LATEST NEWS

पीएम नरेंद्र मोदी के सामने नायडू ने मांग रखी कि आंध्र प्रदेश के लिए अलग से बजट आवंटित किया जाए

नईदिल्ली आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू दो दिनों के दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी से 20 मिनट की मुलाकात की। मीटिंग का वक्त भले ही कम था, लेकिन चंद्रबाबू नायडू की डिमांड लिस्ट बहुत लंबी थी। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने मांग रखी कि आंध्र प्रदेश के लिए अलग से बजट आवंटित किया जाए। इसके अलावा अलग-अलग मंत्रालय भी अपनी परियोजनाओं में आंध्र प्रदेश को प्राथमिकता दें। इसी के तहत उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई मंत्रियों से मुलाकात की। केंद्र की एनडीए सरकार में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले चंद्रबाबू नायडू इस बात का अहसास है कि आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता। ऐसे में उनकी मांग स्पेशल पैकेज पर आ गई है। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने पीएम मोदी से आंध्र पर 13 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का मुद्दा उठाया। नायडू ने कहा कि ऐसी स्थिति पहले की जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौर में बनी, जबकि राज्य में कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार नहीं हुआ है। नायडू ने इस मीटिंग में लंबी डिमांड लिस्ट रखते हुए कहा कि पोलावरम सिंचाई परियोजना के लिए भी मोदी सरकार रुके हुए फंड को जारी करे। उनकी एक बड़ी मांग यह भी थी कि अमरावती को राजधानी के तौर पर तैयार करना है। उसके लिए फंड की कमी है। इसलिए मोदी सरकार की ओर से यदि मदद मिल जाए तो यह काम तेजी से पूरा हो सकेगा। इसके अलावा राज्य में सड़कों, बांध, पुलों, सिंचाई परियोजनाओं के तेजी से विकास के लिए उन्होंने अलग से पैकेज की मांग की है। उनका कहना था कि बुंदेलखंड के लिए सरकार ने जिस तरह से अलग परियोजना तैयार की और स्पेशल पैकेज जारी किया गया। उसी तरह आंध्र प्रदेश को लेकर भी विचार किया जाए। गडकरी शिवराज को भी सौंप दिया मांग पत्र पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद नायडू ने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने राज्य में हाईवेज के विकास के लिए फंड की मांग की। कई परियोजनाओं का खाका भी नितिन गडकरी के सामने पेश किया। यही नहीं इसके बाद उन्होंने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी बात की। कहा जा रहा है कि शुक्रवार को वह कुछ और मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह मांग करेंगे कि मंत्रालयों की ओर से आंध्र के लिए भी स्पेशल योजनाएं तैयार की जाएं।  

PM मोदी 13 जुलाई को मुंबई में करेंगे कई परियोजना का शिलान्यास

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 जुलाई को मुंबई में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास करने के वाले हैं। इसके लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली बार मुंबई का दौरा करेंगे। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी 13 जुलाई को मुंबई में प्रस्तावित गोरेगांव- मुलुंड लिंक रोड और बोरीवली- ठाणे लिंक रोड के सबवे की आधारशिला रखेंगे। मुंबई में गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के लिए 6,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री 1,170 करोड़ रुपये की प्रस्तावित ऑरेंज गेट टू ग्रांट रोड एलिवेटेड रोड परियोजना का भूमि पूजन भी करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी मुंबई नगर निगम की विभिन्न प्रस्तावित परियोजनाओं का भी शिलान्यास करने वाले हैं। इनमें सड़क कंक्रीटिंग परियोजनाएं, सीवरेज योजनाएं शामिल हैं।      

‘हमारे 10 साल हुए, 20 अभी बाकी; इस भविष्यवाणी के लिए आपके मुंह में घी-शक्कर’, पीएम मोदी ने कसा तंज

नई दिल्ली  राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में अपने संबोधन में कहा, ‘कुछ लोग जानबूझकर जनादेश से अपना मुंह फेर कर बैठे रहे, कुछ लोगों को समझ नहीं आया और जिनको समझ आया उन्होंने हो-हल्ला कर देश की जनता के इस महत्वपूर्ण निर्णय पर छाया करने की कोशिश की। लेकिन मैं पिछले दो दिन से देख रहा हूं कि आखिर पराजय भी स्वीकार हो रही है और दबे मन से विजय भी स्वीकार हो रही है। 10 साल के बाद किसी एक सरकार की लगातार फिर से वापसी हुई है और मैं जानता हूं कि भारत के लोकतंत्र में 6 दशक बाद हुई, ये घटना असामान्य है।’ हमारे 10 साल हुए अभी 20 साल बाकी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस के कुछ साथियों को धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि जब से नतीजे आए, तब से कांग्रेस के एक साथी को मैं देख रहा था, हालांकि उनकी पार्टी ही उनको समर्थन नहीं कर रही थी, लेकिन वे अकेले ही झंडा लेकर दौड़ रह थे। ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं, क्योंकि जिन्होंने ये बार-बार ढोल पीटा था कि ये एक तिहाई सरकार है, उनके मुंह में घी शक्कर। इससे बड़ा सत्य और क्या हो सकता है। हमारे 10 हुए हैं, 20 और बाकी हैं। अभी एक तिहाई हुआ कार्यकाल हुआ है और दो तिहाई बाकी है। इसलिए उनकी इस भविष्यवाणी के लिए उनके मुंह में घी शक्कर। ‘जनता ने प्रोपेगैंडा को खारिज किया’ अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘संविधान हमारे लिए सिर्फ संविधान के अनुच्छेद भर नहीं हैं बल्कि इसकी भावना भी हमारे लिए अहम है। किसी भी परिस्थिति में संविधान हमारा मार्गदर्शन करता है। मैंने जब लोकसभा में हमारी सरकार की तरफ से कहा था कि हम 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाएंगे, तो मैं हैरान हूं कि जो लोग आज संविधान को लेकर घूमते हैं, उन्होंने उसका विरोध किया था। संविधान हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अब जब हम 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं तो हमने इसे जन उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है।’ ‘देश की जनता ने हमें जो तीसरी बार अवसर दिया है, वो अवसर विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत की यात्रा को मजबूती देने के लिए, संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के लिए देश को करोड़ों लोगों ने हमें आशीर्वाद दिया। ये चुनाव 10 वर्षों की सिद्धि पर तो मुहर है ही, साथ ही भविष्य के संकल्पों पर भी मुहर है। देश की जनता का भरोसा हम पर है और इसी भरोसे पर जनता ने हमें फिर से मौका दिया है। देश ने पिछले 10 वर्षों में हमारे देश की अर्थव्यवस्था को दसवें नंबर से पांचवें नबर पर पहुंचते देखा है। देश की जनता ने प्रोपेगैंडा को खारिज कर परफॉर्मेंस को तरजीह दी है। इस बार देश की जनता ने हमें पांचवे नंबर से तीसरे नंबर पर पहुंचाने का जनादेश दिया है और हम इस संकल्प को पूरा करके रहेंगे।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर भी तंज कसा। दरअसल, लोकसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा को बहुमत नहीं मिला। इसके बाद से ही वे इस सरकार को एक तिहाई सरकार कह रहे थे। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमें सत्ता में 10 साल तो हो गए और आपके हिसाब से अभी 20 साल बाकी हैं। आपके मुंह में घी-शक्कर। जानिए पीएम मोदी ने क्या कहा? पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दो दिन से देख रहा हूं कि आखिर तक पराजय भी स्वीकार हो रही है और विजय भी स्वीकार हो रही है। कांग्रेस के कुछ साथियों को धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि जब से नतीजे आए, तब से कांग्रेस के एक साथी को मैं देख रहा था। उनकी पार्टी उनको समर्थन नहीं कर रही थी, लेकिन वे अकेले ही झंडा लेकर दौड़ रह थे। मैं कहता हूं कि वह जो कहते थे, उनके मुंह में घी शक्कर। ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं, क्योंकि उन्होंने बार-बार ढोल पीटा था कि एक तिहाई सरकार। इससे बड़ा सत्य और क्या हो सकता है। हमारे 10 हुए हैं। 20 और बाकी हैं। एक तिहाई हुआ। एक तिहाई हुआ है और दो तिहाई बाकी है। इसलिए उनकी इस भविष्यवाणी के लिए उनके मुंह में घी शक्कर। जयराम रमेश ने क्या कहा था? इससे पहले जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि चुनाव में पीएम मोदी ने खुद को मुद्दा बनाया और खुद को भगवान बताया। वह खुद अपनी सीट डेढ़ लाख वोट से ही बचा सके। उन्हें जनादेश भी नहीं मिला है। 2024 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की प्रचंड हार हुई है। 400 पार का नारा लगाया और उससे बहुत दूर रह गए। यह मोदी की हार है। वह पीएम नहीं, बल्कि एक तिहाई प्रधानमंत्री हैं। चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार के सहारे प्रधानमंत्री हैं।

