LATEST NEWS

केंद्रीय जेल जबलपुर में गीता जयंती पर आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन

Spiritual program organized on Geeta Jayanti in Central Jail Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर! शासन निर्देशानुसार नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में गीता जयंती पर श्रीमद्भगवद्गीता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि तन्मय सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। कार्यक्रम में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) से पधारे निवासदास एवं रामचंद्रदास ने श्रीकृष्ण नाम संकीर्तन से वातावरण को भक्ति रस से भर दिया। उन्होंने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर वाचन किया गया। क्ल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता घोष ने आदर्श समाज की स्थापना हेतु श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को आवश्यक बताते हुए बंदियों को जीवन में गीता के संदेश अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा बंदियों एवं जेल स्टाफ को भगवद्गीता का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती सरिता घोष, कल्याण अधिकारी, केंद्रीय जेल जबलपुर द्वारा किया गया। आयोजन में मदन कंवलकर (उप जेल अधीक्षक), प्रशांत चौहान (सहायक जेल अधीक्षक) एवं श्रीमती अंजु मिश्रा (सहायक जेल अधीक्षक) का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

केंद्रीय जेल जबलपुर में विश्व एड्स दिवस पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित

Health check-up and awareness camp organized on World AIDS Day at Central Jail Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर ! नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ माननीय न्यायाधीश विवेक रूस्तम (म.प्र. जबलपुर) द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। शिविर के दौरान परिरुद्ध बंदियों को एच.आई.वी./एड्स की रोकथाम और बचाव संबंधी जानकारी दी गई। चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा एच.आई.वी., एड्स वायरस और इससे जुड़े स्वास्थ्य पहलुओं पर विस्तृत परामर्श प्रदान किया गया, ताकि बंदियों में जागरूकता बढ़ सके। कार्यक्रम में कृष्णमूर्ति मिश्रा (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर), सुश्री सुमन श्रीवास्तव (सदस्य सचिव, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर), उप जेल अधीक्षक, मदन कंवलकर तथा सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन जेल प्रशासन द्वारा सावधानीपूर्वक किया गया। अंत में जेल अधीक्षक द्वारा सभी उपस्थित जनों एवं जेल स्टाफ का आभार व्यक्त किया गया।

जबलपुर केंद्रीय कारागार में लगेगा विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, बंदियों को दी जाएंगी निःशुल्क दवाएँ

A huge free health camp will be organised in Jabalpur Central Jail, free medicines will be given to the prisoners. जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार, जबलपुर में बंदियों के लिए एक विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए क्राइस्ट चर्च स्कूल एलुमिनाय एसोसिएशन ने जेल प्रशासन को आधिकारिक अनुरोध भेजा है। एसोसिएशन ने जेल अधीक्षक, केंद्रीय कारागार जबलपुर को लिखे पत्र में बताया कि यह शिविर 23 नवंबर 2025 (रविवार) को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित करने का प्रस्ताव है। इस दौरान कारागार में बंद सभी बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और आवश्यकता अनुसार निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की जाएँगी। एसोसिएशन ने जेल प्रशासन से इस सेवा कार्यक्रम की अनुमति देने का आग्रह किया है, ताकि बंदियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। संगठन का कहना है कि समाज के प्रत्येक वर्ग – विशेषकर बंदी जीवन जी रहे लोगों – को स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना एक मानवीय दायित्व है, और इसी भावना के साथ यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। जेल प्रशासन द्वारा अनुमति मिलने के बाद यह शिविर कारागार के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर केंद्रीय जेल जबलपुर में तीन दिवसीय भव्य समारोह आयोजित

