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उंगलियों के आकार से जानें अपने अंदर छुपी क्वालिटी, सामने आएंगे व्यक्तित्व के राज

Know the hidden qualities within you from the shape of your fingers

Know the hidden qualities within you from the shape of your fingers, the secrets of your personality will be revealed. Personality Test: हमारे आसपास कई सारे लोग रहते हैं। यह लोग अपने अलग व्यक्तित्व, रहन-सहन और स्वभाव के लिए पहचाने जाते हैं। इनका व्यवहार, बोलचाल, पहनावा, खानपान ही दूसरे लोगों को उनके व्यक्तित्व के बारे में जानकारी देने का काम करता है। किसी को भी हमेशा उसके स्वभाव और रहन-सहन के आधार पर पहचानने की कोशिश की जाती है। वैसे बात अगर आज के दौर की की जाए तो फैशन और आधुनिकता से भरे हुए इस दौर में हर कोई अपने आप को बेहतर दिखाना चाहता है। खुद को बेहतर दिखने की चाहत में व्यक्ति अच्छा पहनावा, खाना और वह सभी चीज करता है, जो देखने में लोगों को अच्छी लगे। ऐसे में ही बड़ा सवाल है कि आखिरकार किसी के भी व्यक्तित्व की सही जानकारी किस तरह से निकली जाए। हर व्यक्ति का स्वभाव जैसा है उसका व्यक्तित्व भी वैसा ही निकले यह जरूरी नहीं। ऐसे में अगर हम चाहे तो व्यक्ति की उंगलियों के आकार के आधार पर उसके बारे में सब कुछ पता कर सकते हैं। चलिए आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देते हैं। अलग-अलग उंगलियांकुछ लोगों की उंगलियां बिल्कुल अलग-अलग होती है। यानी की किसी भी उंगली की लंबाई एक जैसी नहीं होती। इसका मतलब है कि उनकी उंगली पर बनने वाला हर पर्वत संतुलित अवस्था में है। इस तरह के लोग संतुलित जीवन जीने वाले होते हैं। यह हमेशा आगे बढ़ने का प्रयत्न करते हैं। इन्हें जीवन से ज्यादा अपेक्षा नहीं होती। इन लोगों के पास जितना होता है यह उसी में खुश रहना पसंद करते हैं। झुकी उंगलियांकुछ लोगों की आपस में एक दूसरे की तरफ झुकी हुई होती है। इस तरह के लोगों का स्वभाव लचीला होता है। यह लोग कभी भी किसी के सामने झुकने से या आगे रहकर कोई काम करने से पीछे नहीं हटते। अनामिकाजिन लोगों की अनामिका सीधी और लंबी होती है यह लोग काफी भाग्यशाली होते हैं। दरअसल यह मेहनत करने वाले होते हैं जिससे इन्हें जीवन में खूब सफलता मिलती है। अपनी मेहनत के दम पर यह दौलत और शोहरत दोनों हासिल करते हैं।

