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सिंहस्थ मद से इंदौर को नहीं मिली नई सौगात, पहले सड़कों पर खर्च हो चुका धन

इंदौर  उज्जैन में ढाई साल बाद लगने वाले सिंहस्थ मेले की तैयारियां जोरों पर है। हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक लेकर अफसरों को तय सयमसीमा में काम करने के निर्देश दिए। 25 से ज्यादा विभागों को अलग-अलग निर्माणों की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश के बजट में भी सिंहस्थ मद में राशि बढ़ाकर रखी जाएगी, लेकिन इस मद से इंदौर में अभी तक कोई बड़ा काम नही हुआ है, जबकि पिछले दो सिंहस्थ मेलों को दौरान इस मद में इंदौर में भी करोड़ों काम हुए,क्योकि इंदौर उज्जैन का निकटवर्ती शहर है और इंदौर से होकर ही ज्यादातर भक्त उज्जैन जाते है। सरकार का फोकस उज्जैन की कनेक्टिविटी और शिप्रा नदी के शुद्धिकरण पर है। अफसरों का अनुमान है कि सिंहस्थ मेले मेें पंद्रह करोड़ के करीब लोग सकते है, उसके हिसाब से ही घाटों के विस्तार, मेला क्षेत्र के दायरे के प्रोजेक्ट डिजाइन किए गए है। शाही स्नान के दौरान डेढ़ करोड़ से अधिक भक्तों के आने का अनुमान भी जताया जा रहा है। इंदौर-उज्जैन छह लेन का काम चल रहा है। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन फोरलेन का काम भी अब जल्दी ही शुरू होगा, लेकिन इंदौर शहर के लिए अलग से कोई प्रोजेक्ट सिंहस्थ मद में मंजूर नहीं हुआ है।  पिछले सिंहस्थ में बनी थी एमआर-4 सड़क पिछले सिंहस्थ मेले के समय इंदौर विकास प्राधिकरण को 30 करोड़ रुपये सिंहस्थ मद में मिले थे। यह राशि एमआर-4 के निर्माण पर खर्च की गई थी। इसे लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन से जोड़ा गया था। वर्ष 2004 के सिंहस्थ के समय रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास के अतिक्रमण हटाकर रोड चौड़ी की गई थी,लेकिन इस साल एमआर-12 सड़क इंदौर विकास प्राधिकरण अपने खर्च पर बना रहा है। इसके अलावा कुर्मेडी में बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। इसका निर्माण भी प्राधिकरण ने किया है।    

इंदौर फिर तैयारी में: क्लीन सिटी का रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए नगर निगम का फोकस स्वच्छता पर

इंदौर पूरे देश में स्वच्छता के लिए पहचाने जाने वाले इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत नगर निगम के लिए अब कोई मुद्दा नहीं है. यही वजह है कि नगर निगम ने भागीरथपुरा के हालातों से किनारा करते हुए अब स्वच्छता रैंकिंग पर फोकस कर दिया है. इस बीच फिर यहां दो लोगों की मौत हो गई है. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण होने वाली मृत्यु का दौर जारी है. हालांकि 2 महीने बीतने के बाद भी न तो सरकार मृत्यु का कारण स्पष्ट कर पाई न ही मरने वालों की संख्या सार्वजनिक कर पाई. इस मामले में दायर जनहित याचिका के बाद हाईकोर्ट ने खुद एक सदस्य जांच आयोग गठित किया है. लेकिन इसके बावजूद सरकार भागीरथपुरा की स्थिति पर अब तक नियंत्रण नहीं कर पाई. भागीरथपुरा में दो लोगों की मौत नतीजेतन यहां बॉम्बे अस्पताल में बीते कुछ दिनों से भर्ती भागीरथपुरा निवासी 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर और 2 साल की मासूम रिया जो सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल में भर्ती थी की मौत हो गई. हालांकि नगर निगम कमिश्नर ने विगत दिनों भागीरथपुरा को लेकर दावा किया था कि वहां पानी की लाइन बदलने का काम अंतिम दौर में है वही नर्मदा के पानी की सप्लाई भी शुरू करवा दी गई है. यह बात और है कि अभी भी लोग वहां नलों से आने वाले पानी को पीने से डर रहे हैं. नगर निगम का दावा इंदौर के हालात सामान्य हालांकि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी ओर से यह मान लिया है कि अब वहां के हालात पूरी तरह सामान्य है. इसलिए निगम ने अब स्वच्छता रैंकिंग पर फोकस कर दिया है. इसे लेकर मंगलवार को आयोजित एक समारोह में इंदौर को नवमी बार स्वच्छता रैंकिंग में पहले नंबर पर लाने के लिए वार्ड बार स्वच्छता अभियान की प्लानिंग की गई है. इसके अलावा शहर को स्वच्छता अभियान को लेकर प्रेरित करने के लिए नए सिरे से स्वच्छता गान तैयार किया गया है. स्वच्छता की शपथ दिलाई गई नगर निगम की परिषद में स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल ने बताया कि, ”स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत स्वच्छता गीत 2025-26 की लाॅचिंग, स्वच्छ वार्ड रैकिंग लाॅचिंग की शुरुआत की गई.” इसे लेकर आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री व महापौर ने इंदौर के स्वच्छता अभियान में सहयोगी स्वच्छता चैम्पियन का सम्मान तथा 22 जोनल कार्यालय के उत्कृष्ठ सफाई मित्रों का सम्मान किया. इस अवसर पर समस्त उपस्थित जन को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए, आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की नवीन टूल किट की भी प्रेजेटेंशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी गई. इस दौरान कार्यक्रम मेंं मौजूद केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का कहना था, ”इंदौर स्वच्छता का महागुरु है, जिससे की अन्य शहर स्वच्छता का पाठ पढ़ते है. इंदौर स्वच्छता का चैम्पियन है, मुझे पुरी उम्मीद है कि इंदौर नवीं बार भी स्वच्छता में नंबर वन आएगा.” महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, ”इंदौर की स्वच्छता टीम ने इंदौर को आठ बार नंबर वन स्वच्छ शहर बनाने का गौरव हासिल किया. इसके साथ ही इंदौर जैसा बड़ा शहर अपने साथ ही देपालपुर को भी स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिये सहयोग कर रहा है.”

दूषित पानी से इंदौर में मौतों का सिलसिला, बच्ची और बुजुर्ग की मौत के बाद संख्या 35

इंदौर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बस्ती में दो लोगों की मौत हो गई। इनमें दो साल की बच्ची रिया भी शामिल है। इसके अलावा 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर की भी जान चली गई। उन्हें सात दिन पहले उल्टी दस्त की शिकायत के चलते निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था।   परिजनों का कहना है कि उन्हें लकवे की शिकायत थी, अन्य कोई बीमारी नहीं थी। उधर दो वर्षीय रिया प्रजापति को भी दिसंबर में उल्टी दस्त की शिकायत के चलते भर्ती किया गया था। बाद में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि बीमार होने के कारण रिया काफी कमजोर हो गई थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। 15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में एडमिट कराया गया था। उसे लीवर की शिकायत थी।  बच्ची ने इलाज के दौरान तोड़ा दम परिजनों के मुताबिक, बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर चाचा नेहरू अस्पताल में दाखिल किया गया था। वहां इलाज में फायदा नहीं होने पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दाखिल किया गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, 75 वर्षीय शालिग्राम के परिजनों ने बताया कि दो जनवरी को उल्टी-दस्त के कारण शैल्बी अस्पताल में रेफर किया गया था। वहां से उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। इसके बाद वह वेंटिलेटर पर ही थे। करीब 12 दिन पहले उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। फिलहाल दोनों मौतों को मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया की वजह से नहीं की है। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों को दूसरी बीमारियां भी थीं। बता दें कि अब तक 35 मौतें दूषित पानी के कारण हो चुकी हैं। कोर्ट ने अफसरों ने 16 लोगों की मौत डायरिया की वजह मानी है। आयोग ने जांच शुरू की इंदौर भागीरथपुरा में दूषित जल से 35 मौतें और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा गठित आयोग की जांच शुरू हो गई है। आयोग के समक्ष रहवासी या अन्य व्यक्ति शिकायत और आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। उच्च न्यायालय ने भागीरथपुरा क्षेत्र में पेयजल प्रदूषण तथा उससे जनस्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों पर पड़े प्रभाव की जांच के लिए न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया है। आयोग द्वारा जल प्रदूषण के कारणों, प्रशासनिक लापरवाही, जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई, जनहानि, चिकित्सकीय प्रभाव तथा सुधारात्मक उपायों की जांच की जाएगी। आयोग ने इसे लेकर सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसके तहत भागीरथपुरा एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी प्रभावित नागरिक, परिजन, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, अस्पताल, सामाजिक संगठन, ठेकेदार, शासकीय अधिकारी अथवा कोई भी व्यक्ति, जिनके पास प्रकरण से संबंधित जानकारी, दस्तावेज या साक्ष्य उपलब्ध हों, वह आयोग के सामने पेश कर सकता है। साथ ही पेयजल प्रदूषण से संबंधित शिकायतें या आवेदन, चिकित्सकीय अभिलेख, अस्पताल में भर्ती होने की पर्चियां, डिस्चार्ज समरी, मृत्यु प्रमाण पत्र, जल पाइप लाइन में रिसाव, सीवरेज मिश्रण या क्षति से संबंधित फोटो/वीडियो, जल आपूर्ति से संबंधित टेंडर दस्तावेज, कार्य आदेश, निरीक्षण रिपोर्ट या कोई अन्य सामग्री भी आयोग के कार्यालय स्कीम नंबर 140 आरसीएम 10, प्रथम मंजिल आनंद वन स्थित आयोग के कार्यालय में 28 फरवरी तक प्रस्तुत कर सकते हैं। बच्ची के लिवर में तकलीफ बताई गई थी 15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में एडमिट किया गया था। यहां उसके लिवर में तकलीफ बताई गई थी। इसके बाद उसे सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया, जहां करीब 5 दिन बाद उसकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि दूषित पानी के कारण ही तबीयत बिगड़ी। उसका असर लिवर तक हुआ। गुइलेन बैरे सिंड्रोम से जूझ रही महिला 57 वर्षीय एक महिला गंभीर जीबीएस (गुइलेन बैरे सिंड्रोम) से जूझ रही हैं। हालांकि इस मरीज को जीबीएस होने का स्वास्थ्य विभाग खंडन कर चुका है, लेकिन परिजन का कहना है कि इसी बीमारी के कारण उन्हें HDU (High Dependency Unit) में एडमिट किया गया है। दरअसल, दूषित पानी के कारण इस महिला की हालत 28 दिसंबर को बिगड़ी थी। पहले उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। इसके बाद 2 जनवरी को दूसरे बड़े हॉस्पिटल में रेफर किया गया। इस तरह करीब डेढ़ माह से इलाज चल रहा है। इस बीच हालत गंभीर होने पर 20 दिन से ज्यादा समय तक वह आईसीयू, वेंटिलेटर पर भी एडमिट रही। परिजन के मुताबिक, अभी ठीक होने में समय लगेगा। जीबीएस गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी जीबीएस एक दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही स्वस्थ तंत्रिकाओं पर हमला करने लगती है। इसका एक कारण गंदे पानी में पनपने वाला कैम्पीलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया भी है। बीमारी के तहत हाथ-पैरों में झुनझुनी और सुन्नपन होता है। यह गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट का इंफेक्शन) देखने में आता है। इसमें मरीज को ठीक होने में समय लगता है। इसमें 70% मरीज स्वस्थ हो पाते हैं। इसमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। मरीज सांस तक नहीं ले पाता है और वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ता है। ये क्या…12 किमी दूर जाकर करें शिकायत जिस भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों व बीमारी के मामले में जांच होनी है, उसका ऑफिस भागीरथपुरा से करीब 12 किलोमीटर दूर खोला गया है। प्रशासन द्वारा ऑफिस के लिए जगह उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। पीडितों को शिकायत करने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी। भागीरथपुरा से स्कीम 140 तक का लंबा सफर चर्चा का विषय है। HC के आदेश पर बना आयोग कर रहा जांच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच के लिए एक आयोग बनाया गया है। इस आयोग के अध्यक्ष एमपी हाईकोर्ट के रिटायर्ट जज सुशील कुमार गुप्ता हैं। आयोग किन पॉइंट्स पर जांच कर रहा?     पीने का पानी कैसे और क्यों प्रदूषित हुआ?     इसमें किस स्तर पर प्रशासन की लापरवाही हुई?     कौन-कौन लोग इसके जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?     लोगों की सेहत पर इसका क्या असर पड़ा?     कितनी जनहानि हुई?     भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या सुधार जरूरी हैं? इस मामले को लेकर आयोग ने सार्वजनिक सूचना भी … Read more

इंदौर: दूषित पानी से 32वीं मौत, भागीरथपुरा की महिला पहले से थी दूसरी बीमारियों से पीड़ित

इंदौर इंदौर की भागीरथपुरा बस्ती में दूषित पानी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक महीना बीत जाने के बाद भी यहां मौतों का सिलसिला जारी है। रविवार को बस्ती में 32वीं मौत दर्ज की गई, जिसने इलाके में दहशत और बढ़ा दी है। ताज़ा मामला 65 वर्षीय अनिता कुशवाह का है, जिन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इलाज के दौरान बिगड़ी हालत अनिता को कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया था। शुरुआत में इसे सामान्य संक्रमण माना जा रहा था, लेकिन धीरे-धीरे उनकी दोनों किडनियां खराब हो गईं। उनकी हालत इतनी नाजुक हो गई कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा, जिसके बाद उनकी स्थिति और बिगड़ती चली गई और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। बेटे नीलेश ने बताया कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। 28 दिसंबर को उल्टी-दस्त के कारण भाग्यश्री हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। दो दिन बाद डिस्चार्ज होकर घर पर लाया गया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद फिर हालत बिगड़ी। उन्हें 1 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। अरबिंदो हॉस्पिटल से उन्हें 4 जनवरी को बॉम्बे हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया था। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ती गई। हालत गंभीर होने पर किडनी फेल हो गई, जिसके चलते लगातार हेमोडायलिसिस किया जा रहा था। फिर वेंटिलेटर पर भी लिया गया। इलाज के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी आया। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि शासन की ओर से हायर सेंटर पर इलाज करवाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से मरीज को बचाया नहीं जा सका। महिला के पति मिल से रिटायर्ड हैं। परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। अनिता कुशवाह का अंतिम संस्कार आज होगा। भागीरथपुरा दूषित पानी हादसे में अब तक 32 मौतें हो चुकी हैं। इस मामले में 450 से ज्यादा मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, लेकिन दूसरी ओर तीन मरीज अब भी एडमिट हैं। इनमें से 2 आईसीयू में हैं। उनकी हालत काफी क्रिटिकल बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि बस्ती में अब तक 32 लोग जान गंवा चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में सिर्फ 16 मौतें ही दर्ज हैं। विभाग इन मौतों की मुख्य वजह डायरिया (उल्टी-दस्त) मान रहा है। बाकी की अन्य मौतों का अभी तक कोई डेथ ऑडिट नहीं किया गया है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल बस्ती के दो और मरीज अस्पताल में भर्ती हैं जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। राहत की बात बस इतनी है कि अब नए मरीजों के मिलने की रफ्तार कम हुई है और मामूली लक्षण वाले लोगों का घर पर ही इलाज चल रहा है। बस्ती में पानी का संकट अभी भी गहराया हुआ है। नगर निगम अब तक केवल 30 प्रतिशत इलाके में ही नई नर्मदा लाइन बिछा पाया है। बाकी पूरी बस्ती अब भी टैंकरों के भरोसे है। दूषित पानी के खौफ की वजह से लोग नल या टैंकर का पानी पीने से डर रहे हैं। जो लोग सक्षम हैं, वे पीने के लिए बाहर से पानी खरीद रहे हैं। 24 घंटे चालू हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अभी मरीज आ रहे हैं, लेकिन डायरिया के मरीजों की संख्या एकदम कम हो गई है। रोज एक-दो मरीज आते हैं, लेकिन उन्हें एडमिट करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। हालांकि यह केंद्र 24 घंटे खुला है और क्षेत्र में दो एम्बुलेंस भी तैनात हैं। 30 प्रतिशत हिस्से में की जा रही पानी की सप्लाई उधर, इलाके में एक दिन छोड़कर 30% हिस्से में पानी का सप्लाय जारी है। निगम का कहना है कि पानी अब साफ आ रहा है लेकिन रहवासी अभी भी आरओ और टैंकर का पानी ही उपयोग कर रहे हैं। दूसरी ओर बचे हुए 70% हिस्से की मेन पाइप लाइन का काम अंतिम दौर में है। इसके बाद यहां लीकेज टेस्ट करने के साथ सैंपल लिए जाएंगे।

पीथमपुर में बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की होगी पहचान, पुलिस ने ठेकेदारों से मांगे आधार कार्ड और बायोडाटा

पीथमपुर पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में विदेशी मजदूरों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके चलते रविवार शाम पीथमपुर थाना सेक्टर-1 में एसडीओपी धामनोद मोनिका और थाना प्रभारी ओमप्रकाश अहीर ने लेबर ठेकेदारों के साथ बैठक की। थाना प्रभारी ने सभी ठेकेदारों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों का आधार कार्ड और पूरा बायोडाटा थाने में जमा करें। उन्होंने कहा कि पुलिस हर कर्मचारी का वेरिफिकेशन करेगी। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की होगी पहचान विशेष रूप से बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान पर ध्यान दिया जाएगा। ठेकेदारों को यह प्रमाण पत्र भी देना होगा कि उनके यहां कोई बाहरी व्यक्ति काम नहीं कर रहा है। क्षेत्र में 1000 से ज्यादा उद्योग पीथमपुर में 1000 से अधिक उद्योग हैं। यहां करीब 2000 से ज्यादा लेबर कांट्रेक्टर काम करते हैं। इन उद्योगों में लगभग 2 लाख मजदूर कार्यरत हैं। प्रशासन का यह कदम क्षेत्र में अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।    

Indore’s Raja Raghuvanshi Murder: राज कुशवाहा भी अरेस्ट, सोनम के जरिए पहुंची पुलिस

