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नई आबकारी नीति पेश, मोहन सरकार का 21 हजार करोड़ रुपये का शराब राजस्व लक्ष्य

भोपाल   मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार कमाई और राजस्व बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने प्लान बनाने शुरु कर दिया है और इस दिशा में काम भी शुरु कर दिया है। दरअसल मोहन सरकार शराब से राजस्व हासिल करने की सोच रही है। जानकारी के मुताबिक सरकार शराब के जरिए 21 हजार करोड़ राजस्व हासिल करने का लक्ष्य एकत्र करने की योजना बना रही है। नई नीति में 19,000 से 21,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति का मसौदा तैयार किया है, जिसमें शराब से लगभग 19,000 से 21,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य है। नई नीति में अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने पर भी फोकस है। जिसके चलते दुकानों की नीलामी 20% अधिक दर पर की जा सकती है, इससे शराब महंगी हो सकती है। दरअसल  सरकार के आबकारी विभाग ने आबकारी नीति 2026-27 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। शासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय मंत्रिमंडल समिति ने कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रालय में नई आबकारी नीति के ड्राफ्ट पर चर्चा की है। इस बैठक में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ने शिरकत की। नई नीति में शराब दुकानों की बिक्री से राजस्व का लक्ष्य बढ़ाकर 21 हजार  करोड़ रुपये करने पर केंद्रित किया गया है। मध्यप्रदेश में बहुत जल्द ही नई आबकारी नीति आने वाली है जिसमें बहुत सारे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इशारा किया है कि अप्रैल महीने में मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति लागू होगी। आबकारी नीति 2025- 26 में कई शहरों में शराब की बिक्री प्रतिबंधित कर दी जाएगी। वहीं, कुछ और बड़े फैसले लिए जाएंगे। कब तक मिल सकती है नई नीति को मंजूरी मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग की एक बड़ी अधिकारी ने नवभारत टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि फरवरी महीने की आखिरी में या मार्च की शुरुआत में कैबिनेट नई शराब नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। इसके तहत सबसे बड़ी शुरुआत मध्य प्रदेश की आध्यात्मिक और धार्मिक राजधानी उज्जैन से होगी। यहां की करीब 20 दुकान शराब की दुकान बंद कर दी जाएंगी। उज्जैन समेत 16 धार्मिक शहरों में होगी शराबबंदी उज्जैन के अलावा मध्य प्रदेश के करीब 15 शहरों में शराब की बिक्री बंद कर दी जाएगी। यह प्रावधान आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई नीति के ड्राफ्ट में किया है। यह ड्राफ्ट मंत्री परिषद की समिति को भेजा गया था,जिस पर सरकार ने चर्चा की है। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इशारों में है बात बताई है कि जहां से है कई शहरों में शराबबंदी की जाएगी, वहां कुछ बड़े शहरों में मिनी बार के विकल्प पर मंथन किया जा रहा है। यह मिनी बार की तरह होंगे। क्यों की जा रही है शराबंदी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार चाहती है कि शराब की बिक्री को हतोत्साहित किया जाए ताकि नागरिक उसके दुष्प्रभाव से बच सकें। वहीं, नई नीति में 25 फीसदी पुरानी शराब की दुकानों के ठेके करीब 20% बढ़ोतरी के साथ रिन्यू किए जा सकते हैं। हालांकि आबकारी विभाग ने कुछ जगहों पर दुकान बंद करने तो कुछ जगहों पर नई दुकान शुरू करने का भी प्रावधान बनाया है। लेकिन कुल मिलाकर सरकार प्रदेश की अधिकांश शहरों में शराब की दुकान बंद करके शराब की बिक्री को हतोत्साहित करने की ओर बढ़ रही है। शराबबंदी को लेकर क्या बोले थे सीएम आपको बता दे कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन में बयान देकर कहा है कि सरकार धार्मिक नगरों में शराब बंदी को लेकर आगे बढ़ रही है। नई वित्तीय वर्ष में इस पर अमल किया जा सकता है। चित्रकूट, उज्जैन, ओंकारेश्वर, अमरकंटक जैसे कई शहरों में शराब की दुकान बंद कर दी जाएगी। कई शहरों की शराब दुकान हटाकर उन्हें शहर की सीमा से दूर स्थापित किया जाएगा। नई नीति में अवैध शराब निर्माण, अवैध परिवहन को रोकने के लिए कड़े प्रावधान जानकारी के मुताबिक ज्यादा राजस्व प्राप्त करने के लिए नई नीति में शराब के अवैध निर्माण के साथ ही अवैध परिवहन को रोकने के लिए कड़े बताए जा रहे हैं। सबसे पहले नवीनीकरण के जरिए दुकानें आवंटित होंगी। फिर लॉटरी के जरिए और इसके बाद ई-टेंडर के माध्यम से शराब दुकानों का ठेका दिया जाएगा। आबकारी नीति ड्राफ्ट में जरूरी संशोधन के बाद सीएम मोहन यादव के समक्ष पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक नई आबकारी नीति में मप्र आबकारी अधिनियम-1915 में संशोधन का प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार अधिनियम की वो चीजें खत्म कर दी जाएंगी जो अब अव्यावहारिक हैं और न ही राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है। अगर  दुकान नहीं बिकती है तो ई टेंडर के माध्यम से होगी नीलामी जानकारी के मुताबिक नई आबकारी नीति में न कोई शराब दुकान बंद करने का प्रस्ताव है और न ही नई शराब दुकान खोला जाना प्रस्तावित है।  मप्र में शराब दुकानों की कुल संख्या 3,558 है। वहीं प्रदेश में  जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त प्रावधान बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही  नई आबकारी नीति में शॉपिंग मॉल में महंगी शराब के काउंटर खोले जाने की जानकारी भी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता

शोध ऐसा हो, जो बदल दें सबकी सोच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति में एकल शोध नहीं, समग्र कल्याण आधारित है शोध की परंपरा दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के रिसर्च फेलोशिप के पोस्टर और वेबसाइट का हुआ विमोचन संस्थान द्वारा प्रकाशित 7 पुस्तकों का किया गया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शोध अकादमिक गतिविधि मात्र नहीं, यह समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने वाली शक्ति है। कोई भी शोध इतना उच्च कोटि का होना चाहिए जो हम सबकी सोच को एक नई दृष्टि, नई दिशा भी दे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे देश के विकास के लिए अपनी जिज्ञासा और रुचि के अनुसंधान क्षेत्रों में निर्भीक होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जैसे आवश्यकता आविष्कार की जननी है, वैसे ही शोध विज्ञान और सभी वैज्ञानिक पद्धतियों का जनक है। मानवीय प्रज्ञा में जब वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश हो जाता है, तब वह ‘प्रज्ञान’ का रूप ले लेती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के विज्ञान भवन में  दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) 2026 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान के विकास में ही देश का समग्र विकास निहित है। मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शोध समाज के विकास का आधार है और इसे आधुनिक, परिष्कृत तथा परिमार्जित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे परंपरागत धारणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि नवीन विचारों और वैज्ञानिक दृष्टि के साथ ऐसे शोध प्रस्तुत करें, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शोध सिर्फ़ एक शैक्षणिक आवश्यकता नहीं, सामाजिक परिवर्तन और विकास का सशक्त माध्यम भी है। दुनिया के ज्ञान पर पश्चिम का प्रभाव पड़ा है। भारतीय संस्कृति भी इससे प्रभावित हुई। हमारी संस्कृति में एकल शोध की परंपरा कभी नहीं रही। शोध समाज आधारित होना चाहिए, जिसमें राष्ट्र के कल्याण की बात कही जाए। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान राष्ट्रीय शोधार्थी समागम के माध्यम से देश के शोधार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “Mahakal: The master of time” वेबसाइट का शुभारंभ, महाकाल ब्रोशर सहित मैपकास्ट द्वारा आयोजित होने वाले “41वें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव” के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा अनुसंधान परक लेखन पर आधारित सात पुस्तकों का भी विमोचन भी किया। राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सहभागिता रही। आगामी 14 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में शोध, विज्ञान और नवाचार के विविध आयामों पर विमर्श होगा। पूज्य आचार्य  मिथलेशनन्दिनीशरण महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश ने महाकाल की प्रतिष्ठा से विश्व को अवगत कराया है। हम दुनिया को सर्वस्व दे रहे हैं, क्योंकि हमारे पास महाकाल हैं। शोधार्थी एक प्रकार से बोधार्थी भी हैं, जो शोध हमें बोध तक न ले जाए, वो व्यर्थ है। मनुष्य का ज्ञान चिंतन आधारित है, न कि डाटा आधारित। डाटा का विश्लेषण करना तो मशीनों का काम है। हम पश्चिमी देशों से क्यों डरते हैं। पश्चिम की केवल आलोचना करने से कुछ नहीं होने वाला। हमें समग्र रूप से सभी दिशाओं में सोचते हुए शोध करना है। हमारे शोध को भारतीय संस्कृति और चरित्र मूलक होना चाहिए, प्रतिक्रिया पराणय न हो। कोई भी नया विचार नवाचार नहीं होता है। परंपराओं को अंगीकार करते हुए नया काम करना ही नवाचार है। वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक  सुरेश सोनी ने बीज वक्तव्य में कहा कि भारत के भौगोलिक स्वरूप में वेद आधारित सांस्कृतिक परिदृश्य नजर आता है। भारत के पुनरोत्थान के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि इसमें विदेशी मूल्यों का प्रकटीकरण नहीं होना चाहिए। भारत में पिछले 150 से 200 सालों में यूरोप आधारित अकादमिक शिक्षा व्यवस्थाएं लागू की गईं। अब हमारे शोधार्थी कला, संस्कृति, न्याय, अर्थव्यवस्था जैसे अन्य विषयों पर भारतीय शिक्षा पद्धति आधारित शोध पर कार्य करें। इसमें भारतीय समग्रता को भी ध्यान में रखा जाए। अभी हमारी चिकित्सा पद्धति भौतिक है। आयुर्वेद शास्त्र में महर्षि चरक कहते हैं कि किसी पदार्थ के 5 स्तर- स्थूल, स्वरूप, सूक्ष्म, अवयव और अर्थत्व होते हैं। भारतीय दृष्टि के आधार पर हमें अध्ययन करना है और पूर्व की व्यवस्थाओं को वर्तमान मे कैसे नवाचारों के साथ उसे उपयोग करें। शोध करते समय इसी पर ध्यान देना है। भारतीय समाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष और भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मधुकर एस पड़वी ने कहा कि भारत के पुनरोत्थान के लिए हमारी सभ्यता और ज्ञान की पुन: प्रतिष्ठा करने की आवश्यकता है। हम अपने शोध कार्यों में किसी दूसरे देश की दृष्टि का अनुसरण न करें और स्वदेशी दृष्टि को अपनाएंगे। अनुसंधान व्यक्तिगत न होकर सहयोगात्मक होना चाहिए। उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान ने इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर के शोधार्थी शामिल हुए हैं। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारत केंद्रित परंपरा, संस्कृति और विरासत के शोध को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया गया है। भारत केंद्रित शोध और शिक्षा के माध्यम से हम पुन: विश्व गुरू बनेंगे। स्वागत उद्बोधन राष्ट्रीय शोधार्थी समागम की संयोजिका डॉ. अल्पना त्रिवेदी ने दिया। विषय प्रवर्तन डा. मुकेश कुमार मिश्रा ने दिया। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के अध्यक्ष  अशोक पाण्डेय ने समागम की विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। शुभारंभ-सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान भवन परिसर में पौध-रोपण भी किया। उद्घाटन सत्र में मैपकास्ट के अध्यक्ष डॉ. अनिल कोठारी, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु  विजय मनोहर तिवारी सहित शिक्षक एवं शोधार्थी-विद्यार्थी उपस्थित थे।  

CM डॉ. यादव का फैसला: MP में अनिवार्य होगा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का ससम्मान गायन

राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ससम्मान गायन को मध्यप्रदेश में लागू करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वंदे मातरम् के छह छंदों का गायन लागू करना प्रधानमंत्री  मोदी की अभूतपूर्व पहल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान जन- गण-मन से पहले सभी कार्यालयों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के छह छंदों के गायन का निर्णय लिया है। यह अत्यंत सराहनीय एवं अभूतपूर्व पहल है। इसके जरिए पूरा देश अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे वीर सेनानियों ने वंदे मातरम् गाते हुए स्वयं को देश के लिए बलिदान कर दिया। मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के इस निर्णय के साथ खड़ी है और वंदे मातरम् गायन के निर्णय को त्वरित रूप से प्रदेश में लागू कर रही है। 

समृद्ध वन-खुशहाल जनता की थीम पर उज्जैन में पहली बार महाकाल वन मेला लगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय समुदाय की समृद्धि का आधार बन रहे हैं वन मेले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन मेले हर दौर की जरूरत, वनौषधियों से असंभव बीमारी का भी इलाज संभव “समृद्ध वन-खुशहाल जन की थीम पर उज्जैन में पहली बार लगा ‘ महाकाल वन मेला’ महाकाल स्मृति उपहार किट और महाकाल वन प्रसादम् का किया शुभारंभ  वनौषधियों के जानकार वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित मुख्यमंत्री ने वन मेले का किया शुभारंभ, 16 फरवरी तक चलेगा वन मेला उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन हमारी वसुंधरा का वैभव हैं, धरती की धरोहर और धरा का अलंकरण हैं। वन हमारी राष्ट्रीय पूंजी हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन मेले प्रदेश की समृद्ध जैविक और वानस्पतिक विविधताओं को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं। इनके जरिए हमारे जनजातीय भाई-बहनों को अपने वनोत्पाद और काष्ठ शिल्प विक्रय करने का सुनहरा मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि ‘ महाकाल वन मेले’ की आज से शुरूआत हो गई है। ये मेला शीघ्र ही अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। मेले में प्रदर्शित जड़ी-बूटियां तथा विभिन्न प्रकार के शुद्ध एवं सुरक्षित अकाष्ठीय लघु वनोत्पाद आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से रोगोपचार में बेहद उपयोगी होते हैं। वनौषधियां हर रोग के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। इनसे असंभव रोग का इलाज भी संभव हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय बजट-2026 में एम्स की तर्ज पर देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा की गई है। इनमें से एक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भगवान धनवंतरी की कर्मभूमि और सिंहस्थ भूमि उज्जैन में स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में पहली बार आयोजित ‘ महाकाल वन मेला-2026’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस वन मेले में नागरिकों को प्राकृतिक रंग-गुलाल मिलेंगे। इसमें नाड़ी वैद्य और आयुर्वेदिक चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन मेले में प्रदर्शित काष्ठ और बांस से निर्मित एथनिक क्रॉफ्ट आइटम्स न केवल पारम्परिक शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, बल्कि सबके घरों की शोभा भी बढ़ाते हैं। उन्होंने उज्जैन के नागरिकों से अपील की कि वे इस वन मेले का भरपूर लाभ उठाएं और प्रदेश की वन संपदा तथा जनजातीय उत्पादों का उपयोग कर सबको प्रोत्साहित भी करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ‘महाकाल वन मेले’ के जरिए स्थानीय वन उत्पादों और शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। पर्यावरण जागरूकता, आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रचार-प्रसार और आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। उज्जैन के दशहरा मैदान में यह वन मेला 16 फरवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार तेजी से प्रदेश में मेडिकल और आयुर्वेदिक कॉलेजों की संख्या में वृद्धि कर रही है। पिछले साल हमने विभिन्न जिलों में 8 नए आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू किए हैं। इस साल हम और भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य हर्बल के प्राकृतिक रंग-गुलाल, महाकाल स्मृति उपहार किट एवं ‘महाकाल वन प्रसादम्’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना जिले के वन औषधियों से उपचार पद्धति के विशेष जानकार वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रधानमंत्री  मोदी ने 25 जनवरी को ‘मन की बात’ में वनरक्षक  अहिरवार द्वारा वनौषधियों के देशज ज्ञान के संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की थी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय और वनांचल को समृद्धि देने के लिए भोपाल और उज्जैन जैसे वन मेले प्रदेश भर में लगाए जाने की आवश्यकता है। उज्जैन में महाशिवरात्रि और विक्रमोत्सव के अवसर पर आयोजित वन मेला प्रदेशवासियों के लिए अद्भुत है। वन विभाग ने प्राकृतिक रूप से महाकाल वन प्रसादम् तैयार किया है। इसमें काष्ठ से बने गमले में एक पौधा लगाया गया है। यह गमला महाकाल को भेंट स्वरूप दिया जाएगा। वापस मिलने पर इसे किसी भी जगह पर सीधे रोपित कर दिया जाएगा। काष्ठ गलकर खाद बन जाएगा और पौधा बिना गमला निकालते ही निर्बाध रूप से पल्लवित होता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के  महाकाल वन मेले में महुआ के लड्डू, अन्नों से बनी मिष्ठान्न सहित अनेक वनोपज उत्पाद भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन के वन मेले में आए वैद्य और चिकित्सक अनेक असाध्य रोगों के उपचार के लिए नागरिकों को नि:शुल्क सेवाएं देंगे। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाने के लिए वन विभाग लगातार काम कर रहा है। उज्जैन की धरती पर आयोजित यह वन मेला निश्चित रूप से भोपाल वन मेले की तरह सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। यहां विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक औषधियां एवं बांस से बने उत्पाद उपलब्ध हैं। नागरिक इसका भरपूर लाभ उठाएं। अपर मुख्य सचिव वन एवं सहकारिता  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के शहर-शहर में वन मेला लगाने की शुरुआत की है। भोपाल के बाहर यह पहला वन मेला उज्जैन में लगाया गया है। वन मेलों के दो उद्देश्य होते हैं। इनसे जनजातीय समुदायों को तो आमदनी होती ही है, शहरी लोगों को प्राकृतिक उत्पाद खरीदने और नेचर के साथ चलने-संवरने का अवसर भी मिल जाता है। उन्होंने बताया कि म.प्र. लघु वनोपज संघ के जरिए प्रदेश के 30 लाख जनजातीय संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। भोपाल में डेढ़ माह पहले हुए वन मेले में 3 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हुई थी।  महाकाल वन मेला में प्रदेशभर के विभिन्न उत्पादों के 250 स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा यहां 150 से अधिक वैद्य एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक लोगों को परामर्श प्रदान करेंगे। वन मेले के शुभारंभ अवसर पर विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक  सतीश मालवीय, विधायक  जितेंद्र पंड्या, जिला पंचायत अध्यक्ष उज्जैन मती कमला कुंवर सहित डॉ. प्रभुराम जाटवा,  उमेश सेंगर,  राजेश पांचाल,  बहादुर सिंह,  ओम जैन, वन बल प्रमुख  वीएन अंबाड़े, प्रबंध संचालक, मप्र लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा, सीएफ उज्जैन  आलोक पाठक, अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में … Read more

उज्जैन मेट्रो शहर के रूप में स्थापित हो रहा है, सभी कार्य हो उसी अनुरुप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गुणवत्ताके साथ समय पर हो सिंहस्थ के सभी विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ 2028 के लिए अनुभवी लोगों से चर्चा कर कार्ययोजना बनाने में लें मदद उज्जैन मेट्रो शहर के रूप में स्थापित हो रहा है, सभी कार्य हो उसी अनुरुप संवेदनशीलता के साथ जनता की कठिनाई को कम करने में बने सहभागी अधिकारी अपने कार्य संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ युद्ध स्तर पर कराए पूर्ण अब मुख्यमंत्री निवास से भी होगी सिंहस्थ कार्यों की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में की सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 अंतर्गत मंत्री मंडलीय समिति से अनुशंसित अधोसरंचना के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व का आयोजन विश्व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस महापर्व के आयोजन पर विश्व की निगाह रहेगी। सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पवित्र अनुष्ठानों में शामिल हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलग-अलग विभागों के माध्यम से सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनवासियों से सेवाभाव की तरह कार्य करने का आहवान किया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं। मुख्यमंत्री ने की किसानों की फसल की चिंता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा के दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी पर घाट निर्माण के दौरान किसानों को पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए नर्मदा जल की आपूर्ति की जाए। वतर्मान में गेहूं की फसल को सिंचाई के लिए एक पानी की और जरुरत होगी। इसके लिए शिप्रा नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि सभी अधिकारी गंभीरता के साथ काम करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा,  संजय दुबे को निर्देश दिए है कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के काम में किसी भी तरह की रुकावट न आए। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास पर भी सिंहस्थ सेल गठित कर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाये और जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहाँ पदस्थापना तत्काल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अनुभवी अधिकारियों के लिए यदि सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारिेयों को रखना है तो उसके लिए भी नियमानुसार कार्यवाही कर तत्काल रुप से उन्हें रखा जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण करें। वर्तमान समय से लेकर सिंहस्थ-2028 तक दो वर्षाकाल का समय आने वाला है। इसलिए समय-सीमा में काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न निर्माण एजेसिंयों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की, साथ ही निर्देश दिए कि जो निर्माण एजेंसियां काम कर रही है उनके संसाधनों की भी लगातार मॉनीटरिंग हो। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्तर की तैयारियां शुरु करना है। सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहें। सिंहस्थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें, उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों की समय-समय पर मॉनीटरिंग हो। उन्होंने सिंहस्थ के संदर्भ में विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अधिकारियों को निर्देश         1. सिंहस्थ-2028 के लिए होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज आदि में व्यवस्थाओं केलिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।         2. उज्जैन शहर से जोड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। सिंहस्थ-2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं। सिंहस्थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्त जगहों की  मैपिंग की जाए।         3. उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में  महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्थ के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।         4. उज्जैन शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्नयन भी कराया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके। साथ ही उज्जैन शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके।         5.  मंगलनाथ,  भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन करें। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें।         6. सिंहस्थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें। समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री उज्जैन  गौतम टेटवाल, महापौर  मुकेश टटवाल, विधायक  अनिल जैन कालूहेडा,  सतीश मालवीय,  जितेन्द्र पंड्या, नगर निगम अध्यक्ष मती कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त  आशीष सिंह, एडीजी  राकेश गुप्ता, कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।   

12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की कार्यशाला, डॉ. यादव करेंगे उद्घाटन

12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे मुख्य अतिथि भोपाल  लोक निर्माण से लोक कल्याण के विजन को सशक्त आधार देने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा निरंतर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 12 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तत्वावधान में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने बताया कि यह कार्यशाला निर्माण क्षेत्र से जुड़े अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग, परियोजना क्रियान्वयन इकाई, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के लगभग 2,000 अभियंता एवं तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर एवं परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा तथा परियोजना प्रबंधन प्रणाली–2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली का प्रदर्शन एवं औपचारिक शुभारंभ होगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं—केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी, इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया,भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। मंत्री  राकेश सिंह ने बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ क्षमता निर्माण, हरित भवन अवधारणा, आधुनिक भवन निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण तथा निर्माण क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही  विक्रांत सिंह तोमर द्वारा क्षमता निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान दिया जाएगा। मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा विकसित परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल–2.0 एक उन्नत डिजिटल प्रबंधन प्रणाली है। इससे समस्त निर्माण कार्यों का सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं दक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्रणाली में प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायी–जवाबदेह–समय-सीमा प्रणाली के माध्यम से संबंधित अधिकारी, सक्षम स्वीकृतकर्ता तथा निर्धारित समय-सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज रहती है, जिससे सतत निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित होती है। प्रक्रिया नियंत्रण द्वार प्रणाली के अंतर्गत आवश्यक कार्य, अभिलेख एवं स्वीकृतियाँ पूर्ण होने के पश्चात ही अगले चरण की अनुमति प्रदान की जाती है। मानक कार्य प्रणाली के अनुसार कार्य निष्पादन से सभी परियोजनाओं में एकरूपता एवं प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित होती है, वहीं स्वचालित पत्र निर्माण सुविधा से विभागीय पत्राचार त्वरित, पारदर्शी एवं कागजरहित बनता है। क्षमता संवर्धन कार्यशाला न केवल प्रदेश के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं दक्षता को सुदृढ़ करेगी, बल्कि अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान, गुणवत्ता आधारित निर्माण प्रक्रिया तथा सतत विकास के सिद्धांतों से भी अवगत कराएगी। लोक निर्माण विभाग की यह पहल “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के संकल्प को तकनीकी सुदृढ़ता, डिजिटल नवाचार और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से नई दिशा प्रदान करेगी।  

डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को याद किया, समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे वे

पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर किया नमन लालघाटी स्थित प्रतिमा पर की पुष्पांजलि अर्पित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नमो वन में लगाया रुद्राक्ष का पौधा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब विश्व में सभी ओर साम्यवाद और समाजवाद की विचारधाराओं का प्रभाव था, तब पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद और अंत्योदय की कल्याणकारी दृष्टि प्रदान की। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को निरंतरता प्रदान करने का प्रभावी प्रयास था। पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता तथा समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक, संगठनकर्ता और भारतीय जनसंघ के सह संस्थापक रहे। दीनदयाल जी का विचार था कि स्वतंत्रता तभी सार्थक होती है, जब वो हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बने। उनके विचारों ने समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में उजास लाने का मार्ग प्रशस्त किया। दीनदयाल जी के विचार भारतीय मानस को सशक्त राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदायल उपाध्याय की प्रतिमा के निकट विकसित नमो वन का अवलोकन कर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुरूप प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी, गरीब-किसान-युवा और महिलाओं कल्याण के साथ सभी को प्रगति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर सक्रिय है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विश्व में देश का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर केश शिल्पियों को उपलब्ध कराई जा रही किट उनके अंत्योदय के विचारों को व्यावहारिक रूप देने का सार्थक प्रयास है।  इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री  विश्वास सारंग, भोपाल महापौर मती मालती राय सहित  रविन्द्र यति जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

वित्तीय वर्ष में कर्ज का बूम: सरकार ने एक हफ्ते में दूसरी बार उठाए 5,000 करोड़

भोपाल  विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट के पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र के पहले बाजार से 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है। पिछले एक सप्ताह में सरकार ने दूसरी बार कर्ज लिया है। इससे पहले 4 फरवरी को ही सरकार ने 5300 करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ये कर्ज ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा अब तक 67,300 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि, बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हो रहा है और 18 एमपी का बजट पेश होगा। बता दें कि, एक हफ्ते में लिया गया ये दूसरा कर्ज है, जो सरकार ने तीन किस्तों में लिया है। इसका भुगतान सरकार को आज यानी बुधवार को होने वाला है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज की संख्या 36 हो गई है और कर्ज का आंकड़ा 67300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अलग-अलग किस्तों में लिया गया कर्ज जनवरी 2026 तक सरकार ने 30 कर्ज लिए थे, जो फरवरी के पहले 10 दिनों में लिए गए कुल 6 कर्ज मिलाकर 36 तक पहुंच गया है। 3 फरवरी को 3 नए कर्ज लिए जाने के बाद आंकड़ा 33 तक पहुंचा था और आज फिर तीन अलग-अलग किस्तों में कर्ज लिया गया है। इसलिए लिया गया कर्ज 10 फरवरी को लिए गए दो-दो हजार करोड़ के दोनों ही कर्ज 21 साल और 16 साल की अवधि के हैं, जबकि 1000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 8 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि, मंगलवार को मोहन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट का प्रजेंटेशन कैबिनेट के सामने किया है, जिसे 18 फरवरी को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर यह कर्ज लिए गए हैं। 2025-26 में महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज -चालू वित्त वर्ष में पहला और दूसरा कर्ज मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए का लिया। -जून में 2 हजार और ढाई हजार के दो लोन लिए गए। -जुलाई माह में पहली बार 2500 और 2300 तथा दूसरी बार 2000 और 2300 करोड़ के चार कर्ज लिए गए। -अगस्त में 1600 करोड़, 1400 करोड़ और 1000 करोड़ रुपए के तीन कर्ज पहले राउंड में और 2500 तथा 2300 करोड़ के दो कर्ज दूसरे राउंड में लिए गए। -सितम्बर महीने में पहले राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ और एक हजार करोड़ के तीन लोन, दूसरे राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो लोन और तीसरे राउंड में 1500 करोड़ तथा 1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए। इस तरह सितम्बर में सात कर्ज लिए गए। -अक्टूबर में 2700 करोड़ और 2500 करोड़ के दो लोन लिए गए। -नवम्बर में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो और एक हजार करोड़ का एक कर्ज समेत तीन लोन लिए गए। -दिसम्बर में 1000-1000 करोड़ के तीन कर्ज लिए गए। -जनवरी 2026 में 1500-1500 करोड़ रुपए के दो और एक हजार करोड़ रुपए का एक कर्ज लिया गया। -तीन फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो और 1200 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है। -10 फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो कर्ज और 1000 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।

मोहन सरकार ने किया ऐलान, तलाकशुदा बेटियां भी होंगी माता-पिता की पेंशन की हकदार

भोपाल  मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के पेंशन नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई। इस नए प्रावधान के तहत, अब प्रदेश की तलाकशुदा बेटियां भी अपने माता-पिता की ‘परिवार पेंशन’ की पात्र होंगी। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में एमबी कैबिनेट की मीटिंग हुई है। कैबिनेट की मीटिंग में कई बड़े फैसले हुए हैं। मीटिंग के बाद उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। तलाकशुदा बेटियों को भी पेंशन मंत्री काश्यप ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, इसीलिए तलाकशुदा बेटियों को परिवार पेंशन के दायरे में लाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। साथ ही, उन्होंने आगामी 18 फरवरी को विधानसभा में पेश होने वाले बजट की तैयारियों की भी पुष्टि की। भविष्य के विकास का रोडमैप भी तैयार बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगामी बजट का भी अनुमोदन किया गया। यह बजट 18 फरवरी को मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। कैबिनेट के इन निर्णयों से जहां एक ओर हजारों महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के भविष्य के विकास का रोडमैप भी तैयार हो गया है। हजारों ऐसी महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा उन्होंने बताया कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश की हजारों ऐसी महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो कानूनी रूप से तलाक के बाद अपने माता-पिता पर आश्रित हैं। अब तक परिवार पेंशन के नियमों में कुछ तकनीकी सीमाओं के कारण तलाकशुदा बेटियों को इसमें शामिल नहीं किया गया था, लेकिन कैबिनेट की इस मुहर के बाद उन्हें आर्थिक संबल प्राप्त होगा। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज के एक संवेदनशील वर्ग को सुरक्षा भी प्रदान करेगा। पेंशन नियमों में बदलाव के साथ ही कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगामी बजट प्रस्तावों का भी अनुमोदन कर दिया है। सरकार का यह नया बजट आगामी 18 फरवरी को मध्यप्रदेश विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।

जनजातीय एवं महिला-बाल विकास विभाग की योजनाओं के लिए 7,133.17 करोड़ रुपये की मंजूरी, लंबी अवधि तक जारी रहेंगे प्रोजेक्ट

जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को वर्ष 2030-31 तक की निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत अविद्युतीकृत घरों एवं शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ 72 लाख रूपये की स्वीकृति उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आई टी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को एक बार के लिए आयु सीमा में पाँच वर्ष की छूट की स्वीकृति म.प्र. सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन का सारांशीकरण) नियम 2026 का अनुमोदन मध्यप्रदेश सिविल सेवा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन नियम 2026 तथा उपदान का संदाय नियम 2026 का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार जनजातीय कार्य विभाग की पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रूपये, एकीकृत छात्रावास योजना के लिए 1,703 करोड़ 15 लाख रूपये, सीएम राइज विद्यालय योजना के लिए 1,416 करोड़ 91 लाख रूपये, आवास सहायता योजना के लिए 1,110 करोड़ रूपये के साथ ही माध्यमिक शिक्षा मण्डल को शुल्क की प्रतिपूर्ति, अनुसूचित जाति जनजाति के अभ्‍यार्थियों को छात्रवृत्ति, कक्षा-9वीं  की छात्रवृत्ति  के लिए 522 करोड़ 8 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31 करोड़ 3 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम् गायन के साथ आरंभ हुई। मंत्रि-परिषद ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) अन्तर्गत विद्युत अधोसंरचना विस्तार द्वारा 63 हजार 77 अविद्युतीकृत घरों एवं 650 अविद्युतीकृत शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण  के लिए 366 करोड़ 72 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसमें केन्द्र शासन से अनुदान राशि 220 करोड़ 03 लाख रूपये तथा राज्य शासन का अंश 146 करोड़ 69 लाख रूपये का भार आयेगा।  इसके अतिरिक्त (म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा) 8 हजार 521 घरों को ऑफ-ग्रिड से विद्युतीकरण के लिए अनुमानित लागत 97 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजना में विद्युतीकरण से संबंधित वितरण प्रणाली निर्माण के लिए योजना लागत की शेष राशि (केन्द्र से प्राप्त अनुदान को छोड़कर) राज्य शासन द्वारा राज्य की वितरण कंपनियों को अंश-पूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी। म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा किए जाने वाले ऑफ ग्रिड विद्युतीकरण (सोलर + बैटरी) के लिए योजना के समस्त व्यय का वहन राज्य शासन द्वारा किया जायेगा। अनुमोदन अनुसार भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वितरण कंपनी स्तर पर निर्धारित सीलिंग कॉस्ट का पालन करते हुए, 2 लाख रुपये प्रति घर तक अनुमानित लागत वाली बसाहटों में राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा विद्युत अधोसंरचना निर्माण कर ऑन-लाइन प्रणाली से विद्युतीकरण किया जायेगा। खेतों पर बने घरों के साथ ही 5 घरों से छोटी बसाहटें एवं ऐसी दूरस्थ बसाहटें, जहाँ विद्युतीकरण की औसत लागत रूपये 2 लाख प्रति घर से अधिक है, उनमें म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा 1 किलोवाट क्षमता के ऑफ-ग्रिड प्रणाली (सोलर + बैटरी) से विद्युतीकरण किया जायेगा।  मंत्रि-परिषद द्वारा उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आई टी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की प्रचलित और भावी भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए सिर्फ एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट की स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में अनारक्षित वर्ग के लिए 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित है। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन का सारांशीकरण) नियम 2026 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार नियम के प्रकाशन के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। प्रस्तावित नियमों में प्रक्रियाओं एवं अधिकारिताओं को सहज बनाया गया है, जिससे पेंशनर्स को सुविधा होगी। संबंधित प्रकरणों का निराकरण समयसीमा में हो सकेगा। सेवानिवृत्तों को सारांशीकरण कराया जाने में सुविधा होगी तथा पेंशन सारांशीकरण मूल्य की गणना में सुविधा होगी। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2026 के नियम-44 के अंतर्गत परिवार पेंशन के लिए पात्र सदस्यों में अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को भी सम्मिलित किया गया है। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत उपदान का संदाय) नियम 2026 का अनुमोदन किया गया है।  अनुमोदन अनुसार यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील होंगे। नियम के प्रकाशन के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। प्रमुख नवीन प्रावधान अंतर्गत अभिदाता की मृत्यु की दशा में परिवार पेंशन का प्रावधान किया गया है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और ई-सेवा पुस्तिका संबंधी प्रावधान किया गया है। केन्द्र तथा मध्यप्रदेश शासन की पूर्व सेवाओं को जोड़ा जायेगा। निलम्बन अवधि में अभिदाता तथा नियोक्‍ता के अंशदान का प्रावधान किया। इसके साथ ही राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत एवं स्पष्ट प्रक्रिया, अंशदान की दर, गणना एवं विलंब की स्थिति में उत्तरदायित्व निर्धारण के साथ सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र एवं मृत्यु की दशा में निकास प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आने वाले शासकीय सेवकों के लिए उपदान की पात्रता निर्धारण एवं भुगतान की सुस्पष्ट प्रक्रिया होगी। विभागीय जांच (सेवा निवृत्ति उपरांत) आदेश के संदर्भ में उपदान से वसूली संभव होगी। विभागीय जांच की अवधि में नियोक्‍ता के अंशदान का भुगतान रोका जाना, सेवानिवृत्ति के तीन माह पूर्व अभिदाता अंशदान रोका जाना और सेवानिवृत्ति उपरांत विभागीय जांच संस्थित किये जाने का प्रावधान के साथ नियमों के निवर्तन और शिथिलीकरण के संबंध में राज्य शासन की शक्ति के प्रावधान शामिल है।  

डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल की जयंती पर किया नमन मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में की पुष्पांजलि अर्पित विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने भी किया स्मरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की जयंती पर विधानसभा परिसर में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। विधायक  रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री  पी.सी. शर्मा, पूर्व विधायक  सुदर्शन गुप्ता और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल के परिजन ने भी चित्र पर पुष्पांजलि की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 10 फरवरी 1930 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्मे  राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, वर्ष 1985 से 1990 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पदयात्राओं के माध्यम से जन जागरण का कार्य किया। लोकप्रिय जन नेता रहे  शुक्ल राज्य सरकार में विधि-विधायी एवं सामान्य प्रशासन मंत्री भी रहे। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद, उन्होंने 14 दिसंबर 2000 से 19 दिसंबर 2003 तक छत्तीसगढ़ के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने ‘असंसदीय अभिव्यक्तियां’ नामक पुस्तक की संकल्पना की, जो विधायी कामकाज पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ है। उन्होंने संसदीय मामलों सहित कई पुस्तक लिखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष रहे व्यक्तित्वों की जयंती और पुण्यतिथि पर मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में उन्हें स्मरण करने की परंपरा स्थापित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष  तोमर की सराहना करते हुए उनका आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया: बजट प्रस्तावों में सभी वर्गों और क्षेत्रों के कल्याण पर केंद्रित

बजब प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का रखा गया है ध्यान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री के समक्ष वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का हुआ प्रेजेंटेशन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बजट प्रस्तावों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहतर बताते हुए उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा के दृष्टिकोण तथा प्रस्ताव तैयार करने में विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किए गए परिश्रम की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रालय में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव (वित्त)  मनीष रस्तोगी तथा वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्रि-परिषद के समक्ष भी आज ही बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन हुआ। मंत्रि-परिषद द्वारा अनुमोदित बजट 18 फरवरी को उप मुख्यंमत्री  देवड़ा द्वारा विधान सभा में प्रस्तुत किया जायेगा।  

मुख्यमंत्री का शहडोल दौरा आज, कमिश्नर और कलेक्टर ने की व्यवस्थाओं की जांच

शहडोल प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज 8 फरवरी को शहडोल जिले के धनपुरी और गधिया क्षेत्र का दौरा प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में संभागायुक्त शहडोल सुरभि गुप्ता ने लालपुर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लालपुर हवाई पट्टी पर उतरेगा, जहां से वे सड़क मार्ग से धनपुरी के लिए रवाना होंगे। संभागायुक्त ने हवाई पट्टी पर सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और आपात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जयसिंहनगर के गधिया पहुंचकर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मंच, बैठक व्यवस्था, बिजली, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सफल बनाने में कोई कोताही नहीं बरती जाए। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले धनपुरी पहुंचेंगे, जहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वे गधिया के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ पुलिस विभाग भी सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति, एसडीएम सोहागपुर अमृता गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और सभी विभाग निर्धारित समय सीमा में तैयारियां पूरी करने में जुटे हुए हैं।   

उज्जैन में 500 हेक्टेयर में बनेंगे वन्य जीव केंद्र और रेस्क्यू सेंटर, वनतारा की तर्ज पर

 उज्जैन   उज्जैन में वनतारा की तर्ज पर इस तरह का जंगल चिड़ियाघर सफारी (वाइल्ड लाइफ सेंटर कम इंडियन जू कम रेस्क्यू सेंटर) तैयार करें, जो यहां आने वाले विजिटर्स को पूरी दुनिया के अलग-अलग जंगलों का एक ही जगह पर पूरा अनुभव दें। इस वाइल्ड लाइफ सेंटर को करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया जाए। उज्जैन में 50 हेक्टेयर रकबे में पहले से तैयार ईको टूरिज्म पार्क भी इसी वन्य जीव केंद्र में शामिल कर लिया जाए। यह एक अनोखा वन्य जीव केंद्र होना चाहिए, जिसमें वन और वन्य प्राणियों की विविधता दूसरे वन्य जीव केंद्रों से भिन्न हो। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  वन विभाग की समीक्षा में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उज्जैन में वन्य जीव केंद्र सह रेस्क्यू सेंटर के निर्माण के संबंध में नियुक्त कन्सल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। कंसल्टेंट भी नियुक्त किए डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में पर्यटन विशेषकर वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। प्रदेश में उज्जैन और जबलपुर में वन्य जीव केंद्र सह रेस्क्यू सेंटर निर्मित किए जा रहे हैं। दोनों ही शहरों में इन सेंटर्स के निर्माण के लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त कर दिए गए हैं। बहुत जल्द प्रदेश में दो नए वन्य जीव केंद्र बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष में उज्जैन के वन्य जीव केंद्र के फेज-1 का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाए और जितनी जल्दी हो सके, वन्य जीव केंद्र तैयार हो जाए, जिससे उज्जैन को एक बेहतरीन फारेस्ट टूरिज्म स्पाट (सफारी एक्सपीरियंस के साथ) के रूप में ख्याति मिल सके। केंद्र ऐसे करें तैयार कि देशी और विदेशी सभी प्रजाति का दिन और रात कर विजिटर्स ले सकें आनंद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के वन्य जीव केंद्र में देशी और विदेशी सभी प्रजाति के वन्य प्राणी हों। यह केंद्र इस तरह तैयार किया जाए कि इसमें दिन और रात दोनों वक्त विजिटर्स इसका आनंद ले सकें। बैठक में उज्जैन में इस केंद्र की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति व्यक्त कर निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं और सेंटर के डिजाइन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीव केंद्र को टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक भव्य केंद्र के रूप में तैयार किया जाए। देश-दुनिया के 11 जंगलों का कराया जाएगा अनुभव नियुक्त कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों ने बताया कि वन्य जीव केंद्र में विजिटर्स को देश-दुनिया के 11 जंगलों का अनुभव कराया जाएगा। वर्ष 2027 के अंत तक पहला चरण पूरा हो जाएगा। वन्य जीव केंद्र का निर्माण कुल छह चरणों में किया जाएगा। इसमें दिखाई नहीं देने वाली बाड़ का खुला जंगल होगा, जिसमें विजिटर्स पैदल, बग्घी, सफारी और सेवा वाहन का उपयोग कर सेंटर का विजिट कर सकेंगे। 300 से अधिक देशी-विदेशी प्रजाति के जंगली जानवर होंगे। देशी और विदेशी जानवरों का अनुपात क्रमश: 75 एवं 25 प्रतिशत होगा। केंद्र में एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्व में पहली बार विजिटर्स को असली जंगल चिड़ियाघर सफारी का अनुभव उज्जैन के वन्य जीव केंद्र में कराया जाएगा।

‘हिंदू शब्द का भारत में कोई उल्लेख नहीं, रामायण में भी नहीं’, भागवत ने स्पष्ट किया

 मुंबई  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे हो गए हैं. इसके उपलक्ष्य में आज मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इस आयोजन का नाम ‘मुंबई व्याख्यानमाला’ है. उन्होंने इस संबोधन में साफ किया कि संघ कोई पॉलिटिकल पार्टी नहीं है, बल्कि इससे जुड़े लोग पॉलिटिक्स में हैं. उन्होंने संघ की परिभाषा, संघ के कार्य, हिंदू शब्द की उत्पति और सभी धर्मों के भाव के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि क्या भारतीय होना, केवल नागरिक होना नहीं है, यह एक स्वभाव का होना है. ये जोड़ने वाला स्वभाव है, जिसे हमें अनुशासनबद्ध हो कर बड़ा करना होगा.     मोहन भागवत ने कहा कि संघ ने पहले से तय किया कि सम्पूर्ण समाज को संगठित करने के अलावा संघ को और कोई दूसरा काम नहीं करना है. जिसको आप RSS कहते हो, आप कैसे कहते हो पता नहीं. बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई प्रधानमंत्री हैं. वे RSS के प्रधानमंत्री हैं. तो बता दें कि उनकी एक पॉलिटिकल पार्टी है, बीजेपी है, जो अलग है. उसमें बहुत स्वयंसेवक है, प्रभावी भी है.     संघ किसी दूसरी संस्था की प्रतिस्पर्धा में नहीं निकला है, न ही किसी रिएक्शन या विरोध में निकला है. हमारा काम बिना किसी के विरोध किए है. संघ को लोकप्रियता नहीं चाहिए. संघ को पावर नहीं चाहिए. जितने भी भले काम देश में हो रहे हैं, वे ठीक से हो जाएं. उन्हें करने के लिए संघ है. बहुत कठिन परिस्थितियों में भी डॉ. हेडगेवार ने दो बातों को कभी नहीं छोड़ा- एक, अपनी पढ़ाई में हमेशा फ़र्स्ट क्लास आना; दूसरा, देश के लिए जो कुछ चल रहा था उसमें सक्रिय भाग लेना. ये उनके जीवन के स्थायी कार्य थे. संघ का काम अनोखा है, पूरी दुनिया में ऐसा काम नहीं है. अब तो यह प्रत्यक्ष अनुभव हो रहा है.     भागवत ने बताया– संघ में भारतीय रागदरबारी के आधार पर घोष की धुनें बजती है. व्यक्तिगत गीत होते हैं, सांगिक गीत होते हैं. लेकिन संघ कोई अखिल भारतीय संगीत शाला नहीं है. संघ के स्वयंसेवक राजनीति में भी है. लेकिन संघ पॉलिटिकल पार्टी नहीं है. कई बातें ऊपर से देखेंगे तो गलतफहमी होगी. और इसलिए संघ को जानना है तो संघ का अनुभव लेना है. संघ को अंदर से देखना है. चीनी कैसे, इस पर व्याख्यानमाला हो सकती है. प्रश्नोत्तर भी हो सकते हैं. लेकिन, एक चम्मच चीनी खा लेंगे तो इस सब की आवश्यकता ही नहीं है. परंतु ऐसा कुछ खाना है तो कम से कम वो ठीक है. उसकी परीक्षा करने में कोई खतरा नहीं है. इतना तो पता होना चाहिए. इसलिए फिर एक बार 100 साल के बाद हम आपको बता रहे हैं.     ये संघ क्या है? क्योंकि, संघ का जो काम है, वो संघ के लिए नहीं है, वो पूरे देश के लिए है. भारतवर्ष के लिए। संघ क्या है जानना है तो पहले संघ क्या नहीं है ये जानना चाहिए. संघ किसी दूसरे संगठन की कंपटीशन में निकला नहीं और नहीं है. संघ किसी एक विशिष्ट परिस्थिति की रिएक्शन में प्रतिक्रिया में नहीं चला है. संघ किसी के विरोध में नहीं चला है. हमारा काम सर्वेषाम अविरोधेन बिना किसी का विरोध किए करने का काम है, चलने वाला काम है. संघ को पॉपुलैरिटी नहीं चाहिए. संघ को पॉवर नहीं चाहिए.     मोहन भागवत ने कहा कि संघ का काम एक अनोखा काम हैं. पूरी दुनिया में ऐसा काम नहीं हैं. संघ को देखने के लिए देश विदेश से लोग आते हैं. देश के गतिविधियों के केंद्र में संघ का नाम आता हैं, इसलिए वो देखने आते हैं. कोई भी इसे देखने के बाद एक प्रश्न पूछता हैं. हमारे जवान पीढ़ी में ऐसा कुछ करने की इच्छा हैं , ये पद्यति आप हमको सीखा सकते है क्या. संघ को ऊपर से और दूर से देखेंगे तो भी गलतफहमी होती हैं. संघ के स्वयंसेवकक रूट मार्च करते हैं, लेकिन संघ पैरामिलिटरी आर्गेनाइजेशन नहीं हैं. संघ के स्वयंसेवक राजनीती में भी हैं, लेकिन संघ राजनितिक पार्टी नहीं हैं. इसलिए संघ को जानना है, तो संघ को अंदर से आ कर देखना होगा. संघ का काम पूरे देश के लिए हैं. संघ किसी दूसरे संगठन के कंपटीशन में निकला नहीं हैं. संघ किसी के विरोध में नहीं चला हैं. संघ को पॉपुलरीटी, पावर नहीं चाहिए.     मोहन भागवत ने भाषण में कहा, ‘RSS न तो कोई पैरामिलिट्री संगठन है और न ही कोई पॉलिटिकल पार्टी. संघ से जुड़े लोग भले ही पॉलिटिक्स में एक्टिव हों, लेकिन संगठन खुद पॉलिटिकल नहीं है. यह कोई रिएक्शनरी संगठन भी नहीं है. संघ किसी के खिलाफ नहीं है. संघ को पब्लिसिटी, पावर या पॉपुलैरिटी नहीं चाहिए.’     संघ के कार्यक्रम को आप यहां देख सकते हैं- इस कार्यक्रम में साधु-संत के साथ-साथ कई गणमान्य जुटे हुए हैं. आयोजन की शुरुआत वंदे मातरम के गायन के साथ हुई. क्यों अहम है आज का भाषण? दिल्ली में दिए गए उनके हालिया भाषणों की तर्ज पर, उम्मीद जताई जा रही है कि डॉ. भागवत आज कई ज्वलंत मुद्दों पर बात करेंगे. इसमें हाल ही में हुई बड़ी ट्रेड डील्स (Trade Deals), वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत, आगामी चुनाव और देश के वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक माहौल पर उनकी टिप्पणी बेहद महत्वपूर्ण होगी. क्या भागवत आज के भाषण में कोई बड़ा राजनीतिक संदेश देते हैं? हम उनके भाषण का पूरा प्रसारण नहीं, बल्कि मुख्य अंश (Highlights) और ब्रेकिंग हेडलाइंस अपने दर्शकों के लिए लेकर आएंगे. मुंबई के सियासी और कारोबारी गलियारों में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त चर्चा है.

केन्द्रीय बजट के आधार पर तय हो रही हैं वैश्विक नीतियां: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा केन्द्रीय बजट के आधार पर तय हो रही हैं वैश्विक नीतियां मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बना, अब खाद्यान्न उत्पादन में हैं दूसरे स्थान पर उड़द और मसूर का उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को सहयोग देने के लिए तत्पर है राज्य सरकार दाल उत्पादक कृषकों, मिल संचालकों, व्यापारियों, निर्यातकों और विशेषज्ञों की भोपाल में होगी कार्यशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के सम्मेलन को किया संबोधित इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बन चुका है। मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दाल उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। राज्य सरकार जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने तुअर से मंडी टैक्स हटाया है, इससे दाल मिल उद्योग को लाभ मिलेगा। उड़द और मसूर पर भी राहत देने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे दैनिक जीवन में दालों का विशेष महत्व है। मूंग और मसूर की दालों पर मुहावरे बन गए। दालों से हमें प्रोटीन मिलता है। यह गर्व का विषय है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश है। शाकाहारी संस्कृति में दालें प्रोटीन का सबसे बड़ा स्त्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्दौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोशिएशन के ग्रेन-एक्स इंडिया प्रदर्शनी अंतर्गत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में दूध और दलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में मसूर और उड़द उत्पादन को बढ़ाने के लिए शीघ्र ही बोनस देने की योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों सहित उद्यमियों को भी लाभ होगा, इंदौर में उद्योग-व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, यहां से रोड, रेल और हवाई हर तरह की बहुत अच्छी कनेक्टिविटी है। प्रदेश में एयरकार्गों के विकास की दिशा में प्रयास जारी हैं, जिससे व्यापार व्यावसाय विस्तार को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दाल मिल से संबंधित उद्यमियों, मशीन निर्माताओं, निर्यातकों, व्यापारियों, कृषकों, आदि के साथ राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की कार्यशाला शीघ्र ही भोपाल में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की एक विशिष्ट छवि बनी है। भारत के बजट के आधार पर दुनिया अपनी नीतियां तय करती है। अब समय बदल चुका है। भारत सरकार पर किसी टैरिफ का असर नहीं पड़ता है। प्रधानमंत्री  मोदी के लिए अन्नदाता किसान सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों के साथ सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 4 श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता (किसान), युवा और नारी में देश को आर्थिक रूप से सशक्त करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान कल्याण के लिए आगामी 5 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। सबको प्रोत्साहन देते हुए 5 साल में राज्य के बजट को 15 प्रतिशत की वृद्धि दर के हिसाब से दोगुना करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करेंगे और राज्य को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देश में खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर हैं। कृषि क्षेत्र में राज्य की जीडीपी 39 प्रतिशत है और हमारी कृषि विकास दर 16 प्रतिशत के आस-पास है। गेहूं, चना, मसूर सहित तिलहन फसलों में मध्यप्रदेश अग्रणी स्थान पर है। मध्यप्रदेश आज डेयरी, पशुपालन, मत्स्य उत्पादन, पुष्प उत्पादन, सब्जी, फल सभी क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य राज्यों से कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों से कहा कि आप मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करें। हमारी सरकार जमीन, मशीन और टैक्स कम करने से लेकर सभी प्रकार से सहयोग प्रदान करेगी। प्रदेश की धरती पर सभी निवेशकों का स्वागत है। राज्य सरकार ने लघु-कुटीर उद्योग और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, दूसरे राज्यों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड शो आयोजित किए। औद्योगिक विकास के लिए नई नीतियां लागू कीं। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए 5500 करोड़ से अधिक राशि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उद्यमियों को भी अंतरित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को बिजली, पानी और जमीन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा रोजगारपरक उद्योग लगाने पर सरकार उद्यमियों को श्रमिकों के वेतन में सहयोग के लिए 10 साल तक प्रति श्रमिक 5000 रुपए महीना की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार ने श्रम कानूनों को सरल किया है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बकाया राशि उन्हें दिलवाई गई है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों सहित सबके साथ हर कदम पर साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाएगी। इसके लिये प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है। साथ ही जिलों में फूड पार्क और नई अनाज मंडियां शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। उद्योगपतियों को फूड पार्क विकसित करने के लिए भी राज्य सरकार सभी सुविधाएं देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और लोक कल्याण से देशभर में ख्याति अर्जित की। उन्होंने मुगलकाल में ध्वस्त … Read more

प्रदेश सरकार का नया लक्ष्य, शराब से 21 हजार करोड़ कमाई, आबकारी नीति और 111 साल पुराने अंग्रेजी कानून में बदलाव

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने अपना खजाना भरने के लिए आबकारी नीति 2026-27 में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है. इस नई नीति का ड्राफ्ट अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद नीति को कैबिनेट में लाया जाएगा. जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इस नीति के जरिए सरकार ने शराब बिक्री से करीब 21 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही आबकारी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 111 साल पुराने आबकारी अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. नई नीति में राजस्व बढ़ाने पर होगा फोकस नई आबकारी नीति में शराब दुकानों की बिक्री से पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 3 हजार करोड़ रुपये अधिक राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. पिछली नीति में 18 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान था. इस बार दुकानों के चालू वित्तीय वर्ष के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि कर आवंटन किए जाने का प्रस्ताव है. सबसे पहले दुकानों का नवीनीकरण किया जाएगा. इसके बाद लाटरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी और अंत में ई-टेंडर के माध्यम से ठेके दिए जाएंगे. शापिंग माल में महंगी शराब के काउंटर का प्रस्ताव नई नीति में शापिंग माल में प्रीमियम और महंगी शराब के काउंटर खोलने का प्रस्ताव भी शामिल है. इस पर भी अंतिम फैसला मुख्यमंत्री यादव लेंगे. सरकार का मानना है कि इससे उच्च वर्ग के उपभोक्ताओं को नियंत्रित और वैधानिक विकल्प मिलेगा, साथ ही राजस्व में भी इजाफा होगा. हालांकि नई आबकारी नीति में न तो कोई शराब दुकान बंद करने का प्रस्ताव है और न ही नई दुकान खोलने की योजना है. धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों से तय दूरी जरुरी पिछली आबकारी नीति 2025-26 में 17 धार्मिक नगरों में शराब दुकानों को बंद किया गया था, जिससे 47 दुकानें बंद हुई थीं. इस बार ऐसी कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है. यानि न तो नई शराब दुकानें खुलेंगी और प ही पुरानी दुकानों को बंद किया जाएगा. वर्तमान वित्तीय वर्ष में मध्य प्रदेश में कुल 3,558 शराब दुकानें हैं, जो सभी कंपोजिट दुकानें हैं. नर्मदा नदी के दोनों किनारों से 5 किलोमीटर के दायरे में शराब दुकानें नहीं खोलने और धार्मिक व शैक्षणिक संस्थानों से 100 मीटर की दूरी का नियम पहले की तरह लागू रहेगा.     राज्य की आय में आबकारी का बड़ा योगदान प्रदेश के बजट में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और राज्य के स्वयं के कर अहम भूमिका निभाते हैं. जीएसटी के जरिए पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 26 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि इस वर्ष दिसंबर तक 25,250 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है. वैट, आबकारी, पंजीयन और मुद्रांक शुल्क से राज्य को 32,660 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से अधिक है. 111 साल पुराने आबकारी अधिनियम में संशोधन की तैयारी वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि, ”मध्य प्रदेश सरकार 1915 में लागू हुए आबकारी अधिनियम में संशोधन करने जा रही है. इसके लिए आबकारी विभाग ने अधिकारियों की विशेष टीम गठित की है, जो अधिनियम की अव्यावहारिक और अप्रासंगिक धाराओं की समीक्षा कर रही है. ऐसी धाराएं, जिनसे अब सरकार को कोई राजस्व नहीं मिलता, उन्हें हटाने का प्रस्ताव है.” देवड़ा ने बताया कि, ”आबकारी अधिनियम से ऐसी कंडिकाएं हटाई जा रही हैं, जिनका अब औचित्य नहीं बचा है.

किसानों की सशक्तिकरण के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

“कृषक कल्याण वर्ष-2026” समाचार किसानों को सशक्त बनाने किया जा रहा है तकनीक का प्रभावी उपयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआई आधारित डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री से पारदर्शी व प्रमाणिक कृषि डेटा व्यवस्था हुई स्थापित म.प्र. बना फार्मर रजिस्ट्री के शत-प्रतिशत अनुपालन वाला पहला राज्य भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सशक्त बनाने और कृषि व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। एआई आधारित डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से राज्य में ग्रामीण डेटा प्रणाली को एक नई दिशा प्रदान की गई है। उन्नत तकनीक, पारदर्शी डेटा प्रबंधन और केंद्र-राज्य समन्वय से यह पहल किसानों के हित में मजबूत डिजिटल आधार तैयार कर रही है। इससे किसानों को योजनाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेत पर उपस्थित होकर फसल की फोटो लेकर जानकारी सुरक्षित की जा रही है, जिससे फसल संबंधी डेटा पूरी तरह प्रमाणिक हो रहा है। जियो-फेंसिंग तकनीक से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सर्वे केवल वास्तविक खेत स्थल पर ही किया जाए। सर्वे डेटा का त्रिस्तरीय सत्यापन एआई/एमएल सिस्टम और पटवारी स्तर पर किया जा रहा है। अन्य विभागों द्वारा भी इस डेटा का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। डीसीएस डेटा के आधार पर उपार्जन पंजीयन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इंटरनेट उपलब्ध न होने की स्थिति में भी सर्वे की विश्वसनीयता बनी रहे। सर्वे के दौरान ली गई फोटो की प्रामाणिकता और सही लोकेशन की पुष्टि प्रणाली द्वारा की जाती है। सर्वे केवल निर्धारित समयावधि में ही संभव है और समय सीमा के बाहर या मोबाइल समय में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर सर्वे स्वतः रुक जाता है। एआई या एमएल एल्गोरिदम के माध्यम से डेटा का क्रॉस-वेरिफिकेशन कर मानवीय त्रुटियों की संभावना को न्यूनतम किया गया है। फसल क्षेत्र, उत्पादन अनुमान और योजनाओं के क्रियान्वयन में डेटा-ड्रिवन निर्णय लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री को एकीकृत डिजिटल प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। इसमें किसानों की पहचान, भूमि विवरण और योजना संबंधी जानकारी का केंद्रीकृत पंजीकरण एवं सत्यापन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में भूमि अभिलेखों का पूर्ण डिजिटल एकीकरण, स्थान आधारित रिकॉर्ड और बहु-स्तरीय डेटा जांच शामिल हैं। प्रत्येक किसान को 11 अंकीय विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या प्रदान की जा रही है, जिससे एक प्रमाणिक और सटीक किसान डेटाबेस (यूनिफाइड डिजिटल प्रोफाइल) तैयार हो रही है। फार्मर रजिस्ट्री के निर्धारित मानकों का 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। एससीए योजना में भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 713 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह डिजिटल व्यवस्था डुप्लीकेशन और फर्जी लाभार्थियों पर प्रभावी रोक लगाएगी और भविष्य की सभी डिजिटल कृषि योजनाओं की मजबूत नींव बनेगी। साथ ही, जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से किसानों को आसान कृषि ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान, मध्यप्रदेश बनेगा पर्यटन और रोजगार का नया ग्रोथ इंजन

मध्यप्रदेश, अब पर्यटन और रोज़गार का नया ग्रोथ इंजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में 900 करोड़ की लागत से बन रहे हैं धार्मिक और सांस्कृतिक लोक भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी,विरासत भी’ के कालजयी मंत्र को ध्येय वाक्य मानकर मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री  मोदी ने जिस सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद उज्जैन में ‘ महाकाल लोक’ के लोकार्पण के साथ किया था, वह यात्रा अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक विराट जन-अभियान का रूप ले चुकी है। प्रदेश की पावन धरा पर लगभग 900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 20 ‘लोकों’ का निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी गौरवशाली परंपराओं का जीवंत साक्ष्य बनेंगे। धार्मिक एवं सांस्कृतिक वैभव की इस अविरल यात्रा में वर्तमान में 580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 17 महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोक पर तीव्र गति से कार्य संचालित है। सागर में ‘संत रविदास लोक’ 101 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। यह हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सीहोर जिले के सलकनपुर में ‘देवी लोक’ और ओरछा में ‘रामराजा लोक’ जैसे भव्य प्रकल्प अपनी पूर्णता के करीब हैं। सरकार की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि मंदसौर में ‘भगवान पशुपतिनाथ लोक परिसर’ का कार्य पूर्ण कर उसे जनता को समर्पित किया जा चुका है। साथ ही भोपाल में ‘वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक’, जानापाव में ‘भगवान परशुराम लोक’ और महेश्वर में ‘देवी अहिल्या संग्रहालय’ जैसे प्रकल्पों ने पूर्ण होकर प्रदेश के सांस्कृतिक मानचित्र को और अधिक समृद्ध किया है।  जन-आस्था का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने 315 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भविष्य में 3 नए लोक और 2 अन्य लोक के द्वितीय चरण को भी मूर्त रूप दिया जायेगा। ‘ महाकाल लोक’ की भव्यता को प्रेरणा मानकर अब ओंकारेश्वर में ‘ममलेश्वर लोक’ का निर्माण, बैतूल में ताप्ती उद्गम स्थल में ‘ताप्ती लोक’ और मैहर में ‘माँ शारदा लोक’ का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। महेश्वर में 110 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला ‘देवी अहिल्या लोक’ और अमरकंटक में ‘माँ नर्मदा लोक’ के द्वितीय चरण का निर्माण सनातन संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निर्मित हो रहे धार्मिक और सांस्कृतिक ‘लोक’ केवल पत्थर और ईंटों के निर्माण मात्र नहीं हैं, अपितु ये मध्यप्रदेश के विकास के नए ‘ग्रोथ इंजन’ सिद्ध होंगे। प्रधानमंत्री  मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के विज़न को आत्मसात करते हुए ये स्थल पर्यटन के वैश्विक केंद्रों के रूप में उभरेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे। हस्त शिल्पियों से लेकर सेवा क्षेत्र तक, इन लोकों का विकास हर वर्ग के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार खोलेगा। आस्था का यह महायज्ञ जहाँ एक ओर हमारी जड़ों को सींच रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश को आधुनिकता और आत्मनिर्भरता के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा रहा है।  

किसानों को मोहन सरकार की नई सौगात, 12 हज़ार करोड़ रुपये खाते में डालने का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के किसानों के लिए सरकार ने राहत दी है। दरअसल धान किसानों के लिए सरकार आंशिक राहत लेकर आई है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इस बार धान का बंपर उत्पादन हुआ जिसके कारण रिकार्ड खरीदी भी हुई। सीएम मोहन यादव ने कहा कि इस साल 51.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान उपार्जित की गई है । खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था । इससे  किसानों को इससे बड़ी राहत मिली। अब  राज्य सरकार, धान किसानों के खातों में कुल 12 हज़ार करोड़ से ज्यादा की राशि डालेगी, और सरकार अधिकतर राशि का भुगतान भी कर  चुकी है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को इसकी राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। किसानों को जल्द ही भुगतान हो इसके लिए तकनीक आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है। समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का किसानों को खासा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जो पिछले सत्र के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है। पिछले खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल था। न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई इस वृद्धि का किसानों को खासा लाभ हुआ है। खरीफ सत्र में प्रदेश में कुल 8 लाख 59 हज़ार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से 7 लाख 89 हज़ार 757 किसानों ने स्लॉट बुक कर धान उपार्जन प्रक्रिया में भाग लिया। इन किसानों में से 7 लाख 62 हज़ार 620 किसान (89 प्रतिशत) धान विक्रेता के रूप में उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे। इस वर्ष धान उपार्जन के लिए प्रदेश में 1,436 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। सीजन में 51 लाख 74 हज़ार 792 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। उपार्जित धान में से 48 लाख 38 हज़ार 637 मीट्रिक टन से अधिक धान का परिवहन भी पूरा कर लिया गया है। परिवहन किए गए धान में से 46 लाख 30 हज़ार 21 मीट्रिक टन धान गुणवत्ता परीक्षण के बाद स्वीकार किया जा चुका है। कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित किया गया। बेची गई धान की यह पूरी राशि किसानों को दी जाएगी इस आंकलित मूल्य में से करीब 11 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उपार्जन मूल्य से किसानों को आर्थिक संबल मिला है। समर्थन मूल्य में बढ़ौतरी करने से किसानों को मिला है लाभ सीएम मोहन यादव ने बताया कि खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जो पिछले सत्र के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है। न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई इस वृद्धि का किसानों को खासा लाभ हुआ है। आपको बता दें कि  खरीफ सत्र में  कुल 8 लाख 59 हज़ार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से 7 लाख 89 हज़ार 757 किसानों ने स्लॉट बुक कर धान उपार्जन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था मोहन यादव ने कहा कि इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित किया गया। अब बेची गई धान की यह पूरी राशि किसानों को ट्रांसफर की जाएगी। वही इस आंकलित मूल्य में से करीब 11 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जा चुके हैं।  लिहाजा किसानों के लिए ये बड़ी राहत मानी जा रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य में प्रगति, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताए मप्र के विकास के संकेत

अधोसंरचना विस्तार के साथ बेहतर स्वास्थ्य संकेतकों की ओर तेज गति से अग्रसर हो रहा है म.प्र. : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुदृढ़ हो रही हैं मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आम नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य के लिये मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। समन्वित प्रयासों से स्वास्थ्य अधोसंरचना का व्यापक विस्तार हुआ है और आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेडिकल शिक्षा, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रगति के साथ मध्यप्रदेश स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर (MMR) 173 से घटकर 142 तथा शिशु मृत्यु दर (IMR) 41 से घटकर 37 हुई है। जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत लाखों लाभार्थियों को हजारों करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। नवजात एवं कुपोषण प्रबंधन में एसएनसीयू एवं एनआरसी की सफल डिस्चार्ज दरों में भी वृद्धि हुई है। जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 5 प्रदर्शनकारी राज्यों में शामिल हुआ है। सिकल सेल मिशन के अंतर्गत व्यापक स्क्रीनिंग एवं उपचार सुविधाएँ विकसित की गई हैं। आयुष्मान भारत योजना में 4.43 करोड़ कार्ड तैयार कर प्रदेश के नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई है। योजनांतर्गत पात्र परिवारों को 5 लाख रूपये तक नि:शुल्क उपचार दिया जा रहा है। साथ ही गंभीर रोगियों को आपात स्थिति में त्वरित रूप से उच्च स्तरीय उपचार पीएम  एयर एम्बुलेंस सेवा से मुहैया कराया जा रहा है। अब तक 120 से अधिक नागरिकों को आपात स्थिति में सेवा का लाभ मिला है। मानवीय संवेदनाओं के दृष्टिगत निःशुल्क एवं सम्मानजनक शव-परिवहन सेवा भी प्रारंभ की गई है। राह-वीर योजना में आपात काल में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले नागरिक को 25 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। साथ ही, मोबाइल मेडिकल यूनिटों के माध्यम से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में सिर्फ 6 मेडिकल कॉलेज थे। वर्तमान में प्रदेश में 33 मेडिकल कॉलेज है। विगत 2 वर्षों में शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 से बढ़कर 19 तथा निजी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़कर 14 हो गई है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, इंदौर में 50 एमबीबीएस सीटों के साथ संचालन प्रारंभ किया गया है। आगामी 2 वर्षों में 6 शासकीय एवं पीपीपी मोड पर 13 मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जाना योजना में शामिल है। विगत 2 वर्षों में सरकारी एमबीबीएस सीटें 2275 से बढ़कर 2850 हुई हैं, जबकि सरकारी एवं निजी मिलाकर कुल एमबीबीएस सीटें 5550 हो गई हैं। पीजी (एमडी/एमएस) सीटों में भी वृद्धि करते हुए सरकारी पीजी सीटें 1262 से बढ़कर 1468 तथा कुल पीजी सीटें 2862 हो गई हैं। इसके अतिरिक्त 93 सुपर स्पेशियलिटी सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। सशक्त स्वास्थ्य सेवाओं से मध्यप्रदेश मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर है। पीपीपी मॉडल पर कटनी, धार, पन्ना और बैतूल में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना प्रगति पर है। एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज, इंदौर में अस्पताल भवन, मिनी ऑडिटोरियम एवं नर्सिंग हॉस्टल जैसे अधोसंरचनात्मक कार्यों हेतु 773.07 करोड़ रूपये के कार्य प्रारंभ किए गए हैं। श्यामशाह मेडिकल कॉलेज, रीवा के लिए 321.94 करोड़ रूपये तथा सतना मेडिकल कॉलेज से जुड़े नए अस्पताल हेतु 383.22 करोड़ रूपये के कार्य प्रारंभ किए गए हैं। इसके साथ ही 13 नए नर्सिंग कॉलेजों के लिए 192.40 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए हैं। आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के अंतर्गत इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में लिनियर एक्स-रेटर मशीनों की स्वीकृति दी गई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और सागर में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीनें स्थापित की गई हैं। भोपाल एवं रीवा में कार्डियक कैथ लैब की स्थापना की गई है। इंदौर और जबलपुर में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवाएँ प्रारंभ हुई हैं, वहीं इंदौर में कार-टी सेल थेरेपी एवं ब्लड कैंसर उपचार हेतु अत्याधुनिक मशीन स्थापित की गई है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के तहत मेडिकल कॉलेजों में 354 नए सीनियर रेजिडेंट पद सृजित किए गए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की व्यापक भर्ती की गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।  

18 फरवरी को MP का बजट 2026-27, फोकस में समावेशी विकास और नई योजनाएं

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में अपना तीसरा बजट पेश करेगी, जिसे वित्त मंत्री और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। यह बजट रिकॉर्ड रकम और समावेशी विकास के एजेंडा के साथ तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि राज्य का अनुमानित बजट 4.63 लाख करोड़ रुपए के आसपास हो सकता है। जो पिछले बजट से करीब 10 फीसदी अधिक होगा। बताते चलें कि एमपी विधानसभा बजट सत्र 16 फरवरी को शुरू होने जा रहा है और 18 फरवरी को एमपी बजट पेश किया जाएगा। बता दें कि कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम मोहन यादव ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि ये तो 18 फरवरी को MP Budget 2026-27 में पता चल जाएगा। MP Budget 2026-27 का फोकस क्या या क्या हो सकता है खास?     कृषि और ग्रामीण विकास- किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने वालीे योजनाओं पर     रोजगार सृजन- अनुमान जताया जा रहा है कि लगभग 50 हजार सरकारी नौकरियां निकाली जाएंगी।     युवा और कौशल- तकनीकी कौशल, उद्यमिता और नौकरियों के अन्य अवसरों पर जोर     महिला सशक्तिकरण के लिए योजनाएं- महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं में वृद्धि की जा सकती है। केंद्रीय बजट 2026-27 – एमपी को क्या मिला? बता दें कि हाल ही पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 का असर एमपी के बजट की तैयारियों को प्रभावित कर सकता है। माना जा रहा है कि वित्त आयोग के करों को लेकर नये फॉर्मूले के कारण एमपी को केंद्रीय कर हिस्से से करीब 7,500 करोड़ का नुकसान होने की उम्मीद है। रेलवे और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए एमपी को करीब 15,188 करोड़ का आवंटन किया गया है। नगर निगमों के लिए हरित बॉन्ड प्रोत्साहन में कमी कुछ शहरी वित्तीय प्रोत्साहन में एमपी नगर निकाय लाभ से वंचित रह सकते हैं।  उम्मीदें! विश्लेषकों का कहना है कि MP Budget 2026-27 राज्य की विकास यात्रा को तेज करने वाला बजट हो सकता है। यदि इसमें रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा पर पर्याप्त निवेश होता है, खासकर उस स्थिति में जब राज्य की कर हिस्सेदारी घट चुकी है। तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट भी रहेगा खास बताया जा रहा है कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट भी सदन में रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक ये अनुपूरक बजट करीब 10 हजार करोड़ का हो सकता है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अनुपूरक बटज में न तो किसी नई योजना के लिए प्रावधान होगा और न ही किसी विभाग को नये वाहन खरीदने के लिए राशि दी जाएगी। ऐसा कोई भी वित्तीय प्रावधान नहीं किया जाएगा। इससे राज्य के राजकोष पर अतिरिक्त बोझ पड़े।

सरदार सरोवर प्रभावितों के लिए राहत: आवासीय भूखंडों का पंजीकरण अब बिना शुल्क

सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय 6 विभागों की 10 योजनाओं की निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मैहर एवं कटनी जिले की 620 करोड़ रूपये से अधिक की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किये गए आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय लिया गया। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टॉम्य ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जायेगी। इससे 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इस निर्णय से राज्य शासन पर 600 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आयेगा। मैहर एवं कटनी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिलें में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 कृषक लाभान्वित होंगे। कटनी जिलें की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे, कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 कृषक लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी। 10 योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रूपये, पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये और पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति प्रदान की गई।  

CM मोहन यादव की प्रतिक्रिया: Union Budget भविष्यदर्शी, रेलवे में बड़े सुधार की तैयारी

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के यूनियन बजट को लेकर कहा है कि यह बजट केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश और राज्यों को दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती देने वाला है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के रिन्यूएशन को इस बजट में आधार बनाया गया है ताकि चालू उद्योगों को संरक्षण दिया जा सके। समय और नई तकनीक के साथ आगे बढ़ाया जा सके। यह बात सीएम मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ सेंटर में आयोजित लाइव चर्चा में कही। बता दें कि वे यहां केंद्रीय बजट पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे। अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि, लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर सीएम ने कहा कि बजट में अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि और लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। वित्तीय स्थिरता और सरकारी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए सेवा क्षेत्र को प्रमुखता दी गई है, जिससे भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा। महिला सशक्तिकरण पर रहा फोकस महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है। नारी सशक्तिकरण के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक जिले में हॉस्टल निर्माण, बहनों को सीधा लाभ और ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखेंगी। टियर-2 और 3 शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो सिटी प्लान मध्यप्रदेश में पहले से चल रहे हैं और प्रधानमंत्री के सहयोग से इन्हें पूरा विस्तार दिया जा रहा है, जिससे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्पष्ट होता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए दी गई राशि से संतुलित विकास होगा और मध्यप्रदेशआर्थिक रूप से समृद्ध बनेगा। कृषि को नहीं किया नजरअंदाज सीएम ने कहा कि ग्रीन एनर्जी के दौर में कृषि को नजरअंदाज नहीं किया गया है। कार्बन कैप्चर, हरित पहल और पर्यावरणीय संतुलन के साथ यह बजट भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। सीएम ने कहा कि राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने का यह नया मॉडल देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। बजट से रेलवे में क्रांति मुख्यमंत्री ने रेलवे क्षेत्र को मिले बजट को लेकर कहा की रेलवे में क्रांति आई है। मध्यप्रदेश और देश में रेल पटरी बिछाने की गति आठ गुना तक बढ़ी है। भुसावल-खंडवा रेल खंड से जुड़ी तीन परियोजनाओं को 18,500 करोड़ रुपए की मंजूरी रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ना किसानों और राज्य के विकास के लिए बड़ी उपलब्धि है। राहुल को खुद नहीं पता कि वो क्या कहते हैं- सीएम मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद उस पर सवाल उठाना समझ से परे है। राहुल गांधी को लेकर पूछे गए एक प्रश्न को लेकर उन्होंने कहा कि यह बजट भारत के मजबूत नेतृत्व और आत्मविश्वास को दर्शाता है। लेकिन फिर भी राहुल गांधी कुछ भी बोल देते हैं। सीएम ने कहा कि राहुल को खुद नहीं पता कि वे क्या कहते हैं। 

भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को देगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। भारत-अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील अभिनन्दनीय है। यह ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को नई गति देगी। इससे देश को प्रगति के नए अवसर प्राप्त होंगे। यह डील भारत के सशक्त नेतृत्व और विकास में साझा विश्वास को दर्शाता है। 

केन्द्रीय बजट: डॉ. मोहन यादव का मानना, नई आर्थिक संभावनाओं का मार्गदर्शन करेगा

आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा केन्द्रीय बजट •    डॉ. मोहन यादव  भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में हम विकसित भारत का मिशन लेकर आगे बढ़ रहे हैं। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा, उद्योगों को सरल प्रक्रियाएँ, निवेशकों को भरोसेमंद वातावरण, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, एमएसएमई सेक्टर को संस्थागत समर्थन और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त होंगी। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की जो नींव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रखी गई है उसे वर्ष 2026-27 के बजट ने और ज्यादा मजबूत किया है। भारत की अर्थव्यवस्था अब तेजी से नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तत्पर है। युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति और उदयमिता के सहयोग से भारत ने आगे बढ़ने जो संकल्प लिया है वह कई अर्थों में अदभुत है। आज जब भारत औदयोगिक निवेश और निर्माण क्षेत्र का हब बनने जा रहा है, उसमें मध्यप्रदेश भी अपनी पूरी शक्ति के साथ योगदान देने के लिए तैयार है। हमने औदयोगिक निवेश के लिये अनूकूल वातावरण तैयार किया, जिससे निरंतर निवेश आ रहा है। नये बजट से पूरे इको-सिस्टम को नई ऊर्जा मिली है। बजट में हरित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया गया है। इससे मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ होने वाला है। कृषक कल्याण और कृषि विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया है। इसी प्रकार सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित तकनीक के विकास पर बजट में ध्यान केन्द्रित किया गया है। इन तीनों क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को हाई टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। इन क्षेत्रों के लिये नीतियां बनाने का काम पूरा कर लिया है। निवेश आकर्षित करने के प्रयास निरंतर जारी हैं।  केन्द्रीय बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है। यह सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट है। जिस प्रकार मध्यप्रदेश में तेजी से शिक्षा का आधुनिकीकरण हो रहा है, नया बजट युवाओं के कौशल विकास और रोज़गार के लिए व्यापक अवसर लेकर आया है। शिक्षा से रोजगार एवं उदयम स्थायी समिति का गठन और 15 हजार माध्यमिक विदयालयों एवं 500 महाविदयालयों में एपीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम के सहयोग से 10 हजार गाइड्स के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेलों के परिदृश्य में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। महिलाओं के लिये एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ रूपये का आवंटन लाभदायी होगा। युवा भारत के लिये सेवा क्षेत्र का विस्तार संभावनाओं के नये द्वार खोलेगा और रोज़गार और उदयम के अवसर बढ़ेंगे।  महिला उदयमिता को बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी योजना में महिला उदयमियों को क्रेडिट लिंक आजीविका से उद्म स्वामित्व से जोड़ने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश ने पहले ही इस दिशा में ठोस प्रयास किये हैं।      सिटी ईकॉनामिक रीजन बनाने की नीति मध्यप्रदेश के शहरी विकास के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। शहरों को संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने में यह सहायक सिद्ध होगी। शहरी क्षेत्रों में नियोजित आर्थिक विकास, औद्योगिक व्यावसायिक क्लस्टरिंग और आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण होगा। इससे मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे और निवेश अनुकूल शहरी अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। यह निवेश मॉडल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स तथा व्यापारिक सुगमता को व्यापक रूप से मजबूत बनायेगा।  बजट में सामाजिक समावेश पर पूरा ध्यान दिया गया है। आर्थिक विकास की ये पहल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। समावेशी विकास के साथ मानव-पूंजी निर्माण को भी मजबूती मिलेगी। शी-मार्ट्स, दिव्यांगजन कौशल योजना, सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा कौशल आधारित पहल से सामाजिक सशक्तिकरण के साथ आर्थिक विकास को समावेशी स्वरूप मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव पूंजी का सृजन होगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को विकास के केन्द्र में रखते हुए यह बजट प्रशासनिक सरलीकरण, निवेश-अनुकूल नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और वित्तीय स्थिरता के माध्यम से मध्यप्रदेश को तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की ठोस आधारशिला रखता है। मध्यप्रदेश के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 केवल एक नीति-दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का एक ऐतिहासिक अवसर है, जो मध्यप्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में अत्यंत सहायक एवं परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी।   (लेखक मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन हैं)  

राज्य की वित्तीय सेहत पर सवाल? MP सरकार 2026 में दोबारा लेगी ₹5200 करोड़ का कर्ज

  भोपाल मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर 5200 करोड़ का कर्ज लेगी। साल 2026 में सरकार दूसरी बार ऋण लेने जा रही है। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 57,100 करोड़ का कर्ज लिया जा चुका हैं। अब यह लोन 62,300 करोड़ रुपए का हो गया है। एमपी सरकार साल 2026 में दूसरी बार कर्ज ले रही हैं। 7 फरवरी को 5200 करोड़ की राशि मिलेगी। जिसकी पहली किस्त 1200 करोड़ रुपए 7 साल के लिए ब्याज समेत भुगतान की तारीख 4 फरवरी 2033 तारीख की है। 2000 करोड़ का कर्ज 17 साल के लिए लिया जा रहा है, जो 4 फरवरी 2043 तक के लिए है। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार लगातार कर्ज के बढ़ते बोझ तले दबती जा रही है। राज्य सरकार ने एक बार फिर 5200 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने का निर्णय लिया है। यह कर्ज इस वित्तीय वर्ष में दूसरी बार लिया जा रहा है।सरकारी जानकारी के अनुसार, इस कर्ज का भुगतान ब्याज सहित 4 फरवरी 2033 तक किया जाएगा। इसमें से 2000 करोड़ रुपये का कर्ज 17 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान 4 फरवरी 2043 तक होगा। वहीं, 2000 करोड़ रुपये की तीसरी किस्त 22 साल की अवधि के लिए ली गई है, जिसे ब्याज सहित चुकाया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में कुल कर्ज 62,300 करोड़ तक पहुँचा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक मध्य प्रदेश सरकार कुल 57,100 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी थी। ताजा 5200 करोड़ रुपये के कर्ज के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 62,300 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। जानिए मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज? वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक लिए गए कर्ज का विवरण इस प्रकार है: 7 जनवरी 2026 – 400 करोड़ 30 दिसंबर 2025 – 3500 करोड़ 2 दिसंबर 2025 – 3000 करोड़ 11 नवंबर 2025 – 4000 करोड़ 28 अक्टूबर 2025 – 5200 करोड़ 30 सितंबर 2025 – 3000 करोड़ 23 सितंबर 2025 – 3000 करोड़ 9 सितंबर 2025 – 4000 करोड़ 26 अगस्त 2025 – 4800 करोड़ 5 अगस्त 2025 – 4000 करोड़ 30 जुलाई 2025 – 4300 करोड़ 8 जुलाई 2025 – 4800 करोड़ 4 जून 2025 – 4500 करोड़ 7 मई 2025 – 5000 करोड़ इस तरह लगातार कर्ज लेने के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है। विपक्ष के निशाने पर मोहन सरकार मध्य प्रदेश पर लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस भाजपा सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों की सही योजना न होने के कारण सरकार बार-बार कर्ज लेने को मजबूर हो रही है।  

बजट की खूबियों पर सीएम की प्रस्तुति, फंड से 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहर होंगे विकसित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आज राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की खूबियां बताएंगे। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा रहेंगे शामिल।  रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कह चुके हैं कि केंद्रीय बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। इसमें 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, हर जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ प्राप्त होगा। क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का भी विकास होगा। केंद्रीय बजट में केयर इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे बुजुर्गों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी। गंभीर बीमारियों की दवाऐं भी सस्ती होंगी, जिससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा है कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मध्य प्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टेक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है, इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। बजट में देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और एआई के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, इसका आने वाले दिनों में प्रदेश और देश को तरक्की में बड़ा योगदान होगा। दूसरी ओर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने बजट के बाद कहा था कि केंद्रीय बजट आने वाले 10 वर्षों में भारत के विकास की दिशा तय करेगा। जिन क्षेत्रों में दुनिया के केवल दो-तीन देशों का दबदबा है, उन रणनीतिक उत्पादों के निर्माण पर बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में पहली बार अलग मालगाड़ी कॉरिडोर बनाने की बात की गई है, जिससे लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा और व्यापार बढ़ेगा। खण्डेलवाल ने कहा है यह बजट डर से मुक्त टैक्स व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट हर वर्ग को राहत देने वाला बजट है।

सीएम यादव का ऐतिहासिक निर्णय, सरकारी अस्पतालों में ‘गर्भ संस्कार’ कक्ष की अनिवार्यता, 13 आयुर्वेदिक कॉलेज खुलेंगे

इंदौर   सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। यह पहल ‘दिव्य संतान प्रकल्प’ के तहत ‘गर्भ संस्कार’ को बढ़ावा देगी। इसका मकसद बच्चों के जन्म से पहले ही उनके शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास को मजबूत बनाना है। यह पहल आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष मंत्रालय के सहयोग से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताए फायदे सीएम यादव ने इंदौर में ‘दिव्य संतान प्रकल्प’ कार्यक्रम में कहा कि गर्भ संस्कार एक ऐसी प्रक्रिया है जो आने वाली पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाती है। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक विज्ञान और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का एक मेल है। इसे राष्ट्र निर्माण में एक लंबे समय का निवेश माना जाना चाहिए। अस्पतालों में बनेंगे अलग कमरे मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में राज्य के सरकारी अस्पतालों के डिज़ाइन में गर्भ संस्कार के लिए विशेष कमरे बनाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि एलोपैथी के डॉक्टर भी अब व्यापक प्रसव पूर्व देखभाल के फायदों को स्वीकार कर रहे हैं। 13 आयुर्वेदिक कॉलेज खुलेंगे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जोर देते हुए, यादव ने कहा कि राज्य सामान्य प्रसव को बढ़ावा दे रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाएंगे। यह आजादी के बाद पहली बार है जब इतने सारे आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जा रहे हैं। इनमें से आठ कॉलेज एक साल के भीतर चालू हो जाएंगे। अभिमन्यु और अष्टावक्र का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री ने गर्भ संस्कार की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में अभिमन्यु और अष्टावक्र जैसे उदाहरण हैं। इनसे पता चलता है कि गर्भ में ही मूल्यों, सीखने और संस्कारों को ग्रहण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि COVID-19 महामारी ने एकीकृत स्वास्थ्य दृष्टिकोण की प्रभावशीलता को दिखाया है, जहां आयुर्वेद और एलोपैथी एक दूसरे के पूरक थे। उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण जीवन शैली, भारतीय रसोई और स्वदेशी आहार के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने 266 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

सीमा की रक्षा करने वाले जवानों और अन्न पैदा करने वाले किसानों के सम्मान के लिए काम कर रही है प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 65 करोड़ रुपए की लागत से होगा बेड़िया मंडी का विकास मुख्यमंत्री ने 266 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन मुख्यमंत्री की घोषणा – लाड़ली बहनों को दीवाली से मिलेगी 1500 रुपए की राशि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार देश की सीमा पर जान की बाजी लगाने वाले और सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों तथा खेतों में कड़ी मेहनत कर अन्न पैदा करने वाले किसानों के सम्मान के लिए काम कर रही है। हमारी सरकार कमजोर और गरीब वर्ग की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खरगोन जिले के बेड़िया में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत अम्बा-रोडिया माइक्रो उदवहन सिंचाई योजना का लोकार्पण सहित 266 करोड़ रुपए की लागत के 24 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने सिकलसेल के मरीजों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति के प्रमाण-पत्र तथा हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा है और विश्व में देश का नाम हो रहा है। हमारी सरकार किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं की जिंदगी बदलने और उन्हें खुशहाल बनाने का काम कर रही है। निमाड़ क्षेत्र में मां नर्मदा का पानी खेतों तक पहुंचाया जा रहा है और इससे खेतों में फसले लहलहा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को सम्मान निधि देने की योजना बनाई है और किसानों को इसका लाभ भी मिल रहा है। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां गेहूं पर किसानों को प्रति क्विंटल 2600 रुपए दिए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार कृषि को प्रोत्साहन दे रही है और किसानों को उद्यमी बनने के लिए काम कर रही है। प्रदेश सरकार कपास से धागा बनाने, उससे कपड़ा बनाने और रेडीमेड गारमेंट की फैक्ट्री लगाने का अभियान चला रही है। प्रदेश सरकार सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम कर रही है और किसानों को अनुदान पर सोलर पैनल कनेक्शन दिया जाएगा इससे किसानों की आय बढ़ेगी और वह अपने संयंत्र में पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली प्रदेश सरकार को बेच भी सकेंगे। प्रदेश सरकार ने मूंग और उड़द के समर्थन मूल्य पर खरीदी के इंतजाम किए हैं। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। देश में दूध उत्पादन में मध्य प्रदेश की भागीदारी अभी 09 प्रतिशत है इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। किसानों को गाय भैंस पालन के लिए 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। राज्य सरकार के समग्र प्रयासों से अब प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रूपये से बढ़कर एक लाख 52 हजार रूपये हो गई है। दीवाली से लाड़ली बहनों को हर माह मिलेंगे 1500 रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि देगी और अक्टूबर में दीवाली से लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि नियमित दी जाएगी। इस राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया जाएगा। गरीबों और जरूरतमंद की जान बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोग अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लें, जिससे गंभीर बीमारी के समय जान बचाने के लिए उन्हें बड़े शहरों के अच्छे अस्पतालों में उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर विमान या हेलीकॉप्टर से प्रदेश सरकार मरीजों को उपचार के लिए भी भेजती है। उन्होंने कहा कि अभी तक दुर्घटना में सड़कों पर घायलों को अस्पताल पहुंचने में लोग डरते थे अब सरकार ने राह-वीर योजना लागू की है। यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है और उसकी जान बचाता है तो उसे 25 हजार रुपए का इनाम प्रदेश सरकार देगी। शासकीय सेवकों के प्रमोशन होने के बाद 2 लाख पद होंगे रिक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शासकीय सेवकों के 9 सालों से रुके प्रमोशन के मामले को हल कर दिया है और अब अनुसूचित जाति, जनजाति और सामान्य वर्ग के शासकीय सेवकों के प्रमोशन का रास्ता साफ कर दिया है। प्रमोशन होने से 2 लाख पद रिक्त होंगे और इससे नए लोगों की भर्ती का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार शासकीय सेवाओं में भर्ती में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देगी। आने वाले समय में लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। भगवान राम प्रदेश में जिन स्थानों से गुजरे थे उन स्थानों पर बनेंगे राम पथ गमन मार्ग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 19 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री बंद कर दी है। प्रदेश में खुले में मांस की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। नगरीय क्षेत्र में गीता भवन बनाए जाएंगे। भगवान राम प्रदेश में जिन स्थानों से गुजरे थे उन पर राम पथ गमन मार्ग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की 100वींग जन्म शताब्दी के अवसर पर ग्वालियर में कैबिनेट की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। संदीपनी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों के तर्ज पर पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव-गांव तक बस सेवा शुरू करने जा रही है इससे ग्रामीण जनता को आवागमन की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि बेड़ियां मिर्च मंडी के विकास के लिए 65 करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी। इसी प्रकार खनगांव से खेड़ीखुर्द मार्ग पर 05 करोड़ रुपए की लागत से पुल निर्माण किया जाएगा। बांसवा से घोसला मार्ग पर सिड़कुई नदी पर 06 करोड़ रुपए के लागत से पुल बनाया जाएगा। भीकनगांव से झिरन्या तक सड़क निर्माण के लिए 38 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। बेड़ियां एवं बासवा बायपास निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जाएंगे। बेड़ियां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में … Read more

सामूहिक खरीदी के नवाचार से एक करोड़ रूपये की बचत भी संभव हुई

पीएम जनमन अभियान छिंदवाड़ा में 1067 भारिया परिवारों को मिले पक्के आवास जनजाति वर्ग का समग्र उत्थान मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामूहिक खरीदी के नवाचार से एक करोड़ रूपये की बचत भी संभव हुई  सामग्री की सामूहिक खरीद पर भी की एक करोड़ की बचत भोपाल  प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत छिंदवाड़ा के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में निवासरत 1067 भारिया जनजाति के परिवारों को पक्के आवास आवंटित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजाति संवर्ग के उत्थान के लिये प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इस योजना को मध्यप्रदेश में शत प्रतिशत मूर्तरूप दिया जायेगा। जिला प्रशासन द्वारा आवास आवंटन के साथ ही सामूहिक खरीदी के नवाचार से एक करोड़ रूपये की बचत भी संभव हुई है। प्रधानमंत्री जनमन अभियान के तहत छिन्दवाड़ा को कुल 5825 आवासों का लक्ष्य प्रदान किया गया था, जिसके अंतर्गत चौरई, हर्रई, तामिया, अमरवाड़ा, जुन्नारदेव एवं परासिया जनपद के दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत भारिया हितग्राहियों को योजना का लाभ देना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। ग्रामों की दूर-दराज़ स्थिति (जिला मुख्यालय से 100-125 कि.मी.) के कारण स्थानीय भवन सामग्री विक्रेताओं द्वारा महंगे दाम और कम गुणवत्ता वाली सामग्री हितग्राहियों को दिये जाने से भी आवास निर्माण में बाधा थी। इससे कई परिवारों ने आवास निर्माण में रुचि ही लेना बंद कर दिया था। इस स्थिति पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह ने अधिकारियों के साथ स्वयं मौका स्थल का भ्रमण कर हितग्राहियों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने जनपद पंचायतों के अमले, सहायक यंत्री, और ग्राम पंचायतों के सरपंच आदि से सामूहिक चर्चा की जिसमें ग्रामवासियों और सामग्री विक्रेताओं के साथ संवाद स्थापित कर कम दर पर उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई। नवाचार से हुई एक करोड़ की बचत जिला प्रशासन द्वारा जनपद स्तर पर थोक विक्रेताओं से संपर्क कर भवन निर्माण सामग्री की दरों को भी पूर्व निर्धारित किया गया। सीमेंट, ईंट, गिट्टी, सरिया, सेंटरिंग आदि निर्माण सामग्री स्थानीय दरों से 2 से 55 रूपये तक सस्ती दरों पर हितग्राहियों के ग्रामों में ही थोक में पहुँचाई गई। इस नवाचार से न केवल परिवहन लागत बची, बल्कि समय पर सामग्री मिलने से अधिकांश हितग्राहियों ने 2 माह से भी कम समय में अपने पक्के आवास तैयार कर लिए। इस पहल से 1067 परिवारों को 99,21,443 रूपये की सीधी बचत हुई, यानी प्रति परिवार लगभग 9,298 रूपये की औसत बचत हुई। साथ ही 1052 आवासों का निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है और शेष 508 आवास शीघ्र पूर्ण होने की स्थिति में है। बिचौलियों से मिली मुक्ति नवाचार न केवल योजनांर्गत लक्ष्य प्राप्ति में सहायक बना, बल्कि इससे हितग्राहियों को ठगने वाले बिचौलियों से भी मुक्ति दिलाई गई। अब जिले के अन्य नवीन स्वीकृत आवासों में भी इसी मॉडल को अपनाने की योजना है।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव को अचानक से इंदौर कलेक्टर ऑफिस में देख सीएम सब रह गए हैरान

इंदौर  खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री को बड़वानी दौरा निरस्त करना पड़ा। गुरुवार सुबह वे अचानक कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और वहीं से बड़वानी के कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अटेंड किया। विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले के ग्राम तलून में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर कलेक्टोरेट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।  खराब मौसम के कारण टालना पड़ी यात्रा मुख्यमंत्री मोहन यादव को हेलीकॉप्टर से इंदौर से बड़वानी होते हुए तलून पहुंचना था, पर मौसम खराब होने के कारण यह यात्रा टाल दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री को सुबह 10:20 बजे वायुयान से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचना था और यहां से 10:25 बजे हेलीकॉप्टर से तलून के लिए रवाना होना था। मुख्यमंत्री तय समय पर इंदौर तो पहुंच गए, पर मौसम ज्यादा खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर से तलून की उड़ान नहीं भर सके। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री को दोपहर 1:15 बजे बड़वानी से खरगोन जाना है। उन्हें खरगोन के ग्राम बेड़िया सनावद पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होना है और शाम 3:50 बजे बेड़िया से हेलीकॉप्टर से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचना है। यहां से उन्हें वायुयान से शाम 4.15 बजे भोपाल के लिए प्रस्थान करना है। सड़क मार्ग से गए राज्यपाल और उप मुख्यमंत्री बारिश की वजह से बदले हुए कार्यक्रम के तहत अतिथियों को सड़क मार्ग से जाना पड़ा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी शामिल हो रहे हैं। राज्यपाल और उप मुख्यमंत्री इंदौर से सुबह सड़क मार्ग से तलून के लिए रवाना हो गए हैं। राज्यपाल को बड़वानी से दोपहर 2 बजे प्रस्थान कर शाम 5 बजे इंदौर पहुंचना और रात्रि विश्राम करना है। राज्यपाल अगले दिन सुबह 10.30 बजे वायुयान से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।  

पूर्व PM भारत रत्न अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर उनके सम्मान में ग्वालियर में मंत्री परिषद की बैठक होगी: CM

वीरांगना के सम्मान के लिये प्रदेश सरकार तत्पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महानाट्य के लिये पाँच लाख रूपए देने की घोषणा पूर्व PM भारत रत्न अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर उनके सम्मान में ग्वालियर में मंत्री परिषद की बैठक होगी: CM  विभिन्न विभूतियों का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीरांगना लक्ष्मीबाई की शौर्यगाथा जन-जन तक पहुँचना चाहिए। ग्वालियर में पिछले 26 वर्षों से महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला बलिदान मेला एक सार्थक प्रयास है। बलिदान मेले के आयोजन के लिये सरकार पूरा सहयोग करेगी। इसके साथ ही वीरांगनाओं के जीवन पर आधारित नाट्य मंचनों के लिये पाँच लाख रूपए की धनराशि देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर उनके सम्मान में ग्वालियर में मंत्री परिषद की बैठक होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 167वी वर्षगांठ के अवसर पर महारानी लक्ष्मीबाई बलिदान मेले में शहीद मंगल पाण्डेय के साथी दुर्गा सिंह के वंशज, शौर्य चक्र प्राप्त शहीद विवेक सिंह तोमर की धर्मपत्नी एवं नेशनल क्रिकेटर कु. वैष्णव शर्मा को भी सम्मानित किया। बलिदान मेले के अवसर पर पूज्य महंत रामदास जी महाराज दंदरौआ सरकार, प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र लोधी, बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, प्रदेश के उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रदेश महामंत्री संगठन हितानंद शर्मा, क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य आरएसएस यशवंत इंन्द्रापुरकर, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, सभापति नगर निगम मनोज तोमर, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष शहर जयप्रकाश राजौरिया, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार हमेशा वीरांगनाओं के सम्मान के लिए समर्पित रही है, वीरांगना के रूप में साक्षात् देवी दुर्गा ने धरती पर जन्म लेकर हमारे मध्य प्रदेश के ग्वालियर की भूमि पर अपना बलिदान दिया, यह भूमि हमारे लिए तीर्थ के समान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर की धरती पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान विभूतियों ने देश के विकास में अतुलनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में नई शिक्षा नीति लागू कर युवाओं को देश की शौर्य गाथाओं, संस्कृति, संगीत एवं अन्य विधाओं से अवगत कराने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। प्रदेश सरकार अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ों योजना पर तेजी से कार्य कर रही है। इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ ग्वालियर-चंबल संभाग को मिलेगा। साथ ही ग्वालियर में शीघ्र ही टेक्नोलॉजी हब भी स्थापित होगा, जिससे अनेकों अनेक युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। वीरांगना मेला के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि 166 साल पहले ग्वालियर की इसी धरा पर वीरांगना लक्ष्मीबाई ने भारत माता के चरणों में अपनी आहुति दी थी। बलिदान मेला देश भक्ति जगाने का अनुष्ठान एवं महायज्ञ है। वर्ष 2000 से यह आयोजन निरंतर किया जा रहा है। पवैया ने कहा कि बलिदान मेला जिस स्थान पर आयोजित किया जाता है इस धरा पर महारानी लक्ष्मीबाई का रक्त शामिल है। यह धरती जमीन का टुकड़ा नहीं बल्कि चंदन है। उन्होंने बलिदान मेले के आयोजन के संबंध में जानकारी भी दी। वीरांगना लक्ष्मीबाई पर केन्द्रित महानाट्य एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन बलिदान मेले के गरिमापूर्ण कार्यक्रम में वीरांगना लक्ष्मीबाई पर केन्द्रित महानाट्य की प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों द्वारा बेहद सराहा गया। इसके साथ ही कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ। विख्यात कवियों द्वारा देशभक्तिपूर्ण कविताओं ने श्रोताओं का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री ने वीरांगना लक्ष्मीबाई के समाधि स्थल पहुँच कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में पड़ाव स्थित लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर पहुँचकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी एवं पुष्पमाला अर्पित की। उन्होंने वीरांगना लक्ष्मीबाई के शौर्य एवं बलिदान को नमन किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जून को अत्याधुनिक तारामंडल का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव योग दिवस 21 जून को “खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परम्परा” पर उज्जैन में राष्ट्रीय कार्यशाला का करेंगे शुभांरभ उज्जैन स्थित वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला में आयोजित होगी कार्यशाला अत्याधुनिक तारामंडल का करेंगे लोकार्पण उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 21 जून को “खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला, उज्जैन में करेंगे। कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद शामिल होंगे। इस दौरान अनेक शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें योग शिविर, शून्य छाया अवलोकन, साइंस शो, स्टेम वर्कशॉप, व्याख्यान एवं परिचर्चा प्रमुख हैं। कार्यशाला भारतीय खगोलशास्त्र की परंपरा और उसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता पर केंद्रित होगी। विशेषज्ञ भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यशाला में खगोल विज्ञान के साथ-साथ भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। कार्यशाला का आयोजन म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, भोपाल, विज्ञान भारती, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी भोपाल एवं वीर भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पद्मडॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला में शंकु यंत्र के माध्यम से शून्य छाया अवलोकन करेंगे। साथ ही आचार्य वराहमिहिर न्यास एवं अवादा फाउंडेशन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक तारामंडल का लोकार्पण भी करेंगे। इस दौरान तारामंडल-शो का प्रदर्शन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वेधशाला स्थित ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन-सत्र को संबोधित करेंगे। परिचर्चा सत्र में खगोल विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा पर चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा अवादा फाउण्डेशन के आर्थिक सहयोग एवं डीप स्काई प्लेनेटेरियम, कोलकाता के तकनीकी सहयोग से आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा ग्राम डोंगला में अत्याधुनिक डिजीटल तारामंडल की स्थापना की गई हैं। तारामण्डल की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के आमजन एवं स्कूली बच्चों में खगोल विज्ञान संबंधी जानकारी एवं प्राकृतिक घटनाओं संबंधी जिज्ञासा शांत करना है। इस तारामण्डल में 8 मीटर व्यास के एफ.आर.पी. डोम में ई-विजन 4 के डिजीटल प्रोजेक्टर एवं डिजीटल साउण्ड सिस्टम लगाया गया हैं। इस वातानुकूलित गोलाकार तारामण्डल में 55 लोग एक साथ बैठकर आकाशीय रंगमंच की हैरतअंगेज और जिज्ञाशावर्धक ब्रह्मांड में होने वाली घटनाओं का रोमांचक अनुभव एवं आनन्द ले सकेंगे। इस तारामण्डल की लागत लगभग 1.6 करोड़ रूपयें हैं। वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला : मध्य भारत में खगोल विज्ञान अनुसंधान का अग्रणी केंद्र उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील स्थित ऐतिहासिक ग्राम डोंगला से कर्क रेखा गुजरती है। प्राचीन काल से ही खगोल और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा ग्राम डोंगला में वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला की स्थापना की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना, भूमि चयन से लेकर निर्माण तक की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष योगदान रहा है। इस वेधशाला की स्थापना में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बैंगलोर और आर्यभट्ट प्रशिक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल का तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है। वेधशाला में 5 मीटर डोम में स्थापित 20 इंच का आधुनिक टेलीस्कोप अनुसंधान और खगोल वैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। यह सुविधा प्रदेश और देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान का मंच प्रदान कर रही है। यहाँ खगोल विज्ञान पर आधारित विंटर स्कूल का आयोजन होता है और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना के अंतर्गत अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी इस वेधशाला का भ्रमण कर रहे हैं। हाल ही में इस टेलीस्कोप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर के सहयोग से ऑटोमेशन की सुविधा प्रदान की गई है। यह नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति के अनुरूप एक ऐतिहासिक पहल है। इससे सुदूर अंचलों के विद्यार्थी भी ऑनलाइन माध्यम से वेधशाला से जुड़ सकेंगे। डोंगला में ही स्थापित पद्मडॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला, जो प्राचीन खगोलीय यंत्रों पर केन्द्रित है, इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान के समन्वय के रूप में डोंगला को “डोंगला मीन टाइम (DMT)” की अवधारणा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह प्रयास एक ऐतिहासिक पहल है। देश के वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद होंगे शामिल कार्यशाला में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, भारतीय ज्ञान प्रणाली भारत सरकार नई दिल्ली के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. गंटी एस. मूर्ति, राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान गांधीनगर के निदेशक डॉ. अरविंद रानाडे, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रजेश पांडे, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एन. पी. शुक्ला, डेक्कन विश्वविद्यालय पुणे के पूर्व कुलपति एवं सीएसआईआर भटनागर फेलो, सीसीएमबी हैदराबाद डॉ. वसंत शिंदे, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन के अध्यक्ष हेमंत भवालकर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती रितु पटवारी तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वरिष्ठ वैज्ञानिक सहित अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद शामिल होंगे।  

गौ-शाला सम्मेलन :मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल

प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन 20 जून को प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण में किया जायेगा  गौ-शाला सम्मेलन :मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल भोपाल  प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण भोपाल में किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल शामिल होंगे। सम्मेलन में प्रदेश के समस्त जिलों से शासकीय एवं अशासकीय गौ-शाला संचालकों एवं प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव ने बताया कि सम्मेलन में गौ-शालाओं में गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 50 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जाएगी। आचार्य विद्यासागर जीव दया गौ-सेवा सम्मान योजना के अंतर्गत चयनित गौ-शालाओं एवं संस्थाओं को गौ-सेवा पुरूस्कार प्रदान किए जायेंगे। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया जाएगा। सम्मेलन में नवीन गौ-शालाओं को पंजीयन प्रमाण पत्र तथा म.प्र.गौ-संवर्धन बोर्ड एवं दयोदय महासंघ के सहयोग से हितग्राहियों को ट्रेक्टर ट्राली वितरण भी किया जाएगा। “पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश के बढ़ते कदम” विषय पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी होगा।  

459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0″ योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार ‌द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा । म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा। योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए … Read more

प्रदेश के समावेशी और सतत् विकास को मिलेगा बल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और चार प्रतिष्ठित गैर शासकीय संगठनों अंतरा फाउंडेशन, प्रदान, पीएचआईए फाउंडेशन और यूएनविमेन के मध्य समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू से प्रदेश के सुनियोजित, समावेशी, सकल और सतत् विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर सभी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सामाजिक विकास के सभी मानकों में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी और सबको विकास का लाभ देने के लिए सरकार गैर शासकीय संगठनों के अनुभवों का भी लाभ उठायेगी। उन्होंने कहा कि म.प्र. राज्य नीति आयोग प्रदेश में संचालित सभी जनहितैषी योजनाओं के लोकव्यापीकरण के जरिए मानवीय और सामाजिक विकास के सभी मानकों में सुधार और बढ़ोतरी के लिए ऐसे एनजीओ के साथ मिलकर काम करे, जिन्हें विषयगत विशेषज्ञता हासिल हो। उन्होंने कहा कि फील्ड में रह कर काम करने वाले एनजीओ से मिले सुझावों पर भी गंभीरता से अमल का प्रयास किया जाये। नीति आयोग, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन आपसी समन्वय और सामंजस्य से जनता के हित में काम करें। उल्लेखनीय है कि म.प्र. राज्य नीति आयोग राज्य के सतत् विकास लक्ष्यों के अनुश्रवण और मध्यप्रदेश के दृष्टि पत्र-2047 की तैयारी में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन साझेदारियों के माध्यम से राज्य में नीति नवाचार, डाटा आधारित सुशासन तथा बहु-क्षेत्रीय विकास को और अधिक सशक्तता एवं व्यापकता के साथ अमल में लाया जायेगा। नीति आयोग द्वारा जिन चार गैर शासकीय संगठनों के साथ एमओयू किया गया, उनमें अंतरा फाउंडेशन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण सुधार पर कार्य में सरकार की मदद करेगा। प्रदान संगठन ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने में सहयोग करेगा। पीएचआईए फाउंडेशन जलवायु-लचीले विकास और समावेशी एवं सतत् विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सरकार का नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागी बनेगा। इसी प्रकार यूएनविमेन प्रदेश में जेंडर उत्तरदायी शासन को आगे बढ़ाने में सरकार की मदद करेगा। मंगलवार को हुए समझौता ज्ञापन के तहत इन आपसी साझेदारियों से गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका विकास, स्वास्थ्य और कल्याण, लैंगिक समानता, सभी को स्वच्छ जल, असमानता कम करने, जल सुरक्षा सहित वॉटरशेड संरचनाओं पर काम और जलवायु विकास आधारित कार्रवाई जैसे वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी। ये समझौते समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प और विजन 2047 के क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम हैं, जो शासन, नीति और नागरिक सेवाओं के सहज और सरल वितरण में नवाचार एवं सहभागिता को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी संजय कुमार शुक्ला, म.प्र. राज्य नीति आयोग के सीईओ ऋषि गर्ग सहित गैर शासकीय संगठन अंतरा फाउंडेशन से सुचंद्रिका, प्रदान से सुअर्चना सिंह, पीएचआईए फाउंडेशन से अनिरुद्ध और यूएनविमेन से सुजॉयट्री सहित अधिकारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय, 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित

मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0″ योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार ‌द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा । म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा। योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए … Read more

प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

19 जून से 6 जुलाई तक होगा मूंग और उड़द उपार्जन के लिए पंजीयन 27 जून को एमएसएमई-डे पर रतलाम में होगी क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर केंद्रित समिट लुधियाना में 7 जुलाई को होगा एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण शीघ्र होगा लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर 250 रुपए का अतिरिक्त भुगतान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश में रिकार्ड स्थापित करे मध्यप्रदेश प्रदेश में वर्ष 2024 में आए 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक, पर्यटन में हुई 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी जन कल्याणकारी योजनाओं की होगी समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 36 मूंग उत्पादक जिलों में 8682 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मूंग और 13 उड़द उत्पादक जिलों में 7400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उड़द उपार्जित की जाएगी। कृषक 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन करा सकेंगे, इसके बाद 7 जुलाई से 6 अगस्त तक उपार्जन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं। इस क्रम में गंगा दशमी के अवसर पर उज्जैन में वैलनेस पर केंद्रित वृहद आयोजन संपन्न हुआ। इसी क्रम में 27 जून को “एमएसएमई-डे” पर रतलाम में क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर समिट आयोजित की जा रही है। लुधियाना में 7 जुलाई को एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण माह सितम्बर में करने की समय-सीमा तय है। भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपए राशि का अतिरिक्त रूप से भुगतान किया जाएगा। इस वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का एक दशक पूरा हो रहा है। इस उपलक्ष्य में “योग संगम” के अंतर्गत 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक नगरीय निकायों, वार्डों, पंचायतों में योग पर कार्यक्रम आयोजित कर देश में रिकार्ड स्थापित करने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन में एक वर्ष में 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक मध्यप्रदेश आए। यह संख्या वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024 में 1 लाख 67 हजार विदेशी पर्यटक मध्यप्रदेश आए। पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से बढ़ता राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को उनके विभागों में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने तथा उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव साझा करने के निर्देश भी दिए।  

राज्य कर्मियों की पदोन्नति को दी मंजूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य कर्मियों की पदोन्नति को दी मंजूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पदोन्नति प्रक्रिया में सभी वर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों के हितों का रखा गया ध्यान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंत्रि-परिषद की बैठक में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसमें मध्यप्रदेश के सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पदोन्नति के लंबित मसले को मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों-अधिकारी के 9 साल से लंबित पदोन्नति के मामले का निराकरण किया है। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सहित सभी वर्गों के शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हितों का समुचित ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदोन्नति होने के बाद शासकीय सेवाओं में 2 लाख पद रिक्त होंगे और इन रिक्त पदों पर नए सिरे से भर्तियां की जाएंगी।  

MP के कर्मचारी अधिकारियों को लेकर आज बड़ा फैसला, 9 सालों का सपना होगा पूरा

भोपाल  मध्य प्रदेश के कर्मचारी अधिकारियों के हक में प्रदेश की मोहन सरकार बड़ा फैसला करने जा रही है. पिछले 9 सालों से अटके प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव को आज कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है. इसके बाद प्रदेश में कर्मचारी-अधिकारियों के प्रमोशन शुरू हो सकेंगे. आज होने जा रही कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा. 10 जून को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव का प्रजेंटेशन किया जा चुका है. इससे जुड़े सभी पक्षों से भी राज्य शासन चर्चा कर चुकी है. कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद पदोन्नति में आरक्षण का नियम लागू हो जाएगा. नए प्रारूप में किए गए कई प्रावधान राज्य शासन द्वारा तैयार किए गए प्रमोशन में आरक्षण के प्रारूप में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं. राज्य सरकार की कोशिश है कि सभी कर्मचारियों को समान रूप से इसका लाभ मिल सके और किसी के भी हितों को बहुत ज्यादा नुकसान न हो. प्रारूप में तय किया गया है कि पहले से पदोन्नत कर्मचारियों को रिवर्ट नहीं किया जाएगा. इसके अलावा पदोन्नति के बिना रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को भी नए नियमों का लाभ नहीं दिया जाएगा. सबसे पहले भरे जाएंगे एससी-एसटी के पद प्रारूप में तय किया किया गया है कि प्रमोशन में आरक्षण के लिए सबसे पहले अनुसूचित जाति के 16 फीसदी और अनुसूचित जनजाति के 20 फीसदी पद भरे जाएंगे. यदि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित पद पर कोई पात्र व्यक्ति नहीं मिलता है तो किसी दूसरे वर्ग को इस पद पर लाभ नहीं दिया जाएगा. यह पद खाली रखे जाएंगे. हर साल होगी डीपीसी पदोन्नति के लिए हर साल डीपीसी की जाएगी. इसके लिए 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों की पात्रता का निर्धारण करने के बाद हर साल 1 जनवरी को खाली होने वाले पदों का निर्धारण होगा और इन पदों पर प्रमोशन का लाभ दिया जाएगा. डीपीसी हर साल सितंबर से नंवबर के बीच होगी.   अलग-अलग तैयार होगी लिस्ट प्रमोशन के लिए क्लॉस 1 अधिकारियों और क्लॉस 2 अधिकारियों के लिए अलग-अलग लिस्ट तैयार होगी. क्लास वन अधिकारियों के लिए पदोन्नति का आधार मैरिट कम सीनियरिटी को बनाया जाएगा. वहीं क्लास 2 के लिए सीनियरिटी कम मैरिट को आधार बनाकर सूची तैयार की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने बेलखेड़ा को शासकीय महाविद्यालय की दी सौगात: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लाड़ली बहनों और माताओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 250 रूपए शगुन दिया जाएगा मुख्यमंत्री ने बेलखेड़ा को शासकीय महाविद्यालय की दी सौगात लाड़ली बहना सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को मिली 2081 करोड़ से अधिक की राशि 56.68 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों को 341 करोड़ रूपये 27 लाख बहनों को गैस सिलेंडर रिफलिंग के लिए 39.14 करोड़ रूपये की अनुदान राशि हुई अंतरित 6 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रूपये की अनुग्रह राशि अंतरित राज्य सरकार वीरांगनाओं के नाम पर चला रही है योजनाएं शहपुरा में एसडीएम/एसडीओपी कार्यालय की घोषणा मुख्यमंत्री ने 22.44 करोड़ रूपये की लागत वाले 8 विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर जिले के बेलखेड़ा में राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन में हुए शामिल जबलपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों को मान-सम्मान और उनका वाजिब हक दिलाने में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने, सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि प्रदान करने के लिए हमारी सरकार द्वारा हर महीने बहनों के खातों में राशि भेजकर बहनों का रक्षाबंधन मनवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले महीने रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में लाड़ली बहनों को 250 रूपए बढ़ाकर दिया जाएगा, जिससे ताकि बहनें उत्साह पूर्वक त्यौहार मना सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर जिले के बेलखेड़ा गांव में राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की लाड़ली बहनों सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के जरिये 2081 करोड़ रूपसे से अधिक की सम्मान एवं सहायता राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार ने विरासत से विकास का संकल्प लिया है। जबलपुर क्षेत्र महारानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई जैसी वीरांगनाओं की धरती है। हमारी सरकार ने इन वीरांगनाओं के नाम पर योजनाएं चलाई हैं। इनका लाभ प्रदेश की लाखों महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना ही हमारा लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पूरे देश सहित मध्यप्रदेश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की जून माह की किश्त 1551 करोड़ 44 लाख रूपये अंतरित किये। योजनान्तर्गत लाड़ली बहनों को मिलने वाली यह 25वीं किश्त है। योजना में प्रत्येक लाड़ली बहना को प्रत्येक माह 1250 रूपये की राशि उनके बैंक खाता में अंतरित की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों की जिंदगी को बेहतर करने मध्यप्रदेश सरकार प्रति महीने साढ़े पंद्रह सौ करोड़ रुपए अंतरित करती है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में 30 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि बहनों को दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रूपए की राशि, 27 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग की 39.14 करोड़ रुपए की अनुदान राशि और मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 6 हजार 821 श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि का भी सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ वितरण करने के साथ ही करीब 22 करोड़ 44 लाख रूपये के विकास कार्यों का भी लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरगी विधायक नीरज सिंह के अनुरोध पर बेलखेड़ा में शासकीय महाविद्यालय प्रारम्भ करने और शहपुरा में अनुविभागीय राजस्व कार्यालय व शासकीय कर्मचारियों के आवास भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने शहपुरा में एसडीओपी की पदस्थापना की भी घोषणा की। बहनों के आशीर्वाद से धन्य हुई जिंदगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद मिल जाए तो जिंदगी धन्य हो जाती है। उन्होंने कहा कि भाई अकेले अपने घर को गौरवान्वित करता है जबकि बहनें ससुराल और मायके दोनों घरों का गौरव बनती हैं। उन्होंने कहा कि माताएं और बहने घर-परिवार के लिए समर्पण करती हैं और परिवार में बच्चों को बड़ा करने में माताओं और बहनों की भूमिका देवतुल्य होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की गौरवशाली संस्कृति रही है। हमारे यहां सात जन्मों की कसमों के साथ विवाह की रस्में होती हैं। सबको पक्का आवास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गांव, पहाड़ और नगर में रहने वाले, कच्चे और टूटे छत के मकान में रहने वाले सभी लोगों को पक्का मकान देने का काम किया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना से हमारी माताओं और बहनों की आंखों को धुएं से मुक्ति दिलाने का काम भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गैस रिफिलिंग के तहत प्रदेश की 27 लाख से अधिक बहनों के खाते में भी आज 39.14 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर जल जीवन मिशन के तहत अब हर घर नल से जल पहुंच रहा है इससे माताओं और बहनों को कुंए और दूर दराज के जल स्त्रोतों से पानी लाने के कष्ट से निजात मिली है। मुख्यमंत्री ने बहनों के लिए प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सेना में भी बेटियों को बराबरी का दर्जा मिल रहा है। गरीबों को मिल रहा निःशुल्क खाद्यान्न मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेडीमेड गारमेंट के माध्यम से व्यवसाय करने वाली बहनों को 5 हजार रूपए अलग से देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कोदो-कुटकी खरीदने पर प्रति क्विंटल 1 हजार रुपए का बोनस देना प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1 करोड़ 33 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न देने का काम भी सरकार कर रही है। बच्चों की पढ़ाई, लिखाई की जवाबदारी सरकार निभा रही है। उन्होंने कहा कि अगले महीने मेधावी छात्रों को स्कूटी और लैपटॉप भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने सांदीपनि विद्यालयों का जिक्र करते हुए कहा कि विद्यालयों में सभी प्रकार … Read more

कभी सोचा नहीं था कि मेरी दुकान में चाय पीने.. आयेंगे मुख्यमंत्री

जबलपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के बेलखेड़ा में सोमवार को राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन में शामिल होने के बाद सड़क मार्ग से डुमना विमानतल के रास्ते में काफिला रूकवाकर अंध-मूक चौराहा स्थित शंकर चाट भंडार के स्टॉल पर चाय का आनंद लिया। इस अवसर पर सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी, जिला अध्यक्ष राजकुमार पटेल, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर एवं अखिलेश जैन भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदार ब्रजेश लोधी से कुशलक्षेम पूछीं और उनके परिवार और व्यवसाय के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अकस्मात् अपनी दुकान में पाकर ब्रजेश प्रफुल्लित हो उठे, उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसकी छोटी सी दुकान में स्वयं मुख्यमंत्री चाय पीने आए हैं। ब्रजेश ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उसके जैसे छोटे दुकानदार से भी बड़ी ही आत्मीयता से मिले। ब्रजेश ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर बहुत खुशी हुई, हमारे मुख्यमंत्री बड़े सहज और सरल स्वभाव के हैं।।  

प्रधानमंत्री मोदी को साइप्रस का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया अभिनंदन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को साइप्रस के राष्ट्रपति श्री निकोस क्रिस्टोडौलिडेस द्वारा साइप्रस के सर्वोच्च सम्मान “ग्रांड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ माकारिओस थर्ड” से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी को साइप्रस के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया जाना 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व एवं स्वाभिमान का विषय है। यह विश्व मित्र भारत का सम्मान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अमूल्य एवं अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों की ओर से भी प्रधानमंत्री श्री मोदी का हार्दिक अभिनंदन किया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ओंकारेश्वर में अद्वैत लोक कला संग्रहालय की स्वीकृति पर श्रृंगेरी शारदा पीठम ने माना आभार राज्य सरकार ने एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के लिए स्वीकृत किए 2195 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के निर्माण के लिए 2195 करोड़ राशि स्वीकृत करने पर कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ प्रशासन ने आभार माना है। श्रृंगेरी शारदा पीठम के प्रशासक पी.ए. मुरली ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट बैठक में अद्वैत लोक संग्रहालय को एकात्मता के वैश्विक केन्द्र (ए ग्लोबल सेंटर ऑफ़ वननेस) के रूप में विकसित करने का निर्णय ऐसिहासिक है। मुरली ने राज्य सरकार के प्रति गहन कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह प्रयास न केवल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की कालातीत शिक्षाओं को समर्पित एक भव्य स्मृति स्वरूप है, बल्कि समूचे विश्व में अद्वैत वेदांत के प्रकाश-स्तंभ के रूप में कार्य करेगा। मुरली ने कहा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के अंतर्गत प्रथम चरण में 108 फीट ऊंची आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा (स्टैचू ऑफ़ वननेस) का लोकार्पण भी श्रृंगेरी मठ के वेदज्ञ पंडितों और विद्वानों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रृंगेरी मठ में आमंत्रित भी किया। उल्लेखनीय है कि जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने आज से 1200 वर्ष पूर्व कर्नाटक की पवित्र तुंगा नदी के तट पर श्रृंगेरी मठ की स्थापना की थी। चार आम्नाय पीठों में प्रथम यह मठ, ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी शारदाम्बा की दिव्य उपस्थिति से पावन है और सदा से ही यह मठ विद्या, आध्यात्म और परंपरा का पूज्य केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि सिंहस्थ : 2028 से पहले ओंकारेश्वर को उज्जैन की तरह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। यह स्थान प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन परिदृश्य में महत्वपूर्ण महत्व रखता है।  

मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में लिया निर्णय, मूंग एवं उड़द का 19 जून से प्रारंभ होगा पंजीयन का कार्य

किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम दिलाने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा 19 जून से प्रारंभ होगा पंजीयन का कार्य मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में लिया निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की बेहतरी के लिये सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। सरकार ने किसानों के हित में निर्णय लेते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन किये जाने संबंधी निर्णय लेकर प्रस्ताव केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को भेजा है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग एवं उड़द के उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन 19 जून से प्रारंभ होगा। इस संबंध में संबंधित विभाग एवं एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये कृषि आधारित उद्योग लगाने में भी मदद कर रही है। किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम दिलाने के लिये प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान संघों से हुई चर्चा में आश्वस्त किया कि हम सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य की बेहतरी के लिये डबल इंजन की सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सरकार किसानों को अगली फसल के लिये भी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उन्नत बीज और उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश में निरंतर कृषि मेलों का आयोजन कर रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य कृ‍षि लागत एवं मूल्य आयोग भारत सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8682 रूपये प्रति क्विंटल और उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7400 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। राज्य किसान कल्याण एवं कृषि विभाग द्वारा केन्द्र को भेजे गये प्रस्ताव में किसानों का पंजीयन, उपार्जित फसल की गुणवत्ता, परिवहन, भुगतान के साथ प्रचार-प्रसार की कार्य-योजना भी प्रेषित की गई है। 36 जिलों में मूंग और 13 जिलों में उड़द प्रदेश के 36 जिलों में मई माह के तृतीय सप्ताह से जून माह के प्रथम सप्ताह तक मूंग फसल कटाई और प्रदेश के 13 जिलों में मई माह के तृतीय सप्ताह से जून माह के प्रथम सप्ताह तक उड़द फसल की कटाई की जाती है। प्रदेश में मूंग का संभावित क्षेत्राच्छादन 14.35 लाख हेक्टेयर, संभावित उत्पादन 20.23 लाख मीट्रिक टन है। इसी प्रकार उड़द का संभावित क्षेत्राच्छादन 0.95 लाख हेक्टेयर, संभावित उत्पादन 1.24 लाख मीट्रिक टन है। एमएसपी पर पंजीयन प्रक्रिया न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित की जाने वाली मूंग एवं उड़द के लिये संबंधित किसानों को पंजीयन के लिये किसान की फसल का नाम, आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, आईएफसी कोड सहित भूअधिकार ऋण पुस्तिका की स्व-प्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना होगी। बैंक खाता राष्ट्रीयकृत बैंक एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की शाखा का होना अनिवार्य है। सिकमी/बटाई काश्तकार को पंजीयन के लिये आवेदन के साथ सिकमी के अनुबंध की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न करना होगी। किसानों से ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द की उपार्जित मात्रा के भुगतान के लिये कम्प्यूटराईज प्रिंटेड रसीर उपार्जन करने वाली संस्था द्वारा प्रदाय की जायेगी जिसमें किसान का नाम, बैंक खाता क्रमांक तथा भुगतान योग्य राशि का विवरण होगा। इस रसीद पर उपार्जन केन्द्र प्रभारी के हस्ताक्षर भी किये जायेंगे। समर्थन मूल्य पर उपार्जित मूंग-उड़द की एक समान विनिर्दिष्टियां भारत सरकार, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिये केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित एक समान विनिर्दिष्टियां के अनुरूप किया जायेगा। इसके अनुसार ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द के उपार्जन करने की जिम्मेदारी संबंधित उपार्जन करने वाली सहकारी संस्थाओं की होगी। निर्धारित मापदण्ड अनुसार उपार्जन सुनिश्चित करने के लिये सहकारी संस्थाओं/मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपण संघ मर्यादित भोपाल/म.प्र. वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन, खाद्य, कृषि, सहकारिता एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले को ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द की गुणवत्त हेतु जिला स्तर पर प्रशिक्षित किया जायेगा। साथ ही किसानों के हित में समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द उपार्जन की कीमत एवं समान विनिर्दिष्टियां का व्यापार प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे किसानों का ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द विचौलियों द्वारा कम दाम पर खरीदा न जा सके। उपार्जित फसल का परिवहन उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक मूंग-उड़द परिवहन करने के लिये परिवहनकर्ताओं की नियुक्ति एवं अनुबंध की कार्रवाई की जायेगी। उपार्जन केन्द्र पर प्रतिदिन उपार्जन मात्रा की समीक्षा भी होगी। ई-उपार्जन साफ्टवेयर के माध्यम से ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द के परिवहन के लिये जारी रसीद पर परिवहनकर्ता की प्राप्ति कर उसे मूंग-उड़द सौंपा जायेगा। किसी कारणों से एजेंसियों द्वारा नियुक्त परिवहनकर्ता परिवहन करने में विफल होता है तो वैकल्पिक व्यवस्था जिला स्तरीय समितियों द्वारा की जायेगी। परिवहनकर्ता द्वारा विलम्ब से परिवहन करने पर उसके विरूद्ध नियमानुसार उपार्जन एजेंसियों द्वारा पेनाल्टी लगाई जायेगी। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के‍लिये सुविधाएं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधा के लिये व्यवस्था उपार्जन समिति होगी, जो केन्द्र पर किसानों के बैठने के लिये छायादार स्थान, साफ पीने के पानी, शौचालय एवं फर्स्ट बॉक्स सुविधा उपलब्ध करायेगी। उपार्जन किये जाने वाले खाद्यान की गुणवत्ता परीक्षण के लिये आवश्यक उपकरण की व्यवस्था भी होगी। इसके लिये विस्तृत परीक्षण भी दिया जायेगा। उपार्जन केन्द्र पर एक बैनर लगाया जायेगा, जिसमें केन्द्र का नाम, एफएक्यू गुणवत्ता का मापदण्ड और भुगतान का उल्लेख होगा। जिन उपार्जन केन्द्रों पर अत्यधिक खरीदी की संभावना होगी, उन केन्द्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जायेगी। साथ ही निर्धारित केन्द्रों पर लैपटॉप, प्रिन्टर, बैटरी आदि को चालू अवस्था में रखा जायेगा।  

भारत-फ्रांस का समझौता अगले तीन वर्षों के लिए वैध होगा और आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा

भोपाल  फ्रांस और मध्यप्रदेश के बीच संस्कृति और पर्यटन क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष मुख्यमंत्री निवास, समत्व में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह मध्यप्रदेश को भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक एवं पर्यटन सहयोग का नया केंद्र बनाएगा। इस ऐतिहासिक एमओयू पर भारत में फ्रांस के राजदूत डॉ. थिएरी मथौ, प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला और अलायंस फ्रांसेज़ डी भोपाल के अध्यक्ष श्री अखिलेश वर्मा ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता अगले तीन वर्षों के लिए वैध होगा और आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत और फ्रांस के साथ सम्बन्ध हमेशा से अच्छे रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के फ्रांस दौरे के बाद यह और प्रगाढ़ हुए है। मध्यप्रदेश फ्रांस के साथ सांस्कृतिक संबंधों के साथ व्यापारिक सम्बन्धों के लिए भी तत्पर है। उनकी आगामी माह फ्रांस यात्रा प्रस्तावित है। भारत और फ्रांस के बीच औद्योगिक विकास की दृष्टि से, उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और शिल्प कलाओं को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से परस्पर सहयोग की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को न केवल देश की सांस्कृतिक राजधानी बल्कि एक प्रगतिशील, वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की हमारी दूरदृष्टि को साकार करता है। प्रदेश के कलाकारों को वैश्विक मंच मिलेगा और फ्रांस तथा यूरोप से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। भारत में फ्रांस के राजदूत डॉ. थिएरी मथौ ने इस साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “हमें मध्यप्रदेश सरकार के साथ इस महत्वपूर्ण सहयोग को स्थापित करते हुए बहुत खुशी हो रही है। फ्रांस मुख्य रूप से पर्यटन, सुरक्षा, पर्यावरण और शिक्षा पर विशेष रूप से कार्य करता है। यह एमओयू दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा, जिससे कला, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।”  एमओयू के तहत प्रमुख रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संयुक्त आयोजन किया जाएगा, जिसमें कला उत्सव, संगीत, नृत्य, प्रदर्शनियां, फिल्म स्क्रीनिंग, खानपान और संस्कृति से जुड़े अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। प्रतिवर्ष एक समर्पित इंडो-फ्रेंच सांस्कृतिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की पर्यटन प्रचार सामग्री का फ्रेंच भाषा में अनुवाद किया जाएगा और फ्रांसीसी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र के अधिकारियों और गाइड्स को फ्रेंच भाषा एवं संस्कृति का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह समझौता प्रदेश की सांस्कृतिक रणनीति को बल देगा और स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, छात्रों तथा सांस्कृतिक संगठनों को वैश्विक मंच प्रदान करेगा, जिससे मध्यप्रदेश की विशिष्ट पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उद्योग श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, फ्रांस के कौंसुल जनरल श्री जीन-मार्क सेरे-शार्ले, फ्रांसीसी दूतावास के राजनीतिक परामर्शदाता, श्री शाद जॉयनाल आबेदीन और अलायंस फ्रांसेज़ के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान आधुनिक भारत की जीवन रेखा बन चुका है: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान आधुनिक भारत की जीवन रेखा बन चुका है: मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भारत को प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी और नवाचार की क्रांति का वैश्विक केंद्र-बिंदु बनाने के लिए संपूर्ण प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व में ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान आधुनिक भारत की जीवन-रेखा बन चुका है। आज गांव हो या शहर, देश का हर कोना डिजिटल युग से कदमताल कर रहा है। बीते 11 वर्षों में, देश में डिजिटल इंडिया के माध्यम से ई-गवर्नेन्स, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परिभाषा लिखी गई है। इसके परिणाम स्वरूप योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अब सीधे आमजन तक पहुंच रहा है, बिचौलियों और भ्रष्टाचार को मात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सभी नागरिकों को गर्व है कि वैश्विक स्तर पर रियल टाइम डिजिटल लेन-देन में आज भारत की भागीदारी 49 प्रतिशत तक पहुंच गई है।  

बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण के प्रयासों में सरकार के सहभागी बनें नागरिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के नागरिकों से आहवान किया है कि वे बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण के लिए अभावग्रस्त बच्चों को उत्तम स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता प्रदान करने के प्रयासों में सरकार के सहभागी बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर ‘एक्स’ पर कहा कि एक सभ्य समाज में बाल श्रम के लिए कोई स्थान नहीं है, इस सामाजिक अपराध पर अंकुश लगाना सभी नागरिकों का कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रमिक परिवारों के खातों में संबल योजनाओं की राशि करेंगे अंतरित आज अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये का होगा अंतरण मुख्यमंत्री यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। आज शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में होने वाले इस कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संबल योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। योजना अन्तर्गत प्रारंभ से अब तक 1 करोड़ 76 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। पंजीयन प्रक्रिया निरंतर जारी है। योजना में अनुग्रह सहायता अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रुपये तथा अंत्येष्टि सहायता के लिए 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के लिये 16 हजार रुपये दिये जाते हैं, तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है, जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता दी जा रही है। वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है, जिसे लागू करने का श्रेय प्रदेश की सरकार को है। मध्यप्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती हैं, इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, उन्हें 5 लाख रुपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा का लाभ मिल रहा हैं।  

प्रदेश सरकार अपने नागरिकों की चिंता करने के साथ-साथ वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करने के लिए भी संवेदनशील :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक वन क्षेत्र और वन्यजीवों की विविधता से संपन्न राज्य है। भारत में सबसे अधिक बाघ (टाइगर) मध्यप्रदेश की धरती पर देखने को मिलते हैं। तेंदुआ (लेपर्ड) और गिद्ध (वल्चर) की संख्या भी मध्यप्रदेश में सबसे अधिक है। प्रदेश के अलग-अलग वन क्षेत्रों में मगरमच्छ और घड़ियालों का बसेरा है। प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण, जंगलों की रक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वन्य प्राणी संरक्षण सहित सभी क्षेत्रों में तेज गति के साथ अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर स्थापित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  गुजरात रवाना होने के पहले मीडिया में जारी एक संदेश में यह विचार रखे। संभाग स्तर पर आवश्यक हैं रेस्क्यू सेंटर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब वन्यजीव प्रेमियों के लिए मध्यप्रदेश में किंग कोबरा भी लेकर आए हैं। चीतों को पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से गांधी सागर वन क्षेत्र में छोड़कर एक नया नेशनल पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक दो नए टाइगर नेशनल पार्क बनने और चीतों के साथ-साथ दूसरे वन्य जीवों की संख्या बढ़ने से संभाग स्तर पर रेस्क्यू सेंटर की आवश्यकता महसूस हो रही है। इन सेंटर्स की स्थापना के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अब तक केवल एक रेस्क्यू सेंटर राजधानी भोपाल स्थित वन विहार में है। यहां प्रदेशभर से घायल और बीमार वन्यजीवों को इलाज के लिए लाया जाता है, लेकिन उनके अनुकूल वातावरण में बदलाव हो जाने के कारण कई बार परेशानियां आती हैं। वन्यप्राणियों की जीवन रक्षा और उनके जीवन में सुखद बदलाव लाने के लिए संभाग स्तर पर रेस्क्यू सेंटर शुरू करने का प्रयास है। मध्यप्रदेश में जू़ की संख्या बढ़ेगी राज्य सरकार प्रदेश में चिड़ियाघरों अर्थात प्राणी उद्यान (जू़) की संख्या में भी वृद्धि करने जा रही है। बजट में दो प्राणी उद्यान की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात में देश का सर्वश्रेष्ठ जू एवं रेस्क्यू सेंटर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वे गुजरात की अध्ययन यात्रा में जामनगर में वन्यजीवों की देखरेख के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे साथ ही वन्यजीवों का आदान-प्रदान कर उनके जीवन रक्षा की संभावनाएं भी तलाशेंगे। नागरिकों के साथ-साथ वन्यजीवों के प्रति भी संवेदनशील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के कई विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में वेटनरी कोर्स और वेटनरी अस्पताल शुरू कर पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। निकट भविष्य में इससे संबंधित कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। वन संपदा और वन्यजीवों के संरक्षण का भी व्यापक अभियान प्रदेश में चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि अगर किसी वन्यजीव के संकट में होने की जानकारी मिले या दिखाई दे तो नज़दीकी फॉरेस्ट ऑफिसर को सूचित करें। प्रदेश सरकार अपने नागरिकों की चिंता करने के साथ-साथ वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करने के लिए भी संवेदनशील है।

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सौगात देने जा रही मोहन यादव सरकार, पदोन्नति में आरक्षण का नियम जल्द होगा लागू

भोपाल  पिछले 9 सालों से पदोन्नति का रास्ता देख रहे मध्य प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य सरकार जल्द ही बड़ी राहत देने जा रही है. प्रदेश सरकार पदोन्नति में आरक्षण का नियम जल्द ही लागू करने की तैयारी करने जा रही है. इसके प्रारूप को देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सभी मंत्रियों ने इसमें अपनी सहमति दे दी है. नए प्रारूप में तय किया गया है कि पहले जिनकी पदोन्नति हो चुकी है, उन्हें न तो रिवर्ट किया जाएगा और न ही रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. पदोन्नति में आरक्षण के लाभ के लिए सबसे पहले एससी के 16 फीसदी और एसटी के 20 फीसदी पद भरे जाएंगे. इसके बाद बाकी वर्गों को इसका फायदा मिलेगा. माना जा रहा है कि जून माह के अंतिम सप्ताह में इस प्रारूप पर कैबिनेट अपनी मुहर लगा देगी. 9 साल से देख रहे पदोन्नति की राह मध्य प्रदेश में पदोन्नति का मामला पिछले 9 सालों से उलझा हुआ है. इन 9 सालों के दौरान हजारों कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही रिटायर्ड हो गए और बड़ी संख्या में कर्मचारी पदोन्नति का रास्ता देख रहे हैं, लेकिन अब इसका रास्ता खुलने जा रहा है. राज्य सरकार ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है. इस प्रारूप को दो बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी देख चुके हैं. मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट में सभी मंत्रियों के साथ इसका प्रजेंटेशन दिया. अब माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए लाया जा सकता है. इस तरह मिलेगा पदोन्नति का आरक्षण का लाभ     प्रारूप में तय किया गया है कि पदोन्नति में आरक्षण का सबसे पहले जनजातीय वर्ग को लाभ दिया जाएगा. इसमें जनजातीय वर्ग के खाली पदों को भरा जाएगा. इसके बाद अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों को इसका लाभ दिया जाएगा. यदि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षिण पद पर कोई पात्र व्यक्ति नहीं मिलता तो दूसरे वर्ग के कर्मचारी को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा. यह पद खाली रखे जाएंगे.     पदोन्नति के लिए जितने भी पद खाली होंगे, उससे दो गुना के साथ 4 अतिरिक्त नाम बुलाए जाएंगे. इस तरह यदि 10 पद खाली हैं तो उसके लिए 20 और 4 अतिरिक्त यानी 24 लोग बुलाए जाएंगे.     पदोन्नति के लिए हर साल सितंबर से लेकर नवंबर के बीच डीपीसी की जाएगी. इसके अलावा 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों की पात्रता का निर्धारण किया जाएगा. हर साल 1 जनवरी को रिक्त होने वाले पदों पर पात्र लोगों को प्रमोशन का लाभ मिलता जाएगा.     पदोन्नति के लिए दो तरह की लिस्ट तैयार होंगी. इसमें क्लास वन अधिकारियों को पदोन्नति का आधार मैरिट कम सीनियेरिटी को बनाया जाएगा. वहीं क्लास 2 के लिए नीचे के पदों के लिए सीनियेरिटी कम मैरिट के आधार पर लिस्ट तैयार की जाएगी. इससे सभी वर्गों को फायदा पहुंचेगा. प्रक्रिया दो आधारों पर होगी निर्धारित क्लास-1 अधिकारियों की पदोन्नति के लिए “मेरिट कम सीनियरिटी” का फार्मूला लागू होगा। क्लास-2 व उससे नीचे के पदों के लिए “सीनियरिटी कम मेरिट” का आधार अपनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह संतुलित व्यवस्था आरक्षित और अनारक्षित दोनों वर्गों के हितों का ध्यान रखेगी। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी की पदावनति (रिवर्ट) नहीं की जाएगी और पूर्व में सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। नई व्यवस्था उस दिन से लागू मानी जाएगी जिस दिन इसका औपचारिक नोटिफिकेशन जारी होगा। पात्रता की अंतिम तिथि 31 दिसंबर सरकार ने निर्णय लिया है कि पदोन्नति की प्रक्रिया हर साल सितंबर से नवंबर के बीच संपन्न होगी। पात्रता का निर्धारण 31 दिसंबर तक किया जाएगा और 1 जनवरी से पद रिक्तियों के अनुसार योग्य अधिकारियों को पदोन्नति दी जाएगी। पदोन्नति की रिक्तियों की संख्या के दोगुना दावेदारों के साथ चार अतिरिक्त अभ्यर्थियों को सूची में शामिल किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि 6 पद रिक्त हैं, तो 12 (दोगुना) + 4 अतिरिक्त = कुल 16 लोगों को प्रमोशन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। पिछले कई वर्षों से प्रमोशन पर लगी रोक के कारण लगभग एक लाख कर्मचारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सरकार अब इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति देने की दिशा में कार्य कर रही है। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी

मंडियों में किसानों को मूंग विक्रय का मिले उचित दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारतीय किसान संघ मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाकर मूंग खरीदी की जाएगी। प्रदेश के बाहर से व्यापारियों को भी मूंग खरीदी के लिए सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और प्रोत्साहित किया जाएगा। मंडियों में किसानों को मूंग विक्रय का उचित दाम मिल सके इसके लिए व्यापारियों को बोली लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उनसे भेंट करने आए भारतीय किसान संघ मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल से यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मूंग पर मंडी शुल्क में राहत दी जा सकती है या नहीं इसकी जांच की जायेगी। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और आईटीसी को मूंग नीलामी में शामिल करने के लिये प्रेरित किया जायेगा। हमारा प्रयास यह है कि मंडियों में मूंग की मॉडल दरे बढ़कर लगभग 7500 रूपये प्रति क्विंटल हो जाये। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बाहर से आने वाले व्यापारियों को नये मंडी लायसेंस भी दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। खेती और किसानी राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। प्रदेश में कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिए कोई कसर छोड़ी नहीं जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कपास उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। गौ-शाला संचालित करने के लिए 20 रुपए से बढ़ाकर प्रति गाय 40 रुपए अनुदान राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान, फसल चक्र अपना कर उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान संघ, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, चंद्रकात गौर और अन्य पदाधिकारी शामिल थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे।  

प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय

प्रदेश की 20 हजार 600 सुदूर बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत 30 हजार 900 किलोमीटर सड़क का होगा निर्माण प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का अनुमोदन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा/टोला/धोनी/पुरा इत्यादि को बारहमासी सम्पर्कता प्रदान करने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार योजना का क्रियान्वयन 2 चरणों में किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहले चरण एवं वित्तीय वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में कुल अनुमानित 30 हजार 900 कि.मी. मार्ग का निर्माण होगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य मद से किया जायेगा। योजना के संबंध में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किया गया है। स्वीकृति अनुसार न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले 6 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्र, जिसके 50 मीटर की दूरी में पूर्व से बारहमासी सड़क न हो, को बसाहट के अंतर्गत लिया जायेगा। इसके लिए बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जायेगी। सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणजनों की स्थानीय आवश्यकता जैसे – सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। अंतिम प्राथमिकता सूची का राज्य स्तर पर प्रकाशन किया जायेगा। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जायेगा। प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया। छूट दिए जाने से प्रदेश में तुअर दाल की पर्याप्त उपलब्धता होगी। साथ ही परिवहन बढेगा और रोजगार में वृद्धि होगी। झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से SASCI (स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट) 2024-25 योजना अंतर्गत स्वीकृत 350 सीट्स की क्षमता वाले 4 वर्किंग वूमन हॉस्टल के निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया है। योजना पी.पी.पी मोड में संचालित की जायेगी। योजना पर 40 करोड़ 59 लाख रूपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ”जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “जिला विकास सलाहकार समिति” का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया गया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने संबंधी निर्देश दिये गये थे। जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के उद्देश्यों में जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएँ बनाना है। साथ ही समिति जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल” के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृ‌द्धि का रोडमैप तैयार करेगी। जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझावों पर समिति विचार करेगी। जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को एक योजना के रूप में मूर्त रूप देना। जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव, उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए सुझाव देना शामिल है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 19 जून को आएंगी मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत तालून में होगा कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले की मंत्रीगण से चर्चा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर किया विचार-विमर्श भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत तालून में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में शासकीय सेवकों के स्थानांतरण अब 17 जून तक किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के संबंध में मंत्रीगण से विचार विमर्श किया। केंद्र सरकार के 11 वर्ष और राज्य सरकार के डेढ़ वर्ष के कार्यकाल पर होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल कार्यकाल के 11 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्रि-परिषद प्रसन्नता व्यक्त करती है। सुशासन के संकल्प के प्रति मंत्रि-परिषद प्रधानमंत्री का अभिनंदन का प्रस्ताव पारित करती है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अन्नदाता, नारी, युवा और गरीब सहित विभिन्न वर्गों का जीवन बदलने के लिए और उन्हें अधिक से अधिक रोजगार एवं विकास के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इस अवधि में केंद्र सरकार द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सभी मंत्रीगण केंद्र की 11 वर्ष की योजनाओं की उपलब्धियां और मध्यप्रदेश शासन की डेढ़ वर्ष की उपलब्धियां नागरिकों तक पहुंचाएंगे। इस संबंध में संकल्प से सिद्धि अभियान भी संचालित होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों को दायित्व सौंपे जाएंगे। स्पिरिचुअल एवं वैलनेस समिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत 5 जून को उज्जैन में स्पिरिचुअल एंड वैलनेस समिट का आयोजन हुआ, जिसमें स्वामी चिदानंद सरस्वती सहित अनेक वैलनेस के क्षेत्र में कार्य कर रहे आध्यात्मिक गुरुओं ने हिस्सा लिया। विभिन्न निवेशकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित 300 से अधिक प्रतिनिधि इस समिट में शामिल हुए। समिट के माध्यम से वैलनेस हॉस्पिटैलिटी और स्वास्थ्य क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। केरल, उत्तराखंड आदि राज्यों के प्रतिनिधि इसमें विशेष रूप से शामिल हुए। मध्यप्रदेश में यह अपने तरह की प्रथम समिट थी जो सरकार के प्रत्येक सेक्टर में निवेश की संभावनाओं और विकास की परिकल्पना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जाने का निर्णय लिया गया था। इनमें से पांच कॉलेज की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो चुकी है। शेष महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए भी राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। यह कॉलेज वैलनेस केंद्र के रूप में भी कार्य करेंगे। धार्मिक लोक का निर्माण और विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न धार्मिक स्थानों पर 13 लोक के निर्माण और विकास का कार्य चल रहा है। इन कार्यों की समय-समय पर समीक्षा भी की जा रही है। प्रदेश के पर्यटन विकास में यह लोक भी महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। वर्षा काल में आवश्यक व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी वर्षाकाल में बाढ़ और अतिवृष्टि की आशंका के दृष्टिगत मंत्रीगण को अपने प्रभार के जिलों में आवश्यक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयारी के निर्देश दिए। मंत्रीगण द्वारा जिला स्तर पर सभी संभावित परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी। कृषक कल्याण और नवकरणीय ऊर्जा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में सौर ऊर्जा पर विशेष समिट का सौर ऊर्जा उत्पादन के संबंध में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया जा रहा है। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना आय के एक नए साधन के रूप में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। इसमें निवेशक की अपनी स्वयं की भूमि अथवा कृषि भूमि होना चाहिए। ऊर्जा उत्पादन में भागीदार बनाने की यह महत्वपूर्ण योजना है जो ऊर्जा की उपलब्धता और उसकी वृद्धि के साथ निवेशक और राज्य की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषकों के हित में संचालित गतिविधियों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर मध्य प्रदेश में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा शव वाहन के संचालन का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अस्पतालों में किसी नागरिक की मृत्यु के बाद उनके घर तक पार्थिव देह ले जाने की नि:शुल्क व्यवस्था प्रदान की जाएगी। संकट की स्थिति में राज्य सरकार नागरिकों के साथ है। इस योजना का क्रियान्वयन शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है।  

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट छोटे निवेशक होंगे समिट से लाभान्वित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट में होंगे शामिल सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट आज  कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट छोटे निवेशक होंगे समिट से लाभान्वित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सिरमौर बनाने के लिये “सबका साथ-सबका विकास और सबके विश्वास’’ के साथ लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य प्राप्ति में मध्यप्रदेश भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रतिबद्धतापूर्वक निरंतर कार्य कर रहा है। मंगलवार 10 जून को कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में छोटे निवेशकों और किसानों की सौर ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिये सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट का शुभारंभ करेंगे। समिट में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे। इसमें विभिन्न सत्र आयोजित किये जायेंगे। सत्रों में विषय-विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी जायेगी। एमडी ऊर्जा विकास निगम अमनबीर सिंह बैंस प्रात: 11 बजे प्रोजेक्ट और निविदा की विशेषताओं पर प्रकाश डालेंगे। दोपहर में निविदा प्रक्रिया का प्रेजेंटेशन होगा। रिसोर्स मॉनीटरिंग सिस्टम पर विचार-विमर्श होगा। इसके अतिरिक्त मेनिट की डॉ. प्रियंका पालीवाल ‘रियेक्टिव पॉवर-ग्रिड स्टेबिलाइजेशन एण्ड इम्पेक्ट ऑन फीडर’ पर व्याख्यान देंगी। समिट में फीडर सोलराइजेशन में वित्तीय सहायता के लिये बैंकर्स का सेशन भी आयोजित किया गया है। समिट में प्रोसेस फ्लो और डिमांस्ट्रेशन पर भी प्रेजेंटेशन होंगे। समिट में इनवर्टर मैन्युफेक्चरर्स का सेशन भी होगा। समिट का शुभारंभ प्रात: 10:30 बजे सहभागियों के रजिस्ट्रेशन से होगा। “सूर्य-मित्र कृषि फीडर”- क्रियान्वयन के मुख्य बिंदु     योजना के अंतर्गत विद्युत् सबस्टेशंस की 100 प्रतिशत क्षमता तक की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी।     वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत् क्रय अनुबंध किया जाएगा।     प्रदेश में 1900 से अधिक सबस्टेशंस पर 14500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन हेतु उपलब्ध हैं। परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रा फंड से 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत ब्याज में छूट का प्रावधान है।  

मुख्यमंत्री ने सांदीपनी और जवाहर नवोदय विद्यालय भवन का किया लोकार्पण

सांदीपनी स्कूल एवं नवोदय विद्यालय के स्थापित होने से शिक्षा के नए कीर्तिमान बनेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्य मार्ग से नवोदय विद्यालय तक सडक का निर्माण किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सांदीपनी और जवाहर नवोदय विद्यालय भवन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन रतलाम जिले के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जिले को दो सौगातें मिली हैं। आलोट में नवोदय विद्यालय के साथ ही सांदीपनी विद्यालय भवन का लोकापर्ण किया गया है, जो शिक्षा के क्षे़त्र में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। मध्यप्रदेश में शासकीय विद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहें है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र मे उत्तरोतर प्रगति कर रहा है। रतलाम के आलोट में 38.4 करोड़ लागत से बने पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय-2, छात्रावास और स्टॉफ क्वार्टरो तथा 35 करोड़ 11 लाख की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025 में 10वी एवं 12वी बोर्ड परीक्षा के परिणामों में निजी स्कूलों के बजाए शासकीय स्कूल के बच्चों ने ज्यादा अच्छा प्रर्दशन किया है। नीट, जेईई जैसी परीक्षाओं में भी सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कोई कमी नही छोडी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जवाहर नवोदय विद्यालय से मुख्य मार्ग से जोडने वाली सड़क का निर्माण किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अन्य क्षेत्रों में भी विकास के कार्य कर रही हैं। सिंचाई के लिए भी कई परियोजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी विजन के तहत नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत हुई है। राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की बेहतरी के लिए पार्वती, चंबल, कालीसिंध नदी जोडों परियोजना स्वीकृत की गई है। इससे प्रदेश के कई गांव को पेयजय एवं सिंचाई के लिए जल मिल सकेगा। मध्यप्रदेश मे लगभग 55 लाख हैक्टेयर में सिंचाई हो रही है। किसानों को विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पम्प देने की योजना है। इससे किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे है। मध्यप्रदेश देश में पर्यटन के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर आ गया है। आलोट में क्षिप्रा-चंबल नदी संगम स्थल पर पर्यटन का विकास किया जाएगा। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि यह नवोदय विद्यालय रतलाम में दूसरा है, पहला विद्यालय कालूखेड़ा में स्थित है। नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय और उत्कृष्ट विद्यालय पूरे देश में विद्यार्थियों का शैक्षणिक एवं नैतिक विकास कर रहे हैं। शिक्षा ही सामाजिक एवं आर्थिक विकास का आधार है। भारत में साक्षरता दर निरंतर बढ़ रही है, जिसमें नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालयों का महत्वपूर्ण योगदान है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि रतलाम जिले के आलोट में यह दूसरा नवोदय विद्यालय प्रारंभ हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आधार पर युवाओं को रोजगार मूलक शिक्षा देने में जवाहर नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे नवोदय विद्यालयों में अध्ययन कर जेईई, नीट जैसी परीक्षाएं पास कर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए महाविद्यालय में प्रवेश ले रहे है। लगभग 1 करोड़ 53 लाख बच्चे मध्यप्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। राज्य एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से इन विद्यालयों में एआई की पढ़ाई भी प्रारंभ की गई है। स्कूल समाज को मजबूत बनाते है। मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को सशक्त कर प्रदेश को विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चेतन्य काश्यप, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक आलोट डॉ. चिंतामणि मालवीय उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का स्वागत पारंपरिक पगड़ी, शॉल एवं पारंपरिक पेन्टिग भेंट कर किया गया। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में सर्व-सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए वर्ष 2022-23 में सीएम राइज विद्यालय की स्थापना की है, जो अब महर्षि सांदीपनि विद्यालय के नाम से पहचाने जा रहे हैं। सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है। सांदीपनि विद्यालय आलोट में आसपास के 1600 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश लेंगे, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। इस विद्यालय में 1 कि.मी. से 15 कि.मी. दूरी से आने वाले बच्चों के लिए परिवहन सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विषय-वार शिक्षकों के साथ-साथ संगीत शिक्षक, नृत्य शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, खेल शिक्षक, मनोवैज्ञानिक, कॅरियर काउंसलर आदि भी नियुक्त किये गये है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

गुरू ही जीवन की दिशा तय करते है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में भविष्य के विकास का संकल्प निर्मित हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में भविष्य के विकास का संकल्प निर्मित हुआ है। ये परिसर राष्ट्रवादी विचारों का जीवंत केंद्र है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में कुलपति के स्थान पर कुलगुरु संबोधित किए जाने पर कहा कि गुरु शब्द अंधेरे से प्रकाश को जोड़ता है। माता-पिता के बाद गुरु ही जीवन की दिशा तय करते हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में लोटी स्कूल से जुड़े अपने विद्यार्थी परिषद के समय के अनुभव भी साझा किए। विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण किशोर खंडेलवाल ने दिया। मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों को पुरस्कार प्रदान किये। खंडेलवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष शिक्षकों के उन्नयन के लिए 3 दिवसीय अभ्यास वर्ग के चलते आयोजित किया जाता है। इसमें अलग-अलग विषय होते हैं। कार्यकम में विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में 10वीं में टॉपर 3 छात्र, छात्राओं एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिता मल्लखम्भ खेल में मैडल हासिल करने वाले 4 खिलाड़ी छात्र, छात्राओं का सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष किशोर खंडेलवाल, सचिव विश्वनाथ सोमन और गिरीश भालेराव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन गिरीश भालेराव ने किया और आभार प्रदर्शन विश्वनाथ सोमन ने किया।  

उज्जैन के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धार्मिक गुरु चिदानंद सरस्वती ने व्यक्त किया आभार

मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव गंगा दशहरा और पर्यावरण दिवस पर “स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट” का आयोजन मध्यप्रदेश की वृहद प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का निरूपण निवेशकों से उपलब्ध अवसर का लाभ लेकर मध्यप्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया नाइपर उज्जैन मेडिसिटी में नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाएगा उज्जैन के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धार्मिक गुरु चिदानंद सरस्वती ने व्यक्त किया आभार मध्यप्रदेश बहुत प्यारी धरती, यहाँ सब कुछ है: धार्मिक गुरु सरस्वती उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। मध्यप्रदेश को प्रकृति का पूर्ण स्नेह प्राप्त है। भारत के हृदय स्थल में स्थित मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क और हाईवे हैं जो देश के हर कोने से मध्यप्रदेश की पहुँच को सुगम बनाते हैं। इन बुनियादी ढाँचों का सतत् विस्तार जारी है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सतना और दतिया एयरपोर्ट का शुभारंभ कर इन सुविधाओं को और समृद्ध किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक मन्त्रोचार की पवित्र ध्वनि के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर उज्जैन में स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट-2025 के मुख्य सत्र का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज गंगा दशहरा और पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट का आयोजन किया गया है। यह अवसर मध्यप्रदेश की वृहद प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का निरूपण भी है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और जीवनशैली आज पूरे विश्व का ध्यान आकृष्ट कर रही है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति प्रेम और पूजन अभिन्न अंग है। भारतीय जीवनदृष्टि केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी जीवनशैली को प्रोत्साहित करती है जिसमें व्यक्ति स्वस्थ रहे और रोगों की संभावना ही न हो। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को मेडिकल हब बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उज्जैन में मेडिसिटी की स्थापना की जा रही है और मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु मात्र ₹1 में 25 एकड़ भूमि प्रदान की जा रही है। निजी क्षेत्र को अस्पताल संचालन में भी हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में यह वर्ष उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव, ग्लोबल इन्वेस्टर समिट और सेक्टर आधारित समिट के आयोजन से हर क्षेत्र, हर सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 18 नवीन इन्वेस्टर फ्रेंडली पॉलिसी के माध्यम से निवेश प्रक्रिया को सहज और आकर्षक बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में 30 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव और 21 लाख 40 हज़ार से अधिक रोजगारों के सृजन के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक उद्यमों के लिए 5 हज़ार रुपए प्रति व्यक्ति के मान से विशेष प्रोत्साहन सरकार द्वारा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस है, शांति का टापू है, कुशल मैनपॉवर, उत्कृष्ट अधोसंरचना और प्राकृतिक, आध्यात्मिक स्थल इसे स्पिरिचुअल और वेलनेस क्षेत्र में निवेश के लिए आदर्श स्थल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत सहयोग के साथ-साथ 100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिए विशेष सहयोग कस्टमाइज्ड नीति के रास्ते भी उपलब्ध हैं। उन्होंने समस्त निवेशकों से मध्यप्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष नाइपर (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) और एमपीआईडीसी के मध्य एमओयू का हस्तांतरण हुआ। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह और नाइपर के संचालक शैलेन्द्र सराफ़ ने एमओयू साझा किया। नाइपर उज्जैन मेडिसिटी में नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर तथा उज्जैन की समग्र धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत पर लघु फ़िल्मों का प्रदर्शन किया गया। चिदानंद सरस्वती महाराज ने स्पिरिचुअल और वेलनेस सेंटर स्थापना के लिए दिया आशय पत्र परमार्थ निकेतन के धार्मिक गुरु चिदानंद सरस्वती ने कहा कि मध्यप्रदेश बहुत प्यारी धरती है। यहाँ सब कुछ है। उन्होंने कहा कि आज के उज्जैन में अधोसंरचना विकास को देखकर नहीं लगता कि यह पुराना उज्जैन है। उन्होंने उज्जैन के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। महाकाल लोक की भव्यता अनुपम है। चारों धाम की यात्रा पूर्ण करने के बाद लोग महाकाल लोक आना चाहते हैं। आज भारत के धार्मिक नगर पर्यटन में शीर्ष पर पहुँच रहे हैं। यह समय है जब निवेशक इस अवसर का लाभ उठायें और पर्यटन अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण में सहभागी बनें। आने वाले सिंहस्थ में यहाँ अपार संभावनाओं का सृजन होने जा रहा है। देश विदेश से करोड़ों पर्यटकों का आगमन होगा। उसके लिए हम सभी को अभी से तैयार रहना होगा। गुरु चिदानंद सरस्वती महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के समीप स्पिरिचुअल और वेलनेस सेंटर स्थापना के लिए आशय पत्र दिया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के लिए अनुकूल वातावरण हैं। प्रदेश में जंगल, जंगली जानवर, पवित्र नदियां हैं, वहीं धार्मिक पर्यटन के लिए महाकाल तथा ओंकारेश्वर दो ज्योतिर्लिंग और अन्य आकर्षक धार्मिक स्थल हैं। प्रदेश में आकर्षक हेरिटेज हैं, कई पुराने अच्छे रजवाड़े हैं, जिन्हे हेरिटेज के रूप में विकसित किया गया हैं। पूरे देश मे यूनेस्को के 62 हेरिटेज धरोहरों में से 18 हेरिटेज मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश देश के मध्य होने से यहाँ पहुँचना आसान है। प्रधानमंत्री ने टूरिज़्म बढ़ाने पर जोर दिया हैं। टूरिज़्म बढ़ाने के लिए स्वच्छता सबसे आवश्यक हैं। सबसे स्वच्छ शहर “इंदौर” मध्यप्रदेश में है। इन्दौर ही नहीं अन्य शहरों में भी स्वच्छता की स्थिति बेहतर है। इन्दौर की स्वच्छता पश्चिमी देशों के समतुल्य हैं। प्रदेश में इन्वेस्टमेंट के लिए 18 नई पॉलिसीज बनाई हैं और कुछ पुरानी पॉलिसीज हैं। इनमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रमुख रूप से आर्थिक मदद और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में बराबरी का हैं या बेहतर हैं। निवेशकों को प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए आवश्यक अनुमतियां एनओसी को सुविधाजनक बनाया गया। प्रदेश में सबसे पहले राइट टू पब्लिक डिलीवरी सिस्टम लागू किया गया,जिसमें निर्धारित अवधि में अनुमतियां जारी होगी। इस अवसर पर भण्डारी ग्रुप के चेयरमैन विनोद भण्डारी ने उज्जैन में बन रहे मेडिकल टूरिज्म पर प्रकाश डाला। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिवशेखर … Read more

मध्यप्रदेश देश का वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर, मध्यप्रदेश भारत के वेलनेस मिशन के नेतृत्व को तैयार

स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट-2025 उज्जैन मध्यप्रदेश बनेगा ग्लेाबल वेलनेस सेंटर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट में आये 1,929 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश भारत के वेलनेस मिशन के नेतृत्व को तैयार मध्यप्रदेश देश का वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर समिट में हुआ नीति-निवेश अध्यात्म और समाज कल्याण का संगम मुख्यमंत्री का निवेशकों को आमंत्रण : मध्यप्रदेश आएं ओर भारत को विश्व गुरू बनाने की यात्रा में सहभागी बनें उज्जैन स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट-2025 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में “स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट” में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “हील इंडिया” और ‘लाइफ स्टाइल’ (LiFE) जैसे दूरदर्शी विचारों से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश को समग्र जीवनशैली और वेलनेस नवाचार का ग्लोबल सेंटर बनाया जा रहा है। समिट के माध्यम से प्रदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह भारत के वेलनेस मिशन का नेतृत्व करने को पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट को एक परिवर्तनकारी पहलबताया और कहा कि यहां नीति, निवेश, अध्यात्म और समाज कल्याण का संगम हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब  भारत के वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के निवेशकों से14 वन-टू-वन बैठकेंकीं, जिनमें बुनियादी ज़रूरतों, निवेश समर्थक नीतियों और प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। समिट में 1929 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा एक ही दिन होने का सुखद संयोग हुआ है। इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का प्रदेश में पुनः शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 5 करोड़ पौधे रोपे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सरकार रोजगार सृजन के लिए तेजी से काम कर रही है। धार्मिक स्थानों पर सभी चिकित्सा पद्धतियों के बड़े केन्द्र बनाने के पीछे आशय यही है कि दुनिया भर के लोगों को स्वास्थ्य के साथ अध्यात्म भी प्राप्त हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले साल सभी संभागीय मुख्यालयों पर हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फरवरी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हुए ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 30 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, यहां 21 लाख 75 हजार रोजगार सृजन होने की संभावना भी है। उन्होंने कहा कि हमने 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है और लगातार सेक्टर वार समिट का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदसौर और नरसिंहपुर में एग्री समिट के अलावा इंदौर में आईटी समिट के अच्छे परिणाम आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नीति आयोग ने प्रदेश को तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्यों में अग्रणी माना है। मध्यप्रदेश में सरप्लस बिजली के साथ उत्कृष्ट अधोसंरचना और नई नीतियों के चलते निवेशकों ने यहां का रूख किया है। उन्होंने एमएसएमई सहित अन्य उद्योग को घोषित नीति अनुसार 5000 करोड़ रूपये का अनुदान दिये जाने का उल्लेख भी किया।       मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्पष्ट नीति, सक्षम प्रशासन और मजबूत नेतृत्व के साथ निवेशकों को स्थायित्व और सफलता की गारंटी देता है। उन्होंने सभी वेलनेस उद्यमियों और संस्थाओं से प्रदेश में निवेश करने और उज्जैन से शुरुआत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “मध्यप्रदेश आएं, और भारत को विश्वगुरु बनाने की यात्रा में भागीदार बनें।” समिट में एनआईपीआर अहमदाबाद और एमपीआईडीसी के बीच समझौता हुआ, जिसके अंतर्गत उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क को तकनीकी और शैक्षणिक सहायता प्राप्त होगी। यह पार्क टेस्टिंग और प्रमाणीकरण हब के रूप में विकसित किया जाएगा। समिट में शिवंदरसिंह संस्‍थापक एराहॉस्पिटैलिटी, मुकुंदप्रसाद डायरेक्‍टर लीजरहोटल्सग्रुप, अशोक पटेल चेयरमेन ट्रैवलपैक, शरदथडानी एमडी मेफ़ेयरट्रैवल्स एवं सुधीर एमवी सीएओ जिंदल नेचुरोकेयर इंस्टिट्यूट द्वारा निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।   परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आध्यात्मिक संबोधन दिया और उज्जैन में केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को आशय पत्र (एलओआई) सौंपा। लीज़र होटल्स, शतायु आयुर्वेद और भंडारी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश को वेलनेस निवेश के लिए उपयुक्त गंतव्य बताया। प्रमुख निवेश प्रस्तावों में भंडारी ग्रुप –984 करोड़ रूपये, अमलतास ग्रुप –400 करोड़ रूपये, सीएचएल हॉस्पिटल ग्रुप –200 करोड़ रूपये, लेटेंट डेवकॉन, लाभम ग्रुप, शथायू आयुर्वेद, रॉयल ऑर्किड, शांतिगिरी आश्रम, जिंदल ग्रुप सहित अन्य निवेशकों के प्रस्ताव शामिल हैं। पैनल चर्चा में तैयार हुआ विज़न रोडमैप समिट में दो पैनल सत्र आयोजित किए गए, जिनमें वेलनेस इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिंहस्थ आधारित मेडिकल टूरिज्म, रोज़गार सृजन, और कौशल विकास जैसे विषयों पर विचार हुआ। मुख्य सत्र में वेलनेस विज़निंग  में प्रदेश का समग्र रोडमैप प्रस्तुत किया गया।   स.क्र. नाम पद कंपनी प्रस्‍तावित निवेश (करोड) 1 डॉ विनोद भंडारी फाउंडर एवं चेयरमैन भंडारी ग्रुप 984 2 सुरेश सिंह भदौरिया फाउंडर एवं चेयरमैन अमलतास ग्रुप 400 3 राजुलभार्गव डायरेक्‍टर सीएचएलहॉस्पिटलग्रुप 200 4 देवांगकपाडिया डायरेक्‍टर लेटेन्‍टडेवकॉन 100 5 युगांशसोनी डायरेक्‍टर लाभमग्रुप 100 6 डॉ. मृत्युंजयस्वामी सीईओएवंएमडी शथायुआयुर्वेद 75 7 सुदीपरॉय डायरेक्‍टर रॉयलऑर्किडहोटल 50 8 स्वामीचितासुधनज्ञानतपस्वी जोनलहेड शांतिगिरीआश्रम 10 9 हितेश्वरसिंहसिसौदिया सीईओएवंएमडी सनसेटडेज़र्टकैंप 10      

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम

उज्जैन खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत मंगलवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के 8794 लाभार्थियों को 300 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई। यह संवितरण करीब 884 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति के सापेक्ष किया गया। यह आयोजन मुंबई स्थित केवीआईसी के केंद्रीय कार्यालय, इर्ला रोड, विले पार्ले (पश्चिम) से सम्पन्न हुआ, जिसमें केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से जारी की। इस अवसर पर केवीआईसी की सीईओ सुरूपराशि के साथ ही केंद्रीय कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस संवितरण में देश के सभी छह जोन की भागीदारी रही। दक्षिण क्षेत्र के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी के लिए 2445 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जिसके लिए 80.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी संवितरित की गई। मध्य जोन में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड की 2366 परियोजनाओं के लिए 91.13 करोड़ रुपये की सब्सिडी संवितरित की गई। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व अंडमान निकोबार और पूर्वोत्तर के असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए कुल 2167 परियोजनाओं को करीब 62.68 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई। उत्तर क्षेत्र के हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान की 1320 परियोजनाओं के लिए 41.80 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। वहीं पश्चिम क्षेत्र के गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा में 496 परियोजनाओं को 24.12 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस तरह देशभर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को सशक्त बनाने के लिए यह एक व्यापक और प्रभावी अभियान सिद्ध हुआ। संवितरण कार्यक्रम के अवसर पर अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में पीएमईजीपी योजना ने आज भारत में स्व-रोजगार का एक मजबूत और प्रभावी आधार तैयार किया है। खादी और ग्रामोद्योग आज केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपनों का सार है। इस योजना ने लाखों युवाओं को न केवल रोजगार दिया है, बल्कि उन्हें उद्यमशीलता की शक्ति से भी जोड़ा है।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) जब से शुरू हुआ है तब से लेकर वित्त वर्ष 2024-25 तक ग्रामीण और शहरी भारत में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का स्तंभ बन चुकी है। योजना के अंतर्गत अब तक कुल 10,18,185 सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए भारत सरकार द्वारा 73,348.39 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया है। इसमें लाभार्थियों को 27,166.07 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई है। इस योजना के माध्यम से अब तक देश में 90,04,541 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है, जो इसे देश की सबसे प्रभावी स्वरोजगार योजनाओं में से एक है।  

मुख्यमंत्री ने वाल्मिकी धाम में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधरोपण किया

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को गंगा दशहरा के पर्व पर वाल्मिकी धाम से क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यात्रा के पूर्व वाल्मिकी धाम परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सिंदूर और त्रिवेणी-नीम, पीपल और बरगद के पौधों का रोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी से अपील की कि अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाल्मिकी धाम में अनंत विभूषित 1008 स्वामी सोहन दास जी महाराज की समाधि पर पुष्प अर्पित किये और मंदिर मे दर्शन किये। उन्होंने संत-जनों से सौजन्य भेंट की और यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से भी मिले। मुख्यमंत्री ने   इस दौरान कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ दिन है। माँ क्षिप्रा से प्रार्थना है कि वे हमारे द्वारा किए गए पूजन अर्चन और परिक्रमा यात्रा को सफल बनाए और सबका कल्याण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से सभी को गंगा दशहरा और विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य सभी श्रद्धालुओं का यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर बनाए गए मंचों से पुष्प-वर्षा कर स्वागत कियागया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पेयजल और शीतल पेय तथा फलों का नि:शुल्क वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने वाल्मिकी धाम से रामघाट तक क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा में ध्वज लेकर पैदल यात्रा की। इस दौरान सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा के कार्यकारिणी अध्यक्ष महंत रामेश्वर दास जी, महामंडलेश्वर भगवत शरण जी (भगवान बापू, महंत भगवान दास जी, महंत श्याम गिरी जी महाराज, महंत कृष्ण गिरी जी महाराज, महंत प्रणवानंद जी महाराज, महंत एकनाथ जी, महंत महावीर नाथ जी, संजय अग्रवाल, नारायण यादव, वैभव यादव, एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री ने ‍माँ क्षिप्रा को 351 फीट की चुनरी चढ़ाई

माँ क्षिप्रा के कल कल बहते शुद्ध जल के साथ होगा सिंहस्थ का भव्य आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ यादव  ऐतिहासिक अवंतिका नगरी में आगामी सिंहस्थ का भव्य आयोजन किया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ यादव मुख्यमंत्री ने ‍माँ क्षिप्रा को 351 फीट की चुनरी चढ़ाई उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऐतिहासिक अवंतिका नगरी में आगामी सिंहस्थ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दौरान माँ ‍क्षिप्रा में कल कल बहता शुद्ध जल प्रवहमान रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामघाट पर सपत्नीक पूजा-अर्चना के साथ माँ ‍क्षिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी चढ़ाई। उन्होंने प्रदेश की उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के ऐतिहासिक महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि काल के प्रत्येक प्रवाह में उज्जैन नगरी का अस्तित्व रहा है, यह नगरी सदैव जीवंत रही है। सम्राट विक्रमादित्य ,सम्राट अशोक से लेकर कई प्रतापी सम्राटों की कर्मभूमि यह अवंतिका नगरी रही है। यह नगरी कई ऐतिहासिक घटनाओं को अपने में समेटे हुए हैं। माँ ‍क्षिप्रा कई ऐतिहासिक गतिविधियों की साक्षी है, मोक्षदायिनी अवंतिका नगरी देवताओं की राजधानी है। इस नगरी का संबंध महाकवि कालिदास तथा राजा भृतहरी जैसे इतिहास पुरुषों से है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश शासन गरीब कल्याण का संकल्प लेकर कार्य कर रहा है। औद्योगिक विकास के लिए निवेश की संपूर्ण संभावनाओं के साथ विकास जारी है। सकारात्मक औद्योगिक नीति के कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है । शिक्षा तथा चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में उल्लेखनीय रूप से मेडिकल कॉलेज की संख्या में वृद्धि हुई है। देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को भी पूर्ण सम्मान के साथ अपनाया जा रहा है। जल भंडारण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। हम अपने तीज त्योहारों को संपूर्ण आस्था के साथ मना रहे हैं तीज त्यौहार हमें प्रकृति तथा परमात्मा से जोड़ते हैं। स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश एक नई पहचान बना रहा है। उज्जैन में आगामी सिंहस्थ का भव्य आयोजन दिव्य स्वरुप में होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश का भाग्य बदल रहा है उन्होंने कहा कि मां क्षिप्रा के घाटों पर आरती की भव्यता सदैव स्मरणीय है। बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि माँ शिप्रा का जल सदैव प्रवाह मान रहे कल कल रूप से निरंतर बहता रहे। आगामी सिहस्थ के दौरान माँ शिप्रा के पक्के घाटों पर सुविधाजनक ढंग से करोड़ों लोग दिव्य स्नान कर सकेंगे। कार्यक्रम में डॉ. श्रीराम तिवारी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर लेजर शो हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में ऋषिकेश से पधारे स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन उपस्थित थे।  

प्रधानमंत्री मोदी ने दिया एक पेड़ मां के नामअभियान से जन-जन को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का मौका- CM

अगली पीढ़ी को बेहतर धरती और वातावरण सौंपने के लिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति सभी को सचेत होना होगा – मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा का एक ही दिन पर होना, बताता है कि भारतीय संस्कृति में पर्यावरण की कितनी महत्ता है प्रधानमंत्री मोदी ने दिया “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जन-जन को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का मौका हम पौधे को पुत्र समान मानते हैं भारतीय जीवनशैली में रची-बसी है रिसाइकिल-री-यूज की प्रक्रिया जल संरक्षण के लिए 75 हजार से अधिक खेत-तालाबों का निर्माण किया गया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “एक पेड़ मां के नाम”-2025 अभियान का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण प्रबंधन पोर्टल का लोकार्पण और वेटलैंड एटलस का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. वार्षिक पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किए पर्यावरण संरक्षण के लिए केन्द्रीय विद्यालय क्रं-2 भोपाल, सेंट्रल एकेडमी शहडोल, सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर और शिशु कुंज इंदौर को मिला पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया संबोधित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व पर्यावरण दिवस है और गंगा दशहरा भी आज है। दोनों भारतीय संस्कृति के लिए विशेष महत्व रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के साथ जोड़ा है। राज्य सरकार आज से इस अभियान की शुरुआत कर रही है। हमारी संस्कृति में एक वृक्ष को सौ पुत्रों के बराबर माना है। परंपरागत रूप से कहा जाता है कि एक बावड़ी 10 कुओं के बराबर है, 10 बाबड़ी एक तालाब के बराबर है, 10 तालाब एक पुत्र के बराबर है और 100 पुत्र एक वृक्ष के समान है। पुत्रों की तुलना वृक्ष के साथ करना, प्रकृति की महत्ता को दर्शाता है। अगर प्रकृति संरक्षित रहेगी तो हमें अपने आप फलने-फूलने का अवसर मिलता रहेगा। वर्तमान दौर में भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान को पुनर्स्थापित करने का समय है। आज रिसाइकिलिंग और री-यूज की चर्चा की जाती है, न्यूनतम संसाधनों से बेहतर जीवनशैली की ओर भी ध्यान दिया जा रहा है। अगली पीढ़ी को बेहतर धरती और वातावरण सौंपने के लिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति सभी को सचेत होना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व पर्यावरण दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस वर्ष पर्यावरण दिवस का विषय “प्लास्टिक प्रदूषण उन्मूलन” है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सबको स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में योगदान देना होगा। वायु की गुणवत्ता मे सुधार, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और जल संरक्षण के लिए व्यक्तिगत जवाबदेही और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना जरूरी है। राज्य सरकार पर्यावरण अनुकूल उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय पौराणिक कथाओं में वृक्षों, नदियों, पहाड़ों के साथ-साथ वन्यजीवों की पूजा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा दी गई है, हमें इनसे प्रेरणा लेनी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 19वीं शताब्दी में महान वैज्ञानिक जगदीशचंद्र बसु ने लंदन में रायल सोसाइटी को वैज्ञानिक रूप से सिद्ध करके बताया कि पौधों में प्राण होते हैं। जबकि भारत के लोक मानस में यह ज्ञान सदियों से रचा-बसा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार संस्कृति को संरक्षित करते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति प्रदान कर रही है। पर्यावरण दिवस पर सभी पुरस्कार विजेता बधाई के पात्र हैं। बदलते दौर में प्लास्टिक के उपयोग को लेकर री-यूज, रि-साइकिल की बात कही जा रही है, यह प्रक्रियाएं भारतीय जीवनशैली में पहले से ही विद्यमान हैं। हमने नेट जीरो एमीशन का लक्ष्य रखा है। इसी आधार पर 2030 तक प्रदेश की ऊर्जा क्षमता को 500 गीगा वॉट तक बढ़ाने की योजना बनाई गई है। जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। अब तक 60 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध 75 हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। तीन महीने के इस अभियान में 95 हजार 500 कुओं को रीचार्ज किया गया है और 1225 अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब नदियों पर बांध बनाए जाते हैं तो किसानों को भी लाभ मिलता है और सिंचाई का रकबा बढ़ता है। 2002-03 तक प्रदेश की सिर्फ 7 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। विश्व का पहला नदी जोड़ो अभियान प्रदेश में चल रहा है, जिसके अंतर्गत दो नदियों को जोड़कर जल भंडारण क्षमता और उपयोगिता बढ़ाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन-बेतवा लिंक परियोजना का भी भूमि-पूजन किया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्थान के साथ वर्षों से लंबित जल बंटवारे का समाधान निकाला। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। प्रदेश में सर्वाधिक 247 नदियां प्रवाहित होती हैं। प्रदेश की जलराशियां पड़ोसी राज्यों को भी समृद्धि प्रदान करती हैं। किसी राज्य को ज्यादा पानी भी मिल जाए तो कोई बुराई नहीं। भारतीय संस्कृति में उदारता का भाव समाया हुआ है। महाराष्ट्र सरकार के साथ तापी मेगा रिचार्ज परियोजना पर सहमति बन चुकी है। इस पर बांध बनाकर प्राकृतिक रूप से ग्राउंड वाटर को रिचार्ज किया जाएगा। जल भंडारण क्षेत्र में यह दुनिया का सबसे अनोखा प्रयोग होगा। दोनों राज्यों के 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी में श्रद्धालुओं के स्नान के लिए की जा रही व्यवस्था की भी जानकारी दी। सांसद खजुराहो वी.डी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश जल जंगल जमीन और विकास के बीच संतुलन बनाते हुए सभी क्षेत्रों में प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है संसाधनों के शोषण के आधार पर विकास नहीं हो, मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है। शर्मा ने प्रदेशवासियों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में योगदान देने का आहवान किया। मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण देश दुनिया के सामने बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट में वेलनेस क्षेत्र के निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए खुले दिल से आमंत्रित किया और राज्य की अनुकूल निवेश नीतियों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। सभी निवेशकों ने मध्यप्रदेश की निवेश अनुकूल और प्रगतिशील नीतियों की सराहना की और प्रदेश में निवेश के लिए संकल्प लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से अरबिंदो हॉस्पिटल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी, लीजर होटल्स ग्रुप के डायरेक्टर मुकुंद प्रसाद, शतायु आयुर्वेद के सीईओ और एमडी डॉ. मृत्युंजय स्वामी, मेफ़ेयर ट्रैवल्स के एमडी शरद थडानी, लाभम ग्रुप के डायरेक्टर युगांश सोनी, शांतिगिरी आश्रम के जोनल हेड स्वामी चितासुधन ज्ञान तपस्वी, रॉयल ऑर्किड होटल के डायरेक्टर सुदीप रॉय, एरा हॉस्पिटैलिटी के संस्थापक शिवंदर सिंह, सीएचएल हॉस्पिटल ग्रुप के डायरेक्टर राजुल भार्गव, लेटेन्ट डेवकॉन के डायरेक्टर देवांग कपाडिया, जिंदल नेचरक्योर इंस्टीट्यूट के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सुधीर एम.वी., ट्रैवलपैक के चेयरमैन अशोक पटेल, हार्टफुलनेस इंटरफेथ प्रोग्राम्स एंड इवेंट के डायरेक्टर त्रिलोचन चावला और सनसेट डेजर्ट कैंप के सीईओ और एमडी हितेश्वर सिंह सिसौदिया ने वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में, मध्यप्रदेश वेलनेस और आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेशकों के इस उत्साहजनक प्रतिसाद से प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे मध्यप्रदेश को वैश्विक वेलनेस मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान मिल सकेगा।  

रामघाट पर होगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 5 जून को उज्जैन में क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा के समापन समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव वाल्मिकी धाम से यात्रा में शामिल होकर पैदल भ्रमण करेंगे। इस दौरान साधु, संत, महंत और महामंडलेश्वर भी यात्रा में सहभागिता करेंगे। क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा वाल्मीकि धाम से सोमवारिया , ढ़ाबा रोड, छत्रीचौक ,गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी, महाकाल ,बड़े गणेश, हरसिद्धि, होते हुए रामघाट पहुचेगी। जहां पुण्य सलिला माँ शिप्रा का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा व उन्हें सोलह श्रृंगार भेंट कर 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित की जायेगी। राम घाट पर इस अवसर पर भव्य लेज़र शो का आयोजन किया जाएगा साथ ही राम घाट पर शाम को सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला भी श्रद्धालुओं के अनुभव को आध्यात्मिक और मनोरंजक बनाएगी। शाम को रामघाट पर सेना के लगभग 100 कलाकारों द्वारा भव्य मिलिट्री बैंड की प्रस्तुति दी जाएगी। मुंबई की प्रसिद्ध कलाकार स्वस्ति मेहुल और उनके दल के द्वारा भक्ति संगीत की प्रस्तुती भी दी जाएगी।  

किसानों को सिंचाई के लिए 5 रुपए में देंगे बिजली कनेक्शन, 32 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे

लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन में मिलेगा अतिरिक्त राशि का उपहार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला सशक्तिकरण के लिये राज्य सरकार संकल्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को सिंचाई के लिए 5 रुपए में देंगे बिजली कनेक्शन, 32 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में 49.97 करोड़ के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन चित्रकूट में रामलोक के निर्माण के साथ कामतानाथ परिक्रमा पथ का होगा विकास रीवा जिले के हर खेत में सिंचाई के लिए पहुंचाएंगे पानी भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रीवा जिले के मनगवां में महिला स्वसहायता समूह सशक्तिकरण सम्मेलन में कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। रीवा की धरती में बहनों का अभिनंदन करते हुए गर्व हो रहा है। बहनों के लिए लाड़ली बहना योजना लगातार जारी रहेगी। रक्षाबंधन में बहनों को इस योजना से अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इस योजना की राशि 3 वर्ष में बढ़ाकर 3 हजार रुपए तक ले जाएंगे। महिलाओं को संपत्ति के पंजीयन में दो प्रतिशत की छूट दी जा रही है इसके फलस्वरुप पिछले एक साल में 70 प्रतिशत संपत्तियों का पंजीयन महिलाओं के नाम पर हुआ है। महिला सशक्तिकरण के लिये राज्य सरकार संकल्पित है। महिला स्व-सहायता समूहों को उद्योग लगाने के लिए भी छूट का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में 49.97 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजनकिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा तेजी से विकास कर रहा है और क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। रीवा जिले के हर खेत में सिंचाई के लिए पानी की सुविधा मिलेगी। हम किसानों को 5 रुपए में सिंचाई के लिए बिजली का कनेक्शन देंगे। अगले 3 सालों में 32 लाख किसानों को सोलर पंप देकर बिजली के बिल से मुक्ति दिलाएंगे। किसान सोलर से प्राप्त बिजली का उपयोग करेंगे और अतिरिक्त बिजली को सरकार खरीद कर किसानों को पैसा देगी। मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत गंगेव के भवन निर्माण तथा हिनौती गौधाम में बांध निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मनगवां में स्टेडियम निर्माण तथा देवास हाईस्कूल के हायर सेकेंडरी स्कूल का उन्नयन करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मनगवां तिवनी मोड़ से प्रयागराज रोड तक टू लेन सीसी रोड निर्माण की घोषणा की, इस 5.5 किलोमीटर सड़क निर्माण पर 16.5 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा से मेरा दोहरा और मीठा नाता है। रीवा के सफेद बाघ और सुंदरजा आम विश्व प्रसिद्ध हैं। रीवा में महानगरों की तरह आईटी पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इस साल यूपीएससी की परीक्षा में प्रदेश के 60 उम्मीदवारों को सफलता मिली है जो देश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को आधुनिक बनाने के साथ-साथ दूध उत्पादन के लिए भी विशेष प्रयास करेंगे। वर्तमान में देश के 9 प्रतिशत दूध का उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाएंगे। इसके लिए गौपालन करने वालों को अनुदान देंगे तथा सरकार दूध खरीद कर पशुपालकों को लाभान्वित करेगी। मध्यप्रदेश को दूध की राजधानी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा और आतंकवादी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। अब जो भी देश की ओर नजर उठाएगा उसको कड़ा जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। 2003 में प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज थे। आज 27 मेडिकल कॉलेज हैं और तीन शीघ्र बनने वाले हैं। 2003 में प्रतिव्यक्ति वार्षिक आय 11000 रुपए थी जो अब बढ़कर एक लाख 52 हजार रुपए हो गई है। प्रदेश भर में सांदीपनि विद्यालय आधुनिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। इस साल कक्षा दसवीं और बारहवीं में परीक्षा परिणाम बहुत अच्छे रहे। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मनगवां विधानसभा क्षेत्र को लगभग 50 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात मिली है। मनगवां विधायक प्रजापति ने अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास किए हैं जिसके परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास की गाड़ी सरपट दौड़ती रहेगी। समारोह में सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मनगवां विधानसभा क्षेत्र को 6 लेन ओवरब्रिाज और हिनौती गोधाम की सौगात दी है। इसके साथ-साथ कई निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। सम्मेलन में विधायक मनगवां इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में रिमोट का बटन दबाकर 49 करोड़ 97 लाख रुपए के निर्माण कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों को हितलाभ वितरित किये। समारोह में विधायक गुढ़ नागेन्द्र सिंह, विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं एवं आमजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर किया पौधरोपण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मनगवां विधानसभा क्षेत्र के गंगेव स्टेडियम में विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में पौधरोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और उपस्थितों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य रोपित करके देखभाल कर उसे बड़ा बनाएं। मुख्यमंत्री ने बरैया तालाब के किनारे प्राचीन बम्बा देवी तथा काली माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।  

‘तीन प्रकार के घोड़े’ बयान पर घिरे राहुल गांधी, एमपी बीजेपी ने दिया करारा जवाब- ‘गधों की महफिल में घोड़े…’

भोपाल 3 जून को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे राहुल गांधी ने पीएम मोदी और भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। स्थिति ये कि उनके बयान देशभर में चर्चा के विषय बन गए, इस बीच सीएम मोहन यादव ने राहुल गांधी की बयानबाजी को अपरिक्वता की निशानी कहा तो, एमपी बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी किया करारा प्रहार। बता दें कि राहुल गांधी 3 जून को एमपी कांग्रेस का नया अभियान सृजन संगठन लॉन्च करने भोपाल आए थे। यहां उन्होंने तीन बैठकें लीं और देशभर से यहां पहुंचे पर्यवेक्षकों को उनकी जिम्मेदारी दी। बता दें कि अब यही पर्यवेक्षक एमपी कांग्रेस के जिला अध्यक्षों का चयन करेंगे। कांग्रेस के इस अभियान को शुरू करने वाला मध्यप्रदेश दूसरा राज्य है, इससे पहले कांग्रेस का ये फॉर्मूला गुजरात में लागू किया गया। जानें क्या बोले सीएम मोहन यादव सीएम डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पीएम मोदी को लेकर दिए बयान की निंदा की है। सीएम ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद गरिमामय पद है, उनके प्रधानमंत्री को लेकर दिए इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं थी। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने राहुल पर तंज भी किया, उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से पता चलता है कि वे अभी परिपक्व नहीं हैं…वे कब मैच्योर होंगे, इसीलिए वे पप्पू कहलाते हैं। …आखिर वह परिपक्व कब होंगे? यहां पढ़ें राहुल गांधी का पूरा बयान राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर सीधा हमला बोला, उन्होंने कहा कि, ‘ट्रंप का एक फोन आया और नरेंद्र जी तुरंत surrender हो गए – इतिहास गवाह है, यही BJP-RSS का character है, ये हमेशा झुकते हैं। भारत ने 1971 में अमेरिका की धमकी के बावजूद पाकिस्तान को तोड़ा था। कांग्रेस के बब्बर शेर और शेरनियां Superpowers से लड़ते हैं, कभी झुकते नहीं।’ सीएम ने कहा- इस तहर वे अपनी ही इज्जत खराब करते हैं सीएम ने आगे कहा कि, नेता प्रतिपक्ष मर्यादा छोड़ कर जिस भाव से बोलते हैं वह न केवल उनकी इज्जत खराब करते हैं, बल्कि देश के संस्कार के विरुद्ध भी बात करते हैं। उन्हें माफी मांगना चाहिए सीएम मोहन यादव ने कहा कि, राहुल गांधी पहले बुद्धि का सृजन कर लें… प्रधानमंत्री जी के बारे में बोले गए राहुल गांधी के वक्तव्य के लिए उनको तुरंत माफी मांगना चाहिए। तीन टाइप के घोड़े’ बयान पर घिरे राहुल गांधी तीन टाइप के घोड़े होते हैं, राहुल गांधी का ये बयान एमपी में गूंजा तो इसकी गूंज पूरे देशभर में सुनाई दी। हर कोई जानने को उत्सुक नजर आया कि आखिर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राहुल ने घोड़ों की चर्चा क्योंकि… आखिर राहुल ने ऐसा क्या बोला कि एमपी समेत देशभर में सियासत गरमा गई… छत्तीसगढ़ बीजेपी के कांग्रेस पर हमले के बाद अब मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने राहुल गांधी पर करारा तंज किया है। उन्होंने राहुल गांधी के घोड़ों वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, आखिर गधों की महफिल में घोड़ों की चर्चा कहां से आ गई। यही नहीं वीडी शर्मा ने राहुल पर निशाना साधते हुए सवाल भी पूछा कि मैं जानना चाहता हूं राहुल ने किसके लिए ये बात कही। आप भी जाने आखिर राहुल ने क्यों दिया तीन टाइप के घोड़ों का उदाहरण और क्यों हो रही चर्चा…. वीडी शर्मा का कांग्रेस पर जमकर हमला इस पर मध्य प्रदेशक भाजपा अध्यक्ष और पार्टी सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि संगठन सृजन की बैठक में उन्होंने जिस प्रकार के वक्तव्य दिए हैं, गधों की महफिल में घोड़ों की चर्चा कहां से आ गई। राहुल गांधी को बताना चाहिए और मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्होंने किसके लिए ये बात कही है। वीडी शर्मा ने कहा कि, एक तरफ तो उनके नेता दिग्विजय सिंह कहते थे कि मैं वोट मांगने जाता हूं तो जनता वोट देती नहीं है उल्टा वोट काट देती है। तो दूसरी तरफ उनके वर्तमान अध्यक्ष जीतू पटवारी जी कहते हैं कि संगठन जाए तेल लेने, वहीं कमलनाथ कुछ और कहते हैं। वीडी शर्मा ने आगे कहा कि, राहुल गांधीजी बताएं कि ये वक्तव्य जो आपने दिया है, वो किसके लिए दिया है। जरा वे यह भी बताएं कि कांग्रेस में कौन रेस का घोड़ा है, और कौन बारात का घोड़ा है, यह बात मध्य प्रदेश की जनता जानना चाहती है।

सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना से कार्य कर रही राज्य सरकार, दिव्यांगजन की परेशानी दूर करने सदैव तत्पर- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दिव्यांगजन अपनी क्षमता, योग्यता, संघर्षशीलता और सकारात्मकता के आधार पर समाज में अपना स्थान बनाते हैं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार दिव्यांगजन को शासकीय नौकरियों (सीधी भर्ती) में दे रही है अतिरिक्त 2 प्रतिशत आरक्षण – मुख्यमंत्री डॉ. यादव सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना से कार्य कर रही राज्य सरकार, दिव्यांगजन की परेशानी दूर करने सदैव तत्पर- मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाकवि सूरदास और स्वामी रामभद्राचार्य ने अपनी विशेषज्ञता से इतिहास में स्थान बनाया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजन को नियुक्ति पत्र, स्मार्टफोन एवं मोटराइज्ड साइकिलें वितरित कीं सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण संचालनालय ने किया आयोजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन अपनी क्षमता, योग्यता, संघर्षशीलता और सकारात्मकता के आधार पर समाज में अपना स्थान बनाते हैं। यह आत्मविश्वास ही उन्हें विशेष पहचान देता है। मध्यप्रदेश सरकार उन्हें हर स्तर पर प्रोत्साहित करने और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा हमारे शरीर में भले ही कोई एक गुण कम करता है, लेकिन बदले में कई गुण बढ़ाकर भी देता है। दिव्यांगजन समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं। उनकी अपने-अपने क्षेत्र में योग्यताएं हैं। राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए शासकीय नौकरियों (सीधी भर्ती) में अतिरिक्त 2 प्रतिशत आरक्षण दिया है।  सरकार की भावना सर्वे भवन्तु सुखिन: रही है। दिव्यांगजन के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उनकी परेशानियां दूर करने के लिए सरकार सदैव तत्पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिव्यांग शब्द प्रदान करने से समाज का दृष्टिकोण सकारात्मक रूप से बदला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजन को नियुक्ति पत्र तथा अन्य हितलाभ  वितरण कार्यक्रम को पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान के सभागार में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर ने पृथ्वी पर हमारे जन्म की रचना की है। परमात्मा ने जरूरतमंदों के लिए कुछ बेहतर पुण्य कर्म करने का अवसर भी दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकवि सूरदास, अष्टावक्र, सकुरात, स्वामी रामभद्राचार्य, सुप्रसिद्ध संगीतकार रविंद्र जैन का उदाहरण देते हुए कहा कि शारीरिक सौंदर्य और शारीरिक पूर्णता से नहीं अपितु विशेषज्ञता पूर्ण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देकर इन महान व्यक्तित्वों ने समाज में योगदान दिया और इतिहास में स्थान बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण, पुरात्व और जल संसाधन विभागों के दिव्यांगजन को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने हितग्राहियों को स्मार्टफोन एवं मोटराइज्ड साइकिल का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की ब्रेल लिपि में विकसित पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह तथा सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय तथा विधायक भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित थे। दिव्यांग विद्यार्थियों ने इस अवसर पर स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव तथा अतिथिगण को तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण मंत्री राकेशसिंह के आज ही के दिन जन्म दिवस  होने पर उनका अभिवादन किया तथा शुभकामनाएं दी। प्रदेश में 2600 पदों पर की गई दिव्यांगजन की भर्ती सामाजिक न्याय एवं समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की संस्कृति को संजोए रखने के लिए संकल्पित हैं। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार गरीब, किसान (अन्नदाता), युवा और नारी कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। दिव्यांगजन के लिए भी अनेक कल्याणाकारी कार्य किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन उनकी संवेदनशीलता परिलक्षित होती है।  दिव्यांगजनों को शिक्षण-प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन, छात्रवृत्ति आदि का लाभ भी दिया जा रहा है। देश भर में दिव्यांगजन के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें नौकरियों में 6 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश में 2600 पदों पर दिव्यांगजनों की भर्ती की गई है। दिव्यांगजन को कृत्रिम अंगों के लिए भटकना न पड़े इस उद्देश्य से उनकी सुविधा और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए के लिए कृत्रिम अंग वितरण के लिए जिला स्तर पर कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके लिये राजस्थान की महावीर संस्था को दायित्व सौंपा गया है। सभी को सम्मान से जीने का अधिकार देना मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजनों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। वे सदैव दिव्यांगजन से संवाद के लिए तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि सबको सम्मान से जीने का अधिकार मिले और समाज के किसी भी व्यक्ति को किसी की दया पर जीवन न जीना पड़े। जब सरकार संवेदनशील होती है तो वह अपनी जिम्मेदारी बखूबी समझती है। आज दिव्यांगजन को नियुक्ति मिलना उनके और पूरे परिवार के लिए बड़ी खुशी का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत की प्राचीन संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही विरासत के साथ विकास और जनहित के कार्य प्राथमिकता से पूर्ण हो रहे हैं। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के 33 उप यंत्रियों, पुरातत्व विभाग के 10 और जल संसाधन‍ विभाग के 5 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही 97 हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराए गए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ में हुए सड़क हादसे पर किया दु:ख व्यक्त

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ में हुए सड़क हादसे पर किया दु:ख व्यक्त मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रूपए और घायलों को 50-50 हजार रूपए की सहायता के निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ जिले के सजेली रेलवे फाटक पर हुए हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों के काल-कवलित होने और दो लोगों के घायल होने पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों के निकटतम परिजन को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति व शोक संतप्त परिजन को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उमरिया में 53 करोड़ से अधिक की लागत के कार्यो का करेंगे भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

 उमरिया प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बुधवार को उमरिया जिले के दौरे पर रहे रहेंगे। वे बिरसिंहपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोरैया स्थित पाली प्रोजेक्ट में आयोजित पेसा सम्मेलन में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे 14.71 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले चार विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। साथ ही 39.14 करोड़ की लागत से पूर्ण हुए 22 कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। भूमिपूजन के प्रस्तावित कार्य पाली में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री जिन चार प्रमुख कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें- मानपुर विधानसभा अंतर्गत नगर पालिका परिषद पाली में अमृत-2 योजना के अंतर्गत लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट हेतु नालों का डायवर्जन और एसटीपी निर्माण। नगर परिषद मानपुर में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 योजना के अंतर्गत तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य। बांधवगढ़ विधानसभा के धनवार में शासकीय मिडिल स्कूल भवन का निर्माण। मानपुर के वार्ड क्रमांक 7 में नवीन कार्यालय भवन का निर्माण शामिल है। 22 कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव 39.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इनमें प्रमुख हैं-पाली-डिंडौरी मार्ग के ग्राम पौड़ी में जोहिला नदी पर 8.63 करोड़ रुपये की लागत से बना पुल एवं पहुंच मार्ग। ग्राम भिम्माडोंगरी में 7.81 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सोहागपुर-मानपुर से एनएच-78 तक का संपर्क मार्ग। नरवार 25 में 5.88 करोड़ रुपये की लागत से कौड़िया से नरवार तक सड़क निर्माण। चंसुरा में 3.7 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं क्वार्टर का निर्माण। नल-जल योजनाएं मुख्यमंत्री मानपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में नल-जल योजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। जिनमें-  पटेहरा (0.86 करोड़), रोहनिया (0.84 करोड़), मझगवां (0.79 करोड़), मालाचुआ (0.72 करोड़), हथपुरा (0.71 करोड़), बस्कुटा (0.67 करोड़), बरहाई (0.63 करोड़), चाका (0.47 करोड़), गोरैया (0.44 करोड़), मझौली (0.62 करोड़), माला (0.61 करोड़), कुदरीटोला (0.52 करोड़), घुंसु (0.49 करोड़), गोबराताल (0.48 करोड़), कुरावर (0.48 करोड़) और बांधवगढ़ के काशपानी गांव (0.48 करोड़)। मंत्री प्रहलाद पटेल और सीएम साथ आएंगे प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल आज पाली पहुंचेंगे। वे सुबह 11:15 बजे जबलपुर से रवाना होकर मुख्यमंत्री के साथ दोपहर 12:35 बजे पाली हेलीपैड पर पहुंचेंगे। यहां वे पेसा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद वे दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री के साथ पाली से मनगवां (जिला रीवा) के लिए प्रस्थान करेंगे। यह कार्यक्रम आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और पेसा कानून के तहत जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

जल बचायें, क्योंकि जल की हर बूंद में समाया है जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शीतलदास की बगिया में घाटों की सफाई की सफाई मित्रों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार की सुबह भोपाल शहर स्थित शीतलदास की बगिया पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के घाटों की सफाई में सेवा कार्य (श्रमदान) किया और सफाई मित्रों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां घाटों की सफाई की। मुख्यमंत्री ने सफाई नौका में बैठकर सफाई कर्मियों से चर्चा की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने की आत्मीय अपील भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से आव्हान किया कि हर संभव तरीके से जल बचाईये, क्योंकि जल की हर बूंद में जीवन है, अमृत है। इसकी हर बूंद में हमारा सुनहरा भविष्य समाया है। जल बचाना हमारी आज की जरूरत भी है और बेहतर कल के लिए जिम्मेदारी भी। आज जल बचेगा, तभी हमारा कल सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी संभव उपाय किये जायें। जल बचाना सिर्फ सरकार की ही क्यूं, पूरे समाज, हर वर्ग, हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। आज जल सहजेंगे, तभी तो हमारा आने वाला कल संवरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और सतत उपयोग के लिए लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान इसी दिशा में एक ठोस कदम है, जिसके तहत पुरानी बावड़ियों, कुंओं, तालाबों, सरोवरों और अन्य परम्परागत जल स्रोतों का जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी अपने-अपने स्तर पर पानी बचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है, यह पुण्य भावना प्रदेश के हर नागरिक के मन में होनी ही चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफाई मित्रों को “सफाई दूत” निरुपित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि हमारे जीवन की शैली का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। जहां स्वच्छता होती है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि अपने घर, आस-पड़ोस और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय सहभागिता दें और जल स्रोतों की स्वच्छता व संरक्षण को प्राथमिकता दें। बड़ा बाग की पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्य का अवलोकन भी किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शीतलदास की बगिया से बड़ा बाग स्थित ऐतिहासिक पुरानी बावड़ी पहुंचें और वहां जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर निगम भोपाल द्वारा कराए जा चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विरासत से विकास” की सोच के साथ आगे बढ़ रही है और पुरानी विरासतों के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जल संरक्षण के लिए अद्भुत व्यवस्थाएं बनाई थीं। आज जरूरत है कि हम उन ऐतिहासिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन करें और उन्हें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संजोकर रखें। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ में सबकी सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बावड़ी का जीर्णोद्धार कार्य पूरी गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ पूर्ण किए जाएं। इस दौरान लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम सभापति किशन सूर्यवंशी, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त, अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। बड़े बाग की पुरानी बावड़ी नगर निगम भोपाल के जोन क्रमांक 05 वार्ड क्रमांक 09 में स्थित जल संरचनाओं में बड़े बाग की बावड़ी का महत्वपूर्ण स्थान है। बावड़ी का निर्माण लगभग 200 वर्ष पूर्व किया गया था। बावड़ी तीन मंजिला है, इसकी दीवार सीढियों और मुंडेर से लेकर मेहराब तक बेल पत्तियां बनी है। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर निगम भोपाल द्वारा इस बावड़ी से प्लास्टिक वेस्ट, फ्लोटिंग पदार्थ एवं लगभग 40 क्यूबिक मीटर सिल्ट निकाली गयी। बावड़ी की दीवारों से नुकसानदेह खरपतवार को अलग किया गया, जिससे बावड़ी की आवक क्षमता 2000 लीटर प्रति घंटा हो गयी है। वर्तमान में इसके जल का उपयोग निस्तार कार्यों में हो रहा है। बावड़ी में दीवारों एवं सीढ़ियों की मरम्मत कर इनकी रंगाई-पुताई, पलेग स्टोन बिछाने एवं लोहे की जाली (फेब्रीकेशन) लगाने का कार्य भी किया गया है।  

खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन में 4376.30 करोड़ रूपये का निवेश, सृजित होंगे 6164 रोजगार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह अद्भुत समय चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की खुशबू देशभर में फैल रही है। प्रदेश में विकास का क्रम जारी है। इस विकास यात्रा में सभी राज्यों के उद्योगपतियों का स्वागत है। जहां जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, अधिकारी साथ में मिलकर प्रदेश के औद्योगिक विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के फरवरी में आयोजन के बाद पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी मध्यप्रदेश को निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि जीआईएस में 65 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 15 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को आवंटन आदेश और आशय पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में हमें टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मेड इन इंडिया का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नरसिंहपुर जिले में कृषि उद्योग समागम में “खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन” को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश की संकल्पनाओं को साकार करने के लिए हमें सभी क्षेत्रों में समान प्रगति करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माइनिंग, टेक्सटाइल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनायें हैं। कृषि आधारित उद्योगों के लिए चार स्थानों पर कृषि उद्योग समागम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट वर्तमान में 12 प्रतिशत से अधिक होकर देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 (जीआईएस) के सफल आयोजन के बाद मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा 1744 एकड़ भूमि 46 औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गई है। इन इकाइयों में लगभग 24,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 35,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। भूमि आवंटन प्राप्त प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में मेसर्स पतंजलि ग्रुप, रीवा को सर्वाधिक 433 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इसके अलावा मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट, सीधी को 264 एकड़, मेसर्स बीईएमएल, रायसेन को 148 एकड़, मेसर्स गौतम सोलार को 55 एकड़ एवं मेसर्स ग्लेक्सो स्मीथ एशिया प्रा. को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के कार्यक्रम में कुल 52 इकाईयों से रू. 4376 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 6100 से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इन निवेश प्रस्तावों के राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। औद्योगिक इकाईयों को वितरित किये गये आवंटन आदेश एवं आशय पत्र क्र. जिला इकाई का नाम प्रस्तावित निवेश (करोड़ रूपये) प्रस्तावित रोजगार   नर्मदापुरम     ग्रेनटेक फूड्स एण्ड बेवरेजेस इण्डिया प्रा.लि. एवं मे. सेक्टर सेवन फूड्स प्रा.लि. 1150.00   630   सिवनी बड़ेबाबा मेटेलिक प्रा.लि. 340.80 450   बालाघाट श्री गुरुदेव राइस इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड. 310.08   805     बालाघाट विसाग बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड 210.00   250     जबलपुर जबलपुर बायोफ्यूल्स 200.00 111   सीहोर   गोविन्द मिल्क एण्ड मिल्क प्रोडक्ट्स 150.00 210     सिवनी जनक फूड्स 2.00 15   मण्डला   माउंट कैलाश एग्री फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड 5.00 35     मण्डला       जबलपुर कमर्शियल नेटवर्किंग एंड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड 1.00   14     छिंदवाड़ा   स्नेह ग्लोबल केम्स प्राइवेट लिमिटेड 1.20   30     मण्डला   स्टील क्लैड इन्फ्रा सॉल्यूशन 1.21   25   मण्डला दी ऑल सॉल्यूशन्स 0.92 15   मण्डला   पीके राइस एंड जनरल मिल्स एलएलपी 1.50   17     कटनी किआरा इम्पेक्स 1.25 9   सिवनी   विट फूड केम प्राइवेट लिमिटेड 7.00   35   योग 2381.96 2651   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर जिला गन्ने की फसल के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल के लिए स्प्रिंक्लर सिंचाई का लक्ष्य बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह हमारा संकल्प है कि कृषकों की आय को बढ़ाया जायेगा। हमारी सरकार का प्रयास है कि कृषकों को उनके उत्पादों के सही दाम मिले। खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों की अधिक से अधिक स्थापना होगी। खेती, बागवानी, फल-सब्जी उत्पादन सभी क्षेत्रों में बजट को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य की प्रगतिशील नीतियों से निवेशकों की कठिनाईयों को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।   प्रमुख निवेश प्रस्ताव क्र. जिला इकाई का नाम प्रस्तावित निवेश (करोड़ रूपये) प्रस्तावित रोजगार क्षेत्र   सिवनी विस्तार एग्री फूड्स प्रा. 400 500   कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर   काकड़ा मेटल्स प्रा. लि. 400   500   कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर धारणी शुगर मिल प्रा. लि. 300 500 कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर 1 मार्चे एलएलपी 160 140 ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा   नरसिंहपुर भूमि साहू 100 250 शिक्षा   नरसिंहपुर मेसर्स विजय कुमार लुनावत 4 15   ऊर्जा   नरसिंहपुर जैन पॉली प्लास्टिक्स 2.5 8 प्लास्टिक उत्पाद योग 1366.5 1913   नरसिंहपुर में कृषि आधारित और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं: मंत्री श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने “कृषि उद्योग समागम-2025” के नरसिंहपुर जिले में आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हार्दिक अभिनंदन और आभार माना। उन्होंने देश भर से आए निवेशको/ उद्योपतियों का आयोजन में सम्मिलित होने पर आभार भी व्यक्त किया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिले के कृषकों ने अनुसंधान एवं नवीन तकनीकों को अपनाकर प्रदेश और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर प्रदेश का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक जिला है, जहां सर्वाधिक शुगर फैक्ट्रियां स्थापित हैं। जिले में कृषि के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहा है आशातीत विकास : मंत्री श्री राजपूत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बागडोर संभाली … Read more

मध्‍यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है- मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने जवाहरलाल दर्डा की कांस्‍य प्रतिमा का किया अनावरण मध्‍यप्रदेश में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं- मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव मध्‍यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है- मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विकास को लेकर प्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेठ गोविंददास शासकीय जिला चिकित्‍सालय जबलपुर पहुंचकर वरिष्‍ठ स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी जवाहरलाल दर्डा की कांस्‍य प्रतिमा का अनावरण किया। उन्‍होंने कहा कि जवाहरलाल दर्डा ने स्‍वतंत्रता संग्राम में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया और जबलपुर से उनका गहरा नाता रहा है। जबलपुर में दर्डा ने स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के विस्‍तार की दिशा में भी उल्‍लेखनीय कार्य किया। उन्‍होंने कहा कि स्‍वतंत्रता संग्राम के दौरान जबलपुर से नेताजी सुभाषचंद्र बोस का भी गहरा नाता रहा है। उन्‍होंने अंग्रेजों के दम्‍भ को तोडा़ और 23 वर्ष की उम्र में आईसीएस की परीक्षा पास की जिस समय अंग्रेज भारतीयों के ज्ञान स्‍तर को कम आंकते थे। महात्‍मा गांधी ने भी अफ्रीका से स्‍वतंत्रता की लड़ाई की शुरूआत कर एक नई दिशा दी। स्‍वतंत्रता संग्राम में कई महान विभूतियों ने अपना अमूल्य योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्‍यप्रदेश के झाबुआ से चंद्रशेखर आजाद ने भी कभी अंग्रेजों की अधीनता नहीं स्‍वीकारी और उन्‍होंने स्‍वयं को जीते जी आजाद रहने का संकल्‍प पूरा किया। दर्डा ने आजादी की लड़ाई लड़ी और स्‍वतंत्रता के बाद महाराष्‍ट्र के कई मंत्रालयों में 23 वर्ष तक कई जिम्‍मेदारियों का निर्वहन कर सामाजिक सारोकार और जनहित के कई उल्‍लेखनीय कार्य किए। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्‍यप्रदेश में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं। वर्ष 2002-03 में जहां 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहां अब 20 साल बाद 30 मेडिकल हो गयें हैं और 2 साल बाद 50 मेडिकल कॉलेज हो जायेंगे। मध्‍यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। मध्‍यप्रदेश की विकास दर 12 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। आर्थिक रूप से 2002-03 में जहां प्रति व्‍यक्ति आय 11 हजार रूपये थी, वहीं अब 1 लाख 52 हजार रूपये हो गई है। उन्‍होंने कहा कि भारत भी तेजी से आर्थिक विकास कर रहा है। अब भारत जापान को पीछे छोड़कर चौथे नंबर की अर्थव्‍यवस्‍था बन चुका है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सेना का अभिनंदन करते हुए कहा कि सेना ने देश का मान रखा, दुश्‍मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया, जिसे पाकिस्‍तान कभी नहीं भूल पायेगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमत पत्र समूह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अब समय बदल चुका है। मध्‍यप्रदेश में कई विकास के कार्य हो रहे हैं, जबलपुर सहित समूचा महाकौशल क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा हैं। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदू, संतोष बरकड़े, लोकमत समाचार पत्र के निदेशक आलोक जैन और प्रबंध निदेशक देवेन्‍द्र दर्डा सहित जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री सहायता कोष से की 5 लाख रूपये देने की घोषणा की

लिज्‍जत के उत्‍पादों का लाजवाब स्‍वाद बहनों की मेहनत का परिणाम : मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव मुख्‍यमंत्री ने ढाई हजार से अधिक बहनों को आर्थिक रूप से सशक्‍त बनाने के लिए की महिला गृह उद्योग समिति की सराहना मुख्यमंत्री सहायता कोष से की 5 लाख रूपये देने की घोषणा की जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिज्जत पापड़ जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड को स्थापित कर महिला सशक्तिकरण एवं संगठन की शक्ति की मिसाल पेश कर रही बहनों से महिला गृह उद्योग के लिज्‍जत पापड़ भवन जबलपुर में आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छोटे से गृह उद्योग से देश का प्रतिष्ठित ब्रांड बनने की यात्रा में ढाई हजार से अधिक बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लिज्जत परिवार को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लिज्जत का यह भवन श्रम का मंदिर हैं। इस मंदिर में काम करके आशीर्वाद मिलता हैं। उन्होंने कहा कि महिला गृह उद्योग की बहनों की मेहनत ही लिज्जत के उत्पादों के स्‍वाद को लाजवाब बनाता हैं। लिज्जत के देश-विदेश में विख्यात होने का कारण भी बहनों की मेहनत हैं। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने अन्‍य जन प्रतिनिधियों के साथ महिला गृह उद्योग के भवन का निरीक्षण कर व्‍यवस्‍थाओं का अवलोकन किया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने महिला गृह उद्योग को मुख्‍यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रूपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला, युवा, गरीब एवं किसानों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरसिंहपुर में हुए किसान उद्योग समागम कार्यक्रम का उल्लेख करते हुऐ बताया कि प्रदेश सरकर किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद-बीज एवं उन्नत कृषि उपकरण उपलब्ध कराकर कृषि उत्पादन को बढ़ाने और कृषि उत्पाद को बाजार में बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में रोजगार के सृजन के लिए फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सरकार और समाज की भागीदारी से महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। आज प्रदेश की अनेक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्‍त होकर परिवार के लालन-पालन और समाज मे अपनी समान भागीदारी निभा रही है और वे समाज के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 31 मई को लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती के अवसर पर ऐसी ही महिलाओं के सम्मान में भोपाल में महिला महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा हैं इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप से शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला गृह उद्योग की संचालक श्रीमती प्रक्षा ओसवाल सहित समिति की बहनों को गृह उद्योग के आगामी उत्‍पादों एवं योजनाओं के लिए शुभकामनाएं दीं और भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री ने प्रतिकात्‍मक रूप से समिति की महिला सदस्‍यों को लाभांश का वितरण किया। उन्‍होंने गृह उद्योग की पूर्व संचालक श्रीमती पुष्‍पा बैरी का भी शॉल श्रीफल से सम्‍मान किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्‍नू, विधायक अशोक रोहाणी सहित अन्‍य जन प्रतिनिधियों की उपस्थित रही।  

उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जैविक उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण नवाचारों की प्रशंसा की

उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम 2025 कृषि प्रदर्शनी का किया शुभारंभ कृषि प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जैविक उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण नवाचारों की प्रशंसा की  नरसिंहपुर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम-2025 में कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। कृषि प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में ड्रोन आधारित कृषि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त उपकरण, पॉवर स्प्रेयर, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र, जैविक एवं नैनो फर्टिलाइज़र सहित विविध नवीनतम संसाधनों को प्रदर्शित किया गया। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने सभी स्टॉलों का अवलोकन कर विकसित की गई तकनीकों की प्रशंसा की। उप राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी में कृषकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उत्पादों की गुणवत्ता, तकनीक एवं विपणन के विषय में जानकारी ली तथा उनके नवाचारों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की सराहना की एवं उन्हें आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए सशक्त कड़ी बताया। पशुपालन विभाग द्वारा आचार्य गोवंश संवर्धन योजना के अंतर्गत प्रदर्शनी में भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों का प्रदर्शन किया गया। इसमें गिर नस्ल की उस गाय को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया, हाल ही में आयोजित भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारु गाय प्रतियोगिता 2025 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने स्वयं गाय को चारा खिलाकर गौसंवर्धन के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की।  

नरसिंहपुर मध्यप्रदेश की आध्यात्मिकता का केंद्र, यहां का मकर संक्रांति मेला सुप्रसिद्ध : राज्यपाल पटेल

कृषि विकास से ही आयेगी देश में समृद्धि, मप्र की तर्ज पर हर राज्य में हों कृषि उद्योग समागम : उप राष्ट्रपति धनखड़ उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम आयोजन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी बधाई कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ाने के लिए नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और मंडला में बन रहे फूड पार्क राज्य स्तरीय कृषि उद्योग समागम 12 से 14 अक्टूबर तक सीहोर में होगा नरसिंहपुर मध्यप्रदेश की आध्यात्मिकता का केंद्र, यहां का मकर संक्रांति मेला सुप्रसिद्ध : राज्यपाल पटेल नई तकनीक और नवाचारों से किसानों का जीवन सुधारने के लिए सरकार चला रही किसान कल्याण मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जैविक खेती के प्रोत्साहन और नवाचारी किसानों को प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित 116 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के 86 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी हुआ उपराष्ट्रपति धनखड़, राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरसिंहपुर में किया कृषि-उद्योग समागम 2025 का शुभारंभ नरसिंहपुर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि खेती-किसानी देश की अर्थव्यवस्था की नींव है। यह हमारी प्रगति का मूल आधार है। कृषि के क्षेत्र में विकास और नित नए नवाचार जरूरी हैं, इससे कृषि के विकास से ही देश में समृद्धि आएगी। देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाता की खुशहाली में ही हमारे देश की खुशहाली सन्निहित है। उप राष्ट्रपति धनखड़ सोमवार को नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में कृषि उद्योग समागम-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्जवलन, कन्या पूजन एवं भगवान बलराम की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर 26 से 28 मई तक चलने वाले तीन दिवसीय ‘कृषि-उद्योग समागम 2025’ का विधिवत् शुभारंभ किया। इस अवसर पर डॉ. (श्रीमती) सुदेश जगदीप धनखड़ विशेष रूप से उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री की पहल अनुकरणीय उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस पहल का अन्य राज्यों को भी अनुसरण करना चाहिए। किसान हमारे अन्नदाता हैं। अन्नदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि किसान भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेहद कर्मठ और कार्यशील है। कोई ऐसा दिन नहीं रहता, जब वे गांव, गरीब और किसान की चिंता न करें। मध्यप्रदेश सरकार ने गांव-किसान और उद्योग को जोड़ने की अभिनव पहल शुरू की है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि देश का हर राज्य मध्यप्रदेश की इस पहल का अनुकरण करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा भी 29 मई से 12 जून तक नई दिल्ली में कृषि आधारित एक वृहद आयोजन किया जा रहा है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि विकसित भारत का रास्ता गांव और किसान के खेत से निकलता है। देश में विकसित भारत के लिए महायज्ञ चल रहा है इसमें सबसे बड़ी आहूति किसान भाइयों की ही है। किसान केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहें। उन्हें खाद्य प्र-संस्करण, व्यापार और मार्केटिंग भी सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के किसान भाइयों के परिश्रम से ही ‘विकसित भारत@2047’ का लक्ष्य पूरा होगा। किसान अधिक से अधिक कृषि आधारित उद्योग स्थापित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि अन्नदाता को उद्यमी बनाने के लिए स्थानीय सांसद और विधायक गांवों को गोद लें, किसानों को समृद्ध बनाएं, जिससे खेती में नई तकनीक का इस्तेमाल हो और हर गांव में समृद्धि आए। उन्होंने कहा कि देश में 720 कृषि विज्ञान केंद्र हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नेतृत्व में सभी संस्थान बेहद सजग होकर कार्य कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारत ने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। हमने जापान को पीछे छोड़ा है और बहुत जल्द जर्मनी को पीछे छोड़कर हम तीसरे स्थान पर पहुंचेंगे। देश के 10 करोड़ किसानों को मिला पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि देशभर में किसानों को हर तरह की सहूलियतें दी जा रही हैं। अब तक 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिला है। उनके खातों में 3 लाख 46 करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को दूध, फल और सब्जियों में देश का नेतृत्व करना चाहिए। कृषि सिर्फ खेती का क्षेत्र नहीं है, इसका उद्योग से बड़ा जुड़ाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल सराहनीय है। प्रदेश में नारी शक्ति को जिला पंचायतों की कमान मिलना भी लोकतंत्र की शक्ति को दर्शाता है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर से लिया है। यह ऐतिहासिक घटना है। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना ने सटीक बमबारी की और उनके ठिकाने नष्ट कर दिए। देश की सुरक्षा के मामले में प्रधानमंत्री का संकल्प एक लौहपुरूष की तरह है। भारतीय सेना के पराक्रम ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। ये नया भारत है, जो 70 साल में नहीं हुआ, वो प्रधानमंत्री ने कर दिखाया। कृषि मेलों से किसानों को मिल रहा भरपूर लाभ राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिला मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को संजोकर रखने वाला एक प्रमुख केंद्र है। यहां मां नर्मदा के तट पर बरमान में मकर संक्रांति का सुप्रसिद्ध मेला लगता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि मेलों और कृषि उद्योग समागमों के जरिए किसानों को भरपूर लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के लिए हर समय उपलब्ध रहते हैं। देश के किसान कड़े परिश्रम से अन्न उगाते हैं, वहीं हमारे वैज्ञानिक भी तकनीक का उपयोग कर किसानों के लिए नए-नए संयंत्र तैयार करते हैं। दोनों की मेहनत और समन्वय से ही हमारे देश के भंडार अन्न से भरे पड़े हैं। मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला है। नरसिंहपुर पर मां नर्मदा की विशेष कृपा है। नरसिंहपुर जिला दाल का कटोरा है, यहां की तुअर दाल को जीआई टैग मिला है। दाल उत्पादक किसान देशभर में पहचान बना चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। … Read more

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दी जानकारी

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में होंगे विभिन्न कार्यक्रम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में जून माह में तीन तिथियों पर होंगी महत्वपूर्ण गतिविधियां प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी माह तीन ऐसी महत्वपूर्ण तिथियां होंगी जिनका मध्यप्रदेश और देश के लिए विशेष महत्व है। आगामी पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस है इस नाते यह दिन जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। यह पर्यावरण दिवस भी है, और राज्य सरकार पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए अधिकाधिक प्रयास कर रही है। जल गंगा संर्वधन अभियान का औपचारिक शुभारम्भ गुड़ी पड़वा से हो चुका है। प्रदेश में 30 मार्च से प्रारंभ यह अभियान निरंतर 30 जून तक चलेगा। जनप्रतिनिधि और आम नागरिक अभियान में व्यापक भागीदारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज नई दिल्ली में मीडिया से चर्चा में जून माह के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी दी। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यावरण दिवस के पश्चात 9 जून को महत्वपूर्ण तिथि है जब यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के सफल 11 साल पूरे होने का भी दिन है। यह विशेष उपलब्धि है। मध्यप्रदेश में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी न केवल लगातार तीन कार्यकाल के लिए सरकार बनाने के लिए बधाई के पात्र हैं, बल्कि उन्होंने जो ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, वे इस बात का प्रमाण हैं कि प्रधानमंत्री जी के लिए राष्ट्र हित सर्वोपरि है। इन ऐतिहासिक निर्णयों में चाहे वो ट्रिपल तलाक का विषय हो या सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को सभी समुदायों की ओर से मिलकर पूरा करवाना हो या फिर पाकिस्तान को तीन बार तगड़ा जवाब देने की कार्यवाही जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और हाल ही में पाकिस्तान के अंदर ऑपरेशन सिंदूर करने की त्वरित कार्यवाही हो और साथ ही सीमाओं पर चीन का सामना करना हो, यह सभी ऐसे निर्णयों में शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी लागू करने से लेकर कई बदलाव, बदलते दौर के भारत में देखने को मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के सक्षम नेतृत्व का ही यह प्रमाण है कि भारत का महत्व बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के ठोस प्रयासों ने भारत को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया है। काला दिवस से स्मरण किया जाता है लोकतंत्र का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल स्वतंत्र भारत के इतिहास में काला दिवस माना जाता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट कर दिया गया था। ऐसी स्थिति में जनता ने आपातकाल का प्रतिकार भी लिया। वर्तमान में यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 25 जून को इस काले दिवस का स्मरण कर पूरे राष्ट्र में लोकतंत्र के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने का कार्य हो रहा है। आगामी माह व्यापक स्तर पर इस तिथि पर भी विभिन्न कार्यक्रम होंगे। उद्योग वर्ष में किसानों को देंगे सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोमवार 26मई को नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी पधार रहे हैं। हमारी कृषि आधारित व्यवस्थाओं, कृषि यंत्रों के उपयोग, प्राकृतिक खेती, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कारखानों की स्थापना और इनसे मिलने वाले रोजगार,फसलों के संवर्धन और उपार्जन की दृष्टि से किसानों को उचित मूल्य दिलवाने का प्रयास है। प्रदेश में प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता बढ़ाने का अभियान संचालित होगा। उद्योग वर्ष में किसानों को महत्वपूर्ण सौगात मिलेगी। नरसिंहपुर के कृषि उद्योग समागम में आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन, एआई आधारित उपकरणों और जैविक खेती के जीवंत प्रादर्श किसानों का मार्गदर्शन करेंगे। अनेक विभाग स्टॉल लगाकर शासकीय कृषक कल्याण योजनाओं की जानकारी भी प्रदान करेंगे।  

बैठक ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047’ थीम पर केंद्रित रही

मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार संकल्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीति आयोग की विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047 बैठक में की सहभागिता बैठक ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047’ थीम पर केंद्रित रही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता मे नीति आयोग की शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की 10वीं बैठक में भाग लिया। यह बैठक ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047’ थीम पर केंद्रित रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के विजन से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की प्रथम पंक्ति में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में शामिल होकर प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त किया और इसे भारत के भविष्य निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में सभी राज्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश विकास और लोक कल्याण के संकल्प पथ पर अग्रसर है और निरंतर नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 3 मई को ग्वालियर व भिंड जिले के प्रवास पर आएंगे

 ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 मई को ग्वालियर व भिंड जिले के प्रवास पर आएंगे। वे लहार के कार्यक्रम में पहुंचेंगे। यह दूसरा मौका होगा जब भाजपा के मुख्यमंत्री यहां किसी कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। यह कांग्रेस नेता पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का क्षेत्र है जहां उनको भाजपा के अंबरीश शर्मा से पराजय मिली है।  मुख्यमंत्री दोपहर 2:40 बजे ग्वालियर विमानतल पर उतरेंगे। यहां हेलीकॉप्टर से लहार जाएंगे। वहां से लौटकर ग्वालियर आएंगे। ग्वालियर के इंपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पारिवारिक आयोजन में शामिल होंगे। यहां से शाम 7:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। शादी में होंगे शामिल सीएम डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को 4.30 घंटे के लिए ग्वालियर और भिंड आ रहे हैं। सीएम पहले लहार जाएंगे वहां कार्यक्रम में शामिल होंगे फिर ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की बेटी की शादी में शामिल होंगे। सीएम विजिट के दौरान शहर में भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। इस दौरान हाइवे पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है। विवाह समारोह में सीएम के अलावा कई और वीआइपी भी आएंगे। इसे देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम भी पुता किए हैं। ऐसा रहेगा पूरा कार्यक्रम सीएम मोहन यादव शुक्रवार दोपहर इंदौर से ग्वालियर आएंगे। सीएम यादव दोपहर तीन बजे विमान से ग्वालियर पहुंचेगे और करीब 20 मिनट विमानतल पर रुकने के बाद लहार रवाना होंगे। वहां से शाम करीब 6 बजे वापस ग्वालियर आकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युनसिंह तोमर की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए इपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में जाएंगे। सीएम यादव विवाह समारोह में करीब 1.30 घंटे रुकेंगे और शाम 7.30 बजे वापस भोपाल रवाना होंगे। ये रूट रहेंगे डाइवर्ट, यातायात होगा प्रभावित     सीएम विजिट के दौरान शम 6 बजे से निरावली तिराहा से बायपास होते सिकरौदा तिराहा तक वाहनों की एंट्री नहीं होगी।     दतिया से आकर भिंड जाने वाले वाहनों को सिकरौदा तिराहे से विक्की फैक्ट्री, बेला की बावड़ी, गोल पहाडिया, मोतीझील, अटलद्वार होकर निरावली होकर जाना पड़ेगा।     मुरैना से शिवपुरी जाने वाले वाहन निरावली से मोतीझील, गोल पहाडिया, बेला की बावड़ी से नया गांव होकर जाएंगे।     शिवपुरी से भिंड जाने वाले वाहनों को नयागांव से बेला की बावड़ी, गोल पहाड़िया, मोतीझील, अटलद्वार होकर निरावली के रास्ते जाना पड़ेगा।     भिंड से दतिया, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर जाने वाले वाहनों को निरावली जाना पड़ेगा वहां से मोतीझील, गोल पहाडिया के रास्ते बेला की बावड़ी से नयागांव के रास्ते जाना पड़ेगा।

सौभाग्य है कि महान शासिका देवी अहिल्याबाई के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को नाट्य मंचन के माध्यम से परिचित होने का अवसर मिल रहा -CM

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हम सब का सौभाग्य है कि मध्यप्रदेश की ऐसी महान शासिका देवी अहिल्याबाई के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को नाट्य मंचन के माध्यम से परिचित होने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को कालिदास संस्कृत अकादमी के पण्डित सुर्यनारायण व्यास संकुल सभा गृह में देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर अहिल्या बाई होलकर महानाटय – जीवन, अवदान और वैभव का गान के मंचन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. साधना बलवटे की लिखी पुस्तक ‘’अहिल्या रूपेण संस्थिता’’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, संस्कार भारती के सह कोषाअध्यक्ष श्रीपाद जोशी, विशाल राजोरिया, जगदीश अग्रवाल, देवी अहिल्या बाई जयंती समारोह के जिला संयोजक उमेश सेंगर, जगदीश पांचाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती और देवी अहिल्या बाई के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्कृति संचलनालय के संचालक एन.पी. नामदेव और कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक ड़ॉ. गोविंद गंधे ने अतिथियों का स्वागत किया। केन्द्र और राज्य सरकार देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करा रही हैं। देवी अहिल्याबाई ऐसी बेटी थीं, जो विवाह के बाद सास-ससुर की भी बेटी ही बन कर रहीं। बचपन में देवी अहिल्याबाई ने बाजीराव जी की सवारी निकलने पर अपने स्थान से हटने से मना कर दिया था, क्योंकि वे उस समय भगवान शिव की पूजा कर रही थीं, यह प्रसंग उनके साहस को दर्शाता है। देवी अहिल्या बाई सदगुणों की खान थीं। उन्हें शास्त्रों के साथ शस्त्रों की भी शिक्षा प्रदान की गई थी। पति द्वारा युद्ध में जीती गई धन राशि को उन्होनें शासकीय खजाने में जमा करने के लिए कहा था, जो कि उनकी उदारता को दर्शाता है। देवी अहिल्याबाई ने प्राचीन सोमनाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। उन्होंने सनातन धर्म की ध्वजा को धारण करके एक आदर्श जीवन जिया है, जो सबके लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कष्ट सहकर भी सुशासन की मिसाल पेश की। देवी अहिल्याबाई ने आमजन के लिये रोजगार के अवसर और उनकी बेहतरी के लिए महेश्वर में दक्षिण भारत के कारीगर बुलाकर हाथ से बुनी हुई साड़ी बुनने की कला से स्थानीय लोगों को परिचित करवाया। आज महेश्वर की साडि़यां विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने महेश्वर और इन्दौर के राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक का आयोजन देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ही किया है। उन्होंने कहा कि आगामी 31 मई को शासन द्वारा भोपाल में नारी सशक्तिकरण पर आधारित कार्यक्रम का भव्य स्तर पर आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं और उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री निधि से कलाकारों को 5 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की भी घोषणा की गई। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में देवी अहिल्या बाई पर केंद्रित नाटयों का मंचन किया जा रहा है। कालिदास संस्कृत अकादमी में महानाट्य की प्रस्तुति नागपुर के कलाकारों द्वारा सुप्रियंका ठाकुर के निर्देशन में दी गई।  

देश में जारी विकास के महायज्ञ से विकसित भारत का संकल्प मजबूत हो रहा है

देश के 1300 से अधिक रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन के रूप में होंगे विकसित : प्रधानमंत्री मोदी देश में जारी विकास के महायज्ञ से विकसित भारत का संकल्प मजबूत हो रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 103 अमृत स्टेशनों का लोकार्पण किया, इनमें मध्यप्रदेश के 6 स्टेशन शामिल यात्री ही रेलवे स्टेशनों के मालिक हैं, ध्यान रखें कि यहां नुकसान और गंदगी न हो दुनिया और भारत के दुश्मनों ने देखा कि जब सिंदूर बारूद बनता है तो नतीजा क्या होता है – प्रधानमंत्री मोदी जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है, ये प्रतिशोध का खेल नहीं, न्याय का नया स्वरूप है अमृत स्टेशन देश के विकास का प्रवेश द्वार सिद्ध होंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अब आधुनिक रेल कोच भी मध्यप्रदेश में बनाए जाएंगे प्रदेश के नर्मदापुरम, कटनी, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम अमृत स्टेशनों का हुआ उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उद्घाटन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर में भारत माता के जयकारों के बीच कहा कि विकसित भारत का संकल्प और मजबूत हो रहा है। देशभर में विकास का महायज्ञ चल रहा है, हमारी सड़कें और रेलवे नेटवर्क विकसित हों, इसके लिए 11 सालों में अभूतपूर्व काम हुआ है। विकास कार्यों पर देश पहले से 6 गुना ज्यादा पैसा खर्च कर रहा है। भारत में विकास कार्यों को देखकर दुनिया हैरान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम से देश के 103 अमृत स्टेशनों के वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर उपस्थित हो कर उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के नर्मदापुरम, कटनी, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम अमृत स्टेशनों का उद्घाटन हुआ। सभी स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इन स्टेशनों में भारतीय संस्कृति, विरासत और यात्री सुविधाओं का समावेश किया गया है। बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, रेलमंत्री अश्विनी वैषव, केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल उपस्थित थे। नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उद्घाटन समारोह में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री डॉ. राकेश सिंह, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा तथा स्थानीय विधायक उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में स्थित 103 अमृत स्टेशनों को 1100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी ट्रेनों के नेटवर्क को आधुनिक कर रहा है। वंदेभारत, अमृत ट्रेन और नमो ट्रेनें भारत की नई गति को दर्शाती है। देश के 70 रुटों पर वंदेभारत ट्रेन चल रही हैं। 34 हजार किलोमीटर से ज्यादा के नए रेल ट्रैक बिछाए गए हैं। ब्रॉडगैज ट्रैकों पर मानव रहित क्रॉसिंग अब इतिहास बन चुका है। देश के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। हम 1300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक बना रहे हैं। इन्हें अमृत भारत स्टेशन नाम दिया गया है, इनमें से 103 स्टेशन बनकर तैयार हो गए हैं। इन स्टेशनों पर विकास भी और विरासत भी का नजारा दिखाई देता है। ओरछा स्टेशन पर भगवान श्रीराम की छवि दिखाई देगी। इसी प्रकार सभी स्टेशनों पर हजारों साल पुरानी विरासत के दर्शन होंगे। ये स्टेशन राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देंगे और युवाओं को रोजगार के मौके भी मिलेंगे। साथ ही देश के चिनाब नदी पर बना रेलवे ब्रिज, मुंबई में अटल सेतु, दक्षिण में पंबन ब्रिज देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यात्री रेलवे स्टेशनों के मालिक हैं। ध्यान रखें कि यहां नुकसान और गंदगी न हो। सरकार हजारों करोड़ रुपए लगा रही है, ये पैसा मजदूर, स्थानीय व्यापारियों को मिल रहा है। रेलवे स्टेशनों के उन्नयन से किसानों को माल ढुलाई में सहूलियत मिलती है। इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों से युवाओं को भी फायदा मिलता है। राजस्थान में सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण करने के साथ नदियों को जोड़ा जा रहा है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से कई जिलों के किसानों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजस्थान की धरा सिखाती है कि देश से बड़ा कुछ नहीं है। पहलगाम आतंकियों ने धर्म पूछकर हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था। इसके बाद हर देशवासी ने संकल्प लिया था कि आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे। हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दी, सेनाओं ने ऐसा चक्र रचा कि पाकिस्तानियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। दुनिया ने और देश के दुश्मनों ने देख लिया कि जब सिंदूर बारूद बन जाता है, तो नतीजा क्या होता है। शौर्य के सम्मान में देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है, ये प्रतिशोध का खेल नहीं, यह न्याय का नया स्वरूप है। ये ऑपरेशन सिंदूर है, यह सिर्फ आक्रोश नहीं, ये समर्थ भारत का रौद्र रूप है, ये भारत का नया स्वरूप है। अब पाकिस्तान से कोई व्यापार नहीं होगा, सिर्फ पीओके पर बात होगी। पाकिस्तान को पानी नहीं मिलेगा। पाई-पाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा। नए भारत के निर्माण में सुरक्षा और समृद्धि दोनों जरूरी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को दुनिया का अग्रणी देश बनाने का संकल्प लिया हैं, बदलते दौर में उनके नेतृत्व में भारत तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच की बदौलत भारतीय रेल को नया स्वरूप मिला है। भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देशभर में नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही हैं। आजादी के बाद नैरोगेज से ब्रॉड गैज तक आने में रेलवे को 100 साल लग गए। लेकिन पिछले 11 साल में देशभर में हजारों किलोमीटर लंबे ट्रैक को 3 और 4 लेन रेलवे लाइन बनाया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने बीईएमएल को रेल कोच निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराई है, अब मध्यप्रदेश में आधुनिक रेल कोच भी बनाए जाएंगे। मध्यप्रदेश के 6 अमृत स्टेशनों सहित कुल 103 स्टेशनों का लोकार्पण एक ऐतिहासिक क्षण है। यह रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से इन … Read more

मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है : सीएम यादव

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 103 रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें एमपी के 6 स्टेशन- नर्मदापुरम, श्रीधाम, कटनी साउथ, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं। कार्यक्रम में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम से जुड़े। उन्होंने कहा कि ये बदलते दौर का बदलता भारत है। भोपाल के भेल में वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन के कोच बनाए जाएंगे। स्वामी विवेकानंद ने 1904 में कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज हम इस अवधारणा को साकार होता देख रहे हैं। मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री ने भारत की ताकत दिखा दी है। ये मोदी जी की कूटनीति का ही नतीजा है कि पाकिस्तान को तीन देशों के अलावा कहीं समर्थन नहीं मिला। पहलगाम हमले के बाद आतंकियों का मकसद देश में दंगे भड़काना था लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट रहा। ये लोकतंत्र की जीत है। मोदी में विश्वास की जीत है। एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए हुए खर्च  एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए की लागत से हाईमास्ट लाइटिंग, मॉडर्न वेटिंग रूम, टिकट काउंटर, टॉयलेट और दिव्यांगों के लिए रैंप जैसी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। हर स्टेशन पर मध्यप्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है। मध्य प्रदेश के 6 स्टेशनों की खासियत नर्मदापुरम 1- लागतः संस्कृति और ‘नर्मदा थीम’ पर आधारित है जिसकी लागत लागत – 26 करोड़ रुपए खासियतः यात्रियों के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सौंदर्गीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, 1000 वर्गमीटर में आधुनिक एलईडी लाइटिंग की सुविधा, मां नर्मदा की पुण्यभूमि पर आधुनिकता और आस्था का संगम भी प्रस्तुत करेगा। सुविधाएं: भोपाल मंडल का पहला सबसे चौड़ा 12 मीटर का फुट ओवर ब्रिज, स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, नवनिर्मित प्रतीक्षालय, मॉर्डन टिकट काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप और शौचालय की व्यवस्था 2- श्रीधाम रेलवे स्टेशन लागतः      24 करोड़ रुपए खासियतः शंकराचार्य स्वरूपानंद की तस्वीरें लगाई गई हैं। वास्तुकला में मध्यप्रदेश की लोककला झलकती है। जो इसे केवल यात्रा का स्थान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभव का केंद्र बनाती है। सुविधाएं: एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगों के लिए रैंप, पार्किंग और ठंडे पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं। 3- सिवनी रेलवे स्टेशन लागतः जंगल बुक पर आधारित 14.46 करोड़ रुपए खासियत: पेंच टाइगर रिजर्व और ‘जंगल बुक पर आधारित चित्रकारी, स्थानीय कला और भित्ति चित्र, वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ के तहत स्थानीय उत्पादों का प्रोत्साहन । सुविधाएं: भव्य प्रवेश द्वार, सर्कुलेशन क्षेत्र का विस्तार, नई पार्किंग, लिफ्ट और एस्केलेटर, एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, भुवनेश्वर मॉडल पर आधारित शौचालय, हरित परिदृश्य और बगीचे, सीसीटीवी। 4- कटनी साउथ रेलवे स्टेशन लागतः 12.88 करोड़ खासियत: सर्कुलेटिंग एरिया में पार्क निर्माण व महाराणा प्रताप की प्रतिमा का निर्माण। प्लेटफॉर्म में शेल्टर व डिस्प्ले बोर्ड। सुविधाएं: स्टेशन भवन का निर्माण व भव्य प्रवेश द्वार, वीआईपी वेटिंग हॉल, पर्याप्त टिकट काउंटर, दिव्यांगों के लिए शौचालय व रैम्प, हाई लेवल प्लेटफॉर्म कवर शेड, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्याकरण। 5- शाजापुर रेलवे स्टेशन लागतः 13 करोड़ रुपए खासियत: 140 वर्ग मीटर में फैला ‘आर्ट एंड कल्चर जोन’ यात्रियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह शाजापुर की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। सुविधाएं: नया फुट ओवर ब्रिज, छायादार क्षेत्र, सर्कुलेटिंग एरिया, नया प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, आधुनिक वेटिंग हॉल, एलईडी, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, VIP वेटिंग हॉल, सेकंड क्लास वेटिंग हॉल और पार्किंग। 6- ओरछा रेलवे स्टेशन लागतः 6.5 करोड़ रुपए,रामराजा की थीम पर डिजाइन खासियत: रामराजा मंदिर की थीम पर स्टेशन को डिजाइन किया गया है। रामराजा सरकार और हनुमानजी की मूर्ति भी स्थापित की गई हैं। सुविधाएं: सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार किया गया है। बाउंड्री वॉल पर रामायण के दृश्य बनाए। अलग पार्किंग। टिकट के लिए काउंटर के अलावा एटीवीएम। तीन मीटर चौड़ा एफओबी बनाया है। पे एंड यूज टॉयलेट बनाए।

मुख्यमंत्री यादव आज सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए शहर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित “तिरंगा यात्रा” में शामिल हुए। अपार जोश और उल्लास के साथ तिरंगा यात्रा स्थानीय शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय से प्रारंभ हुई और नर्मदापुरम मार्ग से होकर कृषि उपज मंडी प्रांगण में सम्पन्न हुई। तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव तिरंगे फूलों से सजाए गए विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने इस दौरान हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया और आसमान “भारत माता की जय” और “वंदे-मातरम्” के उद्घोष से गुंजायमान हुआ। यात्रा में लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, सिवनी मालवा विधायक प्रेम शंकर वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। हाथों में राष्ट्रध्वज तिरंगा लिए सभी समुदायों और सभी आयु वर्ग के नागरिक बड़ी संख्या में इस तिरंगा यात्रा में भरपूर उत्साह के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान “तिरंगा यात्रा” में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संगठनो द्वारा आतिशबाजी की गई और तिरंगा यात्रा में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा भी की गई।  

राजन ने कहा, राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 1009 अभ्यर्थियों में से 60 मध्यप्रदेश से, यह दूसरे युवाओं के लिए प्ररेणा देने वाला विषय

भोपाल ब्रिटश शासन के समय आइसीएस परीक्षा होती थी। परीक्षा पर अंग्रेजों को घमंड था। उस दौर में वह परीक्षा सुभाषचंद्र बोस ने 23 साल की उम्र में पास की थी और नौकरी को लात मार दी थी। यह इस देश की महानता बताता है। एक चाय वाला आज पीएम है और एक गाय वाला आपके सामने बोल रहा है, यह भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती है।यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित प्रदेश के विद्यार्थियों के समान समारोह में कही। समारोह कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित किया गया था। इस मौके पर पुस्तिका ‘मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम’ का विमोचन किया गया।  उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा, इतनी बड़ी संख्या में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में युवाओं का चयन गर्व का विषय है। आप सबके सहयोग से प्रदेश के सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी। एसीएस अनुपम राजन ने कहा, राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 1009 अभ्यर्थियों में से 60 मध्यप्रदेश से हैं। यह दूसरे युवाओं के लिए प्ररेणा देने वाला विषय है। मंदसौर के ऋषभ चौधरी और बालाघाट की फरखंदा कुरैशी ने परीक्षा के अनुभव साझा किए। ई-ज्ञान सेतु का शुभारंभ आयोजन में सीएम ने ई-ज्ञान सेतु की शुरुआत की। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्टडी मटेरियल ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इसके भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा समेत कुल 10 जगह डिजिटल स्टूडियो स्थापित किए गए हैं। सीएम ने कहा, मुझे बताया गया कि बच्चे इतने हैं कि मंच छोटा पड़ गया। कामना है कि प्रदेश से इतने प्रतिभागी हों कि मंच के आगे की जगह भी छोटी पड़ जाए। ज्यादातर चयनित उमीदवार सरकारी स्कूलों से निकले हैं। यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कमल कीचड़ में ही खिलता है। सुगंध बिखेरें: यूपीएससी में चयनित उमीदवारों में से 31 प्रतिभागी हैं, जिन्होंने सरकारी संस्थान से शिक्षा ली है। सीएम ने उमीदवारों को अपना अतीत न भूलने की सलाह दी। कहा कि खुद को चंदन बनाएं, चंदन जब घिसता है, तो अपनी सुगंध घिसने वाले के हाथों में छोड़ देता है। इसी तरह आप भी अपनी सुगंध को बिखेरें। राज्य स्तरीय हॉकी खिलाड़ी भी हूं और इंदौर टीम का प्रतिनिधित्व भी किया है। 2019 में सीए बनने के बाद ग्वालियर में ऑडिट और टैक्सेशन क्षेत्र में काम के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी की। परीक्षा के लिए नोट्स बनाए। खूब मेहनत की एवं अनुशासन से तैयारी की। जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, वह स्मार्ट तरीके सेतैयारी करें और स्वयं पर विश्वास बनाए रखें। सोशल मीडिया से दूरी: अभिषेक शर्मा- 38वीं रैंक निरंतरता-धैर्य के साथ तैयारी की। यूपीएससी में सफलता के लिए सही दिशा और सकारात्मक सोच जरूरी है। मैंने जवाहर नवोदय विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा ली है। मैनिट से स्नातक किया। तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। यूपीएससी की तैयारी जो छात्र कर रहे हैं, वह अपनी कमजोरियों पर ध्यान दें। ठीक करने का प्रयास करें। आत्मविश्वास बनाए रखें। रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई: फरखंडा कुरैशी- 67वीं रैंक स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई बालाघाट से हुई। 2019 में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। रोज 8-10 घंटे पढ़ती थी। मुझे डायरी लिखने और नेचर फोटोग्राफी का शौक है। इससे नई ऊर्जा मिलती है। मैंने पिछले वर्षों के प्रश्नों का विश्लेषण किया। फर्क इससे नहीं पड़ता कि आपने सब जीता या नहीं, फर्क इससे पड़ता है कि आपने आखिरी तक हार नहीं मानी। हर विषय को लेकर बनाईठोस रणनीति: आशीष रघुवंशी- 202वीं रैंक पहले ही प्रयास में मुझे यह सफलता मिली है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (इतिहास) किया। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए सिलेबस और पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र पर पूरा फोकस किया। प्रतिदिन 7 से 8 घंटे तक पढ़ाई की। हर विषय के लिए मेरी अलग रणनीति रही। हर विषय का एक निश्चित स्रोत चुना और इसमें उदाहरण, करंट अफेयर्स आदि को शामिल किया। रोज लिखने की प्रैक्टिस की। जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, वह प्री और मेन्स की तैयारी में संतुलन बनाए रखें और निरंतर तैयारी करें।

मध्यप्रदेश को बनायें वन्यप्राणियों के लिए आदर्श स्थली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जलीय जीवों का भी हो विशेष प्रबंधन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल जिले में ताप्ती और बालाघाट जिले का सोनेवानी बनेगा कंजर्वेशन रिजर्व मध्यप्रदेश को बनायें वन्यप्राणियों के लिए आदर्श स्थली वन्य प्राणियों के पुनर्वास और जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मप्र राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 29वीं बैठक में दो कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना को दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि थलीय जीवों की तरह जलीय जीवों के संरक्षण और उनके प्रबंधन के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएं और आवश्यकता हो, तो इस कार्य के लिए पृथक अधिकारी नियुक्त किया जाए। यह अधिकारी जलीय जीवों की गिनती करें और उनका प्रबंधन भी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 29 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य एवं बैतूल विधायक हेमन्त खंडेलवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक असीम श्रीवास्तव, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य सर्वमोहन नागर, डॉ. नारायण व्यास, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। दो कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना को मिली मंजूरी बैठक में मुख्यमंत्री एवं राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. यादव ने बोर्ड के दो बड़े प्रस्तावों को सर्व सहमति से पारित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले में ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व के गठन को मंजूरी दी। इसके तहत बैतूल जिले के अंतर्गत दक्षिण बैतूल सामान्य वन मंडल के ताप्ती परिक्षेत्र का 84.006 वर्ग किमी, पश्चिम बैतूल सामान्य वन मंडल के चिचौली परिक्षेत्र का 65.205 वर्ग किमी, एवं तावड़ी परिक्षेत्र का 100.789 वर्ग किमी क्षेत्र, यानि कुल 250.00 वर्ग किमी वन क्षेत्र में ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व का गठन किया जाएगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के सोनेवानी वन क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अंतर्गत बालाघाट जिले में 163.195 वर्ग किमी सोनेवानी आरक्षित वन क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित कर नए कंजर्वेशन रिजर्व के गठन को मंजूरी दी गई। दोनों की अधिसूचना भी जल्द ही जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में सीधी जिले के मुर्दाडीह-तरिहा से सोनतीर पटेहरा पहुंचमार्ग में सोननदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग, रीवा को वन्य जीव अनुमति दी। इसी प्रकार बफर जोन वन मंडल, कान्हा टाइगर रिजर्व, मण्डला के अंतर्गत ग्राम धमनगांव तहसील-बिछिया में वन कक्ष क्रमांक 324 में कुल 0.95 हेक्टेयर वनभूमि पर एक अस्थायी पुलिस केंप की स्थापना के लिए एसपी मण्डला को वन्य जीव अनुमति दी गई। मुख्यमंत्री ने बोर्ड द्वारा प्रस्तावित अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा प्रदेश को सभी वन्य प्राणियों के लिए एक आदर्श स्थली के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि जैव विविधिता के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार से भी तकनीकी मार्गदर्शन एवं मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश की समृद्ध वन्य संपदा की रक्षा और संवर्धन के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने केंद्र सरकार से मार्गदर्शन लेकर वन्य जीवों की आगामी पुनर्वास/पुनर्स्थापन योजनाओं को भी अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। हाथियों का करें स्थायी प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि प्रदेश के रिहायशी इलाकों में जंगली हाथियों की आमद और इनके उन्मुक्त आवागमन/आचरण पर अंकुश लगाएं। नई तकनीकों का इस्तेमाल करें जिनसे हाथियों की रिहायशी इलाकों तक पहुंच को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार व्यवस्थाएं कर जंगली हाथियों का स्थायी प्रबंधन करें ताकि इन्हें आबादी क्षेत्र से दूर रखा जा सके। इंदौर का प्रयोग भोपाल में भी करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के चिड़िया घर में नभचर और थलचर प्राणियों का जिस तरह से प्रबंधन किया गया है वैसा ही सद्प्रयास भोपाल में भी किया जाएं। यहां वन विहार में जलीय प्राणियों सहित नए वन्य प्राणियों को बसाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलीय जीवों में मगरमच्छ को नर्मदा में बसाया जाए। घड़ियालों की संख्या भी बढ़ाई जाए। बताया गया कि पन्ना नेशनल पार्क में घड़ियाल छोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिद्धों और चीलों के संवर्धन के भी निर्देश दिए। बताया गया कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण्य) में अब कुल 20 बाघ हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती विविध वन्य प्राणियों का अपना घर है और उनका पुनर्वास और संरक्षण केवल राज्य की ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संपदा की रक्षा का कार्य है। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की वन नीति को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए। बोत्सवाना से लाए जाएंगे पांच-पांच जिराफ और जेब्रा मुख्य जीव अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) शुभरंजन सेन ने बताया कि वन्यजीवों के संरक्षण एवं संवर्धन में किए जा रहे कार्यों के संबंध में लघु फिल्में तैयार की जा रही हैं। मंगलूर जू कर्नाटक से दो किंग कोबरा लाकर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में रखे गये हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार बोत्सवाना से पांच जिराफ और पांच जेब्रा लेकर आने के लिए भी बोत्सवाना सरकार से चर्चा एवं समन्वय की कार्यवाही की जा रही है। इसके अलावा असम राज्य से वन भैंसा और गेंडा भी मध्यप्रदेश में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में नर्मदा नदी एवं अन्य वेट लेण्डस के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पचमढ़ी में जुलाई 2025 में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में जलीय जीवों के संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बोर्ड की विशेष उपलब्धियां बैठक में बताया गया कि माधव टाइगर रिजर्व में विगत 3 अप्रैल 25 को एक नर बाघ सफलतापूर्वक छोड़ा गया। राज्य शासन द्वारा 11 अप्रैल 2025 से 258.64 वर्ग किमी वन क्षेत्र को डॉ. भीमराव अम्बेडकर अभयारण सागर के रूप में नोटिफाईड किया गया है। गांधी सागर अभयारण्य में विगत 20 अप्रैल को दो चीतों की पुनर्स्थापना की … Read more

मुख्यमंत्री स्वयं एमआरडीए के अध्यक्ष होंगे, सरकार तय करेगी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष

भोपाल  मध्यप्रदेश के जिन क्षेत्रों की आबादी 10 लाख या उससे ज्यादा होगी, उन्हें ही मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाकर विकसित किया जाएगा। हालांकि आबादी ही काफी नहीं है। ऐसे क्षेत्रों का दायरा एक से ज्यादा जिलों तक होना चाहिए। क्षेत्र में कम से कम दो या दो से ज्यादा नगर पालिका, पंचायतें या अन्य क्षेत्र शामिल होने चाहिए। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कम से कम 15 वर्षीय कार्ययोजना बनेगी। योजना तैयार करने का काम मेट्रोपॉलिटन योजना समिति (एमपीसी) करेगी। ये करेंगे काम     नगर विकास प्राधिकरण सीमाओं के बाहर शेष क्षेत्र में नियोजन व विकास के काम मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र(Metropolitan Region) विकास प्राधिकरण (एमआरडीए ) के जरिए किए जाएंगे।     ऐसे प्रोजेक्ट जो एक से अधिक विकास प्राधिकरण की सीमा क्षेत्र में विकसित किया जाना प्रस्तावितहो, विकास कार्य एमआरडीएद्वारा किए जाएंगे।     मेट्रोपॉलिटन योजना समिति में नगर पालिकाओं, पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे। इसके अलावा एमआरडीए के प्रतिनिधि। सरकार तय करेगी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष एमपीसी में एक अध्यक्ष व दो उपाध्यक्ष होंगे। नियुक्ति निगम-मंडलों की तर्ज पर सरकार करेगी। दो तिहाई सदस्य क्षेत्र में आने वाली नगर पालिकाओं व पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों में से चुनाव के जरिए चुने जाएंगे। इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार, संस्थाओं, संगठनों के प्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। क्षेत्र में आने वाले लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र के सदस्य, संबंधित नगर पालिकाओं, परिषदों, नगर निगम के महापौर विशेष आंमित सदस्य होंगे। सीएम होंगे एमआरडीए के अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं एमआरडीए के अध्यक्ष होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास व राजस्व विभाग के मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा इसमें राज्य के मुय सचिव और नगरीय विकास, राजस्व, परिवहन, लोक निर्माण, पर्यावरण व पंचायत विभाग के एसीएस, पीएस सदस्य होंगे। साथ ही महानगरीय योजना समिति के प्रतिनिधि, संभागीय आयुक्त, नगर एवं ग्राम निवेश के संचालक को शामिल किया जाएगा। सदस्य संयोजक मेट्रोपॉलिटन आयुक्त को बनाया जाएगा। शासन द्वारा नामित चार विशेषज्ञ होंगे। विशेष आमंत्रित सदस्यों में नगर निगम के आयुक्त, रेलवे जोन के जीएम, केंद्रीय दूरसंचार व केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी और नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद, पंचायतों और विधानसभाओं के नामित सदस्यों को शामिल किया जाएगा। बाहरी काम ऐसे प्लान का प्रारूप बनाने में एमपीसी की मदद एमआरडीए करेगा। विकास प्राधिकरणों की सीमा क्षेत्र के बाहर बचे क्षेत्रों के नियोजन व विकास के काम करने होंगे। खासकर जो प्रोजेक्ट एक से ज्यादा प्राधिकरणों की सीमा में विकसित किए जाने हों। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र(Indore Bhopal Metropolitan Region) की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मेट्रोपॉलिटन आयुक्त होंगे। इसके अलावा नगर निगम आयुक्त, औद्योगिक विकास, हाउसिंग बोर्ड, मेट्रो कॉर्पोरेशन, परिवहन विभाग, जिलों के कलेक्टर, टीएंडसीपी के संयुक्त संचालक, पीएचई के प्रतिनिधि आदि भी शामिल।

PM के आगमन की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे सीएम, अधिकारियों को प्रबंध के लिए दिए दिशा-निर्देश

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 मई को भोपाल आएंगे। एमपी सरकार कार्यक्रम को भव्य बनाने में जुटी हुई है। सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों का जायजा लिया। दोनों नेताओं ने जंबूरी मैदान का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उत्तम प्रबंध के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। ऐतिहासिक स्थल पर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा  इस दौरान सीएम ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल पर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। अंग्रेजी तिथि के अनुसार देवी अहिल्याबाई की जन्म तिथि है। हमारे भारत सरकार मध्य प्रदेश सरकार मिलकर अहिल्या उत्सव का कैलेंडर जारी किया है। उन्होंने कहा कि हम सब ने भी निर्णय किया है कि देवी अहिल्या के सुशासन के साथ नारी सशक्तिकरण के लिए है। नारियों के स्वावलंबन और उनके जीवन में बेहतर आ सके रोजगार आ सके। आमदनी बढ़ घर में आर्थिक रूप से उनका सम्मान बड़े स्वयं सहायता समूह को भी बढ़ावा मिले। बहन बेटियां लखपति बने, 300 से अधिक समूहों के साथ बुलाया गया है। उधमाशीलता में अलग-अलग तरीके से बहन बेटियां आगे बढ़े, उनके अपने कामों का भी प्रशिक्षण हो। 2 लाख से अधिक महिलाएं कार्यक्रम में होंगी शामिल मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा कि एक बड़ी संख्या में आयोजन होगा। 2 लाख से अधिक महिलाएं जंबूरी मैदान में आएंगी। महिला गरीब युवा के साथ जो बातचीत की है उस पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार बहन बेटियों को लेकर संवेदनशील है। सरकार ने अपने कामों के बलबूते पर यह विश्वास बनाया है कि नर और नारी में सनातन पद्धति को आगे रखा है, अंतर महसूस किया है इसी प्रकार का कार्यक्रम रखा गया है। बहनों को हर स्तर में रोजगार मिले इसी दिशा में कर रहे काम मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने भोपाल में एक बड़ा आयोजन किया था। ग्लोबल इन्वेस्टर समिति इसमें भी बड़ी संख्या में लोग आए हैं। आज के दिन होने वाले कार्यक्रम की तैयारी को लेकर समीक्षा की है। अधिकारियों के साथ बैठक की है। यहां पर बड़ा आयोजन होगा। सरकार बहुत सारे स्तर पर काम कर रही है। हर क्षेत्र में बहनों के लिए रोजगार का अवसर मिल सके, इसके लिए काम कर रहे है, उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए सरकार काम कर रही है। पीएम मोदी 31 मई को आएंगे भोपाल जानकारी के लिए बता दें कि देवी अहिल्या की 300वीं जयंती समारोह के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल आएंगे। वे दो लाख से अधिक महिलाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई योजनाओं का ऐलान और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

मुख्यमंत्री यादव का जबरा फैन सामने आया, हाथ पर बनवाया टैटू, कहा- मरते दम तक …….

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का जबरा फैन सामने आया है। इस युवक ने ऐसा टैटू बनवाया जो किसी ने सोचा भी न होगा। यह प्रशंसक बाकी फैन्स से थोड़ा अलग है। आपने एक्टर, एक्ट्रेस या खिलाड़ियों की दीवानगी लोगों के सिर चढ़कर बोलती देखी होगी, लेकिन किसी राजनेता या किसी सीएम को लेकर इतनी चाहत बहुत कम देखने और सुनने को मिलती है, लेकिन मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव का यह फैन बाकी चाहने वालों से थोड़ा हटकर है। जी हां… इस युवक का नाम दीपक शर्मा है, जो विदिशा जिले का रहने वाला है। दीपक शर्मा, प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव का बहुत बड़ा प्रशंसक है। दीपक ने बताया कि वह डॉ मोहन यादव का बहुत बड़ा फैन है। सीएम के प्रति दीवानगी के चलते उसने अपने हाथ पर टैटू तक गुदवा लिया है। उसका कहना है कि यह टैटू मरते दम तक अमर रहेगा।

विजन 2047 की दिशा में मध्यप्रदेश का निर्णायक कदम, जिला विकास योजनाओं को मिलेगा डाटा का आधार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर जिला विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प को अब मूर्त-रूप देते हुए जिला घरेलू उत्पाद रिपोर्ट तैयार की गई है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को साकार करने की दिशा में ठोस पहल है जिसके अनुसार विकसित भारत का संकल्प देश के हर जिले में लिया जाएगा। यह पहल पूरे देश में अभिनव है। योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आज भोपाल में अटल बिहारी वाजपेई सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में जिला घरेलू उत्पाद रिपोर्ट 2022-23 का विमोचन किया गया। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि डाटा आधारित नीति निर्माण के लिए जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसे मध्यप्रदेश के विजन 2047 की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिलों को आर्थिक विकास की धुरी बनाते हुए बॉटम अप दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है। यह रिपोर्ट राज्य के सभी जिलों की आर्थिक गतिविधियों का विश्लेषण प्रस्तुत करती है जो न केवल नीति निर्माण को डाटा आधारित बनाएगा साथ ही राज्य के विजन 2047 को जमीन पर भी उतारेगा। रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में इंदौर, भोपाल, जबलपुर और उज्जैन जैसे जिलों ने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में सर्वाधिक योगदान दिया है। प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों में भी यही जिले शीर्ष पर रहे हैं। प्राथमिक क्षेत्र यानी कृषि वानिकी, पशुपालन, मछली पालन में राज्य का जीव्हीए में 45% का योगदान है जबकि द्वितीय क्षेत्र निर्माण और विनिर्माण तथा तृतीय क्षेत्र सेवाएं, व्यापार वित्त में क्रमशः 19% और 36% का योगदान दर्ज किया गया है। छिंदवाड़ा, धार, बालाघाट इंदौर और भोपाल जैसे जिलों ने विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी प्रदर्शन किया है। इससे पहले इंडिया फाउंडेशन और मध्यप्रदेश योजना एवं सांख्यिकी विभाग तथा राज्य नीति आयोग के बीच दो औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। यह साझेदारी भविष्य में डाटा इन्नोवेशन हब और रिसर्च एनालिसिस यूनिट की स्थापना की दिशा में एक ठोस पहल होगी जिससे नीति निर्माण की प्रक्रिया अधिक सशक्त, स्थानीयकृत और विश्लेषणात्मक हो सकेगी। पूर्व उपाध्यक्ष नीति आयोग एवं पहले इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला, राज्य सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार की कार्यक्रम के पहले मुख्य सचिव के साथ औपचारिक मुलाकात और चर्चा हुई। इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से राज्‍य नीति आयोग ने एम एण्ड ई की स्थापना तथा संरचनात्मक सुधार पर सहयोग की चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने डीडीपी रिपोर्ट की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी ऋषि गर्ग ने स्वागत भाषण दिया। संयुक्त संचालक आर्थिक एवं सांख्यिकी विश्वजीत रैकवार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में सभी जिलों से अनुरोध किया गया कि वह इस रिपोर्ट को अपनी विकास योजनाओ का आधार बनाएं और राज्य को आत्मनिर्भर और समावेशी अर्थव्यवस्था की ओर ले जाए।  

भारत ने एक हजार साल की गुलामी देखी , इससे हमारी संस्कृति, परम्पराओं और शिक्षा पद्धति को क्षति हुई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिस तरह ईश्वर को पाने के लिए कठिन मार्ग से गुजरना होता है। उसी तरह पत्रकारिता का भी क्षेत्र है। इसमें विचारों की अभिव्यक्ति सहजता से होना चाहिए और देश सेवा की भावना निहित होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में निजी समाचार समूह द्वारा ‘नए भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका, चुनौती और संभावना’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, प्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक गुलाब कोठारी, क्रिकेटर अमय खुरासिया, शिक्षाविद सुधरा पांडे एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश ने एक हजार साल की गुलामी देखी है। इससे हमारी संस्कृति, परम्पराओं और शिक्षा पद्धति को क्षति पहुंची है। हमारी संस्कृति दुनिया में सबसे अलग है। इस संस्कृति को बचाए रखने के लिए जड़ों से जुड़कर काम करने की आवश्यकता है। नए भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए हमारे आचार-विचार और शैली में नैतिकता के साथ व्यक्ति का मन भी पवित्र होना चाहिये। पत्रकारिता, समाज सेवा, व्यापार आदि में देश सेवा की भावना होना चाहिए। स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए जड़ों से जुड़कर कार्य करने और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने की आवश्यकता है।  

मोहन सरकार पचमढ़ी में रहेगी, 3 जून को कैबिनेट बैठक भी यहीं होगी

भोपाल  मध्य प्रदेश के इंदौर के राजवाड़ा के बाद पचमढ़ी में अगली कैबिनेट बैठक होगी। तीन जून को होशंगाबाद जिले के पचमढ़ी में कैबिनेट मीटिंग प्रस्तावित है। डॉ मोहन यादव सरकार में 37 और डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होगी। मध्य प्रदेश में डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक के तहत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  इंदौर के प्रसिद्ध राजवाड़ा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई । यह मीटिंग राजवाड़ा के गणेश हॉल में  हुई । जहां सीएम और मंत्री पारंपरिक तरीके से पटिए-गद्दों पर बैठें। इस मीटिंग में मोहन सरकार कई अहम फैसले भी लिए । 3 जून को पचमढ़ी में मोहन कैबिनेट की पहली बैठक होगी। इसमें सभी मंत्री और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक कराने के लिए जिला प्रशासन ने अभी तक ओल्ट होटल के सामने का मैदान सहित कई होटल, रिसोर्ट आदि देखे हैं। इसमें से किसी एक जगह का चयन किया जाना है। बैठक में शामिल होने वाले मंत्री अधिकारियों का आना 2 जून से शुरू हो जाएगा। इसलिए उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्थाओं के लिए होटल रिसोर्ट भी देखे जा रहे हैं। एक दो दिन में बैठक का स्थल तय कर लिया जाएगा।  सबसे पहले 3 जनवरी 2024 को जबलपुर के भेड़ाघाट के पास पहली कैबिनेट बैठक हुई थी। दूसरी 5 अक्टूबर 2024 को रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती पर उनके गांव सिंग्रामपुर में हुई थी। वहीं तीसरी 24 जनवरी 2025 को पर्यटन नगरी महेश्वर में कैबिनेट बैठक हुई थी। आपको बता दें कि डॉ मोहन यादव सरकार में 37 और डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होगी।

मध्यप्रदेश में सड़क हादसे में घायलों की मदद पर मिलेगा ₹25000 का इनाम – जानिए कैसे!

भोपाल मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने ‘राहवीर योजना’ के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25,000 इनाम देने की घोषणा की। पीएम मोदी करेंगे इंदौर मेट्रो और दतिया-सतना एयरपोर्ट का उद्घाटन। जानें कैबिनेट बैठक के सभी बड़े फैसले। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा गणेश हॉल में हुई कैबिनेट बैठक कई बड़े फैसलों की गवाह बनी। इस दौरान मंत्रियों ने परंपरागत धोती-कुर्ता और भगवा साफा पहनकर देवी अहिल्या को पुष्पांजलि अर्पित की। इस ऐतिहासिक बैठक में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर इनाम से लेकर मेट्रो-एयरपोर्ट, महिला सुरक्षा और पर्यटन विकास तक कई अहम घोषणाएं हुईं। लोगों को इनाम देने की योजना पुरस्कार पाने की सबसे अहम शर्त यह होगी कि गंभीर घायल(Road Accident) को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाना होगा। बता दें, आमतौर पर घायलों की मदद के लिए आगे आने वालों से ही कुछ मामलों में कई सवाल पूछे जाते हैं, इस वजह से कई बार घायलों की मदद के लिए लोग आगे आने से भय खाते हैं। इस परोपकार से जोड़ने लोगों को इनाम देने की योजना बनाई है। ऐसे मिलेगा पुरस्कार सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति का चोटे की वजह से ऑपरेशन करना पड़े, कम से कम तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता हो, सिर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें हो। घायल के साथ इनमें से कोई भी स्थिति निर्मित होने की स्थिति में बचाने वाले नागरिक पुरस्कार के हकदार होंगे।  घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25 हजार का इनाम मध्यप्रदेश सरकार ने ‘राहवीर योजना’ की घोषणा की है। इसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को ₹25,000 का इनाम दिया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि उस व्यक्ति को पुलिस या प्रशासन द्वारा कोई परेशानी नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस योजना को “मानवता की नई मिसाल” बताया है। गेहूं खरीदी में रचा इतिहास, किसानों को मिला ₹20 हजार करोड़ का भुगतान सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2600 प्रति क्विंटल तय कर 30 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की खरीदी की है। इसके तहत प्रदेश के किसानों को ₹20 हजार करोड़ का भुगतान किया गया, जो अब तक की सबसे बड़ी राशि है।

मुख्यमंत्री ने किया लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास के लिए भूमि-पूजन

लालबाग के ऐतिहासिक स्थल के सौंदर्यीकरण व पर्यटन संवर्धन हेतु 24 महीने में होगा पुनर्निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 47.59 करोड़ की लागत से लालबाग पैलेस का संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में होगा विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास के लिए भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक लालबाग पैलेस का भ्रमण कर किया अवलोकन मंत्रि-परिषद सदस्यों की उपस्थिति में हुई लालबाग के ऐतिहासिक परिवर्तन की शुरुआत इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इंदौर के ऐतिहासिक स्थल लालबाग पैलेस पहुंचकर होल्कर राजवंश के संस्थापक सूबेदार मल्हारराव होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने 47.59 करोड़ रूपये लागत से लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने लालबाग पैलेस का भ्रमण भी किया, जहां उन्होंने महल की ऐतिहासिक संरचना और सौंदर्य का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस  ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रयास कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए बैठक कक्ष, क्राउन हॉल, बैंकेट हॉल, दरबार हॉल, किंग्स ऑफिस, मंत्रणा कक्ष, पश्चिमी बैठक कक्ष, भारतीय भोजन कक्ष पुरुष एवं महिला, बॉल रूम आदि की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। आर्किटेक्ट पुनीत सोहल द्वारा लालबाग पैलेस परियोजना का प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उन्होंने लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास के लिए किए गए कार्य एवं आगामी कार्य योजना से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वाकांक्षी कार्य के सफलतापूर्वक पूर्ण होने की कामना व्यक्त की। यह कार्य लालबाग के समृद्ध इतिहास और उसकी पुनः प्रतिष्ठा के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उद्यान और होल्कर्स की विरासत को जीवंत रखने, उद्यान को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधि स्थल के रूप में विकसित करने एवं ऐतिहासिक अवधारणा पर आधारित रचना अनुसार पुनःविकसित करने के उद्देश्य से यह कार्य किया जाएगा। इसके लिए 47.59 करोड़ की स्वीकृति सिंहस्थ मद अंतर्गत प्राप्त हुई है। यह कार्य मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाएगा। कार्य की समय सीमा 24 माहअर्थात मई 2027 निर्धारित है। इसमें  बाउंड्री वाल,  पाथवे,  पार्किंग, सॉफ्ट स्केपिंग एवं सिंचाई, जनसुविधा, टिकिट काउंटर, उद्यान कैफे,  मुक्ताकाश मंच, मंडप,रानी अहिल्या बाई आत्मरक्षा केंद्र (बालिकाओं के लिए), वनस्पति रक्षा ग्रह, बाहरी विद्युतीकरण, सजावटी प्रकाश खंभे, बगीचे के लिए पाइप संगीत प्रणाली, सीसीटीवी आदि का कार्य किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने परियोजना की महत्वता और विकास के प्रति सरकार के संकल्प का समर्थन किया।  

सरकार ने बनाई मंत्री विजय शाह से दूरी, तबादला फाइलों पर लगाया ब्रेक

इंदौर  मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग इंदौर में हो रही है। माता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर इंदौर के राजवाड़ा में मोहन कैबिनेट की मीटिंग हो रही है। कैबिनेट की मीटिंग से पहले राजवाड़ा में सीएम मोहन यादव ने मंत्रियों के साथ ग्रुप फोटो खींचवाई है। इस ग्रुप फोटो पर सबकी निगाहें टिकी थी कि विवादित मंत्री विजय शाह इसमें दिखेंगे या नहीं। सरकार की तरफ से जारी तस्वीरों में विजय शाह कही नहीं दिख रहे हैं। वह मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री हैं। कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंचे विजय शाह इंदौर के राजवाड़ा में मोहन सरकार की ऐतिहासिक कैबिनेट मीटिंग हो रही है। तमाम मंत्री और सीएम मोहन यादव एक दिन पहले ही इंदौर पहुंच गए हैं। वहीं, मालवा क्षेत्र से आने वाले विजय शाह कैबिनेट की मीटिंग में नहीं पहुंचे हैं। उन पर इसलिए सबकी निगाहें टिकी है कि उन्होंने हाल ही में कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर केस दर्ज हुआ है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। सरकार ने बनाई दूरी या खुद नहीं आए मंत्री विजय शाह के कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंचने को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। क्या विजय शाह खुद ही कैबिनेट की मीटिंग में नहीं आए या फिर सरकार उनसे खुद ही दूरी बना ली। क्योंकि इंदौर में अगर कैबिनेट की मीटिंग में पहुंचते तो सारा ध्यान उन्हीं की ओर चला जाता था। साथ ही मामला और तूल पकड़ सकता था। ऐसे में अटकले हैं कि विजय शाह को इस मीटिंग से दूर रखकर सुरक्षित रास्ता निकाला गया है। ग्रुप फोटो में नहीं दिखे राजवाड़ा में हो रही कैबिनेट मीटिंग को मोहन सरकार ऐतिहासिक बनाने में जुटी है। कैबिनेट मीटिंग से पहले राजवाड़ा के बाहर सीएम मोहन यादव ने अपने सभी मंत्रियों के साथ तस्वीर खींचवाई है। इस तस्वीर में भी विजय शाह नहीं दिखे हैं। इसके बाद ही साफ हो गया कि विजय शाह कैबिनेट की मीटिंग में नहीं आएंगे। दो जिलों के कर्मचारी परेशान मंत्री शाह के कार्यालय में फाइलें शासकीय सेवकों के तबादलों से जुड़ी है, जिन पर मंत्री को अनुशंसा करनी है। मोहन सरकार ने इस तरह से फाइलें रोकने का कोई अभी तक लिखित कारण नहीं बताया है।  जहां सरकार ने मंत्री शाह के विवादों में गिरने के बाद कन्नी काटी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई में स्पेशल जांच टीम बनाकर जांच कराने के आदेश दिए है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद असर सूत्रों के मुताबिक आवेदनों के आधार पर कई नस्तियां जिलों व विभाग में तैयार भी हो गई, लेकिन मंत्री की अनुशंसा से पहले अटक गई। हालांकि मंत्री को फाइलें करने में फिलहाल कोई कानूनी अड़चन नहीं है, लेकिन नैतिकता के तौर पर उनके कामकाज करने को लेकर गलत ठहराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अब मंत्री की फाइलों को आगे बढ़ाने से पहले सामान्य प्रशासन विभाग से राय लेंगे। दोनों जिलों को मिलाकर 1 हजार आवेदन प्रक्रिया में हैं, जिस पर मंत्री की अनुशंसा लग रही है। तबादले की प्रक्रिया 30 मई तक पूरी होनी है । कोर्ट ने मंत्री की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए,  दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि शाह को इस मामले में माफी नहीं मिलेगी। बल्कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्टे ने निर्देश देते हुए कहा कि, इस टीम में तीन IPS अधिकारी होंगे, इनमें एक IG और बाकी दो SP लेवल के अफसर शामिल होंगे। इनमें से एक अधिकारी अनिवार्य रूप से महिला होगी। कोर्ट ने कहा कि ये सभी अफसर मध्य प्रदेश कैडर के हो सकते हैं, लेकिन मूल रूप से मध्य प्रदेश के निवासी नहीं होने चाहिएं। वहीं कोर्ट ने SIT को 28 मई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। बता दें कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 14 मई को शाह के बयान पर नोटिस लेते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ इंदौर के महू थाने में FIR दर्ज की गई थी। इसके खिलाफ शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। अब अगली सुनवाई 28 मई को होगी। अंडरग्राउंड हैं विजय शाह गौरतलब है कि कर्नल सोफिया कुरैशी का मामला जैसे ही तूल पकड़ा है, उसके बाद से मंत्री विजय शाह अंडरग्राउंड हैं। उनकी कोई गतिविधि सोशल मीडिया पर नहीं दिख रही है। साथ ही मीडिया में भी उनका कोई बयान नहीं आया है। न ही, पार्टी के किसी नेता से सार्वजनिक रूप से उनकी कोई मुलाकात हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने बना दी है एसआईटी वहीं, विजय शाह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी गठित कर दी है। एसआईटी में तीन आईपीएस अधिकारी हैं। इसका गठन एमपी के डीजीपी ने किया है। एसआईटी अपनी पहली रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को 28 मई को सौंपेगी। इसके बाद कोर्ट आगे का फैसला लेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में विजय शाह की मुश्किलें और बढ़ सकती है। अभी पार्टी और सरकार वेट एंड वॉच की स्थिति में है।

मंत्रि-परिषद की बैठक सभी तैयारियां पूर्ण राजवाड़ा बनेगा ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी

इंदौर इंदौर का राजवाड़ा 20 मई को ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी बनेगा। राजवाड़ा में मंगलवार को मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक आयोजित हो रही है। कैबिनेट बैठक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती की स्मृति को चिरस्थायी बनाये जाने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। यह इंदौर के लिये गौरव और ऐतिहासिक क्षण होगा। मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक के लिये राजवाड़ा को आधुनिक और परम्परागत शैली में सजाया गया है। बैठक की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। यह पहला अवसर होगा जब प्रदेश मंत्रि-परिषद, ऐतिहासिक विरासत से युक्त इस भव्य स्थल पर एकत्रित होकर जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों पर मंथन करेगा। बैठक को गरिमा और परंपरा का संगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। राजवाड़ा को सांस्कृतिक वैभव के प्रतीक के रूप में सजाया गया है। राजवाड़ा में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की स्मृति में पारंपरिक शैली और आधुनिक साज-सज्जा की गई है। भवन के भीतर और बाहर मालवी संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। प्रकाश, पुष्प एवं पारंपरिक सजावट का संयोजन इसे एक अलग विशेष स्वरूप प्रदान कर रहा है। लोक माता देवी अहिल्या बाई होलकर को नमन से होगी कैबिनेट की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं समस्त मंत्रीगण द्वारा लोक माता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से बैठक का शुभारंभ होगा। इसके बाद वे राजवाड़ा में प्रवेश करेंगे, जहाँ भूतल पर मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रदेश के विकास, जनकल्याण , सुशासन से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा प्रस्तावित है। मालवी परंपरा में होगा स्वागत और भोजन आयोजन में आने वाले समस्त अतिथियों के स्वागत-सत्कार की व्यवस्था मालवी परंपरा के अनुरूप की गई है। बैठक के बाद प्रथम तल पर पारंपरिक मालवी भोज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व्यंजन विशेष रूप से दाल-बाटी, दही बड़ा, मावा-बाटी आदि परोसे जाएंगे। अस्थायी सचिवालय एवं सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था  राजवाड़ा परिसर में अस्थायी सचिवालय की स्थापना की गई है, जहाँ बैठक के संबंध में सभी प्रशासनिक गतिविधियाँ संचालित होंगी। सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस दल तैनात किया गया है। परिवहन, आवास और सुरक्षा की सभी व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। लाइजनिंग अधिकारियों की नियुक्ति मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग के लिये की गई है। लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन और सुशासन पर आधारित प्रदर्शनी इस ऐतिहासिक बैठक के साथ-साथ विविध प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें एक खंड लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी का होगा। इसमें लोकमाता के त्याग, सेवा , प्रशासनिक दक्षता, धार्मिक सहिष्णुता और समाज कल्याण के विविध दृश्य चित्रों और अन्य माध्यमों के जरिए प्रस्तुत किये गये हैं। अहिल्या दर्शन से प्रेरित राज्य शासन की योजनाओं और कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी  इस खंड में प्रदेश सरकार द्वारा लोकमाता के सिद्धांतों जैसे सुशासन, न्यायप्रियता , महिला सशक्तिकरण, लोकसेवा और जनकल्याण पर आधारित योजनाओं का प्रदर्शन किया गया हैं। साथ ही इंदौर के विकास पर आधारित अन्य चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राजवाड़ा के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना में 11करोड़21 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। इस राशि से राजवाड़ा के दरबार हाल के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन कार्यों का भूमि-पूजन किया जाना प्रस्तावित है।  

हर मोहल्ले में विकास समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जरूरतों को चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करेगी

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार अब शहरी विकास को जनभागीदारी के माध्यम से गति देने की तैयारी कर रही है। ‘जलगंगा अभियान’ की तर्ज पर नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थाओं को एकजुट कर स्वच्छता, पर्यावरण, पौधरोपण और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों में विकास कार्यों के प्रति स्वामित्व और जिम्मेदारी का भाव जागृत करना है। जनशक्ति से जीवित हुए जलस्रोत भिंड जिले के लहरौली गांव में काली पोखर का पुनर्जीवन एक मिसाल बन चुका है, जिसे ग्रामीणों और पोरवाल परिवार के सहयोग से जलगंगा अभियान के अंतर्गत फिर से पीने योग्य बनाया गया। इसी तरह इंदौर नगर निगम ने नागरिक सहभागिता से 411 कुओं, बावड़ियों और 15 तालाबों का पुनरुद्धार किया है। अब सरकार इसी मॉडल को शहरी क्षेत्रों में लागू करने की योजना बना रही है। विकास कार्यों में साझा निवेश सरकार की योजना के अनुसार, विकास कार्यों में न सिर्फ स्थानीय लोग श्रमदान करेंगे, बल्कि आर्थिक सहयोग भी करेंगे। यह त्रिस्तरीय सहभागिता सांसद, विधायक और पार्षद निधि से भी समर्थित होगी। साथ ही स्थानीय कारोबारी और औद्योगिक इकाइयों को भी इस मुहिम में जोड़ा जाएगा। मोहल्ला समितियों को मिलेगा अधिकार हर मोहल्ले में विकास समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जरूरतों को चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करेगी। यह प्रस्ताव इंजीनियरों और पार्षदों की मदद से निगम अथवा जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया से विकास की योजना अधिक लोकतांत्रिक और पारदर्शी बनेगी।   विकास निधियों की राशि सांसद निधि: 5 करोड़ रुपये विधायक निधि: 3.25 करोड़ रुपये महापौर निधि: 5 करोड़ रुपये नगर निगम अध्यक्ष निधि: 2 करोड़ रुपये पार्षद निधि: 25 लाख रुपये  

पहला मौका होगा जब कैबिनेट की सुरक्षा के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएंगा

इंदौर  मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को इंदौर में आयोजित होने वाली है. ये पहला मौका होगा जब कैबिनेट की सुरक्षा के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएंगा. इंदौर के राजवाड़ा पर आयोजित होने वाली इस कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित तमाम मंत्री उपस्थित रहेंगे. ऐसे में उनकी सुरक्षा में किसी भी तरह की कोई चूक न हो इसके लिए इंदौर पुलिस ने व्यापक स्तर पर सिक्योरिटी प्लानिंग की है. मोहन कैबिनेट की सुरक्षा में 1 हजार जवान एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया, ” 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा पर कैबिनेट मीटिंग का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ ही मंत्रिमंडल के समस्त मंत्री भी इंदौर आएंगे. कैबिनेट मीटिंग की सुरक्षा व्यवस्था या किसी भी तरह की स्थिति को लेकर इंदौर पुलिस काफी अलर्ट है. राजवाड़ा क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाया गया है साथ ही यहां 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम होंगे.” पहली बार बॉडी वॉर्न कैमरा का इस्तेमाल एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने आगे बताया, ” कैबिनेट मीटिंग जिस क्षेत्र में होगी, उस क्षेत्र में ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज के साथ अलग-अलग तरह से निगरानी रखी जाएगी. पहली बार इंदौर पुलिस के द्वारा बॉडी वॉर्न कैमरा के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी. इससे पुलिस को रियल टाइम और लाइव फुटेज कंट्रोल रूम में मिलेंगे और किसी भी स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा.” क्या होता है बॉडी वॉर्न कैमरा? जैसा की नाम है बॉडी वॉर्न कैमरा इस तरह का कैमरा होता है, जिसे शरीर पर पहना जा सकता है. ये हाथ, चेस्ट, सिर आदि जगहों पर यूनिफॉर्म के साथ फिट किए जा सकते हैं, जिससे लाइव स्ट्रीमिंग भी होती है. आमतौर पर पुलिस के द्वारा बॉडी वॉर्न कैमरे का प्रयोग वाहन चेकिंग सहित अन्य जगहों पर किया जाता है लेकिन पहली बार कैबिनेट बैठक की सुरक्षा में इनका इस्तेमाल हो रहा है.

