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मिली भगत में चल रहा नाली निर्माण गुणवत्ताहीन कार्य नियमों की अनदेखी जिम्मेदार बने अनजान

Drain construction going on in collusion, poor quality work, ignoring rules, unknown people becoming responsible कटनी । शासन का लक्ष्य है कि घर-घर पानी पहुंचे और नियम के तहत कार्य हो लेकिन ऐसा सिर्फ बातों में ही नजर आता है जानकारी के अनुसार बताया गया है कि तहसील ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत पिंडरई में चल रहे नाली निर्माण गुणवत्ता हीन कार्य किया जा रहा है जिसमें लोहे की सरिया का इस्तेमाल सिर्फ नाम के लिए ही किया जा रहा है लगभग डेढ़ फीट की दूरी पर लोहे की सरिया इस्तेमाल की जा रही है वहीं पर सीमेंट भी कम मात्रा में लगई जा रही निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है और किसी भी प्रकार की कोई निगरानी नहीं रखी जा रही है इससे नाली निर्माण में कोताही बढ़ती जा रही है लोक स्वास्थ्य यंत्र की विभाग की तरफ से कोई जांच पड़ताल नहीं की जा रही है ग्रामीणों ने बताया अभी तक किसी भी प्रकार की कोई जांच नहीं की गई इसके पूर्व अनदेखी की इसका साफ मतलब जाहिर होता है कि कार्य को नहीं सिर्फ चंद्र रुपयो के लिए कार्य को अनदेखा कर रहे अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार इस पर क्या रुख अपनाते हैं

बहोरीबंद रीठी बड़वारा विजय राघवगढ़ एवं अन्य क्षेत्रों में मनरेगा के तहत श्रमिकों का नहीं हुआ भुगतान आर्थिक तंगी से जूझ रहे मजदूर

Workers not paid under MNREGA in Bahoriband Reethi Barwara Vijay Raghavgarh and other areas. Workers suffering from financial crisis. कटनी ।मजदूरों को रोजगार मिल सके इसके लिए केंद्र सरकार के द्वारा मनरेगा योजना चलाई जा रही है। लेकिन मनरेगा योजना के तहत सामग्री व श्रमिक भुगतान न होने से योजना फेल होते दिख रही है। वर्तमान मैं विगत तीन माह से मजदूरों को मजदूरी भुगतान नहीं हो रहा है। जिससे श्रमिक वर्ग परेशान है और मजदूरों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड रहा। जानकारी के अनुसार बहोरीबंद जनपद का मनरेगा योजना के तहत सामग्री का 78 लाख और श्रमिको की मजदूरी का 3 करोड़ 95 लाख रुपए बकाया है। इधर, भुगतान नहीं होने से मजदूर परेशान हो रहे हैं। विकास कार्यों की गति में ब्रेक लग रहा है। ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिलने से वे परेशान हो रहे हैं। महिनों से भुगतान अटकने के कारण ग्रामीणों का मनरेगा से मोहभंग होने लगा है। ग्राम पंचायत के सरपंचो का कहना है कि विगत तीन माह से मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों का मजदूरी भुगतान नहीं हो रहा है। जिससे मजदूर प्रतिदिन पंचायत कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मजदूरी भुगतान न होने के चलते श्रमिक वर्ग अब काम पर भी नही आ रहे, जिससे पंचायतों मैं निर्माण कार्य पर ब्रेक लगा हुआ है। जानकारी के मुताबिक रोजगार नहीं मिलने से पलायन कर रहे ग्रामीण इधर, मनरेगा से रोजगार नहीं मिलने के कारण ग्रामीण रोजगार के लिए पलायन कर रहे है। दरअसल, ग्राम पंचायतों में पूर्व में मनरेगा से कार्य तो हुए है। लेकिन उसका भुगतान महिनों तक नहीं हो पा रहा है। जिसकी वजह से ग्रामीणों का मनरेगा से मोह भंग होते जा रहा है। मजदूरों का कहना है मार्च माह मैं महा शिवरात्रि व होली का त्यौहार है। यदि मनरेगा भुगतान नही हुआ तो आर्थिक समस्या और गड़बड़ा जायेगी। जिस कारण रोजगार की तलाश में दूसरे जिलों व महा नगरों की ओर पलायन करने की तैयारी मैं है। मनरेगा से भुगतान नहीं होने की वजह से एक तो ग्रामीण परेशान है। वहीं भुगतान के लिए अब पंचायतों के चक्कर काट रहे है। पंचायत पदाधिकारी भी ग्रामीणों को बजट नहीं होने और भुगतान होने का आश्वासन दे रहे है। जानकारी के अनुसार कटनी जिले मैं छह जनपद पंचायत है। जिसमे जनपद पंचायत रीठी मैं श्रमिक मजदूरी का 3 करोड़ 17 लाख रुपए व सामग्री का 42 लाख भुगतान बकाया है। इसके अलावा जनपद पंचायत बहोरीबंद श्रमिक मजदूरी भुगतान 3 करोड़ 95 लाख व सामग्री भुगतान 78 लाख रुपए, जनपद पंचायत कटनी का श्रमिक मजदूरी भुगतान 2 करोड़ 53 लाख व सामग्री भुगतान 69 लाख रुपए, जनपद पंचायत विजय राघवगढ़ श्रमिक मजदूरी भुगतान 2 करोड़ 68 लाख व सामग्री भुगतान 1 करोड़ 23 लाख रुपए, जनपद पंचायत बड़वारा श्रमिक मजदूरी भुगतान 3 करोड़ 21 लाख व सामग्री भुगतान 88 लाख रुपए व जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा श्रमिक मजदूरी 7 करोड़ 19 लाख रुपए व सामग्री भुगतान 2 करोड़ 96 लाख रुपए बकाया है, जो शासन स्तर से भुगतान होना शेष है। इनका कहना है ऋषिराज चढ़ार जिला मनरेगा अधिकारी यह बात सही है कि वर्तमान मैं मनरेगा योजना के तहत श्रमिक मजदूरी व सामग्री का भुगतान नही हो पा रहा है। राज्य शासन स्तर से मनरेगा का भुगतान न होने की समस्या है। लगातार विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध मैं जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों के द्वारा आश्वासन दिया जा रहा है कि जल्द ही मनरेगा भुगतान होगा। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में यह स्थिति है एक सप्ताह में भुगतान होने के आसार हैं

