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उज्जैन महाकालेश्वर में इस साल 6 सवारियां निकाली जाएँगी, शेड्यूल जारी

उज्जैन सावन-भादौ महीने में उज्जैन महाकालेश्वर में बाबा महाकाल की सवारी (Mahakal Sawari 2025)की को लेकर महाकाल मंदिर समिति की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। अगर आप भी महाकाल की सवारी के लिए उत्सुक हैं। तो आपको बता दें कि इस साल 2025 में 11 जुलाई को सावन (Sawan 2025) का महीना शुरू हो रहा है। सावन के इस महीने में महाकाल की पहली सवारी 14 जुलाई को और आखिरी या शाही सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी। 2024 में निकाली गई थीं सात सवारियां, बाबा ने बैलगाड़ी पर किया था नगर भ्रमण बता दें कि पिछले साल 2024 में सावन-भादौ (Sawan Bhado 2024) महीने में कुल 7 सवारियां निकाली गई थीं। 22 जुलाई को पहली और 2 सितंबर को अंतिम या शाही सवारी का आयोजन किया गया था। बता दें कि पिछले साल महाकाल बैलगाड़ी पर बैठकर नगर भ्रमण पर निकलते थे और भक्तों का हाल जानते थे। इस साल 6 सवारियां यहां जाने सवारियों की डेट –इस साल 2025 में 11 जुलाई से सावन मास आरंभ, यहां देखें जुलाई से अगस्त तक महाकाल सवारी की पूरी डेट लिस्ट… जुलाई 2025 (July 2025) में महाकाल सवारी – पहली सवारी – 14 जुलाई – दूसरी सवारी – 21 जुलाई – तीसरी सवारी- 28 जुलाई अगस्त 2025 (August 2025) में महाकाल सवारी – चौथी सवारी- 4 अगस्त – पांचवी सवारी- 11 अगस्त – छठी या शाही सवारी- 18 अगस्त भक्तों के साथ सावन सोमवार उपवास पर रहेंगे महाकालेश्वर बता दें कि सावन-भादौ के महीने में बाबा महाकाल भक्तों के साथ स्वयं भी उपवास रखते हैं। इस दौरान उपवास रखे हुए ही वे अपने भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकल पड़ते हैं। महाकाल की सवारी में शामिल होने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ता है। बता दें कि इस बार नागपंचमी का पर्व 29 मई को मनाया जाएगा।

महाकाल मंदिर में अवैध दर्शन का मामला, अदालत में पेश हुई 2360 पन्नों की चार्जशीट

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध मंदिर महाकालेश्वर में अवैध दर्शन के मामले में चार्जशीट फाइल हुई है.  पुलिस ने कोर्ट में 2360 पन्नों की चार्जशीट फाइल की है. दअरसल, मंदिर में अवैध दर्शन की बड़ी कार्रवाई तब हुई थी तब उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह खुद मंदिर में दर्शन करने पहुंचे और उन्होंने नंदी हॉल में बैठे दो श्रद्धालुओं से बातचीत की थी. कलेक्टर से बातचीत में श्रद्धालुओं ने बताया था कि दो मंदिर कर्मचारियों को पैसे देकर वे वीआईपी दर्शन करने पहुंच गए थे. इस घटना के बाद कलेक्टर के आदेश पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुल 14 लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें से 10 गिरफ्तार किए गए और 4 फरार हैं. 14 आरोपियों में से 8 मंदिर समिति के स्थाई कर्मचारी उज्जैन महाकाल थाना पुलिस ने महाकाल मंदिर समिति की शिकायत पर इस मामले में 14 आरोपी बनाए थे. इसमें से 8 महाकाल मंदिर के स्थाई कर्मचारी, 2 मीडिया से जुड़े व्यक्ति, 3 आउटसोर्सिंग से नियुक्त कर्मचारी और एक कांग्रेस से संबंधित मंदिर समिति के पूर्व सदस्य थे. इन धाराओं के तहत मामला दर्ज महाकाल थाना के टीआई नरेंद्र परिहार ने कहा, ” इस मामले में अपराध क्रमांक 655/2024 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 316(2), 316(5) और धारा 193(9) बीएनएसएस में चार्जशीट दाखिल की है. गिरफ्तार आरोपियों में विनोद चौकसे, राकेश श्रीवास्तव, अभिषेक भार्गव, राजकुमार सिंह, राजेंद्र सिंह सिसोदिया, जितेंद्र सिंह पवार, ओमप्रकाश माली, रितेश शर्मा, उमेश पांडे और करण सिंह पवार के नाम शामिल हैं. वहीं, आशीष शर्मा, दीपक मित्तल, पंकज शर्मा और एक अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं. फरार आरोपी जल्द होंगे गिरफ्तार इस मामले में 2360 पेज की चार्जशीट दाखिल करने के बाद महाकाल पुलिस ने जांच जारी रखने की बात कही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा. वहीं, अब तक गिरफ्तार किए गए किसी भी आरोपी को अदालत से जमानत नहीं मिल सकी है.

महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए रुद्रसागर पर नया पुल बना, भक्तों को अब खास रास्ता मिलेगा

उज्जैन महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए रुद्रसागर पर नया पुल बन गया है जिसका भक्तों को अब खास रास्ता मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 फरवरी को उज्जैन का दौरा करेंगे। इस दौरान वह महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए रुद्रसागर पर बनाए गए पैदल पुल का लोकार्पण करेंगे। यह पुल उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शाम 7 बजे पुल पर मौजूद रहकर इसे जनता के लिए खोलेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री नगर निगम द्वारा दशहरा मैदान पर बनाए गए राजाभाऊ महाकाल स्टेडियम का भी लोकार्पण करेंगे जिसकी लागत 4 करोड़ 43 लाख रुपये है। वहीं मोती नगर में श्रीकृष्ण आश्रय सभा मंडप का लोकार्पण भी करेंगे जिसकी लागत 4 करोड़ 33 लाख रुपये है। इसके अलावा त्रिवेणी शनि मंदिर के पास बने हाल का भी उद्घाटन किया जाएगा। लोकार्पण के बाद शुरू हो जाएगी आवाजाही मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बाद रुद्रसागर पर बने पैदल पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है और उद्घाटन के बाद श्रद्धालु आसानी से इस पुल का उपयोग कर सकेंगे। महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए नौवां रास्ता तैयार इस नए पुल के बनने से महाकाल मंदिर तक पहुंचने का नौवां रास्ता तैयार हो गया है। श्रद्धालु अब शक्ति पथ पर पिनाकी द्वार से आगे माधवगंज स्कूल के सामने से रुद्रसागर पर बने पुल से होकर महाकाल महालोक में मानसरोवर भवन के सामने पहुंच सकेंगे और सीधे महाकाल मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे। यह पुल 200 मीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा है। पुल के मध्य में 19 मीटर चौड़ी जगह है जहां श्रद्धालु कुछ समय रुक कर रुद्रसागर और आसपास की खूबसूरती का आनंद ले सकेंगे। इसी जगह से महाकाल मंदिर के शिखर के दर्शन भी किए जा सकेंगे। यह नया पुल श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता साबित होगा और महाकाल मंदिर तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगा।  

श्रद्धालु शक्ति पथ से सीधे महाकाल मंदिर पहुंच सकें, 15 फरवरी को CM करेंगे रूद्र सागर ब्रिज का लोकार्पण

उज्जैन 15 फरवरी से महाकाल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक नया प्रवेश द्वार खुल जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 करोड़ की लागत से रूद्र सागर पर बने ब्रिज का लोकार्पण करेंगे। जिसके बाद श्रद्धालु शक्ति पथ से सीधे महाकाल मंदिर पहुंच सकेंगे। महाकाल मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों को अब एक नया प्रवेश द्वार मिलने जा रहा है। गणेश नगर हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने बने ब्रिज की शुरुआत होने जा रही है। उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के पीछे वाले हिस्से में रूद्र सागर के ऊपर शक्ति पथ से मानसरोवर तक जाने के लिए करीब ढाई वर्ष पहले मई-2022 में ब्रिज का काम शुरू किया गया था। ब्रिज 200 मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा बनाया गया है। ब्रिज के मध्य 19 मीटर चौड़ी जगह रखी गई है। ब्रिज का निर्माण 2023 नवंबर से पहले होना तय हुआ था। लेकिन करीब डेढ़ वर्ष देरी से इसका काम पूरा हो पाया है। ब्रिज पर खड़े होकर लाइट एंड साउंड शो का मजा ले सकेंगे भक्त 15 फरवरी से ब्रिज की शुरुआत होने के बाद श्रद्धालु सीधे मानसरोवर पहुंचेंगे। भक्त ब्रिज पर खड़े होकर जल्द ही महाकाल मंदिर में शुरू होने वाले लेजर लाइट एंड साउंड शो का भी मजा ले सकेंगे। यहां पांच सौ से अधिक श्रद्धालु एक साथ खड़े होकर महालोक का सुंदर दृश्य और लेजर लाइट एंड साउंड के शो देख सकेंगे। श्रद्धालु ब्रिज से भगवान शिव के प्राकट्य और उज्जयिनी की गौरव गाथा देख-सुन पाएंगे। लोकार्पण के बाद भक्तों के लिए इसे खोल दिया जाएगा उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने कहा कि महाकाल मंदिर के श्रद्धालुओं को नई सुविधा मिल पाएगी। हालांकि 27 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन ये श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। ब्रिज का एक छोर चारधाम मंदिर स्थित पानी की टंकी के नजदीक माधवगंज हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने तो दूसरा छोर महाकाल महालोक में बने फेसिलिटी सेंटर-2 के सामने रहेगा। भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से भी ब्रिज काफी मददगार होगा।

महाकाल मंदिर प्रशासन ने जीरो टालरेंस पॉलिसी की लागू, अवैध वसूली के खिलाफ भक्तों से ले रहा फीडबैक