कैबिनेट बैठक में देखने को मिलेगी मालवा संस्कृति की झलक

इंदौर मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 20 मई 2025 को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा परिसर में एक विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी रखती है, क्योंकि यह लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती वर्ष के समापन और उनकी विवाह वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की जा रही है। इसके पहले डॉ. मोहन सरकार दमोह, जबलपुर में डेस्टिनेशन कैबिनेट के सफल आयोजन कर चुकी है। अहिल्याबाई के आदर्शों को आत्मसात करने का सुनहरा अवसर इस कैबिनेट बैठक का मुख्य उद्देश्य लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के योगदान को याद करते हुए होल्कर साम्राज्य के संस्थापक महाराज मल्हार राव होल्कर का भी पुण्य स्मरण करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि यह आयोजन इंदौर की सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करने और मध्य प्रदेश के विकास के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण, जैसे कि “विजन 2047”, को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन इंदौर के ऐतिहासिक महत्व का स्मरण करने और देवी अहिल्याबाई के आदर्शों को प्रचारित करने का बेहतरीन अवसर है। होल्कर साम्राज्य का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व इंदौर का राजवाड़ा, होल्कर साम्राज्य का प्रतीक, मध्य भारत के गौरवशाली अतीत का साक्षी रहा है। यह वह स्थान है जहां होलकर साम्राज्य के शासकों ने अपने दरबार लगाए और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। 20 मई को गणेश हॉल में होने वाली यह बैठक उसी परंपरा को जीवंत करेगी, जहां डॉ मोहन कैबिनेट अपने कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लेगी। यह पहली बार है जब आज़ादी के कई वर्षों बाद इस ऐतिहासिक स्थल पर डॉ. मोहन कैबिनेट का भव्य दरबार सजेगा। राजवाड़ा : होलकर साम्राज्य की विरासत राजवाड़ा एक महल नहीं बल्कि होलकर साम्राज्य की विरासत है जिस पर आज भी सभी गर्व महसूस करते हैं। यह वह ऐतिहासिक स्थान है जहां से होलकर साम्राज्य ने अपने कई बड़े फैसलों से अपनी दिशा तय की थी। इसका निर्माण 1766 से 1834 के बीच हुआ और इसकी भव्यता आज भी लोगों को आकर्षित करती है। देवी अहिल्याबाई होलकर इसी राजवाड़ा से प्रशासनिक निर्णय लिया करती थी। अंतिम बार 1945 में महाराज यशवंतराव होलकर तृतीय ने अपनी मंत्रिपरिषद के साथ इसी दरबार हॉल में बैठक की थी। वही राजवाड़ा इस बार फिर डॉ. मोहन यादव के निर्णायक फैसलों का साक्षी बनने जा रहा है। लोकमाता की उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब मोहन सरकार यहां बैठक कर, न सिर्फ राजवाड़े के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित कर रही है बल्कि सुशासन के संकल्पों के नए मानदंड प्रदेश में स्थापित कर रहे हैं। कैबिनेट बैठक में देखने को मिलेगी मालवा संस्कृति की झलक इस आयोजन को मालवा की संस्कृति के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिसमें मंत्रियों का स्वागत मालवी पगड़ी पहनाकर किया जाएगा । बैठक के बाद दरबार हाल में सभी मंत्रियों और अधिकारियों के लिए पारंपरिक मालवी भोजन परोसा जाएगा, जिसमें दाल-बाफले, दाल-बाटी-चूरमा, मावा बाटी, दही, लड्डू, केसर श्रीखंड, मैंगो रबड़ी और छाछ जैसे व्यंजन शामिल होंगे। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय की उम्मीद है, जिसमें “विजन 2047” के तहत मध्यप्रदेश के दीर्घकालिक विकास की कई योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, निवेश संवर्धन, औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से संबंधित नीतियों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में जिला विकास सलाहकार समिति का प्रस्ताव भी आएगा। कैबिनेट बैठक में अनेक कल्याणकारी प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है जिसमें नए रोजगार के अवसर सृजित करने, कर्मचारियों के पदोन्नति संबंधी प्रस्ताव भी पास हो सकते हैं। कैबिनेट बैठक में सरकार मेट्रोपॉलिटन रीजन एक्ट 2025 भी लेकर आएगी जिससे इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की प्रक्रिया को नई गति मिलेगी। इस बड़ी पहल के साथ मध्यप्रदेश देश का 13वां राज्य बन जाएगा, जहां मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जाएंगे। लोकमाता के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें : मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्या बाई माता होल्कर का 300वां जयंती वर्ष पूरे हर्षोल्लास से मना रही है। तिथि अनुसार लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर का जयंती वर्ष, विवाह वर्षगांठ (20 मई) और महाराजा श्रीमंत मल्हार राव जी होल्कर की पुण्य-तिथि, ये तीनों सुयोग एक ही समय पर आ रहे हैं, जो इस आयोजन को और भी अधिक विशेष बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन, स्वावलंबन,आत्म-निर्भरता और महिला कल्याण की मिसाल लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के पुण्य सम्मान में मध्यप्रदेश सरकार की मंत्रि-परिषद की बैठक 20 मई को इंदौर शहर के राजवाड़ा में होगी। यह पहली बार होगा, जब मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक राजवाड़ा जैसे ऐतिहासिक स्थल पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजवाड़ा में होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य की जनता के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जयंती वर्ष पर हमें चाहिए कि हम सब उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और अपने महापुरुषों का स्मरण करते हुए समाज को एक नई प्रेरणा दें और अपने देश व प्रदेश के विकास के लिए सक्रिय होकर सहभागी बनें। 20 से 31 मई तक प्रदेश भर में होंगे विविध आयोजन मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि 20 मई से 31 मई तक पूरे प्रदेश में अलग-अलग सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 19 मई को इंदौर में एक मंचीय कार्यक्रम होगा, जिसमें लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के जीवन के विविध पहलुओं को एक लघु नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह अद्भुत प्रस्तुति नागपुर, महाराष्ट्र से आये सुघड़ कलाकारों द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जन्म जयंती को और अधिक स्मरणीय बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 31 मई को राजधानी भोपाल में भी एक बड़ा आयोजन किया जाएगा। इंदौर के राजबाड़ा में होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मील का पत्थर साबित होगी। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक निर्णयों के लिए, बल्कि इंदौर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक मंच पर उजागर करने के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ भविष्य के विकास के लिए … Read more

सरकार का भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की दिशा में निर्णायक कदम, एक्ट तैयार

भोपाल भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रारूप प्रस्तुत किया गया। अब मध्यप्रदेश मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 का प्रस्ताव मंगलवार को इंदौर के राजवाड़ा में होने वाली कैबिनेट बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में लगभग 9600 वर्ग किलोमीटर इस अधिनियम के तहत भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में लगभग 9600 वर्ग किलोमीटर और इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में 9336 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल किया जाएगा। भोपाल रीजन में रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और सीहोर जिलों के हिस्सों को जोड़ा जाएगा। दक्षिण में ओबेदुल्लागंज से लेकर उत्तर में श्यामपुर तक इसका विस्तार होगा। यह योजना 35 लाख की वर्तमान आबादी और 60 लाख की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। जानकारी के अनुसार 14 माह में रीजनल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार होगा। 18 विभागों से आंकड़े मंगवाए गए इस योजना का उद्देश्य औद्योगिक, वाणिज्यिक और आवासीय विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार करना है। इसके लिए 18 विभागों से आंकड़े मंगवाए गए हैं। प्रस्ताव पारित होने के बाद डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और लागत अनुमान हेतु टेंडर जारी किए जाएंगे। एकीकृत विकास दृष्टिकोण पर फोकस होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें हॉस्पिटेलिटी, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार, पर्यटन और अन्य सेवा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में उज्जैन, देवास और धार होंगे शामिल इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना 75 लाख की संभावित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इसमें उज्जैन, देवास और धार जिलों के शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्र शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्राकृतिक सौंदर्य, वन क्षेत्र और पर्यटन की संभावनाओं का विशेष ध्यान रखते हुए योजना तैयार की जाए। मप्र बनेगा देश का 13वां मेट्रोपॉलिटन एक्ट लागू करने वाला राज्य देश के 12 राज्यों में पहले ही मेट्रोपॉलिटन रीजन अधिनियम लागू हो चुका है। इनमें मुंबई, पुणे, नागपुर, हैदराबाद, विशाखापत्तनम, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, श्रीनगर-जम्मू, गुवाहाटी और हरियाणा के शहर शामिल हैं। मध्यप्रदेश 13वां राज्य होगा जो यह अधिनियम लागू करेगा। मुख्यमंत्री अध्यक्ष, नगरीय विकास मंत्री उपाध्यक्ष मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए गठित की जाने वाली उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे, जबकि नगरीय विकास मंत्री उपाध्यक्ष की भूमिका में रहेंगे। समिति में मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, नगर निगम कमिश्नर, मेट्रो रेल के एमडी, रेलवे के प्रतिनिधि, टीएंडसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) और अन्य नामित विशेषज्ञ सदस्य शामिल होंगे।  

इंदौर के राजबाड़ा पर कैबिनेट बैठक, 14 रास्ते सील, जानिए कहां-कहां लगेगा नो व्हीकल जोन

इंदौर  मध्य प्रदेश में कैबिनेट की बैठक होने वाली है। यह बैठक इंदौर में हो रही है। इस वजह से राजबाड़ा क्षेत्र में सुबह 7 बजे से वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। पुलिस ने ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। बैठक राजबाड़ा पैलेस में होगी। इसके साथ ही, भाजपा माता अहिल्याबाई की जयंती के उपलक्ष्य में 19 से 31 मई तक कई कार्यक्रम आयोजित करेगी। माता अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे सीएम 19 मई को राजबाड़ा पर अहिल्या माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विकास कार्यों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। कलेक्टर आशीष सिंह ने तैयारी को लेकर रविवार को बैठक ली। पुलिस ने किया है ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव राजबाड़ा पैलेस में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इस कारण पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। सुबह 7 बजे से बैठक खत्म होने तक राजबाड़ा और उसके आसपास के इलाके में कोई भी गाड़ी नहीं जा सकेगी। ये रास्ते पूरी तरह से बंद रहेंगे:     मृगनयनी से फ्रूट मार्केट की तरफ     नंदलालपुरा से फ्रूट मार्केट की तरफ     फ्रूट मार्केट से महालक्ष्मी मंदिर राजबाड़ा की तरफ     यशवंत रोड गुरुद्वारा से आईसीआईसीआई बैंक राजबाड़ा की तरफ     इमामबाड़ा से गोपाल मंदिर होते हुए राजबाड़ा की तरफ     इमामबाड़ा चौक से रूप रंग ट्रेडर्स सुभाष चौक तक     सुभाष चौक से राजबाड़ा तांगा स्टैंड की तरफ     महेश जोशी टी से राजबाड़ा तांगा स्टैंड     अर्पण नर्सिंग होम से एमजी रोड पुलिस चौकी (गणेश कैप मार्ट) की तरफ     अर्पण मेडिकल स्टोर से पीरगली गणेश कैप मार्ट की तरफ     रामबाग चौराहे से दोना-पत्तल गली तिलक पथ टी की तरफ     नेताजी सुभाष मार्ग पालीवाल धर्मशाला से हेमिल्टन मार्ग होते हुए पोरवाल ड्रेसेस तक     राजबाड़ा तांगा स्टैंड से गणेश कैप मार्ट होते हुए हेमिल्टन रोड तक     एमजी रोड थाना पुलिस चौकी राजबाड़ा बगीचे के सामने से होते हुए अन्ना पान भंडार से महालक्ष्मी मंदिर तक इन रास्तों पर कोई भी गाड़ी नहीं जा सकेगी। सभी बसें संजय सेतु से जवाहर मार्ग की तरफ नहीं जा पाएंगी। राजबाड़ा की तरफ आने वाले लोग जवाहर मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। एयरपोर्ट जाने वाले लोग विजय नगर, सुपर कॉरिडोर मार्ग से जा सकते हैं। गंगवाल बस स्टैंड जाने वाले मृगनयनी, नगर निगम, रामबाग, जिंसी, बड़वाली चौकी मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। व्यापारी और मेहमान इन जगहों पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकते हैं:     पुराना थाना एमजी रोड के बगल में बहुमंजिला पार्किंग     सुभाष चौक बहुमंजिला पार्किंग     संजय सेतु पार्किंग     संजय सेतु के पास नगर निगम पार्किंग   पुलिस ने की नियमों का पालन करने की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राजबाड़ा क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी, इसलिए लोग दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करें। पुलिस ने यह भी कहा कि अगर किसी को कोई परेशानी होती है तो वह पुलिस की मदद ले सकता है। नगर निगम की तैयारी नगर निगम ने शहर में साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाया है। निगम के कर्मचारी सड़कों और गलियों को साफ कर रहे हैं। इसके साथ ही, शहर में कचरा उठाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। निगम ने लोगों से अपील की है कि वे शहर को साफ रखने में मदद करें। बिजली सुचारू रखने को विशेष इंतजाम बिजली विभाग ने शहर में बिजली की आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। विभाग के कर्मचारी बिजली के तारों और खंभों की मरम्मत कर रहे हैं। इसके साथ ही, शहर में नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जा रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली की बचत करें।

रिक्त पदों को भरने के लिए प्रतिवर्ष मप्र लोक सेवा आयोग से भर्तियां की जाएंगी: मुख्यमंत्री यादव

 भोपाल  मध्य प्रदेश के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ शीघ्र मिलने लगेगा। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में  यह घोषणा की। यहां कर्मचारी हितैषी कार्यों के लिए मप्र राज्य कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्रदेश के सात लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा। वर्ष 2019 में कांग्रेस की तत्कालीन कमल नाथ सरकार ने कैशलेस उपचार के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना प्रारंभ करने की बात कही थी। इसके बाद आई भाजपा सरकार ने भी कई बार भरोसा दिलाया पर आज तक कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिला। ट्रांसफर पॉलिसी लाई गई मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने केंद्र सरकार का अनुसरण करते हुए कर्मचारियों का महंगाई भत्ता केंद्र के समान करने का निर्णय लिया है। नौ वर्षों से लंबित गृह भाड़ा भत्ता (एचआरए) की मांग पूरी की। अधिकारियों-कर्मचारियों की सुविधा के लिए स्थानांतरण नीति लाई गई है। रिक्त पदों को भरने के लिए प्रतिवर्ष मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) से भर्तियां की जाएंगी। कर्मचारियों के लिए शासकीय आवास की व्यवस्था प्राथमिकता पर की जा रही है। इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी, राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव और महामंत्री जितेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। एक परीक्षा से भरे जाएंगे सभी पद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में यूपीएससी जैसी परीक्षा पद्धति लागू की जाएगी। इस परीक्षा में अंकों के आधार पर उन्हें ऊपर से नीचे तक के पदों के लिए नियुक्त किया जाएगा। एक बार चयन होगा। इसके बाद जहां जैसी जरूरत हो वहां भेजते जाओ। बिना बात के भर्तियां लटकाकर रखना अच्छी बात नहीं है।

इंदौर : राजवाड़ा में होगी 20 मई को कैबिनेट बैठक, अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई

 इंदौर इंदौर का दिल कहे जाने वाले राजवाड़ा पैलेस में 20 मई को प्रदेश सरकार बैठक करने जा रही है। अलग-अलग विभाग इसकी तैयारियों में जुट गए है। राजवाड़ा के गणेश हाॅल में बैठक होगी। वहां की रंगाई-पुताई,फर्श की सफाई की जा रही है। कैबिनेट बैठक के बाद पैलेस के खुले हिस्से में भोजन की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए डोम भी बनाया जाएगा। अब बैठक में तीन दिन शेष है। इस कारण राजवाड़ा पैलेस को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। अब राजवाड़ा पैलेस पर्यटकों के लिए 20 मई के बाद ही खुलेगा। यहां हर दिन शाम को लाइट एंड साउंड शो भी आयोजित किया जाता है। वह भी फिलहाल बंद रहेगा।  कैबिनेट बैठक की तैयारियों के मद्देनजर अफसरों ने राजवाड़ा पैलेस और उद्यान का दौरा भी किया। संभावित बारिश के मद्देनजर भी व्यवस्थाएं जुटाने के लिए कहा गया है।  पहला मौका है जब शहर में कैबिनेट बैठक होने जा रही है। इससे पहले इंदौर जिले के उज्जैनी में नर्मदा-शिप्रा संगम स्थल पर बैठक आयोजित की गई थी। देवी अहिल्या की 300 वीं जयंती के मौके पर राजवाड़ा के पैलेस में बैठक करने का फैसला लिया गया है।   इंदौर में कैबिनेट बैठक दोपहर 12 बजे होगी। बैठक में प्रदेश के अलग-अलग एजेंडों पर चर्चा होगी और उन्हे मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव लालबाग पैलेस के गार्डन और राजवाड़ा पैलेस के कामों का भी भूमिपूजन करेंगे। बैठक से पहले राजवाड़ा चौक पर लगी देवी अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने भी मुख्यमंत्री मोहन यादव जाएंगे। नगर निगम 20 लाख रुपये खर्च कर उद्यान को भी संवार रहा है।   200 साल पुराना है राजवाड़ा राजवाड़ा 200 साल पुराना है। 1984 के दंगों में राजवाड़ा का एक हिस्सा जल गया था। 25 साल पहले राजवाड़ा की जीर्णद्धार किया गया था। इसके बाद चार साल पहले स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 20 करोड़ रुपये से राजवाड़ा को नया स्वरुप दिया गया। राजवाड़ा होलकर राज परिवार का राज दरबार था। देवी अहिल्या ने तो अपनी राजधानी महेश्वर को बनाया था, लेकिन बाद में यशवंत राव होलकर, तुकोजीराव होलकर ने इंदौर में रहकर राज चलाया। कौन क्या देखेंगे…? ● मुख्य आयोजन स्थल राजबाड़ा : अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य, एसडीएम निधि वर्मा व तहसीलदार नारायण नांदेड़ा ● सीएम ग्रीन रूम : एसडीएम सीमा कनेश व तहसीलदार विकास रधुवंशी ● अहिल्या प्रतिमा स्थल : निगम अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ● अतिथि सत्कार व प्रतीक चिन्ह वितरण : आइडीए सीईओ आरपी अहिरवार व संपदा अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ● राजबाड़ा प्रवेश द्वार : एसडीएम गोपाल वर्मा व तहसीलदार याचना दीक्षित ● अस्थाई सीएम कार्यालय : एसडीएम कल्याणी पांडे व आइटी अधिकारी शीतल पाठक ● सीएम घोषणा संबंधी – जिला योजना अधिकारी माधव बेंड़े ● पर्यटन स्थल भ्रमण व भोजन : नगर निगम अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा व खाद्य आपूर्ति अधिकारी एमएल मारू ● पार्किंग व बसों की व्यवस्था : एसडीएम विजय मंडलोई व आरटीओ प्रदीप शर्मा ● रेसीडेंसी कोठी : एसडीएम प्रियंका चौरसिया ● होटल : अपर कलेक्टर राजेंद्र रघुवंशी ● सेफ हाऊस : नायब तहसीलदार दयाराम निगम ● कंट्रोल रूम : नायब तहसीलदार धर्मेंद्र चौहान व अजय अहिरवार ● स्वास्थ्य व्यवस्था : सीएमएचओ बीएस सैत्या व सिविल सर्जन गिरधारी लाल सोढ़ी  

अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा

भारतीय सेना ने दिखायी ऐतिहासिक शौर्य, पराक्रम और वीरता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री तिरंगा यात्रा में हुए शामिल-पूरा इंदौर हुआ देश भक्ति से ओतप्रोत अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा हर तरफ हुआ भारत माता की जय और वंदे-मातरम् का उदघोष इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब नए दौर का शक्तिशाली भारत दिखाई दे रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से हमारी तीनों सेना ने अपने साहस, शौर्य, पराक्रम और वीरता से दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। भारतीय सेना ने दुश्मन को अल्प समय में ऐतिहासिक जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर से पूरी दुनिया ने हमारी ताकत, एकजुटता और अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग देखा है। आतंकवादियों के मंसूबों को भी नाकाम किया गया है। कोई भी ताकत अब भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। हम सब सेना को सम्मान देने के लिए इस यात्रा में एकत्रित हुए हैं। लगातार तिरंगा यात्राओं से सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा रहा है। यह यात्रा जिला से लेकर पंचायत स्तर तक लगातार जारी रहेगी। उन्होंने इंदौर की तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में अपार जोश और उल्लास के साथ निकली तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। इन्दौर में तिरंगा यात्रा बड़ा गणपति से प्रारंभ हुई और गोराकुण्ड, खजुरी बाजार होते हुए ऐतिहासिक महत्व के राजबाड़ा पर सम्पन्न हुई। यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने हर तरफ हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। यात्रा से पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया और पूरा आसमान भारत माता की जय और वंदे-मातरम् के उदघोष से गुंजायमान रहा। यात्रा में बच्चों से लेकर वृद्धों तक हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी रही। यात्रा में हर धर्म, हर जाति और हर वर्ग के लोग इस यात्रा में शामिल हुये और उन्होंने अपने राष्ट्रप्रेम की झलक बिखरते हुए सेना के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। यात्रा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी तथा सुकविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, विधायकगण रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मनोज पटेल, सुमित मिश्रा तथा श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी साथ थे। महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा यात्रा के प्रारंभ में बड़ा गणपति पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने तिरंगा यात्रा के समापन के बाद लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित 10 दिनी उत्सव का होगा आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती मनाई जा रही है। यह संयोग है कि 20 मई को तिथि के अनुसार उनकी जयंती है और विवाह की वर्षगांठ भी है। साथ ही उनके ससुर मल्हारराव होलकर की पुण्यतिथि भी है। इसको देखते हुए 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट की बैठक आयोजित की जा रही है। इसी दिन से पूरे प्रदेश में 10 दिनी उत्सव का आयोजन भी शुरू किया जा रहा है। इसका समापन भोपाल में भव्य रूप से 31 मई को किया जाएगा। प्रदेश में 10 दिनी उत्सव के तहत जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं:CM यादव

मध्यप्रदेश, गुजरात की तर्ज पर कर रहा है उद्योगों का तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत टैक्स 2026 से पहले मेटेक्सिल के विशेष-सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों की सहभागिता आरआईसी और जीआईएस भोपाल के बाद अब विषयवार उद्योग संवर्धन कार्यक्रम प्राथमिकता प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया के विकास का संकल्प कारखाने हमारे हैं मंदिर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने, श्रमिकों, सहयोगी नागरिकों, सड़क और अन्य आवागमन सुविधाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सरलता के कारण औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। गुजरात हमारे लिए आदर्श है। मध्यप्रदेश भी गुजरात की तर्ज पर उद्योगों के विकास का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में बेंगलुरू में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा मध्यप्रदेश में रायसेन जिले में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना के लिए की गई पहल पर त्वरित कार्रवाई कर कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन का निर्णय बिना विलंब के लिया गया। यह प्रदेश की उद्योग संवर्धन और निवेश वृद्धि की पारदर्शी नीति का नवीनतम उदाहरण है। मध्यप्रदेश उद्योगों के अनुकूल नीतियों को लागू कर उस स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में शामिल है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रयासरत हैं। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब देकर सशक्त नेतृत्व की बेहतरीन मिसाल पेश की है। ‘मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम इंदौर में टेक्सटाइल एक्सपो को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश का समूचा परिदृश्य बदल गया है। उद्योगों के विकास के साथ धन के अर्जन के साथ मानवीय पक्ष को महत्व देने की भारतीय संस्कृति रही है। कोरोना के कठिन समय में प्रधानमंत्री मोदी ने अनेक देशों में लोगों का जीवन बचाने का कार्य किया। यह भारत के इतिहास का गौरवशाली पृष्ठ है। आपरेशन सिंदूर के क्रियान्वयन में प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और भारत की सेनाओं का साहस हम सभी के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। एक वस्त्र की बुनाई के लिए जिस तरह एक-एक धागे का अपना महत्व है, उसी तरह संकट के समय में भारत के सभी नागरिक भेदभाव से रहित होकर एकजुटता का परिचय देने में आगे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कारखाने हमारे लिए मंदिर की तरह हैं। देवालय और मंदिर जिस तरह श्रद्धा का केंद्र होते हैं, उसी तरह कारखाने बड़े वर्ग को लाभान्वित करने के पवित्र भाव के साथ संचालित होते हैं। शासन द्वारा लागू अनुकूल नीतियों और सुशासन का लाभ उद्योगों को दिलाने के लिये मध्यप्रदेश में विशेष अभियान चल रहा है। मध्यप्रदेश में जो उद्योगपति आते हैं वे यहीं के होकर रह जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश के सभी संभागों में रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गईं। इसके बाद इस वर्ष फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। इन प्रयासों से 30 लाख हजार करोड़ से अधिक का निवेश लाने में सफलता मिली। अब विभिन्न सेक्टर को ध्यान में रखकर उद्योग संवर्धन कार्यक्रम हो रहे हैं। यह क्रम निरंतर चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता, स्वाद और सुशासन की नगरी है। प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र में नया इतिहास लिखा जाएगा। इंदौर इसका प्रमुख केंद्र होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन ,देवास, मक्सी आदि क्षेत्रों को मिलाकर इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया विकसित किया जाएगा। अधोसंरचना विकास से नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी। प्रदेश के 2 बड़े महानगरीय क्षेत्रों में से एक, इंदौर क्षेत्र के समग्र विकास का संकल्प राज्य सरकार साकार करेगी। राज्यों के मध्य विवाद हो रहे समाप्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानी, भूमि और फसल के मुद्दों पर दक्षिण भारत से लेकर अन्य राज्यों तक विवाद रहे हैं। लेकिन, अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इनका समाधान हो रहा है। मध्यप्रदेश ने वर्षों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल (पीकेसी) परियोजना से जुड़ी असहमतियों को राजस्थान के साथ संवाद कर समाप्त किया है। राष्ट्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी राज्यों के परस्पर विवादों को समाप्त करने का ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में निवेश के लिए एक समर्थ, अनुकूल और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक वातावरण विकसित किया गया है। राज्य न केवल पॉवर सरप्लस है, बल्कि कुल विद्युत आपूर्ति में 30 प्रतिशत हरित ऊर्जा का योगदान है। टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए विशेष अवस्थापना सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें पानी की प्रचुर उपलब्धता, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज, ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) युक्त कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), 220 केवी का सब स्टेशन तथा 20 एमएलडी पानी की आपूर्ति शामिल हैं। धार में प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क देश का सबसे लागत-कुशल और उच्चतम रिटर्न देने वाला इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क बनने की दिशा में अग्रसर है, जहाँ 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित कर ली गई है। प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ 4 औद्योगिक कॉरिडोर संचालित हो रहे हैं और एक प्रस्तावित है। छह इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) तथा राष्ट्रीय स्तरीय संस्थान जैसे NIFT भोपाल, NID भोपाल, IITDM जबलपुर और ग्लोबल स्किल्स पार्क की उपस्थिति से प्रदेश एक सशक्त और आधुनिक मूल्य श्रृंखला विकसित करने में सक्षम है। MSME विकास नीति 2025 के अंतर्गत निर्यात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए भी व्यापक सहायता प्रावधान किए गए हैं। सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का बेहतर वातावरण है। यहां कहीं भी किसी बात के लिए उद्योगपतियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। यहां पर सभी अनुमतियों को लेख सेवा केंद्र के माध्यम से नियत समय सीमा में दिए जाने का प्रावधान किया गया है। यहां 30 दिन में उद्योग को प्रारंभ कर सकते हैं साथ ही टैक्सटाइल एंड गारमेंट्स सेक्टर में विशेष अतिरिक्त इंसेंटिव्स दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के औद्योगिक योगदान और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मानित करते हुए मेटेक्सिल के चेयरमैन शालीन तोशनीवाल ने स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट किए। साथ ही 25 पौधे महाराष्ट्र में रोपण कर उन्हें जीवित रखने का संकल्प-पत्र भी सौंपा।” “एक्सपोर्ट पोटेंशियल मैन मेड फाइबर टेक्सटाईल्स, होम टेक्सटाईल्स एण्ड टेक्निकल टेक्सटाईल मध्यप्रदेश” सेमिनार मैटेक्सिल के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर ए. रवि … Read more

मुख्यमंत्री रेनेसां यूनिवर्सिटी के ‘कृष्ण तत्व’ कार्यक्रम में हुए शामिल

भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं जीवन के हर कदम पर हमारी मार्गदर्शक :मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन को जोड़ा वर्तमान संदर्भों से मुख्यमंत्री ने छात्रों से किया संवाद मुख्यमंत्री रेनेसां यूनिवर्सिटी के ‘कृष्ण तत्व’ कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की रेनेसां यूनिवर्सिटी में ‘कृष्ण तत्व’ विषयक सेमिनार में संबोधित करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का मटकी फोड़ना बाललीला नहीं, अत्याचारियों की रसद रोकने की रणनीति थी। मस्तक पर मोर-पंख धारण करना और प्रकृति से प्रेम करना उनके मानवीय पक्ष को दर्शाता है। सुदामा से मित्रता और कंस वध के बाद उग्रसेन को सिंहासन सौंपना न्याय और निष्ठा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण के कर्मयोग, समत्व और न्याय के सिद्धांतों पर विशेष बल देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश है कि छोटे से छोटा काम भी महत्व रखता है। उन्होंने जीवन भर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया और समानता का अधिकार सुनिश्चित किया। यही सिद्धांत हमारी शासन-नीति की प्रेरणा भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित गार्डन में हुए इस भव्य आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और उपदेशों पर छात्रों को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी घटनाओं को वर्तमान सामाजिक संदर्भों से जोड़कर उनकी प्रासंगिकता समझाई। इंदौर की रेनेसां यूनिवर्सिटी में बुधवार रात आयोजित ‘कृष्ण तत्व’ विषयक सेमिनार में विश्वविद्यालय परिसर स्थित गार्डन में हुए इस भव्य आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और उपदेशों पर आज के संदर्भ में संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ना था। शिक्षा और रोजगार पर विशेष बल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से प्रेरित होकर शिक्षा नीति में ऐसे बदलाव किए हैं जो छात्रों को केवल नौकरी की ओर नहीं, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर भी प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से राज्य में करोड़ों का निवेश हुआ है। इससे लाखों रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। विकास परियोजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) और केन-बेतवा जैसी प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्रों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से संवाद कर उनके विचार सुने। छात्रों को उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ने की सीख दी। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी विधायक सर्व गोलू शुक्ला , रमेश मेंदोला,मनोज पटेल, कुलाधिपति स्वप्निल कोठारी, सुमित मिश्रा मौजूद थे।  

सीएम डॉ मोहन यादव ने अस्पताल में पहुंच कर मॉकड्रिल के दौरान ग्रेनेट फटने से घायल जवानों का जाना हाल-चाल

भोपाल  सीएम डॉ मोहन यादव ने अस्पताल में पहुंच कर मॉकड्रिल के दौरान ग्रेनेट फटने से घायल जवानों का जाना हाल-चाल। इस दौरान उनके साथ पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। सीएम डॉ मोहन ने कहा कि मॉकड्रिल के दौरान घायल जवानों से मिलने आया था। उनके बेहतर इलाज के लिए निर्देश दिए हैं। उनके परिजनों से मुलाकात की है। भोपाल में एक घटना में घायल एक व्यक्ति के बच्चे ने भी मुझसे उनके पिता से मिलने का आग्रह किया था उनसे भी मिला हूं। एक जवान को आंख में गंभीर चोट लगी है, मैंने जांच के आदेश भी दिए हैं। मॉकड्रिल के दौरान इस तरह की घटना क्यों हुई, जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है,जवानों के साथ पूरी सरकार खड़ी है। इंदिरा के खिलाफ फैसला दिया तो आपातकाल लगवा दिया विजय शाह और कांग्रेस के राजभवन के बाहर धरने पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा- कांग्रेस कितने भी नाटक कर ले कांग्रेस को भी पता है कि मामला न्यायालय में है न्यायालय से बढ़कर तो कोई नहीं है। नेता प्रतिपक्ष पर भी मुकदमा था। क्या कांग्रेस उनका इस्तीफा मांगेगी। न्यायालय का जहां भी अपमान करने का मौका होता है वहां कांग्रेस बाज नहीं आती है। इलाहाबाद कोर्ट ने जब इंदिरा गांधी के खिलाफ फैसला दिया तो उन्होंने आपातकाल लगवा दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को लेकर जो निर्णय दिया उसे कानून को बदलने का काम भी कांग्रेस ने किया। न्यायालय के आदेश पर क्या सिद्धारमैया को हटा दिया पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में माननीय न्यायालय के हर आदेश का पालन किया है। ट्रिपल तलाक को लेकर भी आए और न्यायालय के निर्णय के बाद राम मंदिर भी बनवाया। हम न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं, जो न्यायालय आदेश देती है वह हम पालन करते हैं। न्यायालय के आदेश का मखौल उड़ाने का काम हमेशा कांग्रेस करती है। सिद्धारमैया के खिलाफ कोर्ट ने आदेश दिया उसका क्या किया। न्यायालय के आदेश पर क्या सिद्धारमैया को हटा दिया। केजरीवाल सीएम रहते जेल में गए तब कांग्रेस ने क्यों मांग नहीं की। न्यायालय जो निर्णय करेगी सरकार उसके साथ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी ताकत भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती

ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया ने देखा नया शक्ति संपन्न भारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया के सामने हमारी सेनाओं के साहस और शौर्य के प्रमाण दे दिए -CM यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी ताकत भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती मुख्यमंत्री ने किया तिरंगा यात्रा को संबोधित रोशनपुरा चौराहे से निकली यात्रा में सभी समाज और धर्मगुरूओं के साथ नागरिकों ने की व्यापक भागीदारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर के भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया के सामने हमारी सेनाओं के साहस और शौर्य के प्रमाण दे दिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि आपरेशन सिंदूर रूकेगा नहीं, हमारे घर के किसी भी कोने में कोई भी आतंकवादी गतिविधि करेगा तो भारत उसे घर में घुसकर मारेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार की शाम भोपाल के रोशनपुरा चौराहे से प्रारंभ हुई तिरंगा यात्रा में शामिल होने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विभिन्न धर्मगुरू, वरिष्ठ सांसद वीडी शर्मा, सांसद आलोक शर्मा, महेंद्र सिंह जी, मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी के अलावा राहुल कोठारी, सुमित पचौरी, रविंद्र यति और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। हाथों में तिरंगा लिए अनेक समुदायों के प्रतिनिधि, आम नागरिक बड़ी संख्या में तिरंगा यात्रा में उत्साह से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी ताकत भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। हम सब सेना को सम्मान देने के लिए इस यात्रा में एकत्रित हुए हैं। ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया ने हमारे हथियार भी देखे, हमारी एकजुटता भी देखी, हमारे देश का पराक्रम भी देखा और पुरूषार्थ भी देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सब पूरा देश आनंदित है। लगातार तिरंगा यात्राओं के माध्यम से पूरी दुनिया में संदेश जा रहा है। हमारे लिए सौभाग्य का क्षण है। भोपाल देश का दिल है। हमारे राफेल ने कमाल कर दिया। भारतीय सेना ने ऐतिहासिक शौर्य का प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का आजादी के बाद यह चौथा युद्ध था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तीनों सेनाओं ने मिलकर जिस प्रकार का योगदान देकर आजादी के बाद चौथे युद्ध में 4 दिन में पाकिस्तान को धूल चटाने का काम किया, वह अभूतपूर्व है। हमारे देश की सेना ने ऐसा कार्य किया है, जो न भूतो न भविष्यति। पलक झपकने से पहले ही ब्रह्मोस मिसाइल ने एक के बाद एक बड़े-बड़े एयर वेज को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान को समझ में ही नहीं आया कि वह करे क्या। हमने देखा रात के 11:30 बजे जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने राष्ट्रपति से बात करने गए तो उनकी आवाज नहीं निकल रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के शब्दों में कोई हमें छेड़ो मत और अगर छेड़ोगे तो हम छोड़ेंगे नहीं। यह बदलते दौर का भारत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुश्मनों को जवाब देने में हमारी सेना पूरी तरह सक्षम है और हम कहीं से भी ढूंढकर दुश्मन को मार गिराएंगे। भारत दुश्मन को घर में घुसकर मारेगा। भारत का ऑपरेशन सिंदूर स्ट्राइक के रूप में मशहूर हो गया है। सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि तीनों सेनाओं ने आतंकवादियों का खात्मा किया। गत 22 अप्रैल को पाकिस्तान प्रेरित आतंकवाद ने पहलगाम में बहनों के सिंदूर मिटाने का कार्य किया था। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के आतंकवादी शिविरों को ध्वस्त कर दिया। सेनाओं के सम्मान में आज भोपाल हाथ में तिरंगे लेकर सड़कों पर निकला है। प्रधानमंत्री मोदी ने बहनों के सिंदूर का सम्मान सुरक्षित रखने के लिए आतंवादियों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालने का संकल्प लिया। सभी समाजों के धर्मगुरू और नागरिक तिरंगे और सेना के सम्मान में एकजुट हैं। कार्यक्रम के अंत में रविन्द्र यति ने आभार व्यक्त किया।  

मध्य प्रदेश के रायसेन में बनाए जाएंगे मेट्रो कोच, युवाओं, एमएसएमई और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और अवसर मिलेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटा रायसेन जिला अब देश भर में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है. रायसेन का उमरिया गांव मेट्रो और रेल निर्माण का नया हब बनने जा रहा है. बेंगलुरु में डॉ. मोहन यादव ने उमरिया में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड कंपनी के नई इकाई के लिए 60.63 हेक्टेयर भूमि आवंटन की मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने कंपनी के चेयरमैन शांतनु रॉय को भूमि आवंटन पत्र सौंपा. अब कंपनी मध्य प्रदेश में रोलिंग स्टॉफ और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी. भोपाल के बाद रायसेन दूसरा जिला होगा, जहां मेट्रो के कोच बनाए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने इंटरेक्टिव सेशन के बाद कहा कि निवेशकों को मध्यप्रदेश में आमंत्रित करने आया था। मैंने निवेशकों से चर्चा की है। उसमें सन फॉर्मा से 3 हजार करोड़, एचईएसएस से 2 हजार करोड़, बीईएमएल 1800 करोड़, अरविंद मील 600 करोड़, अभिनाथ समूह लॉजिस्टिक 100 करोड़, नाइज गारमेंट का 385 करोड़, एचटीसीएल टेक्नोलॉजी का 50 करोड़ का निवेश मिला है। सब मिलाकर 8 हजार करोड़ का निवेश है। जिससे कुल 19 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मैंने सभी निवेशकों से कहा है कि आइए मध्यप्रदेश से भी जुड़िए। यहां उद्योग व्यापार की बड़ी संभावनाएं हैं। बीईएमएल को 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरु में बीईएमएल को रायसेन जिले में रेलवे कोच के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि रायसेन में बीईएमएल की यूनिट खुलने से देश-प्रदेश का औद्योगिक इको सिस्टम सशक्त बनेगा। साथ ही युवाओं, एमएसएमई और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और अवसर मिलेंगे। रायसेन में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना प्रदेश के विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है। राज्य सरकार ने इस इकाई के लिए कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। प्रस्तावित इकाई मुख्य रेल एवं नगरीय परिवहन परियोजनाओं के लिए रोलिंग स्टॉक और मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। इससे प्रदेश और देश के अन्य भागों में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर सशक्त होगा। यहां 1800 करोड़ से रेलवे कोच यूनिट लगाई जाएगी। विश्वास पर खरी उतरेगी बीईएमएल मुख्यमंत्री का आभार मानते हुए बीईएमएल के चेयरमैन और एमडी शांतनु रॉय ने कहा कि बीईएमएल उनके विश्वास पर खरी उतरेगी। रायसेन में हमारी इकाई का विस्तार भारत के नगरीय रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और गतिशीलता एवं सशक्त बनाएगा। उन्होंने बताया कि बीईएमएल का 2100वां मेट्रो कोच मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के माध्यम से निर्मित किया गया है। इसमें ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन मानकों के अनुसार ड्राइवर लेस संचालन की सुविधा उपलब्ध है। इस कोच में अन अटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) स्मार्ट सुरक्षा प्रणाली और वैश्विक मानकों के अनुरूप अनेक आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। इसलिए खास हैं ऐसे कोच नए रेलवे कोच की विशेषता ऑन बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम है, जो भारत में पहली बार किसी मेट्रो ट्रेन में शामिल किया है। इस प्रणाली में पांच प्रमुख मॉड्यूल- रेल ट्रैक स्थिति की निगरानी, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की स्थिति, पैंटोग्राफ-ओएचई संपर्क, आर्क डिटेक्शन और रेल प्रोफाइल विश्लेषण शामिल हैं। रायसेन के गोहरगंज में प्लांट मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राज्य के अधिकारी BEML को आधिकारिक आवंटन पत्र सौंपे। BEML ने गोहरगंज, रायसेन जिले में हाई-स्पीड रेल और मेट्रो कोच उत्पादन के लिए एक कारखाना स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है। दरअसल, बेंगलुरु स्थित BEML विभिन्न प्रकार के भारी उपकरण जैसे अर्थमूविंग, परिवहन, रेलवे और खनन उपकरण बनाती है। BEML एशिया में अर्थ मूविंग उपकरणों का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता है। एमपी में वंदे भारत के भी कोच बनेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वे अब मध्य प्रदेश में वंदे भारत कोच भी बनाएंगे, जैसे कि वे बेंगलुरु में 1,800 करोड़ रुपए के निवेश से बनाते हैं। BEML का यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और मजबूत करेगा। इससे देश में ही आधुनिक परिवहन समाधानों का निर्माण होगा। साथ ही, यह क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में निवेशकों के साथ बातचीत की। उन्होंने मध्य प्रदेश में निवेश करने के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में उद्योगों के लिए बहुत अच्छा माहौल है। इन प्रणालियों की मदद से डिपो कंट्रोल सेंटर से ही रियल-टाइम प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस और रिमोट डाइग्नोसिस संभव होगा। इस मेट्रो कोच में यात्रियों की सुविधा के लिए एर्गोनॉमिक इंटीरियर, डायनामिक रूट मैप्स, सीसीटीवी, डिजिटल फायर डिटेक्शन, एडवांस्ड एयरकंडिशनिंग सिस्टम और साइकिल स्टैंड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। 2100 वें कोच को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना बेंगलुरु में सीएम मोहन ने बीईएमएल के संस्थान में पहुंचने के बाद सबसे पहले 2100वें कोच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यहां उन्होंने कोच के भीतर पहुंचकर स्थानीय कर्मचारियों का अभिवादन किया। इसके बाद बीईएमएल के सीएमडी शांतनु रॉय और अफसरों के साथ वहां की यूनिट का निरीक्षण भी किया। एक बार जो आता है वह एमपी का हो जाता है रेलवे कोच के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपने बाद बेंगलुरु में इंटरेक्टिव सेशन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एमपी की जो औद्योगिक पॉलिसी बनी हुई है उसमें सुविधा देने का काम तेजी से हो रहा है। कलेक्टर जिलों में इसके लिए काम कर रहे हैं। निवेशक जो सुविधा चाहते हैं, वह बताएंगे तो हम उसमें बदलाव करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि निवेशकों का जो भी बकाया पुरानी सरकार के कार्यकाल में था, वह हमारी सरकार ने चुकाया है और इस तरह 5260 करोड़ रुपए इंसेंटिव के रूप में दिए गए हैं। सभी निवेशकों को साफ सुथरी वचन बद्धता के साथ मौका मिलना चाहिए। यह हमारी सरकार की कोशिश है। एक बार जो एमपी आता है वह मध्यप्रदेश का हो जाता है। इसके लिए आप सबको निमंत्रण दे रहा है। पीएस ने दिए निवेशकों के सवालों के जवाब औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने निवेशकों द्वारा किए गए सवालों के जवाब दिए। उन्होंने प्रदेश की औद्योगिक नीति के बारे में जानकारी दी और सरकार द्वारा निवेश के लिए जो छूट दी जा रही है। इसके बारे में बताया गया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला, राघवेंद्र सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री के सचिव इलैया राजा टी ने … Read more

गौपालन को बढ़ावा देकर गाय का दूध भी खरीदेगी सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के हर गांव में उपलब्ध कराएंगे सिंचाई की सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के कार्यों में नहीं होने देंगे धन की कमी गौपालन को बढ़ावा देकर गाय का दूध भी खरीदेगी सरकार बहनों और बेटियों के लिए जितनी जरूरत, उतने कॉलेज खोलेगी सरकार म.प्र. इकलौता राज्य, जहां तीन बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर हो रहा काम मुख्यमंत्री ने दिव्यगवां में शासकीय बिरसा मुंडा महाविद्यालय, 501 खेत तालाबों और 50.73 करोड़ के 7 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन बैकुंठपुर में नया कॉलेज भवन, चौखंडी में सांदीपनी विद्यालय और जनपद पंचायत जवां को नगर परिषद बनाए जाने की घोषणा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ये मध्यप्रदेश के विकास का दौर है। विकास के प्रकाश से प्रदेश का कोई कोना वंचित नहीं रहेगा। विकास के कामों में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश में जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ सिंचाई सुविधाओं का विकास भी हमारी सरकार कर रही है। प्रदेश के हर गांव में हमारी सरकार सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध कराएगी। नदी जोड़ो अभियान में हम इसी दिशा में बढ़ रहे हैं। दो बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम प्रारंभ हो चुका है। तीसरी नदी जोड़ो परियोजना के लिए हम महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रीवा जिले की सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के दिव्यगवां में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन तथा जल गंगा संवर्धन अभियान में जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यगवां में शासकीय बिरसा मुंडा महाविद्यालय (लागत करीब 6 करोड़ रुपये) सहित कुल 50.73 करोड़ रुपये की लागत वाले 5 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 2 कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान में रीवा जिले में करीब 7 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 501 नए खेत तालाबों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विकास यज्ञ है, रुकेगा नहीं, थमेगा नहीं। उन्होंने क्षेत्रीय ग्रामीणों से अपील की कि वे सभी विकास के कामों में सरकार का सहयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैकुंठपुर में नया कॉलेज भवन बनाने, चौखंडी में सांदीपनी विद्यालय बनाने, जनपद पंचायत जवां को नगर परिषद बनाए जाने, सिंचाई योजना के अंतर्गत जनपद पंचायत जवां के कुछ चयनित ग्राम समूहों को आपस में नहरों से जोड़ने और यहां स्टॉप डेम निर्माण के लिए राशि मंजूर करने की घोषणा के अलावा इसी जनपद क्षेत्र के प्रस्तावित 3 ग्राम समूहों की एक पृथक ग्राम पंचायत बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने उस कॉलेज का किया‍लोकार्पण जिसे उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में किया था स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा को और बेहतर एवं गुणवत्तापरक बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने हर्ष जताते हुए बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने दिव्यगवां में कॉलेज मंजूर किया था और आज उसी कॉलेज का वे बतौर मुख्यमंत्री लोकार्पण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉलेज में 3 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिसमें 80 प्रतिशत बेटियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। इनकी पढ़ाई-लिखाई के लिए जितनी जरूरत, उतने विद्यालय और महाविद्यालय खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई लिखाई, कॉपी किताबें, गणवेश, साईकल, लैपटॉप, स्कूटी देने के अलावा हमारी सरकार विद्यार्थियों की बेहतर कोचिंग की व्यवस्था भी कर रही है। 501 नए खेत तालाबों से रीवा जिले का बढ़ेगा सिंचाई रकबा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है, जहां तीन बड़ी नदी परियोजना पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी), केन-बेतवा लिंक और तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना पर काम हो रहा है। वर्षा जल के संरक्षण के लिए प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विकास कार्य हो रहे हैं। इसी अभियान में रीवा में लोकार्पित किये गये 501 नए खेत तालाबों से जिले का सिंचाई रकबा बढ़ेगा और फसलों की पैदावार बढ़ेगी। प्रदेश सरकार विकास के सभी संकल्पों को अक्षरश: पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने लिए हमारी सरकार गौपालन को बढ़ावा दे रही है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना हम गौ पालकों को अनुदान देंगे। पशुपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए अब गाय का दूध सरकार खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कामधेनु योजना में किसान 25 गाय से लेकर अधिकतम 200 गाय तक पाल सकते हैं। इसके लिए पात्र हितग्राहियों को 25 प्रतिशत तक का अनुदान भी सरकार देगी। राम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय विकसित कर बनायेंगे तीर्थ क्षेत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में जहाँ-जहाँ भगवान श्रीराम के चरण पड़े हैं, वहाँ-वहाँ सरकार श्रीराम वन गमन पथ विकसित कर इन्हें तीर्थ क्षेत्र बनाएगी। इसी प्रकार जहाँ-जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुईं, वहाँ-वहाँ श्रीकृष्ण पाथेय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट का भी विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमूह को विकास के लिए संकल्प दिलाते हुए कहा कि देश ने बीते दिनों में भारतीय सेनाओं का जो शौर्य और पराक्रम देखा है उससे पूरे देशवासी बेहद गौरवान्वित हैं। हमें हमारी सेनाओं और जवानों पर नाज है। विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए कोई कसर नहीं रखेगी सरकार उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस मौके पर कहा कि शासकीय बिरसा मुंडा महाविद्यालय के नए भवन सहित क्षेत्र को आज ढेरों सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि यह विकास को तरजीह देने वाली सरकार है। रीवा जिले सहित पूरे विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए हमारी सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। रीवा सांसद जनार्दन मिश्र ने क्षेत्रीय बघेली बोली में संबोधित कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रीवा क्षेत्र में नए राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण होने के लिए आभार ज्ञापित किया। विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह ने क्षेत्रीय विकास से जुड़ी विभिन्न प्रकार की मांगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष रखीं। कार्यक्रम में रीवा जिले के विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी, विधायक मनगवां इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी, के.पी. त्रिपाठी, वीरेंद्र … Read more

मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं पर केन्द्रित बेंगलुरू में हुआ इंटरेक्टिव सेशन 7935 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिलों में बनाए गए हैं उद्योग प्रकोष्ठ, नई उद्योग केंद्रित नीतियां हैं लागू मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं पर केन्द्रित बेंगलुरू में हुआ इंटरेक्टिव सेशन 7935 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए 18 हजार 975 नए रोजगार होंगे सृजित बीईएमएल को 148 एकड़ भूमि आवंटन, म.प्र. बना निवेश का भरोसेमंद डेस्टीनेशन बेंगलुरू में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर परिसंवाद भी किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापारी और निवेशक मध्यप्रदेश आएं और उद्योग को बढ़ावा दें। आज मेड इन इंडिया का जमाना है। मध्यप्रदेश सरकार ने नई उद्योग केंद्रित नीतियां लागू की हैं। सभी जिलों में उद्योग प्रकोष्ठ खोले गए हैं। इंडस्ट्री शुरू करने के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम लागू है। निवेशकों के लिये मुख्यमंत्री सहजता से उपलब्ध है। राज्य में पर्याप्त लैंड बैंक, पानी और बिजली उपलब्ध है। राज्य सरकार ने उद्योगपतियों को सब्सिडी के बैकलॉग का एक-एक रुपया लौटाया है। सरकार बड़े उद्योगों के साथ छोटे निवेशकों को भी प्रोत्साहन दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बेंगलुरू में हुए रोड-शो के इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इंटरेक्टिव सेशन में विभिन्न निवेशकों से चर्चा हुई। आज निवेशकों से 7935 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे 18 हजार 975 नए रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “परफॉर्म, रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म” के मूलमंत्र को आधार बनाकर हम आत्म-निर्भर भारत के संकल्प की पूर्ति की ओर तेजी से अग्रसर है। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और निवेश को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। इस दिशा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, राष्ट्रीय पर विभिन्न शहरों में किये गये रोड-शो और इंटरेक्टिव सेशन सहित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के माध्यम से हमने लोकल से ग्लोबल स्तर तक सफलतापूर्वक निवेश संवाद किया है। बेंगलुरु में आज दूसरी बार हुए रोड-शो और इंटरेक्टिव सेशन से निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए “प्रगतिशील, पारदर्शी और भरोसेमंद राज्य” के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा शेयर बाजार नई ऊँचाईयों को छू रहा है। निवेशक मध्यप्रदेश आएं और अपने उद्योग को बढ़ाएं। एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वहीं का होकर रह जाता है। सभी प्रकार के उद्योगों के विकास का कार्य मध्यप्रदेश में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश का वादा नहीं करता, हम जिनसे कमेटमेंट करते है, उन्हें समयबद्ध रूप से पूरा भी कर रहे है। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025 में हमने केवल वादे नहीं किए, उन्हें धरातल पर भी उतारा गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में 5260 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि बड़े उद्योगों और एमएसएमई को वितरित की गई है। प्रदेश में विभिन्न सेक्टरों में निवेश संवर्द्धन के लिये 18 नई औद्योगिक नीतियां लांच की गई, जो आज निवेश के लिये गेम चेंजर साबित हो रही हैं। जनविश्वास अधिनियम, एकीकृत सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित किये जा रहे पीएम मित्रा टेक्सटाईल पार्क (धार), नर्मदापुरम मेन्युफैक्चरिंग ज़ोन, रीवा, इंदौर एवं उज्जैन मे नई आईटी परियोजनाओं, उज्जैन में 5 जून 2025 को ‘स्पिरिच्युअल एवं वेलनेस समिट’ एवं अन्य क्षेत्र जैसे फार्मा, माइनिंग, कृषि, डेयरी, नवकरणीय ऊर्जा आदि संभावनाओं के बारे मे निवेशकों को अवगत कराया जा रहा है। निवेश को आकर्षित करने, उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिये ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ अंतर्गत आज बेंगलुरु में हमने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के साथ भूमि आवंटन और ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ विषय पर सफल इंटरेक्टिव सेशन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेंगलुरू में आज भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड को प्रदेश के रायसेन के ग्राम उमरिया में 148 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौपा। रायसेन में 1800 करोड़ रूपये की लागत से एक अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण परियोजना स्थापित की जाएगी। परियोजना से प्रदेश में रेल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और भारतीय सेना का शौर्य अभिनंदनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के वर्तमान परिदृश्य की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर मजबूत हो रहा है। प्रधानमंत्री का नेतृत्व और भारतीय सेना का शौर्य अभिनंदनीय है। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी हथियारों को करारा जवाब देकर 3 से 4 दिन में ही युद्ध जीत लिया। हमारी तीनों सेनाओं ने अपनी सीमा में रहते हुए अतुलनीय क्षमता का प्रदर्शन किया। पहलगाम हमले के दोषियों को सबक सिखाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने सेनाओं को खुली छूट दी। इस घटनाक्रम से भारत ने नए दौर में प्रवेश किया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर बंद नहीं होगा और लगातार चलता रहेगा। जब भी कोई हमला होगा, उसकी तुरंत प्रतिक्रिया दी जाएगी। पाकिस्तान पर पहली स्ट्राइक में हमारे सैनिक उस पार गए और टारगेट को खत्म कर सुरक्षित वापस आ गए। दूसरी स्ट्राइक में पाकिस्तान को हमारे पायलट अभिनंदन वर्धमान को सम्मानपूर्वक लौटाना पड़ा। अब तीसरी स्ट्राइक में पाकिस्तान की हार हुई। एक माह में होगा रेल कोच निर्माण इकाई का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि एक माह में रायसेन जिले में रेल कोच निर्माण इकाई के लिए भूमि-पूजन किया जाएगा। प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना के लिए सभी कार्य समयबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेंगलुरू में निवेशकों की ओर से मिले रिस्पांस के लिये कनार्टक की राजधानी बेंगलुरू में पधारे सभी इंवेस्टर्स को धन्यवाद देता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्वेस्टर्स ने मध्यप्रदेश की नीति पर भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर आज बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में शानदार प्रतिक्रिया मिली। पिछले दौरे में मिले प्रस्ताव अब धरातल पर उतर रहे हैं। सभी विभागों की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश का सबसे तेजी से आगे बढ़ता राज्य है। एनर्जी, आइटी, रियल एस्टेट, रेडीमेड गारमेंट्स … Read more

बीईएमएल भोपाल के पास गौहरगंज में स्थापित करेगी औद्योगिक ईकाई, वन्देभारत और मेट्रो के कोच बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य में औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगारपरक कार्यों को प्रोत्साहन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु के इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं से परिचित होगा उद्योग जगत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीईएमएल भोपाल के पास गौहरगंज में स्थापित करेगी औद्योगिक ईकाई, वन्देभारत और मेट्रो के कोच बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर के बाद अब नरसिंहपुर में 26 मई को होगा आगामी कृषि उद्योग समागम मुख्यमंत्री ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में ये विचार किए व्यक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए सरकार प्रत्येक गरीब, किसान (अन्नदाता), युवा और महिलाओं के जीवन की बेहतरी के संकल्प के साथ अग्रसर है। राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने, व्यापार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही रोजगारपरक कार्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में प्रदेश में निवेश संभावनाओं पर आधारित इंटरैक्टिव सेशन में निवेशकों एवं उद्योगपतियों को प्रदेश में इन्वेस्टमेंट के लिए आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही वह बेंगलुरु के होटल लीला पैलेस में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन मीटिंग भी करेंगे। गौहरगंज में बनेंगे वन्देभारत और मेट्रो ट्रेन के कोच मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) परिसर का अवलोकन करने के बाद 2100वें मेट्रो कोच के लोकार्पण समारोह में सहभागिता भी करेंगे। बीईएमएल कंपनी राजधानी भोपाल के पास गौहरगंज में एक यूनिट स्थापित करने जा रही है। यहां वंदेभारत और मेट्रो ट्रेन के कोच तैयार होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेंगलुरु में राज्य सरकार की ओर से कंपनी को नई मेट्रो कोच निर्माण यूनिट शुरू करने के लिए भूमि आवंटन पत्र भी दिया जाएगा। बीईएमएल के इस प्रयास से स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उद्योगों की स्थापना के लिए भूखंड आवंटन कार्य प्रगति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में संभागीय स्तर पर हुईं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) के माध्यम से आए 50 प्रतिशत निवेशकों को औद्योगिक ईकाई स्थापित करने के लिए भूखंड का आवंटित किया जा चुका है। प्रदेश में अनेकों फैक्ट्रियों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया है। रोजगार के नये-नये द्वार खोलते हुए सरकार इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों के मान-सम्मान के लिए भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। हम सभी प्रदेशवासी भारतीय सेनाओं के शौर्य से गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। 26 मई को नरसिंहपुर में अगला कृषि उद्योग समागम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को गति प्रदान करने के लिए अलग-अलग शहरों में कृषि मेले आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगामी कृषि उद्योग समागम 26 मई को नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में आयोजित होगा। इससे पहले मंदसौर के सीतामऊ में कृषि उद्योग मेले का सफलतापूर्वक आयोजन हो चुका है।  

मुख्यमंत्री ने वर्चुअली सहभागिता कर वर-वधुओं को दिया आशीर्वाद

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हमेशा साथ है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में गोटेगांव में हुआ 218 जोड़ों का सामूहिक विवाह मुख्यमंत्री ने वर्चुअली सहभागिता कर वर-वधुओं को दिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विवाह हमारी संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यह हमारे समाज और परिवार का आधार है। सामूहिक विवाह सम्मेलन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल और सहयोग के प्रतीक हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के साथ हमारी सरकार दोस्त बनकर हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नरसिंहपुर जिले के नई कृषि उपज मंडी प्रांगण, गोटेगांव में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आय़ोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर्चुअली सहभागिता कर संबोधित कर रहे थे। सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 218 जोड़े (216 कन्याओं का विवाह और 02 बेटियों का निकाह) परिणय सूत्र में बंधे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार माताओं, बहनों और बेटियों के हितों की रक्षा के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि बहन, बेटियों के लिए हमने अपने सालाना बजट में 27 हजार 147 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रदेश में ग्रामसभा से लेकर विधानसभा तक महिलाओं की प्रभावी उपस्थिति है। शासकीय नौकरियों में हमने महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत तक आरक्षण का प्रावधान किया है। प्रदेश में 40 प्रतिशत से अधिक स्टार्ट-अप्स का संचालन महिलाएं कर रही हैं। बीते वर्षों में 5 लाख स्व-सहायता समूहों के माध्यम से करीब 62 लाख ग्रामीण बहनें आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। यह हमारे लिये गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नवविवाहित जोड़ों को दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं व आशीर्वाद देते हुए कहा कि 16 संस्कारों में सबसे सुंदर संस्कार पाणिग्रहण संस्कार है। विवाह 2 परिवारों का और 2 संस्कारों का भी मिलन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य न केवल बेटियों को सम्मानपूर्वक विदा करना है, बल्कि उनके जीवन की नई शुरुआत को आर्थिक संबल सशक्त आधार देना भी है। उन्होंने वर-वधूओं से अपील की कि वे सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को आत्मनिर्भर और सुखमय बनाएं। सम्मेलन को गोटेगांव विधायक महेन्द्र सिंह नागेश ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल, पूर्व विधायक हाकम सिंह चढ़ार, समाजसेवी रामस्नेही पाठक, महंत पीतम पुरी, दादूराम पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिगण, वर-वधू एवं बड़ी संख्या में उनके परिजन एवं नागरिकगण उपस्थित थे। 26 मई को नरसिंहपुर में लगेगा विशाल कृषि मेला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमूह को जानकारी दी कि आगामी 26, 27 एवं 28 मई को जिला मुख्यालय में नरसिंहपुर में विशाल कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। 26 मई को वे स्वयं नरसिंहपुर जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कृषि मेले में कृषि आधारित उद्योगों के बारे में जानकारी के अलावा दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, शाक-सब्जी उत्पादन, श्रीअन्न उत्पादन, उद्यानिकी, बागवानी, उन्नति किस्म के बीज, खाद, उर्वरक की जानकारी सहित उन्नत कृषि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने नरसिंहपुर जिले के सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे इस त्रि-दिवसीय विशाल कृषि मेले में आकर कृषि की नई तकनीकों और इस क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी लें और इन्हें अपनाकर अपनी फसल का उत्पादन बढ़ाएं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉस्पिटल में पेट स्कैन मशीन का शुभारंभ करने के साथ हॉस्पिटल का अवलोकन भी किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित अपोलो हॉस्पिटल का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैंसर यूनिट और पेट स्कैन मशीन का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉस्पिटल में पेट स्कैन मशीन का शुभारंभ करने के साथ हॉस्पिटल का अवलोकन भी किया जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर सहित मध्य भारत के लिए स्वास्थ्य जगत के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने संस्कारधानी को मिली अपोलो हॉस्पिटल की श्रृंखला की सौगात को संपूर्ण महाकौशल के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जबलपुर पाटन बायपास स्थित नवनिर्मित अपोलो जेबीपी हॉस्पिटल के कैंसर यूनिट के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉस्पिटल में पेट स्कैन मशीन का शुभारंभ करने के साथ हॉस्पिटल का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपोलो जेबीपी हॉस्पिटल के प्रबंधक बड़ेरिया परिवार की प्रशंसा की। उन्होंने ने कहा कि कोरोना काल में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा दी गई सेवाएं अविस्मरणीय हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस हॉस्पिटल में स्थापित राधाकृष्ण जी की प्रतिमा की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक पनागर श्री सुशील तिवारी इंदु, जबलपुर केंट के विधायक श्री अशोक रोहाणी, जबलपुर उत्तर के विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, विधायक सिहोरा श्री संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोटिया, भाजपा के नगर अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर, भाजपा के ग्रामीण अध्यक्ष श्री राजकुमार पटेल, पूर्व महापौर श्री प्रभात साहू, पूर्व विधायक श्री नीलेश अवस्थी, डॉ. जितेंद्र जामदार, कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव, अस्पताल प्रबंधन के सौरभ बड़ेरिया, डॉ. राजीव बड़ेरिया, शोभित बड़ेरिया एवं डॉ. सुनील मिश्रा सहित अस्स्पताल के चिकित्सक, स्टॉफ व आमजन उपस्थित रहे।  

मध्यप्रदेश के 2 और महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों को मिलाकर सर्किट किया जाएगा विकसित:CM यादव

प्रधानमंत्री मोदी को मंत्रि-परिषद ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए दी बधाई कम समय में तकनीकी श्रेष्ठता के साथ सेना द्वारा तीव्र गति से की गई कार्रवाई ने विश्व को भारत के बदलते दौर के नेतृत्व क्षमता से परिचित करवाया मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की साझी ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत पर गतिविधियां होंगी संचालित:CM यादव मध्यप्रदेश के 2 और महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों को मिलाकर सर्किट किया जाएगा विकसित:CM यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले सदस्यों को किया संबोधित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तान के विरुद्ध संचालित ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, भारतीय सेना और अर्ध सैनिक बलों के सभी जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग करते हुए, कम समय में तीव्र गति से की गई कार्रवाई से विश्व, भारत के बदलते दौर के नेतृत्व की क्षमता से परिचित हुआ है, यह सभी भारतवासियों के लिए सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में मंत्रीगण को प्रदेश में गेहूं उपार्जन की स्थिति, महाराष्ट्र के साथ नदी जोड़ो अभियान के लिए हुए एमओयू, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश द्वारा परस्पर समन्वय से आगामी दिनों में की जाने वाली सांस्कृतिक-धार्मिक व इतिहास केंद्रित गतिविधियों, प्रदेश में निवेश संवर्धन और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए बेंगलुरु और इंदौर में होने वाले आयोजनों तथा 20 मई को इंदौर में होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक तथा विजन डॉक्यूमेंट@2047 पर चर्चा के संबंध में अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन में 5 मई तक प्रदेश के 3475 केंद्रों पर उपार्जन हुआ, इसमें 9 लाख किसानों की फसल का उपार्जन हुआ। प्रदेश में 77.74 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया, जिसमें से 74.42 लाख मीट्रिक टन भंडारण में आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसानों को अब तक 18 हजार 471 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। अब मात्र 400 करोड़ रुपए का भुगतान शेष है, जो शीघ्र कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ 10 मई को तापी बेसिन मेगा रिचार्ज योजना के संबंध में हुए एम.ओ.यू. की मंत्रि-परिषद को बधाई दी। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि यह नदी जोड़ो अभियान का राज्य सरकार का तीसरा एम.ओ.यू. है। इस परियोजना से बुरहानपुर व खण्डवा जिले में भूजल में सुधार होगा। मध्यप्रदेश को 1 लाख 23 हजार हैक्टेयर और महाराष्ट्र को 2 लाख 37 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर अंतर्राज्यीय योजना के रूप में भारत सरकार से स्वीकृत कराने के लिए त्रिपक्षीय समझौते पर सहमति बनी है। इसकी विशेषता यह होगी कि प्रदेश को परियोजना की मात्र 5 प्रतिशत राशि देनी होगी, शेष लागत केन्द्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का साझा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ रहा है। दोनों राज्यों द्वारा बाजीराव पेशवा, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई, अप्पाजी भोंसले इत्यादि के गौरवशाली अतीत की घटनाओं के इतिहास लेखन, दस्तावेज संकलन, डिजिटाइलिजेशन, मोढ़ी लिपि के संरक्षण, लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के धार्मिक-प्रशासनिक अवदानों के संरक्षण के लिए कार्य करने पर सहमति हुई है। मध्यप्रदेश में उज्जैन और ओंकारश्वर के ज्योतिर्लिंग तथा महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंग का सर्किट विकसित करने पर भी सहमति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शेगांव के गजानन ट्रस्ट द्वारा इच्छुक व्यक्तियों को सेवा का प्रशिक्षण देकर स्वयं सेवकों को सेवा और प्रबंधन के कार्य में लगाया जाता है। उनकी इस प्रणाली का लाभ महाकाल मंदिर प्रबंधन के लिए लेने पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शुक्रवार 16 मई को इंदौर में रीजनल ग्रोथ कॉन्क्लेव मैन मेड टेक्निकल टेक्सटाइल एक्सपो का आयोजन होने जा रहा है। इसी प्रकार 14 मई को बैंगलोर में निवेश संवर्धन के संबंध में संवाद होगा।  

मानव-हाथी द्वंद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा और आवश्यक उपकरण क्रय किए जाएंगे

जंगली हाथियों के प्रबंधन के लिए 47 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की योजना की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद में हाथी मित्र दल के गठन की मंजूरी मानव-हाथी द्वंद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा और आवश्यक उपकरण क्रय किए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में मानव-हाथी द्वंद को कम करने और जंगली हाथियों के प्रबंधन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 और वर्ष 2026-27 अर्थात आगामी 2 वर्षों सहित कुल 4 वर्षों (वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक) के लिए राशि 47 करोड़ 11 लाख 69 हजार रुपये की योजना क्रमांक 9854 की सैद्धातिंक स्वीकृति दी गयी है। योजना अंतर्गत हाथियों की सुरक्षा एवं अनुश्रवण के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 में कुल राशि रूपये एक करोड़ 52 लाख 54 हजार रूपये व्यय की गयी है। निर्णय अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना में राशि 20 करोड़ रूपये और वर्ष 2026-27 में 25 करोड़ 59 लाख 15 हजार रूपये का प्रावधान किया गया। इस तरह आगामी 2 वर्षों सहित कुल 4 वर्षों (वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक) के लिए योजना का आकार राशि 47 करोड़ 11 लाख 69 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे संरक्षित क्षेत्र जहाँ हाथियों का आवागमन या उपस्थिति है उनमें एवं संरक्षित क्षेत्रों के बाहर जंगली हाथियों की सुरक्षा एवं अनुश्रवण, रहवास प्रबंधन तथा विकास के लिए योजना बनाई गयी है। जंगली हाथियों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम, वन्यजीव मानव द्वंद को रोकने के लिए विभिन्न संरचनाएं बनाई जाएंगी। ई-आई सर्विलेंस की स्थापना और संचालन किया जाएगा। वन्य-प्राणियों के रेस्क्यू और पुनर्वास के लिए कार्य किया जाएगा। योजना अंतर्गत प्रभावित क्षेत्रों में मानव-हाथी द्वंद से निपटने के लिए ग्रामीणों, वन विभाग और अन्य विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभिन्न प्रकार की फेसिंग कार्य किया जाएगा, जिसमें सोलर फेंसिंग भी शामिल है। मानव-हाथी द्वंद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा और आवश्यक उपकरण क्रय किए जाएंगे। निगरानी और ट्रेकिंग कार्य के लिए पेट्रोलिंग वाहन और रेडियो कॉलर क्रय किए जाएंगे। साथ ही हाथी मित्र दल का गठन किया जाएगा।  

मोहन कैबिनेट बैठक सम्पन्न, तय हुए कई अहम फैसले, इन प्रस्तावों को भी हरी झंड़ी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में महाराष्ट्र सरकार के साथ हुए एमओयू, सभी ज्योतिर्लिंग को जोड़ने के लिए सर्किट बनाने और जंगली हाथियों के प्रबंधन को लेकर ग्रामीणों को प्रशिक्षित करने करने समेत कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट बैठक में बताया गया कि 5 मई तक राज्य के 3475 खरीद केंद्रों पर 9 लाख किसानों से गेहूं खरीदा गया है। अब तक कुल 77.74 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, जिसमें से 74.42 लाख मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है। किसानों को 18,471 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है और बाकी 400 करोड़ रुपए का भुगतान जल्द ही किया जाएगा। गेहूं की खरीदी मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 मई तक राज्य के 3475 खरीद केंद्रों पर 9 लाख किसानों से गेहूं खरीदा गया है। अब तक कुल 77.74 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, जिसमें से 74.42 लाख मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है। किसानों को 18,471 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है और बाकी 400 करोड़ रुपए का भुगतान जल्द ही किया जाएगा। एमपी और महाराष्ट्र के बीच एमओयू ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज को लेकर महाराष्ट्र सरकार के साथ एमओयू हुआ है। भविष्य में में दोनों राज्यों के बीच रोजगार, व्यापार, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करेंगे। लोकमाता अहिल्या बाई का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था। उनके स्थान का डेवलप करना। प्रसन्नता है कि जिस प्रकार हमने इंदौर में मां साहब के 300 सौ वर्ष पूरे होने पर कैबिनेट करने का निर्णय लिया है। उसी प्रकार महाराष्ट्र की सरकार भी पुणे के पास मां अहिल्या के जन्म स्थान है। वहां कैबिनेट करेंगे। महाराष्ट्र सरकार के द्वारा एक अच्छा मां अहिल्या के प्रति ट्रिब्यूट है। 16 मई को इंदौर में रीजनल ग्रोथ कॉन्क्लेव तथा मैनमेड टेक्निकल टेक्सटाइल एक्सपो का आयोजन मैरियट होटल में होगा। 14 मई को बेंगलुरु में अर्थ मोर्स लिमिटेड परियोजना में सीएम मोहन यादव भाग लेंगे। इस योजना के माध्यम से 1800 करोड़ का निवेश होगा। गोहरगंज रायसेन में मेट्रो रेल के कोच बनेंगे। 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक होगी। इसमें विजन 2047 के लिए मंत्रिमंडल के सामने प्रस्तुतीकरण होगा। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में एमपी का अच्छा प्रदर्शन रहा है। 9 स्वर्ण, 5 रजत , 10 कांस्य समेत कुल 24 पदक के साथ 6वें स्थान रहा है। पिछले 10 सालों में मध्यप्रदेश ने खेल के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया। हाथियों से जनजीवन को बचाने के लिए 47 करोड़ की योजना। इसमें किसानों को हाथियों से बचने की ट्रेनिंग दी जाएगी। मोहन कैबिनेट बैठक : इन प्रस्तावों पर लगी मुहर     मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार द्वारा सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए साझा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।     “तापी बेसिन मेगा रीचार्ज” परियोजना के एम.ओ.यू के अवसर पर मध्यप्रदेश के दोनों ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर और श्री ओंकारेश्वर को महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग श्री त्र्यंबकेश्वर, श्री भीमाशंकर और श्री घृष्णेश्वर से जोड़कर धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने का निर्णय लिया गया है।     देवी अहिल्या बाई के 300 वीं जयंती के मौके पर अगली बैठक इंदौर में होगी, जिसमें विजन 2047 का मंत्रिमंडल के सामने प्रस्तुतीकरण भी होगा।     महाराष्ट्र में भी वहां की सरकार अपनी कैबिनेट देवी अहिल्याबाई के स्थान पर करेगी।     छत्तीसगढ़ से आने वाले जंगली हाथियों के प्रबंधन को लेकर प्रस्ताव।हाथियों से जनजीवन को बचाना के लिए 47 करोड़ की योजना। जंगली हाथियों से बचाने के किए ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया जाएगा     निवेश संवर्धन और औद्योगिक विस्तार करने के लिए 16 मई को इंदौर में रीजनल ग्रोथ कॉन्क्लेव तथा मैनमेड टेक्निकल टेक्सटाइल एक्सपो का आयोजन मैरियट होटल में होगा।      14 मई को बेंगलुरु में अर्थ कॉन्क्लेव में सीएम मोहन यादव भाग लेंगे। 16 मई को इंदौर में रिजनल ग्रोथ कॉन्क्लेव टेक्सटाइल एक्सपो का आयोजन किया जाएगा।  युवाओं को रोजगार मिलेगा।इसमें 10th और 12 पास को भी नौकरी मिलेगी।     नदी जोड़ो अभियान को लेकर महाराष्ट्र सरकार के साथ एमओयू हुआ है। भविष्य में में दोनों राज्यों के बीच रोजगार, व्यापार, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के मंगलवार के कार्यक्रम     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 3 बजे पिछड़ा वर्ग, घुमंतू जाति और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक ।     दोपहर 4:15 बजे भोपाल से जबलपुर के लिए रवाना । शाम 5 बजे जबलपुर IT पार्क में सांदीपनि विद्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम ।     शाम 6 बजे वे एक निजी अस्पताल के लोकार्पण समारोह ।इस दौरान मुख्यमंत्री एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में युवाओं को संबोधित भी कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में प्रदेश के 51वें आयुर्वेदिक कॉलेज की रखी गई नींव

मध्यप्रदेश की धरती पर अब नहीं बचेंगे नक्सली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार नक्सलियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम, नक्सली सरेंडर करें, नहीं तो मारे जाएंगे मुख्यमंत्री ने नक्सल ऑपरेशन में शामिल 64 पुलिसकर्मियों को दी क्रम पूर्व पदोन्नति बालाघाट में हुआ 169 करोड़ लागत के 93 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन बालाघाट में प्रदेश के 51वें आयुर्वेदिक कॉलेज की रखी गई नींव मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रदर्शनी का किया अवलोकन  बालाघाट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में वर्ष-2026 तक देशभर से नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प लिया गया है। इसे पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार भी केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में बालाघाट जिले के पिछले दिनों नक्सल मुठभेड़ों में शामिल रहे पुलिस फोर्स, हॉक फोर्स और विशेष सशस्त्र बल के 64 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को क्रम पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई है। राज्य सरकार का यह महत्वपूर्ण कदम पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाएगा। क्रम पूर्व पदोन्नति पुलिस इतिहास में स्वर्णिम क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट कभी अत्यधिक नक्सल प्रभावित 12 जिलों की सूची में शामिल था। सरकार की मंशा और पुलिस के परिश्रम से अब केंद्र सरकार ने बालाघाट को गंभीर समस्या वाली श्रेणी से बाहर कर अन्य श्रेणी में रखा है। बालाघाट में नक्सल गतिविधियों में गिरावट प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को बालाघाट के लांजी में आयोजित क्रम से पूर्व पदोन्नति अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैज लगाकर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नत कर किया और बधाई दी। राज्य सरकार नक्सलियों से निपटने में सक्षम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को 4 दिन की लड़ाई में पस्त कर दिया। गृह मंत्री शाह के नेतृत्व में देशभर में नक्सल विरोधी अभियान संचालित हो रहा है। इस अभियान को मजबूती देने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस किया जा रहा है। राज्य सरकार नक्सलियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। बालाघाट की धरती पर यह अलंकरण समारोह नक्सलियों को सीधा संदेश है कि वे सरेंडर करें नहीं तो मारे जाएंगे। प्रदेश की धरती पर नक्सल का खूनी खेल अब नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि आज बालाघाट में पुलिस के वीरों का सम्मान हो रहा है। पुलिसकर्मी जान की बाजी लगाकर नागरिकों की सुरक्षा करते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वोच्च बलिदान देने वाले 37 वीर पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए कहा कि जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है, लेकिन मृत्यु ऐसी हो, जिस पर देश, प्रदेश और समाज गर्व करे। बालाघाट में 169 करोड़ लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में जल गंगा संवर्धन अभियान में बालाघाट जिले में किए गए विकास कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने 169 करोड़ रुपए लागत के 93 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इनमें आयुर्वेदिक महाविद्यालय भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में प्रदेश के 51वें आयुर्वेदिक कॉलेज की नींव रखी। इस अवसर पर सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक लांजी राजकुमार कर्राहे, विधायक वारासिवनी विक्की पटेल, विधायक गौरव पारधी, पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल और रामकिशोर कावरे उपस्थित रहे। बालाघाट खनिज और जल संपदा से परिपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट खनिज और जल संपदा से परिपूर्ण है। यहां तांबा और मैग्नीज के भंडार हैं। बालाघाट के चिन्नौर चावल को जीआई टैग प्राप्त होना, हमारे लिये गौरव की बात है। बालाघाट में नक्सलियों के खात्मे के साथ विकास के कार्य भी निरंतर जारी हैं। यहां आयुर्वेद से जुड़ी भरपूर संपदा है। नर्सिंग और पैरामेडिकल के कोर्स भी आयुर्वेदिक कॉलेज में चलाए जाएंगे। एक समय था जब वर्ष 2002-03 तक मध्यप्रदेश में एलोपैथी के मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में इनकी संख्या 30 है। इसके अतिरिक्त 8 और नए मेडिकल कॉलेज खुलने वाले हैं। पीएम जनमन अभियान में बालाघाट में बन रही देश में पहली सड़क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट में सड़क विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। पीएम जनमन अभियान में देश में पहली सड़क बालाघाट में बन रही है, जो 23 किलोमीटर लंबी है। हमारी सरकार बेघरों को घर देकर गरीब से गरीब व्यक्ति की जिंदगी बेहतर करने का प्रयास कर रही है। आगामी 26 मई को नरसिंहपुर में कृषि मेला लगेगा। यहां किसानों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की जाएंगी। राज्य सरकार टमाटर सहित अन्य सब्जियों के भंडारण एवं प्र-संस्करण के लिए व्यवथा कर रही है। किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदकर उन्हें लाभ दिया गया है। जल संरक्षण और संवर्धन के लिए 30 जून तक अभियान चल रहा है। बालाघाट में तालाब, नदी, कुंए, बावड़ी सहित सभी जल स्त्रोतों का संरक्षण किया जा रहा है। युवाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ों परियोजनाओं से सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। राज्य सरकार किसानों को मात्र 10 प्रतिशत राशि पर 30 लाख से अधिक सोलर पंप दे रही है। किसानों से अतिरिक्त बिजली खरीदकर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा। राज्य सरकार ने किसानों को और अधिक लाभ देने के लिये डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। किसान खेती के साथ दूध उत्पादन से भी आय बढ़ाएं। सरकार दूध खरीदेगी, किसानों को रोज पैसे मिलेंगे। प्रदेश में दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी के साथ सरकार ने गौशालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान 20 रुपए को बढ़ाकर 40 रुपए किया है। राज्य सरकार ने वृंदावन ग्राम योजना भी शुरू की है। युवाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के कर्मचारियों के हितैषी: मंत्री सिंह बालाघाट के प्रभारी एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज क्रम पूर्व पदोन्नति पाने वाले पुलिसकर्मियों ने त्याग और सेवा भावना से प्रदेश को गौरवान्वित किया है। यह संदेश है कि जो कर्मचारी बेहतर कार्य करते हैं, उन्हें सरकार प्रोत्साहित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के … Read more

पहलगाम हमले में बहनों का सिंदूर उजाड़ने वालों का भारत ने किया हिसाब चुकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने किया आतंकवाद के विरूद्ध भारत की नीति का उद्घोष : मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह युग आतंकवाद का नहीं है, यह एक वाक्य काफी है भारत का संदेश समझने को: मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी का आभार मानती है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहलगाम हमले में बहनों का सिंदूर उजाड़ने वालों का भारत ने किया हिसाब चुकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री की विकास यात्रा में कदम से कदम मिलाकर चलने को है तैयार प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रतिक्रिया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के नागरिकों को संबोधित करते हुए भारत की आतंकवाद के विरूद्ध नीति का उद्घोष किया है। भारत ने आपरेशन सिंदूर सिर्फ स्थगित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि यह युग युद्ध का नहीं है, लेकिन यह युग आतंकवाद का भी नहीं है। यह एक वाक्य भारत का संदेश समझने के लिए काफी है। भारत ने पहलगाम की घटना में जिन बहनों का सिंदूर उजड़ा उसका हिसाब पाकिस्तान से चुकता करने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक मजबूत अर्थ व्यवस्था बना है, साथ ही राष्ट्रवासियों ने धारा 370 को समाप्त होते देखा है। राष्ट्रहित से जुड़े ऐसे कठिन निर्णय प्रधानमंत्री मोदी ने लिए, जिनकी कल्पना नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि जो मार भारत ने पाकिस्तान पर मिसाइलों से की उससे कहीं अधिक मार आज प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों से हुई है और इस संबोधन ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सेना अध्यक्ष सहित अन्य दुश्मनों की जमीन खिसका दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्र को दिए गए संबोधन के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि दुनिया बदलते दौर का भारत देख रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है और उन्हें आत्मविश्वास से भर दिया है। ऊर्जा से लबरेज कर दिया है। उन्होंने उत्साह और उमंग से सेनाओं का हौसला भी बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सक्षम नेतृत्व में सेना ने सिर्फ 5 दिन में जबरदस्त प्रतिकार करते हुए पाकिस्तान की कमर तोड़ने का कार्य किया है। आज प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों से यह स्पष्ट हो गया है कि आतंकवाद को भारत कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए यह भी कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को खाद-पानी देता रहा है। आतंकवादियों के जनाजे पर पाकिस्तान का झंडा चढ़ते हुए देखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मेड इन इंडिया की दृष्टि से भारत की सर्वोच्च सुरक्षा का आव्हान किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि जब बात होगी तो पीओके (पाक ऑक्युपाईड कश्मीर) पर होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में न्यूक्लियर बम के नाम पर पाकिस्तान द्वारा ब्लैक मेल किया जाना असंभव है। प्रधानमंत्री मोदी के एक-एक शब्द से प्रत्येक भारतीय का सीना छप्पन इंच करने का कार्य किया है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि समता मूलक समाज से हम उन्नति, विकास और सबके कल्याण के मार्ग प्रशस्त कर सकते

भगवान बुद्ध के आदर्शों का अनुसरण करने वाला एकमात्र देश है भारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समता मूलक समाज, प्रेम ,करुणा और सत्य की आधारशिला पर ही समाज की तरक्की संभव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री ने कहा कि समता मूलक समाज से हम उन्नति, विकास और सबके कल्याण के मार्ग प्रशस्त कर सकते मुख्यमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध को नमन कर अर्पित किये पुष्प भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान बुद्ध के जीवन से ज्ञान लेकर हम सारे भारतीय आगे बढ़ रहे हैं और विश्व बंधुत्व को अपनाते हुए प्रेम ,करुणा, सत्य, समता के भाव को आगे बढा रहे हैं। भगवान बुद्ध राज-पाट छोड़कर जब ज्ञान की खोज मे निकले थे और कठिन तप के बाद जो ज्ञान विश्व को दिया, उसका अनुसरण ही हम सबका उदेश्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समता मूलक समाज से हम उन्नति, विकास और सबके कल्याण के मार्ग प्रशस्त कर सकते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के अशोक बुद्ध विहार में बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भारती बौद्ध महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी को भगवान बुद्ध जयंती पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मप्र में सांची, बुद्ध धर्मावलंबियों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। उनके लिए सांची आना सौभाग्य की बात है। बुद्ध सर्किट में सांची का प्रमुख स्थान है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय खगोल विज्ञान के अनुसार निर्धारित की गई तिथि, पूर्णिमा अपने आप में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध और संत रविदास जी के साथ ही अन्य बड़े संत, महात्माओं का जन्म हुआ है। पूर्णिमा पर जब चंद्रमा की 16 कलाएं पूर्ण हो जाती हैं तो एक दिव्य प्रकाश निकलता है। ऐसे महापुरुषों ने पूर्णिमा के दिन जन्म लेकर अपने ज्ञान के प्रकाश से विश्व को रौशन किया है। विश्व में भारतीय ज्ञान परंपरा ही ऐसी परंपरा है, जो ऐतिहासिक काल से लेकर वर्तमान समय तक अक्षुण्ण है। सबसे बड़ी बात है कि समाज के लिए आज भी प्रासंगिक है। 5000 साल से भी अधिक पुराने हमारे ज्ञान को आज भी कोई चैलेंज नहीं कर पाया है। भारत विश्व गुरु है, विश्व गुरु रहेगा। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, सभापति श्रीमति कलावती यादव, जनप्रतिनिधि संजय अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में संत कंवरराम जी की प्रतिमा का किया अनावरण

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संतो का जीवन और आदर्श हमेशा अनुकरणीय होते हैं, जैसे सूर्य स्वयं जलकर हम सबको प्रकाश देता है ,वैसे ही संत भी स्वयं तप कर हम सबके जीवन को ज्ञान और आनंद से प्रकाशित करते हैं । संत कंवरराम जी भी ऐसे ही एक महान संत थे । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को उज्जैन की सिंधी कॉलोनी अलखधाम नगर के सार्वजनिक उद्यान में संत कंवरराम जी की प्रतिमा का अनावरण समारोह में यह बात कही। उन्होनें समर्थ सेवा संस्थान के द्वारा आयोजित दिव्यांग जनों को नि:शुल्क हवाई यात्रा करवाने पर बने गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के प्रमाण पत्र का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ दिन है। आज वैशाख माह की पूर्णिमा है। आज बुध्द पूर्णिमा है। संत कंवरराम जी ने लोगों को सच्चाई और नैतिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। वे सबको साथ में लेकर चलने में विश्वास रखते थे । इस उद्यान में संत कंवरराम जी की प्रतिमा स्थापना से सबको उनका आर्शिवाद मिलता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरपालिका निगम के अधिकारियों से कहा कि उद्यान का नियमित रुप से रख-रखाव किया जाए। उन्होंने अलखधाम नगर के उद्यान को आदर्श उद्यान बनाए जाने के लिए शासन की ओर से सहयोग राशी प्रदान करने की घोषणा भी की। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दिव्यांग जनों को नि:शुल्क धार्मिक यात्रा के प्रमाण पत्र वितरण के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांग जनों की सेवा ईश्वर की सेवा के समान है। समर्थ सेवा संस्थान के द्वारा यह एक अत्यंत प्रशंसनीय कार्य किया गया है जो की सबके लिए अनुकरणीय भी है। उल्लेखनीय है की समर्थ सेवा संस्थान के द्वारा अब तक 47 दिव्यांग जनों को धार्मिक हवाई यात्रा नि:शुल्क करवाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपनी ओर से संस्था के पदाधिकारीयों को शुभकामनाऐं दी। कार्यक्रम में श्याम माहेश्वरी ने संस्थान के बारे में जानकारी प्रदान की। दौलत खेमचंदानी के द्वारा संत कंवरराम जी का जीवन परिचय दिया गया। उन्होनें बताया कि संत कंवर राम जी एक प्रसिद्ध भारतीय संत और कवि थे, जिन्होंने भक्ति साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कविताओं में जीवन के मूल्यों, प्रेम, और अध्यात्म की गहराई को व्यक्त किया गया है। संत कंवर राम जी का जन्म राजस्थान में हुआ था। उनकी कविताओं में सादगी, प्रेम, और अध्यात्म की भावना देखने को मिलती है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वासों के खिलाफ आवाज उठाई। संत कंवर राम जी की कविताओं में जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। उनकी रचनाओं में प्रेम, भक्ति, और अध्यात्म की भावना प्रमुख है। उनकी कविताएं लोगों को प्रेरित करती हैं और जीवन के मूल्यों को समझने में मदद करती हैं। संत कंवर राम जी की विरासत आज भी जीवित है। उनकी कविताएं और शिक्षाएं लोगों को प्रेरित करती हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद करती हैं। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापती श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, समर्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्याम माहेश्वरी, किशोर खंडेलवाल, वासु केसवानी, वट्ठिल नागर, दिपक बेलानी, रवि सोलंकी, महेश परियानी, गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के पदाधिकारी मनीश विश्नोई एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

सिंहस्थ-2028 के कार्यों की मॉनिटरिंग में करें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

साधु, संत और श्रद्धालुओं की आस्था को सर्वोपरि रख करें सिंहस्थ 2028 के सभी कार्य: मुख्यमंत्री डॉ.यादव सिंहसथ-2028 में श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाकर किया जा रहा यातायात सुगम सिंहस्थ-2028 के कार्यों की मॉनिटरिंग में करें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल मुख्यमंत्री ने की उज्जैन में सिंहस्थ के कार्यों समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 2028 की तैयारी में साधु-संत और श्रद्धालुओं की भावनाओं को सर्वोपरि रखकर कार्य योजना को पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ – 2028 के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल भवन कलेक्टर कार्यालय सभागृह में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्य योजना की जानकारी लेकर कहा कि सभी कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता और मापदंडों के अनुसार हो। सभी कार्यों में निर्माण एजेंसियां समन्वय बनाकर कार्य करें, जिससे श्रद्धालुओं को सिंहस्थ-2028 का अनुभव आस्थामय, भव्य और अलौकिक हो। सिंहस्थ निर्माण कार्यों में शहर के आसपास सड़कों का जाल बिछाकर यातायात सुगम किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र की कनेक्टविटी 4 लेन और 6 लेन मार्गों से की जा रही है। सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे आवश्यक मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों में सभी गणमान्य नागरिकों का भी विशेष ध्यान रखते हुए कार्य करें। आवश्यक मार्गों पर एलिवेटेड ब्रिज बनाए जाएंगे जिससे नीचे व्यापार प्रभावित ना हो और ट्रैफिक भी सुचारू रूप से चल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सभी सिंहस्थ कार्यों की मॉनिटरिंग आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर करें, जिससे कार्य की भौतिक प्रगति के साथ कार्य की गुणवत्ता का आंकलन भी हो सके। सिंहस्थ-2028 अंतर्गत रेलवे से समन्वय बनाकर शासन के सभी आवश्यक विभाग इंटीग्रेटेड कार्य योजना बनाए, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन सुव्यवस्थित रूप से हो सके। उन्होंने केंद्रीय मदद की आवश्यकता होने पर केन्द्र सरकार संबंधित सभी महत्वपूर्ण कार्यों की सूची बनाने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने मेडिकल टूरिज्म हब बनाया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए मेले में आर्मी भी मौजूद रहेगी। सभी मुख्य देव-स्थानों को जल्द ही देवलोक के रूप में विकसित करने की कार्य योजना बनाए। उज्जैन में न्यायपालिका द्वारा भी न्यायिक संस्था शुरू की जाएगी। उन्होंने इसके लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज निर्माण की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रध्दालुओं को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए जिले को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने के लिए योगा, वेलनेस, नेचुरोपैथी, एलोपैथी और आयुर्वेद के केंद्रों के साथ मेडिकल डिवाइस उद्योग, फार्मा कंपनियों और मेडिकल रिसर्च संस्थाओं को साथ लेकर एकीकृत कार्ययोजना तैयार करें। नगर निगम और अन्य संस्थाएं भी अपने मद से किए जाने वाले शहर के कार्य निरंतर करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। बैठक में संभागायुक्त संजय गुप्ता, सिंहस्थ मेंला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सिंहस्थ कार्ययोजना में अब तक 153 कार्य स्वीकृत व प्रगतिरत है, जिनकी लागत 23,332 करोड़ रुपए है, जिसमें सिंहस्थ मद से 3,728 करोड़ के 78 कार्य और विभागीय मद से 19,604 करोड़ के कार्य है। अब तक 27 कार्य प्रारंभ हो चुके है, 94 कार्य निविदा प्रक्रियाधीन है और 32 कार्य प्रशासकीय स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। उक्त कार्यों में भवन विकास निगम द्वारा मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज का निर्माण 592.3 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। अब तक 4.5 प्रतिशत भौतिक कार्य पूर्ण हो चुका है। जलसंसाधन विभाग के 778.91 करोड़ की लागत राशि से घाट निर्माण संबंद्ध कार्य, 920 करोड़ की लागत का कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना में 31.70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही 614.53 करोड़ की सेवरखेडी-सिलारखेड़ी परियोजना में 23.60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पेारेशन द्वारा हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल अंतर्गत प्रगतिरत 1692 करोड़ राशि का 44.4 कि.मी लंबाई का इंदौर – उज्जैन 6 लेन मार्ग का 13.64 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, 195 करोड़ राशि का 44.14 कि.मी लंबाई का महिदपुर-घोसला मार्ग का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। 5,017 करोड़ की राशि का 98.41 कि.मी लंबाई का उज्जैन – जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस कंट्रोल हाई-वे का निर्माण किया जा रहा है। श्रध्दालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन-मक्सी मार्ग, उज्जैन सिंहस्थ बायपास मार्ग, इंगोरिया-उन्हेल मार्ग और इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक मार्ग का भी निर्माण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा 58 करोड़ की राशि का 8.80 कि.मी लंबाई का नागझिरी दताना मार्ग का 65 प्रतिशत कार्य और 13.45 करोड़ की राशि का सदावल हेलीपेड का 45 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। 225 करोड़ राशि का हरिफाटक लालपुल मुरलीपुरा व्हाया शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेडी मार्ग निर्माण,12.5 कि.मी लंबाई का क्षिप्रा नदी पर अतिरिक्त पुल, 4.5 कि.मी लंबाई का लालपुल से चिंतामन गणेश मार्ग और 78 करोड़ राशि का 31.75 कि.मी लंबाई का करोहन से नईखेड़ी (पंचक्रोशी मार्ग), 67 करोड़ राशि का 22.19 कि.मी लंबाई का उज्जैन बडनगर बायपास,129.80 करोड़ राशि का 5.40 कि.मी लंबाई का वाकडकर ब्रिज से दाउदखेडी मार्ग, 4.50 कि.मी लंबाई का तपोभूमी से हामूखेडी मार्ग, 2.10 कि.मी लंबाई का रणजीत हनुमान से सिहस्थ बायपास व्हाया गोन्सा मार्ग, एक कि.मी लंबाई का अंगारेश्वर महादेव मंदिर पहुँच मार्ग, 45.88 करोड़ की राशि का 4.6 कि.मी की लंबाई का बड़ा पुल रंजीत हनुमान मोजमखेडी मार्ग, 0.9 कि.मी की लंबाई का मोजमखेडी से कालभैरव मार्ग और 6.11 करोड़ की राशि का 1.10 कि.मी का मंगलनाथ से चक्कमेड मार्ग का निर्माण किया जाना है। इसके अतिरिक्त कुल 56 कार्य अनुशंसित किए गए है, जिसमें सिंहस्थ मद से 1813 करोड़ 24 लाख और विभागीय मद से 1441 करोड़ 85 लाख के कार्य उज्जैन, मंदसौर, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, रतलाम, नीमच, इंदौर, खण्डवा और खरगोन जिलों में किए जाना है। बैठक में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनप्रतिनिधि संजय अग्रवाल,रवि सोलंकी, राजेंद्र भारती, डीआईजी नवनीत भसीन, पुलिस अधिक्षक प्रदीप शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।  

सिंहस्थ-2028 के लिए अभी से विस्तृत योजना बनाना शुरू करें: CM यादव

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सोमवार सुबह सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर अहम बैठक ली। इस बैठक में बतौर मेला अधिकारी इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह विशेष रूप से शामिल हुए। वहीं उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने विभागवार अब तक की प्रगति और आगामी योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्ययोजना की जानकारी ले कर कहा कि सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। सभी कार्य समयसीमा में गुणवत्ता और मापदंडों के अनुसार हो। सभी कार्यों में समस्त निर्माण एजेंसियां समन्वय बनाकर कार्य करे जिससे श्रद्धालुओं को सिंहस्थ 2028 का अनुभव आस्थामय,भव्य और आलौकिक हो। सिंहस्थ निर्माण कार्यों में शहर के आसपास सड़कों का जाल बिछाकर यातायात सुगम किया जा रहा है।श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र की कनेक्टविटी 4 और 6 लेन मार्गो से की जा रही है। सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे आवश्यक मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों में सभी गणमान्य नागरिकों का भी विशेष ध्यान रख कार्य करे। आवश्यक मार्गो पर एलिवेटेड ब्रिज बनाए जाएंगे जिससे नीचे व्यापार प्रभावित ना हो और ट्रैफिक भी सुचारू रूप से चल सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने निर्देश दिए कि सभी सिंहस्थ कार्यों की मॉनिटरिंग आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर करे जिससे कार्य की भौतिक प्रगति के साथ कार्य की गुणवत्ता का आंकलन भी हो सके। सिंहस्थ 2028 अंतर्गत रेलवे से समन्वय बनाकर शासन के सभी आवश्यक विभाग इंटीग्रेटेड कार्य योजना बनाए जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन सुव्यवस्थित रूप से हो सके। भारत सरकार संबंधित सभी महत्वपूर्ण कार्यों की सूची बनाए।साधु,संत और श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा को सिरमौर रख सभी कार्य किए जाए। *श्रध्दालुओ को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए मेडिकल टुरिज्म का हब बनाया जाएगा* मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा दृष्टिगत मेले में आर्मी भी सम्मिलित रहेगी।सभी मुख्य देवस्थानों को जल्द ही देवलोक के रूप में विकसित करने की कार्य योजना बनाए।उज्जैन में न्यायपालिका द्वारा भी न्याययिक संस्था शुरू की जाएगी उसकी कार्ययोजना भी पाइपलाइन में रखे। मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज निर्माण की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि श्रध्दालुओ को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए जिले को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने के लिए योगा,वेलनेस, नेचुरोपैथी ,एलोपैथी और आयुर्वेद के केंद्रों के साथ मेडिकल डिवाइस उद्योग ,फार्मा कंपनियों और मेडिकल रिसर्च संस्थाओं को साथ लेकर एकीकृत कार्ययोजना तैयार करे। नगर निगम और अन्य संस्थाएं भी अपने मद से किए जाने वाले शहर के कार्य निरंतर करे। मालवा क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा । बैठक में संभागायुक्त संजय गुप्ता , सिंहस्थ मेंला अधिकारी आशिष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने जानकारी दी की सिंहस्थ कार्य योजना में अबतक 153 कार्य स्वीक्रत व प्रगतिरत है जिनकी लागत राशी 23,332 करोड रुपए है जिसमें सिंहस्थ मद से 3,728 करोड के 78 कार्य और विभागीय मद से 19,604 करोड के राशी के कार्य है। आज दिनांक तक 27 कार्य प्रारंभ हो चुके है, 94 कार्य निविदा प्रक्रियाधीन है और 32 कार्य प्रशासकीय स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। उक्त कार्यो में भवन विकास निगम द्वारा मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज का निर्माण 592.3 करोड की लागत से किया जा रहा है आज दिनांक तक 4.5 प्रतिशत भौतिक कार्य पूर्ण हो चुका है । जल संसाधन विभाग के 778.91 करोड की लागत राशी से घाट निर्माण संबंद्ध कार्य , 920 करोड की लागत राशी का कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना में 31.70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। 614.53 करोड की सेवरखेडी-सिलारखेड़ी परियोजना में 23.60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है । संगठनात्मक कार्यक्रम में पहुंचेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आस्था गार्डन में भारतीय जनता पार्टी नगर संगठन द्वारा आयोजित नव नियुक्त मंडल पदाधिकारियों के स्वागत समारोह में शामिल होंगे।बता दें, हाल ही में पार्टी के 12 मंडलों के अध्यक्षों ने अपनी-अपनी कार्यकारिणी घोषित की थी। सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों का औपचारिक स्वागत इस अवसर पर किया जाएगा। तिरंगा यात्रा में दिखाई देशभक्ति की झलक सीएम डॉ. मोहन यादव शहीद पार्क से फव्वारा चौक तक निकलने वाली गई तिरंगा यात्रा में भी भाग लेंगे। इस आयोजन के माध्यम से देशभक्ति और जनजागरूकता का संदेश दिया जोएगा, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी रही। खेलों को मिलेगा नया आयाम रविवार देर रात उज्जैन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री क्षीरसागर स्टेडियम में अखिल भारतीय फिरोजिया ट्रॉफी 2025 टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने राज्य में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में कई घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खेल बजट को दोगुना कर दिया है। अब ओलंपिक पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जो पहले 50 लाख रुपए थी। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि राज्य की हर विधानसभा में सर्वसुविधायुक्त खेल मैदान विकसित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को खेल के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकें। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पेारेशन विभाग द्वारा हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल अंतर्गत प्रगतिरत 1692 करोड राशी का 44.4 कि.मी लंबाई का इंदौर – उज्जैन 6 लेन मार्ग का 13.64 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है , 195 करोड राशी का 44.14 कि.मी लंबाई का महिदपुर-घोसला मार्ग का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है । 5,017 करोड की राशी का 98.41 कि.मी लंबाई का उज्जैन – जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस कंट्रोल हाई वे का निर्माण किया जा रहा है। श्रध्दालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन-मक्सी मार्ग, उज्जैन सिंहस्थ बायपास मार्ग, इंगोरिया -उन्हेल मार्ग और इंदौर उज्जैन वैकल्पिक मार्ग का भी निर्माण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा 58 करोड की राशी का 8.80 कि.मी लंबाई का नागझिरी दताना मार्ग का 65 प्रतिशत कार्य और 13.45 करोड की राशी का सदावल हेलीपेड का 45 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। 225 करोड रााशी का हरिफाटक लालपुल मुरलीपूरा व्हाया शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेडी मार्ग निर्माण , 12.5 कि.मी लंबाई का क्षिप्रा नदी पर अतिरिक्त पुल, 4.5 कि.मी लंबाई का लालपुल से चिंतामन गणेश मार्ग और 78 करोड राशी का 31.75 कि.मी लंबाई का करोहन से नईखेड़ी (पंचक्रोशी मार्ग) , 67 करोड राशी का 22.19 कि.मी लंबाई का उज्जैन बडनगर बायपास ,129.80 … Read more

मुख्यमंत्री ने तालाब गहरीकरण के लिये कनाड़िया में किया श्रमदान

अहिल्या माता ने सुशासन से जन-कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कनाड़िया में जल संरक्षण की दिलाई शपथ मुख्यमंत्री ने तालाब गहरीकरण के लिये कनाड़िया में किया श्रमदान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोक माता अहिल्याबाई ने सुशासन के साथ जन-कल्याण के कार्य कर देश के विकास के लिये एक आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने देश में धर्मशालाएं, नदियों के घाट, अन्न क्षेत्र एवं मंदिर बनवाये हैं। उन्होंने बनारस एवं सोमनाथ में मंदिर भी बनवाए हैं। उनके द्वारा शुरू कराई गई महेश्वरी साड़िया आज भी प्रसिद्ध है। अहिल्या माता के स्मरण में 20 मई को इंदौर में कैबिनेट की बैठक का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के कनाड़िया में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत अहिल्या माता द्वारा वर्षों पूर्व निर्मित बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्य के लोकार्पण अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण के लिये तालाब गहरीकरण में श्रमदान किया और जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश की सुरक्षा के लिये बलिदान देने वाले शहीदों को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सेना ने देश की सुरक्षा के लिये सराहनीय कार्य किया है और दुश्मनों को सबक सिखाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा है। आज हमारे देश की अर्थव्यवस्था विश्व में चौथे नम्बर की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की सीमा पर तैनात जवान और खेतों मे अनाज पैदा करने वाला किसान हमारे लिये दोनों एक समान है। हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिये निरंतर काम कर रही है। सिंचाई की सुविधा बढ़ाने के लिये नदी जोड़ो परियोजना पर काम किया जा रहा है। किसानों को अत्यंत कम दर पर बिजली कनेक्शन देने की व्यवस्था की गई है। किसानों को सोलर पम्प लगाने के लिये अनुदान दिया जा रहा है। सोलर पम्प लगाकर किसान अपने लिये बिजली का उत्पादन करने के साथ ही अतिरिक्त बिजली सरकार को बेचने में सक्षम होंगे। इससे उन्हें बिजली का बिल भी नहीं देना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी ध्यान दे रही है। इसी का परिणाम है कि इंदौर जिले में दो लाख 3 हजार 395 बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिल रहा है और 4 लाख 48 हजार 398 बहनों को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार लाड़ली बहनों के लिये राशि की कमी नहीं होने देगी। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिये हम सभी को जल की एक-एक बूंद बचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नदियों को जोड़ने का सपना देखा था उस सपने को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार साकार करने जा रही है। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा कनाड़िया के लिये 165 करोड़ रुपये की योजना लाई जा रही है।  

भारतीय सशस्त्र बलों को आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने की खुली छूट देकर पाकिस्तान के लिए हालात और खराब कर दिए: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय सशस्त्र बलों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करने की खुली छूट देकर पाकिस्तान के लिए हालात और खराब कर दिए. यह कहना है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का.   इंदौर में एक रोजगार मेले को संबोधित करते हुए CM यादव ने कहा, मोदी सरकार ने देश के दुश्मनों के नापाक इरादों से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली थी. उन्होंने कहा, “जब पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बनी थी, तो कई लोगों ने पूछा था कि राफेल सौदे पर इतनी बड़ी रकम क्यों खर्च की जा रही है. हमने देखा कि जब भारत का दुश्मन सीमा पर खड़ा था, तब राफेल विमान और आधुनिक सैन्य तकनीक से लैस हमारे सशस्त्र बलों ने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया और पुराने बकाए का भुगतान किया.” मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने सशस्त्र बलों को आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने की खुली छूट देकर पाकिस्तान के लिए हालात और खराब कर दिए हैं. उन्होंने कहा, “यह बदलते दौर का भारत है. दुनिया भारत को आश्चर्य से देख रही है. एक समय था जब दुश्मन हमारे सैनिकों का सिर काट लेते थे और तत्कालीन सरकार कुछ नहीं कर पाती थी. वर्तमान सरकार के शासन में दुश्मन ऐसी हिमाकत की कल्पना भी नहीं कर सकता.” यादव ने कहा कि मोदी सरकार ने त्वरित निर्णय लेकर देश को सुरक्षित रखा है. मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सैन्य क्षमता को दिखाया, जिसके बाद दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है. उन्होंने पहले ही कहा है कि ‘हम किसी को नहीं भड़काते, लेकिन अगर कोई हमें उकसाता है, तो हम उसे छोड़ते भी नहीं हैं.’ संकट की इस घड़ी में देश के एकजुट होने पर जोर देते हुए यादव ने कहा कि मप्र सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. उन्होंने आगे कहा कि सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए रोजगार मुहैया करा रही है. उन्होंने कहा, “हमने कहा है कि हम एक लाख नई सरकारी नौकरियां देंगे, लेकिन प्रदेश की आबादी नौ करोड़ है और कुल सरकारी पदों की संख्या 10 लाख से भी कम है. ऐसे में हम रोजगार आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दे रहे हैं.” यादव ने इंदौर में रेजीडेंसी कोठी परिसर में न्यायाधीशों के लिए विश्राम गृह निर्माण की आधारशिला रखी.  इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी, एससी शर्मा और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने शहर के सिरपुर क्षेत्र में देवी अहिल्या सरोवर उद्यान में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की स्थापना के लिए भूमिपूजन किया. अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न धातुओं से बनी यह प्रतिमा 39.6 फीट ऊंची होगी और इसका वजन करीब 14 टन होगा. उन्होंने दावा किया कि यह स्वामी विवेकानंद की अपनी तरह की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. यादव ने कनाड़िया क्षेत्र में पुनर्निर्मित बावड़ी के उद्घाटन में भी भाग लिया, जिसे मूल रूप से इंदौर के पूर्ववर्ती होलकर राजवंश की शासक अहिल्याबाई होल्कर ने बनवाया था. अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत इंदौर विकास प्राधिकरण ने एक करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया है.  

CM डॉ. मोहन यादव आज बालाघाट दौरे पर रहेंगे, 64 पुलिस जवानों को मिलेगा आउट ऑफ टर्म प्रमोशन, 7500 से अधिक खदानों की हुई जियो टैगिंग

बालाघाट मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बालाघाट जिले के दौरे पर रहेंगे। सीएम सुबह 11:55 बजे इंदौर एयरपोर्ट से गोंदिया के लिए प्रस्थान करेंगे। करीब 12:50 पर गोंदिया एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से लांजी तहसील के लिए करेंगे प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1:10 बजे लांजी पहुंचकर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत लांजी की बावड़ी में किये गए कार्य का अवलोकन करेंगे। रानी अवंति बाई स्टेडियम में आयोजित हो रहें मुख्य कार्यक्रम में सीएम शामिल होंगे। 64 पुलिस जवानों को टर्न प्रमोशन     मुख्यमंत्री रानी अवंति बाई स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे प्रदेश के 64 पुलिस जवानों को “आउट ऑफ टर्न प्रमोशन” देकर सम्मानित करेंगे। यह विशेष पदोन्नति उन पुलिसकर्मियों को दी जा रही है, जिन्होंने सेवा में उत्कृष्ट योगदान दिया है। कक्षा 10वीं और 12वीं के टॉपर्स होंगे सम्मानित मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में कक्षा 10वीं और 12वीं में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित करेंगे। इससे युवाओं में प्रोत्साहन की भावना जगेगी और शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी। सीएम मोहन यादव का आज का क्रायक्रम सुबह 10:05 बजे से 10:10 बजे तक वे उज्जैन के पुलिस कंट्रोल रूम के पास स्थित आस्था गार्डन में स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। सुबह 10:55 बजे से 11:00 बजे तक मुख्यमंत्री अशोक बुद्ध विहार, जीरो प्वाइंट ब्रिज, उज्जैन पहुंचेंगे और आयोजन में हिस्सा लेंगे। दोपहर 1:10 बजे वे लांजी स्थित बावड़ी पहुंचेंगे, जहां वे जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत कराए गए कार्यों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे रानी अवंति बाई स्टेडियम, लांजी में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लेंगे। इस दौरान वे 64 पुलिस जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान करेंगे और कक्षा 10वीं व 12वीं में प्रदेश में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे। दोपहर 3:20 बजे से 4:00 बजे तक वे गोंदिया एयरपोर्ट से विमान द्वारा भोपाल के स्टेट हेंगर के लिए उड़ान भरेंगे। अवैध उत्खनन रोकने को लेकर सरकार सख्त मध्य प्रदेश में अवैध उत्खनन को रोकने के लिए सरकार सख्त नजर आ रही है। अब आसमान से भी इस पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए जल्द ही ऑनलाइन निगरानी तंत्र लॉन्च होगा। खनिज विभाग  रेत समेत अन्य खनिजों के निगरानी के लिए तंत्र को विकसित कर रहा है। 7500 से अधिक खदानों की जियो टैगिंग की जा चुकी है। अब स्वीकृत मात्रा से अधिक खनन होते ही इसकी जानकारी मिल जाएगी।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अखिल भारतीय फिरोजिया ट्राॅफी 2025 टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का हुआ समापन

खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन देने सरकार ने किया दोगुना खेल बजट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में तैयार किए जा रहे है खेल के सर्व सुविधायुक्त मैदान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अखिल भारतीय फिरोजिया ट्राॅफी 2025 टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का हुआ समापन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अखिल भारतीय फिरोजिया ट्राॅफी 2025 टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन क्षीरसागर स्टेडियम पर हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने खेल बजट दोगुना कर दिया है। राज्य सरकार  ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 50 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी।  प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में खेल के सर्व सुविधायुक्त मैदान सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे है। खेलो को शिक्षा नीति का अभिन्न अंग बनाकर खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों को भी महत्वपूर्ण पद दिए जायेंगे। यह सब प्रयास से प्रदेश को देश में खेल का नंबर 1 राज्य बनाएंगे। प्राचीन काल से खेल पुरुषार्थ की सबसे अनूठी मिसाल है। खेल के मैदानों में अब आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे रात में भी खेलो का आयोजन किया जा रहा है। उज्जैन में भी विश्व स्तरीय खेल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उज्जैन में जल्द ही एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण कर विश्वस्तरीय सुविधा हॉकी के लिए भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अखिल भारतीय फिरोजिया ट्रॉफी में इंदौर और ओडिशा की टीमें फाइनल खेल रही है। दोनों टीम खेल भावना से खेल खेले और जीत का संपूर्ण प्रयास करें। जल्द ही हमारे प्रदेश एवं जिले से निकले खिलाड़ी भविष्य में रणजी खेल कर देश की टीम में चयनित हो और विश्व कप जीत कर जिले का नाम रौशन करें, यही मंगलकामनाएं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में विश्व के विभिन्न देशों के उद्योगपतियों द्वारा निवेश कर औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही है। प्रदेश और जिला नित नई विकास की ऊंचाईयां छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पहलगाम हमले का बदला भारतीय सेना द्वारा संपूर्ण रूप से लेकर भारत को गौरवान्वित किया है । मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम के अंत में ट्रॉफी का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग है। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, जनप्रतिनिधि संजय अग्रवाल,रवि सोलंकी एवं अन्य जनप्रतिनिधि और खिलाड़ी उपस्थित रहे। धार्मिक नगरी उज्जैन में रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता “अखिल भारतीय फिरोजिया ट्राफी 2025’’का आयोजन 05 मई से 11 मई 2025 तक नगर के मध्य स्थित क्षीर सागर खेल मैदान पर किया गया। सांसद अनिल फिरोजिया द्वारा पिता स्व. भूरेलाल जी फिरोजिया की स्मृति मे विगत 20 से आयोजन किया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें, अधिकारी मैदान में दिखें, जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय परिस्थितियों और वर्तमान परिदृश्य के दृष्टिगत शुक्रवार शाम एक उच्च स्तरीय बैठक कर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा प्रबंधों पर गहन चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए। शुक्रवार प्रात: भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में चर्चा कर निर्देश दिए थे। प्रदेश के मैदानी अधिकारियों के साथ शाम को हुई बैठक में विभिन्न प्राथमिकताओं पर चर्चा की। बैठक में भारत सरकार से प्राप्त विस्तृत दिशा-निर्देशों की जानकारी से जिलों को अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें। अधिकारी मैदान में दिखें। जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए और आवश्यक जनसहयोग प्राप्त किया जाए। आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने में भी वॉलिंटियर्स का आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में रिटायर्ड फौजियों सहित सामाजिक कार्यों से जुड़े वॉलिंटियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अपराधियों के साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाए। घटना घटित होने के पूर्व आवश्यक सावधानी बरती जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि नागरिकों के लिए आवश्यक सेवाएं भी समानांतर रूप से प्रदान करने का कार्य होता रहे। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के अलावा जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष कार्य करेंगे। सभी नियंत्रण कक्ष वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित होंगे। फायर ब्रिगेड सेवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली की सप्लाई, पेयजल व्यवस्था नियमित रूप से बनी रहे, यह सुनिश्चित किया जाएगा।  सभी जिलों में की जाएगी मॉक ड्रिल, भ्रामक कंटेंट पर होगी सख्त कार्रवाई बैठक में निर्देशित किया गया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक कंटेंट भेजने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। वरिष्ठ अधिकारी अवकाश पर नहीं जाएंगे। सभी जिलों में इमरजेंसी सेवाएं सुनिश्चित करते हुए सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के संबंध में भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन का कार्य होगा। बैठक में जानकारी दी गई कि आवश्यक सायरन की व्यवस्था भी जिलों में रहेगी। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नागरिकों को सुरक्षा के लिए सजग किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार वॉलिंटियर्स एवं नागरिकों को प्रशिक्षित करने का कार्य भी किया जाएगा। जिलों में मॉक ड्रिल भी समय-समय पर होगी और रात्रि गश्त पुलिस की ओर से निरंतर होगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, होमगार्ड महानिदेशक अरविंद कुमार, एडीजी इंटेलीजेंस ए. साई मनोहर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

भारत-पाक तनाव के बीच प्रदेश में पुलिस समेत 13 सरकारी विभागों की छुट्टियां निरस्त, मंत्रालय से आदेश जारी

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़े तनाव को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है. मंत्रालय से जारी एक आदेश में पुलिस सहित 13 सरकारी विभागों के कर्मचारियों की सभी छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं. साथ ही, छुट्टी पर गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत अपने मुख्यालय लौटने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों पर चर्चा हुई. आदेश में कहा गया है कि सभी शासकीय सेवक अपने मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे. विशेष परिस्थितियों, जैसे स्वयं या परिवार में विवाह, प्रसव, संतान पालन, गंभीर बीमारी, दुर्घटना, या अप्रत्याशित घटना के मामलों में ही जिला स्तर पर कलेक्टर और राज्य स्तर पर विभाग के भारसाधक सचिव द्वारा अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा. अन्य विभागों के कर्मचारियों के अवकाश आवेदनों पर भी केवल अति आवश्यक स्थिति में ही सक्षम स्तर से स्वीकृति दी जाएगी. यह कदम भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों के तहत उठाया गया है. सरकार ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और जरूरी सेवाओं को निर्बाध रूप से चलाने के निर्देश दिए हैं. इस 13 विभागों की छुट्टियां निरस्त:-   लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग   गृह विभाग   ऊर्जा विभाग   नगरीय विकास एवं आवास विभाग   पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग   लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग   खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग   लोक निर्माण विभाग   राजस्व विभाग   सामान्य प्रशासन विभाग   जल संसाधन विभाग   नर्मदा घाटी विकास विभाग   परिवहन विभाग इन परिस्थितियों में मिलेगी छुट्टी     आवश्यक चिकित्सा उपचार या बीमरी     दुर्घटना या आपातकालीन स्वास्थ्य कारण     परिवार में विवाह या अत्यावश्यक घरेलू कारण नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति के लिए सभी विभाग सजगता के साथ तैयार रहें। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जरूरी नागरिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी विभाग अपनी-अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल प्रभाव से लागू करें। राष्ट्र विरोधी किसी भी प्रचार पर सख्ती से अंकुश लगाएं। नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की लिए प्रेरित और सूचित करें। इंटरनेट मीडिया पर पुलिस नजर रखे। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग ने कलेक्टरों को आदेश दिए कि सभी अधिकारी मुख्यालय पर रहें। केवल स्वयं या स्वयं के परिवार में विवाह, प्रसूति एवं संतान पालन, गंभीर बीमारी, दुर्घटना, स्वयं के परिवार में घटित अप्रत्याशित घटना आदि के संबंध में कलेक्टर एवं राज्य स्तर पर विभाग के सचिव द्वारा ही अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर ध्यान दें मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की चहुंओर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश न हो। आसपास पुलिस बल तैनात किया जाए। स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यकताओं को मजबूत कर लें। आपात स्थिति से निपटने के लिए सूक्ष्म स्तर पर तैयारी रखें और अधिकारी हाई अलर्ट पर रहें। आवश्यकता पर सेवानिवृत्त सैनिकों और स्वयंसेवियों की सेवाएं भी लें। उन्हें पहले से चिह्नित करके रखें। समय-समय पर माकड्रिल आयोजित की जाए जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए। अपराधियों के साथ किसी तरह नरमी नहीं बरती जाए। जिलों में माकड्रिल भी समय-समय पर आयोजित की जाए। केंद्र सरकार के निर्देशों का पूरी तरह से पालन होना चाहिए। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए जा रहे हैं। फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली-पानी की आपूर्ति नियमित रूप से बनी रहे, इसका प्रबंध किया जाएगा। पुलिस लगातार रात्रि गश्त करेगी। आपात स्थिति में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल व दवाओं का रखें भंडार उधर, गृह विभाग ने देर रात सभी कलेक्टरों को दिशानिर्देश जारी किए। इसमें कहा गया कि अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाइयां व उपकरण उपलब्ध रहें। डॉक्टर मय स्टाफ उपस्थित रहें। ब्लड बैंक में सभी ग्रुपों के रक्त की पर्याप्त उपलब्धता रहे। सायरन व्यवस्था सहित माकड्रिल में रही कमियों को दूर किया जाए। आपात स्थिति में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल, घरेलू गैस इत्यादि उपलब्ध रहें। लोग खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण नहीं करें। यह करना होगा     जिन अस्पतालों व स्कूलों में रहने की अस्थायी सुविधा हो सकती है, वहां जनरेटरों की व्यवस्था करें।     पीएचई विभाग की जिम्मेदारी होगी कि आपात स्थिति में पेयजल की पूर्ण व्यवस्था रहे।     जिलों के अतिसंवेदनशील स्थल जैसे अस्पताल, पावर प्लांट, तेल एवं गैस के डिपो, धार्मिक स्थल, भारत सरकार के संस्थान की जानकारी अद्यतन कर रखी जाए। उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए।     ग्राम पंचायत स्तर पर नागरिक सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी जाए।     अग्निशमन, संचार सेवा, सार्वजनिक उद्घोषणा व्यवस्था दुरुस्त रखें। असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई करें : डीजीपी पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी जोनल आइजी, डीआइजी और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग पर चर्चा कर तैयारियां रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा-सायरन व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। असामाजिक तत्वों और माहौल खराब करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जिले के प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। दीपावली के खिलौनों की तरह दुश्मनों के मिसाइल नष्ट कर रहा एयर डिफेंस सिस्टम उधर, भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के दुश्मन पाकिस्तान और सभी आतंकवादी द्वारा छोड़े गए घातक मिसाइल, राकेट को हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने दीपावली के खिलौनों की तरह हवा में ही नष्ट कर दिए। अभी हमारे जवान अपनी मर्यादा में हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद को जमीन में गाड़ने की जो बात कही थी, उसी क्रम में आतंकी अजहर मसूद के खानदान को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। हमारी सेना आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है और पाकिस्तान की नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देकर अद्भुत शौर्य और पराक्रम का परिचय दे रही है। दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए पूरा देश एकजुट है।  

ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र के बीच होगा एमओयू

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की मौजूदगी में आज 10 मई को भोपाल में ‘ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज’ प्रोजेक्ट का एमओयू होगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के बाद अब मध्यप्रदेश में तीसरी महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय नदी परियोजना ‘ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना’ पर कार्य होगा. इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना के सभी अवरोध अब दूर हो गए हैं. CM यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड रिचार्ज प्रोजेक्ट है. इसके जरिए महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे. उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा. इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा. इस परियोजना में प्रस्तावित बांध और नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हैक्टेयर भूमि उपयोग में लायी जाएगी. परियोजना में कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी जरूरत नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा, इसी क्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है. इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे. साथ ही नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे.  

10 मई को भोपाल में “ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज” परियोजना का एमओयू होगा

ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फड़नवीस की मौजूदगी में 10 मई को होगा एमओयू साइन विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज परियोजना है ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज 10 मई को भोपाल में “ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज” परियोजना का एमओयू होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस की मौजूदगी में 10 मई को भोपाल में “ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज” परियोजना का एमओयू होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के बाद अब मध्यप्रदेश में तीसरी महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय नदी परियोजना “ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना” पर कार्य होगा। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना के सभी अवरोध अब दूर हो गये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रिचार्ज परियोजना है। इसके जरिए महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हैक्टेयर भूमि उपयोग में लायी जाएगी। परियोजना में कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।  

मुख्यमंत्री मकरोनिया में 1119 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए वर्चुअली शामिल

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाज में आ रहा सकारात्मक बदलाव प्रशंसनीय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री मकरोनिया में 1119 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए वर्चुअली शामिल नवविवाहित जोड़ों को सफल वैवाहिक जीवन का दिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में समरसता, एकता और मितव्ययिता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि एक ही मंडप में कई जोड़ों का विवाह होना सामाजिक चेतना और बदलती सोच का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से सागर जिले की नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रजाखेड़ी बजरिया (मकरोनिया) में सम्पन्न सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का एक ही मंडप में विवाह कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब सामूहिक विवाह समाज द्वारा प्रसन्नतापूर्वक सहजता से अपनाए जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि हमारे समाज की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। यह बेहद प्रशंसनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के वैवाहिक आयोजनों से वर-वधू दोनों ही पक्षों का आर्थिक बोझ कम हो जाता है और इससे सामाजिक एकता को भी बल मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीय अपील की कि हम सब इसी प्रगतिशील सोच को अपनाएं और समाज में सद्भाव, सहयोग एवं सादगी को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से अब तक लाखों जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। यह योजना जरुरतमंद परिवारों के लिए एक वरदान की तरह है। उन्होंने वर-वधू से कहा कि वे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ें। हमारी सरकार सबके रोजगार और सबके हितों की चिंता कर रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए श्री हितानंद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। खजुराहो सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए कहा कि समाज के जरुरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह का जिम्मा अब सरकार ने ले लिया है। बेटियों के हित में पूरी सरकार साथ हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने देश में एक मिसाल पेश की है। यहां धन के अभाव के कारण किसी गरीब परिवार को अपनी बेटी के विवाह के लिए क़र्ज़ नहीं लेना पड़ता। यहां सरकार कन्यादान योजना में अपने खर्च पर बेटियों का विवाह कराती है। कार्यक्रम स्थल से उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इससे समाज में व्यापक स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने सभी जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए बताया कि आज ही सभी जोड़ों के खाते में योजना में कुल 6 करोड़ 37 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित की जा रही है। सम्मेलन के आयोजक नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सबके सहयोग से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में इस सामूहिक सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया है। कार्यक्रम स्थल में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायक सागर श्री शैलेंद्र जैन, विधायक बीना श्रीमती निर्मला सप्रे, विधायक बंडा श्री वीरेंद्र लंबरदार, अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, वर-वधू और बड़ी संख्या में उनके परिजन भी उपस्थित थे। जनप्रतिनिधिगण, वर-वधू और बड़ी संख्या में उनके परिजन भी उपस्थित थे।  

मप्र सड़क विकास निगम की 46वीं संचालक मंडल बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

सड़क निर्माण में गुणवत्ता और दीर्घकालिक जरूरतों पर दें विशेष ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में सड़कों का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए मप्र सड़क विकास निगम की 46वीं संचालक मंडल बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में सड़कों का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए और उसमें दीर्घकालिक जरूरतों को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाएं। उन्होंने कहा कि सड़कें प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ हैं। उनका निर्माण टिकाऊ, सुरक्षित और आधुनिक मानकों के अनुरूप हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता सुनिश्चित की जाएं। साथ ही सड़क परियोजनाओं के निर्माण में तय समय-सीमा का पालन किया जाए, ताकि जनता को जल्द से जल्द बेहतर आवागमन सुविधाएं मिल सकें। बैठक में प्रदेश में चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई एवं आगामी कार्य योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क निर्माण में नवीन तकनीकों को अपनाया जाए और पर्यावरणीय मानकों का पालन कर पारिस्थितिकीय संतुलन का भी ध्यान रखा जाए। बैठक में लोक निर्माण मंत्री एवं मप्र सड़क विकास निगम के उपाध्यक्ष राकेश सिंह, मुख्य सचिव एवं मप्र सड़क विकास निगम के उपाध्यक्ष अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ल, प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव खनिज साधन उमाकांत उमराव, प्रबंध संचालक मप्र सड़क विकास निगम भरत यादव, निगम में स्वतंत्र संचालक एवं संचालक मंडल के विशेष सदस्य वेंकटेश बालासुब्रमण्यम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में निगम के प्रबंध संचालक यादव ने बताया कि निगम द्वारा गत वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 1586 करोड रुपए की लागत से 1127 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कराया गया। इसी दौरान सड़क विकास के पूंजीगत कार्यों पर 2761.47 करोड रुपए एवं संधारण व मरम्मत कार्यों पर 280.79 करोड रुपए इस प्रकार कुल 3042.29 करोड रुपए व्यय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जारी वित्त वर्ष के लिए 1425 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य लिया गया है। इस पर 3134 करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा चिन्हित मार्गो के पुनर्निर्माण, संधारण, डामरीकृत नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण, रेगुलर कॉन्ट्रैक्ट एवं उपभोक्ता शुल्क संग्रहण के लिए निविदा आमंत्रित की गयीं। निविदा समिति के अनुमोदन उपरांत 35 प्रकार के सड़क निर्माण कार्यों के लिए 3443.72 करोड रुपए की निविदाएं स्वीकृत कर न्यूनतम दर वाले निविदाकारों को निविदा स्वीकृति पत्र जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 46 में नवीन प्रस्तावित एकरेखण (एलाईनमेंट) के लिए कार्यवाही की जा रही है। इससे भोपाल-जबलपुर मार्ग की दूरी कम हो जाएगी।  

संकटकाल से निपटने के लिए किए गए अभ्यास की हुई सराहना

नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है, प्रदेश में सफलतापूर्वक हुआ मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट का पूर्वाभ्यास : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ ने प्रदेश के 5 नगरों में मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट की जानकारी कलेक्टर्स से की प्राप्त संकटकाल से निपटने के लिए किए गए अभ्यास की हुई सराहना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर और कटनी में केंद्र सरकार के निर्देशों के पालन में निर्धारित समय पर किए गए ब्लैक आउट और मॉक ड्रिल गतिविधियों की जानकारी संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों के कलेक्टर्स के नेतृत्व में किए गए कार्य की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक प्रबंधन की तैयारी के लिए यह मॉक ड्रिल की गई। नागरिक सुरक्षा की प्राथमिकता और संकटकालीन परिस्थिति की चुनौती को देखते हुए इस तरह की मॉक ड्रिल के माध्यम से न सिर्फ आपदा प्रबंधन के अमले बल्कि नागरिकों को भी सजग और सतर्क करने के प्रयास आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार शाम पुलिस मुख्यालय पहुंच कर सिविल डिफेंस कंट्रोल रूम से प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आपातकालीन स्थिति के लिए की गई मॉक ड्रिल की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। जानकारी दी गई कि सभी जिलों में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यवाही संपन्न हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आज संपन्न मॉक ड्रिल और उसकी पूर्व की तैयारियों का विस्तृत विवरण दिया गया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे एन कंसोटिया, एडीजीपी ए. साई मनोहर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पुलिस मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलेवार जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर्स ने बताया कि नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरी उपाय अपनाने के लिए जिलों के शिक्षित और सजग किया गया है। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि निर्धारित समय पर समूचे शहर में प्रकाश व्यवस्था बंद करने की कार्रवाई की गई। ड्रोन द्वारा शूटिंग भी करवाई गई है। कलेक्टर जबलपुर ने बताया कि एक पुरानी बिल्डिंग से लोगों को बचाने की रेस्क्यू की कार्रवाई की गई। ब्लैक आउट की कार्यवाही भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इंदौर कलेक्टर ने जानकारी दी कि मेडिकल कॉलेज के नजदीक एक भवन में अग्निकांड से बचाव की मॉकड्रिल की गई। आकस्मिक चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया। ब्लैक आउट की कार्रवाई भी की गई। ग्वालियर कलेक्टर ने भी ब्लैक आउट और अन्य बचाव गतिविधियों के अभ्यास की जानकारी दी। कटनी कलेक्टर ने बताया कि निर्धारित 12 मिनट अवधि के लिए ब्लैक आउट किया गया। इसके अलावा रेस्क्यू कार्य का अभ्यास भी किया गया।  

प्रधानमंत्री के साथ मध्यप्रदेश चट्टान की तरह खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी को पहलगाम आंतकी हमले के मुंहतोड़ जवाब पर बधाई: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय सेना का शौर्य गर्व का आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के साथ मध्यप्रदेश चट्टान की तरह खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने “ऑपरेशन सिंदूर” को बताया अद्वितीय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो कहते हैं वह होता है। हमारी सेना भी जगत जननी मां जगदंबा नवदुर्गा के समान शक्ति संपन्न है, जो दुश्मनों का समूल नाश करने में सक्षम है। पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय सेना ने मुंह तोड़ जवाब दिया है। इससेपूरा देश गौरवान्वित है। ऑपरेशन सिंदूर नाम से ही स्पष्ट है, सिंदूर पर हाथ लगाने और गलत निगाह दौड़ने वाले को भारतीय सेना ने जवाब दिया है। वह दृश्य अपने सामने दिखाई दे रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि हर वह स्थान और हर वह व्यक्ति जो भारत की तरफ गलत निगाह से देखेगा उसे मिट्टी में मिला देंगे। यह परिणाम सबने देखा है। प्रधानमंत्री मोदी को आतंकी खातमे के इस जबर्दस्त प्रहार की कोटिशः बधाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री, गृहमंत्री, सरकार और पूरे भारतवासी जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में एकजुटता दिखाई, वह सबके लिए गौरव का विषय है। हम सब प्रधानमंत्री मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के हर कदम के साथ है। हमारे देश के दुश्मनों को सबक सिखाते हुए भारतीय वीरता का जो परचम फहराया गया है, यह हम सब भारतवासियों के लिए गर्व का आधार है। इस ऑपरेशन में किसी को भी व्यक्तिगत हानि ना होते हुए आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से मीडिया के लिए जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए मोटी आई नवाचार की हुई सराहना

प्रदेश के सभी शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल उपलब्ध कराएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बच्चों के पोषण और सही शारीरिक विकास के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग परस्पर समन्वय से करें कार्य:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए मोटी आई नवाचार की हुई सराहना मुख्यमंत्री ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी शहरों में हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराई जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित “सखी-निवास” सुविधा का विस्तार उन औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाए, जहां महिला कर्मचारी अधिक संख्या में हैं। बालिकाओं और महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा उनके कौशल उन्नयन के लिए विभागीय समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और पोषण की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग निश्चित कार्य योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन करें। आंगनवाड़ी भवनों की उपलब्धता और रख रखाव के लिए नगरीय निकायों और पंचायतराज संस्थाओं से भी आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियों की मंत्रालय में समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए “मोटी आई” अभियान पर लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। नवाचार को अनुकरणीय बताया गया। समीक्षा में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, विभागीय प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफिया फारूखी बली सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंगनवाड़ियों में पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक माह में कार्य योजना प्रस्तुत की जाए। प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए चना और अन्य प्रोटीन स्रोत अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। दुग्ध संघों से आंगनवाड़ी के बच्चों को दूध भी आवश्यक रूप से उपलब्ध कराया जाए। गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को भी सम्पूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक इकाइयों के साथ मंदिरों में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग भी आंगनवाड़ियों की बेहतरी के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरक्षित प्रसव के लिए प्रसव की संभावित तिथि से पहले सुदूरवर्ती ग्रामों तथा अन्य स्थानों से अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं के रहने तथा उनकी देखरेख के लिए आवश्यक व्यवस्था विकसित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय-सीमा निर्धारित कर यह सुनिश्चित किया जाए की सभी जिलों में आंगनवाड़ियां शासकीय भवनों में संचालित हों। इसके लिए स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास और जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विभागों के उपलब्ध भवनों का भी उपयोग किया जाए। जिला स्तर पर पंचायत राज संस्थाओं, नगरीय निकायों के सहयोग तथा सांसद-विधायक निधि, डीएमएफ एवं अन्य संसाधनों से प्राथमिकता के आधार पर आंगनवाड़ियों के लिए भवनों का निर्माण कराया जाए। भवनों में जहाँ पर्याप्त स्थान और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हों, वहीं आंगनवाड़ियों का संचालन हो। मिशन शक्ति में हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए प्रदेश में संचालित 57 वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 726 महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई गई। महिला हेल्प लाइन-181 से इस वर्ष 82 हजार 552 महिलाओं को सहायता दी गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में 58 लाख 70 हजार हितग्राहियों को एक हजार 878 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। सशक्त वाहिनी नवाचार में 11 हजार 321 युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया और 156 युवतियां विभिन्न शासकीय विभागों में चयनित हुईं। बैठक में मिशन वात्सल्य, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों के उन्नयन, पोषण भी पढ़ाई भी, लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना की समीक्षा भी हुई।  

पैरा-ओलम्पिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को 50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दिये जाने का अनुमोदन

नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मण्डला एवं डिण्डोरी के लिए विशेष सहयोगी दस्ते के 850 पद स्वीकृत पचमढ़ी नगर की नजूल भूमि को अभयारण्य की सीमा से पृथक किये जाने का निर्णय पैरा-ओलम्पिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को 50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दिये जाने का अनुमोदन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में पचमढ़ी नगर की नजूल भूमि को अभयारण्य की सीमा से पृथक किये जाने का निर्णय लिया गया। पचमढ़ी नगर का नजूल क्षेत्र जिसका रकबा 395.931 हेक्टेयर है, जो साडा के प्रशासनिक नियंत्रण में है, को पचमढी अभयारण्य की सीमा से बाहर करने का निर्णय लिया गया है। इसके पूर्व अधिसूचना 22 दिसम्बर 2017 द्वारा पचमढ़ी अभयारण्य की परिधि पर स्थित 11 ग्रामों को अभयारण्य से बाहर किया और कुछ ग्रामों को इन्क्लोजर में रखा गया है। मंत्रि-परिषद द्वारा पैरा-ओलम्पिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को 50-50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दिये जाने का अनुमोदन दिया गया। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन के लिए पैरा-ओलम्पिक-2024 में कांस्य पदक विजेता खिलाडियों को 50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिससे कुल सम्मान राशि 1 करोड़ रूपये हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा पैरा-ओलम्पिक खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस और श्री कपिल परमार को पैरा-ओलम्पिक खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 करोड़ रूपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की थी। पेरिस, फ्रांस में आयोजित पैरा ओलम्पिक खेल, 28 अगस्त से 8 सितंबर 2024 में म.प्र. की खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस ने शूटिंग खेल में कांस्य पदक एवं श्री कपिल परमार ने ब्लाइंड जुडो खेल में कांस्य पदक अर्जित किया था। नक्सल प्रभावित तीन जिलों के लिए विशेष सहयोगी दस्ते के लिये के 850 पद स्वीकृत मंत्रि-परिषद ने नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मण्डला एवं डिण्डोरी के लिए विशेष सह‌योगी दस्ते के लिये एक वर्ष के लिए 850 पदों की स्वीकृति प्रदान की है। पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए “राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल” का गठन मंत्रि-परिषद द्वारा पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए “राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल” का गठन करने के निर्णय को स्वीकृति दी गई। राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को पेंशन प्रकरणों के निराकरण से संबंधित समस्त प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया जायेगा। संभागीय और जिला स्तर के कार्यालयों तथा सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों की सुविधा के लिए अस्थायी रूप से 2 वर्ष के लिए वर्तमान संभागीय और जिला पेंशन कार्यालयों को पेंशन समाधान केन्द्र के रूप में सीमित संरचना के साथ रखा जायेगा। पदों का युक्तियुक्तकरण किया जायेगा। इससे राज्य शासन पर अनावर्ती व्यय भार 5 करोड़ रूपये होगा। नव गठित जिलों में आपूर्ति कार्यालय और नाप-तौल कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नव गठित जिले मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय और निवाड़ी, मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में नाप-तौल कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति दी। तीन जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के लिए कुल 16 पद और 4 जिलों में नाप-तौल कार्यालय के लिए कुल 13 पदों की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में जिला आपूर्ति अधिकारी का 1-1 पद, सहायक आपूर्ति अधिकारी के 1-1 पद, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के मऊगंज में 2 और मैहर, पांढुर्णा में 1-1 पद, लेखापाल का 1-1 पद एवं भृत्य का 1-1 पद स्वीकृत किया गया। कार्यालय नाप-तौल के लिए नव गठित जिला निवाड़ी, मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में निरीक्षक का 1-1 पद, सहायक ग्रेड-3 के 1-1 पद, श्रम सहायक के मऊगंज में 2 पद एवं मैहर, पांढुर्णा और निवाडी में 1-1 पदो की स्वीकृति दी गयी।  

मॉक ड्रिल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर प्रदेश के 5 शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी में आयोजित होगी

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 7 मई यानी बुधवार को होने वाली नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने की घोषणा की है. यह मॉक ड्रिल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर प्रदेश के 5 शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी में आयोजित होगी. मंत्रि-परिषद द्वारा पैरा-ओलम्पिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को 50-50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दिये जाने का अनुमोदन दिया गया। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन के लिए पैरा-ओलम्पिक-2024 में कांस्य पदक विजेता खिलाडियों को 50 लाख रूपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिससे कुल सम्मान राशि 1 करोड़ रूपये हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा पैरा-ओलम्पिक खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस और श्री कपिल परमार को पैरा-ओलम्पिक खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 करोड़ रूपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की थी। पेरिस, फ्रांस में आयोजित पैरा ओलम्पिक खेल, 28 अगस्त से 8 सितंबर 2024 में म.प्र. की खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस ने शूटिंग खेल में कांस्य पदक एवं श्री कपिल परमार ने ब्लाइंड जुडो खेल में कांस्य पदक अर्जित किया था। नक्सल प्रभावित तीन जिलों के लिए विशेष सहयोगी दस्ते के लिये के 850 पद स्वीकृत मंत्रि-परिषद ने नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मण्डला एवं डिण्डोरी के लिए विशेष सह‌योगी दस्ते के लिये एक वर्ष के लिए 850 पदों की स्वीकृति प्रदान की है। पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए “राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल” का गठन मंत्रि-परिषद द्वारा पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए “राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल” का गठन करने के निर्णय को स्वीकृति दी गई। राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को पेंशन प्रकरणों के निराकरण से संबंधित समस्त प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया जायेगा। संभागीय और जिला स्तर के कार्यालयों तथा सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों की सुविधा के लिए अस्थायी रूप से 2 वर्ष के लिए वर्तमान संभागीय और जिला पेंशन कार्यालयों को पेंशन समाधान केन्द्र के रूप में सीमित संरचना के साथ रखा जायेगा। पदों का युक्तियुक्तकरण किया जायेगा। इससे राज्य शासन पर अनावर्ती व्यय भार 5 करोड़ रूपये होगा। नव गठित जिलों में आपूर्ति कार्यालय और नाप-तौल कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नव गठित जिले मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय और निवाड़ी, मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में नाप-तौल कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति दी। तीन जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के लिए कुल 16 पद और 4 जिलों में नाप-तौल कार्यालय के लिए कुल 13 पदों की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में जिला आपूर्ति अधिकारी का 1-1 पद, सहायक आपूर्ति अधिकारी के 1-1 पद, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के मऊगंज में 2 और मैहर, पांढुर्णा में 1-1 पद, लेखापाल का 1-1 पद एवं भृत्य का 1-1 पद स्वीकृत किया गया। कार्यालय नाप-तौल के लिए नव गठित जिला निवाड़ी, मऊगंज, मैहर एवं पांढुर्णा में निरीक्षक का 1-1 पद, सहायक ग्रेड-3 के 1-1 पद, श्रम सहायक के मऊगंज में 2 पद एवं मैहर, पांढुर्णा और निवाडी में मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा, “वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नागरिक सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है. बुधवार शाम 4 बजे से इन पांच शहरों में सायरन के माध्यम से खतरे की सूचना, ब्लैकआउट, प्रमुख इमारतों को सुरक्षित रखने और दुर्घटना की स्थिति में घायलों को सुरक्षित निकालने जैसी गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा.” यह मॉक ड्रिल केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर देश के 244 जिलों में आयोजित की जा रही है, जिसमें मध्य प्रदेश के उक्त पांच शहर शामिल हैं. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और सिंधु जल समझौते जैसे मुद्दों ने युद्ध की आशंकाओं को बढ़ाया है, जिसके चलते यह कवायद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मॉक ड्रिल का उद्देश्य सिविल डिफेंस की तैयारियों का मूल्यांकन करना और आपसी समन्वय को बेहतर बनाना है. इसमें जिला अधिकारी, सिविल डिफेंस वार्डन, होम गार्ड, एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, कॉलेज और स्कूल के छात्र शामिल होंगे. गृह मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि हवाई हमले के सायरन, ब्लैकआउट उपाय, जरूरी स्थानों की छिपाने की व्यवस्था (कैमोफ्लाज), और निकासी (एवैक्यूएशन) योजनाओं का अभ्यास किया जाए. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह ड्रिल विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों और तालमेल की जांच के लिए जरूरी है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन का सहयोग करें और घबराएं नहीं.  

राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के साथ श्री धनखड़ का हुआ परस्पर संवाद

किसान के खेत से निकलता है विकसित भारत का रास्ता : उप राष्ट्रपति धनखड़ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के साथ हुआ परस्पर संवाद कार्यक्रम राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री सिंधिया भी कार्यक्रम में हुए शामिल ग्वालियर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि विकसित भारत का रास्ता किसान के खेत से निकलता है। इसलिए कृषि के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं और कृषि विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे किसानों के जीवन में बदलाव एवं खुशहाली लाने में अपना योगदान दें। प्रयास ऐसे हों कि किसान केवल फसल उत्पादक बनकर ही न रहें, अपितु वे एग्री-प्रीनियर (कृषि उद्यमी) बनें। उप राष्ट्रपति धनखड़ रविवार को ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के परस्पर संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कृषि विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे तकनीक और अनुसंधान का इस्तेमाल कर कृषि क्षेत्र में बदलाव के प्रबंधक बनें। संवाद कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उप राष्ट्रपति की धर्मपत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ और विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला मंचासीन थे। इस अवसर पर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारतीय संस्कृति किसानों के कल्याण का संदेश देती है। वर्तमान दौर में किसानों के महत्व को प्रतिपादित करते हुए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने “जय जवान–जय किसान” का नारा दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने “जय जवान–जय किसान के साथ जय विज्ञान” जोड़ा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “जय जवान–जय किसान–जय विज्ञान में जय अनुसंधान” को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि कृषि विद्यार्थी विज्ञान और अनुसंधान के केन्द्र बिंदु होते हैं। इसलिए विद्यार्थी इस कसौटी पर खरे उतरकर किसानों के कल्याण के लिए काम करें। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि किसानों को अपनी उपज तत्काल न बेचनी पड़े, इसके लिये पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा दें और वेयर हाउस एवं कोल्ड स्टोर स्थापित कर किसानों को भण्डारण के लिए प्रेरित करें। धनखड़ ने कहा कि किसान अपनी परेशानी व्यक्त करें, उससे पहले ही हमें अंदाजा लगा लेना चाहिए कि किसान क्या चाहते हैं। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और उनके लिये सकारात्मक नीतियां बनाई हैं। सरकार ने सहकारिता को भी कृषि में अध्याय के रूप में जोड़ा है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खाते में सीधे धनराशि पहुँच रही है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं समाजसेवी दत्तोपंत ठेंगड़ी के सुकृत्यों को याद करते हुए कहा कि सुखद संयोग है कि ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय का नाम राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं सभागार का नाम दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के नाम पर है। इसलिये यह विश्वविद्यालय दो ऐसी महान आत्माओं का संगम है जो राष्ट्रवाद और समाज के कल्याण के लिये समर्पित रहीं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी यह संकल्प लें कि इन विभूतियों के आदर्शों पर चलकर हम सदैव राष्ट्र हित को सर्वोपर्य रखेंगे। मध्यप्रदेश में गौ-संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों को सराहा उप राष्ट्रपति धनखड़ ने मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गौवंश के संरक्षण के उद्देश्य से गौशालाओं को दिए जा रहे प्रोत्साहन की प्रशंसा की। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव से राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की गौशाला के विस्तार में सहयोग के लिये कहा। कृषि विश्वविद्यालय अनुसंधान की परिपाटियों को विश्व स्तरीय बनाएँ : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने कहा कि मानव सभ्यता के उद्भव और विकास में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हमारे देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी के लिये कृषि आज भी आजीविका की जीवन रेखा बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी दूरदृष्टि दृष्टिकोंण के साथ किसानों को समृद्ध व सशक्त बनाकर विकसित भारत बनाने के लिये लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विकास और परिवर्तन के केन्द्र बिंदु विश्वविद्यालयों को अध्ययन व अनुसंधान की मौजूदा परिपाटियों को विश्व स्तरीय बनाना होगा। साथ ही तेजी से बदलती जलवायु को ध्यान में रखकर नई तकनीकों के द्वारा खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना होगा। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालयों से सामूहिक रूप से कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया। कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में हो रहे कार्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था बदलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कृषि और पशुपालन के कार्य प्रदेश की अर्थ व्यवस्था बदलने का कार्य करेंगे। लगभग दो वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश का कृषि क्षेत्र 45 लाख हेक्टेयर था जो आज की स्थिति में 55 लाख हो गया है। प्रदेश में एक करोड़ हेक्टेयर कृषि क्षेत्र निर्मित करने का राज्य सरकार का संकल्प है। कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण योगदान है, इस नाते निरंतर प्रयास भी किए जा रहे हैं। प्रदेश में नर्मदा और अन्य नदियों के जल से सिंचाई का कार्य हो ही रहा है। विश्व की प्रथम नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा मंजूरी के बाद पार्वती काली सिंध चंबल परियोजना को भी स्वीकृति प्राप्त हुई है। वर्षों से यह परियोजनाएं लंबित थीं। आने वाले समय में प्रदेश में बुंदेलखण्ड, चंबल और मालवा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का उल्लेखनीय विकास होगा। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश का नक्शा बदलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनेक राष्ट्रों में कम क्षेत्र में अधिक अनाज उत्पादन का कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में जहां उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों को कृषि संकाय के महत्व से अवगत करवाकर आवश्यक अध्ययन और अनुसंधान की व्यवस्थाएं की जा रही हैं वहीं लाभकारी फसलों के उत्पादन को महत्व दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के सहयोगी पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं। जो भी व्यक्ति गोपालन करता है वह गोपाल है और हमारा घर-घर गोकुल है। राज्य सरकार ने 25 से अधिक गाय पालने पर 25 प्रतिशत की अनुदान राशि प्रदान करने और गोपालकों से दूध खरीदने का संकल्प लिया है। गौशालाओं को भूमि प्रदान करने की पहल … Read more

MP सरकार फिर ले रही ढाई हजार करोड़ का लोन, अब तक कुल 4.21 लाख करोड़ का कर्ज

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार वित्तीय वर्ष की समाप्ति यानी 31 मार्च 2025 की स्थिति में 4.21 लाख करोड़ रुपए से अधिक की कर्ज है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार मई के महीने में भारतीय रिजर्व बैंक से एक बार फिर कर्ज लेने वाली है। 6 मई को 12 साल के लिए ढाई हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। इसका इस्तेमाल विकास परियोजनाओं को गति देने के अलावा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में होगा। MP पर कुल कर्ज बढ़कर 4.21 लाख करोड़ हो गया इससे पहले 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में सरकार ने कुल 57 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जिससे मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज बढ़कर 4.21 लाख करोड़ रुपये हो गया. बता दें कि विकास कार्यों और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का हवाला देकर कर्ज लिया जा रहा है. 3 महीनों में प्रदेश सरकार ले चुकी है 27 हजार करोड़ का कर्ज साल 2025 के पहले 3 महीनों में सरकार 27 हजार करोड़ कर्ज ले चुकी है. अब 5000 करोड़ का कर्ज लेने से इस साल लिए गए उधार का आंकड़ा 32000 करोड़ हो जाएगा. नया कर्ज 12 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा. MP के 7.30 लाख कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा हाल ही में मध्य प्रदेश के 7.30 लाख अधिकारियों कर्मचारियों को मोहन सरकार ने तोहफा दिया है. दरअसल, राज्य की मोहन सरकार ने कर्मचारियों को तोहफा देते हुए 5% महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है. जिसके बाद डीए 50% से बढ़कर 55% पहुंच गया है. सीएम मोहन यादन ने घोषणा करते हुए कहा है कि यह वृद्धि दो किस्तों में लागू की जाएगी-1 जुलाई 2024 से 3% और 1 जनवरी 2025 से 2% अतिरिक्त महंगाई भत्ता स्वीकृत किया गया है. एक साल में कर्ज पर 29 हजार करोड़ ब्याज चुकाएगी सरकार ये भी बता दें कि, सरकार साल 2025-26 में सिर्फ ब्याज चुकाने में ही करीब 29 हजार करोड़ रुपए व्यय करेगी। ये किसी भी एक योजना में व्यय होने वाली राशि से काफी ज्यादा है। कांग्रेस बोली- भाजपा एमपी को बना रही कर्ज प्रदेश वहीं, दूसरी तरफ राज्य सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि, भाजपा सरकार एमपी को कर्ज प्रदेश बनाने में जुटी है। अबतक जो राशि ली गई है, उसका उपयोग जनहित में होता हुआ नजर नहीं आया। यही कारण है कि, बार-बार सरकार से आर्थिक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए श्वेतपत्र जारी करने की मांग की जाती है। FRBM एक्ट के दायरे में लिया गया अब तक का कर्ज सरकार द्वारा अब तक लिया गया समस्त कर्ज राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम के अंतर्गत ही रहा है। नियमों के अनुसार कर्ज की सीमा तय की जाती है और उस पर निगरानी रखी जाती है। वर्ष 2025-26 में सरकार केवल ब्याज भुगतान में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए व्यय करेगी। यह राशि किसी एक बड़ी विकास योजना से भी अधिक है और सरकार के बजट पर भारी दबाव बनाए रखेगी। कर्मचारियों को बढ़ा भत्ता सरकार ने हाल ही में राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। यह निर्णय नौ साल बाद लिया गया है, लेकिन इससे राजकोषीय बोझ और अधिक बढ़ गया है। वित्त विशेषज्ञों के अनुसार, नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में कर्ज की ब्याज दर अपेक्षाकृत कम होती है। इसी कारण अधिकतर राज्य सरकारें शुरुआती तिमाही में ही उधारी की प्रक्रिया पूरी कर लेती हैं।

मुख्यमंत्री ने पानी बचाने के काम में अच्छा कार्य करने वाले जिलों को दी बधाई

जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़ें अधिकाधिक नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदा परिक्रमा पथ के स्थानों पर परिक्रमावासियों के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों मुख्यमंत्री ने पानी बचाने के काम में अच्छा कार्य करने वाले जिलों को दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों की समीक्षा कर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को जरूरी निर्देश भी दिए। उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 से संबंधित गतिविधियों और एयर एंबुलेंस सेवा के संबंध में भी चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा परिक्रमा पथ में आश्रय स्थलों में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिक्रमा पथ के 321 स्थानों की पोर्टल पर भी मैपिंग की गई है। परिक्रमावासियों के विश्राम, भोजन के साथ ही संतों के लिए ध्यान कक्ष और कुटिया की व्यवस्था भी इन स्थानों पर की जा रही है। जनभागीदारी बढ़ाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सभी जिला कलेक्टर्स को आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रदेश में पानी बचाने, सहेजने, जल स्त्रोतों के संरक्षण और नए स्त्रोतों के निर्माण कार्यों में नागरिक भी भागीदारी कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत अब तक 21 लाख नागरिकों की सहभागिता सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संवर्धन कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में खेत-तालाब के माध्यम से एक लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा का सृजन करने में सफलता मिली है। उल्लेखनीय है कि खेत-तालाब निर्माण के लिए प्रति किसान 100 रूपए के व्यय पर राज्य शासन पर मात्र 5 रूपए का वित्तीय भार आता है। प्रदेश में वर्तमान में पूर्ण हुए 23 हजार 494 कार्यों पर लागत 634 करोड़ रूपए है। प्रति किसान औसत लागत 2.7 लाख रूपए आई है। प्रदेश में रिमोट सेंसिंग से 7 लाख कूपों की मैपिंग की गई है। अभिनव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी जिलों को बधाई जल गंगा संवर्धन अभियान में कूप रीचार्ज कार्य में बैतूल जिला प्रदेश में प्रथम है। खंडवा द्वितीय और छिंदवाड़ा तृतीय स्थान पर है। खंडवा जिले में घोड़ापछाड़ नदी के संरक्षण के कार्य को व्यापक प्रशंसा मिली है। यह नदी छह महीने सूखी रहती थी। अब 12 ग्रामों की साढ़े सात सौ हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होने लगी है। अमृत सरोवर निर्माण में धार प्रथम है। सीधी द्वितीय स्थान और छिंदवाड़ा तृतीय स्थान पर है। प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण में टीकमगढ़ जिले में वजीतपुरा बावड़ी का संरक्षण किया गया है। इंदौर में अहिल्या कुंड ने संरक्षण के बाद नया स्वरूप ले लिया है। इंदौर में एक पॉली टैंक कानिर्माण भी हुआ है, जहां मत्स्य पालन हो रहा है। नर्मदापुरम में नर्मदा पथ में जल मंदिर का निर्माण किया गया है। 7339 पुराने जल संरक्षण कार्य हुए पूर्ण बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से 30 अप्रैल की एक माह की अवधि में 7 हजार 339 पुराने जल संरक्षण कार्य पूर्ण किए गए हैं। कुल 24 हजार 685 डगवेल रिचार्ज किए गए हैं। कुल 822 अमृत सरोवर बनकर तैयार हुए हैं। विदिशा जिले में 100 साल प्राचीन चेतन बावड़ी का जीर्णोद्धार हुआ है। अनूपपुर में मृदा क्षरण रोकने के लिए कल्प वृक्ष के संरक्षण में सफलता मिली। राजगढ़ जिले में टोंटी लगाओ पानी बचाओ अभियान से पानी की बचत सुनिश्चित की जा रही है। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन और पन्ना जिलों में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स को श्रेष्ठ कार्य के लिए बधाई दी। तीन-चार महीने पर्वों पर होंगे ये कार्य बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अक्षय तृतीया से रक्षाबंधन तक पानी, मिट्टी और पेड़-पौधों से जुड़े अनेक पर्व मनाए जाएंगे। इनमें 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर कुओं और जलाशयों की पूजा-अर्चना की गई। गंगा दशहरा पर 5 जून को जल की पूजा, नदियों की शुद्धता और जली संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। वट सावित्री व्रत पर 6 जून को बरगद की पूजा और धागा बांधकर वृक्ष रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। निर्जला एकादशी पर 8 जून को जल का दान, पर्यावरण संरक्षण संदेश, हरियाली अमावस्या पर 25 जुलाई को पेड़-पौधे लगाने और उपासना करने का कार्य होगा। हरियाली तीज पर नवीन वस्त्र धारण, पेड़-पौधों की पूजा, रक्षाबंधन पर वृक्षों को राखी बांधने, कजरी तीज पर 12 अगस्त को नीम के वृक्ष की पूजा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिये जल गंगा संवर्धन अभियान के संदर्भ में अन्य निर्देश          जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य से जनप्रतिनिधि और आम नागरिक जुड़ें।          अधिकारी दल जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण भी करें।          खेत-तालाब और कूप रिचार्ज कार्यों में भी गति लाई जाए।          प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण के कार्य भी चलें          सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था सभी जिलों में की जाए। जहां प्रारंभ हो गए हैं, उनका सुचारू संचालन हो, नए प्याऊ भी प्रारंभ करें।          नदियों के जल उद्गम स्थलों की सूची तैयार कर उनके निकट पौध-रोपण के कार्य हों।          नर्मदा परिक्रमा के साथ ही पंचक्रोशी यात्रा और ओंकारेश्वर में नर्मदा परिक्रमा पथ से संबंधित आवश्यक कार्य हो।          जल संरचनाओं के संरक्षण में प्रदेश में 20 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी सामने आई है। इसे बढ़ाया जाए।          सभी 55 जिलों में नर्सरियों के विकास के भी प्रयास हों। उद्योग संवर्धन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश          उद्योग और रोजगार वर्ष : 2025 के संदर्भ में जिला स्तरीय उद्योग और निवेश संवर्धन समितियां गतिशील रहें।          कलेक्टर उद्योग संवर्धन प्रयासों और गतिविधियों की नियमित रूप से बैठकों में समीक्षा करें।          नए निवेश प्रस्तावों का परीक्षण कर उनकी प्रगति में सहयोग करें।          स्थानीय बाजारों, पारम्परिक मेलों को परस्पर जोड़ें। राज्य शासन मेलों को प्रोत्साहित करेगा और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। एयर एम्बुलेंस सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश          जिन स्थानों पर अधिक दुर्घटनाएं होती है, वहां गंभीर रूप से घायल नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए एयर एम्बुलेंस का उपयोग सुनिश्चित करें।          डायल 100 और पुलिस … Read more

केंद्र सरकार मप्र को 44255.33 करोड़ रुपए देगी और 24263.71 करोड़ रुपए राज्य सरकार के अंश के शामिल होंगे

 भोपाल मध्यप्रदेश में केंद्रीय योजनाओं के संचालन के लिए बड़ी राशि मिलने वाली है। इसी कड़ी में केंद्रीय योजनाओं के संचालन के पीएम मोदी (PM MODI) ने एमपी (MP) के लिए पिटारा खोला है। पीएम ने कुल 68519.05 करोड़ रुपए खर्च का फैसला किया है। केंद्र सरकार 44255.33 करोड़ रुपए देगी और 24263.71 करोड़ रुपए राज्य सरकार के अंश के शामिल होंगे। मोदी सरकार ने डॉ मोहन सरकार को 28 अप्रैल तक की स्थिति में 283.46 करोड़ रुपए दे भी दिए है। मप्र कृषि और ग्रामीण विकास विभाग को पिछले बजट से अधिक राशि, पिछले वित्त वर्ष में ग्रामीण विकास विभाग के लिए 8561.16 करोड़ रुपए मिले थे, इस साल 9819.34 करोड़ रुपए का प्रावधान है। कृषि विकास विभाग में पिछले साल 237.36 करोड़ रुपए का प्रावधान था, इस वित्त वर्ष में 1005.46 करोड़ रुपए देने का फैसला लिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग को पिछले वित्त वर्ष में 1541 करोड़ रुपए का प्रावधान था। इस वित्त वर्ष में 4448.40 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। पिछले वित्त वर्ष में 4400 करोड़ के प्रावधान के बावजूद प्रदेश को जल जीवन मिशन में राशि आवंटित नहीं की गई, इस वित्त वर्ष में 8561.22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पिछले एक महीने में केंद्र सरकार ने मोहन सरकार को 283 करोड़ रुपए दिए हैं , इसमें लोक निर्माण विभाग, किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग को 39.14 करोड़ रुपए मिला है, जबकि वित्त विभाग को भी 217.07 करोड़ रुपए मिला है. जिसका खर्च किया जाना है. बता दें कि 2024-25 में मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में मोहन सरकार को 37652 करोड़ रुपए देने का प्रावधान किया था, लेकिन इसमें 16155 करोड़ कम मिले थे, प्रदेश को केवल 21497 करोड़ रुपए ही मिले थे. इन विभागों को मिलेगा सबसे ज्यादा फंड इस पैसे में सभी विभागों को फंड मिलेगा, लेकिन ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग को सबसे ज्यादा फंड दिया जाएगा. इसके अलावा भी दूसरे सभी विभागों को फंड मिलेगा. लेकिन चार विभाग ऐसे हैं जिनके हिस्से में ज्यादा कुछ नहीं आने वाला है. इनमें पर्यटन संस्कृति विभाग, वित्त विभाग और भोपाल गैस त्रासदी विभाग शामिल है. 

मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सुबह एकात्म पर्व आचार्य शंकर प्रकटोत्सव शंकरदूत शिक्षा आरक्षण समारोह के लिए ओंकारेश्वर पहुंचे

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार सुबह एकात्म पर्व आचार्य शंकर प्रकटोत्सव शंकरदूत शिक्षा आरक्षण समारोह के लिए ओंकारेश्वर पहुंचे। पूज्य अवधेशानंद महाराज के पावन सानिध्य में एकात्म धाम में महर्षि संदीपनी वेद विद्या पीठ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूज्य संतों के साथ ‘एकात्म धाम’ पुस्तक का विमोचन किया। यहां उन्होंने जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंदजी जी से आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आचार्य शंकराचार्य प्रकटोत्सव पर ओंकारेश्वर में शंकर दूत शिक्षा एवं अलंकरण समारोह में संतों का सम्मान किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आचार्य शंकराचार्य प्रकटोत्सव पर ओंकारेश्वर में एकात्म पर्व के समापन समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर में एकात्म धाम की यज्ञशाला में पवित्र यज्ञ में आहुति देकर यज्ञ की परिक्रमा की।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NHDC गेस्ट हाउस ओंकारेश्वर में स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से सौजन्य भेंट की। सीएम डॉ. मोहन यादव सुबह करीब 7 बजे इंदौर से ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर में पांच दिवसीय आचार्य शंकर प्राकट्य उत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे। दोपहर में वे इंदौर लौटेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। शाम को वे भोपाल के लिए रवाना होंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री गुरुवार देर रात इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वे सीधे रात्रि विश्राम के लिए रेसीडेंसी कोठी चले गए। हालांकि पहले मुख्यमंत्री को रात करीब 8:40 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचना था। यहां से उन्हें ओंकारेश्वर रवाना होकर वहीं रात्रि विश्राम करना था, लेकिन खंडवा के हरसूद से लौटने में देरी होने के कारण वे इंदौर में ही रुक गए।

विदिशा में बारातियों से भरी गाडी पलटी, 4 लोगों की मौत, 13 घायल; CM ने किया मुआवजे का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शुक्रवार को तड़के बारातियों को ले जा रही एक जीप पलटने से उसमें सवार चार लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है, जबकि घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताया है। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। विदिशा जिला कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने बताया कि यह हादसा शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे लटेरी कस्बे के पास हुआ, जब बारातियों को ले जा रही एक जीप इंदौर से सिरोंज लौट रही थी। उन्होंने बताया कि घायलों में से एक की हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल रेफर कर दिया गया, जबकि बाकी का इलाज विदिशा और लटेरी के अस्पतालों में चल रहा है। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान नारायण (20), गोकुल (18), बसंती बाई (32) और हजारी (40) के रूप में हुई है। दुर्घटना के तुरंत बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा बचाव कार्य में मदद के लिए मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”विदिशा जिले के लटेरी तहसील क्षेत्र में इंदौर से सिरोंज जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त होने से चार लोगों की आकस्मिक मृत्यु का समाचार अत्यंत ही दुखद है। दु:ख की इस घड़ी में सभी शोकाकुल परिजनों के साथ मेरी शोक संवेदनाएं हैं। जिला प्रशासन की मदद से दुर्घटना में हुए घायलों को जिला अस्पताल में इलाज के लिए उचित व्यवस्था की गई है। मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 2-2 लाख रुपये एवं गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगतों की पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान, घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा शोकाकुल परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ।।ॐ शांति।।”

CM यादव ने कहा कि कानून और व्यवस्था की दृष्टि से पूरे प्रदेश के साथ हर जिले को आदर्श रूप में लाना

जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में संभाग के अन्य जिलों में कानून-व्यवस्था बनाये रखने, आपराधिक तत्वों पर नियंत्रण करने के निर्देश दिये। उन्होंने जबलपुर में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से बालाघाट, मंडला, डिंडोरी में नक्सल गतिविधियों के उन्मूलन की समीक्षा कर नक्सल उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कहा कि कानून और व्यवस्था की दृष्टि से पूरे प्रदेश के साथ हर जिले को आदर्श रूप में लाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जुआं, सट्टा, अवैध मादक पदार्थ व अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर कठोर कार्रवाई करें। धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों, खुले में मांस बिक्री, गौवंश की तस्करी पर भी प्रभावी नियंत्रण और सख्ती से रोकथाम सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों से विवाह कर भूमि व संपत्ति के मालिक बनने की साजिश पर कड़ी निगरानी रखें, सतर्कता दिखायें। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाये रखने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना, एसडीजी पंकज श्रीवास्तव, एडीजी साईं मनोहर सहित संभाग के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

जातिगत जनगणना के फैसले को CM Mohan Yadav ने बताया ऐतिहासिक

भोपाल  केंद्र सरकार ने लंबे समय से चली आ रही जातिगत जनगणना करवाने की मांग को मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले पर पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने इसे समय की आवश्यकता बताते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय बताया है. मोहन यादव ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया. मोहन यादव ने केंद्र के फैसले को बताया ऐतिहासिक डॉ. मोहन यादव ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा, ” यह एक महत्वपूर्ण फैसला है. आजादी के बाद देश के किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा यह सबसे बड़ा निर्णय है. देश में पुरानी घटनाओं के सुधार की दृष्टि से ये एक महत्वपूर्ण कदम है. कैबिनेट के इस फैसले से समता, समरसता, सुगमता और सामाजिक न्याय के एक नए युग की शुरुआत होगी.” मुख्यमंत्री ने कहा, “दशकों तक कई दलों ने जातिगत जनगणना का विरोध किया. जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े नहीं होंगे बल्कि देश के गरीब, पिछड़े, कमजोर और वंचित वर्गों के जीवन को बदलने में अहम भूमिका निभाएगा.” सीएम ने अभी तक जातीय जनगणना न होने के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया. आजादी के बाद से जातीय जनगणना की चल रही मांग बुधवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग की ब्रीफिंग करते हुए बताया था कि, सरकार ने आगामी जनगणना के साथ जातीय जनगणना कराने का फैसला लिया है. दरअसल, देश में जातीय जनगणना की मांग आजादी के बाद से ही चल रही है. पिछली जातीय जनगणना ब्रितानिया हुकूमत के दौरान साल 1931 में हुई थी. हालांकि, 1941 की जनगणना में भी जातियों की गणना की गई थी, लेकिन सरकार ने इसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए थे. 2011 की जनगणना के समय भी इसकी जोर-शोर से मांग उठी थी. क्या होती है जातीय जनगणना? जातिगत जनगणना का अर्थ है भारत में मौजूद सभी जातियों के लोगों की अलग-अलग गिनती. यानी देश में अब जब भी जनगणना होगी, उसमें लोगों की जाति के आधार पर भी गिनती होगी. हालांकि, इससे पहले भी देश में जातीय गिनती होती आई है लेकिन सिर्फ अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आंकड़ों को गिना और प्रकाशित किया गया. लेकिन अब अगली जनगणना में ओबीसी की भी गिनती की जाएगी और सरकार उनके आंकड़ों को सार्वजनिक भी करेगी.

रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 1247 कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ

देश की संस्कृति उदार एवं महान है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नवदम्पत्तियों को दी शुभकामनाएं कालापीपल के रामपुरा में मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह में सम्मिलित हुए रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 1247 कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ भोपाल हमारी संस्कृति उदार और महान है। दुनिया में ऐसी कोई संस्कृति नहीं है, जिसमें भारत की तरह हर कार्य संस्कार के अनुसार होते हैं। हमारी संस्कृति में जन्म से लेकर मृत्यु तक संस्कार हैं, जिसमें पाणिग्रहण संस्कार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील के ग्राम रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत संपन्न हुए सामुहिक विवाह सम्मेलन में संबोधित करते हुए यह बात कही। सामुहिक विवाह में कुल 1247 विवाह हुए, जिसमें 1133 कन्याओं का विवाह हिन्दु रीति रिवाज के साथ तथा 114 निकाह हुए। कार्यक्रम में नवविवाहित दम्पत्तियों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि 49 हजार रूपये के चेक प्रदान किए गये। अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक प. प्रदीप मिश्रा, संतकल्याणदास महाराज, महामण्डलेश्वर संतश्यामदास महाराज, महामण्डलेश्वर संतरामगिरी महाराज, रघुनाथदास महाराज, विष्णुपुरी महाराज, सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी, क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी, शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, डॉ. रवि पाण्डे एवं अशोक नायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित दम्पत्तियों को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए कहा कि बेटियां नए परिवार की सदस्य बनने जा रही है, जहां उसे नए माता-पिता मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बेटी को नए परिवार के सदस्य आदर एवं सम्मान दें। बेटियां भी नए परिवार के सदस्यों का आदर करें। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया आज हमारी संस्कृति की तरफ बड़ी आशा भरी निगाहों से देखती है, वो हमारी संस्कृति को जानना एवं समझना चाहती है। हमारी तो संस्कृति इतनी उदार और महान है कि जो व्यक्ति अपना घर, संसार सब छोड़ देते हैं, उसके चरणों में प्रणाम करके अपना जीवन धन्य मानती है। यह हमारी संस्कृति वह है जो संग्रह करने में विश्वास नहीं करती, अपितु अपनी वस्तु दूसरों को देकर सुख महसूस करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की दिशा क्या होना चाहिए? सरकार की सोच क्या होना चाहिए, सरकार के मनोभाव क्या होना चाहिए, इसका आदर्श उदाहरण हमारे अपनी संस्कृति से आता है। प्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई है, उन स्थानों पर धार्मिक तीर्थ स्थल बनाएंगे। भगवान परशुराम की जन्म स्थली जानापाव को विकसित किया जायेगा। प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में एक गीता भवन बनाएंगे, जहां युवाओं को पढ़ने का स्थान उपलब्ध कराने के लिए अच्छी लायब्रेरी बनाई जायेगी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश ना केवल फल-फूल रहा है, बल्कि सुख, आनन्द, वैभव के साथ विकास के समृद्धि के सारे द्वार भी खोल रहा है। देश के दुश्मनों को नेस्तनाबूत करने के लिए देश के खिलाफ काम करने वाले आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने में हमारी सरकार सक्षम है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य गरीबों, महिलाओं, किसानों एवं समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए उनका विकास करना एवं बेहतर जीने के संसाधन मुहैया कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आने वाले वर्षों में किसानों से 2700 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी होगी। वर्तमान में 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे समृद्धशाली बनें। किसानों के लिए 05 रूपये में बिजली का कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया है। शाजापुर जिले में नदी जोड़ो अभियान के तहत पार्वती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना से किसान लाभांवित होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों को एक-एक खेत को पानी उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए 5 लाख रूपये लगते हैं, सरकार 10 प्रतिशत की राशि में यानी की 50 हजार रूपये में सोलर पंप देगी, इससे किसानों को बिजली के बिल से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सोलर पंप के उपयोग के उपरांत बची हुई बिजली को सरकार भी खरीदेगी, इससे किसानों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के लिए इन्दौर-उज्जैन संभाग के सभी किसानों को लेकर मन्दसौर के सीतामऊ में 03 मई को मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसमें किसानों के लिए उन्नत खेती, उद्योग आदि की जानकारी उपलब्ध रहेगी। किसानों को फसलों की बेहतर कीमत उपलब्ध कराने के लिए संभागों में कृषि का महाकुम्भ लगाकर किसानों की बेहतरी के लिए काम किया जा रहा है। प्रदेश सरकार गौ-पालन को प्रोत्साहन देने का कार्य कर रही है। सरकार के माध्यम से गौशालाएं संचालित होगी। गौ-शालाओं को 40 रूपये प्रति गाय की दर से अनुदान दिया जायेगा। सरकार दूध उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है। प्रदेश दूध उत्पादन के क्षेत्र में देश में तीसरे स्थान पर है। सरकार इसे पहले स्थान पर लाने के लिये काम करेगी। अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने कालापीपल क्षेत्र के रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत संपन्न हुए सामुहिक विवाह सम्मेलन में 1247 कन्याओं के विवाह पर स्थानीय विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सामुहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। यहां 114 मुस्लिम कन्याओं का निकाह भी संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास के क्षेत्र में प्रदेश को नम्बर वन बनाया है। प्रदेश में सार्वजनिक स्थलों पर माँस का विक्रय बंद कराया, वही धार्मिक स्थलों एवं नगरों में शराब का विक्रय बंद कराकर नशामुक्त क्षेत्र बनाया है। उन्होंने दम्पत्तियों को शुभकामनाएं एवं अशीर्वाद दिया। कार्यक्रम ओएमजी के पर्यवेक्षक प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता ने विश्व रिकार्ड का प्रमाण पत्र भी दिया। उन्होंने यह प्रमाण पत्र सामुहिक विवाह सम्मेलन में बड़ी संख्या में हुए सामुहिक विवाह और कम समय में विवाह संपन्न कराने तथा कई लोगों को एक साथ भोजन कराने पर बने रिकार्ड पर दिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार जिले के उमरबन में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के सामूहिक विवाह सम्मेलन में होंगे शामिल मुख्यमंत्री करेंगे 2140.26 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण  मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव धार जिले के उमरबन में 30 अप्रैल 2025 (बुधवार) को मुख्यमंत्री कन्यादान सामूहिक विवाह आयोजन  में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे, जिनकी अनुमानित लागत 2140.26 करोड़ रुपये है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सवित्री ठाकुर, प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा धार ज़िले के प्रभारी मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय तथा सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन केशरपुरा फाटा, जनपद पंचायत उमरबन में दोपहर 12 बजे से किया जाएगा। सामूहिक विवाह मे बड़ी संख्या में जोड़ों के विवाह सम्पन्न कराए जाएंगे। साथ ही क्षेत्र में अधोसंरचना जैसे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य व पेयजल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े अनेक परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया जाएगा।  

कैबिनेट का फैसला :पराली जलाने वाले किसानों पर केस दर्ज होने पर अनाज समर्थन मूल्य पर खरीदा नही जाएगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक मई से 30 मई तक तकादले हो सकेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई। ई- ऑफिस से ही तबादले आवेदन लिए जाएंगे। विभाग अपनी सुविधा अनुसार तबादला नीति बना भी सकेंगे। कैबिनेट की बैठक में हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास, आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि परली जलाने पर संबधित किसान की सम्मान निधि एक साल के लिए रुकी जाएगी। पराली जलाने वाले किसानों पर केस दर्ज होने पर उस किसान का अनाज समर्थन मूल्य पर खरीदा नही जाएगा। इन प्रस्तावों पर लगी कैबिनेट की मुहर पराली जलाने के मामले में सरकार ने सख्त निर्णय लिया है। अगर कोई किसान पराली जलाएगा तो किसान सम्मान निधि एक साल के लिए रोक दी जाएगी और अगले साल उपज खरीदी नहीं जाएगी। इससे किसानों को नुकसान से बचना होगा। शासकीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त देने के मुख्यमंत्री के फैसले पर कैबिनेट ने अनुसमर्थन दिया है। अब कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते के बराबर हो गया है। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर अब 1 मई से 30 मई 2025 के बीच हो सकेंगे। इसके लिए अधिकारी- कर्मचारियों को ऑनलाइन 30 मई तक ई-ऑफिस में ट्रांसफर के लिए अप्लाई करना होगा। 30 मई के बाद तबादले के लिए आवेदन करने वालों का ट्रांसफर नहीं हो सकेगा। विभाग अपने व्यवस्था के अनुसार ट्रांसफर नीति बना सकता है। कैबिनेट ने तबादला नीति में जो प्रस्ताव तय किए हैं उसके अनुसार मंत्री और प्रभारी मंत्री तबादले कर सकेंगे। इसके लिए विभागों में पद वार तबादलों का प्रतिशत भी तय किया गया है। 200 पद के लिए 20 प्रतिशत 201 से 1000 से 15 प्रतिशत 1001 से 2000 तक 10 प्रतिशत 2001 से अधिक पर 5 प्रतिशत तबादले होंगे। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि ग्रीन एनर्जी पर फोकस मोहन सरकार ने किया है।  इसलिए एमपी और यूपी सरकार की बिजली डिमांड को ध्यान रखते हुए प्लान तैयार किया गया है। एमपी में बरसात में बिजली की डिमांड कम हो जाती है जबकि यूपी में बरसात के दौरान डिमांड बढ़ जाती है। आगे मंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने तय किया है कि तीन हजार मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। एक हजार मेगावाट कंपोजिट प्लान में रहेगी जबकि 2 हजार मेगावाट यूपी को दी जा सकेगी। यह प्लांट चंबल में लगाया जाएगा। केंद्र सरकार की यूनिफाइड पेंशन योजना (यूपीएस) के लिए छह अधिकारियों की कमेटी बनी है। यह कमेटी कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक रूप पेंशन स्कीम का प्रस्ताव तैयार करेगी। इस कमेटी में अशोक बर्णवाल, मनीष रस्तोगी, लोकेश जाटव, तन्वी सुंद्रियाल, अजय कटेसरिया, जेके शर्मा इस कमेटी में शामिल हैं। कमेटी भारत की गाइडलाइन का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के आधार पर यह कमेटी बनाई गई है।     विजयवर्गीय ने बताया कि राज्य सरकार अब केंद्र सरकार के समान शासकीय कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देगी।     इससे राज्य सरकार पर 3.50 हजार करोड़ वित्तीय भार आएगा। कैबिनेट की बैठक में ग्रीन एनर्जी को लेकर भी निर्णय लिया गया।     मप्र और उत्तर प्रदेश अपनी अपनी डिमांड के अनुरूप ग्रीन एनर्जी बिजली का उपयोग करेंगे। ग्रीन एनर्जी संयंत्र मध्य प्रदेश में लगेगा और इससे उत्तर प्रदेश को भी बिजली मिलेगी।     मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश की बिजली मांग की अवधि एक दूसरे की पूरक होने के कारण मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में पूरक आधार पर विद्युत प्रदाय के लिए मध्य प्रदेश में 2000 मेगावाट सौर पार्क व 1000 मेगावाट कंपोजिट ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया।     इस परियोजना से दोनों राज्यों द्वारा पृथक-पृथक छः महीनों के लिए बिजली ली जाएगी। इसके अलावा पेंशन योजना के लिए कमेटी गठित की गई। यूनीफाइड पेंशन योजना देने पर यह कमेटी विचार करेगी।    

CM यादव ने डॉ भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जो संविधान देश को दिया, वही आज हमारी सबसे बड़ी ताकत

 इंदौर  मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद किया। वहीं उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर करारा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने आज तक उनके नाम का इस्तेमाल सिर्फ वोटों के लिए किया है, लेकिन बाबा साहेब जीवित थे, तब उन्हीं के खिलाफ काम किया। मंगलवार को एमपी के इंदौर में बाबा साहेब अंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने डॉ भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जो संविधान देश को दिया, वही आज हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मजाकिया अंदाज में कहा- मैं मामा परिवार से आता हूं मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को ‘हमारी महारानी यशोदा राजे सिंधिया’ कहकर संबोधित किया और कहा कि उनका उज्जैन और मालवा से आत्मिक जुड़ाव है। उन्होंने मंच से मजाकिया अंदाज़ में कहा कि ‘मैं मामा परिवार से आता हूं, तो अब मुझे शायद सन्यास भी लेना पड़ेगा।’ भावुक अंदाज में वसुंधरा राजे के पूर्वजों की तारीफ की सीएम ने भावुक अंदाज में वसुंधरा राजे के पूर्वजों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘आपके पिता श्री ने बाबा साहेब अंबेडकर के बनाए संविधान का सम्मान करते हुए, सबसे पहले अपनी रियासत भारत सरकार को समर्पित कर दी थी। यह भारत के एकीकरण की दिशा में बहुत बड़ा कदम था।’ डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट और वरिष्ठ समाजसेवी नारायण केसरी का भी मंच से अभिनंदन किया। उन्होंने केसरी जी के 100 वर्ष पूरे होने की कामना करते हुए कहा कि ‘परमात्मा करें, आप आगे भी समाज का मार्गदर्शन करते रहें।’ नेहरू पर सीधा हमला, ‘दाह संस्कार तक की अनुमति नहीं दी गई’ मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘बाबा साहेब जब जीवित थे, तब भी उन्हें उपेक्षा झेलनी पड़ी। उनके राजनीतिक करियर को रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया गया। चुनाव में हराने के लिए खुद प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार में गए। यहां तक कि जब बाबा साहेब का निधन हुआ, तो दिल्ली में उनके दाह संस्कार की अनुमति भी नहीं दी गई। यह देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।’ डॉ मोहन ने खुलासा किया कि ‘जिस विमान से बाबा साहेब का पार्थिव शरीर मुंबई ले जाया गया, उसके किराये का बिल भी उनकी पत्नी को थमा दिया गया था। यह कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।’ BJP का सम्मान और स्मृति निर्माण की पहल सीएम डॉ मोहन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अंबेडकर के योगदान को हमेशा सम्मान दिया है। ‘हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने बाबा साहेब की स्मृतियों को सहेजने के लिए गंभीर प्रयास किए। लंदन में जहा बाबा साहेब ने पढ़ाई की थी, उस भवन को स्मारक बनाकर भारत सरकार ने तीर्थ स्थल का दर्जा दिया है।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘बीजेपी ने समाज के हर वर्ग को जोड़ने का कार्य किया है। बाबा साहेब का सपना था एक ऐसे भारत का निर्माण जिसमें जातिवाद नहीं हो, जहां सबको बराबरी का अधिकार हो। बीजेपी उसी रास्ते पर चल रही है।’

मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले को दी 112.10 करोड़ की लागत से 733 विकास कार्यों की सौगात

जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलदूतों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान में राजगढ़ जिले के सारंगपुर में किया श्रमदान मुख्यमंत्री ने सारंगपुर में किया जल संरक्षण तथा अधोसंरचनात्मक विकास के विभिन्न कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले को दी 112.10 करोड़ की लागत से 733 विकास कार्यों की सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजगढ़ जिले के किसानों की समृद्धि, खेती आधारित उद्योग, मिल्क प्रोसेसिंग ईकाई खोलने और फूड इंडस्ट्री पार्क स्थापित करने में राज्य सरकार अनुदान प्रदान करेगी। प्रदेश की माताएं-बहनें भी सशक्त हो रही हैं। अब लाड़ली बहनें ड्रोन दीदी और लखपति दीदी बन रही हैं। माताएं-बहनें ही भारतीय परंपरा में परिवार का आधार हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उन्हें लोकसभा और विधानसभा में भी 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। राज्य सरकार ने धार्मिक नगरों में शराबबंदी का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। भगवान कृष्ण के लीला स्थलों को दिव्य और देवस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए उज्जैन में स्थायी सिंहस्थ नगरी बसायी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सारंगपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण को समर्पित राज्य सरकार 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का उपार्जन कर रही है। गौमाता के कल्याण के लिए सरकारी गौशालाओं का अनुदान 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रति गाय किया गया है। जनपद पंचायत, नगर निगम, नगर पालिकाओं में गौशाला खोलने पर भी अनुदान दिया जाएगा। पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है। इसमें गौपालकों को कम से कम 25 और अधिकतम 200 गाय पालने पर 25 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सारंगपुर के कपिलेश्वर महादेव के प्रांगण में बाबा महाकाल के मंदिर जैसी अनुभूति होती है। राजगढ़ एक अनूठा जिला है, जिसका गौरवशाली इतिहास रहा है। आधुनिक भारत के भगीरथ प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया है। राजगढ़ में कभी पलायन एक बड़ी समस्या थी, लेकिन बदलते दौर में स्थिति भी बदली है। राजगढ़ आकांक्षी जिले की श्रेणी में शामिल है। जिले में सारंगपुर, नरसिंहगढ़, ब्यावरा क्षेत्र सब्जियों के साथ अनाज उत्पादन में भी आगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वसुधैब कुटुम्बकम सनातन संस्कृति का आधार रहा है। लेकिन अगर कोई छेड़ेगा तो यह नया भारत घर में घुसकर मारेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम में कायरता और हत्या करने वाले आतंकियों को धरती के आखिरी छोर तक पीछा कर मार गिराने का संकल्प लिया है। हमारे सैन्य बलों ने सदैव दुश्मनों का मुकाबला कर देश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालीसिंध नदी के तट पर स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जलदूतों के साथ श्रमदान भी किया। इस महा अभियान में पानी की एक-एक बूंद सहेजने के लिए प्रदेश में प्राचीन नदियों, तालाब, पोखर और जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौशाला का निरीक्षण करने के बाद गौमाता की पूजा कर गौसेवा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की एवं कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, उद्यानिकी विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ड्रोन दीदी, जल निगम सहित कई स्टॉल्स और विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। राजगढ़ प्रदेश का पहला जिला है, जहां सभी थाने आईएसओ सर्टिफाइड हो चुके हैं। कार्यक्रम में राजगढ़ पुलिस के सर्टिफिकेशन और कार्यशैली पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपराधिक जीवन छोड़ने वालों के पुनर्वास कार्य के लिए पुलिस की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले के लिए 112.10 करोड़ की लागत से विभिन्न 733 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इनमें जल गंगा संवर्धन अभियान के 633 कार्य शामिल हैं। यहां 590 अमृतसरोवर, 10 हजार 500 नए खेत तालाबों का निर्माण कार्य हुआ है। इसके साथ ही 5 करोड़ 70 लाख की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कन्या छात्रावास और नल जल कार्य का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सारंगपुर में भव्य पुल के निर्माण और 2 करोड़ 4 लाख की लागत से चार स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण की घोषणा की। उन्होंने 44 करोड़ की लागत से सारंगपुर को फोरलेन सिटी से जोड़ने और 38 करोड़ की लागत से एबी रोड लिंक करने का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के 3 रोगियों के उपचार के लिए 5 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। रोजगार एवं कौशल विकास राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर नगरी भगवान राम के सारंग धनुष के नाम पर पहचानी जाती है। सारंगपुर में वर्ष 1824 में नरसिंहगढ़ के राजा कुंभा ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में पानी की महत्ता को सिद्ध किया है। उन्होंने सारंगपुर को 1500 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने युवाओं के रोजगार के लिए सारंगपुर में औद्योगिक क्षेत्र और सोलर प्लांट स्थापित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में मंत्री नारायण सिंह पंवार, सांसद रोडमल नागर, विधायक मोहन शर्मा, विधायक हजारीलाल दांगी और जनअभियान परिषद के अध्यक्ष मोहन नागर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में सुगम यातायात व्यवस्था के लिये विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होगी

भोपाल, इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया से जुड़ी सभी आवश्यक कार्यवाही समय-सीमा में हो पूरी: मुख्यमंत्री डॉ.यादव  सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिए प्रस्तावित भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के विकास से संबंधित प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में सुगम यातायात व्यवस्था के लिये विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिए प्रस्तावित भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के विकास से संबंधित प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए औैर इन क्षेत्रों में आर्थिक विकास की संभावनाओं के मद्देनजर कार्य योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि दोनों मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में सुगम यातायात व्यवस्था के लिये विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होगी। इसके लिए योजना से जुड़ी समस्त एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य योजना तैयार करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन एरिया गठन के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा, राज्य मंत्री नगरीय विकास श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में भूमि का नियोजित रूप से विकास सुनिश्चित किया जाए। क्षेत्र में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए निवेशकों को अभी से प्रोत्साहित करें। इन क्षेत्रों में भविष्य को देखते हुए इकॉनामिक कॉरिडोर, सड़क परिवहन के साथ रेल परिवहन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इससे जुड़ी सभी कार्यवाही निश्चित समय- सीमा में पूरी की जाएं। दो मेट्रोपॉलिटन एरिया देवास-सीहोर जिलों में परस्पर भी जुड़ेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एक साथ दो महानगरीय क्षेत्रों के गठन की पहल से इन्दौर और भोपाल के मध्य स्थित इलाकों के समग्र विकास में सहयोग मिलेगा। दोनों मेट्रोपॉलिटन एरिया परस्पर जुड़ने से प्रदेश का एक विशाल क्षेत्र समन्वित और एकीकृत विकास का उदाहरण बनेगा। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को भी क्रियान्वयन में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी दोनों महानगरीय क्षेत्रों के लिए जनप्रतिनिधियों से चर्चा के सत्र सम्पन्न हुए हैं। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इन क्षेत्रों के विकास में अपनी विरासत को संरक्षित रखने और पर्यावरण की दृष्टि से ग्रीन बेल्ट पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि इंदौर -भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनने से इकॉनामिक कारिडोर के विजन को पूरा किया जा सकेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में हमें सेमी-अर्बन क्षेत्र से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं पर प्रारंभिक रूप से प्लानिंग करनी होगी। अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल ने प्रजेंटेशन द्वारा बताया कि पहला मेट्रोपॉलिटन एरिया इंदौर, उज्जैन, देवास, धार को मिलाकर बनाया जा रहा है। दूसरा मेट्रोपॉलिटन एरिया भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे संबंधित आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए आगामी विधान सभा सत्र से पूर्व तैयारी पूरी की जाएगी।  

CM बोले ‘हमें सम्मेलन में 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले,क्रियान्वयन से 75,000 नौकरियां पैदा होंगी

इंदौर  मध्य प्रदेश सरकार को प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगभग 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे राज्य में 75,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना है. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव  इंदौर में “मध्य प्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025” में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि ”हमें इस सम्मेलन में लगभग 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से लगभग 75,000 नौकरियां पैदा होंगी.” 500 से अधिक कंपनियों ने लिया कार्यक्रम में भाग मोह यादव ने कहा कि, ”प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया. इस सम्मेलन के दौरान निवेशकों को एकीकृत सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक प्रोत्साहन पोर्टल पेश किया गया. इसके अलावा, राज्य की वैश्विक क्षमता केंद्र नीति, सेमीकंडक्टर नीति, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स, विस्तारित वास्तविकता नीति और ड्रोन नीति के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए.” 6 शहरों में बन रहा आईटी पार्क मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की कि, ”राज्य सरकार अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी उपक्रमों को बढ़ावा देने के लिए अपनी स्वयं की अंतरिक्ष-तकनीक नीति तैयार करेगी. विभिन्न कंपनियों से राज्य को मिले निवेश प्रस्तावों के आधार पर 6 प्रमुख शहरों में आईटी पार्क विकसित करने का काम शुरू हो चुका है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि, ”आईटी पार्क इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर लगभग 250 करोड़ रुपये के निवेश से 3 एकड़ के भूखंड पर विकसित किया जाएगा.” Tech एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट के नये केंद्र खुलेंगे CM ने कहा, ”लोकमाता देवी अहिल्या बाई की पावन नगरी में आयोजित IT सेक्टर का यह महाकुम्भ रोजगार के नये अवसरों के सृजन का माध्यम बनेगा. साथ ही स्टार्टअप एवं नवाचारों को प्रोत्साहन देगा. डिजिटल इंफास्ट्रक्चर के विकास में तेजी लाएगा, ग्लोबल इंवेस्टमेंट को आकर्षित करेगा और मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करेगा.” सीएम ने कहा, ”IT सेक्टर की ग्रोथ से प्रदेश में Tech एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट के नये केंद्र खुलेंगे. हम प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय आईटी एजुकेशन एवं डिजिटल स्किल देकर उन्हें रोजगारोन्मुखी बनाने हेतु संकल्पित हैं.” इससे पहले, सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि, ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं, जिससे देश आगे बढ़ रहा है. अब भारत के पारंपरिक दुश्मन पाकिस्तान के लोग भी कह रहे हैं कि अगर मोदी उनके पीएम होते, तो वे इतनी मुश्किलों में नहीं पड़ते.” पिछली कांग्रेस सरकारों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “1947 में भारत की आजादी के बाद, प्रशासन चलाने के लिए जिम्मेदार लोगों ने देश की क्षमता, योग्यता और उद्यमशीलता का सही इस्तेमाल नहीं किया. इससे देश को नुकसान हुआ है.” उद्योगों की स्थापना मंदिर निर्माण के समान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, ”उद्योगों की स्थापना मंदिर निर्माण के समान है. उद्योग ऐसे मंदिर हैं जो ईश्वरीय आशीर्वाद की तरह श्रम की शक्ति से लाखों लोगों को आजीविका और समृद्धि प्रदान करते हैं. आज के तकनीकी युग में छोटे-छोटे देश भी उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं और युद्धों के कारण पीछे छूट गए देश उद्यमिता के माध्यम से आगे बढ़ रहे हैं.” डॉ. यादव ने कहा कि, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम एक बदलते भारत को देख रहे हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास कर रहा है. इंदौर ने औद्योगिक विकास में एक मील का पत्थर स्थापित किया है और आईटी क्षेत्र की राजधानी बन गया है. अतुल पंचशील जैसे उद्यमी इंदौर में असाधारण कार्य कर रहे हैं.” मुख्यमंत्री ने बताया कि, ”मध्य प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं. कोरिया जैसे देश, जिनके साथ भारत के गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं, भी राज्य में निवेश करने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं.” आज के सम्मेलन में कोरिया और जापान के प्रतिनिधि मौजूद थे. डॉ. यादव ने घोषणा की कि इस सम्मेलन के माध्यम से लगभग 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 75,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है.

हमारा लक्ष्य है कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा और आत्म-निर्भरता के अवसर प्राप्त हों: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना अन्तर्गत 2 मई 2025 को प्रदेश में ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत पर उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रतिनिधि, लाड़ली बालिकाएं, उनके अभिभावक, लाड़ली क्लब की अध्यक्ष और सदस्य सक्रिय रूप से भाग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना मध्यप्रदेश सरकार की बेटियों के प्रति समर्पित सोच का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा और आत्म-निर्भरता के अवसर प्राप्त हों। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेगा। उन्होंने प्रत्येक जिला और निकाय स्तर पर कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं, जिससे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और सशक्तिकरण का वातावरण तैयार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति साझा संकल्प है। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का संचालन स्वयं लाड़ली बालिकाओं द्वारा किया जाएगा। इसमें कन्या-पूजन, दीप प्रज्ज्वलन, लाड़ली बालिकाओं के प्रेरक उद्बोधन और ‘अपराजिता’ कार्यक्रम अन्तर्गत मार्शल आर्ट का प्रदर्शन जैसे विशेष कार्यक्रम शामिल है। इस उत्सव के जरिये जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली बालिकाओं तथा लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली पंचायतों का सम्मान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त “एक पेड़ लाड़ली लक्ष्मी के नाम” अभियान में जन-प्रतिनिधियों और बालिकाओं द्वारा पौध-रोपण भी किया जाएगा। साथ ही लाड़ली बालिकाओं को आश्वासन प्रमाण-पत्र वितरित किये जायेंगे। कार्यक्रम में लाड़ली क्लब की सदस्य बालिकाएं अपने अनुभव भी साझा करेंगी।  

CM यादव 30 अप्रैल को उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 अप्रैल को करेंगे श्रमिक परिवारों को राशि वितरित 30 अप्रैल को अनुग्रह सहायता योजना के 27,523 प्रकरणों में 600 करोड़ रूपये की राशि की जाएगी अंतरित CM यादव 30 अप्रैल को उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे धार जिले के उमरबन में होगा राशि वितरण कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 30 अप्रैल को धार जिले के उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 27 हजार 523 प्रकरणों में राशि रूपये 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा में शिक्षा हेतु सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबंल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है एवं इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती हैं। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निः शुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश सरकार द्वारा योजना प्रारंभ से अब तक 01 करोड 75 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया गया है, पंजीयन प्रक्रिया जारी है। संबल योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 से वर्तमान तक कुल 6 लाख 81 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 6 हजार 432 करोड से अधिक के हितलाभ का वितरण किया जा चुका है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की

वेशकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी और संबंधित सेक्टर पर आधारित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025 का केवल निवेश का मंच नहीं  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वन-ऑन-वन मीटिंग्स का आयोजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को हम ‘विकसित मध्य प्रदेश’ से साकार करेंगे। राज्य में वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद अब विभिन्न सेक्टर पर आधारित कॉनक्लेव का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आईटी और संबंधित सेक्टर पर आधारित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025 का केवल निवेश का मंच नहीं है, बल्कि एक विचार-मंथन नीति-निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास की यात्रा सतत जारी रहेगी। हम निवेशकों के विश्वास को मजबूती देंगे, नई नीतियाँ लागू करेंगे, आधारभूत संरचना को और सशक्त करेंगे। प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए हम संकल्पित है। उन्होंने कहा कि नवीन जीसीसी नीति 2025, सेमीकंडक्टर नीति 2025, एवीजीसी एक्सआर नीति 2025 और ड्रोन प्रोत्साहन और उपयोग नीति के द्वारा इन क्षेत्रों में निवेशकों को आवश्यक मदद प्रदान करने के प्रावधान है। आज नीतियों के गाइडलाइंस भी जारी की गई है। तकनीकी दक्षता, सुशासन और निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिए नए डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, उद्योगपतियों और निवेशकों को एक एकोसिस्टम प्रदान करेगी। निवेशकों को सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत विजन-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्य प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा । इन उद्योपतियों से की वन- ऑन – वन मीटिंग्स पंचशील रियल्टी (आईटी इंफ्रा सेक्टर) के फाउंडर अतुल चोरड़िया, पार्टनर रजत जैन, सोमवेद इंटरप्राइजेज (सेमीकॉन सेक्टर) के सीओओ सोमेश चौधरी, फाउंडर, आनंद द्विवेदी, डायरेक्टर, शुभम अग्रवाल, सीएमओ, योट्टा कंपनी (डेटा सेंटर) के प्रबंध निदेशक सुनील गुप्ता, इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) के सह संस्थापक अविनाश सेठी, सिद्धार्थ सेठी, केदारा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (सेमीकॉन सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक कुमार और डायरेक्टर अनुराग कुमार, मीना सर्किट्स (पीसीबी सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर ज्ञान प्रकाश अग्रवाल, डायरेक्टर अर्चित अग्रवाल और डायरेक्टर शिवम अग्रवाल, डिजिटेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर आबिद फारूकी साइमा सिद्दीकी, आईआईटी इंदौर दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन कंपनी, इंदौर के प्रोफेसर सुहास एस जोशी, निदेशक, आईआईटी इंदौर प्रो बीके लाड, आदित्य एसजी व्यास सीईओ, वैभव जैन, वरिष्ठ तकनीकी ने इन्क्यूबेशन सेंटर, न्यूमिजो प्राइवेट लिमिटेड (सेमीकंडक्टर सेक्टर) के अनूप दत्ता मैनेजिंग डायरेक्टर, इन्फ़ोचिप्स कंपनी (इंजीनियरिंग-एएसआईसी) के पुलकित दुबे निदेशक – पीईएस, नीलेश रणपुरा, प्लैंक रेड प्राइवेट लिमिटेड (डाटा सेंटर्स) के शिशिर मिगलानी सीईओ,रत्नजीत सिंह,होमा बाइनरी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (डाटा सेंटर)के रविन्द्र वाघानी सीईओ,अरविंद सिंह दरबार, अभय गौड़,एचएलबीएस (सेमीकॉन सेक्टर) के प्रबंध निदेशक मितेश लोकवानी, इन्फिनिटी सॉल्यूशंस से मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत घुले, एल एंड टी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) कंपनी के राजन बोहरा, बिक्री प्रमुख शांतनु दीक्षित, अर्पित सक्सेना, ड्रोनामैप्स (ड्रोन सेक्टर) के उत्कर्ष सिंह को फाउंडर एंड सीईओ, देवांशी दीपक, ग्रोथ एएक्सएल के डायरेक्टर ग्लोबल स्ट्रेटजीज संजीव राव, बूयोंग स्कीकॉर्प (लेदर एंड फुटवेयर) के अमित बाजोरिया सीईओ, सीयू ऊंग़ मून डायरेक्टर, श्रीमती सोनी जैन कंपनी सेक्रेटरी, सन फार्मास्युटिकल(फार्मा) के सीनियर जनरल मैनेजर अनूप कुलकर्णी, सनाथन टेक्सटाइल्स (टेक्सटाइल सेक्टर) के अजय दत्तानी मैनेजिंग डायरेक्टर, गुरुकृपा के चेयरमैन धर्मेन्दर नरूला से वन ऑन वन चर्चा की।  

मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए गुरू की भूमिका निभाई और देश की आजादी को अमर, अखंड और अक्षुण्ण रखने का आधार बनाया। एक हजार साल की गुलामी के दौर से गुजरे देश में, गुलामी के कारणों को खोजने और उन कारणों का प्रभावी समाधान देने में बाबा साहेब का महत्वपूर्ण योगदान है। आरक्षण की व्यवस्था को संवैधानिक आधार प्रदान कर डॉ अंबेडकर ने देश में समानता के भाव का विस्तार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डॉ. अंबेडकर यूथ कॉन्क्लेव में श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर सांसद वी.डी. शर्मा, सांसद देवास महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को डिक्की के मध्यप्रदेश चैप्टर प्रमुख अनिल सरवैया ने सोशल जस्टिस पत्र की प्रति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मुदित शैजवार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा स्थापित व्यवस्था के परिणामस्वरूप ही देश में सभी वर्गों को प्रगति के समान अवसर मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर सहित अन्य कठिन और संर्घषपूर्ण परिस्थिति में रह रहे परिवारों से आए व्यक्तियों को देश का नेतृत्व करने सहित महत्वपूर्ण पदों से व्यवस्था संचालन के अवसर प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों की महत्ता को स्वीकारते हुए उनकी जन्म स्थली महू पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर नई शिक्षा नीति में डॉ. अंबेडकर को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है और उनके विचारों पर शोध को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य बाबा साहेब अंबेडकर ने किया। प्रधानमंत्री मोदी उनके विकसित भारत के संकल्प का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देने का आव्हान किया।  

केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता

शासकीय सेवकों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी करेंगे शीघ्र कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शासकीय सेवकों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते किस्त की घोषणा केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांतीय सम्मेलन में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को एक जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के समान ही 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि के फलस्वरुप एरियर राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणा मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ भोपाल के नार्मदीय भवन में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वृहद पुष्पाहार, शॉल, श्रीफल तथा स्मृति चिन्ह भेंट स्वागत किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय सेवकों के परिश्रम और समर्पण ने प्रदेश को बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाया है। कर्मचारियों का जीवन खुशहाल और भविष्य सुरक्षित हो यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार की व्यवस्थाओं और जनहित की योजनाओं को हितग्राही तक पहुंचाकर लाभान्वित करने में राजपत्रित अधिकारी ग्रोथ इंजन का कार्य करते हैं। इनकी कर्मठता, निष्ठा और संवेदनशीलता ही प्रदेश के सुशासन का आधार है। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से शासन की लोकहित व लोककल्याण की मंशा को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में शासकीय योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार इनके भविष्य और कार्य सुविधा के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लक्ष्य के प्रति शासन-प्रशासन सभी मिलकर निरंतर समर्पित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2016 से अवरूद्ध पदोन्नति के मामले में समाधान के लिए भी राज्य सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। सभी विभागों में जो पद रिक्त है उनकी त्वरित पदपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन बड़ी उपलब्धि थी। भोपाल में सम्पूर्ण प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक मिले, राजधानी प्रदेश की समृद्धशाली विरासत को समेटे हुए दिखाई दे, इस दिशा में राज्य सरकार प्रयास कर रही है। राजधानी में प्रवेश कर रहे सभी मुख्य मार्गों पर महापुरूषों को समर्पित द्वारों का निर्माण होगा, इस क्रम में शीघ्र ही राजा भोज को समर्पित द्वार का भूमि-पूजन किया जाएगा। सम्राट विक्रमादित्य सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण थे, राजधानी से अवंतिका की ओर जाने वाले मार्ग पर बनने वाला द्वार उनको समर्पित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहलगाम में हुई आतंकी वारदात पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोरतम जवाब देगा।  

कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उद्योग मंदिर की तरह हैं जिससे लाखों लोगों को मिलता है रोजगार के रूप में आशीर्वाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में आईटी से संबंधित हुये 99 एमओयू में से 25 प्रतिशत का आज हुआ है भूमि-पूजन “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव” है प्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव म.प्र. अब मात्र वादों का नहीं, वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी नीति पर होगा कार्य कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी प्रॉमिस्ड डिलीवरी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को मिलेंगी नई ऊंचाईयाँ मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का प्रमुख केन्द्र बनेगा, 1500 करोड़ का मिला निवेश हम “इरादों को निवेश में” और नीतियों को क्रियान्वयन में बदल रहें हैं कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, 75 हजार रोजगार होंगे सृजित निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिये “प्रोत्साहन पोर्टल” लॉन्च मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ 2025 में शामिल हुये आईटी क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति इन्दौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में हुआ “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025” का आयोजन अनेक उद्योगों का हुआ लोकार्पण और भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों का निर्माण किसी मंदिर के बनने की तरह है। उद्योग ऐसे मंदिर हैं जो भगवान की तरह दर्शन जीविका का प्रसाद और आशीर्वाद देते हैं। श्रम शक्ति से लाखों व्यक्तियों को रोजी-रोटी मिलती है। आज के तकनीकी दौर में छोटे देश भी प्रगति कर रहे हैं। युद्धों से विकास में पिछड़ने वाले देश भी उद्यमशीलता से विकसित हो जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम आज बदलते दौर का भारत देख रहे हैं, जहां कई क्षेत्रों में तीव्र प्रगति हो रही है। इंदौर ने उद्योगों के विकास का कीर्तिमान बनाया है, इंदौर आईटी क्षेत्र की राजधानी है। इंदौर में अतुल पंचशील जैसे उद्योगपति विशिष्ट कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया प्रदेश में पाँच बड़े नगरों में इण्डस्ट्री पार्क प्रारंभ किये जा रहे हैं। कोरिया जैसे देश जिनसे भारत का पुराना सांस्कृतिक नाता है, वे भी मध्यप्रदेश में निवेश के लिये इच्छुक हैं। आज की कॉन्क्लेव में कोरिया और जापान से भी प्रतिनिधि आये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव से लगभग 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 75 हजार रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आज के टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास भी हुए हैं। इसमें से जीआईएस-भोपाल में आईटी सेक्टर में प्राप्त 99 प्रस्तावों में से 25 प्रतिशत का आज भूमि-पूजन हुआ है, जो इस बात का द्योतक है कि हम बस वादे नहीं करते, उन्हें धरातल पर उतारकर भी दिखाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भोपाल जिले के बैरसिया में मोबाईल, सेमीकंडक्टर डिवाइस पार्क बनाने वाले प्रतिष्ठान विश्व स्तरीय अधोसंरचना का लाभ प्राप्त करेंगे। लगभग 209 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के इस मेगा प्रोजेक्ट से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराना संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बैरसिया में महत्वपूर्ण निवेश करीब 1500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने में सफलता मिली है। स्पेस टेक नीति के अंतर्गत यह कार्य होगा। इससे सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में नया दौर सामने आयेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में एग्रीटेक उत्कृष्टता केन्द्र बनेगा। ड्रोन तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आयेगा। परदेशीपुरा आईटी पार्क से नई संभावनाएँ विकसित होंगी। इंदौर आईटी क्षेत्र की नई राजधानी बन गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गयी 18 उद्योग हितैषी नीतियों का लोकार्पण किया था। ये नीतियाँ उद्योगों के विकास में उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में अद्भूत कार्य किया है। उनके विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुसार मध्यप्रदेश में निरंतर कार्य हो रहा है। जीआईएस-भोपाल से उद्योग स्थापना के सभी रिकार्ड टूटे हैं। उद्योगपति स्वयं यह कह रहे हैं कि मध्यप्रदेश में एक माह में उद्योग लगाने का कार्य संभव हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से कृषि विकास दर प्राप्त कर रहा है। आगामी 3 मई को कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 11 हजार से बढ़कर एक लाख 52 हजार रुपये तक पहुंच गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में आज हुई कॉन्क्लेव में एमओयू करने वाले सभी औद्योगिक संस्थान बधाई के पात्र हैं। कॉन्क्लेव के दौरान चार नई औद्योगिक नीतियों की गाइड लाईन जारी की गयी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब मात्र वादों का नहीं, जनता से किये गये वादों को पूरा कर विकास के पथ पर अग्रसर होने वाला राज्य है। “टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025” मध्यप्रदेश की तकनीकी-परक औद्योगिक यात्रा का स्वर्णिम पड़ाव है। आज का दिन मध्यप्रदेश के टेक्नो-इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इन्दौर में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ है। यह सिर्फ एक कॉन्क्लेव नहीं है, बल्कि प्रदेश की तकनीकी-परक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में हमने दुनिया को मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी क्षमता से रूबरू करवाया था। यह कॉन्क्लेव उसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जहां हम “इरादों को निवेश में” और ‘नीतियों को क्रियान्वयन’ में बदल रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को हुए अभी 60 दिन ही हुए हैं और इस अल्प समय में टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हमारी ‘प्रॉमिस्ड डिलीवरी’ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के निवेश इरादों को ठोस निवेश में बदलना, राज्य में तकनीकी विकास के लिए सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना, नए आईटी पार्क, सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस, इनक्यूबेटर्स की स्थापना करना, प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं के लिए भूमि-पूजन कर आधारशिला रखना एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण करना, जीसीसी, आईटी, आईटीईएस सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन, और एवीजीसी-एक्सआर पर चर्चा करके इन नीतियों का सफल क्रियान्वयन कराना, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उद्योगपतियों के बीच विशेष बैठकें … Read more

रोजगार और कारोबार के साथ-साथ परिवार भी जिम्मेदारी से संभाल रही हैं महिलाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

कामकाजी महिलाओं के छात्रावास निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान: मुख्यमंत्री डॉ.यादव बहन-बेटियों की पढ़ाई और रोजगार में सुगमता के लिए हर संभव की जा रही हैं व्यवस्थाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव रोजगार और कारोबार के साथ-साथ परिवार भी जिम्मेदारी से संभाल रही हैं महिलाएं: मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने उज्जैन में आयोजित महिला केंद्रित रोजगार पर्व का भोपाल से किया वर्चुअली शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के कुल स्टार्ट-अप में से 45 प्रतिशत से अधिक की मालकिन महिलाएं हैं। ड्रोन दीदी के रूप में स्वसहायता समूह की बहनें नई पहचान बना रही हैं। शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण ने बहन-बेटियों को सफलता के नए पंख दिए हैं। प्रदेश में महिलाओं के नाम जमीन, दुकान और घर की रजिस्ट्री में अतरिक्त छूट मिल रही है, इससे बहनों के पास सम्पत्ति की शक्ति आई है। बहनों का मान तो बढ़ा ही है, घर के फैसलों में भी अब महिलाओं को महत्व मिल रहा है। यह सब संकेत समाज के सशक्त होने के संकेत हैं क्योंकि समाज का सशक्तिकरण महिलाओं में सशक्तिकरण के बिना अधूरा है। हम यदि अपने राज्य को प्रगति की राह पर आगे बढ़ता देखना चाहते हैं तो बहन-बेटियों को शिक्षा, उनके कौशल उन्नयन और उन्हें रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालिदास अकादमी, उज्जैन में सत्यज फाउंडेशन द्वारा आयोजित महिला केंद्रित रोजगार पर्व को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों को पढ़ाई और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए हर संभव व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कामकाजी महिलाओं के छात्रावास निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास के लिए कुल 27 हजार 147 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित है। इसमें छह साल में जेंडर बजट का आकार दोगना हो गया है। व्यापार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई प्रकार की रियायतें प्रदान की गई हैं। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि बहन -बेटियां रोजगार और कारोबार में अपने सभी कार्य जिम्मेदारी से संपादित कर रही हैं और परिवार भी संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बहन-बेटियों के जीवन के हर पड़ाव पर उनके साथ है। उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में रोजगार पर्व में विभिन्न कम्पनियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजागर राज्य मंत्री तथा उज्जैन जिले के प्रभारी गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव तथा पूर्व केंद्रीय डॉ. सत्यनाराण जटिया उपस्थित थे। कार्यक्रम में 25 से अधिक कम्पनियों ने सहभागिता की।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध

राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और आत्म सम्मान की रक्षा के लिये पूरी तरह से है प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ. इंदौर में 300 दिव्यांगजनों को बैटरीयुक्त ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण किये वितरित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने इंदौर में दिव्यांगजनों के हित में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 300 दिव्यांगजनों को कुल 749 बैटरीयुक्त ट्रायसिकल सहित अन्य तरह के सहायक उपकरणों का वितरण किया। जिला प्रशासन की पहल पर आईडीबीआई बैंक के सामाजिक दायित्व कार्यक्रम तथा भारतीय रेडक्रास सोसाइटी के वित्तीय सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारी सरकार उनका आत्मसम्मान बढ़ाने, उन्हें स्वावलंबी बनाने और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बैटरीयुक्त ट्राईसिकल  और सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ेगी और वे अधिक स्वतंत्रता के साथ सुविधाजनक रूप से अपने कार्यों को सहजता से कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निजी क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थानों से भी आह्वान किया कि वे दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दें जिससे कि वे समावेशी विकास का हिस्सा बनें। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को आसान और सम्मानजनक बनाने के लिए भविष्य में भी अनेक योजनाएँ लेकर आएगी। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव,विधायक महेन्द्र हार्डिया, रमेश मेंदोला,  श्रीमती मालिनी गौड़ तथा मनोज पटेल,सुमित मिश्रा, सावन सोनकर और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। दिव्यांगजनों को मिली यह सहायता  मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने इंदौर के 105 से अधिक दिव्यांगजनों को बैटरीयुक्त ट्राईसाइकिले नि:शुल्क प्रदान कीं। उन्होंने जिला प्रशासन, इंदौर द्वारा दिव्यांगजनों की निजी क्षेत्र में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए “दिव्यांग रोजगार पोर्टल” की भी शुरुआत की।   समारोह में 4 दिव्यांगजनों को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित इकाइयों में नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में 300 दिव्यांगजनों को 70 लाख 50 हजार रुपये से अधिक लागत के 105 मोट्रेड ट्राईसिकल,41 सामान्य ट्राईसिकल, 44 व्हील चेयर,154 डिजिटल हियरिंग एड (कान की मशीन) तथा 405 दिव्यांगजनों को अन्य सहायक उपकरण वितरित किये गये। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों का पुष्पवर्षा कर किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजनों का पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। दिव्यांगजनों को जीवन सुरक्षा हेतु हेलमेट भी दिये गये। समारोह का माहौल अत्यंत भावुक और उत्साहपूर्ण रहा। दिव्यांगजनों के चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मविश्वास झलक रहा था। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और विशेष सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई थी। तेज गर्मी को देखते हुये दिव्यांगजनों के लिये वातानुकूलित व्यवस्था भी की गयी थी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा ट्राईसिकल वितरण के समय कई दिव्यांगजन भावुक हो उठे और पूरे वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो गया। लाभार्थियों का है यह कहना कार्यक्रम में बैटरीयुक्त ट्राईसिकल प्राप्त करने वाले  भागीरथपुरा के लक्ष्मण रावल ने कहा कि के एम.वाय.अस्पताल में सेवा भारती में कार्य करते है। उन्हें अपने घर से कार्य स्थल तक पहुंचने में बहुत परेशानी थी। अब यह बैटरीयुक्त ट्राईसिकल मिल गयी है। इससे बेहद सुविधा होगी। आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। समय भी बचेगा। बिजलपुर निवासी सुरेश काशीमा ने कहा कि मैं फूल माला बनाने का काम करता हूं। मुझे फूल माला बेचने के लिये जगह-जगह जाना पड़ता था। हाथ से चलने वाली ट्राईसिकल थी। परेशानी होती थी, अब आसानी होगी और अपनी फूल माला आसानी से दुकानों पर पहुँचा पाऊंगा। आमदनी बढ़ेगी। इसी तरह पंडिताई करने वाले श्रीधर जोशी ने कहा कि पहले छोटी दूरी तय करने में भी कठिनाई होती थी, अब ट्राईसिकल से स्वतंत्रता का अहसास हो रहा है। मैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिल से धन्यवाद करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने 4 युवाओं को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कम्पनी में नौकरी के लिये नियुक्ति-पत्र सौंपे। इनमें रविन्द्र खराड़ी, ज्योति कोहली, मीना बालोदिया और अंकित वर्मा शामिल हैं। इन्हें टॉयस एण्ड ट्रीट्स कम्पनी में नौकरी मिली है। रोजगार पत्र प्राप्त करने वाली सुमीना बालोदिया ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा,पहली बार महसूस हो रहा है कि हमारी क्षमताओं को पहचाना गया है। अब मैं अपने सपनों को पूरा करने के और करीब आ गई हूँ।  

PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया को बढ़ावा दे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा PM मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर लाल बाग में स्वदेशी मेले का समापन समारोह संपन्न इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी का भाव भारत की आत्मा में रचा-बसा है। वर्षों पूर्व शुरू हुई स्वदेशी जागृति आज ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन इंडिया’ जैसे अभियानों के रूप में देश को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विचार पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है, जो अत्यंत गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  लालबाग परिसर में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने समय-समय पर अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन स्वावलंबन और स्वदेशी की भावना कभी क्षीण नहीं हुई। हमें इस भावना को और सशक्त बनाना है ताकि भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने महेश्वर जैसे स्थान पर स्थानीय कारीगरी और वस्त्र निर्माण को प्रोत्साहित कर स्वदेशी विचार को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। समारोह में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्रा, स्वदेशी मेला प्रमुख योगेश मेहता एवं सिख समाज के बाबा तेजा सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। समारोह में सिकल सेल बीमारी के प्रति जागरूकता हेतु एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। विभिन्न संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान भी किया गया।  

‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए वर्ष 2024-25 में किये गए नवाचारों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गये

भोपाल शासकीय सेवाओं में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार)’ प्रदान किया जाता है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए वर्ष 2024-25 में किये गए नवाचारों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गये हैं। आवेदन वेबसाइट www.awards.mp.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन किये जा सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। शासकीय सेवाओं में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यों को बढ़ावा देने प्रदान किये जाने वाले वार्षिक ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार)’ के लिए प्रदेश के शासकीय और सार्वजनिक संस्थानों के अधिकारी-कर्मचारी एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक किये गए नवाचारों के आधार पर आवेदन कर सकेंगे। पुरस्कार के लिए राज्य शासन के विभाग एवं उनके अधीनस्थ कार्यालयों के उल्लेखनीय नवाचारों को मान्यता दी जाएगी। पुरस्कार के लिए ऐसे कार्यों का चयन किया जाएगा, जिनसे जनसेवा में गुणवत्ता, दक्षता और नवाचार दृष्टिगोचर होता हो। चयन के मुख्य क्षेत्र मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार) महिला एवं बाल विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक समावेशन और समावेशी विकास के क्षेत्र में किये गये नवाचारों को प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक चयनित प्रविष्टि को एक लाख रूपये का नगद पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के विषय में अधिक जानकारी के लिए सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल, मध्यप्रदेश से संपर्क किया जा सकता है। संबंधित सूचनाएं वेबसाइट www.awards.mp.gov.in पर भी प्रकाशित हैं।  

आज एमपी टेक ग्रोथ कान्क्लेव का शाम 5 बजे उद्घाटन करेँगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर उद्योग, निवेश और रोजगार के साथ आज  इंदौर में विकास की नई इबारत लिखने जा रही है। आज होने वाले एमपी टेक ग्रोथ कान्क्लेव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।  ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में प्रशासनिक अधिकारियों ने दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया। यह आयोजन प्रदेश के विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कान्क्लेव में देश के आईटी उद्यमों, स्टार्टअप्स, यूनिकॉर्न कंपनियों और इनोवेशन हब्स के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन स्थल पर अत्याधुनिक तकनीकी प्रदर्शनियों, पैनल चर्चाओं और स्टार्टअप पिचिंग सेशन्स का आयोजन भी किया जाएगा। शाम 5 बजे उद्घाटन सत्र शाम 5 बजे मुख्यमंत्री कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय दुबे प्रजेंटेशन के माध्यम से मप्र में निवेश के अवसर और संभावनाओं की जानकारी देंगे। इसके बाद प्रमुख उद्योगपतियों को उद्बोधन होगा और फिर मप्र में होने वाले निवेश प्रस्तावों की जानकारी दी जाएगी। अंत में मुख्यमंत्री मोहन यादव कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। एमपी टेक ग्रोथ कान्क्लेव के पहले दिव्यांगजनों को उपकरण देंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिव्यांगजनों के उपकरणों का वितरण 27 अप्रैल को शाम 4 बजे ब्रिलियंट कन्वेशन सेन्टर स्कीम नम्बर 78 विजय नगर में करेंगे। यह आयोजन आईडीबीआई बैंक के सीएसआर एक्टिविटी तथा भारतीय रेडक्रास सोसायटी के सहयोग से किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि इस आयोजन के सुचारू संचालन के लिए नगर निगम आयुक्त सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदि को विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं।

मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में जारी करेंगे 4 नई टेक-पॉलिसीज के लिए गाइडलाइन्स

 इंदौर मध्यप्रदेश को टेक्नोलॉजी और डिजिटल नवाचार का केन्द्र बनाने के उद्देश्य से आयोजित  ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 अप्रैल को इंदौर के ‘ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर’  में करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि कॉन्क्लेव देश-दुनिया के टेक दिग्गजों के लिए निवेश का स्वर्णिम अवसर सिद्ध होगा। राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का ये कॉन्क्लेव आयोजन जीआईएस-भोपाल में आए निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप देने का महत्वपूर्ण प्रयास है। ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव’ प्रदेश का पहला पूर्णतः सेक्टर आधारित टेक-कॉन्क्लेव होगा, जो हाल ही में आयोजित जीआईएस-भोपाल में आये निवेश प्रस्तावों को धरातल पर साकार करने का मंच बनेगा। कार्यक्रम में Google, Microsoft, NVIDIA जैसी बिग-टेक कंपनियों सहित 300 से अधिक तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योगपति, नीति निर्माता और निवेशक शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर प्रदेश की चार नई तकनीकी नीतियों –GCC नीति, ड्रोन नीति, सेमीकंडक्टर नीति एवं AVGC-XR नीति की गाइडलाइन्स जारी करेंगे।यह नीतियां नवाचार, अनुसंधान और निर्माण को प्रोत्साहित कर प्रदेश में क्षेत्रीय स्तर तक तकनीकी उद्य्मिता और क्षमताओं को नई ऊँचाइयाँ देंगी। कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए IT पार्क, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स और स्टार्ट-अप इन्क्यूबेटरों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और इन्क्यूबेशन हब का शुभारंभ करेंगे, प्रमुख निवेशकों के साथ एमओयू और आवंटन-पत्रों पर हस्ताक्षर करेंगे और इंवेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। इस पोर्टल से निवेशकों को प्रोजेक्ट्स की रियल-टाइम ट्रैकिंग और एकल खिड़की की सुविधा मिलेगी। कॉन्क्लेव में सेक्टर-स्पेसिफिक राउंड टेबल मीटिंग्स, सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार बोर्ड से वीसी संवाद और मुख्यमंत्री की टेक-लीडर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें भी कॉन्क्लेव का हिस्सा होंगी। ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ मध्यप्रदेश को भविष्य के डिजिटल भारत में अग्रणी बनाने और जीआईएस-भोपाल की निवेश प्रतिबद्धताओं को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक पहल सिद्ध होगी।  

CM यादव ने राज्य के औद्योगिक परिवेश को धरातल पर परिवर्तित करने के लिए एक दूरदर्शी और व्यापक रणनीति अपनाई

CM यादव ने राज्य के औद्योगिक परिवेश को धरातल पर परिवर्तित करने के लिए एक दूरदर्शी और व्यापक रणनीति अपनाई   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने औद्योगिक विकास के जिस पथ को अपनाया है, उसने राज्य को निवेशकों के लिए भारत के सबसे भरोसेमंद और आदर्श स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है। ‘विकसित भारत@2047’ के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के औद्योगिक परिवेश को धरातल पर परिवर्तित करने के लिए एक दूरदर्शी और व्यापक रणनीति अपनाई है। इस रणनीति के प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिये ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव्स’ आयोजित की गई। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रीवा, सागर और शहडोल में हुई आरआईसी में मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवेशकों और उद्योगपतियों से सीधा संवाद किया, जिससे जिला स्तर पर औद्योगिक जागृति और विश्वास का माहौल बना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई, पूणे, बेंगलुरु, कोलकाता, कोयंबटूर, दिल्ली के साथ-साथ जापान, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम जैसे अन्तर्राष्ट्रीय स्थलों पर निवेशकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर राज्य की संभावनाओं को राष्ट्रीय वैश्विक पटल पर भी प्रस्तुत किया। साथ ही परिणामस्वरूप, प्रदेश में निवेशकों की संख्या और उनकी प्रतिबद्धताओं में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इस कड़ी का सबसे बड़ा उदाहरण ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025’ रहा, जिसमें 60 से अधिक देशों के 100+ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 25,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियों का शुभारंभ किया गया, जिसने प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा दी। 330 से अधिक इकाइयों का भूमि-पूजन/लोकार्पण, 1,070 से अधिक भूमि आवंटन पत्र वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में वर्ष 2024-25 के दौरान प्रदेशभर में 330 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन अथवा लोकार्पण किया गया, जिससे निवेश प्रस्ताव अब मात्र कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर साकार हो रहे हैं। इसके साथ ही 1,070 से अधिक उद्योगों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए गए हैं, जिससे परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव धार में पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क, उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण क्षेत्र और मुरैना के सीतापुर में मेगा लेदर एवं फुटवियर क्लस्टर जैसी परियोजनाएं मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का प्रमाण हैं। पीथमपुर और भोपाल में 2 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क का निर्माण भी प्रदेश को लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। महिलाओं को केंद्र में रखकर समावेशी औद्योगिक विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच समावेशी विकास की है। इसी सोच के तहत इंदौर, उज्जैन, पीथमपुर, भिंड, रायसेन, झाबुआ, सिंगरौली और धार जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के लिए 8 आधुनिक छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। इससे उन्हें सुरक्षित और अनुकूल कार्य वातावरण मिल सके। नियमों में सुधार से ‘विश्वास आधारित शासन व्यवस्था’ की ओर कदम ‘मध्यप्रदेश जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम-2024’ के माध्यम से राज्य के 8 कानूनों की 64 धाराओं को अपराधमुक्त कर व्यापारिक समुदाय को एक बड़ी राहत दी गई है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उस सोच को प्रतिबिंबित करती है, जिसमें शासन ‘विश्वास’ को मूल में रखकर कार्य करता है, न कि संदेह के आधार पर। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ से होगा हर जिले में विकास और रोजगार का विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत एमएसएमई को मजबूती, युवाओं को प्रशिक्षण, स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा और हर जिले में औद्योगिक अवसरों का सृजन सुनिश्चित किया जा रहा है। इंदौर में 27 अप्रैल को ‘आईटी कॉन्क्लेव’ से इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है और अब कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल, पर्यटन एवं ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विशेष सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं को और अधिक बल मिलेगा। निवेश से समृद्धि की ओर औद्योगिक विकास का यह सिलसिला न केवल निवेशकों के लिए लाभदायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि इससे प्रदेश में रोजगार के हजारों अवसर सृजित हो रहे हैं, युवा वर्ग को नई दिशा मिल रही है और क्षेत्रीय असंतुलन दूर होकर समावेशी विकास को बल मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब नीतियों, संरचना और कार्यान्वयन के तीनों मोर्चों पर एक मजबूत, आधुनिक और निवेशकों का प्रथम पसंद बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। यह न केवल एक विकास यात्रा है, बल्कि ‘विकसित मध्यप्रदेश’ की ओर उठाया गया ठोस और निर्णायक कदम है।  

भोपाल के इतिहास, विरासत से अब तक की प्रगति को भी शामिल किया गया शो में, सप्ताह में तीन दिन शो होगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पहलगाम की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, आतंकवादियों को जवाब मिलेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहलगाम घटना में दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि दी भोपाल के इतिहास, विरासत से अब तक की प्रगति को भी शामिल किया गया शो में, सप्ताह में तीन दिन शो होगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाइट एंड साउंड शो में दिखा सेना का शौर्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय सेना को परमात्मा का भी आशीर्वाद प्राप्त है जो हर तरह की अव्यवस्था को सुव्यवस्था में बदल सकती है। हाल ही में पहलगाम में हुई घटना से सभी का मन विचलित और व्यथित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज भोपाल के एयर पोर्ट रोड पर द्रोणांचल परिसर स्थित योद्धा स्थल में लाइट एण्ड साउंड शो के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह शो प्रत्येक शुक्रवार, शनिवार और रविवार की शाम को होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवता के दुश्मनों द्वारा पहलगाम में किए गए कायराना हमले में दिवंगत सभी पर्यटकों को श्रद्धांजलि दीं। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर अधर्म करने वालों को निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और हमारी सरकार जहां उनका मुकाम है वहां पहुंचाकर छोड़ेगी। इस घटना के बाद पूरा देश एकजुटता के साथ इस नृशंस हत्या कांड के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। पूरे देश को शुरू से सेना के प्रति आशा और उम्मीद की किरण दिखाई देती है। यह हम सबका सौभाग्य है कि हमारी सेना हमेशा असंभव को संभव करके दिखाती है। हमारे जवान किसी भी स्थिति में स्वर्ग रचने का काम करते हैं, वे दुश्मनों के लिए काल, विकराल और महाकाल बनकर वीरता के झंडे गाड़ते हैं। अद्भुत है लाइट एंड साउंड शो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाइट एंड साउंड शो की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें पाषाण युग से लेकर अब तक के अतीत को और समस्त घटनाओं को श्रेष्ठ ढंग से संयोजित किया गया है। यह स्थान श्रद्धा के भाव से हमें भर देता है। भोपाल का इतिहास भी शो का हिस्सा बना है। यह लाइट एंड साउंड शो सेना के शौर्य से परिचित करवाकर युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैसे तो पर्यटन विभाग लाइट एंड साउंड शो करता है लेकिन सेना का यह प्रयास सराहनीय है। यह गौरव का क्षण है। योद्धा स्थल सहित विभिन्न स्मारक राजधानी का गौरव बढ़ा रहे हैं।यह सिलसिला निरंतर चल रहा है। प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में सेना के प्रयास सराहनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में सेना के प्रयासों की भी सराहना की। राज्य सरकार सेना के ऐसे प्रयासों में पूर्ण सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वेलनेस सेंटर ” निरामया” में शिरोधारा, पंचक्रम, हाइड्रो थैरेपी और ओजोन थैरेपी उपलब्ध रहेगी। कार्यक्रम में आयुष, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार,संगठन पदाधिकारी महेंद्र सिंह, रविंद्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रगति, राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं: लेफ्टिनेंट जनरल प्रीतपाल सिंह 21वीं कोर हेड क्वार्टर के लेफ्टिनेंट जनरल प्रीतपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव अनेक क्षेत्रों में प्रगति के लिए कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उनकी प्रतिबद्धता दिखाई देती है। सैनिक कल्याण और पूर्व सैनिकों के हित में प्रदेश में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में अनेक सड़कों के निर्माण की स्वीकृति भी दी है जिसमें सेना के कार्यालयों और रहवास क्षेत्र को भी लाभ मिल रहा है, जो कार्य अनेक वर्ष से लंबित थे वे पूर्ण हो रहे हैं। लालघाटी क्षेत्र से सड़क द्वारा अन्य इलाके जुड़े हैं। मैराथन हो या लाइट एंड साउंड शो प्रारंभ करने के प्रयास हों, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के रूझान से यह गतिविधियां हो रही हैं। प्रीतपाल सिंह ने कहा कि प्रगति से सेना सशक्त होगी। राष्ट्रीय सुरक्षा में सेना, पुलिस और नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।  

CM यादव ने कहा विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इन्वेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इन्वेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उज्जैन में आईटी पार्क के द्वितीय चरण का कार्य समय सीमा निर्धारित कर पीपीपी मोड पर तत्काल आरंभ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएसआईडीसी) के संचालक मंडल की बैठक में निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक कम्पनियों को दीर्घकालीन, अल्पकालीन ऋण, पूंजीगत सब्सिडी आदि के रूप में दी जाने वाली वित्तीय सहायता के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए ऋणों की वसूली की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कार्पोरेशन के प्रबंधकीय तथा लेखा संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।  

नारायणगंज ने राष्ट्रीय स्तर पर एक करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि की अर्जित, नीति आयोग ने की सराहना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंडला जिले का नारायणगंज विकासखंड जमीनी स्तर पर समावेशी और परिणाम आधारित विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। समग्र विकास के प्रमुख मानकों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नारायणगंज ने राष्ट्रीय स्तर पर एक करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि अर्जित की है। यह स्थानीय शासन की सक्रियता, समुदाय की भागीदारी और सटीक कार्यान्वयन का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नीति आयोग ने नारायणगंज के इस नवाचार, समर्पण और समन्वय को विशेष रूप से सराहते हुए इसे सामूहिक उत्तरदायित्व और सुशासन का एक आदर्श उदाहरण बताया है। नारायणगंज की उपलब्धि के मूल में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, बाल विकास, शिक्षा और कृषक कल्याण जैसे क्षेत्रों में किया गया निरंतर प्रयास रहा है। विकासखंड स्तर पर 98.66 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का शीघ्र एएनसी पंजीकरण सुनिश्चित किया गया। इससे सुरक्षित गर्भावस्था और नवजात स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिली। बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास को सशक्त बनाने की दिशा में आंगनवाड़ी केंद्रों पर 98.48 प्रतिशत बच्चों का नियमित विकास मापन किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में भी नारायणगंज ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक छात्रों के 100 प्रतिशत स्थानांतरण को संभव बनाया गया। किसान हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर 99.74 प्रतिशत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के लाभार्थियों की भूमि जानकारी सत्यापित कर आधार इनेबल्ड भुगतान प्रणाली से जोड़ा गया है। इससे पारदर्शिता और सटीकता दोनों सुनिश्चित हुई हैं। नीति आयोग ने कहा है कि यह सफलता दर्शाती है कि जब नीतियाँ समुदाय की वास्तविक ज़रूरतों से जुड़ती हैं, तो परिवर्तन न केवल संभव होता है, बल्कि स्थायी भी बनता है।  

मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री में देश में प्रथम स्थान पर

नरवाई जलाई तो नहीं मिलेगा सीएम किसान कल्याण योजना का लाभ, एमएसपी पर फसल उपार्जन भी नहीं करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वायु एवं मृदा प्रदूषण की रोकथाम के लिए सरकार का निर्णय एक मई से होगा लागू मध्यप्रदेश स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री में देश में प्रथम स्थान पर राजस्व महाअभियान 3.0 में 29 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का हुआ निराकरण मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में समय-समय पर राजस्व महाभियान चलाकर अधिकाधिक मामलों के निराकरण के दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है। फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों में वृद्धि होने से वायु प्रदूषण सहित कई प्रकार से पर्यावरण को बेहद नुकसान हो रहा है। खेत में आग लगाने से जमीन में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और भूमि की उर्वरक क्षमता में भी गिरावट आती है। इसके निदान के लिये राज्य सरकार पहले ही नरवाई जलाने को प्रतिबंधित कर चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके बाद भी यदि कोई किसान अपने खेत में नरवाई जलाता है तो उसे मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा नरवाई जलाने पर संबंधित किसान से अगले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल उपार्जन भी नहीं किया जाएगा। वे समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में राजस्व विभाग की समीक्षा में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, मृदा संरक्षण एवं भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के मद्देनजर राज्य सरकार का यह निर्णय एक मई से लागू होगा। शासकीय भूमि, कुएं, बावड़ियों एवं गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण हटाने के लिए चलाएं अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय भूमि, कुएं, बावड़ियों, तालाबों एवं गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती से विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी जल संग्रहण स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राजस्व अधिकारी अपनी महती भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सभी अमृत सरोवर, तालाब, बांध, नहर एवं अन्य जल संरचनाओं को राजस्व अभिलेखों में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए और अभियान में नहर, कुए और बावड़ियों जैसी जल संरचनाओं को पूर्णत: अतिक्रमण मुक्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नामांतरण और बंटवारा जैसे राजस्व से जुड़े कार्यों का तय समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन के प्रकरण प्राथमिकता के साथ निराकृत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करें। नामांतरण, बँटवारा आदि मामलों का निराकरण समय सीमा में निरंतर होता रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाए। साइबर तहसील परियोजना से मिल रहा बड़ा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजस्व सहित सभी विभाग डिजिटाइजेशन की दिशा में अग्रसर है। इसका सीधा लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है, उन्हें अब जरूरी कार्यों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता है। मध्यप्रदेश की साइबर तहसील परियोजना इसी दिशा में किया गया एक नवाचार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार” देकर इसकी सराहना की है। उन्होंने बताया कि साइबर तहसील के सकारात्मक परिणाम मिले हैं और किसानों सहित सभी नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। साइबर तहसील 1.0 में अब तक 1 लाख 56 हजार 700 से अधिक और साइबर तहसील 2.0 में अब तक 1 लाख 19 हजार से अधिक प्रकरण निराकृत किए जा चुके हैं। साइबर तहसील 3.0 में भी 26 जनवरी 2025 तक नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा, तरमीम और सीमांकन के 7 लाख प्रकऱण दर्ज हुए हैं। पहले 2 चरणों में 80 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, नक्शा संशोधन जैसे राजस्वगत कार्यों की पेंडेंसी जल्द से जल्द खत्म की जाए। राजस्व महा अभियान को मिला बेहतर रिस्पांस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चलाए गए तीन राजस्व महा अभियानों को बेहतर रिस्पांस मिला है। उन्होंने बताया कि गत 15 नवम्बर से 26 जनवरी 25 तक चले राजस्व महाअभियान 3.0 में 29 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण दर्ज किया गया है। इसके बेहतर परिणामों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को राजस्व महा अभियान वर्ष में दो बार संचालित किए जाने पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में राजस्व महाअभियान की सफलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ जैसे अन्य राज्यों ने भी इसे लागू किया है। यह हमारे लिये गौरव की बात है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत 88 प्रतिशत संपत्तियों का अधिकार अभिलेख वितरण कार्य पूरा बैठक में बताया गया कि राजस्व विभाग के नवाचारी प्रयासों के तहत तैयार की गई स्वामित्व योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। बताया गया कि स्वामित्व योजना में प्रदेश में ग्रामीण आबादी में निजी लक्षित सम्पत्तियों की संख्या लगभग 45.60 लाख है। इनमें से लगभग 39.63 लाख निजी सम्पत्तियों का अधिकार अभिलेख वितरित कर दिया गया है, योजना का 88 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जून 2025 तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री के लिए विशेष कैंप एवं स्थानीय युवाओं का सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 80 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं, यह कार्य भी जून 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। 85 लाख किसानों को मिल रहा है सम्मान निधि का लाभ राज्य सरकार ने फरवरी 2019 के बाद नए भू-धारकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया है। इस योजना में केंद्र सरकार हर वर्ष पात्र किसानों को 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करती है। मार्च 2025 तक प्रदेश के 85 लाख से अधिक हितग्राहियों को 28 हजार 800 करोड़ रुपए राशि वितरित की जा चुकी है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से भी पात्र मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में किसानों को 6 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। वर्ष 2020 से लागू इस योजना में अब तक प्रदेश … Read more

उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर

युवा कुंभ आयोजित कराएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साल में एक बार वरिष्ठ वैज्ञानिकों को बुलाएं, विज्ञान के विद्यार्थियों से कराएं उनका संवाद सामान्य ज्ञान की संभागवार कराएं प्रतियोगिता उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति को मार्गदर्शन देने के लिए प्रदेश के युवाओं का कुंभ कराया जाए। इसे ज्ञान महाकुंभ नाम दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष में कम से कम एक बार महाविद्यालयों में बड़े वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाए और विद्यार्थियों के साथ उनका जीवंत संवाद एवं समूह चर्चा आयोजित की जाए। इससे युवाओं के विज्ञान और तकनीक संबंधी ज्ञान में वृद्धि होगी। युवाओं में सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रदेश के हर संभाग में सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता कराएं। इससे हमारे युवा देश-दुनिया में हो रहे नवाचारों और नई जानकारियों से अवगत होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों की स्टेट लेवल पर ग्रेडिंग कराई जाए और तीन श्रेणियों में क्रमश: सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय, सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में पुरस्कृत करने की परम्परा भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। रोजगारपरक शिक्षा और शोध कार्यों को दें प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को भारतीय ज्ञान परम्पराओं पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा दिए जाने पर जोर देते हुए कहा कि महाविद्यालयों में शोध केंद्र स्थापित कर शोध कार्यों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ऐसे क्षेत्रों में, जहां नए महाविद्यालय खोलने की अत्यंत आवश्यकता है, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में, अधिकाधिक महाविद्यालय खोले जाएं। इससे जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को निकट स्थान पर उच्च शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के संदर्भ में वर्ष 2021-22 में हुए अखिल भारतीय सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) अखिल भारतीय औसत से अधिक आया है। इस क्षेत्र में अखिल भारतीय सकल नामांकन अनुपात 28.4 प्रतिशत है, जबकि मध्यप्रदेश 28.9 प्रतिशत आया है। उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रयासों का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों के 1282 गोद लिए गए गाँवों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों को जनजागरूकता गतिविधियों से जोड़ा गया है। प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं और जारी वित्त वर्ष में 100 नए शोध केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है। प्रदेश के 27 महाविद्यालयों को स्वशासी महाविद्यालय का दर्जा एवं 8 स्वशासी महाविद्यालयों को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने का प्रस्ताव है। साथ ही 23 जिला मुख्यालयों में नए विधि महाविद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य भी तय किया गया है। अधिकाधिक महाविद्यालयों में संचालित करें बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अधिकाधिक महाविद्यालयों में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं। इससे विद्यार्थियों की कृषि एवं कृषि आधारित प्र-संस्करण उद्योगों में रूचि बढ़ेगी। इस तरह का नवाचार करने के मामले में मध्यप्रदेश को मॉडल स्टेट बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए अब तक चयनित हुए सभी महाविद्यालयों में इसी सत्र से बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम की पढ़ाई प्रारंभ करें। प्रदेश के सभी 55 जिलों प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं, इनमें से 37 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालयों एवं 5 विश्वविद्यालयों में 7 प्रकार के रोजगार आधारित डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में करीब 1200 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। दो शिफ्ट में कॉलेज लगाने के निर्देश, सेमेस्टर सिस्टम भी जारी रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को महाविद्यालयों में दो शिफ्ट में अध्यापन कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम भी आवश्यकतानुसार जारी रहे। इससे विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के शिक्षा पूरी करने में आसानी होगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि हम विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति को उनके क्रेडिट स्कोर से जोड़ रहे हैं, इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ रही है। शासकीय विश्वविद्यालयों में म.प्र. लोक सेवा आयोग से ही कराएं प्राध्यापकों की भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमउत्कृष्टता महाविद्यालयों में अब तक की प्रगति और विकास की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में प्राध्यापकों की भर्ती म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के अंतर्गत सेमेस्टर के माध्यम से परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की टास्क फोर्स/शीर्ष समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन करें। विश्व बैंक प्रोजेक्ट में महाविद्यालय में कंप्यूटर लैब और अन्य सभी जरूरी विकास कार्य कराए जाएं। विकसित मध्यप्रदेश@2047 बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में हम विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की ओर अग्रसर हैं। राज्य सरकार द्वारा युवाओं में उद्यमशीलता बढ़ाने के लिए नए पाठ्यक्रम संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने साम्यता एवं पहुंच, शोध एवं नवाचार, उन्नत तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों, महाविद्यालयों, संस्थाओं एवं शिक्षण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के मानक बिंदु तय कर लिए हैं। हम तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तेजी से अग्रसर हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत वरवड़े सहित अन्य सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय के 1500 कर्मचारियों को अप्रैल से ही मिलेगा भत्ता, लाभान्वित होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय के कर्मचारियों को अप्रैल के वेतन में ही बढ़ा हुआ भत्ता दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को सचिवालय (मंत्रालय) भत्ते में वृद्धि के आदेश जारी कर दिए। इससे मंत्रालय के लगभग 1500 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। बता दें कि मंत्रालय भत्ता एक जुलाई 2013 के बाद से नहीं बढ़ाया गया था। वाहन एवं विकलांग भत्ता का आदेश जारी करना भूला वित्त विभाग वित्त विभाग ने कैबिनेट निर्णय के बाद बढे हुए भत्ते देने के आदेश तो जारी कर दिए लेकिन वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ते के आदेश जारी करना भूला गया। राज्य सरकार एक अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों के गृह भाड़ा भत्ता स्थाई यात्रा भत्ता अनुग्रह भत्ता दोहरा कार्य भत्ता अव्यवसायिक वाहन भत्ता विकलांग भत्ता वृद्धि करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद तीन अप्रैल को वित्त विभाग ने वाहन भत्ता 200 से 384 एवं विकलांग भत्ता 350 से 675 करने के आदेश को छोड़कर उक्त अन्य सभी भत्तों का लाभ एक अप्रैल 2025 से प्रदेश के कर्मचारियों को मई के वेतन से देने का आदेश जारी कर दिया। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि अप्रैल माह समाप्ति की ओर है 13 साल से जो भत्ते नहीं बढ़ाए गए थे कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश जारी न होने पर अप्रैल के वेतन में इनका लाभ मिलना प्रतीत नहीं हो रहा है। महामंत्री तिवारी ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने किया था सुंदरकांड मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने सचिवालय भत्ते के आदेश जारी होने पर हनुमानजी महाराज और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने शासन में लंबित मांगों पर कोई निर्णय न होने से थक हारकर मंत्रालय परिसर स्थित मंदिर में हनुमान जी महाराज के चरणों में मांगपत्र रखकर सुंदर कांड पाठ किया था। नायक ने कहा कि हनुमान जी महाराज ने मंत्रालयीन अधिकारियों कर्मचारियों की पीड़ा को सुना और उसके बाद से ही कर्मचारी समस्याओं के निराकरण के समाचार आना शुरू हुए यानी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि पदोन्नतियां जल्दी की जाएंगी। नायक ने कहा कि लंबित भत्तों का पुनरीक्षण हुआ, गृह भाड़ा भत्ता बढ़ा,  सचिवालय भत्ते में वृद्धि के आदेश भी जारी हो गए। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि पदोन्नति का आदेश जारी होने के बाद सभी आदेशों को हनुमान जी महाराज के चरणों में समर्पित किया जाएगा और बाकी मांगों के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करने के लिए पुनः सुंदर कांड और हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा।

भोपाल में आतंकवादियों के खिलाफ मुस्लिम समाज का फूटा गुस्सा, पुतला फूंककर लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

भोपाल भोपाल आज बुधवार दोपहर में वक्फ बोर्ड परिसर में पाकिस्तान का पुतला दहन किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संपूर्ण कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हे और वहां हमारे हिन्दू भाइयों के आस्था केंद्र धार्मिक स्थल भी हैं। कश्मीर का मुसलमान भी इन धार्मिक स्थलों की यात्रा में सदैव हिन्दू भाइयों का सहयोगी रहा है। निर्दोष यात्रियों के कत्लेआम से शेष भारत का मुस्लिम समुदाय भी आहत हुआ है। मध्यप्रदेश में भी लोगों ने आतंकवादियों की इस कायराना हरकत की निंदा की है। भोपाल में जय हिंद सेना ने भारत माता चौराहे पर प्रदर्शन किया, तो मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला जलाया। भोपाल के चार बत्ती चौराहे पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ‘आतंकवाद मुर्दाबाद’ और ‘मोदी जी 56 इंच का सीना दिखाना होगा’ जैसे नारे लगाए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। इस कुकृत्य का मुंहतोड़ जवाब आतंकियों को जरूर मिलेगा। पूर्व सीएम कमलनाथ और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी इस हमले की निंदा की है। सीएम बोले- आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब मिलेगा सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ कायराना आतंकी हमला घोर निंदनीय है। इस कायराना और अमानवीय कृत्य में कई निर्दोष लोगों की जान गई है। मैं सभी दिवंगतों की पुण्यात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इस घृणित कृत्य में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि हमले में सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। गंजबासौदा में संगठन के लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला फूंका गंजबासौदा में बुधवार को पहलगाम में आतंकी हमले के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आतंकवाद और पाकिस्तान का पुतला जलाया है। इस दौरान बरेठ रोड स्थित संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय के पास ABVP के करीब 50-60 पदाधिकारी कार्यकर्ता एकत्रित हुए. अभाविप के जिला संयोजक बोले- आतंकवाद को खत्म करने का समय आ गया प्रदर्शन के दौरान अभाविप के जिला संयोजक शुभम सिंह ठाकुर ने कहा कि आतंकवाद और उसके समर्थकों को समाप्त करने का समय आ गया है। जब तक आतंक की जड़ प्रहार नहीं किया जाएगा, तब तक देश के निर्दोष नागरिक ऐसी घटनाओं का शिकार होते रहेंगे। ABVP कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ किया प्रदर्शन अभाविप के कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया और पाकिस्तान की आतंक समर्थक नीतियों की निंदा की। कार्यक्रम में अभाविप के कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और सभी ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई।

पाकिस्तान और दहशतगर्दों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत एकजुट: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में इंदौर निवासी सुशील नथानियल की असामयिक मृत्यु पर गहन शोक व्यक्त किया। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि सुशील नथानियल अलीराजपुर में एलआईसी कार्यालय में पदस्थ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि वे स्वयं इंदौर में नथानियल की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। प्रदेश सरकार हमले में घायल नथानियल की बेटी आकांक्षा की मदद के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है। दुख की इस घड़ी में सरकार मृतक के परिवार के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पूरा केंद्रीय नेतृत्व इस मामले पर पल-पल नजर रखे हुए हैं। कश्मीर में पर्यटकों पर हमला पाकिस्तान की कायराना हरकत है। यह घटनाक्रम पूरे देश पर वज्रपात के समान है। पाकिस्तान और उसके हिमायती दहशतगर्दों को इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरा देश एकजुट है।  

किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ई-लर्निंग के दौर में भी कम नहीं होगी पुस्तकों के अध्ययन की प्रासंगिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  पुस्तकें ज्ञान के भंडार के साथ-साथ हमारे लिए अनुभव, संवेदनाओं एवं प्रगति का प्रामाणिक दस्तावेज हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीं विश्व पुस्तक दिवस की शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पुस्तक दिवस (23 अप्रैल) पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकों का जीवन में बड़ा महत्व है, पुस्तकें ज्ञान के भंडार के साथ-साथ हमारे लिए अनुभव, संवेदनाओं एवं प्रगति का प्रामाणिक दस्तावेज हैं, जिनके अध्ययन से जीवन को सदैव नई दिशा मिलती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और ई-लर्निंग के दौर में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भावना और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दूरदर्शिता के अनुसार चिकित्सा और तकनीकी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई राष्ट्रभाषा में संचालित करने का अभियान चलाया है। यह नई पीढ़ी को पुस्तकों से जुड़ाव के लिए प्रेरित करेगा। इससे अध्ययन की प्रासंगिकता बनी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ और मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व पुस्तक दिवस पर पुस्तक मेला काफी प्रासंगिक है, प्रदेशवासी इसका लाभ उठाएं। उन्होंने पुस्तकों के अध्ययन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ई-लर्निंग के दौर में पुस्तकों के अध्ययन का आनंद सबसे जुदा है। किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं।  

प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एयर एम्बुलेंस सुविधा का होगा विस्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अस्पताल से घर तक पार्थिव देह ले जाने के लिए जिलों में उपलब्ध होंगे शव वाहन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए। कैंसर जैसे रोगों से ग्रस्त नागरिकों को आवश्यक उपचार सुविधाएं प्राथमिकता से दिलवाई जाएं। प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहित किया जाए। पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं जो प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा अस्पतालों से घर तक पार्थिक देह ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था जिलों से प्रारंभ होगी जिसका बाद में विकास खण्ड और तहसील स्तर तक विस्तार होगा। प्रदेश में एयर एम्बुलेंस सेवा को अधिक प्रभावी बनाते हुए गंभीर रोगियों के साथ ही दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल नागरिकों को भी सेवाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। जिला स्तर पर उपलब्ध होंगे शव वाहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने अस्पताल से पोस्ट मॉर्टम एवं मत्यु के अन्य मामलों में पार्थिव देह घर तक ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था प्रारंभ में जिला स्तर पर रहेगी। बाद में इस व्यवस्था को विकास खण्ड और तहसील तक विस्तार किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस सेवा बनाएंगे प्रभावी मुख्यमत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है जहां मरीजों के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। इस सुविधा का विस्तार इस तरह किया जाएगा कि किसी भी दुर्घटना स्थल पर भी एयर एम्बुलेंस को पहुंचाया जा सके। दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को चिकित्सक और कलेक्टर द्वारा निर्णय लेकर चिकित्सा संस्थानों तक भेजने की व्यवस्था की जाएगी। वर्तमान में एयर एम्बुलेंस सेवा में एक हेलीकाप्टर और एक एरोप्लेन उपलब्ध है। गरीब से गरीब नागरिक को इस सुविधा का लाभ देने का प्रयास है। भविष्य की आवश्यकताओं के दृष्टिगत राज्य के विभिन्न जोन निर्धारित कर इस सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। पीपीपी मोड पर नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं। गत वर्ष नीमच, मंदसौर और सिवनी में कॉलेज प्रारंभ किए गए। इस तरह के अन्य मेडिकल कॉलेज भी प्रारंभ होंगे। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। गंभीर रोगों की आसानी से जांच और उपचार हो इसके लिए यह व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रदेश में नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। अंगदान और देहदान को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में अंगदान की घोषणा करने वालों और देहदान का संकल्प लेने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। अंगदान से एक से अधिक रोगियों को लाभ मिलता है। देहदान से चिकित्सा विद्यार्थियों के लिये शल्य क्रिया की दृष्टि से पार्थिव देह की उपलब्धता संभव होती है। अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों एवं उनके परिजन को महत्वपूर्ण अवसरों पर सम्मानित किया जाए। सेवानिवृत्त चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाएं लेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि विभिन्न सेवानिवृत्त चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाएं विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में नागरिकों के उपचार में प्राप्त की जाएं। ‍नए मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के पदों को भरने की प्रक्रिया भी संचालित है। अनेक स्वास्थ्य योजनाओं की हुई समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था, मातृ शिशु संजीवनी कार्यक्रम, अनमोल 2.0 के माध्यम से माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य की शत प्रतिशत ट्रेकिंग और मानीटरिंग और आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन नीति 2025 के क्रियान्वयन, अस्पतालों के निरीक्षण, स्वास्थ्य संस्थाओं के भवनों के निर्माण, नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने, महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ कुपोषण समाप्ति के लिए संयुक्त प्रयास, स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार और आम जन को बेस्ट प्रैक्टिसेस से अवगत करवाने, टीकाकरण पल्स पोलियो अभियान, डे-केयर सेंटर के संचालन, मोबाइल मेडिकल यूनिट और नर्सिंग महाविद्यालयों के निर्माण से संबंधित चर्चा एवं समीक्षा की।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल ही पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का आधार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा जल संवर्धन अभियान की सफलता के लिए प्रदेश के नागरिकों से एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि जल ही पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का आधार है। इस की एक-एक बूंद सहेजने की आवश्यकता है। प्रदेश में 30 मार्च से शुरू हुआ जल गंगा जल संवर्धन अभियान का सिलसिला जन-सहभागिता से अब जन अभियान बन चुका है। श्योपुर में कलश यात्रा और भूमि पूजन तालाब के जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्योपुर की ग्राम पंचायत सोईकलां के ग्राम चिमलका में कलश यात्रा निकाल कर तालाब जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन के साथ श्रमदान किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने बताया कि जिले में जल गंगा3 संवर्धन अभियान के अंतर्गत 124 खेत तालाब तथा 12 अमृत सरोवर बनाए गए हैं। पूर्व से संचालित 1860 कार्यो में से 960 को तीन माह में पूर्ण किया जाएगा। सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि श्योपुर विकासखण्ड में अभियान के तहत 46 रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, 24 खेत तालाब, 8 परकोलेशन टेंक, 18 तालाब, 3 कुओं का जीर्णोद्धार, 11 रिचार्ज शाफ्ट, 2 लीज पिट, 38 सोकपिट सहित कुल 150 कार्य लिये गये है। राजगढ़ में जल की एक-एक बूंद सहेजने प्रशासन और नागरिक चला रहे श्रमदान महा-अभियान जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में एक-एक जल संरचना का जीर्णोद्धार कर उनमें बरसात के एवं सतही पानी को सहेजने की मुहिम जारी है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा निर्देश पर जिले के 25 गांवों में स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान अभियान चलाया गया। इस महाअभियान में महराजपुरा, बटेरिया, दोगडा, पडलिया, चिबडकलां, चाठा, रावतपुरा, डोबी, डालूपुरा, धामनिया, नारायण घटा, मंगलपुरा, भीलाखेडी, महुआबे, माधवपुरा, सुवाडेही, सादलपुर,  लक्ष्मणपुरा, काचरी, कडकपुरा, बावडीखेडा, तुमडियाखेडी, सलेपुर, बरखेडा खुर्रम और पिपलिया पाल में स्थित तालाब, परकोलेशन टेंक, कुएं एवं बावडियों की श्रमदान से साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार का कार्य किया गया। अलीराजपुर में जल गंगा गंगा संवर्धन जन-सहभागिता से जल संरक्षण का अभियान कलेक्टर डॉ. अभय अरविंद बेडेकर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर सिंह के निर्देशन में जल गंगा संवर्धन के अंतर्गत जोबट तहसील के ग्राम बड़ा गुड़ा स्थित प्राचीन बावड़ी के जीर्णोद्धार का शुभारंभ हुआ। कलेक्टर डॉ. बेडेकर ने जोबट के ग्राम किला जोबट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर की प्राचीन बावड़ी का भी निरीक्षण कर इसके भी जीर्णोद्धार के शुभारंभ का निर्देश दिया। कटनी में सीएमसीएलडीपी विद्यार्थियों ने की सिमरार नदी घाट की सफाई कटनी में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद के सहयोग में जुटे विद्यार्थियों ने छपरवाह स्थित सिमरार नदी के घाट की सफाई कर नदी मे वर्षा जल के अविरल प्रवाह को सुनिश्चित किया। अभियान में जन भागीदारी के साथ प्राकृतिक एवं अन्य जल स्रोतों की सफाई का काम 30 मार्च से निरंतर जारी है। नदी और दूसरे जल स्त्रोतों की सफाई में महेश राजपूत, सत्येंद्र प्यासी, सतीश त्रिपाठी, अनामिका पांडेय, रोशनी कुशवाहा, पूजा सेन, प्रेमलता सोंधिया, द्रोपदी पटेल, अर्चना गड़ारी और छन्नूलाल राय शामिल हुए। जल गंगा संवर्धन अभियान के क्रियान्वयन में सीधी प्रदेश में चौथे स्थान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार सीधी जिले में जल गंगा जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत चिन्हित कार्यों को पूरा करने, पूर्व से प्रचलित कार्यों को पूर्ण कराने और नागरिकों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिये प्रयास निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री अभियान की नियमित समीक्षा भी कर रहे हैं। अभियान के क्रियान्वयन में अब तक सीधी राजगढ़, सिवनी तथा निवाड़ी जिलों के बाद सीधा चौथे स्थान पर चल रहा है। है। मऊगंज में तालाबों का जीर्णोद्धार जल गंगा जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत मऊगंज की ग्राम पंचायत झलवार के पुटपरिहा तालाब में जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत गौरी तथा ग्राम पंचायत रजिगवां में खेत तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। अभियान के तहत सिरमौर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बमरहा में परकोलेशन टैंक का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत तड़ौरा में स्टॉपडैम का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत रामनई के महादेव तालाब की साफ-सफाई और गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है।  

मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में आर्थिक सहायता एवं सामूहिक विवाह कार्यक्रम की स्वीकृति टाइगर रिजर्व बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस योजना में कन्या तथा कन्या के अभिभावकगरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करने वाले होने पर उन बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इनका बी.पी.एल. पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य होगा। कन्या विवाह तथा निकाह सम्मेलन कैलेण्डर जारी कर संभागवार वार्षिक चक्रीय रूप से आयोजित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना में प्रति कन्या राशि 55 हजार रूपये में से वधू को राशि रूपये 49 हजार का एकाउन्ट पेयी चेक और शेष 6 हजार रुपये सामूहिक विवाह समारोह आयोजन के लिए संबंधित निकाय को प्रदाय किया जायेगा। सहायता राशि रुपये 49 हजार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से वधू के खाते में एवं शेष 6 हजार रूपये आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय के लिए प्रदाय की जायेगी। संभागवार जिलों मे आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित विवाह जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 एवं अधिकतम 200 जोड़ों की संख्या निर्धारित की जायेगी। योजना में सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलनों में प्राप्त आवेदनों की स्क्रूँटनी पूर्व अनुसार निकाय स्तर पर की जायेगीं। पात्र/अपात्र एवं समग्र पोर्टल पर वर-वधू की आधार ई-केवायसी अनिवार्य होगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के लिये शासन की ओर से मिलने वाले आर्थिक लाभ को सार्थक बनाने का प्रयास करते हुये आयोजन में जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर समाज के संपन्न और सक्षम व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त किया जायेगा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 के लिए नवीन योजना “टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास” के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गयी। इस योजना में बफर क्षेत्रों में संवेदनशील क्षेत्रों में विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इस नवीन योजना में बफर क्षेत्रो में संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग का निर्माण किया जाएगा। वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। चारागाहों एवं जल स्त्रोतों का विकास किया जाएगा। वन्य प्राणियों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। नागरिकों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है।  

ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में नदी, खेत तालाब, पोखर सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य चल रहा है। सभी जिलों में जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री अपने-अपने स्तर पर 90 दिन तक चलने वाले इस अभियान का हिस्सा बने और अपना योगदान दें। आगामी 30 जून तक जारी रहने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में अमृत सरोवरों का भी निर्माण किया जा रहा है। हमारी सरकार का यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के हो रहे पुनीत कार्यों के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अगली कैबिनेट मीटिंग में लेंगे ट्रांसफर पॉलिसी पर निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगली कैबिनेट मीटिंग तक स्थानांतरण नीति (ट्रांसफर पॉलिसी) को लेकर भी नीतिगत निर्णय लेगी। हम प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के कल्याण के लिए उनके वेतन एवं सभी प्रकार के भत्तों के भुगतान के लिए कार्य कर रही है। लोक सेवकों के हितों के साथ ही राज्य सरकार खाली पदों पर जल्द से जल्द भर्ती की दिशा में आगे बढ़ रही है। भर्ती अभियान में सभी योग्य उम्मीदवारों को मौका मिले, इसके लिए प्रत्येक विभाग की समीक्षा की जा रही है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की लंबित परीक्षाएं भी शीघ्र कराने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने बीते सोमवार को ही प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के डेवलपमेंट को गति प्रदान करने के लिए ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। इससे बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी के साथ आईटी सेक्टर पर आधारित एक कॉन्क्लेव 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित होगी। इससे जुड़े विभागों के अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में आईटी के बड़े केंद्र स्थापित हो, इस प्रयोजन से हर संभव प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को देश का नंबर-1 राज्य बनाने का संकल्प दोहराते हुए बदलते दौर में सभी क्षेत्रों में समुचित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारियां साझा की हैं।  

नानाजी बन गए मुख्यमंत्री मोहन यादव, नातिन को गोद में लेकर जमकर झूमे

भोपाल मध्यप्रदेश। सीएम डॉ. यादव अब नाना बन गए हैं। भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने एक वीडियो शेयर करते हुए यह जानकारी साझा की है। वीडियो में सीएम मोहन यादव अपनी बेटी के बच्चे को प्यार से दुलारते हुए नजर आ रहे हैं। नरेंद्र सलूजा ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी नाना बने…बहुत-बहुत बधाई। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने खुशखबरी बताते हुए एक्स हैंडल पर लिखा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी नाना बने…बहुत-बहुत बधाई। हालांकि मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया पेज पर यह खुशी शेयर नहीं की है। एक मिनट 20 सेकेंड के इस वीडियो में सीएम बेटी की बच्ची को हाथ में पुचकारते तो कभी दुलारते दिख रहे हैं। नातिन पर खूब स्नेह लुटाते भी दिख रहे हैं। यही नहीं मोहन यादव ने नातिन के जन्म पर बेटी को न्योछावर के रूप में कुछ रुपये भी दिए। डॉ. मोहन यादव की शादी सीमा यादव से हुई है। उनके तीन बच्चे हैं—दो बेटे और एक बेटी। उनके पास एमबीए,एलएलबी और पीएचडी की डिग्री है। उनके परिवार के सदस्य भी व्यापार और कृषि में शामिल हैं। यह बच्ची उनकी बेटी आकांक्षा यादव के घर हुई है। बेटी गायनकोलॉजिस्ट है। उनके बाकी दोनों बेटों की बात करें तो अभिमन्यु यादव डॉक्टर हैं और वैभव यादव ने एलएलबी-एलएलएम किया है। मोहन यादव के पिता पूनमचंद यादव है जिनका पिछले साल निधन हो गया था। मां का नाम लीलाबाई यादव है। एमपी के मुखिया खुद 5 भाई-बहन हैं।

ग्वालियर में करीब 350 एकड़ भूमि में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन टेलीकॉम से जुड़े सभी उपकरण बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. की देश में केन्द्रीय स्थिति का लाभ उठाएं निवेशक, हितों का ध्यान रखेगी सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूरसंचार असीम संभावनाओं वाला क्षेत्र, प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास में करेंगे पूरा सहयोग ग्वालियर में करीब 350 एकड़ भूमि में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन टेलीकॉम से जुड़े सभी उपकरण बनेंगे टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कम्पनियां करेंगी निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना एवं क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर निवेशकों से की चर्चा  ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दूरसंचार सुविधाओं का विकास एवं विस्तार आज की बड़ी जरूरत है। मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए यहां आने वाले हर उद्यमी, हर निवेशक का स्वागत है। टेलीकम्यूनिकेशन फेसिलिटीज को बेहतर बनाकर हम प्रदेश के हर क्षेत्र व केन्द्रीय दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल है। निवेशक राज्य की देश में केन्द्रीय स्थिति का भरपूर लाभ उठाएं। टेलीकॉम सेक्टर में इन्वेस्ट करने के लिए मध्यप्रदेश आने वाले हर निवेशक के हितों का सरकार पूरा ध्यान रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में प्रदेश में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र (टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन – टीएमजेड) की स्थापना एवं इसके क्रियान्वयन के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों से आत्मीय चर्चा कर सरकार की प्रतिबद्धताओं और भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्वालियर, जबलपुर जैसे क्षेत्रों में टेलीकॉम सेक्टर के विकास की असीम संभावनाएं हैं। हमारी सरकार टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए निवेशकों को हर संभव सहयोग करेगी। आप बेझिझक निवेश कीजिए, आपके हितों की चिंता सरकार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव होने जा रही है। इच्छुक निवेशक इसमें अपना प्रस्ताव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के निर्माण के लिए बड़े लैण्ड बैंक की आवश्यकता होगी। निवेशकों से कहा कि कम जमीन में ज्यादा निर्माण इकाईयां स्थापित करने से लागत भी कम होगी और प्रबंधन में भी आसानी होगी। निवेशक इसी दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में निवेशकों ने कहा कि वे विचार-विमर्श कर जल्द ही अपना निर्णय लेंगे और सरकार को अवगत कराएंगे। बैठक में बताया गया कि ग्वालियर जिले में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) बनाया जाना प्रस्तावित है। यह टीएमजेड करीब 350 एकड़ जमीन पर बनेगा। इस टीएमजेड में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी सभी एसेसरीज (सहायक उपकरण), सिस्टम्स, कम्पोनेंटस, वाइफाई, ऑप्टिकल्स, मोबाइल डिवाइसेस, सिमकार्ड, एंटीना, टेलीकॉम चिप्स सहित टेलीकॉम सेक्टर में नई 6जी टेक्नॉलाजी के लिए अनुसंधान एवं विकास के कार्य भी किए जाएंगे। टेलीकॉम सेक्टर की डिक्सॉन, वॉयकॉन, आईबीएम, निक्सन एवं एरिक्सन जैसे सभी बड़ी कम्पनियां यहां निवेश करने के लिए आएंगी। इससे प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर का विस्तार होगा और सेवाएं भी बेहतर होंगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला, केन्द्रीय दूरसंचार विभाग के डीडीजी अनिल भारद्वाज, डॉयरेक्टर गणेश चंद्रा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ सुदाम खाड़े सहित टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक कम्पनी डिक्सन के अध्यक्ष अतुल बी. लाल, टीईएमए के चेयरमेन प्रो. एन.के. गोयल, तेजस के सीईओ एण्ड एमडी आनंद अथरेया, वीवीडीएन के जितेंद्र सिंह, वीवीडीएन के राजीव जैन, एनआईसीडीसी के विनय मिश्रा, आईसीईए के डॉ. आशीष शुखिया, इरिक्सन के अश्विनी पत्कुर, एमपीआईडीसी के ग्वालियर रीजन के ईडी प्रतुल सिन्हा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों के साथ टेलीकॉम सेक्टर के उत्तरोत्तर विकास के लिए विस्तार से चर्चा की। बताया गया कि केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। निवेशकों ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी। म.प्र. औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीआईडीसी) द्वारा इस विषय में नेतृत्व करते हुए ग्वालियर में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र की स्थापना के लिए निवेशकों को ग्वालियर आईटी पार्क में उपलब्ध भूमि और ग्वालियर के ही साडा क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अवलोकन कराया गया। उपलब्ध भूमि के सम्पूर्ण क्षेत्र कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर और आसपास के ईको सिस्टम की उपयोगिता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन निवेशकों के प्रतिनिधि मंडल द्वारा किया गया था। गत एक अप्रैल को ही ग्वालियर के साडा क्षेत्र के प्रस्तावित स्थल का दूरसंचार विभाग एवं एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुन: मूल्यांकन किया गया। प्रदेश की नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में प्रोत्साहन करने के लिए योजनाबद्ध राजकोषीय और गैर राजकोषीय पेकेज पर भी इस दौरान चर्चा की गई। निवेशकों ने कहा कि हम जितना जल्द हो सके, इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में अपना काम प्रारंभ कर लेंगे। साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को दी जाएगी ग्वालियर आईटी पार्क में लगभग 70 एकड़ एवं साडा ग्वालियर क्षेत्र में 300 एकड़ भूमि की मांग निवेशकों द्वारा की गई है। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। साडा ग्वालियर क्षेत्र में औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण की कार्यवाही साथ-साथ होने से क्षेत्र का विकास तेजी से होने की संभावना है। साडा के समीपवर्ती क्षेत्र से ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेस वे भी बनाया जाना संभावित है। इससे आगरा-दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी और लगभग 50 मिनट की अवधि में ग्वालियर से आगरा की दूरी तय की जा सकेगी। इससे कम्पनियों को लॉजिस्टिक का व्यय कम से कम होगा। साडा क्षेत्र से ही ग्वालियर वेस्टर्न बायपास का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ हो रहा है। इससे आगरा-मुम्बई (एबी रोड) से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। साडा क्षेत्र से दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी निकल रहा है। इससे इस क्षेत्र में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाईयों को भरपूर लाभ होगा। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि जीआईएस के दौरान सरकार ने 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। यह सभी नीतियां मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित … Read more

मुख्यमंत्री ने लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शासकीय परिसम्पत्तियों का विक्रय ही एकमात्र विकल्प नहीं है। परिसम्पत्तियों का शासन के हित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय परिसम्पत्तियों का अभिलेखीकरण कर लें जिससे आवश्यकता अनुसार इनका उन्नयन कर विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शासकीय परिसम्पत्तियों को बड़ी विकास परियोजनाओं के साथ भी जोड़ें ताकि शासन को ऐसे सम्पत्तियों का भी लाभ हो। बेहतर होगा कि ऐसे परिसम्पत्तियों को युक्तियुक्तकरण के जरिए समायोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक परिसंम्पत्ति प्रबंधन विभाग अकेले ही परिसम्पत्तियों के निर्वतन या नीलामी पर निर्णय न ले। राजस्व, धर्मस्व, विधि-विधायी विभाग के साथ समन्वय कर परिसम्पत्तियों के मामलों का समुचित समाधान किया जाये। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह खण्डवा से वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव लोक परिसम्पत्ति विभाग अनिरूद्ध मुखर्जी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक परिसम्पत्तियों के प्रबंधन में नवाचार किए जाएं। राज्य के बाहर शासन के स्वामित्व वाली परिसम्पत्तियों का प्राथमिकता से प्रबंधन/निर्वतन किया जाए। उन्होंने कहा कि अच्छे लोकेशन में मौजूद शासकीय परिसम्पत्तियों का यथासंभव शासन के हित में ही नियोजन किया जाए। इसके लिए सूक्ष्म कार्य योजना बनाकर उस पर विधिवत अमल किया जाये। किसी मसले पर कानूनी राय की आवश्यकता है तो विधि एवं विधायी विभाग से अभिमत लेकर ही आगे की कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी लोकेशन में मौजूद सम्पत्ति पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट को देने पर विचार किया जा सकता है। बैठक में बताया गया कि लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के गठन से लेकर अब तक 655 लोक परिसम्पित्तयां विभागीय पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी हैं। इसमें जिलों द्वारा 471 एवं विभिन्न विभागों द्वारा 184 परिसम्पत्तियों को दर्ज किया गया है। कुल दर्ज की गई परिसम्पत्तियों में जिला/विभाग को 505 परिसम्पत्तियां वापस सौंपी गई है और 101 परिसम्पत्तियों का मुद्रीकरण, 48 परिसम्पत्तियों का प्रबंधन किया गया। एक परिसम्पत्ति के प्रबंधन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।  

मुख्यमंत्री ने किया विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ, भावी वैज्ञानिक नई दिल्ली एवं चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित 11 संस्थानों का करेंगे भ्रमण

विज्ञान मंथन यात्रा विद्यार्थियों के लिये उपयोगी सिद्ध होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने निभाई शिक्षक की भूमिका और भावी वैज्ञानिकों से किया संवाद मैपकॉस्ट की 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा 27 अप्रैल तक प्रदेश के 375 भावी वैज्ञानिकों का हुआ चयन, वंदे भारत ट्रेन से होगी यात्रा भावी वैज्ञानिक नई दिल्ली एवं चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित 11 संस्थानों का करेंगे भ्रमण मुख्यमंत्री ने किया विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार की शाम मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (मैपकॉस्ट) की 17वीं “विज्ञान मंथन यात्रा” का मुख्यमंत्री निवास परिसर से शुभारंभ किया। उन्होंने इस यात्रा के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिक बच्चों को बधाई देते हुए उनके साथ संवाद भी किया। उन्होंने एक शिक्षक के रूप में बच्चों से सवाल-जवाब भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री निवास परिसर से टेलीस्कोप द्वारा विभिन्न ग्रहों को देखा। उन्होंने विद्यार्थियों से अंतरिक्ष विज्ञान पर विस्तार पूर्वक संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं आप सभी के बीच मुख्यमंत्री या किसी शिक्षक नहीं मित्र के रूप में उपस्थित हूँ। आपके जीवन के लिए यह विज्ञान मंथन यात्रा उपयोगी सिद्ध होगी। पाठ्य पुस्तकों के अध्ययन के साथ विद्यार्थी जब विज्ञान से जुड़े नामी-गिरामी संस्थानों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर वहां की कार्य पद्धति की जानकारी प्राप्त करते हैं तो यह ज्ञान सिर्फ नौकरी के लिए नहीं बल्कि जीवन के लिए उपयोगी सिद्ध होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर और प्रकृति का भी समन्वय है। मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी प्रक्रियाएं जानने और समझने का विषय है। प्राण भी 5 प्रकार के हैं, जो श्वसन प्रणाली, हृदय, वाणी, पाचन प्रणाली, उत्सर्जन और प्रजनन प्रणाली और मांसपेशी के साथ परिसंचरण प्रणाली के रूप में जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैपकॉस्ट जैसी संस्थाएं विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध करवाने की दिशा में सार्थक भूमिका निभा रही हैं। अंतरिक्ष विज्ञान पर बच्चों से बातचीत मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बच्चों से प्रश्न किए कि पृथ्वी और चंद्रमा में से परिक्रमा कौन करता है? ग्रह और उपग्रह में क्या अंतर है? गुरुत्वाकर्षण शक्ति क्या है? ग्रहों की परस्पर दूरी का आकलन किस तरह होता है? विद्यार्थियों के सारगर्भित उत्तर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने यात्रा के लिए चयनित विद्यार्थियों के ज्ञान स्तर की प्रशंसा की। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, मैपकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों के कुलगुरू एवं पदाधिकारी, शिक्षकगण उपस्थित थे। विज्ञान मंथन यात्रा पर जाने वाले विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप परीक्षा में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। परीक्षा में सफल होने वाले प्रत्येक कक्षा के 20 चयनित विद्यार्थियों को 5 वर्ष तक 12 हजार रुपए प्रति वर्ष की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। यात्रा के लिए इस वर्ष कक्षा 10वीं से 12वीं विज्ञान विषय में अध्यनरत पूरे प्रदेश के कुल 375 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इन चयनित विद्यार्थी में से दिल्ली जाने वाले समूह में प्रौद्योगिकी परिषद के आमंत्रण पर नेशनल साइंस सेन्टर, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ प्लांट जीनोमिक रिसर्च, इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीटयूट, राष्ट्रपति भवन और नई दिल्ली के संस्थानों का भ्रमण करेंगे। चंडीगढ़ जाने वाले समूह के विद्यार्थी सेन्ट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रुमेंटस ऑर्गेनाइजेशन, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पंजाब स्टेट काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फॉर्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, गवर्नमेंट म्युजियम एंड आर्ट गैलरी संस्थानों का भ्रमण और वैज्ञानिकों से साक्षात्कार करेंगे। विद्यार्थी वन्दे भारत ट्रेन से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दिल्ली पहुँचने पर विज्ञान भारती द्वारा इन सभी भावी वैज्ञानिकों का स्वागत किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् ने स्कूली छात्र-छात्राओं में प्रदेश की भावी वैज्ञानिकों को तलाशने और उनमें विज्ञान शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करने के लिए गत 16 वर्ष से मिशन एक्सीलेंस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश से चयनित विद्यार्थियों के दल को किताबी ज्ञान से अलग व्यावहारिक विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराया जायेगा। विज्ञान मंथन यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को, जिनमें विज्ञान के प्रति अभिरुचि है, उनकी पहचान करना एवं उनके द्वारा चयनित क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम से चयनित विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को चिन्हित कर अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से आगे बढ़ाए जाने का कार्य किया जा रहा है।  

जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में स्वास्थ्य, कृषि और आवास क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हुआ सम्मानित

जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में स्वास्थ्य, कृषि और आवास क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हुआ सम्मानित लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए कलेक्टर झाबुआ को मिला पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिविल सेवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले को प्राप्त पुरस्कार पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह निश्चित ही गर्व का अवसर है, जब सिविल सेवा दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) श्रेणी के अंतर्गत मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के रामा ब्लॉक को पुरस्कृत किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर झाबुआ सुनेहा मीणा को प्राप्त पुरस्कार के लिए बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के माध्यम से झाबुआ जिले के सुदूर और कम विकसित क्षेत्र में नागरिकों के गुणवत्तापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार के कार्य में सफलता प्राप्त की गई है। एबीपी के अंतर्गत योजनाओं को एकीकृत कर विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के प्रयास किए जाते हैं। इस पुरस्कार से अन्य लोक सेवकों को भी कठोर परिश्रम और विकास के संकल्प के माध्यम से कार्य की प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने झाबुआ कलेक्टर के साथ ही समस्त टीम को भी बधाई दी है। झाबुआ में क्या हुआ विशेष एबीपी के अंतर्गत देश के 16 जिलों के लोक सेवकों को उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित किया गया। झाबुआ को प्राइम मिनिटर्स अवार्डस फॉर एक्सिलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन : 2024 की एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। झाबुआ जिले में दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को गति मिली है। रामा ब्लॉक में पोषण आहार, किसानों की समृद्धि के लिए प्रयास, पेयजल प्रबंध के अंतर्गत हर घर जल एवं हर वंचित को पक्के मकान का संकल्प साकार हो रहा है। झाबुआ में नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में जनजातीय वर्ग को लाभान्वित करने, किसानों को मृदा कार्ड उपलब्ध करवाने और आवास के क्षेत्र में विशेष प्रयास किए गए।  

मुख्यमंत्री ने प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 को किया संबोधित

जनसेवा का प्रभावी माध्यम है सिविल सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेशनल सिविल सर्विस-डे पर अधिकारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया पुरस्कार में लोकसेवकों को प्रदान किया 1 लाख रुपए का चेक और प्रशस्ति-पत्र मुख्यमंत्री ने प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिविल सेवा सिर्फ़ एक पेशा नहीं, यह जनसेवा का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सिविल सेवकों का दायित्व है कि वे अपने अधिकारों का नि:संदेह सदुपयोग करें, लेकिन अपने कर्तव्यों से कदापि विमुख न हों। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन एक वृहद विषय है। इसका मूल मंत्र है – “लोगों की हर संभव तरीके से सेवा”। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को राष्ट्रीय लोक सेवा दिवस (नेशनल सिविल सर्विस डे) के अवसर पर आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी सिविल सेवकों को लोक सेवा दिवस की बधाई दी और सभी से अपने उत्तरदायित्वों के प्रति संकल्पबद्ध रहने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक सेवा एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे पूरी निष्ठा, समर्पण, मनोयोग के साथ निभाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के चयनित 16 सिविल सेवकों (अधिकारियों) को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी अवार्डियों को उनके द्वारा किए गए नवाचारों के लिए बधाई देकर एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक कुशल सिविल सेवक वह होता है, जो न केवल शासन के नियमों, उपनियमों का पालन करे, बल्कि पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता की कठिनाइयों एवं समस्याओं को समझे और उन्हें समुचित समाधान भी प्रदान करें। उन्होंने सभी सिविल सेवकों से अपेक्षा की कि वे नागरिकों की तत्पर सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और शासन को जनकल्याण की दिशा में अधिक प्रभावी बनाने की ओर अग्रसर करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे कामों और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। इसीलिए सभी लोक सेवक शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और लोक जवाबदेही की भावना को और मजबूत करने की दिशा में कार्य करें। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे, नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक पागला, राज्य शासन के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य के लोकसेवकों ने अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया है। जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को संकलित कर सुशासन के लिए योजना तैयार करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना और विकास में चाणक्य की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महामंत्री चाणक्य ने सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया था और वे स्वयं मंत्री बने थे, जिससे एक शक्तिशाली राजवंश में प्रशासन की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद देश के भविष्य की नींव तैयार करने के लिए लोक सेवक व्यवस्था को विस्तार दिया और उनके लिए सेवा नियम (सर्विस रूल्स) तैयार किए। उन्होंने लोक सेवकों के लिए तीन बातों- डिग्निटी, इंटीग्रिटी और इंकरप्टिबिलिटी को रेखांकित किया था। करप्शन फ्री और गुड गवर्नेंस के लिए कार्य करें सभी लोकसेवक: मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि हर साल 21 अप्रैल अधिकारी/कर्मचारियों के लिए आत्ममंथन करने का दिन है। लोक सेवकों को सोचना चाहिए कि सालभर में उन्होंने जनसेवा और प्रशासन की मजबूती के लिए क्या अच्छा किया और इसके आगे क्या बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के मिशन को पूरा करने में प्रदेश की भूमिका और विकसित मध्यप्रदेश के लिए सभी लोकसेवक कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश के सभी अधिकारी ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहे हैं। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि न्यू इंडिया का सपना साकार करने में अनुभवी अधिकारियों के साथ युवा अफसरों के कंधों पर भी बड़ी जिम्मेदारी है। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 के लिए 16 लोक सेवकों में क्रमशः माधव प्रसाद पटेल (माध्यमिक शिक्षक), श्रीमती अदिति गर्ग (तत्कालीन सीईओ आयुष्मान भारत निरामयम योजना), डॉ. इंदिरा दांगी (शिक्षक) आष्टा जिला सीहोर, श्रीमती शारदा डुडवे (माध्यमिक शिक्षक) चंद्रशेखर आजाद नगर, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया जिला दमोह, चंद्रमोहन ठाकुर तत्कालीन प्रबंध निदेशक भवन विकास निगम, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय भोपाल, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, अमित तोमर तत्कालीन प्रबंध संचालक पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर, ऋषव गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा तत्कालीन प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिव्यांक सिंह तत्कालीन सीईओ स्मार्ट सिटी परियोजना इंदौर, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा सहायक प्राध्यापक इंदौर, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक चिमनाखारी जिला सिवनी तथा सुशीला दाहिमा अतिरिक्त सचिव शिक्षा विभाग को नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। प्रशासन अकादमी में हुई नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेश भर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान ने सभी अथितियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

दो वर्षों में माँ क्षिप्रा के 29 किमी घाट और तैयार हो जायेंगे, जिससे माँ क्षिप्रा की परिक्रमा करने वाले यात्रियों को सुविधा होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ क्षिप्रा के घाटों की सफाई कर जल गंगा संवर्धन अभियान में सहभागिता की माँ नर्मदा परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण करण के साथ यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दो वर्षों में माँ क्षिप्रा के 29 किमी घाट और तैयार हो जायेंगे, जिससे माँ क्षिप्रा की परिक्रमा करने वाले यात्रियों को सुविधा होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंच कोशी यात्रियों का स्वागत, सम्मान कर यात्रा का शुभारंभ कराया नगर निगम के स्वच्छता मित्रों का सम्मान किया उज्जैन जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन क्षिप्रा के रामघाट पर जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत घाटों की सफाई की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी में उतरकर घाटों की सफाई की। उन्होंने सफाई के बाद क्षिप्रा में स्नान किया। उन्होंने माँ क्षिप्रा का पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारे प्रदेश के पुराने ऐतिहासिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का विशेष अभियान है। इसमें नदियों को पुनः प्रवहमान बनने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। भोपाल के पास बेतवा नदी के उद्गम स्थल को पुनर्जीवित कर दिया गया है, इस अभियान की यह विशेषता है कि हम अपनी ऐतिहासिक, पुरानी बावड़ी, कुएँ, तालाब, जल स्त्रोत को पुनर्जीवित कर रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में और पूरे विश्व में हमारे मध्यप्रदेश की माँ नर्मदा ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा की जाती है, मध्यप्रदेश सरकार नर्मदा नदी के परिक्रमा स्थल को सुव्यवस्थित कर तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं बनाएंगे और माँ क्षिप्रा के घाटों को 29 किलोमीटर और बनाया जा रहा है, जिससे माँ क्षिप्रा के परिक्रमा करने वाले यात्रियों को भी सुविधा होगी। उज्जैन में माँ क्षिप्रा को प्रवहमान बनाने के लिए सिलारखेड़ी सेवरखेड़ी जलाशय योजना, माँ क्षिप्रा की स्वच्छता बनाए रखने के लिए खान डायवर्सन नदी परियोजना भी चल रही है। इसका 50% काम लगभग पूरा हो चुका है, आने वाले 2 वर्षों में माँ क्षिप्रा कल-कल होकर बहेगी, इसी संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन ऐतिहासिक पौराणिक नगरी के साथ-साथ काल गणना का प्रमुख केंद्र रहा है, अकबर, शाहजहां, जहांगीर ने भी उज्जैन में प्रवास किया था और भर्तहरी गुफा पहुंचकर काल गणना के ज्ञान को समझा था, यहां पर उन्होंने टकसाल भी स्थापित कराई थी। यह केवल ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी के साथ एक वैज्ञानिक नगरी भी है हम इसके वैभव को पुनः स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं राजा भृतहरि, सम्राट विक्रमादित्य, सम्राट अशोक के साथ-साथ अन्य महान राजाओं के द्वारा उज्जैन के लिए अनेक प्रकार के प्रमाणिक कार्य किए गए हैं। श्रीमंत महाद जी सिंधिया ने पानीपत के युद्ध के बाद इसके गौरव को पुनर्स्थापित किया और लाल किले पर धवज फहराया था। इन सभी महान राजाओं की गाथा का आज भी उज्जैन की भूमि आज भी यशोगान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सलामतपुर से आए पंचकोशी यात्रियों का सम्मान किया गया और उनकी यात्रा का शुभारंभ कराया गया और नगर निगम के स्वच्छता मित्रों का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव नगर निगम महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल और जन प्रतिनिधि एवं संभाग आयुक्त संजय गुप्ता, आईजी उमेश जोगा, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल थाने को आईएसओ प्रमाण पत्र मिलने पर शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करने वाले प्रदेशभर के 16 लोकसेवकों को किया पुरस्कृत

 भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय लोकसेवा दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करने वाले प्रदेशभर के 16 लोकसेवकों को पुरस्कृत किया। उन्होंने आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के अंतर्गत वर्ष 2022-23 एवं वर्ष 2023-24 के लिए चयनित लोकसेवकों को 1 लाख रुपए का चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुशासन से जुड़े नवाचारों के लिए कार्य करने वाले सभी लोकसेवकों को राष्ट्रीय लोकसेवा दिवस की बधाई दी। समारोह के मुख्य अथिति डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य के लोकसेवकों ने अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया है। जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा किए ज रहे नवाचारों को संकलित कर सुशासन के लिए योजना तैयार करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना और विकास में चाणक्य की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महामंत्री चाणक्य ने सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया था और वे स्वयं मंत्री बने थे ताकि एक शक्तिशाली राजवंश में लोकशासन की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद देश के भविष्य की नींव तैयार करने के लिए लोकसेवक व्यवस्था को विस्तार दिया और उनके लिए सेवा नियम (सर्विस रूल) तैयार किए। उन्होंने लोकसेवकों के लिए तीन बातों- डिग्निटी, इंटीग्रिटी और इंकरप्टिबिलिटी को रेखांकित किया था। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल अधिकारी/कर्मचारियों के लिए आत्ममंथन करने का दिन है। लोकसेवकों को सोचना चाहिए कि सालभर में उन्होंने जनसेवा और प्रशासन की मजबूती के लिए क्या अच्छा किया और आगे क्या बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत@2047 के मिशन को पूरा करने में प्रदेश की भूमिका और विकसित मध्यप्रदेश के लिए सभी लोकसेवक कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रदेश के सभी अधिकारी ईड ऑफ लिविंग और ईड ऑफ डूईंग के लिए मिशन मोड में कार्यरत हैं। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर माधव प्रसाद पटेल माध्यमिक शिक्षक, अदिति गर्ग आयुष्मान कार्ड में नवाचार, डॉ. इंदिरा दांगी शिक्षक आष्टा, शारदा डुवडे शिक्षक, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया, चंद्रमोहन ठाकुर अधोसंरचना श्रेणी में पुरस्कार, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, अमित तोमर प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर, ऋषभ गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिवांग सिंह ग्रीन ब्रांड इंदौर में उत्कृष्ट कार्य, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक, शीला दाहिमा को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेशभर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रमान ने सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया। 16 लोकसेवकों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर माधव प्रसाद पटेल माध्यमिक शिक्षक, अदिति गर्ग आयुष्मान कार्ड में नवाचार, डॉ. इंदिरा दांगी शिक्षक आष्टा, शारदा डुवडे शिक्षक, आलोक पौराणिक प्राथमिक शिक्षक पथरिया, चंद्रमोहन ठाकुर अधोसंरचना श्रेणी में पुरस्कार, डॉ. यशपाल सिंह प्राचार्य आवासीय विद्यालय, संजय जोशी प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, अमित तोमर प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर, ऋषभ गुप्ता पूर्व कलेक्टर देवास, गणेश शंकर मिश्रा प्रबंध संचालक विद्युत वितरण कंपनी, दिवांग सिंह ग्रीन ब्रांड इंदौर में उत्कृष्ट कार्य, प्रवीण सिंह अढायच पूर्व कलेक्टर सीहोर, प्रो. बेला सचदेवा, भूपेंद्र कुमार चौधरी माध्यमिक शिक्षक, शीला दाहिमा को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह 2025 के अवसर पर प्रशासन अकादमी में नरोन्हा व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रदेशभर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दीपक बागला ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को विकसित भारत के लिए सुशासन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रमान ने सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया।  

हमारी सरकार OBC वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय पर पूरी तरह कायम: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार 27 प्रतिशत आरक्षण देने के स्टैंड पर पूरी तरह कायम है। उन्होंने कहा कि सॉलिसिटर जनरल से भी इस विषय में चर्चा की गई है और उन्हें सरकार का स्पष्ट पक्ष रखा गया है। डॉ. यादव ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में ओबीसी आयोग द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही ओबीसी आरक्षण से जुड़ी सभी लंबित याचिकाओं को लेकर भी गंभीर संवाद की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ काम हो रहा है और प्रदेश सरकार भी सर्वहारा वर्ग के सर्वांगीण विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार न्यायपूर्ण और समावेशी नीतियों के माध्यम से सभी वर्गों को समान अवसर देने के संकल्प पर अडिग है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- रिट लगाइए, चयनित अभ्यर्थियों को होल्ड करने का मामला भी सुनेंगे सुनवाई के दौरान एमपी के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट से कहा- कि ये 50 फीसदी आबादी से जुड़ा मामला है। उन्होंने कोर्ट से इस मामले की जल्द सुनवाई करने की मांग की। वहीं, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं को बुलाकर संवाद करेंगे। एससी बोला– आप पिटीशन लगाइए, हम सुनेंगे इस दौरान ओबीसी महासभा के वकीलों ने कोर्ट से कहा कि एमपी में अलग-अलग विभागों में जिन पदों पर भर्ती हुई उनमें से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोर्ट में 27% ओबीसी आरक्षण का मामला लंबित होने का हवाला देकर उन्हें नियुक्ति से वंचित रखा जा रहा है। जबकि 27% ओबीसी आरक्षण पर किसी भी कोर्ट ने कानूनी रोक नहीं लगाई। इसके बावजूद प्रक्रिया के नाम पर चयनित अभ्यर्थियों को जॉइन नहीं कराया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने ओबीसी महासभा के वकील से कहा- अगली सुनवाई की तारीख चीफ जस्टिस तय करेंगे ओबीसी महासभा के वकील वरुण ठाकुर ने बताया कि आज की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता भी मौजूद थे। कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख चीफ जस्टिस तय करेंगे। सीएम बोले- आरक्षण को लेकर सरकार पूरी तरह स्पष्ट भोपाल के प्रशासन अकादमी में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह में शामिल होने के बाद सीएम मोहन यादव ने इस मामले को लेकर कहा कि OBC आरक्षण को लेकर हमारी सरकार पूरी तरह स्पष्ट है। हम हर हाल में 27% आरक्षण के पक्ष में कायम हैं। हमने अटॉर्नी जनरल को यह भी कहा है कि शिवराज सरकार के समय आई ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण किया जाए। जल्द ही इस पर सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे सीएम डॉ. यादव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि सभी वर्गों का हित साधा जा सके। मुझे विश्वास है कि जल्द ही इस मुद्दे पर सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। कमलनाथ सरकार ने 27% किया था OBC आरक्षण कमलनाथ सरकार ने 2019 में ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27% कर दिया था। इसके बाद विधानसभा में इससे जुड़े विधेयक को पारित कर दिया गया। 2 सितंबर 2021 को सामान्य प्रशासन विभाग ने ओबीसी को भर्ती में 27% आरक्षण देने का सर्कुलर जारी किया था। इसके खिलाफ यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन हाईकोर्ट गया। 4 अगस्त 2023 को हाईकोर्ट ने सरकार के सर्कुलर पर रोक लगा दी।

कुम्भ में हर घाट रामघाट होगा, श्रद्धालु कहीं भी स्नान करेंगे उन्हें उतना ही पुण्य मिलेगा: CM यादव

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को  के पवित्र रामघाट पर जल गंगा संवर्धन अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने शिप्रा नदी में डुबकी लगाई और घाट की सफाई कर सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सीएम यादव ने कहा कि शिप्रा नदी के किनारे पंचकोशी परिक्रमा की एक पुरानी परंपरा रही है। हर साल हजारों-लाखों लोग यहां आकर परिक्रमा करते हैं। घाट पर स्वच्छता का ध्यान रखा जाएगा कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घाट की सफाई में भाग लिया और वे खुद घाट पर पड़े कचरे को हटाते नजर आए। उन्होंने कहा कि पंचकोशी परिक्रमा की शुरुआत में श्रद्धालु जब यहां स्नान करेंगे, तो घाट पर स्वच्छता और जल की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। खासकर नदी के अंदर जो गंदगी जम जाती है, उसे साफ करना जरूरी है। 29 किमी के नए घाट तैयार होंगे सीएम ने कहा कि सिध्दनाथ से त्रिवेणी तक 29 किमी के नए घाट तैयार होंगे। पहले से 6 किमी के घाट बने हुए है। इस तरह से कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं को 35 किमी के घाट उपलब्ध होंगे। कुम्भ में हर घाट रामघाट होगा। श्रद्धालु कहीं भी स्नान करेंगे उन्हें उतना ही पुण्य मिलेगा। इस बार कुम्भ में जलमार्ग बनाने जा रहे है। शनि मंदिर से रामघाट, गऊघाट से लालपुर, मंगलनाथ से रामघाट तक नौकायन से लोग आना-जाना कर सकेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान में उज्जैन पहुंचे सीएम सीएम ने कहा, शिप्रा नदी के किनारे पंचकोशी परिक्रमा की एक पुरानी परंपरा रही है। हर साल हजारों-लाखों लोग यहां आकर परिक्रमा करते हैं। इस परिक्रमा की शुरुआत में श्रद्धालु जब यहां स्नान करेंगे, तो घाट पर स्वच्छता और जल की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। खासकर नदी के अंदर जो गंदगी जम जाती है, उसे साफ करना जरूरी है। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ 30 मार्च (गुड़ी पड़वा) से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा। इसका उद्देश्य प्रदेश की नदियों और अन्य जल स्रोतों का संरक्षण करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश वास्तव में नदियों का मायका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में कोई ग्लेशियर नहीं होने के बावजूद, यहां की भौगोलिक और वन संपदा के साथ-साथ जनभागीदारी के कारण पर्याप्त जलराशि उपलब्ध है। उन्होंने नर्मदा, केन-बेतवा, चंबल और सोन जैसी प्रमुख नदियों का उल्लेख करते हुए बताया कि ये न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों के लिए भी जीवनदायिनी हैं। डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की कुल जलराशि किसी भी तरह से हिमालय के जल स्रोतों से कम नहीं है। उन्होंने जल स्रोतों के उचित रखरखाव, भूगर्भ जल भंडारण क्षमता में वृद्धि और जल के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘जल ही जीवन है’ के आह्वान को दोहराते हुए बताया कि राज्य सरकार अमृत सरोवर, खेत तालाब और पुरानी जल संरचनाओं के पुनरुद्धार के माध्यम से जल संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मैं उज्जैन प्रवास पर आया था। शिप्रा को नमन करते हुए मैंने यहां स्नान भी किया और सेवा भाव से कार्य किया। यह हम सबका फर्ज भी है। शिप्रा को नमन करते हुए स्नान किया सीएम ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मैं उज्जैन प्रवास पर आया था। शिप्रा को नमन करते हुए मैंने यहां स्नान भी किया और सेवा भाव से कार्य किया। यह हम सबका फर्ज भी है।

CM यादव ने कहा PM मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धरती पर चीता प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धरती पर चीता प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। भारत और लगभग सम्पूर्ण एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो चुके चीतों का पुनर्वास कर राज्य सरकार प्रकृति से प्रगति और प्रगति से प्रकृति के संरक्षण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज ही केन्द्रीय पर्यावरण, वन एनं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ मिलकर चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा की है। इसमें तय किया कि मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट का विस्तार किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री ने कूनो नेशनल पार्क में आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाए जाने सहित अन्य कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिन पर राज्य सरकार शिद्दत से अमल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के बाद मंदसौर में गांधीसागर अभयारण्य प्रदेश का दूसरा ऐसा स्थान होगा, जहां चीतों को बसाया जा रहा है। हम चीता प्रोजेक्ट के विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार के आभारी हैं। आगामी 20 अप्रैल को गांधीसागर अभयारण्य से मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट का‍विस्तार करने जा रहे हैं। यह वन्य जीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। साथ ही वन्य जीव संरक्षण प्रेमियों और देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी यह उत्साह का अवसर है।  

सामान्य प्रशासन विभाग की ट्रांसफर पॉलिसी 2025 बनाकर तैयार, किसको कितना रहेगा ट्रांसफर का पावर

भोपाल  तबादलों के लिए इंतजार कर रहे मध्य प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारियों के लिए यह राहत भरी खबर है। तबादलों से बैन हटाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने ट्रांसफर पॉलिसी 2025 बनाकर तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सलाह पर कुछ आंशिक बदलावों के बाद अप्रैल माह में ही कैबिनेट में तबादला नीति लाने की तैयारी चल रही है। पिछले 3 साल से तबादले की बाट जोह रहे सरकारी कर्मचारी-अधिकारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस को जल्द ही हरी झंडी मिलने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादला नीति का मसौदा तैयार कर लिया है। सीएम डॉ मोहन की सलाह पर कुछ बिंदुओं में बदलाव किया जा सकता है। इस माह के अंत तक तबादला नीति को राज्य शासन की मंजूरी मिल सकती है। अप्रैल माह में ही मंत्री परिषद की बैठक में तबादला नीति 2025 का अनुमोदन किया जा सकता है। पॉलिसी के अनुसार, करीब 15 दिन से एक महीने तक तबादलों से प्रतिबंध हटाया जा सकता है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में आखिरी बार तबादला नीति 2021-22 में लागू की गई थी। उसके बाद अब तक कोई नई नीति नहीं आई है। अब डॉ मोहन सरकार में नई तबादला नीति 2025 लागू होगी। तबादला नीति में ये बिंदू हो सकते हैं शामिल     तबादला नीति में इस बात का प्रावधान रहेगा कि 3 साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों को हटाया जाए। ऐसे अधिकारियों को दूसरे जिलों में भी भेजा जाएगा।     माना जा रहा है कि किसी भी विभाग में अधिकतम 10 फीसदी कर्मचारियों के तबादले ही हो सकेंगे।     जो अधिकारी-कर्मचारी स्वयं के व्यव पर ट्रांसफर करवाएंगे, उन्हें किसी भी प्रकार का भत्ता नहीं दिया जाएगा।     प्रशासनिक आधार पर होने वाले तबादले में सरकार भत्ता प्रदान करेगी।     मंत्रियों को उनके विभाग के कर्मचारियों के तबादले को लेकर अधिकार प्रदान किए जाएंगे।     जिले के अंदर ट्रांसफर करने का अधिकार प्रभारी मंत्री को दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री की अनुशंसा के आधार पर जिला कलेक्टर जिले के अंदर ट्रांसफर कर सकेंगे।     जिले के बाहर तबादला विभागीय मंत्रियों की अनुशंसा पर होंगे, लेकिन राजपत्रित अधिकारियों का तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री समन्वय की प्रक्रिया अपनाना होगी।     स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग से जुड़े तबादलों में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।     विशेष परिस्थितियों में कर्मचारियों को मांगी गई लोकेशन पर ट्रांसफर दिया जाएगा।  

मध्य प्रदेश के लाखो कर्मचारियों को मिलेगा डबल प्रमोशन, 60 हजार पर डिमोशन का भी खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में 9 साल बाद राज्य सरकार ने एक बार फिर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की है. अभी इसके लिए नियम बनाए जा रहे हैं. इससे मध्य प्रदेश शासन के 4 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित होंगे. हालांकि सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन मिले 8 साल से अधिक समय बीत चुका है. ऐसे में वो डबल प्रमोशन के हकदार हैं. इस पर भी सरकार ने विचार किया है. वहीं सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश से प्रमोशन के साथ आरक्षित वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर डिमोशन का खतरा भी मंडरा रहा है. अब देखना ये है कि सरकार इस मामले का किस प्रकार पटाक्षेप करती है. एक साथ नहीं मिलेगा डबल प्रमोशन जिन कर्मचारियों और अधिकारियों को पदोन्नति मिले 8 साल से अधिक का समय बीत चुका है, या फिर जिन्होंने साल 2014-15 के बाद ज्वाइन किया और उनकी समयावधि 8 साल पूरी हो चुकी है. ऐसे कर्मचारियों-अधिकारियों को डबल प्रमोशन का लाभ सरकार देगी. हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा है, कि कर्मचारियों को डबल प्रमोशन का लाभ तो मिलेगा, लेकिन एक साथ नहीं. बल्कि सरकार की मंशा है कि इस वर्ष एक प्रमोशन देने के बाद दूसरा प्रमोशन उनको अगले वर्ष दिया जाए. जिससे कर्मचारियों की कमी न हो. इन कर्मचारियों पर लटकी डिमोशन की तलवार सपाक्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष केएस तोमर ने बताया कि “साल 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सरकार ने एससी-एसटी वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने का नियम बनाया था. इस नियम के तहत साल 2016 तक प्रदेश में आरक्षित वर्ग के कई अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन हुए. इससे आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को काफी फायदा हुआ, लेकिन ओबीसी समेत वो कर्मचारी-अधिकारी जो अनारक्षित वर्ग में थे, वो प्रमोशन में पीछे छूटते गए और उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. जिसमें कोर्ट ने तथ्यों पर विचार करने के बाद इस पदोन्नति प्रक्रिया को रद्द कर दिया. लेकिन इस बीच आरक्षित वर्ग के जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है, ऐसे लोगों को डिमोशन का खतरा भी बना हुआ है.” हाई कोर्ट भी सुना चुका है फैसला केएस तोमर ने बताया कि “पदोन्नति में आरक्षण नियम 2002 लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश के 60 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिल चुका है, लेकिन जब इसे हाईकोर्ट 2016 में रद्द कर चुका है, तो ऐसे में इसकी वैधता कितनी है. तोमर ने बताया कि अभी मध्य प्रदेश में प्रमोशन का कोई नियम नहीं है, इसलिए ठीक है, लेकिन जैसे ही सरकार नए नियम बनाएगी, जो कर्मचारी गलत तरीके से प्रमोशन का लाभ ले रहे हैं. उनको डिमोशन करना होगा. हाईकोर्ट ने भी 31 मार्च 2024 के आदेश में कहा है कि 2002 के नियम के आधार पर जिन एससी-एसटी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ मिला है. उन सभी का डिमोशन किया जाएग. हालांकि सरकार ऐसा करने से बचना चाहती है, इसलिए नए नियमों को ऐसा बना रही है. जिससे सबको समान रुप से पदोन्नति का लाभ मिल सके. यूपी-उत्तराखंड में डिमोट, पंजाब-हरियाणा में क्रीमीलेयर बाहर उच्च न्यायालय ने पदोन्नति को लेकर अपने आदेश में कहा है कि जब तक स्टेटस की यथा स्थिति है, तब तक ना डिमोट होंगे और ना ही प्रमोट किया जाएगा, लेकिन जिस दिन स्टेटस बैकेंड हो जाएगा, यथा स्थिति खत्म हो जाएगी. उसी दिन डिमोट करना पड़ेगा. यूपी और उत्तराखंड में भी बाद में गलत पदोन्नति नियम के कारण आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को डिमोट किया गया. केएस तोमर ने बताया कि सपाक्स ने अपनी याचिका में कहा है कि पदोन्नति में आरक्षण के नियम में क्रीमीलेयर को शामिल नहीं करना चाहिए. ऐसे ही मामले में पंजाब और हरियाणा में पदोन्नति के दौरान क्रीमीलेयर को आरक्षण का लाभ देने से वंचित किया गया है.

जनजातीय जीवन और प्रकृति पर आधारित डॉक्युमेंट्री फिल्मों का होगा प्रदर्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय वन-पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव मध्यप्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में वन पुनर्स्थापन, जलवायु परिवर्तन और समुदाय-आधारित आजीविका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में आयोजित होने वाली कार्यशाला में विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों में वनों की भूमिका पर मंथन होगा। कार्यशाला में प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह स्वागत उद्बोधन देंगे। दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की रूपरेखा डॉ. राहुल मूँगीकर प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर जनजातीय समुदाय और प्राकृतिक संरक्षण पर केंद्रित ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दी जाएगी। प्रमुख विषय : वन संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान और सामुदायिक प्रबंधन राष्ट्रीय कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में वन संरक्षण की वर्तमान कानूनी व्यवस्थाएं, उनकी सीमाएं और समाधान, जैव विविधता संशोधन अधिनियम-2023, सामुदायिक वन अधिकार, पारंपरिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण और वन पुनर्स्थापन जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। बैंगलुरू से आ रहे प्रो. रमेश विशेषज्ञ वक्तव्य भी देंगे। कार्यशाला में डॉ. योगेश गोखले, डॉ. राजेन्द्र दहातोंडे आदि वक्ता विभिन्न सत्रों को संबोधित करेंगे। राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन राज्यपाल पटेल समापन सत्र को करेंगे संबोधित राज्यपाल मंगुभाई पटेल राष्ट्रीय कार्य शाला के समापन-सत्र में मुख्य अतिथि होंगे। पूर्व राष्ट्रीय जनजातीय आयोग अध्यक्ष हर्ष चौहान समापन वक्तव्य देंगे। कार्यशाला में वनीकरण, जलवायु संवेदनशीलता और वनवासी समुदायों की समावेशी भागीदारी पर केन्द्रित डॉक्युमेंट्री फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण में वनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कार्यशाला वनों, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों और जनजातीय आजीविका को केंद्र में रखते हुए एक सतत और न्यायसंगत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

CM Mohan Yadav ने प्रदेश के किसानों के लिए खोल दिया पिटारा, पराली नहीं जलाने वाले को मिलेगी प्रोत्साहन राशि !

