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नीट पेपर लीक मामले में बिहार, गुजरात और हरियाणा की घटनाएं विश्वसनीयता पर खड़े कर रही सवाल

नई दिल्ली NEET UG row 2024: पहली घटना- बिहार के पटना और नालंदा जिले में पांच मई को नीट पेपर लीक (NEET-UG Paper Leak) की घटना सामने आई। स्थानीय पुलिस ने इसमें कुछ लोगों को गिरफ्तारी की। साथ ही नीट पेपर के कुछ अधजला हिस्सा भी बरामद किए, जिसमें करीब 74 सवाल दिख रहे हैं। पुलिस ने एनटीए (NTA) से मूल प्रश्नपत्र मुहैया कराने को कहा, ताकि जांचा जा सके कि जो प्रश्न पत्र उन्हें मिला है वह सही या नहीं। अब तक एनटीए (NTA) ने उन्हें यह मुहैया नहीं कराया है। दूसरी घटना- गुजरात के गोधरा में एक केंद्र पर पैसा लेकर छात्रों को नीट परीक्षा (NEET-UG Exam 2024) में पास कराने की घटना सामने आई है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन को परीक्षा से ठीक पहले ही इसकी जानकारी लग जाती है और छापेमारी कर वह इनमें शामिल कोचिंग संचालक, स्कूल के प्रिंसिपल आदि को लोगों को पकड़ता है। उनके पास से दो करोड़ से अधिक के चेक और सात लाख रुपए कैश पकड़ा जाता है। जांच में जो सामने आया है, कि स्थानीय कोचिंग संचालक ने प्रिंसिपल के साथ कुछ बच्चों को पास कराने का ठेका लिया था। एनटीए ने उस प्रिंसिपल को स्थानीय स्तर पर परीक्षा का कोआर्डीनेटर बनाया था। इनमें एनटीए का पर्यवेक्षक भी शामिल था। सवाल यह है कि गोधरा में तो स्थानीय प्रशासन ने पकड़ लिया। लेकिन क्या गारंटी है कि दूसरी जगहों पर ऐसा नहीं हुआ होगा। तीसरी घटना- हरियाणा में झज्जर के परीक्षा केंद्र में नीट परीक्षा के दौरान गलत पेपर खुलने और परीक्षा के दौरान छात्रों के समय के नुकसान की जानकारी एनटीए की ओर से दी जा रही है। इस दौरान छात्रों को इसकी भरपाई में ग्रेस मा‌र्क्स दिए जाते है। छात्रों के विरोध के बाद में उसे वापस भी ले लिया जाता है। वहीं, झज्जर के इस स्कूल की प्रिंसिपल अंशु यादव का कहना है कि उनके परीक्षा केंद्र पर किसी भी छात्र का एक मिनट का समय बर्बाद नहीं हुआ। ऐसे में इस केंद्र के छात्रों को फिर ग्रेस मा‌र्क्स देने का कहानी कैसे गढ़ी गई। खासबात यह है कि इसी केंद्र के छह छात्र ग्रेस मा‌र्क्स पाने के बाद टापर की सूची में आ गए थे। जिसके बाद विवाद और बढ़ा। मेडिकल में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट -यूजी (नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट-अंडर ग्रेजुएट) में गड़बड़ी का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के सामने है। जो इसे आठ जुलाई को सुनेगा। लेकिन नीट परीक्षा से जुडी यह तीनों घटनाओं ने एनटीए पर सवाल खड़ा कर दिया है और एनटीए की चुप्पी से यह बढ़ता जा रहा है। वैसे भी अब तक बिहार के पटना व नालंदा, गुजरात के गोधरा और हरियाणा के झज्जर से जिन तरह की घटनाएं सामने आयी है, वह एनटीए पर आंख मूंद कर भरोसा करने वालों के लिए आंखे खोलने वाली है। खासकर गोधरा में जिस तरह से कोचिंग संचालक ने स्कूल प्रिंसिपल के साथ मिलकर छात्रों को पास कराने की योजना बनाई थी। उनसे पैसे लिए थे। जो बरामद भी हुए थे। यह वही स्कूल प्रिंसिपल था जिसे एनटीए ने अपना परीक्षा कोआर्डिनेटर बना रखा था। उसके पास ही परीक्षा को ठीक ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी थी। यही नहीं जांच में अब तक जो सामने आया है, उसके तहत इनमें एनटीए का पर्यवेक्षक भी शामिल है। शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान से मिलने उनके दफ्तर पहुंचे छात्रों और अभिभावकों ने उनसे सवाल किया कि जब गोधरा(गुजरात) में ऐसी घटना हो सकती है तो दूसरे शहरों में क्यों नहीं। एनटीए के पास कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। गोधरा में योजना के तहत पैसा लेकर छात्रों से कहा गया था उन्हें जो सही सवाल आए वह उसके जवाब ओएमआर सीट में अंकित कर दें, बाकी सवालों की जगह छोड़ दें। हम बाद में उसे भर देंगे। छात्रों ने केंद्रीय मंत्री के सामने इसी तरह से बिहार और हरियाणा का भी मुद्दा प्रमुखता से रखा। साथ ही इन सारी गडबड़ी की जानकारी भी दी। सूत्रों की मानें तो इन गड़बडि़यों से जुड़ी जानकारी समझने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री भी सख्त हुए हैं और एनटीए को जवाबदेह बनाने की बात कही है। सूत्रों का दावा तो यह भी है कि एनटीए को पांच जून को ही कई राज्यों से पेपर लीक होने की जानकारी अलग-अलग एजेंसियों के जरिए मिल गई थी, लेकिन वह सभी को खारिज करती रही। एनटीए फिलहाल जेईई, नीट, यूजीसी नेट, सीयूईटी, क्लैट जैसी दर्जनों परीक्षाएं कराता है और इसके जरिए लगभग दो करोड़ बच्चे परीक्षा देते हैं। ऐसी स्थिति में एनटीए को अपनी योग्यता के साथ साथ पारदर्शिता साबित करनी ही होगी।