उज्जैन  जय श्री महाकाल… आपसे भस्म आरती दर्शन के लिए मंदिर में किसी भी व्यक्ति ने निर्धारित शुल्क (200 रुपये) से अधिक रुपये तो नहीं लिए हैं? इस प्रश्न के साथ अब अगर ऐसा कोई फोन कॉल आपके पास आए तो चौंकिएगा नहीं, क्योंकि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर कार्यालय से भस्म आरती दर्शन करने वाले दर्शनार्थियों से यह फीडबैक लिया जा रहा। दरअसल, मंदिर में दर्शन के नाम पर अवैध वसूली की रोकथाम के लिए यह कदम उठाया गया है। वजह यह है कि ऐसे बहुत सारे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें ज्योतिर्लिंग में दर्शन और भस्म आरती के नाम पर भक्तों से अवैध वसूली की गई। आपको भी आ सकता है फोन अगर आप भी बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए हैं या होने वाले हैं तो आपको भी फोन आ सकता है. महाकाल मंदिर की तरफ से आए फोन को रिसीव करते ही उधर से बोला जा रहा है, जय श्री महाकाल… आपसे भस्म आरती दर्शन के लिए मंदिर में किसी भी व्यक्ति ने निर्धारित शुल्क (200 रुपये) से अधिक रुपये तो नहीं लिए हैं? यदि आपको भी ऐसे काल आते हैं तो आप चौंकियेगा मत, क्योंकि यह फोन कॉल मंदिर प्रशासन की तरफ से ही किया जा रहा है. अवैध वसूली पर रोक के लिए बनाई गई व्यवस्था गौरतलब है कि आम भक्तों के लिए महाकाल मंदिर में अवैध वसूली को रोकने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है. इसी के तहत भस्म आरती में शामिल होने वाले भक्तों को फोन कॉल कर फीडबैक लिया जा रहा है. क्योंकि ऐसे बहुत से मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती के नाम पर अवैध वसूली की गई. इसमें मंदिर कर्मचारियों की भी भूमिका सामने आई. उन पर कार्रवाईया होती रहीं. लेकिन अवैध वसूली पर लगाम नहीं लग सका. कर्मचारी और दलाल दर्शन के नाम पर भक्तों से खूब अवैध धन राशि वसूलते थे. जानिए कितने रुपये लिया जाता है शुल्क जानकारी के मुताबिक, मंदिर प्रशासन की तरफ से प्रोटोकाल और ऑनलाइन अनुमति प्राप्त करने के लिए 200 रुपये शुल्क लिया जाता है. वहीं, पूरे दिन प्रोटोकाल दर्शन के लिए 250 रुपये शुल्क लगता है. वहीं. भस्म आरती दर्शन के लिए 2,00 रुपये निर्धारित है. इसके अलावा  महाकाल मंदिर समिति द्वारा प्रतिदिन 300 सामान्य दर्शनार्थियों को निश्शुल्क भस्म आरती अनुमति प्रदान की जाती है.     

महाकालेश्वर मंदिर में मोबाइल पर प्रतिबंध के बावजूद लोग नियमों का उल्लंघन करते हुए मोबाइल का इस्तेमाल खुलेआम

उज्जैन  उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में मोबाइल पर प्रतिबंध है. इसे लेकर पूरे परिसर में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की जानकारी के लिए सूचनाओं के बोर्ड भी लगाए गए हैं. बावजूद इसके लोग नियमों का उल्लंघन करते हुए मोबाइल का इस्तेमाल खुलेआम करते हैं. मंदिर समिति रोको टोको अभियान के तहत श्रद्धालुओं को नियमों की जानकारी लगातार देती आ रही है. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में फोटोग्राफी और मोबाइल पर पूरी तरह प्रतिबंध है. इसे लेकर मंदिर समिति समय-समय पर श्रद्धालुओं को जानकारी भी देती रहती है. महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और उज्जैन के कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के मुताबिक महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने फोटोग्राफी और मोबाइल के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है. खासतौर पर पूरे परिसर में फोटोग्राफी प्रतिबंधित है. मंदिर समिति द्वारा परिसर के बाहर मोबाइल काउंटर भी लगाए गए हैं. मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी सुविधा के अनुसार मोबाइल काउंटर पर जमा करना चाहिए. कुछ श्रद्धालु नियमों का जरूर उल्लंघन करते हैं. इसे लेकर मंदिर समिति और भी सख्त कदम भविष्य में उठाने वाली है. कैमरे पर भी प्रतिबंध महाकालेश्वर मंदिर परिसर में मोबाइल से फोटोग्राफी के साथ-साथ कैमरे पर भी प्रतिबंध है. कैमरे का इस्तेमाल करने से पहले महाकालेश्वर मंदिर समिति से विधिवत नियम अनुसार अनुमति लेने की आवश्यकता होती है. यह नियम काफी लंबे समय से प्रभावशील है. मंदिर में जमकर की जाती है फोटोग्राफी महाकालेश्वर मंदिर परिसर के साथ-साथ मंदिर के मुख्य दर्शन स्थल पर भी श्रद्धालुओं द्वारा खुलेआम फोटोग्राफी की जाती है. महाकालेश्वर मंदिर समिति के निजी सुरक्षा कर्मी श्रद्धालुओं को रोकने की कोशिश भी करते हैं, मगर श्रद्धालु नियम का उल्लंघन करने में पीछे नहीं हटते हैं. मुंबई से आई श्रद्धा सिंह ने चर्चा के दौरान बताया कि भगवान के दरबार में फोटो के साथ यादें हमेशा ताजा रहती है, इसलिए श्रद्धालु फोटोग्राफी करते हैं. एक अन्य श्रद्धालु राजेश सिंह ने बताया कि वह भोपाल से आए हैं. उन्हें फोटोग्राफी पर प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी.