भोपाल मप्र में पराली जलाने के बढ़ते मामलों के बीच सरकार किसानों के लिए एक नई स्कीम लेकर आ रही है। इसके तहत जो किसान सरकार की पांच शर्तों को पूरा करेंगे उन्हें सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एक एकड़ खेत वाले किसान को 1500 रुपए से लेकर 3 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की योजना है। सरकार ने इस नई स्कीम को अन्नदाता मिशन (कृषक कल्याण मिशन) नाम दिया है। इसके जरिए किसानों की आय बढ़ाने के साथ साथ उन्हें जलवायु अनुकूल खेती और फसलों के सही दाम दिलाना है। बता दें कि मंगलवार यानी 15 अप्रैल को हुई कैबिनेट मीटिंग में इस मिशन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। सरकार ने मिशन के लिए 2028 तक का टारगेट भी तय किया है। इसमें 2.69 लाख वनाधिकार ( एफआरए) पट्टाधारी किसानों को 100 फीसदी फायदा देना है। पहले जानिए सरकार ने क्यों लागू किया मिशन मप्र में लघु और सीमांत किसानों की संख्या सबसे ज्यादा है, मगर उन तक तकनीक और संसाधनों की सीमित पहुंच है। मानसून पर निर्भरता की वजह से ये किसान फसल का सही उत्पादन भी नहीं कर पाते। जिसकी वजह से उन्हें फसल के उचित दाम नहीं मिलते। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि अन्नदाता की आय बढ़ाने के साथ वे खेती के साथ और भी व्यवसाय कर सके इसके लिए सरकार ने पॉलिसी बनाई है। कृषि विभाग के अलावा उद्यानिकी एवं फूड प्रोसेसिंग, खाद एवं नागरिक आपूर्ति, सहकारिता, पशुपालन एवं डेयरी और मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग को भी इसमें जोड़ा गया है। किसानों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे जलवायु अनुकूल खेती करें। साथ ही ऐसी फसलों का उत्पादन करें जो पोषण और खाद्य सुरक्षा तय करते हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि इस पॉलिसी के जरिए गौशालाओं को बढ़ावा देने का काम भी किया जाएगा। इसके लिए आहार, डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था भी सरकार करेगी। 5 शर्तें पूरी की ताे मिलेंगे 3 हजार रु. प्रति एकड़ तक कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अन्नदाता मिशन के तहत किसानों को 1500 रुपए से लेकर 3000 रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए किसानों को 5 शर्तों को पूरा करना होगा। इनमें तीन शर्तें अहम है। पहली- पराली जलाने से मुक्त खेती को अपनाना, दूसरी- खेती के लिए लिए गए लोन का समय पर भुगतान। तीसरी शर्त के रूप में कीटनाशकों का कम इस्तेमाल यानी जैविक खेती की पद्धति को अपनाना है। इन तीनों शर्तों के अलावा तिलहन और दलहन की फसलें और ड्रिप इरिगेशन पद्धति को बढ़ावा देना भी शामिल है। अधिकारी के मुताबिक मप्र के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 12 हजार रुपए प्रतिवर्ष मिल रहे हैं। इन पांच शर्तों को किसान पूरा करते हैं तो उन्हें 15 हजार रु. तक मिल सकते हैं। ये एक तरह से इन्सेंटिव होगा। एमपी में तीन साल में पराली जलाने की 32 हजार से ज्यादा घटनाएं कृषि विभाग के अधिकारी बताते हैं कि हरियाणा,पंजाब, दिल्ली के बाद पराली जलाने की घटना मध्यप्रदेश में बढ़ती जा रही है। पिछले तीन साल के आंकड़े देखें तो रबी और खरीफ सीजन मिलाकर 32 हजार से ज्यादा घटनाएं हुई है। इनमें भोपाल संभाग अव्वल है। दूसरे नंबर पर चंबल संभाग है। अधिकारी के मुताबिक किसान अगली फसल के लिए खेत तैयार करने के लिए आसान रास्ता अपनाते हैं। नर्मदापुरम और हरदा के बेल्ट में गेहूं की फसल काटने के बाद मूंग की फसल लेने के लिए खेत में आग लगा दी जाती है। इससे खेत तो साफ हो जाता है, लेकिन उसकी मृदा शक्ति पर विपरीत असर पड़ता है। किसान बोले- जुर्माने से ज्यादा महंगा खेत की सफाई कराना पराली जलाना किसानों की मजबूरी है। राजगढ़ जिले के किसान मुकेश नागर कहते हैं कि फसल कटाई के बाद जो अवशेष बचते हैं उसे हटाने के लिए बक्खर चलाना पड़ता है। मजदूर एक एकड़ का 4 से 5 हजार रुपए लेते हैं। अब किसी किसान का दो से तीन एकड़ का खेत है तो उसे कम से कम 10 से 15 हजार रुपए खेत की सफाई के लिए लिए देना पड़ते हैं। नागर कहते हैं कि इससे अच्छा तो जुर्माना देकर पराली जलाना है। पांच एकड़ खेत में पराली जलाने पर 5 हजार रुपए जुर्माना है। किसान की अगली फसल की लागत भी नहीं बढ़ती है। यदि सरकार किसानों को पराली न जलाने पर कोई आर्थिक सहायता देगी तो किसान पराली नहीं जलाएगा।

मुखिया मोहन यादव ने लिखा कि गर्मी का मौसम,अपनों के साथ,लस्सी का स्वाद…

नीमच गर्मी का मौसम हो और ठंडी-ठंडी लस्सी मिल जाए तो क्या ही कहने। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज नीमच में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ एक दुकान पर लस्सी का स्वाद लिया। इसका वीडियो खुद सीएम ने अपने एक्स हैंडल पर डाला है। आज मोहन यादव सीआरपीएफ के स्थापना दिवस के मौके पर नीमच आए थे। यहां उन्होंने इस अवसर पर आयोजित एक खास कार्यक्रम में भाग लिया। मोहन यादव के अलावा देश के गृह मंत्री अमित शाह भी थे। मध्य प्रदेश के मुखिया मोहन यादव ने लिखा कि गर्मी का मौसम,अपनों के साथ,लस्सी का स्वाद…आज नीमच प्रवास के दौरान कार्यकर्ता बंधुओं के साथ लस्सी का आनंद लिया। इसके साथ उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक 46 सेकेंड का वीडियो भी डाला है। मोहन यादव के इस वीडियो पर लोगों ने भी अलग-अलग कॉमेंट किए हैं। एक एक्स यूजर ने लिखा कि बहुत बढ़िया आपका व्यवहार बड़ा सरल स्वभाव का है। दूसरे ने लिखा कि आप की ड्रेस तथा जैकेट एकदम से मैचिंग है..शॉप की अम्बिएंस के साथ।आप का चाहने वाला बिहार से। इससे पहले आज नीमच में 86वें केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजि हुआ था। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शिरकत की थी। मोहन यादव ने सीआरपीएफ जवानों के सम्मान में लिखा कि CRPF के जवानों के हौसले ने हृदय को गर्व से भर दिया…नीमच की धरती पर 86वें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल दिवस परेड समारोह में शामिल होकर हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस,समर्पण और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।

दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम बनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को अब बेहतर तरीके से समझ रही है। उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक में एक वृंदावन गांव बनाया जाएगा और दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को देश में नंबर वन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर में सोमयज्ञ में सम्मिलित हुए और यज्ञ में आहुति देने के साथ संतों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा-अर्चना की तथा सुख, शांति, समृद्धि कामना की। मुख्यमंत्री ने मंच से संत जनों का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। पवित्र नगरी मंदसौर को नशा मुक्त करने पर 160 समाजों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। इस दौरान सर्वाध्यक्ष पू.पा. डॉ. आचार्य गोस्वामी गोकुलोत्सवजी महाराज, जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, वल्लभ मूल के आचार्यगण, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वचंदर सिंह सिसोदिया, ओम प्रकाश सखलेचा, माधव मारू, दिलीप सिंह परिहार और राजेश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सब सोमयज्ञ का हिस्सा बने है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इस यज्ञ का विशेष महत्व है। पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को समझ रही है। सनातन संस्कृति की अपनी अलग विशेषता रही है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में वर्तमान में 9% दूध उत्पादन होता है जिसको बढ़कर 20% किया जाएगा। दूध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान पर लाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर ब्लॉक में वृंदावन गांव बनाए जाएंगे। दूध का उत्पादन बढ़ाने के विशेष प्रयास किये जाएंगे। गांव की गौशाला अच्छे से संचालित हो इसके लिए प्रयास होंगे। एक व्यक्ति 25 गाय की एक इकाई मानकर आठ इकाई रख सकेंगे। कामधेनु योजना को जमीन स्तर पर उतारेंगे। समाज में संस्कार दिखे इसके लिए धार्मिक नगरों में शराबबंदी की गई। कृष्ण की लीलाओं के पवित्र स्थान को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएंगे।  

किसानों और गौपालकों को कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ-साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हर संभव प्रयास जारी हैं। किसानों और गौपालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की जा रही हैं। मध्यप्रदेश में वर्तमान दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर जल्द से जल्द 20 प्रतिशत तक करने के लिए राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की है। इससे हम घर-घर गोकुल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमने गौशालाओं में दुधारू पशुओं के लिए भी अनुदान राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप हमारी सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिए हैं। मंत्रि-परिषद की गत दिवस मंगलवार को बैठक में मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को विशेषकर गरीबों औरकिसानों को आर्थिक रूप से सुखी और समृद्ध बनाने के लिए प्राण-प्रण से कार्य कर रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महा नाट्य के माध्यम से रंगमंच के महत्व से भी पूरे राष्ट्र को अवगत करवा दिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर विक्रम संवत जिनके नाम पर प्रारंभ हुआ, ऐसे कल्याणकारी शासक रहे सम्राट विक्रमादित्य के सम्मान में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसमें विक्रम विश्वविद्यालय का नामकरण, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय करने का निर्णय भी शामिल है। इसके पूर्व वार्षिक विक्रम उत्सव की शुरुआत कर राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य को यथोचित सम्मान देने का कदम उठाया था। इस क्रम में हाल ही में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महा नाट्य के माध्यम से रंगमंच के महत्व से भी पूरे राष्ट्र को अवगत करवा दिया है। वैसे तो इस डिजिटल युग में सूचना और मनोरंजन के कई फॉर्मेट लोकप्रिय हो चुके हैं, लेकिन भारतीय नाट्यशास्त्र की सुदृढ़ और समृद्ध परंपरा से जन-जन को विशेष रूप से युवा वर्ग परिचित करवाने के लिए नई दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य नाटक का निरंतर तीन दिन मंचन होना महत्व रखता है। बहुत दिन नहीं हुए जब हम डिजिटल तकनीक को आत्मसात कर बैठे थे। ऐसा लगता था कि पारंपरिक कलाओं को हम भूल रहे हैं। लेकिन मध्यप्रदेश से जो संदेश पूरे राष्ट्र में पहुंचा है वह यह है कि अभिनय, प्रकाश संयोजन, संगीत, वेशभूषा और विशाल मंच के माध्यम से हमारे पौराणिक चरित्रों का जीवन सामने आना चाहिए। हमारे वे आदर्श शासक और आराध्य जो युवा पीढ़ी द्वारा भुला दिए गए हैं या युवा पीढ़ी को हमने उनसे परिचित ही नहीं करवाया तो इसमें कसूर वर्तमान पीढ़ी का भी है। युवाओं के पास समय भी है। सृजन की शक्ति भी है, जिज्ञासा का तत्व भी विद्यमान है तो फिर उन्हें इन राष्ट्र के आदर्श प्रतीकों की जानकारी से वंचित क्यों रखा जाए और बच्चे भी कलाओं के प्रति रुचि रखते हैं, वे भी इस विधा के लिए जिज्ञासु हो सकते हैं। यदि उन्हें महान व्यक्तित्वों के बारे में ज्ञानवर्धक विवरण देने वाले नाटक मंचन से जोड़ा जाए। प्रतापी शासक राजा भोज और अन्य सेनानियों की गाथा भी आएगी मंच पर भोपाल में कुछ वर्ष पूर्व लाल परेड मैदान पर जाणता राजा का मंचन हुआ था, जिसमें शिवाजी महाराज के कृतित्व को दर्शाया गया था। इस नाटक के मंचन से यह जागृति प्रारंभ हो जाती लेकिन वह लहर न बन सकी। एकाध मंचन हुआ और मामला समाप्त हो गया। देश की राजधानी में लाल किले पर तीन दिन लगातार सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नवाचार है। हमारे ऐसी दानवीर शासक जिन्होंने वीरता और न्याय के क्षेत्र में भी दृष्टांत स्थापित किए, वे पाठ्य-पुस्तकों में तो आ गए हैं लेकिन पाठ्य-पुस्तकों से बाहर मंच तक क्यों न पहुंचें। आखिर युवा पीढ़ी को उनकी विस्तार पूर्वक जानकारी क्यों नहीं दी जाना चाहिए? यह नवाचार आगे जाएगा अन्य राज्यों में भी न केवल सम्राट विक्रमादित्य के कार्यों की जानकारी, नागरिकों को मिलेगी बल्कि भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, राजा भोज, सम्राट अशोक और स्वतंत्रता सेनानियों सहितभारत के गौरव रहे अन्य महापुरुषों के कृतित्व की गाथा बताने वाली नाट्य प्रस्तुतियां होंगी। दिल्ली में हुए नाट्य मंचन सफल रहे हैं। हाथी, घोड़ों के उपयोग और बीसियों की संख्या में कलाकार दल के साथ इतिहास के उस दौर को जीवंत करना साधारण कार्य नहीं है। संस्कृति विभाग, विक्रमादित्य पीठ, सामाजिक संगठन और सांस्कृतिक संगठन इसके लिए एकजुट हुए। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने इन कार्यक्रमों के लिए जो समन्वय किया उसकी भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशंसा की है। युवाओं को मिलेगी प्रेरणा कलाओं के विकास के साथ भारतीय गौरव का स्मरण करते हुए देश की प्राचीन संस्कृति, भारतीय अस्मिता को सामने लाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ कहने के लिए विरासत से विकास की बात नहीं कही, वे चाहते हैं इसका दायरा विस्तृत हो। हमारे युवा हेरिटेज वॉक करें। वे किलों और स्मारकों को देखें। तत्कालीन शासकों के शौर्य से परिचित हों। भारतीय स्वाभिमान के प्रसंग चर्चा का विषय बनें। सिर्फ बंद कमरों में संगोष्ठी न हो बल्कि भारत के ऐसे गौरवशाली व्यक्तित्व बच्चों के बीच भी जाने जाएं। स्कूली पाठ्यक्रम से लेकर विद्यालयों, महाविद्यालय के पाठ्यक्रमों में सगर्व उनका उल्लेख हो और नाट्य मंचन उस थ्योरी को प्रैक्टिकल रूप में रंगमंच पर प्रस्तुत करे। महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन युवाओं को रंगमंच विधा की ओर आकर्षित करने के लिए प्रेरित करेगा। रंगमंच कलाकार भी हुए उत्साहित रंगमंच से जुड़े देश के हजारों कलाकारों का मन हर्षित है और वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार का भाव रखते हैं, जो उन्होंने इस कला को महत्व दिया और राज्याश्रय भी दिया। सैकड़ों कलाकारों को प्रोत्साहित किया। थिएटर की शक्ति सही दिशा में और सही विषय को लेकर दिखाई दी है।  

मंदसौर में 3 मई को लगेगा कृषि मेला, कृषि उपकरणों की लगेगी प्रदर्शनी

प्रदेश में लगेंगे किसान मेले: मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को कृषि और सम्बद्ध कार्यों के लिए मिलेगा मार्गदर्शन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर में 3 मई को लगेगा कृषि मेला, कृषि उपकरणों की लगेगी प्रदर्शनी मुख्यमंत्री से की भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट मुख्यमंत्री को किसान हित में निर्णयों के लिए दिया धन्यवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी संभागों में इस वर्ष किसान मेले आयोजित होंगे जिसमें किसानों को कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित विभिन्न कार्य पद्धतियों और नए अनुसंधान की जानकारी दी जाएगी। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाएगा। कृषि कार्यों से जुड़े आधुनिक उपकरणों को प्रदर्शित भी किया जाएगा। आगामी 3 मई को मंदसौर में किसान मेले का आयोजन जा रहा है। संभाग स्तरीय किसान मेलों के बाद अक्टूबर माह में एक वृहद राज्य स्तरीय किसान मेला भी आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर भारतीय किसान संघ ने प्रदेश में किसानों को 5 रुपए के शुल्क पर विद्युत कनेक्शन और फसलों पर बोनस राशि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने का अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में एक वर्ष में दस लाख सौर ऊर्जा पम्प प्रदान करने का लक्ष्य है। यह कार्य अभियान के रूप में चलेगा। एक हॉर्स पॉवर से दस हॉर्स पॉवर तक सोलर पम्प स्थापना के लिए किसान को राशि जमा करवाकर निर्धारित अवधि में कनेक्शन दिए जाएंगे। प्रदेश में किसान खुद बिजली बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मजरों टोलों के निवासी जनजातीय वर्ग के लोगों को इस कार्य में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में गत तीन दिन में सोलर पम्प स्थापना के लिए लगभग 17 हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। सुझावों पर करेंगे अमल मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि कृषक प्रतिनिधियों के सुझावों पर राज्य सरकार अमल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को प्रदेश में गठित एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) को सक्रिय करने,किसानों द्वारा नरवाई जलाने को निरूत्साहित करने और रासायनिक खाद के उपयोग को कम करने के संबंध में निर्देश दिए। बैठक में बड़ी परियोजनाओं के लिए किसानों की भूमि लेने पर बदले में भूमि देने के प्रावधान, किसान को हिस्सेदार और मालिक बनाकर उनका हित सुनिश्चित करने, दूध पर बोनस, कम पानी से सिंचाई से मक्का उत्पादन को प्रोत्साहित करने, गौशालाओं के अंतर्गत आधुनिक तकनीक से संचालन, उच्च शिक्षा में कृषि विषय के अध्ययन और जिलों में पर्याप्त पशु चिकित्सकों की व्यवस्था के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में कमल सिंह आंजना, चंद्रकांत गौर, राम भरोसे बासोतिया, श्रीमती गिरजा ठाकुर, राजेन्द्र पालीवाल आदि शामिल थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ला, कृषि सचिव एम सेलवेंद्रन एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंडला में विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, सामूहिक विवाह-निकाह कार्यक्रम में शामिल होंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को मंडला जिले के ग्राम टिकरवारा से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और सिलेंडल रिफिलिंग योजना की राशि हितग्राहियों के खाते में अंतरित करेंगे। दोपहर 1.30 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह-निकाह कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में अप्रैल माह की किस्त 1552 करोड़ 38 लाख रूपये अंतरित करेंगे। लाड़ली बहनों को मिलने वाली यह 23वीं किस्त है। योजना में प्रत्येक लाड़ली बहना को प्रत्येक माह 1250 रूपये की राशि उनके खातों में अंतरित की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 340 करोड़ रूपए की राशि अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री 25 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग की 57 करोड़ की राशि भी उनके खातों में सिंगल क्लिक से भेजेंगे।  

प्रदेश वर्षा के जल को सहेजने के लिये नई जल संरचनाओं का निर्माण भी किया जा रहा है। अभियान 30 जून तक जारी रहेगा

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल की हर बूंद में जीवन का सार है। इसे सहेजने से ही जल संकट दूर होगा। इसी ध्येय से जनभागीदारी के साथ तीन माह का जल गंगा संवर्धन अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान के शुरूआती दौर में ही मंत्री, सांसद, नगरीय एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहे है। अभियान में जहाँ एक और पुराने जल स्त्रोतों की साफ-सफाई, गहरीकरण और जीर्णोद्धार किया जा रहा है, वही वर्षा के जल को सहेजने के लिये नई जल संरचनाओं का निर्माण भी किया जा रहा है। अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। शहडोल में तालाब का जीर्णोद्धार शहडोल जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल संरक्षण के कार्य कराए जा रहे हैं। जल की बूंद-बूंद को सहेजने के लिए गांव-गांव में कुएं, तालाब, कुण्ड और बावड़ी जैसी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जिले के गांव कुमारी में वर्षा जल को सहेजने के लिए गांव के तालाब की सफाई के साथ उसका गहरीकरण भी किया गया। इसी प्रकार गांव खाम्हीडोल में भी तालाब का जीर्णोद्धार किया गया। छिंदवाड़ा में विद्यार्थियों ने श्रमदान कर की प्राचीन कुण्ड की सफाई जल गंगा संवर्धन अभियान के जिले के गांव मऊ के नाले में के साफ-सफाई की गई। इसमें से गाद निकाल कर पानी को स्वच्छ किया गया। बीसएसडब्ल्यू व एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थियों रीना, शशि बारांगे, पप्पू चौधरी बंदेवार, सुनीता काहर, महिमा साहू, पंकज गाडरे और सागर पवार के साथ ग्रामवासी ने श्रमदान कियाय़ जन अभियान परिषद की पहल पर विद्यार्थियो ने पातालेश्वर धाम मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन जल कुंड से कूड़ा-करकट, पूजन सामग्री, वृक्ष के पत्ते निकालकर सफाई की। देवास में तालाब का किया जा रहा गहरीकरण देवास जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला प्रशासन एवं स्थानीय गांवो के जनसहयोग से सोनकच्छ विकासखंड की ग्राम पंचायत अगेरा के तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। इस तालाब के गहरा होने से अधिक वर्षा जल एकत्रितकिया जा सकेगा। इससे स्थानीय भूजल स्तर भी बढ़ेगा और पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा। उमरिया में जन सहयोग से पाली सगरा तालाब पर स्वच्छता अभियान उमरिया में जल संरक्षण के लिए ग्राम पंचायतों में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसमें नदियों, तालाबों, कुओं की साफ सफाई की जा रही है। इसी श्रृंखला में गांव सगरा के पाली तालाब में साफ सफाई की गई। जन अभियान परिषद, नगर विकास प्रस्फुटन समिति और नवांकुर संस्था ने आपसी सहयोग से जल संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए दीवार लेखन और जल चौपालों का भी आयोजन किया। जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की सफलता के लिए समेकित प्रयास आवश्यक हैं। उअभियान में नागरिकों की सोच बदलती दिखने लगा है। नई पीढ़ी भी जन भागीदारी कदम से कदम मिलाकर शामिल हो रही है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. अम्बेडकर से जुड़े सभी स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में मान्यता दी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज के बंधुत्व और उत्थान के लिए बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर के कार्य भूतो न भविष्यति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. अम्बेडकर के योगदान से ही भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बना प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. अम्बेडकर से जुड़े सभी स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में मान्यता दी सर्वहारा वर्ग का सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है डॉ. अम्बेडकर कामधेनु योजना सर्वहारा वर्ग और किसानों की समृद्धि को समर्पित भीम जन्मस्थली से आरंभ नई ट्रेन से महू, सीधा देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ा भीम जन्मस्थली महू में धर्मशाला निर्माण के लिए सरकार देगी 3.5 तीन एकड़ जमीन महू आने-जाने वालों की संपूर्ण सुविधा का प्रबंध सरकार की ओर से किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवैधानिक सामाजिक न्याय : एक चिंतन पुस्तक का किया विमोचन मुख्यमंत्री ने डॉ. अंबेडकर जयंती पर बाबा साहेब को अर्पित की श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भीम जन्मस्थली (महू) डॉ. अम्बेडकर नगर में कार्यक्रम को किया संबोधित महू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 20वीं शताब्दी में ऐसे अनेकों उल्लेखनीय कार्य किए, जिनसे 1000 वर्ष की गुलामी की विसंगतियां दूर हुईं। इन्हीं के आधार पर आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बना है। डॉ. अम्बेडकर के जीवन के योगदान बहुआयामी हैं, उन्हें भारत में भविष्य की चुनौतियों का आभास हो चुका था, यद्यपि उनका जीवन बहुत कठिनाई के साथ बीता, लेकिन वे ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने स्वयं के संघर्ष से सीख ली और अपने जैसे दूसरे लोगों की मदद की। बाबा साहेब ने स्वयं की शिक्षा में कोई कसर नहीं रहने दी, इससे यह प्रेरणा मिलती है कि व्यक्ति के जीवन में शिक्षा में कभी कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर द्वारा समाज के बंधुत्व और उत्थान के लिए किए गए कार्य भूतो न भविष्यति हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब ने समूचे समाज को आरक्षण जैसी व्यवस्था प्रदान की। आज अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सहित हर वर्ग को साक्षरता का लाभ मिल रहा है। अनुसूचित जाति वर्ग की साक्षरता जो कभी मात्र 1.5 प्रतिशत थी, आज 59 प्रतिशत तक पहुंच गई है। भविष्य में जब-जब कठिनाई आएगी, हम सर्वहारा वर्ग के सशक्तिकरण का ध्यान रखेंगे। डॉ. अम्बेडकर ने सामाजिक सशक्तिकरण के लिए मजबूत संविधान बनाया और देश को लोकतंत्र दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. अम्बेडकर से जुड़े सभी स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में मान्यता दी। महू स्थित भीम जन्मभूमि को तीर्थ के रूप में विकसित करने में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा और शिवराज सिंह चौहान का योगदान महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भीम जन्मस्थली महू में धर्मशाला निर्माण के लिए 3.5 तीन एकड़ जमीन दी जा रही है। इससे यहां आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, सभी आगंतुकों की संपूर्ण सुविधा का प्रबंध राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा। राज्य सरकार ने सर्वहारा वर्ग और प्रदेश के किसानों को समृद्ध बनाने के लिए डॉ. अम्बेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। अगर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग का कोई व्यक्ति दूध डेयरी खोलेगा, तो उसे हमारी सरकार द्वारा 30 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से एक दिन पहले ही भीम जन्मस्थली महू को नई ट्रेन की सौगात मिली है। अब महू शहर सीधा देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ गया है। इस रेलगाड़ी की शुरुआत का लाभ कोटा के साथ-साथ मालवा क्षेत्र के इंदौर, उज्जैन और देवास को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लंदन में भी डॉ. अम्बेडकर का भव्य स्मारक बना है, इसी स्थान पर उन्होंने शिक्षा प्राप्त की थी। यह एक आवासीय क्षेत्र है। अंग्रेजों ने स्मारक बनाने का काफी विरोध किया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से वहां भी तीर्थ का निर्माण हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को उसका अधिकार वापस दिया है। बाबा साहेब डॉ.अम्बेडकर ने भी धारा 370 को स्वीकार नहीं किया था। विचारक मुकुल कानिटकर ने कहा कि 1891में आज के दिन महू से एक सकारात्मक क्रांति की शुरुआत हुई थी, एक क्रांति सूर्य का उदय हुआ था। डॉ. अम्बेडकर ने वर्ष 1916 में मात्र 27 वर्ष में अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स की डिग्री प्राप्त की थी। कोलंबिया यूनिवर्सिटी में सिर्फ एक ही स्टैच्यू लगा है, वो बाबा साहेब अम्बेडकर का है। उन्होंने अर्थशास्त्र में पीएचडी और समाजशास्त्र व मानवशास्त्र में एमए किया। उस समय वे विश्व में सर्वाधिक डिग्री हासिल करने वाले व्यक्ति थे। वे किसी एक जाति-धर्म के नेता नहीं सर्वसमाज के नेता हैं। उन्होंने स्वयं शिक्षित होकर समाज को शिक्षित किया और समाज को रूढ़ीवाद से दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। प्रत्येक व्यक्ति के लिए बाबा साहेब के विचारों का अध्ययन आवश्यक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंचासीन अतिथियों ने ‘संवैधानिक सामाजिक न्याय : एक चिंतन’ पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, सांसद श्रीमती कविता पाटीदार, पूर्व मंत्री और विधायक सुऊषा ठाकुर सहित वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।  

डॉ. अंबेडकर कामधेनु योजना में हितग्राहियों को मिलेगी 33% तक सब्सिडी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की सौगात दी है। देश में दूध, दुग्ध उत्पादों की बढ़ती मांग, उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमिता विकास कार्यक्रम की स्थापना होनी है। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत 25 दुधारू पशुओं की इकाईयां स्थापित की जाएंगी। एक इकाई में सारे गौवंश या सारे भैंसवंश होंगे। एक इकाई की सारी गाय-भैंस एक ही प्रजाति की होंगी। सरकार ने एक इकाई की अधिकतम सीमा राशि 42 लाख रुपये निर्धारित की है।  इस योजना में भाग लेने वालों के लिए मध्यप्रदेश का निवासी होना जरूरी है। योजना सभी वर्गों के पशुपालकों के लिए होगी। इसमें पशुपालक की उम्र 21 साल से ऊपर होना जरूरी है। उन्हें अनुभव के लिए सरकारी या सरकार नामित संस्था से डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण भी लेना होगा। इस प्रशिक्षण के लिए सरकार अलग से निर्देश जारी करेगी। इस योजना के हितग्राहियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। हितग्राही के पास हर ईकाई के लिए कम के सम 3.50 एकड़ कृषि भूमि होनी जरूरी है। इस भूमि में परिवार की सामूहिक जमीन का भी उपयोग किया जा सकता है। लेकिन, इसके लिए अन्य सदस्यों की सहमति आवश्यक होगी। इनको मिलेगी प्राथमिकता इस योजना में वर्तमान में दुग्ध संघों में पहले से ही दूध सप्लाई कर रहे पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी। दुग्ध संघ प्रोड्युसर कंपनी के प्रचलित मिल्क रूट या नए मिल्क रूट पर आने वाले हितग्राहियों को प्रथामिकता देंगे। एक हितग्राही को एक या एक से अधिक (अधिकतम आठ इकाईयों, 200 दुधारू पशु) लेने की पात्रता होगी। एक से अधिक इकाईयां लेने की स्थिति में उन्नत गाय/संकर गाय या भैंस की ईकाई अपनी सुविधा अनुसार चयन कर सकेगा। यानी, अगर हितग्राही तीन ईकाईयां लेता है तो वह अपनी इच्छा अनुसार एक भैस की ईकाई, एक संकर गाय की इकाई तथा एक उन्नत देशी गौवंश की ईकाई भी ले सकेगा। अगर हितग्राही द्वारा एक बार योजना का लाभ लेकर समस्त ऋण चुका दिया जाता है तो वह अगली बार योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होगा। यह सुविधा अधिकतम आठ ईकाईयों तक दी जा सकेगी। एक ऋण व दूसरे ऋण के बीच में कम से कम 2 वर्ष का अंतर जरूरी है। हितग्राहियों को मिलेगी सब्सिडी इस योजना से लाभान्वित होने वाले लाभार्थी को डेयरी इकाई को सतत रूप से अधिकतम 7 वर्षों तक या ऋण की समाप्ति तक संचालित करना होगा। लाभार्थियों का चयन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से होगा। दूसरा ऋण केवल पिछले ऋण चक्र के संतोषजनक पुनर्भुगतान पर ही दिया जाएगा। ऋण चार चरणों में वितरित किया जाएगा। पूंजी सब्सिडी और ब्याज अनुदान, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी के हितग्राहियों के लिए परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तथा अन्य समस्त वर्गों के हितग्राहियों के लिए परियोजना लागत का 25 प्रतिशत सब्सिडी होगी। सब्सिडी वितरण की पहली तारीख से 3 वर्ष की लॉक इन अवधि के अंतर्गत एकमुश्त प्रदाय होगी। इस पर हितग्राही को कोई ब्याज नहीं देना होगा। हितग्राही अपने ऋण का भुगतान निर्धारित ऋण अवधि से पूर्व कभी भी कर सकता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव के दौरान एमपी टूरिज्म पेवेलियन और प्रदर्शनी का किया अवलोकन

संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के साथ करेंगे प्रदेश का विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य जैसे महानायक इतिहास नहीं बनते, इतिहास बनाते हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव के दौरान एमपी टूरिज्म पेवेलियन और प्रदर्शनी का किया अवलोकन केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विरासत के विकास के संकल्प को लेकर दिल्ली में विक्रमोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के साथ विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महानाट्य मंचन के मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा का स्वागत करते हुए कहा कि नड्डा मध्यप्रदेश के दामाद होने के नाते उनका प्रदेश से विशेष प्रेम और लगाव है। नड्डा के मार्गदर्शन में प्रदेश विकास की राह पर अग्रसर है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का जब भी मंचन हुआ है, नड्डा ने हमेशा अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य ने शक और हूण जैसे आक्रांताओं को परास्त कर सुशासन स्थापित किया। भगवान राम के बाद सम्राट विक्रमादित्य का काल विनम्रता से शासन करना सिखाता है। सम्राट विक्रमादित्य जैसे महानायक इतिहास नहीं बनते, इतिहास बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात दिल्ली के लाल किले में विक्रमोत्सव के दौरान चित्र प्रदर्शनी और एम पी पेवेलियन के अवलोकन के दौरान मीडिया से कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य के महानाट्य के मंचन के साथ सरकार की जनहितैषी और कल्याणकारी योजनाओं, संस्कृति और पर्यटन की जानकारी के साथ प्रदेश में निवेश के अवसरों को प्रदर्शित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उप मुख्यमंत्री द्वय जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल, संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी के साथ गणमान्य नागरिक और समाजसेवी थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमादित्य क़ालीन पुरातात्विक मुद्रा मुद्रांक, बृहत्तरभारत के सांस्कृतिक वैभव, मध्यप्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं, प्रदेश में निवेश तथा रोज़गार सृजन के अवसरों में लोकव्यापी विस्तार के प्रयासों पर केंद्रित प्रदर्शनियो का अवलोकन किया। एमपी पेवेलियन के अवलोकन के दौरान डिंडोरी की गोंड पेंटिंग, स्थानीय कला बाग प्रिंट की साड़ियों, लड़की के खिलौनों, जरी जरदोजी कला, टेराकोटा कला के कलाकारों से परिचय लिया। उनके उत्पादों के बारे में जानने के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया। कलाकारों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सम्मानस्वरूप गोंड पेंटिंग, जरी जरदोजी फोटो फ्रेम भेंट किया। साथ ही प्रदेश के पर्यटन स्थलों के साथ स्थानीय संस्कृति और कला को प्रदर्शित करते एमपी टूरिज्म पेवेलियन की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकार संतोष से उत्पाद खरीद कर बढ़ाया हौसला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवलोकन के दौरान मंडला से खजूर शिल्प के उत्पादों का भी अवलोकन किया। कलाकार संतोष खड़से ने अपने उत्पादों के बारे में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि खजूर की पत्तियों से सजावट और घरेलू उपयोग के लगभग 200 डिजाइन और उत्पादों को बनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से ही उसके उत्पादों का राजधानी दिल्ली में प्रदर्शित और बिक्री होना संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकार संतोष खड़से की कला की सराहना की और स्वयं एक पुष्प खरीदते हुए एक हजार रुपए उत्साहवर्धन स्वरूप दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल और दिल्ली के मंत्रि-परिषद के सदस्यों का विक्रमोत्सव में भाग लेकर हौसला बढ़ाने के लिए आभार माना। साथ ही दिल्ली में महान सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित करने के लिए संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति और कलाकारों का अभिनंदन भी किया।  

Ambedkar की जयंती पर महू जाएंगे CM Dr. Mohan Yadav

महू भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 134वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक कई कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आंबेडकर जयंती के दिन सोमवार को डॉ. आंबेडकर नगर (महू), इंदौर में उनकी जन्मस्थली पर आयोजित राजकीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। साथ ही भारतीय जनता पार्टी राज्यभर में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कर डॉ. आंबेडकर को याद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 11 बजे डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को नमन कर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वे अस्थि कलश स्थल पर पुष्पवर्षा में भाग लेंगे और भंते धर्मशील जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एक विशेष पुस्तक का विमोचन करेंगे और ‘भीम रत्न अवार्ड’ से विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी करेंगे। महू स्थित जन्मस्थली पर प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं और अनुयायियों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम पूरी आस्था और गरिमा के साथ मनाया जाता है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी संविधान के संरक्षण और मूल भावना के सम्मान में प्रदेश के सभी जिलों और मंडलों में सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का पाठ करेगी। यह कार्यक्रम कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें राहुल गांधी लगातार भाजपा पर संविधान बदलने की मंशा का आरोप लगाते रहे हैं। राजधानी भोपाल में यह आयोजन बोर्ड ऑफिस चौराहे पर होगा। इस मुख्य कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की उपस्थिति प्रस्तावित है। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह आयोजन अंबेडकर जयंती के प्रति श्रद्धा भाव तो प्रदर्शित करेगा ही, साथ ही यह संदेश भी देगा कि भाजपा संविधान के मूल सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नई ट्रेन के लिए प्रधानमंत्री, रेल मंत्री वैष्णव तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को धन्यवाद ज्ञापित दिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेश को डॉ. अंबेडकर नगर-कोटा-नई दिल्ली 20155/56 एक्सप्रेस की सौगात प्राप्त हुई है जिसके माध्यम से प्रदेश की राजधानी दिल्ली से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी तथा यात्रियों को सुगम, सुविधाजनक और किफायती यात्रा प्राप्त हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इस नई ट्रेन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को धन्यवाद ज्ञापित दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर नगर कोटा नई दिल्ली एक्सप्रेस की सौगात प्रदेश को अभूतपूर्व गति से प्राप्त हुई है, जिसकी कल्पना नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि उज्जैनवासियों को भी इस रेल सेवा से सुविधाजनक समय पर राजधानी दिल्ली से कनेक्टिविटी मिलेगी। उन्होंने बताया कि एक लाख 4 हजार करोड रुपए की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश में चल रही हैं। इस वित्त वर्ष के केंद्रीय बजट में मध्य प्रदेश को 14 हजार 745 करोड रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ है। अमृत स्टेशन योजना के माध्यम से प्रदेश के 80 स्टेशनों को 2700 करोड़ रुपए की लागत से विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। प्रदेश को निकट भविष्य में चार सेमीहाई स्पीड ट्रेन भी प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी प्रदेश को इसी तरह से अधोसंरचनात्मक सौगातें मिलने का सिलसिला जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आज डॉ अंबेडकर नगर कोटा नई दिल्ली 20155/56 एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और राज्यसभा सांसद सुकविता पाटीदार भी उपस्थित थीं। एक्सप्रेस क्रमांक 20156 नई दिल्ली से प्रतिदिन रात 23.25 बजे चलेगी और 848 किलोमीटर का सफर लगभग 13 घंटे में तय कर कोटा, नागदा, उज्जैन, देवस और इंदौर के रास्ते डॉ अंबेडकर नगर अगले दिन दोपहर 12.50 बजे पहुंचेगी। एक्सप्रेस क्रमांक 20155 प्रतिदिन डॉ अंबेडकर नगर से दोपहर 15.30 बजे चलकर सुबह 4.25 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।  

गौमाता अपने बच्चों को तो पालती है, इंसान का भी ध्यान रखती, गौमाता का अमृततुल्य दूध पीकर हम बड़े हुए : CM यादव

इंदौर इंदौर के समीप महू के आशापुर गांव में नगर निगम गौशाला का निर्माण कर रहा है। इसका भूमिपूजन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गौमाता अपने बच्चों को तो पालती है। इंसान का भी ध्यान रखती है। गौमाता का अमृततुल्य दूध पीकर  हम बड़े होते है। हमारी संस्कृति में पहली रोटी गौमाता के लिए रखी जाती है। आखरी रोटी कुत्ते के लिए बनाई जाती है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति से जुड़ने के नियम बनाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता की रक्षा का संकल्प युगों-युगों से हमारी संस्कृति से जुड़ा है। पहले माना जाता था कि भारत में दूध-दही की नदियां बहती है। खेती-बाड़ी में गौमाता की पहले काफी मदद ली जाती थी, लेकिन बाद में ट्रैक्टर, नए उपकरणों का उपयोग किया जाने लगा। इसकी मार हमारी गौमाता पर पड़ी। जाने-अंजाने हमसे गलतियां भी हुई, लेकिन हमे वापस ध्यान में आ गया कि रासायनिक खाद के उपयोग से नुकसान हो रहा है। जैविक खाद से किसान की लागत भी कम हो रही है और पौष्टिक अन्न का उत्पादन हो रहा है। हमने संकल्प लिया है कि गौमाता को लावारिस नहीं रहने दिया जाएगा। सभी नगर निगम को बड़ी गौशालाएं बनाने के लिए कहा गया है। इसके लिए राज्य सरकार भी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि हमारा देश भगवान राम और कृष्ण की धरती है। देश की पहचान उनसे भी होती है। प्रदेश में जहां भी राम और कृष्ण की लीलाएं हुई है। उसे हम तीर्थ बनाएंगे। महू के जाना पाव को भी तीर्थ स्थल का रुप दिया जाएगा। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि सवा सौ बीघा में गौशाला तैयार की जा रही है। हम इस गौशाला को आत्मनिर्भर बनाएंगे। यहां दस हजार गौवंश के रहने की व्यवस्था की जाएगी। एक साल के भीतर यह गौशाला बनकर तैयार हो जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आप सुजिरा अमृतः सुवर्चाः शंभू मयोभू,अर्थात जल न केवल अमृतस्वरूप है

जल गंगा संवर्धन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “आपः सुजिरा अमृतः सुवर्चाः शंभू मयोभूः”, अर्थात जल न केवल अमृतस्वरूप है, बल्कि शुभ, पवित्र और जीवनदायक भी है। उन्होंने कहा है कि जल जीवन जीने का संसाधन मात्र नहीं, अपितु हमारा सनातन संस्कार है। हमारे ग्रंथ कहते हैं कि जल की हर बूंद में जीवन है और हर स्रोत में आने वाले कल का भविष्य छिपा है। इसलिए इस अमूल्य धरोहर की किसी भी मूल्य पर रक्षा करना हमारा दायित्व है। इसी दायित्व की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ संचालित किया जा रहा है। इसमें नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के साथ-साथ पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, जल स्त्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की साफ सफाई, जल स्त्रोतों के आस-पास पौध रोपण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जन-जागरुकता अभियानों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इस अभियान में जन-भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। छिंदवाड़ा जिले में सक्रिय जनसहयोग छिंदवाड़ा जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में 30 मार्च से शुरू हुए कार्यों के अंतर्गत कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने जनपद पंचायत जुन्नारदेव पहुंच कर बुधवारा गांव में तालाब के गहरीकरण हेतु ग्रामवासियों के साथ मिलकर श्रमदान किया। तालाब के जीर्णोद्धार के साथ ही इसमें जमा गाद निकालकर सफाई की जा रही है। इसी के साथ छिंदवाड़ा जिले की जन अभियान परिषद शाखा ने कन्हांन नदी तट की सफाई करते हुए जल संरक्षण की शपथ दिलाई। बुरहानपुर में जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संतुलन का प्रयास जल गंगा संवर्धन अभियान में वन विभाग द्वारा जिले के वन क्षेत्रों में स्थित जल-स्त्रोतों की सफाई, तालाब, बावड़ियों, स्टॉप डेम का गहरीकरण और पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। सोलाबरडी और गढ़ताल रेंज वन क्षेत्रों समेत जिले के 67 चिन्हित जल-स्त्रोतों की सफाई और गहरीकरण का काम किया जा रहा है। वन विभाग का अमला स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से नदी, तालाबों, बावड़ियों में जमा कचरा, सूखे पत्ते, गाद और झाड़ियां को हटा रहा है। अमरावती नदी के तटों पर भी वृहद स्तर पर सफाई अभियान जारी है। इससे मानसून के दौरान इन स्त्रोतों में पानी का भराव आसानी से हो सकेगा। जल संरचनाओं में पानी का भराव होने से वन्य जीवों और पक्षियों को भी राहत मिलेगी और भूजल स्तर बना रहने से पर्यावरण भी संतुलित रहेगा। देवास जिले में नये एवं पुराने जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के उद्देश्य से देवास जिले में भी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ 30 मार्च से 30 जून तक चल रहा है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह एवं जिला पंचायत के सीईओ हिमांशु प्रजापति के मार्गदर्शन में नये तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने तालाबों, बावड़ियों, नदियों एवं कुँओं का जीर्णोद्धार व पौधारोपण के कार्य जन-भागीदारी से किये जा रहे हैं। जिले की जनपद पंचायत खातेगांव में ग्राम पंचायत बछखाल के बोरदा गांव में तालाब का गहरीकरण किया गया है। इसी क्रम में जिला प्रशासन एवं ग्रामीणों के जनसहयोग से जिले की जनपद पंचायत देवास की ग्राम पंचायत गदाईशा पीपल्या में तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। इससे बारिश के दिनों में जल-संचय बढ़ेगा जिससे पेयजल एवं कृषि दोनों के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा।  शिवपुरी एवं शहडोल में हनुमान जन्मदिवस पर सामुदायिक श्रमदान शिवपुरी जिले के विकासखंड शिवपुरी में निवर्तमान नवांकुर संस्था, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बूढ़ीबरोद, सेक्टर सुरवाया व ग्राम विकास समिति धुवानी के संयुक्त प्रयास से ग्राम धुवानी तालाब में श्रमदान कर मिट्टी हटाई गई और जल संरक्षण हेतु प्रेरणा दी गई। वहीं, शहडोल जिले में हनुमान जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन एवं नगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में प्राचीन विराटेश्वर मंदिर परिसर में स्थित बाणगंगा कुण्ड में सफाई अभियान चलाया गया। विधायक मनीषा सिंह, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस अभियान में भाग लेते हुए जल संरक्षण की शपथ भी ली। अभियान का समग्र उद्देश्य इस अभियान के अंतर्गत नई जल संरचनाओं का निर्माण और पुरानी संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जल स्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की सफाई के साथ-साथ उनके आस-पास पौधारोपण को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरुकता अभियानों के माध्यम से लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का उद्देश्य न केवल जल संरचनाओं के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार में सहायता प्रदान करना है, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले जल स्रोतों को पुनर्जीवित करते हुए वर्तमान एवं भविष्य की पीढ़ियों में भारत के स्वर्णिम अतीत से परिचय एवं प्रेरणा का संचार करना भी है। अभियान में मशीन, सामग्री व श्रम का समुचित नियोजन कर आमजन, स्थानीय समुदाय, जनप्रतिनिधि एवं सरकार का संयुक्त प्रयास सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्त्वपूर्ण अभियान में एकजुटता के साथ भाग लेकर जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं, क्योंकि “जल है तो कल है”।  

सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य : वर्तमान और भावी पीढ़ियां भारत के स्वर्णिम अतीत से होंगी परिचित: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर दिल्ली के लाल किले में हो रहे सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की प्रस्तुति की पहल को सराहा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य :यह पहल देश की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करेगी : प्रधानमंत्री मोदी सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य : वर्तमान और भावी पीढ़ियां भारत के स्वर्णिम अतीत से होंगी परिचित: प्रधानमंत्री मोदी भारतीय संस्कृति की पहचान है विक्रम संवत परंपरा भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में होने वाले तीन दिवसीय ‘सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य’ और इससे जुड़ी प्रदर्शनियों के आयोजन सराहना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा है कि “मुझे खुशी है कि मध्यप्रदेश के ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा और वैभव को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के आयोजकों एवं इसमें हिस्सा ले रहे देश के कलाकारों को आयोजन की सफलता की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने संदेश में लिखा है कि युगपुरुष सम्राट विक्रमादित्य का शासनकाल जनकल्याण, सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए जाना जाता है। वह भारत की न्यायप्रिय और लोक कल्याणकारी नेतृत्व परंपरा के प्रतीक थे। उन्होंने साहित्य, कला और विज्ञान को जिस रूप में प्रोत्साहित किया, वह आज भी हमारे लिए आदर्श है। उनके काल की ‘विक्रम संवत’ परंपरा आज भी भारतीय संस्कृति की पहचान है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य और प्रदर्शनी का महत्व एक सांस्कृतिक आयोजन से कहीं अधिक है। इसका उद्देश्य हमारे इतिहास, हमारी जड़ों और हमारे आत्मबोध को एक उत्सव के रूप में मनाने का है। मुझे विश्वास है कि ऐसे आयोजनों से वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियां भारत के स्वर्णिम अतीत से परिचित होंगी और उससे प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा है कि सांस्कृतिक मूल्यों को आधार बनाकर, आधुनिकता और विरासत को साथ लेकर, इस अमृत काल में विकसित भारत की ओर अग्रसर राष्ट्र पर सभी को गर्व है। इस यात्रा में सम्राट विक्रमादित्य समेत हमारे महापुरुषों से मिली न्याय, पराक्रम और सेवा जैसी शिक्षाएं हमारा मार्गदर्शन करेंगी। यह आयोजन देश की सांस्कृतिक चेतना को और सशक्त बनाते हुए युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़कर आत्मविश्वास से पूर्ण, जागरूक औ कर्तव्यनिष्ठ नागरिक के रूप में तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।  

दिल्ली और मध्यप्रदेश के संबंधों का नया अध्याय लिखा जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिल्ली के लाल किले पर सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन ऐतिहासिक होगा। आज दिल्ली और मध्यप्रदेश के संबंधों का नया अध्याय लिखा जाएगा। भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर एकाग्र, विक्रमोत्सव के अंतर्गत विक्रम संवत के प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य की प्रथम प्रस्तुति, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री संस्कृति एवं पर्यटन गजेन्द्र सिंह शेखावत की गरिमामय उपस्थिति में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का सुशासनकाल आज भी भारत के सभी राज्यों में सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनके शौर्य, पराक्रम, वीरता, ज्ञानशीलता, दानवीरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहल ने शासन संचालन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। बेताल पच्चीसी, सिंहासन बत्तीसी सहित विक्रमादित्य की वीरता की गाथाएं आज भी याद की जाती हैं। संस्कृति मंत्रालय, दीनदयाल शोध संस्थान और दिल्ली सरकार के सहयोग से कलाकारों ने सम्राट विक्रमादित्य के काल को जीवंत करते हुए उनके सुशासन की झलक दिखाने का प्रयास किया। यह मंचन दिल्ली के लाल किले में 13 और 14 अप्रैल को भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।  

हर दु:ख, हर कष्ट में सबसे पहले ही हनुमानजी ही आते हैं याद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान श्रीराम के रामराज्य की स्थापना में हनुमान जी का योगदान सदैव प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाभारत में हनुमानजी ने ही धर्म ध्वजा की थी धारण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दु:ख, हर कष्ट में सबसे पहले ही हनुमानजी ही आते हैं याद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हनुमान जी ही बल, बुद्धि, पराक्रम और विनयशीलता का वरदान करते हैं प्रदान मुख्यमंत्री ने हनुमान जयंती की दी बधाई भोपाल    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हनुमान जयंती की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामदूत हनुमानजी की भक्ति, सेवा और समर्पण भाव से प्रेरित होकर हम विकसित भारत-विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प की सिद्धि में योगदान दें , यही प्रार्थना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हनुमान जयंती के पावन पर्व पर राजकीय विमान तल भोपाल स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना कर जगत के कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने आगामी कार्यक्रमों के लिए प्रस्थान किया।        मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों के लिए जारी संदेश में कहा कि हनुमान जी अजर-अमर हैं। भगवान श्रीराम के रामराज्य की स्थापना में हनुमान जी का योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। माता सीता का प्रेम, स्नेह और वात्सल्य पाकर उनकी आजीवन सेवा तथा असाधारण वीरता का हनुमानजी का संकल्प सभी के लिए प्रेरक है। महाभारत के युद्ध में अर्जुन बाण चला रहे थे, और भगवान श्रीकृष्ण सारथी थे, तब भी धर्म ध्वजा हनुमानजी ने ही धारण की थी। हर कष्ट, हर दु:ख में सबसे पहले हमें हनुमानजी ही याद आते हैं। वे ही हमें बल, बुद्धि, पराक्रम, वीरता, ज्ञान, विनयशीलता जैसे मानवीय गुणों का वरदान प्रदान करते हैं। संकटमोचक हनुमानजी की कृपा सब पर बरसती रहे, यही प्रार्थना है।  

सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य: स्वयं डॉ. मोहन यादव ने सम्राट महेन्द्रादित्य के जीवंत किया था

उज्जैन उज्जैन की पवित्र धरती पर 2000 के दशक की शुरुआत की एक अनोखी सांस्कृतिक पहल की शुरूआत “सम्राट विक्रमादित्य महामंचन” के रूप में हुई। यह महानाट्य मंचन केवल एक ऐतिहासिक पात्र का स्मरण नहीं था, बल्कि एक ऐसे युग की पुनर्प्रतिष्ठा थी जिसे भारतीय संस्कृति, न्याय, और नीति का प्रतीक माना जाता है। इस मंचन की सबसे रोचक बात यह रही कि इसमें स्वयं डॉ. मोहन यादव ने सम्राट महेन्द्रादित्य (विक्रमादित्य के पिता) के जीवंत किया था। महानाट्य के मंचन के समय किसी ने सोचा भी नहीं था कि रंगमंच पर उतरने वाला यह युवक भविष्य में वास्तविक रूप में मध्यप्रदेश के विक्रमादित्य की तरह एक नेतृत्वकर्ता, एक सांस्कृतिक अभिभावक और जनमानस का प्रतिनिधि के रूप में प्रतिष्ठित होगा। डॉ. यादव का यह सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रेम ही उन्हें सत्ता के शीर्ष तक ले आया। सत्ता में आने के बाद भी उनका यह रुझान केवल मंचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने महानाट्य के मंचन को सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम बनाया। प्राधिकरण से प्रारंभ हुई विक्रमदर्शिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बने, उन्होंने विकास को केवल अधोसंरचनात्मक निर्माण तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य की दृष्टि से उज्जैन शहर को एक ऐसे नगर के रूप में देखा जो इतिहास, आस्था और आधुनिकता का संगम बने। उनकी पहल पर शहर में चार दिशाओं में भव्य प्रवेश द्वार निर्मित किए गए, जो चार युगों के प्रतीक हैं। यह कार्य न केवल स्थापत्य की दृष्टि से अभिनव था, बल्कि सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने वाला भी था। उज्जैन को देश का पहला ऐसा शहर बनने का गौरव प्राप्त हुआ, जिसमें दिशा-प्रेरित प्रवेश द्वारों से संस्कृति का स्वागत हुआ। विक्रम विश्वविद्यालय को नई पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अगला महत्वपूर्ण कार्य सम्राट विक्रमादित्य के नाम से स्थापित विक्रम विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना रहा। उन्होंने विश्वविद्यालय में न केवल शोध और शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई, बल्कि सम्राट विक्रमादित्य के साहित्य, न्याय दर्शन, और सांस्कृतिक मूल्यों को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी विशेष प्रयास प्रारंभ किए गए। लाल किले से देशव्यापी मंचन की ओर अब जब डॉ. यादव सत्ता और संस्कृति दोनों के मध्य सेतु बन चुके हैं, उन्होंने अपने पुराने सांस्कृतिक अभियान को उत्थान के एक नए सोपान पर ले जाने का संकल्प लिया है। उनके नेतृत्व में टीम अब सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के महामंचन को देशभर में करने के लिए तत्पर हैं। इससे सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और दर्शन पर आधारित यह महानाट्य लाल किले जैसे ऐतिहासिक स्थल पर किया जाकर राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्स्थापित कर सांसकृतिक उत्थान का नया आयाम स्थापित करेगा। “सम्राट विक्रमादित्य” केवल इतिहास के पात्र नहीं हैं, वे भारतीय मानस के आदर्श पुरुष हैं। डॉ. मोहन यादव ने उन्हें सुशासन-प्रेरणा में बदल दिया है। उनका यह अभियान केवल उज्जैन या मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत में सांस्कृतिक चेतना की लौ जलाने वाला है। जब लाल किले की प्राचीर पर विक्रमादित्य की गाथा गूंजेगी, तब यह केवल एक नाट्य मंचन नहीं होगा। यह भारतीय अस्मिता का उत्सव होगा।  

मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे हैं मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उन्नत और समृद्ध रही है प्राचीन भारतीय वास्तुकला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा भोज द्वारा निर्मित बड़ा तालाब तकनीकी उत्कृष्टता का है श्रेष्ठ उदाहरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे हैं मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने वास्तुकारों को मध्यप्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री ने “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” के राष्ट्रीय सम्मेलन “ट्रांसम” का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने डॉ. निधिपति सिंघानिया को किया सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीनकाल से ही आर्किटेक्ट्स का विशेष महत्व रहा है। राजा भोज स्वयं बड़े वास्तुकार थे। भोपाल ताल सहित प्राचीन स्थापत्य के कई उदाहरण भोपाल और इसके आसपास विद्यमान है। भोपाल का ताल मूलतः बांध है। एक हजार साल पहले बनी है यह अद्भुत और बेमिसाल संरचना आज भी सामयिक और बड़ी आबादी के लिए उपयोगी है। मितव्ययता और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ निर्मित यह संरचना, प्राचीन समृद्ध ज्ञान परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जिस पर आज भी विचार प्रासंगिक है। इस दृष्टि से भोपाल में हो रहा आर्किटेक्ट्स सम्मेलन विशेष महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “ट्रांसम” के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वास्तुशिल्प नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए वास्तुकला उत्कृष्टता में विरासत को समाहित करने के लिए डॉ. निधिपति सिंघानिया को भारतीय वास्तुकार संस्थान (आईआईए) फैलोशिप से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आर्किटेक्ट्स को विश्वकर्मा बंधु संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर वास्तुकला और पूजा पद्धतियों में कई रहस्य विद्यमान हैं। भस्म आरती जन्म से लेकर मृत्यु तक की जीवन यात्रा को संक्षिप्त रूप में दिखाने का प्रकल्प है। राजा भोज द्वारा बनवाया गया भोजपुर मंदिर और उनके बड़े भाई राजा मुंज द्वारा मांडव में बनाई गई संरचनाएं तत्कालीन उत्कृष्ट वास्तु शिल्प का उदाहरण है। उत्कृष्ट तकनीक के ये प्रतीक हमारी संस्कृति पर गौरव और आत्म सम्मान का आधार भी हैं। उन्होंने कहा कि राजा भोज कई विधाओं के विशेषज्ञ थे, उन्होंने विभिन्न विषयों पर पुस्तक भी लिखी। उनकी राजधानी उज्जैन थी लेकिन उत्तर की ओर से हो रहे आक्रमणों से नागरिकों की सुरक्षा के लिए राजा भोज ने अपनी राजधानी को मांडव में स्थापित किया और वहां उत्कृष्ट जल संरचनाओं का भी निर्माण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दौर में मध्यप्रदेश बदल रहा है, प्रदेश में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, जलवायु, जन सामान्य का आत्मीय व्यवहार, सड़क-बिजली-पानी जैसी अधोसंरचनात्मक सुविधाएं, प्रदेश को निवेश के लिए आदर्श राज्य बनाती हैं। व्यवसायियों और उद्योगपतियों को कार्य में परेशानी ना आए इस उद्देश्य से ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ सेक्टर विशेष पर केंद्रित नीतियां लागू की गई है। प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन सिटी भी तेजी से विकसित हो रही हैं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों से आसपास के पांच जिलों को जोड़कर विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन विकसित करने की कल्पना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वास्तुकारों को मध्यप्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि है कि संस्था “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” वर्ष 1917 में स्थापित हुई, इसका मुख्यालय मुम्बई में है। देश के वास्तुविदो को संगठित कर वास्तु कला को बढ़ावा देने में संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। वास्तु कला और भवन निर्माण से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से यह संस्था निरंतर समन्वय और सम्पर्क में रहती है। संस्था के सम्मेलन को भारत के सबसे बड़ा वास्तु कला उत्सव के रूप में देखा जाता है।  

गौ-सेवा सहित जनकल्याण के कार्य होंगे निंरतर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

संत, महात्मा ज्ञान और सन्मार्ग के हैं प्रेरणा पुंज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे संत, महात्मा ज्ञान और सन्मार्ग के प्रेरणा पुंज हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गौ-सेवा सहित जनकल्याण के कार्य होंगे निंरतर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  महावीर जयंती पर रवीन्द्र भवन में हुआ विशेष कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार गौमाता की सेवा सहित जनकल्याण के विभिन्न कार्यों को संतजन का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त कर निरंतर रूप से कार्य करेगी। हमारे संत, महात्मा ज्ञान और सन्मार्ग के प्रेरणा पुंज हैं। भगवान महावीर ने अहिंसा, संयम, सत्य, समर्पण के मूल्यों को महत्व दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराज जी और अन्य संतों के आशीर्वाद से राज्य सरकार महावीर स्वामी के सिद्धांतों का पालन करते हुए  जनकल्याण की दिशा में आगे बढ़ रही है। मु ख्यमंत्री डॉ. यादव रवीन्द्र भवन सभागम, भोपाल में  गुरूवार की शाम आयोजित महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव और मुनि प्रमाणसागर जी महाराज के 38वें दीक्षा दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जैन संप्रदाय के विभिन्न संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनन्दन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान महावीर और हमारे अन्य आराध्यों से भारत की विशेष पहचान विश्व में बनी है। विश्व के अधिकांश देशों में विभिन्न प्रकार के संघर्षों से संस्कृति की धारा प्रभावित हुई लेकिन भारत ऐसा राष्ट्र है जो संतों, मुनियों के बताए मार्ग पर आज भी चल रहा है।  भारत में सन्मार्ग पर चलने की गौरवशाली परम्परा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुनि प्रमाणसागर जी महाराज के चरणों में नमन करते हुए कहा कि दुनिया में 200 से ज्यादा देश हैं, इनमें से अनेक देशों की संस्कृति कहां गई, किसी को पता नहीं चला। दुनिया भले उलझन में रहे लेकिन भारतमाता ने कई संस्कृतियों को पल्लवित-पोषित किया है। भगवान महावीर स्वामी ने जीवन का रहस्य भी समझाया है। अपरिग्रह, त्याग, ब्रह्मचर्य, समर्पण के मूल्यों को उन्होंने स्थापित किया। आचार्य विद्यासागर जी को देखकर भगवान महावीर का स्मरण होता था। आचार्य विद्यासागर जी महाराज जीते जी देवत्व को प्राप्त हो गए। उनके बारे में लिखे साहित्य को पढ़ने पर यह ज्ञात होता है कि वैचारिक रूप से वे कितने समृद्ध थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुनि से मुख्यमंत्री निवास पधारने का अनुरोध भी किया। सत्ता के साथ श्रद्धा हो तो संस्कृति प्रतिष्ठित होती है मुनि प्रमाणसागर जी महाराज  ने कहा कि आज देश का सौभाग्य है देश और देश के  कई राज्यों में धर्मधारी सत्ता में हैं। सत्ता के साथ श्रद्धा हो, तो संस्कृति प्रतिष्ठित होती है। हमारी संस्कृति पर अनेक आघात भी हुए, लेकिन आज भी संस्कृति का स्वरूप सुरक्षित है। एआइ और रोबोट आ जाने से कार्य में सुविधा हो सकती है, लेकिन ये यंत्र संवेदना से दूर हैं। मनुष्य के पास संवेदना की शक्ति है। यदि संवेदना नहीं है तो मनुष्य भी रोबोट और यंत्र ही कहलाएंगे। हमने ऐसी धरा पर जन्म लिया है जहां उत्तम विरासत प्राप्त हुई है। भौतिक समृद्धि स्थाई  समृद्धि नहीं है। आध्यात्मिक मजबूती को आदर्श बनाने की आवश्यकता है। आचार विचार हीनता का कोई स्थान न होतो जीवन सफल और सार्थक होता है। आधुनिकता के साथ कार्य के प्रति ईमानदारी हो, तो परमात्मा भी मनुष्य को सक्षम बनाता है। राज्य सरकार के गौ सेवा के प्रयास महत्वपूर्ण और सराहनीय हैं मुनिप्रमाणसागर जी महाराज  ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के गौ सेवा के प्रयास महत्वपूर्ण और सराहनीय हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-शालाओं में गायों के लिए आहार की राशि दोगुनी करने की घोषणा को मंत्रि-परिषद की स्वीकृति दिलवाई और इस तरह के प्रयास निंरतर कर रहे हैं, जो हमारी संस्कृति और गौरवशाली परम्परा को सशक्त बनाते हैं। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट के पदाधिकारियों और विभिन्न संस्थाओं की ओर से अभिनन्दन किया गया। मनोज वांगा ने स्वागत उदबोधन दिया। महावीर जन्मोत्सव पर उपस्थित मुनि संघ और अनेक संतों के साथ जैन धर्मावलंबी बड़ी सख्या में उपस्थित थे।  ‘  

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बदनावर -उज्जैन फोरलेन का किया लोकार्पण, बोले-1 साल में MP के हाईवे अमेरिका से बेहतर करूंगा

बदनावर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश में 69.1 किमी लंबे उज्जैन-बदनावर फोरलेन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके साथ रहे। बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा उज्जैन से बदनावर तक 1352 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाया गया है। लोकार्पण कार्यक्रम धार में एक फैक्ट्री के सामने नवीन सर्कल पर किया गया।लोकार्पण कार्यक्रम से प्रदेश के एकमात्र पीएम मेगा मित्र टेक्सटाइल पार्क निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है।इससे क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी। बदनावर में लोकार्पण के बाद केंद्रीय मंत्री गडकरी उज्जैन के लिए रवाना हो जाएंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पर्यटन नगरी मांडू की ऐतिहासिक इमारतो को निहारने पहुंचे। प्राचीन इतिहास को जानकर काफी प्रभावित हुए साथ ही उन्होंने प्राचीन जल संरचनाओं को देखकर उनके बारे में बारीकी से जाना। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा केंद्रीय कि यह राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा साल भर मध्यप्रदेश का नेशनल हाईवे नेटवर्क अमेरिका से भी बेहतर होगा। गडकरी ने कार्यक्रम में कुल 5800 करोड़ रुपए की 328 किलोमीटर लंबी 10 सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीती रात अचानक जहाज महल में बने तवेली महल में रुकने का मन बनाया था। सुबह जल्दी 6:30 बजे उठकर वह यहां के प्राचीन महलों को देखने के लिए निकल पड़े। यहां गाइड विश्वनाथ तिवारी ने उन्हें प्राचीन इतिहास के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने यहां करीब डेढ़ घंटे तक प्राचीन इमारत को निहारा वह इतिहास को जाना। उन्होंने जहाज महल, चंपा बावड़ी, हिंडोला महल, हमाम आदि ऐतिहासिक महलों का भ्रमण किया। जहाज महल स्मारक समूह का भ्रमण करने के बाद मुख्यमंत्री यादव ने दैनिक दिनचर्या अनुसार जहाज महल के ऊपर सकोरों में पानी डाला और पक्षियों को दाने भी डालें। यहां से सड़क मार्ग से वह धरमपुरी के लिए रवाना हुए वहां भगवान जागीरदार महादेव का अभिषेक कर पुनः मांडू आए और फिर हेलीकॉप्टर से इंदौर के लिए रवाना हुए। उन्होंने जहाज महल में मांडू का लाइट एंड साउंड शो भी देखा और मांडू के इतिहास से रूबरू हुए। MP में हमने सड़कों का काला इतिहास खत्म किया: CM मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में सड़क कनेक्टिविटी में सुधार से सड़कों का काला अतीत खत्म हो गया है। बदनावर-उज्जैन फोरलेन के निर्माण से गुजरात और अन्य राज्यों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी। पहले बदनावर से उज्जैन जाने में ढाई घंटे लगते थे, अब यह सफर 45 मिनट में पूरा हो जाएगा। यह उपलब्धि बीजेपी सरकार की देन है, जो राज्य के विकास को नई दिशा दे रही है। 1352 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण भविष्य में ट्रैफिक के दबाव को नियंत्रित रखने के लिए इस सड़क के हर लेन को 9 मीटर चौड़ा बनाया गया है। इससे भारी वाहनों की निकासी भी आसान होगी और अन्य संपर्क मार्गों की गति भी तेज होगी। इस फोरलेन सड़क का निर्माण 1352 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत तैयार इस हाईवे का मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम धार जिले के खेड़ा (बदनावर) गांव में आयोजित किया गया है। 69.1 किमी की दूरी अब केवल 45 मिनट में 69.1 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क से उज्जैन-बदनावर की दूरी घटकर 45 से 50 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे क्षेत्रीय आवागमन सुगम होगा और समय की भी बचत होगी। सड़क पर पशुओं की आवाजाही और स्थानीय निवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 130 बॉक्स कल्वर्ट और 31 अंडरपास बनाए गए हैं। इससे मार्ग की सुरक्षा और उपयोगिता दोनों बढ़ी हैं। हाल ही में मिली 1347 करोड़ की बायपास परियोजना ग्वालियर के पश्चिमी हिस्से में 28.516 किमी एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 1347.6 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। भोपाल, सागर और विदिशा जैसे शहरों को भी राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की मंजूरी मिली है।सिंहस्थ 2028 के दौरान इस मार्ग का महत्व और बढ़ेगा। अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु इंदौर होते हुए सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे, जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। भाजपा कर रही समाज की सेवा कांग्रेस अंग्रेजों के पद चिह्नों पर इसके पहले मुख्यमंत्री ने धरमपुरी विधायक कालू सिंह ठाकुर के निवास पर आयोजित सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा देश की और समाज की सेवा करती है वह सिर्फ चुनाव के दौर में मैं ही सक्रिय नहीं रहती। कांग्रेस में राष्ट्रवाद का अभाव है। कांग्रेस आज भी अंग्रेजों के पद चिह्नों पर चल रही है। उन्होंने कहा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को पीएम नरेंद्र मोदी के बताएं मार्ग पर बढ़कर समाज की सेवा करने का संकल्प लेने का आवाहन किया।

सीएम यादव ने कहा,

भोपाल ध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा. हैरानी जताई कि जिन लोगों ने वक्फ कानून में बदलाव का विरोध किया था, उन्हीं के यहां क्यों आग लग रही है. मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के बाद हिंसा भड़क गई थी. इस हिंसा को लेकर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर सीएम यादव ने कहा, “सच्चाई सामने आ गई है. वक्फ अधिनियम में बदलाव का विरोध करने वालों के इलाकों में आग क्यों लग रही है?” CM यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीब मुसलमानों के अधिकारों के लिए वक्फ अधिनियम में संशोधन किया था, लेकिन कांग्रेस ने ‘वोट बैंक की राजनीति’ के लिए इस संशोधन पर साजिश रची, जिसका पर्दाफाश हो गया है. मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस के नेता, ममता बनर्जी और उनके सहयोगी माफी मांगेंगे. मुझे उम्मीद है कि वे वक्फ कानून में बदलाव की भावना को समझेंगे और मुसलमानों के गरीब और कमजोर वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे.” कांग्रेस ने अहमदाबाद में अपनी विस्तारित कार्यसमिति की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा है कि पार्टी सरदार वल्लभभाई पटेल के बताए रास्ते पर चलते हुए सांप्रदायिकता, धार्मिक ध्रुवीकरण और विभाजन की राजनीति के खिलाफ संघर्ष करने के लिए कमर कस चुकी है. प्रस्ताव पर पूछे गए सवाल के जवाब में CM यादव ने दावा किया, “भारत के स्वतंत्र होने के बाद पटेल ने गुजरात में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर का जीर्णोद्धार कराया और इसके उद्घाटन के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने पटेल के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया.” लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेहरू के वंशज अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर बने मंदिर में जाने से बचते हैं. (राहुल) गांधी मीडिया कवरेज के लिए कुछ भी बोल सकते हैं, लेकिन जनता उन पर कड़ी नजर रख रही है. मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “जब आप लगातार बहुसंख्यक वर्ग के साथ अन्याय करते हैं और एक खास वर्ग के वोट पाने के लिए समाज को बांटने की कोशिश करते हैं, तो लोग आपको माफ नहीं करते.” बिहार विधानसभा चुनाव से पहले, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के खुद को पूर्वी राज्य के मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश करने से जुड़े प्रश्न का यादव ने कोई उत्तर नहीं दिया और ‘भारत माता की जय’ कहकर बातचीत खत्म कर दी.

जल केवल जीवन नहीं, संस्कार भी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जल केवल जीवन नहीं, संस्कार भी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने जल संसाधन दिवस पर दी शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल संसाधन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “आपः सुजिरा अमृतः सुवर्चाः शंभू मयोभूः” अर्थात् जल न केवल अमृतस्वरूप है, बल्कि शुभ, पवित्र और जीवनदायक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल केवल जीवन जीने का संसाधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में यह एक संस्कार की तरह है। हर बूंद में जीवन है, और हर स्रोत में आने वाले कल का भविष्य छिपा है। ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि हम इस अमूल्य धरोहर की हर संभव तरीके से रक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जल संसाधन दिवस पर यह संकल्प लें कि सभी जल का संरक्षण करेंगे और इसे व्यर्थ नहीं बहने देंगे। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को जल बचाने के लिए जागरूक रहने और समाज को प्रेरित करने का संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन की जन जागरुकता प्रसार एवं जन सहभागिता के लिए जल गंगा जल संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री ने धरमपुरी में माँ नर्मदा के दर्शन कर भगवान शिव का अभिषेक और महर्षि दधिच की प्रतिमा का किया पूजन

माण्डू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को माण्डू में रात्रि विश्राम के बाद गुरूवार सुबह माण्डू के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक वैभव को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जहाज महल और हिंडोला महल का भ्रमण किया। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें इन ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विगत रात्रि माण्डू में लाइट एंड साउंड शो के ज़रिए यहां के इतिहास को देखा। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक धरमपुरी कालूसिंह ठाकुर तथा अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने देखा खुरासानी इमली का प्राचीन वृक्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माण्डू में खुरासानी कोठी परिसर में लगे खुरासानी इमली के प्राचीन वृक्ष को देखा। कलेक्टर धार प्रियंक मिश्र ने बताया कि माण्डू में खुरासानी के वृक्ष पाए जाते हैं, जिनमें से कुछ 500 वर्ष से भी अधिक प्राचीन हैं। खुरासानी कोठी परिसर के इस वृक्ष का तना 10.85 मीटर व्यास का है। खुरासानी इमली घना छायादार पेड़ होता है। यह पेड़ अपने भीतर सवा लाख लीटर पानी जमा करके रख सकता है। उल्लेखनीय है कि 14वीं शताब्दी में ये पेड़ लगाए गए थे। कई पेड़ यहां पांच-छ: सौ साल पुराने हैं। पर्यटक माण्डू आने की स्मृति के तौर पर माण्डू की इमली खरीदकर ले जाते हैं। कई आदिवासी परिवारों को इसे बेचने से आय हो रही है। मूलतः यह वृक्ष अफ्रीका, अरब और मेडागास्कर पर पाया जाता है। ये पेड़ अति विशाल हैं, इसकी उम्र हज़ारों साल होती हैं। मराठीभाषी क्षेत्रों में इसे गोरखचिंच (चिंच याने इमली) कहकर सन्त गोरखनाथ से इसका पवित्र सम्बन्ध जोड़ा जाता है। धरमपुरी में किया माँ नर्मदा का पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों के साथ धरमपुरी में नर्मदा दर्शन कर पूजन किया। धरमपुरी नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ नगर है। यहाँ नर्मदा नदी की दो धाराओं के बीच बेंट नामक एक टापू स्थित है, जहां बिल्वामृतेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर स्थित है। मुख्यमंत्री ने यहां भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिर के निकट महर्षि दधिच की प्रतिमा का पूजन किया। पौराणिक मान्यता अनुसार यहां दधिच ऋषि की समाधि एवं तपस्या स्थली भी है। इसी स्थान पर इन्द्र स्वयं आये थे और दधिचि ऋषि से उन्होंने राक्षस के वध के लिये अस्थियां माँगी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिल्वामृतेश्वर महादेव मंदिर बैंट के हर तरह के संरक्षण के निर्देश अधिकारियों को दिये।  

स्व-सहायता समूहों से महिलाओं का हो रहा हैं आर्थिक सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्व-सहायता समूह से बहनों के जीवन में नए सूर्य का हुआ उदय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की पहल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं की है प्रमुख भूमिका स्व-सहायता समूहों से महिलाओं का हो रहा हैं आर्थिक सशक्तिकरण मुख्यमंत्री कुक्षी में स्व-सहायता समूह सम्मेलन सह-पोषण पखवाड़े कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूह महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। इससे न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है बल्कि महिलाएं आर्थिक रूप से समृद्ध भी हो रही है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की पहल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं की प्रमुख भूमिका है। सशक्त नारी ही समृद्ध प्रदेश का आधार हैl मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को धार जिले के कुक्षी में आयोजित स्व-सहायता समूह सम्मेलन सह-पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की बहनों को निकाय चुनाव में 50% आरक्षण दिया जा रहा है। साथ ही 2029 तक लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33% आरक्षण के प्रयास भी किये जा रहे हैं। जमीन या मकान की रजिस्ट्री महिला के नाम पर करने पर पंजीयन शुल्क में छूट दी जा रही है। लाड़ली बहना योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर अपना सामर्थ्य दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देशभर की महिलाएं सशक्त हो रही हैं। आज जनजातीय वर्ग की महिला देश की राष्ट्रपति हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में हजारों सालों से देवियों की पूजा होती रही है। नवरात्रि में 9 दिन देवी की आराधना की जाती है। दुनिया में भारत ही एकमात्र देश है, जो राष्ट्र को माता मानता है। राज्य सरकार हर माह लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपए डालकर रक्षाबंधन मना रही है। सभी पात्र लाड़ली बहनों को 1250 रुपए की राशि मिलती रहेगी। अगर बहनों के हाथों में पैसे आएंगे तो परिवार में कुछ बचत होगी। सरकार बहन-बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। यह परिवार और समाज को सशक्त बनाने का एक प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। प्रदेश के हर घर को गोकुल बनाएंगे। राज्य सरकार द्वारा दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से नई गौपालन योजना बनाई गई है। भविष्य में गौशालाओं के माध्यम से प्रदेश की बहनों के जीवन में भी बड़ा बदलाव आ सकता है। राज्य सरकार उन्हें नए व्यवसाय से जोड़ने के कार्य कर रही है। अब स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गौशालाओं से जोड़ेगे और समूह की महिलाएं दूध से बने उत्पाद जैसे- मिठाई, रबड़ी, कलाकंद तैयार करेंगी। बहन-बेटियों की मिठाई की दुकान खुलेगी, उनकी आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिये प्रतिबद्ध हमारी सरकार ने कपड़ा कारखानों में काम करने वाली बहनों को 5000 रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में अलग से देगी। कंपनी मालिक भी 8000 रुपए मेहनताना देंगे। इस प्रकार उनकी मासिक आय 14 हजार 250 रुपए सुनिश्चित हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए 24 घंटे काम कर रही है। राज्य सरकार ने 1 लाख शासकीय पदों पर भर्ती का अभियान शुरू किया है। आने वाले कुछ दिनों में प्रमोशन के लिए स्वीकृति देकर राज्य सरकार 4 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को सौगात देगी। सरकार अगले 5 साल में ढाई लाख नौकरी के अवसर प्रदान करेगी। गरीब हो या अमीर, सरकार का काम सभी की भलाई के लिए काम करना है। मध्यप्रदेश के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाई के लिए किताब-कॉपियां दी जा रही हैं। मेधावी विद्यार्थियों के लिए साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप प्रदान करने की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हमारी सरकार में हर बेरोजगार के हाथ में रोजगार होगा। राज्य सरकार गरीब, किसान, युवा और महिला कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश को देश में नंबर-1 राज्य बनाकर छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार के बदनावर में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 10 अप्रैल को धार को देवास से जोड़ने वाली 4 लेन का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही 5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की नई सौगातें मिलेंगी। 30 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण की सौगात भी मिलेगी। शुक्रवार 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी आनंदपुर धाम आ रहे हैं। इसके बाद रविवार 13 अप्रैल को केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह सहकारी सम्मेलन में भोपाल आएंगे। सहकारिता कार्यों को गति प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ अनुबंध करेंगे। मुख्यमंत्री ने किया पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा पोषण पखवाड़े में श्रीअन्न से निर्मित खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने व्यंजनों की प्रशंसा की। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने साझा किये अपने अनुभव समारोह में ग्राम पिपलिया सरपंच श्रीमती अनीता लोकेश पांचाल ने मंच से जल गंगा संवर्धन अभियान में किए गए बावड़ी जीर्णोद्धार कार्य के अनुभव साझा कर बताया कि पहले बावड़ी बहुत गंदी थी। जनसहयोग एवं जन भागीदारी से बावड़ी का पानी पीने योग्य हो गया है। भविष्य में पंचायत को मॉडल पंचायत के रूप में भी विकसित किया जाएगा। ग्राम झड़दा निवासी सुखली बाई ने स्व-सहायता समूह के अनुभव साझा करते हुए बताया कि पूर्व में उनके घर की स्थिति खराब थी लेकिन सांई स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद ऋण प्राप्त किया। उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया और स्वयं का भी एक छोटा व्यवसाय शुरू किया। अब वह लेखा जोखा करना भी सीख गई हैं। बच्चे भी शिक्षित होकर बड़े पदों पर कार्यरत है। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने बताया कि बाल्यावस्था में बच्चों को भरपूर पोषण मिले तो वह सशक्त बनेंगे और राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने में समर्थ होंगे। हमारा दायित्व है कि हम भारत के भविष्य को पोषण … Read more

केन्द्रीय मंत्री गडकरी उज्जैन-बदनावर खंड पर नवनिर्मित 4 लेन सड़क का लोकार्पण करेंगे

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी 10 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिये धार जिले के खेड़ा (बदनावर) में समारोहपूर्वक सड़कों और फ्लाई ओवर की सौगातें देंगे। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी उज्जैन-बदनावर खंड पर नवनिर्मित 4 लेन सड़क का लोकार्पण करेंगे। साथ ही उज्जैन-गरोठ  के खेड़ा खजुरिया से सुहागड़ी तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, उज्जैन-गरोठ के सुहागड़ी से बर्डिया अमरा तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, जीरापुर-सुसनेर-मध्यप्रदेश एवं राजस्थान बॉर्डर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क और बाकानेर घाट पर पेव्ड शोल्डर के साथ अतिरिक्त 3 लेन सड़क का भी लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में  संदलपुर-नसरुल्लागंज खंड पर 4-लेन सड़क, चंदेरी-पिछोर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क, इंदौर-गुजरात खंड पर 7 फ्लाई ओवर एवं अंडरपास, शाजापुर, कनासिया एवं एमआईडीसी इंडस्ट्रीयल एरिया में 3 फ्लाई ओवर, अंडरपास तथा रसलपुर जंक्शन पर फ्लाई ओवर के कार्यों का शिलान्यास किया जायेगा। बहुप्रतीक्षित उज्जैन-बदनावर फोर-लेन हाई-वे, जिसकी लंबाई 69.100 किलोमीटर है, अब पूरी तरह से तैयार हो चुका है। यह परियोजना मई 2022 में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को सौंपी गई थी। यह हाई-वे आधुनिक इंजीनियरिंग और उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे का एक शानदार उदाहरण है। इस परियोजना में दो रेलवे ओवरब्रिज, 4 बड़े पुल, 7 छोटे पुल, एक इंटरचेंज, 2 फ्लाईओवर, 31 अंडरपास, 140 कलवर्ट, 42 बस शेल्टर/बस-वे और 4 वे-साइड सुविधाएं शामिल हैं। स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए 23 किलोमीटर सर्विस रोड भी बनाई गई है। यातायात को सुगम बनाने के लिए 28 किलोमीटर के 3 बायपास और 5 स्थानों पर 18 किलोमीटर के रिअलाइन्मेंट का निर्माण किया गया है। इस हाईवे के पूरा होने से उज्जैन और बदनावर के बीच यात्रा का समय 2.5 घंटे से घटकर मात्र 1 घंटे से भी कम रह गया है।  

मोहन सरकार ने की बढ़ी तैयारीआजादी से पहले के कई नियम-कानून करेगी खत्म

भोपाल मोहन यादव सरकार आजादी के पहले से लागू 9 विभागों के नियमों और अधिनियमों में बदलाव करना चाहती है। इसके लिए सरकार ने तैयारी कर ली है, लेकिन इन विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी यह नहीं बता पा रहे हैं. यह स्थिति तब है जब विधि विभाग ने संबंधित विभागों को उनके डिपार्टमेंट से संबंधित बदलाव के दायरे में आने वाले नियमों की पूरी जानकारी भी दे रखी है। जिन अधिनियमों की समीक्षा होनी है, उनमें लाइसेंस प्रणाली, किसानों की कर्जमाफी, अकाल राहत, साहूकारी नियंत्रण और नशीले पदार्थों के व्यापार से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। विधि और विधायी कार्य विभाग का कहना है कि जिन विभागों में ऐसे अधिनियम और नियम लागू हैं जो देश की आजादी से पहले बनाए गए थे, उन्हें या तो निरस्त किए जाने की जरूरत है या फिर मौजूदा हालात के अनुसार उनमें संशोधन किया जाना चाहिए। ऐसे नियमों की जानकारी संबंधित विभागों से शीघ्र मांगी गई है ताकि एकत्रित जानकारी के आधार पर शासन स्तर पर फैसला किया जा सके। इन 9 विभागों से मांगी गई जानकारी विधि और विधायी कार्य विभाग ने 9 विभागों से उनके पुराने नियमों और अधिनियमों की समीक्षा कर उन्हें निरस्त या संशोधित किए जाने को लेकर जानकारी मांगी है। इसके लिए विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को पत्र भेजे गए हैं। ये विभाग हैं शामिल     जल संसाधन विभाग     गृह विभाग     उद्योग और व्यापार विभाग     नगरीय विकास और आवास विभाग     वाणिज्यिक कर विभाग     पशुपालन विभाग     राजस्व विभाग     किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग     स्कूल शिक्षा विभाग चार महीने में नहीं बता पाए अफसर विधि विभाग ने चार महीने पहले ही इन विभागों से जानकारी मांगी थी। इस दौरान विभाग ने तीन बार पत्र भी भेजे, लेकिन संबंधित अधिकारी यह नहीं बता पाए हैं कि उनके विभाग के कौन-से नियम और अधिनियम अब प्रासंगिक नहीं हैं, जिन्हें निरस्त या संशोधित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के उन्नयन की स्वीकृति और अन्य विकास कार्यों की बहुमूल्य सौगात प्रदान करने पर केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार माना। उन्होंने कहा है कि राज्य में विकास की गति को और अधिक बढ़ाने के लिए रोड और हाईवे का विशाल नेटवर्क आकार ले रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन से क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना मध्यप्रदेश की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के साथ समृद्धि के नए द्वार खोलेगी। केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के शाहगढ़-बक्सवाहा-नरसिंहगढ़-दमोह से 63.50 किमी लंबाई के खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2-लेन में अपग्रेड करने के लिए 531.84 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-34 उत्तराखंड के गंगोत्री धाम को मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर) पर लखनादौन से जोड़ता है। इन उन्नयन कार्यों में शाहगढ़-दमोह खंड के उन्नयन में 5 प्रमुख पुल, बक्सवाहा, भटेरा, नरसिंहगढ़ और पिपरिया चंपत में 4 बायपास और दमोह के निर्मित क्षेत्रों में सर्विस/स्लिप रोड (दोनों तरफ 1.3 किलोमीटर) शामिल हैं।  

प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में हो आईटीआई, मुख्यमंत्री ने की तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा

ग्लोबल स्किल पार्क की सभी सीटें भरी जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में विद्यमान उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था करें सुनिश्चित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में हो आईटीआई, मुख्यमंत्री ने की तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा युवाओं के व्यवहारिक प्रशिक्षण और अनुभव के लिए तकनीकी विशेषज्ञता वाले विश्वविद्यालयों और निजी औद्योगिक इकाईयों को शैक्षणिक संस्थाओं से जोड़ें मुख्यमंत्री ने की तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क की ब्रांड वैल्यू को स्थापित करते हुए यहाँ की सभी सीटें भरना सुनिश्चित किया जाएं। स्किल पार्क में संचालित सभी तकनीकी पाठ्यक्रमों, उनकी उपयोगिता और रोजगारपरक क्षमता पर केंद्रित प्रचार-प्रसार अभियान का संचालन व्यापक स्तर पर किया जाए। प्रदेश में विद्यमान उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के हर विकासखंड में आईटीआई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर विद्यमान औद्योगिक इकाइयों के समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। इससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा में यह निर्देश दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगार के लिए प्रशिक्षित करने में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विभाग में संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति के प्रति असंतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और उनके लिए रोजगारपरक कार्यक्रमों के लक्ष्य और समय-सीमा निर्धारित कर परिणाममूलक गतिविधियां संचालित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मन और जापानी भाषाओं में दक्ष व्यक्तियों के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन भी भाषाओं में रोजगार के अवसरों की अधिक संभावना है, उनके प्रशिक्षण की प्रदेश में उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने तकनीकी रूप से दक्ष विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के औद्योगिक इकाइयों को जोड़ते हुए युवाओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे प्रदेश के उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकेगा। बैठक में कौशल विकास नीति, रोजगार कार्यालयों और कौशल विकास के विलय, स्थानीय एवं परम्परागत पद्धतियों की पहचान के लिए आरंभ श्रुति कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई।  

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से नौ संकल्पों के पालन का किया आहवान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए नौ संकल्पों से निश्चित ही नई ऊर्जा के स्त्रोत बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से नौ संकल्पों के पालन का आहवान किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नवकार महामंत्र दिवस पर समारोह का शुभारंभ करते हुए नवकार मंत्र के महत्व को रेखांकित किया और मंत्र को एकीकृत ऊर्जा का प्रवाह बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नवकार महामंत्र नई पीढ़ी के लिए ज्ञान और दिशा के स्त्रोत के रूप में कार्य कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने सामूहिक नवकार मंत्र के जाप के बाद सभी से नौ संकल्प लेने का आग्रह किया। ये है नौ संकल्प पहला संकल्प – जल संरक्षण, दूसरा संकल्प – एक पेड़ मां के नाम, तीसरा संकल्प – स्वच्छता का मिशन, चौथा संकल्प – वोकल फॉर लोकल, पांचवाँ संकल्प – देश दर्शन, छठा संकल्प – नैचुरल फार्मिंग को अपनाना, सातवाँ संकल्प – हेल्दी लाइफ स्टाइल को अपनाना, आठवाँ संकल्प – योग और खेल को जीवन में लाना और नौवाँ संकल्प – गरीबों की सहायता का संकल्प है।  

MP में आठ साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया पुनः शुरू होगी, चार लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। आठ साल से रुकी पड़ी पदोन्नति की प्रक्रिया को शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे चार लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 8 अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक के बाद वीडियो संदेश के जरिए यह खुशखबरी सुनाई। सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद नए नियमों के साथ पदोन्नति की तैयारी की है, जिससे कर्मचारी जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह कदम न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। हालांकि, पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन सरकार ने वैकल्पिक रास्ता तलाशकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। मेरिट और वरिष्ठता बनेगी आधार सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पदोन्नति के नए नियमों में मेरिट के साथ-साथ वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जाएगी। एक अप्रैल 2025 से पदोन्नत कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिल सकता है। सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि कैबिनेट से नियम पारित होते ही विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कर आदेश जारी करें। कार्यवाहक पदों पर दी गई अस्थायी पदोन्नति की पुन: डीपीसी होगी, ताकि उन्हें भी वरिष्ठ पद का आर्थिक लाभ मिल सके। खास बात यह है कि 2002 से पदोन्नत अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) कर्मचारियों को पदावनत नहीं किया जाएगा। यह फैसला कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम है। आरक्षण विवाद ने रोकी थी पदोन्नति     पदोन्नति में आरक्षण का मामला 2016 से उलझा हुआ है। निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने हाई कोर्ट जबलपुर में याचिका दायर कर पदोन्नति नियम 2002 को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया, जिसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची।     सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के चलते मई 2016 से पदोन्नति ठप हो गई थी। इस दौरान एक लाख से अधिक कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो गए। इस लंबे अंतराल ने कर्मचारियों में असंतोष पैदा किया था, जिसे अब सरकार दूर करने की कोशिश में है। शिवराज सरकार में बने नियम, पर नहीं बनी सहमति     तत्कालीन शिवराज सरकार ने कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज गोरकेला से नए नियम तैयार करवाए थे, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।     उसके बाद तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में समिति बनी, जिसने कर्मचारी संगठनों से बातचीत की, पर कोई समाधान नहीं निकला। अंतरिम उपाय के तौर पर पात्र कर्मचारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया गया, लेकिन यह स्थायी हल नहीं था। इस स्थिति ने कर्मचारियों के बीच असंतोष को और बढ़ा दिया था। विधि विभाग ने दिखाई राह     पदोन्नति का रास्ता विधि एवं विधायी विभाग ने सुझाया। कर्मचारियों की याचिकाओं पर हाई कोर्ट ने माना कि आरक्षण नियम भले ही निरस्त हुए हों, लेकिन विभागीय भर्ती नियमों में बदलाव नहीं हुआ है। इन नियमों के तहत एक निश्चित अवधि के बाद वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान है।     हाई कोर्ट के आरपी गुप्ता प्रकरण के आदेश के आधार पर समिति बनाकर भर्ती नियम 2010 के तहत नए पदों को शामिल करते हुए पदोन्नति का फैसला लिया गया। ये पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी, जिससे कानूनी पेचीदगियां टाली जा सकें। मुख्यमंत्री का संदेश: जल्द मिलेगा हक     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा, “पदोन्नति के उलझे मामले सुलझने की ओर बढ़ रहे हैं। लंबे समय से कर्मचारी इस अवसर से वंचित थे। कई तो बिना पदोन्नति के रिटायर हो गए। एक ही सीट पर बैठे हुए हक न मिलना अटपटा लगता है।     अलग-अलग स्तर पर विचार-विमर्श के बाद हमने रास्ता तलाशा है। सभी वर्गों को सहमत कर मार्ग प्रशस्त किया गया है। मुझे खुशी है कि कैबिनेट के निर्णय से जल्द ही कर्मचारियों को यह सुखद सूचना देंगे।” उनके इस बयान ने कर्मचारियों में उम्मीद जगाई है। कर्मचारियों की संख्या और प्रभाव     मार्च 2024 के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में प्रथम श्रेणी के 8,286, द्वितीय श्रेणी के 40,020, तृतीय श्रेणी के 5,00,048 और चतुर्थ श्रेणी के 58,522 नियमित कर्मचारी हैं। पिछले एक साल की भर्तियों के साथ यह संख्या सात लाख से अधिक हो गई है।     चार लाख से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने से प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा आएगी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। यह निर्णय सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति को भी दर्शाता है।  

मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना रखे जाने की स्वीकृति

मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025 स्वीकृत गौ-शालाओं में प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना रखे जाने की स्वीकृति प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णय मंदसौर में 2932 करोड़ 30 लाख रूपये की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत “मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति : 2025” की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया हैं। गौ-शालाओं को प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने और मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुक्रम में गौ-शालाओं को 20 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिवस से बढ़ाकर 40 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिवस किये जाने का निर्णय लिया गया। “मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना” को “डॉ. अम्बेडकर विकास योजना” किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य में पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित गतिविधियों में रोजगार के नवीन अवसर बढ़ाने, उत्पादकता बढाने, किसानों की आय बढने से जीएसडीपी में वृद्धि और राष्ट्र की जीडीपी में योगदान बढाने के लिए मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना की निरन्तरता (वर्ष 2024-25 तथा 2025-26) रखते हुए योजना का नाम “डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना” रखे जाने का निर्णय लिया गया। स्वीकृति अनुसार सहकारिता के माध्यम से पशुपालन गतिविधियों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसान को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करायें जायेंगे। नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण कार्यक्रम और बांझ निवारण शिविरों का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, चारा उत्पादन कार्यक्रम, प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्ल एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दूधारू गायों के लिए पुरस्कार कार्यक्रम, मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम तथा पशुपालकों को योजनाओं की जानकारी प्रदाय करने एवं उन्मुखीकरण के लिए प्रचार-प्रसार कार्यक्रम की निरन्तरता पर स्वीकृती दी गयी। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत भारत सरकार से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किए जाने के लिए एमओयू किए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड (भारत सरकार की मिनी रत्न श्रेणी-1) सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एन्टरप्राइजेज (सीपीएसई) संस्था है। संस्था के द्वारा म.प्र. में समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत गुणवत्ता सुधार, एलईपी (कक्षा VI-XII) के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न गतिविधियों को संचालित किया जायेगा। इसमें सीखने में वृद्धि कार्यशालाएँ, सीखने के परिणाम आधारित मूल्यांकन, राज्य के बाहर वैज्ञानिक एक्सपोजर विजिट, शिक्षक विकास, सतत व्यावसायिक विकास और परिणाम शिक्षण रणनीतियों में सुधार शामिल हैं। मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना अंतर्गत मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 2932 करोड़ 30 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 60 हजार हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना से मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के 32 ग्राम एवं मंदसौर तहसील के 115 ग्राम लाभान्वित होंगे। विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण या नगद साख सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गयी। लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन वाली परियोजनाओं के परीक्षण और प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया का अनुमोदन किया गया हैं। इसे जारी करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया हैं। चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप का कार्योत्तर अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप को कार्योत्तर अनुमोदन दिया। साथ ही निविदा प्रपत्र में आवश्यक परिवर्तन करने एवं अन्य निराकरण किये जाने के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पी.पी.पी. परियोजनाओं के लिए गठित राज्य स्तरीय सशक्त समिति को अधिकृत किया गया है।  

महापौरों ने शहर के विकास के लिए मुख्यमंत्री से रखी अपनी-अपनी बात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी नगर निगमों में विकास समिति बनाई जाएगी। अपने शहर के विकास के लिए डॉक्टर, इंजीनियर, सिटी प्लानर, प्रोफेसर, लेक्चरर, टीचर सब मिलकर काम करेंगे। हमने इसी बजट में शहरों में विकास समिति बनाने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के महापौरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महापौर शहर के प्रथम नागरिक हैं। नगर और नागरिकों के विकास के लिए पूरी क्षमता, समर्पण और सेवा भावना से काम करें। उन्होंने कहा कि हमारे शहर विकास के मामले में अव्वल रहें, इसके लिए नगर विकास के रोडमेप पर लगातार चर्चा की जाएगी। म.प्र. महापौर संघ के अध्यक्ष पुष्यमित्र भार्गव (महापौर इंदौर) के नेतृत्व में प्रदेश के 12 शहरों के महापौर ने सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। महापौरों ने शहर के विकास के लिए अपनी-अपनी बात रखी। भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, सागर महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, रीवा महापौर अजय मिश्रा, खंडवा महापौर सुअमृता यादव, रतलाम महापौर प्रह्लाद पटेल, देवास महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल, छिंदवाड़ा महापौर विक्रम आहाके, कटनी महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, बुरहानपुर महापौर सुमाधुरी पटेल और सिंगरौली महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल ने प्रदेश के पवित्र शहरों में शराबबंदी लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ देकर एवं अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत अभिनंदन किया। जल गंगा जल संवर्धन अभियान के कामों को दें प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जल बचाना बेहद जरूरी है। इसलिए सभी महापौर अपने निगम क्षेत्रों में इस अभियान के तहत प्राथमिकता से जल संरक्षण के काम कराएं और जन सहभागिता से इस अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए प्रयास जारी हैं। नगर निगम अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्ताव दें। बच्चों, अकांक्षी युवाओं को कैरियर डेवलपमेंट कैंप या व्यक्तित्व सुधार शिविर आदि लगाएं। अपने जन बल (समर्थन) का उपयोग शहर के विकास में करें। नगर सरकार की अवधारणा को मजबूत बनाने के लिए काम करें। निगम मित्तव्यता बरतें, अपने खर्च कम करें और विकास के कामों के लिए राजस्व जुटाएं। हर साल नए नए काम करें और आय अर्जन के स्रोत सृजित करके आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महापौर संघ के अध्यक्ष ने मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में महापौरों के लिए प्रोटोकॉल बनाए जाने, इनके वित्तीय अधिकार बढ़ाए जाने, नगर निगमों में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी की पूर्ति किए जाने और महापौरों को एक-एक सुरक्षाकर्मी भी दिए जाने की मांग की गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा। इस दिशा में प्रदेश में निरंतर कार्य हो रहा है। सरकार के साथ समाज को भी स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय करना है। शासकीय, अशासकीय और अर्द्धशासकीय स्तर पर नागरिकों के स्वास्थ्य रक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रदेश में अनेक प्रकल्प संचालित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर होटल कोर्टयार्ड मैरियट में हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृ-शिशु संजीवन मिशन रणनीति दस्तावेज एवं अनमोल 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर इस अभिनव कार्यक्रम की रचना के लिए स्वास्थ्य विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह बदलते दौर का भारत है और पूरी दुनिया इसे देख रही है। कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता सामने आई, जब आपदा के अवसर के मंत्र पर काम करके भारत ने वैक्सीन तैयार की और अपने राष्ट्र के नागरिकों के साथ ही अनेक राष्ट्रों को भी सहायता दी। अथक अनुसंधान से देश की नागरिकों को नि:शुल्क वैक्सीन मिल जाने से जहां उनके स्वास्थ्य को ठीक करने में सहायता मिली, वहीं यह वैक्सीन सभी का मनोबल बढ़ाने में भी उपयोगी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वह काफी कठिन दौर था, जब हमारी जनता कष्ट में थी, लेकिन श्रेष्ठ प्रबंधन से राष्ट्र में टीकाकरण का प्रभावी कार्य हुआ और रोग पर नियंत्रण हुआ। पूरा विश्व सशंकित होकर भारत को देख रहा था। उस कठिन दौर में प्रधानमंत्री मोदी ने समाधान की राह निकाल ली थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए व्यवस्थाएं बेहतर बनाई जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अनमोल 2.0 पोर्टल प्रारंभ करने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दो मंत्रालय विभाग होते थे, जिन्हें एकीकृत कर आम जनता के हित को सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या निरंतर बढ़ रही है। साल दर साल नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल अपनाकर अस्पतालों के संचालन में सुधार करने की पहल की गई है। इस दिशा में अनुकूल वातावरण भी तैयार हुआ है। मेडिकल पर्यटन बढ़ाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश में मेडिकल पर्यटन की काफी संभावना है। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रयास बढ़ाए जाएंगे । प्रदेश में जो रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई हैं, उसमें सेवा क्षेत्र को भी जोड़ा गया है। प्रारंभ में प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े नगरों में निजी क्षेत्र में अस्पतालों को भी प्रमोट करेंगे। इसमें ‘ए’ श्रेणी में बड़े नगर शामिल होंगे। नए अस्पताल प्रारंभ करने पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। तीन श्रेणियों में अस्पतालों को सब्सिडी प्रदान कर लाभान्वित किया जाएगा। इससे अस्पतालों के संचालन में सहयोग मिलेगा। सब्सिडी के प्रावधान से अस्पताल समर्थ होंगे और नागरिकों के उपचार के कार्य में व्यापक स्तर पर सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एयर एंबुलेंस का संचालन भी दो स्तर पर हो रहा है। प्रदेश में जहां हवाई पट्टियां हैं, वहां जहाज की व्यवस्था कर गंभीर और दुर्घटनाग्रस्त रोगियों को बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने का कार्य हो रहा है और जहां हेलीपैड हैं वहां से हेली सेवा प्रारंभ की गई है। हाल ही में भोपाल एम्स के एक चिकित्सक को आपात अवस्था में विमान द्वारा चेन्नई भिजवाने की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में चिकित्सक के परामर्श और कलेक्टर के माध्यम से यह सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुष्मान कार्ड धारकों को विमान और हेलीकॉप्टर सेवा नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा एलोपैथी चिकित्सा के साथ ही आयुष, प्राकृतिक चिकित्सा और अन्य चिकित्सा पद्धतियों को भी समग्र दृष्टि से देखते हुए इन सभी पद्धतियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार हर नागरिक तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर केंद्रित यह कार्यक्रम सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। आईएमआर और एमएमआर में सुधार मध्यप्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण चुनौती है। पूर्व में भी प्रयास हुए हैं। विगत 20 वर्षों में एमएमआर 400 से 173 हो गयी है। आईएमआर 80 से 43 हो गयी है। एनएमआर 60 से घटकर 31 हुई है। इन सभी प्रयासों से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं, परंतु लक्ष्य अभी दूर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुरूप सतत विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये मध्यप्रदेश पुरज़ोर प्रयास कर रहा है। वर्ष 2030 तक एमएमआर को 100 से कम करने और आईएमआर को 20 से कम करने के योजनाबद्ध प्रयास करेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इन परिणामों में अपेक्षित सुधार लाने के लिए विषय विशेषज्ञों और रिसर्च प्रोफेशनल्स द्वारा समस्याओं का चिन्हांकन कर उनमे सुधार के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संजीवन मिशन रोड मैप बनाया गया है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के पंजीयन और उनके स्वास्थ्य की सघन निगरानी के लिए अनमोल 2.0 (एएनएम ऑनलाइन 2.0) ऐप और वेब पोर्टल लांच किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 20 हज़ार एएनएम को मैप किया गया है। एयर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आगामी समय में आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भी मैप करने के प्रयास किये जाएँ। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के शत प्रतिशत पंजीयन और नियमित एएनसी जांच से हाई रिस्क प्रेगनेंसी का समय से चिन्हांकन कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के सही समय में प्रदाय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे एमएमआर के साथ आईएमआर में भी सुधार लाने में हम सफल होंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि प्रदेश में सिर्फ 60 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया जा रहा है। इनमें से 20 प्रतिशत गर्भवती महिलायें समय से अपनी जांच नहीं करवा रही हैं। इसके लिए महिलाओं के साथ-साथ परिजन को भी जागरूक किया जा … Read more

केंद्रीय सहकारिता और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा अनुबंध सहकार से समृद्धि के लिए नई पहल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकार से समृद्धि के विजन के अंतर्गत मध्यप्रदेश एक महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) के मध्य सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की जिंदगी बदलने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दुग्ध सहकारिता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने विशेष स्थान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में संपन्न बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में आगामी 13 अप्रैल को भोपाल में हो रहे राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक गोपाल सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता और गृहमंत्री अमित शाह का आगमन प्रस्तावित है। बैठक में डेयरी विकास एवं पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। श्वेत क्रांति की दिशा में बढ़ता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दुग्ध उतपादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित है कि किसानों और पशुपालकों से दूध की खरीद सुनिश्चित हो और उन्हें दूध की सही कीमत प्राप्त हो। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट, चिलिंग सेंटर की संख्या बढ़ाकर और दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता का विस्तार कर किसानों की आय में वृद्धि का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में अधिकतर ग्रामों में दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना कर दुग्ध उत्पादक किसानों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम से जोड़ने का कार्य होगा। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरा स्थान है। सहकारी समितियों को कव्हरेज बढ़ाकर दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम का पूरा-पूरा लाभ दिलवाया जाएगा। सांची ब्रांड के उन्नयन का भी यह ठोस प्रयास है। स्थापित होंगे नए अत्याधुनिक संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अत्याधुनिक संयंत्र भी स्थापित होंगे। जहां दुग्ध संघों के संयंत्र पुराने हो गए हैं वहां नए अत्याधुनिक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। प्र-संस्करण क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन से 30 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से दुग्ध उत्पादक संस्थाएं भी सुदृढ़ होंगी। किसानों को किसानी के अलावा आमदनी का नया महत्वपूर्ण स्रोत उपलब्ध होगा, जो प्रदेश की प्रगति में भी सहायक होगा।  

मुख्यमंत्री ने प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा कर सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं समय पर पूरा करने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सड़क विकास के काम में हम किसी से भी पीछे न रहें। प्रदेश में सड़कों विशेषकर अधिक यातायात वाले राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से उच्च कोटि का समन्वय करें। आपसी संवाद में कोई कमी न रखें, ताकि राजमार्गों की मंजूरी और निर्माण के कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में लोक निर्माण एवं एनएचएआई के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को पूरी गुणवत्ता (परफार्मेंस गारंटी) के साथ तय समय-सीमा में ही पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े भू-अधिग्रहण के लंबित मामलों को आपसी वार्ता के जरिए शीघ्र सुलझाया जाए। बैठक में बताया गया कि गत वित्त वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग मंजूर कराने के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर रहा है। यह मध्यप्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा दी गई बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर में बाबा महाकाल मंदिर के पास से एक एलिवेटेड रोड बनाया जा सकता है, जो रेलवे स्टेशन को सीधा कनेक्ट करे। इससे महाकाल दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का बेहतर तरीके से यातायात प्रबंधन किया जा सकेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी 10 अप्रैल को बदनावर आएंगे बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एनएचएआई के अधिकारियों ने अवगत कराया गया कि आगामी 10 अप्रैल को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी धार जिले के बदनावर आएंगे। यहां वे एक गांव में एनएचएआई द्वारा निर्मित की गईं 218 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकर्पण करेंगे। इनकी कुल लागत 3502 करोड़ रुपए है। इसी प्रकार एनएचएआई द्वारा निर्मित की जाने वाली 110 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमिपूजन भी इसी अवसर पर केंद्रीय मंत्री द्वारा किया जाएगा। इन सभी निर्माण कार्यों की लागत 2330 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री प्रदेश की 7 प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी से करेंगे आग्रह बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की 7 परियोजनाएं पाइप लाइन में हैं। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलना शेष है। यह जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन अत्यधिक आवश्यकता वाले मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने के लिए वे स्वयं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी से आग्रह करेंगे। बताया गया कि बदनावर-पेटलावद-थांदला 4 लेन मार्ग निर्माण (लंबाई 80 किमी, लागत 1500 करोड़ रु.), पूर्वी इंदौर बायपास मार्ग निर्माण (लंबाई 77 किमी, लागत 3500 करोड़ रु.) एवं उज्जैन-झालावाड़ 4 लेन मार्ग का निर्माण कार्य (लंबाई 134 किमी, लागत 2200 करोड़ रु.) अत्यंत जरूरी है। यह तीनों राजमार्ग विकास कार्य 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। इसी प्रकार मिसरौद से औबेदुल्लागंज खण्ड रा.रा.- 46 का 6 लेन में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 19.32 किमी, लागत 280 करोड़ रु.), ग्वालियर-भिण्ड से म.प्र/उ.प्र. की सीमा तक रा.रा.- 719 का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 96 किमी, लागत 3125 करोड़ रु.) तथा सतना-चित्रकूट खण्ड रा.रा.- 135 बीजी का 4 लेन में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 80 किमी, लागत 1500 करोड़ रु.) प्रस्तावित है। इसी तरह लखनादौन से रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (लंबाई 200 किमी, लागत लगभग 5985 करोड़ रु.) के निर्माण के लिए बालाघाट और लांजी तहसील के जनजातीय क्षेत्र से गुजरने वाले एकरेखण(अलाइमेंट) के विकल्प को प्राथमिकता दी जानी है। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। यह परियोजनाएं सिर्फ़ भू-अधिग्रहण एवं वन अनुमतियां न मिलने की वजह से अबतक मंजूर होने से शेष हैं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में कुल 9664 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग उपलब्ध हैं। इसमें से 5428 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग एनएचएआई के अधीन हैं। शेष 4236 किमी लंबाई युक्त राष्ट्रीय राजमार्गों का संधारण लोक निर्माण विभाग (3990 किमी) एवं म.प्र. सड़क विकास निगम (846 किमी) द्वारा किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्रीय सरकार द्वारा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए 3935 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। गत वित्त वर्ष की कार्य योजना अंतर्गत 8 नवीन कार्यो के लिए 3412 करोड़ रुपए के प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में स्वीकृति के लिए प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोड नेटवर्क बढ़ाने के लिए हम केंद्र सरकार से लगातार सम्पर्क में हैं और बहुत जल्द ही प्रदेश को नए राष्ट्रीय राजमार्ग मंजूर होने वाले हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई, म.प्र. सड़क विकास निगम के एमडी भरत यादव, एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

जनसामान्य के साथ शालीन व्यवहार और संवाद आवश्यक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चयनित अधिकारी सेवा भाव और सकारात्मक मानसिकता के साथ करें अपने अधिकारों का उपयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनसामान्य के साथ शालीन व्यवहार और संवाद आवश्यक मुख्यमंत्री ने राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के 118वें संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ उप जिलाधीश, उप पुलिस अधीक्षक और नायब तहसीलदार के कुल 83 प्रशिक्षु लेंगे सात सप्ताह का संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय समाज स्व-नियंत्रित और सुसंस्कृत समाज है। राज्य सेवा के लिए चयनित अधिकारी पवित्र सेवा भाव और परिष्कृत मन मस्तिष्क के साथ, उन्हें मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए अपने दायित्व निर्वहन की ओर अग्रसर हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी कुशलता और दक्षता से सभी की आशाओं-आकांक्षाओं पर खरे उतरें यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सिविल सेवा के अधिकारियों के 118वें संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ सत्र को प्रशासन अकादमी में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का महानिदेशक प्रशासन अकादमी सचिन सिन्हा द्वारा पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। प्रशिक्षण शुभारंभ पर अकादमी संकल्प गान की प्रस्तुति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रशिक्षु अधिकारियों का ग्रुप फोटो भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षुओं से कहा कि नर्सरी कक्षा से लेकर अब तक के शिक्षण-प्रशिक्षण से मिले ज्ञान के आत्म अवलोकन से अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों और कार्यों को दक्षतापूर्वक संपन्न करें। उन्होंने कहा कि शिक्षण से व्यक्ति और प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का निर्माण होता है। हमारी पाठ्य पुस्तकें अपार ज्ञान का भंडार हैं, लेकिन दायित्वों को पूरा करने के लिए इसी ज्ञान की मदद से अपना मार्ग स्वयं खोजना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने दायित्वों के निर्वहन में पारिवारिक मूल्यों का ध्यान रखने, जनसामान्य के साथ शालीन व्यवहार और संवाद क्षमता विकसित करने तथा आउट ऑफ बॉक्स सोचते हुए समाज हित में नवाचार करने के लिए प्रेरित किया। बड़े पद की जिम्मेदारी के साथ-साथ परिवारजन और मित्रों की अपेक्षाओं पर बने रहना भी एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि आपका व्यवहार ऐसा हो कि आप अधिक से अधिक लोगों की आशाओं व आकांक्षाओं पर खरे उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी से विकास और जनकल्याण की दिशा में राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है। चयनित अधिकारियों को स्वयं के परिश्रम और ईश्वर की कृपा से जनसेवा का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने सबसे अपेक्षा की कि प्रशिक्षण उपरांत अधिकारी, मैदानी चुनौतियों को स्वीकार करते हुए आत्मविश्वास और सकारात्मक मानसिकता के साथ सुशासन और गुणवत्तापूर्ण लोक सेवाओं के लिए उत्तरदायी-जवाबदेह-पारदर्शी-स्वच्छ और संवेदनशील भूमिका का निर्वहन करें। शुभारंभ सत्र को अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे, महानिदेशक प्रशासन अकादमी सचिन सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने भी संबोधित किया। संचालक प्रशासन अकादमी मुजीबुर्रहमान खान ने आभार माना। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा में चयनित वर्ष 2020 और 2021 बैच के उप जिलाधीश, उप पुलिस अधीक्षक और नायब तहसीलदार पद के लिए चयनित कुल 83 प्रशिक्षुओं के सात सप्ताह का संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अप्रैल से 23 मई 2025 तक प्रशासन अकादमी में संचालित होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन आपराधिक कानूनों की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाए गए नए आपराधिक कानून, भारतीय न्याय प्रणाली को अधिक लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। सभी के लिए अधिक सुलभ, सहायक और कुशल न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बने इन कानूनों और नवीन प्रक्रियाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। न्याय प्रणाली से जुड़ी सभी संस्थाओं में अद्यतन व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए जन-सामान्य को नई धाराओं और प्रक्रियाओं से शीघ्र अतिशीघ्र अवगत कराने के लिए नए आपराधिक कानूनों के बारे में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन आपराधिक कानूनों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। मंत्रालय में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस, जेल, अभियोजन, न्यायिक एवं फॉरेंसिक कर्मियों के बीच अद्यतन तकनीक के उपयोग का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। सभी हितधारकों में हर स्तर पर बेहतर समन्वय जरूरी है। प्रत्येक स्तर पर आवश्यक व्यवस्था, उपकरण और भौतिक संसाधनों की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अचल सम्पत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ राजस्व का अमला भी सजग और सतर्क रहे, साथ ही दोनों विभागों में परस्पर समन्वय भी हो। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों सहित जिन क्षेत्रों में भूमि की दरें तेजी से बढ़ रही है, वहां विशेष सजगता बरती जाए। बैठक में बताया गया कि समयावधि में चालान के लिए नवीन डैशबोर्ड उपलब्ध है। ई-साक्ष्य की प्रक्रिया भी आरंभ की जा चुकी है। पुलिस थानों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए न्यायश्रुति सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है और थानों व कंट्रोल रूम में साउंड प्रूफ कक्ष चिन्हित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन समन/वारंट मॉड्यूल के अंतर्गत गतिविधियां प्रगति पर हैं। पिछले तीन महीने में 50 प्रतिशत से अधिक वारंट तिथि से पहले इलेक्ट्रानिक रूप से तामील किए गए। इनकी मॉनीटरिंग के लिए सभी जिलों में सेल गठित किए जा चुके हैं। डिजिटल इन्वेस्टिगेशन केलिए टेबलेट्स और लाइव स्कैनर थानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बैठक में डिजिटल धोखाधड़ी, डेटा चोरी जैसे सायबर अपराधों के बारे में जागरूकता के लिए की गई पहल की भी जानकारी दी गई।  

मुख्यमंत्री के निर्देश के झोलाछाप डॉक्टरों पर हो सख्त कार्रवाई, फर्जी डॉक्टर्स को ढूंढने चलेगा

भोपाल मध्य प्रदेश के दमोह में फर्जी डॉक्टर्स द्वारा मरीजों के ऑपरेशन करने और उससे हुई मौतों के बाद अब सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोई भी फर्जी डॉक्टर प्रेक्टिस नहीं कर सके ऐसे डॉक्टर्स को पता लगाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दमोह के मिशन हॉस्पिटल में फर्जी डॉक्टर्स द्वारा ऑपरेशन कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का मामला सामने आने के बाद से जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लेकर भोपाल में बैठे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी तक सवालों के घेरे में हैं , मामला उजागर होने के बाद सीएमएचओ ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है उधर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी सख्त तेवर दिखाए हैं। दमोह की घटना के बाद सीएम डॉ मोहन यादव सख्त   मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दमोह में जो मामला सामने आया है उसमें सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी को भी गलत और गैर क़ानूनी काम करने की इजाजत नहीं है सरकार इसके सख्त खिलाफ है। प्रेक्टिस कर रहे फर्जी डॉक्टर्स का पता लगाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने दमोह की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में कहीं भी इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए, अधिकरियों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी जिले में इस तरह के फर्जी डॉक्टर मिलते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये ।

भोपाल में राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का CM डॉ मोहन ने किया शुभारंभ

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल में सीएम डॉ मोहन यादव ने राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षण से व्यक्ति और प्रशिक्षण से व्यक्तित्व बनता है। शिक्षण-प्रशिक्षण का महत्व बहुत महत्वपूर्ण है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने राज्य सेवा के अधिकारियों के संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षण से व्यक्ति बनता है। प्रशिक्षण से व्यक्तित्व बनता है। शिक्षण हुआ है प्रशिक्षण की शुरुआत हो रही है। शिक्षण-प्रशिक्षण का महत्व बहुत महत्वपूर्ण है। परिवार में, मित्रों के बीच व्यवहार की परीक्षा होगी। परीक्षा का दौर सतत चलता रहेगा। आप समझें हम हैं क्या, हम कर क्या रहे हैं। जल से बर्फ बनता है तो जल नहीं रह जाता है। बर्फ पिघला तब जल बनता है। दोनों के गुणधर्म अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि आपका अब नया अध्याय है। अब आप जल से बर्फ बनने जा रहे हैं। सबसे पहले खुद को खुद से जानें, आपकी नौकरी की आयु निश्चित है, लेकिन पारिवारिक रिश्तों की कोई आयु नहीं है। ये समझना जरूरी है। सभी बातों का निचोड़ हमें ही निकालना है। दक्षता से अपने काम को निभाना है। आउट ऑफ बॉक्स सोचने की आदत डालें। हम हर पांच साल में परीक्षा देकर आते हैं। आप 35 साल तक रहेंगे। इस कार्यक्रम में 25 डिप्टी कलेक्टर, 22 डीएसपी और 36 नायब तहसीलदार प्रशिक्षण शामिल हुए है। आपको बता दें कि राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के 83 चयनित अफसरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट के भरत घाट में किया दीपदान

चित्रकूट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चित्रकूट केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, हमारी सनातन संस्कृति, सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना का जीवंत केंद्र है। यह परमधाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोस्थली है, जहां भगवान श्रीराम, माता जानकी और भैया लखन के साथ सदा सर्वदा निवास करते हैं। रामनवमीं के दिन मैं तपोभूमि चित्रकूट में आकर धन्य हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को श्रीराम प्राकट्य पर्व एवं चित्रकूट गौरव दिवस कार्यक्रम में दीपदान किया। उन्होंने मां मंदाकिनी की पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदाकिनी के तट पर भरत घाट में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आज का दिन सौभाग्यशाली है। आज पवित्र नौवीं तिथि है और कामतानाथ जी की नगरी चित्रकूट अपना गौरव दिवस मना रही है। चित्रकूट के घाटों पर असंख्य दीपदान की अलौकिक छटा दिख रही है। भरत घाट, कामदगिरि पर्वत, कामतानाथ स्वामी मंदिर के साथ चित्रकूट के सभी मंदिरों और घर-घर एवं गली, मोहल्लों, रास्तों में दीपमालाओं की अनुपम छटा देखते ही बन रही है। उन्होंने नगर वासियों को रामनवमीं एवं चित्रकूट गौरव दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट में सद्गुरु सेवा ट्रस्ट, दीनदयाल शोध संस्थान के द्वारा पीड़ित मानवता की सेवा के लिए नाना जी के संकल्पों को पूरा किए जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 19 धार्मिक स्थलों में एक अप्रैल से शराबबंदी लागू कर दी गई है, जिससे हमारे देव स्थानों में विकृतियां न पनपें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की ओर अग्रसर है। सर्वसम्मति से जो भी निर्णय हो रहे हैं उसे पूरा देश स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के लिए संसद में चर्चा व विचार-विमर्श के बाद वक्फ संशोधन विधेयक को स्वीकृति मिली है जो हमारे लोकतंत्र की खूबी को दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी प्रदेशवासी त्यौहार में शुभ संकल्प लें और प्रदेश के विकास के लिए समवेत हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट के गौरव दिवस पर कलाकारों का सम्मान किया। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंग वस्त्रम पहनाकर स्वागत किया गया। सांसद सतना गणेश सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह परम सौभाग्य है कि चित्रकूट की पावन धरा में श्रीराम के प्राकट्य पर्व और चित्रकूट गौरव दिवस के आयोजन में मुख्यमंत्री जी का आगमन हुआ है। 11 लाख दीपों से धर्मनगरी जगमगा उठी गौरव दिवस पर मां मंदाकिनी के भरत घाट सहित चित्रकूट में 11 लाख दीपों से धर्मनगरी जगमगा उठी। इस अवसर पर रंगोली बनाकर लोगों ने अपने उत्साह का परिचय दिया। चित्रकूट गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विदेशी पर्यटकों ने भी उत्साह से भाग लिया। कार्यक्रम में नगरीय विकास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, पद्मसे सम्मानित बीके जैन, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, प्रबल श्रीवास्तव सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शहरवासी, श्रद्धालु व आमजन उपस्थित रहे। चित्रकूट के गौरव दिवस पर पहुंची दो महिला रशियन पर्यटक श्रीराम प्राकट्य पर्व और चित्रकूट के गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दो महिला रशियन पर्यटक नेली और नताल्या भी पहुंची। उन्होंने चित्रकूट की धर्मनगरी में आयोजित कार्यक्रम को भव्य और उत्साहजनक बताया। उन्होंने कहा कि चित्रकूट की धर्मनगरी में रामनवमीं के दिन यह आना सौभाग्यशाली रहा। भगवान कामतानाथ के किये दर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट में भगवान कामतानाथ के प्राचीन मुखारबिंद के दर्शन कर आरती की। उन्होंने भगवान कामतानाथ से प्रदेश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस अवसर पर नगरीय विकास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी सांसद गणेश सिंह, विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, डीआरई के संगठन सचिव अभय महाजन सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री से मिलकर छात्रा मनोरमा गुप्ता हुई अभिभूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्रकूट में कामतानाथ भगवान के प्राचीन मुखारविंद के दर्शन करने के बाद पूजन सामग्री दुकान में छात्रा मनोरमा से आत्मीयता से मिले। उनसे मिलकर मनोरमा खुशी से अभिभूत हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मनोरमा से उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह स्कूल जाती है और खाली समय में पिताजी की दुकान में उनका हाथ बटाती हैं। मुख्यमंत्री ने मनोरमा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय शिखर खेल पुरस्कार-2023 के विजेताओं को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय शिखर खेल पुरस्कार-2023 के अंतर्गत विक्रम, एकलव्य, विश्वामित्र एवं लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्राप्त करने वाले मध्यप्रदेश के सभी प्रतिभावान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल हस्तियों को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन पुरस्कारों के माध्यम से उन व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अथक परिश्रम, दृढ़ संकल्प और अनुशासन से न केवल प्रदेश का नाम रोशन किया है, बल्कि भारतवर्ष की प्रतिष्ठा में भी वृद्धि की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों की उत्कृष्ट उपलब्धियां हम सबके लिए गर्व का विषय हैं। यह सम्मान खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के कठिन परिश्रम, साधना और समर्पण का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर सभी अवार्डियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी प्रकार अपने क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ते रहें, नई ऊंचाइयों को छुएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने और नई खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने दतिया में पीतांबरा माई के दर्शन कर पूजा-अर्चना की

 दतिया मुख्यमंत्री मोहन यादव आज दतिया पहुंचे, जहां उन्होंने पीतांबरा पीठ में मां पीतांबरा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की 19 धार्मिक नगरियों में शराबबंदी का जो संकल्प लिया था वह अब साकार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये निर्णय एक अप्रैल से प्रभावी हो चुका है और वह इसे मां पीतांबरा का आशीर्वाद मानते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार ने ये बड़ा कदम उठाया है और भविष्य में भी भाजपा सरकार इसी तरह जनहित में फैसले लेती रहेगी। उन्होंने बताया कि धार्मिक नगरी दतिया सहित अन्य स्थानों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि आस्था के साथ-साथ रोजगार और विकास को भी बढ़ावा मिल सके। ये माई का आशीर्वाद ही है कि 19 धार्मिक नगरियों में शराबबंदी संभव हो सकी प्रदेश की बेहतरी के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं और ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इस दौरान उनके साथ पूर्व गृह मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा साथ रहे। इसके बाद वह पीतांबरा पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से मुलाकात करने पहुंचे। यहां से वह स्टेडियम ग्राउंड के लिए रवाना हुए। सीएम यहां वह माता के दर्शन और पूजन के बाद स्टेडियम ग्राउंड में शराबबंदी पर आयोजित धन्यवाद सभा को संबोधित कर रहे हैं। कार्यक्रम के बाद वे सड़क मार्ग से एयरपोर्ट जाएंगे और भोपाल के लिए रवाना हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के गौरव और हिन्दी पत्रकारिता के पुरोधा, राष्ट्रकवि पं. माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनकी लेखनी ने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त किया। पुष्प की अभिलाषा, सिपाही, सागर खड़ा बेड़ियाँ तोड़े… जैसी उनकी अनेक कालजयी कृतियां भावी पीढ़ियों को त्याग एवं देशभक्ति के लिए अनुप्रेरित करती रहेंगी। पं. माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म 4 अप्रैल 1889 को बाबई (नर्मदापुरम) में हुआ, जिसे अब उनके नाम पर माखननगर के नाम से जाना जाता है। पं माखनलाल चतुर्वेदी “कर्मवीर” और “प्रभा” के प्रतापी संपादक तथा राष्ट्रीय काव्यधारा के उन्नायक रहे। उन्हें सागर विश्वविद्यालय से वर्ष 1959 में डी.लिट. की मानद उपाधि से विभूषित किया है। इसके साथ ही वर्ष 1955 में काव्य संग्रह हिमतरंगिणी के लिए “साहित्य अकादमी पुरस्कार और भारत सरकार से वर्ष 1963 में उन्हें पद्मभूषण से अलंकृत किया गया। पं. चतुर्वेदी का 30 जनवरी 1968 को अवसान हुआ। भोपाल में पं माखनलाल चतुर्वेदी के नाम से राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय स्थापित है।  

धार्मिक स्थानों की गरिमा बनाए रखने का प्रयास है, शराब बंदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन भावनाओं का ध्यान रखते हुए धार्मिक स्थानों की पवित्र गरिमा को बनाए रखने के लिये शराब बंदी का प्रयास किया है, इसके लिये शासन ने भले ही राजस्व की हानि स्वीकार की है। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के धार्मिक शहरों में शराबबंदी का निर्णय इसी दिशा में एक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 17 से अधिक शहरों में शराब बंदी की घोषणा कर उसे क्रियान्वित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल से दतिया रवाना होने से पहले मीडिया को जारी संदेश में यह विचार रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन की ओर अग्रसर हो रही हमारी सरकार पर जनता की सेवा और कल्याण के लिए पीताम्बरा माई अपना आशीर्वाद बनाए रखें-यही प्रार्थना है।

वक्फ संशोधन बिल पर CM डॉ मोहन यादव का बड़ा बयान बोले – ‘लोकतंत्र के मंदिर में ऐतिहासिक निर्णय’

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘वक्फ (संशोधन) बिल-2025’ के लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में बहुमत से पारित होने पर देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभी वर्गों के हितों के प्रति संवेदनशील हैं, इसी का परिणाम है कि वक्फ (संशोधन) बिल-2025 लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत से पारित हुआ। यह बिल वक्फ संपत्तियों के कुशल प्रबंधन, पारदर्शिता और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। साथ ही इस बिल से गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के हितों की रक्षा होगी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाएं निरंतर सशक्त हो रही हैं। इस दिशा में यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं सहित संपूर्ण समाज को और अधिक सशक्त करेगा तथा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बिल निश्चित ही डिजिटलीकरण को बढ़ावा देकर वक्फ संपत्तियों में होने वाली वित्तीय गड़बड़ियों और अवैध कब्जों पर लगाम लगाकर राज्यों के वक्फ बोर्ड के राजस्व में वृद्धि करेगा। निश्चित रूप से ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प को साकार करता यह महत्वपूर्ण कदम नए, सशक्त और विकसित भारत की ओर एक नया मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में यह बिल बहुमत से पारित हुआ। लोकतंत्र के मूल भाव के अनुसार दोनों सदनों के सम्मानीय सदस्यों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अभूतपूर्व बिल के लिए प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरन रिजिजू का आभार माना। बिल से गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के हितों की होगी रक्षा- मोहन यादव सीएम ने आगे कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के कुशल प्रबंधन, पारदर्शिता और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। साथ ही इस बिल से गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के हितों की रक्षा होगी।  प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में महिलाएं निरंतर सशक्त हो रही हैं, इस दिशा में यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं को और अधिक सशक्त करेगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त होगा। यह विधेयक निश्चित ही डिजिटलीकरण को बढ़ावा देकर वक्फ संपत्तियों में होने वाली वित्तीय गड़बड़ियों और अवैध कब्जों पर लगाम लगाकर राज्यों के वक्फ बोर्ड के राजस्व में वृद्धि करेगा। निश्चित रूप से ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प को साकार करता यह महत्वपूर्ण कदम नए, सशक्त और विकसित भारत की ओर एक नया मील का पत्थर सिद्ध होगा।     “लोकतंत्र के मंदिर में ऐतिहासिक निर्णय”     ‘वक्फ (संशोधन) बिल 2025’ लोकसभा एवं राज्यसभा दोनों सदनों में बहुमत से पारित होने पर देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।  

माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए किया है पिछले बजट से 3000 करोड़ रुपए अधिक का प्रावधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन के दिए निर्देश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता करें सुनिश्चित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर बच्चे की शिक्षा, चिकित्सा और पोषण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हर विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए हमने विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 3000 करोड़ रुपए अधिक बजट का प्रावधान किया। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था में सभी जरूरी सुधार लाने की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल में प्रत्येक शासकीय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बिजली, पंखा, स्वच्छ व शीतल पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्थाएं की जाएं। कोई भी शाला जर्जर हालत में न रहे। सभी विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए एक अच्छा माहौल और प्रोत्साहन देने वाला परिवेश उपलब्ध करायें, ताकि बच्चे खुशी-खुशी विद्यालय पहुंचे। विभागीय अधिकारी कन्या छात्रावास में महिला अधिकारी की नियुक्ति, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था नई जरूरतों के मुताबिक सुधार लाने के लिए सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज स्कूल) जैसे क्रांतिकारी नवाचार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय देश में एक आदर्श विद्यालय (मॉडल स्कूल) बनकर उभरें, इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां और प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में लागू नई शिक्षा नीति के मॉडल का अध्ययन कर कार्य योजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए हमारी सरकार स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं व सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध होकर प्रयासरत है। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कार्य में स्थानीय पूर्व सांसद और पूर्व विधायक, समाजसेवी संस्थाओं, पूर्व छात्रों एवं सीएसआर फंड से भी सहयोग लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आर्थिक या व्यवस्थागत सुधार में मदद करने वालों का सरकार सम्मान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को विधानसभा वार जर्जर स्कूल भवनों की जानकारी एकत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यालयों के अधोसंरचना विकास कार्यों में विधायक निधि से भी सहयोग लिया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के वार्षिक परिणाम समय पर घोषित किए जायें। बताया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आगामी मई माह के प्रथम सप्ताह में ही रिजल्ट घोषित करने की तैयारी की जा रही है। नैतिक शिक्षा देने पर जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्कूल स्तर से ही बच्चों को आदर्श पारिवारिक मूल्यों की नैतिक शिक्षा देने के लिए उचित प्रबंध करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विद्या भारती, गायत्री परिवार और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी संस्थाओं को प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों से जोड़ा जाए। बाल्यकाल में प्राथमिक कक्षा से ही विद्यार्थियों में संस्कारों के विकास का क्रम जारी रहना चाहिए। समिति बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए सुझावों का सरकार स्वागत करेगी। मिले सुझावों पर विचार-विमर्श के लिए विशेषज्ञों के साथ शीघ्र ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त विभाग, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, रोजगारपरक व्यावसायिक शिक्षा (कौशल विकास), जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्रीगण की एक समिति बनाकर संयुक्त बैठक आयोजित करने और शैक्षिक सुधार की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में भोजन की उपलब्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत रिजल्ट देने वाली स्कूलों को अपग्रेड किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में एक सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज) संचालित किया जा रहा है। इन स्कूलों के नवीन भवनों के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी विद्यालय देश में ऐसे आदर्श विद्यालय बनाने हैं, जहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेल-कूद, कला-संस्कृति एवं छात्रों के समग्र विकास का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सांदीपनी विद्यालयों में 145 बसें संचालित की जा रही हैं। बस संचालन में सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और ड्रायवर-कंडक्टर के व्यवहार पर विशेष निगरानी रखी जाए। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजाति विभाग की अंतर्गत प्रदेश में 369 संदीपनी विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग की 275 और जनजातीय कार्य विभाग के 94 सांदीपनी विद्यालय शामिल हैं। 8 संदीपनी विद्यालयों भवनों का लोकार्पण हो चुका है और 10 भवन बनकर लोकार्पण के लिए तैयार हैं। जून 2025 तक 34 नए सांदीपनी विद्यालय भवनों का निर्माण पूर्ण हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की भर्ती और अतिशेष शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में पूर्ण रूप से प्रदर्शित बरती जाए। लापरवाही करने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने उज्जैन में शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक का रिक्त पद शीघ्र भरने के निर्देश दिये। प्रदेश में 1 अप्रैल से स्कूल खुल चुके हैं और एडमिशन पोर्टल पर अबतक 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। पहली कक्षा में बच्चों का प्रवेश घटने पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शासकीय स्कूलों में नर्सरी कक्षा भी शुरू करने की आवश्यकता है, क्योंकि एक बार कोई बच्चा प्राइवेट नर्सरी स्कूल में दाखिला ले लेता है, तो फिर उसका शासकीय स्कूल में लौटना मुश्किल हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूलों में भारत स्काउट गाइड, एनसीसी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और मेधावी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज दतिया स्थित स्टेडियम में धन्यवाद सभा में भी होंगे सम्मिलित

दतिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नवरात्रि के छठे दिन दतिया स्थित पीताम्बरा माई के दर्शन करेंगे। धार्मिक नगरों एवं ग्राम पंचायतों में शराबबंदी लागू होने के बाद किसी धार्मिक स्थल का ये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पहला दौरा होगा। लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर में 24 जनवरी को हुई कैबिनेट में 19 धार्मिक नगरों और ग्राम पंचायतों में शराबबंदी के फैसले को मंजूरी दी गई थी। सभी 19 धार्मिक स्थलों पर एक अप्रैल से शराबबंदी लागू हो गई है। उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मण्डला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त बार एवं मदिरा दुकानों को बंद किया जा चुका है। नशामुक्ति की दिशा में लिये गए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस फैसले के लिए प्रदेशवासियों ने उनका आभार भी जताया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार सुबह दतिया पहुंचकर मां पीताम्बरा पीठ के दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद दतिया स्थित स्टेडियम में धन्यवाद सभा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 9.30 बजे हेलीकॉप्टर से भोपाल से दतिया के लिए प्रस्थान करेंगे। सुबह 10.45 बजे मुख्यमंत्री दतिया पहुंचकर पीताम्बरा माई के दर्शन करेंगे। इसके बाद वे स्थानीय कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी के 11 अप्रैल को अशोकनगर प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियां का लेगें जायजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव 04 अप्रैल को अशोकनगर जिले की तहसील ईसागढ़ की ग्राम पंचायत आनंदपुर स्थित आनंदपुर ट्रस्ट भी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 12.40 बजे हेलीकॉप्टर से दतिया से प्रस्थान कर दोपहर 01.10 बजे आनंदपुर ट्रस्ट हेलीपेड पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आनंदपुर ट्रस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों का अवलोकन करेगें। इसके बाद दोपहर 02 बजे आनंदपुर ट्रस्ट हेलीपेड से ग्वालियर के लिए प्रस्थान करेंगें।  

राज्य सरकार-प्रदेशवासी और अधिकारी-कर्मचारी एकजुट-एकभाव होकर प्रगति पर हो रहे हैं अग्रसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कुशल वित्तीय प्रबंधन से संभव हो रहा है, विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार सुशासन के मूल भाव को कर रही साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार-प्रदेशवासी और अधिकारी-कर्मचारी एकजुट-एकभाव होकर प्रगति पर हो रहे हैं अग्रसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुरानी देनदारी चुका कर विकास के विविध पैमानों पर आगे बढ़ रहा है राज्य ताप विद्युत गृहों के लिए किया गया 11.73 लाख मैट्रिक टन कोयले का भंडारण अधिकारी-कर्मचारियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री ने कुशल वित्तीय प्रबंधन के संबंध में विचार व्यक्त किए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार जनहितैषी संकल्पों के साथ अग्रसर है। उद्योग-व्यापार से लेकर खेलों तक राज्य में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और नीति आयोग के निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक विभाग में सुशासन के मूल भाव के साथ गतिविधियों की मॉनिटरिंग जारी है। राज्य सरकार के हर विभाग ने अपने-अपने क्षेत्र में श्रेष्ठतम कार्य करने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है। विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कार्यों का विस्तार इन्हीं दृढ़संकल्पों की परिणीती है। राज्य सरकार, प्रदेशवासी और अधिकारी- कर्मचारी एकजुट होकर एक भावना के साथ प्रगति पर अग्रसर हों, इसी मंशा के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया, बावजूद इसके गत वर्ष की तुलना में बजट में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई। कुशल वित्तीय प्रबंधन और सभी के सहयोग से सरकार हर क्षेत्र में अपने तय लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के हित में लगभग 10-15 वर्ष तक पुराने भत्तों की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2025-26 के बजट में राशि आवंटित की गई है, जिससे सरकार पर करीब 1500 करोड़ रुपए का व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर ही अपने अधिकारी-कर्मचारियों की बेहतरी का ध्यान रख पा रही है। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में प्रदेश को प्राप्त हो रही उपलब्धियों का श्रेय अधिकारी-कर्मचारियों को जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पुरानी सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ रुपए की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर सभी केंद्रीय कोयला कंपनियों की देनदारियों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। जेनरेशन कंपनी के चारों ताप विद्युत गृहों के कुशल प्रबंधन के फलस्वरूप अब तक का सर्वाधिक 11.73 लाख मैट्रिक टन कोयले का भंडारण किया गया है। ताप विद्युत गृहों में उपयोग के लिए कोयला भंडारण का अग्रिम भुगतान भी सरकार की ओर से किया जा चुका है।  

देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पहले की सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन के आधार पर अपनी पुरानी देनदारी चुका कर, नई दृष्टि से विकास के पैमानों पर आगे बढ़ रही है। देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने अपनी 7-8 साल पहले की सारी देनदारी चुकाने का कार्य किया। हमारी सरकार ने एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ की राशि देने का काम किया है। हमारी सरकार नवीन पहलों के माध्यम से उद्योगों के लिए निरंतर सकारात्मक वातावरण बना रही है। राज्य सरकार विकास के लिए प्रदेश से जुड़ने वाले उद्योगों से किये गये अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को जारी संदेश में यह बात कही।  

उद्योगपतियों को दिए गए इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड, मुख्यमंत्री का उद्योग जगत ने किया अभिनंदन

प्रधानमंत्री मोदी के विकास के मॉडल पर हो रहा मध्यप्रदेश में क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपति समाज और सरकार दोनों के सहयोगी, सरकार उन्हें देगी पूरा प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश सरकार ने दी 5 हजार 260 करोड़ की सब्सिडी राशि गत वर्ष का कोई भुगतान लंबित नहीं, वृहद और छोटे उद्योग सभी हुए लाभान्वित उद्योगपतियों को दिए गए इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड, मुख्यमंत्री का उद्योग जगत ने किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योगों और अन्य क्षेत्रों में तीव्र विकास हो रहा है। उद्योगपति सरकारों और समाज के लिए सहयोगी हैं। वे लाखों परिवारों को रोटी, कपड़ा और मकान उपलब्ध करवाते हैं। उद्योगपतियों के योगदान को सम्मान देने के लिए समाचार संस्थान ने इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान कर सराहनीय कार्य किया है। अवार्ड सेरेमनी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग जगत द्वारा सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विकास के विक्रेंद्रीकृत मॉडल को अपनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे परिणाम लाने के लिये बेहतर वातावरण निर्मित हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना और इनके माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगपति आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने में आज पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न राष्ट्रों से जो सम्मान मिल रहा है, वह अद्वितीय हैं। रूस और यूक्रेन भले ही परस्पर लड़ते रहे, लेकिन दोनों देशों ने प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह को मानते हुए भारत और अन्य देशों के विद्यार्थियों को संकट से निकालने में सहयोग दिया। जीवन मूल्यों के साथ विकास और परमार्थ के कार्यों को पूर्ण प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों से राष्ट्र की प्रगति का कार्य हो रहा है। सरकारों का कार्य सिर्फ कानून व्यवस्था संभालना और बिजली, पानी की व्यवस्था करना नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों के साथ विकास और परमार्थ के कार्यों को प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जीआईएस का आयोजन अत्यंत सफल रहा। जीआईएस से सकारात्मक वातावरण बना। प्रदेश की लगभग 9 करोड़ आबादी की बेहतरी के लिए राज्य सरकार प्रोत्साहनकारी भूमिका का निर्वहन कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते साल हमने 5 हजार 260 करोड़ की उद्योग निवेश सब्सिडी राशि पूरी पारदर्शिता के साथ डीबीटी के जरिए निवेशकों के खातों में हस्तांतरित की। अब गत वर्ष का कोई भुगतान लंबित नहीं है। वृहद और छोटे उद्योग सभी लाभान्वित हुए हैं। राज्य सरकार ने वचनबद्धतापूर्वक यह कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस सिर्फ एक इवेंट नहीं था, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक आयोजन भी था। उद्योगपतियों ने किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग हितैषी नीतियों को लागू करने, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफलतम आयोजन के माध्यम से 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर क्रियान्वयन और नवाचारों से सुशासन आधारित व्यवस्था को मजबूत बनाने पर उद्योग जगत की ओर से अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह और आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सीओओ सुमित मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नेतृत्व ऐसा है जो असंभव कार्यों को संभव बनाता है। प्रदेश में ईज ऑफ डूईंग बिजनेस और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लागू कर उद्योगपतियों को आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में सहयोगी बनाया गया है। इन्हें मिले इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय स्टेट बैंक के चीफ जनरल मैनेजर चंद्रशेखर शर्मा को सम्मानित करने के अलावा जिन उद्योगपतियों को इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किए उनमें एचईजी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनीष गुलाटी, आयनेक्स के अनिल खेमसारा, दावत राइस के राजेंद्र, प्रिज्म सीमेंट के राजेंद्र संचेती, बालाजी पैकेजिंग ग्रुप के विकास मूंदड़ा, महाकौशल शुगर एंड पॉवर इंडस्ट्री के नवाब राजा, उदीप सोशल वेलफेयर ग्रुप की सुपूनम श्रोती, गोयल पैंट के श्याम वैभव गोयल, आईसीसी इंफ्रा के आरिफ जाफरा मंसूरी, आनंदन इंडस्ट्री के अशोक आनंद, एमके इंडस्ट्रीज के मनोज जैन, समरकूल इलेक्ट्रिकल्स एंड होम अप्लायंस के आशुतोष तनुज गुप्ता, आरआरजी इलेक्ट्रिकल के रंगाराव, भंवरदीप कॉपर के आदित्य आकाश बाफना, जेके स्टोन के जितेन्द्र जैन, सुआभा जैन, बालाजी कार्पोरेशन के त्रिलोकी अग्रवाल, स्कायलार्क प्रोटीन्स के जितेंद्र, नरेंद्र ट्रेडिंग कंपनी के प्रमोद वर्मा, अलीशा फूड्स लिमिटेड के एहसान, तिरूपति इंफ्रा के दिलीप परयानी, ओटा इलेक्ट्रिकल सर्जिकल इक्विपमेंट के भूपेंद्र, संजय प्रसाद अग्रवाल, पुनीत खुराना, संदीप पाटीदार, सुनील लड्ढा, विशाल अनिल जोशी, मनीष शाह शामिल हैं।  

मध्यप्रदेश में ईवी खरीदने पर मोहन सरकार खास फायदा दे रही, पार्किंग की समस्या से मिलेगी निजात

भोपाल मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने पर प्रदेश की मोहन सरकार खास फायदा देने जा रही है. दरअसल, ईवी मालिकों को सरकार कार पार्किंग की विशेष सुविधा मुहैया कराएगी. ऐसे में भीड़भाड़ वाले इलाके व शहर के मार्केट में आम कारों की तुलना में ईवी पार्किंग आसान होगी और कार मालिकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा ईवी पॉलिसी के जल्द जारी होंगे निर्देश राज्य सरकार का प्लान है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजारों की सार्वजनिक पार्किंग और रहवासी सोसायटियों में पार्किंग की अलग से व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए नगरीय विकास व आवास विभाग जल्द ही नई ईवी पॉलिसी के तहत निर्देश करने जा रहा है. ईवी के लिए दी जा रहीं विशेष सुविधाएं प्रदेश में सार्वजनिक पार्किंग में फिलहाल महिलाओं और दिव्यांगों के वाहनों की अलग से व्यवस्था होती है. वहीं अब नगरीय विकास व आवास विभाग ईवी यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए भी अलग से पार्किंग की व्यवस्था करेगा. ईवी पॉलिसी 2025 के तहत विभाग इसके लिए निर्देश जारी करने जा रहा है. विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला के मुताबिक, ” ईवी पॉलिसी की अधिसूचना जारी हो चुकी है और अब जल्द ही नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं. इसमें कई तरह के प्रावधान किए जाएंगे.” नई ईवी पॉलिसी में ये प्रावधान     सड़क किनारे सार्वजनिक पार्किंग में ईवी के लिए 25 फीसदी पार्किंग रिजर्व की जाएगी.     बाजार, मॉल, कमर्शियल कॉम्पलेक्स आदि में इलेक्ट्रिक वाहनों की पार्किंग के लिए अलग से रिजर्व पार्किंग व्यवस्था की जाएगी.     रिजर्व स्थानों पर ईवी वाहनों के स्थान पर अन्य कोई वाहन खड़े नहीं किए जा सकेंगे.     आवासीय कॉलोनियों में भी ईवी वाहनों के लिए अलग से वाहन पार्किंग व्यवस्था की जाएगी.     सभी सरकारी दफ्तरों में भी ईवी वाहनों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी. मध्य प्रदेश में ईवी को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार फरवरी माह में नई ईवी पॉलिसी जारी कर चुकी है. इसमें प्रदेश में ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए हर 20 किलो मीटर पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की तैयारी की जा रही है. वहीं ई व्हीकल खरीदने के लिए इलेक्ट्रिक कारों पर 25 हजार रुपए और दो पहिया ईवी वाहनों पर 5 हजार रुपए की छूट दिए जाने का ऐलान किया गया है.

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए नया वित्तीय वर्ष दोहरी खुशियां लाया, अब 7वें वेतनमान के हिसाब से DA

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की झोली खुशियों से भर दी है. 01 अप्रैल से सातवें वेतनमान के अनुसार महंगाई भत्ता मिलने का आदेश जारी हुआ तो वहीं 9 साल से चली आ रही डिमांड भी पूरी हो गई. बता दें कि कर्मचारियों के प्रमोशन पर बीते 9 साल से रोक लगी थी. इस रोक को सरकार ने हटा दिया है. अब कर्मचारियों के धड़ाधड़ प्रमोशन होंगे. डीए बढ़ाने के प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई. सातवें वेतनमान के हिसाब से मिलेगा डीए बता दें कि अभी तक मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों छठे वेतनमान के अनुसार महंगाई भत्ता मिल रहा था. वहीं, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ता देना शुरू कर दिया था. इससे मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा था. कर्मचारियों की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी सरकारी कर्मचारियों को 01 अप्रैल से सातवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ता देने का फैसला लिया है. कुछ दिनों पहले हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. अब अप्रैल माह की सैलरी बढ़ी हुई मिलेगी. कर्मचारियों के अब होंगे धड़ाधड़ प्रमोशन ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में साल 2016 से सभी सरकारी विभागों में कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक लगी हुई थी. इस दौरान 9 साल बीत गए. कर्मचारियों ने इस रोक को हटाने के लिए कई बार आंदोलन किए. लेकिन सरकार ने रोक नहीं हटाई. सैकड़ों कर्मचारी प्रमोशन की बाट जोहते-जोहते रिटायर्ड हो चुके हैं. कर्मचारियों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए अब प्रमोशन पर रोक हटा ली गई है. कुछ दिन पहले हुए कैबिनेट की बैठक में इस बारे में निर्णय लिया गया. इससे कर्मचारियों में खुशी की लहर है. केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता क्यों नहीं दिया मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है “कर्मचारियों को ₹200 वाहन भत्ता पिछले 13 साल से मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर 384 किया गया है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान में 1800 रुपए वाहन भत्ता, अब 55% महंगाई भत्ते के साथ 2790 प्राप्त होंगे. 3 साल बाद मिले भत्ते भी बहुत कम हैं. बढ़े हुए मकान भाड़ा भत्ते में झुग्गी भी नहीं मिलेगी किराए पर. खुशी तो हुई है लेकिन कटौती स्वीकार्य नहीं.” खुशी तो है लेकिन अभी कसक बकाया है केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति के महासचिव यशवंत पुरोहित ने कहा “केंद्र सरकार ने दो प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी की है. इसके लिए हम सरकार का स्वागत करते हैं. लेकिन सरकार कर्मचारियों के महंगाई राहत भत्ते में निरंतर कटौती कर रही है. इसके पहले भी 4 प्रतिशत देने के बजाय सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का केवल 3 प्रतिशत डीए और डीआर बढ़ाया था. अब एक बार फिर कर्मचारी और पेंशनर को निराशा हाथ लगी है.”

सड़क परियोजनाओं से औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को 4 सड़क परियोजनाओं की मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को सड़क अधोसंरचना निर्माण और क्षेत्रीय विकास में एक बड़ी सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि ये सड़कें प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी और औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को मध्यप्रदेश के लिए 4 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 4302.93 करोड़ रुपये है। उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर मध्यप्रदेश को मंजूर की गई इन परियोजनाओं की जानकारी साझा की है। केन्द्र सरकार के इस अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा जताई है कि ये सड़क परियोजनाएं प्रदेश में यातायात व्यवस्था को सहज एवं सुगम बनाने के साथ आर्थिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि देश में सड़क अधोसंरचना नेटवर्क को दिनों-दिन मजबूत किया जा रहा है और मध्यप्रदेश को भी इसका भरपूर लाभ मिल रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत की गईं सड़क परियोजनाएं          भोपाल जिले में संदलपुर से नसरुल्लागंज बायपास तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146बी) के 43.200 किमी खंड को 4-लेन में बदलने के लिए 1535.66 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।          विदिशा और सागर जिले में राहतगढ़ से बेरखेड़ी तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146) के 10.079 किमी हिस्से को 4 लेन बनाने के लिए 731.36 करोड़ रुपये मंजूरी दी गई है।          सागर जिले में लहदरा गांव जंक्शन से बेरखेड़ी गुरु गांव जंक्शन तक (राष्ट्रीय राजमार्ग-146 से राष्ट्रीय राजमार्ग-44) ग्रीनफील्ड 4-लेन सागर पश्चिमी बायपास (20.193 किमी) के निर्माण के लिए 688.31 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।          ग्वालियर शहर के पश्चिमी हिस्से में 28.516 किमी लंबाई के एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन बायपास के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 1347.6 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस जवानों को नक्सल विरोधी ऑपरेशन की सफलता पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की धरती को नक्सल गतिविधियों से मुक्त करने के लिए राज्य पुलिस बल का अभियान तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि मंडला जिले में नक्सली कार्यों में संलिप्तों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में हमारे हॉकफोर्स के जवानों ने 14-14 लाख रुपए की इनामी 2 महिला नक्सली को मार गिराया है। मृतक नक्सली की शिनाख्त प्रतिमा और ममता नाम से हुई है। इनके कब्जे से हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी जब्त किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को दिये संदेश में नक्सलवाद के खात्मे पर पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाया और उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिंसक गतिविधियों के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से सफाये के लिए चलाए जा रहे अभियान में हमारे जवान पूरी सक्रियता के साथ कार्रवाई कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की पावन धरा में नक्सलियों के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारा यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि बीते एक साल में मध्यप्रदेश में 10 से ज्यादा नक्सलवारी मारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की एक और घटना का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि रतलाम जिले में स्पेशल पुलिस फोर्स द्वारा फिरोज नामक एक वांछित आतंकी की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रही है।  

प्रधानमंत्री जन-मन योजना में मध्यप्रदेश ने बनाई देश की पहली सड़क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अगले तीन वर्ष में प्रदेश की सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ा जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिला स्तर पर सर्वे कराकर विकसित करें कार्य योजना, जनप्रतिनिधियों का भी लें अभिमत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री जन-मन योजना में मध्यप्रदेश ने बनाई देश की पहली सड़क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सड़कों के संधारण और उन्नयन में भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम राज्य में विकसित ई-मार्ग पोर्टल भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किया गया लागू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करें। सभी जिलों में सड़कों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे सुनिश्चित कर कार्य-योजना बनाई जाए। सड़कों की आवश्यकता के संबंध में विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों का अभिमत अवश्य लिया जाए। राज्य सरकार अगले तीन वर्ष में सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ तथा अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और उनके उन्नयन की आवश्यकता के प्रति सतर्क रहते हुए तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जाए। सड़कों के रख-रखाव और नियमित निरीक्षण में मोबाइल एप, जियो टैगिंग तथा एआई टेक्नॉलोजी का उपयोग कर इसे अधिक प्रभावी बनाया जाए। सड़कों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पाण्डाटोला से बीजाटोला तक देश की पहली सड़क का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। सड़कों के संधारण और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में प्रदेश, देश में प्रथम रहा है। प्रदेश में मार्गों के संधारण के लिए वर्ष 2015-16 से लागू ई-मार्ग पोर्टल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई तथा केन्द्र सरकार द्वारा इसे सम्पूर्ण देश में नेशनल ई-मार्ग के रूप में लागू किया गया है। बताया गया कि प्रदेश की 89 हजार बसाहटों में से 50 हजार 658 बसाहटों तक रोड़ कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर ली गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत बनने वाली 11 हजार 544 बसाहटों के लिए सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 26 हजार 798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि सामान्य संधारण कार्यों का प्राक्कलन तैयार करने और तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति आदि की ऑनलाइन व्यवस्था सम्वेग पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 2500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को अंतरित की 1778 करोड़ रुपए की उद्योग प्रोत्साहन राशि

दूर कर दी हैं, हमने सारी बाधाएं आप उद्योग लगाएं, सरकार करेगी मदद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास पर खरी उतरी प्रदेश सरकार जीआईएस में मिले 30 लाख करोड़ के निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 2500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को अंतरित की 1778 करोड़ रुपए की उद्योग प्रोत्साहन राशि जीआईएस के बाद निवेशकों को प्रोत्साहित करने की अगली कड़ी औद्योगिक ईकाइयों का भूमि-पूजन और उन्हें प्रोत्साहन राशि भेजना, अब जिला स्तर पर सेक्टर आधारित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की होगी शुरुआत, 27 अप्रैल को इंदौर में पहली आईटी सेक्टर कॉन्क्लेव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश एक नई उड़ान पर है। सरकार की रीति-नीति से निवेशकों में विश्वास का माहौल बना है। प्रदेश में उद्यमी, उद्योगपति, व्यापारी, व्यवसायी सब उत्साहित हैं। हम उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए एक नई धारा, एक नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में बिजनेस को सहज बनाने के लिए हमने सारी बाधाएं, सारी रूकावटें दूर कर दी हैं। आप बस उद्योग लगाएं, हमारी सरकार उद्योग लगाने से लेकर इसे संचालित करने तक आपकी हर जरूरी मदद करेगी, प्रोत्साहन इन्सेटिव देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से एक निजी होटल में आयोजित उद्योग निवेश सब्सिडी के वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में स्थापित करीब 2500 सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को 1075 करोड़ और छोटे-बड़े (वृहद श्रेणी के) उद्योगों को करीब 703 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 1778 करोड़ रुपए की उद्योग निवेश सब्सिडी हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट दबाकर सिंगल क्लिक से डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सब्सिड़ी राशि उद्यमियों (निवेशकों) के बैंक खाते में ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्यमियों का बढ़ता हौसला ही हमारी पूंजी है। जीआईएस से हमें बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला है। मध्यप्रदेश में हर निवेशक का स्वागत है, सम्मान है। हमने छोटे-बड़े सभी उद्योगों को प्रोत्साहन दिया है, नए वित्त वर्ष के सालाना राज्य बजट में भी हमने सबका ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि बीते साल हमने 5 हजार 260 करोड़ की उद्योग निवेश सब्सिडी राशि पूरी पारदर्शिता के साथ डीबीटी के जरिए ही निवेशकों के खातों में हस्तांतरित की। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने नवीन औद्योगिक नीति बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 30 लाख 77 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार ने संभागीय स्तर पर औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और लोकार्पण प्रारंभ कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और उन्हें प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर करना, जीआईएस के बाद निवेशकों को प्रोत्साहित करने की अगली कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पहली बार निवेश की संभावनाओं को तलाशा और संभागीय स्तर पर आयोजित की गई 7 रीजनल इन्वेस्टर्स समिट ने नई ऊंचाइयां प्राप्त कीं। प्रदेश में निवेश एवं उद्योगों के विकास में देश-दुनिया के उद्योगपतियों ने उत्साह दिखाया। प्रधानमंत्री मोदी ने जीआईएस के उद्घाटन-सत्र में उद्योगपतियों और व्यापारियों को निवेश के मंत्र दिए। उन्होंने कहा था कि अपार संभावनाओं वाले मध्यप्रदेश में निवेश का यही समय सही है। जीआईएस के सफल आयोजन पर उद्योग विभाग और निवेशकों का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में प्राप्त निवेश का आंकड़ा देखा जाए तो राज्य सरकार और निवेशक दोनों ही प्रधानमंत्री मोदी के विश्वास पर खरे उतरे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए डीबीटी से राशि भेजी जा रही है। सरकार छोटे-बड़े निवेशक और उद्योगपतियों में भेदभाव नहीं करती है। सरकार हर एक को उद्योग प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश सरकार ने भी 5 साल में राज्य का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। इसमें औद्योगिक विकास के लिए बजट राशि में डेढ़ गुना की वृद्धि की गई है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया है। पूरे साल औद्योगिक विकास की गतिविधियां प्रदेशभर में संचालित की जाएंगी। 27 अप्रैल को इंदौर में होगी आईटी सेक्टर की कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस और आरआईसी के सफल आयोजन के बाद अब प्रदेशभर में जिला स्तर पर सेक्टर आधारित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की जा रही है। ऐसी पहली आईटी सेक्टर की कॉन्क्लेव आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित की जाएगी। राज्य सरकार प्रदेश के अंदर औद्योगिक गतिविधियां संचालित करेगी, साथ ही रोड-शो के माध्यम से प्रदेश के बाहर से भी निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। मध्यप्रदेश के सभी 10 संभागों में उद्योगों के लोकार्पण और भूमि-पूजन की शुरुआत चंबल के भिंड से हो चुकी है। इसके बाद उज्जैन में 27 इकाइयों का दूसरा भूमि-पूजन कार्यक्रम किया गया है। हमारी सरकार उद्योग-व्यापार को नई दिशा प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बिजनेस कंसल्टेंट समेत क्षेत्र के विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा। सबका साथ सबका विकास ही डबल इंजन सरकार की परिकल्पना: मंत्री सारंग खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई है। प्रदेश हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम को छूने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं। राष्ट्र के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में तेजी आ रही है। सबका साथ-सबका विकास और राष्ट्र निर्माण का संकल्प यही डबल इंजन सरकार की परिकल्पना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन से मध्यप्रदेश के विकास का एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ है। उद्योग स्थापित करने और उन्हें बेहतर ढंग से चलाने के लिए हमारी सरकार पूरी मदद दे रही है। 31 मार्च 2025 तक … Read more

छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित

“मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” प्रारम्भ करने की स्वीकृति शासकीय सेवकों को देय विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण का निर्णय छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साधारण और ग्रामीण मार्गों में संगठित, सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्री परिवहन बस सेवायें उपलब्ध कराने के लिए “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” प्रारम्भ करने की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में ग्रामीण एवं साधारण मार्गों का ट्रैफिक एवं मार्ग सर्व तथा बसों की फ्रीक्वेन्सी निर्धारित करते हुये एक व्यवस्थित प्लानिंग अनुसार यात्री बसों को चलाया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में सुगम सुरक्षित एवं विनियमित यात्री परिवहन सुविधा, निजी क्षेत्र के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है। यात्री परिवहन सेवा की प्रारम्भ करने के लिए 101 करोड 20 लाख रुपये की अशंपूजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के गठन की स्वीकृति भी दी गई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन हेतु कंपनी एक्ट के तहत SPVs गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों को 7 संभागीय कंपनियों के रूप में मर्ज किया जावेगा। उक्त सात कंपनियों के एकीकृत नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन जायेगा। साथ ही त्रि-स्तरीय संरचना के तहत दायित्व निर्वहन और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के 51 प्रतिशत शेयर बहुसंख्यक आधार पर निवेश करने एवं सात सहायक कंपनियों के बोर्ड और उसके आर्टीकल ऑफ एसोसिएशन में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति, रीवा एवं ग्वालियर के लिए वर्तमान प्रचलित कंपनी को बंद करते हुए नवीन क्षेत्रीय कंपनी गठित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इन क्षेत्रीय सहायक कंपनियों का गठन, संबंधित संभागीय मुख्यालयों में स्थित सिटी बस ट्रांसपोर्ट की वर्तमान कंपनी में संशोधन कर, निर्मित करने की स्वीकृति दी गई। जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की स्वीकृति भी प्रदान की गई। म.प्र. मोटरयान नियम 1994 के नियमों में आवश्यक संशोधन एवं वांछित प्रावधान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इसके लिए प्रशासकीय विभाग द्वारा पृथक से विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी। सात सहायक कंपनियों की सुसंगत पूर्ववर्ती सिटी ट्रान्सपोर्ट कंपनियों द्वारा परिवहन संबंधी दायित्व के निर्वहन के लिए, जो चल-अचल संपति उपयोग में आ रही है, वे यथावत इन कपंनियों के आधिपत्य में रहेंगी। इसी प्रकार नगर-निगम, प्राधिकरण आदि द्वारा स्वयं की निधि से तैयार किये गये बस टर्मिनल, बस स्टैण्ड, बस स्टॉप आदि, होल्डिंग कंपनी के सामंजस्य से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं यात्री सुविधा के लिए विकसित किए जाऐंगे। वर्तमान सिटी बस कंपनियों के कार्यालय भवन का उपयोग नवीन सहायक कंपनियां यथावत करती रहेंगी। कार्यालय की ऐसी अचल सपंतियां, जो नगरीय निकाय निधि से अर्जित या निर्मित हैं, उनका मूल्यांकन पृथक से किया जाकर, राशि की प्रतिपूर्ति परिवहन विभाग ‌द्वारा की जायेगी। नवीन गठित होने वाली राज्य स्तरीय कंपनी को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा पुर्नघनत्वीकरण नीति 2022 के तहत पर्यवेक्षण एजेंसी के रूप में शामिल किया जायेगा। “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” संचालन के लिए बस परिवहन अधोसंरचना के तहत पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों का यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिए सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिए पीपीपी मोड़ प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को, संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत, दक्ष आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से विनियमित किया जायेगा। आई.टी. टेक्नालॉजी साल्यूशन की स्थापना करते हुए समस्त बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। इसके तहत सेवा स्तर समझौता (सर्विस लेवल अग्रीमेंट) और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) पर प्रभावी नियंत्रण रखा जायेगा, जिससे बस ऑपरेशन यात्रियों के लिए सुविधाजनक एवं सुरक्षित हो सके। होल्डिंग कंपनी द्वारा एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म स्थापित करते हुये उस पर नोटीफाइड रुट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। होल्डिंग कंपनी मुख्यतः आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से यात्रियों एवं अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए सुविधाजनक एप एवं एमआईएस/डैशबोर्ड आदि का संचालन करेगी तथा साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेन्टर का संचालन सुनिश्चित करेगी। यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी के लिए मल्टी मोडल ट्रान्सपोर्ट उपलब्ध कराना, उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों की अधोसंरचना का निर्माण कराना एवं दैनिंदिनी बस संचालन पर प्रभावी नियंत्रण भी इस नवगठित कंपनी के प्रमुख दायित्वों में रहेगा। होल्डिंग कंपनी के दायित्व निम्नानुसार रहेंगे (1) संभागवार सम्पूर्ण प्रदेश में साधारण मार्ग एवं ग्रामीण मार्ग में ओरिजिन एंड डेस्टिनेशन (ओ-डी) सर्वे एवं बस मार्ग का चिन्हांकन, ताकि अधिक से अधिक मार्ग ऑपरेटर्स के लिए वित्तीय रूप से साध्य हो सकें। साथ ही ऐसे मार्ग का चिन्हांकन जो वित्तीय रुप से ऑपरेटर के लिए साध्य न हों। (2) मार्ग सर्वे के बाद बसों की फ्रिक्विंसी का निर्धारण करते हुये मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत यात्री परिवहन सेवा के लिए संभागवार स्कीम तैयार करने के लिए शासन को आवश्यक सहयोग करना। (3) शासन द्वारा मार्गों पर निविदा प्रक्रिया से चयनित अनुबंधित ऑपरेटर्स को परमिट उपलब्ध करवाना । (4) एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म, राज्य स्तरीय उपक्रम के कार्यालय एवं क्षेत्रीय कंपनी के कार्यालयों में, कंट्रोल एवं कमांड सेंटर की स्थापना करते हुये एक कुशल आई. टी. प्लेटफार्म को संचालित करना। (5) आई.टी. टेक्नोलॉजी सॉल्युशन के माध्यम से यात्रियों के लिए ई-टिकिट, मोबाईल एप जिससे बसों की ट्रेकिंग, आक्युपेंसी तथा यात्रा प्लानिंग हो सकेगी। साथ ही यात्रियों के लिए कैशलेस, टेपऑन-टेपऑफ सुविधा, एप के माध्यम से पैसेंजर इंन्फोर्मेशन सिस्टम आदि उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए ऑपरेटर एप, वीडियो ऑडिट साफ्टवेयर (किसी भी समय बसों में यात्रियों की संख्या हेतु) फील्ड ऑडिट एप, एम.आई.एस./ डैशबोर्ड की सुविधा (रिर्पोट सहित), ऑपरेटर स्टॉफ का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर, बस/ऑटो/टैक्सी/मेट्रो के लिए एक बुकिंग प्लेटफार्म की सुविधा (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफार्म), ऑनलाइन यात्री बुकिंग सुविधा, यात्री हेल्प डेस्क, राज्य / संभाग के कार्यालयों में ऑपरेशन डेशबोर्ड, स्टाफ की ट्रेनिंग आदि उपलब्ध करायी जायेगी। इसके अलावा यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने 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वर्ष-2024-25 में वृहद इकाइयों को दिया गया 3100 करोड़ का लंबित इन्सेन्टिव एमएसएमई इकाइयों को भी 1075 करोड़ रुपये के लंबित इन्सेन्टिव के भुगतान की पहल

मध्यप्रदेश है उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाला प्रथम राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष-2024-25 में वृहद इकाइयों को दिया गया 3100 करोड़ का लंबित इन्सेन्टिव एमएसएमई इकाइयों को भी 1075 करोड़ रुपये के लंबित इन्सेन्टिव के भुगतान की पहल राज्य में औद्योगिक इकाइयों का कोई भुगतान लंबित नहीं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रीगण को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग क्षेत्र को प्रोत्साहन देने वाला ऐसा राज्य है जहां औद्योगिक इकाइयों को राशि के भुगतान का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ऐसा कोई भी भुगतान लंबित नहीं है जो औद्योगिक इकाइयों को देय था। ऐसा कार्य करने वाला मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक के पहले मंत्रिगण को दिए संबोधन में राज्य शासन की प्राथमिकताओं और गतिविधियों से अवगत करवाया। औद्योगिक इकाइयों को राशि का भुगतान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऐसा एकमात्र राज्य है जहां वृहद और लघु सूक्ष्म, मध्यम उद्योगों के समस्त देयकों का भुगतान पूर्ण हो चुका है। राज्य शासन औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। वृहद औद्योगिक इकाइयों को वर्ष 2024-25 में कुल 3100 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया। औद्योगिक विभाग के अंतर्गत वृहद औद्योगिक इकाइयों को आज 702 करोड़ रुपये के इन्सेन्टिव का भुगतान करने का कार्य किया गया। एमएसएमई विभाग के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों को 1075 करोड़ रुपये के लम्बित इन्सेन्टिव का भुगतान किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई इकाइयों को कुल 2162 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसी तरह आज राज्य सरकार डीबीटी के माध्यम से एमएसएमई और वृहद इकाइयों के लिए 1777 करोड़ रुपये की देय इन्सेन्टिव राशि का भुगतान कर रही है। इससे 2500 से अधिक औद्योगिक इकाइयां लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता के लिए मंत्री परिषद सदस्यों को बधाई भी दी। विक्रम संवत-2082 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम सभी मंत्रियों को भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत-2082 प्रारंभ होने की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा का अपना महत्व है। प्रदेश में गुड़ी पड़वा पर्व का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। इस आयोजन का वेबकास्ट भी किया गया। यह सौभाग्य की बात है कि सम्राट विक्रमादित्य मध्यप्रदेश से हैं। विक्रम संवत शुभारंभ पर महत्वपूर्ण प्रकल्प प्रदेश में प्रारंभ हुए हैं। स्कूल चलें हम अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के अंतर्गत एक अप्रैल से प्रवेशोत्सव प्रारंभ हुआ है। इस अभियान के तहत चार दिवसीय विशेष गतिविधियां हो रही हैं। मंत्रीगण अपने प्रभार के जिले में एक से चार अप्रैल तक प्रवेश उत्सव को सफल बनाने का प्रयास करें। राज्य में लगभग 85 लाख विद्यार्थियों को सत्र के प्रारंभ में ही पाठ्य पुस्तकें प्रदान करने का निर्णय लिया गया। प्रवेशोत्सव में इसी माह स्कूल की किताबें बांटी जानी हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियां, खेलकूद और विशेष भोज के आयोजन करना भी नियत किया गया है। कैलेंडर तैयार कर गतिविधियों का क्रियान्वयन का कार्य किया जा रहा है। सीएम राइज विद्यालयों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को अवगत करवाया कि प्रदेश में निर्मित एवं निर्माणाधीन समस्त सीएम राइज विद्यालयों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय होगा। इंदौर में आईटी एंक्लेव 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। सूचना प्रौद्योगिकी की दृष्टि से मध्यप्रदेश में इंदौर संभावना से भरा क्षेत्र है। यहां देश-विदेश की लगभग 200 कंपनियों की भागीदारी रहेगी। उद्योगों में कार्यरत बहनों को रहवास सुविधा के लिए 284 करोड़ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता से प्रदेश की औद्योगिक कामकाजी बहनों की रहवास सुविधा के लिए 284 करोड़ रुपए की राशि 5120 महिलाओं के लिए हॉस्टल की सुविधा के लिए स्वीकृत की गई है। ये हॉस्टल पीथमपुर, मंडीदीप, मालनपुर, विक्रम उद्योगपुरी, झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम् में स्वीकृत किए गए हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस महती योजना के स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मध्यप्रदेश सरकार आभार व्यक्त करती है। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि 30 मार्च से यह अभियान प्रारंभ किया है। अभियान आगामी 30 जून तक चलना है। प्रदेश में 90 दिन से अधिक चलने वाले इस अभियान के निश्चित ही अच्छे परिणाम आएंगे। ऐसा विश्वास है कि इस अभियान को सरकार और समाज द्वारा संयुक्त रूप से क्रियान्वित कर सफल बनाया जाएगा। गेहूं उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 2600 रुपये प्रति क्विंटल की जा रही है। जिले के प्रभारी मंत्री और जनप्रतिनिधि तोल कांटे आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन कर इस कार्य के सुचारू संचालन में सहयोग करें। प्रदेश में 14.76 लाख किसानों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। अब तक 8 लाख मैट्रिक टन गेंहूँ का उपार्जन लगभग 1 लाख किसानों से किया जा चुका है। इस माह अर्थात अप्रैल में उपार्जन कार्य में गति आएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल रखने की घोषणा की

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल रखने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि “सीएम राइज स्कूल का नाम ऐसा लगता था जैसे अंग्रेजों के जमाने का हो, इसलिए इसे बदलकर सांदीपनि ऋषि के नाम पर किया गया. मध्यप्रदेश के स्कूलों में आज एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान- 2025 का आगाज होने जा रहा है। ऐसे में भोपाल के शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे।मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” शुभारंभ समारोह को संबोधित किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” के शुभारंभ पर भोपाल के नवीन विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” के शुभारंभ पर भोपाल के नवीन विद्यालय में प्रदर्शनी का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “स्कूल चले हम अभियान” अंतर्गत स्कूल प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में बच्चों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भोपाल से “स्कूल चले हम अभियान” का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी किसी से कमतर नहीं है। सरकारी स्कूलों में पढ़कर भी कई महान व्यक्तित्वों ने विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है। छात्रों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत के माध्यम से सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम में सीएम के अलावा जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई थी। पहली बार राज्यभर में शैक्षणिक सामग्री समय पर बांटी गई कार्यक्रम में मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इस साल 1 अप्रैल से, जब छात्र अपने विद्यालय में प्रवेश करेंगे, तो शासन द्वारा दी जाने वाली किताबें उनके बैग में पहले से उपलब्ध होंगी। यह पहली बार हुआ है कि पूरे राज्य के प्रत्येक जिले में शैक्षणिक सामग्री समय पर वितरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक कौशल और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलेंगे। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में पहली बार शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार हो रहे हैं। जुलाई से बेटियों को मिलेगी साइकिल मंत्री उदय प्रताप सिंह ने यह भी बताया की कि जुलाई में बेटियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे आसानी से शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही, उन्होंने शिक्षा विभाग और शिक्षकों को बधाई दी कि इस बार 1 अप्रैल से ही सभी विद्यार्थी अपनी नई कक्षा में प्रवेश कर रहे हैं, जो एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री चेतन कश्यप भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर संभागों में इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया। इन समिट्स के माध्यम से 60% से अधिक निवेशकों ने उद्योग स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नव प्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत कार्यक्रम में सबसे पहले, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव प्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ भी किया गया। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज होंगे बच्चे प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 में सभी शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्यवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर ‘स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम’ प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से सुलभ तरीके से प्राप्त की जा सकेगी। सभी जिलों में भी हुआ प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम चयनित शालाओं में हुआ। कार्यक्रम में सांसद, विधायक और अन्य जन-प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की गई। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नए शैक्षणिक-सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जाएं। जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिह्नित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जाएगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जाएगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जाएगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। स्कूल छोड़ने वालों को 4 अप्रैल से फिर से मिलेगा प्रवेश सीएम ने इस अवसर पर सरकारी स्कूलों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने से प्रतिभा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि वहां भी छात्र उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। इसके अलावा, शिक्षकों के समन्वय के लिए एक विशेष पोर्टल का शुभारंभ किया जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन्होंने किसी कारणवश स्कूल छोड़ दिया है, उन्हें 4 अप्रैल को वापस स्कूल लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

भाजपा का हर कार्यकर्ता तीन दिन तक गांव चलो-बस्ती चलो अभियान के तहत सेवा कार्य करेंगे -विष्णुदत्त शर्मा

भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश जी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में बैठक को संबोधित किया ———————————————— -सामाजिक समरसता व नागरिक कर्तव्यों के साथ राष्ट्र निर्माण का कार्य करें कार्यकर्ता -सुचिता के साथ संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाएं कार्यकर्ता -शिवप्रकाश जी -विकास का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं कार्यकर्ता -प्रदेश के हर जिले में विकास समितियों का गठन होगा, सुझावों पर सरकार अमल करेगी -डॉ. मोहन यादव -6 अप्रैल को प्रदेश के 65 हजार 14 बूथों पर सम्मेलन आयोजित कर मनाएंगे स्थापना दिवस -भाजपा का हर कार्यकर्ता तीन दिन तक गांव चलो-बस्ती चलो अभियान के तहत सेवा कार्य करेंगे -विष्णुदत्त शर्मा -प्रधानमंत्री जी दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं, आप भी पार्टी कार्यों को शिखर तक पहुंचाएं -कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़, जनसेवा के साथ पार्टी के कार्यों को आगे बढ़ाएं -डॉ. महेन्द्र सिंह -श्रद्वेय अटलजी की स्मृतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें कार्यकर्ता -संगठन की समितियों में महिलाओं की भागदारी बढ़ाएं -हितानंद जी भोपाल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश जी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में बैठक को संबोधित किया। पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सामाजिक समरसता व नागरिक कर्तव्यों के साथ राष्ट्र निर्माण का कार्य करें। पार्टी कार्यकर्ता सुचिता के साथ संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाएं और पार्टी गतिविधियों को संपन्न करें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने विकास की कई योजनाएं चलाई हैं, जिन्हें पार्टी कार्यकर्ता जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। प्रदेश के हर जिलों में विकास समितियों का गठन किया जाएगा और समितियों के पास आये सुझावों पर सरकार अमल करेगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 6 अप्रैल को प्रदेश के सभी 65 हजार 14 बूथों पर प्राथमिक सदस्यों का सम्मेलन आयोजित कर पार्टी का स्थापना दिवस मनाएगी। 7 से 12 अप्रैल तक गांव चलो बस्ती चलो अभियान में कार्यकर्ता तीन दिन तक प्रतिदिन आठ घंटे गांव व बस्ती में सेवा कार्यों में सहभागिता करेंगे। 14 अप्रैल को प्रदेशभर में डॉ. अंबेडकर जी की जयंती मनाई जाएगी। पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी अपने कार्यों से दुनियाभर में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में चांद पर तिरंगा फहराया। आप सभी पार्टी कार्यकर्ता भाजपा की रीढ़ की हड्डी इसलिए जनता की सेवा के साथ पार्टी के कार्यों को आगे बढ़ाएं। प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का शताब्दी वर्ष समारोह मना रही है। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ता अटलजी के पत्र, फोटो आदि का संग्रह करें और स्मृतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुनें और मंडल समितियों में महिलाओं की भागदारी बढ़ाकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दें। भाजपा कार्यकर्ता अच्छे कार्यों के लिए समाज में जागरूकता लाने का कार्य करें- शिवप्रकाश जी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के साथ समाज को सशक्त बनाकर उसे आगे ले जाने का कार्य कर रहे हैं। आप सभी भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ देश और समाज की सेवा का कार्य कर रहे हैं। समाज के सामने कभी-कभी ऐसे विषय आ जाते हैं, जिसको लेकर समाज में कुछ लोग भ्रम उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं। चूंकि आप सभी भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम का भाव लेकर कार्य कर रहे हैं, इसलिए आप सभी की यह जिम्मेदारी बनती है कि समाज को सही दिशा दें। इसके लिए आप सभी को समय-समय पर अलग-अलग विषयों को लेकर जागरूकता लाने का कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा वन नेशन वन इलेक्शन का बिल हो या वक्फ का विधेयक, यह सभी जनता के और समाज के हितों को देखते हुए ही लाए जा रहे हैं। कार्यकर्ता बैठकों में अपने आसपास, मोहल्ले, समाज और देश के मुद्दों पर चर्चा करें और जनता को भी वास्तविकता से अवगत कराएं, ताकि देश और समाज को तोड़ने वाले अपने मंसूबों में सफल न होने पाएं। आप सभी पार्टी कार्यकर्ता संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए अपने जिले, संभाग व प्रदेश के पार्टी संगठन को देश के एक आदर्श संगठन के रूप में प्रस्तुत करने का कार्य करें। पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएं -डॉ. मोहन यादव बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी प्रतिभागियों को विक्रम संवत 2082 की शुभकामनाएं दीं और संवत्सर की गणना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे सभी पर्व व्रत-उपासना के लिए होते हैं, जबकि सभी त्योहार खुशियां मनाने के लिए होते हैं। बीते 20 सालों में भाजपा की सरकारों ने महाराज विक्रमादित्य की स्मृतियों को संजोने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर जो भी अच्छे कार्यक्रम हों, उनमें पुलिस बैंड की सेवाएं लें। प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिले में विकास समितियों के गठन का निर्णय लिया है, जो विकास को लेकर अपने सुझाव और अनुशंसा देंगी। प्रदेश सरकार ने 30 मार्च से अगले तीन महीनों के लिए जल गंगा संरक्षण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के अंतर्गत जल स्त्रोतों की सफाई, उनका जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके अलावा वाटर रिचार्ज के काम भी किए जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों में भाग लें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विकास की अनेक योजनाएं लागू की हैं, पार्टी कार्यकर्ता विकास के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं। प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में मध्यप्रदेश देगा अहम योगदान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जब 1956 में बना था तब गेंहूं की खरीदी 96 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होती … Read more

MP में अब हिंदी और अंग्रेजी नहीं बल्कि तमिल और तेलुगू भाषाओं में भी पढ़ाई होगी: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब हिंदी और अंग्रेजी नहीं बल्कि तमिल और तेलुगू भाषाओं में भी पढ़ाई होगी. इसकी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राजभवन में आयोजित ‘कर्मयोगी बनें’ कार्यशाला में की. इस कार्यशाला में सीएम के साथ राज्यपाल मंगूभाई पटेल और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के साथ विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. इस अवसर पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि “हमारे यहां विद्यार्थियों को केवल हिंदी ही नहीं तमिल-तेलुगू जैसी भाषा में भी पढ़ाने के लिए हम प्रेरित करेंगे. जो बच्चे इसमें जाएंगे उनको विशेष अंक देकर प्रोत्साहन देंगे. ये भाषाओं का गुलदस्ता हमारा है, हमें इस पर गर्व होना चाहिए.” ‘हर व्यक्ति अपने कर्मों से बंधा’ सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि “भगवत गीता में कर्म, अकर्म और विकर्म को समझााने का प्रयास किया गया है. जिसने जन्म लिया है, उसे सांस लेना, सोना और खाना भी कर्म है. हर व्यक्ति अपने कर्मो से बंधा हुआ है. हम जो भी कार्य करें, उसका दोष भगवान को न दें. हमने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है. लेकिन वर्तमान में जिनको जैसी बातें करनी है, वो राजनीतिक दृष्टि से करते होंगे. हम तो राष्ट्रनीति के आधार पर सोचते हैं. हम अपने कर्मो के आधार पर जिस जगह भी पहुंचते हैं, वहां पूरी निष्ठा, उर्जा और आनंद के साथ काम करना चाहिए.” हम मिलकर एक विकसित भारत का निर्माण कर रहे राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश इतिहास के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां से साफ दिख रहा है कि 21वीं सदी भारत की होगी. इतिहास साक्षी है, जापान, जर्मनी, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया 4 से 5 दशक पहले ऐसे ही मोड़ पर थे. जहां से एकजुट होकर उन्होंने अपने राष्ट्र के विकास की नई इबारत लिखी. आज भारत भी उसी दौर से गुजर रहा है और हम मिलकर विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं.” राज्यपाल ने कर्मयोगी की परिभाषा बताते हुए कहा कि “व्यक्तिगत लाभ, सफलता-असफलता की चिंता किए बगैर निरंतर कार्य करने वाला ही सच्चा कर्मयोगी है.”

प्रदेश में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम होगा, मुख्यमंत्री यादव स्कूल चलें हम अभियान-2025 का करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अप्रैल मंगलवार को शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में प्रात: 9 बजे “स्कूल चलें हम” अभियान – 2025 का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम भी होगा। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्कूल चलें हम अभियान कार्यक्रम के डिजिटल प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई है। नव प्रवेशी विद्यार्थियों का होगा स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में नव प्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मीडिल, हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 इस वर्ष एक अप्रैल से नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 के माध्यम से समस्त शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्रवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर “स्टूडेंड डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम” प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया गया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से सुलभ तरीके से प्राप्त की जा सकेगी। समस्त जिलों में भी होगा प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में एक अप्रैल को शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित शाला में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक-सत्र की शुरूआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गयी है। संभाग स्तर के 8 डिपो के माध्यम से किताबों की व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षण सत्र शुरू होते ही अप्रैल माह में निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो जायें। कक्षा एक से कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिये करीब 5 करोड़ 60 लाख पुस्तकें, एक करोड़ 2 लाख फाउंडेशनल लिटरेसी एण्ड न्यूमरेसी (एफएलएन) अभ्यास पुस्तिकाएं और करीब 26 लाख ब्रिज कोर्स की पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य से भेंट कार्यक्रम स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन दो अप्रैल को शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियाँ हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियाँ सुनायेंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वैच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएँ भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ “स्कूल चलें हम अभियान” के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जुड़ाव करना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक-सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत “स्कूल चलें हम अभियान” के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।  

मंत्रि-परिषद से अनुमोदन उपरांत अमल में लाया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के ग्रामीण, शहरी और इंटरसिटी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की जाएगी। योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। सबके साथ विस्तृत विचार-विमर्श, सुझाव एवं सहमति के बाद शीघ्र ही इस योजना प्रस्ताव को अनुमोदन के लिये मंत्रि-परिषद की बैठक में लाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में नवीन परिवहन सेवा (मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा) के संबंध में प्रारंभिक चर्चा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में सुगम यात्री परिवहन के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, नगरीय विकास एवं प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बैठक में वर्चुअली सहभागिता की। समत्व में हुई बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं प्रशासन संजय कुमार शुक्ल, सचिव परिवहन मनीष सिंह, सचिव मुख्यमंत्री सिबी चक्रवर्ती एवं संचालक जनसम्पर्क अंशुल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की यात्री परिवहन संबंधी भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर इस नवीन योजना के सभी पक्षों पर गहनता से अध्ययन करें, जिससे यात्रियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। सचिव परिवहन मनीष सिंह ने नवीन परिवहन सेवा योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई परिवहन योजना में प्रदेश में यात्री बसों के संचालन की त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जाएगी। प्रदेश के सात बड़े संभागों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं रीवा) में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी गठित की जाएगी। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति गठित भी की जायेंगी। यह सभी बॉडीज यात्री परिवहन को बेहतर बनाने, यात्री किराया तय करने, रूट चार्ट तैयार करने में समन्वय और यात्रियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए अनुश्रवण एवं मार्गदर्शन करेगी। बताया गया कि सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय अर्जन के स्रोत निर्माण के लिए भी इस योजना में विशेष इंतजाम किए जाएंगे। नवीन योजना में सरकार अनुबंधित बसों को प्राथमिकता से परमिट देगी। इन बसों पर प्रभावी नियंत्रण सरकार का ही होगा। नवीन योजना में यात्रियों एवं बस ऑपरेटर्स के लिए ऐप और कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए एक डैशबोर्ड भी होगा नवीन परिवहन सेवा के संचालन के लिए प्रदेश के सात बड़े संभागों में यात्री बसों की आवश्यकता और जरूरी संख्या के लिए सर्वे कराये जा रहे हैं। सर्वे के परिणाम जल्द ही प्राप्त हो जायेंगे। सर्वे के फीडबैक के आधार पर सरकार इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगी। बताया गया की नवीन परिवहन योजना का सबसे अधिक लाभ यात्रियों को होगा। बस ऑपरेटर्स को भी बेहतर माहौल और उन्हें कन्टीन्यू बिजनेस देने का प्रावधान भी इस नवीन परिवहन सेवा योजना में की गई है, जिससे आपरेटर्स की बस सेवाएं बाधित न हो और यात्रियों को भी कोई परेशानी न हो।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी गणगौर पर्व की बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखंड सौभाग्य, सुख, समृद्धि के पावन पर्व गणगौर की सभी को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर अपने संदेश में बाबा महादेव एवं मां पार्वती से प्रार्थना की है कि गणगौर सबके जीवन में संपन्नता, शुभत्व और मंगल की उत्तरोत्तर वृद्धि लेकर आए। उन्होंने गणगौर पर कामना की है कि माता-बहनों और सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया

सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर लिखा गया एक और नया अध्याय : राज्यपाल पटेल सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज करेगा इतिहास जीवंत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज का हुआ लोकार्पण उज्जैन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंदीय विधि और न्याय एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को उज्जैन में विक्रमादित्य द हैरिटेज का लोकार्पण किया। राज्यपाल पटेल ने सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज के शुभारंभ एवं विक्रम संवत 2080 की शुरूआत पर शुभकामना देते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर नया अध्याय लिखा गया है। जहां महाकाल स्वयं विराजते है, जहां कालिदास की अमर रचना जन्मी है और जहां विक्रमादित्य ने न्याय की सम्पूर्ण आधार-शिला रखी है। इस पुण्य-भूमि पर ‘सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज’ का शुभारंभ कर आज एक और इतिहास रचा गया है। उन्होंने कहा कि महाराजवाड़ा के इस प्राचीन भवन को केवल पुनजीवित करना एवं निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक विरासत को संवारने का संकल्प है। यह हेरिटेज आधुनिकता और परंपरा का अद्वितीय संगम है। यहां पर्यटकों के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं मिलेगी। एक–एक कक्ष को आकर्षकनाम भी दिया गया है। उज्जैन का यह हैरिटेज पर्यटन के साथ भगवान महाकाल के भक्तों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा। पर्यटकों के लिए यहां आयुर्वेदिक पंचकर्म जैसी अनेक सुविधाओं की भी व्यवस्थाए की गई है। उन्होनें हैरिटेज के निर्माण पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश विरासत से विकास की ओर अगसर है। आज से नये युग का प्रादुर्भाव हो रहा है। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य का काल रामराज्य की तरह रहा है। उन्होनें कहा कि सनातन संस्कृति से श्रेष्ठ परमंपराओं को पुन: जीवित किया जाना चाहिए। आज उज्जैन का गौरव दिवस है, हमें अतीत से वर्तमान तक व्यवस्थाओं पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1235 में इलतुत्मिश ने उज्जैन नगर सहित उत्तर भारत के राज्यों को भी तहस-नहस किया था। उज्जैन में शिवाजी महाराज एवं महाराज सिंधिया के काल में अनेक इमारतों का निर्माण हुआ है। उज्जैन में प्राचीन गौरवशाली इतिहास की झलक दिखाई देती है। ऐतिहासिक इमारतें, जिनका पहले शासकीय कार्यालयों के तौर पर उपयोग होता रहा, उन्हें विरासत के रूप मे संजोने का काम किया जा रहा है। आज ‘सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज होटल’ का निर्माण महाराजवाड़ा के पुराने भवन का जीर्णोद्धार कर किया गया है। यहां पूर्व में विद्यालय संचालित होता था। इसके निर्माण से इतिहास जीवंत हो रहा है, यहां आने वाले पर्यटकों को आनंद महसूस होगा। पर्यटकों के लिए हैरिटेज होटल में एआई का इस्तेमाल कर अच्छी व्यवस्थाएं की गई हैं। महाकाल प्रांगण में बने इस हैरिटेज होटल से श्रद्धालुओं को सुविधा जनक तरीके से महाकाल के दर्शन भी होंगे। केन्द्रीय राज्यमंत्री मेघवाल ने कहा कि राजस्थान के बीकानेर जिले के भीकमपुर में भी एक बड़ा महल है। यह भी विक्रमादित्य कालीन प्रतीत होता है, यह शोध का विषय है। उन्होंने कहा कि वे न्यायप्रिय सम्राट विक्रमादित्य की नगरी में सीखने के लिए आए हैं। विक्रमादित्य हैरिटेज होटल का लोकार्पण राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय राज्य मंत्री मेघवाल ने सम्राट विक्रमादित्य हैरिटेज होटल का लोकार्पण, परंपरागत पूजा-अर्चना के साथ फीता खोल कर किया। सभी अतिथियों ने हेरिटेज के विभिन्न कक्षों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इन्दरसिंह परमार, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, शिवप्रकाश, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ल सहित गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।  

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और केन्‍द्रीय राज्य मंत्री मेघवाल ने वीर भारत संग्रहालय का भूमि‍-पूजन किया

उज्‍जैन मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में कोठी महल पर युगयुगीन भारत के कालजयी महानायकों की तेजस्विता की महागाथा का वर्णन करने वाले “वीर भारत संग्रहालय” का भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी कार्यक्रम में सम्‍मिलित हुए। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि उज्‍जैन का इतिहास अत्‍यंत प्राचीन है। हर कल्‍प में उज्‍जयिनी का अपना इतिहास रहा है। प्राचीन भारत के वीर महापुरूषों की गौरव गाथा की जानकारी इस संग्रहालय में प्रदान की जाएगी। संग्रहालय का निर्माण भव्‍य स्‍तर पर किया जाएगा। प्राचीन काल की सभी प्रमुख घटनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी। संग्रहालय का निर्माण लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से किया जाएगा। इसके अतिरिक्‍त आवश्‍यकता पडने पर और धन राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें अपनी विरासत पर गर्व करने का एक और अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से संग्रहालय के निर्माण हेतु शुभकामनाँ दी।    कार्यक्रम में बतौर विशिष्‍ट अतिथि सांसद उज्जैन आलोट संसदीय क्षेत्र अनिल फिरोजिया, सांसद राज्यसभा बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक उज्जैन-उत्तर अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल,  महापौर  नगर पालिक निगम मुकेश टटवाल  निगम अध्यक्ष नगर पालिक निगम श्रीमती कलावती यादव और संस्‍कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्‍ला‍शामिल हुए। कार्यक्रम में सर्वप्रथम पंडित चंदन व्‍यास एवं उनके दल के द्वारा स्‍वस्ति वाचन किया गया। वीर भारत न्‍यास के न्‍यासी सचिव श्रीराम तिवारी के द्वारा पुष्‍प गुच्‍छ भेंट कर अतिथितियों का स्‍वागत किया गया। श्रीराम तिवारी ने स्‍वागत वक्‍तव्‍य देते हुए कहा कि भारतवर्ष के गौरवशाली और पराक्रमी अतीत से परिचय तथा प्रेरणा हमारे समय की अपरिहार्य आवश्यकता है। यह एक राष्ट्रव्यापी, महत्वाकांक्षी स्वप्न है, जिसे चरितार्थ करने के लिए वीर भारत संग्रहालय में भारत की तेजस्विता और पराक्रम के विभिन्न आयामों को व्यापक रूप से प्रस्तुत किये जाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित है। तेजस्विता और शौर्य हमारे जीवन, परंपरा, चित्त-वृत्ति, चिंतन-प्रकृति, दर्शन, जीवन मूल्य, आस्था और विश्वासों का स्वर है। हमारा प्रयास है कि वीर भारत संग्रहालय में राष्ट्र की सभी मंगलकारी दृष्टियों का प्रतिबिंबन हो। भारत वर्ष का प्रागैतिहास-पुरापाषाण काल, पूर्व वैदिक, वैदिक/उपनिषद, सरस्वती सिंधु घाटी सभ्यता, उत्तर वैदिक, श्रीराम के पूर्वज, श्रीकृष्ण के पूर्वज, रामायण काल, महाभारत काल, प्राचीन भारत की जनजातियों, महाजनपद काल, गौतम बुद्ध, महावीर, आदि शंकराचार्य, चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट विक्रमादित्य काल, सातवाहन, गुप्त साम्राज्य, चोल, पल्लव, भोजदेव, मध्ययुग, भक्ति काल, भारत के शूरवीर, पराधीनता के विरूद्ध सिंहनाद करते हुए भारत की सुदीर्घ परंपरा में तेजस्वी नायकों, चिंतकों, दार्शनिकों, मंत्रद्रष्टा, ऋषियों, संतों, मनीषियों, कवियों, लेखकों, कलाकारों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों के अनुपम योगदान को रेखांकित किया जायेगा। उल्‍लेखनीय है कि वीरभारत संग्रहालय युगयुगीन भारत के महानायकों की महागाथा का अनूठा केंद्र बनने जा रहा है। प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है कि यह उज्जैन में स्थापित होने जा रहा है। सनातन परंपरा से ही, सृष्टि के आरंभ से ही बाबा महाकाल और उनकी प्रिय उज्जयिनी विराजित है। भारत वर्ष प्रागैतिहासिक-पुरापुरापाषाण काल से ही मानव सभ्यता और संस्कृति के विकास की कर्मभूमि रहा है। वीर भारत संग्रहालय में चाहे वैदिक काल हो, उपनिषद काल हो, रामायण महाभारत काल हो, हमारे ऋषि वैज्ञानिक हों, हमारे राष्ट्र के महानायक हों या फिर वे राजा महाराजा रहे हों, वैज्ञानिक रहे हों, साहित्यकार, इतिहासकार, खगोलविद हों, योद्धा हों, संन्यासी हों, उद्यमी रहे हो, ऐसे सभी प्रेरक चरित्रों को यादगार बनाने की कोशिश की जायेगी जिन्होंने भारत को तेजस्वी भारत बनाने का काम किया हो। मैंने निर्देश दिए हैं कि इस संग्रहालय जो दुनिया में अपनी तरह का सबसे अकेला होगा, इसे समय सीमा में पूरा किया जाए, सिंहस्थ के पहले पूरा किया जाये।  भारत वर्ष में विक्रमादित्य युग परिवर्तन और नवजागरण की एक महत्वपूर्ण धुरी रहे हैं, और उनके द्वारा प्रवर्तित विक्रम सम्वत् हमारी एक अत्यंत मूल्यवान धरोहर है। कार्यक्रम में वीर भारत संग्रहालय की रुप रेखा पर आधारित फिल्‍म का प्रदर्शन भी हुआ। अतिथीयों द्वारा इस दौरान कोठीमहल का अवलोकन भी किया गया।  

मध्यप्रदेश में पहली बार 1000 ड्रोन के माध्यम से आकर्षक ड्रोन-शो की प्रस्तुति दी गई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विक्रमोत्सव-2025 विक्रमोत्सव का आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को करता है स्थापित: राज्यपाल पटेल उज्जैन में विक्रमादित्य के नाम से स्थापित हो न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश-राजस्थान में टूरिस्ट सर्किट बनाने की आवश्यकता : केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. मेघवाल राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री डॉ. मेघवाल ने विक्रमोत्सव में प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया मध्यप्रदेश में पहली बार 1000 ड्रोन के माध्यम से आकर्षक ड्रोन-शो की प्रस्तुति दी गई प्रसिद्ध गायिका सुश्रेया घोषाल ने दी में मनमोहक प्रस्तुति सिंहस्थ-गान हुआ लांच उज्जैन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारतीय नववर्ष विक्रम सम्वत् 2082 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ अवसर पर उज्जैन में विक्रमोत्सव के प्रसंग में आयोजित कार्यक्रमों में प्रदेशवासियों का स्वागत और अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार ज्ञापित करता हूँ। जिन्होंने दुनिया की पहली वैदिक घड़ी और भगवान महाकाल के अद्भुत महालोक की सौगतों से महाराजा विक्रमादित्य की उज्जयिनी के गौरव और वैभव की पुनर्स्थापना की है। विक्रमोत्सव का आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं के प्रकटीकरण के लिए हमारी गौरवशाली विरासत और वर्तमान के विकास का उत्सव है। यह दिन हमारे लिए एक नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, जो हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों के योगदान को याद करने का अवसर है। राज्यपाल पटेल रविवार को उज्जैन में विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नववर्ष का यह पर्व विविध स्वरूपों में मनाया जाने वाला ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को स्थापित करता है। इसे कहीं ‘गुड़ी पड़वा’ तो कहीं ‘चैती चांद’, कहीं ‘युगादि’ तो कहीं ‘उगादि’ और कहीं ‘नवरोज अगदु’ के अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। इसी के साथ नौ दिन आरोग्य, साधना और कायाकल्प के नवरात्र का भी आरंभ होता है। राज्यपाल ने कहा कि विक्रम सम्वत् वर्ष का प्रवर्तन भारतीय सम्राट विक्रमादित्य के द्वारा विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर, उनके राज्यभिषेक के दिन से होता है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि नव सम्वत्सर की तिथि सृष्टि निर्माण की तिथि है, जिसका निर्धारण संपूर्ण वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ हुआ है। वास्तव मे भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन ऋतु परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को सक्षम बनाने का समय है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि भारतीय नववर्ष प्रकृति के संरक्षण, संवर्धन और निर्माण की प्रेरणा देता है, जिसमें सृष्टि, संस्कृति और समाज का संगम है। ऋतुकाल संधि के इन दिनों में नवचेतना, नवजागृति का संदेश है। इसे मनाने की परंपरा व्यक्ति, परिवार और समाज, तीनों के स्वस्थ जीवन और समृद्धि को ध्यान में रखकर शुरू की गई। यह हम सब प्रदेशवासियों के लिये गर्व और गौरव का विषय है कि भारतीय नववर्ष विक्रम सम्वत् उज्जयिनी से शुरू हुआ है। सम्राट विक्रमादित्य का सारी दुनिया में न्यायप्रियता, ज्ञानशीलता, धैर्य, पराक्रम, पुरुषार्थ, और वीरता जैसी विशेषताओं के लिए स्मरण किया जाता है।  राज्यपाल ने उत्सव में विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों के साथ सम्राट विक्रमादित्य के समूचे व्यक्तित्व, कृतित्व और विशेषताओं को परिचित कराने के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई और मंगलकामनाएं दी। उज्जैन में  न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था सम्राट विक्रमादित्य के नाम से प्रारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन नगरी सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल की नगरी है। उज्जयिनी वह नगरी है जिसमें योगीराज श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की तो अनेक राजा महाराजाओं ने अपने न्याय प्रिय शासन से दुनिया को न्याय की ओर मोड़ा। आज का दृश्य देख कर लग रहा है मानो आज सम्राट विक्रमादित्य स्वयं इस नगरी में पधारे हैं। हम सबके लिए यह सौभाग्य की बात है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में श्रीमहाकाल महालोक का निर्माण हुआ और भगवान महाकालेश्वर की नगरी का वैभव और बड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका शासन काल रामराज्य की याद दिलाता है। हमारी सरकार भी निरंतर जनता की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। विक्रमादित्य ने अपने पुरुषार्थ से अपनी प्रजा का ध्यान रखा और सदैव प्रजा की रक्षा की। उन्होंने जनता का कर्ज माफ किया। उन्होंने विक्रम संवत का प्रवर्तन करते हुए सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना की। सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का लोहा आज भी माना जाता है। उनकी न्याय प्रियता हजारों साल से जानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. मेघवाल से अनुरोध किया कि भविष्य में उज्जैन में  न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था सम्राट विक्रमादित्य के नाम से प्रारंभ की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव संवत्सर पर सभी लोगों के जीवन में खुशहाली की कामना की और सभी को अपनी ओर से नव संवत्सर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी निरंतर विकास के कार्य सरकार द्वारा किए जाएंगे और इस प्रकार के आयोजन हर्षोल्लास के साथ आयोजित किए जाएंगे। उज्जैन में राजा महाराजा काल के जैसी होटल ‘सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज’ होटल का लोकार्पण भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यपाल पटेल की उपस्थिति में विक्रमोत्सव के कार्यक्रम से प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों  में प्रभारी मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिधियों की उपस्थिति में जिला स्तरीय कार्यक्रम से जल गंगा संवर्धन अभियान आज से शुरू हो गया है। उज्जैन में 100 से अधिक कुआं, बावड़ी, तालाबों और अन्य जल स्त्रोतों में स्वच्छता, जीर्णोद्धार और नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आज हम सब क्षिप्रा नदी के पावन तट पर विक्रमोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने अपनी ओर से सबका अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य के शासन का प्रभाव अफगानिस्तान तक था। वे राजस्थान के बीकानेर से आते हैं। उन्होंने राज्यपाल पटेल के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान और एमपी के द्वारा भविष्य में टूरिस्ट सर्किट बनाए जाने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। इस टूरिस्ट सर्किट से राजा भर्तहरि और सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल से … Read more

MP में 30 मार्च से शुरु होगा जल गंगा संवर्धन अभियान, बोले CM डॉ. मोहन यादव, अभियान बनेगा जन आंदोलन

उज्जैन ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान का शुभारंभ आगामी 30 मार्च को वर्ष प्रतिपदा के दिन शिप्रा नदी के तट पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम के आयोजन से किया जाएगा। 30 मार्च को अन्य जिलों में भी नदी अथवा जल स्त्रोत के समीप कार्यक्रम का आयोजन कर इस अभियान की शुरुआत की जाएगी। अभियान के व्यापक आगाज हेतु 30 मार्च को प्रत्येक नगरीय निकाय और प्रत्येक ग्राम पंचायत में जन समुदाय की उपस्थिति में जल संरक्षण और संवर्धन के एक कार्य का क्रियान्वयन प्रारंभ किया जाएगा। अभियान की अवधि 30 मार्च से 30 जून होगी। अभियान के अंतर्गत जलाशयों की सफाई, पौधरोपण, छोटी नदियों, तालाबों और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए कार्य किए जाएंगे। इसकी तैयारियों की समीक्षा बैठक प्रशासनिक संकुल भवन के सभा कक्ष में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह अभियान के नोडल अधिकारी होंगे। उनकी अध्यक्षता में जिला जल गंगा संवर्धन अभियान समिति द्वारा अभियान की आयोजन, क्रियान्वयन तथा मॉनिटरिंग की जाएगी। इस समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जयति सिंह तथा सहभागी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी सदस्य होंगे। 90 दिन से अधिक समय तक चलेगा अभियान पानी दे, गुरुबाणी दे। जल बिन सब सूना है। जो सबको जीवन दे, वो है जल। जल ही जीवन है। इससे हम आज सुरक्षित हैं, इसी से हमारा कल भी सुरक्षित है। जल बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। जल संरक्षण के लिए सिर्फ सरकार ही नहीं, समाज को भी आगे आना होगा। इसी मंशा के साथ मध्यप्रदेश सरकार ‘जल गंगा संवर्धन’ महाअभियान प्रारंभ करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच के साथ मध्यप्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का महाअभियान गुड़ी पड़वा के दिन 30 मार्च से शुरू होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित शिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दिन एक छोटी-बड़ी जल संरचना को लोकार्पित करेंगे। ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान में होंगे कई महत्वपूर्ण कार्य पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण, वन्य जीवों के लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं के पुनर्विकास के कार्य किए जाएंगे। अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा। नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित करने की संभावनाएं तलाशेंगे। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नये खेत-तालाब बनाए जाएंगे। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों और देवालयों में कार्य किए जाएंगे। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा। प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे। नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा। नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रत्येक गांव से 2 से 3 महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे। सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोख पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग 54 जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा। नहरों को मार्क कर विलेज-मेप पर शासकीय नहर के रूप में अंकित किया जाएगा। बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। करीब 40 हजार किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के सफाई कार्य। फ्लशबार की मरम्मत कार्य किए जाएंगे। स्लूस-वैल की सफाई कार्य भी इसी अभियान के दौरान होंगे। सदानीरा फिल्म समारोह, जल सम्मेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आख्यान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन किये जाएंगे।  

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में लोकमाता की जन्मस्थली में कार्यक्रम के दिए निर्देश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के समापन कार्यक्रम 29 से 31 मई तक होंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रतीक देवी अहिल्याबाई के सम्मान में महेश्वर में केबिनेट, चित्र प्रदर्शनियां, नाट्य मंचन के बाद अब होगा लाइट एंड साउंड शो मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में लोकमाता की जन्मस्थली में कार्यक्रम के दिए निर्देश महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रारंभ करें महेश्वरी साड़ी बिक्री केन्द्र मंत्रालय में हुई लोकमाता की 300वीं जयंती की आयोजन समिति की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई के कार्यों से नई पीढ़ी को अवगत करवाने के लिए विविध आयोजनों के साथ ही सामान्य ज्ञान स्पर्धा भी आयोजित की जाए। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर गत एक वर्ष में महेश्वर में केबिनेट के आयोजन, बटालियन का नामकरण देवी अहिल्या बाई के नाम पर करने, नाट्य मंचन और चित्र प्रदर्शनी जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्या बाई की महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित जन्मस्थली में भी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। स्कूली पाठ्यक्रम में लोकमाता के जीवन का विवरण शामिल किया गया है। विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, इंदौर विश्वविद्यालय में देवी अहिल्या शोध पीठ की स्थापना और लोकमाता के अप्रकाशित पत्रों का प्रकाशन भी किया गया है। लोकमाता के जीवन से जुड़े स्थानों महेश्वर, चित्रकूट, ओरछा, इंदौर, जानापाव, उज्जैन, ममलेश्वर, ओंकारेश्वर, गौमुखघाट, अमरकंटक, बड़वानी, मंदसौर, शिवपुरी आदि स्थानों पर लोक गायन, लोक नृत्य और नृत्य नाटिकाएं गत सितम्बर से फरवरी 2025 तक की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार की शाम मंत्रालय में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती के आयोजन के लिए गठित समारोह समिति की बैठक में बताया गया कि आगामी 31 मई को लोकमाता पर केन्द्रित स्मारिका का लोकार्पण प्रस्तावित है। इसके साथ ही 29 से 31 मई तक लोकमाता की 300वीं जयंती के वृहद समापन समारोह के अंतर्गत राजधानी भोपाल सहित विभिन्न स्थानों पर तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। कई राज्यों में हुए थे लोकमाता के जनकल्याण कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ ही लोकमाता के जनकल्याण के कार्य क्षेत्र में महाराष्ट्र, हरियाणा, उड़ीसा, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और अनेक स्थान रहे हैं। महेश्वरी साड़ी को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर बिक्री केन्द्र प्रारंभ किए जाएं। प्रदेश में महेश्वर साड़ी के निर्माण में महिलाओं को हाथकरघा बुनाई, रंगाई और आकल्पन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। लोकमाता के शासनकाल में महेश्वरी साड़ी की वैश्विक पहचान बनी थी। खरगोन जिले में स्थित ऐतिहासिक महेश्वर किले की दीवारों पर निर्मित कलात्मक आकल्पन को महेश्वरी साड़ियों में उकेरा जाता है। लोकमाता के कृतित्व पर फिल्म का निर्माण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर सुशासन, धर्म स्थलों पर सामुदायिक भवनों और धर्मशालाओं के निर्माण और महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कार्य करने वाली प्रशासिका थीं। उनकी 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा समिति गठित कर गतिविधियों का कैलेंडर बनाया गया है। इसके अनुसार देवी अहिल्याबाई के जीवन और अवदान से संबंधित अनेक गतिविधियां सम्पन्न हुई हैं। संस्कृति विभाग द्वारा लोकमाता के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फिल्म का निर्माण भी किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने लोकमाता के सम्मान में आयोजित कीं बहुआयामी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवस्थलों के प्रबंधन, अन्न क्षेत्रों के संचालन और नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाने जैसे कार्य लोकमाता के जन-जन के लिए समर्पित जीवन का प्रतीक हैं। वे वित्त प्रबंधन, स्वदेशी को महत्व, सैन्य रणनीति, नागरिक अनुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में कार्य करती रहीं। उनके कुशल प्रशासन, समाज सुधार और धार्मिक सहिष्णुता के भाव को मध्यप्रदेश सरकार ने पूरा सम्मान देते हुए बहुआयामी गतिविधियां की हैं। लोकमाता की 300वीं जयंती के उपलक्ष में हुए कार्यक्रम उनके जीवन और भारतीय संस्कृति में दिए गए योगदान को उजागर करते हैं। प्रदेश की महिला उद्यमियों और शिल्पियों को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिति के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सुझावों के अनुरूप लोकमाता के जीवन से जुड़ी विशेषताओं के प्रचार-प्रसार के लिए आगे भी कार्य करेगी। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि देवी अहिल्याबाई द्वारा निर्मित मंदिरों की सूची तैयार की गई है। लोकमाता द्वारा अनेक मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। ऐसे ज्ञात 118 स्थानों में से 90 स्थानों पर 234 चित्रांकन वॉटर कलर द्वारा तैयार करवाए गए। इस कार्य में देश के लब्ध प्रतिष्ठित चित्रकारों द्वारा योगदान दिया गया। चित्र प्रदर्शनी गत दिसम्बर में बैंगलोर में मध्यप्रदेश दिवस, जनवरी में भोपाल में गीता महोत्सव और लोकरंग के साथ ही जनवरी और फरवरी 2025 में प्रयागराज महाकुंभ में भी संयोजित की गई। आगामी महीनों में लोकमाता से जुड़े स्थानों पर हो रहे आयोजनों में भी यह चित्र प्रदर्शनी जन आकर्षण का केन्द्र रहेगी। विभिन्न आयोजनों में महिला उद्यमियों और शिल्पियों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया है। महिला स्टार्ट-अप पॉलिसी भी बनाई जा रही है। लोकमाता के जीवन ओर कार्यों पर नृत्य नाट्य और लाइट एंड साउंड शो समिति की बैठक में जानकारी दी गई कि विश्व मांगल्य सभा नागपुर से एक नृत्य नाट्य तैयार करवाया गया जो लोकमाता के जीवन की झलक प्रस्तुत करता है। इसकी प्रस्तुति प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रारंभ की गई है। विश्व संवाद केन्द्र न्यास, इंदौर ने नर्मदा साहित्य मंथन अहिल्या पर्व के रूप में मनाया। पर्यटन निगम ने महेश्वर किले पर लोकमाता के जीवन पर लाइट और साउंड शो तैयार करवाया गया है। इसे देवी अहिल्याबाई की पुण्यगाथा के नाम से प्रस्तुत किया जाएगा। धर्मपाल शोधपीठ में मोढ़ी लिपि के प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की है। इस प्राचीन लिपि का कई शताब्दियों तक चलन रहा है। मराठी भाषा लिखने के लिए कभी इसी लिपि का इस्तेमाल होता है। लोकमाता के शासनकाल में भी अनेक पुस्तकों का इस लिपि में प्रकाशन हुआ था, जिनके हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद के लिए मराठी साहित्य अकादमी द्वारा विषय-विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। नर्मदा परिक्रमा पथ पर लोकमाता की मूर्तियों की स्थापना के लिए भी परीक्षण किया जा रहा है।  

प्रदेश की नदियां, सरोवर और अन्य जल स्त्रोत हमारे जीवन के आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के जल संसाधनों का संरक्षण और पुनर्निमाण आवश्यक है। प्रदेश की नदियां, सरोवर और अन्य जल स्त्रोत हमारे जीवन के आधार हैं। इनके संरक्षण, पुनर्जीवन और प्रभावी प्रबंधन के लिए सरकार और समाज दोनों सजग रहें, यह आवश्यक है। इस उद्देश्य से प्रदेश में तीन माह अवधि का जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ हो रहा है। प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जाएगा। इसे सफल बनाने के लिए अधिकतम प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार की शाम मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अभियान के संबंध में कलेक्टर्स को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान को सफ़ल बनाने के लिए कलेक्टर्स और अन्य अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला स्तर पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सभी जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ें। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सभी की सहभागिता जल स्रोतों की सफाई और रखरखाव के कार्यों के अच्छे परिणाम दिलवाने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान में जिला प्रशासन का अमला और विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मिलकर कार्य करें। उल्लेखनीय है कि अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, नगरीय विकास एवं आवास, उद्यानिकी, कृषि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्योग, पर्यावरण, स्कूल शिक्षा, संस्कृति, जनसंपर्क, राजस्व, वन विभागों के साथ ही जन अभियान परिषद को प्रमुख सहभागी विभाग बनाया गया है। अभियान की स्थानीय रणनीति के अनुसार जिलों में अन्य विभागों का सहयोग कलेक्टर स्तर पर लिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से जुड़े स्थान, विशेष रूप से नर्मदा के किनारे स्थित धार्मिक स्थानों में स्वच्छता और नदियों के घाटों की सफाई का कार्य किया जाए। छोटी नदियों और अन्य जल संरचनाओं के सौन्दर्यीकरण और स्वच्छता के कार्य निरंतर किए जाएं। प्रमुख धार्मिक केन्द्रों एवं ग्रामों में स्थित मंदिरों के परिसर में भी श्रृद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। पर्व-त्यौहारों के लिए करें आवश्यक तैयारियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी पर्व त्यौहार पर कानून व्यवस्था की स्थिति सुधर बनाए रखने के निर्देश प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां 30 मार्च को गुड़ी पड़वा, चेटीचंड और वर्ष प्रतिपदा के कार्यक्रम होंगे वहीं चैत्र नवरात्र भी प्रारंभ हो रहे हैं। इसके साथ ही 31 मार्च को ईद भी है। इन सभी पर्व-त्यौहारों के दृष्टिगत जिलों में प्रशासनिक अमला सजग और सक्रिय रहे। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि यदि विद्यार्थियों की कोई परीक्षा नजदीक है तो उस दृष्टि से ध्वनि विस्तारक यंत्रों का निर्धारित मानकों के अनुसार प्रयोग हो। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विक्रम संवत 2082 के शुभारंभ पर होने वाली गतिविधियों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत, वैदिक गणित काल गणना की प्राचीन भारतीय पद्धति पर भी चर्चा की।  

समाधान ऑनलाइन में लंबित समस्याओं का हुआ समाधान

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था की जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन में आए विभिन्न प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाले 20 अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए समाधान ऑनलाइन में लंबित समस्याओं का हुआ समाधान 20 शासकीय सेवकों के विरूद्ध निलंबन और नोटिस जारी करने की कार्रवाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन में आए विभिन्न प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाले 20 अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल प्रदाय में अव्यवस्था के दोषी ठेकेदार को अर्थदंड से दंडित किया गया। शुक्रवार को समाधान ऑनलाइन में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों में से ऐसे प्रकरणों का समाधान किया गया जिनका लंबे समय से समाधान लंबित था। मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी समाधान ऑनलाइन में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स और अन्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान ऑनलाइन में शुक्रवार को पेयजल व्यवस्था से संबंधित 3 प्रकरणों में दोषी व्यक्तियों को दंडित करने का निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस भी जिले से नागरिकों के लिए पेयजल की व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें प्राप्त होंगी वहां संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। पेयजल समस्या से संबंधित एक प्रकरण में सीहोर जिले के भंवर सिंह पटेल ने ग्राम पंचायत बरखेड़ी में पानी न पहुंच पाने की शिकायत की थी। इस प्रकरण में अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि ठेकेदार फर्म मेसर्स विश्वा पर 37 हजार 469 की शास्ति अधिरोपित की गई है। नल जल योजना के क्रियान्वयन में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर कर घरेलू नल कनेक्शनों में जलापूर्ति प्रारंभ करवा दी गई है। इसी तरह मऊगंज के शिकायतकर्ता सुनील कुमार साहू की शिकायत पर डेढ़ वर्ष से पाइप लाइन के टूट जाने से जल प्रदाय में आ रही दिक्कत को दूर कर दिया गया है। इस मामले में भी संबंधित ठेकेदार केएनके कंपनी को तत्काल कार्य करवाने के निर्देश दिए गए। इस प्रकरण में परियोजना इकाई में पदस्थ फील्ड इंजीनियर की सेवाएं समाप्त की गई है। शिकायत का निराकरण समय पर न करने के लिए उत्तरदायी मुख्य नगर पालिका अधिकारी मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कार्पोरेशन के उपयंत्री, परियोजना प्रबंधक और सहायक परियोजना प्रबंधक को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी जिलों में नल-जल योजना के क्रियान्वयन में विलंब करने वालों के विरूद्ध सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिले की श्रीमती दुर्गाबाई विश्वकर्मा द्वारा कूप निर्माण के लिए समय पर कार्रवाई न करने के मामले में जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और सहायक यंत्री की दो-दो वेतनवृद्धि रोकने संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी किए गया है। साथ ही गंभीर लापरवाही के दोषी ग्राम रोजगार सहायक को सेवा समाप्ति के लिए नोटिस जारी किया गया। इस प्रकरण में सचिव ग्राम पंचायत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिकायतकर्ता को कूप निर्माण के लिए 72 हजार 372 रूपए का भुगतान करवा दिया गया है। विवाह योजना, छात्रवृत्ति, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्राकृतिक आपदा पर मुआवजा राशि के प्रकरण भी हुए हल समाधान ऑनलाइन में खंडवा जिले के दिनेश कलमे ने नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना में राशि मिलने में हुई देर की शिकायत की थी। समाधान ऑनलाइन में यह मामले आने के बाद गत 21 मार्च को कलमे दंपति को एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि का भुगतान हो गया है। इस प्रकरण में लापरवाही बरतने पर सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक, जिला कोषालय अधिकारी और नि:शक्त कल्याण शाखा के प्रभारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। साथ ही सामाजिक सुरक्षा अधिकारी जनपद पंचायत खालवा को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले की सुमोनिका द्वारा छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान समय पर न किए जाने की शिकायत पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस प्रकरण में पोर्टल संचालन करने वाले अधिकारियों को भविष्य में गंभीरतापूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही यह चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की शिकायत नहीं आना चाहिए वरना सख्त कार्रवाई होगी। इस प्रकरण में शिकायतकर्ता को छात्रवृत्ति की राशि 22 हजार 748 रूपए का भुगतान पोर्टल के माध्यम से कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विदिशा के रोहित रैकवार द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में की गई शिकायत का पर समाधान किया गया। आवेदक को दस हजार रूपए की राशि प्रदान कर दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में योजना के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश इस योजना में देश में अग्रणी है। इस नाते योजना के क्रियान्वयन की श्रेष्ठ स्थिति को बनाए रखने के लिए प्रत्येक आवेदक का प्रकरण यथासमय स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा जिले के घनानंद द्विवेदी के आवेदन पर 20 हजार रूपए की राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। इस प्रकरण में आकाशीय बिजली गिरने से आवेदक द्वारा पशुधन की हानि के फलस्वरूप मुआवजा राशि का आवेदन लगभग सात महीने पहले किया गया था। इस प्रकरण में विलंब के लिए नायब नाजिर को निलंबित कर दिया गया है, साथ ही लापरवाही के दोषी तहसीलदार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।         रमेश जाटव को मकान की किस्त, राकेश रिछारिया को आयुष्मान योजना की राशि और आशाराम लोधी को गौ-संवर्धन योजना में मिला लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर के रमेश जाटव की आवास योजना की राशि न मिलने के संबंध में कलेक्टर ग्वालियर को परीक्षण कर दोषी कर्मचारियों को दंडित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर द्वारा सीएम हेल्पलाइन में गलत जानकारी दर्ज करने के दोषी सीएमओ को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। आवेदक जाटव को आवास योजना की तीसरी किस्त की राशि का भुगतान हो गया है। इसी तरह छतरपुर के राकेश कुमार रिछारिया को समाधान ऑनलाइन के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना में 26 हजार 747 रूपए की राशि का भुगतान हो गया है। आवेदक ने 5 माह पूर्व उपचार करवाया था लेकिन अस्पताल द्वारा अनुबंध का उल्लघंन कर … Read more

राजभवन में कर्मयोगी बने कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ

कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत : राज्यपाल पटेल प्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजभवन में “कर्मयोगी बने” कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश इतिहास के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां से साफ दिख रहा है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ विकसित भारत के लिए प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत है। कर्मयोग दैनिक जीवन में उच्चतर उद्देश्य के लिए आगे बढ़ने का वह रास्ता है जो व्यक्तिगत उन्नति के साथ समाज सुधार और सेवा का प्रभावी साधन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी विभिन्न भाषाए, बोलियां, मनोभाव और मूकभाव सभी संस्कृति के वह आभूषण है, जिन पर हमें गर्व है। प्रदेश में अन्य भाषाओं तमिल, तेलुगू आदि पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल करते हुए कमेटी बनाई जाएगी। यह बातें राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में कही। कार्यशाला का आयोजन राजभवन मध्यप्रदेश द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग और यूनाइटेड कॉन्शियसनेस के सहयोग से किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता और अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने छिंदवाड़ा के पारंपरिक बुनकरों द्वारा तैयार उत्तरीय परिधान और पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। कार्यशाला में उप कुलपति जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रोफेसर शांतिधुलीपुड़ी पंडित, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष भरत शरण सिंह, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े भी मंचासीन थे। कर्मयोगी कार्य संस्कृति को बनायें सशक्त राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज हमारे देश ने ज्ञान, विज्ञान, अर्थव्यवस्था सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। दुनिया में भारत की नई पहचान और साख बनी है। हमारा देश ऐसे मोड़ पर है, जहां से एकजुट और एकमत प्रयासों से राष्ट्र विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि 4-5 दशक पूर्व आज के विकसित राष्ट्रों में भी ऐसे ही मोड़ आए थे। नागरिकों के कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित प्रयासों से राष्ट्र का स्वरूप बदल दिया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि विकसित भारत निर्माण के लिए कर्मयोगी, भावी पीढ़ी का निर्माण शिक्षकों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में कर्मयोगी बनने के लिए काम की प्रकृति चाहें जो भी हो, व्यक्तिगत लाभ की इच्छा, परिणाम, सफलता और असफलता किसी की भी चिंता किए बिना लगातार कार्य करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कर्मयोग पथ के अभ्यासी को शुरु-शुरु में परिणामों की चिंता, समाज की अपेक्षाएं, मान्यताएं और दैनिक जीवन की व्यस्तताओं में समय की कमी आदि की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ये सभी चुनौतियां सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समय प्रबंधन और कर्तव्य पालन, ध्यान, साधना तथा चिंतन के नियमित आध्यात्मिक अभ्यास से दूर हो जाती है। राज्यपाल पटेल ने शिक्षा के तीर्थ स्थलों के प्रमुखों अपेक्षा की है कि वे कर्मयोग के सिद्धांतों पर शिक्षण, शोध कार्य के साथ ही विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर स्वैच्छिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित करें। व्यक्तिगत-व्यावसायिक जीवन में स्थिर भाव से कार्य की संस्कृति के द्वारा शैक्षणिक समुदाय के भीतर करुणा, सहानुभूति और पारस्परिक सहयोग को मजबूत बनायें। कर्मयोग के अभ्यास के लिए प्रेरक वातावरण निर्माण के कार्य करे। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि कार्य शाला का चिंतन कर्मयोग के वैचारिक, व्यवहारिक आयामों को प्रकाशित करेंगे। निःस्वार्थ कर्तव्य पालक कर्म योगियों के निर्माण का मंच बनेगा। कार्य शाला कर्मवाद के पुर्नजागरण की पहल: डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मयोगी कार्य शाला का आयोजन अद्भुत है। कार्यक्रम का भाव और भावना अभूतपूर्व है। सौभाग्य की बात है कि 5 हजार वर्ष पूर्व प्रदेश की धरती से शिक्षित कर्मयोगी के कर्मवाद का पुनर्जागरण प्रदेश से ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर्मयोगी ऋषि परंपरा का अक्षरक्ष: प्रतिरूप है। प्रधानमंत्री जी के मनोभावों के आधार पर सुशासन के दृष्टिगत होने वाले सभी सुशासन के प्रयोगों को अंतिम कड़ी तक पहुँचाने का प्रयास मिशन कर्मयोगी है। निष्काम भाव, अहंकार से मुक्त बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के लिए निरंतर कार्य करना ही कर्मयोग है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की विशालता अद्भुत है, जो अतिरंजित बातों को भी सुन लेती है। सही, अच्छी बातों को सद्भावना के साथ लेकर आगे चलती है। इसी लिए आज दुनिया भारतीय दर्शन से प्रेरणा प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति का दायरा असीमित है, जिसमें सारे ब्रह्मांड के कल्याण का चिंतन है। भारत के तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसे ज्ञान के केंद्र सम्पूर्ण मानवता के लिए कार्य करते थे। भारत ने कभी दूसरे देशों पर आक्रमण नहीं किया। कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करना : मंत्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कर्मयोगी बने कार्य शाला दूरगामी पहल है। कार्य शाला का चिंतन शिक्षा जगत में आमूल चूल परिवर्तन का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। समय और परंपराओं का अनुपालन मात्र राष्ट्र जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है। राष्ट्र की आवश्यकता लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। कर्मयोग का चिंतन इसी अवधारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कर्तव्यों का सर्वश्रेष्ठ पालन आवश्यक है। नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाए : बाला सुब्रह्मण्यम मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग, मिशन कर्मयोगी के सदस्य प्रोफेसर बाला सुब्रह्मण्यम ने कहा कि न्यू इंडिया के लिए टीम इंडिया जरूरी है। टीम इंडिया के लिए कर्मचारियों को कर्मयोगी बनाना होगा। जरूरी है कि कर्मचारी विकसित भारत के भविष्य के लिए तैयार रहे। इसके लिए जीवन की सीख के द्वारा उनकी क्षमता को बढ़ाना होगा। क्षमता वृद्धि के लिए नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाना होगा। इसके लिए विकास का संकल्प, … Read more

प्यासे खेत को जब पानी मिलेगा तो सोने के समान होगी खेती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अलीराजपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पाणिग्रहण संस्कार, 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण है।  अलीराजपुर में 1369 नव दम्पतियों को मुख्मयंत्री कन्या विवाह योजना में 7 करोड़ 52 लाख रूपये की राशि कन्यादान के रूप में दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी वर (दूल्हों) से कहा कि हम बेटियों के रूप में अपने घर की रौनक आपको सौंप रहे हैं, इनका ख्याल रखना अब आपका दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को अलीराजपुर में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर के कलेक्टर को निर्देशित किया कि 220 केवी ग्रिड, ककराना घाट एवं कन्या खेल परिसर का प्रपोजल भेजे, जिससे अविलंब स्वीकृत किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प वर्षा कर सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल नव-दंपत्तियों के परिजन का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर की प्राकृतिक छटा देखते ही बनती है। उन्होंने कहा कि नर्मदा मैया के किनारे बांध बनाने से अलीराजपुर क्षेत्र में सिंचित भूमि का रकबा बढ़ा है और आर्थिक समृद्धि आई है। आर्थिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिसम्बर 2024 में अलीराजपुर जिले को मिली लगभग 2000 करोड़ रुपए की सोंडवा उद्वहन परियोजना से 169 गाँवों को सिंचाई के लिए जल प्राप्त होगा। प्यासे खेत को जब पानी मिलेगा तो सोने के समान फसल प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। सरकार सभी कृषकों का गेहूं खरीदेगी। उन्होंने कहा कि गेहूं के लिए 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस के रूप में दिया जा रहा है। साथ ही दूध की खरीदी पर भी 5 रुपए प्रति लीटर बोनस दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश का दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना है, जिससे कृषकों को आय का नया साधन मिले। विकास को समावेशी बनाने के लिए जिला विकास समिति का होगा गठन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल्द ही जिला विकास समिति का गठन किया जाएगा। इससे जिले के गणमान्य नागरिक, व्यवसायियों के सुझावों को प्राप्त कर जिले की समावेशी विकास की प्रक्रिया में उन्हें शामिल किया जाएगा। हीरा परिष्कृत करने में जिले के हुनरमंद नागरिकों को रोजगार के अवसर मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर जिला उद्योग विभाग के माध्यम गुजरात की जगह अलीराजपुर में हीरा परिष्कृत करने का कार्य किया जाएगा। इससे अलीराजपुर के हुनरमंद नागरिक जिले में ही रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ही एकमात्र राज्य है जहां खदान से हीरा प्राप्त होता है। प्रयास किए जा रहे है अलीराजपुर में ही हीरा परिष्कृत करने का कार्य हो। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योग के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पक्के घर बनाने, फलिया-फलिया (मजरे-टोले) तक पानी एवं बिजली पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है, प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक बहनों को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना से 1250 रुपए प्रतिमाह खातों में अंतरित किए जा रहे हैं। किसान सम्मान निधि के माध्यम से कृषकों की सहायता की जा रही है। नए उद्योग स्थापित किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम स्थल पर ढोल मांदल की थाप पर उत्साह पूर्ण ढंग से जनजातीय नृत्य के द्वारा नृतक दलों ने पुष्प वर्षा के बीच भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया। मंत्री नागर सिंह चौहान एवं सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की हस्त निर्मित तस्वीर एवं जनजातीय संस्कृति को परिलक्षित करती हुई पेंटिंग, तीर कमान एवं जैकेट भेंट कर स्वागत किया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हजरी बाई खरत, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनिता इंदर सिंह चौहान, संतोष मकू परवाल सहित 1369 नव दंपत्तियों के साथ पधारे परिजन एवं बडी संख्या में आमजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने 11 जोड़ो को प्रतीकात्मक रूप से कन्यादान राशि के चेक किये भेंट

झाबुआ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झाबुआ में एक साथ लगभग दो हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह में शामिल होने का आनंद अदभुत और अविस्मरणीय है। उन्होंने नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए सभी के मंगलमय और सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य जीवन के 16 संस्कारों में से पाणिग्रहण संस्कार गृहस्थ जीवन में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण संस्कार है। इसमें 7 फेरों से 7 वचनों को पूरा कर सात जन्मों तक बंधन में बंधते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में शामिल जोड़ों को विवाह और निकाह की बधाई देते हुए सभी के जीवन में खुशियों की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव झाबुआ में सामुहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में 11 जोड़ों को प्रतीकात्मक रूप से 49-49 हजार की राशि के चेक भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले के निवासियों को सौगात देते हुए कहा कि राणापुर क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या के निराकरण के लिए भांडाखेड़ा बैराज, नागन खेड़ी, गलती, छायण, झालरवा, बुदाशाला और कल्लीपुरा में बैराज बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संबद्ध झाबुआ में मेडिकल कॉलेज भी बनाया जायेगा। झाबुआ के विकास के लिये सभी कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में सभी वर्गों का विकास समाहित है। किसी भी वर्ग को विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहने दिया जायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप सबका साथ लेकर सबका विकास किया जायेगा, जिसमें सबके प्रयास और सबका विश्वास शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के सशक्तिकरण के लिये राशि प्रदान की जा रही है। किसानों का गेहूँ 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जित किया जा रहा है। धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जा रहे हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कूटी और लेपटॉप प्रदाय किये जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को प्रतिमाह मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश में बेटियों को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग डॉ. कुँवर विजय शाह ने कहा कि झाबुआ में आयोजित लगभग 2000 जोड़ों के सामूहिक विवाह में सम्मिलित होकर मन आनंदित हो गया हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा कि जिले के लिए सौभाग्य है कि इतना विशाल विवाह समारोह आयोजित हुआ और जिसमें स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकर बहनों को आशीर्वाद प्रदान किया। पारंपरिक रूप से स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री सुभूरिया ने जनजातीय परम्परा के अनुरूप जनजातीय जैकेट “झूलड़ी” पहनाकर, साफा बांधकर एवं तीर कमान भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्यापूजन किया। प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग कुपोषण मुक्त झाबुआ के तहत मोटी आई कैम्पैन, मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन गलसन माला, गुड्डा गुड्डी, तीर कमान, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के अंतर्गत जिले में उत्पादित टमाटर एवं टमाटर से बने उत्पाद जैसे टमाटर पाउडर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग अन्न फसल एवं जैविक उत्पाद, नगर पालिका परिषद झाबुआ द्वारा वेस्ट टु वेल्थ प्रोजेक्ट अंतर्गत तैयार किये गये डस्टबिन एवं गमले प्रदर्शित किये गये। सम्मेलन में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, सांसद श्रीमती अनिता चौहान, संभागायुक्त इंदौर दीपक सिंह, आईजी अनुराग, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के श्रमिकों को संबल प्रदान करने मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना संचालित की जा रही

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के श्रमिकों को संबल प्रदान करने मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना संचालित की जा रही है। शुक्रवार 28 मार्च को संबल योजना में 23 हजार 162 श्रमिक परिवारों को 505 करोड़ रूपये की अनुग्रह राशि उनके खातों में अंतरित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय से हितग्राहियों के खातों में यह राशि अंतरित करेंगे। श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मंत्री एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं, साथ ही श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है। इससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना में श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। प्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब उन्हें भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने योजना प्रारंभ 1 अप्रैल 2018 से अब तक 1 करोड़ 74 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया है। श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। श्रम विभाग योजनांतर्गत वर्तमान तक 06 लाख 58 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 5 हजार 927 करोड़ से अधिक के हितलाभ दिये जा चुके है।  

केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल के मुख्यातिथ्य में होंगे विक्रमोत्सव के अंर्तगत चैत्र प्रतिपदा पर आयोजित विशेष कार्यक्रम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी 30 मार्च को चैत्र प्रतिपदा एवं गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर उज्जैन में विक्रमोत्सव के अंतर्गत आयोजित विशेष कार्यक्रम केन्द्रीय कानून एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल के मुख्य आतिथ्य में होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विक्रमोत्सव के विशेष कार्यक्रम सहित इसी दिन उज्जैन में आयोजित अन्य सभी कार्यक्रमों में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर एवं अन्य आमंत्रित अतिथिगण भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि 30 मार्च को उज्जैन में विक्रमोत्सव के अंतर्गत चैत्र प्रतिपदा पर विशेष कार्यक्रम सहित महाराजवाड़ा हेरिटेज होटल उज्जैन का उद्घाटन एवं श्रीमहाकाल महालोक में लाइट एंड साउंड शो का शुभारंभ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों में केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।  

संबल योजना: 28 मार्च को सीएम मोहन यादव जारी करेंगे श्रमिक परिवारों के खातों में 505 करोड़ रूपये, मिलेगा लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 मार्च को मंत्रालय में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 23 हजार 162 प्रकरणों में 505 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मंत्री एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रुपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। संबल योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपये दिए जाते हैं, साथ ही श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालयीन शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिए संपूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। गिग वर्कर्स भी योजना में शामिल नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारंभ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है। इससे वे केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। जन्म से मृत्यु तक आर्थिक सहायता संबल योजना में श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। प्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब उन्हें भी 5 लाख रुपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने योजना प्रारंभ होने के बाद 1 अप्रैल 2018 से अब तक 1 करोड़ 74 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया है। श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। श्रम विभाग योजनांतर्गत वर्तमान तक 06 लाख 58 हजार से अधिक प्रकरणों में 5 हजार 927 करोड़ रुपये से अधिक के हितलाभ दिए जा चुके हैं। जानिए क्या है संबल योजना     मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं।     स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं।     संबल योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं, साथ ही श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।     नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं।     संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है। इससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं।संबल योजना में श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है।     प्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब उन्हें भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण स्कीम अंतर्गत 2.16 करोड़ अंतरित सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण स्कीम के तहत राज्य अधिवक्ता परिषद् जबलपुर के बैंक खाते में 2 करोड़ 16 लाख रूपये अंतरित कर दिये गये है। राशि वित्त वर्ष 2024-25 के लिये अंतरित की गई है। इस स्कीम के तहत 12 हजार रूपये के मान से प्रत्येक नवीन अधिवक्ता को सहायता राशि प्रदान की जाती है।  

जल गंगा संवर्धन अभियान :पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभागों की अभियान में होगी सहभागिता

प्रधानमंत्री मोदी का जल संरक्षण अभियान अब मध्यप्रदेश में बनेगा जन आंदोलन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 मार्च से होगा प्रारंभ होकर 30 जून तक चलेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान” पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभागों की अभियान में होगी सहभागिता पानीदार प्रदेश बनने की ओर बढ़ता देश का हृदय प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के क्षिप्रा तट से करेंगे प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत अभियान में तैयार किए जाएंगे 1 लाख जलदूत मुख्यमंत्री हर दिन एक जल संरचना का लोकार्पण करेंगे तीन माह लगातार चलेगा अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच के साथ मध्यप्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का “जल गंगा संवर्धन” महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन 30 मार्च से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित क्षिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दिन एक छोटी-बड़ी जल संरचना को लोकार्पित करेंगे। उन्होंने कहा है कि जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश में भूजल स्तर में सुधार आएगा। पानी की बूंद-बूंद बचाएं, तभी हमारी सांसें बचेंगी। मध्यप्रदेश सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बना है। राज्य सरकार भी ‘खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। पानी दे, गुरुबाणी दे। जल बिन सब सूना है। जो सबको जीवन दे, वो है जल। जल ही जीवन है। इससे हम आज सुरक्षित है, इसी से हमारा कल भी सुरक्षित है। जल बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। जल संरक्षण के लिए सिर्फ सरकार ही नहीं, समाज को भी आगे आना होगा। इसी मंशा से मध्यप्रदेश सरकार जल गंगा जल संवर्धन महा अभियान प्रारंभ करने जा रही है। हमारी धरा के कुल जल का केवल एक छोटा हिस्सा ही पीने योग्य स्वच्छ जल के रूप में उपलब्ध है। पृथ्वी के कुल जल का लगभग 97 प्रतिशत महासागरों में खारा जल है, जो पीने योग्य नहीं है। शेष 3 प्रतिशत मीठा जल है, लेकिन इसमें से भी अधिकांश हिमखंडों और बर्फ की चोटियों में जमा है। सिर्फ 0.5 प्रतिशत से भी कम पानी झीलों, नदियों और भूजल के रूप में उपलब्ध है, जिसे हम उपयोग कर सकते हैं। पृथ्वी पर स्वच्छ और पीने योग्य पानी की मात्रा बहुत ही सीमित है और इसे संरक्षित करना बेहद ज़रूरी है। इसीलिए मध्यप्रदेश सरकार ने जल बचाने के लिए कदम बढ़ाये हैं। जल बचाने लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान”, प्रदेश में जल संकट को खत्म करने और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेशव्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग एवं प्राधिकरण साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के कार्य करेंगे। अभियान की थीम ‘जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण’ रखी गई है। नागरिकों के सहयोग से जल संरक्षण अभियान बनेगा जन-आंदोलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संचय की विभिन्न गतिविधियां संचालित करने जैसे – पौध-रोपण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम चलाने, स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने, ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनाएं। “जल गंगा संवर्धन अभियान” में होंगे कई महत्वपूर्ण कार्य     पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण, वन्य जीवों के लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं के पुनर्विकास के कार्य किये जायेंगे।     अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।     नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित करने की संभावनाएं तलाशेंगे।     लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे।     ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा।     प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे।     नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा।     नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी।     ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।     प्रत्येक गांव से 2 से 3 महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे।     सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोख पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।     नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे।     नगरीय विकास एवं आवास विभाग 54 जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा।     नहरों को मार्क … Read more

मुख्यमंत्री ने की राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में वर्चुअल भागीदारी

स्पेस पॉलिसी के निर्माण और प्रदेश में इसरो के केंद्र के लिए होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कर रहा नेतृत्व मुख्यमंत्री ने की राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में वर्चुअल भागीदारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति के अनेक रहस्य सुलझाने की क्षमता विज्ञान में हैं। आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग से अनेक क्षेत्रों में बड़े परिवर्तन हो रहे हैं। फार्मिंग से लेकर फायनेंस तक मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर मेडिसिन तक और एजुकेशन से लेकर कम्यूनिकेशन तक प्रत्येक क्षेत्र का स्वरूप परिवर्तित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गत एक दशक में भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तीव्र प्रगति की है। राष्ट्र में एक नई ऊर्जा और शक्ति का संचार हुआ है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की विजनरी नीति का ही परिणाम है कि भारत डिफेंस और अन्तरिक्ष के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। भारत इस क्षेत्र में गलोबल लीडर बन रहा है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा शीघ्र ही स्पेस पॉलिसी बनाई जाएगी। प्रदेश में इसरो के केंद्र की शुरूआत के लिए भी मंथन प्रारंभ किया गया है। हाल ही में जीआईएस के दौरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर केंद्रित 4 नीतियों को लागू करने की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को उज्जैन में हो रहे राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन/ विज्ञान उत्सव और चालीसवें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन का समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअल रूप से शुभारंभ करते हुए यह बात कही। यह सम्मेलन कालिदास अकादमी परिसर उज्जैन में हो रहा है। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम टेटवाल भी वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मध्यप्रदेश को बनाएंगे टेक्नालॉजी और इनोवेशन हब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान का उपयोग बढ़ाया जाएगा। प्रदेश को टेक्नालॉजी और इनोवेशन हब बनाया जाएगा। हाल ही में इसरो ने स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट अर्थात स्पैडेक्स सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग करते हुए इतिहास रच दिया है। इसके लिए इसरो की टीम बधाई की पात्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैज्ञानिक समाज और विज्ञान प्रौद्योगिकी से जुड़े संस्थानों के सहयोग से मध्यप्रदेश में इसरो की तरह एक केंद्र के विकास पर भी विचार किया जाएगा। वर्तमान में दक्षिण भारत ही ऐसी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। उत्तर और मध्य भारत में इस तरह के केंद्र का अभाव है। प्रदेश में चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में भी विज्ञान का प्रयोग बढ़ रहा है। विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग हो रहा है। मध्यप्रदेश में ड्रोन के माध्यम से राजस्व के क्षेत्र में भी नक्शे बनाने की शुरूआत की गई है। रायसेन से राष्ट्रीय स्तर पर शहरी बस्तियों के भूमि सर्वेक्षण का पायलेट प्रोजेक्ट शुरू हुआ। प्रदेश के अन्य शहरों में भी जमीन,भूखण्ड और बस्तियों का डिजिटल नक्शा बनाने की पहल हुई है। इससे संपत्ति के स्वामित्व के रिकार्ड्स रखना आसान होगा। अनेक क्षेत्रों में विज्ञान का उपयोग कार्यों को आसान बना रहा है। उज्जैन है काल गणना का केंद्र, चार नई नीतियों के माध्यम से विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति भी विज्ञान आधारित है। हम अनेक शुभ कार्य नवग्रह पूजन से प्रारंभ करते हैं। विक्रम संवत 2082 आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य के काल से लेकर अब तक उज्जैन के इतिहास,कला, संस्कृति और अध्यात्म के साथ ही विज्ञान के केंद्र होने का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सभी उज्जैन को काल गणना के केंद्र के रूप में जानते हैं। इस संबंध में भी निरंतर अनुसंधान हो रहा है। हम नूतन का स्वागत करते हुए पुरातन परम्पराओं को भी साथ रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वैज्ञानिक सम्मेलन और राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन की थीम “विकास की बात विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार एक साथ”प्रासंगिक है। प्राचीन भारतीय विज्ञान परम्परा पर आधारित विभिन्न सत्रों का आयोजन सराहनीय है, जिसमें लगभग 300 शोधार्थी और युवा वैज्ञानिक 17 विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रौद्योगिकी और नवाचार आज की आवश्यकता है। हाल ही में सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आईटी विभाग के माध्यम से 4 महत्वपूर्ण नीतियां मध्यप्रदेश ड्रोन सवंर्धन और उद्योग नीति-2025, मध्यप्रदेश एनीमेशन, विजुअल एफैक्टस, गैमिंग कामिक्स और विस्तारित रियलिटी (एवीजीसी- एक्सआर) नीति-2025, मध्यप्रदेश सेमी कंडक्टर नीति-2025 और मध्यप्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी)नीति-2025 घोषित की गई हैं। वैज्ञानिक सम्मेलन में स्पेस पॉलिसी बनाने का सुझाव आया है। इस नाते मध्यप्रदेश की स्पेस पॉलिसी तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन के सभी प्रतिभागियों को भागीदारी के लिए बधाई दी। राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र हैदराबाद के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैज्ञानिक सोच रखते हैं, जिस तरह देश डिफेंस प्रोडक्शन, स्पेस और बॉयो टेक्नालॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, मध्यप्रदेश भी इन क्षेत्रों में प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेस पॉलिसी-2023 लाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऐसे चंद मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं जो इस क्षेत्र में नवाचार के लिए उत्साहित हैं। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए शीघ्र ही मेपकास्ट के सहयोग से अनुबंध किया जाएगा। कृषि बीमा योजना जैसे कार्य स्पेस टेक्नोलॉजी के माध्यम से हो रहे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि प्रदेश में इस तरह के वैज्ञानिक सम्मेलन अन्य स्थानों पर भी किए जाएंगे। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु राकेश सिंघई, विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक और मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय महासचिव विवेकानंद पई,भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के एमेरिट्स वैज्ञानिक सुधीर मिश्रा और महानिदेशक, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक नेशनल इनोवेशन फाउन्डेशन डॉ. अरविन्द रानाडे, प्रमुख सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग, प्रोफेसर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गांधीनगर प्रो. मनीष जैन भी सम्मेलन में शामिल हुए। समत्म भवन से मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल और अपर मुख्य सचिव सूचना प्रौद्योगिकी संजय दुबे भी सम्मेलन के इस सत्र में उपस्थित हुए।  

एमपी सरकार नया टैक्स नहीं लगाएगी। जनता की आय बढ़ाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे: सीएम यादव

भोपाल  एमपी सरकार नया टैक्स नहीं लगाएगी। जनता की आय बढ़ाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने यह बात एक निजी कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा, सरकार अपने संसाधनों का हर संभव अधिक से अधिक उपयोग करेगी और जनता को सरकारी योजनाओं के माध्यम से सशक्त बनाया जाएगा, ताकि वे सरकार के जरिए स्वयं की आय बढ़ा सके। सरकार इस काम में जो मदद कर सकती है, वे सभी मदद पहुंचाई जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि जीआइएस की सफलता को लेकर सीएम का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि भोपाल की प्राकृतिक संपदा और इसके पुरा-इतिहास के संवर्धन में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। भोपाल को एक सुंदर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाएंगे। भोजपुर मंदिर रोड पर ‘भोज द्वार’ और इंदौर-उज्जैन मार्ग पर विक्रमादित्य के सुशासन के प्रतीक स्वरूप ‘विक्रम द्वार’ बनाए जाएंगे। भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अगले 5 साल में हम प्रदेश का सालाना बजट दोगुना कर देंगे। कोई नया टैक्स नहीं लगाएंगे बल्कि नागरिकों की आय बढ़ाकर अपने बजट को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में विश्व से उद्योगपति भोपाल आए। भोपाल आकर उन सभी को आनंद आ गया, क्योंकि यहां की झीलें, तालाब और यहां की संस्कृति जीवंत हैं, यही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि भोपाल देश का एकमात्र राजधानी क्षेत्र है जहाँ मानव और बाघों के सह-अस्तित्व का अनोखा और अद्वितीय उदाहरण विद्यमान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद गौतम के पात्र उत्तराधिकारी को शासकीय सेवा में लेने के निर्देश पुलिस महानिदेशक को दिए

मऊगंज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर मऊगंज जिले के गौतम परिवार को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के अंतर्गत एक करोड़ रूपये की राशि का चेक प्रदान किया। भारतीय स्टेट बैंक की पुलिस सेलरी पैकेज योजना में पुलिसकर्मियों को दी जाने वाली पूरक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा सुविधा के अनुसार परिवार को यह राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद गौतम के पात्र उत्तराधिकारी को शासकीय सेवा में लेने के निर्देश पुलिस महानिदेशक को दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि कर्तव्य निवर्हन के दौरान अपने प्राणों को उत्सर्ग करने वाले पुलिस उपनिरीक्षक रामचरण गौतम की पत्नी श्रीमती पुष्पा को चेक प्रदान करते हुए कहा कि राज्य शासन ने स्व. गौतम को शहीद का दर्जा देते हुए उनके आश्रितों को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। ग्राम गडरा जिला मऊगंज में कर्तव्य निर्वहन करते हुए इस माह पुलिस उप निरीक्षक रामचरण गौतम शहीद हुए। स्व. गौतम के परिवार को बीमा की अनुदान राशि का चेक सौंपे जाने के अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, सीजीएम एसबीआई म.प्र./छ.ग चंद्रशेखर शर्मा, महाप्रबंधक अजिताभ पाराशर, महाप्रबंधक कुन्दन ज्योति, महाप्रबंधक मनोज कुमार सहित भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. गौतम की धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा और इस अवसर पर उपस्थित स्व. गौतम के पुत्र धीरेन्द्र और भतीजे सतीश से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधि का जो विधान था वह हुआ लेकिन राज्य शासन द्वारा स्व. रामचरण गौतम के परिवार को पूरा सहयोग दिया जाएगा।  

मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सफल बनाने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिये निर्देश

पक्का आवास पाने से कोई न छूटे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीएम आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने 31 मार्च तक पूर्ण करें सर्वे कार्य जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए करें प्रयास पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण देने बनाएं कार्ययोजना जनजातीय परिवारों की माताओं-बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए करें सभी उपाय जनजातीय परिवारों को उपलब्ध कराएं दुधारू गाय मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सफल बनाने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय वर्ग के सभी हितग्राहियों को पक्का आवास प्रदान करें। कोई भी हितग्राही आवास पाने से वंचित न रहे। किन्हीं भी कारणों से आवास पाने से छूट गये पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना की पात्रतानुसार सबको पक्के घर की सौगात दी जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अभियान के मैदानी क्रियान्वयन से जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों को अभियान तहत गांव और हितग्राही चयन का काम पूरा कर तय कार्य योजना एवं मापदंडों के अनुसार लक्षित क्षेत्रों में विकास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव उर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि शमी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनजातीय कार्य श्रीमन शुक्ल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की अब तक की प्रारंभिक प्रगति एवं केन्द्र सरकार को अभियान के संदर्भ में भेजे गये विकास प्रस्तावों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनजातीय गांवों, बसाहटों, मजरों टोलों में ज़रूरत वाले विकास कार्यों में गति लाने ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार के इस अभियान से राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय वर्ग के लिए संचालित सभी योजनाओं का लाभ हर हितग्राही तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएं। गांव में मिट्टी का परीक्षण कर किसानों को बताया जाए कि उन्हें कौन सी फसल लगाना ज्यादा लाभदायक होगा। साथ ही टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सेमिनार आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवारों के बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए शासकीय सहयोग से दुधारू गाय उपलब्ध कराई जाए। इससे जनजातीय वर्ग की माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय आबादी वाले 89 विकासखंडों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 31 मार्च 2025 तक सर्वे का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सबको पक्का आवास देने की मंशा से समर्पित होकर कार्य करें। पारम्परिक उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए शुरू करें ई-कॉमर्स सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों को पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और बैठक जैसे आयोजन के लिए गांव-गांव में सामुदायिक भवन उपलब्ध कराए जाएं। यहां होने वाले आयोजनों से जनजातीय संस्कृति समृद्ध रहेगी। उन्होंने जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रदेश के चयनित 11 हजार 377 जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों द्वारा उगाई जाने वाली रागी, कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) की खरीदारी शासन स्तर पर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज के विक्रय के लिए प्रदेश में विशेष मंडियां शुरू की जाए जिससे गांव के लोगों को उनकी फसल का उचित दाम मिले और बिचौलियों का नेटवर्क खत्म हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय लोगों द्वारा तैयार किए जा रहे पारम्परिक उत्पादों एवं खाद्य उत्पादों की देश-दुनिया में बेहतर मार्केटिंग के लिए ई-कॉमर्स की सुविधा शुरू की जाए। मत्स्य उत्पादन में संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में ही मछलियों के बीज तैयार करने की व्यवस्था के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से कार्य योजना तैयार की जाए। बैठक में प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण एवं मत्स्य पालन डीपी आहूजा ने अवगत कराया कि विभाग पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण प्रदान करने के लिए योजनाओं पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में हेचरी विकसित कर दूसरे राज्यों को मत्स्य-बीज बेचने से रोजगार एवं आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मत्स्य उत्पादन में अपार संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा‍ कि जनजातीय कृषकों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर खेती की संभावना कम है, वहां लोगों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित कर लाभान्वित किया जाए। पोषण वाटिका की स्थापना में बालाघाट और मण्डला को मिले प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में शामिल जनजातीय ग्रामों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया रोग के पीड़ितों को चिन्हित कर उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जबलपुर और शहडोल में मरीजों के बोनमेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत बालाघाट और मण्डला जिले में पोषण वाटिकाएं प्राथमिकता से स्थापित करने के निर्देश दिए। विद्युत कनेक्शन के लिए मजऱे-टोलों पर दें विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुदूर जनजातीय ग्रामों में बिजली और पानी के कनेक्शन की बाधाओं को दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को सोलर पम्प योजना से लाभान्वित करने … Read more

नया टैक्स नहीं लगाएंगे, हरसंभव तरीके से बढ़ाएंगे जनता की आय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अगले पांच साल में राज्य का बजट करेंगे दोगुना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नया टैक्स नहीं लगाएंगे, हरसंभव तरीके से बढ़ाएंगे जनता की आय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल को बनाएंगे मेट्रोपॉलिटन सिटी भोपाल शहर की सभी दिशाओं में बनाएंगे नगर द्वार भोजपुर रोड में बनाएंगे भोज द्वार, इंदौर-उज्जैन रोड पर विक्रम द्वार मुख्यमंत्री का भोपाल उत्सव मेला समिति ने जीआईएस की सफलता के लिए किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के चहुंमुखी विकास में मध्यप्रदेश का योगदान अव्वल रहेगा। भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अगले 5 साल में हम प्रदेश का सालाना बजट दोगुना कर देंगे। कोई नया टैक्स नहीं लगाएंगे बल्कि नागरिकों की आय बढ़ाकर अपने बजट को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भोपाल की प्राकृतिक सम्पदा और इसके पुरा-इतिहास के संवर्धन में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें जनता की सेवा का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल उत्सव मेला समिति द्वारा आयोजित नागरिक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भोपाल को एक सुदंर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाएंगे। भोपाल शहर में सभी दिशाओं से आने वाली सड़कों में नगर द्वार बनाए जाएंगे। भोजपुर मंदिर रोड पर ‘भोज द्वार’ और इंदौर-उज्जैन मार्ग पर विक्रमादित्य के सुशासन के प्रतीक स्वरूप ‘विक्रम द्वार’ बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में विश्व से उद्योगपति भोपाल आए। भोपाल आकर उन सभी को आनंद आ गया, क्योंकि यहां की झीलें, तालाब और यहां की संस्कृति जीवंत हैं, यही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि भोपाल देश का एकमात्र राजधानी क्षेत्र है जहाँ मानव और बाघों के सह-अस्तित्व का अनोखा और अद्वितीय उदाहरण विद्यमान है। भोपाल शहर के समीप ही रातापानी अभयारण्य है। यहां दुर्लभ बाज मिलने की भी पुष्टि हुई है। यह हमारी राजधानी को और भी आकर्षक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि हम भोपाल शहर का सतत सौन्दर्यीकरण कर रहे हैं। हम भोपाल की विरासतों को चिरस्थायी बनाए रखेंगे। भोपाल उत्सव मेला समिति द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान किया गया। भोपाल के 35 से अधिक व्यापारी संघों, उद्योगपतियों एवं समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का होली मिलन समारोह में आत्मीय सम्मान कर उन्हें जन्मदिन की बधाई भी दी। भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) आयोजित करने और अपनी कुशलता व कर्मठता से जीआईएस को सफल बनाने के लिए भोपाल मेला उत्सव समिति द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रशस्ति (सम्मान) पत्र दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबके सहयोग से हमको विकास की नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगे। अब तक जो नहीं हुआ वो करके दिखाएंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ राजनीतिज्ञ रघुनंदन शर्मा, नगर निगम के सभापति किशन सूर्यवंशी, रवीन्द्र यति, भोपाल मेला उत्सव समिति के अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल, डीबी ग्रुप के चेयरमेन सुधीर अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, राहुल कोठारी, आशीष अग्रवाल सहित भोपाल शहर के सभी व्यापारी संघों के पदाधिकारी, उद्योगपति एवं समाजसेवी उपस्थित थे। मेला समिति के अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि जीआईएस ने पूरे विश्व में भोपाल की शान बढ़ाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिली है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है

सहकारिता आंदोलन को आगामी 4 वर्ष में नए मुकाम पर पहुंचाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूध पर बोनस देने के साथ ही अन्य क्षेत्रों की सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को करेंगे लाभान्वित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 अन्तर्गत हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में पंचायत से लेकर मंत्रालय तक पारदर्शितापूर्ण कार्य शैली के कारण अन्य क्षेत्रों के साथ सहकारी क्षेत्र में समृद्ध हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिये बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के भाव के अनुसार कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में निश्चित ही नए दौर की नई कहानी लिखेगा। गुजरात में दूध पर बोनस की जिस तरह व्यवस्था है, मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन के लिए काफी बड़ा क्षेत्र है और हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योग क्षेत्र के साथ सहकारिता ने कार्य करने की पहल की है। मध्यप्रदेश में सहकारिता आंदोलन को गति दी जा रही है। अब सहकारिता क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी पारदर्शी हैं और मध्यप्रदेश में सहकारिता के विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाएगा। आने वाले चार वर्ष में सहकारिता आंदोलन को नए मुकाम पर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधारे प्रदेश भर के प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सहकारिता विभाग में नवनियुक्त सहकारी निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। भारत में प्रचलित व्यवस्थाओं से सीखते हैं अन्य देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में सहकारिता का इतिहास पुराना है। भारत में वर्षों पूर्व अश्वमेघ यज्ञ की परंपरा रही थी। लेकिन भारत ने किसी राष्ट्र पर कब्जा नहीं किया। छोटे-छोटे राज्यों की स्वायत्तता को खत्म नहीं होने दिया बल्कि उन्हें साथ लेकर कार्य किया और उनके स्वावलंबन को भी जीवंत रखा। सच्चे अर्थों में संयुक्त राष्ट्र संघ की भावना का पालन करने वाला कोई राष्ट्र है तो वह भारत है। जब यह कहा जाता है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ….तो इसका अर्थ है सभी को परस्पर जोड़ना और अपने लाभ में उन्हें सहभागी बनाना। यह वसुधैव कुटुम्बकम जैसे वेद वाक्य का लघु रूप है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व में भारत की गरिमा बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारिता के मूल भाव के अनुरूप बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कल्पना की। इसे साकार करने के लिए सहकारिता का दायित्व केंद्रीय मंत्री अमित शाह को दिया गया। केंद्र सरकार ने सहकारिता में सभी के कल्याण का ध्यान रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर कार्य हो रहा है। सहकारिता अधिनियम में परिवर्तन के फलस्वरूप सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य 30 दिन में संभव होगा। पूर्व में यह अवधि 90 दिवस थी। पूर्व की व्यवस्था में अनेक कठिनाईयों को सामना करना होता था। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पहल हुई। सहकारिता को उन्होंने बहुउद्देश्यीय और बहुआयामी बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा औद्योगीकरण में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, सहकारिता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मध्यप्रदेश किसानों, गौ पालकों और मत्स्य पालकों को सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ दिलवाकर इस क्षेत्र में शिखर पर पहुंचेगा। सहकारी ध्वजारोहण कर कैलेण्डर, मैन्युअल और परिपत्र पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरूआत में सहकारी ध्वजारोहण कर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर, पैक्स कार्य मैन्युअल और सहकारिता में सहकार, पैक्स पुनर्गठन और व्यवसाय संवर्धन के महत्वपूर्ण परिपत्रों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माइक्रो एटीएम पखवाड़े का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालक सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इन संस्थाओं में विदिशा, इंदौर और खरगोन की संस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम को सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता से समृद्धि का मंत्र दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। हाल ही में जीआईएस-भोपाल में नया अध्याय जोड़ा गया जब सीपीपीपी अर्थात को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का विषय सामने आया। सहकारिता विभाग में कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन डी.पी. आहूजा, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महा प्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती एवं बड़ी संख्या में प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक, अपेक्स बैंक, पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों के साथ ही सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज कुमार गुप्ता ने आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्मदिन पर 5 हजार से अधिक लोगों ने अभूतपूर्व और ऐतिहासिक से स्वागत व अभिनंदन किया

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का  जन्मदिन पर 5 हजार से अधिक लोगों ने अभूतपूर्व और ऐतिहासिक से स्वागत व अभिनंदन किया। चिंतामन गणेश मंदिर स्थित महाकाल परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशाल जनसमूह ने स्वागत किया। इनमें बड़ी संख्या में महिला, बच्चे ,पुरूष सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान, नगर निगम सभापति श्रीमति कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़ और अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आम जनता का आभार जताते हुए कहा कि आपके स्नेह और आशीष के बिना सब कुछ अधूरा सा लगता है। आपसे मिले बिना जी नहीं भरता है। इसलिए मैं दौड़ के आपके पास चला आता हूं। उन्होंने कहा कि उज्जैन की भूमि पर उद्योगों की बहार आने लगी है। आज हमने 1200 करोड़ रुपए से अधिक के उद्योगों को लगाने के लिए भूमि-पूजन किया है। इसमें 5000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा और आने वाले समय में कई लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हमारे प्रदेश में आने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम विकास के नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। लगातार प्रयास से हम सफलता पा रहे हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हम स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर उपलब्ध करवा रहे हैं। विकास की रफ्तार अब नहीं रुकेगी। आम जनता और युवाओं को रोजगार उपलब्ध करने के लिए हम कृत संकल्पित हैं। सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव को फलों से तौला भी गया और मित्र मण्डल कार्यकर्ताओं ने कतार लगाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फूल, मोतियों की माला से स्वागत किया। इस अवसर पर लोगों ने आत्मीयता से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद भी दिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती कपूर की आत्मकथा का किया विमोचन

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को कालिदास अकादमी परिसर उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025  के अंतर्गत अंर्तराष्ट्रीय फिल्मोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर फिल्म फेस्टिवल में विभिन्न देशों से आए राजनयिकों के साथ सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेखक सीमा कपूर की आत्मकथा “युं गुजरी है अब तलक”  का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार के आयाम जुड़ रहे हैं। भारतीय संस्कृति की यह विशेषता रही है कि यहां के लोगों ने हर प्रकार की चुनौतियों और विषम परिस्थितियों में अपने आप को दृढ़ रखा है और पूरे विश्व के समक्ष एक मिसाल पेश की है। भारतीय संस्कृति पर केन्द्रित फिल्म फेस्टिवल हमारी कला और संस्कृति को पूरे विश्व के समक्ष प्रस्तुत करता है। इस फेस्टिवल में अतीत की कालजयी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया है। चलित हिंदी फिल्मों की यात्रा दादा साहब फालके द्वारा निर्देशित फिल्म राजा हरिश्चंद्र से होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्में आज भी समसामयिक हैं। आने वाले समय में और भव्य स्तर पर इस प्रकार के आयोजन किए जाने चाहिए। विक्रम महोत्सव से हम सम्राट विक्रमादित्य के स्वर्णिम काल को याद करते हैं। सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाट्य और फिल्मों के माध्यम से पूरे विश्व में उनकी न्यायप्रियता और उनके सुशासन का संदेश जाता है। सम्राट विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व में विभिन्न आयाम समाए हुए हैं। सही अर्थों में उज्जैन 64 कलाओं को प्रदान करने वाली नगरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से फिल्मोत्सव के समापन के अवसर पर संस्कृति विभाग, कालिदास अकादमी और विक्रमादित्य शोध पीठ को शुभकामनाएं दीं। समापन समारोह में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,  दिलीप सिंह परिहार,  नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, ओम जैन, कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक गोविंद गंधे, नरेश शर्मा,  राजेश सिंह कुशवाहा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप भारत के ज्ञान और संस्कृति के प्रकाश को दुनिया में पहुंचाने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन हुआ, जिसमें 90 फिल्मों का प्रसारण किया गया है। इसमें अधिकतर फिल्में भगवान श्रीकृष्ण पर केन्द्रित रही। कार्यक्रम में साउथ अमेरिका के देश सूरीनाम की एंबेसी में कार्यरत सचिव श्रीमती सुनैना पी.आर. मोहन ने कहा कि उज्जैन शहर में उनका प्रथम बार आगमन हुआ है। यहां के लोगों के व्यक्तित्व में सादगी समाहित है। श्रीमती सुनैना ने कहा कि हमारे देश के युवा अपने शहर, अपने प्रदेश और अपने देश पर गर्व करें, गर्व से कहें कि हम भारतीय हैं। अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के समापन के पूर्व गोपाल कृष्ण (हिन्दी), भगवान श्रीकृष्णा (हिन्दी), श्रीकृष्ण अर्जुन युद्धम (तेलुगु), मीरा रो गिरधा (राजस्थानी),  भगवान श्रीकृष्णा चैतन्य (बंगाली),  श्रीकृष्णा लीला (तमिल), भगत्नसयो (गुजराती) भाषा फिल्मों का प्रस्तुतिकरण हुआ। इसके अलावा विदेशी भाषाओं में डेथ इन वेरीक्यूकोस और साचा: चेरनोबिल का एक बच्चा-1 फिल्मों का प्रस्तुतिकरण हुआ, जिसका कलाप्रेमी दर्शकों ने आनंद उठाया।

मुख्यमंत्री ने 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि प्रदान की

व्यापार में कमिटमेंट का है सर्वाधिक महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश आ रहा है, उद्योग भी लग रहे है और रोजगार सृजित का सृजन कर विकास का लिखा जा रहा है नया अध्याय मुख्यमंत्री ने 1127 करोड़ की लागत की औद्योगिक इकाइयों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन औद्योगिक इकाइयों से 5046 युवाओं को मिलेगा रोजगार विक्रम उद्योगपुरी में 28 करोड़ की लागत वाले सामान्य अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री ने 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि प्रदान की उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की कृपा से देश और प्रदेश में समृद्धि बरस रही है। सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली नगरी उज्जयिनी में पहली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ था। इसके बाद क्रमवार संभागीय मुख्यालयों पर 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इन आरआईसी में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत’ को साकार करने प्रदेश में 1127.24 करोड़ रुपए के निवेश से 26 विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर विकास का एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। यह परियोजनाएं उज्जैन को एक नया औद्योगिक आयाम देंगी, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक और आर्थिक विकास होगा। इन इकाइयों से हमारे लगभग 5046 युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सकेगा। स्वच्छ भारत की परिकल्पना को समाहित कर प्रदेश में स्थित भारत के सबसे स्वच्छ औद्योगिक पार्क विक्रम उद्योगपुरी में 28 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक सामान्य अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (सीईटीपी) का लोकार्पण भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विक्रम व्यापार मेला उज्जैन में आयोजित औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापार वचन से होता है, व्यापार में वचन का ही सर्वाधिक महत्व है। मध्यप्रदेश सरकार औद्योगिकरण और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दिए गए वचनों को पूरा करने संपूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक  से प्रदेश की 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से प्रदेश को नंबर 1 बनायेंगे। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने का जो सपना देखा है, वो साकार हो रहा है। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, इंदौर, देवास, धार, शाजापुर जिलों को मिलाकर एक नए मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन और विदिशा को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाया जाएगा। जबलपुर, ग्वालियर और उनके आस-पास के जिलों का भी विकास मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में भविष्य में किया जाएगा। इससे व्यापार और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 का आयोजन भी किया जा रहा है। विक्रम व्यापार मेले में भी व्यापार व्यापक स्तर पर हो रहा है और बहुत अधिक संख्या में गाड़िया बिक रही है। अगले कुछ वर्षों में हम भव्य स्तर पर सिंहस्थ-2028 महापर्व का भी आयोजन करेंगे। आस्था का ये महाकुंभ अर्थव्यवस्था को गति देने में इतिहास लिखेगा और उज्जैन को प्रमुख वैश्विक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा। इस वर्ष 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया है। बजट में सिंहस्थ के लिए 2 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है, जो आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करने के कार्य के लिए है। लाड़ली बहना हमारे प्रदेश का गौरव है, बजट में लाड़ली बहनों का विशेष ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में अमूल द्वारा दूध प्र-संस्करण का कारखाना भी स्थापित किया गया है। प्रदेश की सांची डेयरी को भी अमूल की तर्ज पर विकसित कर सांची को हम प्रदेश की पहचान बनाएंगे। उज्जैन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महाकाल महालोक बनाए जाने के बाद धार्मिक पर्यटन में अत्यधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 से अभी तक जिले में 60 करोड़ से अधिक धार्मिक पर्यटक आए है जिससे जिले में होटल व्यवसाय ने भी बहुत तरक्की की है। इस प्रकार उद्योग के साथ आध्यात्मिक विकास का भी ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का हुआ सफल आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। जीआईएस में प्रधानमंत्री मोदी ने 18 नई औद्योगिक नीतियों की शुरूआत की। समिट के दौरान 70 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग हुई और प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो 17 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने का अवसर प्रदान करेंगे। जीआईएस में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने के लिए विगत एक माह में 19 नवीन औद्योगिक इकाइयों को 315 हैक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। प्रदेश को 9168 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हो चुका है और इससे 13 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश अब औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। सरकार प्रदेश का चहुमुखी विकास कर रही है। प्रदेश में गरीब युवाओं, अन्नदाताओं, नारी शक्ति और सभी के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।प्रदेश के चंबल क्षेत्र में भी औद्योगिक विकास किया जा रहा है, अब वहाँ बंदूकों की आवाज की जगह औद्योगिक मशीनों की आवाज सुनाई दे रही है। झाबुआ में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जा रहा है। साथ ही किसान भाइयों के लिए और दूध उत्पादन बढ़ाने विक्रम विश्वविद्यालय में प्रदेश का पहला डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूके, जर्मनी और जापान यात्राओं  में प्रदेश को एक निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया। वहाँ से मिले समर्थन और निवेशकों की इच्छाओं को देखकर हमें यह विश्वास हुआ कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। प्रदेश में हाल ही में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद, जो निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, वे अब धरातल पर … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनप्रतिनिधियों ने इन्दौर में दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जन्मदिन पर इंदौर में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने शुभकामनाएँ दी। मंगलवार रात उज्जैन से एयरपोर्ट इंदौर पहुँचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एयरपोर्ट में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने स्वागत किया महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, सुदर्शन गुप्ता,  सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा,  जयपाल सिंह चावड़ा, दीपक जैन टीनू , चिंटू वर्मा  सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संभागायुक्त इंदौर दीपक सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक ग्रामीण अनुराग,  एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह सहित अन्य प्रमुख अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ देकर शुभकामनाएँ दी।  कलेक्टर आशीष सिंह और आयुक्त नगर निगम शिवम वर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खजराना गणेश की माला पहनाई और प्रसाद भेंट किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आतिथ्य में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का राज्य स्तरीय सम्मेलन 26 मार्च को समन्वय भवन में

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्सय भवन में भोपाल में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इस मौके पर अपर सचिव सहकारिता एवं प्रशासक अपेक्स बैंक अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन डी.पी. आहूजा उपस्थित रहेंगे। प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज कुमार गुप्ता ने बताया है कि सम्मेलन में राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं मनोज पुष्प और नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती मौजूद रहेंगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुष्ठ रोगियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुष्ठ रोगियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधीनगर स्थित महात्मा गांधी कुष्ठ आश्रम पहुंच कर कुष्ठ रोगियों पर पुष्प वर्षा के साथ अभिवादन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुष्ठ रोगियों को भोजन परोसा तथा फल, खाद्य सामग्री, वस्त्र और दैनिक उपयोग की सामग्री भेंट की। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा, वरिष्ठ प्रतिनिधि राहुल कोठारी,समाज सेवी तथा कुष्ठ रोगियों के परिजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के हर प्रकार के कष्ट में साथ खड़ी है। ऐसे लोगों के बीच आकर एक प्रकार से आत्मीय सुख प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर रखते हुए आगे लेकर जाना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बड़ा निवेश मिला है और सरकार ने संभागीय स्तर पर औद्योगिक ईकाइयों के भूमि-पूजन की शुरुआत कर दी है। पहले भिंड, मुरैना और ग्वालियर में 18 औद्योगिक ईकाइयों के भूमि-पूजन किया। बुधवार को भी उज्जैन में विभिन्न औद्योगिक ईकाइयों का भूमि-पूजन हो रहा है।  

CM यादव ने अपने जन्म दिवस पर मुख्यमंत्री निवास से जनसंपर्क विभाग के विकसित मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में जनसंपर्क विभाग द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया। इस ऐप से प्रदेशवासियों को सरकार की नीतियों, योजनाओं और महत्वपूर्ण समाचारों की त्वरित व सटीक जानकारी सीधे मोबाइल पर ही प्राप्त हो सकेगी। मोबाइल ऐप पर समाचार, फोटो गैलरी, वीडियो गैलरी, मंत्री परिषद के निर्णय, आलेख, विभिन्न विभागों की वेबसाइट के लिंक, जिलों के समाचार तथा मंत्रिमंडल के सदस्यों, कमिश्नर और कलेक्टर की सूची आसानी से प्राप्त हो सकेगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, संचालक जनसम्पर्क अंशुल गुप्ता तथा सोशल मीडिया विशेषज्ञ उपस्थित थे। आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. खाड़े ने अवगत कराया कि जनसम्पर्क विभाग के पोर्टल mpinfo.org का Android Based मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। मोबाइल ऐप में मुख्यमंत्री के लाइव कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण से जुड़े समाचार सिंगल क्लिक पर ऐप में उपलब्ध होंगे। ऐप पर स्क्रीन रीडर की भी सुविधा दी गई है, जिससे यूजर आसानी से समाचार सुन सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऐप में वॉइस सर्च की सुविधा दी गई हे, जिससे यूजर आसानी से आवश्यकता अनुसार कंटेंट सर्च कर सकते हैं। ऐप पर व्हाट्सऐप एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर करने की लिंक भी दी गई है, इससे सुगमता से कंटेट को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर किया जा सकेगा। मोबाइल ऐप पर पुश नोटिफिकेशन की सुविधा भी दी गई है, इसके माध्यम से समाचार को सभी यूजर्स तक पुश किया जा सकता है।  

मुख्यमंत्री निवास पर उत्साह और शालीनता के साथ मनाया गया जन्म दिवस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नवाचारों से बेहतर हुआ प्रदेशवासियों का जीवन : प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने दी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जन्मदिन की बधाई दी केंद्रीय गृहमंत्री शाह, केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों ने दी बधाई प्रदेश मंत्री मंडल के सदस्यों, वरिष्ठ अधिकारियों, समाजिक व स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी किया अभिवादन मुख्यमंत्री निवास पर उत्साह और शालीनता के साथ मनाया गया जन्म दिवस मुख्यमंत्री ने सपरिवार पूजा-अर्चना और गौमाता की सेवा कर की दिन की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए की प्रार्थना तथा विकसित मध्यप्रदेश के सभी संकल्प पूर्ण करने के लिए मांगा आशीर्वाद मुख्यमंत्री निवास पर उत्साह और शालीनता के साथ मनाया गया जन्म दिवस भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके जन्म दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किए गए नवाचारों से प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यही कामना है कि ईश्वर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दीर्घ और स्वस्थ जीवन प्रदान करें और वे जन सेवा में इसी प्रकार निरंतर सक्रिय रहे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार विकास और सुशासन के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। केंद्रीय मंत्री शाह ने बाबा महाकाल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन की मंगलकामना की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने बधाई संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास और उन्नति के नव शिखर को स्पर्श करे, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रीगण का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री ने बधाई दी। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, हितानंद शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारी ने जन्म दिवस की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्म दिवस पर मुख्यमंत्री निवास पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं राजेंद्र शुक्ल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, एंदल सिंह कंषाना, इंदर सिंह परमार, राकेश शुक्ला, श्रीमती कृष्णा गौर, धर्मेंद्र सिंह लोधी, विधायकगण, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं, सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा, मिष्ठान वितरण और वाद्ययंत्रों के माध्यम से अपनी प्रसन्नता और उत्साह का प्रकटीकरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गदा और कृपाण भी भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यकर्ताओं ने विशाल पुष्प हार पहनाकर जन्म दिन की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिन की शुरुआत मुख्यमंत्री निवास स्थित मंदिर में सपरिवार पूजा अर्चना कर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवास स्थित गौशाला में सर्व सुखदायिनी गौ माता की सेवा कर प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की तथा विकसित मध्यप्रदेश के सभी संकल्प पूर्ण करने के लिए गौ माता से आशीर्वाद प्राप्त किया।  

मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की प्रतिमा का किया अनावरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर भारत के महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, चिन्तक, समाज सुधारक, इतिहासकार, कवि, ओजस्वी वक्ता तथा दूरदर्शी राजनेता थे। वे अपने कृतित्व से वीर सावरकर के नाम से लोकप्रिय हुए। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को इंदौर के प्रगति नगर में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, वीर सावरकर के पौत्र रंजीत सावरकर, बाबा साहब नवाथे, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीर सावरकर के स्मरण से ही रोमांच की अनुभूति होती है। उन्होंने अनेक कष्ट एवं प्रताड़ना सह कर देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन आदर्श है। कालापानी जैसी सबसे कठिन सजा पाकर भी वे अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर के इतिहास को सही रूप में समझने की आवश्यकता है। हमारा लक्ष्य है कि उनके इतिहास को सही रूप में जन-जन तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस स्थान की स्थापना जिस महापुरुष के नाम से होती है वह स्थान उन्हीं के नाम से जाना और पहचाना जाए। इसके लिए सूचना पटल लगाने सहित शासकीय पत्राचार और अन्य कार्यों में भी उनके नाम का उपयोग किया जाए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के राजेंद्र नगर क्षेत्र के प्रगति नगर जोन कार्यालय में जन सहयोग से वीर सावरकर की प्रतिमा का निर्माण किया गया है। मूर्ति के आधार को वीर सावरकर द्वारा लिखी गई किताबों की शक्ल में तैयार किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं

भोपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री निवास में जन्मदिन के शुभ अवसर पर मंगलमय शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्वस्थ, सुदीर्घ और सफल जीवन की कामना की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास सभी क्षेत्रों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी नीतियों से मध्यप्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

देश भर के केन्द्रीय शस्त्र पुलिस बल, राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 600 से अधिक पुरुष एवं महिला पुलिस कार्मिक ले रहे हैं भाग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खेलों के क्षेत्र में तेज़ी से उभर कर सामने आ रहा है। भविष्य में हमारा प्रदेश खेलों की राजधानी बनेगा।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में निशानेबाजों की खोज के लिए कार्यक्रम प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और बीएसएफ के समन्वय से निशानेबाजों की खोज की जाएगी। उन्हें रेवती रेंज में प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यकम के आयोजन के लिए बीएसएफ के टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज इंदौर के रेवती रेंज में 18वीं अखिल भारतीय पुलिस निशानेबाजी (खेल) चैम्पियनशिप-2024 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रतियोगिता केंद्रीय आयुध एवं युद्ध कौशल विद्यालय (सीएसडब्ल्युटी) सीसुबल, इंदौर द्वारा आयोजित की जा रही है, जो 24 से 29 मार्च 2025 चलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर एक स्मारिका का विमोचन भी किया। उद्घाटन समारोह में बीएसएफ और पुलिस ब्रास बैंड द्वारा बजाए गए लयबद्ध मार्चिग धुनों पर केंद्रीय पुलिस संगठनों और विभिन्न राज्य पुलिस टीमों द्वारा स्मार्ट और साफ-सुथरे मार्च पास्ट, बीएसएफ बोल्ड्स टीम द्वारा वेपन से ड्रिल/करतब का प्रदर्शन और एनटीसीडी (राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र), टेकनपुर के श्वानों द्वारा सुरक्षा कर्तव्यों का पालन करते हुए विशेष रूप से भारतीय नस्लों के कुत्तों की शक्ति का शानदार प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड की सलामी ली और गुब्बारे और खुले आसमान में कबूतर भी छोड़े। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सिविल प्रशासन,  पुलिस, शीर्ष औद्योगिक संगठन के प्रमुख, बल के जवानों,  परिवारों और प्रतिष्ठित नागरिकों सहित बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। रेवती रेंज में आयोजित इस वार्षिक चैम्पियनशिप खेल प्रतियोगिता में देश भर के केन्द्रीय शस्त्र पुलिस बल, राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों के कार्मिक भाग ले रहे हैं। यह पिछले 5 वर्षों में आयोजित नहीं किया जा सका था एवं आखिरी बार 2019 में पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित किया गया था। यह 24 से 29 मार्च 2025 तक इंदौर के रेवती रेंज में आयोजित किया जा रहा है। छह दिनों की इस प्रतियोगिता के दौरान देश भर के पुलिस संगठनों और राज्य पुलिस की टीमें, जिसमें देश भर के 600 पुरुष एवं महिला निशानेबाज और अधिकारी शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता के माध्यम से विभिन्न पुलिस संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले निशानेबाज/टीमें उच्च खेल भावना के साथ सौहार्दपूर्ण तरीके से अपने शूटिंग कौशल का प्रदर्शन करेंगी। अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड (AIPSCB) की देखरेख में रेवती रेंज में स्पोर्ट्स वेपन्स की इस प्रतियोगिता में 17 स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के विभिन्न अधिकारी की निगरानी में  कुल 204 पदकों के लिए खिलाड़यों के बीच मुकाबला होगा, जिसमें 68 स्वर्ण, 68 रजत एवं 68 कांस्य शामिल हैं। देश भर के केंद्रीय पुलिस संगठन और राज्य पुलिस अपने शानदार रिकॉर्ड के कारण अपनी स्थापना के बाद से ही देश के खेल जगत में सुर्खियों और प्रधानता में रहे हैं। सीएपीएफ और पुलिस बलों के कई दिग्गज खेल कर्मियों ने विभिन्न खेलों में हमारे देश का प्रतिनिधित्व किया है और हमें गौरवान्वित किया है। बल में प्रचलित खेल संस्कृति न केवल खिलाड़ियों में बल्कि प्रत्येक बल कार्मिक में सकारात्मक भावना को बढ़ाती और प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां पुराने और आधुनिक हथियारों की तस्वीरों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसमें बीएसएफ प्रशिक्षण गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमें 18वीं अखिल भारतीय पुलिस निशानेबाजी (खेल) चैम्पियनशिप-2024 में असम पुलिस, हरियाणा पुलिस, केरला पुलिस, राजस्थान पुलिस, छत्तीसगढ़ पुलिस, तमिलनाडु पुलिस, पंजाब पुलिस, तेलांगना पुलिस, आरपीएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, असरराइफल्स, सीआईएसएफ, एसएसबी, दिल्ली पुलिस, जम्मू कश्मीर पुलिस, हिमाचल पुलिस, उत्तराखंड पुलिस, उत्तरप्रदेश पुलिस, गुजरात पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस, मनीपुर पुलिस, कर्नाटक पुलिस, पश्चिम बंगाल पुलिस, मेघालय पुलिस, मध्यप्रदेश पुलिस के कार्मिक भाग ले रहे हैं।  

वन क्षेत्रों में स्थित देव स्थलों में बढ़ाएंगे सुविधाएं, जनजातीय मंत्रणा परिषद की हुई बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए अधिक से अधिक प्रयास किये जायेंगे। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए भी राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। वन क्षेत्रों में जनजातीय समाज के देव स्थलों पर पूजा-पाठ के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेगी। इसके लिए वन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री जन-मन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के जिन पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें आवश्यक परीक्षण और सर्वेक्षण के बाद लाभान्वित किया जाएगा। “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” में सभी कार्य समय-सीमा में किए जाएंगे। जनजातीय विद्यार्थियों को विशेष कोचिंग के लिए आकांक्षा योजना का लाभ मिलेगा। योजना का विस्तार कर शासकीय सेवाओं में भर्ती और महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के लिए ऑफलाइन एवं ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मध्यप्रदेश जनजातीय मंत्रणा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। विधानसभा समिति कक्ष में हुई बैठक में जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागरसिंह चौहान, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, विधायकगण, परिषद के सदस्य, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, प्रमुख सचिव जनजातीय विकास गुलशन बामरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जनजातीय कल्याण में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। धार जिले में बटालियन में तीन चौथाई जनजातीय वर्ग के लोग शामिल करने की पहल हुई है। इसी तरह के प्रयास प्रदेश के पूर्वी अंचल में मंडला, डिण्डौरी और अन्य जिलों में भी होंगे। क्षेत्र विशेष की परिस्थितियों की दृष्टि से जनजातीय वर्ग के विकास के सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जनजातीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार और मेलों में भागीदारी सुनिश्चित करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में लगने वाले प्रमुख मेलों में जनजातीय वर्ग के कलाकारों को भेजा जाएगा। गत वर्ष उज्जैन में निकलीं बाबा महाकाल की सवारियों में प्रदेश के भिन्न-भिन्न जनजातीय बहुल जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। जनजातीय वर्ग के कलाकारों को विभिन्न आयोजनों से निरंतर जोड़ा जाएगा। प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र में प्रचलित लोकप्रिय पर्व भगोरिया का अपना महत्व है। इससे जुड़े जनजातीय बंधुओं को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। भगोरिया पर्व शासकीय स्तर पर मनाने का निर्णय भी लिया गया है। जनजातीय वर्ग के सेनानियों को पूरा सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती की प्रथम राजधानी रही सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक, रानी दुर्गावती के नाम पर एसएएफ की बटालियन का नामकरण और वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम से सागर में विश्वविद्यालय प्रारंभ करने के निर्णय लिए गए। खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या मामा विश्वविद्यालय प्रारंभ किया गया है। शीघ्र ही जनजातीय समुदाय में सम्मान प्राप्त गोंड राजा भभूत सिंह की स्मृति में आयोजन किया जाएगा। नई पीढ़ी को इन जननायकों के व्यक्तित्व से अवगत कराया जायेगा। वन्या रेडियो के माध्यम से जनजातीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का कार्य किया जा रहा है। सांस्कृतिक संरक्षण केन्द्र होंगे सक्रिय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। समुदाय के धार्मिक मुखियाओं, तड़वी, पटेल, भुमका आदि के माध्यम से भी संस्कृति के संवर्धन के प्रयास किए जा रहे हैं। संस्कृति संवर्धन अनुसंधान एवं विकास योजना के अंतर्गत संगोष्ठियां, कार्यशालाएं और आदिरंग कार्यक्रम होते हैं। बैगा संस्कृति केन्द्र मंडला, भारिया संस्कृति केन्द्र तामिया, सहरिया संस्कृति केन्द्र श्योपुर कूनो, भील सांस्कृति केन्द्र माण्डू और राजा शंकर शाह संग्रहालय जबलपुर के सांस्कृतिक केंद्र के रूप में सक्रिय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय मंत्रणा परिषद की बैठक नियमित रूप से आयोजित करने एवं परिषद के सदस्यों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समय-समय पर पृथक बैठकें करने के भी निर्देश दिए। अनेक योजनाओं में मध्यप्रदेश अग्रणी प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी है। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत जनजातीय वर्ग को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करने और जनधन बैंक खाते प्रारंभ करने में शत-प्रतिशत कार्य हुआ है। जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने, आधार कार्ड तैयार करने और पीएम किसान सम्मान निधि के क्रियान्वयन में भी 99 प्रतिशत उपलब्धि है। गांव-गांव तक सड़क के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 24 जिलों में जून 2025 तक कार्य पूर्ण हो रहे हैं। सबको पक्का घर दिलवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में जनजातीय समाज को लाभान्वित किया गया है। हर घर नल से जल का लाभ साढ़े सात लाख से अधिक परिवारों को प्राप्त हो चुका है। ऊर्जा विभाग ने हर घर बिजली के अंतर्गत 13 हजार 800 घरों में कनेक्शन दिए हैं। आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण का कार्य निरंतर चल रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में 355 नए स्वीकृत केन्द्र निर्माणाधीन हैं। दूरसंचार सेवाओं के अंतर्गत 18 नए टॉवर कार्य कर रहे हैं। शीघ्र ही सभी 43 टॉवर कार्यशील होंगे। प्रधानमंत्री जनमन योजना में 21 जिलों के 87 जनजातीय विकासखंडों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित हैं। “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” में विभिन्न विभागों के कार्य जनजातीय क्षेत्रों में संचालित किए जा रहे हैं। अभियान में 18 विभागों और मंत्रालयों की 25 योजनाएं चिन्हांकित कर उनका क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे जनजातीय परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन, वन ग्रामों के राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन, पेसा क्षेत्र में मध्यप्रदेश पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 2022 के क्रियान्वयन और इसके लिए की गई मानव संसाधन व्यवस्था और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी भी बैठक में दी गई। पेसा अधिनियम में नई ग्राम सभाओं, शांति एवं विवाद निवारण समिति, ग्राम सभा निधि, वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति, सहयोगिनी मातृ समिति, भूमि प्रबंधन, गौण खनिज पूर्वेक्षण, उत्खनन, मादक पदार्थों पर नियंत्रण, साहूकारी प्रथा पर नियंत्रण, अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए शासकीय पदाधिकारियों को दिए गए दायित्व और उन्मुखीकरण से संबंधित जानकारी दी गई। बैठक में परिषद के सदस्यों द्वारा गत बैठक में प्रस्तुत सुझावों के संदर्भ में की गई कार्यवाही की विभागवार जानकारी प्रदान की गई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा स्वच्छ और सतत औद्योगिकीकरण की ओर एक और कदम

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है। विगत वर्ष रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, देश-विदेश में आयोजित रोड शो और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के माध्यम से प्रदेश को निवेशकों के लिए सबसे उपयुक्त राज्य बनाने के जो प्रयास हुए, उनके ठोस परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 25 मार्च को उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी, ताजपुर औद्योगिक क्षेत्र और मेडिकल डिवाइसेस पार्क में 27 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। वह उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में 28.1 करोड़ रुपये की लागत से बने सामान्य अपशिष्ट उपचार केंद्र (सीईटीपी) का लोकार्पण भी करेंगे। इन इकाइयों में 1127 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे 4700 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इस निवेश से उज्जैन औद्योगिकीकरण का नया केंद्र बनेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और अधिक गति मिलेगी। विक्रम उद्योगपुरी: निवेश और रोजगार के नए अवसर औद्योगिक विस्तार में विक्रम उद्योगपुरी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहां मेसर्स सिग्निफाईआरबीटी कॉन्सेप्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 100 करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 250 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स रेलसस प्राइवेट लिमिटेड 97 करोड़ रु. का निवेश करेगी, जिससे 180 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स इस्कॉन बालाजी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 92.74 करोड़ रू.का निवेश किया जायेगा। जिससे 383 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। मेसर्स पायोनियर इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज द्वारा 51करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 900 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स प्रेन मोटर्स (भारत) प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 50 करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा।मे.श्रीपति मॉलिक्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 50करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 150लोगों को रोजगार मिलेगा। मे.कैडीटॉय कॉरपोरेट प्राइवेट लिमिटेड 30 करोड़ रु. का निवेश करेगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। में. एएम वुड टॉयज प्राइवेट लिमिटेड 26 करोड़ रु. का निवेश करेगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। ताजपुर औद्योगिक क्षेत्र: विविध क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार ताजपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी कई नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। मेसर्स विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज द्वारा 0.55 करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 6 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स 2 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे, जिससे 25 लोगों को रोजगार मिलेगा।मेसर्स जेएसके फूड्स द्वारा 1.6करोड़ रू. का निवेश किया जायेगा जिससे 50 लोगों को रोजगार मिलेगा मेसर्स महालक्ष्मी एंटरप्राइजेज 0.5 करोड़ रु. का निवेश करेंगे, जिससे 9 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही कान्ता इंडस्ट्रीज 1.3 करोड़ रू. का निवेश करेगी, इससे 6 लोगों को रोजगार मिलेगा और विश्वा इंडस्ट्रीज 1.3 करोड़ रु. का निवेश करेगी, इससे 6 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स शिव शक्ति एग्रो द्वारा 1 करोड़ रुपये निवेश किया जायेगा, इससे 8 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स स्वाति एंटरप्राइजेज 0.8 करोड़ रु. का निवेश करेंगे, इससे 10 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स भदावर सीड्स एंड फर्टिलाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड 1.12 करोड़ रुपये का निवेश करेगे, इससे 25 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स महाकाल इंडस्ट्रीज 0.5 करोड़ रुपए का निवेश करेगी, इससे 5 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेडिकल डिवाइसेस पार्क: स्वास्थ्य क्षेत्र में औद्योगिक निवेश स्वास्थ्य उपकरण निर्माण के क्षेत्र में मेडिकल डिवाइसेस पार्क उज्जैन को नई पहचान देगा। मेसर्स युवीटेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 2 करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा, जिससे 30 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स बंसी सर्जिकल सॉल्यूशंस 1.47करोड़ रु. का निवेश करेगी, जिससे 27 लोगों को रोजगार मिलेगा। मेसर्स अमूल्यम ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड 6.7 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, इससे 132 लोगों को रोजगार मिलेगा। स्वच्छ और सतत औद्योगिकीकरण की ओर एक और कदम उद्योगों के विस्तार के साथ पर्यावरण-संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28.1 करोड़ रुपये की लागत से बने सामान्य अपशिष्ट उपचार केंद्र (सीईटीपी) का लोकार्पण भी करेंगे। यह केंद्र औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिससे उज्जैन औद्योगिक क्षेत्र को एक सतत और स्वच्छ औद्योगिक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकेगा। विक्रम उद्योग पुरी देश के 12 सबसे स्वच्छ उद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। मुख्यमंत्री के प्रयासों से बदल रहा मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के नए आयाम स्थापित कर रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से लेकर रोड शो और विदेशी निवेश यात्राओं तक, हर प्रयास ने प्रदेश को निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बनाया है। उज्जैन में इन औद्योगिक इकाइयों के शुभारंभ से प्रदेश में नए निवेश अवसरों का सृजन होगा, जिससे उद्योगों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान निवेशकों द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं को अब धरातल पर उतारा जा रहा है। मध्यप्रदेश: निवेशकों की पहली पसंद रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, रोड शो और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के सफल आयोजन और प्रदेश में निवेश-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे एवं उद्योगों के लिए सहज वातावरण निर्मित होने के कारण निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। उज्जैन में होने वाला यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब वैश्विक निवेश का केंद्र बनता जा रहा है।  

मध्यप्रदेश सरकार विरासत से विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार कर रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  इंदौर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विरासत से विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार कर रही है। हमारी सरकार सभी प्राचीन परंपराओं को निभाते हुए विकास के नए-नए कीर्तिमान के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सोमवार को विधानसभा सत्र का समापन हुआ। पहली बार सत्र भी पूरे समय चला और पहली बार आज तक का सबसे बड़ा विकास का बजट चार लाख 21 हजार करोड़ रूपये का बजट पारित भी हुआ। प्रदेश में कई सारी नई योजनाओं को लागू करने के लक्ष्य रखे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में गुड़ी पड़वा का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज कैबिनेट के समय विक्रमादित्य काल के ध्वज का लोकार्पण किया गया। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म के सभी तीज त्यौहार तिथि परंपरा के अनुसार मनाये जाते हैं। काल गणना से भविष्य के त्योहारों की तिथियां निर्धारित की जाती हैं, जो शुद्ध होती है। तीज त्यौहारों के सूक्ष्म तिथि निर्धारण के लिये अवंतिका नगरी उज्जैन में समय गणना केन्द्र स्थापित है। यह हमारे प्राचीन गणितीय सिद्धांतों का भी प्रतिपादन करता है और पंचाग का अनुसरण करने में भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुड़ी पड़वा पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के नागरिकों से आहवान करते हुए कहा कि प्रदेश में गुड़ी पड़वा का पर्व धूमधाम से मनाया जाये। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में मंत्रीगण अलग-अलग स्थानों पर सांसद-विधायकों के साथ वर्ष का पहला दिन आनंद से मनाएंगे।  

मोहन यादव आज 25 मार्च को अपने जन्मदिन के दिन उज्जैन में रहेंगे, शहर में आयोजित होंगे कई कार्यक्रम

उज्जैन  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज 25 मार्च को जन्मदिन है. मुख्यमंत्री के शहर उज्जैन में सड़के पोस्टर से पट गई है. यह भी संभावना जताई जा रही है कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए मुख्यमंत्री आज मंगलवार को उज्जैन आ सकते हैं. जिला प्रशासन द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 मार्च को अपने जन्मदिन के दिन उज्जैन में रहेंगे। वे कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित विक्रमोत्सव के पौराणिक फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। सम्राट विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्री राम तिवारी ने इस बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कई विदेशी राजनयिक शिरकत करेंगे। इनमें वेनेजुएला के एच.ई. कैपाया रोड्रिग्ज गोंजालेज, राजदूत अल्फ्रेडो जीसस काल्डेरा गुज़मैन और क्यूबा की काउन्सलर मैलेना रोजास मदीना शामिल हैं। समारोह में मुंबई की सीमा कपूर की आत्मकथा ‘यूं गुजरी है अब तलक’ का लोकार्पण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर उनके स्वागत और सम्मान के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मोहन यादव का आज मंगलवार (25 मार्च) को जन्मदिन है. उनके जन्मदिन के पहले ही उज्जैन में बीजेपी नेताओं ने बधाई और स्वागत के पोस्टर से सड़कों को भर दिया है. मुख्यमंत्री भगवान महाकाल की पूजा अर्चना करने और आशीर्वाद लेने के लिए मंगलवार को उज्जैन भी आ सकते हैं. हालांकि, अभी इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह प्रयास लगाए जा रहे हैं कि वे अपने व्यस्ततम समय में से कुछ समय भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने आने के लिए निकाल सकते हैं. सुरक्षा की दृष्टि से हर दिन रहती है तैयारी उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के मुताबिक अभी आज मंगलवार (25 मार्च) के दौरे के संबंध में औपचारिक जानकारी नहीं आई है, मगर जिला प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी रहती है. मुख्यमंत्री का उज्जैन गृह नगर है. ऐसे में कभी भी आ सकते हैं. पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के मुताबिक मुख्यमंत्री मोहन यादव के डर आने वाले दिनों में भी प्रस्तावित है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से हर दिन तैयारी रहती है. पूरा परिवार साथ मनाता है जन्मदिन मुख्यमंत्री मोहन यादव का परिवार हर साल उनके जन्मदिन एक साथ एकत्रित होकर मानता है, क्योंकि वे भोपाल के सीएम हाउस में अकेले रहते हैं. उनका पूरा परिवार उज्जैन में रहता है, इसलिए परिवार के साथ भी वे समय व्यतीत करने के लिए उज्जैन आ सकते हैं. उज्जैन की सड़कों पर बड़ी संख्या में समर्थकों ने पोस्टर लगा दिए हैं. इससे भी यह संभावना है कि वे उज्जैन आ सकते हैं.

प्रदेश सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में विगत सवा वर्ष में मध्यप्रदेश सरकार ने विरासत को साथ लेकर विकास के नए आयाम स्थापित किये हैं, जिससे उन्हें संतोष है। प्रदेश सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के श्रमिकों का कई वर्षों से लंबित भुगतान जहां एक ओर पूरा कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर राज्यों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों के आधार पर 20 वर्ष पुरानी पार्बती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना भी मूर्त रूप ले रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में साढ़े आठ लाख आवास और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 36 लाख आवास में गृह प्रवेश करवाया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जड़ों से जुड़े रहकर ही विकास पथ पर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने ये विचार रविवार को दिल्ली में एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित ‘डायमंड स्टेट्स समिट’ कार्यक्रम में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2000 वर्ष पूर्व सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, न्यायप्रियता और दानशीलता से शासन की व्यस्थाओं का संचालन किया और विदेशी आक्रांताओं से स्वतंत्रता दिलाकर सुशासन स्थापित किया, जो प्रदेश की गौरवशाली विरासत है। विक्रम संवत का प्रवर्तन इसी गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है। सम्राट विक्रमादित्य ने अपने राज्य में जनता का कर्ज माफ किया और बिना ब्याज का धन जनता को उपलब्ध कराया। उनके पुरुषार्थ के विभिन्न आयामों का उत्सव मनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार आगामी 12 से 14 अप्रैल तक दिल्ली में विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन महाकाल और काल की नगरी है। यहां पृथ्वी 23.6 अंश पर झुकी हुई है जो इसे कालगणना के लिए सर्वोत्तम स्थल बनाती है। उज्जैन को विश्व का मीन टाइम बनाने के उद्देश्य से यहां वैदिक घड़ी की स्थापना की गई है, जो भारतीय ज्ञान की गौरवशाली परंपरा को पुनर्स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन के उच्च आदर्शों और नैतिकता को जीवन शैली में सम्मिलित करने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। महर्षि सांदीपनि के आश्रम को तीर्थ के रूप में विकसित कर नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण से जोड़कर आदर्श गोकुल ग्राम बनाए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से देश के दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी को 9% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 1956 में गेहूं का समर्थन मूल्य 94 रुपए प्रति क्विंटल और वर्ष 2002-03 में 600 रुपए था, जिसे आज बढ़ाकर 2600 रुपए कर दिया गया है। वर्ष 2002-03 में राज्य का बजट केवल 23 हजार करोड़ का था, जो वर्तमान में बढ़कर 4 लाख 21 हजार करोड़ का हो गया है। पूरे देश में सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश में उपलब्ध है, जो दिल्ली मेट्रो को भी प्रदाय की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश को सक्षम और सम्पन्न राज्य बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ‘डायमंड स्टेट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।  

लोगों को जागरूक करना और पीड़ितों की मदद मानवता की सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि टी.बी. अर्थात क्षय रोग का इलाज संभव है। संतुलित आहार, संयमित जीवन शैली और नियमित योग तथा व्यायाम से इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। टी.बी. से उबरने के लिए पी‍ड़ितों की मदद करना, मानवता की सेवा है। विश्व तपेदिक (टी.बी.) दिवस सभी नागरिकों को क्षय रोग से बचाव के लिए सतर्क रहने और पीड़ित रोगियों की सहायता करने के प्रति जागरूक करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व तपेदिक (क्षय रोग) दिवस पर प्रदेशवासियों से क्षय रोग से सतर्क रहने, रोग से बचाव के संबंध में लोगों को जागरूक करने और पीड़ितों की सहायता का आह्वान किया है।  

सीएम मोहन ने पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के योगदान का उल्लेख किया और उनके नाम पर पार्क बनाने की घोषणा

भोपाल बिहार के विधानसभा चुनाव पास आ गए हैं और इसके साथ ही बीजेपी की चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। बिहार के चुनाव में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव भी पार्टी की ओर से अहम भूमिका निभाएंगे। बिहार के यादव वोटर्स को लुभाने का दायित्व उन्हें भी दिया गया है। डॉ. मोहन यादव CM Mohan yadav ने यह जिम्मेदारी निभाना शुरु भी कर दिया। राजधानी भोपाल में बिहार दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बिहारवासियों के लिए अहम ऐलान किए। कार्यक्रम में आए बिहार के लोगों से बीजेपी को जिताने की अपील की और पूर्व सीएम लालू यादव के परिवार पर निशाना भी साधा।  बिहार तो बिहार मध्य प्रदेश में भी बिहार दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह आयोजन सत्ताधारी मोहन यादव सरकार ने कराया। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री राजू कुमार सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन राजधानी भोपाल में किया गया। एमपी सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ। राजेंद्र प्रसाद को लेकर एक बड़ी घोषणा भी की है। इससे दोनों राज्यों के रिश्तों में और सकारात्मक सुधार होगा। भोपाल में एक कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम बिहार दिवस के मौके पर था। मुख्यमंत्री डॉ। मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, बिहार सरकार के मंत्री राजू कुमार सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने मिलकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का नाम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ था। सीएम मोहन ने की बिहार की तारीफ मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बिहार तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि देश और बिहार में एनडीए की सरकार होना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर भगवान राम और कृष्ण के रास्ते में बाधा डालने का आरोप लगाया। विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि बिहार ने धर्म और संस्कृति को बचाने का काम किया है। राजू कुमार सिंह ने देश के विकास में बिहार के योगदान की बात कही। उन्होंने लोगों से एनडीए का साथ देने की अपील की। उन्होंने याद दिलाया कि इन्हीं लोगों ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान आडवाणी जी की रथयात्रा को रोका था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, ‘आप सभी को यह याद रखना है कि जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं।’ मोहन सरकार की बड़ी घोषणा सीएम मोहन यादव ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि भोपाल में पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के नाम पर एक पार्क बनाया जाएगा। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। यह पार्क सभी सुविधाओं से लैस होगा। इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने पं. जवाहरलाल नेहरू के मना करने के बाद भी सरदार वल्लभ भाई पटेल के बुलाने पर सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति को बचाने में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का यह योगदान भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की मूर्ति भी लगाई जाएगी। सीएम ने पूछा कि रामजी का मंदिर बन गया तो वहां दर्शन करने क्यों नहीं गए! उन्होंने कहा कि यमुनाजी का किनारा खाली है… गोपाल कृष्ण बुला रहे हैं… अब वहां मंदिर बनाने की बात कर लो। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है जिसका भगवान कृष्ण के नाम पर नामकरण किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जामसांवली में की चमत्कारिक हनुमानजी की पूजा-अर्चना

प्रदेश में हो रहा है तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने जामसांवली में की चमत्कारिक हनुमानजी की पूजा-अर्चना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल निर्देशन में सभी क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से हो रहे है। विकास के कीर्तिमान स्थापित हुये हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जामसांवली सहित प्रदेश में 13 अलग-अलग लोक के निर्माण कार्य से धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। हनुमान लोक का प्रथम चरण का कार्य मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य है और द्वितीय चरण में शीघ्र ही हनुमान लोक के विकास के कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रत्येक वर्ग के कल्याण के कदम उठाए गए हैं। पांढुर्णा में सभी विकास कार्य होंगे, जिससे जिले में औद्योगिक विकास होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुड़ी पडवा (नये विक्रम संवत) की शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि नये साल में पांढ़ुर्णा के विकास को प्राथमिकता से किया जाएगा। । मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को पांढुर्ना में चमत्कारिक हनुमानजी के मंदिर परिसर जामसांवली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी वर्गों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध सरकार : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार विकास हो रहे हैं और सभी वर्गों के कल्याण के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसान, युवा, महिला और गरीबों के लिये सरकार प्राथमिकता से कार्य कर रही है। इस बार किसानों से 2600 रूपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदी जायेगी। साथ ही धान उत्पादन पर भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में रोजगार देने का लक्ष्य है। लोकसेवा आयोग की परीक्षाएं जो रुकी थीं, वे सभी हो रही हैं। इसी प्रकार गरीबों के हित लिये भी लगातार कार्य किये जा रहे हैं। चमत्कारिक हनुमानजी का किया पूजन-अर्चन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जामसांवली में चमत्कारिक हनुमानजी का पूजन-अर्चन कर प्रदेश के कल्याण एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कन्या-पूजन कर सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद विवेक बंटी साहू, विधायक कमलेश शाह, पूर्व विधायक नाना भाउ मोहोड़, कलेक्टर अजय देव शर्मा, एसपी सुंदर सिंह कनेश, मंदिर ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष गोपाल शर्मा, पं. रमेश दुबे, संतोष जैन, नरेन्द्र परमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक सहित अन्य अधिकारी और आम जन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने दी विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व जल दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर सभी से जल संरक्षण के लिए संकल्प लेने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल से ही हमारा कल सुरक्षित है। यह प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जिसका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर जल संसाधनों की सुरक्षा का संकल्प लें और एक समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जल बचाने के लिए जागरूक रहने और जल संरक्षण के सभी उपाय अपनाने की अपील की है। जल संकट की गंभीरता को उजागर करने और इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी इस वर्ष आगामी 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ करने जा रही है। जल संरक्षण में जन सहभागिता बढ़ाने और अधिकाधिक जल संरचनाओं के निर्माण की मूल मंशा से जुड़ा यह अभियान (लगातार 90 दिनों तक संचालित होकर) 30 जून 2025 तक चलेगा। इस अवधि में जल बचाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

CM मोहन यादव की सुरक्षा में चूक, जांच करने करीला पहुंचे भोपाल आईजी

अशोकनगर  रंग पंचमी के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मां जानकी के दर्शन करने करीला धाम पहुंचे थे. इस दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक हो गई. दरअसल, मोहन यादव जब सीढ़ियों से जा रहे थे, तभी अचानक से वीआईपी रास्ते की सीढ़ियां टूट गईं. इससे मुख्यमंत्री मोहन यादव गिरते-गिरते बचे, उन्हें उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों ने संभाल लिया. वहीं, अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच दल भोपाल से करीला पहुंचा. भोपाल आईजी जांच करने पहुंचे करीला जांच अधिकारी के रूप में भोपाल आईजी अंशुमन यादव करीला धाम पहुंचे. जहां उन्होंने घंटों रुककर हादसे के कारणों की जांच की. वहीं ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सेना, अशोकनगर एसपी विनीत जैन समेत अन्य अधिकारियों से उन्होंने लंबी चर्चा की. सीढ़ियों का गिरना गंभीर मामला जांच के बाद भोपाल आईजी अंशुमन यादव ने कहा, ” यह सुरक्षा से जुड़ा मामला है इसलिए यहां जांच के लिए आए हैं. विस्तार से मामले की जांच की जा रही है. ” मेला समाप्त होने के बाद जांच अधिकारियों के पहुंचने से साफ है कि प्रशासन इस मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है. सीढ़ियों पर भीड़ होने से हुआ हादसा प्रदेश के मुखिया मोहन यादव मां जानकी के दर्शन करने के लिए करीला धाम पहुंचे थे. जहां मंदिर से दर्शन करने के बाद वे लोहे की सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे. तभी सीढ़ियां टूट गईं थीं और मोहन यादव गिरने से बाल-बाल बचे थे. हादसे का कारण सीढ़ियों पर अधिक लोगों का पहुंचना बताया जा रहा है. बता दें कि यह सीढ़ियां लगभग 15 साल पुरानी थी, जो वेल्डिंग के से तैयार की गई थी. संभवत: वेल्डिंग उखड़ जाने के कारण ये घटना घटी.

हमारा जीवन वनों से ही संभव है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हमारा जीवन वनों से ही संभव है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व वानिकी दिवस पर वन संरक्षण और पौधे रोपने का संकल्प लेने का प्रदेशवासियों से किया आह्वान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा जीवन वनों से ही संभव है, प्रदेश की वनभूमि जैव विविधता और हरियाली से परिपूर्ण है, यह शुद्ध हवा के लिए पृथ्वी के फेफड़ों के सामान है। यह असंख्य वन्य जीवों का आश्रय स्थल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को ‘विश्व वानिकी दिवस’ पर वनों के संरक्षण की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रदेशवासियों से वनों के संरक्षण और उनके संवर्धन का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे रोपने का संकल्प लेने का भी प्रदेशवासियों से आव्हान किया।  

राज्यों के नदी विवादों को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजनाएँ हुई प्रारंभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में हो रहा है हर खेत तक पानी पहुंचाने का भागीरथी कार्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से हो रहा विकास राज्यों के नदी विवादों को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजनाएँ हुई प्रारंभ मुख्यमंत्री ने तराना में नर्मदा-क्षिप्रा माइक्रो-उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया लोकार्पण परियोजना के शुभारंभ के साथ ही 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा पानी प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए निरंतर हो रहे है कार्य आने वाले समय में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से हर खेत तक पानी पहुंचाने का भागीरथी कार्य किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी दो बहुउद्देशीय बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं का श्रीगणेश हुआ है। आज नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से नर्मदा का जल तराना में आया है। सूखे खेतों में पानी पहुंचेगा तो सोने जैसी फसलें लहलहाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2 हजार 489 करोड़ 65 लाख रूपये की नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्य माइक्रो बहुउद्देशीय परियोजना के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को उज्जैन जिला प्रभारी एवं कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया ने भी संबोधित किया। इसमें शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, तराना विधायक महेश परमार सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तराना में जल संसाधन विभाग के 9.64 करोड़ रूपये लागत के इंदौर हाई लेवल ब्रिज, 5 करोड़ 73 की लागत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 5 करोड़ 21 लाख रूपये लागत की 11 नल जल परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने 7 करोड़ 15 लाख रूपये लागत के उप-स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत ग्राम कडेरी में हाई स्कूल भवन निर्माण का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से विकास हो रहा है। भारत आज विश्व में सबसे सशक्त देश बनकर उभरा है। भारत की आज पूरी दुनिया में कीर्ति है, सम्मान है। हर क्षेत्र में हम तरक्की कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में आज हमारे पास सबसे आधुनिक हथियार और उपकरण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, यहां 250 से अधिक नदियां है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्षों से विभिन्न राज्यों के बीच चल रहे नदी विवादों को सुलझा कर नदी जोड़ो परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ किया है। पार्वती-कालीसिंध- चंबल (पीकेसी) परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान में 20 वर्षों से विवाद चल रहा था। अब विवाद समाप्त हो गया है और परियोजना मूर्त रूप ले रही है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों में सहमति के बाद केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो गया है। इन सभी परियोजनाओं से प्रदेश में हर खेत तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में किसानों को प्रतिवर्ष 12000 रूपए की राशि दी जाती है। हमारी सरकार इस वर्ष से 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार पशुपालन को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार ने 10 गाय पालने वालों को भी अनुदान राशि और दुग्ध उत्पादकों को 5 रूपये प्रति लीटर अनुदान देने का निर्णय लिया है। हमारा उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में राज्य को नंबर वन बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने आने वाले समय में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2029 तक इतनी अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएगी। स्थानीय निकाय चुनाव में प्रदेश में महिलाओं को 50% तथा नौकरियों में 35% आरक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना जैसी योजनाएं महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई हैं। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग में काम करने वाली महिलाओं को 5000 रूपये प्रति महीना इंसेंटिव दिया जाएगा। महिलाओं को रेडीमेड गारमेंट्स का प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार हर हाथ को काम देगी। हर युवा को उसकी योग्यता के अनुसार रोजगार मिलेगा। हम 1 वर्ष में लगभग 01 लाख सरकारी पदों पर भर्ती करने जा रहे हैं। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में भर्ती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हजारों साल से सत्ता, धर्म सत्ता के अधीन चलती है। यह संस्कृति सनातन संस्कृति के नाम से जानी जाती है। राजा, महाराजा, सम्राट सब धर्म आधारित समाज के अधीन है। हमारी संस्कृति भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के नाम से जानी जाती है। भगवान राम ने हमारे प्रदेश के चित्रकूट धाम में 11 साल व्यतीत किये। चित्रकूट धाम को हम अयोध्या की तरह विकसित करेंगे। इसी तरह भगवान श्रीकृष्ण की प्रदेश के विभिन्न स्थानों, जहां-जहां लीलाएं हुई है, उन्हें हम तीर्थ के रूप में विकसित करेंगे। सिंहस्थ-2028 के लिए सभी व्यवस्थाएं करते हुए सुनिश्चित करेंगे कि साधु-संतों एवं श्रृद्धालुओं को किसी प्रकार का कष्ट न हो। नर्मदा-क्षिप्रा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के मुख्य बिंदु नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के कुल 100 ग्रामों की 30 हजार 218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उज्जैन जिले की दो तहसीलों तराना एवं घटिया के कुल 83 ग्रामों की 27 हजार 490 हेक्टेयर तथा शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के कुल 17 ग्रामों की 2728 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना का कुल कमाण्ड क्षेत्र 30 हजार 218 हेक्टेयर है। परियोजना अंतर्गत ओंकारेश्वर जलाशय से (जिला खंडवा के ग्राम बड़ेल के समीप) 03 मीटर व्यास की पाईप लाईन से 15 घन मीटर प्रति सेकण्ड की दर से 435 मीटर की ऊंचाई तक जल उद्वहन किया जायेगा। परियोजना की मुख्य पाईप लाईन की कुल लंबाई 200 किलोमीटर है। जल उद्वहन के लिये 06 पंपिंग स्टेशन में कुल 50 पंप मोटर्स … Read more

समना विकासखण्ड को तहसील बनाया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीरांगना रानी अवंती बाई के अद्भुत साहस और पराक्रम को देखकर अंग्रेज दहशत में रहते थे। उनके बलिदान दिवस पर नमन कर हम सभी उन्हें कृतज्ञता पूर्वक स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडौरी में वीरांगना रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस पर डिंडौरी में बालपुर स्थित समाधि स्थल पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रृद्धा सुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान व्यक्तित्व के धनी अल्पायु में ही ऐसे काम कर जाते हैं, जिससे कि वे सदैव इतिहास में स्मरण किये जाते है। उन्होंने बताया कि अवंती का अर्थ है, ‘जिसका कभी अंत न हो।’ वीरांगना रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों की हड़प नीति के विरोध में मात्र 26 वर्ष की आयु में आजादी का झण्डा बुलंद करते हुए प्राणोत्सर्ग कर दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडौरी जिले का समना विकासखंड को तहसील बनाया जायेगा। मुख्यमत्री डॉ. यादव ने वीरांगना रानी अवंतीबाई के शौर्य और पराक्रम का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि यह वीरांगनाओं और वीरों की धरती है।यहाँ रानी दुर्गावती, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, देवी अहिल्याबाई, राजा रघुनाथशाह एवं कुंवर शंकरशाह जैसे महान व्यक्तित्व जन्मे हैं। रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंती बाई और राजा रघुनाथ शाह एवं कुंवर शंकरशाह ने अपने सीमित संसाधनों से देश व स्वाभिमान के लिये अंग्रेजी शासन के खिलाफ जमकर लोहा लिया। उन्होंने तात्कालिक समय में कठिन परिस्थतियों में सिर्फ आत्म सम्मान, राष्ट्रभक्ति को लेकर समाज को एक नई दिशा दी। रानी अवंती बाई का चरित्र से हमें सीख मिलती है कि डलहौजी की हडप नीति के विरोध में उन्होंने अपनी शासन की रक्षा की।उनके इस योगदान के कारण लोधी समाज सहित सम्पूर्ण समाज रानी अवंती बाई को पूजता है। महापुरूषों की गौरव गाथा स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के स्वतंत्रता संग्राम में आहूति देने वाले महान लोगों की गौरव गाथा को स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा है। ऐसे महापुरूषों की गौरव गाथाओं को समाज की अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा ताकि भावी पीढ़ी भी महापुरूषों की शौर्य गाथाओं से परिचित हो सकें। भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य वीर इस बात के प्रतीक हैं। जनजातीय समाज के लिए बिरसा मुंडा भगवान हैं। उनके जन्मदिन पर जनजाति गौरव दिवस मनाया जाता है। वीरांगना रानी दुर्गावती की योगदान याद करने के लिए जबलपुर में मध्यप्रदेश शासन की पहली केबिनेट आयोजित की। जनजातीय गौरव को ध्यान में रखते हुए खरगोन विश्वविद्यालय का नाम क्रांतिसूर्य टंटया मामा के नाम पर किया गया। किसान गरीब, युवा और महिलाओं के हित में कई बडे फैसले लिए हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के हित में कई बडे फैसले लिए हैं। श्रीअन्न (मोटे अनाज) के लिए एक हजार रूपए प्रति क्विंटल, धान के लिए 4 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर, गेंहू के लिए 2600 प्रति क्विंटल राशि हस्तांतरित करने वाले हैं। 10 से ज्यादा गौ-पालन करने के लिए अनुदान दिया जाएगा। इससे गौ-पालन और दुग्ध उत्पादन को बढावा मिलेगा। प्रदेश में औद्योगिकीकरण के लिए लगातार प्रयास जारी है। डिंडौरी में दुग्ध आधारित उद्योगों के साथ ही लघु उद्योग, मध्यम उद्योग, कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग लगाएंगे। रानी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती वर्ष को मना रहे हैं, रानी अवंती बाई और रानी अहिल्या बाई के आदर्शों के सभी पक्षों को लेकर समाज में जा रहे हैं, जिसके आधार पर गरीब, युवा, किसान और नारी के कल्याण कार्यों को कर रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने रानी अवंती बाई की शहादत की इस पुण्य भूमि में सभी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि रानी अवंतिबाई जैसा पराक्रम इतिहास में कम मिलता है। अंगेजों के शासनकाल में रानी अवंतीबाई ने जनमानस के लिए कर वसूली के विरुद्ध अपनी आवाज उठाई, रानी ने 26 वर्ष की उम्र में अपने पराक्रम का परिचय देते हुए, आज से 150 से अधिक वर्ष पहले बताया कि न्याय और परोपकार की भावना के साथ हम हर कार्य कर सकते है। संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने अपने सम्बोधन में कहा कि रानी अवंती बाई का पराक्रम असाधारण एवं अद्भुत है। रानी अवंती बाई ने 1857 की क्रांति में भाग लेकर अपने राज्य की रक्षा कर अंग्रेज अधिकारी वाडिंग्टन को भगाया। शहपुरा विधायक ओमप्रकाश परस्ते ने अपने सम्बोधन में रानी अवंती बाई के बलिदान की शौर्यगाथा का वर्णन किया।क्षेत्र के विकास सौगात के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। डिंडौरी जिले को मिली सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेंहदवानी से आईटीआई तक डामरीकरण का कार्य, शहपुरा में 132 केव्ही. का सब स्टेशन निर्माण, दनदना, राघो, नागदमन, गोरखपुर जलाशयों के पक्की नहरीकरण कार्य, नर्मदा तट पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कार्य, मूसरघाट से शहडोल मार्ग, समनापुर में तहसील कार्यालय का क्रियान्वयन, गौराकन्हारी में कन्या छात्रावास, नेवसा वाटरफॉल के समीप गाजर नदी पर बांध बनाये जाने की सौगात दी। हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत राहुल केशरवानी को 2 करोड़ 27 लाख स्वीकृत राशि राइस मिल के लिए, सीसीएल के तहत मां नर्मदा आजीविका स्व सहायता समूह सहित 2482 स्व-सहायता समूहों को 53 करोड़ 80 लाख की राशि, पीएमएफएमई योजना के तहत अमृता, संतोषी स्व-सहायता समूह को फ्लोर मिल के लिए 7 लाख रूपए की राशि का हितलाभ वितरण मंच से किया गया। उक्त कार्यक्रम में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते, चमरू सिंह नेताम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ज्योति प्रकाश धुर्वे, तोक सिंह नरवरिया, मनोहर ठाकुर, गिरीश द्विवेदी, होशियार सिंह नरेन्द्र सिंह राजपूत, अवधराज बिलैया, पंकज तेकाम, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल

सबके जीवन में खुशहाली लाना ही हमारा मूल लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य आनंद संस्थान एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन में आनंद की कामना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुख और दुःख मनुष्य के जीवन से उसी तरह जुड़े हैं, जैसे दिन के बाद रात। सुख-दुख जीवन के अभिन्न अंग हैं। लोक कल्याणकारी राज्य का प्रथम कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों के जीवन में खुशहाली लेकर आये। हमारी सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। सबका कल्याण ही हमारा मूल लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्याग, तप, साधना, बलिदान, असंचय, अपरिग्रह और निस्वार्थ सेवा भाव से मन की शांति ही सुख है। प्रकृति के सानिध्य में जब मन, परमात्मा के भावों में लीन हो जाता है, तब ही तादात्म्य ही सच्चा सुखानंद प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आनंद विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि लाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में उल्लास भरने के लिए हमारी सरकार जी-जान से जुटी है। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) डॉ. मोहन नागर, रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ, कोलकाता से आए स्वामी समर्पणानन्द जी, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश अरोड़ा, आईआईएम इंदौर के पूर्व निदेशक डॉ. एन. रविचन्द्रन, प्रमुख सचिव, आनंद विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में सुधिजन एवं आनंदक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में हर्ष, आनंद और खुशहाली लाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हर वर्ग को लाभान्वित कर रही है। नागरिकों के जीवन में खुशहाली और संतोष ही हमारी सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि कष्ट सहकर भी जीवन देने का सुख पाये, वो है माता और साधक बनकर भी जीवन का असीम सुख पाये वो है सन्यासी। कष्ट में भी सुख है, इसलिए जीवन का मर्म समझिए कि परमात्मा ने हम सबको आनंद में जीवन जीने के लिए इस धरा पर भेजा है, इसलिए जीवन को आनंदमय होकर ही जियें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण से सरकार के साथ मिलकर एक खुशहाल समाज के निर्माण में योगदान दें। आनंद विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार का उद्देश्य आनंद के नए आयाम और नित नई परिस्थितियों में आनंद की खोज करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष राज्य आनंद संस्थान भोपाल एवं म.प्र. जन अभियान परिषद के बीच एम.ओ.यू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान हुआ। यह समझौता ज्ञापन मात्र प्रपत्रों का आदान-प्रदान न होकर दो जमीन स्तर से प्रभावी संगठनों के समन्वय की महत्वाकांक्षी पहल है। यह समझौता दोनों विभागों के बीते एक वर्ष में कुल 24 हजार 310 और बीते तीन वर्षों में 72 हजार 390 लोगों के जीवन में स्वैच्छिकता और आनंद का कारक बना। स्वामी समर्पणानन्द जी ने कहा कि हम सभी को प्रकृति के प्रति और परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। हम अपनी सांस्कृतिक परम्पराओं के संवाहक बनें और मनुष्य में निहित देव गुणों को उभारें। यह मानव जाति की सेवा के लिए हमें प्रेरित करेगा और जब आप सच्चे मन से किसी की सेवा करते हैं तो जो शांति मिलती है, वही आनंद है और वही जीवन का सार है। उन्होंने देश में आनंद विभाग स्थापित करने वाली मध्यप्रदेश सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पंच महा-अमृत शीलों का पालन करना चाहिए, इससे जीवन में खुशहाली आएगी। प्रोफेसर रजनीश अरोड़ा ने कहा कि आनंद व्यक्ति के भीतर से आता है, पर इसका प्रभाव व्यक्ति के चरित्र से बाहर दिखाई देना चाहिए। व्यष्टि से समष्टि तक चारों ओर आनंद है, पर उस आनंद को हमें खोजना आना चाहिए। व्यक्ति अपने जीवन के सभी कार्य बखूबी निभाता है, तभी उसे जीवन का असली सुख प्राप्त होता है। डॉ. एन. रविचन्द्रन ने कहा कि समाज में परिवर्तन हो रहा है। सब अपने-अपने तरीकों से आनंद खोज रहे हैं। मन के संतोष से ही व्यक्ति को शांति और आनंद मिलता है। अपने काम, कर्तव्य और रिश्तों को ईमानदारी से निभाएं, यही सच्चा सुख है, यही आनंद है। कार्यक्रम के आरंभ में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दो दिवसीय नेशनल हैप्पीनेस सेमिनार के आयोजन की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़ा गया है। विभाग विविध गतिविधियों से प्रदेश के नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रयासरत हैं और प्रयास जारी रहेंगे। दो दिवसीय हैप्पीनेस सेमिनार में उपस्थित हुए समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ ने नागरिकों के जीवन में सुख और आनंद बढ़ाने के उपायों एवं नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।  

सिंहस्थ 2028 में 25 करोड़ श्रद्धालु के उज्जैन आने की संभावना :मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान कहा कि सिंहस्थ 2028 ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है. सिंहस्थ 2028 में 25 करोड़ श्रद्धालु के उज्जैन आने की संभावना है, जिसे देखते हुए अभी से व्यवस्था की जा रही है. सीएम मोहन यादव ने सिहंस्थ 2028 को लेकर से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 को अद्भुत और ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार अभी से कार्य कर रही है. सिंहस्थ 2028 के लिए 2000 करोड़ का बजट इसी साल जोड़ा गया है. प्रदेश सरकार सिंहस्थ को पूरी तरह सफल बनाने की कोशिश कर रही है. कितने करोड़ आएंगे श्रद्धालु? मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जब पूछा गया कि कितने श्रद्धालुओं की सिंहस्थ 2028 में आने की संभावना है? तो उन्होंने कहा कि कम से कम 25 करोड़ श्रद्धालुओं के सिंहस्थ 2028 में आने की संभावना है. इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए सरकार 25 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं जुटा रही है. सिंहस्थ को लेकर साधु-संत से वादा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्रपुरी महाराज ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने साधु संतों से वादा किया है कि सिंहस्थ 2028 का स्नान शिप्रा नदी के जल से ही होगा. शिप्रा नर्मदा लिंक योजना के बाद शिप्रा नदी में पर्व और त्योहारों के दौरान नर्मदा का जल भी प्रवाहित किया जाता है. शिप्रा नदी के जल से सिंहस्थ के अमृत स्नान को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि सरकार सिंहस्थ को सफल बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी. बता दें कि सिंहस्थ भले ही साल 2028 में हो लेकिन सूबे की मोहन यादव सरकार अभी से इसकी तैयारियों में जुट गई है. मुख्यमंत्री का दावा है कि सिंहस्थ का भव्य आयोजन किया जाएगा.