EOU ने 9 परीक्षार्थियों को बुलाया, कहा- साक्ष्य समेत आएं, सॉल्वर गैंग के पास मिले थे इन छात्रों के रोल कोड

Hemant Soren proved majority in the assembly

नई दिल्ली  नीट पेपर लीक मामले में बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने 9 परीक्षार्थियों को नोटिस भेजा है. और उन्हें साक्ष्य समेत EOU दफ्तर पूछताछ के लिए बुलाया है. बिहार आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) वर्तमान में 5 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) के दौरान संभावित पेपर लीक के दावों की जांच कर रही है. ईओयू ने नोटिस भेजकर परीक्षार्थियों को साक्ष्य समेत पूछताछ के लिए बुलाया है. इसके अलावा उनके अभिभावकों को भी  EOU ऑफिस बुलाया है. सभी नीट परीक्षार्थी बिहार के अलग अलग जिलों के रहने वाले हैं. 13 में से चार परीक्षार्थी हो चुके गिरफ्तार नीट पेपर में धांधली की जांच के दौरान पुलिस की अब तक छानबीन में सॉल्वर गैंग के पास 13 परीक्षार्थियों के रोल कोड मिले थे जिसमें से चार को पुलिस ने पेपर लीक के समय ही गिरफ्तार कर लिया था, बाकी 9 परीक्षार्थियों के बारे में जानकारी के लिए EOU ने परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी NTA को पत्र लिखा था. साथ ही रेफरेंस नीट क्वेश्चन पेपर की मांग भी की थी. EOU को एनटीए ने दी संदिग्ध परीक्षार्थियों की जानकारी EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लों के मुताबिक, NTA ने अपने जवाब में मांगे गए परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र भेजा था, जिसके जरिये EOU को परीक्षार्थियों के मोबाइल नंबर और पते की जानकारी मिली. इसी पते पर नोटिस भेजकर परीक्षार्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, जिसके बाद परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों से सॉल्वर गिरोह से उनके जुड़ाव के बारे में सवाल किया जाएगा. यह भी पूछा जाएगा कि इन नौ परीक्षार्थियों को भी सॉल्वर गिरोह ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र रटवाए थे या नहीं. नीट मामले में BPSC TRE 3.O पेपर लीक वाले गिरोह की आशंका बिहार की आर्थिक अपराध इकाई की जांच से संकेत मिलता है कि यह वही गिरोह है, जो बीपीएससी टीआरई 3.0 से संबंधित प्रश्न पत्र लीक करने में शामिल था. पेपर के 30 से 32 लाख रुपये लिए गए, अभ्यर्थियों को सेफहाउस में उत्तर देने के लिए कहा गया, जहां से उन्हें एस्कॉर्ट के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया. शिक्षा मंत्री बोले- गलती मिली, तो बिना छूट होगी कार्रवाई! वहीं पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि NEET परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत परीक्षार्थियों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है. मैं परीक्षार्थियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी भी बच्चे के करियर के साथ खिलवाड़ नहीं होगा. इस मामले से जुड़े तथ्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान में है. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, सरकार उसे पूरा करेगी. NEET की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और अब इस दिशा में भ्रमित हुए बिना आगे बढ़ने की आवश्यकता है. प्रधान ने पेपर लीक के दावों का खंडन किया था, लेकिन जोर देकर कहा कि अगर किसी भी गलत काम की पुष्टि होती है, तो बिना किसी छूट के उचित कार्रवाई की जाएगी.’ पुलिस को मिले थे जले हुए क्वेश्चन पेपर बता दें कि नीट स्टूडेंट्स परीक्षा के बाद से बिहार के पटना और नालंदा में पेपर लीक का दावा कर रहे हैं. छात्रों को कहना है कि नीट का पेपर टेलीग्राम पर वायरल हो गया था और कुछ छात्रों को पेपर रटवाया जा रहा था. NEET पेपर लीक मामले में बिहार पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अभी तक इसकी गंभीरता से जांच नहीं हुई थी. पुलिस को NEET के जले हुए प्रश्नपत्र मिले थे.

