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ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है

 नई दिल्ली ईरान द्वारा इजरायल पर 200 मिसाइलों से हमला करने के बाद पश्चिम एशिया में ना सिर्फ भारी तनाव पसरा हुआ है बल्कि बड़े पैमाने पर भयानक युद्ध की आशंका भी घर कर रही है। इस बीच, भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने क्षेत्र में स्थिरता और शांति की बहाली कराने में भारत से हस्तक्षेप करने की मांग की है। ईरानी राजदूत ने कहा, “भारत को इस अवसर का लाभ उठाकर इजरायल को क्षेत्र में अपनी आक्रामकता रोकने और शांति और स्थिरता कायम करने के लिए राजी करना चाहिए।” ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है। बता दें कि भारत के दोनों देशों से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। यही वजह है कि ईरानी राजनयिक भारत सरकार से पश्चिम एशिया संकट में शामिल सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीति और बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल करने का आग्रह कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी, जब इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह आतंकियों के खिलाफ अपने उत्तरी पड़ोसी लेबनान में संघर्ष के लिए एक नया मोर्चा खोला था। प्रधानमंत्री मोदी ने तब दो टूक शब्दों में कहा था कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में ईरानी राजदूत ने यह भी कहा कि अगर इजरायल रुकता है, तभी हम भी रुकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता है। हम क्षेत्र में शांति चाहते हैं, लेकिन यदि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच आती है, तो हमारे पास जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है, और हमने ठीक यही किया भी है।” ईरानी राजदूत ने कहा कि मंगलवार (01 अक्तूबर) को इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से किए गए हमले बदले की कार्रवाई का रणनीतिक हिस्सा था। उन्होंने कहा, “यह ईरान की धरती पर हमास प्रमुख इस्माइल हनीयेह की हत्या के जवाब में किया गया पलटवार था। वह हमारे राजकीय अतिथि थे और हमारे देश में इजरायल द्वारा उनकी हत्या कर दी गईी। यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है और हमारे संविधान के अनुसार, हमें इस तरह के मुद्दे से जवाबी प्रतिक्रिया के साथ निपटना होगा।” ईरानी राजदूत ने यह स्पष्ट किया कि मिसाइल हमला हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की हत्या के लिए नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, “यहां मुद्दा उलझाया जा रहा है। इजरायल के प्रति हमारी जवाबी कार्रवाई केवल इस्माइल हनीयेह की हत्या के लिए थी, हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह के लिए नहीं। हिजबुल्लाह खुद का ख्याल रख सकता है।” बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी पीएम मोदी से रूस को मनाने और युद्धविराम कराने की गुजारिश की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल कीव की यात्रा पर गए थे।

प्रधानमंत्री ने वर्चुअली रूप से पीएम किसान सम्मान निधि की राशि की अंतरित

शहडोल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज महाराष्ट्र के वाशिम में आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअली रूप से कृषि विज्ञान केंद्र शहडोल के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए लगातार कार्य कर रही है और किसानो को खेती करने के लिए  ऋण भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान कृषि को व्यापारिक रूप से लाभ का धंधा बनाए। उन्होंने कहा कि किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 6-6 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है, जिससे किसान नई तकनीकों की फसल लगा सके और खेती को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है, यदि किसान खेती न करे तो जीवन यापन करना संभव नही है। उन्होंने कहा की एग्रीकल्चर के विद्यार्थी, किसानों को अच्छी पैदावार वाली फसलों, कम भूमि में अधिक पैदावार की फैसले जैसे अन्य कृषि कार्य के लिए जानकारी दे।          प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के वाशिम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान  पीएम-किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त के तहत 9.4 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों के खातों में 20 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने  मध्यप्रदेश के 𝟖𝟏 लाख से अधिक किसानो के लिए 𝟏𝟔𝟖𝟐.𝟗 करोड़ रुपए की राशि एवं शहडोल जिले के 112116 किसानों के लिए 22.42 करोड़ रुपए की राशि वर्चुअली रूप से अंतरित की।         प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महाराष्ट्र के वाशिम में आयोजित कार्यक्रम को कलेक्टर डॉ.केदार सिंह, उप संचालक कृषि आर पी झरिया, किसान व एग्रीकल्चर के विद्यार्थियों ने वर्चुअली रूप से देखा एवं सुना।

PM मोदी वाशिम पहुंचे, पोहरादेवी मंदिर में की पूजा-अर्चना, शीश झुकाया, आरती की, नगाड़ा बजाया…