‘घोटाला करे AAP, शिकायत करे कांग्रेस, कार्रवाई हो तो गाली दें मोदी को’, विपक्षी एकता पर PM मोदी का प्रहार

नई दिल्ली  राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनना ऐतिहासिक है। स्वतंत्र भारत के इतिहास और संसदीय यात्रा में कई दशकों के बाद ऐसा हुआ है कि जनता ने लगातार तीसरी बार किसी सरकार को जनादेश दिया है। पीएम मोदी ने कहा, 60 साल के बाद ऐसा हुआ है कि सरकार 10 साल तक सत्ता में रहने के बाद वापस लौटी है। मैं समझता हूं कि यह कोई सामान्य बात नहीं है। कुछ लोगों ने जानबूझकर जनता द्वारा दिए गए इस फैसले को ब्लैकआउट करने की कोशिश की। हमारे देश के लोगों ने हमें अपनी अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर 5वें से तीसरे स्थान पर लाने का जनादेश दिया है, और मुझे पूरा विश्वास है कि हम भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया में शीर्ष 3 में पहुंचा कर रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में हम देश की जनता की बुद्धिमता पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने दुष्प्रचार को पराजित किया। उन्होंने प्रदर्शन को प्राथमिकता दी। उन्होंने छल की राजनीति को खारिज किया और विश्वास की राजनीति पर विजय की मुहर लगाई। अगले पांच साल बुनियादी सुविधाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने और गरीबी के खिलाफ लड़ाई के लिए है। यह देश अगले पांच वर्षों में गरीबी के खिलाफ विजयी होगा और मैं यह पिछले दस वर्षों के अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, तो इसका प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र पर होगा। संविधान का अनादर किया राज्यसभा के स्पीकर ने कहा,’नेता प्रतिपक्ष ने मेरा अनादर नहीं किया उस संविधान का अनादर किया है, जिसकी शपथ उन्होंने ली है. यह कैसे हो सकता है, ये अपर हाउस. हमें देश का मार्गदर्शन करना है. मैं उनके आचरण की भर्त्सना करता हूं. सदन का मतलब है कि आपने अपनी बात कर ली तो सत्ता पक्ष की भी बात सुनो.’ जनादेश को पचा नहीं पा रहे स्पीकर जगदीप धनखड़ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्ष के वॉकआउट पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा,’नारेबाजी हो हल्ला और मैदान छोड़कर भाग जाना यही उनके (विपक्ष) नसीब में लिखा हुआ है.140 करोड़ देशवासियों ने जो जनादेश दिया है, उसको ये पचा नहीं पा रहे हैं. कर्तव्य से बंधा हूं- पीएम मोदी पीएम मोदी ने आगे कहा,’कल इनके सारे हथकंडे फेल हो गए. आज इनमें लड़ने का हौसला भी नहीं रहा. मैं तो कर्तव्य से बंधा हुआ है. देश का सेवक हूं. उन्होंने फर्टिलाइजर को लेकर कहा कि वैश्विक संकटों की वजह से कुछ समस्याएं उत्पन्न हुईं, लेकिन हमने 12 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी देकर इसका असर किसानों पर नहीं पड़ने दिया.’ पीएम मोदी ने कहा कि पहले हमारे देश में छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से ऋण प्राप्त करने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता था, और बहुत कम किसानों तक इसकी पहुंच होती थी। आज हमारी नीतियों के कारण, संख्या में काफी वृद्धि हुई है। हमने किसानों को एक व्यापक भूमिका में देखा है, और किसान क्रेडिट कार्ड के विस्तार और किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को इसके लाभों के माध्यम से हमने उनके जीवन को सुविधाजनक बनाया है, इससे कृषि क्षेत्र मजबूत हुआ है और उनके काम के लिए मजबूत समर्थन प्रदान किया गया है। विपक्ष पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश देख रहा है कि झूठ फैलाने वालों में सच सुनने का भी साहस नहीं है। उनमें सच का सामना करने और इतनी चर्चा के बाद उठाए गए सवालों का जवाब देने का साहस नहीं है। वे उच्च सदन की महान परंपरा का अपमान कर रहे हैं। देश की जनता ने उन्हें हर तरह से हरा दिया है, उनके पास सड़कों पर नारे लगाने, हंगामा करने और मैदान छोड़कर भाग जाने के अलावा कुछ नहीं बचा है। हम दिल्ली में मोदी की वाहवाही कर सकते थे- पीएम पीएम मोदी ने कहा कि जब जी-20 की मीटिंग हुई, हम दिल्ली में बहुत तामझाम के साथ मोदी की वाहवाही कर सकते थे लेकिन हम चाहते थे  कि विश्व राज्यों के बारे में जाने. हम फेडरलिज्म में विश्वास रखते हैं. कोरोना काल में जितने मुख्यमंत्रियों से संवाद हुआ, इतने कम समय में कभी नहीं हुआ. हम ऐसी स्थिति में हैं जहां से एक नई क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं. सेमी कंडक्टर को लेकर राज्यों को भी नीतियां बनानी चाहिए. राज्यों में प्रतिस्पर्धा हो, गुड गवर्नेंस के साथ हो. आज जब विश्व दस्तक दे रहा है, राज्यों से आग्रह करूंगा कि आगे आइए और फायदा उठाइए. रोजगार के लिए राज्यों में प्रतिस्पर्धा क्यों नहीं होना चाहिए, युवाओं को फायदा मिलेगा. असम में सेमी कंडक्टर पर तेज गति से काम हो रहा है. इससे नॉर्थ ईस्ट को बहुत फायदा मिलने वाला है. यूएन ने 2023 को मिलेट्स ईयर के रूप में घोषित किया था. ये भारत की ताकत है. राज्य इसके लिए आगे आए. इससे किसान के लिए समृद्धि के नए द्वार खुल सकते हैं. दुनिया के लिए न्यूट्रिशियन मार्केट का सॉल्यूशन भी मिलेट में है. आरोग्य की दृष्टि से भी वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए राज्य आगे आएं. ईज ऑफ लिविंग सामान्य नागरिक का हक है. राज्य इसके लिए आगे आएं. भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई है, इसे कई स्तर पर नीचे ले जाना पड़ेगा. राज्य अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ बीड़ा उठाएंगे तो हम बहुत तेजी से भ्रष्टाचार से मुक्ति दिला पाएंगे. 21 वीं सदी को अगर भारत की सदी बनानी है तो एफिशिएंसी की दिशा में तेजी से काम करना होगा. मणिपुर में सौहार्द के लिए हर प्रयास कर रही है सरकार- पीएम पीएम मोदी ने कहा कि मणिपुर में हालात सामान्य बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है. मणिपुर में हिंसा की घटनाएं लगातार कम हो रही हैं. मणिपुर में भी स्कूल-कॉलेज संस्थान खुले हुए हैं. जैसे देश में परीक्षाएं हुईं, वहां भी परीक्षाएं हुई हैं. केंद्र सरकार सभी से बातचीत करके सौहार्द का रास्ता खोलने की कोशिश कर रही है. छोटे-छोटे ग्रुपों से बात की जा रही है. गृह मंत्री वहां जाकर कई दिन रहे हैं. अधिकारी भी लगातार जा रहे हैं. समस्या के समाधान के लिए हर प्रकार से … Read more