A three-day grand function was organised at Central Jail Jabalpur on the occasion of Madhya Pradesh Foundation Day. जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के 70वें वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केंद्रीय जेल जबलपुर में तीन दिवसीय विविध सांस्कृतिक एवं प्रदर्शनी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में यह आयोजन 1 नवम्बर से 3 नवम्बर तक संपन्न हुआ। इस अवसर पर जेल के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बंदियों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम की शुरुआत बंदियों द्वारा मध्यप्रदेश गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। इसके पश्चात बंदियों ने मध्यप्रदेश की विविधता, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को समर्पित स्वलिखित गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बंदी मयंक तिवारी, जितेन्द्र चौधरी एवं आनंद सोनकार ने राज्य की समृद्ध परंपरा, पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक धरोहर को अपने चित्रों और प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया। केंद्रीय जेल में निर्मित हस्तशिल्प प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें जेल में बंदियों द्वारा बनाए गए चादर, टॉवल, दरी, नेपकिन, लोहे की सिगड़ी, लकड़ी के उत्पाद इत्यादि वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें आगंतुकों ने सराहा। कार्यक्रम का संयोजन और संचालन कल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता ध्रुव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश का विशेष सहयोग रहा। अंत में उप जेल अधीक्षक नेताजी सुभाषचन्द्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर (म.प्र.) ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बंदियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी और कहा कि 

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर केंद्रीय जेल जबलपुर में हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

Cultural program organized in Central Jail Jabalpur on Madhya Pradesh Foundation Day जितेंद्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर। 70वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय जेल जबलपुर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर बंदियों द्वारा मध्यप्रदेश गीत प्रस्तुत किया गया, वहीं स्वलिखित गीतों के माध्यम से प्रदेश की विशेषताओं का सुंदर वर्णन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन कल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता धारे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश का विशेष सहयोग रहा। पूरे आयोजन के दौरान जेल परिसर में उत्सवमय माहौल रहा। अधिकारी-कर्मचारियों और बंदियों ने मिलकर प्रदेश के गौरवमयी इतिहास को याद किया और एकता एवं विकास के संकल्प के साथ स्थापना दिवस मनाया।

आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में आध्यात्मिक प्रशिक्षण

Spiritual Training in Prison by The Art of Living जितेंद्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में “आर्ट ऑफ लिविंग” संस्था के प्रशिक्षक श्रीमती अरुणा सरीन, ब्रह्मानंद पांडेय, कु. वसुधारा शुक्ला एवं वालंटियर घनश्याम सिंह ठाकुर के सहयोग से केंद्रीय जेल में पुरुष एवं महिला बंदियों के लिए 24 से 31 अक्टूबर 2025 तक आध्यात्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जबलपुर। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में “आर्ट ऑफ लिविंग” संस्था के प्रशिक्षक श्रीमती अरुणा सरीन, ब्रह्मानंद पांडेय, कु. वसुधारा शुक्ला एवं वालंटियर घनश्याम सिंह ठाकुर के सहयोग से केंद्रीय जेल में पुरुष एवं महिला बंदियों के लिए 24 से 31 अक्टूबर 2025 तक आध्यात्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ध्यान और योग के माध्यम से तनाव, क्रोध, अवसाद तथा स्वास्थ्य, मानसिक एकाग्रता, आत्म-सम्मान और आत्म-संतुष्टि पर विशेष सत्र लिए गए। प्रशिक्षकों ने बताया कि ध्यान से व्यक्ति अपने मन, मस्तिष्क, स्वास्थ्य और मानसिक विकास में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में मानसिक स्पष्टता, प्रसन्नता, तनावमुक्त जीवन एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना था। यह कार्यक्रम उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश एवं श्रीमती सरिता धाकड़ की उपस्थिति और सहयोग से संपन्न हुआ। उप जेल अधीक्षकनेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल, जबलपुर (म.प्र.)

खुली जेल परिसर में स्वच्छता पखवाड़ा : अधिकारियों-कर्मचारियों ने दिया श्रमदान

Cleanliness fortnight in the open jail premises: Officers and employees donated their labour. जितेन श्रीवास्तवजबलपुर। आज दिनांक 21 सितम्बर 2025 को प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत खुली जेल परिसर में बाहर की ओर स्वच्छता हेतु श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर सहित 07 अधिकारी एवं 37 पुरुष तथा महिला कर्मचारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। बताया गया कि शासन द्वारा संचालित इस अभियान के तहत आगामी दिनों में वृक्षारोपण और रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। जेल अधीक्षक तोमर ने कहा कि गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से पहले स्वच्छता और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता फैलाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में रक्षाबंधन पर्व पर विशेष मुलाकात भाई-बहन के रिश्ते ने तोड़ी सलाखों की दूरियाँ