नीट पेपर लीक केस में SC ने खारिज की NTA की CBI जांच वाली याचिका, केंद्र सरकार को भेजा नोटिस

नई दिल्ली नीट-यूजी परीक्षा में ‘पेपर लीक’ के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग वाली अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इसके समेत 7 अर्जियों पर सुनवाई करते हुए एनटीए और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 8 जुलाई तय कर दी है। कुल 7 अर्जियों में से एक में कहा गया था कि पेपर लीक के आरोप की सीबीआई से जांच करानी चाहिए। इस पर अदालत ने एनटीए और केंद्र को नोटिस जारी किया है। यही नहीं अदालत ने कहा कि हम इन अर्जियों पर भी अन्य लंबित याचिकाओं के साथ ही 8 जुलाई को सुनवाई करेंगे। बता दें कि पहले ही इस मामले में कई अर्जियां कोर्ट में हैं। इन पर ही सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत में सरकार ने गुरुवार को बताया था कि नीट परीक्षा में 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स मिले थे, जिन्हें रद्द किया जा रहा है। अब इन छात्रों के लिए 23 जून को फिर से परीक्षा की जाएगी। जो भी छात्र उसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, वह बैठ सकते हैं। इसके अलावा जो छात्र दोबारा परीक्षा में नहीं बैठेंगे, उनकी मेरिट बिना ग्रेस मार्क्स के साथ ही बनेगी। परीक्षा देने वालों की मेरिट नए रिजल्ट के साथ तैयार की जाएगी। दोबारा होने वाली परीक्षा का परिणाम 30 जून को आएगा। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग हाई कोर्ट्स में दाखिल अर्जियों को ट्रांसफर करने की मांग पर भी नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में अनेक याचिकाएं लंबित हैं। इनमें ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (नीट-यूजी), 2024 को प्रश्नपत्र लीक होने और अन्य गड़बड़ियों के आरोपों में निरस्त करने की मांग की गई है। पीठ ने नोटिस जारी करने का आदेश देते हुए कहा कि आठ जुलाई को इस पर सुनवाई होगी। इस बीच एनटीए ने कहा कि वह मामलों को उच्च न्यायालयों से उच्चतम न्यायालय में हस्तांतरित करने के अनुरोध वाली तीन अन्य याचिकाओं को वापस लेना चाहती है। वे पांच मई को परीक्षा के दौरान समय बर्बाद होने के आधार पर 1,563 उम्मीदवारों को कृपांक दिए जाने से संबंधित हैं। एनटीए के वकील ने कहा कि मुद्दे का निपटारा हो गया है और वह 1,563 अभ्यर्थियों को दिए गए कृपांक को निरस्त करने के 13 जून के शीर्ष अदालत के आदेश के बारे में उच्च न्यायालय को सूचित कर देंगे।  

नीट परीक्षा में हुई धांधली के आरोपों पर सरकार का जो रवैया रहा है, उस पर आत्ममंथन करने की जरूरत -गोगोई

