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NEET UG केस में सीलबंद लिफाफे में SC के समक्ष रिपोर्ट, अगली सुनवाई 18 जुलाई को

नई दिल्ली नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अहम सुनवाई होनी थी, जिसे अब अगले गुरुवार तक के लिए टाल दिया गया है. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच 18 जुलाई को परीक्षा में अनियमितता और री-एग्जाम की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एफिडेविट के बाद आज केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दायर कर दी है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नीट पेपर लीक केवल एग्जाम सेंटर्स तक ही सीमित है, यह सोशल मीडिया पर लीक नहीं हुआ. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 8 जुलाई को सुनवाई के दौरान सीजेआई ने केंद्र से कई सवालों के जवाब मांगे थे. उन्होंने कहा था, ‘यह मानते हुए कि हम परीक्षा रद्द नहीं करने जा रहे हैं, तो धोखाधड़ी के लाभार्थियों की पहचान करने के लिए हम आज क्या करने जा रहे हैं? उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थियों की पहचान करने के लिए सरकार ने अब तक क्या किया है?’ सीजेआई ने कहा, ‘ऐसी स्थिति में जहां उल्लंघन से पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है और लाभार्थियों को अन्य लोगों से अलग करना संभव नहीं होता, वहां री-एग्जाम का आदेश देना आवश्यक हो सकता है.’ सीजीआई ने कहा था कि NEET-UG 2024 की अखंडता से समझौता हुआ है तो परीक्षा रद्द होनी चाहिए. CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पेपर लीक की घटना स्थानीय तौर पर हुई है. परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट नहीं हुआ है. केंद्र ने दाखिल किया हलफनामा केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. केंद्र ने हलफनामे में कहा कि भारत सरकार उन छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए बाध्य है जिन्होंने नीट परीक्षा 2024 दी है. हलफनामे में कहा गया, सरकार समाधान खोजने के लिए चौतरफा प्रयास कर रही है, साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी दोषी उम्मीदवार को कोई लाभ न मिले. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 23 लाख छात्रों पर सिर्फ आशंकाओं के चलते एक नई परीक्षा का बोझ न डाला जाए. अगर परीक्षा रद्द नहीं करते हैं तो… CJI ने केंद्र से कही ये बात सुप्रीम कोर्ट सीजेआई ने कहा, ‘यह मानते हुए कि हम परीक्षा रद्द नहीं करने जा रहे हैं, तो धोखाधड़ी के लाभार्थियों की पहचान करने के लिए हम आज क्या करने जा रहे हैं? उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थियों की पहचान करने के लिए सरकार ने अब तक क्या किया है?’ सीजेआई ने कहा, ‘ऐसी स्थिति में जहां उल्लंघन से पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है और लाभार्थियों को अन्य लोगों से अलग करना संभव नहीं होता, वहां री-एग्जाम का आदेश देना आवश्यक हो सकता है.’

बंद लिफाफे में CBI ने पेश की रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा बड़ी सुनवाई, क्या फिर से होंगे NEET-UG एग्जाम?

नई दिल्ली  नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अहम सुनवाई करने वाला है. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली  बेंच आज (11 जुलाई) परीक्षा में अनियमितता और री-एग्जाम की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के एफिडेविट के बाद बंद लिफाफे में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दायर कर दी है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नीट पेपर लीक केवल एग्जाम सेंटर्स तक ही सीमित है, यह सोशल मीडिया पर लीक नहीं हुआ. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 8 जुलाई को सुनवाई के दौरान कहा था कि NEET-UG 2024 की अखंडता से समझौता हुआ है तो परीक्षा रद्द होनी चाहिए. CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पेपर लीक की घटना स्थानीय तौर पर हुई है. परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट नहीं हुआ है. थोड़ी ही देर में कोर्ट मामले में की सुनवाई शुरू करने वाला है. ‘ऑनलाइन लीक नहीं हुआ पेपर’, सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता 8 जुलाई को हुई सुनवाई में सीजेआई ने ऑनलाइन नीट पेपर लीक की आशंका को लेकर चिंता जताई थी. सुनवाई के दौरान कहा गया था कि अगर इलेक्ट्रॉनिक यानी ऑनलाइन माध्यम से पेपर लीक हुआ है तो ये जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है. सीबीआई द्वारा कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा है कि पेपर ऑनलाइन लीक नहीं हुआ था, केवल स्थानीय लेवल पर लीक हुआ था. NEET के अलावा UGC NET पेपर लीक पर भी एक्शन में CBI नीट पेपर लीक के अलावा सीबीआई यूजीसी नेट पेपर लीक भी जांच कर रही है. सीबीआई जल्द ही उस शख्स के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर सकती है, जिसने कथित तौर पर टेलीग्राम पर यूजीसी-नेट पेपर का ‘छेड़छाड़’ स्क्रीनशॉट शेयर किया था, जिसके कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय से संभावित ‘उल्लंघन’ के बारे में अलर्ट मिलने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी. CBI ने पेपर लीक को बताया स्थानीय सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि नीट पेपर लीक की घटना स्थानीय स्तर पर हुई है, सोशल मीडिया पर नीट का पेपर सर्कुलेट नहीं हुआ है. केंद्र ने दाखिल किया हलफनामा केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. केंद्र ने हलफनामे में कहा कि भारत सरकार उन छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए बाध्य है जिन्होंने नीट परीक्षा 2024 दी है. हलफनामे में कहा गया, सरकार समाधान खोजने के लिए चौतरफा प्रयास कर रही है, साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी दोषी उम्मीदवार को कोई लाभ न मिले. यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 23 लाख छात्रों पर सिर्फ आशंकाओं के चलते एक नई परीक्षा का बोझ न डाला जाए. CJI का कहना कि यदि परीक्षा की पवित्रता खत्म हो जाती है तो दोबारा परीक्षा का आदेश देना होगा, यदि दागी और बेदाग को अलग करना संभव नहीं है तो दोबारा परीक्षा का ही विकल्प है। यदि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पेपर लीक हुआ है तो ये जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है। केंद्र सरकार और NTA ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा-     सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा, गड़बड़ी में शामिल लोगों की पड़ताल डेटा एनालिसिस के जरिए करने के लिए मद्रास IIT से अनुरोध किया गया है। जिनको ज्यादा नंबर आए हैं उनका डाटा विश्लेषण बताता है कि बड़ी अनियमितता नहीं हुई है, क्योंकि ग्राफ ऊपर उठने के साथ ही जल्दी ही नीचे गिर जाता है। यानी घंटी के आकार का ग्राफ है।     केंद्र सरकार ने कहा है कि जांच के साथ ही एहतियातन NEET काउंसिलिंग भी जुलाई के तीसरे हफ्ते में कराने का निर्णय लिया गया है। काउंसलिंग चार चरणों में होगी, ताकि किसी भी किस्म की गड़बड़ी का फायदा उठाकर आने वाले छात्र की पहचान और पड़ताल इन चार चरणों में हो ही जाए। जहां पता चला, वहीं उसे बाहर कर दिया जाएगा।     केंद्र सरकार ने पहले भी कोर्ट को बताया है कि वो NEET की परीक्षा दोबारा कराने के समर्थन में नहीं है। केंद्र ने कहा है कि वो यह सुनिश्चित कर रहा है कि 23 लाख अभ्यर्थियों पर ‘अप्रमाणित आशंकाओं’ के आधार पर दोबारा परीक्षा का बोझ ना डाला जाए। केंद्र सरकार ने कहा है कि वो ये सुनिश्चित कर रहा है कि गलत तरीके से फायदा उठाने के दोषी किसी भी अभ्यर्थी को कोई लाभ ना मिले।     सरकार ने कहा है कि शिक्षा मंत्रालय ने IIT मद्रास से आग्रह किया था कि वो नीट परीक्षा 2024 के उम्मीदवारों का डेटा एनालिसिस करने में मदद करें। आईआईटी मद्रास ने शहरवार और केंद्रवार 2 सालों (2023 और 2024) का विश्लेषण किया। यह विश्लेषण शीर्ष 1.4 लाख रैंक के लिए किया गया है।     IIT मद्रास के विश्लेषण से पता चलता है कि ना तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का कोई संकेत है और ना ही किसी खास सेंटर के उम्मीदवारों को मदद मिली जिसके चलते उन्होंने असामान्य स्कोर मिला हो। IIT मद्रास की स्टडी के मुताबिक छात्रों को मिले अंकों में समग्र वृद्धि हुई है। खासतौर से 550 से 720 अंकों के बीच। अंकों में ये बढ़ोतरी लगभग सभी शहरों और केंद्रों में देखी गई है. इसकी वजह सिलेबस में 25% की कटौती है।     जिन छात्रों ने ज्यादा अंक हासिल किए हैं, वो अलग-अलग शहरों और अलग-अलग सेंटर के है जो बड़े पैमाने पर किसी गड़बड़ी की संभावना को खारिज करता है।     सरकार ने यह भी कहा कि काउंसलिंग जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर चार चरणों में आयोजित की जाएगी। यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का शिकार पाया जाता है तो उसकी उम्मीदवारी काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद भी किसी भी स्तर पर रद्द कर दी जाएगी।     NTA ने कहा, पटना/ हजारीबाग मामले में कोई प्रश्न पत्र गायब नहीं पाया गया है। प्रत्येक प्रश्न पत्र में एक अद्वितीय क्रमांक होता है और उसे एक विशेष उम्मीदवार को सौंपा जाता है। कोई भी ताला टूटा हुआ नहीं मिला। एनटीए पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में कुछ … Read more