लोकसभा में मोदी पर हमला करने वालों में टीएमसी और समाजवादी पार्टी आगे, PM ने उन्हें बख्शा

नई दिल्ली सोमवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी को जमकर घेरा था. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उसका जवाब देना था. देशवासी मंगलवार को सुबह से ही पीएम नरेंद्र मोदी का स्पीच सुनने के लिए बेकरार थे. क्योंकि पीएम मोदी लोकसभा में जब बोलते हैं तो कांग्रेस और विपक्ष को कुंडली खोल कर रख देते रहे हैं. जाहिर है कि कयास लगाए जा रहे थे कि आज पीएम मोदी कांग्रेस की जमकर धुलाई करेंगे. मोदी राहुल गांधी के जवाब में खूब बोले, करीब 2 घंटे से ऊपर (करीब 2 घंटा 17 मिनट) बोलते रहे. उन्होंने कांग्रेस , कांग्रेस नेताओं, नेहरू और इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तक के बारे में बोला. राहुल गांधी ने जिन खास बातों की चर्चा की थी उनमें से कुछ एक को छोड़कर अधिकतर मुद्दों पर उन्होंने अपने भाषण में शामिल किया. जाहिर अब इस बात पर बहस होगी कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी में किसने बेहतर बोला. आइए देखते हैं कि पीएम मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जवाब देने कितना सफल साबित हुए. साथ ही पीएम मोदी के भाषण के मायने क्या रहे? मोदी का मेन फोकस पर कांग्रेस पर रहा, अखिलेश और ममता की चर्चा तक नहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने आज पूरी स्पीच के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को ही टार्गेट पर रखा. जबकि कल से ही उन पर टार्गेट करने वालों में तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता भी शामिल थे. पर पीएम मोदी का फोकस कहीं और नहीं था. उन्होंने नेहरू, इंदिरा गांधी यहां तक राजीव गांधी की भी चर्चा की. मोदी की कोशिश यह साबित करने पर रही कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के लिए परजीवी की तरह है. शायद उन्हें लगता है कि उनकी स्पीच से समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस आदि कांग्रेस से सजग होंगी.  मोदी ने कहा कि मुझे नहीं पता कि कांग्रेस के जो साथी दल हैं, उन्होंने इस चुनाव का विश्लेषण किया है कि नहीं किया है. ये चुनाव इन साथियों के लिए भी एक संदेश है. अब कांग्रेस पार्टी 2024 से एक परजीवी कांग्रेस के रूप में जानी जाएगी. 2024 से जो कांग्रेस है, वो परजीवी कांग्रेस है और परजीवी वो होता है जो जिस शरीर के साथ रहता है, उसी को खाता है. कांग्रेस भी जिस पार्टी के साथ गठबंधन करती है, उसी के वोट खा जाती है और अपनी सहयोगी पार्टी की कीमत पर वो फलती-फूलती है और इसीलिए कांग्रेस, परजीवी कांग्रेस बन चुकी है. यह तथ्यों के आधार पर कह रहा हूं. आपके माध्यम से सदन और सदन के माध्यम से देश के सामने कुछ आंकड़े रखना चाहता हूं. जहां-जहां बीजेपी-कांग्रेस की सीधी फाइट थी, जहां कांग्रेस मेजर पार्टी थी, वहां कांग्रेस का स्ट्राइक रेट सिर्फ 26 परसेंट है. लेकिन जहां वो किसी का पल्लू पकड़ के चलते थे, ऐसे राज्यों में उनका स्ट्राइक रेट 50 परसेंट है. कांग्रेस की 99 सीटों में से ज्यादातर सीटें उनके सहयोगियों ने जिताया है और इसलिए कह रहा हूं कि परजीवी कांग्रेस है. 16 राज्यों में कांग्रेस जहां अकेले लड़ी, वोट शेयर गिर चुका है. गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, तीन राज्यों में जहां कांग्रेस अपने दम पर लड़ी और 64 में से सिर्फ दो सीट जीत पाई है. इसका साफ मतलब है कि इस चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह परजीवी बन चुकी और अपने सहयोगी दलों के कंधे पर चढ़कर के सीटों का आंकड़ा बढ़ाया है. कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के जो वोट खाए हैं, न खाए होते तो लोकसभा में उनके लिए इतनी सीटें जीत पाना भी बहुत मुश्किल था. राहुल गांधी पर पर्सनल अटैक, पप्पू की जगह ली बालक बुद्धि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भाषण के दौरान एक बार कहा कि अब जैसे को तैसा जवाब दिया जाएगा. राहुल गांधी ने जिस तरह अपने भाषण में कई बार पीएम पर पर्सनल अटैक किया उसका जवाब आज पीएम मोदी ने भी उससे भी कड़े अंदाज में दिया. अब तक राहुल गांधी के विरोधी उन्हें पप्पू कहकर संबोधित करते रहे हैं. पर आज पीएम ने अपने स्पीच के दौरान नाम लिये बिना कई बार उनका बालक बुद्धि कह कर मजाक उड़ाया. मोदी ने कहा कि जब उन पर बालक बुद्धि पूरी तरह सवार हो जाती है तो ये किसी के भी गले पड़ जाते हैं. ये हजारो करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले में जमानत पर हैं, ओबीसी पर टिप्पणी के मामले में सजा पा चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी को लेकर माफी मांगनी पड़ी है. इन पर वीर सावरकर के अपमान का मुकदमा है. इन पर देश की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष को हत्यारा कहने का मुकदमा है. इन पर कई अदालतों में झूठ बोलने के केस हैं. बालक बुद्धि में न बोलने का ठिकाना होता है ना व्यवहार का ठिकाना होता है. बालक बुद्धि जब पूरी तरह से सवार हो जाती है तो ये सदन में भी किसी के गले पड़ जाते हैं. सदन में बैठकर भी आंखें मारते हैं. इनकी सच्चाई पूरा देश समझ गया है. इसलिए देश इनसे कह रहा है- तुमसे नहीं हो पाएगा. तुलसी दासजी कह गए हैं- जुठई लेना, जुठई देना, जुठई भोजन, जुठई चबेना. कांग्रेस ने जूठ को राजनीति का हथियार बनाया. कांग्रेस के मुंह जूठ लग गया है जैसे वो आदमखोर एनिमल होता है न जिसके मुंह पर लहु लग जाता है. वैसे कांग्रेस के मुंह जूठ का खून लग गया है. देश ने कल एक जुलाई को खटाखट दिवस भी मनाया है. मोदी ने कहा कि आजकल सिम्पैथी गेन करने के लिए एक नई ड्रामेबाजी शुरू की गई है. नया खेल खेला जा रहा है. एक किस्सा सुनाता हूं. एक बच्चा स्कूल से आया और जोर-जोर से रोने लगा. उसकी मां भी डर गई क्या हो गया. वह कहने लगा मां मुझे स्कूल में मारा गया. आज उसने मारा, इसने मारा और रोने लगा. मां ने बात पूछी तो बता नहीं रहा था. बच्चा ये नहीं बता रहा था कि उस बच्चे ने किसी बच्चे को मां की गाली दी थी, किताबें फाड़ दी थी, टीचर … Read more

पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर हमला किया कहा, “चाय वाला तीन बार प्रधानमंत्री बन गया, तो ये लोग छटपटा रहे हैं

भोपाल  लोकसभा के सत्र में राहुल गांधी ने सोमवार एक जुलाई को जो भाषण दिया, उससे सियासी महकमे में भयंकर हंगामा मच गया. राहुल गांधी के भाषण के एक हिस्से में हिन्दू समाज का जिक्र किया गया था, जिसके बाद सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी ने कांग्रेस को ‘हिन्दू विरोधी’ करार दे दिया है. अब इस मामले में दिग्विजय सिंह राहुल गांधी के समर्थन में आए हैं. राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी के भाषण और इस पर किए जाने वाले बीजेपी के हमले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने ये अपने भाषण में ही साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी और आरएसएस हिन्दूओं के प्रतीक नहीं हैं. इनका आचरण हिन्दू धर्म की सीख के खिलाफ है.” ‘भले चाय न बेची हो, लेकिन कई लोग पीएम बने’ वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया. दरअसल, मंगलवार को सदन की शुरुआत से पहले बीजेपी के संसदीय दल की बैठक हुई जिसमें पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर हमला किया. उन्होंने कहा, “चाय वाला तीन बार प्रधानमंत्री बन गया, तो ये लोग छटपटा रहे हैं.” पीएम मोदी के इस बयान पर दिग्विजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, “भले ही चाय ना बेची हो लेकिन कई लोग पीएम बने हैं. इस देश में किसी को भी प्रधानमंत्री बनने का हक है. बाबा साहब अंबेडकर के लिखे संविधान की बदौलत मोदी प्रधानमंत्री बने हैं.” क्या था पीएम मोदी का बयान? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के सदन में व्यवहार को गलत बताया और बीजेपी के सांसदों से अपील की कि उनके जैसा बर्ताव न करें और अच्छा आचरण रखें. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लिए यह असहनीय है कि एक चाय वाला तीन बार प्रधानमंत्री बन गया.

स्किल जनगणना कराई जाती है तो आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा

नई दिल्ली  नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायड ने हाल ही में अपने राज्य में स्किल सेंसस कराने की बात कही है। चंद्रबाबू नायडू ने इंडिया गठबंधन के एजेंडे की आलोचना करते हुए कहा कि जाति जनगणना के बजाय कौशल जनगणना की ज्यादा जरूरत है। अगर नायडू की यह योजना रंग लाती है तो इस तरह की जनगणना कराने वाला आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य होगा। यह जनगणना हमें हमारे वर्कफोर्स की कैपेसिटी और खामियों को उजागर कर सकेगी। माना जा रहा है कि नायडू की इस पहल से मानव संसाधान का भरपूर इस्तेमाल किया जा सकेगा। सोशल मीडिया पर नायडू की इस पहल का स्वागत किया जा रहा है। ज्यादातर लोग इसे पूरे भारत में लागू करने की बात कर रहे हैं। दरअसल, आज जब हर ओर जब जाति जनगणना, धर्म आधारित जनगणना की बात हो रही है तो ऐसे में नायडू की यह पहल बेहद क्रांतिकारी साबित हो सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार, नायडू की यह पहल इतनी अच्छी है कि यह पूरे देश के लिए नजीर बन सकती है। भारत में डिग्रीधारी बहुत, मगर नौकरियों के लिए फिट नहीं कौशल के मामले में भारत में मिली-जुली स्थिति है। भारत में आधी से ज़्यादा आबादी 25 साल से कम उम्र की है। यह बहुत बड़ी संभावना है। हालांकि, भारतीय युवा बेरोजगारी और कम रोजगार के हाई रेट का सामना कर रहे हैं। बहुत से लोगों के पास डिग्री तो है, लेकिन उपलब्ध नौकरियों के लिए जरूरी कौशल की कमी है। आागे बढ़ने से पहले ग्राफिक से ये समझते हैं कि देश में बेरोजगारी की क्या स्थिति है। ग्रेजुएट करने वाले युवाओं में बेरोजगारी चरम पर पीरियड लेबर फोर्स सर्वे, 2022-23 के अनुसार, ग्रेजुएट करने वाले युवाओं में बेरोजगारी की दर काफी ज्यादा है। इनमें 24 फीसदी के साथ आंध्र प्रदेश नंबर वन पर है। वहीं, बीमारू राज्यों में बेरोजगारी दर 16.6 फीसदी के साथ बिहार, 11 फीसदी के साथ उत्तर प्रदेश, 9.3 फीसदी के साथ मध्य प्रदेश और 23.1 फीसदी के साथ राजस्थान है। जरूरत के मुताबिक लोगों को स्किल ट्रेनिंग स्किल सेंसस से हम सटीक रूप से पता लगा सकते हैं कि देश भर की अलग-अलग इंडस्ट्री में किस तरह के कौशल की कितनी कमी है। इसे हम ट्रेनिंग देकर पूरी कर सकते हैं। मान लीजिए- किसी इंडस्ट्री को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से ट्रेंड लोगों की जरूरत है। ऐसे में हम ज्यादा लोगों को एआई की ट्रेनिंग देकर उस इंडस्ट्री की जरूरत पूरी कर सकते हैं। आगे बढ़ने से पहले ये ग्राफिक देख लीजिए। वैश्विक कौशल की जरूरतों को पूरा करने में मददगार स्किल सेंसस से वैश्विक स्तर पर किन स्किल्स की डिमांड ज्यादा है, इसका पता लगाया जा सकता है। इससे कोई भी देश अपने वर्कफोर्स को ट्रेनिंग देकर इन्हें ज्यादा प्रतिस्पर्धी बना सकता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि के अनुसार, नायडू की इस पहल का पूरे देश में स्वागत होना चाहिए। पीएम मोदी को भी इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए, ताकि भारत को अपने मानव संसाधन के बारे में सटीक जानकारी हो। यह भी जानकारी हो पाएगी कि यह मानव संसाधन कितना स्किलफुल है। जो स्किल चाहिए, उसके लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम विकसित करना स्किल जनगणना से प्रभावी ट्रेनिंग प्रोग्राम डेवलप किया जा सकता है। ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जा सकते हैं, जो जरूरी स्किल्स को पूरी कर सके। ऐसा तभी किया जा सकता है, जब स्किल सेंसस से इस बारे में पता लग सके कि कितने लोग स्किल से लैस हैं। दुनिया में फिनलैंड ज्यादा स्किल वाला देश वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ह्मून कैपिटल इंडेक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा स्किल आबादी वाला देश फिनलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं, जो पहले, दूसरे और तीसरे पायदान पर हैं। इन देशों में प्राइमरी स्कूलों की व्यवस्था काफी अच्छी है। युवाओं की साक्षरता बेहद अच्छी है और ऐसी पढ़ाई या ट्रेनिंग दी जाती है, जो उन्हें हर तरह की स्किल के लिए तैयार करती है। प्रोफेसर गिरि के अनुसार, भारत भी अगर स्किल सेंसस कराए और अपनी आबादी को इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से तैयार करे तो यह स्विट्जरलैंड या नॉर्वे जैसा देश बन सकता है। जाति-धर्म आधारित जनगणना से जरूरी है स्किल सेंसस दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि कहते हैं कि आंध्र प्रदेश में स्किल सेंसस की पहल काफी अच्छी योजना है। इससे सिर्फ आंध्र ही नहीं, पूरे भारत की तस्वीर बदल सकती है। जब हमें यह पता होगा कि हमारा वर्कफोर्स कितनी तरह की स्किल से लैस है तो हम दुनिया के दूसरे देशों को मनमुताबिक मानव संसाधनों को लेकर तोल-मोल कर सकते हैं। तब यह वर्कफोर्स सिर्फ लेबर नहीं रह जाएगा। वह अपनी शर्तों पर काम कर पाएगा। पीएम मोदी को स्किल सेंसस पूरे भारत में करानी चाहिए। जो मौजूदा राजनीति में जाति-धर्म आधारित जनगणना से इतर एक अलग नजीर पेश करेगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से आगे की बात प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) को प्रधानमंत्री यूथ ट्रेनिंग प्रोग्राम के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार ने इस योजना को जुलाई 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) देने की योजना बनाई गई थी। इस योजना का मकसद ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं। इस योजना में तीन महीने, छह महीने और एक साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र पूरे देश में मान्य होता है।  