बरगवा स्थित स्कूल में गंदगी का आलम असामाजिक तत्वों का डेरा विभाग बना अंजान

The situation of filth in the school located in Bargawa, the camp of anti-social elements has become unknown to the department. कटनी। कई बार अवगत कराने से भी समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है जिससे विद्यार्थी एवं स्कूल प्रशासन परेशान हैं स्कूल में गंदगी का आलम है साफ सफाई नहीं हो रही जिससे बदबू आ रही है नालियां सडान मार रही हैं लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते कुछ नहीं हो पा रहा है कटनी के बरगवां स्थित स्कूल के अंदर गंदगी पसरी हुई है मवेशियों का डेरा भी रहता है असामाजिक तत्व भी घूमते नजर आते हैं जिससे विद्यार्थियों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है मिली जानकारी के अनुसार काफी दिनों से यह समस्या है शासन प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है स्कूल प्रबंधन में बताया कि पूर्व में कई बार अवगत कराया जा चुका है फिर भी समस्या का निदान नहीं हो रहा है रात होते ही सामाजिक तत्व यहां पर घूमते नजर आते हैं गंदगी का आलम है मवेशी भी अंदर घुस जाते हैं जिसे स्कूल परिसर में गंदगी बनी रहती है विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है अब सवाल यह उठता है कि शहर के बीचो-बीच शिक्षा का मंदिर बना हुआ है जहां पर विद्यार्थी पढ़ते लिखते हैं वहां पर साफ सफाई नहीं हो रही है ना ही जिम्मेदारों के द्वारा ध्यान दिया जा रहा है

मेडिकल संचालकों के ऊपर नियमों का उल्लंघन करने पर हुई कार्यवाही इधर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने भी की जाच पडताल दुकानों को किया गया सील

Action taken against medical operators for violating rules. Food Safety Administration also investigated and shops were sealed. कटनी । कलेक्टर अवि प्रसाद के निर्देशानुसार जिले के औषधि निरीक्षक द्वारा विगत दिवस लखेरा स्थित विभिन्न दवा दुकानों मेसर्स माँ मेडिकल एवं जनरल स्टोर्स, मेसर्स राय मेडिकल एंड जनरल स्टोर, मेसर्स शेल मेडिकल स्टोर्स, मेसर्स शिवा मेडीकोज, मेसर्स प्रिया मेडीकोज की जांच की गई।जांच के दौरान मेसर्स माँ मेडिकल एवं जनरल स्टोर्स, मेसर्स शेल मेडीकल स्टोर्स, मेसर्स शिवा मेडीकोज एवं मेसर्स प्रिया मेडीकोज में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के नियम 65 का उल्लंघन पाया गया तथा मुख्यतः सभी दुकानों में बिल बुक नियमानुसार संधारित नहीं पाई गई।औषधि अनुज्ञापन अधिकारी मनीषा धुर्वे ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर उक्त दुकानों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाकर दो दिवस में जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। जवाब प्राप्ति उपरांत औषधि प्रसाधान सामग्री अधिनियम 1940 के नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। बिना लायसेंस दुकान हो रही थी संचालित, बगैर लाइसेंस दुकान संचालन पर दुकान को किया गया सील मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत जिले में चलाये जा रहे अभियान के तहत सोमवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा गल्ला मंडी पहरुआ कटनी स्थित कुंज बिहारी वल्लभ दास फर्म का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फर्म में गुड़, शक्कर, नारियल का व्यवसाय बिना एफ.एस.एस.ए.आई लाइसेंस रजिस्ट्रेशन के करते पाए जाने पर प्रतिष्ठान को सील बंद किया गया, तथा शक्कर, गुड के सैंपल लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजनें की कार्यवाही की गई। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवकी सोनवानी निरीक्षण के दौरान दुकान में लाइसेंस रजिस्ट्रेशन नही पाए जाने के अलावा लाइसेंस की शर्तो का उल्लंघन कर व्यवसाय करते पाये जाने पर दुकान संचालक को अधिनियम की धारा 32 के तहत 14 दिवस में नियम के तहत शर्तो का पालन नहीं पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई किये जानें का नोटिस दिया गया। रिपोर्ट प्राप्त होने पर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।

