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पटवारी रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम के हत्थे चढ़ा 

Patwari caught by Lokayukta team while taking bribe पन्ना। मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी कर्मचारी की लंबी परिस्थित होती जा रही है यह लगातार लोकायुक्त की टीम रंगे हाथ अधिकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार करने में जुटी है इसी क्रम में मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के एक पटवारी को 5 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले कल गुरुवार को उमरिया जिले की जनपद करकेली सीईओ प्रेरणा परमहंस को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ लोकायुक्त ने गिरफ्तार किया था। मिली जानकारी के मुताबिक पन्ना जिले के सिमरिया तहसील के ग्राम कुंवरपुर हल्का में पदस्थ पटवारी अशोक प्रजापति के द्वारा गरीबी रेखा में नाम जोड़ने के लिए कुंवरपुर गांव के निवासी जालम सिंह से 5 हजार की रिश्वत मांगी थी, जिसकी शिकायत फरियादी ने लोकायुक्त से कर दी शिकायत सत्यापन के बाद सही पाए जाने पर लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ने का प्लान बना लिया। इसके बाद गुरुवार को जैसे ही फरियादी जालम सिंह के द्वारा कुंवरपुर हल्के के पटवारी अशोक प्रजापति को रिश्वत की राशि 5000 दिया उसके तुरंत बाद लोकायुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई कर दी जिसमें पटवारी अशोक प्रजापति को 5000 रिश्वत की राशि सहित रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर आगे की कार्यवाही में जुटी है।

हरदा हादसा से प्रशासन हुआ अलर्ट ,पटाख़ा लाइंसेंस एवं गोदामों की जांच जारी 

Administration alerted due to Harda accident, investigation of firecracker licenses and warehouses continues हरिप्रसाद गोहे आमला । हरदा फटका गोदाम हादसे से आमला में भी प्रशासन मुस्तैद हो गया है । शासन से प्राप्त दिशा निर्देशों के पालनार्थ बुधवार नायब तहसीलदार एस बी सामले , प्रभारी थाना प्रभारी बासिम खान के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस बल द्वारा आमला सहित उप नगरी बोड़खी मे कोई पांच स्थाई फटका लायसेंसियो के प्रतिष्ठान पहुंच उनके वैद्य दस्तावेज, लायसेंस, एवं गोदाम व फटका रख रखाव एवं सुरक्षा इंतजामों की जांच पड़ताल कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए । चर्चा के दौरान थाना प्रभारी वसीम खान ने बताया आमला क्षेत्र में स्थाई फटका लायसेंसियो की जांच उनके प्रतिष्ठान पहोच की गई। सभी के पास वैद्य दस्तावेज मिले किसी के पास भी फटका भंडारण की व्यवस्था नहीं है । आर्डर पर फटका विक्रय की बात कहीं गई । एवं उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए । साथ ही हिदायत दी की अवैध भंडारण की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की बात कही गई ।

पिछले साल ही हरदा फैक्ट्री सील करने के थे आदेश, नहीं की कार्रवाई, अब कई अफसरों पर गाज