Special meeting on Rakshabandhan festival in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail Jabalpur, the relationship of brother and sister broke the distance behind the bars जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)  जबलपुर । रक्षाबंधन के पावन पर्व पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय जेल, जबलपुर (म.प्र.) में एक भावनात्मक और अनुकरणीय पहल के तहत जेल प्रशासन ने विशेष मुलाकात व्यवस्था का आयोजन किया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के निर्देशन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें बंदियों को अपने परिजनों के साथ पर्व की खुशी बाँटने का अवसर दिया गया। इस विशेष दिन पर 1561 पुरुष बंदियों से मिलने के लिए दूर-दराज़ से पहुँचीं करीब 3707 माताएँ और बहनें अपने साथ 1015 बच्चों को भी लाई थीं। सभी ने अपने भाईयों को कुमकुम का तिलक कर राखी बाँधी, मिठाई खिलाई और जीवन में बुराईयों को छोड़कर नई राह पर चलने का संकल्प दिलाया। इसी प्रकार जेल में बंद 27 महिला बंदियों को भी उनके भाईयों ने राखी बाँधी और स्नेह के इस पर्व को मनाया। इस विशेष अवसर पर कुल 1588 पुरुष और महिला बंदियों से मिलने के लिए 4722 परिजन आए और रक्षाबंधन का यह पर्व जेल परिसर में बड़े हर्षोल्लास और भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। सुरक्षा के दृष्टिकोण से जेल प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। साथ ही जेल कैंटीन के माध्यम से राखी, मिठाई, कुमकुम, फल आदि की व्यवस्था की गई। चिकित्सा सुविधा, बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था भी की गई थी। इस आयोजन को सफल बनाने में जेल स्टाफ, पुलिस प्रशासन और मीडिया का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम के दौरान जेल चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण शाह जेल उप अधीक्षक मदन कमलेश, यशवंत सिंह मांझी, गणेश सिंह, श्रीमती रूपाली मिश्रा, समस्त सहायक जेल अधीक्षक तथा अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस पहल ने यह सिद्ध किया कि भाई-बहन का रिश्ता सलाखों के परे भी उतना ही मजबूत और संवेदनशील होता है। रक्षाबंधन का यह आयोजन न केवल परिजनों के लिए बल्कि बंदियों के लिए भी एक शमानवता से भरा हुआ यादगार दिन बन गया।

रक्षाबंधन पर जेल में खुली मुलाकात: जबलपुर केंद्रीय जेल प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

Open meeting in jail on Rakshabandhan: Jabalpur Central Jail Administration issued guidelines जितेंद्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर। रक्षाबंधन के पर्व पर इस बार भी केंद्रीय जेल जबलपुर में बंद कैदियों को उनके परिजनों विशेषकर बहनों से मिलने का अवसर मिल सकता है। जेल प्रशासन ने 9 अगस्त 2025 को संभावित खुली मुलाकात के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार, जेल में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसलिए परिजनों से सहयोग की अपील की गई है। दिशा-निर्देश के मुख्य बिंदु:नाम दर्ज कराने का समय:सुबह 6:00 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा। उसी के आधार पर मुलाकात की अनुमति दी जाएगी। पुरुष बंदी की बहनें:उन्हें जेल के विशेष प्रांगण में ले जाकर मुलाकात कराई जाएगी।साथ में केवल महिलाएं और 5 वर्ष से छोटे बच्चे ही प्रवेश कर सकेंगे। महिला बंदी की मुलाकात:उनके भाई जेल के कार्यालय में पृथक रूप से मुलाकात करेंगे। सामग्री पर रोक:मुलाकात स्थल पर किसी भी प्रकार की वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं होगी।केवल सीलबंद राखी किट, जो जेल कैंटीन से ₹50 में खरीदी जा सकती है, मान्य होगी। प्रतिबंधित वस्तुएं:पर्स, मोबाइल, गुटखा, तंबाकू, बैग, भोजन आदि कड़ाई से प्रतिबंधित हैं।तलाशी के दौरान प्रतिबंधित वस्तु पाई जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोट: जेल प्रशासन ने परिजनों से अपील की है कि वे दिए गए निर्देशों का पालन करें, ताकि यह शुभ अवसर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल जबलपुर के आदेशानुसार जारी यह सूचना रक्षाबंधन के पवित्र रिश्ते को बनाए रखने का एक मानवीय प्रयास है, जो कैदियों और उनके परिजनों को एक दिन का स्नेहभरा मिलन प्रदान करता है।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार में नेत्र परीक्षण शिविर