NEET पेपर लीक कांड में अब आय तेजस्वी के PS का नाम, मास्टरमाइंड सिकंदर के लिए बुक करवाया था कमरा

नईदिल्ली /पटना नीट पेपर लीक मामले में एक तरफ सुप्रीम कोर्ट लगातार याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है तो दूसरी तरफ इस लीक कांड में पकड़े गए आरोपियों द्वारा नए नए खुलासे किए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी 2024 को रद्द करने और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और अन्य से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को नीट यूजी 2024 के संचालन में किसी भी लापरवाही की जिम्मेदारी लेने का आदेश दिया। इसके अलावा, एनटीए ने शिक्षा मंत्रालय को बताया है कि कथित अनियमितताओं से लाभ उठाने के लिए जांच के दायरे में आए पटना और गोधरा के परीक्षार्थियों को उनके अंकों के विश्लेषण के अनुसार कोई असामान्य लाभ नहीं मिला है। इस बीच, शीर्ष अदालत ने एनटीए को परीक्षा समय के नुकसान से प्रभावित 1563 उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का भी निर्देश दिया है। NEET UG 2024 रीटेस्ट के लिए नए एडमिट कार्ड संबंधित छात्रों को सीधे उनके पंजीकृत ईमेल पते पर भेजे जाएंगे। दूसरी तरफ पकड़े गए आरोपियों अनुराग यादव, सिकंदर यादव और लीक कांड के मास्टरमाइंड अमित आनंद के कबूलनामे से कई बड़े खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने नीट परीक्षा से एक दिन पहले पेपर मिलने की बात को कबूल किया है। अगर आप ने या आपके परिवार में से किसी ने नीट एग्जाम दिया था. विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव का लिया नाम विजय सिन्हा ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव (Tejashwi Yadav) के निजी सचिव प्रीतम ने यादवेंदु के स्वजनों के लिए गेस्ट हाउस का कमरा बुक कराया था। मैं बार-बार कहता रहा हूं और एक बार फिर कह रहा हूं कि राजद की मानसिकता ही भ्रष्टाचार, परिवारवाद एवं घोटाले की रही है। उल्लेखनीय है कि नीट परीक्षा मामले में एनएचएआई के गेस्ट हाउस में छात्रों के ठहराने में एक मंत्री का नाम सामने आ रहा है। वहां ठहरे छात्र अनुराग यादव के नाम के आगे ब्रैकेट में ‘मंत्रीजी’ लिखा हुआ था। ‘मंत्रीजी’ के पत्र की चर्चा सामने आने के बाद विजय सिन्हा ने बड़ा दावा भी किया है। उन्होंने कहा है कि साल्वर गैंग के तार राजद से जुड़े हुए हैं। जो लोग पकड़े गए, वे तेजस्वी यादव से जुड़े हैं। अपराधियों को संरक्षण देना राजद की मानसिकता में है।

NEET पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा आरोपी अनुराग यादव का कुबूलनामा सामने आया