स्ट्रेस नहीं आएगा पास, तनाव भी चला जाएगा दबे पांव, बस आपको करने होंगे ये उपाय

Stress will not come near, tension will also disappear, you just have to do these measures हमारे शरीर में तनाव से जो प्रक्रियाएं होती है, उसे कंट्रोल करने का कामकोर्टिसोल नाम का हार्मोन करता है. कोर्टिसोल का स्तर बढ़ने पर तनाव भी बढ़ने लगता है. आजकल करीब-करीब हर इंसान तनाव में है. वो बात अलग है कि हर किसी का कारण अलग-अलग होता है. जिस तेजी से दुनिया आगे बढ़ रही है, तनाव भी उसी तरह हम सभी की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है. इसकी वजह से कई तरह की गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं. तनाव को पूरी तरह खत्म कर पाना भी आसान नहीं है. हालांकि, कुछ प्रयास कर इससे छुटकारा जरूर पाया जा सकता है. आइए जानते हैं तनाव का कारण और इससे बचने के 5 सबसे कारगर उपाय… तनाव क्यों होता है दरअसल, हमारे शरीर में तनाव से जो प्रक्रियाएं होती है, उसे कंट्रोल करने का कामकोर्टिसोल नाम का हार्मोन करता है. कोर्टिसोल का स्तर बढ़ने पर तनाव भी बढ़ने लगता है. कुछ अच्छी हैबिट्स से कोर्टिसोल और तनाव दोनों को कंट्रोल किया जा सकता है. तनाव से छुटकारा पाने के 5 जबरदस्त उपाय तनाव और खानपान का गहरा जुड़ाव होता है. पोषक तत्वों से भरपूर खाना खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. इससे नींद अच्छी आती है और टेंशन कम रहता है. पुदीने या लेमन ग्रास टी कोर्टिसोल के लेवल को कम कर तनाव से छुटकारा दिला सकते हैं. स्ट्रेस से बचने के लिए आप चाहें तो थोड़ी सी डार्क चॉकलेट भी खा सकते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो तनाव कम करने का काम करते हैं. इसके अलावा एवोकाडो, बादाम, अखरोट, पिस्ता, चिया सीड्स और अलसी जैसी चीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड और मैग्नीशियम खूब पाए जाते हैं, जिससे तनाव दूर होते हैं. खट्टे फल और पत्तेदार सब्जियां भी तनाव से राहत दिलाते हैं. स्मार्टफोन या लैपटॉप का इस्तेमाल इन दिनों काफी ज्यादा बढ़ गया है. ऐसे में सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. दरअसल, इन गैजेट्स से निकलने वाली नीली रोशनी नींद को प्रभावित करती हैं. लगातार फोन यूज करने से दिमाग एक्टिव रहता है. जिससे बॉडी में कोर्टिसोल का लेवल बढ़ता है. ऐसे में तनाव ट्रिगर हो सकता है. तनाव से बचना है तो अपना नजरिया बदलना चाहिए. दरअसल, लोग उन चीजों को लेकर ज्यादा दुखी हैं, जो उन्हें नहीं मिल पाए हैं. ऐसे में आपके पास जो भी है, उसके लिए ईश्वर का आभार जताएं और उसी में खुश रहने की आदत डालें. इससे छोटे-छोटे अचीवमेंट्स आपको खुश रखेंगे. जिससे आप शांत रह पाएंगे और अच्छा महसूस करेंगे. योग और मेडिटेशन को अपनी लाइफ का हिस्सा बनाएं. इससे तनाव दूर करने में मदद मिलती है. योग-मेडिटेशन जिंदगी में पॉजिटिविटी लाने का काम करते हैं और पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिव करते हैं. जिससे बॉडी रिलैक्स होती है. इससे मन शांत रहता है और फोकस बढ़ता है.