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को महाराष्ट्र के वाशिम जिला के पोहरादेवी स्थित जगदम्बा मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने पोहरादेवी में ही स्थित संत सेवालाल महाराज और संत रामराव महाराज की समाधि पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार सुबह नांदेड़ हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका स्वागत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अशोक चव्हाण ने किया। इसके बाद मोदी हेलीकॉप्टर से पोहरादेवी के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री मोदी एक दिवसीय महाराष्ट्र दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने बजाया नगाड़ा पूजा के दौरान पीएम मोदी ने मंदिर प्रांगण में मौजूद नगाड़ा भी बजाया. यह मंदिर बंजारा समुदाय के लोगों के लिए खास है और उनकी माता पोहरादेवी वाली जगदंबा माता में बहुत आस्था है. देवी की विशेष पूजा और आरती में नगाड़ा बजाना एक आवश्यक रीति है और जब लोगों की मनोकामना मंदिर में पूरी होती है तो भी वह नगाड़ा बजाकर बधाई भरते हैं. पीएम मोदी, महाराष्ट्र के दौरे पर हैं और शनिवार को वह 56,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करने वाले हैं. महाराष्ट्र में उनका भव्य स्वागत किया जा रहा है. पीएम मोदी सबसे पहले वाशिम पहुंचे, यहां वह बंजारा विरासत संग्रहालय का उद्घाटन करने वाले हैं. इसी क्रम में वह पोहरादेवी में जगदंबा माता मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे और यहां से संत सेवालाल महाराज तथा संत रामराव महाराज की समाधियों पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गए. यहां से निकलकर वह ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. वाशिम के बाद मोदी का ठाणे और मुंबई जाने का कार्यक्रम हैं। जहां पर वह कई आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। आज 5 अक्टूबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 18वीं किस्त जारी होने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र के वाशिम में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान व्यक्तिगत रूप से इस किस्त की घोषणा करेंगे। इस योजना के तहत केंद्र सरकार सीधे किसानों के बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करती है, जिससे देशभर के लाखों लोगों को फायदा होता है। प्रत्येक वर्ष, पात्र किसानों को कुल ₹6,000 मिलते हैं, जो ₹2,000 प्रत्येक की तीन किस्तों में वितरित किए जाते हैं। मोदी वाशिम में करीब 23,300 करोड़ रुपए की कृषि और पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं की शुरुआत करेंगे। ठाणे में 32,800 करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद PM मुंबई में लगभग 14,120 करोड़ रुपए की लागत वाली मुंबई मेट्रो लाइन- 3 के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से आरे जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) सेक्शन का उद्घाटन करेंगे। मोदी BKC और सांताक्रूज स्टेशनों के बीच मेट्रो में सवारी भी करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार को महाराष्ट्र का एक दिवसीय दौरा करेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार को महाराष्ट्र का एक दिवसीय दौरा करेंगे और वहां वाशिम, ठाणे और मुंबई में विकास की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी। विज्ञप्ति के अनुसार, श्री मोदी वाशिम में आज  लगभग 23,300 करोड़ रुपये की कृषि और पशुपालन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न पहलों का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री वहां बंजारा समुदाय की समृद्ध विरासत की झांकी प्रस्तुत करने के लिए , पीएम बंजारा विरासत संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। महाराष्ट्र के इस दौरे में प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि इन परियोजनाओं का मुख्य फोकस क्षेत्र में शहरी गतिशीलता को बढ़ावा देना शामिल है। प्रधानमंत्री मुंबई मेट्रो लाइन 3 चरण-1 के आरे जेवीएलआर से बीकेसी को जोड़ने वाले खंड का कल उद्घाटन करेंगे। वह ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल परियोजना और एलिवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री नवी मुंबई हवाईअड्डा प्रभाव अधिसूचित क्षेत्र (एनए आईएनए) परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार, श्री मोदी आज  पहले वाशिम पहुंच कर पूर्वाह्न करीब 11:15 बजे पोहरादेवी स्थित जगदंबा माता मंदिर में दर्शन करेंगे। वह वाशिम में संत सेवालाल महाराज और संत रामराव महाराज की समाधि पर भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दोपहर करीब 12 बजे श्री मोदी वहां कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी करीब 23,300 करोड़ रुपये की कई पहलों की शुरुआत करेंगे। शाम करीब 4 बजे प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। शाम करीब चार बजे प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद शाम करीब छह बजे बीकेसी मेट्रो स्टेशन से वह बीकेसी से आरे जेवीएलआर, मुंबई तक चलने वाली मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। वह बीकेसी और सांताक्रूज स्टेशनों के बीच मेट्रो में यात्रा भी करेंगे।    

कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का तीसरा संस्करण चार अक्टूबर से छह अक्टूबर तक, PM संबोधित करेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को यहां कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ ने बताया कि सम्मेलन का तीसरा संस्करण चार अक्टूबर से छह अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन हरित बदलाव, भू-आर्थिक विखंडन और विकास के निहितार्थ, और प्रतिरोध क्षमता बनाए रखने के लिए नीतिगत कार्रवाई के सिद्धांतों जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगा। पीएमओ ने कहा कि भारत के साथ ही दुनिया भर के विद्वान भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाओं के सामने आने वाले कुछ सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है। कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का आयोजन वित्त मंत्रालय के साथ साझेदारी में आर्थिक विकास संस्थान द्वारा किया जा रहा है।    