इंदौर। राजा रघुवंशी हत्याकांड में पत्नी सहित 3 लोगों की गिरफ्तारी के बाद पहली बार इंदौर पुलिस का बयान सामने आया है। इंदौर एसपी ने बताया कि इस केस में राज कुशवाहा भी गिरफ्तार हो गया है। राज वही शख्स है जिसका सोनम के साथ अफेयर चल रहा था। इंदौर पुलिस ने सोनम के बारे में कहा कि पूछताछ में सब पता चल जाएगा। राजा की मां ने क्या सजा मांगी? पुलिस का आरोप है कि सोनम ने इंदौर के तीन हमलावरों को पति की हत्या के लिए हायर किया था, हालांकि सोनम के पिता ने अपनी बेटी को निर्दोष बताया है। इस मामले में मृतक राजा की मां का बयान भी सामने आया है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए हत्यारों के लिए सजा की मांग की है। राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने कहा है कि इसके जिम्मेदार लोगों को मौत की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमको जरा सी भी भनक नहीं है कि कौन था कौन नहीं था। राजा तक को भनक नहीं थी। अगर कुछ ऐसा होता तो राजा हमें बता देता। अगर राजा को सोनम ने मरवाया है तो मैं कड़ी से कड़ी सजा चाहती हूं। फांसी। इसके बाद राजा की मां ने कहा कि मैं कुछ बोलना नहीं… और फिर इतना कहते कहते रुक गईं। 23 मई को लापता हुए कपल में राजा रघुवंशी का शव सोमवार दो जून को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र में एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था, जबकि उनकी पत्नी की तलाश जारी थी। सोनम समेत तीन अन्य लोगों की गिरफ्तारी पर मेघालय मुख्यमंत्री कोनराड के सांग्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा- राजा हत्याकांड में 7 दिनों के भीतर मेघालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के रहने वाले 3 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, महिला ने आत्मसमर्पण कर दिया है और 1 अन्य हमलावर को पकड़ने के लिए अभियान अभी भी जारी है। बहुत बढ़िया।

सोनम ने प्रेमी राज से शादी न होने पर राजा को उतरवाया मौत के घाट

इंदौर। इंदौर के कपल राजा रघुवंशी की मेघालय में हत्या के बाद चौंकाने वाली बात सामने आई है। मेघायल पुलिस ने यूपी के गाजीपुर से राजा की पत्नी सोनम को पकड़ लिया है। सोनम समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मेघालय के डीजीपी आई नोंगरांग ने कहा है कि सोनम कथित तौर पर पति की हत्या में शामिल है और उसने इसके लिए मध्य प्रदेश के ही हमलावरों को सुपारी दी थी। पुलिस ने हत्या की वजह का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस हत्याकांड के पीछे ‘लव ट्राएंगल’है। पता चला है कि सोनम का अफेयर राज कुशवाहा नाम के एक शख्स से था, जबकि शादी राजा से हो गई थी। एक न्यूज चैनल के मुताबिक, अभी तक की जांच में सामने आया है कि सोनम का राज नाम के लड़के से अफेयर था और दोनों ने साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी। बताया जा रहा है कि मेघायल जाकर सोनम लगातार कुछ लोगों के साथ फोन पर संपर्क में थी और अपना लोकेशन शेयर कर रही थी। सोनम की शादी 11 मई को ही राजा के साथ हुई थी और 21 मई को दोनों हनीमून पर निकल गए थे। 2 जून को मेघायल में राजा की लाश खाई में बरामद हुई थी। मेघालय पुलिस का कहना है कि हमलावर मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, जिन्हें सोनम ने हायर किया था। राजा की हत्या के समय सोनम मौके पर मौजूद रही होगी, इसका इशारा वहां मिले जैकेट से मिलता है। वारदात वाली जगह पर सोनम की एक जैकेट मिली थी जो वह एक सीसीटीवी फुटेज में पहने दिख रही है। सीसीटीवी में राज और सोनम स्कूटी पर घूमते नजर आए थे। इसके अलावा सोनम के आसपास तीन पुरुष दिखे थे। पिता ने कहा- सोनम का संबंध नहीं सोनम के पिता ने कहा कि राज नाम का लड़का उनके साथ काम करता है। उन्होंने कहा कि उसका सरनेम कुशवाहा है या नहीं यह उन्हें पता नहीं, लेकिन राज को वह जानते हैं। हालांकि, उन्होंने सोनम और राज के बीच अफेयर की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि राज से सोनम का कोई संबंध नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम और राज की शादी दोनों की रजामंदी से हुई थी। उन्होंने राजा से शादी के लिए सोनम पर किसी तरह के दबाव की बात से इनकार किया।

इंदौर में चीन और बांग्लादेश का बॉयकॉट, इन देशों से आए कपड़े बेचने पर ‘BAN’

 इंदौर इंदौर में खुदरा वस्त्र संघ ने चीन और बांग्लादेश में बने कपड़े बेचने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है. संगठन ने फैसला किया है कि यदि कोई सदस्य दुकानदार इन देशों के कपड़े बेचता पाया गया, तो उस पर 1.11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. इंदौर खुदरा वस्त्र संघ के अध्यक्ष अक्षय जैन ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारा संगठन मानता है कि चीन और बांग्लादेश में बने कपड़ों का कारोबार भारतीय हितों के खिलाफ है. इसलिए, हमने निर्णय लिया है कि हमारे किसी भी सदस्य दुकानदार को इन देशों के कपड़े बेचते हुए पकड़ा गया, तो उस पर 1.11 लाख रुपए का जुर्माना लगेगा.” जैन ने बताया कि जुर्माने की राशि भारतीय सेना के लिए केंद्र सरकार के कोष में जमा की जाएगी. उन्होंने दावा किया कि इंदौर के 600 व्यापारियों ने अब तक इस प्रस्ताव का समर्थन किया है और चीन व बांग्लादेश में बने कपड़े न बेचने की प्रतिबद्धता जताई है. बांग्लादेश और चीन से बड़े पैमाने पर आता है कपड़ा बताया गया है कि चीन और बांग्लादेश से बड़े पैमाने पर कपड़ा आता है, जिसका अब बहिष्कार (Boycott of China Bangladesh in MP) किया जाएगा। सुभाष चौक मंदिर में भगवान हनुमान को साक्षी मानकर 600 से अधिक व्यापारियों ने इस संकल्प पर सहमति दी है। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन, राजेश जैन, पवन पंवार, पप्पी विल्सन, मिलन जैन, दीपक पंवार, चेतन डेमला, रूपेश गुप्ता, मोहन पोरवाल, सचिन सुराणा, शैलेंद्र दुबे, अंशुल मांडलिक सहित बड़ी संया में व्यापारी मौजूद थे। इस सामूहिक फैसले को लेकर सभी दुकानों पर पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें लिखा है कि हम चीन और बांग्लादेश के कपड़े नहीं बेचेंगे। पोस्टर के साथ व्यापारियों ने प्रदर्शन भी किया। डिस्ट्रीब्यूटर्स को लिखा पत्र एसोसिएशन अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि इंदौर के अलावा चीन और बांग्लादेशी कपड़ों के अन्य शहरों के डिस्ट्रीब्यूटर्स को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि अब इन देशों का कपड़ा नहीं बेचेंगे। इस मुहिम से जुड़कर केवल स्वदेशी कपड़े का व्यापार होगा, ताकि भारत की आर्थिक व्यवस्था को हम मजबूत बना सकें। किसी भी व्यापारी के पास चीन व बांग्लादेश का कपड़ा बिक्री के लिए मिलेगा तो उस पर 1.11 लाख रुपए का दंड लगाया जाएगा, जो सेना को देंगे। सभी व्यापारी इस फैसले से सहमत हैं। कपड़ा और मटेरियल होगा नष्ट एसोसिएशन ने चीन की एसेसरीज, कपड़ा और अन्य मटेरियल को नष्ट करने का भी फैसला लिया है। इसमें निकला वेस्ट नगर निगम को सौंपा जाएगा।

वर्ल्ड बैंक की टीम अब इंदौर के भिक्षावृत्ति निर्मूलन मॉडल का अध्ययन कर इसको समझने में जुटी

इंदौर  देश भर में स्वच्छता के लिए चर्चित इंदौर अब भिक्षुक मुक्त शहर के रूप में भी चर्चा में है. यहां चलाए गए भिखारी मुक्त अभियान के चलते इंदौर ऐसा करने वाला पहला शहर बन चुका है. उसके इस मॉडल को जल्द ही देश के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है. केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड और वर्ल्ड बैंक की टीम अब इंदौर के भिक्षावृत्ति निर्मूलन मॉडल का अध्ययन कर इसको समझने में जुटी है. मध्य प्रदेश के कई शहरों ने अपनाया इंदौर का मॉडल इंदौर के भिक्षुक मुक्त अभियान को अब प्रदेश के कई शहर अपना रहे हैं. उज्जैन में भिक्षुकों को धार्मिक स्थलों से हटाने के साथ उनके विस्थापन की कार्रवाई तेजी से की जा रही है. इसके अलावा भोपाल जिला प्रशासन ने भी भिक्षुक मुक्त अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत इंदौर जैसी ही कार्रवाई राजधानी भोपाल में हो रही है. देश के अन्य शहरों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सके इसके लिए वर्ल्ड बैंक और केंद्रीय समाज कल्याण विभाग की टीम इंदौर के भिक्षावृत्ति निर्मूलन मॉडल का अध्ययन कर रही है. इसके अलावा टीम उन भिक्षुकों के पास भी पहुंच रही है जो पहले भिक्षावृत्ति करते थे लेकिन अब स्वावलंबन के साथ स्वरोजगार से जुड़े हुए हैं. समाज कल्याण विभाग और वर्ल्ड बैंक अन्य शहरों के लिए भी कर रहा इस मॉडल को प्रमोट वहीं उनके बच्चे अन्य बच्चों के साथ स्कूल जा रहे हैं बल्कि उनके भविष्य सुधार की उम्मीदें भी शिक्षकों को नजर आ रही है. दरअसल देश के विभिन्न शहरों में यह समस्या है. जिसके फलस्वरूप अब इंदौर के इस मॉडल को समाज कल्याण विभाग और वर्ल्ड बैंक अन्य शहरों के लिए भी प्रमोट कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि इंदौर के इस मॉडल को जल्द ही भारत सरकार के स्तर पर अन्य शहरों में भी अपने के लिए दिशा निर्देश दिए जा सकते हैं जिससे कि देश के अन्य शहरों में भी लोगों को भिखारियों के कारण होने वाली समस्याओं से मुक्ति मिल सके सड़कों पर भीख मांगने को ही अपनी किस्मत मान चुके भिखारी को अन्य लोगों की तरह सामान्य जीवन जीने का अवसर मिल सके. केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 2024 में शुरू की भिक्षावृत्ति निर्मूलन की SMILE योजना दरअसल देश के अन्य शहरों की तरह साल भर पहले तक इंदौर में भी हर सड़क और चौराहे पर भिखारी भीख मांगते नजर आते थे. जिसकी वजह से सड़कों पर दुर्घटना और अन्य परेशानियां देखने को मिलती थी. इस बीच भारत सरकार ने देश के 9 शहरों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत भिक्षावृत्ति निर्मूलन के लिए चुना था. जिसके तहत सबसे पहले प्रयास इंदौर में शुरू हुए. इसी दरमियान 2024 में इंदौर जिला प्रशासन ने सामाजिक संस्था ‘प्रवेश’ तथा सामाजिक न्याय विभाग और महिला एवं बाल विकास की टीम के साथ ऐसी योजना तैयार की जिसमें भिखारियों का विस्थापन किया जा सके. साथ ही उनके बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थाई व्यवस्था हो सके. इसके लिए इंदौर शहर में भिक्षुकों के लिए रेस्क्यू अभियान की शुरुआत हुई. जिसके तहत इंदौर के चौराहों और सड़कों पर भीख मांगने वाले लोगों को पकड़ कर विस्थापन केंद्र भेजा जाने लगा जहां उन्हें आवास के साथ भोजन आदि की सुविधाएं उपलब्ध थी. इस दौरान अन्य राज्यों से भीख मांगने आने वाले भिखारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई. ‘प्रवेश’ की प्रमुख रूपाली जैन बताती हैं “इस अभियान में करीब 8000 भिखारियों का रेस्क्यू किया गया. उन्हें समाज सुधार केन्द्रों में भेजा गया. भिखारियों के बच्चों का आंगनबाड़ी और स्कूलों में कराया गया एडमिशन इन भिखारियों के साथ उनके करीब 1200 बच्चे थे जो शिक्षा के मौलिक अधिकार से भी दूर थे. लिहाजा सभी बच्चों का आंगनबाड़ियों और स्कूलों में न केवल एडमिशन कराया गया बल्कि उन्हें शिक्षा सामग्री, स्कूल ड्रेस और आधार कार्ड समेत अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए. इसी प्रकार सीएसआर फंड से बुजुर्ग भिखारियों का विभिन्न अस्पतालों में लाखों रुपये खर्चे से इलाज शुरू किया गया. जिन 228 भिखारियों को मानसिक बीमारी और नशे की लत थी उन्हें मानसिक रोग चिकित्सालय एवं उज्जैन के सेवा धाम आश्रम में नशा मुक्ति के लिए भेजा गया. इन भिखारियों में दो माफिया भिखारियों को जेल भेजा गया जबकि अन्य दो अपने राज्यों में लौट गए. इसी प्रकार अन्य राज्यों से माइग्रेट होकर आने वाले करीब 2000 से ज्यादा भिखारियों को सख्ती की वजह से अपने मूल स्थान पर लौटना पड़ा. इंदौर में भिखारियों की सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि देने का किया गया प्रावधान लगातार चल इस अभियान के परिणामस्वरूप फिलहाल स्थिति यह है कि इंदौर में अब किसी भी सड़क और चौराहे पर भिखारी नजर नहीं आते. इसके अलावा इंदौर जिला प्रशासन ने एक ऐसा नंबर भी जारी किया जिस पर व्हाट्सएप या अन्य माध्यम से सूचना देने पर तत्काल रेस्क्यू दल भिक्षुक को पकड़ कर उन्हें विस्थापन केंद्र भेजा जाने लगा. इसके लिए 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया. संबंधित नंबर पर जिन लोगों ने भिक्षकों की सूचना दी उन लोगों का न केवल इंदौर जिला प्रशासन ने सम्मान किया बल्कि उन्हें प्रोत्साहन राशि भी दी गई. इसके अलावा इंदौर में भिक्षावृत्ति को नागरिक संहिता 2023 की धारा 16312 के तहत नागरिक सुरक्षा अधिनियम में प्रतिबंधित किया गया. इसके बाद शहर में भीख मांगना न केवल अपराध घोषित किया गया बल्कि भीख देने वाले को भी धारा 144 के तहत गिरफ्तार करने का प्रावधान किया गया. इस प्रावधान के तहत कई लोगों के खिलाफ न केवल पुलिस प्रकरण दर्ज हुए बल्कि भिखारियों को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा. जिसके सकारात्मक परिणाम अब उजागर हो रहे हैं. फिलहाल इंदौर अब देश का पहला भिक्षुक मुक्त शहर है जो अपने आप में एक मिसाल है.

इंदौर की 56 दुकान चौपाटी पर लगाए पाकिस्तान के विरोध में पोस्टर

इंदौर  कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के प्रति लोगों का आक्रोश और बढ़ता जा रहा है। इंदौर शहर में राजवाड़ा सहित तीन मुख्य मार्गों पर लोगों ने पाकिस्तान का झंडा बनाया और इसके साथ लिखा- आतंकवादी पाकिस्तान मुर्दाबाद। सड़क पर बना पाकिस्तान का झंडा लोग रौंदते हुए निकल रहे हैं। पिग्स एंड पाकिस्तानी नाट अलाउड… इसके पहले इंदौर की 56 दुकान चौपाटी पर पाकिस्तान के विरोध में यहां के व्यापारियों ने एक पोस्टर लगाया था। यह पोस्टर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, जिसमें लिखा था- ‘पिग्स एंड पाकिस्तानी सिटीजंस नाट अलाउड एट 56 दुकान।’ पोस्टर में पाकिस्तानी सेना के जनरल की वर्दी पहना एक पिग भी बना था। हमले में इंदौर के सुशील नथानियल की हुई थी मौत पहलगाम में हुए हमले में इंदौर के सुशील नथानियल की मौत हो गई थी। वे अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे। आतंकियों ने उन्हें पकड़कर कलमा पढ़ने को कहा, जब उन्होंने कहा कि मैं क्रिश्चियन हूं, तो सीने में गोली मार दी। घटना के दौरान उनकी पत्नी और बेटी वहीं मौजूद थी। आतंकियों द्वारा की गई फायरिंग में उनकी बेटी के पैर में गोली लगी।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कचरे के बाद अब पुराने अनुपयोगी कपड़ों की प्रोसेसिंग होगी, कपड़ों से सीमेंट सहित अन्य कई उत्पाद तैयार हो सकेंगे

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में कचरे के बाद अब पुराने अनुपयोगी कपड़ों की प्रोसेसिंग हो सकेगी. लिहाजा कचरे में पाए जाने वाले कपड़ों के टुकड़ों से सीमेंट सहित अन्य कई उत्पाद तैयार हो सकेंगे. अपनी तरह के इस प्लांट से प्रतिदिन 50 टन कपड़ों की प्रोसेसिंग हो सकेगी. इससे नगर निगम की आय में भी इजाफा होगा. पुराने कपड़ों से बनेंगे उत्पाद दरअसल, इंदौर शहर में प्रतिदिन जो कचरा निकलता है, उसकी प्रोसेसिंग नेप्रा नामक एजेंसी द्वारा की जाती है. फिलहाल इस एजेंसी के पास भी कपड़ों की प्रोसेसिंग सुविधा नहीं है. यही वजह है कि शहर भर से इकट्ठा होने वाले कपड़ों के टुकड़ों को प्रोसेसिंग के लिए अलग-अलग एजेंसी को भेजना पड़ता है. इसके अलावा कचरे के निष्पादन की एजेंसियों के स्तर पर भी कपड़े के उचित प्रबंधन करने की मांग नगर निगम प्रशासन से की जा रही थी. जिसके फल स्वरुप नगर निगम प्रशासन ने अब गीले और सूखे कचरे के निस्तारण की तरह ही कपड़े से सीमेंट और अन्य कई उत्पाद बनाने के लिए एक अलग से प्लांट बनाने की तैयारी कर ली है. इंदौर नगर निगम का नया प्लान नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा के मुताबिक, ”प्लांट बनाने के लिए टेंडर के जरिए एजेंसी तय करने के बाद कपड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को दी जएगी. इस कार्य को लेकर 20 साल की समय अवधि भी दी जाएगी. कपड़े के निस्तारण से जो राशि प्राप्त होगी उसकी एक निश्चित हिस्सेदारी नगर निगम की होगी. इस प्लांट की क्षमता के मुताबिक 50 टन तक कपड़े को प्रोसेस किया जा सकेगा. मलवे से तैयार हो रहे हैं कई उत्पाद इंदौर नगर निगम द्वारा न सिर्फ गीले और सूखे कचरे से तरह-तरह के उत्पाद मीथेन और सीएनजी गैस के अलावा प्राकृतिक खाद बनाई जा रही है, बल्कि इससे नगर निगम को हर साल करोड़ों रुपए की आय भी होती है. अब नगर निगम की कोशिश है कि जो कपड़ा कचरे में पाया जाता है उसके निस्तारण के लिए भी प्लांट की स्थापना करके रॉयल्टी और आय का नया संसाधन स्थापित किया जा सके. महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि, ”हमने तय किया है कि हम सफाई को नेक्स्ट लेवल पर लेकर जाएंगे. जो घरों से, फैक्ट्रियों या अन्य स्थानों से निकलने वाला कपड़ा है. उसे कलेक्ट करके रेवेन्यू जनरेट करने का प्रपोजल तैयार किया है.”

