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नए गठित जिले मऊगंज में पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया

मऊगंज  मध्यप्रदेश के नए गठित जिले मऊगंज में पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। जिसके लिए कई पुलिस चौंकियों को थाने में तब्दील करने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। साथ ही कई नई चौकियां भी बनाने का प्रस्ताव है।  दरअसल, मऊगंज के जिला बनने के बाद से यहां पर पुलिस पिटाई कांड, शिखा कांड, गड़रा कांड, देवरा दंगा कांड जैसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। जिसके सरकार लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए कलेक्टर और एसपी की नियुक्ति की है। साथ ही पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त बल भी मांगा गया है। नए थानों और पुलिस चौकियों की स्थापना से अपराधों पर शिकंजा कस सकेगा। इन चौकियों को थाने में तब्दील करने का प्रस्ताव पिपराही, खटखरी, भीर और हाटा पुलिस चौकियों को थानों में तब्दील करने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। साथ ही सीतापुर, बहेराडाबर, जड़कुड, पहाड़ी और बहुती में नई पुलिस चौकियां बनाई जाएंगे। इसके अलावा एसएफ की बटालियन भी मांगी गई है। सीएम मोहन यादव कर सकते हैं बड़ी घोषणाएं सीएम डॉ मोहन यादव मई के अंत में देवतालाब में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह थाना, चौकी और बटालियन जैसी कई योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं।

ड्रोन हमले के बाद एमपी पुलिस सुरक्षा को लेकर बरत रही सतर्कता, सभी जिलों की फोर्स को किया अलर्ट

भोपाल  पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के साथ ही मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट कर दिया है। किसी भी तरह की आपात स्थिति के लिए पुलिस बल को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। सामान्य स्थिति में पुलिसकर्मियों को छुट्टियां नहीं देने को कहा गया है और पहले से अवकाश में चल रहे पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद करने पर विचार किया जा रहा है। सबसे पहले पहलगाम की घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने अलर्ट जारी किया था। इसके बाद तनाव बढ़ने पर फिर अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के बीच लगातार बैठकें चल रही हैं। आंतरिक कानून-व्यवस्था को लेकर भी पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। बुधवार को माकड्रिल के बाद रहीं कमियों को भी दूर किया जा रहा है। इसके लिए अनाउंसमेंट सिस्टम, इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलने से रोकने जैसे कदम शामिल हैं। उज्जैन में पुलिस ने निकाला फ्लैगमार्च उज्जैन शहर में 150 पुलिसकर्मियों ने फ्लैगमार्च निकाला और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग और महाकाल लोक के दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु देशभर से यहां पहुंचते हैं। ऐसे में शहर में पुलिस हाईअलर्ट पर है। ग्वालियर के हर वार्ड में सायरन लगाने के निर्देश इधर मंत्री तुलसी सिलावट ने ग्वालियर के हर वार्ड में सायरन लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि ग्वालियर में वायुसेना का एयरबेस है। ऐसे में यहां पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

पुलिस अधीक्षकों को अब पुलिस उप अधीक्षकों के तबादले का अधिकार

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भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा एक नई व्यवस्था की जा रही है। जिसके तहत अब पुलिस अधीक्षकों (SP) को डीएसपी के तबादलों का अधिकार मिलेगा। वर्तमान में आरक्षक से लेकर निरीक्षक तक के स्थानांतरण का अधिकार पुलिस अधीक्षक के पास है, लेकिन अब यह अधिकार उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) तक विस्तारित किया जाएगा।     अभी तक डीएसपी या एसडीओपी स्तर के अधिकारियों को उनके स्थानांतरण के लिए पुलिस मुख्यालय से मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिसमें समय की बर्बादी होती थी। अब पुलिस अधीक्षकों को यह अधिकार देने का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को तेज करना है, ताकि कानून-व्यवस्था के मुद्दों को तुरंत निपटाया जा सके। तबादला प्रक्रिया में सुधार मध्य प्रदेश में छोटे जिलों में 5 से 7 डीएसपी होते हैं, जबकि बड़े जिलों में यह संख्या 10 से अधिक हो सकती है। डीएसपी स्तर के अधिकारियों के पास कानून-व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं, और कभी-कभी उन्हें सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) जैसे अधिकारियों को तात्कालिक रूप से इधर-उधर करने की जरूरत होती है। हालांकि, पुलिस मुख्यालय से अनुमति प्राप्त करने में अधिक समय लगता है, जिसके कारण तत्काल कार्रवाई में देरी होती थी। तबादला प्रक्रिया में प्रभारी मंत्री की भूमिका पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस नई व्यवस्था में, तबादला करने से पहले प्रभारी मंत्री की अनुशंसा आवश्यक होगी। इस व्यवस्था के तहत, पुलिस अधीक्षकों को डीएसपी के स्थानांतरण के अधिकार मिलने से जिलों में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह नई व्यवस्था अप्रैल से प्रभावी हो सकती है, जिससे पुलिस व्यवस्था में और सुधार की उम्मीद है। 5 बिंदुओं पर समझिए पूरी स्टोरी  मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।  जिसके तहत पुलिस अधीक्षकों (SP) को अब डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) के तबादलों का अधिकार मिलेगा।  वर्तमान में, पुलिस अधीक्षक के पास आरक्षक से लेकर निरीक्षक तक के स्थानांतरण का अधिकार था। लेकिन अब यह अधिकार डीएसपी तक विस्तारित किया जाएगा।  अब तक, डीएसपी और एसडीओपी को अपने तबादले के लिए पुलिस मुख्यालय से मंजूरी लेनी पड़ती थी। जिससे प्रक्रिया में समय की बर्बादी होती थी।   मध्य प्रदेश में छोटे जिलों में 5 से 7 डीएसपी होते हैं। जबकि बड़े जिलों में यह संख्या 10 से अधिक हो सकती है।  इस नई व्यवस्था के तहत, डीएसपी के स्थानांतरण के लिए पुलिस अधीक्षक को प्रभारी मंत्री की अनुशंसा प्राप्त करना जरूरी होगा।