Jamaica के PM Andrew Holness से PM Modi की मुलाकात, गेल रहे मौजूद

नई दिल्ली  पीएम नरेंद्र मोदी और जमैका के पीएम एंड्रयू होलनेस के बीच खास मुलाकात हुई। इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि नई दिल्ली में जमैका उच्चायोग के सामने की सड़क का नाम ‘जमैका मार्ग’ रखा गया है, जो भारत-जमैका के मजबूत संबंधों को दर्शाता है। साथ ही पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच संबंधों को उसेन बोल्ट से जोड़ते हुए कहा कि उनकी रफ्तार से भी तेजी से बढ़ेंगे। इस मुलकाता के दौरान पीएम मोदी से क्रिकेट की दुनिया के यूनिवर्स बॉस यानी क्रिस गेल ने भी मुलाकात की। उन्होंने तस्वीरें और वीडियोज शेयर करते हुए लिखा- भारत के पीएम मोदी से मिलना सम्मान की बात है। जमैका से भारत, प्यार..। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोगों का क्रिकेटरों से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- क्रिकेट-प्रेमी देशों के रूप में खेल हमारे संबंधों में बहुत मजबूत और महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत के लोगों का क्रिकेटरों से विशेष लगाव है। हमने खेलों में अपने सहयोग को और गहरा करने पर भी चर्चा की। मुझे विश्वास है कि आज की चर्चा के परिणाम हमारे संबंधों को उसेन बोल्ट से भी अधिक तेजी से आगे बढ़ाएंगे और हम नई ऊंचाइयों को छूते रहेंगे। मोदी ने जमैका में रहने वाले भारतीय समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा कि करीब 180 साल पहले भारत से जमैका गए लोगों ने हमारे ‘पीपल टू पीपुल’ संबंधों की मजबूत नींव रखी। जमैका को अपना घर मानने वाले भारतीय मूल के लगभग 70,000 लोग हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण हैं। मैं प्रधानमंत्री होलनेस और उनकी सरकार को उनका ख्याल रखने के लिए धन्यवाद देता हूं…आज आयोजित हो रहा सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम हमारे आपसी संबंधों को और मजबूत करेगा। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने टीम इंडिया का साइन किया हुआ बल्ला जमैका के पीएम को गिफ्ट किया, जबकि जमैका के पीएम ने क्रिस गेल का साइन किया हुआ बल्ला गिफ्ट किया।

किसान आंदोलन, कृषि कानून; क्या बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहीं कंगना रनौत ?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP? भोपाल ( कमलेश )। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत के बयान बीजेपी के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। कुछ ही समय में कंगना ने ऐसे दो बयान दिए हैं, जिससे बीजेपी ने तुरंत किनारा कर लिया। साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह बीजेपी की ओर से बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। पहले किसान आंदोलन और फिर अब तीनों कृषि कानूनों को लेकर कंगना ने जो कहा है, उससे पार्टी के अंदर भी उनके खिलाफ सुर उठने लगे हैं। कृषि कानूनों को लेकर कंगना रनौत ने पहले कहा कि मुझे पता है कि विवाद होगा, लेकिन मुझे लगता है कि निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लाया जाना चाहिए। किसानों को भी इसकी मांग करनी चाहिए। हालांकि, विवाद बढ़ने पर कंगना ने खेत जताते हुए अपने शब्दों को वापस ले लिया। कंगना के बयान से बीजेपी को हरियाणा विधानसभा चुनाव में नुकसान होने की संभावना जताई जा रही थी। कंगना के बयान से हरियाणा में हो सकता था नुकसान हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पांच अक्टूबर को सभी 90 सीटों पर वोटिंग है, जिसके नतीजे आठ अक्टूबर को आएंगे। राज्य में पिछले एक दशक से बीजेपी की सरकार होने से पार्टी को पहले से ही एंटी इनकमबेंसी का सामना करना पड़ रहा है। अग्निवीर, किसान संबंधी मुद्दे, बेरोजगारी आदि को लेकर राज्य की जनता में बीजेपी सरकार के खिलाफ कई बार नाराजगी भी देखी गई है। वहीं, टिकट कटने की वजह से बीजेपी कई नेताओं की बगावत भी झेल रही। ऐसे में चुनावी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कंगना के तीनों कृषि कानूनों को वापस लाने की मांग करने वाला बयान हरियाणा में बीजेपी को और नुकसान पहुंचा सकता था। यही देखते हुए बीजेपी ने कंगना के बयान का खंडन करते हुए कहा कि यह उनका निजी बयान है। कुछ साल पहले दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन के समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा के भी बड़ी संख्या में किसान आंदोलन के लिए लंबे समय तक बैठे थे। इसके बाद पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। कांग्रेस ने मारा मौके पर चौका जैसे ही कृषि कानूनों पर कंगना रनौत ने बयान दिया, कांग्रेस ने मौके पर चौका मारते हुए उसे हरियाणा चुनाव में भुनाने की तैयारी शुरू कर दी। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने विभिन्न रैलियों में कंगना के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन कृषि कानूनों को फिर से वापस नहीं आने देंगे। दीपेंद्र हुड्डा ने रैली में कहा, “750 किसानों ने अपनी शहादत देकर MSP और मंडी प्रणाली को भाजपा की तानशाही सरकार से बचाया है। काले कृषि कानून वापस लाने के मंसूबे रखने वाले तमाम भाजपा सांसदों को हमारी चुनौती है कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद देश में ऐसी कोई ताकत नहीं जो ये कानून वापस लागू कर सके।” कांग्रेस के ओर से मुद्दा उठाए जाने के बीच बीजेपी ने भी कंगना के बयान से अपने आप को अलग किया। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “बीजेपी सांसद कंगना रनौत का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह बयान उन 3 कृषि कानूनों से संबंधित है, जिन्हें पहले बीजेपी सरकार ने रद्द कर दिया था। इस प्रकार, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान कंगना रनौत के व्यक्तिगत विचारों को दर्शाता है और किसी भी तरह से 3 कृषि कानूनों से संबंधित बयान में बीजेपी के विचारों को नहीं दर्शाता। मुझे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कंगना रनौत को बीजेपी द्वारा 3 कृषि कानूनों के विषय पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।”

कीव में प्रधानमंत्री पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत ,भारत माता की जय के नारे

Prime Minister PM Modi received grand welcome in Kiev, slogans of Bharat Mata ki Jai

Prime Minister PM Modi received grand welcome in Kiev, slogans of Bharat Mata ki Jai पीएम मोदी का यह यूक्रेन दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरे में पीएम मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे।