Only last year, there were orders to seal Harda factory, no action was taken, now many officers are in trouble हरदा विस्फोट मामले की पड़ताल में मिले दस्तावेजों से पता चला है कि पिछले साल ही कारखाने को सील करने के आदेश जारी हो गए थे। इसके बावजूद फैक्ट्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।  विशेष संवाददाता  हरदा। विस्फोट मामले की शुरुआती पड़ताल में मिले दस्तावेजों से पता चला है कि फैक्ट्री में अनुमति से अधिक विस्फोटक स्टोर किए गए थे। फैक्ट्री में मानकों के अनुसार पानी की टंकी भी नहीं थी। चौंकाने वाली बात यह कि पिछले साल ही कारखाने को सील करने के आदेश जारी हो गए थे। इसके बावजूद फैक्ट्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब सरकार ने ताबड़तोड़ ऐक्शन लेते हुए कई अधिकारियों पर कार्रवाई कर दी है। फैक्ट्री की निरीक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि कारखाने ने विस्फोटक अधिनियम 2008 के तहत कई मानदंडों का उल्लंघन किया है, जिससे इसका संचालन तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पटाखा विनिर्माण परिसर के अनुमोदित मैप के संबंध में जांच के दौरान कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच के दौरान, यह पाया गया कि गोदाम के कमरों में निर्मित पटाखों को सुखाने के लिए रखा गया था, जो विस्फोटक नियम-2008 की विशिष्टता 3 के अनुसार नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फैक्ट्री में स्टोर विस्फोटक परमिशन से ज्यादा था। फैक्ट्री में सुतली बम जैसे पटाखे थे, जो लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन था। फैक्ट्री को केवल 15 किलोग्राम विस्फोटक रखने की इजाजत थी। यही नहीं आरोपी ने एक परिसर में फैक्ट्री के लिए दो लाइसेंस लिए और स्टॉक तय सीमा से कई गुना ज्यादा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि फैक्ट्री में विस्फोटक नियम 2008 के नियम 13 (1) के तहत निर्धारित पर्याप्त पानी के टैंक नहीं थे। यही नहीं अधिनियम की धारा 11 (4) के तहत निर्धारित सुरक्षा नियमों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रमाणित फोरमैन भी नहीं था। निरीक्षण अधिकारी और तत्कालीन उपविभागीय मजिस्ट्रेट आशीष खरे ने सितंबर 2023 में नर्मदापुरम आयुक्त से कहा कि कारखाने को सील कर दिया जाना चाहिए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। सितंबर 2022 में तत्कालीन कलेक्टर ऋषि गर्ग ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया था। उन्होंने विस्फोटक अधिनियम के तहत फैक्ट्री को सील करने और लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की थीक हालांकि, दस्तावेजों से पता चलता है कि उनकी सिफारिश को 4 अक्टूबर 2022 को तत्कालीन संभागीय आयुक्त माल को 14 अक्टूबर 2022 को तत्कालीन संभागीय आयुक्त माल सिंह ने पलट दिया था। माल सिंह ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि यह एक पुराना मामला था और जब यह मेरे पास आया, तो मैंने इसे कलेक्टर के पास कार्रवाई पर पुनर्विचार के लिए भेज दिया था।  संभागीय आयुक्त पवन शर्मा ने बुधवार को कहा कि एक ही परिसर में पटाखा कारखाने चलाने के लिए चार लाइसेंस जारी किए गए थे। दो लाइसेंस विस्फोटक उप नियंत्रक भोपाल द्वारा जबकि दो अन्य स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी किए गए थे स्थानीय प्रशासन द्वारा दिए गए दो लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने भोपाल से अन्य दो लाइसेंस भी रद्द करने के लिए कहा है। वहीं बैरागढ़ के पूर्व सरपंच धीरेंद्र सैनी ने कहा कि आरोपियों ने पूरे इलाके को विस्फोटकों के गोदाम में बदल दिया था। आरोपी स्थानीय लोगों को उनके घरों में पटाखे बनाने के लिए ठेके आधार पर विस्फोटक देता था। यही वजह थी कि जब फैक्ट्र में आग लगी तो आसपास के घरों में भी धमाके हुए। स्थानीय अधिवक्ता ने कहा कि जुलाई 2021 में हरदा की एक अदालत ने पटाखा फैक्ट्री चलाने के लिए फैक्ट्री मालिक राजेश अग्रवाल और दिनेश शर्मा को गैर इरादतन हत्या के आरोप में सजा सुनाई थी, जहां 2015 में आग लगने की घटना में दो श्रमिकों की मौत हो गई थी। कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि आरोपी राजेश अग्रवाल को अधिकतम किलो गन पाउडर रखने की ही लाइसेंस मिला था, लेकिन उसके गोदाम और फैक्ट्री में इससे कई गुना ज्यादा बारूद मौजूद था। आरोपी डेढ़ महीने में जमानत पर बाहर आ गया। अग्रवाल को नवंबर 2021 में फिर से गिरफ्तार किया गया था जब आग से तीन लोगों की जान चली गई थी। उनका लाइसेंस रद्द कर दिया गया था लेकिन उन्होंने अपने भाई सोमेश अग्रवाल के नाम पर लाइसेंस ले लिया। बुधवार को अग्रवाल बंधुओं को स्थानीय पर्यवेक्षक रफीक पटेल के साथ फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। अब सरकार ने जिले के कलेक्टर ऋषि गर्ग और पुलिस अधीक्षक (एसपी) संजीव कंचन का तबादला कर दिया है। कलेक्टर ऋषि गर्ग को उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन बनाया गक जबकि एसपी संजीव कुमार को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक पदस्थ किया गया है। यही नहीं घटना की जांच के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति यह पता लगाएगी कि फैक्ट्री पर समय रहते ऐक्शन क्यों नहीं लिया गया। यह अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करेगी।