केरल कांग्रेस ने जी7 में पोप – मोदी की मुलाकात का मजाक उड़ाया

नई दिल्ली केरल कांग्रेस ने पोप फ्रांसिस और पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात पर तंज कसा था। जब कांग्रेस को यह मजाक भारी पड़ गया तो उसने पोप से माफी मांगी है। इस मामले में भाजपा ने कांग्रेस के कमेंट पर आपत्ति जताई थी और फटकार लगाई थी। मामला यूं है कि जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली पहुंचे पीएम मोदी ने पोप फ्रांसिस से मुलाकात की थी। मुलाकात की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कांग्रेस ने तंज कसा था- आखिरकार पोप को भगवान से मिलने का मौका मिल ही गया। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए पीएम मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा था- मुझे विश्वास है कि मुझे भगवान ने भेजा है। इसे लेकर कांग्रेस ने यह टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने फिर एक पोस्ट में माफी मांगी है और कहा है कि किसी धर्म का तिरस्कार करना उसकी परंपरा नहीं है। लगातार तीसरी बार देश की बागडोर संभालने के बाद पीएम मोदी ने पहली विदेश यात्रा के लिए इटली का दौरा किया था। यहां जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए पीएम मोदी इटली पीएम मेलोनी के आमंत्रण पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने दुनियाभर के राष्ट्रप्रमुखों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी की पोप फ्रांसिस संग भी मुलाकात की तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए केरल कांग्रेस ने तंज कसा था। केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोप फ्रांसिस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “आखिरकार पोप की भगवान से मुलाकात हो गई।” कांग्रेस की इस पोस्ट पर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई और कांग्रेस पार्टी को फटकार लगाई। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हिंदुओं का मज़ाक उड़ाने और उनकी आस्था का उपहास करने के बाद कांग्रेस में इस्लामवादी-मार्क्सवादी गठजोड़ अब ईसाइयों का अपमान करने पर उतर आया है। यह तब है, जब सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी खुद कैथोलिक हैं। उसे माफ़ी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को फटकार लगाने वालों में सिर्फ मालवीय ही नहीं, के सुंदरन, हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए अनिल एंटनी और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन जैसे नेता भी थे। कुरियन ने कहा कि ययह शर्मनाक है कि कांग्रेस इस स्तर तक गिर गई है। चौतरफा घिरने और आलोचना झेलने के बाद केरल कांग्रेस की तरफ से माफीनामा भी आया। कांग्रेस ने मांगी माफी कांग्रेस पार्टी की केरल इकाई ने अगले पोस्ट में लिखा, “इस देश की पूरी जनता जानती है कि किसी भी धर्म, धार्मिक पुजारियों और मूर्तियों का अपमान और तिरस्कार करना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की परंपरा नहीं है। कांग्रेस एक ऐसा आंदोलन है जो सभी धर्मों और आस्थाओं को एकजुट करता है और मैत्रीपूर्ण माहौल में लोगों को आगे बढ़ाता है। कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता पोप का अपमान करने के बारे में दूर-दूर तक नहीं सोचेगा, जिन्हें दुनिया भर के ईसाइयों के भगवान के समान मानते हैं। हालांकि, कांग्रेस को नरेंद्र मोदी का मज़ाक उड़ाने में कोई गुरेज नहीं है, जो यह कहते हैं कि वह भगवान हैं। देशवासी नरेंद्र मोदी के बेशर्म राजनीतिक खेल को पोप के अपमान के रूप में चित्रित करने की कोशिश करने वालों को समझेंगे। यदि मोदी और उनके साथियों को ईसाई समुदाय के प्रति सच्चा प्रेम है तो मणिपुर में जलाए गए चर्च पर वे चुप क्यों रहे? पहले उन्हें ईसाई समुदाय से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। यदि इस पोस्ट से ईसाइयों को कोई दुख हुआ हो तो हम क्षमा मांगते हैं।”  

PM Modi 18 जून को आएंगे वाराणसी, किसान सम्मेलन को करेंगे संबोधित

The Forest Department organized a program titled One Tree in the Name of Mother.

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार भारत के पीएम के तौर पर शपथ लेने के बाद पहली अपने 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी  जाएंगे. उनके वाराणसी दौरा का शेड्यूल भी जारी हो गया है. पीएम 18 जून को शाम सवा चार बजे वह (पीएम) किसान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और शाम को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में  भी शामिल होंगे. तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 18 जून को उत्तर प्रदेश और 19 जून को बिहार का दौरा करेंगे. लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र आने वाले हैं. शाम सवा चार बजे वह (पीएम) किसान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. वाराणसी में ही रुकेंगे पीएम किसान सम्मान सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम शाम सवा छह बजे काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे और शाम सात बजे दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में हिस्सा लेंगे. और रात में वाराणसी में ही रुकेंगे. cm ने किया कार्यक्रम स्थल का दौरा वहीं, पीएम के दौरे से पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया. वाराणसी के दौरे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी आगले दिन 19 जून को बिहार का दौरा करेंगे, जहां पीएम सुबह दस बजे नालंदा यूनिवर्सिटी कैंपस का उद्घाटन करेंगे. G-7 समिट में बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘इस समिट में निमंत्रण के लिए मैं प्रधानमंत्री मेलोनी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. मैं चांसलर शोल्ज़ को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. G-7 समिट का ये आयोजन विशेष भी है और ऐतिहासिक भी है. G-7 के सभी साथियों को इस समूह की पचासवीं वर्षगांठ की बहुत-बहुत बधाई.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले सप्ताह आप में से कई मित्र, यूरोपियन पार्लियामेंट के चुनावों में व्यस्त थे. कुछ मित्र आने वाले समय में चुनावों की सरगर्मी से गुजरेंगे.भारत में भी पीछे कुछ महीने चुनाव का समय था. भारत के चुनाव की विशेषता और विशालता कुछ आकड़ों से समझी जा सकती है.   2600 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियां, 1 मिलियन से ज्यादा पोलिंग बूथ, 5 मिलियन से ज्यादा ईवीएम, 15 मिलियन पोलिंग स्टाफ और लगभग 970 मिलियन वोटर्स, जिनमें से 640 मिलियन लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.’  