नई दिल्ली  कांग्रेस ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा -स्नातक’ (नीट-यूजी), 2024 में कथित धांधली की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग  फिर उठाई और कहा कि 24 जून से आरंभ हो रहे संसद के सत्र के दौरान इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा। पार्टी नेता गौरव गोगोई ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में सीबीआई जांच चाहती है, लेकिन अगर सरकार इसके लिए तैयार नहीं है तो फिर उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच होनी चाहिए। मुख्य विपक्षी पार्टी इस मामले में लगातार यह मांग कर रही है। केंद्र सरकार ने  उच्चतम न्यायालय से कहा कि नीट (स्नातक) के 1,563 अभ्यर्थियों को कृपांक (ग्रेस मार्क) देने के फैसले को निरस्त कर दिया गया है और उन्हें 23 जून को पुन: परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा। केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के वकीलों ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ को बताया कि जिन विद्यार्थियों को कृपांक दिए गए थे, उन्हें पुन: परीक्षा का विकल्प दिया जाएगा। उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को खारिज करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इसका कोई प्रमाण नहीं है। कांग्रेस सांसद गोगोई ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘नीट परीक्षा में हुई धांधली के आरोपों पर सरकार का जो रवैया रहा है, उस पर उन्हें आत्ममंथन करने की जरूरत है। उच्चतम न्यायालय की सुनवाई में सरकार ने जताया है कि 1563 छात्रों का स्कोरकार्ड रद्द किया जाएगा और उन्हें 23 जून को दोबारा परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा। वे बच्चे जो दोबारा परीक्षा नहीं देना चाहते, उनके कृपांक हटाने के बाद जो अंक रहेंगे, वही फाइनल अंक माने जाएंगे। जो छात्र 23 जून को दोबारा परीक्षा देंगे, उनका 30 जून को परिणाम आएगा और फिर 6 जुलाई से काउंसलिंग शुरू होगी।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस मामले पर चर्चा से भाग रहे हैं। गोगोई ने कहा, ‘‘जिस एनटीए के नेतृत्व में यह पूरा घोटाला हुआ, आप उसी एजेंसी से मामले में जांच करने की बात कह रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘परीक्षा केंद्र और कोचिंग सेंटर का एक गठजोड़ बन चुका है, जिसने आज हमारे मध्यम-गरीब वर्ग को हिला कर रख दिया है। ‘पैसे दो-पेपर लो’ जैसी सांठगांठ की जांच एनटीए कैसे कर पायेगा ? इसमें एनटीए का कोई न कोई अधिकारी शामिल है। ऐसे में एनटीए निष्पक्ष जांच कैसे करेगा ?’’ कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘ कांग्रेस इस मामले में सीबीआई जांच चाहती है। यदि सरकार सीबीआई जांच के लिए तैयार नहीं है तो हम उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग करते हैं।’’ गोगोई ने दावा किया, ‘‘हमने अलग-अलग रिकॉर्डिंग सुनी है कि कैसे लाखों रुपये मांगे जा रहे हैं। एक ही सेंटर में बच्चों को एक जैसे नंबर मिल रहे हैं। इस मामले पर सरकार का रवैया कमजोर रहा है और वह इस मुद्दे से भाग रही है। लेकिन देश के मुद्दों को उठाना विपक्ष का कर्तव्य है और हम सदन के अंदर अपने 24 लाख छात्रों की आवाज जोर-शोर से उठाएंगे।’’ सरकार को नीट परीक्षा को लेकर जल्द लेना चाहिए फैसला : गहलोत  राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में एनटीए की भूमिका को संदेहास्पद बताते हुए कहा है कि अगर सरकार की अभ्यर्थियों के साथ न्याय करने की मंशा है तो नीट परीक्षा को लेकर जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए। गहलोत ने गुरुवार को यहां सोशल मीडिया पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि परीक्षा में हुईं गड़बड़ियों को लेकर आ रहीं सूचनाओं से यह स्पष्ट है कि यह पूरी परीक्षा संदेह के घेरे में है। परीक्षा कराने वाली एजेंसी एनटीए की भूमिका ही संदेहास्पद है। यदि सरकार की अभ्यर्थियों के साथ न्याय करने की मंशा है तो नीट परीक्षा को लेकर जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मेडिकल की प्रवेश परीक्षा में ही ऐसी अनियमितताएं हो जाएंगी तो यह देश में मेडिकल सेवाओं के भविष्य पर सवालिया निशान लगा देगा।  

1563 नीट में ग्रेस मार्क्स वाले उम्मीदवारों स्कोर-कार्ड रद्द, फिर से देना होगी परीक्षा