इंदौर की सड़कों पर चलता फिरता टेंट, बारातियों ने जमकर की मस्ती,सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा

इंदौर  भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए इंदौर से एक राहत भरी और बेहद दिलचस्प खबर सामने आई है। खजराना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में बारात को लेकर जो अनूठा इंतजाम किया गया, उसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। शादी में शामिल मेहमानों को गर्मी से बचाने के लिए पटेल परिवार ने एक ऐसा उपाय किया, जिससे देखकर आप भी तारीफ करेंगे। चलते-फिरते टैंट ने खींचा सबका ध्यान इस बारात की खास बात यह रही कि इसमें एक चलता-फिरता टेंट लगाया गया, जो बारात के साथ-साथ आगे बढ़ता रहा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज़ धूप में निकली बारात के ऊपर एक बड़ा तंबू लगाया गया है, जो बारातियों को चिलचिलाती धूप से राहत दे रहा है। इस टेंट के नीचे न केवल बाराती चल रहे हैं, बल्कि दूल्हा भी घोड़ी पर सवार होकर उसी के अंदर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर धड़ाधड़ शेयर हो रहा वीडियो यह दृश्य लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि वे सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर कर तारीफों के पुल बांध रहे हैं। कई लोग तो कह रहे हैं। अब शादी में जाना है तो ऐसी ही बारात में। 40 पार कर गया तापमान बता दें कि इस समय देश के अनेक हिस्सों में लू और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दिन में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ऐसे में विवाह समारोहों में मेहमानों की उपस्थिति भी कम हो रही है। लेकिन इंदौर के पटेल परिवार ने अपने मेहमानों को इस तपती गर्मी से बचाने के लिए नायाब इंतज़ाम किया। इससे पहले वायरल हुए थे चलित कूलर इससे पहले भी इंदौर में एक होटल व्यवसायी ने अपनी शादी में चलित कूलरों का इंतज़ाम कर गर्मी से निपटने का अनोखा तरीका अपनाया था। अब इस चलित टेंट वाली बारात ने फिर साबित कर दिया कि इंदौर न केवल सफाई में नंबर वन है, बल्कि नवाचार और स्मार्ट सोच में भी अव्वल है।

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना के लिए 120 बीघा जमीन की सहमति मिल चुकी

इंदौर  एमपी में इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के किसान जमीन देने पर सहमत होते जा रहे हैं। बीते दिन दो विधायकों और जमीन मालिकों के साथ एमपीआइडीसी की बैठक हुई। मौके पर ही कुछ जमीन मालिकों ने करीब 40 बीघा जमीन देने के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। अब तक 120 बीघा जमीन देने पर सहमति बन गई है।  एमपीआइडीसी के ऑफिस में हुई बैठक में विधायक उषा ठाकुर, मधु वर्मा और इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के 50 से अधिक जमीन मालिक व किसान मौजूद थे। प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन देकर कई लोगों की शंका का समाधान किया गया। सवाल किया गया कि यह कब पूरा होगा तो एमपीआइडीसी के कार्यकारी डायरेक्टर राजेश राठौड़ ने बताया कि जमीन मिलने के बाद दो साल में प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। पहली बार सरकार 60 फीसदी विकसित भूखंड किसी योजना में दे रही है। कॉरिडोर के तैयार होने से क्षेत्र और इंदौर के विकास को नई उड़ान मिलेगी। बच्चों को रोजगार मिलेगा। समय पर पूरी होने की उम्मीद एमपीआईडीसी के कार्यकारी डायरेक्टर राजेश राठौड़ ने बैठक में जमीन मालिकों के हर सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि यह परियोजना तय समय सीमा में पूरी होगी, जिससे किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही, उन्हें मिलने वाले विकसित भूखंडों का उपयोग वे तुरंत शुरू कर सकेंगे। जमीन मालिकों ने भी इस बात पर संतोष जताया कि परियोजना समय पर पूरी होने की उम्मीद है। मिलेंगे रोजगार के अवसर उनका कहना था कि इससे उन्हें न सिर्फ आर्थिक लाभ होगा, बल्कि उनके बच्चों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। किसानों का कहना है पहले डर था कि जमीन चली जाएगी और बदले में जो मिलेगा, वो पर्याप्त नहीं होगा, लेकिन अब स्थिति साफ हो गई है, और अब जब हमें 60त्न विकसित प्लॉट मिलने की गारंटी दी जा रही है, तो हम इस परियोजना का हिस्सा बनने को तैयार हैं। समय पर दर्ज कराएं सहमति राजेश राठौड़ ने कहा हमारा लक्ष्य किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस परियोजना को मूर्त रूप देना है। यह एक ऐसा मॉडल है, जिसमें किसान न केवल अपनी जमीन का उचित प्रतिफल प्राप्त करेंगे, बल्कि औद्योगिक विकास के साझेदार भी बनेंगे। इसलिए समय रहते अपनी सहमति दर्ज कराएं और इस ऐतिहासिक परिवर्तन का हिस्सा बनें।  जिला प्रशासन द्वारा भी इस परियोजना को सफल बनाने के लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है। ग्राम रिजलाय में एसडीएम राऊ गोपाल वर्मा ने एक अलग बैठक ली, जिसमें कई जमीन मालिक शामिल हुए। इस बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई और किसानों ने परियोजना के प्रति उत्साह दिखाया। प्रशासन का यह प्रयास है कि हर किसान की सहमति बिना किसी दबाव के, उनकी मर्जी से ली जाए। सरकार और प्रशासन का पूरा समर्थन बैठक में महू विधायक उषा ठाकुर ने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की हर मांग को पूरा किया है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि जमीन देने वाले किसानों को 60 फीसदी विकसित प्लॉट मिलेगा। यह योजना स्वर्णिम भारत के निर्माण का एक कदम है। उद्योगीकरण आज की जरूरत है और इसके जरिए हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसानों की छोटी-छोटी शंकाओं का समाधान करने के लिए प्रशासन और एमपीआईडीसी के अधिकारी हर कदम पर उनके साथ हैं। राऊ विधायक मधु वर्मा भी इस मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने परियोजना को क्षेत्र के लिए अतिमहत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह परियोजना न सिर्फ क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि किसानों के लिए भी आर्थिक समृद्धि का नया द्वार खोलेगी। जिस गांव में जमीन वहीं मिलेंगे प्लॉट पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर 19.6 किलोमीटर लंबी और 75 मीटर चौड़ी सडक़ के दोनों ओर 300-300 मीटर के बफर जोन में विकसित की जाएगी। इसमें 17 गांवों- नैनोद, कोर्डियाबर्डी, रिजलाय, बिसनावदा, नावदापंथ, श्रीरामतलावली, सिन्दोड़ा, सिन्दोड़ी, शिवखेड़ा (रंगवासा), नरलाय, मोकलाय, डेहरी, सोनवाय, भैंसलाय, बागोदा, धन्नड़ और टिही की कुल 1331 हेक्टेयर जमीन शामिल है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2410 करोड़ रुपये है और इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे विकास कार्य में कोई बाधा न आए। किसानों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि उन्हें अपनी जमीन के बदले 60त्न विकसित भूखंड मिलेंगे। ये भूखंड फ्री होल्ड होंगे, यानी किसान इनका पूरा मालिकाना हक रख सकेंगे। ये भूखंड यथासंभव उसी गांव में आवंटित किए जाएंगे, जहां उनकी मूल जमीन स्थित है। इससे किसानों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का मौका मिलेगा और वे इन भूखंडों का उपयोग आवास, व्यवसाय या बिक्री के लिए कर सकेंगे। सहमति देने की प्रक्रिया जमीन मालिक अपनी सहमति एमपीआईडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय, इंदौर में जमा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें निर्धारित प्रारूप में दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसकी पावती उन्हें दी जाएगी। सहमति मिलने के बाद एमपीआईडीसी और राजस्व विभाग की टीम जमीन का भौतिक निरीक्षण करेगी और इसके आधार पर रजिस्ट्री एमपीआईडीसी के पक्ष में होगी। रजिस्ट्री से पहले किसानों को यह शपथ-पत्र देना होगा कि उनकी जमीन पर कोई विवाद या ऋ ण नहीं है। यदि जमीन पर ऋण है, तो संबंधित बैंक से नो-ड्यूज सर्टिफिकेट देना होगा। रजिस्ट्री के बाद किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार भूखंड आरक्षित कर सूचित किया जाएगा और परियोजना पूरी होने पर इनका कब्जा और रजिस्ट्री उनके नाम होगी। समस्या आई तो हम रहेंगे साथ विधायक ठाकुर ने किसानों से कहा कि औद्योगीकरण आज की जरूरत है और इसके जरिए युवाओं को रोजगार मिलेगा। किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए हमेशा खड़ी हूं। वर्मा ने योजना को क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगी। दावे-आपत्तियों का अंतिम निराकरण कॉरिडोर को लेकर एमपीआइडीसी ने दावे-आपत्ति बुलाए थे, जिसमें 700 लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई थी। पहले चरण में सभी दावे-आपत्तियों को सुना गया था। अब सरकार 60 फीसदी विकसित भूखंड देकर जमीन ले रही है तो बड़ी संख्या में किसान जमीन देने को राजी हो गए हैं। मंगलवार को आपत्तिकर्ताओं की आखिरी सुनवाई होगी। बताया गया है कि कुछ कॉलोनाइजरों की भी जमीन है और वे अड़े हुए हैं।

इंदौर में बढ़ रही जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं, अभियान में 35 हजार ओरल कैंसर और 10,768 सवाईकल कैंसर से पीड़ित पाए गए

इंदौर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए निरोगी काया अभियान के तहत कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस अभियान में 5 लाख 90 हजार से अधिक इंदौरियों की जांच की गई, जिसमें 62 हजार से अधिक लोग ब्लड प्रेशर और 45 हजार से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित पाए गए। इसके अलावा, 17,156 लोगों को दोनों ही बीमारियां यानी उच्च रक्तचाप और शुगर एक साथ पाई गईं। इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि इंदौर में लोग अव्यवस्थित खान-पान और फास्टफूड के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इंदौर में बढ़ रही जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं इंदौर जैसे खाने-पीने के शौक़ीन शहर में अब स्वास्थ्य समस्याएं भी तेजी से बढ़ने लगी हैं। तला-भुना और फास्टफूड खाने के कारण युवाओं में ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। निरोगी काया अभियान के आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि 10 प्रतिशत से अधिक लोग उच्च रक्तचाप, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। यह चौंकाने वाली बात है कि इन बीमारियों से प्रभावित कई लोग अब भी इससे अनजान हैं और समय रहते उपचार नहीं करा रहे हैं। निरोगी काया शिविर और जांच अभियान स्वास्थ्य विभाग द्वारा केंद्र सरकार की पहल पर चलाए गए इस निरोगी काया अभियान के तहत जिला अस्पताल और संजीवनी क्लिनिकों पर जांच शिविर लगाए गए। इन शिविरों में यह पाया गया कि अनियमित खानपान और इंदौरियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी के कारण युवाओं में नॉन-एल्कोहोलिक फेटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 21 प्रतिशत लोगों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए। 26,727 व्यक्तियों की जांच में लगभग 10 प्रतिशत लोग इस समस्या से पीड़ित थे, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान निरोगी काया अभियान में मुंह के कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के भी मामले सामने आए हैं। अभियान के दौरान 35 हजार लोग ओरल कैंसर और 10,768 लोग सवाईकल कैंसर से पीड़ित पाए गए। इनमें से 1500 से अधिक मरीजों को अन्य गंभीर जांचों के लिए भेजा गया। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि इंदौर में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी के कारण गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं और समय रहते उनका इलाज न करने से ये बीमारियां खतरनाक रूप ले सकती हैं।  

इंदौर में हुई 36 मौतों में कोई दोषी नहीं, मामले में ट्रस्ट के दोनों पदाधिकारी बरी

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 2 साल पहले हुए चर्चित बेलेश्वर बावड़ी हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। 100 से अधिक लोगों में 36 लोगों की जान जान जाने का दर्दनाक हादसा हुआ था। हादसे में महादेव झूलेलाल मंदिर न्यास के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी को 22 मार्च 2024 को पुलिस ने अरेस्ट किया था। इस हादसे की दूसरी बरसी के कुछ दिनों बाद ही इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत दर्ज शिकायत में अरेस्ट हुए अध्यक्ष और सचिव को कोर्ट से बरी कर दिया है। एक साल तक चले ट्रायल के बाद गुरुवार को जिला कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। साथ ही पुलिस पर सही से जांच नहीं करने की बात कही। 33 लोगों की हुई गवाही बावड़ी हादसे में गलानी और सचवि सबनानी के लिए वकील राघवेंद्र सिंह बैस ने केस लड़ा। इस मामले में सुनवाई के दौरान 33 गवाह पेश किए गए। सुनवाई में यह सामने आया कि आसपास रहने वालों के साथ ही अन्य लोगों को भी यह नहीं पता था कि नीचे बावड़ी है। इन हालातों में मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की कोई गलती नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में अध्यक्ष और सचिव को बिना वजह आरोपी बनाया गया। इस बारे में जानकारी देते हुए बचाव पक्ष के एक वकील राघवेंद्र सिंह बैस ने मीडिया कर्मियों को बताया कि इस केस का फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सुनाया, जिन्होंने बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी को भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), धारा 323 (जान-बूझकर चोट पहुंचाना) और धारा 325 (जान-बूझकर गंभीर चोट पहुंचाना) के आरोपों से मुक्त कर दिया। उन्होंने कहा,‘अदालत ने मेरे दोनों मुवक्किलों को सबूतों के अभाव में आरोपों से बरी किया।’ बैस के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने उनके दोनों मुवक्किलों पर आरोप साबित करने के लिए अदालत में कुल 33 गवाह पेश किए थे जिनमें कुछ सरकारी अधिकारी भी थे। बचाव पक्ष के वकील बैस ने बताया कि गवाहों में शामिल इंदौर विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने अदालत में बयान दिया कि हादसे से जुड़ी बावड़ी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान इंदौर नगर निगम के कर्मचारियों ने भी इस बावड़ी को लेकर अनभिज्ञता जताई, जबकि निगम का एक कार्यालय घटनास्थल के एकदम पास स्थित है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर का फर्श 30 मार्च 2023 को रामनवमी के मौके पर हो रहे हवन-पूजन के दौरान ढह गया था। इस दौरान फर्श के नीचे बनी बावड़ी में गिरकर 21 महिलाओं और दो बच्चों समेत 36 लोगों की जान चली गई थी। प्रशासन ने हादसे के चार दिन बाद 3 अप्रैल 2023 को बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर के देवी-देवताओं की मूर्तियां अन्य देवस्थान में पहुंचाई थीं। इसके बाद आम लोगों की सुरक्षा का हवाला देते हुए बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर को ढहा दिया था। और भीषण हादसे की गवाह रही बावड़ी को मलबा डालकर हमेशा के लिए बंद कर दिया था।  

मास्टर प्लान की सड़कें शहर के यातायात को संभालने में असमर्थ, नई सड़कों और ब्रिज की आवश्यकता, तेजी से काम करना होगा