प्रमोशन के 13 साल बाद भी शिक्षक को नहीं मिला लाभ, कलेक्टर से लगाई गुहार शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही आई सामने

Teacher did not get benefits even after 13 years of promotion, appealed to the collector; Negligence of education department officials came to light कटनी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। दरअसल, एक शिक्षक का 2011 में प्रमोशन हो गया था, लेकिन उन्हें 2024 तक प्रमोशन का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की है। इसके बाद भी उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार जिले की ढीमरखेड़ा क्षेत्र के बरहटा माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक आनंद दुबे ने बताया कि साल 1998 में शिक्षाकर्मी वर्ग 3 में नियुक्ति हुई थी। साल 2007 में सहायक अध्यापक के पद पर सेवाएं देने के बाद 2011 में सहायक अध्यापक से अध्यापक के लिए पदोन्नति की सारी औपचारिकता पूर्ण करने के बाद भी पोर्टल में नाम नहीं दिखाया। इस मामले में अधिकारियों ने तकनीकी समस्या बताया। साल 2018 समविलिन में भी नाम पोर्टल में नहीं दिखने की शिकायत संकुल प्राचार्य, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्टर और जबलपुर संभागीय जेडी कार्यालय में भी शिकायत की गई। टीचर ने बताया कि समस्या निराकरण न होने पर सीएम हेल्पलाइन का भी सहारा लिया गया, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ है। पीड़ित शिक्षक ने कलेक्टर अवि प्रसाद से समस्या निराकरण करवाने की मांग की है।

कार्यवाही के नाम पर रस्म अदायकी अधिकारियों के गठजोड़ से खुलेआम हो रहा कब्जा, प्रशासन की चुप्पी से बड़े भू माफिया के हौसले बुलंद

In the name of action, illegal occupation is taking place openly due to the nexus of customs officials, due to the silence of the administration, the courage of the big land mafia is high. कटनी। जिले में ऐसी कई सरकारी जमीन है जिनमें कब्जा करने की होड़ मची हुई है जानकारी के मुताबिक माधव नगर क्षेत्र में इन दिनों भू माफिया बेरोक टोक अपने अवैध मंसूबों को अंजाम तक पहुंचाने के काम में जुटे हुए है। वर्तमान में माधव नगर क्षेत्र के कई प्रमुख स्थल ऐसे हैं जहां पर करोड़ों की शासकीय भूमि पर भू माफिया कब्जा कर रहे हैं। खुलेआम हो रहे इस कब्जे की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी है लेकिन उसके बाद भी कब्जे पर रोक न लग पाना अपने आप में कई तरह के सवाल खड़े करता है। जहां अगर कोई गरीब एक छोटा सा झोपड़ा भी सरकारी जमीन पर बना ले तो अतिक्रमण का अमला उसे गिराने तुरंत जेसीबी लेकर पहुंच जाता है। वहीं लेकिन करोड़ों की जमीन पर हो रहे कब्जे को हटाने और कार्यवाही करने की सुध अब तक अतिक्रमण विभाग ने नहीं ली।सूत्र बताते हैं कि इन दिनों माधव नगर में अवैध कब्जे का सिलसिला जमकर फल फूल रहा है। ग्राम पंचायत कार्यालय के बाजू में लगभग 30 से 40 हजार वर्ग फुट जमीन पर एक भूमिया के द्वारा खुलेआम कब्जा किया जा रहा है। माधव नगर ग्राम पंचायत कार्यालय के बगल में चल रहे अवैध कब्जे के अलावा डर्बी होटल माधव नगर के बगल में भी करोड़ों की जमीन पर कब्जा हो रहा है। इतना ही नहीं माधव नगर में स्थित डीके ट्रेडर्स के बगल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। माधव नगर स्थित नगर निगम उप कार्यालय के बगल में भी अवैध कब्जा खुलेआम हो रहा है। इन सभी स्थानों पर हो रहे कब्जे की जानकारी संबंधित अधिकारियों को है लेकिन निजी स्वार्थ के चलते उनके द्वारा कार्यवाही नहीं की जा रही। यदि इसी तरह जिम्मेदार चुप्पी साधे रहे तो फिर वह दिन दूर नहीं जब बेश कीमती करोड़ की शासकीय जमीन कब्जे की भेंट चढ़ जाएगी।