बसंत के मौसम में घूमने जाएं भारत की ये 6 जगहें, लगती हैं अधिक खूबसूरत

Visit these 6 places of India in spring season, they look more beautiful. सर्दियां खत्म होने वाली हैं तो क्यों न बसंत मौसम की छुट्टियों में कहीं घूमने जाया जाए? अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो भारत की कुछ जगह घूमने के लिए बेस्ट हैं. भारत के अधिकांश जगहों पर सर्दी धीरे-धीरे खत्म होने लगी है और बसंत का मौसम लगभग आने ही वाला है. भारत में सर्दी और गर्मी के बीच के मौसम को बसंत ऋतु कहा जाता है. ऐसे में अक्सर लोग गर्मी का मौसम आने से पहले ही घूमने का प्लान बना लेते हैं क्योंकि बसंत का मौसम अधिक समय तक नहीं रहता.अगर आप भी बसंत के मौसम में घूमने जाना चाहते हैं तो हम आपको कुछ ऐसी जगहें बता रहे हैं जो आपके लिए बेस्ट रहेंगी. इन जगहों में से आप अपने मुताबिक स्थान चुनें कि आप मौसम का लुत्फ उठाने जाना चाहते हैं या फिर खिलते हुए फूलों को देखने जाना चाहते हैं. कश्मीर धरती के स्वर्ग के रूप में फेमस कश्मीर का मौसम बसंत (मार्च से मई की शुरुआत तक) के मौसम में काफी अच्छा रहता है. इस दौरान आप कश्मीर के साथ-साथ श्रीनगर के इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन में खिलते हुए ट्यूलिप आपका दिल जीत लेंगे. मुन्नार (केरल) अपने चाय बागानों और हरी-भरी हरियाली के लिए फेमस, मुन्नार बसंत मौसम के दौरान स्वर्ग में बदल जाता है. इस मौसम में यहां का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. आप यहां पहाड़ों के साथ-साथ हरियाली का मजा ले सकते हैं. शिलांग (मेघालय)  ईस्ट स्कॉटलैंड के रूप में जाना जाने वाला शिलांग बसंत ऋतु में काफी अच्छा रहकता है. जब यहां पर रोडोडेंड्रोन और ऑर्किड फूल खिलते हैं पूरा शहर काफी सुंदर दिखने लगता है. कूर्ग (कर्नाटक)  भारत का स्कॉटलैंड कहा जाने वाला कूर्ग अपने कॉफी बागानों और धुंध भरी पहाड़ियों के लिए फेमस है. बसंत के दौरान यहां की पहाड़ियां कॉफी के फूलों की सुगंध और कॉफी की झाड़ियों को ढंकने वाले सफेद फूलों से काफी अच्छी लगती है. गुलमर्ग (कश्मीर) गुलमर्ग में अप्रैल से जून के आसपास आना चाहिए. यह वो मौसम होता है जब यात्रियों को हरे-भरे घास के मैदान और बर्फ से ढकी हुई पहाड़ियां देखने मिलती हैं. बसंत ऋतु में बर्फ पिघलना शुरू हो जाती है जिससे रंग-बिरंगे फूलों का कालीन बिछा हुआ नजर आता है. ऊटी (तमिलनाडु)  नीलगिरि पहाड़ियों में बसा, ऊटी एक फेमस हिल स्टेशन है जो अपने अच्छे मौसम और राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. बसंत ऋतु में यहां के वनस्पति उद्यानों में रंग भरती है जिसमें रोडोडेंड्रोन, ऑर्किड और गुलाब जैसे फूल पूरी तरह खिल जाते हैं

देश के जायकेः पालक के पत्तों की लज्जतदार चाट 

Flavors of the country: Delicious chaat of spinach leaves सर्दी के मौसम के खत्म होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। यानी हरी पत्तेदार सब्जियों का सीजन भी जल्द ही बीत जाएगा। तो क्यों न हरे पत्तों के जाते हुए सीजन में + आज कुछ अलग-सी डिश पर हाथ आजमाएं। आज हम बनाते हैं अब भी बहुतायत में आ रहीं पालक के पत्तों की लज्जतदार चाट। सामग्री: पालक के पत्ते – 7 से 8 नग बेसन – 1 कप चावल का आटा – 2 छोटे चम्मच कॉर्न फ्लोर – 2 छोटे चम्मच – लाल मिर्च पाउडर – 1 चम्मच हल्दी पाउडर – 1 चम्मच – गरम मसाला 1 चम्मच – नमक 1 चम्मच तलने के लिए तेल सामग्री: गार्निशिंग के लिए – दही – 1/2 कप – पीसी हुई शक्कर – 1 छोटा चम्मच काला नमक – 2 छोटे चम्मच भुना जीरा पाउडर – 2 छोटे चम्मच धनिया पाउडर – 2 छोटे चम्मच लाल मिर्च पाउडर – 2 छोटे चम्मच – हरी चटनी – 2 बड़े चम्मच – मीठी चटनी – 2 बड़े चम्मच अदरक (पतली कतरन) – 2 बड़े चम्मच अनार के दाने 2 बड़े चम्मच – हरा धनिया (बारीक कटा हुआ) – 2 छोटे चम्मच बनाने की विधि : – पालक के पत्तों को अच्छे से धोकर और साफ करके उन्हें एक तरफ रख दीजिए। – एक बॉउल में बेसन लेकर उसमें चावल का आटा, कॉर्न फ्लोर, नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, गरम मसाला और पानी डालकर चिकना घोल बना लीजिए। – पालक के पत्तों को बेसन के घोल में पूरी तरह लपेट लीजिए और फिर गहरे फ्राई पैन में अच्छे से तल लीजिए – अब एक बॉउल में दही डालकर उसमें पीसी हुई शक्कर और काला नमक डालकर अच्छे से मिला लीजिए।  अब पालक पत्ता चाट की प्लेट लगाने की शुरुआत करते हैं। इसके लिए तले हुए पालक पत्ता को प्लेट में रखें और ऊपर से काला नमक, भुना हुआ जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, दही का मिश्रण, हरी चटनी, मीठी चटनी, कटा हुआ हरा धनिया, अनार के दाने डालिए। अब इसी प्रकिया को दोहराएं और जितनी जरूरत हो, उतनी परतें बनाते जाएं। तैयार है आपकी पालक पत्ता चाट।