नई दिल्ली नीट यूजी धांधली मामले में आज छात्रों की बड़ी जीत हुई है. सुप्रीम ने नीट परीक्षा परिणाम में अनियमितता को देखते हुए एनटीए को 1563 छात्रों का ग्रेस मार्क्स रद्द करके फिर से नीट एग्जाम आयोजित करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की बेंच ने मामले की सुनवाई की. ग्रेस मार्क्स पर सुप्रीम कोर्ट का यू-टर्न! 67 छात्रों को 720 में से 720 मार्क्स मिलने पर जब एनटीए से सवाल पूछा गया था तो एनटीए इसके पीछे की वजह ग्रेस मार्क्स बताया था. एनटीए ने अपनी सफाई में कहा था कि कुछ एग्जाम सेंटर्स पर लॉस ऑफ टाइम की वजह से कुल 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं जिसकी वजह से 44 छात्रों के मार्क्स 720 हुए. हालांकि आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद एनटीए को ग्रेस मार्क्स रद्द करने का निर्देश दिया गया. ग्रेस मार्क्स पाने वाले छात्रों के पास ये दो ऑप्शन जिन स्टूडेंट्स को एनटीए की तरफ से ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं उन्हें दो ऑप्शन दिए हैं. ये छात्र या तो 23 जून को री-एग्जाम में बैठ सकते हैं या फिर बिना ग्रेस मार्क्स वाले पुराने स्कोर के साथ ही काउंसलिंग की तरफ आगे बढ़ सकते हैं. जिन कैंडिडेट को कॉन्फिडेंस है कि वे दोबारा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं तो वे री-एग्जाम में शामिल होने का फैसला ले सकते हैं. केवल 1563 छात्रों का ही नीट एग्जाम दोबारा होगा NEET रिजल्ट के बाद दाखिल की गई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 छात्रों का ही री-एग्जाम कराया जाएगा. इससे पहले एनटीए ने कहा था करीब 24 लाख छात्रों में से केवल 1563 छात्रों के परीक्षा परिणाम तक समस्या सीमित है. बाकी स्टूडेंट्स को कोई परेशानी नहीं है. नीट यूजी काउंसलिंग पर रोक नहीं सुप्रीम कोर्ट ने आज फिर दोहराया है कि नीट यूजी की काउंसलिंग पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी. स्टूडेंट्स काउंसलिंग राउंड में शामिल हो सकते हैं. 23 जून को दोबार नीट एग्जाम होगा और 30 जून को इसका रिजल्ट घोषित होने की उम्मीद है. ताकि जुलाई में नीट की काउंसलिंग शुरू हो सके. NTA की तरफ से कहा गया कि छात्रों का डर दूर करने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है. ग्रेस मार्क्स देने से क्या नुकसान हुआ? दरअसल, पांच मई को देशभर में हुई नीट परीक्षा कराने वाली एनटीए ने 4 जून को जब रिजल्ट जारी किया तो देश भर में हंगामा खड़ा हो गया. वजह 67 बच्चों को जहां 720 में 720 नंबर मिले थे, वहीं इससे भी ज्यादा 1563 बच्चों को ग्रेस मार्किंग दी गई थी. यह ग्रेस मार्किंग 10, 20 या 30 नंबर की नहीं 100 से 150 नंबर तक की दी गई थी, जिसकी वजह से कई बच्चे जो मेरिट में बाहर थे वो मेरिट में आ गए और जो मेरिट वाले बच्चे थे उनके लिए गवर्नमेंट कॉलेज में एडमिशन पाना मुश्किल हो गया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नीट एग्जाम में क्या-क्या होंगे बदलाव? मेरिट लिस्ट में परिवर्तन: 1563 स्टूडेंट्स के ग्रेस मार्क्स रद्द होने के बाद, तीन बड़े बदलावों में सबसे बड़ा मेरिट लिस्ट में परिवर्तन होगा. क्योंकि इस साल लॉस ऑफ टाइम की वजह से एनटीए द्वारा दिए गए ग्रेस मार्क्स की वजह से नीट की एवरेज मेरिट लिस्ट में अचनाक चार गुना ऊपर पहुंच गई थी. इससे जो छात्र सरकारी मेडिकल कॉलेज की रेस से बाहर हो गए थे, वे वापस इस मेरिट लिस्ट में आ सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट का NEET पर बड़ा फैसला! इन बच्चों की दोबारा परीक्षा लेगा NTA, ग्रेस मार्क्स हटाया