नई दिल्ली NEET पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा हुआ है. अपराधी अनुराग यादव का कबूलनामा सामने आया है. उसने पुलिस के सामने दर्ज कराए बयान में कहा है कि जो प्रश्न पत्र लीक हुआ, वही परीक्षा में आया एवं 100 प्रतिशत वही सवाल परीक्षा में पूछे गए थे. मेरे पास ये प्रश्न पत्र एक दिन पहले ही आ गया था. अनुराग ने बताया था कि फूफा ने सेटिंग करवाई थी तथा उसे कोटा से पटना बुलवाया था. रात में हर प्रश्न का उत्तर रटवाया गया था. परीक्षा के पश्चात् पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया था. दरअसल, 4 जून को नीट परीक्षा का परिणाम आया तो पहली बार 67 ऐसे स्टूडेंट्स जो टॉपर बने एवं उन्हें 720 में से 720 अंक मिले. टॉपर्स की लिस्ट देखने के पश्चात् नीट परीक्षा में धांधली का मुद्दा उठाया गया. 13 जून को एनटीए ने फैसला लिया कि ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाएगी, किन्तु अभी भी छात्रों का गुस्सा थमा नहीं है. बिहार एवं गुजरात से सामने आई पेपर लीक की खबरों से एनटीए की विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े हो गए हैं, इसीलिए छात्र मामले में CBI जांच की मांग कर रहे हैं. धांधली के मामले में पटना एवं पंचमहल से कई गिरफ्तारियां हुई हैं. पटना में 13 लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिनमें 4 छात्र सम्मिलित हैं. पुलिस छानबीन में पता चला कि पेपर लीक हुआ था तथा गैंग ने बच्चों को पास कराने के लिए लाखों रुपए वसूले थे. पंचमहल में भी छात्रों से लाखों रुपए वसूले गए तथा गैंग ने सही जवाब भरकर ऑसर शीट जमा की. वही इस मामले में पुलिस की जांच पटना के जूनियर इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु तक पहुंची. उससे पूछताछ की गई तो कई हैरान करने वाले खुलासे हुए. उसने बताया कि परीक्षा धांधली में उसकी भी संलिप्तता है तथा अपने भतीजे अनुराग यादव के लिए उसने गड़बड़ी में भूमिका निभाई है. पटना के शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने अनुराग यादव से पूछताछ की तथा उसके इकबालिया बयान दर्ज किए हैं. अनुराग ने दावा किया है कि केंद्र पर परीक्षा के दिन वही पेपर मिला, जो एक दिन पहले ही उसे प्रदान करा दिया गया था. रातभर उसे हर प्रश्न रटवाया गया. 100 प्रतिशत वही सवाल पूछे गए थे. अनुराग ने क्या बयान दर्ज करवाए हैं:- ”मेरा नाम अनुराग यादव (22 वर्ष) है. मैं परिदा थाना हसनपुर, जिला समस्तीपुर का रहने वाला हूं. मैं अपनी सफाई का बयान बिना भय या दबाव, बिना लोभ लालच के शास्त्रीनगर थाने में दरोगा तेज नारायण सिंह के समक्ष दे रहा हूं. मैं नीट की परीक्षा की तैयारी कोटा में एलेन कोचिंग सेंटर में रहकर कर रहा था. मेरे फूफा सिंकदर यादवेंदु नगर परिषद दानापुर में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. मेरे फूफा द्वारा बताया गया कि 5 मई 2024 को नीट की परीक्षा है. कोटा से वापस आ जाओ. परीक्षा की सेटिंग हो चुकी है. मैं कोटा से वापस आ गया और मेरे फूफा ने 4 मई 2024 की रात्रि में अमित आनंद, नीतीश कुमार के पास मुझे छोड़ दिया. यहां पर नीट की परीक्षा का प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिका दिया गया. रात्रि में पढ़वाया और रटवाया गया. मेरा सेंटर डीवाई पाटिल स्कूल में था. मै स्कूल में परीक्षा देने गया तो जो प्रश्न पत्र रटवाया गया थाा, वही प्रश्न सही- सही परीक्षा में मिल गया. परीक्षा के उपरांत अचानक पुलिस आई और मुझे पकड़ लिया. मैंने अपना अपराध स्वीकार किया. यही मेरा बयान है.” यूजीसी नेट की परीक्षा रद्द वहीं यूजीसी नेट 2024 परीक्षा में गड़बड़ी के कारण शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा को रद्द कर दिया है. साथ ही मामले की जांच सीबीआई को दी है. वहीं नीट यूजी पेपर लीक मामले में अनुराग के बयान के बाद परीक्षा रद्द होने की संभावना जताई जा रही है.

NEET परीक्षा याचिकाओं पर SC ने सुनवाई के दौरान काउंसलिंग रोकने और तत्काल सीबीआई जांच का आदेश देने से इन्कार

 नई दिल्ली NEET परीक्षा को लेकर दायर कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान काउंसलिंग रोकने और तत्काल सीबीआई जांच का आदेश देने से इन्कार कर दिया है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने सीबीआई जांच की मांग पर कहा कि बिना दूसरे पक्षों को सुने ये आदेश तुरंत नहीं दिया जा सकता है. सीबीआई जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात आज सुनवाई के लिए आई चार याचिकाओं में से एक याचिका में नीट परीक्षा के पेपर लीक की CBI जांच की मांग की गई थी. इस याचिका में बड़े स्तर पर पेपर लीक की घटनाओं का हवाला देते हुए मनमाफिक परीक्षा केंद्र चुनने के लिए अपनाए जा रहे हथकंडों का भी जिक्र है. मसलन, ओडिशा, झारखंड और गुजरात जैसे राज्यों के छात्रों ने NEET परीक्षा देने के लिए गुजरात के गोधरा में एक खास सेंटर चुना था. इन छात्रों ने NEET क्लियर करने और गोधरा में एक ख़ास सेंटर जय जलाराम स्कूल में अपना सेंटर चुनने के लिए 10 लाख रुपए रिश्वत दी थी. नीट को लेकर दाखिल चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने NTA को नोटिस जारी किया. पीठ ने इस नोटिस का जवाब 2 हफ्ते में दाखिल करने को कहा है. इन याचिकाओं पर भी 8 जुलाई को अगली सुनवाई मूल याचिका के साथ ही होगी. याचिकाकर्ता ने सीबीआई जांच की मांग की. जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा आज ही CBI के जांच के आदेश दे सकते है क्या?? नहीं न, कोर्ट ने फिलहाल इस पर कुछ भी कहने से इनकार किया है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया की हमने ग्रेस मार्किंग पाए 1563 छात्रों के दुबारा परीक्षा का कोई आदेश नहीं दिया. यह एनटीए का फैसला था कि दोबारा परीक्षा करवाई जाएं. बिहार पेपर लीक मामले में ईओयू के दफ्तर पहुंची छात्रा NEET 2024 प्रश्नपत्रों के पेपर लीक मामले में ईओयू द्वारा भेजे गए नोटिस के जवाब में पहली उम्मीदवार सामने आई है. पटना के दानपुर से ईशा भारती नामक कैंडिडेट ईओयू के दफ्तर पहुंची हैं. अब पुलिस द्वारा छात्रा ने सॉल्वर गैग और पेपर लीक मामले में सवाल जवाब किए जाएंगे. दरअसल, नीट पेपर में धांधली की जांच के दौरान बिहार पुलिस की अब तक छानबीन में सॉल्वर गैंग के पास 13 परीक्षार्थियों के रोल कोड मिले थे. पुलिस ने इन 13 परीक्षार्थियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया था, बाकी 9 परीक्षार्थियों को EOU ने नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था. इनमें से पटना से ईशा भारती पूछताछ के लिए पहुंच गई हैं.  

अब NEET विवाद में ‘मंत्रीजी’ की एंट्री… NHAI गेस्ट हाउस में कैसे बुक हुआ आरोपी अभ्यर्थी का कमरा?