प्रदेश में फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: 15 IAS अफसरों के तबादले

Big administrative surgery again in the state: 15 IAS officers transferred भोपाल । मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। 15 IAS अफसरों के ट्रांसफर आदेश जारी किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग से जारी आदेश में भरत यादव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सचिव बनाया गया है। मनीष रस्तोगी को प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। ओमप्रकाश श्रीवास्तव को सचिव, गृह विभाग बनाया गया है। देखें परी लिस्ट…

ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में करने वाले थें लूटपाट, घटना के पहले GRP पुलिस ने किया गिरफ्तार

Tapti was about to commit robbery in Ganga Express, arrested by GRP police before the incident. कटनी ! 31 जनवरी की दरमियानी रात को खिरहनी फाटक आऊटर कटनी के पास झाडियों में तीन-चार व्यक्ति जबलपुर तरफ जाने वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में लूटपाट करने की योजना बना रहे थें जिसकी जानकारी GRP पुलिस कों मुखबिर सें प्राप्त हुई. प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए अपने पुलिस बल के साथ बताए गए स्थान पर झाड़ियों के बीच तीन-चार व्यक्ति आपस में ताप्तीगंगा ट्रेन के आने पर आऊटर में ट्रेन में चढ़ कर यात्रियों के साथ लूटपाट की घटना करने की बात करते हुये दिखे जिन्हे पहले से ही बनाई गयी टीमो द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया!पुलिस की आहट सुनकर आरोपी भागने का प्रयास किये परन्तु विफल रहे। पकड़े गए आरोपियों में विवेक उर्फ भालू साहू, सुमित उर्फ गुडाखू निषाद, जय उर्फ जग्गा निषाद एवं गोविंदा निषाद रात के समय झाडियों के बीच इकट्टा होकर ट्रेन ताप्ती गंगा के आऊटर पर धीरे हो जाने पर ट्रेन में चढ़ कर यात्रियों का सामान चोरी करना व ट्रेन में लूटपाट करने के उद्देश्य से एकत्रित हो कर योजना बना रहे थें! आरोपियों के पास सें तलाशी लिये जाने पर दो पैचकस, एक हेक्शा व्लेड चाबी का गुच्छा, प्लास एवं चैन काटने का कटर पाये गये! सभी आरोपियों कों गिरफ्तार किया गया. आरोपीगणो के द्वारा पूर्व में भी कई घटनाओं कों अंजाम देना स्वीकार किया गया. आरोपी जय उर्फ जग्गा निषाद ने 07.10.23 को कटनी खिरहनी आऊटर पर ट्रेन महानगरी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे यात्री रवि प्रकाश निवासी ग्राम बाकी थाना सिकरार जिला जौनपुर उ.प्र. की पत्नी के बैग सें कान की झुमकी, चाँदी की चैन, चाँदी की पायल, चाँदी की कमर की करधन बच्चे की एवं एक मोबाईल एवं नगदी दो हजार रुपए चोरी करना स्वीकार किया. आरोपी ने बताया की उक्त चोरी किया गया सामान जेवरात उसने नदी पार सोनी ज्वेलर्स के यहाँ 8 हजार रुपए में बेच दिया! आरोपी की निशानदेही पर सोनी ज्वेलर्स के मालिक संतोष सोनी पिता बिहारी लाल सोनी निवासी मसुरहा वार्ड के कब्जे से चोरी के सोने चांदी के जेवरात कुल कीमती 31 हजार 600 का चोरी गया मसरुका बरामद किया गया. सभी आरोपियों कों माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहाँ सें सभी कों जेल भेज दिया गया!!आरोपियों में विवेक उर्फ भालू पिता शम्भू साहू उम्र 32 साल निवासी सिविल लाईन, सुमित उर्फ गुडाखू पिता सुनील निषाद उम्र 20 साल निवासी खिरहनी फाटक बैंकट वार्ड, जय उर्फ जग्गा पिता रमेश निषाद उम्र 21 साल निवासी खिरहनी फाटक वैकंट वार्ड, गोविंदा पिता कल्लू निषाद उम्र 20 साल निवासी खिरहनी फाटक वैकंट वार्ड योजना बनाते हुए गिरफ्तार किए गए! उक्त घटना घटित होने सें पहले आरोपियों की गिरफ्तारी करने में GRP थाना प्रभारी अरूणा वाहने, सउनि राजेन्द्र प्रसाद झारिया, रघुराज परमार, मनोज मिश्रा, देवेन्द्र सिंह, वलिस्टर यादव, प्रवीण तिवारी, दिनेश पटैल, सलमान, ओमकार सिंह, शोयब अब्बासी की अहम भूमिका रही।