भ्रष्टाचार दुःख का कारण, दंड ही इसका निवारण.

Corruption is the cause of sorrow; punishment is the solution to its elimination. काटनी होगीं भ्रष्टाचार की मजबूत होती जडेमहिला असिस्टेंट इंजीनियर करोड़ों के भ्रष्टाचार में फंसी…नगर निगम का अफसर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा …महिला सब इंस्पेक्टर का रिश्वत लेने का वीडियो वायरल…बाबू ने मांगी रिश्वत… रिश्वत लेने और भ्रष्टचार से जुड़े अनेक मामलों की ऐसी खबरें आए दिन समाचार-पत्रों की प्रमुख हेडलाइंस होती हैं। जिन्हें पढ़कर और सुनकर लगता है कि मानों आज भ्रष्ट आचरण वाले अधिकारी और कर्मचारी नियम विरुद्ध कार्य कर बनाई व्यवस्था को ध्वस्त कर तंत्र को दीमक की तरह चाट रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस पर पढ़िए मौजूदा परिवेश में जड़ जमाते भ्रष्टाचार की हकीकत को दर्शाती खास रिपोर्ट। डॉ. केशव पाण्डेय अंतराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस आज भ्रष्टाचार@भ्रष्ट+आचार : भ्रष्ट यानी बुरा या बिगड़ा हुअ…आचार का मतलब आचरण… अर्थात भ्रष्टचार का शाब्दिक अर्थ है वह आचरण जो किसी भी प्रकार से अनैतिक और अनुचित हो। जब कोई न्याय व्यवस्था के मान्य नियमों के विरुद्ध जाकर अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए गलत आचरण करने लगता है तो वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है।मौजूदा दौर में भ्रष्टाचार एक जटिल सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समस्या है, जो सभी देशों को प्रभावित करती है। भ्रष्टाचार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर आर्थिक विकास को धीमा करता है और सरकारी अस्थिरता में योगदान देता है।भ्रष्टाचार वर्तमान में एक नासूर बनकर समाज को खोखला करता जा रहा है। धर्म का नाम लेकर लोग अधर्म को बढ़ावा दे रहे हैं। दोषी व अपराधी धन के प्रभाव में स्वच्छंद घूम रहे हैं। धन-बल का प्रदर्शन, लूट-पाट, तस्करी आदि आम बात हो गई है। भ्रष्टाचार का समाज और राष्ट्र में व्यापक असर हो रहा है।भ्रष्टाचार ऐसा अनैतिक आचरण है, जिसमें व्यक्ति खुद की छोटी इच्छाओं की पूर्ति हेतु देश को संकट में डालने से परहेज नहीं करता है। देश के भ्रष्ट नेताओं द्वारा किया गया घोटाला ही भ्रष्टाचार नहीं है अपितु एक ग्वाले द्वारा दूध में पानी मिलाना भी भ्रष्टाचार का स्वरूप है।सोने की चिड़िया कहे जाने वाले देश में आज भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत होती जा रही हैं। दुनियाभर में पीढ़ियों के सामने भ्रष्टाचार एक सबसे बड़ी चुनौती है। यही चुनौती दुनिया भर के लोगों की समृद्धि और स्थिरता को खतरे में डाल रही है। क्योंकि आज अधिकांश लोग अवैध तरीकों से धन अर्जित करने की चाह में भ्रष्टाचार कर रहे हैं और निजी लाभ के लिए देश की संपत्ति का शोषण। यह देश की उन्नति के पथ पर सबसे बड़ा बाधक तत्व है। व्यक्ति के व्यक्तित्व में दोष निहित होने पर देश में भ्रष्टाचार की मात्रा बढ़ रही है।