नगर निगम अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए शहर में तन रही बिल्डिंग

Buildings being built in the city flouting the Municipal Corporation Act कटनी। नगर निगम अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए बैगेर स्वीकृति के निर्माण कार्य जारी है नगर निगम के अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं हो रही है जिससे सदेह की स्थिति उत्पन्न होती है जानकारी के अनुसार बाल गंगाधर तिलक वार्ड स्थित साई मंदिर के पीछे गली नंबर 7 एवं 8 में एवं गली नंबर पांच में जिस तेजी से मल्टियां बनाई जा रही हैं जिस तेजी से खाली पड़े प्लाटों में मकान बनाई जा रहे हैं ना तो नगर निगम से उनके द्वारा नक्शा पास कराया गया और ना ही नगर निगम का यह टैक्स देते हैं और मकान बन बनकर मल्टी बन बनकर 10,5 लाख कमाते हुए बेच रहे हैं इससे नगर निगम को राजस्व की हानी हो रही है और जिस तरह जनता को बेवकूफ बनाकर इन मल्टी एवं प्लाटों की बिक्री की जा रही है उसके लिए फिर पार्षद को परेशान किया जाएगा ना तो वह रोड बना रहे हैं ना नाली बना रहे हैं और ना ही लाइट के खंभे उपलब्ध करा रहे हैं मेरा उच्च अधिकारियों से एवं नगर निगम प्रशासन से अनुरोध है की तत्काल ऐसे अवैध रूप से बनाई जा रहे मल्टी एवं मकान पर रोक लगाई जावे जब तक यह नगर निगम से नक्शा स्वीकृत नहीं कर लेते और ना नगर निगम की टैक्स भर देते तब तक पार्षद ने नगर निगम के उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षण कराया है कार्य करने से तत्काल रोका जावे श्रीमती वंदना राज किशोर यादव पार्षद वार्ड क्रमांक अब देखना यह होगा कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या संज्ञान लेते हैं

खाद्य सुरक्षा विभाग के विशेष दल ने 16 प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाही कर 43 नमूने लिए

Special team of Food Safety Department raided 16 establishments and took 43 samples. बाबा पेठा फैक्ट्री पोरसा का खाद्य पंजीयन नहीं होने पर फैक्ट्री को शटडाउन किया मुरैना ! कलेक्टर अंकित अस्थाना के निर्देश पर एवं अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा प्रशासन मुरैना डॉ. राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रशासन मध्यप्रदेश के विशेष दल ने 21 फरवरी, बुधवार को 16 प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्यवाही कर 43 नमूने लिए। खाद्य सुरक्षा प्रशासन मुरैना के अभिहित अधिकारी ने बताया कि जय बजरंज डेयरी जौरा से मिश्रित दूध के 1, दशरथ सिंह गुर्जर जौरा से मिश्रित दूध के 7, गुरू बाबा एग्रो प्रा.लि. बानमौर से पापड़, मैदा के 5, मां पार्वती डेयरी पोरसा से मिश्रित दूध के 3, श्यामू राजावत डेयरी पोरसा से मिश्रित दूध के 1, दांगी बाबा दुग्ध डेयरी जौरा से मिश्रित दूध के 1, कामतानाथ डेयरी ग्राम पियनी पोरसा से मिश्रित दूध के 2, बजरंग डेयरी जौरा से पनीर, घी के 2, हरेन्द्र डेयरी ग्राम गिदोली पोरसा से मिश्रित दूध के 2, मोर मुकुट मिष्ठान भंडार जौरा से सोयाबीन, घी, मिल्क केक, मावा के 4, दाऊजी मिष्ठान भंडार मुरैना से बेसन के लड्डे, सोहन पपड़ी के 2, रामरतन मल्टी फूड प्रोडक्ट प्रा.लि. मुरैना से मिश्रित दूध के 2, दण्डोतिया डेयरी प्रोडक्ट मुरैना से मावा के 1, पूनम डेयरी शिक्षक कॉलोनी मुरैना से घी के 2 नमूने लिये। बाबा पेठा फैक्ट्री भिण्ड रोड़ पोरसा से पेठा, शक्कर, सपरेटा दूध के 3 सेम्पल लेकर फर्म का खाद्य पंजीयन नहीं पाये जाने पर विक्रय, निर्माण निषेध करने के उद्देश्य से पेठा फैक्ट्री को शटडाउन किया गया। ओम शुभ लाभ एग्रोटेक प्रा.लि. बानमौर से गेहूं, आटा के 5 नमूने लिये गये। जिन्हें लैब के लिये परीक्षण हेतु भेजा गया।