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में नए साल की दर्शन व्यवस्था तय करने प्रबंध समिति की बैठक आयोजित

उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में नए साल की दर्शन व्यवस्था तय करने के लिए एक दो दिन में प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अन्य विषयों पर भी चर्चा होने के संकेत है। मंदिर प्रशासन ने बैठक में रखने के लिए विभागों से जानकारी मांगी है। नए साल में 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक देशभर से करीब 10 लाख भक्तों के महाकाल दर्शन करने आने का अनुमान है। मंदिर समिति भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए सुगम दर्शन व्यवस्था के इंतजाम करने की तैयारी कर रही है। टेंडर जारी करने को लेकर निर्णय देशभर से आने वाले भक्तों को किस प्रकार कम समय में सुविधा पूर्वक भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएं, इसी को लेकर प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में दर्शन व्यवस्था के अलावा फैसिलिटी मैनेजमेंट सहित अन्य टेंडर जारी करने को लेकर भी निर्णय हो सकता है। बता दें मंदिर में काम कर रही कुछ निजी कंपनियों का कई साल पहले अनुबंध समाप्त हो चुका है। मंदिर समिति नए टेंडर जारी नहीं कर रही है। मंदिर में लड्डू बनाने का ठेका भी सालों से अनुबंध के आधार पर बढ़ाया जा रहा है। इस पर हो सकता है निर्णय     बैठक में सामान्य दर्शनार्थियों के लिए चार धाम मंदिर के सामने से शक्ति पाथ के रास्ते महाकाल महलोक होते हुए मंदिर में प्रवेश देने की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सकता है। वीआईपी का प्रवेश नीलकंठ द्वार से तथा वृद्ध व दिव्यांग दर्शनार्थियों को अवंतिका द्वार से प्रवेश देने की योजना है।     31 दिसंबर व 1 जनवरी को 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट व्यवस्था को यथावत रखने को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है। मंदिर समिति अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में इस व्यवस्था को स्थगित करती आई है।     मंदिर समिति फैसिलिटी मैनेजमेंट व आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए नई कंपनी को ठेका दे सकती है। बैठक में टेंडर जारी करने को लेकर भी निर्णय हो सकता है।  

कॉन्सर्ट के बाद बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे दिलजीत दोसांझ

उज्जैन देशभर में कॉन्सर्ट कर रहे सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर उन्होंने अपने बाबा महाकाल के दर्शन दिए. इतना ही नहीं, दिलजीत दोसांझ बाबा महाकालेश्वर की भस्म आरती में भी शामिल हुए. जहां वह शिव भक्ति में डूबे नजर आए. दिलजीत दोसांझ का रविवार को इंदौर मे एक कॉन्सर्ट था. जहां बवाल भी देखने को मिला था. अब वह इन हंगामों के बीच दिलजीत कड़ी सुरक्षा में महाकाल मंदिर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन किए. सफेद धोती-कुर्ता पहने सिंगर ने ओम नाम को चोला ओढ़ा तो शिव नाम का तिलक भी लगाया. साथ ही आरती भी करते दिखे. दिलजीत दोसांझ ने किए दर्शन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह चांदी दुवार से बाबा के समक्ष मथा टेकते दिखे. वह कुछ देर मंदिर में रुके और बाबा का ध्यान लगाया. सिंगर ने खुद भी वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. जहां उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘जय श्री महाकाल.’ बजरंग दल ने की थी कॉन्सर्ट रोकने की मांग दिलजीत दोसांझ इस वक्त Dil-Luminati Tour के तहत देशभर के शहरों में कॉन्सर्ट कर रहे हैं. 8 दिसंबर को उन्होंने इंदौर में परफॉर्म किया. इससे पहले बजरंग दल ने सिंगर के कॉन्सर्ट कैंसिल करने की मांग की थी. संगठन ने दावा किया था कि सिंगर के कॉन्सर्ट में शराब के स्टॉल्स लगे होते हैं और साथ ही ड्रग्स का सेवन भी होता है.

महाकाल मंदिर में श्रद्धालु किसी भी समय प्रसाद खरीद सकते है, वेंडिंग मशीन में लड्डू प्रसाद के तीन प्रकार के पैकेट उपलब्ध

उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में बुधवार से वेंडिंग मशीन से लड्डू प्रसाद विक्रय की विधिवत शुरुआत हो गई। देशभर से आए श्रद्धालु नई सुविधा से प्रसन्न नजर आए। भक्तों ने कहा कि महाकाल मंदिर समिति का यह प्रयोग सराहनीय है। इससे श्रद्धालु किसी भी समय बिना किसी परेशानी के प्रसाद खरीद सकते हैं। भक्तों ने केवल योजना की तारीफ ही नहीं कि वे अपने साथ 47,700 रुपये का लड्डू प्रसाद भी खरीदकर ले गए हैं। मशीन से लड्डू विक्रय करने वाला देश का पहला मंदिर महाकाल मंदिर मशीन से लड्डू विक्रय करने वाला देश का पहला मंदिर बन गया है। रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने गेट नंबर एक के पास वेंडिंग मशीन से प्रसाद विक्रय का शुभारंभ किया था। अगले दिन सोमवार को मशीन को मंदिर के बैंक खाते से जोड़ने की शुरुआत हुई। मंगलवार शाम देर रात इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया। इसके बाद लड्डू प्रसाद विक्रय की शुरुआत हुई। बुधवार सुबह से शाम तक मशीन में तीन बार लड्डू प्रसाद के पैकेटों का भंडारण किया जा चुका था। मंदिर प्रशासन के अनुसार पहले दिन 47 हजार 700 रुपये का लड्डू प्रसाद बिका है। तीन पैक में प्रसाद विक्रय वेंडिंग मशीन से 100, 200 तथा 500 ग्राम के पैक में लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जा रहा है। मशीन की क्षमता अनुसार एक बार में 500 ग्राम के 36 पैकेट, 200 ग्राम के 42 पैकेट तथा 100 ग्राम के 90 पैकेट का भंडारण किया जा रहा है। पहले दिन मशीन में तीन बार पैकेट का भंडारण किया गया। यह है प्रसाद की कीमत     500 ग्राम का पैकेट- 200 रुपये     200 ग्राम का पैकेट- 100 रुपये     100 ग्राम का पैकेट- 50 रुपये पहले दिन इतने पैकेट बिके     500 ग्राम के 108 पैकेट     200 ग्राम के 126 पैकेट     100 ग्राम के 270 पैकेट योजना श्रद्धालुओं को आ रही पसंद     वेंडिंग मशीन से लड्डू प्रसाद विक्रय की योजना श्रद्धालुओं को पसंद आ रही है। जल्द ही मंदिर में कुछ और स्थानों पर नई मशीन लगाई जाएगी। – गणेश कुमार धाकड़, प्रशासक महाकालेश्वर मंदिर  

देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह में विशेष प्रसाद ले जा रहे महाकाल मंदिर के आशीष पुजारी

उज्जैन  देवेंद्र फडणवीस पांच दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने महाकाल मंदिर के मुख्य पुजारी को फोन कर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्यौता दिया है। महाकाल मंदिर के मुख्य पुजारी अब शपथ ग्रहण समारोह में जाने की तैयारी में जुटे हैं। साथ ही वह शपथ ग्रहण के लिए विशेष प्रसाद लेकर जाएंगे। पुजारी को आया निमंत्रण उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी आशीष गुरु के पास शपथ विधि में शामिल होने का आमंत्रण आया है। खास बात तो यह है कि यह आमंत्रण खुद देवेंद्र फडणवीस की ओर से दिया गया है। पुजारी द्वारा आमंत्रण स्वीकार करते ही देवेंद्र फडणवीस के ऑफिस से पुजारी की फ्लाइट की टिकट करवा दी गई है। वह आज मुंबई पहुंचेंगे और कल शपथ विधि समारोह में शामिल होंगे। रुद्राक्ष की माला और भस्मी लेकर जाएंगे वहीं, देवेंद्र फडणवीस के लिए पुजारी आशीष गुरु ने खास तैयारी की है। वह यहां से बाबा महाकाल का प्रसाद, रुद्राक्ष की माला और भस्म आरती में चढ़ने वाली भस्मी के साथ ही बाबा महाकाल को अर्पित किया गया दुपट्टा लेकर जाएंगे। महाकाल के दरबार में 15 सालों से आ रहे देवेंद्र फडणवीस आशीष पुजारी ने बताया कि पिछले 15 सालों से देवेंद्र फडणवीस बाबा महाकाल के दरबार में आ रहे हैं। उनका पूजन आशीष पुजारी ही करवाते हैं। फडणवीस की बाबा महाकाल में गहरी आस्था है । यही कारण है कि वे वर्ष में दो से तीन बार बाबा महाकाल के दर पर मत्था टेकने जरूर आते हैं। इसके साथ ही कोई भी शुभ कार्य हो वह उसे करने से पहले बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते हैं।

उज्जैन : स्टेशन से महाकाल मंदिर पल भर में पहुंचेंगे भक्त, साल 2026 तक पूरा होने की संभावना