इंदौर  मास्टर प्लान के तहत बनने वाले मेजर रोड में हुई देरी का खामियाजा लंबे समय तक शहरवासियों को भुगतना पड़ेगा। 17 पहले बनी योजना के तहत बन रही ये सड़कें भी अब शहर का यातायात संभालने में सक्षम नहीं होंगी। एजेंसियों को नई सड़कों के साथ चौराहों पर ब्रिज और रिंग रोड की योजना पर भी तेजी से काम करना होगा। इधर मास्टर प्लान के तहत सड़कों का निर्माण अधूरा होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खोदी गई सड़कें यातायात को कर रही बाधित सड़कों का काम समय पर पूर्ण नहीं होने से लाखों लोग रोजाना जाम में फंस रहे हैं। इससे समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। अधूरी और खोदी हुई सड़कें यातायात को बाधित कर रही हैं। इनकी वजह से रोज हादसे हो रहे हैं। जिन सड़कों का निर्माण शुरू किया गया है, उनका काम भी धीमी गति से जारी है। ऐसे में लोगों को धूल और गड्ढों के कारण परेशान होना पड़ रहा है। जिन सड़कों पर काम हुआ, वह भी टुकड़ों-टुकड़ों में बनी हैं और आधी-अधूरी हालत में छोड़ दी गई हैं। एमआर-5, एमआर-11 और एमआर-12 जैसी प्रमुख सड़कों की लागत अब कई गुना बढ़ गई है। देरी से बढ़ गई निर्माण लागत मास्टर प्लान की प्रमुख सड़कें दशकों तक नहीं बनने के कारण निर्माण लागत बढ़ गई है। कई लोगों को अन्य स्थानों पर विस्थापित करना पड़ेगा। एमआर-3 की निर्माण लागत शुरुआत में 34 करोड़ थी, जो अब 50 करोड़ के पार पहुंच गई है। एमआर-4 की लागत भी 55 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। एमआर-11 को बनाने में 75 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। एमआर-12 को बनाने में 200 करोड़ से अधिक की राशि खर्च हो रही है। अन्य शहरों को जाने वाले वाहन शहर में करते हैं प्रवेश एमआर-11 और एमआर-12 का निर्माण पूरा नहीं होने से भोपाल और अन्य शहरों से आने वाले वाहनों को उज्जैन रोड जाने के लिए शहर में प्रवेश करना पड़ता है। वर्तमान में इन वाहनों का सर्वाधिक दबाव एमआर-10 पर है। यदि एमआर-11 बन गया होता तो बायपास से वाहन एबी रोड पहुंच सकते थे। एमआर-12 के बनने से वाहनों को एबी रोड और उज्जैन रोड तक की सीधी कनेक्टिविटी मिलने लगती। इन दोनों सड़कों के अधूरे होने से अभी विजय नगर क्षेत्र में वाहनों का खासा दबाव देखा जाता है। इनका निर्माण हुआ शुरू, लेकिन कई बाधाएं -एमआर-4 : रेलवे स्टेशन और आइएसबीटी को जोड़ने वाली इस सड़क पर कई निर्माण सड़क पर आ रहे हैं। – एमआर-5 : इंदौर वायर से बड़ा बांगड़दा तक बनने वाली सड़क पर भी लक्ष्मीबाई मंडी के आगे सुपर कारिडोर की तरफ कई अतिक्रमण हैं। – एमआर-11 : बायपास से एबी रोड तक बनने वाली इस सड़क पर कई अतिक्रमण हैं। इस सड़क का समय पर निर्माण नहीं होने से कई विकास अनुमतियां जारी हो गईं। अब इसका सर्वे कर नया लेआउट तय किया जा सकता है। – एमआर-12 : बायपास से एबी रोड होते हुए उज्जैन रोड को जोड़ने वाली सड़क पर बाधाएं हैं। गत दो साल से टुकड़ों में इसका निर्माण किया जा रहा है। कैलोदहाला कांकड़ पर 100 से ज्यादा घरों की बाधा है। इनको विस्थापित करने पर विचार किया जा रहा है। टुकड़ों- टुकड़ों में बनाया     मास्टर प्लान की प्रमुख सड़क एमआर-11 को बनाने का काम शुरू हो चुका है। दो साल में इसे पूरा कर लिया जाएगा। एमआर-12 का चार किमी हिस्सा टुकड़ों-टुकड़ों में बनाया जा चुका है। शेष सड़क का काम जारी है। कान्ह नदी पर पुल का काम शुरू हो चुका है। जल्द ही कैलोदहाला रेलवे क्रासिंग पर आरओबी का काम शुरू किया जाएगा। सिंहस्थ तक इस सड़क को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। – आरपी अहिरवार, सीईओ, आईडीए सड़कों के लिए राशि आवंटित हुई     मास्टर प्लान की कुछ सड़कों का काम शुरू हो गया है और कुछ का काम जल्द शुरू होगा। हमारा लक्ष्य सिंहस्थ से पहले मास्टर प्लान की सभी सड़कों को तैयार करने का है। हमें पूरा विश्वास है कि हम लक्ष्य हासिल कर लेंगे। सड़कों को चार पैकेज में करने का उद्देश्य भी यही है। सड़कों के लिए राशि आवंटित हो चुकी है। कार्यादेश भी जारी हो गए हैं। ऐसे में दिक्कत नहीं आएगी। – शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त इंदौर    

कोर्ट ने कहा ट्रैफिक जाम की स्थिति हर कहीं बनती, इसके लिए नगर निगम के जनहित में लिए गए फैसले पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता

इंदौर  शहर की छप्पन दुकान के मामले में मंगलवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. यहां 56 दुकान के सामने बने बगीचे व अन्य व्यवस्थाओं को हटाकर ट्रैफिक शुरू करने के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि ट्रैफिक जाम की स्थिति हर कहीं बनती है, इसके लिए नगर निगम द्वारा जनहित में लिए गए फैसले पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता. क्या है 56 दुकान ट्रैफिक जाम का मामला? दरअसल, इंदौर हाई कोर्ट में 56 दुकान के सामने मौजूद कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के दुकान संचालकों ने ये याचिका दायर की थी. इंदौर हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि 56 दुकान के सामने बनाए गए बगीचे व बैठक व्यवस्था ट्रैफिक संचालन में बाधा है और इसे हटाकर ट्रैफिक शुरू किया जाए. इंदौर हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद दुकान संचालक की याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रैफिक जाम दुनिया के लिए कोई नई बात नहीं है. अगर वाहनों को एमजी रोड से 56 दुकान क्षेत्र की ओर मोड़ा गया तो बड़ी समस्या हो सकती है. निगम के काम में हस्तक्षेप नहीं करेगा कोर्ट कोर्ट ने आगे कहा, ” वर्तमाम में एमजी रोड से 56 दुकान में वाहनों को जाने की अनुमति नहीं है. कई वाहन एमजी रोड पर रुकते हैं या पार्क किए जाते हैं, जिससे जाम लगता है. नगर निगम उस जगह बैरिकेडिंग का निर्णय सुविचार और सार्वजनिक हित में लिया गया है, इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है.” इस मामले में इंदौर नगर निगम की ओर से अधिवक्ता कमल एरन ने पैरवी की. उन्होंने कोर्ट के समक्ष विभिन्न तर्क रखे, जिसके बाद कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों द्वारा लगाई गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया. क्या है 56 दुकान? दरअसल, इंदौर में 56 दुकान एक तरह की चौपाटी है. यहां देश और दुनिया के तमाम तरह के व्यंजन चखने मिल जाते हैं. फूडी, ट्रैवलर्स और लोकल लोगों के बीच छप्पन दुकान काफी लोकप्रिय है. छप्पन दुकान का नाम यहां मौजूद 56 दुकानों की वजह से पड़ा. यहां 100 से ज्यादा वैरायटी का स्वादिष्ट खाना व फास्ट फूड लोगों को मिलता है, यही वजह है कि यहां सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक रौनक रहती है और अब यह इंदौर की पहचान भी बन चुका है.

इंदौर में रात के समय शहर की सड़कों और स्थानों को साफ किया जा रहा

 इंदौर इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण बीते तीन दिन से जारी है। चार दिन तक शहर में टीम रहेगी और अलग-अलग पैमानों पर स्वच्छता को परखा जाएगा। पिछले साल तीन दिन में ही टीम रवाना हो गई थी, लेकिन इस बार इंदौर को स्वच्छता की प्रीमियर लीग में शामिल किया गया है, इसलिए बारिकी से मुआयना किया जा रहा है। नगर निगम के अफसरों को पूरी उम्मीद है कि इस बार भी इंदौर स्वच्छता में पहले पायदान पर होगा, लेकिन ज्यादातर शहरवासी मान रहे है कि बीते साल वर्षों की तुलना में इस साल सफाई व्यवस्था थोड़ी कमजोर हुई है। इंदौर में रात के समय शहर की सड़कों और स्थानों को साफ किया जा रहा है, ताकि सुबह जब टीम सफाई व्यवस्था देखने निकले तो उन्हें शहर साफ नजर आए। इंदौर की स्वच्छता को दस पैमानों पर आका जा रहा है। इसमें शहर की सड़कों की सफाई, कचरा संग्रहण व्यवस्था, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन, सीवरेज के पानी का पुर्नउपयोग, सफाईकर्मियों के उत्थान के लिए होने वाले काम और सबसे महत्वपूर्ण शहरवासियों का फीडबैक है। दिल्ली से आई टीम शहर की बस्तियों, आवासीय क्षेत्रों के अलावा ट्रेंचिंग ग्राउंड, गोबरधन प्लांट को भी देखेंगी। टीम सुबह के समय घूम रही है, जब घर-घर जाकर वाहन कचरा लेने जाते है। इंदौर की सबसे बड़ी ताकत डोर टू डोर कलेक्शन इंदौर की सफाई की सबसे बड़ी ताकत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन है। शहर में पांच तरीकों से कचरा घरों से लिया जाता है। ज्यादातर शहरों में यह व्यवस्था ही ठीक नहीं हो पाई है। इंदौर में सात साल पहले इसके दम पर ही स्वच्छता रैंकिंग में पहला पुरस्कार पाया था।   वर्ष 2017 में तत्कालीन मेयर मालिनी गौड़ ने शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने की कोशिश की थी। उन्हें साथ मिला भोपाल नगर निगम आयुक्त से तबादला होकर आए मनीष सिंह का। उन्होंने सबसे पहले इंदौर को खुले में शौच से मुक्त करने पर जोर दिया। जगह-जगह शौचालय बनवाए। इसके बाद शहर के कुछ वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था लागू की। कचरा उठाने वाली एटूझेड कंपनी का ठेका निरस्त किया और सफाईकर्मियों ने व्यवस्था संभाली। फिर पूरे वार्ड में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन होने लगा और शहर से कचरा पेटियां हटा ली गई। शहर साफ रहने लगा और इंदौर वर्ष 2017 की स्वच्छता रैंकिंग में पहले स्थान पर था। इसके बाद छह बार फिर इंदौर को पुरस्कार मिला बेकलन में गंदगी सबसे बड़ी कमजोरी इंदौर की बेकलेन में कचरा डालने की सिलसिला फिर शुरू हो गया। पहले स्पाॅट फाइन के चक्कर में लोग कचरा फेंकने से डरते थे, लेकिन अब फिर कचरा नजर आने लगा है। इसके अलावा फूल-पत्तियों का कचरा भी परेशानी बना हुआ है। सूखे पत्ते, फूल सड़कों पर फैले रहते है। यह कचरा दिनभर इधर-उधर उड़ता रहता है।

इंदौर में ग्रीन बेल्ट की जमीन की गाइडलाइन का अलग से निर्धारण होगा

इंदौर   इंदौर में कलेक्टर गाइडलाइन लगभग तैयार हो चुकी है। इस पर पंजीयन विभाग ने दावे-आपत्तियों को मंगाया था। डेढ़ सौ से अधिक आपत्तियां  आई है। जिसका निराकरण किया जा रहा है। इसके बाद गाइडलाइन का प्रारुप राज्य सरकार को भेजा जाएगा। 1 अप्रैल ले नई कलेक्टर गाइड लाइन तैयार हो जाएगी। इंदौर में 3200 लोकेशनों पर गाइडलाइन बढ़ाई जा रही है, जबकि 240 नई काॅलोनियों को गाइडलाइन के दायरे में लिया गया है। इस बदलाव से प्राॅपर्टी के कीमतों में भी वृद्धि होगी। सालभर हुए सौदों के आधार पर गाइडलाइन में बदलाव किया गया। इंदौर में सबसे ज्यादा तेजी खंडवा रोड़ और उज्जैन रोड़ पर देखने को मिली है। खंडवा रोड पर फोरलेन निर्माण हो रहा है, जबकि इंदौर उज्जैन रोड पर छह लेन बन रहा है। इंदौर में बड़े ग्रुप भी रियल इस्टेट सेक्टर में आ चुके है। 32 लोकेशनों के ज्यादातर इलाके शहरी सीमा से सटे है। इनमे बाइपास, सुपर काॅरिडोर, गांधी नगर जैसे क्षेत्र शामिल है। ग्रीन बेल्ट की जमीन की गाइडलाइन का अलग से निर्धारण पंजीयन विभाग के पास अलग-अलग तरह की आपत्तियां आई है। कुछ आपत्तियां ग्रीन बेल्ट को लेकर भी है। जिसमें कहा गया है कि ग्रीन बेल्ट की जमीनों के ज्यादा सौंदे नहीं होते है। इसकी गाइडलाइन का निर्धारण अलग से किया जाना चाहिए। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन की खरीदी बिक्री में छूट को बहाल करने की मांग भी की गई है। मास्टर प्लान में 89 गांवों को जोड़ा गया है। वहां भी प्राॅपर्टी गाइडलाइन में बदलाव हुए है। इंदौर में कुछ लोकेशनों पर 30 से लेकर 40 प्रतिशत तक गाइड लाइन बढ़ाई गई है। इंदौर एक में 531,इंदौर दो में 596, इंदौर तीन में 658, इंदौर चार में 425, महू में 429, सांवेर में 348,देपालपुर में 329 लोकेशनो पर गाइडलाइन बदली है। अब समिति के इस प्रस्ताव को प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही एक अप्रैल से नई गाइडलाइन के हिसाब से पंजीयन विभाग में रजिस्ट्रियां होगी।

इंदौर में निगम अमले ने पहले तीन मंजिला बिल्डिंग पर बनाए पेंटा हाउस को तोड़ा, फिर तल मंजिल पर किए गए अवैध निर्माण को हटाया

इंदौर इंदौर के धार कोठी क्षेत्र में नगर निगम ने गुरुवार सुबह अवैध निर्माण हटाया। मौके पर पहुंचे अमले ने पहले तीन मंजिला बिल्डिंग पर बनाए गए अवैध पेंटा हाउस को तोड़ा, फिर तल मंजिल पर किए गए अवैध निर्माण को हटाया। एक माह पहले भवन मालिक को नगर निगम ने स्वेच्छता से अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा था, लेकिन तय समय के बावजूद निर्माण नहीं तोड़ा गया, इसलिए गुरुवार सुबह रिमूवल गैंग ने मौके पर पहुंच कर निर्माण तोड़ दिया। नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा से इस बिल्डिंग को लेकर जी प्लस थ्री के निर्माण की अनुमति मिली थी, लेकिन आगे एमअेाएस को कवर कर लिया गया था और छत पर पेंटा हाउस भी बना लिया गया था। जिस इलाके में तीन मंजिल भवन बनाया गया है। वह आवासीय है, लेकिन यहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थी। इसे लेकर भी पवित्र आत्मा संघ की अध्यक्ष गीता जोसेफ को नोटिस दिया था, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं की गई। इस इलाके में कुछ अन्य भवनों में भी नक्शे के विपरित निर्माण हुआ है। निगम की तरफ से उन भवनों को भी नोटिस जारी हुए है।

इंदौर के रंग पंचमी में उमड़ी लाखों की भीड़, विदेशी पर्यटक भी बने हिस्सा, सड़कें 38 मिनट में साफ, निगम ने किया करिश्मा

इंदौर  मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर की पहचान देश के सबसे साफ सुथरे शहर के तौर पर है, यह बात एक बार फिर रंगपंचमी के दिन निकली गेर के बाद जाहिर भी हो गई। यहां गेर में शामिल लगभग पांच लाख लोगों ने होली खेली, इसके बाद सड़कों पर बिखरी गंदगी को नगर निगम के अमले ने महज 38 मिनट में साफ कर दिया। रंग पंचमी के मौके पर राजवाड़ा क्षेत्र में निकली गेर में लगभग 5 लाख लोग शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्र में रंग-गुलाल, चप्पल, जूते, प्लास्टिक की थैलियां, कपड़े आदि से कचरा और गंदगी हो गई। जब गेर समाप्त हुई, तब राजवाड़ा क्षेत्र में चारों ओर कचरा ही कचरा दिखाई दे रहा था। चारों ओर कचरा, जूते, चप्पल, कपड़े, प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें, धूल, मिट्टी पड़ी हुई थी। नगर निगम के अमले ने आज फिर से यहां की सफाई को चुनौती के रूप में लिया। नगर निगम के अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा की देखरेख में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय द्वारा राजवाड़ा क्षेत्र और आसपास की गलियों में सफाई का अभियान प्रारंभ किया गया। मौके पर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया भी सफाई कर्मियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे। नगर निगम के सफाई कर्मी वाकई सम्मान के पात्र हैं कि उन्होंने राजवाड़ा क्षेत्र की सफाई मात्र 38 मिनट में पूरी कर ली। रंगपंचमी के मौके पर व्यापारिक नगरी में गेर निकलती है रंगपंचमी के मौके पर व्यापारिक नगरी में गेर निकलती है और इसमें शामिल लाखों लोग अबीर-गुलाल और रंगों से जमकर होली खेलते हैं। यह आयोजन देश और दुनिया में अपने तरह का आयोजन है। यहां वाहनों पर मोटर रखकर रंग और गुलाल खूब उड़ाया जाता है और यह नजारा बुधवार को भी देखने को मिला। कोई भी ऐसा नहीं था जो रंग से बचा हो। मंत्री विजयवर्गीय और मंत्री तुलसी सिलावट ने गेर में भाग लिया। इस बार फाग यात्रा में विशेष रूप से झांकियां भी शामिल की गईं। इन झांकियों में ब्रज की प्रसिद्ध लट्ठमार होली, रासरंग और श्रीकृष्ण की झांकी प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरकर सामने आईं। इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए इंदौर के लोग छतों पर बैठने के लिए पहले से ही बुकिंग करवा चुके थे। फाग यात्रा में मंत्री तुलसी सिलावट और विधायक मालिनी गौड़ भी शामिल हुईं। वहीं, संगम कॉर्नर की गेर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय रथ पर सवार होकर यात्रा में भाग ले रहे थे। सीएम यादव गेर में नहीं हुए शामिल इंदौर की गेर धूमधाम से मनाई गई । लेकिन, अब इसमें सीएम मोहन यादव शामिल नहीं हुए । जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर एयरपोर्ट से सीधे  उज्जैन के लिए रवानाहुए । टोरी कॉर्नर पर हुए हादसे के कारण उन्होंने गेर में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।   तीन बेहोश हुए, अस्पताल भेजा गेर में लाखों लोग मौजूद हैं। इससे कुछ लोगों की तबीयत भी बिगड़ रही है। अधिक भीड़ के कारण गेर में शामिल तीन लोग बेहोश होकर सड़क पर गिर गए। जिन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया।   गैर में छाया भगवा रंग गेर के दौरान राजवाड़ा में एक हादसा भी हो गया। ट्रैक्टर का पहिया एक 45 वर्षीय शख्स के पेट के ऊपर से निकल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इंदौर में जहां-जहां से गेर गुजरी, वहां रंग और कीचड़ हो गया था। गेर निकलने के बाद नगर निगम के अमले ने आज फिर से यहां की सफाई को चुनौती के रूप में लिया। नगर निगम के अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा की देखरेख में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय द्वारा राजवाड़ा क्षेत्र और आसपास की गलियों में सफाई का अभियान प्रारंभ किया गया। मौके पर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया भी सफाई कर्मियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे। नगर निगम के सफाई कर्मी वाकई सम्मान के पात्र हैं कि उन्होंने राजबाड़ा क्षेत्र की सफाई मात्र 38 मिनट में पूरी कर ली। गेर के दौरान टैंकर की चपेट में आने से युवक की मौत वहीं, इंदौर के राजवाड़ा पर रंगपंचमी की गेर के दौरान एक हादसा भी हो गया। यहां एक युवक टैंकर की चपेट में आ गया। टैंकर का पहिया उसके पेट से गुजर गया। उसे एम्बुलेंस की मदद से एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने टैंकर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। मृतक की पहचान सनी मौर्य (उम्र 24 वर्ष) निवासी रुक्मिणी नगर के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुआ तो उसके दोस्त राहुल सेन ने उसे पहचान लिया। राहुल ने यह खबर उसकी मां को दी और वे तत्काल एमवाय अस्पताल के पोस्टमॉर्टम रूम पहुंचे।  