अफसर की कार्यप्रणाली पर सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं को लेकर पंचायतो में हुआ बड़ा खेल कटनी जनपद में भ्रष्टाचार की खुली पोल

There was a big game in the Panchayats regarding the irregularities in the government schemes on the functioning of the officer. Corruption was exposed in Katni district. कटनी। सरकारी अफसर योजनाओं के लिए कितने संजीदा रहते हैं यह बात किसी से छिपी नहीं है मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत कटनी के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमिताओं का मामला सामने आया है। निर्माण कार्यों के लिए राज्य सरकार से मिलने वाली राशि का आहरण तो कर लिया गया है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। खुलेआम भ्रष्टाचार करते हुए सरकारी राशि का बंदरबाट कर लिया गया है। अफसरों की मनमानी, जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कटनी जनपद पंचायत में कतिपय अधिकारी अपनी मोनोपॉली चला रहे हैं। अफसरों के संरक्षण में पूरी कार्यप्रणाली चल रही है और जनता के प्रतिनिधियों को भी अनदेखा किया जा रहा है। जिसका असर पंचायतों के विकास कार्य पर पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं के नाम पर प्रत्येक पंचायत में सडक़, नाली और अन्य निर्माण कार्य किए गए हैं, लेकिन हकीकत में कई जगहों पर नई सडकें ही उधडने लगी हैं तो कुछ जगहों पर अधूरी सडक़ ही बनी है। स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों का सामना जनप्रतिनिधियों को ही करना पड़ता है। सामान्य सभा की बैठक में उठा मुद्दा जानकारी के मुताबिक विगत 12 फरवरी को जनपद पंचायत कटनी में सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में पंचायतों में होने वाले भ्रष्टाचार का भी मुद्दा उठा। अध्यक्ष के साथ ही कई सदस्यों ने सरकारी राशि में अनियमितताएं किए जाने का मुद्दा उठाया। बैठक के दौरान जनपद पंचायत कटनी में पदस्थ सहायक यंत्री एस के खर्द की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया है कि इनकी सरपरस्ती में ही ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पूरे मामले में कटनी जनपद पंचायत के कतिपय इंजीनियरों की सांठगांठ सामने आई है। उनके संरक्षण में ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों ने इस राशि को ठिकाने लगाने का काम किया है। इसकी जानकारी जब जनपद पंचायत कटनी की अध्यक्ष गीता सिंह को लगी तो उन्होंने अपनी टीम के साथ मौके पर जाकर कई पंचायतों का निरीक्षण किया। इस दौरान शिकायतें सही पाई गई हैं। उन्होंने इन शिकायतों की जमीनी हकीकत पता करने के बाद सीईओ से लेकर अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भी लिखे हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। कई पंचायतों में लगे अनियमितताएं के आरोप बैठक में जब अध्यक्ष गीता सिंह ने निर्माण कार्यों का मुद्दा उठाया तो अन्य सदस्य भी एक-एक करके अनियमितताओं को उठाया। जिसमे ग्राम पंचायत बण्डा में निर्माण कार्यों में अनियमितताओं को लेकर जनपद पंचायत के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। इसके अलावा ग्राम पंचायत पठरा, बिस्तरा, पिलौंजी, गनियारी, कूड़ो, इमलिया, पूंछी, पटवारा, कन्हवारा, खमतरा एवं मड़ई में भी अनियमितताओं की मिल रही शिकायतों को लेकर सवाल जवाब किया गया। सबसे अधिक अनियमितता का मामला पटवारा, कन्हवारा और बण्डा का गूंजा। जिसमें कहा गया कि अधिकांश कार्यों की जांच नहीं कराई गई या फिर जिनकी जांच हुई। उसमें दोषियों के विरुद्ध किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई। अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा इस पर रोष प्रकट करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है। निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए इसकी प्रति कलेक्टर अवि प्रसाद को भेजते हुए रसहायक यंत्री एस के खर्द के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने की अनुशंसा की गई है। अब देखना है कि इस पूरे मामले में कलेक्टर अवि प्रसाद क्या कार्यवाही करते हैं

खाद्य विभाग की टीम ने 9 फर्मो का निरीक्षण कर 14 नमूने लिये

The Food Department team inspected 9 firms and took 14 samples. मुरैना ! कलेक्टर अंकित अस्थाना के निर्देशानुसार अभिहित अधिकारी मुरैना डॉ. राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के विशेष दल ने सोमवार को 9 फर्मो का निरीक्षण कर कुल 14 नमूने लिये। खाद्य सुरक्षा प्रशासन मुरैना के अभिहित अधिकारी ने बताया कि ज्योति पोला इण्डस्ट्रीज कैलारस से सोयाबीन तेल, पाम ऑयल, आलू भुजिया के नमूने लिये। इसी प्रकार मोहर सिंह यादव चिलिंग सेन्टर जौरा से मिश्रित दूध, मोहन सक्सेना डेयरी जौरी रोड़ से पनीर, मिश्रित दूध, कान्हा डेयरी पहाडगढ़ रोड़ कैलारस से क्रीम, श्री राधे कृष्णा डेयरी रिझोनी रोड़ कैलारस से स्किम्ड मिल्क, जमदम्बा डेयरी एमएस रोड़ कैलारस से मिश्रित दूध, सुखेन्द्र त्यागी डेयरी एमएस रोड़ कैलारस से स्किम्ड मिल्क, श्याम डेयरी रिझोनी रोड़ कैलारस से मिश्रित दूध और शिवम डेयरी जौरा से घी के नमूने लिये गये। जिन्हें लैब के लिये परीक्षण हेतु भेजा गया।