यही वजह है कि भ्रष्टाचार का समाज के हर पहलू पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और यह संघर्ष और अस्थिरता के साथ गहराई से जुड़ रहा है। जो सामाजिक और आर्थिक विकास को खतरे में डालकर लोकतांत्रिक संस्थानों और कानून के शासन को कमजोर कर रहा है।भ्रष्टाचार न केवल संघर्ष का कारण बनता है, बल्कि अक्सर इसके मूल कारणों में से एक है। यह कानून के शासन को कमजोर करके, गरीबी को बदतर बनाकर, संसाधनों के अवैध उपयोग को सुविधाजनक बनाकर और सशस्त्र संघर्ष के लिए वित्तपोषण प्रदान करके संघर्ष को बढ़ावा देता है और शांति प्रक्रियाओं को रोकता है।हैरान करने वाली बात यह है कि देश का दिल कहे जाने वाला मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार के मामले में चौथे नंबर पर है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 2022 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 294 मामले पंजीबद्ध हुए थे।प्रदेश में रिश्वत लेने के मामले सबसे ज्यादा हैं। इनमें लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू के पास 257 मामले आए। ट्रेप के मामले में भी प्रदेश तीसरे पायदान पर है। अनुपातहीन संपत्ति के मामले में भी पिछले वर्ष 2022 में 17 मामले दर्ज हुए थे। इस मामले में प्रदेश का पांचवा नंबर है।भ्रष्टाचार के बढ़ते संकट को दृष्टिगत रखते हुए संयुक्त राष्ट्र भ्रष्टाचार विरोधी और शांति, सुरक्षा और विकास के बीच महत्वपूर्ण संबंध को उजागर करना चाहता है। इसके मूल में यह धारणा है कि इस अपराध से निपटना हर किसी का अधिकार और जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति और संस्था के सहयोग और भागीदारी से ही हम इस अपराध के नकारात्मक प्रभाव पर काबू पा सकते हैं। राज्य, सरकारी अधिकारी, सिविल सेवक, कानून प्रवर्तन अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज, शिक्षाविद, जनता और युवा सभी को समान रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ दुनिया को एकजुट करने में भूमिका निभानी होगी।क्योंकि भ्रष्टाचार वह दीमक है जो अंदर ही अंदर देश को खोखला कर रहा है। यह व्यक्ति के व्यक्तित्व का आईना है जो यह दिखाता है व्यक्ति लोभ, असंतुष्टि, आदत और मनसा जैसे विकारों के वजह से कैसे मौके का फायदा उठा सकता है।भ्रष्टाचार होने का प्रमुख कारण देश का लचीला कानून है। पैसे के दम पर ज्यादातर भ्रष्टाचारी बाइज्जत बरी हो जाते हैं, अपराधी को दण्ड का भय नहीं होता है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि भ्रष्टाचारियों को कठोर से कठोर दंड मिले।यदि सतत विकास लक्ष्यों में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करना है तो भ्रष्टाचार को रोकना, पारदर्शिता को बढ़ावा देना और संस्थानों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है। कह सकते हैं कि समाज व राष्ट्र की उन्नति और लोगों की तरक्की के लिए भ्रष्टाचार की मजबूत होती जड़ों को समूल काटना होगा।

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