अब चंदन नगर चौराहे पर बनेगा फ्लाई ओवर, ट्रैफिक का दबाव होगा काम, जाम से मिलेगी निजात

 इंदौर  इंदौर के गंगवाल बस स्टैंड से चंदन नगर चौराहा होते हुए धार रोड आना-जाना किसी मुसीबत से कम नहीं है। यहां दिनभर ट्रैफिक का दबाव रहता है और कई बार जाम लगता है। यह समस्या जल्द हल होने वाली है, क्योंकि चंदन नगर चौराहे पर फ्लाई ओवर बनेगा। महापौर के प्रस्ताव पर इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ब्रिज का फिजिबिलिटी सर्वे कराएगा। ट्रैफिक समस्या से राहत इंदौर में ट्रैफिक समस्या के निदान के लिए प्रमुख चौराहों पर ओवर ब्रिज बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में चंदन नगर चौराहे का नाम भी दर्ज होने जा रहा है। इस चौराहे से धार, रतलाम, झाबुआ और अहमदाबाद से इंदौर आने-जाने वाले वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों के अलावा ट्रेवल्स की बसों और बड़ी संख्या में निजी वाहनों की आवाजाही भी रहती है। भारी ट्रैफिक होने से हर दिन सुबह व शाम जाम लगता है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि चंदन नगर चौराहे पर फ्लाई ओवर बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसे आइडीए बनाएगा। सिक्स लेन फ्लाई ओवर जिला अस्पताल के पास से शुरू होकर सिरपुर तालाब के आगे उतरेगा। डेढ़ लाख से अधिक गुजरते हैं वाहन चंदन नगर चौराहे से करीब डेढ़ लाख वाहन नियमित गुजरते हैं। धार रोड पर दूर-दूर तक बसाहट होने से रहवासी भी शहर में आने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। सड़क किनारे सब्जी व फल वाले ठेला लगा लेते हैं, जिससे ट्रैफिक उलझता है और हटाने के बात पर कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है। फ्लाई ओवर बनने से यह समस्या भी दूर होगी। डेढ़ दर्जन चौराहों का हो रहा सर्वे हाल ही में आइडीए ने भंवरकुआं, फूटी कोठी, खजराना और लवकुश चौराहे पर ओवर ब्रिज बनाए हैं। इनसे काफी राहत मिली है। शहर के अन्य डेढ़ दर्जन से अधिक चौराहों पर ब्रिज को लेकर फिजिबिलिटी सर्वे चल रहा है। नगर निगम बनाएगा सड़क तीन दशक से अधूरे पश्चिमी रिंग रोड को पूरा करने की तैयारी है। चंदन नगर से मोहता बाग के बीच 18 मीटर चौड़ी और दो किमी लंबी सड़क नगर निगम बनाएगा। इसके लिए शासन से 25.63 करोड़ मांगे हैं। शहर के मध्य व दक्षिण से वाहन चालकों को एयरपोर्ट रोड की ओर जाने व आने के लिए यह सड़क काफी राहत वाली साबित होगी। अभी राज मोहल्ला, बड़ा गणपति से कालानी नगर वाले मार्ग से आना-जाना पड़ता है।

इंदौर में 3 किलोमीटर लंबी गेर में मुख्यमंत्री मोहन यादव, एनआरआई सहित लाखों लोग शामिल होंगे

इंदौर  रंगों के त्योहार को पूरे जोर-शोर से मनाने बनाने के लिए इंदौर नगर निगम ने पूरी तैयारी कर ली हैं. इस बार इंदौर की गेर में आकर्षक झांकियां भी देखने मिलेंगे जो टोरी कॉर्नर से शामिल होंगी. वहीं सबसे खास नजर रहेगी नगर निगम के हाथी पर जो 150 फीट की दूरी तक लोगों पर रंग फेंकेगा. आइए जानते इंदौर की गेर और नगर निगम के इस हाथी के बारे में. 20 फीट का हाथी बरसाएगा गेर में रंग दरअसल, इंदौर नगर निगम की वर्कशॉप में वेस्ट मटेरियल और मशीनी पार्ट्स से 20 फीट का एक हाथी बनाया गया है. यह हाथी अपने सिर को चारों तरफ घूमाएगा और सूंड से लगभग डेढ़ सौ फीट ऊंचाई तक रंगों की बौछार करेगा. सोमवार को इस हाथी को अंतिम रूप दिया गया है और इसकी टेस्टिंग भी पूरी कर ली गई है. वहीं दूसरी गेर में एक मंच पर खड़ी चार स्वच्छता दीदी लोगों को रंगों से सराबोर करेंगी. इसके साथ ही महापौर पुष्यमित्र भार्गव अपनी एमआईसी टीम के साथ लोगों पर रंग वर्षा करते नजर आएंगे. मुख्यमंत्री और एनआरआई भी होंगे शामिल महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि गेर में सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल होने आ रहे हैं। सभी व्यवस्था की जा चुकी है। महापौर ने बताया कि पिछले दो साल से नगर निगम भी आधिकारिक रूप से शामिल हो रहा है। इस बार नगर निगम की गेर रहेगी, एनआरआई का रथ भी रहेगा। 500 से ज्यादा सफाई मित्र रहेंगे तैनात गेर के बाद सफाई व्यवस्था की भी पूरी तैयारी की जा चुकी है। 500 से ज्यादा कर्मचारी और संसाधन एक साथ लगकर रिकॉर्ड टाइम में पूरे गेर मार्ग को साफ करेंगे। इस बार के भी फोटो-वीडियो यूनेस्को को भेजे जाएंगे। भारत सरकार से भी निवेदन किया है कि यूनेस्को में पत्र भेजे और उनकी विजिट कराए। गेर के लिए अब तक की तैयारियां राजवाड़ा को ढंका गया इंदौर की विशेष पहचान राजवाड़ा को ढंकने का काम किया जा चुका है। बड़ा पीला प्लास्टिक राजवाड़ा पर लगा गया है ताकि रंगों के कारण इसे नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही गोराकुंड और सराफा क्षेत्र में बिल्डिंगों को बड़े प्लास्टिक से ढंका गया है। कई लोग भी अपने घरों को रंग-गुलाल से बचाने के लिए प्लास्टिक से कवर कर रहे हैं। इमरजेंसी एग्जिट रूट बनाया पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गेर के पूरे रूट में 100 से 200 मीटर के सेक्टर बनाए जा रहे हैं, ताकि उसमें प्रभावी तरीके से सुरक्षा व्यवस्था की जा सके। साथ ही अन्य आकस्मिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इमरजेंसी एग्जिट रूट बनाए जा रहे हैं। हाइराइज की व्यवस्था भी की जा रही है। गेर वाली रूट पर सीसीटीवी, एंबुलेंस तमाम व्यवस्थाएं आज 19 मार्च बुधवार को परम्परागत रूप से निकल जाने वाली रंगपंचमी की गेर को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं. पूरे मार्ग पर ‍निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, साथ ही कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. बेरिकेटिंग से लेकर आकस्मिक चिकित्सा के लिए भी प्रबंध किए गए हैं. निर्धारित स्थानों पर एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था भी रहेगी. इंदौर शहर की पहचान बन चुके इस त्योहार को देखन के लिए गेर वाले रूट पर नागरिकों के बैठने का भी प्रबंध किया गया है. इंदौर नगर निगम द्वारा बनाया गया रंग फेंकने वाला हाथी वहीं बिजली विभाग, जिला प्रशासन, नगर निगम व पुलिस विभाग की टीमों ने एकसाथ टोरी कार्नर, मल्हारगंज से लेकर राजबाड़ा, कृष्णपुरा तक के गेर मार्ग का निरीक्षण किया और तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया है. सुरक्षा दृष्टि से बीच-बीच में बंद की जाएगी बिजली गेर मार्ग पर केबल व तार पर्याप्त व सुरक्षात्मक हाइट पर किए गए हैं, वहीं कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर के पुराने, क्षतिग्रस्त बॉक्स बदले गए हैं. कई इलाकों में रंग व पानी से बचाव के लिए कवर लगाए गए हैं. वहीं सुभाष चौक जोन पर बिजली कंपनी का अस्थाई कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. ऐतिहासिक गेर के दौरान फायर फायटर से 100 से 150 फीट की ऊंचाई तक रंग उड़ाया जाएगा. इस दौरान सुरक्षात्मक कारणों से 11 केवी लाइन के कुल 14 फीडरों से अलग-अलग समय पर बिजली बंद की जाएगी. आपात स्थिति के लिए तैयार है प्रशासन कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि गेर को लेकर सभी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। गेर मार्ग पर आइडेंटिफिकेशन किया गया है। कहां-कहां मंच लगाने हैं, कहां वॉच टावर बनेंगे, सीसीटीवी कैमरे लगाने की जगह भी निर्धारित की गई है। गलियों में बीच-बीच में एग्जिट रूट बनाए हैं। वहां एम्बुलेंस भी रहेगी, अगर कोई घटना हो जाती है तो उसके जरिए बाहर निकाला जा सकता है। कैबिनेट के आने की सूचना नहीं है, लेकिन हमारी पूरी तैयारी है। बैलगाड़ी से हुई थी गेर की शुरुआत गेर आयोजक कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि आज से 75 साल पहले उनके पिता प्रेमस्वरूप खंडेलवाल, बाबूलाल गिरी और सत्यनारायण सत्तन साहब ने मिलकर इंदौर में गेर की शुरुआत की थी। बैलगाड़ी से शुरू हुआ गेमिसाइल, टैंकर, डीजे सहित मॉडर्न साधनों तक पहुंच चुका है। इस गेर की पहचान पूरे देशभर में है। गेर आयोजक शेखर गिरी ने बताया कि गेर 48 और 50 के दशक में बाबूलाल गिरी और छोटे लाल गिरी ने निकाली थी। हमारी एक पीढ़ी गेर निकाल चुकी है। दूसरी पीढ़ी गेर का संचालन कर रही है। मेरे बाद भी मेरे भाई और भतीजे भविष्य में गेर को निकालेंगे। गेर खेलने छतों की कराई जाती है बुकिंग गेर में अब ट्रैक्टर-ट्रॉली, डीजे, पानी के टैंकर और अन्य गाड़ियां शामिल होने लगी हैं। रंगपंचमी की गेर देखने के लिए लोग छतों पर बुकिंग कराने लगे हैं। पहले की अपेक्षा अब लाखों की संख्या में लोग इस गेर में शामिल होने लगे हैं। नगर निगम गेर में पिछले दो साल से आधिकारिक रूप से शामिल होने लगा है। इसमें अब एनआरआई भी शामिल होने के लिए आने लगे हैं।

इंदौर में लगा गंजों का मेला… बाल उगाने की गारंटी देने वाले से तेल लगवाने जुटे हजारों

इंदौर बाल झड़ने की समस्या और गंजेपन से जूझ रहे हजारों लोग इंदौर में एक साथ इकट्ठे हुए तो हर कोई हैरान रह गया. पता चला कि बिना बाल वालों की भीड़ ‘जादुई तेल’ के लिए लगी हुई. यह तेल दिल्ली से लगाने के लिए सलमान भाई आए हैं. दावा किया गया कि तेल से बाल उग आते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही सलमान भाई मौके से भाग निकले. इंदौर के डाकाचाइया इलाके में जादुई तेल लगवाने आए जवान, अधेड़ और बूढ़े लोगों को इतनी बड़ी संख्या में देख हर कोई अचंभित रह गया. दिल्ली से सलमान भाई के आने की खबर सुनकर सुबह 6 बजे से ही तेल लगवाने के लिए हजारों बिना बाल वाले लोग लाइन लगाकर खड़े हुए थे.  मौके पर इतनी भीड़ हो गई थी कि पुलिस को व्यवस्था संभालने के लिए तैनात करना पड़ा. दरअसल, खुद को दिल्ली निवासी बताने वाला सलमान भाई नाम का शख्स एक खास तेल और दवा लगाकर गंजेपन को दूर करने का दावा करता है. बालों की कमी से परेशान लोग सुबह से लेकर रात तक इस तेल को लगवाने के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गंजे लोगों को देखकर स्थानीय लोग हंसी नहीं रोक पाए, क्योंकि यह दृश्य कुछ खास था. इंदौर के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग इस तेल का इस्तेमाल करने के लिए घंटों लंबी लाइन में खड़े रहे. हालांकि, यह पूरी घटना इंदौर में एक मजेदार दृश्य पैदा कर गई, जहां लोग अपनी परेशानी से जादुई तरीके से निजात पाने के लिए इंतजार कर रहे थे. इस मेला ने इलाके में अनोखा माहौल बना दिया. हंसी-मजाक के बीच लोग अपने बाल वापस पाने की उम्मीद में दिन-भर अपनी अपनी बारी का इंतजार करते रहे. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद सलमान मौके से निकला. लेकिन कुछ लोगों ने सलमान के सहयोगी रईस अहमद को पकड़ लिया. दावा किया जा रहा है कि यूपी के मेरठ में भी इसी सलमान ने 20 रुपये की दवा और 300 रुपये का तेल देकर तमाम लोगों से बाल उगाने का वादा किया. अब इंदौर के लोगों से भी वादा करके गया है कि वह दोबारा आएगा और तेल लगाकर जाएगा. ‘आजतक’ इस तरह के किसी भ्रामक उत्पाद का समर्थन नहीं करता है. पाठकों को सलाह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी ऐसे उत्पाद का इस्तेमाल न करें.  

देवी अहिल्या की नगरी में 17 फरवरी से प्रदेश की मेयर काऊंसिल , मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल

इंदौर इंदौर को प्रदेशभर के महापौरों आएंगे। 17 फरवरी को इंदौर में प्रदेश स्तरीय महापौर परिषद का सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली जुड़ेंगे बतौर मध्यप्रदेश महापौर परिषद के अध्यक्ष होने के नाते पुष्यमित्र भार्गव इस आयोजन की अध्यक्षता करेंगे। दूसरे शहरों के नगरीय निकायों के मेयरों को इंदौर की सैर भी कराई जाएगी। शहर की सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जाएगी। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, ट्रेंचिंग ग्राउंड, गोबरधन प्लांट की सैर भी कराई जाएगी। ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में आयोजित होने वाली बैठक में अखिल भारतीय महापौर परिषद की अध्यक्ष माधुरी पटेल ,राज्य मंत्री प्रतिभा बागरी समिलित होंगी।साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी ऑन लाईन आयोजन में सम्मिलित होंगे और मेयरों से चर्चा भी करेंगे। इस एक दिनी सम्मेलन में शहरों के विकास से जुड़े मुद्दों बजट आवंटन, महापौर के अधिकार बढ़ाने संबंधी विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के नियमों में बदलाव को लेकर भी चर्चा होगी। मेयर को मालवा के प्रसिद्ध व्यंजन भी परोसे जाएंगे। इसके अलावा 56 दुकान की सैर भी कराई जाएगी। इससे पहले देवास में प्रदेश के मेयरों का सम्मेलन हुआ था। इंदौर में तत्कालीन मेयर कैलाश विजयवर्गीय और कृष्णमुरारी मोघे के कार्यकाल में अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन भी हो चुका है।  

देश का सबसे स्वच्छ शहर नए साल में बनेगा भिक्षावृत्ति से मुक्त, इंदौर में भीख देने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

इंदौर। इंदौर को भिखारी मुक्त शहर बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। फरवरी से शुरू हुए अभियान के पहले चरण में अगस्त तक भिक्षावृत्ति करने वालों और उनके परिजनों को भीख नहीं मांगने को लेकर समझाई दी गई। सितंबर से दिसंबर तक भिक्षुकों का रेस्क्यू किया जा रहा है। अब नए साल से इंदौर में भीख मांगने और भीख देने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। स्वच्छ शहर इंदौर को भिक्षुक मुक्त शहर बनाने के लिए जारी अभियान में एक जनवरी से तीसरा चरण शुरू किया जाएगा। इसमें भिक्षावृत्ति को प्रोत्साहित कर भीख देने वालों पर कार्रवाई शुरू होगी। अब तक 300 से अधिक को उज्जैन सेवाधाम आश्रम भेजा कलेक्टर आशीष सिंह ने भिक्षा देने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के आदेश पूर्व में जारी किए जा चुके है। तीन चरणों में शुरू हुए अभियान का दूसरा चरण रेस्क्यू किया जा रहा है। इसमें अब तक तीन सौ से अधिक बुजुर्गों और व्यस्कों का रेस्क्यू कर उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा जा चुका है। वहीं 34 बाल भिक्षुकों को रेस्क्यू भी किया गया है। कलेक्टर ने अब तीसरे चरण का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए है।

इंदौर में भिखारी के पास 75 हजार कैश देखकर हैरान रह गए अधिकारी, बोली- एक हफ्ते की कमाई है