सारणी पुलिस की नाकामी दिनदहाड़े सोने की चेन लूटी, बीएमएस

Sarani police failure, gold chain looted in broad daylight, BMS बाबा मठारदेव मेला तलहटी मंदिर में सोने की चैन खुलेआम ले भागे बाबा मठारदेव मेले में हुई गले से सोने का चैन चोरी के संबंध में भारतीय मजदूर संघ ने दिया ज्ञापन डॉ जाकिर शेख सारणी ! “बह दर्द दे जो रातों को सोने की चैन, के कारण सोने न दे, बह जख्म जो दिया मुझको, जिसने सारणी पुलिस की पोल खोल के रखदी” पीड़िता श्रीमती त्रिपुरा सागर ने उक्त लाइन के माध्यम से अपनी व्यथा सुनाते हुए, सारणी पुलिस की पुरी तरहा से पोल खोल कर रख दी गई…चुके बाबा मठारदेव मेले में दिनांक 15 तारीख को तलहटी मंदिर में पूजा करते समय नगर पालिका कर्मचारी श्रीमती त्रिपुरा सागर के गले से सोने कि चैन जिस चोर के द्वारा खींच कर भागने का काम किया गया, पीड़िता के द्वारा तुरंत सारणी थाने में सोने की चैन की शिकायत दर्ज कराई गई, परंतु आज दिनांक तक खुलेआम लूटी गई सोने की चैन का पताशाजी करने में सारणी पुलिस नाकाम दिखाई दे रही… चुके दिनदहाड़े पूजा के दौरान गले से सोने की चैन खींच कर ले गया था लुटेरा, जिसका सुराग सारणी पुलिस को नहीं मिला, अपने आप में एक बहुत बड़ा प्रश्न है, कि सारणी पुलिस द्वारा खुले तौर पर असामाजिक तत्व कहो या माफियाओं को शायद छूट सी मिली प्रतीत होता है कि जैसे रेता का अवैध उत्खनन कर पुलिस के नाक के नीचे से दिन दहाड़े ट्रैक्टर ट्राली का आवागमन वही सारणी क्षेत्र में खुलेआम चल रहा है, जुआ और सट्टा के साथ ही तीन पत्ती, वही “काला सोना कोयल की चूरी” इससे पेट नहीं भरा तो घरों के ताले तोड़कर चोरी की वारदातें दिन-ब-दिन बढ़ते चली जा रही, इसे सारणी पुलिस की नाकामी कहे या मिली भगत… चुके बाबा मटार देव की नगरी सारणी क्षेत्र से लेकर बागडोना कॉलेज गेट तक तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल गरमा-गरम है, चाय की चुस्कियां के साथ बाकायदा कहीं न कहीं मिली भगत का खेल नजर आ रहा है… चुकी उच्च स्तरीय जांच का विषय तो, यह है की जिस समय महिला कर्मचारी के गले से सोने कि चैन चोरी हुई, उस वक्त तलहटी मंदिर परिसर का सीसीटीवी कैमरा बंद था, साथ ही विद्युत प्रणाली तलहटी मंदिर परिसर की बंद थी, जबकि समस्त मेला परिसर क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे एवं बिजली चालू थी, अब जॉच का विषय यह है कि बाबा मटार देव के नाम पर मध्य प्रदेश के साथ ही अन्य राज्यों से भी बड़े ही आस्था के साथ श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं, जो कि वर्ष में एक बार बाबा मटार देव मंदिर परिसर क्षेत्र में बहुत बड़ा मेला लगता है, जिसमें सारणी पुलिस का ढुलमुल रवैया दिखाई दिया… चुकी समस्त मेले के सीसीटीवी अगर चालू थे, वही मंदिर प्रांगण में सीसीटीवी कैमरा बंद था, जोकि कहीं और साफ तौर पर इशारा करता हुआ दिखाई दे रहा है… जबकि मेले भर में केंद्र बिंदु के स्थान पर सीसीटीवी कैमरा बंद रहना, विद्युत वितरण विभाग के साथ ही ठेकेदार की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है… जिसमें सारणी पुलिस की निगरानी पर कई तरह के प्रश्न खड़े हो रहे… सूत्रों की माने तो तलहटी मंदिर में अप्रिय बड़ी गंभीर घटनाएं हो सकती थी, मेला एक सोने की चैन पर निपटा, यह कहना भी गलत नहीं होगा… भारतीय मजदूर संघ संगठन के माध्यम से थाना प्रभारी सारणी को ज्ञापन सौंप कर जिला महामंत्री हरिओम कुशवाहा के द्वारा कहा गया की, उक्त चोरी के प्रकरण को गंभीरता पूर्वक जांच कि जाए, एवं नगर पालिका मुख्य अधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाए की, जब तक नगर पालिका कर्मचारी पीड़िता के गले मे पहनी हुई सोने की चैन चोरीकर्ता चोर को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक सीसीटीवी कैमरा ठेकेदार और बिजली ठेकेदार का बिल पूरी तरह से रोका दिया जाए, भारतीय मजदूर संघ के अनुसार जांच के उपरांत कैमरा ठेकेदार और बिजली ठेकेदार के कर्मचारियों की गलती पाई जाती है तो, दोनों ठेकेदारों के माध्यम से कर्मचारी त्रिपुरा सागर को लापरवाह ठेकेदारों से सोने कि चैन दिलवाया जाए, साथ ही सारणी क्षेत्र में बढ़ते हुए आपराधिक प्रकरणों पर रोकथाम लगाई जाए, ज्ञापनकर्ता नगर पालिका मजदूर संघ के इकाई सचिव निराकार सागर, पदाधिकारी रंजीत डोंगरे, राजकुमार गावंडे, कामदेव सोनी, बलिराम धोटे एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित थे…