नई दिल्ली मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम यूजी एनईईटी 2024 पर बड़ी खबर आई है। आखिरकार नीट में धांधली के आरोपों को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बड़ा कदम उठाया है। परीक्षा आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने नीट यूजी 2024 ग्रेस मार्क्स वापस ले लिए हैं। इसी के साथ 1563 स्टूडेंट्स का नीट स्कोरकार्ड रद्द कर दिया है। ये वे छात्र छात्राएं हैं, जिन्हें NEET Grace Marks दिए गए थे। अब इन बच्चों का नीट रिजल्ट कैंसिल कर दिया गया है। इसी के साथ एनटीए ने सर्वोच्च न्यायालय मेंक हा है कि इन 1563 स्टूडेंट्स के लिए फिर से नीट की परीक्षा आयोजित की जाएगी। National Testing Agency ने कहा है कि 30 जून से पहले इस Re NEET Exam का रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा। नीट री एग्जाम डेट 2024, 23 जून रखी गई है। NEET Update: बदल जाएगी पूरी मेरिट लिस्ट 1563 बच्चों का नीट रिजल्ट रद्द होने और इनके लिए नीट री-एग्जाम कराए जाने के बाद फाइनल स्कोर का असर पूरी नीट मेरिट लिस्ट पर पड़ेगा। इन बच्चों के मार्क्स बदलते ही इनकी नीट ऑल इंडिया रैंक भी बदलेगी। इसी के साथ पूरी NEET 2024 Merit List भी बदल जाएगी। लाखों बच्चों की रैंक पर असर पड़ेगा। ऐसे में एनटीए को फिर से NEET Rank List 2024 जारी करने की जरूरत होगी। एनटीए ने कहा है कि जिन स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं, अगर वो NEET 2024 Re-Exam में शामिल नहीं होते हैं, तो उनके बिना ग्रेस मार्क्स वाले अंक लागू होंगे। यानी- अगर ग्रेस मार्क्स के साथ किसी को 715 अंक मिले हैं, लेकिन ग्रेस के बिना उसके अंक 640 हैं, तो 640 नंबर पर ही रैंक मिलेगी। NEET Counselling 2024 पर रोक नहीं इन सभी अपडेट्स के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने नीट काउंसलिंग 2024 पर रोक नहीं लगाई है। हालांकि, नीट यूजी काउंसलिंग में कोई अड़चन न आए, इसके लिए जल्द से जल्द नीट परीक्षा दोबारा ली जा रही है और एक सप्ताह के अंदर रिजल्ट की डेट भी तय कर दी गई है। NEET Scam: दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई गुरुवार को नीट पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ‘मामले की जांच होगी और अगर कोई दोषी पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नीट की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।’ हालांकि एजुकेशन मिनिस्टर ने नीट पेपर लीक की बात से इनकार किया है। ग्रेस मार्क्स पाने वाले छात्रों के पास ये दो ऑप्शन जिन स्टूडेंट्स को एनटीए की तरफ से ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं उन्हें दो ऑप्शन दिए हैं. ये छात्र या तो 23 जून को री-एग्जाम में बैठ सकते हैं या फिर बिना ग्रेस मार्क्स वाले पुराने स्कोर के साथ ही काउंसलिंग की तरफ आगे बढ़ सकते हैं. जिन कैंडिडेट को कॉन्फिडेंस है कि वे दोबारा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं तो वे री-एग्जाम में शामिल होने का फैसला ले सकते हैं. केवल 1563 छात्रों का ही नीट एग्जाम दोबारा होगा NEET रिजल्ट के बाद दाखिल की गई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 छात्रों का ही री-एग्जाम कराया जाएगा. इससे पहले एनटीए ने कहा था करीब 24 लाख छात्रों में से केवल 1563 छात्रों के परीक्षा परिणाम तक समस्या सीमित है. बाकी स्टूडेंट्स को कोई परेशानी नहीं है. नीट यूजी काउंसलिंग पर रोक नहीं सुप्रीम कोर्ट ने आज फिर दोहराया है कि नीट यूजी की काउंसलिंग पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी. स्टूडेंट्स काउंसलिंग राउंड में शामिल हो सकते हैं. 23 जून को दोबार नीट एग्जाम होगा और 30 जून को इसका रिजल्ट घोषित होने की उम्मीद है. ताकि जुलाई में नीट की काउंसलिंग शुरू हो सके. NTA की तरफ से कहा गया कि छात्रों का डर दूर करने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है. ग्रेस मार्क्स देने से क्या नुकसान हुआ? दरअसल, पांच मई को देशभर में हुई नीट परीक्षा कराने वाली एनटीए ने 4 जून को जब रिजल्ट जारी किया तो देश भर में हंगामा खड़ा हो गया. वजह 67 बच्चों को जहां 720 में 720 नंबर मिले थे, वहीं इससे भी ज्यादा 1563 बच्चों को ग्रेस मार्किंग दी गई थी. यह ग्रेस मार्किंग 10, 20 या 30 नंबर की नहीं 100 से 150 नंबर तक की दी गई थी, जिसकी वजह से कई बच्चे जो मेरिट में बाहर थे वो मेरिट में आ गए और जो मेरिट वाले बच्चे थे उनके लिए गवर्नमेंट कॉलेज में एडमिशन पाना मुश्किल हो गया.