इंदौर इंदौर शहर का अपना मिजाजा है, इसे मिनी मुंबई भी कहा जाता है। हाल ही में यहां से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसके बारे में जानकर हर कोई दंग है। इस शहर को भिक्षुक मुक्त करने के अभियान चलाया जा रहा है, इसी बीच एक महिला भिक्षुक का रेस्क्यू करने जब अफसर पहुंचे तो उसने अपनी साड़ी में 75 हजार से अधिक कैश छिपाकर रखे थे। पुलिस अधिकारी ने जब एक रुपये से लेकर 500 तक के नोट देखे तो वे दंग रह गए। महिला के पास नोट ही नोट निकलने लगे। अधिकारी के अनुसार, महिला ने बताया कि यह उसकी एक हफ्ते की कमाई है। दरअसल, मध्य प्रदेश के इंदौर को भिक्षुक मुक्त करने की दिशा में महिला बाल विकास विभाग बड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत 14 भिक्षुओं को पकड़ा गया है। इनमें एक महिला ने भीख मांगकर हफ्ते में 75 हजार रुपये इकट्ठा कर लिए। अधिकारी महिला के पास इतना कैश देख दंग रह गए। महिला ने यह कैश अपनी साड़ी में छिपाकर रखे थे। इस हिसाब से यह महिला महीने में 3 लाख और सालाना इनकम 36 लाख रुपये कमाती होगी। अधिकारी ने इस महिला को महिला बाल विकास विभाग ने उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा है। उज्जैन के सेवा धाम आश्रम ले जा रहे सभी भिक्षुक कलेक्टर आशीष सिंह इंदौर शहर को भिक्षुक मुक्त करने के अभियान चला रहे हैं। महिला बाल विकास अधिकारी दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में लगभग 14 अलग-अलग टीमें शहर के तमाम इलाकों में जाकर मंदिरों और धार्मिक स्थलों से भिक्षा वृत्ति करने वाले लोगों को पड़कर सेवा धाम आश्रम उज्जैन भेज रही हैं। अब तक टीम ने कई इलाकों से महिलाओं और बुजुर्गों को पकड़कर उज्जैन के सेवा धाम आश्रम भेज दिया है। इस दौरान अधिकारी की नजर राजवाड़ा के समीप शनि मंदिर के पास भीख मांग रही एक महिला पर पड़ी। जब उसकी जांच की गई तो उसने अपनी साड़ी में 75 हजार से अधिक कैश छिपाकर रखे थे। अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि महिला ने एक सप्ताह में 75 हजार रुपये भिक्षा वृत्तिकर यह राशि जमा की थी महिला इंदौर के पालदा इलाके की बताई जा रही है। ऐसे कई और लोगों को भी पकड़ा गया है जो 7 से 8 बार भिक्षावृत्ति करते हुए पहले भी पकड़े गए थे, इनका पेशा की भिक्षावृत्ति है। उज्जैन के सेवा धाम आश्रम में इनकी काउंसलिंग की जाएगी और फिर इ्न्हें समाज की मुख्य धारा में लाने का काम किया जाएगा, ताकि ये सामान्य जिंदगी जी सकें।

खुशखबरी : अब इंदौर से भुवनेश्वर के लिए मिलेगी सीधी फ्लाइट, भगवान जगन्नाथ के धाम पहुंचना बहुत ही आसान हो जाएगा

इंदौर इंदौर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दरअसल अब इंदौर से भुवनेश्वर के लिए सीधी फ्लाइट चलने जा रही है। जिसके चलते अब इंदौर से भुवनेश्वर जाना बेहद आसान हो जाएगा। इसके साथ ही जगन्नाथपुरी जाने वाले श्रद्धालुओं को भी इससे सीधा फायदा मिलेगा। इंदौर से सीधे उड़ीसा फ्लाइट कनेक्ट हो जाने के चलते भक्त भगवान जगन्नाथ के धाम पहुंच सकेंगे। इंदौर से उड़ीसा कनेक्ट करने वाली यह फ्लाइट इंडिगो एयरलाइंस द्वारा चलाई जाएगी। जिससे जगन्नाथ पुरी जाने वाले श्रद्धालुओं को सीधा-सीधा फायदा होगा। बता दें कि न सिर्फ जगन्नाथ पुरी और भुवनेश्वर बल्कि उड़ीसा के अन्य शहरों में भी जाने के लिए यह फ्लाइट यात्रियों को राहत पहुंचाएगी। इंडिगो एयरलाइंस ने लिया यह फैसला यह निर्णय इंडिगो एयरलाइंस द्वारा लिया गया है। इंडिगो आने वाले साल में भुवनेश्वर एयरपोर्ट से पांच नई फ्लाइट शुरू करने जा रहा है। जिसमें एक फ्लाइट भुवनेश्वर से सीधी इंदौर के लिए है। ताकि भुवनेश्वर से आने वाले यात्रियों को सीधा इंदौर (मध्य प्रदेश) के लिए कनेक्ट किया जा सके और इंदौर (मध्य प्रदेश) से यात्रियों को भुवनेश्वर और उड़ीसा के अन्य क्षेत्र से कनेक्ट किया जा सके। रिपोर्ट्स की मानें तो इसके लिए लगभग तैयारी पूरी हो चुकी है। जल्द ही इसका शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। चार धामों में से प्रमुख धाम है जगन्नाथ पुरी जानकारी दे दें कि भुवनेश्वर से जगन्नाथपुरी महज डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकता है। ऐसे में इंदौर से भुवनेश्वर पहुंचने के बाद जगन्नाथपुरी पहुंचना भक्तों के लिए आसान हो जाएगा। जगन्नाथ भगवान का यह धाम चार धामों में से प्रमुख धाम माना जाता है। इसकी दूरी भुवनेश्वर से 60 किलोमीटर है। भुवनेश्वर से सड़क मार्ग के जरिए भगवान जगन्नाथ के धाम तक पहुंचा जा सकता है। इंदौर से शुरू होने वाली यह फ्लाइट 27 जून 2025 को शुरू की जाएगी।

नशे के सौदागर, आतंकवादी, आय के स्त्रोत सहित अन्य गतिविधियों को छिपाने के लिए इसका उपयोग हो रहा : विशेषज्ञ

इंदौर इंदौर में आयोजित यूरेशियन ग्रुप की मीटिंग के तीसरे दिन अलग-अलग देश से आए विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय नवाचार का दौर है, जो जोखिम से भी भरा है। नशे के सौदागर, आतंकवादी, आय के स्त्रोत सहित अन्य गतिविधियों को छिपाने के लिए इसका उपयोग हो रहा है। इन जोखिमों को कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर कानून और मजबूत करना होंगे। वित्तीय अपराध रोकने के लिए तकनीक को ही औजार बनाने के जरूरत है। भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि आर्थिक अपराधों को रोकने के लिए हमारे पास वैश्विक दृष्टिकोण चाहिए। वैश्विक वित्तीय प्रणाली की अखंडता को बनाकर रखना होगा, ताकि अपराधी कमजोर वित्तीय नीतियों का फायदा न उठा सके। जापान के प्रतिनिधि सोशी काजे कवाका ने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग पैसे के स्त्रोत को छिपाने के लिए हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद विश्व के लिए खतरा है। आजकल आतंकवादी फंडिंग के लिए क्रिप्टो करेंसी का उपयोग कर रहे हैं। इन अपराधियों को रोकने के लिए सदस्य देशों को मिलकर वैश्विक नेटवर्क और मॉडल विकसित करना होंगे। मीटिंग के अलग अलग सत्रों में प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। बता दें कि इंदौर में हो रही यूरेशियन ग्रुप की अंतर्राष्ट्रीय बैठक   में 25 देशों के 200 से ज्यादा प्रतिनिधि आए हुए हैं। इस बैठक में आतंकवाद के लिए होने वाली फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों की रोकथाम को लेकर सभी सदस्य देशों की कारगर रणनीति बनाई जा रही है। बुधवार को एक फिनटेक प्रदर्शनी का शुभारंभ भी हुआ।  

मकान बिकाऊ है… इंदौर में हिंदू परिवार ने अपने घर के बाहर क्यों लिखा ये, जानें मामला

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. रावजी बाजार इलाके के प्रकाश का बगीचा में रहने वाले राजेश कलमोदिया ने अपने घर के बाहर लिखा दिया,’घर बिकाऊ है मुस्लिम प्रताड़ना से परेशान’. इसके बाद बड़ी संख्या में उनके घर हिंदू संगठन के लोग पहुंचे. मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की चीम भी मौके पर पहुंची. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक एक महीने पहले राजेश और उनके घर से कुछ दूरी पर रहने वाले शादाब और शानू में आपसी विवाद हो गया था. इसके बाद से वह आपसी समझौता करने का दबाव बना रहे हैं. शिकायतकर्ता ने यह भी पुलिस को कहा कि देर रात कोई उनके घर के बाहर सुतली बम फेंका गया था. इससे उनका परिवार काफी डरा और सहमा हुआ भी हैं. इसक वजह से घर के दरवाजे पर लिख दिया मुस्लिम प्रताड़ना से घर बिकाऊ है. इस घर का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल मामले की गंभीरता की देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और इस पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू की. पुलिस के मुताबिक दोनों परिवारों के बीच एक महीने पहले विवाद हुआ था. राजेश का कहना है कि शादाब शानू और उसके 2 अन्य साथी इस मामले में राजीनामा करने के लिए उन पर दबाव बनाकर विवाद कर रहे हैं. घर के अंदर पटाखे फेंके शुक्रवार को शादाब, रईस,सोनू उर्फ इरफान, सोनू,सलीम, जल्लू, रिज्जू उर्फ रिजवान, रेहाना, मोना उर्फ हीना ने राजेश की पत्नी मीनाक्षी के पास पहुंची और केस वापस लेने की जिद करने लगे। समझौता के लिए राजी नहीं होने पर गुस्साए आरोपितों ने शनिवार रात करीब तीन बजे राजेश के घर पर पटाखे फेंके। जांच के लिए फारेंसिक एक्सपर्ट को बुलाया इस घटना से घबरा कर राजेश ने दरवाजे पर मकान बिकाऊ है का बोर्ड लगा दिया। एडिशनल डीसीपी जोन-4 आनंद यादव के मुताबिक कील और छर्रे मौके पर नहीं मिले हैं। सूचना के बाद हमने फारेंसिक एक्सपर्ट को बुला लिया है। इधर… व्यापारी स्वेच्छा से हटाएंगे अतिक्रमण, समय मांगा मालवा मिल अनाज मंडी और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारी स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाएंगे। एमआइसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया ने बताया कि 16 नवंबर को मालवा मिल अनाज मंडी और आसपास के क्षेत्र में नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की थी। कई व्यापारियों के शेड तोड़े गए और चालानी कार्रवाई की गई। इससे व्यापारी आक्रोशित थे। रविवार को व्यापारियों ने एमआइसी सदस्य पहाड़िया, एसडीएम प्रदीप सोनी और जोनल अधिकारी अंकेश बिरथरिया से मिलकर अपनी बात रखी। इस पर तया किया गया कि व्यापारी स्वेच्छा से अपना अतिक्रमण हटा लेंगे। इसके लिए उन्हें तीन दिन का समय दिया जाए। निगम द्वारा खींची गई लक्ष्मण रेखा के अंदर ही हर व्यापारी अपना व्यवसाय करेगा। पहाड़िया ने कहा कि जनहित और इंदौर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए रहवासी व व्यापारी सहयोग के लिए तैयार हैं।

इंदौर में देशभर से आए 108 रथों ने हिस्सा लिया, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए इन रथों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया

 इंदौर इंदौर में शुक्रवार को सिद्ध चक्र महामंडल विधान के समापन पर एक भव्य रथयात्रा (रथावर्तन) निकाली गई, जिसमें देशभर से आए 108 रथों ने हिस्सा लिया। बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए इन रथों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। यात्रा में दो रथ सोने के, दो रजत के, और 35 से अधिक रथ सोने-चांदी, अन्य धातुओं और बहुमूल्य लकड़ियों से बनाए गए थे। यह संभवतः पहली बार हुआ कि इतने बड़े पैमाने पर विभिन्न राज्यों से इतने सारे रथ एक ही शहर में एकत्र हुए हों, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी मौजूद यह भव्य यात्रा विजय नगर स्थित बिजनेस पार्क आईडीए ग्राउंड से शुरू हुई। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जो इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को देखने आए थे। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी इस यात्रा का गवाह बनने के लिए मौजूद थी, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद इस यात्रा का रिकॉर्ड भी दर्ज हो सकता है। कई राज्यों की संस्कृति दिखी यात्रा बिजनेस पार्क आईडीए ग्राउंड से आरंभ होकर एलआईजी चौराहा और पाटनीपुरा चौराहे तक पहुंची। इस दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल लोग पारंपरिक परिधान और देशभक्ति की भावना में लीन दिखे। पारंपरिक भारतीय पोशाकों में सजे हुए श्रद्धालुओं ने यात्रा को एक रंग-बिरंगी छटा प्रदान की। इसके साथ ही, आदिवासी परिधान में मौजूद लोगों ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे यात्रा में सांस्कृतिक विविधता भी झलकी। रथयात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने इस धार्मिक आयोजन में अपना योगदान दिया और यात्रा के उल्लास को बढ़ाया। यहां से गुजरेगी रथ यात्रा एलआईजी चौराहा, पाटनीपुरा चौराहा, भमोरी चौराहा, रसोमा चौराहे होते हुए पुन: दोपहर 12 बजे तक कार्यक्रम स्थल पहुंचेगी। यहां समापन होगा। मालवा में पहली बार इतना भव्य आयोजन राहुल जैन, जो धर्म प्रभावना समिति के प्रचार प्रमुख हैं, ने बताया कि यह 108 सिद्ध चक्र महामंडल विधान, जो संभवतः पहली बार मालवा की धरती पर हो रहा है, मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। इस यात्रा में कुछ रथ ऐसे भी शामिल हैं जो विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलते, केवल भारत में ही पाए जाते हैं। महोत्सव अध्यक्ष नवीन गोधा ने बताया कि यह रथयात्रा 4 से 4.50 किमी लंबी रहेगी और हर रथ की अपनी एक विशेष महिमा है। परंपरागत रूप से महावीर जयंती पर रथ यात्रा निकाली जाती है, लेकिन इस बार गुरु प्रमाण सागर जी के सानिध्य में सभी विशेष रथों को इंदौर बुलवाया गया है। एक महीने तक की तैयारियां धर्म प्रभावना समिति के उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार जैन के अनुसार, मुनि महाराज की आज्ञा पर दिगंबर जैन समाज के सभी प्रसिद्ध रथों को एकत्र करने का कार्य किया गया है। इन रथों को इंदौर में एकत्र करने के लिए एक महीने पूर्व से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। नेमीनगर बंडा से सर्वाधिक 30 रथ शामिल हुए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य शहरों और जिलों के भी रथ यात्रा का हिस्सा बने हैं। इस यात्रा में भारत के 28 राज्यों से आए जैन धर्मावलंबी शामिल होकर इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बनेंगे। देशभर से आए भक्त रथों के विशेष महत्व और धार्मिक महत्ता ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया है। मुनि श्री प्रमाण सागर जी के सानिध्य में पहली बार इंदौर में आयोजित इस रथ यात्रा का जैन समाज के लोगों में विशेष आकर्षण है। रथों की सजावट, धार्मिक माहौल, और भक्तों का उत्साह इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने के लिए शहर और देश भर से हजारों लोगों को खींच लाया है।  

इंदौर में पटाखा फोड़ने पर बवाल में पुलिस का तगड़ा एक्शन, दो आरोपियों पर लगा NSA

इंदौर इंदौर में बच्चों के पटाखे फोड़ने से जुड़े विवाद में तीन दिन पहले दो पक्षों के बीच पथराव के दो मुख्य आरोपियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सोमवार को सख्त कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगा दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में एक नवंबर को बच्चों के पटाखे फोड़ने को लेकर दो गुटों में पथराव हुआ था, जिसमें छह लोग मामूली तौर पर घायल हो गए थे। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ऋषिकेश मीना ने बताया कि पुलिस की सिफारिश पर जिला प्रशासन ने पथराव के दो मुख्य आरोपियों मोहम्मद शानू (37) और सलमान मोहम्मद (35) के खिलाफ एनएसए लगाया और गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उन्होंने बताया, वारंट तामील कराते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मीना ने बताया कि छत्रीपुरा क्षेत्र में अभी हालात शांतिपूर्ण हैं और पथराव के कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। डीसीपी ने बताया कि पथराव के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इससे पहले पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ऋषिकेश मीना ने बताया था कि छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में बच्चों के पटाखे चलाने पर कुछ लोगों में विवाद हुआ था और पड़ोसियों की पुरानी रंजिश के चलते विवाद बढ़ गया था। उन्होंने बताया कि इस विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच पथराव भी हुआ। इस दौरान गाड़ियों में तोड़फोड़ की खबर भी सामने आई। छत्रीपुरा क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदाय रहते हैं। पथराव की घटना के बाद हिंदू संगठनों के लोग छत्रीपुरा थाने के सामने बड़ी तादाद में जुटे और इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। तिलक नगर में पटाखे फोड़ने पर दो पक्षों में विवाद बता दें कि तिलक नगर थाना क्षेत्र में पटाखे फोड़ने की बात पर दो पक्षों में विवाद हो गया, जिसका सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ है। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कुछ लोगों को पकड़ा है। थाना प्रभारी मनीष लोधा ने बताया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। विवाद में दो लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनो पक्षों से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग है।

इंदौर में पटाखे फोड़ने पर दो वर्गो में विवाद, वाहनों में तोड़फोड़ कर लगाई आग, डीजीपी ने मांगी घटना की रिपोर्ट, सीएम बोले- सख्ती से निपटेंगे