Eye test camp in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार में शनिवार को 250 बंदियों का नेत्र परीक्षण किया गया। इनमें 10 महिला बंदी शामिल रहीं। यह शिविर दादा वीरेन्द्रपुरी ने़त्र चिकित्सालय ने लगाया था। चिकित्सकों ने बंदियों के नेत्र की जांच की और आवश्यक चिकित्सा सलाह दी। चिकित्सकों के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ आंखों में होने वाली समस्याओं के मद्देनजर उन्हें दवाएं और चश्में मुहैया कराए गए हैं। डॉ पवन स्थापक ने बताया कि जेल परिसर में रहते हुए बंदियों की आंखों में कई समस्याएं हो जाती है, जिसका समय पर इलाज जरूरी है। वहीं, जेलर मदन कमलेश ने बताया कि इतने बंदियों का इलाज करवाने में काफी समय लग जाता लेकिन इस शिविर के माध्यम से एक ही दिन में सारे बंदियों की जांच हो गई है। कार्यक्रम में श्रीमती रुपाली मिश्रा उपअधीक्षक एवं हिमांशु तिवारी सहायक अधीक्षक उपस्थित रहे उपरोक्त शिविर अखिलेश तोमर जेल अधीक्षक के मार्गदर्शन में संचालित किया गया

विश्व पर्यावरण दिवस पर जबलपुर केंद्रीय जेल में अनूठा आयोजन, बंदियों ने किया पौधारोपण व गाजरघास सफाई अभियान

A unique event was organized in Jabalpur Central Jail on World Environment Day, prisoners did plantation and carrot grass cleaning campaign जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर | विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केंद्रीय जेल जबलपुर में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में जेल परिसर को हराभरा और स्वच्छ बनाने के लिए व्यापक पर्यावरणीय गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस मौके पर उप जेल अधीक्षक प्रशासन मदन कमलेश, उप जेल अधीक्षक श्रीमती रूपाली मिश्रा, सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी सहित समस्त अधिकारी-कर्मचारी व बंदियों ने मिलकर जेल परिसर में पौधारोपण किया। बंदियों की भागीदारी से संवरा परिसरइस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें जेल के बंदियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने न सिर्फ पौधे लगाए, बल्कि परिसर के आसपास उग आए हानिकारक गाजर घास को उखाड़कर नष्ट किया। कल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता घारू, लिपिक उपेन्द्र त्रिवेदी व अन्य कर्मचारियों की देखरेख में यह सफाई अभियान सफलता से संपन्न हुआ। गाजर घास मिट्टी की उर्वरता को कम करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक मानी जाती है, ऐसे में इसका सफाया एक आवश्यक कदम था। जेल अधीक्षक ने दिया पर्यावरण सरंक्षण का संदेशइस अवसर पर जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने कहा, “विश्व में लगातार घटते जंगलों के कारण प्रदूषण व तापमान में वृद्धि हो रही है। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव हमारे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। ऐसे में पेड़ लगाना और पर्यावरण की रक्षा करना हम सबका नैतिक कर्तव्य है।” उन्होंने सभी को वर्ष भर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाने की प्रेरणा भी दी। सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की मिसालकेंद्रीय जेल में आयोजित यह अभियान न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि समाज से अलग-थलग पड़े बंदियों के भीतर एक नई सोच और जिम्मेदारी का भाव भी उत्पन्न किया। इस आयोजन से यह संदेश भी गया कि समाज के हर वर्ग को मिलकर धरती को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live