नईदिल्ली नीट पेपर लीक कांड चर्चा में बना हुआ है. बिहार में इसकी जांच चल रही है. इस मामले में मंगलवार को कुछ आरोपियों से पूछताछ की गई, जिस दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. एक अहम खुलासा ये हुआ कि आरोपी जिस होटल में ठहरे थे, वहां के रजिस्टर में एक आरोपी ने अपने नाम के आगे मंत्री जी लिखवाया था. इस पेपर लीक कांड में पटना जेल भेजे गए अभ्यर्थी कुबूल कर चुके हैं कि उन्हें नीट परीक्षा से चार घंटे पहले प्रश्नपत्र और उसका उत्तर मिल गया था. इसके बाद इसका प्रिंट आउट लिया गया और पांच मई को सुबह 10 बजे इन्हें रटाना शुरू किया गया. बिहार का ये मंत्रीजी कौन है? पेपर लीक मामले में अनुराग यादव नाम के अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार किया गया है. इस बात की पुष्टि हुई है कि यादव पटना के NHAI गेस्ट हाउस में ठहरा था. दावा है कि उसे NHAI के गेस्ट हाउस में इसलिए ठहराया गया था, ताकि उसे बाद में तय जगह ले जाकर नीट के लीक हुए पेपर से सवाल दिखाकर जवाब रटाया जा सके. लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि आरोपी का ये कमरा किसी मंत्री जी के जरिए बुक किया गया था. नीट पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड सिकंदर यादवेंदु ने कुबूल किया है कि उसकी मुलाकात अमित आनंद से हुई थी. यादवेंदु का कहना है कि अमित ने बताया कि वो नीट-BPSC-UPSE की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करके बच्चों को याद करवाकर पास करवाता है. इसके लिए 30-32 लाख रुपये लगते हैं. मास्टरमाइंड सिकंदर यादवेंदु की तरह आरोपी अभ्यर्थी भी कुबूल कर चुके हैं कि उन्हें परीक्षा से पहले प्रशनपत्र मिला था. इस आधार पर पुलिस पेपर लीक का केस दर्ज कर चुकी है. लेकिन सवाल ये है कि आरोपी अभ्यर्थी के लिए NHAI गेस्ट हाउस में कमरा कौन से मंत्रीजी के कहने पर बुक करवाया गया? आठ जुलाई को है अब सुनवाई अब आठ जुलाई को इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी. लेकिन सवाल है कि आखिर सुप्रीम कोर्ट को क्यों ये कहना पड़ा है कि अगर सिस्टम में 0.01 प्रतिशत भी किसी की खामी पाई गई तो हम उससे सख्ती से निपटेंगे. सिस्टम में कितनी खामी है, उसकी अंदाजा आपको पटना पेपर लीक में मामले में NTA के टालने वाले रवैये से लगेगा, जिसने 28 दिनों तक बिहार आर्थिक अपराध शाखा को लीक हुए प्रश्नपत्र की मूल प्रति नहीं भेजी. बता दें कि नीट परीक्षा के वक्त ही बिहार पुलिस को पेपर लीक की खबर मिली थी. बिहार पुलिस ने चार अभ्यर्थी समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया हैं. जांच के दौरान कुछ प्रश्नपत्र के जले हुए टुकड़े मिले थे. ये कहा गया कि जले हए पेपर के टुकड़े उसी प्रश्नपत्र के थे, जिसे नीट परीक्षा में आना था. इस बीच इस मामले की जांच बिहार पुलिस से आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई और NTA से असली प्रश्नपत्र मुहैया कराने को कहा गया ताकि जले पेपर से एफएसएळ जांच कराई जा सके. पटना में पेपर लीक की जांच कर रही ईओयू की टीम ने 21 मई को ही एनटीए से मूल प्रश्न पत्र मुहैया करवाने को कहा था. लेकिन 28 दिन गुजर जाने के बावजूद अब तक एनटीए ने यह मूल प्रश्नपत्र मुहैया नहीं कराया है. इस रवैये के बाद ईओयू की जांच टीम ने खुद दिल्ली जाकर मिलान करने का फैसला किया है.  

HC ने खारिज की आयुषी पटेल की याचिका, खुद छात्रा ने किया था

लखनऊ  नीट यूजी परीक्षा परिणाम 2024 को लेकर विवाद खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा है। लखनऊ की नीट स्‍टूडेंट आयुषी पटेल ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर आरोप लगाया था कि एनटीए उसका परिणाम घोषित करने में विफल रही और उसकी ओएमआर उत्तर-पुस्तिका फटी हुई पाई गई। आयुषी ने इसको लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी जो खारिज हो गई है। एनटीए के दस्‍तावेजों को देखने के बाद हाई कोर्ट ने पाया कि आयुषी पटेल ने कूटरचित दस्‍तावेज के आधार पर याचिका दाखिल की थी। हाई कोर्ट ने एनटीए को इस मामले में कार्रवाई करने की खुली छूट दी है। आयुषी पटेल की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने एनटीए को सभी दस्‍तावेज जमा करने के लिए कहा था। आयुषी को नीट परीक्षा में 720 में से 355 अंक आए हैं। आयुषी का आरोप था कि पहले एनटीए ने उसका रिजल्‍ट रोक लिया था। फिर जब उन्‍होंने ईमेल किया तो एनटीए ने फटी हुई ओएमआर शीट उसे मेल कर दी। आयुषी पटेल ने इसका पूरा वीडियो बनाकर शेयर किया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला इतना आगे बढ़ा कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाया। आयुषी ने गलत रजिस्‍ट्रेशन नंबर बताया: अधिवक्‍ता केंद्र सरकार के वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता ने बताया कि नीट 2024 में कोई धांधली नहीं है। याची आयुषी पटेल ने धांधली का गलत दावा किया है। आयुषी ने आवेदन का जो रजिस्‍ट्रेशन नंबर अपना होने का दावा कर रही थी, वह गलत था। वहीं, हाई कोर्ट ने कहा कि याचिका फर्जी दस्‍तावेज लगाकर दाखिल की गई, लिहाजा मामले में कानूनी कार्रवाई करने से एनटीए के अफसरों को रोका नहीं जा सकता है। इस टिप्‍पणी के साथ कोर्ट ने आयुषी पटेल की याचिका खारिज कर दी।

NEET पेपर लीक: NHAI के निरीक्षण बंगले में बुक था आरोपी अभ्यर्थी का कमरा

पटना नीट पेपर लीक मामले में बड़ी खबर सामने आई है. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने नीट पेपर लीक में जिस आरोपी अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया था. उसके नाम पर NHAI के निरीक्षण बंगले में कमरा बुक किया गया था.इसी जगह से आरोपी को तय ‘सेफ हाउस’ ले जाकर नीट का प्रश्न पत्र दिया गया और उत्तर रटवाए गए थे. NHAI’s के निरीक्षण बंगले में रटवाया गया था नीट का पेपर आजतक की टीम ने NHAI के निरीक्षण बंगले में जाकर एंट्री रजिस्टर चेक किया, जिसमें अनुराग यादव के नाम पर चेक किया गया था. अनुराग यादव, नीट पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी जूनियर इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु का रिश्तेदार है और नीट का अभ्यर्थी भी है. तहकीकात में पता चला की आरोपी जूनियर इंजीनियर सिकंदर ने NHAI के इसी निरीक्षण बंगले में अनुराग समेत कई लोगों के रुकने का इंतजाम किया था. बाद में इन लोगों को यहीं से बाकी 30 से ज्यादा उम्मीदवारों के लिए तैयार किए गए ‘सेफ हाउस’ (जहां उत्तर रटवाए गए) ले जाया गया था. नीट परीक्षा से एक दिन पहले ‘सेफ हाउस’ में रटवाए जा रहे थे उत्तर उन्होंने कहा कि ईओयू ने जांच में शामिल होने के लिए 9 उम्मीदवारों (बिहार से सात और उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से एक-एक) को नोटिस भी जारी किया है. सूत्रों के अनुसार, यह संदेह है कि इन 9 उम्मीदवारों के साथ-साथ बिहार के चार अन्य परीक्षार्थियों को (जिन्हें पहले ही EOU द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है)  नीट परीक्षा से एक दिन पहले पटना के पास एक ‘सेफ हाउस’ में परीक्षा के प्रश्नपत्र मिल गए थे और उत्तर रटवाए जा रहे थे. जूनियर इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु ने रची थी पेपर लीक की साजिश पुलिस ने पेपर लीक मामले में सबसे पहले सिकंदर नाम के शख्स को पकड़ा था उसके बारे में बिहार पुलिस को इनपुट मिला था. आरोपियों ने कई सेंटरों और सेफ हाउस में पेपर सॉल्वर बिठाए थे. इनके पास पहले से ही प्रश्नपत्र मौजूद थे. जूनियर इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु को अखिलेश और बिट्टू के साथ शास्त्रीनगर पुलिस ने बेली रोड पर राजवंशी नगर मोड़ पर नियमित जांच के दौरान गिरफ्तार किया था. अब तक की जांच में पता चला है कि जूनियर इंजीनियर सिकंदर ने पेपर लीक की पूरी साजिश रची थी. इनके पास से कई नीट प्रवेश पत्र मिले थे. यादवेंदु द्वारा बताए गए इनपुट के आधार पर छापेमारी के बाद आयुष, अमित और नितिश को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद पेपर लीक को लेकर बिहार के नालंदा के संजीव सिंह को भी गिरफ्तार किया गया. नीट पेपर लीक जांच में 6 पोस्ट-डेटेड चेक बरामद किए, 13 लोग गिरफ्तार ईओयू के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया, “जांच के दौरान, ईओयू के अधिकारियों ने छह पोस्ट-डेटेड चेक बरामद किए, जो अपराधियों के पक्ष में जारी किए गए थे, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे.” उन्होंने कहा कि जांचकर्ता संबंधित बैंकों से अकाउंट होल्डर्स के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं. ईओयू ने कथित नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में अब तक चार परीक्षार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. डीआईजी ने कहा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि सभी आरोपी बिहार के हैं. बता दें कि NEET-UG 2024 का परिणाम 4 जून को घोषित किया गया था. परिणाम घोषित होते ही हंगामा मच गया, कई छात्रों ने विसंगतियों का आरोप लगाया. कथित पेपर लीक और परीक्षा की अखंडता को लेकर चिंताओं के कारण उम्मीदवारों के एक समूह ने नए सिरे से परीक्षा की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. 8 जुलाई को पेपर लीक और परीक्षा रद्द की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई होनी है.