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को मोहन सरकार की तरफ से एक बाद एक बड़ी खुशखबरी मिल रही

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को मोहन सरकार की तरफ से एक बाद एक बड़ी खुशखबरी मिल रही हैं, हाल ही में सरकार ने 7वें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते देने का ऐलान बजट में किया था, जो 1 अप्रैल से लागू होने वाला है, जबकि अब सरकार ने प्रमोशन का रास्ता भी साफ कर दिया है. मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को 9 साल बाद फिर से पदोन्नति मिलेगी, क्योंकि सीएम मोहन यादव ने 9 साल से पदोन्नति व्यवस्था पर लगी रोक को फिर से बहाल करने का फैसला कर दिया है, जिससे प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर देखी जा रही है. मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन दरअसल, मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ रिटायर कर्मचारियों को राज्य पुनर्गठन की धारा-49 से मुक्त करने का ऐलान कर दिया है. सीएम मोहन के इस ऐलान से प्रदेश के सरकारी कर्मचारी खुश नजर आ रहे हैं. क्योंकि पिछले 9 साल से प्रमोशन की राह देख रहे कर्मचारियों का इंतजार अब खत्म हो जाएगा. जिसके लिए मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों ने सीएम मोहन यादव का धन्यवाद भी जताया है. सीएम मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल में न्यू मार्केट में सरकरी कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासों का शिलान्यास किया था, इस दौरान उन्होंने यह घोषणा की है. जिसमें सरकारी कर्मचारियों के मंडलों के प्रमुख भी थे. यह इलाका भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में आता है, जहां राजधानी के सबसे ज्यादा सरकारी कर्मचारी रहते हैं, ऐसे में कर्मचारी संगठन लंबे समय से पदोन्नति व्यवस्था पर लगी रोक को हटाने की मांग भी कर रहे थे, जिसे सीएम मोहन यादव ने पूरा कर दिया है. 7वें वेतनमान के हिसाब से मिलेगा भत्ता बता दें कि इससे पहले बजट में भी मोहन सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया था, अब 1 अप्रैल से राज्य के सभी कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के हिसाब से ही महंगाई भत्ते दिए जाएंगे. अब तक पुरानी पद्धति चल रही थी, लेकिन 7वें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते मिलने से सरकारी कर्मचारियों को बड़ा फायदा होगा. जबकि अब प्रमोशन का रास्ता भी साफ हो गया है. 

मुख्यमंत्री ने महारूद्र सहस्त्र चंडी महायज्ञ में दी आहुति, प्रदेश में सुख समृद्धि की कामना की

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना स्थित प्राचीन तिल भांडेश्वर महादेव मंदिर में पूजा कर प्रदेश की जनता की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को तराना स्थित तिल भांडेश्वर मंदिर में पूजा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देव दर्शन के बाद कार्यक्रमों में साधु संतों का सम्मान किया और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बृह्मलीन महंत प्रकाशनंद जी भारती की समाधि पर पुष्पांजलि और चादर अर्पित की। उन्होंने महारूद्र सहस्त्र चंडी महायज्ञ में आहुति दी और ईश्वर से कामना की कि प्रदेश में सुख समृद्धि बनी रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्दिर परिसर मे पीपल का पौधा रोपा। उन्होंने मंदिर परिसर में सत्संग भवन निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी हरि गिरि महाराज और महंत मोहन भारती जी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, स्थानीय विधायक, साधु संत और जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

भीम-यूपीआई लेन-देन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा प्रोत्साहन योजना को स्वीकृति देना ऐतिहासिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भीम-यूपीआई लेन-देन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा प्रोत्साहन योजना को स्वीकृति देना ऐतिहासिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कम मूल्य वाले भीम-यूपीआई लेन-देन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना स्वीकृत करने पर आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में “डिजिटल्‍इंडिया” का संकल्प साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे व्यापारियों के प्रोत्साहन के लिए 2 हजार रुपए के लेनदेन पर 0.15 प्रतिशत प्रति लेन-देन की दर से इन्सेन्टिव प्रदान करने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा योजना को स्वीकृति देना ऐतिहासिक है। यह न केवल डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देगा अपितु छोटे व्यापारियों को सशक्त भी बनाएगा।  

CM मोहन यादव 2400 करोड़ के नर्मदा-शिप्रा सिंचाई प्रोजेक्ट का आज किया लोकार्पण

उज्जैन नर्मदा शिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना के तहत पाइप लाइन का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को तराना में लोकार्पण किया। सीएम तराना में श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर के नए महंत की चादर विधि कार्यक्रम और महारुद्र यज्ञ में भी शामिल हुए। इस मौके पर सीएम यादव ने कहा कि उज्जैन को सांस्कृतिक राजधानी बनाना हमारा प्रयास है। इसके लिए लगातार काम हो रहे हैं। शिप्रा नदी के जल से कुंभ स्नान सुनिश्चित करने के लिए 900 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज, मंत्री गौतम टेटवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद है। परियोजना से 100 गांवों को पहुंचेगा पानी 2489.65 करोड़ की इस परियोजना से उज्जैन जिले की दो तहसील (तराना, घटिया), विधानसभा क्षेत्र तराना के कुल 83 गांवों की 27490 हेक्टेयर भूमि और शाजापुर जिले की एक तहसील (शाजापुर) विधानसभा क्षेत्र शाजापुर के कुल 17 गांवों की 2728 हेक्टेयर जमीन का फायदा होगा। परियोजना से कुल 100 गांवों की 30218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के कुल 100 ग्रामों की 30,218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उज्जैन जिले की दो तहसीलों तराना, घट्टिया के कुल 83 ग्रामों की 27,490 हेक्टेयर भूमि और शाजापुर जिले की एक तहसील शाजापुर विधानसभा क्षेत्र शाजापुर के कुल 17 ग्रामों की 2,728 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना से उज्जैन जिले को उद्योग और पेयजल के लिए 129.60 एमएलडी, नागदा को 129.60 एमएलडी जल, तराना, घट्टिया और गुराड़िया गुर्जर को 21.60 एमएलडी जल पेयजल के लिए प्रदाय होगा। परियोजना से शाजापुर जिले के ग्राम समूह और शाजापुर नगर के पेयजल के लिए 43.20 एमएलडी, मक्सी में पेयजल और उद्योग के लिए 43.20 एमएलडी जल दिया गया। शाजापुर, मक्सी को पेयजल,उद्योग के लिए भी पानी मिलेगा परियोजना में कुल 2254 किमी (3000 एमएम व्यास से 63 एमएम व्यास) पाइप लाइन बिछाई गई है। नर्मदा शिप्रा योजना से उज्जैन शाजापुर जिले के 100 गांवों को सिंचाई के लिए पानी और उज्जैन, नागदा, तराना, घट्टिया, शाजापुर, मक्सी को पेयजल और उद्योग के लिए पानी मिल सकेगा। परियोजना के तहत ओंकारेश्वर जलाशय ग्राम बड़ेल जिला खंडवा से भूमिगत पाइपलाइन द्वारा 15 घन मीटर प्रति सेकेंड की दर से जल 435 मीटर ऊंचाई तक कुल 6 पंपिंग स्टेशन एवं 50 पंप मोटर के माध्यम से लिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए कुल 89 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी। परियोजना के तहत मुख्य पाइप लाइन और वितरण प्रणाली से 2.5 हेक्टेयर चक तक कुल 2254 किमी (3000 एमएम व्यास से 63 एमएम व्यास) पाइप लाइन बिछाई गई है। प्रति 20 हेक्टेयर पर एक ओएमएस बाक्स अर्थात कुल 1539 बाक्स स्थापित किए गए हैं। मिलेगा ये फायदा परियोजना से उज्जैन जिले उद्योग एवं पेयजल हेतु 129.60 एम.एल.डी. जल, नागदा नगर में उद्योग एवं पेयजल हेतु 129.60 एम.एल. डी. जल और तराना, घट्टिया व गुराडीया गुर्जर में प्रत्येक को 21.60 एम.एल.डी. पेयजल हेतु प्रदाय होगा. परियोजना से शाजापुर जिले के गांव समूह के साथ शाजापुर नगर के पेयजल हेतु 43.20 एम.एल.डी. और मक्सी में पेयजल एवं उद्योग हेतु 43.20 एम.एल.डी. का जल प्रदाय होगा. ये है कार्यक्रम तराना में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सीधे भोपाल के लिए रवाना होंगे. भोपाल से वे दोपहर तीन बजे डिंडोरी में आयोजित वीरांगना अवंती बाई के बलिदान दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद फिर शाम छह बजे भोपाल पहुंचेंगे और शाम सात बजे विधानसभा में आयोजित फाग उत्सव में शामिल होंगे. इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार (19 मार्च) उज्जैन में महाकाल भगवान ध्वज चल समारोह में शामिल हुए. गोपाल मंदिर पर भगवान महाकाल की झांकी की आरती भी की. इसके अलावा उन्होंने इंदौर में निकाली गई गेर में भी शिरकत की. परियोजना में ओंकारेश्वर जलाशय ग्राम बड़ेल जिला खंडवा से भूमिगत पाइप लाइन द्वारा 15 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से जल 435 मीटर ऊंचाई तक कुल 6 पंपिंग स्टेशन और 50 पंप मोटर के माध्यम से उद्वहित किया जाएगा। परियोजना में मुख्य पाइप लाइन और वितरण प्रणाली से 2.5 हेक्टेयर चक तक कुल 2,254 किमी (3,000 मि.मी. व्यास से 63 मि.मी. व्यास) पाइप लाइन बिछाई गई है। प्रति 20 हेक्टेयर पर एक ओएमएस बॉक्स, यानी कुल 1,539 बॉक्स स्थापित किए गए हैं।

ओंकारेश्वर धाम भी महाकाल की तरह जगमगाएगा: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी धर्म स्थलों के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सौभाग्य का विषय है कि हमारे प्रदेश में महाकालेश्वर और ममलेश्वर दो ज्योतिर्लिंग विद्यमान हैं। सिंहस्थ से पहले ओंकारेश्वर धाम को महाकाल की तरह जगमगाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं के प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार की योजनाओं से आस्था के इन केंद्रों की दिव्यता- भव्यता और अधिक बढ़ेगी तथा प्रदेश के प्रति लोगों के आकर्षण और प्रेम में भी वृद्धि होगी । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर स्थित गौमुख घाट पर अवधूत सिद्ध महायोगी दादा गुरुजी की तृतीय चरण माँ नर्मदा सेवा परिक्रमा यात्रा के समापन कार्यक्रम के लिए भोपाल से प्रस्थान के पहले मीडिया के लिए जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।  

मुख्यमंत्री अवधूत सिद्ध महायोगी दादा गुरुजी की तृतीय चरण माँ नर्मदा सेवा, परिक्रमा यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए शामिल

श्रीकृष्ण ने जहां की लीलाएं और जहां पड़े उनके चरण, सभी देवस्थानों को तीर्थ के रूप में करेंगे विकसित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ओंकारेश्वर लोक का किया जायेगा विकास मुख्यमंत्री अवधूत सिद्ध महायोगी दादा गुरुजी की तृतीय चरण माँ नर्मदा सेवा परिक्रमा यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए शामिल ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन कर किया जलाभिषेक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ओंकारेश्वर में माँ नर्मदा की पूजा और आरती ओंकारेश्वर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को ओंकारेश्वर में अवधूत सिद्ध महायोगी दादा गुरुजी की तृतीय चरण माँ नर्मदा सेवा परिक्रमा यात्रा के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने ओंकारेश्वर स्थित गौमुख घाट पर माँ नर्मदा का मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया। यह यात्रा माँ नर्मदा, धर्म, धरा, धेनु, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण-संवर्धन के लिए पूर्ण समर्पित थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि “यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे” जो-जो इस ब्रह्माण्ड में है वही सब हमारे शरीर में भी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह परमात्मा हमारे अंदर विद्यमान है, उसी तरह जल माँ नर्मदा में विद्यमान है। उन्होंने कहा कि दादा गुरुजी की तृतीय चरण माँ नर्मदा सेवा यात्रा का समापन हुआ है। यह एक अद्भुत यात्रा थी। उन्होंने दादा गुरुजी को प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम इस मृत्यु लोक में अकेले आते हैं और अकेले ही जाते हैं। इस लोक में हमारे कर्म ही होते हैं जो हमें विभिन्न लक्ष्यों तक पहुँचाते हैं। सब अपने कर्मों के अनुसार पुण्य अर्जित करते हैं। इसलिए हम सबको सत्कर्म करने का प्रण लेना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी-2028 में सिंहस्थ को भव्य बनाने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण से मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है। इसी तरह “ओंकारेश्वर लोक” का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर धाम भी आने वाले समय में जगमगाएगा। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं जुटाई जायेंगी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जहां लीलाएं की और जहां उनके चरण पड़े, उन सभी देवस्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने सभी धार्मिक नगरों को शराब मुक्त करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में निरंतर कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार गौ-पालन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 10 से ज्यादा गाय खरीदेगा, उसे सरकार द्वारा अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवधूत सिद्ध महायोगी दादा गुरुजी के साथ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। उन्होंने बाबा ओंकारेश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, विकास और कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुल से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पैदल पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ट्रस्ट के ट्रस्टी राव देवेंद्र सिंह चौहान, सहायक सीईओ अशोक महाजन सहित अन्य ट्रस्टी गण ने प्रतीक स्वरूप बाबा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का चित्र भेंट किया। नर्मदा समापन यात्रा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल, मान्धाता विधायक नारायण पटेल, ज़िला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े, महापौर श्रीमती अमृता यादव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद थे।

फिल्म “छावा” का विशेष शो हुआ ओपन थियेटर में

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज 17वीं सदी में शासक रहे छत्रपति संभाजीराव महाराज के जीवन और संघर्ष पर बनी फिल्म “छावा” देखी। लक्ष्मण उतेकर द्वारा निर्देशित इस फिल्म को मध्यप्रदेश सरकार ने टैक्स फ्री भी किया है। अशोका लेक व्यू परिसर में ओपन थियेटर में हुए फिल्म के विशेष प्रदर्शन को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री परिषद के सदस्यों और अनेक जन प्रतिनिधियों ने देखा और फिल्म की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह राष्ट्र प्रेम का संदेश देने वाली प्रेरक फिल्म है। मध्यप्रदेश सरकार ऐसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी भारत के गौरवशाली इतिहास से अवगत करवाने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करेगी। राज्य सरकार भारत के वीर शासकों और देशभक्तों के संघर्ष की गाथा को प्रस्तुत करने वाले सिनेमा को आगे बढ़ाने में पूर्ण सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज जितने साहसी और वीर थे वैसे ही उनके सुपुत्र छत्रपति संभाजीराव महाराज भी थे। वे ऐसे शासक थे जिन्होंने देश के लिए राष्ट्र प्रेम का अदभुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा 300 वर्ष से अधिक पुराने दौर को सिनेमा के परदे पर जीवंत किया गया है। फिल्म के निर्माता निर्देशक और कलाकार बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विश्व में भी काफी उथल-पुथल है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत अपनी विरासत और संस्कृति के संरक्षण के साथ विकास की ओर बढ़ रहा है। निश्चित ही ऐसी फिल्म जनप्रतिनिधियों के साथ देखना मेरे लिए एक सुखद संयोग है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता पर आधारित एक काव्य रचना भी पढ़कर सुनाई।  

मुख्यमंत्री ने पेयजल प्रबंधों की जानकारी लेकर दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के लिए पर्याप्त पेयजल प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से सार्वजनिक प्याऊ स्थापित कर राहगीरों के लिए भी पीने के पानी का प्रबंध किया जाए। शहरों में प्रत्येक मोहल्ले में पेयजल की उपलब्धता, पानी की टंकियों की स्वच्छता और व्यवस्थित पेयजल वितरण जैसे कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हों। ग्रामों में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन से ग्रामीण आबादी को लाभान्वित किया जाए। हर घर में टोंटी से जल पहुंचाने के कार्य पूर्ण किए जाएं। जिन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या है, वहां लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्थानीय निकाय मिलकर नागरिकों के लिए समाधान की कार्यवाही करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई एक बैठक में पेयजल प्रबंधों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्रीमती संपतिया उइके, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में धरती आबा उत्कर्ष अभियान में अन्य विभागों के सहयोग से पेयजल प्रबंध के कार्य भी सम्पन्न किए जाएं। अन्य ग्रामों में एकल ग्राम नल-जल योजना और जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल घोषित ग्रामों में पेयजल की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। पेयजल प्रदाय के साथ ही स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों का भी संचालन किया जाए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास और कृषि विभाग के अमले का सहयोग भी पेयजल प्रदाय में प्राप्त किया जाए। पंचायतों के पदाधिकारी और शहरों में नगरीय निकायों के अमले द्वारा पेयजल प्रदाय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेयजल के साथ स्वच्छता के कायों को पूर्ण कर प्रदेश को, देश में मॉडल बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा जल संवर्धन अभियान में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की सक्रिय भूमिका की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनुपयोगी हैंडपम्पों को उपयोगी बनाने के लिए रिचार्ज करने की योजना का क्रियान्वयन भी प्रदेश में किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के प्रारंभ होने से लेकर अब तक 62 लाख 71 हजार 124 कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। यह प्रदेश के कुल घरों एक करोड़ 11 लाख 80 हजार 901 का 63.81 प्रतिशत है। दिनांक 16 मार्च 2025 की स्थिति में प्रदेश के 76 लाख 24 हजार 275 घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, यह उपलब्धि 68.19 प्रतिशत है। प्रदेश में 147 समूह नल जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से 23 हजार 164 ग्राम और 27 हजार 990 ग्राम, एकल ग्राम नल जल योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपम्पों का संधारण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और नल जल योजनाओं का संचालन संधारण संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा किया जा रहा है। प्रदेश में 5 लाख 62 हजार 776 हैंडपम्प पेयजल प्रदाय में सहयोगी हैं।  

सीएम मोहन यादव ने दिए संकेत, प्रदेश में 9 साल बाद होंगे कर्मचारियों के प्रमोशन

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 मार्च को विधानसभा में ये बयान दिया था। इसके साथ ही सीएम ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ होने वाला है। दरअसल, मध्यप्रदेश में पिछले 9 साल से कर्मचारी-अधिकारियों के प्रमोशन नहीं हुए हैं। इस दौरान 1 लाख से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो चुके हैं। मंत्रालय सूत्र बताते हैं कि सरकार ने प्रमोशन के लिए तीन क्राइटेरिया तय किए हैं। ये भी तय किया है कि जो भी प्रमोशन होंगे, वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन रहेंगे। विधानसभा में मुख्यमंत्री का बड़ा बयान विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा, “हम किसी भी विभाग में पद खाली नहीं रहने देंगे। विपक्ष थोड़ी मदद करेगा तो हम प्रमोशन पर भी ठीक रास्ते पर जा रहे हैं। हम सभी वर्गों के जो प्रमोशन अटके हैं, उनका समाधान खोज रहे हैं, ताकि नीचे के रिक्त पद भी भरे जा सकें। यह काम हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ करेगी।” 9 साल से अटके हैं प्रमोशन मप्र में प्रमोशन प्रक्रिया पिछले 9 साल से रुकी हुई है। इस दौरान करीब 1 लाख से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो चुके हैं। निचले स्तर से लेकर वरिष्ठ पदों तक पदोन्नति की राह में कानूनी और प्रशासनिक बाधाएं बनी हुई हैं। इससे न सिर्फ कर्मचारियों में असंतोष है बल्कि कई विभागों में रिक्तियों के कारण कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। आखिर क्यों अटके थे प्रमोशन? दरअसल, पदोन्नति में आरक्षण से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में लम्बित था। कोर्ट के निर्देशों और विभिन्न याचिकाओं के चलते सरकार प्रमोशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पाई। इस कानूनी पेच के चलते पिछले 9 वर्षों से कोई भी विभाग प्रमोशन नहीं कर सका। सरकार ने निकाला समाधान सूत्रों के अनुसार, सरकार ने प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर तीन क्राइटेरिया तय कर लिए हैं। पहला, प्रमोशन प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन होगी। दूसरा, प्रक्रिया में सभी संवर्गों का संतुलन रखा जाएगा। तीसरा, विभागवार रिक्तियों और पात्रता के अनुसार चरणबद्ध ढंग से प्रमोशन किए जाएंगे। मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि सरकार जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन जारी कर सकती है, ताकि सुप्रीम कोर्ट की शर्तों का पालन करते हुए प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की जा सके। कर्मचारियों में उम्मीद मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों में एक बार फिर आशा जगी है। कर्मचारी संगठन भी सरकार के रुख का स्वागत कर रहे हैं और जल्द ही कोई ठोस निर्णय लिए जाने की अपेक्षा कर रहे हैं। कैसे शुरू हुआ विवाद? साल 2002 में तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण का प्रावधान करते हुए प्रमोशन नियम बनाए। इसके बाद आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ मिलने लगा, लेकिन अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों में असंतोष पनपने लगा। मामला तब गंभीर हो गया जब बड़ी संख्या में अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी प्रमोशन से वंचित रह गए और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि प्रमोशन में आरक्षण का लाभ सिर्फ एक बार मिलना चाहिए। हाईकोर्ट का फैसला और सुप्रीम कोर्ट की रोक इन तर्कों के आधार पर मप्र हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 को मप्र लोक सेवा (पदोन्नति) नियम 2002 को खारिज कर दिया। सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश देते हुए प्रमोशन पर रोक लगा दी। इसके बाद से मप्र में सभी विभागों में प्रमोशन ठप हो गए। राजनीतिक गलियारों में उठा बवाल हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजनीति में भी गर्माहट आ गई। 12 जून 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अनुसूचित जाति, जनजाति कर्मचारी-अधिकारियों (अजाक्स) के सम्मेलन में पहुंचे। उस समय विधानसभा चुनाव में करीब ढाई साल का समय बाकी था। सम्मेलन में शिवराज ने कहा था, “मेरे होते हुए कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता। मध्यप्रदेश सरकार प्रमोशन में भी आरक्षण देगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा, “संविदा भर्तियों में भी आरक्षण दिया जाएगा। डॉ. भीमराव अंबेडकर के आरक्षण की बदौलत ही मैं मुख्यमंत्री और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन सके हैं।” जातिगत राजनीति और नाराजगी शिवराज सिंह का यह बयान सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक चर्चा में आ गया। सवर्ण वर्ग, जो पहले से आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत कर रहा था, खुलकर नाराज हो गया। ग्वालियर-चंबल अंचल में इस बयान के खिलाफ सबसे ज्यादा आंदोलन हुए। आंदोलन इतने व्यापक हो गए कि कई जगहों पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए और सवर्ण संगठनों ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 2018 के चुनाव में दिखा असर 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। राजनीतिक पंडितों का मानना था कि शिवराज के ‘माई का लाल’ वाले बयान ने पार्टी को ग्वालियर-चंबल जैसे मजबूत गढ़ों में नुकसान पहुंचाया। परिणामस्वरूप बीजेपी कई अहम सीटें हार गई और कांग्रेस सत्ता में लौट आई। अब क्या तैयारी कर रही सरकार? अब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और सभी वर्गों के संतुलन के साथ प्रमोशन की प्रक्रिया फिर से शुरू करने की दिशा में बढ़ रही है। सरकार तीन अहम क्राइटेरिया के आधार पर योजना बना रही है, ताकि एक संतुलित और कानूनी रूप से मजबूत समाधान सामने लाया जा सके। क्या होगा असर? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू होती है तो इससे जहां वर्षों से अटके अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत मिलेगी, वहीं सरकार को प्रशासनिक स्तर पर रिक्त पदों को भरने में भी मदद मिलेगी। राजनीतिक नजरिए से भी अहम यह मुद्दा आगामी चुनावों से पहले सरकार के लिए भी बेहद संवेदनशील है। सरकार प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर सतर्कता बरत रही है ताकि किसी भी वर्ग में असंतोष न फैले। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार कोर्ट के फैसले की दिशा में आगे बढ़कर इस जटिल मुद्दे को किस तरह सुलझाती है।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन पर शोक व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराणा प्रताप के वंशज और मेवाड़ राजपरिवार के सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेवाड़ का जीवन भारतीय समाज और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उनहोंने मेवाड़ राजवंश की समृद्धशाली विरासत को आजीवन पूर्ण गरिमा के साथ संजोए रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. मेवाड़ की आत्मा की शांति के लिए बाबा महाकाल से प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिजन के प्रति अपनी गहन संवेदनाएं व्यक्त की है।  

कर्नाटक सरकार ने ठेकों में मुस्लिम वर्ग के ठेकेदारों के लिए 4 % कोटा देने के फैसले पर एमपी के सीएम यादव ने किया पलटवार

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में ठेकेदारों के लिए धर्म आधारित आरक्षण की व्यवस्था को अनुचित और निंदनीय करार दिया है. उन्होंने इसे कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति का हिस्सा बताते हुए कड़ी आलोचना की और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस फैसले को वापस कराने की मांग की.   मुख्यमंत्री ने कहा, “लोकतांत्रिक देश में किसी धर्म विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियम-प्रावधान बनाना कांग्रेस का अनैतिक चरित्र दर्शाता है. कर्नाटक सरकार का यह फैसला समाज को बांटने वाला है. हमारी सरकार दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है, ताकि सभी को सम्मान और अधिकार मिले. लेकिन कांग्रेस ने हमेशा संविधान के मूल्यों की अनदेखी कर जातिगत पक्षपात और भेदभाव को बढ़ावा दिया है.” उन्होंने इसे ‘भारत तोड़ो’ की विचारधारा का हिस्सा बताया. कांग्रेस पर निशाना CM यादव ने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने हमेशा समाज को बांटने की राजनीति की है. कर्नाटक सरकार का यह निर्णय उसी अपशिष्ट राजनीति का उदाहरण है. उन्होंने जोर देकर कहा, “धर्म आधारित आरक्षण के खिलाफ पहले भी न्यायालयों ने फैसले दिए हैं. यह फैसला भी कोर्ट में टिक नहीं पाएगा.” उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अपील की कि वे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर दबाव डालकर इस तुष्टिकरण के फैसले को वापस कराएं. कर्नाटक का फैसला कर्नाटक सरकार ने हाल ही में शासकीय ठेकों में ठेकेदारों के लिए धर्म आधारित आरक्षण का प्रावधान करने का फैसला लिया था, जिसे मध्य प्रदेश के CM ने संविधान विरोधी और समाज को बांटने वाला करार दिया. उनका कहना है कि यह कदम न केवल अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की ओर इशारा करता है, बल्कि समानता के सिद्धांत को भी कमजोर करता है. BJP का रुख मुख्यमंत्री ने बीजेपी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेसी भारत जोड़ो की बात करते हैं, लेकिन उनके फैसले भारत तोड़ो की नीति को दर्शाते हैं.” इस बयान ने दोनों दलों के बीच सियासी तनाव को और बढ़ा दिया है. आगे की राह CM यादव ने इस मुद्दे को लेकर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की ओर इशारा किया. उनका मानना है कि यह फैसला न सिर्फ नैतिक रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ भी है. अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि कर्नाटक सरकार इस आलोचना पर क्या जवाब देती है और क्या यह मामला कोर्ट तक पहुंचेगा.  

मध्य प्रदेश: छावा फिल्म का क्रेज, CM मोहन यादव आज मंत्रियों और विधायकों के साथ इस थिएटर में देखेंगे

भोपाल छत्रपति संभाजी महाराज पर बनी फिल्म छावा का क्रेज पूरे देश में दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश में भी इस फिल्म को लेकर काफी उत्साह नजर आ रहा है। ऐसे में आज मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार इस फिल्म को देखेगी। आज शाम 7:30 बजे सीएम, मंत्री और विधायक यह फिल्म देखेंगे। कहां देखी जाएगी फिल्म? भोपाल के लेक व्यू अशोका होटल ओपन थिएटर में मुख्यमंत्री मोहन यादव तमाम मंत्रियों और विधायकों के साथ फिल्म छावा देखेंगे। फिल्म के बाद सभी नेता डिनर करेंगे। बता दें कि मध्य प्रदेश में छावा फिल्म को सीएम मोहन यादव पहले ही टैक्स फ्री कर चुके हैं। सीएम ने छावा को टैक्स फ्री करने का किया था ऐलान मध्य प्रदेश में ‘छावा’ फिल्म टैक्स फ्री है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 19 फरवरी को ‘छावा’ को कर मुक्त करने का ऐलान किया था। जबलपुर में स्टेडियम लोकार्पण कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, “संभाजी महाराज ने अपने जीवन में सभी यातनाएं सहते हुए राष्ट्र और धर्म के लिए अपने प्राण दे दिए थे। छावा उन पर बनी ऐतिहासिक फिल्म है। यह फिल्म राष्ट्रप्रेम का संदेश देती है। शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी महाराज की देश भक्ति और उनके जीवन की विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं से नागरिकों को परिचित करवाने के लिए मध्यप्रदेश में फिल्म टैक्स फ्री रहेगी।” जाने फिल्म के बारे में  छत्रपति शिवाजी महाराज के दिवंगत होने के बाद हिंदवी स्वराज की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले संभाजी महाराज का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है। औरंगजेब द्वारा छल-बल का उपयोग कर छत्रपति शंभूराजे और उनके मित्र कवि कलश को गिरफ्त में ले लिया गया था। इसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार न करते हुए 39 दिन की असहनीय प्रताड़ना को स्वीकार कर धर्म का संरक्षण करते हुए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा और छत्रपति के रूप में धर्म का संरक्षण किया। गोवा में भी टैक्स फ्री है छावा गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने छत्रपति शिवाजी महाराज की 395वीं जयंती के अवसर पर एक्स पर एक पोस्ट के जरिए ये घोषणा की थी की गोवा में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने एक्स पर लिखा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन और बलिदान पर आधारित फिल्म छावा को गोवा में टैक्स फ्री किया जाएगा।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि यह फिल्म संभाजी महाराज की वीरता और साहस को दर्शाती है, जिन्होंने ‘देव, देश और धर्म’ के लिए मुगलों और पुर्तगालियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी फिल्म ‘छावा’ को टैक्स फ्री करने की अपील का स्वागत किया था। उन्होंने फिल्म के ऐतिहासिक प्रस्तुतिकरण की तारीफ की और कहा कि उन्हें जनता से फिल्म के बारे में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। सीएम फडणवीस ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर एक बहुत अच्छी फिल्म बनाई गई है। हालांकि, मैंने इसे अभी तक नहीं देखा है, लेकिन मुझे जो प्रतिक्रिया मिली है, उससे पता चलता है कि इस फिल्म में इतिहास को विकृत नहीं किया गया है।’

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 19 मार्च को मोहन सरकार दूसरी बार 6 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही

भोपाल एमपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रंगपंचमी यानी 19 मार्च को मोहन सरकार दूसरी बार 6 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। यह कर्ज 7 साल, 21 साल और 24 साल के लिए दो-दो हजार करोड़ रुपए की तीन अलग-अलग किस्तों में लिया जाएगा। मार्च में सरकार द्वारा 15 दिन के अंतराल में लिया जाने वाला यह तीसरा कर्ज होगा। इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में एक और कर्ज लिया जा सकता है। तीसरे कर्ज के पहले विधानसभा में डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा कह चुके हैं कि यह कर्ज नहीं निवेश है। रंगपंचमी तक अकेले मार्च में ही 16 हजार करोड़ रुपए का कर्ज सरकार ले चुकी होगी। कर्ज की इस राशि का भुगतान 19 मार्च 2032, 19 मार्च 2046 और 19 मार्च 2049 तक किया जाएगा। मार्च में दो बार पहले भी कर्ज ले चुकी सरकार इससे पहले 4 मार्च को सरकार ने 6 हजार करोड़ रुपए के तीन कर्ज दो-दो हजार करोड़ की तीन किस्तों पर लिए थे। इसके बाद 12 मार्च को फिर 4 हजार करोड़ रुपए के दो कर्ज दो-दो हजार करोड़ की रकम के रूप में लिए गए। अब 19 मार्च को तीसरा कर्ज उठाने की तैयारी है। इस तरह रंगपंचमी को लिए जाने वाले कर्ज समेत 15 दिन में सरकार ने तीन बार में 16 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने का फैसला किया है। अब तक 3.75 लाख करोड़ का कर्ज मध्यप्रदेश की जनता पर 31 मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में 3 लाख 75 हजार 578 करोड़ रुपए का कर्ज है। एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक बीजेपी सरकार ने एक साल में 44 हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया था। इसके पहले 31 मार्च 2023 को सरकार पर कर्ज की राशि 3 लाख 31 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा थी।

मुख्यमंत्री आज राजगढ़ में करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित 200 बिस्तर वाले नए भवन का लोकार्पण करेंगे

राजगढ़ ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज विवार को राजगढ़ का दौरा करेंगे। सीएम का हेलिकॉप्टर दोपहर 2 बजे पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरेगा। वह रोड शो के जरिए जिला अस्पताल पहुंचेंगे।मुख्यमंत्री जिला अस्पताल में करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित 200 बिस्तर वाले नए भवन का लोकार्पण करेंगे। साथ ही 230 बिस्तर वाले रेल बसेरे का भूमि पूजन भी करेंगे। इसके बाद वह स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। तैयारियां में जुटे अधिकारी मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी महीप कुमार तेजस्वी और जिला विकास समिति सदस्य ज्ञान सिंह गुर्जर ने कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस निरीक्षक पाठक के निधन पर जताया शोक

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर जिले के ग्रामीण क्षेत्र बेटमा में तैनात पुलिस निरीक्षक संजय पाठक के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। निरीक्षक पाठक का गत दिवस हृदयाघात से निधन हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि स्व. पाठक एक कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित अधिकारी थे। जनसेवा के प्रति उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। निरीक्षक पाठक का निधन पूरे पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना कर शोक संतप्त परिजन को इस दुखद घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना की है।  

प्रदेश में बेरोजगारों के लिए मोहन सरकार की बड़ी घोषणा, मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि पांच सालों में ढाई लाख भर्ती की जाएगी.

भोपाल मध्य प्रदेश में बेरोजगारों के लिए मोहन यादव सरकार ने बड़ी घोषणा की है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पांच सालों में ढाई लाख भर्ती की जाएगी. सभी सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया चलाई जाएगी. सीएम मोहन यादव ने कहा कि पुलिस कॉन्स्टेबल का रिजल्ट भी ओपन हो गया है और लगभग छह हजार से ज्यादा जवानों को पुलिस में भर्ती भी किया गया. सीएम मोहन यादव ने मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए कहा, “पीएससी में पिछले तीन साल की पेंडिंग परीक्षा हमने इसी साल कराई. कोई पद खाली नहीं रहने देंगे, हर विभाग में भर्तियां करेंगे. साथ ही विभागों में प्रमोशन को लेकर भी हम समाधान खोज रहे हैं. इसके अलावा एक लाख नौकरी तो हम दे ही रहे हैं. अगले पांच साल में हम ढाई लाख भर्तियां करने जा रहे हैं.” ’61 हजार लोगों को मिला नियुक्ति पत्र’ उन्होंने कहा, “मौजूदा समय में कुल मिलाकर 267 शासकीय आईटीआई संचालित कर रहे हैं और 22 नए आईटीआई  शुरू करेंगे. साथ ही 5,280 अतिरिक्त सीट की बढ़ोतरी की जाएगी. जबकि एक साल के अंदर हमने 61 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए हैं.” सरकार केवल दावे ही कर रही है- कांग्रेस इसके अलावा सीएम मोहन ने कहा कि बीजेपी सरकार ओबीसी, एससी और एसटी में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करेगी. बता दें सीएम मोहन यादव की घोषणा को लेकर कांग्रेस गंभीर आरोप लगा रही है. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि वर्तमान में सभी भागों में पद खाली पड़े हैं. सरकार केवल दावे ही कर रही है.

शीघ्र ही झाबुआ में मेडिकल कॉलेज आरंभ किया जाएगा, संचालन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय करेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शीघ्र ही झाबुआ में मेडिकल कॉलेज आरंभ किया जाएगा। इसका संचालन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट के रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कुलगुरू प्रोफेसर डॉ. राकेश सिंघई ने इस संबंध में मुख्यमंत्री निवास में भेंट कर चर्चा की। कुलगुरू डॉ. सिंघई ने बताया कि झाबुआ में आरंभ होने वाले मेडिकल कॉलेज का संचालन इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन में होगा और जिला चिकित्सालय झाबुआ को इससे संबद्ध किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से संबंधित आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कुलगुरू प्राफेसर डॉ. राकेश सिंघई ने उनकी स्वलिखित पुस्तक ‘वक्रोक्ति’ भेंट की।  

सीएम ने पुलिसकर्मियों को दी होली शुभकामनाएं, बरसाए फूल, टीआई-एसआई ने लगाए ठुमके

उज्जैन उज्जैन जिला पुलिस लाइन में शनिवार को होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में टीआई और एसआई स्तर के अधिकारियों ने फिल्मी गानों और भजनों पर डांस किया। इस दौरान महिला पुलिस अधिकारी भी पीछे नहीं रहीं और अधिकारियों व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ झूमकर होली का आनंद लिया। समारोह में महाकाल थाना टीआई नरेंद्र परिहार, एसआई चंद्रभान सिंह, सीएसपी योगेंद्र यादव, एम.एस. परमार सहित कई पुलिस अधिकारी उल्लासपूर्ण माहौल में थिरकते नजर आए। सीएम ने पुलिसकर्मियों को दी शुभकामनाएं भोपाल रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर पुलिसकर्मियों के साथ होली मनाई। उन्होंने पुष्प वर्षा कर सभी को होली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सीएम ने कहा कि पुलिस जवानों के लिए आवास निर्माण की प्रक्रिया को सरल किया जाएगा, ताकि वे अपने घर का सपना पूरा कर सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छोटे कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए उनके लिए भी योजनाएं तैयार की जाए। नक्सली इलाकों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली इलाकों में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। पुलिस बल को वाहनों की स्वीकृति दी जा रही है और नए थानों की मंजूरी भी मिल रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज विरोधी ताकतों से निपटने के लिए पुलिस को हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। पुलिस भर्ती और प्रमोशन को लेकर बड़ी घोषणा सीएम मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि होली के दूसरे दिन पुलिस और प्रशासन के साथ यह आयोजन सुखद अनुभव रहा। उन्होंने घोषणा की कि पुलिस में नई भर्ती की जाएगी और अधिकारियों के प्रमोशन से जुड़े लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाएगा। साथ ही, पुलिसकर्मियों के लिए नए आवास भी बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री निवास पर ऐतिहासिक होली मिलन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री यादव ने खुलकर जनता को होली पर्व की बधाई दी

भोपाल  होली मिलन मुख्यमंत्री निवास बहुत ही जबरदस्त ऐतिहासिक कार्यक्रम की व्यवस्था आजादी के बाद पहली बार हिंदुस्तान के किसी राज्य में व्यवस्था पुख्ता मुख्यमंत्री निवास के सिक्योरिटी गार्ड एवं जनसंपर्क विभाग के हॉनर कर्मठ जुझारू लग्निशील वरिष्ठ अधिकारियों का जितना भी धन्यवाद करें कम.      मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित मुख्यमंत्री जी के साथ बीडी शर्मा प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी रामेश्वर शर्मा विधायक कार्यालय मंत्री भगवानदास सबनानी बीजेपी की अनेक विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री निवास के कई अनेक वरिष्ठ अधिकारी संतोष शर्मा जी और जनसंपर्क के बहुत ही लग्नशील अधिकारी उपस्थित थे उन्हें भी पत्रकारों ने गले लगा कर मिलकर हर्षित मुद्रा में मीडिया सहयोगी ने बधाई दी        14 मार्च 2025 दिन शुक्रवार मुख्यमंत्री निवास में मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी ने खुलकर मध्य प्रदेश की जनता को होली पर्व की बधाई दी और अति उत्तम व्यवस्था रंगों से लेकर भोजन प्रसादी एवं बीजेपी कार्यकर्ता और मध्यप्रदेश के मीडिया जगत की हस्तियां पत्रकार चित्रकार लेखक को स्नेह इतना प्यार इतना प्रेम इतना समय दिया जिससे एमपी प्रेस क्लब एवं वेब पोर्टल चैनल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संपादक विनोद सूर्यवंशी न्यू  भोजराज टाइम्स ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ यादव जी को होली पर्व की बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है कि पूरे भारत में इतना प्रेमी इतना संयम सिद्धांत ईमानदार और जनता के प्रति हकीकत कार्य करने वाले संगठन को मजबूत करने वाले और जनता से सीधे जुड़ने वाले मुख्यमंत्री कहानी है तो वह है मध्य प्रदेश राज्य के 8 करोड़ जनता भी उनको होली पर्व की बधाई देते हैं       इस पर्व पर उपस्थित बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा कार्यालय प्रभारी विधायक भगवानदास सबनानी एवं मुख्यमंत्री निवास के सिक्योरिटी गार्ड जनसंपर्क के सीनियर अधिकारी का जितना भी धन्यवाद करें वह काम है कभी यहां पर ऐसा भी देखा जाता था कार्यकर्ता के साथ भेदभाव वाली स्थिति रहा करती थी अब यह पता नहीं कहां से होता था अगर इस बार जितना जनसंपर्क में सीएम हाउस के वरिष्ठ सीनियर सुरक्षा गार्ड ने सिक्योरिटी गार्ड ने और अधिकारियों ने जो व्यवस्था बनाई है सचमुच में हम मध्यप्रदेश पुलिस को और भारत के गृहमंत्री अमित शाह को किसकी जिम्मेदारी मानते हुए उनको भी धन्यवाद के साथ होली पर्व की बधाई देते हुए हमें भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को भी आज होली पर्व की बधाई देने में बड़ी प्रसन्नता और खुशी हो रही है आज राजधानी में इतनी धूमधाम से होली पर रंगों का त्यौहार मनाया गया है     हर एक भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता को मीडिया से जुड़े जिम्मेदार ईमानदार लग्नशील पत्रकारों को जो जगदीश देवड़ा जी मध्यप्रदेश सरकार में बहुत ही जिम्मेदारी के साथ उपमुख्यमंत्री की भूमिका निभाने वाले के निवास पर भी यही एकता प्रेम और स्नेह देखा गया हम जितनी भी सरकार के उपमुख्यमंत्री और हमारे बहुत ही प्रिया प्रदेश के मुख्यमंत्री को धन्यवाद बधाई देते हुए खुशी हो रही है जिन्होंने बीजेपी के युवा कार्यकर्ता महिला बहन बुजुर्ग लोग वृद्धि लोग गरीब किसान मजदूर व्यापारी उद्योगपति का ध्यान रखा है और साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्थाओं को बनाने में सहयोग देने में बीजेपी सरकार के इन मंत्रियों ने जो सहयोग दिया है भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता भी उपस्थित थे दुर्गेश केसवानी और हमारे वरिष्ठ पत्रकारों में राधेश्याम अग्रवाल जी राजेश राय जी अनिल सिंह हरीश गॉड हिमांशु सूर्यवंशी प्रियांशु सूर्यवंशी अनिल राय रवि चौरसिया होली के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर माननीय मुख्यमंत्री जी को बधाई दी और साथ ही मुख्यमंत्री जी ने भी प्रदेश के 8 करोड़ जनता को बधाई देते हुए उनके चेहरे पर जो खुशी थी और जो लग्न सिल्क भाव था प्रदेश की जनता के प्रति सचमुच में ऐसा लग रहा था कि मेरी जनता के लिए मैं क्या-क्या जरूरी काम और भी अच्छे से कर कर इस प्रदेश को भारत का सबसे विकसित राज्य बनाने में मध्य प्रदेश के लिए और क्या कर सकूं की प्रदेश की जनता को उन्होंने आज प्यार देकर अपना बनाया है अभी तक आजादी के बाद किसी ने भी अपनी जनता को इतना प्यार नहीं दिया थामैं उनका हृदय से धन्यवाद करते हुए उन्होंने जो बधाई दी है      प्रदेश के 8 करोड़ जनता को एमपी प्रेस क्लब वेब पोर्टल चैनल वेलफेयर एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते एवं एक पत्रकार संवाददाता न्यू भोजराज टाइम्स की ओर से में 8 करोड़ जनता की तरफ से उन्हें बधाई देता हूं डॉक्टर मोहन मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को इस रंगों के पर्व पर जिन्होंने इतना प्यार समय पत्रकारों को कार्यकर्ताओं को दिया आज पूरा मध्यप्रदेश प्रसन्न और खुश है     बहुत-बहुत शुभकामना के साथ बधाई धन्यवाद होली पर हमारे सभी मध्य प्रदेश जनसंपर्क के वरिष्ठ अधिकारी और सिक्योरिटी गार्ड के वरिष्ठ अधिकारी का भी व्यवस्था के लिए हम धन्यवाद करते हैं पत्रकार विनोद सूर्यवंशी भोपाल मध्यप्रदेश वेब पोर्टल चैनल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एमपी प्रेस क्लब एवं संपादक विनोद सूर्यवंशी ने शॉल श्रीफल माला मोमेंटो देकर मुख्यमंत्री जी का सीएम हाउस में तिलक लगाकर भव्य स्वागत भी किया

राजनीतिज्ञों, नागरिकों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारगणों ने मुख्यमंत्री के साथ मनाई होली, गाए होली गीत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को होली पर्व की हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारे त्यौहार सबका मंगल लेकर आते हैं, इसीलिए ऐसे पर्वों पर बधाई और मंगलकामनाएं दीं जाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि ये आनंद मनाने का पर्व है। खुश होकर, आनंद लेकर ही मनाये। उन्होंने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ सभी त्यौहार मनाने का आह्वान किया। समारोह में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध घुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, सांसद खजुराहो वी.डी.शर्मा, समाजसेवी हितानंद शर्मा, सांसद भोपाल आलोक शर्मा, सांसद नर्मदापुरम दर्शन सिंह चौधरी, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, रविन्द्र यति, गणमान्य नागरिक, पत्रकार, अधिकारी और कलाकारों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ होली मनाई। सभी ने बड़े हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की मंगलकामनाएं दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति के रूप में सुघड़ कलाकारों ने ब्रज, बरसाने और महाकाल की होली का भव्य एवं मनोरम मंचन किया गया। पारम्परिक गीत-संगीत, नृत्य और रंगों की इस अनुपम छटा ने सभी को अभिभूत कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होली भाईचारे, प्रेम और समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमें सामाजिक एकता और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे पर्यावरण का संवेदनशीलतापूर्वक ध्यान रखते हुए होली मनाएं और जल संरक्षण का भी संदेश जन-जन तक पहुंचाएं। उल्लास और उमंग से सराबोर इस होली मिलन समारोह में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच पर प्रस्तुती दे रहे कलाकारों और अतिथियों के साथ रंग बरसे भीगे….., होली के दिन दिल खिल-खिल…..,, दमादम मस्त कलंदर, भोले खेलें होली… जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे सभी आगंतुकों पर पुष्प-वर्षा के साथ गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया।  

CM यादव ने साधु संतों की चरण वंदन करते हुए कहा है कि साधु-संतों का स्नेह और आशीर्वाद इस जन्म की सबसे बड़ी उपलब्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साधु संतों की चरण वंदन करते हुए कहा है कि साधु-संतों का स्नेह और आशीर्वाद इस जन्म की सबसे बड़ी उपलब्धि है।उज्जैन में परमात्मा ने जन्म दिया उसके लिए हम सौभाग्यशाली है। बाबा महाकालेश्वर की उज्जयिनी नगरी आध्यात्म ,भारतीय दर्शन,धर्म, गणित,चिकित्सा, धनुर्विद्या और  शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में हमेशा से विख्यात रही है। भगवान कृष्ण ने उज्जैन में सांदीपनी गुरु से शिक्षा प्राप्त की और उसी ज्ञान से श्रीमद भगवतगीता का उपदेश विश्व को दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अग्रणी राष्ट्र बन रहा है। हम आध्यात्मिक नगरी अवंतिका को भारत का सिरमौर बना रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये बातें उज्जैन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा बड़नगर रोड़ स्थित, पंचायती निरंजनी अखाड़ा में आयोजित “होली के रंग – साधु संतो के संग” कार्यक्रम में सम्मिलित होकर कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से शराब-बंदी की जा रही है। हम संपूर्ण प्रदेश में गौ-शालाओं को बढ़ावा दे रहे है। दूध उत्पादन पर बोनस भी दिया जाएगा।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उज्जैन में “होली के रंग-साधु संतों के संग” कार्यक्रम में ढोल, डमरू, वेद ऋचाओं की गूंज के बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पूरी जी महाराज ने गुलाल लगाकर होली की मंगलकामनाएं दी। रविंद्र पूरी जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उज्जैन को संपूर्ण भारत की सांस्कृतिक राजधानी बनाने के लक्ष्य को पूर्ण करने में हम साधु-संत संपूर्ण रूप से साथ है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पूरी जी महाराज, महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानंद गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर सुमन्नानन्द गिरी जी महाराज,महामंडलेश्वर प्रेमानंद पूरी जी महाराज,महंत डॉक्टर रामेश्वर दास जी महाराज,महंत देवगिरी जी महाराज,महंत शनि भारती जी महाराज,महंत सुरेशानंद पूरी जी महाराज आदि साधु,संत,महंतों का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी होली की मंगलकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होली के पावन अवसर पर भोपालवासियों, प्रदेशवासियों, और सभी देशवासियों को मंगलकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि होली का यह रंगों भरा त्यौहार पूरे देश में उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश दिनों-दिन नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों के जीवन में खुशहाली का रंग भरने के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में होली पर मीडिया से चर्चा में कहा कि परमात्मा करे कि हम सबका परस्पर प्रेम और सौहार्द निरंतर यूं ही बढ़ता रहे।हम सभी एक-दूसरे के सुख-दुःख में साझेदारी करते हुए आनंदपूर्वक जीवन व्यतीत करें। होली हो, दीवाली हो या ईद.. हर त्यौहार का असली आनंद मिल-जुलकर मनाने में ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे आपसी भाईचारे को और मजबूत करें तथा सामाजिक समरसता को बनाए रखते हुए रंगों के इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाएं।  

मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नए निवेश की बढ़ी संभावनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आ रहा है। देश के केंद्र में स्थित होने के कारण यह प्रदेश उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम के व्यापार मार्गों को सुविधाजनक रूप से जोड़ते हुए एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचे, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और उद्योग समर्थक नीतियों के कारण प्रदेश निवेशकों के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में की जा रही रणनीतिक पहलों से मध्यप्रदेश अब सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि पूरे भारत की आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत आधार बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के हब के रूप में उभर रहा है। अपनी भौगोलिक स्थिति, उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण यह प्रदेश निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं इसे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। बेहतर सड़कों और कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स को नई दिशा प्रदेश में लॉजिस्टिक्स को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का तेज़ी से विस्तार किया गया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, उत्तर-दक्षिण फ्रेट कॉरिडोर और भारतमाला परियोजना प्रदेश को लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। इंदौर और भोपाल में विकसित हो रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) व्यापार को आसान और लागत प्रभावी बना रहे हैं। हवाई मार्ग से निर्यात और उद्योग को नई गति प्रदेश के छह प्रमुख हवाई अड्डों पर एयर कार्गो सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ी ताकत मिल रही है। रीवा हवाई अड्डे के चालू होने से व्यापार और औद्योगिक परिवहन को नई रफ्तार मिली है। फार्मा, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और खाद्य प्र-संस्करण जैसे उद्योगों को अब कम समय में बेहतर लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। डिजिटल तकनीक से लॉजिस्टिक्स और बिजनेस में आई ट्रांसपेरेंसी प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत विकसित डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्रणाली व्यापारियों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) के माध्यम से पारदर्शी और कुशल लॉजिस्टिक्स सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रदेश के लॉजिस्टिक्स हब में स्मार्ट वेयरहाउसिंग, ऑटोमैटेड ट्रैकिंग और डिजिटल डिलीवरी सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। औद्योगिक विकास एवं लॉजिस्टिक्स में बेहतर तालमेल प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास का गहरा तालमेल देखने को मिल रहा है। विक्रम उद्योगपुरी आईआईटीवीयूएल जैसी परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स सेक्टर के विस्तार में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 11 औद्योगिक गलियारे और 20 स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र लॉजिस्टिक्स उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। हरित ऊर्जा समाधान और इलेक्ट्रिक लॉजिस्टिक्स वाहनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मजबूत नीति और प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लेकर आई है। निश्चित पूंजी निवेश पर 30% तक की वित्तीय सहायता, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट और लॉजिस्टिक्स पार्कों के लिए अनुदान जैसी योजनाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। ग्रीन लॉजिस्टिक्स को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार आईजीबीसी प्रमाणन प्राप्त इकाइयों को अतिरिक्त रियायतें दे रही है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नए अवसरों का केंद्र प्रदेश की मजबूत आधारभूत संरचना, उन्नत तकनीक और उद्योग अनुकूल नीति इसे लॉजिस्टिक्स सेक्टर के सबसे प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल कर रही है। सरकार के स्पष्ट विजन और विकास रणनीति के चलते यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

मुख्यमंत्री ने ऑइल फील्डस बिल-2024 लोकसभा में पारित होने का किया स्वागत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑइल फील्ड्स (रेग्युलेशन एण्ड डेवलपमेंट) बिल 2024 के लोकसभा में पारित होने का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने वाला ऑइल फील्ड्स रेग्युलेशन एण्ड डेवलपमेंट बिल- 2024 भारत के ऊर्जा क्षेत्र को और भी अधिक मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बिल निश्चित ही रोजगार के नए अवसर के साथ ही देश की सतत् विकास यात्रा को एक नई उड़ान देगा। उन्होंने कहा कि इस बिल के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं समृद्ध भारत की कहानी का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ – 2028 के सुव्यवस्थित आयोजन के संबंध में बैठक लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

सिंहस्थ – 2028 के लिए अभी से करें माइक्रो प्लानिंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य जून 2027 तक करें पूर्ण क्राउड मैनेजमेंट पर दें विशेष ध्यान महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के हिसाब से करें सिंहस्थ की तैयारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ – 2028 के सुव्यवस्थित आयोजन के संबंध में बैठक लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ – 2028 मध्यप्रदेश का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। लाखों-करोड़ों श्रद्धालु सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आएंगे। किसी भी श्रद्धालु को स्नान व देव दर्शन में कोई कठिनाई हो, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जाएं। पुराने सिंहस्थ आयोजन से सीख लें और आगामी सिंहस्थ के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए अभी से माइक्रो प्लानिंग कर व्यवस्थाओं को अंजाम देना प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में पूर्व में सम्पन्न हुए सिंहस्थ में प्राप्त अनुभवों को केन्द्र में रखते हुए सिंहस्थ – 2028 के योजनाबद्ध आयोजन के संबंध में बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबसे बेहतर यह होगा कि सिंहस्थ की व्यवस्थाओं और प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य जून 2027 के पहले ही पूरे कर लिए जाएं। इससे रह गई कमोबेशी को दुरुस्त करने या व्यवस्थाओं को और भी अधिक बेहतर करने का समय भी मिल सकेगा। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव नगरीय‍विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, सिंहस्थ की व्यवस्थाओं से जुड़े अन्य विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ – 2028 की व्यवस्थाओं एवं प्रबंधन के लिए मंजूर किए गए सभी कार्य जून 2027 तक पूरे कर लिए जाएं। चल रहे कार्यों की मासिक प्रोग्रेस रिपोर्ट की समीक्षा की जाए। प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। मंजूर किए गए सभी काम प्रारंभ हो जाएं और तय समय-सीमा में ही पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल लोक बनने के बाद प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की दिनों-दिन बढ़ती संख्या के हिसाब से ही सिंहस्थ की तैयारी की जाए, क्योंकि जो श्रद्धालु सिंहस्थ में आएंगे, वे बाबा महाकाल सहित अन्य देव स्थलों पर भी अवश्य ही जाएंगे। भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रयास यह हो कि श्रद्धालुओं को ई-बस या ई-ऑटो से महाकाल मंदिर के नजदीक ही छोड़ा जाए, ताकि उन्हें महाकाल दर्शन के लिए अधिक पैदल न चलना पड़े और प्रबन्धन में भी आसानी हो। सिंहस्थ से पहले अंदरूनी गलियों का भी चौड़ीकरण करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ में लाखों-करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन शहर में आएंगे। बड़े मार्गों के अलावा उज्जैन शहर की अंदरूनी गलियों व रास्तों का भी और अधिक चौड़ीकरण करें ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन का वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध रहे और वे आसानी से आ-जा सकें। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर में क्षिप्रा नदी व शहर के अंदर सिंहस्थ के लिए जितने भी सेतु निर्माण कार्य जरूरी हैं, वे अभी से प्रारंभ कर लिए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान उज्जैन शहर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के देवदर्शन के लिए समुचित व्यवस्थाएं की जाए। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो रूद्र सागर में भी घाट बनाने पर विचार कर प्रारंभिक सर्वे भी कर लें। आपदा/अग्नि प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटी-छोटी व्यवस्थागत कमियों की वजह से आयोजन के दौरान ही प्राकृतिक आपदा व अग्नि दुर्घटना से अप्रिय स्थिति निर्मित न हों। सिंहस्थ वर्ष 2028 में है, इसलिए किसी भी प्रकार की आपदा और अग्नि दुर्घटना प्रबंधन पर विशेष ध्यान देकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये वॉलिंटियर्स को प्रापर ट्रेनिंग भी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए बेहतर से बेहतर प्लानिंग अमल में लाई जाए। विशेष ध्यान रहे कि कार्यों में विलंब न हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन शहर पहुंचने वाले 7 प्रमुख मार्गों को फोरलेन और एक प्रमुख मार्ग सिक्स लेन रोड के रूप में मंजूरी दे दी गई है। इस पर तेजी से काम प्रारंभ किया जाए, ताकि समय रहते सभी मार्ग तैयार हो जाएं। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी वर्ष 2016 के सिंहस्थ के व्यक्तिगत अनुभवों पर सिंहस्थ-2028 के लिए और अधिक बेहतर और व्यापक इंतजाम की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी काम अभी से प्रारंभ कर दिए जाएं, क्योंकि शाही स्नान के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं की एक ही वक्त में एक साथ एक ही स्थान पर मौजूदगी बनी रहने की संभावना रहती है। इसीलिये भीड़ प्रबंधन के‍लिए अत्याधुनिक प्रबंधन किए जाएं। अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास शुक्ल ने बताया कि मंत्रि-मंडलीय समिति द्वारा सिंहस्थ – 2028 के लिए 7 प्रमुख विभागों द्वारा 7379.75 करोड़ रूपए की लागत से किए जाने वाले कुल 74 अधोसंरचना विकास कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 54 विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, 15 निर्माण कार्य निविदा प्रक्रिया में है और 5 कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। सिंहस्थ – 2028 के पड़ाव क्षेत्र का टाउन प्लानिंग स्कीम (टी.पी.एस.) के माध्यम से विकास किया जाएगा। सिंहस्थ मेला क्षेत्र नगर विकास योजना 8,9,10,11 टी.पी.एस. (सम्मिलित रकबा 2378 हेक्टेयर) को राज्य शासन द्वारा 7 मार्च 2025 को मंजूरी दे दी गई है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं से जुड़े सभी विभागों द्वारा अपनी-अपनी कार्ययोजना की जानकारी दी गई। बैठक में सिंहस्थ – 2028 के दौरान यातायात प्रबंधन, पार्किंग व सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन एवं प्रशिक्षण, आवास, विद्युत, जल प्रदाय एवं सीवरेज, स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई व्यवस्था, उपचार, स्नान, प्रचार-प्रसार, देव दर्शन की व्यवस्था, खाद्य आपूर्ति व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, आई.टी. इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास, सी.एस.आर. सेल, टूरिज्म सर्किट के निर्माण आदि विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने हाल ही में सम्पन्न हुए प्रयागराज महाकुंभ के फील्ड विजिट … Read more

CM यादव ने राज्य नीति आयोग के विकसित मध्यप्रदेश विज़न डॉक्यूमेंट के लिए नागरिक सर्वे का शुभारंभ किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में राज्य नीति आयोग द्वारा बनाए जा रहे विकसित मध्यप्रदेश विज़न डॉक्यूमेंट के लिए नागरिक सर्वे का शुभारंभ किया। विकसित मध्यप्रदेश@ 2047 के निर्माण में आम जन की भागीदारी और उनका अभिमत जानने के उद्देश्य से नागरिक सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया है। इस सर्वे के लिए वेबसाइट के साथ ही एक क्यूआर कोड भी उपलब्ध करवाया गया है, जहां आमव्यक्ति भी नागरिक सर्वेक्षण में हिस्सा लेकर विभिन्न सुझाव दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश @2047 के निर्माण में प्रदेश के सभी नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। हमारा यह प्रयास है कि यह विज़न डॉक्यूमेंट केवल सरकार का दस्तावेज न होकर जनता का दस्तावेज बने। इसी उद्देश्य से इसके निर्माण की प्रक्रिया में विषय-विशेषज्ञों, हितधारकों और विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ व्यापक रूप से प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं और सुझावों को सम्मिलित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य हमारे बच्चे हैं और उनकी आकांक्षाओं को इस विज़न में स्थान देने के लिए प्रदेश के विद्यालयों में विकसित मध्यप्रदेश @2047 विषय पर निबंध प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इसके साथ ही जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जिला स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक लोगों से राय मांगी गई। इस प्रक्रिया में 2.5 लाख से अधिक नागरिकों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। इसी कड़ी में आज नागरिक सर्वेक्षण का शुभारंभ किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के अधिक से अधिक नागरिकों का अभिमत प्राप्त किया जा सके। यह सर्वेक्षण हमें बताएगा कि मध्यप्रदेश की जनता 2047 का मध्यप्रदेश कैसा देखना चाहती है और किन महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि इस सर्वेक्षण में भी प्रदेश के नागरिक उत्साह से भाग लेंगे। नागरिकों की भागीदारी से एक समावेशी, विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार किया जा सकेगा। नीति आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका विकसित मध्यप्रदेश @2047 विज़न डॉक्यूमेंट को तैयार करने में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस सर्वे में आयोग की वेबसाइट https://mprna.mp.gov.in/vision के माध्यम से भाग लिया जा सकता है। इसके लिए एक क्यूआर कोड भी उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर वर्ष@2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और एक लोकतांत्रिक वैश्विक महाशक्ति बनने की परिकल्पना की गई है। अपने समृद्ध इतिहास, विविध संस्कृतियों, विशाल प्राकृतिक संसाधनों और केंद्रीय भौगोलिक स्थिति के साथ मध्यप्रदेश भारत के भविष्य को आकार देने और@2047 में विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। यह ज़रूरी है कि मध्यप्रदेश के नागरिक, सामूहिक रूप से एक विकसित मध्यप्रदेश @2047 के लिए एक विज़न को आकार दें- एक बड़ी और विविधतापूर्ण अर्थव्यवस्था विकसित हो जो सभी निवासियों को उच्चतम गुणवत्ता वाला जीवन प्रदान करे। इस सर्वे के जरिए नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि विकसित मध्यप्रदेश @2047 के लिए विज़न को आकार देने के लिए अपनी राय और विचारों को व्यक्त करें। इस विज़न के लिए नागरिकों के योगदान से मध्यप्रदेश में आने वाली पीढ़ियां लाभान्वित होंगी। नागरिक सर्वेक्षण के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा (वित्त एवं वाणिज्यिक कर), मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास और योजना आर्थिक सांख्यिकी संजय शुक्ला एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

उज्जैन में क्षिप्रा तट से होगी प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  जल की बूंद-बूंद बचायें, जल से ही सुरक्षित होगा हमारा कल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 मार्च को गुड़ी पड़वा से होगा 90 दिवसीय जल गंगा जल संवर्धन अभियान का शुभारंभ उज्जैन में क्षिप्रा तट से होगी प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा अभियान पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभाग करेंगे सहभागिता अभियान में होगा 50 हजार नए खेत-तालाबों का निर्माण वर्षा जल भंडारण के लिए सभी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर दें विशेष ध्यान जल स्त्रोतों का रख-रखाव अब पंचायतें एवं स्थानीय जन करेंगे अभियान में प्रदेशभर में तैयार किए जाएंगे 1 लाख जलदूत अभियान के क्रियान्वयन संबंधी बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण में तेजी लाने के दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पानी से ही जिंदगानी है। हम सभी को जल की बूंद-बूंद बचाने की जरूरत है। जल से ही हम सबका आने वाला कल सुरक्षित है। जल गंगा जल संवर्धन अभियान में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक गतिविधियां चलाई जाएं। जन सामान्य में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों और आम जनता की भागीदारी से जल संरक्षण गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगी। अभियान में वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई ‘जल गंगा जल संवर्धन अभियान’ की बैठक ये निर्देश दिए। जल गंगा संवर्धन अभियान गुड़ी पड़वा 30 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून 2025 तक तीन माह लगातार चलेगा। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, अभियान से जुड़े अन्य विभागों के प्रमुख सचिव सहित सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभियान की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि जल गंगा जल संवर्धन अभियान से प्रदेश में जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। जल संरक्षण के लिए उठाए जाएं ठोस कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत जल संचय की विभिन्न गतिविधियां चलाई जाएं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण एवं जल स्रोतों का पुनर्जीवन, गांव-गांव में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यों के अलावा सामुदायिक सहभागिता के जरिए जल संरक्षण के प्रयास किए जाएं। अभियान को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए सकारात्मक अभियान की शुरुआत की जाए। ग्रीष्मकाल में शासकीय स्कूलों में जल संरक्षण की गतिविधियां आयोजित की जाएं। बच्चों के लिए पीने के पानी की टंकी की साफ-सफाई कराई जाए, जिससे विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए है। राज्य स्तरीय जल गंगा जल संवर्धन अभियान का शुभारंभ आगामी 30 मार्च को वर्ष प्रतिपदा के दिन से उज्जैन की क्षिप्रा नदी के तट से किया जाएगा। लगभग 90 दिन चलने वाले ‘जल गंगा जल संवर्धन अभियान’ का समापन 30 जून 2025 को होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेश व्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग एवं प्राधिकरण एक साथ मिलकर कार्य करेंगे। अभियान की थीम ‘जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण’ रखी गई है। प्रधानमंत्री मोदी का जल संरक्षण अभियान अब बना जन आंदोलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण आबादी को पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध कराने के लिए पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव में लोगों को पेयजल एवं किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। साथ ही गर्मी के मौसम में वन्य जीवों को भी कोई परेशानी न हो और उन्हें पानी मिले, इसके लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं को पुनर्विकसित किया जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। मध्यप्रदेश सरकार भी ‘खेत का पानी खेत में – गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश की ऐसी सभी नदियों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए, जहां जल धाराओं में मगरमच्छ, घड़ियाल, कछुआ समेत अन्य जलीय जीवों को पुनर्स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि नर्मदा में डॉल्फिन मछली को छोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। इन सभी प्रयासों से नदियों और जलीय जीवों दोनों का संरक्षण होगा। 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जल गंगा जल संवर्धन अभियान में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे। मंदिरों के निकट जल स्त्रोतों की सफाई में संतों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय एवं प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। विक्रम संवत् के पहले दिन वरुण पूजन और जलाभिषेक के साथ अभियान की विधिवत शुरुआत की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अमृत सरोवर … Read more

राज्य सरकार ने प्रस्तुत किया 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट

मध्यप्रदेश विकास और जनकल्याण की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना हमारा मुख्य लक्ष्य राज्य सरकार ने प्रस्तुत किया 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट वर्ष 2003-04 की तुलना में 21 गुना बड़ा है वर्ष 2025-26 का बजट बजट में कोई टैक्स नहीं लगाया गया है और न ही की गई है कोई कटौती वर्ष-2029 तक बजट के आकार एवं प्रदेश की जीएसडीपी को दो गुना करने का है लक्ष्य जेण्डर बजट, बाल बजट और कृषि संबंद्ध क्षेत्र में, विगत 6 वर्षों में हुई दोगुना से अधिक की वृद्धि सिंहस्थ-2028 के लिए 2 हजार 5 करोड़, गीता भवन और वृंदावन ग्राम योजना के लिये 100-100 करोड़ रूपये और श्रीकृष्ण पाथेय के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रावधान प्रदेश में बेहतर आवागमन के लिए मजरा-टोला सड़क योजना के अंतर्गत 100 करोड़ और सुगम परिवहन सेवा के लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान मुख्यमंत्री ने सर्व-व्यापक, सर्व-स्पर्शी, सर्व-समावेशी बजट के लिए वित्त एवं उप मुख्य मंत्री देवड़ा का किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गांव, गरीब सहित सभी वर्गों के लिए व्यवस्थित योजना से मध्यप्रदेश विकास और जनकल्याण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। राज्य का बजट 2025-26 इसी संकल्प की प्राप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। बुधवार (12 मार्च) को राज्य सरकार ने पहली बार 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया। यह बजट प्रावधान विगत वर्ष 2024-25 की अपेक्षाकृत 15 प्रतिशत अधिक है। इतने बड़े बजट के बाद भी कोई टैक्स नहीं लगाया गया है और न ही कोई कटौती की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभा में प्रस्तुत प्रदेश के वर्ष 2025-26 के बजट के संबंध में विधान सभा परिसर में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई सरकार बनते ही अगले 5 साल में बजट को दोगुना करने का लक्ष्य तय कर लिया गया था। वर्ष 2025-26 का बजट इसी दिशा में अनुकरणीय प्रयास है। इस बजट में राज्य के गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी (ज्ञान) सहित सभी वर्गों की बेहतरी के संकल्प को पूरा किया गया है। सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष- 1956 में मध्यप्रदेश का गठन हुआ, लेकिन वर्ष 2003-04 तक मात्र 20 हजार करोड़ रूपये का बजट था, अब हम इसे 21 गुना बढ़ाते हुए 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए तक पहुंचे हैं। यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश को अग्रिम पंक्ति में खड़ा करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश, भारत के सभी राज्यों में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का सर्व-व्यापक, सर्व-स्पर्शी, सर्व-समावेशी बजट प्रस्तुत कने के लिए अभिनंदन करते हुए कहा कि वर्ष 2025 का यह बजट मध्यप्रदेश की आशाओं, आकांक्षाओं का बजट है। राज्य सरकार अपने सभी संकल्पों को पूरा करने की ओर निरंतर आगे बढ़ रही है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष@2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 250 लाख करोड़) बनाना है। यह केवल संख्यात्मक दस्तावेज नहीं, अपितु प्रदेश की जनता की जिंदगी बदलने वाला बजट है। प्रधानमंत्री मोदी के संकल्पों के आधार पर राज्य सरकार का यह दूरदर्शी बजट सशक्त-समृद्ध-शक्तिशाली और खुशहाल मध्यप्रदेश बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह बजट जनकल्याण और सुशासन के साथ प्रदेश के विकास को गति प्रदान करेगा। गरीबों को सशक्त बनाएगा और प्रदेश के युवाओं के लिए बेहतर भविष्य का सृजन करेगा। बजट में महिलाओं, गरीब, किसान, अनुसूचित जाति और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए विशेष कदम उठाए गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोककल्याणकारी बजट के लिए प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने बजट में प्रमुख बिंदुओं के संबंध में जानकारी दी:-     यह बजट अनुमानित राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4 प्रतिशत अनुमानित रखते हुए वर्ष 2029-30 तक बजट के आकार एव प्रदेश की जीएसडीपी को दो गुना करने के लक्ष्य पर केन्द्रित है।     कुल विनियोग की राशि 4,21,032 करोड़ रुपए है, जो विगत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।     अनुमानित राजस्व प्राप्तियां 2,90,879 करोड़ रुपए है, जिसमें राज्य के स्वयं के कर की राशि 1,09,157 करोड़ रुपए, केन्द्रीय करों में प्रदेश का हिस्सा 1,11,662 करोड़ , करेत्तर राजस्व 21,399 करोड़ रुपए और केन्द्र से प्राप्त सहायता अनुदान 48,661 करोड़ रुपए शामिल हैं ।     वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की तुलना में राज्य के कर राजस्व में 7 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है।     वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की तुलना में पूंजीगत परिव्यय में लगभग 31 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है। राज्य की उपलब्धियां     नीति आयोग द्वारा जारी राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक प्रतिवेदन में राज्य को व्यय की गुणवत्ता में प्रथम स्थान दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपनी रिपोर्ट में राज्य की इस उपलब्धि का उल्लेख किया है।     वर्ष 2025-26 के बजट में विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले व्यय के प्रतिशत में सर्वाधिक 17 प्रतिशत अधोसंरचना क्षेत्र के लिए प्रावधान है। अधोसंरचना क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में विगत वर्ष 2024-25 की तुलना में 31 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है। राज्य की क्षेत्रवार उपलब्धियां     राज्य शासन महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रतिबद्ध है, 6 वर्षों में जेण्डर बजट का आकार दोगुना हुआ है।     कृषि और संबद्ध क्षेत्र में, विगत 6 वर्षों में दोगुना से अधिक की वृद्धि हुई है।     विगत 6 वर्षों में बाल-बजट का प्रावधान दोगुना से अधिक हुआ। नारी सशक्तिकरण     मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 18,669 करोड़ रुपए का प्रावधान है ।     लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 1,183 करोड़ रुपए का प्रावधान है।     मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता के अंतर्गत 720 करोड़ रुपए का प्रावधान है।     जल जीवन मिशन नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर मिशन में 17,136 करोड़ रुपए का प्रावधान है। अन्नदाता (किसान) के लिए … Read more

वाइल्ड-लाइफ कंजर्वेशन की राजधानी बना मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश जैव विविधता संरक्षण के साथ वन्य जीवों और मनुष्य के सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कान्हा-किसली से माधव राष्ट्रीय उद्यान मध्यप्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व्स की 52 वर्ष की यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाइल्ड-लाइफ कंजर्वेशन की राजधानी बना मध्यप्रदेश  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में 9 हुए टाइगर रिजर्व, वन्य जीव संरक्षण हुआ सशक्त मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण में आगे भोपाल मध्यप्रदेश ने वन्य जीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। शिवपुरी स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 58वें और मध्यप्रदेश के नौवें टाइगर रिजर्व की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा, “भारत वन्य जीव विविधता से समृद्ध है, यहां की संस्कृति वन्य जीवों का सम्मान करती है। हम हमेशा पशुओं की रक्षा करने में सबसे आगे रहेंगे।” उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वन्यजीवों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के शुभारंभ के प्रतीक पर स्वरूप एक बाघिन को स्वच्छंद विचरण के लिए मुक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए बाघ अभयारण्य को विकसित करते समय अन्य प्रजातियों के सह-अस्तित्व को बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं है, बल्कि एक खुला आवास है, जो वन्य जीवों और आम जनता दोनों के लिए सुलभ है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में मानव और वन्य जीवों के सह-अस्तित्व का अनोखा परिदृश्य मौजूद है। इस कदम से बाघों के संरक्षण को नया बल मिलेगा और जैव विविधता को सहेजने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व म.प्र. के प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। वन एवं वृक्ष आवरण में अग्रणी मध्यप्रदेश ‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार, मध्यप्रदेश 85,724 वर्ग किलोमीटर वन और वृक्ष आवरण के साथ देश में शीर्ष स्थान पर है। राज्य का वन आवरण क्षेत्र 77,073 वर्ग किलोमीटर है, जो देश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले 1973 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लागू किया था। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 9 टाइगर रिजर्व हो गए हैं। इनमें कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती, संजय-डुबरी, रातापानी और अब माधव टाइगर रिजर्व शामिल हैं। प्रदेश में 11 नेशनल पार्क, 24 अभयारण्य हैं। सफेद बाघों के संरक्षण के लिए मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी विकसित की गई है। प्रदेश में टाइगर रिजर्व की यात्रा को हुए 52 वर्ष प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व में सबसे पहले 1973 में कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व-1992, पन्ना टाइगर रिजर्व-1993-94, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व-1993-94, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व-1999-2000, संजय टाइगर रिजर्व-2011, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व-2023, रातापानी टाइगर रिजर्व-2024 और माधव टाइगर रिजर्व-2025 में घोषित किये गए। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा नवीन रातापानी और माधव टाइगर रिजर्व के विकास से इन क्षेत्रों में न केवल वन्यजीवों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। दोनों ही रिजर्व शहरों के नजदीक है। रातापानी प्रदेश की राजधानी भोपाल और माध्व रिजर्व शिवपुरी के नजदीक है। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने की योजना मध्यप्रदेश सरकार ने वन्य जीव संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए वन्य जीव कॉरिडोर विकसित किए हैं। साथ ही, 14 रीजनल और 1 राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वॉड गठित किया गया है। मानव-वन्य जीव संघर्ष के मामलों में क्षतिपूर्ति राशि 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। 9वां माधव टाईगर रिजर्व : एक संक्षिप्त परिचय कभी सिंधिया रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा वर्ष 1958 में की गई थी। अब यह टाइगर रिजर्व बन गया है। इसका क्षेत्रफल 375233 वर्ग किलोमीटर है। सांख्य सागर और माधव सागर झीलें इस अभयारण्य को हरा भरा बनाए रखने के साथ ही यहां के भू-जल स्तर को बनाए रखती हैं। सांख्य सागर झील को वर्ष 2022 में रामसर साइट भी घोषित किया गया है। इनके किनारे दलदली क्षेत्र में मगरमच्छ भी बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां हिरण चिंकारा, भेड़िये, साही अजगर, खरगोश, तेंदुए और अन्य कई वन्य जीव प्रजातियों के साथ ही देशी व प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा रहता है। माधव टाइगर रिजर्व की नई सौगात मध्यप्रदेश की ‘टाइगर स्टेट’ की पहचान को और सशक्त बना कर वन्य जीव संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25, विकास पथ पर तीव्र गति से बढ़ रहे मध्यप्रदेश के कदमों का प्रमाण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25, विकास पथ पर तीव्र गति से बढ़ रहे मध्यप्रदेश के कदमों का प्रमाण है। विभिन्न सूचकांक प्रदेश की उत्तरोत्तर प्रगति के प्रतीक हैं। प्रदेश की प्रगति में सरकार के प्रयासों के साथ नागरिकों के सहयोग सकारात्मक दृष्टिकोण का भी योगदान शामिल है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहाँ एक ओर वर्ष 2023-24 में प्रचलित भावों पर मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद 13 लाख 53 हजार 809 करोड़ रूपए था, वहीं इसमें 11.05% की वृद्धि हो गई है। सकल घरेलू उत्पाद अब बढ़कर 15 लाख 03 हजार 395 करोड़ रूपए पहुँच गया है। यह प्रगति प्रदेश की सशक्त अर्थव्यवस्था और समग्र विकास को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। इसी दिशा में हमने वर्ष 2028-29 तक सकल घरेलू उत्‍पाद को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25 प्रदेश की आर्थिक सुदृढ़ता और समग्र प्रगति का द्योतक है। वर्ष 2023-24 में स्थिर भावों पर मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद 6 लाख 71 हजार 636 करोड़ रूपए था, जो 6.05% की वृद्धि के साथ वर्ष 2024-25 में बढ़कर 7 करोड़ 12 लाख 260 करोड़ रूपए हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नव शक्ति प्रदान कर विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में कार्यरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सर्वेक्षण नागरिकों की समृद्धि को परिभाषित करने वाला है। मध्‍यप्रदेश की प्रति व्‍यक्ति आय का उल्लेख करें तो यह वर्ष 2024-25 में प्रचलित भावों पर 1 लाख 52 हजार 615 रूपए हो गई है। स्थिर भाव पर भी वर्ष 2024-25 में प्रति व्‍यक्ति आय 70 हजार 434 रूपए है। प्रदेश सरकार आर्थिक समृद्धि और जनकल्याण के संकल्प के साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सर्वेक्षण प्रदेश सरकार की सशक्त आर्थिक नीतियों और निरंतर विकासशील अर्थव्यवस्था का प्रतिबिंब है। मध्‍यप्रदेश के सकल मूल्यवर्धन में प्रचलित भावों पर वर्ष 2024-25 में क्षेत्रवार हिस्‍सेदारी क्रमश: प्राथमिक क्षेत्र में 44.36 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र में 19.03 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 36.61 प्रतिशत रही है। यह आंकड़े मध्यप्रदेश की संतुलित और निरंतर प्रगतिशील अर्थव्यवस्था को दर्शाते हैं, जहाँ सरकार के प्रयासों से प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों में समुचित विकास हो रहा है।  

बजट में आज किसानों को गेहूं, धान, श्रीअन्न के उत्पादन के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित, 2025-26 में एक लाख पदों पर होंगी भर्तियां

भोपाल आज 12 मार्च यानी बुधवार को विधानसभा में मोहन सरकार का दूसरा बजट प्रस्तुत होगा। जाहिर है कि मोदी सरकार के बजट की रोशनी में इसे तैयार किया गया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान मंत्र पर आधारित रहेगा। ज्ञान यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी। इसके लिए चार मिशन भी लागू किए जा चुके हैं। अब बजट में पूर्व से संचालित योजनाओं में प्रावधान किए जाएंगे। वहीं, किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषक उन्नति योजना प्रारंभ करने की घोषणा हो सकती है। इसमें गेहूं, धान और श्रीअन्न के उत्पादन पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। 2025-26 में एक लाख पदों पर होंगी भर्तियां     युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अगले दो वर्ष में ढाई लाख सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती का रोडमैप भी प्रस्तुत किया जा सकता है। 2025-26 में एक लाख पदों पर राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाएं कराकर भर्तियां की जाएंगी।     मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्र हैं। एक करोड़ से अधिक खातेदार कृषक हैं, जिनमें 67 प्रतिशत लघु और सीमांत हैं। किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से इतर प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।     अब इसके लिए जितने भी प्रावधान होंगे, वे सब कृषक उन्नति योजना में किए जाएंगे। कैबिनेट योजना को मंजूरी दे चुकी है। इसके प्रविधान कृषि बजट में किए जाएंगे। उत्पादन में वृद्धि के लिए आवश्यक सिंचाई क्षमता का विस्तार सरकार की प्राथमिकता में है।     इसे ध्यान में रखते हुए केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो योजना के लिए राज्यांश बढ़ाएगी। उल्लेखनीय है कि दोनों नदी जोड़ो परियोजना का हिस्सा हैं, जिसमें 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी।     सिंचाई क्षमता 50 लाख से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लिए जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के लिए बजट प्रावधान बढ़ाया जाएगा। अधोसंरचना विकास पर रहेगा जोर सरकार को जोर पिछले वर्षों की तरह इस बार भी अधोसंरचना विकास पर रहेगा। दरअसल, अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए औद्योगिकीकरण आवश्यक है। इसके लिए नए औद्योगिक केंद्र विकसित किए जाएंगे तो सड़क, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर काम होगा। नगरीय क्षेत्रों में डेढ़ हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग उन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बनाएगा, जो पूर्व से स्वीकृत हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण तेजी के साथ करने के लिए बजट आवंटित किया जाएगा। विभाग को दस हजार करोड़ रुपये से अधिक बजट मिल सकता है। इसी तरह स्कूल और कॉलेजों का बजट भी बढ़ाया जाएगा ताकि गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित हो सके। आवास के लिए पांच हजार करोड़ रुपये सूत्रों का कहना है कि आने वाले तीन वर्षों में 30 लाख से अधिक आवास शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जाएंगे। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि शहरी क्षेत्रों में आगामी तीन वर्षों में दस लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 लाख आवास बनाए जाने का लक्ष्य है। इसके लिए पांच हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।

स्थानीय कारीगरों को मिलेगा ग्लोबल-वोकल सपोर्ट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ हमारे कारीगरों और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में आयोजित ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) एक्सपो ने स्थानीय कारीगरों और किसानों के उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान किया। जीआईएस-भोपाल में 38 जिलों के विशिष्ट ओडीओपी उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें परंपरा और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिला। जीआईएस-भोपाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओडीओपी को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त पहल बताया। उन्होंने कहा कि हर जिले का एक खास उत्पाद उसकी सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान बन सकता है। ओडीओपी कार्यक्रम से लोकल प्रोडक्ट्स को ग्लोबल ब्रांड बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-भोपाल में ओडीओपी-एक्सपो से हमारे स्थानीय उत्पादों, विशेष रूप से हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को वैश्विक मंच पर पहचान बनाने का अवसर मिला है। कला , हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों का हुआ सजीव प्रदर्शन एक्सपो में ओडीओपी के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए, जिन्हें लाइव काउंटर और प्रोसेस काउंटर में विभाजित किया गया। लाइव काउंटर में बाग प्रिंट, जरी जरदोजी, बटिक प्रिंट, कालीन, चंदेरी साड़ी, बांस, बलुआ पत्थर और कपड़े की जैकेट जैसे आठ प्रमुख उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया को कारीगरों ने लाइव प्रदर्शित किया। जीआईएस-भोपाल में आयोजन के दौरान विदेशी निवेशकों और उद्योगपतियों ने स्थानीय कारीगरों के हुनर को करीब से देखा और उनकी कार्यशैली को समझा। एक्सपो के ‘कुम्हार पुरा’ और ‘टेक्निकल ज़ोन’ के लाइव काउंटर भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र बने रहे।  खाद्य और कृषि उत्पादों को मिली नई पहचान ओडीओपी-एक्सपो में खाद्य, मसाले और फलों से जुड़े 38 जिला विशिष्ट उत्पादों को उनके निर्माण प्रक्रिया के साथ प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों की खरीद और निर्यात के अवसर भी उपलब्ध कराए गए। साथ ही, निवेशकों ने विशिष्ट उत्पादों के सेंपल लिए, जिससे भविष्य में व्यापारिक संबंध स्थापित होने की संभावना बढ़ी। मध्यप्रदेश के विशिष्ट ओडीओपी उत्पाद मध्यप्रदेश में ओडीओपी के तहत विभिन्न जिलों के पारंपरिक, वस्त्र और कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इनमें बुरहानपुर का केला, ग्वालियर के आलू आधारित उत्पाद और स्टोन टाइल्स, खरगोन की मिर्च उत्पाद, मंदसौर के लहसुन उत्पाद, नीमच के धनिया उत्पाद, सतना के टमाटर आधारित उत्पाद, मुरैना की गजक और सरसों उत्पाद, इंदौर के आलू आधारित उत्पाद, भोपाल के अमरूद उत्पाद, चंदेरी की साड़िया, महेश्वर की साड़ियां और हथकरघा उत्पाद, टीकमगढ़ के मिट्टी शिल्प और हस्तशिल्प उत्पाद और धार के बाग प्रिंट शामिल है। राज्य के इन उत्पादों को मिला है जीआई टैग बाग प्रिंट, बालाघाट का चिन्नौर चावल, दतिया और टीकमगढ़ बेल धातु का कार्य, चंदेरी साड़ी, गोंड पेन्टिंग, ग्वालियर के हैन्डमेड कारपेट, जबलपुर का पत्थर शिल्प, झाबुआ का कड़कनाथ, इंदौर के चमड़े के खिलौने, माहेश्वरी की साड़ी, मुरैना की गजक, रतलामी सेव, रीवा का सुन्दरजा, उज्जैन का बटिक प्रिंट, सीहोर का शरबती गेहूँ, वारासिवनी की हेण्डलूम साड़ी, डिण्डोरी के मेटल वर्क को जीआई टैग मिला है। एक्सपो में हुआ निवेशकों और स्थानीय उद्यमियों में संवाद एक्सपो में निवेशकों और स्थानीय उद्यमियों के बीच संवाद का अवसर मिला, जिससे प्रदेश के कारीगरों और उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने की नींव रखी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा “विदेशी निवेशकों से हुए मेल-मिलाप ने प्रदेश के उत्पादों को ग्लोबल व्यावसायिक मंच देने की आधारशिला रखी गई है।” जीआईएस, भोपाल में ओडीओपी-एक्सपो ने यह साबित कर दिया कि मध्यप्रदेश के पारंपरिक उत्पादों में वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है। यह आयोजन स्थानीय उत्पादों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  

ग्वालियर शहर में मुख्यमंत्री के कारकेड गुजरते समय पुलिस ने गफलत में उसका एक वाहन ही रोक दिया

ग्वालियर एमपी के ग्वालियर शहर में मुख्यमंत्री के कारकेड गुजरते समय पुलिस ने गफलत में उसका एक वाहन ही रोक दिया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया, इसलिए बात नहीं बिगड़ी। लेकिन इसे लापरवाही मानते हुए उस पॉइंट पर तैनात जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक जितेन्द्र तोमर को लाइन अटैच कर दिया गया। बैरिकेडिंग की वजह से गड़बड़ा गई व्यवस्था जानकारी के मुताबिक सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करीब 1.30 घंटे ग्वालियर में रहे। शाम साढ़े छह बजे शिवपुरी से ग्वालियर पहुंचे मुख्यमंत्री का काफिला एयरपोर्ट से कटोराताल के पास छत्री के लिए रवाना हुआ। मुख्यमंत्री यहां माधवराव सिंधिया जयंती कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच रहे थे। इसी बीच जब उनका काफिला इंदरगंज छत्री की तरफ जा रहा था, तभी इस रूट पर पुलिस की व्यवस्था बैरिकेडिंग की वजह से गड़बड़ा गई। यहां पुलिसकर्मियों ने काफिले के एक वाहन को रोक लिया। इस रूट की सुरक्षा की जिमेदारी जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक जितेन्द्र सिंह तोमर की थी। एसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया निरीक्षक तोमर को लाइन अटैच किया गया है। हवाई अड्डे पर सीएम ने बदला रास्ता हवाई अड्डे पर भी मुख्यमंत्री के आने जाने के रास्ते में भी गफलत हो गई। दरअसल यहां सुरक्षा व्यवस्था मुख्य रास्ते पर थी। लेकिन मुख्यमंत्री उसके बाजू वाले रास्ते से एयरपोर्ट में दाखिल हो गए। ऐन वक्त पर उनके रास्ता बदलने से पुलिस यहां भी गड़बड़ा गई। दोनों रास्ते आसपास थे तो दूसरे रास्ते पर तैनात बल अपनी पोजिशन बदल कर उस रास्ते पर आ गया जिससे मुख्यमंत्री एयरपोर्ट में जा रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज की पुण्यतिथि पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धर्मनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणस्रोत वीर शिरोमणि छत्रपति संभाजी महाराज की पुण्यतिथि पर नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अद्वितीय वीरता और मातृभूमि की रक्षा के लिए वीर शिरोमणि छत्रपति संभाजी का बलिदान सदैव राष्ट्र और धर्म की सेवा के लिए प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।  

स्व. माधव राव सिंधिया की 80वीं जयंती पर प्रदेश को नई सौगात, शिवपुरी में प्रदेश के 9वें “माधव टाइगर रिजर्व” का शुभारंभ

प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन से होगी रोजगार में वृद्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव माधव, कूनो और घड़ियाल अभ्यारण्य से चंबल क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्व. माधव राव सिंधिया की 80वीं जयंती पर प्रदेश को नई सौगात, शिवपुरी में प्रदेश के 9वें “माधव टाइगर रिजर्व” का शुभारंभ चंबल और निकटवर्ती क्षेत्र में विकास के खुलेंगे नए द्वार शिवपुरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को शिवपुरी में नवनिर्मित “माधव टाइगर रिजर्व” का शुभारंभ किया। यह मध्यप्रदेश का 9वां और देश का 58वां नेशनल टाइगर रिजर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुनर्स्थापन प्रक्रिया से यहां लाई गई एक बाघिन को टाइगर रिजर्व क्षेत्र के मुक्त आवास में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन चंबल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। माधव टाइगर रिजर्व में बाघों का पुनर्स्थापन हो रहा है। वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से राज्य को 9वें नेशनल टाइगर रिजर्व की अभूतपूर्व सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाइगर रिजर्व के प्रतीक चिन्ह (लोगो) के विमोचन के साथ बाउन्ड्री वॉल का लोकार्पण भी किया। चंबल में वन्य जीवों और मनुष्य के सह-अस्तित्व का अद्भुत नजारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार चंबल क्षेत्र में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में वन संपदा है और वन्य जीव बड़ी संख्या में हैं। चंबल क्षेत्र के कूनो में चीता, चंबल नदी में घड़ियाल और अब माधव नेशनल पार्क में बाघ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। चंबल में वन्य जीव और मनुष्य मिलकर सह-अस्तित्व के भाव से अपनी-अपनी जिंदगी जी रहे हैं। यह अद्भुत नजारा केवल चंबल में देखने को मिलता है। राज्य सरकार के प्रयासों से यहां पर्यटन बढ़ेगा, रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे। अब चंबल में भी सुनाई देगी बाघ की दहाड़ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और विश्व में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश की भूमि पर पाए जाते हैं। मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है। बाघों के विचरण के लिए सिर्फ चंबल क्षेत्र ही शेष था। यह कमी भी आज पूरी हो गई है। स्व. माधवराव सिंधिया की जयंती पर इस बाघ आरक्षित क्षेत्र का लोकार्पण राज्य के समग्र विकास के लिए बढ़ते कदम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चंबल ने प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन के मामले में अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि माधव टाइगर रिजर्व नया इतिहास लिखेगा। यह क्षेत्र अब बाघों के पुनर्वास से अपनी नई पहचान बनाएगा। यहां पहले से भालू, तेंदुआ, हिरण, चिंकारा, भेड़िया, सियार, साही, अजगर और गिद्ध जैसे वन्य प्राणियों का बसेरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नए टाइगर रिजर्व के विकास कार्यों में दूसरे जीवों के सह-अस्तित्व का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं, बल्कि मुक्त क्षेत्र है, जो वन्य जीवों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी खुला रहेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माधव टाइगर रिजर्व के लोगो का विमोचन किया और माधव नेशनल पार्क की बाउंड्रीवॉल का लोकार्पण भी किया। चंबल क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन की संभावनाएं प्रबल हुईं: केंद्रीय मंत्री सिंधिया केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को ऐतिहासिक सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माधव टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व के बाद मध्यप्रदेश का तीसरा पुनर्जीवित किया गया नेशनल पार्क है। इससे चंबल क्षेत्र में वन्य जीव पर्यटन की संभावनाएं प्रबल हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर कूनो नेशनल पार्क में देश में विलुप्त हो चुके चीता को फिर से बसाया गया है। उन्होंने 10 मार्च 2023 को माधव नेशनल पार्क में पूर्व में 3 बाघ छोड़े थे। आज एक बाघिन को छोड़ा गया है। अब कूनो और माधव टाइगर रिजर्व का संयुक्त क्षेत्र 3000 वर्ग किलोमीटर से अधिक हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ मिलकर माधव टाइगर रिजर्व के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, वन राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहिरवार सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश सरकार के बजट में पहली बार सबसे अधिक महत्व युवा, महिला, गरीब और किसानों को दिया गया

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार का बजट सत्र कल सोमवार से शुरु हो गया है. लेकिन पहली बार इस बजट में सबसे अधिक महत्व युवा, महिला, गरीब और किसानों को दिया गया है. मौजूदा बजट सत्र में राज्य सरकार विभिन्न विभागों में खाली एक लाख से अधिक पदों को भरने का ऐलान कर सकती है. स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 24,500 और ग्रह विभाग में 20 हजार से अधिक पद भरे जाने हैं. इसके साथ ही निजी क्षेत्रों में भी सरकार आगामी 5 सालों में ढाई लाख रोजगार देने का वादा कर रही है. लाडली बहनों के खातों में आती रहेगी सम्मान निधि इस बजट में मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं को कई तोहफे देने जा रही है. सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लखपति दीदी का दायरा 5 लाख से अधिक बढ़ाने का प्रयास कर रही है. इस बजट में सरकार ने प्रदेश की 15 लाख महिलाओं को आर्थिक रुप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. वहीं लाडली बहना योजना के लिए भी सरकार 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट रख सकती है. यानि मध्यप्रदेश में लाडली बहना बंद नहीं होगी. यह चलती रहेगी. इसके साथ ही उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को गैस सिलेंडर की सब्सिडी के रुप में 450 रुपये की राशि मिलती रहेगी. वहीं इस बार बजट सत्र के दौरान सरकारी नौकरियों में महिलाओं का कोटा 35 प्रतिशत से अधिक रह सकता है.         गरीबों को मिलेंगे 6 लाख नए मकान, किसानों का बढ़ेगा बोनस मध्यप्रदेश सरकार इस बजट सत्र में गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 लाख नए किफायती मकानों को बनाने की घोषणा कर सकती है. अधिकारियों का कहना है कि, ”इसमें 4 लाख मकान ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जाएंगे. वहीं किसानों को धान का बोनस 4 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर किया जाएगा. गेंहू में सरकार 175 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस देगी.” किसानों को अल्पकालीन कर्ज के लिए भी 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है. किसानों को खेती के लिए सस्ती बिजली की सौगात भी इस बजट में सरकार दे सकती है. वहीं यह बजट कर्मचारियों के लिए भी खास रहने वाला है. सरकार उनका मंहगाई भत्ता 14 प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान कर सकती है.

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की सहायता देने के निर्देश

सावधानी और सतर्कता रखें वाहन चालक, नींद और आराम का ध्यान रखना भी जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया मुख्यमंत्री ने  मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की सहायता देने के निर्देश गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपए सहायता दी जाएगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधी जिले के उपनी गांव के समीप देर रात सड़क दुर्घटना में आठ श्रद्धालुओं की असामयिक मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 2-2 लाख रुपए, गंभीर घायलों को एक-एक लाख एवं सामान्य घायलों को 50-50 हजार रुपए की राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि देर रात पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय नागरिकों की मदद से घायलों के इलाज का प्रबंध किया और गंभीर रूप से घायल यात्रियों को रीवा रेफर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवार के साथ शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए भगवान महाकाल से दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को इस अथाह दु:ख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य लाभ की कामना भी की। उल्लेखनीय है कि मैहर माता के दर्शन करने जा रहे यात्री वाहन और ट्रक की रविवार को देर रात हुई भयानक टक्कर में आठ यात्रियों की मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया में जारी संदेश के माध्यम से वाहन चालकों से वाहन सावधानी से चलाने, सड़कों पर आवश्यक सावधानी व सतर्कता रखने और अपने आराम व नींद का ध्यान रखते हुए वाहनों के संचालन की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं से कई परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाहन दुर्घटनाओं से बचने के लिए हर संभव उपाय करने के निर्देश दिए हैं।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कहा था आने वाले पाँच साल में बजट को दुगना करेंगे और हम इसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे

 भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण के साथ प्रारंभ हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के माध्यम से सरकार के द्वारा किए गए काम और भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की है। अभिभाषण के माध्यम से उन्होंने सरकार की नीति और नीयत का रोडमैप दिया है, उसके लिए वो सदन के नेता होने के नाते धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला बजट सबकी भावनाओं के अनुरूप होगा। उन्होंने कहा कि आज ही शिवपुरी में मध्यप्रदेश के 9वें माधव टाइगर रिजर्व का शुभारंभ हो रहा है और इससे पर्यटन की नई संभावनाओं का उदय होगा। सीएम ने कहा कि हम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के बाद हम सपनों का मध्यप्रदेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरु हुआ बजट सत्र मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण के साथ शुरु हुआ। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि “मार्च 2024 में उज्जैन से शुरू रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से लेकर फरवरी 2025 में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन तक मध्यप्रदेश को ₹30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिन्हें धरातल पर उतारने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी प्रदान की है। प्रदेश के 89 हजार 710 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए उनके खाते में ₹224 करोड़ की राशि अंतरित की गई है। अगले 5 वर्ष में प्रदेश में 1 लाख किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क से 8631 गांव जुड़े हैं, जिनकी लंबाई 19,472 किलोमीटर है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) अंतर्गत प्रदेश के 24 जिलों के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के जनजाति वर्ग के लोग लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 30 लाख आवासों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 13 लाख का निर्माण प्रगतिरत है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार से 11 लाख 89 हजार आवास निर्माण के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा ‘सबकी भावनाओं के अनुरूप होगा बजट’ सीएम डॉ. मोहन यादव ने सदन के नेता होने के नाते राज्यपाल के अभिभाषण के लिए आभार व्यक्त किया। इसी के साथ उन्होंने कहा कि कल अभिभाषण पर विस्तार से चर्चा होगी और बारह मार्च को सरकार का जवाब आएगा। वहीं, उन्होंने कहा कि  आने वाला बजट सबकी भावनाओं और आशाओं के अनुरूप होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर हमारी सरकार अभी तक के बजट के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए पर्याप्त धनराशि के साथ बजट लाएगी, जिसमें वो संकल्प भी दिखाई देगा जिसमें हमने कहा था कि पाँच साल में हम अपने बजट को डबल करेंगे।” बता दें कि 12 मार्च को सरकार बजट पेश करेगी। विधानसभा सत्र 24 मार्च तक चलेगा और इसमें कुल 9 बैठकें होंगी।

ओंकारेश्वर, उज्जैन और झाबुआ में धर्मशाला निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करायेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगोरिया की मस्ती में झूमते-नाचते टोलियों को देखकर पाँव अपने आप लगते हैं थिरकने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव झाबुआ जिले में जल प्रदाय के लिए अनास नदी को नर्मदा नदी से जोड़ने की योजना का होगा परीक्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ओंकारेश्वर, उज्जैन और झाबुआ में धर्मशाला निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करायेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालका माता मंदिर से एम-2 होटल तक का होगा सड़क निर्माण भगोरिया में हुआ भव्य स्वागत, भगोरिया की मस्ती में झूमे मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झाबुआ जिले की सांस्कृतिक विविधता एवं महत्व को परिलक्षित करते भगोरिया हाट में सम्मिलित होकर बहुत आनंद आया है। फागुन का रंग चढ़ रहा है। भगोरिया में मदमस्त टोलियों ने एक नए उत्साह का संचार किया है, मन प्रफुल्लित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम स्थल पर ढोल-मांदल लिये नृत्य करते हुए दलों के साथ भगोरिया की मस्ती में झूम उठे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भील महासम्मेलन का भारत माता, क्रांतिसूर्य टंट्या भील, राणा पुंजा एवं शबरी माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगोरिया में मस्ती में झूमते-नाचते टोलियों को देखकर पाँव अपने आप थिरकने लगते हैं। उन्होंने कहा कि झाबुआ में हजारों वर्षों से फागुन के माह में ढोल-मांदल की थाप पर भगोरिया उत्सव मनाया जाता रहा है, जो कि इसकी पहचान बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आप अपने पूर्वजों का अभिनंदन करें और संस्कृति और विरासत को बनाये रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज के विकास के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार तत्परता से कार्य कर रही है। अब रोजगार के लिये युवाओं को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार प्रत्येक क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय विद्यार्थियों के लिये मेडिकल कॉलेज सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स की नि:शुल्क कोचिंग शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज खोलने की नीति में बदलाव किया गया है। इसमें सबसे पहले जनजातीय बहुल अंचल में मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोलर पम्प योजना के तहत नि:शुल्क बिजली देकर हर खेत तक पानी पहुंचायेंगे। उद्योगों की स्थापना के लिये अनुदान नीति बनायी गयी है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिये नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस सेवा की व्यवस्था की गयी है और दूध उत्पादकों को दूध उत्पादन पर 5 प्रतिशत बोनस तथा गाय खरीदने पर अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले में जल प्रदाय के लिये अनास नदी को नर्मदा नदी से जोड़ने की योजना के परीक्षण के निर्देश दिये। उन्होंने ओंकारेश्वर, उज्जैन और झाबुआ में धर्मशाला निर्माण के लिये भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसी तरह झाबुआ में कालका मंदिर से एम-2 होटल तक सड़क निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ कलेक्टर को निर्देश दिये कि कच्चे मकानों की सूची तैयार कर पीएम आवास योजना के तहत सर्वे करायें, जिससे सभी को पीएम आवास योजना में पक्के मकान उपलब्ध कराये जा सकें। दिलीप गेट पर स्थित पूर्व सांसद स्व. भूरिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ में दिलीप गेट पर पूर्व सांसद स्व. दिलीप सिंह भूरिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने जनजातीय अंचल के विकास में उनके योगदान को याद किया। दिलीप क्लब पर भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिलीप क्लब में भगोरिया पर्व पर महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने जनजातीय अंचल की झुलड़ी एवं साफा पहनाकर स्वागत किया। साथ ही जनजातीय अस्मिता के प्रतीक तीर-कमान भेंट कर अभिनन्दन किया। भगोरिया गैर मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगोरिया गैर में शामिल हुए। इसमें 250 से अधिक ढोल-माँदल की टोलियॉं शामिल हुईं। ये सभी सांस्कृतिक नृत्य करते हुए कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुए। भगोरिया गैर का आनन्द देखते ही बनता था। जनजातीय समाज के लोग हर ओर मस्ती में झूमते, नृत्य करते हुए मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनन्दन कर रहे थे। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का झाबुआ जिले में स्वागत है। उन्होंने बताया कि अंचल में उनके पिताजी एवं पूर्व सांसद स्व. भूरिया के प्रयासों से पेसा एक्ट को अधिनियमित किया गया, जिससे जनजातीय क्षेत्र में ग्राम सभाएँ सशक्त हुई हैं। आज अंचल में विभिन्न कार्यों से विकास की गंगा बह रही है। पूर्व सांसद गुमान सिंह डामोर ने कहा कि भील सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति से अंचल की सांस्कृतिक विरासत भगोरिया का आनंद और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने भील समाज के उत्थान के लिए किये गये प्रयासों से अवगत कराया। कार्यक्रम में कलसिंह भाबर, राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री कनकमल कटारा और जनजातीय समाज के बंधु उपस्थित रहे।  

पानसेमल स्वास्थ्य केन्द्र बनेगा सिविल अस्पताल, ढोल-मांदल वालें दलों को मिलेंगे 5-5 हजार रूपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय संस्कृति में भगोरिया हाट का है विशेष महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगोरिया के आनंद और उल्लास को देख मन हुआ प्रफुल्लित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पानसेमल स्वास्थ्य केन्द्र बनेगा सिविल अस्पताल, ढोल-मांदल वालें दलों को मिलेंगे 5-5 हजार रूपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ढोल-मांदल वालें दलों को मिलेंगे 5-5 हजार रूपये भगोरिया और होली की दी शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को बड़वानी जिले के पानसेमल के पारंपरिक लोक उत्सव भगोरिया हाट में कहा कि जनजातीय संस्कृति में भगोरिया का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि हमारे त्यौहार और संस्कृति हमारी परम्परा को दर्शाते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय वेशभूषा पहनकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ विशेष रूप से सजी हुई गाड़ी में भगोरिया मेले का आनंद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को भगोरिया एवं होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगोरिये में पानसेमल क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय संस्कृति में भगोरिया हाट का विशेष महत्व है। यह पर्व रबी की फसल कटाई के बाद मनाया जाता है। इसमें ग्रामीण भाई-बहन त्यौहारों के लिए विशेष खरीदी करते है। त्यौहारों में हम एक दूसरे से आपस में मिलकर आपसी वैमनस्य को समाप्त कर भाई-चारा बनाये रखते है। हम सब एक दूसरे से मिलजुलकर हमेशा जुड़े रहे यही हमारे त्यौहारों की विशेषताएं है, इसलिए हमे अपने त्यौहार, अपनी संस्कृति एवं परंपराओं का सम्मान करते हुए इन्हे सहेजना चाहिए। मुख्यमंत्री का तीर कमान एवं कुलदेवी की टोकरी भेंट कर किया स्वागत भगोरिया हाट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनप्रतिनिधियों ने तीर कमान एवं कुलदेवी की टोकरी भेंट कर अभिनंदन किया। कुलदेवी की टोकरी गोल-गोल घूमते हुए देखकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पानसेमल नगरवासियों के द्वारा भव्य स्वागत किया गया। नगरवासियों ने अपनी दुकान, घरो, छतों, चौराहे से पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। ढोल-मांदल बजाने वालें समूहों को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके स्वागत में आये स्थानीय ढोल-मांदल बजाने वाले समूहो की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ढोल-मांदल की थाप पर स्वत: पैर थिरकने लगते हैं। संस्कृति संरक्षण के लिये कलाकारों को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक समूह को 5-5 हजार रूपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति की इस परंपरा को वे बनाये रखे, जिससे आने वाली पीढ़ी भी इसे देखते हुए अपनी धरोहर को सहेज सकें। पानसेमल स्वास्थ्य केन्द्र का सिविल अस्पताल में होगा उन्नयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानसेमल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का क्षेत्र की आवश्यकता अनुसार सिविल अस्पताल में उन्नयन किया जायेगा। पानसेमल भगोरिया में राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी, क्षेत्रीय सांसद गजेन्द्रसिंह पटेल, क्षेत्रीय विधायक श्याम बर्डे, पूर्व सांसद सुभाष पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शीला विनोद वसावे, नगर पालिका सेंधवा अध्यक्ष श्रीमती बसंती बाई यादव, पानसेमल नगर पंचायत अध्यक्ष शैलेष भण्डारकर, नगर परिषद खेतिया अध्यक्ष दशरथ निकुम, नगर परिषद निवाली अध्यक्ष श्रीमती तरूणा नरेन्द्र सिसोदिया, अजय यादव, विकास आर्य, लोकेश शुक्ला, श्याम पण्डित, अनूप मिश्रा, सहित बड़ी संख्या में नगरीय एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कप्तान रोहित एवं समस्त भारतीय क्रिकेट टीम की सराहना की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिष्ठित चैंपियन ट्रॉफी-2025 में भारतीय क्रिकेट टीम की शानदार विजय पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने संपूर्ण टीम ने गजब का क्रिकेट खेला है। भारतीय टीम सर्वश्रेष्ठ है। फाइनल मुकाबला बहुत रोचक और रोमांचक था, लेकिन हमारे धुरंधर बल्लेबाज और सभी खिलाड़ियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया और जीतने के लिए पूरी जान लगा दी। भारतीय खिलाड़ी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को विजय दिलवाने में सफल रहे। पूरा देश इस उपलब्धि पर गौरवान्वित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त राष्ट्रवासियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह और भी हर्ष और गर्व की बात है कि भारत ने तीन बार चैंपियन ट्रॉफी जीत कर इतिहास रचा है। दो बार स्वतंत्र रूप से और एक बार संयुक्त रूप से भारत ने यह स्पर्धा जीती है। इस तरह भारत दुनिया का एक मात्र देश है जिसे तीन बार चैम्पियन ट्रॉफी में विजय मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा सहित सभी खिलाड़ियों को बधाई दी है। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने न्यूजीलैंड के दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर हमारी सफलता के मार्ग को आसान किया। अन्य गेंदबाज भी बहुत अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे। इस तरह टीम भावना ने भारत को यह महत्वपूर्ण जीत दिलवाई।  

CM यादव ने कहा जो भी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के माध्यम से धर्मांतरण कराएंगे उनको फांसी देने का प्रबंध हमारी सरकार ……

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया।  मोहन यादव ने कहा जो भी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के माध्यम से धर्मांतरण कराएंगे उनको भी फांसी देने का प्रबंध हमारी सरकार द्वारा किया जा रहा है। दुराचार और धर्मांतरण करने वालों को मिलेगी फांसी डॉ मोहन यादव ने कहा कि मासूम बेटियों के साथ दुराचार करने वाले मामले में सरकार बहुत कठोर है। इसलिए इस संबंध में फांसी का प्रावधान किया गया है। जोर जबरदस्ती से बहला फुसलाकर जो दुराचार करेगा, हमारी सरकार उसको छोड़ने वाली नहीं है। किसी हालत में ऐसे लोगों को जीवन जीने का अधिकार नहीं देना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के माध्यम से धर्मांतरण कराएंगे उनको भी फांसी का प्रबंधन हमारी सरकार द्वारा किया जा रहा है। अपराधियों के साथ कड़ाई से पेश आएगी सरकार सीएम मोहन यादव ने कहा कि किसी हालत में भी ना तो धर्मांतरण ना दुराचरण किसी भी प्रकार व्यवस्थाओं के खिलाफ सरकार ने संकल्प दिया है कि समाज के अंदर कुरूतियो को गलत बातों को बढ़ावा कठोरता के साथ पेश आएंगे।  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपराधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को फांसी की सजा दी जाएगी जो जबरन धर्म परिवर्तन कराएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जबरन धर्म परिवर्तन, दुराचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। महिलाओं के खाते में डाले पैसे सीएम मोहन ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए मध्य प्रदेश सरकार तत्पर है। एक्स हैंडल पर सीएम ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल में आयोजित ‘लाड़ली बहना राशि अंतरण कार्यक्रम’ में सहभागिता कर सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.27 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में ₹1552.73 करोड़ की राशि एवं ₹450 में गैस सिलेंडर रीफिल योजना की 26 लाख से अधिक पात्र हितग्राही बहनों को ₹55.95 करोड़ की अनुदान राशि अंतरित कर शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री यादव की सुरक्षा और काफिले की पूरी जिम्मेदारी महिला शक्ति के हाथों में सौंपी गई

 भोपाल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2025 आज पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मौके पर एक अनोखा और प्रेरणादायक कदम उठाया है. इस खास दिन पर उनकी सुरक्षा और काफिले की पूरी जिम्मेदारी महिला शक्ति के हाथों में सौंपी गई है. इतना ही नहीं, सीएम की गाड़ी की सारथी भी आज एक महिला बनी, जो इस पहल को और भी भावुक बनाती है. CM मोहन यादव की सुरक्षा की जिम्मेदारी उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बिट्टू शर्मा के कंधों पर है. उनकी गाड़ी को इंस्पेक्टर इरशाद अली चला रही हैं, जिन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाने में गर्व महसूस किया. कारकेड के वाहनों की जिम्मेदारी सपना सहित अन्य महिला चालकों पर है, जबकि अंडर सेक्रेटरी श्रीलेखा क्षोत्रीय ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) का दायित्व संभाल रही हैं. प्रेस अधिकारी की भूमिका बिंदु सुनील और सोनिया परिहार के पास है. ये सभी महिलाएं अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं, जो नारी शक्ति की ताकत को दर्शाता है. इस पहल से जहां एक ओर महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर सीएम यादव का यह कदम भावनात्मक रूप से लोगों को प्रभावित कर रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर या उससे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं. सीएम की इस सोच ने मध्यप्रदेश में एक नई उम्मीद जगा दी है, जहां महिलाएं हर भूमिका में अपनी पहचान बना रही हैं. महिला दिवस के अवसर पर CM मोहन सरकार का यह अंदाज लोगों के दिल को छू गया है. CM हमेशा से महिलाओं के कल्याण और उत्थान के लिए संकल्पित रहे हैं. उनका स्पष्ट मानना है कि महिलाओं के बिना न तो प्रदेश का विकास संभव है और न ही देश का. इसी सोच के तहत उन्होंने महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जो उन्हें समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं. इस पहल से एक बार फिर साबित हो गया कि मुख्यमंत्री महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रति कितने गंभीर हैं.  

मुख्यमंत्री ने नए कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए किया भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में बड़े आयोजनों के लिए जिस तरह के कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता थी, वह कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) के विस्तारीकरण और नए कन्वेंशन सेंटर से पूर्ण हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन सफल रहा। इस अवसर पर भोपाल में एक कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता अनुभव की गई। इस तरह के सेंटर की स्थापना की घोषणा के कुछ दिन में ही केन्द्र सरकार से इसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इस तरह यह नए केन्द्रीय बजट के पहले महत्वपूर्ण प्रकल्प के रूप में सामने आया है और शीघ्र ही इस सेंटर के विकास का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों में विकास के साथ ही शहरों में जनता से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। राजधानी भोपाल और प्रदेश का विकास प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर के मुख्य सभाकक्ष में कन्वेंशन सेंटर परिसर में प्रस्तावित नवीन कन्वेंशन सेंटर का भूमि-पूजन कर समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को 100 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस नए कन्वेंशन सेंटर के निर्माण में वर्तमान कन्वेंशन सेंटर की वास्तुकला और आकल्पन की तरह कार्य सम्पन्न किए जाने के निर्देश दिए। उच्च स्तरीय बैठकों के साथ ही व्यवसायिक आयोजनों और बड़े सम्मेलनों के लिए यह सेंटर उपयोगी सिद्ध होगा। भोपाल टाइगर कैपिटल भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन मध्यप्रदेश की पहचान है। हाल ही भोपाल में सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से भोपाल की प्राकृतिक सुंदरता प्रतिभागियों के मध्य चर्चा का विषय रही। वन्य जीवन पर्यटन में प्रदेश की नई पहचान बन रही है। देश में सर्वाधिक टाइगर मध्यप्रदेश में है। प्रदेश में माधव राष्ट्रीय उद्यान 9वां टाइगर रिजर्व घोषित हुआ है। मानव और वन्य प्राणी के सह-जीवन का अनूठा उदाहरण राजधानी भोपाल में देखने को मिलता है, जहां रातापानी अभ्यारण्य के झिरी-द्वार की दूरी शहर से सिर्फ 4-5 किलोमीटर दूर है। यहां टाइगर की संख्या को देखते हुए भोपाल को टाइगर कैपिटल मान सकते हैं। भोपाल की झील में घड़ियाल भी मिलेंगे। हमारे देश में मध्यप्रदेश ही ऐसा प्रदेश है जहां चीतों की बसाहट के साथ चम्बल क्षेत्र में घड़ियाल अभ्यारण्य और प्रदेश में अनेक टाइगर रिजर्व हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वामी विवेकानंद की उस उक्ति को चरितार्थ करने का कार्य किया है, जिसमें 21वीं सदी भारत की होने की भविष्यवाणी की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। आर्थिक शक्ति के रूप में भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में खजुराहो प्रथम एयरपोर्ट था। अब हवाई सेवाओं का प्रदेश में तेजी से विस्तार किया जाएगा। व्यापार-व्यवसाय क्षेत्र को इससे काफी लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन कार्यक्रम में उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों विशेष होटल और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि इस कन्वेंशन सेंटर के भूमि-पूजन से मुख्यमंत्री डॉ. यादव की 25 फरवरी की घोषणा का 10 दिवस के अंदर क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता से उत्साह का वातावरण बना है। मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में निवेशक आ रहे हैं। निश्चित ही प्रदेश में औद्योगिक विकास का वातावरण बनेगा। जहां उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य के न्याय और विकास के दर्शन का प्रतीक है, वहीं प्रदेश की राजधानी भोपाल अत्याधुनिक सेवाओं के साथ नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। वरिष्ठ सांसद वी.डी शर्मा ने कहा कि विजनरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में इस तरह के सुविधाजनक कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आवश्यकता बताई थी। वर्तमान कन्वेंशन सेंटर की क्षमता कम होने से कई आयोजनों में जो कठिनाई हो रही थी, वह नए सेंटर के निर्माण के बाद खत्म हो जाएगी। भोपाल की सुंदरता शहर की पहचान बनी है। प्रधानमंत्री मोदी भी भोपाल के सौन्दर्यीकरण को देखकर प्रभावित हुए थे। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने वीडियो संदेश द्वारा भोपाल को मिली इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए बधाई दी। कैसा होगा नया कन्वेंशन सेंटर वर्तमान सेंटर के परिसर में आधुनिक तकनीक से नया सेंटर निर्मित और सुसज्जित किया जाएगा। नवीन संरचना में भूतल, निचला तल, प्रथम एवं द्वितीय तल निर्मित होंगे। वर्तमान कुशाभाऊ ठाकरे सभागार और प्रस्तावित भवनों के बीच सांस्कृतिक केन्द्र होगा, जिसमें कियोस्क होंगे, जो सम्मेलनों के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प का प्रदर्शन और विक्रय करने में सहायक होंगे। नवीन सेंटर में करीब 1500 व्यक्तियों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, 300 व्यक्ति के लिये हॉल, 200 व्यक्तियों के लिये मीटिंग हॉल, भोजन के लिये 2000 व्यक्तियों की क्षमता वाला डाइनिंग हॉल एवं डाइनिंग सुविधा युक्त 2000 व्यक्तियों की क्षमता वाला लॉन, वर्तमान एवं नवीन भवन मिलाकर 3000 व्यक्तियों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल जिसमें 4500 व्यक्तियों के भोजन करने की क्षमता, अतिथियों के लिये सर्वसुविधायुक्त 15 कमरे जिनमें 5 सुइटस एवं 10 अतिरिक्त बड़े कुल 40 बेड क्षमता वाले कमरे, पुराने एवं नवीन भवनों के बीच बफर ओपन स्पेस (इनमें सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों की सुविधा), 300 व्यक्तियों के लिये डाइनिंग रेस्टोरेंट, बिजनेस सेंटर (प्रेस लॉन्ज, ट्रैवल डेस्क, मनी चेंजर, निजी लॉउन्ज एवं टी लॉउन्ज), मॉडर्न बिल्डिंग मैनेजमेंट, फायर फाइटिंग सिस्टम और ऑडियो-वीडियो युक्त आधुनिक तकनीक एवं एकॉस्टिक इंटीरियर्स के साथ ही 2000 व्यक्तियों की क्षमता का बैंक्वेट हॉल भी बनेगा। इसमें 400 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी होगी। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और प्रस्तावित नवीन कन्वेंशन सेंटर दोनों परिसरों को एक कॉरीडोर से जोड़ा जाएगा। वर्ष 2026 में बनकर तैयार होने वाला यह सेंटर निश्चित ही भोपाल के लिए यह अनूठी सौगात होगा। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, अध्यक्ष नगर निगम भोपाल कृष्ण सूर्यवंशी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। प्रमुख सचिव पर्यटन शिवशेखर शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन दिया और अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। पर्यटन निगम के … Read more

मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन्य जीव पर्यटन के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम उठाने वाला राज्य है। प्रदेश का चम्बल अंचल और निकटवर्ती क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। इस अंचल में जहां एशिया का प्रथम चीता प्रोजेक्ट लागू कर चीतों के पुनर्वास का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है और अब चीतों की दूसरी पीढ़ी ने भी जन्म ले लिया है। घड़ियाल प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और अब माधव नेशनल पार्क प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित होने से यह क्षेत्र पर्यटकों के और अधिक आकर्षण का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में टी.वी. चैनल्स प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि माधव टाइगर रिजर्व के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। वर्ष 1956 में स्थापित माधव नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व घोषित होने से प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व होगा, जो प्रदेश के वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को बढ़ावा देगा। दो वर्ष पूर्व माधव राष्ट्रीय उद्यान में दो मादा और एक नर बाघ छोड़े गए थे। मादा बाघ ने दो शावकों को जन्म दिया है अब 2 बाघ और भी छोड़े जाएंगे, जिससे यहां 7 बाघ हो जाएंगे और प्राकृतिक ब्रीडिंग से बाघों की संख्या में वृद्धि होगी। शिवपुरी शहर के पास होने से पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से आदर्श होगा। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता और माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ होने से पर्यटको को दो बड़े वन्य जीव देखने का अवसर प्राप्त होगा। माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ के साथ ही तेंदुआ, भेड़िया, सियार, साही, अजगर, चिंकारा आदि वन्य प्राणी भी पाए जाते हैं। तीन माह में दूसरा टाइगर रिजर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीन माह में प्रदेश में दूसरे टाइगर रिजर्व का प्रारंभ होना पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम से रातापानी अभयारण्य 8वां टाइगर रिजर्व था। वर्ष 2025 शुरूआत से वन्य जीवन पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण और अनुकूल सिद्ध हो रहा है। प्रदेश में वन्य जीवों के साथ मनुष्यों के सह-जीवन का अद्भुत उदाहरण देखने को मिलता है। वर्तमान में जितने भी टाइगर रिजर्व हैं, वहां पर्यटन विभाग के होटलों सहित वाहनों की शत-प्रतिशत बुकिंग की स्थिति रहती है। प्रदेश में पर्यटक संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी।  

भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है

सी.एम. ब्लॉग अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष भोपाल “नारी अस्य समाजस्य कुशलवास्तुकारा अस्ति” “नारी समाज की आदर्श शिल्पकार है”, भारतीय दर्शन का यह उल्लेख नारी शक्ति और निर्माण का आह्वान है। भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है। हमारी परंपरा, संस्कृति और चिंतन में नारी का सम्मान रहा है। यह हमारे लिये गौरव की बात है कि पूरे संसार ने महिला सशक्तिकरण को स्वीकार किया और 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन करता हूँ। विश्व पटल पर यह दिन चर्चा का विषय हो सकता है, लेकिन देश में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण का संकल्प कार्य रूप में परिणित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिये कई नवाचार हुए और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इन योजनाओं का अनुकरण अन्य प्रांतों ने भी किया। इस तरह मध्यप्रदेश, देश में महिला सशक्तिकरण के लिए अग्रणी प्रांत बन गया। प्रधानमंत्री जी ने हमें विकास के साथ विरासत का सूत्र दिया है। भारत की वैचारिक विरासत नारी सम्मान की रही है।यदि सामाजिक वातावरण में मर्यादा होगी, नारी सम्मान होगा तो अपराध अपने-आप कम हो जायेंगे और नारी स्वयमेव सुरक्षित हो जाएगी। इसीलिए भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप हमने प्रदेश में आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता और नारी सम्मान के लिये 19 स्थानों को नशामुक्त करने का निर्णय लिया है। इससे हमारे धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहेगी, नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी, घरेलू हिंसा में नियंत्रण के साथ महिलाओं के सामाजिक तथा आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि शराबबंदी से आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता के साथ महिलाओं के सम्मान को लेकर सकारात्मक बदलाव आयेगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत विकास की नई करवट ले रहा है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी बनाने के लिए ज्ञान (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। इसके अंतर्गत गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। विकास के आधार स्तम्भ में से एक, महिलाओं के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास और विमेन लीड डेवलपमेंट के प्रयास को समन्वित रूप से लागू करने के लिए प्रदेश में पहली बार देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन शुरू किया गया है। मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास, सुरक्षा, विभिन्न शासकीय सेवाओं की पहुँच में सुनिश्चितता, महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन और समाज में आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास शामिल हैं। नारी शक्ति मिशन के तहत बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण आदि कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। भारतीय जीवनशैली में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हम जितने अधिक अवसर बहन-बेटियों को देंगे, सुविधाएँ देंगे तो वे समाज को कई गुना लौटाकर देंगी। महिला शक्ति से देश नई ऊँचाई तक पहुँच सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। समय के साथ शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उनकी भूमिका बढ़ रही है। मोदी जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया जिससे महिलाओं की भूमिका न केवल परिवार और समाज के विकास में अग्रणी रहे, अपितु विकसित भारत अभियान में भी उनकी सहभागिता हो। प्रधानमंत्री जी ने आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान, मातृ वंदना, महिला स्व-रोज़गार, सुकन्या समृद्धि आदि योजनाओं की श्रृंखला से महिलाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित किया है। मेरा मानना है कि नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुझे यह बताते हुए संतोष है कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनप्रतिनिधित्व में एक-तिहाई महिलाओं को शामिल किया है। मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है जिसमें शासकीय सेवाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश में लाडो अभियान, शौर्या दल, मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की 19 लाख बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। मध्यप्रदेश में किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की यूनिसेफ ने सराहना की है। प्रदेश में नए-नए उद्योग आ रहे हैं, इनमें महिलाओं को बड़ी संख्या में रोज़गार मिल रहा है। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्य करने वाली बहनों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। हम हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 18 नीतियाँ लेकर आये हैं। इनमें एमएसएमई विकास नीति में महिला उद्यमी इकाई को विशेष लाभ का प्रावधान है। ड्रोन संवर्धन नीति में हमारी ड्रोन दीदी योजना अधिक विस्तारित होगी। हमारी स्व-सहायता समूह की बहनें माननीय प्रधानमंत्री जी के लोकल से ग्लोबल के लक्ष्य को धरातल पर उतार रही हैं। प्रदेश में लगभग पाँच लाख से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्वावलंबन का जनांदोलन खड़ा कर दिया है। प्रदेश की बीपीएल श्रेणी की 4 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन गई हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं के लिए किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के नये आयाम विकसित हुए हैं। वे सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी होकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण के लिए जो कदम उठाये जा रहे हैं, मुझे पूरी उम्मीद है कि इससे बेटा-बेटी, महिला-पुरुष के बीच का भेदभाव समाप्त होगा। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज, सरकार और कानून सभी का समान रूप से सहयोग आवश्यक है तभी हम बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। मैं प्रदेश की सभी बहनों को यह विश्वास दिलाता हूँ कि मध्यप्रदेश सरकार और उनका भाई उनके साथ है। व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के केन्द्र में नारी है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिए महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात कही है। उन्होंने विश्व में भारत को सर्वश्रेष्ठ स्थान पर … Read more

जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह अवसर है उन उपलब्धियों को सराहने का, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में हासिल हुई हैं। साथ ही, यह दिन हमें यह सोचने का अवसर भी प्रदान करता है कि आगे का रास्ता क्या होना चाहिए। भारत जैसे देश में, जहाँ नारी को शक्ति और सहनशीलता का प्रतीक माना जाता है, वहाँ जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। जनजातीय महिलाएँ अपनी संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान की प्रतीक रही हैं। सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के कारण जनजातीय वर्ग की महिलायें लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार इस दूरी को समाप्त कर रही है। उद्देश्य यह नहीं कि वे केवल लाभार्थी बनें, बल्कि वे समाज की निर्णायक शक्ति बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करें। सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम सरकार की सोच यह नहीं कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ मिले, बल्कि वे अपने निर्णय स्वयं ले सकें, अपने व्यवसाय और कार्यक्षेत्र में मजबूती से खड़ी हो सकें। प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत जनजातीय महिलाओं को उनके द्वारा संग्रहीत वन उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए सशक्त तंत्र विकसित किया गया है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि वे अब स्वयं का व्यवसाय भी कर रही हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना ने बालिका शिक्षा को प्राथमिकता दी है, जिससे जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके पोषण और स्वास्थ्य की सुरक्षा कर रही है। स्टैंड-अप इंडिया योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को स्व-रोजगार हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे खुद के व्यवसाय की स्थापना कर सकें। मध्यप्रदेश सरकार भी इस दिशा में भी आगे बढ़कर कार्य कर रही है। पीछे नहीं है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में राज्य सरकार महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में बड़ा सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री आदिवासी महिला उद्यमिता योजना ने जनजातीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हर घर जल योजना ने जल संकट से जूझ रही ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं के लिए राहत प्रदान की है, जिससे उनका दैनिक जीवन सरल हुआ है। पेसा अधिनियम ने ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती प्रदान की है, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग और जागरूक हो रही हैं। अब वे अपनी ग्राम सभाओं में न केवल सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं, बल्कि अपने समुदाय की नीतियाँ तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। संघर्ष से सशक्त नेतृत्व तक का सफर मैं स्वयं एक जनजातीय महिला हूँ। जीवन में संघर्ष मेरे लिए नया नहीं है। बचपन में परिवार की मदद के लिए ईंट-भट्टों पर मजदूरी से लेकर सरपंच, जिला पंचायत अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और अब मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने तक का सफर आसान नहीं था। लेकिन मेरी पार्टी का संगठनात्मक सशक्तिकरण और मजबूत नेतृत्व ही है, जिसने मुझे और हमारे समाज की लाखों महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए। मेरी पार्टी ने सदैव जनजातीय समाज को प्राथमिकता दी है। जब देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मिलीं, तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे जनजातीय समाज की उपलब्धि थी। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर महिलाओं को सही अवसर और संसाधन मिलें, तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। महिला सशक्तिकरण कोई एक दिन की प्रक्रिया नहीं है, यह एक निरंतर चलने वाली यात्रा है। यह केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की उन्नति का आधार है। महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय लेने में भागीदार बनाना ही सही मायनों में सशक्तिकरण है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ समाज में उन्हें सम्मानजनक स्थान दिलाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आज, जब दुनिया नारी शक्ति का सम्मान कर रही है, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समाज के सबसे वंचित वर्ग- जनजातीय और अनुसूचित जाति की महिलाएँ-विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। मेरा सभी माताओं, बहनों और बेटियों से आग्रह है कि वे सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएँ, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएँ और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें। जब महिलाएँ आगे बढ़ेंगी, तो समाज और देश भी नई ऊँचाइयों को छुएगा।  

अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस पर ग्रामीण आजीविका मिशन में कई नवाचारों एवं अभियानों का होगा शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में म. प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्‍व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्‍त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार के तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही मिशन के अन्‍य कार्यों का शुभारंभ किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्‍य मंत्री श्रीमती राधा सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगीं। म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजीटल ई-न्‍यूज लैटर ‘’आजीविका अनुभूति’’ का विमोचन किया जायेगा। सीहोर जिले के समूह सदस्‍यों को आवागमन हेतु 200 ई-सायकिल का वितरण, प्रदेश के छह प्रमुख शहरों भोपाल, इन्‍दौर, ग्‍वालियर, जबलपुर, उज्‍जैन एवं धार में जैविका हाट बाजारों का शुभारंभ, वित्‍तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवितयों के लिये 05 प्रशिक्षण बैच, आरसेटी के माध्‍यम से बालाघाट, डिण्‍डोरी एवं अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्‍प के प्रोत्‍साहन हेतु कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र प्रदाय किए जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘’पढेंगे हम–बढेंगे हम’’ साक्षरता अभियान का शुभारंभ और भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार हेतु तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना किया जायेगा। इस अवसर भोपाल जिले के 02 स्‍व-सहायता समूहों को 10-10 लाख रूपये का बैंक ऋण राशि भी प्रतीक स्‍वरूप दी जायेगी।  

मध्यप्रदेश चिकित्सा उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की अनुकूल नीतियां, विकसित अधोसंरचना और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी सुविधाएं राज्य को दवा कंपनियों और चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के लिए फेवरेट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बना रही हैं। जीआईएस-भोपाल में हेल्थकेयर, फार्मा और मेडिटेक क्षेत्र की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मध्यप्रदेश चिकित्सा उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उज्जैन में विकसित हो रहे 75 एकड़ के मेडिकल एवं फार्मास्यूटिकल पार्क को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों के लिए ‘बेस्ट डेस्टिनेशन’ करार दिया। ‘मॉलिक्यूल टू मशीन’ अवधारणा से आगे बढ़ता मध्यप्रदेश जीआईएस-भोपाल में आयोजित ‘मॉलिक्यूल्स-टू-मशीन (हेल्थकेयर, फार्मा, मेडिटेक)’ सत्र के दौरान, विशेषज्ञों ने इस अवधारणा पर चर्चा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश दवा निर्माण से लेकर चिकित्सा उपकरण उत्पादन तक पूरे हेल्थकेयर इको सिस्टम को मजबूत कर रहा है। राज्य में फार्मास्युटिकल कंपनियों, एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (एपीआई) निर्माण इकाइयों और मेडिकल डिवाइस विनिर्माण में तेजी से वृद्धि हो रही है। मेडिकल डिवाइस पार्क में बढ़ता निवेश एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के समन्वयक श्री राजीव छिब्बर ने बताया कि उज्जैन स्थित विक्रम उद्योग नगरी में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में 23 विनिर्माताओं ने निवेश करने की पुष्टि की है। सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत दी जा रही रियायतों और सुविधाओं के कारण निवेशकों की इकाइयां स्थापित करने की लागत काफी कम हो रही है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। मेडिकल टेक्सटाइल में अपार संभावनाएं जीआईएस-भोपाल के शुभारंभ संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को ‘मेडिकल टेक्सटाइल्स’ का प्रमुख केंद्र बताया। सर्जिकल गाउन, मास्क, पीपीई किट, सैनिटरी नैपकिन और अन्य उत्पादों के निर्माण में राज्य की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया। कोविड महामारी में भारत ने मास्क और पीपीई किट के उत्पादन में वैश्विक पहचान बनाई थी, जिसे मध्यप्रदेश आगे बढ़ा रहा है। ध्यप्रदेश, प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों में शामिल मध्यप्रदेश देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों में से एक है। वर्तमान में प्रदेश में 270 से अधिक फार्मा कंपनियां कार्यरत हैं, जिनमें से 80 से अधिक पीथमपुर में स्थित हैं। राज्य में निर्मित दवाइयां 160 से अधिक देशों में निर्यात की जा रही हैं। प्रमुख निवेशकों में सनफार्मा, सिप्ला, लुपिन, एल्मेंबिक, टॉरेंट फार्मा और एल्केमिस्ट जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। हरसंभव सहायता और तय समय में मंजूरियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार फार्मा और मेडिकल उपकरण कंपनियों को निवेश के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। सरकार की ओर से लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम में सभी आवश्यक मंजूरियां तय समय में सुनिश्चित की जा रही हैं। 17 हजार करोड़ का निवेश और 49 हजार रोजगार सृजन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों के कारण इस जीआईएस-भोपाल में निवेशकों ने इस सेक्टर में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इससे लगभग 49 हजार नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की संख्या में वृद्धि से प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। प्रदेश के फार्मा उद्योग को मिली ग्लोबल पहचान जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश के फार्मा, हेल्थकेयर और चिकित्सा शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर की क्षमताओं का परिचय देश-विदेश के निवेशकों को मिला है। इससे यहाँ निवेश संभावनाओं को ग्लोबल पहुंच मिली है। भविष्य में प्रदेश को भारत में ही नहीं विदेश में भी इस सेक्टर में आदर्श निवेश स्थल की पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश के फार्मास्युटिकल सेक्टर में एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, 270 से अधिक दवा निर्माता कंपनियां और 250 से अधिक फार्मेसी संस्थान सक्रिय हैं, 160 से अधिक देशों में दवाइयों का निर्यात किया जाता है, 39 एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (एपीआई) निर्माण की इकाइयां स्थापित हैं, राज्य के कुल निर्यात में 25% फार्मा उद्योग की हिस्सेदारी है और 5 वाणिज्यिक हवाई अड्डे और 6 अन्तर्देशीय कंटेनर डिपो उद्योग समूहों की सुविधा के लिये उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश में ग्लोबल-इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी जीआईएस-भोपाल में 300 से अधिक उद्योग जगत के दिग्गज, नीति निर्माता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक मंच पर आए, जहां भारत के हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में नवाचार और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से राज्य न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर फार्मा और मेडिकल डिवाइस निर्माण का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।  

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत 1158 वर-वधु परिणय सूत्र में बंधे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के पंधाना विकासखंड में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह में परिणय सूत्र में बंधे 1158 वर-वधु को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक साथ इतने जोड़ों का परिणय सूत्र में बंधना अपने आप में रिकॉर्ड बनने जैसा है। पाणिग्रहण संस्कार और निकाह के एक साथ आयोजन ने सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। विवाह के इस सामूहिक आयोजन से अपव्यय पर रोक लगती है और सामाजिक एकता का संदेश भी जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली शामिल हुए। पंधाना में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित थे। कृषि उपज मंडी पंधाना में हुए कार्यक्रम में 1158 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इनमें 1137 का विवाह एवं 21 जोड़ों का निकाह हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह 16 संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है। उन्होंने कहा कि परिवार में आ रही वधू का बेटी के समान प्रेम और सम्मान दिया जाए तथा बेटी भी अपने सास-ससुर को माता-पिता मानकर कुटुंब परंपरा का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन की ओर से प्रत्येक वर-वधु को 51 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसमें से 49 हजार रुपये सीधे उनके खाते में डाले जा रहे हैं। उन्होंने नव-दंपतियों से आव्हान किया कि वे शासन की योजनाओं का लाभ लें और स्वयं के तथा अपने परिवार के जीवन स्तर को उन्नत करने के लिए हर संभव प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा की गोद में विराजित ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग, दादाजी धूनीवाले और पार्श्व गायक स्व. किशोर कुमार की सुमधुर आवाज ने खंडवा जिले की विशेष पहचान दी है। विख्यात साहित्यकार माखनलाल चतुर्वेदी साहित्यिक प्रतिभा और वीर टंट्या मामा के अदम्य साहस ने इस धरा को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और खंडवा के अधिकारियों-कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 मार्च से आरंभ हो रहे विधानसभा सत्र की तैयारियों की समीक्षा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 मार्च से आरंभ हो रहे विधानसभा सत्र की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रश्नों और ध्यानाकर्षण आदि के जवाब तथ्यात्मक और तर्कपूर्ण ढंग से दिए जाएं। उन्होंने लंबित शून्यकाल, अपूर्ण उत्तर, आश्वासन और लोक लेखा समिति की सिफारिशों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पंद्रह दिवसीय सत्र में 9 बैठकें होंगी, इस सत्र में 5 विधेयक प्रस्तुत होना संभावित हैं। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव जे.एन. कंसोटिया तथा विधि एवं विधायी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खदान में हुई तीन कर्मचारियों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खदान में हुई तीन कर्मचारियों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया बैतूल के पाथाखेड़ा में कोयला खदान की छत धंसकने से हुआ हादसा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के पाथाखेड़ा क्षेत्र में कोयले की खदान में कार्यरत 3 कर्मचारियों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। यहां खदान की छत धंसकने से दु:खद हादसा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित माइनिंग कंपनी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को मृतक कर्मचारियों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत करने का निर्देश दिये है। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की एवं शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 मार्च महिला दिवस पर उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित करेंगे

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव 8 मार्च को महिलाओं एवं बच्चों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को करेंगे सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 मार्च महिला दिवस पर उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री करेंगे लाड़ली बहनों के खातों में राशि की अंतरित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 मार्च महिला दिवस पर उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित करेंगे, जिन्होंने प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाज सेवा, सुरक्षा, वीरता एवं साहसिक कार्यों में उल्लेखनीय कार्य किया है। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महिला, बाल विकास विभाग के राज्य स्तरीय पुरस्कार का वितरण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहना योजना के तहत 1250 रूपये की मासिक किश्त का अंतरण भी करेंगे। उल्लेखनीय है कि महिला, बाल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिये राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार (2023), राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार (2023-24), रानी अवंति बाई वीरता पुरस्कार (2024) और विष्णु कुमार महिला एवं बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान पुरस्कार (2024) शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला दिवस के अवसर पर लाड़ली बहना योजना में माह मार्च 2025 की 1.27 करोड़ लाभार्थी महिलाओं के खाते में लगभग 1552.73 करोड़ रूपये की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे।  

सरकार धार्मिक त्योहारों में बढ़ा रही है सक्रियता और सहभागिता, तीन राज्यों की सरकारें मिलकर करेंगे श्रीकृष्ण पाथेय का विकास

भोपाल देश में भगवान श्रीकृष्ण के पग जिस-जिस स्थान पर पड़े हैं, ऐसे स्थानों का विकास किया जा रहा है। मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान सरकार इसके लिए कार्य योजना बना रही है। तीनों राज्यों की सरकारें मिलकर श्रीकृष्ण पाथेय का विकास कार्य करेंगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई श्रीकृष्ण पाथेय के संबंध में बैठक में लिया गया। गुरुवार को समत्व भवन में विषय विशेषज्ञ समिति की बैठक में यह फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए सभी समितियों को सक्रिय किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरातत्वविदों, धर्माचार्यों एवं भगवान श्रीकृष्ण पर साहित्य के अच्छे लेखकों को भी समिति में जोड़ा जाएगा। राज्यों में बनेगा सकारात्मक माहौल बैठक में सीएम मोहन ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए भोपाल के अलावा उज्जैन, राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अथवा ब्रज या चौरासी कोस या अन्य किसी विशिष्ट स्थल पर समिति बैठकें आायोजित की जाएं। ऐसी पहल से दोनों राज्यों में श्रीकृष्ण पाथेय के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा। धार्मिक त्योहारों में बढ़ी सरकार की सहभागिता मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि राज्य में धार्मिक त्योहारों में सरकार की सहभागिता बढ़ी है। सरकार ने दशहरे में शस्त्र पूजा, दीपावली पर गोवर्धन पूजा और हाल ही में गीता जयंती भी मनाई है। प्रदेश के 17 पवित्र धार्मिक शहरों और 2 ग्रामों में हमने शराबबंदी लागू करने का निर्णय ले लिया है। इससे समाज में बेहतर संदेश का संचार हुआ है। श्रीकृष्ण पाथेय पर केंद्रित होकर काम होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्रीकृष्ण पाथेय के लिए केंद्रित होकर काम करेगी। भविष्य में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी अन्य लीलाओं को भी इस कार्य से जोड़ा जाएगा।

अगले पांच साल में प्रदेश के वर्तमान बजट को करेंगे दोगुना

केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए, इससे राज्यों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी :मुख्यमंत्री डॉ. यादव आयोग ने कहा मध्यप्रदेश का भविष्य है सुरक्षित हाथों में अगले पांच साल में प्रदेश के वर्तमान बजट को करेंगे दोगुना नदियों को जोड़कर विकास के लिए कर रहे पड़ौसी राज्यों के साथ समन्वय अगले तीन साल में हम 30 लाख किसानों को देंगे सोलर पम्प राज्य की भावी वित्तीय आवश्यकताओं पर की चर्चा, मेमोरेंडम भी सौंपा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्यों के सशक्तिकरण में ही राष्ट्र का सशक्तिकरण है, इसलिए केन्द्रीय करों और राजस्व प्राप्तियों में राज्यों की हिस्सेदारी अर्थात् अनुदान बढ़ाया जाना चाहिए। राज्य अपनी क्षमता और सीमित संसाधनों से ही अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए काम करते हैं। केन्द्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान मिलने से राज्य अपने दीर्घकालीन लक्ष्यों को अल्पकाल में ही प्राप्त कर सकेंगे। विकसित भारत का निर्माण, विकसित मध्यप्रदेश के बिना नहीं हो सकता, इसलिए केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 प्रतिशत तक की जाए। इससे राज्य सशक्त होंगे और राष्ट्र को विकास की ले जाने में सहायक होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़ा राज्य है, इसलिए इसकी जरूरतें भी बड़ी हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना ही केन्द्र और राज्य सरकारों का लक्ष्य है। केन्द्र और राज्यों के बेहतर तालमेल और आपसी सामंजस्य से यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयोग के राज्य के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता का जिक्र कर वित्त आयोग से प्रदेश की अपेक्षाओं से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक प्रगतिशील राज्य है। प्रदेश कृषि, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, नगरीय विकास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में और अधिक विकास के लिए केन्द्र सरकार से और अधिक वित्तीय सहयोग/अनुदान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में मध्यप्रदेश को भी योगदान देना है। हम विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी हमारा बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रूपए है। अगले पांच सालों में हम इस बजट को बढ़ाकर दोगुना कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग से कहा कि हम नदियों को जोड़कर जल बंटवारे के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना में हमने राजस्थान के साथ मिलकर किया जा रहा हैं। केन्द्र सरकार ने इस राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए 90 हजार करोड़ रूपए आवंटित किए। इसी तरह केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों राष्ट्रीय परियोजना का भूमि-पूजन कर मध्यप्रदेश को गौरव प्रदान किया है। अब महाराष्ट्र सरकार के साथ ताप्ती नदी परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से 20 साल पहले तक प्रदेश में केवल 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिचिंत थी, आज प्रदेश की 48 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को हम सिंचित कर चुके हैं। प्रदेश में नदी जोड़ो के लिए एक अभियान चला रहे हैं। किसानों के साथ हमारा आत्मीय संबंध है और खेतों तक पानी पहुंचाना हमारा पहला कर्तव्य है। हमारी नीतियों के कारण किसानों का जैविक खेती की ओर तेजी से रूझान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी 18 नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेशक भी जुड़ रहे हैं। आरआईसी और जीआईएस-भोपाल के जरिए प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह निवेशकों का मध्यप्रदेश पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हम प्रदेश के हर जिला कलेक्ट्रेट में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहे हैं, इससे किसी निवेशकों की जिला स्तर पर भी कठिनाई हल की जा सकेंगी। हम प्रदेश में व्यापार और व्यवसाय को सुगम बना रहे हैं। इसमें सभी का सहयोग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश में हरसंभव तरीके से दूध उत्पादन को बढ़ावा देंगे। हमारी कोशिश है कि देश का 20 प्रतिशत से अधिक दूध मध्यप्रदेश में उत्पादित हो, इससे हमारे किसान और पशुपालक दोनों सम्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति की ऊर्जा का भरपूर उपयोग भी हम कर रहे हैं। पंचशील सिद्धांतों का पालन करते हुए जन, जल, जंगल, जमीन और जैविक विविधता का संरक्षण हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जंगल बचेंगे, तो जल बचेगा और जल बचेगा, तो जन-जीवन बचेगा। हम जैविक संपदा को संरक्षित रखने के लिए भी हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले तीन सालों में 30 लाख किसानों को सोलर पम्प दिये जायेंगे। इससे हमारे किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को मात्र पांच रूपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन देने जा रही है, इससे हमारे किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए कहीं भी भटकना नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग को मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष में किए गए नवाचारों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इससे बीते एक साल में कई गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया। हमारी इस सेवा को बेहद अच्छा प्रतिसाद मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग की मांग रखते हुए राज्य सरकार की विशेष प्राथमिकताओं को भी पृथक से रेखांकित किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से वित्त आयोग को मेमोरेंडम की प्रति भी सौंपी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और वित्तीय सहयोग की जरूरतों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोग को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की भावी योजनाओं की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए। मध्यप्रदेश भविष्य में प्रगति के प्रति जागरूक सोलहवें वित्त आयोग ने … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए

मध्यप्रदेश में नक्सलियों का किया जाएगा खात्मा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के वर्ष 2026 तक नक्सल मुक्त भारत के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश सक्रिय भूमिका निभाएगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए उच्च स्तरीय बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश के लिए भी जिला स्तर और पुलिस मुख्यालय से लेकर राज्य शासन के स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में बैठक लेकर नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने का संकल्प व्यक्त किया है। मध्यप्रदेश इस दिशा में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करेगा। प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, दूरसंचार साधनों के विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सल तत्वों पर नियंत्रण में सफलता मिल रही है। विकास कार्य निरंतर जारी रखे जाएं और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयास तेज किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में नक्सलवाद के उन्मूलन का अभियान चल रहा है। प्रदेश में नक्सलवाद के किसी भी कीमत पर पैर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2026 तक नक्सल मुक्त भारत बनाने के संकल्प को पूर्ण करने के लिए ही केन्द्रीय गृह मंत्री ने नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ बैठक आयोजित कर गंभीर विचार-विमर्श किया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के संकल्प के अनुपालन में मध्यप्रदेश को पूरी तरह से नक्सल मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को प्रति पखवाड़े नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए।  चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में नक्सलियों के विरूद्ध बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में हुई कार्रवाई की प्रशंसा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में हाल ही में चार नक्सलियों को मार गिराए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। मारे गए नक्सलियों से तलाशी में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जप्त किया गया था। छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट वन क्षेत्र में पुलिस की नक्सल विरोधी हॉक फोर्स और स्थानीय पुलिस बल द्वारा यह साहसिक कार्रवाई की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत वर्ष प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अन्य निर्देश          नक्सल प्रभावित क्षेत्र के निवासियों की आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। समन्वित प्रयासों को बढ़ाया जाए।          संचार सुगमता के लिए मोबाइल टॉवरों की स्थापना का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करें।          नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना के लिए हॉक फोर्स बल में वृद्धि की स्वीकृति की कार्यवाही करें।          प्रदेश से माओवादी समस्या का उन्मूलन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके दृष्टिगत समवेत प्रयास किए जाएं।          नक्सल प्रभावित जिलों में सुदूरवर्ती दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों के आवागमन को आसान बनाने के लिए निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करें। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और दूरसंचार विभाग और बीएसएनएल, मध्यप्रदेश परिमंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आदि शंकराचार्य ने बाल्यकाल में प्रदेश के ओंकारेश्वर में आकर निवास किया

महाकाल लोक परिसर की तरह एकात्म धाम का करें विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ओंकारेश्वर अंचल के समग्र विकास के लिए समय-सीमा में कार्य करें पूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आदि शंकराचार्य ने बाल्यकाल में प्रदेश के ओंकारेश्वर में आकर निवास किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आदि शंकराचार्य ने बाल्यकाल में प्रदेश के ओंकारेश्वर में आकर निवास किया। उनके दर्शन और शिक्षाओं को आज भी प्रासंगिक माना जाता है। सम्पूर्ण समाज को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करने वाले आदि शंकराचार्य की विशाल प्रतिमा ओंकारेश्वर में स्थापित है। प्रतिमा स्थल सहित सम्पूर्ण ओंकारेश्वर के समग्र विकास के लिए सभी आवश्यक कार्य सम्पन्न किए जाएं। सिंहस्थ : 2028 तक ओंकारेश्वर भी उज्जैन की तरह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के विशेष आकर्षण का केन्द्र बने, इस दिशा में सभी प्रयास किए जाएं। यह स्थान प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केन्द्र है। उन्होंने कहा कि एकात्म धाम ओंकारेश्वर में शिव पंचायतन मंदिर परिसर का विकास महाकाल लोक की तरह किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) के सभाकक्ष में एक बैठक में एकात्म धाम, ओंकारेश्वर के विकास के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति विभाग द्वारा तैयार प्रजेंटेशन भी देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओंकारेश्वर में सुविधाओं के विकास से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और अन्य पर्यटकों की संख्या निश्चित ही बढ़ेगी। नागरशैली में अयोध्या के राम मंदिर की तरह इस आस्था स्थल में मंदिर का निर्माण प्रदेश की विशेष पहचान में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एकात्म धाम और क्षेत्र में आने-जाने के सुविधाजनक मार्गों के निर्माण और प्रस्तावित रोप-वे की व्यवस्था के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक इलैयाराजा टी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाघ-चीतों के संरक्षण पर जताई प्रसन्नता, माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा

माधव नेशनल पार्क होगा प्रदेश का 9वां बाघ संरक्षित क्षेत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन्यजीव प्रेमियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा चंबल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाघ-चीतों के संरक्षण पर जताई प्रसन्नता, माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे बाघों का जोड़ा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में टाइगर स्टेट का दर्जा हासिल कर चुके मध्यप्रदेश को जल्द ही एक नए टाइगर रिजर्व पार्क की सौगात मिलने जा रही है। शिवपुरी जिले का माधव नेशनल पार्क प्रदेश का 9वां बाघ संरक्षित क्षेत्र होगा, जो चंबल क्षेत्र में वन्य जीव प्रेमियों के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं बाघों का एक जोड़ा माधव नेशनल पार्क में छोड़ेंगे। चंबल रेंज में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से स्थानीय युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। एशिया में पहली बार चीते भी चंबल के कूनो नेशनल पार्क में दिखाई दे रहे हैं। चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियाल एवं डॉल्फिन प्रोजेक्ट पर भी कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि देश में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश में हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मध्यप्रदेश आते हैं। बाघ संरक्षित क्षेत्र में जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए सभी नेशनल पार्कों में सीजन भर पर्यटकों का आवागमन रहता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में बाघों की संख्या और उनके संरक्षण से प्राप्त उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित प्रदेशवासियों को बधाई दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास मध्यप्रदेश को “स्टार्ट-अप और नवाचार का केंद्र” बनाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीआईएस-भोपाल में देश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न पर काम करते हुए मध्यप्रदेश भी तेजी के साथ एक मजबूत स्टार्ट-अप हब के रूप में उभर रहा है। प्रदेश सरकार नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए युवा उद्यमियों की आकांक्षाओं के अनुकूल स्टार्ट-अप कल्चर को विकसित करने की दिशा में प्रभावी रणनीति अपना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास मध्यप्रदेश को “स्टार्ट-अप और नवाचार का केंद्र” बनाना है, जहां युवा उद्यमियों के आइडियाज को सफल व्यवसायों में बदलने के लिए अनुकूल माहौल और पूरा सहयोग मिले। जीआईएस-भोपाल में आयोजित ‘फ्यूचर-फ्रंटियर : स्टार्ट-अप पिचिंग’ सेशन नें प्रदेश के स्टार्ट-अप्स इकोसिस्टम को पंख दे कर ग्लोबल बना दिया है। आधुनिक तकनीक के इस युग में देश के स्टार्ट-अप जगत में मध्यप्रदेश बहुत तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज चुका है। जीआईएस-भोपाल में 20 से अधिक यूनिकॉर्न के संस्थापकों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है। स्टार्ट-अप पर फोकस्ड सेशन ‘फ्यूचर-फ्रंटियर : स्टार्ट-अप पिचिंग’ में शामिल होने के लिए कुल 180 स्टार्ट-अप्स ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 25 हाईली पोटेंशियल स्टार्ट-अप्स ने प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के विश्लेषण के बाद उन्हें जरूरी मार्गदर्शन और निवेश के अवसर भी मिले। इस सेशन में कुल 47 स्टार्ट-अप शामिल हुए थे। इनमें से 19 स्टार्ट-अप्स को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट प्राप्त हुए। आईआईसीई ने 4 स्टार्ट-अप्स में रुचि दिखाई, एसजीएसआईटीएस ने 3 स्टार्ट-अप्स में, सिल्वर नीडल वेंचर्स ने 3 स्टार्ट-अप्स में, आईटीआई ग्रोथ ने 3 स्टार्ट-अप्स में, ईज़ीसीड ने 7 स्टार्ट-अप्स में, सीफंड ने 3 स्टार्ट-अप्स में, वेंचर कैटालिस्ट्स ने 10 स्टार्ट-अप्स में, वीएएसपीएल इनिशिएटिव्स ने 4 स्टार्ट-अप्स में, एआईस-आरएनटीयू ने 5 स्टार्ट-अप्स में तथा इक्वैनिमिटी इन्वेस्टमेंट्स ने 5 स्टार्ट-अप्स में निवेश की अभिरुचि प्रदर्शित की। स्टार्ट-अप्स को मिल रही है वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन मध्यप्रदेश में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिये महिलाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति के उद्यमियों के स्टार्ट-अप्स को पहले निवेश पर 18 फीसदी, अधिकतम 18 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल रही है। अन्य स्टार्ट-अप्स को पहले निवेश पर 15 प्रतिशत सहायता, अधिकतम 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके साथ इन्क्यूबेटर विस्तार के लिए 5 लाख रुपये का एक मुश्त अनुदान, स्टार्ट-अप्स के ऑफिस किराए में 50 फीसदी राशि की वापसी (तीन वर्षों तक प्रतिमाह 5,000 रुपये) की भी व्यवस्था की गई है। नीति में पेटेंट कराने पर 5 लाख रुपये तक की सहायता और पेटेंट फाइल करने की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता का भी प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप्स को विशेष प्रोत्साहन मध्यप्रदेश में इस समय 4,900 से अधिक स्टार्ट-अप संचालित हो रहे हैं। इनमें से करीब 44 प्रतिशत स्टार्ट-अप्स महिलाओं द्वारा संचालित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ के तहत पंजीकृत स्टार्ट-अप्स की संख्या को 100 प्रतिशत तक बढ़ाना और कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स को 200 प्रतिशत तक बढ़ावा देना है। इसके लिए प्रदेश में 72 इनक्यूबेटर कार्यरत हैं और उत्पाद-आधारित स्टार्ट-अप्स को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार की स्टार्ट-अप नीति और क्रियान्वयन योजना के अंतर्गत स्टार्ट-अप्स को वित्तीय मदद, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में सहायता और नीतिगत मदद मुहैया कराई जा रही है। नई स्टार्ट-अप नीति के तहत वित्तीय अनुदान के पात्र स्टार्ट-अप्स को कुल निवेश का 18 फीसदी (अधिकतम 18 लाख रुपये) का अनुदान दिया जा रहा है। नई नीति में वित्तीय प्रोत्साहन, अधोसंरचना सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रम शामिल हैं।  

प्रदेश की मोहन सरकार ने फिर लिया 6 हजार करोड़ का कर्ज, 15 दिनों में दूसरी बार बाजार से उठाया लोन

भोपाल  राज्य सरकार ने 15 दिनों के भीतर दूसरी बार 6000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। इससे पहले 18 फरवरी को भी सरकार ने इसी राशि का ऋण लिया था। इस वित्तीय वर्ष में अब तक सरकार कुल 47,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठा चुकी है। लगातार बढ़ रहा कर्ज राज्य सरकार अगस्त 2024 से अब तक हर महीने बाजार से कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण विकास परियोजनाओं और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए लिया गया है। कर्ज सीमा के भीतर लेने का दावा वित्त विभाग ने बताया कि यह कर्ज वित्तीय नियमों के तहत लिया गया है और सरकार के बजटीय प्रबंधन के दायरे में आता है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार की ऋण नीति पर सवाल उठाए हैं और इसे राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए चिंताजनक बताया है। प्रदेश सरकार अगस्त 2024 से अब तक हर महीने बाजार से कर्ज ले रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह ऋण विकास परियोजनाओं और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए लिया गया है। यह कर्ज वित्तीय नियमों के तहत लिया गया है और सरकार के बजटीय प्रबंधन के दायरे में आता है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार की ऋण नीति पर सवाल उठाए हैं और इसे राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए कर्ज का उपयोग और भविष्य की योजना सरकार का कहना है कि यह ऋण बुनियादी ढांचे, बिजली क्षेत्र और कल्याणकारी योजनाओं में खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कर्ज की अदायगी की योजना भी बनाई जा रही है ताकि वित्तीय संतुलन बना रहे। मुफ्तखोरी की योजनाओं को पूरा करने में जा रहा कर्ज का एक बड़ा हिस्सा     वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य सरकार अगस्त 2024 से अमूमन हर माह नियमित रूप से बाजार से कर्ज उठा रही है।     वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कर्ज लिया जा रहा है।     यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम में निर्धारित सीमा के भीतर है। सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में तीन प्रतिशत तक कर्ज ले सकती है।     आधा प्रतिशत और कर्ज बिजली सहित अन्य क्षेत्रों में अधोसंरचना सुधार के काम करने पर लिया जा सकता है।     राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। वित्तीय वर्ष 24-25 में लिया कर्ज वर्ष- कर्ज (राशि करोड़ में)     06 अगस्त 2024- 5,000     27 अगस्त 2024- 5,000     24 सितंबर 2024- 5,000     08 अक्टूबर 2024-5,000     26 नवंबर 2024 – 5,000     24 दिसंबर 2024 -5,000     31 दिसंबर 2024 – 5,000     18 फरवरी 2025 -6,0000     4 मार्च 2025- 6,000 कुल – 47 हजार करोड़ रुपये  

विद्या भारती केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है: मोहन भागवत

भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के परम पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने आज विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान (वीबीएबीएसएस) के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के पंचदिवसीय प्रशिक्षण शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया। यह शिविर भोपाल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय, शारदा विहार में आयोजित किया गया है। इस अवसर पर संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी, विद्या भारती के अध्यक्ष डी. रामकृष्ण राव, महामंत्री अवनीश भटनागर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र में अवनीश भटनागर ने अतिथियों का परिचय कराया, जिसके उपरांत अध्यक्ष डी. रामकृष्ण राव ने शिविर की संकल्पना प्रस्तुत की। युगानुकूल परिवर्तन में भारत की अग्रणी भूमिका: अपने संबोधन में परम पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि संघ केवल शाखा संचालन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व में हो रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक बदलावों को भारत की सनातन परंपरा के आलोक में दिशा देने की आवश्यकता है। आज जब वैश्विक परिदृश्य में कई विकृतियां उभर रही हैं, तब भारत ही वह ध्रुव तारा है जो सही दिशा प्रदान कर सकता है। इसके लिए समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास हेतु भारतीय परंपराओं पर आधारित शिक्षा, संस्कृति और नीति निर्माण को बढ़ावा देना आवश्यक है। संघ का व्यापक प्रभाव: उन्होंने उल्लेख किया कि विद्या भारती द्वारा किए जा रहे कार्यों का वैश्विक स्तर पर प्रभाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इसकी व्यापकता को स्वीकार किया है। यह प्रमाणित करता है कि संघ और उसके सहयोगी संगठनों का कार्य केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वैश्विक महत्व भी है। समाज जागरण की आवश्यकता: भागवत जी ने कहा कि आज समाज में नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमें केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मानवता, करुणा और सत्य जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित समाज का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भारत को एक आदर्श समाज मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना होगा, जो संपूर्ण विश्व को शांति और समरसता की ओर ले जाने में सक्षम हो। संघ कार्यकर्ताओं से आह्वान: परम पूजनीय सरसंघचालक जी ने सभी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे अपने विचार और कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य करें। उन्होंने पंच परिवर्तन, विमर्श परिवर्तन, और सज्जन शक्ति जागरण को संघ के आगामी कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। शिविर के आगामी सत्रों में विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे कार्यकर्ताओं को समाज जागरण के लिए और अधिक प्रभावी रूप से तैयार किया जा सके।

CM यादव ने महाकुंभ से लौट रही हैदराबाद निवासी डॉ. कीर्ति पामो को कराया एयर लिफ्ट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकुंभ से लौट रही हैदराबाद निवासी डॉ. कीर्ति पामो को कराया एयर लिफ्ट सतना अमरपाटन में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से हुई घायल राज्यमंत्री ने किया था हैदराबाद एयरलिफ्ट कराने का आग्रह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और त्वरित पहल से गंभीर घायल तत्काल सतना से हैदराबाद पहुंची मुख्यमंत्री का राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने माना आभार मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले पुष्प-गुच्छ भेंट कर किया उनका अभिवादन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने प्रयागराग महाकुंभ से लौटते समय सतना अमरपाटन में हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हैदराबाद की डॉ. कीर्ति पामो को एयर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आभार माना है। मंत्री श्रीमती बागरी ने मंत्रालय में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया। उल्लेखनीय है घायल डॉ. कीर्ति का इलाज सतना के एक अस्पताल में चल रहा था। परिजनों की मांग पर राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने रामपुर बघेलान पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव से परिजनों की भेंट कराई और डॉ. कीर्ती को बेहतर इलाज के लिए उनके शहर हैदराबाद एयरलिफ्ट करने में सहायता का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रयागराग महाकुंभ से लौट रहीं डॉ. कीर्ति को तत्काल सतना से हैदराबाद एयरलिफ्ट करने के निर्देश दिए। परिणामस्वरूप फ्लाई ओला की एयर एम्बुलेंस सोमवार को दोपहर 1:30 बजे सतना एयर पोर्ट पहुंची, शीघ्र स्वास्थ्य की कामना के साथ राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने दोपहर 2:30 बजे डॉ. पामो को परिजनों के साथ एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस संवेदनशीलता और त्वरित पहल से उनके निर्देश के बाद मात्र 18 घंटे में घायल डॉ. पामो और उनके परिजनों को हैदराबाद भेज दिया गया। इस पहल के लिए डॉ. कीर्ति पामो तथा उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य मंत्री श्रीमती बागरी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रेषित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी डॉ. कीर्ति पामो के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की है।  

तीन वर्ष में सभी किसानों को दिए जाएंगे सोलर पंप,सरकार खरीदेगी किसानों से दूध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगोरिया को राजकीय स्तर पर उत्सव के रूप में मनाएगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर जनजातीय नर्तक एवं वाद्य कलाकार को दिए जाएंगे पांच-पांच हजार रूपए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव तीन वर्ष में सभी किसानों को दिए जाएंगे सोलर पंप,सरकार खरीदेगी किसानों से दूध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय समाज के देवस्थानों एवं पूजा स्थलों के विकास के लिए सभी पेसा ग्राम पंचायत को दिए जाएंगे तीन-तीन हजार रुपए जनजातीय देवलोक महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धर्म मुखियाओं का किया सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगोरिया उल्लास का पर्व है। यह फागुन के रंगों से सराबोर प्रकृति की खुशबू में कुछ पल थम जाने और इसी में रम जाने का पर्व है। हमारी सरकार भगोरिया का उल्लास बरकरार रखेगी। अब भगोरिया को राजकीय स्तर पर उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। यह इसी वर्ष से शुरू किया जाएगा। वे स्वयं भी भगोरिया उत्सव में शामिल होंगे। सरकार छोटे-छोटे स्थान पर जनजातीय देवी-देवताओं के पूजा स्थलों को विकसित करने के लिए सहायता देगी। हम कोरकू उत्सव भी मनाएंगे। इसके अलावा जनजातीय समाज के जितने भी त्यौहार आने वाले हैं, सरकार उन्हें राजकीय स्तर पर मनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास में हुए जनजातीय देवलोक महोत्सव में यह महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज हमारा गौरव है। जनजातीय नायकों ने स्वाधीनता संग्राम में अपना बलिदान दिया। वे किसी के भी सामने झुके नहीं। जनजातियों की देशज पुरा संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए सरकार उनका सहयोग करेगी। जनजातियों की विशेष पूजा पद्धति, रीति-रिवाज संस्कृति, संस्कार यह सब हमारी धरोहर हैं। सरकार इन्हें संजोकर रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अतिथियों के साथ जनजातीय परम्परा एवं पूजा पद्धति से बड़ा देव पूजन एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी जनजातीय बंधुओं से जय बड़ा देव और जय जोहार का उद्घोष कराया। समारोह स्थल पर आगमन के दौरान जनजातीय समुदाय के कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य एवं वाद्य यंत्रों, मांदल की थाप से अपनी मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी मेजबान के रूप में मुख्यमंत्री निवास आए सभी मेहमानों/आगंतुकों पर पुष्पवर्षा कर उनका हार्दिक स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का महोत्सव जनजातीय समाज के धार्मिक मुखियाओं का सम्मान है। जनजातीय संस्कृति को संरक्षित रखने वाले ओझा, पटेल, पुजारा, तड़वी, भगत, भुमका, पंडा एवं अन्य धर्म मुखियाओं सरकार के लिए सदैव सम्मानित रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनजातियों की संस्कृति में आत्मीयता है, इनकी बोली में प्रेम प्रतिबिंबित होता है। जनजातियों की पूजा पद्धति प्रकृति के प्रति आस्था को व्यक्त करती है। जनजातियों के सभी देवी देवताओं और इनकी प्रकृति के प्रति आभार पूजा पद्धतियों को भी नमन है। प्रकृति पूजक जनजातीय संस्कृति हम सबको जीना सिखाती है, जीवन का आनंद लेना सिखाती है। जल, जंगल, जमीन और जमीर बचाने में जनजातीय महानायकों ने अपने प्राणोत्सर्ग कर दिए। जनजाति समाज भारत का गौरव है। टंट्या मामा, रानी दुर्गावती, अमर शहीद रघुनाथ शाह और कुंवर शंकर शाह इसकी पहचान हैं। जनजातीय समाज ने सदियों से भारतीय संस्कृति को और अधिक पल्लवित किया है। जनजातीय समाज के वाद्य यंत्र और उनकी बोली मानवीय भावों का उदात्त प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय बंधुओं से अपील की है कि इस समृद्ध संस्कृति को हमेशा बनाए रखें। सरकार इसमें मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समाज के लिए बड़े काम किए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने वहां के जनजातियों के उत्थान के लिए अनुकरणीय कार्य किए। केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन-मन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पेसा एक्ट के जरिए राज्य सरकार ने जनजातीय बंधुओं को सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय संस्कृति के पैरोकार नर्तक दल और वाद्य यंत्र कलाकारों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय देवलोक महोत्सव में आए सभी जनजातीय नर्तकों एवं वाद्य कलाकारों को प्रोत्साहन स्वरूप पांच-पांच हजार रूपए की धनराशि दी जाएगी। इसके जनजातियों देवस्थानों एवं इनके देवी देवताओं के प्रतीकों, पूजा स्थलों एवं पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए प्रदेश की सभी पेसा ग्राम पंचायतों को तीन-तीन हजार रूपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंच से जनजातीय नर्तकों एवं वाद्य कलाकारों को पांच-पांच हजार रूपए एवं पेसा ग्राम पंचायतों को तीन-तीन हजार रुपये की वित्तीय सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेसा एक्ट के जरिए हमने जनजातीय समाज को और अधिक अधिकार संपन्न बनाया है। जल जीवन मिशन को सफल बनाने का जिम्मा भी हमने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री के रूप में हमारी जनजातीय बहन श्रीमती संपत्तियां उइके को सौंपा है। जनजातियों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी हमारी सरकार ने वरिष्ठ मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह को दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने 2.5 लाख से अधिक वन अधिकार पत्र देकर जनजातीय बंधुओं को उनका वाजिब हक दिलाया है। हमारी सरकार प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में नर्मदा का जल पहुंचाएगी। प्रदेश में किसानों को बिजली का स्थाई कनेक्शन मात्र पांच रूपए में उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआत में यह व्यवस्था मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड क्षेत्र में होगी। आगे पूरे प्रदेश में हम इसे लागू करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंचाई की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अगले तीन साल में हम प्रदेश के सभी किसानों को सोलर पंप मुहैया कराएंगे। इससे किसान खुद बिजली उत्पन्न कर अपने खेत में सिंचाई भी करेंगे। किसानों द्वारा उत्पादित अतिरिक्त बिजली सरकार खरीदेगी। इस वर्ष प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को 2600 रूपए प्रति क्विंटल के भाव से उपार्जन का लाभ मिलेगा। साथ ही खरीफ-2024 के लिये धान उत्पादक किसानों के खाते में प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार घर-घर गौपालन को बढ़ावा देगी। हम प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए तेजी से प्रयासरत है। किसानों को पांच रूपए प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि (बोनस) देने का निर्णय भी हम ले चुके हैं। किसानों द्वारा उत्पादित दूध सहकारिता विभाग के माध्यम से … Read more

भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों की पहचान यहां के शासकों से रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश के समृद्ध अतीत से वर्तमान पीढ़ी को अवगत कराने और हमारी संपन्न सांस्कृतिक धरोहर के प्रकटीकरण के लिए राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज सहित महापुरूषों के नाम पर द्वार बनाए जाएंगे। भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों की पहचान यहां के शासकों से रही है। चक्रवर्ती सम्राट के रूप में शासन करने वाले सम्राट विक्रमादित्य की वीरता, न्याय, त्याग, दानशीलता, पराक्रम, पुरुषार्थ और सुशासन से इतिहास में उन्हें विशेष स्थान प्राप्त हुआ। अद्वितीय शासक रहे राजा भोज ने बड़े तालाब सहित अनेकों रचनाओं का निर्माण कराया, जो आज भी भोपाल सहित प्रदेश के कई भागों में उनकी स्मृतियों को जीवंत करती हैं। महापुरूषों के नाम पर द्वार निर्माण की राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेशवासी अपने गौरवशाली अतीत से परिचित होंगे और उन्हें गर्व की अनुभूति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।  

मुख्यमंत्री ने नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक में की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर्मदा बेसिन से जुड़े प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन में और तेजी लाई जाए। जिससे कि सभी क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी किसानों के खेतों में टेल एंड तक पानी पहुंचाने की समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कम्पनी की कार्य-प्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर विमर्श किया, जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव एवं नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक डॉ. राजेश राजौरा, संचालक हिरदाराम चौहान सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे। बैठक में कम्पनी के प्रबंध संचालक डॉ. राजौरा ने कम्पनी की प्रगति, वर्तमान में चल रही परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति और आगामी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को नर्मदा क्षिप्रा लिंक बहुउद्देशीय परियोजना का कार्य अंतिम चरण में होने की जानकारी देते हुए कंपनी के एम.डी. डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि खण्डवा जिले में उद्वहन सिंचाई परियोजना और धार जिले में भी एक बड़ी परियोजना का भूमि-पूजन प्रस्तावित है। बैठक में विभिन्न मुद्दों एवं विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इस वर्ष नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा क्षेत्रीय विकास एवं बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए सभी प्रस्तावित योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए और अधिक तेज व प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम को चैंपियन ट्रॉफी के फायनल में पहुँचने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को यूएई के दुबई में हुए आईसीसी चैंपियन ट्रॉफी-2025 के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम की शानदार विजय पर सभी को बधाई दी है। इस विजयसे भारत ने चैंपियन ट्राफी-2025 के फाइनल मैच में अपना स्थान बना लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की जीत विजय पथ पर भारत के बढ़ते कदम हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हृदय से बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईसीसी चैंपियनशिप ट्रॉफी-2025 में भारत की शानदार विजय पर समस्त देशवासियों की प्रसन्नता में शामिल होते हुए कहा कि सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध सभी भारतीय खिलाड़ियों का श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और भारत ऐतिहासिक विजय प्राप्त कर फाइनल मुकाबले में पहुंचा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा जताई है कि भारतीय क्रिकेट टीम का ऐसा ही शानदार प्रदर्शन फाइनल में भी भारतीयों के चेहरों पर विजयी मुस्कान बिखेर देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम को फाइनल मुकाबले में जीत के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं।  

प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट को आपस में जोड़ते हुए “इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स” तैयार करने की दिशा में कई रणनीतिक की साझेदारियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-भोपाल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड-शो के परिणामस्वरूप, मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए एक आकर्षक केंद्र बना। साथ ही कुशल मैन पॉवर उपलब्ध कराने वाला आदर्श स्थान पर बन गया है। प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट को आपस में जोड़ते हुए “इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स” तैयार करने की दिशा में कई रणनीतिक साझेदारियां की हैं। इससे लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जीआईएस-भोपाल में कौशल विभाग ने कई देशी-विदेशी एजेंसियों के साथ एमओयू किये। ये एजेंसियां आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए एडवांस ट्रेड्स एवं विधाओं का कौशल प्रशिक्षण देंगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निवेशकों को कुशल वर्क फोर्स मिलेगा। जीआईएस में युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा 8 एमओयू साइन किये गये। इंडो-जर्मन ग्रीन स्किल्स (जीआईजेड) और कंपनी श्नाइडर इलेक्ट्रिक के सहयोग से ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में सिमुलेशन-बेस्ड ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। इससे इलेक्ट्रिशियन और सोलर तकनीशियन जैसे ट्रेड्स में कुशल युवाओं की मांग पूरी होगी। इसी प्रकार, जीआईजेड और सिमेंस इंडिया की साझेदारी आईटी प्रशिक्षुओं को इंडस्ट्री-रेडी ग्रीन स्किल्स प्रदान करेगी। इससे प्रदेश में सतत् और समावेशी व्यावसायिक कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी। साइन्टेक टेक्नोलॉजीज और अपनाटाइम टेक प्रा. लि. के साथ मिलकर ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और अपस्किलिंग की पहल की जा रही है। इससे इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रतिभा को विकसित किया जा सकेगा। यह कंपनी अपने डिजिटल भर्ती प्लेटफॉर्म से प्रदेश के युवाओं को संभावित नियोक्ताओं से जोड़ेगी, इससे रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल और व्यापक होगी। ग्वालियर के सरकारी डिविजनल आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के प्रशिक्षुओं को मार्तंडक सोलर एनर्जी प्रा. लि. द्वारा प्रशिक्षित एवं प्रायोजित किया जाएगा। इससे तकनीकी शिक्षा और उद्योग की मांग के बीच संतुलन स्थापित होगा। उन्नति फाउंडेशन स्वयम पोर्टल के माध्यम से रोजगार उन्मुख ऑनलाइन पाठ्यक्रम, साइकोमेट्रिक विश्लेषण और कैरियर गाइडेंस प्रदान कर रही है, जिससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के लिए वन वर्ल्ड एलायंस जापान के सहयोग से जापानी भाषा और आवश्यक कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे जापान में भी रोजगार के लिए तैयार हो सकेंगे। जीआईएस भोपाल से मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों को नया आयाम मध्यप्रदेश में ग्रीन स्किल्स और इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स को बढ़ावा देने के लिए बहुपक्षीय सहयोग जीआईएस-भोपाल के प्रभावी परिणामों के रूप में, मध्यप्रदेश में कौशल विकास और रोजगार अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग स्थापित किए गए हैं। इंडस्ट्री-फोकस्ड प्रशिक्षण कार्यक्रमों और व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण साझेदारियों को मूर्त रूप दिया गया है। ग्रीन एनर्जी सेक्टर में सिमुलेशन-बेस्ड ट्रेनिंग इंडो-जर्मन ग्रीन स्किल्स (जीआईजेड) और कंपनी श्नाइडर इलेक्ट्रिक ने “सिमुलेशन-बेस्ड वोकेशनल ट्रेनिंग फॉर ग्रीन एनर्जी जॉब्स” (ग्रीन स्किल्स) परियोजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिशियन और सोलर तकनीशियन ट्रेड के व्यावसायिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को उन्नत करने के लिए एसएसआर ग्लोबल स्किल पार्क और कौशल विकास निदेशालय के साथ समझौता किया है। इंडस्ट्री-रेडी आईटी प्रशिक्षुओं के लिए ग्रीन स्किल्स जीआईजेड और सिमेंस इंडिया के सहयोग से, मध्यप्रदेश में आईटी प्रशिक्षुओं को इंडस्ट्री-प्रासंगिक ग्रीन स्किल्स से लैस करने, जेंडर समावेशन को बढ़ावा देने और वर्क-रेडीनेस को सशक्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह सहयोग प्रदेश में सतत और समावेशी व्यावसायिक कार्यक्रमों को मजबूत करेगा। कार्य स्थल आधारित प्रशिक्षण और रोजगार सहायता सायंटेक टेक्नोलॉजीज और अपना टाइम टेक प्रा. लि. के साथ साझेदारी के तहत, छात्रों को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अपस्किलिंग और इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगार के लिए तैयार करने की पहल की गई है। अपना डिजिटल भर्ती मार्केटप्लेस के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को संभावित नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया जा रहा है। इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुसार तकनीकी शिक्षा मार्तंडक सोलर एनर्जी प्रा. लि. द्वारा ग्वालियर के सरकारी डिविजनल आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के प्रशिक्षुओं को प्रायोजित किया जाएगा, इससे तकनीकी शिक्षा और उद्योग आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटा जा सकेगा। साथ ही युवाओं की एम्प्लोयबिलिटी को बढ़ाया जा सकेगा। ऑनलाइन लर्निंग और कैरियर गाइडेंस युवाओं के लिए रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रम, ऑनलाइन लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) और साइकोमेट्रिक विश्लेषण को मजबूत करने के लिए उन्नति फाउंडेशन द्वारा स्वयम प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पेशकश की गई है। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश सरकार के उद्योगम पोर्टल के माध्यम से रोजगार के अवसरों को सुलभ बनाया जाएगा। जापान में रोजगार के अवसर वन वर्ल्ड एलायंस जापान के सहयोग से, मध्यप्रदेश के छात्रों को जापानी भाषा और आवश्यक कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे जापान में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो सकें। यह पहल राज्य के युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। जीआईएस भोपाल से कौशल विकास और रोजगार में आएगा बड़ा बदलाव जीआईएस-भोपाल के बाद मध्यप्रदेश ने कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय साझेदारियों को मूर्त रूप दिया है। इन समझौतों से युवाओं को उद्योग-रेडी बनाया जा रहा है। साथ ही तकनीकी शिक्षा को इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के अनुरूप उन्नत किया जा रहा है। इन सहयोगों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को ग्रीन एनर्जी, आईटी, तकनीकी और वैश्विक रोजगार के क्षेत्रों में नए अवसर प्राप्त होंगे। जीआईएस-भोपाल से निवेश भी आकर्षित हुआ है और लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार और उद्योग जगत के इस सहयोग से मध्यप्रदेश एक सशक्त, आत्म-निर्भर और इंडस्ट्री-रेडी वर्क फोर्स का केंद्र बन रहा है।  

खजुराहो-सांची में भी गोल्फ कोर्ट और रिसॉर्ट बनाने के लिए 600 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव, नजरपुरा आईलैंड में लक्जरी रिसॉर्ट बनेंगे

भोपाल  ट्रेजर ग्रुप छह सौ करोड़ रुपए का निवेश कर खंडवा जिले के नजरपुरा आईलैंड में लक्जरी रिसॉर्ट बनाएगा, खजुराहो में मिनी गोल्फ कोर्स एवं रिसॉर्ट तथा सांची में गोल्फ कोर्स एवं लक्जरी रिसॉर्ट बनाएगा। वहीं अमेजन प्राइम, हालीवुड प्रोजेक्ट, जी फाइव और अन्य निवेशक मिलकर मध्यप्रदेश में तीन सौ करोड़ रुपए खर्च कर नये प्रोजेक्ट शुरु करेंगे। ट्रेजर समूह आने वाले समय में खंडवा जिले के नजरपुरा आईलैंड में लक्जरी रिसॉर्ट बनाएगा। दतला पहाड़ खजुराहों के समीप मिनी गोल्फ कोर्स भी समूह बनाएगा साथ ही यहां एक लक्जरी रिसार्ट भी बनाएगा। समूह सांची के पास भी एक गोल्फ कोर्स और लक्जरी रिसॉर्ट का निर्माण करेगा। इन सब पर ट्रेजर समूह छह सौ करोड़ रुपए खर्च करेगा। मध्यप्रदेश में बड़े निवेशक निखिल आडवाणी द्वारा रिवेल्यूशनरी अमेजन प्राइम सौ करोड़ खर्च कर इंदौर, खंडवा, खरगौन और महेश्वर में यूनिट शुरु करेगा। हालीवुड प्रोजेक्ट के तहत इंडिया टेक वन अस्सी करोड़ खर्च कर टीकममगढ़, ओरछा और चंदेरी में निर्माण करेगा। जीफाइव द्वारा हेनरी डी कुन्हा का रियलिटी शो अनटाइटल्ड भोपाल और सीहोर में 25 करोड़ रुपए खर्च कर शुरु किया जाएगा। वहीं आर्यन सक्सेना का प्रोजेक्ट अनटाईटल्ड थिएट्रिकल रिलीज आठ करोड़ से अनूपपुर और अमरकंटक में शुरु होगा। मध्यप्रदेश में सिनेमा हॉल के निर्माण और पुनर्निमाण के आठ प्रस्ताव भी नई नीति के तहत बुरहानपुर, कटनी, इंदौर, खजुराहो के लिए मिले है। इन पर 37 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। आईएचसीएल एमआरएस खोलेगे नई होटल्स- आईएचसीएल मध्यप्रदेश में विभिन्न नेशनल पार्क, भोपाल, एवं इंदौर में नौ होटल्स शुरु कर चुकी है। समूह अब इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर एवं पेंच में पांच नई इकाईयों की स्थापना करेगा। इसके लिए समूह मध्यप्रदेश में 1907 करोड़ रुपए खर्च करेगा।एमआरएस ग्रुप द्वारा महेन्द्र भवन पन्ना, क्योटी किला रीवा एवं सिंहपुर महल चंदेरी में डेढ़ सौ करोड़ रुपए खर्च कर लक्जरी बुटिक होटल विकसि किए जाएंगे। प्रमुख वैश्विक आतिथ्य कंपनी हिल्टन जबलपुर और भोपाल में 254 कमरों की दो इकाईयों शुरु करेगी। इस पर दो सौ करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। जहानुमा ग्रुप आॅफ होटल्स द्वारा अठारह करोड़ रुपए खर्च कर मांडू में एक नया प्रीमियम होटल शुरु करेगा। सकूह मध्यप्रदेश में चार इकाईयां संचालित कर रहा है। ओबेराय सामूह बांधवगढ़ में विंध्यविलास वन्य जीव रिसॉर्ट का सफल संचालन कर रहा हे अब 450 करोड़ रुपए खर्च कर राजगढ़ पैलेस खजुराहो में एक नई इकाई में निवेश शुरु करेगा। आईटीसी होटल प्राइवेट लिमिटेड ढाई सौ करोड़ रुपए खर्च कर लुनेरा कासेल हेरिटेज होटल आईटीसी धर एवं आईटीसी भोपाल का विकास करेगा। आईटीसी जबलपुर में वेलकम होटल आईटीसी का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है।   खंडवा, सांची, खजुराहो के निवेश प्रस्ताव     नजरपुरा आइलैंड खंडवा: इंदिरा सागर डैम के बैक वाटर एरिये में ये आइलैंड है। यहां पर 17.57 हेक्टेयर भूमि पर 138.34 करोड़ रुपए से 106 लग्जरी रूम, 2 रेस्टोरेंट, वॉटर स्पोर्ट्स, विश्व स्तरीय वेलनेस रिसॉर्ट (स्पा, मेडटेशन-योगा) एवं अन्य एक्टिविटी होग और 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा।     सांची में रिसॉर्ट: सांची के पास नीनोद में 77 हेक्टेयर जमीन पर कुल 246.02 करोड़ रुपए की लागत से 217 लग्जरी रूम एवं विलाज, 5 रेस्टोरेंट, गोल्फ कोर्ट, गोल्फ विला, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस सेंटर एवं टूरिज्म से जुड़ी अन्य एक्टिविटी होगी। इससे करीब साढ़े 6 सौ लोगों को रोजगार मिलेगा।     खजुराहो में गोल्फ कोर्ट: खजुराहो स्थित दतला पहाड़ में 72.943 हेक्टेयर जमीन पर 206.27 करोड़ रुपए की लागत से 204 लग्जरी स्वीट रूम्स, 2 रेस्टोरेंट, गोल्फ कोर्ट, वेलनेस सेंटर, थीम गार्डन, हेरिटेज वॉल, हॉट एयर बैलूनिंग जैसी पर्यटन सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इसमें 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। ट्रेजर ग्रुप के इंदौर में भी प्रोजेक्ट्स ट्रेजर ग्रुप इंदौर का है। ग्रुप के यहां पर कई प्रोजेक्ट्स हैं। कंपनी रियल एस्टेट विकास, पैकेजिंग उत्पादों के निर्माण, पवन ऊर्जा उत्पादन, हर्बल उत्पादों समेत अन्य गतिविधियों में शामिल हैं। ग्रुप ने तीनों ही जगहों पर 600 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया है।

भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज सहित महापुरूषों के नाम पर द्वार बनाए जाएंगे-मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश के समृद्ध अतीत से वर्तमान पीढ़ी को अवगत कराने और हमारी संपन्न सांस्कृतिक धरोहर के प्रकटीकरण के लिए राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज सहित महापुरूषों के नाम पर द्वार बनाए जाएंगे। भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों की पहचान यहां के शासकों से रही है। चक्रवर्ती सम्राट के रूप में शासन करने वाले सम्राट विक्रमादित्य की वीरता, न्याय, त्याग, दानशीलता, पराक्रम, पुरुषार्थ और सुशासन से इतिहास में उन्हें विशेष स्थान प्राप्त हुआ। अद्वितीय शासक रहे राजा भोज ने बड़े तालाब सहित अनेकों रचनाओं का निर्माण कराया, जो आज भी भोपाल सहित प्रदेश के कई भागों में उनकी स्मृतियों को जीवंत करती हैं। महापुरूषों के नाम पर द्वार निर्माण की राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेशवासी अपने गौरवशाली अतीत से परिचित होंगे और उन्हें गर्व की की अनुभूति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।  

कैबिनेट में विकास योजना के लिए नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम की धारा 66 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया

भोपाल मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उज्जैन में महाकाल मंदिर में होमगार्ड स्वयंसेवी सैनिकों के 488 पद स्वीकृत करने की मंजूरी दी गई। इस पर सालाना 17 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। एक वर्ष के भीतर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। मोहन कैबिनेट के अन्य अहम फैसले     विकास योजना के लिए नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम की धारा 66 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। अब विशेष क्षेत्र के बाहर यदि किसी विभाग को परियोजना लेकर आनी है तो उसे शासन द्वारा अनुमति दे दी जाएगी।     यह परियोजना किसी भी सूरत में 500 करोड़ रुपये से कम की नहीं होगी। इसके साथ ही गेहूं के समर्थन मूल्य के ऊपर 175 रुपये प्रति क्विंटल और 2024 में उपार्जित धान के लिए कृषकों को चार हजार रुपये प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि देने के निर्णय का अनुसमर्थन किया गया।     प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलेगा। इसमें समस्त जल संरचनाओं की संरक्षण और संवर्धन का काम होगा। आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं को बच्चों को सामान्य ज्ञान देने के लिए प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। किसानों के लिए फैसले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार, 15 मार्च से शुरू होने जा रही गेहूं की एमएसपी दर पर खरीदी के तहत सरकार 175 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस देने का फैसला किया है। ये बोनस एमएसपी की दर 2425 रुपए के अतिरिक्त दिया जाएगा। यानी समर्थन मूल्य पर किसानों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल के भाव मिलेंगे। यही नहीं धान पर 4 हजार प्रति हैक्टेयर प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। सीमांकन-बटांकन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन डिजीटाइलेशन के लिए बैठक में 138.41 करोड़ का प्रावधान करने का फैसला लिया गया। कैबिनेट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर टीचर का प्रशिक्षण देने का भी फैसला लिया गया। इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सिखाया जाएगा कि आंगनवाड़ी आने वाले बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान के साथ सामान्य ज्ञान कैसे पढ़ाया जाए। एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए सरकार ने तय किया है कि प्लानिंग एरिया के बाहर भी उद्योग स्थापित हो सकेंगे। प्रस्ताव आने पर बड़े उद्योग प्लानिंग एरिया के बाहर स्थापित करने का फैसला सरकार ले सकेगी। सीएम का अभिनंदन बैठक की शुरुआत से पहले कैबिनेट के सदस्यों ने सफल जीआईएस को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का अभिनंदन किया। बैठक में 30.77 लाख करोड़ के निवेश जमीन पर उतारने की प्लानिंग साझा की गई। मुख्यमंत्री का फॉर्मूला तय किया गया कि सभी विभागों के प्रमुख सचिव हर सप्ताह निवेश प्रस्तावों की समीक्षा करेंगे। मुख्य सचिव हर महीने समीक्षा करेंगे और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हर दो महीने में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए 30 मार्च से पूरे प्रदेश में जय गंगा जल संवर्धन अभियान चलेगा। 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत वॉटर रिचार्ज को लेकर भी काम होंगे। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि भारतीय नया साल यानी गुड़ी पड़वा का पर्व सरकार धूमधाम से मनाएगी। गुड़ी पड़वा पर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम होंगे, तो उज्जैन में चल रहे विक्रमोत्सव के दौरान 30 मार्च को बड़ा आयोजन होगा। जनजातीय देवलोक की स्थापना और बजट सत्र की तैयारियां बैठक में एक और महत्वपूर्ण विषय जनजातीय देवलोक की स्थापना पर चर्चा होगी, जो राज्य के जनजातीय समुदाय के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके अलावा, 10 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में पेश होने वाले बजट पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री इस सत्र में की जाने वाली नई घोषणाओं और योजनाओं को लेकर कैबिनेट के समक्ष अपनी राय रखेंगे। 15000 करोड़ रुपए से अधिक का होगा बजट बैठक में द्वितीय अनुपूरक बजट का भी अनुमोदन किया गया। यह 15000 करोड़ रुपये से अधिक होगा। 16 वें वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश की वित्तीय स्थिति और 2026 से 2031 तक के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त की जाने वाली राशि के संबंध में प्रस्तुतीकरण छह मार्च को होगा। इसमें सभी मंत्री उपस्थित रहेंगे। बजट सत्र के सवालों और सरकार की हाजिर जवाबी पर चर्चा मंत्रालय में हो रही इस बैठक में मंत्रियों को बजट सत्र के दौरान उठाए गए सवालों का समय पर जवाब देने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस सत्र में सरकार की हाजिर जवाबी को लेकर भी चर्चा होगी, जिससे सरकार के संवाद कौशल और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। अनुपूरक बजट पर भी मंजूरी मिली बैठक में दूसरे अनुपूरक बजट के प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी। इस बजट में सड़क, बिजली, इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य विकास योजनाओं पर फोकस किया जाएगा। इसके अलावा, ब्याज की देनदारी से संबंधित बड़ी रकम को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया जा सकता है। यह सरकार की वित्तीय स्थिति और विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

बाल अपराधों को रोकने में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीरो टॉलरेंस नीति से प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में आई गिरावट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिक्षा के अधिकार का विस्तार कक्षा 12वीं तक हो: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाल अपराधों को रोकने में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम, पोक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में गिरावट आई है। यह स्पष्ट रूप से राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का परिणाम है। हम सुरक्षा, सशक्तिकरण और न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ कर रहे हैं, जिससे अपराधों पर अंकुश लगा है। पिछले वर्षों में महिला एवं बाल अपराधों के प्रति सरकार की सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध गंभीर अपराधों के दोषियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। न्यायालयों द्वारा 48 प्रकरणों में मृत्युदंड के निर्णय दिए जा चुके हैं। सरकार और समाज मिलकर महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अत्याचारों के प्रति जागृति लाएं। इस कार्य में बाल संरक्षण आयोग की भूमिका भी अहम है। सरकार आयोग के सुझावों को अमल में लाने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में यह बातें कही। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से विभिन्न विभागों के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य समेत अन्य सदस्यों ने निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009, पॉक्सो अधिनियम-2012 तथा किशोर न्याय अधिनियम-2015 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया, सदस्य बाल संरक्षण आयोग श्रीमती मेघा पवार और डॉ. निवेदिता शर्मा, डॉ. निशा सक्सेना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश, स्वर्णिम काल में प्रगति के पथ पर अग्रसर है। विश्व में भारत की ख्याति फैल रही है। विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में प्रत्येकव्यक्ति निरंतर समर्थ हो रहा है। भारत बाहरी दुश्मनों से निपटने में सक्षम होने के साथ-साथ आंतरिक चुनौतियों का भी प्रभावी रूप से सामना कर रहा है। उन्होंने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों और किशोरों में अपार क्षमता और ऊर्जा विद्यमान रहती है। इसीलिए महर्षि विश्वामित्र ने असुरों का विनाश करने के लिए महाराज दशरथ से बचपन में प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण को मांगा था। प्रभु श्रीराम ने अपने पुरुषार्थ के बल पर असुरों का सर्वनाश किया। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का बाल्य स्वरूप सद्मार्ग पर चलने के लिए समाज को भिन्न-भिन्न रूप से प्रेरित करता है। जरूतमंद बच्चे जो आप तक नही आ पाये, उन तक आप पहुंचें : सुभूरिया महिला बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा की बच्चों के विकास की पहली शर्त उनका संरक्षण है और मुझे गर्व है कि डॉ. यादव के नेतृत्व में बच्चों के संरक्षण के लिये विभाग और प्रशासन सजग है। उन्होंने मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग को बधाई देते हुए कहा कि आयोग बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके संरक्षण और उनके समुचित विकास से जुड़े अधिनियम-नियम पर केन्द्रित इस राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला न केवल बच्चों के शिक्षा के अधिकार के लिये है वरन बच्चों के संरक्षण के लिये बनाये गये विभिन्न अधिनियमों जैसे पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम से जागरूक करने को लेकर भी है। मंत्री सुभूरिया ने उपस्थित बाल कल्याण आयोग और किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष/ सदस्यों से आग्रह किया कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है वो बहुत महत्वपूर्ण है और बच्चों को न्याय दिलाने के लिये है। समाज सेवा का ऐसा अवसर बार-बार नहीं मिलता इसलिये पूरी सजगता से बच्चों का संरक्षण सुनिश्चित हो इसका ध्यान रखें। आज अनाथ बच्चा किस संस्था में जायेगा या उसका पुनर्वास कहाँ होगा ये अधिकार आपके पास है और किसी के पास नहीं। तो इस अधिकार से बच्चों के प्रति संरक्षण के दायित्व मानकर उपयोग करें और कोशिश करें कि जरूतमंद बच्चे जो आप तक नही आ पाये उन तक आप पहुंचें। बच्चे ईश्वर का रूप होते हैं, बच्चे देश का भविष्य हैं और यदि हमें प्रधानमंत्री मोदी के विजन अनुसार देश का भविष्य स्वर्णिम बनाना है तो आज के बच्चों और युवाओं के वर्तमान को भी संवारना होगा, संरक्षित करना होगा और मुझे खुशी है कि आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में न केवल बच्चों के वर्तमान को मजबूत बनाया जा रहा है वरन उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि उनके व्यक्तित्व का अधिकतम विकास हो। मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष रवींद्र मोरे ने कहा कि जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बाल कल्याण समिति के कार्यकर्ता की शक्तियां कम ज्यादा हो सकती हैं, लेकिन वे समान रूप से बाल कल्याण को समर्पित हैं और बच्चों के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में यह प्रावधान किया था कि राज्य सरकारों को बच्चों के कल्याण के लिए नियम बनाने का अधिकार मिलना चाहिए। यह उनकी दूरदर्शिता का घोतक है। मध्यप्रदेश सरकार ने बच्चों की शिक्षा की चिंता की है। मोरे ने शिक्षा का अधिकार को 12वीं कक्षा तक लागू करने का सुझाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने रखा एवं कार्यशाला में सहभागिता के लिए उनका आभार माना।  

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट में उद्घोषित नवीन योजनाओं तथा प्रचलित कार्यक्रमों में की गई वृद्धि के संदर्भ में अधिकारियों को दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है‍कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुसार गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों में केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में प्रदेश के लिए की गई वृद्धि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रदेश में वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है, युवाओं में उद्यमिता विकास और कौशल उन्नयन के लिए संबंधित संस्थाओं में बाजार की आवश्यकता के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएं। ग्राम स्तर तक स्वास्थ्य सुविधा और शिक्षा व्यवस्था का संचालन संवेदनशीलता के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में उद्घोषित नवीन योजनाओं में किए गए प्रावधानों तथा प्रचलित योजनाओं में की गई वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश की प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों से समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बड़े नगरों के आस-पास विद्यमान नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में सड़क, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सीवेज जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का विकास इस दृष्टि से किया जाए ताकि नगरों की जनसंख्या बढ़ने पर जनसामान्य का जीवन सुगम बना रहे। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग करते हुए प्रदेश को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में आदर्श राज्य के रूप में विकसित किया जाए। इसके साथ ही कृषकों को मूंगफली, सरसों जैसी तिलहन फसलों और ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों को लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव उपस्थित थे।  

राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिता 7 मार्च तक चलेगी, 27 टीमों के 450 से अधिक एथलीट हो रहे हैा शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने ओलम्पिक से लेकर एशियाड जैसी कई प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। मध्यप्रदेश सहित देशभर के खिलाड़ियों ने वैश्विक स्तर पर खेलों में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। खेलों से युवाओं में नेतृत्व कौशल एवं कई तरह की प्रतिभाओं का विकास होता है। प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास और खेलों को बढ़ावा देने के लिए कृत-संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमूह एवं खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग सहित अन्य अतिथियों ने राजधानी भोपाल के बोट क्लब स्थित राज्य वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी में आकाश में गुब्बारे छोड़कर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से आयोजित 5 दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता 7 मार्च तक चलेगी। इसमें मध्यप्रदेश सहित 23 राज्यों और भारतीय सेना, नौसेना एवं अखिल भारतीय पुलिस सर्विस समेत कुल 27 टीमों के 450 से अधिक पुरुष एवं महिला एथलीट शामिल हो रहे हैं। इस प्रतियोगिता में 14 इवेंट्स होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोइंग प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भोपाल में हो रहा रोइंग महाकुंभ, उज्जैन के सिंहस्थ जैसा है। रोइंग कॉम्पिटिशन का अद्भुत आनंद भोपाल की बड़ी झील की सुंदरता में चार चांद लगा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा जताई है कि प्रदेश की बेहतर खेल नीतियों का लाभ युवा प्रतिभाओं को मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा खेल एवं खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए 18 खेलों की 11 खेल अकादमी स्थापित की गई हैं। इनमें 3 खेल वॉटर स्पोर्ट्स कयाकिंग, रोइंग और सेलिंग भी शामिल हैं। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में खेल क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। मध्यप्रदेश का खेल बजट कभी 6 करोड़ रूपए हुआ करता था, जो मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बढ़कर 600 करोड़ रूपए हो गया। राष्ट्रीय खेलों में मध्यप्रदेश को पदक तालिका में तीसरा स्थान मिला है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 5 स्वर्ण और 4 रजत पदक सहित कुल 9 पदक अर्जित किए और वॉटर स्पोर्ट्स में ओवर ऑल प्रथम स्थान पर रहे। मध्यप्रदेश को रोइंग में नेशनल चैम्पियन का गौरव प्राप्त है। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की सभी विधानसभाओं में एक-एक खेल केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने रोइंग बोट के माध्यम से मार्च पास्ट किया एवं वॉटर स्पोर्ट्स शो में आकर्षक करतब दिखाए, जिनका खेल प्रेमियों ने भरपूर आनंद लिया। शुभारंभ कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव खेल, मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक रवि गुप्ता, रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया चेयरमैन ऑफ कॉम्पीटिशन बालाजी मर्दपा सहित अन्य अतिथि एवं खेल विभाग के पदाधिकारी तथा खिलाड़ी उपस्थित थे।  

जनजातीय समुदायों की संस्कृति, पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए प्रदेश में जनजातीय देवलोक विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय समुदायों की संस्कृति और पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए जनजातीय देवलोक करेंगे विकसित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण और पूजा व त्यौहार आदि की विशेष व्यवस्था के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  जनजातीय समुदायों की संस्कृति, पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए प्रदेश में जनजातीय देवलोक विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव चार मार्च को मुख्यमंत्री निवास में होगा जनजातीय देवलोक महोत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण और उनके त्यौहार तथा पूजा आदि की विशेष व्यवस्था के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में शीघ्र ही भगोरिया की शुरूआत हो रही है। मुख्यमंत्री निवास में भी मंगलवार 4 मार्च को जनजातीय देवलोक महोत्सव आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों की संस्कृति, पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए प्रदेश में जनजातीय देवलोक विकसित किया जाएगा। जनजातीय समाज और उनकी परम्पराएं भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। इन परम्पराओं और उपासना पद्धतियों को जीवंत बनाए रखने तथा वर्तमान और आगामी पीढ़ियों को इनसे अवगत कराने के लिए शासकीय योजनाओं का लाभ लेते हुए, कार्य योजना का क्रियान्वयन आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में जनजातीय देवलोक स्थापना के लिए मंत्रालय में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 7 प्रमुख जनजातियां और इनकी उपजातियों सहित 43 जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। जनजातियों ने प्रकृति, प्रतीक और प्रतिमा में अपने देवधारणाओं को स्थापित किया है और इनके माध्यम से वे अपनी आस्था और धारणाओं का प्रकटीकरण करते हैं। प्रदेश के अलग-अलग भौगालिक क्षेत्रों में निवासरत जनजातीय समुदायों के देवी-देवता और उनके प्रतीक भिन्न-भिन्न हैं। अत: राज्य के जनजातीय समुदायों की मान्यताओं, आस्था, प्रतीकों के देवलोक को एक स्थान पर लाने के लिए प्रयास करना आवश्यक है। इन प्रयासों में जनजातीय समुदायों के ओझा, पटेल, पुजारा, तड़वी, भुमका, पंडा, गुनिया आदि के विचारों को भी समाहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवलोक की स्थापना के लिए सभी जनजातियों के आवागमन की सुगमता को ध्यान में रखते हुए भूमि चिन्हित की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग गुलशन बामरा, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी तथा लक्ष्मण सिंह मरकाम उपस्थित थे।  

मानव और प्रकृति के कल्याण के लिए वन्य जीवों के संरक्षण का संकल्प लें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मानव और प्रकृति के कल्याण के लिए वन्य जीवों के संरक्षण का संकल्प लें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने विश्व वन्य जीव दिवस पर प्रदेशवासियों से किया आह्वान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से विश्व वन्य जीव दिवस पर मानव और प्रकृति के कल्याण के लिए वन्य जीवों के संरक्षण का संकल्प लेने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य जीवों की विविधता और उनका अस्तित्व हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। इस दायित्व का हम पूर्ण प्रतिबद्धता से निर्वहन करें।  

दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए :CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की समृद्ध कृषि परंपरा और सतत विकास की नीति अब वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में निवेशकों ने कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे प्रदेश की हरित और श्वेत क्रांति के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि जीआईएस भोपाल में प्राप्त निवेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को वैश्विक “फूड बास्केट” बनाने के संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभाएगा। जैविक खेती में अग्रणी मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश पहले ही देश का सबसे बड़ा जैविक खेती वाला राज्य बन चुका है। देश की कुल जैविक खेती में 40% योगदान देने वाले राज्य ने अब इस क्षेत्र का विस्तार कर 17 लाख हेक्टेयर से 20 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। सरकार किसानों को निःशुल्क सोलर पंप उपलब्ध करा रही है ताकि वे पर्यावरण अनुकूल तरीकों से उत्पादन कर सकें। राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बीते वर्षों में बागवानी फसलों का रकबा27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 32 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। इससे राज्य के फल-सब्जी उत्पादकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश बनेगा दुग्ध उत्पादन का हब प्रदेश दूध उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। वर्तमान में देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9% योगदान देने वाला मध्यप्रदेश अब इसे 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सांची ब्रांड ने राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। प्रदेश में वर्तमान में प्रतिदिन 591 लाख किलो दूध का उत्पादन हो रहा है। इससे प्रदेश देश में तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है।  नवाचार और खाद्य प्र-संस्करण में निवेश की बाढ़ जीआईएस-भोपाल में “सीड-टु-शेल्फ” थीम पर केंद्रित एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें निवेशकों ने प्रदेश की अपार संभावनाओं को पहचाना। राज्य में 8 फूड पार्क, 2 मेगा फूड पार्क, 5 एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टरऔर एक लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्र-संस्करण योजना के तहत 930 करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। यहां 70 से अधिक बड़ी औद्योगिक इकाइयां और 3,800 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयाँ पहले ही सक्रिय हैं। इनके जरिए कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सिंचाई परियोजनाओं से होगा कृषि क्षेत्र का विस्तार प्रदेश में सिंचित रकबा तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2003 में केवल 3 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब 50 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुकी है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। नर्मदा, चंबल, ताप्ती, बेतवा, सोन, क्षिप्रा, कालीसिंध और तवा जैसी सदानीरा नदियों पर बनी सिंचाई परियोजनाओं से यह लक्ष्य संभव हो सकेगा। जीआईएस-भोपाल से रोजगार के नए अवसर जीआईएस-भोपाल में खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र में आये 4,000 करोड़ रुपये के निवेश से प्रदेश में 8,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के बढ़ने से किसान सीधे अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकेंगे, जिससे राज्य की आर्थिक मजबूती को और बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस-भोपाल में हरित और श्वेत क्रांति को लेकर मिले निवेश प्रस्तावों ने मध्यप्रदेश को देश का “फूड बास्केट” बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाने का अवसर दिया है। कृषि, जैविक खेती, खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादन में हुए ये निवेश प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखने को तैयार हैं।  

मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मिले निवेश प्रस्ताव को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि इन्वेस्टर समिट का असर धरातल पर दिखना चाहिए. इसके लिए सभी प्रस्तावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी. राजधानी भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के बड़े उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सहित राजनीति के दिग्गजों ने भी इस इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लेकर विदेश से आने वाले निवेश को लेकर वर्तमान समय को सबसे बेहतर बताया. अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों से बैठक लेकर निवेश को धरातल पर उतारने की पूरी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं. विदित है कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में जापान, यूएस, यूएई सहित विश्व के कई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. बैठक में सीएस अनुराग जैन, एसीएस राजेश राजौरा सहित कई विभागों के पीएस मौजूद थे. 26 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले भोपाल में आयोजित की गई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मध्य प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले. दो दिनों तक चली समिट में भोपाल में सबसे ज्यादा 5.8 लाख करोड़ का निवेश मिला है, जबकि इंदौर और उज्जैन में 4.7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन्हीं निवेश प्रस्ताव को धरातल पर उतरने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक में कही यह बात बैठक में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निवेश प्रस्ताव का फॉलोअप लेते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रति सप्ताह प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि निवेशकों से लगातार सीधा संपर्क बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने अभी कहा है कि 2 साल के भीतर सभी उद्योग शुरू हो जाने चाहिए. इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को और भी बेहतर बनाया जाए.  

CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, मध्य प्रदेश के किसानों को महज 5 रुपये में बिजली का कनेक्शन

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। किसानों को अब 5 रुपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसानों को अब 5 रुपये में बिजली का स्थाई कनेक्शन दिया जाएगा। मध्य क्षेत्र को यह व्यवस्था तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में किसानों को यह सुविधा दी जाएगी। किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप अगले तीन साल में किसानों को 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। हर साल 10-10 लाख कनेक्शन दिए जाएंगे। किसानों से सौर ऊर्जा खरीदकर उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। भोपाल में किसानों को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा कि मध्य प्रदेश केंद्रीय विद्युत वितरण कंपनी जल्द ही इस योजना को शुरू करेगी. उन्होंने कहा, ”जिन किसानों के पास स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं है, उन्हें पांच रुपये में यह सुविधा दी जाएगी. हम किसानों का जीवन बेहतर बनाना चाहते हैं.” एमपी के किसानों को सिंचाई के लिए सौर पंप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंचाई के लिए सौर पंप के माध्यम से किसानों को बिजली संबंधी परेशानियों से मुक्ति दिलाना चाहती है. उन्होंने कहा, ”अगले तीन सालों में किसानों को 30 लाख सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे. सरकार किसानों से सौर बिजली खरीदेगी.” किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप अगले तीन साल में किसानों को 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। हर साल 10-10 लाख कनेक्शन दिए जाएंगे। किसानों से सौर ऊर्जा खरीदकर उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरा इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो गांवों में उचित बुनियादी ढांचा, बिजली और सड़कें नहीं थीं, लेकिन बीजेपी के शासन में स्थिति में सुधार हुआ हैइसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब गांवों में उचित बुनियादी ढांचा, बिजली और सड़कें नहीं थीं, लेकिन बीजेपी के शासन में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। भोपाल में किसान आभार सम्मेलन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को ‘किसान आभार सम्मेलन’ में हिस्सा लेकर किसान भाई-बहनों से आत्मीय संवाद किया. भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में ये सम्मेलन आयोजित किया गया था. सीएम ने कहा कि अन्नदाताओं के श्रम से अन्न के हर दाने में प्रदेश की समृद्धि की गूंज है. किसान कल्याण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके विकास के लिए हमारा संकल्प अटूट है. धान पर 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर बोनस, 2600 रुपए प्रति क्विंटल में होगा गेहूं का उपार्जन इससे पहले शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट में ऐलान किया था कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर निर्णय लेती जा रही है। राज्य सरकार ने गेहूं को खरीदने के लिए 2600 रुपए प्रति क्विंटल की राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में निर्धारित की है। समर्थन मूल्य के अलावा किसानों को भुगतान के लिए 175 रुपए बोनस देने की व्यवस्था की गई है। इसी तरह राज्य सरकार अब धान उपार्जन के लिए प्रति हेक्टेयर 4000 रुपए की राशि किसानों के खाते में डालने जा रही है। सभी किसान भाइयों के खाते में राशि मार्च में ही राशि अंतरित की जाएगी। सीएम मोहन यादव ने किए और भी ऐलान     सीएम ने कहा कि किसानों की जिंदगी बेहतर करने के लिए प्रत्येक आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।मध्य प्रदेश में देश का करीब एक चौथाई कपास होता है, इस फैसले से कपास उत्पादक किसान लाभान्वित होंगे।दूध उत्पादन पर बोनस देंगे।     गोपाल कृष्ण के देश में हम प्रदेश में गाय पालन पर अनुदान देंगे। इसके लिए गांव गांव में प्रोत्साहन देंगे। बड़े नगरों में 10,000 क्षमता की गौशालाएं संचालित होगी।प्रति गाय बीस के स्थान पर 40 रुपए अनुदान की व्यवस्था की जाएगी। उन्नत बीज,कृषि यंत्र किसानों को दिलवाने के लिए मेले लगाए जाएंगे।     कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, खाद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मौजूद रहे।

जीवन-मृत्यु व्यक्ति के हाथ में नहीं है, लेकिन संत लोगों को धर्म की राह दिखाकर सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर उनके जीवन को सार्थक बनाते : मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन-मृत्यु व्यक्ति के हाथ में नहीं है, लेकिन संत लोगों को धर्म की राह दिखाकर सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर उनके जीवन को सार्थक बनाते हैं। सांस्कृतिक, धार्मिक मूल्यों की स्थापना तथा समाज और राष्ट्र के निर्माण में संतों और गुरुओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज कुबेरेश्वर धाम सीहोर में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव में शामिल होकर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. प्रदीप मिश्रा जी लोगों में ईश्वर के प्रति आस्था और भक्ति जागृत कर लोगों का धार्मिक, आध्यात्मिक उत्थान कर रहे है। उन्होंने कहा कि पं. मिश्रा ने भोपाल के निकट सीहोर में कुबेरेश्वर धाम की स्थापना कर इस क्षेत्र को एक नई धार्मिक पहचान दी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के दो सौ से अधिक देशों में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और सबसे बड़े देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रयागराज कुंभ में गगा स्नान कर देश की सनातन संस्कृति के प्रति देशवासियों की अटूट आस्था का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार को सभी संतो का मार्गदर्शन मिला है। समय-समय पर हम और हमारी सरकार उनसे कई अवसरों पर विचार-विमर्श भी करती है। संतो से हमें सरकार चलाने का नैतिक बल मिलता है जिससे हम अधिक मजबूती के साथ प्रदेश के विकास और लोगों के कल्याण के लिए काम कर  रहे   हैं। उन्होंने कहा कि हमने संपूर्ण प्रदेश में गौ-शालाओं का निर्माण किया है और गौ-शालाओं में गौ-माता के लिए बेहतर परिवेश उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता परमात्मा की हम पर असीम कृपा है। गौ-माता प्रकृति और परमात्मा के बीच संबंध का सूत्र है। बेसहारा, अशक्त और वृद्ध गौ-माताओं के आश्रय के लिए भोपाल सहित सभी बड़ी नगर निगमों में 10 हजार क्षमता की गौ-शालाएं बनाई जाएगी। दुग्ध उत्पादन पर भी प्रोत्साहन स्वरूप बोनस प्रदान किया जाएगा। दस से अधिक गाय पालने वालों को अनुदान दिया जाएगा। गांव-गांव में गोपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। गौ-शाला चलाने वालों को प्रति गाय 20 रुपये के स्थान पर 40 रुपये का अनुदान देकर गौ-शालाओं को सक्षम बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के भी काम कर रही है। प्रदेश सरकार कल्याणी बहनों के पुनर्विवाह के लिए दो लाख रुपए प्रदान करेगी। ताकि बहनों का फिर से घर बस सके और उनके जीवन में खुशियां आए। उन्होंने कहा कि सभी महत्वपूर्ण धार्मिक एवं तीर्थ-स्थानों का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में क्षिप्रा का पानी सूख जाता है। क्षिप्रा को पूरे साल प्रवहमान बनाये रखने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने की योजना बनाई है। प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों वाले 19 स्थानों में शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय लिया इसके साथ ही खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है। रुद्राक्ष महोत्सव में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, विधायक श्री सुदेश राय, पिछड़ा वर्ग अयोग के सदस्य श्री सीताराम यादव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री जसपाल अरोरा कलेक्टर श्री बालागुरू के, एसपी श्री दीपक कुमार शुक्ला तथा जिला पंचायत सीईओ डॉ. नेहा जैन उपस्थित थीं।  

मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी को एक बार फिर सफेद बाघ ‘मोहन’ मिल गया

मैहर मध्यप्रदेश के मैहर जिले स्थित मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी को एक बार फिर सफेद बाघ ‘मोहन’ मिल गया है। सफेद बाघ को एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पिछले महीने ग्वालियर जू से लाया गया था। रविवार को सफेद नर बाघ का नामकरण डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने किया है। इसका नाम मोहन रखा गया है। निरीक्षण करने पहुंचे थे डेप्युटी दरअसल, रविवार को प्रदेश के डेप्युटी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने मैहर स्थित महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी के निर्माणाधीन बाड़ों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन बाड़ों का कार्य जल्दी पूरा कराए ताकि वहां विभिन्न प्रजातियों के जीवों को रखा जा सके। साथ ही उन्होंने सरीसृप प्रजाति के लिए बनाए जा रहे रेप्टाइल हाउस के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया है। साथ ही पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। व्हाइट टाइगर का नाम मोहन रखा डेप्युटी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर का भ्रमण कर ग्वालियर से लाए गए नए मेहमान व्हाइट टाइगर के शावक को देखा है। उन्होंने नर बाघ शावक का नाम विंध्य क्षेत्र के सफेद बाघ के पितामह ‘मोहन’ के नाम को जीवंत रखने के लिए फिर से सफेद बाघ का नाम मोहन रखा है। परिंदों को देखकर खुश हुए डेप्युटी सीएम वहीं, डेप्युटी सीएम ने निर्माणाधीन रेप्टाइल हाउस के निरीक्षण के दौरान सर्प की प्रजातियों और उनके रहवास से संबंधित जानकारी भी ली है। साथ ही वर्ल्ड एवियरी बाड़े का भ्रमण कर रंग-बिरंगे परिंदों को भी देख खुश हुए है। पहले महाराजा ने रखा था नाम मोहन गौरतलब है कि मोहन की कहानी रीवा से शुरू होती है जो पूरी दुनियाभर में मशहूर है। आपको बता दें कि 27 मई 1951 को रीवा महाराजा मार्तण्ड सिंह को सीधी जिले के पनखोरा गांव के बरगड़ी जंगल में शिकार के दौरान एक 6 माह के सफेद बाघ का शावक मिला था। महाराजा ने उसका नाम ‘मोहन’ रखकर अपने संरक्षण में पाला था। मानता जाता है कि आज दुनिया में जितने भी सफेद बाघ हैं, वे सभी मोहन के वंशज माने जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कटनी के औद्योगिक विकास पर किया संवाद

कटनी सहित प्रदेश के 10 अलग- अलग स्थानों में होगी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कटनी के औद्योगिक विकास पर किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधन और संभावनाओं को देखते हुए कटनी सहित 10 अलग-अलग जिलों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कटनी जिला औद्योगिक निवेश की दृष्टि से संभावनाओं वाला जिला है। कटनी में उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने से रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित होंगे। ऐसे में कटनी में शीध्र ही मिनरल एंड माइनिंग और फूड प्रोसेसिंग संबंधी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने यह बात रविवार को कटनी जिले में औद्योगिक विकास के संबंध में उद्योगपतियों से संवाद में कही। सांसद शहडोल श्रीमती हिमाद्री सिंह, विधायक मुड़वारा संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल, विधायक बहोरीबंद प्रणय प्रभात पाण्डे, विधायक बड़वारा धीरेन्द्र बहादुर सिंह, महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मेहरा और दीपक टंडन मंचासीन रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष-2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। पूरे वर्ष प्रदेश में औद्योगिक विकास को लेकर एक मिशन के तौर पर प्रयास किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत माइनिंग मिनरल, फूड प्रोसेसिंग जैसी जिस प्रकार की, जिस स्थान पर संभावनाएं उपलब्ध होंगी, प्रदेश की उन 10 अलग-अलग जगहों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत सबसे पहले इंदौर से आईटी, सेमीकंडक्टर व आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग पर केन्द्रित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फिर उज्जैन में पर्यटन (विशेषकर धार्मिक पर्यटन) और फूड प्रोसेसिंग के मद्देनजर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद अन्य स्थानों में भी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कटनी में माइनिंग एवं मिनरल्स, फूड प्रोसेसिंग, चूना उद्योग, मार्बल उद्योग के नजरिये से औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए कदम से कदम मिलाकर चल रही है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के नजरिए से अनुकूलता है। राज्य में अलग-अलग प्रकार की परिस्थितियों के साथ संभावनाएँ भी है। मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नये युग की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से जनसंवाद के दौरान ही संभागायुक्त जबलपुर अभय वर्मा एवं कलेक्टर कटनी दिलीप कुमार यादव से कहा कि वे उद्योगपतियों के हित व औद्योगिक विकास के नजरिए से शासन की सभी 18 प्रकार की नीतियों और उद्योग की स्थापना में मिलने वाले लाभों की जानकारी उद्योगपतियों को उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से संवाद कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप-प्रज्जवलन से की। इसके बाद उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। जिला प्रशासन नें मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित कटनी सैंड स्टोन से निर्मित अशोक स्तंभ की प्रतिकृति भेंट की। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान पिंड गणेश की प्रतिमा भेंट की। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, सहित उद्योगपति पवन मित्तल, अरविंद गुगालिया, लघु उद्योग भारती के महामंत्री अरूण कुमार सोनी के अलावा माइनिंग एंड मिनरल्स, हेल्थ, एजुकेशन, दाल एवं राईस मिल, होटल व्यवसाय से संबंधित उद्योगपतियों की मौजूदगी रहीं।  

मुख्यमंत्री शिव महापुराण कथा में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन धर्म की कथा अच्छी तरह से जीवन जीने की प्रेरणा देती है। सनातन धर्म में 18 पुराणों में सर्वश्रेष्ठ शिव पुराण को माना जाता है। काल के देवता महाकाल और महादेव एक ही हैं। इन्हें देवता और असुर समान रूप से पूजकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना जिले के रामपुर बघेलान में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल होने के बाद रविवार को श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ पर विराजित राजगुरु बद्री प्रपन्नाचार्य जी और पोडी धाम के स्वामी वल्लभाचार्य जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और पूर्व मंत्री स्व. हर्ष नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रामपुर बघेलान के विधायक विक्रम सिंह और श्रीमती शिवांगी सिंह द्वारा पूर्व मंत्री स्व. हर्ष नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का यह स्वर्णिम समय है, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर जगमगा रहा है। महाकुंभ में देश-विदेश के करोड़ों लोगों ने स्नान कर पुण्य लाभ लिया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ और कथा जैसे धार्मिक समागम हमारी ऊर्जा और सनातन प्राचीन संस्कृति से जोड़ने के अवसर प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां भगवान राम और कृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन सभी स्थानों को जगमगाने का संकल्प प्रदेश सरकार ने लिया है। चित्रकूट धाम भी अयोध्या की तरह जगमगाएगा। आने वाले समय में मध्यप्रदेश देश का सबसे सुंदर राज्य बनेगा। शिव महापुराण कथा में उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक विक्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह गहरवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल और भगवती प्रसाद पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री यादव की उपस्थिति में वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय और एमपीसीएसटी के बीच अकादमिक और वैज्ञानिक सहयोग हेतु MoU पर हस्ताक्षर

सीहोर  वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय, सीहोर और मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST), भोपाल के बीच शैक्षणिक और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 के अवसर पर आयोजित किया गया था और इसमें मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर, माननीय मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा में उत्कृष्टता केंद्र (Centre for Excellence in STEM Education) का उद्घाटन किया, जो राज्य में वैज्ञानिक शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक अग्रणी पहल है। इसके साथ ही, उन्होंने छात्रों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जहां उन्होंने युवा नवाचारकर्ताओं से बातचीत की और उनकी नवीन अनुसंधान और तकनीकी उपलब्धियों की सराहना की। वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के प्रो वाइस-चांसलर डॉ. टी. बी. श्रीधरन और एमपीसीएसटी के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी द्वारा हस्ताक्षरित इस समझौता ज्ञापन (MoU) से शोध, छात्र प्रशिक्षण और बहु-विषयक वैज्ञानिक प्रयासों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस समझौते के तहत, दोनों संस्थान निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग करेंगे: •    नई वैज्ञानिक परियोजनाओं पर संयुक्त शोध। •    छात्रों और संकाय के लिए अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं तक पहुंच। •    ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाओं, सेमिनारों और सम्मेलनों का आयोजन। •    राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शोध अनुदानों के लिए संयुक्त प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण। •    शैक्षणिक संसाधनों, वैज्ञानिक प्रकाशनों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आदान-प्रदान। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील मध्य प्रदेश के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने वीआईटी भोपाल और MPCST द्वारा अनुसंधान को बढ़ावा देने और छात्रों के बीच नवाचार को प्रेरित करने के प्रयासों की सराहना की। मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि STEM शिक्षा में उत्कृष्टता केंद्र और यह समझौता राज्य में वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम में डॉ. पुष्पिंदर सिंह पथेजा, डीन, स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग साइंस एंड इंजीनियरिंग (SCOPE), डॉ. पोन हर्षवर्धनन, डीन, स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग साइंस, इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SCAI), वीआईटी भोपाल, अन्य विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद ,साथ ही प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों और सरकारी अधिकारियों की भागीदारी रही, जिससे यह मध्य प्रदेश में शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। यह समझौता प्रारंभ में तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से पाँच वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है। दोनों संस्थानों ने इस समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करने और छात्रों, शोधकर्ताओं तथा व्यापक वैज्ञानिक समुदाय को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

मध्यप्रदेश अपने समृद्ध टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने समृद्ध टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश की कृषि समृद्धि, पारंपरिक बुनकर समुदायों की उत्कृष्ट कला, आधुनिक औद्योगिक आधार और निवेशक-अनुकूल नीतियाँ राज्य में टैक्सटाइल सेक्टर को सशक्त बना रही हैं। जीआईएस-जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को देश की ‘कॉटन कैपिटल’ घोषित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य की प्रसिद्ध चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों, बाघ प्रिंट, छीपा हैंड-ब्लॉक प्रिंट और बटिक प्रिंट की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी बताया कि देश के सात बड़े टैक्सटाइल पार्कों में से एक मध्यप्रदेश में स्थापित किया जा रहा है। भोपाल में राज्य सरकार के प्रयासों से देश-विदेश के निवेशकों ने रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि मध्यप्रदेश भारत के टैक्सटाइल और एपैरल हब के रूप में स्थापित हो रहा है। जीआईएस भोपाल में टैक्सटाइल निवेश को बढ़ावा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में टैक्सटाइल उद्योग में निवेश को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला। प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 21 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव में अधिकांश टैक्सटाइल उद्योग को प्राप्त है। इससे युवाओं के लिये 1.3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उद्योग और निवेश संवर्धन विभाग के अंतर्गत 8,616 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित हुआ है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 60 से अधिक बड़ी टैक्सटाइल मिलें संचालित हैं। साथ ही इंदौर के रेडीमेड गारमेंट और अपैरल क्लस्टर में 1,200 से अधिक इकाइयां उत्पादन कर रही हैं। पीएम मित्र पार्क: रोजगार और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मध्यप्रदेश के धार जिले में बन रहा पीएम मित्र पार्क देश का सबसे बड़ा टैक्सटाइल पार्क है। इसमें एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और दो लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पीएम-मित्र पार्क प्रदेश को टैक्सटाइल उद्योग में नये सिरे से स्थापित करेगा। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल क्षेत्र: महत्वपूर्ण तथ्य मध्यप्रदेश में भारत के 43% जैविक कपास का उत्पादन होता है। विश्व में प्रदेश के कपास उत्पादन का योगदान 24% है। प्रदेश में कपास का उत्पादन 31 हजार 700 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। इसलिए इसे कॉटन कैपिटल कहा गया है। मलबरी सिल्क को मिलाकर 200 मीट्रिक टन सिल्क का उत्पादन होता है। नवीन टैक्सटाइल नीति-2025 से उद्योगों को मिल रहा प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार ने टैक्सटाइल उद्योग के लिए नई नीति लागू की है, जिसमें निवेशकों को कई वित्तीय और गैर वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। नीतिगत प्रावधानों में प्लांट और मशीनरी में किए गए निवेश पर 10 से 40% तक की राशि निवेश संवर्द्धन सहायता के रूप में उद्यमियों को दी जाएगी। इस पर 5 से 7% तक ब्याज अनुदान भी 5 वर्ष तक दिया जाएगा। इकाइयों में बिजली, पानी और सड़क अधोसंरचना निर्माण के के लिए 1 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। साथ ही इकाइयों के परिसर में कचरा प्रबंधन प्रणाली के लिए 1 करोड़ रुपये तक की ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन सब्सिडी भी दी जाएगी। एपैरल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने पर 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। पहली बार 5 लाख रुपये तक के पेटेंट शुल्क की 100% वापसी, पेटेंट मिल जाने पर दी जाएगी, साथ ही पेटेंट प्रक्रिया में भी सरकार आवश्यक सहायता करेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 5एफ-विजन को मध्यप्रदेश ने दिया मूर्त रूप प्रधानमंत्री मोदी ने जीआईएस-भोपाल में टैक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर के विकास के लिए “5-एफ विजन” फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन का मंत्र देते हुए कहा कि देश और विशेष रूप से मध्यप्रदेश में उत्पाद मूल्य श्रृंखला के सभी तत्व मौजूद हैं। इनमें फार्म के अंतर्गत आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए कपास और रेशम किसानों से कच्चे माल के उत्पादकों को जोड़ना। ‘फाइबर’ में फाइबर निर्माण और प्र-संस्करण इकाइयों का प्रदर्शन सुधारना, जो उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जबकि, ‘फैक्ट्री’ के तहत प्रदेश के वस्त्र निर्माण और औद्योगिक उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को उजागर करना शामिल है। ‘फैशन’ में परिधान डिजाइन, ब्रांडिंग और वस्त्र उद्योग के रचनात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना और ‘फॉरेन’ में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत कर निर्यात अवसरों को बढ़ावा देना आता है। मध्यप्रदेश ने विजन को साकार करते हुए कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। टैक्सटाइल सेक्टर में पूर्व में प्राप्त हो चुका है 3,513 करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश सरकार की नई टैक्सटाइल नीति से प्रदेश को पीएलआई योजना के अंतर्गत 3,513 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, जो देश में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य में स्थापित मेगा टैक्सटाइल पार्कों के माध्यम से ब्यावरा और नीमच में बड़े निवेश आ रहे हैं। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल उद्योग के क्षेत्र में अपनी ऐतिहासिक समृद्धि को बनाए रखते हुए आधुनिक औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के अनुकूल नीतियों, टैक्सटाइल पार्कों, और विशेष आर्थिक पैकेजों के माध्यम से राज्य न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक बाजार में अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। बड़ी कंपनियां कर रही हैं मध्यप्रदेश में निवेश ओबीटी प्रायवेट लिमिटेड के सीईओ इंगो सोयलर ने बताया कि उनकी कंपनी टेक्निकल नॉन वूवन फेब्रिक मैन्यूफैक्चरिंग में लीडिंग है। उन्होंने बताया कि ओबीटी कम्पनी 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर भोपाल में उद्योग स्थापित कर रही है। इसी तरह अरविंद ग्रुप के हेड कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. परम शाह ने बताया कि उनकी कम्पनी मध्यप्रदेश में 800 करोड़ से अधिक का निवेश करने जा रही है।

मोहन यादव ने कहा कि बालाघाट से मेरा अलग लगाव, नक्सलियों को भी दिया खुला चैलेंज

बालाघाट  मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव बालाघाट के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने बालाघाट को कई सौगातें दी हैं। सीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में बालाघाट जिले की सूरत ही बदल जाएगी। किसान सम्मेलन के दौरान सीएम ने 326 करोड़ 60 लाख रुपए के विकासकार्यों का भूमिपूजन और 264 करोड़ रुपए के विकासकार्यों का लोकार्पण किया। इस राशि से जिले में स्कूल, अस्पताल और पुलों का निर्माण होगा। इसके साथ ही मोहन यादव ने नक्सलियों को भी चुनौती दी है। नक्सलवाद के लिए कोई जगह नहीं सीएम मोहन यादव ने नक्सलवाद को खुली चुनौती देते हुए कहा कि नक्सलवाद के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। अगर बाहर से कोई नक्सली आएगा तो जिंदा वापस नहीं जाएगा। दरअसल, बालाघाट में लगातार हॉक फोर्स नक्सलियों को ढेर कर रही है। बालाघाट से अलग लगाव किसान सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेरा बालाघाट से अलग ही तरह का लगाव है। हमारे प्रदेश के 54 जिले एक तरफ और बालाघाट एक तरफ। बालाघाट खनिज का बड़ा केंद्र है। परमात्मा ने इस जिले पर प्रेम लुटाया है। यहां के चिन्नौर का चावल अलग ही महकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रेदश विकास के नई कीर्तिमान बना रहा है। बालाघाट में नए उद्योग लग रहे हैं। आजादी के बाद से मध्यप्रदेश की विकास दर माइनस में थी। लेकिन, अब हमारे राज्य की ग्रोथ 13 फीसदी है। जिले में विकास कार्यों की सौगात गौरतबल है कि सीएम डॉ. यादव की घोषणा के बाद बालाघाट जिले में कुल 326 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से 117 अलग-अलग काम होंगे। इसमें 62 करोड़ रुपए की लागत से 39 कार्यों का भूमि पूजन शामिल है। 24 करोड़ रुपए की लागत से बारासिवनी में विकास काम होंगे। 50 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। 9 करोड़ रुपए की लागत से लामदा में नवगठित तहसील कार्यालय भी बनाया जाएगा। 8 करोड़ रुपए की लागत से खरपड़िया-सिवनहेटी-कटंगी मार्ग बनाया जाएगा। 3 करोड़ रुपए की लागत से स्कूल-शिक्षा के काम होंगे। 2 करोड़ रुपए की लागत से कटंगीझरी-लोमता-डोरिया-बेलगांव में प्राथमिक स्कूल का निर्माण होगा। सीएम राइज स्कूल-हॉस्टल-पुल का भी निर्माण मोहन यादव ने कहा कि 264 करोड़ रुपए के 68 कामों का लोकार्पण भी किया। इसमें 145 करोड़ रुपए की लागत से बालाघाट-बिरसा-बारासिवनी-मलाजखंड-लालबर्रा में बना सीएम राइज स्कूल, 55 करोड़ रुपए की लागत से बालाघाट के बेहर-पसरवाड़ा-खेरलांजी में स्कूलों का उन्नयन-छात्रावासों का निर्माण, 10 करोड़ रुपए की लागत से पुल-पुलियाओं का निर्माण, 9 करोड़ रुपए की लागत से बारासिवनी-खंडवा पुल का निर्माण, 7 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से शहीद चंद्रशेखर आजाद एक्सट्रोटर्फ का लोकार्पण शामिल हैं। युवाओं-किसानों को लाभ इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार 5 साल में 2 लाख पद भरेगी। साल 2028 तक हम युवाओं को भरपूर रोजगार देंगे।

मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए 19 नीतियां बदली, निवेश की दृष्टि से अनंत संभावनाओं वाला प्रदेश: CM यादव

इंदौर मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की अपेक्षा से बेहतर उपलब्धि ने मध्य प्रदेश की आंखों में नया सपना बसा दिया है, औद्योगिक निवेश में देश का नंबर एक प्रदेश बनने का सपना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कहते हैं कि हर दृष्टि से अनुकूल वातावरण पाकर उद्योग जगत मध्य प्रदेश पर मोहित है। आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश अपनी निवेश संबंधी नीतियों और उपलब्धियों से बाकी प्रदेशों को रोशनी देगा। अब मध्य प्रदेश कई अन्य सेक्टरों की तरह औद्योगिक निवेश में भी देश का नंबर एक प्रदेश बनकर ही चैन लेगा। 26 लाख करोड़ रुपसे से ज्यादा का निवेश प्रस्ताव उल्लेखनीय है कि 24 और 25 फरवरी को भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश-विदेश के निवेशकों ने मध्य प्रदेश सरकार की नीतियों पर भरोसा जताते हुए 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश के प्रस्ताव रखे हैं। इससे पहले आयोजित कई क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों के प्रस्ताव जोड़कर यह आंकड़ा 30 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। औद्योगिक निवेश का अच्छा माहौल बनाया मुख्यमंत्री स्वाभाविक रूप से इस उपलब्धि पर उल्लसित हैं यद्यपि इसके लिए उन्होंने अथक प्रयास किए। डॉ.मोहन यादव बताते हैं कि मुख्यमंत्री की भूमिका में अपने अब तक करीब 14 महीने के कार्यकाल में करीब तीन महीने की अवधि उन्होंने औद्योगिक निवेश का अच्छा माहौल बनाने में समर्पित की। राज्य सरकार ने निवेशकों को सुविधाजनक माहौल देने के लिए अपने संबंधित विभागों की 19 नीतियां बदल दीं। खुद मुख्यमंत्री अपनी टीम के साथ विदेश, देश और मध्य प्रदेश के निवेशकों से मिले और उन्हें अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। दूसरे राज्यों में कम निवेश प्रस्ताव आए डॉ. यादव गर्व के साथ कहते हैं कि पिछले दिनों गैर भाजपा शासित राज्यों बंगाल और कर्नाटक में भी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गईं, यद्यपि इन राज्यों में मध्य प्रदेश के क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों से भी कम निवेश प्रस्ताव आए। मुख्यमंत्री इस आशंका को आधारहीन ठहराते हैं कि पिछले कई अनुभवों की तरह निवेशक अपनी प्रतिबद्धता से मुकर जाएंगे। वह दावा करते हैं कि प्रदेश सरकार निवेशकों से कुछ भी नहीं छिपा रही। सरकार की कार्यशैली पूरी तरह पारदर्शी है। इस वजह से उद्योग जगत की नजर में सरकार की विश्वसनीयता बढ़ी है। सरकार निवेश को लेकर गंभीर निवेशक सभी पहलुओं पर सोच-समझकर प्रस्ताव दे रहे हैं, इसलिए उनके पीछे हटने का सवाल नहीं पैदा होता। उनका कहना है कि राज्य सरकार निवेश को लेकर बेहद गंभीर है और अपनी जवाबदेही समझती है। सरकार निवेशकों को लाभदायी और उत्साहवर्धक माहौल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री इस अभियान के भविष्य को लेकर अत्यधिक आशावान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहते हैं कि मध्य प्रदेश निवेश की दृष्टि से अनंत संभावनाओं वाला प्रदेश है। अब तक सिर्फ गिने-चुने सेक्टरों में ही निवेश प्रस्ताव आए हैं जबकि इस दृष्टि से तमाम संभावनापूर्ण सेक्टर अब तक अछूते हैं। प्रदेश सरकार की टीम ऐसे सेक्टरों की स्थिति पर रिसर्च कर रही है। सरकार भविष्य में उद्योग जगत के सामने सभी संभावनाओं का विवरण रखेगी। वह बताते हैं कि निवेशकों के साथ संवाद अब लगातार जारी रहेगा। इस क्रम में अगले महीने इंदौर में इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की तैयारी चल रही है।

सागर-दमोह रोड को फोर लाइन बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बुंदेलखंड वीरों की धरती, वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता: मुख्यमंत्री 2600 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर गेहूं उपार्जित करेगी सरकार:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री गढ़ाकोटा में सांस्कृतिक “रहस’’ मेले और किसान सम्मेलन में हुए शामिल सागर-दमोह रोड को फोर लाइन बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर के गढ़ाकोटा में तीन दिवसीय सांस्कृतिक “रहस’’ मेले में आयोजित किसान महा सम्मेलन में कहा कि बुन्देलखण्ड वीरों की धरती है। वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने किसानों के लिए बड़ी सौगात देते हुए कहा कि सरकार अब किसान भाईयों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदेगी। उन्होंने कहा कि सागर-दमोह रोड को फोरलेन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से 5 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा सीमा पर जवान और खेत पर किसान को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है। किसान की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में बुंदेलखंड की लाखों हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन बचाकर रखें, उन्हें उनकी जमीन का पूरा लाभ मिलेगा और उनकी कृषि समृद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के किये कार्यों का प्रभाव है कि काम के बल पर ही आज वो लगातार 9 बार से अपराजेय राजनेता बने हुए हैं। सरकार प्रदेश में बहनों को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि जहाँ सरकार बहनों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है, वहीं पूर्व मंत्री भार्गव के द्वारा 21 हजार से अधिक बेटियों की शादी कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी तक मैंने 9 रस ही देखे थे आज मैंने 10वां रस भी देख लिया। इस रहस मेला के आनंद में जो 10वां रस मिला है वह अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष किसान भाइयों का गेहूं 2600 रुपए प्रति क्विंटल खरीदेगी और अगले वर्ष यह बढा़कर 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने का मैं वादा करता हूं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार चावल पर 2000 रुपए प्रति हैक्टेयर बोनस दिया जाएगा। इसी प्रकार दूध का उत्पादन करने वालों को भी बोनस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के सपने को प्रधानमंत्री मोदी पूरा कर रहे हैं। इसमें केन-बेतबा लिंक परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड को लाभान्वित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार महाराष्ट्र सरकार से मिलकर भी नदी जोड़ो अभियान प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने फूड इंडस्ट्रीज लगाने वालों को सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक युवाओं की आबादी वाला देश है। मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा संचालित लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी सभी योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने सागर के संपूर्ण विकास के लिये संकल्प लेते हुए कहा कि इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हित के लिए लगातार कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। किसान खुशहाल होगा तो देश और प्रदेश खुशहाल होगा। किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए किसान मेला एवं कार्य-शालाओं का लगातार आयोजन किया जा रहा है। दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सरकार मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए लगातार नवाचार कर रही है। देश एवं विदेश के उद्योगपतियों को भोपाल-जीआईएस में आमंत्रित कर उद्योगों की नगरी बनाने के लिए बुंदेलखंड, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर में रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर क्षेत्र को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने कहा “रहस मेला’’ 220 वर्ष पुराना मेला है। वर्ष 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा ने कहा था इस मेले को और आगे बढ़ाएं। हमने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा को मेले का पूरा इतिहास बताया, तत्कालीन मुख्यमंत्री पटवा ने मेले को और समृद्ध बनाने के लिए निर्देशित किया था। विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने कहा कि विलुप्त हो रहे मेलों को आगे बढ़ाने का कार्य सरकार कर रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने “रहस मेले’’ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए लगातार कार्य किया है। विधायक भार्गव ने कहा कि “मैं रहूँ या न रहूँ’’ यह रहस मेला हमेशा चलता रहेगा। इस अवसर पर मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद श्रीमती लता वानखेडे, विधायक भूपेन्द्र सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल थे। मेला अध्यक्ष अभिषेक दीपू भार्गव ने स्वागत भाषण में मेले की विस्तार से जानकारी दी।  

1 लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक एमओयू से प्रगति का मार्ग होगा प्रशस्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। राज्य के प्रत्येक कोने को आपस में जोड़ने और आर्थिक विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए आधुनिक सड़क अवसंरचना तैयार है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल के पहले ही दिन, हमारी सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ 1 लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ये एमओयू राज्य में 4010 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं के निर्माण और विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इससे मध्यप्रदेश भविष्य में न केवल देश का, बल्कि दक्षिण एशिया का एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये समझौते केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और बेहतर जीवनशैली के लिए आधार स्तंभ साबित होंगे। उन्होंने कहा कि जब कोई राज्य मजबूत सड़क नेटवर्क से जुड़ता है, तो वहां व्यापार, निवेश और उद्योगों की वृद्धि भी स्वाभाविक रूप से होती है। हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को भारत का सबसे विकसित और आधुनिक राज्य बनाना है, और यह समझौता उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक सड़क परियोजनाएं जो मध्यप्रदेश के भविष्य को आकार देंगी जीआईएस-भोपाल में हुए इन ऐतिहासिक एमओयू से कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का विकास होगा। जीआईएस-भोपाल में सड़क अवसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए है। इनमें इंदौर-भोपाल ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर, भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर, प्रयागराज-जबलपुर-नागपुर कॉरिडोर, लखनादौन-रायपुर एक्सप्रेसवे, आगरा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग, उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग, इंदौर रिंग रोड (पश्चिमी और पूर्वी बायपास), जबलपुर-दमोह राष्ट्रीय राजमार्ग, सतना-चित्रकूट राष्ट्रीय राजमार्ग, रीवा-सिद्धी राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्वालियर शहर के पश्चिमी छोर पर 4-लेन बायपास शामिल है। नवीन सड़क परियोजनाएं न केवल मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों से जोड़ेंगी, बल्कि राज्य के प्रमुख शहरों को भी आपस में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। इससे यात्रा का समय घटेगा, लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन की लागत कम होगी, तथा कृषि, उद्योग, पर्यटन और व्यापार क्षेत्रों को नए अवसर मिलेंगे। राज्य के आर्थिक विकास में योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी राज्य तभी प्रगति करता है जब वहाँ सशक्त बुनियादी ढांचा, कुशल परिवहन प्रणाली और मजबूत आर्थिक मॉडल उपलब्ध होते हैं। इन समझौतों से मध्यप्रदेश को एक नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब सड़कें बेहतर होंगी, तो उद्योगों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी। इससे मध्यप्रदेश में नए उद्योग स्थापित होंगे और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। किसान अपने उत्पादों को तेजी से मंडियों और शहरों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। राज्य की पर्यटन स्थलों तक पहुँचने में सुगमता आएगी। इससे पर्यटन उद्योग को भी नया जीवन मिलेगा। इस परियोजना के तहत हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। सड़क निर्माण के दौरान इंजीनियर, श्रमिक, तकनीकी विशेषज्ञ और स्थानीय उद्यमी इससे लाभान्वित होंगे। नई सड़क परियोजनाओं से लॉजिस्टिक्स, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। टाइम बाउंड प्रोजेक्ट: समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार तेज़ी से परियोजनाओं को लागू करने और समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सभी परियोजनाओं को विश्व स्तरीय तकनीक, टिकाऊ निर्माण प्रक्रियाओं और उच्च गुणवत्ता वाले मानकों के साथ विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभागों को हर आवश्यक सहायता प्रदान कर ये परियोजनाएँ तय समय सीमा के भीतर पूरी हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत भी कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। प्रधानमंत्री मोदी के “विकसित भारत” मिशन का म.प्र प्रमुख केन्द्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज़ी से वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश इस योजना का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का सपना भारत को एक $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का है। जीआईएस-भोपाल में हुए एमओयू उसी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद, मध्यप्रदेश देश की सबसे आधुनिक और कुशल परिवहन प्रणाली वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा। भविष्य की दृष्टि: आत्म-निर्भर और विकसित मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश में इन ऐतिहासिक समझौते (एमओयू) के साथ एक नए युग की शुरुआत हो रही है। ये परियोजनाएँ राज्य के प्रत्येक नागरिक को एक उज्जवल भविष्य देने का मार्ग प्रशस्त करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कितेज़, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क, बेहतर लॉजिस्टिक्स और व्यापार के अवसर, उद्योगों के लिए आसान परिवहन और निर्यात के नए मार्ग, सड़क निर्माण से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर और हर नागरिक के लिए सुगम और सुविधाजनक यात्रा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह परियोजनाएँ केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव हर गाँव, हर शहर और हर नागरिक तक पहुँचे।  

मुख्यमंत्री ने बड़तूमा सागर में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़तूमा सागर में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सागर में संत रविदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने मंदिर निर्माण कार्य में लगे शिल्पियों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास मंदिर के मॉडल का अवलोकन कर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास मंदिर निर्माण पर आधारित चलचित्र (वीडियो प्रदर्शनी) को देखा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को परिष्कृत करने, सहेजने और सामाजिक समरसता में संतों की भूमिका से लोगों को परिचित कराने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से आज संत रविदास मंदिर विशाल आकार में मूर्तरूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह भव्य मंदिर और संग्रहालय आस्था के साथ-साथ देश-दुनिया के लोगों को भारत की महान संत परम्परा की विचारधारा और संत‍शिरोमणि रविदास जी के जीवन से परिचित कराने वाला अद्भुत केंद्र बनेगा। मध्यप्रदेश के प्राचीन महत्वपूर्ण शहर सागर में संत रविदास के जीवन मूल्य व विरासत को मंदिर संग्रहालय के माध्यम से देश-दुनिया में उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है। संत रविदास के ईश्वर के प्रति समर्पण भाव से लोगों को परिचित कराना मंदिर संग्रहालय का केंद्रबिंदु बनेगा। बगैर आयरन के तैयार किये जा रहे 66 फ़ीट ऊंचे संत रविदास मंदिर का लाल पत्थर से नागर शैली में निर्माण किया जा रहा है। मंदिर के गर्भगृह, अंतराल मंडप और अर्धमंडप का रोड से 5 फ़ीट ऊँचा फाउंडेशन बनने के बाद नक्कासीदार पत्थरों के 72 पिलर लगाए गये हैं। इन पिलरों पर मंदिर का ऊपरी ढांचा खड़ा किया जायेगा। मंदिर के आसपास चार गैलरियों का निर्माण किया जा रहा है जहाँ संत रविदास के जीवन को विस्तृत और आधुनिक संसाधनों की मदद से प्रस्तुत किया जायेगा। पुस्तकालय में संत रविदास की आध्यात्मिक व धार्मिक पुस्तकों को संग्रहित किया जायेगा। बड़तूमा सागर में 101 करोड़ रूपए की लागत से कुल 11 एकड़ क्षेत्रफल में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर प्रांगण में 9 हजार वर्गफ़ीट में मंदिर निर्माण, 15 हजार वर्गफ़ीट में म्यूजियम, 11 हजार वर्गफ़ीट एरिया में 100 बिस्तरों वाली डॉर्मेटरी, 12 हजार वर्गफ़ीट एरिया में 12 कमरों वाला भक्त निवास, लगभग 10 हजार वर्गफ़ीट एरिया में लाइब्रेरी और संगत हॉल, 2152 वर्ग फ़ीट एरिया में कैफेटेरिया, 2905 वर्गफ़ीट में हॉली जल कुंड, 538 वर्गफ़ीट एरिया में ग़जीवो निर्माण सहित संत रविदास मंदिर परिसर का निर्माण प्रगतिरत है। मंदिर परिसर के अंदर उक्त सभी संरचनाओं का ढांचा तैयार किया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित नीति के संबंध में प्रतिनिधि मंडल को किया आश्वस्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हाई पॉवर पेसा एवं वनाधिकार टास्क फोर्स ने आज भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को निजी निवेश से वनों के उत्थान नीति के प्रस्ताव पर व्याप्त भ्रम से समिति के अध्यक्ष ने अवगत करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वनवासी कल्याण परिषद के प्रतिनिधि मंडल एवं हाई पॉवर टास्क फोर्स के सदस्यों से पेसा कानून एवं वनाधिकार कानून के आलोक में आदिवासियों के हितों की रक्षा करते हुए, वन निवासी और जनजातीय समुदाय के सहयोग से, वनों को सुधारने के लिए सभी स्टेक होल्डर के साथ मिलकर नई नीति पर सभी पहलुओं पर मंथन करते हुए नई नीति प्रस्तावित करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सदस्यों से विस्तृत चर्चा की और आदिवासी समाज के लोगों से भ्रमित न होने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन, संस्कृति के अधिकारों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में गिरीश कुबेर, राष्ट्रीय कैंपा सदस्य व टास्क फोर्स विशेष आमंत्रित सदस्य, सुभाष बड़ोले सह क्षेत्र संगठन मंत्री वनवासी कल्याण परिषद भोपाल, कालू सिंह मुजाल्दा आदिवासी मंत्रणा परिषद सदस्य, डॉ. रूपनारायण मांडवे आदिवासी मंत्रणा परिषद सदस्य व मुख्यमंत्री के आदिवासी मामलों के सलाहकार लक्ष्मण सिंह मरकाम, अपर सचिव और टास्क फोर्स सदस्य शामिल हुए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि वे इससे भी बड़े पैकेज प्राप्त करते हुए जीवन में प्रगति करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि टीआईटी संस्थान में विद्यार्थियों में जो ऊर्जा देखने को मिल रही है, वह उत्साहवर्धक है। यहां किसानों और व्यवसाय से जुड़े परिवारों के बच्चें भी अध्ययन कर रहे हैं और उन्हें विभिन्न संस्थानों में आकर्षक प्लेसमेंट प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि वे इससे भी बड़े पैकेज प्राप्त करते हुए जीवन में प्रगति करेंगे। साथ ही राष्ट्र की सेवा करेंगे। विद्यार्थी अपना उद्योग और व्यवसाय भी स्थापित कर सकते हैं। बाबा महाकाल के साथ महालक्ष्मी की कृपा भी विद्यार्थियों पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी एलन मस्क को जानते होंगे जो कि एक बहुत सफल व्यक्ति होकर वर्तमान में अमेरिका के राष्ट्रपति के सीनियर एडवाइजर है। मेरी कामना है कि भारत के विद्यार्थी भी एलन मस्क जैसे व्यक्तित्व से आगे बढ़कर प्रगति करें और दुनिया में भारत का परचम लहराएं। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज ताकतवर माने जाने वाले देशों में सम्मान प्राप्त कर रहे हैं और भारत की साख को बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को टीआईटी (टेक्नोक्रेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी) भोपाल में प्लेसमेंट डे कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर टीआईटी के पदाधिकारी गण द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतीक स्वरूप कुछ विद्यार्थियों को प्लेसमेंट आदेश भी सौंपे। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, अन्य जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में इंस्टिट्यूट के शिक्षक गण, अभिभावक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है। प्रदेश खनिजों की प्रचुरता और सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश के औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा खनन के क्षेत्र में सतत विकास हो रहा है। इससे न केवल आर्थिक विकास हो रहा है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-भोपाल में खनन एवं खनिज संसाधन के अंतर्गत 3.22 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें 55 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा, जो प्रदेश के लिये बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय नीतियों से खनन क्षेत्र निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। राज्य खनन उद्योग में देश का अग्रणी केन्द्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जीआईएस में निवेश करने वाली कम्पनियाँ और उनके क्षेत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में देश की लीडिंग कम्पनियों ने रुचि दिखाई है। आने वाले समय में अडानी ग्रुप, रीवा, जबलपुर में, गोल्ड क्रेस्ट सीमेंट प्रायवेट लिमिटेड उज्जैन में, ऑरो कोल प्रायवेट लिमिटेड शहडोल में, आदित्य बिड़ला, ईएमआईएल माइंस एण्ड मिन रेस लिमिटेड रीवा में, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, आदित्य बिड़ला ग्रुप रीवा में, स्टॉक्स वर्क्स प्रायवेट लिमिटेड जबलपुर में, सारदा एनर्जी एण्ड मिनरल्स लिमिटेड शहडोल में, जे.के. सीमेंट लिमिटेड शहडोल में, प्राइम-4 इंस्पेक्शन एलएलसी भोपाल में, रेकन केमिकल्स इंदौर में, बिड़ला कॉर्पोरेशन लिमिटेड रीवा में और रामदास वर्मा एण्ड कम्पनी शहडोल में खनिज के क्षेत्र में कार्य करेगी। खनिज संसाधनों में अग्रणी राज्य मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कॉपर अयस्क, मैग्नीशियम अयस्क और हीरे के उत्पादन में भारत में प्रथम स्थान पर है। यह देश का एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है, जो खनन उद्योग में एक विशिष्ट पहचान दिलाता है। प्रदेश रॉक फॉस्फेट में दूसरा, चूना पत्थर (लाइम स्टोन) में तीसरा और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खनिज संसाधन थर्मल पॉवर प्लांट, सीमेंट निर्माण, फेरोएलॉय, संगमरमर कटिंग और पॉलिशिंग इकाइयों तथा रिफैक्ट्री उद्योगों के विकास में सहायक है। इससे खनिज उद्योगों को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है और मध्यप्रदेश खनन और औद्योगिक विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। खनन ब्लॉक नीलामी में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने खनन ब्लॉक नीलामी में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। निवेश अनुकूल नीतियों के कारण वर्ष 2023 में 85 खनन ब्लॉकों की रिकॉर्ड नीलामी कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश को जुलाई-2022 में भारत सरकार द्वारा खनिज नीलामी में सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिये प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। साथ ही लौह-अयस्क, चूना पत्थर और बॉक्साइट के खनिज नीलामी में दूसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को वर्ष-2024 में दूसरे राज्य खनन मंत्रियों के सम्मेलन में खनन ब्लॉक नीलामी और सक्रिय खनन पहल के सम्मानित किया गया है। यह राज्य की खनन क्षेत्र में उत्कृष्टता और दूरदर्शी नीतियों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश अनुकूल नीतियाँ बनाते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने खनन के क्षेत्र में सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएँ सुनिश्चित की हैं, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिये आकर्षक अवसर उपलब्ध हों। मजबूत अधोसंरचना विकास के अंतर्गत राज्य में खनन हब सड़क, रेल और बंदरगाह उत्कृष्ट रूप से जुड़े हुए हैं। इससे परिवहन और निर्यात में आसानी होगी। राज्य में प्रशिक्षित श्रमिकों की प्रचुर उपलब्धता है, जो खनन और खनिज आधारित उद्योगों की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में सरकार पर्यावरण संवेदनशील और सतत खनन प्रथाओं को बढ़ावा दे रही है। इससे प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग होगा। कॉपर और रणनीतिक खनिज अन्वेषण के लिये एमओयू से सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश सरकार, एमपी स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड ने मिलकर नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमईटी) फण्ड का उपयोग करने के लिये एक समझौता ज्ञापन एमओयू हुआ। इस पहल से हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड तांबे और अन्य रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण का नेतृत्व करेगा। खनिज निष्कर्षण व्यवहारिक पाया जाता है, तो 51:49 की भागीदारी के साथ एक संयुक्त उद्यम स्थापित किया जायेगा। इससे पहले 5 वर्षों में सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस भोपाल मध्यप्रदेश को खनन क्षेत्र में सिरमौर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।  

जीआईएस भोपाल से एमएसएमई क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को और अधिक ऊचाईयाँ मिलेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीआईएस भोपाल से एमएसएमई क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को और अधिक ऊचाईयाँ मिलेगी। इससे राज्य के युवाओं के उद्यमी बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एमएसएमई क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए पीएम-मुद्रा, पीएम-विश्वकर्मा और एमएसएमई क्रेडिट गारंटी योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएँ पहले ही लांच की है। जीआईएस भोपाल में कई एमएसएमई कंपनियों से 21 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव आए। इनसे राज्य में 1.3 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, साथ ऐसे युवाओं को उद्यमी बनने के अवसर मिलेंगे जो अब तक नौकरी की तलाश में थे। व्यापक बैठकें और तकनीकी नवाचार जीआईएस भोपाल में 600 से अधिक बी-2-जी बैठकें और 5 हजार से अधिक बी-2-बी बैठकें आयोजित की गईं। इनमें उद्योगपतियों, निवेशकों और एमएसएमई कंपनियों ने भाग लिया। पहली बार एआई-आधारित बिजनेस मैच-मेकिंग टूल का उपयोग किया गया, जिससे सही साझेदारों को जोड़ने में सहायता मिली। इन बैठकों ने मध्यप्रदेश को एक वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एमएसएमई क्षेत्र में राज्य सरकार की विशेष पहल मध्यप्रदेश सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। हाल ही में कैबिनेट में नई एमएसएमई पॉलिसी मंजूर की गई। नई एमएसएमई नीति में अविकसित भूमि का लघु, मध्यम और सूक्ष्म इकाइयों को आवंटन, फ्लैट आधारित उद्योग लगाने की अनुमति, औद्योगिक क्षेत्रों का विकास और रख-रखाव उद्योग संघों के माध्यम से, 53 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य, जिससे 86 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। नई नीति में औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ई-बिडिंग प्रणाली लागू की गई। प्रदेश में एमएसएमई इकाइयों को आसान वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं। टैक्स इंसेंटिव, लैंड अलॉटमेंट और ‘ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस’ में सुधार को ध्यान में रखकर एमएसएमई उद्यमियों की मदद के लिए नीति बनाई गई है। सेक्टर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा देने के लिए एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ऑटोमेशन को अपनाने की दिशा में पहल की जा रही है। नई पॉलिसी में राज्य सरकार एमएसएमई के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने के लिए विशेष योजनाओं पर कार्य कर रही है। प्रमुख निवेशक कंपनियां जीआईएस-भोपाल में कई एमएसएमई कंपनियों ने राज्य में निवेश के लिए रुचि दिखाई, जिनमें प्रमुख रूप से वकी प्राइवेट लिमिटेड (इंदौर), भगवती तीरथ पॉलि कंटेनर्स इंडस्ट्री, इवेट लिमिटेड (भोपाल), आहाराम मिल्स प्राइवेट लिमिटेड (नीमच), डीटवी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (इंदौर) और ईजीटेक एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (भोपाल) शामिल हैं। भविष्य की संभावनाएं राज्य सरकार ने 2025 तक एमएसएमई क्षेत्र में और अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, एमएसएमई सेक्टर के लिए समर्पित इनक्यूबेशन सेंटर्स और इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ‘मेड इन एमपी’ अभियान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल से मध्यप्रदेश को एमएसएमई के लिए एक प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने में मदद मिलेगी और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों और युवाओं को किया संबोधित

भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में गढ़े हैं नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विज्ञान आधारित कार्यप्रणाली, जिज्ञासु प्रवृत्ति और नवीनतम तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहन से देश को मिली उपलब्धि भारत में वैज्ञानिक व्यवस्थाओं के विकास की प्राचीन परंपरा विद्यमान है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों और युवाओं को किया संबोधित “विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व में भारतीय युवाओं को सशक्त बनाने” की थीम पर विज्ञान भवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान मॉडल और नवाचारों पर लगाई प्रदर्शनी का किया अवलोकन मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद तथा वीआईटी भोपाल के मध्य, अकादमिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में सहयोग के लिए हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री ने प्रौद्योगिकी परिषद के छह पोस्टरों का किया विमोचन मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका “रचना” का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान के आधार पर व्यवस्थित कार्यप्रणाली, जिज्ञासु प्रवृत्ति को प्रोत्साहन और नवीनतम तकनीकों के उपयोग ने देश को विश्व के शीर्ष राष्ट्रों में गिने जाने का मार्ग प्रशस्त किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन से ही यह उपलब्धि संभव हो पाई है। राज्य सरकार शिक्षा सहित शासकीय कार्य प्रणाली और सामान्य व्यवस्थाओं के संचालन में विज्ञान का अधिक से अधिक उपयोग कर आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर “विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व में भारतीय युवाओं को सशक्त बनाने” की थीम पर भोपाल में विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पूर्व उन्होंने नोबल पुरूस्कार से सम्मानित महान वैज्ञानिक सीवी रमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन” का विज्ञान भवन में शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंटर में प्रस्तुत मॉडल तथा विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न सिद्धांत, सरलता से समझाने में सहायक उपकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडल और नवाचारों के संबंध में उनसे चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक पेड़ माँ के नाम के अंतर्गत वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ से आए प्रगतिशील कृषक पूरनलाल कुशवाहा से भेंट कर उनके द्वारा सिंचाई के लिए विकसित किए गए पवन और पानी से चलने वाले पंप का अवलोकन कर जानकारी भी प्राप्त की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, निदेशक विक्रमादित्य शोधपीठ तथा मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फसल बीमा के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम, 13वें मध्यप्रदेश कारीगर विज्ञान सम्मेलन, विज्ञान मंथन यात्रा, उद्यमिता विकास कार्यक्रम, विक्रमोत्सव-2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन और विज्ञान उत्सव तथा पेटेंट और प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण व केंद्र स्थापना पर विकसित पोस्टरों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद तथा वीआईटी भोपाल के मध्य अकादमिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में परस्पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका “रचना” का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का स्वर्णिम काल चल रहा है। भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नए कीर्तिमान गढ़े हैं, जिसमें कोविड के दौर में टीकाकरण और डिजिटल पेमेंट्स जैसे अनेकों नवाचार और व्यवस्थाएं शामिल हैं। कोविड काल में अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में व्यवस्थाएं प्रभावित हुई, लेकिन भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश में यही कार्य बड़ी ही निपुणता और प्रतिबद्धता से पूर्ण किया गया। भारत में जिज्ञासा और विज्ञान के आधार पर व्यवस्थाओं के विकास की प्राचीन परंपरा रही है। पश्चिम में दूरबीन के अविष्कार के पहले से भारत में नवग्रह की पूजा की जाती रही है। भारत ने विश्व में सबसे पहले खगोल विज्ञान के अनेकों सिद्धांतों को प्रतिपादित किया। भगवान श्रीकृष्ण ने ‘यत पिंडे-तत् ब्रह्माण्डे’ के माध्यम से सृष्टि और मानव शरीर की एकरूपता का संदेश दिया। इसी प्रकार चरैवेति-चरैवेति में समय की निरंतरता का बोध होता है। गुरुत्वाकर्षण का नियम भी प्राचीन भारतीय शास्त्रों में निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ब्रह्माण्ड में कई रहस्य बिखरे हुए है, इन्हें खोजना और समस्याओं का हल करना ही विज्ञान है। महान भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट (सीवी) रमन ने 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव की खोज की थी। इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत में विकसित खगोल शास्त्र के विभिन्न सिद्धांतों पर विद्यार्थियों से संवाद किया। महानिदेशक मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद अनिल कोठारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विज्ञान एवं नवाचार, अनुसंधान और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा राज्य में विज्ञान के प्रति जागरूकता तथा विज्ञान नवाचार में शोध को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन ने विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में स्वर्णिम अध्याय लिखा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को ऑनलाईन माध्यम से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर संबोधित करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 28 फरवरी को मध्यप्रदेश में “राष्ट्रीय विज्ञान दिवस” मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन’’ का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों के लिए आयोजित वर्कशॉप का अवलोकन कर उनसे संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को ऑनलाईन माध्यम से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर संबोधित करेंगे। प्रदेश में 250 से अधिक स्थानों पर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आयोजन में वैज्ञानिक, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी तथा नवाचार से संबंधित लोग शामिल होंगे। भारत सरकार द्वारा इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ’’विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व में भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना’’ है। प्रदेश के विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय, वैज्ञानिक संस्थान एवं अन्य संस्थाएं भी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर पूरे राज्य में विज्ञान दिवस समारोह, कार्यशालाएं, वैज्ञानिक-सत्र, संवाद, विज्ञान आधारित प्रतियोगिताएं एवं अनुसंधान टेक्नोलॉजी पर आधारित गतिविधियां संचालित होंगी। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, संचालक हिन्दी ग्रंथ अकादमी, अशोक कडे़ल, निदेशक विक्रमादित्य शोधपीठ संस्थान एवं संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी और महानिदेशक, म.प्र.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद डॉ. अनिल कोठारी भी उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का मुख्य कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के विज्ञान भवन, नेहरू नगर, भोपाल स्थित सभागार में प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “अमर शहीद चंद्रशेखर उद्यान” निर्माण के लिए तीन करोड़ की राशि की स्वीकृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद उद्यान के लिए राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर जिले में उनकी जन्मभूमि चन्द्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) में “अमर शहीद चंद्रशेखर उद्यान” के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि यह उद्यान अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के योगदान को चिरस्थायी रखने के साथ ही शहर की विरासत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।  

मुख्यमंत्री यादव ने महाशिवरात्रि के अगले दिन पर बोरेश्वर महादेव का लिया आशीर्वाद

देपालपुर कार्यक्रमों की व्यस्तता के चलते महाशिवरात्रि पर नहीं पहुंच पाए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दूसरे दिन बाबा बोरेश्वर महादेव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव हर साल महाशिवरात्रि पर बोरेश्वर महादेव पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस बार भी दंगवाड़ा स्थित ऐतिहासिक प्राचीन बोरेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का विशाल सैलाब उमड़ा। हजारों भक्त शिवरात्रि पर यहां महादेव के दर्शन करने पहुंचे थे। हालांकि, मुख्यमंत्री अपने व्यस्त कार्यक्रम के कारण शिवरात्रि के दिन मंदिर नहीं आ सके, लेकिन उन्होंने परंपरा निभाते हुए दूसरे दिन सपत्नीक मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। पर्व को देखते हुए हर साल की तरह इस बार भी मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां की थी, जिससे भक्तों को दर्शन में कोई परेशानी न हो। बाबा बोरेश्वर महादेव का यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। जानकारी रवि रावल मन्दिर समिति ने जानकारी दी।

एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव लाने वाला देश का तीसरा राज्य बना मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में मध्यप्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुटा हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में निरंतर अभूतपूर्व उपलब्धियों के कीर्तिमान रचे जा रहे हैं। जीआईएस-भोपाल ने दो दिन में रिकार्ड 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। जीआईएस-भोपाल ने निवेशकों को रिझाने में कई राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। इन निवेश प्रस्तावों में विगत एक वर्ष में आयोजित 7 रीजनल कॉन्क्लेव, 6 रोड शो एवं इंटरैक्टिव सेशन्स में मध्यप्रदेश को कुल 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे युवाओं के लिए रोजगार के 21.40 लाख से अधिक अवसर सृजित होंगे। मध्यप्रदेश एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। जीआईएस-भोपाल के दो दिनों में अलग-अलग सेक्टर में 85 से अधिक एमओयू किए गए हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के अच्छे परिणाम से उत्साहित राज्य सरकार अब सेक्टर्स और क्षेत्रीय औद्योगिक विशिष्टताओं को निवेश के लिये आधार बनाकर भविष्य में इंड्स्ट्रियल कॉन्क्लेव आयोजित किये जाने की रणनीति बना रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में मध्यप्रदेश ने अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश ने निवेशकों को आकर्षित करने में कई राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। राज्य सरकार के कुशल प्रबंधन और मजबूत औद्योगिक नीतियों के कारण मात्र 2 दिनों में 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 1 वर्ष में कुल 30.77 लाख करोड़ का निवेश जीआईएस-भोपाल की अभूतपूर्व सफलता के साथ, बीते एक वर्ष में राज्य को कुल 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों में पिछले वर्ष आयोजित 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, 6 रोड शो और इंटरैक्टिव सेशन्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन निवेश प्रस्तावों से मध्यप्रदेश में 21.40 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। जीआईएस-2025 में प्राप्त हुए निवेश प्रस्ताव आयोजन में कार्यक्रम प्रस्तावित निवेश राशि (लाख करोड़ रुपये में) प्रस्तावित रोजगार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 2.34 2.74 लाख इंटरैक्टिव सेशन 1.82 1.32 लाख जीआईएस-2025 26.61 17.34 लाख कुल निवेश प्रस्ताव 30.77 21.40 लाख प्रधानमंत्री श्री मोदी के निर्देशन से मिली सफलता जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ 24 फरवरी को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया। उन्होंने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश के अनुकूल माहौल की सराहना करते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश में निवेश का यही समय है, सही समय है।” उनके उद्बोधन ने अतिथि उद्यमियों के मन में मध्यप्रदेश में निवेश के प्रति भरोसे को और अधिक मजबूत किया। जीआईएस के दूसरे दिन निवेशकों को प्रोत्साहित करने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और केन्द्रीय नागरिक विमानन मंत्री श्री के. राममोहन नायडू उपस्थित रहे। गृह मंत्री श्री शाह के उद्बोधन ने भी निवेशकों में मध्यप्रदेश की क्षमताओं के प्रति विश्वास जगाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राज्य की 18 नई औद्योगिक नीतियों का शुभारंभ भी किया। इससे प्रदेश में व्यापार और निवेश को और अधिक गति मिलेगी। 85 से अधिक एमओयू पर हुए हस्ताक्षर जीआईएस-भोपाल में विभिन्न सेक्टर्स में 85 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों के माध्यम से राज्य में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विभिन्न सेक्टर्स में विकास को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश न केवल औद्योगिक दृष्टि से सशक्त हो रहा है, अपितु युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य निवेशकों की फेवरेट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है और देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विदेशी प्रतिनिधियों ने की निवेश संभावनाओं पर चर्चा जीआईएस-भोपाल में विभिन्न देशों के उच्चायुक्तों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें श्री राजेंद्र मोदी, उप मंत्री, उद्योग एवं वाणिज्य, जिम्बाब्वे, डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा, राजदूत, नेपाल, श्री मोहम्मद रलीकी, राजदूत, तुर्की, सुश्री स्टेला न्केरा, राजदूत, जिम्बाब्वे, डॉ. निजायर निफेस, राजदूत, बुर्किना फासो, श्री यागी काजी, वाणिज्य दूत, जापान और श्री वाल्टर फेरारा, वाणिज्य दूत, इटली प्रमुख हैं। इन सभी ने मध्यप्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण की प्रशंसा की और भविष्य में सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-भोपाल) का आयोजन मील का पत्थर सिद्ध हुआ है। इसमें 60 से अधिक देशों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। साथ हीकनाडा, जर्मनी, इटली, जापान, तुर्की, पोलैंड, रूस, रवांडा और यूएई जैसे 9 देश कंट्री पार्टनर बने। इन देशों ने राज्य में निवेश और व्यापारिक सहयोग को लेकर विशेष रुचि दिखाई है। 25,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन और 600 से अधिक बी-टू-जी बैठकें जीआईएस-भोपाल को निवेशकों से भारी उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें 25,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए और 600 से अधिक बी-टू-जी (बिजनेस-टू-गवर्नमेंट) तथा 5000 से अधिक बी-टू-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों के दौरान मध्यप्रदेश सरकार और उद्यमियों के बीच निवेश प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। औद्योगिक दिग्गजों की भागीदारी समिट में भारत और विश्व के300 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियोंने भाग लिया। इनमेंगौतम अडानी (अडानी ग्रुप), कुमार मंगलम बिड़ला (आदित्य बिड़ला ग्रुप), नुपुर खंडेलवाल (रसना प्राइवेट लिमिटेड) और बाबा कल्याणी (भारत फोर्ज लिमिटेड) और सागर उद्योग समूह के श्री सुधीर अग्रवाल जैसे दिग्गज शामिल रहे। 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले जीआईएस-भोपाल में विभिन्न क्षेत्रों में26.61 लाख करोड़ रूपये, रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव से 2.34 लाख करोड़ रूपये के निवेश और 2.74 लाख रोजगार, इंटरैक्टिव सेशन से 1.82 लाख करोड़ रूपये के निवेश और 1.32 लाख रोजगार, यूके रोड़-शो से 1.25 लाख करोड़ रूपये के निवेश और 1.10 लाख रोजगार, जर्मन टूर 1.50 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव और 1.20 लाख रोजगार, जापान टूर से 2 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव और 1.5 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस तरह विगत वित्तीय वर्ष में कुल 30.77 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 21.40 लाख रोजगार के अवसरसृजित होने की उम्मीद है। इस दौरान नेशनल अथॉरिटी ऑफ इंडियाऔर लोक निर्माण विभाग के बीच 1.30 लाख करोड़ के एमओयूपर भी हस्ताक्षर किए गए, जो राज्य … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने विक्रमोत्सव एवं विक्रम व्यापार मेले का किया शुभारंभ

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाशिवरात्रि के महापर्व पर राजाधिराज भगवान महाकाल को दंडवत प्रणाम करते हुए कहा कि उज्जैन के आदर्श नायक सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष अपने अमृत काल में प्रवेश कर रहा है। भारत की धरती के महानायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर दुर्गादास राठौर को भी उन्होंने प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि हमारी धरती वीरों की धरती है। उज्जयिनी का हमेशा देश के नायकों में विशिष्ट स्थान रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात दशहरा मैदान, उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 के शुभारंभ अवसर पर कही।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य आदर्श व्यवस्था के पर्याय हैं। जब-जब सुशासन, धर्म, न्याय और कर्म की बात होती है, सम्राट विक्रमादित्य को स्मरण किया जाता है। अदम्य वीरता के साथ ही साथ महाराजा विक्रमादित्य अपने श्रेष्ठ शासन-प्रशासन के लिए विख्यात रहे हैं। महाराजा विक्रमादित्य ने अपनी संगठन शक्ति और शौर्य से विदेशी बर्बर आक्रान्ताओं जैसे शक, हूण, कुषाण अक्रांताओं को पराजित कर उनका समूल नाश किया। सम्राट विक्रमादित्य ने भारत वर्ष में विक्रम संवत की शुरूआत की और भारतीय काल गणना को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भारतवंशी, विगत 2081 वर्षों से निरंतर विक्रम सम्वत् को अपनाए हुए हैं। सम्राट विक्रमादित्य और उनके नाम से चल रहे विक्रम संवत् की जैसी लोक ख्याति है, वैसी किसी दूसरे राजा या सम्वत्सर की नहीं है। सम्राट विक्रमादित्य की नवरत्न परंपरा आज तक हमारी स्मृतियों में है। कालिदास, वराहमिहिर, शंकु, क्षपणक, अमर सिंह, वररुचि, धनवंतरि, वेताल भट्ट, घटखर्पर जैसे श्रेष्ठ साहित्यकार, वैज्ञानिक और योद्धाओं के सहयोग और परामर्श से उन्होंने भारत की श्रेष्ठतम न्याय प्रणाली की स्थापना की। विक्रमादित्य हमारे लोकसिद्ध, कालसिद्ध जननायक हैं। ऐसे सम्राट जिनका नाम पदनाम बन गया। ऐसे नायक जिनकी गाथा विक्रम चरित्र, कालक-कथा, सिंहासन बत्तीसी, प्रबंध चिंतामणि जैसे ग्रंथों में मिलती है। देश के अनेक स्थानों पर सम्राट विक्रमादित्य ने मंदिरों का निर्माण और पुनर्निर्माण करवाया था।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने शासन, प्रशासन, न्याय, अध्यात्म और कर्म प्रधानता के जो ऊंचे मापदंड स्थापित किए हैं, हमारे प्रधानमंत्री मोदी भी उसी मार्ग का अनुसरण कर रहे हैं। महाकाल महालोक, काशी विश्वनाथ का कारिडोर, केदारनाथ के साथ 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भगवान रामलला का उनके मंदिर में विराजित होना, प्रधानमंत्री मोदी के काल में ही संभव हो सका। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2028 में कुम्भ का आयोजन उज्जैन में होना है, हम वृहद स्तर पर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में अभी से जुट गए हैं। सिंहस्थ-2028 की तैयारी में जुटी मध्यप्रदेश सरकार भी दुनिया को प्रयागराज की तरह ही भव्यता और दिव्यता का अनुभव दे पाएं, ये सुनिश्चित करने के लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है। सिंहस्थ-2028 की कार्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हमने संकल्प लिया है कि सिंहस्थ में श्रद्धालु माँ क्षिप्रा के जल से ही स्नान करें। बाबा महाकाल के आशीर्वाद से सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी और कान्ह क्लोज डक्ट परियोजनाओं से यह संकल्प पूरा होने जा रहा है। यह उज्जैन के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना के अंतर्गत वर्षा ऋतु में क्षिप्रा नदी के जल को सिलारखेड़ी जलाशय में एकत्र किया जाएगा और फिर आवश्यकतानुसार इसे वापस क्षिप्रा नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इससे क्षिप्रा नदी निरंतर प्रवाहित होगी। क्षिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प पूरा करने के उद्देश्य से कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का कार्य चल रहा है। ये सभी परियोजनाएं क्षिप्रा नदी के जल प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनसे नदी के जल स्तर को बनाए रखने और उसे प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी। इन प्रयासों से श्रद्धालु माँ क्षिप्रा में ही आस्था की डुबकी लगाएंगे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए तेजी से नई अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही हैं। हाल ही मे उज्जैन में अशोक पुल का लोकार्पण किया गया है। 778 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से क्षिप्रा नदी के तट पर 29 किमी लंबे घाटों का निर्माण करवाया जा रहा है। इंदौर और उज्जैन के मध्य मेट्रो रेल भी चलाई जाएगी। बाबा महाकाल की धरती को नमन : केन्द्रीय मंत्री शेखावत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पद्मआनंद मणि, महाशिवरात्रि एवं विक्रम महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर बाबा महाकाल के चरणों में नमन। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 का सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। महाकाल भगवान की उज्जैन की यह धरती ने अनादिकाल से भारत और संस्कृति को नए आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि वे इस धरती को नमन करते हुए अभिभूत हैं। जिम्बाब्वे के उप मंत्री को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव-2025 में पधारे जिम्बाब्वे के उद्योग एवं कॉमर्स उप मंत्री एम.के. मोदी का सम्मान किया। जिम्बाब्वे के उप मंत्री मोदी ने कहा कि इस धरती पर आकर में धन्य हो गया। यहां मिले प्यार और सम्मान पाकर अभिभूत हूँ। भारत की धरा के संस्कार महान है। विक्रमोत्सव-2025 की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर विक्रम व्यापार मेला का भी शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर गायक हंसराज रघुवंशी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। हंसराज रघुवंशी एक प्रख्यात भारतीय भजन गायक, लेखक और संगीतकार हैं, जिन्हें विशेष रूप से भगवान शिव के भजनों के लिए जाना जाता है। पद्मसे सम्मानित आनंदन शिवमणि द्वारा भी कार्यक्रम में सांगीतिक प्रस्तुति दी गई। प्रदेश के सभी प्रमुख 51 महाशिवरात्रि मेलों समारोह, सिंहस्थ-2028 की रूपरेखा का लोकार्पण भी किया गया, साथ ही सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिवोsम-अनहद, शिवादल, भोपाल ने भी प्रस्तुति दी। इसी क्रम में विक्रम व्यापार मेला, वस्त्रोद्योग, हाथकरघा उपकरणों की प्रदर्शनी आदि शिल्प अंतर्गत जनजातीय शिल्प, पारम्परिक व्यंजन एवं जनजातीय परंपरागत चिकित्सा शिविर का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेश कुशवाह, राजेश सोलंकी, राजेंद्र भारती,श्रीराम तिवारी आदि उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री ने दमोह जिले के अजब धाम में पूज्य जय-जय सरकार के वार्षिक उत्सव को किया संबोधित

 दमोह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुंदेलखण्ड अंचल की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना मंजूर की है। इसके क्रियान्वयन से दमोह सहित प्रदेश के 10 जिले लाभान्वित होंगे। बुंदेलखण्ड अंचल के 8 लाख हेक्टेयर से अधिक इलाके को सिंचाई के लिए जल और पेयजल सहित उद्योगों के लिए भी पानी की आपूर्ति का कार्य हो सकेगा। मध्यप्रदेश का यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब को भी पीछे छोड़ देगा। यहां पानी का सूखा खत्म होगा और किसान खुशहाल होंगे। स्थानीय निवासियों द्वारा अपने स्वामित्व की भूमि का विक्रय नहीं किया जाना चाहिए। यह भूमि बहुमूल्य सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 51 करोड़ रुपए की लागत से पथरिया बायपास निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में हायर सेकेंड्री स्कूल का नाम राष्ट्रवादी विचारक के.सी. सुदर्शन जी के नाम से करने और मटकोलेश्वर सीतानगर बांध में पर्यटन की दृष्टि से “नौकायन’’ प्रारंभ करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार की शाम दमोह जिले के पथरिया के निकट अजबधाम में पूज्य जै-जै सरकार के वार्षिक उत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश की धरती पर नदी जोड़ो जैसी परियोजनाएं क्रियान्वित करने की पहल हुई है, वहीं राज्य सरकार ने कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देते हुए दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी होने का संकल्प लिया है। इसके लिए 10 गायों के पालन पर सब्सिडी प्रदान करने और दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की रणनीति बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विवाह समारोहों में फिजूलखर्ची रोकने का आव्हान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज महाशिवरात्रि के अवसर पर दमोह जिले के इस पावन स्थल पर आने का अवसर मिला है। यहां निकट ही मड़मोलेश्वर धाम है, जहां सुनार,कोपरा और जूड़ी नदियों का संगम है। भगवान भोले नाथ की विशाल पिंडी श्रद्धा का केंद्र है। बुंदेलखण्ड में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के विकास के प्रयास बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज उज्जैन में विक्रमोत्सव का शुभारंभ हो रहा है। महाराजा विक्रमादित्य से विक्रम संवत प्रारंभ हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अजब धाम मंदिर परिसर में अनेक साधु-संत जन से भी भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने मंच से रिमोट का बटन दबाकर फतेहपुर गांव का नाम बदलकर अजब धाम किया। पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने सभा को संबोधित करते हुये कहा मेरे छोटे से आग्रह पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव अजब धाम कार्यक्रम में पधारे और पर्याप्त समय दिया। उन्होंने 20 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजन यज्ञ और 27 कुंडीय यज्ञ में पधारे सभी धर्म प्रेमियों का अभिनन्दन किया। राज्यमंत्री पटेल ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आशीर्वाद और प्रेम हम सब पर है, हमारी छोटी सी मांग को स्वीकार करते हैं। इस अवसर पर प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धर्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद राहुल सिंह, पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया, हटा विधायक श्रीमती उमादेवी खटीक, मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटेल, पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह, श्याम शिवहरे सहित कार्यक्रम के आयोजक देव राम कुमार, मन्दिर के महंत रामनुग्रह दास छोटे सरकार सहित श्रद्धालुजन मौजूद थे।  

आईटी क्षेत्र में 64 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) भोपाल में कहा है कि देश के विकास में 3टी- टैक्सटाइल, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी की विशेष भूमिका रहेगी। मध्यप्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक राज्य नहीं, बल्कि भारत में टैक्नोलॉजी और इनोवेशन का हब बनने की ओर अग्रसर है। जीआईएस में पहली बार आईटी एवं टैक्नोलॉजी समिट का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह आयोजन राज्य के डिजिटल भविष्य के लिये मील का पत्थर साबित होगा। इस समिट में राज्य को टेक्नोलॉजी के नये केन्द्र के रूप में स्थापित किया। समिट में दुनिया के टेक लीडर्स, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशको, इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप्स आदि ने भाग लिया। राज्य को आईटी क्षेत्र में 64 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये। इससे प्रदेश में 1.8 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन रोजगारों में युवाओं की भागीदारी सर्वाधिक रहेगी। टेक कंपनियों जैसे डिजिटल कन्वर्जेंस टेक्नोलॉजीज, थोलोन्स, एलसीना, श्रीटेक, केन्स टेक्नोलॉजी और बियॉन्ड स्टूडियोज आदि ने राज्य में निवेश किया है। ग्लोबल टेक कंपनियों ने भी मध्यप्रदेश में निवेश की रूचि दिखाई, जिनमें आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, बारक्लेज जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। राज्य के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिये इन कंपनियों से एमओयू भी किये गये। इससे टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस भोपाल को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये पहली बार 6 विभागीय समिट का आयोजन किया गया। आईटी एवं टेक्नोलॉजी समिट में उद्यमियों एवं स्टार्ट-अप के लिये 4 विशेष सत्र आयोजित किये गये। इस समिट में सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग के साथ उद्योगों के विशेषज्ञों ने सीधे संवाद किया, राज्य की नीतियों पर चर्चा की और निवेश के नये अवसरों की रूपरेखा तय की। समिट में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिलाइन एंड मैन्यूफैक्चरिंग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, इनिमेशन विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी, सेमीकंडक्टर और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते विषयों पर राज्य की सम्भावित रणनीतियों पर चर्चा की गई। राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने और ड्रोन टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहित करने के लिये विशेष कदम उठाये हैं। जीआईएस- भोपाल में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग की नवीन पॉलिसी को भी लॉन्च किया। प्रदेश को आईटी क्षेत्र निवेश अनुकूल बनाने के लिये मध्यप्रदेश एनीमेशन, वीआर, गेमिंग कामिक्स और विस्तारित रियलिटि नीति- 2025, जीसीसी नीति- 2025, सेमी कंडक्टर नीति- 2025 और ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति- 2025 को लॉन्च किया गया। इन नीतियों में आईटी एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र निवेश आकर्षित करने के लिये वित्तीय एवं गैर वित्तीय प्रावधान किये गये हैं। भविष्य की संभावनाओं का ध्यान रखते हुये इन नीतियों को व्यापक और दूरदर्शी बनाया गया। आईटी उद्योगों के विशेषज्ञों द्वारा राज्य की नीतियों की सराहना विभागीय समिट के दौरान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए नए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की। इनमें एआई, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉक चेन और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी अत्याधिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। जीआईएस- भोपाल ने निवेश आकर्षित करने साथ ही विचार मंथन, नीति निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर प्रदान किया। विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिये आईटी क्षेत्र मध्यप्रदेश को निवेश, नवाचार और अवसरों की नई ऊंचाईयों तक ले जायेगा।  

राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिंदुस्तान के दिल मध्यप्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विविधता के कारण देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहाँ के घने जंगल, दुर्लभ वन्य जीव, ऐतिहासिक किले, प्राचीन मंदिर और जीवंत संस्कृति हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण न केवल पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ा है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से मध्यप्रदेश भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं बता चुके हैं कि मध्यप्रदेश को एक विदेशी मैग्जीन ने दुनिया की श्रेष्ठ टूरिज्म डेस्टिनेशन में से एक माना है। राज्य सरकार की योजनाओं से राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षण मिल रहा है। साथ ही इससे प्रदेश वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। राज्य में 24 वन्यजीव अभयारण्य, 12 राष्ट्रीय उद्यान, 9 टाइगर रिज़र्व और 14 विश्व धरोहर स्थल स्थित हैं, जो इसे भारत के सबसे समृद्ध जैव विविधता वाले राज्यों में शामिल करते हैं। इसके अलावा, 12 ज्योतिर्लिंगो में एक मात्र उज्जैन का दक्षिणमुखी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग श्रद्धालुओं के लिए अगाध आस्था के केंद्र हैं। टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि राज्य सरकार पर्यटन को नए आयाम देने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। पर्यटन परियोजनाओं के लिए 758 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिसमें से 358 हेक्टेयर भूमि 39 निवेशकों को आवंटित की जा चुकी है। इससे राज्य में कई नए होटल, रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स और आधुनिक सुविधाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा लागू की गई पर्यटन नीति-2025 और फिल्म पर्यटन नीति 2025 निवेशकों और उद्यमियों के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत कर रही हैं। इन नीतियों के कारण पर्यटन क्षेत्र में 3 हजार 372 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आये हैं। इससे 50 हजार 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। फिल्म निर्माताओं की बन रहा फेवरेट शूटिंग डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण फिल्म निर्माताओं की फेवरेट शूटिंग डेस्टिनेशन बन चुका है। राज्य में 185 से अधिक फिल्मों और 40 अन्य प्रोजेक्ट्स की शूटिंग की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि सरकार द्वारा दी जा रही विशेष सुविधाओं और अनुदानों के कारण आने वाले वर्षों में फिल्म पर्यटन और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में चंदेरी, ग्वालियर और भोपाल में हुई शूटिंग्स की वजह से इन क्षेत्रों के लिये पर्यटकों में आकर्षण बढ़ा है। साथ ही फिल्म निर्माताओं की नजरों में भी प्रदेश की साफ-सुथरी लोकेशन्स आई हैं। नए निवेश और व्यापक रोजगार अवसर राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में 1,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि चिन्हित की है। इससे निवेश को और गति दी जा सकेगी। साथ ही पर्यटन से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट्स विकसित होंगे और लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।  

उज्जैन में हुआ विक्रम उत्सव व्यापार मेले का शुभारंभ

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान महाकाल की नगरी में आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो आपके जीवन में सुरक्षा प्रदान करता है। मेले लोगों का जो उत्साह है वो अलग ही प्रतीत हो रहा है। प्रथम वर्ष में ही उज्जैन व्यापार मेले मे अनेक उपलब्धियां प्राप्त कर ली थी। इस वर्ष उज्जैन व्यापार मेले में उम्मीद से अधिक व्यापार होने का अनुमान है। उज्जैन में महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय पर्यटन संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं जिंबॉब्वे के उप मंत्री मोदी के मुख्य अतिथ्य में उज्जैन के विक्रम व्यापार मेले का शुभारंभ हुआl इस अवसर पर स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव और अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह व्यापार मेला उज्जैन को व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। आज उज्जैन पर्यटन ,संस्कृति, धार्मिक नगरी के साथ व्यापार का भी बड़ा केंद्र बन गया है। उज्जैन विकास के नये आयाम स्थापित कर रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियां यहाँ आकर निवेश कर रही हैl मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30 लाख करोड़ से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश को प्राप्त हुआ है। उज्जैन जिले को इसका लाभ मिलेगा उज्जैन में भी अनेक कंपनियों के द्वारा निवेश के प्रस्ताव आए हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का व्यापार विस्तृत प्रकार का रहा होगा, यह मेला उज्जैन के उस काल को याद दिलाता है, जब उज्जैनी को स्वर्ण नगरी भी कहा जाता था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के काल गणना केंद्र के महत्व को भी बताया और यह भी बताया कि राशियों के अध्ययन् केंद्र बिंदु भी उज्जैन रहा है। वैदिक घड़ी इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। राजस्थान के राजा जयसिंह के द्वारा यहां पर कॉल गणना केंद्र स्थापित किया गया जो वैज्ञानिकता का सर्वोच्च उदाहरण है। उज्जैन का हजारों वर्ष प्राचीन इतिहास है। यहां की धरा में अकूत रत्न स्वर्ण मुद्रा,वस्तुएं सोने के सिक्के हैं। उज्जैन व्यापार मेले में भी ऐसे ही सोने के सिक्के कर की छूट के रूप में प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो छूट आपको प्राप्त हो रही है, वह स्वर्ण के समान ही हैं। उज्जैन के नये युवा नवाचार करने के लिए आगे आए और व्यापार में नए आयाम स्थापित करें। उज्जैन नगरी को विक्रमादित्य की स्वर्ण नगरी के रूप में स्थापित करने के लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। व्यापार मेले के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राहकों को शुभकामनाएं देते हुए कार की चाबियाँ भी सौंपी। मेला परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा जिला पंचायत की ग्राम पंचायत को गीला-सूखा कचरा एकत्रित करने के लिए 10 कचरा वाहन की चाबी भी सौंपी। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि आज उज्जैन का विकास दिख रहा है। उज्जैन नगरी का यह स्वर्णिम काल दिख रहा है आने वाले सिंहस्थ-2028 के पहले उज्जैन वास्तव में अपने उसे वैभव को प्राप्त कर लेगा जो हमने इतिहास में पढ़ा हैl उन्होंने उज्जैन के व्यापार मेले के नये आयाम स्थापित करने के लिये उज्जैन वासियों को शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सोच और उनकी परिकल्पना से प्रदेश सभी क्षेत्रों मे प्रगति कर रहा है। दो दिनों तक आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इसका उदाहरण है। जिम्बाब्वे के उप मंत्री एम.के. मोदी ने कहा कि यहां आकर लग रहा है कि सरकार के द्वारा आम जनता के लिए बेहतर काम किया जा रहा है। मैं पहली बार देख रहा हूँ कि सरकार टैक्स में भी 50% की छूट देती है। उज्जैन वास्तव में व्यापार का केंद्र बने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयास बहुत ही शानदार हैं। जिम्बाब्वे के लोगों को इसके फायदों से भी हम अवगत कराएंगेl आने वाले समय में जिम्बाब्वे और मध्यप्रदेश एक-दूसरे से सीख कर आगे बढ़ेंगे। उज्जैन विक्रम व्यापार मेले में 10 से अधिक कार कंपिनयों के द्वारा अपने स्टॉल यहां लगाए गए हैं। इसके साथ ही टू-व्हीलर ,इलेक्ट्रिक व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल कंपनी के द्वारा भी अपने स्टॉल लगाए गए हैं।  

सनातन के आधार महादेव है और हमारे महादेव की शक्ति हैं आदिशक्ति जगदंबा माता पार्वती:CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दमोह के नोहटा में नोहलेश्वर महोत्सव में महाशिवरात्रि महापर्व पर उज्जैन से देर रात 11:15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान शिव और शक्ति के महापर्व महाशिवरात्रि की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आदि और अंत महादेव है।सुंदर और सत्य महादेव है। सृजन और संहार महादेव है। सनातन के आधार महादेव है और हमारे महादेव की शक्ति हैं आदिशक्ति जगदंबा माता पार्वती। मैं गौरीशंकर के चरणों में शीश झुकाता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं भगवान महाकाल महाराज की उज्जयिनी से नोहटा में विराजे भगवान नोहलेश्वर महादेव को मैं प्रणाम करता हूँ। ऐसी कृपा हुई भगवान भोलेनाथ की मुझ पर कि आज नोहलेश्वर महाराज ने भी मुझे अपनी शरण में बुलाया और बाबा महाकाल ने भी। भगवान शिव की कृपा से मध्यप्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ है। आपके आशीर्वाद से हम मध्यप्रदेश की प्रगति का नया अध्याय लिख रहे हैं। विरासत को सहेज कर विकास का रथ दौड़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि बहुत समय से सभी की इच्छा थी कि यहां महाशिवरात्रि महापर्व पर महोत्सव का आयोजन हो। बेहद प्रसन्नता की बात है कि इस बार 10 दिन का महोत्सव आयोजित हो रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दमोह से धर्मस्व ,पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) धर्मेंद्र सिंह लोधी,दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी उपस्थित रहे।

GIS के बाद मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव आने से खुशी का माहौल, 26.61 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव

भोपाल राजधानी में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव आने से खुशी का माहौल है। लेकिन साथ ही, पुराने सवाल भी उठ रहे हैं। क्या वाकई में इतना निवेश आएगा? और क्या इतनी नौकरियां मिलेंगी? मुख्य सचिव अनुराग जैन ने GIS में मंगलवार को भरोसा दिलाया कि सरकार निवेश के वादों को हकीकत में बदलने के लिए काम करेगी। 26.61 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश दो दिन चले GIS में 26.61 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह राशि राज्य के कुल कर्ज और बजट से कई गुना ज्यादा है। पिछले पांच सालों में मिले कुल निवेश प्रस्तावों से भी यह काफी ज्यादा है। सरकार का अनुमान है कि इससे 17.34 लाख नौकरियां पैदा होंगी। अगर ऐसा हुआ तो मध्य प्रदेश की बेरोजगारी की समस्या आधी से ज्यादा हल हो सकती है। राज्य में करीब 30 लाख बेरोजगार युवा हैं। राज्य की आर्थिक स्थिति बदलने की उम्मीद GIS में मध्य प्रदेश को मिले निवेश प्रस्तावों से राज्य की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है। 26.61 लाख करोड़ रुपये का यह आंकड़ा राज्य के मौजूदा कर्ज 4.15 लाख करोड़ रुपये से छह गुना से भी ज्यादा है। यह राशि राज्य के बजट, जो इस साल 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है, से भी कई गुना ज्यादा है। इससे साफ है कि अगर ये निवेश प्रस्ताव हकीकत में बदलते हैं तो राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। 17.34 लाख नौकरियां मिलने की संभावना निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बड़ी संख्या में पैदा होने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इन प्रस्तावों से 17.34 लाख नौकरियां पैदा होंगी। मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या करीब 30 लाख है। ऐसे में अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं तो राज्य में बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने GIS में इस बात की उम्मीद जताई कि निवेश के इरादे राज्य में फलित हों। पिछले अनुभवों को देखते हुए बढ़ी चिंता हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए कुछ चिंताएं भी हैं। पहले के निवेश प्रस्तावों में से सिर्फ 10% ही जमीन पर उतरे हैं। इस बार सरकार का कहना है कि वह हर निवेश प्रस्ताव पर नजर रखेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भरोसा दिलाया है कि अधिकारी निवेशकों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे ताकि उनके वादे पूरे हों। मुख्य सचिव हर महीने इसकी समीक्षा करेंगे। जैन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने GIS के समापन समारोह में यह जानकारी दी। निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक पोर्टल भी बनाया जाएगा। बीजेपी ने 4 लाख नौकरियों का किया है वादा सरकारी नौकरियों की बात करें तो अगस्त 2022 से भाजपा सरकार ने 4 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया है। इनमें से करीब एक लाख नौकरियां देने का दावा किया गया है। सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियों को मिलाकर मध्य प्रदेश में कुल 24 लाख नौकरियां मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश रोजगार पोर्टल के अनुसार, मंगलवार तक 29,68,663 युवा पंजीकृत थे। यह राज्य में बेरोजगार युवाओं की सही संख्या नहीं है, लेकिन इसे अनुमान का आधार माना जाता है। एक साल में एमपी में हुए 7 क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन एक साल में, राज्य को मध्य प्रदेश में 7 क्षेत्रीय शिखर सम्मेलनों के माध्यम से 4.17 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार ने कहा था कि क्षेत्रीय शिखर सम्मेलनों में, मध्य प्रदेश को 4.17 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 4.5 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद थी। अगर GIS और क्षेत्रीय औद्योगिक शिखर सम्मेलनों के आंकड़ों को मिला दिया जाए, तो राज्य को लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 21 लाख से ज्यादा नौकरियों का आश्वासन मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाशिवरात्रि पर सपत्नीक भगवान महाकाल की पूजा कर अभिषेक किया