PM मोदी ने जी7 सम्मेलन में राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री ट्रूडो से अलग-अलग बातचीत की

Press Conference: BJP is anti-village and anti-farmer, took loan and indulged in corruption: Jeetu Patwari

अपुलिया जी 7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली दौरे से भारत के लिए रवाना हो गए हैं. जी7 शिखर सम्मेलन के इतर इटली में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और कनाडा के समकक्ष जस्टिन ट्रूडो से हुई उनकी मुलाकात काफी चर्चा में रही. बाइडेन के साथ मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि बाइडेन से मिलना हमेशा खुशी की बात होती है. भारत और अमेरिका वैश्विक भलाई को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, “जी7 शिखर सम्मेलन में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की.” मुलाकात के दौरान मोदी और ट्रूडो दोनों एक-दूसरे का गर्मजोशी से अभिवादन करते देखे गए. हालांकि तुरंत यह पता नहीं चल पाया है कि मोदी और ट्रूडो के बीच क्या बातचीत हुई. विदेश सचिव का बयान विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बुधवार को कहा था कि कनाडा के साथ भारत का मुख्य मुद्दा कनाडा द्वारा चरमपंथ और हिंसा की वकालत करने वाले भारत विरोधी तत्वों को राजनीतिक पनाह प्रदान करना रहा है. उन्होंने कहा कि भारत लगातार कनाडा को अपनी “गहरी चिंताओं” से अवगत कराते रहा है. और नई दिल्ली को उम्मीद है कि ट्रूडो सरकार उन तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी. दोनों देशों के रिश्तों में इस वजह से आई खटास पिछले साल सितंबर में ट्रूडो द्वारा ब्रिटिश कोलंबिया में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की “संभावित” संलिप्तता के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे. नई दिल्ली ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” और “प्रेरित” बताकर खारिज कर दिया था. भारत कहता रहा है कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा यह है कि कनाडा कनाडा की धरती से संचालित खालिस्तान समर्थक तत्वों को बेखौफ जगह दे रहा है.  भारत द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए निज्जर की पिछले साल 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या की जांच रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) द्वारा की जा रही है. ट्रूडो द्वारा भारत पर लगाए आरोपों के कुछ दिनों बाद, भारत ने कनाडा से देश में अपनी राजनयिक उपस्थिति को कम करने के लिए कहा ताकि समानता सुनिश्चित की जा सके. इसके बाद कनाडा ने भारत से 41 राजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया था. जेलेंस्की से भी मिले पीएम मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से भी मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव प्रयास करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि शांति का रास्ता “बातचीत और कूटनीति” से होकर जाता है. ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने और पीएम मोदी ने शांति शिखर सम्मेलन और इसके एजेंडे के मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने इसमें उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया. जापान और फ्रांसीसी पीएम से भी मिले मोदी पीएम मोदी ने भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ भी चर्चा की. इसके अलावा पीएम मोदी ने इटली के अपुलिया में जी -7 शिखर सम्मेलन के मौके पर जापानी पीएम फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक की और भारत में लक्षित पांच ट्रिलियन येन के निवेश के साथ मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर चर्चा की. पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘अपुलिया में जी7 शिखर सम्मेलन में बहुत ही उपयोगी दिन रहा. वैश्विक नेताओं से बातचीत की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की. साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य ऐसे प्रभावशाली समाधान तैयार करना है जिससे वैश्विक समुदाय को लाभ हो और भावी पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया का निर्माण हो. मैं इटली के लोगों और सरकार को उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं.’

आतंकी हमलों पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, डल झील किनारे योग दिवस मनाएंगे PM मोदी

River blocked the way, Kudmur river in spate due to heavy rains

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में बीते करीब एक सप्ताह से आतंकवादी हमलों की संख्या बढ़ गई। वैष्णो देवी के पास तीर्थयात्रियों से भरी बस पर हमला हुआ तो उसके बाद तीन और अटैक हुए थे। इन आतंकी हमलों के बाद हालात की समीक्षा को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने हाईलेवल मीटिंग भी की थी। इस बीच खबर है कि 21 जून यानी योग दिवस के मौके पर वह श्रीनगर में डल झील के किनारे आयोजन में शामिल होंगे। पीएम के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद नरेंद्र मोदी का यह पहला कश्मीर दौरा होगा। अब तक पीएम मोदी की विजिट की आधिकारिक सूचना नहीं है। 20 जून को श्रीनगर पहुंचेंगे पीएम एक अधिकारी ने बताया, प्रधानमंत्री 20 जून को श्रीनगर आने वाले हैं ताकि 21 जून की सुबह योग दिवस कार्यक्रम में भाग ले सकें। इस कार्यक्रम में सैकड़ों प्रतिभागियों के रहने की उम्मीद है। योग दिवस की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कार्यक्रम स्थल को सैनिटाइज किया जाएगा और एसपीजी की एक टीम इस हफ्ते के आखिर में श्रीनगर पहुंचेगी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम को सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जाए। जम्मू-कश्मीर खेल परिषद को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यक्रम के लिए एथलीटों और खिलाड़ियों को लाएं। सूत्रों का कहना है कि डल झील के किनारे आयोजन की तैयारियां होने लगी हैं। अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था से लेकर आयोजन के इंतजाम तक में जुटे हुए हैं। डल झील के पास ही बने इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में पीएम मोदी आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे। एक अधिकारी ने बताया, ‘पीएम नरेंद्र मोदी 20 जून की शाम को ही श्रीनगर पहुंच जाएंगे। इसके बाद वह 21 तारीख को सुबह योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। हमें उम्मीद है कि इसमें सैकड़ों लोग शामिल होंगे। पीएम मोदी की मौजूदगी के चलते यह हाईप्रोफाइल इवेंट है, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।’ इसी सप्ताह एसपीजी की टीम श्रीनगर पहुंचेगी और इलाके की सुरक्षा व्यवस्था चेक की जाएगी। एलजी मनोज सिन्हा ने प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था चौक-चौबंद रखने का आदेश दिया है। इस आयोजन में जम्मू-कश्मीर से जुड़े कुछ बड़े खिलाड़ी और एथलीट भी शामिल हो सकते हैं। इस आयोजन के लिहाज से भाजपा भी तैयारियों में जुटी है। भाजपा के एक नेता ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि पीएम मोदी कश्मीर में योग दिवस में शामिल होंगे। बता दें कि इस साल मार्च में भी पीएम मोदी श्रीनगर गए थे, जब उन्होंने बख्शी स्टेडियम में एक रैली को संबोधित किया था। क्यों अहम है योग दिवस पर पीएम मोदी का कश्मीर जाना पीएम नरेंद्र मोदी के श्रीनगर में योग दिवस मनाने के प्लान को एक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। वह कश्मीर में आयोजन का हिस्सा बनकर यह संदेश देंगे कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और आतंकवादी हमलों का कोई खास असर नहीं है। दरअसल बीते कुछ दिनों में कश्मीर की बजाय जम्मू से लगते इलाकों को आतंकियों ने निशाना बनाया है। इस ट्रेंड पर संसदीय कार्य़ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि यह आतंकवादियों की बौखलाहट है क्योंकि कश्मीर में वह कोई हरकत नहीं कर पा रहे हैं। क्यों अहम है PM मोदी का कश्मीर दौरा? 21 जून को योग दिवस पर प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरे के जरिए मोदी जम्मू-कश्मीर के लोगों को एक संदेश देना चाह रहे हैं कि घाटी मोदी राज में सुरक्षित है। पीएम कार्यक्रम में हिस्सा लेकर ये संदेश देंगे कि कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौंबद है। वहीं आतंकियों को भी कड़ा संदेश मिलेगा कि भारत आतंकी साजिशों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। मोदी का ये दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब पिछले कुछ दिनों में जम्मू के इलाकों में कई आतंकी हमले हुए। यहां गौर करने वाली बात ये है कि आतंकी अब जम्मू के इलाकों में एक्टिव दिख रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि आतंकियों की बौखलाहट है क्योंकि वे कश्मीर में कोई हरकत नहीं कर पा रहे हैं। कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहती है मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर राज्य में कई पर्यटक स्थल हैं। लेकिन आतंकी गतिविधियों के चलते जम्मू-कश्मीर का पर्यटन प्रभावित होता रहा है। अब मोदी सरकार फिर से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति बना रही है। डल झील के पास बड़े स्तर पर योग दिवस का कार्यक्रम आयोजित करना भी इसी रणनीति का हिस्सा है। पिछले साल बॉटनिकल गार्डन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था, जिसमें एलजी मनोज सिन्हा और जम्मू-कश्मीर के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया था। इस बार खुद पीएम मोदी यहां पहुंचेंगे। जम्मू-कश्मीर बीजेपी ने भी शुरू की तैयारियां कश्मीर में बीजेपी इकाई ने भी प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा के मुहम्मद आरिफ ने कहा, ‘यह हमारे लिए एक विशेष अवसर और सम्मान की बात है कि हम कश्मीर में पीएम मोदी की मेजबानी कर रहे हैं, जो तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं।’ मोदी की आखिरी यात्रा इस साल मार्च में श्रीनगर हुई थी, जब उन्होंने बख्शी स्टेडियम में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए थे, जिनमें सरकारी कर्मचारी भी थे।  