जिला चिकित्सालय के सामने ई-रिक्शा का साम्राज्य मौसम बदलते ही लगने लगी भीड़

Empire of e-rickshaw in front of the district hospital, crowd started gathering as the weather changed कटनी। जिला चिकित्सालय जो कि जिले का इकलौता अस्पताल है जहां पर लोग दूर-दराज से इलाज करवाने आते हैं जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है मौसम बदलते ही जिला चिकित्सालय में भीड़ देखने को मिल रही है जिला चिकित्सालय में आसपास के जिलों से लोग भी आते हैं जांच करवाने एवं इलाज करवाने जिला चिकित्सालय के सामने ई-रिक्शा की धमा चौकड़ी जिला चिकित्सालय सड़क जो की व्यस्ततम रहती है सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों का जमावड़ा भी रहता है और ई रिक्शा वालों ने तो हद ही कर दी है नागरिक बताते हैं कि गेट के सामने ई रिक्शा वाले खड़ा कर देते हैं निकलने में आशुविधा का सामना करना पड़ता है नागरिकों को भी परेशानी हो रही है जिम्मेदारों के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जबकि वहीं पर अस्पताल पुलिस चौकी भी है लेकिन भीड़ को नजर अंदाज किया जाता है रेलवे स्टेशन भी इसी मार्ग पर रेलवे स्टेशन भी इसी मार्ग पर पड़ता है तो भीड़ होना लाजमी है अस्पताल प्रबंधन भी इस पर ध्यान नहीं दे पता है जिस वजह से भीड़ लगी रहती है एवं वाहनों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है अब ऐसे में चाहिए की जिम्मेदार इस पर ध्यान दें ताकि नागरिकों को और सुविधा का सामना न करना पड़े

प्रदूषण से संबंधित नहीं रखा गया ध्यान लोक सुनवाई से पहले ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

Attention was not given to pollution. Villagers protested before public hearing. कटनी । लोक सुनवाई के दौरान मिली जानकारी के अनुसार बड़वारा तहसील क्षेत्र के जमुनिया गांव में खदान स्वीकृति के लिए लोक सुनवाई का शासकीय कार्यक्रम रखा गया था ताकि प्रदूषण के साथ साथ क्षेत्र में रहने वाले लोगों के सेहत का ख्याल रखते हुए खदान को संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की जा सके, लेकिन लोक सुनवाई के पहले हीं ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों के खिलाफ़ आंदोलन छेड़ दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ़ नाराजगी जाहिर करते हुए जम कर नारेबाजी की।मौके पर पहुंचे अधिकारी ग्रामीणों के सामने लाचार नजर आ रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक इस गांव के एक खदान में दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी, जिस मामले में अभी तक मृतकों के परिजनों को शासन से आर्थिक सहायता के आलावा और भी किसी तरह की मदद नही मिली ना हीं खदान संचालक के विरूद्ध कोई ठोस कार्यवाही की गई। जिसके चलते अब क्षेत्र में किसी तरह की खदान स्वीकृति की अनुमति नही देने दिया जाएगा।दरअसल जमुनिया गांव में दो हेक्टेर से ज्यादा जमीन डोलोमाईट खदान स्वीकृत हुई है जिसके पर्यावरण की सुनवाई के लिए अधिकारी गांव पहुंचे थे जिन्हें ग्रामीणों का भारी विरोध झेलने के बाद वापस लौटना पड़ गया। ग्रामीणों के मुताबिक उनके क्षेत्र में किसी तरह की खदान को संचालित नही करने दिया जाएगा।इधर मौके पर पहुंचे अपर कलेक्टर साधना परस्ते ने कहा कि उन्होंने ग्रामीणों की बात को रिकार्ड कर लिया है और शासन के सक्षम अधिकारियों को भेजेंगे ताकि इस मामले में आगे की कार्यवाही की जा सके ।

शहर की सड़कों चौराहों एवं व्यावसायिक रहवासी इलाके में मवेशियों का जमावाड़ा निगम की हाका टीम नदारत हादसे की आशंका