उज्जैन उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक आप रोप-वे से आ-जा सकेंगे। इसके लिए ओडिशा की एमएस इंफ्रा इंजीनियर कंस्ट्रक्शन कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इनिशियल वर्क भी शुरू कर दिया है। उज्जैन रेलवे स्टेशन से नूतन स्कूल-महाकाल मंदिर प्रशासक कार्यालय तक बनने वाला यह रोप-वे 1.76 किलोमीटर लंबा होगा। मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला (MDG) सिस्टम से ऑपरेट होने वाले रोपवे में रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक 3 स्टेशन बनाए जाएंगे। रोप-वे में 48 केबिन होंगे। हर 1 केबिन में एक समय में 10 लोग आ-जा सकेंगे। रोप-वे 16 घंटे चालू रहेगा। इस हिसाब से मोटे तौर पर माना जा रहा है कि 16 घंटे में 64 हजार श्रद्धालु इसमें आना-जाना कर सकेंगे। रेलवे स्टेशन से आखिरी स्टेशन तक पहुंचने में करीब 6 मिनट का समय लगेगा। रोपवे 2026 तक शुरू हो जाएगा। रोजाना दो से ढाई लाख भक्त आते हैं उज्जैन सिहस्थ 2028 काे देखते हुए रोपवे को बेहद अहम माना जा रहा है। श्री महाकाल लोक बनने के बाद से सामान्य दिनों में ही महाकाल के दर्शन करने के लिए रोजाना औसतन दो से ढाई लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।जबकि पर्व-त्योहार और विशेष अवसरों पर ये संख्या बढ़कर 5 लाख से 10.50 लाख तक पहुंच रही है। ऐसे में शहर में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोपवे की प्लानिंग की गई है। इसके लिए केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय ने 189 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे रखी है। रोपवे का विकास, संचालन और रखरखाव नेशनल हाईवे-रोपवे प्रोजेक्ट करेगा। ऐसे होगा रोपवे का रूट रोपवे उज्जैन रेलवे स्टेशन से त्रिवेणी होते हुए गणेश कॉलोनी तक जाएगा। जिसकी कुल लंबाई 1.76 किलोमीटर होगी। इसमें तीन स्टेशन 13 टावर और 48 केबिन होंगे। इनमें से प्रत्येक केबिन में लगभग 10 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। यात्रा का समय लगभग सात मिनट होगा। 2026 तक पूरा हो जाएगा काम उज्जैन में प्रशासनिक परिसर भवन में शुक्रवार को हुई बैठक में रोपवे परियोजना के विवरण पर चर्चा की गई है। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि रोपवे परियोजना अक्टूबर 2024 में शुरू होगी और अक्टूबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। पर्यटन को मिलेगा फायदा पर्वतमाला योजना के अतंर्गत नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट कंपनी और एमपी सड़क विकास निगम के बीच उज्जैन में रोपवे बनाने के लिए समझौता हुआ।इससे लोगों को आवाजाही में सुविधा होगी और पहाड़ी इलाकों तक पहुंच आसान हो जाएगी। एनएचएलएमएल और एमपीआरडीसी मिलकर इस परियोजना को पूरा करेंगे। इस महत्वकांक्षी योजना से हर दिन हजारों लोग आसानी से सफर कर सकेंगे। इसके साथ ही पर्यटन को लाभ मिलेगा।

महाकाल के सुरक्षा गार्ड की हत्या के 3 दोषियों को आजीवन कारावास

उज्जैन महाकाल मंदिर के सुरक्षा गार्ड की हत्या के सनसनीखेज मामले में 3 साल बाद कोर्ट का फैसला आ गया है। जिला अदालत ने महाकाल मंदिर अन्न क्षेत्र के प्रभारी निनाद काले, सुरक्षाकर्मी भावना खेड़वनकर और सुनील शर्मा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया है। इस मामले में आरोपियों को सजा दिलाने में डीएनए रिपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई। हत्या के दौरान सुरक्षा गार्ड के हाथ में सुनील के बाल आ गए थे और पुलिस ने इन्हीं बालों के डीएनए परीक्षण के आधार पर तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा तक पहुंचाया। ये था पूरा मामला शेयर आपको बता दें कि घर के पास चाकू मारकर की गई हत्या का यह मामला 22 अक्टूबर 2021 की रात का है, जब उज्जैन के महाकाल थाना पुलिस को सूचना मिली कि महाकाल मंदिर के सुरक्षा गार्ड दिनेश मराठा (41) की 2 बदमाशों ने चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना (MP Ujjain News) नृसिंह घाट के पास गोंड बस्ती में दिनेश के घर के बाहर हुई थी। दिनेश और उनकी पत्नी भावना दोनों महाकाल मंदिर में सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी थे। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की। अंततः डीएनए रिपोर्ट और कॉल रिकॉर्डिंग के जरिए घटना की सच्चाई सामने आई। अवैध संबंध के चलते हुई थी हत्‍या यह हत्या अवैध संबंध के चलते की गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान मृतक की पत्नी भावना, उसके प्रेमी निनाद काले (जो महाकाल मंदिर अन्न क्षेत्र के प्रभारी थे), सुनील शर्मा और रोहित सिंह को गिरफ्तार किया था। करीब तीन साल तक चले इस मामले में अवैध संबंध के कारण हत्या की बात साबित होने पर कोर्ट ने गुरुवार को निनाद काले, भावना खेड़वनकर, और सुनील शर्मा को आजीवन (MP Ujjain News) कारावास की सजा सुनाई, हालांकि रोहित सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसे बरी कर दिया गया। स्‍कूल के पीछे मारा था चाकू परिवार को सूचना मिली थी कि नए नूतन स्कूल के पीछे दिनेश को चाकू मारा गया है। जब परिजन वहां पहुंचे, तो दिनेश सड़क पर गंभीर हालत में पड़ा हुआ था। उसकी (MP Ujjain News) बाईं पसली और पैर से तेज़ी से खून बह रहा था। पिता दयाराम और अन्य परिजनों ने तुरंत दिनेश को ऑटो से सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

महाकाल मंदिर में सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे की पूजा: नियमों की अनदेखी पर सवाल