इटली में PM मोदी का पहुंचते ही जोरदार स्वागत, G-7 समिट में करेंगे शिरकत

रोम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपुलिया में आयोजित ग्रुप ऑफ सेवन (जी-7) शिखर सम्मेलन में भाग लेने इटली पहुंच गए हैं. अपुलिया के ब्रिंडिसि हवाई अड्डे पर इटली में भारत के राजदूत वाणी राव और अन्य अधिकारियों ने पीएम मोदी का स्वागत किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इटली पहुंचा. विश्व नेताओं के साथ सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं. साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना और उज्जवल भविष्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है.” प्रधानमंत्री मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर आज जी-7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लेंगे. इस दौरान पीएम कई विश्व नेताओं से मुलाकात भी करेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान अमेरिका खालिस्तानी  गुरपतवंत सिंह पन्नू  का मुद्दा उठा सकता है. जी7 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा और जापान शामिल हैं. इटली जी-7 (सात देशों के समूह) शिखर सम्मेलन की वर्तमान में अध्यक्षता और मेजबानी कर रहा है. भारत के अलावा इटली ने अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के 11 विकासशील देशों के नेताओं को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है. हालांकि, यूरोपीय संघ जी-7 का सदस्य नहीं है, लेकिन यह वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेता है.  मोदी ने कहा कि मैं 2021 में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी इटली यात्रा को गर्मजोशी से याद करता हूं. पिछले साल प्रधानमंत्री मेलोनी की भारत की दो यात्राएं हमारे द्विपक्षीय एजेंडे में गति और गहराई लाने में सहायक रहीं. हम भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और हिन्द-प्रशांत एवं भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” उन्होंने कहा, ”आउटरीच सत्र’ में चर्चा के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा, अफ्रीका एवं भूमध्यसागर पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा. यह भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन तथा आगामी जी7 शिखर सम्मेलन के परिणामों के बीच व्यापक तालमेल लाने और उन मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर होगा, जो ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए महत्वपूर्ण हैं. मैं इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य नेताओं से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं.”

अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा

अमेरिका : वर्ष 1971 से लापता विमान का मलबा वर्मोन्ट की चैम्पलेन झील में मिला अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा यूएसआईएसपीएफ ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी वर्मोन्ट/वाशिंगटन  वर्मोंन्ट में 53 वर्ष पहले पांच लोगों को ले जा रहा एक निजी विमान लापता हो गया था, जिसका मलबा चैम्पलेन झील से बरामद किया गया है। विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी। यह वाणिज्यिक विमान 27 जनवरी 1971 को बर्लिंगटन हवाई अड्डे से रोड आइलैंड के प्रोविडेंस के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद लापता हो गया था। विमान में जॉर्जिया विकास कंपनी कजन प्रॉपर्टीज के तीन कर्मचारी और चालक दल के दो सदस्य सवार थे। कंपनी के कर्मचारी बर्लिंगटन में एक विकास परियोजना पर काम कर रहे थे। शुरुआत में जब खोज की गयी तो 10 सीट वाले इस विमान का मलबा नहीं मिला और विमान के लापता होने के बाद चार दिनों तक झील जमी रही। विमान का पता लगाने के लिए कम से कम 17 बार खोज अभियान चलाया गया। खोजकर्ता गैरी कोजाक और एक टीम ने पिछले महीने पानी के भीतर एक रिमोट से संचालित वाहन का उपयोग कर झील में उसी जगह विमान का मलबा पाया, जहां रेडियो कंट्रोल टॉवर ने विमान के लापता होने से पहले उसे आखिरी बार ट्रैक किया था। जूनिपर द्वीप के निकट 200 फुट (60 मीटर) पानी में मिले विमान के मलबे की सोनार तस्वीरें ली गईं। कोजाक ने सोमवार को कहा, ”इन सभी सबूतों के साथ, हम 99 फीसदी पूरी तरह से आश्वस्त हो चुके हैं।” उन्होंने कहा कि विमान का मलबा मिलने से पीड़ित लोगों के परिवारों को थोड़ी राहत और उनके कई सवालों के जवाब मिलेंगे। पायलट जॉर्ज निकिता की संबंधी बारबरा निकिता ने मंगलवार को ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से एक साक्षात्कार में कहा, ”विमान का मलबा मिलना एक सुखद अहसास है लेकिन यह उतना ही दिल को झकझोर कर रख देने वाला अहसास भी है| हम जानते हैं कि क्या हुआ था। हमने कुछ तस्वीरें देखी हैं।”     अमेरिका यूक्रेन को एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भेजेगा  रूस के शक्तिशाली हमलों से जूझ रहे उत्तरपूर्वी खार्किव क्षेत्र में जवाबी हमलों के लिए हवाई सुरक्षा संबंधी मदद मांग रहे यूक्रेन को अमेरिका एक और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली देगा। दो अमेरिकी अधिकारियों ने  यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। अमेरिका की ओर से यूक्रेन को दी जाने वाली यह दूसरी पैट्रियट प्रणाली होगी। इस निर्णय की हालांकि सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं की गई है। इस निर्णय के बारे में सबसे पहले ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने खबर दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पिछले महीने के अंत में अमेरिका से पैट्रियट प्रणाली मांगी थी। मिसाइल प्रणाली भेजने का यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों के रक्षा विभाग से जुड़े नेता यूक्रेन की सुरक्षा आवश्यकताओं पर अपनी मासिक बैठक की तैयारी में जुटे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन बृहस्पतिवार को ब्रसेल्स में बैठक की मेजबानी करेंगे।   यूएसआईएसपीएफ ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी  नरेन्द्र मोदी को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई देते हुए अमेरिका के एक प्रमुख भारत-केंद्रित व्यापार समूह ने मंगलवार को कहा कि मंत्रियों को सौंपे गये नये विभागों से ऐसा प्रतीत होता है कि नीति और सुधार एजेंडा पहले की तरह ही जारी रहने वाला है। मोदी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की अगुवाई करते हुए रिकॉर्ड तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। ‘यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम’ (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश अघी ने शपथ ग्रहण समारोह के एक दिन बाद कहा, ”मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने और राजग सरकार का नेतृत्व करने पर बधाई देता हूं।” उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के कुछ ही दिनों के भीतर शपथ ग्रहण से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार जल्द ही काम शुरू करने वाली है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार होने के बावजूद, जिस तरह से विभागों का बंटवारा किया गया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि नीति और सुधार एजेंडा पहले की तरह ही दजारी रहने वाला है। उन्होंने कहा, ”इससे न केवल निवेशकों का डर कम होगा बल्कि उनमें निवेश की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।”    