पुलिस एवं सायबर टीम मुरैना द्वारा कस्बा अम्बाह में हुई 07 चोरी की घटनाओं का खुलासा

07 incidents of theft in Kasba Ambah revealed by police and cyber team Morena चोरों से करीबन 10 लाख रुपये का मशरूका बरामद कर आरोपीगणों को किया गया गिरफ्तार। मुरैना ! थाना अम्बाह क्षेत्रांतर्गत विगत कुछ दिनों में निरंतर चोरी की घटनाएं घटित हुई हैं, उक्त घटनाओं की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक शैलन्द्र सिंह चौहान द्वारा कस्बा अम्बाह में हुई चोरियों को ट्रेस करने, आरोपीगण की शीघ्र पतारसी कर चोरी गया मशरूका बरामद करने हेतु थाना प्रभारी अम्बाह एवं सायबर सेल टीम मुरैना को निर्देशित किया गया। उक्त निर्देशों के तारतम्य में अति. पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविन्द सिंह ठाकुर क निर्देशन तथा एसडीओपी अम्बाह श्री रवि सिंह भदौरिया के कुशल मार्गदर्शन में निरीक्षक आलोक सिंह परिहार थाना प्रभारी अम्बाह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया, साथ ही सायबर सेल टीम मुरैना द्वारा घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य संकलित किये गये। उक्त गठित टीम द्वारा लगातार प्रयास कर अपराध के निराकरण एवं आरोपीगण की पतारसी हेतु मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया, तदोपरांत मुखबिर की सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर थाना प्रभारी अम्बाह व उनकी टीम का जरिए मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि आरोपीगण चोरी किया हुआ मशरूका बेचने की फिराख में मुडियाखेडा बायपास पर खड़े हुए हैं मुखबिर की उक्त सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए थाना अम्बाह टीम व सायबर सेल टीम मुरैना द्वारा उक्त घटनाओं में शामिल तीनों आरोपीगणों को मुडियाखेडा पुलिस बूथ बाईपास मुरैना के पास से पकडा, जिनसे हिकमातमली से पूछताछ की गई तो उन्होन कस्बा अम्बाह में चोरी करना स्वीकार किया, जिन्हे गिरफ्तार कर अम्बाह कस्बा क्षेत्र की 07 चोरियों का माल बरामद किया गया, जो करीबन 10 लाख रुपये का मशरूका है। सराहनीय भूमिकाः- उक्त कार्यवाही में निरी. आलोक सिंह परिहार थाना प्रभारी अम्बाह, उनि पंकज यादव, उनि. प्रज्ञाशील, सउनि किशन सिंह, सउनि यशवंत सिंह, प्र.आर. प्रमोद गुर्जर, आर. जोगेन्द्र भदारिया, आर सतेन्द्र गुर्जर, आर धुव परमार, आर जगमोहन सिंह, आर योगेन्द्र राजे, आर चालक धर्मेन्द्र परमार, आर चालक राकेश जाट एवं सायबर सेल टीम से उनि.अभिषेक जादौन प्रभारी सायबर सेल, प्र.आर. मनोज यादव, प्र.आर सुदेश कुमार, आर रामकिशन जादौन, आर. प्रशांत डंडौतिया, आर राहुल कुशवाह, आर शैलेन्द्र जाट, आर राहुल कुंतल की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।