SC ने NEET काउंसलिंग पर रोक लगाने से किया इनकार, NTA से जवाब-तलब

नई दिल्ली  मेडिकल में दाखिले से जुड़ी नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम) परीक्षा में गड़बड़ी के मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर नीट-यूजी 2024 को रद करने की मांग की गई। हालांकि, कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने की मांग को खारिज कर दिया। वहीं, कोर्ट ने कहा कि काउंसलिंग भी रद्द नहीं की जाएगी। कोर्ट ने एनटीए को जारी किया नोटिस सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को फटकार भी लगाई। कोर्ट ने कहा कि परीक्षा की शुचिता प्रभावित हुई है। वहीं, इस पूरे मामले पर कोर्ट ने एनटीए को नोटिस भा जारी किया है। स्पेशल बेंच ने क्या कहा? शीर्ष अदालत ने 10 उम्मीदवारों की ओर से नीट परीक्षा को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम यह मान रहे हैं कि परीक्षा परिणाम प्रभावित हुए हैं और इसको लेकर एनटीए और सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है, लेकिन परीक्षा को रद्द नहीं किया जाएगा और ना ही काउंसलिंग पर रोक लगाई जाएगी। जस्टिस विक्रम नाथ और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की स्पेशल बेंच ने काउंसलिंग पर रोक लगाने और परीक्षा को रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया। 67 टॉपर्स से नीट यूजी पर खड़े हुए हैं सवाल बता दें कि नीट यूजी परीक्षा 5 मई को आयोजित हुई थी जिसका रिजल्ट 4 जून को जारी हुआ। रिजल्ट को लेकर शिकायतें तब आई जब 67 स्टूडेंट्स ने इस परीक्षा को टॉप किया। पिछले 2-3 साल में 3-4 स्टूडेंट्स ही परीक्षा को टॉप कर पाए हैं, लेकिन इस बार टॉपर्स की संख्या ने एग्जाम में गड़बड़ी की ओर इशारा किया। रिजल्ट के बाद से ही पेपर लीक के आरोप एनटीए पर लग रहे हैं। हालांकि एनटीए ने भी माना है कि उसके कुछ सेंटर्स पर पेपर में गड़बड़ी हुई है। हालांकि पेपर लीक की बात को एनटीए ने खारिज किया है। शिवांगी मिश्रा और अन्य 9 ने दाखिल की थी याचिका बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में शिवांगी मिश्रा और अन्य 9 लोगों ने याचिका दाखिल कर नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी। ये याचिका 1 जून को दाखिल हुई थी। सभी 10 याचिकाकर्ताओं ने नीट यूजी परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की मांग की थी। बता दें कि एनटीए के शेड्यूल के मुताबिक रिजल्ट भी 10 दिन पहले जारी किया गया था। रिजल्ट जारी होने की तारीख पहले 14 जून थी। याचिका में कुछ उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स देने के एनटीए के फैसले पर भी सवाल उठाया गया है। याचिकाकर्ता ने क्या दी दलील? छात्रों की सहायता और फायदे के लिए काम करने वाले एक संगठन के दो सदस्यों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि नीट के पेपर लीक की खबर ने उन्हें अंदर तक झकझोर कर रख दिया है क्योंकि कई मेधावी छात्रों ने भविष्य में डॉक्टर बनने का अवसर खो दिया है। याचिका में आगे कहा गया है,”याचिकाकर्ता केवल पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से वर्तमान याचिका दायर कर रहे हैं, जिन्होंने अपने-अपने परिवार के सदस्यों की सहायता से अपना पूरा समय, गाढ़ी कमाई और ऊर्जा नीट, 2024 की तैयारी में लगाई थी, लेकिन उन्हें समान अवसर नहीं दिया गया।” याचिका के मुताबिक, कुछ छात्रों ने 718 और 719 अंक हासिल किए हैं, जो सांख्यिकीय रूप से संभव नहीं है। परीक्षा का पूरा संचालन विवेकहीन एवं मनमाने तरीके और छात्रों को पिछले दरवाजे से प्रवेश देने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया। कोई पेपर नहीं हुआ लीक: एनटीए इससे पहले एनटीए के डायरेक्टर जनरल सुबोध कुमार सिंह ने परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था,”हमारी समिति की बैठक हुई और उन्होंने केंद्रों और सीसीटीवी के सभी विवरणों का अध्ययन किया। उन्होंने आगे कहा कि एनटीए को पता चला कि कुछ केंद्रों पर समय बर्बाद हुआ और छात्रों को इसके लिए मुआवजा दिया जाना चाहिए। छात्रों की शिकायतों पर समिति विचार करेगी। वहीं, गड़बड़ियों का समाधान निकाला जाएगा।” हालांकि, सुबोध कुमार सिंह ने दावा किया कि परीक्षाल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। वहीं, पूरी परीक्षा प्रक्रिया बेहद पारदर्शी रही।