भारत और ऑस्ट्रिया का साझा घोषणापत्र हुआ जारी, दोनों देशों में राजनयिक और सांस्कृतिक संबंध

वियना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया।अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर के साथ बातचीत करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 1983 के बाद पहली ऑस्ट्रिया यात्रा है.मोदी से पहले इंदिरा गांधी ने 1983 में प्रधानमंत्री के रूप में ऑस्ट्रिया गई थीं.इसके बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर फ्रेड सिनोवाट्ज 1984 में भारत आए थे.पीएम मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देश संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे.पीएम मोदी का ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन और चांसलर कार्ल नेहमर से बातचीत का कार्यक्रम है. भारत और ऑस्ट्रिया के सांस्कृतिक संबंध भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक समृद्ध इतिहास है.वियना विश्वविद्यालय में संस्कृत की पढ़ाई 1845 में ही शुरू हो गई थी.वहीं रवींद्रनाथ टैगोर ने 1920 के दशक में वियना की यात्रा की थी. उनकी इस यात्रा ने दोनों देशों में सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.ऑस्ट्रिया यूरोपीय संघ का सदस्य तो है, लेकिन नैटो का हिस्सा नहीं है. उसकी तटस्थता की यह नीति द्विपक्षीय संबंधों में एक दिलचस्प आयाम जोड़ती है. भारत ने 1953 में ऑस्ट्रिया की सोवियत संघ के साथ समझौता वार्ता कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसी के बाद 1955 में ऑस्ट्रिया को आजादी मिली थी.भारत और ऑस्ट्रिया में राजनयिक संबंध 10 नवंबर 1949 को स्थापित हुए थे.इस तरह 2024 में दोनों देश राजनयिक संबंधों की 75वीं सालगिरह मना रहे हैं. भारत-ऑस्ट्रिया के राजनयिक संबंध भारत और ऑस्ट्रिया में राजनयिक संपर्क का एक लंबा इतिहास रहा है. भारत-ऑस्ट्रिया ने 1983 में संयुक्त आर्थिक आयोग की स्थापना की थी. इस आयोग ने इस्पात, निर्माण प्रौद्योगिकी, रेलवे और धातुकर्म जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग और संयुक्त उद्यम स्थापित करने में सहयोग किया है.भारत ऑस्ट्रिया को इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़ा, जूते और मशीनरी जैसे चीजों का निर्यात करता है. वहीं ऑस्ट्रिया मशीनरी, रेलवे पार्ट्स और स्टील का आयात भारत से करता है.दोनों देशों के बीच 2023 में 2.93 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार हुआ था.दोनों देशों ने फरवरी 2024 में भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज की शुरुआत की थी. यह पहल दोनों देशों के बीच नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए की गई थी. भारत ने 2013 में पीएसएलवी-सी20 के जरिए ऑस्ट्रिया के पहले दो उपग्रहों TUGSAT-1/BRITE और UniBRITE का प्रक्षेपण किया था.यह दोनों देशों का अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत थी. ऑस्ट्रिया में 30 हजार से अधिक भारतीय रहते हैं.ये भारतीय वहां की स्वास्थ्य सेवाओं में काम करते हैं या व्यापार करते हैं या वहां पढ़ने गए हैं.  इनमें से अधिकांश पंजाब और केरल के रहने वाले हैं. ये भारतीय दोनों देशों में सास्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ी भूमिका निभाते हैं. भारतीय नेताओं का ऑस्ट्रिया दौरा पीएम मोदी की यात्रा से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिसंबर 2022 में ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी. उनकी यह यात्रा प्रधानमंत्री की यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में थी. अपनी यात्रा में जयशंकर ने ऑस्ट्रिया के प्रमुख नेताओं से बात की थी. उनकी यात्रा के दौरान पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे.नवंबर 1999 में तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी. वहीं तत्कालीन ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति हेंज फिशर ने फरवरी 2005 में भारत की यात्रा पर आए थे. तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील अक्टूबर, 2011 में चार दिन की यात्रा पर ऑस्ट्रिया गई थीं.पीएम नरेंद्र मोदी पहली बार ऑस्ट्रिया जा रहे हैं, लेकिन वह वहां जाने से पहले ऑस्ट्रिया के नेताओं से मुलाकातें कर चुके हैं. पीएम मोदी अपने पहले कार्यकाल में जून, 2017 में इंटरनेशनल इकोनामिक फोरम में हिस्सा लेने के लिए सेंट पीटर्सबर्ग गए थे.वहां उन्होंने तत्कालीन ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन केर्न के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी. अपने दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी अक्टूबर, 2021 में स्काटलैंड के ग्लासगो में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP-26) में भाग लेने गए थे.इससे इतर उन्होंने तत्कालीन ऑस्ट्रियाई चांसलर अलेक्जेंडर शालेनबर्ग से मुलाकात की थी.पीएम मोदी ने 26 मई, 2020 को ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन से टेलीफोन पर बातचीत की थी.ऑस्ट्रिया यात्रा से पहले पीएम मोदी ने लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन के साझा मूल्यों पर प्रकाश डाला था, जो भारत- ऑस्ट्रिया के बीच संबंधों को रेखांकित करते हैं. उन्होंने कहा,”मैं हमारे देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर हमारी चर्चा को लेकर उत्सुक हूं.” राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ पीएम मोदी का स्वागत एयरपोर्ट से निकलने के बाद पीएम मोदी सीधे ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के होटल रिट्ज कार्लटन पहुंचे, जहां प्रवासी भारतीयों ने उनका अभिवादन किया। साथ ही ऑस्ट्रियाई कलाकारों ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में वंदे मातरम भी गाया। पोस्ट की मोदी के संग सेल्फी ऑस्ट्रिया चांसलर कार्ल नेहमर ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की। उन्होंने पीएम मोदी के साथ सेल्फी पोस्ट करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वियना में आपका स्वागत है। ऑस्ट्रिया में आपका स्वागत करना खुशी और सम्मान की बात है। ऑस्ट्रिया और भारत मित्र और साझेदार हैं। मैं आपकी यात्रा के दौरान हमारी राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं की प्रतीक्षा कर रहा हूं!’ पीएम मोदी से पहली बार मिले नेहमर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेजबानी ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने की। यह दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात है। द्विपक्षीय साझेदारी के संबंध में चर्चा होगी।’’ एक तस्वीर में मोदी नेहमर को गले लगाते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में ऑस्ट्रियाई चांसलर प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। नेहमर ने भी मोदी के साथ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वियना में आपका स्वागत है! ऑस्ट्रिया में आपका स्वागत करना हमारे लिए खुशी और सम्मान की बात है। ऑस्ट्रिया और भारत मित्र और साझेदार हैं। आपकी यात्रा के दौरान राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं को लेकर उत्सुक हूं।’’ प्रधानमंत्री ने ‘‘गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए’’ ऑस्ट्रियाई चांसलर का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह ‘‘कल हमारे बीच होने वाली वार्ताओं को लेकर उत्सुक हैं। हमारे देश पूरी दुनिया की भलाई के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।’’ मोदी ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में … Read more