अब कुत्ते के काटने पर मालिक को हो सकती है जेल, पढ़िए क्या कहता है कानून

Now the owner can be jailed for dog bite, read what the law says Dog Bite श्वान के काटने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तो कई बार व्यक्ति की मौत भी हो जाती है। सब ये जानते हैं कि श्वान जैसे पालतू जानवरों की रक्षा के लिए कई कानून कायदें है लेकिन अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो उसके खिलाफ भी शिकायत करने का प्रावधान है।देश के हर हिस्से से आए दिन श्वान के काटने की खबरें सामने आती रहती हैं। श्वान के काटने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तो कई बार व्यक्ति की मौत भी हो जाती है। सब ये जानते हैं कि श्वान जैसे पालतू जानवरों की रक्षा के लिए कई कानून कायदें है, लेकिन अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो उसके खिलाफ भी शिकायत करने का प्रावधान है।इस कानूनी अधिकार को समझाते हुए अधिवक्ताओं का कहना हैं कि श्वान के काटने पर उसके मालिक के खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है और अगर चोट गंभीर है तो मालिक को जेल भी जाना पड़ सकता है। आम तौर पर लोग ऐसे मामलों में कानून न जानने की स्थिति में शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं और कई बार आपसी विवाद भी हो जाते हैं । अधिवक्ताओं का कहना हैं कि अगर कोई पालतू श्वान किसी को काट लेता है तो वह श्वान के मालिक के खिलाफ पुलिस थाने जाकर एफआईआर दर्ज करा सकता है।कानून के मुताबिक, किसी भी पालतू जानवर से किसी को नुकसान पहुंचने पर उसके मालिक की ही जवाबदेही होती है। जैसे पालतू श्वान के काटने पर उसके मालिक के खिलाफ दर्ज एफआइआर हो सकती है। इसमें उसके खिलाफ आइपीसी की धारा 289 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। क्या है आईपीसी की धारा 289? आईपीसी की धारा 289 कहती है कि जो कोई व्यक्ति अपने पालतू जानवर से दूसरे व्यक्ति के जीवन को संकट में डालेगा या किसी भी तरह की क्षति पहुंचाएगा, तो ऐसे व्यक्ति के लापरवाह रवैये के लिए उसे 6 महीने की जेल हो सकती है, साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान है।

मध्य प्रदेश खनिज नियम के तहत हुई कार्यवाही रेत के अवैध परिवहन पर वसूला गया 95 हजार रूपये का प्रशमन शुल्क

Action taken under Madhya Pradesh Mineral Rules, mitigation fee of Rs 95 thousand recovered on illegal transportation of sand विषेश संवादाता कटनी ! कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों में गंभीरता से कार्यवाही करने के दिए गए निर्देश के बाद खनिज विभाग द्वारा तीन ट्रेक्टर ट्राली वाहनों से रेत का अवैध परिवहन करते पकडे पाये जानें पर 94 हजार 875 रूपये की प्रशमन शुल्क की राशि की वसूली की गई है। खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों पर जिला प्रशासन द्वारा नियमित निगरानी की जा रही है और कड़ी नजर रखी जा रही है साथ ही खनिज के अवैध परिवहन में लिप्त वाहनों से निर्धारित प्रशमन शुल्क की राशि भी जमा कराई जा रही है।

मुरैना में रेत माफिया के बीच गैंगवार, आधी रात चंबल नदी किनारे हुई अंधाधुंध फायरिंग