इंदौर इंदौर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र के रविदासपुरा में बच्चों के पटाखे फोड़ने की बात पर दो पक्ष भिड़ गए। कुछ देर बाद ही तनाव उपद्रव में बदल गया। दोनों पक्षों की ओर से जमकर पत्थर चले। सड़कों पर उतरी भीड़ ने वाहनों व धर्मस्थलों में तोड़फोड़ कर दी।  भीड़ ने एक ऑटो रिक्शा में आग लगा दी और 15 से ज्यादा वाहनों में तोड़-फोड़ की। 6 थानों की फोर्स और रिजर्व बल  ने स्थिति को नियंत्रण में किया। घटना छत्रीपुरा थाना क्षेत्र के रविदासपुरा की है। जानें कैसे शुरू हुआ विवाद छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के बच्चे शुक्रवार को अपने घर के बाहर दोपहर में पटाखा फोड़ रहे थे। इसी दौरान घर के सामने रहने वाले सलमान, सानू, जावेद और अन्य ने फटाखा नहीं फोड़ने से रोका। इस पर बच्चों के परिजनों ने कहा कि दिवाली पर्व सालभर में एक बार आता है तो बच्चे फटाखे फोड़ेंगे। दोनों परिवार के बीच कहासुनी होने लगी। बातचीत के बाद विवाद होने लगा। कुछ देर बाद ही तनाव उपद्रव में बदल गया। साथियों को बुलाकर बोला धावा सलमान, सानू और जावेद ने अपने अन्य कुछ साथियों को भी मौक पर बुला लिया और परिवार की पिटाई करनी शुरू कर दी। घर की महिलाओं के साथ भी युवकों ने मारपीट की। मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने जब मारपीट का विरोध किया तो सलमान, सानू और जावेद ने अपने साथियों संग मिलकर उनके घरों पर पथराव कर दिया। पथराव में कई लोग घायल हुए। वहीं आरोपियों ने मोहल्ले में खड़ी बाइकों और ऑटो को आग के हवाले कर दिया। हिंदूवादी संगठनों ने किया हंगामा उपद्रव की सूचना जैसे ही हिंदूवादी संगठनों को लगी तो वे मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा करने लगे। उपद्रव के दौरान भीड़ ने एक ऑटो रिक्शा में आग लगा दी और 15 से ज्यादा वाहनों में तोड़-फोड़ की। बवाल और हंगामे की सूचना मिलते ही छत्रीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी पहुंचे। भारी संख्या में बवाल वाली जगह पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। सीएम बोले-बर्दाश्त नहीं करेंगे सीएम मोहन यादव बोलेहमारी सरकार के होते हुए कोई पटाखे जलाने से रोके ये संभव नहीं है। मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज है, सभी को अपने दायरे में रहते हुए सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। कोई कानून हाथ में लेगा तो सरकार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।   एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने करवाई बच्चों से आतिशबाजी बवाल की सूचना मिलते ही एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह घटनस्थल पर पहुंचे। अमित ने बच्चों से जमकर आतिशबाजी करवाई। 6 थानों और रिजर्व बल ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था को कायम किया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने कहा कि यदि कोई भी क्षेत्र में अशांति फैलाने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 4 लोगों पर केस दर्ज   पुलिस का कहना है कि कुछ बाहरी तत्व क्षेत्र की फिजा बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते प्रत्येक घर में बाहर से आने वाले लोगों की जांच-पड़ताल की जा रही है। ड्रोन से क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। चारों अभी फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है। 

इंदौर में हवा की सेहत खराब, एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार

इंदौर इंदौर की आबोहवा लगातार खराब होती जा रही है। दिल्ली, मुंबई की तरह इंदौर भी अब वायु प्रदूषण के मामले में लगातार नए रिकार्ड बना रहा है। पिछले एक सप्ताह में इंदौर का एक्यूआई AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार चल रहा है। 26 अक्टूबर को तो यह 235 तक पहुंचा जो बेहतर खतरनाक स्तर है।      क्या हैं कारण इंदौर में वायु प्रदूषण के सबसे बड़े कारण हैं अधूरे प्रोजेक्ट्स, प्रदूषण और पेड़ों की कटाई। इसकी वजह से लगातार वायु प्रदूषण हो रहा है। पिछले पांच साल में इंदौर की वायु गुणवत्ता को लगातार खराब होते देखा गया है। कोविड के समय जहां इंदौर की आबोहवा अपने सबसे बेहतर स्तर पर थी वहीं अब वह अपने सबसे खराब स्तर पर है। गाड़ियों का चलना बंद होने से यह सुधार देखा गया था। अब लगातार बढ़ रही गाड़ियां शहर को प्रदूषण में धकेलती जा रही हैं। मौसम भी कर रहा परेशान इस साल इंदौर में मौसम भी लगातार परेशान कर रहा है। दीपावली तक शहर में बारिश हो रही है और बीच बीच में पड़ रही बेतहाशा गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। इस बार दशहरा और नवरात्रि के कार्यक्रम बारिश की वजह से बिगड़ गए। अब तेज ठंड के मौसम में तेज गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। पिछले एक सप्ताह से तापमान भी 35 डिग्री के आसपास चल रहा है। कैसे होगा सुधार शहर के पर्यावरण को सुधारने के लिए घटती हुई हरियाली को बचाना होगा। पेड़ों की कटाई रोकनी होगी और गाड़ियों का इस्तेमाल कम करना होगा। इसके साथ अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को भी पूरा करना होगा ताकि धूल से निजात मिले

दर्दनाक हादसा, फॉर्म हाउस की छत गिरने से 5 मजदूरों की मौत

Tragic accident, 5 laborers died due to roof collapse of farm house

Tragic accident, 5 laborers died due to roof collapse of farm house इंदौर ! महू में गंभीर हादसा हो गया है. यहां एक फॉर्म हाउस की छत गिरने की वजह से उसमें छह मजदूर दब गए, जिनमें से पांच मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी है. वहीं एक मजदूर की तलाश जारी है. प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है, जहां तीन जेसीबी, एक पोकलेन की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है. पुलिस फॉर्म हाउस मालिक की तलाश कर रही है. इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह के अनुसार महू तहसील के अंतर्गत चोरल गांव में निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से यहां कार्यरत कुछ मजदूरों के दबने की सूचना मिली है. कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया है कि यहां एक निर्माणाधीन मकान में कल स्लैब डाली गई थी और रात में मजदूर उसी के नीचे सो गए थे. स्लेब गिरने से छह व्यक्तियों के दबे होने की सूचना थी. उन्होंने बताया कि फिलहाल अभी तक पांच डेड बॉडी मलबे से निकाली गई है. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी यहां पहुंच गए गए हैं और राहत और बचाव कार्य जारी है. मौके पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हितिका वासल, एसडीओपी उमाकांत चौधरी, एर्सडीएम चरणजीत सिंह हुड्डा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं.

बाल आश्रम में हैजा का कहर! ,अब तक 11 बच्चों की मौत

Cholera wreaks havoc in children's home! 11 children have died so far

Cholera wreaks havoc in children’s home! 11 children have died so far Indore Cholera Outbreak: मध्य प्रदेश के इंदौर में हैजा का प्रकोप देखने को मिल रहा है. यहां के एक बाल आश्रम में हाल ही में तीन साल की नन्ही बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई. इससे आश्रम में कॉलेरा से मरने वाले बच्चों का आंकड़ा 11 हो गया है. इंदौर के श्री युगपुरुष धाम बाल आश्रम में विकलांग, उपेक्षित या अनाथ बच्चों को सहारा दिया जाता है. यहां पिछले डेढ़ महीने में कई बच्चे जान गंवा चुके हैं. बच्ची को थी उल्टी और दस्त की शिकायतसरकारी बाल चिकित्सालय चाचा नेहरू अस्पताल की सुपरिंटेंडेंट डॉ. प्रीति मालपानी ने जानकारी दी है कि बच्ची को उसके परिवार वालों ने 3 अगस्त को बेहद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था. बच्ची को उल्टियां, दस्त और डिहाइड्रेशन की शिकायत थी. सभी कोशिशों के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था. सोमवार की रात बच्ची की जान चली गई. डॉक्टर ने बताया कि बच्ची विकलांग थी और पहले से ही कुपोषण से पीड़ित थी. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. आश्रम प्रबंधन का दावा है कि उन्होंने बच्ची को उसके परिवार को सौंप दिया था. आश्रम में क्षमता से ज्यादा बच्चे होने का दावाअधिकारियों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की हालिया जांच रिपोर्ट से संकेत मिले हैं कि आश्रम में हैजा फैलने के बाद पिछले डेढ़ महीने में दस बच्चों की मौत हो गई. प्रशासन की उच्च स्तरीय जांच में यह भी पाया गया कि कि आश्रम में क्षमता से अधिक बच्चे रह रहे हैं. बच्चों के मेडिकल रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं हैं और भी कई अनियमितताएं पाई गईं. हालांकि, जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि हाल ही में तीन साल की बच्ची की मौत मामले में प्रथम दृष्टया कोई लापरवाही नहीं पाई गई है. जिन बच्चों के माता-पिता जीवित हैं, उन्हें आश्रम ने उनके बच्चे सौंप दिए हैं.

कार पंक्चर कर लाखों की चोरी मद्रास की ठक-ठक गैंग, रास्‍ते चलते बदल लेते हैं कपड़े

Madras's Thak-Thak gang steals lakhs by puncturing a car, changes clothes on the way

Madras’s Thak-Thak gang steals lakhs by puncturing a car, changes clothes on the way इंदौर। कार पंक्चर कर लाखों रुपये की चोरी करने में मद्रास की ठक-ठक गैंग का चेहरा सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने सात बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज निकाले हैं जो बाणगंगा थाना क्षेत्र में वारदात करने आए थे। बदमाश पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वारदात करते ही चलते हुए आरोपित कपड़े भी बदल लेते हैं। दो वारदातें हुई थीं डीसीपी जोन-3 पंकज पांडेय के मुताबिक, 15 जुलाई को पंधाना निवासी देवेंद्र पंवार के साथ लवकुश चौराहे पर वारदात हुई थी। बदमाश उनकी कार को पंक्चर कर 10 लाख से ज्यादा के आभूषण और नकदी रुपये चुरा ले गए थे। इसी गैंग ने कोतवाली थाना क्षेत्र के सियागंज में कार पंक्चर की और महिला से 35 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। वारदात के पहले पार्टी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस मदनी दरबार होटल पहुंची तो आरोपित वारदात के पूर्व नाॅनवेज की पार्टी करते हुए नजर आए। आरोपित वारदात के बाद रेलवे स्टेशन के समीप भी दिखे। हालांकि इस बीच पुलिस की नजरों से बचने के लिए कपड़े बदल लिए। 15 जुलाई को लवकुश चौराहे पर वारदात हुई थी। बदमाश कार पंक्चर कर 10 लाख से ज्यादा के आभूषण और रुपये चुरा ले गए थे। इसी गैंग ने कोतवाली थाना क्षेत्र के सियागंज में ऐसी वारदात की थी। पंकज पांडेय, डीसीपी जोन-3 बंगले में चोरी करने वाले आरोपितों से टामी-औजार जब्त एमजी रोड स्थित लाल बंगला में चोरी करने वाले आरोपितों को तुकोगंज पुलिस ने शनिवार तक रिमांड पर लिया है। पुलिस ने आरोपितों से औजार और टामी जब्त कर ली है। आरोपित पवन ओझा निवासी हुकुमचंद कालोनी और रवि साहू निवासी मालपुर कैंट गुना ने शहर में चोरी की थी। आरोपितों ने साड़ी व्यवसायी पलाश जैन पर हमला भी किया था। जितेंद्रसिंह यादव, टीआई

टीवी मोबाइल से रोका तो बच्चों ने माता पिता पर केस दर्ज करवा दिया, 7 साल की सजा संभव

When TV was stopped from mobile, children filed a case against parents, possible punishment of 7 years

When TV was stopped from mobile, children filed a case against parents, possible punishment of 7 years इंदौर ! बच्चों ने माता पिता पर केस दर्ज करवा दिया। केस भी ऐसा कि उसमें सात साल तक की सजा हो सकती है। बच्चों ने इसलिए ऐसा किया क्योंकि माता पिता उन्हें टीवी और मोबाइल नहीं देखने देते थे। नाराज 21 साल की बेटी और 8 साल के बेटे ने थाने पहुंचकर माता पिता दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने पैरेंट्स के खिलाफ चालान भी पेश कर दिया है। मामला चंदन नगर थाने का है। हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट में शुरू हुए ट्रायल पर रोक लगाईअधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि माता-पिता ने हाईकोर्ट में इस केस में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद जिला कोर्ट में माता-पिता के खिलाफ शुरू किए गए ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दी है। चौधरी के मुताबिक, हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में उल्लेख किया गया कि 25 अक्टूबर 2021 को बच्चे थाने पहुंचे और पुलिस अफसरों को माता-पिता के द्वारा मोबाइल देखने, टीवी चलाने पर रोज-रोज डांटने की बात बताई। इस पर पुलिस ने परिजन के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। बुआ के पास रहते हैं बच्चेबच्चों ने पुलिस को बताया कि माता-पिता कई बार उनसे मारपीट भी करते थे। माता-पिता ने पुलिस थाने और कोर्ट में बार-बार कहा कि बच्चों की मोबाइल, टीवी की लत से हर घर परेशान है। बच्चों को डांटना बहुत ही सामान्य बात है। अब एफआईआर दर्ज कराने के बाद से ही दोनों बच्चे बुआ के साथ रह रहे हैं। पिता का भी अपनी बहन के साथ विवाद चल रहा है। यह धाराएं लगाई गईबच्चों की शिकायत पर पुलिस ने पैंरेंट्स पर धारा 342, धारा 294, धारा 323 लगाई है।

इंदौर : ट्रेनों में टुकड़ों में महिला की लाश, दो राज्यों की पुलिस जांच में जुटी मिली सफलता

इंदौर  इंदौर और ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के अंदर जिस महिला की लाश के टुकड़े मिले थे, उसकी पहचान हो गई है। महिला के हाथ पर मीराबेन और गोपाल भाई का नाम लिखा मिला था। पुलिस ने आस-पास के क्षेत्र में गुम हुई 50 महिलाओं की जांच की तो इनमें से एक का नाम मीरा बाई निकला, इसके बाद उसकी पहचान हो गई। वह रतलाम जिले के बिलपांक थाना इलाके के मऊ गांव की रहने वाली थी। पति के विवाद के बाद घर से गई थी जानकारी के मुताबिक 6 जून को मीराबेन पति से विवाद होने के बाद घर से चली गई थी। परिजन कुछ दिन उसका इंतजार करते रहे। इसके बाद 12 जून को गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई गई। पुलिस के अनुसार महिला की दो बेटियां हैं और उन्होंने हाथ में गुदे नाम, कपड़े और बिंदी से मां को पहचान लिया। पुलिस अब डीएनए जांच भी करवाएगी। 40 संदेहियों से पुलिस ने की पूछताछ इंदौर स्टेशन के यार्ड में 8 जून को नागदा-महू पैसेंजर ट्रेन में बैग में महिला के अंग मिले थे, इसके बाद 9 जून को ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर खड़ी इंदौर-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस में शव के बाकी अंग मिले। जानकारी के मुताबिक ये दोनों ही ट्रेने एक ही समय पर उज्जैन रेलवे स्टेशन पर खड़ी थी। जिससे आशंका है कि हत्यारों ने वहीं दोनों ट्रेनों में इन्हें रखा। पुलिस ने इस मामले में मीराबेन से बात करने वाले 40 संदेहियों से भी पूछताछ की है।

रतलाम के बाद इंदौर के शिव मंदिर में मांस के टुकड़े मिलने से सनसनी, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका ट्रैफिक

CM: After visiting Mahakal, he participated in the Raksha Bandhan program

इंदौर    रतलाम के बाद अब इंदौर के शिव मंदिर में मवेशी के कटे अंग मिलने का मामला सामने आया है। इंदौर के आजाद इलाके में बुधवार सुबह शिव मंदिर में मवेशी के कटे अंग मिलने के बाद तनाव फैल गया। मंदिर की सफाई करवाई जा रही है। घटना बुधवार सुबह की है। इंदौर के आजाद इलाके में श‍वि मंदिर में सुबह पहुंचे लोगों को मंदिर में मवेशी के कटे अंग नजर आए। पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद टीआई के साथ पुलिस बल मौके पर पहुंचा। चारों तरफ से बैरिकेड्स लगाकर ट्रैफिक की आवाजाही रोक दी है। मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं। हालांकि बाद में पुलिस ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि मांस के टुकड़े श्‍वान लेकर आया था। इसमें किसी प्रकार की शरारत नहीं है। सीसीटीवी वीडियो में तीन संदिग्ध युवकों का एक वीडियो भी वायल हो रहा है जिसमें तीन युवक एक ही बाइक पर आए और मंदिर की तरफ कुछ फेंकते हुए दिखाई दिए हैं। टीआई नीरज का कहना है कि ये सीसीटीवी फुटेज पुराने हैं। श्‍वान वहां शव के टुकड़े लेकर आया हैं।  पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस बीच तीन संदिग्ध युवकों का एक वीडियो वायरल हो गया था। इसमें तीन युवक एक ही बाइक पर आए और मंदिर की तरफ कुछ फेंकते हुए दिखाई दिए हैं। हालांकि, टीआई नीरज मेड़ा का कहना है कि वायरल किए जा रहे सीसीटीवी फुटेज पुराने हैं। कुत्ते ने किसी शव के टुकड़े लाकर डाले हैं। संभवत: वे कहीं और से लाकर यहां खा रहे होंगे। किसी व्यक्ति के द्वारा यह कृत्य नहीं किया गया है। शिव मंदिर के आसपास मवेशी के इस आकार में टुकड़े पड़े मिले। शिव मंदिर के आसपास मवेशी के इस आकार में टुकड़े पड़े मिले। बुधवार सुबह मंदिर में महिलाएं पहुंची तो उन्हें टुकड़े दिखाई दिए। उन्होंने आसपास के लोगों को सूचना दी। वहां के लोगों ने तत्काल पुलिस को फोन कर मौके पर बुलाया। बुधवार सुबह मंदिर में महिलाएं पहुंची तो उन्हें टुकड़े दिखाई दिए। उन्होंने आसपास के लोगों को सूचना दी। वहां के लोगों ने तत्काल पुलिस को फोन कर मौके पर बुलाया।  

7वीं की छात्रा ने 14वीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या, मौत के बाद मचा हड़कंप