बैरक में पड़ी थी लाश, छत्तीसगढ़-रायपुर में PHQ की बटालियन के कंपनी कमांडर ने खुद को मारी गोली

रायपुर। रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ( पीएचक्यू ) में ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मार ली। बताया जाता है कि इंस्पेक्टर बटालियन का अफसर था और पीएचक्यू में ड्यूटी कर रहा था। घटना नवा रायपुर के राखी थाना क्षेत्र की है। बताया जाता है कि ऑफिसर कंपनी कमांडर के पद पर 22वीं बटालियन में पदस्थ था। घटना की सूचना पर पुलिस महकमे के ऑफिसर्स मौके पर पहुंचे। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। फिलहाल,कंपनी कमांडर ने खुद को गोली मारकर सुसाइड क्यों की ?, इसके बारे में अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। मृतक इंस्पेक्टर अनिल सिंह दुर्ग जिले का निवासी था और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में 14वीं बटालियन में कंपनी कमांडर के पद पर पदस्थ था। पीएचक्यू के गेट नं-3 में सुरक्षा में उसकी ड्यूटी लगी थी। उन्होंने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली। आवाज सुनते ही आसपास के पुलिसकर्मी पहुंचे। मौके पर आला अधिकारी भी पहुंचे। फिलहाल, पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

प्रदेश में कानून व्यवस्था में कसावट लाने पुलिस मुख्यालय से लेकर ग्राउंड लेवल तक तबादलों की तैयारी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की तबादला एक्सप्रेस एक बार फिर शुरू होने की तैयारी की जा ही है. प्रदेश में कानून व्यवस्था में कसावट लाने के लिए पुलिस मुख्यालय से लेकर ग्राउंड लेवल तक तबादलों की तैयारी की जा रही है. हालांकि राज्य सरकार बीते 4 माह में 19 पुलिस अधीक्षकों, 4 जोन के आईजी, डीआईजी को बदल चुकी है. कई जिलों के अधिकारी अभी और बदले जा सकते हैं. उधर प्रदेश पुलिस के नए मुखिया बनने के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना जिलावार रिव्यू करने जा रहे हैं. इसके बाद थाना स्तर तक बदलाव किए जाएंगे. पुलिस मुख्यालय में भी दिखाई देंगे बदलाव डीजीपी कैलाश मकवाना कार्यभार संभालने के बाद से ही काम में जुट गए हैं. जिलों के एसपी और आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ डीजीपी ने बैठक की है. बताया जा रहा है कि जल्द ही डीजीपी जोन स्तर पर जिला बार कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद कानून व्यवस्था के आधार पर रैंकिंग के आधार पर अधिकारियों को बदला जाएगा. बदलाव जिलों में थाना स्तर तक दिखाई देगा. हालांकि डीजीपी कैलाश मकवाना का कहना है कि काम को लेकर किसी को भी समय दिया जाना चाहिए, लेकिन बेहतर रिजल्ट न आने पर बदलाव जरूरी होता है. जाहिर है कानून व्यवस्था न संभाल पाने वाले अधिकारियों पर तबादले की तलवार चलेगी. भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर शिकायतों में मैदानी पुलिस अधिकारियों को हटाया जाएगा. पुलिस मुख्यालय में भी होंगे बदलाव डीजीपी कैलाश मकवाना ने जिलों और रेंज के अलावा अब पुलिस मुख्यालय की अलग-अलग ब्रांच की समीक्षा शुरू कर दी है. समीक्षा बैठकों के बाद पुलिस मुख्यालय में भी सीनियर आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं होगी.     सरकारी कर्मचारियों का घर बैठे होगा ट्रांसफर, तबादले के लिए नहीं काटने होंगे भोपाल के चक्कर     एक्शन में नए DGP कैलाश मकवाना, SP-IG की बुलाई बैठक, बोले-अनुशासन में रहे पुलिस, न लगे कोई दाग पिछले चार माह में कौन-कौन बदला     18 नवंबर को राज्य सरकार ने शहडोल, सिंगरौली, छिंदवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक और ग्वालियर, नर्मदापुरम के आईजी को बदल दिया.     22 अक्टूबर को राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के ओएसडी सहित 7 आईपीएस अधिकारियों को बदला. इनमें बड़वानी, देवास, जबलपुर के एसपी को बदल दिया गया.     13 अक्टूबर को विदिशा, सीहोर और टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक को बदल दिया गया.     24 सितंबर को 15 आईपीएस अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई. इसमें लोकायुक्त डीजी को बदल दिया गया.     10 सितंबर को राज्य सरकार ने रतलाम, नरसिंहपुर और भोपाल रेल एसपी को बदल दिया.     3 सितंबर को राज्य सरकार ने लोकायुक्त कार्यालय के विशेष पुलिस स्थापना में करीब 6 अधिकारियों के तबादले किए.     10 अगस्त को 21 आईपीएस के तबादले किए गए. इनमें शहडोल आईजी के अलावा, जबलपुर, ग्वालियर, खरगौन के डीआईजी और मऊगंज, बालाघाट, मुरैना, रायसेन, पांढुर्णा, मंदसौर, अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक को बदल दिया गया.

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