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक महाशिवरात्रि महापर्व पर महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बाबा महाकाल का जल, दुग्ध अभिषेक भी किया। विक्रम महोत्सव 2025 के पूर्व कलश यात्रा का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमादित्य, उनके युग, भारत उत्कर्ष, नव जागरण और भारत विद्या पर एकाग्र विक्रमोत्सव-2025 समारोह के शुभारंभ के पहले बुधवार सुबह कलश यात्रा का शुभारंभ किया। इस मौके पर श्रीराम तिवारी निदेशक-महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, डॉ. प्रशांत पुराणिक, डॉ. रमण सोलंकी, संजय यादव, संजय अग्रवाल सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

ग्लोबल ब्रिलि,न्स फोरम लंदन ने किया एनआरआई समिट का आयोजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय नागरिक विश्व के किसी भी देश में बसते हों, भारतीय संस्कृति से अवश्य जुड़े रहते हैं। हमारे राष्ट्र की यही पहचान है। विश्व के अलग-अलग देशों में रहने वाले भारतीय वहाँ के समाज में भी समरस हो जाते हैं। प्रत्येक समाज के साथ आत्मीयता स्थापित करने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की विशेषता भारतीय नागरिकों की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की शाम कोर्टयार्ड मैरिट में ग्लोबल ब्रिलिएन्स फोरम लंदन द्वारा आयोजित एनआरआई समिट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे अध्ययन केंद्र थे, जहां श्रेष्ठ जीवन पद्धति सिखाई जाती थी। विश्व के कई देशों से इन शिक्षा केंद्रों तक शिक्षा ग्रहण करने के लिए नागरिक पहुंचते थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभिन्न देशों के अप्रवासी भारतीयों से भेंट के दौरान भोपाल और मध्यप्रदेश के विशिष्ट स्थानों के संबंध में चर्चा की और उनसे पुन: मध्यप्रदेश आने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके सहित अन्य देशों से आए अप्रवासी भारतीयों द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रतिभागी के रूप में आने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जेरार्डस क्रॉस टाऊन (बकिंघमशायर, इंग्लैंड) की महापौर सुप्रेरणा भारद्वाज, आदित्य प्रताप सिंह (इंचार्ज ग्लोबल ब्रिलियन्स फोरम, यूके), जितेन्द्र वैद्य (यूएई), संजय नागरकर (प्रेसीडेंट इन्डिया कनेक्ट, हांगकांग) विनायक गिरगुने, जसपाल सिंह एवं दिवाकर शुक्ला ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा के अलावा सुनेहा बग्गा, राहुल कोठारी आदि उपस्थित थे।  

प्रदेश की राजधानी भोपाल का निरंतर होगा सौंदर्यीकरण, 25 वर्ष का प्लान बनेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट प्रदेश की प्रगति का स्वर्णिम अध्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में बनेगा नया कन्वेंशन सेंटर, जल संरचनाओं के संरक्षण के होंगे कार्य  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की राजधानी भोपाल का निरंतर होगा सौंदर्यीकरण, 25 वर्ष का प्लान बनेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से की चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में संपन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट प्रदेश की प्रगति का एक स्वर्णिम अध्याय है। इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे। राज्य सरकार द्वारा सेक्टर वाइज और एरिया वाइज इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भविष्य में आयोजित की जाएगी। भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी है। समिट के अवसर पर शहर का सौन्दर्यीकरण हुआ। आगे भी यह कार्य जारी रहेंगे। भोपाल की जल संरचनाओं को भी सहेजा जाएगा। उन्हें साफ सुथरा और सुंदर बनाए रखा जाएगा। भोपाल में इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजन किए जाने के लिए एक बड़े कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता है, जिसका निर्माण राज्य सरकार करवाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भोपाल की प्रगति के लिए 25 वर्ष की योजना बना रही है। उद्योगों और व्यवसायों के विकास के लिए निरंतर प्रयास होंगे। मध्यप्रदेश में जैसे रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के अच्छे परिणाम मिले उस क्रम में ग्लोबल इन्वेस्टर्स संख्या में रोजगार की संभावनाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में प्राप्त निवेश प्रस्ताव और समिट की सफलताओं के विभिन्न आयामों की विस्तार पूर्वक चर्चा की।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री द्वय जगदीश देवड़ा राजेंद्र शुक्ल, खजुराहो सांसद वी. डी. शर्मा, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट के सफल आयोजन के लिए राजधानी भोपाल के नागरिकों, सभी जनप्रतिनिधियों, प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत एवं मीडिया का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों एवं निवेशकों से की वन-टू-वन चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश संभावनाओं पर वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के कौशल उन्नयन और रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर भी विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उल्यानोवस्क रशिया के गवर्नर एलेक्सी रूस्किख से भी मुलाकात की। इसी क्रम में आपसी सहयोग को लेकर उल्यानोस्क, रशिया के गवर्नर और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरैक्टर ऑगस्ट टैनो कुआमे के नेतृत्व में बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने अर्बन डेवलपमेंट, सोलर एनर्जी आदि सेक्टरों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जेरार्डस क्रॉस टाऊन (बकिंघमशायर, इंग्लैंड) की महापौर सुप्रेरणा भारद्वाज ने भेंट कर वन- टू- वन चर्चा की। इसी तरह मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल भारत सरकार की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव ने टेक्सआइल और प्रदेश में पीएम मित्र पार्क के विकास के संबंध में चर्चा की। डोनियर इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेन्द्र अग्रवाल ने टेक्सटाइल, आईनॉक्स के डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन ने ऑक्सीजन सेक्टर, केपी ग्रुप के सीईओ आलोक दास द्वारा रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा की गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विश्वकर्मा ग्रुप विश्वविद्यालय पुणे के एमडी डॉ. भरत अग्रवाल ने शिक्षा, गोल्डक्रेस्ट सीमेंट के एमडी आर. एस. जोशी ने सीमेंट, अल्फाविजन ओवर्सीस के चेयरमेन आर. के. गोयल ने हॉस्पिटेलिटी, एकमे ग्रुप के सीईओ निखिल ढिंगरा ने रिन्यूएबल एनर्जी, रूसान फार्मा के डायरेक्टर डॉ. राजेश हजेला ने फार्मास्युटिकल सेक्टर पर मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर वन टू वन चर्चा की।  

भोपाल- सीहोर- रायसेन- विदिशा का भी होगा समन्वित रूप से विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पर्यटन सहित सेक्टर विशेष और विषय विशेष पर होंगी समिट: मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर- नागदा- उज्जैन -देवास- मक्सी (शाजापुर)- पीथमपुर (धार) को जोड़कर महानगर के रूप में विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल- सीहोर- रायसेन- विदिशा का भी होगा समन्वित रूप से विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में 3300 हेक्टेयर में धार्मिक नगर विकसित किया जाएगा प्रदेश में ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम जैसे छोटे शहर भी अब औद्योगिक विकास के नए केंद्र बन रहे हैं हेल्थ टूरिज्म के अंतर्गत प्रदेश के आम आदमी के हित में आरंभ की गई एयर एम्बुलेंस सेवा 10 मार्च को माधव नेशनल पार्क प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के रूप में होगा लोकार्पित जोधपुर में बन रहे बेहतरीन लकड़ी फर्नीचर के लिए मध्यप्रदेश एमओयू करने को तत्पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन पर्यटन व संस्कृति और अनलॉकिंग अर्बन लैंड वैल्यू पर केंद्रित सत्रों को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम जैसे छोटे शहर भी अब औद्योगिक विकास के नए केंद्र बन रहे हैं। क्षेत्रीय स्तर पर हुई इन्वेस्टर समिट से प्रदेश में उद्योग व्यापार और रोजगार के लिए बेहतर वातावरण निर्मित करने में मदद मिली है। इसके साथ ही निवेशकों, उद्योगपतियों और प्रदेश के स्थानीय जन में परस्पर आत्मविश्वास भी बढ़ा है। निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रदेश के छोटे शहरों में जाकर लगा कि इन स्थान में भी पर्याप्त आधोसंरचना और बेहतर जीवन जीने के संसाधन उपलब्ध हैं। वहीं स्थानीय निवासियों ने यह जाना कि प्रदेश के छोटे शहरों में बड़े निवेशकों, उद्योगपतियों को आकर्षित करने की क्षमता है और उनके शहरों में भी इन्वेस्टर समिट जैसी गतिविधियों का आयोजन सफलता पूर्वक किया जा सकता है । मुहासा- बाबई जैसे छोटे स्थान में औद्योगिक गतिविधियों का बड़े पैमाने पर विस्तार हो रहा है। संपूर्ण प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का समान रूप से विस्तार करना प्रदेश में अलग-अलग स्थान पर इन्वेस्टर समिट आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य रहा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन पर्यटन व संस्कृति और अनलॉकिंग अर्बन लैंड वैल्यू पर केंद्रित सत्रों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर- नागदा- उज्जैन -देवास- मक्सी (शाजापुर)- पीथमपुर (धार) के लगभग 8000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए आवागमन के मार्ग, रेल नेटवर्क, बिजली, पानी, सफाई, सीवर लाइन जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को विकसित कर, आगामी 25 वर्ष में इस क्षेत्र को महानगर के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल- सीहोर- रायसेन- विदिशा आदि क्षेत्र को भी समन्वित रूप से मेट्रोपॉलिटन के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए विशेषज्ञों और जन सामान्य से सुझाव भी आमंत्रित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेले का मतलब है मेल जोड़ बढ़ाना और इसमें पर्यटन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ होने जा रहा है, उज्जैन में 3300 हेक्टेयर क्षेत्र में धार्मिक नगर विकसित करने की योजना है। इस क्षेत्र में महामंडलेश्वर, शंकराचार्य, साधु, संत, महंत आदि को स्थाई रूप से अपने आश्रम निर्मित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जिसमें अन्न क्षेत्र के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज, अस्पताल आदि का संचालन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन को तीर्थाटन से जोड़ने की दिशा में उनके द्वारा विशेष पहल की गई है। राज्य सरकार भविष्य में पर्यटन तथा अन्य क्षेत्रों पर विशेष समिट का आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के विशाल भौगोलिक विस्तार को देखते हुए प्रदेश की एविएशन नीति में बदलाव किया गया है। विमान सेवा को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार द्वारा इसेंटिव प्रदान कर जबलपुर, रीवा, सिंगरौली के यात्रियों को विमान सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही आयुष्मान योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को विमान और हेलीकॉप्टर से निशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई जा रही है। हेल्थ टूरिज्म के क्षेत्र में प्रदेश के आम आदमी के हित में राज्य सरकार द्वारा यह नवाचार किया गया है । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश वन्य जीवों की दृष्टि से पर्याप्त संपन्न है। टाइगर, चीते, घड़ियाल आदि की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश में सर्वाधिक टाइगर और तेंदुआ मध्य प्रदेश में है। चंबल विश्व की सबसे सुंदर और स्वच्छ नदियों में शामिल है, यहां पर्यटन को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। चंबल क्षेत्र में घड़ियालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसी प्रकार प्रदेश में गिद्धों की भी संख्या पर्याप्त है। प्रदेश में टाइगर रिजर्व 7 से बढ़कर 9 हो गए हैं। विश्व विख्यात पुरातत्वविद डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर रातापानी टाइगर रिजर्व हाल ही में प्रारंभ हुआ है। माधव नेशनल पार्क 10 मार्च को लोकार्पित किया जाएगा। प्रदेश वन संपदा से भरपूर है, राज्य सरकार सभी प्रकार के पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोधपुर में बन रहे लकड़ी के बेहतरीन फर्नीचर के लिए मध्यप्रदेश से लकड़ी उपलब्ध कराने के बारे में राजस्थान सरकार से एओयू करने का प्रस्ताव रखा । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर केन बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना और काली सिंध पार्वती चंबल परियोजना का सफल क्रियान्वयन आरंभ हो रहा है, यह राज्यों के परस्पर मधुर संबंधों का श्रेष्ठ उदाहरण बनेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्निक महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर दुग्धाभिषेक किया

उज्जैन 12 ज्योतिर्लिंगों में से महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि का महापर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी पत्नी के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का गर्भगृह में पूजन अर्चन कर बाबा का अभिषेक किया इसके बाद आरती करने के बाद महाकाल का आशीर्वाद लिया। दरअसल, हर विशेष काम में बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने वाले सीएम मोहन यादव आज महाशिवरात्रि के पर्व अपनी धर्मपत्नी सीमा यादव के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने पीले रंग का सोला पहनकर गर्भगृह में प्रवेश किया व बाबा महाकाल को जल अर्पित कर पंचामृत अभिषेक कर बिल्वपत्र, पुष्प व भोग अर्पित किया। महाशिवरात्रि पर दर्शन करने पुहंचे सीएम महाशिवरात्रि के त्योहार के दौरान सीएम मोहन यादव ने बाबा का अभिषेक कर उनको वस्त्र धारण करवाए और आरती भी की। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में पहुंचकर बाबा महाकाल का ध्यान भी लगाया। उन्होंने भगवान महादेव के संसार में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग की पूजा अर्चना कर प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की मंगल कामना की।

मध्यप्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिये केन्द्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी:केन्द्रीय मंत्री खट्टर

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत वर्ष-2047 की कल्पना की है। इस लक्ष्य को हासिल करने में शहरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिये केन्द्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी। केन्द्रीय मंत्री खट्टर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मंगलवार को नगरीय प्रशासन द्वारा आयोजित अनलॉकिंग लेण्ड वेल्यू विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री खट्टर ने कहा कि मध्यप्रदेश में शहरों के नियोजित विकास को लेकर जो तीन पॉलिसी जारी की गई है, यह प्रदेश सरकार की ओर से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में शहरों के विकास की बहुत संभावनाएं हैं। शहरों के समग्र विकास के लिये राज्य सरकार को सघन आबादी वाले शहरों पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने भोपाल, इन्दौर मेट्रो लाईन की चर्चा करते हुए कहा कि मेट्रो लाईन का विस्तार इस तरह से किया जाये कि इसका फायदा समाज के प्रत्येक वर्ग को मिल सके। उन्होंने मेट्रो पॉलिटन सिटी के विकास में एक विस्तृत योजना तैयार करने पर भी जोर दिया। केन्द्रीय मंत्री खट्टर ने बढ़ती शहरी आबादी का आंकलन सही रूप में किये जाने की बात कही। शहरी क्षेत्र के परिवहन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के जरिये पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण और कार्बन क्रेडिट का फायदा देने वाली प्रोत्साहन नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता बताई। शहरी क्षेत्रों के विकास के लिये निवेश को किया जायेगा प्रोत्साहित नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय ने सत्र में कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों में आय के स्रोत बढ़ाये जाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी की गयी इन्टीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी से शहरों का समग्र रूप से विकास हो सकेगा। उन्होंने बताया कि आवास से जुड़ी नई नीतियों में डेवलपर्स और बिल्डर्स को कई रियायतें दी गयी हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा हुकुमचंद मिल इंदौर की भूमि के रि-डेवलपमेंट के बारे में जानकारी दी। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के शहरों को हरा-भरा बनाया जायेगा। कॉलोनी में ग्रीन एरिये को जगह देने वाले बिल्डर्स और डेवलपर्स को राज्य सरकार की ओर से रियायत दी जायेगी। आज के सत्र में एमपी इंटीग्रेटेड पॉलिसी, पुनर्घनत्वीकण और मध्यप्रदेश हाउसिंग रि-डेवपमेंट पॉलिसी पर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि बिल्डर्स और डेवलपर्स के साथ अब प्रत्येक 3 माह में प्रशासनिक अधिकारी चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के सिंगल विण्डो सिस्टम को और पारदर्शी बनाया जायेगा। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी एवं भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय विशेष रूप से रही। महापौरों से चर्चा केन्द्रीय मंत्री खट्टर और नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने प्रदेश के नगर निगमों के महापौरों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आदर्श नगर निगम बनाने के लिये स्थानीय निकायों को आय बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।  

प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागिता के लिए किया आमंत्रित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले राज्यों में है शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश से लगाव, मध्यप्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागिता के लिए किया आमंत्रित सेक्टर वाइज समिट का होगा आयोजन, शुरुआत कृषि से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ता हुआ राज्य है। विकास के सभी क्षेत्रों में निवेश की नई संभावनाएँ उभरकर सामने आई हैं। प्रदेश के प्रत्येक भू-भाग में विकास और निवेश संभावनाओं को तलाशने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया। भोपाल में हो रही जीआईएस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, का 8वाँ संस्करण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास के विभिन्न क्षेत्रों में नई संभावनाओं से प्रवासी भारतीय परिचित हो रहे हैं। प्रदेश में सभी क्षेत्रों – आईटी, फार्मा, बॉयोटेक समेत विभिन्न सेक्टर्स में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 18 नई नीतियाँ लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब सेक्टर-वाइज समिट का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत कृषि क्षेत्र से होगी। निवेशकों के लिए सरलीकृत प्रक्रिया और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों और निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि सभी क्षेत्र निवेश के लिए खुले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीयों के प्रति अपने गहरे जुड़ाव को व्यक्त करते हुए कहा कि जब लंदन में मध्यप्रदेश के निवासी मेयर बनते हैं, तो यहाँ भी खुशी से आतिशबाजी की जाती हैं। जब जिम्बाब्वे में मध्यप्रदेश का रहने वाले या यहां की जड़ों से जुड़ा हुआ व्यक्ति मुख्यमंत्री के पद को सुशोभित करते हैं, तो यहाँ भी खुशियाँ मनाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह आंतरिक लगाव और मध्यप्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है, जो दुनिया के किसी भी कोने में अपने लोगों की सफलता पर गर्व महसूस करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में “प्रवासी मध्यप्रदेश समिट” में मध्यप्रदेश के प्रवासी नागरिकों, फ्रेंड्स ऑफ़ एमपी, इंडिया कनेक्ट के सदस्यों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रोजगार के नये अवसरों के सृजन में प्रदेश के प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपील करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश में निवेश कर यहाँ के विकास में भागीदार बनें। उन्होंने आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी और प्रदेश को एक वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बाबा महाकाल की भस्म आरती जीवन को सार्थक करने का सिखाती है सिद्धांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल की भस्म आरती का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा महाकाल की भस्म आरती में पंचामृत से शरीर को निर्मल किया जाता है इसके बाद विधिवत पूजा कर अंत में भस्म से शरीर को ढंका जाता है। भस्म आरती जीवन को सार्थक करने का लघु सिद्धांत भी सिखाती है। उन्होंने महाकाल की भस्म आरती का महत्व समझाते हुए कहा कि भस्म आरती जन्म से मृत्यु तक के दर्शन का लघु रूप है। यह हर क्षण स्मरण कराती है कि जीवन में सर्वश्रेष्ठ कार्य करते जायें और समय पर हर कार्य पूरा करें। उन्होंने कहा कि उज्जैन आध्यात्मिक नगरी के साथ ही समय (काल) की नगरी भी है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ की चर्चा करते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक कुंभ है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सांसारिक और आर्थिक महाकुंभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल भस्म आरती के दुर्लभ दर्शन की वीआर (वर्चुअल रियलिटी) हेडसेट सेवा भी लॉन्च की। (वीआर) वीथि संकुल में उपलब्ध रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय के सदुपयोग और कर्म पर बल देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में यही उपदेश दिया है कि सभी को अपने कर्मों के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो प्रवासी भारतीय सफलता की ऊंचाइयों पर पहुँचे हैं, उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश करना चाहिए। इससे वे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि हजारों लोगों के जीवन में सुधार लाने का पुण्य भी अर्जित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्रेंड्स ऑफ एमपी (यूके चैप्टर) के आबिद फारूकी और टीम के द्वारा मध्यप्रदेश के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए पर्यटन प्रमोशन फ्रेम का अनावरण किया। मध्यप्रदेश सरकार करेगी पूर्ण सहयोग प्रमुख सचिव, प्रवासी भारतीय विभाग संदीप यादव ने कहा कि नीति-निर्माण से विषयों पर केंद्र सरकार निर्णय लेती है, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार स्थानीय स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक, सुविध शाह ने विदेश व्यापार से जुड़े विभिन्न प्रावधानों और मध्यप्रदेश में व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। प्रवासी भारतीयों और उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश की प्रगति को सराहा फ्रेंड्स ऑफ एमपी (यूएई चैप्टर) के अध्यक्ष जितेंद्र वैद्य ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सशक्त और विकासपरक सोच के कारण मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हांगकांग के लीडिंग इन्वेस्टर और इंडिया कनेक्ट के ग्लोबल प्रेसिडेंट संजय नागरकर ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति की सराहना की। नागरकर ने कहा कि मध्यप्रदेश ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में लगातार प्रगति कर रहा है और लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से यहाँ असीम संभावनाएँ हैं। उन्होंने बताया कि “इंडिया कनेक्ट” ग्रुप ने निकट भविष्य में 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश का संकल्प लिया है। हाल ही में 6 हजार 500 करोड़ रुपये के निवेश का एमओयू भी साइन किया गया है। उन्होंने बताया कि इंडिया कनेक्ट समूह अब बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के साथ बॉयो केमिस्ट्री में एमओयू करने जा रहा है और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी कार्य करेगा। बंकिंघमशायर (लंदन) की मेयर सुप्रेरणा भारद्वाज, फ्रेंड्स ऑफ एमपी (बॉस्टन चैप्टर) के अध्यक्ष रोहित दीक्षित, कार्यक्रम में फ़िजी के हाई कमिश्नर जगन्नाथ साई, जिम्बाब्वे के राज मोदी, फ्रेंड्स ऑफ एमपी चैप्टर के कई सदस्य और मध्यप्रदेश से जुड़े प्रवासी भारतीयों ने समिट में सहभागिता की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित लघु फ़िल्मों का प्रदर्शन किया गया।

ज्यादा धर्म का प्रचार कर सकेगी महाकाल की नगरी, आने वाले दिनों में यहां 3300 हेक्टेयर जमीन पर धार्मिक सिटी बनेगी :मंत्री शेखावत

भोपाल  मध्यप्रदेश, खासकर महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए बड़ी खुशखबरी है। आने वाले दिनों में यहां 3300 हेक्टेयर जमीन पर धार्मिक सिटी बनेगी। इस सिटी में साधु-संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों, शंकराचार्य को स्थायी जगह मिलेगी। ये सभी गुरुजन यहां आश्रम बनाएंगे। वे इन जगहों पर अन्न क्षेत्र चला सकेंगे, धर्मशाला बना सकेंगे, स्कूल-कॉलेज-अस्पताल बना सकेंगे। खास बात यह है कि इस योजना में आम जनता भी शामिल होकर व्यवस्था में हाथ बंटा सकेगी। यानी कुल मिलाकर महाकाल की नगरी और ज्यादा धर्म का प्रचार के साथ-साथ नर सेवा कर सकेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में की। सीएम यादव ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 के दूसरे दिन यानी 25 फरवरी को फिल्म एंड टूरिज्म सेशन को संबोधित कर रहे थे. इस सेशन में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और विख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी मौजूद थे। सेशन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद ही हमने टूरिज्म सेक्टर को सबसे पहले विकसित करने की कोशिश की। इसके मद्देनजर हमने एविएशन पॉलिसी में बदलाव किया है। टूरिज्म को बढ़ाने के लिए हमारी खुद की विमान सेवा भी है। उन्होंने कहा कि विमानों की संख्या बढ़ने पर हम कंपनियों को इंसेंटिव देंगे। आज सिंगरौली, जबलपुर, रीवा की एयर कनेक्टिविटी जबरदस्त हो गई है। हमने एयर एंबुलेंस भी शुरू की। जहां-जहां हवाई पट्टी है वहां विमान से और जहां हेलीपैड है वहां हैलीकॉप्टर से मरीजों को पहुंचाया जाता है। आजकल टूरिज्म में हेल्थ टूरिज्म भी आ रहा है। इसके लिए हम कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं। 10 मार्च को 9वें टाइगर रिजर्व का लोकार्पण     सीएम यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई हार्टपेशेंट ईश्वर के दर्शन करने उज्जैन आ रहा है और वह आयुष्मान कार्ड धारी है, तो हम कोशिश करेंगे कि उसके हार्ट का ऑपरेशन वहीं हो जाए।     हम उसके रहने-खाने की व्यवस्था करेंगे और ऑपरेशन करवाकर वापस भिजवा देंगे। राजधानी भोपाल एक ऐसा शहर है, जहां दिन में इंसान तो रात में टाइगर घूमते हैं।     इन दिनों टाइगर ने भी सह अस्तित्व की भावना अपनाकर जीवनशैली बदल ली है। आमतौर पर एक टाइगर को जीने के लिए 45 से 50 किलोमीटर की जरूरत होती है।     जबकि, बाघिन को 10-15 किमी इलाके की जरूरत होती है। लेकिन, अब इनकी संख्या इतनी बढ़ गई है कि बाघ बाघिन के इलाके में ही जीवन पूरा कर रहा है।     पूरे देश में सबसे ज्यादा टाइगर हमारे पास हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लेपर्ड भी हमारे पास हैं। हमारे पास पहले 7 टाइगर रिजर्व थे।     इसी साल हमने रातापानी में 8वां टाइगर रिजर्व घोषित किया। इसे डॉ विष्णु वाकणकर का नाम दिया। माधव नेशनल पार्क हमारा 9वां टाइगर रिजर्व है। 10 मार्च को उसका लोकार्पण होगा। केंद्रीय मंत्री से कही ये बात     सीएम यादव ने मजेदार अंदाज में केंद्रीय मंत्री शेखावत से कहा कि मंत्री जी आपके जोधपुर में शायद फर्नीचर अच्छा बनाते हैं।     लेकिन, मजेदार बात है कि जोधपुर में लकड़ी नहीं है और फर्नीचर सबसे अच्छा बनता है। हमारे यहां लकड़ी बहुत है, लेकिन फर्नीचर नहीं बना पाते।     इसलिए आपका और हमारा एमओयू कर लेते हैं। जब आप जल शक्ति मंत्री थे तो आपने केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी के बड़े प्रोजेक्ट पर फोकस किया। क्या होगा उज्जैन में     सीएम यादव ने कहा कि साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होने वाला है। जब कुंभ राशि वृश्चिक राशि में प्रवेश करती है तो कुंभ हो जाता है। हर 12 साल में एक बार ऐसी स्थिति बनती है।     उन्होंने कहा कि उज्जैन में लगभग 3300 हेक्टेयर जमीन में धार्मिक सिटी बसाने की योजना है। उसमें बड़े पैमाने पर साधु-संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों, शंकराचार्य को स्थायी रूप से जगह दी जाएगी।     वे आश्रम में अन्न क्षेत्र चला सकते हैं, धर्मशाला बना सकते हैं, स्कूल-कॉलेज और अस्पताल बना सकते हैं। केवल साधु संत ही नहीं आम लोग भी इस तरह की व्यवस्था में मदद कर सकते हैं। पंकज त्रिपाठी ने की एमपी की तारीफ     विख्यात फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश विलक्षण है, यहा अपार संभावनाएं हैं।     राज्य में जितनी खूबसूरती है, उतनी कहीं और नहीं। यहां आकर वापस जाने का मन नहीं करता।     यहां आकर मन को शांति मिलती है। उन्होंने मध्यप्रदेश में फिल्म शूटिंग के दौरान अनुभवों को सांझा करते हुए यहां की प्रकृति के बारे में बताया।  

प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 5 साल में 27 लाख से बढ़कर होगा 32 लाख हैक्टेयर

खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएँ : केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान निवेश प्रोत्साहन के लिये मध्यप्रदेश में सिंगल विण्डो प्रणाली लागू : उद्यानिकी मंत्री कुशवाह प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 5 साल में 27 लाख से बढ़कर होगा 32 लाख हैक्टेयर प्रदेश में 8 फूड पार्क, 5 एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, 2 मेगा फूड पार्क और 2 मसाला पार्क उपलब्ध भोपाल कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा इनवेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आयोजित सीड टू सेल्फ इन लांचिंग इन्वेस्टमेंट अपार्चुनिटी इन एमपी एग्री फूड एण्ड डेयरी सेक्टर पर आयोजित सत्र में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। मध्यप्रदेश निवेश के लिये आवश्यक अधोसंरचना के साथ एक लाख हैक्टेयर का लैण्ड बैंक रखने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों के अंतर्गत टमाटर, मटर, प्याज, लहसुन, मिर्च, गेहूँ और चावल उत्पादन में देश अग्रणी है। उन्होंने कहा कि कृषि-उद्यानिकी उत्पादन की प्रचुर मात्रा में उत्पादन से किसान को फसल का भरपूर दाम नहीं मिल पाता है। इसलिये आवश्यक है कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाये। इससे फसलों का वैल्यू एडीशन होगा। किसान और उत्पादक इकाई, दोनों लाभान्वित होंगे। इसी तरह भारत पूरी दुनिया में फूड प्रोसेसिंग के लिये वर्ल्ड लीडर बन सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिये बीज और पौध की नवीन किस्म विकसित करवा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कृषि उत्पादन को विदेशों में बेहतर मांग मिल सके, इसके लिये भारत सरकार द्वारा चावल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी शून्य कर दी है। साथ ही ऑइल पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दी है। इसका लाभ देश की फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को मिलेगा। उन्होंने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये भरपूर सहयोग का आश्वासन भी दिया। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने “इनवेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 में आये सभी निवेशकों ओर विषय-विशेषज्ञों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण क्षमताओं के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। प्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों ने देश में अलग पहचान बनायी है। प्रदेश के 27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। इसे आगामी 5 वर्षों में बढ़ाकर 32 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 400 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 500 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। देश के कुल जैविक उत्पादन में मध्यप्रदेश की भागीदारी 40 प्रतिशत है। प्रदेश का रियावन लहसुन और सुंदरजा आम विश्व बाजार में अपनी अलग पहचान रखता है। हमारी सरकार ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशेष निवेश योजनाओं को लागू करते हुए ‘एक जिला-एक उत्पाद’ पहल के तहत 52 जिलों की विशिष्ट फसलें चिन्हित की हैं। राज्य सरकार द्वारा बनायी गयी नवीन निवेश नीतियों को निवेशकों के अनुकूल बनाया गया है। साथ ही इन नीतियों के निर्धारण के लिये निवेशकों के सुझाव भी राज्य सरकार द्वारा खुले मन से आमंत्रित किये गये हैं। निवेश प्रोत्साहन के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली रखी गयी है, जिसमें भूमि का आवंटन एवं सभी प्रकार की अनुमतियां कम से कम समय में मिल सकेंगी। किसानों की आय, रोजगार, निवेश तथा निर्यात में वृद्धि राज्य सरकार का संकल्प है। कृषि उत्पादन आयुक्त मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि फसल को खेत से बाजार तक पहुंचाने और उसे वाजिब दाम उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा करने की आवश्यकता है। उन्होंने मध्यप्रदेश में कृषि, पशुपालन एवं उद्यानिकी के महत्व और उनके निर्यात संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में राज्य के कृषि, खाद्य प्र-संस्करण एवं डेयरी क्षेत्रों में निवेश के नए अवसरों पर व्यापक चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने किसानों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नवाचार, तकनीकी प्रगति एवं सरकारी नीतियों के महत्व पर रोशनी डाली। प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण अनुपम राजन ने कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। राज्य की सशक्त अधोसंरचना के अंतर्गत 8 फूड पार्क, 2 मेगा फूड पार्क, 5 कृषि प्र-संस्करण क्लस्टर एवं एक लॉजिस्टिक पार्क निवेशकों को उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही, सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से भूमि आवंटन एवं सभी प्रकार की अनुमतियाँ शीघ्र उपलब्ध कराई जा रही हैं। मिनी योजनाओं से लेकर उन्नत फ्रोजन लॉजिस्टिक अधोसंरचना तक के अनेक कदम उठाये जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय, रोजगार एवं निर्यात में वृद्धि सुनिश्चित होगी। उद्यानिकी के समग्र विकास एवं वैश्विक स्तर पर वृद्धि करने के लिये भारत सरकार के सहयोग से विशेष फसल आधारित क्लस्टर का चयन किया गया है। जैसे निमाड़ में मिर्च, गुना-राजगढ़ में धनिया, बुंदेलखण्ड में अदरक, बघेलखण्ड में हल्दी, बुरहानपुर में केला, मटर, जबलपुर, देवास और इंदौर में आलू के क्लस्टर चयनित किये गये हैं। इसके लिये केन्द्र सरकार द्वारा 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें प्रदेश सरकार आनुपातिक राशि का निवेश करेगी। उन्होंने बताया कि छोटे उद्यमियों द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना अंतर्गत 930 करोड़ रुपये की इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। केन्द्रीय सचिव कृषि सुब्रत गुप्ता ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। हमारे घरों में फूड प्रोसेसिंग का लगातार उपयोग होता है। बदलते परिवेश में रेडी-टू-फूड और रेडी-टू-ईट फूड की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे भारत दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर सकता है। केन्द्र सरकार द्वारा फूड प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करने के लिये 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नये उद्यमी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने मध्यप्रदेश में उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण के संबंध में उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वह सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, जिनकी आवश्यकता नई फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिये होती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मसाला फसलों के उत्पादन में देश में प्रथम, फल उत्पादन में द्वितीय और दुग्ध उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। प्रदेश में 11 एग्रो क्लाइमेटिक जोन हैं। परिवहन के लिये 700 रेलवे स्टेशन, 60 फ्लाइट्स तथा 9 इनलैण्ड पोर्ट स्थित हैं। मध्यप्रदेश में कृषि विपणन के लिये कृषि उपज मण्डियों की सुदृढ़ श्रंखला … Read more

मध्य प्रदेश 2047 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में

भोपाल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था संभावित रूप से अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 2047-48 तक 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (248.6 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ा सकती है, जो मौजूदा 164.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर (13.6 लाख करोड़ रुपये) से 8.6% की सीएजीआर से बढ़ सकती है। “एन विज़निंग मध्यप्रदेश इकोनॉमी@2047” शीर्षक वाली रिपोर्ट, आर्थिक विकास के लिए एक दृष्टिकोण, प्रमुख क्षेत्रों की पहचान, नीतिगत हस्तक्षेप और निवेश के अवसरों की रूपरेखा तैयार करती है जो राज्य के परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए, सीआईआई के महानिदेशक,चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने और विकास को गति देने के लिए समर्पित एक सक्रिय राज्य सरकार के साथ, मध्य प्रदेश 2047-48 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में है। रिपोर्ट व्यापक डेटा विश्लेषण और हितधारक परामर्श पर आधारित है, जिसमें उद्योग के नेताओं, नीति निर्माताओं और अकादमिक विशेषज्ञों के इनपुट शामिल हैं। यह मध्य प्रदेश की पूर्ण आर्थिक क्षमता को उजागर करने, सतत विकास, रोजगार सृजन और बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करने के लिए एक ब्लूप्रिंट के रूप में कार्य करता है। इसके अलावा, रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि मध्य प्रदेश (एमपी) को अपने महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार को केंद्र में रखना होगा। जबकि कृषि क्षेत्र वर्तमान में मप्र की अर्थव्यवस्था में 43% योगदान देता है, दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने के लिए विनिर्माण की हिस्सेदारी 2047 तक 7.2% से बढ़कर 22.2% होनी चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए, रिपोर्ट क्षैतिज (क्रॉस-सेक्टोरल) और ऊर्ध्वाधर (सेक्टर-विशिष्ट) दृष्टिकोणों में वर्गीकृत रणनीतिक हस्तक्षेपों की रूपरेखा तैयार करती है। क्षैतिज हस्तक्षेप इस प्रकार हैं: सबसे पहले, राज्य सरकार को परिवहन बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर, अधिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करके, एयर कार्गो हब का विस्तार करके और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार करके बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाना जारी रखना चाहिए। इसके अतिरिक्त, राज्य को क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक पार्क और स्मार्ट सिटी बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को एकीकृत करने के लिए पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक पार्क बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। दूसरे, विशेष रूप से कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे रोजगार लोचदार क्षेत्रों के लिए कुशल कार्यबल की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके लिए, राज्य सरकार को और अधिक कौशल पार्क स्थापित करने चाहिए और कौशल अंतराल को दूर करने के लिए कौशल विकास में उद्योग की भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहिए। तीसरा व्यवसाय करने में आसानी में सुधार से संबंधित है जो व्यवसाय के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। निर्बाध अनुमोदन और मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम (एसडब्ल्यूएस) की दक्षता बढ़ाने से महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं। भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, निरीक्षणों को एकीकृत करना और समय पर मंजूरी प्रदान करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। चौथा एमएसएमई को बढ़ाने से संबंधित है। यह सर्वविदित है कि एमपी एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए एक संपन्न पारिस्थितिकी तंत्र का दावा करता है और जहां तक ​​छोटे पैमाने के उद्यमों की संख्या का सवाल है, दस शीर्ष राज्यों में से सातवें स्थान पर है। आगे का कार्य रियायती ऋण व्यवस्था के माध्यम से ऋण तक पहुंच में सुधार, प्रदर्शनियों और व्यापार मेलों में भाग लेकर बाजार पहुंच में सुधार के लिए समर्थन, एमएसएमई को बढ़ाने के लिए निर्यात सहायता की सुविधा, कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करना, डिजिटलीकरण और तकनीकी उन्नयन की सुविधा जैसे उपायों के माध्यम से एमएसएमई को बढ़ाना है। उपरोक्त के अलावा, चार गेम-चेंजिंग हस्तक्षेप हैं जो राज्य को वैश्विक मानचित्र पर लाएंगे। इनमें निर्यात को बढ़ावा देने, गहन तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने, हरित संक्रमण को सुविधाजनक बनाने और संस्थागत तंत्र को मजबूत करने से संबंधित उपाय शामिल हैं। बाद को आर्थिक सुधारों के व्यापक स्पेक्ट्रम को संबोधित करने के लिए एक आर्थिक सलाहकार परिषद बनाकर लागू किया जा सकता है। क्षैतिज हस्तक्षेपों के अलावा, रिपोर्ट ऊर्ध्वाधर हस्तक्षेपों को भी कवर करती है जिसमें कृषि व्यवसाय और खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्युटिकल, चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्य देखभाल, पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस, पर्यटन, आईटी और आईटीईएस, रक्षा और एयरोस्पेस, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उच्च प्रभाव और उभरते क्षेत्रों के लिए क्षेत्र विशिष्ट रणनीतियां शामिल हैं। बनर्जी के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था एक मोड़ पर है और औद्योगिक क्षमताओं को विकसित करने के लिए संरचनात्मक सुधार को आगे बढ़ाना राज्य में निवेशक आकर्षण में सुधार की कुंजी होगी। मध्यप्रदेश ने तकनीकी नवाचार, उन्नत कृषि पद्धतियों और व्यापक फसल विविधीकरण के आधार पर कृषि उत्कृष्टता के निर्माण के लिए नई कसौटी तैयार की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कृषि में देखी गई सफल रणनीतियों के आधार पर, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में पहल की आवश्यकता है जो राज्य को प्रगति की दिशा में नए रास्ते खोलने में मदद करेगी।  

भोपाल और इंदौर बनेंगे महानगर, मेट्रो का विस्तार होगा: CM मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन का सेशन शुरू हो गया है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि भोपाल-इंदौर को मेट्रोपॉलिटन शहर बनाना है। उन्होंने भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन सिटी की अवधारणा लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर को मुंबई और बाकी शहरों को इंदौर बनाना है। पहले उद्योगों को जोड़ेंगे। फिर 25 साल बाद सब जोड़ देंगे। मंगलवार को सीएम मोहन यादव GIS के दूसरे दिन के सेशन में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल खट्टर की तारीफ की। वहीं उन्होंने कहा कि अधिकारी बोल रहे थे भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट नहीं हो सकती है। मैंने कहा कि भोपाल में ही करना है। इंदौर में तो हो ही सकती है लेकिन भोपाल में भी GIS करना है। सीएम मोहन ने कहा कि इंदौर को मुंबई बनाना है, बाकी शहरों को इंदौर बनाना है। इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन शहर बनाना है। पहले उद्योगों से जोड़ेंगे, फिर 25 साल में सब जोड़ देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मानव संग्रहालय में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के दूसरे दिन यह बात कहीं. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में उन्होंने समिट के दूसरे दिन के सेशन की शुरुआत की. कार्यक्रम में प्रदेश के कई मंत्री भी मौजूद थे. इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छोटे छोटे शहरों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की कल्पना पर शुरुआती दौर में ताज्जुब किया गया था, लेकिन इससे मिलने वाले परिणामों से उद्योगपति, निवेशक, अधिकारी सभी आश्चर्यचकित हैं. क्या बोले सीएम मोहन यादव? • प्रदेश में संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत उज्जैन से हुई, जिसके बाद पूरा साल हर महीने (चुनाव की अवधि छोड़कर) किसी एक संभाग में इसका आयोजन किया गया. • इस दौरान उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, नर्मदापुरम जैसे छोटे स्थानों पर भी यह आयोजन किए गए. • शुरुआत में छोटे शहरों की कॉन्क्लेव को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया गया था. लेकिन बाद में इसके बेहतर परिणाम नजर आए. इससे निवेशकों और उद्योगपतियों का कॉन्फिडेंस बढ़ा है. • इंदौर की बजाए भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर समिट की बात पर आश्चर्य किया गया. लेकिन हमें अब इंदौर को मुंबई और दिल्ली जैसा विकसित करना है और प्रदेश के बाकी शहरों को इंदौर की तरह विकास देना है. • इंदौर को धार(पीथमपुर), देवास, उज्जैन(मक्सी, नागदा, शाजापुर) जैसे औद्योगिक शहरों के साथ जोड़कर मेट्रो पॉलिटियन नगर बनायेंगे. • करीब 8000 किलोमीटर के इस दायरे में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा. • कानूनी पेचीदगियों से हटकर यह क्षेत्र इंडस्ट्रियल बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा. • भोपाल के औद्योगिक विकास के लिए इसके साथ विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम जिलों को जोड़कर मेट्रो पॉलिटियन नगर बनाया जाएगा. • इन सभी क्षेत्रों में बिजली, पानी, रेलवे, सीवेज और स्वच्छता की व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी. • अगले 25 सालों में इस औद्योगिक कल्पना को आकार दे दिया जाएगा. • ग्लोबल इंवेस्टर समिट के बाद शहरी और नगरीय विकास की धारणा के साथ अलग अलग एक एक विषय के आधार पर कॉन्क्लेव की जाएंगी. सीएम ने की बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में दो प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन सिटी की अवधारणा लागू की जा रही है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी के तहत इंदौर, देवास, धार, पीथमपुर, उज्जैन सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों को मिलाकर एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर विकसित किया जाएगा। जहां सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा। इसी तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी में भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और सीहोर के साथ नर्मदापुरम के कुछ क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिससे यह एक सुसंगठित और विकसित शहरी क्षेत्र बन सके। ‘अनलॉकिंग लैंड वैल्यू एंड सिटीज’ विषय पर आयोजित GIS सत्र में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे। इस सत्र में इंटीग्रेटेड टाउन पॉलिसी और ईवी (EV) पॉलिसी पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्र की शुरुआत नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। उन्होंने घोषणा की कि मेट्रो के आसपास अर्बन ग्रोथ सेंटर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही इंदौर में 30% और भोपाल में 31% एफएआर (FAR) बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। दिनभर होंगी अलग-अलग बैठकें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 25 फरवरी (मंगलवार) को भी दिनभर कई बैठकें होंगी। सुबह 9:30 बजे प्रवासी मध्य प्रदेश समिट होगी। सुबह 10:30 बजे समिट हाल वन में टूरिज्म समिट, समित हाल 2 में सुबह 11:30 बजे माइनिंग समिट, दोपहर 2 बजे से एमएसएमई और स्टार्टअप समिट, दोपहर 2:00 बजे से अर्बन डेवलपमेंट समिट होगी। कनाडा, पोलैंड और मल्टीनेशनल इन्वेस्टर्स के साथ दिनभर राउंड टेबल बैठकें होंगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 11:15 बजे से 12:30 बजे तक निवेशकों के साथ 121 मीटिंग करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे से सीएम मोहन इन्वेस्टर्स के साथ सेकंड राउंड की मीटिंग करेंगे। GIS का समापन आज ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समापन होगा। जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। वे शाम 4 बजे भोपाल पहुंचेंगे। अमित शाह एमपी पवेलियन और एक्सपीरियंस जोन देखेंगे। शाम 4:30 बजे समापन सत्र के लिए मुख्य हॉल जाएंगे। जहां मुख्य सचिव अनुराग जैन समारोह में फॉरवर्ड मध्य प्रदेश का प्रेजेंटेशन देंगे। प्रमुख उद्योगपतियों के संबोधन के बाद शाम 5 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव का समापन भाषण होगा। इसके बाद शाम 6 बजे मीडिया ब्रीफिंग होगी।

धार्मिक पर्यटन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आस्था, श्रद्धा और धार्मिक पर्यटन के लिए किए गए आग्रह के परिणामस्वरूप सभी धार्मिक पर्व और उत्सव, उल्लास एवं उत्साह के साथ मनाए जा रहे हैं। महाकुंभ के क्रम में मध्यप्रदेश के चित्रकूट धाम, उज्जैन, ओरछा, दतिया जैसे धार्मिक स्थानों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनार्थ पधार रहे हैं। धार्मिक पर्यटन की इन गतिविधियों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिला है। उज्जैन में ही गत वर्ष 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पधारे। आगामी 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व आ रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावनाएं है। महाकाल लोक में श्रद्धालुओं के बढ़ रहे आवागमन को देखते हुए राज्य सरकार उनकी सुविधा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसी के अंतर्गत महाकाल लोक में आवागमन और दर्शन की सुगम व्यवस्था के लिए 6 द्वार विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से जारी अपने संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और प्रदेश की क्षमता का उपयोग देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है। प्रदेश में आस्था, श्रद्धा से जुड़े कार्यों का भी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे हमें हमारी विरासत पर गर्व करने का अवसर मिले, राज्य सरकार द्वारा प्रदेशवासियों को विकास गतिविधियों की सौगात निरंतर जारी रहेगी।  

इंदौर : प्राधिकरण समिट में निवेशकों के लिए आकर्षक प्रस्ताव पेश करेगा, सुपर कॉरिडोर पर 28 प्लॉट चिन्हित

इंदौर इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा भोपाल में आयोजित की जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में निवेशकों के लिए 28 प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन पर कुल 11,000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे। इन प्लॉट की सूची को प्राधिकरण ने अंतिम रूप दे दिया है और इसके लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। राज्य सरकार द्वारा आयोजित इस समिट में इंदौर निवेशकों की पहली पसंद रहता है, क्योंकि यहां व्यापारिक संभावनाएं अधिक हैं। इसे ध्यान में रखते हुए एमपीआईडीसी और राज्य सरकार ने रणनीति तैयार की है, और इस बार इंदौर विकास प्राधिकरण को भी इस समिट में विशेष भागीदारी करने के निर्देश दिए गए हैं। सुपर कॉरिडोर पर 28 प्लॉट चिन्हित किए गए हैं प्राधिकरण इस समिट में निवेशकों के लिए आकर्षक प्रस्ताव पेश करेगा। इसके तहत मध्य प्रदेश के पहले अनूठे स्टार्टअप पार्क के लिए भी निवेशकों की रुचि बढ़ाने वाले प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इसके अलावा, सुपर कॉरिडोर पर 28 प्लॉट चिन्हित किए गए हैं, जो विभिन्न व्यावसायिक और आवासीय परियोजनाओं के लिए उपलब्ध होंगे। इन सभी प्लॉट का कुल क्षेत्रफल 49 हेक्टेयर है और इनकी न्यूनतम कीमत भी निर्धारित कर दी गई है। यदि कोई निवेशक इन प्लॉटों में निवेश करना चाहता है, तो उसके माध्यम से 11,000 करोड़ रुपये का निवेश इंदौर में आ सकता है, जिससे शहर में बड़े पैमाने पर विकास होगा। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राम प्रकाश अहिरवार ने कल संपदा शाखा और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस सूची को अंतिम रूप दिया। इसके साथ ही नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला को भी इस योजना की पूरी जानकारी दी गई है। यह भी उल्लेखनीय है कि संजय शुक्ला की विशेष रुचि और प्रयासों के कारण इस बार प्राधिकरण इन्वेस्टर समिट के लिए इतनी व्यापक तैयारी कर रहा है।  

सीईओ विजय आनंद ने प्रदेश में डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा सेक्टर में 9100 करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव दिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से “टेक डेटा लिमिटेड कंपनी” के सीईओ विजय आनंद ने भेंट की। उन्होंने प्रदेश में डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा और ट्रांसमिशन सेक्टर में निवेश की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत कर 9100 करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रदेश में उन्नत बुनियादी ढांचे और तकनीकी विस्तार पर चर्चा हुई। टेक डेटा लिमिटेड ने इंदौर में 4 हजार करोड़ रूपये की लागत से डेटा सेंटर स्थापित करने, बीना (सागर) में 3 हजार करोड़ रूपये की लागत से ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट विकसित करने, उज्जैन में 600 करोड़ रूपये के निवेश से सोलर पॉवर यूनिट स्थापित करने और उज्जैन में ही बिजली ट्रांसमिशन एवं वितरण अवसंरचना के लिए 1500 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये। बैठक में जिला उद्योग केंद्र भोपाल के जीएम कैलाश मानेकर भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए देश के सबसे अनुकूल स्थलों में से एक बन चुका है। मजबूत बुनियादी ढांचे, सुलभ नीतियों और अनुकूल औद्योगिक वातावरण होने से वैश्विक कंपनियाँ प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं। टेक डेटा लिमिटेड के सीईओ आनंद ने कहा कि यह निवेश प्रदेश में डिजिटल और हरित ऊर्जा क्रांति को गति देगा, जिससे अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास होगा और हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार से नीति समर्थन, भूमि आवंटन और अन्य आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया। टेक डेटा लिमिटेड का यह निवेश मध्यप्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे न केवल तकनीकी और ऊर्जा क्षेत्रों में प्रदेश अग्रणी राज्य बनेगा बल्कि स्थानीय युवाओं और स्टार्ट-अप्स को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।  

मुख्यमंत्री ने किया यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव-2025 का वर्चुअल शुभारंभ उज्जैन में आरंभ हुआ तीन दिवसीय कॉन्क्लेव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी “वैश्विक चुनौतियों का समाधान युद्ध में नहीं बुद्ध में’’ मानते हैं। सनातन संस्कृति में कई सभ्यताओं के आविर्भाव से पहले ही वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही गई थी। प्रधानमंत्री मोदी इसी भाव से विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। भारतीय संस्कृति प्रत्येक जीव में ईश्वर का वास और विश्व के कल्याण में विश्वास रखती है। वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जहाँ युद्ध, आतंकवाद और संघर्ष ने पूरी दुनिया को तनावग्रस्त किया है, ऐसे में यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव जैसे आयोजन शांति, समरसता और मानवता की आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए समाधान प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालिदास अकादमी उज्जैन में आरंभ यूनाइटेड कॉन्शसनेस ग्लोबल कॉन्क्लेव-2025 के तीन दिवसीय जीवन प्रबंधन कार्यशाला का मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉन्क्लेव के प्रमुख आकर्षणों में महाकालेश्वर जलाभिषेक, पृथ्वी तत्व का आव्हान, पंचमहाभूत आव्हान और विशेष सांस्कृतिक संध्या जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन अनुष्ठानों से सम्पूर्ण विश्व के बीच एकता और समरसता को प्रकट करने के प्रयास होंगे। कुल 22 देशों के प्रतिनिधि अपने-अपने देशों की नदियों के जल से बाबा महाकाल का अभिषेक करेंगे। यह कॉन्क्लेव भारत की प्राचीन संस्कृति, योग और आध्यात्मिकता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है। यह भारत की पॉवर को और अधिक सशक्त करेगा तथा विश्व, भारत की आध्यात्मिक शक्ति से लाभान्वित हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव के सहभागियों से वैश्विक शांति की स्थापना और विश्व में प्रेम, सौहार्द्र तथा सकारात्मकता के प्रसार में हरसंभव योगदान देने संकल्प लेने का आव्हान किया। उज्जैन में आरंभ हुए इस कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन, कॉन्क्लेव के समन्वयक विक्रांत सिंह तोमर सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कॉन्क्लेव में 22 देशों के विद्वान, संत, आध्यात्मिक शिक्षक और लाइफ कोच विचारक वैश्विक शांति और समरसता के लिए अपने विचार साझा करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई जिला खनिज प्रतिष्ठान की बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य जिले, खनिज संपदा से सम्पन्न हैं। जिला खनिज प्रतिष्ठान के अंतर्गत विकास की गतिविधियों का संचालन इन जिलों में प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। जिलों की आवश्यकता और परिस्थितियों को देखते हुए अधोसंरचना विकास का निर्धारण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपदा व आकस्मिकता की स्थितियों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में एक हेलीकॉप्टर पट्टी विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जिन जिलों में स्टेडियम नहीं है, वहां खेल अधोसंरचना के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में जिला खनिज प्रतिष्ठान के संबंध में बैठक समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला खनिज प्रतिष्ठान में स्वास्थ्य की देखभाल, पेयजल, शिक्षा, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जिलों के लिए सुनिश्चित विकास मॉडल बनाकर बेहतर पंचायत भवन, शिक्षण संस्थाओं के प्रांगण, मूलभूत सुविधाओं से युक्त अस्पताल परिसर विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए। सभी विधानसभा क्षेत्रों के कॉन्सेप्ट प्लान तैयार करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कार्यों के निर्धारण में विधायकगण की भागीदारी को भी बढ़ाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जिला खनिज प्रतिष्ठान में उपलब्ध संसाधनों से सभी जिलों का संतुलित विकास हो। प्रमुख सचिव खनिज उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास से मुख्यमंत्री योगी ने भोजताल की सांध्यकालीन अनुपम छटा को तन्मयता से निहारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से  समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री योगी का पुष्प-गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने उ.प्र. के मख्यमंत्री का अंगवस्त्रम ओढ़ाकर व राजाभोज की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निवास कार्यालय कक्ष से उ. प्र. मुख्यमंत्री योगी ने भोपाल की बड़ी झील (भोजताल) की सांध्यकालीन अनुपम छटा को तन्मयता से निहारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल की पहचान बड़ी झील सदियों पुरानी है। यहां के तत्कालीन शासकों ने उच्च तकनीक का इस्तेमाल कर इसे जल संग्रहण के लिए निर्मित कराया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने भोपाल के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने मध्यप्रदेश में होने वाले सिंहस्थ की चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें अवगत कराया कि वर्ष 2028 में उज्जैन शहर में सिंहस्थ का भव्य आयोजन होगा। सिहंस्थ आयोजन के प्रबंधों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए वर्तमान में प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के लिए हमने मध्यप्रदेश से अधिकारियों का दल भी प्रयागराज भेजा है। इस अवसर पर उत्तरप्रदेश सरकार में जल शक्ति तथा बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, म.प्र. के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विधायक रामेश्वर शर्मा एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

उप राष्ट्रपति धनखड़ को राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी विदाई

भोपाल उप राष्ट्रपति जगदीप धनकड़ को राज्यपाल मंगुभाई पटेल औरमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार की रात्रि पुराने एयरपोर्ट पर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को प्रतीक चिन्ह भेंटकर दिल्ली के लिए विदाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप राष्ट्रपति के भोपाल आगमन पर आभार माना। इस मौके पर हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।  

औद्योगिक परिदृश्य बेहतर बनाने सीएम सुझाव लेंगे, इंदौर में 18 फरवरी को बैठक करेंगे। सीएम उनके साथ डिनर भी करेंगे

भोपाल राजधानी में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले सीएम डॉ. मोहन यादव भोपाल और इंदौर में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। आज शुक्रवार को भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शाम 7 बजे से चर्चा होगी। सीएम उद्योगपतियों को उद्योग नीतियों में किए संशोधन बताएंगे। औद्योगिक परिदृश्य बेहतर बनाने के सुझाव भी लेंगे। इंदौर में 18 फरवरी को बैठक करेंगे। सीएम उनके साथ डिनर भी करेंगे।  संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के बड़े शहरों में इंटरेक्टिव सेशन किए गए हैं। सीएम ने ब्रिटेन, जर्मनी और जापान में भी रोड शो कर मप्र में निवेश की संभावनाएं और नीतियां बताई हैं। अब स्थानीय उद्योगपतियों सीएम सीधा संवाद करेंगे। मंडीदीप में भी 17 फरवरी को कार्यक्रम होगा। बैठकों के जरिए स्थानीय उद्योगपतियों को भी जीआइएस में आमंत्रण और सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उद्योगों के विस्तार पर भी बात बैठक में उद्योग विभाग और एमपीआइडीसी के अधिकारी आइटी, फूड प्रोसेसिंग, माइनिंग, पर्यटन आदि क्षेत्रों में सरकार से दी जा रही सुविधाएं, इंसेंटिव और नई नीतियों को बताएंगे। फिनलैंड की संस्था संवारेगी अपना पर्यटन भोपाल. फिनलैंड की संस्था वी रियल प्रदेश के पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों पर वर्चुअल टूर बनाएगी। मप्र टूरिज्म बोर्ड और वी रियल के बीच इसका करार हुआ है। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव फिनलैंड के राजदूत किद्ब्रमो लाहदेविर्ता मौजूद रहे। ये वर्चुअल टूर जीवंत अनुभूति देंगे। इन टूर के जरिए पर्यटन, इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले मप्र के इतिहास और संस्कृति से परिचित हो सकेंगे।

ग्वालियर के मुरैना मार्ग नगर द्वार का नाम दाता बंदी छोड़ द्वार होगा: मुख्यमंत्री मोहन यादव

 ग्वालियर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पवित्र सिख धर्म के छठवें गुरु हरगोविंद सिंह के नाम पर दाता बंदी छोड़ द्वार मुरैना के रास्ते पर रखने की हम घोषणा कर रहे हैं। ग्वालियर शहर ग्वालियर चंबल संभाग में सिख समुदाय का बड़ा प्राचीन गौरवशाली इतिहास रहा है। बड़ी संख्या में सिख परिवार इस क्षेत्र में निवास भी करते हैं। सिखों के छठवें गुरु परम पूज्य हरगोविंद सिंह महाराज साहब को ग्वालियर के किले में मुगल बादशाह जहांगीर ने कई वर्षों तक बंदी बनाए रखा था। गुरु गोविंद सिंह के साथ 52 अन्य हिंदू राजा भी उनकी कैद में थे। डॉ यादव ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि आज गर्व के साथ हम ग्वालियर के पुरानी छावनी क्षेत्र में बनने वाले नगर द्वार का नाम सिख धर्म के छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद सिंह जी के सम्मान में ‘दाता बंदी छोड़ द्वार’ रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर शहर और चंबल संभाग सिख समुदाय के अद्वितीय इतिहास और समृद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध हैं। गुरु हरगोबिंद सिंह जी का साहस और बलिदान हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। जब मुग़ल बादशाह ने गुरु हरगोविंद सिंह को रिहा करने का निर्णय लिया तो उन्होंने अपनी अकेली रिहाई से मना कर दिया था और 52 हिंदू राजाओं के साथ निकल के आने की इच्छा व्यक्त की थी। मुगल बादशाह ने मजबूर होकर 52 हिंदू राजाओं को भी हमारे छठवें सिख गुरु हरगोविंद सिंह जी महाराज साहब के साथ में रिहा किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मैं आज इस अवसर पर ग्वालियर के पुरानी छावनी क्षेत्र में बनने वाले नगर द्वार का नाम दाता बंदी छोड़ द्वार रखने की घोषणा करता हूं। सिख लोग पहले दीवाली नहीं मनाते थे, लेकिन ग्वालियर में एक ऐसा घटनाक़म घटा कि उसके बाद से उन्होंने दो दिन दिवाली मनाना शुरू कर दिया. इन दिनों उनके धार्मिक स्थल भी रोशनी से जगमगाते है. इसकी कहानी भी बड़ी रोमांचक और अविस्मरणीय है. क्या है कहानी? ग्वालियर के विश्व प्रसिद्ध दुर्ग के ही एक बड़े हिस्से व ऊंचाई पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा मौजूद है, जिसका नाम ‘दाता बंदी छोड़’ है. यह गुरुद्वारा सिख संगत में बड़े तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है. दुनिया भर से सिख सपरिवार हर साल यहां मत्था टेकने पहुंचते हैं. मान्यता है और इतिहास में उल्लेख भी कि मुगल काल के दौरान लोगों में सिख धर्म के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मुगल शासक जहांगीर ने सिखों के छठे गुरु हरगोविंद साहिब को बंदी बना लिया था. गुरु हरगोविंद साहिब ने मुस्लिम शासकों की धार्मिक शर्तें मानने से इनकार कर दिया था. जहांगीर ने गुरु महाराज को बंदी बनाकर ग्वालियर के किले में कैद कर दिया था. मुगल उस समय इस किले को अपने राजनीतिक बंदियों की कैद के लिए उपयोग करते थे. इस किले में साहिब के आने से पहले से ही 52 हिंदू राजा कैद थे. गुरु हरगोविंद जी जब जेल में पहुंचे तो सभी राजाओं ने उनका स्वागत किया. जहांगीर ने गुरु हरगोविंद को 2 साल 3 महीने तक जेल से बाहर नहीं आने दिया. इस घटना के बाद रिहा हुए सिख गुरू उसी दौरान अचानक एक घटना घटी. जहांगीर की तबीयत खराब होने लगी. हकीम से लेकर वैद्य तक सब उपचार में जुटे थे, लेकिन उनकी तबियत बिगड़ती ही जा रही थी. तभी एक शाही पीर ने जहांगीर को बताया कि ग्वालियर किले पर नजरबंद गुरु हरगोविंद साहिब को मुक्त कर दो, तभी आप ठीक हो सकते हैं. जान जाने से भयभीत जहांगीर ने उनकी बात मान ली. इसके बाद गुरू हरगोविंद साहिब को रिहा करने के लिए जहांगीर तैयार हुआ. आखिरकार इसके बाद गुरु हरगोविंद साहिब की शर्त को स्वीकार करते हुए जहांगीर ने भी एक शर्त रखी. जहांगीर ने कहा कि कैद में गुरु जी के साथ सिर्फ वही राजा बाहर जा सकेंगे, जो गुरुजी का कोई कपड़ा पकड़े होंगे. इसके बाद गुरु हरगोविंद साहिब ने जहांगीर की शर्त को स्वीकार कर लिया. चालाकी पर भारी पड़ा चमत्कार जहांगीर की चालाकी को देखते हुए गुरु हरगोविंद साहिब ने एक 52 कलियों का चोंगा (कुर्ता) सिलवाया. इस तरह एक एक कली को पकड़ते हुए सभी 52 हिंदू राजा जहांगीर की कैद से आजाद हो गए. 52 हिंदू राजाओं को ग्वालियर के इसी किले से एक साथ छोड़ा गया था. इसलिए यहां बने इस स्थान का नाम दाताबन्दी छोड़ रखा गया था लेकिन कालांतर में यहां बने गुरुद्वारे का नाम ‘दाता बंदी छोड़’ के नाम से ही प्रसिद्ध हो गया. चूंकि यह रिहाई दीपावली के मौके पर हुई थी, इसलिए सिखों ने उनकी अगवानी के लिए घर घर दिए जलाए और तभी से सिख समाज भी अमावस्या और उसके एक दिन बाद तक घरों में दीपक जलाकर दीवाली मनाने लगा. ग्वालियर स्थित दाताबन्दी छोड़ गुरुद्वारे में भी दीपोत्सव होता है. यहां लाखों की तादात में सिख धर्म के अनुयाई अरदास करने आते हैं. यह पूरे विश्व में सिख समाज का छठवां सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है.    

सीएम मोहन यादव का दिल्ली में हुआ एक और घर, नए बंगले में जल्द करेंगे गृह प्रवेश

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राजधानी दिल्ली के लुटियंस में एक घर होगा। सीएम को 14 अशोक रोड पर एक कोठी अलॉट हो गई है। इस बंगले में वर्षों से पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी रह रही थीं। हाल ही उन्होंने यह घर खाली किया था। अब यह कोठी मध्यप्रदेश के सीएम के नाम अलॉट हो गई है। बीते दिनों मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने इसका निरीक्षण भी किया है। इस दौरान उनके साथ मध्यप्रदेश के अधिकारियों की टीम भी मौजूद थी। सूत्रों का कहना है कि, सीएम ने दिल्ली में यह आवास इसलिए लिया है कि उनके प्रवास से जुड़ी गोपनीयता बनी रहे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने घर को अपनी जरूरत के हिसाब से तैयार करने के निर्देश भी दिए। हालांकि, इस बंगले को पूरा तैयार होने में करीब तीन से चार माह लगेंगे। इसके बाद सीएम शुभ मुहूर्त देखकर दिल्ली के नए घर में प्रवेश करेंगे। अभी सीएम अपने दिल्ली प्रवास के दौरान चाणक्यपुरी स्थित न्यू मध्यप्रदेश भवन में ठहरते हैं। हालांकि, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी दिल्ली में बंगला अलॉट नहीं करवाया था। वे मध्यप्रदेश भवन में ही आकर ठहरते थे और यहीं अधिकारियों की बैठक लेते थे। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान को सफदरजंग रोड पर बंगला अलॉट हुआ है। जबकि, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए कभी भी मध्यप्रदेश भवन का उपयोग ठहरने के लिए नहीं किया था। वे दिल्ली प्रवास के दौरान राजदूत मार्ग स्थित अपने घर पर ठहरते थे। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए दिल्ली में लोधी स्टेट में सरकारी आवास अलॉट करवाया था। सूत्रों का कहना है कि, कुछ महीनों पहले मध्यप्रदेश के सीएम दिल्ली प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा से मिलने तीन मूर्ति मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान सीएम यादव ने असम के सीएम से बंगला अलॉट होने की प्रक्रिया की जानकारी ली थी। इसके बाद सीएम के कार्यालय ने दिल्ली में मध्यप्रदेश के सीएम को बंगला अलॉट करने के संदर्भ में फाइल चलाई थी। सूत्रों का कहना है कि, अलॉट हुए 14 अशोक रोड के बंगले में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के 27 कुत्ते उनकी देखभाल करने वाले के साथ हैं। वहीं, बंगले में मरम्मत ओर रंगरोगन सहित कई काम होने हैं। इसलिए इसे तैयार होने में थोड़ा समय लग सकता है। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने ऑफिस कार्य के साथ रात्रि विश्राम भी कर सकें, ऐसी कुछ व्यवस्था भी बंगले में की जा रही हैं। इसके अलावा उनका परिवार भी रह सके इसके लिए भी तमाम सुविधाएं बंगले में जुटाई जा रही हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जेड प्लस की सुरक्षा प्राप्त है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टिकोण से यह बंगला उपयुक्त है। इस कोठी के आसपास ही सभी मंत्रालय और संसद भवन मौजूद हैं। एयरपोर्ट भी इस घर से 13 किमी की दूरी पर है। जबकि न्यू मध्यप्रदेश भवन भी 6 किमी दूर है।   दिल्ली के अलावा भोपाल-उज्जैन में भी है सीएम आवास मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का राजधानी भोपाल के अलावा उज्जैन में भी सीएम हाउस तैयार किया गया है। उज्जैन में कोठी रोड स्थित विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति के बंगले को भी सीएम हाउस बनाया गया है। सीएम यहां से प्रशासनिक कार्यों को निपटा सके इसलिए इसे तैयार किया गया है। इसके अलावा उज्जैन के अब्दालपुर और फ्री गंज क्षेत्र में भी सीएम का घर है।  

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए भारत मां के वीर सपूतों को कोटिश नमन एवं श्रद्धांजलि : CM यादव

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। डॉ यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मां भारती के गौरव और सम्मान की रक्षा करने वाले देश के जवानों ने अपनी वीरता और साहस से सदैव इस माटी को गौरवान्वित किया है। मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित अपने वीर जवानों के बलिदान का यह राष्ट्र अनंतकाल तक ऋणी रहेगा।     देश के लिए बलिदान होने वाले;     कभी मरते नहीं, अमर हो जाते हैं!     पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।     मां भारती के गौरव और सम्मान की रक्षा करने वाले देश के जवानों ने अपनी वीरता और साहस से सदैव इस माटी को गौरवान्वित किया है। मातृभूमि की… pic.twitter.com/C3eU1M30K0 — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 14, 2025 बता दें कि 14 फरवरी का दिन इतिहास में जम्मू कश्मीर की एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। घटना भले छह साल पुरानी है, लेकिन उसके जख्म आज तक हरे हैं, जब आतंकवादियों ने इस दिन को देश के सुरक्षाकर्मियों पर कायराना हमले के लिए चुना। राज्य के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिससे कम से कम 39 जवान शहीद हो गये और कई गंभीर रूप से घायल हुए। यह दिन इतिहास में एक और वजह से भी दर्ज है।

मुख्यमंत्री ने 15 कला मनीषियों को प्रदान किए राज्य शिखर सम्मान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कलाएं स्वयं बोलती हैं। यह हमारे व्यवहार और भावनाओं से भी व्यक्त होती है। मध्यप्रदेश कला की धरती है। यहाँ से कई विश्व मान्य कला मनीषी हुए हैं। कलाओं और कलासाधकों से ही हमारी संस्कृति पोषित है, पल्लवित है। मध्यप्रदेश को विश्व में कला गौरव स्थल की पहचान दिलाने में भारत भवन की प्रमुख भूमिका है। हम सब भारत भवन के एक गौरवशाली अतीत के गवाह हैं। आज भारत भवन की 43वीं वर्षगांठ मनाते हुए हम बेहद गौरवान्वित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को भारत भवन के मुक्ताकाश मंच से राज्य शिखर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को एक नई पहचान देते हुए वर्ष 2022 एवं 2023 के राज्य शिखर सम्मान प्रदान किए। इस अवसर पर 15 कला मनीषियों को उनके अतिविशिष्ट योगदान के लिए शॉल, श्रीफल, सम्मान पट्टिका एवं दो लाख रूपए की सम्मान राशि देकर अलंकृत किया गया। समारोह में संगीत, नृत्य, नाटक, जनजातीय एवं लोक कला, साहित्य तथा रंगकर्म के क्षेत्र में योगदान देने वाले कलाकारों, साहित्यकारों एवं रंगकर्मियों को शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शिखर सम्मान से सम्मानित सभी कला विभूतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। कलाकार हमारे समाज की आत्मा हैं और उनका सम्मान हमारी प्राथमिकता है। कला के सम्मान से हम स्वयं सम्मानित होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत भवन के 43वें स्थापना दिवस को खास बनाते हुए यहां रंगमण्डल को पुनः प्रारंभ करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रंगमण्डल की वापसी सिर्फ रंगमंच ही नहीं, बल्कि पूरे कला जगत के लिए एक नया आनंद लेकर आयेगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का सभी रंगमंच प्रेमियों और कलाकारों ने पुलकित होकर स्वागत किया क्योंकि रंगमण्डल की वापसी इनके लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। भारत भवन का रंगमण्डल वर्षों से प्रदेश के रंगकर्मियों और नाटक प्रेमियों के लिए एक प्रमुख मंच था, अब फिर से जीवंत होने जा रहा है। इसकी वापसी से युवा रंगकर्मियों को नए अवसर मिलेंगे और थिएटर को भी एक नई ऊर्जा मिलेगी। रंगमण्डल की पुनर्स्थापना से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और भी समृद्ध होगी। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि भारत भवन हमारी कला आस्था का केन्द्र रहा है। इस भवन के जरिए कला और संस्कृति के पुनर्जागरण के साथ मध्यप्रदेश न केवल अपनी जड़ों को संजो रहा है, बल्कि भावी नई कला पीढ़ी को भी सशक्त बना रहा है। उन्होंने सभी सम्मानित विभूतियों का अभिनंदन किया। भारत भवन के न्यासी अध्यक्ष वामन केंद्रे ने कहा कि भारत भवन सभी कला विधाओं का संगम है। सदियों से विभिन्न कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन यहां से होता रहा है। भोपाल को देश के प्रमुख सांस्कृतिक केन्द्र का दर्जा दिलाने में भारत भवन की भूमिका निरापद रूप से सराहनीय रही है। प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन और भारत भवन के न्यासी सचिव शिवशेखर शुक्ला ने भारत भवन की 43 साल से चल रही कला साधना यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि दिलों में कला और इसके प्रति प्रेम का संचार करने वाले कला विभूतियों का सम्मान कर हम स्वयं गौरवान्वित हैं। भारत भवन समेकित रूप से कलाओं का उत्कृष्ट केन्द्र है। कलाओं के संवर्धन और कलाकारों के प्रोत्साहन के क्षेत्र में यह देश का एक अनूठा और अनुपम कला केन्द्र है। संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव ने राज्य शिखर सम्मान से सम्मानित होने वाले सभी कला मनीषियों के प्रशस्ति वाचन किये। इस मौके पर भारत भवन के सभी न्यासी सहित बड़ी संख्या में कलाप्रेमी, रंगकर्मी और प्रबुद्धजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने भारत भवन परिसर में आयोजित कला प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। 9 विधाओं में 15 कला मनीषियों को मिला राज्‍य शिखर सम्‍मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न कला क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 15 कला मनीषियों को वर्ष 2022 एवं 2023 के राज्य शिखर सम्मान प्रदान किये। समारोह में डॉ. उर्मिला शिरीष (भोपाल) को हिन्‍दी साहित्‍य के लिए वर्ष 2022 का शिखर सम्मान दिया गया। महमूद अहमद सहर (उज्‍जैन) को उर्दू साहित्‍य के लिए वर्ष 2023 का शिखर सम्मान दिया गया। डॉ. मिथिला प्रसाद त्रिपाठी (इंदौर) को संस्‍कृत साहित्‍य के लिए वर्ष 2022 का और डॉ. गोविंद दत्‍तात्रेय गंधे (उज्‍जैन) को संस्कृत साहित्य के लिए ही वर्ष 2023 का शिखर सम्मान दिया गया। इसी क्रम में विदुषी कल्‍पना झोकरकर (इंदौर) को शास्‍त्रीय संगीत के लिए वर्ष 2022 का और विदुषी शाश्‍वती मण्‍डल (दिल्‍ली) को शास्त्रीय संगीत के लिए ही वर्ष 2023 का शिखर सम्मान दिया गया। सुमोहिनी मोघे पूछवाले (जबलपुर) को शास्‍त्रीय नृत्य के लिए वर्ष 2022 का और विदुषी भारती होम्‍बल (भोपाल) को शास्‍त्रीय नृत्य के लिए ही वर्ष 2023 के शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया। रूपंकर कलाएं श्रेणी में ईश्‍वरी रावल (इंदौर) को वर्ष 2022 का और इसी श्रेणी में हरि भटनागर (जबलपुर) को वर्ष 2023 का शिखर सम्मान दिया गया। श्रीराम जोग (इंदौर) को नाट्य कला के लिए वर्ष 2022 का और इसी कला संवर्ग में सतीश दवे (उज्‍जैन) को वर्ष 2023 का शिखर सम्मान दिया गया। जनजातीय एवं लोक कलाएं श्रेणी में रामसिंह उर्वेती (पाटनगढ़) को वर्ष 2022 का एवं इसी श्रेणी में कैलाश सिसोदिया (धार) को वर्ष 2023 के राज्‍य शिखर सम्‍मान से अलंकृत किया गया। दुर्लभ वाद्य वादन श्रेणी में पंडित सुनील पावगी (ग्‍वालियर) को वर्ष 2023 के शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया।  

नए वित्त वर्ष के लिए योजना प्रस्तावों पर दिये समुचित निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के दिए निर्देश

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में गुरूवार की सुबह शिवाय गुप्ता नामक बालक का अपहरण हो गया था। वह अपनी माता के साथ स्कूल जा रहा था। उन्होंने कहा‍कि अपहृत बालक सकुशल मिल गया है और उसकी माता-पिता से बात भी करा दी गई है। बच्चे को जल्द से जल्द माता-पिता के पास ले जाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज सुबह घटना होते ही ग्वालियर पुलिस ने बेहद तत्परतापूर्वक कार्रवाई की। सर्चिंग अभियान चलाया और पुलिस की मुस्तैदी से बच्चा मिल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर पुलिस की तत्परता की सराहना की और ऐसी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कानून व्यवस्था के लिए जानी जाती है। मध्यप्रदेश की धरती पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।  

राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी

भोपाल  राज्य सरकार मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों के गाड़ियों के शौक पर नकेल कसने जा रही है. प्रदेश में कई अधिकारियों की सेवा में एक से ज्यादा गाड़ियां लगी हुई हैं. वहीं कई अधिकारियों द्वारा नियमों से बाहर जाकर लग्जरी गाड़ियांं में सफर किया जा रहा है. इसको लेकर मिली शिकायतों के बाद अब राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. तय किया गया है कि सरकारी अधिकारी अब एक से ज्यादा गाड़ी उपयोग नहीं कर सकेंगे. साथ ही राज्य शासन अधिकारियों की गाड़ियों का रिकॉर्ड भी बुला रही है. मनमर्जी को लेकर बुलाई प्रदेश भर से रिपोर्ट प्रदेश में सरकारी अधिकारियों के लिए गाड़ियों की पात्रता के संबंध में पहले से नियम तय हैं. नियम है कि 7600 ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी साढ़े 6 लाख रुपए कीमत तक के टैक्सी कोटे के वाहन उपयोग कर सकते हैं. इसी तरह 8700 ग्रेड पे के अधिकारी 8 लाख रुपए कीमत तक के वाहन और 9 हजार या उससे ज्यादा ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी 10 लाख रुपए कीमत तक के वाहन टैक्सी कोटे में ले सकते हैं. लेकिन इन नियमों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है. सरकारी अधिकारी एक ही गाड़ी रख सकेंगे राज्य सरकार को इसको लेकर कई शिकायतें मिल चुकी हैं. जिसमें कहा गया है कि अधिकारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर लग्जरी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है. उधर राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वाहनों में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. निर्माण एजेंसियों को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें सबसे ज्यादा शिकायतें निर्माण एजेंसियों पीडब्ल्यूडी, नगरीय निकाय, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास को लेकर मिली हैं. इसको देखते हुए संभाग स्तर तक से गाड़ियों के उपयोग और उनको हुए भुगतान की जानकारी मंगवाई है. जल संसाधन विभाग ने गाड़ियों के उपयोग को लेकर गाइडलाइन जारी की है. जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा के मुताबिक, ”विभाग के सभी अधिकारियों को गाड़ियों को लेकर नई निर्देश दिए गए हैं. अब प्रावधान किया गया है कि टैक्सी कोटे की गाड़ियों का मालिक प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का रिश्तेदार नहीं होना चाहिए. यदि ऐसा पाया गया तो भुगतान होने वाली राशि से दोगुनी राशि वसूल की जाएगी. साथ ही किराए की गाड़ी सरकारी ड्राइवर द्वारा नहीं चलाई जाएगी.”

लोक निर्माण विभाग अगले पंद्रह दिन में 200 करोड़ रुपए के काम करेगा, वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे

भोपाल शहर में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट और वित्तवर्ष की अंतिम तिमाही ने लोक निर्माण विभाग के बजट को खर्च करने की रफ्तार बढ़ा दी है। अगले पंद्रह दिन में विभाग 200 करोड़ रुपए के काम देगा। इनके वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे हैं।  शहर की सड़कों के चौड़ीकरण और चौराहा विकास के लिए ये राशि खर्च की जाएगी। गौरतलब है कि करीब 65 करोड़ रुपए जीआइएस के नाम पर पहले ही सड़कें पर पीडब्ल्यूडी खर्च कर रहा है। 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर चल रहा काम पीडब्ल्यूडी की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में इस समय 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर काम चल रहा है। इनमें से 32 सड़कों को निर्माण के दौरान ही चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा। 17 सड़कों ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी है, जबकि 15 सड़कों शहरी क्षेत्र की है। मौजूदा रॉयल मार्केट से करोद फाटक तक बन रही सड़क में भी एक अतिरिक्त लेन इस बजट से जोड़ी जाएंगी। 22 चौराहे होंगे विकसित विभाग बावड़िया से लेकर गुलमोहर, शाहपुरा, अरेरा कॉलोनी, करोद, बैरागढ़, नीलबड़- रातीबढ़- कलखेड़ा तक नए चौराहा विकसित करेगा। यहां बीते डेढ़ साल के दौरान बनी सड़कों के चौराहे बनाने बाकी हैं। अभी कोलार सिक्सलेन के चौराहा पर ही काम बाकी है। ऐसे में इन्हें विकसित करने व सौंदर्यीकरण पर बजट खर्च होगा। – निवेशकों के स्वागत पर 125 करोड़ खर्च होंगे ठ्ठ नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के पास 12 करोड़ का है बजट – तीन की करोड़ की लागत से दीवारों पर बनेंगे रंग-बिरंगे चित्र – लाइटिंग पर करीब पौने 4 करोड़ रुपए होंगे खर्च – 92 लाख की लागत से लैंप पोस्ट और पार्कों में लाइटिंग – पूरे भोपाल शहर में 1400 कमरे पहले ही हो गए बुक – मेहमानों के लिए इंदौर से बुलाए गए खास खानसामे – भोपाल पुलिस के सभी जवानों की छुट्टियां हुई रह – भोपाल के चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे करीब 3 हजार जवान सीएम के सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा भोपाल. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) के आयोजन से संबंधित तैयारियों का मुख्यमंत्री के सचिव सिबि चक्रवर्ती, संभाग आयुक्त संजीव ङ्क्षसह, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम ङ्क्षसह और निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं शहर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेट हेंगर से लेकर राजा भोज विमानतल तक के मार्गों, सेंट्रल वर्ज, साइड वर्ज, फुटपाथ, पार्क और फाउंटेन आदि के सौंदर्यीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इस मौके पर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को तैयारियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। बजट के अनुसार काम पूरे कर रहे जीआइएस के तहत हम विभाग की सड़कों का सुधार कर रहे हैं। अभी कुछ काम दिए जा रहे हैं। हम तय बजट के अनुसार काम पूरा कर रहे हैं। -संजय मस्के, सीई पीडब्ल्यूडी भोपाल केपिटल जोन

सीएम मोहन यादव 17 फरवरी को नौरोजाबाद के दौरे पर रहेंगे, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे

नौरोजाबाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 फरवरी को नौरोजाबाद के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री बस स्टैंड पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे, जो नगर के नागरिकों के लिए गौरव का विषय होगा। इसके बाद रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करेंगे और विकास कार्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। विकास कार्यों को मिलेगी गति मुख्यमंत्री के आगमन से नौरोजाबाद में विकास की नई धारा बहेगी। उनके इस दौरे में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण किया जाएगा, जिससे नगर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। सीएम यादव के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि आयोजन को सफल और ऐतिहासिक बनाया जा सके। दौरे को लेकर तैयारियां जारी मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। नागरिकों को उम्मीद है कि इस दौरे से नौरोजाबाद को कई विकास योजनाओं का लाभ मिलेगा और नगर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। इसी संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि 17 फरवरी को मुख्यमंत्री यादव आएंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं। सीएम यादव नौरोजाबाद में कई विकास कार्यों का भूमि पूजन करेंगे।  

एमपी टूरिज्म बोर्ड और वी रियल संस्था के बीच हुआ एमओयू,विदेशी पर्यटकों की संख्या में होगी वृद्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में गुरूवार को एमपी टूरिज्म बोर्ड और फिनलैंड की संस्था वी रियल के बीच प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और संग्रहालयों पर आधुनिक तकनीक का उपयोग कर वर्चुअल टूर तैयार करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवंत अनुभूति देने वाले इन वर्चुअल टूर के माध्यम से अब पर्यटन, इतिहास और संस्कृति में रूचि रखने वाले व्यक्ति, अपने देश में रहते हुए मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति से परिचित हो सकेंगे। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों और एतिहासिक धरोहरों का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने में मदद मिलेगी और विश्व के विभिन्न देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भारत में फिनलैंड के राजदूत किम्मो लाहदेविर्ता का शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति को प्रदर्शित करती कॉफी टेबल बुक भेंट की। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि फिनलैंड की कंपनी वी-रियल द्वारा इतिहास, संस्कृति, और धरोहर का उन्नत तकनीक के माध्यम से वीडियो निर्माण कर संरक्षित और पुनर्जीवित किया जाता है। कंपनी इस वर्चुअल टूर को अपने प्लेट फार्म पर उपलब्ध कराती है, जो वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक संस्थाओं सहित टूर और ट्रैवल संस्थानों सहित आम नागरिकों के लिए उपलब्ध रहते हैं। आज हुए इस एमओयू से मध्यप्रदेश के इतिहास और संस्कृति की अद्यतन जानकारी वर्चुअल स्वरूप में वैश्विक स्तर पर सहज रूप से उपलब्ध होगी। एमओयू हस्ताक्षर अवसर पर अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुबिदिशा मुखर्जी, वी रियल संस्था के सीईओ जोहानेस स्वॉर्डस्टॉर्म सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद है। यहां नर्मदा, ताप्ती आदि नदियों की अपार जल राशि है, निरंतर बिजली उपलब्ध है, वन संपदा है, सड़कों, रेलवे और वायु मार्ग का अच्छा नेटवर्क है और उद्योगों को बड़ी रियायतें हैं। मुख्यमंत्री ने आगामी 24 एवं 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में झीलों, पहाड़ों और वन संपदा से युक्त सुंदर भोपाल शहर में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें और इन तारीखों को अविस्मरणीय बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय लोग उद्योगपतियों से मिलने में झिझक महसूस करते थे, लेकिन हमने उस धारणा को बदला है। हम निरंतर उद्योगपतियों, निवेशकों से संवाद कर रहे हैं। प्रदेश में छोटे-छोटे स्थान पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। समाज में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण स्थान है। उद्योगों से रोजगार उत्पन्न होते हैं और रोजगार से लोगों की आजीविका चलती है। वे एक तरह से उद्योगपति समाज के पालक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया कह रही है कि हम बुद्ध के रास्ते पर चलकर युद्ध से विमुक्त होंगे। महात्मा बुद्ध हमारे ही देश के थे। भारत ने ही सारे विश्व को शांति और सर्व कल्याण का संदेश दिया है। हम शांति और विकास के पक्षधर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बनाई वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस-2025 के दिल्ली में इन्वेस्ट एम.पी. कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कहा कि भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कर्टेन रेज़र केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर संभावनाओं से भरपूर, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश की एक झलक थी। हमारे निवेश के 3डी मॉडल को आज दुनिया भर के उद्योग जगत ने सराहा है। यह मॉडल निवेशकों की ड्राइव, प्रदेश के डेवलपमेंट और हमारी डिटरमिनेशन का प्रतीक है। हम निवेशकों के साथ एक मजबूत साझेदारी बनाकर मध्यप्रदेश को नवाचार और औद्योगिक क्रांति का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत रहेंगे। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश आगे बढ़ते हुए एक इंडस्ट्री रेडी स्टेट बन रहा है। हमने सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया है। 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयोजन में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की जिसमें नई दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों के निवेशक शामिल हुए। साथ ही 40 देशों के राजनयिक और व्यापारिक प्रतिनिधि, राजदूत, उच्चायुक्त, काउंसलर, मुख्य सचिव आर्थिक व व्यापारिक विशेषज्ञ आदि शामिल हुए। आयोजन में 15 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों से वन– टू–वन मीटिंग की गई जिसमे से जागृत कोटेचा (सीईओ, पेप्सिको भारत और दक्षिण एशिया), पुनित डालमिया (चेयरमैन, डालमिया भारत), माधवकृष्ण सिंघानिया (जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, जेके सीमेंट), विनीत मित्तल (चेयरमैन, अवाडा ग्रुप), जीन-मार्क लेक्लरक्यू (सीईओ, सॉफलेट माल्ट), रिकान्त पिट्टी (संस्थापक, ईज माय ट्रिप), विनय व्यास (सीईओ, फ्यूजन एक्स एनर्जी), अनिल चालमालासेटी (ग्रुप सीईओ और एमडी, ग्रीनको ग्रुप), विनीत आर्य (वाइस चेयरमैन, जेबीएम समूह), राहुल मित्तल (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, RITES) और अनुसूया रे (वाइस प्रेसिडेंट कॉर्पोरेट अफेयर्स, ऐबी-इनवेव इंडिया) शामिल थे। अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के कर्टन-रेज़र कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों ने मध्यप्रदेश को संभावनाओं से भरपूर निवेश गंतव्य बताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई। ऑस्ट्रेलिया के राजदूत ने शिक्षा, कृषि और कौशल विकास में सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही, जबकि मैक्सिको के राजदूत ने प्रदेश की नीतियों की सराहना करते हुए निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक रुख प्रकट किया। अलबानिया के राजदूत ने शहरी नियोजन के क्षेत्र में अपनी रुचि व्यक्त की, वहीं जिम्बाब्वे के राजदूत ने कृषि क्षेत्र में साझेदारी को लेकर उत्साह दिखाया। स्लोवेनिया के राजदूत ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। विभिन्न देशों की रुचि इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश अपनी रणनीतिक नीतियों, सुदृढ़ अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण के कारण वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश: रणनीतिक निवेश गंतव्य के रूप में उद्योग जगत की पहली पसंद : सिंघानिया सीआईआई नॉर्दर्न रीजन के चेयरमैन और जेके सीमेंट के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ माधवकृष्ण सिंघानिया ने कहा कि प्रदेश की रणनीतिक स्थिति, निवेश अनुकूल नीतियां और सुगम प्रक्रियाएं इसे निवेशकों के लिए आकर्षक स्थल बनाती हैं। उन्होंने बताया कि जेके सीमेंट ने वर्ष 2016 में कटनी में वॉल पुट्टी प्लांट की स्थापना के साथ प्रदेश में अपनी औद्योगिक यात्रा शुरू की थी। इसके बाद उज्जैन और पन्ना में भी संयंत्र स्थापित किए गए। हाल ही में कंपनी ने पन्ना में 3 हजार करोड़ रूपये निवेश करने की घोषणा की है। मध्यप्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक्स के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश में उच्चस्तरीय अधोसंरचना, सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रिया और उद्योग-अनुकूल नीतियां निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। विभिन्न सेक्टर-फोकस्ड नीतियों के माध्यम से सरकार निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुसार सुधार कर रही है, जिससे मध्य प्रदेश एक वास्तविक निवेश-फ्रेंडली राज्य के रूप में उभर रहा है। अवाडा ग्रुप चेयरमैन विनीत मित्तल ने भी अपने अनुभव साझा किये। दो इंटरैक्टिव राउंड टेबल बैठकें हुईं कर्टेन रेजर कार्यक्रम में दिल्ली में दो इंटरैक्टिव राउंड टेबल मीटिंग हुई। पहली इंटरैक्टिव राउंड टेबल प्रमुख दूरसंचार कंपनियों के साथ हुई, जिसमें भारत में दूरसंचार के भविष्य और मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश सरकार के स्वागत भाषण से हुई। डीपीआईआईपी के प्रमुख सचिव ने प्रस्तावित टेलीकॉम पार्क की जानकारी दी, जो राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय दूरसंचार मंत्रालय, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, रिलायंस जियो, एरिक्सन और नोकिया सहित प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चाओं में 5-जी, मेक इन इंडिया, दूरसंचार उपकरण निर्माण, और कौशल विकास जैसे विषयों पर जोर दिया गया। साथ ही ग्वालियर के पास प्रस्तावित टेलीकॉम पार्क, सरकारी सब्सिडी, और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधारों पर विचार-विमर्श हुआ। दूसरी इंटरैक्टिव राउंड टेबल, प्रमुख राजदूतों और राजनयिकों के साथ हुई। इसमें … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए देने के निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रयागराज महाकुंभ से मंदसौर लौट रही यात्री बस के 3 श्रद्धालुओं की असामयिक मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली-मुम्बई हाई-वे पर कोटा जिले के सिमलिया थाना क्षेत्र में यह दुर्घटना हुई। इसमें यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने की भी सूचना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के लिए जिला प्रशासन मंदसौर को निर्देशित किया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजन को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा-मध्यप्रदेश, ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस में भारत में अग्रणी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ अब व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कई दूरदर्शी सुधार लागू किए हैं। यह पहल राज्य को न केवल देश के भीतर, बल्कि वैश्विक निवेश मानचित्र पर भी प्रमुख स्थान दिला रही है। राज्य सरकार ने व्यापारिक माहौल को अनुकूल बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, डिजिटल अप्रूवल प्लेटफॉर्म, और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सेवाओं को लागू किया है। इन नवाचारों ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बना दिया है। डिजिटलीकरण का प्रभाव ऑनलाइन पंजीकरण, लाइसेंसिंग और स्वीकृति प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण ने प्रक्रियाओं को त्वरित और पारदर्शी बनाया है। इससे उद्यमियों के लिए समय और लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है। ‘स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज़’ पहल इस योजना के तहत उद्योगों को आवश्यक 22 स्वीकृतियाँ सरल प्रक्रिया के तहत प्रदान की जा रही हैं। साथ ही, नए व्यवसायों को तीन वर्षों तक विभिन्न प्रकार की रियायतें दी जा रही हैं, जिससे उद्यमी सशक्त रूप से स्थापित हो सकें। निवेशकों के लिए सुविधा ‘इन्वेस्ट एमपी’ पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को सभी आवश्यक अनुमोदनों की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरी करने में सहायता मिलती है। इससे प्रदेश में घरेलू और वैश्विक कंपनियों का विश्वास बढ़ा है। औद्योगिक भूमि आवंटन में पारदर्शिता भूमि आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाकर निवेशकों को कम समय में औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन में सहायता मिल रही है। राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मध्यप्रदेश का योगदान भारत की “ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस रैंकिंग” में सुधार में मध्यप्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। डिपार्टमेंट फ़ॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड द्वारा सुझाए गए सुधारों को राज्य ने सक्रिय रूप से अपनाया है, जिससे मध्यप्रदेश शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। कुल 2,432 G 2 B और G 2 C प्रक्रियाओं में सुधार कर प्रदेश ने व्यापारिक माहौल को और अधिक अनुकूल बनाया है। राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से मध्यप्रदेश को जोड़ने के बाद निवेश प्रक्रिया और अधिक सरल और सुलभ हो गई है। राज्य के प्रयासों से भारत ने विश्व बैंक की ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस रैंकिंग में 79 अंकों की छलांग लगाई। अब भारत के इस टैंकिंग के टॉप-10 में पहुँचने की उम्मीद है। इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश की प्रभावशाली भूमिका रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 राज्य के इन प्रयासों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए 24 और 25 फरवरी 2025 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और नीति-निर्माता भाग लेंगे। समिट में मध्यप्रदेश में उपलब्ध व्यापार और निवेश के असीमित अवसरों की जानकारी दी जाएगी। यह आयोजन राज्य की आर्थिक प्रगति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और सकारात्मक नीतियों से मध्यप्रदेश न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहा है, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में भी अहम योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन और राउण्ड टेबल मीटिंग हुई

मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में मौजूद है निवेश की अपार संभावनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाज में उद्योपतियों का महत्वपूर्ण स्थान मध्यप्रदेश की उद्योग एवं निवेश-नीतियां निवेश के लिए फ्रेंडली अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि भारत तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में शामिल हुए 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन और राउण्ड टेबल मीटिंग हुई मुख्यमंत्री ने जीआईएस भोपाल के लिए उद्योगपतियों को दिया आमंत्रण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद है। यहां नर्मदा, ताप्ती आदि नदियों की अपार जल राशि है, निरंतर बिजली उपलब्ध है, वन संपदा है, सड़कों, रेलवे और वायु मार्ग का अच्छा नेटवर्क है और उद्योगों को बड़ी रियायतें हैं। मुख्यमंत्री ने आगामी 24 एवं 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में झीलों, पहाड़ों और वन संपदा से युक्त सुंदर भोपाल शहर में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें और इन तारीखों को अविस्मरणीय बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश के चमत्कारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की 5वीं अर्थव्यवस्था के बाद अब तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। इस कार्य में निवेशकों का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत प्राकृतिक संसाधनों के साथ मानव संसाधन में भी आगे है। हम उद्योगों को बढ़ाकर ही आगे बढ़ सकते हैं। हमारे प्रधानमंत्री मोदी विश्व भर का भ्रमण कर भारत की प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की उद्योग एवं निवेश नीति निवेशकों के लिए बहुत फ्रेंडली है। हम स्टार्ट-अप्स को विशेष महत्व दे रहे हैं। उद्योगों में विभिन्न प्रकार की रियासतों के साथ ही इस बात का सर्वाधिक ध्यान रखा जाता है कि उनके सारे काम समय से हो जाएं। मध्यप्रदेश में जमीन दिल्ली की तुलना में एक बटे 40 गुना और मुंबई की तुलना में एक बटे 100 गुना सस्ती है। मध्यप्रदेश में सभी सेक्टर में विशेष रूप से टेक्सटाइल के क्षेत्र में निवेश की असीमित संभावना है। हम टेक्सटाइल्स पर 200 प्रतिशत इंसेंटिव देते हैं, हमारा कॉटन उच्च गुणवत्ता का है। मेरी जापान यात्रा के दौरान यूनिक्लो कंपनी के मलिक ने भी इस बात का उल्लेख किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय लोग उद्योगपतियों से मिलने में झिझक महसूस करते थे, लेकिन हमने उस धारणा को बदला है। हम निरंतर उद्योगपतियों, निवेशकों से संवाद कर रहे हैं। प्रदेश में छोटे-छोटे स्थान पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। समाज में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण स्थान है। उद्योगों से रोजगार उत्पन्न होते हैं और रोजगार से लोगों की आजीविका चलती है। वे एक तरह से उद्योगपति समाज के पालक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया कह रही है कि हम बुद्ध के रास्ते पर चलकर युद्ध से विमुक्त होंगे। महात्मा बुद्ध हमारे ही देश के थे। भारत ने ही सारे विश्व को शांति और सर्व कल्याण का संदेश दिया है। हम शांति और विकास के पक्षधर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बनाई वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस-2025 के दिल्ली में इन्वेस्ट एम.पी. कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कहा कि भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कर्टेन रेज़र केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर संभावनाओं से भरपूर, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश की एक झलक थी। हमारे निवेश के 3डी मॉडल को आज दुनिया भर के उद्योग जगत ने सराहा है। यह मॉडल निवेशकों की ड्राइव, प्रदेश के डेवलपमेंट और हमारी डिटरमिनेशन का प्रतीक है। हम निवेशकों के साथ एक मजबूत साझेदारी बनाकर मध्यप्रदेश को नवाचार और औद्योगिक क्रांति का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत रहेंगे। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश आगे बढ़ते हुए एक इंडस्ट्री रेडी स्टेट बन रहा है। हमने सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया है। 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयोजन में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की जिसमें नई दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों के निवेशक शामिल हुए। साथ ही 40 देशों के राजनयिक और व्यापारिक प्रतिनिधि, राजदूत, उच्चायुक्त, काउंसलर, मुख्य सचिव आर्थिक व व्यापारिक विशेषज्ञ आदि शामिल हुए। आयोजन में 15 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों से वन– टू–वन मीटिंग की गई जिसमे से जागृत कोटेचा (सीईओ, पेप्सिको भारत और दक्षिण एशिया), पुनित डालमिया (चेयरमैन, डालमिया भारत), माधवकृष्ण सिंघानिया (जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, जेके सीमेंट), विनीत मित्तल (चेयरमैन, अवाडा ग्रुप), जीन-मार्क लेक्लरक्यू (सीईओ, सॉफलेट माल्ट), रिकान्त पिट्टी (संस्थापक, ईज माय ट्रिप), विनय व्यास (सीईओ, फ्यूजन एक्स एनर्जी), अनिल चालमालासेटी (ग्रुप सीईओ और एमडी, ग्रीनको ग्रुप), विनीत आर्य (वाइस चेयरमैन, जेबीएम समूह), राहुल मित्तल (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, RITES) और सुअनुसूया रे (वाइस प्रेसिडेंट कॉर्पोरेट अफेयर्स, ऐबी-इनवेव इंडिया) शामिल थे। अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के कर्टन-रेज़र कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों ने मध्यप्रदेश को संभावनाओं से भरपूर निवेश गंतव्य बताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई। ऑस्ट्रेलिया के राजदूत ने शिक्षा, कृषि और कौशल विकास में सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही, जबकि मैक्सिको के राजदूत ने प्रदेश की नीतियों की सराहना करते हुए निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक रुख प्रकट किया। अलबानिया के राजदूत ने शहरी नियोजन के क्षेत्र में अपनी रुचि व्यक्त की, वहीं जिम्बाब्वे के राजदूत ने कृषि क्षेत्र में साझेदारी को लेकर उत्साह दिखाया। स्लोवेनिया के राजदूत ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। विभिन्न देशों की रुचि इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश अपनी रणनीतिक नीतियों, सुदृढ़ अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण के कारण वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश: रणनीतिक निवेश गंतव्य के रूप में उद्योग जगत की पहली पसंद : सिंघानिया सीआईआई नॉर्दर्न रीजन के चेयरमैन और जेके सीमेंट के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ … Read more

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समय निकट, उद्योग की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने समन्वयकिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समय निकट है। विभिन्न देशों के वाणिज्यिक दूतावासों के माध्यम से प्रदेश में व्यापार और उद्योग की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आवश्यक समन्वयकिया जा रहा है। इस क्रम में विश्व स्तरीय आयोजन की सफलता के लिए विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ नई दिल्ली में विचार-विमर्श के लिए बैठक रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवा, महिला, किसान और गरीबों का जीवन बेहतर हो, इस उद्देश्य से कृषि के साथ उद्योगों को भी प्रदेश में आवश्यक अधोसंरचना और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस क्रम में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में विभिन्न नीतियों को अनुमोदन दिया गया है। उद्योग संबंधी इन नीतियों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे, नीतियों में राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार कमजोर से कमजोर व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  

बाबा साहेब आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से स्थापित की लोकतांत्रिक व्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार वंचित वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए बनेंगे 10 लाख आवास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा साहेब आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से स्थापित की लोकतांत्रिक व्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी का संघर्ष पूर्ण जीवन प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणा स्त्रोत संत रविदास ने देश-धर्म पर स्वाभिमान और प्रभु भक्ति के साथ कर्म को सर्वाधिक महत्व दिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत शिरोमणि गुरू रविदास की जयंती पर दी बधाई और शुभकामनाएं हिंदी भवन में आयोजित समारोह को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत शिरोमणि गुरू रविदास की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि राज्य सरकार वंचित वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबको आगे बढ़ने का मौका मिले, सबकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो, गरीबों की गरीबी दूर हो, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को सम्मान मिले, किसानों का मान बढ़ें और सभी लोग बराबरी से रहें, राज्य सरकार इस उद्देश्य से हर वर्ग के लिए योजनाएं और कार्यक्रम संचालित कर रही है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में दी गई लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जीवन की कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए प्रधानमंत्री बनें। उनसे यह प्रेरणा मिलती है कि गरीब से गरीब परिवार के बच्चे भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बन सकते हैं। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने समाज को शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और समानता का अधिकार दिया। जन-जन को इन सब अधिकारों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर हिंदी भवन में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या-पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और संत रविदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। नवयुवक अहिरवार समाज सुधार संघ भोपाल एवं चर्मकार विकास संघ भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मारिका और रविदास चालीसा का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आयोजनकर्ताओं ने गजमाला पहनाकर स्वागत कर स्मृति-चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, भोपाल दक्षिण-पश्चिम के विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रवींद्र यती और समाज बंधु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी “सबका साथ-सबका विकास” की अवधारणा के साथ समाज के हर वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। राज्य सरकार उनके मार्गदर्शन में इस दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश ही नहीं देश में सभी को यह अनुभूति है कि मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसमें प्रदेश के सामान्यजन की मेहनत का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर में संत शिरोमणि रविदास जी का भव्य स्मारक आकार ले रहा है। उन्होंने उज्जैन स्थित संत रविदास जी के गुरूद्वारे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल संत रविदास के उज्जैन आगमन की स्मृति को अब भी जीवंत करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजकों की मांग पर कहा कि सामाजिक गतिविधियों के संचालन के लिए भोपाल में व्यवस्था की जाएगी। साथ ही सभी पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुसार पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए 10 लाख आवासों का निर्माण आरंभ करने जा रही है। गाँवों में भी पुन: सर्वे कराकर गरीबके अपने पक्के घर का सपना साकार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का संदेश देने वाले संत रविदास का जीवन इस बात का प्रतीक था कि व्यक्ति के भीतर ही भगवान विद्यमान हैं और भक्ति-साधना से व्यक्ति का उद्धार हो सकता है। उनका मानना था कि भगवान के दरबार में कोई ऊंच-नीच नहीं है। संत रविदास ने देश-धर्म पर स्वाभिमान और प्रभु भक्ति के साथ कर्म को सर्वाधिक महत्व दिया। उन्होंने परिश्रम के आधार पर जीवन संचालित करने और समाज की बेहतरी के लिए योगदान देने का संदेश दिया। संत रविदास ने बताया कि व्यक्ति के सत्कर्म, सद्भावना, परस्पर विश्वास और प्रेम का भाव ही जीवन में सर्वोपरि है। उनके इन उदात्त विचारों के परिणामस्वरूप ही उन्हें समाज में संत शिरोमणि की उपाधि से विभूषित किया गया। विधायक भगवानदास सबनानी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  

आपको भगवान को देखने कहीं नहीं जाना है, अगर आपका मन पवित्र है कि आपमें ही ईश्वर का वास हो जाता : सीएम यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के हिंदी भवन में संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने संत रविदास जी महाराज को नमन करते हुए अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि ने 648 वर्ष पहले अपने जीवन चरित्र के माध्यम से समूचे समाज, भारत और मानवता के लिए एक संदेश दिया कि मन चंगा तो कठौती में गंगा। उन्होंने बताया कि सच्चे अर्थों में कठौती में गंगा का अर्थ यही है कि आपको भगवान को देखने कहीं नहीं जाना है, अगर आपका मन पवित्र है कि आपमें ही ईश्वर का वास हो जाता है। इसलिए संत शिरोमणि कहलाए रविदास जी उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने कर्म करते हुए अपने धर्म, समाज, देश के लिए स्वाभिमान के जीवन जीते हुए साथ भक्ति की रसधारा बहाई। उनके भक्तों में चित्तौड़ की महारानी मीरा बाई से लेकर बनारस के बड़े-बड़े राजा-महाराजा शामिल रहे। संत रविदास जी महाराज का दर्शन इतना विराट था कि वे जितना धन अर्जित करते थे उसमें से आधा धन वे दान कर देते थे। वे कहते थे कि हमारे साथ केवल हमारा पुण्य, कर्म, सद्भावना, समाज का विश्वास और जीवन का आनंद जाएगा। इसी उदात्त भाव के कारण उन्हें संत शिरोमणि की उपाधि दी गई। इसीलिए सागर में हमारी सरकार 100 करोड़ की लागत से संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनवा रही है। हर गरीब को मिलेगा पक्का मकान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि संत रविदास सभी को समान भाव से देखते थे और गरीबों से उन्हें विशेष प्रेम था। इसी प्रकार हमारी सरकार भी प्रदेश के गरीबों, युवाओं के जीवन में बदलाव लाने का काम कर रही है। हर गरीब को हम संपन्नता की ओर ले जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब व्यक्ति भी सम्मान के साथ जी रहा है। सीएम डॉ मोहन यादव ने घोषणा की है कि हर गरीब को पक्का मकान देने के लिए दोबारा सर्वे कराया जाएगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में गरीब वर्ग के लोगों को ढाई-ढाई लाख के मकान दिये जाएंगे। 10 लाख मकान शहरी क्षेत्र में बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति को सामाजिक कार्य के लिए जमीन का आवंटन किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा कर सुपात्रों को त्वरित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनकल्याण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है। योजनाओं के जरिए ही हम इस लक्ष्य के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इसलिए सुनिश्चित करें कि प्रदेश का कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। प्रदेश के विकास में हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जरूरतमंद हितग्राहियों को पात्रतानुसार त्वरित लाभ दिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि इस वित्तीय वर्ष के तय लक्ष्यों की समय पर पूर्ति की जानी चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रतिदिन समीक्षा की जाए, ताकि कोई भी सुपात्र हितग्राही लाभ पाने से न छूटे। हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए सभी विभाग अपने स्तर पर सतत समीक्षा करें। सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा और विलम्ब के समय पर हितग्राहियों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाएं सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही जनता को शासन की संवेदनशीलता का अनुभव होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का फुल सैचुरेशन (पूर्ण संतृप्ति) किया जाना है, उसे शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही बैंकों द्वारा वित्तपोषित योजनाओं में हितग्राहीमूलक प्रकरणों को निर्धारित समय से पहले लक्ष्य से भी कहीं ज्यादा संख्या में प्रस्ताव भेजे जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में हितग्राहीमूलक योजनाओं के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 के बराबर या उससे अधिक वित्तीय प्रावधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी संचालन से ही हम विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे। सरकार की योजनाएं शासन और जनता के बीच परस्पर विश्वास की द्योतक होती हैं, इसीलिये योजनाओं का शत- प्रतिशत क्रियान्वयन कर सरकार पर जनविश्वास बढाने की दिशा में कार्य करें। यही सुशासन है, यही कल्याणकारी राज्य का मूल लक्ष्य है। बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी विभागीय हितग्राहीमूलक योजनाओं की अद्यतन जानकारी दी और इन योजनाओं के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में भी बताया।  

अन्नू कपूर ने संस्कृत श्लोक सुनाए और कला यात्रा की जानकारी दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में अभिनेता अन्नू कपूर ने सौजन्य भेंट की। अन्नू कपूर ने कहा कि वे मध्यप्रदेश से हैं और यहां आकर उन्हें आनंद का अनुभव होता है। विशेष रूप से मालवा अंचल की संस्कृति से वे बहुत प्रभावित हैं। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से उनका आत्मीय लगाव है।  कपूर ने कहा कि मध्य प्रदेश में विरासत से विकास के ध्येय के अनुसार महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मालवा, मध्यप्रदेश के साथ ही राष्ट्र के गौरव हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्नू कपूर द्वारा भारतीय सिने जगत और दूरदर्शन पर अंताक्षरी के माध्यम से राष्ट्र भाषा हिन्दी की सुदीर्घ सेवा के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नू कपूर ने शिव तांडव स्रोत एवं अन्य संस्कृत भाषा की रचनाओं की सैकड़ों मंचों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी है। भारतीय संस्कृति की प्राचीनतम देव भाषा कई भाषाओं की जननी है। इस नाते अन्नू कपूर का योगदान महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर अभिनेता कपूर ने संस्कृत के कुछ श्लोक भी सुनाए। इस अवसर पर अन्नू कपूर ने अपनी कला यात्रा और मध्यप्रदेश के नगरों -कस्बों से उनके संबंध के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  अन्नू कपूर एवं उनके साथी देव कुमार का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया।  

अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश को विकसित बनाने के लिए औद्योगिक संवर्धन नीति सहित अनेक नीतियां स्वीकृत युवाओं के लिये रोजगार क्रांति साबित होंगी नीतियां अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे निवेशकों की राह और आसान होगी निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए “मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन नीति-2025” की स्वीकृति मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक नीति 2025 की स्वीकृति प्रदेश को फिल्म पर्यटन अनुकूल राज्य बनाने के लिए फिल्म पर्यटन नीति 2025 की स्वीकृति प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गंतव्य के रूप मे स्थापित करने के लिए पर्यटन नीति 2025 की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश को विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाने के लिए औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 की स्वीकृति दी गयी है। इसके अंतर्गत 10 सेक्टर विशिष्ट नीतियों यथा कृषि, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति, टेक्सटाइल नीति, परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति, एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन प्रोत्साहन नीति, फार्मास्यूटिकल्स नीति, बायोटेक्नोलॉजी नीति, मेडिकल डिवाईसेस नीति, ईव्ही विनिर्माण नीति, नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति और हाई वेल्यू-एड विनिर्माता नीति को स्वीकृति दी गयी है। औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 का उदेश्य मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य की वर्तमान जीडीपी को 2.9 लाख करोड़ रूपये से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रूपये करने में उद्योगों का योगदान बढ़ाना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पाँच वर्षों में लगभग 20 लाख नवीन रोजगार के अवसर सृजित करना,निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित कर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है। इसके अंतर्गत वृहद और मेगा स्तर की औद्योगिक इकाई को निवेश प्रोत्साहन सहायता, सामान्य सहायता और अतिरिक्त सहायता के प्रावधान शामिल किये गये है। कृषि, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति में विद्युत टैरिफ प्रतिपूर्ति 1 रूपये प्रति यूनिट 5 वर्षों के लिए प्रदाय की जायेगी। गुणवत्ता प्रमाणन के लिए प्रोत्साहन, 50% अथवा 5 लाख जो भी कम हो 5 वर्षों के लिए प्रदाय किया जायेगा। इसके साथ ही 75 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाले खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी। टैक्सटाइल नीति के अंतर्गत्‍संयंत्र और मशीनरी के लिए गए टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सुविधा 5 वर्षों के लिए अधिकतम, 50 करोड़ रूपये प्रदाय की जायेगी। अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रूपये वित्तीय सहायता प्रदाय की जायेगी। साथ ही 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाईज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी। परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति कर्मचारी 5 हजार रूपये प्रति माह 5 वर्षों तक, कुल 10 वर्षों की अवधि में प्रदान किये जायेंगे। प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए 13 हजार रूपये प्रति नए कर्मचारी के लिए 5 वर्षों तक प्रदान किया जायेगा। टर्मलोन पर 5% ब्याज अनुदान, अधिकतम 50 करोड़ रूपये दिया जायेगा। विकास शुल्क में 25% की रियायत देने के साथ स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क सहायता में 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। विद्युत टैरिफ रियायत के रूप में 1 रूपये प्रति यूनिट, अधिकतम 5 वर्षों के लिए प्रदान की जायेगी। अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रूपये प्रदाय की वित्तीय सहायता प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही 75 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाइयां कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन प्रोत्साहन नीति में विकास शुल्क में 25% की रियायत दी जायेगी। गुणवत्ता प्रमाणन के रूप मे 50% या 10 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति, जो भी कम हो की जायेगी। साथ ही 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाइयां कस्टामाईज्ड पैकज के‍लिए पात्र होंगी। नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति में विकास शुल्क में 50% की रियायत दी जायेगी गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50% या 1 लाख रूपये जो भी कम हो, की प्रतिपूर्ति की जायेगी। 250 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के‍लिए पात्र होंगी। फार्मास्यूटिकल्स नीति के अंतर्गत्‍गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50% या 1 करोड़ रूपये 5 वर्षों के लिए प्रदान किया जायेगा। अतिरिक्त निवेश पर 2 वर्षों का स्लैक अवधि प्रोत्साहन के रूप में दिया जायेगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना में हुए व्यय का 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रूपये प्रदान किया जायेगा। साथ ही 250 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। बायोटेक्नोलॉजी नीति में इन-हाउस आर एंड डी के लिए यंत्र-संयंत्र एवं भवन का 50 प्रतिशत ईएफसीआई में सम्मिलित होगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना में हुए व्यय का 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रूपये प्रदान किया जायेगा। बायोटेक्नोलॉजी पार्क निजी औद्योगिक पार्क के समान सुविधा के लिए पात्र होंगे। 250 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। मेडिकल डिवाइसेस नीति में आर एंड डी सुविधाएं विकसित करने के लिए 50 प्रतिशत ईएफसीआई में सम्मिलित होगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना पर 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रूपये प्रदान किया जायेगा। 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। ईव्ही विनिर्माण नीति के बैटरी परीक्षण सहित को ईएफसीआई अंतर्गत मान्य किया जायेगा। गुणवत्ता प्रमाणन के लिए 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति या 1 लाख रूपये प्रति मॉडल जो भी कम हो, अधिकतम 10 लाख रूपये प्रदान किये जायेंगे। एमपीआईडीसी द्वारा लगाए गए विकास शुल्क में 25% की रियायत दी जायेगी। 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। हाई वेल्यू-एड विनिर्माता नीति के … Read more

मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अब फ्लैट में भी फैक्ट्रियां खोली जाएंगी, 16 फरवरी को भूमिपूजन

भोपाल  मध्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अब फ्लैट में भी फैक्ट्रियां खोली जाएंगी. मध्य प्रदेश में इस तरह का पहला प्रयोग राजधानी भोपाल से सटे मंडीदीप में किया जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 फरवरी को इसका भूमिपूजन करने जा रहे हैं. इस प्लान के तहत एक छह मंजिला बिल्डिंग बनाई जा रही है, जिसमें छोटे उद्योगों को फ्लैट जैसी जगह उपलब्ध कराई जाएगी. इसका फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जिन्हें इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती और छोटे स्थान पर ही अपनी इंडस्ट्री चला सकेंगे. बिल्डिंग ऐसी कि छोटे वाहन ऊपर तक पहुंचेंगे मध्य प्रदेश सरकार उद्योगों को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा निवेश लाने की कोशिश में जुटी हुई है. इसके लिए 24 और 25 फरवरी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट भी आयोजित की जा रही है. निवेश की राह आसान बनाने के लिए सरकार उद्योगों से जुड़ी नीतियों को भी फ्रेंडली बना रही है. बड़े उद्योगों के अलावा छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार मल्टीस्टोरी इंडस्ट्री एरिया का कंसेप्ट लेकर आई है. इसमें भोपाल के नजदीक मंडीदीप इंडस्टिल एरिया सहित दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी. मंडीदीप में 30 एकड़ से ज्यादा भूमि पर निर्माण मोहन यादव सरकार के मल्टीस्टोरी इंडस्ट्री एरिया कंसेप्ट के लिए मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया में 30.89 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है. यहां बनाई जा रही 6 मंजिला बिल्डिंग में हर मंजिल पर 128 यूनिट के लिए जगह उपलब्ध होगी. इस तरह एक भवन में 768 छोटे उद्योग चल सकेंगे. बिल्डिंग को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि छोटे वाहन ऊपर तक माल या अन्य सप्लाई लेकर पहुंच जाएं. इसके लिए इसमें हैवी लिफ्ट भी लगाई जाएगी. मंडीदीप एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल कहते हैं, ” इस योजना से इंडस्ट्रियल एरिया में छोटे उद्योगों को जगह मिलेगी. सरकार का यह अच्छा कदम है. कुछ राज्यों में इस कंसेप्ट पर काम किया गया, जिसके अच्छे नतीजे रहे हैं. फ्लैट में फैक्ट्रियां खोलने का क्या फायदा? फ्लैट में फैक्ट्रियां खोलने के लिए बनाई जाने वाली बिल्डिंग में एक इंडस्ट्री को 1178 वर्ग फीट की जगह उपलब्ध कराई जाएगी. इस मल्टी में इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने, आईटी और इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े छोटे उद्योग संचालित हो सकेंगे. इसके अलावा बड़े उद्योगों के सपोर्ट में बनने वाले छोटे इक्युपमेंट का निर्माण भी यहां हो सकेगा. इस तरह छोटे उद्योगों के लिए इंडस्ट्रियल एरिया में जगह उपलब्ध कराना भी आसान हो जाएगा.

इंदौर सहित अन्य शहर भी बन रहे टेक इनोवेशन और निवेश के नए हॉटस्पॉट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है किआईटी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में सबसे तेजी से आगे बढ़ता हुआ राज्य बनने की ओर अग्रसर है, जिसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से नई ऊर्जा मिलेगी। इस सेक्टर के लिए समिट में अलग से सत्र आयोजित होगा। मध्यप्रेदश में 15 से अधिक आईटी पार्क और 5 आईटी एसईजेड हैं, जिनमें इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क और इंफोसिस जैसे प्रमुख सेंटर शामिल हैं। ये पार्क विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर से युक्त हैं, जो टीसीएस, इंफोसिस और एक्सेंचर जैसी प्रमुख कंपनियों को आकर्षित करते हैं। नॉलेज सिटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 जैसी आगामी परियोजनाएं, इस इको सिस्टम को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं। परिवर्तन के दौर से गुजर रहे देश के तकनीकी इको सिस्टम के विकास के अगले केन्द्र टीयर-2 शहर हैं, जो टेक इनोवेशन और निवेश के नए हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं। इसकी वजह है यहां कम परिचालन लागत, उच्च जीवन स्तर और कुशल प्रतिभा पूल की उपलब्धता। टीयर-2 शहर अब तकनीकी कंपनियों की पसंद बनते जा रहे हैं। खास बात है कि मध्यप्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर, टेलेंट और लागत-दक्षता प्रदान करने वाला अग्रणी राज्य है। मध्यप्रदेश का व्यापक आईटी, आईटीईएस और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। विश्व स्तरीय आईटी पार्क, नॉलेज और सॉफ्टवेयर हब के साथ सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने से निश्चित रूप से मध्यप्रदेश तकनीकी क्रांति की अगली लहर का नेतृत्व करेगा। 300 से अधिक तकनीकी शिक्षा संस्थान मध्यप्रदेश की विशेषता है कि 300 से अधिक तकनीकी शिक्षा संस्थान सालाना 50 हजार से अधिक तकनीकी स्नातक तैयार करते हैं। आईआईटी इंदौर, आईआईएम इंदौर और आईआईआईटी ग्वालियर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान अत्यधिक कुशल युवाओं को गढ़ते हैं। भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क उद्योग के लिए कौशल संपन्न पेशेवर तैयार करता है। प्रगतिशील नीतियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की प्रगतिशील नीतियां और इनोवेशन को बढ़ावा देने और तकनीक के क्षेत्र में विश्वस्तरीय दिग्गज कंपनियों को आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। मध्यप्रदेश का मजबूत पॉलिसी-स्ट्रक्चर प्रौद्योगिकी संचालित विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश संवर्धन नीति 2023, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पॉलिसी 2025, एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी 2025, ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति 2025 और सेमीकंडक्टर नीति 2025 शामिल हैं। ये नीतियां टेक इंफ्रास्ट्रक्चर के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन और सहायता प्रदान करती हैं। टेलेंट और इनोवेशन को बढ़ावा प्रदेश सरकार के फोकस में उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ टेलेंट और इनोवेशन को बढ़ाते हुए आईटी पार्क, सॉफ्टवेयर हब और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में महत्वपूर्ण निवेश हैं। अग्रणी तकनीकी हब बनने की दृष्टि के साथ मध्यप्रदेश डिजिटल भविष्य को शक्ति प्रदान करने के रास्ते पर अग्रसर है। आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश संवर्धन नीति 2023 इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर केंद्रित है, जो कैपेक्स, भूमि, ब्याज छूट, मार्केटिंग और पेटेंट सहायता आदि प्रदान करती है। दूसरी ओर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पॉलिसी 2025 वैश्विक तकनीकी केंद्रों को आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जो कैपेक्स, पेरोल और अपस्किलिंग के लिए सब्सिडी, आरएंडडी को सपोर्ट करती है। इसी तरह एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी-2025 एवीजीसी सेक्टर को सपोर्ट करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, उत्पादन संबंधी वित्तीय सहायता, उद्योग सहयोग और एवीजीसी-एक्सआर लैब की स्थापना आदि के लिए सहयोगी है। इसके अलावा ड्रोन संवर्धन और उपयोग नीति 2025 ड्रोन निर्माताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए कैपेक्स सहायता, ड्रोन पाठ्यक्रमों के लिए प्रोत्साहन और अनुसंधान एवं विकास में सहयोग के साथ ड्रोन अपनाने को बढ़ावा देती है। इसके बाद सेमीकंडक्टर नीति 2025 महत्वपूर्ण है, जो कैपेक्स प्रोत्साहन और सीओई, पेरोल और कौशल विकास आदि के लिए सहयोग के साथ सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करती है। परिवर्तनकारी निवेशों की लहर मध्यप्रदेश ने परिवर्तनकारी निवेशों की एक लहर देखी है, जो भारत के अगले बड़े तकनीकी केन्द्र के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करता है। इंदौर में एलटीआई माइंडट्री का 870 करोड़ रुपये का तकनीकी परिसर 10 हजार से ज्यादा नौकरियां प्रदान करेगा, जो आईटी सेवाओं और डिजिटल परिवर्तन परियोजनाओं में मध्यप्रदेश की भूमिका को मजबूत करेगा। रैकबैंक का डेटा सेंटर विस्तार में 644 करोड़ रुपये का निवेश मध्यप्रदेश के डिजिटल बुनियादी ढांचे और क्लाउड सेवाओं को मजबूत कर रहा है। हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज और कॉग्निजेंट क्रमशः 50 करोड़ रुपये और 80 करोड़ रुपये के निवेश के साथ अपनी उपस्थिति का और विस्तार कर रहे हैं। ये परियोजनाएं साल 2024 में हासिल किए गए 2,500 करोड़ रुपये के प्रौद्योगिकी निवेश के साथ मध्यप्रदेश को पारंपरिक आईटी केंद्रों के समक्ष एक बेहतर और सक्षम विकल्प बनाती हैं। देश की डिजिटल क्रांति के साथ तालमेल मध्यप्रदेश न केवल देश की डिजिटल क्रांति के साथ तालमेल बना रहा है, बल्कि यह इसका नेतृत्व भी कर रहा है। एआई, साइबर सुरक्षा, एवीजीसी-एक्सआर और ड्रोन में राज्य का विजन इनोवेशन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता की अगली लहर के लिए आधार तैयार कर रहा है। एआई और साइबर सुरक्षा में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना, आगामी एवीजीसी, मीडिया पार्क और इनक्यूबेशन हब के साथ, अत्याधुनिक अनुसंधान और उद्योग सहयोग के लिए मध्यप्रदेश प्रतिबद्ध है। प्रगतिशील नीति ढांचे, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और प्रचुर प्रतिभा पूल के साथ मध्यप्रदेश भारत का अगला प्रमुख टेक पॉवरहाउस बनने के रास्ते पर अग्रसर है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ होंगी वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल

इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में देश-विदेश के निवेशकों को म.प्र में निवेश के लिये करेंगे आमंत्रित मुख्यमंत्री यादव निवेशकों के साथ इंटरैक्टिव राउंडटेबल कर आगामी ग्लोबल समिट के नवाचारों से अवगत करायेंगे होटल ताजमहल में आयोजित होगा जीआईएस कर्टेन रेज़र कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ होंगी वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 फरवरी को नई दिल्ली के ताजमहल होटल में इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में देश-विदेश के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग और इंटरैक्टिव राउंडटेबल कर आगामी ग्लोबल समिट के नवाचारों से अवगत करायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ रू-ब-रू होकर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और सरकार की औद्योगिक नीतियों एवं प्रतिबद्धता से अवगत करायेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत माधवकृष्ण सिंघानिया चेयरमैन सीआईआई नॉर्दर्न रीजन एवं डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ जेके सीमेंट के स्वागत संबोधन से होगी। इसके बाद इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 पर विशेष कर्टेन रेज़र वीडियो की प्रस्तुति दी जाएगी, जो ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की प्रमुख झलकियों को दर्शाएगा। कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण इंटरैक्टिव राउंडटेबल भी आयोजित की जाएंगी। पहली राउंडटेबल मीटिंग में टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधि और दूसरी राउंडटेबल मीटिंग में विभिन्न देशों के राजदूत शामिल होंगे। इसमें निवेश और साझेदारी की नई संभावनाओं पर चर्चा होगी। मुख्य सचिव अनुराग जैन और प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और निवेश के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले उद्योग जगत के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। प्रबंध निदेशक एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन चंद्रमौली शुक्ला निवेशकों का स्वागत एवं आभार प्रकट करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 24 फरवरी को भोपाल में करेंगे जीआईएस का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 फरवरी को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का शुभारंभ करेंगे। समिट के दूसरे दिन समापन कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। राज्य शासन द्वारा आयोजन की तैयारियों के साथ देश-विदेश के निवेशकों से निरंतर सम्पर्क एवं संवाद किया जा रहा है। इसी कड़ी में 12 फरवरी को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आत्थिय में इंवेस्ट एमपी जीआईएस-2025 के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है।  

MP के एक ही जिले में 54 गांवों के बदलेंगे नाम, CM मोहन यादव का ऐलान, मुरादपुर होगा ‘मुरलीपुर’

 देवास मध्य प्रदेश के देवास जिले के 54 गांवों के नाम बदलने की तैयारी है। यह मांग बीजेपी नेताओं ने की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पर सहमति जताई है। नाम बदलने की वजह इन गांवों के उर्दू नाम हैं। सरकार का कहना है कि यह भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना के लिए ज़रूरी है। यह खुलासा सोनकच्छ में लाडली बहना योजना के कार्यक्रम में हुआ। 54 गांवों के बदलेंगे नाम देवास जिले में 54 गांवों के नाम बदलने की चर्चा जोरों पर है। ये नाम ज़्यादातर उर्दू मूल के हैं। बीजेपी नेताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन नामों को बदलने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह योजना सरकार के विचाराधीन है और जल्द ही इन गांवों के नए नाम लागू कर दिए जायेंगे। यह मामला मध्य प्रदेश में उर्दू नाम वाले गांवों के नाम बदलने के चल रहे विवाद का हिस्सा है। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने रखी थी मांग देवास बीजेपी जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने 54 गांवों के नाम बदलने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि ऐसा करना भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना की दिशा में एक अहम कदम होगा। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर तुरंत सहमति जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उर्दू शब्द वाले गांव के नाम बदलने की योजना सरकार के सामने प्रस्तावित है। इन गांवों के नाम जल्द बदल दिए जाएंगे। इन गांवों के बदलेंगे नाम प्रस्तावित नाम परिवर्तनों में मुरादपुर को मुरलीपुरा, हैदरपुर को हीरापुर, शमशाबाद को श्यामपुर, आमला ताज को आमला सिरमौर, हाजीपुर को हर्षपुर, रांडीपुरा को रानीपुर, इस्माइल खेड़ी को ईश्वर खेड़ी, जलालखेड़ी को शिवगढ़, मोची खेड़ी को मोहनपुर, इस्लामनगर को ईश्वर नगर, घटिया गयासुर को देवधाम घटिया, पीर पाडल्या को पवन पाडल्या, चांदगढ़ को चंद्रगढ़, खोन पूर पिपलिया को फॉर्म पिपलिया, मोहम्मदपुर को मोहनपुर, अजीज खेड़ा को अजीत खेड़ा, आजमपुर को अवधपुरी, अलीपुर को रामपुर और बापचा नायता को वापचा पुरा करने जैसे बदलाव शामिल हैं। मिर्जापुर कहलाएगा मीरपुर इसके अलावा, नबीपुर को नयापुरा, मिर्जापुर को मीरपुर, अकबरपुर को अंबिकापुर, सालम खेड़ी को सावन खेड़ी, निजामडी को नीमखेड़ी, फतेहपुर खेड़ा को विजयपुर खेड़ा, फतेहपुर को विजयपुर, कल्लू खेड़ी को कालू खेड़ी, मोहम्मद खेड़ा को मोहन खेड़ा, निपानिया हूर को निपानिया हर, मोहम्मदपुर को गंगानगर, मिर्जापुर को मीरा नगर, नसीराबाद को द्वारकापुरी, रसूलपुर को रामपुर करने का प्रस्ताव भी है। हालांकि, एक नज़र में देखा जाए ज़्यादातर ऐसे गांवों के नाम बदले गए हैं, जिनके नाम उर्दू-अरबी में हैं या कोई इस्लामिक नाम हैं. देवास में ही जिन 54 गांवों के नाम बदलने  का अनुरोध जिलाध्यक्ष ने किया था, उनका नाम मुरादपुर, हैदरपुर, शमशाबाद और इस्लाम नगर है.  मुख्यमंत्री को जिलाध्यक्ष ने वर्तमान नाम के साथ प्रस्तावित नाम भी लिख कर दिए. जैसे कि मुरादपुर का मुरलीपुर, हैदरपुर का हीरापुर, शमशाबाद का श्यामपुर, इस्माइल खेड़ी का ईश्वरपुर, अलीपुर का रामपुर, नबीपुर का नयापुरा और मिर्ज़ापुर का मीरापुर.   BJP जिलाध्यक्ष ने CM के निर्णय को गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने और गौरवमय भारतीय संस्कृति को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया.  कुछ और प्रस्तावित नाम परिवर्तन इस प्रकार हैं: इस्लाम खेड़ी को ईश्वरपुर, पिपलिया जान को खेड़ा पिपलिया, मौला को मोहनपुर, मिर्जापुर को मीरापुर, संदलपुर को चंदनपुर, सलामतपुर को श्रीरामपुर, सिकंदर खेड़ी को शिव खेड़ी, दावत को देवनगर, और कांटा फोड़ को कांता फोड़। यह बदलाव भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। पीपलरावां में कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने देवास जिले के 54 गांवों की लिस्ट प्रस्तुत करते हुए उनके नाम बदलने का आग्रह किया। उनके प्रस्ताव को सीएम ने स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में राजस्व मंत्री और कलेक्टर को जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश भी दे दिए। भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने बताया कि देवास जिले के इन गांवोें की पहचान बदलने के लिए सालों से मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनभावना का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार एमपी के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए संकल्पबद्ध है। बीजेपी जिलाध्यक्ष ने सीएम के निर्णय को गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने और गौरवमयी भारतीय संस्कृति को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया।

असुविधा से बचने श्रद्धालु, भीड़ और आवागमन की स्थिति की जानकारी लेकर बनाएं प्रयागराज का कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्रीय मंत्री अमित शाह समिट के समापन सत्र में होंगे शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव असुविधा से बचने श्रद्धालु, भीड़ और आवागमन की स्थिति की जानकारी लेकर बनाएं प्रयागराज का कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में आ रहे विदेशी उद्योग समूहों और वाणिज्यिक दूतावासों के साथ समन्वय के लिए 12 फरवरी को नई दिल्ली में होगी विशेष बैठक प्रयागराज आने-जाने वालों के लिए की जा रही हैं सभी व्यवस्थाएं असुविधा से बचने श्रद्धालु, भीड़ और आवागमन की स्थिति की जानकारी लेकर बनाएं प्रयागराज का कार्यक्रम जिला प्रशासन सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों का भी ले रहे हैं सहयोग विधानसभा वार विजन डाक्यूमेंट विकसित किए जाएं मंत्री और विधायकगण जनता से बेहतर संवाद के लिए विकसित करें वर्चुअल व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और समापन कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आने की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी 23 फरवरी को छतरपुर में कैंसर अस्पताल का भूमि-पूजन करेंगे। अगले दिन 24 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का शुभारंभ करेंगे। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारी जारी हैं। समिट में विदेशों से आने वाले उद्योग और व्यापार समूहों तथा विभिन्न देशों के वाणिज्यिक दूतावासों से बेहतर तालमेल और समन्वय के लिए 12 फरवरी को नई दिल्ली में विशेष बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली विधानसभा के चुनाव परिणाम, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में क्षेत्र के व्यवस्थित विकास और जनकल्याण को गति प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रयागराज कुंभ पहुंच रहे जन सैलाब के संदर्भ में कहा कि मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी अधिक है। रीवा की ओर से प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रीवा सहित मैहर, सतना, मऊगंज और सीधी में ठहरने, भोजन और छोटे बच्चों के लिए दूध-बिस्किट सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। शासकीय एजेंसियां, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से व्यवस्था में लगी हैं। चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए एंबुलेंस और डॉक्टर आदि की भी व्यवस्था है। वाहनों की पार्किंग, पुलिस की हाई-वे पेट्रोलिंग और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट आदि की व्यवस्था के परिणाम स्वरुप जाम की स्थिति में तुलनात्मक रूप से कमी आई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज से आने-जाने वालों की बड़ी संख्या को देखते हुए मार्गों के नियोजन, प्रयागराज प्रशासन से तालमेल और श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान लगाते हुए व्यवस्था की जा रही है। महाराष्ट्र सीमा पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों के आवागमन का प्रबंधन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज कुंभ जा रहे श्रद्धालुओं से भीड़ और आवागमन की स्थिति का गूगल सहित अन्य स्रोतों से जानकारी के आधार पर कार्यक्रम बनाने के आहवान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों से भी जन-सामान्य को इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा वार विजन डॉक्यूमेंट विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने मंत्री और विधायकगण को क्षेत्र के लोगों से बेहतर संवाद के लिए अपने-अपने स्तर पर वर्चुअल व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ ही राजधानी से भी अधिक प्रभावी तरीके से सतत् संपर्क बनाने में मदद मिलेगी।  

सीएम डॉ. यादव ने 3 करोड़ रुपए से खरीदी गई 4 सीवर कम जेटिंग मशीनों और पुरानी बसों को बस स्टॉप में तब्दील करने के कार्य का लोकार्पण किया

भोपाल CM डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार सुबह भोपाल के पहले हाईटेक पार्क ‘नमोवन’ के लिए भूमिपूजन किया।लालघाटी के पास वीआईपी रोड किनारे 3 एकड़ में 6.99 करोड़ रुपए से पार्क विकसित होगा। वहीं, अमृत-2.0 के तहत 400.27 करोड़ रुपए के सीवेज प्रोजेक्ट की शुरुआत भी की गई। सीएम डॉ. यादव ने सीवेज प्रोजेक्ट के कार्यों का भूमिपूजन किया। वहीं, 3 करोड़ रुपए से खरीदी गई 4 सीवर कम जेटिंग मशीनों और पुरानी बसों को बस स्टॉप में तब्दील करने के कार्य का लोकार्पण भी किया। मंत्री विश्वास सारंग, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पूर्व जिलाध्यक्ष सुमित पचौरी, राहुल कोठारी भी मौजूद रहे।भूमिपूजन/लोकार्पण से पहले पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री डॉ. एवं उपस्थित अतिथियों ने पुष्पांजलि भी अर्पित की। नमोवन में वह सबकुछ, जो आकर्षक का केंद्र बनाए लालघाटी चौराहे के पास VIP रोड पर 3 एकड़ जमीन है। यहीं पर ‘नमोवन’ बनेगा। यह पार्क सोलर लाइट से रोशन होगा, जबकि फूड, टेनिस और बैडमिंटन कोर्ट बनेंगे। फव्वारे और झूले भी रहेंगे। ताकि, यहां घूमने आने वालों को आकर्षक नजारा दिखाई दें। दावा है कि ये भोपाल का सबसे सुंदर पार्क होगा। एक साल से चल रही प्रक्रिया पिछले साल पार्क की डिजाइन बनी थी। फिर इसकी DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) अप्रूवल के लिए भेजी गई थी, जो मंजूर हो गई। पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री पं. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा भी लगेगी। बीजेपी जिलाध्यक्ष और एमआईसी मेंबर रविंद्र यति ने बताया, भूमिपूजन के साथ ही पार्क को डेवलप करने की प्रोसेस शुरू कर देंगे। भोपाल का सबसे सुंदर पार्क होगा यति ने बताया, ‘नमोवन’ राजधानी का सबसे सुंदर पार्क होगा। लालघाटी चौराहे पर पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा जिस जगह पर लगी है, उसके पास ही पार्क को विकसित करेंगे। अटलजी की प्रतिमा भी पार्क में लगेगी। अवैध कब्जे का डर, इसलिए बनाया प्लान जिस जगह पर पार्क विकसित किया जाना है, वह अभी अनुपयोगी है। ऐसे में इस पर अवैध कब्जा होने की आशंका है। इसलिए निगम ने जमीन पर पार्क डेवलप करने का प्लान बनाया। सुंदरता के लिए पौधे लगाएंगे यति ने बताया, पार्क की सुंदरता बढ़ाने के लिए तीन तरह के पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। जिसमें फलदार, छायादार पौधे भी शामिल हैं। करीब 100 किस्म के फूलों के पौधे भी लगेंगे।

महाकुंभ में प्रदेश से जा रहे श्रद्धालुओं को सुगम यातायात, रहने और भोजन सहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयागराज महाकुंभ में मध्यप्रदेश से जा रहे श्रद्धालुओं को सुगम यातायात, रहने और भोजन सहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने (मुख्यमंत्री निवास) समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा संभाग अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रबंधों की जिलावार जानकारी भी ली। उन्होंने निर्देश दिए की महाकुंभ की अवधि तक आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखी जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देह दान करने वाले व्यक्तियों का राजकीय सम्मान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं का पूरा ध्यान रखने के संबंध में रीवा, सीधी, मैहर, सतना, मऊगंज जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से चर्चा कर आवश्यक प्रबंध रखने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी रीवा से चर्चा में शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे। आपदा प्रबंधन अच्छा हुआ है, माघ पूर्णिमा पर भी अच्छे रहें प्रबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा है। इस दिन गंगा जी में स्नान और दान पुण्य के कार्य शुभ माने गए हैं, श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रयागराज जाना चाहेंगे। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले के प्रशासनिक अमले ने कुशलतापूर्वक आपदा प्रबंधन कार्य किया है। आने वाले दिनों में भी ऐसी व्यवस्थाएं बनाई रखी जाएं। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का पूरा सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दूरदर्शिता के लिए जनप्रतिनिधियों ने दिया धन्यवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में रीवा संभाग के जिलों में महाकुंभ के लिए जा रहे यात्रियों को सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में रीवा संभाग के जन-प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और कार्यशैली की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि 29 जनवरी को प्रयागराज में तीर्थयात्रियों की संख्या पहली बार बढ़ने पर उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में रैन बसेरे सहित भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य की देखभाल का कार्य अच्छी तरह संपन्न हुआ। इन व्यवस्थाओं से आपदा की स्थिति नहीं बनी। वाहनों को होल्ड पर रखने और क्रमश: रवाना करने की व्यवस्था रीवा संभाग सहित जबलपुर संभाग के जिलों में भी की गई।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश     प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।     चित्रकूट में भी यात्रियों के रहने और भोजन की व्यवस्था की जाए।     मैहर एवं स्थानीय धार्मिक महत्व के स्थानों पर भी आवश्यक प्रबंध के लिए सामाजिक संस्थाओं से सहयोग प्राप्त किया जाए।     अधिक संख्या में जा रहे श्रद्धालुओं की स्थिति को देखते हुए समाधान निकालें। आवश्यक हो तो     कंट्रोल रूम बनाएं। इस कार्य में ढिलाई ना बरती जाए।     यात्रियों के लिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ भी उपलब्ध रहे।     पूर्व में किए गए प्रबंध संतोषजनक हैं। आगे भी ऐसे ही प्रबंध प्रयागराज महाकुंभ के पूर्ण होने तक जारी रहें।  

एकात्म मानव दर्शन तथा अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन

11 फरवरीः पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि विशेष डॉ. मोहन यादव भोपाल व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण का दर्शन देने वाले विलक्षण व्यक्तित्व के धनी, एकात्म मानव दर्शन तथा अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसे ऋषि-राजनेता रहे जिन्होंने राजनैतिक चिंतन के लिए एकात्म मानवदर्शन का सूत्र दिया और शासन की नीतियां बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। दीनदयाल जी जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्र जीवन दर्शन के दृष्टा हैं। पंडित जी द्वारा लगाए गए जनसंघ के पौधे का विस्तार विचार के रूप में देश ही नहीं दुनिया में भी हुआ है। उन्होंने एक ऐसी राजनैतिक धारा निर्मित की जिसका लक्ष्य राष्ट्र निर्माण है। उनका मानना था कि राजनीति सत्ता के लिए नहीं अपितु समाज की सेवा के लिए हो, स्वतंत्रता के साथ भारत राष्ट्र की यात्रा भारतीय दर्शन के अनुरूप होनी चाहिए। पंडित जी ने भारत के भविष्य की कल्पना वेदों में वर्णित चार पुरुषार्थ-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के आधार पर की थी। यह चारों पुरुषार्थ मन, बुद्धि, आत्मा और शरीर के संतुलन से संभव है। इससे ही एक आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। पहला पुरुषार्थ धर्म है जिसमें शिक्षा, संस्कार और व्यवस्था है तो दूसरे अर्थ में साधन, संपन्नता और वैभव आता है। अर्थ उपार्जन सही तरीके से हो, इसके लिये पंडित दीनदयाल जी ने मानव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस तरह धर्मानुकूल, अर्थात उचित मार्ग से अर्थ उपार्जन करने का मार्ग प्रशस्त किया। तीसरा पुरुषार्थ है काम, जिसमें मन की समस्त कामनाएं शामिल हैं। मनुष्य को संतुलित, समयानुकूल और सकारात्मक स्वरूप में कार्य करना चाहिए। चौथा पुरुषार्थ है मोक्ष, अर्थात संतोष की परम स्थिति। यदि व्यक्ति संतोषी होगा तो वह समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बन सकता है। इन चार पुरुषार्थों की अवधारणा के अनुसार, यदि व्यक्ति और समाज को विकास के अवसर दिये जायें तो स्वावलंबी और समर्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है। पंडित दीनदयाल जी ने राष्ट्र निर्माण और भविष्य की संकल्पना को लेकर गहन चिंतन किया, जिसमें भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप राष्ट्र की चित्ति से विराट तक की कल्पना थी। उनके विकास का आधार एकात्म मानव दर्शन है। इसमें संपूर्ण जीवन की रचनात्मक दृष्टि समाहित है। उन्होंने विकास की दिशा को भारतीय संस्कृति के एकात्म मानवदर्शन के मूल में खोजा। हमारी संस्कृति संपूर्ण जीवन, संपूर्ण सृष्टि का समग्र विचार करती है। यही एकात्म भाव व्यष्टि से समष्टि की रचना करता है। यही पंडित दीनदयाल जी के विकास का व्यापक पक्ष है, सार्वभौम है, प्रासंगिक है। इसमें श्रीकृष्ण के वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा से लेकर आज के ग्लोबलाइज्ड युग का समावेश है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में पंडित दीनदयाल जी की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है। दीनदयाल जी का मानना था कि अर्थव्यवस्था जितनी विकेन्द्रीकृत होगी उतनी नीचे तक जाएगी और यही स्वदेशी भाव के साथ सृजन का आधार होगा। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत के आर्थिक विकास को लेकर जो कदम उठाये जा रहे हैं उसके मूल में दीनदयाल जी का अर्थदर्शन ही है। पंडित दीनदयाल जी ने भारत की कृषि, उद्योग, शिक्षा और आर्थिक नीति कैसी हो इन सबका विस्तार में उल्लेख किया है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने दीनदयाल जी के आर्थिक चिंतन को धरातल पर उतारा है। उनके मार्गदर्शन में हम विरासत से विकास की अवधारणा को लेकर आगे बढ़ रहे हैं जो अंत्योदय लक्ष्य को पूर्ण करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। दीनदयाल जी का कहना था कि जब तक अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का कल्याण नहीं हो जाता तब तक विकास सही अर्थों में संभव नहीं है। इसी भाव को धरातल पर उतारते हुए मध्यप्रदेश में 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इससे प्रदेश के हर अंचल, हर क्षेत्र के लोगों की आवश्यकता, क्षमता, मेधा और दक्षता को अवसर मिलेगा। प्रदेश का हर व्यक्ति इससे जुड़ेगा और विकास की धारा में शामिल होगा। यह समिट एक तरफ जहां प्रदेश के कोने-कोने से और गांव-गांव से लोगों को उद्योग से जोड़ेगी वहीं विश्व पटल पर उनके उत्पादों को पहचान दिलायेगी। इसके लिये हमने यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा की है। हैदराबाद, कोयंबटूर तथा मुंबई में रोड-शो कर उद्योगपतियों को निवेश के लिये आमंत्रित किया है। क्षेत्रीय से लेकर ग्लोबल स्तर तक उद्योग के लिये किया गया यह पहला नवाचार है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हम 24-25 फरवरी 2025 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर रहे हैं। यह समिट दीनदयाल जी के स्वदेशी और विकेन्द्रीकरण के चिंतन को सार्थक करेगी। हमारे उद्योग और व्यवसाय की श्रृंखला में अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ पायेगा और अंत्योदय का लक्ष्य पूर्ण होगा। दीनदयाल जी ने विकास को लेकर कल्पना की थी कि विश्व का ज्ञान और आज तक की अपनी संपूर्ण परंपरा के आधार पर हम गौरवशाली भारत का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है, स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक देश को विश्व की सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित करना। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाने के लिये लोकल से ग्लोबल को जोड़ने का जो प्रयास किया है उसके परिणाम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में दिखाई देंगे। मुझे विश्वास है कि हमारा यह प्रयास पंडित दीनदयाल जी के आर्थिक विकास के चिंतन अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनपद पंचायत उज्जैन की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती भंवरबाई के पद ग्रहण में वर्चुअली हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है। यह सब बिंदु, क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। पंचायत प्रतिनिधि, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। जनपद क्षेत्र में सुव्यवस्थित विकास गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उज्जैन जनपद पंचायत की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती भंवरबाई दुले सिंह जी चौधरी के उज्जैन जनपद में हुए पद ग्रहण समारोह को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचकोशी यात्रा की व्यवस्था के लिए एक करोड़ रुपए, क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़ रुपए तथा उज्जैन जनपद में जिन पंचायतों के भवन नहीं हैं, वहां पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनपद पंचायत उज्जैन द्वारा ग्राम पंचायत भवनों के सौंदर्यीकरण के लिए किए गए कार्य की सराहना की, उन्होंने कहा कि इससे अधिकारी कर्मचारियों के ग्रामीण क्षेत्र में रात्रि विश्राम में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृद्ध जनों को आयुष्मान कार्ड तथा प्रधानमंत्री आवास के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जनपद पंचायत उज्जैन द्वारा मैरिज गार्डन, गौशाला को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने, पारधी समुदाय की महिलाओं के लिए सिलाई केंद्र संचालित करने और शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग तथा सोलर लाइट लगाने जैसे नवाचार के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सराहना की। जनपद पंचायत उज्जैन में हुए कार्यक्रम में जिलाधिकारी तथा पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश में विद्यार्थियों को सरकार उनकी पसंद का पेट्रोल या ई-स्कूटी देगी, CM मोहन यादव का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मेधावी विद्यार्थियों के लिए सरकार की तरफ से जो स्कूटी दी जा रही है, उसके लिए कोई टेंडर (ठेका) नहीं निकलेगा। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि मेधावी छात्र-छात्राएं अपनी पसंद की स्कूटी सीधे ले सकेंगे चाहे वो पेट्रोल या इलेक्ट्रिक हो। यह बयान कांग्रेस के उस आरोप के बाद आया है कि जिसमें विपक्षी दल ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने अब तक स्कूटी बांटने के लिए टेंडर नहीं किया है। मोहन यादव ने बुधवार को 10 छात्र-छात्राओं को स्कूटी देकर इस योजना की औपचारिक शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया था कि राज्य बोर्ड की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वालों को राज्य सरकार तोहफे में स्कूटी देगी। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 2023-24 की 12वीं बोर्ड की परीक्षा में कुल 7900 छात्र-छात्राओं को इस योजना के लिए चुना गया है। कांग्रेस ने एक्स पर एक ट्वीट में आरोप लगाया था कि अब तक मात्र 50 विद्यार्थियों को स्कूटी मिली है जबकि बाकी को सिर्फ मंजूरी का पत्र मिला है क्योंकि स्कूटी बांटने के लिए टेंडर ही नहीं हुआ है। सीएम मोहन यादव ने कहा- “मुझे खुशी है कि राज्य भर में मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी मुहैया कराने से बढ़िया माहौल है। कुछ लोगों ने भ्रम फैलाया है कि टेंडर के बाद स्कूटी दी जाएगी। कोई टेंडर नहीं होगा। विद्यार्थियों को सीधे उनकी पसंद की पेट्रोल या ई स्कूटी दी जाएगी। मुझे उम्मीद है कि विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाएंगे और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देंगे। इसके अलावा हम व्यवस्था कर रहे हैं कि इसी तरह विद्यार्थियों को लैपटॉप भी जल्द ही उपलब्ध करा दिया जाए।”

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ताप्ती नदी परियोजना के लिए जल्द ही समझौता करेंगे: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज योजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रीचार्ज परियोजना है। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना का अवरोध अब दूर हो गया है तथा हम शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ चर्चा कर करार करने की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मंत्रालय में ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज एवं कन्हान उप कछार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक अर्चना चिटनीस, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केन्द्र सरकार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन और कन्हान उप कछार में मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित कन्हान (जामघाट) बहुउद्देशीय परियोजना में मध्यप्रदेश के जल हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए महाराष्ट्र राज्य से सतत संवाद कर दोनों परियोजनाओं के‍क्रियान्वयन में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्य प्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हेक्टेयर भूमि उपयोग में लाई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अपने विकास की यात्रा में सभी सेक्टर्स में लगातार काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उनकी भावना के अनुसार हम मध्यप्रदेश की नदियों का आसपास के राज्यों से सुखद और दोनों राज्यों के हितों के बंटवारे के क्रम को लगातार बनाए हुए हैं। हमारे राज्य के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, पीने के पानी के साथ-साथ औद्योगीकरण के लिए भी पर्याप्त पानी दिया जा सके और राज्यों के बीच में भी हमारा सुखद और सौहार्द्र बना रहे, इस निमित्त से हम वर्षों से लंबित जल बंटवारे के मसलों को हल करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में आज हम महाराष्ट्र के साथ नदी जल बंटवारे के मसले के निराकरण के लिए प्राथमिक चरण की चर्चा के लिए आगे बढ़े हैं। महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री की भी यही भावना है। वे भी चाहते हैं कि मध्यप्रदेश के साथ ताप्ती और कन्हान नदी की जो नदी जल परियोजनाएं वर्षों से लंबित थीं, उनके निराकरण के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मार्गदर्शन और उनके परामर्श से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के पूरा होने पर मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हेक्टेयर भू-क्षेत्र और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से म.प्र. के बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा की कुल चार तहसीलें लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी प्रकार कन्हान उपकछार में जल उपयोगिता के लिए मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित छिंदवाड़ा कॉम्पलेक्स बहुउद्देशीय परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर शहर को भी पानी मिलेगा और हमारे छिंदवाड़ा जिले के कृषि क्षेत्र में भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही बल्कि नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारी आपस में संवाद करेंगे और इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री सिलावट और विधायक चिटनीस ने निमाड़ क्षेत्र की जीवन रेखा बदलने वाली ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों की संयुक्त परियोजना के रूप में प्रस्तावित है। इस योजना से मध्यप्रदेश के 1,23,082 हेक्टेयर क्षेत्र में एवं महाराष्ट्र के 2,34,706 सेक्टर में सिंचाई प्रस्तावित है. योजना में भूजल भंडारण का विस्तार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा जिलों की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा तहसीलें लाभान्वित होंगी. इस योजना के अंतर्गत पूर्व में पारंपरिक भंडारण हेतु 66 टीएमसी क्षमता का जल भराव बाँध प्रस्तावित किया गया था, जिससे 17 हज़ार हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित हो रही थी, जिसमें वन भूमि एवं बाघ अभ्यारण की भूमि भी शामिल थी। इसके अलावा 73 गांव की लगभग 14 हजार जनसंख्या भी प्रभावित हो रही थी। अब इस अवरोध को दूर करते हुए पारंपरिक जल भंडारण के स्थान पर भूजल पुनर्भरण योजना द्वारा जल भंडारण प्रस्तावित किया गया है। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से चार जल संरचनाएं प्रस्तावित हैं खरिया गुटीघाट बांध स्थल पर लो डायवर्सन वियर यह वियर दोनों राज्यों की सीमा पर मध्य प्रदेश की खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं महाराष्ट्र की अमरावती तहसील में प्रस्तावित है. इसकी जल भराव क्षमता 8.31 … Read more

मुख्यमंत्री यादव ने प्रयागराज महाकुंभ में लगाई आस्था की डुबकी, प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

भोपाल /जयपुर /प्रयागराज सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज प्रयागराज महाकुंभ में संगम में पवित्र स्नान किया। वे अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे। संगम में स्नान करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ‘मां गंगा मां यमुना की कृपा है। प्रयागराज सब तीर्थों का राजा है। यहां कुंभ स्नान कई जन्मों के पुण्य से मिलता है। मैं यहां मध्य प्रदेश की जनता, विशेष रूप से युवाओं की भलाई, बेरोजगारों के रोजगार और समाज के हर वर्ग के सौभाग्य और खुशहाली की प्रार्थना कर रहा हूं’। उन्होंने इसे सनातन धर्म के लिए गौरवशाली क्षण बताते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम ऐसे अलौकिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आने वाले समय में उज्जैन में होने वाले कुंभ के लिए भी यहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इससे पहले अधिकारियों का दल भी यहां आ चुका है और अब मैं स्वयं भी साधु संतों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करूंगा। सीएम भजनलाल शर्मा अपनी पूरी कैबिनेट और विधायकों के साथ कुंभ पहुंचे हुए हैं। कुंभ के लिए करीब 115 मंत्री और विधायक जयपुर एयरपोर्ट से सुबह साढ़े सात बजे निकले थे। कुंभ क्षेत्र में घूमने के बाद हनुमान मंदिर के दर्शन भी मंत्री और विधायकों ने किए। तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम भजनलाल शनिवार अपने विधायकों के साथ कुंभ क्षेत्र में ही रात में ठहरेंगे। फिर रविवार को दोपहर सभी के जयपुर लौटने का कार्यक्रम है। एम मोदी जो कहते हैं वो करते हैं कुंभ क्षेत्र में पहुंचने के बाद सीएम भजनलाल ने दिल्ली चुनावों में बीजेपी की जीत पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को लेकर आमजन में विश्वास है। उनको लगता है कि पीएम मोदी जो कहते हैं वो करते हैं। इस वजह से दिल्ली की जनता ने भी देश की राजधानी में डबल इंजन की सरकार को चुना है। प्रदेशवासियों की ओर से लगाऊंगा आस्था की डुबकी वहीं, एमपी के सीएम मोहन यादव ने कहा कि मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं और यहां सभी प्रदेशवासियों की ओर से आस्था की डुबकी लगाऊंगा। मेरी ओर से उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री जी को शुभकामनाएं देता हूं, जिन्होंने इस भव्य महाकुंभ का कुशलता से आयोजन किया। वहीं, सीएम मोहन यादव ने दिल्ली चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि आप और कांग्रेस की असलियत को जनता जान गई है और आज उनके फैलाये कीचड़ में भी कमल खिला है। मध्य प्रदेश के कल्याण और खुशहाली की प्रार्थना इसी के साथ उन्होंने महाकुंभ की व्यवस्थाओं के लिए यूपी सरकार को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मैं एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई देता हूं। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने बहुत अच्छी व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री जी भी यहां स्नान करके गए हैं, गृहमंत्री जी भी यहां आ चुके हैं। यहां मध्यप्रदेश का पंडाल भी लगा है और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी चल रहे हैं। 2028 में उज्जैन में कुंभ मेला लगेगा, उसकी तैयारियों के लिए अधिकारियों का दल भी प्रयागराज आ चुका है। आज मैं स्वयं यहां आया हूं..साधु संतों से मार्गदर्शन लेंगे और आशीर्वाद भी लेंगे। मैं प्रदेशवासियों के लिए मां गंगा से प्रार्थना करूंगा।’ मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं : यादव संगम पहुंचने से पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं। यहां सभी प्रदेशवासियों की ओर से आस्था की डुबकी लगाने। मेरी ओर से उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुभकामनाएं। जिन्होंने इस भव्य महाकुंभ का कुशलता से आयोजन किया। अनुराग ठाकुर ने पत्नी के साथ लगाई डुबकी पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर ने भी संगम में स्नान किया। ठाकुर के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं। अनुराग ठाकुर ने कहा- पुण्य धरा प्रयागराज में महाकुंभ के पावन अवसर पर पुण्य सलिला मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की दिव्य धाराओं के संगम तट पर सपरिवार पवित्र स्नान, पूजा-अर्चना कर सर्वकल्याण की कामना की। मां गंगा, यमुना और सरस्वती के शुभाशीष से आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि व सौभाग्य का वास हो। मौनी अमावस्या पर 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया था स्नान जानकारी के मुताबिक, ‘‘सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर डुबकी लगाई। एक फरवरी और 30 जनवरी को दो-दो करोड़ से अधिक और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में डुबकी लगाई।” पीएम मोदी समेत इन्होंने किया संगम स्नान महाकुंभ में अभी तक संगम में स्नान करने वाले अति विशिष्ट व्यक्तियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ (मंत्रिमंडल समेत) शामिल हैं। इनके अलावा प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, श्रीपद नाइक, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति, असम विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी समेत कई लोग शामिल हैं। आगामी 10 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भी महाकुंभ आकर संगम स्नान करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।  

सीएम मोहन यादव ने कहा प्रधानमंत्री मोदी का जनता से जुड़ाव, बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत और देश के बदलते मिजाज के कारण पार्टी लगातार जीत रही

इंदौर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में रात्रि विश्राम करने के बाद शनिवार को प्रयागराज रवाना हुए। सीएम प्रयागराज महाकुंभ में वीआईपी घाट त्रिवेणी संकुल पर गंगा स्नान के बाद विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेंगे। वह दिनभर महाकुंभ में रहेंगे और अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक, सीएम दोपहर करीब 12:15 बजे वीआईपी घाट त्रिवेणी संकुल पहुंचेंगे और रात्रि 10 बजे भोपाल लौट आएंगे। इंदौर में रवाना होने से पहले उन्होंने दिल्ली में बीजेपी की जीत पर खुशी जाहिर की और पार्टी नेताओं को मिठाई खिलाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनता से जुड़ाव, बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत और देश के बदलते मिजाज के कारण पार्टी लगातार जीत रही है।   विपक्ष पर किया हमला सीएम मोहन यादव ने विपक्ष पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि टुकड़े-टुकड़े गैंग अपनी ओछी मानसिकता से देश और प्रदेश को वर्षों से गुमराह करता आ रहा है, लेकिन जनता अब सच्चाई जान चुकी है। विपक्षी पार्टियां लगातार हार का सामना कर रही हैं, क्योंकि उन्होंने हमेशा जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया। बीजेपी हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद आने वाले चुनावों में भी केंद्र की तरह ही जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब समाज को बांटने के लिए अलग-अलग विचारधाराएं फैलाई गई थीं, लेकिन अब सच्चाई जनता के सामने है।   कीचड़ में खिला कमल सीएम ने आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अब आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता उनकी असलियत पहचान चुकी है और बीजेपी का विजयी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि फैले हुए कीचड़ में कमल खिल रहा है और यह बीजेपी की मजबूत पकड़ और जनता के समर्थन का प्रमाण है।  

CM मोहन आज महाकुंभ में डुबकी लगाएंगे, पूरे दिन रहेंगे व्यस्त, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

भोपाल  प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में वीआईपी कल्चर जारी है। हालाकिं, अबतक यहां 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके हैं। इस बीच खबर सामने आई है कि, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शनिवार को प्रयागराज दौरे पर हैं। वो महाकुंभ में हिस्सा लेंगे। इस मौके पर वह वीआईपी घाट त्रिवेणी शंकुल में डुबकी लगाएंगे और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेंगे।  मिली जानकारी के अनुसार, सीएम डॉ. मोहन यादव आज दिनभर महाकुंभ में ही रहेंगे और अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। ऐसे में सीएम के दौरे के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, सीएम दोपहर करीब 12:15 बजे वीआईपी घाट त्रिवेणी शंकुल पहुंचेंगे और महाकुंभ में डुबकी लगाएंगे। सीएम आज पूरा दिन महाकुंभ में ही रहेंगे और अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रयागराज से रात 10 बजे वो भोपाल पहुंचेंगे। 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद बता दें कि, इस बार महाकुंभ में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में डुबकी लगाने की उम्मीद है. हर 12 साल में आयोजित होने वाले इस कुंभ में 144 साल बाद विशेष संयोग देखने को मिल रहा है, क्योंकि अब तक कुल 12 कुंभ आयोजित हो चुके हैं। इस खास मौके को देखते हुए इसे महाकुंभ कहा जा रहा है और इसमें आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अब तक के किसी भी कुंभ से ज्यादा होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं की गिनती के लिए हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल किया है और इस बार लोगों की गिनती एआई आधारित कैमरों के जरिए की जा रही है।

कुछ लोग शिकायत करते हैं कि मेरा पुलिस से ज्यादा प्रेम है, लेकिन ये सच है कि पुलिस 24 घंटे काम करती है: CM यादव

 भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में IPS मीट का शुभारंभ किया. इस अवसर पर सीएम ने प्रदेश के आला IPS अधिकारियों को संबोधन में कहा कि कुछ लोग शिकायत करते हैं कि मेरा पुलिस से ज्यादा प्रेम है. लेकिन ये सच है कि पुलिस 24 घंटे काम करती है. किसी भी घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया पुलिस को ही देना पड़ती है. परेशानी में पुलिस ही भगवान नजर आती है. पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है. जो काम पुलिस के नहीं हैं, उनमें भी पुलिस से मदद की उम्मीद की जाती है. जाति से किसी को अपराधी न समझें CM यादव ने कहा कि कई जातियों को हमने आपराधिक घोषित कर दिया है. लेकिन हमारी ये मानसिकता अंग्रेजों के वजह से हो गई. जबकि ऐसे लोगों का उपयोग सही तरीके से किया जाए तो ये बहुत काम के हो सकते हैं. उन्होंने उदाहरण दिया कि नट जाति के लोगों से पहले गुप्तचर का काम लिया जाता था, अपनी कला-कौशल के बल पर वे बहुत काम आते थे. इसीलिए पुलिस को अपनी मानसिकता में भी परिवर्तन लाना होगा. सबके अधिकारों की रक्षा ही सच्ची पुलिसिंग मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को पुलिसिंग की भावना का सही अर्थ समझाने के लिए उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार किसान अपनी फसल में से कई वर्गों को उपज का हिस्सा देता है, उसी प्रकार पुलिस की भी ये भावना होनी चाहिए. जो हमें मिला, केवल वो हमारा नहीं है. पुलिस को मिला पॉवर सबका पॉवर है. सबके अधिकारों के लिए अपने पॉवर का इस्तेमाल करना ही सच्ची पुलिसिंग है. सीएम यादव ने कहा कि पुलिस के सामने चुनौती होती है कि कानून का पालन कराना है, दक्षता दिखानी है लेकिन ये वसंवेदनशीलता के साथ होना चाहिए. मुझे मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व है जिसने कई मामलों में अपनी अच्छी पोजीशन से बनाई है बम्होरीकला थाना प्रभारी का सम्मान टीकमगढ़ के बम्होरीकला थाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में सम्मिलित किया और एक्सीलेंस अवॉर्ड से पुरस्कृत किया गया था. इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मंडलोई और बम्होरीकला थाना प्रभारी रश्मि जैन को सम्मानित किया. CM ने दिए थानों को पुरस्कृत करने के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अंत में डीजीपी कैलाश मकवाना से कहा कि प्रदेश में भी पुलिस थानों को पुरस्कृत करने की परंपरा शुरू हो. उन्होने कहा कि जिस प्रकार केन्द्रीय गृह मंत्रालय थानों को पुरस्कृत करता है, इसी प्रकार के पैरामीटर पर मध्यप्रदेश में पुलिस थानों को प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पुरस्कृत करने की परंपरा शुरू करें. प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर थानों को पुरस्कृत किया जाए.  

मध्यप्रदेश के बाग प्रिंट शिल्पियों ने पुणे में विरासत हाट मेले में की भागीदारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के शिल्पियों को प्रोत्साहित करने एवं बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग शिल्पियों एवं हाथकरघा बुनकरों को देश के विभिन्न मेलों और उत्सवों में भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इससे प्रदेश की कला की देश में सराहना हो रही है। प्रदेश के बाग प्रिंट शिल्पियों ने पुणे में आयोजित विरासत हाट मेले में सहभागिता की। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिल्प गुरू मोहम्मद युसुफ खत्री और अब्दुल करीम खत्री ने भी भागीदारी की। प्रमुख हस्तियों ने शिल्पियों का मनोबल बढ़ाकर सराहना की। शिल्पियों का प्रदेश की बाग प्रिंट की लोक प्रियता महाराष्ट्र में फैलाते में अहम योगदान रहा।  

सीएम डॉ. मोहन यादव ने 7 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स को स्कूटी खरीदने राशि भेजी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रावीण्य सूची के बच्चों को स्कूटी का वितरण किया जा चुका है। अब बच्चे अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीद सकते हैं। इसके लिए सभी जिलों को राशि पहुंचा दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक समय में बच्चों के बौद्धिक विकास में लैपटॉप सहायक है, जल्द ही कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए राशि अंतरित की जाएगी। विद्यार्थियों को जो अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के बल पर उपलब्धि अर्जित कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहित करना राज्य शासन का दायित्व है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से जो विद्यार्थी प्रावीण्य सूची में आ रहे हैं उन्हें राज्य सरकार द्वारा स्कूटी और लैपटॉप प्रदान किए जा रहे हैं।  

तप, त्याग, सेवा, संयम, समर्पण जैसे शब्द विद्यासागर जी के व्यक्तित्व के सम्मुख छोटे लगते हैं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संत शिरोमणि आचार्य 108 विद्यासागर जी महामुनिराज की स्मृति में भोपाल में स्मृति स्थल विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति दिवस पर विधानसभा परिसर में आयोजित गुरु गुणानुवाद सभा में गुरु वंदना कर अतिशय पुण्य अर्जित करने पधारे समर्पित भक्तों का राज्य शासन की ओर से अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने अपने जीवन में सभी आवश्यक नियमों का पालन किया। संत परंपरा का अनुसरण करते हुए उनके प्रकृति के साथ संबंध, जीवन शैली, मानव सेवा और समाज को मार्गदर्शन के माध्यम से वे अपने जीवन काल में ही देवता के रूप में स्वीकारे जाने लगे। व्यक्तिगत जीवन में तप, संयम, त्याग, सेवा, समर्पण जैसे शब्द उनके व्यक्तित्व के सम्मुख छोटे पड़ जाते हैं। कार्यक्रम में सांसद भोपाल आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, विधानसभा के प्रमुख सचिव ए.पी. सिंह, जनप्रतिनिधि राहुल कोठारी तथा जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री का मुकुट और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट द्वारा कार्यक्रम में आयोजनकर्ताओं ने मुकुट तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिवादन किया। उनको शॉल भी सम्मानपूर्वक भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत शिरोमणि 108 विद्यासागर जी महाराज जी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित किया तथा मुनि108 प्रमाण सागर जी महाराज का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य विद्यासागर जी महाराज के जीवन और कृतित्व पर आधारित 25 पुस्तकों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्हें नेमावर में संत-के सानिध्य का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। साक्षात देवता के दर्शन के समान प्रतीत होता संत-का अलौकिक व्यक्तित्व जीवन को धन्य करने वाला था। जैन और सनातन दर्शन में आत्मा की भूमिका आवागमन की बताई गई है। यह माना जाता है कि वस्त्र बदलने के समान ही पवित्र आत्मा शरीर बदलती है। इस दृष्टि से यह मानना कि महाराज जी हमारे बीच नहीं है, व्यर्थ है। वास्तविकता यह है कि उन्हें स्मरण करने और मन की आंखों से देखने के क्षणिक प्रयास मात्र से ही आचार्य विद्यासागर जी के आस-पास होने की सहज अनुभूति होती है। उनके व्यवहार, स्वरूप और विचार के प्रभाव के परिणाम स्वरूप सभी व्यक्ति उन्हें अपना मानते थे। प्रदेशवासियों में संत-के प्रति इतने अपनत्व और आदर का भाव था कि यह किसी को अनुभूति ही नहीं होती थी कि वे कर्नाटक से हैं। संत-ने जीवन के कई क्षेत्रों में समाज को दिशा दी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने अपनी इच्छा शक्ति से जीवन के कई क्षेत्रों में समाज को दिशा दी। स्वरोजगार के क्षेत्र में जेल से लेकर समाज में महिलाओं को रोजगार देने का मार्ग प्रशस्त किया। गौ-माता की भी उन्होंने चिंता की तथा गौ-माता के माध्यम से लोगों के जीवन और प्रकृति में बदलाव के लिए गतिविधियों को प्रोत्साहित किया। इसी प्रकार किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में की गई उनकी पहल अनुकरणीय है। आचार्यने अपने विचार, भाव और कर्म से समाज को प्रकृति व परमात्मा के समान पुष्पित-पल्लवित, प्रेरित करने का कार्य किया। भारतीय जनतंत्र की सांस्कृतिक जड़ें, नई शिक्षा नीति का आधार है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत-का विचार था कि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा सभी के लिए सुलभ होना चाहिए। वे भाषाओं की समृद्धि पर विशेष ध्यान देते थे, उनका विचार था कि भाषाओं की विविधता की जानकारी से भारत की आंतरिक शक्ति में भी वृद्धि होती है और ज्ञान के लिए भाषाओं की समृद्धि आवश्यक है। गुणवत्ता शिक्षा के लिए प्रदेश में निरंतर प्रयास जारी हैं, इस क्रम में 55 एक्सीलेंस कॉलेज आरंभ किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार भारतीय जनतंत्र की सांस्कृतिक जड़ें, नई शिक्षा नीति का आधार है। इसी का परिणाम है की नई शिक्षा नीति में जैन दर्शन सहित भारतीय ज्ञान परंपरा के सभी विचारों को शामिल किया गया है। प्रदेश में खुले में मांस की दुकानों को भी बंद किया गया। तेज ध्वनि को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार संवदेनशील है। प्रदेश में शराब बंदी की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 17 धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू की गई। समाज में इस दिशा में सुधार की आवश्यकता है। देश और समाज के प्रमुख आयोजन तिथियों के आधार पर हों मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय संस्कृति में तिथियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय काल गणना देश के प्राचीन ज्ञान, कौशल के बल पर स्थानीय ऋतुओं और परिस्थितियों के अनुसार विकसित हुई, जिस पर सभी को गर्व है। देश और समाज के प्रमुख आयोजन तिथियों के आधार पर होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य 108 विद्यासागर जी महामुनिराज संत नहीं जीवित देवता हैं, उनका स्नेह, प्रेम, दुलार और आशीर्वाद सब पर बना रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मृति दिवस पर पधारे मुनि-के विचारों का श्रवण भी किया।  

औद्योगिक विकास के नये युग की ओर अग्रसर MP : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। निवेशकों को अधिक प्रभावी अवसर देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के प्रमुख 6 सेक्टर्स पर केंद्रित समिट के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर विशेषज्ञ चर्चाओं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा। देश का आकर्षक डेस्टिनेशन बनता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अद्वितीय भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन, विकसित बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां इसे निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बनाती हैं। शहरी विकास, पर्यटन, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई, ये सभी क्षेत्र अपनी असीमित संभावनाओं और अनुकूल वातावरण से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश न केवल देश का पहला डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है, बल्कि ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इन विभागीय समिट से सरकार निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन, संसाधनों की उपलब्धता और औद्योगिक ईको सिस्टम की मजबूती से अवगत कराएगी। इससे जीआईएस में होने वाली चर्चाएं वास्तविक निवेश प्रस्तावों में तब्दील हो सकेंगी। शहरी विकास समिट मध्यप्रदेश का शहरी बुनियादी ढांचा तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। राज्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब इसे एक आदर्श रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जीआईएस में शहरी विकास समिट के माध्यम से स्मार्ट और सतत् शहरों के निर्माण पर केंद्रित चर्चा होगी, जिससे नवाचार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिट मध्यप्रदेश को ‘भारत का दिल’ कहा जाता है और इसके धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौन्दर्य से पूर्ण पर्यटन क्षेत्र पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। खजुराहो, उज्जैन, साँची, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। पर्यटन समिट में हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने के लिए गहन चर्चा होगी।  माइनिंग समिट मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यह देश में डायमंड, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, कोयला, मैंगनीज और तांबे का प्रमुख उत्पादक है। पन्ना स्थित एशिया की एकमात्र डायमंड माइंस और विशाल कोयला भंडार राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। जीआईएस में माइनिंग समिट से खनन आधारित उद्योगों, मूल्यवर्धित प्र-संस्करण और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी। रिन्यूएबल एनर्जी समिट मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। रीवा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ग्रीन हाइड्रोजन में हो रहे विकास इसे नवकरणीय ऊर्जा निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जीआईएस में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए ठोस रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी। आईटी एंड टेक्नोलॉजी समिट मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। इंदौर आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी, स्टार्ट-अप ईको सिस्टम और उभरते एआई और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस में आईटी समिट के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी पार्क और नई टेक्नोलॉजीज पर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। एमएसएमई समिट मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी। प्रवासी समिट मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। साथ ही समिट मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी मिलेगा। इन विभागीय समिट से सरकार मध्यप्रदेश में निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। जीआईएस के इस नए स्वरूप से न केवल उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे। मध्यप्रदेश अब सिर्फ निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक भविष्य का निर्माण करने वाला प्रमुख राज्य बन रहा है।

मध्यप्रदेश को लगातार 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से नवाजा गया

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयास से कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। मध्यप्रदेश को वर्ष 2011-12 सें 2017-18 तक लगातार 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। मध्यप्रदेश वर्ष – 2011-12 से 2012-13 एवं 2014-15 में कुल खाद्यन्न केटेगरी के लिए 2013-14, 2015-16 एवं 2016-17 में गेहूं फसल के लिये और वर्ष 2017-18 में दलहन फसल के लिये कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। वर्ष- 2022 में मध्यप्रदेश के भू-अभिलेखों के एकीकरण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा फसल बीमा योजनांतर्गत कत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया गया है। प्रदेश में गेहूं, उड़द, मसूर, सोयाबीन, अल्सी, फसलों को क्षेत्राच्छादन सबसे अधिक है। मक्का और तिल के उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है।  

आनंद शिविर में भाग लेने देश की चार संस्थाओं में जा सकते हैं शासकीय सेवक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आनंद विभाग लोगों के जीवन को टेन्शन फ्री कर उनके जीवन में आनंद के लिए कार्य कर रहा है। शासकीय सेवकों में आनंद शिविर से सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए राज्य आनंद संस्थान द्वारा वर्तमान में देश की 4 संस्थाओं से एमओयू किया यगा है। इन संस्थाओं में द आर्ट ऑफ लिविंग फाउण्डेशन बैंगलूरू, इनिशिएटिव ऑफ चेंज पुणे, दशा (फाउंडेशन) गोगा सेन्टर कोयम्बटूर, हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट (कान्हा शान्तिवनम) हैदराबाद शामिल हैं। आनंद शिविर में भाग लेने के लिए आनंद विभाग की वेबसाइट WWW.anadsansthanmp.in के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। आनंद शिविर में पंजीयन करवाते समय शासकीय सेवकों को नियंत्रणकर्ता अधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी। आनंद शिविरों के माध्यम से व्यक्तियों को आनंद के साथ परिपूर्ण जीवन जीने की कला सीखने को मिलती है। चारों संस्थानों के साथ 5 आनंद शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें 184 प्रतिभागियों की सहभागिता रही।  

मुख्यमंत्री ने जेलों में बंदियों की सुरक्षा और सुधार गतिविधियों में तेजी लाने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब बंदियों को जमानत एवं जुर्माना अदा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को 25 हजार रुपए तक की जुर्माना राशि मंजूर की जाती है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने अबतक 31 बंदियों को जुर्माना एवं जमानत के रूप में 6 लाख 43 लाख 517 रुपए की राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 479 के प्रावधानों का पालन करने में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। इस धारा में यह प्रावधान है कि “जेल अधीक्षक, जेल में निरूद्ध अभियुक्त व्यक्ति के उपबंधित कारावास की आधार या एक-तिहाई अवधि पूर्ण होने पर, ऐसे व्यक्ति को जमानत पर निर्मुक्त करने के लिए संबंधित माननीय न्यायालय को कार्रवाई करने के लिए तुरन्त लिखित में आवेदन करेगा।” इस प्रावधान के तहत प्रदेश के 78 केदियों के प्रकरण न्यायालय की ओर भेजे गाए जिनमें से 46 केदियों के पक्ष में कार्यवाही हुई और वे रिहा कर दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों ही मामलों में प्रदेश के अव्वल रहने पर जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादवबुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग की समीक्षा बैठक को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राज्य की जेलों में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और उनके बौद्धिक एवं चारित्रिक सुधार की गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए। प्रदेश की सभी जेलों में जारी है ई-प्रिजन व्यवस्था बैठक में बताया गया कि प्रदेश की सभी जेलों में ई-प्रिजन व्यवस्था लागू है। इस व्यवस्था में बंदियों से संबंधित जानकारियों को निरंतर अद्यतन किया जाता है। ई-प्रिजन मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए (लीगेसी डाटा के साथ) अबतक कुल 13 लाख 17 हजार 303 आमद दर्ज की जा चुकी है। आईसीजेएस के माध्यम से 1लाख 31 हजार से अधिक बंदियों की जानकारी प्रविष्टि भी की जा चुकी है। बताया गया कि गत 1 जुलाई 2024 से अब तक नवीन आपराधिक कानून के अंतर्गत ई-प्रिजन पर 48 हजार 139 बंदियों की आमद हुई है। जेलों की क्षमता में वृद्धि के प्रयास भी किए जा रहे हैं। 15 नवम्बर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर भी सजा में छूट देकर समय पूर्व रिहाई का प्रस्ताव मान्य बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिवर्ष 15 नवम्बर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर बंदियों को समय पूर्व रिहाई किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए कहा कि अच्छे आचरण वाले बंदियों को इस विशेष दिवस पर विशेष परिहार प्रदान किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुली जेलों से बंदियों को स्वतंत्रता का अहसास होने का जिक्र कर प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल केवल सजा भुगतने की जगह नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी होनी चाहिए। उन्होंने जेलों में सुधारात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने बंदियों के लिए कौशल विकास, योग, आध्यात्मिक शिक्षा और काउंसलिंग जैसी योजनाओं को विस्तार देने पर बल दिया। इससे न केवल बंदियों का मानसिक एवं चारित्रिक विकास होगा, बल्कि उनकी समाज में पुनः सकारात्मक रूप से वापसी भी सुनिश्चित होगी। नवाचारों को दें प्रोत्साहन बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जेल सुधार कार्य में समाज की भी भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने जेलों में सामाजिक व धार्मिक संगठनों और विशेषज्ञों की मदद से सुधार कार्यक्रम चलाने की जरूरत बताई। राज्य सरकार बंदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास करेगी ताकि वे भविष्य में एक सम्मानजनक जीवन जी सकें। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं जीपी सिंह, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं मनीष सिंह, एडीजी अखेतो सेमा, अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक संजय पांडे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। विभागीय अधिकारियों ने विभाग की मौजूदा कार्यप्रणाली, गत एक वर्ष की गतिविधियों, उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी।  

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में विकास कार्यों पर हुआ विचार-विमर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मानस भवन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और अधिक विस्तारित करने का सुझाव दिया और संबंधितों को इस पर अमल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिष्ठान से रामायण, तुलसी साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने युवाओं और विद्वानों को जोड़ने के लिए चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। बैठक में प्रबंधकारिणी समिति के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, संयोजक राजेन्द्र शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य सुरेश पचौरी एवं कैलाश जोशी, समिति सदस्य एवं कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिष्ठान की आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को इस पहल से जोड़ा जाए, जिससे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों से भी रामायण और तुलसी साहित्य को अधिक लोगों तक पहुंचाये। उन्होंने आगामी आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने और इनसे जनसामान्य को जोड़ने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए सुझावों पर बैठक में गहनता से विचार-विमर्श किया गया। कार्याध्यक्ष शर्मा ने मानस भवन के सामने न रोड का चौड़ीकरण किये जाने और मानस भवन, हिंदी भवन और गांधी भवन के बीच अवैध निर्माण हटवाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कलेक्टर भोपाल को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिति को अवगत कराया कि सरकार प्रदेश में शराबबंदी पर गंभीरता से विचार कर रही है। गीता के ज्ञान और हमारी संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश में ‘गीता भवन’ बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. ने बताया कि हमारी सरकार पुण्यभूमि हरिद्वार जैसे प्रबंध अब महाकाल नगरी उज्जैन में भी कराने की ओर अग्रसर है। साधु-संतों, अखाड़ों और धर्मशालाओं को उज्जैन के सिंहस्थ मेला क्षेत्र में स्थायी प्रकृति के निर्माण कार्यों की अनुमति दी गई है। इससे स्थायी आश्रम, मठ, धर्मशालाएं, सत्संग स्थल बनाये जा सकेंगे। कलेक्टर ने समिति को अवगत कराया कि भोपाल में भी स्मार्ट सिटी रोड पर टीटी नगर के पास करीब एक एकड़ भूमि में गीता भवन बनाया जायेगा। समिति सदस्यों ने प्रतिष्ठान के विकास संबंधी विभिन्न विषयों/कार्यों के संबंध में मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों/सुझावों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र क्रियान्वयन का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तुलसी मानस प्रतिष्ठान की मासिक मुख पत्रिका “तुलसी मानस भारती’’ का विमोचन भी किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 के रोइंग प्रतियोगिता के लाइट वेट डबल स्कल्स इवेंट में मध्यप्रदेश की महिला खिलाड़ी रुक्मणि और पूनम के स्वर्ण पदक तथा रोइंग खेल के महिला-क्वाड्रापल इवेंट में संतोष यादव, खुशप्रीत, पूनम और रुक्मणि को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि भारत की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रुक्मणि और पूनम की इस उपलब्धि से पूरा प्रदेश गौरवान्वित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 के रोइंग प्रतियोगिता में पुरूषों के डबल स्कल लाइटवेट इवेंट में मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुशील और नितिन देओल के कांस्य पदक जीतने पर इन्हें भी बधाई देते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।  

मोहन सरकार का छात्रों को तोहफा, CM ने किया टॉपर्स को स्कूटी के बाद अब लैपटॉप देने का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के डॉ मोहन यादव सरकार स्कूटी के बाद अब मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत हाई सेकेंडरी की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने वाली है. फरवरी की 15 तारीख को लैपटॉप की सौगात विद्यार्थियों को मिल जाएगी. मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हायर सेकेंडरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी. यह योजना साल 2009 में शुरू हुई थी. उस समय 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की घोषणा की गई थी. इसके बाद सरकार ने अपने क्राइटेरिया में थोड़ी कमी लाते हुए बड़ा दिल दिखाया. सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी लैपटॉप की सौगात दी जाएगी. सरकार की घोषणा के बाद विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप का लाभ उठाया है. साल 2022-23 की बात करें तो 78,641 विद्यार्थियों को यह फायदा मिला था. इसके बाद इस साल लगभग 12,000 विद्यार्थियों का आंकड़ा बढ़ चुका है. इस बार लगभग 90,000 विद्यार्थियों को लैपटॉप की योजना का लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की है कि फरवरीमें लैपटॉप भी विद्यार्थियों को मिल जाएगा. उम्मीद की जा रही है कि 15 फरवरी से लैपटॉप दिए जाने की योजना अमली जामा पहनना शुरू कर देगी. ₹25000 देती है डॉ मोहन यादव सरकार मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार हाई सेकेंडरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25,000 की राशि देती है. इस साल इस योजना पर सरकार 225 करोड रुपये से ज्यादा की राशि खर्च करने वाली है. सरकार ने स्कूटी पर भी करोड़ों रुपये की राशि खर्च करते हुए विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया है.

कौन से कानून के तहत सीएम के कार्यक्रम में निगमायुक्त डीजल भरवाए? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सवाल

जबलपुर  मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सम्मान कार्यक्रम जबलपुर में रखा गया था, जिसमें बसों के डीजल का मामला कोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, सीएम के सम्मान कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित की गई बसों में भरे गए डीजल का अबतक भुगतान नहीं किया गया है, जिसके बाद एक पेट्रोल पंप संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. सीएम के कार्यक्रम के लिए 6 लाख का डीजल दरअसल, जबलपुर के आईएसबीटी बस स्टैंड के पास स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सुगम चंद्र जैन ने ये याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया था कि 3 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर में किया गया था. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम के खाद्य अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से आकर निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि निगमायुक्त ने उक्त निर्देश दिए थे. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में लगभग 6 लाख रु का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था. बिल भुगतान कराने के लिए की कई बार की मांग अगस्त 2024 में याचिकाकर्ता ने बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया. इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान के संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर भुगतान नहीं हुआ. एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि अधिग्रहित बस में डीजल भरने के लिए प्रशासन की ओर से पीओएल जारी किया गया था या नहीं? याचिकाकर्ता ने इसपर जवाब दिया कि सिर्फ मौखिक आदेश जारी किए गए थे. बिना पीओल कैसे भर दिया बसों में डीजल? एकलपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि बिना किसी प्राधिकरण के याचिकाकर्ता ने बसों में कैसे डीजल भरा? इसके साथ ही कोर्ट ने संयुक्त कलेक्टर, जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से एसोसिएशन व उसके सदस्य को पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कलेक्टर से मांगा जवाब कोर्ट ने इसके अलावा कलेक्टर से जवाब मांगा है कि किस कानून में यह लिखा है कि निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री की रैली में लगी बसों में डीजल भरवाए? एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला प्रतीत हो रहा है. इस संबंध में एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को हलफनामे में जवाब पेश करने के आदेश जारी किए हैं. एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की. पेट्रोल पंप से भरवाया गया छह लाख का डीजल याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आइएसबीटी बस स्टैंड के समीप याचिकाकर्ता का पेट्रोल पंप है। मुख्यमंत्री के सम्मान में तीन जनवरी, 2024 को जबलपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम आयुक्त ने खाद्य अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से भेजा था। अधिग्रहित बसों में लगभग छह लाख रुपये का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था। डीजल का भुगतान न होने के कारण उन्होंने निगमायुक्त से संपर्क किया। निगमायुक्त द्वारा बताया गया कि संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी के कार्यालय की ओर से बसों में डीजल भरवाने कहा गया था। याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं याचिकाकर्ता ने अगस्त, 2024 को बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान करने के संबंध में लिखित निर्देश दिए गए थे। शपथ पत्र के जरिए जवाब प्रस्तुत करें संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त ने पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने का निर्देश दिए। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस संबंध में जिला कलेक्टर शपथ पत्र के जरिए जवाब प्रस्तुत करें। इसके अलावा यह भी बताएं कि किस कानून में निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगी बसों में डीजल भरवाए। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा।

ई-मंडी योजना, ई-अनुज्ञा प्रणाली का विस्तारित रूप , मंडियों में योजना के लागू होने से मैनुअली संधारित रिकॉर्ड धीर-धीरे समाप्त हो रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के कल्याण एवं समस्याओं के निराकरण के लिये प्रतिबद्ध है। किसानों की उपज का भुगतान आसान बनाने के लिये प्रदेश में ई-अनुज्ञा प्रणाली लागू की गई है। कृषकों को इस प्रणाली से जोड़कर प्रत्येक भुगतान की एंट्री ई-अनुज्ञा पोर्टल पर हो रही है। व्यापारियों द्वारा इस प्रणाली का इस्तेमाल कर क्रय की गई कृषि उपज के परिवहन के लिये गेट पास बनाये जा रहे हैं। रिकॉर्ड संधारण में इस प्रणाली से बहुत लाभ हुआ है। ई-मंडी योजना, ई-अनुज्ञा प्रणाली का विस्तारित रूप है। मंडियों में इस योजना के लागू होने से मैनुअली संधारित रिकॉर्ड धीर-धीरे समाप्त हो रहा है। ई-मंडी योजना मंडी प्रांगण के अंदर कृषकों को प्रवेश से लेकर नीलामी, तौल और भुगतान की प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिकली कैप्चर करने की प्रक्रिया है। योजना को स्कॉच आर्डर ऑफ मेरिट वर्ष 2023 प्रदान किया गया है।      

MP में हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लिया जाएगा

मध्यप्रदेश में जापान की मदद से बनेगा हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में  हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि जापान सरकार से कनेक्टिंग के लिए मध्य प्रदेश में कार्यालय स्थापित होगा और हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लिया जाएगा। जापान के सहयोग से हाईस्पीड रेल कॉरिडोर  जापान सरकार से कनेक्टिंग के लिए मध्य प्रदेश में कार्यालय स्थापित होगा। हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लेंगे। कपास से कपड़ा, कपड़ा से रेडिमेड इंड्रस्ट्री में जापान सहयोग करेगा। ई-वी निर्माण में जापान सहयोग देगा। जापान के सहयोग से मध्यप्रदेश को बनाएंगे आइडियल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  कहा कि यात्रा में उन्होंने जापानी निवेशकों और उद्योगपतियों को भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेश करने की गहरी रुचि दिखाई है और कई प्रमुख कंपनियां आगामी समिट में हिस्सा लेंगी। उन्होंने जापान के विभिन्न उद्योगपतियों, निवेशकों के साथ बिजनेस टू बिजनेस (बी-टू-बी) और जापान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट (जी-टू-जी) मुलाकात की और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से बात की। जापान-मध्यप्रदेश औद्योगिक सहयोग फोरम की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली, जिससे प्रदेश में जल्द ही जापानी इंडस्ट्रियल पार्क, कौशल विकास केंद्र और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए जापान प्लस सेल की भी स्थापना की जाएगी, जो जापानी निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क और फॉलोअप करेगी। मुख्यमंत्री ने जापान के उद्योगपतियों और निवेशकों को फरवरी में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2025) में आमंत्रित किया, जिससे निवेश के नए अवसर खुलेंगे। जापान होगा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कंट्री पार्टनर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार जापान, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में कंट्री पार्टनर के रूप में शामिल होगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. यादव ने बताया कि जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल (रेडिमेड गारमेन्ट्स) सेक्टर में निवेश करने की इच्छा जताई है। जापानी कंपनियों का निवेश मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा। जापानी कंपनियों के सहयोग से हम प्रदेश को इन्वेस्टमेंट के लिए एक ‘आइडियल डेस्टिनेशन’ और ‘इंडस्ट्री फ्रेंडली स्टेट’ बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार उद्योगों के विकास के लिए बेहतर अधोसंरचनाएं, सरल निवेश नीतियां और निवेशकों को एक बेहद अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने जापानी निवेशकों को विश्वास दिलाया कि वे बेहिचक यहां निवेश करें, राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। इस सफल यात्रा से जापानी कंपनियों द्वारा मध्यप्रदेश में किया जाने वाला निवेश यहां रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और औद्योगिक विकास को गति भी देगा। जापान यात्रा मध्यप्रदेश को “निवेश का हब” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का आयोजन भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में होगा, जहां विभिन्न देशों के निवेशक और उद्योगपति भाग लेंगे।     जापान भारत का पांचवा सबसे बड़ा निवेशक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में जापान, भारत का पांचवां सबसे बड़ा निवेशक है, जिसने पिछले दो दशकों में भारत में 38 बिलियन डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 20 बिलियन डॉलर का है, जो निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में पहले से ही कई प्रमुख जापानी कंपनियां सफलतापूर्वक कार्यरत हैं। ब्रिजस्टोन ने पीथमपुर में अपना विश्वस्तरीय टायर उत्पादन संयंत्र स्थापित किया है, जो रोजगार सृजन और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। पैनासोनिक जैसी दिग्गज कंपनी ने मध्यप्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। एनएसके, सानोह और कामात्सु जैसी जापानी कंपनियां भी प्रदेश में कार्यरत हैं, जो ऑटोमोटिव और मशीनरी क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं। व्यापार के क्षेत्र में मध्य प्रदेश से जापान को होने वाला निर्यात निरंतर बढ़ रहा है। यह दोनों क्षेत्रों के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों का प्रमाण है। मोहन कैबिनेट का बड़े फैसले — भोपाल-इंदौर के बीच मेट्रो रेल प्रौद्योगिकी में शहरी विकास प्लानिंग, हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर जापान से सहयोग लिया जाएगा। — मध्यप्रदेश में कपास से कपड़ा, कपड़ा से रेडिमेड के वैल्यू एडीशन में जापान मध्यप्रदेश में अपना सहयोग प्रदान करेगा। — सिसमेक्स कार्पोरेशन के साथ उज्जैन मेडिकल डिवाइस में निवेश और अनुसंधान का आश्वासन भी जापान ने दिया है। — आटोमोटी सेक्टर और ईवी मैनिफेक्चरिंग के लिए भी जापान ने सहयोग करने की सहमति दी है। — सीएम जनकल्याण के दौरान 30 हजार 716 शिविर 42.96 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 41.7 लाख के करीब लोगों के आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। — सर्वाधिक 9 लाख आयुष्मान भारत योजना के आवेदन मिले थे जिनमें से 99 प्रतिशत आवेदनों को स्वीकृत कर निराकरण कर दिया गया। सबसे ज्यादा आवेदन भोपाल में 2.40 लाख , छिंदवाड़ा 2.18 लाख, उज्जैन में 2.13 लाख आवेदन आए। — प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रथम चरण में एमपी में साढ़े 9.5 लाख मकान मिले थे जिनमें से 8.5 बनाकर मकान आवंटित किए हैं जिसके कारण मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया गया है। — पीएम आवास योजना 2.0 स्वीकृत हुई है जिसमें 10 लाख मकान मध्यप्रदेश में बनाए जाएंगे। BLC के तहत मकान बनाकर देंगे। अफॉर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप में अगर किसी व्यक्ति का प्लॉट या पट्टा है तो उसके खाते में पैसे भेजे जाएंगे। सिंगल वुमेन, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक के लिए बनेंगे मकान — अफॉर्डेबल रेंटल हाउसिंग योजना के तहत ऐसे लोगों को मकान बनाकर दिया जाएगा जो शहरी क्षेत्रों में आते हैं, या कहीं काम करते हैं। उनके लिए 10 लाख मकान बनाए जाएंगे। इनमें सिंगल वुमेन, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। — पीएम आवास योजना के जरिए एमपी को झुग्गी मुक्त बनाने की ओर काम किया जाएगा। — सेमी कंडक्टर में भी जापान के उद्योगपतियों ने निवेश … Read more

सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सरकार प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने मंत्रालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सकीय स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचनात्मक विकास कार्य, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और प्रदेश के स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत समीक्षा कर दिशा निर्देश दिये। 50 प्रतिशत सीएचसी का एफआरयू में किया जायेगा उन्नयन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सक एवं सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ की भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अगले वर्ष तक प्रदेश के 50 प्रतिशत सीएचसी को एफआरयू में उन्नयन किया जाना है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की करें रियल-टाइम मॉनिटरिंग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए विशेष निगरानी तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन जिलों में स्वास्थ्य मानकों की स्थिति ठीक नहीं है, वहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने के लिए कारकों का गहन विश्लेषण किया जाए और विशेष प्रयास किए जाएं। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 9 और 25 तारीख़ को आयोजित होने वाले एएनसी जांच दिवस के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार किया जाए जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं इसका लाभ उठा सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की गर्भ-धारण से प्रसव पूर्व तक सभी अनिवार्य जांचों को सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि समय पर सभी आवश्यक जांचें न केवल सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करेंगी बल्कि शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का समय पर चिन्हांकन कर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष निगरानी प्रणाली लागू की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए फोकस्ड एप्रोच अपनाएं। स्वास्थ्य मानको की स्थिति जिन जिलों में ठीक नहीं है वहाँ कारकों को चिन्हांकित करके विशेष प्रयास किये जायें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन जिलों में नियमित दौरा कर जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, संचालक प्रवीण सिंह अढ़ायच, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक दिनेश श्रीवास्तव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रदेश के 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने नि:शुल्क प्रदान की गई ई-स्कूटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन में सफलता के लिए योग्यता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का अनुसरण आवश्यक है। मेरिट में आए विद्यार्थी यदि अपनी योग्यता का उपयोग केवल स्वयं के लिए करेंगे तो उनकी प्रतिभा का लाभ समाज को नहीं मिल पाएगा। नैतिक मूल्यों का अनुसरण करते हुए सबके हित और सबके सुख का ध्यान रखकर किए गए कार्य न केवल समाज अपितु राष्ट्र की प्रगति में विद्यार्थियों के योगदान का मार्ग प्रशस्त करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व का सबसे महान देश बनने के मार्ग पर अग्रसर है। ऐसे में मेरिट में आए विद्यार्थी अपनी योग्यता, क्षमता और निपुणता से अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर समाज हित और देश की उन्नति में हरसंभव योगदान दें। लक्ष्य प्रगति में ही उनकी श्रेष्ठता सही अर्थों में सिद्ध होगी और भारत को प्रगति पथ पर अग्रसर करने में सार्थक योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान राम, भगवान श्रीकृष्ण, सम्राट विक्रमादित्य, पन्ना-धाय के उद्धरण देते हुए कहा कि अद्भुत क्षमता और सामर्थ्य के साथ नैतिक मूल्यों पर अडिग रहने के उदाहरणों ने ही इन महान विभूतियों के जीवन को आदिकाल से वर्तमान तक अनुकरणीय बनाया है। अंग्रेजी साम्राज्य का जब सूर्य अस्त नहीं होता था तब नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर विश्व में अपनी सामर्थ्य के उदाहरण प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर चुनौती और कठिन समय का धैर्य और साहस के साथ सामना करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शासकीय और निजी क्षेत्र की नौकरियों का लक्ष्य रखने के साथ ही समाज को नेतृत्व प्रदान करने, आने वाली पीढ़ी को शिक्षा देने जैसे दायित्वों के निर्वहन को भी अपना ध्येय बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की उद्यमशीलता का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा उद्यमिता के माध्यम से नौकरी करने वाले नहीं अपितु रोजगार देने वाले बन सकते हैं। राज्य सरकार उद्योग स्थापना में हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ स्कूटी चलाकर किया उनका उत्साहवर्धन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में 10 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी प्रदान की तथा उनके साथ स्कूटी चलाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में शासकीय विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी प्रदान करने की इस योजना के अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतीक स्वरूप सर्वआदित्य राठौर, प्रशांत राजपूत, सिद्धार्थ साहू, रफत खान, आर्यन राजपूत, आकाश कुशवाह, सुबबली मीणा, पलक सिंह, ऊषा मीणा और सलोनी दांगी को ई-स्कूटी की चाबी भेंट की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। परिवारों का अपने बच्चों को स्कूटर से कॉलेज भेजने का सपना हुआ साकार – मंत्री डॉ. शाह जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी उपलब्ध कराने की पहल से कई परिवारों का अपने बच्चों को स्कूटर से कॉलेज भेजने का सपना साकार होगा। यह पहल विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए प्रेरित भी करेगी और आगे की शिक्षा को सुविधाजनक भी बनाएगी। शासकीय शालाओं में आधुनिक संसाधनों के साथ संचालित हैं अकादमिक गतिविधियां – मंत्री सिंह स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्ता शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय शालाओं में श्रेष्ठतम अधोसंरचना के साथ ही विद्यार्थियों के लिए डिजिटल क्लासेज, स्मार्ट क्लासेज, वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम, मोटिवेशन क्लासेज और कॅरियर गाइडेंस की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों के जीवन को सीधे प्रभावित करने वाले इन कार्यों के साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों को ई-स्कूटी उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री सिंह ने विद्यार्थी से अपने लक्ष्य की प्राप्ति की ओर दृढ़ निश्चय के साथ अग्रसर होने और समर्पित भाव से इस ओर प्रयास करने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना में मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान की गईं। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री के हाथों ई-स्कूटी की चाबी पाकर खुश हुए विद्यार्थी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग की मुख्यमंत्री नि:शुल्क स्कूटी योजना के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी की चाबी प्रदान की। स्कूटी पाते ही प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य की योजना के बारे में बात भी की। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की गई है। कुशाभाऊ सेंटर में भोपाल (कोटरा) के विद्यार्थी हर्षनंद मेहर, (12वीं बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंक) ने बताया कि राज्य सरकार की इन योजनाओं से विद्यार्थियों को नये अवसर मिलते हैं। हर्षनंद वर्तमान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। वे सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। भोपाल के बरखेड़ा सीएम राइज स्कूल से 12वीं की परीक्षा में सानिया जहाँ को भी सर्वोच्च अंक प्राप्त होने पर स्कूटी मिली है। सानिया ने बताया कि वे आगे चलकर शिक्षक बनना चाहती हैं। शिक्षक प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सीएम राइज स्कूल खुलने से बच्चों को पढ़ने के बेहतर अवसर मिले हैं। शिवाजी नगर सुभाष उत्कृष्ट स्कूल की छात्रा बबली मीना को भी अपने स्कूल में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर स्कूटी मिली है। वे बताती हैं कि नि:शुल्क स्कूटी योजना से उनका मनोबल बढ़ा है। अब उन्हें कॉलेज जाने में और सुविधा होगी। उनकी माँ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। नि:शुल्क स्कूटी मिलने की खबर से उनकी माँ भी बहुत प्रसन्न हुई। आदित्य गौर ने अपने विद्यालय में बोर्ड की … Read more

स्टूडेंट्स की बल्ले बल्ले… CM मोहन यादव ने आज 12वीं टॉपर्स को दी स्कूटी; पिछले वर्ष 7778 को मिली थी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 7900 मेधावी विद्यार्थियों को आज सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्कूटर की सौगात दी। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकुर कन्वेंशन सेंटर में सीएम विद्यार्थियों को पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटर दिए गए। ये सभी वे मेधावी विद्यार्थी हैं, जिन्होंने 12वीं परीक्षा में टॉप किया था। सभी विद्यार्थियों को सरकार ने विकल्प भी दिया है। जो यह स्कूटर लेना नहीं चाहते हैं या जिनके पास पहले से स्कूटर हैं, उन्हें सरकार 95 हजार रुपये की राशि देगी। वहीं अगर कोई इलेक्ट्रिक स्कूटर लेना चाहता है, तो उसे 1 लाख 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। 2023 में शुरू हुई थी योजना बता दें कि एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 2023 में 12वीं टॉपर छात्र-छात्राओं को स्कूटी देने की योजना शुरू की गई थी। स्कूल शिक्षा विभाग की योजना के तहत मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं परीक्षा में सरकारी विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी दी जाती है। सरकार की तरफ से ई-स्कूटी और पेट्रोल स्कूटी के लिए दो किस्तों में पैसे दिए जाते हैं। छात्रों पर निर्भर करता है कि वे ई-स्कूटी लेंगे या पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी। 2022-23 में 7778 छात्रों को दी थी स्कूटी स्कूटी देने से पहले छात्र-छात्राओं की पसंद पूछी जाती है। इस बार भी छात्रों की पसंद पूछी गई है। इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए सहमति देने वाले विद्यार्थियों के बैंक खातों में 1 लाख 20 हजार रुपए जमा किए जाएंगे। पेट्रोल स्कूटी चुनने वाले छात्रों को 90 हजार रुपए के पात्रता प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। योजना का बजट 80 करोड़ रुपए से ज्यादा है। 2022-23 में 7778 छात्रों को स्कूटी दी गई थी। 2760 छात्रों को ई-स्कूटी और 5018 छात्रों को पेट्रोल वाली स्कूटी दी गई थी। मध्यप्रदेश सरकार ने कुल 40.40 करोड़ रुपए खर्च किए थे। 90 हजार छात्रों को लैपटॉप देगी सरकार मध्य प्रदेश सरकार ने 2009-10 में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। योजना का लाभ MP बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 75% या उससे अधिक नंबर हासिल करने वाले विद्यार्थियों को मिलता है। पात्र छात्रों को सरकार लैपटॉप खरीदने के लिए 25,000 रुपए की राशि देती है। योजना का बजट 225 करोड़ है। 2022-23 में 78,641 विद्यार्थियों को योजना का फायदा मिला था। 2023-24 के टॉपर 90,000 को 15 फरवरी से पहले सरकार लैपटॉप देगी।

अचानक यात्री बन ट्रैन सवार हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, यात्रियों से की खूब बाते, जमकर खिलखिलाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को जबलपुर-आरकेएमपी इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन से नर्मदापुरम से रवाना होकर रात्रि करीब 10.16 बजे रानी कमलापति (आरकेएमपी) स्टेशन पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों, उनके परिजनों व अन्य नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को दुलार किया, उनके साथ फोटो/सेल्फी खिंचवाये और सभी की कुशलता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव एवं गौरव दिवस महोत्सव-2025 में सम्मिलित होने के उपरांत ट्रेन से भोपाल आने की इच्छा व्यक्त की। नर्मदापुरम से आरकेएमपी स्टेशन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक सामान्य यात्री की तरह अपनी यात्रा की। उन्होंने रेल की बोगी में मौजूद सभी यात्रियों के साथ बेहद आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप कर रेल यात्रा का भरपूर आनंद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में चर्चा की और उनसे फीडबैक भी लिया।   प्रदेश के लाड़ले सीएम डॉ. यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में लोगों से मुलाकात की और राज्य के विकास को लेकर खुलकर बातचीत की। इस दौरान एक पल भी ऐसा नहीं लगा कि कोई मुख्यमंत्री लोगों के बीच बैठा है। सीएम डॉ. यादव और उनके स्टाफ ने बाकायदा ट्रेन की टिकट बुक कराई। इस टिकट को टीसी ने चेक भी किया। गौरतलब है कि, इंटरसिटी एक्सप्रेस में एंट्री करते ही सीएम डॉ. यादव लोगों के साथ-साथ बच्चों से घिर गए। उन्होंने बच्चों को दुलार किया और टॉफी खिलाई। इस दौरान जनता से सीधे संवाद के बीच कई बार वे खिलखिलाकर हंस दिए। लोगों के साथ चलती ट्रेन में जमकर खिलखिलाए सीएम सीएम डॉ. यादव ने लोगों से बड़ी देर तक बातचीत की। एक तरफ उन्होंने लोगों को कई संस्मरण सुनाए, तो दूसरी तरफ लोगों ने भी कई किस्से सुनाकर उन्हें उनकी मीठी-मीठी यादों से तरोताजा कर दिया। यह सिलसिला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन आने तक लगातार चलता रहा। इस पूरी यात्रा के बीच लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि सीएम डॉ. यादव उनके बीच बैठे हैं। उनके सादगी भरे अंदाज ने लोगों को आकर्षित किया। इधर, इस मुलाकात के बाद लोगों का कहना था कि सीएम डॉ. यादव के बारे में सुना तो था, लेकिन देखा पहली बार। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कोई मुख्यमंत्री इतनी सादगी के साथ हमसे मुलाकात करेगा। मैं कर्म करने में विश्वास करता हूं- सीएम यादव बता दें, सीएम डॉ. यादव का कहना है कि मैं कर्म में विश्वास करता हूं। मैं इसके अलावा कुछ और नहीं जानता। प्रदेश का मुखिया होने के नाते मेरा कर्तव्य जनता की सेवा करना है। इसके अलावा मेरे मन में कुछ और विचार आता ही नहीं है। एक मुख्यमंत्री तब मुख्यमंत्री कहलाने का अधिकारी है, जब उसकी जनता उससे प्रेम करे और उस पर विश्वास करे। मैं लगातार यही प्रयास करता हूं कि जनता का विश्वास और प्रेम मेरे प्रति कम न हो, और न उनके मन को किसी प्रकार की ठेस लगे। सीएम यादव-स्टाफ ने बुक कराई टिकट गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव और उनके स्टाफ ने नर्मदापुरम से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक बाकायदा इंटरसिटी एक्सप्रेस की टिकट बुक कराई। एक्सप्रेस में मौजूद टीसी ने उनकी टिकट चेक भी किए। बता दें, सीएम डॉ. मोहन यादव इससे पहले भी कई बार सादगी की मिसाल पेश कर चुके हैं। वे जनता से सीधा संवाद की शैली के लिए चर्चित रहे हैं। वे कई बार बिना किसी सुरक्षा और तामझाम के सड़कों पर निकलकर लोगों से मुलाकात कर चुके हैं। उनका यह अंदाज बताता है कि वे जनता से जुड़ने के लिए कितना आतुर रहते हैं। इस संवाद से उन्हें प्रदेश की जनता की मन पढ़ने में मदद मिलती है। दिखी पीएम मोदी की झलक सीएम डॉ. यादव की इस यात्रा के दौरान उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झलक दिखाई दी। जिस तरह पीएम मोदी लोगों के बीच जाकर खुद को भूल जाते हैं, उसी तरह सीएम डॉ. यादव भी जनता के बीच खो से गए। उन्होंने जनता से हाथ मिलाया, उनसे बात की, उनके साथ सेल्फी खिंचवाई। उन्होंने जनता से मन की बात उसी तरह शेयर की, जिस तरह पीएम मोदी करते हैं। इस मौके पर उन्होंने जनता से कहा कि किसी को भी किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनका बेटा उनके साथ है। जनता के कल्याण में किसी भी चीज को रुकावट बनने नहीं दिया जाएगा। उनके कल्याण के लिए जिस हद तक जाना पड़े मैं जाऊंगा। सीएम यादव ने की मां नर्मदा की पूजा गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदा जयंती के मौके पर नर्मदापुरम में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव-गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवि नर्मदे…नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर प्राणदायिनी मां नर्मदा जी के दर्शन-पूजन ने मुझे नई ऊर्जा से भर दिया है। आज नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर नर्मदापुरम जिले में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव एवं गौरव दिवस कार्यक्रम में सहभगिता कर विचार साझा किए। मैया की कृपा से मध्यप्रदेश के अन्नदाता के घरों में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली है और असंख्य घरों में शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। मां रेवा के आशीर्वाद से चहुंओर समृद्धि एवं सुख के पुष्प पुष्पित और पल्लवित हो रहे हैं। मां नर्मदा की कृपा ऐसे ही अविराम हर घर-आंगन में बरसती रहे, हर घर धन-धान्य से भरा रहे, सर्वदा आनंद के दीप देदीप्यमान रहें, यही प्रार्थना है। नर्मदे हर।’    

मंत्रि-परिषद ने दी “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025” लागू करने की स्वीकृति

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रदेश में क्रियान्वयन की मंत्रि-परिषद ने दी स्वीकृति 5 वर्ष की अवधि में 10 लाख आवासों का किया जायेगा निर्माण मंत्रि-परिषद ने दी “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025” लागू करने की स्वीकृति प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 4,400 रोजगार होंगे सृजित “मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति 2025” को दी स्वीकृति हुकुमचंद मिल की देनदारियों के निपटान एवं नवीन परियोजना क्रियान्वयन को मंजूरी शासकीय पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालयों में अध्ययनरत इंटर्नशिप छात्रों की स्टायपेण्ड राशि में वृद्धि का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रदेश में क्रियान्वयन करने की स्वीकृति दी गई। योजना अनुसार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के पात्र हितग्राही परिवारों को योजना के चार घटकों के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए 5 वर्षों की योजना अवधि में 10 लाख आवासों का निर्माण किया जायेगा। इसमें 50 हजार करोड़ रूपये व्यय होंगे। बेनेफिसयरी लेड कंस्ट्रक्शन (बी.एल.सी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राही को अपनी स्वयं की भूमि पर स्वयं आवास का निर्माण करने के लिए अनुदान प्रदान किया जायेगा। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.एच.पी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राहियों को नगरीय निकायों, राज्य की अन्य निर्माण एजेंसियों तथा निजी बिल्डर/डेवलपर के द्वारा आवासों का निर्माण कर प्रदान किया जायेगा। इस घटक अंतर्गत निजी डेवलपर द्वारा क्रियान्वित व्हाइट लिस्टेड/ओपन मार्केट परियोजनाओं में हितग्राहियों द्वारा आवास क्रय करने के लिए रिडीमेबल हाऊसिंग वाउचर (आरएचवी) प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गयी है। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.आर.एच.) घटक अंतर्गत कामकाजी महिलाओं / औद्योगिक श्रमिकों / शहरी प्रवासियों बेघर निराश्रितों /छात्रों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराये के आवास बनाकर उपलब्ध किया जायेगा। इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (आई.एस.एस.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान बैंक/एचएफसी के माध्यम से प्रदान किया जायेगा योजना अनुसार कल्याणी महिलाओं, सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को वरीयता दी जाएगी। साथ ही सफाई कर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, तथा मलिन बस्ती/चॉल के निवासियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बी.एल.सी. घटक के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास तथा ए.एच.पी. घटक की परियोजनाओं के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास की स्वीकृति प्रदान की गई। 10 लाख आवासों के निर्माण के लिए अनुमानित राशि 50,000 करोड़ रूपये का निवेश संभावित है। इसमें केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार से अनुमानित अनुदान राशि 23,025 करोड़ रूपये प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही परिवारों के लिए हर मौसम अनुकूल आवासों के निर्माण के साथ साथ समुचित अधोसंरचना जैसे सड़क, जल प्रदाय, मल-जल निकासी, पार्क तथा सामाजिक अधोसंरचना जैसे आंगनवाड़ी, प्राथमिक शाला एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि विकसित किये जायेंगे। शासन सभी पात्र हितग्राही परिवारों को आवास प्रदान किया जाना सुनिश्चित करेगा। शहरी अवास योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई। ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों का अंशदान कम करने के लिए पूर्वानुसार क्रॉस सब्सिडी मॉडल को क्रियान्वित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग की श्रेणी के आवासों के निर्माण के साथ निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए भी मिश्रित रूप से आवासों, व्यवसायिक इकाइयों का निर्माण तथा भूखंड विकसित करने की स्वीकृति दी गई। एएचपी-लोक परियोजनाओं में हितग्राही अंश की व्यवस्था के लिए हितग्राही, नगरीय निकाय तथा बैंक/एचएफसी के मध्य पूर्वानुसार त्रिपक्षीय अनुबंध के माध्यम से ऋण उपलब्ध किये जाने एवं भूमिहीन पात्र हितग्राही परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रचलित प्रावधान अनुसार उपलब्ध किये जाने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे भूमिहीन गरीबों को भी बीएलसी घटक का लाभ प्राप्त हो सके। सेमी कंडक्टर नीति से 14,400 रोजगार होंगे सृजित मंत्रि-परिषद द्वारा “मध्यप्रदेश सेमी कंडक्टर नीति 2025” लागू किये जाने की स्वीकृति दी गयी। उत्कृष्टता केंद्रों के लिए सकारात्मक भूमिका में सहयोगी, ‘स्किल इंडिया जैसी पहल और वैश्विक तकनीकी उन्नत कंपनियों के साथ साझेदारी भारतीय कार्य बल को चिप डिजाइन, निर्माण, और सिस्टम एकीकरण में उन्नत कौशल तथा इस क्षेत्र में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र के रूप में विकसित किये जाने की आवश्यताओं के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025” जारी करने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट में हुए निर्णय अनुसार प्रदेश में निवेश के प्रति निर्मित अनुकूल वातारण को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश में एक स्थायी इको-सिस्टम का विकास होगा। उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से कौशल विकसित होगा। प्रदेश में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा। इससे प्रदेश में रोजगार की संभावनाएँ भी बढ़ेगी। इस नीति से राज्य को उच्च तकनीक से जुड़े कुशल कार्यबल का विकास करने का अवसर मिलेगा। राज्य को दीर्घकालिक औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रसर करने के लिए सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र सार्थक होगा। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनने का अवसर प्राप्त होंगे। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ होगी। उद्योगों और स्टार्टअप्स को सहयोग मिलेगा नवाचार को बढ़ावा देकर सेमी कंडक्टर डिज़ाइन, आर एंड डी और विनिर्माण क्षेत्रों को सहायता मिलेगी। निर्यात वृद्धि से राजस्व में राज्य की वैश्विक बाजार में पकड़ मजबूत होगी। देश में ‘मेक इन इंडिया और ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमी कंडक्टर डिजाइन में निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाया गया है। भारत की युवा और तकनीकी रूप से कुशल जनसंख्या अनुसंधान और विनिर्माण के लिए एक विशाल प्रतिभा पूल प्रदान करती है। इसके अलावा, अमेरिका, जापान, और ताइवान जैसे देशो के साथ भारत के सहयोग ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है। भारत का तेजी से बढ़ता स्टार्ट-अप इको-सिस्टम, विशेष रूप से एआई, आईओटी और रोबोटिक्स में, सेमीकंडक्टर … Read more

मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना में 4 लाख रूपये की सहायता प्रदेश के कृषकों की सहायता के लिये मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना लागू की गई है। योजनांतर्गत कृषकों को आंशिक अपंगता के लिये 50 हजार रूपये की सहायता प्रदान की जाती है। स्थायी अपंगता पर एक लाख रूपये एवं मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये प्रदान किये जाते है। साथ ही अंत्येष्टि के लिये 4 हजार रूपये की सहायता दिये जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री मण्डी हम्माल एवं तुलावटी सहायता योजना प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों में अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के उत्थान के लिये यह योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रसूति व्यय एवं प्रसूति अवकाश सहायता, विवाह के लिये सहायता, प्रावीण्य छात्रवृत्ति सहायता, चिकित्सा सहायता, दुर्घटना में स्थायी अपंगता सहायता, मृत्यु सहायता, अंत्येष्टि सहायता, मण्डी प्रांगण में कार्य करते समय हुई दुर्घटना में सहायता आदि का समावेश किया गया है। मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों में कार्यरत अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के सहायतार्थ मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना-2015 लागू की गई। यह योजना उन हम्माल एवं तुलावटियों एवं उनके परिवार के आश्रित सदस्यों पर प्रभावी होगी, जो मण्डी उपविधि के प्रावधान अनुसार मण्डी समिति में 18 से 55 वर्ष आयु के अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटी हैं। योजनांतर्गत हितग्राही को न्यूनतम एक हजार एवं अधिकतम 2 हजार रूपये तक प्रति वर्ष अंशदान जमा करना होगा। इस योजना का लाभ पात्रता रखने वाले अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण या हितग्राही की आकस्मिक मृत्यु/स्थायी अपंगता/असाध्य बीमारी होने की दशा में प्राप्त होगा। कृषि विपणन पुरुस्कार योजना प्रदेश में मण्डियों में प्रत्येक वर्ष में 2 बार नर्मदा जयंती एवं बलराम जयंती के अवसर पर लॉटरी पद्धति द्वारा ड्रा निकाले जाते हैं, जिसमें बम्पर ड्रा के पुरुस्कार में “क” प्रवर्ग की मण्डी समिति में 35 अश्व शक्ति का ट्रेक्टर एवं “ख”, “ग” तथा “घ प्रवर्ग की मण्डी समितियों में 50 हजार रूपये मूल्य तक के कृषि यंत्र दिये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त मण्डी के श्रेणी अनुसार एक हजार से 21 हजार रूपये तक की नगद राशि के रुप में पुरुस्कार दिये जाते हैं। कृषकों को 5 रुपये में भोजन थाली उपलब्ध कराने की योजना प्रदेश में राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार प्रदेश की 257 मण्डी समितियों में कृषि उपज के विक्रय के लिये आये कृषकों को 5 रुपये में भोजन थाली (न्यूनतम अनिवार्य मीनू 6 पूड़ी अथवा 6 रोटी, दाल एवं सब्जी के साथ) उपलब्ध कराने की योजना लागू की गई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 हजार 900 विद्यार्थियों को प्रदान करेंगे नि:शुल्क स्कूटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी।  

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चैतन्य है मां नर्मदा की धारा, इसके दर्शन से होते हैं सभी धन्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के कुल 48 लाख हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र में से 40 लाख हैक्टेयर माँ नर्मदा है सिंचित प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई राज्य जल्द ही प्राप्त करेगा एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य सिंचाई के लिये जल से सोना ऊगलेंगे सूखे खेत वर्ष 2028 तक 70 प्रतिशत युवाओं को स्वावलंबी बनाएंगे मुख्यमंत्री ने की नई आईटीआई स्वीकृत और 316 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन गोंद गाँव में खुलेगी सर्व सुविधा युक्त गौशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छीपानेर, हरदा में वेदगर्भा घाट का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां नर्मदा की धारा चैतन्य है, इसके दर्शन मात्र से ही सभी धन्य होते हैं। माँ नर्मदा प्रदेश की जीवन रेखा है। प्रदेश का सिंचाई रकबा 48 लाख हेक्टेयर से अधिक है, जिसमें से 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मां नर्मदा के जल से सिंचाई होती है। पारस पत्थर जैसे लोहे को सोना कर देता है, वैसे ही जल के पहुंचते ही सूखे खेत भी सोना ऊगलने लगते हैं। राज्य सरकार प्रदेश में सिंचाई के रकबे का तेजी से विस्तार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई है, इससे प्रदेश में केन-बेतवा और पार्वती-काली सिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाएं आरंभ होंगी। इन परियोजनाओं से एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हरदा जिले के छीपानेर में नर्मदा तट पर वेदगर्भा घाट के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिले में एक नई आईटीआई संस्था स्वीकृत करने और गोंदागांव में सरकारी खर्चे पर सर्वसुविधा युक्त गौशाला स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने 316 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। कार्यक्रम में डारा इंजीनियरिंग प्रायवेट लिमिटेड के मेनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पप्पू राम विश्नोई ने इस अवसर पर वैदिक विद्या पीठम् चिचोट के विकास के लिये 1 करोड़ रूपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर प्रख्यात विचारक सुरेश सोनी, प्रदेश के सहकारिता तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, नर्मदापुरम् सांसद दर्शन सिंह चौधरी, पूर्व मंत्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेन्द्र शाह, नगर पालिका अध्यक्ष भारती राजू कमेडिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत पूर्व विधायक संजय शाह, प्रेम कुमार, स्वामी नित्य चैतन्य दास जी महाराज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी विपदा में फंसे व्यक्तियों को तत्काल समुचित इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस दुर्घटना के एक माह बाद ही राज्य सरकार द्वारा दूरदराज के घायल व्यक्तियों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस संचालित करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में जहां हवाई पट्टी है, वहां विमान से और अन्य स्थानों पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई। गरीबों को भी समय पर इलाज मिले इसके लिए नि:शुल्क हवाई जहाज/हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अंतर्गत ही प्रदेश में गरीब, महिला, किसान और युवा कल्याण मिशन प्रारंभ किए जा रहे हैं। युवा कल्याण मिशन से हम वर्ष-2028 तक प्रदेश के 70 प्रतिशत युवाओं को स्वावलंबी बनाएंगे। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गौपालन से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कार्य जारी है। प्रख्यात विचारक सुरेश सोनी ने इस अवसर पर कहा कि माँ नर्मदा हमारे लिये जीवनदायिनी है, इसे प्रदूषित न करें। नर्मदा नदी प्रदूषण मुक्त बनी रहें, यह हम सभी का दायित्व है। उन्होने कहा कि नर्मदा नदी के दोनों तटों के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाये जाने चाहिए क्योंकि वृक्ष ही नर्मदा नदी को पोषित करते हैं। सोनी ने कहा कि हमारे देश में नदियों को माँ का दर्जा दिया जाता है। 316.20 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों का हुआ लोकार्पण/भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 316.20 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें 130.32 करोड़ रूपये लागत 21 कार्यों का भूमि-पूजन तथा 185.87 करोड़ रूपये लागत के 97 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम चिचोट कुटी में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा नर्मदा नदी के तट पर 11.07 करोड़ रूपये लागत से बनवाये गये घाट निर्माण का अवलोकन कर लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के 3, लोक निर्माण विभाग के 2, पीआईयू के 6, स्वास्थ्य विभाग के 3, नगरीय प्रशासन विभाग के 3 तथा विद्युत वितरण कम्पनी के 4 कार्य सहित 21 कार्यों का भूमि-पूजन हुआ। इसी तरह जिन 97 कार्यों का लोकार्पण किया गया, उनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के 3, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 4, लोक निर्माण विभाग के 29, पीआईयू के 6, सेतु विकास निगम का 1, लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के 52 तथा विद्युत वितरण कम्पनी व नर्मदा घाटी विकास विभाग के 1-1 कार्य शामिल है।  

उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर को परास्त किया जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर को परास्त किया जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने दिया जागरूकता फैलाएं – कैंसर को हराएं – जीवन को जिताएं का संदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व कैंसर दिवस पर कहा है कि सही जानकारी, उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर जैसी बीमारी को परास्त किया जा सकता है। उत्तम स्वास्थ्य ही खुशहाल जीवन का आधार है। उन्होंने कैंसर दिवस पर जागरूकता फैलाएं-कैंसर को हराएं-जीवन को जिताएं का संदेश देते हुए प्रदेशवासियों से कैंसर के संबंध में स्वयं जागरूक रहते हुए समाज को जागरूक करने और स्वस्थ भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी होने का आव्हान किया है।  

वर्ष 2025 में सरकार आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भारत का हृदय-प्रदेश मध्यप्रदेश, प्राकृतिक सौंदर्य, बहुरंगी पारिस्थितिकी तंत्र और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोये है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकासशील चिंतन के मार्गदर्शन में प्रदेश डॉ. मोहन यादव के कुशल और आत्मविश्वास से भरे नेतृत्व में विकास के पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2025 में सरकार आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बना कर आगे बढ़ेगी। स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश मात्र विमर्श नहीं है, अपितु वर्तमान और भावी पीढ़ियों की महती आवश्यकता है। स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश बनाए रखने के लिए सरकार, निजी क्षेत्र और जनभागीदारी के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। नागरिकों में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रोडमैप तैयार कर निरन्तर आगे बढ़ रही है। नवकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना मध्यप्रदेश ने सौर और पवन ऊर्जा के उपयोग में महत्वपूर्ण प्रगति की है। रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को देश के अन्य राज्यों के लिए रोल-मॉडल बनाने के लक्ष्य का प्रतीक है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के साथ ही पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार करने पर भी फोकस कर रही है। नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में सरकारी के साथ ही निजी निवेश को भी बढ़ावा दिये जाने की रणनीति बना रही है। प्रदेश के आम नागरिकों को उनकी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के अंतर्गत घरों और व्यवसायिक संस्थानों के लिए रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यहां तक कि प्रदेश के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता अर्थात किसानों को भी सिंचाई के लिए सोलर-पंप जैसी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों से नागरिक तो ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनेंगे ही, उनका अतिरिक्त उत्पादन ग्रिड से जुड़ कर प्रदेश को विद्युत सर-प्लस राज्यों के शीर्ष पर बनाए रखने में सहयोगी होगा। इस तरह मध्यप्रदेश देश को क्लीन-एंड-ग्रीन एनर्जी सेक्टर में विश्व में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। कचरा प्रबंधन प्रणाली में सुधार प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है राज्य बीते कई वर्षों से लगातार देश के स्वच्छतम प्रदेशों में सम्मिलित बना हुआ है। इंदौर देश का स्वच्छतम शहर और भोपाल देश की स्वच्छतम राजधानी बनी हुई है। प्रदेश की इस क्लीन-एंड-ग्रीन लिगेसी को बनाए रखने के लिए पहले से सक्रिय कचरा-प्रबंधन प्रणाली को और प्रभावी बनाए जाने के लिए प्रदेश सरकार रणनीतिक स्तर पर काम कर रही है। स्थानीय निकायों में सूखा-गीला कचरा पृथक्करण के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कचरा, चिकित्सालयों एवं लेबोरेटरीज का कचरा और सीवेज-वेस्ट के पृथक्करण एवं निष्पादन के लिये हाईटेक प्रणालियां विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश की स्मार्ट-सिटी परियोजना में सम्मिलित शहरों के साथ ही दूसरे शहरों में भी आधुनिक री-साइक्लिंग प्लांट स्थापित किए जाने की योजना है। गांवों और कस्बों में जैविक कचरे की कंपोस्टिंग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए भी आम नागरिकों को जागरूक बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जनभागीदारी से बढ़ाई जायेगी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीनरी सबसे अधिक वनावरण और वृक्षावरण के साथ प्रदेश लगातार देश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इस तरह हम जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने की दिशा में सबसे आगे हैं। इससे हमारी जैव-विविधता में भी सुधार हो रहा है। हम इससे संतुष्ट होकर नहीं बैठे है प्रदेश की इस परंपरा को आने वाले वर्षों में भी बनाये रखने के लिए सरकार सामुदायिक भागीदारी के साथ बड़े पैमाने पर वनीकरण अभियान चलाती रहेगी। इसके साथ ही शहरों में ग्रीन-बेल्ट और पार्कों का विकास किया जा रहा है। विकास कार्यों के कारण वन भूमि को संभावित क्षति के दृष्टिगत उसकी सुरक्षा और पुनर्स्थापना के लिए भी योजनाबद्ध रूप से सरकार काम कर रही है। किसानों के बीच भी कृषि वानिकी की परंपरा बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में मिले उपहार प्रदेश को बनाएं जल-समृद्ध कृषि, उद्योग और घरेलू आवश्यकताओं के लिए सतत जल प्रबंधन महत्वपूर्ण है। इसके लिए मध्यप्रदेश को वर्ष के आरंभ में ही प्रधानमंत्री मोदी की ओर से पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक और केन-बेतवा नदी लिंक परियोजनाओं का उपहार मिला है। ये परियोजनाएं प्रदेश की सिंचाई आवश्यकताओं के साथ ही नागरिकों के लिए पेयजल और उद्योगों को उनकी जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएंगी। इसके साथ ही प्रदेश सरकार भूगर्भ में संचित जल स्तर को बढ़ाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रेन-वाटर हार्वेस्टिंग प्रणालियों का विस्तार कर रही है, पारंपरिक जल-निकायों (कुएं, बावड़ी एवं तालाब) और नदियों को पुनर्जीवित किए जाने की योजनाओं पर भी काम कर रही है। खेती में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए स्प्रिंकलर-सिस्टम और ड्रिप-इरिगेशन जैसी माइक्रो-इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। एकीकृत कृषि के साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा, अर्थव्यवस्था बनेगी मजबूत पर्यावरण भी रहेगा संरक्षित देश के साथ ही मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाली कृषि के क्षेत्र में भी उत्पादन बढ़ाने के लिए इस तरह की तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है जो पर्यावरण के अनुकूल हों। इसके अंतर्गत जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसान रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशक के रूप में रसायनों का प्रयोग कम से कम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे और खेतों की मिट्टी भी उर्वर एवं शस्य-श्यामला बनी रहेगी। इसके लिए किसानों को गांवों में पर्यावरण संरक्षण और प्रिसिजन फार्मिंग संबंधी प्रशिक्षण दिये जाएंगे। किसानों को समृद्ध बनाने की रणनीति के अंतर्गत बाजारों की जरूरतों के अनुरूप फसल विविधीकरण, उद्यानिकी और पशुपालन से एकीकृत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वाहन-जनित प्रदूषण कम करने की रणनीतियों पर फोकस वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सरकार यातायात के साधनों की पर्याप्तता बनाए रखते हुए पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष नीतियों पर काम कर रही है। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों का विस्तार किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन के लिए मध्यप्रदेश परिवहन निगम को पुनर्जीवित किया जा रहा है। प्रदेश में इंटर-सिटी कनेक्टिविटी और शहरी सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसें प्रारंभ की … Read more

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में फ्यूचर रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे यहां अधिक से अधिक निवेश आएं, उद्योग धंधे स्थापित हों और बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हो। मध्यप्रदेश में रेल, सड़क और हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य के आंतरिक मार्गों के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश के शहरों में सड़क यातायात के सुधार के लिए इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर और सतना में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इनमें से इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर 350 करोड़, ग्वालियर में 1100 करोड़, जबलपुर में 660 करोड़ और भोपाल में 306 करोड़ रुपए की लागत आएगी। साथ ही राज्य सरकार ने 724 किमी लंबी 24 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया है, जिनकी कुल लागत 10 हजार करोड़ रूपये है। ये परियोजनाएं प्रदेश के शहरों की रोड-कनेक्टिविटी को बढ़ाएंगी, यात्रा समय को कम करेंगी और व्यापार को बढ़ावा देंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निर्माण और उन्नयन केन्द्र सरकार से मिले 3,500 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। विशेष रूप से उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड हाइ-वे परियोजना को 5 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश के साथ मंजूरी दी गई है। यह हाइ-वे उज्जैन, इंदौर और आस-पास के क्षेत्रों को मुंबई-दिल्ली इंडस्ट्रियल कॉरीडोर से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव में बताया कि प्रदेश में ग्रामीण यातायात को सुगम करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य 8,565 गांवों को 19,378 किमी लंबी सड़कों के नैटवर्क से जोड़ना है। यह पहल ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सके और यात्री व वस्तुओं की आवाजाही सुगम हो सके। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 2024-25 के वित्तीय वर्ष के दौरान 1 हजार किमी नई सड़कों का निर्माण और लगभग 2 हजार किमी सड़कों की नवीनीकरण किया जाएगा ताकि ग्रामीण यातायात नेटवर्क को और भी मजबूत किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में 133 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण किया गया है, इससे यातायात की गति में सुधार होगा एवं यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ मध्यप्रदेश में हाई-स्पीड ट्रेन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, भोपाल में 100 करोड़ रुपए की लागत से एक नया कोच कॉम्प्लेक्स बन रहा है, जो राज्य की रेलवे सुविधाओं को और बेहतर बनाएगा और यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अन्य राज्यों और विदेशों के साथ संपर्क में सुधार के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। रीवा में हवाई अड्डे का निर्माण और ग्वालियर में राजमाता विजयराजे सिंधिया हवाई अड्डे का विस्तार एवं आधुनिकीकरण राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे निवेशकों को सुविधाएं मिलेंगी और निवेश आकर्षित होगा। हवाई सेवाओं के विस्तार से मध्यप्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।  

मुख्यमंत्री 5 फरवरी को स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह एवं जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह भी उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी। कार्यक्रम का ईलेक्ट्रॉनिक चैनल के माध्यम सीधे प्रसारण की व्यवस्था भी की गई।  

मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी

मध्यप्रदेश, देश की सांस्कृतिक एकता का संवाहक है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्तर्राज्यीय छात्र जीवन दर्शन यात्रा पर आये पूर्वोत्तर के छात्रों का प्रदेश में हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की संस्कृति अपनी अनूठी विविधता और समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां विभिन्न प्रांतों, वर्गों और भाषाओं के लोग सौहार्दपूर्वक निवास करते हैं। मध्यप्रदेश, देश के उस गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का संवाहक है, जो देशभक्ति, राष्ट्र रक्षा और सम्मान के मूल्यों को संजोकर रखता है। स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन इन्टर-स्टेट लिविंग (SEIL) द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान की मंशा से आयोजित राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा -2025 पर आये पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र दल का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत किया गया। यह यात्रा 22 जनवरी से प्रारंभ होकर 13 फरवरी तक जारी है, इसमें पूर्वोत्तर के विद्यार्थी देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थियों का यह दल 1 से 5 फरवरी तक मध्यप्रदेश के भ्रमण पर है। इस छात्र दल ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुख्यमंत्री निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के अनुभव सुने, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें मध्यप्रदेश की सदभाव और समरसता से भरपूर संस्कृति से परिचित कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी। भोपाल अपनी झीलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह देश की ऐसी अनूठी राजधानी है, जहां रात के समय बाघ भी सड़क किनारे दिखाई दे सकते हैं, क्योंकि रातापानी वन अभयारण्य भोपाल शहर के समीप ही स्थित है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जनजातीय संग्रहालय, मानव संग्रहालय, वन विहार और अन्य पर्यटन स्थल जरूर देखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाने के बाद विद्यार्थियों ने इस यात्रा को अपने जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे पहली बार किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिले हैं। यह रोमांच वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, यहां के ऐतिहासिक स्थलों और अतिथि-सत्कार की विशेष रूप से सराहना की। अन्तर्राज्यीय छात्र दर्शन जीवन यात्रा के आयोजन का उद्देश्य राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करना है, जिसमें युवाओं को देश की विविधता से परिचित कराने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा भारतीय युवाओं को एकजुट करने और उनके बीच आपसी समझ एवं भाईचारे की भावना को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पूर्वोत्तर राज्यों के इस छात्र दल में 28 विद्यार्थी एवं 2 समन्वयकों सहित कुल 30 प्रतिभागी भारत के विभिन्न राज्यों की यात्रा पर हैं। इनमें दो-दो विद्यार्थी असम, नागालैंड व सिक्किम राज्य से, चार-चार त्रिपुरा, मिजोरम व अरुणाचल प्रदेश से तथा पांच-पांच विद्यार्थी मणिपुर एवं मेघालय राज्य से आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं समन्वयकों को स्मृति-चिह्न के रूप में शॉल, मध्यप्रदेश शासन की डायरी, कैलेंडर और एक विशेष उपहार भेंट किया। कार्यक्रम में शिवम जाट, चेतस सुखाड़िया, रोहित दुबे, दीपक पालीवाल, कमन सिबोह, राहुल मोग सहित अन्य विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित थे।  

प्रधानमंत्री मोदी से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की शिष्टाचार भेंट

प्रधानमंत्री मोदी से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की शिष्टाचार भेंट ऐतिहासिक, सर्वसमावेशी एवं लोक कल्याणकारी बजट के लिये व्यक्त किया आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संसद भवन नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ऐतिहासिक, सर्व समावेशी एवं लोक कल्याणकारी बजट के लिये आभार व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री मोदी का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य के विकास के विभिन्न विषयों में मार्गदर्शन प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन सदैव प्रेरणादायक होता है। जनहित के कार्यों में समर्पण के भाव और नव ऊर्जा का संचार करता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की और मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश निरंतर कार्य कर रहा है। उनके नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये प्रतिबद्ध है।  

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण बनेगी राजधानी: मुख्यमंत्री

जी.आई.एस-2025 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण बनेगी। पहली बार राजधानी भोपाल में हो रहे इस आयोजन को लेकर यह न सिर्फ एक निवेश सम्मेलन है, अपितु भोपाल को औद्योगिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी के पास पहले से ही औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधार मौजूद है। जीआईएस-2025 से भोपाल का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। भोपाल न केवल मध्यप्रदेश का प्रशासनिक केंद्र है, बल्कि भौगोलिक रूप से भी एक आदर्श औद्योगिक हब बनने की पूरी क्षमता रखता है। यह प्रदेश के केंद्र में स्थित है, जिससे लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला के लिए यह एक महत्वपूर्ण स्थान है। भोपाल के चारों ओर कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र पहले से विकसित हैं, जो इस समिट के माध्यम से नए निवेश को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मंडीदीप, बगरोदा, पीलुखेड़ी, मक्सी, गोविंदपुरा, अचारपुरा और फंदा औद्योगिक क्षेत्र न केवल छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यहां स्थापित इकाइयां प्रदेश की औद्योगिक शक्ति को मजबूती भी देती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास पर काम कर रही है और भोपाल में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। राजधानी के पास पहले से ही सुपर कॉरिडोर, आईटी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसी परियोजनाएं चल रही हैं, जो इसे निवेशकों के लिए एक पसंदीदा स्थान बना रही हैं। इसके अलावा, भोपाल में उत्कृष्ट शैक्षिक और अनुसंधान संस्थानों की उपस्थिति इसे कुशल मानव संसाधन का केंद्र भी बनाती हैं, जो औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है। जीआईएस-2025 में इस बार एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सेक्टर-विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें निवेशकों को उनके क्षेत्र के अनुसार सीधे संबंधित विभागों के साथ संवाद करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह समिट पहली बार 20 से अधिक निवेश और उद्योग नीतियों को प्रस्तुत करने जा रही है, जो देश में अपनी तरह की अनूठी पहल होगी। सरकार ने निवेश प्रक्रिया को तेज़ और सुगम बनाने के लिए नीति सुधार, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और व्यापार सुगमता पर विशेष ध्यान दिया है। भोपाल की औद्योगिक क्षमता को सशक्त करने के लिए सरकार बुनियादी सुविधाओं को भी लगातार विस्तार दे रही है। राजधानी से जुड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सेंटर, एयर कनेक्टिविटी और रेल नेटवर्क के विस्तार से यह औद्योगिक दृष्टि से और भी अधिक प्रभावी बन रहा है। हाल ही में रीवा हवाई अड्डे के शुरू होने से प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को और मजबूती मिली है, जिससे उद्योगों को तेज़ी से अपने बाजारों तक पहुंचने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-2025 केवल बड़े निवेशकों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्योगों, स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई के लिए भी नए अवसर लेकर आएगी। भोपाल के पास स्थित परंपरागत उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और उन्हें नई तकनीक व पूंजी से सशक्त करने की दिशा में भी यह समिट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-2025 के बाद भोपाल केवल मध्यप्रदेश का प्रशासनिक केंद्र ही नहीं, अपितु यह व्यवसाय, नवाचार और निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरेगा। साथ ही भोपाल को एक औद्योगिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम होगा, जो प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।  

स्वतंत्रता के बाद मध्यप्रदेश को रेल सुविधाओं के लिए पहली बार हुआ बड़ी राशि का आवंटन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार मध्यप्रदेश को रेलवे से संबंधित विकास कार्यों के लिए इतनी अधिक राशि का अवंटन हुआ है। केन्द्रीय रेल मंत्री ने मध्यप्रदेश में शत-प्रतिशत रेल विद्युतिकरण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मध्यप्रदेश से रेल मंत्रालय को पूरा सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश को इंदौर- मनमाड रेल लाइन और इंदौर से दाहोद गुजरात तक धार होकर जाने वाली रेल परियोजना की स्वीकृति के कार्य हुए हैं। मध्यप्रदेश के नागरिकों को सभी दिशाओं में रेल नेटवर्क, यात्रियों के लिए माल भाड़े से जुड़ी सुविधा, रेल्वे ब्रिज और स्टेशनों के विकास की सौगात निरंतर मिल रही है। यह उत्साहवर्धक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है रेल बजट 2025-26 प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ यात्री सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। इस वर्ष मध्य प्रदेश को रेलवे बजट में अभूतपूर्व सौगातें मिली हैं। इस बजट से न केवल रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार से मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री वैष्णव का मैं हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए घोषित रेल बजट 2025-26 में राज्य को रेल अवसंरचना विकास के लिए अभूतपूर्व सौगातें दी गई हैं। इस बजट में 14,745 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजटीय आवंटन किया गया है, जो राज्य के रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेल बजट 2025-26 में 31 नई रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 5,869 किलोमीटर है और इन पर 1,04,987 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। 80 रेलवे स्टेशन विकसित होंगे अमृत स्टेशन के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए मध्य प्रदेश के 80 स्टेशनों को ‘अमृत स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिन पर 2,708 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन स्टेशनों में अकौड़िया, आमला, अनुपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बनापुरा, बरगवां, ब्योहारी, बेरछा, बैतूल, भिंड, भोपाल, बिजुरी, बीना, ब्यावरा, छिंदवाड़ा, डबरा, दमोह, दतिया, देवास, गाडरवारा, गंजबासौदा, घोड़ाडोंगरी, गुना, ग्वालियर, हरदा, हरपालपुर, इंदौर जंक्शन, इटारसी जंक्शन, जबलपुर, जुन्नारदेव, करेली, कटनी जंक्शन, कटनी मुड़वारा, कटनी साउथ, खाचरोद, खजुराहो जंक्शन, खंडवा, खिरकिया, लक्ष्मीबाई नगर, मैहर, मक्सी जंक्शन, मंडला फोर्ट, मंदसौर, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनपुर जंक्शन, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनीपुर जंक्शन, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), नरसिंहपुर, नेपनागर, नीमच, ओरछा, पांढुर्ना, पिपरिया, रतलाम, रीवा, रुथियाई, सांची, संत हिरदाराम नगर, सतना, सागर, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर, श्यामगढ़, श्योपुर कलां, शिवपुरी, श्रीधाम, शुजालपुर, सिहोरा रोड, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन शामिल हैं। स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं के तहत रानी कमलापति, ग्वालियर, खजुराहो, सतना, इंदौर, बीना और जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के पुनर्विकास पर 1,950 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में रेलवे सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ‘कवच’ तकनीक के अंतर्गत 3,572 किलोमीटर रेल मार्ग पर सुरक्षा कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,422 किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है। यह तकनीक ट्रेन संचालन के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी और यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी। मध्यप्रदेश में विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। राज्य में 2,808 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है, जिससे मध्यप्रदेश 100 प्रतिशत विद्युतीकृत राज्य बन चुका है। इसके अलावा, राज्य में 2,456 किलोमीटर नई पटरियों का निर्माण किया गया है, जो डेनमार्क के पूरे रेल नेटवर्क के बराबर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों के बेहतर अनुभव के लिए मध्यप्रदेश में 4 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जो राज्य के 14 जिलों को जोड़ती हैं और इन जिलों में 18 स्टॉपेज हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 69 लिफ्ट, 41 एस्केलेटर और 408 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा भी प्रदान की गई है।  

दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार को उखाड़ फेंकेगी :सीएम डॉ मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज राजधानी भोपाल में “दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान” के नवीन भवन का भूमिपूजन किया, उन्होंने कहा जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर प्रकाश देता है, उसी प्रकार हमारे प्रचारक परंपराओं में श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं। मुख्यमंत्री ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि दिल्ली की जनता ने ठान लिया है कि अब वो केजरीवाल की सरकार को बर्दाश्त नहीं करेंगे मुख्यमंत्री ने आज बसंत पंचमी के अवसर पर भोपाल में “दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान” के नवीन भवन के भूमिपूजन एवं कार्यारम्भ कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने  पौधरोपण कर राष्ट्रीय शोधार्थी समागम पोस्टर का विमोचन कर शुभकामनाएं दीं। दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा, सत्य है कि शोध से ज्ञान केवल संरक्षित नहीं होता है, अपितु मानव कल्याण के दीप को भी दीर्घ काल के लिए प्रदीप्त कर देता है। भारतीय विचार, संस्कार एवं श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी के विचारों पर शोध एवं उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का यह प्रयास अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर प्रकाश देता है, उसी प्रकार हमारे प्रचारक परंपराओं में  दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं। दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार को उखाड़ फेंकेगी मीडिया से बात करते हुए सीएम ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा, मैंने भी प्रचार किया है सच में दिल्ली के लोगों ने ठान लिया है कि अब केजरीवाल सरकार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिस तरह से केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली को बर्बाद किया है यमुना जी को गंदा किया है, हर कोई दुखी है, अब तो इनके गठबंधन की साथी कांग्रेस भी इनपर हमलावर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा केजरीवाल के वादों को सुनकर जनता ने भरोसा किया था लेकिन ये झूठ की मशीन निकले। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट रिकॉर्ड बनाएगी मुख्यमंत्री ने फरवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के सवाल पर कहा, हमने 7 रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव  आयोजित की जिसका असर मुझे विदेशी दौरों में दिखाई दिया है, पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से भारत आर्थिक प्रगति कर रहा है उसे देखते हुए बाहर के निवेशकों में बहुत उत्साह है मुझे लगता है ग्लोबल इन्वेस्टर समिट रिकॉर्ड बनाएगी। बोले हमें भरोसा पूरा महाकुंभ निर्विघ्न संपन्न होगा डॉ मोहन यादव ने प्रयागराज महाकुंभ से जुड़े सवाल पर कहा कि बसंत पंचमी पर आज लाखों श्रद्धालुओं ने आनंद के साथ स्नान किया है, सभी अखाड़ों ने निर्विघ्न स्नान किया है, श्रद्धालुओं को भी कोई परेशानी नहीं है। लेकिन पिछले स्नान पर जो घटना हुई उससे मन दुखी है हमें उम्मीद है कि 24 फरवरी महा शिवरात्रि तक आयोजित ये महाकुंभ अच्छे से संपन्न होगा।

मध्यप्रदेश सरकार ने सभी वर्गों के लिए निरंतर योजनाएं बनाने का काम किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने सभी वर्गों के लिए निरंतर योजनाएं बनाने का काम किया है। सरकार की किसी भी योजना के मूल ढांचे में बदलाव नहीं होने दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विशेष रूप से विद्यार्थियों को राज्य सरकार द्वारा जल्द ही लैपटॉप की राशि देने का कार्य किया जाएगा। साथ ही उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से स्कूल स्तर पर जो विद्यार्थी प्रावीण्य सूची में सूची में शामिल हुए हैं उनको स्कूटी भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो हमारी मूल योजना है उसके अनुसार हम अपने बच्चों को यह सौगात देंगे। जनकल्याणकारी योजनाओं के स्वरूप में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आने वाले समय में आर्थिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आने वाले समय में आर्थिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री के कार्यभार ग्रहण करने के पूर्व, दस वर्ष पहले भारत विश्व में अर्थव्यवस्था की दृष्टि से 11वें नंबर पर था। अब भारत विश्व में 5वीं बड़ी आर्थिक शक्ति है और इससे आगे बढ़ाने का भारत का प्रयास है। राष्ट्र के इन प्रयासों में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने जापान के साथ आर्थिक संबंधों को सशक्त बनाने पर ध्यान दिया। इन प्रयासों का लाभ हमारे देश को प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सफल जापान यात्रा से स्वदेश आगमन पर भोपाल विमान तल में आयोजित कार्यक्रम’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में संपन्न अपनी जापान यात्रा के संदर्भ में कहा कि प्रधानमंत्री के पूर्व वर्षों के प्रयासों से मध्यप्रदेश को काफी महत्व मिला। जापान यात्रा के दौरान भी हमें काफी महत्व मिला। अनेक महत्वपूर्ण और बड़ी जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे भोपाल की 24 और 25 फरवरी को हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आमंत्रण देने जापान गए थे, लेकिन उन्हें निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं, जो मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को बदलने का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बौद्ध धर्म और सम्राट अशोक के कारण जापान भारत के नजदीक अनुभव करता है। जापान के नागरिक कर्म में विश्वास रखते हुए आर्थिक प्रगति के हिमायती हैं। जापान के ऐसे आदर्श को हम मध्यप्रदेश में भी अपनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जापान का भारत से गहरा संबंध है। जापान और हमारी संस्कृति दोनों में आपस में सह-संबंध है। जापान के नागरिक कार्य निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करते हैं। जापान के लोग विन्रमता के साथ झुककर नमस्कार करते हैं। वहां रिटायरमेंट की कोई सीमा नहीं होती। जब तक शरीर चले तब तक काम चलता रहेगा। मध्यप्रदेश के विकास के लिए जापान से हमारे रिश्ते अच्छे होना चाहिए। स्वाभाविक रूप से जापान के सहायोग से मध्यप्रदेश में विकास की बहुत संभावनाएं हैं, जिससे मध्यप्रदेश देश का नम्बर वन राज्य बन सकता है। मध्यप्रदेश में 55 जिले हैं और हमें सभी में विकास करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान यात्रा के संबंध में विस्तार पूर्ण विवरण दिया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.यादव की जापान यात्रा को सफल बताते हुए वरिष्ठ सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी प्रांतों में स्थान बनाएगा। उन्होंने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट होने वाली है, जिसमें भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री जी पधार रहे हैं। आमंत्रण पर जापान के लोग बड़ी संख्या समिट में पधारेंगे। भोपाल स्टेट हेंगर आगमन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भव्य स्वागत किया गया। मंत्री, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पहारों से स्वागत किया।  

सीएम मोहन यादव ने कहा वित्त मंत्री सीतारमण का बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला

भोपाल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट 2025 पेश कर दिया। इस बजट में मिडिल क्लास को सबसे बड़ी खुशी दी गई है। टैक्स छूट की सीमा 12 लाख तक करने के साथ मोबाइल फोन, चार्जर समेत कईव चीजें भी सस्ती होने वाली हैं। बजट के बाद राजनीतिक गलियारे से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने बजट की दिल खोलकर तारीफ करते हुए इसे विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला बताया। मोहन यादव ने इसके साथ वित्त मंत्री और पीएम मोदी का भी आभार जताया। सीएम मोहन यादव ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला है। यह कल्याणकारी, सर्वस्पर्शी और समावेशी बजट देश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के समग्र विकास के साथ स्टार्टअप्स, इनोवेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों को समाहित करते हुए, अंत्योदय की भावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि से परिपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के कल्याण तथा भारत को आत्मनिर्भर बनाने वाले इस बजट के लिए प्रधानमंत्री जी और केंद्रीय वित्त मंत्री जी का हार्दिक अभिनंदन! मिडिल क्लास को टैक्स छूट में बड़ी सौगात का जिक्र करते हुए मोहन यादव ने कहा कि मध्यम वर्ग के लिए बड़ी सौगात, केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा आज लोकसभा में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-26 में 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय को कर मुक्त करने का निर्णय अभिनंदनीय है। मोहन यादव ने आगे कहा कि बीते एक दशक में पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने जो समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए हैं,उसमें देश के मध्यम वर्ग का परिश्रम और सामर्थ्य सम्मिलित है। निश्चित ही प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में किया गया यह निर्णय मध्यम वर्ग की आशाओं और आकांक्षाओं को उड़ान देने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। मध्यम वर्ग को आयकर में राहत देने वाले इस क्रांतिकारी कदम के लिए मध्यप्रदेश वासियों की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री जी का आभार-अभिनंदन।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोनिया गांधी के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें माफी मांगने की बात कही

भोपाल 18वीं लोकसभा के बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के जॉइंट सेशन में 59 मिनट का अभिभाषण दिया। उनके इस अभिभाषण पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया। सोनिया गांधी ने द्रौपदी मुर्मू को “बेचारी” कहा। वहीं राहुल ने भाषण को बोरिंग बताया। वहीं, राष्ट्रपति भवन के प्रेस सेक्रेटरी ने भी सोनिया गांधी के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- विपक्षी सांसदों का बयान दुर्भाग्यपूर्ण और राष्ट्रपति की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। सीएम बोले- सोनिया गांधी ने हल्की टिप्पणी की, माफी मांगें सीएम डॉ मोहन यादव ने सोनिया गांधी के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें माफी मांगने की बात कही है। सीएम ने अपने बयान में कहा- दुनिया के सबसे बडे़ लोकतंत्र में हमारे संविधान के मुखिया के नाते से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को लेकर बजट भाषण में विस्तार से अपनी बात कही। बडे़ गर्व का विषय था। देश के लिए उत्साह और उमंग का वातावरण था। सीएम ने आगे कहा- ऐसे में कांग्रेस के लोगों ने हमेशा की तरह और सोनिया गांधी ने जो हल्की टिप्पणी की है ये पूरे देश के लिए अपमानजनक है। खासकर आदिवासी बहन राष्ट्रपति के रूप में शोभायमान हैं। ऐसे में उनका अपमान करना ये सर्वथा निंदनीय है। मैं इसकी निंदा करता हूं और सोनिया गांधी से मांग करता हूं कि वे अपने कथन के लिए माफी मांगें। कांग्रेस का चरित्र है वो कदम कदम पर इस प्रकार की हरकतें करती है जिससे पूरा लोकतंत्र लज्जित होता है। राष्ट्रपति जी ने जितने अच्छे ढंग से अपनी बात रखी है वो पूरा देश जानता है। सोनिया जी को माफी मांगना चाहिए।

भारत लौटते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली के केशवपुरम में जनसभा को संबोधित करेंगे

भोपाल/ दिल्ली मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 4 दिवसीय जापान यात्रा से आज वापस लौटेंगे। सीएम टोक्यो के हानेडा हवाई अड्डे से रवाना हो गए हैं, शाम तक मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली पहुंचेंगे। स्वदेश लौटते ही सीएम बिना आराम किए दिल्ली विधानसभा चुनाव की बागडोर संभालेंगे। दिल्ली में मुख्यमंत्री मोहन यादव जनसभा को करेंगे संबोधित भारत लौटते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली के केशवपुरम में जनसभा को संबोधित करेंगे। रात 8 बजे दिल्ली के दादा देवता मंदिर, शकूर गांव के विधानसभा टीआरआई नगर, केशवपुरम में जनसभा करेंगे। मुख्यमंत्री पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगे। जापान दौरे से प्रदेश में आएगा बड़ा निवेश मुख्यमंत्री का जापान दौरे से प्रदेश में बड़ा निवेश आएगा। यात्रा में मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने की पहल हुई है। प्रतिष्ठित जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने निवेश की सहमति दी है। निवेशकों के साथ One-to-One बैठक हुई, कृषि, डेयरी एवं फूड प्रोसेसिंग, फिनटेक, आईटी/आईटीईएस और रोबोटिक्स, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोबाइल, शहरी एवं औद्योगिक बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों पर बैठकें केंद्रित रहीं। प्रदेश के बजट का आधार बनेगा आम बजट आज देश का आम बजट पेश होने जा रहा है। लेकिन इससे प्रदेश को भी काफी आशाएं हैं क्योंकि यह एमपी के बजट का आधार बनेगा। राज्य को विभिन्न योजनाओं में 50 हजार करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वित्त विभाग ने सभी विभागों से बजट भाषण सुनने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय योजनाओं के प्रावधानों के साथ नए अवसरों पर विभाग रिपोर्ट तैयार करेंगे। 15 फरवरी से पहले सीएम डॉ मोहन यादव मप्र के बजट को लेकर बैठक करेंगे। गरीब, नारी, युवा और किसानों के लिए होंगे विशेष प्राविधान।   MP जीसीसी नीति लागू करने वाला पहला राज्य मध्यप्रदेश सरकार ने देश की पहली समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति-2025 लागू कर दी है। इससे राज्य नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा। यह नीति भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे टियर-2 शहरों को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। सरकार इन शहरों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और सायबर सुरक्षा के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। इसके साथ इनोवेशन क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। ये क्लस्टर आधुनिक तकनीकों में नवाचार के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए मंच प्रदान करेंगे। खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव 20 से 26 फरवरी तक मध्यप्रदेश के खजुराहो में बाल नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। नृत्य महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए 10 से 16 वर्ष के मध्यप्रदेश के मूल निवासी बाल नृत्य कलाकार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयनित होने वाले कलाकारों को 20 से 26 फरवरी तक ऐतिहासिक नगरी खजुराहो में आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान एक पृथक मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर प्राप्त होगा। इस महोत्सव में आवेदन करने के लिए 3 फरवरी को रात 12 बजे तक संस्कृति संचालनालय की वेबसाइट culturemp.in अथवा talent.khajurahodancefestival.com पर आवेदन किया जा सकता है।

किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के कल्याण को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान को गति देने और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर सुव्यवस्था स्थापित करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जिला किस तरह अग्रणी हो, इसके लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में विभिन्न योजनाओं में अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य 22 जनवरी तक पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में कलेक्टर की भूमिका विकास कार्यों और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होती है। समाज के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कलेक्टर की पहचान कार्य और जनकल्याण के कार्यक्रमों के श्रेष्ठ क्रियान्वयन के आधार पर ही बनेगी। कुछ क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियों का आवश्यक प्रचार भी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से किया जाए। इससे अन्य जिलों में अधिकारियों और अन्य सभी को भी ऐसे कार्यों को करने की प्रेरणा मिलेगी। कलेक्टर, देखें रैन बसेरों की व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सर्दी में रैन बसेरों में रहने वाले व्यक्तियों की अच्छी देखभाल सुनिश्चित करें। समय-समय पर रैन बसेरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें। इसके साथ ही कलेक्टर, थानों का आकस्मिक निरीक्षण भी करें। जिले की घटनाओं पर कलेक्टर की बारीक नजर होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों से संवाद और सम्पर्क में कमी नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा के महत्वपूर्ण सेक्टर्स में जिलों में ऐसे आयोजन हों, जो जिले के महत्व को बढ़ाते हों। टी.बी. रोग नियंत्रण में गतिविधियां बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निक्षय अभियान में देश के 347 जिले चिन्हित कर विशेष प्रयास कर क्षय रोग के नियंत्रण का अभियान प्रारंभ किया। यह अभियान आगामी 24 मार्च तक चलेगा। निक्षय अभियान में मध्यप्रदेश में 23 जिले चिन्हित किए गए हैं। प्रदेश में इस अभियान को गति प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 5 जिले मंदसौर, नरसिंहपुर, मंडला, बैतूल और खंडवा इस अभियान के क्रियान्वयन में शीर्ष पर हैं। इसी तरह टी.बी. रोगियों को फूड-बॉस्केट के वितरण में जबलपुर, नरसिंहपुर, मंदसौर, अनूपपुर और मंडला सबसे आगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टी.बी. नियंत्रण के कार्य में कलेक्टर विभिन्न नवाचार भी कर सकते हैं। स्वास्थ्य संचालक ने जानकारी दी कि मंदसौर में एक्सरे मशीन की खरीदी, सीहोर में जनप्रतिनिधियों द्वारा एक-एक टी.बी. रोगी की देखभाल का प्रण लेने और उज्जैन एवं नीमच में टी.बी. रोगियों के पंजीयन और उपचार के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेडक्रास सोसायटी, एनसीसी और एनएसएस जैसे संगठनों का टी.बी. उन्मूलन अभियान के लिए सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुष्मान योजना में निर्धन वर्ग के नागरिकों की सहायता के लिए जिलों में समन्वय पूर्वक सहायता के कार्य किए जाएं। मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया के रोगियों के उपचार के संबंध में कलेक्टर को निर्देशित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 132 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

विदिशा जिले को 4 जनवरी को मिलेगी विकास की अनेक सौगातें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 4 जनवरी को विदिशा के लटेरी में लगभग 132 करोड़ रूपये की लागत का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। इसका लाभ विदिशा जिले के सिरोंज और लटेरी क्षेत्र की जनता को मिलेगा। लटेरी में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये जायेंगे। विदिशा के सिरोंज और लटेरी अनुभाग क्षेत्र में जिन विभागों के करोड़ों की लागत से भूमि-पूजन और लोकार्पण होने जा रहे हैं, उनमें नगर पालिका परिषद के 20.6217 करोड़, जनपद पंचायत के 6.6352 करोड़, स्वास्थ्य विभाग के 9.4179 करोड़, पीएमजेएसवाय के 7.0311 करोड़, लोक निर्माण विभाग के 24.8112 करोड़, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 15.7288 करोड़, शिक्षा विभाग के 38.8000 करोड़, राजस्व विभाग के 7.3200 करोड़, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 1.1604 करोड़ और महिला एवं बाल विकास विभाग के 0.4488 करोड़ की लागत के विकास कार्य शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज करेंगे चंबल अभयारण्य का भ्रमण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन्य जीव पर्यटन की दिशा में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। आज शनिवार 4 जनवरी से वन्य-जीव पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चंबल अभयारण्य का भ्रमण कर चंबल नदी के घड़ियाल अभयारण्य की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर पर्यटन सुविधाओं का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रकृति ने मध्यप्रदेश को कई वरदान दिए हैं। सघन वन, वृक्षों की विविधता के साथ ही वन्य-प्राणियों की भी विविधता मध्यप्रदेश में देखने को मिलती है। वनों और वन्य-प्राणियों से मध्यप्रदेश की एक अलग पहचान बनी है। मध्यप्रदेश बाघ, तेंदुआ और घड़ियाल जैसे प्राणियों की सर्वाधिक संख्या वाला प्रदेश है। चीता पुनर्स्थापन करने वाला मध्यप्रदेश एक मात्र प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में ही नहीं पूरे विश्व में सर्वाधिक घड़ियाल चंबल नदी में पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि विश्व में लगभग तीन हजार घड़ियाल हैं, तो इनमें से 85 प्रतिशत चंबल नदी में हैं। करीब चार दशक पहले घड़ियालों की गणना का कार्य शुरू हुआ, जिससे घड़ियालों के इतनी बड़ी संख्या में चंबल में होने की जानकारियां सामने आईं। जनवरी और फरवरी महीने में अनुकूल तापमान का अनुभव कर घड़ियाल पानी से बाहर निकलते हैं और उस वक्त घड़ियालों और मगरमच्छों की गिनती आसानी से हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है। पर्यटकों में यह चंबल बोट सफारी के नाम से प्रसिद्ध है। यह तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के संयुक्त प्रयासों से एक प्रमुख संरक्षण परियोजना है। मध्यप्रदेश में वर्ष 1978 में इसे वन्य-जीव अभयारण्य के रूप में मान्यता दी गई थी। चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य का मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय घड़ियाल, लाल मुकुट वाले छत कछुए और लुप्तप्राय गांगेय डॉल्फिन को संरक्षित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभयारण्य लगभग साढ़े पांच वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। पहाड़ियों और रेतीले समुद्र तटों से यह धरती भरी हुई है। यह वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित है और इसका मुख्यालय मुरैना में है। घड़ियालों और गंगा डॉल्फिनों का निवास स्थान, पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है। घड़ियाल, लाल मुकुट वाले कछुए और डॉल्फ़िन यहाँ पाए जाते हैं। अन्य जानवर जो (दुर्लभ) श्रेणी में हैं, उनमें मगरमच्छ, चिकने-लेपित ऊदबिलाव, धारीदार लकड़बग्घा और भारतीय भेड़िये हैं, जो संरक्षण सूची की अनुसूची-1 में शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल नदी में कछुआ परिवार की 26 दुर्लभ प्रजातियों में से 08 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इनमें भारतीय संकीर्ण सिर एवं नरम खोल वाला कछुआ, तीन धारीदार छत वाला कछुआ और मुकुटधारी नदी वाला कछुआ शामिल हैं, जो यहां की पहचान है। शीतकाल है घड़ियाल देखने का उपयुक्त समय चंबल में घड़ियाल अभयारण्य देखने के लिए यात्रा का सर्वोत्तम समय अक्टूबर से जून तक रहता है। शीतकाल में घड़ियाल देखने और यह क्षेत्र घूमने का सबसे अच्छा समय माना गया है। राष्ट्रीय चंबल वन्य-जीव अभयारण्य में प्रकृति को देखने की बहुत सी गतिविधियाँ होती हैं। घड़ियाल, डॉल्फ़िन, अन्य सरीसृप, जल निकायों और सुंदर परिदृश्य की फोटोग्राफी नाव की सवारी से की जा सकती है। यहाँ की घाटियों और नदियों के किनारे पगडंडियों पर चलना प्रकृति को करीब से देखने का मौका देता है। चंबल नदी लगभग एक हजार किलोमीटर लंबी है। पर्यटक चंबल घड़ियाल सफारी अभयारण्य का आनंद उक्त क्षेत्र के निकटवर्ती नगरों में रहवास सुविधा का उपयोग ले सकते हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश खनन के क्षेत्र में अधिक राजस्व प्राप्त कर नई ऊँचाइयाँ छू रहा

विशेष लेख नवाचारों से मध्यप्रदेश बनेगा माइनिंग केपिटल भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नवाचारों से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार माइनिंग में नवाचार कर रही है। प्रदेश में सबसे पहले क्रिटिकल मिनरल के 2 ब्लॉक्स को नीलामी में रखा गया है। सबसे अधिक खनिज ब्लॉक्स की नीलामी कर मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर आ गया है। प्रदेश की समृद्ध खनिज सम्पदा और नई खनन नीतियों से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। खनिज संसाधनों के उपयोग से न केवल राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी, बल्कि रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे। प्रदेश में कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट और बॉक्साइट जैसे खनिजों का विशाल भण्डार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश खनन के क्षेत्र में अधिक राजस्व प्राप्त कर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2023-24 के मुकाबले खनिज राजस्व संग्रह में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई, प्रदेश में पहली बार खनिज राजस्व संग्रह 5 अंकों में पहुंच गया। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस अवधि में 4 हजार 958 करोड़ 98 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। जबकि वर्ष 2024-25 में यह प्राप्ति 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त किया गया है। मध्यप्रदेश खनिज ब्लॉक्स की नीलामी में सर्वप्रथम मध्यप्रदेश मुख्य खनिज ब्लॉकों की सर्वाधिक संख्या में नीलामी करने में देश में प्रथम स्थान पर है। भारत सरकार द्वारा वर्तमान में स्ट्रैटेजिक एवं क्रिटिकल मिनरल पर देश की आत्म-निर्भरता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे इन खनिजों की आयात पर निर्भरता कम हो सके। प्रदेश द्वारा इस खनिज समूह के अंतर्गत अभी तक ग्रेफाइट के 8 खनिज ब्लॉक, रॉक-फॉस्फेट खनिज के 6 ब्लॉक सफलतापूर्वक नीलाम किये गये हैं। मुख्य खनिज के 20 ब्लॉकों की नीलामी के लिये विभाग द्वारा 9 अगस्त, 2024 को निविदा आमंत्रण सूचना-पत्र (NIT) जारी की गयी है, जिसकी कार्यवाही प्रचलन में है। इसके अतिरिक्त महत्वपूर्ण खनिज गोल्ड के 4 ब्लॉक, मैग्नीज खनिज के 16 ब्लॉक एवं कॉपर का एक ब्लॉक अभी तक सफलतापूर्वक नीलाम किये गये हैं। भारत सरकार द्वारा जनवरी-2024 में एक्सप्लोरेशन नीति प्रभावशील की गयी। इस नीति के तहत मध्यप्रदेश राज्य द्वारा क्रिटिकल मिनरल के 2 ब्लॉक नीलामी में रखे गये हैं। मध्यप्रदेश केंद्र सरकार की इस नीति का क्रियान्वयन करने वाला पहला राज्य बन गया है। खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में भी प्रदेश प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में स्ट्रेटेजिक एवं क्रिटिकल मिनरल, मुख्यत: रॉक-फास्फेट, ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट, प्लेटिनम एवं दुर्लभ धातु (आरईई) के लिये कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 11 क्षेत्रों पर अन्वेषण कार्य किया गया। प्रदेश में जिला खनिज विभाग के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य, जिसमें पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, स्वच्छता, कौशल विकास और वृद्ध, विकलांग कल्याण के लिये 16 हजार 452 परियोजनाएँ स्वीकृत की गयी हैं, जिनकी लागत 4406 करोड़ रुपये है। इनमें से 7 हजार 583 परियोजना लागत 1810 करोड़ रुपये का कार्य पूर्ण हो गया है। अवैध खनन को रोकने के लिये ई-चेकगेट की स्थापना प्रदेश में खनिज के अवैध परिवहन रोकने के लिये एआई आधारित 41 ई-चेकगेट स्थापित किए जा रहे हैं। ई-चेकगेट पर वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी रीडर और ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में संलग्न वाहन की जाँच की जा सकेगी। परियोजना में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में खनिज परिवहन के लिये महत्वपूर्ण 4 स्थानों पर ई-चेकगेट स्थापित कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अवैध परिवहन की निगरानी के लिये राज्य स्तर पर भोपाल में कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर तथा जिला भोपाल एवं रायसेन में जिला कमाण्ड सेंटर स्थापित किया गया है। इस वर्ष तक सभी 41 ई-चेकगेट की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है। अवैध खनन की रोकथाम के लिये उपग्रह और ड्रोन आधारित परियोजना प्रारंभ की गयी है। इस परियोजना के माध्यम से 7 हजार खदानों को जियो टैग देकर खदान क्षेत्र का सीमांकन किया गया है। यह परियोजना पूर्ण रूप से लागू होने पर अवैध खनन को चिन्हित कर प्रभावी कार्यवाही हो सकेगी। परियोजना के लागू होने पर स्वीकृत खदान के अंदर 3-डी इमेजिंग तथा वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस कर उत्खनित खनिज की मात्रा का सटीक आँकलन किया जा सकेगा। माइनिंग में नवाचारों से प्रदेश की आर्थिक प्रगति सुनिश्चित होगी, साथ ही इससे मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर खनिज उत्पादक राज्य के रूप में नई पहचान मिलेगी। निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार निजी क्षेत्र को प्रदेश के प्रचुर खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिये प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में हाल ही में भोपाल में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में कई बड़ी कम्पनियों ने माइनिंग सेक्टर में निवेश की इच्छा जताई है। कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने खनिज क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये कई सुधार किये हैं। इनमें पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया, पर्यावरण-अनुकूल खनन और स्थानीय समुदायों को मुनाफे में भागीदारी देने जैसे कदम शामिल हैं। प्रदेश में है देश का एकमात्र हीरा भण्डार प्रदेश के पन्ना जिले में देश का एकमात्र हीरे का भण्डार है। हीरा खदान से प्रतिवर्ष एक लाख कैरेट हीरे का उत्पादन होता है। मलाजखण्ड कॉपर खदान भारत की सबसे बड़ी ताम्बा खदान है। इस खदान से प्रतिदिन 5 से 10 हजार ताम्बा निकाला जाता है। भारत के कुल ताम्बा भण्डार का 70 प्रतिशत ताम्बा मध्यप्रदेश में है। राज्य में स्थित सासन कोयला खदान भी अपने विशाल खनन उपकरणों के लिये प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। प्रदेश में लाइम-स्टोन, डायमण्ड और पाइरोफ्लाइट जैसे खनिज संसाधन हैं। मध्यप्रदेश के जिलों में खनिज के भण्डार हैं, जिसमें सतना, रीवा और सीधी में लाइम-स्टोन, बॉक्साइट, ग्रेफाइट, गोल्ड और ग्रेनाइट, सिंगरौली में कोयला, गोल्ड और आयरन, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया में कोयला, कोल बेड, मिथेन और बॉक्साइट, छतरपुर, सागर और पन्ना में डायमण्ड, रॉक फास्फेट, आयरन, ग्रेनाइट, लाइम, डायस्पोर और पाइरोफ्लाइट, जबलपुर और कटनी में बॉक्साइट, डोलोमाइट, आयरन, लाइम-स्टोन, मैग्नीज, गोल्ड और मार्बल, नीमच और धार में लाइम-स्टोन, बैतूल में कोयला, ग्रेफाइट, ग्रेनाइट, लीड और जिंक, छिंदवाड़ा में कोयला, मैग्नीज और डोलोमाइट, बालाघाट में कॉपर, मैग्नीज, डोलोमाइट, लाइम-स्टोन और बॉक्साइट, मण्डला और डिण्डोरी में डोलोमाइट और बॉक्साइट, ग्वालियर और शिवपुरी में आयरन, फ्लेग-स्टोन और क्वार्ट्ज, झाबुआ और अलीराजपुर में रॉक फस्फेट, डोलोमाइट, लाइम-स्टोन, मैग्नीज और ग्रेफाइट … Read more

प्रदेश में 6 माह का विशेष अभियान चलाकर 792 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 6 माह का विशेष अभियान चलाकर 792 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की अधिसूचना संबंधित कलेक्टर्स द्वारा जारी कर दी गई है। इसमें बैतूल जिले के 91, डिंडौरी के 86, मंडला के 75, खरगौन के 65, बड़वानी के 64, खंडवा के 51, सीहोर के 49, छिंदवाड़ा के 48, बालाघाट के 46, हरदा के 42, बुरहानपुर के 37, सिवनी के 28, नर्मदापुरम के 24, भोपाल के 14, धार के 13, देवास के 12, सिंगरौली के 11, नरसिंहपुर के 10, रायसेन के 7, टीकमगढ़ एवं जबलपुर के 5-5, सागर के 4, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, कटनी और गुना के 1-1 गांव शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कुल 827 वन ग्राम बचे थे। इनमें से 792 को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किया जा चुका है। शेष 35 वन ग्रामों के वीरान/विस्थापित होने अथवा डूब क्षेत्र में होने से परिवर्तन करने की आवश्यकता नहीं रही। इस प्रकार विस्थापित होने वाले गांव को छोड़कर प्रदेश के सभी वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित कर दिया गया है। इन 792 ग्रामों के राजस्व नक्शा बनाने का कार्य राजस्व विभाग द्वारा शुरू कर दिया है। भू-अभिलेख और नक्शा पूरे हो जाने से अब ग्रामवासियों को बड़ी सहूलियत होगी। अब यह सुविधाएं मिल सकेंगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन ग्राम के राजस्व ग्राम में परिवर्तित हो जाने से ग्रामवासियों को अनेक सुविधाएं और विकास की सौगातें मिल सकेंगी। बँटवारा और नामांतरण होने के साथ फसलों की गिरदावरी भी हो सकेगी। प्राकृतिक आपदा पर फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा, आँगनवाड़ी एवं विद्यालय भवन स्वीकृत हो सकेंगे और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। बिजली, पानी, सड़क और तालाबों आदि सुविधाओं का निर्माण भी हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम सभा के माध्यम से वनवासियों के कल्याण के लिये कार्य का अवसर भी मिलेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ करेंगे। 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का 4 दिवसीय आयोजन 3 से 6 जनवरी तक होगा। भारत के विभिन्न राज्यों के 700 से अधिक बाल वैज्ञानिक, शिक्षक और मेंटर्स इस आयोजन में भाग लेंगे। साथ ही बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, ओमान और सऊदी अरब जैसे ग़ल्फ़ देशों के बाल वैज्ञानिक भी अपनी प्रस्तुतियों के साथ शामिल होंगे। इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय “स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना” है। यह कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक सोच को विकसित करने और उन्हें समाज की समस्याओं के समाधान में नवाचार का उपयोग करने के लिए प्रेरित करेगा। कार्यक्रम के दौरान कई आकर्षक गतिविधियां और प्रदर्शनियां आयोजित होंगी, जिनमें चंद्रयान मिशन प्रदर्शनी, वॉटर रॉकेटरी, रोबोटिक्स, हाईड्रोपोनिक्स, पर्यावरण साँप-सीढ़ी, चीता संरक्षण प्रदर्शनी और वैज्ञानिक जागरूकता पर आधारित लोकगीत शामिल हैं। देश के प्रमुख वैज्ञानिक जैसे डॉ. चेतन सोलंकी (IIT मुंबई), डॉ. नंद कुमार (AIIMS दिल्ली), और डॉ. चैतन्य पूरी (IISER पुणे) छात्रों के साथ संवाद करेंगे। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस    राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (NCSC) एक राष्ट्रीय विज्ञान संचार कार्यक्रम है जिसकी शुरुआत 1993 में हुई थी। यह भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत संचालित एक मंच है, जो 10-17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, रचनात्मकता और नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला के ऑटोमेशन का उद्घाटन भी करेंगे। इस पहल से आम नागरिक घर बैठे खगोलीय अध्ययन कर सकेंगे, जो मध्यप्रदेश को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा। इसमें दो बच्चों का एक समूह मार्गदर्शक शिक्षक के साथ किसी स्थानीय समस्या का चयन करता है और वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से उसका समाधान प्रस्तुत करता है। यह प्रक्रिया गहन अवलोकन, प्रश्न उठाने, मॉडल बनाने और प्रयोग के माध्यम से समाधान खोजने पर आधारित होती है। बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में जिज्ञासा और खोज की भावना को प्रोत्साहित करती है, साथ ही उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोचने और समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। यह कार्यक्रम उनकी कल्पना को साकार करने और उनकी रचनात्मकता को नए आयाम देने का एक उत्कृष्ट मंच है।  

शहर के पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की भूमिका निभायेंगीं “शक्ति दीदी”

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में ग्वालियर जिले में “शक्ति दीदी” के नाम से जिला प्रशासन द्वारा यह प्रेरणादायी पहल की गई है। जिन महिलाओं को “शक्ति दीदी” के रूप में फ्यूल वर्कर के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया है, वे ऐसी महिलायें हैं जो अपनों द्वारा उपेक्षित हैं अथवा जिनके पति का असमय निधन हो चुका है। पेट्रोल पंप संचालकों ने इस सराहनीय पहल में सहयोग करने का भरोसा दिलाया और कहा कि वे अपने पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी के रूप में अन्य जरूरतमंद महिलाओं को भी रोजगार देंगे। ग्वालियर शहर के पाँच व्यस्ततम पेट्रोल पंपों पर नए साल के दूसरे दिन गुरुवार को पाँच महिलाओं ने ‘शक्ति दीदी’ के रूप में फ्यूल डिलेवरी वर्कर का मोर्चा संभाला। ग्वालियर के पड़ाव आरओबी के समीप स्थित वैश्य एण्ड मुखर्जी पेट्रोल पंप पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार ने श्रीमती जयहालदार को शक्ति दीदी की जिम्मेदारी सौंपी। इसी तरह संस्कृति पेट्रोल पंप न्यू कलेक्ट्रेट पर अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार ने श्रीमती रानी शाक्य, दर्शन फ्यूल स्टेशन पिंटो पार्क पर अपर कलेक्टर कुमार सत्यम ने श्रीमती प्रीति माझी एवं सांई राम पेट्रोल पंप चेतकपुरी पर एडीएम टी.एन. सिंह ने श्रीमती निशा परिहार का स्वागत कर उन्हें शक्ति दीदी का दायित्व सौंपा। महिला फ्यूल वर्कर के रूप में तैनात शक्ति दीदी की ड्यूटी की अवधि प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक रहेगी। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सुविधा पेट्रोल पंप की “शक्ति दीदी” श्रीमती मीना जाटव का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करें। जिला प्रशासन सहयोग के लिये सदैव तत्पर रहेगा। साथ ही पुलिस के सहयोग से आपकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने इस अवसर पर शहरवासियों का आह्वान किया कि वे पेट्रोल पंपों पर अपने वाहन में तेल भरवाते समय फ्यूल वर्कर की भूमिका निभा रही शक्ति दीदी का सम्मान और हौसला अफजाई करें, जिससे उनका मनोबल बढ़े।  

जन समस्याओं के निराकरण के लिए करें जन-संवाद – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

विधान सभावार विजन आधारित तैयार करें रोडमैप – मुख्यमंत्री डॉ.यादव जन समस्याओं के निराकरण के लिए करें जन-संवाद रैन बसेरों का निरीक्षण करें विधानसभा वार समीक्षा की जाए इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा मुख्यमंत्री ने बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास का विजन डॉक्यूमेंट (रोडमैप) बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी विधायक क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ जन समस्याओं के निराकरण को लेकर जन-संवाद करें। जनकल्याण अभियान के मिल रहे परिणामों का आकलन करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए जरूरी है कि जनता के बीच जाएं, उनसे संवाद करें, उनकी समस्याएं जानें और निराकरण के लिए तुरन्त कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं वृहद् निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, इंदौर सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य क्षेत्रीय विधायकों एवं जन-प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने-अपने क्षेत्र से वर्चुअली सहभागिता की। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव एस.एन, मिश्रा, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। गाँव में रात्रि विश्राम करें अधिकारी और जन-प्रतिनिधि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वुर्चअली जुड़े मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेने के लिए अधिकाधिक फील्ड दौरे करें। जन-प्रतिनिधि, क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ दूरस्थ गाँव (विशेषकर जनजातीय ग्राम) में रात्रि विश्राम करें। वहां ग्रामीणों से बात करें, उनकी कठिनाईयों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने दिन-ब-दिन बढ़ती सर्दी के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करें। जरूरतमंदों को कंबल एवं गर्म वस्त्र प्रदाय करें। किसी को भी सर्दी से कठिनाई न होने पाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए विधायक यदि चाहें, तो कोई नवाचार भी कर सकते हैं। ऐसी नवाचारी गतिविधियों को अमल में लाएं, जिससे जनता को अधिकतम लाभ हो। उन्होंने कहा कि अब सभी संभागों के प्रभारी अपर मुख्य सचिव जिलेवार समीक्षा बैठक करेंगे। इससे सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र की प्रमुख मांगों एवं संवदेनशील विषयों को रखने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स अब विधानसभावार समीक्षा बैठक करें। जिले के सभी विधायकों से चर्चा करें और उनके विधानसभा क्षेत्र का विजन डाक्यूमेंट बनाने में सहयोग भी करें। पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूल का निर्माण पूरा कराएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज स्कूलों के निर्माण की समीक्षा में कहा कि पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूलों का जितना भी निर्माण कार्य अभी शेष है, पहले उन्हें विशेष प्राथमिकता से पूरा कर लिया जाए। इसके बाद नये सीएम राइज स्कूलों के निर्माण का प्रस्ताव लिये जाए। ताप्ती-चिल्लूर वृहद परियोजना की पूर्णता के लिये महाराष्ट्र सरकार से करेंगे चर्चा जल संसाधन विभाग की समीक्षा में खंडवा जिले की ताप्ती-चिल्लूर वृहद सिंचाई परियोजना के बारे में जानकारी दी गई। इस पर खंडवा जिले के हरसूद से विधायक एवं जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मुख्यमंत्री से इस परियोजना को जल्द से जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस पर काम शुरू किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई, तो वे स्वयं महाराष्ट्र शासन से भी इस परियोजना के संबंध में चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि करीब 26 हजार 279 करोड़ रूपए लागत वाली इस वृहद सिंचाई परियोजना के पूरा होने पर संबंधित क्षेत्र के 81 हजार 600 हेक्टेयर रकबे में फसल सिंचाई एवं वाटर रिचार्जिंग की स्थायी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। जल जीवन मिशन के कामों में तेजी लाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर संभाग में जल जीवन मिशन के तहत संचालित कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें। जल जीवन मिशन सीधा जनता से जुड़ा अभियान है। यदि इस अभियान के क्रियान्वयन में कोई समस्या आ रही है, तो आपसी संवाद एवं समन्वय से उसका समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि वे 20 जनवरी तक पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बताया गया कि इंदौर संभाग के अंतर्गत अधीन जिलों में नल-जल योजना के अंतर्गत खोदी गई 3205.83 कि.मी. रोड के विरूद्ध अब तक 3166.81 कि.मी. रोड का रेस्टोरेशन कार्य गुणवत्तापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शेष रोड का रेस्टोरेशन कार्य पाइप लाईन की टेस्टिंग के बाद पूरा कर लिया जाएगा। इंदौर-उज्जैन के वर्तमान फोरलेन को बनाया जाएगा सिक्स लेन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर-उज्जैन के फोरलेन को सिक्स लेन में बदलने के संबंध में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। बताया गया कि इस काम के लिए निर्माण एजेंसी से अनुबंध कर लिया गया है। तय निर्माण एजेंसी द्वारा अनुबंध के अनुसार प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां भी तेजी से संचालित की जा रही है। इंदौर सांसद ने इंदौर-देपालपुर मार्ग को फोरलेन बनाए जाने की मांग रखी। बैठक यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान 6 एक्सप्रेस-वे नियोजित हैं,‍जिसमें नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ विकास पथ, बुंदेलखंड विकास पथ, अटल प्रगति पथ और मध्य भारत विकास पथ का निर्माण प्रगतिरत है। अपने सुझाव परिसीमन आयोग को भी दे सकते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वर्चुअली जुड़े सांसद एवं विधायकों से कहा कि यदि वे क्षेत्रीय आबादी या भौगोलिक स्तर पर जनहित में अपने जिले या तहसील का संभाग या जिला परिवर्तन कराना चाहते हैं, तो वे अपने सुझाव लिखित में राज्य सरकार द्वारा गठित परिसीमन आयोग को दे सकते हैं। प्राप्त सुझाव पर परिसीमन आयोग ही अंतिम निर्णय लेगा। बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बदलने के दे दें प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बनाने के मामलों में गंभीर … Read more

यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा कचरे का विनिष्टीकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण की करेंगे सतत निगरानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2015 में किया जा चुका है ट्रायल रन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। कचरे का निष्पादन जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनता के सरोकार प्राथमिकता में सबसे ऊपर है, कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई सतत् निगरानी में की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हादसे के 40 वर्ष बीतने के बाद भोपाल में रखा लगभग 337 मीट्रिक टन कचरे का हानिकारक प्रभाव खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि बचे हुए शेष कचरे में 60 प्रतिशत से अधिक केवल स्थानीय मिट्टी, 40 प्रतिशत में 7-नेपथॉल, रिएक्टर रेसिड्यूज और सेमी प्रोसेस्ड पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। इसमें मौजूद 7-नेपथॉल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका विषैला प्रभाव 25 साल में लगभग समाप्त हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में मीडिया से चर्चा में ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया का केन्द्र सरकार की विभिन्न संस्थाओं जैसे- नीरी (नेशनल इन्वॉयरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट), नागपुर, NGRI (नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीटयूट) हैदराबाद, IICT (इंडीयन इंस्टीट्यूट ऑफ केमीकल टेक्नोलॉजी) तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा समय-समय पर गहन परीक्षण किया गया है। उनके अध्ययन तथा सर्वोच्च न्यायालय को प्रस्तुत प्रतिवेदनों के आधार पर भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय को मार्च, 2013 में दिये गये निर्देशानुसार केरल कोच्चि स्थित हिंदुस्तान इनसेक्टीसाइड लिमिटेड के 10 टन यूनियन कार्बाइड के समान कचरे का परिवहन कर पीथमपुर स्थित TSDF में ट्रायल रन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में किया गया। सफल ट्रायल रन का प्रतिवेदन सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ट्रायल रन के निष्कर्षों के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने अप्रैल, 2014 में यूसीआईएल के 10 मीट्रिक टन कचरे का एक और ट्रायल रन भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली की निगरानी में टीएसडीएफ पीथमपुर मे किये जाने के निर्देश दिये। सर्वोच्च न्यायालन ने इस ट्रायल रन की वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये थे। निर्देशानुसार अगस्त, 2015 में ट्रायल रन के बाद केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रायोगिक निपटान की समस्त रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार के कचरे के निपटान से वातावरण को कोई नुकसान नही हुआ है। उच्चतम न्यायालय ने सभी रिपोर्ट के गहन परीक्षण के पश्चात ही यूसीआईएल के कचरे के निपटान की कार्यवाही को आगे बढ़ाने एवं उन्हें नष्ट करने का निर्देश जारी किया। मुख्य सचिव ने 3 बिन्दुओं पर कराई जांच कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई के संबंध में समय-समय पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये जा रहे निर्देशों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव ने विस्तृत रूप से तीन बिंदुओं को आधार बनाकर पृथक से जांच कराई। जांच के बिंदु :- आसपास के गांवों में स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण, फसल की उत्पादकता पर प्रभाव और क्षेत्रीय जल स्त्रोतों की गुणवत्ता का परीक्षण थे। तीनों बिंदुओं के परीक्षण में यह पाया गया कि यूसीआईएल कचरे के निष्पादन से किसी भी प्रकार के नकारात्मक परिणाम परिलक्षित नहीं हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया को लेकर शासन पूरी तरह से संवेदनशील हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मध्यप्रदेश प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही सभी संबंधित टीमों की सतत् निगरानी में विनिष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती सुमित्रा देवी मेहता के निधन पर शोक व्यक्त किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती सुमित्रा देवी मेहता के निधन पर शोक व्यक्त किया निवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ पत्रकार, कॉलमिस्ट एवं कथावाचक पं. विजय शंकर मेहता की माताजी श्रीमती सुमित्रा देवी मेहता के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार सुबह श्री मेहता के निवास पर पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्व. श्रीमती मेहता 90 वर्ष की थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. सुमित्रा देवी के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि स्व. सुमित्रा देवी का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक था। उनके जीवन मूल्य हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत श्रीमती मेहता के परिजन से आत्मीय चर्चा की और सभी को सांत्वना देकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।  

वैज्ञानिक तरीके से जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाए जाने को लेकर मीडियो से बात की। उन्होंने कहा कि रासायनिक कचरे का निष्पादन वैज्ञानियों से ही कराया जा रहा है। इसमें सभी मानकों का पालन हो रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ आज तीन बजे प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बैठक करेंगे और सभी शंकाओं का समाधान करेंगे। कचरा जलाने से ना तो पर्यावरण कोई कोई नुकसान होगा और ना ही भूजल प्रभावित होगा। समस्त अध्ययन के बाद ही कार्रवाई की जा रही है। भोपाल के लोग 40 साल से कचरे के साथ जी रहे थे कांग्रेस द्वारा उठाई जा रही आपत्तियों पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीथमपुर को लेकर आवाज उठा रहे हैं और भोपाल को लेकर अभी तक कोई बात नहीं की। दोमुही कांग्रेसी करते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। भोपालवासी 40 वर्ष से इस कचरे के साथ जी रहे थे। हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस कचरे को हम पीथमपुर में जलाने जा रहे है उसका पहले भी ड्राई रन कर चुके है। इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा की थी, उसी रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने इस कचरे को नष्ट करने के निर्देश हमें दिए थे। इसमें यह साफ कर दिया गया था कि इस कचरे के जलने से पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगस्त 2015 में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का ट्रायल रन किया गया था। परीक्षण में जो रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक कचरा जलाने से वातावरण में किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने हमें कचरा जलाने के लिए निर्देशित किया है।

मध्यप्रदेश में मोहन सरकार सरकारी विभागों को कर रही ऑनलाइन, जानें क्या है ई-ऑफिस प्रणाली

भोपाल  नए साल का पहला दिन मध्यप्रदेश में सुशासन की पहल का साक्षी बना है। मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने ई-गवर्नेंस की नई शुरुआत की है। प्रदेश में ई-ऑफिस सिस्टम लागू हुआ है। इसके बाद से मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय सहित सभी विभागों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू हो गया। यानी कागजी नोटशीट फाइलें नहीं चलेंगी, उनकी बजाए ऑनलाइन फाइलें इधर से उधर जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत की। डिजिटिलाइजेशन के साथ आगे बढ़ रही मोहन सरकार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कई जन हितैषी कार्यक्रमों, गरीब, महिला, किसान और युवा वर्ग के कल्याण को फोकस करते हुए एमपी सरकार डिजिटिलाइजेशन के जरिए आगे बढ़ना चाहती है। मुख्यमंत्री कार्यालय सहित मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी मुख्य सचिव कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली से काम शुरू कर दिया है। क्या है ई-ऑफिस प्रणाली ई-ऑफिस, ऑनलाइन प्रणाली है। इसमें अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक कम्प्यूटर पर बैठकर अपनी फाइलें निपटाएंगे। इससे यह पता चल जाएगा कि कौन सी फाइल किस के पास लंबित है। पुरानी नस्तियों को भी इसमें ढूंढा जा सकेगा। इससे शासकीय कार्य तेजी से संपादित हो सकेंगे। उच्च स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग भी आसान होगी। 3 चरणों में प्रदेश में होगा लागू आपको बता दें कि ई-ऑफिस सिस्टम 3 चरणों में पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। पहले चरण के तहत 1 जनवरी से मंत्रालय में पूरी तरह लागू किया जा चुका है। अब मंत्रालय में सभी फाइलों का मूवमेंट सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक मोड (ई-फाइल) में ही हो सकेगा। पूरी कार्रवाई पेपरलेस हो जाएगी। दूसरे चरण के तहत सभी विभाग प्रमुखों के कार्यालय और तीसरे चरण में सभी जिला स्तर के कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली में जोड़ा जाएगा। पर इसके लिए अंतिम समय तय नहीं किया गया है। इससे पहले मंत्रालय में हाईब्रिड मोड में काम किया जा रहा था। कुछ काम ई-फाइल के जरिए तो कुछ पी-फाइल (पेपर फाइल) के जरिए होते थे। अब सबकुछ ई-फाइल में तब्दील किया गया है।

पारदर्शिता, तत्परता और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का लक्ष्य होगा पूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ई-ऑफिस प्रणाली का शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी भी चाहते हैं सुशासन के लिए डिजिटाइजेशन बढ़े: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पारदर्शिता, तत्परता और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का लक्ष्य होगा पूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्य सचिव कार्यालय में भी शुरू हुई ई-ऑफिस प्रणाली भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुशासन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश सरकार निरंतर अपनी सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाईन करना चाहती है। डिजिटाइजेशन के माध्यम से सभी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने, विभागों का समन्वय बढ़ाने और जन कल्याण की गति तेज करने में आसानी होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी डिजिटाइजेशन के अभियान को आज के युग में पारदर्शिता की दृष्टि से और कार्यों की तत्परता की दृष्टि से आवश्यक मानते हैं। यह सुशासन की दिशा में एक ठोस कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से ई-ऑफिस क्रियान्वयन प्रणाली का शुभारंभ करते हुए कहा कि अनेक जन हितैषी कार्यक्रमों, गरीब, महिला, किसान और युवा वर्ग के कल्याण को फोकस करते हुए मध्यप्रदेश सरकार डिजिटाइजेशन के माध्यम से आगे बढ़ना चाहती है। मुख्यमंत्री कार्यालय सहित मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी मुख्य सचिव कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली में कार्य प्रारंभ कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा की कि आम जनता को ई-ऑफिस से राहत मिलेगी। विभिन्न विभागों द्वारा 1 जनवरी 2025 से समस्त नस्तियों को ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे विभागों के कार्य प्रचलित नस्तियों के स्थान पर ही ई-ऑफिस के माध्यम से होंगे। इसके लिए विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया गया है। इस प्रणाली का शीघ्र ही समस्त विभागों द्वारा क्रियान्वयन हो, इस उद्देश्य से विभाग प्रक्रिया पूर्ण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-ऑफिस प्रणाली की शुरूआत के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और अमले को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। ई-ऑफिस प्रणाली के शुभारंभ अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।  

केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम फसल बीमा योजना में 69 हजार करोड़ और 824 करोड़ के फंड फॉर इनोवेशन एण्ड टेक्नॉलोजी को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण के फैसले के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार डीएपी की कीमतों में वृद्धि होने पर भी देश के किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी से उचित मूल्य प  उपलब्ध करवाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम फसल बीमा योजना में 69 हजार करोड़ और 824 करोड़ के फंड फॉर इनोवेशन एण्ड टेक्नॉलोजी को दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा “पीएम फसल बीमा योजना के अंतर्गत 69,515.71 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने पर उनका आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने  यह राशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही 824.77 करोड़ की लागत से फंड फॉर इनोवेशन एण्ड टेक्नॉलोजी को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित ही ये अन्नदाताओं के हित में उठाया गया अहम कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि विकास और किसान कल्याण के लिए संकल्पित प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2025 की शुरूआत अन्नदाता के हित में ऐतिहासिक पहल के साथ की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में डीएपी की कीमतों में वृद्धि होने पर भी देश के किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी से उचित मूल्य पर ही डीएपी उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री-मंडल ने डीएपी की निरन्तर उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए एक जनवरी 2025 से अगले आदेश तक की अवधि के लिए एनबीएस सब्सिडी (पोषक तत्व आधारित सब्सिडी) के परे डीएपी पर एकमुश्त विशेष पैकेज को 3 हजार प्रति मीट्रिक टन की दर से बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे किसानों की समृद्धि के संकल्प को साकार करने के साथ उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री सतत प्रयत्नशील हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के किसानों के सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षा की प्रतीक पीएम फसल बीमा योजना को निरंतर जारी रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लिया गया निर्णय स्वागत योग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री का मध्यप्रदेश के किसान बंधुओं की तरफ से हृदय से आभार भी माना है।  

मोहन सरकार का पहला जनता दरबार 6 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, हर समस्या की होगी सुनवाई

भोपाल मोहन सरकार का मध्य प्रदेश में नए साल पर एक नया प्रयोग देखने को मिलने वाला है. जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के सीएम हाउस में ‘जनता दरबार’ की शुरुआत करेंगे. हालांकि मध्य प्रदेश की राजनीति में यह प्रयोग राजनीति में नया नहीं है, क्योंकि इससे पहले भी प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जनता दरबार लगा चुके हैं. जबकि दूसरे राज्यों के कई सीएम अभी भी जनता दरबार लगाते हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम भी शामिल है. सीएम मोहन यादव जनता दरबार के जरिए आम लोगों की समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे. बताया जा रहा है कि भोपाल में पहला जनता दरबार 6 जनवरी को लग सकता है, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं. हालांकि सीएम के इस प्रयोग की चर्चा सियासी गलियारों में शुरू हो गई है. सीएम मोहन सुनेंगे जनता की समस्याएं सूत्रों के हिसाब से सीएम मोहन यादव का पहला जनता दरबार 6 जनवरी को हो सकता है, जो सुबह 10 से 12 बजे तक चलेगा. जहां सीएम हाउस पर पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री मिलेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान अधिकारियों के जरिए करेंगे. बताया जा रहा है कि इसके लिए सीएम के पास पहुंचने वाली शिकायतों की स्क्रूटनी होगी और उन्हीं के हिसाब से समस्याएं सुलझाई जाएगी. जनता दरबार में ट्रांसफर और पोस्टिंग जैसे मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं होगी, यहां केवल बीमारी, जरूरतमंदों के आवेदनों पर ही सुनवाई होगी. जबकि ग्रामीण लोगों की समस्याओं को भी सुना जाएगा, माना जा रहा है कि एक बार के जनता दरबार में 500 से भी ज्यादा लोग आ सकते हैं. ऐसे में इसी हिसाब से व्यवस्थाएं की जाएगी. मध्यप्रदेश में मौजूदा समय में साप्ताहिक जनसुनवाई होती है, जहां जिला स्तर पर सभी जिला कलेक्टर और पुलिस कप्तान प्रत्येक मंगलवार को जनता की समस्याओं को सुनते हैं. इसके अलावा, सीधे जनता की समस्याओं को निपटाने के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल भी है. इस पर लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करवाते हैं और उसके निराकरण के बाद पोर्टल पर ही शिकायत बंद भी करवा सकते हैं. हालांकि, सीएम हेल्पलाइन को लेकर बीच-बीच में शिकायतें आती रहती हैं. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अब खुद जनता से मिलकर यह देखना चाहते हैं कि सरकार की योजनाएं जनता तक पहुंच रही हैं या नहीं? जनता दरबार का आयोजन: कब और कैसे?     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पहला जनता दरबार 6 जनवरी को सीएम हाउस पर आयोजित होगा। यह दरबार सुबह 10 बजे से 12 बजे तक चलेगा, जिसमें लोग अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रख सकेंगे। इस कार्यक्रम में पहले से आई शिकायतों को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन ट्रांसफर-पोस्टिंग के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसमें मुख्य रूप से बीमार और जरूरतमंदों के आवेदन लिए जाएंगे। अनुमान है कि 500 से 600 लोग इस जनता दरबार में शामिल होंगे। सीएम हेल्पलाइन और अन्य समस्याओं के समाधान का तरीका मुख्यमंत्री ने इस पहल को लेकर दो मुख्य कारण बताए हैं। पहला, कि कई प्लेटफॉर्म्स होने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था, जिससे लोग अफसरों और दफ्तरों के चक्कर काटते रहते थे। दूसरा, सीएम हेल्पलाइन जैसी योजनाओं में अक्सर शिकायतों को दबा दिया जाता था, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं होता। पिछले नेताओं के जनता दरबार का इतिहास मध्यप्रदेश में जनता दरबार की परंपरा पहले भी रही है। उमा भारती और दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं ने भी सीएम हाउस पर जनता दरबार लगाए थे। दिग्विजय सिंह के समय, मुख्यमंत्री हाउस में लोग सुबह 5 बजे से ही अपनी शिकायतें लेकर पहुंच जाते थे। उमा भारती के कार्यकाल में भी यह दरबार बहुत लोकप्रिय हुआ, हालांकि भीड़ को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती साबित हुआ था। शिवराज सिंह चौहान का तरीका और मोदी की सीख शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी सरकार के दौरान जनसुनवाई की व्यवस्था लागू की थी। उन्होंने जिला और प्रदेश स्तर पर जनसुनवाई की शुरुआत की और लोकसेवा गारंटी अधिनियम को लागू किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसी तर्ज पर एक नया कदम उठाया है, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान सीधे सीएम हाउस में किया जा सके। योगी आदित्यनाथ से प्रेरणा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में जनता दरबार की शुरुआत की थी, जिसे लखनऊ और गोरखपुर में आयोजित किया जाता है। वहां पर भी मुख्यमंत्री खुद लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करते हैं। इस तर्ज पर डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में भी जनता दरबार की शुरुआत की है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगमन 2025 पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी

आगमन : 2025 पर नागरिकों को बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगमन : 2025 पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष-2024 भारत के साथ मध्यप्रदेश समग्र विकास का पर्याय बना। आने वाला वर्ष-2025 निश्चित ही विकसित भारत के ध्येय को गति देगा, भारत की विकास यात्रा को नया आयाम मिलेगा और नया अध्याय गढ़ा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2024 प्रदेश में जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। राज्य सरकार आने वाले वर्ष में भी जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरसक प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नव वर्ष के साथ ही अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नव वर्ष को मनाने की परंपरा है, यह अवसर प्रदेश के विकास में भागीदारी के संकल्प का भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की है कि विकास के प्रयासों में निश्चित ही प्रदेश के नागरिकों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।  

जन-जागृति लाने में महर्षियों की बड़ी भूमिका, महर्षि बालीनाथ जी परम संत थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सांस्कृतिक वैविध्य ही हमारी पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव योग, तप, साधना और साहचर्य से जीना सिखाती है हमारी संस्कृति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन-जागृति लाने में महर्षियों की बड़ी भूमिका, महर्षि बालीनाथ जी परम संत थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री, उज्जैन में बैरवा जयंती में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विभिन्न धर्मों, समाजों, भाषाओं और संस्कृतियों का देश है। सब मिलकर यहां सद्भावपूर्वक रहते हैं। सांस्कृतिक वैविध्य ही हमारी संस्कृति की पहचान है। हमारी आस्था और जीवन मूल्य हमें विकास की ओर ले जाते हैं। योग, तप, साधना और साहचर्य से जीवन का समग्र विकास की शिक्षा सिर्फ भारतीय संस्कृति ही सिखाती है। समाज में जनजागृति लाने में महर्षियों की बड़ी अहम भूमिका रही है। महर्षि बालीनाथ जी बैरवा उन्हीं में से एक थे। वे परम संत थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन में महर्षि बालीनाथ जी बैरवा जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो असंभव दिखता है, वो केवल सनातन धर्म में ही संभव है। महर्षि बालीनाथ जी ने समाज की कुरीतियों, रूढ़ियों और बुराइयों को खत्म किया और सबको सद्मार्ग की ओर ले जाने का काम किया। उन्होंने बालीनाथ जी की स्मृति में देश के दूरदराज से आए बैरवा समाजजन का अभिनंदन करते हुए कहा कि इस प्रदेश स्तरीय सामाजिक कार्यक्रम में आकर वे बेहद प्रसन्न है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अखिल जूनवाल द्वारा लिखित पुस्तक भीम वंदना का विमोचन भी किया। इसके बाद बैरवा समाज की बाईक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, अखिल भारतीय बैरवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश जारवाल, लालाराम बैरवा, राधेश्याम बैरवा, मुकेश टेटवाल, सी.एल. बैरवा, प्रभुराम सहित अन्य समाजजन उपस्थित थे।  अगले साल होगी राज्य स्तरीय पंचायत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अगले साल बैरवा समाज की राज्य स्तरीय पंचायत का आयोजन करेगी। इसमें देश के विभिन्न अंचलों में रह रहे बैरवा समाजजनों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हो रहे औद्योगिक विकास में बैरवा समाज के उद्योगपति और व्यवसायियों को जोड़कर बैरवा समाज का सर्वांगीण विकास करेगी। उन्होंने कहा कि बैरवा समाज के बच्चे खूब पढ़ें, लिखें और आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर जरूरी प्रयास और सहयोग भी करेगी। सरकार पूरे ब्याज सहित मिल मजदूरों को उनका हक दिलाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि बालीनाथ जी के बताए मार्ग से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार गरीबों के जीवन में उजाला लाने और उनके कष्टों का निवारण करने का प्रयास कर रही है। हमारी सरकार ने उज्जैन की विनोद मिल के मजदूरों का संकट खत्म किया, उन्हें उनके सभी हक दिलाए। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मामले का भी समाधान किया। हम ग्वालियर की जेसी मिल्स के मजदूरों को भी उनका हक दिलाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी सभी बंद मिलों, जिनके मजदूरों को उनका हक अब तक नहीं मिल पाया है, सरकार पूरे ब्याज सहित उन मिल मजदूरों को उनका वाजिब हक दिलाएगी। मिशन मोड में किया जा रहा गरीब, युवा, किसान और नारी कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश में गरीब, युवा, किसान, महिला और सभी जरूरतमंदों का कल्याण अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध होकर प्रयास कर रही है। विकास के लाभ से किसी को भी वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सबके सपने साकार करने के लिए हम हर जरूरी कदम उठाएंगे।  

मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे:मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा वर्ष-2024  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्व प्रकरणों का ऑनलाईन निराकरण साइबर तहसीलदार के माध्यम से सुनिश्चित, ऐसी पहल करने वाला मध्यप्रदेश,देश का पहला राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे:मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष – 2024 प्रदेश के समग्र विकास के साथ जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है। राज्य सरकार ने अनेक ऐसे निर्णय लिये जो सीधे जनता से जुड़े थे। इन निर्णयों से प्रदेश की जनता के जीवन में खुशहाली लाने और शासकीय सेवाएँ सहज रूप से उपलब्ध कराने के समुचित प्रयास किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश को दी गईं देश की पहली राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजनाओं केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल से वर्ष 2024 ऐतिहासिक तौर पर यादगार बन गया, जो आने वाले समय में मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा।  सरकार की प्रमुख  उपलब्धियाँ एवं महत्वपूर्ण निर्णय         साइबर तहसील परियोजना प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू। इसके माध्यम से नामांतरण, बंटवारा आदि विभिन्न राजस्व प्रकरणों का ऑनलाईन निराकरण साइबर तहसीलदार के माध्यम से सुनिश्चित होगा। ऐसी पहल करने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है।         प्रदेश सरकार की अभिनव पहल साइबर तहसील 2.0 का शुभारंभ, नामांतरण प्रक्रिया कार्य 25 दिवसों के भीतर पूर्ण किया जा सकेगा। नागरिकों को दावा-आपत्ति संबंधी लिंक, आदेश प्रति, अद्यतन खसरा और नक्शों की प्रतियां एसएमएस, व्हाट्सअप या ईमेल के माध्यम से घर बैठे प्राप्त होंगी।         ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित एवं असीमित आवाज के प्रयोग को किया प्रतिबंधित।           प्रदेश में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर लगाया गया प्रतिबन्ध।         यातायात की सुगमता के लिए भोपाल में बीआरटीएस कॉरिडोर हटाया गया।         राजस्व महाभियान के तीन चरणों में 80 लाख राजस्व प्रकरणों का निराकरण।         राज्य सरकार द्वारा जिलों, संभागों, तहसीलों आदि की सीमाओं  के पुनः निर्धारण एवं नियुक्तिकरण के एक पृथक प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाया।         उज्जैन शहर के केडी गेट से इमली तिराहा मार्ग चौड़ीकरण के लिये 23 धार्मिक स्थलों को हटाने के लिये व्यवस्थापकों, पुजारियों और नागरिकों द्वारा सहयोग कर साम्प्रदायिक सौहार्द का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया।         मंत्रीगण अपना इनकम टैक्स स्वयं भरेंगे, वह शासन से कोई वित्तीय सहायता नहीं लेंगे।         मध्यप्रदेश की अन्तर्राज्यीय सीमाओं पर 1 जुलाई, 2024 से परिवहन जांच चौकियों के स्थान पर रोड सेफ्टी एंड इंफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट की व्यवस्था शुरू की।         इंदौर में एक दिन में वृहद पौधारोपण का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड। एक दिन में रोपे गए 12 लाख पौधे।         प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए 5 जून से 30 जून तक जल-गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया। इसमें जनभागीदारी से जलाशयों की सफाई के साथ पौधरोपण भी किया गया।         विकसित भारत संकल्प यात्रा में 54 लाख से अधिक लोगों को मिला योजनाओं का लाभ।           इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों को 224 करोड़ की राशि का सरकार ने भुगतान किया ।         प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के माध्यम से 36 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 24 लाख लोगों को स्वामित्व अधिकार पत्र वितरित।         मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना 2.0′ के अंतर्गत 1 करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन। वित्तीय वर्ष 2023-24 में  30 हजार 500 से अधिक श्रमिक परिवारों को 895 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह सहायता राशि का अंतरण।         मजदूरों की दिव्यांगता और मृत्यु के आधार पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 4 लाख रुपये की।         तेंदूपत्ता संग्राहकों का संग्रहण पारिश्रमिक 3000 रुपये प्रति मानक बोरा  से बढ़कर 4000 हजार रुपये हुआ।         30 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेदूपत्ता संग्रहण के लाभांश 115 करोड़ रुपए की बोनस राशि का वितरण।         पीएम जन-मन मिशन में प्रदेश के बैगा, भारिया और सहरिया परिवारों के अविद्युतीकृत घरों तक बिजली पहुँचाने की कार्य योजना स्वीकृत।         छात्रावासों के विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण एवं मार्गदर्शन हेतु 24×7 मित्र हेल्पलाइन प्रारंभ की गई।         विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तु वर्ग के बालकों को मिलने वाली स्कॉलरशिप 1230 रुपए से बढ़ाकर 1550 रुपए की गई। बालिकाओं को मिलने वाली स्कॉलरशिप 1,270 रुपए से बढ़ाकर 1,590 रुपए प्रतिमाह की गई।         विशेष पिछड़ी जनजातीय के युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती कराने के लिये प्रशिक्षण हेतु  बैगा, भारिया एवं सहरिया बटालियन का गठन।         विशेष सशस्त्र पुलिस बल (SAF) की 35वीं बटालियन, मण्डला का नामकरण वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर किया जाएगा।         पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 8 हजार रुपए  प्रतिमाह करने का निर्णय।         छिंदवाड़ा में बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया।         ग्वालियर-बेंगलुरू, ग्वालियर-अहमदाबाद और ग्वालियर-दिल्ली-अयोध्या विमान सेवा का शुभारंभ।         350 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन हुआ। इसके अलावा भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर एवं सतना में भी बन रहे हैं एलिवेटेड कॉरिडोर।         प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 अलग-अलग कार्यक्रमों में 24 हजार 500 (17000+7500) करोड़ रुपये की अधोसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।         प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजनांतर्गत मध्यप्रदेश के 33 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास एवं 133 रेल ओवर ब्रिज  एवं अंडरपास का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।         मध्यप्रदेश को 364 विभिन्न रेल परियोजनाओं की सौगात। प्रदेश की चौथी सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (खजुराहो से हजरत निजामुद्दीन) ट्रेन की सौगात मिली।           निशातपुरा-संत हिरदाराम नगर रेल खण्ड का लोकार्पण।         भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन एवं सागर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 550 से अधिक शहरी ई बसों का संचालन करने का निर्णय।         जबलपुर में 485 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के लिये नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति।         उज्जैन-जावरा के मध्य 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाई-वे निर्माण के लिए 5 हजार 17 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति। इस मार्ग के निर्माण से उज्जैन, इंदौर एवं आस-पास के क्षेत्र मुम्बई-दिल्ली 8 लेन इण्डस्ट्रीयल कारीडोर (एक्सप्रेस-वे) से जुड़ जाएंगे।         1540 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग की बैठक लेकर दिए निर्देश

सरकार की जन हितैषी योजनाओं का मिले सबको लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के लिए विधायक अपनी विधानसभा का बनाएं मास्टर प्लान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग की बैठक लेकर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी विधायक अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करें। जनता के काम समय पर हों, हम सबको इसकी चिंता करनी होगी। इसलिए सभी विधायक अपनी विधानसभा का अगले 5 साल का मास्‍टर प्लान बनाएं, जिससे क्षेत्र का योजनाबद्ध विकास हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में ग्वालियर एवं चंबल संभाग की समीक्षा बैठक में वर्चुअली जुड़े स्थानीय जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, क्षेत्रीय विधायिका सुसरला रावत, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, ग्वालियर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, चंबल संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सहित अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल सहित अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए जनता को बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसमें किसी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दोनों संभागों में चल रहे एवं लंबित विकास कार्यों की गहनता से समीक्षा कर कहा कि निर्माण कार्य तय वक्त पर ही पूरे करें, जिससे आमजन को समय पर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। जनकल्याण अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी, 2025 तक जनकल्याण अभियान चलाया जा रहा है। ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ की भावना को अंगीकृत कर सरकार ने जन-जन तक पहुंचने का अभियान चलाया है। सभी विधायक और अधिकारी सुनिश्चित करें कि सरकार की जन हितैषी योजनाओं का लाभ प्रभावितों पर पहुंचे। इसके लिए सभी विधायक और अधिकारी घर-घर तक जाएं और अभियान की प्रगति का स्वयं अवलोकन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागीय मैदानी अमले को सतर्क करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की सेवाओं, सुविधाओं, योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों का लाभ पाने से वंचित न रहे। ग्वालियर की जेसी मिल्स के मजदूरों का लंबित भुगतान तुरंत कराएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के जेसी मिल्स के मजदूरों का भुगतान लंबित होने की जानकारी मिली है। कलेक्टर ग्वालियर एवं संबंधित राजस्व अधिकारी जल्द से जल्द जरूरी कार्यवाही पूरी कर इन मजदूरों को उनका लंबित भुगतान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जेसी मिल्स का कोई भी मजदूर उसके वाजिब हक या दावा भुगतान पाने से वंचित न रहे। सभी कलेक्टर सावधानी रखें, लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले के राघौगढ़ में हुई बोरवेल दुर्घटना पर संज्ञान लेकर कलेक्टर गुना से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बोरवैल में गिरने से बालक की मृत्यु बेहद दु:खद है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने पाए। सरकार किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सभी कलेक्टर को निजी परिसर में भी खुले पड़े बोरवैलों को बंद करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अपने मैदानी अमले को मुस्तैद करें और बोरवेल खुले न छोड़े जाएं इसके लिए समाज में जन-जागरूकता का प्रसार भी करें। गौ-शालाओं का करें समुचित प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये हैं कि गौ-वंश के लिए चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। नगरपालिका एवं नगर निगम अपनी-अपनी सीमा क्षेत्र में छोटी गौ-शालाओं का समुचित प्रबंधन करें। बड़ी गौ-शालाओं के लिए राज्य सरकार प्रबंधन की व्यवस्था करेगी। प्रभारी अपर मुख्य सचिव 8 जनवरी को ग्वालियर में करेंगे समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर संभाग के जन-प्रतिनिधियों द्वारा रखे गये सुझाव पर बताया कि ग्वालियर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल 8 जनवरी 2025 को ग्वालियर में बैठक करेंगे। सभी जन-प्रतिनिधि लिखित में अपना मांग-पत्र सौंप दें। सभी की मांगों पर विचार कर सरकार समुचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अब संभाग स्तरीय बैठकों में वित्त विभाग के संभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। यह अधिकारी वित्तीय मामलों में अपनी पक्ष और सुझाव रख सकेंगे।  

ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को दिलाई वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का रचा जा रहा नया इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ताल दरबार, कत्थक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड के बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के द्वारा स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का नया इतिहास रचा जा रहा है। सांस्कृतिक संवहन के क्रम में प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह का स्वर्ण जयंती वर्ष और तानसेन समारोह का शताब्दी वर्ष का गौरवशाली आयोजन किया गया। हमारे देश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परम्परा के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने की परम्परा निरंतर विद्यमान रही है। सांस्कृतिक आयोजनों और धरोहरों को आज की पीढ़ी से जोड़ते हुए ताल दरबार, कथक कुंभ, उज्जैन डमरू वादन, गीता पाठ और शास्त्रीय बैंड में बने पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रदेश की संस्कृति और कला को वैश्विक पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में तानसेन समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन पर ग्वालियर किले की प्राचीर पर ‘ताल दरबार’ में 1282 तबला साधकों ने मध्यप्रदेश के शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई है। यूनेस्को द्वारा चयनित संगीत नगरी में राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए कला साधकों ने प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और संगीत की त्रिमूर्ति को 25 दिसंबर 2023 को पहली बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहों के कंदरिया महादेव मंदिर के विशाल प्रांगण में अन्तर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान ‘राग बसंत’ की लय पर 20 फरवरी 2024 को 1484 कथक नृत्य साधकों के थिरकते कदमों ने दूसरा गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड रच दिया। कथक कुंभ में हाथों में दीपक लेकर जब लय और ताल के साथ घुंघरू साधकों के कदम मिले तब भारतीय संस्कृति और परंपरा एक साथ मुस्कुरा उठीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पवित्र श्रावण मास में उज्जैन में भगवान श्रीमहाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में, हाथी पर मनमहेश के रूप में और गरूड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। उनका स्वागत करते हुए 5 अगस्त 2024 को महाकाल लोक के शक्तिपथ पर 1500 से अधिक डमरू वादकों ने एक साथ एक समय-समय में लयबद्ध डमरू वादन कर तीसरा विश्व कीर्तिमान रचा। यह सिर्फ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं था बल्कि बाबा महाकाल की नगरी से देश के आध्यात्मिक पुनरुत्थान का शंखनाद था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ “गीता” की कर्म पथ, भक्ति मार्ग और शांति का संदेश से जन जन को आलोकित करते हुए 1721 आचार्य और बटुकों ने इतिहास रच दिया। 11 दिसंबर 2024 को गीता जयंती के अवसर पर श्रीमद्भगवद गीता के तीसरे ध्याय कर्मयोग का सस्वर पाठ कर चौथा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का पावन कार्य किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में विद्यमान संगीत की लंबी प्राचीन विरासत की परंपरा को जीवंत रखते हुए तानसेन संगीत समारोह का गौरवशाली शताब्दी समारोह मनाया गया। स्वर सम्राट तानसेन को स्वराजंलि अर्पित करते हुए एक बार फिर ऐतिहासिक ग्वालियर किले के प्राचीर से शास्त्रीय बैंड के 546 कला साधकों ने 9 शास्त्रीय वाद्यों क्रमश: वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर समवेत प्रस्तुति कर पांचवॉ विश्व कीर्तिमान रच दिया। भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुर, लय और ताल को विश्व पटल पर अंकित करने का यह अनूठा संगीतमय प्रयास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि यह विश्व रिकॉर्ड प्रदेश की उपलब्धियों का साधन मात्र नहीं है, अपितु भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्थापना का पुण्य प्रवाह है। प्रधानमंत्री मोदी के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प सि‌द्धि की दिशा में हमारी मध्यप्रदेश सरकार भी ठोस कदमों से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों की ओर दुनिया भर से खिंचे चले आते संस्कृति और कला प्रेमी मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के अंतर्राष्ट्रीय संवाहक बन रहे हैं। निश्चित है आने वाले समय में मध्यप्रदेश न सिर्फ देश का सांस्कृतिक केंद्र बनेगा बल्कि सारथी बन देश को सांस्कृतिक अभ्युदय के नए युग में प्रवेश कराएगा।  

फसल उपार्जन के लिए जो छोटे किसान नहीं आते, उन्हें भी सरकार सहयोग देने पर कर रही विचार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा से फसलों की क्षति के प्रावधान के अनुसार किसानों को राहत राशि दी जाएगी। देश के साथ प्रदेश में भी मौसम बदला है। किसानों के किसी भी संकट में सरकार संवेदनशील होकर उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को किसी भी माध्यम से फसल बेचे जाने की सुविधा देती है। ऐसे छोटे किसान जिनकी फसलों का उपार्जन नहीं हो पाता और वे अपने स्तर से फसल बेच देते हैं, उन्हें प्रति हैक्टेयर राशि प्रदान करने अथवा बोनस के संबंध में आवश्यक सहायता के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में विचार कर उन किसानों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया जाएगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं अथवा अपेक्षाकृत सक्षम नहीं हैं। ओला,पाला आदि से फसलों के नुकसान पर जिला स्तर पर आवश्यक निर्देश दिये गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से आहवान किया कि विपरीत मौसम में फसलों के साथ स्वयं की सुरक्षा के लिए समस्त ऐहतियात बरतें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में ट्यूब बैल खुले नहीं रहना चाहिए। ट्यूब वेल खुले रखना प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में जानकारी मिलते ही क्षेत्र के थाने में जानकारी दी जाए। ऐसी लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों को भी असमय वर्षा, शीत आदि से बचाव के लिए सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।  

नए साल में नया फॉर्मूला लेकर चलेगी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार, होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी!