नीट में अगर 0.001% की भी लापरवाही मिली तो…SC ने NTA से मांगा जवाब

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में NEET UG विवाद पर ग्रेस मार्क्स से जुड़ी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। यह केस जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एसवी भट्‌टी की वेकेशन बेंच के सामने रखा गया। कोर्ट ने कहा- अगर किसी की ओर से 0.001% भी लापरवाही हुई है। बेंच ने सरकार और NTA से यह भी कहा कि कल्पना कीजिए कि सिस्टम के साथ धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति डॉक्टर बन जाता है, वह समाज के लिए और भी ज्यादा खतरनाक है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा अगर किसी की ओर से 0.001% लापरवाही है तो उससे पूरी तरह निपटा जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बर्बाद समय के बदले ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1,563 छात्रों के स्कोरकार्ड देखने के बाद उन्हें दिये गये ग्रेस मार्क्स रद्द कर दिये। शीर्ष अदालत ने उन्हें 23 जून को दोबारा परीक्षा में शामिल होने या अपने वास्तविक मार्क्स के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग में भाग लेने का विकल्प दिया है। दोबारा हुई परीक्षा का परिणाम 30 जून को आएगा। जस्टिस विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति एस वी एन भट्टी की अवकाशकालीन पीठ ने एनटीए से कहा कि सर्वोच्च न्यायालय को उससे समय पर कार्रवाई की उम्मीद है। कोर्ट ने कहा कि जरा कल्पना कीजिए कि सिस्टम के साथ धोखाधड़ी करने वाला एक व्यक्ति अगर डॉक्टर बन जाता है, तो वह समाज के लिए और भी अधिक हानिकारक होगा। पीठ ने कहा, “हम 8 जुलाई को इससे जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे।” एडवोकेट दिनेश-जोटवानी ने नीट परीक्षा विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई पर कहा, ‘हमने एनवी सर के संस्थान की ओर से अदालत में अपना पक्ष रखा। उनके साथ इस याचिका में 20 हजार से भी ज्यादा बच्चे हैं। हमने कोर्ट के समक्ष कई मुद्दे उठाए हैं जैसे वो विवादित प्रश्न के मार्क्स (संख्या 28) जिसके दो उत्तर थे। कोर्ट ने मामले को सुना और एनटीए को कहा कि इस मुद्दे पर उसे कोर्ट का सहयोग करना चाहिए। इस परीक्षा से भविष्य के डॉक्टर निकलेंगे। पूरे देश का स्वास्थ्य इस पर है।’ इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने रविवार को बताया था कि नीट में कुछ स्थानों से विसंगतियां सामने आई हैं। गड़बड़ी में जो भी दोषी पाए जाएंगे, फिर चाहे वह एनटीए भी हो, उसको भी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार विसंगतियों के सुधार का कार्य कर रही है। नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा शत-प्रतिशत पारदर्शी हो, सरकार उसके लिए प्रतिबद्ध है। 8 जुलाई को अहम सुनवाई नीट-यूजी 2024 में गड़बड़ी के आरोपों की सीबीआई से जांच के अनुरोध वाली याचिका पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने विवादित नीट यूजी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र, एनटीए और अन्य को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है। इससे अलावा सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नीट-यूजी विवाद पर विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों को शीर्ष अदालत में ट्रांसफर करने के अनुरोध वाली एनटीए की याचिका पर निजी पक्षों को नोटिस जारी किया। इस मामले पर भी 8 जुलाई को इस पर सुनवाई होगी। परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर फैसले के अधीन होंगे मेडिकल एडमिशन एनटीए द्वारा ग्रेस मार्क्स रद्द किए जाने से ग्रेस मार्क्स से जुड़ी आपत्तियों का निपटारा हो गया। लेकिन बहुत से अभ्यर्थियों ने पेपर लीक का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट और कई उच्च न्यायालयों में परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिकाएं दायर कर रखी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सफल उम्मीदवारों का प्रवेश उन याचिकाओं पर आने वाले अंतिम फैसले के अधीन होगा, जिनमें परीक्षा रद्द करने की मांग की गई है। परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी। साख का सवाल नीट को लेकर लगे आरोपों को देखते हुए परीक्षा कराने वाली संस्था एनटीए की साख को बचाना और नीट सहित अन्य परीक्षाओं की शुचिता को लेकर उपजे संदेह को दूर करना शिक्षा मंत्री के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा नई शिक्षा नीति के तहत सुधारों को जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दिखानी होगी। कांग्रेस ने जिस तरह से नीट परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, उससे संसद सत्र के दौरान भी इस मुद्दे के गरमाने की पूरी उम्मीद है। शीर्ष अदालत ने पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। नीट यूजी 2024 के परीक्षा परिणामों को लेकर जारी सियासत के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था की किसी भी बच्चे के करियर के साथ खिलवाड़ नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, सरकार उसे पूरा करेगी।