Gathering of cattle on city roads, intersections and commercial residential areas; fear of accident due to absence of Haka team of the corporation कटनी । शहर के कई मार्गों में आवारा मवेशियों का जम घट रहता है लोग स्वयं के पालतू जानवर बाधने को तैयार नहीं है स्टेशन रोड बस स्टैंड घंटाघर एवं अन्य सड़कों पर गौवंश देखने को मिलते हैं ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को भी नुकसान करते हैं निगम प्रशासन की अनदेखी के चलते कटनी शहर की सड़कें गौशाला में तब्दील हो गई हैं. शहर से लगे प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा मिशन चौक, भितरी व्यावसायिक बाजार मार्गों में दिन भर मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है. जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. वहीं जाम की भी स्थिति बनी रहती है. कभी तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से मवेशी घायल हो रहे हैं. वाहन चालक भी हादसे का शिकार हो रहे हैं. मवेशी न सिर्फ सड़क पर बल्कि प्रमुख बाजार में भी दिन भर मंडराते रहते हैं. प्रमुख मार्गों में जमावड़ा के चलते कई बार पैदल चलने वालों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है.शहर बाजार में आवारा मवेशियों का झुंड मंडराता रहता है. आए दिन मवेशी लोगों के झोले में मुंह मार रहे हैं, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. आवारा मवेशियों के हमले से लोग चोटिल भी हो रहे हैं. वहीं प्रमुख मार्गों में भी कई बार दो सांडों के बीच लड़ाई से लोगों की जान भी आफत में फंसी, जिसके चलते लोग चोटिल होने के साथ ही वाहनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं. प्रमुख मागों में देर रात तक मवेशियों के जमावड़े के चलते दुर्घटनाएं भी होती है.आवारा मवेशियों की धरपकड़ और कांजी हाउस भेजने के लिए नगर निगम की तरफ से हांका गेंग टीम भी बनाया गया है, मगर यह टीम कभी कभार ही कार्रवाई करती नजर आती है. मौजूदा समय में शहर का हांका गेंग लापता है.

प्रकृति की धरोहर गिद्ध प्रजाति को बचाने की जरूरत है विजयराघवगढ एवं रीठी में हुई गिद्धों की गणना कैमोर की पहाड़ियों में मिले गिद्ध के आशियाने वन विभाग में खुशी

There is a need to save the nature’s heritage vulture species. Counting of vultures was done in Vijayraghavgarh and Reethi. Happiness in the Forest Department. Home of vultures found in the hills of Kaimur. कटनी । गिद्ध प्रजाति बचाने की बहुत जरूरत वन क्षेत्रों में पक्षी राज कहे जाने वाले देशी गिद्घों का कुनबा बढ़ने से वन विभाग के अधिकारियों के चेहरों में खुशी देखने को मिल रही है। मिली जानकारी के अनुसार तीन दिन चली गणना के बाद पिछली गणना से दोगुने से अधिक देशी गिद्ध जिले के दो वन परिक्षेत्रों में पाए गए हैं। गणना का कार्य पूरा होने के बाद रविवार की देर शाम तक वरिष्ठ कार्यालयों को जानकारी भेजी गई। जिले में वर्ष 2019 की गणना के दौरान विजयराघवगढ़ व रीठी वन परिक्षेत्र में 75 गिद्ध मिले थे और वर्ष 2021 में गणना में इनकी संख्या घटकर 64 हो गई थी। जिसके चलते सफाई मित्र के नाम से जाने वाली इस प्रजाति की घटी संख्या वन विभाग के लिए चिंता का विषय थी। विशेषज्ञों के साथ वन विभाग की टीम ने विजयराघवगढ़ क्षेत्र में गिद्धों की संख्या अधिक होने के कारण यहां पर जागरूकता अभियान चलाया था। जिसका असर देखने को मिला है और इस वर्ष की गणना के बाद गिद्धों की संख्या बढ़कर 191 हो गई है। जिसके बाद वन अमले के चेहरों में खुशी देखने को मिल रही है। जिले में 16 फरवरी से 18 फरवरी तक हुई गिद्ध गणना में जहां 140 व्यस्क गिद्ध मिले हैं तो वहीं 51 अव्यस्क गिद्ध वन अमले को मिले हैं।गिद्घों के मिले चार आवास, कैमोर की पहाड़ी में अधिकवन विभाग के विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र के कैमोर की पहाड़ियों में गिद्धों के सबसे अधिक आशियाने वन विभाग को मिले हैं। यहां पर कैमोर से मेहगांव के बीच पहाड़ी पर गिद्धों के तीन आशियाने टीम को मिले हैं। रेंजर विवेक जैन की अगुवाई में सुबह तीन दिन हुई गणना में 51 अव्यस्क और 136 व्यस्क देशी गिद्ध आशियानों में बैठे मिले। वहीं रीठी वन परिक्षेत्र में कुम्हरवारा टैंक के पास देशी गिद्घों का एक आशियाना मिला है, जिसमें गिद्घों की संख्या चार मिली है, हालांकि पहले व दूसरे दिन यहां पर छह गिद्ध मिले थे लेकिन अंतिम गणना को मानते हुए यहां पर चार की संख्या आंकी गई है। रीठी क्षेत्र में रेंजर महेश पटेल की अगुवाई में गिद्घों की गणना हुई। दो वन परिक्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में गिद्धों की प्रजाति देखने को नहीं मिली।