इंदौर स्कूल जाने निकली नाबालिग छात्रा ने 14वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। सातवीं की छात्रा की मौत के बाद हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच-पड़ताल में जुट गई। घटना इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के निपानिया की है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह घर से अंजलि शर्मा स्कूल जाने के लिए निकली। छात्रा स्कूल बस में न जाते हुए नजदीक के दूसरे अपार्टमेंट में चली गई। बिल्डिंग में लिफ्ट से ऊपर गई और नीचे छलांग लगा दी। सीसीटीवी फुटेज में ऊपर जाते दिखी छात्रा पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में  छात्रा लिफ्ट में चढ़ते हुए दिखाई दे रही है। अंजलि एडंवास स्कूल में 7वीं क्लास की छात्रा थी। छात्रा के परिवार में एक बड़ा भाई है। पिता किसी कंटेनर कंपनी में काम करते हैं। पुलिस मामले को लेकर जांच कर रही है। दो माह पहले कॉलेज छात्रा दी थी जान बता दें कि पहले भी इंदौर में ऐसी घटना हो चुकी है। दो माह पहले पिनेकल ड्रीम्स टाउनशिप के 16वें फ्लोर से कूदकर कॉलेज छात्रा ने सुसाइड किया था। स्कीम 54 के एक होस्टल में रहने वाली मुस्कान अग्रवाल (22) दोस्त से मिलने आई थी। मुस्कान का सीसीटीवी भी सामने आया था।

राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर परिधि में कैसे संचालित हो रही हैं शराब दुकानें “हाई कोर्ट “

How are liquor shops operating within 500 meters radius from the National Highway “High Court” जनहित याचिका में होना है सुनवाई। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर नोटिस जारी कर मांगा था जवाब। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर की परिधि में शराब दुकानें किस नियम के तहत संचालित हो रही हैं।कोर्ट ने शासन से यह सवाल उस जनहित याचिका में मांगा है जिसमें इन शराब दुकानों के संचालन को चुनौती दी गई है।सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 में आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में कोई शराब दुकान संचालित नहीं की जा सकती है। इंदौर। शासन को बुधवार को मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष बताना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर की परिधि में शराब दुकानें किस नियम के तहत संचालित हो रही हैं। इनका संचालन रोकने के लिए शासन क्या कर रहा है। कोर्ट ने शासन से यह सवाल उस जनहित याचिका में मांगा है जिसमें इन शराब दुकानों के संचालन को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका राजेंद्र गुप्ता ने दायर की है। वे स्वयं ही इसमें पैरवी भी कर रहे हैं। याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 में आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में कोई शराब दुकान संचालित नहीं की जा सकती है। कोर्ट के निर्देश के बाद 500 मीटर की परिधि से बाहर संचालित होने वाली शराब दुकानों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए थे। आबकारी विभाग में की थी शिकायत याचिका में कहा है कि इंदौर-देवास राष्ट्रीय राजमार्ग की 500 मीटर की परिधि में नौ शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। याचिकाकर्ता ने आबकारी विभाग में इसकी शिकायत की थी लेकिन शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। ये दुकानें आज भी संचालित हो रही हैं। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिकाकर्ता ने याचिका में यह भी कहा है कि उन्होंने दुकानों के संबंध में आबकारी विभाग में शिकायत की तो वहां से जवाब दिया गया कि ये शराब दुकानें परंपरागत हैं। याचिका के समर्थन में इन शराब दुकानों के फोटोग्राफ और अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। बुधवार को शासन को जवाब देना है।

नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय के करीबी कारोबारी से मांगी रंगदारी, मचा हड़कंप

Extortion demanded from a businessman close to Urban Administration Minister Vijayvargiya, created panic भोपाल। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्रोई के नाम से इंदौर के एक कारोबारी के पास धमकी मिली है। फरियादी ने पुलिस को इसकी शिकायत की। क्राइम ब्रांच ने इसकी जांच शुरू कर दी है और जिस नंबर से कॉल आया था, उसका पता लगाया जा रहा है। बताया जाता है कि कारोबारी नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के करीबी मित्र भी हैं। इस लिहाज से पुलिस ने जांच की गति बढ़ा दी है। इंदौर के कारोबारी के पास 19 जनवरी को विदेशी नंबर से कॉल आया, लेकिन उन्होंने बात नहीं नहीं की। इसके बाद वाट्सएप पर कॉल आया। फिर भी उन्होंने बात नहीं की। फिर उसी नंबर से एक वाइस मैसेज आया। जिसे भेजने वाले ने खुद का नाम लॉरेंस बताया और कहा कि यदि तुमने कॉल नहीं उठाया तो तुम्हें नहीं पता की हम क्या कर सकते हैं। कारोबारी ने इस धमकी को गंभीरता से लिया और पुलिस को शिकायत की। क्राइम ब्रांच ने उस नंबर की जांच की। धमकी देने के बाद उस नंबर पर संपर्क किया, लेकिन वह बंद आ रहा है। सायबर सेल ने जांच की तो पता चला कि जिस नंबर से वाट्सएप मैसेज आया है। उसकी प्रोफाइल पर भगवान लिखा है। पुलिस को आशंका है कि कोई स्थानीय बदमाश लॉरेंस का नाम लेकर कारोबारी को धमका रहा है। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बताया और रंगदारी के लिए वाइस मैसेज में धमकी दी। इसके बाद कहा कि तुम नहीं जानते हम क्या कर सकते हैं। ये तुमको नहीं पता। मैसेज करने वाले ने खुद का नाम लॉरेंस विश्रोई बताया। लॉरेंस फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। पहले भी जुड़ा लॉरेंस का नाम- इससे पहले भी लॉरेंस का नाम इंदौर से जुड़ चुका है। लॉरेंस गिरोह को हथियार सप्लाय करने वाले सिकलीगर को पुलिस पकड़ चुकी है।

प्रदेश में तबादले का दौर जारी इसी कड़ी में इंदौर और भोपाल कलेक्टर का तबादला

Round of transfers continues in the state, in this series Indore and Bhopal Collector transferred आशीष सिंह इंदौर और कौशलेंद्र विक्रम सिंह भोपाल कलेक्‍टर बनाए गए भोपाल ! मप्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं।भोपाल। मप्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं। आशीष सिंह को इंदौर कलेक्‍टर बनाया गया है। इंदौर कलेक्‍टर इलैया राजा टी को अब मध्‍य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक बना दिया गया है। आशीष सिंह इससे पहले भोपाल कलेक्‍टर थे। भोपाल कलेक्‍टर का दायित्‍व अब कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंपा गया है। वे इससे पहले मध्‍य प्रदेश पर्यटन विकास निगम भोपाल के प्रबंध संचालक थे।

देश की सबसे बड़ी शराब तस्करी में डिस्टलरी मालिक को सजा.

Punishment for the owner of the country’s largest liquor distillery in the biggest liquor smuggling case. शराब तस्करी करवाने के लिए आबकारी अधिकारियो ने छपवा लिए फर्जी परमिट, शासन को राजस्व का मोटा चुना भोपाल/इंदौर । डिस्टलरीज से शराब तस्करी करने पर, बेटमा थाने में दर्ज अपराध क्रमांक/565/11 धारा 34(2), 420, 467, 468, 471, 120बी में अपर सत्र न्यायाधीश निलेश यादव ने दिनांक 23/12/2023 को डिस्टलरीज मालिक और तत्कालीन आबकारी अधिकारियो को सश्रम कारावास और अर्थ दंड से दंडित किया, जज ने अधिकारियों की अधिक उम्र को देखते हुए सजा कम दी है। सोम डिस्टलरीज से शराब तस्करी का मुरैना के बाद यह दूसरा अपराध है, जिसमे सोम डिस्टलरीज/मालिक को सजा हुई है। यह प्रकरण देश की सबसे बड़ी शराब तस्करी है क्योंकि इसमें आबकारी विभाग के अफसरों ने ही शासन के द्वारा जारी किए जाने वाले परमिट फर्जी बना कर दिए जाना प्रमाणित हुआ है, इसके लिए फर्जी परमिट प्रोफार्मा छपवाए गए है, जो शराब तस्करी के लिए प्रदेश में धडल्ले से जारी किए जा रहे है….

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने किया हुकमचंद मिल के मजदूरों को बकाया राशि का भुगतान.

Chief Minister Dr. Mohan Yadav made the payment of outstanding dues to Hukamchand Mill workers. 428 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कार्यक्रम में वर्चुअली जुडें ।इंदौर। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बटन दबाकर सोमवार को 428 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। वर्चुअल तौर पर जुड़े प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हुकमचंद मिल के मजदूरों को लिक्विडेटर चेक सौंपा। प्रधानमंत्री मोदी ने बटन दबाकर राशि मजदूरों के खातों में ट्रांसफर किया।मोहन यादव ने कहा कि मैं खुद मजदूर का बेटा हूं। उज्जैन में भी हुकमचंद मिल के जैसे ही मिल का मामला देख चुका हूं। मजदूरों और उनके परिवार का हाल देख चुका हूं। इसलिए मैं समझता हूं कि क्या परेशानियां आती है। हम उनके साथ हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मजदूर के बेटे हैं औऱ वह उनका दर्द समझते हैं। इसलिए उन्होंने शपथ लेने के बाद पहला काम उनके हक में किया। मैं उनका धन्यवाद करता हूं। हमने अहिल्या को नहीं देखा, लेकिन अहिल्या की तरह काम करने वाली ताई को देखा हैं। मधु भैया ने बड़ा शिकार किया है, उनके लिए ताली बजनी चाहिए, एक नंबर का विधायक कोन है, मैं ही हूं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि ओलंपिक का एक खेल होना चाहिए, कुश्ती का मैच हो, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का कुश्ती मैदान बन जाए इंदौर में। वह सोमवार सुबह 11 बजे इंदौर पहुंचे। हैलीपेड पर उनका स्वागत कैलाश विजयवर्गीय ने किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर आगमन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का पुष्पगुच्छ और अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत आगमन किया। इस दौरान तुलसी सिलावट, महेंद्र हार्डिया व अन्य भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हैं।

प्रदेश में कोरोना वायरस ने फैलायें पांव, इन्दौर में मिलें दो मरीज़ मिलें

Corona virus spread in the state, two patients found in Indore इंदौर ! मध्य प्रदेश फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दो कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से हड़कंप मंच गया है। इंदौर में एक महिला और पुरुष कोरोना संक्रमित मिले है। दोनों पलासिया क्षेत्र में रहने वाले महिला पुरुष एक ही परिवार से है। दोनों हाल ही में मालदीव से लौटे थे। सप्ताहभर पहले एक मरीज मिला था। वह ठीक हो गया। मध्य प्रदेश में दो कोरोना संक्रमित मिलने से चिंता बढ़ा दी है। दोनों मरीजों को आईसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड प्रोटोकॉल को लेकर दिशा निर्देश जारी किए है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनको कोई गंभीर लक्षण नहीं है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार ने पहले ही अलर्ट जारी किया है। इसमें आरटी पीसीआर और रैपिड जांच के निर्देश सरकार ने दिए हैं। अस्पतालों में इलाज के इंतजाम करने के लिए भी कहा गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बयान दिया था कि केंद्र की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश जारी किए गए है। कोविड समेत दूसरी बीमारियों से निपटने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। केंद्र ने बुलाई बैठककेरल समेत दूसरे राज्यों में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमित की संख्या को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के साथ ही इलाज के अस्पतालों में तैयारी को लेकर जानकारी साझा की जा सकती है। क्या है नया सब वेरिएंटकेंद्र सरकार की तरफ से बताया गया है कि जेएन.1, एसएआरएस-सीओवी-2 का एक उप्रकार है, जो कोविड-19 का कारण बनता है। इसका एक मामला केरल में सामने आया है। इस सबवेरिएंट को ओमिक्रॉन सबवेरिएंट का ही एक रूप बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया वेरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। इसमें सर्दी, इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण हैं। इससे संक्रमित जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।

शहर में आवारा कुत्तों की धमक, प्रशासन, निगम लाचार

Threat of stray dogs in the city, administration, corporation helpless दहशत में लोगों ने सुबह-शाम टहलना छोड़ा। स्कूली बच्चों से लेकर साइकिल व बाइक वालों पर झपटते हैं श्वान। 3500 मामले हर महीने केवल लाल अस्पताल में पहुंच रहे।2014-15 से कुत्तों की नसबंदी किए जाने का दावा।1 लाख 80 हजार श्वानों की अब तक हुई नसबंदी। 60 हजार करीब श्वान नसबंदी के लिए बचे। इंदौर। ऐसा लगता है, मानो नगर निगम और प्रशासन ने इंदौर को आवारा कुत्तों के हवाले कर दिया है। हर गली, हर मोहल्ले में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हद तो यह कि बीते कुछ ही दिनों में शहर में डाग बाइट अर्थात कुत्तों द्वारा बच्चों या लोगों पर हमला करने, उन्हें काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। प्रतिमाह औसतन 3500 ऐसे मामले हो रहे हैं, जिनमें किसी व्यक्ति, बच्चे या महिला को कुत्ते ने काटा हो। यह बहुत भयावह आंकड़ा है। लोगों ने कुत्तों की दहशत के कारण सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है। साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चे दहशत में हैं। बाइक सवारों पर कुत्तों के झपटने और उन्हें गिरा देने के मामले भी लगातार हो रहे हैं। इसके बावजूद निगम आयुक्त, महापौर और कलेक्टर नींद में हैं तथा कुत्तों के इस आतंक को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।देश के सबसे स्वच्छ शहर की टांग पर इन दिनों आवारा कुत्तों के दांत गड़े हुए हैं और इन कुत्तों के सामने नगर निगम, प्रशासन, जनप्रतिनिधि…सब मानो असहाय हो गए हैं। दरअसल, कुछ दिनों से शहर में डाग बाइट के मामले अचानक तेजी से बढ़ गए हैं। महालक्ष्मी नगर, निपानिया क्षेत्र में तो ऐसे-ऐसे केस हो रहे हैं कि लोगों ने डर के मारे सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है।शाम होते ही बच्चों को घरों में कैद कर दिया जाता है। कोचिंग के लिए बच्चों को साइकिल से भेजने के बजाय पालक उन्हें कार से छोड़ने जा रहे हैं। इधर, नगर निगम के जिम्मेदारों का रटा-रटाया जवाब है कि श्वानों की नसबंदी कराकर हम उन्हें कैद में नहीं रख सकते, उन्हें छोड़ना ही पड़ता है। नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई समाधान निकालना ही होगा।

मध्य प्रदेश में फिर डराने लगा कोरोना, इंदौर में मरीज मिलने के बाद मचा हड़कंप

COVID in Madhya Pradesh, as a patient in Indore tests positive. Doctors advise people to stay vigilant. इंदौर। मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। इंदौर में एक मरीज मिलने के बाद डॉक्टरों ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। एक बुजुर्ग की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वह सर्दी और बुखार से पीड़ित था। निजी लैब में कोविड जांच कराई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज को होम आईसोलेशन में रखा गया है। दो साल बाद भी कोविड का भय खत्म नहीं हुआ है। 70 वर्षीय बुजुर्ग की सर्दी खांसी के जांच के बाद कोविड पॉजिविट मिला है। इसके बाद मरीज का होम आईसोलेशन कर उपचार किया गया। मरीज की हालत ठीक है।कोविड नोडल अधिकारी डॉ अमित मालाकार ने बताया कि हरदा निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग सर्दी खांसी और बुखार से पीड़ित था। निजी लैब में कोविड जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिसके बाद मरीज को आईसोलेशन में रखकर उसका उपचार किया गया। फिलहाल मरीज की हालत ठीक है। मामला 24 नवंबर का है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर परिवार के सभी सदस्यों की कोविड जांच की गई, लेकिन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है। बता दे कि मामले के 16 दिन बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट मरीज की सांझा नहीं की है।

बलिदान दिवस: अमीरों का लुटेरा…गरीबों का मसीह ‘टंट्या भील’

मध्यप्रदेश का जननायक टंट्या भील आजादी के आंदोलन में उन महान नायकों में शामिल है जिन्होंने आखिरी सांस तक अंग्रेजी सत्ता की नाक में दम कर रखा था। टंट्या भील को आदिवासियों का रॉबिनहुड भी कहा जाता है, क्योंकि वो अंग्रेजों के भारत की जनता से लूटे गए माल को अपनी जनता में ही बांट देते थे। टंट्या भील को टंट्या मामा के नाम से भी जाना जाता है। आज यानी 4 दिसंबर को उनका बलिदान दिवस मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं उनकी शौर्य गाथा को। बता दें कि इंदौर से लगभग 25 किलोमीटर दूर पातालपानी क्रांतिकारी टंट्या भील की कर्म स्थली है। यही वह जगह है जहां टंट्या भील अंग्रेजों की रेलगाड़ियों को तीर कामठी और गोफन के दम पर अपने साथियों के साथ रोक लिया करते थे। इन रेलगाड़ियों में भरा धन, जेवरात, अनाज, तेल और नमक लूट कर गरीबों में बांट दिया करते थे। टंट्या भील देवी के मंदिर में आराधना कर शक्ति प्राप्त करते थे और अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर आस पास घने जंगलों में रहा करते थे। टंट्या भील 7 फीट 10 इंच के थे और काफी शक्तिशाली थे, उन्होंने अंग्रेजों को थका दिया था। जानिए, कौन थे टंट्या मामा… इतिहासकारों की मानें तो साल 1842 खंडवा जिले की पंधाना तहसील के बडदा में भाऊसिंह के घर टंट्या का जन्म हुआ था। पिता ने टंट्या को लाठी-गोफन और तीर-कमान चलाने का प्रशिक्षण दिया। टंट्या ने धर्नुविद्या के साथ-साथ लाठी चलाने और गोफन कला में भी दक्षता हासिल कर ली। युवावस्था में अंग्रेजों के सहयोगी साहूकारों की प्रताड़ना से तंग आकर वह अपने साथियों के साथ जंगल में कूद गया। टंट्या मामा भील ने आखिरी सांस तक अंग्रेजी सत्ता की ईंट से ईंट बजाने की मुहिम जारी रखी थी। टंट्या मामा का जन्म 1840 में खंडवा के पास पंधाना तहसील के गांव बरदा में होना ऐतिहासिक तथ्यों से प्रमाणित है। उनकी क्रांतिकारी गतिविधियां 1878 से 1889 तक रहीं। साल 1889 में उन पर जबलपुर में मुकदमा चला और 4 दिसंबर 1889 को उन्हें फांसी दे दी गई। वे मातृभूमि के लिए शहीद कर दिए गए।

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