नीट परीक्षा कैंसिल पर अभी-अभी केंद्र व एनटीए का सबसे बड़ा फैसला

नईदिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से 5 मई को नीट यूजी की परीक्षा को आयोजित करवाया गया था। इस एग्जाम में 24 लाख छात्रों ने फॉर्म को भरा था। आपको बता दिया जाता है कि इस एग्जाम में काफी ज्यादा मात्रा में गड़बड़ी हुई है और इतनी ज्यादा गड़बड़ी हुई है कि कई साल्वर गिरोहों को गिरफ्तार किया गया है और लगातार उनके खिलाफ छानबीन जारी है और वहीं पर आर्थिक अपराध इकाई के तरफ से लगातार कई लोगों लोगों को पकड़ा गया इसके अलावा अन्य लोगों की छानबीन जारी है और पूछताछ जा रही है हालांकि यह खबर देखने को मिलेगा कि 30 लाख रुपए से अधिक की मांग की। एसएससी जीडी एग्जाम कैंसिल को लेकर और एनटीए की नई नोटिस को लेकर जरूरी लिंक इस पोस्ट के नीचे दिया गया है जो कि आप लिंक पर क्लिक करते हुए नोटिस को देख सकते है। नीट यूजी परीक्षा पेपर को लेकर यह जो साल्वर गिरोह थे इनको गिरफ्तार किया जा रहा है। आर्थिक अपराध इकाई के उप महा निरीक्षक मानव जीत सिंह ढिल्लों की तरफ से कहा गया कि जांच के दौरान आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों ने 6 पोस्ट डेटेड चेक को बरामद किया गया जो कि अपराधियों के पक्ष में जारी किए गए थे। जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए थे। आपको बता दिया जाता है कि सालगिराहों का जाल उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक फैला हुआ है और यहां उत्तर प्रदेश बिहार में ऐसे साल्वर गिरोह है जिनका पूरा जाल पूरे भारत में फैला हुआ है और इन्हीं लोगों के कारण पेपर लीक होता है। इस परीक्षा में अभी तक कुल 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। आर्थिक अपराध इकाई की तरफ से लोगों को गिरफ्तार किया गया है वहीं पर गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि सभी आरोपी बिहार से ही हैं और इन्हीं के द्वारा पेपर लीक व गड़बड़ी करवाई गई है 4750 परीक्षा केंद्रों पर 571 शहरों मे यह नीट यूजी की परीक्षा आयोजित कराई गई 4 जून को इसके नतीजे भी घोषित हुए। नतीजे घोषित हो जाने के बाद पूरे देश भर में हो हल्ला मचा और हो हल्ला मचाने की वजह से छात्रों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर आरोप लगाया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कही बड़ी बात केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के माध्यम से काफी बड़ी बातें कही गई है उनके द्वारा बताया गया है कि जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से नीट यूजी की परीक्षा की कराई गई है इसमें अब समीक्षा की जाएगी और पूरी जांच की जाएगी और जांच के दौरान अगर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का कोई भी अधिकारी इस गड़बड़ी में लिफ्ट पाया जाता है तो उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी। यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से जो नीट यूजी की परीक्षा कराई गई है। 90 के ऊपर बहुत बड़े आरोप लगाए जा रहे हैं सुप्रीम कोर्ट में कई सुनवाईया हो चुकी है कई याचिकाएं भी पड़ चुकी है। अगली सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 8 जुलाई को होने वाली है और 8 जुलाई को यह स्पष्ट हो जाएगा कि नीट यूजी की परीक्षा रद्द होगी या फिर नहीं रद्द होगी। 35 उम्मीदवारों को मिल गया था पेपर आप सभी की जानकारी के लिए बता देते हैं कि आर्थिक का अपराध इकाई की तरफ से यह कहा गया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से प्रश्न पत्र तो मिल जाएगा और हम जले हुए प्रश्न को प्रशिक्षण के लिए उचित फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजेंगे। यह 5 मई की परीक्षा से पहले लगभग 35 उम्मीदवारों को पेपर प्रदान किया गया था। यानी 35 लोगों की जो संख्या है काम नहीं होती है जो कि पूरे एग्जाम को निरस्त करने के लिए काफी होती है। वहीं पर सूत्रों ने कहा कि पुलिस ने किराए के घर पर तलाशी की और वहां से मोबाइल फोन प्रवेश टिकट और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। ऐसे में नीट यूजी परीक्षा में अभी तक सिर्फ ग्रेस मार्क्स देने को लेकर विवाद था और एनटीए के द्वारा रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर विवाद था लेकिन अब पेपर लीक को लेकर मुद्दा फिर से पूरे देश भर में उठ चुका है। क्या नीट यूजी परीक्षा कैंसिल होने जा रही ? नीट यूजी की परीक्षा को लेकर बात कर लिया जाए तो यह परीक्षा रद्द होने के असर काफी लग रहे हैं। क्योंकि इतना तेजी से इस नीट यूजी पेपर लीक को लेकर मामला उठा है कि जितने भी विपक्ष के लोग हैं वह छात्र व उनके अभिभावक है यही मांग कर रहे हैं कि इस परीक्षा को निरस्त कर दिया जाए और फिर से उसका एग्जाम कराया जाए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का दौर जारी है और सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार भी यह बताएगी कि इस परीक्षा में कुछ गड़बड़ियां हुई है केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है और हम मानते हैं कि इस परीक्षा में कुछ गड़बड़ियां हुई है अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री के द्वारा जब यह स्वीकार किया गया तो उनके द्वारा अभी कहा गया कि हम सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताएंगे कि परीक्षा में कुछ गड़बड़ियां हुई है इसके पास जो कुछ भी सुप्रीम कोर्ट का अग्रिम आदेश होगा हम उसका पालन करेंगे।

EOU ने कहा उसे अभी तक एनटीए की ओर से परीक्षा की मूल प्रश्नपत्र की प्रति नहीं भेजी गई

Shock to Bihar government from Supreme Court

पटना  बिहार सरकार की जांच एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने नीट पेपर लीक मामले में बड़ा दावा किया है। ईओयू ने सोमवार को कहा है कि उसे अभी तक एनटीए की ओर से परीक्षा की मूल प्रश्नपत्र की प्रति नहीं भेजी गई है। इस वजह से ईओयू इस मामले की जांच को आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। ईओयू की ओर से एनटीए को अबतक तीन बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है लेकिन प्रश्नपत्र की प्रति उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसको लेकर जांच में शामिल अधिकारी भी हैरान हैं। ईओयू के अनुसार 18-19 जून को 9 परीक्षार्थियों से अलग-अलग पूछताछ किए जाने के लिए प्रश्नावली तैयार की गयी है। यह जानकारी ली जायेगी कि परीक्षार्थियों के अभिभावकों से क्या पहले ही ब्लैंक चेक ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उनके द्वारा परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने की तिथि से लेकर परीक्षा देने के दिन तक की सभी गतिविधियों की जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा नीट परीक्षा को लेकर उन्हें किन-किन स्रोतों से क्या-क्या मदद मिली है, इसको लेकर भी पूछताछ की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इन सभी नौ परीक्षार्थियों को ईओयू द्वारा नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। नीट पेपर लीक मामले में चार परीक्षार्थियों एवं छह परीक्षा माफियाओं को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है। इसमें कई अहम जानकारियां भी इन लोगों ने पुलिस को दी है। इसमें प्रश्नपत्र हासिल करने, तैयार उत्तर से मिलान करने और उत्तर याद करने के बाद प्रश्नपत्र को जलाने की बात तक कबूल की गई है।  

नीट परीक्षा में एनटीए अधिकारी समेत कोई भी दोषी पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी: प्रधान

भुवनेश्वर  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), 2024 के आयोजन में अनियमितताओं में यदि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अधिकारी शामिल पाए गए तो सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। प्रधान ने रविवार को ओडिशा के संबलपुर की अपनी यात्रा के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि नीट के आयोजन में दो प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ छात्रों को कृपांक (ग्रेस मार्क) दिए गए थे क्योंकि वे निर्दिष्ट अवधि से कम समय दिए जाने से असंतुष्ट थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृपांक वापस ले लिए हैं और उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार 1,563 अभ्यर्थियों को पुन: परीक्षा का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘दो स्थानों पर और भी अनियमितताएं सामने आई हैं। मैं छात्रों और अभिभावकों दोनों को विश्वास दिलाता हूं कि सरकार ने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है। हम इसे तार्किक परिणति तक ले जाएंगे।’’ प्रधान ने कहा कि एनटीए के वरिष्ठ पदाधिकारियों समेत कोई भी अधिकारी यदि दोषी पाया जाता है तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एनटीए में सुधारों की भी वकालत की। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि एनटीए एक स्वायत्त इकाई है, लेकिन इसके कामकाज में बहुत से सुधारों की जरूरत है। सरकार इसे लेकर चिंतित है। मैं पुन: विश्वास दिलाना चाहता हूं कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।’’    

जानें कौन है NTA का चेयरमैन , कहां से की पढ़ाई?