एकता वेयरहाउस में 4 करोड रुपए की मूंग हुई बर्बाद विभाग की लापरवाही की वजह से मामले को दबाने को लेकर हो रहा गड़बड़ झाला  

Moong worth Rs 4 crore was wasted in Ekta Warehouse. Due to the negligence of the department, there is a mess in suppressing the case. विशेष संवाददाता  कटनी। जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से अन्नदाता की कमाई किस तरह बर्बाद होती है यह बात किसी से किसी नहीं है खून-पसीना बहाकर लोगों के निवाले के लिए अन्नदाता फसल पैदा करता है, लेकिन अफसरों की बेपरवाही व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हर साल करोड़ों रुपए का अनाज बर्बाद हो जा रहा है। एक बार फिर जिले में मूंग की सुरक्षा में भारी चूक सामने आई है। स्लीमनाबाद क्षेत्र अंतर्गत एकता वेयरहाउस में भंडारित लगभग 4 करोड़ रुपए की मूंग बर्बाद हो गई है। इस पूरे मामले को विभागीय अफसर दबाने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार एकता वेयर हाउस में सन 2021-22 में कृषि विभाग के माध्यम से किसानों से समर्थन मूल्य 7 हजार 275 रुपए प्रतिक्विंटल के दर से मूंग खरीदी गई थी। मूंग खरीदी की नोडल एजेंसी विपणन विभाग रहा है। विभाग द्वारा मध्यप्रदेश वेयर हाउस प्रबंधन के माध्यम से गोदामों में मूंग का भंडारण कराया गया था।  स्लीमनाबाद स्थित एकता वेयर हाउस में 23 हजार क्विंटल मूंग का भंडारण कराया गया था, जिसमें लगभग 6 हजार क्विंटल से अधिक मूंग खराब हो गई है।   निगरानी में लापरवाही बरती गई गोदाम स्तरीय से लेकर विभागीय अधिकारियों की निगरानी में लापरवाही के चलते बड़ी मात्रा में मंूग खराब हुई है। विभाग प्रमुखों द्वारा खासकर वेयर हाउस प्रबंधन स्लीमनाबाद ब्रांच व विपणन विभाग द्वारा ध्यान न दिए जाने से यह स्थिति बनी है। इस समिति ने की है जांच बड़ी मात्रा में मूंग खराब होने पर इसकी जांच कमेटी द्वारा कराई गई है। इस कमेटी में जिला आपूर्ति अधिकारी बालेंद्र शुक्ला, उपसंचालक कृषि मनीष मिश्रा, सहायक आयुक्त सहकारिता राजयशवर्धन कुरील, जिला विपणन अधिकारी अमित तिवारी, जिला प्रबंधक वेयर हाउस वायएस सेंगर की टीम ने जांच की है। यह राग अलाप रहे अधिकारी बड़ी मात्रा में मूंग खराब होने के बाद विपणन विभाग के अधिकारी मामले को दबाने में जुटे हैं। कहा जा रहा है कि 3 माह व अधिकतम छह माह में मूंग का उठाव हो जाना था, लेकिन नहीं किया गया, अधिक समय मूंग रखने के कारण यह हालात बने हैं। सूत्रों की मानें तो सुरक्षा में चूक के कारण उपज बर्बाद हुई है। अब निलामी प्रक्रिया अपनाकर मामले को रफा-दफा करने खेल चल रहा है। इस मामले में वेयर हाउस के प्रबंधक चंद्रशेखर नरवरे द्वारा कुछ भी बताने से इन्कार किया जा रहा है। क्या कहते हैं अधिकारी हमारे वेयर हाउस में रखी मूंग विपणन विभाग की है। जो मूंग खराब हुई है उसकी जानकारी हम नहीं देंगे, डीएमओ ही देंगे। चंद्रशेखर नरवरे, प्रबंधक, वेयर हाउस। वेयर हाउस में 23 हजार क्विंटल मूंग का भंडारण हुआ था, जिसमें काफी मूंग खराब हुई है। वास्तव में मूंग कितनी मात्रा खराब हुई है इसकी जानकारी नहीं दे पाएंगे। जांच रिपोर्ट में ही खुलासा होगा। अमित तिवारी, जिला प्रबंधक विपणन। इनका कहना है मामले की जांच कलेक्टर द्वारा कराई गई है। मूंग के भंडारण, सुरक्षित रख-रखाव में लापरवाही पाई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई प्रस्तावित कर पत्र शासन को भेजा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस पर क्या कार्यवाही होती है साधना परस्ते, एडीएम।

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