Worship of CM Eknath Shinde’s son in Mahakal temple: Question on ignoring rules उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आम और खास सभी के लिए एक ही नियम का दावा किया जाता रहा है, लेकिन वीआईपी कल्चर और प्रभावशाली लोगों के नियम तोड़ने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं. अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने परिवार सहित गर्भगृह में पूजा अर्चना कर मंदिर के नियम को तोड़ा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस मामले में बिना अनुमति दर्शन के लिए गर्भगृह में जाने का दावा किया है. गुरुवार (17 अक्तूबर) की शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और मुंबई से सांसद श्रीकांत शिंदे परिवार के साथ महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने वीआईपी पॉइंट के जरिए दर्शन के लिए अधिकारियों से आग्रह किया. इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर समिति के बड़े अधिकारी के पीए के साथ श्रीकांत शिंदे का परिवार गर्भगृह तक पहुंच गया. इस दौरान उनके साथ उज्जैन जिले के एक बीजेपी विधायक भी मौजूद रहे. यहां सभी ने उस समय गर्भगृह में जाकर पूजा अर्चना की, जब भगवान महाकाल का भांग से श्रृंगार चल रहा था. इस घटना के बाद हंगामा मच गया है. कांग्रेस के विधायक महेश परमार ने मंदिर की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, “भगवान के दरबार में भी बीजेपी सरकार आम और खास के बीच मतभेद कर रही है. यह न्यायोचित नहीं है.” महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष ने क्या कहा?महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में नियम सबके लिए बराबर है. उन्होंने कहा, किसी को भी अनुमति नहीं दी गई है कि वह गर्भगृह में जाकर पूजा अर्चना करे. प्रोटोकॉल के तहत जिन्हें अनुमति है, केवल वही प्रवेश कर सकते हैं. इनमें महामंडलेश्वर, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित वीआईपी शामिल हैं. महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ का भी कहना है कि उन्होंने भी किसी को गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं दी थी. महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद हुए कई महीने हो गए हैं. महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में सभी को गर्भगृह से दर्शन कराया जाना मुश्किल है. यदि महाकालेश्वर मंदिर समिति गर्भगृह दर्शन शुरू करवा देती है, तब भी 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को अंदर से दर्शन कराया जाना मुश्किल है. जबकि गर्भगृह में जब दर्शन शुरू होते हैं तो बाहर से श्रद्धालुओं के दर्शन में परेशानी होती है. इस वजह से मंदिर समिति ने गर्भगृह दर्शन को पूरी तरह बंद कर रखा है. पहले 750 रुपये की रसीद कटवा कर श्रद्धालुओं को अंदर प्रवेश दिया जाता था. ऐसा नहीं है कि महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में जाकर पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने नियम तोड़ा है. पहले भी कई बार इस तरह की तस्वीरें आ चुकी हैं. मंदिर समिति द्वारा आम लोगों के गर्भगृह में प्रवेश की कोशिश करने पर भी एफआईआर दर्ज कर दी जाती है, लेकिन रसूखदार लोगों पर अभी तक महाकालेश्वर मंदिर समिति का नियम पूरी तरह लागू नहीं हो पा रहा है. यही वजह है कि शिव भक्तों में भी मंदिर समिति की दोहरी नीति को लेकर आक्रोश है. महाकालेश्वर मंदिर के भक्त राजेश प्रजापति का कहना है कि मंदिर में सभी के लिए नियम बराबर होना चाहिए.

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा 18 अक्टूबर से भगवान महाकाल की दिनचर्या बदलेगी

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा 18 अक्टूबर से भगवान महाकाल की दिनचर्या बदलेगी। सर्दी के मौसम में अवंतिकानाथ सुबह आधा घंटा देरी से भोजन करेंगे। भस्म आरती में भगवान को गर्म जल से स्नान कराया जाएगा। प्रतिदिन होने वाली पांच में तीन आरती का समय भी बदलेगा। दिनचर्या में बदलाव का यह क्रम फाल्गुन पूर्णिमा तक चलेगा। गर्म जल से स्नान पं. महेश पुजारी ने बताया कि महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में गर्मी व सर्दी के क्रम में प्रत्येक छह माह में भगवान की दिनचर्या बदलती है। वर्तमान में भगवान की दिनचर्या गर्मी के मौसम अनुसार चल रही है। भगवान ठंडे जल से स्नान कर रहे हैं, लेकिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से मंदिर में सर्दी की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन से भगवान महाकाल ठंडे के बजाय गर्म जल से स्नान करना प्रारंभ करते हैं। साथ ही आरती का समय भी बदलता है। 18 अक्टूबर से कब होगी आरती वर्तमान में प्रतिदिन सुबह सात बजे दद्योदक अर्थात बालभोग आरती हो रही है। इस आरती में भगवान को दही-चावल का भोग लगाया जाता है। 18 अक्टूबर से यह आरती सुबह 7.30 बजे से होगी। इसी प्रकार वर्तमान में सुबह 10 बजे भोग आरती हो रही है। इसमें भगवान को दाल, चावल, रोटी, सब्जी, मिष्ठान का नैवेद्य लगाया जाता है। यानी भगवान सुबह 10 बजे भोजन कर रहे हैं। 18 अक्टूबर से भोग आरती सुबह 10.30 बजे होगी। इसका आशय यह है, सर्दी में भगवान आधा घंटा देरी से भोजन करेंगे। वर्तमान में संध्या आरती शाम सात बजे की जा रही है, लेकिन 18 अक्टूबर से संध्या आरती प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से होगी। क्योंकि सर्दियों में सूर्यास्त जल्दी होने लगता है। यह आरती व पूजन निर्धारित समय पर प्रतिदिन तड़के चार बजे होने वाली भस्म आरती तथा रात 10.30 बजे होने वाली शयन आरती अपने इसी निर्धारित समय पर होगी। शाम पांच बने होने वाली संध्या पूजन का समय भी वहीं रहेगा।

महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी, जैश-ए-मोहम्मद के नाम से मिला खत

उज्जैन  राजस्थान के हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन पर 1 अक्टूबर को एक पत्र मिला है, जिसमें उज्जैन के महाकाल मंदिर सहित कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लिखा है। इस घटना के बाद पुलिस अलर्ट हो गई और सुरक्षा जांच कड़ी कर दी गई है।  जिसमें 2 नवंबर को उज्जैन के महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके साथ ही जयपुर, उदयपुर, बूंदी, कोटा, बीकानेर, जोधपुर, हनुमानगढ़ और गंगानगर रेलवे स्टेशनों को बम 30 अक्टूबर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हनुमानगढ़ स्टेशन मास्टर को भेजे गए पत्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लिखा हुआ है। यह पत्र डाक के जरिए भेजा गया है। स्टेशन मास्टर ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने स्टेशन पहुंचकर पत्र की जांच की और इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दी। पत्र मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। महाकाल मंदिर में रोज बम स्क्वाड की टीम करती है जांच उज्जैन के महाकाल मंदिर में रोज बम स्क्वाड की टीम जांच करती हैं। इसके साथ ही मंदिर के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर भी लगाए हैं। धमकी वाला पत्र भेजने वाले ने खुद को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर बताया है। महाकाल मंदिर के साथ उसने राजस्थान के धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की बात लिखी है। इस धमकी भरे पत्र के सामने आने के बाद आरपीएफ और जीआरपी जांच में जुट गए हैं। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच की जा रही है। पत्र किसने भेजा इसे लेकर अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि, रेलवे स्टेशन पर कोई संदिग्ध वास्तु नहीं मिली। इधर मध्यप्रदेश में बाबा महाकाल का मंदिर भी पूरी तरह सुरक्षित है। हनुमानगढ़ अधीक्षक को मिले पत्र में लिखा है कि, “हम जम्मू कश्मीर में मारे जा रहे हमारे जिहादियों की मौत का बदला जरूर लेंगे। ठीक 30 अक्टूबर को जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, अलवर, बीकानेर, बूंदी, श्री गंगानगर, मंडल और मध्यप्रदेश के रेलवे स्टेशन, 2 अक्टूबर को उज्जैन महाकाल मंदिर समेत कुछ सैन्य ठिकानों पर बम विस्फोट किया जाएगा।” पुलिस अधिकारी इस लेटर की जांच में जुटे हैं।

उज्जैन : महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी ,सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Ujjain: Threat to bomb Mahakal temple, security agencies alert राजस्थान के हनुमानगढ़ में रेलवे स्टेशन मास्टर को एक धमकीभरा पत्र मिला है। जिसमें उज्जैन के महाकाल मंदिर को 2 नवंबर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके साथ ही राजस्थान के कुछ रेलवे स्टेशनों को भी बम से उड़ाने की बात लिखी है। पत्र मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। उज्जैन। राजस्थान के हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन पर 1 अक्टूबर को एक पत्र मिला है, जिसमें उज्जैन के महाकाल मंदिर सहित कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लिखा है। इस घटना के बाद पुलिस अलर्ट हो गई और सुरक्षा जांच कड़ी कर दी गई है। राजस्थान के हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को मंगलवार को एक पत्र मिला था। जिसमें 2 नवंबर को उज्जैन के महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके साथ ही जयपुर, उदयपुर, बूंदी, कोटा, बीकानेर, जोधपुर, हनुमानगढ़ और गंगानगर रेलवे स्टेशनों को बम 30 अक्टूबर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट परहनुमानगढ़ स्टेशन मास्टर को भेजे गए पत्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लिखा हुआ है। यह पत्र डाक के जरिए भेजा गया है। स्टेशन मास्टर ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने स्टेशन पहुंचकर पत्र की जांच की और इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दी। पत्र मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। Read more : https://saharasamachaar.com/removal-of-cf-in-bhopal-forest-division-against-the-cadre-and-posting-of-junior-dfo-tainted/ महाकाल मंदिर में रोज बम स्क्वाड की टीम करती है जांचउज्जैन के महाकाल मंदिर में रोज बम स्क्वाड की टीम जांच करती हैं। इसके साथ ही मंदिर के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर भी लगाए हैं। धमकी वाला पत्र भेजने वाले ने खुद को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर बताया है। महाकाल मंदिर के साथ उसने राजस्थान के धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की बात लिखी है।

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