राष्ट्रपति पुतिन के साथ पीएम मोदी की मजबूत दोस्ती, चाहे तो ख़त्म करवा सकते है युद्ध : अमेरिका

वाशिंगटन पीएम मोदी के रूस दौरे पर अमेरिका टकटकी लगाए बैठा रहा। अमेरिका ने यह तक कह दिया कि अगर कोई देश रूस से मिलता है तो उसे यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना होगा। इन सब के बाद अब अमेरिका का एक और रिएक्शन सामने आया है। वाइट हाउस ने अपने एक बयान में मंगलवार को कहा है कि रूस के साथ भारत के संबंध अच्छी स्थिति में है जिसका भारत को फायदा उठाना चाहिए। अमेरिका ने कहा है कि भारत चाहे तो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन में संघर्ष खत्म करने के लिए कह सकता है। यह बयान तब आया है जब पीएम मोदी ने पुतिन से मुलाकात के दौरान इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन युद्ध का समाधान बातचीत में है, युद्ध के मैदान में नहीं। एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करिन जीन-पियरे ने भारत को अमेरिका का रणनीतिक साझेदार कहा है जिसके साथ वे स्पष्ट बातचीत करते हैं। पुतिन के साथ पीएम मोदी की बैठक के बारे में पूछे जाने पर जीन-पियरे ने कहा, “भारत एक रणनीतिक साझेदार है जिसके साथ हम पूर्ण और स्पष्ट बातचीत करते हैं, जिसमें रूस के साथ उनके संबंध भी शामिल हैं और हमने इस बारे में पहले भी बात की है। इसलिए हमें लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत सहित सभी देश यूक्रेन के मामले में शांति स्थापित करने की कोशिशों का समर्थन करें।” उन्होंने आगे कहा कि भारत चाहे तो यूक्रेन में युद्ध भी रुकवा सकता है। उन्होंने कहा, “हम यह भी मानते हैं कि रूस के साथ भारत के अच्छे संबंध उसे राष्ट्रपति पुतिन से अनुरोध करने की क्षमता देते हैं कि वे यूक्रेन में बिना कारण शुरू किए गए युद्ध को खत्म करें। इसे खत्म करना राष्ट्रपति पुतिन पर निर्भर है। राष्ट्रपति पुतिन ने युद्ध शुरू किया, और वे युद्ध को समाप्त कर सकते हैं।” PM ने उठाया था युद्ध के दौरान बच्चों की हत्या का मुद्दा वाइट हाऊस ने यह बयान तब दिया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी द्विपक्षीय वार्ता के दौरान युद्ध के दौरान बच्चों की हत्या का मुद्दा उठाया था। प्रधानमंत्री ने कहा है कि मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति तब दुखी होता है जब जान जाती है। यह बयान हाल ही में कीव में बच्चों के अस्पताल पर मिसाइल हमले के बाद आया है, जिसमें 37 बच्चे मारे गए थे। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “चाहे युद्ध हो, संघर्ष हो, आतंकी हमले हों – मानवता में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को जान जाने पर दुख होता है। लेकिन जब मासूम बच्चों की हत्या होती है, जब हम मासूम बच्चों को मरते हुए देखते हैं, तो यह दिल दहला देने वाला होता है। यह दर्द बहुत बड़ा है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युद्ध के मैदान में कोई समाधान नहीं निकलता है और उन्होंने कहा कि बम, बंदूक और गोलियों के बीच शांति की बातचीत नहीं हो सकती है। ज़ेलेंस्की ने PM की यात्रा को बताया शांति प्रयासों के लिए झटका 2022 में मॉस्को और कीव के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से यह पीएम मोदी की पहली रूस यात्रा थी। इससे पहले मंगलवार को, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा पर निराशा व्यक्त की थी और उन्होंने इसे शांति प्रयासों के लिए झटका करार दिया था। पीएम मोदी 8-9 जुलाई को रूस की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थे। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने मॉस्को में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया।  