भोपाल मोहन सरकार नए साल में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी में है। मंत्रालय से लेकर जिलों तक बदलाव होंगे। विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य को इसका आधार बनाया जाएगा। सरकार के स्तर पर खाका तैयार हो रहा है। बीते साल में पिछड़ने वाले अधिकारियों से नए फार्मूले के आधार पर निपटा जाएगा। मध्य प्रदेश का विजन डॉक्यूमेंट तैयार हो रहा है।  सरकार इसमें उद्योग, कृषि-वनोत्पाद, अद्योसंरचनाएं एवं नगरीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवाएं, सुशासन एवं नागरिक सेवाएं और वित्तीय नियोजन एवं संवर्धन जैसे 8 कार्य समूह तय किए हैं। माना जा रहा है कि इन समूहों में पहले से कुछ काबिल अफसर हैं लेकिन कुछ का परफार्मेंस बिल्कुल भी ठीक नहीं है। यहां बदली जा सकती है प्रशासनिक जमावट -प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग व राज्य निर्वाचन आयोग में आयुक्त की पदस्थापना। जिलों में विवादित हो चुके कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय है, उनको भी वापस बुलाया जाना है जो 3 साल पूरे कर चुके हैं। -ऐसे जिले जहां पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने सदन में गंभीर मुद्दे उठाए और शासन-प्रशासन को किरकिरी झेलनी पड़ी, वहां कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय। -राजस्व महाभियान में खराब परफार्मेंस वाले कमिश्नर- कलेक्टर भी निशाने पर होंगे। खाद संकट के दौरान जिलों में बेहतर वितरण व्यवस्था नहीं बना पाने, किसानों को नहीं समझा पाने वाले कुछ कलेक्टर भी राडार पर बताए जा रहे हैं। -ऐसे जिले जहां से सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का ग्राफ कम करने के लिए बगैर वैधानिक निराकरण के बंद करने की दोबारा शिकायतें मिल रही हैं, उन संबंधित अधिकारियों को भी बदला जा सकता है।

दोनों प्रदेशों के निर्माण विभाग के अधिकारियों ने नवीन तकनीकों पर विस्तार से की चर्चा

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नेतृत्व में गुजरात अध्ययन यात्रा पर गए दल ने दूसरे दिन गांधीनगर स्थित भास्कराचार्य संस्थान (BISAG-N) एवं अहमदाबाद साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का दौरा किया। अध्ययन दल ने गुजरात सड़क एवं भवन विकास विभाग के अधिकारियों के साथ निर्माण क्षेत्र में उपयोग की जा रही नवीनतम तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की। भास्कराचार्य संस्थान की सेवाओं की सराहना  मंत्री सिंह ने भास्कराचार्य संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही आईटी सेवाओं की सराहना करते हुए इन्हें अनुकरणीय बताया। मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग में इन्हें लागू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने भास्कराचार्य संस्थान की तकनीकी क्षमताओं और सेवाओं को बेहतरीन बताया। मंत्री सिंह ने मुख्य अभियंता एवं अधिकारियों को एक दिन और रुककर संस्थान में प्रशिक्षण लेने और इन तकनीकों को बेहतर तरीके से समझने के निर्देश दिए। भू-सूचना विज्ञान संस्थान संस्थान के प्रमुख टीपी सिंह ने प्रतिनिधि मंडल को संस्थान की विभिन्न गतिविधियों और जी.आई.एस तकनीक पर आधारित पीएम गतिशक्ति परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान BISAG-N संस्थान ने मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग को विभिन्न प्रकार के आईटी समाधानों और जीआईएस बेस्ड एप्लीकेशन की सेवाएं कम लागत पर प्रदान किए जाने की जानकारी दी। साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का दौरा  मंत्री सिंह ने अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवर फ्रंट परियोजना का भी दौरा किया। उन्होंने 1200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को शहरी विकास, नदी संरक्षण, पर्यावरण सुधार और सौंदर्य के साथ नवीनतम निर्माण तकनीकों का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है।  भ्रमण के दौरान रिवर फ्रंट निर्माण के लिये गठित कंपनी के कार्यालय में दिये गये प्रेजेंटेशन में रिवर फ्रंट की शुरुआत, निर्माण में आने वाली चुनौतियां, चरणबद्ध निर्माण प्रक्रिया, और भविष्य की योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में साबरमती रिवर फ्रंट की कुल लंबाई 22 किलोमीटर से भी अधिक होगी और यह दुनिया का सबसे लंबा रिवर फ्रंट बनेगा।  मंत्री सिंह ने साबरमती नदी पर बने अटल ब्रिज की भी सराहना की। उन्होंने इसे निर्माण तकनीक का एक अनूठा उदाहरण बताते हुए कहा कि 80 करोड़ रुपये की लागत से बना यह ब्रिज आधुनिक तकनीकी, अद्भुत सौंदर्य और कलाकृति का शानदार नमूना है। गुजरात सड़क एवं भवन विकास के अधिकारियों के साथ की मीटिंग  दूसरे दिन सत्र की शुरुआत मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रेजेंटेशन से हुई। लोक निर्माण विभाग ने अपने संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण में प्रदेश में अपनाई गयी नई तकनीकों, नवाचारों और आईटी परियोजनाओं की जानकारी दी। गुजरात सड़क एवं भवन विकास के अधिकारियों ने भी मध्यप्रदेश में नियोजित एवं क्रियान्वित नवाचारों को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। सड़क पुल एवं भवन निर्माण के दौरान आने वाली सामान्य समस्याओं पर दोनों राज्यों के अधिकारियों ने चर्चा कर अपने समाधान एक-दूसरे से साझा किये।  मंत्री सिंह ने गुजरात के दो दिवसीय अध्ययन के अनुभवों और तकनीकों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा इस तरह की अध्ययन यात्राओं और परिचर्चाओं को भविष्य में भी निरंतर जारी रखा जाएगा, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों में नई तकनीकों और सर्वोत्तम प्रेक्टिसेज़ का समावेश हो सके।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देर रात भोपाल के रैन बसेरों में पहुँचकर जरूरतमंदों और महिलाओं को वितरित किए कंबल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को सभी रैन बसेरों में राम-रोटी प्रारंभ करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरों में राहगीरों, गरीबों, निराश्रितों से चर्चा की, उनके हालचाल जाने और सभी को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद कुरवाई के करोड़ीलाल प्रजापति, हशीब खान, संजु कुशवाहा, रवि शर्मा और पथरिया दमोह के दिव्यांग प्रताप मालवीय से चर्चा कर उनके हालचाल जाने और रैन बसेरे की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। राहगीरों ने बताया कि यहां की सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं। भोजन की व्यवस्था भी होनी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर भोपाल को निर्देशित किया कि सभी रैन बसेरों में राम-रोटी की व्यवस्था करें। दिव्यांग प्रताप मालवीय ने बताया कि वह हर एक-दो दिन में आ जाते हैं, उनकी चार बेटियां हैं, गुजारे की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए वे यहां आकर रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को प्रताप की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी को कंबल प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास स्थित रैन बसेरा पहुंचे। रैन बसेरे का निरीक्षण कर उन्होंने वहां मौजूद सभी राहगीरों और गरीब व्यक्तियों से चर्चा कर उन्हें भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री ने यहां विशाल मालवीय, शंकर मालवीय, ओमराज, आशीष तिवारी, दिव्यांग विजय आईना (गुनावा) सभी से चर्चा कर उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि सब आगे के सफर के लिए यहां रूके हैं। महिलाओं से चर्चा की, उन्हें भी कंबल दिए रैन बसेरे का निरीक्षण कर लौटते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्लेटफार्म नंबर 6 के सामने ही कुछ महिलाओं को बैठे देखा। उन्होंने वाहन रूकवाकर महिलाओं के पास जाकर चर्चा की और वहां बैठने की वजह पूछी। महिलाओं ने बताया कि वे सब्जी बेचने आती हैं। रात कहां बिताओगी, मुख्यमंत्री ने पूछा तो महिलाओं ने बताया कि यहीं पर। खुले आसमान के नीचे रात बिताने की बात जानकार मुख्यमंत्री सभी महिलाओं को कंबल वितरित किए और कलेक्टर से कहा कि इन सभी के लिए भी व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देंगे। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के इस मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। राहगीरों और गरीबों ने मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरुरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना हो सके, बचने की अपील की। इस दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर हरेन्द्र नारायण सहित सुमित पचौरी, जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

मोहन भागवत का 6 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौर, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे

रायपुर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत आज से 6 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे. मोहन भागवत शाम 6 बजे रायपुर पहुंचेंगे. प्रवास के दौरान टोली बैठक, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे. 6 दिवसीय दौरे पर मोहन भागवत आएंगे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत आज 6 दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे. आज शाम 6 बजे रायपुर पहुंचेंगे मोहन भागवत. प्रवास के दौरान टोली बैठक, सांय और प्रातः शाखा में शामिल होंगे. डॉ मोहन भागवत एक जनवरी 2025 को दोपहर रायपुर से दिल्ली रवाना होंगे. संघ के सौ साल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अगले साल सौ साल पूरे हो रहे हैं। इस शताब्दी वर्ष में आरएसएस देशभर में कार्यक्रम करेगा। किस तरह के कार्यक्रम होने हैं, इसको लेकर लगातार सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का राज्यों का दौरा चल रहा है। इसी कड़ी में उनका 27 से 31 दिसंबर तक रायपुर प्रवास होगा। इस दौरान वे अलग-अलग सत्र में कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संगठन को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। शताब्दी वर्ष में आरएसएस का बड़ा फोकस पंच परिवर्तन पर है। इसके बारे में जानकारी देकर बताया जाएगा, क्या-क्या करना है। स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा RSS 1925 में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। इसके लिए देश के अलग-अलग प्रांतों में सरसंघचालक मोहन भागवत का प्रवास हो रहा है। इस प्रवास में संबंधित प्रांत में संगठनात्मक कार्यों पर वह चर्चा करते हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठनात्मक विषयों व शताब्दी वर्ष पर चलने वाले कार्यक्रमों पर वह संगठन के अधिकारियों व कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। विभिन्न सत्र में लेंगे बैठक सरसंघचालक डॉ. भागवत अपने प्रवास के दौरान विषय आधारित विभिन्न बैठकों में संगठनात्मक कार्यों की चर्चा करेंगे। सरसंघचालक की इन बैठकों में कार्य विस्तार के साथ कार्यकर्ताओं व स्वयंसेवकों के गुणात्मक विकास पर विशेष रूप से चर्चा होगी। संघ ने शताब्दी वर्ष में प्रत्येक गांव व शहरी क्षेत्र तक शाखा के माध्यम से पहुंचने का लक्ष्य रखा है। सरसंघचालक का प्रवास छत्तीसगढ़ में संघ कार्य को सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। नगर पंचायत रामानुजगंज को नगर पालिका का दर्जा नगर पंचायत रामानुजगंज को नगर पालिका का दर्जा मिला है. नगर वासियों में खुशी की लहर,चौक चौराहों पर पटाखा फोड़कर खुशियां मनाई. रामानुजगंज, जिले सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है. वर्तमान नगर पंचायत के अध्यक्ष रमन अग्रवाल के प्रयास से संभव हुआ. लंबे समय से रामानुजगंज को नगरपालिका का दर्जा दिलाने मांग की जा रही थी. छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद क्षेत्रवासियों में दिखी खुशी.

प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर निरंतर खरा उतरेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विचार मंथन द्वितीय सत्र सार्थक रहा मंथन: 2024, मंत्रीगण के मिले महत्वपूर्ण सुझाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को अनेक क्षेत्रों में हब बनाने पर हुआ गंभीर विचार-विमर्श प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर निरंतर खरा उतरेगा मध्यप्रदेश अगला मंथन शिविर विभागीय स्तर पर होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूरे दिन चला मंथन-2024 का आयोजन सार्थक रहा। मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा युवा, गरीब, महिला और किसान, इन चार प्रमुख वर्गों के कल्याण के लिए निर्धारित की गई प्राथमिकता के अनुसार कार्य किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही चार मिशन कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने सुशासन का महत्व प्रतिपादित किया है। सुशासन को दृष्टिगत रखते हुए आज सम्पन्न मंथन शिविर बैठक में विस्तृत विचार- विमर्श किया गया है। आज लिए गए निर्णय के अनुसार इस तरह की विमर्श बैठकें अब विभाग स्तर पर की जाएंगी। मध्यप्रदेश को अनेक क्षेत्रों में हब बनाने पर गुरूवार को गंभीर विचार-विमर्श हुआ है। मंत्रि-परिषद के सदस्यों को विभागीय कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक से अधिक जनकल्याण राज्य सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयास करेगी। प्रदेश में अस्पतालों में वरिष्ठ रोगियों को सम्मान और सुविधा प्राप्त हो, इस दृष्टि से उनकी पृथक पंक्ति और बैठक का प्रबंध किया जाएगा। प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं ओर चिकित्सा शिक्षा संस्थाओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की दृष्टि से भी प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की जो शुरूआत की गई, उसके सफल परिणाम मिल हैं। उन्होंने बतायया कि प्रधानमंत्री फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में आयेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को भूमि प्रदान करने के लिए उदार नीति का पालन करते हुए अधोसंरचना विकास के प्रयास बढ़ाए जाएंगे। उद्योग स्वयं विभिन्न विकास कार्यों को आवंटित भूमि के अनुसार क्रियान्वित करेंगे, इससे राज्य की अपनी सम्पदा के विकास और सुविधाओं में वृद्धि संभव होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश की प्रशंसा की गई , प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी की 100वीं जयंती पर खजुराहो में 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमि-पूजन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन की उन्होंने सराहना की और विश्व के 10 बड़े पर्यटन संभावनाओं से भरे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के शामिल होने का विशेष उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा किए गए मध्यप्रदेश के इस विशेष उल्लेख का सदैव सम्मान करेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य करेगा। प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आने वाले एक वर्ष में इनकी संख्या 50 से अधिक हो जाएगी। पांच नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की पहल हुई है और शीघ्र ही प्रदेश में इनकी संख्या 60 हो जाएगी। प्रदेश में 55 जिले हैं, जिलों से इससे अधिक मेडिकल कॉलेज प्रदेश में हो जाएंगे, जिससे मध्यप्रदेश चिकित्सा का हब भी बनेगा। विभिन्न क्षेत्रों में मध्यप्रदेश बनेगा सिरमौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा कार्य और रोजगार के लिए अन्य प्रदेशों में जाते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के विकास, नए मेडिकल कॉलेजों के प्रारंभ होने से उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसर, शिक्षा के क्षेत्र में कार्य की संभावनाओं और कृषि एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न कार्यों को गति मिलने से बड़ी संख्या में युवाओं को काम मिलेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन क्षेत्र में हब भी बनेगा। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र और आईटी में भी हब बनेगा। संभाग स्तर पर हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के प्रस्ताव क्रियान्वित होंगे। हरित अर्थ व्यवस्था, स्वच्छता, सुशासन के ठोस प्रयासों से राज्य के विकास को गति मिलेगी। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के उपयोग में आगे है। ओंकारेश्वर में प्रारंभ फ्लोटिंग सोलर प्लांट एक उदाहरण है। नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बावई में नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण की इकाइयों को स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। किसानों को सस्ती ही नहीं मुफ्त बिजली देने का कार्य नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के उपायों से संभव हो रहा है। यह क्रांतिकारी परिर्वतन है। मंथन शिविर में मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्या कहा     टीम भावना से कार्य करने का प्रयास आवश्यक है।     युवा, महिला, किसान और गरीब कल्याण पर आज मंथन हुआ है।     मंथन शिविर मंत्रीगण और विभागों को कार्यों से यश-प्राप्ति का अवसर भी है।     प्रदेश का बजट पांच वर्ष में दोगुना करने का प्रयास है।     इस मंथन बैठक के बाद आगामी मंथन विभागीय स्तर पर होगा।     ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी जी ने फरवरी माह में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है। यह समिट अपेक्षा से अधिक सफल होगी।     मंत्रीगण पूरे वर्ष के कार्यों की समीक्षा करें।     विभाग स्तर की समीक्षा से यह ज्ञात होगा कि किस क्षेत्र में प्रयास बढ़ाने हैं।     समान स्वरूप के कार्य विभाग किस तरह संयुक्त रूप से कर सकते हैं, यह विचार-विमर्श भी किया गया है।     कुपोषण कम करने के अभियान और 23 जिलों में टीबी नियंत्रण के अभियान सफल हों, ऐसे प्रयास हों।     मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी पूर्व की महत्वपूर्ण घोषणाओं और निर्णयों के क्रियान्वयन पर ध्यान दें।     सायबर अपराध नियंत्रण के प्रयास बढ़ाने की आवश्यकता है, इसके लिए निर्धारित रणनीति के अमल पर ध्यान दिया जाए।     मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम को प्रदेश में पुन: प्रारंभ करने के संबंध में प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।     नगरों के विकास के लिए टियर-2 और टियर 3 श्रेणी के अनुसार आबादी के आधार पर अधोसंरचना विकास के लिए भारत सरकार से अधिकतम सहयोग प्राप्त करने के लिए भी मार्ग निकाले जा रहे हैं।     वृंदावन ग्राम और नगरों में गीता भवनों की योजना को शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा।     कृष्ण पाथेय के विकास और राम वन गमनपथ के कार्यों को गति दी जाएगी।     दीर्घ अवधि की योजना … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन देखने के बाद जरूरी निर्देश भी दिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में हुए मंथन शिविर में विभिन्न प्रेजेंटेशन देखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन देखने के बाद जरूरी निर्देश भी दिए।     मंथन: 2024 के अंतर्गत किसान कल्याण के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि सचिव के प्रेजेंटेशन के पश्चात कहा कि किसान संगठनों से भी चर्चा कर सुझाव प्राप्त किए जाएं। मत्स्य-पालन और पशुपालन के लिए किस तरह सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए संभाग स्तर पर मेले लगाकर कई कृषि तकनीक और लाभकारी फसलों की जानकारी दी जाए।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेस्ट प्रैक्टिसेज अपनाई जाएं। अन्य राज्यों में कृषि क्षेत्र के श्रेष्ठ कार्यों का अध्ययन कर राज्य में लागू करें।     आदर्श,श्रेष्ठ और नवाचार आधारित कृषि कार्यों में संलग्न कृषक सम्मानित भी किए जाएं।     मंथन:2024 के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव संजय शुक्ला के प्रेजेंटेशन के बाद कहा कि मध्यप्रदेश में बड़े नगरों और महानगरों में अधोसंरचना विकास की दृष्टि से भारत सरकार से अधिकतम सहयोग प्राप्त करने के प्रयास हों।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के नवकरणीय ऊर्जा के प्रेजेंटेशन के बाद निर्देश दिए कि एक लाख किसानों को सौर ऊर्जा पम्प के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अभियान संचालित करें। योजना को जमीन पर उतारें।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव उद्योग के प्रेजेंटेशन के बाद कहा कि संभाग स्तर की अगली कॉन्क्लेव 16 जनवरी को शहडोल में होगी। पूर्व में हुए कॉन्क्लेव में निवेश से संबंधित निर्णयों और प्रस्तावों का फॉलो-अप लिया जा रहा है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्यप्रदेश आने की सहमति दी है। यह समिट अपेक्षा से अधिक सफल होगी।     मुख्य सचिव‍ अनुराग जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सामूहिकता की शक्ति का उपयोग कार्यशैली में करने, संवेदनशीलता बरतते हुए, क्रियान्वयन पर जोर दिया है। सुशासन प्राथमिकता हो, कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हो। प्रधानमंत्री मोदी ने आधारभूत संरचना को भी सशक्त करने पर बल दिया है।     मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रिफार्म, परफार्म, ट्रांस्फार्म और इन्फार्म की प्रक्रिया का महत्व बताते हुए त्वरित प्रतिक्रिया और निर्णय की जरूरत बताई।     मुख्य सचिव ने चक्रीय अर्थ-व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण की प्राथमिकता की भी जरूरत बताई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया साहिबजादों के बलिदान का स्मरण, वीर बाल दिवस पर बच्चों ने संभाली गुरूद्वारे की व्यवस्था

वीर बाल दिवस, देश-धर्म और समाज के लिए बलिदान होने की अद्वितीय घटना है – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने करतारपुर साहिब के दर्शन और वीर बाल दिवस मनाने जैसी अनेक सौगातें दीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया साहिबजादों के बलिदान का स्मरण, वीर बाल दिवस पर बच्चों ने संभाली गुरूद्वारे की व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारा पहुंच कर टेका मत्था भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “वीर बाल दिवस” पर दिन की शुरूआत हमीदिया रोड के गुरुद्वारे में मत्था टेककर, साहिबजादों के बलिदान के स्मरण के साथ की। उन्होंने गुरबाणी का श्रवण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “जो बोले सो निहाल-सत् अकाल” के उद्घोष के साथ अपना संबोधन आरंभ करते हुए कहा कि आज का दिन भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व के लिए विशेष है। गुरु गोविंद सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन, धर्म-समाज और देश के लिए समर्पित कर दिया। ऐसे महान व्यक्तित्व का यह सौभाग्य था कि उनके परिवार ने भी स्वयं को देश पर बलिदान किया। यह इतिहास की अद्वितीय घटना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करतारपुर साहब के दर्शन की व्यवस्था और आज के दिन को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने जैसी अनेकों सौगातें समाज को प्रदान की हैं। आने वाली पीढ़ियों को वीर बालकों की शहादत से अवगत कराना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन के विविध पक्षों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जा रहा है। आने वाली पीढ़ियों को वीर बालकों की शहादत से अवगत कराने के लिए उनके दृढ़ संकल्प, वीरता और बलिदान का उल्लेख भी पाठ्य पुस्तकों में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हमीदिया रोड द्वारा वीर बाल दिवस पर गुरुद्वारे की सभी व्यवस्थाएं बच्चों को सौंपने की पहल और बच्चों द्वारा पूरी जिम्मेदारी से किए जा रहे हैं दायित्व निर्वहन की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहादत की गाथा पुस्तक का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हमीदिया रोड द्वारा प्रकाशित पुस्तक “साहिब गुरु गोविंद सिंह जी के लख्ते जिगर चार साहिबजादे एवं माता गुजरी जी की लासानी शहादत की गाथा” का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लघु फिल्म “शहीदी गाथा” भी देखी। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, सांसद आलोक शर्मा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि सुनेहा बग्गा तथा सिख समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना की लागत 28 हजार 798 करोड़ और सैंच्य क्षेत्र 04 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर होगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति से शेष रही 16 परियोजनाओं के समूह को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इनकी लागत 28 हजार 798 करोड़ और सैंच्य क्षेत्र 04 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर होगा। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि स्वीकृत परियोजना से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 10 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इंदौर, देवास आगर मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ के 1865 ग्रामों के 4 लाख 73 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। साथ ही चंबल दाईं मुख्य नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 3 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। मंत्री सिलावट ने बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना सह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने के लिए सचिव भारत सरकार एवं दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव के बीच मध्यप्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 28 जनवरी 2024 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना केंद्र द्वारा वित्त पोषित है, जिसकी लागत का वहन 90% केंद्र और 10% राज्यों द्वारा किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि प्रयोजन अंतर्गत मध्यप्रदेश की परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कुल अनुमानित लागत 35 हजार करोड़ आकलित की गई है। परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में कुल 21 परियोजना प्रस्तावित थी, जिनमें से पाडोन-एक एवं पाडोन-दो सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र को इकजाई कर पाडोन वृहत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं पावा सिंचाई परियोजना तथा कटीला सिंचाई परियोजना के कमांड क्षेत्र को इकजाई कर कटीला पावा वृहत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, इस प्रकार 19 परियोजनाओं का कार्य सम्मिलित है। इनमें से 2 परियोजना उज्जैन जिले की चितावद वृहत सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति 2066.93 करोड़ रूपये 5 अक्टूबर 2023 को और सेवरखेड़ी, सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना के लिये 614.53 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। शेष 16 परियोजनाओं को मंत्रि-परिषद द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति मध्यप्रदेश राज्य की परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिये कुल अनुमानित लागत 35000 करोड़ आकलित की गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं में धनवाडी वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, नैनागढ बैराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सोनपुर वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, कटीला-पवा वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, श्यामपुर बैराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, पार्वती कॉम्प्लेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, जेठला (वैलेंसिंग रिजरवायर) वृहद सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, कुम्भराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, पाडोन वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (पाडोन-1 एवं पाडोन-2 बैराज), रंजीत सागर काम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, कालीसिंध कॉम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, लखुंदर काम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, बछौड़ा देपालपुर वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सीकरी सुल्तानपुर मध्यम सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सोनचिरी मध्यम सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं चम्बल नहर प्रणाली के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण शामिल है।  

प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति

मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति क्षिप्रा नदी के तट पर घाट निर्माण की स्वीकृति 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना का हुआ प्रशासकीय अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक गुरूवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति दी है। महा-रजिस्ट्रार कार्यालय, भारत सरकार से प्राप्त प्रारूप नियम के अनुरूप मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 1999 की विभिन्न धाराओं में संशोधन किया गया है। मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 के मुख्य बिंदुओं में जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण और इलेक्ट्रॉनिक परिदान का उपबंध, रजिस्ट्रीकृत जन्म और मृत्यु का राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय डाटाबेस तैयार करना, दत्तक ग्रहण किये गये, अनाथ, परित्यक्त, सरोगेट बच्चे और एकल माता-पिता या अविवाहित माता से बच्चे के रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाया जाना आदि शामिल है। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ की तारीख को या उसके पश्चात् जन्म लेने वाले किसी व्यक्ति के जन्म की तारीख और स्थान को प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण-पत्र उपयोगी है। किसी आपदा या महामारी में मृत्यु के त्वरित रजिस्ट्रीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने के लिये विशेष “उप-रजिस्ट्रार” की नियुक्ति का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के 30 दिन के पश्चात् किंतु एक वर्ष के भीतर विलंबित सूचना की दशा में नोटरी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी के समक्ष किसी शपथ-पत्र के स्थान पर स्व-अनुप्रमाणित दस्तावेज को प्रस्तुत करने का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के एक वर्ष के पश्चात् रजिस्ट्रार को विलंबित सूचना की दशा में आदेश करने वाले प्राधिकारी प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के स्थान पर जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट का उपबंध किया गया है। लोकहित में जन शिकायत निवारण के लिए रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार द्वारा की गई कार्यवाही से व्यथित होने पर अपील का प्रावधान है और उपबंधित शास्तियों में वृद्धि की गई हैं। प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के कृषकों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किये जाने की स्वीकृति दी गई। इसके क्रियान्वयन से किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध होगी, जिससे उनकी जीवन शैली व्यवस्थित हो सकेगी। सौर संयंत्र से 33/11 किलोवॉट विद्युत वितरण उप केन्द्रों पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर पर ओवर-लोडिंग और परिणामतः लो-वोल्टेज एवं पावर कट की समस्या कम होगी। साथ ही विद्युत उप केन्द्रों के उन्नयन पर आने वाले वित्तीय भार को बचाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि कृषकों की सिंचाई आवश्यकताओं की प्रतिपूर्ति, उनके करीब सौर ऊर्जा का उत्पादन एवं आय के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, (MNRE) द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम- कुसुम) योजना लागू की गयी है। योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र स्थापना के लिए 1.05 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट केन्द्रीय सहायता राशि दी जानी प्रावधानित है। प्रदेश में कुसुम-सी के अंतर्गत पृथक कृषि फीडर्स पर स्थापित कृषि पंप को विद्युत प्रदाय करने के लिए सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्षिप्रा नदी के तट पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक 29.215 कि.मी. लंबाई के घाट-निर्माण कार्य के लिये 778 करोड़ 91 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद द्वारा संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत परियोजना समूह की लागत 28,798 करोड़ 02 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 4 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर का प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया गया। स्वीकृति परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चम्बल क्षेत्र के 10 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इन्दौर, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ में कुल 4.73 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचित क्षेत्र और चम्बल की दाईं मुख्य नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर के 1205 ग्रामों में 3.62 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जनजातीय क्षेत्रों में धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, आयुष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशु पालन एवं डेयरी, पर्यटन एवं जनजातीय कार्य विभाग की चिन्हित योजना अंर्तगत शत-प्रतिशत सेचुरेशन के लिए नवीन योजना धरती आबा- जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय और स्वशासी आयुर्वेद/यूनानी/होम्योपैथी के 9 महाविद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षु (इंटर्नशिप) एवं स्नातकोत्तर अध्येताओं की शिष्यवृत्ति एवं गृह चिकित्सकों के समेकित वेतन की वृद्धि को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़े जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।  

हरिद्वार के आचार्य ने मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव से की भेंट

भोपाल हरिद्वार से मध्यप्रदेश प्रवास पर आए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद जी गिरि महाराज ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की। स्वामी जी निरंजनी अखाड़ा के प्रमुख हैं। आचार्य स्वामी कैलाशानंदने कहा कि उज्जैन में साधु संतों को स्थाई आश्रम के लिए भूमि आवंटित करने का निर्णय प्रशंसनीय है। आचार्य महामंडलेश्वर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि आप जन कल्याण के लिए निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि वे उज्जैन में गौशाला स्थापित करेंगे। स्थाई आश्रम होने से साधु संतों का अब आगमन आसानी से होता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आचार्य स्वामी कैलाशानंद को शॉल और श्रीफल से सम्मानित किया एवं उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने बताया कि वे उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए आए हैं। आचार्य जी ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। आचार्य स्वामी कैलाशानंद ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रयागराज कुंभ में आने का आमंत्रण भी दिया।  

एमपी का सिंचाई रकबा बढ़ेगा, सौ फीसदी सिंचाई रकबा बनाने प्लान

भोपाल मोहन सरकार की साल 2024 की आखिरी कैबिनेट मीटिंग गुरुवार को आयोजित हुई है। बैठक में मोहन कैबिनेट ने फैसला किया है कि प्रदेश में बिजली की डिमांड में कमी लाने के लिए 11 केवी फीडर्स को सोलराइज किया जाएगा। सरकार ने यह भी तय किया है कि एमपी में सौ फीसदी एरिया को सिंचित बनाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय विकास और आ‌वास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की डिमांड को देखते हुए 11 केवी फीडर्स को सोलराइज किया जाएगा। इन्हें सोलर प्लांट से जोड़ना है। प्राइवेट सेक्टर भी इन्वेस्ट कर सकता है। भारत सरकार की ओर से प्रति मेगावाट एक करोड़ की सहायता दी जाएगी। इस काम में प्रति मेगावाट 4 करोड़ का खर्च आएगा। योजना में सौ फीसदी लोन मिल जाता है। इसके बाद किसानों को दिन में भी पर्याप्त बिजली दी जा सकेगी। साथ ही कार्बन क्रेडिट का लाभ प्रदेश को मिल सके। इस पर भी काम कर रहे हैं। एमपी में सौ फीसदी सिंचाई रकबा बनाने प्लान बनेगा केन बेतवा और पार्वती कालीसिंध चंबल नदी परियोजना से प्रदेश का सिंचाई रकबा बढ़ने की स्थिति को देखते हुए मोहन कैबिनेट ने तय किया है कि एमपी को सौ फीसदी सिंचित एरिया बनाया जाएगा। केन बेतवा और पार्वती चंबल कालीसिंध परियोजना से सिंचाई और पीने के लिए पानी मिलेगा। एमपी का सिंचाई रकबा बढ़ेगा। इन परियोजनाओं में 90 फीसदी राशि केंद्र और दस फीसदी राज्य सरकार राशि देगी। नदी परियोजनाओं को मिली मंजूरी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि पार्वती कालीसिंध चंबल नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों को लाभ मिलेगा। 6.13 लाख हेक्टेयर में नई सिंचाई क्षमता बढे़गी। कैबिनेट में प्रस्ताव आया है। इसमें बताया गया कि केन-बेतवा और पार्वती कालीसिंध से जुड़ी हुई 19 परियोजनाएं हैं, उसमें से 16 को आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। दो को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। एक परियोजना पर काम चल रहा है जिसे जल्द ही मंजूरी दी जाएगी। वीर बाल दिवस मनाने के फैसले पर पीएम मोदी का अभिनंदन कैबिनेट मीटिंग में वीर बाल दिवस मनाने की पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है। दसवें गुरु गोविन्द सिंह के बच्चों ने सनातन धर्म के लिए आहुति दी है। इस पर पीएम मोदी का अभिनंदन किया गया है। उधम सिंह का जन्म दिन है जिन्होंने जलियां वाला बाग कांड के आरोपी जनरल डायर को लंदन में जाकर मारा था। उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे 29 किमी लंबा घाट कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के मद्देनजर सरकार ने तय किया है कि शिप्रा नदी के किनारे 29 किमी का घाट बनाएंगे। चूंकि सिंहस्थ के दौरान एक दिन में दो करोड़ लोग आएंगे। इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान रख 29 किमी का घाट बनाया जाएगा। जो शनि मंदिर उज्जैन से शुरू होगा। इसकी लागत 771 करोड़ होगी। यह शिप्रा नदी से दाए साइड में शनि मंदिर से नागदा बायपास तक बनेगा। धरती आबा योजना को कैबिनेट में मंजूरी विजयवर्गीय ने बताया कि, ट्राइबल एरिया के लिए समेकित योजना के माध्यम से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना में पंचायत भवन, आंगनबाड़ी स्कूल भवन का पंजीयन और शत प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए काम करना है। केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत प्रदेश में 52 जिलों के आदिवासियों को इसका लाभ मिलेगा। इन गांवों में आदिवासियों की संख्या 50 फीसदी से अधिक है। कैबिनेट में इन पर भी हुए फैसले – पॉलिटेक्निक, यूनानी कालेज के डॉक्टर्स को इंटर्नशिप मिलती है। इसमें लाभ देने के लिए महंगाई सूचकांक से जोड़ा है। महंगाई बढ़ने के साथ इन्टर्नशिप बढ़ती जाएगी। – जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जल्दी मिले, इस व्यवस्था को ऑनलाइन करेंगे। खुद सर्टिफाइड कर लोग प्रमाण पत्र हासिल कर सकेंगे। इसके लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गलत सर्टिफाइड करने पर संबंधित व्यक्ति दंडित होगा। – पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत अटल ग्रामीण सेवा सदन सभी पंचायतों में बनाया जाएगा। जिसमें गांवों की सभी समस्याओं का निराकरण हो सके। – मोहन सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेश के 70 फीसदी जिलों में जन कल्याण शिविर लगाए गए हैं। इस दौरान सबसे अधिक 94 हजार फॉर्म योजनाओं के लिए उज्जैन में मिले हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जयंती पर ग्वालियर में लगा मानव सेवा का मेला

एम्स के सहयोग से नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन अटलजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि – मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिविर में पहले दिन 13,800 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जयंती पर ग्वालियर में लगा मानव सेवा का मेला उद्घाटन समारोह में विधानसभा अध्यक्ष तोमर और सांसद शर्मा भी हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अटल जी जब भारत के प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने दिल्ली के एम्स की तर्ज पर भोपाल सहित देश के अन्य राज्यों में एम्स खोलने की शुरूआत की थी, खुशी की बात है उसी भोपाल एम्स की टीम आज ग्वालियर में आयोजित तीन दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में जरूरतमंद मरीजों का इलाज करने आई है। यह अटल जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ग्वालियर के एलएनआईपीई में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की शताब्दी जयंती के अवसर पर एम्स के सहयोग से आयोजित हो रहे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का उदघाटन कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर में बड़ी तादाद में आए मरीजों को ध्यान में रखकर कहा कि ग्वालियर में एम्स खोलने के लिये राज्य सरकार गंभीरता से पहल करेगी। साथ ही यह भी प्रयास किए जायेंगे कि प्रदेश के सरकारी मेडीकल कॉलेज एम्स की तरह स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हों। उन्होंने ग्वालियर में अटल जी की जयंती पर एम्स के सहयोग से विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की संरचना तैयार करने के लिये क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह की सराहना की। साथ ही चिकित्सकों की बड़ी टीम लेकर शिविर में आने के लिये एम्स प्रबंधन के प्रति भी आभार जताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले 20 साल में स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी विस्तार किया गया है। वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 मेडीकल कॉलेज और प्रथम वर्ष में सीटों की संख्या मात्र 400 थी। वर्ष 2024 तक प्रदेश में मेडीकल कॉलेज की संख्या 50 हो गई है, जिनमें 17 सरकारी मेडीकल कॉलेज शामिल हैं। साथ ही एमबीबीएस प्रथम वर्ष में सीटों की संख्या 400 से बढ़कर 5 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी 55 जिलों में मेडीकल कॉलेज खोलने के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नए मेडीकल कॉलेज खोलने के साथ जिला चिकित्सालयों, प्राथमिक एवं सामुदायिक अस्पतालों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित कर रही है। सरकार द्वारा एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पद्धति को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शुभारंभ कर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयुष्मान भारत योजना में अब 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद जन-प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को इस योजना से जुड़वाएं, जिससे उन्हें भी 5 लाख रूपए तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिल सके। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा प्रसन्नता की बात है कि श्रद्धेय अटल जी गाँव, गरीब और किसान के प्रति अत्यंत संवेदनशील थे। हम सबके प्रेरणास्त्रोत स्व. वाजपेयी की जयंती पर मानवता की सेवा के लिये स्वास्थ्य शिविर लगाकर क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह ने सराहनीय पहल की है। अटल जी ने देश भर में एम्स का विस्तार करने का जो निर्णय लिया था उसका फायदा आज ग्वालियर और चंबल सहित अन्य समीपवर्ती जिलों के निवासियों को मिल रहा है, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जो मरीज दिल्ली व भोपाल जाकर एम्स या अन्य बड़े अस्पतालों में इलाज नहीं करवा पाते हैं उनका इलाज करने के लिये एम्स भोपाल ग्वालियर आया है। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्वालियर में एम्स खोलने के लिये राज्य सरकार की ओर से केन्द्रीय स्तर पर पहल करने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहर्ष स्वीकार कर भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीरता के साथ प्रयास करेगी। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि ग्वालियर की माटी के सपूत अटलजी ने देश का नेतृत्व कर पूरी दुनिया में ग्वालियर का नाम रोशन किया। उनके सपनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। सांसद शर्मा ने ग्वालियर में एम्स के सहयोग से विशाल स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की सराहना की। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने ग्वालियर में एम्स के सहयोग से विशाल नि:शुल्क शिविर आयोजित करने में भरपूर मदद के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताया। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास की ऊँचाईयाँ छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरी शिद्दत के साथ धरातल पर ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से ग्वालियर में यह शिविर आयोजित हो सका है। उन्होंने कहा कि इस शिविर में ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व राजस्थान के समीपवर्ती जिलों के मरीजों को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मरीजों के हालचाल जाने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने विभिन्न काउण्टर पर जाकर एम्स के चिकित्सकों को शाबाशी दी। साथ ही मरीजों से भेंट कर उनके हालचाल जाने। उन्होंने लीवर की बीमारी से पीड़ित बाबूलाल को आश्वस्त किया कि आप चिंता न करें एम्स के चिकित्सक आपका हर संभव इलाज करेंगे। हजारों मरीज हुए लाभान्वित एलएनआईपीई में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय शिविर में बड़ी संख्या में मरीज स्वास्थ्य परीक्षण कराने आ रहे हैं। पहले ही दिन विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लगभग 13 हजार 800 मरीजों का एम्स के चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही उन्हें नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य परिसर में ईको, ईसीजी, अल्ट्रासाउण्ड व लीवर की जाँच सहित अन्य प्रकार की बीमारियों की पैथोलॉजिकल जाँच भी की जा रही है। शिविर में अब तक लगभग 40 हजार मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। यह शिविर 26 व 27 दिसम्बर को भी प्रात: 10 बजे से सायंकाल 5 बजे तक … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर गौरव दिवस पर किया प्रतिभाओं का सम्मान

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी का व्यक्तित्व विराट था। उन्होंने विकास के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव तक पक्की सड़कें बनवाई गईं। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की धरती पर देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना का भूमि-पूजन कर स्व. वाजपेयी के स्वप्न को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ग्वालियर में आयोजित ग्वालियर गौरव दिवस समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। ग्वालियर गौरव दिवस स्व. वाजपेयी की सौवीं जयंती पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभूतियों को ग्वालियर गौरव सम्मान से विभूषित किया। स्व. वाजपेयी की स्मृतियों को संजोएंगे, समिति बनेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी जी की स्मृतियां सिर्फ ग्वालियर से ही नहीं जुड़ी हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ने बड़नगर में प्रारंभिक स्कूली शिक्षा प्राप्त की थी। अटल स्मारक के अलावा प्रदेश में स्व. वाजपेयी के जीवन से जुड़े स्थानों पर उनसे जुड़ी स्मृतियों को संजोने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। समाधान निकालने वाले कुशल नेता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने युवा अवस्था में ही एक जनप्रतिनिधि के तौर पर अपने व्यक्तित्व से सभी को चमत्कृत कर दिया था। वे शब्दों के जादूगर थे। हिन्दी के बड़े प्रचारक थे। उन्होंने जय विज्ञान का नारा भी दिया। शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को स्कूल चलें हम अभियान के माध्यम से प्रेरित किया। वे कठिनाईयों के बीच समस्याओं के समाधान का मार्ग निकालते थे जो एक कुशल नेता का कार्य होता है। स्व. वाजपेयी जी असाधारण प्रतिभा के धनी थे, अनेक भूमिकाएं निभाईं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह स्व. वाजपेयी की असाधारण प्रतिभा का ही प्रमाण था जो उन्हें देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू जैसे व्यक्ति अन्य राष्ट्रों में जाने वाले प्रतिनिधि मंडल में शामिल कर दायित्व सौंपते थे। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़कर सेवा का मार्ग अपनाया था। उन्होंने अनेक भूमिकाओं का निर्वहन किया। इनमें कवि, सम्पादक, समाजसेवी आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने परमाणु विस्फोटों के माध्यम से राष्ट्र की शक्ति के प्रदर्शन और राष्ट्र के नागरिकों का मनोबल बढ़ाया। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे राष्ट्रभक्त वैज्ञानिक को महत्वपूर्ण भूमिका में लेकर आए। वे ऐसे फैसले लेते थे जो उनकी एक कविता “पत्थर की छाती में उग आया नवांकुर….” को चरितार्थ करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कल्पना थी। प्रधानमंत्री मोदी ने बुंदेलखण्ड अंचल की तस्वीर बदलने वाली केन -बेतवा परियोजना की मंजूरी दी और आज ही खजुराहो में भूमिपूजन सम्पन्न हुआ है। पानी की उपलब्धता मनुष्य का जीवन बदल देती है। परियोजना की बाधाएं दूर हुई हैं। पार्वती-कालीसिंध -चंबल नदी जोड़ो परियोजना भी चंबल और मालवा अंचल में विकास की रफ्तार को बढ़ा देगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर गौरव दिवस स्व. वाजपेयी जी को समर्पित है। सम्मानित होने वाली विभूतियां सौभाग्यशाली हैं। ग्वालियर की यह पावन धरा तपोभूमि है। यह तानसेन की जन्म स्थली है। इसके साथ ही स्व. वाजपेयी की जीवन यात्रा में ग्वालियर महत्वपूर्ण है। स्व. वाजपेयी ने ने देश और ग्वालियर को गौरवान्वित किया है। वे सदैव ग्वालियर को प्रतिष्ठित करते रहे। वे ग्वालियर के लिए अपने थे और अपने रहेंगे। वे बहुत सरल व्यक्ति थे और उनकी ऊंचाई हिमालय जैसी थी। उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती, वे अद्भुत व्यक्ति थे। वे प्रधानमंत्री थे इसलिए वे बड़े व्यक्ति नहीं थे बल्कि वे बड़े थे इसलिए प्रधानमंत्री थे। वे दूरदृष्टा थे। उन्होंने कई गांवों को सड़कों से जोड़ा। हाईवे बनाने की शुरूआत स्व. वाजपेयी के शासन काल में हुई। सांसद वीडी शर्मा ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी दुनिया के लोकप्रिय नेता थे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में भारतीय दल का नेतृत्व किया। वे देश के सर्वमान्य नेता थे। वे विपक्ष में रहकर भी विदेश जाते थे। उन्होंने सुशासन पर कार्य किया। इन विभूतियों का हुआ सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर गौरव दिवस में गायन प्रस्तुति के लिए आए प्रख्यात गायक सुरेश वाडेकर, साहित्य क्षेत्र से जगदीश तोमर, खेल क्षेत्र से सुकरिश्मा यादव , योग क्षेत्र से अखिलेश पचौरी, चिकित्सा सेवा क्षेत्र से डॉ. एस.एन. आयंगर, शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र से बाबा सेवा सिंह, समाज सेवा क्षेत्र से विकास गोस्वामी, लेखन और कला संस्कृति क्षेत्र से केशव पांडे, शोध और अकादमिक क्षेत्र से सुआद्या दीक्षित को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त प्रतिभाओं को बधाई दी। कार्यक्रम में हितानंद शर्मा, सांसद भारत सिंह, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, पूर्व महापौर विवेक शेजवलकर और अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रारंभ में कलेक्टर ग्वालियर ने ग्वालियर गौरव दिवस की रूपरेखा की जानकारी दी।  

मोहन यादव सरकार पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ, आज फिर कर्ज ले रही सरकार

भोपल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार एक बार फिर 5 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। इस कर्ज के मिलते ही मोहन सरकार एक साल के कार्यकाल में 52.5 हजार करोड़ की कर्जदार हो जाएगी। बता दें कि दिसंबर 2023 से अब तक राज्य सरकार ने 47.5 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। वहीं आज  26 दिसंबर को 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लेने के बाद ये आंकड़ा और बढ़ जाएगा। राज्य सरकार ने आरबीआई के माध्यम से सिक्योरिटी बेचकर दो किश्तों में 5 हजार करोड़ के कर्ज की मांग का नोटिफिकेशन जारी किया है।  बता दें कि मोहन सरकार पिछले 6 महीने से लगातार 5-5 हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। अब तक 8 बार ये कर्ज ले चुकी मोहन सरकार एक बार फिर 9वीं बार 5 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। पिछले 6 महीने में 8 बार लिए 5-5 हजार करोड़ साल 2024 के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा हो जाएगा। बता दें कि पिछले 6 महीने से राज्य की मोहन यादव सरकार हर महीने 5-5 हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 30 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। मार्च 2025 तक 4.21 लाख करोड़ की कर्जदार होगी सरकार जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार का कर्ज 4.21 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। मौजूदा वित्त वर्ष- 2024-2025 में सरकार अपनी जरूरतों के मुताबिक करीब-करीब 25 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेगी। साढ़े चार साल में दोगुना हुआ कर्ज पिछले साढ़े चार साल में मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज का बोझ सबसे तेजी से बढ़ा है। मार्च 2020 की स्थिति में सरकार पर लगभग 2.01 लाख करोड़ का ही कर्ज था, लेकिन पिछले साढ़े चार साल में यह दोगुना हो गया। साढ़े चार साल में सरकार अब तक करीब 2 लाख करोड़ का कर्ज ले चुकी है। मोहन सरकार ने एक साल के कार्यकाल में लिया कर्ज     26 दिसंबर 2023 को लिया 2 हजार करोड़ का कर्ज     24 जनवरी 2024 को लिया 2.5 हजार करोड़ का कर्ज     7 फरवरी 2024 को लिया 3 हजार करोड़ का कर्ज     20 फरवरी 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     28 फरवरी 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     27 मार्च को 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     6 अगस्त 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     28 अगस्त 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     24 सितंबर 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     8 अक्टूबर 2024 को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज     26 नवंबर को लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज आमजन पर पहले से 3 लाख 75 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बता दें कि मोहन यादव सरकार लगातार कर्ज ले रही है। जबकि मध्य प्रदेश सरकार पर पहले से ही कर्ज का बोझ है। 31 मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में प्रदेश की जनता पर 3 लाख 75 हजार 578 करोड़ रुपए का कर्ज था। अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक एक साल में सरकार 44 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। जबकि इससे पहले 31 मार्च 2023 में भी मध्य प्रदेश सरकार पर 3 लाख 31 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज था।

एमपी में स्वास्थ्य विभाग में 46491 भर्तियों पर कैबिनेट की लगी मोहर

भोपल  मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करने के लिए मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार राज्य स्तरीय मानक अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। पदों का सृजन होते ही इन पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। बता दें कि स्टाफ की कमी के कारण आए दिन मरीजों को परेशानी और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी तथा सुलभ बनाया जा सके। मोहन कैबिनेट ने ये फैसला लिया है। 46 हजार से ज्यादा नए पदों का सृजन मध्य प्रदेश सरकार अब अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करने में लग गई है। मोहन कैबिनेट ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने के लिए संशोधित मानव संसाधन मानदंडों (आईपीएचएस) को मंजूरी दी। इसके तहत राज्य स्तरीय मानक अनुसार स्वास्थ्य संस्थाओं में 46491 नवीन पदों (नियमित, संविदा, आउटसोर्स) के सृजन की स्वीकृति दी गई है। दो साल में भरे जाएंगे पद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति की समीक्षा के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि 27 हजार 838 पदों की पूर्ति एनएचएम के और शेष 18 हजार 653 पदों की पूर्ति स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी। इन पदों पर आगामी दो वित्तीय वर्षों में की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने IPHS मानकों के अनुरूप नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने नवीन जिला चिकित्सालयों में रिक्त पदों की पूर्ति और निर्माणाधीन कार्यों की सतत निगरानी करने की बात की है। स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व में 47 हजार 949 नियमित पद स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्व में 47 हज़ार 949 नियमित पद स्वीकृत थे. कैबिनेट द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नए 18 हज़ार 653 (जो लगभग 39 प्रतिशत की वृद्धि है) पदों की स्वीकृति से कुल 66 हज़ार 602 नियमित पद हो जाएंगे. प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 7 हज़ार 182, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 5 हज़ार 346, सिविल अस्पतालों में 2 हज़ार 712 और जिला चिकित्सालयों में 3 हज़ार 458 नवीन पद की स्वीकृति कैबिनेट द्वारा प्रदान की गयी है. स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के हैं प्रयास आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश विज़न में भारतीय लोक स्वास्थ्य मानकों के आधार पर स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन की पूर्ति करना प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है. सशक्त आत्मनिर्भर प्रदेश के लिए नागरिकों का स्वास्थ्य आधारशिला है. गुणवत्तापूर्ण लोक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान सुनिश्चित करना इसके लिए महत्वपूर्ण है. इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आई.पी.एच.एस. मानक निर्धारित किए गए हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की प्रतिबद्धता से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लगातार प्रयास हो रहे हैं. इसी क्रम में कैबिनेट ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने के लिए संशोधित मानव संसाधन मानदंडों (आईपीएचएस) को मंजूरी दी है. 24 घंटे क्रियाशील होंगे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य जांच सुविधा के प्रदाय में सहूलियत होगी. आई.पी.एच.एस. की अनुसंशा के अनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता से मध्यप्रदेश में समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पूरे समय क्रियाशील रखा जा सकेगा. समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पूरे 24 घंटे प्रसव सुविधाएं मिल सकेगी. समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक औषधियां एवं आवश्यक पैथोलॉजी जांचे और आवश्यक प्राथमिक उपचार और रेफरल सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी. बीमारियों को समय से पहचाना जाएगा मरीज के स्वास्थ्य पर प्रभाव होने से पहले इलाज करने में सहायता होगी एवं बीमारियों की पहचान करने के लिए स्क्रीनिंग तथा निदान के बाद बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए प्रबंध करना संभव हो सकेगा. संचारी एवं असंचारी रोग तथा अन्य गंभीर बीमारी जैसे मल्टीप्ल स्क्लेरोसिस, हार्ट अटैक, पैरालिसिस आदि का गुणवत्तापूर्ण इलाज संभव हो सकेगा. नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी  गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव एवं परिवार कल्याण संबंधी परामर्श/पीपीआईयूसीडी की सुविधा सुलभ होगी. इससे लंबे समय में मातृ मृत्यु दर में गिरावट लाने में सफलता हासिल होगी. आवश्यक नवजात शिशु देखभाल, शीघ्र स्तनपान, टीकाकरण, कमजोर/बीमार शिशु की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन समुदाय के समीप उपलब्ध होगा. प्रदेश में नवजात एवं शिशु मृत्यु दर तथा सकल प्रजनन दर में कमी लाई जा सकेगी. मेडिकल रिकॉर्ड का डिजीटाईजेशन समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में डाटा डिजीटाईजेशन की दिशा में ई-हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर संचालित किया जाने में नवीन पद सहायक होंगे. रोगियों का ऑनलाईन पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी साथ ही मरीजों का रिकॉर्ड (डिस्क्रिपशन, जांच तथा अन्य) का भी डिजिटल संग्रहण किया जा सकेगा. साथ ही रोगियों के मेडिकल रिकॉर्ड का डिजीटाईजेशन का कार्य किया जा सकेगा. समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में ई-फाईलिंग सिस्टम, सी.सी.टी.वी., पी.एस. सिस्टम इत्यादि जैसे आई.टी. टूल्स का उपयोग किया जा सकेगा.

बाबा साहब वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस को यह खलता था- डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित – बाबा साहब को चुनाव हराने वाले को पद्म भूषण देने जैसे अनेकाें अन्याय कांग्रेस ने किए – बाबा साहब वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस को यह खलता था – कांग्रेस ने बाबा साहब को न भारत रत्न दिया, न स्मारक बनवाएं, सिर्फ अपने परिवार का ध्यान रखा – बाबा साहब कांग्रेस के लिए सिर्फ वोट बैंक, उनके विचारों की वाहक भाजपा – अमित शाह जी के भाषण को एडिट कर कांग्रेस झूठ प्रसारित कर रही है – पं. नेहरू के जमाने से आज तक कांग्रेस अंबेडकर विरोधी रही, जनता के सामने उसका दोहरा चरित्र उजागर – डॉ. मोहन यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न स्व. डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के प्रति कांग्रेस पार्टी के दोहरे रवैये को लेकर मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर वंचित, शोषित व गरीबों की बात करते थे, कांग्रेस पार्टी और उनके नेता जवाहरलाल नेहरू इसी कारण बाबा साहब का विरोध करते थे। कांग्रेस ने बाबा साहब को पहले 1952 का लोकसभा चुनाव हरवाया, इसके बाद उपचुनाव में भी हराने का कार्य किया। जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस का बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति दोहरा चरित्र इसी बात से उजागर होता है कि जिन काजरोलकर ने बाबा साहब को उपचुनाव में कांग्रेस की मदद से हराया, उन्हें कांग्रेस की सरकार ने पद्म भूषण दे दिया। बाबा साहब की वैश्विक स्तर पर पहचान और नाम होने के बाद भी उन्हें भारत रत्न व कोई सम्मान नहीं मिला। डॉ. अंबेडकर जी के मामले में कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर जनता के सामने उजागर हो चुका है। कांग्रेस बाबा साहब को सिर्फ वोट बैंक मानती है, चुनावों के समय याद करती है। कांग्रेस को देश से माफी मांगना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस चुनावों में मिल रही लगातार हार से बौखला रही है और वह केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के भाषण को एडिट कर जनता के बीच झूठ प्रसारित कर षड्यंत्र कर रही है। कांग्रेस को मध्यप्रदेश की जनता ने पहले विधानसभा फिर लोकसभा चुनाव में नकार कर बता दिया है कि बाबा साहब के विचारों का सच्चा सम्मान करने वाली भाजपा के साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब के विचारों का सच्चा सम्मान भाजपा ने किया है। कांग्रेस को विपक्ष में रहकर जनता के विश्वास हासिल करने के लिए कार्य करना चाहिए। कांग्रेस ने बाबा साहब को देश के कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। कांग्रेस को अपने नेताओं और पं. नेहरू द्वारा किए गए बाबा साहब अंबेडकर के अपमान के लिए पूरे देश से बिना शर्त माफी मांगना चाहिए। कांग्रेस ने बाबा साहब को परेशान किया, मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा अंबेडकर विरोधी रही है। जब भी कोई व्यक्ति मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देता है, तो सदन में उसे बोलने का मौका दिया जाता है। लेकिन बाबासाहब अंबेडकर जी के इस्तीफे के बाद सदन में उन्हें बोलने तक नहीं दिया गया। अपने त्याग पत्र में बाबा साहब अंबेडकर ने पंडित नेहरू के खिलाफ लिखा था कि “मैं वित्त और उद्योग क्षेत्र में शिक्षित था, मगर मुझे उससे जुड़ा एक भी विभाग नहीं दिया गया और न ही संसदीय कमेटी का हिस्सा बनाया गया। मुझे कानून मंत्रालय दिया मगर ईमानदारी से काम नहीं करने दिया गया। मुझे हिंदू कोड बिल के कार्य को पूरा नहीं करने दिया गया। केवल मुसलमानों की चिंता की गई, लेकिन एससी और एसटी को उचित संरक्षण प्रदान नहीं किया गया। प्रधानमंत्री का सारा ध्यान सिर्फ मुस्लिम समुदाय पर केंद्रित रहता है। मुसलमानों के संरक्षण से मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन क्या देश में केवल मुसलमानों को ही सुरक्षा की आवश्यकता है? बाबा साहब के इस सच से घबराई कांग्रेस पार्टी और पं. नेहरू ने उनके त्यागपत्र को जनता के बीच नहीं आने दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब देश के विभाजन के पक्ष में नहीं थे, धारा 370 थोपने के भी पक्ष में नहीं थे। पूर्वी बंगाल में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों पर भी बाबा साहब अंबेडकर ने टिप्पणी की थी। सम्मान तो दूर, बाबा साहब का मजाक उड़ाती थी कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहब का सम्मान करना तो दूर की बात है, कांग्रेस के नेता और पं. नेहरू उनका मजाक उड़ाया करते थे। बाबा साहब ने जब इस्तीफा दिया था, तो पं. नेहरू ने डॉ. बी.सी. राय को लिखे पत्र में कहा था कि भीमराव अंबेडकर जी के इस्तीफे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यही नहीं, बल्कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने तो एडविना माउंटबेटन को पत्र लिखकर बाबा साहब अंबेडकर के कैबिनेट में न रहने की खुशी जाहिर की थी। डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहब को तो भारत रत्न, पद्म भूषण या पद्मश्री नहीं दिया, लेकिन बाबा साहब अंबेडकर को चुनाव में हराने वाले नारायण सदोबा काजरोलकर को 1970 में पद्म भूषण देकर सम्मानित किया। काजरोलकर के पक्ष में पंडित नेहरू भी प्रचार भी किया था। ये है कांग्रेस की असली हकीकत। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच और चरित्र वाली कांग्रेस पार्टी आज बाबा साहब के सम्मान की बात कर रही है, जो एक बहुत ही शर्मनाक है। कांग्रेस पार्टी को अपना यह ढोंग बंद करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह से पंडित नेहरू और कांग्रेस के नेताओं ने बाबा साहब अंबेडकर के साथ बदसलूकी की, उनका अपमान किया, जिसके साक्ष्य भी मौजूद हैं, उसके लिए कांग्रेस को बिना शर्त माफी मांगी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने की उपेक्षा, भाजपा सरकार ने दिया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भी कोई बड़ा नेता जाता है, तो उनकी विरासत को संजोया जाता है। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने बाबा साहब का एक भी स्मारक बनाने की अनुमति नहीं दी। कांग्रेस ने खुद तो बाबा साहब की स्मृतियाँ संजोने के लिए कोई कदम नहीं उठाए, अड़चनें डालती रही। कांग्रेस पार्टी तो देश में सैकड़ों स्मारक, अस्पताल, सड़कों के नाम पं. नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी और राजीव गांधी के … Read more

टोल बैरियर हमारी सरकार ने खत्म किए, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति – डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कहा कि हम सबके लिए और सौभाग्य की बात है कि जनसंघ के जमाने से पूरे देश में श्रद्धेय अटल जी ने अपनी बड़ी भूमिका निभाई। मध्यप्रदेश में संविद सरकार के समय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी, श्रीमती राजमाता विजयाराजे सिंधिया, श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे के साथ राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। राष्ट्र धर्म के वैचारिक अनुष्ठान के लिए पूर्णकालिक बनकर भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी जब संयुक्त राष्ट में पहुंचे तो हिंदी में अपनी बात रखकर वैश्विक स्तर पर हिंदी व भारत का मान बढ़ाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमारी सरकार ने टोल बैरियर खत्म किए। मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को लेकर सख्त है। कोई भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि नजीर बनेगी। अटल जी ने समाज सेवा के साथ कुशल विचारक की भूमिका निभाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने राजनीति में रहते हुए समाज सेवा, देश सेवा के साथ एक कुशल विचारक की भूमिका निभाई है। अटल जी जब विदेश मंत्री बने तो उनका कार्यकाल अद्भुत रहा। इसके बाद संयुक्त सरकार चलाकर परमाणु परीक्षण करके दुनिया के सामने अपनी प्रतिबद्धता को भी रखा। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की बात करते हैं तो देश का नाम आता है। हमें याद रखना होगा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए पाकिस्तान के साथ रिश्ते अच्छे रखने का पूरा प्रयास किया, लेकिन जब उसने गलत किया तो तत्काल कार्रवाई कर दुश्मन देश व दुनिया के सामने अपनी दृढ़ता को भी स्पष्ट कर दिया। यह प्रदर्शनी श्रद्धेय अटल जी के व्यक्तित्व व कृतित्व को लेकर एक प्रयास है। अटलजी के सपने को पूरा कर रहे मोदी जी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के नदियों को जोड़कर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी पहुचाने के सपने को पूर्ण करने का बीड़ा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने उठाया है, जो अब साकार होने वाला है। श्रद्धेय अटलजी के जन्मदिवस 25 दिसम्बर को प्रधानमंत्री मोदी जी इस परियोजना की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब में इस परियोजना की आधारशिला के लिए प्रधानमंत्री जी से मिला तो उन्होंने कहा कि यह परियोजना श्रद्धेय अटल जी को समर्पित होगी और उनकी जन्म शताब्दी पर 25 दिसंबर को किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना छतरपुर, पन्ना जिले में केन नदी पर बनाई जा रही है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्रदाय करते हुये केन नदी के जल को बेतवा नदी तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी एवं दतिया सहित कुल 10 जिलों के लगभग 2000 ग्रामों में 8.11लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 7 लाख किसान परिवारों को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। वहीं,  उत्तरप्रदेश में 59 हज़ार क्षेत्र में वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जाएगा। इससे उत्तरप्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना से मध्यप्रदेश की कुल 44 लाख एवं उत्तरप्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। इस दौरान भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह जादौन, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, रणवीर सिंह रावत, विधायक रामेश्वर शर्मा, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, लोकेन्द्र पाराशर, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश सरकार फिर बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेगी, बजट से ज्यादा हुआ लोन

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार फिर रिजर्व बैंक के माध्यम से बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेगी। यह कर्ज दो हिस्सों में लिया जाएगा। पहला कर्ज ढाई हजार करोड़ रुपये का होगा, जिसे 21 साल बाद चुकाया जाएगा। दूसरा कर्ज भी ढाई हजार करोड़ रुपये का रहेगा, पर इसे 17 साल में चुकाया जाएगा। इसके लिए गवर्नमेंट सिक्योरिटीज का विक्रय किया जाएगा, जिस पर साल में दो बार ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा। बता दें कि राज्य सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष में 25 हजार करोड़ रुपयों का कर्ज ले चुकी है। नया कर्ज मिलाकर यह 30 हजार करोड़ रुपये हो जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज चार लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। कर्ज की राशि और अवधि: कुल कर्ज: 30,000 करोड़ रुपये पहला कर्ज: 2,500 करोड़ रुपये (21 साल बाद चुकाया जाएगा) दूसरा कर्ज: 2,500 करोड़ रुपये (17 साल में चुकाया जाएगा) जीडीपी का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है सरकार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रविधान के अनुसार, सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद का तीन प्रतिशत तक ऋण ले सकती है। इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है। इसका उपयोग विकास परियोजना और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए किया जा सकता है। राज्य सरकार ने वित्तीय स्थिति ठीक बताई वहीं, बाजार से कर्ज लेने के लिए राज्य सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति ठीक बताई है। आधा प्रतिशत ऋण ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों के लिए विशेष परिस्थिति में लिया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। कुल कर्ज: अब तक लिया गया कर्ज: 25,000 करोड़ रुपये नया कर्ज: 5,000 करोड़ रुपये (कुल 30,000 करोड़ रुपये) कुल कर्ज: 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक सरकार पर कुल चार लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज प्रदेश पर अब चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया है। इसके साथ मध्य प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति 50 हजार रुपये से अधिक का कर्जदार होगा। स्थिति यह है कि मध्य प्रदेश का कुल बजट 3.65 लाख करोड़ रुपये का है, लेकिन इससे अधिक मध्य प्रदेश सरकार पर कर्ज है।

चित्तौड़ा गौशाला की भूमि होगी श्रीमद्भागवत गौशाला के नाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कथा श्रवण से मिलती है जीवन दर्शन की राह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सत्कर्म से मनुष्य अपने जीवन को बना सकते हैं सार्थक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्तौड़ा गौशाला की भूमि होगी श्रीमद्भागवत गौशाला के नाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्तौडा में श्रीमद्भागवत कथा में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति का अपना विशेष महत्व है। मनुष्य जीवन सत्कर्म के लिए प्राप्त हुआ है। कथा श्रवण के माध्यम से हमें जीवन दर्शन की राह मिलती है, जो हमें सदमार्ग की ओर चलने के लिए सदैव प्रेरित करती है। गौमाता की सेवा भगवान की सेवा के समान है। संत कमल किशोर नागर महाराज गौसेवा के एक बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे है। संत के प्रयासों से मालवा, निमाड़, जनजाति अंचल सहित प्रदेश भर में गौमाताओं के पालन का दायित्व निस्वार्थ भाव से किया जा रहा है, जो प्रशंसनीय और वंदनीय है। भगवत गीता से हमें कर्म के प्रति आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है, इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति ऐसे सदकर्म करें, जिससे उनकी भावी पीढ़ी पुण्य के मार्ग पर चले और मनुष्य जीवन को सार्थक बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को इंदौर जिले के सांवेर स्थित चित्तौडा में श्रीमद्भागवत गौशाला में आयोजित भागवत कथा में उपस्थित श्रृद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमद्भागवत गौशाला चित्तौडा की भूमि को गौशाला के नाम करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गीता जयंती के आयोजन से पूरे प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के कर्म के संदेश को पहुंचाने का कार्य किया गया है। संत कमल किशोर जी नागर के द्वारा निस्वार्थ भाव से गौशाला संचालन के लिए जो पुनीत कार्य की अलख जगाई गई है, वह वंदनीय है। संत ने गौशाला संचालन के साथ कई आदर्श निर्मित किए हैं, जो समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे है। उन्होंने प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के प्रयासों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान विकास को एक नई दिशा देने का काम करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान  के माध्यम से विकास को एक नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान से लगभग 25 जिलों के बडे़ क्षेत्रों में सिंचाई का रकबा बढे़गा, जिससे मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। नदी जोड़ो अभियान से प्रदेश का बड़ा क्षेत्र लाभान्वित होगा।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोवंश पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। घर-घर गोपाल और गांव-गांव वृंदावन बने, इसके लिए प्रदेश के 313 ब्लॉक के एक-एक गांव में जहां 500 से अधिक गोवंश होगा, उनको वृंदावन गांव बनाकर आदर्श रूप में विकसित करेंगे। वहीं 10 से अधिक गौमाता पालने वाले पशुपालकों को अनुदान देकर प्रोत्साहित करेंगे ताकि घर-घर गोपाल बने। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दूध खरीदी पर बोनस भी दिया जाएगा। हमारा लक्ष्य कि जिससे घर-घर दूध उत्पादन बढ़े और प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोपालन के प्रति लोगों में रुचि बढे़, इसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने संत कमल किशोर जी नागर द्वारा गोवंश संरक्षण एवं गौशाला के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ का पूजन कर संत नागर का शाल भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा बांधकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक रमेश मेंदोला, चिंदू वर्मा सहित श्रीमद्भागवत गौ-शाला चित्तौडा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में धर्मावलंबी उपस्थित थे।  

आज केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास एक ऐतिहासिक घटना बन रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से बुधवार को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमिपूजन का ऐतिहासिक कार्यक्रम होने वाला है। यह सच्चे अर्थों में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100 वीं जयंती को सार्थक करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में केन-बेतवा नदी जोड़ों परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने जब नदी जोड़ो से संबंधित विषय रखा था उस समय उन्हें एनजीटी संस्था पर्यावरण से जुड़ी अन्य संस्थाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन अब सारे समाधान हो गए हैं। अब नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास एक ऐतिहासिक घटना बन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका सभी मित्रों से भी आग्रह है कि यह एक प्रकार से देश के विकास के उत्सव का माहौल है, इसमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सबका स्वागत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत से सिंचाई, पेयजल और उद्योग को पर्याप्त पानी देने की महत्वपूर्ण पहल हुई है। यह एक तरह से ऐतिहासिक घटना है। इससे बुंदेलखंड के 10 जिले लाभान्वित होंगे। इन जिलों में पानी की कमी की वजह से रोजगार की तलाश में पलायन होता था। दूसरी नदी जोड़ो परियोजना पार्वती-कालीसिंध और चंबल (पीकेसी) है, जो चंबल और मालवा क्षेत्र को लाभान्वित करेगी। चंबल क्षेत्र कष्ट में इसलिए था क्योंकि वहां पर खेती के अवसर कम थे। परियोजना से मुरैना, ग्वालियर, भिण्ड, गुना,शिवपुरी, राजगढ़ और उसके आगे पश्चिमी मालवा तक रतलाम, नीमच और मंदसौर तक कुल 11 जिलों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को पीकेसी के माध्यम से लाभ मिलेगा। इस परियोजना की शुरूआत के साथ न केवल हमारे लिए पीने का पानी, उद्योग और 8 लाख हैक्टेयर से अधिक का रकबा इससे सिंचित होगा। यह प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर परियोजना से सौर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए नवकरणीय ऊर्जा का संयंत्र स्थापित हुआ है। भविष्य में बनने वाले बड़े-बड़े जलाशय और डेम प्रदेश की उन्नति में सहायक होंगे। ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होने वाला है, जो यह सच्चे अर्थों में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति सच्ची आदरांजलि होगी।  

मुख्यमंत्री यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने नदी जोड़ो परियोजना का स्वप्न देखा था, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साकार करने का कार्य किया है। स्व. वाजपेयी की 100वीं जयंती पर महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से हो रहा है। मध्यप्रदेश का बुंदेलखंड अंचल इस परियोजना के क्रियान्वयन का लाभ प्राप्त कर संपूर्ण अंचल ही नहीं, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी की जयंती के एक दिन पहले भोपाल में मंत्रालय के पास सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में सुशासन दिवस मनाया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों ने इस अवसर पर प्रदेश में सुशासन के उच्चतम मापदंड स्थापित करने, शासन की व्यवस्थाएं पारदर्शी, जनकल्याण के हित में और जवाबदेही से ओत-प्रोत करने की शपथ ली है। निश्चित ही प्रदेश के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए स्व. वाजपेयी के संकल्प को मध्प्रदेश ज्यादा से ज्यादा कार्य कर योगदान देगा। यही स्व. वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष पर चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्र प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों की प्रशंसा की। उन्होंने पं. दीनदयाल परिसर में स्व. वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित प्रदर्शनी का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया।  

अटल जी के नदी जोड़ो स्वप्न से मिली जनगण को सौगात: डॉ. मोहन यादव

भोपाल उजियारे में, अंधकार में, कल-कछार में, बीच धार में, क्षणिक जीत में दीर्घ हार में, जीवन के शत-शत आकर्षक, अरमानों को ढलना होगा, कदम मिलाकर चलना होगा।। कदम मिलाकर चलने का उद्गोष करने वाले भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की आज 100वीं जयंती है। भारत निर्माण के दृष्टा श्रद्धेय अटल जी को शत-शत नमन। श्रद्धेय अटल जी ने संघ के स्वयंसेवक से लेकर राष्ट्रधर्म के संपादक, जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के दायित्वों के बीच कार्यकर्ताओं की पीढ़ियां निर्मित कीं। व्यक्ति निर्माण, समाज निर्माण, राष्ट्र निर्माण की उनकी परिकल्पना के सभी पक्षों ने देश को आधार प्रदान किया। धरती को सुजलाम् सुफलाम् करने और समृद्धि के नये आयाम स्थापित करने के लिये श्रद्धेय अटल जी ने लगभग 20 वर्ष पूर्व नदी जोड़ो अभियान की संकल्पना की थी। उन्होंने देशभर की नदियों को जोड़कर बिखरी पड़ी जलराशि के समुचित प्रबंधन का सपना देखा था।उनका सपना था, देशभर की नदियां आपस में जुड़ें और जल की एक-एक बूंद का उपयोग समाज और राष्ट्र के लिये हो। श्रद्धेय अटल जी 100वीं जयंती पर आज मध्यप्रदेश में केन-बेतवा से विश्व की पहली नदी जोड़ो परियोजना द्वारा जल सुरक्षा का स्थायी समाधान करने की दिशा में महती कदम उठाया जा रहा है। मुझे यह बताते हुये प्रसन्नता है कि आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री और वर्तमान पीढ़ी के भागीरथ नरेन्द्र मोदी जी खजुराहो में देश की पहली, महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इसी के साथ श्रद्धेय अटल जी का नदियों को आपस में जोड़ने का संकल्प और समृद्धि का सपना मूर्तरूप लेगा।मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, सैकड़ों नदियों की विपुल जलराशि से समृद्ध है। प्रदेश की नदियों के आशीर्वाद से यह बहुउद्देशीय परियोजना बुंदेलखंड की जीवन रेखा साबित होगी। यह परियोजना छतरपुर और पन्ना जिले में केन नदी पर विकसित की जा रही है। इसमें पन्ना टाइगर रिजर्व में केन नदी पर 77 मीटर ऊंचाई एवं 2.13 किलोमीटर लंबाई के दौधन बांध एवं 2 टनल का निर्माण होगा। बांध में 2 हजार 853 मिलियन घन मीटर जल का भंडारण किया जायेगा। इसमें दाब युक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से मध्यप्रदेश के 10 जिले पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी और दतिया के लगभग 2 हजार ग्रामों में 8.11 लाख हेक्टेयर में सिंचाई हो सकेगी और लगभग 7 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश की 44 लाख और उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा मिलेगी और 103 मेगावॉट जल विद्युत एवं 27 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। इसका लाभ संपूर्ण मध्यप्रदेश को मिलेगा। केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना से बुंदेलखंड के हर खेत तक सिंचाई के लिये पानी पहुंचेगा। प्रदेश में बिजली, कृषि, उद्योग और पेयजल के लिये भरपूर पानी उपलब्ध होगा। खेत को पानी मिलने से फसलों का अमृत बरसेगा। किसानों के जीवन में खुशहाली आयेगी और बुंदेलखंड की तस्वीर तथा तकदीर बदलेगी। इस परियोजना से खेती-किसानी, उद्योग, व्यवसाय और पर्यटन को गति मिलेगी जिससे पलायन रुकेगा और नागरिकों का जीवन खुशहाल होगा। जलराशि की विपुलता के साथ बाढ़ तथा सूखा, दोनों समस्याओं का समाधान होगा। हमारा संकल्प है विरासत के साथ विकास। इसी लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते हुएपरियोजना में ऐतिहासिक चंदेलकालीन 42 तालाबों को सहेजने का कार्य किया जायेगा।यह तालाब वर्षाकाल में जल से भर जायेंगे। इससे धरती का जल स्तर बढ़ेगा जिसका लाभ लोगों को मिलेगा। मध्यप्रदेश कृषि बाहुल्य प्रदेश है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर एक करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का हमारा लक्ष्य है। मुझे विश्वास है कि केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना से हम इस लक्ष्य को पूर्ण करने में सफल होंगे और बुंदेलखंड की प्रगति के नये द्वार खुलेंगे। इसी विश्वास के साथ मैंने बुंदेलखंड के किसानों से यह आग्रह किया था कि यहां के सूखे का तोड़ निकल जायेगा, किसी भी हाल में अपनी जमीन मत बेचना। मुझे खुशी है कि मेरा वह विश्वास सही साबित हुआ। यह हमारे लिये प्रसन्नता का विषय है कि मध्यप्रदेश, इस समय जनकल्याण पर्व मना रहा है। अटल जी के 100वीं जयंती पर त्रिपक्षीय अनुबंध से केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना की सौगात प्रदेशवासियों को मिलना अद्भुत संयोग है। मुझे बताते हुए हर्ष है कि कुछ दिनों पूर्व हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना की सौगात दी थी। इस परियोजना में 21 बांध, बैराज निर्मित किये जाएंगे। परियोजना से प्रदेश के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। मालवा और चंबल क्षेत्र में 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 40 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। एक साथ प्रदेश में दो नदी जोड़ो परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाना ऐतिहासिक अवसर है। यह हमारे लिये गर्व की बात है कि इतिहास में बुंदेलखंड शौर्य, पराक्रम, वीरता और बलिदान का प्रतीक है। वीरों की भूमि बुंदेलखंड अब नदी परियोजना से विकास की भूमि के रूप में जानी जायेगी। मुझे बताते हुये आनंद है कि आज ही के दिन प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन ऊर्जा के प्रति किये गये प्रयास धरातल पर उतरने वाले हैं। पुण्य सलिला मां नर्मदा पर विकसित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकार्पण करेंगे। परियोजना के प्रथम चरण में इस वर्ष अक्टूबर माह से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो गया है। लोकतंत्र की प्रथम इकाई, ग्राम पंचायत से आरंभ होती है। अटल जी ने गांव को सुशासित और सशक्त बनाने का अभियान चलाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने, श्रद्धेय अटलजी के स्वप्न को साकार करने के लिये गांव को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, समृद्ध और सुशासित बनाने का संकल्प लिया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत का अपना भवन हो, इसके लिये प्रधानमंत्री आज मध्यप्रदेश में 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन करेंगे। श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जन्म जयंती पर आज शुरू होने वाली ऐतिहासिक परियोजनाओं और कार्यों से प्रगति के नये द्वार खुलेंगे। बुंदेलखंड जलशक्ति से संपन्न हो जायेगा और किसान समृद्ध होंगे। इससे समूचे क्षेत्र में खुशहाली आयेगी और युवाओं को नौकरी के लिये पलायन नहीं करना पड़ेगा। सौभाग्य से यह सब संभव हुआ है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और डबल इंजन की सरकार से। हमारी सरकार ने पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर उद्योगों को छोटे शहरों तक पहुंचाने का नवाचार किया है। … Read more

उज्ज्वला योजना में 24 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 26 करोड़ की राशि अंतरित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर की भूमि और यहां के लोगों का मेरे जीवन में विशेष स्थान: उत्तराखंड मुख्यमंत्री धामी उज्ज्वला योजना में 24 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 26 करोड़ की राशि अंतरित लाखा बंजारा झील जीर्णोंद्धार एवं पुनर्विकास, निगम के नए भवन सहित 642 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन गौरझामर नगर परिषद, बंडा बरा नगर पंचायत और नरयावली नगर पंचायत होगी सागर में कैंसर अस्पताल एवं विधि संकाय होगा शुरु मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर के गौरव दिवस पर दीं शुभकामनाएँ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर के गौरव दिवस एवं जनकल्याण पर्व पर कहा है कि सागर में कैंसर अस्पताल एवं रानी अवंतीबाई विश्वविद्यालय में विधि संकाय शुरु होगा। बुधवार 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर शुरु होने जा रही केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वालीं विभूतियों को सम्मानित करने पर प्रसन्नता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाखा बंजारा ने यहाँ झील का निर्माण कर लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलायी। उनके यह महान कार्य सदा स्मरणीय हैं। मैं उनकी इस महानता को नमन करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर के गौरव दिवस एवं जनकल्याण पर्व पर नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराजा छत्रसाल और आल्हा-ऊदल के शौर्य और बलिदान के लिए यह बुंदेलखंड की धरा जानी जाती है। अब बुंदेलखंड क्षेत्र का नया इतिहास लिखा जाएगा जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसम्बर को छतरपुर जिले के खजुराहो में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की नदी जोड़ने की परिकल्पना को साकार करने के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद जनसमुदाय को मुट्ठी बांधकर परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम में आने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौरझामर नगर परिषद, बंडा बरा नगर पंचायत, नरयावली नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा भी की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा सरकार द्वारा सागर के विकास के लिए कायाकल्प के कई कार्य किए गए हैं जिसमें लाखा बंजारा झील का जीर्णोद्धार, पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी शामिल है। इससे सागर शहर का जल स्तर संतुलित बना रहेगा। मुख्यमंत्री डॉं यादव और उनकी पूरी टीम ने प्रदेश के विकास को एक नई दिशा प्रदान की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज यहां 100 करोड़ रूपये से भी ज्यादा की विकास योजनाओं का पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्य पूरा हो रहा हैं। इन सभी कार्यों से डॉ. यादव की सरकार ने अपने पहले ही वर्ष में मध्य प्रदेश के उज्जवल भविष्य की मजबूत नीव स्थापित कर ली है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले अपने आगामी कार्यकाल में डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और तेजी से विकास करेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा जब मुझे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ तो मेरे मन में सागर में बिताए मेरे बचपन के दिन याद आ गए। यहां की अनेक स्मृतियां मेने मन में है, आज वे सारी यादें ताजा हो गई। उन्होंने कहा मैं अपने पैतृक स्थान पर आया हूं। सागर मेरे लिए केवल एक शहर नहीं बल्कि मेरे जीवन का एक अविभाज्य हिस्सा हैं। मेरे पिताजी यहाँ महार रेजीमेंट में पदस्थ थे और उस दौरान उनकी पोस्टिंग सागर में थी। इस भूमि से मेरा अटूट रिश्ता रहेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा आज पूरे देश में डबल इंजन की सरकार है, जो बहुत तेजी से विकास कर रही हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि सागर के गौरव दिवस उपलक्ष्य पर यहां दो मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति सागर के गौरव को और बढ़ा रही है। इस भूमि के सच्चे सपूत डॉ. सर हरिसिंह गौर का योगदान इस क्षण को और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है। यह उनके योगदान और गौरवशाली इतिहास को याद करने का पल है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा सागर की पहचान “लाखा बंजारा झील” का वर्तमान स्वरूप सागरवासियों का दिल हर्ष से भर देता है। पहले यह झील अपेक्षाकृत रूप से उपेक्षित थी, जिसे राज्य सरकार ने विकास कार्यों की सौगात देते हुए झील का सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सागर संभाग के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में कैंसर डिपार्टमेंट खोलने, महिला रोग चिकित्सकों की नियुक्ति और हेड इंजुरी के संबंध में न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट खोले जाने की मांगे रखी। विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सागर शहर को पहले लोग बड़ा कस्बा कहा करते थे। स्मार्ट सिटी योजना से यहां कई विकास कार्य हुए और सागर सहित समूचे बुंदेलखंड को नई दिशा मिली है। इस क्षेत्र में पहले फोरलेन रोड नहीं थी अब नये-नये पहुंच मार्ग बना रहे हैं, रेल लाइनें बिछ रहीं हैं। शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किये गए हैं। इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में स्मार्ट सिटी मिशन की शुरूआत की। उस समय मध्यप्रदेश की 7 स्मार्ट सिटी का चयन किया गया, जिसमें सागर भी शामिल था। इसमें सागर को स्मार्ट सिटी के लिए एक हजार करोड़ रुपए मिले थे। स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत एलिवेटेड कोरिडोर बनाया गया और भी बहुत से विकास के कार्य किये गए। सिंह ने कहा 20 साल के दौरान सरकार ने विकास की अनेक सौगातें दी हैं। विधायक शैलेंद्र जैन ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि सागरवासियों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिछले एक वर्ष के नेतृत्व में विकास कार्यों की अनेक सौगात मिलीं हैं। आज हम सभी अभिभूत हैं और उनका नागरिक अभिनंदन करते हैं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं सागर के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल सहित विधायकगण, जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। नगर निगम महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने आभार व्यक्त किया। सागर की विभूतियों का गौरव दिवसपर किया गया सम्मानित सागर … Read more

भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : सरकार हर स्तर पर करेगी प्रभावी कार्यवाही

प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत-अभिनंदन है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को मिलेगी केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : सरकार हर स्तर पर करेगी प्रभावी कार्यवाही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री डॉ. धामी का स्वागत भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देने मध्यप्रदेश पधार रहे हैं, उनका प्रदेश की धरती पर स्वागत अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान बड़े स्वरूप में आकार लेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर प्रदेश को मिल रही इस सौगात से सागर, दतिया सहित सम्पर्ण बुंदेलखण्ड को पर्याप्त सिंचाई और पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याण पर्व में सागर गौरव दिवस में क्षेत्र को सौगातें प्रदान करने के कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की भी सहभागिता होगी। इन सौगातों से सम्पूर्ण क्षेत्र का आने वाला कल बेहतर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकीय विमान तल पर मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कई कठोर निर्णय लिए हैं, जिनमें टोल बैरियर पर वसूली बंद करने का निर्णय भी एक है। राज्य सरकार किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके लिए जिस भी स्तर पर आवश्यक होगा सरकार द्वारा कार्यवाही की जाएगी। सुशासन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विकास और जनकल्याण की दिशा में हम निरंतर गतिशील है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकीय विमानतल पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डॉ. पुष्कर सिंह धानी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही चंदेरी का अंगवस्त्र और राजभोज की प्रतिमा भेंट की। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री डॉ. धामी ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ और शाल भेंट कर अभिवादन किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को दी बधाई 71 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को रोजगार मेले के माध्यम से देश के 71 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। युवाओं के सामर्थ्य एवं प्रतिभा से विकवित भारत का संकल्प साकार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार मानते हुए, नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

खजुराहो में 25 दिसम्बर को केन-बेतवा लिंक परियोजना कार्यक्रम के लिए किया आमंत्रित

टीकमगढ़ के माथे पर लग रहा है विकास का तिलक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना से टीकमगढ़ के साथ पूरे बुन्देलखण्ड की बदलेगी तस्वीर और तकदीर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 105 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों दी सौगात खजुराहो में 25 दिसम्बर को केन-बेतवा लिंक परियोजना कार्यक्रम के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री जतारा में जनकल्याण पर्व सह किसान सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए भोपाल जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि टीकमगढ़ के माथे पर विकास का तिलक लग रहा है। जिले में अब कभी सूखे की समस्या नहीं होगी। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना से टीकमगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे बुन्देलखण्ड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। बहुप्रतीक्षित केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना से वृहद स्तर पर सिंचाई एवं पेयजल सुविधा मिलेगी। साथ ही बिजली उत्पादन, फसलों की पैदावार एवं पर्यटन क्षेत्र में विकास से नागरिकों का जीवन खुशहाल होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील में आयोजित जन-कल्याण पर्व सह किसान सम्मेलन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ जिले के लिये 105 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत के 120 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को लड्डू खिलाकर 25 दिसम्बर को खजुराहों में आयोजित होने वाले केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश उन्नति के पथ पर अग्रसर है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए एक लाख करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ने की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसम्बर को राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना का छतरपुर जिले के खजुराहो में भूमिपूजन करेंगे। परियोजना के साकार रूप लेने पर बुन्देलखण्ड हरा-भरा और समृद्धशाली बनेगा और इससे क्षेत्र में होने वाला पलायन भी रूकेगा। मुख्यमंत्री ने आमजनों को वृहद परियोजना के शुभारंभ अवसर पर खजुराहो में आमंत्रित किया और सभी उपस्थितजनों को मुट्ठी बांधकर परियोजना के भूमिपूजन कार्यक्रम में आने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर केन-बेतवा लिंक परियोजना का मॉडल और जन-कल्याण एवं विकास पर केन्द्रित प्रदर्शनी और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और पुष्प-वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक जतारा हरिशंकर खटीक, अमित नुना, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उमिता राहुल सिंह, पूर्व मंत्री राहुल सिंह, जन-प्रतिनिधि, लाड़ली बहनें और बड़ी संख्या में कृषक बंधु उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर में लाखा बंजारा झील के जीर्णोद्धार कार्य का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर में लाखा बंजारा झील के जीर्णोद्धार कार्य का करेंगे लोकार्पण उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी होंगे शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 23 दिसम्बर को सागर में जन-कल्याण पर्व अंतर्गत विकास की अनेक सौगातें देंगे। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगर पालिका निगम एवं स्मार्ट सिटी लिमिटेड सागर द्वारा गौरव दिवस एवं लाखा बंजारा झील के जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास, सागर सिटी गवर्नेंस नगर पालिका निगम कार्यालय एवं दो जोनल सेंटर का लोकार्पण करेंगे। बुंदेली माटी के सपूत डॉ. हरिसिंह गौर की नगरी सागर की पहचान लाखा बंजारा झील के जीर्णोद्धार उपरांत लोकार्पण कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नागरिक एवं खाद् आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, विधायक शैलेंद्र जैन, नगर पालिका निगम महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, नगर पालिक निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्य प्रस्तुति भी होगी।  

मुख्यमंत्री यादव की मौजूदगी में मध्य प्रदेश की नई ड्रोन नीति पर एक दिवसीय एक्सपर्ट पैनल वर्कशॉप आज

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में मध्य प्रदेश की नई ड्रोन नीति पर एक दिवसीय एक्सपर्ट पैनल वर्कशॉप आज 23 दिसम्बर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा ड्रोन केंद्रित सूचना पोर्टल (drone.mp.gov.in) भी लॉन्च किया जाएगा। इस दौरान प्रशासन और नागरिक सेवाओं के लिए ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग और राज्य को देश का ड्रोन हब बनाने पर विचार विमर्श होगा।  इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन कार्यशाला को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार लोक कल्याणकारी सेवाओं, नवाचार, उत्कृष्टता और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए ड्रोन टेक्नालॉजी का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रोन सेक्टर के मिशन से प्रेरित होकर हमने ड्रोन क्षेत्र के लिए आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में सर्वे ऑफ इंडिया (एसओआई), डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय), केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय सर्वेक्षण विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारी, आईआईटी इंदौर, पुलिस, स्टार्टअप, ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया, नाबार्ड और मध्य प्रदेश सरकार के सभी विभागों के प्रमुख सहित ड्रोन इंडस्ट्री के प्रमुख आइडियाफोर्ज, एसटेरिया एयरोस्पेस, ड्रोन फेडेरेशन आदि के प्रमुख उपस्थित रहेंगे। क्या है ड्रोन नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ड्रोन नीति का निर्माण किया जाए. उच्च शिक्षा, उद्योग, कृषि और अन्य संबंधित विभागों में ड्रोन के उपयोग और प्रशिक्षण के संबंध में रणनीति बनाकर कार्य किया जाए. विमानन एवं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे विषयों में युवाओं की रूचि बढ़ रही है, अत: ऐसे विषयों की बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. हाल ही में देश का पहला हेलीकॉप्टर पायलट ट्रेनिंग स्कूल खजुराहो में आरंभ किया गया है. राज्य सरकार का प्रयास है कि जहां-जहां हवाई पट्टियां हैं, वहां-वहां पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, निकटवर्ती विश्वविद्यालय के माध्यम से डिग्री और डिप्लोमा कोर्स की व्यवस्था करें.  

इंदौर में होगी आईटी समिट, नेहरू स्टेडियम का होगा पुनर्निर्माण :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नदी जोड़ो परियोजनाएं प्रदेश में विकास की लिखेगी नयी इबारत:मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर को हर क्षेत्र में बनाया जायेगा नम्बर-वन इंदौर में होगी आईटी समिट, नेहरू स्टेडियम का होगा पुनर्निर्माण नगर निगम का बनेगा नया भव्य भवन मुख्यमंत्री ने इंदौर को दी 1249 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर, माँ देवी अहिल्या की नगरी है, जो विकास का पर्याय रहीं है। उनके कार्यकाल में देव स्थानों का पूरे देश में अद्भुत विकास हुआ है। इंदौर वर्तमान में देश का सबसे स्वच्छ शहर है। यह आईटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्मार्ट सिटी के कार्यों आदि में देश में भी अव्वल है। अब इंदौर को हर क्षेत्र में अव्वल बनाने के कार्य तेजी से होंगे। इंदौर का संर्वागीण विकास कर इंदौर को देश के प्रमुख महानगरों के समकक्ष खड़ा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर के नेहरू स्टेडियम का पुनर्निर्माण किया जायेगा। यहाँ आईटी के विकास की अपार संभावनाएं है, इसको देखते हुए इंदौर में जल्द ही आईटी समिट आयोजित की जायेगी। इंदौर नगर निगम का नया भव्य भवन भी बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में जनकल्याण पर्व के तहत आयोजित लोकार्पण एवं भूमि-पूजन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के लिये 1249 करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नदी जोड़ो परियोजना प्रदेश में विकास की नयी इबारत लिखेंगी। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जहां 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं पर एक साथ कार्य हो रहा है। यह परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मूर्तरूप ले रही हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से नदियों को आपस में जोड़कर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में हो रहे विकास की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर को अब हर क्षेत्र में नम्बर-वन बनाया जायेगा। इंदौर को देश के प्रमुख महानगरों की तरह विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का स्मरण करते हुए कहा कि उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। वे हमेशा से सम्मानीय है। उनका सम्मान हमेशा कायम रहेगा। बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिये पंच तीर्थ विकसित किये गये है। उनके जीवन से जुड़े 5 प्रमुख स्थलों को तीर्थ-स्थल का दर्जा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनकल्याण पर्व और मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में की जा रही गतिविधियों की जानकारी देते हुए नागरिकों से उनका लाभ लेने का आहवान किया। उन्होंने बताया कि जनकल्याण अभियान के माध्यम से शासन की 76 योजनाओं और सेवाओं का लाभ आमजन तक घर-घर जाकर पहुंचाया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे इंदौर जिले के प्रभारी भी है। उनके नेतृत्व में इंदौर शहर हर क्षेत्र में नंबर वन होगा। सफाई में नंबर वन है, जल-संरक्षण में हम नंबर वन है। अब पर्यावरण में भी इंदौर को नंबर वन बनाने के प्रयास शुरू किये गये है। इंदौर में 51 लाख पौधे लगाये गये है। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया है कि आगामी 5 साल तक हर साल 51 लाख पौधें लगाये जायेंगे। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि शहर के तापमान को 5 डिग्री तक कम करें। उन्होंने कहा कि इंदौर को ट्रैफिक समस्या से भी निजात दिलाने के लिए प्लानिंग की जा रही है। इंदौर के ट्रैफिक में सुधार कर नंबर वन बनायेंगे। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि इंदौर जो भी करता है अद्भुत करता है। इंदौर में यह पहली बार हो रहा जब एक ही दिन में एक साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 1249 करोड़ रूपये के विकास की सौगात दी गई है। इंदौर, विकास का मॉडल बन गया है। यहां विकास एवं प्रगति की नयी बुनियाद रखी जा रही है। नदी जोड़ो परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अब सिचाई और पेयजल की सुविधा में आशातित वृद्धि होगी। इन परियेाजनाओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मूर्तरूप देकर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेई के संकल्पों को पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वागत भाषण देते हुए इंदौर शहर के विकास के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़, महेन्द्र हार्डिया, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया, गौरव रणदिवे, चिंटू वर्मा, नगर निगम के सभापति मुन्नालाल यादव सहित महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण व बडी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। इंदौर को मिली 1249 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर को 1249 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इंदौर शहर में 511.12 करोड़ रूपये लागत के एसटीपी निर्माण एवं सीवर लाइन डालने के कार्य का भूमि-पूजन किया। साथ ही इंदौर शहर में 442 करोड़ रूपये लागत से बनने वाली मास्टर प्लान की 22 नवीन सड़कों, 43 करोड़ रूपये लागत से बनने वाली एमआर-10 से एमआर-12 लिंक रोड़ विकास कार्य, लगभग 8 करोड़ रूपये लागत से बनने वाले कस्तूरबा गार्डन के पीछे स्पोटर्स कॉम्पलेक्स, प्रतीक सेतु के नीचे 1.20 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले शहीद स्मारक, वार्ड क्रमांक-34 में 1.15 करोड़ रूपये लागत के चौराहे के सौंदर्यीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने 21 करोड़ रूपये लागत के नवीन जल वितरण पाइप लाइन, 5.50 करोड़ रूपये लागत के स्मार्ट सिटी एबीडी एरिये में नवीन सीवर लाइन और 100 टन क्षमता के ग्रीन वेस्ट प्लांट सहित शहर के विकास से जुड़े अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम इंदौर के डॉक्युमेंट डिजिटाइजेशन का लोकार्पण कर विभिन्न शासकीय योजनाओं में चयनित हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये।  

लिट चौक के रूबरू कार्यक्रम में युवाओं ने जाने मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व के पहलू

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम इंदौर के गाँधी हाल में आयोजित लिट चौक कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने कला, साहित्य, विकास, फिल्म आदि के बारे में एंकर जयदीप कर्णिक द्वारा पूछे गये सवालों का सिलसिलेवार उत्तर दिया। इस दौरान उपस्थित युवा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की हाजिर जवाबी और विषयों में विशेषज्ञता के कायल हुए। मुख्यमंत्री ने अपनी शिक्षा, राजनीति और मालवा से भोपाल तक के सफर पर पूछे गये सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन को समझने के लिये विक्रमादित्य और राजा भोज के बारे में युवाओं को जानकारी होना चाहिये। हमारी विरासत और इनके काल के दौरान हुए विकास और धार्मिक स्थल किस तरह साइंस से जुड़े थे। यह आज की युवा पीढ़ी को बताने की जरूरत है। उज्जैन के काल भैरव मंदिर जहां शराब का प्रसाद चढ़ता है और उसकी गंध नहीं आती। निकट के गुगरेश्वर महादेव शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद जल का बाहर न आना, ग्रीनविच स्टैंण्डर्ड टाइम के काफी समय पहले से उज्जैन में की जाने वाली काल गणना इसका उदाहरण है। सरकार ने तय किया है कि इस तरह के स्थानों पर महाकाल लोक जैसे 13 लोक बनाये जाएंगे। कॉलेज के छात्र संघ चुनाव करवाने संबंधी प्रश्न पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चुनाव कराने में कोई दिक्कत नहीं है, पर आपको समझना होगा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के पहले छात्र संघ चुनाव ही युवाओं के लिये लोकतंत्र को समझने का जरिया हुआ करता था। संविधान के 74वें संशोधन के पश्चात जब से नगरीय निकाय और पंचायतों के चुनाव हो रहे हैं तब से देखने में आ रहा है कि 22-25 साल का युवा सरपंच, पार्षद आदि का चुनाव लड़ विकास में अपना योगदान दे रहा है। आज लोकतंत्र को समझने के लिये युवाओं के पास अधिक मौके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार की नीति स्वरोजगार, उद्योग स्थापना के लिये सहयोगी हैं। नई शिक्षा नीति के माध्यम से यह धारणा भी बदलने का प्रयास किया जा रहा है कि कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद नौकरी मिलना मुश्किल है। शिक्षा वही जो भविष्य को संवारे, इसलिये नई शिक्षा नीति में कौशल ज्ञान को संवारने के सभी प्रबंध किये गये हैं, क्योंकि स्वाभिमान के साथ जीवन जीना सबका हक है। उन्होंने कहा कि इंदौर रोल मॉडल है। मैं संपूर्ण प्रदेश को इंदौर की तरह बनाना चाहता हूं और इंदौर को मुंबई-दिल्ली से भी आगे ले जाना चाहता हूं। उन्होंने स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क होने की बात कह युवाओं से आग्रह किया कि जीवन काल में सबको समय दें, परिवार, व्यापार के साथ शरीर को स्वस्थ रखना सबसे महत्वपूर्ण है। नदी जोड़ने की योजना पर उन्होंने कहा कि इससे सभी नदियों को प्रवहयान बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसम्बर को केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ करेंगे।  

एक लाख सोलर पम्प देकर किसानों को ऊर्जा उत्पादन में बनाया जाएगा आत्म-निर्भर- मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश अपनी आवश्यकता की आधी बिजली वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा से करेगा प्राप्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक लाख सोलर पम्प देकर किसानों को ऊर्जा उत्पादन में बनाया जाएगा आत्म-निर्भर मुख्यमंत्री ने 3520 करोड़ की 880 मेगावॉट की आगर-नीमच सौर परियोजनाओं का किया लोकार्पण सुसनेर में 49.81 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री जनकल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूर्य ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्त्रोत है। सौर ऊर्जा सबसे अच्छी ऊर्जा है। आने वाले वर्ष-2030 तक मध्यप्रदेश अपनी आवश्यकता की बिजली का आधा हिस्सा सौर ऊर्जा से प्राप्त करेगा। सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास उद्योग, धन्धे, कृषि के लिए सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध करवाना है। आगर में बनने वाली सौर ऊर्जा रेल विभाग को दी जाएगी, जिससे 7 राज्यों में रेलगाड़ियाँ संचालित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को आगर-मालवा जिले के सुसनेर में 3520 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 880 मेगावॉट आगर और नीमच सौर परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें आगर-मालवा जिले की लगभग 2200 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 550 मेगावॉट सौर परियोजना एवं नीमच जिले की 1320 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 330 मेगावॉट सौर परियोजना शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर-मालवा जिले में 49.81 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये संकल्पित है। किसानों को समृद्ध बनाने सम्मान निधि और कृषि सिंचाई विद्युत बिल पर 53 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। किसानों को सिंचाई के लिये सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनाया जाएगा इसके लिये 1 लाख सोलर पम्प दिये जाएंगे, जिससे किसान अपनी आवश्यकता की बिजली स्वयं उत्पादित कर सकेंगे। प्रदेश के प्रत्येक किसान के खेत तक पानी पहुंचाने का काम सरकार कर रही है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 1 करोड़ हेक्टेयर तक ले जाया जाएगा, मध्यप्रदेश फसल उत्पादन के क्षेत्र में हरियाणा-पंजाब को पीछे छोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए खेती के साथ पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिये दूध खरीदी पर बोनस देंगे, इसके लिए सरकार काम कर रही है। देश में दूध उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत आपूर्ति मध्यप्रदेश द्वारा की जाती है। अगले 5 साल में नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड के माध्यम से 20 प्रतिशत आपूर्ति कर प्रदेश को देश में अग्रणी बनाना है। सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर-मालवा जिले में उत्पादित दूध की गुणवत्ता की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार युवा, महिला, गरीब, एवं किसान के विकास और कल्याण के लिए कृत संकल्पित है। सभी वर्गों के कल्याण के लिये अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई गई। महिलाओं को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से आत्म-निर्भर बनाया जा रहा है। प्रदेश में सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। जनकल्याण पर्व में प्रतिदिन विकास कार्यों की सौगात दी जा रही है। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान 26 जनवरी तक चलेगा, जिसमें अधिकारी घर-घर आकर शासन की योजनाओं का लाभ देंगे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित पात्र हितग्राही अपना आवेदन देकर लाभ लें। मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे, जन कल्याण अभियान में सभी को सहयोग करने का संकल्प भी दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 दिसम्बर को जयपुर में 20 वर्षों से लम्बित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना का भूमि-पूजन किया। इस परियोजना से चंबल एवं मालवांचल में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई की 100वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में नया इतिहास लिखा जाएगा। इस दिन प्रधानमंत्री मोदी केन-बेतवा लिंक परियोजना के रूप में प्रदेश को एक बड़ी सौगात देंगे। उन्होंने छतरपुर जिले में आयोजित इस भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिये सभी को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिये विभिन्न अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं। उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर में बढ़ोत्तरी का प्रयास भी किया जा रहा है। आने वाले समय में आगर-मालवा जिले में बड़े-बड़े उद्योग धन्धे स्थापित होंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी झालावाड़-आगर-उज्जैन रेल लाईन की सौगात दी गई है, माँ बगलामुखी धाम को रेल लाइन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आगर-मालवा जिले को लॉ कॉलेज की सौगात देकर उसका भूमि-पूजन भी किया गया। उन्होंने कहा कि आगर जिले के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उन्होंने आगर एवं नीमच जिलों के कलेक्टर्स को सौर ऊर्जा विकास के लिए ढाई-ढाई करोड़ रुपए की राशि के चैक प्रदान किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनकल्याण पर्व पर कृषि, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास आदि विभागों द्वारा शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम को विधायक मधु गेहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जिले में पिछले एक वर्ष में दी गई सौगातों के लिए आभार माना। कार्यक्रम में विधायक सुसनेर भैरूसिंह बापू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्ना बाई चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष निलेश जैन पटेल, पूर्व विधायक गोपाल परमार, राणा विक्रम सिंह श्रीमती रेखा रत्नाकर, लालजीराम मालवीय, बद्रीलाल सोनी फूलचंद वेदियां, चिंतामन राठौर, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने खजराना गणेश के दर्शन कर प्रदेश की समृद्धि, उन्नति और विकास की प्रार्थना की

सेवा के भाव से किये गये कार्य सदैव रहतें हैं याद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा के लिये धन से बड़ा मन जरूरी मुख्यमंत्री ने खजराना गणेश मंदिर परिसर में नवनिर्मित भक्त निवास, संत निवास, अन्न क्षेत्र विस्तार एवं उद्यान का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने खजराना गणेश के दर्शन कर प्रदेश की समृद्धि, उन्नति और विकास की प्रार्थना की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि  धन तो सबके पास होता है, लेकिन सेवा के लिये धन से बड़ा मन होना चाहिए। पूरे मन से सेवा के लिए किये गये कार्य सदैव याद रखें जाते हैं।  खजराना गणेश मंदिर में भक्त निवास, संत निवास, अन्न क्षेत्र विस्तार एवं उद्यान का निर्माण दर्शनार्थियों के लिए लाभकारी होगा। सेवा का यह विशिष्ट भाव समाज को एक नई दिशा देने का काम करता है, जो प्रशंसनीय है। मंदिर परिसर में किया गया यह निर्माण एक सौगात है। राज्य सरकार ऐसे सेवा कार्य करने वालों का सदैव अभिनंदन करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान खजराना गणेश के दर्शन कर प्रदेश के विकास और समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से पूजन करवाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में 20 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित भक्त निवास, संत निवास, अन्न क्षेत्र विस्तार एवं उद्यान का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन कार्यों के लिये दानदाता बालकृष्ण छावछरिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि इंदौर के   प्रख्यात खजराना गणेश मंदिर परिसर में देश-विदेश से आने वाले भक्तों की सेवा और सुविधा के लिए श्रीमती सूठीबाई दौलतराम छावछरिया पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा माता-पिता, पत्नी और पुत्र की स्मृति में प्रवचन हाल, संत निवास, भक्त निवास, अन्न क्षेत्र विस्तार एवं उद्यान बनवाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर दानदाता एवं ट्रस्ट के प्रमुख बालकृष्ण छावछरिया का शाल एवं पुष्प माला से सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ट्रस्ट पदाधिकारियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर ललवानी, महापौर पुष्पमित्र भार्गव, विधायकगण श्रीमती मालिनी गौड़, महेन्द्र हार्डिया, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला  तथा गोलू शुक्ला, गौरव राणदिवे, जन-प्रतिनिधि, ट्रस्ट के प्रमुख विनोद अग्रवाल, प्रमुख परामर्शदाता प्रेमचंद गोयल, ट्रस्टी डॉ. कुलभूषण मित्तल  सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री ओमनी स्कूल के वार्षिकोत्सव में हुए शामिल

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ओमनी स्कूल के वार्षिक उत्सव को संबोधित करते हुए कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण अवतारी पुरुष थे फिर भी उनका जीवन विविध कठिनाइयों से भरा रहा है। उन्होंने सांसारिक जीवन जीते हुए मानव कल्याण के लिए एक मार्ग प्रशस्त किया है। विद्यार्थी भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से शिक्षा ग्रहण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक कार्यों सहित गीता भवन के संचालन में सूरी परिवार के योगदान को सराहा। कार्यक्रम में सुमित सूरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया और स्मृति स्वरूप श्रीनाथजी की प्रतिमा का चित्र भेंट किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ और गोलू शुक्ला, गौरव रणदीवे, सावन सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विद्यालय के संचालकगण सुमित सूरी, हेमंत सूरी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं अभिभावक गण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने म.प्र. आईएएस एसोसिएशन के सिविल सर्विस मीट -2024 का किया शुभारंभ

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्था में बदलने में सक्षम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व में देश की विशिष्ट पहचान बनाने में आईएएस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सर्विस मीट का विचार मंथन नए दौर के नए मध्यप्रदेश के निर्माण में सहायक मुख्यमंत्री ने म.प्र. आईएएस एसोसिएशन के सिविल सर्विस मीट -2024 का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत जैसे विशाल और विविधताओं वाले देश की विश्व में विशिष्ट छवि बनाने में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज भारत की अलग पहचान बनी है और देश को आदर-सम्मान के साथ देखा जाता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा का स्वरूप अन्य सेवाओं से भिन्न है। कठोर परिश्रम के साथ-साथ ईश्वर प्रदत्त भाग्य से ही मनुष्य को भारतीय प्रशासनिक सेवा से जन सेवा का अवसर प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित सिविल सर्विस मीट-2024 का प्रशासन अकादमी में शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवास्त्रम् भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। दक्षता से लिए गए निर्णयों से ही अधिकारी इतिहास बनाते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पौराणिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि ईश्वर प्रदत्त यश का सदुपयोग जनहित में करना ही श्रेष्ठतम है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्था में बदलने में सक्षम हैं। व्यक्तिगत स्तर पर की गई ऐसी पहल, सुख और संतोष प्रदान करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार बेहतर अवसरों के साथ अपनी दक्षता और सूझ-बूझ से लिए गए निर्णय और उनके बेहतर क्रियान्वयन से ही अधिकारी इतिहास बनाते हैं। निर्णयों के क्रियान्वयन में आईएएस अधिकारियों की दक्षता प्रशंसनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यवस्था संचालन में विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के अलग-अलग दायित्व हैं। उनके निर्वहन की अपनी-अपनी विशेषज्ञता भी है। इन सभी संस्थाओं ने लोकतंत्र को बनाए रखने में अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि निर्णय लेना या एक विचार देना सरल है, लेकिन बड़े फलक पर उसका क्रियान्वयन चुनौती पूर्ण होता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की निर्णयों के क्रियान्वयन में दक्षता प्रशंसनीय है। सेवाकाल के बाद भी देश की उन्नति और जनकल्याण में दें योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिविल सर्विस मीट का विचार मंथन नए दौर के नए मध्यप्रदेश के निर्माण में सहायक होगा। प्रशासनिक अधिकारियों के लंबे अनुभवों को साझा करने के लिए किसी संस्था की संरचना करने पर विचार होना चाहिए। इससे अलग-अलग क्षेत्र के व्यक्तियों के साथ विचारों के आदान-प्रदान तथा सेवाकाल के बाद भी देश की उन्नति और जन कल्याण में अपना योगदान देने के लिए मंच उपलब्ध हो सकेगा। वैश्विक परिदृश्य में हो रही घटनाओं की दृष्टि से भारत का वर्तमान समय बहुत अनुकूल और सकारात्मक है। पड़ौसी देशों में हो रहे घटनाक्रम से इसका आंकलन किया जा सकता है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की व्यवस्थाएं विश्व में आदर्श प्रस्तुत कर रही हैं। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का योगदान महत्वपूर्ण है। सर्विस मीट, टीम भावना विकसित करने और नवाचारों को जानने व सीखने में सहायक एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से परिवार के मुखिया के रूप में सदैव मार्गदर्शन प्राप्त होता है। तीन दिवसीय सर्विस मीट से एसोसिएशन के सदस्यों में टीम भावना विकसित करने, नवाचारों को जानने और सीखने तथा बेहतर परिणाम देने के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर प्राप्त होता है। जी-20 इंडिया के शेरपा तथा नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ कांत रहे उपस्थित कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, जी-20 इंडिया के शेरपा तथा नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ कांत, प्रशासन अकादमी के महानिदेशक जे.एन. कंसोटिया, एसोसिएशन के पदाधिकारी अनुपम राजन, विवेक अग्रवाल सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उपस्थित थे।  

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू का हुआ छठवाँ दीक्षांत समारोह

महू राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए समरस, समावेशी राष्ट्र के संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने अपनी अद्भुत दूरदृष्टि से हमें संविधान के रूप में जाति, लिंग, भाषा, धर्म, धन और शक्ति बल आदि के भेदभावों से मुक्त समावेशी, समरस समाज की धरोहर सौंपी है। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को महू में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय के 6वें दीक्षांत समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के पूर्व कुलाधिपति डॉ. प्रकाश सी बरततूनिया, विधायक सुउषा ठाकुर उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारा संविधान प्रेरणादायक जीवंत दस्तावेज और स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्म ग्रंथ है, जिसका समर्पित भाव से पालन, हर भारतीय का परम कर्तव्य है। विद्यार्थियों का दायित्व है कि संविधान का अपने आचरण, व्यवहार में समर्थन और संरक्षण करें। समाज के तुलनात्मक रूप से वंचित, पिछड़े वर्गों, समुदायों के भाई बहनों के विकास की जवाबदारी, जिम्मेदारी के साथ स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब के सपनों के अनुरूप राष्ट्र निर्माण के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा शिक्षण संस्थानों को ऐसे नागरिकों को तैयार करने का अवसर दिया है। यह जरूरी है कि विश्वविद्यालय और शिक्षक, हमारी संस्कृति के अनुरूप देश और समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सामाजिक समृद्धि और समानता के प्रति समर्पित युवा ध्वज वाहक तैयार करें। राज्यपाल ने शिक्षकों से अनुरोध किया कि शिक्षण प्रणाली को वह विद्यार्थियों की उद्यमिता को बढ़ावा देने, नवाचार की प्रेरणा देने, चिंतन, नेतृत्व के गुणों के साथ सामाजिक सरोकारों में सहभागिता के संस्कार प्रदान करने वाली बनाएं। युवा ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, देश जब आजादी की 100वीं सालगिरह मनाएगा, देश का नेतृत्व युवा कर रहे होंगे, उस समय विकसित भारत का स्वरूप कैसा हो उसके लिए युवाओं को आज से ही कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि बाबा साहेब अंबेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा दीक्षा ग्रहण करने को गौरव की बात बताते हुए अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने जो सीखा, वो समाज को समर्पित किया। देश का संविधान इस बात का प्रमाण है जिसमें भारत की विविधता भरी संस्कृति, जनजाति नागरिक आदि को एक साथ जोड़ा गया है। बाबा साहेब ने चित्रों के संयोजन से संविधान को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री रहने के दौरान इस विश्वविद्यालय में कई संकाय शुरू किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जरूरत के मुताबिक और नए संकाय खोले जाएँगे। जनवरी माह में राज्यपाल की अध्यक्षता में कुलगुरूओं की बैठक में इस पर निर्णय लिए जाने का मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और स्पष्ट दिशा देने के साथ ही विश्वविद्यालय की आत्मनिर्भरता के लिए प्रयास किए जाएँगे। मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को उपाधि देने के सिलसिले को आरम्भ करने में राज्यपाल की पहल का अभिनंदन भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा दीक्षा के ज़रिए अपना भविष्य उज्जवल बनाने की शुभकामनाएं भी दीं। समारोह को सारस्वत अतिथि बरतूनिया ने भी संबोधित किया दीक्षांत समारोह में संस्थान के 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। अम्डेकर विश्वविद्यालय के द्वारा विगत 5 वर्षों में 100 से अधिक शोधार्थियों ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वहीं बीते सत्र में विश्वविद्यालय से 851 विद्यार्थियों ने डिग्री हासिल की है। इसमें से पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को मंच पर डिग्री प्रदान की गई। आरंभ में अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती, भगवान बुद्ध और बाबासाहेब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलगुरु रामलाल अत्राम ने दिया। आभार कुलसचिव ने माना।  

अजयगढ़ में खुलेंगे 100 सीटर कन्या और 50 सीटर बालक छात्रावास

भोपाल जनकल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना में आयोजित जल कलश यात्रा, संत सम्मेलन और लोक कल्याण शिविर में 98 करोड़ रूपये के 13 विकास कार्यों की सौगात देते हुए कहा कि 25 दिसम्बर से बुन्देलखण्ड क्षेत्र की प्रगति के नये द्वार खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड का हर व्यक्ति खुशहाल होगा। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का खजुराहो में शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना क्षेत्र के अजयगढ़ में 100 सीटर कन्या और 50 सीटर बालक छात्रावास बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम में बुन्देलखण्डी पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को भगवान जुगल किशोर की पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुन्देलखण्ड विकास की बदौलत अब नये दौर में पहुंच रहा है। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन से बुन्देलखण्ड की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। बहुप्रतीक्षित केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना से वृहद स्तर पर सिंचाई एवं पेयजल सुविधा मिलेगी। साथ ही बिजली उत्पादन, कई फसलों की पैदावार एवं पर्यटन क्षेत्र में विकास से नागरिकों का जीवन खुशहाल होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को पन्ना के शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के खेल मैदान में जल कलश यात्रा, संत सम्मलेन एवं जनकल्याण पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 20 वर्ष से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना से चंबल एवं मालवांचल में खुशहाली आएगी। 70 हजार करोड़ रूपए लागत की इस परियोजना का निर्माण भी अब निर्बाध रूप से होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब कल्याण के लिए कृत संकल्पित है। धार्मिक क्षेत्र में भी विकास की अपार संभावना है। इसके लिए सरकार प्रयासरत है। तीर्थ क्षेत्रों के विकास के साथ सर्वसमाज एवं सर्वहरा वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर में बढ़ोत्तरी का प्रयास भी किया जा रहा है। गत दिनों में संभाग स्तर पर सफलतापूर्वक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं। इंग्लैंड और जर्मनी की यात्रा के दौरान भी निवेशकों को आगामी फरवरी माह में भोपाल में प्रस्तावित इंवेस्टर समिट के लिए आमंत्रित किया गया है। खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना बुन्दलेखण्ड की जीवन रेखा साबित होगी। इससे क्षेत्र के लाखों लोगों को पेयजल सुविधा और किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन एवं सकारात्मक सोच के फलस्वरूप अन्य विकास योजनाएं भी क्रियान्वित होंगी। पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार का भागीरथी प्रयास सराहनीय है। विभागीय प्रदर्शनी रही आकर्षण का केन्द्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पन्ना प्रवास के दौरान कार्यक्रम स्थल पर जनकल्याण एवं विकास पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। जिला प्रशासन के निर्देशन में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। साथ ही आजीविका मिशन के स्टॉल में समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन कर व्यंजन भी चखे। हीरा कार्यालय द्वारा यहां हीरा प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस मौके पर गत दिवस प्राप्त 17 कैरेट के हीरे का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, विधायक प्रह्लाद लोधी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीना पाण्डेय सहित अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में आमजन भी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री यादव शुक्रवार को आगर-मालवा के सुसनेर में 880 मेगावॉट आगर और नीमच सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को आगर-मालवा के सुसनेर में 880 मेगावॉट आगर और नीमच सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगर-मालवा के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इंदौर में 1000 करेाड़ रूपये लागत के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में 1000 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। यह कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी कॉलेज इंदौर में होगा।  

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर 2024 को करेंगे केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केन बेतवा लिंक परियोजना के 25 दिसंबर 2024 को खजुराहो में प्रस्तावित भूमि-पूजन के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल खजुराहो मेला ग्राउण्ड का निरीक्षण भी किया। बैठक में भोजन की व्यवस्था, बस व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, हितग्राहियों की संख्या, आसपास के जिले के लोगों को शामिल करने की व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जल अभियान से आमजन जनता को जोड़ने के लिए संकल्प पत्र बांटे जाएं। उन्होंने एसपीजी की बैठक के उपरान्त समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा सांस्कृतिक कार्यक्रम जो म.प्र. के लोकल सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रदर्शित करें। बैठक में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने पीपीटी के माध्यम से कार्यक्रम के रूट चार्ट, कार्यक्रम स्थल एवं अन्य तैयारियों के ऊपर बिंदुवार प्रस्तुतीकरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खजुराहो के मेला ग्राउंड कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी इतिहास में विश्व की नई इबारत लिखने जा रहे। जो नई घटना होगी और बुंदेलखंड के पूरे इलाके को सूखामुक्त करने के लिए भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने जो सपना देखा था उसे पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी अटल जी की जयंती पर आ रहे है। इस परियोजना से साढ़े आठ लाख से अधिक हेक्टेयर जमीन को सिंचाई का लाभ मिलेगा और लाखों लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी।  

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 57वां प्रांतीय अधिवेशन का शुभारंभ CM डॉ. मोहन यादव ने किया

गुना अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 57वां प्रांतीय अधिवेशन गुना में गुरुवार से शुरू हुआ। तीन दिन चलने वाले इस अधिवेशन का शुभारंभ CM डॉ. मोहन यादव ने किया। इस मौके पर ABVP के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान भी मौजूद रहे। CM डॉ. यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि परिषद के अधिवेशन में आकर बोलना रोमांच पैदा करता है और आनंद देता है। इसका एहसास अलग प्रकार का होता है। हमारे अतीत के कालक्रम पर जो बात कही है, वह एक, एक बात एकदम सही है। दुनिया के कई देश अपनी शिक्षा को लेकर गौरवान्वित होते हैं कि हमारे पास सब है, लेकिन हम कहते हैं कि आपके कैंपस में विद्यार्थी परिषद नहीं है, तो सब फेल है। देश की आजादी के समय सत्ता के लालच में राष्ट्रवादी विचारधारा का दमन किया गया। इसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं किया जाएगा। विद्यार्थी परिषद सिखाता है कि सच्चा देशभक्त बनना। अपने अतीत के गौरव से जुड़कर भविष्य के लिए सोचना, इसी दृष्टि से हम आगे बढ़ेंगे। सर्वे भवन्तु की सोच के साथ जीवन गुजारे, केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान के साथ हम आगे बढ़ें, इसी सोच के साथ विद्यार्थी परिषद काम करती है। दुनिया में आज भारत का मान बढ़ रहा सीएम ने कहा- दुनिया में आज भारत का मान बढ़ रहा है। आने वाले समय में जल की उपलब्धता के आधार पर मध्यप्रदेश इस नई पीढ़ी के माध्यम से आगे बढ़ेगा। सरकार का प्रयास है कि एक एक इंच जमीन पर सिंचाई का रकबा बढ़ना चाहिए। नदी जोड़ने की कल्पना अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। मोदी जी के नेतृत्व में इस योजना का अमल शुरू हो गया है। हमारी युवा पीढ़ी केवल रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बननी चाहिए। इसी सोच के साथ हमारी सरकार काम कर रही है, इसलिए जगह-जगह इंडस्ट्रियल कॉनक्लेव किए हैं। आज की स्थिति में प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज हैं। अगले एक साल में 52 मेडिकल कॉलेज हमारे यहां होंगे। केवल एलोपैथी में ही नहीं, आयुर्वेदिक में भी पांच मेडिकल कॉलेज जल्द शुरू हो रहे हैं। गुना में एग्रीकल्चर की सीट होगी, ये घोषणा यहीं से करते हैं, जो भी रोजगार देने वाले कोर्स हैं, वो खोलने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह वीरों की धरती है – आशीष चौहान राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि यह बहुत सुंदर अवसर है। यह जगह चंबल और मालवा का द्वार कहा जाता है। यह टेकरी सरकार की धरती है। यह वीरों की धरती है। विद्यार्थी परिषद ने मांग उठाई कि देश का नाम भारत होना चाहिए। संविधान की चर्चा हिंदी में भी होना चाहिए। हम सभी को जोड़ने की कोई एक भाषा होनी चाहिए। अपने शैशव काल में ही विद्यार्थी परिषद ने इस पर चर्चा की। पहली विचार बैठक में ही शिक्षा परिवार का कॉन्सेप्ट लेकर आए। देश के सुदूर कोनों तक विद्यार्थी परिषद की पहुंच है। आज हम IIT, IIM, NIT सहित मेडिकल कॉलेजों के बीच में काम कर रहे हैं। हम कार्यकर्ता निर्माण का काम कर रहे हैं। अधिवेशन की स्वागत समिति के अध्यक्ष राजेश मोहन अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यहां उपस्थित इस छात्र शक्ति को ऐसा कोई मूल मंत्र दें कि गुना में आयोजित ये अधिवेशन राष्ट्र के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो। मुख्यमंत्री का शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हाल ही में तात्या टोपे यूनिवर्सिटी की सौगात गुना जिले को मिली है। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय से निवेदन किया कि हमारी भावी पीढ़ी को दूषित वातावरण से बचाते हुए विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने के लिए पुरजोर प्रयास करें। प्रांत मंत्री संदीप वैष्णव ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है। छात्र शक्ति, राष्ट्र शक्ति के विचार के साथ विद्यार्थी परिषद आगे बढ़ता है। पहली बार ABVP का प्रांत सम्मेलन गुना अपनी स्थापना के बाद से पहली बार ABVP का प्रांत सम्मेलन गुना में आयोजित किया गया है। इसको लेकर दो महीने से तैयारियां शुरू हो गई थीं। तीन दिन तक यह सम्मेलन चलेगा। अधिवेशन स्थल से 20 दिसंबर को दोपहर बाद एक भव्य शोभा यात्रा शहर के विभिन मार्गों से होते हुए शास्त्री पार्क तक जाएगी। यह शोभा यात्रा लगभग 3 किमी लंबी रहेगी, जिसका स्वागत विभिन्न स्थानों पर शहर के नागरिकों द्वारा किया जाएगा। इसके समापन पर एक खुला अधिवेशन भी होगा। इस संपूर्ण व्यवस्था को संभाल करने के लिए अभाविप गुना विभाग के कार्यकर्ता लगे हुए हैं। इस अधिवेशन की व्यवस्था को 15 गट में विभाजित किया है, 15 गटों में 59 विभाग बनाए गए है। इन संपूर्ण व्यवस्था में 200 से अधिक वर्तमान कार्यकर्ता लगे हुए थे। इसके बाद डेलीगेट सत्र शुरू होंगे। इसमें कई प्रस्ताव पेश किए जाएंगे 20 दिसंबर की सुबह भी प्रस्ताव पेश होंगे और उन पर चर्चा होगी। 20 दिसंबर को दोपहर 3 बजे से जुलूस निकाला जाएगा। स्टेडियम से शुरू होकर जुलूस शास्त्री पार्क पहुंचेगा। यहां एक मंचीय कार्यक्रम होगा। इसके बाद जुलूस वापस स्टेडियम पहुंचेगा, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 21 दिसंबर को सुबह के सत्र में पेश किए गए प्रस्तावों पर चर्चा होगी और उन्हें पारित किया जाएगा। शाम के सत्र में संगठनात्मक घोषणाएं होंगी। इसमें कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय के अवसर पर भोजन वितरण वाहन को झंडी दिखाकर किया रवाना

बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता का आधार है आहार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव अक्षय पात्र फाउंडेशन स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन से परोस रही है नवजीवन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय के अवसर पर भोजन वितरण वाहन को झंडी दिखाकर किया रवाना मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का स्त्रोत आहार ही है। आहार की शुद्धता इसकी महत्ता को कई गुना बढ़ा देती है। आहार की शुद्धता का महत्व बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद् गीता में कहा है कि शुद्ध आहार से ही विचार की शुद्धता संभव है। अक्षय पात्र फाउंडेशन इस दृष्टि से स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन के माध्यम से नवजीवन परोस रही है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शिक्षा के लिए भरपूर भोजन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक मध्यान्ह भोजन प्रदाय अवसर पर रोहित नगर स्थित परिसर में अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री भोजन बनाने और वितरित करने की प्रक्रिया में हुए सहभागी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर भोजन वितरण वाहनों को रवाना किया तथा 10 स्कूली बच्चों को प्रतीक स्वरूप मध्यान्ह भोजन वितरित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीकृत किचन में पहुंचकर भोजन बनाने की स्वचालित प्रक्रिया का अवलोकन किया। वे दाल-रोटी बनाने की प्रक्रिया में सहभागी भी हुए। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र की शासकीय शालाओं को इस बेस किचन से ही मध्यान्ह मध्यान भोजन सप्लाई होता है। कार्यक्रम में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित थीं। इस अवसर पर अक्षय पात्र फाउंडेशन की गतिविधियों पर लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। भोपाल के 645 स्कूलों को उपलब्ध कराया जा रहा है शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा 76 कर्मचारियों की टीम और 38 वाहनों के माध्यम से भोपाल के 645 स्कूलों को शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील उपलब्ध कराया जा रहा है। एक साथ 40 हजार रोटियां तैयार करना, दाल और सब्जी बनाने में भी मशीनीकृत प्रक्रियाएं अपनाना अभिभूत करने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतवृंद के माध्यम से भोजन बनाने की इस प्रक्रिया से पवित्र भाव का संचार भी होता है। अक्षय पात्र फाउंडेशन का यह संकल्प आने वाले समय में बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता वाले समाज के निर्माण में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचइजी लिमिटेड के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि झुनझुनवाला, अक्षय पात्र फाउंडेशन के संस्थापक और चेयरमेन पद्ममधु पंडित दासा और भोपाल कलस्टर के अध्यक्ष आचार्य रतन दासा सहित फाउंडेशन के सभी सहयोगियों और कर्मचारियों का इस पुनीत सेवा के लिए अभिवादन किया। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री ने किया संबोधित पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शालाओं में विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वादिष्ट आहार उपलब्ध करा रहा है। फाउंडेशन द्वारा बच्चों की रूचि अनुसार भोजन से बच्चों को शालाओं से जोड़े रखने में भी मदद मिल रही है।  

हिन्दुत्व के विकास मॉडल पर अग्रसर मोहन सरकार

-अनुज प्रताप सिंह भाजपा संगठन के कुशल सिपाही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल का पहला वर्ष पूर्ण हो गया है। मोहन के मन में मोदी ही मोदी  की लाइन पर चलते मोहन यादव मध्य प्रदेश के लिए पारस बनकर उभरे हैं। हिन्दुत्व एवं सनातन के नए चेहरे के रुप में मोहन सरकार स्थायित्व की ओर बढ़ रही है। तमाम अशंकाओं को नकारते हुए डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा आलाकमान की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं। मोदी के मन में मध्यप्रदेश और मोहन के मन में मोदी की परिकल्पना डबल इंजन की मोहन सरकार के चेहरे पर साफ झलकती है। शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि तमाम दिग्गजों के मोहन कैबिनेट में होने से मुख्यमंत्री मोहन यादव को परेशानी होगी परंतु मुख्यमंत्री ने सभी के साथ बेहतर तालमेल बिठाते हुए, सरकार का सफल संचालन कर दिखाया। केंद्रीय भाजपा संगठन से लेकर प्रदेश संगठन के साथ भी उनका बेहतर समन्वय रहा, जो उनकी असली ताकत बना। मुख्यमंत्री तमाम आयोजनों में प्रदेश भाजपा कार्यालय जाते रहते हैं। प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा एवं संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा तथा विधानसभ अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के साथ उनका बेहतर समन्वय रहा है। तमाम सरकारी ताम-झाम से दूर मुख्यमंत्री मोहन यादव सहज और सरलता से एक आम आदमी की तरह चलना पसंद करते हैं। उनकी साधारण मानवी की शैली ने सभी का ध्यान आर्कर्षित किया। जमीन से जुड़ कर राजनीति करने वाले डॉ. मोहन यादव ने सरकार चलाकर यह साबित कर दिया की यदि आपके इरादे सच्चे और मजबूत हैं तो आप बड़ी से बड़ी बाधा को पार कर सकते हैं। सरकार के कार्यकाल के शुरुआत में उनकी शैली से कभी-कभी ऐसा भी लगा की मुख्यमंत्री अकेले ही सरकार की गाड़ी खींच रहे हैं, परंतु समय के साथ मुख्यमंत्री के रुप में वे परिपक्व होते चले गए और आज उनकी स्वीकार्यता सभी के सामने है।     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक वर्ष के कार्यकाल की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि उन्होंने अपने हर भाषणा में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र अवश्य किया है। आने वाले समय में यह भी एक रिकार्ड बनेगा कि मुख्यमंत्री के रुप में सबसे अधिक बार अपने भाषणों में प्रधानमंत्री का जिक्र करने वाले मुख्यमंत्रियों में उनका नाम पहले नंबर पर होगा। मुख्यमंत्री की यह खूबी रही है कि वे प्रधानमंत्री की उपलब्धियों को गिनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। वे हमेशा डबल इंजन की भांति ही सरकार चला रहे हैं, यह संदेश अवश्य देते हैं। एैसा कोई कार्यक्रम नहीं होगा जब मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम का उल्लेख ना किया हो और उनका अभिनंदन जनता से तालियां बजबाकर ना किया हो। उनका यह भाव बताता है कि वे अपने उच्च नेत्तृव के पद चिन्हो पर चल रहे हैं । उनकी सौम्यता और सहजता और अति साधारण शैली उन्हे अन्य नेताओ से अलग बनाती है।     13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही डॉ. मोहन यादव ने पहला आदेश जारी कर मस्जिद एवं अन्य धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर अंकुश लगा दिया था, इसके तहत अगर निर्धारित डेसिबल से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाया गया तो इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस कदम को चौतरफा सराहा गया और देशभर में इसकी चर्चा हुई। इसके साथ ही उन्होंने खुल में मास-मच्छी की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया। कार्यकाल की शुरुआती अंदाज में मुख्यमंत्री ने जनता का मन मौह लिया। मुख्यमंत्री यादव अपनी कार्यशैली को लेकर लगातर चर्चा में रहे, उन्होंने ने कैबिनेट की बैठक को लेकर भी नवाचार किया और नव वर्ष 2024 की पहली बैठक जबलपुर में रखी गई थी। इसके बाद प्रदेश के बजट में भी उनकी सरकार ने परिपक्वता दिखाई, 3 लाख 65 हजार करोड़ का बजट पेश किया गया जो की अब तक का सबसे अधिक है। जन्माष्टमी, गोवर्धन पूजा को संस्कृति से जोड़कर सरकारी स्तर पर मनाने, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और गाय पालने वालों और गोशला में गाय चारे की राशि में बढ़ोतरी कर मुख्यमंत्री मोहन यादव हिन्दुत्व की लाइन पर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मझे हुए खिलाड़ी के नाते ना केवल विधानसभा के अंदर अपने दल एवं सरकार का नेत्तृव किया बल्कि सभी मुद्दों पर धारा प्रवाह बोलते हुए सबके सामने रखा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मामले में यह कहा जाता था तथा ऐसा लगता भी था कि उनसे अच्छी सरकार कोई चला नहीं सकता, अब आगे क्या होगा। भाजपा के अंदर भी यह प्रश्न उठता था कि तमाम दिगगजों से सजी नई सरकार का नेत्तृव मोहन यादव कैसे करेंगे? शिवराज सिंह चौहान जैसी भाषण शैली का अभाव भी सामने था परंतु तमाम बातों को धीरे-धीरे मुख्यमंत्री ने समाधान कर दिया और एक साल सरकार का पूरा कर अपनी स्वीकार्यता को सिद्ध कर दिया। चाहे बात प्रशासनिक दक्षता की हो या राजनैतिक हो सभी मोर्चों पर मुख्यमंत्री ने अपनी पकड़ साबित कर दी है। मुख्यमंत्री प्रतिदिन सक्रिय रहते हैं, प्रदेश भर में वे निरंतर दौरे करते हैं, प्रतिदिन वे कार्यक्रमों और शासकीय बैठकों में शामिल होकर जनकल्याण के कार्यों को अंजाम देते नजर आते हैं। अपने पिता के देहांत के बाद भी उन्होंने राजधर्म को प्राथमिकता दी थी।     भाषण शैली के मामले में भी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री की कमी खलने नहीं दी है, हर विषय पर उनकी पकड़ उनकी भाषणों में दिखाई पड़ती है। भोपाल के नूतन कॉलेज में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का वह भाषण जिसमें उन्होंने इतिहास पर धारा प्रवाह बोलते हुए सबको हैरत में डाल दिया था, वहां जिन लोगों को लगता था कि मोहन यादव में शिवराज जैसी बात नहीं वो भी कहने लगे वाह! मान गए मोहन जी को, भाजपा के तमाम मंत्री एवं विधायक इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का भाषण सुन एक-दूसरे का मुंह देखते नजर आए थे।  इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने धर्म के आधार पर हुआ देश के विभाजन को भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय बताया था।     लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री यादव ने अपनी राजनैतिक कौशल का परिचय भाजपा नेत्तृव को दिखाया और सिद्ध किया की वे उनके निर्णय पर फिट बैठते … Read more

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन

लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवाकाल में सर्वाधिक सम्मान मिला जबलपुर में : जस्टिस कैत मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस सुरेश कुमार कैत का हुआ अभिनंदन जबलपुर महाधिवक्‍ता कार्यालय ने किया अभिनंदन समारोह आयोजित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय पालिका ने अपने फैसलों से दुनिया में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को मील का पत्थर निरूपित करते हुये कहा कि कार्यरत प्रधानमंत्री के विरूद्ध फैसला करने का जज्बा केवल भारतीय न्याय पालिका में ही है। उन्होंने न्याय करने में मेरिट के साथ मोरेलिटी को भी ध्यान में रखने की बात कही। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में महाधिवक्‍ता द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में यह बात कही। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने कहा कि उन्हें अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में जितना सम्मान नहीं मिला, उससे अधिक सम्मान मात्र तीन महिने की अल्पावधि में ही जबलपुर में मिला है। अधिवक्ता अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस कैत के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं का अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित विभिन्न न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि न्‍यायपालिका भारतीय लोकतंत्र की प्रहरी है। देश की न्‍याय व्‍यवस्‍था विश्‍व में भारत को अलग पहचान देती है और गौरव भी बढ़ाती है। न्‍यापालिका ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिये हैं जो आज भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। यही हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्‍याय पालिका यह तीनों लोकतंत्र के अहम हिस्‍से हैं। कानून निर्माण का काम कार्यपालिका करती है तो उसकी व्‍याख्‍या करने का काम न्‍यायपालिका द्वारा किया जाता है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ कई बदलाव आते हैं, बदलते हुए युग में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना ही हमारी न्‍याय पालिका की विशिष्ट पहचान है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की न्‍याय व्‍यवस्था ने ऐसे कई फैसले लिये हैं जिनमें योग्‍यता के साथ-साथ नैतिकता और जीवन मूल्‍यों को भी तरजीह दी गई है। महाभारत काल में पांडवों और कौरवों में यही अंतर था कि पांडव जीवन मूल्‍य एवं नैतिकता समाहित किये हुए थे। ठीक उसी तरह कर्ण की योग्‍यता किसी से कम नहीं थी किन्‍तु उनमें नैतिकता के स्थान पर प्रतिशोध की भावना प्रबल होने के साथ जीवन मूल्‍यों का अभाव था। मुख्‍य न्‍यायाधिपति जस्टिश कैत ने कहा कि जबलपुर में ज्वाइनिंग के पहले दिल्‍ली हाईकोर्ट, तेलंगाना और अन्‍य हाईकोर्ट में अपनी सेवाएं दी है। सम्पूर्ण सेवाकाल की अवधि में जितना सम्‍मान प्राप्‍त हुआ उससे भी अधिक सम्‍मान मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश के रूप में मिला है। यहां पर वरिष्‍ठ एवं सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीशों से न्‍यायिक व्‍यवस्‍था को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मिले हैं। हम पूरी तरह आशान्वित हैं कि बेहतर न्याय व्यवस्था के लिये हमें प्रदेश सरकार का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का किया अभिनंदन अभिनंदन समारोह में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव, मुख्‍य न्‍यायाधीश मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय कैत एवं अन्‍य अधिवक्‍ताओं द्वारा सतीशचंद्र दत्‍त, राजेन्‍द्र प्रसाद जायसवाल, रवीशचंद्र अग्रवाल, वी रमेशराव, रविनंदन सिंह, गणेश नारायण पुरोहित, त्रिलोचन सिंह रूपराह, इम्तियाज हुसैन, श्रीर वी.एस. श्रोत्रीय एवं मोहनलाल जायसवाल को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्‍मानित किया। लोक नर्तक दल को मिलेंगे एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनंदन समारोह में प्रदेश के प्रसिद्ध अहीर नृत्य की प्रस्तुति देने वाले शैलेंद्र पांडेय के दल की सराहना की। उन्होंने नर्तक दल को पुरस्‍कार स्‍वरूप एक लाख इक्यावन हज़ार रुपये देने की घोषणा भी की। समारोह में न्‍यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड. राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड संजय अग्रवाल, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एड धन्य कुमार जैन, जिला अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एड मनीष मिश्रा एवं सीनियर एडवोकेट काउंसिल के महासचिव एड आदित्य धर्माधिकारी समारोह में मंचासीन थे। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने स्वागत उदबोधन दिया। समारोह का संचालन उप महाधिवक्‍ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने किया। आभार प्रदर्शन उप महाधिवक्‍ता विवेक शर्मा ने किया। समारोह में मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीशगण, अधिवक्‍तागण एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित मिड-डे मिल के कार्यक्रम में शामिल हों

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 दिसम्बर को अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित मिड-डे मिल के कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में फाउंडेशन द्वारा एक करोड़ वीं थाली में भोजन परोसने का कीर्तिमान बनेगा। कार्यक्रम का आयोजन बावड़ियां कलां भोपाल में सुबह 9 बजे होगा। अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा बच्चों को मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत भोजन परोसा जाता है। बावड़ियां कलां के किचन में प्रतिदिन 50 हजार छात्रों के लिये भोजन तैयार होता है। भोपाल के 645 स्कूलों में 38 गाड़ियों के द्वारा पहुँचाया जाता है। यहां पर आधुनिक मशीनों से भोजन तैयार किया जाता है। कुछ ही घंटों में एक लाख 20 हजार रोटियां और 30 हजार पूड़ियों के साथ अन्य खाद्य सामग्री भी तैयार होती है  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर में किसान सम्मेलन सह जनकल्याण पर्व में होंगे शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 19 दिसंबर 2024 को छतरपुर जिले के सटई स्टेडियम प्रांगण में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि 11 से 26 दिसम्बर तक जन-कल्याण पर्व मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 1 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे पन्ना के पॉलिटेक्निक ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। पन्ना में जल-कलश यात्रा, संत सम्मेलन और लोक कल्याण शिविर होंगे।  

अनुपूरक बजट में केन-बेतवा परियोजना को 900 करोड़ रुपए, लाड़ली बहना योजना के लिए 465 करोड़

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में डॉ मोहन यादव सरकार ने वर्ष 2024-25 के लिए अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है। यह 22,460 करोड़ रुपये का है। उप मुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में वर्ष 2024-25 में विभागों को आवश्यक अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इस अनुपूरक बजट में केन-बेतवा परियोजना के लिए 900 करोड़ रुपए, लाड़ली बहना योजना के लिए 465 करोड़ और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है।   अनुपूरक बजट क्या होता है? सरकार कभी-कभी साल के बीच में एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने के लिए अनुपूरक बजट लाती है। यह बजट पहले से तय बजट से अलग होता है। इसमें उन खर्चों का हिसाब-किताब होता है जो पहले बजट में नहीं थे या फिर कोई नई ज़रूरत पड़ने पर इसे लाया जाता है। मान लीजिए किसी मंत्रालय को अपनी योजना के लिए और पैसा चाहिए, तब सरकार अनुपूरक बजट के जरिए यह पैसा देती है।   आसान भाषा में ऐसे समझें मान लीजिए किसी आपदा के लिए राहत कार्य चलाने के लिए ज़्यादा पैसे की ज़रूरत है। या फिर किसी योजना को बीच में ही और धनराशि देनी पड़ रही है। ऐसी स्थिति में सरकार अनुपूरक बजट पेश करती है। इसमें यह बताया जाता है कि कहां और कितना पैसा खर्च किया जाएगा। सोचिए जैसे घर का बजट होता है, वैसे ही सरकार का भी बजट होता है। और कभी-कभी घर के बजट में भी एक्स्ट्रा खर्चा आ जाता है। ठीक उसी तरह सरकार के बजट में भी अतिरिक्त खर्चों के लिए अनुपूरक बजट की व्यवस्था है। इससे सरकार अपने कामकाज को सुचारू रूप से चला सकती है।   केन बेतवा के लिए 900 करोड़ इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए धन आवंटित किया गया है। सरकार की महात्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के 900 करोड़ रुपये का प्रावधान है। गौरतलब है कि इसका भूमिपूजन करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश आएंगे। वहीं, पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए 600 रुपए का प्रतीकात्मक प्रावधान रखा गया है।   लाडली बहना को 456 करोड़ रुपए लाडली बहना योजना के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को 456 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन दिया गया है। इस अनुपूरक बजट से ऊर्जा विभाग को 8,763 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस राशि में 280 करोड़ रुपये टैरिफ अनुदान और अटल कृषि ज्योति योजना के लिए प्रावधान हैं। वहीं, जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल से जल पहुंचाने के कार्यक्रम को गति देने और ग्रामीण समूह जल प्रदाय के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 3,515 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।   चार्ट से समझें पूरा बजट:   इन विभागों के लिए भी आवंटित हुई राशि नवीन प्रधानमंत्री आवास शहरी के लिए 1,600 रुपये, संबल योजना के लिए 200 करोड़, लाड़ली लक्ष्मी योजना में छात्रवृत्ति और आर्थिक सहयोग के लिए 85 करोड़, निकायों का ऋण और ब्याज चुकाने 204 करोड़, दीनदयाल रसोई के लिए 10 करोड़, बड़े पुलों के निर्माण के लिए 400 करोड़, ग्रामीण सड़क और जिला मार्गों के लिए 400 करोड़ दिए जाएंगे।   यहां देखें पूरी लिस्ट- विभाग/योजना आवंटित राशि (करोड़ में) केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना 900 पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना 600 लाडली बहना योजना (महिला एवं बाल विकास) 456 ऊर्जा विभाग 8,763 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग 3,515 प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 1,600 संबल योजना 200 लाडली लक्ष्मी योजना (छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता) 85 निकायों का ऋण और ब्याज चुकाने 204 दीनदयाल रसोई योजना 10 बड़े पुलों का निर्माण 400 ग्रामीण सड़क और जिला मार्ग 400 मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना 50 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन 400 सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को ब्याजरहित ऋण 50 स्वास्थ्य सेवाएं 290 सिंचाई परियोजनाएं 1,515 नर्मदा घाटी विकास 2,090 सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्य 1,050 ग्रामीण विकास 1,161 उच्च शिक्षा विभाग 144 SC/ST और OBC छात्रवृत्ति (11वीं-12वीं और कॉलेज) 360 जनजातीय कार्य विभाग (छात्रवृत्ति) 130 OBC और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग (छात्रवृत्ति) 180 SC/ST विद्यार्थियों को आवास सहायता 130 विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन पर निर्माण कार्य 50 मुख्यमंत्री निवास परिसर में एनेक्सी निर्माण 47 भोपाल में सरकारी भवनों के रख-रखाव 55 सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के रख-रखाव 3 पर्यटन अधोसंरचना विकास 131 कुल 22,460

22 फरवरी को PM MITRA पार्क की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री मोदी, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देना है लक्ष्य

भोपाल फरवरी में भोपाल में होने वाली मोहन यादव सरकार की पहली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट की तैयारी जारी है, दूसरी ओर पीएम मित्रा पार्क को लेकर भी हलचल बढ़ गई है। उद्योग विभाग ने पीएम के हाथों भूमिपूजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट के विकास को लेकर मास्टर प्लानर की भूमिका एमपीआईडीसी (मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को मिलना तय है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास इसका प्रस्ताव पहुंच गया है। इसी के साथ विभाग ने इस प्रोजेक्ट के इंटरनल डेवलपमेंट के लिए भी तैयारी कर ली है। यहां 400 करोड़ से ज्यादा की लागत में इंटरनल डेवलपमेंट होगा। सूत्रों की मानें तो दिसंबर अंत या जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। भूमिपूजन के दिन ही 50 से 60 प्रतिशत इंडस्ट्री को जमीन का आवंटन भी कर दिया जाएगा, ताकि वे भी समय से अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकें। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर का कहना है कि पीएम मित्रा पार्क का बाहरी डेवलपमेंट जारी है। केंद्र की हरी झंडी मिलते ही इंटरनल डेवलपमेंट भी शुरू हो जाएगा। यहां जितनी भी बाधाएं थीं, वे पहले ही खत्म कर ली गई हैं। दरअसल, पीएम मित्रा पार्क में बाहरी विकास राज्य सरकार के जिम्मे है। इसमें एप्रोच रोड से लेकर पानी और बिजली की उपलब्धता राज्य सरकार को सुनिश्चित करना है। प्रोजेक्ट में कच्चे माल की प्रोसेसिंग से कपड़ा बनने तक की इंडस्ट्रियां होंगी।     1563 एकड़ का यह प्रोजेक्ट भैंसोला में विकसित हो रहा     500 करोड़ रुपए की फंडिंग दो चरणों में केंद्र सरकार करेगा     100 करोड़ से अधिक के निवेश वाली इकाइयों को टर्न ओवर का तीन प्रतिशत 3 वर्षों तक दिया जाएगा इंदौर के बाद दूसरा आईटी पार्क उज्जैन में बनेगा, 21 को सीएम करेंगे भूमिपूजन इंदौर में तीन तैयार हो चुके और दो निर्माणाधीन आईटी पार्क के बाद अब उज्जैन में नया आईटी पार्क बनने जा रहा है। यहां बिल्डिंग में एक लाख वर्ग फीट का स्पेस मिलेगा। 46 करोड़ की लागत से यह काम होगा। 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका भूमिपूजन करेंगे। दरअसल, उज्जैन में हुई रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में इसकी डिमांड सामने आई थी। 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित : देश के 7 सात राज्यों में बनने वाले पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्ट के तहत इंदौर संभाग के धार जिले के भैंसोला में बन रहा है। अभी यहां बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे हैं। एमपीआईडीसी को यहां की 881.25 हेक्टेयर क्षेत्र की प्लानिंग करना होगी। इसका डेवलपमेंट भी करवाना होगा। यहां 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। अब तक 9 हजार 462 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर बात हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट से 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।  

मुख्यमंत्री इंदौर में हुए एनआरआई समिट से वर्चुअली जुड़े

इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में पहुंचाने का प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं को दी है मंजूरी, मध्यप्रदेश दोनों में शामिल मुख्यमंत्री इंदौर में हुए एनआरआई समिट से वर्चुअली जुड़े भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापार, वाणिज्य, उद्योग क्षेत्र के साथ ही अन्य क्षेत्रों में इंदौर की महत्वपूर्ण भूमिका है। सूचना प्रौद्योगिकी से लेकर निवेश के विभिन्न क्षेत्रों में इंदौर में आने वाले कल की आहट सुनकर विकास पथ पर कदम बढ़ाए हैं। इसलिए इंदौर मध्यप्रदेश का सिरमौर है। इंदौर एक ग्लोबल सिटी है। चाहे यहां खान-पान की बात हो, कला जगत की बात हो, परम्पराओं को सहेजने की बात हो या फिर स्वच्छता में सबसे आगे रहने की। इंदौर एक मॉडल है। इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और समिट के इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में पहुंचाया गया है। प्रदेश के विभिन्न संभागों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर मध्यप्रदेश के तीव्र विकास को गति देने की पहल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअली जुड़कर इंदौर में एनआरआई फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस समिट में 29 देशों के 128 प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया रिकार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नदी जोड़ो परियोजनाओं का पहला प्रयोग कर एक रिकार्ड बनाया है। मध्यप्रदेश दोनों परियोजनाओं में शामिल है। केन-बेतवा परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से मध्यप्रदेश के बड़े इलाके में पेयजल और सिंचाई के लिए बेहतर व्यवस्थाएं होंगी। समृद्धि के नए मार्ग खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जयपुर में पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना संबंधित त्रिपक्षीय अनुबंध हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परियोजना के लिए 70 हजार करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह केन-बेतवा परियोजना पर लगभग एक लाख करोड़ रुपए व्यय होंगे, जिसकी स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई। एशिया से लुप्त हो चुके चीतों की प्रजाति का संरक्षण करते हुए उन्हें मध्यप्रदेश में बसाया गया। अब तो भोपाल देश की एकमात्र ऐसी राजधानी है जिसमें शहर से चंद दूरी पर टाइगर घूमते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत का 700 टन से अधिक सोना जो ब्रिटेन में था उसमें से 500 टन से अधिक वापस स्वदेश आ चुका है। प्रधानमंत्री मोदी गुटनिरपेक्षता की नीति का पालन करते हुए वैश्वविक स्तर पर भारत की साख बढ़ाने में सफल हुए हैं। उन्होंने भारत को एक बड़ी अर्थ व्यवस्था बनाने का कार्य किया है। भारत की ग्रोथ अनेक क्षेत्रों में सर्वाधिक है। इंदौर की पहचान भारत ही नहीं विश्व तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर की अलग पहचान है। हाल ही में यूके और जर्मनी के दौरे में उन्हें अनेक अप्रवासी भारतीय मिले जिन्होंने इंदौर के छप्पन्न दुकान इलाके से लेकर अन्य विशेषताओं की चर्चा की। देश और विदेश की श्रेष्ठ बातों को इंदौर अंगीकार करता है। भविष्य की दृष्टि से इंदौर में अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआरआई समिट के प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। एनआरआई फोरम के प्रतिनिधियों से चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआरआई फोरम के पदाधिकारियों से चर्चा की और फोरम की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जापान के रोहन अग्रवाल,न्यूजीलैंड की सुस्नेहा लड्ढा, यूएस की सुचांदनी के अलावा सिंगापुर और अन्य देशों के एनआरआई से भी संवाद किया। एनआरआई फोरम की ओर से इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि फोरम से 45 देशों के करीब 1800 से प्रतिनिधि जुड़े हैं। इस तरह की समिट का यह तीसरा वर्ष है। फोरम द्वारा इंदौर में एक बड़ी लाइब्रेरी प्रारंभ करने का विचार है। एनआरआई के सहयोग से इंदौर के यातायात में आवश्यक सुधार का प्रस्ताव भी मिला है। अन्य क्षेत्रों में भी एनआरआई बंधु सहयोग के लिए तत्पर हैं। अनेक जनप्रतिनिधि समिट में हुए शामिल इंदौर में हुई एनआरआई समिट में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मधु वर्मा एवं अन्य अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए।  

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ

मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य : राज्यपाल पटेल मध्यप्रदेश के वन, वनोपज और वन्य-प्राणी प्रदेश की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ लाल परेड ग्राउंड में 23 दिसंबर तक होगा मेले का आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। यहां पर औषधीय जड़ी-बूटियों का समृद्ध भंडार है। कोविड महामारी ने विश्व को आयुर्वेद के महत्व से पुन: परिचित कराया है। उन्होंने महामारी के दौरान मरीजों के ईलाज के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण कार्य के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वन मेले का आयोजन, वन संसाधनों की महत्ता, उनके संरक्षण और संवर्धन की जागरूकता प्रसार की दिशा में सुखद संकेत है। राज्यपाल पटेल 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हितग्राहियों को लघु वनोपज संघ अंतर्गत प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का वितरण किया। वन एवं राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ द्वारा 10वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का लाल परेड ग्राउंड भोपाल में 17 से 23 दिसंबर तक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का अपना महत्व है, लेकिन वनों से प्राप्त औषधियों की विशेष उपयोगिता है। कोरोना के कठिन समय में आयुर्वेद ने लोगों के जीवन बचाने में मदद की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया है। अब चिकित्सा जगत में फिर से आयुष का महत्व बढ़ा है। वन मेले जैसे आयोजन इस नाते बहुत महत्व रखते हैं। वास्तव में यह अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अनोखा है। इस मेले की शुरूआत 2001 से हुई और धीरे-धीरे यह प्रदेश से आगे बढ़कर देश तक और फिर वैश्विक हो गया। मेले ने अपनी अलग पहचान बनाई है। आम तौर पर वन और वन-सम्पदा से मेलों का इतना विस्तार होना हम सब के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश की वन सम्पदा विशिष्ट है। हम तो सौभाग्यशाली हैं कि हमारे यहां वन सम्पदा, वनों का आंतरिक वातावरण भी विशेष है और प्रदेश के वनों की अलग पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य प्राणी हमारे जंगल के आभूषण होते हैं, जिनके कारण जंगल की शोभा होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश चीतों को पुनर्स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है। वन्य जीव परम्परा में सभी प्रकार के टाइगर, तेंदुआ, चीता का महत्व है। टाइगर में हम देश में नम्बर वन पर है। वास्तव में पुनर्स्थापना में मध्यप्रदेश की भूमि का चयन होना हमारे लिये गर्व की बात है। जो चीते सम्पर्णू एशिया से ही गायब हो गए थे। इसके लिए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी बधाई के पात्र हैं। वन विभाग ने यह अनोखा प्रयोग किया है। इस प्रयोग के अच्छे परिणाम उनके लिये आ रहे हैं। धीरे-धीरे हमारे यहाँ नए-नए मेहमान आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है वे कि मध्यप्रदेश का वातावरण अनुकूल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के वनवासी भी वनों की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सिंचाई, उद्योग क्षेत्र और पेयजल की दृष्टि से महत्वपूर्ण पार्वती-काली सिंध-चम्बल परियोजना के लिए आज जयपुर में त्रिपक्षीय अनुबंध का अवसर दिया। केंद्र सरकार द्वारा परियोजना के लिए 90 प्रतिशत राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से प्रारंभ हुए जनकल्याण पर्व की गतिविधियां 26 दिसम्बर तक चलेंगी। प्रतिदिन प्रदेशवासियों को एक नई सौगात दी जा रही है। हाल ही में राजधानी के निकट लोकार्पित अभ्यारण का नाम पुरातत्वशास्त्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से आहवान किया कि वे वन मेले में प्रदर्शित औषधियों को खरीदें और लाभ प्राप्त करें। उन्होंने वन विभाग को श्रेष्ठ आयोजन के लिए बधाई दी। प्रारंभ में राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन, विदिशा, सिवनी और अन्य जिलों से आए 9 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की बोनस राशि के चेक प्रदान किए। वन्य राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि यह मेला दिव्यता और भव्यता का प्रतीक है। राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय तीन हजार रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया है। विभाग में अनुकंपा नियुक्ति, दुर्घटना पर राहत राशि के महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। प्रारंभ में लघुवनोपज संघ के एमडी विभाष ठाकुर ने स्वागत भाषण दिया। अतिथियों को बांस की टोकरी एवं अन्य वन्य उत्पाद, स्मृति चिन्ह के रूप में दिए गए। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन मेले में विभिन्न स्टाल्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज के पारम्परिक वाद्य यंत्रों को बजाते हुए जनजातीय लोक कलाओं से जुड़े कलाकार दल से भेंट एवं चर्चा की।  

स्थानीय बुनकरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से अपने उत्पाद बेचने के लिए किया जा रहा है प्रशिक्षित – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को सशक्त बनाने की दिशा में 16 दिसंबर से दिल्ली स्थित भारत मंडपम में होने वाला ‘फ्लेवर्स ऑफ इंडिया कार्यक्रम’ एक अद्भुत पहल है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की समृद्ध विरासत में निहित स्थानीय खानपान, शिल्पकला और वस्त्र उद्योग की पहचान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की यह एक अनूठी कोशिश है। इसमें भारतीय मूल अनाजों, विशेष रूप से मिलेट्स – जिन्हें ‘अन्न’ के रूप में भी जाना जाता है,  पोषण लाभों और उनकी महत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह कदम आने वाली पीढ़ियों को हमारे पारंपरिक खानपान की ओर प्रेरित करेगा और स्वास्थ्य के प्रति एक नई जागरूकता लाएगा। केन्द्रीय खाद्य प्र-संस्करण मंत्रालय द्वारा दिल्ली के भारत मंडपम में 16 दिसम्बर को “फ्लेवर्स ऑफ इंडिया-2024” का आयोजन केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय, नीति आयोग, सर्व रिथु सेवा फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है। भारतीय खान-पान और परंपरागत परिधानों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में यह एक प्रयास है। राज्य सरकार कर रही है वोकल फॉर लोकल में प्रदेश के हर जिले की विशेषताओं को प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने वोकल फॉर लोकल के तहत अपने स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खान-पान क्षेत्र में, प्रदेश के हर जिले की विशेषताओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय व्यंजन महोत्सव आयोजित किए हैं। चंदेरी, भोपाल, और मालवा क्षेत्रों के खास व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उन्हें फूड फेस्टिवल्स और अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों और परंपराओं को प्रोत्साहित करने का किया आव्हान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वस्त्र उद्योग में, चंदेरी और महेश्वरी जैसे पारंपरिक वस्त्रों को बढ़ावा देने के लिए हस्तशिल्प विकास योजनाएं शुरू की गई हैं। स्थानीय बुनकरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पाद बेचने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे सीधे अपने ग्राहकों से जुड़ सकें। हमने लोकल-टू-ग्लोबल के दृष्टिकोण के साथ इंटरनेशनल टेक्सटाइल एक्सपो भी आयोजित किए हैं। फ्लेवर्स ऑफ इंडिया जैसे आयोजनों के माध्यम से, स्थानीय कारीगरों, किसानों और बुनकरों की कला और परिश्रम को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आयोजकों को इस प्रयास के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पहल भारतीय खानपान और वस्त्र उद्योग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में मदद करेगी और वोकल फॉर लोकल को एक सशक्त दिशा प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को इस पहल में शामिल होकर अपने स्थानीय उत्पादों और परंपराओं को प्रोत्साहित करने का आहवान किया।  

विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

तानसेन संगीत समारोह भारतीय संगीत की विरासत को जीवंत करने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे सभी देवी देवताओं की पहचान किसी न किसी वाद्य यंत्रों से जुड़ी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में बना हिन्दुस्तानी क्लासिकल संगीत का विश्व रिकार्ड गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हुई 546 कलाकारों द्वारा 9 वाद्य यंत्रों पर दी गई वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर शास्त्रीय बैंड द्वारा दी गई प्रस्तुति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में किया तानसेन संगीत समारोह 2024 का शुभारंभ ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तानसेन संगीत समारोह 2024 के शुभारंभ और वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति में हिन्दुस्तानी क्लासिकल बैंड द्वारा बनाए गए गिनिस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में सहभागी कलाकारों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तानसेन संगीत समारोह और विश्व रिकार्ड की यह उपलब्धि संगीत सम्राट तानसेन, महारानी लक्ष्मी बाई, महादजी सिंधिया, स्व. राजमाता सिंधिया और जैन तीर्थंकर सहित भारतीय संस्कृति में विद्यमान संगीत की लंबी प्राचीन विरासत को जीवंत करने का माध्यम है। उल्लेखनीय है कि 546 कलाकारों द्वारा 9 वाद्य यंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति से हिन्दुस्तान क्लासिकल संगीत का विश्व रिकार्ड बनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित तानसेन संगीत समारोह 2024 एवं वृहद समवेत वाद्य यंत्र प्रस्तुति का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन की साधना स्थली और ख्याल गायकी का रहा उद्गम स्थल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन की साधना स्थली और ख्याल गायकी का उद्गम स्थल रहा है। राजा मानसिंह तोमर से लेकर सिंधिया घराने तक संगीत की विरासत को सहजने के यहां हर संभव प्रयास हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संगीत सग्राट तानसेन के 100वें उत्सव के अवसर पर 9 शास्त्रीय वाद्यों क्रमश: वायलेन, हारमोनियम, सारंगी, बांसुरी, सरोद, संतूर, शहनाई, पखावज, तबले पर शास्त्रीय बैंड द्वारा दी गई प्रस्तुति के लिए कलाकारों का अभिवादन किया। विश्व का कोई भी वाद्य, भारतीय शास्त्रीय रचना से बाहर नहीं हो सकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस चराचर जगत के रोम-रोम में संगीत है। महार्षि पतंजलि द्वारा 5 मुख्य प्राण, 5 सहायक प्राण के साथ ही उप प्राणों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें एक उपप्राण संवेदना (सैंसेशन) है, जो संगीत से हमें जोड़ता है। रोम-रोम से संगीत की अनुभूति और जीवंतता की पहचान होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा धनुधारी वीर अर्जुन को दिखाए गए विराट स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि रोम-रोम के माध्यम से जीवन की चेतना आती है। शास्त्रीय संगीत की साधना व्यक्ति के रोम-रोम को पुल्कित करती है। भारतीय संस्कृति में शास्त्रीय वाद्यों के आधार पर प्रकृति से तालमेल बनाने की परम्परा आरंभ की गई। विश्व का कोई भी वाद्य, शास्त्रीय रचना से बाहर नहीं हो सकता, यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की विशेषता है। भारतीय संगीत परम्परा सभी से तालमेल कर आनंद की यात्रा को आगे बढ़ाने में हमें सक्षम बनाती है। महादेव के लिए डमरू और भगवान श्रीकृष्ण के लिए बांसुरी आनंद का स्रोत रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सभी देवी देवताओं की पहचान किसी न किसी वाद्य यंत्रों से जुड़ी है। विश्व के पहले वाद्य यंत्र की प्रेरणा का स्रोत वर्षा की बूंद है। तालाब या नदी में पहली बार पड़ने वाली पानी की बूंद की ध्वनि डमरू की ध्वनि से जुड़ती है। इसी का परिणाम है कि डमरू विश्व का पहला वाद्य यंत्र है जो भगवान शिव से जुड़ा है। भगवान श्रीकृष्ण के लिए बांसुरी, आनंद का स्रोत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तानसेन संगीत समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, जल संसाधन मंत्री तथा ग्वालियर के प्रभारी तुलसीराम सिलावट, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद भारत सिंह कुशवाह, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। सुरों की साधना को समर्पित 9 मिनट तक शास्त्रीय वाद्यों का वादन सुरों की साधना को समर्पित समवेत प्रस्तुति में देश और प्रदेश के 546 कलाकारों ने 9 शास्त्रीय वाद्य यंत्रों का वादन एक साथ किया। समवेत प्रस्तुति के माध्यम से स्वर सम्राट तानसेन को स्वरांजली अर्पित की गई। यह प्रस्तुति तानसेन रचित तीन राग जिनमें मल्हार, मियां की तोड़ी एवं दरबारी कान्हड़ा में निबद्ध थी। इस प्रस्तुति का संयोजन सुप्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार ने किया। समवेत प्रस्तुति में वाद्य यंत्रों के साथ ही गायन भी शामिल था। निरन्तर 9 मिनट तक वाद्यों का वादन करने पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड रचा गया। विगत वर्ष ताल दरबार से रचा था इतिहास विगत वर्ष संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में अपराजेय भारतीयता के विश्व गान राष्ट्रगीत वंदे-मातरम की धुन पर “ताल दरबार” ने मध्यप्रदेश के संगीत को एक वैश्विक पहचान दिलाई थी। यूनेस्को द्वारा चयनित संगीत नगरी में राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए 1500 से अधिक संगीत साधकों ने प्रदेश की ऐतिहासिकता, सांस्कृतिकता और संगीत की त्रिवेणी को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया था।  

प्रधानमंत्री मोदी ने कलाकारों के मान-सम्मान की प्रेरणादायी परंपरा कायम की : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संगीतधानी ग्वालियर की उत्सवधर्मिता की देश भर में विशेष पहचान है। साथ ही संगीत और कलाओं का प्रोत्साहन एवं कलाकारों का मान-सम्मान बढ़ाने की यहाँ की रिवायत भी अद्वितीय है। इस धरा पर जन्मे तानसेन और बैजू बावरा जैसे महान संगीतज्ञों को वर्तमान संगीत साधक भगवान की तरह पूजते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित हो रहे 100वें “तानसेन संगीत समारोह” के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संगीत शिरोमणि तानसेन की स्मृति में आयोजित हो रहे शताब्दी आयोजन में शामिल होकर मुझे विशेष खुशी की अनुभूति हुई है। रविवार की सांध्य बेला में तानसेन समाधि परिसर में महेश्वर के ऐतिहासिक किला की थीम पर बने भव्य एवं आकर्षक मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश एवं दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह” का केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर तथा अन्य जनप्रतिनिधिगणों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अतिथियों के साथ सुर सम्राट तानसेन की समाधि पर पहुँचकर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तानसेन समारोह के शताब्दी आयोजन में अपने देश के संगीत के शीर्षस्थ साधकों के साथ चार अन्य देशों के संगीत कलाकार सुर सम्राट तानसेन को स्वरांजलि देने आए हैं। मध्यप्रदेश सरकार देश और विदेश के सभी कलाकारों का अभिनंदन करती है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर संगीत एवं कला की अद्भुत नगरी है। मेरा सौभाग्य है कि यहाँ महान संगीतज्ञ तानसेन की याद में आयोजित होने वाले संगीत समारोह में दो बार आने का मुझे मौका मिला। पिछली बार जब मैं आया था तब ग्वालियर दुर्ग पर ताल दरबार के वृहद आयोजन से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना था। इसी तरह इस बार कला साधकों ने वाद्य यंत्रों का समवेत वादन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कलाकारों के मान-सम्मान की प्रेरणादायी परंपरा कायम की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र और राज्य सरकार कलाकारों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रख रहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर पैदल चलकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे थे। उन्होंने कलाकारों के मान-सम्मान की जो प्रेरणादायी परंपरा कायम की है, प्रदेश सरकार उसका पूरा ध्यान रख रही है। प्रकृति से तालमेल बिठाने की क्षमता रखता है संगीत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्रीय संगीत के राग प्रकृति से तालमेल बिठा लेते हैं। साथ ही संसार के सभी प्राणियों से संगीत संवाद स्थापित करने में सक्षम होता है। भगवान श्रीकृष्ण के बांसुरी वादन से सम्पूर्ण गौधन का एकत्रित हो जाना इस बात का प्रमाण है। इसी तरह संगीत सम्राट तानसेन ने राग मल्हार के जरिए बरसात कराकर साबित किया कि राग प्रकृति से तालमेल बिठाने में सक्षम है। ग्वालियर को संगीत हब बनाने के लिये हर संभव प्रयास किए जायेंगे – केन्द्रीय मंत्री सिंधिया केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर के लिये यह वर्ष अलौकिक वर्ष है। वर्ष 1924 में सिंधिया राज्यकाल में शुरू हुए तानसेन समारोह का इस साल शताब्दी वर्ष है। यह वर्ष ग्वालियर के इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जायेगा। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की पहचान संगीत के शहर के रूप में होती है। ग्वालियर को संगीत का हब बनाने का काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से हम सब लोगों द्वारा मिलजुलकर किया जायेगा। सिंधिया ने तानसेन समारोह की तर्ज पर बैजू बावरा की स्मृति में चंदेरी संगीत महोत्सव को भव्य बनाने का आग्रह मुख्यमंत्री डॉ. यादव से किया। प्रदेश में हो रहे सांस्कृतिक अभ्युदय के प्रयास सराहनीय – विधानसभा अध्यक्ष तोमर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि खुशी की बात है राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक अभ्युदय का काम समूचे प्रदेश में किया जा रहा है। ग्वालियर में तानसेन समारोह के विस्तार के रूप में पिछले साल ताल दरबार और इस साल वृहद शास्त्रीय बैंड की समवेत प्रस्तुति का आयोजन इसका उदाहरण है। इन दोनों आयोजनों से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है, जिससे ग्वालियर की ख्याति संगीत के क्षेत्र में दुनियाभर में और बढ़ी है। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री एवं संस्कृति विभाग के प्रति ग्वालियरवासियों की ओर से आभार जताया। साथ ही कहा कि महाराजा मानसिंह तोमर के राज्यकाल में संगीत और कलाओं को आश्रय देने का जो सिलसिला शुरू हुआ उसे महादजी सिंधिया से लेकर सम्पूर्ण सिंधिया राज्यकाल में पूरी शिद्दत के साथ आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में प्रदेश सरकार भी संगीत एवं कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में जुटी है। 100वें तानसेन समारोह के उपलक्ष्य में डाक टिकिट का विमोचन तानसेन समारोह के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में डाक विभाग द्वारा पाँच रूपए का डाक टिकिट जारी किया गया है। तानसेन समारोह के उदघाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने इस डाक टिकिट का विमोचन किया। तानसेन समारोह की 100 वर्षीय यात्रा पर केन्द्रित पुस्तक और स्मारिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने तानसेन समारोह की 100 वर्षीय यात्रा पर केन्द्रित पुस्तक और इस साल के आयोजन पर तैयार की गई स्मारिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के अंत में संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।    

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाएं सरकार के अथक प्रयासों का परिणाम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाएं सरकार के अथक प्रयासों का परिणाम हैं। इन महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए गत 20 वर्षों से निरंतर प्रयास किया जा रहे थे। यह प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन परियोजनाओं को स्वीकृत किया और वे स्वयं इनका शिलान्यास करने आ रहे हैं। इन परियोजनाओं से बुंदेलखंड और मालवा क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदलेगी। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में इनसे बड़ा परिवर्तन आएगा। प्रधानमंत्री मोदी केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास 25 दिसंबर को खजुराहो, छतरपुर में आयोजित कार्यक्रम में और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का शिलान्यास जयपुर (राजस्थान) में करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा एवं सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। परियोजना से जुड़े संभागों के आयुक्त तथा जिलों के कलेक्टर्स वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा नदियां मध्यप्रदेश में हैं और यहां अपार जल राशि भी है। हमें इसका अधिक से अधिक उपयोग किसानों के हित में करना है। उन्होंने कहा कि 2 बड़ी राष्ट्रीय परियोजनाओं में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी होना बहुत बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन तक जल के महत्व और सदुपयोग का संदेश जाना चाहिए। गांव-गांव में किसान सम्मेलन हों, कलश यात्रा निकाली जाएं, प्रभात फेरिया हों, भजन मंडलियां और लोक कलाकार प्रस्तुतियां दें, विद्यालय और महाविद्यालय में चित्रकला, निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हों। कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह और समाज सेवी संगठन की सहभागिता हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो की राष्ट्रीय परियोजनाओं के साथ ही राज्य के भीतर भी नदियों को जोड़ने का कार्य निरंतर किया जाएगा। उज्जैन में कान्ह नदी को 20 किलोमीटर डक्ट बनाकर गंभीर नदी से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। सीवरखेड़ी- सिलारखेड़ी परियोजना भी प्रारंभ हो रही है। हम निरंतर जल की दृष्टि से प्रदेश को समृद्ध बनाएंगे। हर खेत तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना हमारा संकल्प है। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र में 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 40 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दाईं मुख्य नहर एवं वितरण-तंत्र प्रणाली के आधुनिकीकरण कार्य से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 3 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों की मांग अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना से प्रदेश के गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन सीहोर, मंदसौर, इंदौर, देवास, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत दौधन ग्राम में बांध का निर्माण कर केन नदी के जल को 221 किलोमीटर लंबी लिंक कैनाल के द्वारा मार्ग में दोनों ओर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराते हुए अधिशेष जल को बेतवा नदी में छोड़ा जाएगा। परियोजना से प्रदेश के कुल 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। इससे छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, दतिया रायसेन, विदिशा और सागर जिलों के लगभग 2013 ग्राम लाभान्वित होंगे। परियोजना से प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी और 103 मेगावॉट जल विद्युत एवं 27 मेगावाट सोलर विद्युत का उत्पादन भी किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि परियोजनाओं के लिए जन-जागरण अभियान 25 दिसंबर तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान ग्रामों में कलश-यात्रा एवं प्रभात फेरियां निकाली जाएंगी, किसान सम्मेलन, जल के महत्व को बताते हुए नुक्कड़ नाटक भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। शैक्षिक संस्थानों में भी जल-संरक्षण और संवर्धन से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। परियोजनाओं के भूमि-पूजन शिलान्यास कार्यक्रमों का सभी ग्राम पंचायत में सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।  

गायिका सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और सुदामा-कृष्ण की मैत्री पर केन्द्रित लोकप्रिय भजन सुनाए

विरासत के साथ विकास के सिद्धांत पर कार्य कर मध्यप्रदेश को बनाएंगे समृद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास का अद्भुत समन्वय: अभिनेता रणदीप हुड्डा गायिका सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और सुदामा-कृष्ण की मैत्री पर केन्द्रित लोकप्रिय भजन सुनाए “मध्यप्रदेश : स्वर की समता नृत्य-नाटिका” का हुआ मंचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की समृद्धि की दिशा में केन-बेतवा लिंक और पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजनाएं मील का पत्थर सिद्ध होंगी। मध्यप्रदेश सरकार विरासत के साथ विकास में विश्वास रखते हुए नागरिकों का जीवन समृद्ध बनाने के लिए सक्रियता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार रवीन्द्र भवन सभागार में “कलाओं की विविधता का उत्सव : विरासत” को संबोधित कर रहे थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवीन्द्र भवन में “कलाओं की विविधता का उत्सव “विरासत” का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विरासत कार्यक्रम में प्रस्तुति देने आए कलाकारों को सम्मानित किया और संस्कृति विभाग द्वारा प्रकाशित विभिन्न पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, सभापति भोपाल नगर निगम किशन सूर्यवंशी, विधायक भगवानदास सबनानी, सुमित पचौरी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड और चंबल अंचल के साथ ही मालवा क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 महत्वपूर्ण नदी जोड़ो परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं में से पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का शिलान्यास आगामी 17 दिसम्बर को जयपुर में और केन-बेतवा परियोजना का 25 दिसम्बर को खजुराहो (छतरपुर) में होने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इन कार्यक्रमों में आने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रतन स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने नदी जोड़ो परियोजना का स्वप्न देखा था। इसे साकार करने का अवसर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार और साथ ही मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश 3 राज्य सरकारों को मिला है। यह पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेई की जयंती का 100वां वर्ष है। स्व. वाजपेई के जन्म के 100वें वर्ष में इन परियोजनाओं का शिलान्यास इस माह किया जाना पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई को संपूर्ण राष्ट्र की आदरांजलि भी है। मध्यप्रदेश के बड़े इलाके को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा। जब पानी की उपलब्धता पर्याप्त हो तो, कार्य के लिए पलायन की प्रवृत्तियां भी थम जाती हैं। प्रधानमंत्री मोदी की निर्धनों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण की प्राथमिकता के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार ने इन क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया है। युवाओं के स्वप्न सच करने के लिए, उन्हें हुनरमंद बनाने के लिए और राष्ट्र की प्रगति में बेहतर योगदान देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार गतिशील रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने 50 वर्ष की आयु तक कोई चुनाव नहीं लड़ा था। इस आयु के पश्चात उन्होंने 3 बार गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में विकास के नए आयाम रचे हैं। उन्होंने केन्द्र में एक‍दल के बलबूते पर सरकार बनाने में सफलता अर्जित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रत्येक वर्ग के कल्याण की चिंता की है। मध्यप्रदेश जो गत दशक में कृषि के विकास, अधोसंरचना विकास की दृष्टि से आगे बढ़ा है, अब महत्वपूर्ण परियोजनाओं के माध्यम से समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित अभिनेता रणदीप हुड्डा का उल्लेख करते हुए उनकी अभिनय प्रतिभा की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रणदीप हुड्डा ने अभिनय का मार्ग चुना और वीर सावरकर के चरित्र को परदे पर प्रभावशाली ढंग से निभाया। वीर सावरकर जी के इस योगदान को सिनेमा के माध्यम से राष्ट्र के सम्मुख लाना प्रशंसनीय है। कार्यक्रम में रणदीप हुड्डा ने कहा कि वे मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास का अद्भुत समन्वय देखकर प्रसन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जन्मभूमि हरियाणा और कर्मभूमि मुम्बई है, लेकिन वे भगवान श्रीकृष्ण के मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण करने के ऐतिहासिक तथ्य और वर्तमान में पर्यटन एवं वन्य जीव संरक्षण में प्रदेश की प्रगति के कारण इसे सुकून-भूमि मानते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में फिल्म संस्थान एवं फिल्म सिटी के विकास की संभावनाओं को साकार करने का आग्रह किया। हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास के शानदार तालमेल के लिए उनकी महत्वूपर्ण भूमिका के लिए बधाई दी। विरासत कार्यक्रम में सुस्वस्ति मेहुल, मुंबई ने अपने कलाकार दल के साथ लोकप्रिय भजन मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे राम आयेंगे… प्रस्तुत किया। सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान कृष्ण की स्तुति में भी कर्णप्रिय भजन प्रस्तुत किए। उन्होंने कृष्ण-सुदामा की मैत्री की थीम पर भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। “मध्यप्रदेश : स्वर की समता नृत्य नाटिका” की मनमोहक प्रस्तुति सुजयलक्ष्मी ईश्वर नई दिल्ली के निर्देशन में कलाकार दल द्वारा दी गई। कार्यक्रम में कलाकार दल ने मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर केन्द्रित विशेष नृत्य-गीत कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर गौ एवं गौपाल तथा श्रीमद्भागवत पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी देखी। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्कृति और पर्यटन विभाग की गतिविधियों का विवरण दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश गान भी प्रस्तुत किया गया।  

प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को मप्र में केन-बेतवा नदी जोड़ो project की आधारशिला रखेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मौके पर मध्यप्रदेश में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की आधारशिला रखेंगे।  यादव ने कहा, “देश की नदियों के जल संसाधनों को बढ़ाने के लिए नदियों को जोड़ने का सपना देखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को मप्र के छतरपुर जिले में महत्वाकांक्षी केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना की आधारशिला रखेंगे।” इन जिलों को मिलेगा लाभ उन्होंने कहा कि केन और बेतवा नदियों को जोड़ने की परियोजना से राज्य के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर जिलों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे मध्यप्रदेश (8.11 लाख हेक्टेयर) और उत्तर प्रदेश (2.51 लाख हेक्टेयर) में फैले बुंदेलखंड क्षेत्र में 10.62 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, साथ ही मध्यप्रदेश में 41 लाख और उत्तर प्रदेश में 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा। यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना को भी लागू करने का फैसला किया है, जिससे राज्य के गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर-मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर और मुरैना जिलों को लाभ मिलेगा। यादव ने कहा कि इस परियोजना से मध्यप्रदेश में 6.13 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और प्रधानमंत्री मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में इसकी आधारशिला रखेंगे। यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश 2025 को ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाएगा और मोदी 24-25 फरवरी को भोपाल में आयोजित होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि निवेशकों के सम्मेलन से पहले राज्य सरकार मध्यप्रदेश में क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन आयोजित कर रही है और राज्य तथा विदेश में रोड शो तथा सम्मेलन आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संयुक्त प्रयासों के कारण राज्य को चार लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे तीन लाख रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर उनके प्रशासन के विकास कार्यों को उजागर करने तथा अधिक पात्र लोगों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए दो कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। दिसंबर और जनवरी में ‘जनकल्याण पर्व’ तथा ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान’ चलाया जाएगा। दिसंबर में कई परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की लोकप्रिय ‘लाडली बहना’ योजना के तहत 1.29 करोड़ महिलाओं को 19,212 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सरकार ने 1,450 किलोमीटर लंबे ‘राम वन गमन पथ’ के अलावा भगवान कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को जोड़कर ‘श्रीकृष्ण पथ’ विकसित करने का भी फैसला किया है, जिसमें संदीपनी आश्रम, नारायण गांव, उज्जैन, जानापाव (इंदौर) और अमझेरा (धार) शामिल हैं। कार्यक्रम को मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला ने भी संबोधित किया।

हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग से होगा रोजगार सृजित, रूकेगा पलायन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अलीराजपुर के हर गाँव तक पहुंचेगा नर्मदा मैया का जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग से होगा रोजगार सृजित, रूकेगा पलायन  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगोरिया के नृत्य एवं ढोलक की थाप देवताओं को भी करती है आकर्षित अगले वर्ष विश्व प्रसिद्ध भगोरिया मेले में सम्मिलित होने का करेंगे प्रयास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना क्षेत्र में सिंचाई के लिये महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिये पर्याप्त जल मिलेगा। छकतला में हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग का कार्य होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिये होने वाला पलायन भी रूकेगा। उन्होंने कहा कि सोंडवा क्षेत्र के 169 गाँवों के लिये शीघ्र ही नर्मदा जल भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अलीराजपुर जिले के छकतला में 1732.45 करोड़ की लागत की सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मथवाड़ हाई स्कूल से हॉयर सेकेंडरी उन्नयन एवं कट्ठीवाड़ा से सोंडवा से लेकर कुल 13 सड़कों के निर्माण को मंच से ही स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोंडवा सिंचाई परियोजना से क्षेत्र को एक से अधिक उपज देने में मदद मिलेगी। जिससे आर्थिक सशक्तिकरण के द्वार खुलेंगे। रोजगार की तलाश में अन्य क्षेत्रों में होने वाले पलायन को रोकने में भी इस परियोजना से मदद मिलेगी। सोंडवा परियोजना से पानी की कमी की समस्या भी दूर होगी। आज का दिन अलीराजपुर जिले के लिये एतिहासिक दिन है। आज छकतला में 15.14 करोड़ रूपये छकतला हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग कार्य की परियोजना का भूमि-पूजन किया गया है। इससे भी युवाओं के लिये रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। अलीराजपुर के युवा भी हीरा तराशने का कार्य कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रवासियों को मिली सौगात से उत्साहित लोगों को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे भगोरिया का पर्व मन रहा है। उन्होंने कहा कि भगोरिया के नृत्य एवं ढोलक की थाप देवताओं को भी आकर्षित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां का भगोरिया पर्व विश्व प्रसिद्ध है। वे अगले वर्ष इसमें शामिल होने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोंडवा माइक्रो उदवहन सिंचाई परियोजना से जिले के 169 गाँव की 55013 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे आर्थिक समृद्धि भी आएगी, आमजन का जीवन सुधरेगा, लोगों जीने का अंदाज बदलेगा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर कलेक्टर को बिजली की आवश्यकता का सर्वे का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रतिवेदन की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार बिजली उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में गीता जयंती का भी आयोजन किया गया। इसके साथ ही 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक पूरे प्रदेश में जन कल्याण पर्व एवं 11 दिसम्बर से 26 जनवरी 2025 तक जन कल्याण अभियान आयोजित किया जाएगा। इसमें 76 प्रकार की योजनाएं एवं 63 प्रकार की सेवाएं नागरिकों को ग्राम ग्राम जाकर उनके घर पर उपलब्ध करवाई जाएगी। जिले में 81000 प्रधानमंत्री आवास का निर्माण हुआ है। जिले के 87000 कृषकों को 12000 रुपए की राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद जिन्होंने नारा दिया किया था कि आजाद हूं, आजाद रहूंगा, ऐसी पावन धरा पर आकर स्वयं को भाग्यशाली अनुभूत कर रहा हूँ। उन्होंने क्रांतिसूर्य टंट्या मामा का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेजों से धन लेकर गरीब लोगों में वितरित कर दिया करते थे। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में विश्वविद्यालय प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली बहना योजना की हितग्राही को उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएई योजना में ऑयल मिल के लिये 24 लाख का ऋण स्वीकृत कर चेक दीपांशु पिता अशोक थेपड़िया को सौंपा। उन्होंने गमरिया चौहान को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई ’जनहित के प्रयास’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस बुक में जिले में पिछले वर्ष में किए गए नवाचारों की चित्रावली है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हजरीबाई खरत, सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री यादव आज गोल जोड़, कोलार रोड भोपाल में प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 13 दिसम्बर को गोल जोड़, कोलार रोड भोपाल में प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण करेंगे। इसमें विशिष्ट अतिथि राज्य वन पर्यावरण मंत्री दिलीप अहिरवार होंगे। लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अभिनेता, लेखक, निदेशक रणदीप हूड्डा रातापानी टाइगर रिजर्व की जागरूकता के लिये “विरासत से विकास की अनूठी दौड़” बाईक रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे। यह रैली गोल जोड़ चौराहे से एकांत पार्क तक निकाली जाएगी। रातापानी टाईगर रिजर्व का लोकार्पण 13 दिसम्बर 2024 को सुबह 10:30 बजे होगा। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और आमजन भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल और मार्गदर्शन पर 2 दिसम्बर, 2024 को रातापानी को प्रदेश का 8वाँ टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर तथा बफर एरिया का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर है। इस प्रकार टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सीमा के अंदर स्थित राजस्व ग्राम झिरी बहेड़ा, जावरा मलखार, देलावाड़ी, सुरई ढाबा, पांझिर, कैरी चौका, दांतखो, साजौली एवं जैतपुर का रकबा 26.947 वर्ग किलोमीटर राजस्व भूमि इन्क्लेव के रूप में बफर क्षेत्र में शामिल है। टाइगर रिजर्व में भौगोलिक रूप से स्थित, उक्त 9 ग्राम अभयारण्य की अधिसूचना में कोर क्षेत्र में शामिल नहीं हैं। रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से टाइगर रिजर्व का सम्पूर्ण कोर क्षेत्र रातापानी टाइगर अभयारण्य की सीमा के भीतर है। इससे ग्रामीणों के वर्तमान अधिकार में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन से नये रोजगार सृजित होंगे, जिससे आर्थिक लाभ होगा। टाइगर रिजर्व गठित होने से भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से बजट प्राप्त होने से वन्य-प्राणियों का और बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन बढ़ने से लाभ प्राप्त होगा। टाइगर रिजर्व बनने से रातापानी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा भोपाल की पहचान “टाइगर राजधानी’’ के रूप में होगी।  

विरासत के साथ विकसित मध्यप्रदेश निर्माण के संकल्प का एक वर्ष

डॉ. मोहन यादव भोपाल देश का ह्दय प्रांत मध्यप्रदेश गौरवशाली इतिहास और विश्वविख्यात सांस्कृतिक परंपराओं के लिये प्रसिद्ध है। सृष्टि के आरंभ से लेकर अब तक मानव सभ्यता के कई चिन्ह मध्यप्रदेश की धरती पर हैं। यहां पर्याप्त भू-संपदा, वन-संपदा, जल-संपदा, और खनिज-संपदा है। हम विगत एक वर्ष में विकसित मध्यप्रदेश निर्माण के साथ प्रदेश की विरासत को सहेजने के संकल्प को लेकर आगे बढ़े हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि डबल इंजन की सरकार का लाभ मध्यप्रदेश और प्रदेशवासियों को मिल रहा है। इस विशेष संयोग में प्रदेश ने नवाचारों के साथ विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इन दिनों प्रदेश में जनकल्याण पर्व मनाया जा रहा है। यह प्रदेश की समृद्धि का उत्सव है। इसमें भविष्य की कई संभावनाएं आकार लेंगी। शासन-प्रशासन और प्रदेशवासी सभी मिलकर विकास की गंगा बहाएंगे। आपकी सरकार, आपके द्वार होगी और जनता के हित जनता तक पहुंचेंगे। इसमें नई सौगातें भी शामिल होंगी। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो के स्वप्न को मध्यप्रदेश में धरातल पर उतारा जा रहा है। 17 दिसंबर को पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना तथा 25 दिसंबर को केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जायेगा। यह आनंद का विषय है कि मध्यप्रदेश देश में पहला ऐसा राज्य है जहां 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इससे जलस्रोत परस्पर जुड़ेंगे तो धरती का जल स्तर सुधरेगा, हमारे गांव और क्षेत्रों को पानी सुलभ होगा तथा अन्नदाता को सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी मिलेगा। प्रदेश में जिस तरह कृषि, उद्योग, पर्यटन और आध्यात्मिक पर्यटन के लिये संभावनाएं विकसित हो रही हैं। इसमें औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति और पर्यटन क्रांति की त्रिवेणी से गरीबी पूर्णतः समाप्त हो जायेगी। पिछले दिनों रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित करके मध्यप्रदेश के गांव-गांव को औद्योगीकरण और आधुनिक उत्पाद से जोड़ने का प्रयत्न किया गया है। भविष्य में जिला स्तर पर भी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होंगी। हैदराबाद, कोयंबटूर तथा मुंबई में रोड-शो और यूके-जर्मनी के उद्योगपतियों को निवेश के लिये प्रदेश में आमंत्रित करना उद्योग विस्तार का उपक्रम है। क्षेत्रीयता से लेकर ग्लोबल स्तर तक उद्योग के लिये किया गया यह पहला नवाचार है। प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिये ज्ञान (GYAN) गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सम्मान की बात कही है। हमने इन्हीं 4 आधार स्तंभों पर केंद्रित समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया है। प्रदेश सरकार गरीब कल्याण, युवा शक्ति, किसान-कल्याण और नारी शक्ति मिशन लागू करने जा रही है। हमारा लक्ष्य है अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का कल्याण हो, उन्हें बेहतर भविष्य निर्माण का अवसर मिले। प्रदेश में हर गरीब की पढ़ाई, लिखाई, दवाई, नौकरी और रहने-खाने से लेकर जीवन की हर जरूरत को सरकार पूरा कर रही है। अब गरीब-कल्याण मिशन में होने वाली गतिविधियों और कार्यों से हर गरीब के जीवन-स्तर में सुधार आयेगा, उनकी समृद्धि से प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। यह गरीबों के प्रति हमारी संवेदनशीलता ही है कि हुकुमचंद मिल के 30 साल पुराने विवाद से लेकर श्रमिकों की मिल से जुड़ी हर समस्या का हल निकाला और उन्हें उनका अधिकार दिलाया है, वहीं गंभीर बीमारी के गरीब मरीजों के लिये एयर एंबुलेंस सेवा भी शुरू की है। राष्ट्र को समृद्ध बनाने की शक्ति युवाओं में है। आवश्यक है कि युवा कर्मशील हो, विचारशील हो और अपनी परंपराओं से जुड़ा हुआ हो। इसी अनुरूप युवाओं को शिक्षण और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में तैयार राष्ट्रीय शिक्षा नीति सबसे पहले मध्यप्रदेश में लागू हुई। यहां स्किल्ड युवा तैयार हो रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस से उत्कृष्ट शिक्षा मिलेगी, भारतीय ज्ञान परंपरा और युगानुकूल शिक्षा के समावेश से युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत का ज्ञान होगा और बेहतर भविष्य निर्माण के द्वार खुलेंगे। हर विकासखंड में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं उभरकर आएंगी। युवा शक्ति मिशन में प्रदेश के युवाओं की शिक्षा, आधुनिक तकनीकी में योग्यता और कौशल निर्माण के साथ सर्वांगीण विकास की लक्ष्य प्राप्ति शामिल है। प्रदेश में स्किल्ड युवा अपना स्व-रोज़गार स्थापित कर रहे हैं। वहीं शासकीय सेवाओं में लगभग ढाई लाख युवाओं की भर्ती का अभियान भी शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रांत है। किसान कल्याण मिशन में कृषि की उपज बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास किये जायेंगे। अगले 5 वर्ष में सिंचाई का रकबा 50 लाख हेक्टेयर से 1 करोड़ हेक्टेयर किया जायेगा। अन्नदाता को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने के साथ खाद, बीज से लेकर उपज की बिक्री तक की व्यवस्था की गई है। किसानों के खेत में सोलर पंप लगाए जाएंगे, जिससे वे अपने उपयोग के लिये अपनी बिजली स्वयं बनायेंगे। हम प्रयासरत हैं कि जल की एक-एक बूंद का लाभ किसानों को मिले। हम चाहते हैं कि किसान चिंता मुक्त होकर खेती करें और खुशहाल जीवन जियें। हर किसान को गौ-पालक और हर घर को गौ-रक्षक बनाने का प्रयास है। मध्यप्रदेश न केवल कृषि उत्पादन में देश में शीर्ष पर हो, बल्कि दुग्ध उत्पादन और दुग्ध निर्यातक प्रदेश बने इसीलिये मध्यप्रदेश में गौ-वंश पालन के लिये अनुदान दिया जा रहा है। परिवार, समाज, राष्ट्र और सृष्टि निर्माण के केन्द्र में है नारी भारतीय दर्शन में नारी के महत्व का उल्लेख है। महिला कल्याण के लिये नारी शक्ति मिशन में महिलाओं का आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक सशक्तिकरण किया जायेगा। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां शासकीय सेवाओं में महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया है। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सेनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की लाखों बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक से सांस्कृतिक पुनरुत्थान का कार्य हो रहा है। प्रदेश में समृद्ध और गौरवशाली विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। श्रीराम वन गमन पथ, श्रीराम के कर्तव्य पालन और राष्ट्र निर्माण का समर्पण संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का आधार देगा। श्रीकृष्ण पाथेय में उन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां श्रीकृष्ण के स्मृति चिन्ह हैं। उन … Read more

मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक, वित्त मंत्री देवड़ा सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश करेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक चलने वाला है. इसी सत्र के दौरान अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा. मोहन कैबिनेट ने भी बजट को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सत्र के दूसरे दिन ही मध्य प्रदेश का अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इसके अलावा भी इस सत्र में मोहन सरकार से चार से पांच अहम प्रस्ताव भी ला सकती है, जिनकी सदन से मंजूरी मिल सकती है. बता दें कि इस बार विधानसभा के सत्र के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर 1700 से भी ज्यादा प्रश्न लगे हुए हैं. 17 दिसंबर को पेश होगा सप्लीमेंट्री बजट मोहन कैबिनेट ने हाल ही में हुई बैठक में सप्लीमेंट्री बजट को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद वित्तमंत्री और राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इस बार का सप्लीमेंट्री बजट 15 हजार करोड रुपए से ज्यादा होगा. 3 महीने के लिए योजनाओं को गति देने के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में बजट पेश करेगी, जबकि साल 2025-26 में पूर्ण बजट पेश करने के लिए वित्त विभाग ने 15 जनवरी तक सभी विभागों से सुझाव मांगे हैं. पांच दिन का इस बार सत्र मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार पांच दिन तक चलेगा. जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. वहीं कांग्रेस सत्र की अवधि बढ़ाए जाने की मांग कर रही है. इसके अलावा सदन में कई मुद्दों पर कांग्रेस और बीजेपी में तीखी बहस देखने को मिल सकती है. माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार तकरीबन 11 विधेयक लेकर आ सकती है, जिन पर चर्चा होगी. तीन नए विधायक लेंगे शपथ वहीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र में तीन नए विधायक भी शपथ लेंगे, जिसमें अमरवाड़ा उपचुनाव में चुने गए बीजेपी के कमलेश शाह, बुधनी उपचुनाव में चुने गए बीजेपी के रमाकांत भार्गव और विजयपुर उपचुनाव में चुने गए कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शपथ दिलाएंगे. 

प्रदेश के शासकीय विभागों के लिए तकनीकी प्रगति का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है

 सोनिया परिहार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में, आईटी और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश हर दिन नए आयाम स्थापित कर रहा है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए, प्रदेश ने अपने शासकीय विभागों और नागरिकों के लिए तकनीकी प्रगति और डिजिटल सुविधाओं का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है। राज्य डिजिटल भारत के सपने को साकार करते हुये डिजिटल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। इसमें मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक विकास निगम (एमपीएसईडीसी) और मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। म.प्र. में विकसित सॉफ्टवेयर ने देश में बनाई पहचान मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) की अगुवाई में प्रदेश ने डिजिटल प्रौद्योगिकी में कई उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। संपदा 2.0 और साइबर तहसील जैसे प्लेटफॉर्म नागरिक सेवाओं को सरल बना रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की पहचान को भी मजबूत कर रहे हैं। संपदा 2.0 ने संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर ई-पंजीकरण, ई-स्टाम्प, स्टाम्प शुल्क की गणना और दस्तावेज़ खोज जैसे कार्यों को घर बैठे संभव बनाया गया है। साइबर तहसील ने राजस्व न्यायालयों की प्रक्रियाओं को पारदर्शी और सुव्यवस्थित करते हुए भ्रष्टाचार को कम करने और जनता को त्वरित सेवाएं प्रदान करने का सफल प्रयास किया गया है। निवेश और स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाएँ (आईटीईएस), इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) और डेटा केंद्रों की परिवर्तनकारी क्षमता को स्वीकार करते हुए, राज्य में दूरदर्शी “आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023” बनाई गई है। राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए यह नीति डिज़ाइन की गई है। जबलपुर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पॉलिसी के दिशा निर्देश लॉन्च किए थे। नीति में निवेशकों को वित्तीय और गैरवित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रावधान किए गए है। सभी वित्तीय सहायता, आवश्यक अनुमतियाँ, अनुमोदनों, आवेदनों और किसी भी अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के लिए पूर्ण रूप से डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम भी बनाया गया है। राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रोत्साहित करने और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप नीति-2022 लागू है। राज्य में एवीजीसी नीति-2024 भी लागू की जा रही है, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खुला है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा आदि को ध्यान में रखते हुए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2024 भी तैयार की गई है। विकसित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर वर्तमान में प्रदेश में 2 हजार से अधिक आईटी/आईटीईएस एवं ईएसडीएम इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें एमपीएसईडीसी में पंजीकृत 650 इकाइयां हैं, जिन्हें राज्य की नीतियों का लाभ मिला है। इन इकाइयों का टर्न ओवर 10 हजार करोड़ रुपए प्रतिवर्ष से अधिक है। देश की 50 से अधिक बड़ी आईटी एवं आईटीईएस इकाइयां मध्यप्रदेश में स्थापित हैं। प्रदेश से हर वर्ष 500 मिलियन डॉलर का निर्यात आईटी से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से होता है। राज्य में 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन हैं। राज्य सरकार द्वारा 15 आईटी पार्क बनाए गए हैं, जिनसे डेढ़ लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। राज्य में 1200 से अधिक तकनीकी स्टार्ट-अप स्थापित हैं, जिनमें से दो “नीव क्लाउड और शॉप किराना” यूनिकॉर्न कंपनी हैं। आईटी/आईटीएस/ईएसडीएम और डेटा सेंटर क्षेत्र में बढ़ता निवेश राज्य में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव और इंटरैक्टिव सेशन में आईटी/आईटीएस/ईएसडीएम और डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेशकों ने विशेष उत्साह दिखाया। इस क्षेत्र में निवेश से रोजगार से नए अवसर सृजित होंगे। सागर में 1700 करोड़ से अधिक निवेश से डेटा स्थापित किया जा रहा है। बेंगलुरु में आयोजित इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट के दौरान, एमपीएसईडीसी ने भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर संघ,, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ जिओस्पेशल इंडस्ट्रीज और टाई ग्लोबल जैसे प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय उद्योग संघों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जबलपुर, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु में कई बड़ी कंपनियों से करोड़ों के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यूके-जर्मनी से एसआरएएम-एमआरएएम ग्रुप द्वारा 25000 करोड़ रूपये निवेश से सेमी कंडक्टर और साइंस टेक्नोलॉजी पार्क विकसित करने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ। जीआईएस तकनीक का बढ़ता उपयोग राज्य में जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक का भी व्यापक उपयोग हो रहा है। 5G के लिए योजना, अनुमोदन और जीआईएस आधारित सेवाएं प्रदान करने के लिए “गति-शक्ति संचार पोर्टल” विकसित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए सर्वेक्षण, निगरानी और कार्यान्वयन के लिए “जल रेखा” जैसे पोर्टल कार्य कर रहे है। जीआईएस द्वारा तैयार किये गये लोकपथ मोबाइल ऐप और वेब एप्लिकेशन से पूरे राज्य में सड़कों से संबंधित शिकायतों को दर्ज करने एवं उनके निराकरण को मॉनिटर करने की सुविधा दी जा रही है। शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) के अंतर्गत राज्य में विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उज्जैन तारामंडल में 3डी-4K प्रोजेक्शन सिस्टम का अपग्रेडेशन और वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला डोंगला का ऑटोमेशन इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। प्रशासनिक डिजिटलीकरण और पारदर्शिता सरकार ने ई-एचआरएमएस पोर्टल और अन्य डिजिटल मंचों के जरिए मानव संसाधन और सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटाइज्ड किया है। मुख्यमंत्री प्रगति पोर्टल ने विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग को सुगम बनाया है। आईटी क्षेत्र में विगत एक वर्ष में प्राप्त उपलब्धियों ने डिजिटल प्रौद्योगिकी से प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई है और नागरिकों के जीवन को भी सरल और सुविधाजनक बनाया है। इन नवाचारों ने राज्य को आईटी निवेशकों के लिए एक आदर्श स्थान बना दिया है। प्रदेश डिजिटल भारत के सपने को साकार करते हुये वैश्विक आईटी मानचित्र पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव का निवेश पर फोकस- 6 रीजनल इंडस्ट्रियल सम्मिट में करीब 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को आज  13 दिसंबर को एक साल पूरा हो रहा है. सरकार का फोकस समर्पण, सेवा, सुशासन, संस्कृति, त्योहार पर रहेगा. सीएम यादव घोषणापत्र में किए वादे भी बताएं. जानें सीएम मोहन यादव के 12 बड़े फैसले     निवेश पर फोकस- 6 रीजनल इंडस्ट्रियल सम्मिट में करीब 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव     स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े कदम- एमपी में 30 मेडिकल कॉलेज, जल्द संख्या 50 होगी     संस्कृति और धर्म से जोड़ा- जन्माष्टमी, गीता जयंती , गोवर्धन पूजा जैसे त्यौहार सरकार ने धूमधाम से मनाए     पर्यावरण के लिए- तेज लाउड स्पीकर, खुले में मांस की बिक्री पर रोक     हरे भरे होंगे खेत खलिहान- बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा वृहद परियोजना और पार्वती- कालीसिंध-चंबल परियोजना मंजूर     महिला सशक्तिकरण- मध्य प्रदेश में सिविल सेवाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत की जगह 35 प्रतिशत पदों पर आरक्षण मिलेगा     युवाओं को रोजगार- प्रदेश में जल्द अलग-अलग विभागों में करीब एक लाख सरकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी, तैयारी पूरी हो चुकी है     दिग्गजों से तालमेल- सीएम बनने के बाद प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय जैसे केंद्र की राजनीति करने वाले दिग्गज सरकार में मंत्री बने, मोहन यादव ने तालमेल बैठाया     सियासत में भी 100% रिजल्ट- 2023 में सरकार बनने के बाद सीएम मोहन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2024 का लोकसभा चुनाव था, सभी 29 सीट जीती     उपचुनाव में परचम लहराया- डॉ मोहन यादव के सीएम बनने के बाद 3 उपचुनाव हुए बुधनी और अमरवाड़ा बीजेपी तो विजयपुर कांग्रेस जीती     महाराष्ट्र-हरियाणा में भी जलवा- मोहन यादव ने जिन 5 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया, उनमें से चार सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की     अफसरशाही पर सख्ती- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिला तत्काल एक्शन- गुना हादसे के बाद कलेक्टर, एसपी बदले, शाजापुर कलेक्टर को विवादित बयान के बाद हटाया

चहुँमुखी विकास के साथ उपलब्धियों भरा रहा एक वर्ष

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘देश का हृदय प्रदेश’ अपने वन, जल, अन्न, खनिज, कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है अपना मध्यप्रदेश। पुण्य सलिला माँ नर्मदा और भगवान श्रीमहाकालेश्वर की पावन छाया अनगिनत बलिदानियों और महापुरुषों की कर्मभूमि एवं तपोभूमि रहा हमारा प्रदेश ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक रूप से समृद्ध है। आज, मध्यप्रदेश अपने सांस्कृतिक वैभव को संरक्षित करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प के तहत, प्रदेश GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तिकरण) पर आधारित चार मुख्य स्तंभों पर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए नवाचारी पहल करते हुए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और रोड शो के माध्यम से हर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार के प्रतिबद्ध प्रयासों का ही यह सुखद परिणाम है कि नए निवेश प्रस्तावों से मध्यप्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य सुदृढ़ होने और नए रोज़गार के अवसर सृजित होने की राहें खुल रही हैं। सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्रम में श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय और विक्रम संवत की पुनर्स्थापना जैसे अनेक प्रयास हमारी ऐतिहासिक धरोहर को नई ऊर्जा दे रहे हैं। यह समय आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति का है। मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के सहयोग और संकल्प से हम आत्मनिर्भर प्रदेश का निर्माण करके विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कृत संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर गुरूवार को भोपाल में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी 25 दिसम्बर को छतरपुर में केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना का शिलान्यास करने आ रहे हैं। साथ ही फरवरी-2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी प्रधानमंत्री मोदी पधारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में एक वर्ष में हुए विकास और उपलब्धियों को साझा किया। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व प्रदेश में 11 दिसम्बर से मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान और राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनकल्याण पर्व शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नागरिकों को लाभान्वित करने और जन समस्याओं का मौके पर शिविर लगाकर निराकरण किया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की शत-प्रतिशत सैचुरेशन की चिन्हित-34 हितग्राही मूलक योजनाओं में और 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों से संबंधित 63 सेवाएं शिविर लगाकर आमजन को लाभान्वित किया जाएगा। जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विभागों की गतिविधियां, विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के साथ जन-कल्याण के कार्य प्रमुखता से किये जायेंगे होंगे। इन कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। 1. गरीब कल्याण के लिए:-             इंदौर के हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों की लंबित राशि 224 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।             संबल 2.0 के अंतर्गत 1 करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन। 40 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को 895 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह राशि का अंतरण।             सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में प्रतिमाह 55 लाख हितग्राहियों को 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का अंतरण।             प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 36 लाख से अधिक परिवारों और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 8 लाख से अधिक परिवारों का साकार हुआ घर का सपना।             स्वामित्व योजना में 24 लाख लोगों को भू-अधिकार पत्र वितरित कर मध्यप्रदेश देश में प्रथम बना।             वोकल फॉर लोकल के तहत धनतेरस से देवउठनी ग्यारस तक शिल्पकार और छोटे व्यवसायियों को कर से मुक्त रखा।             पीएम स्वनिधि योजना में 11 लाख से अधिक हितग्राहियों को 10 से 50 हजार रूपये तक के ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई। 2. किसान कल्याण के लिए:-             प्रत्येक ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना होगी।             रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में किसानों को 1 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 3900 रूपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।             किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर प्रति क्विंटल 125 रुपये बोनस का भुगतान।             सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4,892 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन करने का निर्णय लिया।             मुख्यमंत्री किसान कल्याण सम्मान निधि में 6 हजार रूपये प्रति वर्ष का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है।             फसल की बोनी के सही आंकलन के लिये डिजिटल क्राप योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।             राजस्व महाअभियान के दो चरणों में 80 लाख से अधिक लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया। राजस्व महाअभियान 3.0 शुरू हुआ। 3. युवाओं के लिए:–             प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपति अब कुलगुरु कहलाएंगे।             राज्य स्तरीय रोज़गार दिवस के अवसर पर रिकॉर्ड 7 लाख युवाओं को 5 हजार करोड़ रुपये का स्व-रोज़गार ऋण वितरित हुआ।             सभी शासकीय विभागों में लगभग 1 लाख पदों पर भर्तियां की जा रही। आगामी 5 वर्ष में 2.50 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।             गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के उद्देश्य से 55 जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस प्रारंभ।             विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अंकसूची एवं उपाधियों को डीजी लॉकर में अपलोड करने की व्यवस्था लागू की गई।           4. महिला सशक्तिकरण के लिए:-             शासकीय सेवाओं में महिलाओं को अब 35 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।             लाड़ली बहना योजना में 1.29 करोड़ बहनों को जनवरी 2024 से अब तक 19 हजार 212 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया। रक्षाबंधन पर बहनों को 250-250 रूपये अतिरिक्त राशि नेग के रूप में दी गई।             प्रदेश की लगभग 26 लाख लाड़ली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर की रीफिलिंग के लिए वर्ष 2024 में 715 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया गया।             एक लाख से अधिक दीदीयां बनी लखपति बनी हैं।             महिला उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ रुपये का अंतरण।             सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना में 19 लाख से अधिक बालिकाओं को 57 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि अंतरित।             आहार अनुदान योजना में विशेष पिछड़ी जनजातीय बहनों के खाते में … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 91.76 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नए फ्रीगंज आरओबी का किया भूमि-पूजन

फ्रीगंज एवं आस-पास के क्षेत्र को प्रमुख व्यापारिक, सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में “आपकी सरकार, आपके द्वार” से 76 से अधिक योजनाओं व सेवाओं का लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 91.76 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले नए फ्रीगंज आरओबी का किया भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने उज्जैन में जनकल्याण शिविर का शुभारंभ किया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिए दिन रात कार्यरत है। उज्जैन के लिए होने वाले कार्य, संपूर्ण प्रदेश व देश का मान बढ़ाने वाले काम है। बारह ज्योर्तिलिंग में से सबसे प्रमुख ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के मंदिर में देश विदेश से आने वाले भक्तों की आने-जाने, रूकने की सुविधा, सिंहस्थ एवं जनता जनार्दन के लिए यह कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष-2024 के सावन माह में देश विदेश से एक करोड़ से अधिक संत-महंत-श्रध्दालुओं ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन लाभ लिए। उज्जैन में विकास के कार्य इतनी अधिक संख्या में आने वाले श्रध्दालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव उज्जैन में फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज के भूमि पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याण पर्व में सार्वजनिक कार्यक्रम 11 से 26 दिसम्बर तक होंगे। इसके साथ हर दिन नागरिकों को सौगात व हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में गीता जयंती से 26 जनवरी 2025 तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। अब नागरिकों को आयुष्मान कार्ड, संपत्ति कर, बिल्डिंग परमिशन, आधार कार्ड एवं इसके साथ 76 से अधिक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ ‘आपकी सरकार आपके द्वार’ आकर देगी। पहले ‘आपका विधायक-आपके द्वार’ से कार्य हमने किया अब ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ आकर एवं शिविरों के माध्यम से आपकी समस्याओं का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान’ गीता जयंती से शुरू हुआ है। गीता भक्ति,ज्ञान एवं योग का मार्ग प्रशस्त करती है। आज भगवान श्रीराम अयोध्या में विराज कर संपूर्ण विश्व के भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार अब रामराज्य की परिकल्पना साकार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने फ्रीगंज के नए रेलवे ओवरब्रिज के भूमि-पूजन के प्रस्तावित नए रेलवे ओवरब्रिज के ले-आउट का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। यह ब्रिज चामुंडा चौराहे से फ्रीगंज को जोड़ेगा। फ्रीगंज रेलवे ओवर ब्रिज उज्जैन की आबादी एवं सिंहस्थ -2028 को दृष्टिगत रखते हुए बनाया जा रहा है। इसकी कुल लागत 91.76 करोड़ रुपए होगी। ब्रिज 21.40 मीटर चौड़ा एवं 633 मीटर लंबा होगा। यातायात के लिए 9-9 मीटर चौड़े कैरेज वे होंगे। इसी के साथ 1.5-1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ एवं डिवाइडर 0.4 मीटर का होगा। ब्रिज निर्माण के साथ-साथ फ्रीगंज एवं आस-पास के क्षेत्र को प्रमुख व्यापारिक, सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने गीता भवन के लिए 128 करोड़ की सौगात देने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद दिया। समारोह में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जाटिया, संजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।  

बीते साल में मुख्यमंत्री यादव ने अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई, पहले ही फैसले में लाउड स्पीकरों की आवाज़ कम कर दी

भोपाल डॉ. मोहन यादव को ‘मुख्यमंत्री’ मोहन यादव बने एक साल हो गया है। एक दिन बाद उनके मुख्यमंत्री-काल की फर्स्ट एनिवर्सरी है और आज वो बीते एक साल का लेखा जोखा पेश करेंगे। वहीं, मोहन सरकार के एक साल पूर्ण होने पर प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक जनकल्याण पर्व भी मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के मंत्री अपने प्रभार और गृह जिलों में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे और जिलों में आयोजित शिविरों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि भी इन आयोजनों की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। वहीं, 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। पीछे मुड़कर देखने का दिन ये एक साल पुरानी बात है जब मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा सस्पेंस था ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’। केबीसी के अंतिम सवाल से ज्यादा ये सवाल पूछा जा रहा था और सबसे अपने अपने कयास थे। यकीन मानिए..ज़्यादातर मीडिया हाउस ने तो चर्चित छह-आठ नामों के ‘सीएम’ बनने के टेम्पलेट भी बना रखे थे..ताकि जिस भी नाम की घोषणा हो, तुरंत उसे ब्रेक किया जा सके। लेकिन जब नाम की घोषणा हुई तो सारे ‘व्योमकेश बक्षी’ फेल साबित हुए। सारी पड़ताल, सारे अंदाज़े, सारे अनुमान, सारे तुक्के धम्म से जा गिरे और मुख्यमंत्री बना एक ऐसा व्यक्ति..जो विधायकों की पंक्ति में तीसरी कतार में बैठा हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक साल इस वाकये को एक साल हो चुका है। 13 दिसंबर को डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने एक साल हो जाएगा और बीते साल में उन्होंने अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है, इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता। ‘सबसे पढ़े लिखे राजनेता’ ने अपने पहले ही फैसले में लाउड स्पीकरों की आवाज़ कम कर दी। उस दौर में जब विपक्ष बार बार ये बात कह रहा था कि सरकार की लाड़ली बहना योजना को खत्म करने की मंशा है..उस समय डॉ मोहन यादव ने दृढ़ता से कहा कि ये योजना न सिर्फ जारी रहेगी बल्कि लाड़ली बहनों की राशि में बढ़ोत्तरी और आवास योजना से भी जोड़ा जाएगा। बीआरटीएस कॉरिडोर हटाना उनके बड़े फैसलों में से एक रहा है और ऐसे ही अनगिनत फैसले हैं जो एक साल में लिए गए। अब लंबे समय से मुख्यमंत्री का फोकस प्रदेश में निवेश लाने पर है। इसके लिए लगातार अलग अलग स्तर पर इन्वेस्टर समिट हो रहे हैं और आगामी फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पीएम मोदी के आने की भी संभावना है। जारी है उम्मीदों का सफर संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले डॉ. मोहन यादव को जिस समय मुख्यमंत्री पद का दायित्व सौंपा गया..ये वो समय था जब प्रदेश के लोकप्रिय ‘मामा’ को सीएम न बनाए जाने पर लाड़ली बहनें फूट-फूटकर रोई थीं। कई बार ये सवाल भी कहे सुने गए कि आखिर किस आधार पर बड़े और अनुभवी नामों को छोड़कर डॉ मोहन यादव को सीएम बनाया गया। चुनौतियां कई थीं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को मैच करना और उनके लंबे कार्यकाल के बाद प्रदेश की बागडोर संभालना आसान नहीं था। अगर किसी विरोधी पार्टी के नेता के बाद कुर्सी मिले तो दीगर तुलना होती है। लेकिन अपनी ही पार्टी के बेहद लोकप्रिय दिग्गज नेता की विरासत मिलने पर जिस तरह की तुलना और उम्मीदें होती है..उनका दबाव भी कम नहीं होता। लेकिन पिछले एक साल में सीएम डॉ. मोहन यादव ने खुद को पूरी तरह साबित किया है। अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है और अपने फैसलों से दिल्ली के फैसले को सही साबित किया है। मोहन सरकार का ये एक साल निश्चित तौर पर कई उपलब्धियों से भरा रहा है और मध्य प्रदेश को उम्मीद है कि बीजेपी के संकल्प पत्र के आधार पर वे आगे भी प्रदेश हित के लिए नई रोशनी जुटाते रहेंगे।

विवाद रहित ग्राम पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपए मिलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्राम पंचायतों को क्रियाशील बनाया जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम पंचायतों में किसी भी तरह की कोई समस्या शेष न रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विवाद रहित ग्राम पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपए मिलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 26 जनवरी तक ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जाएगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से उज्जैन दक्षिण विधान सभा की ग्राम पंचायतों के सरपंचों से चर्चा की उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहां है कि जिन ग्राम पंचायत में कोई विवाद नहीं होगा , जिन ग्राम पंचायत में कोई झगड़ा नहीं होगा , एक ग्राम पंचायतों को पांच – पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। इन ग्राम पंचायतों को वृंदावन ग्राम योजना से भी लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को उज्जैन के एनआईसी कक्ष से वीसी द्वारा उज्जैन दक्षिण विधानसभा की ग्राम पंचायतों के सरपंचों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने वीसी में कहा कि मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान आगामी 26 जनवरी 2025 तक चलेगा। इसमें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण जनों को अवगत कराया जाएगा तथा हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सभी पंचायतों को क्रियाशील बनाना है वीसी में उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले की 589 ग्राम पंचायतों में निरंतर कैंप लगाए जा रहे हैं। दक्षिण विधान सभा की सभी पंचायतों में वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा लैकोड़ा ग्राम पंचायत, तालोद ग्राम पंचायत के सरपंच से चर्चा की गई। बताया गया कि तालोद में फतेहाबाद तक की सड़क का निर्माण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने वीसी में कहा कि सरपंच , ग्राम पंचायतों में निरंतर भ्रमण करें। हितग्राहियों से चर्चा करें और उनकी समस्याओं को सुनकर , समय सीमा में उनका समाधान करें। वीसी में जानकारी दी गई की ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ग्राम टंकारियापंथ के सरपंच और पटवारी से चर्चा की। ग्राम पंचायत उमरिया खालसा में जैन मुनियों के लिए अतिथि कक्ष भी बनवा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में अतिथि कक्ष बनवाया जाए। वर्तमान में जो वेब सीरीज बनाई जा रही है उनमें उज्जैन की ग्राम पंचायतों में भी शूटिंग के लिए की जाए। ग्राम पंचायत करोहन के सरपंच से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकोशी यात्रा मार्ग में आने वाली सभी ग्राम पंचायतों को पंचकोशी राशि दिलवाई जाए। मुख्यमंत्री ने वीसी में कहा की सभी पटवारियों को याद रहना चाहिए कि उनके पटवारी हल्के की ग्राम पंचायतों में बंजर भूमि, रकबे की जमीन, आबादी की जमीन कितनी है? उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत में स्थित शासकीय जमीन का रिकॉर्ड निकाला जाए तथा वहां भविष्य को ध्यान में रखते हुए क्या विकास के कार्य किया जा सकते हैं इस पर परियोजनाएं बनाई जाएं। सभी ग्राम पंचायतों में बेरोजगार पुरुष और महिलाओं की सूची बनाई जाए। कितने लोग पढ़े लिखे हैं, कितने अनपढ़ हैं, वहां पर थानों की क्या स्थिति है, इसकी जानकारी अप-टू-डेट रखी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्नत किसानो की जानकारी, महिला पुरुष की शिक्षा, रोजगार संब्ंधि, मेरिट मे आये बच्चो की जानकारी, अस्पताल, स्कूल, जमीन का रकबा, फसलों के सम्बन्धी भी जानकारी भी अपडेट रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने वीसी में निर्देश दिए की ग्राम पंचायतों में सामूहिक विवाह के आयोजन कराए जाएं। आगामी वसंत पंचमी पर भव्य स्तर पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाए। लोगों को जागरूक किया जाए कि वे शादी और मृत्यु भोज पर अनावश्यक रुपया बर्बाद ना करें, बल्कि इनका उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई में करें ।मुख्यमंत्री के द्वारा ग्राम पंचायत पंथपिपलाई, खेमासा के सरपंचों से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी तरह की कोई समस्या स्थानीय नागरिकों को नहीं आनी चाहिए। वीसी में जानकारी दी गई की असलाना ग्राम पंचायत में बिजली के तार टूट रहे हैं ,इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत इनकी मरम्मत करवाए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासनिक संकुल भवन में 1 वर्ष की उपलब्धि पर आधारित जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रदर्शनी की प्रशंसा की।  

CM मोहन यादव के एक साल कहा- अटल जी का नदी जोड़ो का सपना साकार होगा

भोपाल सीएम डॉ मोहन यादव ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने बीजेपी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि नगरीय निकाय उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सात में से छह सीटों पर जीत दर्ज की है जिससे पार्टी की नीतियों और जनता के भरोसे की एक बार फिर पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल को प्रदेश की प्रगति और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बीते वर्ष में न सिर्फ मौजूदा चुनौतियों का समाधान किया, बल्कि जनकल्याण और विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की नींव भी रखी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी उपस्थित रहे। सीएम डॉ. मोहन यादव के एक साल पूर्ण, सरकार की उपलब्धियों पर बात की मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अगले पाँच साल में मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक साल पूरे होने पर अपनी बात की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि अटल जी ने देशभर की नदियों को जोड़कर सिंचाई से लेकर बाढ़ जैसी समस्याओं के समाधान का स्वप्न देखा था। उनके इस विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 11 जिलों को जोड़ने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कार्य प्रारंभ है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश के 10 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी और पेयजल की समस्या का भी समाधान होगा। इस योजना के तहत चंबल बेल्ट में पानी की उपलब्धता से औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को नदी जोड़ो अभियान का उद्घाटन छतरपुर में करेंगे। इसी के साथ पार्वती-कालीसिंध-चंबल प्रस्ताव (पीकेसी) की 70 हज़ार करोड़ की परियोजना भी शुरु होने जा रही है। ‘हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्ध’ किसानों की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जिनके पास भी बिजली के टेंपरेरी कनेक्शन हैं..ऐसे एक लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे जिससे उन्हें पूरे साल बिजली मिलेगी। सोलर पंप और सस्टेनेबल ऊर्जा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्थिक प्रगति के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को 35% आरक्षण देने और 26 लाख लाड़ली बहनों को गैस रिफलिंग की राशि प्रदान करने की योजना को मुख्यमंत्री ने एक बड़ी उपलब्धि बताया। डॉ. मोहन यादव ने बताया कि युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरी तो दी ही जाएगी, इसी के साथ ढाई लाख नौकरियों के अवसर सृजित किए गए हैं। इसी के साथ युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है और इस दिशा में लगातार काम किए जा रहे हैं। छात्रों के लिए अंकसूची और टीसी को अब डीजी लॉकर के माध्यम से ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके अलावा, रोजगारपरक कोर्स और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में आने जाने के लिए बस की सुविधा दी है। ‘उज्जैन में साधु संतों को दिए जाएंगे स्थायी भूखंड’ मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उज्जैन को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और आगामी कुंभ मेले को लेकर सरकार की तैयारियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की तर्ज पर उज्जैन में साधु संतों को स्थायी रूप से बसाने के लिए भूखंड दिए जाएंगे। महेश्वर और चंदेरी जैसे ऐतिहासिक स्थानों को पर्यटन मानचित्र पर उभारने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने लिए भी तमाम प्रयास हो रहे हैं। सीएम ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 17 सरकारी और 13 निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। मेडिसिटी की अवधारणा को लागू किया जा रहा है और आयुर्वेदिक कॉलेज भी स्थापित किए जा रहे हैंमोहन सरकार के एक साल पूर्ण होने पर प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक जनकल्याण पर्व भी मनाया जा रहा है।। इसके अलावा, अधोसंरचना विकास के तहत इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन और वंदे मेट्रो प्रोजेक्ट जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया और सरकार के एक साल पूर्ण होने पर 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक मनाए जाने वाले जनकल्याण पर्व के बारे में भी जानकारी दी। वीडी बोले- ये तुरंत एक्शन लेने वाली सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि, एक साल पहले आज के ही दिन 13 दिसंबर को मोहन यादव जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। सरकार के साथ भाजपा के संगठन ने प्रधानमंत्री मोदी जी की नीति और डबल इंजन की सरकार ने दोगुना काम किया है। मध्य प्रदेश की सरकार तुरंत एक्शन करने वाली सरकार है। महिला, किसान, गरीब, युवा इन चार वर्गों पर सरकार ने फोकस किया है। पीएम श्री एम्बुलेंस के माध्यम से सरकार ने संवेदनशीलता प्रदर्शित की है। महिलाओं को 35% आरक्षण देने का काम डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व की संवेदनशील सरकार ने किया। मध्य प्रदेश के समग्र विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्रियल समिट के माध्यम से लोकल उद्योगपतियों को अवसर देने के लिए शुरुआत की गई है। शहरों के समग्र विकास के लिए देश में मध्य प्रदेश कैसे आगे जाएगा उसके लिए मेट्रोपोलिटन सिटी डेवलप करने का प्रयास सरकार ने किया है। आने वाले समय में केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जो अटल जी का सपना है भी जल्द पूरी होने वाली है। तीन नदियों के जुड़ने से प्रदेश के 11 जिलों को फायदा सीएम यादव ने आगे कहा कि तीन नदियों पार्वती, काली सिंध, चंबल को जोड़ने का मामला राजस्थान में विरोधी विचारधारा की सरकार होने के चलते अटका हुआ था। राजस्थान की कांग्रेस सरकार को यह मंजूर नहीं था। लेकिन अब … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग मार्ग पर सब चले

योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव योग मार्ग पर सब चले, योग हमारे जीवन की बदलता है दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग मार्ग पर सब चले फ्रीगंज का नवीन ब्रिज 21 मी. चौड़ा बनेगा मुख्यमंत्री ने योग शिविर में भाग लेकर किया योग उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को प्रात: उज्जैन में योग ऋषि स्वामी रामदेव बाबा के शिष्य डॉ. स्वामी परमार्थ देव महाराज के सानिध्य में होमगार्ड मैदान में निशुल्क (इंटीग्रेटेड) योग शिविर में शामिल होकर योग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं। योग मार्ग पर सब चले। योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फ्रीगंज का नवीन ब्रिज 21 मी. चौड़ा बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग करने के बाद संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन निवासी बड़े भाग्यशाली हैं, जो भगवान श्रीमहाकाल, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली में निवास करते हैं। उन्होने कहा कि परमात्मा ने हमें जो मनुष्य देह दी है उसे सम्भालना अवश्यक है। हमारे देश में प्राचीन काल से ही योग का बड़ा महत्व रहा है। रामदेव बाबा ने योग को हमारे देश में ही नहीं विदेशों में भी अत्यंत लोकप्रिय बनाया है। उन्होंने कहा कि 21 जून को योग दिवस और 21 दिसम्बर को ध्यान दिवस मनाया जायेगा, दोनों तिथियां उत्तरायण एवं दक्षिणायान के लिए महत्व रखती है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भौतिकवाद के साथ-साथ प्राचीन विरासत को सम्हालते हुए देश का निरंतर विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक वर्ष पूर्ण होने जा रहा है। प्रदेश के विकास के साथ-साथ उज्जैन का भी निरंतर विकास जारी है। योग, कुविचार एवं कुरीतियों को खत्म करता है। विधाता ने जन्म दिया है तो सबकी मृत्यु का समय भी नियत किया है, इसलिए हमें अच्छे कार्य करना चाहिए। प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन को एक के बाद एक नई नई सौगाते मिल रहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 को देखते हुए होमगार्ड के लिए नवीन जगह उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड जवानों के सेवा कार्यों की सराहाना करते हुए कहा कि न्यूनतम साधन के बाद भी बेहतर काम किया जा रहा है। सबकी समस्याओं का समाधान किया जायेगा। इस अवसर पर भारत स्वाभिमान के प्रांतीय प्रभारी राजेन्द्र आर्य, होमगार्ड के जवान, एसडीइआरएफ के जवान, उनके परिजन, सिविल डिफेन्स वालेंटियर, आपदा मित्र, अनेक समाजिक संगठन तथा वरिष्ठ जन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग के मार्ग पर सभी को चलना चाहिए, योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार सुबह योग ऋषि स्वामी रामदेव महाराज के शिष्य डॉ. स्वामी परमार्थ देव महाराज के सानिध्य में नागझिरी चौराहा स्थित होमगार्ड मैदान में निशुल्क (इंटीग्रेटेड) योग शिविर में भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं। योग के मार्ग पर सभी को चलना चाहिए। योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग के बाद संबोधित करते हुए कहा कि उज्जैन के निवासी बड़े भाग्यशाली हैं, जो भगवान श्री महाकाल और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली में रहते हैं। परमात्मा ने हमें जो यह मनुष्य देह दी है, उसका संरक्षण करना आवश्यक है। हमारे देश में प्राचीन काल से योग का बड़ा महत्व रहा है। बाबा रामदेव ने योग को न केवल भारत में बल्कि विदेशों तक प्रसिद्ध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून को योग दिवस और 21 दिसंबर को ध्यान दिवस मनाया जाएगा, जो उत्तरायण और दक्षिणायन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण तिथियां हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के भौतिकवाद के साथ-साथ प्राचीन विरासत को सहेजते हुए विकास की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होमगार्ड के मैदान से सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है। प्रदेश के विकास के साथ-साथ उज्जैन का भी निरंतर विकास हो रहा है। योग करने से कुविचार और कुरीतियां समाप्त होती हैं। विधाता ने जन्म दिया है, तो मृत्यु का समय भी निर्धारित किया है। इसलिए हमें अच्छे कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में होमगार्ड के कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने मुख्यमंत्री से सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड में नई भर्ती और होमगार्ड के लिए नए स्थान की आवश्यकता की मांग की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया और जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने होमगार्ड के जवानों के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि न्यूनतम साधनों के बावजूद बेहतर कार्य किया जा रहा है। सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।  

श्रीकृष्ण का जीवन प्रशासनिक दक्षता का श्रेष्ठ उदाहरण है – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

शिक्षा की परंपरा से प्रदेश व उज्जैन का बहुत पुराना नाता है- मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालिदास अकादमी में अंतराष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए श्रीकृष्ण का जीवन प्रशासनिक दक्षता का श्रेष्ठ उदाहरण है – मुख्यमंत्री डॉ.यादव इस्कॉन का प्रचार रथ संपूर्ण भारतवर्ष में करेगा श्रीमदभगवद् गीता का प्रचार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, जो सदा से ही धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बिन्दु है, आज श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ से और अधिक भव्य, दिव्य और ऊर्जामयी लग रही है। अर्जुन को माध्यम बनाकर मुक्ति के तीनों मार्गों – भक्तियोग, ज्ञानयोग और कर्मयोग की गूढ़ता को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए मोक्षदा एकादशी के दिन ही कुरूक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अपना विराट स्वरूप प्रकट किया था और श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में ज्ञान का संदेश दिया। वेदों का सार उपनिषदों में है और उपनिषदों का निचोड़ श्रीमदभगवद्गीता में है। इस लिहाज से विश्व की प्राचीनतम और समृद्धतम आध्यात्मिक ज्ञानकोष का क्रैशकोर्स है श्रीमदभगवद्गीता। आजकल धर्म का अर्थ केवल पूजा-पद्धति से जोड़ा जाता है, लेकिन सनातन संस्कृति में धर्म का वास्तविक अर्थ था आदर्श आचरण संहिता। श्रीमद्भगवद्गीता जीवन जीने के उसी आदर्श आचरण का प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश व उज्जैन से गहरा नाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस वध के बाद महाराजा उग्रसेन को पुन: राजा बनाया और स्वयं उज्जैन के सांदीपनी आश्रम में आकर 64 कलाओं की शिक्षा प्राप्त की। यह मनुष्य के जीवन में शिक्षा के महत्व को दर्शाती है और शिक्षा की सनातन परंपरा से मध्यप्रदेश व उज्जैन का गहरा नाता जोड़ती है। महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी नारायणी सेना कौरवों को दी और स्वयं पाण्डवों के पक्ष में रहे। भगवान श्रीकृष्ण की नारायणी सेना इतनी अनुशासित थी कि उसके सैनिकों ने युद्ध भूमि से पलायन नहीं किया और अंत तक युद्ध में डटे रहे। भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से निकली श्रीमद्भगवद् गीता से कर्मयोग की शिक्षा प्राप्त होती है। भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में लोग गीता की शिक्षा का अनुसरण कर रहे हैं। श्रीमद्भगवद् गीता प्राणियों के जीवन में शांति, सहनशीलता, न्यायोचित, आदर्श जीवन मूल्य, मर्यादा का संदेश देती है। इसी कारण सनातन संस्कृति हजारों वर्ष के बाद भी अपने सम्पूर्ण गौरव के साथ विद्यमान है। गीता के संदेश से मानव मात्र के कल्याण के लिए अपने जीवन का क्षण-क्षण समर्पित कर देने की प्रेरणा मिलती है। चाहे आप छात्र हों, गृहिणी हों, व्यवसायी हों, नौकरीपेशा हों, या अधिकारी हों, चाहे आप हिन्दू हों, बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई या मुस्लिम हों, श्रीमद्भगवद्गीता आपको अपने-अपने क्षेत्र में, अपने-अपने पंथ में रहते हुए बेहतर प्रोफेशनल, बेहतर पिता, बेहतर पुत्र, बेहतर नागरिक और बेहतर नेतृत्वकर्ता बनने का मार्गदर्शन करेगी। इसलिए जीवन में लक्ष्य पाने के लिए हम सभी को श्रीमदभगवद् गीता का दिव्य पाठ करना चाहिए। गीता का ज्ञान सभी के लिए है, गीता साक्षात देववाणी है, गीता दिव्यवाणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भोपाल में भगवत भक्तों ने गीता पाठ कर एक अनूठा विश्व रिकार्ड बनाया है। हम मध्यप्रदेश में गीता जी को पाठ्यक्रम में भी सम्मिलित कर रहे हैं। श्रीमदभगवद गीता पर आधारित स्कूली छात्रों की प्रतियोगिता में 45 लाख से अधिक बच्चों ने भाग लिया व पुरस्कार जीतें। श्रीकृष्ण पाथेय अंतर्गत जहां भगवान कृष्ण के चरण पड़े वहां बनेंगे तीर्थ प्रदेश में कृष्ण पाथेय का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें अंतर्गत प्रदेश में विद्यमान भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन धूमधाम से किया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शैक्षणिक संस्थाओं में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से संबंधित विभिन्न प्रसंगों पर शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अकादमी परिसर में ‘श्रीमद्भागवत पुराण’ की पहाड़ी शैली में निर्मित चंबा के कलाकार विजय शर्मा की चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने इस्कॉन मंदिर के श्रीमद्भगवद गीता प्रचार रथ को पूजा-अर्चना कर रवाना किया। यह प्रचार रथ संपूर्ण भारत में श्रीमदभगवद् गीता का प्रचार करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमदभगवद् गीता एवं मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित छात्रों की प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार दिए। पुरस्कार वितरण कर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने क्रिस मार्टिन से चर्चा कर प्रथम आने पर शुभकामनाएं प्रेषित की। क्रिस मार्टिन ने बताया कि वह ईसाई परिवार से संबंध रखने के बावजूद श्रीमदभगवद् गीता अध्ययन करते हैं एवं उसका सम्मान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणेश गीता, श्रीराम गीता, श्रीदेवी गीता, श्रीशिव गीता, श्रीयम गीता, भारतीय ज्ञान परंपरा, समय का भारतीयकरण पुस्तकों का विमोचन किया। सम्राट विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी द्वारा स्वागत भाषण देकर अतिथियों का स्वागत किया गया। राजेश कुशवाह द्वारा कार्यक्रम का आभार माना गया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतपूर्ण गिरी जी महाराज, परम पूज्य भक्तिप्रेम स्वामी महाराज, स्वामी रंगनाथाचार्य महाराज, रामनाथ महाराज उपस्थित थे।  

एक साल बेमिसाल- मोहन का उद्योग-जाल 

सत्येंद्र जैन मध्य प्रदेश में महाराजा विक्रमादित्य की भाँति परम प्रतापी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यकाल का पहला साल पूर्ण हुआ है।उद्यमशीलता के पर्याय यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मध्य प्रदेश में निवेश और उद्यमों को संवर्धित करने के लिए सर्वस्व उद्यम अर्पण कर रहे हैं।एक समय वर्ष 2003 में प्रदेश की औद्योगिक विकास दर माइनस में थी।भाजपा की शिवराज सिंह चौहान , उमा भारती और स्वर्गीय बाबूलाल गौर की सरकार के परिश्रम और उद्योग हितैषी नीतियों के माध्यम से आज प्रदेश की औद्योगिक विकास दर लगभग 24 प्रतिशत है।मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश विकास के पथ पर सरपट दौड़ रहा है। आज मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश लगभग 4 लाख करोड़ रुपए है।आज औद्योगिक क्षेत्र भी सैकड़ों हैं।भाजपा की मोहन सरकार का भविष्य में इस निवेश को 20 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गहन अनुसंधान कर मध्य प्रदेश के विकास के रोडमैप को, ब्लू प्रिंट को तैयार किया है।यह भलीभांति अनुभव किया है कि प्रदेश के तीव्र आर्थिक विकास के लिए उद्योगों को,व्यापार वाणिज्य को बढ़ावा देना आवश्यक है।उद्यम क्षेत्र में अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।इनका समुचित दोहन कर अर्थव्यवस्था को, औद्योगिक विकास को तीव्र गति प्रदान करेगा।यही कारण है कि उद्यमी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव,प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछाने के लिए संकल्पित हैं।प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिये यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पहली बार संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ ही देश के बड़े महानगरों में रोड-शो किए।विदेशों से भी उद्योगपतियों को आकर्षित कर निवेश लाने की पहल की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से सशक्त होगा और युवाओं को रोजगार के अधिकतम अवसर मिलेंगे। मध्यप्रदेश को औद्योगिक हब,मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनाने और रोजगार के अवसर सृजित करना मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, सागर और देश के महानगर मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो से 2,76,070 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे 3,28,670 रोजगार सृजन होगा। मध्यप्रदेश में निवेश लाने के लिये डॉ मोहन यादव हर जगह जाने को तैयार हैं। चाहे वह देश के अंदर हो या देश के बाहर हो। उनका प्रयास है कि मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से सबल हो और देश की अर्थव्यवस्था में महती भूमिका निभाए।आज भारत दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।देश की जीडीपी में योगदान 3.5 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 5 प्रतिशत हो गया है। भाजपा की मोहन सरकार देश की पाँच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में 550 बिलियन डॉलर के योगदान की लक्ष्य पूर्ति हेतु संकल्पित है।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की यूके और जर्मनी यात्रा के दौरान विभिन्न सत्रों, वन-टू-वन मीटिंग्स और राउंड-टेबल मीटिंग्स में चर्चा के अनुसार लगभग 78,000 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नर्मदापुरम में रि‍जनल इंडस्‍ट्री कॉन्क्लेव से 31,800 करोड से निवेश प्रस्‍ताव मिले जिससे 40 हजार रोजगार मिलेंगे। मोहन सरकार को प्रदेश में औद्योगिक निवेश हेतु लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव उद्यमियों से प्राप्त हुए हैं।वह दिन दूर नहीं जब मध्य प्रदेश का औद्योगिक निवेश वर्तमान में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए है,बढ़कर शीघ्र ही दस लाख करोड़ होगा।खनिज क्षेत्र में भी राजस्व वर्तमान में 10 हजार करोड़ रुपए से 50 हजार करोड़ रुपए अर्जित करने के लिए संकल्पित हैं।विभिन्न प्रकार की औद्योगिक सब्सिडी भी उद्योगों को प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के औद्योगिक लक्ष्यों की पूर्ति हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चेतन कश्यप भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे हैं। कुशल प्रशासक महाराजा विक्रमादित्य की भाँति यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः अर्थात परिश्रम से कार्य सिद्ध होते हैं, मनोरथ से नहीं इस मंत्र को आत्मसात कर मध्य प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछा ,समृद्धि और सुख के सहस्रों प्रवेशद्वार खोल रहे हैं।भाजपा सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को एक साल बेमिसाल की हार्दिक बधाई।आप जनकल्याण क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान गढ़ते जाएं। इति श्री।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज छकतला में करेंगे 1700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की सोंडवा उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन

अलीराजपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 दिसम्बर 2024 को अलीराजपुर के प्रथम प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव छकतला में सोंडवा उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन कर जिले को सौगात देंगे। 1700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना के माध्यम से जिले के 169 ग्रामों की 55 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी एवं पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल संसाधन विभाग, लोक सेवा यांत्रिकी विभाग सहित कई अन्य विभागों की योजनाओं का भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव छकतला में कृषि विकास केंद्र द्वारा मोटे अनाज (अन्न) के प्रचार-प्रसार एवं जिले में उत्पादन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रदर्शनी, उद्योग विभाग द्वारा डायमंड पोलिसिंग कार्य प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अलीराजपुर प्रवास के दौरान कृष्ण प्रणामी संप्रदाय के कार्यक्रम में भी सम्मिलित होंगे।  

लेपा में आयोजित ग्रामीण प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलकर ही गांवों का विकास हो सकता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गौपालन को प्रोत्साहन दिया था और गौधन के बगैर खेती का कार्य संभव नहीं है। गौपालन हमारी पुरातन संस्कृति रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को खरगोन जिले की कसरावद तहसील के ग्राम लेपा में निमाड़ अभ्युदय संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ग्रामीण प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने माकड़खेड़ा से पीपलगोन रोड पर टिगरियाव से बम्हनगांव के बीच वेदा नदी पर पुल बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निमाड़ अभ्युदय संस्थान द्वारा आयोजित ग्रामीण प्रौद्योगिकी सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि तीन दिनों के अमृत मंथन से निकले विचार गांवों में ग्रामीण तकनीक के विकास को प्रोत्साहित करेंगे और इसे गांवों में नियोजित करेंगे। इस संस्थान की संचालक भारती दीदी द्वारा 19 वर्ष पहले शिक्षा का जो पौधा रोपा गया था, वह आज वट वृक्ष बन गया है। ऐसे संस्थान को आगे आकर काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ग्रामीण तकनीक को बढ़ावा देने के पक्षधर रहे हैं। विश्व के 200 से ज्यादा देशों की व्यवस्थाओं में उथल-पुथल हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण भारत की पताका और ऊंची होती जा रही है। हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इतना ही नहीं हमारा देश विश्व की सबसे अधिक आबादी और सबसे अधिक युवाओं वाला देश भी है। आज हमारे देश का स्वर्णिम काल है। आर्थिक रूप से संपन्न ब्रिटेन को पीछे छोड़कर भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत सियाराम बाबा ने गीता जयंती के दिन सूर्योदय के समय देह का त्याग किया है। संत सियाराम बाबा का हम सब पर सदैव आशीर्वाद बना रहे, ऐसी कामना करते हैं। इस अवसर पर सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, विधायक सचिन यादव, सचिन बिरला, राजकुमार मेव, बालकृष्ण पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, हितानंद शर्मा, संस्थान की अध्यक्ष ललिता देशपांडे, संचालक भारती दीदी, मुंबई के उद्योगपति मौलिक शाह एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

CM यादव 14 दिसंबर को करेंगे सरसी आइलैंड रिसोर्ट का उद्घाटन

शहडोल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 दिसंबर को पर्यटन विभाग द्वारा नवनिर्मित सरसी आइलैंड रिसॉर्ट का उद्घाटन करेंगे। शहडोल जिले में बाणसागर डैम के बैकवाटर पर निर्मित यह रिसॉर्ट प्रमुख पर्यटन स्थल बांधवगढ़ नेशनल पार्क और मैहर के समीप स्थित है। यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह एक अनूठा अनुभव होगा। इको-सर्किट परियोजना के तहत विकसित यह स्थल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्यटकों के ठहरने के लिए 10 इको हट्स तैयार प्रमुख सचिव, पर्यटन और संस्कृति विभाग एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि, सरसी आइलैंड रिसॉर्ट में पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। यहां तीन बोट क्लब बनाए गए हैं, जो वाटर स्पोर्ट्स के रोमांचक अनुभव का अवसर देंगे। पर्यटकों के ठहरने के लिए 10 इको हट्स तैयार किए गए हैं, जहां से प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया जा सकता है। खाने-पीने के शौकीनों के लिए एक आकर्षक रेस्टोरेंट की व्यवस्था की गई है। 14 दिसंबर को होने वाले इस भव्य उद्घाटन के साथ शहडोल और इसके आसपास का क्षेत्र देशभर के पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन जाएगा।  

मध्य प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़ी, प्रशासनिक इकाई सुधार आयोग का भी गठन किया गया, पहली बार बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हुई

 भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुशासन का मंत्र है- आम आदमी के काम सरलता से हो। पात्रों को योजनाओं का लाभ मिले। मोहन यादव सरकार ने कई नवाचार किए। यही वजह है कि वर्ष में सुशासन के प्रयासों से जनविश्वास जागा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं संभागीय मुख्यालयों पर जाकर विकास योजनाओं की समीक्षा की। पहली बार अपर मुख्य सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को संभागीय प्रभारी बनाकर भेजा तो वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई कर यह संकेत भी दिए कि सुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को मैदान में उतारा तो नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित राजस्व से जुड़े मामलों का निराकरण कराने महाअभियान चलाया। 80 लाख मामलों का हुआ निराकरण ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व से जुड़े प्रकरण बड़ी संख्या में सामने आते हैं। लाखों प्रकरण लंबित थे। इसके निराकरण के लिए पहला महाअभियान 15 जनवरी से 15 मार्च तक चलाया, जिसमें 30 लाख राजस्व मामलों का निपटारा हुआ। दूसरा महाअभियान 18 जुलाई से 31 अगस्त तक चला, जिसमें 50 लाख राजस्व मामलों का निपटारा हुआ। इनमें 18 लाख 95 हजार 239 नामांतरण प्रकरणों का निराकरण किया। सीमाओं का होगा पुनर्निधारण प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। नए जिलों की मांग भी है। तहसील के पुनर्गठन के प्रस्ताव भी मिल रहे हैं। कई कस्बे अव्यावहारिक रूप से उन जिलों में शामिल हैं, जिनका मुख्यालय दूर है। इससे जहां आमजन को परेशानी होती है, वहीं, प्रशासनिक नियंत्रण में परेशानी आती है। प्रशासनिक इकाई सुधार आयोग का भी गठन किया गया। अधिकारियों को दिया कड़ा संदेश सामान्यत: जब भी कोई दुर्घटना होती है तो छोटे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर कार्रवाई कर दी जाती है। प्रदेश की मोहन सरकार में पहली बार छोटे नहीं बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी। मुख्यमंत्री ने गुना बस हादसे में 13 लोगों के निधन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन आयुक्त, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाया। इसी तरह ट्रांसपोर्टर की देशव्यापी हड़ताल के दौरान शाजापुर में ट्रक ड्रायवर को औकात दिखाने की बात कहने वाले कलेक्टर को भी हटाया गया। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाना ना पड़े     आमजन को सुविधा देने के लिए जो नवाचार किए गए हैं, वे तो अच्छे हैं पर प्रक्रियाओं का सरलीकरण आवश्यक है। जब तक यह नहीं होगा, आमजन परेशान होते रहेंगे। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि लोगों को अपना काम कराने के लिए ऑफिसों के चक्कर ही न लगाने पड़ें। संभागों में कमिश्नर तैनात हैं तो उन्हें सशक्त बनाना चाहिए ताकि छोटे-मोटे कामों के लिए मंत्रालय तक प्रकरण ही न पहुंचें। अधिकारों का विकेंद्रीकरण हो और अधिकारी संवेदनशील रहें। – शरद चंद्र बेहार, पूर्व मुख्य सचिव  

राज्य सरकार प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों की माली हालत सुधारने बड़ा कदम उठाने जा रही, देंगी अंशपूंजी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भारत सरकार द्वारा जारी रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत बिजली कंपनियों को राज्यांश 40 प्रतिशत राशि लगभग 6 हजार करोड़ रुपये ऋण के स्थान पर अंशपूंजी/अनुदान के रूप में देने की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों को वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, वितरण हानियों में कमी तथा वितरण प्रणाली सुदृढीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण/विकास कार्यों के लिए राज्यांश की राशि ऋण के स्थान पर राज्य शासन द्वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जाएगी। योजनांतर्गत बिजली कंपनियों को अद्यतन ऋण के रूप में दिए गए राज्यांश को भी अंश पूंजी में परिवर्तित किया जाएगा। योजनांतर्गत केंद्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि भी राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे प्रदेश में स्थापित होने वाले स्मार्ट मीटर के कार्य में तेजी आएगी। यह राशि 6 हजार करोड़ से अधिक होती है। योजना में 60% राशि केंद्र सरकार देती है। इस फैसले से बिजली कंपनियों को कर्ज और उसके ब्याज का बोझ कम होगा। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।  धान की मिलिंग करने वाले धान मिल मालिकों को राहत देते हुए वर्ष 2023-24 खरीफ में की बकाया प्रोत्साहन राशि और अपग्रेडेशन राशि के भुगतान को मंजूरी दे दी। प्रोत्साहन राशि 300 करोड़ और अपग्रेडेशन राशि 238 करोड़ है। यह भुगतान पिछले एक साल से अटका था। फायदा 1050 धान मिलर्स को मिलेगा। फैसले के मुताबिक, धान मिलर्स को मिलिंग राशि 10 रु./प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन राशि 50 रु. की दर से दी जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद डिपटी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि सेंट्रल पूल में एफसीआई को 20 फीसदी धान की आपूर्ति पर 40 रुपए और सेंट्रल पूल में 40 फीसदी धान देने पर 120 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अपग्रेडेशन राशि राज्य सरकार मिलर्स को देगी। सरकार के इस फैसले से किसानों से खरीदी जा रही धान की मिलिंग में तेजी आएगी साथ ही पीडीसी के तहत गरीबों को बांटे जाने वाले चावल की आपूर्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी। गौरतलब है कि पीडीसी के तहत मप्र अपनी जरूरत का चावल राज्य पूल में रख लेगा, इसके अतिरिक्त जितना अतिरिक्त चावल होगा, उसे केंद्र सरकार के फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) को भेज देगा। पीएम ऊषा और रूसा के लिए दी सैद्धांतिक मंजूरी केबिनेट ने केन्द्र सरकार की दो योजनाओं पीएम ऊषा (उच्चतर शिक्षा अभियान) और रूसा (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) के प्रदेश में स‌ंचालन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों को अपग्रेडेशन, रिसर्च, जेंडर इक्वेलिटी और सभी को समान अवसर देने वाले काम करने के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय मदद मिल सकेगी। जन विश्वास विधेयक और सप्लीमेंट्री बजट प्रस्ताव को भी मंजूरी केबिनेट ने मंगलवार को विधानसभा के शीत सत्र में पेश किए जाने वाले राज्य सरकार के सप्लीमेंट्री (अनुपूरक) बजट को भी मंजूरी दे दी है। यह लगभग 15 हजार करोड़ के आसपास हो सकता है। इसके साथ ही ईज ऑफ डूइंग के तहत जन विश्वास विधेयक, नगर पालिक व नगर पालिका संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को भी मंजूरी दे दी गई। अब नगर निगमों में अध्यक्ष और नगर पालिका व नगर परिषदों में अध्यक्ष को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि 2 साल से बढ़ाकर 3 साल की जाएगी। इसके साथ ही अविश्वास प्रस्ताव के लिए तीन चौथाई बहुमत की जरूरत होगी।  

मुख्यमंत्री यादव ने 1.29 करोड़ लाडली बहनों के खातों में ट्रांसफर की राशि, गीता पाठ का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

भोपाल भोपाल (Bhopal) के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम (Motilal Nehru Stadium) में जन कल्याण पर्व के अंतर्गत महिला सम्मेलन (Women’s Conference) और गीता महोत्सव (Geeta Festival) का आयोजन किया गया। गीता जयंती के अवसर पर बुधवार को मोतीलाल नेहरू स्टेडियम के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सात जार से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसमें 3721 आचार्यों ने गीता के तृतीय अध्याय का सस्वर पाठ किया। यह रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (Guinness Book of Records) में दर्ज किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) भी उपस्थित रहे। गिनजी बुक ऑफ ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एजुकेटर विश्वनाथ ने विश्व रिकॉर्ड की घोषणा की। जिसके बाद मुख्यमंत्री को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट सौंपा गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1250 रुपये की राशि प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में भेजी। इस राशि का वितरण मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व के शुभारंभ के साथ किया गया। लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2023 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहले योजना के तहत 1000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गैस रिफलिंग के करीब 350 करोड़ रुपये भी महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजभोज की इस धरती पर एक साल पहले कला और संस्कृति की धारा आनंद में डुबकी लगा रही थी। आज फिर यहां आनंद का कार्यक्रम हो रहा है। उन्होंने कहा कि पांच हजार साल पहले एक रिकॉर्ड बना था, उस समय गिनीज बुक नहीं थी, लेकिन वह वाणी परमात्मा की दी हुई थी, जो गीता के पवित्र ग्रंथ के रूप में आज भी हमको कर्मवाद की शिक्षा देती है और भक्तिवाद की ओर ले जाती है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए कहा कि यह एक अनूठा कार्यक्रम है। उन्होंने गीता पाठ के गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड बनने पर सभी को बधाई दी और कहा कि वह कामना करते हैं कि इस तरह के रिकॉर्ड बनाने वाले कार्यक्रम आगे बढ़ते जाएं और आने वाले समय में कोई इससे बड़ा कार्यक्रम करें, जिससे हमारा पूरा मंच और देश आनंद में डूबे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता के तीसरे अध्याय में कर्मवाद और कर्मयोग की जो बात की गई है, वह हमारे जीवन में आदर्श आचार्य संहिता के रूप में प्रकट होती है। हमारी धर्म संस्कृति में सब कुछ है और पूजा पद्धतियों के प्रति कोई विरोध नहीं है, लेकिन हमें धर्म आधारित आचार संहिता का पालन करना चाहिए, जो हमारे परिवारों और रिश्तों को आदर्श रूप में स्थापित करती है। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनाओं को भी बधाई दी और कहा कि आज उनके खाते में बड़ी राशि डालने का कार्य किया गया है। साथ ही, आज सरकार के एक साल पूरे होने पर दो कार्यक्रम भी जुड़े हैं। एक कार्यक्रम 11 से 26 दिसंबर 2024 तक प्रदेश में जन-कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ और लोकार्पण होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों का भी जश्न मनाया जाएगा। जन-कल्याण पर्व के दौरान प्रदेशभर में विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी, जो प्रदेश की जनता के लिए लाभकारी साबित होंगी। महिलाओं को सालाना 15 हजार की आर्थिक सहायता दरअसल, लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा साल 2023 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहले योजना के तहत 1000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इससे महिलाओं को सालाना 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है।    अबतक 18 किस्तें जारी हो चुकी है और अब 19वीं किस्त का इंतजार है। आमतौर पर हर महीने की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी की जाती है, हालांकि त्यौहारों को देखते हुए समय से पहले भी किस्त जारी कर दी जाती है, लेकिन इस बार एक दिन की देरी से जारी हो रही है। क्या नए साल में बढ़ेगी राशि? नए साल से पहले चर्चा ये भी है कि बजट 2025 में मोहन सरकार लाड़ली बहना योजना की राशि में इजाफा कर सकती है। यह कयास हाल ही में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान सीएम मोहन यादव के उस बयान से लगाए जा रहे है जिसमें उन्होंने कहा था कि योजना की शुरूआत में पात्र लाड़ली बहनों को 1000 रुपये दिए गए। इसके बाद यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपये की गई। इस राशि में आगे और भी वृद्धि की जायेगी। अभी सरकार 1,250 रुपये जमा कर रही है, इसे (मासिक सहायता) तीन हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये भी किया जाएगा, यह सरकार की नीति है। सीएम के इसी बयान के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या नए वर्ष में मोहन सरकार लाड़ली बहनों के लिए योजना की राशि में वृद्धि करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा संचालन के संबंध में ली बैठक

बस सेवा संचालन में यात्री सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक यात्रियों की आवश्यकता और इंटर सिटी मार्गों के महत्व को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन सुनिश्चित करें  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा संचालन के संबंध में ली बैठक आईटी के सभी लाभ यात्रियों को सरलता से प्राप्त हों भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा के संचालन में यात्री सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों की आवश्यकता और इंटरसिटी मार्गों के महत्व को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन किया जाए। टिकट बुकिंग, बस ट्रैकिंग जैसे टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के समस्त लाभ यात्रियों को सरलता से प्राप्त हों, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए समयसीमा निर्धारित करें तथा जल्द से जल्द प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा का संचालन आरंभ करना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो बस ऑपरेटर परमिट में उल्लेखित नियम शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा आरंभ करने और इसकी संगठनात्मक संरचना, दायित्व तथा संचालन के संबंध में समत्व भवन में हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। बैठक में अन्य राज्यों में संचालित व्यवस्था की जानकारी भी दी गई। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बस सेवा संचालन में लगे स्टॉफ के प्रशिक्षण के लिए संभाग स्तर पर बनेंगे ट्रेनिंग सेंटर बैठक में जानकारी दी गई की शहरी, ग्रामीण परिवहन सेवा के साथ-साथ अंतर शहरी अन्तर्राज्यीय नवीन यात्री परिवहन सेवा का प्रबंधन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। क्षेत्रीय स्तर पर कंपनियां होंगी और जिला स्तर पर निगरानी के लिए भी परिवहन समितियां का गठन होगा। राज्य स्तरीय और संभाग स्तरीय कार्यालय में कंट्रोल एवं कमांड सेंटर स्थापित किए जाएंगे। नोटिफाईड रूटस पर निविदा प्रक्रिया से ऑपरेटर का चयन तथा अनुबंध होगा। कंपनी, अनुबंधित ऑपरेटर्स को परमिट और संचालन में सहयोग प्रदान करेगी। यात्री बस सेवा संचालन में लगे स्टाफ के प्रशिक्षण के लिए संभाग स्तर पर ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। अद्यतन आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का होगा उपयोग यात्रियों की सुविधा और बेहतर बस सेवा संचालन के लिए अद्यतन आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का उपयोग किया जाएगा। यात्रियों के लिए ई-टिकट, मोबाइल एप, बस ट्रैकिंग, ऑक्युपेंसी देखने और भुगतान की सरलतम सुविधा उपलब्ध होगी। अनुबंधि ऑपरेटर्स के लिए ऑपरेटर ऐप, वीडियो ऑडिट सॉफ्टवेयर, फील्ड ऑडिट डैशबोर्ड आदि की व्यवस्था होगी। राज्य एवं संभाग स्तरीय कंपनियां ,कंट्रोल कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर, बस- ऑटो-टैक्सी-मेट्रो आदि के लिए एक बुकिंग प्लेटफार्म, ऑनलाइन ई-बुकिंग तथा बसों की संपूर्ण मॉनिटरिंग के लिए बोर्ड का उपयोग करेंगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, एसएन मिश्रा, प्रमुख सचिव संजय शुक्ला, मनीष रस्तोगी प्रमुख सचिव, विधि एन.पी. सिंह उपस्थित थे।  

गीता जयंतीः सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा

गीता जयंतीः सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा         डॉ. मोहन यादव     आज गीता जयंती का अवसर अद्भुत और अलौकिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। मध्यप्रदेश में पहली बार ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी को गीता जयंती की मंगलकामनाएं…।     यह हमारा सौभाग्य है कि 8 से 11 दिसंबर 2024 की अवधि में चलने वाले इस महोत्सव में हमें गीता के ज्ञान और इसके महत्व को जानने तथा व्यवहार में आत्मसात करने का अवसर मिला है। विरासत से विकास की संकल्‍पना के मूल विचार में सनातन परम्‍पराएं, मान्‍यताएं और उसके कल्‍याणकारी सामाजिक परिणाम रहे हैं। इसी क्रम में गीता जयंती के अवसर पर मध्‍यप्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों और श्रीमद्भागवद गीता के सार्थक संदेशों से नागरिकों को अवगत करवाना है। सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश गीता के सस्वर पाठ का विश्व रिकार्ड स्थापित कर रहा है। इसी श्रृंखला में विद्यालयों में गीता पर केन्द्रित क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लाखों विद्यार्थियों ने सहभागिता की। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन के रहस्य की जो बात श्रीमद्भगवद गीता में समझाई है वह हम सभी के लिये पाथेय के रूप में है जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण के लिये प्रासंगिक है।     भगवान श्रीकृष्ण ने पांच हजार साल पहले महाभारत की युद्ध भूमि कुरूक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच अर्जुन को कर्मयोग की शिक्षा दी जिससे पवित्र गीता का अवतरण हुआ। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा जो बातें कही गईं वह आज भी सम-सामयिक है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने जिस गीता भाष्य की रचना की थी उसे क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद, शहीद भगत सिंह, राजगुरु आदि क्रांतिवीर अपने पास रखते थे। गीता भाष्य से प्रेरणा लेकर क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष किया। गीता हमारे लिये न केवल पवित्र ग्रंथ है बल्कि जीवन की सार्थकता सिद्ध करने का मार्ग भी है।     गीता का मध्यप्रदेश से गहरा संबंध है। भगवान श्रीकृष्ण विद्याध्ययन के लिये मध्यप्रदेश की उज्जैन नगरी आये थे। यहां महर्षि सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई थी, इसी धरती पर उन्हें सुदर्शन मिला। श्रीमद्भगवद गीता आज भी पूरे संसार के लिये एक अद्भुत ग्रंथ है। संसार के लगभग प्रत्येक देश ने अपनी स्वभाषा में गीता का अनुवाद किया और विश्वविद्यालयों ने शोध किया। व्यक्तित्व विकास की आधुनिक पुस्तकों में ऐसा कोई सूत्र नहीं जिसका वर्णन श्रीमद्भगवद गीता में न हो। श्रीमद्भगवद गीता भारतीय दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सत्कर्म के माध्‍यम से मनुष्‍य को अपने में ही दिव्‍यता का अनुभव करा देती है। यह समस्‍त मानव समाज को स्‍व-धर्म का आत्‍मबोध देती है और सच्‍चे कर्तव्‍य पथ की ओर प्रशस्‍त करती है।     मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। यह भवन गीता के ज्ञान को साझा करने का महत्वपूर्ण स्थान होगा। यहां होने वाले विचार-विमर्श से लोगों के जीवन और व्यवहार में बदलाव आयेगा। हमने प्रदेश के सभी विकासखण्डों में एक गांव को चयनित कर वृंदावन गांव के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इन गांवों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा। वृंदावन गांव में जहां एक ओर प्राचीन संस्कृति को पुष्पित और पल्लवित किया जायेगा, वहीं दूसरी ओर जैविक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जायेगा।     रामायण और श्रीमद्भगवद गीता हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं। हमारी युवा पीढ़ी को इन धर्म ग्रंथों के बारे में जानना आवश्यक है। इनके ज्ञान से अपने व्यक्तित्व और भविष्य को परिष्कृत किया जा सकता है। भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश करते हुए पाठ्यक्रमों में रामायण और गीता वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल की गई हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को गीता का ज्ञान भी दिया जा रहा है, जो धरातल पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के एक हाथ में श्रीमद्भगवद गीता है तो दूसरे हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पुस्तकें। यह बदलाव बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण से लेकर भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है।     श्रीमद्भगवद गीता में कुल 700 श्लोक हैं। इनमें 574 श्रीकृष्ण उवाच अर्थात् भगवान श्रीकृष्ण ने कुल 574 श्लोकों में जीवन का संदेश दिया है। व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के साथ संपूर्ण प्रकृति और सृष्टि के जीवन के सभी विषय,हर समस्या का समाधान इन श्लोकों के सूत्रों में है। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन की सफलता केलिये अपने धर्म के पालन और एकाग्रता के साथ कर्मशीलता पर ही बल दिया है।                 कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।         मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥          अर्थात् तुम्हारा अधिकार केवल कर्म पर है, कर्म के फल पर नहीं… इसलिए फल की चिंता किये बिना कर्म को ही कर्तव्य मानकर कार्य करो, उसी पर तुम्हारा अधिकार है।     गीता के अध्याय दो के इस श्लोक में किसी व्यक्ति के जीवन की सफलता का ही नहीं, समाज और राष्ट्र के विकास का भी यही सूत्र है। मनुष्य को अपना पूरा ध्यान अपने कर्म और कर्तव्य पर ही लगाना चाहिए। यदि व्यक्ति का समर्पण कर्तव्य के प्रति है तो उससे कोई अनुचित कार्य नहीं होगा और यदि पूरी आयोजना के साथ कर्म आरंभ किया है तो उसकी शत-प्रतिशत सफलता निश्चित है तब क्यों परिणाम के प्रति चिंतित होना चाहिए।     मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि श्रीमद्भगवद गीता की प्रेरणा से मध्यप्रदेश ने अपनी विकास यात्रा आरंभ की है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है “विकास के साथ विरासत”। इसीलिए एक ओर जहां विकास के लिये बहुआयामी योजनाओं पर काम हो रहा है वहीं भावी पीढ़ी के निर्माण और उन्हें अपने कर्म-कर्तव्य की प्रेरणा देने के लिये विरासत को भी संजोया जा रहा है। मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों में योगेश्वर और कर्मेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां बिखरी हुई हैं। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण, महू के पास जानापाव में भगवान परशुराम से भेंट, धार जिले के अमझेरा में रुक्मणी वरण और शौर्य का प्रदर्शन आदि स्थानों में उनके स्मृति चिन्ह हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय निर्माण करने … Read more

26 जनवरी 2025 तक चलेगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गीता जयंती से आरंभ होगा जनकल्याण पर्व और मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर किया जायेगा लाभान्वित  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 जनवरी 2025 तक चलेगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर केन्द्रित रहेंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार एक वर्ष पूर्ण होने पर गीता जयंती के पावन पर 11 दिसम्बर से दो कार्यक्रम प्रारंभ किये जा रहे है। “जनकल्याण पर्व” 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर 2024 तक और 11 दिसम्बर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक “मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान” चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर आयोजित किये जा रहे जनकल्याण पर्व में विभिन्न विभागों की गतिविधियां, विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के साथ जन-कल्याण के कार्य प्रमुखता से किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नागरिकों को लाभान्वित करने के लिए मौके पर ही शिविर लगाकर जन समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की 34 चिन्हित शत‌प्रतिशत सैचुरेशन की हितग्राही मूलक योजनाओं और 11 लक्ष्य आधारित योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों से संबंधित 63 सेवाएं आमजन तक पहुँचाकर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता भी रहेगी। जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक मनाये जाने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विकास गतिविधियाँ होंगी। पर्व का शुभारंभ 11 दिसम्बर को भोपाल में लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण से किया जायेगा। साथ ही हजारों आचार्यों के द्वारा गीता का सस्वर पाठ कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का दावा प्रस्तुत किया जायेगा। 12 दिसम्बर को अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) में सोंडवा माइक्रो सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन किया जायेगा। 13 दिसम्बर को भोपाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा एक वर्ष की उपलब्धियों पर आधार प्रदर्शनी लगेगी। इसके अतिरिक्त भोपाल, सीहोर एवं रायसेन से युवाओं की रातापानी अभयारण्य तक बाइक रैली निकलेगी। भोपाल संभाग में 630 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 14 दिसम्बर को बच्चों को पोषण आहार किट‍वितरण (अक्षयपात्र) कार्यक्रम, तानसेन समारोह अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। ग्वालियर में कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण और महाराजा जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण होगा। युवा संवाद एवं विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण होगा। ग्वालियर संभाग में 242.26 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 15 दिसम्बर को उमरिया में गौ-शाला का भूमि-पूजन और जबलपुर में सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण करेंगे। 16 दिसम्बर को वृहद युवा संवाद (स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित कार्यक्रम), पुलिस बैण्ड द्वारा प्रस्तुतिकरण होगा। 17 दिसम्बर को वन मेले के शुभारंभ के साथ पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना का शुभारंभ भी किया जायेगा। 18 दिसम्बर को शहडोल में साधु-संतों के साथ संवाद का आयोजन किया जायेगा। शहडोल संभाग 477.39 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण होगा। 19 दिसम्बर को बैतूल में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के समूहों और प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना के हितग्राहियों का सम्मेलन होगा। नर्मदापुरम संभाग में 151 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। जनकल्याण पर्व में 20 दिसम्बर को इंदौर में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी इंदौर का दीक्षांत समारोह होगा। साथ ही इंदौर संभाग के 10 हजार 474 करोड़ रूपये से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन होगा। इसी दिन खण्डवा में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट का लोकार्पण और खण्डवा में अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण होगा। 21 दिसम्बर को उज्जैन के डोंगला वैद्यशाला का भ्रमण आईटीआई उज्जैन का भूमि-पूजन और उज्जैन संभाग में 3 हजार 361 करोड़ रूपये का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। 22 दिसम्बर को खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम में खिलाड़ियों को किट वितरण, खिलाड़ियों का सम्मान एव अन्य खेल प्रोत्साहन की गतिविधियां होगी। 24 दिसम्बर को विभिन्न योजनाओं में हितलाभ वितरण अंतर्गत पोषण आहार की राशि का वितरण एवं गैस सिलेण्डर सब्सिडी का वितरण किया जायेगा। इसके साथ सागर संभाग में एक हजार 146 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन होगा। इस दिन तालाब सोंदर्यीकरण का लोकार्पण भी होगा। जनकल्याण पर्व में 25 दिसम्बर को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस कार्यक्रम होगा। पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन होगा। साथ ही राजा भभूत सिंह स्मृति में पचमढ़ी में ही केबिनेट बैठक होगी। जनकल्याण पर्व के आखरी दिन 26 दिसम्बर को भोपाल के रवीन्द्र भवन में छात्र-छात्राओं से संवाद होगा।  

ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट सहित अन्य कार्यक्रमों में PM मोदी आने के लिए दी सहमति

प्रदेश में 11 दिसंबर से प्रारंभ होगा जनकल्याण अभियान और जन कल्याण पर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 फरवरी को आएंगे मध्यप्रदेश ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट सहित अन्य कार्यक्रमों में PM मोदी आने के लिए दी सहमति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रियों को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में सरकार के गठन के 1 वर्ष पूर्ण होने पर 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसम्बर तक जनकल्याण पर्व मनाया जाएगा। प्रदेश के मंत्रीगण अपने प्रभार और गृह जिलों में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। जिलों में लगने वाले शिविरों में भी आवश्यक व्यवस्थाएं मंत्रीगण द्वारा सुनिश्चित की जाएं। सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी जनकल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व की गतिविधियों से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से मंगलवार को नई दिल्ली में भेंट हुई। भेंट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण दिया गया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी 24 फरवरी 2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आने की सहमति दी है। प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश में अन्य कार्यक्रमों के लिए भी आमंत्रित किया गया है। इसके लिए भी वे अपने कार्यक्रम निर्धारित कर अवगत करवाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में राज्य मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में जनकल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल के लिए मध्यप्रदेश की सराहना की है। इन परियोजनाओं के भूमि-पूजन कार्यक्रमों के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के लिए 11 केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नर्मदापुरम में हाल ही में संपन्न रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफल रहा, जिसमें 31 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। साथ ही लगभग 40 हजार व्यक्तियों को रोजगार की संभावना भी सरकार होगी। प्रदेश में शहडोल में अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की तैयारी की जा रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक शुरू होने के पहले राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गान हुआ।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम. उषा) संचालन की स्वीकृति

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान की मिलिंग के लिए प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि की स्वीकृति विद्युत वितरण कम्पनियों को रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम में 40% राशि अंशपूंजी के रूप में प्रदान करने की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम. उषा) संचालन की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार शाम को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में प्रदेश में उपार्जित धान की मिलिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन और अपग्रेडेशन राशि की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार मिलिंग राशि 10 रूपये प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन राशि 50 रूपये प्रति क्विंटल प्रदाय की जायेगी। साथ ही 20 % परिदान एफ.सी.आई को करने पर 40 रूपये और 40 % परिदान एफ.सी.आई को करने पर 120 रूपये प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि प्रदाय की जायेगी। इससे किसानों से उपार्जित धान की मिलिंग में तेजी आयेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं अंतर्गत चावल की आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के साथ राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त अतिशेष चावल की मात्रा को केंद्रीय पूल में त्वरित गति से परिदान किया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा जारी रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत विद्युत वितरण कम्पनियों को राज्यांश 40% राशि लगभग 6 हजार करोड़ रूपये ऋण के स्थान पर अंशपूंजी/अनुदान के रूप में प्रदान करने की स्वीकृति दी गयी है। निर्णय अनुसार राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों को वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, वितरण हानियों में कमी तथा वितरण प्रणाली सुदृढीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण/विकास कार्यों के लिए राज्यांश की राशि ऋण के स्थान पर राज्य शासन द्‌वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जायेगी। योजनांतर्गत वितरण कंपनियों को अ‌द्यतन ऋण के रूप में दिये गये राज्यांश को भी अंश पूंजी में परिवर्तित किया जायेगा। योजनांतर्गत केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि भी राज्य शासन ‌द्वारा वितरण कंपनियों को अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे प्रदेश में स्थापित होने वाले स्मार्ट मीटर के कार्य में तेजी आयेगी। उल्लेखनीय है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के उ‌द्देश्य से वित्तीय रूप से साध्य एवं परिचालन में दक्ष वितरण क्षेत्र विकसित करने के लिए “रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) लागू की गयी है। योजना में केन्द्र सरकार ‌द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों को प्री-पेड स्मार्ट मीटर व सिस्टम मीटरिंग के लिए 15% राशि और विद्युत अधोसंरचनात्मक विकास के लिए 60% राशि अनुदान के रूप में प्रदान किये जाने का प्रावधान है। शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जायेगी। मंत्रि-परिषद द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना ‘प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पी.एम. उषा)’ के संचालन की सैद्धांतिक सहमति दी गयी है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय, उच्चतर शिक्षा विभाग, द्वारा वर्ष 2013 से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) चरण 1.0 एवं रूसा चरण 2.0 केंद्र प्रवर्तित योजना के रूप में लागू कर प्रारम्भ की गई थी। योजना में प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पी.एम. उषा योजना को 4 घटकों पर केन्द्रित किया गया है। जिसमें बहुसंकायी शिक्षा एवं शोध विश्र्वविद्यालय, विश्र्वविद्यालय के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुदान, महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए अनुदान और लैंगिक समावेशिता एवं साम्यता पहल शामिल है।  

मध्यप्रदेश में फिल्मांकन के लिए अनुकूल वातावरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश में फिल्मांकन के लिए अनुकूल वातावरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री से मिले पंचायत वेब सीरीज के कलाकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज शाम मुख्यमंत्री निवास में लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत के कलाकार दल ने भेंट की। प्रदेश में सीहोर जिले में यह कलाकार फिल्मांकन के लिए आए थे और अब वापसी के पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सौजन्य भेंट कर संस्मरण साझा किए। प्रख्यात अभिनेता रघुवीर यादव और अभिनेत्री नीना गुप्ता ने अपने कलाकार दल के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात की और उन्हें मध्यप्रदेश में फिल्म और वेब सीरीज निर्माण के सुखद अनुभवों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फिल्मांकन की दृष्टि से काफी अनुकूल वातावरण है। राज्य सरकार द्वारा फिल्म और वेब सीरीज के निर्माण में एवं कलाकारों को पूर्ण प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकारों का सम्मान भी किया। कलाकारों द्वारा शासन प्रशासन से मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

मध्यप्रदेश में 11 दिसम्बर से मनाया जाएगा “जन कल्याण पर्व” और “मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान”

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को नदी जोड़ो अभियान अंतर्गत 2 बड़ी परियोजनाएं दी है। इसमें बुंदेलखण्ड क्षेत्र की केन-बेतवा वृहद परियोजना और पार्वती- कालीसिंध-चंबल परियोजना है। इन दोनों परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के साथ उत्तरप्रदेश और राजस्थान भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही केन-बेतवा परियोजना का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जायेगा। केन-बेतवा परियोजना से मध्यप्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र में वृहद स्तर पर सिंचाई होगी। साथ ही पेयजल भी उपलब्ध होगा। इससे पूरे क्षेत्र में समृद्धि आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत् दो दशकों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का हल निकालकर प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के 10 और राजस्थान के 13 जिलों को अनूठी सौगात दी है। साथ ही भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ो परियोजना के स्वप्न को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली में मीडिया प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश में 11 दिसम्बर से शुरू हो रहे मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान और जनकल्याण पर्व में संचालित होने वाली गतिविधियों और राज्य सरकार एक वर्ष के कार्यकाल में हुए जनहित एवं विकास के कार्यों को साझा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों और नवाचारों के माध्यम से नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश में शुरू किये जा रहे जन कल्याण अभियान और पर्व के दौरान नगरों और ग्रामों में 18 हजार करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन, शासकीय योजनाओं से वंचित रहे पात्र नागरिकों को लाभान्वित करने के साथ आमजन से जुड़ी 63 शासकीय सेवाओं से संबंधित समस्याओं का शिविर लगाकर मौके पर निराकरण किया जायेगा। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर संयंत्र एवं आईटी पार्क मध्यप्रदेश की पहचान, समृद्धि के प्रयास तेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया गया है। यह देश में अनोखा है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अलग पहचान बना रहा है। इसके साथ ही कई आईटी पार्क युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की खनिज संपदा, जल संपदा का उपयोग कर समृद्धि की संभावनाएं साकार कर रहा है। हाल ही में संभाग स्तर पर सम्पन्न उद्योग कॉन्क्लेव रोजगार वृद्धि और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होंगी। प्रदेश के बजट को साढ़े तीन लाख करोड़ से बढ़ाते हुए 4 वर्ष में 7 लाख करोड़ रूपए तक ले जाने का लक्ष्य है। यह प्रयास है कि जीडीपी में वृद्धि हो और मध्यप्रदेश भारत को विश्व की महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प में सहयोगी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाते हुए किसानों और नागरिकों के हित में निरंतर कार्य किया है। कृषि के साथ अब पशुपालन को बढ़ावा दे रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन पर बोनस प्रदान करेगी। हाल ही में राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ करारनाम हुआ है। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन देश के दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत है जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाएगा। इससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी। प्रदेश में किसानों के हित में सायबर तहसील व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जो देश में अनूठी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में लाड़ली बहनों को 450 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। लाड़ली बहना योजना में प्रतिमाह 1250 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। नारी सशक्तिकरण के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को विभिन्न पदों पर 35 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय लिया गया है। साहस की प्रतीक वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम से अन्न प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है। वीरांगना की स्मृति में दमोह जिले के सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ है। कई नगरों से भोपाल तक सस्ती हवाई सेवा प्रारंभ की गई है। आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को अनेक सुविधाएं दी जा रही हैं। पीएमएयर एम्बुलेंस भी प्रारंभ की गई हैं जो गंभीर रोगियों को एयर लिफ्ट कर बड़े चिकित्सा संस्थानों में पहुंचाने का कार्य करती हैं। मनुष्य ही नहीं पशुओं के लिए भी पृथक एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यावरण के क्षेत्र में काफी कार्य हो रहा है। “एक पेड़ माँ के नाम अभियान” के अंतर्गत वृहद पौध-रोपण हुआ है। पुराने जल स्रोतों को उपयोगी बनाने और जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नागरिकों की भागीदारी करवाकर जागरूकता बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। सड़कों के निर्माण से लेकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक स्नान व्यवस्था से जुड़े कार्य हो रहे हैं। क्षिप्रा के लिए गंगा जी की तरह हिमालय के ग्लेशियर नहीं हैं और पूर्व के सिंहस्थ में गंभीर और नदियों से क्षिप्रा में जल लाने के कार्य हुए हैं। पहली बार शिप्रा के जल से ही श्रद्धालु स्नान का पुण्य लाभ ले सकेंगे। इसके लिए अनेक कार्य संचालित हैं, जिनसे सिलार खेड़ी में वर्षा जल संग्रहित होगा। विभिन्न परियोजनाओं से शिप्रा को प्रदूषण से बचाकर स्वच्छ निर्मल जल के प्रवाह वाली नदी बनाने के कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व रहा। उन्होंने कंस को मारने के बाद उज्जैन आकर शिक्षा ग्रहण करने का कार्य किया। भगवान श्रीकृष्ण के संदेश और गीता की शिक्षाओं को नागरिकों तक पहुंचाने के लिए 11 दिसम्बर को प्रदेश स्तर पर गीता जयंती के कार्यक्रम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाचार पत्र प्रतिनिधियों को प्रदेश के सभी जिलों में की गई पुलिस बैंड व्यवस्था, कुलपति पद का नाम कुलगुरू करने, पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के एकीकरण, सुशासन और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में कपड़ा मिलों में कार्यरत रहे श्रमिकों की बरसों से लंबित बकाया राशि उन्हें दिलवाने, विभिन्न पर्व त्योहार में सरकार की सहभागिता बढ़ाने और विश्व धरोहर स्थल खजुराहो और तानसेन की नगरी ग्वालियर में कलात्मक गतिविधियों के साथ विभिन्न विश्व रिकार्ड बनाने की उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदान की।  

सीएम मोहन यादव से ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुलाकात

भोपाल  विजयपुर उपचुनाव में हार के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बयानों में मतभेद सामने आया था. इसके बाद पहली बार दोनों दिग्गज नेताओं की मुलाकात दिल्ली में हुई. दोनों ने एक दूसरे का अभिनंदन किया और यह तस्वीर भी सबके सामने आई. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निवास पर हुई मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने आधे घंटे तक बातचीत की. उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए विजयपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद यह सवाल उठा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्टार प्रचारक में शामिल होने के बावजूद विजयपुर प्रचार प्रसार करने नहीं पहुंचे. दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उन्हें पार्टी ने विजयपुर उपचुनाव में प्रचार के लिए नहीं बुलाया था, इसलिए वे नहीं पहुंचे. वहीं, पार्टी की ओर से भगवानदास सबनानी ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री को आमंत्रित किया था, मगर व्यस्तता की वजह से वे नहीं जा पाए थे. दोनों दिग्गज नेताओं की ओर से चल रही बयानबाजी में साफ तौर पर मतभेद देखने को मिला. इस बयानबाजी के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहली बार दिल्ली में मुलाकात हुई. वरिष्ठ पत्रकार सुनील जैन के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान भले ही विजयपुर उपचुनाव की हार पर मंथन ना हुआ हो लेकिन दोनों नेताओं की आमने-सामने आई तस्वीर इतना बताने का जरूर प्रयास कर रही है कि उनके बीच कोई मतभेद नहीं है. सिंधिया ने गुलदस्ता दिया तो सीएम ने पहनाया दुपट्टा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की आधे घंटे तक वार्तालाप हुई. जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और सिंधिया की मुलाकात हुई तो केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने गुलदस्ता देकर डॉक्टर मोहन यादव का अभिनंदन किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सिंधिया को दुपट्टा पहन कर उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री मोहन यादव बताई मुलाकात की वजह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उनकी मुलाकात के दौरान क्या बात हुई है? उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लिखा है, “केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से नई दिल्ली स्थित उनके निवास पर सौजन्य भेंट की, इस अवसर पर समसामयिक एवं मध्य प्रदेश के विकास संबंधित विषयों पर सार्थक चर्चा हुई”.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सभी राज्य औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए कदम उठा रहे हैं। राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए 9, 10 और 11 दिसम्बर 2024 को जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हो रहा है। राजस्थान और मध्यप्रदेश सगे भाईयों के समान हैं। दोनों राज्यों की अधिकांश जनसंख्या में सांस्कृतिक समानता होने के परिणामस्वरूप संबंधों में प्रगाढ़ता भी है। सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की गरिमामय उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सभी राज्यों को समान रूप से अपने प्रयत्नों की आहूति देनी है। मध्यप्रदेश में संभाग स्तर पर आरंभ की गई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रृंखला में अगली कॉन्क्लेव शहडोल में जनवरी-2025 में होगी। इसके बाद फरवरी-2025 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन भोपाल में किया जाएगा। हमारे लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हम भारत की प्रगति में सहभागी होंगे।  

श्रीमद्भगवद्गीता जीवन की सार्थकता को सिद्ध करने का मार्ग है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गीता महोत्सव का आयोजन प्रसन्नता और गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गीता महोत्सव का आयोजन प्रसन्नता और गर्व का विषय श्रीमद्भगवद्गीता जीवन की सार्थकता को सिद्ध करने का मार्ग है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गीता महोत्सव का आयोजन प्रसन्नता और गर्व का विषय है। इस आयोजन को मूर्त रूप देने में हरियाणा सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता महोत्सव और गीता जयंती की देशवासियों, प्रदेशवासियों और हरियाणा सरकार को शुभकामनाएं दीं। प्रदेश में 12 दिसम्बर तक होंगे विविध कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरियाणा स्थित कुरूक्षेत्र वही स्थान है, जहां भगवान श्रीकृष्ण द्वारा 5 हजार वर्ष पहले कौरव-पांडवों के युद्ध के बीच अर्जुन को कर्मवाद की शिक्षा प्रदान करने से धर्म ग्रंथ “गीता” की रचना हुई। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा कर्मवाद की शिक्षा के आधार पर की गई पुस्तक की रचना से शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरू जैसे क्रांतिकारियों ने प्रेरणा लेकर देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पवित्र भाव से जीवन के रहस्य की व्याख्या करने वाला संवाद श्रीमद्भगवद्गीता आज भी सबके लिए पाथेय और समसामयिक हैं। हमारे लिए श्रीमद्भगवद्गीता न केवल पवित्र ग्रंथ अपितु जीवन की सार्थकता को सिद्ध करने का मार्ग भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 8 से 12 दिसम्बर तक गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है इसमें श्रीमद्भगवद्गीता पर केन्द्रित विविध कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।  

11 दिसम्बर से 26 जनवरी तक मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान और जन कल्याण पर्व मनाया जाएगा

भोपाल प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी तक मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान तथा 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अभियान की तैयारियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करना है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल रीवा कलेक्ट्रेट के एनआईसी केन्द्र से बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्लीमनाबाद टनल का कार्य शीघ्र पूर्ण होने से सतना जिले के लाखों किसान लाभान्वित होंगे। नवगठित मऊगंज और मैहर जिलों के लिए जिला अस्पताल भवन स्वीकृत हो गए हैं। अभियान के दौरान इनका भूमिपूजन करके निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा। एनआईसी केन्द्र से विधायक मनगवां नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल शामिल हुईं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कमिश्नर बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, डीआईजी साकेत प्रकाश पाण्डेय, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, अपर कमिश्नर अरूण परमार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-कल्याण अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के युवा, नारी, किसान तथा गरीब वर्ग के कल्याण एवं विकास के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य करना है एवं उनके हितार्थ चलाई जा रही योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करना है। इसमें 34 हितग्राही मूलक, 11 लक्ष्य आधारित और 63 अन्य सेवाओं को आम नागरिकों तक सहज रूप से पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों की सीएम हेल्पलाइन डेशबोर्ड पर मॉनीटरिंग की जायेगी, जिसे मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं विभाग के अधिकारी भी देख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण के लिये संचालित राजस्व महाअभियान-3 की अवधि 26 जनवरी, 2025 तक के लिये बढ़ाई जाये। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगेंगे शिविर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान अवधि में शहरी और ग्रामीण अंचलों में शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं का निराकरण और पात्र हितग्राहियों को चिन्हांकित कर योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। आयुष्मान योजना में 70 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के नागरिकों के कार्ड बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजित शिविरों का माहौल और उनमें दी जाने वाली सुविधाओं को इस प्रकार से प्रचारित करें कि नागरिक स्वयं अपनी इच्छा से शिविर में आयें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-कल्याण अभियान के लिये समय-सीमा में अधिकारी-कर्मचारियों के सम्पर्क दल के गठन और योजनाओं के लाभ से वंचित नागरिकों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिये। अभियान अंतर्गत लगने वाले शिविरों का निर्धारण जिले के प्रभारी मंत्री के मार्गदर्शन में जिला कलेक्टर द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के समस्त वार्डों में लगने वाले शिविरों के स्थान और तिथि का रोस्टर बनाकर प्रचारित-प्रसारित भी किया जाये। शिविरों की मॉनीटरिंग के लिये नगरीय क्षेत्रों में जोन स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पंचायत क्लस्टर पर एक सेक्टर अधिकारी की नियुक्ति की जाये। जन-कल्याण पर्व  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक मनाये जाने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विकास गतिविधियाँ होंगी। पर्व का शुभारंभ 11 दिसम्बर को भोपाल में लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण से किया जायेगा। साथ गीता जयंती पर वृहद गीता का पाठ होगा। पर्व अवधि में अलीराजपुर की सांडवा माईक्रो सिंचाई योजना का भूमि-पूजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा राज्य सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी, भोपाल, सीहोर एवं रायसेन से युवाओं की रातापानी अभयारण्य के निकट बाइक रैली, अक्षयपात्र कार्यक्रम अंतर्गत बच्चों को पोषण आहार किट का वितरण, ग्वालियर में तानसेन समारोह अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम, कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण और महाराजा जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण होगा। जबलपुर में सरदार बल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण, उमरिया गाँव में गौशाला का भूमि-पूजन, वृहद युवा संवाद (स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित कार्यक्रम), पुलिस बैण्ड द्वारा प्रस्तुतिकरण, वन मेले का शुभारंभ, पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना का शुभारंभ, साधु-संतों के साथ संवाद, पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों का सम्मेलन, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी इंदौर में दीक्षांत समारोह, खण्डवा-ओंकारेश्वर में सोलर पार्क का लोकार्पण, उज्जैन में आईटी पार्क का भूमि-पूजन, भोपाल में खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम, विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाीा का वितरण, सागर में तालाब सौंदर्यीकरण का लोकार्पण, चिंतन शिविर का आयोजन, नर्मदापुरम (पचमढ़ी) में राजा भभूत सिंह स्मृति में केबिनेट बैठक और भोपाल (रविन्द्र भवन) में छात्र-छात्राओं से संवाद कार्यक्रम होगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि 11 दिसम्बर से 26 जनवरी 2025 तक 47 दिन चलने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान में प्रत्येक जिले में अंतरविभागीय अधिकारी और कर्मचारियों के दल गठित किये जायेंगे। यह दल हितग्राहियों को चिन्हित कर उनके आवेदन प्राप्त कर शिविर का आयोजन किया जायेगा। शिविर की मॉनीटरिंग के लिये प्रत्येक पंचायत स्तर पर एक सेक्टर अधिकारी नियुक्त किया जायेगा। शिविर के बाद 26 जनवरी 2025 तक शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा। हितग्राहियों को हित लाभ का वितरण शिविर के दौरान एवं गणतंत्र दिवस पर ग्राम सभाओं में किया जायेग-  

भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएँ और आदर्श समूचे समाज के प्रेरणास्त्रोत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जारी किया धनराज नाथवानी कृत राजाधिराज लव.लाइफ.लीला का म्यूजिकल एल्बम भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण विराट व्यक्तित्व के धनी थे। भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। संसार का एकमात्र सत्ता परिवर्तन ऐसा हुआ जब सत्ताधीश कंस को मारने के बाद श्रीकृष्ण सत्ताधीश बनाने के बजाय उज्जैन आकर शिक्षा ग्रहण कर शिक्षा की महत्ता सिखाते हैं। वृंदावन छोड़ने के बाद भी उन्होंने गांव की संस्कृति के महत्व को दर्शाते हुए मोर मुकुट लगाना नहीं छोड़ा। पांच हजार वर्षों बाद भी कल्पनाशीलता के आधार पर जनमानस को प्रभु की लीलाओं का साक्षी बनाने का कार्य राजाधिराज लव.लाइफ.लीला नाटक का काम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धनराज और श्रीमती भूमि नाथवानी सहित पूरी टीम को इस संगीतमय प्रस्तुति की लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में धनराज नाथवानी कृत राजाधिराज लव.लाइफ.लीला के म्यूजिकल एल्बम विमोचन कार्यक्रम को संबोधित का रहे थे। राजाधिराज लव.लाइफ.लीला भगवान श्रीकृष्ण के जीवनलीलाओं का चित्रण करता एक सुपरहिट मेगा म्यूजिकल नाटक है। इस नाट्य के गीतकार प्रसून जोशी, संगीतकार सर्वसचिन-जिगर, निर्माता श्रीमती भूमि नाथवानी और निर्देशक श्रीमती श्रुति शर्मा हैं। नाट्य में भारतीय शास्त्रीय और पश्चिमी सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा का सम्मोहक मिश्रण है, जिसमें मंच अभिनेताओं द्वारा लाइव गायन किया गया है। हवेली संगीत, राजस्थानी और गुजराती लोक, सपकरा, रास गरबा और हिंदुस्तानी अर्ध-शास्त्रीय संगीत जैसी कई शैलियों पर आधारित संगीत और कत्थक, रास गरबा, भरतनाट्यम, छऊ और कलारी जैसी नृत्यकलाओं को इस नाट्य में सम्मिलित किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पचमढ़ी में राजभवन और रविशंकर भवन (मुख्यमंत्री आवास) का लिया जायजा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को प्रातः पचमढ़ी स्थित राजभवन और रविशंकर भवन (मुख्यमंत्री आवास) पहुंचकर भवनों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने रविशंकर भवन परिसर से चौरागढ़ मंदिर और धूपगढ़ का भी अवलोकन किया। उन्होंने राजभवन में बिलियर्ड भी खेला। अल्प समय रुकने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहां से नर्मदापुरम के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव का हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को नर्मदापुरम में आयोजित 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सम्मिलित होने पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मोहासा माखननगर हेलीपैड पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नरोलिया, नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वागत किया।  

प्रदेश के कलाकारों ने अपनी साधना और हुनर से स्थानीय संस्कृति को जीवित रखा हुआ है। यह कलाकार हमारी असली संपत्ति -CM

भोपाल प्रदेश के कलाकारों ने अपनी साधना और हुनर से स्थानीय संस्कृति को जीवित रखा हुआ है। यह कलाकार हमारी असली संपत्ति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात पचमढ़ी के पंचारण्य हाट बाजार में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत स्थानीय कलाकारों ने मनमोहक बधाई और राई नृत्य से किया। बांसुरी वादन के अदभुत वादन से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी 10 कलाकारों को 10-10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलाकारों के हितों का संरक्षण और संवर्धन सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाट स्टॉल पर टोमैटो सूप का स्वाद चखा। उन्होंने स्टाल संचालन करने वाले रिंकी और सुनील शर्मा को नकद पुरस्कार भी दिया। उन्होंने प्रदेश की स्थानीय शिल्प और अन्य कला उत्पादों की प्रदर्शनी और स्टॉल का अवलोकन किया। स्वयं मिट्टी के चाक पर हाथ आजमाया और शिल्प के आनंद की अनुभूति ली। बेल मेटल से बने उत्पादों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलाकारों से कुशलक्षेम पूछी और उनको शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने “साउंड एंड लाइट शो” का आनंद उठाया। साथ ही आर्मी बैंड की सुरमई प्रस्तुति का आनंद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आर्मी बैंड के टीम मेंबर को 10- 10 हजार रुपए राज्य सरकार की ओर से देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सेना के इन सभी सदस्यों को परिवार सहित एमपीटी की होटल में तीन दिन रुकने का राज्य सरकार का तोहफा भी सम्मान स्वरूप दिया जा रहा है।  

नीमच सोलर प्रोजेक्ट की यूनिट 3 के लिये शुक्रवार को हुई निविदा

सौर ऊर्जा भविष्य में होगा अर्थव्यवस्था का केन्द्र बिन्दु : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीमच सोलर प्रोजेक्ट के ई-रिवर्स ऑक्शन में दर आई 2 रूपये 15 पैसे प्रति यूनिट : मंत्री शुक्ला नीमच सोलर प्रोजेक्ट की यूनिट 3 के लिये शुक्रवार को हुई निविदा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सौर और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के संकल्प की दिशा में मध्यप्रदेश भी निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश लक्ष्य की प्राप्ति के लिये संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में विकास और उद्योगों में ऊर्जा की आवश्यकता को देखते हुए प्रतीत होता है कि सौर ऊर्जा भविष्य में अर्थव्यवस्था का केन्द्र बिन्दु होगा। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में निरंतर बेहतर कार्य किया है। विगत 12 वर्षों में 14 गुना से अधिक की वृद्धि की है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को नीमच सोलर प्रोजेक्ट की 170 मेगावाट क्षमता की यूनिट 3 के लिये सम्पन्न हुई निविदा में न्यूनतम रेट आएं हैं। उन्होंने बताया कि ई-रिवर्स ऑक्शन के बाद 2 रूपये 15 पैसे प्रति यूनिट, अब तक की न्यूनतम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीमच सौर प्रोजेक्ट से राज्य को ग्रीन बिजली के साथ-साथ निर्माण एवं संचालन अवधि के दौरान प्रदेश में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार पाने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के विकास से प्रदेश में लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा और एवं समतुल्य तापीय विद्युत् की तुलना में प्रति वर्ष 3.34 लाख टन CO₂ का उत्सर्जन कम होगा। मध्यप्रदेश सरकार ऊर्जा के स्वच्छ एवं हरित विकल्पों को बढ़ावा देने एवं उपयोग करने के लिये निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 12 वर्षों में 14 गुना की वृद्धि कर वर्तमान में राज्य की कुल नवकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर लगभग 7000 मेगावाट हो गई है, जो राज्य की कुल ऊर्जा क्षमता लगभग 21 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार करने में भी अग्रणी है। रीवा सौर परियोजना और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्टर इसके उत्कृष्ट उदाहरण है। रीवा सौर परियोजना से देश में पहली बार कोयले से बनने वाली बिजली से कम दर पर सौर ऊर्जा मिली है। यहां से राज्य के अतिरिक्त दिल्ली मेट्रो को भी बिजली दी जा रही है। साथ ही प्रदेश के आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना से उत्पादित बिजली भारतीय रेलवे को भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर-2024 में विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना में 278 मेगावाट ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना को कमीशन किया गया है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने बताया है कि शुक्रवार 6 दिसम्बर को नीमच परियोजना की 170 मेगावॉट क्षमता की यूनिट 3 के लिए हुई निविदा (ऑक्शन) प्रक्रिया में 10 विकासकों ने भाग लिया। ई-रिवर्स ऑक्शन के पश्चात 2 रूपये 15 पैसा प्रति यूनिट का न्यूनतम टैरिफ प्राप्त कर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की है। मंत्री शुक्ला ने बताया कि इस वितीय वर्ष में देश के प्रतिष्ठित विभिन्न संस्थानों, द्वारा जारी निविदाओं में न्यूनतम टैरिफ 2 रूपये 48 पैसे प्रति यूनिट SECI की निविदा प्राप्त हुई है। प्रदेश में हुई इस बिड ने एक बार पुनः रिवर्स ऑक्शन के बाद न्यूनतम टैरिफ प्राप्त किया जो SECI के द्वारा प्राप्त टैरिफ से लगभग 33 पैसे कम है। निविदा में प्राप्त दर केंद्र सरकार द्वारा 01 अप्रैल 2024 से ALMM की बाध्यता लागू करने के बाद संपन्न हुई निविदाओं में सबसे कम है। नीमच परियोजना हेतु प्राप्त परिणाम केंद्र अथवा राज्य के संस्थानों की तुलना में लगभग 7.25 प्रतिशत कम हैं। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर आम उपभोक्ताओं के किसानों को भी सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिये तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। जल्द ही इसका लाभ भी मिलने लगेगा।  

सिंहस्थ में संत-महंत व श्रध्दालुओं का स्नान क्षिप्रा के जल से ही होगा – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रदेश की सबसे अलग अनोखी कान्ह डायवर्शन व अन्य एकीकृत परियोजनाओं से क्षिप्रा होगी स्वच्छ, अविरल व प्रवाहमान – मुख्यमंत्री डॉ.यादव सिंहस्थ-2028 के पहले पूर्ण होंगी सभी परियोजनाएँ – मुख्यमंत्री डॉ.यादव सिंहस्थ में संत-महंत व श्रध्दालुओं का स्नान क्षिप्रा के जल से ही होगा – मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने की सिंहस्थ-2028 की जल आपूर्ति कार्ययोजना एवं प्रगति की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 एवं आने वाले सिंहस्थों में संत-महंत और श्रध्दालु क्षिप्रा के जल से ही स्नान करेंगे। इसके लिए कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना, सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी मध्यम परियोजना और हरियाखेड़ी परियोजना के कार्य पूर्ण होने पर ये परियोजनाएं एकीकृत रूप से कार्य करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन परियोजनाओं से तीन लक्ष्यों को एक साथ प्राप्त किया जाएगा। इन परियोजनाओं से पावन नदी क्षिप्रा स्वच्छ एवं प्रवाहमान होगी और इससे जिले को पेयजल भी निरंतर उपलब्ध होता रहेगा। यह देश-प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना हैं, इसके संबंध में केन्द्र सरकार को भी अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की जल आपूर्ति की कार्ययोजना एवं उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। बैठक में क्षिप्रा को स्वच्छ, अविरल, प्रवाहमान बनाने एवं क्षिप्रा नदी से जिले को पेयजल उपलब्ध कराने की कार्ययोजना की विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एकीकृत परियोजनाओं की कार्ययोजना वर्ष 2055 तक की जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए बनाई गई है। कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना के माध्यम से कान्ह नदी का अस्वच्छ पानी को ट्रीटमेंट कर स्वच्छ पानी गंभीर डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जाएगा। सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बैराज से क्षिप्रा में जल की आपूर्ति निरंतर होती रहेगी, जिससे क्षिप्रा अविरल और प्रवाहमान रहेगी। हरियाखेड़ी परियोजना त्रिवेणी के अपस्ट्रीम में होने के कारण यहां से क्षिप्रा नदी का शुध्द जल प्राप्त होगा, जिससे जिले को निरंतर पेयजल प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि कान्ह डायवर्शन क्लॉज डक्ट परियोजना में क्लोज डक्ट 12 किलोमीटर लंबी टनल एवं 18.15 किलोमीटर क्लोज डक्ट से क्षिप्रा नदी को स्वच्छ करने का कार्य कान्ह नदी के पानी को अलग कर किया जाएगा। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना में बैराज निर्माण, बैलेंसिंग टैंक आदि निर्माण कार्य कर सिलारखेड़ी टैंक से त्रिवेणी घाट पाइपलाइन से ग्रेवेटी के माध्यम से क्षिप्रा में जल की सालभर उपलब्धता होगी, जिससे क्षिप्रा प्रवाहमान एवं अविरल रहेगी। हरियाखेड़ी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व बैराज परियोजना से जिले को निर्बाध रूप से पेयजल उपलब्ध निरंतर होता रहेगा। बैठक में उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, संभागायुक्त संजय गुप्ता, एडीजीपी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, जनप्रतिनिधि विवेक जोशी, बहादुरसिंह बोरमुण्डला आदि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने स्व. अन्नपूर्णा देवी यादव के देवलोक गमन पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रध्दांजलि दी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार दोपहर गीता कॉलोनी स्थित निज निवास पहुंचकर समाजसेवी एवं उनकी काकी स्व. श्रीमती अन्नपूर्णा देवी का स्वर्गवास होने पर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रध्दांजलि दी।  

केन्द्रीय मंत्रि-मंडलीय समिति ने मध्यप्रदेश के लिये स्वीकृत किये 11 केन्द्रीय विद्यालय

केन्द्रीय मंत्रि-मंडलीय समिति ने मध्यप्रदेश के लिये स्वीकृत किये 11 केन्द्रीय विद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रि-मंडलीय समिति ने 85 केन्द्रीय विद्यालय (केवी) स्थापित करने को मंजूरी दी है। इसमें 11 केन्द्रीय विद्यालय मध्यप्रदेश के हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के लिये 11 केन्द्रीय विद्यालय की सौगात देने पर आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई यह सौगात मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र को नई ऊंचाई देगी। मध्यप्रदेश को मिले 11 केन्द्रीय विद्यालयों में अशोक नगर जिला अशोक नगर , नागदा जिला उज्जैन, मैहर जिला सतना, तिरोड़ी जिला बालाघाट, बरघाट जिला सिवनी, निवाड़ी जिला निवाड़ी, खजुराहो जिला छतरपुर, झिनझारी जिला कटनी, सबलगढ़ जिला मुरैना, नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ और सेन्ट्रल अकादमी पुलिस अकादमी कान्हासैया जिला भोपाल हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुसार सभी केन्द्रीय विद्यालयों को पीएमस्कूल के रूप में नामित किया गया है, जो एनईपी-2020 के कार्यान्वयन को रेखांकित करता है और अन्य के लिए अनुकरणीय स्कूल के रूप में कार्य करता है। केन्द्रीय विद्यालय अपने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अभिवन शिक्षण पद्धति और अद्यतन अवसंरचना के कारण उन स्कूलों में से एक है, जिनकी सबसे अधिक मांग है। हर साल केवी के कक्षा 1 में प्रवेश के लिए आवेदन वाले छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और सीबीएसई द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में केन्द्रीय विद्यालयों के छात्रों का प्रदर्शन सभी शैक्षणिक प्रणालियों में लगातार सर्वश्रेष्ठ रहा है।  

सीएम 8 दिसम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे

भोपाल मोहन सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेश में जन कल्याण पर्व मनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 दिसम्बर को शाम 6 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली बैठक में संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी, मंत्रियों के अलावा जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शामिल होने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व के दौरान गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को लेकर एक साल में किए गए कार्यक्रमों पर फोकस करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसंबर को भोपाल एवं सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई हैं। किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है। युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया है। गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को और महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है। ये सभी मंत्री पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों के संबंध में रूपरेखा तैयार कर उसका क्रियान्वयन कराएंगे। 11 से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है जन कल्याण पर्व जन कल्याण उत्सव प्रदेश के सभी जिलों में 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ यादव वीसी के माध्यम से एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर सभी जिलों में महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण सहित विकास से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों के बारे में अफसरों को निर्देश देंगे।  

CM यादव ने नर्मदापुरम RIC से पहले नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल के उद्योगपतियों से उज्जैन से वर्चुअल संवाद किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) से पहले नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल के उद्योगपतियों से उज्जैन से वर्चुअल संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में उद्योगपतियों का स्वागत है। हमारी मंशा है कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सबसे पहले स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिले और वर्तमान में संचालित उद्योगों का विस्तार करने में सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं।” मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि उद्योगपतियों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, “उद्योगपतियों की सहायता से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है और रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। आप सभी आगे आएं, नए उद्योग स्थापित करें और युवाओं को रोजगार देकर प्रदेश के विकास में सहभागी बनें।” स्थानीय उद्योगों को मिलेगी प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उद्योगों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारा प्राथमिक उद्देश्य है कि सबसे पहले स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिले। इसके बाद राज्य, राष्ट्रीय और अंततः अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योगपतियों को अवसर दिया जाएगा। आरआईसी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, और इसे हमने बहुत बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया है।” उद्योगों के विस्तार और निवेश की नई संभावनाएं मुख्यमंत्री ने वीसी से नर्मदापुरम के कई उद्योगपतियों से चर्चा की। उन्होंने हरदा के राइस मिल मालिकों से अपने उद्योगों का विस्तार करने का आग्रह किया और मूंग दाल मिल के मालिक जसप्रीत सिंह से कहा कि उनके पास अतिरिक्त मूंग हो तो उसे उज्जैन के व्यापारियों को भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने एमएसएमई के माध्यम से उद्योग शुरू करने वाली ज्योति अग्रवाल और कैटल फीड इंडस्ट्री के मालिक नरेंद्र सिंह तोमर की सफलता की सराहना की। निर्मल मसाला इंडस्ट्री के राजपूत ने बताया कि उनकी मसाला मिल 42 प्रकार के मसालों का उत्पादन करती है, जो 12 जिलों में वितरित किए जाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, “आपके मसाले एमडीएच मसालों की तरह प्रसिद्ध हों, ऐसी मेरी शुभकामनाएं हैं।” निवेश और विकास के लिए व्यापक दृष्टिकोण मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम क्षेत्र में कृषि उत्पादन और खाद्य प्र-संस्करण के साथ अन्य सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे अपने मौजूदा व्यवसायों के साथ नए उद्योग क्षेत्रों में भी निवेश करें। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार उद्योगपतियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आपके सहयोग से ही क्षेत्रीय विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।” ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की ओर समग्र प्रयास मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नर्मदापुरम के बाद जनवरी में शहडोल में भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। इन सम्मेलनों की कड़ी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने यूके और जर्मनी दौरे का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से प्रदेश को 78,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है। प्रदेश के विकास में उद्योगपतियों की अहम भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा, “उद्योगपति प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। उनके प्रयासों से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं और क्षेत्रीय विकास को गति मिलती है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हम प्रदेश के सभी उद्योगपतियों को स्थानीय स्तर पर सशक्त करने का प्रयास कर रहे हैं।” आरआईसी नर्मदापुरम में संभावित क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा होगी, जिससे क्षेत्रीय विकास के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी उद्योगपतियों को कॉन्क्लेव में भाग लेने का निमंत्रण देते हुए कहा कि यह आयोजन निवेश और विकास के अवसरों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मंच प्रदान करेगा। “लोकतंत्र में सब सेवक मैं भी प्रदेश का सेवक” मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बैतूल के उद्योगपति ने चर्चा में वर्षों से चले आ रहे बाबा महाकालेश्वर की नगरी अवंतिका उज्जैन में मुख्यमंत्री के रात्रि विश्राम न करने के मिथक को तोड़ने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र में सब सेवक होते है, कोई राजा महाराजा नहीं होता, मैं भी प्रदेश का सेवक हूँ”। सेवक तो भगवान की नगरी में ही रुकते है। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने 7 दिसंबर को होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। उज्जैन जिले के प्रभारी एवं कौशल विकास एवं रोजगार राज्य (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।  

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की काकी अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का शुक्रवार को निधन हुआ

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की काकी अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का शुक्रवार को निधन हो गया। इंदौर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निज निवास गीता कॉलोनी अब्दालपुरा उज्जैन से शुरू होकर चक्रतीर्थ पहुंचेगी, जहां अन्नपूर्णा यादव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। काकी के निधन की खबर मिलते ही सीएम मोहन यादव उज्जैन पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का पिछले एक सप्ताह से इंदौर के अस्पताल में उपचार चल रहा था। डॉक्टर उनके स्वास्थ्य में सुधार भी बता रहे थे। लेकिन, शुक्रवार सुबह अचानक उनके निधन की खबर मिलने से परिवार और परिजनों में शौक छा गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को काकी के निधन की जानकारी लगी तो वे सारे काम छोड़कर उज्जैन पहुंचे। श्री कृष्ण भक्त थी प्यारी मां अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा देवी भगवान श्री कृष्ण की अनन्य भक्त थीं। वह भगवान का पूजन अर्चन और श्रीनाथजी के दर्शन करने रोज मंदिर जाती थी। अंतिम समय तक वह भगवान का भजन व स्मरण करती रही। अन्नपूर्णा जी को उनके बेटे गोविंद यादव और निलेश यादव ही नहीं बल्कि परिवार के नंदलाल यादव, नारायण यादव, डॉ मोहन यादव, कलावती यादव,  डॉली यादव, नंदनी यादव के साथ ही अन्य मित्रगण भी प्यारी मां कहकर ही पुकारते थे। इस मार्ग से निकलेगी अंतिम यात्रा अन्नपूर्णा देवी की अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निज निवास गीता कॉलोनी अब्दालपुरा उज्जैन से प्रारंभ होकर खजूरवाली मस्जिद, बुधवारिया, निकास, कंठाल, सतीगेट, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, दानीगेट से चक्रतीर्थ पहुंचें। जहां चक्रतीर्थ पर अंतिम संस्कार होगा।

सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर मोहन सरकार इस अवसर को जन कल्याण पर्व के रूप में मनाएगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में सत्तासीन बीजेपी सरकार का प्रदेश में 1 साल पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार के 1 साल पूरे होंने पर प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा. इस दौराने सभी जिलों में महिला, किसान, युवा व गरीब कल्याण समेत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मोहन सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. एक पखवाड़े तक मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष रिपोर्ट के मुताबिक मोहन सरकार के एक वर्ष पूरे होने के आयोजन के लिए किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नियुक्ति किया गया है. निर्मला भूरिया को बनाया गया महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में लौटी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. बतौर सीएम मोहन यादव ने गत 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. 11 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिलों में मनाया जाएगा जन कल्याण पर्व गौरतलब है मोहन सरकार एक वर्षीय उपलब्धि के रूप में मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व 11 दिसंबर से शुरू होगा. इस दौरान राजधानी भोपाल समेत सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वहीं, ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा.