SC में NEET पर NTA के ख‍िलाफ श‍िकायतों की बौछार, दोबारा परीक्षा कराने की मांग

नईदिल्ली  नीट यूजी 2024 परीक्षा को लेकर मेडिकल फील्ड में खलबली मची हुई है. परीक्षा में धांधली को लेकर छात्र एनटीए पर तरह-तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं. 67 टॉपर्स, ग्रेस मॉर्क्स, एक ही सेंटर से कई टॉपर्स होने की वजह से एनटीए शक के घेरे में खड़ा हो गया है. सुप्रीम कोर्ट में एनटीए के खिलाफ कई याचिका दायर हो चुकी हैं, जिसके जवाब में एनटीए अपना पक्षा भी समाने रख चुका है और अब जांच कमेटी भी बिठा दी गई है. इसी बीच आंध्र प्रदेश से एक और याचिक दायर कर दी गई है. अंडर ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए राष्ट्रीय प्रवेश सह पात्रता परीक्षा (NEET) के घोषित परिणामों में विसंगतियों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है. नई याचिका में NEET-UG 2024 के नतीजों को वापस लेने और नई परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई है. यह याचिका तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मूल निवासी अब्दुल्ला मोहम्मद फैज और डॉ. शेख रोशन मोहिद्दीन द्वारा दायर की गई है, जो इन राज्यों में छात्रों के लिए काम करते हैं और ग्रेस मार्क्स देने में विसंगतियों का आरोप लगाते हुए कहते हैं कि 718 और 719 के उच्च अंक लाना असंभव हैं. याचिका में कही गईं ये बातें याचिका में कहा गया है कि एक विशेष केंद्र से 67 छात्रों को पूरे 720 अंक मिले. “छात्रों को दिए गए ग्रेस मार्क्स के लिए कोई परिभाषित तर्क नहीं है और साथ ही छात्रों को दिए गए ग्रेस मार्क्स के अनुसार कोई सूची साझा नहीं की गई है. इसके अलावा, ग्रेस मार्क्स देने का कारण समय की बर्बादी है. परीक्षा से पहले इस बारे में छात्रों का बताया भी नहीं गया था. एक सवाल के दो जवाब को लेकर आंसर की पर जताई थी आपत्ति याचिका में आगे कहा गया है कि एनटीए द्वारा जारी एक आखिरी उत्तर कुंजी ने उम्मीदवारों को दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुने, लेकिन 13,000 से अधिक छात्रों ने इस आधार पर कुंजी को चुनौती दी कि किताब में ऐसी जानकारी थी जो एक अलग उत्तर बताती है. जांच के बाद यह सामने आया कि दोनों उत्तर सही हैं. इसके बाद जिन कैंडिडेट्स ने दोनों में से कोई भी एक उत्तर चुना, उन्हें अंक दे दिए गए. याचिका में कहा गया कि प्रवेश परीक्षाओं में नकल करने से योग्यता और समान अवसरों के सिद्धांतों को नुकसान पहुंचता है, जो सामाजिक गतिशीलता को बढ़ावा देने और समाज में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है. यह उन लोगों के पक्ष में असमानता को बढ़ावा देता है जो लीक हुए परीक्षा पत्रों के लिए भुगतान कर सकते हैं या धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं, जबकि उन लोगों को नुकसान पहुंचाता है जो सफल होने के लिए अपनी कड़ी मेहनत और योग्यता पर भरोसा करते हैं और यह पूरे समाज को भी प्रभावित करता है. मेडिकल फील्ड में लापरवाही मंजूर नहीं य़ाचिका में आगे कहा गया कि मेडिकल फील्ड में साइंटिस्ट और स्पेशिलिस्ट की जरूरत होती है. परीक्षा पास करने के लिए नकल या अनुचित साधनों का उपयोग करने से योग्यता की कमी हो सकती है, जिससे संभावित रूप से रोगियों के स्वास्थ्य और जीवन को खतरा हो सकता है. शीर्ष अदालत में दायर की गई सभी याचिकाओं में 5 मई की परीक्षा से प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायतों का आरोप लगाया गया है. 17 मई को शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी किया था, लेकिन परिणामों की घोषणा पर रोक नहीं लगाई थी. एक हफ्ते में आएगा एनटीए का फैसला इस बीच, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने फैसला किया है कि एक उच्चस्तरीय समिति उन 1,600 छात्रों की शिकायतों का विश्लेषण करेगी जो पहले ही नीट 2024 में शामिल हो चुके हैं. नीट 2024 पेपर लीक पर भी केंद्र सरकार का जवाब आया है. प्रेस वार्ता के दौरान हायर एजुकेशन सेक्रेटरी ने कहा कि सिर्फ सवाई माधोपुर में पेपर लेकर छात्रों के केंद्र से बाहर आने का मामला आया था. उसी समय वहां परीक्षा रोक दी गई और दोबारा नए पेपर के साथ एग्जाम लिया गया था. सिर्फ 6 केंद्रों पर दिक्कतें आई हैं. अन्य सभी जगह बिना किसी गड़बड़ी के नीट परीक्षा पूरी हुई थी. पेपर लीक जैसी कोई घटना नहीं हुई है. वहीं, एनटीए ने परीक्षा की जांच के लिए एक कमेटा का गठन किया. कमेटी एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सब्मिट करेगी.  

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