Sindhi Panchayat bans funeral feast

नईदिल्ली भारत में इस वक्त नीट परीक्षा को लेकर बवाल मचा हुआ है। कुछ छात्रों को ग्रेस मार्क्स देने को लेकर शुरू हुए इस विवाद में एनटीए द्वारा आयोजित इस परीक्षा में धांधली के आरोप लगे। इसी बीच एनटीए ने ग्रेस मार्क्स को रद्द कर दिया। नीट परीक्षा में शामिल होने वाले 1563 बच्चों को ग्रेस मार्क्स (क्षतिपूर्ति)अंक दिए गए थे। इन सब के बीच एनटीए चेयरमैन भी सुर्ख‍ियों में हैं। एनटीए के अध्यक्ष पर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। साथ ही साथ उनके शिक्षा से लेकर कार्यशैली पर भी लोगों ने प्रश्न चिन्ह लगाए। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि एनटीए के अध्यक्ष कौन हैं। साथ ही साथ उनकी शिक्षा और करियर से जुड़ी तमाम जानकारी हम आपके लिए लेकर आए हैं। कौन हैं NTA के चेयरमैन? प्रो. प्रदीप जोशी हैं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए के चेयरमैन हैं। उन्होंने बतौर एनटीए अध्यक्ष अगस्त 2023 में कार्यभार संभाला था। प्रो. प्रदीप जोशी को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अगस्त 2023 में एनटीए का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। बता दें, एनटीए के चेयरमैन का कार्यकाल 3 साल का होता है। इस हिसाब से प्रो. जोशी अगस्त 2026 तक इस पद पर रहेंगे। प्रो. जोशी रह चुके हैं यूपीएससी के भी अध्यक्ष एनटीए के अध्यक्ष का पदभार संभालने से पहले प्रदीप जोशी संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अध्‍यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वो छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग और मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग के भी अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके करियर ग्राफ को देखें तो प्रो. जोशी काफी प्रशासनिक अनुभव वाले व्‍यक्‍ति हैं। प्रो. प्रदीप जोशी उत्‍तराखंड के मूल निवासी हैं प्रोफेसर प्रदीप जोशी मूल रूप से उत्‍तराखंड के अल्मोड़ा के निवासी हैं। हालांकि, उनकी पढ़ाई-लिखाई उत्‍तर प्रदेश के कानपुर से हुई है। प्रो. जोशी के पिता बैंक में कार्यरत थे। जोशी ने साल 1977 में कानपुर विश्वविद्यालय से एसोसिएटेड डीएवी कालेज से कॉमर्स में पोस्‍ट ग्रेजुएशन किया है। साल 1981 में उन्होंने इसी कॉलेज से पीएचडी भी किया है। शिक्षक के रूप में की थी करियर की शुरुआत प्रोफेसर जोशी ने बतौर शिक्षक अपने करियर की शुरूआत की थी। लंबे वक्त तक वो बरेली कॉलेज के वाणिज्य विभाग में कार्यरत रहे। साल 1997 के दौरान वो रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट विभाग के डीन भी रह चुके हैं। साल 2000 से 2006 के दौरान उन्होंने रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी जबलपुर बिजनेस एडमिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के चेयरमैन का पद संभाला। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्‍यक्ष के पद पर भी कार्य किया। साल 2015 से 2020 तक प्रो. जोशी संघ लोक सेवा आयोग के अध्‍यक्ष रहे। साल 2023 के अगस्त में उन्‍हें नेशनल टेस्‍टिंग एजेंसी का चेयरमैन नियुक्त किया गया। एनटीए देश भर में होने वाली सभी प्रमुख परीक्षाओं का आयोजन कराती है। देश की तमाम श‍िक्षण संस्‍थाओं व फेलोश‍िप में दाख‍िले के ल‍िए जांच परीक्षा आयोज‍ित करने की ज‍िम्‍मेदारी इस एजेंसी के जिम्मे है। NTA कैसे संचालित होता है, कैसे चुने जाते हैं अध्यक्ष नीट यूजी 2024 रिजल्ट को लेकर उठे विवाद के बीच एनटीए इन दिनों चर्चा में है. इस विवाद के कारण इस संस्था की विश्वसनीयता पर संकट दिखाई दे रहा है. 1500 से ज्यादा अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क्स देने के कारण अब एनटीए को इन कैंडिडेट्स के लिए दोबारा से परीक्षा आयोजित करनी पड़ रही है. इसके लिए 23 जून की तारीख तय है और 30 जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे. वहीं देश भर में NEET UG पेपर लीक होने के आरोप भी एनटीए पर लग रहे हैं. इन विवादों के बीच आइए जानने एनटीए है क्या और किन-किन परीक्षाओं का आयोजन करता है. एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में एडमिशन/फेलोशिप के लिए प्रवेश परीक्षाएं कराने के लिए किया गया है. यह एक विशेषज्ञता प्राप्त स्वायत्त संस्था है, जिसकी स्थापना भारतीय संस्था पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत की गई है. इसका उद्देश्य केवल प्रवेश ही नहीं, भर्ती के लिए भी उम्मीदवारों की योग्यता का आकलन करने के लिए पारदर्शी, कुशल और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर जांच करना है. ये जिम्मा भी एनटीए के पास इसके अलावा एनटीए के पास एजुकेशनल, प्रोफेशनल और टेस्टिंग सिस्टम पर रिसर्च करने का जिम्मा भी है, जिसके जरिए नॉलेज सिस्टम में आने वाले अंतराल का पता लगाया जा सके और उनके बीच की दूरी को खत्म किया जा सके. परीक्षाओं के लिए प्रश्न तैयार करने के लिए यह विशेषज्ञों और संस्थाओं की पहचान करती है. साथ ही साथ यह एजुकेशन और प्रोफेशनल डेवलपमेंट पर रिसर्च और सूचनाओं की जानकारी देती है. ऑनलाइन होती हैं NTA की परीक्षाएं एनटीए सभी टेस्ट ऑनलाइन मोड में आयोजित करता है. इसलिए इसे ऐसे विद्यालयों और विश्वविद्यालयों का चुनाव करना होता है, जहां पर सभी तरह की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों. साथ ही यह भी देखना होता है कि परीक्षा के आयोजन से इन विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक दिनचर्या पर कोई प्रभाव न पड़े. एनटीए के पास इस बात का भी जिम्मा है कि वह देश के शिक्षा संस्थानों में समय-समय पर ट्रेनिंग और सलाह दे. यह भी है एनटीए का काम एनटीओ को एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विसेज जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना होता है. अलग-अलग मंत्रालयों या केंद्र सरकार के विभागों और राज्य सरकारों द्वारा किसी परीक्षा के आयोजन का जिम्मा सौंपे जाने पर उसका संचालन करना होता है. स्कूलों, बोर्ड और दूसरे अन्य निकायों में ट्रेनिंग के साथ-साथ सुधार को सुनिश्चित करना और एडमिशन टेस्ट संबंधी मानकों की समय-समय पर जांच करना भी इसी का दायित्व है. कैसे होता है एनटीए का संचालन? एनटीए का प्रशासन एक गवर्निंग बॉडी के जरिए संचालित होता है, जिसमें एक चेयरपर्सन और एक मेंबर सेक्रेटरी (महानिदेशक) और 8 सदस्य होते हैं. एनटीए चेयरपर्सन की नियुक्ति मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से की जाती है, जो आमतौर पर जाने-माने शिक्षाविद होते हैं. वर्तमान में एनटीए के चेयरपर्सन यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन रिटायर प्रोफेसर प्रदीप कुमार जोशी हैं. आईएएस सुबोध कुमार सिंह इसके महानिदेशक यानी सीईओ हैं. इनकी नियुक्ति भी केंद्र सरकार करती है. बोर्ड ऑफ गवर्नर में टेस्ट आयोजित कराने वाले संस्थानों के सदस्य शामिल होते हैं. किन … Read more

