E-Rickshaw Aape Belgaum is causing daily traffic jam in various areas of the capital. बस स्टैंड व स्टेशन पर प्रीपेड बूध बंद होने से आटो व ई-रिक्शा चालक यात्रियों से कर रहे मनमानी भोपाल। राजधानी की सड़कों पर चलने वाले ई- रिक्शा, आटो, आपे आटो, कैब भी मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं कर रहे हैं। नियमों का ठेंगा दिखाकर बेलगाम सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों से लोगों की जान संकट में बनी रहती है। इन वाहनों पर कार्यवाई करने के लिए चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस को जांच करने की फुर्सत तक नहीं हैं। वहीं आरटीओ उड़नदस्ता भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।मंगलवार को हरिभूमि ने राजधानी के रंगमहल न्यू मार्केट, कोलार, भेल पिपलानी सहित अन्य मार्गों पर ई- रिक्शा, आटो, आपे आटो, कैब की पड़ताल की। जो सूरत-ए-हाल दिखे वे बेहद चिंताजनक हैं। ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग वाहन बेधड़क नियम रौंदकर भागते दिखे, इतना नहीं यात्रियों से मनमाना किराया लेना, अभद्रता की शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं दिखा। आलम ये है कि रात नौ बजे के बाद तो किराया दोगुना से अधिक हो जाता है। यात्रियों को गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंचाने की रोजना शिकायतें सामने आ रही हैं। सबसे अधिक परेशानी भोपाल व रानीकमलापति स्टेशन के बाहर से आने वाले यात्रियों को सामना करना पड़ रहा है। यात्री परेशान हो रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी बेफिक्र है। तेजी से बढ़ रहे हैं ई-रिक्शा राजधानी में तेजी से ई-रिक्शा बढ़ रहे हैं। कोलार, करोद, भेल, अवधपुरी, अयोध्या बायपास, मिसरोद, बुधवारा, सोमवारा, मंगलवारा, गांधी नगर सहित शहर का एक भी ऐस क्षेत्र नहीं है, जहां पर मनमर्जी से ई-रिक्शा चलते हुए नहीं मिले। क्षमता से अधिक यात्री बैठाना, ओवर टैकिंग करना, अचानाक बीच सड़क पर कहीं भी चालक ई-रिक्शा को मोड़ देते हैं। अभी तक तय नहीं किए मार्गइससे आए दिन वाहनों के भिड़ने की घटनाएं हो रही हैं। अब तक आरटीओ की ओर से भीतरी कालोनियों में आने-जाने के लिए मार्ग तय नहीं किए हैं। मुख्यमार्गों पर ही ई-रिक्शा नियमों का ठेंगा दिखाकर दौड़ रहे हैं।बस स्टैंड व स्टेशन पर प्रीपेड बूध बंद, मनमानी जारी जिला प्रशासन स्तर पर शहर में आटो के संचालन पर नजर रखने के लिए बस स्टैंडों व रेलवे स्टेशनों पर प्रीपेड बूथ शुरू किए गए थे। इसमें जाकर लोग तय गंतव्य के पहले से निर्धारित किराए की सूची देते थे। उसकी प्रीपेड में बैठे कर्मचारी रसीद देता था। वह रसीद संबंधित यात्री गंतव्य पर पहुंचने के बाद आटो चालक को देता था। फिर आटो चालक वापस प्रीपेड बूथ पर आकर रसीद देकर पैसे लेते थे। इससे आटो चालक यात्रियों से अधिक किराया नहीं ले पाते थे। अब प्रीपेड बूध बंद हैं और आटो चालकों को मनमानी जारी है। कैब पालिसी का असर नहींमोबाइल एप के जरिए संचालित कैय व रैपिडो की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग की कैब पालिसी है। इसके तहत इन वाहनों को सिटी का परमिट लेना होता है, कैब में पैनिक बटन लगना जरूरी है, यात्रियों पर अधिक किराया न लेना संहित अन्य नियम बने है। इसके बाद भी जमीन पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। आलम ये है कि जिम्मेदार भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर में वाहन 13000 आटो 5000 आपे आटो, 4000 कैब, 6000 ई-रिक्शा हैं। 50 हजार से अधिक यात्री हर दिन करते हैं सफरअपर परिवहन आयुक्त अरविंद सक्सेना ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं करने वाले सभी वाहने को जब्त किया जाता है। समन शुल्क भी लिया जाता है। बसों का चेकिंग अभियान भोपाल सहित प्रदेश भर में निरंतर चल रहा है। जल्द ही कैब, आटो पर की भी जांच कराई जाएगी।