Gang war between sand mafia in Morena, indiscriminate firing on the banks of Chambal river at midnight अवैध रेत के दर्जनों ट्रैक्टरों पर आधी रात को फायरिंग हो गई. गनीमत रही कि फायरिंग में कोई जनहानि नहीं हुई. लेकिन गोली लगने से ट्रैक्टर ट्रॉली के कुछ टायर फट गए. गोली बारी के बाद आरोपी फरार हो गए और वाहनों को भी छुड़ा ले गए चंबल अंचल के मुरैना में अवैध रेत माफिया को शासन-प्रशासन का भय नहीं रहा है. शायद यही कारण है कि चंबल नदी को लगातार रेत माफिया खोखला कर रहे हैं. माफिया की भूख इतनी बढ़ गई है कि अब एक दूसरे के वर्चस्व को लेकर ही गैंगवार हो रही है. ताजा मामला कैलारस थाना क्षेत्र के खेराकलां गांव का है. जहां अवैध रेत के दर्जनों ट्रैक्टरों पर आधी रात को फायरिंग हो गई. गनीमत रही कि फायरिंग में कोई जनहानि नहीं हुई. लेकिन गोली लगने से ट्रैक्टर ट्रॉली के कुछ टायर फट गए. गोली बारी के बाद आरोपी फरार हो गए और वाहनों को भी छुड़ा ले गए. मौके पर पहुंची सिर्फ़ हाथ मलती रह गई.  हाई कोर्ट ने लगाई है चंबल नदी में रेत उत्खनन पर रोक  साल 2007 से हाईकोर्ट ग्वालियर न्यायालय ने चंबल में घड़ियाल व जलीय जीवों की सुरक्षा के मद्देनजर चंबल नदी में रेत उत्खनन पर पूर्णत रोक लगा दी थी. लेकिन सफेदपोश राजनीतिक संरक्षण के चलते रेत माफिया के लोग आज भी चंबल नदी को छलनी कर रहे हैं. शासन – प्रशासन भी बौना साबित हो रहा है. इस माफिया ने कई बार प्रशासनिक टीम पर हमले भी किए तो कई कर्मचारियों की हत्या भी रेत माफिया की ओर से की गई लेकिन आज तक इसे रोक पाने में शासन-प्रशासन नाकाम साबित हुआ है. इनका कहना:- खेराकलां गांव में फायरिंग की घटना को पुलिस क़बूल रही है. लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया है. जब इस संबंध में संबंधित थाना प्रभारी सोनपाल सिंह तोमर से फोन पर चर्चा की तो उन्होंने मामला दर्ज न होने की बात कही. उनका कहना था कि जब कोई फ़रियादी नहीं आया तो फिर मामला दर्ज कैसे करें?

महिला से जूते का फीता बंधवाने वाले SDM पर गिरी गाज, CM मोहन यादव ने दिए हटाने के निर्देश

The SDM who made a woman tie her shoe lace was punished, CM Mohan Yadav gave instructions to remove him. भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिंगरौली जिले में एक महिला कर्मचारी से अपने जूते के फीते बंधवाने वाले अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को हटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से की गई सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सिंगरौली जिले के चितरंगी में एसडीएम द्वारा एक महिला से उनके जूते के फीते बंधवाने का मामला सामने आया है, जो अत्यंत निंदनीय है। इस घटनाक्रम को लेकर एसडीएम को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। हमारी सरकार में नारी सम्मान सर्वोपरि है। सिंगरौली के चितरंगी तहसील अंतर्गत पदस्थ एसडीएम असवान राम चिरावन की एक महिला कर्मचारी से खुद के पैर में जूता पहनवाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर हुई वायरल हुई थी। ये घटना 22 जनवरी को श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान चितरंगी में उस कार्यक्रम के लाइव प्रसारण की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि महिला कर्मचारी विभागीय लिपिक है। राज्य में मुख्यमंत्री डॉ यादव अधिकारियों से जुड़े ऐसे मामलों को लेकर लगातार सख्त बने हुए हैं। इसकी शुरुआत शाजापुर कलेक्टर के एक ट्रक चालक से अभद्र भाषा में बात करने से हुई थी। कलेक्टर का वीडियो सामने आने के फौरन बाद डॉ यादव ने उन्हें हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से मुख्यमंत्री अधिकारियों की बेअदबी और अभद्रता के कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को हटाने के निर्देश दे चुके हैं।

देवास का सिविल लाइन थाना देश के 10 सर्वश्रेष्ठ थानों में चयनित

Civil Line police station of Dewas selected among the 10 best police stations of the country भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय की अोर से देशभर के 10 सर्वश्रेष्ठ थानों में देवास के सिविल लाइन थाने का चयन होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि यह उपलब्धि देवास सहित हम सभी मध्यप्रदेश वासियों के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे देश में मप्र के थाने का चयन होना सुशासन एवं बेहतर कानून व्यवस्था का उत्तम उदाहरण है। जन-सेवा एवं अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित थाने के समस्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का अभिनंदन है। स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित कियापुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना ने पुलिस मुख्यालय में देवास के पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय और थाना प्रभारी अजय चानना को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से प्रदत्त सम्मान-पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय के करीबी कारोबारी से मांगी रंगदारी, मचा हड़कंप