6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 5 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य को औद्योगिक विकास और रोजगार के केंद्र में परिवर्तित करने के लिए अपने अभिनव प्रयासों को जारी रखते हुए, 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जिनमें 3 हजार एमएसएमई प्रतिनिधि, 75 प्रमुख निवेशक, और कनाडा, वियतनाम, नीदरलैंड, मेक्सिको और मलेशिया जैसे 5 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभिन्न सेक्टोरल सत्रों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे। इस आरआईसी में निवेशकों को भूमि आवंटन-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग होगी, जिसमें 10 से अधिक प्रमुख निवेशक अपनी योजनाएँ प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, राउंड टेबल सत्र नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित होगा। ‘निर्यात कैसे शुरू करें’ और ‘पर्यटन में निवेश संभावनाएँ’ जैसे विषयों पर सेक्टोरल-सत्र भी होंगे। कार्यक्रम की थीम: ‘नए क्षितिज, नई संभावनाएँ’ नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। ‘नए क्षितिज, नई संभावनाएँ’ थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदर्शनी कॉन्क्लेव में स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है जिसमें 60 से अधिक स्टॉल लग रहे हैं जिनमें एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम, और बैंकिंग संस्थानों के साथ-साथ ओडीओपी उत्पादों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उक्त स्टॉल न केवल जानकारी प्रदान करेंगे बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्पूर्ण भूमिका निभाएंगे। उद्योग और रोजगार के लिए नई राह ‘उद्योग वर्ष 2025’ अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दाखिल रोगियों के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने गुरुवार देर रात ईदगाह हिल्स स्थित जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल में उपचाररत रोगियों से भेंट की और उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले के गैरतगंज निवासी पवन कुमार जैन, विदिशा जिले के गंजबासौदा के रूपसिंह, विदिशा जिले के नटेरन के रामकरण कुशवाहा, सागर जिले के खुरई की श्रीमती कलावती, सतना जिले के सनत कुमार और हरदा जिले के मुकेश कलम के स्वास्थ्य की जानकारी ली एवं चिकित्सकों को समुचित उपचार के निर्देशदिए। देंगे आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आर्थिक रूप से कमजोर सीधी जिले की श्रीमती तारा पांडे के उपचार के लिए होने वाले व्यय का भुगतान शासन की ओर से करने की बात कही। उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों को आवश्यक सहायता राशि के संबंध में प्रक्रिया पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि कैंसर रोग या अन्य गंभीर रोगों के रोगियों के बेहतर उपचार के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। सरकार ने संवेदनशील होकर नागरिकों के अच्छे इलाज की सभी सुविधाएं की हैं। आवश्यकता पड़ने पर गंभीर रोगियों को बड़े चिकित्सा संस्थानों में हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज द्वारा भेजने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन द्वारा शासकीय चिकित्सालय में जांच और औषधियों की नि:शुल्क व्यवस्था की है। प्रदेश में आयुष्मान कार्ड प्रदाय कर नागरिकों को विभिन्न रोगों के उपचार की सुविधा प्रदान की गई है।  

मध्यप्रदेश सरकार का एक वर्ष मनेगा जनकल्याण पर्व के रूप में, मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में सत्तासीन बीजेपी सरकार का प्रदेश में 1 साल पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार के 1 साल पूरे होंने पर प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा. इस दौराने सभी जिलों में महिला, किसान, युवा व गरीब कल्याण समेत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मोहन सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. एक पखवाड़े तक मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष रिपोर्ट के मुताबिक मोहन सरकार के एक वर्ष पूरे होने के आयोजन के लिए किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नियुक्ति किया गया है. निर्मला भूरिया को बनाया गया महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में लौटी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. बतौर सीएम मोहन यादव ने गत 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. 11 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिलों में मनाया जाएगा जन कल्याण पर्व गौरतलब है मोहन सरकार एक वर्षीय उपलब्धि के रूप में मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व 11 दिसंबर से शुरू होगा. इस दौरान राजधानी भोपाल समेत सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वहीं, ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा.

मुख्यमंत्री नई दिल्ली में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ सम्बन्धी त्रिपक्षीय बैठक में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्षा जल को संग्रहित कर भूगर्भ में जल भंडारण क्षमता के विकास के लिए चलाई जा रही ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ योजना एक अभिनव पहल है। इस योजना में गुजरात में रहकर व्यापार करने वाले अन्य प्रदेशों के व्यापारियों द्वारा स्वयं के संसाधनों से अपने राज्यों में बोर लगवाने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के सतना जिले में इस योजनान्तर्गत कार्य आरम्भ हो गया है। प्रसन्नता की बात है कि योजना में पूरे प्रदेश में 15 हजार बोर लगाने का लक्ष्य है। शासकीय संसाधनों के बिना गुजरात व्यापार करने वाले व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा बूंद-बूंद जल बचाने का यह अभियान प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर त्रिपक्षीय बैठक की। योजना के क्रियान्वयन के लिये बैठक में जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से योजना को पूरा करने और इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जलसंचय संकल्प को जन-आंदोलन बनाने के क्रम में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार के व्यवसायी अपनी जन्म भूमि में जल संचय के उद्देश्य से बोर की व्यवस्था कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसमें राजस्थान में एक लाख 60 हजार और मध्यप्रदेश में 15 हजार बोर बनवाए जाने है। बिहार राज्य के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोर बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने राज्यों के सहयोग से इस योजना के सफल क्रियान्वयन की आशा व्यक्त की। राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजस्थान राज्य में वाटर रिचार्ज में सहयोग के लिए यह योजना वरदान साबित होगी।  

प्रदेश के 23 जिलों में जारी है 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

टी.बी. लाइलाज बीमारी नहीं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोई भी प्रभावित व्यक्ति, जांच और इलाज से वंचित न रहे – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 23 जिलों में जारी है 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी का देश को टी.बी. मुक्त करने का संकल्प सबकी सहभागिता से ही होगा साकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2018 में देश को टी.बी. (क्षय रोग) से मुक्त कराने का संकल्प लिया था। लोगों की जिंदगी बचाने के प्रधानमंत्री मोदी के इस अभियान में सहभागिता कर हम सब उनके साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। देश को टी.बी. मुक्त करने के लिए, देश के 347 जिलों में 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान चलाया जा रहा है। इनमें मध्यप्रदेश के 23 जिले अलीराजपुर, अनूपपुर, बैतूल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, खंडवा, मंडला, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, रतलाम, सीहोर, सिवनी, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। टी.बी. से मुक्ति के अभियान में प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति एक कार्यकर्ता है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि सभी की सक्रिय सहभागिता से कोई भी प्रभावित व्यक्ति टी.बी. की जांच और इलाज से वंचित नहीं रहेगा। टी.बी लाइलाज बीमारी नहीं है, टी.बी. का इलाज होता है, टी.बी. से डरने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब सक्रियता के साथ इस अभियान में भागीदारी करें। हमारे आसपास कोई भी टी.बी. की बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति हो तो उसे इस अभियान का हिस्सा अवश्य बनाएं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोगों का जीवन बचाने के लिए आरंभ, इस अभियान में प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति एक कार्यकर्ता है। हम सब मिलकर टी.बी. से प्रभावित व्यक्तियों को इस रोग से मुक्त कराने का प्रयास करें। सबके प्रयासों से देश को टी.बी. मुक्त कर, प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को साकार करने में निश्चित ही सफलता मिलेगी।  

घातक रसायनों और पॉलीथीन से मृदा को बचाना जरूरी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

घातक रसायनों और पॉलीथीन से मृदा को बचाना जरूरी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने विश्व मृदा दिवस पर दिया संदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “विश्व मृदा दिवस” पर कहा है कि स्वस्थ मिट्टी हो, तो धरा की न केवल उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी, बल्कि मानव का स्वास्थ्य भी उत्तम होगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वस्थ और समृद्ध धरा के लिए मृदा को घातक रसायनों एवं पॉलीथीन से बचाने और धरती की सेवा और उसे पोषित करने के लिए स्वयं को समर्पित करने का आहवान किया है।

प्रधानमंत्री मोदी के देश को टीबीमुक्त बनाने का संकल्प को मध्यप्रदेश भी कदम से कदम मिला कर चल रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि ‘टीबीमुक्त भारत’ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प में राज्य भी कदम से कदम मिला कर चल रहा है और अगर कोई व्यक्ति टीबी से ग्रस्त है तो उसे इस अभियान का हिस्सा बनाने में सभी मदद करें। डॉ यादव ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में देश को टीबीमुक्त बनाने का संकल्प लिया था। मध्यप्रदेश भी उसमें कदम से कदम मिला कर चल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग के दृष्टिकोण से देश भर के 347 जिलों का चयन किया गया है, जिसमें 100 दिवसीय नि:क्षय अभियान चलाया जा रहा है। इसमें मध्यप्रदेश के 23 जिले अलीराजपुर, अनूपपुर, बैतूल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, खंडवा, मंडला, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, रतलाम, सीहोर, सिवनी, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि क्षय उन्मूलन की दिशा में इन जिलों में सक्रियता के साथ काम होगा। साथ ही जनता भी इस अभियान में मददगार बनते हुए टीबी से ग्रस्त अगर कोई व्यक्ति है तो उसे इस अभियान का हिस्सा बनाने में मदद करे।मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। इससे डरे नहीं। रोगी की पहचान कर राेगमुक्ति का संकल्प लें।

मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को प्रदेश की उपलब्धियों से कराया अवगत

सोयाबीन एवं धान उपार्जन पर निगरानी के लिए मंत्री करें अपने-अपने क्षेत्र का दौरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अत्यधिक सार्थक रही विदेश यात्रा-मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को प्रदेश की उपलब्धियों से कराया अवगत भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औद्योगिक निवेश के संदर्भ में की गई जर्मन एवं इंग्लैंड यात्रा अत्यधिक सार्थक और आशाओं से कहीं आगे साबित हुई। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए लगभग 78 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। विदेशी निवेश प्राप्त करने के पहले हमने प्रदेश में रीजनल कॉन्क्लेव आयोजित किए। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा के बाद अगली रीजनल कॉन्क्लेव नर्मदापुरम में 7 दिसम्बर को आयोजित करने जा रहे हैं। नर्मदापुरम् कॉन्क्लेव के पूर्व ही हमें बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है। जिससे नर्मदापुरम् रीजन में उद्योगों के लिए 250 हेक्टेयर से बढ़ाकर 750 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रि-परिषद के सदस्यों को विभिन्न क्षेत्रों में किए जाने वाले आयोजनों और उपलब्धियों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन और धान उपार्जन का काम जारी है। प्रदेश में 25 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक समर्थन मूल्य पर सोयाबीन का उपार्जन किया जा रहा है। अब तक 77 हजार से अधिक किसानों से 2 लाख 4 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जन किया गया है। प्रतिदिन 20 हजार मीट्रिक टन की आवक हो रही है। प्रदेश में 2 दिसम्बर से 1184 उपार्जन केन्द्रों पर धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर प्रारंभ है, जिसमें लगभग 7 लाख 68 हजार किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। मंत्रीगण अपने क्षेत्र में भ्रमण कर‌किसानों से उपार्जन प्रक्रिया एवं खाद वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त करें। गीता जयंती, तानसेन शताब्दी समारोह तथा जन-कल्याण उत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 8 से 11 दिसम्बर तक उज्जैन और 11 दिसम्बर को भोपाल एवं समस्त जिलों में गीता जयंती का भव्य आयोजन किया जा रहा है। तानसेन शताब्दी समारोह 15 से 19 दिसम्बर तक ग्वालियर में आयोजित किया जायेगा। महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण तथा विकास से जुड़े जन-कल्याण उत्सव प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर तक मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबंधित विभागीय मंत्री पृथक-पृथक कमेटी बनाएं। राज्य शासन द्वारा इन वर्गों के लोगों के लिए किए गए कार्यों को आमजन के बीच में लेकर आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रातापानी अभयारण्य को प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व के रूप में स्वीकृति मिली है। विश्व में किसी भी राज्य की राजधानी से एकदम सटे एकमात्र टाइगर रिजर्व से न सिर्फ पर्यटन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि राजधानी के पास स्थित टाइगर रिजर्व के जंगलों, बाघों तथा अन्य जंगली पशुओं का प्रभावी संरक्षण हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदेश की जनता की ओर से धन्यवाद देता हूँ हुए कहा कि मध्यप्रदेश में 4100 मेगावाट के नवीन थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयला आवंटन की स्वीकृत प्रदान की है। इससे लगभग 25 हजार करोड़ रूपए के निवेश और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर इस प्लांट से सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदी जोड़ो अभियान चंबल संभाग में पार्वती-कालीसिंध-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र की केन-बेतवा लिंक परियोजना को केंद्र एवं राज्य सरकारों ने अपनी सहमति प्रदान की है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से प्रदेश के 11 जिलों के 2094 गांवों में लगभग 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना पर सहमति से बुंदेलखंड अंचल में सिंचाई सहज और सुलभ होगी।  

प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति नवकरणीय संसाधनों से होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेशवासियों को सस्ती व प्रदूषण मुक्त बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौर तथा पवन ऊर्जा को प्रदेश में हर संभवन प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य के अनुरूप 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति नवकरणीय संसाधनों से होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप प्राथमिकता से लगाए जाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन तथा नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेशवासियों को सस्ती और प्रदूषण मुक्त बिजली उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सौर तथा पवन ऊर्जा सहित नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के सभी स्रोतों को प्रदेश में हर संभव प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत की आपूर्ति नवकरणीय ऊर्जा संसाधनों से करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में राज्य सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस क्षेत्र में निजी निवेशकों को भी हर संभव सहयोग दिया जाए। प्रधानमंत्री सूर्य घर तथा प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना से अधिक-से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए नगरीय निकायों, रहवासी संघों तथा कृषकों के साथ मिलकर अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नवीन एवं नवीनकरणीय मंत्री राकेश शुक्ला, सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप , मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मनु श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की ऊर्जा का 41 प्रतिशत उपभोग किसानों द्वारा किया जाता है। किसान दिन के समय बिजली का उपभोग कर सकें, इस उद्देश्य से सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने सभी शासकीय भवनों पर मिशन मोड में सोलर रूफटॉप स्थापित करने के लिए समय- सीमा निर्धानित करते हुए समन्वित रूप से कार्य योजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय,स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग भवनों पर भी सोलर रूफटॉप प्राथमिकता से लगाए जाएं। इससे इन विभागों की इकाइयों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में 14 गुना वृद्धि हुई बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में पिछले बारह वर्षों में 14 गुना वृद्धि हुई है। वर्तमान में सौर ऊर्जा की प्रति उत्पादन दर प्रति यूनिट दो रुपए 50 पैसे लगभग आ रही है, जो कोयला आधारित ऊर्जा से तुलनात्मक रूप से किफायती है। सौर ऊर्जा के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुरैना, आगर, धार, अशोकनगर, शिवपुरी, सागर इत्यादि में सौर पार्क स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। आगर, शाजापुर और नीमच की नवकरणीय सौर ऊर्जा परियोजनाएं तथा ओंकारेश्वर स्थित विश्व की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सौर परियोजना तैयार हो चुकी हैं। मुरैना में हाई ब्रिड वृहद नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भी निर्माणाधीन है। इसके प्रथम चरण में सुबह और शाम के पीक समय के दौरान प्रदेश को सुनिश्चित आपूर्ति के लिए 600 मेगावाट सोलर के साथ ही स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 2027 तक पूर्ण होगी। ऊर्जा भण्डारण के लिए भी जारी है पहल बैठक में कुसुम योजना की प्रगति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि परियोजना के वित्त पोषण के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। साथ ही इंडो-जर्मन सोलर एनर्जी पार्टनरशीप-एनोवेटिव सोलर भी निष्पादित किया गया। प्रदेश में उज्जैन, आगर, धार, रतलाम और मंदसौर में पवन ऊर्जा पार्क विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित की गई है। नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में नगरीय विकास एवं आवास, जल संसाधन और मध्यप्रदेश जनरेशन कम्पनी का सहायोग लिया जा रहा है। ऊर्जा भण्डारण परियोजनाओं के लिए भी राज्य सरकार पहल कर रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई जिला नर्मदापुरम के क्षेत्रफल विस्तार करने की स्वीकृति दी गयी। निर्णय अनुसार विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र के लिए आरक्षित 441.96 एकड़ क्षेत्रफल में औद्योगिक क्षेत्र मोहासा बाबई की 442.04 एकड़ भूमि को शामिल किया गया है। अब औद्योगिक पार्क का क्षेत्रफल कुल 884 एकड़ हो गया है। इसी प्रकार औद्योगिक पार्क के लिए स्वीकृत सुविधाएं एवं आवंटन प्रक्रिया को संशोधित क्षेत्रांतर्गत स्थापित होने वाली इकाइयों को भी उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर-उज्जैन में 2312 करोड़ रूपये से अधिक राशि के सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गयी। इसमे उज्जैन सिंहस्थ बायपास लंबाई 19.815 कि.मी., 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर उन्नयन एवं निर्माण कार्य लागत राशि 701 करोड़ 86 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर लंबाई 48.05 कि.मी. एवं लागत राशि 1370 करोड़ 85 लाख रूपये और उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-देपालपुर 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क लंबाई 32.60 कि.मी. लागत राशि 239 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। ये सभी सड़कें म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी। आबकारी नीति के निर्धारण के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति के निर्धारण, समय-समय पर आनुषांगिक निर्णय लेने और राजस्व हित मे आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया। मंत्रि-परिषद् समिति मे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत और सुनिर्मला भूरिया शामिल है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्री काश्यप ने अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में प्राप्त स्वर्ण पदक किया भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को केबिनेट बैठक में एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विगत दिनों नई दिल्ली में ‘भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2024’ में भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य मण्डप को सब्जेक्टिव केटेगरी में प्राप्त स्वर्ण पदक और प्रशस्ति-पत्र भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री काश्यप और उनकी पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि इस बार व्यापार मेले की थीम “विकसित भारत@2047 थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले का नई दिल्ली में उद्घाटन किया था। इसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानीय उत्पादों सहित ‘एक जिला-एक उत्पाद’ को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था। मेले में स्थानीय कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। म.प्र. मण्डप को मेले में दर्शकों द्वारा सराहा गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य की मृत्यु अनिवार्य है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य की मृत्यु अनिवार्य है। आने-जाने के इस क्रम में महत्वपूर्ण यह है कि जीवन के प्रत्येक क्षण का उपयोग मानव सेवा के लिए किया जाए। यह मनुष्य का सौभाग्य है कि इस धरती पर आदिकाल से परमात्मा की लीला देखने को मिलती रही है। हमारे 33 करोड़ देवी-देवताओं ने सदियों तक अपनी आभा बिखेरी है। इतनी कि इसके लिए हमारा अम्बर भी कम पड़ जाए। हमारे बीच देवता विभिन्न रूप में आते हैं। हम उन्हें पहचानें या न पहचानें, वे हमारे बीच रहते हैं। ऐसे ही देवता नीब करौरी वाले बाबा हैं। इनको मानने वालों में देश- विदेश के करोड़ों लोग शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज शाम रविन्द्र भवन बहिरंग में अनंत विभूषित बाबा नीब करौरी महाराज के 125वें प्राकट्योत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा नीब करौरी महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत-महंत की अपनी महत्ता है। उनके जीवन के रहस्यों को जानना मुश्किल भी है। इनका जब मनुष्यों से साक्षात्कार होता है तो लोग अपने जीवन में परिवर्तन होते देखते हैं। निश्चित ही इससे आस्था की जड़ें गहरी हो जाती हैं। वास्तव में सारी सत्ताओं के ऊपर एक सत्ता है जो परम सत्ता है। जीवन के आरोह-अवरोह में हमें उमड़ते-घुमड़ते प्रश्नों का उत्तर भी मिल जाता है। ऐसी व्यवस्थाओं को जोड़कर सनातन धर्म की परम्परा राष्ट्र के गौरव में वृद्धि करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए कहा कि स्वामी जी के जीवन का वह पक्ष भी जानने योग्यव है जब वे बी.एससी. के विद्यार्थी थे और कभी इन व्यवस्थाओं पर विश्वास नहीं करते थे। उन्हें गुरू के रूप में रामकृष्ण परमहंस मिले, जिन्होंने उनका काली मां से सीधा परिचय करवा दिया। स्वामी विवेकानंद को सभी प्रश्नों के उत्तर मिल गए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी हुआ। इसी तरह जीवन में परिवर्तन का अनुभव नीब करौरी वाले बाबा और अन्य संतों के दर्शन के पश्चात लोगों में दिखाई देता है। सच्चे अर्थों में देवी देवताओं से मिलकर भक्ति की शक्ति मिल जाया करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कलाकारों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सुंदर काण्ड की प्रस्तुति के लिए आए विजयेंद्र चौहान, शिव ताण्डव स्रोत प्रस्तुत करने वाले काली चरण जी, लोक प्रिय भजन गायक पंडित सुधीर व्यास, रासलीला प्रस्तुति के लिए भारतीय शर्मा और बाबा नीब करौरी महाराज के पौत्र डॉ. धनंजय शर्मा का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार राकेश अग्निहोत्री का इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों को बाबा नीब करौरी महाराज की लघु प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित सुधीर व्यास के स्वर में उनके अति लोकप्रिय भजन “तू है मोरा सजन….. ये चमक ये दमक ….. फूलवन मा महक …की” प्रस्तुति भी सुनी। खेल एवं युवक कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि आज यहां इस कार्यक्रम में बाबा नीब करौरी महाराज के पौत्र सहित उनकी पांच पीढ़ियां उपस्थित हैं। बाबा नीब करौरी महाराज ने पूरी दुनिया में ख्याति अर्जित की है। उनका आशीर्वाद भोपाल के नागरिकों को विशेष रूप से प्राप्त हुआ है। वर्तमान में बाबा के पौत्र भोपाल में ही अरेरा कालोनी में निवास करते हैं। बाबा नीब करौरी महाराज भोपाल आगमन पर नेवरी स्थित मंदिर में विश्राम किया करते थे। इस मंदिर में बाबा द्वारा सनातन धर्म परम्परा के निर्वाह की स्मृति को बनाए रखने के लिए नेवरी धाम पर बाबा की मूर्ति स्थापित की जाएगी। आगामी 22 दिसम्बर को यह प्रतिमा स्थापित करने का कार्यक्रम है। इस अवसर पर रामलीला का प्रस्तुतिकरण भी होगा। कार्यक्रम में बताया गया कि उत्तरप्रदेश में जन्मे बाबा नीब करौरी महाराज ने जीवन में अनेक सेवा कार्यों का नेतृत्व किया। वे जीवन के अनेक वर्ष उत्तराखंड में रहे। उनके अनुयायियों में अनेक विश्व विख्यात लोग शामिल हैं। कार्यक्रम में हितानंद शर्मा, वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी के अलावा राहुल कोठारी एवं आशीष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने देर रात्रि तक भजनों का आनंद लिया।  

संबल योजना में कुल 10 हजार 236 श्रमिक परिवार होंगे लाभान्वित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 दिसम्बर को संबल योजना अंतर्गत अनुग्रह सहायता के 10 हजार 236 प्रकरणों में श्रमिकों के परिवारों को सहायता राशि 225 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित रहेंगे। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना में दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत निःशुल्क शिक्षा भी उपलब्ध करवायी जाती है। प्रदेश के लाखों श्रमिक एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना में लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश सरकार ने संबल योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। संबल योजना में सभी योजनाओं जैसे अंत्येष्टी सहायता, मृत्यु अथवा दिव्यांगता पर अनुग्रह सहायता, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, प्रसूति सहायता, आयुष्मान भारत, राशन पर्ची आदि का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनाएं संचालित की जाती हैं इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है। अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 73 लाख श्रमिकों का संबल 2.0 योजना के अंतर्गत पंजीयन किया जा चुका है।  

भगवान श्रीमहाकाल से प्रभावितों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए की कामना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दीं। उन्होंने कहा कि दुनिया की इस भीषण त्रासदी के दिन मैं भोपाल प्रवास पर ही था। इसकी तकलीफ सिर्फ वो ही समझ सकता है, जिसने इसे वास्तविक रूप से भोगा है। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं जाकर गैस प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गैस त्रासदी में प्रभावितों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में अनेक लोग असमय काल के ग्रास में समा गए, जो बचे वो किसी न किसी रूप से एमआईसी गैस के दुष्प्रभावों से कई साल पीड़ित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से दिवंगत एवं पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं एवं सहानुभूति व्यक्त की।  

सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने ग्रहण की शिक्षा, गीता जयंती पर प्रदेशव्यापी आयोजनों की बनाएँ रूपरेखा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों की जानकारी नागरिकों को मिले: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में हजारों आचार्य करेंगे गीता का सस्वर पाठ, बनेगा रिकार्ड सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने ग्रहण की शिक्षा, गीता जयंती पर प्रदेशव्यापी आयोजनों की बनाएँ रूपरेखा मुख्यमंत्री गीता जयंती कार्यक्रम में 9 दिसम्बर को जाएंगे हरियाणा तानसेन समारोह शताब्दी वर्ष में ग्वालियर सहित देश- विदेश में की जाएंगी समारोह गतिविधियां जापान, इजराइल,फ्रांस और इटली में भी तानसेन समारोह के होंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 8 दिसम्बर को गीता जयंती और 8 से 11 दिसम्बर की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के सभी कार्यक्रम नागरिकों की सहभागिता के साथ उत्साहपूर्वक आयोजित किए जाएं। भगवान श्रीकृष्ण सांदीपनि आश्रम उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आए थे। इसी लिये प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर गीता जयंती मनाए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों और श्रीमद्भागवत गीता के सार्थक संदेशों से नागरिकों को अवगत करवाने के लिए गीता जयंती के उपलक्ष में होने वाली गतिविधियों को अभिनव स्वरूप दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गीता जयंती एवं तानसेन महोत्सव की तैयारियों की बैठक कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गीता जयंती के प्रदेशव्यापी कार्यक्रम किए जाने का अपना विशेष महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण ने न सिर्फ मध्यप्रदेश के उज्जैन बल्कि अन्य स्थानों पर भी जाकर उस दौर में मानव जीवन को सार्थक बनाने का अनमोल संदेश दिया। उन्होंने कर्म, अनुशासन और उस युग में भी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन कर सम्पूर्ण समाज के लिए अनूठे दृष्टांत प्रस्तुत किए। अर्जुन एक प्रतीक थे, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जित शिक्षा और ज्ञान के आधार पर विभिन्न सिद्धांतों को पहले स्वयं आत्मसात किया, इसके बाद उनका प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने युद्ध में अपने पक्ष की अपूरणीय क्षति भी स्वीकार की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का जिन स्थानों पर आगमन हुआ था वे तीर्थ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश से संबंधित भगवान श्रीकृष्ण की समस्त स्मृतियों को बनाए रखने और जन-जन को उसकी जानकारी देने का यह विशेष अवसर है। गीता जयंती और अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रम अविस्मरणीय बन जाएं, ऐसी तैयारियाँ की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस्कॉन संस्था के सहयोग से गीता के संदेशों का विद्यार्थियों में प्रचार और ज्ञान परीक्षा का आयोजन भी सराहनीय है। शासकीय विभागों और स्थानीय प्रशासन द्वारा गीता जयंती से जुड़े कार्यक्रमों को सफल बनाने के सभी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तानसेन संगीत समारोह की तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की और तानसेन के जीवन के भिन्न-भिन्न पहलुओं का विवरण भी मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में हो रहे तानसेन समारोह में देने के निर्देश दिए। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में बनेंगे विश्व रिकार्ड महाराज विक्रमादित्य शोध पीठ, प्रशासन के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 8 से 11 दिसम्बर, 2024 को उज्जैन में आयोजित करेगी। भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में 11 दिसम्बर को गीता का सस्वर पाठ करने के लिए हजारों आचार्य उपस्थित होंगे। गीता स्वर पाठ में शामिल होने वाले आचार्यों की संख्या का पूर्व का रिकार्ड 1350 आचार्यों द्वारा गीता पाठ करने का रहा है। मध्यप्रदेश इस रिकार्ड को तोड़कर नया रिकार्ड बनाएगा। इस अवसर पर साधो बैण्ड, वृंदावन की संस्कृति की भी प्रस्तुति होगी। गौ एवं गोवर्धन आधारित और श्रीमद्भागवत गीता पुराण आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा कुरूक्षेत्र हरियाणा में आयोजित 3 दिवसीय गीता जयंती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 दिसम्बर को शामिल होंगे। उज्जैन में गीता संवाद में 8 दिसम्बर को प्रख्यात गीतकार मनोज मुन्तशिर शुक्ला का गीता संवाद और गुरू दक्षिणा के अंतर्गत श्रीकृष्ण और गुरू सांदीपनि पर केन्द्रित महानाट्य एवं डिजिटल प्रस्तुति होगी। इसी क्रम में 9 दिसम्बर को श्रीकृष्ण आधारित महानाट्य कृष्णायन की प्रस्तुति होगी। उज्जैन में ही 10 एवं 11 दिसम्बर को गीता संवाद के अंतर्गत स्वामी सरस्वती द्वारका पीठ सहित प्रमुख आध्यात्मिक विभूतियां भागीदारी करेंगी। अन्य देशों से इस्कॉन प्रतिनिधि और विभिन्न विद्वानों के व्याख्यान भी होंगे। उज्जैन में 10 दिसम्बर को प्रख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली शास्त्रोक्त श्रीकृष्ण भजन प्रस्तुत करेंगी। कुमार शर्मा अपने साथी कलाकारों के साथ सांगीतिक प्रस्तुति देंगे। बुधवार 11 दिसम्बर को पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए शासकीय विश्राम गृह और निजी होटलों में गीता और रामायण की प्रतियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस अवसर पर उज्जैन में मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिन्द्रा का व्याख्यान और भारतीय परम्परा के विविध आयाम- शिवगीता, गणेश गीता, राम गीता सहित कुछ अन्य प्रकाशनों का लोकार्पण भी होगा। अन्य देश और प्रदेशों में भी तानसेन समारोह की गूंज पहुंचेगी, राजस्थान, गुजरात, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार बैठक में बताया गया कि प्रदेश के ग्वालियर में तानसेन संगीत समारोह का यह 100वाँ वर्ष है। वर्ष 1924 से शुरू हुआ यह समारोह इस वर्ष 15 से 19 दिसम्बर तक चलेगा। समारोह को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप देते हुए जापान, इजराइल फ्रांस और इटली में कार्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के माध्यम से संयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष राष्ट्रीय सम्मान अलंकरण में राष्ट्रीय तानसेन सम्मान पंडित स्वपन चौधरी, कोलकाता और राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान सानंद न्यास इंदौर को दिया जा रहा है। ग्वालियर में पूर्व रंग के अंतर्गत 14 दिसम्बर को दुर्लभ वाद्यों सुरबहार, विचित्र वीणा, मोहन वीणा, नाल तरंग, आदि की प्रस्तुति ग्वालियर किले, बाड़ी के टॉउन हाल, जय विलास पैलेस और अन्य स्थानों पर होंगी। देश के अनेक ख्याति प्राप्त कलाकार इन में हिस्सा लेंगे। इस वर्ष मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों में भी समारोह के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगोष्ठियां हो रही हैं। ग्वालियर में मुख्य समारोह में राष्ट्रीय तानसेन सम्मान अलंकरण भी प्रदान किए जाएंगे। अन्य गतिविधियों में दैनिक सांगीतिक सभाएँ, डाक टिकट विमोचन, प्रदर्शनी और लाइव चित्रांकन सत्र हो रहे हैं। राजधानी भोपाल सहित रीवा, गुना, शिवपुरी और ओरछा में विविध आयोजन हो रहे हैं। भोपाल के भारत भवन में 4 से 8 दिसम्बर तक संगीत सम्राट तानसेन एवं मूर्धन्य संगीतकारों पर केंद्रित 5 फिल्में तानसेन, मीरा, संत ज्ञानेश्वर, चिंतामणि सूरदास, और ध्रुपद बैजू बावरा, स्वामी हरिदास के प्रदर्शन होंगे। रीवा में 5 दिसम्बर, गुना में 6 दिसम्बर, शिवपुरी और ओरछा … Read more

प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

माँ नर्मदा के घाट सनातन तीर्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव संतगण समाज को सदमार्ग पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर में मां नर्मदा का पूजन और आरती की मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर में आयोजित अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल संत और भगवा की अपनी एक विशेषता होती है। संतजन समाज और हजारों जीवन को सद मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हुए ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करते हैं। जिस प्रकार से सूर्य और दीप हमें ऊर्जा प्रदान कर अंधकार से मुक्त कराते हैं, वैसे ही संत जन हमारे जीवन को ज्ञान रूपी प्रकाश की नई ज्योति प्रदान करते हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज ओंकारेश्वर में ब्रह्मपुरी घाट पर आयोजित “अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम” में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रह्मपुरी घाट पर मां नर्मदा का पूजन कर आरती की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत हमें सदैव सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा नदी, पर्वत, पहाड़ हम मनुष्यों को प्रकृति की एक देन है। इसके संरक्षण के लिए हम सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है और सभी को होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक देवस्थान पर बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित करते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी, जिससे नर्मदा परिक्रमा यात्रियों को सुविधा होगी। उन्होंने कहा इसके लिए 5 सदस्यीय मंत्रियों की समिति भी बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व में एक विशेष पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा हम सभी को भारतीय संस्कृति पर गर्व और अभिमान हैं। मां नर्मदा अमरकंटक से निकलकर खंभात की खाड़ी में मिलती है। मां नर्मदा इस पूरे मार्ग में लंबी यात्रा तय करती है। पतित पावनी सलिल मां नर्मदा की धारा जिस भी मार्ग से गुजरती है वहां जीवन का सृजन और प्रकृति जीवंत होती है। मां नर्मदा के दर्शन में जीवन का दर्शन समाहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पूरे नर्मदा पद पर विभिन्न विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पूरे परिक्रमा क्षेत्र में चल रहें सेवा के अनेक प्रकल्पों जिसमें नि:शुल्क अन्नक्षेत्र एवं आवास व्यवस्था विश्व के लिए प्रेरणा का विषय हैं, और यह केवल भारत में माँ नर्मदा के खंड में ही होता है। मध्यप्रदेश में तो यह और भी अद्भुत है, जहां घर घर से परिक्रमा करने वालों के लिए भोजन भेजा जाता है। श्रद्धेय गुरुदेव विवेक जी, जोड़ गणपति हनुमान मंदिर ओंकारेश्वर के महंत मंगलदास जी त्यागी, महानिर्वाणी अखाड़ा ओंकारेश्वर के महंत कैलाश भारती, मार्कण्डेय संन्यास आश्रम ओंकारेश्वर के महंत प्रणवानंद जी सरस्वती एवं निजानंद धाम खाचरोद के ब्रह्मचारी जी महाराज, खण्डवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, मान्धाता विधायक नारायण पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े सहित संतगण, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। नर्मदा परिक्रमा का ऐप से डिजिटल क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा का ऐप से परिक्रमा कर रहे लोगों को परिक्रमा मार्ग में मदद मिलेगी, साथ ही स्थानीय लोगों के लिये रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि रोज़गार के अवसर लोगों को अपने ग्राम और शहर से जोड़े रखेंगे। डिजिटल क्रांति से स्थानीय लोगों को रोज़गार देने का प्रयास नर्मदा जी के खंड में नूतन अध्याय लिखेगा। इस एप से परिक्रमा कर रहे लोग स्थानीय संस्कृति से भी परिचित होंगे। परिक्रमा मात्र साधना नहीं भारत की संस्कृति की यात्रा भी होगी और मध्यप्रदेश से आरंभ होने वाली यात्रा पूरे भारत में ऐसे और अध्यायों को लिखेगी। परिक्रमा मार्ग में पौध-रोपण माँ नर्मदा के स्वरूप को अनादि काल तक रखेगा अक्षुण्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पावन स्वरूप को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु तट पर 5-5 पौधे (सीड बाल्स) रोपने का पुनीत कार्य करें। इस प्रकार जब सरकार और समाज दोनों समन्वित रूप से प्रयास करेंगे तो माँ नर्मदा का आदि स्वरूप अनादि काल तक अक्षुण्ण बना रहेगा।  

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव 3 दिसम्‍बर को बालाघाट के स्वदेशी मेला व गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को बालाघाट नगर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे यहां उत्कृष्‍ट विद्यालय में आयोजित हो रहे रोजगार मेले में शामिल होकर युवाओं को संबोधित करेंगे। साथ ही विभिन्न कंपनियों में चयनित होने वाले युवाओं को ऑफर लेटर भी प्रदान करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव इस स्वदेशी मेले में विभागीय प्रदर्शनियों का भी अवलोकन भी करेंगे। उनके निर्धारित कार्यक्रम अनुसार वे स्‍टेट हैंगर भोपाल से 11:40 बजे वायुयान द्वारा डुमना एयरपोर्ट जबलपुर पहुचेंगे। यहाँ से वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से दोपहर 12:20 बजे बालाघाट के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1 बजे बालाघाट पहुँचकर 1:05 बजे से 1:40 बजे तक जिले के उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित स्वदेशी मेले में सम्मिलित होंगे। इसके बाद 1:45 पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले के ग्राम डुंगरिया के सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में आयोजित 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री यादव डुंगरिया से 2:30 बजे हेलीपेड पहुंचकर डुमना एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ- मुख्यमंत्री मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जर्मनी यात्रा से वापस लौट आए हैं। दिल्ली में भाजपा नेताओं और कार्यक्रर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने सभी का आभार जताया, साथ ही कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले सीएम यादव ने जर्मनी ने कहा कि मध्यप्रदेश स्किल्ड मैनेजमेंट और प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। लैप समूह की मध्यप्रदेश में एक दशक से ज्यादा की उपस्थिति यह दर्शाती है कि प्रदेश की पहुंच देश ही नहीं दक्षिण एशिया के बाजारों तक है। समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना बेस बनाकर 100 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ है। उनके विजनरी नेतृत्व में हमारी ताकत दोगुना हो जाती है। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मनी यात्रा के दौरान शुक्रवार को स्टटगार्ट में लैप (LAPP) ग्रुप के सीईओ मैथियास लैप और उनकी टीम के साथ फैक्ट्री का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न उद्योग समूहों के प्रबंधन को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया, जिनमें निवेशकों के लिए भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं। सीएम यादव ने निवेशकों को भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश से उद्योग के लिए नई संभवानाओं के द्वार खुलेंगे। 100 करोड़ से अधिक का निवेश किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-जर्मनी के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रसन्नता जताई कि लैप समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना फैक्ट्री बेस बनाया। उन्होंने लैप उद्योग समूह के सीईओ मैथियास लैप का इस बात के लिए आभार प्रकट किया कि उन्होंने 2012 से अब तक 100 करोड़ से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश में किया है। 1959 में हुई थी स्थापना उल्लेखनीय है कि लैप (LAPP) ग्रुप औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी समाधान में अग्रणी कंपनी है। इसकी स्थापना वर्ष 1959 में हुई थी। यहां अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र हैं जो औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी संबंधी उत्पादों का निर्माण करती है। यह संस्थान ऊर्जा, ऑटोमोटिव, मशीन निर्माण और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले केबल, कनेक्टर्स और एसेसरीज का निर्माण भी करता है। कब कितना निवेश भारत में लैप ग्रुप की सहायक कंपनी LAPP इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पीलूखेड़ी (राजगढ़) में स्थित विनिर्माण इकाई ने पिछले एक दशक में 141.5 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वर्ष 2012 में सिंगल कोर तारों के उत्पादन के लिए 44 करोड़ रुपये का निवेश, वर्ष 2014 में मल्टी कोर कंट्रोल केबल उत्पाद लाइन के विस्तार के लिये 13.5 करोड़ रुपये, वर्ष 2018 में मेक-इन-इंडिया पहल के तहत विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए 22 करोड़ रुपये और वर्ष 2024 में नवीनतम ई-बीम और कंपाउंडिंग प्लांट के लिए 62 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। कंपनी ने अपनी विनिर्माण इकाई को 30 हजार वर्ग फुट तक विस्तारित किया है, जिससे भोपाल और राजगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हैं। 24 नवंबर को गए थे सीएम यादव बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में निवेश लाने को लेकर 24 नवंबर से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी की यात्रा पर थे। यह मुख्यमंत्री की पहली विदेश यात्रा थी जो प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने के उद्देश्य से की गई थी। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने यूके और जर्मनी  में उद्योगपतियों से चर्चा की। यूके से प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं, जर्मन कंपनी भोपाल में 100 करोड़ में एक्सरे निर्माण के लिए औद्योगिक इकाई की स्थापना करेगी। इसके लिल मुख्यमंत्री ने जर्मन कंपनी को भूमि का आवंटन भी कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की नई लहर लाएगी, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का हिस्सा बनेगी। मुख्यमंत्री यादव आज शाम पाचं बजे जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर मीडिया को संबोधित करेंगे। इस दौरन वे विस्तार से जानकारी देंगे।  

CM यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने PM मोदी का आभार माना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेशवासियों की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार माना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 हजार 295.76 करोड़ की राशि देश के 40 चिन्हित पर्यटन स्थलों के लिए स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण से ये स्थल देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन स्थलों के लिए निर्धारित मापदंड के लिए पर्यटन स्थलों के रख-रखाव एवं पर्यटकों के लिए संपूर्ण गाईड, कैफ़ेटरिया रहने के लिए होटल, गेस्ट हाउस आदि की व्यवस्था का होना आवश्यक है। केंद्र सरकार द्वारा देश के 23 राज्यों के 40 पर्यटन स्थलों में से मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं पावन नगरी ओरछा ए मेडिएबल स्प्लेन्डर एवं भोपाल में इंटरनेशनल सेंटर फॉर एम.आई.सी.ई को विश्व स्तरीय आईकॉनिक सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति भी आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थल के विकसित होने से पर्यटकों की संख्या से पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े छोटे-बड़े उद्योग एवं स्थानीय बाजार भी लाभान्वित होते हैं। इस योजना में राज्यों के प्रतिष्ठित पर्यटन केन्द्रों के विकास, ब्रांडिंग और विश्व व्यापार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे निश्चित ही पर्यटन, रोजगार, बाजार, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही भारत की गौरवशाली संस्कृति एवं परंपरा का भी प्रसार होगा।  

सीएम ने कहा- जर्मन कंपनी मप्र में निवेश को तैयार, खुलेंगे रोजगार के द्वार, अचारपुरा, भोपाल में लगेगा औद्योगिक संयंत्र, 6.72 एकड़ जमीन आवंटित

भोपाल  जर्मनी से मध्य प्रदेश में निवेश के प्रस्ताव विवभन्न औद्योगिक सेक्टरों के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआइ, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मन की कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड मप्र में 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके लिए भोपाल के अचारपुरा में कंपनी को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योगपतियों से चर्चा के तुरंत बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटन पत्र जारी किया। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इससे सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पावर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जर्मनी के म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रयोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा करते हुए यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जर्मनी और इग्लैंड की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूं कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। जर्मन कंपनियों ने मप्र में निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। इससे रोजगार और नए अवसरों के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए जर्मन आगे बढ़ रहे हैं। जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। जर्मनी और इंग्लैंड को मानव संसाधन उपलब्ध कराएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी और इंग्लैंड आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं। उन्हें आवश्यकता है तो दक्ष मानव संसाधन की। हमारे पास दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा हैं। दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्यबल बनकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गई इन्वेस्ट मध्य प्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने वहां की शीर्ष कंपनियों से साझेदारी के लिए बातचीत की। मुख्यमंत्री ने म्यूनिख के समीप ब्रुंथल स्थित एसएफसी एनर्जी कंपनी का दौरा किया। इस दौरान, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिक को मध्य प्रदेश में लागू करने और नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बर्लोकर समूह के साथ एक औपचारिक बैठक भी की।

सतपुड़ा क्षेत्र में ट्राइएसिक युग के जीवाश्मों पर शोध के लिए हुआ भारत-जर्मनी के बीच एमओयू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया स्टटगार्ट स्थित स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के म्यूजियम पहुंचने पर प्रो. डॉ. लार्स क्रागमेन और उनकी टीम ने आत्मीय स्वागत किया सतपुड़ा क्षेत्र में ट्राइएसिक युग के जीवाश्मों पर शोध के लिए हुआ भारत-जर्मनी के बीच एमओयू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्टटगार्ट स्थित स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के म्यूजियम पहुंचने पर प्रो. डॉ. लार्स क्रागमेन और उनकी टीम ने आत्मीय स्वागत किया। मध्यप्रदेश सरकार और जर्मनी के शोधकर्ताओं के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। एमओयू से सतपुड़ा क्षेत्र में पाए गए ट्राइएसिक युग के जीवाश्मों पर संयुक्त शोध किया जा सकेगा। इससे भारतीय और जर्मन शोधकर्ता प्राचीन डाइनोसॉर और उनके समकालीन प्रजातियों के पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में मदद करेंगे। यह शोध विशेष रूप से उन पारिस्थितिकीय स्थितियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा, जिनमें ये प्रजातियाँ पाई जाती थीं। एमओयू हो जाने से अब सतपुड़ा क्षेत्र में नई खुदाई की जाएगी, जिससे ट्राइएसिक कॉन्टिनेंटल पर्यावरण और जलवायु के बारे में व्यापक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इस सहयोग का उद्देश्य जीवाश्मों की खुदाई, संरक्षण और प्रदर्शनी की प्रक्रिया को सुगम बनाना है। इसे मध्यप्रदेश के राज्य संग्रहालय के माध्यम से प्रदर्शित और प्रकाशित किया जाएगा। साथ ही वैश्विक शोधकर्ताओं के लिए इन जीवाश्मों पर अनुसंधान भी किया जाएगा। स्टटगार्ट स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री अधिकारिक रूप से 1791 में स्थापित किया गया था। यह जर्मनी के सबसे पुराने प्राकृतिक ऐतिहासिक म्यूजियमों में से एक है। इसमें प्राचीन जीवाश्म और डायनासोरों के अवशेषों का विशाल संग्रह है। इसमें लगभग ग्यारह मिलियन से अधिक वस्तुएं भी संग्रहित हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्किल्ड मैनेजमेंट और प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्किल्ड मैनेजमेंट और प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। लैप समूह की मध्यप्रदेश में एक दशक से ज्यादा की उपस्थिति इस बात को दर्शाती है कि मध्यप्रदेश की पहुँच देश ही नहीं दक्षिण एशिया के बाजारों तक है। समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना बेस बना कर 100 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ है और उनके विजनरी नेतृत्व में हमारी ताकत दोगुना हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मनी यात्रा के दौरान शुक्रवार को स्टटगार्ट में लैप (LAPP) ग्रुप के सीईओ मैथियास लैप और उनकी टीम के साथ फैक्ट्री का दौरा किया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न उद्योग समूहों के प्रबंधन को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया, जिनमें निवेशकों के लिए भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश से उद्योग के लिए नई संभवानाओं के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-जर्मनी के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रसन्नता जताई कि लैप समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना फैक्ट्री बेस बनाया। उन्होंने लैप उद्योग समूह के सीईओ मैथियास लैप का इस बात के लिए आभार प्रकट किया कि उन्होंने 2012 से अब तक 100 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश में किया है। उल्लेखनीय है कि लैप (LAPP) ग्रुप औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी समाधान में अग्रणी कम्पनी है। इसकी स्थापना वर्ष 1959 में हुई थी। यहाँ अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र है जो, औद्योगिक केबलिंग और कनेक्टिविटी संबंधी उत्पादों का निर्माण करती है। यह संस्थान ऊर्जा, ऑटोमोटिव, मशीन निर्माण और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले केबल, कनेक्टर्स और एसेसरीज का निर्माण भी करता है। भारत में लैप ग्रुप की सहायक कंपनी LAPP इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पीलूखेड़ी (राजगढ़) में स्थित विनिर्माण इकाई ने पिछले एक दशक में 141.5 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वर्ष 2012 में सिंगल कोर तारों के उत्पादन के लिए 44 करोड़ रुपये का निवेश, वर्ष 2014 में मल्टी कोर कंट्रोल केबल उत्पाद लाइन के विस्तार के लिये 13.5 करोड़ रुपये, वर्ष 2018 में मेक-इन-इंडिया पहल के तहत विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए 22 करोड़ रुपये और वर्ष 2024 में नवीनतम ई-बीम और कंपाउंडिंग प्लांट के लिए 62 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। कंपनी ने अपनी विनिर्माण इकाई को 30 हजार वर्ग फुट तक विस्तारित किया है, जिससे भोपाल और राजगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों लोग प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हैं।  

निजी निवेश, तकनीकी सहभागिता और साझेदारी से जर्मनी के साथ होंगे रिश्ते प्रगाढ़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जर्मनी की क्षमताओं के साथ मिलकर मध्यप्रदेश के उद्योग और व्यवसाय वैश्विक स्तर पर बनाएंगे विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश संवर्धन को कर रही है प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निजी निवेश, तकनीकी सहभागिता और साझेदारी से जर्मनी के साथ होंगे रिश्ते प्रगाढ़  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी में राउंड टेबल मीटिंग को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भौगोलिक स्थिति के कारण मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित होने से उत्तर- दक्षिण, पूर्व- पश्चिम चारों दिशाओं में आने-जाने का केंद्र बिंदु है। यहाँ से दक्षिण एशिया सहित महाद्वीप के कई स्थानों तक आवागमन सुगम और सरल है। जर्मनी के लैप ग्रुप का मध्यप्रदेश को अपने व्यवसाय का केंद्र बनाना इस बात का प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि लैप ग्रुप ने जर्मनी से बाहर अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए बेंगलुरु के बाद मध्यप्रदेश का चयन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मनी भ्रमण के दूसरे दिन स्टटगार्ट स्थित लैप ग्रुप की फैक्ट्री के भ्रमण के बाद मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर राउंड टेबल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति उद्योग व्यवसाय के विस्तार के लिए उपयुक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में राज्य सरकार औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश संवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। क्षेत्रीय स्तर पर जारी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से प्रदेश में उद्योग स्थापना का बेहतर माहौल बना है। इससे राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर से भी बड़े निवेशक बेहतर भविष्य के लिए आश्वस्त होते हुए मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रहे हैं। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के परिणामस्वरूप उद्योग व्यवसाय को लाभ मिलना सुनिश्चित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी के साथ प्रदेश में उद्योग- व्यवसाय को विस्तार देने के लिए कई विकल्प हैं। इनमें निजी निवेश, तकनीकी सहभागिता और साझेदारी से जर्मनी और भारत के औद्योगिक और व्यावसायिक रिश्तों को प्रगाढ़ किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए दिया निमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे उद्योग समूह और निवेशकों को फरवरी- 2025 में प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का निमंत्रण देने जर्मनी आये हैं। हमारे लिए जर्मनी से संबंधों का विशेष महत्व है। जर्मनी की तकनीकी विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश में जारी निवेश प्रोत्साहन गतिविधियां, व्यापार- व्यवसाय को परस्पर प्रोत्साहित करेंगी। मध्यप्रदेश में पर्याप्त प्राकृतिक और खनिज संपदा होने के साथ बेहतर अधोसंरचना, दक्ष मैनपॉवर, उद्योग मित्र नीतियां और नवाचार के लिए तत्पर प्रशासनिक व्यवस्था विद्यमान है। निवेश प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार अपनी नीतियों में बदलाव या सुधार के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक सम्पन्नता और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक सम्पन्नता और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में अग्रसर है। जर्मनी की क्षमताओं ने सदैव सभी को प्रभावित किया है। जर्मनी ने कठिन दौर के बावजूद जीने की राह बनाई और विश्व में सशक्त रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मैक्समूलर द्वारा वेदों का अनुवाद, जर्मन विद्वानों द्वारा पुरातत्व और संस्कृति का अध्ययन जर्मनी को भारतीयता के साथ जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी की इन क्षमताओं के साथ मिलकर मध्यप्रदेश का उद्योग और व्यावसायिक जगत, वैश्विक स्तर पर विशिष्ट स्थान प्राप्त करेगा। संसाधन और श्रम के मितव्ययी उपयोग पर आधारित जर्मन तकनीक से प्रदेश को होगा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि युवाओं को बेहतर शिक्षा, कौशल उन्नयन के अवसर और उनके लिए रोजगार के मौके सृजित कर प्रदेश को प्रगति पथ पर अग्रसर करना जर्मनी यात्रा का उद्देश्य है। राज्य सरकार के इन प्रयासों से युवा अपने परिवार के साथ प्रदेश और देश की बेहतरी के लिए भी योगदान देने में सक्षम होंगे। यह संतोष का विषय है कि जर्मनी के एक प्रभावी साझेदार बनने की सभी संभावनाएं विद्यमान हैं। कई निवेशकों और उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए रूचि प्रकट की है। लैप ग्रुप ने अपनी गतिविधियों को प्रदेश में क्रियान्वित करना आरंभ कर दिया है, जो अन्य जर्मन समूहों के लिए श्रेष्ठ उदाहरण है। ग्रीन एनर्जी, एमएसएमई, भारी उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी अच्छी संभावनाएं हैं। संसाधन और श्रम का मितव्ययी उपयोग जर्मन तकनीक की विशेषता है, इससे मध्यप्रदेश को बहुत सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर संसाधन और मैनपॉवर उपलब्ध है। निश्चित ही जर्मनी के साथ परस्पर साझेदारी से मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लैप ग्रुप फैक्ट्री पहुंचने पर हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लैप ग्रुप की फैक्ट्री पहुंचने पर ग्रुप की लीडरशिप टीम द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। लैप ग्रुप के अध्यक्ष एंड्रियास लैप, मैथियास लैप और एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य ह्युबर्टस ब्रियर ने ग्रुप की गतिविधियों की जानकारी दी।  

विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

यूके, जर्मनी यात्रा हमारे ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए खोलेगी नए अवसरों के द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के टेक्नों-फ्रेंड युवाओं को मिलेंगे रोजगार के बेहतर अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश में राज्य के युवाओं के लिए निवेश के नए अवसरों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा “यात्रा का उद्देश्य राज्य के युवाओं के रोजगार, औद्योगिकीकरण और मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना था। हमने पूरे समय का सदुपयोग किया। जर्मनी और यूके की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूँ कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रायोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किए गए प्रयासों से उन्हें न केवल सफलता मिली बल्कि समझने और सीखने का भी अवसर मिला। उन्होंने यात्रा के दौरान हर पल और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी टीम के सदस्यों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब हम एकजुट होकर अच्छी योजना बनाते हैं, तो परिणाम भी अच्छा होता है और हमें जर्मनी से यही मिल रहा है। जर्मनी और आगे बढ़ रहा है। मैं महसूस करता हूँ कि वहां एक आंतरिक उत्साह है जो उन्हें अपनी चुनौतियों से निपटने में मदद कर रहा है। जर्मनी अपनी तकनीक को अन्य देशों के साथ साझा करने और भविष्य की यात्रा में उसका विश्वास बनाने की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी से उन्हें कई ऐसे प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे मध्यप्रदेश को इस विश्वास के साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है कि राज्य अपनी पारंपरिक क्षमताओं के साथ नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी बात है कि कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्वास्थ्य, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग क्षेत्रों में जर्मनी से हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। उन्होंने आशा जताई कि राज्य के लिए यह यात्रा कई नए उद्योगों, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने सशक्त औद्योगिक ताकत के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिपल-प्रति मिनिट हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना है। हमारे बौद्धिक संपन्न युवा ही नहीं बल्कि प्रदेश के हर वर्ग के युवा को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। वर्क फोर्स बनकर करेंगे काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी और यूके आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं, उन्हें आवश्यकता है तो मेन पॉवर की। हमारे पास मेन पॉवर उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा है, दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में वर्क-फोर्स बनकर काम करेंगे। ग्लोबल लीडर हैं प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम है। प्रधानमंत्री मोदी ग्लोबल लीडर हैं और उनके विजन से देश आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में मध्यप्रदेश विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी हमारा मित्र देश है। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के मध्य बेहतर समन्वय का हमें भी लाभ मिला है। जर्मन बढ़ते भारत और आगे बढ़ते मध्यप्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी, भारत का सदैव प्रशंसक रहा है। हमारी साझा विरासत गौरवशाली रही है। सौहार्दपूर्ण संबंधों का मिला लाभ, निवेश के मिले कई प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी के साथ हिन्दुस्तान के सौहार्द्रपूर्ण संबंधों की बात करें तो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के समय को याद कर सकते हैं। जर्मन, मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को समझते हैं। जर्मनी से मध्यप्रदेश में निवेश के प्रस्ताव अनेक औद्योगिक सेक्टर्स के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआई, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मनी के माध्यम से वेदों का दुनिया को कराया परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वेदों को दुनिया से सबसे पहले परिचित कराने वाला कोई देश है, तो वह जर्मनी ही है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद कर जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। जर्मनी के साथ हमारे अतीत के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि जर्मन ही एक ऐसी भाषा है जो संस्कृत के सबसे ज्यादा नजदीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा से मध्यप्रदेश को न केवल व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से फायदा होने की उम्मीद है, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास में भी अहम योगदान देने वाली साबित होगी।  

भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जर्मनी की यात्रा पर है। डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन औद्योगिक विकास की नई लहर भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्य प्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में निवेश लाने को लेकर 24 नवंबर से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी की यात्रा पर है। यह मुख्यमंत्री की पहली विदेश यात्रा है। यह दौरा प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने के लिए किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने यूके में उद्योगपतियों से चर्चा की। वहां से प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इसके बाद मुख्यमंत्री जर्मनी पहुंचे है। जहां पर प्रदेश में निवेश को लेकर उद्योगपतियों से चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की नई लहर लाएगी, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का हिस्सा बनेगी।     

MP-जर्मनी औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलेंगे- मुख्यमंत्री मोहन यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंडीदीप और पीथमपुर में पहले से मौजूद जर्मन निवेशकों के सुगम समन्वय के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में एक विशेष राज्य सरकारी संपर्क कार्यालय स्थापित किया जाएगा। जर्मनी का हमारे देश से पुराना संबंध रहा है। दुनिया में यह सभ्यता अलग ढंग से जानी जाती है। जर्मनी और मध्य प्रदेश का आपसी सहयोग औद्योगिक क्रांति के नए द्वार खोलने में सहायक होगा। मध्य प्रदेश में जर्मन विशेषज्ञ आएंगे, साथ ही टेक्नोलाजी भी उपलब्ध करवाएंगे। दोनों देश आपसी समन्वय से मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। मीडिया विभाग के मंत्री से हुई मुलाकात यह बात गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जर्मनी दौरे पर बवेरिया राज्य के चांसलर प्रमुख और संघीय एवं यूरोपीय मामलों के साथ मीडिया विभाग के मंत्री डॉ. फ्लोरियन हैरमेन से मुलाकात के दौरान कही। इस मुलाकात में राज्य स्तर पर सहयोग के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई। चर्चा में मुख्यमंत्री एवं डॉ. हैरमेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होते रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य स्तर पर भी साझेदारी बढ़ाने पर रजामंदी दिखाई। दोनों नेताओं ने तकनीकी नवाचार, सुपरकंप्यूटिंग, ऑटोमोटिव सेक्टर, एरोनाटिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री एवं औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल का जर्मनी के म्यूनिख पहुंचने पर भारत के कौंसलेट जनरल शत्रुघ्न सिन्हा और भारतीय संघ के अध्यक्ष राणा हरगोविंद सिंह एवं अन्य भारतवंशियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है मुख्यमंत्री जर्मन प्रतिनिधिमंडल के टाइम मैनेजमेंट से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है। दोनों पक्षों ने इस मुलाकात को मध्य प्रदेश और बवेरिया के बीच दीर्घकालिक और आपसी लाभकारी संबंधों का शुभारंभ बताया। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद करके जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। अतीत के संबंध से इनकी अच्छाइयों और टेक्नोलाजी को सीखते हुए मध्य प्रदेश और बवेरिया स्टेट समन्वयपूर्वक आगे बढ़ेंगे। जर्मन भाषा के लिए खोलेंगे लैंग्वेंज इंस्टीट्यूट मुख्यमंत्री ने म्यूनिख स्थित बवेरिया स्टेट चांसलरी सरकार राजनीतिक नेतृत्व के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि जर्मनी में काम के अनेक अवसर तो हैं, परंतु भाषाई चुनौती भी है। इसे दूर करने के लिए मध्य प्रदेश में लैंग्वेज इंस्टीट्यूट खोलने की योजना बना रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसरों के लिए भाषा चुनौती नहीं बने और मध्य प्रदेश तथा जर्मनी के अधिकारियों के मध्य समन्वय के साथ भाषाई सहजता से काम हो सके। औद्योगिक विकास के लिए जर्मन टेक्नोलाजी का सहयोग मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी के टेक्निकल स्टाफ के माध्यम से इंजीनियरिंग, पालीटेक्निक, आईटीआई जैसे टेक्निकल क्षेत्र में हमारे उद्योगपति लाभ ले सकेंगे। उन्होंने भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जर्मनी के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। दोनों राज्यों में अधिकारियों को एक दूसरे राज्य में भेजने में प्रशासनिक लेवल पर जो कठिनाइयां आती हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।

मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जर्मनी यात्रा ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। गुरूवार को डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। यह निर्णय मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।  

निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारा परिवार हैं, प्रक्रियात्मक कठिनाइयां नहीं आने देंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पुरुषार्थ और परमार्थ का संगम है जर्मनी, इससे जुड़कर उद्योग के नये मार्ग होंगे प्रशस्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध करायेंगे हर सुविधा प्रक्रियात्मक कठिनाइयां नहीं आने देंगे निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारा परिवार हैं मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिये उपलब्ध है स्वर्णिम अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस : 2025 के लिए किया जर्मनी के निवेशकों को आमंत्रित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत और जर्मनी के आपसी संबंध हमेशा से बेहतर रहे हैं। पुरुषार्थ और परमार्थ से परिपूर्ण जर्मनी ने भारत के साथ हमेशा उद्योग मैत्री का रवैया रखा है। उन्होंने जर्मनी के निवेशकों को उन्नत तकनीकी के साथ मध्यप्रदेश में आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए आये निवेशकों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हमनें निवेशकों के हित में जटिलताओं को समाप्त/सरलीकृत कर प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को दूर करने का काम किया है। निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने पर बिजली और पानी की कमी नहीं आने दी जायेगी। निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारे परिवार का एक अंग हैं। हम उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने देंगे। प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिये भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को म्यूनिख (जर्मनी) में अपनी 3 दिवसीय यात्रा के प्रथम दिन इन्टरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में फरवरी माह में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आने के लिए जर्मनी के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और जर्मनी के अतीतकाल से बहुत गहरे संबंध है। विशेष रूप से उद्योग और व्यवसाय जगत में भी हमारे संबंध बहुत मजबूत हैं। हमने इन संबंधों को निभाया भी है। यूरोप के सभी देशों से तुलना की जाए तो जर्मनी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा निवेश करने वाला देश है। मेरी यात्रा इन संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यहां मैं एक स्पष्ट उद्देश्य से आया हूँ। हम जर्मनी के साथ एक नई तरह की साझेदारी चाहते हैं। साझेदारी केवल व्यापार तक ही सीमित न हो। हम चाहते हैं कि जर्मनी की कम्पनियां अपनी उन्नत तकनीक के साथ मध्यप्रदेश में निवेश करें। मध्यप्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक और मानव संसाधनों के साथ जर्मनी की तकनीक का संगम हो। मध्यप्रदेश एक सम्पूर्ण इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन है। मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए स्वर्णिम अवसर भी उपल्बध हैं। जब मध्यप्रदेश की क्षमताओं की बात की जाती है, तो आंकड़े स्वयं बोलते हैं। मध्यप्रदेश आज भारत की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हमारी अर्थव्यवस्था पिछले एक दशक में तीन गुना बढ़ी है। हमारी विकास दर दोहरे अंक में है। लेकिन यह तो शुरूआत है। हम एक पॉवर सरप्लस स्टेट हैं। सिर्फ यही नहीं, प्रदेश में बिजली देने के लिए वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। ग्रीन एनर्जी की दिशा में मध्यप्रदेश काफी आगे बढ़ा है। इसके साथ ही पर्याप्त जल और भूमि की उपलब्धता भी मध्यप्रदेश की विशेषता है। हमारी यूएसपी है मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि जर्मनी के उद्योगपति जर्मनी ही नहीं, विश्व के कई देशों में ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन विद्वान मैक्स मूलर का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय ग्रंथों और वेदों का जर्मनी सहित अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। वे संस्कृत के भी विद्वान थे। स्वामी विवेकानंद भी उनकी प्रतिभा की प्रशंसा करते थे। जर्मनी ने विश्व युद्ध सहित अनेक कठिनाईयों का सामना किया है। लेकिन जर्मनी के नागरिकों की जीवटता सराहनीय है। उद्योग स्थापना की महत्वपूर्ण स्वीकृतियाँ 30 दिन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापना में आने वाली मुश्किलों को दूर करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार ने विशेष प्रयास किये हैं। मध्यप्रदेश को देश का इकलौता प्रदेश कहा जा सकता है, जहाँ उद्योग संबंधी सभी प्रकार की अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ मात्र 30 दिन में दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विभाग की मॉनीटरिंग उत्साही, जिज्ञासु और कर्मठ अधिकारियों के हाथों में है। इसके अतिरिक्त वे स्वयं निरंतर इस विभाग की मॉनीटरिंग करते हैं। मेहमान नहीं, परिवार बनकर आयें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी के निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर मेहमान की बजाये परिवार बनकर आये हैं। सभी को सुखद औद्योगिक माहौल मिलेगा। भारत के भावी आर्थिक लक्ष्यों का भी हृदय प्रदेश है मध्यप्रदेश ‘इन्वेस्ट अपोर्चुनिटीज इन एमपी’ के लिए गुरुवार को जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन को जर्मनी में भारत के कौंसुलेट जनरल शत्रुघन सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का भौगोलिक हृदय प्रदेश तो है ही, साथ ही यह भारत के आर्थिक विकास का भी प्रमुख गंतव्य बन रहा है। सिन्हा ने जर्मनी के निवेशकों से मध्यप्रदेश में निवेश का आव्हान कर उन्हें आश्वस्त करते हुए बताया कि यहां 5 पूर्ण विकसित हवाई अड्डे, 4 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग और विस्तृत रेलवे नेटवर्क है। मध्यप्रदेश के शहरों से देश के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक किसी भी स्थान पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां से देश भर के पोर्ट्रस तक सुगम पहुंच इसे देश की सप्लाई चेन के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र बनाती है। सिन्हा ने मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए मध्यप्रदेश सरकार की इंडस्ट्री फ्रैंडली नीतियों की तारीफ की। उन्होंने जर्मन निवेशकों को बताया कि मध्यप्रदेश में कृषि, नवकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि निवेशकों के लिए भी विकास के नए द्वार खोल सकता है। जर्मन निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश आइडियल डेस्टिनेशन डॉ. टोबियास रोसेन्थाल, चेयरमेन, बेयरलोशर ने कहा कि जर्मन निवेशकों के लिये मध्यप्रदेश आइडियल डेस्टिनेशन है। मध्यप्रदेश में एडिटिव प्लास्टिक उत्पादक कंपनी बेयरलोशर के चेयरमेन डॉ. रोसेन्थाल ने मध्यप्रदेश में उद्यमिता के अपने 25 वर्ष के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में उनका इतना अच्छा अनुभव रहा कि उनकी कंपनी ने दुनिया भर के 15 प्लांट्स में सबसे बड़ा प्लांट मध्यप्रदेश में स्थापित किया। डॉ. रोसेन्थाल ने जर्मन निवेशकों को बताया मध्यप्रदेश निवेश के लिये आइडियल डेस्टिनेशन है, क्योंकि यहाँ अच्छे व कुशल मानव संसाधन, उपयुक्त इन्फ्रॉस्ट्रक्चर असिस्टेंस और प्रदेश सरकार की ओर … Read more

मध्यप्रदेश में जर्मन निवेश का नया अध्याय प्रारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जर्मनी यात्रा ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। गुरूवार को डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। यह निर्णय मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जर्मनी के दौरे का दूसरा दिन

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अपनी जर्मनी यात्रा के दौरान, प्रदेश में निवेश और उद्योगों के लिए संभावनाओं की तलाश करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री 29 नवंबर की शाम म्यूनिख से सड़क मार्ग द्वारा स्टटगार्ट के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री यहां लैप ग्रुप फैसिलिटी के आंद्रियास लैप, मैथियास लैप, हुबर्टस ब्रेयर के साथ लैप स्टटगार्ट फैक्ट्री का दौरा करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर राउंड टेबल बैठक में चुनिंदा उद्योग समूहों के सीईओ से चर्चा करेंगे। दोपहर के भोजन के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टटगार्ट के प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का दौरा करेंगे। उल्लेखनीय है कि स्टटगार्ट का प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय जर्मनी के सबसे बड़े प्राकृतिक इतिहास संग्रहालयों में से एक है, जिसमें जीवाश्म, विशेष रूप से डायनासोर और क्षेत्र में पाए गए प्राचीन जीवों के अवशेष संरक्षित हैं। संग्रहलाय के अवलोकन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव फ्रैंकफर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे। डॉ. यादव एयर इंडिया की फ्लाइट से फ्रैंकफर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना होगे।  

इंजीनियरिंग की ग्लोबल बेस्ट प्रेक्टिसेस का प्रदेश में होगा क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रसन्नता है कि 60 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये: मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंजीनियरिंग की ग्लोबल बेस्ट प्रेक्टिसेस का प्रदेश में होगा क्रियान्वयन लंदन के वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप का लिया जाएगा सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वार्विक विश्वविद्यालय पहुंचने पर हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री ने डबल्यूएमपी ग्रुप के विषय-विशेषज्ञों से किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके दौरे के समापन पर कहा है कि इंग्लैंड का दौरा हमारे लिए कई अर्थों में बहुत महत्वपूर्ण रहा है। सभी प्रकार के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आए। आज बदलते दौर में मध्यप्रदेश में जो संभावनाएं हैं, उनको देखते हुये बड़े पैमाने पर नए निवेशकों ने रुचि दिखाई है, मुझे इस बात का संतोष है कि हमें 60 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुये हैं। इसमें सभी प्रकार के सेक्टर जैसे चिकित्सा, उद्योग, माइनिंग और सर्विस सेक्टर शामिल है। एग्रीकल्चर में भी लोगों ने रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वार्विक मैन्युफेक्चरिंग ग्रुप के भ्रमण में कहा कि विश्वविद्यालयों और अकादमिक संस्थानों द्वारा किए जाने वाले शोध और अध्ययन की सार्थकता तभी है, जब वे समाज हित में हों। विश्व के कई देशों में शिक्षा के क्षेत्र में इस दिशा में पहल हो रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी नई शिक्षा नीति के माध्यम से इस ओर कदम बढ़ाए हैं। आने वाली चुनौतियों का सामना करने में विद्यार्थियों को सक्षम और समर्थ बनाना वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की प्राथमिक आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को लंदन की वार्विक यूनिवर्सिटी पहुंचे और विशेष-विशेषज्ञों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह भट्टाचार्य जी के द्वारा स्थापित किया हुआ कैम्पस है, इसमें 30 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहाँ रिसर्च की मूल कल्पना है कि रिसर्च के साथ में इनोवशन भी करें, जिसका लाभ उद्योगों के साथ समाज को भी मिले। इससे हम बदलते दौर में स्वयं के विकास के साथ मानवता की सेवा भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऑटोमोटिव क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्य जारी है, अभी भी अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि संभावनाएँ तलाशी जायेंगी कि मध्यप्रदेश के युवा यूके के वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप में आकर दक्षता अर्जित करें और ग्रुप के विशेषज्ञ भी मध्यप्रदेश आकर प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं। साथ ही विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से डबल्यूएमपी ग्रुप को संबद्ध करने की दिशा में भी पहल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूके में वे अपने देश के अन्य प्रदेश के साथ मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों से भी मिले। उनसे आत्मीय संवाद हुआ। इस कैम्पस में पूरी दुनिया से विद्यार्थी पढ़ने के लिये आ रहे हैं। इस मॉडल को हम मध्यप्रदेश में भी लागू कर सकते हैं। इसके लिये यहाँ के विश्वविद्यालयों का मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू करायें। हम प्रयास करेंगे कि हमारे इंडस्ट्री के कैम्पस में भी ऐसे रिसर्च सेन्टर बने, जिनका लाभ सभी को मिले। विश्वविद्यालय और औद्योगिक समूह समन्वित रूप से करें शोध को प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई औद्योगिक समूह शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। विश्वविद्यालय को आत्म-निर्भर बनाने की दिशा में कार्य करते हुए उपयुक्त समूहों से समन्वय कर अपने परिसरों में शोध केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी पहल करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में जारी बेस्ट प्रैक्टिसेज का मध्यप्रदेश में क्रियान्वयन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएमजी और मध्यप्रदेश का परस्पर संपर्क और विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों का आवागमन बना रहेगा। दुनिया में अच्छाइयों को बांटते रहने से ही सबका होगा भला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं यहां सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक के रूप में आया हूं। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय सरस्वती देवी के समान हैं। इनका लाभ समूची मानवता को मिलना चाहिए। वर्तमान यांत्रिक युग में यंत्र का अपना महत्व है, परंतु यंत्र के पीछे तंत्र और तंत्र के पीछे मंत्र है। मन की सात्विकता यंत्रों को नियंत्रित करती है। मानव मात्र के कल्याण का संस्कार ही हमारा मूल भाव होना चाहिए। वैश्विक रूप से हम बहुत छोटी दुनिया में जी रहे हैं, ऐसे में यदि सभी देश अपनी अच्छाइयों को बांटते रहेंगे तो सबका भला होगा। वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप, इंजीनियरिग में नवाचारों को प्रोत्साहित करने का श्रेष्ठ वैश्विक मॉडल वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप, पब्लिक- प्राइवेट सेक्टर के मध्य परस्पर सहयोग से विज्ञान – इंजीनियरिंग में नवाचार को प्रोत्साहित करने और अकादमिक गतिविधियों को विस्तार देने का श्रेष्ठ वैश्विक मॉडल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा भविष्य के युवा नेतृत्व को सशक्त करने और नवाचार एवं शिक्षा के क्षेत्र को विस्तार देने के राज्य सरकार के दृष्टिकोण को व्यावहारिक रूप से क्रियान्वित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का डबल्यूएमपी पहुंचने पर डीन द्वारा पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्रुप की ओर से स्मृति-चिन्ह भी भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रुप के प्रो. रॉबिन क्लार्क को चंदेरी का अंगवस्त्रम भेंट कर उनका अभिवादन किया। स्वामी नारायण संप्रदाय और इस्कॉन करेंगे प्रदेश में नये केंद्र निर्मित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लंदन यात्रा के दौरान भगवान स्वामी नारायण मंदिर जाने और स्वामी नारायण सम्प्रदाय तथा इस्कॉन के सदस्यों से भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश में दो प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं, साथ ही प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विभिन्न लोकों का निर्माण हो रहा है। स्वामी नारायण संप्रदाय और इस्कॉन भी मध्यप्रदेश में अपने नये केंद्र निर्मित करेंगे। उनकी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर देव स्थानों की स्थापना से मंदिर संस्कृति और आध्यात्मिक संस्कारों का विस्तार होगा और प्रदेशवासियों को इन सम्प्रदायों से जुड़कर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज म्यूनिख में भारत के कौंसुलेट जर्नल द्वारा होटल फिएर यारत्साइतेन केम्पिंस्की में ब्रीफिंग की जायेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 से 30 नवम्बर को जर्मनी की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव म्यूनिख एवं स्टूटगार्ट में कई कार्यक्रमों में शामिल होकर प्रदेश में निवेश और उद्योगों के लिए संभावनाओं से जर्मनी के उद्योगपतियों को अवगत कराएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवम्बर की देर शाम यू.के. (बर्मिंघम) से जर्मनी के म्यूनिख के लिये रवाना हुए । मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 नवम्बर को म्यूनिख में भारत के कौंसुलेट जर्नल द्वारा होटल फिएर यारत्साइतेन केम्पिंस्की में ब्रीफिंग की जायेगी। इसके बाद बवेरिया राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जर्मन के बवेरिया राज्य के अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास और संभावित सहयोग पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एसएफसी एनर्जी के प्रमुख संस्थान का दौरा करेंगे। साथ ही बैरलोचर ग्रुप के डॉ. टोबियास रोसेंथल द्वारा अर्बन टर्बन रेस्टोरेंट में आयोजित लंच में जर्मनी के उद्योग प्रतिनिधियों से अनौपचारिक संवाद करेंगे। लंच ब्रेक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर फिएर यारत्साइतेन केम्पिंस्की में म्यूनिख सीआईआई, इन्वेस्ट इंडिया और भारत के कौंसुलेट जनरल, इंडो-जर्मन चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से आयोजित इंटरैक्टिव सेशन में उद्योग प्रतिनिधियों के साथ निवेश पर चर्चा कर वन-ऑन-वन मीटिंग करेंगे। इसमें प्रमुख जर्मन कंपनियों के साथ निवेश और उद्योग संबंधों को बढ़ावा देने पर फोकस किया जाएगा। शाम को मुख्यमंत्री डॉ. यादव होटल फिएर यारत्साइतेन केम्पिंस्की में प्रवासी भारतीय प्रतिनिधियों और “फ्रेंडस ऑफ एमपी” के साथ संवाद करेंगे। इसमें लगभग 100 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव होटल फिएर यारत्साइतेन केम्पिंस्की में भारत के कौंसुलेट जनरल द्वारा आयोजित डिनर में शामिल होंगे।  

मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश में निवेश बढ़ाने उद्योगपतियों के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग कर व्यक्तिगत तौर पर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके यात्रा में मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए लंदन के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग कर व्यक्तिगत तौर पर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने सेक्टर केंद्रित राउंड-टेबल मीटिंग कर निवेश संबंधी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने वन-ऑन-वन बैठकों में प्रत्येक निवेशक की परियोजना और आवश्यकताओं को ध्यानपूर्वक सुना और मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बेहतर अवसर और नीतिगत समर्थन का भरोसा दिलाया। राउंड-टेबल चर्चाओं में इलेक्ट्रिक वाहन, नवकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडोरामा ग्रुप, एसआरएएम एंड एमआरएएम ग्रुप, सायनकॉननोड, हाइब्रिड एयर व्हीकल्स लिमिटेड, क्लिनीसप्लाईज, औरोरा एनर्जी रिसर्च, एल्सेवियर, वीडिलीवर, कैपरो, वेबसाइट, द मोंटकैल्म लग्ज़री होटल्स, फाइला अर्थ, एम्पर्जिया लिमिटेड, अयाना कंसल्टिंग, पैंजिया डेटा लिमिटेड, इनवर्जी, बीईएम ग्रुप लिमिटेड, डैक्स फर्स्ट, रैनसैट ग्रुप, कोगो इकोटेक सॉल्यूशंस, एम्पैटी.एआई, मनी फॉर बिजनेस लिमिटेड, डीएएम हेल्थकेयर लिमिटेड और हेलियन जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। बैठक में औद्योगिक विकास को गति देने और संभावित सहयोग के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में अनुकूल व्यावसायिक माहौल और निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित राउंड-टेबल परिचर्चाओं में भाग लिया। इन परिचर्चाओं में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और फूड प्रोसेसिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल राज्य को एक वैश्विक निवेश स्थल बनाने और उद्योगपतियों के साथ मजबूत साझेदारी विकसित करने में परिणामोन्मुखी साबित होगी। साथ ही ये बैठकें औद्योगिक विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ मध्यप्रदेश के विकास के लिए नई संभावनाओं को आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा हम विदेशी निवेश को मध्यप्रदेश की धरती पर आमंत्रित करने के लिए यहां आए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि हम विदेशी निवेश को मध्यप्रदेश की धरती पर आमंत्रित करने के लिए यहां आए हैं। अनेक उद्योगपतियों ने विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए रूचि दर्शायी है। आईटी सेक्टर, शिक्षा, रिन्यूएबल एनर्जी, उद्योग, माइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थ और सेमी कंडक्टर के क्षेत्र में निवेश के लिए उद्योगपति आगे आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति का मुख्य आधार वहां के उद्योग धंधे हैं। औद्योगिक दृष्टि से कौन कितना अधिक संपन्न है। यह उनकी इंडस्ट्रियल ग्रोथ बताती है, जितने अधिक उद्योग धंधे होंगे उतने अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चाहे अमेरिका हो या जर्मनी हो उद्योग धंधे विकास का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में स्थानीय मीडिया से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लंदन आकर अच्छा लगा यहां हमारे कई सारे भारतवंशी मित्रों के साथ मुलाकात हुई, जो कई साल पहले भारत से इंग्लैंड में आकर बस गए थे और यहां विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उनके साथ निवेश संबंधी संभावनाओं पर भी विचार किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर प्रवासी भारतीय भाई अपनी जड़ों से जुड़ने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी यूके यात्रा निवेश की दृष्टि से बहुत सार्थक रही है। इसके परिणाम हमें फरवरी-2025 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से सभी निवेशकों का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत है।  

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने 26/11में शहीद हुए वीरों को याद कर श्रद्धांजलि दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई आतंकी हमले 26/11 की बरसी पर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग द्वारा इंडिया हाउस में आयोजित स्मृति समारोह में देश के इतिहास की सबसे दुखद आतंकी घटना निरूपित किया। उन्होंने 26/11में शहीद हुए वीरों को याद कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अपने मर्मस्पर्शी संबोधन में उस भयावह घटना की पीड़ा और स्मृतियों को बयाँ किया, जिसने न केवल प्रत्यक्ष पीड़ितों को बल्कि पूरे देश को अन्त:मन तक झकझोर दिया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को भूलने के बजाय उनसे सबक लेना और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने का प्रयास करना हमारा कर्तव्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमले में प्राणोत्सर्ग करने वालों शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और एक शांतिपूर्ण भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने शहीदों की वीरता को सैल्यूट किया साथ ही उन जिंदगियों की दृढ़ता को भी सराहा जो इस त्रासदी से उबरकर आगे बढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडिया हाउस में 26/11 दुर्घटना पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में हमले से संबंधित दुर्लभ फोटोग्राफ्स और अन्य जानकारी विजुअली प्रदर्शित की गई, जो उस दुखद घटना की स्याह सच्चाई को बयान कर रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके के विदेश दौरे पर इंडिया हाउस का भ्रमण कर उसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को और करीब से जाना।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रेल मंत्रालय की 7 हजार 927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने पर प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से प्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा), खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, असीरगढ़ किला और रीवा किला जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं की स्वीकृत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री का आभार माना। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के 7 जिलें होंगे कवर बता दें कि केंद्रीय मंत्री-मंडल ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी लागत 7 हजार 927 करोड़ रुपये है। इनमें जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी), भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) तथा प्रयागराज (इरादतगंज) मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएं 3 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 7 जिलों को कवर करेंगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 639 किलोमीटर की वृद्धि होगी। निर्माण अवधि के दौरान लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी करने में भी मदद मिलेगी। तीर्थ यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों को मिलेगा लाभ स्वीकृत परियोजना खंडवा और चित्रकूट जैसे 2 आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिससे लगभग एक हजार 319 गांवों और लगभग 38 लाख आबादी को सेवा मिलेगी। मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नासिक (त्र्यंबकेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) के ज्योतिर्लिंग के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। अजंता और एलोरा गुफाएँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केवटी फॉल्स और पुरवा फॉल्स आदि जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रूचि रखने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, अधोसंरचना, स्वास्थ्य सेवा में साझेदारी के अवसरों के विस्तार से अवगत कराया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में निवेशकों और उद्योग जगत के अग्रणी लीडर्स के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग्स कर प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, अधोसंरचना, स्वास्थ्य सेवा और आईटी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के अवसरों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को राज्य की व्यापार अनुकूल नीतियों और प्रोत्साहनों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग और नवाचार के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक क्षमता और इसके माध्यम से सतत विकास एवं नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी दूरदर्शी सोच साझा की, जिसकी निवेशकों ने सराहना की। मुख्यमंत्री. डॉ. यादव ने कहा “मध्यप्रदेश, निवेशकों के लिए न केवल अवसरों का केंद्र है, बल्कि एक ऐसा साझेदार है, जो उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।” उन्होंने प्रदेश में उद्योगों को सुगमता से स्थापित करने और संचालन के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही अधोसंरचना, कुशल कार्यबल और अन्य संसाधनों पर विशेष जोर दिया।  

मुख्यमंत्री ने निवेश आकर्षित करने यूके में किया रोड-शो

मुख्यमंत्री यूके दौरा देश में सबसे बड़े लैंड बैंक में से एक है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एग्रीकल्चर ग्रोथ और माइनिंग प्रकिया में टॉप पर हम मुख्यमंत्री ने निवेश आकर्षित करने यूके में किया रोड-शो भोपाल दुनिया भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए फरवरी-2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आमंत्रित करने के अभियान पर निकले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को यूके (लंदन) के रोड-शो में उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित किया। डॉ. यादव ने देश भर में औद्योगिक विकास में आई तेजी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डायनामिक व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने आमंत्रित उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए बताया कि प्रदेश का लैंड बैंक देश के सबसे बड़े लैंड बैंक्स में से एक है। मध्यप्रदेश में निवेश नीतियां स्पष्ट और निवेशकों के लिए अनुकूल हैं। माइनिंग एवं कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे है। यूके की राजधानी लंदन में उद्योगपतियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदाओं के बाद भी भारत और यूके के संबंधों में निरंतरता है क्योंकि लोकतंत्र की हमारी साझी विरासत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत में राजनीतिक स्थिरता और तेज विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के चमत्कारी व्यक्तित्व को आधार बताया। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड की आपदा को कम समय में निपटने की चुनौती में सक्षम भारत प्रमाणित करने का अवसर बना दिया था। उनके नेतृत्व ने न सिर्फ देश को बचाया था, बल्कि पूरी दुनिया को बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और विश्व में भारत की साख बनाई। उनकी साफगोई और दृढ़ संकल्प ने देश में औद्योगिक निवेश के लिए माहौल विकसित किया। यूके रोड शो में “इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” विषय पर हुए इन्टरैक्टिव सेशन में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विदेश में निकलने से पहले हमने राज्य की स्थितियों को सुधारा और देश भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने का अभियान चलाया। परिणामस्वरूप प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश संभव हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टील किंग के नाम से जाने जाने वाले उद्योगपति मित्तल ने भी मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश के खुले अवसरों की सरहाना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि यूके के एक भारतवंशी रीयल एस्टेट कारोबारी ने मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर चिप उद्योग शुरू करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की मंशा जाहिर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके के भारतवंशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में रोज़गार की उम्मीदें बढ़ेंगीं, आपका व्यवसाय बढ़ेगा और आप हमेशा के लिए प्रदेश के सहयोगी बनेंगे। देश के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में हैं औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोराईस्वामी ने मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश के अवसरों के लिए आदर्श बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा उनके कार्यकाल में भारत व्यापार करने के लिए सबसे बेहतर स्थलों में से एक सिद्ध हुआ है। अब सिर्फ केंद्रीय प्रशासन ही नहीं राज्य भी उद्योग मित्र नीतियां बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ईज-ऑफ-डूइंग बिजिनेस की दृष्टि से देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल है। दोराईस्वामी ने कहा कि भूमि की उपलब्धता, सबसे अधिक कृषि विकास दर और उद्योग प्रेरक नीतियों को देखते हुए मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश की सफलता के लिए उम्मीदों से भरपूर है। दोराईस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश सचमुच देश का हृदय है और यहां निवेश करने पर देश ही नहीं निवेशक दुनिया भर में आसानी से व्यापार का प्रसार कर सकता है। ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त दोराईस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के ठीक मध्य में स्थित है, इसलिए यहां उद्योग स्थापित करने पर उत्पादों को देश-दुनिया में आसानी से भेजा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है साथ ही यहां अपेक्षाकृत कम प्रतिस्पर्धा है। इसलिए निवेशकों को मध्यप्रदेश सरकार की साफ-सुथरी नीतियों का लाभ लेकर मध्यप्रदेश में निवेश करेंगे तो प्रदेश की निवेश संभावनाओं को वैश्विक विस्तार मिलेगा, साथ ही निवेशक के व्यापार को भी वृहद स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा। प्रदेश में एवीजीसी नीति हो रही है तैयार अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने आईटी/आईटीएस एवं ईएसडीएम सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर प्रेजेन्टेशन देकर बताया कि मध्यप्रदेश में वायब्रेन्ट टेक इको सिस्टम राज्य सरकार आईटी में निवेश के लिये सहायता प्रदान करती है। मध्यप्रदेश की आईटी/आईटीएस एवं ईएसडीएम नीति-2023 एवं स्टार्टअप नीति से इन क्षेत्रों में उद्यमियों को कई सुविधाएँ दी जा रही हैं। नीति के अंतर्गत उद्यमियों को पूँजीगत व्यय सहायता एवं गैर वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है। हम एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्टस, गेमिंग और कॉमिक्स) नीति तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में 1200 से अधिक आईटी स्टार्ट अप्स हैं, जिनमें से 2 यूनिकार्न बन गये हैं। राज्य में प्लग-एंड-प्ले इन्फ्रॉस्ट्रक्चर है। अपर मुख्य सचिव दुबे ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में रेन्टल भुगतान की कीमत बहुत कम है। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ लिविंग और एक्यूआई स्तर देश के अन्य शहरों की तुलना में बहुत कम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईटी, आईटीएस, ईएसडीएम और डेटा सेन्टर की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न प्रोत्साहन देने की बात कही। एसईटी क्षेत्र में 20 मिलियन पाउंड से अधिक का निवेश करने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में केबिनेट समिति अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की अनुशंसा करती है। भौगोलिक, आर्थिक, प्राकृतिक और अन्य आधारभूत सुविधाओं से समृद्ध मध्यप्रदेश प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्द्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक, प्राकृतिक और आर्थिक क्षमताओं के चलते निवेश के लिए एक आदर्श स्थल है। प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा भूभाग (308 हजार वर्ग किमी), 77.5 हजार वर्ग किमी का विशाल वन क्षेत्र और हीरे, तांबे तथा मैंगनीज अयस्क जैसे खनिज संसाधनों की प्रचुरता है। साथ ही यह देश का दूसरा सबसे बड़ा खाद्यान्न उत्पादक और सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक प्रदेश है। प्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है, यहां 31 गीगावाट विद्युत उत्पादन होता है। यहां किफायती दरों पर बिजली आपूर्ति की जाती है। प्रदेश में इन सब आधारभूत सुविधाओं से उद्योग को आसानी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रंगोली कला में विश्व रिकार्ड बनाने पर प्रदेश की बेटी शिखा को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की बेटी शिखा और उनके कलाकार साथियों द्वारा नीमच में 84 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में महान विभूतियों पर केन्द्रित 100 चित्रों की रंगोली बनाने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटी शिखा ने अद्भुत और अनूठी रंगोली कला का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटी शिखा और उनके साथियों ने एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया है, जो मध्यप्रदेश और देश को गौरवान्वित करने वाला रचनात्मक कार्य है। ऐसी युवा प्रतिभाओं पर प्रदेशवासियों को गर्व है।  

रेल मंत्रालय की 7,927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

रेलवे लाईन के विस्तार से प्रदेश के नागरिकों को सुविधा और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने रेलवे की तीन मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मिली मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का माना आभार रेल मंत्रालय की 7,927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रेल मंत्रालय की 7 हजार 927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने पर प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में रेलवे के बढ़ते नेटवर्क से प्रदेश विकास पथ पर तीव्र गति से अग्रसर है, प्रदेशवासियों के लिए आवागमन भी तीव्र गति से सुगम हुआ है। प्रदेश को मिल रही नित नई सौगातों के लिए प्रदेशवासी प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से प्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा), खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, असीरगढ़ किला और रीवा किला जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के 7 जिलें होंगे कवर उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री-मंडल ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी लागत 7 हजार 927 करोड़ रुपये है। इनमें जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी), भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) तथा प्रयागराज (इरादतगंज) मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएँ 3 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 7 जिलों को कवर करेंगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 639 किलोमीटर की वृद्धि होगी। निर्माण अवधि के दौरान लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी करने में भी मदद मिलेगी। तीर्थ यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों को मिलेगा लाभ स्वीकृत परियोजना खंडवा और चित्रकूट जैसे 2 आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिससे लगभग एक हजार 319 गांवों और लगभग 38 लाख आबादी को सेवा मिलेगी। मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नासिक (त्र्यंबकेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) के ज्योतिर्लिंग के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। अजंता और एलोरा गुफाएँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केवटी फॉल्स और पुरवा फॉल्स आदि जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रूचि रखने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू, रामनिवास रावत का इस्तीफा सरकार ने होल्ड पर रखा

भोपाल विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद वनमंत्री रामनिवास रावत द्वारा दिया गया इस्तीफा सरकार ने होल्ड पर रख लिया है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेश से लौटने के बाद इस्तीफे पर निर्णय होगा। उसके पहले रावत के पास मौजूद वन एवं पर्यावरण विभाग पर मौजूदा चार मंत्रियों और 12 से अधिक विधायकों की नजर है। इन्होंने सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू कर दी है।  हालांकि रावत जनवरी 2025 के पहले सप्ताह तक मंत्री बने रह सकते हैं, क्योंकि कानूनी रूप से रावत को शपथ के छह महीने के भीतर चुनाव जीतकर आना था। इस अवधि के पहले चुनाव हुए और वह हार गए। तब भी छह महीने की अवधि पूरी होनी बाकी है, इसके पूरे होने तक उनके इस्तीफे के बावजूद भी सरकार चाहे तो उन्हें मंत्री रख सकती है। सरकार के पास विभाग बंटवारे के ये तीन विकल्प 1.विदेश से लौटने के बाद सीएम यदि रावत का इस्तीफा मंजूर करते हैं तो वन और पर्यावरण विभाग के बंटवारे को लेकर सरकार दो विकल्प में से किसी एक को अपना सकती है। जानकारों के मुताबिक जो विभाग किसी के पास नहीं होते वे स्वत: राज्य के मुख्यमंत्री के हो जाते हैं, इसी तरह वन व पर्यावरण विभाग भी मुख्यमंत्री के पास चले जाएंगे। 2.सीएम चाहें तो ये दोनों विभाग मंत्रिमंडल का विस्तार किए बिना किसी भी मौजूदा मंत्रियों को दे सकते हैं। 3.सरकार चाहे तो किसी नए विधायक को विभाग दे सकती है, लेकिन इस प्रक्रिया के लिए सरकार को राज्यपाल को मंत्रिमंडल विस्तार की सूचना देनी होगी। चर्चा… ये मंत्री रावत के विभाग पाने के इच्छुक नागर सिंह चौहान: अनुसूचित जाति कल्याण विभाग है। पूर्व में वन व पर्यावरण इन्हीं के पास था। इन्हीं से लेकर रावत को दिया था। राकेश शुक्ला: नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग है। चर्चा है कि ये बड़ा विभाग चाहते हैं। गौतम टेटवाल, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। मुख्यमंत्री के गृह जिले के प्रभारी मंत्री हैं। कृष्णा गौर: राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गौर के पास  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण व विमुक्त घुमन्तु और अद्र्धघुमंतु कल्याण विभाग है। राजधानी में रहने वाली एकमात्र महिला राज्यमंत्री हैं। ‘मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला’ भोपाल. मंत्री रामनिवास रावत के विजयपुर से चुनाव हारने के बाद से तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। सोमवार को चर्चा रही कि रावत भाजपा छोड़ सकते है। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने अपनी हार के पीछे जनता का फैसला और खुद की किस्मत को बताया। भाजपा छोडऩे के सवाल पर कहा, मुझे नहीं पता ये अफवाह कौन उड़ा रहा है। मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला हूं। वहीं इस्तीफे को लेकर कहा कि चुनाव हारते ही मैंने सीएम को इस्तीफा सौंप दिया था। भितरघात को लेकर इतना ही कहा कि अभी तक सत्ता और संगठन की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं मांगी गई है। अगर पूछा जाता है तो मैं जरूर रिपोर्ट दूंगा।

CM यादव ने संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा आज ही के दिन 1949 में हमारा संविधान निर्मित हुआ था

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि आज ही के दिन 1949 में हमारा संविधान निर्मित हुआ था। संविधान ही हमारी आधारशिला है, जिसने देश की विविधता को एकता में बदलने का अद्भुत कार्य किया। “भारतीय संविधान हमारा गौरव और स्वाभिमान भी है, जो हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से संविधान के आदर्शों का पालन करते हुए देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने का प्रण लेने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस के अवसर पर ऐसे मध्यप्रदेश और भारत के निर्माण का संकल्प लें, जहां समानता, न्याय और सम्मान हर नागरिक का अधिकार हो”। संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर की जन्मस्थली है मध्यप्रदेश का अम्बेडकर नगर (महू) मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा संविधान के सभी अनुच्छेदों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म स्थान मध्यप्रदेश के महू में है, जो अब अम्बेडकर नगर के रूप में भी जाना जाता है। संविधान सभा के सदस्य रहे डॉ. सर हरीसिंह गौर का जन्म स्थान सागर में है, जिनकी जयंती 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाया जाता है। मध्यप्रदेश सरकार, संविधान दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित कर रही है।  

आईटी, हेल्थ, टूरिज्म, गारमेंट, शिक्षा और पर्यटन सहित हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश सभी मूलभूत सुविधाएं करवा रहा है उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर अग्रसर – उन्होंने विश्व में बढ़ाया है भारतवासियों का मान बदलते दौर के भारत में मध्यप्रदेश ने विकास के सभी द्वार खोले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आईटी, हेल्थ, टूरिज्म, गारमेंट, शिक्षा और पर्यटन सहित हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश सभी मूलभूत सुविधाएं करवा रहा है उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव “मैं आप सभी को निमंत्रण दे रहा हूँ, आइये मध्यप्रदेश में निवेश कीजिए” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फरवरी-2025 की भोपाल ग्लोबल इंवेस्टर समिट में किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव, लंदन में “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत का दिल है, देश के सभी अंचलों के लोग यहां बसते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बदलते दौर में देश तेजी से प्रगति पथ पर अग्रसर है, मध्यप्रदेश भी उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में दिन-दूनी-रात चौगुनी प्रोग्रेस कर रहा है। हेल्थ, टूरिज्म, आईटी, एजूकेशन, गारमेंट्स सहित हर क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधोसंरचना का क्षेत्र हो या अन्य मूलभूत सुविधाओं का क्षेत्र प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार औद्योगिक विकास और निवेश संवर्धन के लिए प्रभावी कार्य कर रही है। सड़क, बिजली तथा औद्योगिक क्षेत्र के लिए लैंड बैंक के मामले में मध्यप्रदेश ने देश के श्रेष्ठतम राज्य के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके यात्रा के दौरान लंदन में एनआरआई समूह “फ्रेंड्स ऑफ मध्य प्रदेश” और प्रवासी समुदाय के साथ संवाद में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लंदन (यूके) में रॉयल नेशनल होटल में प्रवासी समुदाय और “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के सदस्यों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल सहित अनेक प्रतिष्ठित भारतीय प्रवासी शामिल रहे। प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता को दुनिया ने स्वीकारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन और उनकी नेतृत्व क्षमता ने विश्व में भारत की साख को स्थापित किया है। दुनिया के देशों में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की स्वीकार्यता ने भारत और भारतवासियों का गर्व और मान विश्व में बढ़ाया है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को प्राप्त मोदी के सशक्त और समर्थ नेतृत्व से भारतवासी स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भी स्मरण किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विकास क्रम पर डाला प्रकाश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विकास क्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष-2003 तक मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन वर्तमान में प्रदेश में कुल 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। सभी 55 जिलों में एक्सीलेंस कॉलेज संचालित हैं। खनन, टूरिज्म के क्षेत्र में भी अनेक संभावनाएं हैं। गारमेंट्स क्षेत्र में प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये प्रति माह की दर से इंसेंटिव है, इसी प्रकार आईटी सहित अन्य क्षेत्रों में भी सुविधाएं प्रदान करने और प्रोत्साहन की व्यवस्था है। मध्यप्रदेश निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है, निवेशक और उद्योग समूह निवेश करें, मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ेगा और हम सब मिलकर देश की प्रगति में सहभागी होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की गई, इस क्रम में उज्जैन, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर और सागर में कॉन्कलेव आयोजित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को फरवरी-2025 में भोपाल में पहली बार होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि “मैं आप सभी को निमंत्रण दे रहा हूं-“आइये मध्यप्रदेश में निवेश कीजिए”-विकास के मामले में मध्यप्रदेश ने विकास के सारे दरवाजे खोल दिए हैं”। भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है कार्यक्रम को लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत और मध्यप्रदेश का विकास होने से कोई नहीं रोक सकता। भारत लंदन में सबसे बड़ा निवेशक है, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उनकी यात्रा सफल और उद्देश्यपूर्ण हो इसके लिए शुभकामनाएं दीं। “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के संस्थापक सदस्य तथा एनआरआई मनीष तिवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में केवल वहीं के लोग नहीं बसते, बल्कि एमपी एक छोटा भारत है। उन्होंने कहा कि लंदन में मध्यप्रदेश के लोगों को संगठित करने के उद्देश्य से ही फ्रेंडस ऑफ एमपी का गठन किया। तिवारी ने भोपाल, जबलपुर, कान्हा-किसली सहित प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्यी से परिपूर्ण पर्यटन स्थलों की प्रशंसा की।  

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाएँ से करवाया अवगत

मुख्यमंत्री का यूके दौरा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025 को “उद्योग एवं रोजगार वर्ष” घोषित किया है। इस पहल के तहत, द्विवार्षिक प्रमुख कार्यक्रम, “इन्वेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025”, फरवरी 2025 में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित की जाएगी। इस आयोजन को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए, राष्ट्रीय और अंतर्राराष्ट्रीय स्तर पर निवेश के अवसरों पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पूरे राज्य में सफल क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों और मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु और कोलकाता सहित देश भर के प्रमुख शहरों में संवादात्मक-सत्रों के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी की छह दिवसीय यात्रा शुरू की। इस यात्रा का उद्देश्य लोकल लीडर और इन्वेस्टर्स के साथ सहयोग को बढ़ावा देते हुए नवकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, शिक्षा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में मध्य प्रदेश की अपार संभावनाओं को प्रदर्शित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में एक उच्च स्तरीय टीम शामिल है, जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और एमपी औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चंद्रमौली शुक्ला शामिल है। पहले दिन लंदन पहुंचने पर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी और प्रवासी भारतीयों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री के रूप में ब्रिटेन से अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा शुरू करना सौभाग्य की बात है। मैं इस यात्रा को प्रभावशाली बनाने में उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए उच्चायोग टीम को धन्यवाद देता हूं।” दूसरे दिन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों, ब्रिटिश संसद के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और किंग्स क्रॉस जैसी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का दौरा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूके यात्रा ब्रिटिश संसद में एक प्रतिष्ठित स्वागत समारोह के साथ एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर साबित हो रही है, जिसमें मध्यप्रदेश और यूनाइटेड किंगडम के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर प्रकाश डाला गया। भारत (व्यापार और निवेश) पर सर्वदलीय संसदीय समूह की अध्यक्ष बैरोनेस वर्मा ने मुख्यमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल का वेस्टमिंस्टर में स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और यूनाइटेड किंगडम के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के बारे में बैरोनेस वर्मा के साथ उपयोगी चर्चा की। इस यात्रा में ऐतिहासिक संसद भवन का व्यापक दौरा शामिल था, जिसमें हाउस ऑफ लॉर्ड्स और हाउस ऑफ कॉमन्स दोनों में विशेष पहुँच थी। यह संसदीय यात्रा दोनों देशों द्वारा साझा किए गए गहरे लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है और व्यापार और निवेश में भविष्य के सहयोग के लिए एक सकारात्मक स्वर स्थापित करती है। ब्रिटिश संसद में प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति व्यापक भारत-ब्रिटेन साझेदारी को मजबूत करने में राज्य स्तरीय कूटनीतिक महत्व को रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वेस्टमिंस्टर के पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर जाकर भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “भारत भर में हमारे रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को जबरदस्त सफलता मिली है, ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने मध्यप्रदेश के विकास में गहरी रुचि दिखाई है। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए, “मैं” अंतर को पाटने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए एक सुगम मार्ग बनाने के लिए समर्पित हूं। हम अपने दृष्टिकोण को महात्मा गांधी के सभी के लिए एकता और प्रगति के आदर्शों के साथ जोड़ते हैं।” मध्यप्रदेश सरकार ने एक विशिष्ट दोपहर के भोजन की मेजबानी की, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास और स्थिरता के लिए राज्य के दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने भारत की नवकरणीय ऊर्जा क्रांति में अपने नेतृत्व पर जोर देते हुए हरित ऊर्जा के लिए मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। व्यापार करने में आसानी पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य विकास के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है, जो पर्यटन, कृषि-व्यवसाय और कृषि-तकनीक जैसे क्षेत्रों में अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी साझा किया “मध्यप्रदेश भारत के विकास में सबसे आगे है, जो कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाओं के साथ सतत विकास को जोड़ता है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोपहर के भोजन के बाद लंदन में किंग्स क्रॉस स्टेशन का दौरा किया, जो एक प्रसिद्ध रेलवे हब है, जो अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला और आधुनिक परिवहन के लिए जाना जाता है। हैरी पॉटर फिल्मों से प्लेटफ़ॉर्म 9¾ के रूप में प्रसिद्ध यह स्टेशन लंदन सेंट पैनक्रास और यूरोस्टार सहित प्रमुख मार्गों के लिए एक प्रमुख कनेक्शन बिंदु के रूप में कार्य करता है। वर्ष 1852 में निर्मित, किंग्स क्रॉस एक बड़ा ब्रिटिश रेल्वे सेन्टर है जिसका वर्ष 2012 में रेनोवेशन किया गया है। यह स्मार्ट परिवहन और बिल्डिंग टेक्नोलॉजी का उदाहरण है। यह स्टेशन यूरोप के कई प्रमुख शहरों को जोड़ता है। इस यात्रा में मध्यप्रदेश के लिए संभावित लाभों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में आधुनिक परिवहन नेटवर्क और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए प्रेरणा शामिल है। विविध परिवहन प्रणालियों को एकीकृत करने और वाणिज्यिक केंद्र विकसित करने की भी संभावना है। यह यात्रा किंग्स क्रॉस स्टेशन से प्रेरित होकर मध्य प्रदेश के लिए उन्नत शहरी विकास रणनीतियों को अपनाने के अवसरों को रेखांकित करती है। यू.के. में भारतीय प्रवासियों और फ्रेंडस ऑफ एमपी के साथ हुआ संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके में भारतीय प्रवासियों और फ्रेन्डस ऑफ एमपी के साथ संवाद कर मध्यप्रदेश में सतत विकास के लिए निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार के दृष्टिकोण और पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने “फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाले आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मध्यप्रदेश में भागीदार देश के रूप में शामिल होने के लिए यूनाइटेड किंगडम को हार्दिक निमंत्रण भी दिया। यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा, जो निवेश और नवाचार के लिए राज्य की विशाल क्षमता को प्रदर्शित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख निवेशकों, नीति निर्माताओं, भारतीय प्रवासियों के सदस्यों और भारतीय उच्चायोग को भी आमंत्रित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को ब्रिटिश … Read more

मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सांसदों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहुत विनम्र एवं मिलनसार हैं : लॉर्ड रमिन्दर रेंजर मध्यप्रदेश एक उभरता हुआ स्टेट है : लॉर्ड कुलवीर रेंजर मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सांसदों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश किया आमंत्रित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यूके यात्रा में ब्रिटिश सांसदों से हुई मुलाकात में उम्मीदों से अधिक प्रतिसाद मिल रहा है। सांसदों ने मध्यप्रदेश को एक उभरता हुआ राज्य बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के व्यक्तित्व, विनम्रता और मिलनसारिता की मुक्त कँठ से सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फरवरी-2025 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ब्रिटिश सांसदों, निवेशकों और भारतवंशियों को आमंत्रित किया है। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड के सदस्य लॉर्ड रमिन्दर रेंजर ने कहा कि भारत जैसे देश के बड़े राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विनम्रता और मिलनसारिता ने हमें अत्यधिक प्रभावित किया है। उन्होंने हमें मध्यप्रदेश में मौजूद निवेश के अवसरों के बारे में बताया। हमनें मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि वे जिस प्रोजेक्ट के बारे में कहेंगे, हम उसमें निवेश करेंगे। वर्तमान समय में यूरोप और यूएसए की ग्रोथ की अपेक्षा भारत में 8 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ मौजूद है। भारत में इन्वेस्ट किया गया धन सेफ है, क्योंकि भारत एक लोकतांत्रित देश हैं यहाँ रूल ऑफ लॉ होने के साथ ही हॉर्ट ऑफ गवर्नेंस मौजूद है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ आयी प्रशासनिक टीम की भी सराहना की। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड के एक अन्य सदस्य लॉर्ड कुलवीर रेंजर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हुई मुलाकात को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें भी मध्यप्रदेश के भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का बेसब्री से इंतजार है। मध्यप्रदेश को उन्होंने लंग्स ऑफ इण्डिया के रूप में और अधिक जानने-समझने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, ईको सिस्टम, प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा के साथ ही कृषि और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत अवसर उपलब्ध हैं। लॉर्ड कुलवीर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों से अवगत कराया और हमें यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि मध्यप्रदेश एक उभरता हुआ स्टेट है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ब्रिटिश सांसदों के साथ दोपहर भोज

मुख्यमंत्री का यूके दौरा भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ब्रिटिश सांसदों के साथ दोपहर भोज किया। इस दौरान सांसदों से वार्ता में डॉ. यादव ने कहा, “ब्रिटिश संसद में आज मेरी यात्रा ने एक बार फिर याद दिलाया कि हमारी लोकतांत्रिक परंपरा कितनी समृद्ध है, जैसे कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं, “यह साझेदारी इतिहास से भी जुड़ी है और भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।”  प्रधानमंत्री मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत-ब्रिटेन संबंध अब लिविंग-ब्रिज हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोपहर भोज के आमंत्रण को स्वीकार कर समय निकालने के लिए ब्रिटिश सांसदों सुबैरोनेस वर्मा, बॉब ब्लैकमैन, लार्ड कुलवीर सिंह रेंजर, वीरेंद्र शर्मा और बैरी गार्डनर को हार्दिक धन्यवाद देते हुए आभार जताया।  यूके यात्रा पर लंदन पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को ब्रिटिश संसद का भ्रमण किया। इसके बाद उन्होंने ब्रिटिश सांसदों के साथ दोपहर भोज किया। इस दौरान ब्रिटिश सांसदों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन में भारत-ब्रिटेन की साझेदारी टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और नॉलेज-पार्टनरशिप पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रिटिश सांसदों को बताया कि मध्यप्रदेश भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था दोहरे अंकों में बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में कृषि-व्यवसाय, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो-कंपोनेंट, फार्मास्युटिकल और आईटी सेक्टर में निवेश औऱ विकास की विशेष क्षमताएं मौजूद हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अतिथि सांसदों को फरवरी-2025 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई कि इस संवाद से भारत और ब्रिटेन के बीच एक नई साझेदारी की ऐतिहासिक शुरूआत होगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में किंग्स क्रॉस पुनर्विकास परियोजना का दौरा किया

लंदन की रेलवे धरोहर किंग क्रॉस से मिलती है प्रेरणाः मुख्यमंत्री डॉ. यादव किंग्स क्रॉस स्टेशन का अध्ययन करने पहुंचा मध्यप्रदेश का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में किंग्स क्रॉस पुनर्विकास परियोजना का दौरा किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में किंग्स क्रॉस पुनर्विकास परियोजना का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ‘रिलेटेड आर्जेंट’ के टॉम गुडॉल से मुलाकात की और लंदन के शहरी नवीनीकरण, विरासत संरक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को सतत और समावेशी शहरी विकास के लिए वैश्विक विशेषज्ञता और सहयोग की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल लंदन के प्रतिष्ठित किंग्स क्रॉस स्टेशन और उसके आसपास के क्षेत्र का दौरा कर रहा है। इस दौरे का उद्देश्य राज्य की अधोसंरचना और शहरी विकास योजनाओं के लिए जरूरी जानकारी प्राप्त करना है। लगभग 170 साल पुराना किंग्स क्रॉस स्टेशन विक्टोरिया युग की भव्यता और आधुनिक नवाचार के संगम की अद्वितीय मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किंग्स क्रॉस साइट से मध्यप्रदेश के सस्टेनेबल शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण सीख और प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “यह दौरा केवल रेलवे अवसंरचना का अध्ययन नहीं है। किंग्स क्रॉस यह दर्शाता है कि कैसे सार्वजनिक-निजी साझेदारी, स्थायी डिज़ाइन और स्मार्ट सिटी समाधान के माध्यम से परिवहन केंद्र व्यापक शहरी पुनर्जागरण को प्रोत्साहित कर सकते हैं।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि प्रतिनिधिमंडल को मिली यह सीख मध्यप्रदेश को विश्व स्तरीय अधोसंरचना विकसित करने में मदद करेगी। इससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए भविष्य के विकास की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह दौरा राज्य के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश के विकास को ध्यान में रखते हुए किंग्स क्रॉस साइट का बारीकी से अध्ययन किया। प्रतिनिधि मंडल ने वर्ष 1852 में बने ऐतिहासिक बार्लो शेड और आधुनिक ग्लास कॉन्कोर्स के सफल एकीकरण का भी अध्ययन किया और जाना कि कैसे ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए विकास की आधुनिक आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकती है। यह अध्ययन मध्यप्रदेश के रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के प्रयासों के लिए बेहद प्रासंगिक है। किंग्स क्रॉस के परिवहन हब के रूपांतरण से सीख लेते हुए, प्रतिनिधिमंडल यह अध्ययन करेगा कि इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे शहरों में समेकित परिवहन नेटवर्क कैसे विकसित किए जा सकता हैं। स्टेशन की विशाल यात्री संख्या को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने और सार्वजनिक स्थलों पर रिटेल और भोजन जैसी व्यवस्थाओं को किस तरह से समायोजित किया जा सकता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव संविधान दिवस पर यूके में अम्बेडकर हाउस में बाबा साहेब को करेंगे श्रद्धासुमन अर्पित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यूके दौरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव संविधान दिवस पर यूके में अम्बेडकर हाउस में बाबा साहेब को करेंगे श्रद्धासुमन अर्पित संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार सुबह 7:30 बजे संविधान दिवस पर यूके में डॉ. बी.आर. अंबेडकर हाउस में डॉ. अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ भारतीय संविधान की प्रति लेकर जायेंगे और संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों पर उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। इंटरैक्टिव सेशन को यूके में भारत के उच्चायुक्त, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश में औद्योगिक नीति एवं निवेश विभाग के प्रमुख सचिव और मध्यप्रदेश एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक भी संबोधित करेंगे। सत्र के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव आमंत्रितअतिथि उद्योगपतियों के लिए दोपहर भोज की मेजबानी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ.यादव समानांतर सेक्टोरल राउंडटेबल मीटिंग में उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। राउंडटेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में शिक्षा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), नवकरणीय ऊर्जा और खाद्य एवं पेय पदार्थों से संबंधित औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। चर्चा में कुछ उद्योग प्रतिनिधि वर्चुअली भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। इंडिया हाउस में 26/11 स्मरणोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे एवं इंडिया हाउस का भी भ्रमण करेंगे। देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. यादवयूके में भारत के उच्चायुक्त विक्रम के. दोराईस्वामी द्वारा आयोजित रात्रिभोज में शामिल होंगे।  

विदेशी निवेशकों को आमंत्रित करने मुख्यमंत्री यूके और जर्मनी की विदेश यात्रा पर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लंदन पहुंचने पर यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोराईस्वामी और प्रवासी भारतीयों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव फरवरी में होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में विदेशी निवेशकों को मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए आमंत्रित करने के लिए इंग्लैंड और जर्मनी प्रवास पर हैं। अपने 6 दिवसीय विदेशी प्रवास के दौरान वे उद्योगपतियों से मुलाकात कर उन्हें मध्यप्रदेश आने का न्यौता देंगे। मुख्यमंत्री के साथ अधिकारियों का उच्च स्तरीय दल भी विदेश प्रवास पर है। वैश्विक निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यात्रा का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के साथ ही हर प्रकार के उद्योग को आमंत्रण के साथ मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने और वैश्विक निवेश को आकर्षित करना है। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय निवेश के अवसरों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने का अभूतपूर्व प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी फरवरी माह में भोपाल में आयोजित हो जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से 6 दिवसीय विदेश यात्रा पर लंदन और बर्मिंघम तथा जर्मनी के म्यूनिख और स्टटगार्ट का दौरा करेंगे। इस दौरान वे उद्योगपतियों और औद्योगिक संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद और किंग्स क्रॉस तथा पुनर्विकास स्थलों का भ्रमण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में ‘फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश’ प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित रात्रि भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। लगभग 400 प्रवासी भारतीय इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। विश्व पटल पर होगा मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह निवेश यात्रा राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तथा विश्व पटल पर उद्योग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी। यह यात्रा निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है, जो प्रदेश में निवेशकों का विश्वास को मजबूती और औद्योगिक विकास को गति प्रदान करेगी। इससे प्रदेश में एक समृद्ध औद्योगिक वातावरण का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के महानगरों से औद्योगिक निवेश को आमंत्रित करने के लिए उन्होंने कलकत्ता, बेंगलोर, मुम्बई और कोयम्बटूर में रोड शो आयोजित कर उद्योगपतियों से मुलाकात की थी। विदेश यात्रा का उद्देश्य भारतीय निवेशकों के साथ ही विदेशी निवेशकों को आमंत्रित करना भी है। हर युवा के लिए होगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को उनकी शिक्षा और काबिलियत के अनुसार काम देने के उद्देश्य से हर प्रकार के उद्योगों को स्थापित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेश यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों यथा आई.टी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एजुकेशन, रिन्युएबल एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर्स में निवेश पर चर्चा और उद्योगपतियों से वन-टू-वन मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को ब्रेक-फास्ट पर उद्योगपतियों एवं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोरईस्वामी से संवाद करेंगे। इसके बाद “इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश”, “इंटरैक्टिव सेशन” में लगभग 120 प्रतिभागियों से चर्चा करेंगे।  

सीएम मोहन यादव का लंदन पहुँचने पर जोरदार हुआ स्वागत, 30 नवंबर तक रहेगा विदेश दौरा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव रविवार को लंदन पहुंचे।  होटल पहुंचने पर यूके में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी और प्रवासी भारतीयों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गौरतलब है सीएम डॉ. यादव यूनाइटेड किंगडम (यूके) और जर्मनी के छह दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें दोनों देशों के उद्योगपतियों, व्यापारिक नेताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करके मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह विशेष दौरा कार्यक्रम मध्य प्रदेश में निवेश के विशाल अवसरों को प्रदर्शित करेगा, जिसमें अक्षय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला जाएगा। यह उद्योग जगत के नेताओं से जुड़ने, प्रवासी भारतीयों से जुड़ने और यह जानने का एक विशेष अवसर है कि मध्य प्रदेश किस तरह विकास और नवाचार को आगे बढ़ा रहा है। ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव   यूके दौरे के पहले चरण में सीएम डॉ. यादव ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे और सोमवार को संसद चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे किंग्स क्रॉस और पुनर्विकास स्थलों का भी दौरा करेंगे। सीएम मोहन यादव  यूनाइटेड किंगडम (यूके) और जर्मनी के छह दिवसीय यात्रा के दौरान और यूके और जर्मनी दोनों में उद्योगपतियों, व्यापारिक नेताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करके मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। मुख्यमंत्री राज्य में निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए औद्योगिक संगठनों और उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।   लंदन में फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश कार्यक्रम में होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में एनआरआई समूह “फ्रेंड्स ऑफ मध्य प्रदेश” द्वारा आयोजित रात्रिभोज कार्यक्रम में भी शामिल होंगे, जिसमें 400 से अधिक भारतीय प्रवासी शामिल होंगे। अपनी यात्रा के दौरान सीएम यादव 26 नवंबर को नाश्ते पर उद्योगपतियों और यूके में भारत के उच्चायुक्त विक्रम के. दोराईस्वामी से बातचीत करेंगे। इसके बाद मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा के लिए एक सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें 120 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। लंच ब्रेक के बाद गोलमेज बैठकों में इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोटिव, अक्षय ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी।   मंगलवार को सीएम यादव बीआर अंबेडकर हाउस जाएंगे और श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। 27 नवंबर को सीएम यादव वारविक विश्वविद्यालय जाएंगे, जहां वे डीन, संकाय सदस्यों और वारविक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप के शोधकर्ताओं से बातचीत करेंगे। बाद में वे बर्मिंघम एयरपोर्ट से जर्मनी के म्यूनिख जाएंगे। ब्रिटेन की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के बाद सीएम यादव 28 और 29 नवंबर को जर्मनी में रहेंगे और म्यूनिख और स्टटगार्ट में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जर्मनी में सीएम यादव 28 नवंबर की सुबह म्यूनिख में बवेरियन राज्य सरकार के नेताओं और भारत के महावाणिज्यदूत से चर्चा करेंगे। इसके बाद वे एसएफसी एनर्जी जाएंगे और मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर एक संवादात्मक सत्र में भाग लेंगे। भारतीय महावाणिज्यदूतावास, सीआईआई, इन्वेस्ट इंडिया और इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। सत्र में लगभग 80 प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिसके बाद निवेश मामलों पर चर्चा करने के लिए उद्योग प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने की बैठकें होंगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री स्टटगार्ट में प्राकृतिक इतिहास के राज्य संग्रहालय का दौरा करेंगे। 1791 में स्थापित इस संग्रहालय में प्राचीन जीवाश्मों और डायनासोर के अवशेषों का एक महत्वपूर्ण संग्रह है, जिसके अभिलेखागार में 11 मिलियन से अधिक वस्तुएँ हैं। इस यात्रा के बाद, सीएम यादव नई दिल्ली लौटने से पहले फ्रैंकफर्ट की यात्रा करेंगे। इस विदेशी दौरे का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करना है। ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मुंबई, बेंगलुरु, कोयंबटूर और कोलकाता में मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चार सफल संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, साथ ही उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन भी आयोजित किए गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दौरा प्रवासी भारतीयों को राज्य की प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश पटल पर स्थापित करने के अपने अभियान को नई ऊंचाई देते हुए आज अपने बहुप्रतीक्षित यूके दौरे की शुरुआत की। इस दौरे का उद्देश्य प्रदेश में विदेशी निवेश को आकर्षित करना, वैश्विक औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना और प्रवासी भारतीयों को राज्य की प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को सुबह 10 (GMT) बजे ब्रिटिश संसद के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां उनका स्वागत ब्रिटिश सांसद बैरोनेस (संदीप के वर्मा) करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सांसद बैरोनेस वर्मा के साथ ब्रिटिश संसद का भ्रमण करेंगे। संसद भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव पार्लियामेंट्री स्क्वायर, वेस्टमिंस्टर में प्रतिष्ठित महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल पहुंच कर उन्हें आदरांजलि समर्पित करेंगे। दोहपर में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सेंट जेम्स कोर्ट, ताज होटल, एडवर्डियन में आयोजित भोज की मेजबानी करेंगे। दोपहर भोज में ब्रिटिश सांसद सुश्री बैरोनेस वर्मा, श्री अशोक वर्मा, लॉर्ड कुलवीर सिंह, श्री बॉब ब्लैकमैन और श्री वीरेंद्र शर्मा के साथ ही ब्रिटिश प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टेबल स्ट्रीट, लंदन स्थित किंग्स क्रॉस साइट का दौरा करेंगे। यहां प्रदेश के प्रशासनिक एवं व्यापार प्रतिनिधियों और फिक्की के डॉ. परम शाह और किंग्स क्रॉस प्रबंधनके सीईओ श्री टॉम गुडॉल के साथ बैठक कर मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के संबंध में चर्चा करेंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव शाम को टेम्स नदी में क्रूज से नौका विहार करेंगे। शाम 6 बजे बेडफोर्ड-वे, लंदन स्थित रॉयल नेशनल होटल में प्रवासी भारतीयों और फ्रेंडस ऑफ एमपी के साथ मध्यप्रदेश में निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। चर्चा उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेहमानों के लिए आयोजित रात्रि भोज की मेजबानी करेंगे।  

CM ने किया भोपाल में हाईटेक गोशाला का भूमिपूजन, MP में 5 साल में 20% बढ़ाएंगे दूध उत्पादन

 भोपाल गौमाता की सेवा को फलदायी और पुण्यदायी मानने वाले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर सरकार प्रदेश में गौमाता की अच्छे से सेवा के लिए गौशाला की स्थापना कर रही है, मुख्यमंत्री ने आज राजधानी भोपाल के बरखेड़ी डोब में प्रदेश की पहली हाईटेक गौशाला का भूमिपूजन किया, इस गौशाला की क्षमता  10 हजार गायों की देखभाल करने की है। इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मौके पर संबोधित करते हुए कहा कि ये एक अनूठा और अद्भुत अवसर है, मैं ग्यारंटी से कह सकता हूँ राजधानी की द्रष्टि से पूरे देश के किसी भी राज्य की राजधानी में कहीं भी 10 हजार गायों की क्षमता वाली गौशाला नहीं होगी, उन्होंने कहा कि हम इन गौशाला में सरकार नगर निगम सबको जोड़ रहे हैं।  लेकिन ये याद रखे कि अब गौमाता को कोई भी कष्ट नहीं होना चाहिए। 25 एकड़ क्षेत्र में बनाई जा रही है हाईटेक गौशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्तमान वर्ष (चैत्र माह से फाल्गुन माह तक) गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल के बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गौ-शाला के निर्माण की योजना है। गौ-शाला लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में बनाई जा रही है। इसमें गायों के आधुनिक तरीके से रख-रखाव के साथ ही उनके उपचार के लिए सभी संसाधनों से युक्त चिकित्सा वार्ड का भी निर्माण किया जाएगा। गौ-शाला में सीसी टीवी के माध्यम से निरंतर मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहेगी। सीएम यादव ने कहा कि एमपी में देश के उत्पादन का 9 प्रतिशत दूध होता है। अगले 5 साल में इसे बढ़ाकर 20% करेंगे। जिस तरह सरकार गेहूं, धान में बोनस देती है, ठीक उसी तरह दूध खरीदने पर भी बोनस देगी। महाराष्ट्र में बीजेपी की जीत को लेकर कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने गोमाता को राज माता का दर्जा दिया है। वहां सरकार फिर बन रही है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में गो माता से जुड़े कोर्स शुरू करने की बात भी कहीं। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, लखन पटेल, कृष्णा गौर, स्वामी अच्युतानंद महाराज, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, जिपं अध्यक्ष राम कुंवर गुर्जर, फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत, भोपाल महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिपं उपाध्यक्ष मोहन जाट, फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत मौजूद रहे। सीएम ने की ये घोषणाएं     सूखी सेवनिया शासकीय स्कूल को सीएम राइज बनाया जाएगा।     सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन बनाएंगे। ये पीडब्ल्यूडी बनाएगा।     बरखेड़ी डोम क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र बनाएंगे।     अटल विहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में गोमाता से संबंधित कोर्स शुरू करेंगे। 10 हजार गायों के लिए गोशाला भोपाल से 20 किलोमीटर दूर बरखेड़ी डोब में 10 हजार गोवंश की क्षमता वाली गोशाला बन रही है। यहीं पर चिकित्सा वार्ड भी बनेगा। यहां गोवंश का इलाज भी हो सकेगा। सुरक्षा के लिए सभी इंतजाम रहेंगे इस गोशाला को हाईटेक बनाया जाएगा। इसमें सीसीटीवी कैमरों सहित वे सभी आवश्यक संसाधन होंगे, जो सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी हैं। इसकी लागत 10 करोड़ रुपए आएगी। गो मूत्र-गोबर से खाद बनाने के लिए लगेगी यूनिट पहले फेज में 2 हजार गायों की क्षमता वाले क्षेत्र का निर्माण तेजी से प्रारंभ करने की योजना बनाई गई है। गोशाला में हरा चारा, भूसा और पशु आहार की सप्लाई के लिए मॉडर्न कन्वेयर बेल्ट सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा। लगभग 15 करोड़ रुपए से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत गोशाला का निर्माण करेगी। संचालन नगर निगम करेगा। गोशाला में गायों के गोबर और मूत्र से जैविक खाद और अन्य सामग्री तैयार करने के लिए एक यूनिट भी लगाई जाएगी। घायल और बीमार गायों के उपचार के लिए आधुनिक चिकित्सा वार्ड का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य में खर्च होंगे 15 करोड़ रुपये लगभग 15 करोड रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा, वहीं नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्तपोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। गौ-शाला का निर्माण तीन चरणों में होगा, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 2000 पशु क्षमता का निर्माण किया जाएगा। भूसा, हरा घास, पशु आहार आदि कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से होगा उपलब्ध इस अत्याधुनिक गौ-शाला में गायों को भूसा, हरा घास, पशु आहार आदि कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। गौ-शाला में गायों के गोबर एवं मूत्र आदि से विभिन्न सामग्री तैयार की जाएगी और जैविक खाद निर्माण के लिए संयंत्र भी लगाया जाएगा। गौ-शाला में रहने वाले पशुओं एवं सड़कों पर घायल एवं बीमार होने वाले पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सा वार्ड भी बनाया जा रहा है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन

जिसके घर में गाय का कुल, वह घर गोकुल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जाएगा गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य जारी प्रदेश में इस वर्ष 300 गौ-शालाओं का हुआ पंजीयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी गौ-शाला ग्राम सूखी सेवनिया में बनेगा सीएम राइज स्कूल और बरखेड़ी डोब को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में गौ-माता से संबंधित डिग्री/डिप्लोमा कोर्स आरंभ होंगे भोपाल जिले के ग्राम बरखेड़ी डोब में हुआ भूमि-पूजन कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गौ-माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है। जो भी गोवंश का पालन करे वही गोपाल है, जिसके घर में गाय का कुल वह घर गोकुल है। अतः प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को घर में गोपालन के लिए पहल करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिना धर्म, भाषा, जाति और क्षेत्र के भेदभाव के हमें गौ-पालन को प्रोत्साहित करना है। परंपरागत रूप से भी भारत में सभी धर्म और जाति के लोग गौ-पालन करते हैं और यही हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के ग्राम बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि भोपाल जिले के बरखेड़ी डोब ग्राम में 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से गौ-शाला का निर्माण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाईटेक गौ-शाला भूमि-पूजन स्थल पहुंचने पर सर्वप्रथम गौ-माता को दुलार कर नमन किया तथा उन्हें आहार सामग्री अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश में गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए संचालित गतिविधियों पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नौरंग सिंह गुर्जर सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। बदलती जीवनशैली में निरंतर बढ़ रहा है गौ-शालाओं का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व के अधिकांश देशों में दुग्ध की आपूर्ति गौ-माता ही करती हैं। सनातन संस्कृति में गौ-माता का महत्व इससे स्पष्ट हो जाता है कि मानव जीवन की पूर्णता के लिये गौ-दान आवश्यक बताया गया है। बदलती जीवनशैली में गौ-शालाओं का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य शासन द्वारा विशाला गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य किया जा रहा है, वर्तमान वर्ष में अब तक 300 गौ-शालाओं का पंजीयन हुआ है। विभिन्न सामाजिक संगठन भी गौ-शाला संचालन में पहल कर रहे हैं। गौ-पालन परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ परिवार को पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में भी सहायक है। अत: घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की व्यवस्था कर रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश, देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9 प्रतिशत का योगदान देता है। इसे अगले पाँच वर्ष में 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय विद्यालय सूखी सेवनिया को सीएम राइज विद्यालय बनाने और सूखी सेवनिया रोड को विभागीय मद अनुसार फोरलेन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बरखेड़ी डोब क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के माध्यम से गौ-माता से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा कोर्स आरंभ किया जाएगा। स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार गठन के बाद अभी तक के अल्प समय में प्रदेश में लगभग 50 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की है और प्रदेश की लाखों गायों की देखभाल का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मना रही है। आज यहां गोलोक धाम की स्थापना इसी कड़ी में एक सार्थक प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस प्रयास के लिए सभी महात्मा, सभी ऋषिगण उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद और आशीर्वाद देते हैं। गौ-माता का पालन-पोषण हम सभी सनातनियों का दायित्व है। हमें इस प्रकार के प्रयास करने चाहिएं कि हर घर में एक गाय रहे। गौ-माता के बिना घर सूना होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं, युवा, किसानों, मजदूर, वरिष्ठ जन के कल्याण के लिए समर्पित है। राज्य सरकार द्वारा गौ-वंश के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधोसंरचना विकास, शिक्षा, चिकित्सा सहित प्रदेश के समग्र विकास के लिए सक्रिय हैं। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने आभार व्यक्त किया। गौ-वंश को कन्वेयर बेल्ट से मिलेगा आहार और सीसीटीवी से होगी मॉनीटरिंग उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्तमान वर्ष (चैत्र माह से फाल्गुन माह तक) गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल के बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गौ-शाला के निर्माण के लिये शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन किया है।     इसमें गायों के आधुनिक तरीके से रख-रखाव के साथ उनके उपचार के लिए सभी संसाधनों से युक्त चिकित्सा वार्ड का निर्माण भी किया जाएगा।     गौ-शाला में सीसी टीवी के माध्यम से निरंतर मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहेगी।     लगभग 15 करोड रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा। नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्त पोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा।     गौ-शाला का … Read more

एनआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एनआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में तिरुपति बाला जी के 12वां ब्रह्मोत्सव “पुष्कर महोत्सव” में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पावन पुष्कर महोत्सव में शामिल होने का सौभाग्य मिला है। आज के अनुष्ठान और पूजन में हमारी भारतीय सनातन संस्कृति के अलौकिक दर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कामना की कि भगवान वेंकटेश्वर की कृपा सब पर बनी रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हैदराबाद के स्टेच्यू ऑफ इक्वैलिटी के महंत त्रिदण्डी चिन्ना श्रीमन नारायण रामानुज जीयार स्वामी जी से भेंट की और उनसे आशीर्वाद लिया। स्वामी जी ने भी वैदिक मंत्रोच्चारण से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिषेक किया और मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंस और अर्णव हॉस्पिटल का लोकार्पण किया। चेयरमैन एनआरआई ग्रुप डॉ. सुबोध सिंह साथ रहें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहे एनआरआई ग्रुप के प्रबंधन और छात्रों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।  

मुख्यमंत्री ने कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर दिये निर्देश

जन कल्याण और कानून व्यवस्था की स्थिति आदर्श रहे, कलेक्टर, एसपी होंगे जिम्मेदार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव खाद वितरण कार्य व्यवस्थित हो, कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध उठाएं सख्त कदम जिलों में व्यवस्थाएं देखने खुद मैदान में उतरें वरिष्ठ अधिकारी नरवाई के प्रबंधन के लिए हुई सिवनी जिले के कार्यों की प्रशंसा मुख्यमंत्री ने कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी जिलों में चाहे विकास का प्रश्न हो, शासन की प्राथमिकताओं के अनुसार कार्यों का क्रियान्वयन या कानून-व्यवस्था की बात हो, आदर्श स्थिति बनाए रखने का दायित्व कलेक्टर-एसपी का है। अपने जिले में सभी व्यवस्थाओं के लिए कलेक्टर्स और एसपी जिम्मेदार होंगे। जिन जिलों से अनियमितताओं की शिकायतें आएंगी, वहां बड़े अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जन-कल्याण की दृष्टि से जिलों के पुनर्गठन के लिए राज्य शासन ने आयोग गठित किया है। इसमें कलेक्टर और जन-प्रतिनिधि भी जरूरी सुझाव देकर सहयोग करें। आने वाले समय में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण, आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने जैसे निर्णय क्रियान्वित होंगे। इस दृष्टि से अनेक प्रशासनिक कार्यों का सह संबंध रहेगा। जिला स्तर पर भी जन-कल्याण के साथ प्रशासनिक सुधार प्राथमिक कार्य है। परीक्षाओं को देखते हुए निर्धारित ध्वनि से अधिक कोलाहल यंत्रों पर नियंत्रण, नशे का व्यापार करने वालों पर अंकुश, पराली जलाने पर रोक, किसानों के लिए खाद और उर्वरक के व्यवस्थित वितरण, राजस्व कार्यों के त्वरित निराकरण को मुस्तैदी से किया जाए। खाद की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध सख्त कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टर, कमिश्नर कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर्स ने जिलों में बेस्ट प्रैक्टिसेस की जानकारी दी। धान, ज्वार-बाजरा और सोयाबीन की खरीदी, जिलों में हों नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धान, ज्वार-बाजरा और सोयाबीन खरीदी से संबंधित कार्य व्यवस्थित रूप से सम्पन्न किए जाएं। जिन जिलों से अनियमितताओं की जानकारी प्राप्त होगी, वहां दोषी अधिकारियों को नहीं बख्शा जाएगा। उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं होना चाहिए। खाद, बीज की समय-सीमा में उपलब्धता और व्यवस्थित वितरण को सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने के बावजूद जिन स्थानों से वितरण की अव्यवस्था संबंधित शिकायतें मिलेंगी, वहां दोषी अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शाजापुर जिले में एक नवाचार किया गया है, जिसमें टोकन वितरण सीएम हेल्पलाइन 181 की मदद से करते हुए अनावश्यक लाइन नहीं लगी और कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ। अतिरिक्त काउंटर बनाकर भी सागर और दमोह जिलों में अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। इसी तरह इंदौर जिले में 65 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए पृथक काउंटर बनाया गया। ऐसे सफल प्रयोग अन्य जिलों में भी किए जाएं। ड्रोन का उपयोग प्रोत्साहित किया जाए, नरवाई जलाने पर लगे अंकुश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कार्य में ड्रोन के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। ड्रोन के माध्यम से यूरिया के छिड़काव और खाद डालने से सामग्री की बचत भी संभव है। आवश्यकतानुसार किसानों को किराये पर ड्रोन उपलब्ध कराने, प्राकृतिक जैविक कृषि को प्रोत्साहित करने, प्राकृतिक खेती विकास योजना के क्रियान्वयन और किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। नरवाई प्रबंधन की रणनीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवाई प्रबंधन के प्रयासों की भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के चयनित जिलों में सुपर सीडर और हैप्पी सीडर के प्रयोग की रणनीति बनाई गई है। इससे नरवाई के नियंत्रण का कार्य संभव होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवाई प्रबंधन के अंतर्गत किसानों को जागरूक बनाने के लिए नरवाई रथ के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने को कहा। जीरो टिलेज तकनीक के माध्यम से बोवनी, 40 हजार एकड़ के जीरो टिलेज फार्मिंग के फसल प्रदर्शन और सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर द्वारा नरवाई प्रबंधन और बोवनी के कार्य कुछ जिलों में किए जा रहे हैं। इनका अन्य जिलों में विस्तार किया जाए। प्रदेश के 30 जिलों के 400 ग्रामों को नरवाई जलाने से मुक्त ग्राम बनाने के लिए चयनित किया गया है। सिवनी जिले में धारा 144 लगाने, 25 पंचनामें बनाने और सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर का उपयोग बढ़ाने का कार्य कृषि विभाग और जिला प्रशासन के अमले ने मैदान पर जाकर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रयोग की सराहना की। नर्मदापुरम कलेक्टर ने बताया कि नरवाई जलाने से रोकने के लिए खेत पाठशालाएं लगाई गईं और किसान जागरूकता रथ चलाए गए। कुछ जिलों में किसानों ने स्वयं नए यंत्रों पर उपलब्ध अनुदान का लाभ लेते हुए जागरूकता का परिचय दिया है। किसानों और आमजन को राजस्व महाअभियान का लाभ दिलवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक माह अवधि के राजस्व महाअभियान 3.0 का शुभारंभ 15 नवम्बर को हो चुका है। इस अभियान में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप किसानों और आमजन को लाभ दिलवाया जाए। पीएम किसान योजना के लिए फार्मर आईडी को दिसम्बर 2024 से अनिवार्य किया जा रहा है। इस नाते कलेक्टर्स इस कार्य को सुनिश्चित करें। खसरा एवं आधार लिंकिंग का कार्य शिविर लगाकर किया जाए। स्वामित्व योजना के समस्त ग्रामों से सबंधित दस्तावेज भी पूर्ण और व्यवस्थित करते हुए राजस्व महाभियान से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जोड़ा जाए। वीडियो कांफ्रेंस एवं बैठक में जानकारी दी गई कि  राजस्व महाअभियान 3.0 प्रदेश में एक लाख से अधिक नामांतरण, 10 हजार से अधिक बँटवारा, लगभग 20 हजार सीमांकन और एक लाख 39 हजार नक्शा बटांकन, करीब 4 हजार अभिलेख दुरूस्ती और लगभग 2 लाख आधार से खसरे लिंक करने का लक्ष्य तय किया गया है। गीता जयंती कार्यक्रम पूरे  प्रदेश में हों मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि प्रदेश में 11 दिसम्बर को गीता जयंती पर अनेक कार्यक्रम हो रहे हैं, जिनका व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उज्जैन एवं भोपाल में गीता भवन के भूमि पूजन के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की परम्परा से संबंधित विविध आयोजन सम्पन्न होंगे। इसकी विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। इनमें गीता संवाद, गीता के सस्वर पाठ की वर्ल्ड रिकार्ड प्रस्तुति के प्रयास भी … Read more

मुख्यमंत्री यादव ने भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 2022 और 2023 कैडर के विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 2022 और 2023 कैडर के विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने भेंट की। मध्यप्रदेश कैडर सहित अन्य राज्यों के भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट की। ये अधिकारी हाल ही में पुलिस अकादमी हैदराबाद से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने आवंटित राज्य में लौटे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट करने वाले आईपीएस अधिकारियों में वर्ष 2022 बैच के राजस्थान के आयुष जाखर, उत्तर प्रदेश के गौरव पाण्डे, मध्यप्रदेश की सुमिनी शुक्ला, झारखण्ड के राज कृष्णा, पंजाब के सुजावल जग्गा और वर्ष 2023 के बैच की मध्यप्रदेश की सुउर्वशी सेंगर, मध्यप्रदेश के ही विक्रम अहिरवार, सिक्किम के जेनडेन लिंगजेरपा, उत्तर प्रदेश के आदित्य सिंघारिया, हरियाणा के मनस्वी शर्मा और बिहार के मनीष भारद्वाज शामिल हैं।  

एग्रोविजन राष्ट्रीय कृषि मेला मात्र मेला न होकर सुशासन आधारित समृद्धशाली राष्ट्र निर्माण का एक यज्ञ है : मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एग्रोविजन राष्ट्रीय कृषि मेला नागपुर, कृषि के क्षेत्र में नए ज्ञान, नवाचारों और आधुनिक तकनीक के प्रदर्शन का उदाहरण है। यह मात्र मेला न होकर सुशासन आधारित समृद्धशाली राष्ट्र निर्माण का एक यज्ञ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण कृषि आधारित कार्यों में नए आयाम जुड़ रहे हैं। कृषि के साथ मछलीपालन और पशुपालन के साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री मोदी के इस विजन पर अमल कर रहा है। इस नाते नागपुर में 23 और 24 नवम्बर को राष्ट्रीय कृषि मेले एग्रोविजन में मध्यप्रदेश से विभिन्न मंत्रीगण हिस्सेदारी करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार 22 नवम्बर को स्वयं एग्रोविजन में भागीदारी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि एग्रोविजन में हिस्सेदारी से मध्यप्रदेश के मंत्रीगण प्रदेश हित में नई जानकारियों और कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों को प्राप्त कर किसान कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश पर किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जयसवाल और पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल एग्रोविजन में हिस्सेदारी के लिए रवाना हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर प्रदेश के कुछ विभागों के अधिकारी भी एग्रोविजन में शामिल होने के लिए नागपुर दौरे पर रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसएएफ जवान अशोक कुमार से फोन पर बात कर कुशलक्षेम जाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराष्ट्र निर्वाचन ड्यूटी के दौरान डेंगू से पीड़ित 17वीं बटालियन एसएएफ भिंड के कांस्टेबल अशोक कुमार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर आश्वस्त किया कि बेहतर उपचार में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जवान अशोक कुमार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। महाराष्ट्र के यवतमाल में निर्वाचन ड्यूटी के दौरान जवान अशोक कुमार की तबीयत खराब हो गई थी। उपचार के लिए उन्हें नागपुर के ऑरेंज सिटी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में रेफर किया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बताया है कि अशोक कुमार को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चुनाव मैनुअल के अनुसार उनका पूरा उपचार कैशलेस किए जाने के निर्देश दिए हैं।  

वृहद, मध्यम एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार है, जो सबसे ज्यादा फिक्र अपने अन्नदाता की करती है। सरकार निरंतर हर खेत तक पानी पहुंचाने के कार्य कर रही है। जल संसाधन विभाग की विभिन्न वृहद, मध्यम एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। सिंचाई की समुचित व्यवस्था हो जाने से अब किसान 2 फसलों के स्थान पर 3 फसल लेने लगे है। इससे उत्पादन में भी वृद्धि हुई है और किसान समृद्ध भी हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सिंचाई के रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश का सिंचाई रकबा लगभग 3 लाख हेक्टेयर था, आज बढ़कर लगभग 50 लाख हेक्टेयर हो गया है। प्रदेश की निर्मित और निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं से प्रदेश में वर्ष 2025-26 तक सिंचाई का रकबा लगभग 65 लाख हेक्टेयर होने की संभावना है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता 1 करोड़ हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रदेश में तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। सरकार ने विभाग के लिए बजट में भी पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है। वर्ष 2024-25 के बजट में सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं में केन-बेतवा लिंक परियोजना एक महत्वाकांक्षी नदी जोड़ों राष्ट्रीय परियोजना है। इसमें केन नदी पर दौधन बांध, आनुषंगिक कार्य एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना के अंतर्गत बेतवा कछार में बीना काम्पलेक्स, कोटा बैराज तथा लोअरओर परियोजनाओं का निर्माण किया जाना सम्मिलित है। परियोजना से मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी एवं दमोह जिलों में माइक्रो इरिगेशन से केन कछार में 4.5 लाख हेक्टेयर, बेतवा कछार के विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी एवं दतिया जिलों में 2.06 लाख हेक्टेयर तथा उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, महोबा और झांसी जिलों में 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के साथ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना से उत्पन्न होने वाली 103 मेगावाट जल विद्युत तथा 27 मेगावाट सौर ऊर्जा पर पूरा अधिकार मध्यप्रदेश का होगा। परियोजना के द्वितीय चरण की डीपीआर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा वर्ष 2014 में तैयार की गई। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश द्वारा बेतवा कछार में अंतिम रूप से प्रस्तावित 3 परियोजनाएं: बीना परिसर से 96 हजार हेक्टेयर, कोटा बैराज से 20 हजार हेक्टेयर तथा लोअर ओर परियोजना से 90 हजार हैक्टेयर सिंचाई प्रस्तावित है। साथ ही परियोजनाओं से 66.7 मिलियन घन मीटर पेयजल एवं मांग आधार पर उद्योगों हेतु जल का प्रावधान रखा गया है। परियोजना की सभी वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। मध्यप्रदेश में द्वितीय चरण की परियोजना का कार्य प्रगति पर है। परियोजना के कार्यान्वयन के लिए मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच एक त्रिपक्षीय सहमति ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय मंत्रि-परिषद द्वारा 44 करोड़ 605 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को 8 वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पार्वती-काली-सिंध-चंबल लिंक परियोजना एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसके लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। इस परियोजना से प्रदेश के 10 जिलों को लाभ मिलेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध परियोजना और नर्मदा घाटी की अन्य प्रस्तावित महत्वपूर्ण परियोजनाओं से प्रदेश में 19 लाख 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी। प्रदेश में “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के उद्देश्य की पूर्ति के लिए 133 वृहद् एवं मध्यम प्रेशराइज्ड सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली आधारित परियोजना निर्माणाधीन है। प्रदेश में 1320 करोड़ रुपए की लागत वाली चितरंगी दाब युक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना स्वीकृत हुई है। इस परियोजना से सिंगरौली जिले में 32 हजार 125 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा। इसी प्रकार 4197 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृत किया गया है। नीमच जिले में इस परियोजना से 18 हजार 600 हेक्टेयर में सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा।  

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं: सीएम मोहन यादव

उज्जैन अमेरिका में गौतम अदाणी पर रिश्वत के आरोप लगने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है. जिसपर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश के लोग मजाक में लेते हैं. उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता है. इसके अलावा उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर भी तीखा हमला बोला है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  उज्जैन में मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ 550 बेड के अस्पताल का भूमि पूजन करने के लिए पहुंचे थे. उन्होंने भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद  खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लोग गंभीरता से नहीं लेते. उन्होंने राहुल गांधी की ओर से अदाणी की गिरफ्तारी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया है. हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं- मोहन यादव वहीं फिल्म द साबरमती रिपोर्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेताओं की ओर से दिए गए बयान पर पलटवार किया है. दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि मध्य प्रदेश में किसान त्रस्त है और सरकार फिल्म देखने में मस्त है. इसपर उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं. ‘स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में महत्वपूर्ण कदम’ मोहन यादव ने कहा की जनसंघ के जमाने से उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की मांग उठ रही थी जो अब जाकर पूरी हुई है. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज उज्जैन के स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि मेरा जन्म भी जब नहीं हुआ था, तब भी लोग मेडिकल कॉलेज की मांग उठा रहे थे, लेकिन कांग्रेस की सरकार की वजह से इतने लंबे अंतराल तक मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की नींव नहीं रखी जा सकी.

शहीद के परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि, CM डॉ मोहन ने सौंपा चेक, जवान की बहादुरी और बलिदान को सराहा

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से आज यहां मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सीआरपीएफ के शहीद जवान स्व. पवन भदौरिया के परिजन ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने जवान शहीद स्व. पवन कुमार भदौरिया के परिजन को एक करोड़ रूपये की सहायता राशि का चेक भेंट किया। राष्ट्रपति द्वारा वीरतापूर्ण कार्य के लिए जवान स्व. भदौरिया को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। डॉ यादव ने मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी शहीद स्व. पवन भदौरिया के परिजन को प्रावधान के अनुसार एक करोड़ रुपए की राशि का चेक आज भेंट किया। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी जान की परवाह न करते हुए साहस के साथ नक्सलियों से मुकाबला करते हुए शहादत को प्राप्त स्व. पवन भदौरिया पर प्रदेशवासियों को गर्व है। शहीद परिवार के साथ शासन साथ खड़ा है। राज्य शासन शहीद परिवार की सहायता के लिए सदैव तत्पर है। 2018 में हुई थी शादी बता दें छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले के बॉर्डर इलाके टेकलगुड़ेक में इसी साल 30 जनवरी को सीआरपीएफ कोबरा और DRG की संयुक्त जवानों की टीम पर हुए नक्सली हमले में तीन जवान शहीद हो गए थे. इसमें एमपी के भिंड निवासी पवन कुमार भदौरिया भी शामिल थे. शहीद जवान पवन कुमार अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. पवन कुमार की शादी 2018 में ही हुई थी. दरअसल, टेकलगुड़ेम में पुलिस ने नया कैंप स्थापित किया था. इस कैम्प की सुरक्षा में लगे कोबरा एसटीएफ-डीआरजी के जवान कैंप की स्थापना के बाद जूनागुड़ा-अलीगुड़ा इलाके में गश्त पर निकले हुए थे. इसी बीच घात लगाए नक्सलियों ने टीम पर फायरिंग कर दी. इस दौरान सुरक्षाबलों ने भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया. इस दौरान फोर्स को भारी पड़ता देख माओवादी जंगल में भाग गए थे. नक्सली मुठभेड़ में वीरता का परिचय कुपावली निवासी पवन कुमार भदौरिया सीआरपीएफ की 201 कोबरा बटालियन में तैनात थे। नक्सल विरोधी अभियान के तहत 30 जनवरी 2024 को सुकमा के कैंप टेकल गडेम में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अगले दिन इलाज के दौरान शहीद हो गए। शहीद के परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख राशि से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के निर्माण में हमारे सभी महापुरूषों का अमूल्य योगदान है

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद टॉवर चौक पर भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की नवीन प्रतिमा का अनावरण कर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान सांसद अनिल फिरोजिया, बालयोगी उमेशनाथ महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि उज्जैन नगरी की कई विशेषताएँ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के निर्माण में हमारे सभी महापुरूषों का अमूल्य योगदान है। बाबा साहेब 20वीं सदी के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने समाज में समता के लिए, सहअस्तित्व के लिए, समान भाव लाने के लिए इस देश के अंदर जो विसंगतियाँ थीं, जो बुराईयाँ थीं, कुरीतियॉ थीं, उनके विरूद्ध आवाज उठाई और संघर्ष किया। भारत की स्वतंत्रता के पूर्व कई सामाजिक कुरितियों को दूर कर नए विचारों को जन्म दिया। समाज के कमजोर वर्ग को बाबा साहेब ने सशक्त किया और सशक्त कर आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया। उन्होंने संविधान का निर्माण कर सबको समानता का अधिकार दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरूषों की प्रतिमाओं के साथ भविष्य में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रतिमाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।  मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से सभी को शुभकामनाएं दीं। महापौर मुकेश टटवाल ने कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि उक्त प्रतिमा का निर्माण 12.50 लाख रूपये की लागत से हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर प्रतिमा की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं एवं प्रतिमा के आसपास के स्थल का सौंदर्यीकरण एवं विद्युत साज सज्जा भी की गई है।  

दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ के पहले उज्जैन में बनकर तैयार होगा मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाकाल की निगरानी में होगा अब हर मर्ज का ईलाज दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर उज्जैन में ही मेडिकल टूरिज्म भी होगा स्थापित मुख्यमंत्री ने उज्जैन में 592.30 करोड़ की मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय का किया भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के उज्जैन को मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय की सौगात दी है। इसका गुरूवार को भूमि-पूजन किया गया। सिंहस्थ के पहले यह महत्वाकांक्षी प्राजेक्ट तैयार हो जायेगा। इस नवीन व्यवस्था से महाकाल की निगरानी में अब हर मर्ज का ईलाज होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उज्जैन की मेडिसिटी दुनियाभर में जानी जायेगी। उज्जैन में हाईटेक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मेडिकल डिवाईस पार्क भी विकसित होगा। एक ही परिसर में सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हाईराईज बिल्डिंग बनाई जाएगी तथा एक-एक इंच भूमि का उपयोग किया जायेगा। परिसर में ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ आदि के लिए आवासीय व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश गठन के बाद वर्ष 2003-04 तक प्रदेश में कुल 05 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें 17 सरकारी हैं और 13 निजी क्षेत्र के हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज सहकार के साथ व्यवस्थाएं बनाएंगे। अगले वर्ष 12 मेडिकल कॉलेज और तैयार हो रहे हैं। जिन चिकित्सालयों की क्षमता अधिक है वहां चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था करने की भी योजना है। प्रदेश में पहले चिकित्सा शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य अलग-अलग विभाग होते थे, जिन्हें अब एक कर दिया गया है। सरकार एक-एक पैसे का सदुपयोग कर आम जनता को सुविधाएं दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को उज्जैन में 592.30 करोड़ रूपये लागत से निर्मित होने वाली मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन कर संबोधित कर रहे थे। भूमि-पूजन के दौरान वेदपाठी बाहृणों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिंहस्थ-2028 के पहले प्रारंभ होगा। उज्जैन में प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर मेडिकल टूरिज्म की स्थापना भी की जाएगी। उज्जैन में प्रदेश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले सभी मरीजों का उपचार किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आयुष्मान भारत निरामय योजना शुरू करने के बाद राज्य सरकार ने भी तीन महीने में ही गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट कर बड़े चिकित्सालयों में उपचार कराने की सुविधा शुरू की है। जिन स्थानों पर एयरपोर्ट या हवाई पट्टी नहीं है वहां हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट कर मरीजों को उपचार की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में 5000 विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जा रही है, जो आने वाले समय में 10 हजार हो जायेगी। साथ ही प्रदेश में आयुर्वेद के 5 मेडिकल कॉलेज शुरू कर रहे हैं। उज्जैन के आयुर्वेदिक धनवंतरी महाविद्यालय को सर्वसुविधायुक्त एम्स की तरह बनाया जायेगा, इसकी प्रक्रिया चल रही है। साथ ही उज्जैन में हौम्योपैथी महाविद्यालय भी शुरू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को रोजगार मूलक पैरामेडिकल एवं नर्सिंग की शिक्षा देने के निर्देश दिये गये हैं, इससे प्रदेश में रोजगार उपलब्ध होगा। विश्वविद्यालय को पैरामेडिकल एवं नर्सिंग परीक्षाएं भी आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में शव वाहन की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सिकल सेल-एनीमिया के उन्मूलन के पर्याप्त इंतजाम किये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन माधव नगर थाने के पास की जमीन पर निर्मित कराने का भी निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम को उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान धनवंतरि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं कन्या-पूजन कर किया। मालवी पगड़ी पहनकर कार्यक्रम में पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन-समूह का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किये, जिसमें ग्राम पंचायत ब्रजराज खेड़ी के दीपक शर्मा को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि, उज्जैन नगर पालिक निगम की बेबी बाई को आयुष्मान भारत निरामय योजना की 5 लाख रूपये, ग्राम पंचायत गंगेड़ी को पिंक टॉयलेट निर्माण के लिए 4.84 लाख रूपये का चेक प्रदान किया। प्रदेश की पहली मेडिसिटी उज्जैन में निर्मित होने वाली प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ में 592.3 करोड़ रूपये की लागत से बनेगा। इसमें 6 हाईराइज टॉवर होंगे। टीचिंग हॉस्पिटल का भवन 9 मंजिला होगा, जिसमें बेसमेंट भी शामिल है। मेडिकल कॉलेज का भवन 8 मंजिला होगा इसमें भी बेसमेंट बनाया जाएगा। नर्सेस होस्टल, आरडीएच ब्लॉक व यूजी इंटर्न गर्ल्स होस्टल के भवन 14 मंजिला होंगे। वहीं यूजी इंटर्न बॉइस होस्टल का भवन 11 मंजिला होगा। मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय सम्पूर्ण रूप से दक्ष होगा इसमें रिसर्च एंड डवलपमेंट की सभी सुविधाएँ होंगी। इस महाविद्यालय में 550 बेड की क्षमता का अस्पताल होगा तथा इसमें 150 मेडिकल छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जाएगी। महाविद्यालय में 380 क्षमता का नर्सिंग होस्टल, यूजी इन्टर्न गर्ल्स व बोइस होस्टल, सर्विस ब्लॉक, लाईब्रेरी, पार्किंग, जिमनेशियम, फुटओवर ब्रीज की सुविधाओं से सम्पन्न होगा। मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के भवन में उर्जा दक्षता, फायर सेफ्टी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर पॉवर, इलेक्ट्रिसिटी बेकअप, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लाँट आदि आधुनिक तकनीकिओं का उपयोग होगा। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री एवं उज्जैन जिला प्रभारी गौतम टेटवाल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सर्व अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, डॉ. तेज बहादुरसिंह चौहान, जितेन्द्र पंड्या एवं शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, महापौर मुकेश टटवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर अंतरसिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, नगरनिगम सभापति अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल, विवेक जोशी, बहादुरसिंह बोरमुण्डला सहित जन-प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।  

आज मुख्यमंत्री डॉ.यादव करेंगे वर्चुअल चर्चा

आज मुख्यमंत्री डॉ.यादव करेंगे वर्चुअल चर्चा शुक्रवार को होगी कलेक्टर – कमिश्नर कॉन्फ्रेंस भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज कलेक्टर-कमिश्नर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार शाम 5:00 बजे मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से सभी संभागों के कमिश्नर , पुलिस महानिरीक्षक , पुलिस आयुक्त , सभी जिलों के कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री इंदौर सिम्बायोसिस स्किल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज किताबी ज्ञान भले ही पूरा हुआ हो परंतु दीक्षांत के बाद स्वाध्याय, मनन और चिंतन सतत् जारी रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मंत्र दिया कि “यही समय है – सही समय है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर में सिबायोसिस स्किल यूनिवर्सिटी के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में भारत में बहुत से उल्लेखनीय काम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। हमारी नई पीढ़ी तकनीकी रूप से दक्ष बने और देश के विकास और समग्र मानव समाज के कल्याण में अपना योगदान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इज़राइल का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीकी ज्ञान के बल पर ही इज़राइल ने अनेक चुनौतियों से पार पाया है। हमें भी अपनी क्षमता और तकनीकी दक्षता को शिखर तक ले जाना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नैतिकता सदा ही सर्वोपरि है। शिक्षा के साथ संस्कारों की दीक्षा भी ज़रूरी है। मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और जीवन में आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शिखर हैं किन्तु सिम्बायोसिस समूह जिन्होंने तकनीकी दक्षता और तकनीकी क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित किया है, यह और भी महत्वपूर्ण योगदान हो जाता है। उन्होंने प्रो. चांसलर डॉ. स्वाति मजूमदार की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका को छोड़कर भारत में शिक्षा को अपना जीवन समर्पित किया है। प्रारंभ में सिम्बायोसिस तकनीकी विश्वविद्यालय की प्रो. चांसलर डॉ. मजूमदार ने स्वागत भाषण दिया और कुलगुरु डॉ. विनीत नायर ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।  दीक्षांत समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, डॉ. भारत शरण सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।  

उज्जैन में 127 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक बुधवार शाम को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियिम 1951 के अंतर्गत “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का गठन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। स्वीकृति अनुसार भगवान श्रीकृष्ण से संबंध क्षेत्रों का साहित्यिक व सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्धन किया जायेगा। न्यास द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों एवं संरचनाओं का प्रबंधन, सांदिपनि गुरुकुल की स्थापना के लिए परामर्श, सुझाव, श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास, पुस्तकालय, संग्रहालय की स्थापना आदि गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित न्यास में कुल 28 सदस्य होंगे। इसमे 23 पदेन न्यासी सदस्य तथा 5 ख्याति प्राप्त विद्वत सदस्य, अशासकीय न्यासी सदस्य के रूप में नामांकित होंगे। अशासकीय न्यासी सदस्यों का कार्यकाल अधिकतम 3 वर्ष होगा। “श्रीकृष्ण पाथेय न्यास” का मुख्यालय भोपाल होगा। इसके लिये 6 पद सृजित किये जायेंगे। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिये शासन अथवा अन्य स्त्रोतों से अनुदान एवं दान प्राप्त कर सकता है। न्यास के संचालन एवं उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये शोध-सर्वेक्षण एवं विकास कार्य के लिये आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ समितियों का गठन किया जा सकेगा। न्यास के लिए श्रीकृष्ण पाथेय न्यास विलेख तैयार किया जायेगा। विलेख मे न्यास के अधिकार, कार्यकारी समिति, सदस्यों, कार्यकारी समिति के अधिकार, न्यासी सचिव के अधिकार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अधिकार, न्यास के लेखे एवं अंकेक्षण एवं न्यास के कार्यक्षेत्र एवं सीमा से संबंधित विषयों का विस्तारपूर्वक वर्णन होगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के उद्देश्यों में मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहाँ-जहाँ पड़े उन स्थानों को तीर्थ के रुप में विकसित तथा संरक्षित करना और हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा के महत्व को समझने के लिए सम्बन्धित क्षेत्रों का प्रलेखन (डाक्युमेंटेशन), अभिलेखन (रिकॉर्डिंग), छायांकन, फिल्मांकन तथा चित्राकंन आदि करना शामिल है। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के अंतर्गत अवस्थित भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों एवं उनमें स्थित जल संरचनाओं, वन सम्पदा, उद्यान आदि की सुरक्षा, संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन किया जायेगा। इन धार्मिक तीर्थ स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इसके साथ ही उज्जैन में 64 कलाओं और 14 विद्याओं की विधिवत शिक्षा के लिए सांदीपनि गुरुकुल की स्थापना हेतु परामर्श, सुझाव एवं अन्य कार्यवाही की जायेगी। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की अवधारणा के अनुरुप शिक्षा, संस्कृति, कृषि, गौ एवं पशुधन संवर्धन की विरासत का विकास किया जायेगा। मध्यप्रदेश राज्य की सीमा में आने वाले श्रीकृष्ण पाथेय के चिन्हांकित स्थलों के अवलोकन, पुरान्वेषण तथा धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, इतिहास आदि की दृष्टि से रचनात्मक विकास हेतु परामर्श, सुझाव एवं आवश्यकतानुसार कार्यवाही की जायेगी। युवा पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की जीवन गाथा और उज्जैन को केन्द्र में रखकर की गई उनकी यात्राओं की महत्ता से अवगत कराते हुए गंतव्य स्थलों के साथ भावनात्मक एवं अनुभवात्मक रूप से जोड़ने की योजनाएँ परिकल्पित करना तथा भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियाँ आयोजित करना इसके उद्देश्यों में शामिल होगा। केन्द्र एवं राज्य शासन के सर्व संबंधित विभागों के समन्वय से श्रीकृष्ण पाथेय के स्थानों का सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास तथा विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना का विकास किया जायेगा। साथ ही जन-सामान्य को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक रूप से प्रबुद्ध करते हुए पर्यटकों, शोधार्थियों, युवाओं तथा सभी वर्ग के विद्यार्थियों की जानकारी के लिए पुस्तकालयों, संग्रहालयों तथा सूचना केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा पौराणिक काल से वर्तमान समय तक भगवान श्रीकृष्ण को जगद्गुरु स्वरुप स्थापित करने में अपना योगदान प्रदान करने वाले अनेक-अनेक तेजस्वी नायकों, दार्शनिकों, मंत्रदृष्टा ऋषियों, संतों, मनीषियों, चिंतकों, कवियों, साहित्यकारों, कलाकारों, वैज्ञानिकों के अवदान का रेखाकंन एवं वाणियों का ध्वन्यांकन तथा फिल्मांकन कराया जायेगा। भगवान श्रीकृष्ण की प्रेरक कथाओं और चित्रों का चित्रांकन, उत्कीर्णन एवं शिल्पकला की विधा के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया जायेगा। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भारत सरकार, राज्य सरकार, गैर शासकीय संस्थाओं, संगठनों, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के निकायों तथा व्यक्तियों से समन्वय, सहयोग तथा सम्पर्क स्थापित कर वित्तीय एवं अन्य गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जायेगा। साथ ही साथ श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के अंतर्गत सभागारों, सामुदायिक केन्द्रों (कम्युनिटी सेंटर) और धर्मशालाओं का निर्माण एवं व्यवस्थापन कार्य किया जायेगा। चयनित 209 स्टॉफ नर्सों को नियुक्ति दिये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल (वर्तमान में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) द्वारा 27 जनवरी, 2022 को घोषित परीक्षा परिणाम के आधार पर स्टॉफ नर्स के पद पर चयनित 209 अभ्यार्थियों को विभाग के अधीन संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में वर्तमान में उपलब्ध रिक्त पदों पर नियुक्ति दिये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई है। उज्जैन मे 127 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की इंगोरिया-उन्हेल सड़क मार्ग की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-उन्हेल (लंबाई 23.71 कि.मी.) 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति दी है। यह सड़क 23.71 कि.मी. लंबी होगी एवं 127 करोड़ 63 लाख रूपये की लागत से म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी।  

तानसेन समारोह का विस्तार, प्रदेश के साथ ही चार राज्यों में होंगी गतिविधियां

देश में नए उद्योगों और निवेश संवर्धन प्रयासों से सवा तीन लाख से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ यादव 24 से 29 नवंबर तक निवेश बढ़ाने करेंगे जर्मनी और यूके का दौरा तानसेन समारोह का विस्तार, प्रदेश के साथ ही चार राज्यों में होंगी गतिविधियां साबरमती रिपोर्ट के माध्यम से आया है सत्य सामने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उद्योग और निवेश संवर्धन प्रयासों से बड़ी संख्या (सवा तीन लाख) में लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्ष 2024 में प्रदेश के विभिन्न संभागों में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के कई नगरों में हुए इंटरैक्टिव सेशन के फलस्वरुप उद्योगों के विकास का वातावरण बना है। प्रदेश में करीब 2 लाख 75 हजार करोड़ रुपए का निवेश आ रहा है। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग वर्ष होगा। इस नाते इस वर्ष प्रदेश में संपन्न औद्योगिक विकास गतिविधियों का विशेष महत्व रहा। द साबरमती रिपोर्ट से आया सत्य सामने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज “द साबरमती रिपोर्ट” की स्क्रीनिंग भोपाल में हो रही है। फिल्म से गुजरात के गोधरा में वर्ष 2002 में हुई घटना का सच सामने आया है। इस घटना का गलत प्रेजेंटेशन से भी हुआ था। आज अनेक जनप्रतिनिधि इस फिल्म को देखेंगे। मध्यप्रदेश शासन ने इस फिल्म को टैक्स फ्री किया है। तानसेन समारोह का देश भर में विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी 15 से 19 दिसंबर को ग्वालियर के साथ ही प्रदेश में रीवा ,जबलपुर, गुना, दतिया, शिवपुरी, खंडवा और ओरछा में तानसेन समारोह की गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी दी। इस वर्ष प्रदेश के बाहर 4 स्थान जयपुर, बनारस, बड़ौदा और खैरागढ़ में भी तानसेन समारोह की गतिविधियां होंगी। तानसेन समारोह का देश व्यापी विस्तार हुआ है। गुजरात दौरा सार्थक रहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज अहमदाबाद में गुजरात सरकार के सीएम डैशबोर्ड और अन्य बेस्ट प्रैक्टिसेज ऊर्जा क्षेत्र ,नवीन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उनका गुजरात दौरा सार्थक रहा। चिंतन बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चिंतन बैठक भी आयोजित की जाएगी। प्रदेश में चिंतन बैठक के आयोजन की तिथियां शीघ्र निर्धारित की जा रही हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म के कलाकारों ने मुम्बई के बाद मध्यप्रदेश को बताया फिल्म जगत का प्रमुख केंद्र

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि फिल्म “द साबरमती रिपोर्ट” इतिहास  के काले अध्याय को सामने लाती है। यह फिल्म वर्ष 2002 में  गुजरात के गोधरा में हुई घटना की सत्यता को सामने लाती है। फिल्म वास्तविक तथ्यों पर फिल्माई गई है। फिल्म, उन 59 कारसेवकों के बलिदान की जानकारी देती है जिसे उस दौर में गलत बताया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिल्म को मध्यप्रदेश शासन द्वारा करमुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में फिल्मांकन की दृष्टि से अनेक महत्वपूर्ण स्थान हैं। प्रदेश सरकार की नीतियां भी फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने वाली हैं। फिल्म “द साबरमती रिपोर्ट” के निर्माता साधुवाद के पात्र हैं जिन्होंने इस फिल्म का निर्माण कर आज की पीढ़ी को 22 वर्ष पुरानी घटना की सच्चाई बताने का कार्य किया है। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म को टैक्स फ्री करने का सराहनीय निर्णय लिया है। फिल्म के निर्माता  अंशुल मोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म को समर्थन दिया है। इसके लिए फिल्म की पूरी यूनिट उनकी आभारी हैं। फिल्म के नायक विक्रांत मैसी ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास की जानकारी होना चाहिए। सुएकता कपूर ने इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय को सामने लाने का कार्य किया है। फिल्म की नायिका सुराशि खन्ना ने कहा कि मध्यप्रदेश में भोपाल, खजुराहो, पचमढ़ी और कई अन्य महत्वपूर्ण स्थान हैं। मध्यप्रदेश फिल्म निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। मुम्बई के बाद मध्यप्रदेश का फिल्म जगत में अहम स्थान बन रहा है। फिल्म प्रदर्शन देखने के लिए प्रदेश सरकार के अनेक मंत्री सांसद, विधायक और नागरिक उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों को किया पुरस्कृत

भोपाल राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में 43वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मंगलवार को “मध्यप्रदेश दिवस” का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेले में विभिन्न विभागों से शामिल स्व-सहायता समूह, उद्यमियों व कलाकारों को पुरस्कृत किया। मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 2 स्व-सहायता समूहों को प्रथम व द्वितीय पुरस्कार मिले। प्रथम स्थान पर धार के मांडव का रेवा स्व-सहायता समूह रहा, जिन्हें बाग प्रिंट के लिए पुरस्कार मिला। वहीं संत रविदास स्व-सहायता समूह उज्जैन को बांस से बनी हुई सामग्री एवं कलात्मक खिलौने गुड़िया के लिए द्वितीय पुरस्कार दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए समूहों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से उनके अनुभव भी सुने। स्व-सहायता समूह की दीदीयों ने डॉ. यादव को समूहों के उत्पाद भी भेंट किए। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सविता ठाकुर, मध्य सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री चेतन कॉश्यप, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी उपस्थित थीं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, आयुक्त भरत यादव व मिशन संचालक एवं अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े ने दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को इस उपलब्धि पर बधाई भी दी है।  

नागरिक सुविधा व जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एक उत्कृष्ट उदाहरण है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार के कामकाज को बेहतर बनाने और नागरिक सुविधा व जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधीनगर में गुजरात सीएम डैशबोर्ड की कार्यप्रणाली का अवलोकन करने तथा उसके संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त करने के बाद उक्त विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-गवर्नेंस एप्लीकेशन, वेब सर्विसेज, कॉल सेंटर, ग्राम और तालुका स्तर से डाटा कलेक्शन, डाटा इंटीग्रेशन, डाटा वैलिडेशन, परफॉर्मेंस मेजरमेंट, फीडबैक सिस्टम और फीडबैक के आधार पर हितग्राही संतुष्टि से अवगत होने के लिए स्थापित व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पारदर्शिता बढ़ाने और वास्तविक समय में डेटा प्राप्त करने में सहायक उल्लेखनीय है कि गुजरात सीएम डैशबोर्ड एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। यह राज्य सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं और प्रगति की निगरानी और मूल्यांकन में सहायक है। यह डैशबोर्ड राज्य के प्रशासन को पारदर्शी, प्रभावी और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। डैशबोर्ड पर योजनाओं की निगरानी और उनकी प्रगति का आंकलन किया जाता है, इससे यह सुनिश्चित होता है कि योजनाएं समय पर और प्रभावी तरीके से लागू हो रही हैं। डैशबोर्ड पर विभिन्न सरकारी विभागों के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों को ट्रैक भी किया जाता है, यह संकेतक राज्य के विकास और प्रशासन की गति को मापने में सहायक हैं। डैशबोर्ड पारदर्शिता को भी बढ़ावा देने और वास्तविक समय में डेटा प्राप्त करने में सहायक है। डैशबोर्ड स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण व अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार और बेहतर प्रदर्शन में भी सहायक है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी का किया अवलोकन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गिफ्ट सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी)एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, यह भारत को वैश्विक वित्तीय केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार आकार ले रही गिफ्ट सिटी ‍निवेशकों को बेहतर अवसर प्रदान करने के साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। इसके माध्यम से भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक मानकों से तालमेल रखते हुए मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में प्रभावी रूप से गतिविधियों का संचालन करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात के गांधी नगर में साबरमती नदी के किनारे स्थित भारत की पहली ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, भारत का फाइनेंशियल गेट-वे और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र ‘गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी’ (गिफ्ट सिटी) का अवलोकन कर अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिफ्ट सिटी में स्वच्छता के लिए की गई व्यवस्था के संबंध में विशेष रूप से जानकारी प्राप्त करते हुए ऑटोमेटेड गारबेज एंड वेस्ट कलेक्शन सिस्टम और वेस्ट टनल का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि गांधी नगर, गुजरात में स्थित गिफ्ट सिटी का पूरा नाम गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सिटी है। अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर भारत को वैश्विक वित्तीय केंद्र बनाने उद्देश्य से विशेष आर्थिक क्षेत्र के रूप में स्थापित गिफ्ट सिटी को वर्ष 2007 में भारत सरकार द्वारा मंजूरी दी गई। यहां प्रमुख वित्तीय सेवाओं, जैसे बैंकिंग, बीमा, वित्तीय बाजार और तकनीकी सेवाओं के लिए आदर्श वातावरण उपलब्ध है। गिफ्ट सिटी में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजार की स्थापना की गई है, जहाँ वैश्विक निवेशक अपनी व्यापारिक गतिविधियाँ और निवेश कर सकते हैं। अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी तकनीक और हरित ऊर्जा प्रणालियों से युक्त गिफ्ट सिटी में उच्च गुणवत्ता वाले कार्यालय, आवासीय परिसर, होटल और मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध हैं।  

सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर तिरंगा फहराएंगी मुस्कान, CM ने की चार लाख रुपये देने की घोषणा

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने अशोक नगर जिले की निवासी पर्वतारोही (Mountaineer) मुस्कान रघुवंशी (Muskaan Raghuvanshi) को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए 4 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने के निर्देश दिए हैं. मुस्कान अशोक नगर जिले के ग्राम महाना के निवासी रामकृष्ण रघुवंशी की बेटी हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोज़िअस्को को कम उम्र में फतह कर विश्व रिकार्ड बनाने वाली मुस्कान के साहसिक कार्य के लिए बधाई देते हुए आगामी पर्वतारोहण कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की यह बेटी नई सफलताएं प्राप्त करेगी. ये हैं मुस्कान की उपलब्धियां अशोकनगर की लाडली बिटिया मुस्कान रघुवंशी ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक साइकिल से यात्रा पूरी कर न सिर्फ इतिहास रचा है बल्कि प्रदेश का नाम भी रोशन किया है. 23 वर्ष आयु की मुस्कान भोपाल के रविन्द्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय से बीपीएड का पाठ्यक्रम कर रही हैं. उन्होंने जब आस्ट्रेलिया के पर्वत की चोटी को छुआ था तो अपने आयु वर्ग में सबसे कम उम्र की पर्वातारोही थीं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 अगस्त 2024 को चंदेरी प्रवास के दौरान मुस्कान को उनके द्वारा बनाए गए रिकार्ड के लिए बधाई दी थी. मुस्कान शीघ्र ही दक्षिण अफ्रीका के तंजानिया में माउंट माउंट किलिमंजारो (Mount Kilimanjaro) की चोटी पर पहुंचने के लिए रवाना होने वाली हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात प्रवास के दौरान मंगलवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री निवास अहमदाबाद में गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। अहमदाबाद में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल और गुजरात के वरिष्ठ मंत्री गण एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक में दोनों राज्यों में जन कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।  

प्रदेश में कृषि के लिये पर्याप्‍त मात्रा में विद्युत एवं सिंचाई की सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है- CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह वर्ष पर्याप्‍त वर्षा एवं अनुकूल मौसम के कारण किसानों के लिए अच्‍छा रहा है, जिसके फलस्‍वरूप खरीफ फसल भी अच्‍छी रही है एवं रबी की बोवाई भी तेजी से हो रही है। प्रदेश में कृषि के लिये पर्याप्‍त मात्रा में विद्युत एवं सिंचाई की सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है। अंतर्राष्‍ट्रीय कारणों से उर्वरक आपूर्ति में चुनौतियों के बाद भी खरीफ में किसानों को पर्याप्‍त उर्वरक उपलब्‍ध कराने के समुचित प्रयास किये गये। किसानों को रबी में निरंतर उर्वरक उपलब्‍ध कराया जा रहा है। निरंतर की जा रही है उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा की जा रही निरंतर उर्वरक उपलब्‍धता की समीक्षा एवं व्‍यक्तिगत प्रयासों के फलस्‍वरूप प्रदेश में डीएपी और एनपीके की 31 रेक एवं यूरिया की 20 रेक ट्रांजिट में है। डीएपी और एनपीके प्रतिदिन औसतन 11 हजार 500 मीट्रिक टन एवं यूरिया प्रतिदिन औसतन 16 हजार मीट्रिक टन प्राप्‍त हो रहे है। रबी 2024-25 के शेष अंतराल के लिये पर्याप्‍त उर्वरक व्‍यवस्‍था सुनिश्चित कराई जा रहा है। इसके लिए केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, दिल्ली से निरंतर समन्‍वय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ-2024 में 17.58 लाख मीट्रिक टन यूरिया का विक्रय हुआ था जो खरीफ-2023 में 15.54 लाख मीट्रिक टन था। इस वर्ष खरीफ में 2.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया का अधिक विक्रय हुआ है। खरीफ-2024 में डीएपी और एनपीके 10.47 लाख मीट्रिक टन किसानों को विक्रय किया गया, जो विगत खरीफ-2023 में 10.56 लाख मीट्रिक टन था। इस प्रकार प्रदेश में खरीफ-2024 में उर्वरकों की पर्याप्‍त उपलब्‍धता रही है। रबी फसल मौसम में किसानों को कृषि कार्य के लिये पर्याप्‍त मात्रा में विद्युत एवं सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है। अंतर्राष्‍ट्रीय कारणों से विशेषकर डीएपी उर्वरक आपूर्ति में चुनौतियों बनी हुई हैं। रबी 2024-25 में 1 अक्‍टूबर से अभी तक 7.3 लाख मीट्रिक टन यूरिया का विक्रय हुआ है, जबकि विगत वर्ष 1 अक्‍टूबर से 18 नवम्‍बर 2023 तक 7.4 लाख मीट्रिक टन यूरिया का‍विक्रय हुआ था। रबी 2024-25 में 1 अक्‍टूबर से अभी तक 6.1 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके का विक्रय हुआ है, जबकि विगत वर्ष 1 अक्‍टूबर से 18 नवम्‍बर 2023 तक 6.3 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके का‍विक्रय हुआ था। 254 अतिरिक्त नगद उर्वरक विक्रय केन्‍द्र स्‍वीकृत मार्कफेड के नगद उर्वरक विक्रय केन्‍द्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने हेतु 254 अतिरिक्‍त नगद उर्वरक विक्रय केन्‍द्र स्‍वीकृत किये गये हैं। कलेक्‍टर की अनुशंसा पर 160 विक्रय केन्‍द्र प्रारंभ भी किये जा चुके हैं। उर्वरकों के अधिक मूल्‍य पर विक्रय एवं कालाबाजारी के प्रकरणों पर कार्रवाई करते हुए 40 प्रकरणों में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर वन्य-जीव जंगली हाथी के रहवास, प्रबंधन एवं मानव-वन्य-जीव द्वंद के उपायों के अध्ययन के लिये भ्रमण पर जायेंगे वन अधिकारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में वन्य-जीव जंगली हाथी के रहवास, प्रबंधन एवं मानव-वन्य-जीव द्वंद के उपायों के संबंध में वन अधिकारियों का अध्ययन दल कर्नाटक एवं तमिलनाडु जाएगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक व्ही.एन. अम्बाडे ने इसके लिये निर्देश जारी कर दिये हैं। अम्बाडे ने बताया कि यह अध्ययन दल 30 नवम्बर तक अध्ययन करेगा। अध्ययन दल द्वारा मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन रणनीतियाँ, प्रभावी अवरोध, बंदी प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता और एआई के उपयोग विषय पर अध्ययन करेगा। अम्बाडे ने क्षेत्र संचालक, संजय टाइगर रिजर्व, बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व और वन मण्डलाधिकारी उत्तर शहडोल, उमरिया, पश्चिम मण्डला, पूर्व मण्डला, सीधी, दक्षिण शहडोल, कटनी और अनूपपुर वन मण्डल को इस संबंध में आदेश जारी किये हैं। अम्बाडे ने बताया कि राज्य वन अधिकारियों के 2 बैच इस अध्ययन दौरे पर जायेंगे, जिसमें कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य शामिल होंगे। दोनों बेचों के लिये एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ एल. कृष्णमूर्ति समन्वयक होंगे। प्रथम अध्ययन दल 23 नवम्बर तक अध्ययन करेगा, जिसमें टीम प्रभारी आईएफएस अमित कुमार दुबे एवं फील्ड डायरेक्टर संजय टाइगर रिजर्व के नेतृत्व में उप संचालक बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व, डीएफओ शहडोल उत्तर, उमरिया, मण्डला पश्चिम और सीधी वन संभाग के साथ एक-एक रेंज अधिकारी कान्हा, बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व, शहडोल उत्तर, उमरिया, मण्डला पश्चिम और सीधी वन संभाग, पशु चिकित्सक संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारी प्रथम बैच में शामिल रहेंगे। दूसरा अध्ययन दल 25 से 30 नवम्बर तक अध्ययन करेगा। इसमें टीम प्रभारी डॉ. अनुपम सहाय आईएफएस एवं फील्ड डायरेक्टर बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व टीम में डिप्टी डायरेक्टर संजय टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व बफर, डीएफओ शहडोल दक्षिण, मण्डला पूर्व, कटनी, अनूपपुर वन संभाग, एडीजी संजय टाइगर रिजर्व, एसडीओ शहडोल दक्षिण, मण्डला पूर्व, कटनी, अनूपपुर वन संभाग, एक-एक रेंज अधिकारी संजय टाइगर रिजर्व, शहडोल दक्षिण, मण्डला पूर्व, कटनी, अनूपपुर वन संभाग और पशु चिकित्सक बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व शामिल रहेंगे।  

उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री

भगवान श्रीराम और पांडवों की जीत का आधार उनके जीवन मूल्य ही थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य ने ही प्रधानमंत्री मोदी को वर्तमान वैश्विक संघर्षों में शांतिदूत के रूप में स्थापित किया: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ भगवान श्रीराम और पांडवों की जीत का आधार उनके जीवन मूल्य ही थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य ने ही प्रधानमंत्री मोदी को वर्तमान वैश्विक संघर्षों में शांतिदूत के रूप में स्थापित किया: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श सम-सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है और भारत प्राचीनकाल से ही वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का मुख्य केन्द्र रहा। कई देशों के विद्यार्थियों, राजकुमारों ने तक्षशिला, नालंदा जैसे भारत के विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन ऐतिहासकि रूप से हमें ऐसा कोई उल्लेख प्राप्त नहीं होता, जिसमें भारत में शिक्षा ग्रहण किए किसी व्यक्ति अथवा सत्ताधीश ने अन्य राज्य पर आक्रमण किया हो। यह तथ्य प्राचीन काल से चली आ रही हमारी शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ जीवन मूल्यों और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को होटल ताज में एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतीत से वर्तमान की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के कारण हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य” विषय पर आयोजित यह सम्मेलन सम-सामयिक महत्व का है। अतीत से लेकर वर्तमान तक की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के परिणाम स्वरूप ही घटित हुईं। रामायण काल में रावण हो या महाभारत काल में कौरव, योग्यता और क्षमता में कोई भी कम नहीं था, लेकिन उनके जीवन मूल्य और नैतिक मूल्य उचित नहीं थे, इसी कारण उन्हें कभी सम्मान नहीं मिला और वे समाज में तथा इतिहास में सदैव नकारे गए। कर्ण की योग्यता अद्भुत थी, लेकिन उनकी दृष्टि, प्रतिशोध, जिद और नकारात्मक भाव ने उन्हें पतन की ओर अग्रसर किया। इसी प्रकार के उदाहरण हमें सोने की लंका बनाने वाले रावण के भी प्राप्त होते हैं। सभी प्रकार के वैभव और सामर्थ्य होने के बाद भी वे कभी स्वीकारे नहीं गए और नैतिक मूल्यों के आधार पर ही वनवासी श्रीराम ने उन्हें परास्त किया। अर्थात् यह नैतिक मूल्यों और जीवन मूल्यों की ही विजय थी। नई शिक्षा नीति के माध्यम से लागू किए जा रहे हैं कई नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे आदर्शों और जीवन मूल्यों का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन संघर्षों में भी शांति के लिए प्रयास करते दिखाई देते हैं। यह भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2020 से लागू नई शिक्षा नीति के माध्यम से पढ़ने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक लचीला, सरल और रूचिपूर्ण बनाते हुए विद्यिार्थियों को विभिन्न संकायों के विषयों के अध्ययन की सुविधा प्रदान की गई है। अध्ययन प्रक्रिया को आयु के बंधन से मुक्त करते हुए क्रेडिट प्रदान करने जैसे नवाचार भी प्रदेश में किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक को मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि 35 देशों में फैले एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक का सम्मेलन भारत में पहली बार हो रहा है। एसोसिएशन मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केन्द्रित वैश्विक संस्थाओं की स्थापना कर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, शिक्षाविद अनूप स्वरूप और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी बनने जा रही

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी बनने जा रही है। राज्य सरकार चिकित्सा सेवा और चिकित्सा शिक्षा के लिए गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में चिकित्सा सेवा और आयुष के माध्यम से स्वास्थ्य और चिकित्सा को समग्रता में देखते हुए नई अवधारणा पर कार्य हो रहा है। इसके चलते उज्जैन में बनने वाली मेडिसिटी में न केवल मेडिकल कॉलेज रहेगा अपितु नर्सिंग, पैरामेडिकल, अनुसंधान सुविधा, चिकित्सक-विशेषज्ञ और स्टॉफ के आवास सहित संपूर्ण व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं इस कैंपस का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन में मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले 20 साल में मध्यप्रदेश सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाएं हैं। वर्ष 2004-05 में प्रदेश में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे, वर्तमान में प्रदेश में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और 8 निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ अवधि में लगभग 15 करोड़ की आबादी उज्जैन में होगी। सामान्य समय में भी लगभग 5 से 7 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष उज्जैन पधार रहे हैं। अतः यहां मेडिसिटी का बनना उपयोगी और महत्वपूर्ण है। उज्जैन में आकार ले रही मेडिसिटी के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।  

मोहन सरकार के प्लान से झूम उठेंगे बेरोजगार युवा, पांच साल में मिलेंगी ढाई लाख नौकरियां,कैडर वार भरे जाएंगे पद

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार युवाओं को सौगात देने जा रही है। नौकरी के इंतजार में बैठे युवाओं के लिए सरकारी खुशखबरी है। अगले पांच सालों में सरकार ने सभी विभागों में रिक्त पड़े ढाई लाख पदों पर भर्ती का फैसला किया है। ये भर्तियां सरकार सीधी भर्ती प्रक्रिया से करेगी। अपने संकल्प को दोहराते हुए मोहन सरकार ने यह घोषणा की है। इसके लिए सरकार हर साल भर्ती कैलेंडर जारी करेगी, जिसमें अलग-अलग पदों पर भर्ती की समय-सीमा तय होगी। बेरोजगारी की समस्या से निपटने में मदद मिली वहीं, सरकार के इस फैसले से उन युवाओं को फायदा होगा जो सरकारी नौकरी की तलाश में हैं। इससे बेरोजगारी की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। यह फैसला 22 नवंबर 2022 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए उस आदेश को वित्त विभाग द्वारा 31 अक्टूबर 2024 से रद्द करने के बाद लिया गया है, जिसमें विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। चल रहीं नियुक्तियां प्रभावित नहीं हालांकि, वित्त विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जिन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है या नियुक्तियां हो चुकी हैं, वे इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगी। जहां भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है उन पदों की भर्ती को निरस्त नहीं किया गया है। वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 16 और 22 नवंबर 2022 को जारी किए गए सर्कुलर में जिन पदों पर 30 अक्टूबर 2024 तक नियुक्तियां हो चुकी हैं, उन्हें भी रद्द नहीं माना जाएगा। आने वाले सालों में होने वाली भर्ती को लेकर वित्त विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग के 22 नवंबर 2022 को जारी आदेश में 31 अक्टूबर 2024 से प्रभाव शून्य घोषित कर दिया है। जिसमें पदों की भर्ती के लिए आदेश जारी किए गए थे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है उन पदों की भर्ती को निरस्त नहीं किया गया है। ये भर्तियां नहीं होंगी निरस्त वित्त विभाग ने सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि, 16 नवंबर 2022 और 22 नवंबर 2022 को जारी किए गए सर्कुलर में निकाली गई भर्तियों में से ऐसे रिक्त पदों पर जिन विभागों ने 30 अक्टूबर 2024 तक नियुक्तियां कर दी हैं, वह निरस्त नहीं मानी जाएंगी। इसके साथ ही सीधी भर्ती के जिन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कार्यवाही संबंधी पत्र कर्मचारी चयन मंडल और एमपी पीएससी या अन्य भर्ती संस्था को भेजे गए हैं या नियुक्ति की जा चुकी है पर कार्यभार ग्रहण करना शेष है तथा परीक्षा परिणाम के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी किया जाना शेष है। ऐसी भर्ती भी निरस्त नहीं मानी जाएगी। 5 प्रतिशत पद ही सीधी भर्ती से भरने का आदेश स्थगित वित्त विभाग के निर्देशों में कहा है कि 3 जनवरी 2013 और 13 अगस्त 2021 को जारी निर्देशों में संवर्ग में स्वीकृत पदों के आधार पर 5 प्रतिशत पदों को ही सीधी भर्ती से भरने के लिए निर्णय लिया है। 18 नवंबर को जारी सर्कुलर में पूर्व में तय लिमिट की प्रभावशीलता को वर्ष 2028-29 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। MPPSC के भर्ती के लिए भेजे पत्र इसके अलावा, जिन पदों पर कर्मचारी चयन मंडल या MPPSC को भर्ती के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं या नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं, पर उम्मीदवारों ने अभी तक जॉइन नहीं किया है, उन पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी। ’50 पद रिक्त तो यह फॉर्मूला लागू होगा’ वहीं, जिन संवर्गों में 51 से 200 पद रिक्त हैं, वहां रिक्त पदों की संख्या के आधार पर भर्ती की जाएगी। अगर 33% से कम पद रिक्त हैं, तो उन्हें एक ही बार में भरा जाएगा। अगर 33% से ज्यादा लेकिन 66% से कम पद रिक्त हैं, तो 8% पदों को 2024-25 में, 46% पदों को 2025-26 में और 46% पदों को 2026-27 में भरा जाएगा। ऐसे भरे जाएंगे पद ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 51 से 200 तक है, उनमें पदों की पूर्ति तीन चरणों में की जाएगी। यानी सीधी भर्ती के यदि कुल पदों में से रिक्त पद 33 प्रतिशत से कम है तो एक बार में भरे जाएंगे। यदि 33 प्रतिशत से अधिक अथवा 66 प्रतिशत से कम हैं तो वर्षवार प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46 प्रतिशत और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46 प्रतिशत भरे जाएंगे। 66 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद रिक्त पद 66 प्रतिशत से अधिक हैं तो वर्षवार चार वर्ष में प्रथम वर्ष आठ प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 31 प्रतिशत, तृतीय वर्ष 31 प्रतिशत और चतुर्थ वर्ष 30 प्रतिशत भरे जाएंगे। ऐसे संवर्ग जिनमें रिक्त पदों की संख्या 200 से अधिक है, वहां गणना के अनुसार रिक्त पद 25 प्रतिशत से कम होने पर एक बार में भरे जाएंगे। 25 प्रतिशत से अधिक व 50 प्रतिशत से कम है तो वर्षवार प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 46 प्रतिशत और तृतीय वर्ष 2026-27 में 46 प्रतिशत भरे जाएंगे। 50 प्रतिशत से अधिक व 75 प्रतिशत से कम होने पर प्रथम वर्ष 2024-25 में 8 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 2025-26 में 31 प्रतिशत, तृतीय वर्ष 2026-27 में 31 प्रतिशत और चतुर्थ वर्ष 2027-28 में 30 प्रतिशत पद भरे जाएंगे। 75 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद होने पर वर्षवार पांच वर्ष में 2024-25 में 8 प्रतिशत, 2025-26 में 23 प्रतिशत, 2026-27 में 23 प्रतिशत, 2027-28 में 23 प्रतिशत और पांचवें वर्ष 2028-29 में 23 प्रतिशत पद भरे जाएंगे। – वाहन चालकों की नहीं होगी सीधी भर्ती, आउटसोर्स पर रखे जाएंगे मप्र में वाहनों चालकों की सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। इसकी जगह वाहन चालक आउटसोर्स पर रखे जाएंगे। विशिष्ट विभाग जहां वाहन चालकों के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती अति आवश्यक है, वे वित्त विभाग को तथ्यों के साथ प्रस्ताव प्रस्तुत कर भर्ती की स्वीकृति ले सकेंगे। इसी तरह चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर भी सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। इनकी जगह आउटसोर्स पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रखें जाएंगे।

साइबर सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम बनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश बनेगा आईटी और साइंस का नया हब: मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश की टेक्नोलॉजी में मध्यप्रदेश दे रहा है महत्वपूर्ण योगदान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साइबर सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम बनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय विभागों में हुआ 105 मुख्य सूचना अधिकारियों का पंजीकरण भारत भी अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में बन रहा है महाशक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकौशल विज्ञान मेले को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में विज्ञान प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और इन क्षेत्रों से जुड़ी सेवाओं का नया हब बनकर देश में उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फार्मिंग से लेकर फायनेंस तक, मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर मेडिसिन तक, एजुकेशन से लेकर कम्यूनिकेशन तक विज्ञान का उपयोग किया जा रहा है। देश की टेक्नोलॉजी में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। सुशासन के माध्यम से जन-कल्याण पर जोर दिया जा रहा है इसके लिए राज्य सरकार के विभागों में डिजिटलाइज्ड प्रणाली संचालित है। अनेक नवाचार भी हुए हैं। मध्यप्रदेश में आईटी और आईटीईएस क्षेत्र में निवेश भी बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश विज्ञान परिषद विद्यार्थियों को स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए मंच प्रदान कर रही है। सेटैलाइट इमेजरी एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के उपयोग से जन-कल्याण के कई कार्य हो रहे हैं। किसानों के खसरे, नामांकन, बटांकन आदि के कार्य और दस्तावेज पंजीयन साइबर तहसील के माध्यम से हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर में चार दिवसीय महाकौशल विज्ञान मेला और आरोग्य एक्सपो-2024 के समापन समारोह को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र भ्रमण पर रहते हुए जबलपुर के आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। डिजीटल नवाचार, सुशासन और जन-कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में साइबर सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश कम्प्यूटर एमरजेंसी रिस्पांस टीम(MP-CERT) का गठन किया गया है। सभी शासकीय विभाग मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी का पंजीकरण करवा चुके हैं। इस तरह के 105 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां जबलपुर में 17 करोड़ से अधिक लागत से साइंस सेंटर की पहल हुई है वहीं उज्जैन में 230 करोड़ लागत से साइंस सिटी का निर्माण हो रहा है। आईआईटी जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। वर्ष 2013 में प्रथम तारामंडल प्रारंभ हुआ था जिसे अपग्रेड किया गया है। अत्याधुनिक थ्रीडी 4K तकनीक से विकसित नई व्यवस्था में इस वर्ष 400 सफल शो किए जा चुके हैं। इसी तरह अत्याधुनिक प्लेटोरियम, स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन के उपयोग और नल-जल योजनाओं से लेकर सम्पत्ति की प्रक्रिया में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हो रहा है। उज्जैन के डोंगला स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वेधशाला के निर्माण से एस्ट्रोनामी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नई पहचान मिली है। भारत बन रहा महाशक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत साइकिल और बैलगाड़ी से प्रारंभ हुई अपनी अंतरिक्ष यात्रा को चंद्रमा, मंगल और सूर्य की तरफ बढ़ा चुका है। प्रधानमंत्री मोदी जैसे सक्षम नेता वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाने में साथ हों तो सफलता मिल ही जाती है। प्रधानमंत्री ने अनुसंधान के मार्ग को प्रशस्त किया है। आज इसरो ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रगति से दुनिया को परिचित करवा दिया है। एक महाशक्ति के रूप में भारत अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने जय-जवान- जय किसान का नारा दिया। भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने जय विज्ञान का नारा दिया। वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी जी ने जय अनुसंधान के मूल मंत्र पर जोर दिया है। एक समय था जब अनुसंधान को महत्वपूर्ण नहीं माना जाता था। प्रत्येक अनुसंधान कार्य सफल हो, यह आवश्यक नहीं लेकिन हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने वैज्ञानिकों के मनोबल को बढ़ाया है। डोंगला की वेधशाला अब अंतर्राष्ट्रीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा वर्तमान में समय की गणना ग्रीनविच से हो रही है। डोंगला स्थित वेधशाला से शुद्ध समय की गणना संभव होगी। उज्जैन में वैदिक घड़ी की स्थापना की गई है। आने वाले समय में इस तरह के कई टास्क मध्यप्रदेश द्वारा लिए जाएंगे। प्रदेश में नव वैज्ञानिकों के सम्मेलन भी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर की धरती नवाचारों के लिए जानी जाती है। यहाँ वीरांगना दुर्गावती की स्मृतियां भी जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महाकौशल विज्ञान मेले के माध्यम से इस सार्थक आयोजन से जुड़े सभी व्यक्तियों को बधाई दी और उनका अभिवादन किया। समापन समारोह में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह, मध्यप्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद के अध्यक्ष अनिल कोठारी, महाकौशल विज्ञान परिषद के अध्यक्ष एस.पी. गौतम सहित परिषद के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। एक्सपो स्थल पर विज्ञान एवं नवाचारों संबंधी प्रदर्शनी में विभिन्न स्टाल लगाए गये। अतिथियों द्वारा उन्हें पुरस्कृत किया गया।  

प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने मुख्यमंत्री यादव 24 से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी प्रवास पर रहेंगे

भोपाल मध्यप्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह विदेश दौरा मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ मुंबई, बैंगलुरु, कोयंबटूर और कोलकाता में 4 रोड-शो की अभूतपूर्व सफलता के बाद, यह दौरा अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने का एक अभूतपूर्व प्रयास है। उद्योग वर्ष 2025 के प्रदेश में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 दिवसीय इस विदेश यात्रा में यूके के लंदन, बर्मिंघम तथा जर्मनी के म्यूनिख और स्टटगार्ट का दौरा करेंगे। इन स्थानों पर वे प्रदेश में निवेश और औद्योगिक सहयोग के अवसरों को बढ़ाने के लिये औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। विश्व पटल पर म.प्र. को पहचान दिलाएगी यह यात्रा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह रणनीतिक विदेश यात्रा मध्यप्रदेश के लिए निवेश आकर्षित कर राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तथा विश्व पटल पर उद्योग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभायेगी। यह यात्रा मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा राज्य में निवेशकों का भरोसा मजबूत करेगी और औद्योगिक विकास को गति प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री का यह विदेश दौरा मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के विश्वास को सुदृढ़ करेगा और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा, जिससे प्रदेश में एक समृद्ध औद्योगिक वातावरण का निर्माण संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 नवम्बर को भोपाल से मुम्बई होते हुए लंदन के लिये प्रस्थान करेंगे तथा रात 8 बजे लंदन पहुँचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 25 नवम्बर को वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किंग्स क्रॉस और पुनर्विकास स्थलों दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में “फ्रेंड्स ऑफ़ मध्यप्रदेश’’ प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित रात्रि-भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमे 400 से अधिक प्रवासी भारतीय सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 नवम्बर को ब्रेकफास्ट पर उद्योगपतियों एवं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोरईस्वामी से संवाद करेंगे। इसके बाद इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में लगभग 120 प्रतिभागियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंच ब्रेक के बाद राउण्ड टेबल मीटिंग्स में इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं ऑटो, एजुकेशन, रिन्युएबल एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर्स में निवेश पर चर्चा करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवंबर को वारविक यूनिवर्सिटी का भ्रमण करेंगे इसके बाद वारविक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप के डीन, फैकल्टी मेम्बर्स और शोधार्थियों से संवाद करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव बर्मिंघम हवाई अड्डे से जर्मनी के लिए प्रस्थान कर रात 8:20 बजे म्यूनिख पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जर्मनी दौरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 दिवसीय यूके के दौरे के बाद 28 और 29 नवंबर को जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। यात्रा के दौरान म्यूनिख और स्टटगार्ट में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव 28 नवंबर को सुबह बवेरिया राज्य सरकार के नेताओं और म्यूनिख में कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया से चर्चा करेंगे। इसके बाद डॉ. यादव SFC Energy का भ्रमण करेंगे। वे बेयरलोचर ग्रुप द्वारा आयोजित लंच में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में शामिल होंगे, जिसमें कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया, सीआईआई और इन्वेस्ट इंडिया, इंडो जर्मन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। इसमें लगभग 80 प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश में निवेश संबंधी चर्चा होगी। डॉ. यादव इन्टरैक्टिव सेशन के बाद उद्योग प्रतिनिधियों से वन-टू-वन मीटिंग में भी निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव “फ्रेंड्स आफॅ एमपी” के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमे लगभग 100 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित रात्रि भोज में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 29 नवम्बर को स्टटगार्ट स्थित LAPP Group की फैक्ट्री का दौरा करेंगे और अधिकारियों से निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। उद्योग प्रतिनिधियों से “इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटिज इन मध्यप्रदेश’’ विषय पर राउंडटेबल मीटिंग होगी, जिसमें लगभग 20 प्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टटगार्ट के स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का भ्रमण भी करेंगे। यह म्यूजियम जर्मनी का एक प्रमुख प्राकृतिक ऐतिहासिक म्यूजियम है, जिसमें प्राचीन जीवाश्म और डायनासोर के अवशेषों का विशाल संग्रह है। म्यूजियम की स्थापना 1791 में हुई थी, इसमें 11 मिलियन से अधिक वस्तुएं संग्रहित है। यह जर्मनी का सबसे बड़ा म्यूजियम है। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव फ्रैंकफर्ट के लिए रवाना होंगे। वे फ्रैंकफर्ट से रात 8 बजे नई दिल्ली के लिये रवाना होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस नक्सल उन्मूलन अभियान में पूरे प्राणपण से जुटी हुई है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस नक्सल उन्मूलन अभियान में पूरे प्राणपण से जुटी हुई है। नक्सल विरोधी अभियान अंतर्गत रविवार 17 नवबंर को बालाघाट जिले के थाना रूपझर अंतर्गत चौकी सोनगुड्डा के ग्राम कोद्दापार, कुन्दल जंगल क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हॉकफोर्स और नक्सलियों में मुठभेड़ हुई। पुलिस-नक्सल मुठभेड़ में जवान शिव कुमार शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस की जवाबी कार्रवाई से नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर भाग गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना 17 नवंबर को कुंदुल जंगल क्षेत्र में हुई नक्सली मुठभेड़ में घायल हुए जवान शिव कुमार शर्मा के स्वास्थ्य का जायजा लेने 18 नवंबर को राज्य शासन के हैलीकॉप्टर से गोंदिया अस्पताल और बालाघाट पहुंचे। इस दौरान एडीजी इंटेलिजेंस योगेश देशमुख तथा आईजी लॉ एंड ऑर्डर अंशुमान सिंह भी साथ रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी दूरभाष पर चिकित्सकों से बातचीत कर घायल जवान को सर्वोत्तम इलाज देने के निर्देश दिए और राज्य सरकार की ओर से पूरी चिकित्सा वहन करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री का तत्परता से संवेदनशील कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना के तुरंत बाद घायल जवान के इलाज के लिए चिकित्सकों से दूरभाष पर बातचीत की और उन्हें हर संभव उपचार देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि  जवान का पूरा इलाज  राज्य सरकार वहन करेगी और राज्य सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है। सरकार का सुरक्षा बलों के साथ खड़ा होने का संकल्प डीजीपी सुधीर सक्सेना, एडीजी इंटेलीजेंस योगेश देशमुख, और आईजी एलओ अंशुमान सिंह ने बालाघाट में सीआरपीएफ, कोबरा, और हॉकफोर्स के अधिकारियों के साथ घटना की समीक्षा बैठक की। नक्सल विरोधी अभियानों तथा समस्याओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। उन्होने विषम परिस्थितियों में रहकर भी साहस तथा समर्पण के साथ कार्य करने वाले इन जवानों की प्रशंसा की तथा मनोबल बढाया। डीजीपी ने कहा कि इस प्रकार के जोखिमपूर्ण ऑपरेशनों में सुरक्षा बलों की सफलता मेहनत और रणनीति का परिणाम है। पिछले पांच वर्षों में सुरक्षा बलों ने 20 प्रमुख नक्सलियों को मार गिराया और 1.52 करोड़ रुपये के 6 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। घायल जवान के उपचार की निगरानी समीक्षा बैठक के बाद डी.जी.पी. सक्सेना गोंदिया स्थित यूनाइटेड हॉस्पिटल पहुंचे, जहां घायल जवान का इलाज चल रहा है। उन्होंने चिकित्सकों से चर्चा करते हुए जवान के इलाज की प्रक्रिया की जानकारी ली और उन्हें सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही, यह भी बताया कि मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से जवान के साथ है और उनका उपचार राज्य सरकार के  द्वारा किया जाएगा। सुरक्षा बलों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता डीजीपी सक्सेना ने घटना के बाद  पुलिस बल के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार हमेशा जवानों के साथ खड़ी है। डीजीपी ने जवान के परिजन से बात कर जवान शिव कुमार शर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और यह आश्वस्त किया कि सरकार उनका हर संभव समर्थन करेगी।  

“भारत मंडपम’’ में आज उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप विशेष अतिथि होंगे

भोपाल दिल्ली स्थित “भारत मंडपम’’ में चल रहे 43वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज 19 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेले में मध्यप्रदेश मंडप का अवलोकन करेंगे, जिसमें प्रदेश के हस्तशिल्प, हस्तकला और ओडीओपी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप विशेष अतिथि होंगे। मध्यप्रदेश दिवस समारोह में बुंदेलखंड के अखाड़ा लोकनृत्य और महाकौशल के जानकी बैंड की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से मेले के आगंतुकों को परिचय करवाया जाएगा।  

उज्जैन को मिली बड़ी सौगात, सिंहस्थ के पहले पूरा होगा काम, CM मोहन इस दिन करेंगे भूमि पूजन

उज्जैन मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और व्यापक बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को आत्मनिर्भर और सशक्त भारत बनाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के विचार को साकार करने के लिए राज्य सरकार हर नागरिक को सुलभ और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस दिशा में 21 नवंबर को प्रदेश एक और इतिहास रचने की ओर अग्रसर होगा, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करेंगे। यह कॉलेज प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नए आयाम प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। इससे उज्जैन और आसपास के जिलों के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। CM मोहन यादव इस दिन करेंगे भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 नवंबर को उज्जैन में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करेंगे. इस मेडिकल कॉलेज में 550 बेड की क्षमता वाला टीचिंग हॉस्पिटल बनेगा और इसमें 100 एमबीबीएस सीटों की व्यवस्था होगी. मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से पूरा करने का भरोसा दिया है. मेडिकल कॉलेज के निर्माण से उज्जैन के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, साथ ही इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर होंगी. यह कदम उज्जैन के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगा. बताया गया है कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 17 हो चुके हैं। प्रदेश में एमबीबीएस सीटें भी 720 से बढ़कर 2,575 हो गई हैं। श्योपुर, सिंगरौली, मंडला और राजगढ़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ छतरपुर, दमोह और बुधनी में स्ववित्तपोषित मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, 12 अन्य जिलों में सार्वजनिक जनभागीदारी नीति के तहत मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से एमबीबीएस  सीटों में 2,000 से अधिक की वृद्धि होगी। भोपाल और ग्वालियर में अस्पतालों की बेड कैपेसिटी को 2,500 तक बढ़ाने के साथ-साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जबलपुर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन और इंदौर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई जैसी योजनाएं प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं। 592 करोड़ की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज उज्जैन मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ भूमि पर निर्मित किया जाएगा। इसका निर्माण क्षेत्र 1 लाख 42 हजार 34 वर्ग मीटर में फैला होगा और कुल लागत 592.3 करोड़ रुपये है। इसमें फायर सेफ्टी के लिए आधुनिक तकनीक, ऊर्जा दक्षता के लिए एलईडी लाइटिंग, सौर ऊर्जा, और ऊर्जा-कुशल एचवीएसी सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। वर्षा जल संग्रहण और अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में फुट ओवर ब्रिज, पुस्तकालय भवन, सर्विस ब्लॉक, एमजीपीएस ब्लॉक और ईएसएस ब्लॉक की सुविधाएं भी होंगी। 550 बिस्तरों वाला आधुनिक शिक्षण अस्पताल उज्जैन मेडिकल कॉलेज में 550 बिस्तरों की क्षमता वाला शिक्षण अस्पताल होगा। यह अस्पताल आपातकालीन सेवाएं, फार्मेसी, रेडियोलॉजी, फ्लोरोस्कोपी, अल्ट्रासाउंड, जनरल और सुपर स्पेशलिटी ओपीडी जैसी सेवाओं से सुसज्जित होगा। अस्पताल में 11 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 1 कैथ लैब, और 2 एंडोस्कोपी यूनिट के साथ-साथ परमाणु चिकित्सा विभाग और 2 रेडियोथेरेपी बंकर (ब्रैकीथेरेपी और सीटी सिम्युलेटर) भी उपलब्ध होंगे। डॉक्टरों, स्टाफ, और जनता के लिए कैफेटेरिया की भी व्यवस्था होगी। निर्माण कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा किया जाएगा। 100 एमबीबीएस सीटों की प्रवेश क्षमता उज्जैन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए 100 सीटों की प्रवेश क्षमता होगी। यहां 4 अत्याधुनिक लेक्चर थिएटर (प्रत्येक की क्षमता 180) और 2 परीक्षा हॉल (प्रत्येक की क्षमता 250) होंगे। सेंट्रल लाइब्रेरी, शिक्षण और फैकल्टी क्षेत्र, प्रयोगशाला, कौशल प्रशिक्षण केंद्र, प्रशासनिक भवन, सामान्य कक्ष और मनोरंजन सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए 380 सीटों वाले छात्रावास में स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र, डायनिंग हॉल और रसोई की सुविधा भी होगी। यूजी और इंटर्न छात्रों के लिए छात्रावास उज्जैन मेडिकल कॉलेज में छात्रों के लिए 329 यूजी और 70 इंटर्न की क्षमता वाले छात्रावास और छात्राओं के लिए 286 यूजी और 58 इंटर्न की क्षमता वाला छात्रावास होगा। इनमें स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र और डायनिंग सुविधाएं होंगी। 145 विद्यार्थियों की क्षमता वाला आरडीएच छात्रावास जिम, डायनिंग हॉल और स्टिल्ट पार्किंग जैसी सुविधाओं से युक्त रहेगा।

मुख्यमंत्री निवास में गुरू नानक जी के प्रकाश पर्व पर गुरूग्रंथ साहब जी का सजाया गया दरबार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आग्रह पर गुरू नानक जी के 555 वें प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में गुरूग्रंथ साहब जी का भव्य दरबार सजाया गया और लंगर की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पगड़ी धारण कर दरबार में प्रवेश करते ही सभी उपस्थित जन ने “जो बोले सो निहाल – सत अकाल” के घोष के साथ पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के लगभग सभी जिलों से आए सिख समुदाय के प्रतिनिधियों से सजी संगत के बीच बैठकर गुरूवाणी के वचनों का आनंद लिया और कीर्तन में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिख गुरूओं की वाणी अद्भुत है। उन्होंने संगत और पंगत की बात कही। सिख गुरूओं ने विपरित परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने एक मार्ग तय किया कि परमात्मा के बंदों में हम अंतर नहीं कर सकते। यहां किसी पाखंड की जगह नहीं है। इस देश के लिए सभी समान हैं। यही वेद वाक्य है। चारों वेदों का भी निचोड़ यही है कि हम परमेश्वर की सत्ता पर विश्वास रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं 10 सिख गुरूओं को प्रणाम करता हूँ। उन्होंने धर्म और आध्यात्म की परम्परा के माध्यम से सनातन संस्कृति बचाई। सिखों का बलिदान कोई भूल नहीं सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान स्थित गुरू नानक जी की जन्मस्थली के दर्शन के लिए समाधान निकाला। सिख गुरूओं और 4 साहबजादों का त्याग और बलिदान इतिहास का अमिट हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम में कक्षा 7वीं में इस शहादत का विस्तृत उल्लेख है। इसी तरह उच्च शिक्षा के स्तर पर सिखों की शहादत पर अनुसंधान कार्य को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारे इतिहास को शिक्षा से जोड़ने की जरूरत है। प्रदेश सरकार सिख समाज के जरूरतमंद व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगी। इसी तरह अरेरा कालोनी भोपाल के गुरूद्वारे से जुड़ी व्यवस्थाओं और अन्य गुरूद्वारों के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि यह इस तरह के शानदार कार्यक्रम का प्रथम अवसर है। आज यहां गुरूग्रंथ साहब आसीन हुए। सम्पूर्ण सिख समाज हर्षित है। कार्यक्रम में उज्जैन के सुरेंद्र सिंह अरोरा ने कहा कि प्रदेश में कई ऐतिहासिक गुरूद्वारे हैं जो धरोहर हैं। इनके रख-रखाव के लिए आवश्यक पहल की जाना चाहिए। इंदौर के नरेंद्र सिंह सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में सिख बहनों ने अरदास का दायित्व निभाया है। यह एक ऐतिहासिक अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी के हृदय में स्थान बनाया है। सुनेहा बग्गा ने कहा कि सिखों की शहादत की जानकारी शिक्षण संस्थाओं में देने की पहल प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब उच्च शिक्षा मंत्री थे, तब सिखों की शहादत का विवरण पाठ्यपुस्तकों में जोड़े जाने का कार्य प्रारंभ हुआ। सुरजीत सिंह टुटेजा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास में 555 वें प्रकाश महोत्सव का अवसर बहुत विशेष है। मुख्यमंत्री को भेंट की गई कृपाण मुख्यमंत्री निवास में आयोजित प्रकाश पर्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्य प्रदेश के सिख समाज की ओर से सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कृपाण भी भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु नानक देव जी के 555 वें प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए सिख समाज के प्रतिनिधियों और धर्म प्रेमियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव अरदास में भी शामिल हुए। इस अवसर पर सिख समाज की बहनों ने विशेष प्रार्थना (अरदास) की रस्म अदा की। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्ण गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, प्रदेश के विभिन्न नगरों से आए जनप्रतिनिधियों में पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग, हरजीत सिंह बब्बू, जसपाल अरोरा, इंदरजीत सिंह खनूजा, सुमित पचौरी एवं राजधानी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, सिख समाज के प्रतिनिधि, गुरूद्वारा प्रबंध समितियों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

देश को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में पुलिस का अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान तीन दिनों में 1,800 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त तथा 167 आरोपी गिरफ्तार देश को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू ” प्रदेश को अवैध नशामुक्त बनाने का संकल्प” भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा और मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता के तहत प्रदेश को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया है। पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना के निर्देशन में 14 नवंबर 2024 से प्रारंभ हुए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर बड़ी चोट पहुंचाई है। अभियान ने आपराधिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का संदेश भी दिया है। तीन दिनों की इस कार्रवाई में पुलिस ने 1,800 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। इस दौरान कुल 167 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 16 वाहनों को जब्त किया गया। अभियान के पहले दिन 14 नवंबर को मात्र 8 घंटों में पुलिस ने 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 700 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ जब्त किए। प्रमुख स्थानों पर की गई कार्रवाइयों में भोपाल में 8.4 किलोग्राम चरस, खरगोन के चैनपुर में 478 किलोग्राम गांजा, सिवनी के धनौरा में 80 किलोग्राम गांजा, छिंदवाड़ा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में 42.1 किलोग्राम गांजा और नीमच जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में 60 किलोग्राम डोडाचूरा की जब्ती शामिल है। इन कार्रवाइयों में 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 11 वाहनों को जब्त किया गया। अभियान के दूसरे दिन 15 नवंबर को पुलिस ने 144.7 किलोग्राम गांजा, 29 ग्राम स्मैक और 146.53 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की। साथ ही 126 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने न केवल बड़े आपराधिक गिरोहों पर प्रहार किया है, बल्कि छोटे पैमाने पर मादक पदार्थों के वितरण में शामिल अपराधियों पर भी शिकंजा कसा है। अभियान के तीसरे दिन 16 नवंबर को पुलिस ने 161 स्थानों पर छापेमारी की और 952 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ बरामद किए। प्रमुख कार्रवाइयों में खरगोन जिले के विभिन्न स्थानों से 322.43 किलोग्राम गांजा, धार जिले में 200.3 किलोग्राम गांजा, बड़वानी में 157.9 किलोग्राम गांजा और देवास जिले में 105.394 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। तीसरे दिन की 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही अवैध परिवहन में प्रयुक्त 5 वाहनों को भी जब्त किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में सघन तलाशी और सख्त कार्रवाई पुलिस ने तीन दिवसीय विशेष अभियान में संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर सघन तलाशी ली। अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन और वितरण में संलिप्त आपराधिक तत्वों को चिन्हित कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ इनसे जुड़े संगठित गिरोहों को भी तोड़ने में सफलता प्राप्त की। अभियान के परिणाम और उद्देश्य पुलिस ने अभियान में अब तक 1,800 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं, जिसमें 920.673 किलोग्राम गांजा, 37.58 ग्राम स्मैक, 649 ग्राम ब्राउन शुगर, 60 किलोग्राम डोडाचूरा और 61 ग्राम एमडी शामिल हैं। कुल 167 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 16 वाहन जब्त किए गए। अभियान का उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन और वितरण पर रोक लगाना है, साथ ही समाज को इस बुराई के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना है। अवैध नशामुक्त प्रदेश का निर्माण: एक साझा प्रयास यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अवैध नशामुक्त प्रदेश की परिकल्पना के साथ पुलिस की सतर्कता, दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई न केवल अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को तोड़ने में सफल रही है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को अवैध नशे की लत से बचाने और समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का काम भी कर रही है। मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहल अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहा अभियान  समाज में अवैध नशे के दुष्प्रभावों को समाप्त करने और अपराध मुक्त राज्य के निर्माण की दिशा में मजबूत आधारशिला रखेगा।  

नक्सलियों की धरपकड़ के लिए चल रहा सघन सर्च अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गंभीर रूप से घायल हॉक-फोर्स आरक्षक के उपचार का पूर्ण व्यय शासन करेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  घायल जवान के इलाज पर व्यय होने वाली सम्पूर्ण राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव नक्सलियों की धरपकड़ के लिए चल रहा सघन सर्च अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नक्सलियों से मुट्ठभेड़ में घायल जवान के स्वास्थ्य की जानकारी ली घटना स्थल से भागे नक्सलियों की धरपकड़ के लिए चल रहा सघन सर्च अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल आरक्षक शिव कुमार शर्मा के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को शर्मा के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घायल जवान के इलाज पर व्यय होने वाली सम्पूर्ण राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायल जवान शर्मा का उपचार कर रहे चिकित्सकों से भी दूरभाष पर चर्चा की। डॉ. यादव ने कहा कि कर्तव्य पर तैनात हॉक-फोर्स टीम के जवान शर्मा फायरिंग में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वर्तमान में महाराष्ट्र के गोंदिया में उनका उपचार चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साहसी आरक्षक शर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। नक्सल विरोधी अभियान में रविवार 17 नवम्बर को पुलिस पार्टी हॉक-फोर्स एसओजी उकवा पर कुन्दुल पहाड़ी जंगल क्षेत्र में स्पेशल ऑपरेशन के संचालन में सशस्त्र वर्दीधारी नक्सली जिनकी संख्या 12 से 15 के बीच थी, द्वारा पुलिस को देखकर फायरिंग की गई। सुरक्षा बलों द्वारा भी अपनी जान की परवाह न करते हुए नक्सली दल पर जवाबी फायरिंग की गई। मौके से भाग खड़े हुए नक्सलियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्चिंग अभियान चल रहा है। थाना रूपझर में नक्सलियों के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कॉन्क्लेव रीजनल होने के बाद भी प्रादेशिक और राष्ट्रीय महत्व के हैं

मध्यप्रदेश में निवेश के लिए इंग्लैंड और जर्मनी जाकर देंगे निवेशकों को निमंत्रण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निरंतर नया निवेश आ रहा है, इसलिए मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कॉन्क्लेव रीजनल होने के बाद भी प्रादेशिक और राष्ट्रीय महत्व के हैं फरवरी 2025 में होगी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में निरंतर नया निवेश आ रहा है, इसलिए मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा। प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का क्रम जारी है। दिसम्बर माह में नर्मदापुरम के बाद शहडोल में भी संभाग स्तरीय कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कॉन्क्लेव रीजनल होने के बाद भी प्रादेशिक और राष्ट्रीय महत्व के हैं। फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा, जिसके लिए इंग्लैंड और जर्मनी यात्रा में मेरे द्वारा निवेशकों को आमंत्रित देने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि ग्लोबल समिट के पूर्व रीजनल कॉन्क्लेव का आयोजन हर संभाग स्तर पर हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें इस बात का गर्व है कि हमारे हर संभाग में चाहे ग्वालियर हो, सागर हो, रीवा हो, जबलपुर हो, उज्जैन हो, हर जगह कॉन्क्लेव सफल रही। प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। कम्पनियां बड़े पैमाने पर रोजगार देने को तैयार हैं। आई टी पार्क के लिए इन्वेस्टमेंट आ रहा है, एमएसएमई के लिए भी निवेश आ रहा है। प्रदेश में हेवी इन्डस्ट्री के लिए निवेश आ रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एनर्जी सहित अन्य सेक्टर्स के लिए आ रहा निवेश भी महत्वपूर्ण है। इन सब सेक्टर्स में लगभग तीन लाख करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट आ रहा है। ऐसी स्थिति में मध्यप्रदेश तो आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सरकार बनने के बाद हमने ने तय किया कि वह रोजगार परक उद्योग के साथ जीडीपी भी बढ़ाएं और लोगों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं। इस सिलसिले में इंग्लैंड और जर्मनी की यात्रा में निश्चित ही लाभ मिलेगा। जहाँ निवेशक मिलेंगे वहाँ हम जरूर जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम तो यह चाहेंगे कि विपक्ष भी सकारात्मक भूमिका निभाए। विपक्ष अपने इन्वेस्टर्स को लेकर आए। मध्यप्रदेश का भला इसी में है कि हम पक्ष-विपक्ष से बाहर आएं।  

भारत की विश्व बंधुत्व की भावना और देश में हो रही प्रगति को देखकर कई देश आश्चर्य भी करते हैं- CM मोहन

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस (International Tolerance Day) पर भारत कॉमनवेल्थ ट्रेड काउंसिल (Commonwealth Trade Council of India) के ट्रेड कमिश्नर (Trade Commissioner) के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि ट्रेड कमिश्नर के रूप में पीयूष तिवारी की नियुक्ति मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है. ब्रिटेन जैसे देश जिन्होंने कभी भारत पर राज किया था, आज हमारे पीछे खड़े हैं. भारत आज विश्व के अनेक देशों का मार्गदर्शक, सहयोगी और लोकप्रिय मित्र राष्ट्र है. वर्ष 2026 तक भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. इतने देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल इस कार्यक्रम में कई कॉमनवेल्थ राष्ट्रों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, नामीबिया, यूनाइटेड किंगडम, मलावी, समोआ शामिल हैं. इन देशों के राजदूत और म्यांमार, तुर्की, मोरक्को, अल्जीरिया और युगांडा जैसे देशों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हैं. इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पीयूष तिवारी को ट्रेड कमिश्नर का नियुक्ति पत्र प्रदान किया और इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए प्रदेश के नागरिकों की ओर से बधाई दी. CM मोहन यादव ने उम्मीद जताते हुए कहा कि पीयूष तिवारी के पद पर नियुक्त होने से कॉमनवेल्थ देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी. संयुक्त राष्ट्र विश्व सहिष्णुता दिवस के कार्यक्रम में आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने पीयूष तिवारी को दिए गए दायित्व के लिए बधाई दी. इंवेस्टमेंट के लिए MP है अनुकूल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि ब्रिटेन जैसे देश जिन्होंने कभी भारत पर राज किया था, आज हमारे पीछे खड़े हैं. इसके पीछे भारतीयों की बुद्धिमता, हमारा स्वावलंबन, हमारे संसाधन और PM मोदी का सक्षम नेतृत्व शामिल है. मध्यप्रदेश में विश्व के अनेक राष्ट्रों से व्यापार, वाणिज्य और उद्योग क्षेत्र में कार्य के प्रस्ताव मिल रहे हैं. मध्यप्रदेश न सिर्फ उद्योग और व्यापार बल्कि संस्कृति, खनिज, विमानन, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अनुकूल है और इन क्षेत्रों में श्रेष्ठ कार्य की संभावनाओं को समेटे हुए है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मन के भाव अच्छे हों, नागरिक श्रेष्ठ हों, अपराध न्यूनतम हो तो वह श्रेष्ठ राज्य कहलाता है. वर्ष 2004 तक मध्यप्रदेश में पांच या छह मेडिकल कॉलेज ही थे, वर्तमान में इनकी संख्या 20 हो गई है. पीपीपी मॉडल पर एक वर्ष में 12 नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होंगे.

जन मन योजना और सिकलसेल उन्मूलन मिशन जनजाति कल्याण का महाभियान : राज्यपाल पटेल

जनजातीय गौरव दिवस, इतिहास के एक बड़े अन्याय को दूर करने का है ईमानदार प्रयास : प्रधानमंत्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा ने मातृभूमि के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिये अपना सर्वस्व बलिदान दिया प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के दो जनजातीय संग्रहालय राष्ट्र को किये समर्पित जन मन योजना और सिकलसेल उन्मूलन मिशन जनजाति कल्याण का महाभियान : राज्यपाल पटेल भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज को किया खड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय समाज आज भी हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे है देश में चल रहा है जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को समक्ष लाने का अभियान बाणसागर बांध से शहडोल जिले के लोगों को भी मिलेगा पानी शहडोल में बनाया जायेगा स्थाई हेलीपेड जनजातीय गौरव दिवस का राज्यस्तरीय कार्यक्रम शहडोल में हुआ आयोजित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद जनजातीय वर्ग के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके लिये वे हकदार थे। जनजातीय समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान बनाया। भारत की संस्कृति और आजादी के रक्षा के लिये सैकड़ो वर्षों की लड़ाई का नेतृत्व दिया। आजादी के बाद के दशकों में जनजातीय वर्ग के अनमोल योगदान को मिटाने की कोशिश की गई। इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिहार जिले के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर 6 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसमें जनजातीय वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने वाले स्कूल और हॉस्टल, जनजातीय वर्ग की महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुविधा, जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सैकड़ों किलोमीटर की सड़कें, जनजातीय वर्ग की संस्कृति को समर्पित संग्रहालय एवं जनजातीय वर्ग के डेढ़ लाख परिवारों को पक्के घर के स्वीकृति पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही आज देव दीपावली के दिन 11 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को अपने घर में प्रवेश कराया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वंतत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का वर्चुअली लोकापर्ण किया। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय पर आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण रामलाल रोतेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत जनजातीय परंपरा अनुसार किया गया। जनजातीय कल्याण के लिये राज्य सरकार कर रही है बेहतरीन कार्य : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जनजातीय कल्याण के अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जन मन योजना और सिकल सैल उन्मूलन मिशन, जनजाति कल्याण का महाभियान है। इस महाभियान में राज्य सरकार द्वारा जनजाति कल्याण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। अनेक विभागों के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के कारगर प्रयास लगातार जारी है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सैल उन्मूलन मिशन का संकल्प मध्यप्रदेश की धरती से लिया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सिकल सैल उन्मूलन की दिशा में जाँच और जागरूकता के कार्य सघन स्तर पर किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 82 लाख लोगों की सिकलसेल स्क्रीनिंग पूर्ण हो गई है। राज्यपाल पटेल ने शहडोल ज़िले के सिकल सैल जाँच कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सिकल सैल कार्ड वितरण का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सैल से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय, इस रोग के प्रति जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व लड़का-लड़की सिकल सैल कार्ड का मिलान ज़रूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भधारण के दौरान और जन्म के बाद भी बच्चे के सिकल सैल की जाँच ज़रूर कराएं। राज्यपाल पटेल ने सभी से आह्वान किया कि सिकल सैल की जाँच और जागरूकता हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। राज्यपाल पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर उनका नमन किया और प्रदेश एवं देश के महान क्रांतिकारी, जनजातीय सपूतों का पुण्य स्मरण भी किया। उन्होंने जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जबलपुर और छिंदवाड़ा के जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण के प्रति आभार ज्ञापित किया। जल, जंगल और जमीन का अधिकार जनजातीय समाज का है मूल अधिकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल, जंगल और जमीन का अधिकार जनजातीय समाज का मूल अधिकार है। इसे अंग्रेज उनसे छीनना चाहते थे। भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार, अनाचार के खिलाफ जनजातीय समाज को खड़ा किया और अंग्रेजों के खिलाफ दो स्तरों पर लड़ाई लड़ी। एक ओर उन्होंने जनजातीय समाज के मूल अधिकार की रक्षा की और दूसरी ओर ईसाई मिशनरियों द्वारा हमारे धर्म के साथ छेड़छाड़ कर हमारे जनजातीय भाइयों को ईसाई बनाने के कुत्सित प्रयासों को ध्वस्त किया। आज हम भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें हृदय से स्मरण और नमन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को देश के समक्ष लाने का अभियान चलाया है। उन्होंने प्रतिवर्ष देश भर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय मध्यप्रदेश में ही लिया। आज पूरे देश में भगवान बिरसा मुंडा जयंती मनाई जा रही है। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हम सबके लिए मार्गदर्शक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सिख समुदाय की ओर से सरोपा पहनाकर पुष्पहार से स्वागत किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरू नानक जयंती के अवसर पर अरेरा कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेका और सिख संगत को गुरू नानक जयंती की बधाईयां दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सिख समुदाय की ओर से सरोपा पहनाकर पुष्पहार से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समाज में भाईचारे और सबकी चिन्ता करने वाले, सबको एक साथ लेकर चलने वाले और लोगों में समानता का भाव जगाने वाले गुरू नानक जी का जब हम स्मरण करते हैं तो मन प्रफुल्लित हो उठता है। सच्चे अर्थों में उनके संदेशों पर अमल करने वाले एवं उन्हें आत्मसात करने वाले लोग दुनिया के 200 से अधिक देशों में निवासरत हैं और उनकी अच्छाईयों और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण मानवता के लिए समरसता एवं विश्व बंधुत्व का मार्ग प्रशस्त करने वाली उनकी शिक्षा और संदेश युगों-युगों तक हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरू नानक देव जी ने अत्याचार एवं समाज की कुरीतियों के खिलाफ बुलंद आवाज उठाई। गुरू नानक देव जी के संदेशों को लोगों ने अंगीकार किया। उन्होंने विशेष रूप से माताओं और बहनों को साथ लेकर चलने और विदेशी आक्रमण की बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए समाज को एक साथ खड़ा किया। निशान साहिब को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुग्रंथ दरबार से बाहर निकल कर गुरुद्वारा परिसर स्थित निशान साहिब को नमन किया। निशान साहिब ध्वज स्तंभ पर फूल माला अर्पित कर मत्था टेका। इस अवसर पर नरेन्द्र सलूजा, सुरेंद्र सिंह अरोरा, सुखवीर सिंह, राहुल कोठारी एवं महिला सेवा मंडल की ओर से सुइंद्रजीत कौर संधू, सुकमलजीत कौर सलूजा, सुगुरलीन खनूजा, सुप्रेमजीत कौर, सुजगमीत कौर एवं सिख समुदाय के लोग भी उपस्थित थे। प्रकाश पर्व पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को गुरू नानक जयंती और प्रकाश पर्व पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रकाश पर्व प्रदेश में धूमधाम और भव्यता के साथ आयोजित करें। मुख्यमंत्री ने प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख समुदाय को 17 नवम्बर को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित भी किया।  

सीएम मोहन यादव ने कहा गुरु नानक जीवन भर सच्चाई और बराबरी के लिए काम करते रहे

भोपाल  सीएम मोहन यादव ने गुरु नानक जयंती पर भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेका है। साथ ही प्रदेश के लोगों को गुरु पर्व की बधाई दी है। सीएम मोहन यादव ने इस मौके पर लोगों को संबोधित भी किया है। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज अखंड भारत के प्रणेता थे। सीएम मोहन यादव ने कहा कि वह जीवन भर सच्चाई और बराबरी के लिए काम करते रहे हैं। अखंड भारत में हुआ उनका जन्म सीएम मोहन यादव ने कहा कि वह पूरी दुनिया के लिए आदर्श हैं। उनका जन्म अखंड भारत में हुआ। वह अखंड भारत के प्रणेता थे। इसके साथ ही 17 नवंबर को सीएम हाउस में प्रकाश पर्व का बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव की शिक्षाएं एवं आदर्श जीवन मानव सेवा के लिए हमें सर्वदा प्रेरित और हमारा पथ प्रदर्शित करती रहेंगी। ”सतनाम श्री वाहेगुरु” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिख धर्म के संस्थापक, परम श्रद्धेय श्री गुरु नानक देव जी की जयंती पर अरेरा कॉलोनी, भोपाल स्थित गुरुद्वारे पहुंचकर मत्था टेका और सबके मंगल के लिए प्रार्थना की।@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #गुरु_नानक_जयंती pic.twitter.com/6UaUQQ0Iev — Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) November 15, 2024

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक ली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माँ क्षिप्रा के पावन स्नान का सौभाग्य सभी संतो और श्रद्धालुओं को वर्ष भर मिलना चाहिए। इसके लिए वर्षाकाल में क्षिप्रा नदी के मूल पानी को संचित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षिप्रा नदी में स्नान करने का विशेष धार्मिक महत्व है। सिंहस्थ के शुरू होने से पहले सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण कराएं। उज्जैन के लोगों को पेयजल की आपूर्ति पूर्ण रूप से हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। विक्रम उद्योगपुरी में पानी की आपूर्ति के लिए अन्य स्रोत की योजना बनाएं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन तथा नर्मदा घाटी विकास डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना क्षिप्रा नदी को निरंतर प्रवाहमान बनाए जाने के लिए निर्मित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत 614 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से ग्राम सेवरखेड़ी में बांध बनाया जाएगा, जिसमें वर्षाकाल के क्षिप्रा नदी के जल का उद्वहन करके ग्राम सिलारखेड़ी में स्थित सिलारखेड़ी तालाब में संचित किया जाएगा। सिलारखेड़ी तालाब से संग्रहित जल को वर्षाकाल के बाद क्षिप्रा नदी में पुन: प्रवाहित किया जाएगा।  

आठ घंटे के अंदर ही सात सौ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त, भोपाल में क्राइम ब्रांच ने पकड़ी 8.4 किलो चरस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस अवैध नशे के कारोबार को नेस्तनाबूद करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में डीजीपी सुधीर सक्सेना के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस ने आज 14 नवम्बर को सुबह 8 बजे से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार की रोकथाम के लिए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने पहले ही दिन प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सुबह से शाम तक कार्रवाही कर मात्र आठ घंटो में 10 करोड़ रूपए से अधिक की कीमत के सात सौ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। भोपाल, खरगौन, सिवनी, छिंदवाड़ा और नीमच में हुई बड़ी कार्रवाही प्रदेशव्यापी अभियान के पहले दिन पुलिस ने 43 स्थानों पर अवैध मादक पदार्थ जब्त करने में सफलता पाई है। भोपाल में क्राइम ब्रांच ने 8.4 किलोग्राम चरस, खरगोन जिले के चैनपुर में 478 किलोग्राम गांजा, सिवनी जिले के धनौरा में 80 किलोग्राम गांजा, छिंदवाड़ा जिले के कोतवाली थाना में 42.100 किलोग्राम गांजा तथा नीमच के रतनगढ़ थाना में 60 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त हुआ है। साथ ही 18 आरोपियों सहित 6 कार एवं एक ट्रक भी पुलिस ने जब्त किए हैं। इस प्रकार प्रदेश में पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाही कर 37.58 ग्राम स्मैक, 649 ग्राम ब्राउन शुगर, 60 किलो डोडा चूरा, 61 ग्राम एमडी सहित 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अवैध मादक पदार्थों के परिवहन में प्रयुक्त 11 वाहनों को भी जब्त किया है। इस अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा कई संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर अवैध मादक पदार्थो के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में मादक पदार्थों के उत्पादन और वितरण में शामिल आपराधिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध मादक पदार्थों पर रोक लगाना है, बल्कि जनता में इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। इस पहल के माध्यम से सरकार राज्य को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें हर संभव प्रयास कर रही है।  

मुख्यमंत्री यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और कुशलक्षेम पूछी, उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी प्लंबर वारिस खान को एबी रोड हाई-वे पर कार पलटने की घटना में शिवपुरी के परिवार के सात लोगों की जान बचाने पर एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से वारिस से बात की और उसकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने कहा कि आप मध्यप्रदेश के गौरव हैं। वारिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से बीनागंज जा रहे थे, तभी सामने आ रही कार दुर्घटनावश खंती में गिर गई। मैंने बिना देरी किये अपने हाथों से कार के कांच तोड़े और एक-एक कर के सभी यात्रियों को बाहर निकाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वारिस के इस साहसी कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वारिस आपने बहुत अच्छा कार्य किया है। मुसीबत के समय में एक दूसरे की सहायता करना ही सच्ची मानवता है। आपके इस कार्य से सभी लोगों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को 15 अगस्त के अवसर पर लोगों की मदद करने वाले साहसी लोगों को सम्मानित करने के निर्देश दिए।  

मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य के रूप में जीते जी जिन्हें भगवान का दर्जा मिला, ऐसे भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती प्रति वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अतीत में इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण बिहार, झारखंड की धरती से उन्होंने अंग्रेजों का प्रबल प्रतिरोध स्थापित किया, जहां से आदिवासी अंचल में दो स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का राज्य स्तरीय कार्यक्रम शहडोल और धार में आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों से स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा के उन पक्षों को भी सामने रखा जायेगा, जिससे स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती मिली।  

प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का करेंगे लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवम्बर को बिहार के जमुई में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी छिंदवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2016 को देश के विभिन्न प्रदेशों में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की गई थी। बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा शहर में स्थित बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन का निर्माण 40 करोड़ 69 लाख रूपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। यहां क्यूरेशन का कार्य जनजातीय कार्य विभाग के अधीन वन्या संस्थान द्वारा किया गया है। इसका निर्माण पुराने जनजातीय संग्रहालय की उपलब्ध भूमि पर ही किया गया है। यह स्थल पेंच-पचमढ़ी मार्ग पर स्थित है। संग्रहालय के आस-पास कई दर्शनीय तथा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण स्थल भी हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन में 6 गैलरी, एक कार्यशाला कक्ष तथा एक लाइब्रेरी के अलावा कार्यालय के लिये समुचित स्थान भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 800 दर्शकों की क्षमता वाले ओपन एयर थिएटर, शिल्प बाजार (शिल्पग्राम) एवं ट्राइबल कैफेटेरिया का निर्माण भी यहां किया गया है। इसी परिसर में स्थित पुराने जनजातीय संग्रहालय का नवीनीकरण भी किया गया है, जिसमें जनजातीय संस्कृति से संबंधित विभिन्न प्रादर्श रखे हुए हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में प्रदेश के 9 मुख्य जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम तथा 16 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का वर्णन एवं जीवंत चित्रण किया गया है। प्रथम गैलरी रानी दुर्गावती को समर्पित की गई है, जिसमें रानी दुर्गावती के जीवन, उनके शासन और उनके बाहरी आक्रमणकारियों से संघर्ष को प्रदर्शित किया गया है। ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेज सरकार द्वारा गोंड राज्यों को अपने अधीन लेने के खिलाफ गोंड राजाओं द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-2 में किया गया है। ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1927 में इंडियन फारेस्ट एक्ट लागू किया गया था, जिसके विरोध में जनजाति समाज द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-3 में “जंगल सत्याग्रह” के रूप में प्रदर्शित किया गया है। चौथी गैलरी में भील-भिलाला जनजाति, जो गोरिल्ला युद्ध में बेहद पारंगत थी उनका ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध किया गया संघर्ष चित्रित किया गया है। इस गैलरी में भीमा नायक, खाज्या नायक और टंट्या भील जैसे वीरों का संघर्ष चित्रित है। गैलरी-5 एवं 6 समय-समय पर पेंटिंग एवं फोटो एग्जीबिशन के लिए आरक्षित की गई हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जबलपुर अद्वितीय वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सम्मान में राज्य सरकार और केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से वर्ष 2021 में जबलपुर में संग्रहालय का निर्माण किया गया। इसका नामकरण राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय किया गया है। एक एकड भूमि पर निर्मित इस संग्रहालय में 14 करोड़ 26 लाख रूपये की लागत से भारतीय सांस्कृतिक निधि (इनटेक, नई दिल्ली) द्वारा संग्रहालय भवन का जीर्णोद्वार एवं क्यूरेशन का कार्य किया गया है। यह संग्रहालय परिसर ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यहीं पर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को उनके बलिदान से चार दिन पहले कैद करके रखा गया था। इस ऐतिहासिक महत्व की इमारत को पारम्परिक संरक्षण विधि से उसके मूल स्वरूप में पुन: र्निमित किया गया है, ताकि राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान का प्रतीक यह स्थल भावी पीढियों के लिए प्रेरणा और गर्व का स्थायी स्रोत बना रहे। संग्रहालय की पहली दीर्घा में गोंड जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। दूसरी दीर्घा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले मध्यप्रदेश के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को समर्पित है। तीसरी दीर्घा को राजा शंकरशाह के दरबार हाल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान की कहानी को फिल्म के जरिये प्रदर्शित किया गया है। राजा एवं कुंवर के बलिदान के बाद उनकी रानियों के एवं 52वीं रेजीमेंट के विद्रोह को अगली गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। अंतिम गैलरी में थ्री-डी होलोग्राम के माध्यम से राजा एवं कुंवर को श्रृद्धांजलि दी गयी है। जिस परिसर में राजा एवं कुंवर को कैद करके रखा गया था, उस जेल भवन में उनकी प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। जनजातीय समुदाय के लोग इस स्थल को पवित्र मानते हैं और नियमित रूप से यहां श्रृद्धांजलि अर्पित करने आते हैं।  

महाराष्ट्र में CM Mohan Yadav ने सरकार बनाने जनमत साधने की अपील की

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव महाराष्ट्र चुनाव में जमकर प्रचार कर रहे हैं। बुधवार को नागपुर में उन्होंने चार विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया और केंद्र सरकार के कामकाज और उपलब्धियों का बखान किया। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में सरकार बनाने जनमत साधने की अपील भी की। सीएम मोहन यादव आज 14 नवंबर को भी महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार करेंगे। इस दौरान वो अमरावती और चंद्रपुर जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। सीएम मोहन का चुनाव प्रचार कार्यक्रम महाराष्ट्र चुनाव के प्रचार प्रसार में सीएम मोहन आज 14 नवंबर को विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। महाराष्ट्र की मेलघाट और अचलपुर विधानसभा में करेंगे पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन जनसभा करेंगे। इसके बाद 11.45 बजे भोपाल से चिखलदरा जिला अमरावती महाराष्ट्र रवाना होंगे। दोपहर 12.45 बजे अमरावती जिले की मेलघाट विधानसभा के चिखलदरा में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। दोपहर 1.00 बजे – चुर्नी, चिखलदरा, जिला अमरावती में सार्वजनिक बैठक में शामिल होकर जनमत को साधेंगे। इसके बाद दोपहर 2.00 बजे चंदूरबाजार, अचलापुर में जनसभा संबोधित करेंगे। फिर शाम 5.15 बजे भोपाल आगमन शाम 6.30 बजे समत्व भवन में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की 125 वीं बैठक में शामिल होंगे। महायुति सरकार के लिए कही बड़ी बात नागपुर में अपनी रैलियों में सीएम मोहन यादव ने कहा कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज के सपनों को पूरा कर रही है। साथ ही सनातन धर्म को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में विकास की गति लगातार बढ़ती रहे इसके लिए महायुति गठबंधन को भारी बहुमत से समर्थन देने का करें। कांग्रेस पर साधा निशाना इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को भगवान राम और कृष्ण से दिक्कत है। इसलिए कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दल भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करते हैं। बहुमत से विजयी बनाने की अपील सीएम मोहन यादव ने जनता से अपील की कि वो भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाएं। उनके दमदार भाषणों से महाराष्ट्र की सियासत भी गरमाने लगी है।

इस्कॉन ने “मूल्य आधारित शिक्षा प्रतियोगिता” की आयोजित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता महोत्सव हमारे महान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का उत्सव है। यह एक अद्भुत अवसर है कि हम श्रीमद्भागवत गीता के अमूल्य ज्ञान और प्रेरणा को अपने जीवन में आत्मसात करें। देश में पहली बार गीता पर आधारित विशेष प्रतियोगिता का आयोजन मध्यप्रदेश में होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस्कॉन के सहयोग से आयोजित “मूल्य आधारित शिक्षा प्रतियोगिता” की जा रही है। यह विद्यार्थियों को गीता की अमूल्य शिक्षाओं और जीवन मूल्यों को गहराई से समझने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का अद्भुत अद्भुत अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की महान कला सिखाने वाला मार्गदर्शन है। इसमें निहित ज्ञान से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रतियोगिता न केवल विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास में सहायक होगी, बल्कि धैर्य, आत्म-नियंत्रण और सही निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करेगी। यह प्रतियोगिता गीता के गहन संदेशों को आत्मसात करने और जीवन को नई दिशा देने में स्कूली बच्चों को मदद करेगा। विद्यार्थियों की भागीदारी इस आयोजन को सफल बनाकर एक नई सोच और दृष्टिकोण से परिचित कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा की है कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रोत्साहन से इस प्रतियोगिता में शामिल होकर इसे अविस्मरणीय बनायेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दी है।  

प्रदेश में अगली आरआईसी आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में हो रही : मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के संतुलित विकास के लिये निरंतर सभी अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहे हैं। अगली आरआईसी आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में हो रही है। नर्मदापुरम् क्षेत्र में मुख्य रूप से कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्र-संस्करण इकाइयां और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग बहुतायत में हैं। नर्मदापुरम्, हरदा, और होशंगाबाद में पहले से स्थापित उद्योगों के साथ-साथ कृषि प्र-संस्करण, सोयाबीन तेल, मसाला उत्पादन और दुग्ध प्र-संस्करण जैसे उद्योग यहाँ की आर्थिक गतिविधियों का मुख्य आधार हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की खनिज संपदा का उपयोग कर निर्माण और अन्य उद्योगों से भी स्थानीय विकास को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। छठवीं आईआईसी का आयोजन 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम् के डिवीजनल आईटीआई में किया जाएगा। पिछली पांच रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के अनुभवों से प्रेरित होकर, इस कॉन्क्लेव का नर्मदापुरम् क्षेत्र में आयोजन उद्योगों की वृद्धि, निवेश की संभावनाओं और रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिये किया जा रहा है। नर्मदापुरम आरआईसी में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, MSME और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से प्रदेश में एक उद्योग-हितैषी वातावरण बना है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रगति हो रही है। नर्मदापुरम् और इसके आसपास के क्षेत्र जैसे होशंगाबाद, हरदा में एमएसएमई, कृषि आधारित उद्योग, और पर्यटन के क्षेत्र में कई संभावनाएं हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। कॉन्क्लेव का उद्देश्य सभी क्षेत्रों का संतुलित और समन्वित आर्थिक विकास करना है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम् और इसके आस-पास के क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह आरआईसी नर्मदापुरम् और आसपास के क्षेत्रों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती और सांस्कृतिक धरोहर को उद्योगों के साथ जोड़ा जाएगा। पचमढ़ी, जो न केवल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है बल्कि यहाँ की अनूठी जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधन, अब निवेशकों के लिये नया आकर्षण बनेंगा। साथ ही नर्मदा नदी तट पर औद्योगिक और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएँ हैं। इस कॉन्क्लेव में कृषि, MSME, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और खनिज जैसे क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। नर्मदापुरम् और पचमढ़ी, जो पहले से ही प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हैं, अब औद्योगिक दृष्टिकोण से भी नई ऊँचाइयों को छुएंगे। इस कॉन्क्लेव से औद्योगिक, पर्यटन और सामाजिक विकास के बीच एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन स्थापित होगा।  

महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंधों का अनुपम उदाहरण : उप राष्ट्रपति धनखड़

उज्जैन उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि अद्भुत प्रतिभा के धनी महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंधों का अनुपम उदाहरण है। महाकवि की रचनाएं देश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं। अखिल भारतीय कालिदास समारोह के गरिमामय आयोजन द्वारा म.प्र. शासन हमारी संस्कृति एवं विरासत को सहेजने और संरक्षित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है। महाकवि कालिदास की रचनाएं हमारे जीवन मूल्यों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी। उप राष्ट्रपति धनखड़ मंगलवार को उज्जैन में अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ कर मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित कर रहे थे। उप राष्ट्रपति धनखड ने 66 वें भव्य अखिल भारतीय कालिदास समारोह का विद्वतजनों की उपस्थिति में गरिमामय शुभारंभ किया। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की समारोह में गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर सारस्वत अतिथि के रुप में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरीजी महाराज उपस्थित थे। सांसद अनिल फिरोजिया, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल भी मंचासीन थे। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि महाकवि कालिदास की अमर कृतियां मानवीय भावों को अद्भुत रूप से प्रदर्शित करती है और मानवीय मूल्य के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत है। महाकवि कालिदास की रचनाओं में मानव तथा प्रकृति के बीच अद्भुत एवं अटूट संबंध देखने को मिलता है। महाकवि कालिदास ने अपनी रचनाओं में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है जो सदैव प्रासंगिक है। मेघदूतम जैसी उनकी कालजयी रचनाओं से प्रेरणा लेकर हमें अपनी पृथ्वी को बचाना होगा। पर्यावरण-संरक्षण, जलवायु-संरक्षण की दिशा में गंभीरता से प्रयास करने होंगे, क्योंकि रहने के लिए कोई दूसरी पृथ्वी उपलब्ध नहीं है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस गरिमामय आयोजन के लिए मध्यप्रदेश शासन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव साधुवाद के पात्र हैं। राज्य शासन द्वारा कला, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया जा रहा है। उप राष्ट्रपति ने देश की सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने का आहवान करते हुए कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत और धरोहरों को सदैव संभालकर रखना होगा। देश की सांस्कृतिक विरासत अत्यन्त प्राचीन है, हमारी संस्कृति की जड़े अत्यंत गहरी हैं जो जीवन के उद्देश्य को बताती हैं। उप राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कुटुंब प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि कुटुंब प्रबंधन पर ध्यान देने से ही राष्ट्र का भी ध्यान हमारे मन-मस्तिष्क में सदैव रहेगा। अपने बच्चों के चारित्रिक एवं नैतिक विकास के लिए भी सदैव गंभीर रहना होगा। हमारे बच्चे अच्छे नागरिक बने, राष्ट्र निर्माण के साथ अपने कर्तव्यों का पूर्णता से निर्वहन करें। हम सबको मिलकर नागरिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा। भारतीयता हमारी पहचान है, राष्ट्र सर्वोपरि है, इसके लिए नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्रत्येक नागरिक को अपनी आहुति देना होगी। नारी सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि महाकवि कालिदास की रचनाएं नारी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उनकी रचना अभिज्ञान शाकुंतलम् को संदर्भ के रूप में देखा जा सकता है। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश में प्रत्येक व्यक्ति के पास अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर है। देश में तकनीक का विकास सारी दुनिया को अचंभित कर रहा है। पर्यावरण-संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री द्वारा “एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान संचालित किया गया है। यह अभियान वैसी ही क्रांति लाएगा जैसी स्वच्छता के क्षेत्र में आई है। आने वाले वर्ष 2047 में हमारा भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कालिदास सम्मान से अलंकृत होने वाली प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि इन प्रतिभाशाली व्यक्तियों के द्वारा हमारी संस्कृति के श्रेष्ठ तत्वों को सहेजने के साथ प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। उप राष्ट्रपति ने अवंतिका नगरी के पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उज्जैन में भगवान कृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की है। यहां कालिदास और भृतहरि को ज्ञान का प्रकाश मिला है। सम्राट विक्रमादित्य के जग प्रसिद्ध न्याय का आदर्श उदाहरण उज्जैन है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि वे स्वयं उज्जैन आकर धन्य हुए हैं। यहां से प्राप्त अद्भुत अनुभव को जीवनभर संजोकर रखेंगे, यहां से एक नवीन ऊर्जा मिली है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना के केंद्र उज्जैन में उप राष्ट्रपति धनखड़ का हृदय से स्वागत है। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक भव्यता प्रदान की है। राज्यपाल ने कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह के माध्यम से महाकवि कालिदास की महान रचनाओं तथा सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक महत्वपूर्ण गौरवशाली परंपरा के रूप में उज्जैन में अखिल भारतीय कालिदास समारोह का आयोजन किया जाता रहा है। आज इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की जिन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया है वे बधाई की पात्र हैं। उज्जैन आगमन पर उप राष्ट्रपति का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि महाकवि कालिदास और विक्रमादित्य की उज्जयैनी नगरी का प्रत्येक काल एवं युग में सदैव अस्तित्व रहा है। कई जन्मों के पुण्य, फलों के बाद हमें यह गौरव मिला है कि यहां आकर कुछ समय बिताएं। उप राष्ट्रपति ने आज अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारम्भ कर समारोह के गौरव में अभिवृद्धि की है। हम सबका यह सौभाग्य है कि इस समारोह के आयोजन का अवसर उज्जैन को सदैव मिलता है। मुख्यमंत्री ने समारोह के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में स्वामी गोविंददेव गिरी ने अपने उद्बोधन में महाकवि कालिदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का वर्णन करते हुए कहा कि ऐसा कोई अन्य कवि विश्व में नहीं हो सकता जिसकी महाकवि कालिदास से तुलना की जा सके, कालिदास अद्भुत एवं अनुपम है। स्वामीजी ने अपने उद्बोधन में कालिदास की विभिन्न रचनाओं का वर्णन करते हुए महाकवि द्वारा रचित साहित्य को अमूल्य बताया। उप राष्ट्रपति धनखड़ ने दीप प्रज्ज्वलन तथा महाकवि कालिदास के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में राष्ट्रगान भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव … Read more

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 होगा विकसित मध्यप्रदेश का आधार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले किया सदस्यों को संबोधित कहा – शहरी विकास और प्लानिंग पर मंत्रीगण दें अपने सुझाव भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को, धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विजन डॉक्यूमेंट @ 2047 विकसित मध्यप्रदेश का आधार होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से ‘विकसित मध्यप्रदेश @ 2047 विज़न डॉक्यूमेंट’ तैयार किया जा रहा है। पिछले सप्ताह इस संबंध में नीति आयोग के सीईओ बी.वी. आर. सुब्रमण्यम ने राज्य के प्रमुख अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने विभागों में विजन डॉक्यूमेंट की तैयारी की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह में डॉक्यूमेंट का प्रारूप मंत्रि-परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम् के गान साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सहयोगियों को प्रदेश में शहरी विकास और शहरी प्लानिंग के संबंध में अपने सुझाव नगरीय विकास एवं आवास विभाग से साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शहरों को झुग्गी मुक्त किए जाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी सहित अन्य घटकों में कार्य जारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 9 लाख 50 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सितम्बर 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 लागू की गई,‍जिसमें पहले की तरह स्वयं की भूमि पर 2 लाख 50 हजार रूपए तक का अनुदान प्राप्त करना प्रमुख घटक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाने वाली भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर धार और शहडोल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे,‍जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली संबोधित करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवउठनी ग्यारस पर मालवीय नगर युवा सदन में तुलसी शालिग्राम विवाह में शामिल हुए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवउठनी ग्यारस पर मालवीय नगर युवा सदन में तुलसी शालिग्राम विवाह में शामिल हुए। उन्होंने हरि और माँ तुलसी से प्रदेशवासियों के जीवन को सुख, समृद्धि और खुशहाली से परिपूर्ण बनाए रखने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माता तुलसी की मंत्रोच्चार के साथ पूजा कर धूप, सिंदूर, चंदन, पुष्प अर्पित कर नैवैद्य का भोग लगाया। इस अवसर पर विधायक रामेश्वर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि देवउठनी ग्यारस भगवान विष्णु के 4 महीने की निद्रा से जागरण का प्रतीक है। यह त्यौहार कार्तिक शुक्ल ग्यारस तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता तुलसी की पूजा की जाती है और उनके विवाह का आयोजन किया जाता है। देवउठनी ग्यारस के दिन विशेष मंत्रों का जाप कर भगवान विष्णु और माता तुलसी की आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।  

तुलसी-शालिग्राम विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी सम्मिलित हुए

भोपाल  देवउठनी ग्यारस के शुभ उपलक्ष्य में बीजेपी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने युवा सदन कार्यालय पर तुलसी-शालिग्राम विवाह का आयोजन कराया। इस तुलसी-शालिग्राम विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी सम्मिलित हुए। उन्होंने तुलसी पूजन कर सभी को तुलसी विवाह की शुभकामनाएं दी। तुलसी विवाह के लिए युवा सदन कार्यालय को विवाह स्थल की तरह सजाया गया, जहां हुजूर सहित भोपाल के सैकड़ों लोग सम्मिलित होकर तुलसी-शालिग्राम विवाह के साक्षी बने। सीएम ने की रामेश्वर शर्मा की तारीफ, बताया समाज का गौरव मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि – आज का दिन हम सभी सनातनियों के लिए गौरव का दिन है। ऐसा माना जाता है कि आज ही के दिन देवोत्थान एकादशी पर भगवान श्रीहरि विष्णु जी नींद से जागकर संसार की व्यवस्था का कार्यभार भगवान शिव से अपने हाथों में लेते हैं। इसलिए आज के दिन को हरिहर मिलन के दिन के रूप में भी मनाया जाता है। इसलिए मैं इस शुभ घड़ी में सभी प्रदेश और देशवासियों को देवोत्थान एकदशी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने आगे कहा कि – मेरे मित्र पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को बधाई, जिन्होंने तुलसी विवाह का इतना सुंदर आयोजन कराया और मुझे इसमें आमंत्रित कर तुलसी विवाह में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। रामेश्वर शर्मा हमारे सनातन धर्म के ध्वजवाहक हैं, ये राजधानी में हमारे सनातन धर्म के सभी आयोजनों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हैं। मैं इसके लिए इन्हें बधाई देता हूं। रामेश्वर जी हमारे समाज के गौरव हैं। उपचुनाव पर बोले सीएम सीएम डॉ मोहन ने कहा कि ये हमारा परंपरागत त्योहार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनानी यज्ञ चल रहा है। ये मिलन का त्योहार है। वहीं एमपी उपचुनाव को लेकर कहा कि मैं सभी से अपील करता हूं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार कदम से कदम मिलाकर चल रही है। सरकार विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि उपचुनाव में हमारे दोनों प्रत्याशी को विजयी बनाएं। देवों के जागने के साथ मांगलिक कार्यों का शुभारंभ वहीं आयोजन को लेकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – यह सनातन धर्म की महानता है। जहां हर पर्व लोक में खुशियों का संचार करता है। आज देवउठनी ग्यारस है, सभी देवों को हम सेवक निंद्रा से जगाते हैं। देवों के जागने के साथ ही आज से सभी मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होता है। हम इन्हीं देवों को साक्षी मानकर, इन्हीं की आराधना कर के अपने जीवन के शुभ उपलक्ष्यों की शुरुआत करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दी देवउठनी ग्यारस की शुभकामनाएं  हिंदू मान्यतानुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक भगवान विष्णु योग-निद्रा में रहते हैं, जिसे ‘चतुर्मास’ कहा जाता है। इस अवधि के दौरान विवाह, शुभ कार्यों और मांगलिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध रहता है। देवउठनी ग्यारस पर भगवान विष्णु के जागने के साथ ही सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। आज देवउठनी ग्यारस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी को शुभकामनाएँ दी है। वे विधायक रामेश्वर शर्मा के निवास पर तुलसी-शालिग्राम के विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। आज से बाद शादी-ब्याह, गृह-प्रवेश और अन्य सभी शुभ कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। जनता से बीजेपी के पक्ष में वोट देने की अपील इसी के साथ मुख्यमंत्री ने विजयपुर और बुधनी विधानसभा सीटों पर भारी संख्या में मतदान की अपील की है। उन्होंने जनता से आह्नान किया कि वे बीजेपी को वोट करें। बता दें कि  दोनों सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव होना है। बुधनी में बीजेपी के रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच सीधी टक्कर है। इस सीट से कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच। बुधनी विधानसभा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ माना जाता है, इसलिए कांग्रेस के लिए यहां कड़ी चुनौती है। वहीं, विजयपुर में बीजेपी ने वन मंत्री रामनिवास रावत को उम्मीदवार बनाया है, जो कुछ समय पहले कांग्रेस से बीजेपी में आए थे। रावत के कांग्रेस छोड़ने के कारण ही यह सीट खाली हुई है, क्योंकि वे इसी सीट से कांग्रेस के विधायक थे। उनके सामने कांग्रेस की ओर से मुकेश मल्होत्रा चुनावी मैदान में हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, स्व. पटवा की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में हुए शामिल

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की स्मृति में होगी सुशासन पर केंद्रित व्याख्यान माला नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के साथ अन्य गतिविधियाँ भी होंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव, स्व. पटवा की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. सुंदरलाल पटवा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क सहित अनेक योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में अमूल्य सहयोग दिया। भोपाल में वीआईपी मार्ग के निर्माण में उन्होंने दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए कार्य पूर्ण करवाया। सुशासन स्थापित करने के लिये उन्होंने विशेष योगदान दिया। स्व. पटवा की स्मृति में उनके जन्म-शताब्दी वर्ष पर विभिन्न प्रकल्प संचालित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत सुशासन पर आधारित व्याख्यान माला और स्मारिका के प्रकाशन के कार्य होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को स्व. सुंदरलाल पटवा के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक सुरेंद्र पटवा के निवास पर जाकर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर स्व. सुंदरलाल पटवा की धर्मपत्नी श्रीमती फूलकुंवर पटवा से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुन्दरलाल पटवा की स्मृति में आगामी एक वर्ष तक विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह स्व. पटवा के कृतित्व, व्यक्तित्व और कार्यशैली से प्रभावित रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा “प्रजामंडल’’ और “राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’’ से जुड़े रहे। वे वर्ष 1957 में पहली बार विधायक बने। उन्होंने निर्वाचनों में निरंतर विजय प्राप्त की। प्रतिपक्ष के नेता रहते हुए सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बस्तर से झाबुआ तक लगभग तीन हजार किलोमीटर की पद यात्रा तय की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मेरी यादें उनके साथ जुड़ी हैं। कई बातें उनसे सीखने को मिलीं। उनका आत्मविश्वास माउंट एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा था। उन्होंने अपनी धाक और साख बनाई। वे प्रखर वक्ता थे। स्वाध्याय का ध्यान रखते थे। कार्य में डूबे रहना उन्हें पसंद था। उनका मानना था कि क्षेत्रीय विकास पर निरंतर ध्यान देना चाहिए, साथ ही अपने निर्वाचन क्षेत्र के अलावा व्यापक स्तर पर जन कल्याण के कार्यों में भी संलग्न रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए राजनीति व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा है। स्व. सुंदरलाल पटवा का मानना था कि राजनैतिक क्षेत्र में भी बेहतर कार्य करते हुए स्वयं को परिष्कृत करते रहना चाहिए। वे निडर, परमार्थी और पुलिस सहित प्रशासनिक अमले का मनोबल बनाए रखने में विश्वास रखते थे। वर्ष 1992 के सिंहस्थ के लिए उन्होंने 100 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की थी, जबकि इसके पहले 1980 के सिंहस्थ में मात्र एक करोड़ रुपए की राशि तत्कालीन सरकार ने मंजूर की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में मंदसौर और नीमच में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हुए हैं जिनका नामकरण 2 दिग्गज नेताओं स्व. सुंदरलाल पटवा और स्व. वीरेंद्र कुमार सखलेचा के नाम पर किया गया है। इस अवसर पर सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी स्व. सुंदरलाल पटवा को श्रद्धांजलि दी और उनसे जुड़े संस्मरण सुनाए। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा ने राजनीति में अमिट छाप छोड़ी है। प्रदेश के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। विधायक सुरेंद्र पटवा ने कहा कि स्व. सुंदरलाल पटवा ने भोजपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी कई योजनाएं संचालित कीं। आज की पीढ़ी उनके बताए मार्ग पर चले, यह आवश्यक है। सुरेंद्र पटवा ने नागरिकों और कार्यकर्ताओं की ओर से भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्व. सुंदरलाल पटवा के जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में पधारने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्व. सुंदरलाल पटवा की स्मृति में भजन संध्या का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, मत्स्य विकास राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार और अन्य अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह मुख्यमंत्री विदेश भी जायेंगे, बदलेगी राज्य की तस्वीर?