मोदी का पुतिन से मिलना शांति के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए एक विनाशकारी घटना है: जेलेंस्की

कीव पीएम नरेंद्र मोदी फिलहाल रूस के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और गले लग गए। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस मुलाकात पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई, जब रूस के हमले में 40 लोग मारे गए। इस हमले में कैंसर के मरीजों और बच्चों तक को नहीं छोड़ा गया। दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी के रूस दौरे के वक्त ही यूक्रेन के एक बच्चों के अस्पताल पर हमला हुआ है। हमले के बाद जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ऐसे समय में जब रूस लगातार यूक्रेन पर हमले कर रहा है तब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का वहां जाकर दुनिया के सबसे बड़े अपराधी के साथ गले मिलना बहुत ही दुखद है। यह शांति के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए एक विनाशकारी घटना है।’ दो दिवसीय दौरे पर हैं पीएम मोदी पीएम मोदी रूस में भारत और रूस के बीच होने वाली 22वीं वार्षिक समिट में हिस्सा लेने के लिए रूस पहुंचे हुए हैं। रूस की तरफ से पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम को अपने आवास पर डिनर के लिए बुलाया, जहां पर दोनों नेताओं के बीच में अनौपचारिक बातचीत हुई। पुतिन ने पीएम मोदी को लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए बधाई दी तो वहीं मोदी ने बातचीत के लिए रूस बुलाने पर राष्ट्रपति का धन्यवाद दिया। दो सालों से जारी है रूस यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला बोल दिया था। शुरुआत में दुनिया को लगा कि रूसी सेना के सामने यूक्रेन जल्दी ही घुटने टेक देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यूक्रेन लगातार रूस से टक्कर लेता रहा। इस युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों ने भी यूक्रेन की काफी मदद की। भारत ने शुरूआत से ही इससे दूरी बनाए रखी और दोनों देशों को डिप्लोमेसी के जरिए विवाद सुलझाने के लिए कहा। 2022 में SCO की बैठक के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि यह “युद्ध का युग नहीं है।” पीएम मोदी की यह बात पश्चिमी देशों को खूब पसंद आई। भारत ने इस दौरान कभी भी रूस की तीखी आलोचना नहीं की। पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद भी भारत लगातार रूस से अपने व्यापारिक संबंधों को बचाने में कामयाब रहा और पश्चिमी देशों को यह समझाने में कामयाब रहा कि रूस के साथ बेहतर संबंध भारत की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है।

पश्चिमी देश रूस के साथ भारत के बढ़ते संबंधों से असंतुष्ट, चीन दोनों के करीबी रिश्तों को खतरे के रूप में नहीं देखता – ग्लोबल टाइम्स

बीजिंग पीएम मोदी के रूस दौरे पर पड़ोसी चीन का बयान सामने आया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी की इस रूस यात्रा को पश्चिमी देश  आशंका के साथ देख रहे हैं। वह यह उम्मीद कर रहे हैं कि चीन के साथ रूस के बढ़ते संबंध संभावित रूप से भारत और रूस के संबंधों में तनाव पैदा कर सकते हैं। इससे नई दिल्ली को लेकर पश्चिम का नजरिया उजागर हो रहा है। कुछ अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने इस संबंध में दावा किया है कि मोदी की रूस यात्रा यह सुनिश्चित करने के लिए है कि रूस अब चीन के और करीब न जा पाए। रूस- भारत के करीबी रिश्तों को खतरे की तरह नहीं देखता चीन ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि पश्चिम भारत के रूस के साथ गहरे होते संबंधों से अधिक चिंतित है, जबकि चीन, भारत और रूस के करीबी संबंधों को खतरे के रूप में नहीं देखता है, जबकि पश्चिमी देश रूस के साथ भारत के बढ़ते संबंधों से असंतुष्ट हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर चीन को अमेरिका और पश्चिम से दबाव और आलोचना का सामना करना पड़ा है तो उसके विपरीत भारत को रूस की निंदा न करने या प्रतिबंध न लगाने को लेकर कम आलोचना का सामना करना पड़ा। इसकी बजाय भारत ने रूस से संबंध बनाए रखे और रूस से तेल खरीदकर उसे यूरोपीय देशों को बेचकर खूब लाभ कमाया है। दबाव के बाद भी रूस आए पीएम मोदी टाइम्स ने लिखा कि पश्चिमी दबाव के बावजूद भी भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल को शुरू करने के बाद पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा के लिए रूस गए। विश्लेषकों के अनुसार, उनके इस कदम का उद्देश्य न केवल रूस के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है, बल्कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के दबाव से निपटने में भारत की ताकत को भी बढ़ाना है। भारत की विदेश नीति तारीफ के योग्य टाइम्स ने लिखा कि वर्तमान में पश्चिमी देश भारत, चीन और रूस के बीच कलह करवाने का प्रयास कर रहा है। पश्चिम और रूस दोनों के साथ भारत के संबंध एक जटिल अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य को दर्शाते हैं, जो इस कठिन वैश्विक माहौल में संतुलन तलाश करने की कोशिश कर रहे हैं और इसके साथ-साथ में अपने हितों को भी साधने की कोशिश कर रहे हैं। पश्चिम उम्मीद कर रहा था कि भारत उनके साथ गठबंधन करके रूस के खिलाफ खड़ा है लेकिन ऐसा नहीं है, इसके लिए पश्चिम ने भारत पर दबाव बनाने की भी कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। भारत की विदेश नीति किसी भी पक्ष में पूरी तरह न झुककर अपने हितों को साधने की है। यह दोनों तरफ संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती है।  