नीट पेपर लीक मामले में बिहार, गुजरात और हरियाणा की घटनाएं विश्वसनीयता पर खड़े कर रही सवाल

नई दिल्ली NEET UG row 2024: पहली घटना- बिहार के पटना और नालंदा जिले में पांच मई को नीट पेपर लीक (NEET-UG Paper Leak) की घटना सामने आई। स्थानीय पुलिस ने इसमें कुछ लोगों को गिरफ्तारी की। साथ ही नीट पेपर के कुछ अधजला हिस्सा भी बरामद किए, जिसमें करीब 74 सवाल दिख रहे हैं। पुलिस ने एनटीए (NTA) से मूल प्रश्नपत्र मुहैया कराने को कहा, ताकि जांचा जा सके कि जो प्रश्न पत्र उन्हें मिला है वह सही या नहीं। अब तक एनटीए (NTA) ने उन्हें यह मुहैया नहीं कराया है। दूसरी घटना- गुजरात के गोधरा में एक केंद्र पर पैसा लेकर छात्रों को नीट परीक्षा (NEET-UG Exam 2024) में पास कराने की घटना सामने आई है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन को परीक्षा से ठीक पहले ही इसकी जानकारी लग जाती है और छापेमारी कर वह इनमें शामिल कोचिंग संचालक, स्कूल के प्रिंसिपल आदि को लोगों को पकड़ता है। उनके पास से दो करोड़ से अधिक के चेक और सात लाख रुपए कैश पकड़ा जाता है। जांच में जो सामने आया है, कि स्थानीय कोचिंग संचालक ने प्रिंसिपल के साथ कुछ बच्चों को पास कराने का ठेका लिया था। एनटीए ने उस प्रिंसिपल को स्थानीय स्तर पर परीक्षा का कोआर्डीनेटर बनाया था। इनमें एनटीए का पर्यवेक्षक भी शामिल था। सवाल यह है कि गोधरा में तो स्थानीय प्रशासन ने पकड़ लिया। लेकिन क्या गारंटी है कि दूसरी जगहों पर ऐसा नहीं हुआ होगा। तीसरी घटना- हरियाणा में झज्जर के परीक्षा केंद्र में नीट परीक्षा के दौरान गलत पेपर खुलने और परीक्षा के दौरान छात्रों के समय के नुकसान की जानकारी एनटीए की ओर से दी जा रही है। इस दौरान छात्रों को इसकी भरपाई में ग्रेस मा‌र्क्स दिए जाते है। छात्रों के विरोध के बाद में उसे वापस भी ले लिया जाता है। वहीं, झज्जर के इस स्कूल की प्रिंसिपल अंशु यादव का कहना है कि उनके परीक्षा केंद्र पर किसी भी छात्र का एक मिनट का समय बर्बाद नहीं हुआ। ऐसे में इस केंद्र के छात्रों को फिर ग्रेस मा‌र्क्स देने का कहानी कैसे गढ़ी गई। खासबात यह है कि इसी केंद्र के छह छात्र ग्रेस मा‌र्क्स पाने के बाद टापर की सूची में आ गए थे। जिसके बाद विवाद और बढ़ा। मेडिकल में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट -यूजी (नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट-अंडर ग्रेजुएट) में गड़बड़ी का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के सामने है। जो इसे आठ जुलाई को सुनेगा। लेकिन नीट परीक्षा से जुडी यह तीनों घटनाओं ने एनटीए पर सवाल खड़ा कर दिया है और एनटीए की चुप्पी से यह बढ़ता जा रहा है। वैसे भी अब तक बिहार के पटना व नालंदा, गुजरात के गोधरा और हरियाणा के झज्जर से जिन तरह की घटनाएं सामने आयी है, वह एनटीए पर आंख मूंद कर भरोसा करने वालों के लिए आंखे खोलने वाली है। खासकर गोधरा में जिस तरह से कोचिंग संचालक ने स्कूल प्रिंसिपल के साथ मिलकर छात्रों को पास कराने की योजना बनाई थी। उनसे पैसे लिए थे। जो बरामद भी हुए थे। यह वही स्कूल प्रिंसिपल था जिसे एनटीए ने अपना परीक्षा कोआर्डिनेटर बना रखा था। उसके पास ही परीक्षा को ठीक ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी थी। यही नहीं जांच में अब तक जो सामने आया है, उसके तहत इनमें एनटीए का पर्यवेक्षक भी शामिल है। शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान से मिलने उनके दफ्तर पहुंचे छात्रों और अभिभावकों ने उनसे सवाल किया कि जब गोधरा(गुजरात) में ऐसी घटना हो सकती है तो दूसरे शहरों में क्यों नहीं। एनटीए के पास कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। गोधरा में योजना के तहत पैसा लेकर छात्रों से कहा गया था उन्हें जो सही सवाल आए वह उसके जवाब ओएमआर सीट में अंकित कर दें, बाकी सवालों की जगह छोड़ दें। हम बाद में उसे भर देंगे। छात्रों ने केंद्रीय मंत्री के सामने इसी तरह से बिहार और हरियाणा का भी मुद्दा प्रमुखता से रखा। साथ ही इन सारी गडबड़ी की जानकारी भी दी। सूत्रों की मानें तो इन गड़बडि़यों से जुड़ी जानकारी समझने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री भी सख्त हुए हैं और एनटीए को जवाबदेह बनाने की बात कही है। सूत्रों का दावा तो यह भी है कि एनटीए को पांच जून को ही कई राज्यों से पेपर लीक होने की जानकारी अलग-अलग एजेंसियों के जरिए मिल गई थी, लेकिन वह सभी को खारिज करती रही। एनटीए फिलहाल जेईई, नीट, यूजीसी नेट, सीयूईटी, क्लैट जैसी दर्जनों परीक्षाएं कराता है और इसके जरिए लगभग दो करोड़ बच्चे परीक्षा देते हैं। ऐसी स्थिति में एनटीए को अपनी योग्यता के साथ साथ पारदर्शिता साबित करनी ही होगी।

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