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के संतुलित औद्योगिक विकास और रोजगार संवर्धन के लिए संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और प्रदेश के बाहर महानगरों में निवेश के लिये हुए रोड-शो से देशभर से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट तक यह क्रम जारी रहेगा। आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में संभाग स्तरीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगी, जिसमें निवेशकों को नर्मदापुरम क्षेत्र की संभावनाओं से जोड़ते हुए, प्रदेश की आर्थिक बेहतरी के लिए गतिविधियां प्रस्तावित हैं। कॉन्क्लेव में सभी सेक्टर्स के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है, जिससे आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग धंधों के माध्यम से राज्य के लोगों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें। राज्य सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह हम विदेश भी जाने वाले हैं। जहाँ विदेशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिये राज्य सरकार की नीतियों और यहाँ के औद्योगिक वातावरण से अवगत करा कर आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही। निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियाँ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिये पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।

रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल बना, MP निवेश बढ़ाने के लिए नवंबर में CM का विदेश दौरा

भोपाल फरवरी, 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से पहले संभाग स्तर पर रीजनल इन्वेस्टर्स कान्क्लेव का क्रम पूरा हो जाएगा। सात दिसंबर को नर्मदापुरम में कान्क्लेव होगी, जिसमें देशभर के उद्योगपति जुटेंगे। इसके लिए आइटी, स्वास्थ्य, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी क्षेत्र के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है। प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिनिधि मंडल के साथ इसी माह जर्मनी और इंग्लैंड जाएंगे। यह बतौर मुख्यमंत्री उनका पहला विदेश दौरा होगा। उन्होंने मीडिया संदेश में बताया कि रीजनल इंडस्ट्रीज कान्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। उद्योग मित्र नीतियां तैयार की जा रही हैं तो ऐसे रोजगारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिनमें रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नवंबर में विदेश का दौरा भी किया जाएगा। इसमें वहां के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सरकार की नीतियों के साथ औद्योगिक वातावरण से अवगत कराकर आमंत्रित करेंगे। नर्मदापुरम में होने वाले कान्क्लेव से क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे। 2.76 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 3.28 लाख से अधिक लोगों मिलेगा रोजगार प्रदेश में अब तक उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव के साथ मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरू और कोलकाता में रोड-शो एवं इंटरेक्टिव सेशन हो चुके हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के दो लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे तीन लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष सात-आठ फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन होगा।

CM यादव ने जेसी मिल ग्वालियर का लिया जायजा, जिलों में लम्बे समय से खाली पड़ी आवंटित भूमि का करेंगे उचित निराकरण

जेसी मिल श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर की हुकुमचंद मिल की तर्ज पर करायेंगे जेसी मिल ग्वालियर के श्रमिकों का भुगतान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव CM यादव ने जेसी मिल ग्वालियर का लिया जायजा, जिलों में लम्बे समय से खाली पड़ी आवंटित भूमि का करेंगे उचित निराकरण मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अभिभूत हुए जेसी मिल श्रमिक और उनके परिजन श्रमिकों ने कहा अब हमें भरोसा है कि जल्द हमारी सभी देनिदारियां मिल जायेंगीं ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मजदूरों के हित के लिये प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। इंदौर की हुकुमचंद मिल और उज्जैन की विनोद मिल की तर्ज पर जल्द ही ग्वालियर की जेसी मिल के श्रमिकों और प्रदेश की अन्य बंद मिलों की देनदारियों के भुगतान की कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30-40 साल से बंद पड़ी ग्वालियर की जेसी मिल के मजदूरों के प्रकरणों में 8 हजार से ज्यादा मजदूरों को उचित न्याय दिलाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ग्वालियर की जेसी मिल का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जेसी मिल परिसर का भ्रमण किया, साथ ही नक्शे के माध्यम से जेसी मिल की जमीन और अन्य परिसम्पत्तियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर जेसी मिल श्रमिक और उनके परिजन अभिभूत हो गए। सभी ने पुष्पाहारों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। साथ ही कहा पहली बार कोई मुख्यमंत्री हमारी दुख-तकलीफ सुनने जेसी मिल तक आया है। अब हमें पूरा भरोसा है कि जेसी मिल पर लंबित हमारी वर्षों पुरानी देनदारियों का भुगतान हो जाएगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जेसी मिल श्रमिकों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेसी मिल श्रमिकों के हितों की रक्षा की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा सरकार मुकदमा नहीं समाधान चाहती है। इसी भावना के साथ सरकार न्यायालय में श्रमिकों के हित मे अपना पक्ष रखेगी, जिससे श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान का रास्ता साफ हो सके। उन्होंने कहा कि जेसी मिल श्रमिकों के स्वत्वों के भुगतान के सिलसिले में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मिल की जमीन और परिसम्पत्तियों के सर्वे का काम कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, महिला, युवा और किसानों को देश के चार स्तम्भ के रूप में रेखांकित किया है। प्रदेश सरकार इन सभी के उत्थान के लिये कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है। ग्वालियर में आईटी इकाइयों को बढ़ावा दिया जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ के आईटी विशेषज्ञ युवाओं को बाहर न जाना पड़े, इसके लिये ग्वालियर में सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित इकाइयों को विशेष बढ़ावा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिये रीजनल कॉन्क्लेव की श्रृंखला चलाई जा रही है। उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा में रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो चुकी हैं। इसी कड़ी में 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम संभाग एवं जनवरी माह में शहडोल में रीजनल कॉन्क्लेव का आयोजन होने जा रहा है। उन्होंने कहा संभाग स्तर पर रीजनल कॉन्क्लेव की श्रृंखला पूरी होने के बाद फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये विश्व भर के उद्यमियों को आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कड़ी में वे जल्द ही जर्मनी व ब्रिटेन के दौरे पर निवेशकों को आमंत्रित करने के लिये जायेंगे। उन्होंने कहा इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव जैसे आयोजन से प्रदेश में उद्योग फ्रेंडली माहौल बना है, जिससे वृहद स्तर पर औद्योगिक निवेश हो रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न से सम्मानित, देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर उन्हें सादर नमन किया है एवं प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस की बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आइए, संकल्प लें कि कोई भी अमृत रूपी शिक्षा से अछूता न रहे, और हम पूरे देश को शिक्षा के प्रकाश से आलोकित करने में सहभागी बनें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य कृपलानी की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता सेनानी, खादी व ग्रामोद्योग से समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने वाले आचार्य जे. बी. कृपलानी की जयंती पर सादर नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निःस्वार्थ भाव से माँ भारती की सेवा में समर्पित आचार्य कृपलानी का अनुशासित, आदर्श एवं अनुशासित जीवन देशवासियों के लिए अनुकरणीय है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराणा श्री महेन्द्र सिंह के निधन पर किया शोक व्यक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्तौड़गढ़ के पूर्व सांसद एवं महाराणा प्रताप के वंशज, महाराणा श्री महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने एवं शोकाकुल परिवारजनों को इस अपार दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।  

हमें मुकदमा नहीं लड़ना समाधान खोजना है और जल्दी ही हम JC mill समाधान खोज लेंगे : मुख्यमंत्री यादव

ग्वालियर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज अल्प प्रवास पर ग्वालियर पहुंचे उन्होंने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के साथ वर्षों से बंद पड़ी जेसी मिल का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ जेसी मिल की जमीन का नक्शा भी देखा, मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे हमारी सरकार ने दूसरी बंद पड़ी मिलों का समाधान निकाला जल्दी ही जेसी मिल का समाधान भी निकालेंगे यहाँ के मजदूरों की देनदारी पर जल्दी ही फैसला होगा। मोहन यादव ने कहा प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुरूप गरीब, महिला, युवा और किसान चारों वर्गों का हित हमारी प्राथमिकता है इसलिए हमरी सरकार इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से और अन्य आयोजनों के माध्यम से इनके रोजगार और आमदनी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है साथ ही पुरानी बंद पड़ी इंडस्ट्री के मजदूरों के पैसों को चुकाना भी हमारी प्राथमिकता है इसलिए इस दिशा में तेजी काम कर रही है। हमारा फर्ज है हम देनदारी चुकाएं, लावारिस पड़ी कीमती जमीनों का उपयोग करें उन्होंने कहा,  मुझे बताया गया है कि जेसी मिल के 8 हजार से ज्यादा मजदूर कई वर्षों से उनकी देनदारी मिलने की  उम्मीद में हैं इनमे से कई तो काल कवलित हो गए लेकिन उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। हमारा पहला फर्ज है हम देनदारी चुकाएं साथ ही ऐसी कीमती जमीन का उपयोग करें इससे विकास बढेगा, इसे लावारिस नहीं छोड़ सकते है मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं जल्दी इस विषय में निर्णय लिया जायेगा। हमें मुकदमा नहीं लड़ना समाधान खोजना है मुख्यमंत्री ने कहा हमने इंदौर की हुकुमचंद मिल का निराकरण किया है वहां भी इतने ही मजदूरों की देनदारी थी, उज्जैन की विनोद विमल बिल के मजदूरों का पैसा दिलवाया इसी तरह जल्दी ही जेसी मिल के लिए भी करेंगे, हम न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे वकीलों को एक्टिव कर रहे है, उन्होंने कहा, हमें मुकदमा नहीं लड़ना समाधान खोजना है और जल्दी ही समाधान खोज लेंगे। पीएम मोदी के कारण  दुनिया के बड़े देश भारत से जुड़ने में अपना हित देखते हैं   चुनावों से जुड़े सवाल पर सीएम ने कहा हमारे पीएम मोदी शुभंकर हैं आज भारत के बिना कोई भी महाशक्ति अपनी कल्पना नहीं कर सकती भारत के साथ जुड़कर ही वो अपना हित देखती हैं, अमेरिका हो या रूस, सबके शीर्ष नेता मोदी जी को चाहते है भारत में उनके नेतृत्व की गहराई की कल्पना नहीं की जा सकती इसलिए हम झारखंड और महाराष्ट्र जीत रहे हैं साथ ही मप्र की बुधनी और विजयपुर दोनों जीतने वाले हैं। रामनिवास रावत के मन में श्योपुर विजयपुर के पिछड़ने का दर्द था इसलिए कांग्रेस छोड़ी   मोहन यादव ने कहा कि जनता विकास चाहती है और केंद्र में और मप्र में भाजपा की सरकार है और विकास कर रही है, रामनिवास रावत कांग्रेस से कई बार विधायक रहे लेकिन विकास में श्योपुर पीछे रह गया , वे 6 बार जीते लेकिन उनके मन में विकास को लेकर दर्द था इसीलिए उन्होंने कांग्रेस छोड़ी, इसलिए चुने जाने के बाद भी भाजपा में आये अबकी बार वहां एक विधायक , मंत्री सांसद और मैं खुद वहां मौजूद रहूँगा। 23 नवम्बर से 1 दिसंबर तक जर्मनी और इंग्लैड के दौरे पर रहेंगे सीएम डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री ने कहा हम रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव के माध्यम से प्रदेश में आर्थिक मजबूती का माहौल बन रहे हैं 7 दिसंबर को प्रदेश की छठवीं इंडस्ट्री कॉनक्लेव नर्मदापुरम ने होगी और फिर जनवरी में शहडोल में होगी, हम फरवरी में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल में करने जा रहे हैं इसी सिलसिले में मैं 23 नवम्बर से 1 दिसंबर तक जर्मनी और इंग्लैड के दौरे पर जा रहा हूँ जिससे वहां के इन्वेस्टर को मप्र में उद्योग लगाने के लिए निवेदन कर सकूँ हमारा प्रयास है कि प्रदेश के हित में ये सकारात्मक माहौल बना रहे।

वाह मोहन भैया आपने जेसी मिल का निरीक्षण कर ग्वालियर मजदूरों, युवाओं और उद्योग जगत मे एक उम्मीद जगा दी

ग्वालियर ग्वालियर शहर की पहचान राजघराने सिंधिया के साथ-साथ उद्योगों के लिए भी जाना जाता है I जिसमें जेसी मिल जैसे उद्योगों की पहचान किसी से छुपी नहीं है I मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसका निरीक्षण करके एक सकारात्मक संदेश ग्वालियरवासियों को दिया है I जिससे उम्मीद की जा सकती है कि अब ग्वालियर को विकास और रोजगार भरपूर मिलेगा I मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज ग्वालियर में जे.सी. मिल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों / स्थानीय नेताओं और मन्त्रियों से मिल के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ग्वालियर के जे सी मिल और अन्य उपेक्षित मिलों के मजदूरों के हित में निर्णय लेकर एक उचित दिशा में काम कर सर्वजन हिताय की परिभाषा को चरितार्थ करेंगे I

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी प्रदेशवासियों को गोपाष्टमी पर मंगलकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संस्कृति एवं अध्यात्म की प्रतीक गौमाता की आराधना के पावन पर्व गोपाष्टमी की मंगलकामना दी है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने जगत का कल्याण करने वाली गौमाता से विश्वमांगल्य की प्रार्थना कर सभी के जीवन में सुख-समृद्धि एवं वैभव की कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार निरंतर गौमाता की सेवा एवं गौ-वंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सिलेंडर रीफिल के लिये 26 लाख बहनों को अंतरित करेंगे 55 करोड़ रूपये

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज शनिवार को इंदौर में देंगे सौगातें 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों को आज मिलेगी 1250 रूपये की नवम्बर माह की किश्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सिलेंडर रीफिल के लिये 26 लाख बहनों को अंतरित करेंगे 55 करोड़ रूपये 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 333 करोड़ रूपये का होगा अंतरण दिव्यांगों को लेपटॉप, मोटोराइज्ड ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण भी करेंगे वितरित  इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 नवम्बर को इंदौर के नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना, गैस रीफिल एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 2 करोड़ 10 लाख हितग्राहियों के खातें में 1961 करोड़ रूपये अंतरित करेंगे। इसमें 1 करोड़ 29 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1573 करोड़ रूपये, 26 लाख बहनों के खातों में सिलेंडर रीफिल की राशि 55 करोड़ रूपये और 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों के खातों में 333 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जायेगी। नेहरु स्टेडियम में  5  हजार से अधिक बालिकाओं के द्वारा तलवार चलाने के वर्ल्ड रेकार्ड बनाने का कार्यक्रम भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के ढ़क्कन वाला कुँआ स्थित ग्रामीण हाट बाजार में आयोजित कार्यक्रम में इंदौर के 450 से अधिक दिव्यांगजनों को लेपटॉप, मोट्रेट ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री आईटीसी के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। उनके द्वारा इंदौर जिले के  155  दिव्यांगजनों को मोटोराइज्ड ट्रॉयसाइकल, निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 81 छात्र/छात्राओं को लेपटॉप, 6 दम्पतियों को मुख्यमंत्री निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता, 130 दिव्यांग वृद्धजनों को डिजीटल श्रवण यंत्र, 99 दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, सी.पी. चेयर, बैशाखी और  कैलीपर्स प्रदान की जायेगी। साथ ही कलेक्टर आशीष सिंह की पहल पर तैयार किये गये दिव्यांगजनों को सशक्त पोर्टल के माध्यम से निजी क्षेत्र की कम्पनियों में चयनित 5 दिव्यांगजनों को नियुक्ति-पत्र भी सौंपेंगे। इस कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिला एवं संभागीय अधिकारी वर्चुअल शामिल होंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उत्तरप्रदेश में प्रतापगढ़ जिले में भागवत कथा में शामिल हुए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के ग्राम करमाही पहुँचकर श्रीमदभागवत कथा में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम करमाही में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में परम श्रद्धेय स्वामी राघवाचार्य जी भागवत कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के संगठन प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह जी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का डॉ. महेंद्र सिंह के पैतृक ग्राम करमाही में पुष्पहारों से आत्मीय स्वागत किया गया। भागवत कथा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, उत्तर प्रदेश की पंचायत संस्थाओं के पदाधिकारी और श्रद्धालु जन नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रयागराज में भी स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने भेंट की।  

नई शिक्षा नीति:2020 के अंतर्गत प्रदेश में अनेक नवाचार हुए, विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी उच्च शिक्षा के जुड़े नवाचार करें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नई शिक्षा नीति:2020 के अंतर्गत प्रदेश में अनेक नवाचार हुए हैं। विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी उच्च शिक्षा के जुड़े नवाचार करें। अच्छे प्रयोगों का सदैव स्वागत है। शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर श्रेष्ठ बनाने के प्रयास हों। पैरामेडिकल और नर्सिंग पाठ्यक्रम भी विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सक्षम युवाओं का निर्माण सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए सबसे बड़ी गारंटी मानते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल से इस संदर्भ में नई शिक्षा नीति में अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान भी हुए हैं। इस नीति में युवाओं को ज्ञानवान और अनेक विषयों में पारंगत बनाने की रणनीति बनाई गई है। इस नाते मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक अभिनव प्रयास इस दिशा में किए गए हैं। मध्यप्रदेश में महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में जहां भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यशालाएं आयोजित की गईं, वहीं राज्य सरकार द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा शीर्ष समिति और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में टास्क फोर्स का गठन किया गया। विद्यार्थियों को उनकी रूचि, दक्षता और क्षमता के अनुसार शिक्षा व्यवस्था करने के प्रसार सफल हो रहे हैं। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में प्रदेश अग्रणी है। मध्यप्रदेश का सकल पंजीयन अनुपात राष्ट्रीय अनुपात 28.4 प्रतिशत के मुकाबले 28.9 प्रतिशत है जो एक उपलब्धि है। बहुविषयक शिक्षा में आगे मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालयों द्वारा बहुविषयक शिक्षा प्रदान करने और रोजगार के लिए उपयोगी पाठ्यक्रमों के संचालन की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में प्रदेश में उच्च शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर कुलगुरूओं और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की है। बताया गया कि विद्यार्थियों को बहुविषयक दृष्टिकोण (मल्टी डिस्पलीनरी एप्रोच) के माध्यम से अन्य विषयों के अध्ययन के लिए प्रेरित करने के निरंतर प्रयास किए जाएं। वर्तमान में प्रदेश के लगभग एक लाख विद्यार्थी वाणिज्य के साथ कला और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। कला संकाय के 18 हजार विद्यार्थी वाणिज्य और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। मध्यप्रदेश में विज्ञान संकाय के ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 11 हजार है, जिन्होंने कला और वाणिज्य विषय का चयन किया है। इस तरह एक लाख 29 हजार विद्यार्थियों ने बहुविषयक शिक्षा का लाभ लिया है। विद्यार्थी ले रहे खेती किसानी की शिक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनेक बिन्दुओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। उच्च शिक्षा व्यवस्था में स्नातक स्तर पर कृषि जैसे विषय के अध्ययन के प्रावधान के भी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। सात विश्वविद्यालयों और 18 शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में बी.एससी. कृषि पाठ्यक्रम का संचालन हो रहा है। इन पाठ्यक्रामों का लाभ 1189 विद्यार्थी ले रहे हैं। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में सर्वाधिक 240 विद्यार्थी खेती किसानी की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में पायलेट ट्रेनिंग के कोर्स के संचालन और एविएशन के सर्टिफिकेट कोर्स के लिए पांच विश्वविद्यालयों ने पहल की है। निश्चित ही युवाओं को इन पाठ्यक्रमों का रोजगार की दृष्टि से पूर्ण लाभ प्राप्त होगा। इन्क्यूबेशन केन्द्रों की सक्रिय भूमिका, र्स्टाट अप्स को पूर्ण प्रोत्साहन प्रदेश में उच्च शिक्षा क्षेत्र में कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 47 इन्क्यूबेशन सेन्टर प्रारंभ किए गए हैं। इनमें शासकीय विश्वविद्यालय में 16, निजी विश्वविद्यालय में 12 एवं शासकीय स्वशासी महाविद्यालय में 19 इन्क्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। देवी अहिल्या विश्व विद्यालय इंदौर को केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पांच करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर इन्क्यूबेशन सेंटर को अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग ने अटल कम्युनिटी इन्नोवेशन सेंटर के लिए 2.5 करोड़ रूपए स्वीकृत किए हैं। इसी तरह जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के लिए 13.4 लाख रूपए स्वीकृत हुए हैं। प्रदेश के 2 निजी विश्वविद्यालयों में भी अटल इन्क्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए गए हैं। इनमें रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल और लक्ष्मीनारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (एलएनसीटी) भोपाल शामिल हैं। इन्क्यूबेशन केंद्रों के माध्यम से स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय स्तर पर 65 स्टार्ट अप्स तथा 2 निजी विश्वविद्यालयों में कुल 295 स्टार्ट अप्स प्रारंभ हुए हैं। स्टार्ट अप्स को विश्वविद्यालयों ने प्रोत्साहन राशि भी दी है। वर्तमान में कुल लाभान्वित विद्यार्थी संख्या 620 है। पेटेंट के अंतर्गत पेटेंट कार्यालय, भारत सरकार से विश्वविद्यालयों के इन्क्यूबेशन सेंटर्स को कुल 14 पेटेंट प्राप्त हुए हैं। इनमें देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में छह, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में चार, विक्रम विश्वविद्यालय में तीन और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में एक पेटेंट शामिल हैं। समस्त विश्वविद्यालयों के कुल 27 पेटेंट के आवेदन स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं।  

देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस आज भी पाल पोस रही , कांग्रेस दमदारी से बांग्लादेश की घटनाओं के बारे में नहीं बोलती : सीएम यादव

भोपाल भोपाल में शुक्रवार को सीएम डॉ मोहन यादव ने राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम पायलट के बयान पर पलटवार किया है। झारखंड प्रचार के लिए रवाना होने से पहले सीएम ने कहा – जहां कांग्रेस के लोग रहते हैं धर्मों के आधार पर बांटते हैं। दरअसल गुरुवार को भोपाल पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी नेताओं के बयान “बंटेंगे तो कटेंगे” पर कहा था कि- बडे़ पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों द्वारा इस तरह की हल्की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। हम कांग्रेस के लोग तो कहते हैं कि पढ़ेंगे तो बढ़ेंगे। देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस पाल-पोस रही सीएम ने कहा- भाजपा के साथ बढ़िए देश के साथ रहिए, सनातन की जड़ों के साथ जुडिए। हमारे देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस आज भी पाल पोस रही है। क्यों कांग्रेस दमदारी से बांग्लादेश की घटनाओं के बारे में नहीं बोलती? क्योंकि उसे वोट बैंक का खतरा लगता है। किसी भी हालत में केवल हिंदुओं को टॉर्चर करना ये कांग्रेस की नीति ही मूलत: गलत है। भाजपा के सभी धर्मों का सम्मान करते हुए सबको साथ लेकर चलने सबका साथ सबका विकास जो भावना प्रधानमंत्री जी की है उसमें सबका विकास निहित है। अगर बांग्लादेश से घुसपैठ हो रही तो जिम्मेदार केन्द्र सरकार सचिन पायलट ने झारखंड में पीएम मोदी के रोटी-बेटी और माटी के अस्मिता के सवाल पर कहा- इन्फिलिटरेशन अगर सीमा के बाहर से हो रहा है। तो उसका जिम्मेदार कौन है? भारत की सीमाओं का संरक्षण करना, हमारे बॉर्डर्स को सिक्योर करना किसकी जिम्मेदारी है? अपनी जिम्मेदारी को छोड़कर आप कांग्रेस को आरोपी बनाते हैं। यह बड़ा प्रचलन चल रहा है चुनाव से ठीक पहले, वन नेशन वन इलेक्शन, यूसीसी, गौ माता के नाम पर, भगवान राम के नाम पर, वोट लेना। अपनी परफॉर्मेंस बताएं आपने निवेश कितना करवाया? रोजगार कितने दिए? उद्योग कितने लगवाए? पानी चिकित्सा शिक्षा इसकी कोई चर्चा नहीं है विवादित बयान देकर मीडिया और जनता का ध्यान भटकाना। वोट बटोर लेना और फिर कोई काम ना करना। यह मेरे ख्याल से एक पैटर्न बन गया है। पायलट ने कहा- झारखंड के चुनाव में 1,32,000 करोड रुपए जो झारखंड के लोगों को ड्यू था वह केंद्र सरकार रोक कर बैठी है। अब केंद्र सरकार पक्षपात करें भेदभाव करे विपक्ष की सरकार कहीं पर हो तो वहां पर बजट न दे विरोधियों की आवाज दबा दे। ईडी सीबीआई का दुरुपयोग करें। झारखंड में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वहां की सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है ।बहुत सारी स्कीम्स बनाई है जनता इसका लाभ ले रही है। और अंत में मुझे लगता है कि वहां पर पहले से ज्यादा बहुमत लेकर हम सरकार बनाएंगे।  

भारत स्काउट्स एंड गाइड्स का उद्देश्य सराहनीय है, यह प्रयास सतत् सफल हो, यही शुभेच्छा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि बौद्धिक एवं शारीरिक सामर्थ्य को अभिवर्धित कर विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवाभाव, सहनशीलता, समर्पण और त्याग की भावना जागृत कराने वाला भारत स्काउट्स गाइड्स संगठन, राष्ट्रीय व मानवीय मूल्यों को संचारित कर विद्यार्थियों को श्रेष्ठ नागरिक बनाने के लक्ष्य को समर्पित है। संगठन का उद्देश्य सराहनीय है, यह प्रयास सतत् सफल हो, यही शुभेच्छा है।  

छठी मैया की कृपा सभी पर अनवरत बरसती रहे, सबके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास हो, यही कामना है- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान सूर्य की उपासना एवं लोक आस्था के महापर्व “छठ पूजा” की समस्त प्रदेश व देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगल कामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि छठ पूजा का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। छठी मैया की कृपा सभी पर अनवरत बरसती रहे, सबके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास हो, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि बहनें छठ पर्व पर अपने सुहाग की दीर्घ आयु, परिवार में सुख-समृद्धि और आनंद की कामना के साथ भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पण कर अल्पाहार ग्रहण करती हैं। बहनें अपने जीवन को कष्ट में डालकर अपने पति की दीर्घायु के लिए कठिन साधना करती हैं, यह सनातन संस्कृति का वैशिष्ट्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन तालाब, नदी, पोखर आदि के किनारे छठ मैया की पूजा होती है, वहां उपयुक्त साफ-सफाई और सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।  

प्रदेश में वनाधिकार और पेसा कानून सटीक और प्रभावी तरीके से लागू होंगे, टॉस्क फोर्स गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है।        गठित टास्क फोर्स की शीर्ष समिति में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री रामनिवास रावत को उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन को पदेन सचिव और प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य को पदेन सह सचिव नियुक्त किया गया है।        मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता में कार्यकारी समिति भी गठित की गई है। इसमें मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, अपर मुख्य सचिव वन और अपर आयुक्त जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्थान को पदेन सदस्य नियुक्त किया गया है। डॉ. मिलिंद दांडेकर (विधि विशेषज्ञ), डॉ. शरद लेले (विषय विशेषज्ञ), श्री मिलिंद थत्ते (विषय विशेषज्ञ), श्री भगत सिंह नेताम पूर्व विधायक, श्री राम डांगोरे पूर्व विधायक, डॉ. रूपनारायण मांडवे और श्री कालू सिंह मुजाल्दा जनजातीय मंत्रणा परिषद मध्यप्रदेश को सदस्य नियुक्त किया गया है। प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग समिति के पदेन सदस्य सचिव होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वर्ष में 2 बार शीर्ष समिति की बैठक होगी और कार्यकारी समिति की बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुलाई जा सकेगी। समिति के प्रमुख दायित्व- टास्क फोर्स समिति राज्य में वर्तमान में चिन्हांकित वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों के मेपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना एवं अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिये संस्तुति प्रदान करना। वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना। राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये राज्य शासन के संबंधित विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिये डीएलसी और पेसा संबंधी विषयों के लिये जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्ययोजना के लिये अनुसंशाएं प्रदान करना। प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद कार्य-योजना एवं समय-सीमा के अनुसार बिन्दुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना। राज्य में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिये अन्य उपाय या अनुसंशाएं प्रस्तुत करना। टास्क फोर्स का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा, जो अपनी प्रथम अनुसंशाओं का प्रतिवेदन 3 माह की अवधि या इसके पूर्व प्रस्तुत करेगा। *समिति के प्रमुख दायित्व* टास्क फोर्स समिति राज्य में वर्तमान में चिन्हांकित वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों के मेपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना एवं अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिये संस्तुति प्रदान करना। वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना। राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये राज्य शासन के संबंधित विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिये डीएलसी और पेसा संबंधी विषयों के लिये जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्ययोजना के लिये अनुसंशाएं प्रदान करना। प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद कार्य-योजना एवं समय-सीमा के अनुसार बिन्दुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना। राज्य में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिये अन्य उपाय या अनुसंशाएं प्रस्तुत करना। टास्क फोर्स का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा, जो अपनी प्रथम अनुसंशाओं का प्रतिवेदन 3 माह की अवधि या इसके पूर्व प्रस्तुत करेगा।  

केंद्रीय कैबिनेट ने भारतीय खाद निगम में 10,700 करोड़ रुपए की इक्विटी डालने को दी मंजूरी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 2024-25 में “वेज एंड मीन्स’’ एडवांस को इक्विटी में परिवर्तित कर भारतीय खाद निगम में 10,700 करोड़ रुपए की इक्विटी डालने को मंजूरी देने पर आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दृढ़ प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा किसान-कल्याण के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया जाना अभिनंदनीय- वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये निर्णय एक ओर कृषि क्षेत्र को सशक्त करेगा, वहीं किसानों के कल्याण के लिए नए युग की नींव रखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मान निधि, सस्ते खाद, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और श्रीअन्न जैसे किसान समृद्धि के विभिन्न निर्णयों के क्रम में इस सौगात के लिए प्रदेश के समस्त किसानों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।  

मुख्यमंत्री उज्जैन में छठ पर्व कार्यक्रम में 08 नवंबर को सुबह वर्चुअली होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का  रात्री को उज्जैन मिथिलांचल विकास समिति द्वारा छठ पर्व पूजन कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निमंत्रण स्वीकार कर कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष छठ पर्व का आयोजन 08 नवंबर को प्रातः 07:30 पर विक्रम विश्वविद्यालय कैंपस स्थित विक्रम सरोवर में किया जा रहा है। छठ पर्व पर होनेवाली सूर्य देवता की उपासना एवं पूजा-अर्चना में क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे।  

मध्यप्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अगला रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में आयोजित किया जाएगा

भोपाल  मध्यप्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अगला रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी। यह छठा सम्मेलन होगा, जिसमें देश भर के प्रमुख उद्योगपति और निवेशक मुख्यमंत्री से आमने-सामने मिलेंगे और मध्यप्रदेश के किसी विशेष क्षेत्र के लिए निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए जाएंगे। जबलपुर में हुआ था पहला सम्मेलन पहला सम्मेलन जबलपुर में हुआ था, जो मध्यप्रदेश के महाकौशल क्षेत्र का केंद्र है। इसके बाद इंदौर और उज्जैन (मालवा-निमाड़ क्षेत्र), फिर सागर (बुंदेलखंड क्षेत्र) और आखिरी सम्मेलन रीवा में हुआ। मुख्यमंत्री ने उद्योग स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सम्मेलनों का कॉन्सेप्ट शुरू किया है। संभावना है कि इससे राज्य की आर्थिक वृद्धि और रोजगार में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। क्या होता है सम्मेलन में इन सम्मेलनों के दौरान, राज्य सरकार ने व्यवसाय के लिए अपनी नीतियों पर प्रकाश डाला। इसमें मध्य प्रदेश में उद्योगपतियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आकर्षित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराना शामिल है। रीवा में मिले था 31 हजार करोड़ के निवेश के प्रपोजल मुख्यमंत्री ने पहले कहा कि फेस टू फेस बैठकों से उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं देने में आने वाली कठिनाई या किसी भी परेशानी का तुरंत समाधान करने में मदद मिलती है। 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित पिछले सम्मेलन में, राज्य सरकार को 31,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इन निवेशों से पूरे राज्य में 28,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। ये रहे थे प्रमुख निवेश प्रमुख निवेश प्रस्ताव श्री सिद्धार्थ इंफ्राटेक (ग्रीनको) द्वारा अक्षय ऊर्जा के लिए 12,800 करोड़ रुपये, ऋत्विक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पन्ना में अक्षय ऊर्जा के लिए 4,000 करोड़ रुपये और पतंजलि आयुर्वेद द्वारा वेलनेस और खाद्य प्रसंस्करण में 1,000 करोड़ रुपये के थे। इसके अतिरिक्त, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 1000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा। मैहर में 3,000 करोड़ रुपये की सीमेंट इकाई और अडानी समूह की महान एनर्जीन लिमिटेड ने सिंगरौली जिले में कोयला ब्लॉक के लिए 2,528 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरविंदों हॉस्पिटल इंदौर में प्रसव-प्रतीक्षालय का किया शुभारंभ

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को अरविंदो यूनिवर्सिटी इंदौर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त “प्रसव-प्रतीक्षालय” का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मध्य प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं को क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा रहा है। मेडिकल टूरिज्म डेवलपमेंट करने की सोच विकसित हो रही है। प्रसव-प्रतीक्षालय की पहल स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। प्रसव-प्रतीक्षालय का नवाचार अभिनव पहल है। प्रसव-प्रतीक्षालय से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता महिलाओं एवं उनके परिजनों को समय पर स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रसव-प्रतीक्षालय की यह नवाचारी पहल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मिल का पत्थर सिद्ध होगी। इस प्रयास को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अरविंदो अस्पताल प्रबंधन का चिकित्सा सेवा भाव अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को गोद लेने की डॉ. विनोद भंडारी की पहल का स्वागत करते हुए शासन की ओर से हर संभव सहयोग के लिये आश्वास्त किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को डॉ. भंडारी ने स्मृति-चिन्ह भेंट किया।  कार्यक्रम में विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, गौरव रणदीवे, अरविंदो हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. विनोद भंडारी, प्रबंध निदेशक डॉ. महक भंडारी, वाइस चांसलर डॉ. ज्योति बिंदल, अधिष्ठाता श्रीमती जयकापड़िया सहित बड़ी संख्या में सेम्स अस्पताल के चिकित्सक, विद्यार्थी उपस्थित थे। इस अवसर पर संभागायुक्त दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में डॉ. भंडारी ने स्वागत सम्बोधन दिया। उन्होंने प्रसव-प्रतीक्षालय की अवधारणा पर विस्तृत जानकारी दी।  डॉ. महक भंडारी ने संस्था के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अरविंदो हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. भंडारी ने बताया कि भंडारी समूह एवं अरविंदो विश्वविद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सिविल अस्पतालों में शिशु-मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए राज्य शासन के साथ काम करेंगे। शासन के एनआरएचएम के साथ ट्रेनिंग प्रोटोकॉल का विस्तृत मॉडल प्रोजेक्ट तैयार कर सबसे पहले इंदौर और उज्जैन में शुरू किया जाएगा। अल्ट्रा मॉडर्न सुविधाओं एवं संसाधनों से युक्त प्रसव-प्रतीक्षालय में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के एक से दो सप्ताह पूर्व से ही वर्तमान समय की श्रेष्ठतम सुविधाएं एवं सहूलियतें ‘अरविंदो अस्पताल प्रोटोकाल’ के तहत प्रदान की जाएंगी। डॉ. भंडारी ने बताया कि प्रसव-प्रतीक्षालय में जैसे ही कोई महिला प्रसव के लिए एडमिट होगी, उसकी 24 घंटे सतत निगरानी के साथ सभी तरह की सावधानियाँ रखनी शुरू कर दी जाएंगी। उन्हें ‘एंटीनेटल एक्सरसाइज कराने के साथ एंटीनेटल डाइट’ भी दी जाएगी। गर्भवती महिलाओं को ‘फिजियोथेरेपी, म्यूजिक थेरेपी, बर्थिंग वाथ एक्सरसाइज, अरोमा थेरेपी आदि की सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। ‘फुली एयरकंडीशंड प्रसव-प्रतीक्षालय’ में मरीज के साथ आए परिजन (अटेंडर्स) की सुविधाओं का भी प्रसव-प्रतीक्षालय में ख्याल रखा जाएगा।  

हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन कोई कानून व्यवस्था हाथ में लेगा तो सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी: सीएम मोहन यादव

 इंदौर  हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन कोई कानून व्यवस्था हाथ में लेगा तो सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। दीपावली के दिन हिंदू समाज पटाखे फोड़ता है तो कोई कैसे रोक सकता है और रोकेगा तो यह प्रदेश सरकार को बर्दाश्त नहीं है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इंदौर प्रवास के दौरान कही। मीडिया से चर्चा में उन्होंने छत्रीपुरा की घटना को लेकर कहा कि हम सभी को साथ लेकर विकास चाहते हैं, लेकिन कोई कानून हाथ में लेगा तो पीछे नहीं हटेंगे। कानून सबसे निपटने में सक्षम है। सरकार सक्षम है। कनाडा की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इसकी निंदा करता हूं और सिख बंधुओं का अभिवादन करता हूं कि उन्होंने सामने आकर इस तरह की घटनाओं का विरोध किया है। हाथियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात है कि मप्र की आबोहवा उन्हें रास आ रही है। सीएम ने कहा- हम प्रदेश के अधिकारियों को कर्नाटक, केरल जैसे प्रदेश ट्रेनिंग के लिए भेजेंगे ताकि ऐसा योजना बन सके कि जन हानि भी न हो और पशु हानि भी न हो। मुख्यमंत्री ने कुक्षी के परिवार के साथ गुजरात में हुए हादसे को लेकर दुख प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की राहत राशि दी है। मुख्यमंत्री पश्चिम क्षेत्र में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम में भी पहुंचे। ‘मातृ-शिशु मृत्युदर कम करने में मददगार होंगे प्रसव प्रतीक्षालय’ श्री अरबिंदो अस्पताल में होने वाले नवाचार मरीजों के लिए हमेशा अच्छे होते हैं लेकिन मुझे लगता है कि गर्भवती महिलाओं और उनकी शिशुओं की अनमोल जान बचाने में प्रसव प्रतीक्षालय का नवाचार विशेष रूप से मददगार साबित होगा। इससे हाई रिस्क प्रसूताओं और ट्रायबल बेल्ट की गर्भवती महिलाओं की मदद होगी। इस अनूठी पहल से शिशु-मातृ मृत्यु दर में भी कमी आएगी। अच्छी बात यह है कि प्रतीक्षालय में मरीजों के साथ-साथ स्वजन की छोटी से छोटी सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। यह बात मंगलवार को श्री अरबिंदो अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए शुरू किए गए प्रसव प्रतीक्षालय के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे साथ ही कहा कि इस तरह के नवाचार इंदौर समेत मध्य प्रदेश को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान करते हैं। इस मौके पर फाउंडर चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी ने बताया कि हम पीएससी, सीएससी आदि के साथ मिलकर सिविल अस्पतालों में शिशु-मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। सरकार के एनआरएचएम के साथ ट्रेनिंग प्रोटोकाल का विस्तृत माडल प्रोजेक्ट तैयार कर सबसे पहले इंदौर और उज्जैन में शुरू किया जाएगा। डॉ. महक भंडारी ने बताया कि प्रसव प्रतीक्षालय में जैसे ही कोई महिला प्रसव के लिए भर्ती होगी, उसकी 24 घंटे निगरानी के साथ सभी तरह की सावधानियां रखनी शुरू कर दी जाएंगी।

सायबर सुरक्षा का जिम्मा इलेक्ट्रानिक विकास निगम को देंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीपीपी मोड पर बनाए जाएं आईटी पार्क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समान कार्य स्वरूप की संस्थाएं‍मिलकर करें कार्य सायबर सुरक्षा का जिम्मा इलेक्ट्रानिक विकास निगम को देंगे मुख्यमंत्री ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शासकीय विभाग जन-कल्याण के लिए ड्रोन तकनीक के अधिक उपयोग के लिए प्रयास बढ़ाएं। अवैध वृक्ष कटाई, अवैध खनिज उत्खनन, सघन बस्तियों में पुलिस पेट्रोलिंग में ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाया जाए। वन क्षेत्रों में शिकार की घटनाएं भी ड्रोन तकनीक से ज्ञात कर अपराधियों को दंडित करने में उपयोग किया जाए। मैपकास्ट के साथ‍क्रिस्प और इस तरह की अन्य संस्थाएं समान स्वरूप की गतिविधियों का संयुक्त रूप से समन्वय पूर्वक संचालन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय कक्ष में हुई बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों और संचालित प्रकल्पों से संबंधित निर्देश दिए। पीपीपी मोड पर बनें आईटी पार्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीपीपी मोड से आईटी पार्क बनाए जाएं। इंदौर, उज्जैन और रीवा में इन संभावनाओं को साकार किया जाए। सभी आईटी प्रोजेक्ट्स के कार्यों की समय- सीमा तय कर कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों, फसलों की रक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नवीन टेक्नोलॉजी का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया। आईआईटी इंदौर से जुड़े डोंगला वेधशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन जिले की डोंगला वेधशाला को आईआईटी इंदौर के साथ कनेक्ट कर रिसर्च एवं डेवलपमेंट पाठ्यक्रम विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने उज्जैन प्लेनेटोरियम में टॉपर विद्यार्थियों का प्राथमिकता के आधार पर भ्रमण प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। शोधकर्ताओं के लिए वेधशाला की रिमोटली ऑपरेटेड सुविधा नई शिक्षा नीति के अनुरूप भी है। विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान का अध्ययन करवाने पर करें फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान के लिए प्रेरित किया जाए। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी वेधशालाओं का भ्रमण कर ज्ञान स्तर बढ़ाएं। प्रदेश में अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित अतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर युवाओं को जोड़ा जाए। इन क्षेत्र में पीएच.डी. के लिए भी छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया जाए। विद्यार्थियों को वर्तमान दौर से जोड़ने के लिए उनके बौद्धिक स्तर को बढ़ाना आवश्यक है। नव -वैज्ञानिक संवाद सत्र आयोजित किए जाएं। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष उज्जैन तारामंडल में 8 करोड़ की लागत से अपग्रेडेशन के कार्य हुए हैं। यहाँ थ्रीडी 4K प्रोजेक्शन सिस्टम लोकार्पित होने के बाद 400 से अधिक शो सम्पन्न हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में स्कूल- कॉलेज के विद्यार्थी रूचि लेकर पहुंच रहे हैं। उज्जैन विश्व समय मानक का केंद्र बने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीनविच टाइम्स को जिस तरह की मान्यता प्राप्त है, उस तरह उज्जैन के भौगोलिक महत्व और जनार्दन नेगी जैसे वैज्ञानिकों के अनुसंधान के प्रकाश में विश्व स्तर पर उज्जैन को विशेष केंद्र के रूप में पहचान मिलना चाहिए। यहां दुनिया में अपनी तरह की प्रथम वैदिक घड़ी भी स्थापित की गई है। प्राचीन आचार्यों ने भी भौगोलिक गणना के अनुसार उज्जैन को शून्य रेखांश पर स्थित माना है। विश्व समय मानक ग्रीनविच से परिवर्तित होकर उज्जैन हो जाए, इस दिशा में बहुआयामी प्रयास होना चाहिए। शासकीय विभागों और सिंहस्थ-2028 के लिए एमपीएसईडीसी को देंगे जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीएसईडीसी) के माध्यम से साइबर सुरक्षा के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए भी नगरीय प्रशासन विभाग के आईटी प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी एमपीएसईडीसी को दी जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीएसईडीसी) द्वारा अभी से प्लान बनाकर कार्य किया जाए। इंजीनियरिंग कॉलेजों का उच्च शिक्षा से हो समन्वय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सक्षम बने एवं विभिन्न प्रोजेक्ट की साइबर सुरक्षा के लिए भी कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 6 पुराने शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों को आईआईटी की तर्ज पर विकसित किया जाए। आवश्यकता अनुसार इंडस्ट्री की मदद कॉलेज को विकसित करने में ली जाए। प्रदेश में आ रहे नए उद्योगों में कौशल प्राप्त श्रमिक कार्य के लिए उपलब्ध हों, इस दिशा में भी प्रयास बढ़ाए जाएं। उन्होंने स्टेट डाटा सेंटर के लिए आवश्यकता के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि उद्योगों के लिए सभी विभागों का इंटीग्रेटेड सिंगल विंडो सिस्टम डेवलप किया जाए। सभी शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज को आईटी डिपार्टमेंट से समन्वय स्थापित कर विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा विभाग और क्रिस्प एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद को आपस में समन्वय कर ग्रामीण प्रौद्योगिकी के लिए कार्य करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीपीपी मोड पर प्रदेश में आईटी पार्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रोन टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग की जरूरत बताते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स जैसी नवीन तकनीक का समावेश किया जाए। पुलिस विभाग में विभिन्न स्थानों का डाटा को इंटीग्रेटेड कर हीट मैप डेवलप करें, जिससे अपराध का विशलेषण किया जाए अपराधों में कमी लाई जा सके। मुख्य सचिव ने पीएम गति शक्ति पोर्टल का प्रभावी उपयोग करने पर भी जोर दिया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे ने विभागीय कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्रोन टेक्नोलॉजी का विभिन्न विभागों में उपयोग हो रहा है। प्रदेश में राजस्व, वन, नगरीय प्रशासन, रेरा, कृषि और उद्योग विभागों में ड्रोन टेक्नोलॉजी तकनीक विकसित करने के प्रोजेक्ट्स प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स की भी जानकारी दी। प्रदेश में आने वाले वर्ष की महत्वपूर्ण गतिविधियां मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक अनिल कोठारी ने परिषद द्वारा किए जा रहे कार्यों, भविष्य की योजनाओं, प्रस्तावित गतिविधियों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। दिसम्बर माह में वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला डोंगला के ऑटोमेशन के सम्पन्न कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी द्वारा … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति

सिविल सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का अनुसमर्थन नवीन मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापकों की भर्ती की आयु सीमा की गई 50 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम, 1997 में मुख्यमंत्री के आदेश दिनांक 13.09.2023 एवं इसके परिपालन में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना 3 अक्टूबर, 2023 का अनुसमर्थन किया गया। इस निर्णय से महिला आरक्षण 35 प्रतिशत होगा। 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2024-25 में (खरीफ एवं रबी सीजन में) 254 नए उर्वरक विक्रय केन्द्र स्थापित करने पर मानव संसाधन पर होने वाली संभावित व्यय की वास्तविक राशि अधिकतम 1 करोड़ 72 लाख रूपये की सीमा तक की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया। 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की स्थापना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप वि‌द्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 (410) मेगावाट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 (420 मेगावाट) में स्थापित इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 में स्थित इकाई क्रमांक 6 एवं 7 (200 + 210 मेगावॉट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 में स्थित इकाई क्रमांक 8 एवं 9 (2X210 मेगावॉट) द्वारा रूपांकित आयु पूर्ण कर ली गई हैं। ये इकाइयों लगभग 39 से 44 वर्षों से संचालन में हैं। इन इकाइयों की स्थिति एवं प्रदर्शन के दृष्टिगत म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा इन इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की चाही गई अनुमति मंत्रि-परिषद ने प्रदान की है। निर्णय अनुसार सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 एवं 3 में स्थित इकाई क्रमांक 6 से 9 (कुल क्षमता 830 मेगावॉट) को 30 सितम्बर, 2024 से रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की अनुमति प्रदान की गई। रिटायर (डी-कमीशन) इकाइयों का डिस्पोजल ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जायेगा। इन इकाईयों के स्थान पर 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई (इकाई क्रमांक 13) की स्थापना के लिए म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी करायी जायेगी। आयु-सीमा में वृद्धि का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महावि‌द्यालयों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। सह चिकित्सीय पाठ्क्रमों की मान्यता म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही को लंबित रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2023-24 एवं आगामी सत्रों की मान्यता प्रक्रिया, साथ ही सह-चिकित्सीय पाठ्यक्रम उत्तीर्ण कर्मियों के पंजीयन एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं का आयोजन पूर्व में प्रचलित म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 अंतर्गत् प्रचलित नियमों के अनुसार, पूर्व में विघटित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद को पुनर्जीवित करते हुए, पूर्ण किये जाने तथा राष्ट्रीय आयोग द्वारा अधिनियम अंतर्गत प्रावधानित विनियम (रेगुलेशन) जारी होने के उपरांत विनियम के अनुरुप मध्यप्रदेश अलाइड एण्ड हेल्थ केयर कौंसिल ‌द्वारा स्वशासी बोर्ड्स के गठन होने पर पुनर्जीवित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद स्वतः समाप्त हो जायेगी एवं मंत्रि-परिषद् के पूर्व में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही की जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की गई केन्द्र प्रवर्तित परियोजना “Strengthening of Cooperatives through IT Interventions” अन्तर्गत प्रदेश के पंजीयक सहकारी संस्थाएँ कार्यालय के कम्प्यूटराईजेशन के लिए परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। इस पर 3 करोड़ 68 लाख रूपये व्यय आयेगा, जिसकी 60 प्रतिशत राशि केन्द्र एवं 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जायेगी।  

कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक की भर्ती की आयु सीमा में वृद्धि पर भी निर्णय लिया

भोपाल  प्रदेश की मोहन सरकार ने महिलाओं के हित में बड़ा कदम उठाया है। सिविल सेवाओं में महिलाओं के लिए अब 33 के बजाय 35 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे। मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। इसके साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक की भर्ती के लिए आयु सीमा को दस साल बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अब 40 के बजाय 50 साल तक उम्र के अभ्यर्थी मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर         – प्रदेश में खाद आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए 254 नकद विक्रय केंद्र खोलने की दी गई स्वीकृति। 7 दिसंबर को होगी नर्मदापुरम में इन्वेस्टर्स समिट। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पर्यवेक्षण समिति गठित उधर, सिंहस्थ वर्ष-2028 की तैयारियों के लिए मप्र शासन द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पर्यवेक्षण समिति गठित कर दी गई है। पर्यवेक्षण समिति सिंहस्थ के अंतर्गत मंत्रि-परिषद समिति के निर्देशों का पालन, मंत्रि-परिषद समिति के समक्ष रखे जाने समस्त नीतिगत प्रकरणों का परीक्षण कार्य तथा विभिन्न विभागों की सिंहस्थ मद कार्य योजना की समीक्षा करेगी। समिति में अपर मुख्य सचिव, गृह, उर्जा, लोक निर्माण, जल संसाधन, परिवहन, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राजस्व, वित्त, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति एवं पर्यटन, सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास समिति के सदस्य सचिव होंगे।

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्य सगे भाई, दोनो राज्यों की साझा संस्कृति है, साथ ही साझा विचार और साझा राष्ट्रवादी भाव है: CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सांझी संस्कृति को सहेजते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्य सगे भाई है। दोनो राज्यों की साझा संस्कृति है, साथ ही साझा विचार और साझा राष्ट्रवादी भाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रायपुर में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस समारोह राज्योत्सव को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में ही छत्तीसगढ़ राज्य का उदय हुआ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के विकास की असीम संभावनाओं का आंकलन कर निर्णय लिया। आज वनांचल और माइनिंग के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य है। पूरे प्रदेश में विकास के नए आयाम रचे जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब डबल इंजन की सरकार तेजगति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि का संबंध भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से रहा है। मां कौशल्या और माँ शबरी ने भी इस भूमि का उद्धार किया है। माता शबरी के झूठे बेर भगवान श्रीराम के द्वारा खाने का गौरवशाली प्रसंग जनजातीय संस्कृति को गौरवान्वित करता है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान और गुजरात ये सभी राज्य भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आध्यात्मिक प्रसंगों को अपने में समेटे हुए है। इस गौरवशाली अतीत को भावी पीढ़ी के सामने लाने के लिए हमारी सरकार मिलकर काम करेगी। भगवान श्रीराम के पदचिन्हों पर बनने वाले श्रीराम वन-गमन पथ के साथ साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्रसंग स्थलों को चिन्हित करते हुए धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का दीप प्रज्ज्वलित और देव नगाड़ा बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरूण साव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं सांसद ब्रजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, समाजसेवी, कलाकार और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।  

हाथियों के मूवमेंट क्षेत्रों से लगे गाँव में मुनादी की जा रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सभी पहलुओं के मद्देनजर सतत् आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अपर मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि टाइगर रिजर्व में 6 विशेष दल बनाकर स्वस्थ हाथियों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। खितौली रेंज के बगदरा बीट में रेस्क्यू किये गये हाथी की वन्य-प्राणी चिकित्सकों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। अपर मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव कृष्णमूर्ति ने बताया कि मानव-हाथी द्वंद एवं वन्य-प्राणी प्रबंधन के लिये हाथियों के मूवमेंट क्षेत्रों से लगे गाँवों में मुनादी करायी जा रही है। साथ ही प्रबंधन को मजबूत करने के लिये बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मुख्य वन संरक्षक शहडोल द्वारा 35 स्टॉफ की ड्यूटी लगाई गई है। अपर मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव कृष्णमूर्ति ने बताया कि सोमवार तक सभी मृत हाथियों के बिसरा एवं पानी के नमूने आईबीआरआई जबलपुर, एसडब्ल्यूएफएच जबलपुर और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला सागर भेजे जा चुके हैं। मिट्टी और हाथियों द्वारा खाई गई फसल के नमूने भी लिये गये हैं, जो विश्लेषण के लिये जेएनकेवीवी जबलपुर भेजे गये हैं। विस्तृत लैब परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही हाथियों की मृत्यु के कारणों का पता लग सकेगा। शासन के निर्णय अनुसार एसआईटी और एसटीएसएफ की टीमें हाथियों की मृत्यु के मामले के सभी संभावित पहलुओं पर लगातार जाँच कर रही है।  

‘मोहन सरकार ने जंगली जानवरों के हमलों के कारण मौत पर मुआवजे की राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का फैसला किया

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत जंगली जानवरों के हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। राज्य सरकार ने उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पास एक हाथी द्वारा दो व्यक्तियों को कुचलकर मार डालने की घटना के एक दिन बाद यह घोषणा की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया, ‘‘हमने जंगली जानवरों के हमलों के कारण मौत के लिए मुआवजे की राशि आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का फैसला किया है। हमने उमरिया में (हाथियों के हमले में) मारे गए दो लोगों के परिवारों को भी इसके दायरे में शामिल किया है।’’ वन मंत्री प्रदीप अहिरवार द्वारा उमरिया जिले के पीड़ितों के परिजनों को 8-8 लाख रुपये का मुआवजा सौंपने के कुछ घंटों बाद ही मुआवजा राशि में तीन गुना की वृद्धि की गई। उधर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) के बफर जोन के बाहर शनिवार को जंगली हाथियों के हमले में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई थी। अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पहचान रामरतन यादव (65) के रूप में हुई है। बीटीआर के अधिकारी ने बताया, “आज सुबह जब वह रिजर्व के बाहर शौच के लिए गए थे तो जंगली हाथियों ने उन्हें कुचल दिया।’’ उमरिया के मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) विवेक सिंह ने को फोन पर बताया कि यह घटना देवरा गांव में हुई। इस हफ्ते की शुरुआत में तीन दिनों के अंतराल में बीटीआर में दस हाथियों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को रिजर्व (बीटीआर) के खितोली रेंज के अंतर्गत सांखनी और बकेली में चार जंगली हाथी मृत पाए गए, जबकि बुधवार को चार और बृहस्पतिवार को दो की मौत हो गई। अधिकारियों ने पहले बताया था कि 13 सदस्यीय झुंड में से अब केवल तीन हाथी ही जीवित हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या व्यक्ति को शेष तीन हाथियों ने मारा है, तो अधिकारी ने कहा कि उनकी पहचान का पता लगाना मुश्किल है। बीटीआर के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि झुंड के शेष तीन हाथी कटनी जिले के वन क्षेत्र की ओर बढ़ते देखे गए। वन अधिकारी ने कहा, “यह गतिविधि असामान्य है क्योंकि बीटीआर में पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया है।” बीटीआर पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया और कटनी जिलों में फैला हुआ है।

एक ही स्थान पर मिलेगी खाद, बीज, मिट्टी और कृषि उपकरणों की जानकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पीएम किसान समृद्धि केन्द्र वन स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य करेंगे। इनमें खाद, बीज, कृषि उपकरण और मिट्टी परीक्षण के अतिरिक्त खेती-किसानी से संबंधित अन्य जानकारियाँ भी उपलब्ध कराई जायेंगी। उल्लेखनीय है कि 3 सितम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग और नर्मदा नियंत्रण मण्डल के कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रत्येक ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किये जाने के निर्देश दिये थे। पीएम किसान समृद्धि केन्द्रों का उद्देश्य है कि एक ही स्थान पर किसानों को मिट्टी, बीज, उर्वरक इत्यादि की जानकारी उपलब्ध कराई जाये। इसके साथ ही इन केन्द्रों को कस्टम हॉयरिंग सेंटर्स से जोड़कर किसानों को कृषि संबंधी छोटे और बड़े उपकरण भी उपलब्ध कराये जायें। किसानों को कृषि की बेहतर पद्धतियों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारियाँ प्रदान की जायें। किसानों को मिलेंगे ये लाभ ग्राम पंचायतों में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित हो जाने से किसानों को अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें केन्द्र में ही खेती-किसानी के लिये आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध होंगे। संसाधन उपलब्ध न होने पर किसान समृद्धि केन्द्र समन्वयक की भूमिका निभाकर उन्हें संसाधन उपलब्ध करायेगा। इससे किसानों का खाद, बीज, उर्वरक और कृषि उपकरणों की खरीदी के लिये आने-जाने का समय भी बचेगा और अन्य व्यय भी नहीं होंगे। उन्हें किसान समृद्धि केन्द्र पर ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे वे बेहतर उपज भी प्राप्त कर सकेंगे। किसान समृद्धि केन्द्र पर रहेगी हेल्प-डेस्क पीएम किसान समृद्धि केन्द्र पर हेल्प-डेस्क भी रहेगी। यहाँ से मृदा विश्लेषण और मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों के उपयोग की जानकारी मिलेगी। मौसम पूर्वानुमान की जानकारी मिलेगी। केन्द्र से फसल बीमा, ड्रोन, कृषि वस्तुओं की जानकारी के साथ अधिक लाभार्जन के लिये फसलों के पेटर्न के पैकेज संबंधी जानकारी भी मिलेगी। प्रगतिशील किसानों का रहेगा व्हाट्सएप ग्रुप पीएम किसान समृद्धि केन्द्र के संचालक कृषि विभाग और कृषि संबंधी कार्यक्रम और गतिविधियों से जुड़े रहेंगे। पीएम किसान समृद्धि केन्द्र से जुड़े प्रगतिशील किसानों के किसान समृद्धि समूह नामक व्हाट्स-अप ग्रुप का निर्माण भी किया जायेगा।

ये चुनाव इस बात के लिए है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे: सीएम यादव

 भोपाल /रांची मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज झारखंड की राजधानी रांची की कांके विधानसभा पहुंचे, उन्होंने यहाँ आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड में हो रही घुसपैठ पर बड़ा हमला किया, मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बांग्लादेशी घुसपैठिये आपके मकान, दुकान, रोजगार और हक़ पर कब्ज़ा कर रहे हैं और इसे झारखंड की सरकार संरक्षण दे रही है, इसे रोकना होगा। कांके विधानसभा रांची पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का क्षेत्र के लोगों ने दिल से स्वागत किया,मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित जन समूह से कहा मैं बाबा महाकाल की धरती उज्जैन से आता हूँ यहाँ मुझे मालूम पड़ा है कि पहाड़ी बाबा भी महाकाल का ही रूप हैं मैं दोनों को प्रणाम करता हूँ, उन्होंने कहा कि ये जो झारखंड की सरकार है, कांग्रेस की सरकार है उसके पीछे कोई औ र्लोग हैं ये लोग केवल झूठ बोलते हैं। ये चुनाव इस बात के लिए है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे? घुसपैठ पर हमला करते हुए सीएम ने कहा मैं आपको डरा नहीं रहा लेकिन ये बात सही है ये चुनाव इस बात का है कि हम आगे अपने देवी देवताओं की पूजा पाएंगे? होली दिवाली मना पाएंगे कि नहीं? क्योंकि घुसपैठ बहुत तेजी से हो रही है, उन्होंने कहाकि बांग्लादेश में हिन्दुओं का नर संहार हो रहा है लेकिन ये चुप है क्योंकि ये केवल कुर्सी चाहते है इसलिए ये षड्यंत्र कर रहे हैं। ये घुसपैठिये आपकी आने वाली पीढ़ी के लिए संकट बन रहे हैं   सीएम ने कहा मैं आबादी का रेशो देख रहा था यहाँ 7 प्रतिशत हिन्दू कम हुए है आदिवासी वर्ग जो कभी 41 प्रतिशत था आज 28 रह गया है, अरे जब आबादी बढ़ रही है तो ये लोग कम क्यों हो रहे हैं? वो इसलिए कि झारखंड सरकार घुसपैठ को शरण दे रही है मुख्यमंत्री ने कहा कि ये घुसपैठिये आपके रोजगार पर, दुकान पर, मकान पर कब्ज़ा कर रहे हैं इतना ही नहीं ये आपका हक़ भी छीन रहे है ये घुसपैठ आपकी आने वाली पीढ़ी के लिए संकट पैदा कर रही है डॉ मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के कर्मों के कारण जनता ने उन्हें लोकसभा चुनावों में सबक दिखाया है, जम्मू कश्मीर में 40 हजार हत्याओं का पाप कांग्रेस के सिर पर है, कांग्रेस के कर्मों के कारण जो हालत जम्मू कश्मीर में हुई है यदि रोका नहीं गया तो वो हालत झारखंड की भी होगी। ये चुनाव ईमानदारों और बेईमानों के बीच है मुख्यमंत्री ने कहा झारखंड के लिए भाजपा ने सोचा, बिहार के साथ जुड़कर यहाँ की प्रगति रुकी हुई थी अटल जी ने इसे अलग राज्य बनाया, यहाँ प्राकृतिक सुन्दरता बहुत, है अटल जी ने कहा था कि ये देश का नंबर एक राज्य होगा लेकिन अटल जी को क्या पता होगा कि यहाँ ऐसी सरकार आयेगी जो भ्रष्टाचारी होगी, इस सरकार में बैठे लोगों ने इतना भ्रष्टाचार किया है कि यदि सौ सौ के नोट हो तो एक रेल गाड़ी भर जाएगी, इसलिए समझिये ये चुनाव ईमानदारी और बेईमानी के बीच है, बेईमानों का आपको बाहर का रास्ता दिखाना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव के लिए दी बधाई और शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दिए संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, विकास के नए सोपानों की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ द्वारा अपने स्थापना दिवस पर राज्य उत्सव का आयोजन हर्ष और प्रसन्नता का विषय है। मध्यप्रदेश से अलग होकर ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का बहुत पुराना संबंध है, दोनों राज्य, विकास और जन कल्याण की दिशा में समन्वित रूप से प्रगति पथ पर अग्रसर होने के लिए संकल्पबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ से बड़े समूह में आने वाले हाथियों की सूचना के आदान-प्रदान और उनके प्रबंधन के संबंध में कार्य योजना बनाने पर भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।  

6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राज्य अलंकरण एवं समापन समारोह में शामिल होंगे

 नया रायपुर में 04-06 नवम्बर तक राज्योत्सव का होगा भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राज्य अलंकरण एवं समापन समारोह में शामिल होंगे ख्याति प्राप्त कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति शासकीय विभागों द्वारा लगाई जाएगी विकास प्रदर्शनी शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट और मीना बाजार रहेगा आकर्षण का केन्द्र रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 के आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी है। तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक राज्योत्सव स्थल, नया रायपुर अटल नगर में होगा। राज्योत्सव स्थल में मुख्य मंच से लेकर पूरे परिसर की साज-सज्जा का काम तेजी से कराया जा रहा है। शासकीय योजनाओं एवं उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभाग का प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाने की तैयारी में जुटे हैं। राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव 2024 का उद्घाटन 4 नवम्बर को संध्या 6 बजे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि होंगे। राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 5 नवम्बर को राज्योत्सव के कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। राज्य अलंकरण समारोह एवं राज्योत्सव का समापन 6 नवम्बर को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में होगा। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि होंगे। राज्योत्सव के तीन दिवसीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, दयाल दास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं टंकराम वर्मा, नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वराजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे। राज्योत्सव में ख्याति प्राप्त कलाकार रंगारंग और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देंगे। 4 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत संध्या 4.30 बजे से होगी। बालीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक शांतुन मुखर्जी (शानु) की प्रस्तुति रात्रि 7.45 बजे से होगी। इससे पूर्व रिखी क्षत्रीय की टीम द्वारा 12 लोक नृत्य की झलकियां, मोहन चौहान एवं साथी द्वारा आदिवृंदम, सुनील सोनी एवं टीम द्वारा क्षेत्रीय नृत्य संगीत तथा विद्या वर्चस्वी द्वारा नाम रामायण की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी तरह 5 नवम्बर को राज्योत्सव में संध्या 5 बजे से पुरानिक साहू द्वारा सांस्कृतिक लहर गंगा, सुरेन्द्र साहू, भोला यादव एवं साथियों द्वारा लोक धुन, मोहन नायडू एवं साथियों द्वारा द मून लाईट रागा, राजेश अवस्थी, सुआरू साहू एवं सुनीति मोहन की प्रस्तुति होगी। 6 नवम्बर को सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत अनुराग शर्मा द्वारा अनुराग स्टार नाईट, मनोज प्रसाद द्वारा इंडियाज गॉट टैलेंट मल्लखंभ, सवि श्रीवास्तव द्वारा जादू बस्तर एवं पवनदीप एवं अरूनिता के पार्श्व गायन की प्रस्तुति होगी। राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के सभी विभागों द्वारा राज्योत्सव स्थल पर भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यहां शिल्प ग्राम बनाया जा रहा है, जहां छत्तीसगढ़ के विविध शिल्प प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। राज्योत्सव स्थल परिसर में शासकीय विभागों की प्रदर्शनी के लिए विशाल हैंगर (डोम) बनाए गए हैं। हैंगर-एक एवं दो में शासकीय विभागों के स्टॉल लगेंगे, जबकि हैंगर-तीन में वाणिज्यिक संस्थान अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। हैंगर-चार में पब्लिक सेक्टर के संस्थानों की प्रदर्शनी लगेगी। राज्योत्सव में शिल्प ग्राम, फूड कोर्ट और मीना बाजार आम लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र होंगे।

हाथी- मानव सहअस्तित्व सुनिश्चित करने बनेंगे “हाथी मित्र”, फसलों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की होगी व्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उमरिया में हाथियों की मृत्यु की घटना पर उठाए सख्त कदम राज्य स्तरीय हाथी टास्क फोर्स होगा गठित वन क्षेत्र में निगरानी की कमी के लिए फील्ड डायरेक्टर और प्रभारी एसीएफ का निलंबन हाथी- मानव सहअस्तित्व सुनिश्चित करने बनेंगे “हाथी मित्र” जिन जिलों के वन क्षेत्रों में हाथी अधिक, वहां चलेगा जन-जागरूकता अभियान फसलों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की होगी व्यवस्था केंद्र सरकार का सहयोग लेंगे, राज्यों की बेस्ट प्रेक्टिसेस अपनाएंगे जनहानि प्रकरण में 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रूपये देने का लिया निर्णय किसानों को कृषि के अलावा वैकल्पिक कार्यों से भी जोड़ने के होंगे प्रयास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में राज्य स्तरीय हाथी टास्ट फोर्स गठित किया जाएगा। हाथी- मानव सह अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए हाथी मित्र बनाए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही अधिक है, वहां किसानों की फसलों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की व्यवस्था होगी। साथ ही किसानों को कृषि के अलावा कृषि वानिकी एवं अन्य वैकल्पिक कार्यों से भी जोड़ने के प्रयास होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में आने वाले समय में ऐसे वन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिसमें हाथियों की बसाहट के साथ सहअस्तित्व की भावना मजबूत हो सके। केंद्रीय वन मंत्री से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। वे मार्ग दर्शन करेंगे जिससे वन विभाग इस क्षेत्र में ठोस कार्यवाही कर सके। जिन जिलों में हाथी वन क्षेत्रों में रह रहे हैं वहां हाथी मित्र जन-जागरूकता के लिए कार्य करेंगे। घटना दुखद और दर्दनाक, वन अधिकारी सतर्क और सजग रहें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में उमरिया जिले के वन क्षेत्र में पिछले दिनों 10 हाथियों की अलग-अलग दिन हुई मृत्यु की घटना दुखद एवं दर्दनाक है, जिसे राज्य शासन ने गंभीरता से लिया है। वन राज्य मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने क्षेत्र का भ्रमण किया है। प्रारंभिक रिपोर्ट में कोई कीटनाशक नहीं पाया गया है। पोस्ट मार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आना शेष है। हाथियों के बड़े दल के रूप में आने की घटना गत दो तीन वर्ष में एक नया अनुभव भी है। उमरिया और सीधी जिले में बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी दिख रही है। ऐसे में फील्ड डॉयरेक्टर एवं अन्य अधिकारियों को सतर्क और सजग रहने की जरूरत है। दोषी अधिकारियों का निलंबन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाथियों की मृत्यु की इतनी बड़ी घटना के समय फील्ड डॉयरेक्टर का अवकाश से वापस न आना और पूर्व में हाथियों के दल आने के संदर्भ में जो आवश्यक चिंता की जाना चाहिए, वह नहीं की गई। इस लापरवाही के लिए फील्ड डॉयरेक्टर गौरव चौधरी को सस्पेंड किया गया है। साथ ही प्रभारी एसीएफ फतेह सिंह निनामा को भी निलंबित किया गया है। प्रदेश के अधिकारी कर्नाटक, केरल और असम जाकर करेंगे अध्ययन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बांधवगढ़ क्षेत्र एवं अन्य वन क्षेत्रों में हाथियों के रहने की अनुकूल और आकर्षक स्थिति है। वन क्षेत्रों का प्रबंधन उत्तम होने से हाथियों के दल जो छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों से आया करते थे और वापस चले जाते थे वे अब वापस नहीं जा रहे हैं। यहां बड़े पैमाने पर हाथियों द्वारा डेरा डालने की स्थिति देखी जा रही है। यह मध्यप्रदेश की वन विभाग की गतिविधियों का हिस्सा बन गए हैं। ऐसे में हाथियों की आवाजाही को देखते हुए स्वाभाविक रूप से स्थाई प्रबंधन के लिए शासन के स्तर पर हाथी टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया जा रहा है। हाथियों को अन्य वन्य-प्राणियों के साथ किस तरह रहवास की सावधानियां रखना चाहिए, इसके लिए योजना बनाई जा रही है। इसमें कर्नाटक, केरल और असम राज्यों की बेस्ट प्रेक्टिसेस को शामिल किया जाएगा। इन राज्यों में बड़ी संख्या में हाथी रहते हैं। इन राज्यों में मध्यप्रदेश के अधिकारियों को भेजा जाएगा, जिससे सहअस्तित्व की भावना के आधार पर हाथियों के साथ बफर एरिया, कोर एरिया में बाकी का जन जीवन प्रभावित न हो, इसका अध्ययन किया जाएगा। हाथियों की सुरक्षा को भी खतरा न हो। इस पर हमने गंभीरता से विचार किया है। एक बात हमने और अनुभव की है। नजदीक के बफर एरिया के बाहर के जो मैदानी इलाके हैं वहां की फसलें उसमें सोलर फेंसिंग या सोलर पैनल द्वारा व्यवस्था कर फसलों को सुरक्षित किया जाएगा। यह मनुष्यों के लिए भी सुरक्षा का साधन होगा। वन विभाग को कहा गया है ऐसे क्षेत्रों में कहां-कहां कृषि हो रही है, उसे कैसे बचा सकते हैं। हाथी फसल नष्ट न कर पाएं, यह सुनिश्चित करना होगा। यह चिंता के साथ जागरूकता का भी विषय है। बफर क्षेत्र में ग्रामीण समुदाय की भागीदारी हाथियों और मानव के सहअस्तित्व को सुनिश्चित कर सके, जिससे यह एक दूसरे के साथ जीना सीख सकें। जनहानि पर 25 लाख रूपये प्रति व्यक्ति देने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उमरिया जिले में जो घटना घटी है इसमें जनहानि को लेकर 8 लाख रुपए प्रति व्यक्ति के परिजन को दिया जाता था, उसको बढ़ाकर अब 25 लाख रुपए प्रति व्यक्ति करने का निर्णय लिया है। इस घटना में दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई है उनके परिवारों को भी इससे जोड़ा है। कृषि वानिकी में अन्य प्रकार से वन क्षेत्र के प्राइवेट सेक्टर को जोड़कर पम्परागत खेती के अलावा अन्य कार्यों के लिए किसानों को प्रोत्साहित करेंगे। इससे किसान सामान्य फसल लेने के बजाए वन क्षेत्र की व्यवस्थाओं से जुड़ें और उसका लाभ लें। महत्वपूर्ण उपाय लागू करने विशेषज्ञों को आमंत्रित करेंगे मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि वन क्षेत्र में जो अकेले हाथी घूमते हैं और अपने दल से अलग हो जाते हैं, इनको रेडियो ट्रेकिंग का निर्णय लिया गया है। ट्रेकिंग कर उन पर नजर रखी जा सकेगी। आने वाले समय में ऐसी घटना न हो, भविष्य में इसका ध्यान रखा जा सकेगा। यह इस दिशा में ठोस कार्यवाही होगी। ऐसे अन्य महत्वपूर्ण उपायों को लागू करने के लिए विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के प्रयास किए जाएंगे। हाथियों का दल स्थाई रूप से मध्यप्रदेश में रहने लगा है अत: आमजन से भी सहयोग की अपेक्षा है। जिन जिलों में हाथियों की बसाहट है … Read more

सीएम मोहन बोले- पशुधन के प्रति कर्तव्यों की याद दिलाता है गोवर्धन पूजा पर्व

भोपाल  प्रदेश की मोहन सरकार गोवर्धन पूजा का पर्व पूरे उल्लास के साथ मना रही है। इस पर्व के मौके पर शनिवार को राजधानी के रवींद्र भवन में राज्यस्तरीय गोवर्धन पूजा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए। सीएम ने रवींद्र भवन परिसर में वैदिक मंत्रोच्‍चार के बीच विधि-विधान पूर्वक भगवान गोवर्धन की पूजा-अर्चना की। गोवर्धन पूजा कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री लखन पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गोबर से निर्मित “राम दरबार” भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, लखन पटेल, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्वामी अच्युतानंद और गोसंरक्षण के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले स्वामी हरिओमानंद भी विशेष रूप से उपस्थित थे।इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोसेवा करने वाले 10 श्रेष्ठ गोपालकों का सम्मान भी किया। गोवर्धन पूजा से शुरू होती है किसानों की दिवाली इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के मंच से अपने संबोधन में कहा कि गोवर्धन पूजा हमारी संस्कृति का प्रतीक है। हमारे किसानों की दीपावली तो गोवर्धन पूजा से ही प्रारंभ होती है। फसलों का उत्पादन करने के लिए तो किसानों को क्रेडिट कार्ड मिलता ही है, लेकिन अब गोवंश पालने वालों को भी क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा, ताकि वह गोवंश के पालन के लिए धन का इंतजाम कर सकें। उन्होंने कहा कि 10 से ज्यादा गोवंश पालने वालों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। हमने फैसला किया है कि नगर निगम क्षेत्र में 5 हजार से 10000 गोवंश के पालन के लिए जो भी खर्च आएगा, उसका प्रबंधन राज्य सरकार करेगी। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर सरकार ने यह भी तय किया है कि आने वाले समय में गोवंश का पालन करने और दुग्ध उत्पादन करने वालों को बोनस भी दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने गुजरात के अमूल संस्थान की गतिविधियों का परीक्षण कराया है और इसके साथ ही नेशनल डेयरी बोर्ड के साथ प्रदेश के सभी गांव में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। पंचगव्य उत्पादों की प्रदर्शनी लगी कार्यक्रम स्थल पर गोवर्धन पर्व के सांस्कृतिक एवं आर्थिक महत्व पर केन्द्रित इस आयोजन में गोसंस्कृति, परिवेश के प्रदर्शन और स्वास्थ्य आधारित लाभों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में मुख्य रूप से पंचगव्य उत्पाद, गोशिल्प उत्पाद, कृषि आधारित उत्पाद और दैनिक उपयोग के उत्पाद के आर्थिक महत्व को प्रदर्शित किया गया है। सभी जिलों की किसी एक प्रमुख गोशाला में भी गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम हो रहे हैं। सीएम ने की गोसेवा इससे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज सीएम हाउस में विधिवत पूजा-अर्चना कर गौमाता की सेवा की और उनके प्रति अपने श्रद्धा-भाव को व्यक्त किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति ‘उत्सव प्रधान’ संस्कृति है। हमारे वेदों में कहा गया है “गावो विश्वस्य मातरः” अर्थात् गाय संसार की माता है। प्रदेश सरकार गौवंश के संरक्षण के लिए तेज गति से कार्य कर रही है। गोवर्धन पूजा का यह पर्व हमें प्रकृति और पशुधन के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।

मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में 49 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण/भूमि-पूजन

भारतीय संस्कृति गीता, गंगा, गौ-माता और गोविंद के बगैर नहीं चल सकती:मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन के साथ हो रहा है जन-कल्याण :मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में 49 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण/भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने कामधेनु गौ-अभ्यारण्य सालरिया में की गोवर्धन पूजा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति गीता, गंगा, गौ-माता और गोविंद के बगैर नहीं चल सकती है। धरा पर गाय और गंगा ही हैं, जो ईश्वर को अत्यंत प्रिय हैं, इनके बिना भारतवर्ष के उत्कर्ष की कल्पना नहीं की जा सकती। गौ-वंश सम्पूर्ण मानव जाति के लिए पूज्यनीय है। यह पर्व भारतीय जनमानस को अपनी जड़ों से जोड़े रखता है और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को प्रदर्शित करता है। यह हमारी संस्कृति और परंपरा के संवर्धन का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भारतीय संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन कर जन-कल्याण का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज शुक्रवार को कामधेनु गौ-अभ्यारण्य सालरिया जिला आगर-मालवा में एक वर्षीय वेदलक्षणा गौ-आराधना महोत्सव अन्तर्गत गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं में लाभान्वित हितग्राहियों को मंच से हितलाभ का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि-विधान, मंत्रोच्चार के साथ गोवर्धन पर्वत एवं गौ-माता का पूजन कर भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर-मालवा जिले के लिये 49 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यो का लोकार्पण तथा भूमि-पूजन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की सभी को बधाई भी दी। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर एवं कन्या-पूजन कर किया। इस अवसर पर पशु-पालन मंत्री लखनसिंह पटेल, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम टेटवाल, सांसद सुसनेर रोडमल नागर, विधायक मधु गेहलोत, गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के पूज्य परमहंस प्रज्ञानानंद जी महाराज,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्नाबाई चौहान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-मूत्र से कैंसर जैसी बीमारी का उपचार पूरे संसार ने देखा है, गौ-माता के दूध से संसार के 200 से अधिक देशों में पूर्ति होती है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी गौ-सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, त्यौहारों को लेकर शासकीय स्तर पर लगातार आयोजन हो रहे हैं। अब हम गौ-माता की पूजा कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए गौ-शाला में गाय के आहार के लिए निर्धारित अनुदान को भी बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। सभी गौ-शालाओं को संरक्षण देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो व्यक्ति 10 से अधिक गौ-माता का पालन करेगा, उसे भी सरकार अनुदान देकर घर-घर गौसेवा के संकल्प को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो गाय पाले वे सभी गोपाल, जिनके घर में गाय का कुल उनके घर गोकुल, हमें घर-घर गोकुल बनाना है, सरकार ने हर घर में गौ-वंश बढ़ाने का निर्णय लिया है। गौ-माता में हमारे 33 करोड़ देवी-देवता भी विराजमान है। शासकीय स्तर पर गौ-शालाएं खुलेगी, जिनमें बुढ़ी, निराश्रित, अशक्त गौ-वंशों को पालने की जवाबदारी सरकार की होगी और इस संकल्प को संत समाज के सहयोग से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में दुग्ध उत्पादन की लगभग 9 प्रतिशत आपूर्ति मध्यप्रदेश द्वारा की जाती है। सरकार का निर्णय है कि अगले पांच साल के अंदर नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड के माध्यम से गौवंश की नस्ल सुधार कर दूध उत्पादन को बढ़ाकर देश में अग्रणी बनाना है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में ऐसी व्यवस्था करना चाहते है कि गायों को पालने वाले गौ-पालक बिना दूध देने वाली गौ-माता को गौ-शालाओं में छोड़ जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं गौ-अभयारण्य में चल रहे इतने वृहद स्तर पर पवित्र कार्य मे गौ-अभयारण्य में गौ-संवर्धन वर्ष को चरितार्थ किया है। शासन ने गुड़ी पडवा पर गौ-संवर्धन वर्ष मनाने की घोषणा की उसे सालरिया में चरितार्थ किया है। अभयारण्य में मालवी नस्ल की गायों को इतने अच्छे से पालने पर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि गौ-माता के लिए जल का प्रबंध जहाँ भी आवश्यक है, वहा करेंगे। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा के अवसर पर हम सभी मिलकर पर्यावरण-संरक्षण का संकल्प लें। वर्षा के लिए प्राकृतिक संतुलन का होना बेहद आवश्यक है, प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करते हुए, अपने आसपास की हरियाली को बढ़ाने का प्रयास करें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु के संबंध में आपातकालीन बैठक ली, दोषियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु की घटना पर उच्च स्तरीय दल उमरिया भेजने के दिए निर्देश वन राज्य मंत्री सहित तीन सदस्यीय दल लेगा घटना के सभी पहलुओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथियों की मृत्यु के संबंध में आपातकालीन बैठक ली, दोषियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले में हाल ही में हाथियों की मृत्यु के संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए आज रात्रि मुख्यमंत्री निवास में आपातकालीन बैठक ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि इस घटना के सभी पहलुओं की जानकारी लेने के लिए एक उच्च स्तरीय दल तत्काल घटना स्थल पर रवाना हो। सभी पहलुओं की जानकारी प्राप्त कर 24 घंटे में विस्तृत प्रतिवेदन दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना में दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वनों की रक्षा और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के प्रति पूर्ण गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैसा बताया गया है कि हाथियों की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम में हाथियों के पेट में बड़ी मात्रा में कोदो पाए जाने की जानकारी मिली है। जो सैंपल हाथियों के पेट से लिए गए हैं, उनकी वैज्ञानिक जाँच की जायेगी। उसमें यह स्पष्ट होगा कि किसी तरह का जहरीला पदार्थ तो नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चूंकि जाँच रिपोर्ट आने में चार दिन की अवधि संभावित है, इसके पूर्व वरिष्ठ स्तर से घटना की पूर्ण जानकारी प्राप्त की जाए। वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और राज्य वन बल प्रमुख पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव दल में शामिल रहेंगे। दल के सदस्य शनिवार को उमरिया पहुंचकर घटना के बारे में समस्त विवरण प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह की घटनाएं फिर न हो, इसके लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और सभी पक्ष सजग और संवदेनशील रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उमरिया में हाथियों की मृत्यु की घटना में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने और उपचार एवं अन्य प्रबंधन में विलंब की बात सिद्ध होने पर दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हाथियों की मृत्यु के संबंध में निर्देश          मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की संपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए उच्चस्तरीय दल उमरिया जाए।          जांच की रिपोर्ट आने के पूर्व इस अवधि में घटना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जो कार्रवाई जारी है, उसमें विलंब न हो।          वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और दो वरिष्ठ अधिकारी उमरिया जाएं।          उमरिया के दौरे की रिपोर्ट 24 घंटे में सौंपी जाए।          दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।  

69वें स्थापना दिवस पर एम.पी. टूरिज्म की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  टूरिज्म के नए टीवीसी “मोह लिया रे” को किया लॉन्च अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपनी अदाकारी से बनाया जीवंत 69वें स्थापना दिवस पर एम.पी. टूरिज्म की सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने म.प्र. के 69वें स्थापना दिवस के खास अवसर पर एम.पी. टूरिज्म द्वारा निर्मित नवीन टीवी कमर्शियल (टी.वी.सी.) “मोह लिया रे” को लॉन्च किया। मध्यप्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को नए रंग-रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से टीवीसी का निर्माण करवाया है। प्रख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपनी अदाकारी से इसे जीवंत बनाया है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक एम.पी. टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश विश्व में अपने मनोहारी स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। हमारा प्रयास हमेशा रहा है कि राज्य के आकर्षक पर्यटन स्थलों को न केवल देश में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई पहचान दिलाई जाए। नवीन टीवीसी “मोह लिया रे” अत्यंत रोचक, रंगीन और जीवंत है। यह पर्यटकों को प्रदेश की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। “मोह लिया रे” – एक नया नजरिया “मोह लिया रे” टीवीसी में उज्जैन, ओरछा, ग्वालियर, खजुराहो सहित मध्यप्रदेश के अद्वितीय प्राकृतिक स्थलों, धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध वन्य जीवन को दर्शाया गया है। यह पर्यटकों के मन को मोहते हुए उन्हें मध्यप्रदेश आने के लिए आमंत्रित कर रहे है। गीतकार इरशाद कामिल के खूबसूरत बोलों को अभिषेक अरोड़ा के संगीत ने संगीतमय अभिव्यक्ति दी है। इस विशेष टीवीसी में मशहूर गायक दिव्य कुमार ने अपनी आवाज दी है। इस टीवीसी के जरिए एक बार फिर दर्शकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि मध्यप्रदेश ने मोह लिया है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष लॉन्च किये यह “जो आया वो वापस आया, ये एम पी की माया” टीवीसी को खासी लोकप्रियता प्राप्त हुई है। इसे इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक, ट्वीटर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर 2 करोड़ 97 लाख और 71 हजार से अधिक बार देखे जा चुका है। इंस्टाग्राम पर 92 लाख 62 हजार 161, फेसबुक पर 1 करोड़ 26 लाख 37 हजार 120, यूट्यूब पर 63 लाख 65 हजार 305 और ट्वीटर पर 15 लाख 07 हजार व्यू प्राप्त हुए है। प्रदेश के आकर्षक टीवीसी का सफर में 2023- एमपी की माया, 2018-तक तक, 2016- एमपी में दिल हुआ बच्चे सा, 2013- रंग है मलंग है, 2010- एमपी अजब है सबसे गजब है, 2008- हिंदुस्तान का दिल देखा और, 2006- तिल देखो ताड़ देखो, हिंदुस्तान का दिल देखो शामिल है  

हरिसिंह का स्व-रोजगार का सपना हुआ साकार, समाधान ऑनलाइन में आया था प्रकरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर अलीराजपुर जिले के ग्राम अमझिरी निवासी हरिसिंह कलेश को दीपावली पर्व पर बोलेरो वाहन मिला। आवेदक हरिसिंह ने वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में बोलेरो गाड़ी के लिये आवेदन भरा था, जिसे संबंधित बैंक द्वारा अव्यवहारिक मानकर अस्वीकृत कर किराने की दुकान के लिये लोन स्वीकृत कर दिया था। आवेदक ने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत 28 अक्टूबर को समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में आवेदक हरिसिंह की सुनवाई की। आवेदक ने बताया कि बैंक ने तत्समय बोलेरो वाहन के लिये 9 लाख 90 हजार रुपये लोन न देते हुए किराने की दुकान के लिये 3 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “आवेदक ने जब बोलेरो वाहन के लिये लोन माँगा है, तो उसे बोलेरो गाड़ी ही स्वीकृत होना चाहिये।’’ मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर समाधान ऑनलाइन के दो दिन बाद 30 अक्टूबर को कलेक्टर अलीराजपुर ने अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम से चर्चा कर हरिसिंह को ‘भगवान बिरसा मुंडा योजना’ में बोलेरो वाहन के लिये 9 लाख 90 हजार रुपये वाहन लोन स्वीकृत करवाया। ‘धन्यवाद मुख्यमंत्री जी’ आवेदक हरिसिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब वे स्वयं के रोजगार के सपने को बेहतर तरीके से साकार कर सकेंगे।  

प्रदेश में धार्मिक स्थलों में खुलेंगे वृद्धाश्रम, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुजुर्गों संग मनाई दिवाली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को दीपावली के पावन पर्व पर राजधानी के शिवाजी नगर में स्थित सेवा भारती आनंद धाम पहुंचकर वृद्धजनों के साथ दीपोत्सव का जश्न मनाया। सीएम ने बुजुर्गों को दीपावली की बधाई दी और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने बुजुर्गों के साथ फुलझड़ी भी जलाई और उन्हें मिष्ठान एवं उपहार भेंट कर दीप-पर्व की खुशियां बांटी। इस अवसर पर अनेक बच्चों के साथ-साथ अनेक समाजसेवी भी उपस्थित थे। इस दौरान बुजुर्गों ने सुरीले भजन भी गाए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कि ईश्वर के पश्चात माता-पिता का स्थान होता है। हमारी प्राचीन संस्कृति श्रवण कुमार वाली संस्कृति है। मेरे माता-पिता देवलोक गमन कर चुके हैं। लेकिन आज आनंद धाम में आकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अपने माता-पिता के बीच में आया हूं। मध्य प्रदेश सरकार सबको साथ लेकर चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एमपी में डबल इंजन की सरकार है। बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएगी सरकार इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व के स्थान पर इस तरह के धाम और आश्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे बुजुर्गजन इन कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही वृद्धजन की सहायता और उपचार में मदद के लिए विशेष पहल की जाएगी। जिन बुजुर्गों के बच्चे विदेश में नौकरी कर रहे, उन्हें यहां आनंद धाम या वृद्धाश्रम में रहने पर यदि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होती है तो उनके लिए व्यवस्था की जाएगी। ऐसे बुजुर्गों को अस्पताल में दाखिल करवाया जा सके, इसके लिए अस्पताल में बेड भी आरक्षित किए जाएंगे। इन जगहों पर खुलेंगे वृद्धाश्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के आयुक्त को उज्जैन, ओरछा, ओंकारेश्वर एवं चित्रकूट में वृद्धजन के लिये वृद्धश्रम संचालित करने तथा उनमें वृद्धजन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। 80 से ज्यादा वृद्धाश्रम चला रहा विभाग यहां पर यह बता दें कि सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा प्रदेश में 83 वृद्धाश्रमों का संचालन किया जा रहा है। इन वृद्धाश्रमों में वृद्धजन को आवास, भरण-पोषण, मनोरंजन, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वृद्धजन के लिये प्रदेश में 11 नवीन 50 सीटर वृद्धाश्रम भवन बैतूल, गुना, झाबुआ, मुरैना, सिंगरौली, उमरिया, सतना, जबलपुर, खरगौन, टीकमगढ़ एवं सीधी में संचालित हैं। उज्जैन के कुष्ठ धाम भी पहुंचे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने गृहनगर उज्जैन में कुष्ठ धाममें आयोजित दीपावली उत्सव कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और दीपोत्सव मनाया। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। वृद्धजनों की मुस्कराहट और उनके आशीर्वाद ने आज दीपोत्सव के पावन पर्व दीपावली का आनंद दोगुना कर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश दुकानदारों नागरिकों को दिया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली पर उज्जैन शहर में पैदल भ्रमण करके नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। उनके साथ दीपावली की खुशियां मनाई। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को दीपावली की मिठाई खिलाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहर के फ्रीगंज शहीद पार्क टॉवर चौक आदि क्षेत्रों में पैदल भ्रमण करते हुए नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके कुशल क्षेम पूछी। उनके साथ फोटो खिंचवाये। अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानदारों तथा नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया। उज्जैन शहर के नागरिक भी मुख्यमंत्री से आत्मीयता के साथ मिले मुख्यमंत्री से मिलकर उनकी खुशी देखते ही बनती थी। नागरिक आत्मीयता की उष्मा से सरोबार थे। कई स्थानों पर नागरिकों द्वारा मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कई दुकानों के अंदर जाकर दुकान संचालकों से मुलाकात की। दुकानदारों के परिजनों से भी चर्चा की। इस दौरान फ्रीगंज में प्रकटेश्वर महादेव मंदिर तथा राम लक्ष्मण मंदिर में दर्शन किए , पूजा अर्चना की सबको दीपावली की शुभकामनाएं दी। उज्जैन के फ्रीगंज में राह में चलते हुए मुख्यमंत्री को देखकर दिव्यांग दंपत्ति परमानंद तथा रेखा प्रजापत ने मुख्यमंत्री से कार्तिक मेला क्षेत्र में अपने स्वरोजगार के लिए एक दुकान उपलब्ध कराने की मांग की। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को बुलवाया और दिव्यांग दंपति को उनकी मांग के अनुसार दुकान उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। दिव्यांग दंपति प्रसन्नचित् होकर अपने घर को रवाना हुए। फ्रीगंज क्षेत्र में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने गन्ने की चरखी चलाने वाले ललित पाटिल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने स्वयं चरखी पर गन्ने का रस निकाल कर उपस्थित जनों को पिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहजता सरलता देखकर नागरिक अभिभूत थे। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवास पर दीपावली के अवसर पर पूजा अर्चना की। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा कलेक्टर नीरज कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे  

राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार किए वितरित

शिक्षक, आदर्श समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं : राज्यपाल पटेल संस्कार आधारित शिक्षा पर केंद्रित है नई शिक्षा नीति – मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति में गुरु शिष्य परंपरा का रहा है विशेष महत्व राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार किए वितरित 54 लाख विद्यार्थियों को गणवेश के लिए सिंगल क्लिक से किए 324 करोड़ रुपये अंतरित इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में विद्यार्थियों और शिक्षकों किया गया सम्मानित नवाचार श्रेणी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एज्यूकेशन द्वारा विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त रतलाम के सीएम राइज विनोबा विद्यालय के शिक्षक हुए सम्मानित राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक सम्मान तथा गणवेश वितरण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षक, आदर्श समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं। उनकी महत्ता इस बात से ही समझी जा सकती है कि माता-पिता, बच्चों को जन्म और संस्कार देते हैं, जबकि शिक्षक उन्हें ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों के साथ आदर्श नागरिक बनाते हैं। शिक्षा प्रगति की पहली सीढ़ी है। यह समाज में समानता, स्वावलम्बन और स्वाभिमान के गुणों को विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका है। शिक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों में देश प्रेम के साथ गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद के गुणों को विकसित करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षक, अपना काम यह मानकर करें कि वे न सिर्फ बच्चों को विद्यादान कर रहे हैं बल्कि विकसित और विश्वगुरू भारत के निर्माण में योगदान भी दे रहे हैं। राज्यपाल पटेल प्रशासन अकादमी में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान तथा गणवेश राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण किया। सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आम का पौधा रोपा। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार-2024 के लिए चयनित 14 शिक्षकों, वर्ष-2023 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त दो शिक्षकों और राज्य स्तरीय शैक्षिक संगोष्ठी में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल-श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र और सम्मान राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर नवाचार श्रेणी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था टी-4 एजुकेशन द्वारा विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त रतलाम के सीएम राइज विनोबा विद्यालय के शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में तीन विद्यार्थियों और उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में गणवेश के लिए 324 करोड रुपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। सीएम राइज़ स्कूल राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षक, बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ स्व-रोजगार और स्वावलम्बन के लिए तैयार करें। उन्हें आज के प्रतियोगी युग में जुझारू और सफल बनने का हुनर सिखाएं। शिक्षक, बच्चों में शेयर एण्ड केयर, नैतिकता, दया, सहयोग आदि नैतिक गुणों को रोपें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच को बढ़ाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है। इसी क्रम में सीएम राइज स्कूल, प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने की विशेष पहल है। यह परियोजना बच्चों के बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास की बेहतरी में सफल होगी। तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था की सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के गर्व का आधार है श्रीमद् भगवद् गीता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से पाठ्यक्रम में संस्कार आधारित शिक्षा के समावेश और क्रियान्वयन के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय संस्कृति में ऐतिहासिक रूप से गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व रहा है। इसी का परिणाम है कि भारतीय समाज ने हर काल परिस्थिति में देश के सामने आने वाली चुनौती में प्रभावी तरीके से महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। हर चुनौती पूर्ण स्थिति में देश की शैक्षणिक संस्थाएं अपने दायित्व निर्वहन में सक्रिय और सजग रही हैं। भगवान श्रीराम के काल में शिष्य के रूप में प्रशिक्षित हो रहे श्रीराम और लक्ष्मण ने भी दृढ़ता पूर्वक तत्कालीन चुनौतियों का सामना किया। भगवान श्रीकृष्ण सांदीपनि आश्रम आकर 64 कला, 14 विद्या, 18 पुराण, चारों वेद और शस्त्र और शास्त्र के बीच तालमेल में निपुण हुए। घनघोर युद्ध में उनके मुखारविंद से निकली वाणी, श्रीमद् भगवद् गीता के स्वरूप में विश्व के सामने आई है। यह तत्कालीन शिक्षा व्यवस्था की सामर्थ्य का प्रमाण और भारतीय संस्कृति के गर्व का आधार है। चंद्रगुप्त और चाणक्य के रूप में भी परंपरा की इस निरंतरता के दर्शन होते हैं। इसी क्रम में सम्राट विक्रमादित्य ने भी आक्रांताओं को परास्त कर व्यवस्था स्थापित की। लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के हर संभव किए प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की सभी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ आधार की निरंतरता स्पष्टतः परिलक्षित होती है। इसी का परिणाम है कि शक्ति और सामर्थ्य का आधार हमारी शैक्षणिक और बौद्धिक संस्थाएं, शत्रु के आक्रमण का सदैव निशाना बनी और आक्रांताओं द्वारा तक्षशिला और नालंदा को ध्वस्त किया गया। इसी क्रम में लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने के हर संभव प्रयास किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से भारतीय शिक्षा व्यवस्था में भारत के गौरवशाली अतीत पर केंद्रित पाठ्यक्रम का समावेश किया है। भारत, संपन्न और शक्तिशाली बनने के साथ ही विश्व गुरु बनने के मार्ग पर निरंतर अग्रसर है। हम सर्वे भवन्तु सुखिन:- सर्वे सन्तु निरामय: के उद्दात भाव से संपूर्ण विश्व में मानव मूल्यों को स्थापित करने के पथ पर अग्रसर हैं। स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण, बेहतर परिवेश, बेहतर व्यवस्था, बेहतर संसाधन और बेहतर परिणाम के लिए विभाग निरंतर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस वर्ष 74 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों … Read more

राष्ट्रीय राजमार्ग-146 के अपग्रेडशन और विकास के लिए 903.44 करोड़ की मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को नई सौगातें देने पर प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार CM यादव ने मध्यप्रदेश की प्रगति के लिए नित नई सौगातें देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार माना राष्ट्रीय राजमार्ग-146 के अपग्रेडशन और विकास के लिए 903.44 करोड़ की मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की प्रगति के लिए नित नई सौगातें देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजमार्ग-146 के ग्यारसपुर से राहतगढ़ खंड को 4-लेन में अपग्रेड एवं विकास करने के लिए 903.44 करोड़ रुपए की मंजूरी निश्चित ही इस क्षेत्र के साथ प्रदेश की प्रगति में नया अध्याय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का निर्णय अभिनंदनीय है। पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार से 8 हजार रुपए प्रतिमाह किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र कैबिनेट द्वारा आज जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय 4 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 8 हजार रुपए प्रतिमाह देने निर्णय से मध्यप्रदेश सरकार का एक और संकल्प पूर्ण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पेसा मोबिलाइजर्स को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहाकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिएपूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्यरत हैं। अंतरिक्ष के लिए उद्यम पूंजी कोष की स्थापना को स्वीकृति प्रदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा IN-SPACe के अंतर्गत अंतरिक्ष के लिए एक हजार करोड़ के उद्यम पूंजी कोष की स्थापना को स्वीकृति प्रदान करने के निर्णय का भी स्वागत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कोष अंतरिक्ष क्षेत्र में कार्यरत लगभग 40 स्टार्टअप को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से प्रेरित यह निर्णय भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निजी क्षेत्र के निवेश की भागीदारी बढ़ाते हुए इसकी प्रगति भी सुनिश्चित करेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज़ स्कूल रतलाम को सम्मानित होने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा व्यवस्था में नवाचार की श्रेणी में रतलाम के विनोबा भावे सीएम राइज़ स्कूल को लंदन के T-4 एजुकेशन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कार-2024 से सम्मानित किए जाने पर देश व प्रदेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सीएम राइज़ स्कूल ने विश्व में भारतीय शिक्षा की पताका फहराई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि प्रदेश सरकार सदैव विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य और शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान रचने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उल्लेखनीय है कि लंदन के T-4 एजुकेशन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित ये पुरस्कार उन स्कूलों को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सामुदायिक प्रभाव का प्रदर्शन किया है। लंदन की संस्था T-4 एजुकेशन ने गुरुवार को वर्चुअल कार्यक्रम में विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल की घोषणा की।  

भोपाल के प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समारोह

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल और मुख्यमंत्री 14 शिक्षकों को प्रदान करेंगे राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह : 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में सीधे अंतरित होगी 324 करोड़ रूपये की गणवेश राशि भोपाल के प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जंयती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समारोह भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 14 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। समारोह में नि:शुल्क गणवेश योजना अंतर्गत प्रदेश के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 54 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में करीब 324 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जायेगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इस वर्ष का राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 25 अक्टूबर को भोपाल के आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती हॉल में प्रात: 10:30 बजे आयोजित किया जा रहा है। राज्य स्तरीय सम्मान से विभूषित सभी शिक्षकों को समारोह में सम्मान राशि 25 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं विगत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरूस्कार विजेता शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रूपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले भिंड जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उद्योतगढ़ के कक्षा 10वीं के विद्यार्थी दीपक वर्मा को 25 हजार रूपये की विशेष सम्मान निधि राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवे स्थान पर रहीं बालाघाट जिले के शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि लांजी की छात्रा सुशिरोमणी दहीकर तथा 31वाँ स्थान प्राप्त करने वाले भोपाल जिले के कक्षा 7वीं के विद्यार्थी आरूष नाग को 15-15 हज़ार रूपयों की विशेष सम्मान निधि प्रदान की जायेगी। इन विद्यार्थियों के साथ ही उनके गाइड शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय संस्था T-4 ऐजूकेशन के द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यालय सी.एम. राइज विनोवा रतलाम के शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। राज्य स्तर की शैक्षिक संगोष्ठी से चयनित प्रथम प्रतिभागी को 11 हजार रूपये, द्वितीय प्रतिभागी को 7 हजार एवं तृतीय को 5 हजार रूपये राशि के साथ शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी होंगे सम्मानित शिक्षक सम्मान समारोह में पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023 से सम्मानित प्रदेश के चयनित शिक्षकों का भी सम्मान किया जायेगा। इनमें श्रीमती सारिका घारू माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल सांडिया, होशंगाबाद और रतलाम की श्रीमती सीमा अग्निहोत्री शिक्षक सीएम राइज स्कूल विनोबा हायर सेकेण्डरी स्कूल शामिल हैं। समारोह में इन शिक्षकों को विशेष सम्मान राशि 11 हजार रुपये, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जायेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री ने सम्मानित होने वाले शिक्षकों को दी बधाई स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि शिक्षक में वह ताकत होती है, जो आदर्श राष्ट्र का निर्माण करने में सहायक होती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक भविष्य की आदर्श पीढ़ियों की निर्माता है। सम्मानित होने वाले शिक्षकों एवं उनके उल्लेखनीय कार्यों पर हम सब को गर्व है।  

ब्रिटानिया वेफर बिस्किट बनाने वाली उत्तर भारत की पहली यूनिट बनेगी ग्वालियर की यह इकाई

 ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में ग्वालियर में गत अगस्त माह में हुई रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव में किए गए वायदे के अनुरूप जेबी मंघाराम फूड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ग्वालियर में निवेश बढ़ाने जा रही है। इस सिलसिले में जेबी मंघाराम फैक्ट्री प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान से मुलाकात कर उन्हें निवेश के बारे में जानकारी दी। ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज का हिस्सा बन चुकी मंघाराम कंपनी के प्रबंधन ने जानकारी दी कि ब्रिटानिया उत्तर भारत में ग्वालियर स्थित अपनी इकाई में वेफर बिस्किट निर्माण के लिए बड़ा निवेश करने जा रही है। ब्रिटानिया इस बिस्किट का निर्माण अभी केवल दक्षिण भारत में करती है। वेफर बिस्किट बच्चों के सबसे पसंदीदा बिस्किट में शामिल हैं। मंघाराम फूड प्राइवेट लिमिटेड प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ग्वालियर इकाई में होने जा रहा नया निवेश महिलाओं के लिये समर्पित रहेगा। इकाई में वेफर बिस्किट निर्माण का काम पूरी तरह महिला विंग करेगी। इससे ग्वालियर अंचल की महिलाओं का आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण होगा। साथ ही उनके परिवारों में भी खुशहाली आयेगी। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने मंघाराम फैक्ट्री प्रबंधन को आश्वस्त किया कि राज्य शासन व जिला प्रशासन से उन्हें फैक्ट्री के विस्तार में हर संभव मदद उपलब्ध कराई जायेगी। आउटसोर्स कर्मचारियों का भी बीमा करायेगी जेबी मंघाराम फैक्ट्री ग्वालियर में निवेश बढ़ाने को लेकर जिला प्रशासन से चर्चा के लिये कलेक्ट्रेट पहुँचे जेबी मंघाराम फैक्ट्री प्रबंधन से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य बीमा सहित अन्य बीमा सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा। फैक्ट्री प्रबंधन ने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया और कहा कि फैक्ट्री में आउटसोर्स से लगभग 700 से 800 कर्मचारी काम करते हैं। इन सभी के स्वास्थ्य और टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम कंपनी भरेगी, जिससे सभी का बीमा हो सके।  

देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है

साधु-संतों ने उज्जैन में भी स्थायी आश्रम बनाने के मुख्यमंत्री के निर्णय को सराहा स्वामी अवधेशानंद जी ने संतों के प्रति संवेदनशीलता के लिए मुख्यमंत्री को दिया साधुवाद देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है अखाड़ा परिषद ने निर्णय को बताया विकासोन्मुखी भोपाल उज्जैन में वर्ष 2008 में होने वाले वैश्विक सिंहस्थ की तैयारियां राज्य शासन ने अभी से शुरू कर दी है। सिंहस्थ में पूरे देश से आने वाले साधु-संतों से भी उज्जैन की पहचान सदैव से रही है। साधु-संतों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्थायी आश्रम निर्माण के लिए की गई घोषणा को पूरे देश के साधु-संत, महंत, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वर आदि ने प्रसन्नता व्यक्त कर मुख्यमंत्री की घोषणा को सराहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु-संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार उज्जैन में भी साधु-संतों के स्थायी आश्रम बनवाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से योजना को आकार दिया जाएगा। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु-संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से होंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा की गई इस महत्वपूर्ण पहल का उज्जैन से लेकर हरिद्वार तक संत समाज ने स्वागत किया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष मां मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रवींद्र पुरी महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय को अत्यंत ही महत्वपूर्ण बताते हुए विकास के लिये नये आयाम स्थापित करने वाला बताया है। महांमडलेश्वर और अखाड़ों के प्रमुखों ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की है। जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति में चिरकाल से अंतर्निहित “सर्वं खल्विदं ब्रह्म नेह नानास्ति किंचन” व “आत्मवत सर्व भूतेषु” जैसे दिव्य भावों के संपोषक, लोक कल्याणकारी योजनाओं तथा पारमार्थिक प्रवृत्तियों के प्रसारक संत सत्पुरुष ही हैं। स्वामी अवधेशानंद जी ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार उज्जैन में हरिद्वार की भाँति साधु संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर इत्यादि को स्थाई आश्रम बनाने की अनुमति दी जाना, अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने उज्जैन तीर्थ विकास एवं संतों के प्रति उनकी इस संवेदनशीलता के लिये मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया। पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर 1008 आनंद विभूषित अवधूत बाबा अरुण गिरी जी महाराज (एनवायरमेंट बाबा) ने कहा कि संतों में बड़ा उल्लास और खुशी है। सिंहस्थ क्षेत्र उज्जैन में जो अखाड़ों की जगह है, संतों की जमीन है, उसमें पर्यावरण को बचाते हुए स्थायी निर्माण के लिए सभी संत समाज के लोग उनका स्वागत करते हैं। इससे हरिद्वार जैसा विकास उज्जैन का भी हो जाएगा, जब सभी संत महापुरुषों का वहां आश्रम बनेगा। राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर वाल्मिकी धाम ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सूझबूझ और विवेक से अभुतपूर्व और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कुंभ मेला भारत के चार पवित्र स्थानो पर लगता है उसमें एक अवंतिका पुरी उज्जैन भी है। प्रसन्नता की बात है कि कुंभ, अवंतिका और मध्यप्रदेश के शासनकाल के इतिहास में डॉ. यादव के निर्णय से कुंभ-2028 में देश के उच्च कोटि के महात्मा तंबूओ में न रहकर पक्के आश्रम में रहेंगे। बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्णय इस लिये लिया है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। डॉ. यादव ने संकल्प लिया है कि 2028 में जो कुंभ आएगा उसमें हम देश के जितने भी निर्धारित अखाड़े हैं, उन सभी अखाड़ों का स्थायी निर्माण करके दिया जाएगा। उसके लिए एक हेक्टेयर के भू-खंड पर 25 प्रतिशत पर भवन निर्माण किया जा सकेगा। शेष भू-खंड अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिये खुला रहेगा। उन्होंने सन्यासी होने के नाते देश के तमाम साधु-संतों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आशीर्वाद दिया। आचार्य महामंडलेश्वर श्रीपंचदशनाम आव्हान अखाडा हरिद्वार के अरुण गिरी जी महाराज (अवधूत बाबा), बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर वाल्मिकी धाम, (राज्यसभा सांसद), महंत रामेश्वर गिरी महाराज, सचिव श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा, अध्यक्ष, शैव मंडल उज्जैन, पीर रामनाथ जी महाराज, गादीपति, भर्तहरि गुफा, उज्जैन एवं महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज अध्यक्ष रामादल अखाड़ा परिषद उज्जैन ने भी मुख्यमंत्री के निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है।  

देश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प है देश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाना हमारा संकल्प है। उद्योग और निवेश गतिविधियों को विस्तार देने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएँ मध्यप्रदेश में विद्यमान हैं। प्रदेश के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत उद्योग समूहों को प्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास पथ पर निरंतर अग्रसर हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव रीवा के लिए प्रस्थान करने से पहले निवास पर अपने संदेश में यह बात कही। प्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए उद्योगपति रूचि प्रकट कर रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से 3 लाख 25 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सॄजित करने में मदद मिली और लगभग 2 लाख 45 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव भी तैयार हैं। प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के दृष्टिगत निवेशक और उद्योगपति अपनी गतिविधियों के विस्तार में रुचि प्रकट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर कार्य करने का अवसर मिले, ब्रेन ड्रेन रुके, इस उद्देश्य से भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। साथ ही प्रदेश में विभिन्न विभागों में 1 लाख से अधिक नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया आरंभ हो रही है।  

5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का M मोहन ने किया शुभारंभ करेंगे, झोली भरकर विंध्य आये खास मेहमान

रीवा  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव आज रीवा में है, जो सबसे ज्यादा सफल होगी। अभी तक मप्र में 2.45 लाख करोड़ का निवेश मिला… तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिले। रोजगार की दिशा में लगातार युवाओं को अवसर मिलेंगे मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने गठन के साथ ही लगातार मध्य प्रदेश के औद्योगिक निवेश और रोजगार की दिशा में लगातार युवाओं को अवसर मिले, हमारे हर युवा के हाथ में काम मिले इसलिए सभी सेक्टर में समान रूप से काम कर रही है। खासकर के हमारे आईटी का सेक्टर हो या एमएसएमई उद्योग का सेक्टर हो, हेवी इंडस्ट्री से लेकर फूड इंडस्ट्री तक सभी क्षेत्रों में लगातार रोजगार निवेश के अभियान में हम लगे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी तक प्रदेश के अंदर उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में हम रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव कर चुके हैं और इसे सफल बनाने के लिए मुंबई, कोयंबतूर, बेंगलुरु और कोलकाता इत्यादि स्थानों पर रोड शो करके भी आए हैं, जिसके सुखद परिणाम भी मिले हैं। डॉक्टर यादव ने कहा कि आज रीवा में पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि रीवा महत्वपूर्ण अंचल हैं जो विंध्य और बुंदेलखंड को जोड़ते हुए विकास के लिए एक नया कीर्तिमान बनाएगा। निवेश प्रस्तावों के संबंध में उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा करेंगे उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री विन्ध्य क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों के संबंध में उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री शाम 6 बजे एयरपोर्ट रीवा से वायुयान से प्रस्थान कर शाम 6.50 बजे एयरपोर्ट भोपाल पहुंचेगे। विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं: उप मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं और इसे साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) जैसे आयोजन आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री के विजनरी नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास को मिल रही है नई दिशा यह क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत कर औद्योगिक विकास में संतुलन लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में यह पहल प्रदेश के समग्र विकास को एक नई दिशा प्रदान कर रही है। इसका पाँचवां संस्करण 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित किया जा रहा है। यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया पहले उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में सफलतापूर्वक कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए आधुनिक और सशक्त इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेलवे और हवाई मार्ग का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन गया है। सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना क्षेत्र में सीमेंट, खनिज और सरप्लस पावर जैसी प्राकृतिक संपदाओं की प्रचुरता इसे औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो क्लीयरेंस और औद्योगिक सहयोगी पहलों से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध इसी सकारात्मक माहौल के चलते अब तक 4,000 से अधिक निवेशकों ने रीवा में होने वाले इस कॉन्क्लेव के लिए पंजीकरण कराया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में उद्योगों के लिए 9,000 हेक्टेयर से अधिक का भूमि बैंक उपलब्ध है। यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी कॉन्क्लेव में आईटी, पर्यटन, माइनिंग, एमएसएमई, कुटीर उद्योग, और कृषि क्षेत्र में निवेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विन्ध्य क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं, जिनका विकास प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास जताया कि यह कॉन्क्लेव विन्ध्य क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय लिखेगी। मध्यप्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया केंद्र बना रीवा संभाग रीवा संभाग, जो मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है, आज तेजी से एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अपनी सांस्कृतिक धरोहर, प्राचीनता, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और खनिज भंडारों के साथ यह क्षेत्र निवेशकों के लिए अनगिनत अवसर प्रस्तुत करता है। यहां न सिर्फ औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधारभूत संरचना तैयार की गई है, बल्कि इसके पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व ने भी इसे और अधिक आकर्षक बना दिया है। रीवा संभाग के औद्योगिक क्षेत्र चोरहटा, गुढ़, बाईपास, और त्योथर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण सामग्री, कृषि आधारित उद्योग, धातु उद्योग, और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्योग प्रमुखता से उभर रहे हैं। रीवा का हवाई संपर्क जुड़ने के बाद इन क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों की रफ्तार और भी बढ़ गई है, जिससे निवेशकों को माल की ढुलाई और उत्पादों की आपूर्ति में आसानी हो रही है। सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर रीवा संभाग का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व इसे पर्यटन के नजरिए से भी महत्वपूर्ण बनाता है। यहां स्थित रीवा किला, गोविंदगढ़ का किला, और मुक्ति धाम जैसे स्थान न केवल ऐतिहासिक धरोहर हैं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, रीवा के साथ जुड़ी बघेलखण्ड की संस्कृति ने भी इस क्षेत्र को एक विशिष्ट पहचान दी है। खनिज और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता रीवा संभाग खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यहां प्रचुर मात्रा में चूना पत्थर, डोलोमाइट, और बॉक्साइट जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन खनिज संसाधनों का दोहन स्थानीय उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराता है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बल मिलता है। पर्यटन और पौराणिक महत्व रीवा संभाग अपने प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटक स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है। केऊटी जलप्रपात, चित्रकूट और सिद्ध बाबा जैसे स्थानों का पर्यटन महत्व है, जो न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र … Read more

वाइब्रेंट विंध्य: रीवा में प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव

विंध्य क्षेत्र को निवेश और औद्योगिक केन्द्र के रूप में करेंगे स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  औद्योगिक परिदृश्य को सशक्त बनाने रीवा में प्रदेश की पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाइब्रेंट विंध्य: रीवा में प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज 23 अक्टूबर को रीवा में प्रदेश की पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य विंध्य क्षेत्र को निवेश और औद्योगिक अवसरों के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ घोषित किया गया है। इसके दृष्टिगत प्रदेश में हुई आरआईसी को एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। रीवा स्थित कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में होने वाली कॉन्क्लेव में 4 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 50 से अधिक प्रमुख निवेशक और 3 हजार से अधिक एमएसएमई उद्यमी शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य फोकस राज्य के प्रमुख क्षेत्रों— ऊर्जा, खनन, कृषि, डेयरी, खाद्य प्र-संस्करण, पर्यटन एवं हस्तशिल्प में निवेश को प्रोत्साहित करने पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल का उद्देश्य राज्य में निवेशकों और उद्यमियों के बीच एक सार्थक संवाद स्थापित करना है, जिससे औद्योगिक विकास के नए द्वार खुलेंगे। प्रेजेन्टेशन के साथ राउंडटेबल और सेक्टोरल-सत्र कॉन्क्लेव में राज्य सरकार के विभिन्न विभाग औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई, आईटी, खनन, ऊर्जा और पर्यटन विभागों द्वारा प्रमुख प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके अलावा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर एक विशेष राउंडटेबल-सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें उद्योग के उभरते अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श होगा। चार सेक्टोरल-सत्र भी होंगे, जो एमएसएमई, स्टार्टअप्स, खनन एवं खनिज, पर्यटन और कुटीर उद्योगों में निवेश अवसरों पर केंद्रित होंगे। वन-टू-वन बैठकें और भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव से 20 से अधिक निवेशक वन-टू-वन बैठक करेंगे, जिससे सरकार और निवेशकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सकेगा। साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा रीवा आईटी पार्क और चुरहटा औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र सहित 20 से अधिक औद्योगिक प्रतिष्ठानों का वर्चुअल भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 80 से अधिक निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र भी वितरित किए जाएंगे, जो प्रदेश में निवेश की प्रक्रिया को और सरल बनाएंगे। ओडीओपी और जी-2-सी प्रदर्शनी स्टॉल कॉन्क्लेव में ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) और जी-2-सी (सरकार से नागरिक) स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे। इनमें एमपी इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन, डायरेक्टोरेट ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड, कस्टम विभाग, ईसीजीसी लिमिटेड, फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट और हस्तशिल्प विकास निगम सहित 16 से अधिक विभाग और संस्थान शामिल होंगे। यह प्रदर्शनी उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और नीतियों की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगी, जिससे वे अपने व्यावसायिक निर्णयों को प्रभावी ढंग से ले सकेंगे। व्यापारिक प्रोत्साहन और अवसर कॉन्क्लेव का उद्देश्य न केवल व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देना है, बल्कि निवेशकों और उद्यमियों के लिए राज्य में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को और आसान बनाना है। बिज़नेस प्रमोशन सेंटर के अंतर्गत, विभिन्न ट्रेड एसोसिएशन और सरकारी विभागों के प्रतिनिधि व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे। एमपी इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) द्वारा व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नवीनतम नीतियों और योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। नवकरणीय ऊर्जा पर राउंड टेबल सत्र और सेक्टोरल-सत्र कॉन्क्लेव में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर एक विशेष राउंड टेबल-सत्र होगा, जिसमें उद्योग जगत के विशेषज्ञ पर्यावरणीय संतुलन और औद्योगिक विकास पर चर्चा करेंगे। साथ ही, चार थीमेटिक-सत्रों के माध्यम से एमएसएमई, स्टार्टअप्स, खनन, पर्यटन और कुटीर उद्योगों में उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श होगा। वाइब्रेंट विंध्य: औद्योगिक विकास की नई दिशा रीवा में होने वाली कॉन्क्लेव विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करना है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को एक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025’ के लिए जारी किए गए विशेष आमंत्रण के साथ, यह सम्मेलन राज्य के आर्थिक विकास और निवेश के लिए नए अवसरों का द्वार खोलने में सहायक सिद्ध होगा। वाइब्रेंट विंध्य का यह आयोजन न केवल विंध्य क्षेत्र, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा देने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नेतृत्व में प्रदेश सरकार के समर्पण और प्रयासों से राज्य जल्द ही एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने की राह पर अग्रसर है।  

25 अक्टूबर से 1400 से अधिक केन्द्रों पर होगा सोयाबीन का उपार्जन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिले, तहसील, विकासखंड और संभागों के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जा रही है आरंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन-प्रतिनिधि और आमजन से आमंत्रित हैं सुझाव विभागों में लगभग एक लाख पदों पर होंगी भर्तियां 11 विभाग समन्वित रूप से चलाएंगे रोजगार के लिए अभियान 25 अक्टूबर से 1400 से अधिक केन्द्रों पर होगा सोयाबीन का उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़कों के लिए प्रदेश को लगभग 30 हजार करोड़ की सौगात देने केन्द्रीय मंत्री गडकरी का माना आभार माईनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्राप्त हुए 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा पर गौ-शालाओं में होंगे कार्यक्रम गोवंश की सेवा में बेहतर कार्य करने वालों को किया जाएगा पुरस्कृत मंत्रीगण गृह जिलों के कार्यक्रमों में होंगे शामिल शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को 28 अक्टूबर को मिलेगा वेतन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मार्च 2024 में प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया था। इस क्रम में प्रदेश के संभाग, उप संभाग, जिले, तहसील, विकासखंडों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। आमजन और जन-प्रतिनिधि अपने सुझाव, आवेदन और अभ्यावेदन के रूप में पुनर्गठन आयोग को प्रस्तुत कर सकेंगे। आवेदनों पर विचार के बाद अनुशंसाएं पुनर्गठन आयोग द्वारा राज्य शासन को प्रस्तुत की जाएंगी। नगरीय क्षेत्र की सीमाओं के प्रस्ताव भी आयोग को दिए जा सकेंगे। आयोग नवंबर माह से विभिन्न संभागों में अपने दौरे प्रारंभ करेगा, आवेदन अभ्यावेदन के लिए 4 से 6 माह तक का समय रहेगा। जन-सुविधा की दृष्टि से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, जिससे लोग सरलता से अपने सुझाव आयोग को पहुंचा सकें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गान के साथ मंत्रालय में आरंभ हुई। औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध होगी स्किल्ड लेबर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार सृजन, राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसरों के सृजन के लिए 11 विभाग समन्वित रूप से प्रयास कर रहे हैं। उद्योग, एमएसएमई, कृषि -उद्यानिकी आदि विभागों के साथ तालमेल करते हुए अगले 4 साल में रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। प्रदेश में जारी इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के परिणाम स्वरुप स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों के लिए स्किल्ड लेबर उपलब्ध हो और प्रदेश के युवाओं को रोजगार भी मिले इस उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ की जा रही है। सभी विभागों में लगभग 1 लाख तक भर्तियां होंगी, जिसकी प्रक्रिया अभियान के रूप में आरंभ की जा रही हैं। सुखद है आमजन को 999 रूपए में विमान यात्रा का अवसर प्रदान करना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रीवा में प्रदेश के छठवें विमानतल का लोकार्पण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह बघेलखंड, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे जन-सुविधा प्राप्त होने के साथ विकास की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विमान सेवा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आमजन को 999 रूपए में विमान यात्रा का अवसर प्रदान करना सुखद है। इंदौर से उज्जैन के बीच भी 1500 रुपए में विमान यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने मंत्रीगण और जन-प्रतिनिधियों से प्रदेश में विमान सेवा को प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे जन-सामान्य को विमान यात्रा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्राप्त होगा। 4892 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर होगा सोयाबीन का उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से आरंभ हो रहा है, अब तक 3 लाख 44 हजार से अधिक किसानों द्वारा पंजीयन करवा लिया गया है। किसानों से 4892 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर सोयाबीन का उपार्जन 1400 से अधिक केन्द्रों पर आरंभ हो रहा है। उन्होंने सभी मंत्रीगण को उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दीपावली के दृष्टिगत प्रदेश के सभी अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन आहरण 28 अक्टूबर को कर दिया जाएगा। खनन सामग्री पर आधारित निर्माण इकाइयों की प्रदेश में स्थापना को किया जाएगा प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में 19 अक्टूबर को भोपाल में इंडियन रोड कांग्रेस का शुभारंभ हुआ, जिसमें प्रदेश को 7 सड़कों के लिए 9390 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई। साथ ही 27 सड़कों के लिए 20 हजार 403 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां केन्द्र सरकार से शीघ्र ही प्राप्त होने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक घरानों से प्रदेश में 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में खनन प्रक्रिया में नवीनतम तकनीक का उपयोग करने और खनन सामग्री पर आधारित निर्माण इकाइयों की प्रदेश में स्थापना पर भी कॉन्क्लेव में विचार-विमर्श हुआ। दुग्ध उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर दी जाएगी जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय तथा अनुदान प्राप्त गौ-शालाओं में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी मंत्रियों को अपने-अपने गृह जिलों की गौ-शालाओं के कार्यक्रमों में शामिल होने के निर्देश दिए। इन कार्यक्रमों में गोवंश की सेवा में बेहतर कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही दुग्ध उत्पादन की उन्नत तकनीकों और विकास एवं जन-कल्याण के कार्यक्रमों तथा योजनाओं की जानकारी जन-सामान्य को प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में आश्रमों और साधु-संतों के अखाड़ों के लिए की जा रही नवीन व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, लैंगिक अपराध से पीडितों को संरक्षण एवं वित्तीय सहायता की स्वीकृति

प्रदेश में संचालित 12,670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्रों में उन्नयन का निर्णय 12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र में उन्नयन किये जाने का निर्णय लिया गया मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, लैंगिक अपराध से पीडितों को संरक्षण एवं वित्तीय सहायता की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में वर्तमान में संचालित 12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र में उन्नयन किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का प्रावधान है। निर्णय अनुसार इन मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों के उन्नयन के बाद एक पद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं एक पद आंगनवाड़ी सहायिका का होगा। उन्नयित 25 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर एक पर्यवेक्षक के मान से कुल 476 पर्यवेक्षक के पद स्वीकृत किये गये। केन्द्र सरकार के निर्धारित मापदण्ड उन्नयित आंगनवाड़ी केन्द्रों पर लागू होंगे। मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्रों में उन्नयन किए जाने पर केन्द्रांश राशि रूपये 3401.90 लाख एवं राज्यांश राशि 17945.82 लाख होगा। इस प्रकार कुल राशि रूपये 21347.71 लाख अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार आयेगा। लैंगिक अपराध से पीडितों को संरक्षण एवं वित्तीय सहायता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य अंतर्गत बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (संशोधित 2019) की धारा 4 एवं 6 के तहत “Scheme for Care and Support to Victims under Section 4 & 6 of the Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012” को प्रदेश के 55 जिलों में लागू किया गया है। योजना का उद्देश्य 18 वर्ष तक लैंगिक अपराध से पीड़ितों को POCSO Act के अंतर्गत संरक्षण एवं भारत सरकार के निर्भया फण्ड से वितीय सहायता प्रदान करना एवं उनके सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना है। निर्भया फण्ड से प्रत्येक जिले को 10 लाख रूपये आवंटित किये जायेंगे। लैंगिक अपराध से पीड़ितों को सहायता के लिए जिले आवश्यकता के अनुसार राशि का उपयोग कर सकेंगे। स्वास्थ्य संस्थाओं अंतर्गत 6388 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में स्वीकृत कुल 454 स्वास्थ्य संस्थाओं में कुल 6388 नवीन पदों (5936 नियमित एवं 452 संविदा) के सृजन की स्वीकृति दी। इसके अतिरिक्त 1589 आउट सोर्सिंग एजेन्सी से कार्य पर रखे जाने की स्वीकृति भी दी गई। पदों के सृजन पर होने वाले वार्षिक अनुमानित व्यय राशि 351 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। नवीन सृजित पदों का सृजन कर समस्त पदों को वर्ष 2024-25 में भरें जाने की स्वीकृति दी है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद् द्वारा 1 जनवरी 2016 के पूर्व एवं 01/01/2016 को या इसके उपरांत सेवानिवृत्त विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स (सेवानिवृत्त अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी) को वित्त विभाग के परिपत्र अनुसार सातवें वेतनमान के अनुरूप पेंशन देने की स्वीकृति दी गई।  

जन्मदिन पर यादव ने दीं शाह को शुभकामनाएं

भोपाल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। डॉ यादव ने एक्स पोस्ट में कहा, ‘मां भारती के परम वैभव के लिए समर्पित एवं संकल्पित, आदरणीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देश के विकास, संगठन की सुदृढ़ता एवं जनकल्याण के प्रति आपका समर्पण सदैव प्रेरणादायक है। बाबा महाकाल जी से प्रार्थना है कि आपको दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता प्रदान करें।’  

मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चिकित्सा क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाओं की ओर मध्यप्रदेश अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इरकैड के इंदौर केंद्र के शुभारंभ समारोह को किया वर्चुअली संबोधित  मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के प्रयास किए हैं। वर्ष 2024-25 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 20 हजार 439 करोड़ रुपए का प्रावधन किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं की कार्य दक्षता बढ़ाने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का विलय किया गया है। प्रदेश में अभी 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। अगले सत्र से सिंगरौली और श्योपुर में शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होंगे। इसके अलावा अगले दो वर्ष में 6 अन्य नए शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित होने लगेंगे। चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्रांस की संस्था इरकैड के इंदौर में केंद्र प्रारंभ होने पर कार्यक्रम को वीडियो कॉफ्रेंसिंग से संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरविंदो विश्वविद्यालय इंदौर के डॉ. विनोद भण्डारी को इस केंद्र की शुरूआत के लिए बधाई दी और केंद्र की सफलता की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष कार्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस एवं पीजी मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे प्रदेश में योग्य चिकित्सकों की कमी न रहे। राज्य सरकार ने विश्व स्तरीय चिकित्सा अधोसंरचना विकसित करने के प्रयास किए हैं। इसमें मेडिकल कॉलेज परिसरों में नए नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में चार नए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रारंभ किए गए हैं। इसके अलावा ग्वालियर में एक हजार बिस्तर क्षमता का अस्पताल भी प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी माडल पर टेलिमेडिसिन सेवा से 1200 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोड़े गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में 45 तरह की स्वास्थ्य जांचें हो रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इंदौर देश का फार्मा हब बन कर उभरा है। उज्जैन में सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से गंभीर रोगियों और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को एयर लिफ्ट कर उपचार के लिए भिजवाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में हृदय की सर्जरी, कैंसर के उपचार और अंग प्रत्यारोपण के कार्य किफायती दरों पर हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश मेडिकल टूरिज्म क्षेत्र में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की भागीदारी के लिए डॉ. भंडारी ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दूरबीन से सर्जरी का ज्ञान देने और मेडिकल रिसर्च की दृष्टि से फ्रांस की संस्था इरकैड के सहयोग से की गई शुरूआत प्रदेश में अपने तरह की विशिष्ट पहल है। यह केंद्र जनोपयोगी बने इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।  

मुख्यमंत्री ने कहा वाल्मीकि समाज की बेहतरी के लिए आज समाज द्वारा सौंपे गए सुझाव-पत्र पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम की गौरव गाथा लिपिबद्ध की। उस युग में मुद्रण सुविधा नहीं थी लेकिन ताड़ के पत्तों पर भगवान श्रीराम के विविध पक्षों को लिखकर आदर्श स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाल्मीकि समाज की बेहतरी के लिए आज समाज द्वारा सौंपे गए सुझाव-पत्र पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज लालघाटी स्थित गुफा मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन के लिए वाल्मीकि समाज को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि पखवाड़े के शुभारंभ और समापन अवसर पर उपस्थित होने का मुझे सौभाग्य मिला है। राज्यसभा सदस्य और राष्ट्र संत बालयोगी उमेश नाथ महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाल्मीकि जयंती पखवाड़े में वाल्मिकी धाम उज्जैन भी पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि के सम्मान में हुए कार्यक्रम को प्राथमिकता दी। वे किसी को गिरिजन या हरिजन न मानकर सम्मानित नागरिक मानते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अयोध्या में एयरपोर्ट का नामकरण महर्षि वाल्मीकि विमानतल करने का कार्य किया गया है। इसके साथ ही उच्च सदन में वाल्मीकि समाज के व्यक्ति को बिठाया गया। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समर्थन से यह संभव हुआ है। कार्यक्रम में सकल वाल्मीकि समाज द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य सभा सदस्य एवं राष्ट्र संत बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज, पीठाधीश्वर श्रीक्षेत्र वाल्मीकि धाम, उज्जैन का सम्मान किया गया। कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल और नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वाल्मीकि रचित “रामायण’’ की प्रति सौंपी गई। सकल वाल्मीकि पंचायत और समाज द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों का स्वागत किया गया।  

उज्जैन में साधु संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर आदि को स्थाई आश्रम बनाने की अनुमति दी जाएगी -मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में हरिद्वार के तर्ज पर साधु संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर आदि को स्थाई आश्रम बनाने की अनुमति दी जाएगी। उज्जैन की पहचान साधु-संतों से है। साधु-संतों को उज्जैन में आने, ठहरने, कथा, भागवत इत्यादि और अन्य आयोजन के लिए पर्याप्त रूप से भूमि भूखंड की आवश्यकता पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा साधु-संतों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी आश्रम बनाए जाने की योजना बनाई गई है। निजी होटल्स में साधु-संतों और श्रद्धालुओं को इस प्रकार के आयोजनों के लिए चुनौतियां आती हैं और महंगा भी पड़ता है। यहां 12 वर्षों में एक बार आयोजित होने वाला सिंहस्थ का आयोजन 2028 में किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में सिंहस्थ के संबंध में आयोजित प्रेस-वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय,महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव, संभागायुक्त संजय गुप्ता, आईजी संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु-संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार विकास के क्रम को जारी रखते हुए उज्जैन में भी साधु संतों के स्थायी आश्रम बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से इस बड़ी योजना को आकार दिया जाएगा। सभी साधु-संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर सभी को आमंत्रित कर उनके स्थायी आश्रम बनाने की दिशा में काम करेंगे। सिंहस्थ के दृष्टिगत सड़क, बिजली, पेयजल, जल निकासी इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के लिए भी स्थाई अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। ताकि अस्थाई निर्माण से होने वाली समस्याएं निर्मित ना हों। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की तरह उज्जैन को धार्मिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की गई है। सभी प्रकार के फोरलेन, सिक्सलेन ब्रिज आदि स्थायी अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु-संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से किए जाएंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन कार्य को भी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है। समान रूप से विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे। सभी देव स्थानों के आसपास हमारे धर्माचार्य आ जाए यह हमारी प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि साधु-संतों को आश्रम निर्माण के लिए अनुमति इस प्रकार दी जाएगी कि पांच बीघा में से एक बीघा भूखंड पर ही भवन का निर्माण किया जा सकेगा। शेष चार बीघा भूखंड खुला रहेगा, जिसमें पार्किंग आदि व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त खुला स्थान रहे। यह अनुमति केवल साधु-संतों, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर को ही दी जाएगी। व्यक्तिगत और कमर्शियल उपयोग के लिए इस प्रकार की अनुमति नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक बनने के बाद से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आते हैं। निरंतर यहां धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहता है। ऐसे में यह योजना धर्मावलंबियों के लिए बड़ी लाभकारी सिद्ध होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना तैयार की गई है। उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन कार्य की भी टेंडर प्रक्रिया हो गई है। वहीं उज्जैन- जावरा ग्रीन फील्ड फोरलेन मार्ग का शीघ्र भूमिपूजन किया जाएगा। इसी प्रकार बृहद योजना के तहत इंदौर, उज्जैन, धार, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर आदि को विकसित किया जाएगा। उज्जैन के धार्मिक मूल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन का संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दे दी गई है। इसी के साथ उज्जैन, देवास, फतेहाबाद, इंदौर को जोड़ते हुए सर्किल वंदे मेट्रो ट्रेन का भी संचालन किया जाएगा, जिसकी गति मेट्रो ट्रेन की तुलना में अधिक होगी। रेल रूट के साथ उज्जैन के सभी मार्गों का भी सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। उज्जैन से निकलने वाले सभी मार्ग फोरलेन किए जाएंगे। वर्तमान एयरस्ट्रिप का भी उन्नयन कर टेक्निकल रूप से एयरपोर्ट बनाया जायेगा, ताकि 12 महीने हवाई यातायात सुविधा भी उज्जैन को मिल सके।      

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन

हिम्मत और पराक्रम से भरें हैं, मध्यप्रदेश पुलिस के सशक्त कदम हर मुसीबत से बड़े हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देशभक्ति और जनसेवा के ध्येय वाक्य के साथ दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर है पुलिस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन उज्जैन में कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को देश की आन्तरिक सुरक्षा, एकता, अखण्डता के लिये अपने प्राणों की आहुति देकर कर्त्तव्य-परायणता का अनूठा उदाहरण देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। पुलिस देशभक्ति और जनसेवा के ध्येय वाक्य के साथ दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर रहते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर देती है। ऐसे सभी बलिदानी पुलिसकर्मियों को मैं सैल्यूट करता हूं। पुलिसकर्मी देश की सेवाओं के संचालन में मदद करते हैं और देश की आन्तरिक सुरक्षा में सर्वोच्च योगदान देते हैं। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, महापौर उज्जैन मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति उज्जैन श्रीमती कलावती यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोरोना काल में कर्त्तव्य की वेदी पर पुलिस के जवान मुस्तैदी से तैनात रहे। पुलिसकर्मियों के इस अद्वितीय योगदान का स्मरण करते हुए देश-प्रदेश गौरवान्वित महसूस करता है। कोरोना काल में पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों व सफाईकर्मियों के उत्कृष्ट कार्य से देश की आबादी सुरक्षित रही। आजादी से लेकर आज तक ऐसे कई कठिन मौकों पर पुलिसकर्मियों द्वारा अपनी भूमिका को सार्थक सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि “हिम्मत और पराक्रम से भरें हैं, आपके सशक्त कदम हर मुसीबत से बड़े हैं, आपके शौर्य को नमन, आपके प्रताप को प्रणाम है, आप हमारी शक्ति हैं, मध्यप्रदेश का अभिमान हैं।” कार्यक्रम में पुलिस जवानों द्वारा परेड प्रदर्शन कर वीर शहीदों को सलामी दी गई। परेड का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक रणजीत सिंह ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव, जन-प्रतिनिधि और अधिकारियों ने पुष्प-चक्र अर्पित कर वीर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजली अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान वीर शहीद स्व. लालबहादुर सिंह, स्व. बलराम के परिजन को शॉल, श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने परेड कमांडर से परिचय प्राप्त किया। आईजी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें उन वीर पुलिसकर्मियों की याद दिलाता है, जिन्होंने समाज और देश की रक्षार्थ प्राण न्यौछावर किये हैं। आज से 65 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के बर्फीले क्षेत्र हॉटस्प्रिंग में 16 हजार फीट की ऊंचाई पर चीन की सशस्त्र सेना के साथ मुठभेड में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की पेट्रोलिंग पार्टी के 10 जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। तब से प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन राज्य में संतुलित और समान आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करना है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और उनके सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। चार संभागों में सफल आरआईसी के बाद 23 अक्टूबर 2024 को रीवा में 5वीं आरआईसी आयोजित की जा रही है, जिसमें “वाइब्रेंट विंध्य” बायर-सेलर मीट होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन राज्य में संतुलित और समान आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करना है। आरआईसी के माध्यम से प्रदेश औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। रीवा में होने वाली आरआईसी इसमें महत्वपूर्ण योगदान देगी। रीवा में बायर-सेलर मीट: व्यापारिक अवसरों को नई दिशा रीवा में होने वाली बायर-सेलर मीट विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। इस मीट में 2500 से अधिक उद्यमी शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि विभिन्न राज्यों के उद्यमियों के बीच महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें इस मीट का प्रमुख आकर्षण व्यावसायिक साझेदारियों के लिए बैठकें हैं। जहां विंध्य क्षेत्र के स्थानीय उद्यमी और बाहरी राज्यों के उद्यमी बिज़नेस अपॉर्चूनिटीज़ पर चर्चा कर करेंगे। इसमें विचारों का आदान-प्रदान होगा और व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे। राज्य स्तर पर भागीदारी इस बायर-सेलर मीट में 10 से अधिक राज्य उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा से उद्यमी शामिल होंगे। यह विविधता न केवल मौके को और रोचक बनाएगी, बल्कि व्यावसायिक नेटवर्क को भी मजबूत करेगी। स्थानीय उद्यमियों के लिए अवसर स्थानीय उद्यमियों को बाहरी राज्यों के उद्यमियों से सीधे मिलकर व्यापारिक अवसरों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा। यह मंच न केवल नई व्यापारिक संभावनाओं को उजागर करेगा, बल्कि क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक होगा। अपनी सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध विंध्य अब व्यावसायिक अवसरों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यह बायर-सेलर मीट स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को नए बाजारों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी, जिससे व्यापारिक संभावनाएँ और मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और नए निवेशकों को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी।  मेहमान बघेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का लेंगे आनंद रीवा में 23 अक्टूबर को होने जा रही कॉन्क्लेव की एक विशेषता होगी, जिसमें विंध्य क्षेत्र की समृद्ध और पारंपरिक खाद्य संस्कृति से प्रतिनिधियों को परिचय कराया जायेगा। बघेलखंड के विशिष्ट व्यंजनों का स्वाद लेकर मेहमान स्थानीय स्वाद का आनंद उठाएंगे, जो न केवल स्वादिष्ट, बल्कि अत्यधिक पौष्टिक भी होंगे। बघेलखंड के प्रमुख व्यंजन      बगजा: बेसन से बनी जलेबी जैसी सेवई, जिसे दही के मट्ठे में डुबोकर तैयार किया जाता है, स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर।      पनबुड़ा: चावल के आटे से बनी रोटी, जिसमें दाल का मिश्रण भरकर भाप में पकाया जाता है।      रिचमच की सब्जी: विभिन्न दालों से बने पकौड़ों को दही की करी में पकाया जाता है, जो एक अनोखा और पौष्टिक व्यंजन है।      रसाज की कढ़ी: हल्की और पाचक बेसन और दही से बनी कढ़ी, जो स्वाद और स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।      महेरी: चावल और मट्ठे से तैयार एक हल्का और पौष्टिक व्यंजन, जो विंध्य क्षेत्र का विशेष भोजन है।      दरभरी पूरी और गुड़म: दरभरी पूरी के साथ गुड़ की पारंपरिक मिठाई, जो ठंड के मौसम में लाभकारी मानी जाती है।      खुरचन रोल: मलाई से बने इस मीठे रोल में कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जो इसे विशेष बनाती है।      लवंग लता: सूखे मेवों और घी से बनी यह मिठाई खास अवसरों पर बनाई जाती है।      लाटा: महुआ के फल और तिल से बना लड्डू, जो बघेलखंड की विशेष मिठाई के रूप में जाना जाता है। यह सभी व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ पोषक गुणों के कारण विंध्य क्षेत्र की खाद्य संस्कृति में खास स्थान रखते हैं। इनमें स्थानीय मसालों और शुद्ध सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्यवर्धक होते हैं और शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। यह कॉन्क्लेव औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ देश और विदेश से आए प्रतिनिधियों को बघेलखंड की समृद्ध खाद्य परंपरा से परिचित कराएगा, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।  

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा- CM मोहन यादव

 रीवा /भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि 23 अक्टूबर को रीवा में होने वाली प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव राज्य के साथ विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मंच से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे राज्य एवं विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक उन्नति और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो राज्य के समग्र आर्थिक विकास को सशक्त और सुदृढ़ करेगा। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहां 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। व्यापारिक सुगमता और औद्योगिक विकास पर ध्यान कॉन्क्लेव में एमपी इंडस्ट्रियल डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन की प्रमुख भूमिका रहेगी, जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाकर निवेशकों को व्यापार स्थापित करने में सहयोगी की भूमिका निभाएगा। एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेव्लपमेंट कॉर्पोरेशन राज्य के आईटी एवं ईएसडीएम उद्योग में विकास और निवेश के अवसरों को साझा करेगा। एमएसएमई विभाग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे इन उद्यमों का राज्य के औद्योगिक ढांचे में और भी मजबूत योगदान हो सके। निर्यात और अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार और निर्यात को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के उद्देश्य से डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड निर्यात के अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि कस्टम विभाग आयात-निर्यात प्रक्रियाओं और नियमों पर जानकारी देगा। इस दिशा में ईसीजीसी द्वारा निर्यातकों के लिए क्रेडिट बीमा और वित्तीय सेवाओं पर भी व्यापक जानकारी दी जाएगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग में निवेश के अवसर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों और उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा हस्तशिल्प विकास निगम राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने उत्पादों को बाजार में लाने के नए तरीकों पर जानकारी देगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सुनहरे अवसर कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसरों की जानकारी दी जाएगी, जो राज्य के कृषि उद्योग के लिए अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों तक पहुंच को और अधिक सुगम बनाएगा। यह कॉन्‍क्लेव कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के उद्यमियों को वैश्विक निर्यात का हिस्सा बनने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का समर्थन बिजनेस और उद्योग को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए यूनियन बैंक एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) बैंकिंग और वित्त पोषण से संबंधित सेवाओं की जानकारी देंगे। साथ ही इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (EEPC India) द्वारा इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात और संबंधित सहायता कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धर्मपत्नी के साथ उज्जैन में मनाया करवा चौथ पर्व

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव के साथ आज उज्जैन स्थित निज निवास पर करवा चौथ का पर्व मनाया। करवा चौथ के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव ने चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा की और पति डॉ. यादव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्नी श्रीमती सीमा को जल ग्रहण करवाकर व्रत खुलवाया। इसके पूर्व यादव दंपति ने विधि-विधान से करवा माता पूजा की। इस अवसर पर करवा माता की कथा भी हुई।

रीवा में 23 अक्टूबर को होगी अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव

विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास के नए अवसरों का केंद्र बनेगा रीवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी 21 अक्टूबर को रीवा को देंगे हवाई अड्डे की सौगात रीवा में 23 अक्टूबर को होगी अगली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 23 अक्टूबर को रीवा में होने वाली प्रदेश की 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के दो दिन पहले 21 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रीवा को एक बड़ी सौगात देंगे। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 102 हेक्टेयर जमीन पर 300 करोड़ रूपये की लागत से रीवा में बने हवाई अड्डे का वर्चुअली शुभारंभ किया जायेगा। इससे पर्यटक और निवेशकों के लिये आवागमन सहज और सुगम हो जायेगा। यह विंध्य क्षेत्र के लिये ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा की रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव राज्य के औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देगी। इस कॉनक्लेव से रीवा और विंध्य क्षेत्र में निवेश आने से औद्योगिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आयेंगे। रीवा संभाग के उद्योगपतियों से रविवार को होगा संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के पहले रविवार 20 अक्टूबर को रीवा संभाग के उद्योगपतियों के साथ वर्चुअल संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा विंध्य क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देने के साथ सरकार की उद्योग नीति, प्रावधानों और उद्योगपतियों के लिये की गई व्यवस्थाओं से अवगत कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास, कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, हस्तशिल्प और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। कॉन्क्लेव में बिजनेस प्रमोशन सेंटर रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में व्यापारिक और औद्योगिक हितधारकों के लिए बिज़नेस प्रमोशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जहाँ 16 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी विभाग अपने उत्पादों, सेवाओं और नीतियों को प्रदर्शित करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार को सरल बनाने के साथ निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, जिससे औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया जा सके। व्यापारिक सुगमता और औद्योगिक विकास पर ध्यान कॉन्क्लेव में एमपी इंडस्ट्रियल डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन की प्रमुख भूमिका रहेगी, जो “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” के तहत व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाकर निवेशकों को व्यापार स्थापित करने में सहयोगी की भूमिका निभाएगा। एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेव्लपमेंट कॉरपोरेशन राज्य के आईटी एवं ईएसडीएम उद्योग में विकास और निवेश के अवसरों को साझा करेगा। एमएसएमई विभाग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे इन उद्यमों का राज्य के औद्योगिक ढाँचे में और भी मजबूत योगदान हो सके। निर्यात और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निर्यात को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने के उद्देश्य से डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड निर्यात के अवसरों पर मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि कस्टम विभाग आयात-निर्यात प्रक्रियाओं और नियमों पर जानकारी देगा। इस दिशा में ईसीजीसी द्वारा निर्यातकों के लिए क्रेडिट बीमा और वित्तीय सेवाओं पर भी व्यापक जानकारी दी जाएगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग में निवेश के अवसर कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन स्थलों और उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, हस्तशिल्प विकास निगम राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने उत्पादों को बाजार में लाने के नए तरीकों पर जानकारी देगा। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए सुनहरे अवसर कृषि और प्र-संस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसरों की जानकारी दी जाएगी, जो राज्य के कृषि उद्योग के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच को और अधिक सुगम बनायेगा। यह कॉनक्लेव कृषि और खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र के उद्यमियों को वैश्विक निर्यात का हिस्सा बनने का सुनहरा मौका प्रदान करेगा। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का समर्थन बिजनेस और उद्योग को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए यूनियन बैंक एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) बैंकिंग और वित्तपोषण से संबंधित सेवाओं की जानकारी देंगे। साथ ही इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (EEPC India) द्वारा इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात और संबंधित सहायता कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। रीवा कॉन्क्लेव: औद्योगिक उन्नति की नई उम्मीद यह कॉन्क्लेव न केवल रीवा बल्कि पूरे राज्य के उद्योग और निवेश परिदृश्य को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मंच से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे राज्य एवं विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक उन्नति और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो राज्य के समग्र आर्थिक विकास को सशक्त और सुदृढ़ करेगा।  

भारतीय सड़क कांग्रेस भोपाल में सड़क और पुल निर्माण की नवीन तकनीकों पर मंथन, CM मोहन यादव और नितिन गडकरी ने किया शुभारंभ

भोपाल केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और सीएम मोहन यादव ने शनिवार, 19 अक्टूबर को भोपाल के विकास का विजन साझा किया। इस दौरान उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और सुंदरलाल पटवा से जुड़ा रोचक किस्सा सुनाते हुए कहा कैसे उनके एक निर्णय से देश 6 लाख गांवों में क्रांतिकारी बदलाव आया है। भोपाल के रवींद्र भवन में सड़क और पुल निर्माण की नवीन तकनीकों पर आधारित दो दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया है। इसके शुभारंभ समारोह में केंद्रीय मंत्री गड़करी ने कहा, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क वाला देश है। यहां 16 लाख किलोमीटर सड़कों बड़ा नेटवर्क है। सेमिनार में सड़क और पुल निर्माण की नई तकनीक, सामग्री और एग्रीमेंट प्रोसेस से जुड़े पहलुओं पर एक्सपर्ट्स अपने अनुभव और सुझाव साझा कर रहे हैं। यहां एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें सड़क और पुल निर्माण में लगने वाली नई मशीनरी समेत अन्य सामग्री का प्रदर्शित की गई हैं। सेमिनार में विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) एग्रीमेंट प्रक्रिया की चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे। लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने कहा- लोक निर्माण से लोक कल्याण हमारी टैगलाइन है, जिसका उद्देश्य केवल संरचनाओं का निर्माण करना भर नहीं है बल्कि ऐसी परियोजनाओं का विकास करना है जो समाज के सतत विकास में अपना योगदान दें। इसलिए हमारा लक्ष्य है कि भविष्य की सभी परियोजनाएं, इफेक्टिव मैनेजमेंट, कम लागत और समयबद्ध कार्य की दृष्टि से आदर्श बने। मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि इस दो दिवसीय सेमिनार से मध्य प्रदेश के अवसंरचना विकास को नई ऊर्जा मिलेगी और यह आयोजन राज्य की निर्माण परियोजनाओं में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। सेमिनार में विभिन्न तकनीकी-सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए हुए विशेषज्ञ नई तकनीकों, निर्माण सामग्रियों और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंध निष्पादन की चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार में लोक निर्माणमंत्री राकेश सिंह सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहेंगे। पहले दिन प्रमुख चर्चा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई तकनीकों का कार्यान्वयन, पुल निर्माण में नई मशीनरी का उपयोग और सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली नई सामग्रियों पर फोकस रहेगा। सड़क सुरक्षा, परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए आईटी तकनीकों का उपयोग और सीमांत सामग्रियों के उपयोग पर भी गहन मंथन किया जाएगा। आखिरी दिन रविवार को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) अनुबंधों की संरचना शेड्यूलिंग, अनुबंध निष्पादन में ठेकेदारों की भूमिका और सहायक अभियंताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें अनुबंधों से जुड़े विवादों और चुनौतियों के समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। समापन सत्र में विभिन्न विशेषज्ञ और प्रतिनिधि पैनल चर्चा के माध्यम से सड़क और पुल निर्माण में नई तकनीकों के उपयोग पर अपने विचार रखेंगे। सेमिनार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाने और नवीनतम तकनीकों से समयबद्ध और टिकाऊ अवसंरचना का विकास सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय टीम को जीत की बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय टीम को जीत की बधाई प्रदेश के धार जिले की बिटिया भी है टीम की सदस्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में दक्षिण एशियाई फेडरेशन(सैफ) महिला फुटबॉल चैम्पियनशिप में भारतीय महिला फुटबॉल टीम की जीत पर टीम को बधाई दी है। भारत ने पाकिस्तान पर 5-2 से जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि भारत की टीम में मध्यप्रदेश के धार जिले के सरदारपुर की बेटी ज्योति चौहान भी शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में भारत की इस विजय में ज्योति के किए गए गोल का भी योगदान है। ज्योति सहित सभी बेटियों की कड़ी मेहनत और संघर्ष से यह जीत मिली है जो देश के साथ प्रदेश की बेटियों के लिए भी प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।  

हीरे के बाद अब सोना भी निकालेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव खनिज कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में खनिज क्षेत्र में निवेश को पूर्ण प्रोत्साहन,11 औद्योगिक संस्थान निवेश के लिये आगे आये  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हीरे के बाद अब सोना भी निकालेगा मध्यप्रदेश  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अयोध्या में रामलला के मंदिर में उपयोग में लाए गए मध्यप्रदेश के मंडला के पत्थर मुख्यमंत्री दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। खनन क्षेत्र के उद्यमियों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन करते हुए उत्पाद भी प्रदेश में ही हो, ऐसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सम्पन्न कॉन्क्लेव में विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19,650 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित “संयुक्त उद्यम समझौता” हस्ताक्षरित भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कॉन्क्लेव को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि प्रदेश के खनिज राजस्व में भी 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य आने वाले समय में प्राप्त किया जाएगा। उद्यमियों के साथ भू-गर्भ शास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी कॉन्क्लेव में शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति विश्व में सबसे अलग है। जहां अन्य देश राष्ट्र को पिता मानते हैं, हमारे देश में हम भारत माता की जय का उद्घोष करते हैं। मातृ प्रधान व्यवस्था को प्राचीन काल से प्रश्रय मिला। हम देश को भी मातृ संस्था मानते हैं। शरीर की रचना भी ब्रम्हांड की तरह होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इस वसुंधरा की नदियां मनुष्य के रक्त प्रवाह के समान हैं। पृथ्वी में भी प्राण होते हैं और वनस्पति में भी प्राण होते हैं, यह हमारी मान्यता अन्य देशों से काफी पुरानी हैं। प्रकृति के दोहन और शोषण के अंतर को समझने की आवश्यकता है। खनिज संपदा की दृष्ट से ईश्वर की कृपा मध्यप्रदेश पर है। माईनिंग कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेश प्रस्ताव क्र फर्म/कम्पनी का नाम प्रोजेक्ट का विवरण स्थान 1 ल्यूगांग इंडिया, नई दिल्ली प्रदेश में माइनिंग उपकरण निर्माण इकाई स्थापना निवेश राशि 250 करोड़ – 2 इंडियन रेयर अर्थस, मुंबई रेयर मेटल्स क्लस्टर की स्थापना औद्योगिक क्षेत्र अचारपुर, जिला भोपाल 3 द कमोडिटी हब, गुरूग्राम हरियाणा कॉपर, रॉकफास्फेट तथा सिलीकॉन बेनीफिकेशन प्लांट की स्थापना, निवेश राशि 2000 करोड़ बालाघाट एवं खरगौन 4 श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड, रायपुर छत्तीसगढ़ इंट्रीगेटेड स्टील प्लांट,-निवेश राशि 1000 करोड़ उमरिया 5 व्रिज आयरन एवं स्टील लिमि. जल विहार कालोनी रायपुर इंट्रीगेटेड स्टील प्लांट,-निवेश राशि 1000 करोड़ कोतमा शहडोल 6 बैर्री अलायज, कोलकाता प्रदेश में फेरो अलायज इकाई की स्थापना निवेश राशि 400 करोड़ – 7 इन्विनायर पेट्रोडाइन लिमिटेड कोल बेड मीथेन और कोल गैसीफिकेशन में निवेश राशि 5000 करोड़ बैतूल और छिंदवाड़ा 8 डालमिया सीमेंट, नई दिल्ली प्रदेश में सीमेंट प्लांट की स्थापना निवेश राशि 3000 करोड़ सतना 9 जे.के. सीमेंट पन्ना जिले में स्थापित सीमेंट प्लांट का विस्तारीकरण निवेश राशि 2500 करोड़ पन्ना सिंगरौली एवं शहडोल जिले में आवंटित कोल ब्लॉक निवेश राशि 1000 करोड़ सिंगरौली एवं शहडोल 10 अंबुजा सीमेंट अहमदाबाद, गुजरात प्रदेश में सीमेंट प्लांट की स्थापना निवेश राशि 3000 करोड़ रीवा 11 सागर स्टोन इंडस्ट्रीज, जबलपुर फोस्फोराईट से खाद विनिर्माण इकाई की स्थापना, निवेश राशि 500 करोड़ छतरपुर   कुल 19650   प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जेट की गति से बढ़ रहा देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश जेट की गति से आगे बढ़ रहा है। खनिज के क्षेत्र में प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुसार भारत वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश भी विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जहां कृषि के साथ ही पशुपालन और अन्य क्षेत्रों में नए प्रकल्प आ रहे हैं, वहीं खनिज क्षेत्र में मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करेगा। भारत सरकार द्वारा खनिजों की नीलामी में पुरस्कृत मध्यप्रदेश विविध प्रकार की खनिज संपदा के समुचित दोहन के लिए संकल्पबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार खनिज क्षेत्र में निवेश को भरपूर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में उद्यमियों को सरकार का पूरा साथ मिलेगा। खनिज क्षेत्र मध्यप्रदेश को प्रगति के नए आयामों को छूने में सहयोगी बनेगा। हर महीने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं। इस वर्ष अब तक हुई 4 कॉन्क्लेव के फलस्वरूप लगभग 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आने वाली 23 अक्टूबर को रीवा में “रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव” उद्योग के विभिन्न सेक्टर्स में नए निवेश लाने में सहयोगी होगी। एक ही दिन में दो बड़े आयोजनों में भागीदारी का सौभाग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक प्रगति को अग्रसर रखने एवं युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की पूरी क्षमता को विकसित करने हमने पर्यटन की भी कॉन्क्लेव की। आज मैं दो कॉन्क्लेव में शामिल हुआ। सुबह पेट्रोकेमिकल एवं फार्मा इंडिया केम मुंबई में शामिल हुआ और अभी माइनिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुआ हूँ। विभागवार कॉन्क्लेव की श्रंखला जारी रहेगी। अगले वर्ष फरवरी में जीआईएस का आयोजन करेंगे। मध्यप्रदेश में चहुँमुंखी औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे। अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचा मध्यप्रदेश का पत्थर, हीरे के बाद सोना भी निकालेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह गर्व का विषय है कि गोंडवाना अंचल के मंडला जिले में खनन से प्राप्त पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भ गृह में लगाने का सौभाग्य मध्यप्रदेश को मिला। निश्चित ही यह पत्थर गुणवत्ता की दृष्टि से इस योग्य … Read more

मध्यप्रदेश 160 से अधिक देशों को निर्यात कर रहा है दवाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार बनाने जा रही है आकर्षक फार्मा पॉलिसी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश 160 से अधिक देशों को निर्यात कर रहा है दवाएं वर्ष 2023-24 में प्रदेश से 11 हजार 889 करोड़ रुपये के फार्मा प्रोड्क्ट का हुआ एक्सपोर्ट पेट्रो-केमिकल इकाइयों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने प्रदेश में की जा रही है पहल प्रदेश में केमिकल-फार्मा-पेट्रो-केमिकल और प्लास्टिक जैसे उद्योगों के लिए है बेहतरीन इकोसिस्टम भारत पेट्रोलियम की 50 हजार करोड़ और गैल की 35 हजार करोड़ लागत की पेट्रो-केमिकल परियोजनाओं का कार्य जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई में इंडिया केम- 2024 के 13वें संस्करण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में केमिकल, फार्मा, पेट्रो-केमिकल और प्लास्टिक जैसे उद्योगों के लिए बेहतरीन इको-सिस्टम विद्यमान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बीना में भारत पेट्रोलियम की 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पेट्रो-केमिकल परियोजना का भू्मि-पूजन किया गया, जिसका कार्य आरंभ हो गया है। प्रदेश में 35 हजार करोड़ की गेल इंडिया की वृहद पेट्रो-केमिकल परियोजना का काम तेजी से जारी है, इससे 25 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। प्रदेश में केमिकल और पेट्रो-केमिकल क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां कार्यरत हैं। प्रदेश में 275 फार्मा यूनिट्स स्थापित हैं, जिनसे 160 से अधिक देशों को दवाएं निर्यात हो रही हैं। दवा निर्यात में मध्यप्रदेश का देश में चौथा स्थान है। वर्ष 2023-24 में 11 हजार 889 करोड़ रुपये के फार्मा प्रोड्क्ट का एक्सपोर्ट हुआ है। इस क्षेत्र में और अधिक निवेश आकर्षित करने तथा गतिविधियों को विस्तार देने के लिए राज्य सरकार आकर्षक फार्मा पॉलिसी बनाने जा रही है। हम एक फ्यूचर रेडी स्टेट हैं, रसायन और उर्वरक के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयास, आने वाले समय में विकास की नई कहानी लिखने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुंबई में इंडिया केम- 2024 के 13वें संस्करण को संबोधित कर रहे थे। केमिकल एंड पेट्रो-केमिकल स्ट्रेटजीज पर “नॉलेज पेपर” का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन व उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ “इंडिया केम-2024 एडवांटेज भारत : इंडियन केमिकल्स एंड पेट्रो-केमिकल्स पेविंग द फ्यूचर” के 13वें द्वि-वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण एवं रसायन-उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी सहित फिक्की के पदाधिकारी और विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कैटालाइजिंग इंडिया ऑन केमिकल एंड पेट्रो-केमिकल स्ट्रेटजीज फॉर ग्लोबल इंटीग्रेशन एंड ग्रोथ विषय पर फिक्की और अर्नेस्ट एंड यंग द्वारा तैयार “नॉलेज पेपर” के विमोचन में शामिल हुए। मध्यप्रदेश, औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयासरत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर निरंतर अग्रसर है। भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था से बढ़कर 5वें पायदान पर आया है। मध्यप्रदेश, औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में वर्तमान में 250 फार्मेसी और 35 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। केमिकल पेट्रो-केमिकल उद्योग के लिए प्रदेश में आवश्यक अधोसंरचना तैयार है। रायसेन जिले के तामोट, ग्वालियर के बिलोवा में प्लास्टिक पार्क तथा रतलाम में वृहद फार्मा बायोटेक केमिकल जोन का विकास हो रहा है। झाबुआ में मेघनगर के औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल उद्योग के लिए आधुनिक अधोसंरचना, धार के पास बदनावर में पीएम मित्रा पार्क और भोपाल तथा ग्वालियर में केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान सीपेट की शाखाएं स्थापित की गई हैं। रीजनल इंड्रस्ट्री कॉन्क्लेव में उद्योग समूहों ने निवेश के लिए की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिकीकरण तथा निवेश के क्षेत्र में केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन आरंभ किया गया है। अब तक उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो चुकी हैं। अगली इंडस्ट्री कॉन्क्लेव शीघ्र ही रीवा में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी प्रकार के उद्योगों के लिए संभावनाएं विद्यमान हैं। उद्योग समूहों तथा निवेशकों को इससे अवगत कराने और राज्य सरकार की नीतियों के बारे में बताने के उद्देश्य से मुम्बई सहित कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में रोड-शो किए गए हैं। प्रदेश में निवेश के लिए कई उद्योग समूहों ने पहल की है। रतलाम, झाबुआ और इन्दौर में फार्मा क्षेत्र की गतिविधियों के विस्तार के कार्य जारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेट्रो-केमिकल क्षेत्र में मध्यप्रदेश प्रगति करेगा। राज्य सरकार “स्टेट ऑफ दी आर्ट पेट्रो-केमिकल इन्वेस्टमेंट रीजन” बनाने की योजना पर भी कार्य कर रही हैं। सीहोर-आष्टा एक प्रकार से देश का मध्य क्षेत्र है जहां विमानतल और रेल लाइन सहित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं विद्वमान हैं। रतलाम, झाबुआ और इन्दौर में भी फार्मा क्षेत्र में गतिविधियों के विस्तार के लिए कार्य किया जा रहा है। केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने इंडिया केम – 2024 में किया मध्यप्रदेश का उल्लेख केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा ने प्रदेश के बीना की भारत पेट्रोलियम पेट्रो-केमिकल परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पेट्रो-केमिकल, फार्मा, रसायन और उर्वरक क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों से निवेश और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। कार्यक्रम को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन-उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने भी संबोधित किया। फिक्की के पदाधिकारियों और विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों ने भी इंडिया केम-2024 में अपने विचार रखे।  

इंडिया केम : 2024 में उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित केन्द्र सरकार और अनेक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में इंडिया केम : 2024 को करेंगे संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 18 अक्टूबर को मुंबई में इंडिया केम : 2024 में हिस्सा लेंगे इंडिया केम : 2024 में उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित केन्द्र सरकार और अनेक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं मुंबई में 17-19 अक्टूबर 2024 तक हो रहे सम्मेलन में मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 18 अक्टूबर को मुंबई में इंडिया केम : 2024 में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन की थीम “एडवांटेज भारत : इंडियन केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स पेविंग द फ्यूचर” है। इस अवसर पर 13वीं द्विवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सहित केन्द्र सरकार और अनेक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। मुंबई में 17-19 अक्टूबर 2024 तक हो रहे सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अलावा केद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल, ओडिशा के उद्योग राज्य मंत्री संपद चंद्र स्वैन, सचिव रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग सुनिवेदिता शुक्ला वर्मा, अध्यक्ष फिक्की और सीएमडी दीपक नाइट्राइट लिमिटेड दीपक मेहता, कार्यकारी निदेशक रिलायंस लिमिटेड निखिल मेसवानी, एवोनिक इंडस्ट्रीज के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य और एशिया प्रशांत के अध्यक्ष डॉ. क्लॉस रेटिग, अध्यक्ष फिक्की राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल्स समिति और एमडी और सीईओ, एचएमईएल मित्तल एनर्जी लिमिटेड प्रभा दास हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश में केमिकल और पेट्रो केमिकल क्षेत्र में बीना स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रो केमिकल परियोजना सहित देश की प्रतिष्ठित कम्पनियों द्वारा प्रदेश में किए जा रहे उत्पादन और गेल इंडिया की वृहद पेट्रो केमिकल परियोजना सहित इस क्षेत्र में मजबूत की जा रही अधोसंरचना से संबंधित विवरण देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देखेंगे एमपी पवेलियन मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाम्बे एग्जिबिशन सेंटर में सम्मेलन के सत्र को पूर्वान्ह 11.30 बजे संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदर्शनी सभागार में एमपी पवेलियन भी देखेंगे। मुंबई में इंडिया केम : 2024 के अवसर पर मध्यप्रदेश में उद्योगों के विस्तार और निवेश बढ़ाने के प्रयासों का ब्यौरा भी प्रदर्शित किया गया है।  

खनिज कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश के साथ ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल खनन कॉन्क्लेव के दूरगामी परिणाम होंगे ऐतिहासिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री होंगे शामिल, खनन कॉन्क्लेव के परिणाम ऐतिहासिक होंगे खनिज कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश के साथ ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खनन कॉन्क्लेव के परिणाम ऐतिहासिक होंगे। कॉन्क्लेव में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर होने वाली चर्चा के परिणाम भावी रणनीति के निर्माण की नींव रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हो रही दो दिवसीय खनन कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल होंगे। राजधानी भोपाल में आयोजित दो दिवसीय खनिज कॉन्क्लेव में होने वाले मंथन से निकलने वाला अमृत मध्यप्रदेश के साथ ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। कॉन्क्लेव के विषयों में खनिज अन्वेषण, खनिज प्रसंस्करण, नवीन तकनीकों के उपयोग और पर्यावरण सुरक्षा शामिल है। इसमें आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंसी और मशीन लर्निंग आधारित डिजिटलाइजेशन जैसे विषय भी चर्चा में शामिल है। खनिज क्षेत्र में जरूरी नीतिगत सुधारों को लागू करने के लिये भी कॉन्क्लेव जैसी संगोष्ठियों का होना आवश्यक है। मध्यप्रदेश प्रचुर खनिज संसाधनों से समृद्ध है। मध्यप्रदेश को देश का एक मात्र हीरा उत्पादन क्षेत्र होने का गौरव प्राप्त है। प्रदेश का मलाजखंड क्षेत्र देश का तांबा खनन का सबसे बड़ा क्षेत्र है। मध्यप्रदेश मध्य में होने से निवेशकों के लिये आवागमन की सुविधाएँ सुगम और सहज उपलब्ध होती है। इस प्रकार की कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश का खनन क्षेत्र तो बुस्ट-अप होगा ही, देश की समृद्धि में भी प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।  

मध्य प्रदेश को कैपिटल ऑफ माइंस बनाने की तैयारी, जानें क्या है सीएम मोहन यादव का प्लान, माइनिंग कॉन्क्लेव में क्या हो…

 भोपाल राजधानी भोपाल में आज से दो दिवसीय माइनिंग कॉन्क्लेव शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव माइनिंग कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि माइनिंग कॉन्क्लेव से विकसित भारत 2047 का सपना पूरा होगा। मध्य प्रदेश सरकार राज्य को खनन की राजधानी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके लिए 17-18 अक्टूबर को भोपाल में माइनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव माइनिंग क्षेत्र के उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। भोपाल के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले इस माइनिंग कॉन्क्लेव का उद्देश्य मध्य प्रदेश को खनन क्षेत्र में प्रमुख केंद्र बनाना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि प्रदेश में खनन की असीमित संभावनाएं हैं और यह आयोजन राज्य को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के नए अवसरों की ओर ले जाएगा। उनका मानना है कि इस कॉन्क्लेव से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में मदद मिलेगी। प्रदेश में खनन की संभावनाएं मध्य प्रदेश खनिज संसाधनों के मामले में देश का एक प्रमुख राज्य है। यह भारत का एकमात्र राज्य है जो हीरे का उत्पादन करता है। इसके अलावा, मैग्नीज, तांबा अयस्क, चूना पत्थर, रॉक-फास्फेट, और कोयला उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। माइनिंग कॉन्क्लेव के माध्यम से राज्य सरकार खनन और खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। 600 से अधिक निवेशक होंगे शामिल इस कॉन्क्लेव में केंद्रीय खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी, राज्य मंत्री एससी दुबे, और केंद्रीय खान मंत्रालय के सचिव वीएल कांता राव शामिल होंगे। साथ ही एनसीएल, एचसीएल, एनएमडीसी, ओएनजीसी और जीएआईएल जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य राज्यों के उद्योगपतियों सहित 600 से अधिक प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से राज्य में खनन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

केन्द्र सरकार द्वारा छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि का निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के लिए आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अन्नदाता को प्राथमिकता मोदी सरकार का संकल्प है। नई दिल्ली में बुधवार को हुई केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में रेपसीड और सरसों के लिए एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि 300 रुपए प्रति क्विंटल और मसूर के लिए 275 रुपए प्रति क्विंटल की घोषणा की गई है। चने में 210 रुपए प्रति क्विंटल, गेहूं में 150 रुपए प्रति क्विंटल, कुसुम में 140 रूपये प्रति क्विंटल एवं जौ में 130 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और देश के किसानों की ओर से इस फैसले का अभिन्नदन किया है। मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किसानों के लिए विगत 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिससे अन्नदाता निरंतर खुशहाल और समृद्ध हो रहा है। बुधवार को केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में गेहूँ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2275 रूपये से बढ़ाकर 2425 रूपये, जौ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1850 रूपये से बढ़ाकर 1980 रूपये, चने का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5440 रूपये से बढ़ाकर 5650 रूपये, मसूर का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 6425 रूपये से बढ़ाकर 6700 रूपये, रेपसीड और सरसों का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5650 रूपये से बढ़ाकर 5950 रूपये और कुसुम का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5800 रूपये से बढ़ाकर 5940 रूपये किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व खाद्य दिवस पर किया अन्नदाता किसानों का किया अभिवादन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘विश्व खाद्य दिवस’ पर ‘सबको भोजन’ की सुनिश्चितता के लिए दिन-रात परिश्रम करने वाले अन्नदाता किसान भाई-बहनों और समाजसेवी बंधुओं का अभिवादन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर अपने जारी संदेश में लिखा है कि भारतीय संस्कृति में हमारे ऋषियों-पूर्वजों ने प्राणीमात्र को सम्मानपूर्वक भोजन कराने से परमात्मा की सेवा हो जाने की विराट दृष्टि प्रदान की है। उन्होंने ‘बेहतर जीवन और भविष्य के लिए भोजन का अधिकार’ के मंत्र के साथ भूख व कुपोषण से मुक्त भारत बनाने का प्रण लेंने का आव्हान किया है।  

इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिये पर्याप्त संख्या में बनाये जाएंगे अंडरपास और फ्लाय-ओवर मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विकास को नई गति देकर लिखा जाएगा नया अध्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में रचा गया विकास का स्वर्णिम इतिहास, मुख्यमंत्री ने एक साथ 222 करोड़ रुपये लागत के 4 फ्लाय-ओवर का किया लोकार्पण इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिये पर्याप्त संख्या में बनाये जाएंगे अंडरपास और फ्लाय-ओवर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव संत सेवालाल के नाम पर होगा फूटी कोठी ओवर ब्रिज और चौराहा इंदौर इंदौर में आज स्वर्णिम इतिहास रचा गया। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ही दिन में एक साथ लगभग 222.25 करोड़ रुपये लागत के 4 फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। यह पहली बार हो रहा है जब इंदौर में एक ही दिन में एक साथ 4 फ्लाय-ओवर का लोकार्पण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूटी कोठी (संत सेवालाल चौराहा) सहित भंवरकुंआ, खजराना और लवकुश चौराहे के फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। चारों फ्लाय-ओवर इंदौर के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने में मददगार होंगे। फ्लाय-ओवर के प्रारंभ होने से इंदौर के लाखों नागरिकों को सुगम एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी। फूटी कोठी फ्लाय-ओवर का नाम प्रसिद्ध संत सेवालाल जी महाराज के नाम पर किया गया है। फ्लॉय-ओवर लोकार्पण अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और विधायक और पूर्व मंत्री सुउषा ठाकुर, महेन्द्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, महेन्द्र हार्डिया और मनोज पटेल, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना मालवीय, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, गौरव रणदिवे, चिन्टू वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूटी कोठी (संत सेवालाल चौरहा) में आयोजित फ्लाय-ओवर के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास को नई गति देकर विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा। विकास के सभी अवरोधों को हटाकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर का चहुँमुखी विकास और सुरक्षित यातायात हमारी प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि इंदौर के किसी भी चौराहे पर यातायात बाधित न हो और वाहन चालकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने इंदौर की यातायात संबंधी परेशानियों के निराकरण के लिए कहा कि यहाँ जितने भी अंडरपास/ओवर ब्रिज की आवश्यकता होगी, वह सभी बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इंदौर में 400 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन का कार्य करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशे का अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नशे के अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनुष्यों की सोच जहां समाप्त होती है, वहीं से संतों की सोच शुरू होती है। मनुष्यों एवं देवताओं के बीच संत सेतु के रूप में होते हैं। समाज के किसी भी संत के योगदान को भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने प्रदेश में गायों के संरक्षण, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा गौ-शालाओं के संचालन के संबंध में राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि फूटी कोठी चौराहे का नाम संत सेवालाल चौराहा होगा। इंदौर के चौराहों पर आवश्यकतानुसार अंडर-पास और ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। आगामी 3 वर्षों में एक कार्य-योजना बनाकर लगभग 20 से 25 अंडरपास/ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। इंदौर शहर में यातायात सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाना हमारा संकल्प है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने लोकार्पित हुए 4 ओवर ब्रिज के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को संत गोपाल चैतन्य महाराज ने भी संबोधित किया। एकलव्य सिंह गौड़ ने आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने इंदौर भ्रमण के दौरान सबसे पहले फूटी कोठी फ्लाय-ओवर का लोकार्पण किया। यह फ्लाय-ओवर 610 मीटर लंबा है। इसकी चौड़ाई 24 मीटर एवं 6 लेन है। इसके निर्माण पर 57.70 करोड़ रूपये लागत आयी है। इसी तरह उन्होंने भवर कुआं के फ्लाय-ओवर का लोकार्पण भी किया। भंवरकुंआ में 625 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़ाई के 6 लेन फ्लाय-ओवर का निर्माण 55.77 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। इसी तरह लवकुश चौराहा और खजराना चौराहा के फ्लाय-ओवर की एक-एक भुजा का लोकार्पण भी किया गया। खजराना के फ्लाय-ओवर की लागत 41.19 करोड़ और लवकुश चौराहे के फ्लाय-ओवर की लागत 66.88 करोड़ रूपये हैं। उक्त दोनों फ्लाय-ओवर भी 6 लेन हैं। इन दोनों फ्लाय-ओवर की दूसरी भुजाओं का कार्य भी लगभग 90 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। शेष कार्य भी जल्द ही पूरा हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौरी जायके का लिया स्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर भ्रमण के दौरान विजय नगर स्थित एक रेस्टॉरेंट पर रूके। यहाँ उन्होंने अपने मंत्री के साथी कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों के साथ इंदौरी जायके का स्वाद लिया। उन्होंने रेस्टॉरेंट में पानीपुरी, भजिये और छोले भटूरे भी खाये।  

इंदौर की है प्रदेश में एक विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर प्रदेश में विकास, उन्नति, प्रगति, व्यापार- व्यवसाय, कला, साहित्य और संस्कृति के लिए एक विशेष पहचान रखता हैं। इंदौर से मध्यप्रदेश की पहचान है जो हमारे लिए गर्व और आनंद की बात हैं। इंदौर जो करता है सबसे अलग करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे के मौके पर इंदौर को आज 4 फ्लाय-ओवर की बड़ी सौगात मिली हैं। यातायात की समस्या को हल करते हुए इंदौर को प्रायोरिटी पर लिया गया है। इंदौर में ट्रैफिक समस्या को देखते हुए फ्लाय-ओवर की श्रृंखला बनी है, जो निरंतर जारी रहेगी। विकास के नए पैमाने पर इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर काम किया जा रहा है, जिसके परिणाम जल्द आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों की समस्या को देखते हुए लोकार्पण करने का नया तरीका निकाला हैं। पहले ब्रिज बनने के बाद लोकार्पण करते थे, हमने थोड़ा बदलाव किया हैं। जनता की समस्या को देखते हुए अभी जितना ब्रिज बना है उतना ही शुरू कर रहे हैं। इससे लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकास निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को इन्दौर प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गौरंगी शर्मा ने भेंट की पेंटिंग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यूनिसेफ इंडिया यूथ कंटेंट क्रिएटर गौरंगी शर्मा ने निवास कार्यालय में स्वयं के द्वारा बनाई हुई पेंटिंग भेंट की। यह पेंटिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किशोरी बालिकाओं में माहवारी स्वास्थ्य व स्वच्छता प्रबंधन के लिए की जा रही पहल पर केंद्रित है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेनिटेशन हाईजीन अन्तर्गत माहवारी प्रबंधन में सुविधा व सहायता के लिए हाल ही में प्रदेश की 19 लाख स्कूली छात्राओं के खातों में 57 करोड़ 58 लाख रुपए अंतरित किए थे।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि देश की प्रमुख नदियों का मध्यप्रदेश मायका है

भोपाल /सूरत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि देश की प्रमुख नदियों का मध्यप्रदेश मायका है. मध्यप्रदेश की नर्मदा और ताप्ती नदी अपने मायके अर्थात मध्यप्रदेश को तो आनंदित और प्रफुल्लित करती ही है, साथ ही वह गुजरात को भी धन-धान्य से परिपूर्ण कर रही है. सोन नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के अमरकंटक से है, जो बिहार में गंगा जी से मिलती हैं और गंगा जी की धारा को समृद्ध करती है. मध्यप्रदेश से निकलने वाली चंबल नदी राजस्थान को जीवन प्रदान करती है यह नदियां मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी हैं. सूरत से आरंभ हुआ यह अभियान जीवन देने का अभियान है. उन्होंने कहा कि जल संचय- जन भागीदारी कार्यक्रम के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए मध्यप्रदेश कदम से कदम मिलाकर चलने को तत्पर है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यों के परस्पर संबंधों की सौहाद्रता और नर्मदा जल की एक-एक बूंद का उपयोग सुनिश्चित करते हुए नर्मदा नदी का जल राजस्थान को भी उपलब्ध करने का मार्ग प्रशस्त किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी के लिए गुजरात में समस्या रहती है और उनकी सहायता करना हम सब का कर्तव्य है. CM यादव राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत चल रहे ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत गुजरात के सूरत में ‘जल संचय- जन भागीदारी- जन आंदोलन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.  बड़े पात्र में जल अर्पित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्षा जल संचयन को बढ़ाने और दीर्घकालिक जल स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए जल संचय-जन भागीदारी-जन आंदोलन कार्यक्रम की पहल की थी. जल संरक्षण और जल संग्रहण को बढ़ावा देने की सकारात्मक पहल के तहत सूरत में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, वरिष्ठ जन-प्रतिनिधि, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय तथा राज्यों के अधिकारी उपस्थित थे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव का पुष्प-गुच्छ और अंगवस्त्रम भेंट कर तथा स्मृति-चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया गया. मुख्यमंत्री को “जल संचय -जन भागीदारी -जन आंदोलन कार्यक्रम” का संकल्प पत्र भी भेंट किया गया. कार्यक्रम में विद्यमान अतिथियों ने जल संरक्षण और जल संग्रहण के प्रतीक स्वरूप बड़े पात्र में जल अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. भारतीय सनातन संस्कृति में जल ही जीवन है का विचार सर्वमान्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सांस्कृतिक और पौराणिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि महादेव ने गंगा को जटाओं में धारण कर और भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत धारण कर जल संरक्षण के महत्व को दर्शाया. जिस प्रकार धरती पर मां गंगा को लाने में भागीरथ की भूमिका थी, इस प्रकार गंगाजल को सहेजने में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. गुजरात की भूमि यश- कीर्ति और समृद्धि की भूमि है. भगवान श्रीकृष्ण को भी गुजरात स्थित द्वारका से ही यश प्राप्त हुआ. गुजरात ने ही देश को महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे राजनेता प्रदान किए. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर निरंतर अग्रसर हैं. विश्व में भारत की साख स्थापित हुई है और दुनिया के सभी देश प्रधानमंत्री  मोदी से मधुर और जीवंत संपर्क और संबंध बनाने के लिए आतुर रहते हैं. भारतीय सनातन संस्कृति में जल ही जीवन है का विचार सर्वमान्य है. सूरत में जल-संचयन और जल-संरक्षण पर आयोजित यह कार्यक्रम देश को नई दिशा और जन-जन को ऊर्जा प्रदान करेगा. मध्यप्रदेश में हुआ 10 हजार से अधिक पोखर, तालाब, कुएं, बावड़ी का जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जहां नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत दो परियोजनाओं का क्रियान्वयन आरंभ हो रहा है. मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान तथा मध्यप्रदेश और राजस्थान के मध्य चंबल- पार्वती- काली सिंध लिंक परियोजनाएं शीघ्र ही मूर्त रूप लेंगी. मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग 3 हजार 500 गांव के 13 हजार से अधिक लोगों ने संकल्प लेकर जल गंगा अभियान के अंतर्गत जल भंडारण क्षमता में वृद्धि के लिए 10 हजार से अधिक पोखर, तालाब, कुएं, बावड़ी का जीर्णोद्धार किया.  भूजल संचयन के लिए संकल्पबद्ध होना अभिनंदनीय: केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल ने नदी जोड़ो अभियान में मध्यप्रदेश द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नदियों के जोड़ने की परियोजना शीघ्र ही आरंभ होगी. उन्होंने मध्यप्रदेशवासियों द्वारा जल-संरक्षण के क्षेत्र में की जा रही पहल की भी सराहना करते हुए कहा कि भू-जल संचयन के लिए मध्यप्रदेश के 3500 गांवों में 14 हजार बोर कराने का संकल्प लिया गया है जो अभिनन्दनीय है. कार्यक्रम को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी संबोधित किया.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े का किया शुभारंभ

महर्षि वाल्मीकि ने प्रत्येक व्यक्ति के रोम-रोम तक भगवान श्रीराम की भावना को पहुंचाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव रामराज्य की अवधारणा से महर्षि वाल्मीकि ने कराया समाज को अवगत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  क्षेत्र वाल्मीकि धाम में महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े का शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है 17 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा एवं महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर एक पखवाड़े तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, महापौर मुकेश टटवाल, बहादुर सिंह बोरमुंडला, विवेक जोशी, संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी, संभागायुक्त संजय गुप्ता, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हम सब का सौभाग्य है कि 17 अक्टूबर से लेकर 21 अक्टूबर तक महर्षि वाल्मीकि जयंती के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज राज्यसभा सांसद के लिए नामांकित हुए हैं । उन्होंने पूरे उज्जैन को गौरवान्वित किया है। हमारे समाज में राम राज्य की संपूर्ण भावना महर्षि वाल्मीकि ने प्रस्तुत की है। उन्होंने राम राज्य को परिभाषित किया और भारतीय संस्कृति और सभ्यता के पूरे रोम-रोम और वायुमंडल तक महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम को पहुंचाया है। हमारे समाज में संत जन स्वयं जलकर हमारी प्रगति के मार्ग को आलोकित करते हैं । भारतीय संस्कृति और सभ्यता में संत जनों का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से सभी को महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दीं । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम वाल्मीकि धाम पहुंचकर स्वामी सोहन दास जी महाराज की समाधि पर पुष्प अर्पित किए तथा समाधि पर माथा टेका। इसके बाद उन्होंने आश्रम में धूनी के स्थान के दर्शन भी किये । महर्षि वाल्मीकि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने स्वागत भाषण दिया। सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि जयंती का आयोजन किया जाता है। उन्होंने एक पखवाड़े तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किए जाने का सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा तो उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है और इस प्रकार के आयोजन निरंतर किये जाते रहना चाहिए। बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी वर्गों का विश्वास अर्जित किया है। यह देश ऋषि मुनियों का देश रहा है। हर समाज में संतों का जन्म हुआ है। हम सब मिलकर महर्षि वाल्मीकि जयंती मना रहे हैं। एक पखवाड़े पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रामायण के अनुसार जहां पुष्पक विमान उतरा था वहां पर महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया गया। इसके लिए वाल्मीकि समाज सदैव देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ऋणी रहेगा। प्रधानमंत्री द्वारा अंतिम व्यक्ति के लोगों को प्रथम पंक्ति में लेकर आने का अद्वितीय व अतुलनीय प्रयास किया गया है। बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि आगामी 21 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती पखवाड़े का समापन भोपाल में भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर संजय कोरट, जितेंद्र भाटी , सत्यनारायण खोईवाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

बुराई का प्रतीक कितना ही बड़ा और बलिष्ठ क्यों न हो सच्चाई के तीर से उसकी डूठी का अमृत जलता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन सहित प्रदेश के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  बुराई का प्रतीक कितना ही बड़ा और बलिष्ठ क्यों न हो सच्चाई के तीर से उसकी डूठी का अमृत जलता है  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव दशहरा महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  उज्जैन के खाकचौक और डालडा मैदान मक्सी रोड में आयोजित दशहरा महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और सभी को दशहरे पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज यहां हो रही आतिशबाजियां हमारे हिंदू संस्कृति की यश गाथा गा रही हैं। उन्होंने कहा कि बुराई का प्रतीक कितना ही बड़ा और बलिष्ठ क्यों न हो सच्चाई के तीर से उसकी डूठी का अमृत जलता है। उसके प्राण नष्ट होते हैं। राम राज्य की अवधारणा दुनिया का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्णा बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सहित प्रदेश के विकास में कोई कसर बाकी नहीं रहेगी। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से दुख के कांटे निकालकर खुशहाली लाने के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। प्रदेश सरकार द्वारा सभी तीज त्योहारों को पूरे धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम और उनका परिवार हमारे लिए आदर्श हैं। भगवान श्रीराम हमारे रोम-रोम में समाए हुए हैं। उनके नाम से ही दिन और रात होती हैं। आज भारत का कोई भी व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने में चले जाए और देश का नाम बताएं बिना कहें कि वह भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की भूमि से आया है तो सामने वाला भलीभांति समझ जाएगा कि आप भारत से आए हैं। यह हमारे देश और संस्कृति की विशेषता हैं। उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा , विधायक सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विवेक जोशी , बहादुर सिंह बोरमुंडला, संजय अग्रवाल सहित आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में जनसमूह उपस्थित रहा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर की गौ-शाला में किया गौ-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को खरगौन जिले के महेश्वर में माँ भागवत रेवा गौ-शाला पहुँचकर गौ-पूजन कर गौ-माता को गुड़ के लड्डू और गौ-ग्रास खिलाया। इक्कीस वर्ष पुरानी इस गौ-शाला में वर्तमान में 126 गौ-वंश हैं। इसका संचालन क्षेत्रीय ग्रामीणों द्वारा समिति बनाकर किया जाता है। गौ-शाला संचालक समिति के विशाल गीते और दिलीप पाटीदार ने बताया कि गौ-शाला में प्रतिवर्ष नागर जी महाराज द्वारा भागवत कथा वाचन किया जाता है। उन्होंने बताया कि दुधारू गायों से प्राप्त दुध का विक्रय कर गौ-शाला को स्वावलंबी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधि एवं गौ-सेवक मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजयादशमी पर महेश्वर के ऐतिहासिक क़िले में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी

महेश्वर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी पर महेश्वर के ऐतिहासिक क़िले में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विजयादशमी के पर्व अवसर पर महेश्वर के शस्त्रागार में शस्त्र-पूजन किया।  नर्मदा तट पर स्थित क़िले में पहुँचने पर देवी अहिल्या बाई के वंशज यशवंतराव होलकर तृतीय ने उनका परम्परागत रूप से  अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शस्त्रागार में विशेष तौर पर उस तलवार का पूजन किया जो उनके शौर्य का प्रतीक है। यह तलवार लोकमाता देवी अहिल्या बाई स्वयं धारण करती थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि देवी अहिल्या पुण्य प्रताप और परोपकार की पर्याय हैं। आज विजयादशमी के अवसर पर  उनकी कर्मभूमि पहुँचकर नमन कर स्वयं को कृतार्थ महसूस कर रहा हूँ। इस अवसर पर खरगोन के स्थानीय जन-प्रतिनिधिगण मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री यादव ने अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व पर शस्त्र-पूजन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में शस्त्र-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक वस्त्र धोती कुर्ता धारण कर वैदिक विधि से शक्ति स्वरूपा मां काली की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर शक्ति, साहस और विजय के प्रतीक के रूप में शस्त्रों का पूजन किया गया। मुख्यमंत्री सुरक्षा अधिकारी और कर्मचारियों सहित सभी स्टाफ शस्त्र पूजन का हिस्सा बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है, जो हिंदू सनातन परंपरा से जुड़ा हुआ है। यह व्यक्ति को उसके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है और अधर्म के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता है।  

प्रदेश में पहली बार भव्य शस्त्र पूजन: मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम, मंत्री और अधिकारी ने किया ऐतिहासिक आयोजन..

 भोपाल डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भोपाल के पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन किया। मैहर में राज्यमंत्री राधा सिंह चौहान ने तुमड़े की प्रतीकात्मक बलि दी।मध्यप्रदेश में दशहरे के मौके पर शनिवार को मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री अलग-अलग जगहों पर शस्त्र पूजन कर रहे हैं। भोपाल में नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, मेयर मालती राय और पुलिस कमिश्नर मौजूद रहे। सीएम डॉ. मोहन यादव और मंत्री तुलसी सिलावट इंदौर में रहेंगे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय धार जाएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री के निर्देश थे कि सभी मंत्री प्रभार के जिले में शस्त्र पूजन करेंगे लेकिन अब सिर्फ सीएम और 6 मंत्री ही प्रभार के जिलों में शस्त्र पूजन करने पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सबसे पहले खरगोन जिले के महेश्वर में बूढ़ी जीन परिसर में शस्त्र पूजन करेंगे। इसके बाद सीधे राजवाड़ा परिसर स्थित अहिल्या बाई होल्कर की राजगद्दी पर माल्यार्पण करेंगे। फिर जनसभा को संबोधित करेंगे। वे खरगोन में 83 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से 43 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे। वे यहां मां रेवा गोशाला में गौ पूजन कर जिले की सभी पंजीकृत गोशालाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। सीहोर: मंत्री करन सिंह वर्मा और राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया पूजन सीहोर में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और पिछड़ा वर्ग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने पुलिस परेड ग्राउंड में शस्त्र पूजन किया। मुरैना: सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने दी प्रतीकात्मक बलि दशहरा के पावन पर्व पर मुरैना पुलिस लाइन में भी शस्त्र पूजन किया गया। मुख्य अतिथि सांसद शिव मंगल सिंह तोमर ने मां काली की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उसके बाद हवन पूजन और आरती की गई। सबलगढ़ विधायक सरला रावत, पुलिस महानिरीक्षक चंबल रेंज सुशांत कुमार सक्सेना समेत कई अफसर मौजूद रहे। मैहर: राज्यमंत्री राधा सिंह चौहान ने शस्त्र पूजन के बाद बलि दी मैहर में शस्त्र पूजन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यमंत्री राधा सिंह चौहान रहीं। पुलिस लाइन के शस्त्रागार में पूजा के बाद मंत्री ने तुमड़े की प्रतीकात्मक बलि दी। भिंड: मंत्री राकेश शुक्ला और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने शस्त्र पूजन किया भिंड के पुलिस लाइन शस्त्रागार में मंत्री राकेश शुक्ला ने शस्त्र पूजन किया। हवन के बाद आरती की गई। भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव एसपी असित यादव और एएसपी संजीव पाठक भी मौजूद रहे। कैबिनेट बैठक से पहले लिया था फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 सितंबर को कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रियों से कहा था कि इस वर्ष दशहरा पर्व शस्त्र पूजन के साथ मनाया जाएगा। सभी मंत्री अपने प्रभार के जिलों के पुलिस शस्त्रागार में शस्त्र पूजन करेंगे। बाद में मीडिया से चर्चा में यादव ने कहा था कि शस्त्र पूजन में मंत्रियों के अलावा विधायकों को भी विधानसभा क्षेत्र में मौजूद रहकर शामिल होना है।

मुख्यमंत्री ने कहा सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्यक्रमों से जुड़कर ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क का लाभ प्राप्त कर रहे

नागदा-खचरौद को फोर-लेन सड़क की सौगात शीघ्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री नागदा कन्या-पूजन कार्यक्रम में हुए वर्चुअली शामिल मुख्यमंत्री ने कहा सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्यक्रमों से जुड़कर ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क का लाभ प्राप्त कर रहे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के नागदा में आयोजित कन्या-पूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल होकर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़कर ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कन्या-पूजन कार्यक्रम को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पक्ष बताया और कार्यक्रम आयोजकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित जन-प्रतिनिधियों से चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि नागदा-खाचरौद को शीघ्र ही फोर-लेन सड़क की सौगात मिलेगी। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर शस्त्र-पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें जन-प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने सुशासन की मिसाल प्रस्तुत की थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इससे उनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागदा से उन्हें विशेष लगाव है। यहां रक्षा बंधन का पर्व भी उत्साह से मनाया गया था। कन्या-पूजन कार्यक्रम कमल धाकड़ स्मृति मंच एवं विश्व युवा मंडल ने आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुल्तान सिंह शेखावत, विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह शेखावत, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती संतोष ओपी गेहलोत, मण्डल अध्यक्ष सी.एम. अतुल, रवि काठेड़, संस्था अध्यक्ष राजेश धाकड़, महंत जय नारायण दास और राजकुमार मेहता उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव महेश्वर और इंदौर में करेंगे शस्त्र-पूजन, प्रदेशवासियों को दी विजयदशमी पर्व की बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे भारतीय पर्व उमंग और उल्लास के प्रतीक होते हैं। इस वर्ष प्रदेश में दशहरा पर्व सरकार और समाज मिलकर धूमधाम के साथ मनाएंगे और शस्त्र-पूजन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष का दशहरा पर्व महिला सशक्तिकरण और सुशासन की प्रतीक देवी अहिल्याबाई को समर्पित रहेगा। देवी अहिल्याबाई ने देश भर में जन-कल्याण के अनेक महती कार्य संपन्न करवाए। इन कार्यों की स्मृति और देवी अहिल्याबाई के योगदान से आज की पीढ़ी को अवगत करवाने और उनके सम्मान में दशहरा पर्व पर शस्त्र-पूजन के कार्यक्रम होंगे। मंत्री, सांसद, विधायक और जन-प्रतिनिधि भी करेंगे अपने क्षेत्रों में शस्त्र-पूजन मुख्यमंत्री डॉ.यादन ने कहा कि इस दशहरा पर्व पर भारत की प्राचीन शस्त्र-पूजन परंपरा में सरकार के मंत्रीगण सहित सांसद, विधायक और जन-प्रतिनिधि भी अपने क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रत्येक जिले में पुलिस शस्त्रागार, कोतवाली और थानों में होने वाले शस्त्र-पूजन एक विभाग तक सीमित न होकर जनता का पर्व बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं देवी अहिल्याबाई की राजधानी रही महेश्वर और उनकी छावनी रही इंदौर में शस्त्र-पूजन करेंगे। अहिल्याबाई का व्यक्तित्व, जीवन और चरित्र हम सबके लिये आदर्श मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम अहिल्याबाई की 300वीं जयंती का वर्ष मना रहे हैं। लोकमाता देवी अहिल्याबाई का व्यक्तित्व, जीवन और चरित्र हम सबके लिये आदर्श है। वे एक तपोनिष्ठ, धर्मनिष्ठ और कर्मनिष्ठ शासक, प्रशासक रही है। उनसे हम सबको प्रेरणा लेना चाहिये। देवी अहिल्याबाई ने धर्म के भाव के साथ शासन व्यवस्था चलाने का बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका धर्म तथा राज्य व्यवस्था में विशेष महत्व है। उनका मुख्य ध्येय था कि उनकी प्रजा कभी भी अभावग्रस्त और भूखी नहीं रहे। उनके सुशासन की यशोगाथा पूरे देश में प्रसिद्ध है। उन्होंने समाज-सेवा के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया था। अहिल्याबाई हमेशा अपनी प्रजा और गरीबों की भलाई के बारे में सोचती थी, साथ ही वे गरीबों और निर्धनों की हरसंभव मद्द के लिए हमेशा तत्पर रहती थी। उन्होंने समाज में विधवा महिलाओं की स्थिति पर भी खासा काम किया और उनके लिए उस वक्त बनाए गए कानून में बदलाव भी किया था।  

मुख्यमंत्री निवास में कन्या-पूजन में कन्याओं के पांव पखारे, मातारानी से सभी के लिए मंगलमय और सुखमय जीवन के लिये की प्रार्थना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारदीय नवरात्र की महानवमी पर मुख्यमंत्री निवास में कन्या-पूजन और कन्या-भोज की सनातन परंपरा का पालन किया। मातृ-शक्ति के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रदर्शित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं के पांव पखारे और उनका विधि-विधान से पूजन किया। उन्होंने श्रद्धापूर्वक कन्याओं को चुनरी ओढ़ाई और आरती उतारी। पूजन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं से संवाद कर उन्हें दुलारा भी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या-पूजन के बाद कन्याओं को स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसा और उनकी रूचि के अनुरूप मिष्ठान भी खिलाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या भोज के बाद सभी कन्याओं को दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोक्षदायिनी मां सिद्धिदात्री के चरणों में शत-शत प्रणाम कर प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने मातारानी से सभी को संकल्प सिद्धि के असीम आशीर्वाद के साथ मंगलमय और सुखमय जीवन की प्रार्थना भी की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के 15 अखाड़ों को प्रोत्साहन स्वरूप 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा

प्रदेश में कुश्ती सहित अन्य सभी खेलों को निरंतर बढ़ावा दिया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में मलखंभ अकादमी शीघ्र चालू होगी  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के 15 अखाड़ों को प्रोत्साहन स्वरूप 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के क्षीरसागर सागर स्टेडियम ऑडिटोरियम में आयोजित कुश्ती दंगल कार्यक्रम में पहुंचे उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कुश्ती सहित अन्य सभी खेलों को निरंतर बढ़ावा दिया जाएगा। उज्जैन में मलखंभ अकादमी शीघ्र चालू होगी। मलखंभ के साथ जिम्नास्टिक की भी सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को उज्जैन के क्षीरसागर स्टेडियम के ऑडोटोरियम में सॉवरियाँ ग्रुप द्वारा आयोजित कुश्ती दंगल प्रतियोगिता के प्रतिस्पर्धियों को संबोधित किया1 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान उज्जैन के सभी 15 अखाड़ों को आवश्यक उपकरण और सामग्री के लिए 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने सभी खेल प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विवेक जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री उज्जैन के विभिन्न गरबा कार्यक्रमों में हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाष्टमी के पर्व पर आयोजित विभिन्न गरबा कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने देवी माँ की पूजा-अर्चना कर सभी के लिये मंगल-कामनाएँ कीं।  

दमोह में भीषण सड़क हादसे में दो की मृत्यु, यादव की राहत राशि की घोषणा

दमोह मध्यप्रदेश के दमोह जिले में एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मृत्यु पर शोक जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। डॉ यादव ने कल देर रात एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘दमोह जिले अंतर्गत चैनपुरा में ऑटो और ट्रक की भीषण टक्कर में दो अनमोल जिंदगियों के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायी है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।’ उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को हादसे में घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी करने के निर्देश दिए हैं। सभी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है। दमोह जिले के चैनपुरा में कल एक ट्रक और ऑटो के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हैं। घायलों में से कुछ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जिन्हें जबलपुर रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरजनपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का किया उद्घाटन, स्व. अमर सिंह डण्डोतिया की समाधि पर पुष्प अर्पित किये

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिये हरसंभव कार्य किये जा रहे हैं। चंबल की पवित्र भूमि में विकास की गंगा बहेगी। चंबल का कोई भी क्षेत्र विकास के किसी भी पहलू में पीछे नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना के सुरजनपुर में विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहाँ 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सीएम राइज़ स्कूल का भूमि-पूजन और लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि दिमनी में 2 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक भवन बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरजनपुर में स्व. अमर सिंह डण्डोतिया की समाधि पर पुष्प अर्पित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और क्षेत्रीय सांसद ने इस क्षेत्र के लिये जो मांगे रखी है, उन सभी मांगो को पूर्ण करने की घोषणा की जाती है। दिमनी में 2 करोड़ की लागत से सामुदायिक भवन, क्वारी नदी को रोककर कमतरी बिरहरूआ-गोपी कंचनपुर के मध्य बांध निर्माण कार्य, बड़ेगांव से महेबा का पुरा होकर अजनौधा बाया सिरमिती डोंगरपुर मार्ग, दोहाटी, बरगमां, कटेलापुरा पी.डब्ल्यू.डी. मार्ग पर क्वारी नदी पर पुल निर्माण कार्य, ग्राम चैटा बरैथा में 33/11 के.वी. सब स्टेशन निर्माण कार्य, ग्राम नयापुरा खिरेंटा में 33/11 के.वी. सब स्टेशन निर्माण कार्य, ग्राम लहर में 33/11 के.वी. सब स्टेशन निर्माण कार्य की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति-2020 तय की गई थी, जिसमें भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और महापुरूषों की जीवनी शामिल की गई है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। मुरैना का यह क्षेत्र मथुरा के नजदीक है। इस क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहे। मुरैना से मथुरा ज्यादा दूर नही है, जल्दी ही यहाँ नया सिक्स लेन रोड बनना शुरू हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरजनपुर के साथ दिमनी की भूमि को पवित्र भूमि बनाना है। यह कर्मशील लोगों की भूमि है। दिमनी विधानसभा के वर्तमान विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष और हमारी पार्टी के दो बार प्रदेश अध्यक्ष रहे नरेंद्र सिंह तोमर की कर्मभूमि है। साथ ही हमारे वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वी.डी. शर्मा की जन्मभूमि है। यहां आकर हमको ऐसा लगा कि इस भूमि में अलग ही बात है। यहां की मिट्टी की खुशबू में भी एक अलग ही प्रकार की ऊर्जा महसूस हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्वर्गीय अमर सिंह डंडोतिया जी को भी नमन करता हूं। उन्होंने अपने सपूत को पूर्णकालिक रूप से देश की सेवा के रूप में सौंप दिया है। दिमनी की भूमि एक की कर्म-भूमि है और एक की जन्म-भूमि है। इस भूमि पर आकर जब मैं बीडी शर्मा के घर गया तो उनकी माताजी से मिल कर मुझे अपनी मां की याद आ गई। मैं यहाँ आकर अपने आप को गौरांवित महसूस कर रहा हूं। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्राम सुरजनपुर में सीएम राइज स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खुलने से इस क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिलेगा और बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा ग्रहण करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यो में प्रदेश सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी है। विकास कार्य किसी से छिपे नहीं है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा, खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर हितानंद, विधायक, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए प्राइवेट सेक्टर की भी भागीदारी जरूरी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिये अत्याधुनिक निजी अस्पताल भी जरूरी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में किया 100 बिस्तरीय देवराज मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का उदघाटन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिये अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित निजी अस्पताल भी जरूरी हैं। खुशी की बात है ग्वालियर की धरती पर आज ऐसे ही एक बड़े अस्पताल की शुरूआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम ग्वालियर में 100 बिस्तरीय देवराज अस्पताल (देवराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) के उदघाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अस्पतालों को आरोग्य मंदिर का नाम दिया है। प्रसन्नता का विषय है कि एक किसान परिवार ने ग्वालियर में अपने बेटे की स्मृति में एक अस्पताल अर्थात आरोग्य मंदिर की स्थापना की है। उन्होंने इसके लिये देवराज अस्पताल के संस्थापक करन सिंह किरार एवं उनके परिवार को बधाई और शुभकामनायें दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी इस पुनीत पहल के लिये करन सिंह के परिवार का सम्मान और आदर करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब पूरी दुनिया में कोरोना का हाहाकार मचा हुआ था, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के संसाधनों और बौद्धिक क्षमताओं का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के समस्त नागरिकों को कोरोना से बचाव के नि:शुल्क टीके लगवाए। साथ ही दुनिया भर में कोरोना वैक्सीन भेजकर “जियो और जीने दो” के सिद्धांत को चरितार्थ करके दिखाया। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि ऋषि गालव की तपोभूमि, तानसेन की साधना स्थली, वीरांगना लक्ष्मीबाई की बलिदान स्थली एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया की कर्म भूमि ग्वालियर में यह अस्पताल गरीब मरीजों के इलाज में अहम योगदान देगा। परिवार में आई रिक्तता को सेवा से भरने का काम सराहनीय – विधानसभा अध्यक्ष तोमर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर ग्वालियर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा अस्पताल जुड़ रहा है। उन्होंने कहा परिवार में किसी भी व्यक्ति के असमय चले जाने से परिवार में बड़ी रिक्तता आती है। बिरले ही लोग होते हैं जो इस रिक्तता को सेवा से भरने के प्रयासों को मूर्तरूप दे पाते हैं। ग्वालियर में स्व. शीतला सहाय जी ने अपने पुत्र की कैंसर से मृत्यु होने पर देश का प्रतिष्ठित कैंसर हॉस्पिटल स्थापित कर यह काम करके दिखाया था। उसी श्रृंखला में आज करन सिंह किरार ने अपने दिवंगत पुत्र स्व. देवराज सिंह किरार की याद को चिरस्थायी बनाने के लिये बड़े अस्पताल की स्थापना की है। उन्होंने ईश्वर से कामना की है कि यह अस्पताल उत्तरोत्तर प्रगति करे, जिससे ग्वालियर क्षेत्र के निवासियों को बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए समर्पित भाव से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में मध्यप्रदेश में केवल ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर व रीवा में मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में 14 सरकारी मेडीकल कॉलेज हो गए हैं। इसके अलावा निजी मेडिकल कॉलेज की भी स्थापना हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए प्राइवेट सेक्टर की भी भागीदारी जरूरी – उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएँ तभी बेहतर और पर्याप्त होंगी, जब सरकार के साथ प्राइवेट सेक्टर भी बराबरी के साथ खड़ा होगा । उन्होंने दिल्ली, नागपुर व मुम्बई का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी से ही ये महानगर मेडिकल हब के रूप में स्थापित हुए हैं। शुक्ल ने कहा खुशी की बात है कि ग्वालियर में 100 बैड के अत्याधुनिक अस्पताल की स्थापना हुई है और यह अस्पताल आगे चलकर एक हजार बैड और मेडिकल कॉलेज के साथ तैयार होगा। इससे प्रदेश सरकार भी उत्साहित है कि इस अस्पताल में सस्ती दर पर गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएँ मिलेंगीं। उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा के क्षेत्र में कदम बढ़ाने के लिये देवराज अस्पताल प्रबंधन को बधाई व शुभकामनाएं दीं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के इलाज के लिये रियायत सराहनीय पहल – सांसद शर्मा सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने कहा खुशी की बात है कि देवराज अस्पताल में मात्र 50 रूपए कंसलटेशन फीस पर इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मरीज भी एक अच्छे अस्पताल में अपना इलाज करा सकेंगे। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिये आयुष्मान भारत जैसी क्रांतिकारी योजना को मूर्तरूप दिया है। हमें आशा है कि प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप देवराज अस्पताल भी गरीब मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। भगवान गणेश का पूजन एवं फीता काटकर किया अस्पताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य सभी अतिथियों ने भगवान गणेश का पूजन कर और फीता काटकर देवराज अस्पताल का उदघाटन किया। साथ ही अस्पताल परिसर में स्व. देवराज सिंह किरार की प्रतिमा का अनावरण भी किया। अस्पताल का जायजा भी लिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उदघाटन करने के बाद देवराज अस्पताल का जायजा भी लिया। उन्होंने अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर, जनरल और प्राइवेट वार्ड, आईसीयू, ओपीडी और फॉर्मेसी सहित अस्पताल में उपलब्ध अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर उदघाटन समारोह का शुभारंभ किया। ज्ञात हो राष्ट्रीय राजमार्ग क्र.-44 पर ग्राम खुरैरी – बड़ागाँव के समीप देवराज मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का निर्माण किया गया है। इस अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं। साथ ही अत्याधुनिक तकनीक के साथ ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं। इसके अलावा वातानुकूलित जनरल वार्ड, सेमी प्राइवेट एवं प्राइवेट वार्ड, अत्याधुनिक आईसीयू और सीसीयू, फूड कोर्ट, फॉर्मेसी (मेडिकल स्टोर), सीएससीडी रेडियो इमेजिंग सुविधाएँ (एक्सरे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउण्ड) की सुविधा उपलब्ध है। हॉस्पिटल के उदघाटन कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, लोक स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, सांसद भारत सिंह कुशवाह, महापौर श्रीमती शोभा सिकरवार, विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह, श्रीमती सरला रावत एवं अस्पताल के संस्थापक प्रबंधन से जुड़े अधिकारी, चिकित्सक व … Read more

राउत बोले लाडली बहनों के खाते में नहीं आ रहे रुपए, सीएम मोहन यादव का पलटवार, कहा कि हार के डर से वह बोल रहे हैं झूठ

भोपाल  मध्य प्रदेश में लाडली बहनों के खाते में हर महीने राशि आती है। इस महीने भी सरकार ने पांच अक्टूबर को राशि उनके खाते में डाल दिए हैं। वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लाडली बहना योजना बंद हो जाएगी। वहां बहनों के खाते में रुपए नहीं आ रहे हैं। राउत के आरोपों पर सीएम मोहन यादव ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। साथ ही कहा है कि हर महीने लाडली बहनों के खाते में रुपए आ रहे हैं। सबसे पहले जानिए संजय राउत ने क्या कहा- संजय राउत ने मीडिया से चर्चा में कहा- ये योजना पूरे देश में कहीं भी सफल नहीं हैं। ये पूरा राजनैतिक खेल है। आप मप्र जाकर देखिए योजना शुरू है या नहीं। वहां के वित्त सचिव का आदेश क्या है। ये बहुत ही इनवैलिड योजना है, जो फलदायी नहीं होगी। पूरी अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी। हर महीने आ रही है राशि लाडली बहना योजना बंद होने को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब से हमने लाडली बहना योजना शुरू की है लगातार हर महीने, निश्चित समय पर बहनों को पैसे देने का काम किया है। वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती के अवसर पर एक साथ पूरे प्रदेश की बहनों के खातों में राशि डाली है। कोई ऐसा महीना नहीं जा रहा है जिसमें यह राशि नहीं डाली गई है। हार के डर से फैला रही है भ्रम सीएम मोहन यादव ने कहा कि लेकिन हार के डर से शिवसेना (UBT) के लोग महाराष्ट्र के चुनाव में मतदाताओं को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। मैं एक बार फिर अपने सारे मतदाताओं से कहना चाहूंगा कि ऐसे झूठे षड्यंत्रों पर विश्वास न करें। यह नारी सशक्तिकरण की राशि है जिसे हम बंद करने हु हुई के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि हमारी योजना के तहत बहनों के जीवन में बेहतरी हो। लाडली बहना के कारण कर्मचारियों को दीवाली पर वेतन नहीं मिलेगा राउत ने महाराष्ट्र सरकार को घेरते हुए कहा- आज ठेकेदारों का आंदोलन चल रहा है। काम करवा लिया कमीशन 40%, 20% लिया। उनका भुगतान नहीं हो रहा है। वो सभी ठेकेदार मंत्रालय में आंदोलन करने वाले हैं। ये लाड़ली बहन योजना और एक महीना चलाएंगे, बाद में बंद कर देंगे। दीवाली के समय हमारे सरकारी कर्मचारी, पुलिस, टीचर्स का वेतन नहीं होगा। ये सब लाड़ली बहन योजना के चक्कर में हो रहा है। CM बोले- हर महीने तय समय पर पैसे दे रही सरकार सीएम डॉ मोहन यादव ने लाडली बहना योजना बंद होने को लेकर राउत के बयान पर कहा, ” जब से हमने लाडली बहना योजना शुरू की है लगातार हर महीने, निश्चित समय पर प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख बहनों को पैसे देने का काम किया है। हमने हमारी 500 साल पूर्व की सम्राज्ञी वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती के अवसर पर एक साथ पूरे प्रदेश की बहनों के खातों में 5-5 हजार की राशि डाली है। कोई ऐसा महीना नहीं जा रहा है, जिसमें यह राशि नहीं डाली गई है। लेकिन, हार के डर से शिवसेना (UBT) के लोग महाराष्ट्र के चुनाव में मतदाताओं को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। मैं एक बार फिर अपने सारे मतदाताओं से कहना चाहूंगा कि ऐसे झूठे षड्यंत्र पर विश्वास न करें। लाडली बहनें करेंगी शिकायत मोहन यादव ने कहा कि इन आरोपों के बाद लाडली बहनें खुद हमारे पास आई हैं। उनलोगों ने कहा है कि मुझे अपमानित किया गया है। लाडली बहनें खुद ही थाने में शिकायत करने जाएंगी। मैंने कहा कि आपको राशि मिल रही है तो शिकायत करने के लिए स्वतंत्र हैं। जून 2023 से लगातार मिल रही है राशि गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 मार्च 2023 को यह योजना शुरू की थी। जून 2023 से लाडली बहनों के खाते में प्रतिमाह 1000/- रुपए की राशि आने लगी थी। 2023 में रक्षाबंधन के मौके पर ही यह राशि 1250 रुपए कर दी गई। इसके बाद से लगातार बहनों के खाते में 1250 रुपए आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी विश्व डाक दिवस की बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व की सबसे बड़ी डाक व्यवस्था “भारतीय डाक विभाग” के समस्त कर्मियों को विश्व डाक दिवस की हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि आज भारतीय डाक सेवाएं संचार का माध्यम बनने के साथ ई-कॉमर्स, बैंकिंग सुविधा एवं डिजिटल इंडिया जैसी अनेक सरकारी योजनाओं को नागरिकों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के निकट लाकर देश के विकास में अपना योगदान दे रही है।  

मुख्यमंत्री यादव 18 करोड़ 94 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 38 करोड़ 48 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में वन समितियों का सम्मेलन आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव 57 करोड़ 42 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे मुख्यमंत्री यादव 18 करोड़ 94 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 38 करोड़ 48 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में श्योपुर जिले की तहसील वीरपुर मुख्यालय स्थित कृषि उपज मण्डी परिसर में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों का जागरूकता सम्मेलन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 18 करोड़ 94 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 38 करोड़ 48 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वन समिति के सदस्यों के बच्चों को स्कूल बैग का वितरण भी किया जायेगा। कार्यक्रम में अध्यक्ष विधानसभा नरेन्द्र सिंह तोमर, वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, उपाध्यक्ष सहरिया अभिकरण राज्य मंत्री दर्जा सीताराम आदिवासी और आम नागरिक उपस्थित रहेंगे। इन विकास कार्यों का होगा लोकार्पण शासकीय महाविद्यालय ढोढर लागत 4 करोड़ 34 लाख, एसडीएम कार्यालय कराहल लागत एक करोड़ 31 लाख, जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेसईपुरा में 10 अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य लागत 3 करोड़ 78 लाख, तहसील वीरपुर में नल-जल योजना लागत 5 करोड़ 39 लाख, ग्राम बड़गाँव नल-जल योजना लागत एक करोड़ 82 लाख, ग्राम आसीदा नल-जल योजना लागत एक करोड़ 30 लाख और ग्राम कुडायथा नल-जल योजना लागत एक करोड़ 30 लाख के विकास कार्य शामिल हैं। विकास कार्यों का होगा भूमि-पूजन पीएम जन-मन योजना में श्योपुर विकासखण्ड के 6 ग्रामों में मल्टीपर्पस सेंटर निर्माण लागत 3 करोड़ 60 लाख, विजयपुर एवं कराहल विकासखण्ड क्षेत्र के 18 ग्रामों में मल्टीपर्पस सेंटर का निर्माण कार्य लागत 10 करोड़ 80 लाख और तहसील विजयपुर में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन निर्माण कार्य लागत 24 करोड़ 8 लाख रुपये के कार्य शामिल हैं।  

हमारी सरकार गरीब और किसानों की है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विकसित भारत का रास्ता गांव से होकर जाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारी सरकार गरीब और किसानों की है सरकार पीएम मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास के लिये कर रहे हैं निरंतर कार्य : केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भैरूंदा वालों की तो चाँदी कर दी प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए फिर शुरू हुआ सर्वे “हम मध्यप्रदेश को प्रगति और विकास के पथ पर ले जाएंगे” स्व-सहायता समूहों को 150 करोड़ रूपए का बैंक ऋण वितरित प्र-संस्करण इकाइयों एवं सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्रों का किया लोकार्पण तेंदूपता संग्राहकों को 2 करोड़ 70 लाख से अधिक का बोनस वितरित मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री भैरूंदा में “ग्राम विकास सम्मेलन” में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार गरीब और किसानों की सरकार है। यहाँ सभी को समान रूप से पात्रतानुसार सुविधाएं उपलब्ध है। गरीब एवं किसानों को प्राथमिकता से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। सड़क दुर्घटना में कोई गरीब भी घायल होता है तो उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकार हेलीकॉप्टर पहुंचाएगी। यदि मृत्यु हुई तो सरकार पार्थिव देह को उसके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित लोगों को लाभान्वित करने के लिए आज से सर्वे चालू हो गया है। सभी पात्र व्यक्तियों के इस योजना का लाभ मिलेगा। क्षेत्र के विकास के लिए की गई घोषणाएं पूरी होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को सीहोर जिले के भैरूंदा में ग्राम विकास सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री ने पीएमजीएसवाई-IV के अन्तर्गत 500 कि.मी. स्वीकृत सड़कों का शुभारंभ किया तथा स्व-सहायता समूहों के लिए 150 करोड़ रूपए के बैंक ऋण व सामुदायिक निवेश राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया। साथ ही 8 प्र-संस्करण इकाइयों एवं 100 सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्रों का शुभारंभ भी किया। प्रदेश के 5 नए जिलों में आरसेटी प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की स्वीकृति भी दी गई। कार्यक्रम में सीहोर जिले के 52818 तेंदूपत्ता संग्रहकों को 2 करोड़ 70 लाख रूपये बोनस राशि का वितरण तथा मध्यप्रदेश सरकार की बाँस मिशन योजना में 215 बाँस हितग्राहियों को 2 लाख 90 हजार बाँस पौधों की अनुदान राशि एक करोड़ 4 लाख 27 हजार रूपये का वितरण भी किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाया देश का गौरव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूरी दुनिया में सम्मान है। उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया है और दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। दुश्मनों से उनका कहना है कि यदि आप गोली फेंकोगे तो हम गोला फेकेंगे। सीमा पर जवान और खेत पर किसान, दोनों का गौरव बढ़ा है। हमारी सरकार इनके कल्याण के कार्य करती है। किसानों को हर संभव सहायता दी जा रही है। प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी जायेगी। आज भैरूंदा से 8 खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों का लोकार्पण किया गया है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी निरंतर कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार आक्रांताओं के एक-एक चिन्ह को मिटाती जा रही है। भैरूंदा का नाम आक्रांताओं ने नसरुल्लागंज कर दिया था, जिसे बदलकर फिर भैरूंदा कर दिया गया है। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भी की। विधानसभा बुदनी के चारों नगरीय निकायों के विकास के लिए 2-2 करोड़ रुपए दिए जाने की घोषणा की। कई नवीन मार्ग भी स्वीकृत किए। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश में कृषि एवं ग्रामों के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तो भैरूंदा वालों की चांदी कर दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि “मोहन तुम प्रदेश को प्रगति और विकास के पथ पर आगे बढ़ाते जाओ, प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद और मेरा साथ तुम्हारे साथ है।” क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर काम करेंगी। प्रदेश में और भी सीएम राइज स्कूल खोले जाएंगे। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से जो भाई-बहन छूट गए हैं, उनके लिए आज से सर्वे चालू हो रहा है, जो आगामी 6 माह में पूरा कर लिया जाएगा। अब सरकार ने इस योजना में 4 शर्तों को समाप्त कर दिया है। पहले जिनके पास फोन थे, मोटरसाइकिल या स्कूटर था, 10 हजार से अधिक मासिक आमदनी थी, ढाई एकड़ सिंचित अथवा 5 एकड़ तक असिंचित जमीन थी, उन्हें योजना में पात्रता नहीं थी। अब इन शर्तों को हटा दिया गया है। अब 15 हजार रूपये तक मासिक आमदनी वालों को भी योजना में पात्रता होगी। मूंग और सोयाबीन के बाद अब मसूर, उड़द और तुवर भी एमएसपी पर खरीदे जाएंगे। विकसित भारत के लिए गावों का विकास जरूरी – केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री पासवान केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि विकसित भारत के लिए गांवों को विकसित बनाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, नरेगा, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन सभी योजनओं से सरकार देश के ग्रामों को विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने निर्णय लिया है कि आगामी 5 साल में दो करोड़ लोगों को आवास योजना से लाभांवित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के प्रत्येक व्यक्ति को आवास, बिजली, शुद्ध जल देने एवं सभी आवश्यक सुविधाएं देने का संकल्प लिया है। पीएम जनमन में मध्यप्रदेश ने रिकार्ड आवास बनाये प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि सरकार देश एवं प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कोई भी गरीब अब आवास योजना से वंचित नही रहेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 01 अप्रेल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) शुरू हुई थी और इस योजना के तहत मध्यप्रदेश सरकार ने लगातार लक्ष्य प्राप्त … Read more

शिवराज सिंह चौहान ने विजयासन देवी धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले के सलकनपुर स्थित विजयासन देवी धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूरे विधि विधान से देवी धाम में पूजा-अर्चना के बाद विजयासन माता को पुष्प अर्पित कर मंदिर परिक्रमा की है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, प्रबंध संचालक, म.प्र. पर्यटन विकास बोर्ड टी. इलैया राजा, मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। “देवी लोक” मॉडल का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने सलकनपुर में देवी लोक के निर्माण कार्यों का जायजा लिया है। उन्होंने यहाँ बन रहे देवी लोक के मॉडल स्वरूप का अवलोकन कर किये जा रहे कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। सीहोर जिले के सलकनपुर में देवी लोक का निर्माण कराया जा रहा है। देवी लोक में देवी जी के नौ स्वरूपों को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक निर्माण एवं विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। देवी लोक के निर्माण से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इस क्षेत्र में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों का भी विस्तार होगा।  

आधार और पेन से क्रेता और विक्रेता की होगी पहचान, रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी आसान, प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम होंगे लागू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 10 अक्टूबर को करेंगे सम्पदा 2.0 का शुभारंभ ई-साइन एवं डिजिटल हस्ताक्षर से दस्तावेज होंगे तैयार : वाणिज्यिक कर मंत्री देवड़ा आधार और पेन से क्रेता और विक्रेता की होगी पहचान, रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी आसान, प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम होंगे लागू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के सम्पदा 2.0 सॉफ्टवेयर का शुभारंभ आज 10 अक्टूबर 2024 को करेंगे। कुशाभाऊ ठाकरे इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर में दोपहर एक बजे शुभारंभ होगा। वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवडा ने बताया कि संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में राज्य शासन का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम लागू किये गये है। इस उन्नत सॉफ्टवेयर का पायलेट प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन गुना, हरदा, डिण्डौरी और रतलाम जिलों में सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। आगामी गुरूवार को इसे प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू किया जायेगा। सम्पदा 2.0 से ई-केवाइसी से होगी पहचान सम्पदा 2.0 से ई-केवाइसी से पहचान होगी। इसकी विशेषताओं में संपत्ति की जीआईएस मैपिंग, बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों का स्वतः प्ररूपण शामिल है। इस प्रणाली में दस्तावेजों का निष्पादन ई-साइन और डिजिटल सिग्नेचर से किया जाएगा, जिससे गवाह लाने की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी। कुछ दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए अब उप पंजीयक कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी। पंजीयन अधिकारी से संवाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा, और कई मामलों में किसी भी प्रकार के इंटरैक्शन की आवश्यकता नहीं होगी। व्यक्ति की पहचान के लिए वीडियो केवाईसी का प्रावधान भी रखा गया है। ई-साइन एवं डिजिटल हस्ताक्षर से होगा दस्तावेज का निष्पादन पंजीयन के लिये ई-साइन एंव डिजिटल हस्ताक्षर से दस्तावेज का निष्पादन होगा। दस्तावेजों की ई-कॉपी डिजी लॉकर, व्हाट्सएप, और ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध होगी। साथ ही ई-स्टाम्प सृजित करने की सुविधा भी होगी। संपत्ति की सर्च प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है। सम्पदा 2.0 – विशेष मोबाइल एप सम्पदा 2.0 विशेष मोबाइल एप भी लॉन्च किया जा चुका है। यह नवाचार न केवल आम जनता के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेंस की दिशा में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा। यह पहल साइबर तहसील और डिजिटल प्रक्रियाओं से प्रदेश के राजस्व संग्रहण को भी सुचारू रूप से संचालित करेगी।  

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैठक में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को विज्ञान भवन नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवम सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना भी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों तथा आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल के उपमुख्यमंत्रियों/ गृहमंत्रियों ने भाग लिया। समीक्षा बैठक में वामपंथी उग्रवाद के वर्तमान परिदृश्य तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की सुरक्षा और विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री शाह ने राज्यों के साथ वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सघन अभियान, हिंसक घटनाओं की सघन जांच और अभियोजन, राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय और राज्यों की इंटेलिजेंस क्षमता निर्माण जैसे सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा की। विकास के मुद्दों जैसे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सड़क संपर्क बढ़ाने, मोबाइल टावरों के उन्नयन, वित्तीय समावेशन और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के संबंध में भी बैठक में विचार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि नक्सलवाद व वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध केंद्र और राज्य सरकारों का समन्वय निश्चित रूप से इसे जड़ से समाप्त करने के प्रयासों को बल प्रदान करेगा। नक्सल गतिविधियां नियंत्रण के लिए प्रदेश में अब तक की गई कार्रवाई मध्यप्रदेश में नक्सल गतिविधियां सर्वप्रथम वर्ष 1990 में बालाघाट जिलें में परिलक्षित हुई प्रदेश के 3 जिलें बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी नक्सल प्रभावित है, जिनमें बालाघाट अति नक्सल प्रभावित है।     मंडला तथा डिंडोरी में नक्सल गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।     नक्सलियों द्वारा बालाघाट में पहली बड़ी हिंसक वारदात वर्ष 1991 में लांजी थाना क्षेत्र में की थी, जिसमें पुलिस वाहन को माईन्स ब्लास्ट से क्षति हुई थी। घटना में 09 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     दूसरी बड़ी घटना बालाघाट के रूपझर थाना के ग्राम नांरगी क्षेत्र में की थी जिसमें माईन्स विस्फोट के द्वारा पुलिस वाहन को क्षति हुई थी। इस घटना में 16 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     नक्सलियों द्वारा वर्ष 1999 में प्रदेश के तत्कालीन परिवहन मंत्री लिखिराम कांवरे की हत्या की गई थी।     प्रदेश शासन द्वारा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए वर्ष 2000 में विशिष्ट बल “हॉक फोर्स” का गठन किया गया।     गठन के पश्चात हॉकफोर्स द्वारा नक्सल गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया। नक्सल संगठन द्वारा प्रभाव क्षेत्र में विस्तार के लिए वर्ष 2016 में एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) का गठन किया गया है।     सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सल संगठन विस्तार में अभी तक असफल रहा।     बस्तर में सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में कमी के चलते उनके प्रदेश की ओर आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस हेतु अनेकों नवीन कैम्पों का निर्माण शीघ्र किया जायेगा।     इस पर नियंत्रण हेतु सीमावर्ती राज्य छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र पुलिस के साथ सीमा क्षेत्रों में संयुक्त कैम्प स्थापित किए गए है।     विगत 5 वर्षों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा विभिन्न मुठभेड़ों में 20 हार्डकोर नक्सलियों को मारा गया है, जिन पर घोषित संयुक्त इनाम 3.31 करोड़ रूपये था।     इसी दौरान मुठभेड़ों में 6 नक्सली गिरफ्तार भी किए गए जिन पर घोषित संयुक्त ईनाम 85 लाख रूपये था।     विगत 8 माह में 3 मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए है तथा एक महिला नक्सली गिरफ्तार हुई है।     विगत 2 वर्षों में डीव्हीसीएम (डीव्हिजनल कमेटी मेम्बर) स्तर के 3 नक्सलियों को मुठभेड़ों में मारा गया। इनसे 3 ए.के.-47 रायफल तथा बीजीएल शैल (Barrel Grenade Launcher Shell) बरामद हुए।     वर्ष 2023 में उत्तर बस्तर डीवीजन का एसजेडसीएम अशोक रेडडी उर्फ बलदेव गिरफ्तार किया गया, जिस पर संयुक्त रूप से 82 लाख रूपये का ईनाम घोषित था।     हॉक-फोर्स तथा विशेष आसूचना शाखा में प्रतिनियुक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा वर्ष 2022 में नवीन भत्ते स्वीकृत किए, जिसके फलस्वरूप इसमें पदस्थ पुलिस कर्मियों के मनोबल में आशातीत वृद्धि हुई है।     नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 262 पुलिसकर्मियों को क्रम पूर्व पदोन्नतियां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 52 पुलिस कर्मचारियों को विगत 8 माह में क्रम पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई है।     मुठभेड़ों में सूझबूझ तथा साहस का प्रदर्शन करने के फलस्वरूप पुलिसकर्मियों को 37 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं।     नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने तथा आत्मसर्मपण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023 में नवीन “मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023″ लागू की गई। इन प्रावधानों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को संगठन में उसके द्वारा धारित पद नाम एवं धारित हथियार के अनुसार घोषित ईनामी राशि, मकान निर्माण हेतु 1.5 लाख, जीवन यापन हेतु व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए 1.5 लाख, अचल सम्पत्ति के लिए 20 लाख, विवाह हेतु प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपये एवं आयुष्मान भारत व खाद्यान्न सहायता का लाभ दिया जायेगा।     नक्सल समस्या के निवारण के लिए राज्य सरकार द्वारा बहुआयामी रणनीति के अनुसार काम किया जा रहा है, जिसमें एक ओर रणनीतिक अभियान संचालित किए जा रहे है वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न विकास योजनाओं के द्वारा क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए अधोसंरचना विकास कार्य भी किए जा रहे है।     आमजन की आवागमन सुगमता हेतु केंद्र सरकार के सहयोग से नवीन सड़कों, पुल तथा पुलियों का निर्माण किया गया है। अनेक सडकों का निर्माण प्रगति पर है।     संचार सुगमता हेतु अनेक मोबाईल टॉवर स्थापित किए गए हैं तथा कई का निर्माण प्रगति पर है।     विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित ग्रामों में सड़क, पुलियां तथा विद्युतीकरण किया गया है।     क्षेत्र में निवासरत आमजन में सदभावना वृद्धि हेतु पुलिस चौकियों तथा सुरक्षा कैम्पों के द्वारा जनमैत्री अभियान” में स्थानीय निवासियों को आधारकार्ड, आयुष्मान भारत योजना, अंत्योदय योजना सहित अन्य योजनाओं में लाभ दिलाया जा रहा है।     क्षेत्र के निवासियों में सुरक्षा की भावना की वृद्धि तथा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के … Read more

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत करेगा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार

प्रधानमंत्री मोदी के जनकल्याण और राष्ट्रसेवा को समर्पित 23 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को दी बधाई प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत करेगा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनकल्याण और राष्ट्र सेवा में समर्पित अपने 23 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रशासनिक जीवन से पहले का जीवन भी देखा है। एक प्रचारक के रूप में उन्होंने 50 साल जीवन जिया, वह भी आदर्श था। उनके नवाचार और उनके काम करने के तरीके उस समय भी कुशल संगठनकर्ता का प्रमाण थे। गुजरात में जो सुशासन स्थापित किया, वह गजब है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं गुजरात गया हूँ और पुन: जाऊंगा। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में सरकार बनाई और गुजरात को कहां से कहां पहुंचा दिया। निश्चित ही यह अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के एक कारगर प्रशासनिक व्यवस्था के साथ यह 23 साल सभी के सामने है। परमात्मा करे, कि वे इसी तरह देश का नेतृत्व करते रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने विकास के अनूठे प्रकल्प संचालित किए और बहु-आयामी उपलब्धियां हासिल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रत्येक वर्ग के उत्थान और कल्याण की इस यात्रा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित होने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की अविरल यात्रा से 2047 तक भारत विकसित देशों की पंक्ति में विश्व का प्रतिनिधित्व करेगा। महिला सशक्तिकरण में अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं सबल बनाने की अभिनव पहल की गई है। प्रधानमंत्री मोदी का मत है कि “बेटा-बेटी एक समान’’ के मूलमंत्र को प्राथमिकता देना चाहिए। कन्या का जन्म, उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गोद लिए गांव जयापुर के नागरिकों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत 22 जरवरी 2015 में पानीपत हरियाणा में की थी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लागू होने से बेटा-बेटी लिंगानुपात की विसंगति को रोकने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। उद्यमियों के बुलंद हौसले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय साख से देश के उद्योग जगत में एक नये उत्साह का संचार हुआ। भारत में उद्यमशील ऊर्जा की कमी नहीं है, युवा उत्साहित और ऊर्जावान, परंतु उन्हें प्रोत्साहित और पल्लवित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने चाहा कि भारतीय, नौकरी चाहने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की “मेक इन इंडिया की पहल’’, भारत में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए 4 स्तंभों पर आधारित है, न सिर्फ मेन्यूफेक्चरिंग में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी। इसी का परिणाम है कि औद्योगिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार हुई तेज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सर्वाधिक तेज़ी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। ये भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक समय है। केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार से विकास के पथ पर ले आई। भारत की विकास दर ने देश को दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों की पंक्ति में ला खड़ा किया है। खुशहाल भारत के लिए मजबूत किसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि को तेजी से बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। किसान हमेशा से हमारे देश के विकास का आधार रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाकर देश के इस आधार को और सशक्त बनाने प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सिंचाई की सुविधाएं सुनिश्चित कर उपज को बढ़ाएगी। इस योजना का विजन यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक खेत को सिंचाई के साधन उपलब्ध कराए जाएं। किसानों को सिंचाई के आधुनिक तरीकों और तकनीकों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है ताकि पानी की ‘प्रत्येक बूंद के बदले अधिक पैदावार’ मिले। प्रधानमंत्री का मानना है कि किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की महान शक्तियों में से एक होगा।  

मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध- मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश सहित नक्सल प्रभावित राज्य संयुक्त अभियान चलाकर करेंगे नक्सलियों का खात्मा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  नक्सलवाद के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार ने विगत दो वर्ष में जो कदम उठाए हैं वह पिछले तीन दशक में नहीं उठाए गए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध- मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नक्सलवाद के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार ने विगत दो वर्ष में जो कदम उठाए हैं वह पिछले तीन दशक में नहीं उठाए गए। मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को नई दिल्ली में सम्पन्न नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्राप्त मार्गदर्शन अनुसार राज्यों द्वारा पूर्ण तालमेल के साथ कार्य किया जाएगा। विकास के मुद्दों दूरसंचार, सड़क संपर्क में वृद्धि, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को बढ़ाकर समन्वय से नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने संयुक्त टास्क फोर्स में वृद्धि पर भी बल देते हुए कहा कि नक्सल विरोधी ऑपरेशन्स बढ़ाए जाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों में कोई कमी नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में आयोजित वामपंथी उग्रवाद और नक्सलवाद पर हुई बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह केन्द्र सरकार कार्य कर रही है उसी तरह केन्द्रीय गृह मंत्री शाह भी सक्रियता से रणनीतिपूर्वक कार्य कर रहे हैं। गृह मंत्री शाह ने नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई है। यही कारण है कि अब कार्रवाई का इंतजार नहीं करना पड़ता है और ठोस कार्रवाई हो जाती है। ऐसी कार्यवाही का परिणाम भी आता है। लगातार देश के अलग-अलग राज्यों में नक्सलवादी गतिविधियां आखिरी चरणों में पहुंच गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की बैठक में जैसा केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा है कि हमें कानून के शासन को स्थापित करना है और कुशासन का अंत करना है। मुझे इस बात का संतोष है कि केन्द्र सरकार ने इस बात को माना है कि हमारी नीति जीरो टॉलरेन्स की है। इस लक्ष्य के आधार पर हम यह कहेंगे कि नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो और विकास के सभी प्रकार के आयाम स्थापित हों। खास तौर पर सुरक्षा, सड़क संपर्क, पर्यावरण, दूरसंचार और अन्य गतिविधियों का संचालन जिससे सामान्य जीवन में विश्वास बढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कठोर कार्रवाई के साथ ही पुनर्वास की दृष्टि से भी कार्यवाही होनी चाहिए, जिससे नक्सलवादी, नक्सल गतिविधियाँ छोड़ कर अपने जीवन में बदलाव चाहते हैं और विकास में कदम से कदम मिलाना चाहते हैं, वे समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह के मार्गदर्शन में हम इस दिशा में काम करेंगे। यह भी प्रयास रहेगा कि नक्सली गतिविधियों से अव्यवस्था न हो। कानून को अपने हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं मिलेगी।  

दुर्गाबाई व्योम को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिलाई भाजपा की सदस्यता

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के वार्ड क्रमांक 33 में पद्मश्री से सम्मानित गोंड कलाकार दुर्गाबाई व्योम के निवास पर जाकर उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति और समृद्धि में भागीदार बनने के लिए सभी भाजपा से जुड़ना चाहते हैं। वीडी शर्मा ने भी दिलाई महिलाओं को सदस्यता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भोपाल के वार्ड क्रमांक 3 में बूथ क्रमांक 2 और 3 पर भजन और कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लिया और कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई। मध्य प्रदेश के पार्टी मामलों के प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने भांडेर और सांवेर विधानसभा क्षेत्रों में नए भाजपा सदस्यों को शामिल किया। कौन हैं दुर्गाबाई व्योम वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के छोटे से गांव बुरबासपुर की रहने वाली हैं। कमाल की बात ये है कि वह कभी स्कूल नहीं गईं। अपनी कलाकारी के दम पर उन्होंने देशभर में अपनी खास पहचान बनाई। आदिवासी कला को एक नई ऊंचाई देने के लिए उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 6 साल की उम्र से कर रहीं चित्रकारी चार भाई-बहनों के साथ पलीं दुर्गाबाई के पिता चमरू सिंह की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस वजह से वह कभी स्कूल भी नहीं जा पाईं। हालांकि उनको चित्रकारी से लगाव था, इसलिए वह बचपन से ही चित्रकारी करती रहती थीं। छह साल की उम्र से शुरु हुआ चित्रकारी का यह सफर अनवरत अब तक जारी है। कला में लोककथाओं का जिक्र उनके चित्रों में गोंड समुदाय से जुड़ी लोककथाओं की झलक देखने को मिलती है। इस कलाकारी का श्रेय वह अपनी दादी और मां को देती हैं। इसे डिगना कला कहा जाता है, जिसे गोंड समुदाय में शादियों और खेती से जुड़े त्योहारों पर घर की दीवारों पर उकेरा जाता है।

भोपाल में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1800 करोड़ रुपयों से अधिक का नशीला पदार्थ जप्त

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त कार्रवाई में नशीले पदार्थ का उत्पादन करने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर लगभग नौ क्विंटल एमडी (मेफेड्रोन) और अन्य सामान जप्त करने के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नशे के खिलाफ हर कार्रवाई में राज्य सरकार सभी केंद्रीय एजेंसियों और प्रदेश सरकारों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ यादव ने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के सोशल मीडिया एक्स पर भोपाल के पास नशे की एक फैक्ट्री के खुलासे के संबंध में किए गए पोस्ट बाद सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी। डॉ यादव ने संघवी की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कल रात लिखा, “नशे के खिलाफ हर कार्रवाई में मध्यप्रदेश सरकार सभी केंद्रीय एजेंसियों और प्रदेश सरकारों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। आपके स्नेहपूर्ण शब्दों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।” डॉ यादव ने एक अन्य पोस्ट में संघवी की ओर से उन्हें (मुख्यमंत्री डॉ यादव को) लिखे गए पत्र की प्रति पोस्ट करते हुए लिखा है, “प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर नशे के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है, जिसमें अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई भी शामिल है। इसी क्रम में गुजरात एटीएस एवं एनसीबी दिल्ली द्वारा की गयी कार्रवाई में मध्यप्रदेश पुलिस ने भी तत्परता के साथ सहयोग किया है। जिसके तहत सभी दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश के मार्ग में बाधा बनने वाली किसी भी अनैतिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। माननीय हर्ष संघवी जी आपका हृदय से आभार।” इसके पहले संघवी ने कल शाम सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था, “गुजरात एटीएस तथा एनसीबी दिल्ली द्वारा भोपाल में की गयी संयुक्त कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के द्वारा सराहनीय मदद की गयी। ऑपरेशन की सफलता में मध्यप्रदेश पुलिस के अमूल्य योगदान के लिए मैं उन्हें हार्दिक बधाई देता हूँ। इस ऑपरेशन की आगे की इन्वेस्टीगेशन में भी मध्यप्रदेश पुलिस गुजरात एटीएस की निरंतर मदद कर रही है। इस तरह के विभिन्न राज्यों तथा केंद्रीय एजेंसीज़ के समन्वित प्रयासों से ही नार्कोटिक्स के विरुद्ध की लड़ाई को जीता जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी एवं उनकी समस्त टीम का बहुत-बहुत आभार।’’ संघवी की ओर से मुख्यमंत्री डॉ यादव को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस की “सराहनीय मदद” का जिक्र किया गया है। दूसरी ओर भोपाल पुलिस आयुक्त की ओर से सोशल मीडिया के जरिए कहा गया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश पर भोपाल पुलिस मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। इस अभियान के तहत ऑपरेशन अंकुश चलाया गया है, जिसमें अब तक 55 आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर 13 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जप्त किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल के पास फैक्ट्री के भंडाफोड़ मामले में भोपाल पुलिस के सहयोग से मंदसौर पुलिस एवं गुजरात पुलिस द्वारा एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले संघवी ने इस सिलसिले में कल दिन में सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी। संघवी ने अपनी पोस्ट में कहा कि गुजरात एटीएस और एनसीबी दिल्ली ने अपने संयुक्त अभियान में ड्रग्स (मादक पदार्थों) के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की है। हाल ही में इन दोनों एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान के तहत भोपाल में एक कारखाने पर छापामार कार्रवाई की, जिसके बाद वहां से लगभग 1814 करोड़ रुपए की एमडी (एक प्रकार का मादक पदार्थ) और उसके निर्माण में उपयोग आने वाला सामान जब्त किया गया। संघवी के पोस्ट के बाद राजधानी भोपाल के विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुप में भोपाल पुलिस और राज्य सरकार को लक्ष्य करके अनेक टिप्पणियां की जाने लगीं और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार को निशाने पर ले लिया। सोशल मीडिया में कहा गया कि भोपाल के पास इतनी बड़ी फैक्ट्री चलती रही और पुलिस को इसका पता ही नहीं चला। इसके अलावा गुजरात पुलिस कार्रवाई करके भी चली गयी और इसकी भनक तक पुलिस को नहीं लगी। रविवार रात को यहां सूत्रों ने बताया कि भोपाल के पास औद्योगिक क्षेत्र बगरौदा में एक फैक्ट्री पर छापे की कार्रवाई शनिवार को की गयी। इस दौरान दो युवकों को हिरासत में लिया गया और फैक्ट्री स्थल से बड़ी मात्रा में एमडी तरल और ठोस अवस्था में जप्त किया गया। बताया गया है कि इस फैक्ट्री में प्रतिदिन कई किलो एमडी बनायी जा रही थी और यह कार्य कई दिनों से चल रहा था। यह नशीला पदार्थ कहां पर सप्लाई किया जा रहा था, इस बारे में अब तक ठोस जानकारी नहीं आयी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह पदार्थ मध्यप्रदेश के बाहर भेजा जा रहा था। सूत्रों ने इस घटनाक्रम को लेकर हुयी प्रारंभिक छानबीन के हवाले से कहा कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक महाराष्ट्र का और एक अन्य मध्यप्रदेश का ही निवासी है। महाराष्ट्र निवासी आरोपी ड्रग तस्करी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। इन दोनों ने कथित तौर पर भोपाल के पास बगरौदा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री कुछ दिनों पहले किराए पर ली और यहां पर एमडी का उत्पादन किया जाने लगा। इस संबंध में और जानकारी अभी आना शेष है। वहीं संयुक्त दल ने रविवार शाम को स्थानीय पुलिस की मदद से मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से भी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए

लाड़ली बहनों को लघु उद्योगों से जोड़कर आर्थिक लाभ दिलवाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं की हुई समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में संपन्न बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों और योजनाओं की आज समीक्षा हुई। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए। हुनरमंद लाड़ली बहनों को चिन्हित कर लघु उद्योगों से जोड़ा जाएगा तो उनके आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्त होगा। हितग्राही बहनों को यह लाभ दिलवाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य में सीएसआर फंड का उपयोग किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए प्राप्त जन सहयोग सराहनीय है। बैठक में जनजातीय बहुल क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में भी चर्चा हुई। प्रदेश में 97 हजार 339 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इनसे 81 लाख महिलाएं और बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य सहित विभिन्न कार्यक्रम की सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मन), शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि, आंगनवाड़ी सेवाओं के सुचारू संचालन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर शक्ति अभिनंदन अभियान के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि महिलाओं के लिए प्रदेश में शक्ति सदन और सखी निवास संचालित हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश अग्रणी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है । वर्ष 2024 -25 में प्रदेश में 2 लाख 46 हजार 185 हितग्राही पंजीकृत हैं। योजना शुरू होने से अब तक 1191 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान हितग्राहियों को किया गया है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षति पूर्ति के रूप में प्रोत्साहन राशि प्रदान करना और दूसरे प्रसव पर बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना शामिल है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम प्रावधान के अनुक्रम में एक जनवरी 2017 से प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य के तहत फोस्टर केयर की मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री कार्यालय और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने दिये स्किल्स फोर्स बनाने के निर्देश, छोटे उद्योगों से जुड़े उद्यमियों को मिले पूरी सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की एमएसएमई विभाग की समीक्षा समान स्वरूप के छोटे उद्योगों की योजनाओं को युक्ति-संगत बनायें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने दिये स्किल्स फोर्स बनाने के निर्देश, छोटे उद्योगों से जुड़े उद्यमियों को मिले पूरी सहायता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम जैसे ही अन्य विभागों से जुड़े छोटे-छोटे लघु उद्योगों के विकास की सुविधाजनक योजनाओं को युक्ति-संगत बनाकर एक ही छत के नीचे लाया जाये। उन्होंने निवेशकों के मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के रुख के दृष्टिगत स्किल्स बैंक बनाने के निर्देश भी दिये, जिससे उद्योगों को एक साथ वर्क-फोर्स मिल सके। बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी तथा उद्योग आयुक्त एवं एमएसएमई विभाग के सचिव नवनीत मोहन कोठारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हाल ही में राजधानी भोपाल के निकट रायसेन जिले में स्थित औद्योगिक केंद्र मंडीदीप गए थे, तब उन्हें उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी दी थी। उद्यामियों ने यह भी बताया था कि उन्होंने मंडीदीप में कुछ आंतरिक सड़क मार्गों का निर्माण अपनी ओर से करवाया है। इस संदर्भ में आज मंत्रालय में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि उद्योग विभाग और सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें। औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों के लिए औद्योगिक संस्थानों में भूमि विकास के साथ ही सीवरेज व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। उद्योग से जुड़ी समस्याओं को तत्परता से हल करने के लिए उद्योग से जुड़े सभी विभाग को ही मार्ग निकालना है। इसके लिए उद्योग विभाग नेतृत्वकारी भूमिका निभाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न व्यापार मेले अर्थ व्यवस्था की गति को रफ्तार प्रदान करते हैं। ग्वालियर और उज्जैन के व्यापार मेलों की तर्ज पर अन्य नगरों में भी व्यापार मेले और उत्सव आयोजित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अन्य प्रमुख निर्देश     उद्यमियों को आवश्यक अनुमतियां प्रदान करने के लिए भी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा निरंतर समीक्षा की जाए। छोटे उद्योगों और छोटे उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी साप्ताहिक रूप से समीक्षा बैठक करें।     जिन जिलों में पावरलूम सेक्टर में विकास की संभावना है वहां आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवायें।     विभिन्न विभागों के समान स्वरूप के छोटे छोटे लघु उद्यमों को एक ही छत के नीचे लाया जाए। विभाग विशेष द्वारा दी जा रही सब्सिडी और सुविधाएं देने में भी एकरूपता की नीति लागू कर सकते हैं।     विभाग सभी योजनाओं को एक जैसा बनाएं। स्किल्स बैंक बनाएं जिसमें सभी ट्रेड के हुनरमंद या प्रशिक्षित फोर्स को समाहित करें, उद्योगों को वर्कर फोर्स उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ग्वालियर और उज्जैन व्यापार मेलों से हुआ साढ़े चार हजार करोड़ से अधिक का व्यापार बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की ओर से प्रजेंटेशन में बताया गया कि इस वर्ष ग्वालियर व्यापार मेले में 1800 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ। उज्जैयिनी विक्रम व्यापार मेले में 2765.25 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। महिला उद्यमी सम्मेलन भोपाल में 700 से अधिक महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया। लघु उद्योग भारती देवास इंडस्ट्रियल कानक्लेव में भी एमएसएमई विभाग ने भूमिका निभाई। पावरलूम के साथ ही गारमेंट्स ,टैक्सटाइल, फार्मा फर्नीचर और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में विशेष कार्य प्रारंभ किया गया है। एमएसएमई सेक्टर में कुल 850 इकाइयों को 275 करोड़ रुपए की अनुदान राशि गत अगस्त माह में प्रदान की गई है। प्रदेश में कुल साढे चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित बैठक में बताया गया कि प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कुल 2168 स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। प्रदेश में कुल साढे चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित किए गए हैं। भोपाल में स्टार्टअप केंद्र की स्थापना की गई है। गत दो वर्ष में अधिमान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को लीडर श्रेणी में स्थान मिला है। अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स से अनुबंध किया गया है जिससे राज्य शासन ने 2.25 करोड़ निवेश किया है। इससे प्रदेश के तीन स्टार्टअप के लिए 11 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त किया गया है। मध्यप्रदेश में शासकीय भूमि पर निजी विकासक द्वारा 11 क्लस्टर स्वीकृत किए गए। निजी भूमि पर 24 क्लस्टर स्वीकृत हुए हैं जिनमें 2100 से अधिक भू-खण्ड होंगे। प्रदेश के 5 नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 291 भू-खण्ड और 6 औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा।  

रानी दुर्गावती, राष्ट्र प्रेम और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक थीं, उनके सम्मान में हो रही सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रानी दुर्गावती, राष्ट्र प्रेम और महिला सशक्तिकरण को प्रतीक थीं। उनके सम्मान में संग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गोंड साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जन्म वर्षगाँठ के अवसर पर हमने पूरे साल अलग-अलग प्रकार के कार्य करने का निर्णय किया था। मुझे इस बात का संतोष है कि सरकार के गठन के साथ ही जनवरी को पहली कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती और वीरांगना रानी अवंतीबाई के नाम पर जबलपुर में की थी। उसके बाद अ‍ब 5 अक्टूबर को जन्म दिवस के अवसर पर वीरांगना रानी दुर्गावती की पहली राजधानी सिंग्रामपुर में शनिवार को मंत्रि-परिषद की बैठक हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें गौरवान्वित होना चाहिये कि हमारी वीरांगना रानी दुर्गावती ने देश की उस समय की कठिन परिस्थितियों में न केवल सुशासन बल्कि वीरता की भी बड़ी मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के सभी विरोधियों से न केवल डटकर मुकाबला किया बल्कि सुशासन की भी मिसाल पेश की। महिला सशक्तिकरण की दिशा में इससे बड़ा उदाहरण कोई नहीं हो सकता है कि रानी दुर्गावती ने अपने राज्य की रक्षा करते हुए एक प्रकार से बहनों को साथ लेकर सेना का नेतृत्व किया। दुश्मनों से मुकाबला किया, जब मौका मिला तो देश पर अपने आपको कुर्बान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अवसर पर “श्रीअन्न प्रोत्साहन की एक नई योजना” का शुभारंभ भी हो रहा है जिसमें वर्ष 2024-25 में कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए मोटे अनाज की फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों की राज्य सरकार मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन सभी गतिविधियों के पीछे भाव यह है कि हम अपने अतीत के उन सभी गौरवाशाली महापुरुषों और वीरांगनाओं को याद करें जिनसे हमारा देश और प्रदेश गौरवान्वित हुआ है।    

रानी दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक सिंग्रामपुर में की जा रही है

सिंग्रामपुर के लिये 5 अक्टूबर का दिन होगा अभूतपूर्व :मुख्यमंत्री डॉ. यादव रानी दुर्गावती के सिंहासन कक्ष से प्रेरित पहली ओपन-एयर कैबिनेट रानी दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक सिंग्रामपुर में की जा रही है भोपाल राज्य शासन ने मातृ शक्ति को पूर्ण सम्मान देते हुए स्वतंत्रता संग्राम, सुशासन, साहस जैसे क्षेत्रों में राष्ट्र के लिये योगदान देने वाली वीरांगनाओं, शासिकाओं की स्मृति में विविध प्रयास किए जा रहे हैं। पहले इन्दौर में लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह पूर्व मनाई गई। अब दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक दमोह के सिंग्रामपुर में उनकी जयंती पर की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ पूरा मंत्रीमण्डल और उच्च प्रशासनिक अमला 5 अक्टूबर का दिन दमोह के सिंग्रामपुर में बितायेंगे। यहां कैबिनेट बैठक के साथ सभी मंत्रीगण विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।     सिंग्रामपुर में होने वाले प्रमुख कार्यक्रम     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक।     प्रदेश की लाड़ली बहना योजना में पात्र हितग्राहियों के खाते में राशि का अंतरण।     सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों के खाते में राशि का अंतरण।     प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की हितग्राही बहनों के खाते में अनुदान राशि का अंतरण।     विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन।     ग्राम हरदुआ जामशा विकासखंड बटियागढ़ के उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान।     सिंगौरगढ़ किला, निदानकुण्ड जल प्रपात, प्राचीन दुर्गा माता मंदिर का भ्रमण।     कैबिनेट स्थल का डिजाईन रानी दुर्गावती के किले की भव्यता को करेगा प्रतिबिंबित रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती के उपलक्ष्य में, सिंग्रामपुर में एक भव्य ओपन-एयर कैबिनेट बैठक होगी, जो रानी दुर्गावती के सुशासन, उनकी कार्यकुशलता और महिलाओं के सशक्तिकरण से प्रेरित है। इस बैठक का डिज़ाइन रानी दुर्गावती के किले की भव्यता को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें एक किला-नुमा प्रवेश द्वार और शिव मंदिर भी शामिल हैं। यह पहली बार है जब कैबिनेट की बैठक एक खुले क्षेत्र (ओपन एरिया) में आयोजित की जा रही है, जो रानी दुर्गावती के समय की स्थापत्य कला से प्रेरित है। यहां की आर्किटेक्चरल छत और दीवारें रानी के जीवन की संपूर्ण यात्रा को जीवंत रूप से प्रस्तुत करेंगी, जिसमें नारी युद्ध, प्रगतिशील शासन, और महिलाओं के सशक्तिकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से उजागर किया जाएगा। इस आयोजन की डिज़ाइन में शानदार पत्थर की दीवारें, मेहराबदार खिड़कियाँ और एक मध्यकालीन किले की प्रामाणिकता को दर्शाने वाले तत्व शामिल होंगे। सजावट गोंड कला से प्रेरित होगी, जो रानी दुर्गावती के सिंग्रामपुर क्षेत्र के गोंड समुदाय के साथ उनके गहरे संबंध को उजागर करेगी। खाद्य क्षेत्र को एक पारंपरिक गोंड गाँव के आँगन की तर्ज पर सजाया गया है, जहाँ मेहमान पेड़ों के नीचे बैठकर, हटा से लाए गए प्राचीन कांसे के बर्तनों में परोसा गया भोजन का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, मंत्रियों के लिए विशेष कार्यालय गोंड कला और भित्ति चित्रों से प्रेरित होकर बनाए जा रहे हैं, जो कार्य-क्षमता और सांस्कृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करेंगे। सिंग्रामपुर के भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों का स्वागत स्थानीय जनजातीय सांस्कृतिक टीम द्वारा पारंपरिक शैली में किया जाएगा, जो क्षेत्र की अनोखी परंपराओं और जीवंत आत्मा को उजागर करेगा।  

मध्यप्रदेश सरकार ने 23.4 प्रतिशत बढ़ाया जनजातीय विभाग का बजट

जनजातियों के समग्र विकास के लिये तत्पर मध्यप्रदेश सरकार 23.4 प्रतिशत बढ़ाया गया जनजातीय विभाग का बजट भोपाल समर्थ बनाने की संवेदनशील पहल पर वित्त वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जनजाति (उप योजना) के लिये 40 हजार 804 करोड़ रूपये का बजट पारित किया है। जनजातियों के समग्र विकास के लिये पारित यह बजट वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में 3,856 करोड़ रूपये (करीब 23.4 प्रतिशत) अधिक है। जनजातीय बंधुओं और इनकी पुरा संस्कृति के संरक्षण और समयानुकूल विकास के लिये सरकार द्वारा अनेक नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से ही जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी, युवा, खिलाड़ी और कलाकार अब विकास की एक नई राह पर चल पड़े हैं। पीएम जन-मन अभियान प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष रूप से पिछड़े एवं कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सर्वांगीण विकास के लिये भी मध्यप्रदेश सरकार अत्यंत संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में तीन विशेष पिछड़ी जनजातियां बैगा, भारिया एवं सहरिया निवास करती हैं। पीएम जन-मन में इन विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय केन्द्र, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़क, समग्र शिक्षा एवं विद्युतीकरण से जुडे कार्य कराये जा रहे हैं। सरकार ने जारी साल के बजट में इन कामों के लिये 1,607 करोड़ रूपये दिये हैं। पीवीटीजी बटालियन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्णय लिया है कि जनजातीय कार्य विभाग की शौर्य संकल्प योजना के अंतर्गत प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिये अलग से बटालियन गठित की जायेगी। साथ ही इस समूह के इच्छुक युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती कराने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के युवाओं को रोजगार एवं सेवा से जोड़ने के लिये पीवीटीजी बटालियन बनाने के निर्देश दिये हैं। प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजाति पीवीटीजी समूह में आती हैं। इसी प्रकार आर्म्ड फोर्सेस में भर्ती के लिये प्रशिक्षण योजना में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के युवाओं को नेवी, आर्मी, एयरफोर्स, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, पुलिस, होमगार्ड एवं अन्य निजी सुरक्षा एजेन्सियों में भर्ती कराने के लिये इन्हें प्रशिक्षण देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आहार अनुदान योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पीवीटीजी आहार अनुदान योजना में इन जनजातीय परिवारों की महिला मुखिया को 1,500 रूपये प्रतिमाह पोषण आहार अनुदान राशि दी जाती है। इसके लिये सरकार ने बजट 2024-25 में 450 करोड़ रूपये आवंटित किये हैं। बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय परिवारों के समग्र विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार 2024-25 में 100 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय करेगी। पीवीटीजी क्षेत्रों में 217 नये आंगनवाड़ी भवन बनाये जा रहे हैं। इसके लिये बजट में 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी की जायेगी स्थापित जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिये राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। जनजातीय विद्यार्थियों को बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित कराने के लिये फ्री-कोचिंग दी जायेगी। इसके लिये सरकार प्रदेश के सभी जनजातीय विकासखंडों में रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है। इस अकादमी के जरिये जनजातीय विद्यार्थियों को जेईई, नीट, क्लेट और यूपीएससी जैसी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की बड़ी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग देकर इन्हें परीक्षाओं में सफल होने के गुर सिखाए जायेंगे। शासन से स्वीकृति मिलते ही रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी प्रारंभ कर दी जायेंगी। आकांक्षा योजना “एक सराहनीय पहल” वर्तमान में जनजातीय विद्यार्थियों को ‘आकांक्षा योजना’ के अंतर्गत जेईई, नीट, क्लेट की तैयारी के लिये भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर में कोचिंग दी जा रही है। अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा की तैयारी कराने के लिये निजी कोचिंग संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों को कोचिंग दी जा रही है। अब सभी ट्राइबल ब्लॉकों में जनजातीय विद्यार्थियों को इस तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग का लाभ देने के लिये योजना की संशोधित डीपीआर तैयार कर ली गई है। जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ठोस चिंता करते हुए सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये 667 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये सरकार ने 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन का छात्रवृत्ति के लिये 500 करोड़ रूपये प्रावधान किया हैं। नि:शुल्क कोचिंग के साथ सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को टैबलेट भी देगी। टैबलेट के लिये डेटा प्लान भी सरकार नि:शुल्क उपलब्ध करायेगी। योजना के लिये सरकार ने बजट में 10.42 करोड़ रूपये आरक्षित किये हैं। तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिये कार्यरत हैं पृथक-पृथक विकास प्राधिकरण जनजातीय कार्य विभाग में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये संचालक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के विकास के लिए योजना बनाने एवं इनका क्रियान्वयन के लिये एजेन्सी भी कार्यरत है। इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिये योजना बनाने एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करने के लिये प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया पीवीटीजी के लिये पृथक-पृथक विकास प्राधिकरणों सहित कुल 11 प्राधिकरण कार्यरत हैं। पेसा नियमों से एक करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी को मिल रहा लाभ पेसा एक्ट में मध्यप्रदेश में पेसा नियम, नवम्बर 2022 से लागू हैं। यह नियम प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंडों की 5 हजार 133 ग्राम पंचायतों के अधीन 11 हजार 596 गावों में लागू है। इन नियमों में प्राप्त अधिकारों का उपयोग जनजातीय वर्ग के हितों के लिये अत्यंत प्रभावशाली साबित हो रहा है। पेसा से जनजातीय वर्ग अपनी क्षेत्रीय परम्पराओं, अपनी संस्कृति और जरूरतों के मुताबिक फैसले लेकर विकास की राह में आगे बढ़ सकेंगे। पेसा नियमों के क्रियान्वयन से जनजातीय समुदाय के एक करोड़ से अधिक लोगों को लाभ हो रहा है। जनजातीय विद्यार्थियों के लिये सरकार के महती प्रयास कक्षा पहली से आठवीं तक प्री-मेट्रिक राज्य छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2023-24 में 17 लाख 36 हजार 14 विद्यार्थियों को 56 करोड़ 59 लाख रूपये छात्रवृत्ति दी गई। कक्षा 9वीं और 10वीं केन्द्र प्रवर्तित प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2023-24 में 1 लाख 51 हजार 292 विद्यार्थियों को 52 करोड़ 15 लाख रूपये छात्रवृत्ति दी गई। कक्षा 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालय में पढ़ रहे … Read more

दमोह के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक, क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल, ग्रामीण अंचलो से लिए जायेंगे जनहितकारी निर्णय जिला प्रशासन द‌मोह ने सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक की तैयारियां पूर्ण दमोह के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक, क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति जिला प्रशासन ने कैबिनेट की तैयारियों को दिया अंतिम रूप भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए राजधानी भोपाल से परे संभागीय और आंचलिक क्षेत्रों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ कैबिनेट की बैठकें करने की पहल की है। मोहन सरकार की राजधानी के बाहर पहली कैबिनेट बैठक जनवरी 2024 को जबलपुर में हो चुकी है। इसी क्रम में अगली कैबिनेट दमोह जिले के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होने जा रही है। जिला प्रशासन द‌मोह द्वारा सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का योगदान ऐतिहासिक रहा है। द‌मोह जिले सिंग्रामपुर गाँव के नजदीक सिंगौरगढ़ का किला है। यह क्षेत्र रानी दुर्गावती की राजधानी के रूप में इतिहास में दर्ज है। वीरांगना दुर्गावती के 500वें जन्मशती वर्ष के अवसर पर उनके सम्मान में सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक करने का निर्णय लिया गया है। आगामी 5 अक्टू‌बर को राज्य मंत्री-मंडल के सभी सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी सिंग्रामपुर पहुंचेंगे, जहाँ प्रदेश के विकास लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिये जायेंगे। लाड़ली बहना सम्मेलन भी होगा ग्राम सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक साथ लाड़ली बहना सम्मेलन भी होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की लाड़ली बहना योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की हितग्राही बहनों के खाते में राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा बहनों से संवाद भी किया जायेगा। सिंग्रामपुर क्षेत्र का करेंगे भ्रमण सिंग्रामपुर और उसके आस-पास स्थित ऐतिहासिक स्थलों का मंत्रि-परिषद के सदस्यों द्वारा भ्रमण भी किया जायेगा। इसमें रानी दुर्गावती के किले का अवलोकन, रानी मंदिर में पूजा-अर्चना और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित सभी मंत्रीगण यहाँ पौध-रोपण भी करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में नागरिको की समस्याओं के निराकरण, सुशासन, विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी काही योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की संभागवार समीक्षा बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली समीक्षा बैठक 17 सितम्बर 2023 को उज्जैन मुख्यालय पर ली। इसी क्रम में अन्य संभागों में भी समीक्षा बैठकें ली जाकर मैदानी स्तर पर प्रशासनिक और योजनाओं के क्रियान्वन की स्थिति को आंका गया। अन्य गतिविधियां दमोह दर्शन पुस्तक का विमोचन।     संकट के साथी एवं दमोह हेल्पलाईन मोबाईल एप की शुभारंभ।     विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण।     दमोह जिले के विज़न डाक्यूमेंट का विमोचन।     दमोह जिले की उपलब्धियों के वीडियो का प्रदर्शन।     70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों के आयुष्मान कार्ड योजना का शुभारंभ।     सिंगल क्लिक से लाड़ली बहनों के खातों में राशि का भुगतान।     विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण।     ग्राम हरदुआ जामशा, विकासखण्ड बटियागढ़ के उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान।     बाढ़ के दौरान बचाव कार्य करने वाली टीम का सम्मान।     स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों से संवाद।  

राज्य सरकार सिंग्रामपुर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में मोहर लग सकती है

भोपाल मप्र सरकार की डेस्टिनेशन कैबिनेट पॉलिटिक्स का अगला पड़ाव दमोह का सिंग्रामपुर बनने जा रहा है, जहां नवदुर्गा के तीसरे दिन 5 अक्टूबर को डॉ. मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक होगी। इस दिन वीरांगना रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती है। राज्य सरकार सिंग्रामपुर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में मोहर लग सकती है। यहां दुर्गावती के नाम पर संग्रहालय, ऑडिटोरियम, सीएम राइज स्कूल, आईटीआई की स्थापना और पेयजल और सिंचाई के लिए तालाब निर्माण के प्रस्तावों समेत बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ घट रही दुष्कर्म और अत्याचार की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार रानी दुर्गावती के नाम पर वुमन सेफ्टी से जुड़ा कोई बड़ा निर्णय ले सकती है। सिंग्रामपुर में हिल टॉप एक हेलीपैड का निर्माण किया गया है। रानी दुर्गावती के सम्मान में वुमन सेफ्टी से जुड़ा नया कदम उठा सकती है सरकार तीसरी डेस्टिनेशन कैबिनेट सिंग्रामपुर कैबिनेट मीटिंग मोहन सरकार की तीसरी डेस्टिनेशन केबिनेट होगी। इससे पहले उज्जैन और जबलपुर में भी राज्य सरकार की कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं। मोहन यादव अगली कैबिनेट बैठक लोकमाता अहिल्या देवी के 300वें जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उनकी राजधानी रहे खरगोन के ऐतिहासिक शहर महेश्वर में करने की घोषणा कर चुके हैं। 31 मई 2025 को होल्कर रियासत की महान शासक अहिल्या देवी की 300वीं जयंती है। शिवराज , कमलनाथ भी कर कर चुके ऐसी कैबिनेट बैठकें कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में तत्कालीन सीएम कमलनाथ भी उज्जैन और जबलपुर में कैबिनेट बैठकें कर चुके हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी अपने कार्यकाल में उज्जैन और पचमढ़ी में कैबिनेट बैठकें कर चुके हैं। मोहन सरकार की पिछली दो डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकें उज्जैन कैबिनेट- सरकार बनने पर दिसंबर माह में मोहन सरकार की पहली केबिनेट बैठक उज्जैन में हुई थी। इस बैठक में सिंहस्थ की तैयारियों और उज्जैन शहर से जुड़ी विकास योजनाओं को प्रमुखता से मंजूरी दी गई थी। जबलपुर कैबिनेट: यह 3 जनवरी को हुई थी। तब यहां 800 करोड़ की लागत से प्रदेश के सबसे लंबे एलिवेटेड कॉरीडोर, 400 करोड़ से आईटी पार्क और 65 करोड़ की लागत के गारमेंट और फैशन डिजाइन क्लस्टर के विकास को मंजूरी दी गई थी। जबलपुर में नर्मदा के 17 घाटों को हरिद्वार की तरह विकसित करने और रानी दुर्गावती की जीवनी को मप्र के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया गया था। जबलपुर में 409.53 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण भी किया था। बरगी डेम के प्रभावित 10 ग्राम के 1414 परिवारों को भू-अभिलेख के पट्टे भी दिए थे।  

कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई

स्वच्छता दिवस कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शनी रही आकर्षण का केन्द्र मुख्यमंत्री ने नगर निगम के सफाई कार्य में लगे उपकरण, ट्रिपल-आर ऑन व्हील और अनुपयोगी वस्तुओं का अवलोकन किया कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई भोपाल भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुए स्वच्छता कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी, स्वच्छता उपकरण और ट्रिपल-आर ऑन व्हील आकर्षण का केन्द्र रहे। स्वच्छता दिवस का कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने नगर निगम भोपाल के सफाई कार्य में लगे उपकरण, ट्रिपल-आर ऑन व्हील और अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग कर बनाई गई सामग्री का अवलोकन किया। ट्रिपल-आर ऑन व्हील कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई थी। इस वाहन पर रेखा खरे, विशाखा सिलाई मशीन के साथ बैठी थीं। उन्होंने बताया कि अब तक ट्रिपल-आर अर्थात रि-ड्यूस, रि-यूज और रि-सायकल के तीन केन्द्र भोपाल के बोट क्लब, 10 नम्बर बस स्टॉप और विट्ठल मार्केट पर निंरतर संचालित हो रहे हैं। नगर निगम भोपाल में अब इस सुविधा को वाहन के साथ चलित सेवा बना दिया है। रेखा बताती हैं कि चलित वाहन के जरिये जन-सामान्य को पॉलिथिन के उपयोग न करने की समझाइश दी जायेगी और जन-सामान्य द्वारा दी जाने वाली अनुपयोगी कपड़ों से थैले बनाकर दिये जायेंगे। रेखा बताती हैं कि बेकार इलेक्ट्रिक सामान और वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग कचरे को संग्रहण किये जाने की व्यवस्था है। इसके साथ ही अन्य बेकार सामग्री से कॉपी-किताबों के कवर और डेकोरेशन की सामग्री तैयार की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसकी प्रशंसा की। सुअरूणा सिंह स्टार्ट-अप कंपनी से बना रही हैं खिलौने प्रदर्शनी स्थल पर सुअरूणा सिंह भी मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि उनकी स्टार्ट-अप कंपनी भोपाल में बच्चों को ईको फ्रेंडली खिलौने उपलब्ध करा रही है। उनकी कंपनी में 20 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। उनके ज्यादातर खिलौने लकड़ी से ही तैयार होते हैं। इनमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता है। वे बताती हैं कि खिलौनों के माध्यम से बच्चों को अक्षर ज्ञान, भौगोलिक ज्ञान के लिये नक्शे एवं दिमागी कसरत के अनेक खिलौने बनाती हैं। उन्होंने जबलपुर इंजीनियिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की है। सुअरूणा स्वयं का व्यवसाय करना चाहती थीं इसलिये उन्होंने स्टार्ट-अप कंपनी शुरू करने का विचार बनाया और अब सफलतापूर्वक कंपनी का संचालन कर रही हैं। पीएम स्व-निधि से तैयार वस्तुओं का प्रदर्शन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पीएम स्व-निधि योजना से लाभान्वित स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने वस्तुओं का प्रदर्शन किया। सुप्रीति राव ने भोपाल की प्राचीन कारीगरी से तैयार जरदोजी़ सामग्री का प्रदर्शन किया। वे बताती हैं कि यह काम सारे हिन्दुस्तान में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि उनके समूह ने ‘वन प्रोडक्ट – वन रेलवे स्टेशन’ कार्यक्रम में भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर स्टॉल लगाया है। स्टॉल पर प्रदर्शित जरदोजी सामग्री को यात्रियों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। इनके साथ ही अन्य स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने आर्टिफिशियल ज्वैलरी, फूड आइटम और हैण्डलूम कपड़ों का प्रदर्शन किया। आज प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बना रहीं हैं। प्रदर्शनी स्थल पर नारियल जूट से तैयार सामग्री का भी प्रदर्शन किया गया।

प्रदेश के इतिहास से जुड़ी महान विभूतियों के नाम पर भोपाल के मार्गों पर स्थापित किए जाएंगे द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

प्रधानमंत्री मोदी के वर्चुअल संबोधन के साथ आरंभ हुआ स्वच्छता दिवस समारोह स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना में 685 करोड़ की परियोजनाओं का हुआ भूमि-पूजन और लोकार्पण प्रदेश के इतिहास से जुड़ी महान विभूतियों के नाम पर भोपाल के मार्गों पर स्थापित किए जाएंगे द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नमो-उपवन को राज्य शासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जायेगी हमें स्वस्थ बनाए रखने के लिए स्वच्छता कर्मी प्राण-प्रण से हैं समर्पित मुख्यमंत्री ने स्वच्छता सेवा पखवाड़ा के समापन कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में स्वच्छ भारत दिवस-2024 के अवसर पर नई दिल्ली में हुए कार्यक्रम के क्रम में भोपाल में आयोजित स्वच्छता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के इतिहास से जुड़ी महान विभूतियों के नाम पर भोपाल के मार्गों पर द्वार स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति से जुड़े महापुरुषों भगवान राम, राजा भोज, राजा विक्रमादित्य, सम्राट अशोक आदि के नाम पर इन द्वारों का नामकरण किया जाएगा। भोपाल नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे नमो-उपवन को राज्य शासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये की लागत की 19 परियोजनाओं का भूमि-पूजन और भोपाल नगर निगम के उपकरणों तथा विभिन्न विकास कार्यों को लोकार्पण किया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्म-दिवस 17 सितम्बर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक स्वच्छता सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया गया। कर्तव्य पालन के दौरान दिवंगत 26 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के प्रमाण पत्र वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना अंतर्गत प्रदेश के लिए 435 करोड़ रूपए की लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं के भूमि-पूजन और लोकार्पण के लिए उनका आभार माना। इस अवसर पर आदर्श गौ-शाला ग्वालियर के 100 टन क्षमता बॉयो सीएनजी प्लांट का भी वर्चुअल शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वच्छता ही सेवा-2024 अभियान अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिक व संस्थाओं को सम्मानित किया। स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में नगर निगम उज्जैन को थ्री-स्टार रेटिंग मिलने पर उज्जैन के 2 हजार 115 सफाई मित्रों को प्रोत्साहन स्वरूप 3-3 हजार रुपये की राशि प्रदान करने के लिए 63 लाख 45 हजार रुपये की राशि सिंगल क्लिक से नगर निगम उज्जैन को अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के स्वच्छता मित्रों से वर्चुअली आत्मीय संवाद किया तथा कार्य के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम शासकीय सेवा में कर्तव्य पालन के दौरान दिवंगत 26 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के प्रमाण पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर निगम के 125 नए डोर-टू-डोर सीएनजी वाहनों, 6 नए हुक लोडर, दो श्रेडर मशीन तथा एक लिटर पिकिंग मशीन का अवलोकन किया तथा मंच से झंडी दिखाकर उनका लोकार्पण किया। अमृत योजना और “रि-ड्यूस, री-यूज, रि-साइकिल” पर केंद्रित रही प्रदर्शनी : तीन लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 अक्टूबर गांधी जयंती “स्वच्छता दिवस” पर स्वच्छता पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में प्रदेश में स्वच्छता के लिए संचालित गतिविधियों, अमृत योजना और रि-ड्यूस- रि-यूज- रि-साइकिल पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदेश को दी गई सौगातों पर केंद्रित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। साथ ही गौ-वंश संरक्षण के लिए प्रदेश में जारी गतिविधियों और स्वच्छता ही सेवा अभियान संबंधी गतिविधियों पर तैयार लघु फिल्म का प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल के प्रभारी मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद भोपाल आलोक शर्मा, विधायक सर्वरामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम किशन सूर्यवंशी उपस्थित हैं। चुनौती भरा और जीवट वाला है स्वच्छता कर्मियों का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 10 वर्ष पूर्व 15 अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का विषय उठाना अभिनंदनीय है। भारतीय संस्कृति उत्तम सुख-निरोगी काया के सिद्धांत में विश्वास करती है और स्वच्छता ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है। हमें स्वस्थ रखने के लिए स्वच्छता कर्मी प्राण-प्रण से समर्पित हैं। उनका कार्य चुनौती भरा और जीवटता वाला है, जैसे सेना का सिपाही देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को कुर्बान कर देता है उसी प्रकार सफाई कर्मी, स्वच्छता और समाज को स्वस्थ बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करते हैं। इसी का परिणाम है कि 19 सितम्बर को उज्जैन में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया गया। स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता ही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गाँव-गाँव में शौचालय निर्मित करवाकर महिलाओं को बड़ी समस्या और पीड़ा से राहत पहुंचाई है। राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों और उनके परिवारों की बेहतरी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। यह कार्य सच्चे अर्थों में महात्मा गांधी के विचारों को क्रियान्वित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का माध्यम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में 413 नगरीय निकायों में 42 हजार 500 से अधिक स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। प्रदेश में 968 ब्लैक स्पॉट का उन्मूलन और सौन्दर्यीकरण हुआ तथा 800 से अधिक शालाओं में एक लाख से अधिक छात्रों के बीच स्वच्छता संवाद कार्यक्रमों से जन-जागरूकता फैलाई गई। प्रदेश में नगरीय‍निकायों की स्टार रैकिंग प्रणाली के तहत उन्हें पुरस्कृत भी किया गया। मध्यप्रदेश, देश में स्वछतम राज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा – मंत्री काश्यप सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच के परिणाम स्वरुप ही स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप प्रदान किया जा सका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक गतिविधियों और त्यौहारों के माध्यम से विकास और जन-कल्याण के साथ-साथ स्वच्छता को संस्कार के रूप में अंगीकार करने के लिए प्रदेशवासियों को प्रेरित किया है। स्वच्छता को आदत के रूप में अपनाना और स्वच्छता कर्मियों का … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. शास्त्री को जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर ओल्ड विधानसभा चौराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपने भाव व्यक्त करते हुए लिखा है कि “जय जवान, जय किसान का नारा देकर भारत को एक नयी शक्ति एवं ऊर्जा से भर देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय शास्त्री , राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए अंतिम सांस तक एक निष्काम कर्मयोगी की भांति कार्यरत रहे। आपके ओजस्वी विचार और आदर्श जीवन सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”  

सीएम मोहन यादव की उद्योगपतियों की समस्या का समाधान करने में विशेष रूचि, दमोह से हुई इसकी शुरुआत

दमोह मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए सरकार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जिला कलेक्टर को भी औद्योगिक विकास में पूरे सहयोग की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. इसी के चलते अब कलेक्टर भी उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए आगे आ रहे हैं. दमोह में कलेक्टर ने प्रति सोमवार उद्योगपतियों के लिए 2 घंटे का समय तय किया है. मध्य प्रदेश में अभी तक चार जगह रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो चुका है. उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में आयोजन किया जा चुका है. इसके अलावा अब नर्मदा पुरम सहित कई संभागीय मुख्यालय पर आयोजन की तैयारी की जा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संभागीय मुख्यालय के बाद अब फिर जिला स्तर पर आयोजन होंगे और औद्योगिक विकास की समीक्षा भी की जाएगी. उन्होंने सभी जिले के कलेक्टरों को भी औद्योगिक विकास को लेकर जिले में औद्योगिक प्रोत्साहन केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं. उद्योगपतियों से मिलने के लिए रखा गया है समय इसके अतिरिक्त सीएम मोहन यादव ने उद्योगपतियों की समस्या का समाधान करने में विशेष रूचि दिखाने को भी कहा है. इसी के चलते दमोह से इसकी शुरुआत हो चुकी है.  दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि उद्योगपतियों के लिए प्रति सोमवार सुबह 10 से 11 और शाम को 4:00 से 5:00 का समय मिलने के लिए रखा गया है. इस समय वे अपनी समस्याओं का समाधान करवा सकते हैं. उल्लेखनीय है कि प्रति मंगलवार मध्य प्रदेश सरकार लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए सभी विभागों की जनसुनवाई करती है. अब सोमवार को उद्योगपतियों की जनसुनवाई शुरू हो गई है. दमोह कलेक्टर ने क्या कहा? दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि सागर में रीजनल इन्वेस्टर कॉन्क्लेव के बाद दमोह में भी औद्योगिक विकास की अपार संभावना है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से उद्योगपतियों को कमिटमेंट किया गया है, उसी को ध्यान में रखते हुए उनकी समस्या का समाधान करने के लिए सोमवार का दिन तय किया गया है. इस दिन उनके दफ्तर में आने वाले उद्योगपतियों को पल भर का इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा. उनके सीधे जिला कलेक्टर से मुलाकात होगी और उनकी समस्या का नियम अनुसार समाधान भी किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि एकल खिड़की से उद्योगपतियों को उद्योग खोलने के लिए समस्त सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के लिए दुनिया के सबसे बड़े जन-आंदोलन को जन्म दिया

ग्रामीण क्षेत्रों में जन-आंदोलन बना “स्वच्छता ही सेवा अभियान” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता अभियान में किए गए कई उल्लेखनीय कार्य और नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के लिए दुनिया के सबसे बड़े जन-आंदोलन को जन्म दिया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के लिए दुनिया के सबसे बड़े जन-आंदोलन को जन्म दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए ग्रामीणों को जागरूक करना इस मिशन की एक प्रमुख सफलता रही। मध्यप्रदेश ने ग्रामीण स्वच्छता में कई विशिष्ट उपलब्धियां हासिल की है। प्रदेश में 70 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कर संपूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है। मिशन के दूसरे चरण में प्रत्येक ग्राम की ओडीएफ की स्थिति को निरंतर रखते हुए ठोस एवं तरल अपशिष्ट का निपटान भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 155वीं जयंती एवं स्वच्छ भारत मिशन की 10 वीं वर्षगांठ पर स्वच्छता के दृष्टिकोण को शासकीय एवं सामुदायिक प्रयासों से जन-जन तक पहुंचाने के लिए “स्वच्छता ही सेवा” अभियान पखवाड़ा 17 सितंबर से प्रारंभ किया गया, जो 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर समारोह के साथ सम्पन्न होगा। जन-भागीदारी से लोगों को किया जागरूक स्वच्छता ही सेवा अभियान में जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये कई जन-प्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, आम नागरिकों ने एकजुटता दिखाई। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने छिंदवाड़ा जिले के छिंदी ग्राम से “स्वच्छता साथी-वॉश ऑन व्हील सेवा” का शुभारंभ किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने रीवा में स्वच्छता संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित होकर स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत के उद्देश्य को साकार करने के लिए प्रेरित किया। राज्य के सभी मंत्री, सांसद, विधायकों ने अपने क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों में शामिल होकर संपूर्ण स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने का संदेश पहुंचाया। स्वच्छता शपथ के साथ हुईं स्वच्छता चौपालें स्वच्छता शपथ, स्वच्छता चौपाल, स्वच्छता रैली, स्वच्छता के लिये श्रमदान स्वच्छता संवाद, प्रतियोगिताएँ, खेल लीग, एक पेड़ माँ के नाम, घर-घर जागरूकता इत्यादि गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता में जन-भागीदारी की गतिविधियां की गई, जिसमें 40 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। स्वच्छता लक्षित इकाइयों का चिन्हांकन अभियान मेंऐसे स्थान जहां कूड़े-कचरे का ढेर था, उन स्थानों का चिन्हांकन कर स्वच्छ स्थानों में परिवर्तित किया गया। ऐसी 19 हजार 742 स्वच्छता लक्षित इकाइयों को 12 लाख 77 हज़ार लोगों की जन-भागीदारी से स्वच्छ साईट में परिवर्तित किया गया, जिससे खुले में पड़े 10 हजार 681 टन कचरे का सुरक्षित निपटान हुआ। अब तक 333 टन से अधिक प्लास्टिक कचरे का जन-भागीदारी से संग्रहण किया जाकर सुरक्षित निपटान किया गया है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधित बनाकर 400 से अधिक ग्रामों को मॉडल श्रेणी में ओडीएफ़ प्लस घोषित किया जा चुका है। सफाई सुरक्षा मित्रों के योगदान को दी गई मान्यता अभियान का विशेष पहलू यह रहा कि सफाई कर्मियों और सफ़ाई मित्रों के योगदान को मान्यता दी गई। उनके स्वास्थ्य एवं सम्मान के लिए 1549 सफाई मित्र सुरक्षा शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 42 हजार 466 सफ़ाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं 24 हजार 655 सफ़ाई मित्रों को सुरक्षा उपकरणों एवं पीपीई किट का वितरण किया गया। नर्मदा नदी के किनारे 776 ग्राम ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित नर्मदा नदी के किनारे बसे 884 ग्रामों में घाटों की साफ़-सफ़ाई, आस-पास के क्षेत्र को प्लास्टिक फ्री बनाये जाने एवं सिंगल यूज्ड प्लास्टिक कचरे का संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। नर्मदा नदी किनारे के 776 ग्राम तथा पर्यटन महत्व वाले सभी 117 ग्राम ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित हो चुके हैं। आगे की राह प्रदेश के सभी ग्रामों में 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाओं का अयोजन होगा। इसमें स्वच्छता पखवाड़े में हासिल उपलब्धियों से ग्रामवासियों को अवगत कराया जाएगा तथा स्वच्छता परिसंपतियो का शिलान्यास और कचरा वाहनों का लोकार्पण किया जायेगा।  

मुख्यमंत्री शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में पुणे में होगी रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था की राष्ट्रीय चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे मुख्यमंत्री शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था की राष्ट्रीय चर्चा पुणे में मंगलवार को होने जा रही है। राष्ट्रीय चर्चा “पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर और उनके जन-कल्याणकारी सुशासन’ विषय पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुणे में शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे। जानकी देवी बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऑडिटोरियम में होने वाली राष्ट्रीय चर्चा महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की अध्यक्षता में होगी। रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे भी मौजूद रहेंगे। चर्चा में शाम को व्याख्यान-सत्र होगा। इसमें मुख्य वक्ता पद्मसे सम्मानित मा. निवेदिता ताई भिडे उपाध्यक्ष स्वामी विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी रहेंगी। व्याख्यान-सत्र की अध्यक्षता डॉ. देवीदास पोटे प्रतिष्ठित लेखक एवं चरित्रकार करेंगे। समापन-सत्र को श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विद्यापीठ मुंबई की कुलगुरु डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव संबोधित करेंगी। ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव (पुणे) में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे। महाराजा शिव-छत्रपति प्रतिष्ठान ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके संघर्ष को जीवंत करना है। ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क 21 एकड़ भूमि पर फैला है, जिसकी अनुमानित लागत 438 करोड़ 68 लाख रुपये है। अब तक इस मेगा प्रोजेक्ट के दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में सरकारवाड़ा के अंतर्गत महाराष्ट्र के किलों की प्रदर्शनी, छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से बच निकलने की कहानी, रायगढ़ का 5डी-शो, शस्त्रों की प्रदर्शनी और शिवाजी महाराज के जीवन पर केन्द्रित अन्य इंटरैक्टिव अनुभव शामिल हैं। दूसरे चरण में रोटेशनल प्लेटफार्म पर ‘स्वराज्य, स्व-धर्म, स्व-भाषा’ शो विकसित किया गया है, जिसे एक बार में 100 लोग देख सकते हैं। तीसरे चरण में प्रवेश द्वार (रंग मंडल), राजसभा का निर्माण, डार्क राइड, तटबंध, लैंडस्केप और ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। इस थीम पार्क को ‘मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट’ का दर्जा मिला है। अब तक 70 हज़ार से अधिक लोग इसका भ्रमण कर चुके हैं।  

मप्र की अजब-गजब खबरें-अमेरिका में छुट्टी मना रहें sp को सागर से हटाया

Strange news of MP- SP enjoying holidays in America removed from Sagar

Strange news of MP- SP enjoying holidays in America removed from Sagar उदित नारायण भोपाल। मप्र अजब-गजब खबरें पढ़ने-सुनने को मिल जाती है। ताजी खबर सागर से जुड़ी है। राज्य सरकार ने 9 बच्चों की मौत के बाद सागर जिले के एसपी अभिषेक तिवारी को भी वहां से हटा दिया। खास बात यह कि साल 2013 बैच के IPS, एसपी अभिषेक तिवारी सरकारी अनुमति के बाद ही पिछले 15 दिन से अमेरिका में छुट्‌टी मना रहे हैं।  सरकार ने 27 जुलाई से 8 अगस्त तक उनकी छुट्‌टी अप्रूव की थी। IPS अभिषेक तिवारी को मार्च 2024 में नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) में प्रतिनियुक्ति मिल गई थी, लेकिन लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें गृह विभाग ने रिलीव नहीं किया। चुनाव के बाद उन्होंने फिर असफल प्रयास किए। अंतत: 9बच्चों की मौत के बाद उन्हें हटा दिया गया।

सीएम ने 25वीं बटालियन के साथ पौधरोपण किया, मुख्यमंत्री को गॉड ऑफ ऑनर भी दिया गया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस परिवार की तरफ से आयोजित एक पेड़ मां के नाम अभियान को लेकर डीजीपी सुधीर सक्सेना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पर्यावरण दिवस पर एक प्रेरणा पूरे देश में जन अभियान बन गई है। मध्यप्रदेश सरकार ने पांच करोड़ 51 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। बता दें कि राजधानी भोपाल ने 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए भोपाल को बधाई। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इंदौर में एक्सीलेंस कॉलेज का शुभारंभ करने के साथ ही 11 लाख पौधे लगाने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल और जमीन हमें प्रकृति से जोड़ती है। नए विज्ञान की उन्नति की राह में जंगलों पर जो आरियां चलाई गई, उसकी कीमत भी हम लोग चुका रहे हैं। खास तौर से कार्बन उत्सर्जन का वातावरण जो बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी भरपाई पौधरोपण से हो सकती है। लेकिन सिर्फ पौधा लगाने ही नहीं उसके पांच फीट की ऊंचाई तक बढ़े होने पेड़ बनने तक चिंता करना भी जरूरी है। यह संवेदनशील तरीका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोड़ा है कि मां के साथ सेल्फी लेना या मां नहीं है तो उनके चित्र के साथ पौधा लगाना। यह संवेदना का बड़ा गहरा पक्ष है। हमारी पूरी संस्कृति मां आधारित है। मुख्यमंत्री ने पुलिस की तरफ से कार्यक्रम आयोजन करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस के लिए साढ़े सात हजार से ज्यादा पद हमने बजट में रखे हैं। ताकि जरुरतों को पूरा किया जा सके। यह कार्यक्रम पुलिस का एक सकारात्मक स्वरूप दिखाई देता है। पुलिस ने अपनी सख्ती से अपने मूल रूप को भी कायम किया हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग विभाग अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे है। मेरी तरफ से पुलिस परिवार को बधाई। यह प्रकृति से जुड़ने का तरीका भी है। मेरी अपनी ओर से बधाई।

मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में ई-विधानसभा के प्रोजेक्ट को मंजूरी,छात्रों की छात्रवृत्ति, नई सिंचाई परियोजनाओं के साथ कई अहम प्रस्ताव मंजूर

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के बाद आज बुधवार को राजधानी भोपाल में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में ई-विधानसभा के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है।इसके लिए छात्रों की छात्रवृत्ति, नई सिंचाई परियोजनाओं के साथ कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल के द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को इंदौर में वृहद वृक्षारोपण किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। एक साथ एक स्थान पर 11 लाख पौधे लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएंगे। इन प्रस्तावों को लग सकती है मुहर     कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा के ई-विधान प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। इसके तहत विधानसभा को हाईटेक और पेपरलेस किया जाएगा, जिसमें 23 करोड़ खर्च होंगे। इसके तहत 60 प्रतिशत केन्द्र सरकार और 40 फीसदी राज्य सरकार राशि खर्च करेगी। डिजिटल इंडिया, ग्रीन गवर्नेंस की ओर कदम बढ़ाया गया है।     इसमें एनआईसी द्वारा सॉफ्टवेयर तैयार किया जाएगा और विधायकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।इसके तहत विधानसभा में सभी काम ऑनलाइन होंगे। सदस्यों को सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्न भी आनलाइन स्क्रीन पर दिखाई देंगे। सभी सदस्यों के टेबल पर स्क्रीन लगाई जाएगी। इसको लेकर संसदीय कार्य मंत्रालय, विधानसभा सचिवालय और संसदीय कार्य विभाग के बीच अनुबंध भी हो चुका है।     प्रदेश में 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खुलेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इंदौर से इसका शुभारंभ करेंगे।     मध्य प्रदेश सरकार अपना स्वयं का विमान खरीदेगी। अभी फिलहाल किराए पर विमान लिया जा रहा है। सरकार एक्सपर्ट की राय के बाद कनाडा की बमबार्डियर कंपनी से जेट विमान खरीदेगी। जिसकी कीमत 233 करोड़ रुपये होगी।     नर्मदाजल के अधिकतम उपयोग में तेजी से कदम, अधिकतम उपयोग के लिए योजनाओं को मंजूरी दी गई है।     सांवेर जेल का निर्माण हाउसिंग बोर्ड के बजाय पीडब्ल्यूडी करेगा। 217 करोड रुपए की स्वीकृति दी गई है। सीमा से ज्यादा कैदी होने की वजह से जेल बनाई जा रही है। इंदौर की जेल सांवेर में शिफ्ट हो जाएगी।     घुमंतू विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति विभाग के जरिए कम छात्रवृत्ति मिलती थी लेकिन अब घुमंतू और अर्ध घुमंतु छात्रों को भी बराबर छात्रवृत्ति मिलेगी।राशि बढ़ाने का फैसला।     7 बड़ी सिंचाई परियोजनाओं की कैबिनेट में स्वीकृति दी गई है। ये कुल 9271 करोड़ की योजनाएं हैं।     सीधी में बोकारो सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति मिली है। 46 करोड़ की परियोजना है।11 गांव के 10 लाख से अधिक कृषकों को लाभ मिलेगा   मोहन सरकार खरीदेगी बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर के चैलेंजर 3500 विमान को खरीदने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश सरकार के पास 2021 से कोई विमान नहीं था। तब से ही नया विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। दो कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए थे। इसमें से चैलेंजर 3500 का प्रस्ताव एल-1 कैटेगरी में चुना गया है।    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में  हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। मध्य प्रदेश सरकार ने कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर इंक के चैलेंजर 3500 मॉडल को 233 करोड़ रुपये में खरीदने का फैसला किया है। दरअसल, छह मई 2021 को ग्वालियर मैं लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। कंपनी ने उस विमान को ‘बियॉन्ड रिपेयर’ करार दिया। यानी उसकी मरम्मत नहीं हो सकती थी। उसके बाद से राज्य सरकार के पास कोई विमान नहीं था और नया विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इस दौरान कनाडा की कंपनी की बोली सबसे कम रही। साथ ही निविदा शर्तों में जो आवश्यकताएं बताई गई हैं, उसे चैलेंजर 3500 पूरी करता है। 20 माह में आएगा नया विमान नया चैलेंजर 3500 विमान 20 माह में मिलेगा। सरकार की आवश्यकता के अनुसार कंपनी इस विमान को आठ सीटर बना रही है। इसकी कीमत 233 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसका मतलब यह है कि डॉ. मोहन यादव को अगले 20 माह किराये के विमान में ही उड़ान भरनी होगी। चैलेंजर 3500 के बारे में चैलेंजर 3500 अपनी श्रेणी में सबसे अधिक एडवांस तकनीक से बना है। इसमें इंडस्ट्री का पहला वॉयस-कंट्रोल्ड केबिन और नए जमाने की सीटें लगी हैं। चैलेंजर 3500 विमान स्थिरता, प्रदर्शन और विश्वसनीयता का बेहतरीन मिश्रण प्रदान करता है, जिसके सहारे आप किसी भी मौसम में लंबी उड़ान भर सकते हैं।   बेहतरीन केबिन अनुभव चैलेंजर 3500 बेहतरीन केबिन अनुभव प्रदान करता है। इसे 2022 रेड डॉट के बेस्ट ऑफ बेस्ट प्रोडक्ट डिजाइन से भी पुरस्कृत किया जा चुका है। यह विमान के इंटरनेशनल लेवल पर बेहतरीन होने की पुष्टि करता है। 4,850 फीट से 41 हजार फीट तक जमीन का अहसास इस विमान की खासियत यह है कि 4,850 की कम से कम ऊंचाई और 41 हजार फीट की अधिकतम ऊंचाई पर भी यह जमीन पर होने का अहसास देता है। एयर सर्कुलेशन की तकनीक ऐसी है कि सिर्फ दो मिनट में यह ताजा हवा से केबिन को भर देता है। इससे यात्रियों के लिए ताजगी भरा अहसास बना रहता है। इसके बाद भी केबिन में कोई शोर सुनाई नहीं देगा। इसे इस सेग्मेंट में उपलब्ध सभी विमानों में सबसे स्मार्ट केबिन कहा गया है, जहां वायरलेस चार्जिंग से लेकर अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।  

हरियाली बढ़ाने के उपाए , प्रदेश में रोपे जाएंगे 5.50 करोड़ पौधे, भोपाल में एक दिन में 12 लाख पौधारोपण का लक्ष्य- मुख्यमंत्री

 भोपाल भोपाल के जंबूरी मैदान में सीएम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत आंवला का पौधा लगाया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के जंबूरी मैदान में शनिवार को आंवले का पौधा रोपा। इसी के साथ उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा, ‘पूरे प्रदेश में 5.5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।’ भोपाल में ही 12 लाख पौधे लगाए जाने हैं। जंबूरी मैदान में हुए कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, राज्यमंत्री राधा सिंह, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, महापौर मालती राय, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अभियान जन सहयोग से सफल होगा। अभियान के लिए जन भागीदारी जुटाई जा रही है। प्रदेश के दो बड़े नगरों में अभियान से अनेक संगठन जुड़ रहे हैं, जहां इंदौर जिले में 51 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। वहीं राजधानी भोपाल में जिले के विभिन्न स्थानों पर एक दिन में 12 लाख पौधे रोपे जाएंगे।  भोपाल जिले में 12 हजार पौधे मां के सम्मान में लगाए जाएंगे। शेष पौधे भी विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लगेंगे। भोपाल में राष्ट्रवादी विचारक, शिक्षाविद और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर छह जुलाई को अभियान के अंतर्गत पौधे लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। हरियाली महोत्सव के तहत आयोजित इस वृहद पौधारोपण कार्यक्रम में जंबूरी मैदान पर कुल 25 प्रजातियों के लगभग 5000 पौधे रोपे गए। जिलेभर में आज विभिन्न क्षेत्रों में 12 लाख पौधे मां के नाम रोपे जा रहे हैं। वेदों में बताई वृक्षों की महत्ता पौधारोपण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि वेदों में वृक्षों में अलग प्रकार के महत्ता पाई गई है। 10 वृक्षों के बराबर एक कुआं होता है। 10 पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है। एक पेड़ मां के नाम से अद्भुत प्रयोग है। आज का दिन हम सभी को एक अलग दौर में लेकर जा रहा है। इस मौके पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी समेत अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। नगर निगम द्वारा आज शहर में कुल एक लाख 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि पहले यह आयोजन कलियासोत मैदान पर होने वाला था, लेकिन वर्षा के कारण अब जंबूरी मैदान के पास करने का निर्णय लिया गया। नगर निगम द्वारा जंबूरी मैदान के अलावा कलियासोत मैदान, भेल दशहरा मैदान, एयरपोर्ट रोड, गांधी नगर सहित विभिन्न स्थानों पर कुल एक लाख 20 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। इनके अलावा जहां हरियाली कम है और कालोनियों के साथ ही अतिक्रमण से मुक्त कराई गई शासकीय भूमि पर भी पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके लिए एसडीएम और तहसीलदारों को भी जिम्मेदारी दी गई है। वन विभाग करेगा सर्वाधिक पौधारोपण डीएफओ आलोक पाठक ने बताया कि उनको नौ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए उन्होंने एक दिन पहले ही वनभूमि पर तैयारियां कर ली थीं। गड्ढे खोदने के साथ ही तार फेंसिंग भी कर ली गई। पौधों का इंतजाम भी कर लिया गया। इनमें आम, नीम, बरगद, पीपल सहित अनके किस्म के पौधे लगाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने की अपील कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि पौधारोपण अभियान से सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थाएं और व्यापारियों सहित आमजनों को भी जोड़ा गया है। उन्होंने लोगों से पौधारोपण करने की अपील की और कहा कि पौधे लगाने के बाद नागरिक अपनी फोटो ‘मेरी लाइफ पोर्टल’ में भी अपलोड कर सकते हैं। विद्यार्थियों को दें विरासत की जानकारी मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण अभियान के साथ युवाओं को जोड़कर उन्हें पर्यावरण का महत्व बताना प्रशंसनीय है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को विरासत से जोड़ने का कार्य भी किया जाए। भोपाल जिला पर्यटन परिषद और अन्य संस्थाएं विद्यार्थियों को पुरातात्विक महत्व के स्थानों, विज्ञान संग्रहालय और अन्य संग्रहालयों की सैर करवाएं। भोपाल में ऐसे जीवंत प्रयास होने चाहिए, जिससे राजधानी का एक माडल बने और अन्य स्थानों पर उसकी चर्चा हो। एक पेड़ मां के नाम अभियान के लिए जन अभियान परिषद, अखिल विश्व गायत्री परिवार और अन्य संस्थाओं का पूरा सहयोग लिया जाए। भोपाल में 350 स्थल किए चिह्नित कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि भोपाल में 350 स्थान पौधारोपण के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से कलियासोत डैम, आदमपुर खंती, कीरत नगर, केम्पा वृक्षारोपण मुंगालियाकोट, समरधा जंगल रेंज और कलारा बैरसिया भी शामिल हैं। कुल 480 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधे लगाने का लक्ष्य है। एक पेड़ मां के नाम और हरित महोत्सव अभियान को भोपाल में एक वृक्ष भोपाल के नाम से भी प्रचारित किया जा रहा है, इसके अंतर्गत व्यापक पौधारोपण होगा।

हाथरस हादसे में ग्वालियर की महिला की मौत, सीएम मोहन यादव ने जताया दुख

भोपाल  उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए हादसे में मध्य प्रदेश के ग्वालियर की एक महिला की भी मौत हुई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे पर और राज्य की महिला के निधन पर दुख जताया है। सीएम मोहन यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया, “उत्तर प्रदेश के हाथरस में कल सत्संग के दौरान भगदड़ में ग्वालियर की हमारी बहन रामधर्मपत्नी दयाल सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर की कृपा से सत्संग में शामिल होने गई मध्य प्रदेश की तीन अन्य महिलाएं सकुशल हैं। हम स्थानीय पुलिस-प्रशासन से संपर्क में हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को मोक्ष प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।।” बता दें कि मंगलवार को हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र के रतीभानपुर में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 121 लोगों की मौत हुई है। जबकि, दो दर्जन से ज्यादा घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। भगदड़ में अब तक 121 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोगों की हालत गंभीर है, इसलिए यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। राहत विभाग की ओर से दी गई सूची के अनुसार, अब तक 121 लोगों की मौत हो चुकी है और 28 लोग घायल हैं। सभी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मृतकों में सबसे ज्यादा लगभग (112) महिलाएं हैं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 105, 110, 126(2), 223 और 238 के तहत ‘मुख्य सेवादार’ कहे जाने वाले वेद प्रकाश मधुकर और इस धार्मिक कार्यक्रम के अन्य आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी के बयान की मैं घोर भर्त्सना करता हूँ ,पूरा हिंदू समाज लज्जित हुआ है

Just 200 meters away from the police station, robbers looted and attacked a couple, elderly man died, wife injured.

भोपाल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हिंदू को हिंसक कहने पर देश की सियासत गरमा गई है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित सरकार के कई मंत्रियों ने राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में आपत्ति जताई, अब सदन के बाहर से भी राहुल गांधी के बयान की निंदा और भर्त्सना हो रही है, उनसे माफ़ी मांगने की मांग की जा रही है। नाक रगड़कर माफ़ी मांगें राहुल : डॉ मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी के बयान की मैं घोर भर्त्सना करता हूँ उनके बयान से  पूरा हिंदू समाज लज्जित हुआ है, नेता प्रतिपक्ष द्वारा हिन्दुओं को सांसद में जिस प्रकार हिन्दू समाज को हिंसक बताया है ये उनकी कुत्सिक मानसिकता है,  पूरे देश में इसे लेकर उबाल है उन्हें नाक रगड़कर माफ़ी मांगनी चाहिए। कांग्रेस स्पष्ट करे वो राहुल के बयान से इत्तेफाक रखती है या नहीं सीएम मोहन यादव ने कहा मैं गर्व से कहता हूँ कि मैं हिंदू हूँ, उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से कहा कि तत्काल राहुल गांधी से माफ़ी मांगने के लिए कहें इससे सम्पूर्ण हिंदू समाज की भावना आहत हुई है, मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के बयान से कांग्रेस इत्तेफाक रखती है या नहीं ये भी वो स्पष्ट करे। योगी बोले – ये अपरिपक्व बुद्धि के व्यक्ति का बचकाना बयान है उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई है , उन्होंने कहा कि हमें लगा था कि नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल गांधी परिपक्व हो जायेंगे लेकिन मुझे खेद हो रहा है। राहुल गांधी का बयान अपरिपक्व बुद्धि के व्यक्ति का बचकाना बयान है, योगी ने कहा कि हिंदू भारत का मूल समाज है, भारत की आत्मा है , उन्होंने कहा कि हिंदू कोई जाति, सम्प्रदाय, मत और पंथ सूचक नहीं है ये भारत की मूल आत्मा है। राहुल गांधी का बयान सत्य से परे है, भारत की मूल आत्मा को लहूलुहान करने जैसा है। राहुल गांधी को माफ़ी मांगनी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी जो कहते है, वो करके दिखाते हैं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसपी में वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना और किसानों को बधाई व शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विपणन सत्र 2024-25 के लिए सभी आवश्यक खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी देने से किसानों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी और उनके जीवन का एक नया अध्याय आरंभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल जनकल्याण की भावना से किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली सिद्ध होगी। एमएसपी में इस वृद्धि से प्रधानमंत्री की अन्नदाताओं को दी गई पहली गारंटी पूर्ण होगी और देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विपणन सत्र 2024-25 के लिए सभी आवश्यक खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी देने से किसानों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी और उनके जीवन का एक नया अध्याय आरंभ होगा। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल जनकल्याण की भावना से किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली सिद्ध होगी। एमएसपी में इस वृद्धि से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अन्नदाताओं को दी गई पहली गारंटी पूर्ण होगी और देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसपी में वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना और किसानों को बधाई व शुभकामनाएं दी। सुनिश्चित होगा उपज का लाभकारी मूल्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 14 प्रकार की फसलों के मूल्यों में वृद्धि की गई है। समर्थन मूल्य पर की गई यह वृद्धि सिद्ध करती है कि प्रधानमंत्री मोदी जो कहते हैं वो करके दिखाते हैं। धान का समर्थन मूल्य 2 हजार 300 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, इसमें 117 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। अब कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7 हजार 521 रुपये होगा, यह पिछली दर से 501 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। इसी प्रकार उत्पादकों को उनके उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, तुअर, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, रामतिल आदि के न्यूनतम मूल्य में वृद्धि की गई है। तिल की दर में हुई 632 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशा किसानों की आय बढ़ाना है, उन्होंने हाल ही में किसान सम्मान निधि जारी कर किसानों की मदद की है। समर्थन मूल्य पर की गई वृद्धि से हाईब्रि़ड ज्वार अब 3 हजार 371 रुपये, मालदंडी ज्वार 3 हजार 421 रुपये प्रति क्विंटल और बाजरा 2 हजार 625 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाएगा। रागी 4 हजार 290 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने के लिए दरों में 444 रुपये की वृद्धि की गई है। मक्का अब 2 हजार 225 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जाएगी। सोयाबीन में 292 रुपये की वृद्धि की गई है, अब यह 4 हजार 892 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाएगा। तिल की दर में 632 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, अब यह 9 हजार 267 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लिया जाएगा।    

आकाशीय बिजली से नागरिकों मौत ,स्वजनों को चार-चार लाख की आर्थिक मदद देने का किया ऐलान

ग्वालियर ग्वालियर जिले की भितरवार विकासखंड के ग्राम पंचायत करहिया में आकाशीय बिजली गिरने से चार नागरिकों के असामयिक निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से मृतकों की आत्मा को शांति तथा शोकाकुल स्वजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को मृतकों के स्वजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा घायल का समुचित उपचार करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि मृतकों में पप्पू परमार उम्र 45 वर्ष, कूक्कू तिवारी उम्र 50 वर्ष, हरि सिंह कुशवाहा उम्र 30 वर्ष और बल्लू कुशवाहा उम्र 24 वर्ष शामिल हैं। घायल उदयभान कुशवाहा उम्र 24 वर्ष का ग्वालियर में उपचार जारी है। जिला अस्पताल में बांटे वस्त्र और फल अशोकनगर में लायनेस क्लब द्वारा मंगलवार को जिला अस्पताल में पहुंचकर प्रसूती वार्ड और पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों के लिए सूती वस्त्र, बिस्किट, फल एवं शीतल पेय पदार्थ वितरित किए गए। क्लब की समस्याओं ने करीब 60 जोड़ी वस्त्र एवं अन्य सामग्री बच्चों के अटेंडरों को प्रदान की। इस दौरान क्लब की सदस्या श्वेता जैन द्वारा विशेष सहयोग दिया गया। वस्त्र एवं मिठाई वितरण कार्यक्रम में क्लब की रानी जुनेजा, सपना सेठ, गंगा रघुवंशी, प्रीति बंसल, डॉ. रजनी शुक्ला उपस्थित रहीं।

अमरवाड़ा उपचुनाव : एसडीएम ऑफिस पहुंचे बीजेपी प्रत्याशी ने जमा किया नामांकन

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 छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की रैली और सभा तेज बारिश की वजह से रद्द करना पड़ी।सीएम, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा तेज बारिश के बीच सीधा एसडीएम ऑफिस पहुंचे और बीजेपी प्रत्याशी कमलेश शाह का नामांकन जमा कराया। साथ में छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और अमरवाड़ा से पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार रहीं मोनिका बट्‌टी भी मौजूद रहीं। अमरवाड़ा सीट पर 10 जुलाई को उपचुनाव होना है। यहां से कमलेश शाह पहले कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। 29 मार्च को बीजेपी जॉइन करने पर उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। गोंगपा भी मैदान में, कांग्रेस ने अभी नहीं उतारा उम्मीदवार अमरवाड़ा उपचुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) भी मैदान में है। 17 जून को पार्टी ने देव रावेन भलावी के नाम की घोषणा की है। देव रावेन भलावी गोंगपा से लोकसभा उम्मीदवार भी थे। उन्हें 55988 वोट मिले थे। उधर, कांग्रेस जिला पंचायत सदस्य नवीन मरकाम और आंचलकुंड के सेवादार गणेश महाराज के नाम पर मंथन कर रही है। 1951 से अब तक भाजपा सिर्फ दो बार चुनाव जीती अमरवाड़ा सीट के इतिहास की बात करें तो 1951 से लेकर अब तक भाजपा यहां सिर्फ दो बार चुनाव जीती है। 1990 में भाजपा के मेहमान शाह उईके इस सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे, जबकि 2008 में प्रेम नारायण ठाकुर चुनाव जीते थे। इससे पहले एक बार 1967 में भारतीय जनसंघ के एसजे ठाकुर ने चुनाव जीता था।  1951 से 2023 तक यहा 14 बार चुनाव हो चुका है, जिसमें 11 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इस लिहाज से देखा जाए तो कांग्रेस यहां मजबूत है, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 के बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी को यहां बड़ा झटका लगा है। इस सीट पर उपचुनाव भी इसलिए हो रहा है क्योंकि कांग्रेस से लगातार तीसरी बार विधायक बने कमलेश शाह इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इस लिहजा से इस बार का चुनाव कांग्रेस के लिए आसान रहने वाला नहीं है। उसके सामने अपना किला बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है।        भाजपा के पास एक सीट कब्जाने का मौका छिंदवाड़ा जिले में सात विधानसभा सीटें हैं। इनमें जुन्नारदेव, अमरवाड़ा, चौरई, सौसर, छिंदवाड़ा, परासिया और पांढुर्ना शामिल है। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जिले की सभी सात सीटें जीतीं थी। अब अमरवाड़ा सीट पर उपचुनाव हो रहा है, ऐसे में भाजपा की रणनीति है कि वह यह सीट जीतकर अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी पार्टी को मजबूत करे और कांग्रेस को लोकसभा चुनाव के बाद एक और झटका दे। भाजपा को शाह से कमल खिलाने की उम्मीद भाजपा उम्मीदवार कमलेश शाह इस सीट से लगातार तीन बार विधायक बने हैं। लोकसभा चुनाव के बीच शाह के पार्टी में शामिल होने के समय भाजपा ने उन्हें उपचुनाव में उम्मीदवार बनाने का वादा किया था। पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया भी है। शाह का अमरवाड़ा सीट पर अच्छा प्रभाव है। वहीं, दूसरी तरह नकुलनाथ के छिंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता मायूस हैं, इसका फायदा भी पार्टी को मिल सकता है। भाजपा के कई नेता अमरवाड़ा जीतने की रणनीति बना रहे हैं। उसके तहत काम भी किया जा रहा है। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि शाह चुनाव जीतकर इस सीट पर कमल खिलाएंगे। शाह ने नामांकन दाखिल किया इधर, अमरवाड़ा सीट से भाजपा प्रत्याशी कमलेश शाह ने आज मंगलवार को नामांकन कर दिया है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत अन्य नेता भी मौजूद रहे। दरअसल, नामांकन से पहले सीएम यादव की यहां रैली और सभा होनी थी। लेकिन, बारिश और आंधी के कारण कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री यादव समेत सभी नेता तेज बारिश के बीच एसडीएम कार्यालय पहुंचे और कमलेश शाह का नामांकन जमा कराया। इस दौरान छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और मोनिका बट्टी भी मौजूद रहीं। जानिए, कौन हैं राजा कमलेश शाह? अमरवाड़ा सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है। इस सीट को कमलेश शाह परिवार का गढ़ माना जाता है। शाह हर्रई राजघराने के राजा हैं। इस राजघराने का गोंड आदिवासियों में काफी सम्मान है। इस क्षेत्र के गोंड आदिवासी आज भी शाह परिवार के वंशज को अपना राजा मानते हैं। शाह के दादा राजा उदयभान शाह और मां रानी शैल कुमारी भी इस सीट से कांग्रेस की विधायक रह चुकी हैं।   क्या है चुनाव कार्यक्रम? अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 21 जून तक नामांकन पत्र जमा होंगे। यह प्रक्रिया 14 जून से शुरू हुई थी। 24 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, 26 तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं। 10 जुलाई को यहां मतदान होगा और इसके तीन दिन बाद 13 जुलाई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।  

आयुष्मान कार्ड धारक मरीज को हेलीकॉप्टर से इलाज को ले जायेंगे, 70 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों का होगा निशुल्क इलाज, जानिए …

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई आयुष्मान कार्ड धारक मरीज उज्जैन या कहीं और भर्ती है, और उसकी हालत गंभीर है तो उसे  हेलीकॉप्टर से दिल्ली-मुंबई ले जाया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा,  हमने तय किया है कि अगर कोई आयुष्मान कार्ड धारक मरीज उज्जैन या कहीं और भर्ती है, यदि उसकी हालत खराब है और उसे इंदौर या दिल्ली-मुंबई ले जाना है, तो हेलीकॉप्टर से निःशुल्क पहुंचाएंगे। सीएम मोहन यादव ने कहा, 70 साल से ज्यादा उम्र के किसी भी व्यक्ति को इलाज कराना हो तो सरकार सभी प्राइवेट सरकारी अस्पतालों में 5 लाख तक का खर्च उठाएगी। इसे सेवा को उपलब्ध कराने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। इसके अलावा जिस किसी भी मरीज की हालत गंभीर होगी और उसे दिल्ली-मुंबई  या इंदौर ले जाने के लिए कहा जाएगा तो उसके लिए हेलीकॉप्टर आएगा और उसे नि:शुल्क पहुंचाया जाएगा। इससे पहले सीएम मोहन यादव ने हेल्दी मध्यप्रदेश इनिशिएटिव अभियान की शुरुआत की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश भर के युवाओं को लाइफस्टाइल जनित बीमारियों से बचाने के लिए प्रीवेंटिव हेल्थ के टेस्ट किए जाएंगे। आवश्यक होने पर डॉक्टर कंसल्टेशन एवं लाइफस्टाइल बेहतर करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अभियान की तारीफ करते हुए कहा स्वस्थ शरीर से ही आध्यात्मिक उन्नति संभव है। इससे पहले हेल्थ ऑफ इंदौर अभियान के तहत शहर के ढाई लाख लोगों के टेस्ट किए गए थे, जिसमें से करीब आधी आबादी गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकती है। इस संदर्भ में जनवरी 2024 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडवीया की उपस्थिति में एक कार्यक्रम हुआ था और इंदौर के प्रीवेंटिव हेल्थ केयर मॉडल को देश भर में ले जाने की बात मंत्री ने कही थी। कार्यक्रम में उपस्थित नगरीय प्रशासन विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस अभियान की तारीफ की और स्वस्थ रहने पर बल दिया। 5 बीघा जमीन बेचकर महिला ने कराया घाट का निर्माण, सीएम मोहन ने दिया सम्मान मुख्यमंत्री ने उज्जैन की महिला को सम्मानित किया जिन्होंने 5 बीघा जमीन बेचकर घाट का निर्माण कराया। उन्होंने कहा, निनोरा गांव की सीता बाई जी जल संरचनाओं की व्यवस्थाओं के लिए उत्कृष्ट उदाहरण हैं। इन्होंने अपनी 5 बीघा जमीन बेचकर 3 करोड़ रुपए की लागत से जनहित में पक्के घाट का निर्माण करवाया है, यह प्रेरणा सबको मिले। मुख्यमंत्री ने कहा, उज्जैन में 28 करोड़ रुपए से ज्यादा लागत के 2,700 से अधिक विभिन्न प्रकार के निर्माण और जीर्णोंद्धार के काम हुए। हमने निर्देश जारी किए गए हैं कि जहां कहीं तालाब या नदी का गहरीकरण होगा, तो रॉयल्टी की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिन किसानों को मिट्टी चाहिए, वो उसे ले जा सकते हैं।

मध्यप्रदेश में 24 घंटे बाजार खुलने से अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख : यादव

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भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि राज्य में 24 घंटे बाजार खुलने से अर्थव्यवस्था को पंख लग जाएंगे। डॉ यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, ’24 घण्टे खुलेंगे बाजार, बढ़ेगा व्यापार। अब प्रदेश में दिन-रात खुलेंगे बाजार, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख!’ राज्य सरकार ने पिछले दिनों प्रदेश के कुछ चुनिंदा हिस्सों में 24 घंटे व्यापारिक गतिविधियों के संचालन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पिछले दिनों श्रम विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।  

मध्य प्रदेश में अब खनन की गतिविधियां पर निगरानी के लिए ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे का उपयोग किया जाएगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के लिए नवाचार अपनाएं। अन्य राज्यों के अच्छे प्रयासों को अपनाने के साथ राज्य की परिस्थितियों के अनुसार अधिक प्रभावी कार्ययोजना बनाने के लिए विषय-विशेषज्ञों की सलाह ली जाए। राजस्व प्राप्तियां बढ़ाने के लिए ईमानदारी से काम हो। यह भी देखा जाए कि भूमि के वास्तविक मूल्य और जिस दर पर रजिस्ट्री हो रही है, उसमें अधिक अंतर न हो। प्रदेश के जिन स्थानों पर दरों में अधिक असमानता है, वहां दरों को समायोजित किया। यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजस्व से संबंधित विभागों के अधिकारियों की मुख्यमंत्री आवास स्थित कार्यालय में हुई बैठक में दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आबकारी से जुड़ी गतिविधियों में जो राजस्व की हानि होती है उसे रोकने और नियमानुसार सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के लिए आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाए जाएं। राजस्व, धर्मस्व सहित अन्य विभागों की भूमियों पर अतिक्रमण न हो और ऐसी भूमियों के महत्व अनुसार राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि की दृष्टि से उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए। मध्य प्रदेश से निकलने वाले खनिज की निगरानी के लिए नई तकनीक का उपयोग करते हुए प्रदेश में नाकों की संख्या बढ़ाएं। खनन की गतिविधियां पर निगरानी के लिए ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे का उपयोग किया जाए। खनिज व्यवसाय में प्रदेश के व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के साथ प्रदेश में खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ाने के लिए नीति भी बनाई जाए। वन संपदा और लकड़ी पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करें। देश में जिन स्थानों पर लकड़ी की मांग अधिक है, वहां प्रदेश की श्रेष्ठ लकड़ी की नीलामी की व्यवस्था विकसित की जाए। बैठक में वैट, जीएसटी, पंजीयन एवं मुद्रांक, खनिज साधन, आबकारी, राजस्व, परिवहन, ऊर्जा, वन और सिंचाई क्षेत्र से प्राप्त होने वाले राजस्व के लक्ष्य, वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया, एनएन मिश्रा, डा. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम मोहन यादव शिप्रा नदी को चुनरी अर्पण करेंगे, जलाभिषेक अभियान का संकल्प दिलाएंगे

 उज्जैन  मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव 15 जून को उज्जैन आएंगे। वे दो दिन शहर में रहेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके आगमन की तैयारियों को लेकर गुरुवार को कलेक्टर ने प्रशासनिक संकुल भवन में बैठक की। बताया कि मुख्यमंत्री 15 जून को सुबह 8 बजे उज्जैन आकर जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत पुलिस लाइन स्थित तालाब के गहरीकरण कार्य में शामिल होंगे। सुबह 9 बजे रामघाट पर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा में सहभागिता करेंगे। पुलिस कंट्रोल रूम के समीप इंडियन काफी हाउस का शुभारंभ और भैरवगढ़ स्थित खुली जेल का लोकार्पण करेंगे। तत्पश्चात ढेंडिया गांव में शनि मंदिर के समीप आयोजित कार्यक्रम में कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का भूमिपूजन एवं विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे। 16 जून को सुबह 9.30 बजे मुख्यमंत्री पुलिस लाइन स्थित हेलीपेड पर पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा का शुभारंभ करेंगे। शाम 4.30 बजे रत्नाखेड़ी गांव में स्थित नगर निगम की कपिला गौशाला जाएंगे। शाम 5 बजे रामघाट पर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का स्वागत करेंगे और मां शिप्रा को चुनरी अर्पण करेंगे। मध्य प्रदेश की नदियों और जल संरचनाओं के संरक्षण, संवर्धन, पुनरूद्धार को समर्पित जलाभिषेक अभियान का संकल्प दिलाएंगे। प्रदेश में पहली बार सैटेलाइट मेपिंग के साथ उज्जैन की नदियों की समग्र जानकारी पर आधारित ग्रंथ, शिप्रा अमृत संभवा, सदानीरा, शिप्रा तीर्थ परिक्रमा पुस्तकों एवं सदानीरा अंबुनी आडियो-वीडियो सीडी का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया जाएगा। कार्यक्रम में जल संबंधी जनपदीय गीतों का गायन होगा। मुंबई की पार्श्व गायिका ऋचा शर्मा अपने दल के साथ भजनों की प्रस्तुति देंगी।

संजय शुक्ला को मिला प्रदेश के प्रमुख सचिव का पदभार तो राजेश राजौरा अपर मुख्य सचिव नियुक्त

भोपाल  लोकसभा चुनाव पूरे होते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक कसावट शुरू कर दी है। उन्होंने बड़ा निर्णय लेते हुए डॉ. राजेश कुमार राजौरा को अपना अपर मुख्य सचिव बनाया है। इसके साथ ही संजय कुमार शुक्ला भी मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव होंगे। बता दें कि राघवेंद्र कुमार सिंह पहले से मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं। प्रदेश में यह पहला अवसर है, जब अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ किया गया है। अपर मुख्य सचिव स्तर का अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ मंगलवार को मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कार्यों की शुरुआत कर दी। 1990 बैच के अधिकारी डॉ. राजौरा के पास अभी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग का दायित्व है। वह यह जिम्मेदारी पहले की तरह निभाते रहेंगे। इस निर्णय को आने वाले दिनों में होने वाले मंत्रालय और मैदानी स्तर के परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है। डॉ. राजौरा की गिनती परिणाम देने वाले अधिकारियों में होती है। वह उज्जैन में कलेक्टर भी रह चुके हैं। वहीं, 1994 बैच के अधिकारी संजय कुमार शुक्ला महिला एवं बाल विकास जैसे बड़े विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके पास योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार है। अब उन्हें मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी को आनंद विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। MP के 2 IAS को बड़ी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के दो IAS अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.  लंबे समय के बाद  मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर मुख्य सचिव स्तर के अफसर की पदस्थापना हुई है. IAS डॉ. राजेश राजौरा को अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय का भी जिम्मा सौंपा गया है. मध्य प्रदेश शासन ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा को अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उनके आलावा IAS डॉ. संजय शुक्ला को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी मिली है. महिला एवं बाल विकास विभाग व प्रमुख सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग संजय कुमार शुक्ला को CM कार्यालय में मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है. दोनों ही अधिकारियों को वर्तमान कार्य के साथ-साथ ये दायित्व सौंपा गया है. रश्मि अरुण शमी को अतिरिक्त प्रभार इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी को आनंद विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.  इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है.

पृथ्वी की जल धरोहर को संवारने एवं सहजने का हम सब का दायित्व : डॉ. यादव

जबलपुर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुये कहा कि शासन द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस को एक दिवसीय कार्यक्रम के रूप में न मनाकर ‘जल-गंगा संवर्धन अभियान’ के रूप में पांच से 16 जून का सम्पूर्ण पखवाड़ा जल संरक्षण एवं संवर्धन के रूप में मनाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ यादव बाजना मठ में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत संग्राम सागर तालाब की स्वच्छता के लिये श्रमदान करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल-गंगा संवर्धन अभियान में संपूर्ण प्रदेश के प्रत्येक जिले में नदी, तालाबों, चैकडेम पुरानी बावड़ियों की जन सहयोग से साफ-सफाई तथा जल संरचनाओं के पुनर्जीवन का महाभियान सम्पूर्ण प्रदेश में जारी है। जनसभा में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। जनसभा की शुरूआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1373 करोड़ के 48 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कुंडम की महिला स्व सहायता समूह द्वारा कोदो-कुटकी के उत्पादों को सांची पार्लर में विक्रय करने दुग्ध संघ के साथ करार भी किया गया तथा विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभांवित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मनुष्य के लिए सम्पूर्ण पृथ्वी ही उसका घर है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से पृथ्वी की जल धरोहर को संवारने एवं सहजने का हम सब का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने गोंडवाना साम्राज्य की रानी दुर्गावती द्वारा किये गये विकास एवं जल संवर्धन के कार्यो का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की बेहतरी एवं सामाजिक सरोकार की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के विकास के लिए कोई भी कसर सरकार नहीं छोडेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि उद्योगों के निर्माण एवं रोजगार सृजन की दिशा में सरकार लगातार ठोस कदम उठायेगी। डॉ यादव द्वारा जल्द ही जबलपुर से रीवा, भोपाल तथा सिंगरौली के लिए एयर टेक्सी सेवा प्रारंभ करने की घोषणा की। साथ ही बताया कि प्रदेश के आम नागरिकों के बेहतर उपचार एवं सुविधा के लिए एयर एम्बुलेंस की सुविधा दी जायेगी। लोक निर्माण मंत्री सिंह ने कहा कि जल के बिना जीवन शून्य है। हमारे सामने जल संकट के रूप में वैश्विक संकट है। ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने तय किया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हर जिले में जाकर जल देने वाली ऐसी संरचनाओं को पुनर्जीवित करने का कार्य सरकार करेगी।  

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