पीएम मोदी ने कहा, ‘रूस शब्द सुनते ही, हर भारतीय के मन में पहला शब्द आता है- भारत के सुख-दुख का साथी, भारत का भरोसेमंद दोस्त

मास्को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस यात्रा के दूसरे दिन मास्को में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने रूस को भारत के सुख-दुख का साथी बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते हमेशा गर्मजोशी से भरे रहे हैं। पीएम मोदी ने रूसी भाषा में संबोधन के साथ भारतीय समुदाय के सामने अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने साथ हिंदुस्तान की मिट्टी की महक लेकर आया हूं।’ पीएम मोदी ने कहा कि ‘अपने तीसरे कार्यकाल में मैंने प्रण किया था कि अपने तीसरे कार्यकाल में तीन गुनी ताकत से काम करूंगा।’ भारत-रूस की दोस्ती हमेशा प्लस में रूस के साथ रिश्तों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘रूस शब्द सुनते ही, हर भारतीय के मन में पहला शब्द आता है- भारत के सुख-दुख का साथी, भारत का भरोसेमंद दोस्त। रूस में सर्दी के मौसम में तापमान कितना ही माइनस में नीचे क्यों न चला जाए, भारत-रूस की दोस्ती हमेशा प्लस में रही है, गर्मजोशी भरी रही है। ये रिश्ता म्यूचुअल ट्रस्ट और म्यूचुअल रेस्पेक्ट पर बना है।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि वैश्विक समृद्धि को नई ऊर्जा देने के लिए भारत और रूस कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। यहां मौजूद आप सभी लोग भारत और रूस के संबंधों को नई ऊंचाई दे रहे हैं। आपने अपनी मेहनत और ईमानदारी से रूस के समाज में अपना योगदान दिया है।’ 10 साल में पुतिन से 17 बार मुलाकात भारत-रूस की दोस्ती के लिए पीएम मोदी ने अपने ‘परम मित्र रूस के राष्ट्रपति पुतिन के नेतृत्व की सराहना’ की। पीएम मोदी ने पुतिन की तारीफ करते हुए कहा, ‘उन्होंने दो दशक से ज्यादा समय तक इस पार्टनरशिप को मज़बूती देने के लिए शानदार काम किया है। बीते 10 सालों में मैं छठी बार रूस आया हूं और इन सालों मैं हम एक दूसरे से 17 बार मिले हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ये सारी मुलाकात आपसी विश्वास और सम्मान बढ़ाने वाली रही है। जब हमारे छात्र संघर्ष के बीच फंसे थे, तो राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें वापस भारत पहुंचाने में हमारी मदद की थी। मैं रूस के लोगों का, मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन का इसके लिए भी फिर से आभार व्यक्त करता हूं।’ संबोधन के दौरान पीएम मोद ने भारत और रूस के संबंधों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के योगदान का जिक्र करते हुए राजकपूर और मिथुन का भी नाम लिया। पीएम मोदी ने राज कपूर पर फिल्माए गए श्री 420 फिल्म के सुपरहिट गीत मेरा जूता है जापानी की लाइनें.. सिर पर लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी सुनाकर भारतीय समुदाय के योगदान को सराहा।

रूसी सेना में फिलहाल 40 भारतीय सेवा दे रहे, जंग लड़ रहे भारतीयों को जल्द डिस्चार्ज करेगा रूस

मॉस्को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अमेरिका के दो दिवसीय दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. खबर है कि यूक्रेन जंग के लिए रूस की सेना में शामिल किए गए भारतीयों की अब सुरक्षित वापसी होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मॉस्को पहुंचने के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समक्ष यह मुद्दा उठाया था. इसके बाद भारतीय सैनिकों की वापसी पर सहमति बनी है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रूसी सेना में फिलहाल 30 से 40 भारतीय सेवा दे रहे हैं. इससे पहले कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि ये भारतीय वतन लौटना चाहते हैं लेकिन रूसी सेना छोड़कर स्वदेश वापसी इनके लिए मुमकिन नहीं है. रूसी सेना में भर्ती इन भारतीयों की वतन वापसी के लिए भारत सरकार ने कई तरह के राजनयिक प्रयास किए लेकिन रूस की ओर से किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया गया. ऐसे में पीएम मोदी के रूस दौरे के दौरान रूसी सेना में भर्ती इन भारतीयों की सुरक्षित वापसी बड़ी प्राथमिकता थी. बता दें कि रूस और यूक्रेन जंग में दो भारतीयों की मौत हुई थी. इसके बाद भारत ने रूस से वहां की सेना में भर्ती भारतीयों को वापस भेजने की मांग की थी. मोदी को पुतिन ने बताया था परम मित्र दो दिवसीय दौरे पर मॉस्को पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपना ‘परम मित्र’ बताया था. पुतिन ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा था कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, परम मित्र आपका हार्दिक स्वागत है. आपको देखकर मुझे बड़ी खुशी हुई. (हमारे बीच) औपचारिक बातचीत कल होने वाली है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को निमंत्रण भेजा था, जहां दोनों नेता मंगलवार को भारत-रूस के बीच 22वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में बैठक करेंगे. इस द्विपक्षीय बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है. इससे पहले आज जब दोनों नेता मिले तो उनकी करीबी दोस्ती भी साफ नजर आई. पुतिन के निमंत्रण पर रूस पहुंचे हैं पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब पांच साल में पहली बार रूस पहुंचे हैं. यह तीसरे कार्यकाल की उनकी दूसरी विदेश यात्रा है. प्रधानमंत्री सोमवार को भारतीय समयानुसार शाम पांच बजे मॉस्को पहुंचे थे. यहां वणुकोवो-II इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का रूस के प्रथम डिप्टी प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने स्वागत किया था. इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच आधिकारिक बातचीत आज होगी. इससे पहले भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर अपना रुख साफ करते हुए कहा था कि मौजूदा स्थिति का हल युद्ध के मैदान में नहीं निकाला जा सकता. यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी पीएम मोदी के प्रमुख एजेंडे में शामिल था.  

पुतिन ने भारत की प्रगति में मोदी के योगदान की खुलकर तारीफ की

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार रात नोवो-ओगारियोवो में अपने आधिकारिक आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया. दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई. पुतिन ने पीएम मोदी को अपने आवास के चारों तरफ घुमाया. इलेक्ट्रिक कार की सवारी की और घोड़ों का अस्तबल भी दिखाया. इस दौरान दोनों नेताओं को हल्के-फुल्के अंदाज में देखा गया. ये बातचीत द्विभाषीय के जरिए हुई. पुतिन ने भारत की प्रगति में मोदी के योगदान की खुलकर तारीफ की. पुतिन ने पीएम मोदी को मॉस्को के बाहर निजी बातचीत के लिए सरकारी आवास बुलाया था. यहां पुतिन ने कहा, ”मैं आपको एक बार फिर प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई देना चाहता हूं. मुझे नहीं लगता है कि यह कोई आकस्मिक जीत है, बल्कि आपके कई वर्षों के कामों का परिणाम है. आपके अपने विचार हैं. आप बहुत ऊर्जावान व्यक्ति हैं. भारत और भारतीय लोगों के हित में नतीजे देने में सक्षम हैं. रिजल्ट स्पष्ट है.” ‘पूरा जीवन सेवा में समर्पित कर दिया’ सरकारी न्यूज एजेंसी तास के मुताबिक, पुतिन का कहना था कि भारत मजबूती से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपना पूरा जीवन अपने लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है और हम इसे महसूस कर सकते हैं. ‘देशवासियों ने मातृभूमि की सेवा का अवसर दिया’ दरअसल, जब दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने चाय पर अनौपचारिक चर्चा की तो मोदी ने भारत में हाल ही संपन्न हुए आम चुनावों का जिक्र किया और कहा, ‘भारत के लोगों ने उन्हें मातृभूमि की सेवा करने का मौका दिया है.’ इस पर पुतिन ने जवाब दिया, ‘आपने अपना पूरा जीवन भारतीय लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है और वे इसे महसूस कर सकते हैं.’ ‘पुतिन ने खुद पीएम मोदी को इलेक्ट्रिक कार में घुमाया’ रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘आपका कहना सही है. मेरा सिर्फ एक ही लक्ष्य है. मेरा देश और मेरे देश के लोग.’ बाद में, राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी ने नोवो-ओगारियोवो में पुतिन के आवास के आसपास सैर की. पुतिन ने मोदी को आवास के चारों ओर घुमाया और उन्हें एक इलेक्ट्रिक कार में घुमाया. अधिकांश समय उन्होंने दुभाषियों के जरिए बात की. हालांकि, जब वे कार छोड़ कर बगीचे की ओर चल रहे थे तो उनके बीच अंग्रेजी में संक्षिप्त बातचीत भी हुई. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को अपना घोड़ों का अस्तबल भी दिखाया. यहां दोनों नेताओं ने टहलते हुए अपनी बातचीत जारी रखी. ‘दोस्त का बंधन और मजबूत होगा’ बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में किया और नोवो-ओगारियोवो में मेजबानी के लिए राष्ट्रपति पुतिन का आभार व्यक्त किया. मोदी ने कहा, कल भी हमें बातचीत का इंतजार है. ये बातचीत निश्चित रूप से भारत और रूस के बीच दोस्ती के बंधन को और मजबूत करने में काफी मददगार साबित होगी. इससे पहले विदेश मंत्रालय ने निजी कार्यक्रम को दो करीबी दोस्तों और भरोसेमंद साझेदारों की मुलाकात बताया था. बैठक की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए कहा गया, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने निजी बातचीत के लिए नोवो-ओगारियोवो में अपने आधिकारिक आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया. यह दोनों नेताओं के लिए भारत-रूस मित्रता को संजोने और उसका जश्न मनाने का अवसर है. रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद पीएम मोदी की यह पहली मॉस्को यात्रा है. मंगलवार को मोदी-पुतिन के बीच शिखर वार्ता होने जा रही है. इससे पहले सोमवार को पीएम मोदी रूस पहुंचे तो वनुकोवो-द्वितीय एयरपोर्ट पर रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने स्वागत किया. पीएम मोदी ने कहा, हम भविष्य के क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को गहरा करने के लिए उत्सुक हैं और भारत और रूस के बीच मजबूत संबंधों से हमारे लोगों को बहुत लाभ होगा. प्रधानमंत्री ने कहा, भारत एक शांतिपूर्ण और स्थिर क्षेत्र के लिए सहायक भूमिका निभाना चाहता है.  

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