अगले महीने कजाकिस्तान में पीएम मोदी और शहबाज शरीफ होंगे आमने-सामने

नई दिल्ली  दिसम्बर 2015की उस घटना को लगभग एक दशक होने वाले हैं जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान अचानक लाहौर में उतरा था। उस समय मोदी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी की लाहौर यात्रा ने तब विश्लेषकों को हैरान कर दिया था। इसे दोनों देशों के बीच संबंधों की सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया गया था लेकिन 2015 से 2024 का एक बड़ा वक्त गुजरा और दोनों देशों के रिश्ते ठंडे बस्ते में चले गए। 2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद खत्म होने के बाद से तो यह बिल्कुल बंद ही हैं। अब नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पाकिस्तान की तरफ से रिश्तों को फिर से शुरू करने की कोशिश हुई है। सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पीएम मोदी को बधाई दी, लेकिन सबका ध्यान खींचा उनके बड़े भाई और पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ के एक्स पर लिखे संदेश ने, जिसमें उन्होंने भारत के साथ दोस्ती का साफ संदेश भेजा। नवाज शरीफ ने लिखा, ‘मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर मैं गर्मजोशी से बधाई पेश करता हूं। हाल के चुनावों में आपके जीत आपके नेतृत्व में जनता के विश्वास को दर्शाती है।’ नवाज ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ नवाज शरीफ ने आगे लिखा, ‘आइए हम क्षेत्र में नफरत को उम्मीद से बदलकर यहां बसने वाले दो अरब लोगों के भविष्य को संवारें।’ इसके जवाब में पीएम मोदी ने लिखा, ‘आपके बधाई संदेश के लिए शुक्रिया। भारत के लोग हमेशा शांति, सुरक्षा और प्रगतिशील विचारों के पक्षधर रहे हैं। अपने लोगों का कल्याण और सुरक्षा हमेशा हमारी प्राथमिकता होना चाहिए।’ पाकिस्तान ने हाल के दिनों में भारत के संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। इसी साल मार्च में पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों की बहाली का संकेत दिया था। डार ने कहा था कि पाकिस्तान इस बारे में गंभीरता से विचार कर रहा है। दोनों नेताओं के बीच संदेशों के मायने पीएम मोदी और नवाज शरीफ के एक दूसरे को भेजे संदेशों ने एक नई बहस छेड़ दी है। पाकिस्तान से आए प्रेम के संदेश को इसलिए भी खास समझा जाना चाहिए कि शहबाज शरीफ भले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं लेकिन पीएमएल-एन के सबसे बड़े नेता आज भी नवाज शरीफ ही हैं। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ इसे प्रेम का संदेश नहीं मानते। आसिफ ने जियो न्यूज के एक कार्यक्रम में कहा कि ‘नरेंद्र मोदी को बधाई देना एक औपचारिक संदेश था और कूटनीतिक स्तर पर ऐसा किया जाता है। शहबाज शरीफ जब प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने भी हमें मुबारकबाद दी थी।’ आसिफ ने कहा कि ‘हमने कौन सा उन्हें मोहब्बतनामा लिख दिया?’ भारत-पाकिस्तान में बन सकती है बात हालांकि, कुछ लोग इसके उलट मानते हैं। पत्रकार सुधींद्र कुलकर्णी ने बीबीसी से बात में नवाज शरीफ और पीएम मोदी के बीच संदेशों की अदला-बदली को एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया। कुलकर्णी ने कहा कि नवाज शरीफ ने मोदी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। इसके साथ ही वे दोनों नेताओं के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंधों की भी याद दिलाते हैं। मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में नवाज शरीफ को न्योता भेजा था, जिसमें बतौर पाकिस्तान पीएम वह शामिल भी हुए थे। पाकिस्तान में भी दोनों नेताओं की बातचीत को लेकर तमाम लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने में समय लग सकता है। कजाकिस्तान में दोनों पीएम होंगे आमने-सामने भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ के लोगों का मानना है कि पड़ोसी देशों के बीच सबसे बड़ी रुकावट कश्मीर की समस्या है। हालांकि, यह भी कहना है कि सीधे संबंध शुरू करने से पहले दोनों देशों में उच्चायुक्तों की तैनाती और अफगानिस्तान ट्रांजिट खोलने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इसके साथ ही अभी यह नहीं पता है कि पाकिस्तान की सेना इस बारे में क्या सोचती है, क्योंकि पीएम शहबाज ने बधाई संदेश को बहुत ठंडा रखा था। भाई नवाज के उलट शहबाज शरीफ की छवि पाकिस्तानी सेना से संबंध बनाकर रखने वाली है। फिलहाल विश्लेषकों की नजर जुलाई में कजाकिस्तान में होने वाली शंघाई ओऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की बैठक हैं, जहां मोदी और शहबाज शरीफ आमने-सामने होने वाले हैं। यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि यह पीएम मोदी का तीसरा कार्यकाल है और वह इतिहास में ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद किया जाना चाहेंगे जिसने पाकिस्तान से समस्या को लेकर खास प्रयास किया था। ऐसे में मोदी इस दिशा में कुछ ठोस करने की कोशिश जरूर करेंगे।

देश में आजादी के बाद पहली बार, मुस्लिम मंत्री के बिना भारत सरकार; पर 5 अल्पसंख्यक मंत्रियों को प्रभार

नई दिल्ली नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद के तौर पर लगातार तीसरी बार शपथ लेकर एक रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने इसके साथ ही देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू की बराबरी कर ली है। यही नहीं उनकी इस तीसरी सरकार में एक और तथ्य की खूब चर्चा हो रही है। वह यह कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब केंद्र सरकार में किसी मुस्लिम नेता को मंत्री नहीं बनाया गया। आमतौर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी मुस्लिम नेता को ही मिलती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी इस बार किरेन रिजिजू को मिली है, जो बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। यह भी एक तरह का रिकॉर्ड ही है कि देश में पहली बार किसी बौद्ध नेता को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है। यही नहीं उनके साथ एक राज्यमंत्री के तौर पर केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन जिम्मेदारी संभालेंगे। वह खुद ईसाई धर्म से ताल्लुक रखते हैं। जॉर्ज कुरियन तो किसी सदन के सदस्य भी नहीं हैं। पहले भाजपा की सरकारों में भी किसी मुस्लिम नेता को ही अल्पसंख्यक मंत्रालय मिलता था, लेकिन यह सिलसिला 2022 में तब खत्म हुआ, जब मुख्तार अब्बास नकवी से इस्तीफा ले लिया गया। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया था, जिसके चलते उन्हें मंत्री पद भी छोड़ना पड़ा। उसके बाद यह विभाग स्मृति इरानी को दे दिया गया था। स्मृति इरानी मूल रूप से हिंदू हैं, लेकिन उनकी शादी पारसी से हुई है। वहीं उनके साथ काम करने वाले राज्य मंत्री जॉन बार्ला ईसाई समुदाय के थे। यही नहीं इन दिनों राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य भी इकबाल सिंह लालपुरिया हैं, जो एक सिख हैं। उनकी नियुक्ति के साथ भारत सरकार ने इस परंपरा को भी तोड़ा था, जिसके तहत किसी मुसलमान को ही अल्पसंख्यक आयोग की जिम्मेदारी दी जाती थी। बता दें कि एनडीए के ज्यादातर दलों से कोई मुस्लिम नेता चुनकर सदन में नहीं पहुंचा है। इस बार पूरे देश से कुल 28 मुस्लिम सांसद लोकसभा पहुंचे हैं। कुल 5 अल्पसंख्यक नेता बने हैं मोदी सरकार में मंत्री हालांकि एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि मोदी मंत्री परिषद में कुल 5 नेता अल्पसंख्यक समुदाय के हैं। इन नेताओं में हरदीप सिंह पुरी और रवनीत सिंह बिट्टू हैं, जो सिख समुदाय से आते हैं। इसके अलावा रामदास आठवले और किरेन रिजिजू बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। वहीं केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन ईसाई समुदाय के हैं। बता दें कि इन मंत्रियों में से रवनीत सिंह बिट्टू किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। वह लोकसभी चुनाव में हार गए थे। वहीं जॉर्ज कुरियन ने चुनाव ही नहीं लड़ा था। माना जा रहा है कि पार्टी अब उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद भेजेगी। वह केरल में भाजपा के महासचिव भी हैं।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet