सिर्फ फाइलों और आंकड़ों में ही खर्च हो रहा है? निरीक्षण के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने इसे बीमारी और दुर्घटना से हुई मौत बताकर स्थिति को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन स्वस्थ गोवंश की मौत न होने का दावा आमजन को रास नहीं आ रहा। अगर इंतजाम इतने ही “मजबूत” थे, तो गौशाला में शवों का ढेर आखिर कैसे लगा? यह घटना सरकार और नगर निगम के गौ-कल्याण के दावों पर सीधा तमाचा है। सवाल उठता है कि जब प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला का यह हाल है, तो बाकी गौशालाओं की स्थिति क्या होगी? अब जनता यह जानना चाहती है कि क्या सिर्फ जांच के आदेश देकर मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा, या फिर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी और गोवंश के नाम पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपयों का हिसाब भी तय किया जाएगा।

ग्वालियर के रोहित सिंह ने पैरा आर्म  रेसलिंग में जीता स्वर्ण पदक

Gwalior’s Rohit Singh won gold medal in para arm wrestling ग्वालियर। 30 जनवरी से 3 फरवरी के बीच 40  देशों के बीच संपन्न हुई, वर्ल्ड आर्म रैसलिंग कप 2025 उज़्बेकिस्तान में आयोजित हुई। पैरा (सीपीयू) 60+केजी में रोहित सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर देश एवं ग्वालियर शहर का नाम रोशन किया | ग्वालियर आर्म रैसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर केशव पांडे ने बताया की ग्वालियर ने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे अभी तक 27 पदक अर्जित किए गए हैं | ग्वालियर आर्म रैसलिंग का हब है तथा देश के उच्चतम स्थान में अव्वल है | रोहित सिंह के कोच वर्ल्ड चैंपियन मनीष कुमार ने बताया कि रोहित आर्म रेसलिंग एकेडमी बिरला नगर मैं 2 वर्ष की ट्रेनिंग ली है और सहायक कोच दीपक जामौर ने उनकी अभ्यास में सहायता की है | रोहित के पिता अरविंद सिंह 14 बटालियन में आरक्षक के पद पर  पदस्थ है उन्होंने बताया कि रोहित का भी यह एक नया जन्म है तथा पैदा होने से ही वह सेरेबल पालिसी से ग्रसित है मध्य प्रदेश आर्म रैसलिंग के सचिव तारीख मोहम्मद ने और देश के आर्म रेसलिंग की अध्यक्ष  प्रीति झांगयानी ने रोहित की इस उपलब्धि पर बधाई दी

प्रदेश में चिकनगुनिया का खौफ बरकरार, 142 मरीज हो चुके शिकार

Fear of chikungunya continues in the state, 142 patients fell victim to it in a day शहर में चिकनगुनिया बेकाबू हो रहा है। मरीजों की संया लगातार बढ़ती जा रही है। शहर में एक साथ चिकनगुनिया के मरीज बढ़ने के बाद इसके वैरिएंट का पता लगाने के लिए जीआरएमसी के माइक्रो बायोलॉजी विभाग द्वारा 20 सैंपल पुणे भेजे हैं। इन वैरिएंट के माध्यम से पता चलेगा कि आखिर यह कैसे एक साथ बढ़े। ग्वालियर ! चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) के मरीजों की भरमार के चलते यह संया 142 तक पहुंच गई है। चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा मरीज वार्ड 19 के पुष्कर कॉलोनी में सामने आए हैं। इसमें छह दिनों में ही 55 तक मरीज पहुंच गए हैं। इसके बावजूद भी आसपास के क्षेत्रों में भी मरीजों को चिकनगुनिया की समस्या बनी हुई है। पिछले चार दिनों से लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां पर मरीजों की जांच कर रही है, जिससे ज्यादातर मरीजों को समय पर उपचार भी मिलने लगा है। वहीं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए पुष्कर कॉलोनी के पार्क में शनिवार को निशुल्क होयोपैथिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविार दोपहर 2 बजे से शाम 4.30 बजे तक लगेगा। हर पांचवां सैंपल निकल रहा पॉजिटिव शुक्रवार को 74 सैंपल की जांच में 17 लोगों को चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। इसमें वार्ड 55 में रहने वाले 4 वर्षीय बच्चे के साथ वार्ड 19 के नाना नगर में रहने वाले 63 वर्षीय व्यक्ति को भी चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही तारागंज, साईं कॉलोनी, मामा का बाजार, लोहा मंडी, आपागंज, गोले का मंदिर, ज्योति नगर, काशीपुरा मुरार, धर्मवीर पेट्रोल पंप के पास , सुरेश नगर, कोटेश्वर आदि क्षेत्र में मरीज सामने आए। डेंगू के मरीज होने लगे कम दिसंबर के महीने में डेंगू के मरीजों की संया न के बराबर आ गई है। वहीं चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) ने पैर पसार रखे हैं। हालात यह हो गए कि दिसंबर के छह दिन में डेंगू के मरीज घटकर सिर्फ 15 आए हैं।डॉ अजयपाल सिंह, मेडिसिन विभाग जीआरएमसी, इन दिनों डेंगू के मरीज काफी कम हो गए है। वहीं चिकनगुनिया तेजी से फैल रहा है। इसमें बुखार के साथ दर्द काफी परेशान कर रहा है। हालात यह हैं कि बच्चे 15 दिन में तो बुजुर्ग को दो से तीन महीने तक का समय लग रहा है। इस समय चिकनगुनिया से पीड़ित ओपीडी में भी ज्यादा पहुंच रहे हैं।

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