Extortion demanded from a businessman close to Urban Administration Minister Vijayvargiya, created panic भोपाल। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्रोई के नाम से इंदौर के एक कारोबारी के पास धमकी मिली है। फरियादी ने पुलिस को इसकी शिकायत की। क्राइम ब्रांच ने इसकी जांच शुरू कर दी है और जिस नंबर से कॉल आया था, उसका पता लगाया जा रहा है। बताया जाता है कि कारोबारी नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के करीबी मित्र भी हैं। इस लिहाज से पुलिस ने जांच की गति बढ़ा दी है। इंदौर के कारोबारी के पास 19 जनवरी को विदेशी नंबर से कॉल आया, लेकिन उन्होंने बात नहीं नहीं की। इसके बाद वाट्सएप पर कॉल आया। फिर भी उन्होंने बात नहीं की। फिर उसी नंबर से एक वाइस मैसेज आया। जिसे भेजने वाले ने खुद का नाम लॉरेंस बताया और कहा कि यदि तुमने कॉल नहीं उठाया तो तुम्हें नहीं पता की हम क्या कर सकते हैं। कारोबारी ने इस धमकी को गंभीरता से लिया और पुलिस को शिकायत की। क्राइम ब्रांच ने उस नंबर की जांच की। धमकी देने के बाद उस नंबर पर संपर्क किया, लेकिन वह बंद आ रहा है। सायबर सेल ने जांच की तो पता चला कि जिस नंबर से वाट्सएप मैसेज आया है। उसकी प्रोफाइल पर भगवान लिखा है। पुलिस को आशंका है कि कोई स्थानीय बदमाश लॉरेंस का नाम लेकर कारोबारी को धमका रहा है। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बताया और रंगदारी के लिए वाइस मैसेज में धमकी दी। इसके बाद कहा कि तुम नहीं जानते हम क्या कर सकते हैं। ये तुमको नहीं पता। मैसेज करने वाले ने खुद का नाम लॉरेंस विश्रोई बताया। लॉरेंस फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। पहले भी जुड़ा लॉरेंस का नाम- इससे पहले भी लॉरेंस का नाम इंदौर से जुड़ चुका है। लॉरेंस गिरोह को हथियार सप्लाय करने वाले सिकलीगर को पुलिस पकड़ चुकी है।

वकील ने भरी अदालत में जज पर फेंका जूता, वकालत नामा फाड़ने का प्रयास

Lawyer throws shoe at judge in full court, attempts to tear law deed बाद में जज ने स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी और नितिन अटल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आगर मालवा ! मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिला न्यायालय के जज पर जूता फेंकने का मामला सामने आया है। पूरे मामले में विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस ने आरोपी वकील खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।जानकारी अनुसार एक मामले की सुनवाई के दौरान वकील नितिन अटल और जज प्रदीप दुबे में बहस हो गई और बहस इतनी बिगड़ गई की वकील ने अपना जूता उतार कर जज की तरफ उछाल दिया। जज की शिकायत पर आरोपी वकील नितिन अटल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज हो गया है। एसडीओपी मोतीलाल कुशवाह के अनुसार, आगर मालवा जिला न्यायालय में पदस्थ प्रथम जिला एवं अतिरिक्त न्यायाधीश प्रदीप दुबे ने पुलिस को शिकायत दी और बताया कि न्यायालय में केस की सुनवाई में बहस के दौरान आगर मालवा के वकील नितिन अटल ने उनके हाथ से वकालतनामा छीनने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, विवाद बढ़ने पर वकील नितिन अटल ने उनके ऊपर जूता भी उछाल दिया। साथ ही जज ने बताया कि कोई कुछ समझता उसके पहले ही वकील वहां भाग गया।जज प्रदीप दुबे की शिकायत पर पुलिस ने वकील अटल पर शासकीय कार्य में बाधा और अभद्र व्यवहार समेत आईपीसी की तमाम धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पूरे घटनाक्रम का नितिन अटल ने भी एक वीडियो जारी किया है, जिसमें बताया की आगर मे पदस्थ न्यायाधीश प्रदीप दुबे के खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय मे शिकायते की हुई है। जिसी के चलते वे शिकायते वापस लेने का उनपर दबाव भी बनाया जा रहा है। यह पूरा घटनाक्रम भी एक सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है।

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